• ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्धियों का दस्तावेज़ ‘ऊर्जावान छत्तीसगढ़’, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया विमोचन

    रायपुर 
    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवीन विधानसभा परिसर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में रजत महोत्सव विशेष छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल द्वारा प्रकाशित ‘ऊर्जावान छत्तीसगढ़’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। यह काफी टेबल बुक छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना तथा छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल एवं उसकी उत्तरवर्ती पावर कंपनियों की 25 वर्षों की गौरवमयी यात्रा, उपलब्धियों और विकास गाथा पर आधारित है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह कॉफी टेबल बुक छत्तीसगढ़ में ऊर्जा क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक परिवर्तनों, अधोसंरचना विकास, नवाचारों और जनसेवा आधारित कार्यों का सजीव दस्तावेज है। कॉफी टेबल बुक में छत्तीसगढ़ राज्य ने ऊर्जा क्षेत्र में सुदृढ़ नियोजन, आधुनिक तकनीक और उपभोक्ता-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ उल्लेखनीय उपलब्धियों को शामिल किया गया है और सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट की स्थापना से लेकर 32 हजार मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता, कोयला खनन के सुदृढ़ संचालन और राज्यव्यापी पारेषण- वितरण ढांचे के विस्तार तक बिजली क्षेत्र में व्यापक सुधार को प्रदर्शित किया गया है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल की टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के समर्पण, प्रतिबद्धता और योगदान की सराहना की।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एवं अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी श्री सुबोध कुमार सिंह, ऊर्जा सचिव एवं अध्यक्ष छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन तथा डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी श्री रोहित यादव, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत पारेषण कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीम सिंह कंवर सहित वरिष्ठ अधिकारी श्री जे.एस. नेताम, श्री संजीव सिंह एवं श्री आशुतोष जायसवाल उपस्थित थे।

  • रेलवे की नई पहल: वंदे भारत ट्रेनों में लोकल फूड, टिकट बुकिंग में फर्जीवाड़े को रोकने के लिए आधार आधारित ओटीपी सिस्टम

    भोपाल 

     भारतीय रेलवे यात्रियों को बेहतर और यादगार सफर देने के लिए लगातार नई पहल कर रहा है. इसी कड़ी में अब वंदे भारत ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों को उस क्षेत्र का स्थानीय भोजन चखने का मौका मिलेगा. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेल भवन में अधिकारियों के साथ हुई एक समीक्षा बैठक में इस योजना की जानकारी दी. उनका कहना है कि इससे यात्रियों को न केवल आरामदायक यात्रा मिलेगी, बल्कि वे उस इलाके की संस्कृति और खानपान से भी जुड़ सकेंगे.

    वंदे भारत ट्रेनों में मिलेगा लोकल फूड
    रेल मंत्री ने बताया कि वंदे भारत ट्रेनों में स्थानीय भोजन की सुविधा शुरू की जाएगी. उदाहरण के तौर पर, यदि ट्रेन दक्षिण भारत से गुजर रही है तो यात्रियों को वहां के पारंपरिक व्यंजन मिलेंगे, वहीं उत्तर भारत के रूट पर स्थानीय स्वाद परोसा जाएगा. यह योजना पहले वंदे भारत ट्रेनों में लागू होगी और इसके सफल रहने पर इसे चरणबद्ध तरीके से अन्य ट्रेनों में भी लागू किया जाएगा.

    फर्जी टिकट बुकिंग पर रेलवे की सख्ती
    रेलवे ने टिकट बुकिंग प्रणाली को पारदर्शी और आम यात्रियों के लिए आसान बनाने के लिए फर्जी टिकट बुकिंग के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं. रेल मंत्री ने बताया कि फर्जी और संदिग्ध यूजर आईडी के कारण असली यात्रियों को तत्काल टिकट नहीं मिल पाता था. अब इस समस्या से निपटने के लिए कड़ा सिस्टम लागू किया गया है.

    3.03 करोड़ फर्जी अकाउंट किए गए बंद
    रेलवे और आईआरसीटीसी ने अब तक 3.03 करोड़ फर्जी अकाउंट बंद कर दिए हैं. इसके अलावा 2.7 करोड़ यूजर आईडी को संदिग्ध गतिविधियों के चलते अस्थायी रूप से निलंबित किया गया है. कड़े सत्यापन के बाद अब आईआरसीटीसी वेबसाइट पर प्रतिदिन करीब 5,000 नए यूजर अकाउंट ही बनाए जा रहे हैं, जबकि पहले यह संख्या एक लाख तक पहुंच जाती थी.

    आधार आधारित OTP सिस्टम लागू
    फर्जी बुकिंग रोकने के लिए रेलवे ने आधार-आधारित ओटीपी सिस्टम लागू किया है. यह व्यवस्था अभी 322 ट्रेनों में शुरू हो चुकी है, जिससे तत्काल टिकट कन्फर्म होने की संभावना करीब 65% तक बढ़ गई है. इसके साथ ही आरक्षण काउंटरों पर भी यह सिस्टम 211 ट्रेनों में लागू किया जा चुका है.

    एंटी-बॉट तकनीक से मिले बेहतर परिणाम
    रेल मंत्री ने बताया कि Akamai जैसी एंटी-बॉट तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे फर्जी यूजर्स की पहचान आसानी से हो रही है. इससे असली यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान, सुरक्षित और स्मूथ बन गई है. रेलवे के इन कदमों से यात्रियों को अब बेहतर सुविधा और न्यायसंगत टिकट प्रणाली का लाभ मिल रहा है.

  • मध्यप्रदेश में शहडोल का कल्याणपुर सबसे ठंडा, पारा 4.7°C तक; भोपाल-इंदौर में तापमान 7°C से नीचे, पश्चिमी विक्षोभ से बर्फबारी और बारिश

    भोपाल 

    उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में जारी बर्फबारी का असर मध्यप्रदेश में भी महसूस किया जा रहा है. हालांकि सर्द हवाओं की रफ्तार अभी कम है, इसलिए अगले तीन दिन तक शीतलहर का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन प्रदेश के शहरों के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. शनिवार रात को प्रदेश के शहडोल जिले का कल्याणपुर सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

    मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर भारत की ओर दो नए पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं. जिनके प्रभाव से पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश का दौर जारी रहेगा. जैसे ही ये सिस्टम आगे बढ़ेंगे, बर्फ के पिघलने के बाद उत्तर से ठंडी हवाएं मध्यप्रदेश की ओर आएंगी. इससे एक बार फिर शीतलहर का दौर शुरू हो जाएगा.
    इन जिलों में तापमान 10 डिग्री से नीचे

    प्रदेश के करीब 25 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया है। राजगढ़-पचमढ़ी में 5.4 डिग्री, इंदौर में 5.9 डिग्री, भोपाल में 6.4 डिग्री, उज्जैन में 9.2 डिग्री और जबलपुर में 8.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया. इसके अलावा ग्वालियर में 9.8, मंदसौर में 6, शाजापुर में 6.4 और रीवा में पारा 7 डिग्री दर्ज किया गया. अन्य शहरों में भी कुछ ऐसा ही हालत है.

    न्यूनतम और अधिकतम तापमान में बदलाव नहीं
    मौसम वैज्ञानिक दिव्या सुरेंद्रन के अनुसार, वर्तमान समय में एक सिनोप्टिक सिस्टम अपर और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के रूप में उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर बना हुआ है. आने वाले दिनों में यह प्रदेश के ऊपर सक्रिय हो सकता है. इसके साथ ही एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस भी पश्चिमी हिमालय में सक्रिय होगा. अगले पांच दिनों में प्रदेश में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में बदलाव नहीं होगा.

    इस जिले का तापमान सबसे कम
    न्यूनतम तापमान: कल्याणपुर (शहडोल)- 4.7°C (सबसे कम), राजगढ़/पचमढ़ी (नर्मदापुरम)- 5.4°C, इंदौर- 5.9°C, मंदसौर- 6°C, गिरवर (शाजापुर)- 6.4°C

    बड़े शहरों का न्यूनतम तापमान
    ग्वालियर- 9.8°C
    उज्जैन- 9.2°C
    जबलपुर- 8.5°C
    भोपाल- 6.4°C
    इंदौर- 5.9°C

    एमपी के 25 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार-शनिवार की रात में प्रदेश के 25 शहरों में रात का पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। 5 बड़े शहरों में इंदौर में सबसे कम 5.9 डिग्री रहा। भोपाल में 6.4 डिग्री, ग्वालियर में 9.8 डिग्री, उज्जैन में 9.2 डिग्री और जबलपुर में 8.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    शहडोल के कल्याणपुर में पारा 4.7 डिग्री रहा। वहीं, राजगढ़-पचमढ़ी में 5.4 डिग्री, मंदसौर में 6 डिग्री, शाजापुर में 6.4 डिग्री, रीवा में 7 डिग्री, रायसेन-नौगांव में 7.6 डिग्री, मलाजखंड में 7.9 डिग्री, मंडला-शिवपुरी में 8.2 डिग्री, दतिया में 8.4 डिग्री, बैतूल में 9 डिग्री, दमोह, सतना, टीकमगढ़ और खजुराहो में तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    जेट स्ट्रीम की रफ्तार 176 किमी प्रतिघंटा वर्तमान में जेट स्ट्रीम भी चल रही है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जेट स्ट्रीम का असर है। यह जमीन से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 176 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बह रही है। जिसका असर एमपी में भी है।

    क्या होती है जेट स्ट्रीम? मौसम एक्सपर्ट की माने तो प्रदेश में ठंड बढ़ने की वजह खास वजह जेट स्ट्रीम भी है। यह जमीन से लगभग 12 किमी ऊंचाई पर चलने वाली तेज हवा है। इस बार रफ्तार 222 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई है। यह देश के उत्तरी हिस्से में सक्रिय है।

    पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवा के अलावा ये ऊंची हवा सर्दी बढ़ा रही है। उत्तर के मैदानी इलाकों से जब ठंडी हवा और पहाड़ी इलाकों से बर्फीली हवा हमारे यहां आती है, तब तेज ठंड पड़ती है। यह सब उत्तर भारत में पहुंचने वाले मौसमी सिस्टम वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण होता है। ऐसे में यदि जेट स्ट्रीम भी बन जाए तो सर्दी दोगुनी हो जाती है। इस बार यही हो रहा है।

    दो नए सिस्टम बढ़ाएंगे ठंड का असर
    मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत की ओर दो और पश्चिमी विक्षोभ बढ़ रहे हैं। इनके असर से पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश जारी रहेगी। जब ये सिस्टम आगे बढ़ेंगे, तब जमी हुई बर्फ पिघलेगी और उत्तर से ठंडी हवाएं मध्यप्रदेश की ओर बढ़ेंगी। इसके बाद एक बार फिर प्रदेश में कोल्ड वेव यानी शीतलहर की वापसी होगी।

    25 शहरों में 10 डिग्री से नीचे पारा
    प्रदेश के 25 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में पारा 5.9 डिग्री रहा, भोपाल में 6.4 डिग्री, ग्वालियर में 9.8 डिग्री, उज्जैन में 9.2 डिग्री और जबलपुर में 8.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। इसके अलावा राजगढ़-पचमढ़ी में 5.4 डिग्री, मंदसौर में 6 डिग्री, शाजापुर में 6.4 डिग्री, रीवा में 7 डिग्री और कई अन्य जिलों में रात का तापमान 7 से 9 डिग्री के बीच बना रहा।

    ऊपर आसमान में तेज जेट स्ट्रीम
    मौसम में ठंड बनाए रखने में जेट स्ट्रीम की भी अहम भूमिका है। वर्तमान में उत्तर भारत के ऊपर जमीन से करीब 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर जेट स्ट्रीम करीब 176 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही है। इसका प्रभाव मध्यप्रदेश तक महसूस किया जा रहा है। कुछ समय पहले इसकी रफ्तार 222 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच चुकी है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक जेट स्ट्रीम ऊंचाई पर चलने वाली बेहद तेज हवा होती है। जब पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाओं के साथ इसका मेल होता है, तब ठंड का असर कई गुना बढ़ जाता है।

    नवंबर में ही टूट चुके रिकॉर्ड
    इस सीजन में ठंड ने नवंबर में ही पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली, जो 1931 के बाद सबसे लंबा दौर रहा। 17 नवंबर की रात भोपाल का तापमान 5.2 डिग्री तक गिर गया, जो अब तक का सबसे कम रिकॉर्ड है। इंदौर में भी 25 साल बाद नवंबर में पारा 6.4 डिग्री तक पहुंचा।

    दिसंबर-जनवरी में ठंड का असली दौर
    मौसम विभाग का कहना है कि जिस तरह मानसून में जुलाई-अगस्त सबसे अहम होते हैं, उसी तरह ठंड के लिहाज से दिसंबर और जनवरी सबसे प्रभावी महीने माने जाते हैं। इन्हीं महीनों में उत्तर भारत से आने वाली सर्द हवाएं सबसे ज्यादा असर दिखाती हैं। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने से मावठा गिरने की संभावना भी रहती है, जिससे दिन में भी ठंड बढ़ेगी। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि दिसंबर में कई बार कोल्ड वेव का असर देखने को मिलेगा, जबकि जनवरी में यह दौर 20 से 22 दिन तक खिंच सकता है।

     

  • रायपुर: वित्त मंत्री ने भाठनपाली-बिंजकोट में 6.26 करोड़ की लागत से सड़क निर्माण कार्य का शुभारंभ किया

    रायपुर : वित्त मंत्री ने भाठनपाली-बिंजकोट में 6.26 करोड़ रुपए के सडक निर्माण कार्य का किया भूमिपूजन

    पीएमजीएसवाई अंतर्गत ग्रामीण सड़कों से बदलेगी तस्वीर

    10-10 लाख के दो विकास कार्य की घोघणा

    रायपुर

    ग्रामीण अंचलों में आवागमन की सुविधा को मजबूत करने और विकास कार्यों को नई गति देने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने रायगढ जिले के पुसौर विकासखंड के ग्राम भाठनपाली एवं बिंजकोट में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत 6 करोड़ 26 लाख रुपए से अधिक की लागत से बनने वाले सड़क निर्माण कार्यों का भूमिपूजन कर जिले को महत्वपूर्ण विकास सौगात दी। इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी। 

    10-10 लाख के दो विकास कार्य की घोघणा
             वित्त मंत्री चौधरी ने भाठनपाली में 10 लाख रुपए की लागत से शेड निर्माण और बिंजकोट में 10 लाख रुपए के आवश्यक विकास कार्यों के लिए देने की घोषणा की। साथ ही ग्रामीणों की सीसी रोड की मांग को भी शीघ्र पूरा करने का आश्वासन दिया। उज्ज्वला योजना के अंतर्गत बिंजकोट में 6 हितग्राहियों को गैस कनेक्शन भी वितरित किए गए।

               भाठनपाली में एनएच-49 से मोहंदाभाठा बस्ती तक 2.25 किलोमीटर सड़क तथा धनुहारडेरा से भाठनपाली तक 1.80 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया है, जिसकी कुल लागत 3.28 करोड़ रुपए है। वहीं बिंजकोट में एकताल रोड से बिंजकोट बस्ती तक तथा एकताल से सांपखोड़-सकरबोंगा तक सड़कों के निर्माण पर 2.98 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए जाएंगे। वित्त मंत्री चौधरी ने सभी निर्माण कार्यों को 12 माह के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को सर्वाेपरि बताते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या कमीशनखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 
    छत्तीसगढ़ विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है

             वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद से प्रदेश की जनता के हित में लगातार फैसले लिए जा रहे हैं। 12 लाख किसानों को 3716 करोड़ रुपए का बकाया बोनस, 21 क्विंटल प्रति एकड़ , 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी का भुगतान, रामलला दर्शन योजना, 18 लाख गरीब परिवारों के लिए आवास और महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु महतारी वंदन योजना इसके प्रमुख उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है और जनहित कार्यों के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होगी। विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने के लिए सरकार सबको साथ लेकर, सबके विकास के लक्ष्य के साथ निरंतर कार्य कर रही है।

             कार्यक्रम में पूर्व विधायक विजय अग्रवाल,  जिला पंचायत सदस्य बृजेश गुप्ता, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हेमलता चौहान, ग्रामों के सरपंच सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

  • रायपुर: वित्तमंत्री ओ.पी. चौधरी ने रेंगालपाली में सर्वसुविधायुक्त विद्यालय भवन का उद्घाटन किया

    रायपुर : वित्तमंत्री ओ.पी.चौधरी ने किया रेंगालपाली में सर्वसुविधायुक्त उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भवन का लोकार्पण

    300 से अधिक विद्यार्थियों को मिलेगा स्मार्ट क्लास की सुविधाओं से युक्त उन्नत शिक्षण वातावरण

    रायपुर

    वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने   रायगढ जिले के पुसौर विकासखंड के ग्राम रेंगालपाली में निर्मित एक करोड़ 21 लाख 16 हजार रुपये की लागत वाले सर्वसुविधायुक्त शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि स्मार्ट क्लास एवं प्रयोगशालाओं का निरीक्षण किया तथा विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी की सराहना की। 

     नव निर्मित विद्यालय भवन को आधुनिक शैक्षणिक मानकों के अनुरूप डिजाइन किया गया है। इसमें 9 सुसज्जित कक्षाएँ, स्मार्ट क्लास, दो आधुनिक प्रयोगशालाएँ, समृद्ध लाइब्रेरी, प्रिंसिपल एवं स्टाफ कक्ष, बालक-बालिका प्रसाधन कक्ष जैसी प्रमुख सुविधाएँ शामिल हैं। यह भवन 300 से अधिक विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक, सुरक्षित और आधुनिक शिक्षा का वातावरण उपलब्ध कराएगा। 

    उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा विकसित भारत की मजबूत नींव- वित्त मंत्री
              वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि गुणवत्ता-सम्पन्न शिक्षा ही उन्नत समाज और विकसित भारत का आधार है। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि हर बच्चे को आधुनिक, सुरक्षित और बेहतर शिक्षण सुविधाएँ उपलब्ध हों। रायगढ़ जिला शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विद्यालय विकास में मिले एचडीएफसी बैंक के सीएसआर सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र में पिछले दो वर्षों में जितने शैक्षणिक और विकासात्मक कार्य हुए हैं, उतने एक साथ कई वर्षों में नहीं हो पाए थे। उन्होंने छात्र-छात्राओं से मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य निर्धारण के साथ अध्ययन करने का आह्वान किया और उन्हें कैरियर मार्गदर्शन भी प्रदान किया। लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता अमित कश्यप ने भवन निर्माण की लागत, संरचना और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी। 

              इस अवसर पर पूर्व विधायक विजय अग्रवाल, जनपद अध्यक्ष पुसौर श्रीमती हेमलता चौहान, श्रीमती हेमालिनी गुप्ता, नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मानी सतपथी सहित विद्यालय स्टाफ एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

  • कुलपति डॉ. चंदेल ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक से मुलाकात की

    रायपुर : छत्तीसगढ़ के कृषि विकास में पूर्ण सहयोग देगा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद

    कृषि विज्ञान केन्द्रों की समस्याओं का जल्द निराकरण होगा

    कुलपति डॉ. चंदेल ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक से मुलाकात की

    रायपुर

    इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने नई दिल्ली में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. मांगीलाल जाट से मुलाकात कर उन्हे विश्वविद्यालय द्वारा संचालित शिक्षण, अनुसंधान एवं प्रस्तार गतिविधियों की जानकारी दी। डॉ. चंदेल ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. जाट से विश्वविद्यालय एवं इसके अंतर्गत संचालित विभिन्न महाविद्यालयों की अधिमान्यता के संबंध में चर्चा की और महाविद्यालयों को शीघ्र अधिमान्यता प्रदान करने का अनुरोध किया। उन्होंने कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित कृषि विज्ञान केंद्रों से संबंधित विषयों एवं समस्याओं से डॉ. जाट को अवगत कराया तथा कृषि विज्ञान केंद्रों से संबंधित  समस्याओं के शीघ्र समाधान हेतु अनुरोध किया। इस संबंध में डॉ. जाट ने कहा कि देश भर में संचालित कृषि विज्ञान केन्द्रों की समस्याओं की निराकरण के लिए केन्द्र सरकार द्वारा गंभीर विचार मंथन किया जा रहा है, उन्होंने इनके जल्द ही सुलझने की उम्मीद जताई। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा किये जा रहे अनुसंधान एवं विस्तार कार्याे की सराहना की और आशा व्यक्त की कि विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ के किसानों की समृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    महानिदेशक डॉ. जाट ने आदिवासी बहुल बस्तर संभाग में कृषि के विकास के लिए विस्तृत कार्य योजना बनाने पर जोर दिया और कहा कि इस कार्य योजना के क्रियान्वयन में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। डॉ. जाट ने कहा कि विकसित भारत 2047 के विजन डाक्यूमेंट में कृषि फसलों को केवल पेट भरने का साधन ना मानते हुए इन्हें पोषण तथा स्वास्थ्य रक्षा का स्त्रोत माना गया है। डॉ. जाट ने कहा कि विभिन्न कृषि फसलों की मानव स्वास्थ्य एवं पोषण में उपादेयता जानने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद एवं (आई.सी.ए.आर.) भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आई.सी.एम.आर) मिलकर कार्य करेंगे। उन्होंने विभिन्न फसलों की पोषकता बढ़ाने हेतु इनके बायोफोर्टिफिकेशन पर जोर दिया। डॉ. चंदेल ने जानकारी दी कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विभन्न फसलों के बायोफोर्टिफिकेशन पर काफी कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर कुलपति डॉ. चंदेल ने डॉ. जाट को छत्तीसगढ़ आने का निमंत्रण दिया, जिसे उन्होनें सहर्ष स्वीकार किया।

  • डायल-112 की त्वरित कार्रवाई: घायलों का इलाज और वृद्ध महिला का सुरक्षित पुनर्मिलन

    डायल-112 की तत्परता: घायलों को उपचार दिलवाया, वृद्ध महिला को परिजनों से मिलाया

    डायल-112 की त्वरित कार्रवाई: घायलों का इलाज और वृद्ध महिला का सुरक्षित पुनर्मिलन

    भोपाल

    मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा ने त्वरित प्रतिक्रिया और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए दो अलग-अलग घटनाओं में नागरिकों की सहायता की। 

    विदिशा

    जिले के थाना ग्यारसपुर क्षेत्र में धनसिंहपुर चक गाँव के पास दो मोटरसाइकिलों में आपसी टक्कर हो गई, जिसमें चार लोग घायल हो गए। इनमें से कुछ को गंभीर चोटें आई थीं। घटना की सूचना प्राप्त होते ही राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम, डायल-112 भोपाल से तत्काल ग्यारसपुर क्षेत्र में तैनात वाहन को रवाना किया गया।

    एफआरव्ही वाहन के आरक्षक हरेंद्र सिंह तोमर एवं पायलट गोपीचंद मौके पर पहुँचे और घायलों की स्थिति देखकर बिना विलंब किए उन्हें डायल 112 वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ग्यारसपुर पहुँचाया। चिकित्सकों द्वारा घायलों का उपचार जारी है। समय पर अस्पताल पहुँचाने से उन्हें राहत मिल सकी।

    उज्जैन

    इसी क्रम में उज्जैन जिले के थाना महिदपुर क्षेत्र अंतर्गत बस स्टैंड के पास एक वृद्ध महिला मिलीं, जो रास्ता भटक गई थीं। सूचना मिलते ही डायल-112 वाहन तत्काल मौके पर पहुँचा। आरक्षक सुखदेव सोलंकी एवं पायलट दिनेश कुमावत ने महिला से बातचीत कर जानकारी प्राप्त की। महिला ने अपना नाम रेखा देवी पत्नी राधेश्याम, उम्र 65 वर्ष, निवासी ग्राम डेल्ची बताया। वह अपने गाँव से लसूडिया जाने के लिए निकली थीं, लेकिन रास्ता भटक जाने के कारण बस स्टैंड पहुँच गई थीं।डायल-112 की टीम ने वृद्ध महिला को सुरक्षित अपने साथ रखा और उनके बताए पते पर परिजनों से संपर्क किया। कुछ समय बाद महिला का पोता मौके पर पहुँचा। पहचान और सत्यापन उपरांत डायल-112 टीम ने वृद्धा को सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द किया। परिजनों ने समय पर मिली सहायता और सहयोग के लिए टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।दोनों घटनाएँ यह प्रमाणित करती हैं कि डायल-112 सेवा न केवल आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराती है, बल्कि मानवीय संवेदनशीलता के साथ जनसेवा में सतत सक्रिय है।

     

  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी सौगात, जशपुर में 20.53 करोड़ की लागत से बनेगी तीरंदाजी अकादमी

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी सौगात, जशपुर में 20.53 करोड़ की लागत से बनेगी तीरंदाजी अकादमी

    रायपुर

    अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी का मतलब ऐसी अकादमी से है जहाँ खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और बेहतरीन सुविधाएं (जैसे हॉस्टल, इनडोर/आउटडोर रेंज) मिलती हैं, ताकि वे राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन कर सकें। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में खेल सुविधाओं के विस्तार की दिशा में जशपुर जिले को एक और बड़ी सौगात मिली है। जिले के बगीचा विकासखंड के पंडरा पाठ में अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी (आर्चरी सेंटर) के निर्माण के लिए स्वीकृति मिल गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण हेतु एनटीपीसी लिमिटेड द्वारा सीएसआर फंड से 20.53 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है।

    युवा तीरंदाजों के लिए एक उत्कृष्ट प्रशिक्षण केंद्र बनेगा
             नई तीरंदाजी अकादमी बनने से जिले के ग्रामीण और आदिवासी युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएँ मिलेंगी। यह पहल आने वाले समय में जशपुर को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतिभाओं का हब बनाने में निर्णायक साबित होगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की खेल प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें विश्व पटल तक पहुँचाने की प्रतिबद्धता का यह एक और बड़ा उदाहरण है। अकादमी के बनने से जशपुर न केवल खेल के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाएगा, बल्कि यह देश के युवा तीरंदाजों के लिए एक उत्कृष्ट प्रशिक्षण केंद्र के रूप में उभरेगा। यह पहल खेलों के विकास और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा हैं। 

    वित्तीय सहयोग एनटीपीसी के सामाजिक उत्तरदायित्व विभाग से 
            तीरंदाजी अकादमी के निर्माण में एनटीपीसी लिमिटेड अपनी कॉर्प्रोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) योजना के अंतर्गत वित्तीय सहयोग प्रदान करेगा। यहां आउटडोर और वातानुकूलित इनडोर तीरंदाजी रेंज, हाई परफॉर्मेंस ट्रेनिंग सेंटर, छात्रावास जैसे निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं।जशपुर के युवाओं में इस घोषणा को लेकर उत्साह का माहौल है और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया है।

  • रायपुर: विष्णु साय के नेतृत्व में मेडिको लीगल केस जांच के आधुनिकीकरण की ओर बढ़ रहा कदम

    रायपुर : विष्णु के सुशासन में चिकित्सा- कानूनी प्रकरण(मेडिको लीगल केस) की जाँच के आधुनिकीकरण की ओर बढ़ते कदम

    स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने पं. नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अम्बेडकर अस्पताल के क्लिनिकल फॉरेंसिक मेडिसिन एण्ड टॉक्सीकोलॉजी (CFMT) यूनिट एवं चिकित्सा महाविद्यालय के नवनिर्मित मुख्य प्रवेश द्वार का किया उद्घाटन

    मध्यभारत का पहला संस्थान जहां क्लिनिकल फॉरेंसिक मेडिसिन एण्ड टॉक्सीकोलॉजी यूनिट की हुई शुरुआत

    अभी तक भारत देश के चुनिंदा मेडिकल कॉलेजों में ही इसकी सुविधा

     ऐसा संस्थान जहाँ पर एफ.टी.ए. पेपर के द्वारा खून का नमूना डी.एन.ए. जाँच के लिए रखा जा सकेगा सुरक्षित

    रायपुर

    प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में स्वास्थ्य सेवाओं के सर्वसुलभ, सरलीकरण तथा अत्याधुनिकीकरण हेतु निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। इसी क्रम में चिकित्सालय में आने वाले मेडिको लीगल (एमएलसी) केस में व्यक्ति या पीड़ित के जांच एवं उपचार के लिए क्लिनिकल फॉरेंसिक मेडिसिन एंड टॉक्सिकोलॉजी यूनिट की स्थापना डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के आपात चिकित्सा विभाग में हुई है। आज इस यूनिट का विधिवत शुभारंभ प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के कर कमलों से संपन्न हुआ। इस यूनिट के साथ ही साथ स्वास्थ्य मंत्री ने चिकित्सा महाविद्यालय के नवनिर्मित मुख्य प्रवेश द्वार का भी उद्घाटन किया। 

    इस अवसर पर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक पुरंदर मिश्रा, दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुनील सोनी, चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी, अम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर, फॉरेंसिक मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. स्निग्धा जैन, फॉरेंसिक मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. नागेंद्र सोनवानी, डॉ. शिवनारायण मांझी, डॉ. महेंद्र साहू (टॉक्सिकोलॉजिस्ट) (Toxicologist), फॉरेंसिक मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. कमल साहू समेत विभाग के अन्य फैकल्टी मेंबर भी मौजूद रहे।

    स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस नवीन जांच सुविधा के उद्घाटन के अवसर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि क्लिनिकल फॉरेंसिक मेडिसिन एण्ड टॉक्सीकोलॉजी (CFMT) यूनिट मध्यभारत का पहला एवं पूरे देश का बारहवाँ यूनिट है । जहां पर चोट के मामले जो किसी अपराध का संकेत देते हैं ,उनकी जाँच, शराब के सेवन की ब्रीथ एनालाइज़र द्वारा जाँच, नशा का सेवन करने वालों की उनके यूरिन के माध्यम से पुष्टि तथा पोक्सो कानून के अंतर्गत आने वाले अपराधिक मामलों में उम्र बताने की जाँच करने वाला पहला संस्थान होगा।  

    उन्होंने कहा कि न्यायपालिका लोगों को न्याय देती है, आज के समय में अपराध की प्रकृति बदलती जा रही है, इसलिए आने वाले दिनों में यह देश के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों में से एक होगा। यह अपराध के जांच और कार्रवाई में सटीक सूचना देने में अहम भूमिका निभाएगी। 

    उन्होंने कहा कि यह राज्य का ऐसा संस्थान है जहाँ पर एफ.टी.ए. पेपर के द्वारा खून का नमूना डी.एन.ए. जाँच के लिए रखा जायेगा। मेडिको लीगल केस के अंतर्गत किए जाने वाले इन सभी जांचों का सीधा फायदा पुलिस विभाग को एवं माननीय न्यायालय को अपराधिक मामलों के खात्मा करने में होगा। 

    शराब के अलावा इन मादक पदार्थों के सेवन की भी हो सकेगी जाँच:-
    1. एम्फ़ैटेमिन 2. बार्बिटुरेट्स 3. बेंजोडायजेपिन 4. कोकीन 5. मारिजुआना 6. मेथैम्फेटामाइन 7. ओपियोड (हेरोइन) 8. फेनसाइक्लिडीन (पीसीपी) 9. मॉर्फिन 10. मेथोडोन
    11. एक्सटेसी 12. ट्राइसाइक्लिक एंटीडिप्रेसेंट

  • नक्सल-मुक्त मध्यप्रदेश की दिशा में पुलिस की रोजगार केंद्रित व्यापक कार्रवाई

    मध्यप्रदेश पुलिस की प्रभावी पहल: नक्सल-मुक्त राज्य बनाने के लिए रोजगार आधारित रणनीति

    नक्सल-मुक्त मध्यप्रदेश की दिशा में पुलिस की रोजगार केंद्रित व्यापक कार्रवाई

    भोपाल 

    नक्सल-मुक्त भारत एवं नक्सल-मुक्त मध्यप्रदेश के राष्ट्रीय संकल्प को सुदृढ़ करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर रोजगार आधारित पहलें की जा रही हैं। मंडला एवं बालाघाट जिलों में संचालित ये प्रयास समाज के अंतिम छोर पर खड़े युवाओं और महिलाओं तक सकारात्मक परिवर्तन पहुँचाने का सशक्त माध्यम बन रहे हैं। इन पहलों के माध्यम से न केवल आजीविका के अवसर सृजित किए जा रहे हैं, बल्कि विकास, सुरक्षा और विश्वास का ऐसा वातावरण तैयार किया जा रहा है, जो नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को स्थायी रूप से मुख्यधारा से जोड़ने में सहायक सिद्ध हो रहा है।

    मंडला जिले में पुलिस अधीक्षक श्री रजत सकलेचा के नेतृत्व में “एकल सुविधा केंद्र” के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार से जोड़ने हेतु निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। पूर्व में आयोजित प्लेसमेंट कैंप के उत्साहजनक और सकारात्मक परिणामों को आगे बढ़ाते हुए दिनांक 11 दिसंबर 2025 को बिछिया क्षेत्र के 15 ग्रामीण युवाओं का चयन किया गया। चयनित युवाओं को औपचारिक रूप से नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए, जिसके पश्चात वे प्रशिक्षण हेतु L&T के लखनादौन स्थित प्रशिक्षण केंद्र के लिए रवाना हुए।

    उल्लेखनीय है कि मंडला जिले में पूर्व में आयोजित तीन दिवसीय रोजगार मेले के पश्चात यह लगातार मिल रही उपलब्धि इस तथ्य को स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि ग्रामीण युवाओं में अब मुख्यधारा के रोजगार के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। पुलिस की सक्रिय पहल, मार्गदर्शन और विश्वासपूर्ण संवाद के कारण युवाओं को अपने क्षेत्र में ही नए अवसर मिल रहे हैं, जिससे उन्हें पलायन, भटकाव और नकारात्मक प्रभावों से दूर रखने में भी सफलता मिल रही है।

    इसी क्रम में बालाघाट जिले में माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में शांति, विकास और सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक बालाघाट श्री आदित्य मिश्रा के नेतृत्व में रोजगार आधारित पहल को और अधिक विस्तार दिया गया है। इस पहल के अंतर्गत महिलाओं को भी रोजगार एवं कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।

    Confederation of Indian Industry के सहयोग से छिंदवाड़ा में आयोजित रोजगार मेले के माध्यम से 25 ग्रामीण महिलाओं का चयन किया गया। इनमें से प्रथम चरण में 4 महिलाओं को दो माह के प्रशिक्षण हेतु छिंदवाड़ा स्थित प्रशिक्षण केंद्र भेजा गया है। प्रशिक्षण पूर्ण होने के पश्चात इन महिलाओं को Taj Hotels में नियुक्ति प्रदान की जाएगी। शेष चयनित महिलाओं को आगामी चरणों में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा, जिससे उन्हें भी समान रूप से रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें।

    प्रशिक्षण हेतु महिलाओं की रवानगी के अवसर पर उनके परिजन भी उपस्थित रहे। उन्होंने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रयास माओवाद प्रभावित क्षेत्रों की महिलाओं के जीवन में नई आशा, आत्मविश्वास और सम्मानजनक आजीविका का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।

    रोजगार और कौशल प्रशिक्षण के ये अवसर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत बुनियाद बन रहे हैं। युवाओं एवं महिलाओं का निजी क्षेत्र से जुड़ना उन्हें संसाधनों की कमी, भटकाव और गलत दिशा में जाने से रोकते हुए आत्मनिर्भरता, स्थिरता और सामाजिक मुख्यधारा की ओर अग्रसर कर रहा है। यह पहल केंद्र सरकार के “नक्सल-मुक्त भारत” के लक्ष्य तथा मध्यप्रदेश की “सुरक्षित एवं आत्मनिर्भर समाज” की नीति को ठोस समर्थन प्रदान करती है।

    पुलिस-जन समन्वय का यह मॉडल विश्वास निर्माण का एक प्रभावी उदाहरण बनकर सामने आया है, जिसमें सुरक्षा के साथ-साथ संवेदनशीलता, संवाद और अवसरों का समावेश है। मंडला एवं बालाघाट पुलिस द्वारा संचालित रोजगारोन्मुख कार्यक्रम नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति, विकास और स्थायी सामाजिक परिवर्तन लाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध हो रहे हैं। मध्यप्रदेश पुलिस भविष्य में भी ऐसी जन-केंद्रित और समावेशी पहलों के माध्यम से युवाओं एवं महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ने हेतु निरंतर प्रयासरत रहेगी।

     

  • MP के यात्रियों को राहत: बनारस स्पेशल ट्रेन का बढ़ा स्टॉपेज, ट्रेनों के समय में संशोधन

    इटारसी 
    रेलवे द्वारा यात्रियों की सुविधा तथा उनकी यात्रा मांग को पूरा करने के उद्देश्य से इटारसी होकर बनारस-लोकमान्य तिलक टर्मिनल के बीच 01-01 ट्रिप स्पेशल ट्रेन का संचालन किया जा रहा है।  

    इटारसी में भी रुकेगी ट्रेन
    गाड़ी संख्या 01082 बनारस-लोकमान्य तिलक स्पेशल बनारस से 12 दिसंबर को 19.40 बजे प्रस्थान कर अगले दिन 13.50 बजे इटारसी आगमन कर तीसरे दिन 06.25 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनल पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 01081 लोकमान्य तिलक टर्मिनल-बनारस स्पेशल दिनांक 14 दिसंबर को अपने प्रारंभिक स्टेशन से 08.25 बजे प्रस्थान कर 21.00 बजे इटारसी आगमन कर दूसरे दिन 16.05 बजे पहुंचेगी।
     
    ये होगा ट्रेन का रूट
    ट्रेन रास्ते में वाराणसी, मिर्जापुर, प्रयागराज छिवकी, मानिकपुर, सतना, मैहर, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, पिपरिया, इटारसी, खंडवा, भुसावल, नासिक एवं कल्याण स्टेशन पर रुकेगी। रेल मंडल भोपाल के पीआरओ नवल अग्रवाल ने बताया कि स्पेशल ट्रेनों के संचालन से यात्रियों को भीड़ भरे सफर से राहत मिलेगी। यात्री अपने समय अनुसार स्पेशल ट्रेनों की मदद से एक स्थान से दूसरे स्थान पर आसानी से आरामदायक तरीके से पहुंच सकेंगे।

    1 जनवरी से रेलवे की नई समय-सारणी होगी लागू
    पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल में 1 जनवरी 2026 से ट्रेनों की नई समय-सारणी लागू होगी। रेलवे प्रशासन ने बताया कि इस नई सारणी में कई प्रमुख ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान समय में आंशिक बदलाव किया गया है।
     
    इटारसी से गुजरने वाली ट्रेनों की टाइमिंग
    इटारसी से गुजरने वाली पुणे सुपौल-पुणे एक्सप्रेस 12149/12150 का नंबर 4 दिसंबर से बदल जाएगा। यह ट्रेन अब 11401/11402 नंबर से संचालित होगी। 1 जनवरी से कई ट्रेनों के प्रारंभिक स्टेशनों से प्रस्थान समय में परिवर्तन होगा। भोपाल-रीवा एक्सप्रेस अब 23.05 के बजाय 23 बजे चलेगी। 

    मध्यवर्ती स्टेशनों पर भी कई लंबी दूरी की ट्रेनों के समय में संशोधन किया गया है। इनमें इटारसी और बीना स्टेशन प्रमुख है। रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि 1 जनवरी 2026 से यात्रा करने से पहले नई समय-सारणी की जानकारी स्टेशन, अधिकृत वेबसाइट, रेल मदद 139 या अन्य ऑनलाइन माध्यमों से अवश्य प्राप्त कर लें, ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके। 

  • मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड दस्तक देने को तैयार, दो दिन में तापमान में भारी गिरावट

    भोपाल 
    इन दिनों मध्य प्रदेश कड़ाके की ठंड की चपेट में है। 13 दिसंबर शनिवार से तापमान में और गिरावट दर्ज होने की संभावना है। उत्तर भारत की पहाड़ियों पर जारी भारी बर्फबारी का असर आज से राज्य के अधिकतर इलाकों में दिखाई दे सकता है। 25 से अधिक शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे जा सकता है। मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार, शनिवार से ठंड में और बढ़ोतरी होगी। ऐसे में कई क्षेत्रों में गलन वाली शीतलहर का प्रभाव देखने को मिलेगा।

    उत्तर भारत से आने वाली बर्फीली हवाओं और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के चलते प्रदेश के 25 से ज़्यादा शहरों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे द्रज किया जाएगा। जबकि, मौजूदा समय में ही सूबे के शहडोल, उमरिया, राजगढ़ और नौगांव समेत कई जिलों का तापमान 3 डिग्री से 7 डिग्री के बीच पहुंच गया है।

    शीतलहर का अलर्ट
    भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में तापमान गिरकर 6 से 9 डिग्री के बीच दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में शीतलहर और गंभीर शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। साथ ही रात और सुबह के समय लगातार कोहरे, कम विजिबिलिटी और कड़ाके की ठंड की चेतावनी भी दी गई है।
     
    विजिबिलिटी घटेगी
    कई इलाकों में सुबह और रात में घने कोहरे और कम विजिबिलिटी के कारण ट्रैफिक में दिक्कत हो सकती है। लोगों को इस दौरान सावधान रहने की सलाह दी गई है।

     

  • ट्रैवल अलर्ट: काचिगुड़ा–मदार स्पेशल ट्रेन शुरू, प्रमुख स्टेशनों पर मिलेगा ठहराव

    भोपाल 
    मध्य प्रदेश से यात्रा का विचार कर रहे रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। बढ़ते यात्री दबाव को देखते हुए भारतीय रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। काचिगुड़ा से मदार (अजमेर) के बीच स्पेशल ट्रेन का संचालन शुरू किया जा रहा है। इस स्पेशल ट्रेन के संचालन से भोपाल रेल मंडल समेत प्रदेश के कई रेलवे स्टेशनों पर स्टॉप लेगी।

    ट्रेन नंबर 07733 काचिगुड़ा-मदार स्पेशल फेयर उर्स स्पेशल ट्रेन 23 दिसंबर 2025 से चलेगी और वापसी में मदर से काचिगुड़ा के लिए 28 दिसंबर को रवाना होगी। यह ट्रेन भोपाल मंडल से होकर गुजरेगी, जिसमें इटारसी और भोपाल सहित कई महत्वपूर्ण स्टेशनों पर ठहराव रहेगा।

    एमपी, तेलंगाना और राजस्थान के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी
    यह स्पेशल ट्रेन यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को कम करने और सुविधा प्रदान करने के लिए चलाई जा रही है। ट्रेन में स्लीपर, थर्ड एसी और सेकंड एसी कोच की सुविधा रहेगी। कुल यात्रा समय लगभग 39 घंटे 50 मिनट का होगा और दूरी करीब 1625 किलोमीटर। रेलवे के इस फैसले से मध्य प्रदेश, तेलंगाना और राजस्थान के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। यात्रा पर जाने से पहले यात्री IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट या एप से कर सकते हैं।

     

  • मंत्री पर पार्टी की सख्ती, बीजेपी संगठन ने पूछा जवाब, राजनीतिक मायूसी गहराई

    भोपाल 
    मध्यप्रदेश में प्रदेश सरकार के नगरीय प्रशासन विभाग की राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी Pratima Bagri इन दिनों सुर्खियों में हैं। उनका परिवार गांजा तस्करी में लिप्त पाया गया है। राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के भाई अनिल बागरी और बहनोई शैलेंद्र को पुलिस ने गिरफ़्तार किया है। इस प्रकरण से राज्य की बीजेपी सरकार चिंतित हो उठी है। कांग्रेस राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी से इस्तीफे की मांग कर रही है। इस मुद्दे पर राज्य सरकार पर भी लगातार प्रहार किए जा रहे हैं। कांग्रेस के बेहद हमलावर रुख को देखते हुए अब बीजेपी संगठन आगे आया है। संगठन नेताओं ने सख्ती दिखाते हुए राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी से मामले पर न केवल सफाई मांगी बल्कि उनकी भूमिका पर भी सवाल उठाए। बताया जा रहा है कि पार्टी के कड़े तेवर से मंत्री की निराशा बढ़ गई है।

    सतना जिले की रैगांव विधानसभा की विधायक व प्रदेश की राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी Pratima Bagri, अपने परिवार के कारण मुश्किलों से घिर गई हैं। उनके भाई व बहनोई को तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया गया है। कांग्रेस और मीडिया का दबाव बढ़ा तो राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने दोनों से पल्ला झाड़ लिया और साफ कह दिया कि मेरा उनसे कोई संबंध नहीं है। हालांकि उनकी इस सफाई पर कोई यकीन करने के लिए तैयार नहीं दिख रहा।

    पार्टी ने सख्त लहजा अपनाते हुए प्रकरण में सफाई मांगी
    खासकर पार्टी में राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी पर सवाल उठ रहे हैं। दरअसल इस मुद्दे पर बीजेपी विरोधियों के निशाने पर है। पार्टी को जवाब देना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में प्रदेश बीजेपी ने कड़े तेवर अपना लिए हैं। पार्टी नेताओं ने मंत्री प्रतिमा बागरी के प्रति सख्त लहजा अपनाते हुए इस प्रकरण में उनसे सफाई मांगी। बीजेपी संगठन का वरिष्ठ नेतृत्व मंत्री की इस बात से कतई सहमत नहीं है कि तस्करी जैसे अपराधों से उनका कोई वास्ता नहीं है। भाई और बहनोई अपने कृत्यों के लिए खुद जिम्मेदार हैं।
      
    सख्त स्वरों में चेताया
    सूत्रों के अनुसार बीजेपी के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल और प्रदेश महामंत्री हितानंद शर्मा ने इस मामले में राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी से बात की। खुद को पाकसाफ बताने पर दोनों नेताओं ने नाराजगी जताई। राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी को सख्त स्वरों में चेताया गया।
     
    बता दें कि बीजेपी के राष्ट्रीय नेतृत्व को पहले ही पूरे मामले की जानकारी दी जा चुकी है। सीएम डॉ. मोहन यादव और प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल द्वारा इस संबंध में पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष के अलावा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को भी अवगत करा दिया गया था।

     

  • विधानसभा समिति कक्ष में कार्य मंत्रणा समिति की अहम बैठक, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने लिया हिस्सा

    रायपुर 

    विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां विधानसभा के समिति कक्ष में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक आयोजित की गई।बैठक में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप सहित समिति के सदस्य उपस्थित थे।

  • शहरी परिवहन में नया अध्याय: 20 दिसंबर से दौड़ेगी मेट्रो, सीएम मोहन के साथ केंद्रीय मंत्री रहेंगे मौजूद

    भोपाल 
    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल वासियों को लंबे समय से जिस पल का बेसब्री से इंतजार था आखिरकार वो पल महज एक सप्ताह में हकीकत बनते हुए उनके सामने आने वाला है। हम बात कर रहे भोपाल मेट्रो की। आपको जानकर खुशी होगी कि, जिसे मेट्रो का इंतजार भोपालवासी बीते कई वर्षों से कर रहे है, वो पहले चरण के ट्रेक पर आने वाली 20 दिसंबर से पटरियों पर दौड़ती नजर आएगी। क्योंकी इस तारीख पर शासन की ओर से मुहर लगा दी गई है।

    मध्य प्रदेश मेट्रो कारर्पोरेंशन के एमडी एस. कृष्ण चैतन्य का कहना है कि, 20 दिसंबर को भोपाल मेट्रो का लोकार्पण किया जाएगा। शासन ने लोकार्पण की तारीख आधिकारिक रूप से तय कर ली है। साथ ही, मेट्रो प्रबंधन को इसकी औपचारिक सूचना भी भेज दी गई है। लोकार्पण कार्यक्रम शहर के मिंटो हाल में दिन के समय आयोजित किया जाएगा।

    सीएम मोहन के साथ मेट्रो को झंडी दिखाएंगे केंद्रीय मंत्री
    कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ मिलकर भोपाल मेट्रो को हरी झंडी दिखाकर उसे रवाना करेंगे। जबकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़ेंगे।

    आपको बता दें कि, पहले फेस में आरेंज लाइन के 7.5 किलोमीटर प्रायोरिटी कारिडोर पर मेट्रो चलाई जाएगी। यह रूट एम्स मेट्रो स्टेशन से लेकर सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन तक का होगा। इस रूट के शुरू होने से हजारों यात्रियों को रोजाना राहत मिलेगी। जबकि, दोनों प्रमुख स्टेशनों के बीच यात्रा का समय भी काफी कम होगा।

    सोमवार को जारी होगी विसतृत जानकारी
    मेट्रो प्रबंधन की ओर से सोमवार को इस पूरे आपरेशन से जुड़ी विस्तृत जानकारी भी जारी कर दी जाएगी। जैसे- संचालन समय, किराया, यात्रियों के लिए नियम समेत अन्य जरूरी विवरण शामिल होगा।

    100 वर्षों के हिसाब से मेट्रो तैयार
    मेट्रो प्रबंधन के अफसरों की मानें तो इस प्रोजेक्ट को आगामी 100 वर्षों की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया गया है। शुरुआती दिनों में यात्रियों की संख्या भले ही कम रहे, लेकिन जैसे-जैसे पूरे रूट पर काम पूरा होगा, मेट्रो पर यात्रियों का दबाव बढ़ता जाएगा और मेट्रो भोपाल की लाइफलाइन बन जाएगी।

  • महापौर एक्सप्रेस की वापसी तय, 8 साल बाद भोपाल में शुरू होंगी घर बैठे सेवाएं, फीस बढ़ोतरी पर मंथन

    भोपाल
    नगर निगम आम नागरिकों को घर पर ही रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आठ साल से बंद पड़ी महापौर एक्सप्रेस सेवा को दोबारा शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इस योजना पर महापौर परिषद में विचार-विमर्श किया जाएगा और इसके बाद आम लोगों से भी सुझाव लिए जाएंगे, ताकि सेवा का संचालन ज्यादा प्रभावी और जरूरतों के अनुरूप किया जा सके। गौरतलब है कि पहले महापौर एक्सप्रेस के तहत पांच से छह तरह की सेवाएं उपलब्ध कराई जाती थीं, लेकिन नई योजना में इनकी संख्या बढ़ाने की तैयारी है।

    प्रस्तावित सेवाओं में अब इलेक्ट्रिशियन, कारपेंटर, प्लंबर, टर्नर, मैकेनिक, पेंटर और ड्राइवर के साथ घरेलू जरूरतों को देखते हुए कुक, स्वीपर, काम वाली बाई और अन्य छोटे-मोटे घरेलू कार्यों को भी सेवा में जोड़ने पर विचार किया जा रहा है।
     
    शुल्क 200 से बढ़ाकर 500 रुपये करने का प्रस्ताव
    करीब नौ साल पहले जब यह सेवा शुरू हुई थी तब 200 रुपये शुल्क तय किया गया था। हालांकि नई योजना के तहत शुल्क बढ़ाकर 500 रुपये करने का प्रस्ताव है। निगम अधिकारियों का कहना है कि महंगाई और सेवाओं के विस्तार को देखते हुए शुल्क में बढ़ोतरी जरूरी है।

    प्रचार प्रसार के अभाव में बंद हुई सेवा
    महापौर एक्सप्रेस सेवा वर्ष 2016 में शुरू की गई थी, लेकिन पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं होने के कारण सफल नहीं हुई। शुरुआत में निगम ने दो वाहनों में छह टेक्नीशियन सहित 12 कर्मचारियों को तैनात किया था। पहले साल सेवा को अच्छा रिस्पान्स मिला, लेकिन धीरे-धीरे लोगों की जानकारी कम होती गई। वर्ष 2018 में यह सेवा बंद कर दी गई।

    महापौर एक्सप्रेस को नए स्वरूप में शुरू करने की पूरी योजना बनाई जा रही है। आम लोगों के सुझाव लेकर सेवाओं का दायरा बढ़ाया जाएगा। मनोज राठौर, एमआइसी मेंबर, महापौर परिषद।

  • ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर की पहल: भोपाल के कचरे से बनेगी 10 लेन सड़क, MP में पहली बार 836 करोड़ का रोड प्रोजेक्ट

    भोपाल
    प्रदेश की पहली 10 लेन सड़क के निर्माण में राजधानी भोपाल से निकला लाखों मीट्रिक टन कचरा उपयोग में लाया जाएगा। इसके लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने भोपाल नगर निगम को प्रस्ताव भेजा है। साथ ही आदमपुर खंती से सालिड वेस्ट के सैंपल लेकर उसकी लैब टेस्टिंग भी कराई गई है।निगम अधिकारियों के अनुसार चार अलग-अलग तरह की टेस्टिंग में कचरा उपयुक्त पाया गया है। सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो करीब 10 लाख मीट्रिक टन सालिड वेस्ट 10 लेन सड़क निर्माण में इस्तेमाल किया जाएगा।

    11 फ्लाईओवर, एक आरओबी और 2 माईनर ब्रिज बनेंगे
    10 लेन सड़क का प्रारंभिक बिंदु आशाराम तिराहा और अंतिम बिंदु रत्नागिरी चौराहा होगा। इसमें 16.44 किलोमीटर एलिवेटेड रोड, 5.796 किलोमीटर एप्रोच रोड, 8.616 किलोमीटर बैलेंस सिक्स लेन और 1.708 किलोमीटर बैलेंस फोर लेन शामिल हैं। मुख्य मार्ग सिक्स लेन का होगा, जबकि दोनों ओर दो-दो लेन की सर्विस रोड बनाई जाएगी। पूरे प्रोजेक्ट में 11 फ्लाईओवर, एक रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) और दो माइनर ब्रिज भी बनाए जाएंगे।
     
    15 साल कंपनी करेगी सड़क का रखरखाव
    इस परियोजना का ठेका राजस्थान की रवि इंफ्राबिल्ड प्रा. लि. कंपनी को मिला है, जिसने 35.68 प्रतिशत बिलो में टेंडर हासिल किया है। कंपनी न केवल दो साल में सड़क का निर्माण करेगी, बल्कि अगले 15 वर्षों तक इसका रखरखाव भी करेगी। सड़क निर्माण पर 836 करोड़ खर्च होंगे।

    निगम को होगा 5 करोड़ का फायदा
    एनएचएआई द्वारा आदमपुर खंती से सालिड वेस्ट लेने की योजना से नगर निगम को भी बड़ा लाभ होगा। वर्तमान में निगम कचरे के प्रोसेसिंग पर सालाना 5 करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर रहा है। अगर यह कचरा सड़क निर्माण में उपयोग होता है तो निगम को सीधे तौर पर करीब 5 करोड़ रुपये की बचत होगी। इनका कहना है आदमपुर में जमा कचरा बिटुमिन सड़क निर्माण के लिए पूरी तरह उपयुक्त है। टेस्टिंग के परिणाम आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। वरूण अवस्थी, अपर आयुक्त, ननि।

  • हितग्राहियों को पारदर्शी लाभ वितरण में मध्यप्रदेश ने बनाई देशभर में अपनी पहचान

    हितग्राहियों को पारदर्शी तरीके से हितलाभ राशि अंतरण के मामले में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में है शामिल

    प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में हुई जिला विकास सलाहकार समिति की प्रथम बैठक

    जिले को कुपोषणमुक्त बनाने सहित समयावधि में योजनाओं का लाभ एवं विकास कार्यों की पूर्णता सुनिश्चित करने के दिए गए निर्देश

    भोपाल

    जिले को कुपोषणमुक्त बनाने के उद्देश्य से विभागीय कार्यक्रम व गतिविधियों के क्रियान्वयन के साथ सामाजिक उत्तदायित्व भी आवश्यक है। गरीब व पात्र हितग्राहियों के हक का पैसा पारदर्शी तरीके से सीधे बैंक खाते में पहुंचाने वाले प्रदेशों की श्रेणी में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। जिले के सर्वांगीण विकास के लिए सर्वसमाज की सहभागिता जरूरी है। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री तथा पन्ना जिले के प्रभारी मंत्री इन्दर सिंह परमार ने शनिवार को कलेक्टर कार्यालय के सभागार में संपन्न हुई जिला विकास सलाहकार समिति की प्रथम बैठक में कहीं। इस समिति का गठन मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में किया गया है। जिले के प्रभारी मंत्री बतौर उपाध्यक्ष समिति में शामिल हैं।

    बैठक में प्रभारी मंत्री परमार ने विभागवार क्रियान्वित योजनाओं के प्रगति की जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए। संबंधित अधिकारियों को तय समय सीमा में शासन की योजनाओं का लक्ष्य पूर्ण करने तथा विकास कार्यों की पूर्णता के लिए निर्देशित किया गया। इस मौके पर विभिन्न क्षेत्रों से समिति में शामिल सदस्यों के आवश्यक सुझाव प्राप्त कर आगामी कार्ययोजना व समग्र विकास के रूपरेखा पर चर्चा की गई। बैठक में 12.65 करोड़ राशि से डायमण्ड पार्क तथा 20 करोड़ लागत राशि से बनने वाले डायमण्ड म्यूजियम के एक स्थल पर लगभग 32 एकड़ भूमि पर निर्माण के संबंध में सर्वसम्मति एवं सहमति से महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पारित किया गया।

    इस अवसर पर प्रभारी मंत्री ने दक्षिण वन मण्डल अंतर्गत पोषण से भरपूर कल्दा महुआ लड्डू एवं शहद के लोगो का विमोचन किया। प्रभारी मंत्री ने बैठक के अवसर पर प्रदेश सरकार की दो वर्ष की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में सबसे पहले बड़ा कदम उठाते हुए लाड़ली लक्ष्मी योजना की शुरूआत की। इस योजना के जरिए बेटियों की शिक्षा और भविष्य के स्वावलंबन की नींव रखी गई। प्रदेश सहित जिले में लाड़ली बहना योजना के माध्यम से भी बड़ी संख्या में महिलाएं लाभांवित हो रही हैं। इसी तरह सामाजिक न्याय विभाग की मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में बेटियों को 49 हजार रूपए की राशि हस्तांतरित की जा रही है। जिले में टिकुरिहा, जिगदहा और लक्ष्मीपुर में नवीन विद्युत सब स्टेशन स्वीकृत हुए हैं। किसानों को निर्बाध रूप से 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराना और विद्युतविहीन कुछ राजस्व ग्राम व मजरा टोला में विद्युतीकरण का भी लक्ष्य है। बैठक में खनिज मद की स्थिति सहित शिक्षा विभाग के छात्रवृत्ति वितरण, बालिका छात्रावासों की स्थिति, साईकिल व गणवेश वितरण, सांदीपनि विद्यालय के गुणवत्तापूर्ण भवन निर्माण सहित शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के प्रयास तथा स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं के विकास के बारे में जानकारी लेकर जरूरी निर्देश दिए गए।

    प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में हो चिकित्सक की तैनाती

    प्रभारी मंत्री ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में आवश्यकता मुताबिक बांड चिकित्सकों की पदस्थापना के संबंध में भी निर्देश दिए। इस दौरान अवगत कराया गया कि ग्राम जनवार में पीपीपी मोड पर बनने वाले चिकित्सा महाविद्यालय की भूमि का सीमांकन 18 दिसम्बर को कराया जाएगा। वर्तमान जिला अस्पताल के 300 बेड के अलावा मेडिकल कॉलेज की निर्माण संस्था द्वारा पृथक से भी 200 बिस्तर की स्थापना की जाएगी।

    आगामी दिवस में मुख्यमंत्री द्वारा भूमिपूजन उपरांत निर्बाध रूप से चिकित्सा महाविद्यालय का निर्माण शुरू हो जाएगा। प्रभारी मंत्री ने स्वास्थ्य केन्द्रों में रिक्त पदों की जानकारी लेकर सभी स्वास्थ्य अधिकारी-कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से मुख्यालय पर निवास करने, 108 एम्बुलेंस सेवा को बेहतर बनाने, अस्पताल संचालन समय में चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर रोक सहित आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से नियुक्त कर्मचारियों के वेतन भुगतान मामले पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निजी एजेंसी द्वारा राशि के एवज में कर्मचारियों की नियुक्ति के मामले की विधिवत जांच कर लापरवाही प्रमाणित पाए जाने पर कंपनी के विरूद्ध कार्रवाई करें। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा आउटसोर्स कर्मियों पर अपना नियंत्रण रखा जाए। इन कर्मचारियों के कार्यों का मूल्यांकन एजंेसी पर न छोड़ा जाए, बल्कि अपने स्तर पर स्वयं कार्यों का आकलन करें। इस दौरान अस्पताल एवं स्वास्थ्य केन्द्रों में उपकरणों के क्रय के बाद नियमित रूप से इनके संचालन की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया।

    नल जल परियोजनाओं की एनओसी के लिए जपं सीईओ को करें अधिकृत

    बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं जल जीवन मिशन अंतर्गत ग्रामीण परिवारों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए जिले में संचालित परियोजनाओं के कार्यों की समीक्षा भी हुई। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री द्वारा समयबद्ध रूप से परियोजना का कार्य पूर्ण करने तथा कार्यपूर्णता पर एनओसी के लिए जनपद पंचायत सीईओ को अधिकृत करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि महत्वाकांक्षी नल जल योजनाओं के सफल संचालन के लिए सही व उचित जल स्त्रोत का चिन्हांकन आवश्यक है। पन्ना विधायक द्वारा अजयगढ़ क्षेत्र में गुणवत्ताहीन पाइपलाइन बिछाने तथा सड़क मरम्मत कार्य में लापरवाही बरतने संबंधी जानकारी से अवगत कराने पर प्रभारी मंत्री द्वारा तत्काल समिति का गठन कर जांच के लिए निर्देशित किया गया।

    उर्वरक वितरण व्यवस्था की समीक्षा के दौरान यूरिया एवं डीएपी खाद की पन्ना जिले के लिए पृथक रैक की उपलब्धता, धरमपुर में वितरण केन्द्र बनाने तथा किसानों को सोलर पम्प जैसी स्कीम से लाभांवित करने के निर्देश भी दिए गए। प्रभारी मंत्री ने कहा कि कृषि विभाग द्वारा प्राकृतिक एवं आर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने तथा कीटनाशक व खाद के सीमित उपयोग के लिए किसानों को जागरूक किया जाए। अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के लिए संचालित योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन तथा विद्यार्थियों के शत प्रतिशत छात्रवृत्ति प्रकरणों के निराकरण सहित केन-बेतवा लिंक परियोजना से छूटे जिले के शेष ग्रामों में भी कृषि सिंचाई के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। प्रत्येक मजरे टोले तक सड़क निर्माण तथा पॉलिटेक्निक महाविद्यालय में माइनिंग ब्रांच के संचालन तथा प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में उच्च शिक्षा के नवीन व रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के संचालन के संबंध में भी आवश्यक चर्चा की गई।

    बैठक में पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक पन्ना बृजेन्द्र प्रताप सिंह एवं जिलाध्यक्ष बृजेन्द्र मिश्रा सहित जिला पंचायत अध्यक्ष मीना राजे, नपाध्यक्ष मीना पाण्डेय, समस्त जनपद पंचायत अध्यक्ष, प्रभारी कलेक्टर उमराव सिंह मरावी, वनमण्डलाधिकारी दक्षिण अनुपम शर्मा, उप संचालक पन्ना टाईगर रिजर्व मोहित सूद, अतिरिक्त सीईओ अशोक चतुर्वेदी, संयुक्त कलेक्टर कुशल सिंह गौतम एवं नरेन्द्र सिंह धुर्वे, परियोजना अधिकारी संजय सिंह परिहार तथा सतानंद गौतम, विनोद तिवारी, रामावतार पाठक, रामबिहारी चौरसिया, कमल लालवानी भी उपस्थित रहे।

  • प्रधानमंत्री की परीक्षा पे चर्चा: प्रतिभागी अपने प्रश्न को 11 जनवरी तक करें अपलोड

    रायपुर
    परीक्षा पे चर्चा 2026 का नौवां संस्करण जनवरी 2026 में आयोजित होगा। केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह कार्यक्रम पीएम मोदी का एक इंटरैक्टिव प्लेटफॉर्म है, जिसमें देश-विदेश के विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक परीक्षा से जुड़े तनाव, अनुभव और सकारात्मक तैयारी पर चर्चा करते हैं। कार्यक्रम के लिए रजिस्ट्रेशन  MyGov पोर्टल (innovateindia1.mygov.in) पर शुरू हो चुके हैं और इसकी अंतिम तिथि 11 जनवरी 2026 है। कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थीए शिक्षक और अभिभावक ऑनलाइन डब्फ आधारित प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकते हैं।

    तनाव को कम करने का प्रयास 
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ देशभर के विद्यार्थियों, शिक्षकों और पालकों को सीधे संवाद करने का एक और सुनहरा अवसर मिल रहा है। प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी परीक्षा पे चर्चा के भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा जो इस श्रंखला का 9 वाँ संस्करण होगा। इस मंच के माध्यम से  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राज्यों से चयनित बच्चों द्वारा परीक्षा से संबंधित पूछे गए सवालों के जवाब देकर उनका मार्गदर्शन करेंगे और उनके तनाव को कम करने का प्रयास करेंगे।

    सपनों और लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उनकी मदद कर सकें 
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी माता-पिता और शिक्षकों के साथ बातचीत भी करते हैं, ताकि वे छात्रों के सभी सपनों और लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उनकी मदद कर सकें और अपने बच्चों और छात्रों को एग्जाम के तनाव को दूर करने में मदद कर सकें।  परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में केवल कक्षा 6 से कक्षा 12 तक के छात्र एवं कक्षा 6 से 12 छात्रों के पेरेंट्स रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन करके वे अपना सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकते हैं। गौरतलब है कि पीपीसी 2025 के 8 वें संस्करण ने भारत और विदेशों में छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से पंजीकरण के मामले में एक अभूतपूर्व मील का पत्थर स्थापित किया है। कार्यक्रम की अपार लोकप्रियता छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को संबोधित करने और परीक्षाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने में इसकी सफलता को उजागर करती है।

    प्रतिभागी अपने प्रश्न 11 जनवरी 2026 तक अपलोड कर सकते हैं
    इस कार्यक्रम में कक्षा 6 से 12 वीं के विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक सभी अपने प्रश्न अधिकतम 500 शब्दों में तैयार कर सकते हैं। प्रश्न अपलोड करने की सुविधा भारत सरकार के पोर्टल   http://innovateindia1.mygov.in  पर उपलब्ध है।  परीक्षा पे चर्चा विकल्प में प्रतिभागी पुरस्कारों से जुडी तिथियों और अन्य दिशा-निर्देशों की जानकारी देख सकते हैं। कार्यक्रम के लिए प्रश्न अपलोड करने की प्रक्रिया 1 दिसंबर 2025 से शुरू हो चुकी है और प्रतिभागी अपने प्रश्न 11 जनवरी 2026 तक जमा (अपलोड)कर सकते हैं।