• रायपुर में ऊर्जा आत्मनिर्भरता को समर्थन, पीएम सूर्यघर योजना पर CM साय का बयान

    रायपुर : पीएम सूर्यघर योजना से ऊर्जा आत्मनिर्भरता को नई मजबूती – मुख्यमंत्री साय

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस की दी शुभकामनाएं

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस (14 दिसंबर) के अवसर पर  प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि ऊर्जा संरक्षण सतत विकास, पर्यावरण संतुलन और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अनिवार्य है। ऊर्जा का विवेकपूर्ण, जिम्मेदार और कुशल उपयोग न केवल प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सहायक है, बल्कि जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौती से निपटने का भी प्रभावी माध्यम है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा संचालित पीएम सूर्यघर योजना स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा को जन-जन तक पहुँचाने की एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना से घरेलू स्तर पर सौर ऊर्जा को प्रोत्साहन मिल रहा है, जिससे बिजली व्यय में कमी के साथ-साथ ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिल रही है।

    मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे ऊर्जा बचत को अपनी दैनिक जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनाएं, ऊर्जा-सक्षम उपकरणों का अधिकाधिक उपयोग करें और छोटे-छोटे सामूहिक प्रयासों के माध्यम से छत्तीसगढ़ को हरित, स्वच्छ और विकसित राज्य बनाने में सक्रिय योगदान दें।

  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बयान: नक्सलवाद उन्मूलन और बस्तर में सुविधाओं का विकास तेजी से हो रहा

    रायपुर : नक्सलवाद के उन्मूलन के साथ-साथ बस्तर में मूलभूत सुविधाओं का तेजी से हो रहा विकास – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बस्तर अंचल का विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। नक्सलवाद के उन्मूलन के साथ-साथ बस्तर में मूलभूत सुविधाओं का विकास तेजी से किया जा रहा है और बस्तर अब विकास की दिशा में सशक्त गति से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री साय आज जगदलपुर में आयोजित बस्तर ओलम्पिक 2025 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक समृद्ध राज्य है, किंतु माओवाद की समस्या प्रारंभ से ही राज्य के विकास में एक बड़ी बाधा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प के कारण अब माओवाद के अंत की स्पष्ट समय-सीमा तय की गई है। नियद नेल्ला नार योजना के दायरे को 5 किलोमीटर से बढ़ाकर 10 किलोमीटर तक विस्तारित किया गया है, जिसके माध्यम से 403 गांवों में बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंचने लगी हैं।

    मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि माओवाद के कारण बंद पड़े स्कूल अब पुनः खुल रहे हैं। सड़कों का व्यापक नेटवर्क विकसित कर अंदरूनी इलाकों को आवागमन की सुविधा से जोड़ा जा रहा है। माओवाद से मुक्त गांवों में जनहितकारी योजनाओं का पूर्ण सेचुरेशन किया जा रहा है। इन सभी सकारात्मक प्रयासों के परिणामस्वरूप विकास के प्रति आमजन का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री साय ने बस्तर ओलम्पिक में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें बधाई दी तथा आगामी वर्ष और बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

    इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि बस्तर देश में एक नया इतिहास रच रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद पूर्ण रूप से समाप्त होगा और बस्तर पुनः खुशहाल बनेगा। कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्रीद्वय अरुण साव एवं विजय शर्मा ने भी संबोधित किया और बस्तर ओलम्पिक के सफल आयोजन के लिए खिलाड़ियों को बधाई दी। विधायक जगदलपुर किरण देव ने स्वागत उद्बोधन में सभी अतिथियों एवं खिलाड़ियों का आत्मीय स्वागत किया। समारोह के अंत में सांसद महेश कश्यप ने आभार व्यक्त किया।

    इस मौके पर केबिनेट मंत्री केदार कश्यप, सांसद भोजराज नाग, बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सुलता उसेंडी, विधायक सर्वविक्रम उसेंडी, नीलकंठ टेकाम, विनायक गोयल, आशाराम नेताम, छत्तीसगढ़ बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, नगर निगम जगदलपुर के महापौर संजय पांडे सहित अनेक जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में खेलप्रेमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • इन्दर सिंह परमार ने प्रेस वार्ता में की राज्य की प्रमुख योजनाओं पर चर्चा

    भोपाल

    उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री तथा पन्ना जिले के प्रभारी मंत्री इन्दर सिंह परमार ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मीडिया प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर संवाद किया। प्रदेश सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जनसंपर्क कार्यालय पन्ना द्वारा आयोजित की गई इस पत्रकार वार्ता में प्रभारी मंत्री द्वारा हर वर्ग के लिए संचालित योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी दी गई। साथ ही संचार माध्यमों के प्रतिनिधियों के प्रश्नों का समाधान भी किया गया। पन्ना जिले की दो वर्ष की उपलब्धियों के बारे में भी अवगत कराया गया।

    प्रभारी मंत्री श्री परमार ने मीडिया प्रतिनिधियों को वर्तमान सरकार द्वारा प्रदेश के लिए किए गए प्रयासों, योजनाओं, उपलब्धियों, उल्लेखनीय नवाचार, अधोसंरचना विकास, सामाजिक क्षेत्र में उपलब्धि तथा अन्य कार्यों से अवगत कराया। इसके अलावा निवेश की नई नीतियों, गरीब कल्याण मिशन, महिला सशक्तिकरण, कृषक व युवा हितैषी योजनाओं के क्रियान्वयन सहित स्वास्थ्य व शिक्षा के क्षेत्र में अर्जित उल्लेखनीय उपलब्धि तथा भविष्य की कार्ययोजना के बारे में जानकारी दी गई। पत्रकार वार्ता के दौरान पत्रकारों ने जिले के अन्य महत्वपूर्ण बिन्दुओं के संबंध में भी प्रभारी मंत्री का ध्यानाकर्षण कराया तथा अपने सुझाव भी दिए। प्रेस वार्ता में पूर्व मंत्री एवं विधायक पन्ना बृजेन्द्र प्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष मीना राजे, प्रभारी कलेक्टर उमराव सिंह मरावी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वंदना चौहान, प्रभारी जनसंपर्क अधिकारी देवेन्द्र सिंह सहित बड़ी संख्या में प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकारगण भी उपस्थित थे।

     

  • अगले 5 साल में बस्तर संभाग देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनेगा-अमित शाह

    रायपुर : केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में बस्तर ओलिंपिक के समापन समारोह को संबोधित किया

    बस्तर सहित पूरे भारत से नक्सलवाद 31 मार्च 2026 तक खत्म हो जायेगा- अमित शाह

    अगले 5 साल में बस्तर संभाग देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनेगा-अमित शाह

    2026 का बस्तर ओलंपिक नक्सलवाद से मुक्त बस्तर में होगा

    नक्सलवाद छोड़कर 700 से अधिक युवाओं का बस्तर ओलंपिक 2025 से जुड़ना हम सभी के लिए गर्व की बात है

    आत्मसमर्पण करने वालों ने भय की जगह आशा व विनाश की जगह विकास को चुना, यही मोदी जी की विकसित बस्तर की संकल्पना है

    जिस बस्तर में पहले ‘लाल सलाम’ के नारे लगते थे, अब वहाँ ‘भारत माता की जय’ के नारे गूँज रहे हैं

    शांति ही विकास का मार्ग प्रशस्त कर सकती है, इसलिए नक्सली हथियार डालकर मुख्यधारा में आयें और पुनर्वसन नीति का लाभ उठाएं

    आने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स और ओलंपिक में बस्तर के खिलाड़ी देश का नाम रोशन करें, इसके प्रबंध किए जा रहे हैं

    बस्तर ओलम्पिक 2025 में 3 लाख 91 हज़ार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, जो ढाई गुना बढ़ा है, खिलाड़ियों की वृद्धि दर में बहनों ने भाइयों से बाजी मारी

    आत्मसमर्पण करने वाले और नक्सल हिंसा के शिकार लोगों के लिए हम बहुत आकर्षक पुनर्वसन योजना लाएंगे

    केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार कंधे से कंधा मिलाकर विकसित बस्तर बनाने के लिए कार्य कर रही हैं

    गृह मंत्री ने समाज के प्रमुखों और समाजसेवकों से अपील करते हुए कहा कि वे हथियारबंद नक्सलियों को समझाकर समाज की मुख्यधारा में वापस लाने में सहयोग करें

    रायपुर

    केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में बस्तर ओलिंपिक के समापन समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

    इस अवसर पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि हमने तय किया था कि 31 मार्च, 2026 से पहले पूरे देश से लाल आतंक को खत्म कर देंगे और आज बस्तर ओलंपिक- 2025 में हम इस कगार पर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष नवंबर-दिसंबर तक बस्तर ओलंपिक-2026 के समय तक पूरे भारत और छत्तीसगढ़ से लाल आतंक समाप्त हो चुका होगा औऱ नक्सलमुक्त बस्तर आगे बढ़ रहा होगा।

    अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हमने यह संकल्प लिया है कि पूरे बस्तर और भारत को नक्सलमुक्त कराना है। उन्होंने कहा कि हमें यहीं नहीं रुकना बल्कि कांकेर, कोंडागांव, बस्तर, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर और दंतेवाड़ा के 7 ज़िलों का संभाग बस्तर, दिसंबर 2030 दिसंबर तक देश के सबसे अधिक विकसित आदिवासी संभाग बनेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर के हर व्यक्ति को रहने के लिए घर, बिजली, शौचालय, नल से पीने का पानी, गैस सिलिंडर, 5 किलो अनाज और 5 लाख तक का मुफ्त इलाज, बस्तर के घर घर में पहुचाने का संकल्प हमारी सरकार का संकल्प है। शाह ने कहा कि हमने अगले पांच साल में बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि इसमें प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार और विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार कंधे से कंधा मिलाकर बस्तर को विकसित बस्तर बनाने के लिए मिलकर आगे बढ़ेंगे।

    केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर का हर गांव सड़क से जुड़ेगा, वहां बिजली होगी, 5 किलोमीटर के क्षेत्र में बैंकिंग सुविधाएं होंगी और सबसे घने पीएचसी/सीएचसी का नेटवर्क बनाने का काम भी हमारी सरकार करेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में वन उपज की प्रोसेसिंग के लिए कोऑपरेटिव आधार पर यूनिट्स लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर के सातों ज़िले सभी आदिवासी ज़िलों में सबसे अधिक दूध उत्पादन कर डेयरी के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने वाले ज़िले बनेंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर में नए उद्योग, उच्च शिक्षा की व्यवस्था, भारत में सबसे अच्छा स्पोर्ट्स संकुल और अत्याधुनिक अस्पताल की व्यवस्था भी हम करेंगे। शाह ने कहा कि कुपोषण के लिए भी यहां विशेष स्कीम चलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन्होंने आत्मसमर्पण किया है और जो नक्सलवाद के कारण घायल हुए हैं, उनके लिए एक बहुत आकर्षक पुनर्वसन योजना भी हम लाएंगे। गृह मंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि नक्सलवाद समाप्त हो क्योंकि नक्सलवादी इस क्षेत्र के विकास पर नाग बनकर फन फैलाए बैठे हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद समाप्त होने के साथ ही इस क्षेत्र में विकास की एक नई शुरूआत होगी और प्रधानमंत्री मोदी जी और विष्णुदेव जी के नेतृत्व में यह सबसे विकसित क्षेत्र बनेगा।

    अमित शाह ने कहा कि बस्तर ओलंपिक-2025 में सात ज़िलों की सात टीमें और एक टीम आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की थी। उन्होंने कहा कि जब 700 से अधिक सरेंडर्ड नक्सलियों ने इन खेलों में भाग लिया तो यह देखकर बहुत अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के झांसे में आकर उनका पूरा जीवन तबाह हो जाता और हथियार डालकर मुख्यधारा में आने वाले ऐसे 700 से अधिक युवा आज खेल के रास्ते पर आए हैं। शाह ने दोहराया कि 31 मार्च, 2026 को यह देश नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा। उन्होंने हिंसा में लिप्त नक्सलियों से अपील करते हुए कहा कि अब भी गुमराह होकर हमारे ही जो लोग हाथ में हथियार लेकर बैठे हैं, वो हथियार डाल दें, पुनर्वसन नीति का फायदा उठाएं, अपने और अपने परिवार के कल्याण के बारे में सोचें और विकसित बस्तर के संकल्प के साथ जुड़ जाएं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से किसी का भला नहीं होता, न हथियार उठाने वाले लोगों का, न आदिवासियों और न सुरक्षाबलों का भला होता है। उन्होंने कहा कि सिर्फ शांति ही विकास का रास्ता प्रशस्त कर सकती है।

    केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि आत्मसमर्पण कर चुके 700 नक्सलियों ने इन खेलों में खिलाड़ी के रूप में सामने आकर पूरे देश के लिए बहुत बड़ा उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों ने भय की जगह आशा चुनी, विभाजन की जगह एकता का रास्ता चुना और विनाश की जगह विकास का रास्ता चुना है और यही प्रधानमंत्री मोदी जी की नए भारत और विकसित बस्तर की संकल्पना है। उन्होंने कहा कि हमारे बस्तर की संस्कृति दुनियाभर में सबसे अधिक समृद्ध संस्कृति है। उन्होंने कहा कि सभी जनजातियों का खानपान, परिवेश, कला, वाद्य, नृत्य और पारंपरिक खेल सिर्फ छत्तीसगढ़ की नहीं बल्कि पूरे भारत की सबसे समृद्ध विरासत है।

    अमित शाह ने कहा कि हाल ही में छत्तीसगढ़ सरकार ने आधुनिक रिकॉर्डिंग स्टूडियो बनाकर यहां के पारंपरिक गीतों को सहेजने का काम किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे कई परंपरागत उत्सव और त्योहार जो नक्सलवाद के लाल आतंक के साए में समाप्त होने की कगार पर थे, उन्हें भी आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि आज जिन खिलाड़ियों ने बस्तर ओलंपिक में भाग लिया है, उनकी प्रतिभा को पहचानने के लिए स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों की एक टीम यहां आई है। शाह ने कहा कि इन खिलाड़ियों की प्रतिभा को पहचानकर आने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स और ओलंपिक खेलों में बस्तर के खिलाड़ी खेलें, वहां तक ले जाने की व्यवस्था हमारी सरकार ने की है। शाह ने कहा कि पिछले वर्ष बस्तर ओलंपिक में 1 लाख 65 हज़ार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था, जबकि इस वर्ष 3 लाख 91 हज़ार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया है, जो लगभग ढाई गुना की वृद्धि है और बहनों की प्रतिभागिता में लगभग तीन गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि यह उत्साह देखकर आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री मोदी जी ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के लिए छत्तीसगढ़ को चुना है।

    केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर अब बदल रहा है और बस्तर अब भय नहीं भविष्य का पर्याय बन चुका है, जहां गोलियों की गूंज सुनाई देती थी, वहां आज स्कूल की घंटियां बज रही हैं। जहां सड़क बनाना एक सपना था, वहां आज रेलवे ट्रैक और राजमार्ग बिछाए जा रहे हैं, जहां लाल सलाम के नारे लगते थे, वहां आज भारत माता की जय के नारे लगते हैं। उन्होंने कहा कि हम सब विकसित बस्तर के लिए कृत संकल्पित हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार ने मुठभेड़ों में नक्सलियों को मारने का लक्ष्य नही रखा था, क्योंकि 2000 से अधिक नक्सली युवाओं ने सरेंडर भी किया है। उन्होंने कहा कि हमारे आदिवासी समाज के प्रमुखों ने इसमें बहुत बड़ा योगदान दिया है, उनके मार्गदर्शन ने नक्सली युवाओं को ढांढस भी बंधाया है और हिम्मत भी दी है। गृह मंत्री ने समाज के प्रमुखों और समाजसेवकों से अपील करते हुए कहा कि जो लोग आज भी हथियार लेकर घूम रहे हैं, वे उन्हें समझाकर समाज की मुख्यधारा वापिस में लाने का काम करें।

  • छिंदवाड़ा में तैयार हुआ महात्रिशूल, 2 फरवरी को अयोध्या में होगी इसकी ऐतिहासिक स्थापना

    छिंदवाड़ा
     छिंदवाड़ा के एक छोटे से गांव में एक ऐसे त्रिशूल का निर्माण किया गया है, जिसे उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा त्रिशूल होने का दावा किया जा रहा है. इस त्रिशूल को उत्तर प्रदेश के अयोध्या मैं विघ्नेश्वर धाम शिव मंदिर में स्थापित किया जाएगा. छिंदवाड़ा से 2 फरवरी को त्रिशूल सनातन हिंदू एकता यात्रा निकाली जाएगी जिसमें श्री राम जन्मभूमि अयोध्या के शिव मंदिर में उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े त्रिशूल की स्थापना की जाएगी. त्रिशूल को छिंदवाड़ा के आदि शक्ति दुर्गा माता मंदिर में दर्शन के लिए रखा गया है.

    क्यों निकाली जा रही त्रिशूल सनातन हिन्दू एकता यात्रा
    श्री राम जन्मभूमि अयोध्या में विघ्नेश्वर धाम के अमित योगी ने बताया कि, ''ये उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा त्रिशूल है, जो छिंदवाड़ा से बनकर अयोध्या जाएगा. त्रिशूल सनातन हिन्दू एकता यात्रा का प्रमुख संकल्प इसलिए लिया गया है. जिसमें

    1- भारत गौरवशाली हिन्दू राष्ट्र घोषित हो.
    2. गौ माता राष्ट्र माता घोषित हो
    3. श्री अयोध्या काशी, मथुरा क्षेत्र में मांस मदिरा बन्द हो
    4. श्री कृष्ण जन्मभूमि पर भव्य मन्दिर निर्माण हो
    5. हर हिन्दू घरों में शस्त्र-शास्त्र, गाय माता, भगवा ध्वज, ॐ स्थापित हो
    6. हर हिन्दू के मस्तक पर चन्दन, सिर पर शिखा, हाथ में कलावा स्थापित हो
    7. हर घरों में तुलसी माता, संध्या दीपक, शाम को परिवार सहित रामचरित मानस पाठ हो
    8. हर मंदिर में हिन्दू समाज के सभी वर्गों द्वारा 365 पुजारी, यजमान जोड़े जाये जिससे समाजिक समरसता का भाव स्थापित हो.

    1 साल में बनकर तैयार हुआ यूपी का सबसे बड़ा त्रिशूल
    यात्रा के संयोजक ऋषि राज सिंह बैंस ने बताया कि, ''छोटे से गांव झिरलिंगा के सुशील विश्वकर्मा ने इसे बनाया जो 1 साल में बनकर तैयार हुआ है. इस त्रिशूल की ऊंचाई 60 फीट, चौड़ाई 11 फीट और वजन 700 किलो है जो पूरी तरीके से स्टील से बनाया हुआ है. दर्शन के लिए त्रिशूल को आदि शक्ति दुर्गा मंदिर में रखा गया है.''

    2 फरवरी को आदिशक्ति दुर्गा मंदिर से त्रिशूल सनातन हिंदू यात्रा शुरू की जाएगी. त्रिशूल को विशेष वाहन से अयोध्या तक ले जाया जाएगा. लेकिन हर शहर में नगर भ्रमणकर शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसके तहत सिवनी, लखनादौन, जबलपुर, कटनी, सतना, रीवा, प्रयागराज, प्रतापगढ़, अमेठी, सुल्तानपुर और अयोध्या धाम में शोभायात्रा निकालने के बाद विघ्नेश्वर शिव मंदिर में स्थापित किया जाएगा.

  • मोहन सरकार का बड़ा कदम: 21 दिसंबर से भोपाल में मेट्रो ट्रेन शुरू, इंदौर के बाद अब भोपाल होगा प्रदूषण मुक्त

     भोपाल

    मध्य प्रदेश अब देश के उन 12 चुनिंदा राज्यों में शामिल हो रहा है, जहां एक से अधिक शहरों में मेट्रो का संचालन हो रहा है। इंदौर की तरह अब राजधानी भोपाल भी मेट्रो के नये दौर में प्रवेश करने को तैयार है। प्रदेश सरकार ने घोषणा की है कि भोपाल में मेट्रो का संचालन 21 दिसंबर से शुरू कर दिया जाएगा। इससे राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में एक बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा। राजधानी के यात्रियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण और लंबे समय से प्रतीक्षित सुविधा है, जिसका उद्देश्य शहर की बढ़ती आबादी और ट्रैफिक के दबाव को कम कर यातायात निर्बाध बनाना है।

    इंदौर मेट्रो सबसे पहले चली
    प्रदेश में सबसे पहले इंदौर मेट्रो ट्रेन की शुरुआत 31 मई, 2025 को हुई। अभी इसका छह किलोमीटर (गांधीनगर से सुपर कॉरिडोर स्टेशन 3 तक) के 'सुपर प्रॉयोरिटी कॉरिडोर' पर कमर्शियल रन किया जा रहा है, जो कि कुल 31.32 किमी के पहले चरण का हिस्सा है, जिसका धीरे-धीरे विस्तार हो रहा है। वहीं, भोपाल में 21 दिसंबर को कमर्शियल रन शुरू होगा। इसमें भोपाल एम्स से सुभाष नगर तक साढ़े सात किमी प्रायोरिटी कॉरिडोर पर मेट्रो दौड़ेगी। यह भोपाल के पहले चरण के 30 किमी का हिस्सा है। प्रदेश में इंदौर और भोपाल में कुल 60 किमी के काम को पूरा करने का लक्ष्य दिसंबर 2028 तय किया गया है।

    प्रदूषण मुक्त सफर
    मेट्रो के शुरू होने से रोजाना हजारों यात्रियों को तेज, सुरक्षित और प्रदूषण-मुक्त यात्रा का विकल्प मिलेगा। हालांकि अभी यात्रियों की संख्या कम है, लेकिन आने वाले समय में मेट्रो की दूरी बढ़ने के साथ उपयोग बढ़ने की बात विशेषज्ञ बता रहे हैं। साथ ही शहर के प्रमुख इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे समय और ईंधन की बचत भी होगी। राज्य सरकार का कहना है कि मेट्रो परियोजना न केवल परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाएगी, बल्कि भोपाल को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लक्ष्य को और सुदृढ़ करेगी। मेट्रो कॉरिडोर के आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों के बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है। इसी तरह इंदौर में मेट्रो संचालन शुरू होने के बाद से शहरवासियों में आधुनिक परिवहन व्यवस्था को लेकर उत्साह देखने को मिला है और अब भोपाल में भी इसी तरह की प्रतिक्रिया की उम्मीद है।

    अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस
    अधिकारियों के अनुसार, मेट्रो ट्रेन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगी। सुरक्षा के लिए ऑटोमैटिक डोर सिस्टम, सीसीटीवी निगरानी, यात्री सूचना प्रणाली जैसी आधुनिक तकनीक इसमें शामिल हैं। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए ऊर्जा-कुशल प्रणाली अपनाई गई है। आने वाले महीनों में मेट्रो के अन्य चरणों पर भी तेजी से काम किया जाएगा, ताकि पूरे शहर को बेहतर नेटवर्क से जोड़ा जा सके।

    अभी इन 11 राज्यों में दौड़ती है मेट्रो
    दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, गुजरात, केरल, राजस्थान, हरियाणा शामिल है। अब भोपाल मेट्रो के व्यावसायिक संचालन की शुरुआत के साथ मध्य प्रदेश 12वां राज्य बन गया।

    देश के इन शहरों में चल रही मेट्रो

        दिल्ली-एनसीआर: देश का सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क
        कोलकाता: भारत की पहली मेट्रो (1984 में शुरू)।
        मुंबई: देश के बड़े मेट्रो नेटवर्क में से एक।
        बेंगलुरु (नम्मा मेट्रो): दक्षिण भारत का प्रमुख नेटवर्क।
        हैदराबाद: आधुनिक मेट्रो प्रणाली के लिए जाना जाता है।
        चेन्नई: एक और बड़ा महानगर मेट्रो।
        जयपुर: राजस्थान की राजधानी में मेट्रो।
        कोच्चि (केरल): दक्षिण भारत का महत्वपूर्ण मेट्रो नेटवर्क।
        लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी में मेट्रो।
        नोएडा-ग्रेटर नोएडा: दिल्ली से सटा हुआ मेट्रो नेटवर्क।
        अहमदाबाद
    : गुजरात का मेट्रो नेटवर्क।
        नागपुर: अपनी डबल-डेकर मेट्रो के लिए प्रसिद्ध।
        कानपुर: उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण मेट्रो।
        पुणे: महाराष्ट्र का एक और मेट्रो शहर।
        गुरुग्राम (रैपिड मेट्रो): दिल्ली मेट्रो से जुड़ा हुआ।

    यहां चल रहा काम 
    पटना, आगरा में भी मेट्रो या तो चल रही है या निर्माण के विभिन्न चरणों में है, जिससे भारत का मेट्रो नेटवर्क लगातार बढ़ रहा है।

     

  • इंदौर में मुख्यमंत्री की आज अहम बैठक, मेट्रोपॉलिटन सिटी एरिया और अंडरग्राउंड रूट पर होगा निर्णय

      इंदौर 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज 14 दिसंबर को रेसीडेंसी कोठी में शहर में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। इस महत्वपूर्ण बैठक का मुख्य फोकस इंदौर मेट्रो ट्रेन के अंडरग्राउंड रूट पर रहेगा। इंदौर में यह बैठक सरकार के दो साल पूर्ण होने के बाद हो रही है। इस कारण माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री इंदौर को सौगात दे सकते है।

    बैठक में इंदौर के मेट्रोपाॅलिटन सिटी एरिया की घोषणा हो सकती है। पहले इसका एरिया छह हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में था। बाद में इंदौर विकास प्राधिकरण ने इसका प्रस्ताव 9 हजार वर्गकिलोमीटर एरिया किया है और प्रस्ताव सरकार को भेजा था। इस एरिया में उज्जैन, देवास, महू व धार की पंचायतें, कुछ नगरीय निकाय शामिल होंगे। एरिया की सीमा का खुलासा बैठक के दौरान होगा।

    मुख्यमंत्री इस बात पर अंतिम फैसला ले सकते हैं कि मेट्रो के रूट में कोई बदलाव किया जाएगा या पुराना रूट ही बरकरार रहेगा। पिछले दिनों मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने तय अंडरग्राउंड रुट पर आपत्ति ली थी और मेट्रो को बंगाली काॅलोनी से ही अंडरग्राउंड करने पर जोर दिया था।
     
    मेट्रो के अलावा, बैठक में बीआरटीएस की बस रैलिंग हटाने में हो रही देरी को लेकर भी चर्चा होगी। नौ महीने से अधिक समय तक रैलिंग नहीं हटाए जाने पर हाईकोर्ट ने भी नाराजगी व्यक्त की है। बीआरटीएस पर बनने वाले नए ब्रिजों को लेकर भी फैसला हो सकता है।

    समीक्षा बैठक में सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। आगामी सिंहस्थ के मद्देनजर शहर में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा भी की जाएगी। शहर के मास्टर प्लान की 23 सड़कों पर काम शुरू हो चुका है, लेकिन कुछ सड़कों के मार्ग में अभी भी बाधक निर्माण नहीं हटाए गए हैं। 

     

  • हिंसा छोड़ मुख्यधारा में लौटे माओवादी, गरियाबंद में 20 लाख के इनामी दो नक्सलियों ने डाला हथियार

    गरियाबंद
    छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत 10 लाख के दो इनामी माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। छत्तीसगढ़ सरकार और शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति तथा पुलिस की सतत अपील से प्रभावित होकर प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) के डीजीएन डिवीजन में सक्रिय दो माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वालों में एसडीके एरिया कमेटी सदस्य संतोष उर्फ लालपवन और सीनापाली एरिया कमेटी सदस्य मंजू उर्फ नंदे शामिल हैं। दोनों पर कुल 10 लाख रुपए का इनाम घोषित था।

    संतोष उर्फ लालपवन मूलतः बीजापुर जिले का निवासी है, जो वर्ष 2005 से माओवादी संगठन में सक्रिय था। वह विभिन्न दलम, प्लाटून और एरिया कमेटियों में कार्य करते हुए लंबे समय तक सीसी स्तर के नेताओं की सुरक्षा टीम में भी शामिल रहा। गरियाबंद और ओडिशा सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय रहते हुए वह कई गंभीर नक्सली घटनाओं, आईईडी ब्लास्ट और मुठभेड़ों में शामिल रहा, जिनमें पुलिस बल को नुकसान पहुंचा। इसके बाद में वह एसडीके और उदंती एरिया कमेटी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहा था। वहीं, मंजू उर्फ नंदे सुकमा जिले की रहने वाली है और वर्ष 2002 से संगठन से जुड़ी थी। बाल संगठन से लेकर एलओएस, सीएनएम और एरिया कमेटी तक का सफर तय करते हुए वह सीनापाली एरिया कमेटी की सदस्य बनी। गरियाबंद-नुआपाडा सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय रहते हुए वह भी कई मुठभेड़ों में शामिल रही, जिनमें अनेक माओवादी मारे गए।

    आत्मसमर्पण के दौरान दोनों माओवादियों ने बताया कि संगठन की विचारधारा खोखली हो चुकी है। जंगलों में कठिन जीवन, लगातार हिंसा, बीमारी और असुरक्षा के बीच भविष्य अंधकारमय हो गया था। दूसरी ओर शासन की आत्मसमर्पण-पुनर्वास नीति के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता, आवास, स्वास्थ्य और रोजगार सुविधाओं तथा पहले आत्मसमर्पण कर चुके साथियों के बेहतर जीवन से वे प्रभावित हुए। गरियाबंद पुलिस द्वारा गांव-गांव में चलाए गए प्रचार और अपील ने भी उन्हें यह कदम उठाने के लिए प्रेरित किया। गरियाबंद पुलिस ने दोनों के आत्मसमर्पण को बड़ी सफलता बताते हुए क्षेत्र में सक्रिय अन्य माओवादियों से भी अपील की है कि वे हिंसा का मार्ग छोड़कर नजदीकी थाना, चौकी या कैंप में आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटें, जिससे आने वाले दिनों में उनको काफी फायदा होने वाला है।

  • मध्यप्रदेश उत्सव का दूसरा दिन : ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन

    भोपाल 
    मध्यप्रदेश उत्सव के दूसरे दिन ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें 12 वर्ष तक की आयु के बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। आयु वर्ग के अनुसार बच्चों को अलग-अलग विषय दिए गए थे। प्रतियोगिता में कुल 37 बच्चों ने भाग लिया जिसमें 6 वर्ष की से काम की आयु के आठ बच्चे और 6 से 12 वर्ष की आयु के 29 बच्चों ने भाग लिया। 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों को मुक्त विषय पर चित्रांकन करने का अवसर दिया गया, जबकि 6 से 12 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को "नेचर एंड एनवायरनमेंट" विषय पर चित्र बनाने का कार्य सौंपा गया।

    मध्यप्रदेश उत्सव: क्विज प्रतियोगिता का हुआ आयोजन
    क्विज प्रतियोगिता में कुल पाँच टीमों ने भाग लिया। प्रत्येक टीम में पाँच सदस्य शामिल थे। प्रतियोगिता के सभी प्रश्न मध्यप्रदेश से संबंधित रहे, जिससे प्रतिभागियों को राज्य के इतिहास, संस्कृति एवं सामान्य ज्ञान के बारे में जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला।

    प्रतियोगिता के दौरान माहौल अत्यंत रोमांचकारी एवं उत्साहपूर्ण बना रहा। प्रश्नोत्तर को तीन भागों में विभाजित किया गया। पहले भाग में सभी टीमों को समान अवसर प्रदान किया गया। दूसरे भाग में टीमवार प्रश्न पूछे गए, जबकि तीसरे भाग में चित्र आधारित प्रश्न पूछे गए, जिसमें यह पहचानने को कहा गया कि प्रदर्शित चित्र किससे संबंधित है। प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ प्रतियोगिता में भाग लिया और दर्शकों ने भी प्रश्नों का आनंद उठाया। प्रतियोगिता ने न केवल ज्ञानवर्धन किया, बल्कि मध्यप्रदेश के प्रति रुचि और जागरूकता भी बढ़ाई।

    इस अवसर डिंडोरी की सुश्री हर्ष मरावी द्वारा करमा सैला नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी गई।   इस नृत्य के माध्यम से समाज की एकता एवं समरसता का सजीव चित्रण किया गया। ढोल, मंजीरा एवं शहनाई जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मनमोहक धुनों पर प्रस्तुत यह नृत्य दर्शकों को आदिवासी जीवन की आत्मा से जोड़ता नजर आया। प्रस्तुति ने दर्शकों में विशेष उत्साह एवं आनंद का संचार किया।

    गणगौर नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति
    इसके बाद बड़वाह के श्री संजय महाजन और समूह द्वारा निमाड़ अंचल के सुप्रसिद्ध लोकनृत्य गणगौर की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। उल्लेखनीय है कि बड़वाह के नटेश्वर नृत्य संस्थान के निदेशक श्री संजय महाजन पिछले 18 वर्षों से कथक और लोकनृत्य का प्रशिक्षण दे रहे हैं। उन्होंने 'मैं हूं बड़वाह', 'कृष्णलीला' और 'जय जय मध्य प्रदेश' जैसे मशहूर डांस-ड्रामा डायरेक्ट किए हैं, और पारंपरिक गणगौर नृत्य को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाई है। 

  • नक्सलवाद के उन्मूलन के साथ-साथ बस्तर में मूलभूत सुविधाओं का तेजी से हो रहा विकास: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    रायपुर
    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बस्तर अंचल का विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। नक्सलवाद के उन्मूलन के साथ-साथ बस्तर में मूलभूत सुविधाओं का विकास तेजी से किया जा रहा है और बस्तर अब विकास की दिशा में सशक्त गति से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय आज जगदलपुर में आयोजित बस्तर ओलम्पिक 2025 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक समृद्ध राज्य है, किंतु माओवाद की समस्या प्रारंभ से ही राज्य के विकास में एक बड़ी बाधा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प के कारण अब माओवाद के अंत की स्पष्ट समय-सीमा तय की गई है। नियद नेल्ला नार योजना के दायरे को 5 किलोमीटर से बढ़ाकर 10 किलोमीटर तक विस्तारित किया गया है, जिसके माध्यम से 403 गांवों में बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंचने लगी हैं।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि माओवाद के कारण बंद पड़े स्कूल अब पुनः खुल रहे हैं। सड़कों का व्यापक नेटवर्क विकसित कर अंदरूनी इलाकों को आवागमन की सुविधा से जोड़ा जा रहा है। माओवाद से मुक्त गांवों में जनहितकारी योजनाओं का पूर्ण सेचुरेशन किया जा रहा है। इन सभी सकारात्मक प्रयासों के परिणामस्वरूप विकास के प्रति आमजन का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर ओलम्पिक में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें बधाई दी तथा आगामी वर्ष और बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

    इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि बस्तर देश में एक नया इतिहास रच रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद पूर्ण रूप से समाप्त होगा और बस्तर पुनः खुशहाल बनेगा। कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा ने भी संबोधित किया और बस्तर ओलम्पिक के सफल आयोजन के लिए खिलाड़ियों को बधाई दी। विधायक जगदलपुर श्री किरण देव ने स्वागत उद्बोधन में सभी अतिथियों एवं खिलाड़ियों का आत्मीय स्वागत किया। समारोह के अंत में सांसद श्री महेश कश्यप ने आभार व्यक्त किया।

    इस मौके पर केबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री भोजराज नाग, बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी, विधायक सर्वश्री विक्रम उसेंडी, श्री नीलकंठ टेकाम, विनायक गोयल, श्री आशाराम नेताम, छत्तीसगढ़ बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्री श्रीनिवास राव मद्दी, छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मंडावी, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, नगर निगम जगदलपुर के महापौर श्री संजय पांडे सहित अनेक जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में खेलप्रेमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • केंद्र–राज्य समन्वय से खाद्यान्न प्रबंधन को मिलेगा नया आयाम

    केंद्रीय खाद्य मंत्री श्री जोशी से नई दिल्ली में प्रदेश के खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने की भेंट, महत्वपूर्ण विषयों पर हुई चर्चा

    भोपाल 
    केंद्रीय खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रहलाद जोशी से नई दिल्ली में प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने शिष्टाचार भेंट कर प्रदेश की खाद्यान्न प्रबंधन व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं तकनीक-संचालित बनाने से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव खाद्य श्रीमती रश्मि अरुण शमी, आयुक्त खाद्य श्री कर्मवीर शर्मा एवं प्रबंध संचालक मप्र राज्य नागरिक आपूर्ति निगम श्री अनुराग वर्मा भी उपस्थित थे।

    भेंट के दौरान मंत्री श्री राजपूत ने प्रदेश में खाद्यान्न उपार्जन, भंडारण, वितरण तथा गुणवत्ता सुधार से संबंधित नीतिगत एवं वित्तीय पहलुओं से केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया और केंद्र सरकार के स्तर पर शीघ्र निर्णय की आवश्यकता वाले प्रमुख प्रस्ताव प्रस्तुत किए।

    मंत्री श्री राजपूत ने प्रदेश में वर्तमान विकेन्द्रीकृत उपार्जन व्यवस्था के स्थान पर केन्द्रीयकृत प्रणाली लागू करने अथवा अनुमानित उपार्जन मात्रा के अनुरूप समर्थन मूल्य की एकमुश्त अग्रिम राशि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया, जिससे किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सके और राज्य पर वित्तीय दबाव कम हो।

    अतिशेष गेहूं के त्वरित उठाव और बकाया भुगतान की मांग
    खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने राज्य में उपार्जित अतिशेष गेहूं का एफसीआई द्वारा शीघ्र उठाव सुनिश्चित करने अथवा गोदामों में भंडारित गेहूं को यथास्थिति अधिग्रहित कर भुगतान प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ करने की आवश्यकता रेखांकित की।

    मंत्री श्री राजपूत ने मध्यप्रदेश के लिए स्वीकृत खाद्यान्न साख सीमा को 20 वर्ष के दीर्घकालीन ऋण में परिवर्तित करने तथा म.प्र. नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा प्रस्तुत लेखों के विरुद्ध लंबित लगभग 7511 करोड़ रुपये की राशि के शीघ्र भुगतान का अनुरोध किया।

    डेटा प्रबंधन और पारदर्शिता पर बल
    खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने वर्ष 2020–21 एवं 2022–23 में वितरित खाद्यान्न से संबंधित डेटा को सेंट्रल रिपोजिटरी में अपलोड करने की लंबित कार्यवाही को प्राथमिकता से पूर्ण कराने का आग्रह किया, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर डेटा की एकरूपता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने नवाचार और तकनीकी उन्नयन का प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए कहा कि ये सभी प्रस्ताव मध्यप्रदेश की खाद्यान्न प्रबंधन प्रणाली को अधिक दक्ष, आधुनिक और पारदर्शी बनाने में मील का पत्थर साबित होंगे, जिससे किसानों, उपभोक्ताओं और शासन तीनों को दीर्घकालीन लाभ मिलेगा।

    केंद्रीय मंत्री श्री प्रहलाद जोशी ने सभी बिंदुओं पर सकारात्मक विचार-विमर्श करते हुए प्रस्तावों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

     

  • तीन कोच को दिए जाएंगे एक-एक लाख रूपए, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की खिलाड़ियों और कोच से भेंट

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शनिवार को ब्लाइंड विमेंस टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 का फाइनल जीतने वाली भारतीय टीम में शामिल मध्यप्रदेश की तीन महिला खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में भेंट की। खिलाड़ियों में सुश्री सुनीता सराठे, सुश्री सुषमा पटेल और सुश्री दुर्गा येवले शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस उपलब्धि के लिए तीनों खिलाड़ियों को प्रोत्साहन स्वरूप 25-25 लाख रूपए प्रदान किए जाएंगे, जिसमें से 10-10 लाख रूपए नगद और 15-15 लाख रूपए फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तीनों खिलाड़ियों और तीनों कोच का ट्राफी और अंगवस्त्रम भेंट कर सम्मान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश का नाम रौशन करने वाली तीनों खिलाड़ियों की आगामी पढ़ाई और कोचिंग आदि की व्यवस्था भी राज्य सरकार द्वारा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला खिलाड़ियों के कोच सर्वश्री सोनु गोलकर, ओमप्रकाश पाल और दीपक पाहड़े को एक-एक लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की।

    उल्लेखनीय है कि भारतीय महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम ने महिला टी-20 वर्ल्ड कप क्रिकेट 2025 के फाइनल मैच में नेपाल को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम में मध्यप्रदेश की उपरोक्त तीन प्रतिभावान खिलाड़ी शामिल थीं। इनमें ऑलराउंडर केटेगरी में खेलने वाली सुश्री सुनीता सराठे नर्मदापुरम, सुश्री सुषमा पटेल दमोह और बेट्समेन तथा विकेटकीपर के रूप में खेलने वाली सुश्री दुर्गा येवले बैतूल से हैं।

     

  • विकास से विश्वास तक: सीएम विष्णु देव साय ने गिनाईं दो साल की उपलब्धियां, स्थिर शासन का दावा

    रायपुर
    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपनी सेवायात्रा के दो वर्ष पूरे होने पर जनता को संबोधित करते हुए कहा कि यह समय केवल शासन का नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण का रहा। उन्होंने बताया कि इन दो वर्षों में सरकार ने हर वर्ग और क्षेत्र के लोगों तक विकास की किरण पहुँचाने का प्रयास किया है। आज जब मैं सेवायात्रा के दो वर्ष पूरे कर रहा हूँ, तो मन अपार भावनाओं से भर गया है। यह दो वर्ष मेरे जीवन के सबसे महत्वपूर्ण वर्ष रहे , क्योंकि यह समय केवल शासन का नहीं, सेवा और समर्पण का था। आपके साथ चलने का, आपकी मुस्कान में अपने दायित्व का प्रतिबिंब देखने का अवसर मिला।

    इन दो वर्षों में हमने छत्तीसगढ़ के हर कोने में विकास का दीप जलाने की कोशिश की है। हमने किसानों की मेहनत को सम्मान देने के लिए सुविधाएँ बढ़ाईं, जिससे उनकी उपज का पूरा मूल्य समय पर मिल सके। युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए नई भर्तियों, प्रशिक्षण और औद्योगिक अवसरों के द्वार खोले गए। आदिवासी अंचलों में शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़कों का ऐसा जाल बिछाया गया जिससे विकास की रोशनी उन इलाकों तक पहुँचे जहाँ पहले उम्मीदें धुंधली थीं। हमारी बहनों के लिए सुरक्षा और सम्मान की दिशा में नए कदम उठाए गए ताकि हर घर में आत्मविश्वास और स्वावलंबन का वातावरण बने।

    इन सभी प्रयासों के बीच सबसे बड़ा परिवर्तन यह हुआ कि शासन अब जनता के द्वार पर है। प्रशासन और लोगों के बीच जो दूरी कभी रही, वह अब सहभागिता में बदल रही है। मुझे गर्व है कि छत्तीसगढ़ आज विश्वास और स्थिरता के एक नए अध्याय की ओर बढ़ रहा है।

    भविष्य के लिए हमारी प्रतिबद्धता और भी सशक्त है। आने वाले वर्षों में हम शिक्षा, रोजगार, कृषि और ग्रामीण विकास पर और तीव्र गति से काम करेंगे। हमारा लक्ष्य है ऐसा छत्तीसगढ़, जो आत्मनिर्भर हो, जहाँ हर युवा को अवसर मिले, किसान को गर्व हो और हर नागरिक को यह विश्वास हो कि उसका शासन उसके साथ खड़ा है।

    प्रिय जनों, यह यात्रा अभी लंबी है और मंज़िल बड़ी। मैं आप सबसे यही अपेक्षा करता हूँ कि इस विकास यात्रा में अपने सुझावों, अपने परिश्रम और अपने विश्वास से हमारा मार्ग रोशन करते रहें। आपकी आस्था ही हमारी शक्ति है, और आपका सहयोग ही छत्तीसगढ़ के सुनहरे भविष्य की गारंटी। विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन

     

     

  • एम.पी. ट्रांसको की अनूठी पहल: कार्मिकों व परिवारजनों को जोड़ते हुए आयोजित हुई पहली साइबर क्विज

    भोपाल
    मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) द्वारा कार्मिकों के साथ उनके परिवारजनों को जोड़ते हुए पहली बार साइबर क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस साइबर क्विज के माध्यम से साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन फ्रॉड, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार आदि विषयों से संबंधित प्रश्न पूछे गए, जिनके जरिए प्रतिभागियों की समझ और सतर्कता को परख कर उन्हें सही उत्तर बताये गए। प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न ट्रांसको कार्यालय के 85 कार्मिकों और उनके पारिवारिक सदस्यों सहित कुल 198 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

    प्रतियोगिता में प्रथम स्थान जबलपुर स्काडा सेंटर के सैयद आज़म अली ने प्राप्त किया। द्वितीय स्थान पर मुख्य वित्त अधिकारी जबलपुर कार्यालय मे पदस्थ योगेश जैन और तृतीय स्थान सिवनी के कार्यपालन अभियंता विकास भरिया को हासिल हुआ। क्विज आयोजित करने में प्रोग्रामर प्रवीण शुक्ला का विशेष योगदान रहा।

    साइबर सुरक्षा को परिवार तक पहुंचाना उद्देश्य
    इस अभिनव पहल के सूत्रधार डाक्टर हिमांशु श्रीवास्तव की महत्वपूर्ण पहल से इस अनूठी साइबर क्विज की शुरुआत संभव हो सकी। इस पहल का उद्देश्य साइबर अवेयरनेस को रोचक एवं सहभागितापूर्ण तरीके से कार्मिकों और उनके परिवारजनों तक पहुँचाना है।

    डाक्टर हिमांशु ने बताया कि इस प्रकार की गतिविधियाँ प्रश्नोत्तर के माध्यम से साइबर सुरक्षा के प्रति सजगता बढ़ाने में प्रभावी सिद्ध होती हैं। एम.पी. ट्रांसको द्वारा भविष्य में भी इस तरह की सहभागितामूलक जागरूकता गतिविधियाँ हर माह आयोजित किए जाने की योजना है।

    प्रबंध संचालक ने विजेताओं दी बधाई
    एमपी ट्रांसको के प्रबंध संचालक ने इस अनोखी क्विज आयोजित करने के लिए संयोजक और प्रतिभागियों का अभिनंदन करते हुए विजेताओं को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि परिवार के सदस्यों को भी साइबर सतर्कता से जोड़ना एक अनुपम पहल है।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में विकासपथ पर तेज गति से आगे बढ़ रहा है मध्यप्रदेश: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    हमारा काम ऐसा हो, जो समाज और देश की तरक्की के काम आए
    बुंदेलखंड यंग अचीवर्स अवॉर्ड 2025 में शामिल हुए, प्रतिभावान युवाओं को किया सम्मानित

    भोपाल
    उपमुख्यमंत्री एवं सागर जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में विकासपथ पर तेज गति से आगे बढ़ रहा है और देश में नंबर वन राज्य बनने की ओर अग्रसर है। उन्होने कहा कि सागर भी किसी क्षेत्र में कम नहीं है। सागर में विकास दिखाई देता है। इस दौरान उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि नशा, नाश का द्वार है। हमें नशे से दूर रहना चाहिए। हमारा काम ऐसा होना चाहिए जो समाज और देश की तरक्की में उपयोगी सिद्ध हो। उन्होंने क्षेत्र के समग्र विकास के लिए कृषि, उद्योग एवं पर्यटन को आवश्यक बताया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल सागर में बुंदेली प्रेस क्लब द्वारा आयोजित बुंदेलखंड यंग अचीवर्स अवॉर्ड 2025 सम्मान समारोह कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

    उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि जब किसी क्षेत्र में औद्योगिक क्रांति, हरित क्रांति और पर्यटन क्रांति एक साथ होती है, तो विकास की गति अभूतपूर्व हो जाती है। इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होते हैं और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा विकास के सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व कार्य किया जा रहा है और मध्यप्रदेश विकास के क्षेत्र में देश में नंबर वन राज्य बन रहा है। उन्होने कहा कि वह समय बीत गया जब मध्यप्रदेश पिछड़ा हुआ राज्य था। आज मध्यप्रदेश को पिछड़ा राज्य कहने की कोई हिम्मत नहीं कर सकता।

    उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि देश को आगे ले जाने के लिए युवाओं को बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कोई भी अवार्ड अथवा सम्मान मिलने के बाद हमें ऐसा महसूस नहीं करना है कि हम ही सबसे अच्छे हैं, अहंकार व्यक्ति को नीचे ले जाता है, सहज और सरल व्यक्ति कितनी भी प्रतिभा, सम्मान प्राप्त कर ले हमेशा अहंकारहीन रहते हुए आगे बढ़ता है।

    उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि बुंदेलखंड प्रेस क्लब प्रतिभाशाली युवाओं को खोज कर सम्मानित करने का कार्य कर रहा है। इस दौरान उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिले के प्रतिभाशाली युवाओं को फ्रेम युक्त प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री एवं विधायक खुरई श्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि बुंदेलखंड प्रेस क्लब ऐसी युवाओं की टीम है जो विकास की सोच रखती है। इसी सोच से क्षेत्र का विकास संभव है। उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं के सम्मान से युवाओं को प्रेरणा मिलती है। जिससे विकासवादी सोच को बढ़ावा मिलता है। विधायक सागर श्री शैलेन्द्र जैन, विधायक नरयावली श्री प्रदीप लारिया, महापौर श्रीमती संगीता तिवारी, नगर निगम अध्यक्ष श्री वृन्दावन अहिरवार, श्री श्याम तिवारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में मीडिया के साथ उपस्थित थे।

     

  • विकास सलाहकार समिति के सुझावों से जिले के सर्वांगीण विकास को मिलेगी गति : मंत्री वर्मा

    पेंच परियोजना की निर्माणाधीन नहरों का कार्य शीघ्रता से किया जाये पूर्ण
    लंबित राजस्व प्रकरणों का करें समय-सीमा में निराकरण
    प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में सिवनी में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक

    भोपाल 
    राजस्व मंत्री एवं सिवनी जिले के प्रभारी मंत्री श्री करण सिंह वर्मा ने कहा है कि प्रदेश सरकार द्वारा प्रत्येक जिले में विकास सलाहकार समिति का गठन किया गया है जिससे विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत अनुभवी एवं प्रबुद्ध नागरिकों के सुझावों का लाभ लेकर जिले के सर्वांगीण विकास को गति दी जा सके।समिति से प्राप्त सुझावों को प्राथमिकता के आधार पर अमल में लाया जाएगा, जिससे जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके। मंत्री श्री वर्मा शनिवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में सदस्यों को संबोधित कर रहे थे।

    बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मालती डेहरिया, विधायक श्री दिनेश राय, विधायक श्री कमल मर्सकोले, कलेक्‍टर श्रीमती शीतला पटले, एसपी श्री सुनील मेहता, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती अंजली शाह सहित विभिन्न अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं जिला विकास सलाहकार समिति के सदस्य उपस्थित थे।

    मंत्री श्री वर्मा ने जल संसाधन विभाग से नहरों के माध्यम से हो रही सिंचाई गतिविधियों की जानकारी लेते हुए किसानों को समय पर एवं पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से पेंच परियोजना अंतर्गत निर्माणाधीन नहरों के कार्यों में तेजी लाने तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    मंत्री श्री वर्मा ने जिले में लंबित राजस्व प्रकरणों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, नक्शा सुधार सहित सभी प्रकरणों का तय समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान पर विशेष ध्यान देने को कहा।

    मंत्री श्री वर्मा ने जिले में उद्योग स्थापना, कृषि विकास, सिंचाई विस्तार, रोजगार सृजन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अधोसंरचना विकास सहित अन्य विकास संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।इन विषयों पर जिला विकास सलाहकार समिति के सदस्यों से महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त कर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देश दिए।साथ ही पिछले दो वर्षों में जिले में सड़कों, पुल-पुलियों, विद्यालयों, छात्रावासों, मेडिकल कॉलेज, पेयजल, विद्युत तथा रोजगार सृजन से जुड़ी विभिन्न विभागीय उपलब्धियों की विभागवार समीक्षा की।मंत्री श्री वर्मा ने योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में सराहनीय कार्य करने वाले विभागों की प्रशंसा भी की।

     

  • विकास के हर क्षेत्र में मध्यप्रदेश सरकार कर रही है कार्य: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    बीएमसी में न्यूरोसर्जरी विभाग को मंजूरी
    सरकार के 2 वर्ष पूर्ण होने पर प्रेसवार्ता को किया संबोधित

    भोपाल
    सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर मध्यप्रदेश सरकार की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए उप मुख्यमंत्री एवं सागर जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार विकास के प्रत्येक क्षेत्र में कार्य कर रही है। सरकार द्वारा किसी भी क्षेत्र में कोई कमी नहीं छोड़ी गई है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश को सिकल सेल एनीमिया एवं टीबी मुक्त करने के लिए कार्य किए जा रहे हैं। निरोगी काया अभियान, एयर एम्बुलेंस, प्रत्येक जिला अस्पताल में शव वाहन की सुविधा, मातृ मृत्युदर एवं शिशु मृत्युदर में कमी, प्रत्येक घर तक नल से जल की प्राप्ति, सांदीपनि विद्यालय, पीएमश्री कॉलेज जैसी अनेक उपलब्धियां प्राप्त हुई हैं। सरकार द्वारा मध्यप्रदेश में निवेश प्राप्त करने के लिए रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव एवं ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया गया है, जिससे प्राप्त निवेश प्रस्तावों से प्रदेश में औद्योगिक विकास एवं अधोसंरचना का विकास हो रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल आज सागर कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।

    उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि विगत दो वर्षों में प्रदेश सरकार ने विकास कार्यों को गति प्रदान की है। केन-बेतवा लिंक परियोजना का कार्य मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से शुरु किया गया है। एक लाख करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली केन-बेतबा लिंक परियोजना के पूर्ण हो जाने से बुन्देलखंड के खेतों को सिंचाई हेतु जल एवं लोगों को पेयजल की उपलब्धता में अभूतपूर्व वृद्धि होगी।

    उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार कृषि, उद्योग, व्यापार, वाणिज्य, शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। विगत दिनों खजुराहो में आयोजित कैबिनेट बैठक में अनेक हितकारी निर्णय लिए गए। सागर के मसवासी ग्रंट क्षेत्र में 1500 एकड़ क्षेत्र में एक बड़ा औद्योगिक क्षेत्र का निर्माण, सागर को विकास की दिशा में आंगे ले जाएगा। इस औद्योगिक क्षेत्र के लिए लगभग 25000 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होने कहा कि इस औद्योगिक क्षेत्र के लिए लगभग 540 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इसके पूर्ण हो जाने से क्षेत्र के लगभग 29000 लोगों को रोजगार मिलेगा और क्षेत्र के आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

    उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि दमोह, पन्ना, छतरपुर, कटनी में मेडिकल कॉलेज की स्थापना बुन्देलखंड को स्वास्थ्य के क्षेत्र में मिली एक अभूतपूर्व सौगात है। जिला अस्पताल एवं बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज को और आधुनिक सुविधाओं से युक्त किया जाएगा। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर में न्यूरोसर्जरी विभाग को मंजूरी से बीएमसी में सुपर स्पेशियलिटी फैकल्टी की उपलब्धता होगी जिससे सागर को और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि बीएमसी में कैंसर अस्पताल के लिए 70 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए है। साथ ही कैंसर उपचार के लिए 50 करोड़ रुपए की मशीन भी लाई जा रही है।

    उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि पहले मध्यप्रदेश में अंग प्रत्यारोपण के लिए मरीजों को दूसरे प्रदेशों में जाना पड़ता था लेकिन वर्तमान में मध्यप्रदेश सरकार के द्वारा अंगदान को प्रोत्साहित करने के लिए सीएम केयर योजना चलाई गई है। अब मध्यप्रदेश में अंग प्रत्यारोपण के लिए अंग की उपलब्धता से मरीजों को त्वरित और समय पर अंग प्राप्त हो रहे हैं। मध्यप्रदेश में अंगदाता को गॉड ऑफ ऑनर प्रदान कर सम्मानित किया जा रहा है, साथ ही अंगदान करने वाले अंगदाता के परिजनों को सम्मानित किया जाएगा।

    उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि सागर के आसपास 20 किलोमीटर क्षेत्र में बाईपास रोड बनाने के लिए भू-अर्जन समेत अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं शुरु हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि 2026 तक भोपाल-सागर फोर लाइन सड़क मार्ग का 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो जाएगा एवं वर्ष 2027 तक शत प्रतिशत कार्य पूर्ण होकर सागर-भोपाल के मध्य फोरलेन सड़क मार्ग की सुविधा मिलेगी। इसी प्रकार सागर-दमोह के मध्य भी सीधी कनेक्टिविटी के लिए फोरलाइन सड़क के लिए लगभग 2069 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है।

    उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार अनुकंपा नियुक्ति देने के लिए संवेदनशील है, अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों में सरकार द्वारा पदस्थापना अथवा उचित सहायता राशि प्रदान कर प्रकरणों का निराकरण करते हुए इस दिशा में बेहतर कार्य किया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने कलेक्टर श्री संदीप जी आर द्वारा अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए शुरु की गई श्रद्धांजलि योजना की सराहना की। उन्होंने जिले में अवैध शराब, नशा पर प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। विधायक सागर श्री शैलेन्द्र जैन, विधायक नरयावली श्री प्रदीप लारिया, महापौर श्रीमती संगीता तिवारी, नगर निगम अध्यक्ष श्री वृन्दावन अहिरवार सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

     

  • लाड़ली बहना योजना से हो रहा महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण: मंत्री वर्मा

    साइबर तहसील से राजस्व सेवाएं हुईं सरल और पारदर्शी
    सिवनी में 300 करोड़ की लागत का मेडिकल कॉलेज बड़ी उपलब्धि
    राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर सिवनी में हुई प्रेसवार्ता

    भोपाल 
    राजस्व मंत्री एवं सिवनी जिले के प्रभारी मंत्री श्री करण सिंह वर्मा ने कहा है कि प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम पंक्ति पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। इस दिशा में शासन-प्रशासन पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सरकार ने अनेक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया है। मंत्री श्री वर्मा राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सिवनी जिले में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे।

    मंत्री श्री वर्मा ने पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार की विभिन्न क्षेत्रों में प्राप्त उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी मीडिया प्रतिनिधियों को दी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मालती डहेरिया, विधायक श्री दिनेश राय, विधायक श्री कमल मर्सकोले सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

    मंत्री श्री वर्मा ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना से प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। इसी क्रम में किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने साइबर तहसील व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि इससे राजस्व संबंधी सेवाएं अब ऑनलाइन, सरल एवं पूर्णतः पारदर्शी हो गई हैं, जिससे आम जनता को समय एवं संसाधनों की बचत हो रही है।

    मंत्री श्री वर्मा ने सिवनी जिले की प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि लगभग 300 करोड़ रुपये की लागत से जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना एक ऐतिहासिक कदम है। इससे न केवल स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हुआ है, बल्कि चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं।

    मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि अतिरिक्त जिले में 8 संदीपनी विद्यालय संचालित हो रहे हैं, जिनके माध्यम से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है। पेंशन वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया गया है तथा रोजगार सृजन, उद्योग स्थापना, नवीन औद्योगिक क्षेत्रों का विकास, पुल-पुलिया एवं सड़क निर्माण जैसे विभिन्न विकासात्मक कार्यों को गति प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से जिले का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होगा।

     

  • दिल्ली में मध्यप्रदेश के उद्यानिकी उत्पादों की धूम, ODOP और GI उत्पादों ने बनाई राष्ट्रीय पहचान

    भोपाल
    मध्यप्रदेश के उद्यानिकी उत्पादों ने राष्ट्रीय पहचान बना ली है। नई दिल्ली स्थित मध्यप्रदेश भवन में 12 से 14 दिसंबर तक आयोजित “मध्यप्रदेश उत्सव–2025” के अंतर्गत उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, मध्य प्रदेश द्वारा लगाई गई राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी के दूसरे दिन भी बड़ी संख्या में आगंतुक पहुंचे। प्रदर्शनी में प्रदेश के ODOP, GI एवं विशिष्ट उद्यानिकी उत्पादों को प्रदर्शित किया जा रहा है।

    अपर संचालक उद्यानिकी, भोपाल डॉ. के.एस. किराड़ ने कहा कि मध्य प्रदेश उद्यानिकी उत्पादों की विविधता और गुणवत्ता के लिए देशभर में अपनी पहचान बना रहा है। ODOP एवं GI उत्पादों की यह प्रदर्शनी किसानों और उद्यमियों को विपणन, ब्रांडिंग और राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रही है।

    प्रदर्शनी में प्रदेश के विभिन्न जिलों के उत्कृष्ट उत्पाद—जैसे आगर मालवा का संतरा, नरसिंहपुर का गुड़, धार की ब्लूबेरी, रियावन लहसुन, इंदौर का मालवी गराडू, खरगोन की लाल मिर्च तथा सिवनी का सीताफल—आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

    उप संचालक उद्यानिकी, जिला गुना श्री के.पी.एस. किरार ने बताया कि प्रदर्शनी में गुना जिले के पॉलीहाउस गुलाब, कुंभराज धनिया (GI उत्पाद) एवं थाई पिंक अमरूद को विशेष सराहना मिल रही है। उन्होंने कहा कि इससे जिले के किसानों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान के साथ बेहतर बाजार अवसर प्राप्त होंगे।

    प्रदर्शनी के दौरान मध्यप्रदेश भवन की आयुक्त महोदया सहित विभिन्न लोकसभा क्षेत्रों के सांसदों द्वारा भी स्टालों का अवलोकन कर प्रदेश के उद्यानिकी उत्पादों की गुणवत्ता एवं प्रस्तुति की प्रशंसा की गई। यह प्रदर्शनी मध्य प्रदेश के उद्यानिकी क्षेत्र को राष्ट्रीय मंच पर सशक्त रूप से प्रस्तुत कर रही है।

     

  • मुख्यमंत्री ने की ग्राम तूमड़ा में शाला भवन के लिए 5 करोड़ रुपए और ग्राम फंदा में कॉलेज भवन निर्माण की घोषणा

    पीएम ई-बस सेवा योजनांतर्गत अत्याधुनिक ई-बस डिपो का हुआ भूमिपूजन
    बड़े तालाब का किया जाएगा गहरीकरण
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव का क्षेत्र की बालिकाओं ने माना आभार
    ग्राम फंदा का नाम हरिहर नगर करने भेजा जाएगा प्रस्ताव
    मुख्यमंत्री ने शादियों में दिखावे एवं मृत्युभोज जैसे कार्यक्रमों में फिजूलखर्ची बंद करने का किया आहवान

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज का दिन अद्भुत संयोग का साक्षी बन रहा है। राज्य सरकार के विकास और सेवा को समर्पित दो वर्ष पूर्ण हो रहे हैं और भोपाल की धरती पर भी इतिहास लिखा जा रहा है। हमारा भोपाल विरासत और विकास की दिशा में एक ओर कदम आगे बढ़ा रहा है। एक तरफ भोपाल में भव्य विक्रमादित्य द्वार का भूमिपूजन कर हम प्रदेश की विरासत संजोने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं शहर को स्वच्छ, सुलभ और प्रदूषण रहित परिवहन सेवा देने के लिए पीएम ई-बस सेवा योजनांतर्गत अत्याधुनिक ई-बस डिपो का भूमिपूजन सम्पन्न हो रहा है। राज्य सरकर के इन प्रयासों से भोपाल क्षेत्र विरासत और विकास के श्रेष्ठ उदाहरण के रूप में विकसित होगा। मध्यप्रदेश के गौरवशाली अतीत और समृद्ध संस्कृति को अभिव्यक्त करते राजधानी भोपाल में 9 स्वागत द्वार बनाए जा रहे हैं। भोपाल में परमार वंश के कुलदीपक राजा भोज, सम्राट विक्रमादित्य, श्रीराम, श्रीकृष्ण के नाम पर भी भव्य स्वागत द्वार बनेंगे। प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक शहरी विकास से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के विकास और सेवा के सफलतम 2 वर्ष पूर्ण होने पर शनिवार को भोपाल-सीहोर मार्ग पर हुजूर विधानसभा क्षेत्र के फंदा स्थित महाराणा प्रताप शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर सर्वप्रथम महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और सम्राट विक्रमादित्य स्वागत द्वार एवं भोपाल में पीएम ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत अत्याधुनिक ई-बस डिपो का भूमि-पूजन किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का लाड़ली बहनों एवं विभिन्न योजना के हितग्राहियों ने आत्मीय स्वागत किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत मिट्टी निकालकर बड़े तालाब को गहरा किया जाएगा, इससे खेतों में पानी भरने की समस्या का समाधान होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षेत्रीय मांग पर ग्राम फंदा का नाम बदलकर हरिहर नगर करने संबंधी प्रस्ताव पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हुजूर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम तूमड़ा में शाला भवन के लिए 5 करोड़ रुपए देने और ग्राम फंदा में कॉलेज भवन निर्माण की भी घोषणा की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने का कि भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण से देश की पहचान है। उनसे हम जीवन में रिश्तों की महत्ता को समझ सकते हैं। मध्यप्रदेश के साथ कई इतिहास जुड़े हैं। वीर विक्रमादित्य दुनिया की किसी ताकत के आगे नहीं झुके। उनकी वीरता, गंभीरता, दानशीलता, न्यायप्रियता सर्वविदित है। उनके जीवन में जनता ही भगवान थी। उनकी प्रभावशीलता के परिणामस्वरूप ही अनेक राजाओं ने विक्रमादित्य उपाधि ग्रहण की। सम्राट विक्रमादित्य द्वारा स्थापित सुशासन, न्यास और सुरक्षा की व्यवस्था आज भी श्रेष्ठ शासन व्यवस्था के लिए अनुकरणीय है। राज्य शासन इन श्रेष्ठ सिद्धांतों का अनुसरण करते हुए विकास, सेवा और जनकल्याण के मार्ग पर अग्रसर हैं। सम्राट विक्रमादित्य के कार्यकाल में अयोध्या में सरयु नदी के किनारे भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बना था, जिसे बाबर ने ध्वस्त किया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भगवान श्रीराम की जन्म स्थली पर भव्य मंदिर निर्माण कराया है। इसके लिए 550 वर्ष तक कारसेवकों ने संघर्ष किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की समृद्ध धार्मिक, सांस्कृतिक धरोहर का उल्लेख करते हुए कहा कि राजा भोज के शासनकाल में निर्मित भोपाल का बड़ा तालाब आज भी आदर्श तकनीक का उदाहरण बना हुआ है। भगवान श्रीराम ने अपने 14 साल के वनवास के 11 साल चित्रकूट की पावन धरा पर निकाले। तुलसीदास जी ने यहीं पर रामचरित मानस की रचना की। भगवान श्रीकृष्ण ने उज्जैन में शिक्षा ग्रहण करने के बाद महाभारत के युद्ध में गीता के संदेश के माध्यम से अपने आचार्य से मिला ज्ञान समाज को लौटा दिया। भगवान श्रीकृष्ण ने सुदामा से मित्रता के माध्यम से दुनिया को दोस्ती का मतलब समझाया है। राज्य सरकार श्रीराम और श्रीकृष्ण से जुड़े सभी धर्मस्थलों को सर्व सुविधायुक्त बना रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार बहनों के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। माता-बहनें गंगा की तरह पवित्र हैं। राज्य सरकार ने धर्म-समाज से ऊपर उठकर सभी को लाड़ली बहन माना है। बहनों को हर माह उनके खाते में राशि भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए नदी जोड़ो अभियान चला रही है। प्रदेश में संस्कारों के साथ बेहतर शिक्षा के लिए सांदीपनि विद्यालय और गुरुकुल की स्थापना की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से विवाह में दिखावा एवं मृत्युभोज जैसे कार्यक्रमों पर फिजूलखर्ची बंद करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि धन की बचत करके अपने बच्चों को पढ़ाना अधिक महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाल ही में सामूहिक विवाह समारोह में हुए उनके सुपुत्र के विवाह का उल्लेख करते हुए सामाजिक समरसता के लिए सभी से प्रयास करने का आव्हान किया।

    सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम और भोपाल जिले के प्रभारी मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश की विरासत को संजोते हुए विकास के नए प्रतिमान स्थापित करने के लिए सदैव तत्पर हैं। आज प्रदेश में विकास और सेवा के दो वर्ष पूर्ण हुए हैं। सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन के आधार पर हमारी सरकार का तीसरा वर्ष शुरू हो रहा है। प्रदेश में पहली बार किसानों को 15 दिन में फसलों के मुआवजे की राशि दी गई। किसानों को फसल का उचित दाम दिलवाने के लिए भावांतर योजना की शुरुआत की गई है। हर माह लाड़ली बहनों को 1500 रुपए की राशि भेजी जा रही है। धीरे-धीरे यह राशि बढ़ेगी, इसमें कोई संदेह नहीं है। अभ्युदय मध्यप्रदेश में विकास की धारा बह रही है। सिंहस्थ के भव्य आयोजन की तैयारियां चल रही है। प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति मिली है। दुनिया के कई बड़े निवेशक मध्यप्रदेश आना चाहते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव देश-दुनिया में मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ा रहे हैं।

    विधायक श्री रामेश्वर शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में लोकतंत्र को सशक्त करने और महिला सशक्तिकरण की दिशा में अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में उज्जैन में वर्ष 2028 में सिंहस्थ का भव्य आयोजन होने वाला है, जिसमें दुनियाभर से आने वाले 25 से 30 करोड़ सनातनी पवित्र क्षिप्रा नदी में डुबकी लगाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राजधानी में विकास कार्यों को गति मिली है। राज्य में किसान हितैषी सरकार है, जो किसान कल्याण के लिए हर मौके पर खड़ी रहती है। भोपाल और सीहोर के गांवों के बीच सड़क संपर्क बढ़ाया जाएगा। विधायक श्री शर्मा ने क्षेत्रीय भावनाओं के अनुरूप ग्राम फंदा का नाम बदलकर हरिहर नगर करने की मांग रखी।

    महापौर श्रीमती मालती राय ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार के सफलतम दो वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में विकास और सेवा के संकल्प को निरंतर गति मिल रही है। विगत दो वर्षों में भोपाल के विकास के लिए कई बड़े कार्य हुए हैं। भोपाल में जीआईएस के आयोजन के माध्यम से राजधानी का चहुँमुखी विकास और सौंदर्यीकरण हुआ है। साथ ही ओंकारेश्वर, चित्रकूट सहित प्रदेश के ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों को 'लोक' के रूप में विकसित किया जा रहा है। कुछ दिन पहले ही भोपाल को कश्मीर की तर्ज पर शिकारा नाव सेवा की सौगात मिली है। अब भोपाल में भव्य विक्रमादित्य स्वागत द्वार के निमार्ण के लिए भूमि-पूजन हुआ है। भोपाल को केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से 100 इलेक्ट्रिक बसें मिली हैं। इनके सुगम संचालन के लिए 16 करोड़ की लागत से चार्जिंग स्टेशन भी बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर बीआरटीएस को हटाकर आवागमन को सुगम किया गया है। राजधानी में अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत विकास कार्य किए जा रहे हैं।

    कार्यक्रम में विधायक श्री भगवानदास सबनानी, नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी, आयुक्त नगर निगम श्रीमती संस्कृति जैन, पदाधिकारी श्री आशीष ऊषा अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय जन उपस्थित थे।