• नशा तस्करी पर बड़ी कार्रवाई: 1.53 करोड़ का सामान जब्त, तीन आरोपी सलाखों के पीछे

    दुर्ग

    नशे के विरूद्ध दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय गांजा तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों से 3 क्विंटल 88 किग्रा गांजा जिसकी कीमत लगभग 60 लाख रुपए और नगदी रकम 95 हजार, कंटेनर में भरा अन्य सामान कंटेनर सहित कुल 1 करोड़ 53 लाख रुपए का सामान जब्त किया गया है. पूरा मामला कुम्हारी थाना क्षेत्र का है.

    दुर्ग जिले में नशे के विरूद्ध लगातार कार्रवाई करने एसपी विजय अग्रवाल के निर्देश पर नशे के कारोबार करने वालों के संबंध में नशे के कारोबारियों के विरूद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में 7 सितंबर को मुखबीर से सूचना प्राप्त हुई कि कंटेनर वाहन क्रमांक NL01-AH-9524 में अवैध रूप से गांजा भरकर नेशनल हाईवे से रायपुर से दुर्ग की ओर आ रहा है.

    सूचना पर पुलिस की टीम ने टोल प्लाजा कुम्हारी में नाकेबंदी की. मुखबीर के बताए अनुसार रायपुर से दुर्ग की ओर कंटेनर गाड़ी NL01-AH-9524 आते दिखा, वाहन को रोककर पूछताछ पर वाहन चालक ने अपना नाम उमेश यादव पिता शोभित यादव उम्र 46 साल निवासी जय नगर जिला मधुबनी बिहार का बताया. आगे पूछताछ में बताया कि वह कंटेनर में आमतल्ला कोलकाता पश्चिम बंगाल से सामान लेकर गुजरात के लिए निकला था. रास्ते में ग्राम बारकोड़, देवघर, उड़िसा में परिचित का राहुल मिला, जिसने 13 बोरी गांजा को नागपुर में शाहिद के पास छोड़ने को बोला और प्रत्येक बोरी का 5000 रुपए देने की बात हुई तब उक्त गांजा को कंटेनर लॉक होने से कंटेनर का नट निकालकर गेट खोलकर गांजा भरकर नागपुर लेकर जाना स्वीकार किया। इसके पूर्व भी एक खेप गांजा शाहीद के पास नागपुर छोड़ना बताया.

    मामले में आवश्यक कार्रवाई के लिए कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में उनके आदेशानुसार कंटेनर का नट निकालकर गेट खोला गया. कंटेनर की तलाशी करने पर कंटेनर के पीछे हिस्से में 13 नग प्लास्टिक बोरी रखा हुआ मिलने पर कंटेनर से नीचे उतारकर बोरियां खोलकर देखा गया, जिसके अंदर पॉलिथिन में गांजा भरा हुआ था. 13 बोरियों में 388 पैकेट एक-एक किलोग्राम के कुल वजनी 3 क्विंटल 88 किग्रा गांजा जिसकी कीमत लगभग 60 लाख रुपए और नगदी रकम 95 हजार, कंटेनर में भरा अन्य सामान कंटेनर सहित कुल कीमत 1 करोड़ 53 लाख रुपए का माशरूका जब्त किया गया.

    आरोपी की निशानदेही पर थाना कुम्हारी एवं एसीसीयू की संयुक्त टीम नागपुर जाकर ट्रेप लगाकर मादक पदार्थ गांजा खरीदी करने पहुंचे अन्य आरोपी मुस्ताक अहमद एवं फयाज अंसारी को गिरफ्तार किया. मामले की अग्रिम कार्रवाई अपराध दर्ज कर थाना कुम्हारी से की जा रही है.

  • सर्किट हाउस मारपीट केस में सियासी बवाल, कांग्रेस-BJP आमने-सामने, महिला पुलिसकर्मी हुई घायल

    जगदलपुर

    बीते शनिवार देर शाम जगदलपुर सर्किट हाउस में हुए बवाल का मामला अब सियासी तूल पकड़ चुका है. वन मंत्री केदार कश्यप पर कर्मचारियों से गाली-गलौज और मारपीट के आरोप लगे थे, जिसके बाद मामला थाने तक पहुंचा. इस घटना के विरोध में आज कांग्रेसियों ने भानपुरी स्थित वन मंत्री केदार कश्यप के निजी कार्यालय का घेराव किया. प्रदर्शन के दौरान एक महिला पुलिसकर्मी घायल हो गई. वहीं भाजपा ने कांग्रेसियों पर मंत्री कार्यालय में तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया है.

    प्रदेश प्रवक्ता भाजपा अमित चिमनानी ने ट्वीटर पर कांग्रेस का वीडियो पोस्ट कर कहा है कि कांग्रेसियों की करतूत देखें. कार्यालय में पत्थर, महिला पुलिस जवान पर पत्थर, ये एक राजनीतिक दल के लोग हैं या पत्थरबाज? एक बेटी जो अपनी ड्यूटी कर रही थी उसे मारकर कांग्रेसियों ने घायल कर दिया है. दर्द इतना हुआ कि हमारी शेरनी बहन की आंखों में आसू आ गए, इसकी माफी नहीं मिलेगी.

    बता दें कि वन एवं परिवहन मंत्री भाजपा के वरिष्ठ नेता केदार कश्यप पर सर्किट हाउस के कर्मचारी ने मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है. मामला तब सामने आया, जब मंत्री दौरे से लौटकर सर्किट हाउस पहुंचे और कर्मचारियों पर दरवाजा देर से खोलने को लेकर नाराज हो गए. यह मामला अब सियासी तूल पकड़ लिया है. इस मामले में मंत्री केदार कश्यप ने कहा था कि दौरे से लौटने के बाद उन्होंने सिर्फ कर्मचारियों को डांटा था, मारपीट का आरोप पूरी तरह गलत है.

    नारेबाजी करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ता मंत्री के जगदलपुर स्थित वृंदावन निवास में घुसने की कोशिश भी कर रहे थे, लेकिन बैरिकेडिंग के कारण पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई. कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य ने आरोप लगाया कि यह पहली बार नहीं है जब मंत्री केदार कश्यप पर कर्मचारियों से बदसलूकी और मारपीट के आरोप लगे हों। उन्होंने याद दिलाया कि पहले कोंडागांव में भी इसी तरह की शिकायतें सामने आ चुकी हैं.

    मौर्य ने कहा कि केदार कश्यप सत्ता के नशे में चूर होकर दो कानून लागू करना चाहते हैं जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने सरकार से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है. इसके अलावा कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मंत्री ने सर्किट हाउस कर्मचारी और उसकी पत्नी पर दबाव बनाया कि वे केस वापस लें. कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि कर्मचारी की नौकरी पर आंच आती है तो पार्टी उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी.

    रायपुर में मंत्री बंगले का घेराव करने निकले कांग्रेसियों को पुलिस ने रोका

    सर्किट हाउस में कर्मचारी से मारपीट मामले में रायपुर में भी मंत्री केदार कश्यप के बंगले का घेराव करने कांग्रेसी कार्यकर्ता निकले थे, जिसे पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक दिया. इस प्रदर्शन में पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, पूर्व महापौर प्रमोद दुबे समेत बड़ी संख्या में कांग्रेसी शामिल थे. पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि भाजपा सरकार पूरी तरह अनियंत्रित हो चुकी है. गरीब, आदिवासी परिवार को प्रताड़ित करने का काम सरकार के मंत्री और उनसे जुड़े लोग कर रहे हैं. भाजपा के मंत्री नेता सत्ता के नशे में चूर हैं. वरिष्ठ मंत्री खाना बनाने वाले को लात घुसे से मार रहे हैं. उसकी सम्मान की न्याय की लड़ाई कांग्रेस पार्टी लड़ रही है.

    भाजपा ने छत्तीसगढ़ को बनाया अपराध का गढ़ : विकास उपाध्याय

    विकास उपाध्याय ने कहा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को जानकारी देकर आज मंत्री के बंगले का घेराव करने निकले थे. पुलिस अपराधियों को तो रोक नहीं पाती है, लेकिन हमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बैरिकेड लगाकर रोका गया. उन्होंने कहा, इस प्रदेश को भाजपा ने अपराध का गढ़ बना दिया है. हम आज सड़क की लड़ाई लड़ रहे हैं. पीड़ित की एफआईआर नहीं लिखी जा रही है. भविष्य में उसके साथ कुछ घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी भाजपा और पूरी सरकार की होगी.

  • गौशालाओं के प्रबंधन में धार्मिक संस्थाओं और दानदाताओं को जोड़े: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    गौ-शालाऔं को स्वावलंबी बनाना जरूरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रदेश में देसी नस्ल के गौपालन को किया जाए प्रोत्साहित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    गौशालाओं के प्रबंधन में धार्मिक संस्थाओं और दानदाताओं को जोड़े: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई मध्यप्रदेश गौसंवर्धन बोर्ड की बैठक

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आत्मनिर्भर गौशाला, प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। गौ-शालाएं गोबर, गौमूत्र आदि अपशिष्ट से धन अर्जित कर संपन्न बन सकती हैं। स्वावलंबी गौशालाएं विकसित करने के लिए दुग्ध उत्पादों सहित गौमूत्र-गोबर आदि से निर्मित सामग्री के विक्रय की व्यवस्था विकसित की जाए। साथ ही गौशालाओं में उपलब्ध स्थान का उपयोग सौर ऊर्जा से विद्युत उत्पादन के लिए भी किया जाए। प्रदेश के विभिन्न अंचलों में स्थानीय परिवेश के अनुरूप देसी नस्ल के गौपालन को प्रोत्साहित किया जाए। गौशालाओं के प्रबंधन में धार्मिक संस्थाओं और दानदाताओं को जोड़े। प्रदेश में उपलब्ध पशुधन के अनुपात में पशु चिकित्सकों की संख्या कम है। गौवंश के बेहतर प्रबंधन और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए पशु चिकित्सकों की संख्या में बढ़ोतरी आवश्यक है। इस दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश मध्यप्रदेश गौसंवर्धन बोर्ड की मंत्रालय में सोमवार को हुई बैठक में दिए। पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशा अनुसार प्रदेश में देसी नस्ल के गौपालन को प्रोत्साहित करने के लिए गिर, साहीवाल, मालवी और नागौरी नस्ल के पशुधन को प्रोत्साहित किया जाए। प्रदेश के जनजातीय अंचलों में भी गौपालन गतिविधियों को बढ़ाने के लिए आवश्यक नवाचार किए जाएं। प्रदेश में पशुपालन-कृषि-उद्यानिकी तथा नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में समन्वित रूप से कार्य करने से किसानों की आय में भी वृद्धि होगी और दुग्ध उत्पादन की दिशा में भी प्रदेश, देश के शीर्षस्थ राज्यों में शामिल हो सकेगा।

    बैठक में जानकारी दी गई कि गौसंवर्धन बोर्ड द्वारा गौशाला समितियों के बैंक खातों में राज्य स्तर से सीधे राशि अंतरित की जा रही है। बोर्ड द्वारा 937 नवीन गौशालाओं की स्थापना उपरांत पंजीयन किया गया है, जिसमें एक लाख 10 हजार गौवंश को आश्रय प्राप्त है। वर्ष 2024-25 में विदिशा, देवास, आगर-मालवा, ग्वालियर, दमोह, सतना तथा रीवा में बायोगैस सह जैविक खाद निर्माण संयंत्र स्थापित किए गए। नगर निगम ग्वालियर, इंदौर तथा उज्जैन ने वृहद गौशालाओं का संचालन आरंभ किया गया है। भोपाल और जबलपुर में गौशालाओं की स्थापना का कार्य जारी है। बैठक में स्वावलंबी गौशालाओं की स्थापना की नीति की प्रगति पर भी समीक्षा हुई।

     

  • प्रदेश में सौर ऊर्जा क्रांति, उपभोक्ता भी जुड़ रहे हैं ऊर्जा दान में : मुख्यमंत्री साय

     

     

    रायपुर,

    प्रदेश में सौर ऊर्जा के उपभोक्ता अब केवल ऊर्जा उत्पादक ही नहीं, बल्कि ऊर्जा दाता भी बन रहे हैं. पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना जैसी महत्वाकांक्षी पहल के माध्यम से प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्य की प्राप्ति के संकल्प को तीव्र गति से पूर्ण करने की ओर अग्रसर है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित सौर ऊर्जा जागरूकता और प्रोत्साहन अभियान को संबोधित करते हुए यह बात कही.

    मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर सौर ऊर्जा के फायदों, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना और इसके अंतर्गत मिलने वाली सब्सिडी के विषय में लोगों को जानकारी देने और जागरूक करने के उद्देश्य से सूर्य रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. साथ ही मुख्यमंत्री ने 618 उपभोक्ताओं के खातों में प्रत्येक को 30 हजार रुपये की दर से कुल 1.85 करोड़ रुपये की राज्यांश सब्सिडी का ऑनलाइन अंतरण किया.

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और लगातार बढ़ता प्रदूषण हम सभी के लिए गंभीर चिंता का विषय है. उन्होंने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2070 तक नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है और छत्तीसगढ़ इस लक्ष्य की प्राप्ति में पूरे समर्पण और क्षमता के साथ अपनी भूमिका निभा रहा है.

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देते हुए हॉफ बिजली बिल से आगे बढ़ते हुए मुफ्त बिजली की ओर ले जाने का कार्य किया जा रहा है. उन्होंने इसे हर्ष का विषय बताते हुए कहा कि प्रदेशवासी इस योजना के महत्व को समझते हुए स्वच्छ ऊर्जा अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. मुख्यमंत्री ने आमजन से आग्रह किया कि वे अपने आसपास के लोगों को भी इस योजना से जोड़ें और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में प्रदेश को अग्रसर बनाने में योगदान दें.

    मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उपभोक्ताओं को सब्सिडी उपलब्ध करा रही हैं. साथ ही बैंकिंग व्यवस्था के माध्यम से आसान वित्तीय सुविधा भी दी जा रही है. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उपभोक्ताओं को पूर्ण रूप से मुफ्त बिजली का लाभ मिलेगा. मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत आज लाभार्थियों को लेटर ऑफ अवार्ड प्रदान किए गए हैं. इन योजनाओं से उपभोक्ता स्वयं सौर ऊर्जा का उत्पादन कर बिजली का विक्रय कर रहे हैं और साथ ही सस्ती बिजली का लाभ भी प्राप्त कर रहे हैं.

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीने सौभाग्य योजना के माध्यम से हर घर बिजली पहुँचाने का संकल्प लिया था. उस समय देश के 18 हजार गाँव अंधेरे में थे और आज उन सभी गाँवों तक बिजली पहुँच चुकी है. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अब देश स्वच्छ और हरित ऊर्जा की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है.

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ में बिजली उत्पादन क्षमता केवल 1,400 मेगावाट थी, जबकि आज प्रदेश 30,000 मेगावाट का उत्पादन कर रहा है और पड़ोसी राज्यों को भी बिजली उपलब्ध करा रहा है. उन्होंने बताया कि नई उद्योग नीति के अंतर्गत ऊर्जा क्षेत्र में 3.50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू संपादित हुए हैं और आने वाले समय में प्रदेश की ऊर्जा उत्पादन क्षमता और भी बढ़ जाएगी.

    मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा. उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाएँ और स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्य की प्राप्ति में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएँ.

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के समक्ष राजनांदगांव से आए कक्षा 12वीं के छात्र प्रथम सोनी ने सौर ऊर्जा की विशेषताओं और शासन द्वारा इसे बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर अपने विचार रखे. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘इम्पैक्ट ऑफ डिस्ट्रीब्यूटेड रिन्यूएबल एनर्जी ऑन ग्रिड स्टेबिलिटी’ और ‘एग्रीवोल्टाइक्स परफार्मर हैण्डबुक’ का भी विमोचन किया.

    इस अवसर पर पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन में विशेष भूमिका निभाने वाले उत्कृष्ट वेंडरों को भी सम्मानित किया गया.

    कार्यक्रम में विधायक मोतीलाल साहू, विधायक पुरंदर मिश्रा, क्रेडा के चेयरमैन भूपेंद्र सवन्नी, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, क्रेडा के सीईओ राजेश राणा, भारतीय सौर ऊर्जा महासंघ के अध्यक्ष सुमन कुमार, तीनों पॉवर कंपनी के प्रबंध निदेशक सहित बड़ी संख्या में सौर ऊर्जा के उपभोक्ता उपस्थित थे.

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय पुरुष हॉकी टीम को एशिया कप जीतने पर दी बधाई

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 8 वर्ष बाद पुन: एशिया कप-2025 जीतने पर भारतीय पुरुष हॉकी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय टीम की यह ऐतिहासिक विजय सभी खिलाड़ियों की दृढ़ इच्छा शक्ति, अद्वितीय खेल कौशल एवं टीम भावना का प्रमाण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हॉकी नर्सरी के रूप में प्रतिष्ठित भोपाल सहित पूरे मध्यप्रदेश ने हॉकी के अनेक दिग्गज खिलाड़ी भारत को दिए हैं। भारतीय टीम की इस अद्वितीय विजय पर सभी गौरवान्वित है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मंगलकामनाएं कीं।

    उल्लेखनीय है कि बिहार के राजगीर में रविवार को खेले गए फाइनल मैच में भारत की हॉकी टीम ने दक्षिण कोरिया को 4-1 से हराया। भारतीय टीम ने 8 साल के अंतराल के बाद पुरुष एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट का खिताब पर कब्जा किया है।

     

  • शिक्षा और इनोवेशन में कमी से मैनिट का NIRF 2025 रैंकिंग में गिरावट

    भोपाल 

    भोपाल का मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MANIT) की स्थिति इस साल नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) मे फिर से गिर गई है। इंजीनियरिंग कैटेगरी में मैनिट को वर्ष 2025 में 81वां स्थान मिला है। यह पिछले चार वर्षों की तुलना में सबसे खराब स्थिति है। 2022 में मैनिट को 70वां स्थान मिला था, जबकि 2023 में यह 80वें पायदान पर पहुंचा। 2024 में सुधार दिखा और संस्थान 72वें स्थान पर आया, लेकिन 2025 में एक बार फिर यह नीचे खिसक कर 81 पर आ गया। लगातार उतार-चढ़ाव से स्पष्ट है कि मैनिट स्थायी सुधार नहीं कर पा रहा।

    इसलिए गिरी रैंकिंग

    विशेषज्ञों की माने तो ये संस्थान इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट व फुट प्रिंट ऑफ प्रोजेक्ट्स एंड प्रोफेशन प्रैक्टिस में पिछड़े हुए है। आसान भाषा में कहें तो ये संस्थान शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने में शोध में पिछड़ रहे है। विशेषज्ञ मानते हैं कि जब तक संस्थान प्रोजेक्ट्स, शोध-पत्रों और प्रोफेशनल प्रैक्टिस पर फोकस नहीं करेंगे, तब तक सुधार मुश्किल है। शिक्षा की गुणवत्ता और रिसर्च गतिविधियों में गंभीर कमी गिरावट का कारण है।

    छात्रों को डर, लगातार गिरावट

    रैंकिंग में गिरावट से कैंपस प्लेसमेंट और छात्रों के आत्मविश्वास पर असर पड़ता है। राष्ट्रीय स्तर पर अन्य आईआईटी और एनआईटी की तुलना में मैनिट के छात्रों को प्रतिस्पर्धा में पिछडने का डर रहता है। एक समय देश के शीर्ष तकनीकी संस्थानों में गिने जाने वाला मैनिट अब लगातार गिरावट से अपनी ब्रांड वैल्यू खो रहा है। यह न केवल संस्थान की साख को प्रभावित करता है, बल्कि नए एडमिशन और रिसर्च प्रोजेक्ट्स की संभावनाओं को भी कमजोर करता है। 

    भविष्य की चुनौती से निपटना आसान नहीं

    रिसर्च और इनोवेशन पर जोर देकर ही मैनिट अपनी स्थिति को सुधार सकता है। अन्यथा प्रदेश के तकनीकी शिक्षा संस्थान राष्ट्रीय स्तर की रेस में और पीछे छूट सकते हैं। 

    इन बिंदुओं पर रैकिंग

        फैकल्टी की संख्या और योग्यता
        छात्र-शिक्षक अनुपात
        शिक्षण सुविधाएं
        पुस्तकालय, लैब्स, क्लासरूम आदि की गुणवत्ता
        वित्तीय संसाधन और उनका उपयोग

    ये मापा जाता है

        रिसर्च पब्लिकेशन्स की संख्या और गुणवत्ता
        पेटेंट्स और इनोवेशन
        पीएचडी छात्रों की संख्या
        इंडस्ट्री के साथ जुड़ाव

    यह बताता है कि छात्रों का प्रदर्शन और भविष्य

        पास होने वाले छात्रों की संख्या
        प्लेसमेंट डेटा
        उच्च शिक्षा में जाने वाले छात्रों का प्रतिशत
        स्टार्टअप्स या एंटरप्रेन्योरशिप में गए छात्र
        शिक्षाविदों, नियोक्ताओं और आम जनता में उस संस्थान की क्या प्रतिष्ठा है

     

  • प्रज्ञा सिंह ठाकुर का बयान: कथावाचक अनिरुद्धाचार्य से मुलाकात में लिव-इन रिलेशनशिप पर उठाए सवाल

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर दिए गए बयान का समर्थन करते हुए कहा कि जब माता-पिता बच्चों को संस्कार नहीं दे पाते, तो बच्चियां अर्धनग्न दिखाई देती हैं और इससे समाज में दुराचार भी बढ़ते हैं.

    दरअसल, साध्वी प्रज्ञा सिंह वृंदावन पहुंची थीं, जहां उन्होंने गौरी गोपाल आश्रम जाकर मशहूर कथावाचक अनिरुद्धाचार्य से मुलाकात की. इस मुलाकात की तस्वीर प्रज्ञा सिंह ठाकुर के कार्यालय की ओर से रविवार को जारी की गई. 

    साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने हाल ही में अनिरुद्धाचार्य के लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर दिए गए बयान का समर्थन किया. कहा कि अनिरुद्धाचार्य का बयान समाज की वास्तविक स्थिति को दर्शाता है. जब समाज में इस तरह के परिदृश्य बढ़ने लगते हैं, तो दुराचार की घटनाएं भी बढ़ती हैं.

    BJP की पूर्व सांसद ने कहा, ''माताओं को बेटियों को मर्यादा सिखानी चाहिए और पिताओं को बेटों को अनुशासन का महत्व समझाना चाहिए. बेटा-बेटी दोनों पर समान नियम लागू हों. घर लौटने का समय हो या अनुशासन से जुड़े नियम, ये सभी बच्चों पर समान रूप से लागू होने चाहिए. ऐसा नहीं होता है तो समाज में विकृति और पाश्चात्य सोच बढ़ रही है. स्कूल और कॉलेज लड़कियां जाती हैं, तो वहां भी अर्धनग्न रहती हैं.''

    लिव-इन रिलेशनशिप का भी किया विरोध
    भोपाल की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा कि चाहे कोर्ट कुछ भी कहे, लेकिन सनातन धर्म में लिव-इन संबंध स्वीकार्य नहीं हैं और इसलिए वह इसका विरोध करती रहेंगी.

  • नवजात की मौत पर NHRC सख्त, MP स्वास्थ्य विभाग और इंदौर DM को दिया नोटिस

    भोपाल 

    राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मध्य प्रदेश के एक अस्पताल के अंदर ‘चूहों के हमले’ के कारण एक नवजात शिशु की मौत के मामले को गंभीरता से लिया है। एनएचआरसी ने इस बारे में मिली शिकायत पर संज्ञान लेते हुए राज्य के स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव और इंदौर के जिलाधिकारी को नोटिस जारी किया है।

    अधिकारियों ने बताया कि शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मध्य प्रदेश के एक अस्पताल के अंदर ‘चूहों के हमले’ के कारण एक नवजात शिशु की मौत हो गई और अन्य घायल हो गए।

    एनएचआरसी के अनुसार, कथित घटना से संबंधित शिकायत के बाद आयोग ने 4 सितंबर को मामला दर्ज किया था। एनएचआरसी ने अपने नोटिस में अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर 10 दिनों के भीतर ऐक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

    मामले की कार्यवाही के अनुसार शिकायत का शीर्षक ‘न्याय तक पहुंच के लिए नेटवर्क’ है।

    कार्यवाही में कहा गया है, ‘‘आयोग को प्राप्त शिकायत के अनुसार शिकायतकर्ता ने इंदौर के एमवाय अस्पताल में हुई एक बेहद हैरान और परेशान करने वाली घटना की सूचना दी है, जहां अस्पताल परिसर के अंदर चूहों के हमले के कारण एक नवजात शिशु की मृत्यु हो गई और अन्य घायल हो गए।’’

    इसके अलावा, हाल में सरकारी महाराजा यशवंतराव अस्पताल के आईसीयू में चूहों के काटने से दो नवजात बच्चियों की मौत की खबर भी मिली है।

    अधिकारियों ने बताया कि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि यह भयावह घटना घोर चिकित्सा लापरवाही और बुनियादी स्वच्छता एवं रोगी सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूर्ण विफलता को उजागर करती है।

    कार्यवाही में कहा गया है कि इस तरह की ‘चूक’ न केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा में नागरिकों के विश्वास का उल्लंघन करती है, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और स्वास्थ्य के अधिकार का भी गंभीर उल्लंघन है।

    शिकायत में यह भी कहा गया है कि राज्य भर के सरकारी अस्पतालों में स्वच्छता, कीट नियंत्रण और समग्र सुरक्षा मानकों में सुधार के लिए तत्काल उपाय किए जाने चाहिए।

    एनएचआरसी ने कहा कि शिकायत में लगाए गए आरोप प्रथमदृष्टया पीड़ितों के मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन प्रतीत होते हैं।

    कार्यवाही में कहा गया है, ‘‘रजिस्ट्री को निर्देश दिया जाता है कि वह प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, मध्य प्रदेश सरकार, भोपाल और इंदौर के डीएम को नोटिस जारी करके शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच करवाएं और आयोग के अवलोकन के लिए 10 दिनों के भीतर एक ऐक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करें।’’

  • भोपाल पुलिस का नया अभियान, तेज रफ्तार और नियम तोड़ने वालों पर सख्त शिकंजा

     भोपाल

    यातायात नियम तोड़ने वालों के विरुद्ध सोमवार से 15 दिन तक (आठ से 22 सितंबर) कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें अर्थदंड लगाने से लेकर नियमों के अनुसार अन्य वैधानिक कार्रवाई होगी। पुलिस प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (पीटीआरआई) के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शाहिद अबसार ने इस संबंध में सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखकर अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

    बता दें कि सड़क सुरक्षा के संबंध में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति ने हाल ही में प्रदेश का दौरा किया था। समिति ने बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को लेकर चिंता जताई थी। इसके साथ ही यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुधार करने के लिए कहा था। इसी तारतम्य में 15 दिन का अभियान प्रारंभ किया जा रहा है।
    हर साल हो रही 55 हजार सड़क दुर्घटनाएं

    बता दें कि प्रदेश में प्रतिवर्ष लगभग 55 हजार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें 14 हजार लोगों की जान चली जाती है। एडीजी ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं, पर यातायात नियम तोड़ने वालों के विरुद्ध कार्रवाई संतोषजनक नहीं है। अभियान के दौरान कॉलेज विद्यार्थियों को जागरूक किया जाएगा। साथ ही सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक कार्रवाई की रिपोर्ट प्रतिदिन पुलिस मुख्यालय को ई-मेल से भेजेंगे।
    क्या होगा अभियान में

    तेज गति, बिना हेलमेट व सीट बेल्ट, नाबालिग द्वारा वाहन चलाने, ड्राइविंग के समय मोबाइल का उपयोग, शराब पीकर वाहन चलाना, गलत दिशा में वाहन चलाना, ओवर लोडिंग और बिना लाइसेंस, परमिट और फिटनेस के वाहन चलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

  • आज MP के 17 जिलों में बारिश की संभावना, मौसम रहेगा बदलते हुए, गुना में 65 इंच

    भोपाल
     वर्तमान में मध्य प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर चार मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि अब बादल धीरे-धीरे छंटने लगेंगे। इस दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश के रीवा, शहडोल, जबलपुर संभाग के जिलों में मध्यम बारिश हो सकती है।

    शेष क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है। रविवार को सुबह साढ़े आठ से शाम साढ़े पांच बजे तक मलाजखंड में पांच, जबलपुर में तीन, रतलाम में दो, पचमढ़ी, टीकमगढ़ एवं उमरिया में एक मिलीमीटर बारिश हुई।

    मध्य प्रदेश के 17 जिलों जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, अनूपपुर, शहडोल और उमरिया में आज बारिश हो सकती है।

    सूखा बीत रहा, अगस्त जाते-जाते जमकर बरसा। वहीं, सितंबर का पहला सप्ताह पूरा मध्यप्रदेश तरबतर हो गया। इससे न सिर्फ प्रदेश में बारिश का कोटा पूरा हो गया, बल्कि इंदौर बेहतर स्थिति में पहुंचा। 7 दिन में इंदौर में 10 इंच पानी गिर गया।

    ऐसा है मौसम का हाल

    मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, वर्तमान में उत्तरी गुजरात और उससे लगे दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान पर अवदाब का क्षेत्र मौजूद है। दो दिन में इसके पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। मानसून द्रोणिका गुजरात में बने अवदाब के क्षेत्र से श्योपुर, गुना, दमोह, माना, गोपालपुर से होकर बंगाल की खाड़ी तक जा रही है।

    दूसरी ओर, बुरहानपुर में 26 इंच भी पानी नहीं गिरा है। धार, बड़वानी, खंडवा, शाजापुर और खरगोन में अब तक 30 इंच पानी भी नहीं गिरा। हालांकि, औसत बारिश के हिसाब से बड़वानी का कोटा भी पूरा हो चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, सितंबर में अभी करीब 22 दिन बारिश होगी। ऐसे में इन जिलों में भी मानसून की तस्वीर बेहतर हो सकती है।

    एमपी में कोटे से 4 इंच पानी ज्यादा गिर चुका बता दें, प्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 41.2 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 33.1 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 8.1 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। यह कोटा पिछले सप्ताह ही पूरा हो गया है। 4.2 इंच पानी ज्यादा गिर गया है।

    मौसम विभाग के अनुसार 30 जिले-भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, बड़वानी, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना और उमरिया में बारिश का कोटा फुल हो चुका है। कई जिले ऐसे हैं, जहां आंकड़ा डेढ़ सौ प्रतिशत के पार है। श्योपुर में कुल 213 प्रतिशत पानी गिर चुका है।

    इंदौर-उज्जैन संभाग की तस्वीर बेहतर नहीं इस मानसूनी सीजन में इंदौर और उज्जैन संभाग की स्थिति ठीक नहीं है। यहां सबसे कम पानी गिरा है। सबसे कम बारिश वाले टॉप-5 जिलों में बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा खरगोन और शाजापुर शामिल हैं।

    पूर्वी मध्य प्रदेश में मध्यम बारिश

    एक अन्य द्रोणिका गुजरात में बने अवदाब के क्षेत्र पर बने चक्रवात से लेकर मध्य प्रदेश से होते हुए छत्तीसगढ़ तक जा रही है। दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि अवदाब का क्षेत्र काफी दूर रहने के कारण फिलहाल मध्य प्रदेश में वर्षा की गतिविधियों में कमी आएगी। हालांकि वातावरण में नमी रहने के कारण पूर्वी मध्य प्रदेश में मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है। शेष क्षेत्रों में भी हल्की बौछारें पड़ सकती हैं।

    ग्वालियर, चंबल-सागर सबसे बेहतर एमपी में जब से मानसून एंटर हुआ, तब से पूर्वी हिस्से यानी, जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में तेज बारिश हुई है। यहां बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव रहे। छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़, उमरिया समेत कई जिलों में बाढ़ आ गई। ग्वालियर-चंबल में भी मानसून जमकर बरसा है। यहां के सभी 8 जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। इनमें ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर शामिल हैं।

    30 में से भोपाल संभाग के चार, इंदौर संभाग के दो, जबलपुर के चार, ग्वालियर-चंबल के 8, सागर-उज्जैन संभाग के 4-4, रीवा संभाग के 3 और शहडोल संभाग का एक जिला शामिल हैं। नर्मदापुरम संभाग के किसी भी जिले में कोटा पूरा नहीं हुआ।

    गुना में 65 इंच बारिश, मंडला-श्योपुर में 56 इंच पानी गिरा सबसे ज्यादा बारिश वाले टॉप-5 जिलों की बात करें तो गुना नंबर-1 पर है। यहां 65 इंच, मंडला-श्योपुर में 56 इंच, अशोकनगर में 54 इंच और शिवपुरी में 54.2 इंच पानी गिर चुका है।

    कई डैम के गेट खुले जुलाई में तेज बारिश की वजह से प्रदेश के कई डैम और तालाब ओवरफ्लो हो गए थे। भोपाल के बड़ा तालाब, केरवा-कलियासोत डैम में भी पानी आया। कई बड़े डैम के गेट भी खुले, लेकिन अगस्त में उतनी बारिश नहीं हुई है।

    ऐसे में डैम के गेट नहीं खुल सके, लेकिन अगस्त के आखिरी और सितंबर के पहले सप्ताह में तेज बारिश का दौर रहा। इस वजह से भोपाल के भदभदा डैम का गेट भी खुल गया। इस बार जौहिला, बरगी, इंदिरासागर, बारना, अटल सागर, सुजारा, सतपुड़ा, तवा समेत कई डैम के गेट खुल चुके हैं। कुल 54 बड़े डैमों में अच्छा पानी आ चुका है।

    ऐसे समझें बारिश का गणित…

    50 इंच से ज्यादा बारिश वाले जिले

        राजगढ़, रायसेन, नरसिंहपुर, मंडला, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, टीकमगढ़, निवाड़ी और श्योपुर।

    40 से 50 इंच बारिश वाले जिले

        विदिशा, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी, ग्वालियर, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, रतलाम, नीचम, सिंगरौली, सीधी, नर्मदापुरम, सिंगरौली, सीधी, नर्मदापुरम, हरदा और उमरिया।

    30 इंच से ज्यादा बारिश वाले जिले

        भोपाल, सीहोर, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, दतिया, देवास, मंदसौर, भिंड, मुरैना, रीवा, सतना, बैतूल, शहडोल और अनूपपुर।

    इन जिलों में 30 इंच से कम बारिश

        उज्जैन, शाजापुर, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा और खरगोन।

  • कैबिनेट में प्रस्ताव आने वाला है: मेडिकल कॉलेजों में नॉन-क्लिनिकल रेजिडेंट डॉक्टरों की एंट्री तय

    भोपाल
    मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों में अभी तक क्लीनिकल विषय जैसे मेडिसिन, सर्जरी, हड्डी रोग, गायनी आदि में ही सीनियर रेजिडेंट (एसआर) डॉक्टर पदस्थ किए जाते थे, लेकिन अब नान क्लीनिकल विषयों के डाक्टरों को भी सीनियर रेजिडेंट पदस्थ किया जाएगा। इसमें एनाटामी, फिजियोलाजी, बायोकेमेस्ट्री, फार्मोकोलाजी जैसे विषय शामिल हैं। इसका लाभ रोगी और डाॅक्टर दोनों को होगा।

    प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट के 380 पद स्वीकृत करने के लिए शीघ्र ही कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा। अस्पतालों में ओपीडी, इमरजेंसी ड्यूटी सहित अन्य स्थानों पर नान क्लीनिकल सीनियर रेजिडेंट्स का उपयोग किया जा सकेगा।
     
    बता दें कि नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमएसी) ने नान क्लीनिकल विषयों में सीनियर रेजीडेंट्स बनाने के लिए कहा है। इनका संख्या निर्धारित सीटों में फैकल्टी के कुल पदों के निश्चित अनुपात में रहेगी। इस आधार पर प्रदेश में 380 पद होंगे, जिन्हें 19 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पदस्थ किया जाएगा।

    अभी निजी मेडिकल कॉलेज तो नान क्लीनिकल विषय में एसआर रख रहे हैं, पर सरकारी में नहीं हैं। नई व्यवस्था से नाॅन क्लीनिकल विषयों में मेडिकल कॉलेजों के लिए फैकल्टी मिलना भी आसान हो जाएगा। अभी सरकारी कॉलेजों में इन विषयों में एमडी कर निकले डाॅक्टर निजी कॉलेजों में एसआर बन जाते हैं।

    इसके बाद उन्हें उसी कॉलेज में सहायक प्राध्यापक बनने का अवसर भी आसानी से मिल जाता है। बता दें कि सहायक प्राध्यापक बनने के लिए मेडिकल कॉलेजों में कम से कम तीन वर्ष एसआर रहना आवश्यक होता है। सरकार की तरफ से इन्हें निर्धारित मानदेय दिया जाता है।

  • सीएम साय की श्रद्धांजलि यात्रा, रायपुर की पहली महिला विधायक रजनी ताई को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

    रायपुर,

     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के पुलिस लाइन स्थित रायपुर की पहली महिला विधायक एवं समाजसेवी स्वर्गीय श्रीमती रजनी ताई उपासने के निवास पहुँचे और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने रजनी ताई उपासने के योगदानों का पुण्य स्मरण किया तथा शोक संतप्त परिजनों से भेंट कर उन्हें सांत्वना दी। इस अवसर पर पूर्व राज्यसभा सांसद कैलाश सोनी, संतोष शर्मा, जगदीश उपासने सहित परिजन उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि रजनी ताई का निधन पूरे समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। आपातकाल के कठिन दौर में उन्होंने जिस साहस और धैर्य का परिचय दिया, वह प्रेरणादायी है। अपने कार्यकाल में उन्होंने जनता के हितों और रायपुर के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। सादगी, ईमानदारी और समाज से गहरे जुड़ाव के कारण उन्हें विशिष्ट पहचान मिली। वे महिलाओं और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए निरंतर सक्रिय रहीं। साय ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

    उल्लेखनीय है कि रायपुर की पहली महिला विधायक और समाजसेवी श्रीमती रजनी ताई उपासने का हाल ही में 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वर्ष 1977 में जनता पार्टी से चुनाव जीतकर उन्होंने इतिहास रचते हुए रायपुर की पहली महिला विधायक बनने का गौरव प्राप्त किया। उस दौर में जब राजनीति में महिलाओं की भागीदारी सीमित थी, ऐसे समय में जनता का विश्वास जीतना उनके साहस और संघर्ष का प्रतीक था।

  • बार डांसर्स संग पार्टी में अश्लीलता, दतिया पुलिसकर्मियों को तुरंत सस्पेंड किया गया

    दतिया 

    दतिया के सिविल लाइन थाने में पदस्थ एक एएसआई का बार डांसर्स के साथ अश्लील डांस वीडियो सामने आया है। वीडियो में एएसआई संजीव गौड़ दो महिलाओं के साथ फिल्मी गानों पर अश्लील हरकत करते नजर आ रहे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी सूरज वर्मा ने ASI और एक कॉन्स्टेबल को सस्पेंड किया। 

    दरअसल, 2 सितंबर को सिविल लाइन थाने में पदस्थ आरक्षक राहुल बौद्ध की बर्थडे पार्टी एक होटल में रखी गई थी। इस दौरान 2 बार डांसर्स को भी बुलाया गया था। सामने आए वीडियो में एएसआई संजीव गौड़ और कुछ अन्य युवक दोनों महिलाओं के साथ फिल्मी गानों पर डांस करते हुए अश्लील हरकतें करते दिखे।

    ASI समेत बर्थडे बॉय कॉन्स्टेबल राहुल बौद्ध पर एक्शन वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग हरकत में आया। दतिया एसपी ने फौरन कार्रवाई करते हुए एएसआई संजीव गौड़ और आरक्षक राहुल बौद्ध को सस्पेंड कर दिया है। एसपी सूरज वर्मा ने कहा- पुलिस विभाग की छवि खराब करने वाले किसी भी व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • बस्तर एयरपोर्ट का ट्रैफिक रिकॉर्ड, अब तक तीन लाख यात्रियों ने किया सफर

    रायपुर,

    छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के 25 वर्षों की विकास यात्रा में आवागमन की सुविधाओं का विस्तार महत्वपूर्ण उपलब्धि रही है। जहां राजधानी रायपुर पहले से ही देश के प्रमुख शहरों से वायु मार्ग से जुड़ा था, वहीं अब बस्तर, बिलासपुर और अंबिकापुर जैसे शहर भी विमान सेवाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। विशेषकर बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में एयरपोर्ट और नियमित यात्री उड़ानों की सुविधा से क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं खुली हैं।

    जगदलपुर स्थित माँ दंतेश्वरी हवाई अड्डा का ऐतिहासिक महत्व है। इसका निर्माण वर्ष 1939 में ब्रिटिश शासनकाल में किया गया था और इसे उस समय ‘‘जहाज भाटा’’ नाम से जाना जाता था। वर्ष 2017 में केंद्र सरकार की उड़ान योजना के अंतर्गत भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा हवाई अड्डे के उन्नयन का कार्य प्रारंभ किया गया। वर्ष 2019 में इसे 3-सी श्रेणी में अपग्रेड किया गया, जिससे एटीआर-72 जैसे विमानों का संचालन संभव हुआ। वर्ष 2020 में छत्तीसगढ़ सरकार ने हवाई अड्डे का नामकरण बस्तर की आराध्य देवी माँ दंतेश्वरी के नाम पर किया।

    सितंबर 2020 में जगदलपुर से रायपुर और हैदराबाद के लिए एलायंस एयर द्वारा नियमित व्यावसायिक उड़ानें शुरू की गईं। इसके बाद दिल्ली, जबलपुर और बिलासपुर के लिए भी उड़ान सेवाएँ प्रारंभ हुईं। मार्च 2024 से इंडिगो एयरलाइंस ने जगदलपुर को हैदराबाद और रायपुर से जोड़ते हुए दैनिक सेवा शुरू की। पैरामिलिट्री बलों के लिए विशेष दिल्ली सेवा का संचालन भी किया जा रहा है।

    वर्तमान में जगदलपुर एयरपोर्ट से अब तक लगभग तीन लाख यात्री हवाई यात्रा कर चुके हैं। इससे न केवल स्थानीय नागरिकों को सुविधा मिली है, बल्कि व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। गंभीर मरीजों को बड़े शहरों तक शीघ्र उपचार हेतु पहुंचाना संभव हो पाया है। विद्यार्थी और युवा रोजगार एवं उच्च शिक्षा के लिए बड़े शहरों तक आसानी से पहुँच रहे हैं।

    बस्तर के हस्तशिल्प, वनोपज और हर्बल उत्पाद अब देश के बड़े बाजारों तक सरलता से पहुँच रहे हैं। वहीं चित्रकूट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान और ऐतिहासिक बस्तर दशहरा जैसे पर्यटन स्थलों तक देश-विदेश से पर्यटकों की पहुँच भी सहज हुई है।

    जगदलपुर एयरपोर्ट का संचालन बस्तर अंचल के लिए विकास का नया द्वार सिद्ध हो रहा है। इससे आंतरिक क्षेत्रों तक आधुनिक सुविधाएँ पहुँच रही हैं और बस्तर को राष्ट्रीय परिदृश्य पर नई पहचान मिल रही है। आने वाले समय में यह एयरपोर्ट क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।

  • अरिहंतपुरम मंदिर की जलयात्रा एवं सामूहिक क्षमावाणी कार्यक्रम में विधायक हुए शामिल

    सकल दिगम्बर जैन समाज से की क्षमावाणी

      आष्टा

    मध्य प्रदेश के आष्टा जिला में श्री दिगम्बर जैन समाज के चल रहे पर्युषण पर्व के समापन पर आज श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर अरिहंतपुरम अलीपुर की श्रीजी की जलयात्रा,भगवान के अभिषेक एवं सामूहिक क्षमावाणी कार्यक्रम में विधायक गोपालसिंह इंजीनियर,नपा अध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाडा, जिला भाजपा के मीडिया प्रभारी सुशील संचेती, नगर भाजपा अध्यक्ष प्रतिनिधि विशाल चौरसिया,नगर महामंत्री विशाल चौरसिया,नगर उपाध्यक्ष हरेन्द्र ठाकुर,पार्षद डॉ सलीम,युवा नेता सौरभ जैन आदि शामिल हुए।

    अलीपुर जैन मंदिर से पूज्य मुनिश्री के शुभ सानिध्य में श्रीजी की जलयात्रा पार्वती नदी किनारे स्तिथ पांडुक शिला स्थल पर पहुची यहा पर भगवान के अभिषेक व अन्य धार्मिक कार्यक्रम सम्पन्न हुए । कार्यक्रम में शामिल विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने उपस्तिथ सकल दिगम्बर जैन समाज के सभी श्रावक श्राविकाओं से विगत वर्ष में हुई समस्त भूलो के लिये सकल समाज से क्षमा मांगी । विधायक गोपालसिंह इंजीनियर सहित सभी उपस्तिथ जनप्रतिनिधियों ने मुनिश्री प्रवर सागर मुनिराज एवं सजग सागर जी तथा सानंद सागर मुनिराज जी के पावन सानिध्य में तथा ब्रह्माचारिणी पुष्पा दीदी और सुनिता दीदी को नमन कर उनका आशीर्वाद लिया । उत्तम क्षमा के पुनीत दिवस पर निकली जलयात्रा में बड़ी संख्या में समाज बंधु उपस्तिथ थे ।

  • सनातन धर्म यात्रा: दिल्ली से वृंदावन तक पदयात्रा, धीरेंद्र शास्त्री का मार्गदर्शन

     छतरपुर

    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे प्रदेश की राजनीति भी गरमाने लगी है। अयोध्या और काशी के बाद अब मथुरा को लेकर भी माहौल राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो गया है। इसी कड़ी में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री आगामी 7 नवंबर से 16 नवंबर तक दिल्ली से वृंदावन तक लगभग 170 किलोमीटर लंबी सनातन हिंदू एकता पदयात्रा निकालेंगे। अब इसको लेकर प्रदेश में राजनीतिक पारा हाई होने लगा हैं।

    बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 7 से 16 नवंबर के बीच दिल्ली से वृंदावन तक 'सनातन हिंदू एकता' पदयात्रा निकालेंगे. इस पदयात्रा की तैयारियों के लिए लगातार संपर्क किया जा रहा है. शास्त्री ने संत मिलन के अवसर पर सभी संतों का आशीर्वाद लिया और यात्रा के लिए सहयोग मांगा. संतों और प्रबुद्धजनों ने एक स्वर में तन, मन, धन से यात्रा का समर्थन करने और इसे सफल बनाने का वचन दिया. 

    संतों ने इसे राष्ट्रीय यज्ञ बताते हुए इसमें आहुति देने की अपील की. वृंदावन के श्रीकृष्ण धाम में आयोजित संत मिलन में बृजवासी सेवा न्यास, गोस्वामीजन, कथा प्रवक्ता, तीर्थ पुरोहित, पंडा महासभा, ब्रज तीर्थ देवालय न्यास, अखिल भारतीय सन्यासी परिषद और वृंदावन के आश्रम प्रमुख शामिल हुए. 

    सभी ने अपने विचार रखे और वचन दिया कि जिस मठ से यात्रा गुजरेगी, वहां भव्य स्वागत होगा. संतों ने अपने अनुयायियों और समर्थकों के साथ यात्रा में शामिल होने की बात कही. चर्चा में यह भी तय हुआ कि ब्रज क्षेत्र में प्रवेश करते ही बृजवासी भंडारे और अन्य व्यवस्थाएं संभालेंगे. समागम में श्रीकृष्ण चंद्र ठाकुर, गीता मनीषी, गिरीशानंद महाराज, चित्त प्रकाशानंद महाराज, अनिरुद्धाचार्य महाराज और विनोद बाबा के प्रतिनिधि सहित अन्य मौजूद रहे.

    संत समागम का हुआ आयोजन
    धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की यह पदयात्रा दिल्ली से शुरू होकर वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में दर्शन के साथ संपन्न होगी। दावा किया जा रहा है कि यह अब तक की सबसे विशाल पदयात्रा होगी, जिसमें लाखों श्रद्धालुओं और देशभर से आए संतों की भागीदारी रहेगी। इस यात्रा को लेकर बीते दिनों वृंदावन के कृष्ण कृपा धाम में संत-समागम आयोजित हुआ।इसमें कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज, भाजपा सांसद मनोज तिवारी और देशभर से आए 200 से अधिक संतों और महंतों ने हिस्सा लिया था। बैठक में यात्रा की अनुशासन, धार्मिक मर्यादा और रूपरेखा पर चर्चा की गई है।

    वैचारिक आंदोलन का बताया उद्देश्य
    धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस यात्रा को धार्मिक के साथ-साथ वैचारिक आंदोलन बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य है कि ब्रज क्षेत्र में मांस-मदिरा की बिक्री पर रोक। यमुना नदी का शुद्धिकरण और मंदिरों और मस्जिदों में राष्ट्रगीत का वादन। उन्होंने कहा कि जब तक सभी सनातनी एकजुट नहीं होते, उनका प्रयास जारी रहेगा। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने यहां तक कहा कि जब तक मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण विराजमान नहीं हो जाते, संघर्ष चलता रहेगा। यह तो केवल झांकी है, असली फिल्म अभी बाकी है।

    यात्रा पर सियासत तेज
    धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की यात्रा को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी ने धीरेंद्र शास्त्री पर हमला बोला है। सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीपक रंजन श्रीवास्तव ने कहा कि देश संविधान से चलेगा, किसी साधु-संत के कहने से नहीं। साधु-संत जिसकी भाषा बोल रहे हैं वो किसी से छुपी नहीं। वो हिन्दू-मुस्लिम कराना चाहते हैं। वोटों का तुष्टिकरण करना चाहते हैं। ये लोग देश का माहौल बिगाड़ना चाहते हैं। हम लोग उनसे कम हिन्दू नहीं है, लेकिन वो हिन्दू होने का सर्टिफिकेट बांटते हैं।

    सरकार से कर दी मांग
    सपा प्रवक्ता दीपक रंजन ने कहा कि अगर मंशा उनकी ठीक नहीं तो सरकार को इस यात्रा पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। उनकी मंशा ठीक नहीं, वह हिन्दू मुस्लिम कराना चाहते हैं। तुष्टिकरण की राजनीति करना चाहते है। वो किसी के बहकावे, इशारे और स्पॉन्सरशिप पर इस तरह की यात्रा निकालने जा रहे हैं। वहीं, धीरेंद्र शास्त्री की इस पदयात्रा ने एक ओर जहां धार्मिक उत्साह को हवा दी है। वहीं, दूसरी ओर चुनावी माहौल में राजनीतिक हलचल भी बढ़ा दी है।

    गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा और यमुना की स्वच्छता की मांग 
    मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र दास देवाचार्य महाराज ने कहा कि गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिया जाना चाहिए. उन्होंने वृंदावन को मांस और मदिरा से मुक्त करने, गौ वध पर पूर्ण रोक लगाने और भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की आवश्यकता पर जोर दिया. यमुना नदी को स्वच्छ करने और श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले के शीघ्र निपटारे की भी मांग उठी. दिल्ली से आए सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि अगले तीन वर्षों में यमुना को पूरी तरह स्वच्छ किया जाएगा.

    बागेश्वर महाराज का सम्मान
    ब्रज तीर्थ देवालय न्यास के संरक्षक मृदुलकांत शास्त्री ने बागेश्वर महाराज को चुनरी ओढ़ाकर और श्रीमद् भागवत गीता भेंटकर सम्मानित किया. संत मिलन में मौजूद सभी प्रतिनिधियों और देवालयों ने भी उनका स्वागत और सम्मान किया. शास्त्री ने कहा कि यह यात्रा जात-पात, क्षेत्रवाद और भाषावाद के भेद मिटाने के लिए है. यह सनातन धर्मावलंबियों की साझा यात्रा है, जिसमें सभी को सहभागी होना चाहिए.

  • रायपुर में अस्थायी रपटा निर्माण कार्य का निरीक्षण करने पहुँचीं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

    रायपुर

    महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं भटगांव विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने भैयाथान विकासखंड की जीवनरेखा कही जाने वाली गोबरी नदी पर निर्माणाधीन अस्थायी रपटा पुल का आज  स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य की प्रगति का विस्तार से जायजा लेते हुए लोक निर्माण सेतु विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण में तेजी लाई जाए और कार्य को हर हाल में शीघ्र पूरा किया जाए।

    निरीक्षण के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने पुल निर्माण में लगे तकनीकी अमले और जिम्मेदार अधिकारियों से जानकारी ली तथा आवश्यक निर्देश प्रदान किए। उन्होंने कहा कि यह कार्य जनहित से जुड़ा हुआ है और इसकी प्राथमिकता सर्वोच्च स्तर पर है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    गौरतलब है कि भारी वर्षा के कारण दो माह पूर्व गोबरी नाला का पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके चलते खुटरापारा, डबरीपारा, गंगोटी, बांसापारा सहित 10 से अधिक ग्राम पंचायतों के हजारों ग्रामीण आवागमन में कठिनाई का सामना कर रहे थे। रोजमर्रा की जरूरतें, बच्चों की शिक्षा और मरीजों की चिकित्सा व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। ग्रामीणों को 20 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा था।

    मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों से भी चर्चा की और उन्हें आश्वस्त किया कि अस्थायी रपटा निर्माण शीघ्र ही पूर्ण होगा, जिससे आवागमन सामान्य हो जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि कार्य की गुणवत्ता और गति दोनों पर बराबर ध्यान दिया जाए।अस्थायी रपटा पुल के शीघ्र तैयार हो जाने से डुमरिया से गंगोटी मार्ग पर यातायात बहाल होगा और हजारों ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी।

     

     

  • स्कूल शिक्षा मंत्री यादव का संदेश- योजनाओं का लाभ उठाकर बदलें अपना कल

    रायपुर

    स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव ने आज रिसाली दशहरा मैदान, भिलाई में छत्तीसगढ़ झेरिया यादव समाज द्वारा आयोजित विशाल अभिनंदन समारोह में शामिल होकर समाज के विकास हेतु कई घोषणाएं कीं। उन्होंने चार सामुदायिक भवनों के निर्माण के लिए प्रत्येक को 20-20 लाख रुपये, कुल 80 लाख रुपये तथा 5 लाख रुपये की स्वेच्छानुदान राशि देने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त उन्होंने दुर्ग स्थित पचरीपारा में आयोजित सम्मान समारोह में यादव महिला छात्रावास निर्माण हेतु 30 लाख रुपये देने की घोषणा की।

    कार्यक्रम में समाजजनों ने पारंपरिक नृत्य-गान के साथ मंत्री यादव का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्हें समाज की सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक स्वरूप पारंपरिक वेशभूषा और सजी हुई लाठी भेंट की गई। विभिन्न जिलों से आए यादव समाज के गणमान्य नागरिकों ने उन्हें माल्यार्पण कर अभिनंदन किया।

    अपने उद्बोधन में मंत्री यादव ने कहा कि समाज का एक बड़ा वर्ग आज भी आर्थिक रूप से पिछड़ा है, जिसे मुख्यधारा में लाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेकर समाज के लोग आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकते हैं। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से आह्वान किया कि वे सरकार की योजनाओं से जुड़ें और अपने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाकर समाज को नई दिशा प्रदान करें। मंत्री यादव ने इस अवसर पर पाटन सरपंच की मांग पर शासकीय प्राथमिक शाला परेवाडीह के जीर्णाेद्धार की भी घोषणा की, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सकेगा।

    इस अवसर पर दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, झेरिया यादव समाज प्रदेश अध्यक्ष जगनीक यादव, प्रदेश संरक्षक जगतराम यादव एवं सुकालु राम यदु, प्रदेश उपाध्यक्ष भगत सिंह यादव, रिसाली पूर्व मंडल अध्यक्ष शैलेन्द्र शेन्डे, प्रदेश सचिव सुंदर लाल यादव सहित समाज के जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

    क्रमांक-3737/चन्द्रवंशी

  • ‘नवगुरुकुल’ में छात्राओं से मिले वित्त मंत्री चौधरी, कहा- आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी

    120 छात्राएँ ले रही हैं रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण

    रायपुर

    रायगढ़ जिले के मेहनती और वंचित युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित नवगुरुकुल प्रशिक्षण केंद्र का रविवार को वित्त मंत्री ओ.पी. चैधरी ने गढ़उमरिया पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न कोर्स का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही 120 छात्राओं से संवाद किया और अपने जीवन अनुभव साझा करते हुए उन्हें आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

    वित्त मंत्री चैधरी ने छात्राओं से बातचीत करते हुए अपने बचपन के संघर्षों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि मात्र 8 वर्ष की उम्र में पिता का साया उठ जाने के बाद उन्होंने सरकारी स्कूल से बारहवीं तक की पढ़ाई पूरी की और कठिन परिस्थितियों के बावजूद धैर्य, मेहनत और आत्मविश्वास से सफलता हासिल की। उन्होंने कहा कि जीवन में कठिनाइयों से घबराना नहीं चाहिए। आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।

    उन्होंने आश्वस्त किया कि नवगुरुकुल को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। वर्तमान में 120 छात्राएँ प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं, भविष्य में इसे और विस्तारित किया जाएगा। छात्राओं की सफलता इस विस्तार की मजबूत नींव बनेगी। उन्होंने अधिकारियों को प्रशिक्षण में फिटनेस, योग और खेलकूद जैसी गतिविधियाँ शामिल करने का सुझाव दिया, ताकि छात्राओं का शारीरिक और मानसिक विकास समान रूप से हो सके।

    वित्त मंत्री ने नवगुरुकुल में छात्राओं के लिए उपलब्ध भोजन, आवास, इंटरनेट, बिजली और पाठ्य सामग्री जैसी व्यवस्थाओं का जायजा लिया और कहा कि यदि किसी भी प्रकार की परेशानी हो तो छात्राएँ बेहिचक बताएं, ताकि समय रहते समाधान किया जा सके।
    नवगुरुकुल: सशक्तिकरण का नया अवसर

    वित्त मंत्री ओपी चैधरी के मार्गदर्शन में रायगढ़ में जिला प्रशासन की पहल से संचालित नवगुरुकुल में 120 छात्राओं को निःशुल्क आवासीय दो वर्षीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। भोजन और आवास सहित सभी सुविधाएँ निःशुल्क उपलब्ध हैं। नवगुरुकुल एक गैर-लाभकारी संगठन है, जिसका उद्देश्य वंचित युवाओं को गरिमामय करियर दिलाना है। यहाँ छात्राओं को इंजीनियरिंग, प्रोग्रामिंग, डिजिटल मार्केटिंग, बिजनेस आदि क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जाता है। प्रशिक्षण के बाद उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिलते हैं और कई पूर्व छात्राएँ आज 12-18 लाख रुपये वार्षिक तक का वेतन कमा रही हैं।

    नवगुरुकुल की नेतृत्व टीम में आईआईटी, एनआईटी, सेंट स्टीफेंस कॉलेज और हार्वर्ड जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के पूर्व छात्र शामिल हैं। इस संस्थान ने शिक्षा और पाठ्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भी एकीकृत किया है, ताकि छात्राएँ भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार हो सकें। वर्तमान में देशभर में नवगुरुकुल के 9 परिसरों में 1,100 से अधिक छात्राएँ अध्ययनरत हैं। रायगढ़ में यह केंद्र जिला प्रशासन के सहयोग से केआईटी कॉलेज परिसर में संचालित हो रहा है, जिससे यहाँ की बालिकाएँ आत्मनिर्भरता और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।

     

  • उज्जैन में बड़ा हादसा, पुल से गिरी कार; अधिकारियों की गुमशुदगी पर मचा हड़कंप

    उज्जैन 

    मध्य प्रदेश के उज्जैन में बड़ा हादसा सामने आया है. यहां शिप्रा नदी के पुल से बीती रात एक कार नीचे जा गिरी. लोगों को पता चला तो सूचना तुरंत पुलिस को दी गई. जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जायजा लिया. रात में रेस्क्यू के दौरान कार के बारे में कुछ भी पता नहीं चल सका. आज सुबह जब दोबारा रेस्क्यू शुरू हुआ तो उन्हेल थाना प्रभारी अशोक शर्मा का शव बरामद किया है.

    थाना प्रभारी का अंतिम संस्कार
    हादसे में मृत थाना प्रभारी अशोक शर्मा का रविवार को चक्रतीर्थ घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान एडीजी उमेश जोगा, एसपी प्रदीप शर्मा सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बड़े बेटे दर्श शर्मा ने उन्हें मुखाग्नि दी।

    जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ, जब थाना प्रभारी अशोक शर्मा दो अन्य पुलिसकर्मियों के साथ उज्जैन से उन्हेल लौट रहे थे. कार नदी में कैसे गिरी, यह अभी साफ नहीं हो पाया है, लेकिन घटना ने पूरे पुलिस महकमे को सदमे में डाल दिया है.

     थाना प्रभारी का किया गया अंतिम संस्कार, SI और आरक्षक की खोज के लिए अभियान जारी

     शिप्रा नदी में हुए कार हादसे ने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया है। पुलिस विभाग के लिए बेहद ही विचलित करने वाले खबर रही। रविवार को अंधेरा होने के चलते रेस्क्यू बंद कर दिया गया था। आज सुबह से फिर एसआई और आरक्षक को खोजने के लिए अभियान शुरू हुआ। जिसमें NDRF के 30 और होमगार्ड के 20 से अधिक और शिप्रा तैराक दल के करीब 22 लोग जुटेंगे।

    उज्जैन में शनिवार को शिप्रा नदी में कार गिरने से लापता हुए 3 पुलिसकर्मियों में से 2 की तलाश अब भी जारी है। आज सुबह तक रेस्क्यू टीमें एसआई मदनलाल निमामा और कॉन्स्टेबल आरती पाल का पता नहीं लगा सकी हैं। इससे पहले रविवार सुबह करीब 8 बजे उन्हेल थाना प्रभारी अशोक शर्मा का शव घटना स्थल से 4 किलोमीटर दूर मिला था। इसके बाद रेस्क्यू अभियान तेज किया गया। लेकिन रविवार देर रात तक चली सर्चिंग के बावजूद न तो कार मिल पाई और न ही दोनों पुलिसकर्मियों का कोई सुराग मिला। अंधेरा होने पर रेस्क्यू बंद कर दिया गया था। आज सुबह से फिर से एसआई और आरक्षक की तलाश के लिए अभियान शुरू हुआ है, जिसमें NDRF के 30, होमगार्ड के 20 से अधिक और शिप्रा तैराक दल के करीब 22 सदस्य जुटे हैं।

    कॉन्स्टेबल आरती चला रही थीं कार
    एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि उन्हेल थाना इलाके से दो दिन पहले 14 वर्षीय लड़की गुमशुदा हो गई थी। इसी मामले में तीनों पुलिसकर्मी चिंतामन की ओर जा रहे थे। सफेद रंग की कार कॉन्स्टेबल आरती पाल चला रही थीं। यह कार उन्हीं की थी।

    सर्चिंग बनी बड़ी चुनौती
    पुलिस अधिकारियों के अनुसार एनडीआरएफ की टीम गोताखोरों के साथ लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। नदी का तेज बहाव और गहराई तलाश में बड़ी बाधा बन रही है। आशंका है कि दोनों पुलिसकर्मी भी नदी में डूब गए हैं। इस घटना के बाद उज्जैन पुलिस समेत पूरे महकमे में शोक की लहर है। अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही घटना के कारणों का पता लगाया जाएगा।

    सर्चिंग में ड्रोन की मदद
    शनिवार देर रात कार नदी में गिरने की सूचना मिलने पर महाकाल टीआई गगन बादल और होमगार्ड के जवान मौके पर पहुंचे थे। रेस्क्यू ऑपरेशन अब भी जारी है। सर्चिंग में दो ड्रोन भी लगाए गए हैं। टीआई बादल ने बताया कि शनिवार रात बड़नगर रोड पर शिप्रा नदी पर बने बड़े पुल से कार गिरने की सूचना मिली थी। कार सवार लोग चक्रतीर्थ से कार्तिक मेला मैदान की ओर जा रहे थे, तभी पुल पर रैलिंग नहीं होने के कारण कार सीधे नदी में गिर गई।

    दरअसल, उन्हेल थाना प्रभारी एक केस की जांच के लिए शनिवार को उज्जैन आए थे. उनके साथ सब-इंस्पेक्टर मदनलाल और महिला कॉन्स्टेबल आरती पाल भी मौजूद थीं. देर शाम तीनों लौट रहे थे कि उनकी कार शिप्रा पुल के पास अनियंत्रित होकर नदी में जा गिरी. घटना के बाद से ही तीनों के बारे में कुछ भी पता नहीं चल पा रहा था. मोबाइल फोन भी बंद थे और उनकी आखिरी लोकेशन शिप्रा पुल के आसपास की मिली. इसके बाद रेस्क्यू शुरू हुआ.

    आज रविवार की सुबह जैसे ही सर्च ऑपरेशन दोबारा शुरू हुआ, एनडीआरएफ और गोताखोरों की टीम मौके पर उतरी तो घंटों की मशक्कत के बाद नदी से कार को बाहर निकाला गया. उसमें से अशोक शर्मा का शव बरामद किया गया है. फिलहाल सब-इंस्पेक्टर मदनलाल और कॉन्स्टेबल आरती पाल के बारे में अभी कुछ पता नहीं चला है, उनकी तलाश की जा रही है.

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एनडीआरएफ की टीम गोताखोरों के साथ लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है. नदी का तेज बहाव और गहराई तलाश में बड़ी चुनौती बना हुआ है. आशंका जताई जा रही है कि दोनों पुलिसकर्मी भी नदी में डूब गए हैं. इस घटना के बाद उज्जैन पुलिस समेत पूरे महकमे में शोक की लहर है. वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही घटना के कारणों का पता लगाया जाएगा.

    घटना को लेकर उज्जैन के एसपी ने क्या कहा?

    एसपी उज्जैन प्रदीप शर्मा ने कहा कि बहुत ही दुखद घटना हुई है. हमारे उन्हेल थाना प्रभारी अशोक शर्मा, उनके साथ निमामा साहब और एक महिला आरक्षक आरती सिंह गए थे. दो दिन पूर्व एक 14 साल की बच्ची मिसिंग हुई थी, उसी की तलाश में रात में ये लोग रवाना हुए थे. इसी दौरान इनकी गाड़ी डिस लेंस होकर बड़े पुल से नीचे गिरी. अभी करीब दो ढाई किलोमीटर आगे अशोक शर्मा का शव भैरवगढ़ पुल के नीचे से बरामद किया है. एनडीआरएफ की टीम लगी है, बाकी दोनों के लिए सर्च जारी है.

    टीआई 37 साल से सेवा में थे टीआई अशोक शर्मा (58) मूलत: बुलंदशहर, यूपी के निवासी थे। 27 मई 1988 को कांस्टेबल भर्ती हुए और एसआई रहते हुए उन्हेल थाने का प्रभार संभाल रहे थे। परिवार में पत्नी शशि व दो बेटे हैं। एक डॉक्टर है और दूसरा गुड़गांव में नौकरी करता है। एक मई को ही बड़े बेटे की शादी हुई थी, जिसमें कर्नाटक के राज्यपाल भी शामिल हुए थे।

    अपहरण की लोकेशन मिली, इसलिए जल्दी में थे, सरकारी गाड़ी स्टार्ट नहीं हुई तो निजी से गए

    उन्हेल थाना प्रभारी अशोक शर्मा शनिवार शाम थाने पर थे। इसी दौरान नाबालिग के अपहरण में लोकेशन मिली कि वह उज्जैन चिंतामन क्षेत्र में है। इस पर शर्मा ने एएसआई अंतरसिंह मंडलोई को फोन कर कहा कि महिला कांस्टेबल के साथ चले जाओ। गणेश विसर्जन ड्यूटी में देर हो रही थी। तब शर्मा ने कहा- मैं खुद चलता हूं।

    थाने से एसआई मदनलाल निनामा को साथ लिया। सरकारी गाड़ी स्टार्ट नहीं हुई तो महिला कांस्टेबल पाल की नई कार से निकल पड़े। शाम करीब 7:30 बजे थाने से रवाना हुए। टीआई रास्ते में 8:35 बजे घर भी पहुंचे। पत्नी शशि ने पानी पिलाया।

    बेटे से कहा- स्टाफ नीचे गाड़ी में बैठा है, मैं चिंतामन कार्रवाई के लिए जा रहा हूं, आते समय मिलकर जाऊंगा। सिर्फ पांच मिनट की मुलाकात हुई। मोबाइल भी घर पर छूट गया। रात 8:53 बजे शिप्रा के बड़े पुल से कार नदी में गिर गई। एएसपी गुरुप्रसाद पाराशर के मुताबिक, कार खुद की होने से अनुमान है कि महिला कांस्टेबल ही चला रही होंगी।

    हादसे की वजह : रेलिंग हटाकर पुल खुला छोड़ा, लाइट नहीं लगाई शिप्रा का 15 फीट चौड़ा पुराना पुल बाढ़ प्रोटोकाल में रेलिंग हटाकर खुला छोड़ दिया गया था। लेकिन वहां रेडियम या लाइट नहीं थी। अंधेरे में कार अनियंत्रित होकर नदी में गिर गई। हादसे के बाद तुरंत लाइट लगाई गई।