• संबलपुर में करमा तिहार का रंग, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने की शिरकत

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकपरंपराओं और जनभावनाओं से जुड़े करमा तिहार पर्व का आयोजन सूरजपुर जिले के ग्राम पंचायत संबलपुर में हर्षाेल्लास और पारंपरिक रंग-रस के साथ किया गया। इस अवसर पर प्रदेश की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।

    श्रीमती राजवाड़े ने क्षेत्रवासियों संग करमा पर्व के पारंपरिक गीतों और नृत्यों की छटा का आनंद लिया और ग्रामीणों को करमा तिहार की बधाई दी। उन्होंने कहा कि करमा तिहार भाईचारे, सामूहिकता और श्रम संस्कृति का पर्व है, जो हमारी ग्रामीण परंपराओं और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं, युवाओं और बच्चों को अपने सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए प्रेरित किया।

    कार्यक्रम के दौरान संबलपुर और आसपास के गांवों के कलाकारों द्वारा करमा नृत्य, पारंपरिक गीत और लोककला की प्रस्तुतियां दी गईं, जिनसे वातावरण उल्लास और उत्सव की भावना से सराबोर हो गया। ग्रामीणजनों ने मंत्री श्रीमती राजवाड़े का पारंपरिक स्वागत किया और कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

  • मानवता की मिसाल: उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दिव्यांग युवक को दी स्कूटी, बढ़ाया हौसला

     रायपुर

    उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा के कवर्धा विधायक कार्यालय में आज एक भावुक पल देखने को मिला। जब बोड़ला विकासखंड के ग्राम घोंघा निवासी अमर मरकाम, जो शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं। उन्होंने अपनी पीड़ा उप मुख्यमंत्री के समक्ष व्यक्त की। उन्होंने बताया कि बाहर आने-जाने में उन्हें अत्यधिक कठिनाई होती है और उन्हें स्कूटी की आवश्यकता है। अमर मरकाम की व्यथा सुनते ही उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अत्यंत संवेदनशीलता का परिचय देते हुए तत्काल उन्हें स्कूटी प्रदान की। 

    उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें जरूरतमंदों तक वास्तविक रूप से पहुंचाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता समाज के अंतिम छोर तक विकास और सुविधा पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जो लोग अपनी असमर्थताओं के कारण कठिनाई झेल रहे हैं, उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना ही सच्ची जनसेवा है। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार समाज के कमजोर, वंचित और दिव्यांग वर्ग के साथ खड़ी है। सरकार लगातार ऐसे कदम उठा रही है, जिससे हर व्यक्ति सम्मानपूर्वक और आत्मनिर्भर जीवन जी सके।

    अमर मरकाम को दी गई स्कूटी केवल एक सहायता नहीं, बल्कि सरकार की संवेदनशीलता और आमजन के प्रति समर्पण का प्रतीक है। इस पहल ने पूरे जिले में संदेश दिया है कि जरूरतमंद की आवाज सरकार तक न केवल पहुंचती है, बल्कि उस पर त्वरित कार्रवाई भी होती है।

  • बस्तर एयरपोर्ट की बड़ी उपलब्धि, नियमित विमान सेवा से संभाग सीधे जुड़ा महानगरों से

    रायपुर

    रायपुर : छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव 2025

    छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के 25 वर्षों की विकास यात्रा में आवागमन की सुविधाओं का विस्तार महत्वपूर्ण उपलब्धि रही है। जहां राजधानी रायपुर पहले से ही देश के प्रमुख शहरों से वायु मार्ग से जुड़ा था, वहीं अब बस्तर, बिलासपुर और अंबिकापुर जैसे शहर भी विमान सेवाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। विशेषकर बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में एयरपोर्ट और नियमित यात्री उड़ानों की सुविधा से क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं खुली हैं।

    जगदलपुर स्थित माँ दंतेश्वरी हवाई अड्डा का ऐतिहासिक महत्व है। इसका निर्माण वर्ष 1939 में ब्रिटिश शासनकाल में किया गया था और इसे उस समय ‘‘जहाज भाटा’’ नाम से जाना जाता था। वर्ष 2017 में केंद्र सरकार की उड़ान योजना के अंतर्गत भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा हवाई अड्डे के उन्नयन का कार्य प्रारंभ किया गया। वर्ष 2019 में इसे 3-सी श्रेणी में अपग्रेड किया गया, जिससे एटीआर-72 जैसे विमानों का संचालन संभव हुआ। वर्ष 2020 में छत्तीसगढ़ सरकार ने हवाई अड्डे का नामकरण बस्तर की आराध्य देवी माँ दंतेश्वरी के नाम पर किया।

    सितंबर 2020 में जगदलपुर से रायपुर और हैदराबाद के लिए एलायंस एयर द्वारा नियमित व्यावसायिक उड़ानें शुरू की गईं। इसके बाद दिल्ली, जबलपुर और बिलासपुर के लिए भी उड़ान सेवाएँ प्रारंभ हुईं। मार्च 2024 से इंडिगो एयरलाइंस ने जगदलपुर को हैदराबाद और रायपुर से जोड़ते हुए दैनिक सेवा शुरू की। पैरामिलिट्री बलों के लिए विशेष दिल्ली सेवा का संचालन भी किया जा रहा है।

    वर्तमान में जगदलपुर एयरपोर्ट से अब तक लगभग तीन लाख यात्री हवाई यात्रा कर चुके हैं। इससे न केवल स्थानीय नागरिकों को सुविधा मिली है, बल्कि व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। गंभीर मरीजों को बड़े शहरों तक शीघ्र उपचार हेतु पहुंचाना संभव हो पाया है। विद्यार्थी और युवा रोजगार एवं उच्च शिक्षा के लिए बड़े शहरों तक आसानी से पहुँच रहे हैं।

    बस्तर के हस्तशिल्प, वनोपज और हर्बल उत्पाद अब देश के बड़े बाजारों तक सरलता से पहुँच रहे हैं। वहीं चित्रकूट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान और ऐतिहासिक बस्तर दशहरा जैसे पर्यटन स्थलों तक देश-विदेश से पर्यटकों की पहुँच भी सहज हुई है।

    जगदलपुर एयरपोर्ट का संचालन बस्तर अंचल के लिए विकास का नया द्वार सिद्ध हो रहा है। इससे आंतरिक क्षेत्रों तक आधुनिक सुविधाएँ पहुँच रही हैं और बस्तर को राष्ट्रीय परिदृश्य पर नई पहचान मिल रही है। आने वाले समय में यह एयरपोर्ट क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।

  • नारायणपुर विधानसभा को मिला विकास का तोहफा, वन मंत्री कश्यप ने किए 91 लाख के कार्यों का शुभारंभ

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ के वन एवं परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने आज नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र में 91 लाख 80 हजार रुपये की लागत से होने वाले विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इनमें पुलिया, महतारी सदन, बाजार शेड, शालाओं में अतिरिक्त कक्ष, आंगनबाड़ी केंद्र सहित अन्य निर्माण कार्य शामिल हैं।

    मंत्री कश्यप ने ग्राम पंचायत केशरपाल स्थित दंतेश्वरी मंदिर पारा में 3.30 लाख रुपये की लागत से पुलिया निर्माण तथा 30 लाख रुपये की लागत से महतारी सदन निर्माण का भूमिपूजन किया। इसके साथ ही ग्राम पंचायत बनियागांव में 23.51 लाख रुपये की लागत से बाजार शेड निर्माण, सीसी रोड का लोकार्पण किया। उच्च प्राथमिक शाला बनियागांव में 8.07 लाख रुपये की लागत से अतिरिक्त कक्ष निर्माण तथा ग्राम पंचायत नंदपुरा में 10 लाख रुपये की लागत से आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र और प्राथमिक शाला नंदपुरा में 8.07 लाख रुपये की लागत से अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया।

    मंत्री कश्यप ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर क्षेत्र का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना के विकास को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है। नारायणपुर-कोंडागांव मार्ग का निर्माण कार्य जारी है, वहीं अंतागढ़-नारायणपुर और ओरछा-नारायणपुर मार्ग निर्माण कार्यों की भी स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि बस्तर क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 45 आंगनबाड़ी केंद्र, नवीन स्वास्थ्य केंद्र, पीएससी भवन और महतारी सदन स्वीकृत किए गए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हजारों आवास स्वीकृत हुए हैं।

    वन मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य है कि हर गांव तक सड़क, पुलिया, बाजार शेड, हाई मास्ट लाइट और डिजिटल केंद्र जैसी बुनियादी सुविधाएं समय पर पहुँचें। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि शासन की सभी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुँचाया जाएगा। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष संतोष बघेल, जिला पंचायत सदस्य निर्देश दिवान, श्रीमती शकुंतला कश्यप, रूपसिंह मंडावी, विजय पांडेय, मंडल अध्यक्ष प्रवीण सांखला सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

  • प्रयास आवासीय विद्यालय को मिलेगा मॉडल स्कूल का दर्जा, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने की पहल

    प्रयास आवासीय विद्यालय को मिलेगा मॉडल स्कूल का दर्जा, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने की पहल

    विद्यार्थियों से संवाद कर सुविधाओं का लिया जायजा

    प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए मेहनत करने का दिया संदेश

    रायपुर

    वित्त मंत्री ओ.पी. चैधरी आज रायगढ़ स्थित शासकीय प्रयास आवासीय विद्यालय पहुंचे और विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने विद्यालय की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को इसे मॉडल विद्यालय के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।

    मंत्री चैधरी ने विद्यार्थियों से विद्यालय की मूलभूत सुविधाओं जैसे पेयजल, बिजली, साफ-सफाई, भोजन, सुरक्षा और अध्ययन सामग्री की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली। विद्यार्थियों ने बताया कि उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएँ समय पर मिल रही हैं और अध्ययन भी सुचारु रूप से चल रहा है।

    वित्त मंत्री ने विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति समर्पित रहने और आईआईटी, एनआईटी और नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं को लक्ष्य बनाकर निरंतर मेहनत करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि रायगढ़ का प्रयास विद्यालय प्रदेश का आदर्श विद्यालय बने और यहां से बच्चे राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में चयनित हों, यही हमारी प्राथमिकता है।

    चैधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालय में नियमित साफ-सफाई, पौष्टिक भोजन, खेलकूद और योग गतिविधियाँ, खेल सामग्री और अन्य सभी आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित की जाएँ। साथ ही विद्यालय का समय-समय पर निरीक्षण भी अनिवार्य रूप से किया जाए।
    प्रयास विद्यालय: मेधावी छात्रों के लिए विशेष पहल

    प्रयास आवासीय विद्यालय, छत्तीसगढ़ सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इन विद्यालयों की स्थापना आदिवासी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी छात्रों को  उत्कृष्ट शिक्षा और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के अवसर उपलब्ध कराने के लिए की गई है। यहाँ छात्रों को निःशुल्क आवास, भोजन और कोचिंग दी जाती है, ताकि वे आईआईटी, एनआईटी और नीट जैसी परीक्षाओं में सफलता पाकर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकें।

  • CM साय बोले- भारतीय संस्कृति की आत्मा है संस्कृत, नई पीढ़ी तक पहुँचाना होगा संदेश

    मुख्यमंत्री साय विराट संस्कृत विद्वत्-सम्मेलन में हुए शामिल

    रायपुर

    भारतीय संस्कृति की आत्मा संस्कृत में निहित है, जो हमें विश्व पटल पर एक विशिष्ट पहचान प्रदान करती है। संस्कृत भाषा व्याकरण, दर्शन और विज्ञान की नींव है, जो तार्किक चिंतन को बढ़ावा देती है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के संजय नगर स्थित सरयूपारीण ब्राह्मण सभा भवन में आयोजित विराट संस्कृत विद्वत्-सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि संस्कृत शिक्षा आधुनिक युग में भी प्रासंगिक और उपयोगी है। संस्कृत भाषा और साहित्य हमारी विरासत का आधार हैं, जिन्हें हमें संरक्षित और संवर्धित करना चाहिए। 

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि देववाणी संस्कृत पर चर्चा के साथ यह सम्मेलन भारतीय संस्कृति, संस्कार और राष्ट्र को सुदृढ़ बनाने का एक महान प्रयास है। मुख्यमंत्री साय ने संस्कृत भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए संस्कृत भारती छत्तीसगढ़ और सरयूपारीण ब्राह्मण सभा छत्तीसगढ़ द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा उन्हें बधाई और शुभकामनाएँ दीं।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आधुनिक शिक्षा में संस्कृत भाषा को शामिल करने से विद्यार्थियों का बौद्धिक विकास सुनिश्चित होगा। संस्कृत में वेद, उपनिषद और पुराण जैसे ग्रंथों का विशाल भंडार है, जो दर्शन, विज्ञान और जीवन-मूल्यों का संदेश देते हैं। वेदों में वर्णित आयुर्वेद, गणित और ज्योतिष आज भी प्रासंगिक हैं और शोध का विषय हो सकते हैं। इन ग्रंथों में कर्म, ज्ञान और भक्ति के सिद्धांत स्पष्ट रूप से प्रतिपादित हैं, जो आधुनिक जीवन में शांति और संतुलन ला सकते हैं।ऐसे में संस्कृत शिक्षा आधुनिक युग में भी उतनी ही प्रासंगिक और उपयोगी है।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वेदों और उपनिषदों के ज्ञान को अपनाकर हम अपनी विरासत को संजोने के साथ-साथ अपने जीवन को भी समृद्ध बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें युवाओं को संस्कृत साहित्य से जोड़ने के लिए प्रेरित करना होगा, ताकि वे इस ज्ञान को नई पीढ़ी तक पहुँचा सकें।

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि तकनीक के माध्यम से संस्कृत शिक्षा को आकर्षक और प्रासंगिक बनाया जा सकता है। राज्य में संस्कृत विद्वानों और शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी से इस दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने आह्वान किया कि इस सम्मेलन के माध्यम से हमें संस्कृत विद्या के प्रचार-प्रसार और अगली पीढ़ी को जोड़ने का संकल्प लेना चाहिए।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने सरयूपारीण ब्राह्मण सभा, छत्तीसगढ़ के प्रचार पत्रक का विमोचन भी किया। विराट संस्कृत विद्वत्-सम्मेलन का आयोजन संस्कृत भारती छत्तीसगढ़ एवं सरयूपारीण ब्राह्मण सभा छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। 

    सम्मेलन को संबोधित करते हुए संस्कृत भारती के प्रांताध्यक्ष डॉ. दादू भाई त्रिपाठी ने कहा कि इतिहास में ऐसे अनेक प्रमाण मिलते हैं, जिनसे सिद्ध होता है कि एक समय संस्कृत जनभाषा के रूप में प्रचलित थी। छत्तीसगढ़ी भाषा का संस्कृत से सीधा संबंध है। छत्तीसगढ़ी में पाणिनि व्याकरण की कई धातुओं का सीधा प्रयोग होता है। उन्होंने यह भी बताया कि सरगुजा क्षेत्र में सर्वाधिक आदिवासी विद्यार्थी संस्कृत की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

    मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में सरयूपारीण ब्राह्मण समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया। इनमें गठिया रोग विशेषज्ञ डॉ. अश्लेषा शुक्ला, उत्कृष्ट तैराक अनन्त द्विवेदी तथा पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला शामिल थे।

    सम्मेलन को दंडी स्वामी डॉ. इंदुभवानंद महाराज, सरयूपारीण ब्राह्मण सभा छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष डॉ. सुरेश शुक्ला और अखिल भारतीय संस्कृत भारती शिक्षण प्रमुख डॉ. श्रीराम महादेव ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर डॉ. सतेंद्र सिंह सेंगर, अजय तिवारी, बद्रीप्रसाद गुप्ता सहित बड़ी संख्या में संस्कृत शिक्षकगण, सामाजिक प्रतिनिधि और गणमान्यजन उपस्थित थे।

  • छात्रावास संचालन से दूर दराज क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को मिलेगा लाभ:- मंत्री देवांगन

    रायपुर : कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में कन्या छात्रावास  शुभारंभ कार्यक्रम का हुआ आयोजन
    मुख्य आतिथ्य में कन्या छात्रावास  शुभारंभ कार्यक्रम का हुआ आयोजन

    छात्रावास का व्यवस्थित व सुचारू संचालन हेतु कॉलेज प्रबंधन को दी शुभकामनाएं

    छात्रावास संचालन से दूर दराज क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को मिलेगा लाभ:- मंत्री देवांगन

    छात्रावास में प्रवेश हेतु निर्धारित राशि का भुगतान करने में असक्षम,पिछड़े परिवार की योग्य छात्रा की डीएमएफ से  की जायेगी मदद : – कलेक्टर वसंत

    पीवीटीजी वर्ग की महिलाओं को कन्या छात्रावासों में चतुर्थ श्रेणी पद पर प्रदान की गई नियुक्ति पत्र

    पीजी कॉलेज में 100 व 50 सीटर एवं मिनीमाता कन्या महाविद्यालय में 100 सीटर कन्या छात्रावास का हुआ शुभारंभ

    रायपुर

    शासकीय इंजीनियर विश्वेसरैया स्नाकोत्तर महाविद्यालय  परिसर कोरबा में कल वाणिज्य, उद्योग, सार्वजिनक उपक्रम, वाणिज्यिक कर (आबकारी) व श्रम मंत्री छत्तीसगढ़ शासन लखन लाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में कन्या छात्रावास का शुभारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

    कार्यक्रम में मंत्री देवांगन ने शासकीय ई व्ही पी जी कॉलेज के 100 व 50 सीटर एवं शासकीय मिनीमाता कन्या महाविद्यालय के 100 सीटर कन्या छात्रावास के जीर्णोद्धार कार्य का शुभारंभ किया एवं रिबन काटकर संस्थाओं में कन्या छात्रावास संचालन कार्य प्रारंभ किया। उन्होंने कॉलेज प्रबंधन एवं सभी छात्राओं को बधाई देते हुए छात्रावास के बेहतर  संचालन हेतु 
    शुभकामनाएं दी।

    कैबिनेट मंत्री देवांगन ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देते हुए  हुए कहा कि उन्होंने डीएमएफ राशि का उपयोग करने का अधिकार जिला को दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप डीएमएफ राशि का उपयोग जिले में अनेक महत्वपूर्ण कार्यो में किया जा रहा है। पहुँचविहीन, दूरस्थ  क्षेत्रों में अनेक स्थानों में जरूरत अनुसार नए सड़क, पुल पुलिया, स्कूल, आंगनबाड़ी भवन का निर्माण किया जा रहा है। जिले के सभी शासकीय प्राथमिक व माध्यमिक शाला में सबेरे पौष्टिक नास्ता का वितरण, पीवीटीजी वर्ग के शिक्षित युवाओं को रोजगार, मेधावी छात्रों को निःशुल्क नीट व जेईई की तैयारी जैसे अनेक कार्य डीएमएफ के माध्यम से किए जा रहे है। 

    मंत्री देवांगन ने छात्रावास संचालन से होने वाले लाभ के बारे में बताते हुए कहा कि जिले के दूर दराज क्षेत्रों से छात्राएं अध्ययन के लिए आते है, छात्रावास के संचालन से निश्चित ही उन्हें लाभ मिलेगा। इससे छात्राओं की समय और धन की बचत होगी, जिससे उनका पढ़ाई और रुचिकर होगी। उन्होंने कहा कि इस छात्रावास का संचालन रियायती दरों पर किया जा रहा है, जिससे छात्राएं इसका लाभ उठा सकें साथ ही अति पिछड़ी वर्ग से सम्बंधित छात्राएं जो छात्रावास की राशि जमा करने में असक्षम हो ऐसे योग्य छात्राओं के छात्रावास का खर्च जिला प्रशासन द्वारा डीएमएफ से उठाया जाएगा। 

    देवांगन ने कहा कि आज के छात्र कल के भविष्य है, बेटियों से दो कुल का नाम रौशन होता है, एक बेटी के शिक्षित होने से पूरा परिवार शिक्षित बनता है। इसलिए आप सभी मन लगाकर अपना पढ़ाई करिए। उन्होंने छात्रावास में सुरक्षा व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट जैसी आवश्यकताओं की पूर्ति शीघ्र करने की बात कही। जिससे छात्राएं सुरक्षित माहौल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें।  उन्होंने हॉस्टल का संचालन बेहतर ढंग से करने के निर्देश कॉलेज प्रशासन को दिए एवं हॉस्टल की व्यवस्था को और अधिक मजबूती प्रदान करने हेतु मिल जुलकर प्रयास करने की बात कही।

    विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल एवं महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने भी छात्रावास संचालन के लिए जिला प्रशासन की पहल की प्रशंसा करते हुए छात्राओं को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा हेतु कन्या छात्रावास प्रारम्भ करने की मांग लंबे समय से आती रही है। डीएमएफ से  छात्रावास का जीर्णोद्धार व जरूरत की चीजों की पूर्ति कर छात्राओं को सुव्यवस्थित हॉस्टल सौंपा गया है। गर्ल्स हॉस्टल शुरू होने से छात्राओं का उच्च अध्ययन का मार्ग आसान होगा और उनके बेहतर भविष्य की पथ प्रदर्शित होगी। उन्होंने हॉस्टल के उचित व प्रभावी ढंग से संचालन करने एवं ग्रामीण आदिवासी क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को लाभांवित करने के लिए कहा।

    कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि जिला प्रशासन की मंशा थी कि इस सत्र से महाविद्यालय में हॉस्टल संचालन का कार्य प्रारंभ हो, जिससे कॉलेज की छात्राओं को इसका लाभ मिल सकें।  लाइट एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।

    इस दौरान कैबिनेट मंत्री देवांगन सहित अन्य अतिथियों द्वारा कोरबा व कटघोरा के शासकीय महाविद्यालयों के कन्या छात्रावासों में पहाड़ी कोरवा वर्ग की नियुक्त चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। जिसमें सुमित्रा बाई, सरोजनी कुमारी, सामायन कुमारी, फगनी, कुसुम, किरण शामिल है।

    मंत्री देवांगन ने सभी महिला कर्मचारियों को मन लगाकर कार्य करने हेतु प्रेरित किया। पीवीटीजी वर्ग की सभी महिला कर्मचारियों ने रोजगार उपलब्ध कराकर आर्थिक रूप से मजबूत बनाने हेतु मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, कैबिनेट मंत्री देवांगन एवं जिला प्रशासन को धन्यवाद दिया।

    इस अवसर पर एसडीएम कोरबा सरोज महिलांगे, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग श्रीकांत कसेर, प्राचार्य पीजी कॉलेज डॉ शिखा शर्मा, प्राचार्य मिनीमाता कॉलेज राजेन्द्र सिंह, डॉ राजीव सिंह, अन्य जनप्रतिनिधि , जनभागीदारी के सदस्य, महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं छात्राएं उपस्थित थी। 

    गौरतलब है कि जिला प्रशासन द्वारा दोनों महाविद्यालयो के कन्या छात्रावास के संचालन
    हेतु लगभग 3 करोड़ की राशि प्रदान की गई है। जिसमें  शासकीय ई व्ही पी जी कॉलेज में 100 सीटर कन्या छात्रावास के जीर्णोद्धार कार्य हेतु 31.40 लाख एवं संचालन हेतु आवश्यक सामग्री क्रय के लिए 57 लाख की राशि प्रदान की गई है। इसी प्रकार शासकीय ई व्ही पी जी कॉलेज में 50 सीटर कन्या छात्रावास के जीर्णोद्धार कार्य हेतु 38.13 लाख एवं संचालन हेतु आवश्यक सामग्री क्रय हेतु 41 लाख की राशि एवं शासकीय मिनीमाता कन्या महाविद्यालय कोरबा में 100 सीटर कन्या छात्रावास के जीर्णोद्धार कार्य हेतु 58.30 लाख एवं संचालन हेतु आवश्यक सामग्री क्रय हेतु 57 लाख की राशि प्रदान की गई है।

  • मंत्री राजपूत बोले- विपरीत परिस्थितियों में धर्म और सच्चाई से समझौता नहीं करना चाहिए

    खाद्य मंत्री राजपूत का संदेश- कठिन हालात में भी धर्म, कर्तव्य और सच्चाई का साथ निभाना जरूरी

    मंत्री राजपूत बोले- विपरीत परिस्थितियों में धर्म और सच्चाई से समझौता नहीं करना चाहिए

    50 लाख रुपए से निर्मित लव कुश भवन का किया लोकार्पण

    भोपाल

    सागर के जैसीनगर में कुशवाहा समाज द्वारा भगवान लव-कुश जयंती के अवसर पर भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत शामिल हुए। उन्होंने हिमांचल टौरी पर 50 लाख रुपए की लागत से निर्मित भगवान लव कुश भवन का लोकार्पण किया। मंत्री सिंह राजपूत ने भगवान लव-कुश की मनमोहक झांकी का पूजन-अर्चना किया। कुशवाहा समाज के लोगों ने मंत्री राजपूत का फलों से तुलादान कर स्वागत किया।

    मंत्री राजपूत ने समाज को भगवान लव-कुश जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भगवान लव कुश और भगवान राम की महिमा से कोई अपरिचित नहीं है। प्रत्येक घर में रामचरितमानस का पाठ होता है और भगवान राम, लव और कुश की मर्यादा, शौर्य और पराक्रम की गाथाएं सभी के मन में बसी हैं। उन्होंने कहा कि भगवान लव और कुश ने वनवास के कठिन समय में भी धर्म, कर्तव्य और सच्चाई का पालन किया। उनकी वीरता का प्रमाण अश्वमेध यज्ञ के घोड़े को रोकने की कथा से मिलता है। उन्होंने समाजजनों से कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी हमें अपने धर्म, कर्तव्य और सच्चाई का साथ कभी नहीं छोड़ना चाहिए।

    जनता के आशीर्वाद से हो रहा सुरखी में विकास

    मंत्री राजपूत ने कहा कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का श्रेय क्षेत्र की जनता के आशीर्वाद को जाता है। उन्होंने कहा, मैं केवल माध्यम हूं, विकास कार्य भगवान और आप सभी की प्रेरणा से संभव हुए हैं। काम करने वाला मैं हूं और कराने वाले आप सभी। उन्होंने बताया कि राहतगढ़, सिहोरा, जैसीनगर, बिलहरा और सुरखी में पेयजल आपूर्ति के लिए 40 किलोमीटर दूर मडिया डेम से पानी लाया गया है, जिसके लिए जनता का आशीर्वाद और सहयोग महत्वपूर्ण रहा।

     

  • खजुराहो एयरपोर्ट विवाद: भाजपा की महिला कार्यकर्ता ने जताया अपना आक्रोश, कहा- अपमानित महसूस कर रही हूँ

    छतरपुर.
    छतरपुर जिले के खजुराहो एयरपोर्ट के बाहर एक भाजपा महिला कार्यकर्ता का दर्द तब आंसुओं के रूप में सामने आ गया जब उसको एयरपोर्ट में अंदर प्रवेश नहीं दिया गया। यह वीडियो तीन दिन पहले खजुराहो आए सीएम के समय के बताया जा रहा है। सीएम मुख्यमंत्री मोहन यादव छतरपुर में अपनी ट्रांजिट विजिट पर आए हुए थे और भाजपा के पदाधिकारी सहित मंत्री और अन्य जनप्रतिनिधि उनका वेलकम करने के लिए खजुराहो एयरपोर्ट पर पहुंचे थे। जब महिला को प्रवेश नहीं दिया गया तो महिला का दर्द सामने आ गया।

    'मुझे अंदर नहीं जाने दिया, अपमान किया'
    खुद को बीजेपी की महिला कार्यकर्ता बताते हुए रजनी यादव ने मीडिया से कहा कि मैं पूर्व विधान सभा प्रत्याशी, पार्टी की उपाध्यक्ष महिला मोर्चा से हूं। खजुराहो सांसद वीडी शर्मा सहित भाजपा के अन्य मंत्री गण मुझे लेकर भाजपा में आए थे। लेकिन अब इसी पार्टी में महिलाओं का कोई सम्मान नहीं हो रहा है। वह रोते हुए मीडिया के सामने कहती वीडियो के नजर आ रही हैं कि खजुराहो एयरपोर्ट पर मुझे अंदर नहीं जाने दिया, उनका अपमान किया गया। वह बहुत देर तक एयरपोर्ट के बाहर खड़ी रही। जब उनको प्रवेश नहीं दिया गया तो वो मीडिया के सामने आ गईं। जैसे ही महिला कार्यकर्ता का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ तो कई तरह के कॉमेंट्स उसे वीडियो पर आने शुरू हो गए।

    कई कार्यकर्ताओं को प्रवेश नहीं मिल पाता
    इधर मामले को लेकर भाजपा के जिला अध्यक्ष चंद्रभान सिंह गौतम ने कहा की खजुराहो एयरपोर्ट अथॉरिटी की गाइडलाइन है वह सामान्य रूप से किसी को प्रवेश नहीं देते हैं जो भी पार्टी की ओर से वीआईपी या वीवीआइपी आते हैं तो उनसे मिलने के लिए पूर्व में एक लिस्ट बनती है और उसे लिस्ट के हिसाब से ही खजुराहो एयरपोर्ट में प्रवेश दिया जाता है। ऐसा कई बार होता है कि कई कार्यकर्ताओं को प्रवेश नहीं मिल पाता और उनको बाहर ही खड़ा रहना पड़ जाता है।

  • 20 महीने के कार्यकाल का लेखा-जोखा: MP में मंत्री-विधायकों से वन-टू-वन मीटिंग करेंगे CM मोहन यादव

    भोपाल.
    मध्य प्रदेश के मंत्री-विधायकों ने दिसंबर 2023 में सरकार बनने के बाद 20 महीने में क्या काम किए, इसका हिसाब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लेंगे। वह मंत्रियों के साथ वन-टू-वन बैठक करेंगे और विभागवार उनके कामकाज की समीक्षा करेंगे। इसी के आधार पर मंत्रियों के प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा। मंत्रिमंडल के अगले विस्तार में इसी के आधार पर मंत्रियों का भविष्य भी तय होगा। डॉ. मोहन यादव द्वारा अक्टूबर में मंत्रियों के साथ बैठकों का दौर शुरू करने की तैयारी है।

    विधायकों का काम देखेंगे सीएम
    इसमें मंत्रियों को विभागवार कामकाज की जानकारी प्रस्तुत करने के लिए भी कहा गया है। इसी तरह मुख्यमंत्री विधायकों का कामकाज भी देखेंगे। विधायकों को चार साल का रोडमैप बनाने के लिए कहा गया था। उन्होंने अपनी विधायक निधि का जनकल्याण में कितना उपयोग किया, इसकी रिपोर्ट भी तैयार की गई है। यह भी मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।

    सीएम ने पहले भी तैयार कराई थी रिपोर्ट तैयार
    बता दें, डा. मोहन यादव ने पहले भी मंत्रियों के कार्य प्रदर्शन की एक रिपोर्ट तैयार कराई थी, जो केंद्रीय नेतृत्व को भेजी गई। हाल ही में भोपाल में भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष को भी यही रिपोर्ट दिखाई गई थी।

    गांव में रात्रि विश्राम और चौपाल की जानकारी भी ली जाएगी मुख्यमंत्री मंत्रियों से यह भी पूछेंगे कि उन्होंने कितने गांवों में रात्रि विश्राम किया और चौपाल लगाई। प्रभार के जिलों में प्रति माह दौरा कर रहे हैं या नहीं। यह भी देखा जाएगा कि मंत्रियों का अपने प्रभार के जिलों में अधिकारियों के साथ तालमेल कैसा है।

    पार्टी के दृष्टिकोण से यह भी देखा जाएगा कि संगठन के कामकाज में उनकी सहभागिता कैसी है। केंद्र से मिले अभियानों को सफल बनाने में कितने मंत्रियों का प्रदर्शन अच्छा रहा। इसके अलावा मंत्रियों से आमजन व पार्टी कार्यकर्ता की संतुष्टि के बारे में भी जानकारी लेकर इस पर चर्चा की जाएगी।

    मंत्रिमंडल विस्तार के भी संकेत
    डा. मोहन यादव जिस तरह से मंत्रियों के कामकाज पर नजर बनाए हुए हैं, उससे मंत्रिमंडल विस्तार के संकेत मिल रहे हैं। मंत्रिमंडल विस्तार होता है तो क्षेत्रीय संतुलन साधने के हिसाब कुछ पूर्व मंत्रियों को फिर मौका दिया जा सकता है। बता दें, रामनिवास रावत के चुनाव हारने और इस्तीफे के बाद मुख्यमंत्री सहित 31 मंत्री हैं। नियमानुसार 35 मंत्री हो सकते हैं।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देखा बहुती जलप्रपात का मनमोहक नजारा, प्राकृतिक सौंदर्य की जमकर सराहना

    मऊगंज

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को मऊगंज जिले के प्रवास पर नई गड़ी जनपद पंचायत के बहुती जल प्रपात का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने वाटरफॉल के नजदीक जाकर व्यू प्वाइंट से जलप्रपात की गिरती हुई दूधिया जल धारा और वहा बनने वाले इंद्रधनुष की आभा को देखा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहुती जल प्रपात के समीप कार्यक्रम स्थल पर गौपूजन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव से जंगल में विचरण करने वाली गौमाताओं को अपनी एक आवाज में अपने पास बुलाने की कला रखने वाले रकरी गांव के गौसेवक सौखीलाल यादव ने भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री का प्रजापिता ब्रह्माकुमारी आश्रम की दीदीओं द्वारा सम्मान कर उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बहुती में हुआ पारंपरिक स्वागत

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बहुती पहुंचने पर पारंपरिक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मऊगंज की लोक कला की छात्राओं ने बघेली शैली नृत्य और स्थानीय लोक कलाकारों के दल ने अहिरहाई लोकनृत्य की प्रस्तुति देकर स्वागत किया।

    इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, पशुपालन डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं जिले के प्रभारी मंत्री लखन पटेल, विधायक सर्वगिरीश गौतम, दिव्यराज सिंह और प्रदीप पटेल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, कमिश्नर रीवा बी.एस. जामोद, आई.जी. गौरव राजपूत, कलेक्टर संजय जैन एवं पुलिस अधीक्षक प्रजापति सहित नागरिक मौजूद थे।

    पर्यटक स्थल के रूप में किया जा रहा है विकसित

    कलेक्टर मऊगंज संजय जैन ने बताया कि बहुती जल प्रपात को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने एवं जन सुविधाओं के विकास के लिए 10 करोड़ रुपए लागत की कार्ययोजना प्रस्तावित की गई है। कलेक्टर ने बातया कि बहुती प्रपात के अप स्ट्रीम में स्टॉप डैम का निर्माण प्रस्तावित है। स्टॉप डैम में जल का संचय होने से वाटर फॉल की जल धारा का बारह माह सदा अविरल प्रवाह बना रहेगा।

    प्रदेश का सबसे ऊँचा बहुती जल प्रपात

    बहुती जल प्रपात रीवा से 75 किलोमीटर दूर मऊगंज जिले में स्थित है। यह विन्ध्य क्षेत्र ही नहीं पूरे मध्यप्रदेश का सबसे ऊंचा जलप्रपात है। बहुती में सेलर नदी 650 फिट की ऊंचाई से दो धाराओं में विभक्त होकर गिरती है। नीचे सुंदर कुंड और चारों ओर घने वन हैं। बहुती में अनंत जलराशि लंबवत चट्टानों पर गिरती है। जुलाई से सितम्बर माह तक इस प्रपात का सौंदर्य अपने चरम पर होता है। प्रपात के समीप ही अष्टभुजा देवी का प्रसिद्ध मंदिर भी स्थित है। प्रयागराज और बनारस से सड़क मार्ग से सीधे जुड़ा होने से उत्तरप्रदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक यहाँ पहुंचते हैं। इसके पास भैंसहाई में प्रागैतिहासिक काल के भित्ति चित्र मिले हैं।

     

  • धार्मिक पर्यटन को नई पहचान देगा देवतालाब-बनारस-प्रयागराज का त्रिकोण : मुख्यमंत्री यादव

    देवतालाब, बनारस और प्रयागराज धार्मिक क्षेत्र का अनूठा त्रिकोण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    देवतालाब शिव मंदिर में होगा शिवलोक का निर्माण
    बहुती जल प्रपात को विकसित करेगा पर्यटन विकास निगम
    देवतालाब में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का होगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन
    देवतालाब और नईगढ़ी में बनेंगे नए तहसील भवन
    हनुमना उद्वहन सिंचाई परियोजना से विंध्य के चार जिलों में 1 लाख 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में होगी सिंचाई
    लाड़ली बहनों को दीपावली के बाद से 1500 रुपए प्रतिमाह अंतरित किए जाएंगे
    मुख्यमंत्री ने देवतालाब में 241 करोड़ 33 लाख रुपए के निर्माण कार्यों का किया शिलान्यास और लोकार्पण

    मऊगंज

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कहा है कि शिव मंदिर देवतालाब अदभुत है। यहां पांच तत्वों का आभास होता है। ऐसा अद्भुत मंदिर केवल विश्वकर्मा जी ही बना सकते हैं। देवतालाब, बनारस और प्रयागराज महत्वपूर्ण धार्मिक त्रिकोण हैं। देवतालाब आस्था, इतिहास और आनंद का संगम है। यह श्रृंगी ऋषि की तपोभूमि है। ऐसी मान्यता है कि देवतालाब के शिव का दर्शन करने पर ही चारधाम की यात्रा का फल मिलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को मऊगंज के देवतालाब स्टेडियम में आयोजित विकास कार्यों के लोकार्पण-शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने 241 करोड़ 33 लाख रूपये के विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास कर विभिन्न योजनाओं में हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किये और मऊगंज को विकास की अनेक सौगातें देते हुए घोषणाएं भी कीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्यापूजन कर मऊगंज के संयुक्त जिला कार्यालय भवन का शिलान्यास भी किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हमारे गांव स्वावलम्बन की अद्भुत मिसाल हैं। वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में स्वदेशी को अपनाते हुए आत्मनिर्भरता और स्वावलम्बन के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूरा देश एकजुट है। हमारी इस सामर्थ्य के परिणामस्वरूप ही देश की कीर्ति गाथा सम्पूर्ण विश्व में गूंज रही है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का कथन की "21वीं सदी भारत की होगी" साकार हो रहा है। गर्व का विषय है कि स्वामी विवेकानंद अर्थात श्रद्धेय नरेन्द्र नाथ दत्त की भावना को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चरितार्थ किया है। देश के गरीब, युवा, अन्नदात और महिलाओं का कल्याण तथा विकास तपोनिष्ट प्रधानमंत्री मोदी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सौभाग्य का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने इसी माह प्रदेश आगमन के लिए स्वीकृति प्रदान की है। राज्य सरकार ने प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में विकास और जनकल्याण के लिए कभी भी संसाधनों की कमी नहीं होने दी, इसी का परिणाम है कि प्रदेश में चहुंओर विकास का परचम लहरा रहा है। जबकि अन्य दलों की सरकारें विकास के लिए सदैव संसाधनों के अभाव का बहाना बनाती रहीं।

    विश्व की सभी महत्वपूर्ण नीतियों के निर्धारण में भारत है केंद्र बिंदु

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रयागराज और काशी विश्वनाथ के बीच बसा यह स्थान देवताओं की अभिरूचि की अभिव्यक्ति है। उनके स्वयं के लिए भी देवतालाब आगमन सदैव सुखद और भाग्यशाली रहा है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति ने विश्व को मानवता का विचार देते हुए जीवन जीने का सही मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में भी प्रधानमंत्री मोदी की प्रभावशीलता के परिणाम स्वरूप विश्व की सभी महत्वपूर्ण नीतियों के निर्धारण में भारत केंद्र बिंदु बना हुआ है। यह हम सबके लिए गर्व-गौरव और स्वाभिमान का विषय है कि अमेरिका हो या दुनिया का कोई भी अन्य बड़ा देश, सभी प्रधानमंत्री मोदी की स्वीकार्यता के लिए उत्सुक हैं।

    खेत में किसान और सीमा पर जवान का सम्मान हमारी सरकार की प्राथमिकता

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खेत में किसान और सीमा पर जवान दोनों का सम्मान हमारी सरकार के लिए सर्वोपरि है। किसान सम्मान निधि तथा अन्य प्रोत्साहन गतिविधियों के माध्यम से राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए निरंतर प्रयत्नशील है। पर्याप्त सिंचाई और बिजली की उपलब्धता प्रदेश के सभी क्षेत्रों में सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में हनुमना उद्वहन सिंचाई परियोजना मंजूर की गई है। जिससे रीवा, सीधी, सिंगरौली और मऊगंज जिलों की एक लाख 40 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। रीवा के सोलर प्लांट की बिजली से दिल्ली की मेट्रो रेल दौड़ रही है। मऊगंज के घुरेहटा में बाबा रामदेव के पतंजलि संस्थान द्वारा एक हजार करोड़ रुपए की लागत से कृषि पर आधारित उद्योगों का विकास किया जा रहा है। इससे लाखों किसान लाभान्वित होंगे। उज्ज्वला गैस योजना से 64 हजार से अधिक गैस के कनेक्शन दिए गए हैं। मऊगंज में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में 44 हजार गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना से पक्के आवास मिले हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहनों के खाते में जारी की जा रही राशि दीपावली के बाद से 1500 रुपए प्रतिमाह की जाएगी, जिसे वर्ष 2028 तक प्रतिमाह 3 हजार रुपए किया जायेगा।

    मऊगंज को दी अनेक सौगातें

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मऊगंज जिले और देवतालाब विधानसभा क्षेत्र को अनेक सौगातें दीं। मुख्यमंत्री ने देवतालाब शिव मंदिर में शिवलोक के निर्माण और नईगढ़ी एवं देवतालाब में तहसील भवन निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवतालाब के अस्पताल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन किया जायेगा। देवतालाब के शासकीय महाविद्यालय में ऑडिटोरियम और अतिरिक्त कक्षों का निर्माण किया जाएगा। अनुसूचित जाति और जनजाति विद्यार्थियों के लिए दो छात्रावास भवन बनाए जाएंगे। बहुती जल प्रपात को पर्यटन विकास निगम के माध्यम से विकसित किया जायेगा। अष्टभुजी माता मंदिर में सौंदर्यीकरण और जनजाति अंचल में टीपा बदोर से गढ़वा रोड तक 11 किलोमीटर की सड़क बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में बनारस से आये लोक कलाकारों द्वारा दी गई सांगीतिक प्रस्तुति की सराहना की और लोक कलाकारों को 25 हजार रुपए प्रदान करने की घोषणा की। लोक नृत्य प्रस्तुत करने वाले दल के प्रत्येक सदस्य को 5-5 हजार रूपए और स्वागत गीत गाने वाली लोक गायिका राखी द्विवेदी को 50 हजार रूपए देने की घोषणा की।

    उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश ने 2 साल से कम समय में जो विकास किया है वह ऐतिहासिक है। उन्होंने विकास योजनाओं के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी। आज मऊगंज को 241 करोड़ रुपए की सौगात मिली है। क्षेत्र में सड़क, नहर और माइक्रो इरिगेशन परियोजना से विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने हनुमना उद्वहन सिंचाई परियोजना के लिए 6 हजार करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। इससे मऊगंज जिले के हर खेत में पानी पहुंचेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा में इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव और पर्यटन कान्क्लेव का आयोजन कर पूरे विंध्य में विकास के नए द्वार खोले हैं।

    प्रारंभ में विधायक एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं अतिथियों का स्वागत किया और क्षेत्र के विकास के लिये विभिन्न प्रस्ताव रखे। कार्यक्रम में जिले के प्रभारी और पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, सांसद जनार्दन मिश्र और विधायक मऊगंज प्रदीप पटेल, विधायक त्योंथर सिद्धार्थ तिवारी, विधायक मनगवां नरेंद्र प्रजापति, विधायक सिरमौर दिव्यराज सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल सहित जन-प्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

     

  • रायपुर : गौ-सेवा से ही मिलती है सच्ची शांति और ऊर्जा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    रायपुर : गौ-सेवा से ही मिलती है सच्ची शांति और ऊर्जा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    मुख्यमंत्री साय ने सीएम हाउस में गौमाता को रोटी और गुड़ खिलाकर प्रदेशवासियों के कल्याण की प्रार्थना की

    रायपुर

    मुख्यमंत्री साय ने आज चन्द्रग्रहण से पूर्व मुख्यमंत्री निवास में गौमाता को रोटी और गुड़ खिलाया। इस अवसर पर उन्होंने पूरे प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गौ-सेवा करने से उन्हें आत्मिक संतोष और नई ऊर्जा का अनुभव मिलता है।

  • वीरांगना रानी दुर्गावती फ्लाईओवर में चोर-नशेड़ियों की ताबड़तोड़ चोरी

    जबलपुर
     प्रदेश के सबसे लंबे वीरागंना रानी दुर्गावती फ्लाईओवर को चोर-नशेड़ियों की भी नजर लग गई हैं। नशे के लिए नशेड़ी फ्लाईओवर की सामग्री भी चुराने लगे है। दरअसल फ्लाईओवर पर बरसाती पानी की निकासी के लिए जगह-जगह नालीनुमा चेंबर बनाएं जिसे लोहे की रॉड व जालियां से ढंका गया था। लोक निर्माण विभाग द्वारा इसे मजबूती से नटबोल्ट से टाइट भी किया गया था बावजूद इसके नशेड़ियों ने औजारों का उपयोग कर नट-बोल्ट काट दिया और लोहे की जालियां चुरा ले गए।

    जिससे फ्लाईओवर पर अब वाहनों के साथ दुर्घटना का अंदेशा बढ़ गया है। क्योंकि रात के अंधेरे में तेज रफ्तार वाहनों का टायर खुले चेंबर में घुस सकता है जिससे किसी बड़े हादसे की संभावना है। ये चेंबर इतने बड़े है कि वाहन का अगला टायर घुसने से वाहन अनियंत्रित होकर पलट भी सकता है।
    छोड़े सबूत, नशे के इंजेक्शन मिले

    ये करतूत नशेड़ियों द्वारा की गई है इसके सबूत भी यहां मिले है। चेंबर में नशे के इंजेक्शन इस बात की गवाही दे रहे है कि नशे के लिए नशेड़ियों ने चेंबर की जाली चुराई और बेच दी। ऐसे करीब चार से पांच चेंबर में लोहे की जाली व रॉड काटी गई है। कुछ जगह तो सड़क को भी नुकसान पहुंचाया गया हैं।
    सीसीटीवी लगाएं जाने चाहिए

    प्रदेश के सबसे बड़े करीब सात किमी लंबे फ्लाईओवर पर जिस तरह से अनैतिक गतिविधियां बढ़ रही है उससे फ्लाईओवर पर सीसीटीवी लगाने की मांग भी उठने लगी है। ताकि फ्लाईओवर से छेड़छाड़ करने वालों की पहचान हो सके और उन्हें दंडित किया जा सके। वहीं फ्लाईओवर से गुजरने वालों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके।
    मोटरसाइकिल दो युवक कर थे स्टंट, FIR दर्ज

    दशमेश द्वार-दमोहनाका वीरांगना रानी दुर्गावती फ्लाइओवर पर दो युवक झंडा लेकर स्टंट कर रहे थे। दोनों युवक मोटरसाइकिल पर सवार थे। रील के लिए स्टंट करते हुए वीडियो बना रहे थे। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। जिसमें मोटरसाइकिल पर सवार दोनों युवक हाथ में बड़ा झंडा लेकर लापरवाही पूर्वक वाहन चला रहे है।

    सफेद रंग के झंडे में उर्दू में कुछ लिखा हुआ है। मदन महल पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को संज्ञान में लिया है। दोनों युवकों पर एफआईआर पंजीबद्ध की है। आरोपितों की तलाश की जा रही है। यह फ्लाइओवर जब से लोकार्पित हुआ है, उस पर स्टंड करने वाले और रील बनाने के लिए लोग लगातार पहुंच रहे है। उनके कृत्य से यातायात बाधित होने के साथ ही राहगीरों के घायल होने की आशंका बन रही है।
    एक मोटरसाइकिल चला रहा था, दूसरा वीडियो बना रहा था

    सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में एक युवक फ्लाइओवर पर तेज गति से मोटरसाइकिल चला रहा है। वाहन चलाते हुए उसने एक बड़ा झंडा थाम रखा है। जिसे वह वाहन चलाने के साथ ही लहरा रहा है। जिसका वीडियो उसका साथी एक दूसरा युवक बना रहा है। उसके इस कृत्य से सड़क पर दुर्घटना और अन्य वाहन सवार के दुर्घटना के शिकार होने का खतरा बना हुआ है।
    वाहन नंबर के आधार पर तलाश जारी

    वायरल वीडियो में मोटरसाइकिल का नंबर एमपी 20 एमटी 8574 दिख रहा है। झंडा फहराते हुए वीडियो बनाने वाले दोनों युवक का चेहरा भी नजर आ रहा है। इस वीडियो की जानकारी पुलिस को गुरुवार की रात को लगी। उसके बाद अज्ञात आरोपितों पर मामला दर्ज किया है। मोटरसाइकिल के नंबर के आधार पर आरोपितों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे है।

  • महाकाल की नगरी में भक्तों का सैलाब: श्रावण-भाद्रपद में 30 करोड़ का चढ़ावा, सवा करोड़ श्रद्धालु पहुंचे दर्शन को

    उज्जैन
    ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में श्रावण-भाद्रपद मास में भगवान महाकाल के दर्शन करने आए भक्तों की भेंट से राजाधिराज महाकाल का खजाना एक बार फिर भर गया है। मंदिर समिति को 29 करोड़ 61 लाख रुपये की आय हुई है, जो बीते तीन सालों में (श्रावण-भाद्रपद मास में) सर्वाधिक है। इस साल 39 दिनों चले महापर्व के दौरान भक्तों की संख्या ने भी नया रिकॉर्ड बनाया है।

    देश-विदेश से आए सवा करोड़ भक्त
    मंदिर प्रशासन के अनुसार इस दौरान देश विदेश से आए सवा करोड़ भक्तों ने अवंतिकानाथ को शीश नवाया। मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया महाकालेश्वर मंदिर में 11 जुलाई से 18 अगस्त तक श्रावण-भाद्रपद मास का उल्लास छाया रहा।

    हर दिन आए तीन लाख से ज्यादा भक्त
    39 दिनों तक चले इस महा महोत्सव में प्रतिदिन औसतन सवा तीन लाख भक्तों ने भगवान महाकाल के दर्शन किए। श्रद्धालुओं की यह संख्या वर्ष 2023-24 के मुकाबले 38.9 प्रतिशत अधिक रही। वर्ष 2023 में प्रतिदिन औसतन ढाई लाख दर्शनार्थियों ने भगवान महाकाल के दर्शन किए थे।
     
    इस बार देखी गई आय में बढ़ोतरी
    वर्ष 2024 में भक्तों की संख्या कम रही। प्रतिदिन औसतन सवा दो लाख भक्तों ने ही भगवान महाकाल के दर्शन किए थे। दर्शनार्थियों की संख्या के अलावा इस बार शीघ्र दर्शन टिकट, लड्डू प्रसाद की बिक्री, भेंट पेटी में आई दान राशि तथा अन्य स्रोत से हुई आय में भी बीते सालों के मुकाबले बढ़ोतरी हुई है। मंदिर को शीघ्र दर्शन टिकट मद में 10.79 करोड़ रुपये, लड्डू प्रसाद विक्रय से 10.13 करोड़ रुपये की आय हुई। जबकि भेंट पेटियों से 5.23 करोड़ रुपये व दान से 3.26 करोड़ रुपये की आय हुई है।

  • पानी की सुविधा हर घर में, महिलाओं को मिली आज़ादी और राहत

    राजगढ़ जिले के समलाबेह गांव के परिवारों तक पहुँचा शुद्ध पेयजल

    भोपाल
    मध्यप्रदेश के दूरस्थ गांवों में नल से जल पहुंचने से जीवन आसान हो गया है। राजगढ़ जिले की ग्राम पंचायत चाँदपुरा का छोटा-सा दूरस्थ गांव समलाबेह इसका आदर्श उदाहरण है। नल से जल की सुविधा मिलने से यह गांव नई पहचान बन गया है। मोहनपुरा ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना के अंतर्गत यहां की 130 की आबादी और 26 परिवारों तक घर-घर पाइपलाइन से स्वच्छ पेयजल पहुँच रहा है। पानी की कमी से जूझता यह गांव अब सुविधा, स्वास्थ्य और खुशहाली की ओर अग्रसर है।

    कुछ वर्ष पहले तक इस गांव का जीवन बेहद कठिन था। पानी के लिए महिलाओं और बच्चों को रोज़ सुबह-शाम कई किलोमीटर दूर कुओं से पानी लाना पड़ता था। बरसात के मौसम में जब गंदा पानी इन स्रोतों में मिल जाता था तो ग्रामीणों को दूषित जल पीना पड़ता था। गर्मियों में गांव में पानी का संकट बढ़ जाता था। सीमित जलस्रोतों पर निर्भरता के कारण आए दिन झगड़े की स्थिति भी बनती थी। इन परिस्थितियों से बच्चों की पढ़ाई और ग्रामीणों की आजीविका प्रभावित हो रही थी।

    गांव की बदली तस्वीर
    समूह नलजल योजना ने इस गांव की तस्वीर पूरी तरह बदल दी। अब गांव के हर घर में पाइपलाइन से जलापूर्ति हो रही है। 26 घरों को नल कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है। महिलाएँ बताती हैं कि पहले उनका आधा दिन पानी ढोने में ही निकल जाता था। अब यही समय परिवार और अन्य कार्यों को दे पा रही हैं। बच्चों को भी पानी लाने के काम से मुक्ति मिली है और उनकी पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी है।

    स्वास्थ्य के स्तर पर भी बड़ा बदलाव आया है। पहले बारिश के दिनों में डायरिया, उल्टी-दस्त और अन्य जलजनित बीमारियाँ आम थीं। अब ग्रामीण साफ पेयजल का उपयोग कर रहे हैं, जिससे बच्चों और बुजुर्गों का स्वास्थ्य बेहतर हुआ है और इलाज पर होने वाला खर्च भी कम हो गया है।

    मोहनपुरा समूह जल योजना केवल समलाबेह तक सीमित नहीं है। यह योजना राजगढ़ जिले के कई गांवों को कवर कर रही है, जिनमें हजारों परिवारों तक नल के जरिए स्वच्छ पेयजल पहुँचाया जा रहा है। योजना का उद्देश्य पूरे क्षेत्र को स्थायी जलस्रोत उपलब्ध कराना है। ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल सुविधा नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक जीवन की नींव है।

    अब पानी के लिए नहीं करना पड़ता है संघर्ष: नौरंग बाई
    वर्षों तक पानी ढोने को मजबूर रहीं, गांव की 70 वर्षीय नौरंग बाई बताती हैं कि जीवन का सबसे बड़ा संघर्ष पानी ही रहा। रोज़ाना सिर पर घड़ा रखकर पानी ढोना उनकी दिनचर्या थी। बरसों तक पानी की एक-एक बाल्टी के लिए कतार में खड़े रहना पड़ा। अब घर में नल लगने से यह संघर्ष बीते जमाने की बात हो गयी है। वे कहती हैं कि अब नई पीढ़ी को पानी के लिए संघर्ष नहीं करना पड़ेगा। ग्रामीण भी मानते हैं कि नल से जल की व्यवस्था ने उनके जीवन स्तर को ही नहीं, पूरे गांव की सोच और संस्कृति को भी बदल दिया है। अब पानी केवल आवश्यकता नहीं रहा, बल्कि सम्मान, स्वास्थ्य और खुशहाली का प्रतीक बन गया है।

    नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ. क्रेमर ने भी की सराहना
    जल जीवन मिशन से ग्रामीण स्वास्थ्य संकेतकों में भी व्यापक सुधार परिलक्षित हो रहा है। स्वच्छ जल की आपूर्ति होने से विशेष रूप से बच्चों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। हाल ही में नोबेल पुरस्कार विजेता अमेरिकी विकास अर्थशास्त्री डॉ. माइकल रॉबर्ट क्रेमर ने राज्य की विकास रणनीतियों पर चर्चा करते हुए मध्यप्रदेश की इस पहल पर प्रसन्नता जाहिर की कि जल जीवन मिशन द्वारा ग्रामीण घरों में जल उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने अपने अध्ययन का हवाला देते हुए कहा यदि परिवारों को पीने के लिए सुरक्षित जल उपलब्ध कराया जाए तो लगभग 20% शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सकता है। नवजात शिशु, जल जनित बीमारियों के प्रति संवेदनशील होते हैं। बच्चों से संबंधित हर चार में से एक मृत्यु सुरक्षित जल उपलब्ध कराकर रोकी जा सकती है। प्रो. क्रेमर ने गत शुक्रवार को भोपाल में मख्य सचिव श्री अनुराग जैन के साथ बैठक कर मध्यप्रदेश में जल जीवन मिशन की उपलब्धियों पर संतोष को सराहा।

     

  • कम समय में बड़ी कमाई: सितंबर में उगाएं ये फसलें और सालभर भरपूर लाभ उठाएं

    भोपाल 
    अच्छी फसल के लिहाज से सितम्बर महीना काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि यह महीना ना ही ज्यादा गर्म होता है और ना ही ज्यादा ठंडा। यह मौसम रबी की फसलों के साथ-साथ सब्जी की फसलों के लिए भी काफी अच्छा माना जाता है और उनका तेजी से विकास होता है। इन सब्जियों में शलगम, बैंगन, गाजर, मूली, चुकंदर, मटर, गोभी, ब्रोकली, पत्ता गोभी, सेम की फली और टमाटर शामिल हैं।

    अगर आप भी खेती के जरिए अच्छी कमाई के बारे में सोच रहे हैं तो इनमें से किसी भी सब्जी का खेती करके अच्छे पैसे कमा सकते हैं। बड़ी बात यह है कि इनमें से कुछ सब्जियां तो ऐसी हैं, जो दो महीने से भी कम समय में तैयार हो जाती है, जिन्हें बेच कर अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। एक नजर डालते हैं इन सब्जियों पर।
     
    टमाटर
    भारत ही नहीं पूरे बल्कि पूरी दुनिया में टमाटर की काफी डिमांड है। टमाटर की खेती के लिए सितंबर महीना उपयुक्त माना जाता है। टमाटर की खेती के लिए काली दोमट मिट्टी, रेतीली दोमट मिट्टी और लाल दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है। अगर आप सितंबर में टमाटर की बुआई करते हैं तो इसकी फसल दिसंबर से जनवरी के बीच तैयार हो जाती है।

    गाजर
    सर्दी की शुरुआत होते-होते बाजार में गाजर की डिमांड बढ़ जाती है। गाजर की बुवाई अगस्त से लेकर नवंबर तक की जाती है। अच्छी बात यह है कि इसकी फसल दो महीने के अंदर ही तैयार हो जाती है, जिससे आप काफी मुनाफा कमा सकते हो। पूसा रुधिर, पूसा मेघाली और पूसा केसर गाजर की कुछ उन्नत किस्में हैं, जिन्हें आप इस समय बो सकते हैं।

    ब्रोकली
    सितंबर में ब्रोकली की खेती करने का सबसे अच्छा समय होता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि यह ठंडे मौसम की फसल है। इस फसल की डिमांड शहरों में दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इसकी कीमत 50 से 100 रुपये प्रति किलो के आसपास रहती है। ब्रोकली की फसल के लिए अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी उपयुक्त होती है।

    बैंगन
    सितंबर माह की प्रमुख फसलों में एक नाम बैंगन का भी है, जो कम खर्च में अच्छा मुनाफा देने वाली फसल है। बैंगन के लिए अच्छी तरह जुताई की गई, भुरभुरी और जल निकासी वाली मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है। यह फसल लगभग तीन महीने में तैयार हो जाती है। 

  • हार्ट मरीजों के लिए राहत: भोपाल एम्स में 22 करोड़ की लागत से तैयार होगा नया सेटअप

    भोपाल
     अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के हार्ट पेशेंट का इलाज पहले से आधुनिक और त्वरित होने वाला है। हृदय रोगियों, गर्भ में बच्चों का हृदय दोष और ऑपरेशन के लिए 6 एडवांस मशीनें आने वाली है। करीब 22 करोड़ रुपए की लागत से एम्स में एक नया कार्डियक सेटअप तैयार किया जाएगा। साथ ही हाई-टेक बाइप्लेन कार्डियक कैथलैब लगाई जाएगी। इस व्यवस्था से इलाज के लिए ज्यादा समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा और हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियों का तत्काल इलाज मिल पाएगा।

    एम्स के उपसंचालक संदेश जैन ने नवभारत टाइम्स डॉट कॉम को बताया कि यह सुविधा कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के तहत प्रारंभ की जाएगी। नवंबर से रोगियों को इस सुविधा का लाभ मिलने की उम्मीद है। एम्स में आएगी ये 6 अत्याधुनिक मशीनें

    बाई प्लेन कार्डियक कैथलैब
    यह एक नई लैब है जो एक साथ दो अलग-अलग एंगल से एक्सरे वाली इमेज देती है। इस रिपोर्ट को देखकर डॉक्टर हार्ट और धमनियों का दो तरह का दृश्य देख सकता है। बच्चों में जन्मजात हृदय रोग जटिल ब्लॉकेज, वाल्व रिपेयर, ब्रेन स्ट्रोक जैसी बीमारियों के बारे में आसानी से जानकारी लग पाती है।

    होल्टर मशीन
    इस मशीन के द्वारा लगातार 24 से 48 घंटे तक हार्टबीट को रिकॉर्ड किया जाता है। इससे हार्ट की धड़कन में अनियमितता जैसी समस्याओं का पता चल जाता है। वर्तमान में इस जांच में मरीजों को दो महीने तक इंतजार करना पड़ता है।

    आधुनिक ट्रेडमिल एक्सरसाइज मशीन
    यह मशीन हार्ट और फेफड़ों की क्षमता की जांच करती है। जब किसी रोगी का हार्ट सर्जरी होती है तो उसकी रिकवरी का आकलन किया जाता है। अभी इस जांच के लिए करीब 3 से 4 महीने इंतजार करना पड़ता है।

    ट्रांस ईसोफेगल इकोकार्डियोग्राफी मशीन
    इस मशीन के द्वारा हृदय की 2D, 3D और 4D तस्वीर निकाल कर आती हैं। जन्मजात हृदय दोष, हार्ट वाल्व ऑपरेशन के लिए यह बेहद कारगर है।

    ऑप्टिकल कोहरेंस टोमोग्राफी
    इस तंत्र के द्वारा धमनियों का 3D दृश्य मिलता है। रक्त का प्रवाह को मापा जाता है। दवा देने के दौरान मरीज को इसका असर होगा या नहीं? इस जांच में आसानी होती है।

    इंट्रावैस्कुलर अल्ट्रासाउंड तंत्र
    इस तंत्र के द्वारा धमनियों के अंदर की बहुत ही हाई डेफिनेशन वाली फोटो मिल जाती है। इससे ब्लॉकेज का सही आकलन किया जा सकता है। इस मशीन के द्वारा डॉक्टर अनुमान लगाते हैं कि क्या स्टंट के द्वारा इलाज संभव है या दवा देने जरूरत है।

    मरीजों की लंबी कतार
    आपको बता दें कि वर्तमान में भोपाल एम्स में दो कैथलैब हैं। लेकिन यहां मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई बार हार्ट अटैक के पेशेंट को तुरंत इलाज नहीं मिल पाता। 22 करोड़ से मिलने वाली 6 मशीन से मरीज का इंतजार खत्म होगा।वर्तमान में एम्स भोपाल में हर दिन करीब 200 से 300 एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी और पेसमेकर जैसी इलाज होते हैं।

    मशीनों की कमी के चलते मरीजों को इको और कैथलैब प्रोसीजर के लिए ढाई से तीन माह तक इंतजार करना पड़ता है। नई कैथ लैब और मशीनों के जुड़ने से वेटिंग टाइम लगभग आधा रह जाएगा। इसके साथ ही हमीदिया में भी नई कैथलेब शुरू होने दिल के रोगियों को काफी मदद मिलेगी

  • वैष्णो देवी के लिए ट्रेन वापसी, लेकिन सीट बुकिंग में गड़बड़ी से यात्रियों की दिक्कत

    जबलपुर
    रेलवे ने निरस्त की गई जबलपुर-श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा साप्ताहिक एक्सप्रेस (11449-50) को बहाल कर राहत देने की घोषणा की है। लेकिन यात्रियों को झटका तब लग रहा है जब इस ट्रेन में वापसी की टिकट बुक नहीं हो रही है। एक छोर से सीटों की बुकिंग होने और दूसरे छोर से रेल आरक्षण खिड़की पर ट्रेन निरस्त बताने से यात्री असमंजस में है।

    पश्चिम मध्य रेल की यह ट्रेन जबलपुर-कटरा के मध्य सीधी एकमात्र रेलसेवा है। यह ट्रेन कटरा के साथ ही जम्मू, पंजाब एवं हरियाणा के कुछ प्रमुख शहरों को भी सीधा जोड़ती है। रेलवे के अचानक ट्रेन को दो सितंबर से एक अक्टूबर के बीच निरस्त किए जाने से कई यात्री संकट में फंस गए थे। जिन्होंने ट्रेन के 10 सितंबर से पुन: बहाल किए जाने पर राहत की सांस ली। लेकिन अब कटरा से जबलपुर के लिए टिकट बुक नहीं होने से यात्री भ्रमित हैं।

    पांच फेरे निरस्त, किए एक फेरे के बाद ही बदला आदेश
    जबलपुर-एसवीडीके-जबलपुर एक्सप्रेस (11449-50) पंजाब में वर्षा से जम्मू रेल मंडल के कठुआ-माधोपुर पंजाब रेलखंड की डाउन लाइन पर यातायात प्रभावित था। जिसके कारण जबलपुर-एसवीडीके एक्सप्रेस के पांच फेरे निरस्त कर दिए गए थे। लेकिन एक फेरा निरस्त करने के बाद ही अगले फेरे से ट्रेन को बहाल करने का निर्णय किया गया। जिसके बाद गुरुवार को पश्चिम मध्य रेलवे ने जबलपुर-एसवीडीके ट्रेन को नौ सितंबर एवं एसवीडीके-जबलपुर ट्रेन को 10 सितंबर से पुन: नियमित संचालित करने का निर्देश जारी किया।

    तुरंत आरंभ कर दी सीटों की बुकिंग
    पश्चिम मध्य रेल ने चार सितंबर को ट्रेन बहाली का आदेश दिया जारी किया। जिसके बाद पूर्व में निरस्त की गई नौ, 23 एवं 30 सितंबर की जबलपुर-एसवीडीके ट्रेन के लिए सीटों का आरक्षण शुरू हो गया। इस ट्रेन की मांग इतनी अधिक है कि ट्रेन बहाली के साथ ही संबंधित तिथियों पर दो दिन में ही ट्रेन की स्लीपर श्रेणी की सीटें फुल हो गई। पश्चिम मध्य रेल प्रशासन के अनुसार उत्तर रेलवे को ट्रेन बहाली की सूचना दे दी गई है।

    उत्तर रेलवे ने अपडेट नहीं किया सिस्टम
    रेलवे बोर्ड से प्राप्त निर्देश के बाद पश्चिम मध्य रेल ने जबलपुर-एसवीडीके के मध्य संचालित ट्रेन क्रमांक 11449-50 को बहाल किया। जिसकी सूचना से तुरंत उत्तर प्रदेश को भी अवगत करा दिया गया। इस ट्रेन के मार्ग पर स्थित पंजाब एवं जम्मू के स्टेशन उत्तर रेलवे के अंतर्गत आते है। लेकिन उत्तर रेलवे ने अभी तक अपने रिजर्वेशन सिस्टम को अपडेट नहीं किया है। जिसके कारण कटरा-जबलपुर के बीच सीटों का आरक्षण शुरू नहीं हो सकता है।

  • नक्सलियों की कायर हरकत! सुकमा में दो लोगों की निर्मम हत्या ने मचाई सनसनी

    बस्तर 
    बस्तर एक बार फिर माओवादी हिंसा की चपेट में आ गया है. छत्तीसगढ़ के सुकमा ज़िले में रविवार देर रात हथियारबंद नक्सलियों ने दो ग्रामीणों की निर्मम हत्या कर दी. यह घटना केरलापाल थाना क्षेत्र के सिरसेटी के नंदापारा में हुई. मृतकों की पहचान पदम पोज्जा और पदम देवेंद्र के रूप में हुई है.

    सूचना पर पुलिस दल मौके पर पहुंच गए हैं और बस्तर पुलिस जल्द ही आधिकारिक बयान जारी करेगी. सुकमा में एक हफ़्ते के भीतर माओवादियों से जुड़ी यह दूसरी हत्या है. इससे पहले जगरगुंडा के सिलगेर गांव में शिक्षादूत लक्ष्मण बारसे की हत्या कर दी गई थी.
     
    पिछले एक पखवाड़े में माओवादियों ने बस्तर में नागरिकों पर हमले तेज़ कर दिए हैं. कांकेर में स्वतंत्रता दिवस पर एक माओवादी स्मारक पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद 25 वर्षीय ग्रामीण मनीष नुरेती का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई थी. खबरों के अनुसार, उसकी फांसी से पहले एक "जन अदालत" का आयोजन किया गया था. एक अन्य मामले में सुकमा के पोलमपल्ली में 40 वर्षीय सोदी देवा की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी.

    बीते दिनों तीन नक्सलियों को किया गया था गिरफ्तार
    नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है. बीते रविवार को सुकमा जिले में विस्फोटकों के साथ तीन नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तार नक्सलियों की पहचान पोडियम जोगा (25), माडवी मासा (25) और पोज्जा माडवी (29) के रूप में हुई थी.

    ये तीनों प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के मिलिशिया सदस्य हैं. इनके पास से लगभग 3 किलोग्राम वजन का एक टिफिन बम, पांच डेटोनेटर, पांच जिलेटिन रॉड, चार पेंसिल सेल, बिजली के तार और डेटोनेटिंग कॉर्ड बरामद किए गए थे.