• 81 लाख से अधिक परिवारों तक पहुँचा नल से जल: मंत्री श्रीमती उइके

    महिलाओं का समय बचा, बढ़ा स्वरोजगार और सशक्त हुई नई पीढ़ी
    पीएम गति शक्ति पोर्टल पर मध्यप्रदेश ने द्वितीय स्थान किया हासिल

    भोपाल 
    प्रदेश सरकार के सफल दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने पेयजल को नागरिकों का मूल अधिकार मानते हुए जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर तक सुरक्षित, सतत और गुणवत्तापूर्ण जल पहुंचाने की दिशा में ठोस और प्रभावी कार्य किया है। बीते दो वर्षों में विभाग ने न केवल भौतिक उपलब्धियाँ अर्जित की हैं, बल्कि ग्रामीण समाज के सामाजिक और आर्थिक ढांचे में भी सकारात्मक बदलाव लाया है।

    मंत्री श्रीमती उइके ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 81 लाख 21 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन के माध्यम से प्रतिदिन शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है, जो कुल लक्षित परिवारों का लगभग 73 प्रतिशत है। प्रदेश के 10 हजार 440 ग्रामों को हर घर जल घोषित किया जा चुका है और भारत सरकार द्वारा बुरहानपुर जिले को देश का पहला प्रमाणित हर घर जल जिला घोषित किया जाना प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।

    मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि विगत दो वर्षों में 13 लाख 69 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों को नए नल कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। पायलट आधार पर 64 ग्रामों में 24×7 जल प्रदाय की व्यवस्था लागू की गई है। इसके साथ ही प्रदेश में 15 हजार 238 नवीन हैंडपंप और नलकूप स्थापित किए गए हैं। उज्जैन संभाग के अंतर्गत आने वाले सभी जिलों में एकल नल जल योजनाओं का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण किया जा चुका है, जिससे सात लाख से अधिक परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराया गया है।

    नल से जल आया तो महिलाओं का समय बचा, बढ़ा स्वरोजगार
    मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि हर घर नल जल योजना ने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में निर्णायक बदलाव लाया है। पहले महिलाओं को दूर-दूर से पानी लाने में दिन का बड़ा हिस्सा व्यर्थ हो जाता था, जिसके बाद घर या आजीविका से जुड़े अन्य कार्य कर पाना संभव नहीं होता था। अब घर में नल से जल उपलब्ध होने के कारण समय की बचत हो रही है और महिलाएं उस समय का उपयोग आयवर्धक गतिविधियों में कर पा रही हैं।

    उन्होंने बताया कि समय की बचत से महिलाएं पार्लर, सिलाई-कढ़ाई केंद्र, किराना दुकान जैसे छोटे स्वरोजगार से जुड़ रही हैं। इससे उनके लिए आजीविका के नए साधन बने हैं और वे अपने परिवार की आर्थिक आवश्यकताओं में सहयोग कर पा रही हैं। इससे महिलाओं की आर्थिक, सामाजिक और पारिवारिक स्थिति सशक्त हुई है।

    ग्रामीण जन के स्वास्थ्य स्तर में हुआ सुधार
    मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि घर-घर शुद्ध पेयजल उपलब्ध होने से ग्रामीण क्षेत्रों में जलजनित बीमारियों के प्रकरणों में उल्लेखनीय कमी आई है। इससे उपचार पर होने वाला अनावश्यक खर्च घटा है और परिवारों का आर्थिक पक्ष मजबूत हुआ है। बेहतर स्वास्थ्य के कारण कार्यक्षमता में वृद्धि हुई है, बच्चों की नियमित स्कूल उपस्थिति सुनिश्चित हुई है और महिलाओं को भी घरेलू एवं आजीविका से जुड़े कार्यों के लिए अधिक समय और ऊर्जा मिल रही है। शुद्ध पेयजल की सतत उपलब्धता ने स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक स्थिरता तीनों स्तरों पर ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता में सकारात्मक सुधार किया है।

    बालिकाओं को पढ़ाई का अवसर, शिक्षा स्तर में सुधार
    मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि घर में पानी उपलब्ध होने से बालिकाओं को पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय मिल रहा है। विद्यालय उपस्थिति में वृद्धि हुई है और शिक्षा के स्तर में भी सुधार देखा जा रहा है। जल जीवन मिशन केवल जल आपूर्ति की योजना नहीं, बल्कि यह महिलाओं के सशक्तिकरण, बालिकाओं की शिक्षा और ग्रामीण समाज की समग्र प्रगति का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है।

    गुणवत्ता, निगरानी और पारदर्शिता पर विशेष फोकस
    मंत्री श्रीमती उइके ने बताया कि जल गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राज्य की समस्त प्रयोगशालाओं का शत-प्रतिशत एनएबीएल प्रमाणीकरण कराया गया है, जिससे मध्यप्रदेश इस क्षेत्र में देश में अग्रणी बना है। प्रदेश में 10 लाख से अधिक जल नमूनों का परीक्षण किया गया है और महिलाओं को फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से जल गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रशिक्षित किया गया है।

    योजनाओं की निगरानी और पारदर्शिता के लिए जल रेखा मोबाइल एप, जलदर्पण पोर्टल, शत-प्रतिशत जियो टैगिंग, इन्वेंटरी मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर, ट्यूबवेल मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर और ई-प्रबंधन प्रणाली लागू की गई है। सी.एम. हेल्पलाइन में शिकायतों के निराकरण में विभाग लगातार ग्रेड ‘ए’ में रहा है। पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर योजनाओं और पाइपलाइन नेटवर्क को रेखांकित करने में प्रदेश को देश में द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ है।

    नवाचार और भविष्य की स्पष्ट कार्ययोजना
    मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि समूह जल प्रदाय योजनाओं में बिजली की आवश्यकता की पूर्ति के लिए नवकरणीय ऊर्जा आधारित प्लांट स्थापित कर 60 मेगावॉट पवन ऊर्जा परियोजना की कार्ययोजना तैयार की गई है। आगामी तीन वर्षों में समस्त ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत जनजातीय परिवारों को क्रियाशील नल कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे।

    मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि प्रदेश सरकार जल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। विभाग द्वारा किए जा रहे नवाचार और योजनाएँ मध्यप्रदेश को जल सुरक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित कर रही हैं। 

  • केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री नड्डा महाकाल संध्‍या आरती में हुए शामिल

    शिखर दर्शन किए और हेरिटेज होटल का अवलोकन कर प्रशंसा की

    भोपाल
    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जेपी नड्डा ने उज्जैन प्रवास के दौरान देर रात्रि बाबा महाकाल की संध्या आरती में सम्मिलित होकर महाराज वाडा में बनाई गई हेरिटेज होटल में रात्रि विश्राम किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सम्राट विक्रामादित्य हेरिटेज़ होटल का अवलोकन कराया और बताया कि यह पहले स्कूल था, जिसको पर्यटन विभाग के द्वारा जीर्णोद्धार और नवीनीकरण करते हुए एक भव्य हेरिटेज होटल का रूप में परिवर्तित किया गया है। इससे बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को हेरिटेज का आनंद भी उज्जैन जैसी पवित्र नगरी में मिल सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा को महाराज वाड़ा सम्राट विक्रमादित्‍य होटल के रूफ टॉप पर ले जाकर बाबा महाकाल के शिखर दर्शन भी करवाए।

    बाबा महाकाल के शिखर दर्शन से श्री नड्डा भाव विभोर हो गए। उन्होंने कहा कि अद्भुत है जहां हम रुके हैं, वहीं से बाबा के शिखर दर्शन भी हो रहे हैं। यहां पर आकर एक आत्मिक आध्यात्मिक अनुभूति हो रही है। बाबा महाकाल के मंदिर के इतने पास रुकना एक अद्भुत अनुभव है, जहां सुबह शाम बाबा की आरती की गूंज भी सुनाई दें और आपके आध्यात्मिक के साथ चैतन्यता भी बनी रहे। बाबा महाकाल आदिकाल से हम सबको आशीर्वाद दे रहे हैं।

    केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा ने कहा कि डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में बेहतर काम हो रहे हैं। औद्योगीकरण की नई बयार बह रही है, अब हेरिटेज वॉक के साथ ही उन्नति और पुरातन दोनों का भाव रूप से दर्शन आप उज्जैन आकर देख सकते हैं।

  • हाजिरी में हाईटेक घोटाला! ‘सार्थक’ एप में चेहरा बदलकर 600 किमी दूर से ड्यूटी, दो डॉक्टरों को नोटिस

    भोपाल
    राजधानी की स्वास्थ्य सेवाओं में एक चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है। मरीजों के इलाज के लिए तैनात धरती के भगवान ही अब तकनीक को चकमा देकर घर बैठे वेतन पाने की जुगत में लगे हैं। मामला गौतम नगर स्थित मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक का है, जहां तैनात चिकित्सक 'सार्थक एप' के जरिए सैकड़ों किलोमीटर दूर से अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे थे।

    कारण बताओ नोटिस जारी
    सीएमएचओ कार्यालय द्वारा की गई एप की नियमित समीक्षा में यह गड़बड़ी पकड़ में आई। जांच में पाया गया कि डॉक्टर न केवल कार्यस्थल से नदारद थे, बल्कि तकनीक से छेड़छाड़ कर विभाग को गुमराह भी कर रहे थे। इस गंभीर लापरवाही पर सीएमएचओ ने कड़ा रुख अपनाते हुए दो चिकित्सकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
     
    लोकेशन 600 किमी दूर, फोटो में चेहरे बदले
    समीक्षा रिपोर्ट में दो बड़े मामले उजागर हुए हैं। पहला मामला मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक, गौतम नगर का है। जहां पदस्थ चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव सिंह ने कार्यस्थल से 500 से 600 किलोमीटर की दूरी से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इतना ही नहीं उनकी नियमित अटेंडेंस भी क्लीनिक से करीब 11 किलोमीटर दूर से लगाई जा रही थी। दूसरा मामला मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक, बाग मुगालिया का है जहां चिकित्सक डॉ. मिन्हाज के मामले में एप से छेड़छाड़ की बात सामने आई है। उनकी अटेंडेंस में अलग-अलग लोगों के चेहरे दिखाई दे रहे हैं, जो स्पष्ट रूप से 'प्राक्सी अटेंडेंस' या तकनीकी हेराफेरी को दर्शाता है।
     
    मरीजों की जान से खिलवाड़
    इन चिकित्सकों की अनुपस्थिति का सीधा असर क्लीनिक आने वाले मरीजों पर पड़ रहा था। डॉक्टर के न मिलने से इलाज की प्राथमिकता प्रभावित हो रही थी। विभाग ने इसे शासकीय दायित्वों के विपरीत और अवैधानिक कृत्य माना है। यदि नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो इन चिकित्सकों के खिलाफ निलंबन जैसी कठोर वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।

  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल के निधन पर व्यक्त की गहरी शोक-संवेदना

    रायपुर 
    छत्तीसगढ़ के गौरव, वरिष्ठ एवं विख्यात साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल के निधन पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री विनोद कुमार शुक्ल का निधन हिंदी साहित्य और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना के लिए अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नौकर की कमीज और दीवार में एक खिड़की रहती थी जैसी कालजयी कृतियों के माध्यम से विनोद कुमार शुक्ल ने साधारण जीवन को असाधारण गरिमा प्रदान की। उनकी लेखनी में मानवीय संवेदना, सादगी और जीवन की सूक्ष्म अनुभूतियाँ अत्यंत सहजता से अभिव्यक्त होती थीं, जिसने पाठकों की अनेक पीढ़ियों को गहराई से प्रभावित किया।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री विनोद कुमार शुक्ल की रचनाएँ केवल साहित्य नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों और जीवन-दर्शन की सजीव अभिव्यक्ति हैं। उनकी संवेदनशील दृष्टि और मौलिक भाषा-शैली सदैव पाठकों को प्रेरणा देती रहेंगी और हिंदी साहित्य में उनका योगदान अमिट रहेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे इस दुःख की घड़ी में सभी को संबल प्रदान करें तथा पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।

  • केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री नड्डा और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया भगवान महाकाल का अभिषेक

    भोपाल
    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जेपी नड्डा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ मंगलवार को प्रात:काल महाकाल मंदिर पहुंचकर महाकाल का पंचामृत अभिषेक कर पूजा-अर्चना की। महाकाल की पूजा-अर्चना कर प्रदेश और देश की जनता की सुख समृद्धि की कामना की। महाकाल मंदिर समिति की ओर से श्री नड्डा, मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य अतिथियों का शॉल, श्रीफल, प्रसाद भेंट कर स्वागत अभिनंदन किया गया।

    बाबा महाकाल के दर्शन के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री नड्डा और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाकाल अन्न क्षेत्र में भक्तजनों को प्रसाद वितरण कर स्वयं भी प्रसादी ग्रहण की। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के प्रभारी श्री महेंद्र सिंह भी उपस्थित रहे। 

  • जनता की शिकायत दबाने की सौदेबाज़ी, सीएम हेल्पलाइन केस में 10 हजार की रिश्वत लेते बीएसी धराया

    छिंदवाड़ा
    जिले में लगातार भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं ।मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने शिक्षा विभाग के एक अधिकारी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। अमरवाड़ा विकासखंड में पदस्थ ब्लाक एकेडमिक कोआर्डिनेटर(बीएसी) सत्येंद्र जैन को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।

    जानकारी के अनुसार, यूनिक पब्लिक स्कूल के संचालक ने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी कि सत्येंद्र जैन उनके स्कूल से जुड़ी एक सीएम हेल्पलाइन की शिकायत को बंद कराने (नस्तीबद्ध करने) के बदले में पैसों की मांग कर रहे हैं। शिकायत की पुष्टि होने के बाद जबलपुर लोकायुक्त टीम ने मंगलवार शाम को जाल बिछाया।

    जैसे ही सत्येंद्र जैन ने छिंदवाड़ा के चक्कर रोड स्थित आई.सी.एच. के पास शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये लिए, पहले से तैनात लोकायुक्त की टीम ने उन्हें दबोच लिया। आरोपी के हाथ धुलाने पर वे गुलाबी हो गए, जो रिश्वत लेने का पुख्ता प्रमाण है। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपित के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इस कार्रवाई से जिले के शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है ।

  • बुरहानपुर में हथियारों का जखीरा: पंजाब का युवक तीन देसी पिस्टलों के साथ गिरफ्तार

    बुरहानपुर
    पंंजाब के अमृतसर से अवैध हथियार खरीदने आए एक युवक को खकनार थाना पुलिस ने तीन देसी पिस्टलों व एक मैग्जीन के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपित की पहचान नंगली मोहल्ला फरीत नगर अमृतसर पंजाब निवासी संदीप सिंह 19 वर्ष के रूप में की गई है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक युवक तुकईथड़ के झिरमिटी फाटे के पास अवैध हथियार लेकर खड़ा है। इसके बाद थाना प्रभारी अभिषेक जाधव ने टीम के साथ घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।

    बैग की तलाशी लेने पर तीन पिस्टल बरामद हुए। आरोपित के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। बताया जाता है कि आरोपित मुख्य तस्कर के लिए पिस्टल खरीदने आया था। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
     
    फरार हथियार तस्कर को भी दबोचा
    खकनार थाना पुलिस ने एक अफरार हथियार तस्कर को भी गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। थाना एसटीएफ भोपाल के एक मामले में फरार आरोपित शमशेर सिंह 30 वर्ष निवासी पाचोरी व वीरेंद्र सिंह 33 वर्ष निवासी पाचोरी को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपितों ने भोपाल एसटीएफ की कार्रवाई के दौरान पुलिस झूमाझटकी कर सरकारी काम में बाधा डाली थी। इसके बाद से फरार चल रहे थे। दोनों को मंगलवार को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। जहां से उन्हें खंडवा जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार शमशेर सिंह पर पूर्व में भी दो प्रकरण दर्ज हैं, जबकि वीरेंद्र पर आर्म्स एक्ट के दो मामले दर्ज हैं।

  • सीएम यादव का सख्त संदेश: ‘अनुशासन में रहें’ — प्रतिमा बागरी को सार्वजनिक मंच से चेतावनी

    भोपाल
    भाई के गांजा रखने के मामले में पकड़े जाने से चर्चा में आईं मध्य प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने अपनी ही सरकार के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए। अपने क्षेत्र में खराब सड़क निर्माण की पोल सार्वजनिक रूप से खोल कर भले ही वह जनहित का हवाला दे रही हों लेकिन जो दिख रहा है, मामला वैसा नहीं है।

    ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई
    प्रतिमा बागरी की इस सक्रियता की वजह घटिया सड़क निर्माण नहीं बल्कि जिले में पदस्थ पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों से नाराजगी है। यह एक तरह से दबाव बनाने की राजनीति रही। दरअसल, प्रतिमा बागरी कुछ इंजीनियरों को सतना जिले से हटवाना चाहती हैं, उनकी मांग नहीं सुनी गई इसलिए उन्होंने इस घटिया सड़क का मुद्दा सार्वजनिक कर दिया जबकि इस मामले में सड़क निर्माण गुणवत्ताहीन पाए जाने पर ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई पहले ही आरंभ की जा चुकी है।
     
    सरकार को कठघरे में खड़ा करना
    मुख्यमंत्री ने उन्हें बुलाकर चेतावनी भी दी, तब प्रतिमा ने यह तक कहा कि मेरे कहने के बाद भी वहां के कार्यपालन अधिकारी को हटाया नहीं जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सरकार में हो, यह भूलना नहीं चाहिए। यह पहला मामला नहीं है। विधायक और मंत्री जनहित के नाम पर उनकी न सुने जाने पर इस तरह सरकार को कठघरे में खड़ा करते रहते हैं। पहले भी भिंड से विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह सार्वजनिक रूप से कलेक्टर से भिड़ चुके हैं।

    पार्टी की ओर से कड़ी कार्रवाई की मांग
    ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जहां नेता भले पार्टी को सर्वोपरि बताएं लेकिन खुद की अहमियत साबित करने के लिए वे व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर देते हैं। पार्टी कड़ी कार्रवाई नहीं करती इसलिए दोहराव भी होता रहता है। बता दें, कुछ दिन पहले प्रतिमा बागरी ने मझगवां के पोड़ी-मनकहरी मार्ग का निरीक्षण किया था। उन्होंने पैर से ही गिट्टी-डामर हटाकर निर्माण कार्य को गुणवत्ताहीन बता दिया।

    'आप मंत्री हैं और ऐसा आचरण ठीक नहीं…' – सीएम मोहन यादव
    इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिससे विपक्ष को सरकार पर हमला करने का अवसर मिल गया। सोमवार को कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रतिमा बागरी को अपने कक्ष में बुला लिया। इसके पहले वे इस सड़क से संबंधित पूरी जानकारी ले चुके थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि आपने जिस सड़क की बात उठाई, उस पर तो विभाग पहले ही कार्रवाई कर चुका है। आप मंत्री हैं और ऐसा आचरण ठीक नहीं है।

    पहले भी कई विधायकों के साथ जुड़ा विवाद
    इसी साल अप्रैल माह में इंदौर-3 के भाजपा विधायक गोलू शुक्ला के पुत्र रुद्राक्ष शुक्ला ने साथियों के साथ देवास की माता टेकरी पर हंगामा किया था। आधी रात को मंदिर के पट खुलवाने का पुजारी पर दबाव बनाया। कुछ माह पहले हाटपीपल्या से भाजपा विधायक मनोज चौधरी के भतीजे डॉ. निखिल चौधरी ने भोपाल रोड स्थित टोल नाके पर तोड़फोड़ की थी। देवास से भाजपा विधायक गायत्री राजे पवार के पुत्र विक्रम सिंह पवार वाहनों के काफिले के साथ श्री महाकाल महालोक में घुस गए थे।

  • भोपाल दहला: सतपुड़ा भवन के पास भयानक आग, आसमान में छाया काले धुएं का गुबार

    भोपाल
    राजधानी के सतपुड़ा भवन के समीप मंगलवार दोपहर करीब दो बजे अचानक झाड़ियों में आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते आसमान में काले धुएं का घना गुबार छा गया, जो करीब आठ किलोमीटर दूर से भी नजर आया। धुएं को देखकर आसपास के लोगों में दहशत फैल गई और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    रिहायशी इलाकों में पहुंचने से पहले काबू किया
    आग की सूचना मिलते ही निगम की फायर दमकलें मौके पर पहुंचीं। इसके अलावा मंत्रालय से भी एक फायर ब्रिगेड तुरंत रवाना की गई, जबकि दो अन्य दमकलें फतेहगढ़ से पहुंचीं। फायर कर्मियों की त्वरित कार्रवाई के चलते आग को रिहायशी वल्लभ नगर बस्ती तक पहुंचने से पहले ही काबू में कर लिया गया। गनीमत रही कि आग बस्ती में नहीं पहुंची, अन्यथा बड़ा नुकसान हो सकता था।
     
    10 से 15 मिनट के भीतर आग पर नियंत्रण
    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार करीब 15 मिनट से अधिक समय तक धुआं आसमान में छाया रहा, जिससे लोग भयभीत हो गए थे। हालांकि फायर ब्रिगेड की मुस्तैदी से 10 से 15 मिनट के भीतर आग पर नियंत्रण पा लिया गया। आग की चपेट में आने से कुछ पेड़ झुलस गए, जबकि मौके पर मौजूद ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त से जुड़ा ढांचा) जलकर खाक हो गया।

    आग लगने की सूचना मिलते ही निगम और मंत्रालय की फायर दमकलें मौके पर पहुंच गई थीं। समय रहते कार्रवाई करने से आग पर आसानी से काबू पा लिया गया। इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। – सौरभ पटेल, फायर ऑफिसर, नगर निगम

     

  • समाधान योजना का हर गांव और गली, मोहल्ले तक हो प्रचार-प्रसार

    भोपाल
    ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए समाधान योजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि लक्ष्य प्राप्ति में तेजी लाएं तथा हर गांव और गली, मोहल्ले तक योजना का प्रचार-प्रसार करें। श्री तोमर ने रबी सीजन में किसानों को 10 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

    ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने अधिकारियों को हिदायत दी कि प्रदेश में विद्युत वितरण की व्यवस्था में किसी तरह का व्यवधान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराना तथा वास्तविक खपत का किफायती दरों पर भुगतान प्राप्त करना ही बिजली कंपनी का मुख्य कार्य है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश बिजली सरप्लस राज्य है। साथ ही सरकार अब सौर ऊर्जा की ओर तेजी से कदम बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि समाधान योजना की सफलता के लिए राज्य के हर संभाग, जिला स्तर के अधिकारी अपने अधीनस्थ कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता की जिम्मेदारी सुनिश्चित करें। लक्ष्य हासिल करने के लिए हमें समाधान योजना के बारे में उपभोक्ताओं को जागरूक करना होगा।

    मंत्री श्री तोमर ने कहा कि समाधान योजना के प्रथम चरण की अब तक की प्रगति संतोषजनक नहीं है। योजना का प्रथम चरण समाप्त होने में लगभग एक सप्ताह का समय शेष है। इस अवधि में जमीनी स्तर पर योजना का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य करें। उन्होंने कहा कि दो लाख से अधिक बकाया राशि वाले पात्र उपभोक्ताओं से अधिकारी सीधे सम्पर्क करें। श्री तोमर ने मुख्य अभियंता एवं मुख्य महाप्रबंधक स्तर पर प्रतिदिन समाधान योजना की समीक्षा कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

    ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि 'समाधान योजना' का पहला चरण 31 दिसंबर तक है। इसका दूसरा चरण 1 जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक चलेगा। इसमें घरेलू, गैर-घरेलू और कृषक उपभोक्ताओं के साथ उन लोगों को भी शामिल किया गया है, जिनके बिजली कनेक्शन कट गए हैं, ताकि वे बकाया चुकाकर फिर से सम्मानजनक उपभोक्ता बन सकें। बैठक में सचिव ऊर्जा श्री विशेष गढ़पाले एवं बिजली कम्पनियों के एमडी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

  • छत्तीसगढ़: सुकमा में AK-47 सहित हथियार डाल 22 इनामी माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण

     

    सुकमा

    पिछले कई सालों से सुकमा जिले के केरलापाल और दोरनापाल इलाके में सक्रिय रहे 22 माओवादियों ने ओड़िसा के मलकानगिरी में डीजीपी के समक्ष आत्म समर्पण  किया है। सभी पर ₹1 करोड़ 84 लाख का इनाम घोषित था। माओवादियों ने AK-47 समेत 9 हथियार लेकर पहुंचे थे। सभी माओवादियों का फूल के साथ स्वागत किया गया और शासन की पुनर्वास नीति का लाभ देने की बात अधिकारियों ने कही।

    मंगलवार को जिले की सीमा से लगा ओड़िसा का मलकानगिरी जिला मुख्यालय में 22 माओवादियों ने आत्म समर्पण कर दिया। ओड़िसा के डीजीपी योगेश बहादुर खुरानिया और एडीजी नक्सल संजीप पंडा ने सभी माओवादियों को फूल देकर स्वागत किया। इन 22 माओवादियों पर 1 करोड़ 84 लाख का इनाम घोषित था। सभी को फूल दिया गया और मुख्यधारा से जुड़ने की बधाई दी गई। इस दौरान अखिलेश्वर सिंह डीआइजी एसआईडब्ल्यू समेत पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

    इन माओवादियों ने किया आत्म समर्पण
    लिंगे उर्फ मुये मड़कम (डीसीएम कमांडर) सुकमा, बामन मड़कम (एसीएम कमांडर दोरनापाल एलओएस), सुक्का मुचाकि (एसीएम कमांडर बडेशेट्टी एलओएस), एतु अलमी उर्फ रितेश (एसीएम केरलापाल एलओएस), कोसा कब्सी (एसीएम कमांडर प्लाटून 26), बटी मड़कम (एसीएम डिप्टी कमांडर), जोगी मुचाकी (एसीएम केरलापाल), रीता पोडियम (पीएम प्लाटून 31), जोगी सोढ़ी (पीएम दोरनापाल), भीमे कलमु (पीएम दोरनापाल) मंगली बंजामी (प्लाटून 26), जोगा मुचाकी (प्लाटून 26), अडमे मुचाकी (प्लाटून 26), माड़वी कोसा (पीएम केरलापाल), कुंजाम हुर्रा (पीएम केरलापाल), माडा माड़वी (पीएम केरलापाल), मुचाकी हिड़मा (पीएम केरलापाल), देबा माड़वी (पीएम दोरनापाल), अर्जुन मंडावी (पीएम जगरगुंडा), सागर (पीएम सीसी प्रोटेक्शन टीम), सोमे मीडियम (पीएम Aibszc) ओर अनिला (पीएम कंपनी 10 गड़चिरोली एसी) ने आत्म समर्पण किया।

    AK-47 समेत ये हथियार बरामद
    आत्म समर्पण करने पहुंचे माओवादियों के पास सरेंडर के दौरान नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को हथियारों का जखीरा सौंपा. इनमें 1 AK-47, 2 INSAS राइफल, 1 SLR समेत कुल 9 हथियार, भारी मात्रा में गोला-बारूद और अन्य नक्सली सामग्री शामिल है. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार यह आत्मसमर्पण नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी सफलता है और इससे इलाके में शांति बहाली की उम्मीद मजबूत हुई।

    डीजीपी योगेश खुरानिया ने कहा कि सभी माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ा है और मुख्य धारा से जुड़े है उनका स्वागत किया गया। बाकी बचे हुए माओवादियों से अपील है कि वो भी हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्य धारा से जुड़े।

  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले – छत्तीसगढ़ में खेलों का विकास हमारी प्राथमिकता

    देश और प्रदेश में खेलों को लेकर बहुत ही उत्साहजनक वातावरण

    रायपुर

     मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज यहां राजधानी रायपुर के कोटा रोड स्थित स्वामी विवेकानंद एथेलेटिक स्टेडियम में आयोजित 45वीं एनटीपीसी जूनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता के शुभारंभ किया। उन्होंने 45वीं एनटीपीसी जूनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए अपनी शुभकामनाएं दी और खिलाड़ियों को उत्कृष्ठ प्रदर्शन के लिए उनका उत्साहवर्धन किया।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का यह सौभाग्य है कि प्रदेश को राष्ट्रीय ट्राइबल गेम्स के आयोजन का अवसर मिला है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलो इंडिया के माध्यम से देश की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के बहुत अच्छे अवसर मिल रहे हैं। साथ ही आज पूरे देश और प्रदेश में खेल को लेकर बेहतर वातारण तैयार हो रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेलों का विकास हमारी प्राथमिकता मे शामिल है। सरकार द्वारा सभी खेलों के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा को निखारने सभी सुविधाएं और प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में भी खेलो इंडिया के नये परिसरों की शुरुआत की गई है, इससे खेल प्रतिभाओं को सभी जरुरी सुविधाएं मिल रही हैं। राज्य में खेल अलंकरण समारोह का आयोजन किया जाता है जिससे खिलाड़ियों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाता है। हमारी सरकार ओलंपिक में शामिल होने वाले एथलीट को 21 लाख रुपये देगी। यदि हमारे प्रदेश का कोई युवा खिलाड़ी ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतता है तो उसे 3 करोड़, रजत पदक जीतने पर 2 करोड़ तथा कांस्य पदक जीतने वालों को एक करोड़ रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

    उल्लेखनीय है कि 45वीं एनटीपीसी जूनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन छत्तीसगढ़ प्रदेश आरचरी एसोसिएशन एवं छत्तीसगढ़ खेल एवं युवा कल्याण विभाग के तत्वावधान में किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता 22 से 30 दिसंबर तक आयोजित होगी। प्रतियोगिता में 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से लगभग 500 खिलाड़ी  हिस्सा ले रहे है। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव श्री विक्रम सिसोदिया, छत्तीसगढ़ प्रदेश आर्चरी एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं  राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कैलाश मोरारका, महासचिव आयुष मोरारका,  ईश्वर प्रसाद अग्रवाल सहित विभिन्न प्रदेशों से आए खिलाड़ी, कोच,मैनेजर तथा गणमान्यजन व खेलप्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

  • उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने बाबा महाकालेश्वर के किए दर्शन

    भोपाल 
    उपमुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल उज्जैन में बाबा महाकाल की भस्म आरती में सम्मिलित हुए। उन्होंने सपत्नीक बाबा महाकाल के दर्शन किए। उन्होंने विधिवत पूजन-अर्चन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। दर्शन के पश्चात श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सहायक प्रशासक श्री प्रतीक द्विवेदी द्वारा उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल का स्वागत एवं सम्मान किया गया। 

  • डिप्टी सीएम साव की बड़ी कार्रवाई, भ्रष्टाचार में संलिप्त लोक निर्माण विभाग के एक ईई और दो एसडीओ का निलंबन

    भ्रष्टाचार के लिए हमारी सरकार में कोई जगह नहीं : डिप्टी सीएम साव

    भ्रष्टाचार पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव का जीरो टॉलरेंस, 3 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से किया निलंबित

    डिप्टी सीएम साव की बड़ी कार्रवाई, भ्रष्टाचार में संलिप्त लोक निर्माण विभाग के एक ईई और दो एसडीओ का निलंबन

    रायपुर.

    जीरो टॉलरेंस की नीति पर अमल करते हुए प्रदेश के उप मुख्यमंत्री सह लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने भ्रष्टाचार में संलिप्तता और गिरफ्तारी पर लोक निर्माण विभाग के एक ईई और दो एसडीओ को निलंबित करने की कार्रवाई के आदेश दिए हैं। लोक निर्माण विभाग ने बीजापुर के नेलसनार-कोडोली-मिरतुल-गंगालुर मार्ग के निर्माण कार्य में हुए भ्रष्टाचार के संबंध में गंगालूर थाने में अपराध पंजीबद्ध होने के बाद विवेचना के दौरान प्रकरण में संलिप्तता पर लोक निर्माण विभाग के संभाग सुकमा के कार्यपालन अभियंता श्री हरनारायण पात्र, उपसंभाग क्रमांक-1 बीजापुर के अनुविभागीय अधिकारी श्री प्रमोद सिंह तंवर और सेतु उपसंभाग जगदलपुर के अनुविभागीय अधिकारी श्री संतोष दास को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

    उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने आज मंत्रालय से तीनों अभियंताओं के तत्काल प्रभाव से निलंबन के आदेश जारी किए हैं। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय प्रमुख अभियंता कार्यालय, नवा रायपुर निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में इन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

  • प्रदेश में सर्वाधिक बिजली की मांग 19371 मेगावाट का नया रिकार्ड दर्ज

    भोपाल 
    मध्यप्रदेश के इतिहास में सर्वाधिक बिजली की मांग का नया रिकार्ड गत दिवस 22 दिसंबर को प्रात: 10.40 बजे उस समय बना जब विद्युत की शीर्ष मांग 19371 मेगावाट दर्ज की गई। विशेष बात यह रही कि प्रदेश में सर्वाधिक बिजली की मांग की आपूर्ति निर्बाध रूप से की गई। इससे पूर्व 12 दिसंबर को प्रदेश में बिजली की मांग 19113 मेगावाट दर्ज हुई थी।

    प्रदेश में कैसी रही बिजली की मांग
    प्रदेश में जब बिजली की मांग 19371 मेगावाट पर दर्ज हुई, उस दौरान मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (जबलपुर, सागर व रीवा संभाग) में 5228 मेगावाट, मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (भोपाल व ग्वालियर संभाग) में 6022 मेगावाट, मध्यप्रदेश पश्चि‍म क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (इंदौर व उज्जैन संभाग) में 7743 मेगावाट, एस.ई.जेड में 45 मेगावाट एवं रेलवे में 333 मेगावाट बिजली की मांग दर्ज हुई।

     

  • डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश के सांस्कृतिक अभ्युदय के लिए प्रतिबद्ध है सरकार: राज्य मंत्री लोधी

    संपूर्ण भारत और वैश्विक पटल पर मध्य प्रदेश को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थल के रूप में रेखांकित करना हमारी प्राथमिकता
    मध्यप्रदेश पर्यटन की असीम संभावनाओं वाला प्रदेश  
    पिछले साल 14 करोड़ से अधिक पर्यटकों का हुआ आगमन
    पर्यटन के उत्कृष्ट कार्यों के लिये विभाग को पिछले 2 वर्षों में 18 से अधिक पुरस्कारों और सम्मानों से किया गया सम्मानित
    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा देश
    900 करोड़ रूपये से अधिक की लागत से 20 सांस्कृतिक और धार्मिक लोकों का निर्माण  
    वैश्विक पटल पर 10 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों और भोपाल, इंदौर एवं महेश्वर को क्रिएटिव सिटी के रूप में विकसित करना सरकार की प्राथमिकता
    प्रदेश की जीडीपी में पर्यटन का योगदान बढ़ाकर 10 प्रतिशत करना हमारा लक्ष्य

    भोपाल
    पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का सांस्कृतिक पुर्नजागरण हो रहा है। डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व में हमारी सरकार प्रदेश के सांस्कृतिक अभ्युदय के लिए प्रतिबद्ध है। पर्यटन की दृष्टि से मध्यप्रदेश संपूर्ण भारत में एवं वैश्विक पटल पर सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थल के रूप में रेखांकित हो ऐसी हमारी प्राथमिकता है। आने वाले समय में निश्चित ही आपको पर्यटन और संस्कृति के क्षेत्र में अनेक अद्वितीय कार्य देखने को मिलेंगे। भारत के कुल 69 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों में से 18 विरासत स्थल मध्यप्रदेश में हैं। विगत 2 वर्षों में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये 400 से अधिक होमस्टे का निर्माण कर प्रारंभ किये गये हैं। जिनसे ग्रामीण परिवारों को 7 करोड़ से अधिक का व्यवसाय प्राप्त हुआ है। सरकार का लक्ष्य 1000 हजार होम स्टे निर्माण करने का है। पर्यटन के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिये रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव और मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट जैसे बड़े आयोजन किये गये हैं। इन आयोजनों के माध्यम से लगभग 10 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुये हैं। राज्य मंत्री श्री लोधी मंगलवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में विकास और सेवा के 2 वर्ष पर केन्द्रित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर अपर प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड डॉ. अभय अरविंद बेडेकर, संचालक संस्कृति विभाग श्री एन. पी. नामदेव तथा विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे।

    राज्य मंत्री श्री लोधी ने कहा कि ओमकारेश्वर को अद्वैत लोक के रूप में विकसित किया जा रहा है। जिसके प्रथम चरण में आदि शंकराचार्य की 108 फीट ऊँची प्रतिमा स्थापित की जा चुकी है तथा द्वितीय चरण में अद्वैत लोक के निर्माण हेतु रूपये 2424 करोड़ से अधिक राशि की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। पर्यटन के क्षेत्र में सरकार द्वारा जो विकास कार्य एवं नवाचार किये गये हैं, उसी का परिणाम है कि पिछले साल मध्यप्रदेश की धरती पर 14 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन हुआ है तथा प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है जो देश में सर्वाधिक है। पर्यटन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिये विभाग को पिछले 2 वर्षों में 18 से अधिक पुरस्कारों और सम्मानों से सम्मानित किया गया है। प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये हमारी सरकार द्वारा 900 करोड़ रूपये से अधिक की लागत से 20 सांस्कृतिक और धार्मिक लोकों का निर्माण किया जा रहा है, जो लगभग पूर्णता की ओर है। विगत 2 वर्षों में सरकार द्वारा भगवान श्री राम को समर्पित श्री रामचन्द्र वनगमन पथ की संकल्पना को मूर्त रूप प्रदान किया गया है, और युग अवतार भगवान श्री कृष्ण पर केंद्रित श्री कृष्ण पाथेय योजना की संकल्पना को स्वीकृति प्रदान की गई है।

    सरकार द्वारा प्रदेश के सभी जिलों का साहित्यिक गैजेटियर तैयार किये जा रहे हैं। विगत 2 वर्षों में 15 जिलों के साहित्यिक गैजेटियर तैयार किये जा चुके हैं। इसके साथ ही हमारी सरकार द्वारा उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर, सागर, पन्ना, जबलपुर, महेश्वर जैसे अनेक स्थानों पर विशिष्टता को सम्मिलित करते हुये पूरे प्रदेश में संग्रहालयों की एक नवीन श्रृंखला का निर्माण किया जा रहा है। संस्कृति के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने 8 विश्व कीर्तिमान स्थापित किये हैं। विगत 2 वर्षों में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत लगभग 25 हजार तीर्थ यात्रियों को लाभान्वित किया गया है। इसके साथ हीं विगत 2 वर्षों में 132 शासन संधारित मंदिरों का जीर्णोद्धार भी हमारी सरकार द्वारा किया गया है। आने वाले समय में हमारा लक्ष्य प्रदेश की जीडीपी में पर्यटन का योगदान बढ़ाकर 10 प्रतिशत करना है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिये आने वाले समय में 500 नये होटलों के माध्यम से 20 हजार कक्षों और 500 मार्ग सुविधा केन्द्रों का निर्माण किया जाएगा। समावेशी विकास एवं सेफ टूरिज्म के लिए 50 हजार महिलाओं और बालिकाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। वैश्विक पटल पर 10 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों और भोपाल, इंदौर एवं महेश्वर को 'क्रिएटिव सिटी' के रूप में विकसित करना हमारी सरकार की प्राथमिकता है।

    दो वर्षों की उपलब्धियाँ

    मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना

        मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में 20 ट्रेनों का सफल संचालन कर 16 हजार तीर्थयात्रियों को लाभान्वित किया गया।

        वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 08 ट्रेनों का सफल संचालन कर 6 हजार 400 तीर्थयात्रियों को लाभान्वित किया गया।

        25 वायुयानों से 800 यात्रियों को लाभान्वित किया गया।

        मंदिरों का जीर्णोद्धार

        विगत दो वर्षों में शासन संधारित 132 मंदिरो के जीर्णोद्धार के कार्य स्वीकृत किये गये।

        शासन संधारित मंदिरों के पुजारियों के लिये लगभग 32 करोड़ का अनुदान आबंटित किया गया है।

        शासन संधारित देवालयों में पुजारियों के लिये उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किये गये।  

        पुजारियों के मानदेय में वृद्धि की गई।

        शासन संधारित देवस्थानों का दस्तावेजीकरण

        प्रदेश के सभी जिलों में स्थित शासन संधारित देवस्थानों का दस्तावेजीकरण किया गया। जिसका डिजिटलाइजेशन का कार्य प्रकियाधीन है।

    नवाचार

        धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग एवं स्कूल ऑफ प्लानिंग एण्ड आर्किटेक्चर के बीच विरासत संरक्षण, रेट्रोफिंटिंग और स्मारकों के पुनर्वास, मंदिर परिसरों और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के दायरे में आने वाली सुविधाओं सहित परामर्श सेवाओं के सभी पहलुओं को शामिल कर समझौता एम.ओ.यू. किया गया।

    पर्यटन विभाग

    दो वर्षों की उपलब्धियाँ

    नई पर्यटन नीति -2025 एवं नई फिल्म पर्यटन नीति -2025

        मध्यप्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने तथा पर्यटन के क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने के लिये नई पर्यटन नीति 2025 बनाई गई, जिसके तहत पर्यटन के क्षेत्र में निवेश से संबंधित प्रावधानों को अधिक पारदर्शी और सरल किया गया ।

        मध्यप्रदेश में फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने तथा इस क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने के लिये नई फिल्म पर्यटन नीति 2025 बनाई गई, जिसके तहत फिल्म निर्माण से संबंधित अनुमतियों एवं अनुदान संबंधी अधिक पारदर्शी प्रावधान किये गये हैं, साथ ही स्थानीय विषयों एवं मध्यप्रदेश की संस्कृति एवं विरासत से संबंधित विषयों पर फिल्म निर्माण हेतु अतिरिक्त अनुदान की व्यवस्था की गई है।

        अंतरराज्यीय पर्यटन वायु सेवा एवं  पर्यटन हेली सेवा का प्रारंभ

        मध्यप्रदेश के पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों को वायुसेवा से जोड़ने के लिये पीएमश्री पर्यटन वायु सेवा प्रारंभ की गई है।

        पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा से मध्यप्रदेश के इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सिंगरौली, खजुराहो, उज्जैन एवं सतना को जोड़ा गया।

        प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘पर्यटन हेली सेवा’ प्रारंभ की गई है, जिससे प्रदेश को तीन सेक्टर में बांटकर सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों को वायु सेवा से जोड़ा गया है।

    विश्व धरोहर विस्तार    

        वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश के 15 और स्थलों को यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में शामिल किया गया यह दर्शाता है कि राज्य की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विविधता विश्व मानकों पर खरा उतरती है। भारत के कुल 69 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों में से 15 विरासत स्थल मध्यप्रदेश में हैं।

        ओरछा, माण्डू एवं सतपुड़ा टाइगर रिजर्व को यूनेस्को की विश्व धरोहर की सूची में सम्मिलित करने हेतु  नॉमिनेशन डोजियर यूनेस्को को प्रस्तुत।

        भेड़ाघाट एवं लम्हेटाघाट को विश्व धरोहर सूची में सम्मिलित करने हेतु नॉमिनेशन डोजियर शीघ्र  प्रस्तुत किया  जा रहा है।

        अधोसंरचना विकास

        कुशाभाऊ कन्वेशन सेन्टर, भोपाल को अंतर्राष्ट्रीय कन्वेशन सेंटर के रूप में विकसित किए जाने का कार्य प्रारंभ (राशि रू. 99.38 करोड़)

        उज्जैन में हेरीटेज होटल सम्राट विक्रमादित्य, शहडोल में सरसी आईलैण्ड एवं पचमढ़ी में होलट निलाम्बर स्काई लाइन का संचालन प्रारंभ किया गया।

        विभाग द्वारा अभिनव पहल करते हुये प्रदेश में महिलाओं द्वारा संचालित एकमात्र एमपीटी होटल अमलतास, पचमढ़ी का संचालन प्रारंभ किया गया।

        तीन नवीन फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट का निर्माण किया गया ।

        ओरछा अ मेडिवल स्पलेंडर का कार्य प्रारंभ (राशि रू. 99.92 करोड़)

        फूलबाग क्षेत्र ग्वालियर, चित्रकूट के घाट, पीताम्बरा पीठ दतिया, अमरकंटक, दुर्गादास की छतरी का विकास का कार्य रूपये 300 करोड़ की लागत से प्रारंभ किये गये।

        चंदेरी में देश के प्रथम क्राफ्ट टूरिज्म विलेज का निर्माण किया गया है। महेश्वर एवं कुक्षी (घाट) में कार्य प्रारंभ किए जा चुके हैं।

        विगत 2 वर्षों में पूरे प्रदेश में 8000 से अधिक कक्षों का निर्माण नवीन होटलों एवं रिजॉर्ट्स में कराया गया। नागरिक अधोसंरचना परियोजनाओं की निगरानी के लिये कार्य प्रबंधन साफ्टवेयर एवं पट्टे पर दी गई सम्पत्तियों के रख रखाव के लिये लीज प्रबंधन साफ्टवेयर का उपयोग प्रारंभ किया गया।

  • प्रदेश के 65 हजार से अधि​क मतदान केंद्रों पर हुआ प्रारुप मतदाता सूची का प्रकाशन

    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री संजीव कुमार झा ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को प्रारूप प्रकाशन के संबंध में दी जानकारी

    भोपाल
    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री संजीव कुमार झा ने मंगलवार को निर्वाचन सदन, भोपाल में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन की जानकारी दी। इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री झा ने राजनीतिक दलों को प्रारूप सूची की सीडी भी प्रदान की.

    बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राम प्रताप सिंह जादौन, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजय कुमार श्रीवास्तव, श्रीमती सुरभि तिवारी, श्री राजेश यादव सहित भाजपा के श्री भगवान दास सबनानी, कांग्रेस के श्री जे.पी. धनोपिया एवं श्री ललित सेन और आप पार्टी के श्री सी.पी. सिंह चौहान उपस्थित रहे।

    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री झा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) का कार्य 4 नवंबर से शुरू हुआ था.इस अवधि में बीएलओ द्वारा घर घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया गया. गणना पत्रक भरे गए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने बताया कि राज्य में इस कार्य में मतदाताओं की अभूतपूर्व भागीदारी देखने को मिली।

    उन्होंने बताया कि 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक दावा आपत्ति की प्रक्रिया चलेगी. इस अवधि में वास्तविक मतदाता अपना नाम जुड़वा सकते हैं या आपत्तियाँ दर्ज करा सकते हैं।

    युवा मतदाता जुडवा सकते हैं नाम
    मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री झा ने बताया कि जो युवा मतदाता 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं, वे ऑफलाइन या ऑनलाइन अपना नाम जुडवा सकते हैं। भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट Voters.eci.gov.in पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म-6 भरना होगा. इसके साथ ही ऑफलाइन के लिए बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान दिवस की बधाई दी

    पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न चौधरी श्री चरण सिंह की जयंती पर किया पुण्य स्मरण

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसान दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की लगन और अथक परिश्रम से ही देश के अन्न भंडार समृद्ध हैं। अन्नदाताओं का परिश्रम और प्रतिबद्धता वंदनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न चौधरी चरण सिंह जी की जयंती पर सादर नमन किया, उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने किसानों के कल्याण और कृषि विकास के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उल्लेखनीय है पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को सम्मान देने के लिए, उनकी जयंती किसान दिवस के रूप में मनाई जाती है।

     

  • उज्जैन बना म्यूजिक लॉन्च का साक्षी: राहु केतु का नया गीत ‘किस्मत की चाबी’ मुख्यमंत्री मोहन यादव की उपस्थिति में रिलीज़

    उज्जैन
    राहु केतु के मेकर्स ने अपना नया गाना ‘किस्मत की चाबी’ रिलीज़ कर दिया है और ये अब सभी प्लेटफॉर्म्स पर धूम मचा रहा है। पॉप स्टार राजा कुमारी और अभिनव शेखर की आवाज़ में, और संगीत व बोल भी अभिनव शेखर के है, ये ट्रैक जबरदस्त एनर्जी, जोश और दमदार सोशल मैसेज का परफेक्ट कॉम्बिनेशन है, जहां संगीत सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि सोच बदलने का जरिया बनता है। ये गाना मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की मौजूदगी में लॉन्च किया गया, और सीधे जुड़ता है राज्य के नशा मुक्ति अभियान से, जो समाज, परिवार और युवाओं पर नशे के असर से लड़ने का मिशन है। 

    ‘किस्मत की चाबी’ इस सोच को ताकत देता है कि जागरूकता, सही समय पर कदम और मिलकर जिम्मेदारी निभाने से सच में बदलाव आ सकता है। पुल्कित सम्राट, वरुण शर्मा और शालिनी पांडे पर फिल्माया गया ये गाना राहु केतु की कहानी से एकदम घुलमिल जाता है, और एडिक्शन जैसे गंभीर मुद्दे को भावुक, समझने लायक और रिलेट करने जैसा बनाता है। ये गाना याद दिलाता है कि बदलाव की शुरुआत सोच से होती है और सही सपोर्ट, समझ और हौसला सब कुछ बदल सकता है।

    विपुल गर्ग द्वारा निर्देशित और ज़ी स्टूडियोज द्वारा प्रस्तुत ‘राहु केतु’ ज़ी स्टूडियोज और बीलाइव प्रोडक्शंस की फिल्म है, जो किस्मतों की टक्कर, ग्रहों की गड़बड़ी और मस्तीभरे हाहाकार के बीच जबरदस्त एंटरटेनमेंट का वादा करती है। राहु केतु 16 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।

  • मुख्यमंत्री साय बोले – छत्तीसगढ़ में कौशल-एकीकृत औद्योगिक विकास को मिल रही नई गति

     

    GAIL का 10,500 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट बना प्रमुख आकर्षण

    रायपुर

    भविष्य-उन्मुख कौशल विकास के साथ औद्योगिक विकास को सुदृढ़ रूप से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए, छत्तीसगढ़ शासन के कौशल विकास विभाग एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा 23 दिसंबर 2025 को छत्तीसगढ़ स्किल टेक का आयोजन किया गया। यह उद्योग-केंद्रित निवेश कार्यक्रम प्रधानमंत्री सेतु योजना (PM SETU) के अंतर्गत कौशल विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।

    इस कार्यक्रम के दौरान विभिन्न निवेश प्रस्तावों पर समझौता ज्ञापन (MoUs) हस्ताक्षरित किए गए तथा निवेश आमंत्रण पत्र जारी किए गए। कुल मिलाकर 13,690 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावित निवेश सामने आए हैं, जिनसे राज्य में 12,000 से अधिक रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। ये निवेश विभिन्न क्षेत्रों में कौशल-आधारित रोजगार को मजबूती प्रदान करेंगे।

    कौशल-आधारित औद्योगिक विकास की धुरी बना गेल का प्रोजेक्ट

    निवेश प्रतिबद्धताओं में गेल (GAIL) का प्रस्तावित गैस-आधारित उर्वरक संयंत्र राज्य के लिए एक प्रमुख एवं सबसे बड़े औद्योगिक प्रस्तावों में से एक के रूप में उभरकर सामने आया।
    लगभग 10,500 करोड़ रुपये के प्रथम चरण निवेश तथा 1.27 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MMTPA) यूरिया उत्पादन क्षमता के साथ यह परियोजना छत्तीसगढ़ को देश के डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल एवं उर्वरक मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करेगी।

    यह प्रस्तावित परियोजना गेल की मुंबई-नागपुर-झारसुगुड़ा प्राकृतिक गैस पाइपलाइन (MNJPL) के साथ प्लान की गई है, जो अनुकूल तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता पर आधारित होगी। यह परियोजना राजनांदगांव जिले के बिजेतला क्षेत्र में 400 एकड़ से अधिक भूमि पर प्रस्तावित है, जबकि 100 एकड़ अतिरिक्त भूमि एक समर्पित टाउनशिप के लिए आरक्षित की गई है।परियोजना में भविष्य में मांग एवं अधोसंरचना की उपलब्धता के अनुरूप क्षमता विस्तार का भी प्रावधान रखा गया है।

    परियोजना के संचालन में आने के पश्चात लगभग 3,500 प्रत्यक्ष रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। इसके साथ ही संचालन, तकनीकी सेवाओं, लॉजिस्टिक्स, मेंटेनेंस तथा संबद्ध क्षेत्रों में कुशल मानव संसाधन की निरंतर मांग उत्पन्न होगी, जो राज्य के कौशल-एकीकृत औद्योगिकीकरण के दृष्टिकोण को और सशक्त करेगी।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा—“छत्तीसगढ़ का विकास मॉडल निवेश, रोजगार और कौशल को आपस में जोड़ने पर आधारित है। छत्तीसगढ़ स्किल टेक जैसे मंचों के माध्यम से हम निवेशकों के विश्वास को ज़मीनी स्तर पर परिणामों में बदल रहे हैं, ताकि राज्य में कुशल रोजगार के अवसर सृजित हों। इसके पीछे स्पष्ट नीतियाँ और प्रभावी क्रियान्वयन क्षमता हमारी ताकत है।”

    विविध क्षेत्रों में निवेश रुचि से मजबूत हुआ कौशल पारिस्थितिकी तंत्र

    गेल के अतिरिक्त, छत्तीसगढ़ स्किल टेक में परिधान एवं वस्त्र, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सोलर पैनल निर्माण तथा अन्य उभरते (सनराइज़) क्षेत्रों में भी निवेशकों की मजबूत रुचि देखने को मिली। ये सभी क्षेत्र राज्य की कौशल विकास प्राथमिकताओं एवं रोजगार सृजन लक्ष्यों के अनुरूप हैं।

    कार्यक्रम के दौरान जशपुर में स्थापित आदित्य बिरला स्किल सेंटर को भी एक महत्वपूर्ण उद्योग-प्रेरित कौशल पहल के रूप में रेखांकित किया गया, जिसका उद्देश्य पारंपरिक एवं उभरते क्षेत्रों में कार्यबल की क्षमताओं को सुदृढ़ करना और आजीविका के अवसर बढ़ाना है।
    छत्तीसगढ़ स्किल टेक राज्य में पहले से चल रहे निवेश गति को और आगे बढ़ाने वाला मंच सिद्ध हुआ है।

    उल्लेखनीय है कि पिछले एक वर्ष में छत्तीसगढ़ को 200 से अधिक परियोजनाओं के माध्यम से 7.83 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से लगभग 50 प्रतिशत परियोजनाएँ कार्यान्वयन चरण में प्रवेश कर चुकी हैं।

    उल्लेखनीय है कि कार्यान्वयन में चल रही परियोजनाओं में से 58 प्रतिशत राज्य द्वारा चिन्हित प्राथमिक (थ्रस्ट) क्षेत्रों से संबंधित हैं। ये निवेश राज्य के 26 जिलों में फैले हुए हैं, जो क्षेत्रीय संतुलन एवं औद्योगिक विविधीकरण पर छत्तीसगढ़ सरकार के विशेष फोकस को दर्शाता है।

    यह आयोजन छत्तीसगढ़ की उस उभरती पहचान को पुनः पुष्ट करता है, जहाँ औद्योगिक निवेश, कौशल विकास और समावेशी विकास एक-दूसरे के साथ समानांतर आगे बढ़ते हैं, ताकि आर्थिक प्रगति राज्य के युवाओं के लिए दीर्घकालिक और सार्थक आजीविका अवसरों में परिवर्तित हो सके।