• मुख्यमंत्री ने स्टेट सिचुएशन रूम से ली वर्षा और गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन की जानकारी

    अलर्ट रहें, वर्षा के चलते सावधानी रखकर अतिरिक्त व्यवस्थाएं रखें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    वर्षा को लेकर सीएम डॉ. यादव का अलर्ट, रखें अतिरिक्त सावधानी और व्यवस्थाएं

    मुख्यमंत्री ने स्टेट सिचुएशन रूम से ली वर्षा और गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन की जानकारी

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को मंत्रालय स्थित स्टेट सिचुएशन रूम से प्रदेश में हो रही वर्षा से उपजी परिस्थितियों एवं अनंत चतुर्दशी पर्व पर गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स एवं पुलिस अधीक्षकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से चर्चा कर वर्षा की जानकारी लेकर आपदा प्रबंधन एवं गणेश मूर्तियों के समुचित विसर्जन की व्यवस्थाओं का लाईव प्रदर्शन भी देखा। उन्होंने कहा कि सभी अलर्ट मोड में रहें और सतर्कता बरतें। कोई भी अप्रिय स्थिति निर्मित न होने पाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर उज्जैन, इंदौर, जबलपुर, रतलाम, ग्वालियर और भोपाल से वीसी से बात कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन की सभी व्यवस्थाएं अपडेट रहें। पूरा अमला सजग रहकर देर रात तक यह काम पूरा कर लें। वर्षा की स्थिति में अतिरिक्त सावधानी रखें। आवश्यक हो तो लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचायें। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स को बाढ़ आपदा राहत का बेहतर प्रबंधन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण किसी को भी परेशान न होना पड़े। इसके लिए समुचित तैयारी रखें। आपदा मोचन दल क्विक रिस्पांस कर प्रभावितों को रेस्क्यू करें। प्रभावितों की सहायता के लिए सभी पूरी संवेदनशीलता और मानवता की भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

    बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव गृह शिव शेखर शुक्ला, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, एडीजी सिविल डिफेंस सुप्रज्ञा श्रीवास्तव, एडीजी इंटेलिजेंस ए. साईं मनोहर, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े, अपर सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय आलोक सिंह सहित अधिकारी उपस्थित थे।

     

  • GST सुधार से किसान खुश, ट्रैक्टर पर अब 65 हजार रुपए की बचत संभव- कृषि मंत्री

    भोपाल 

     केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (agriculture minister shivraj singh chauhan) ने शनिवार को कहा कि एनडीए सरकार जीएसटी सुधारों के जरिए आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाने का काम लगातार कर रही है। इस जीएसटी सुधारों से कृषि उत्पादन की लागत कम होगी और उत्पादन भी बढ़ेगा। चौहान ने कहा कि इससे किसानों को सीधा लाभ होने वाला है। चौहान ने यह भी कहा कि अगले सीजन में बासमती चावल और अन्य प्रीमियम गैर-बासमती चावल किस्मों की मांग बढ़ने की उम्मीद है।

    केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को भोपाल में थे। उन्होंने नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी रिफॉर्म (Next-Generation GST Reforms) पर मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि यह सुधार किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आए हैं। चौहान ने कहा कि नए प्रावधानों में कई तरह की छूट दी गई हैं, जो किसानों और लखपति दीदियों के लिए वरदान सिद्ध होंगी। कृषि यंत्र सस्ते होंगे, उत्पादन की लागत घटेगी और खेती-किसानी का काम आसान बनेगा। चौहान ने जनहितैषी सोच के लिए पीएम मोदी एवं वित्त मंत्री सीतारमन का आभार व्यक्त किया।

    चौहान ने कहा कि जीएसटी परिषद ने हानिकारक वस्तुओं को छोड़ सभी उत्पादों को 5 और 18 फीसदी की दर पर लाने की हरी झंडी दे दी है। कई जरूरी चीजों पर टैक्स शून्य करने का भी फैसला लिया गया है। यह बदलाव देश में 22 सितंबर से नवरात्रि के पहले दिन से देखने को मिलेंगे।

    अब और भी सस्ता हो जाएगा ट्रैक्टर खरीदना

    चौहान ने कहा कि अगर हम जीएसटी सुधारों को देखें तो एक उदाहरण के तौर पर कोई टैक्टर 9 लाख रुपए में खरीदते थे, तो अब किसान को 65 हजार रुपए की बचत होगी। किसान को कम देना पड़ेगा। यदि ट्रैक्टर 35 एचपी का है, जिसकी कीमत 5 लाख 80 हजार होती थी, तो उसे 41 हजार रुपए की बजत होगी। 45 एचपी के ट्रैक्टर पर 45 हजार की बचत होगी। 50 एचपी के ट्रैक्टर पर 53 हजार रुपए की बचत होगी और 75 एचपी के ट्रैक्टर पर 63 हजार की बचत होगी। सिर्फ ट्रैक्टर पर बचत देखें तो नए जीएसटी रिफार्म से 25 हजार से 63 हजार तक की बचत किसानों को होगी।

    जैव उर्वरकों की तरफ प्रवत्ति बढ़ेगी

    कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जैव-कीटनाशक और सूक्ष्म पोषक तत्वों पर जीएसटी घटाई गई है, जिससे किसानों को लाभ होगा। साथ ही रासायनिक उर्वरकों से जैव उर्वरकों की तरफ किसानों की प्रवृत्ति निश्चित रूप से बढ़ेगी।

    डेयरी उत्पादकों को होगा फायदा

    कृषि मंत्री ने कहा कि जीएसटी सुधारों से डेयरी क्षेत्र में फायदा होगा। दूध और पनीर पर कोई जीएसटी नहीं होगा। इससे आम आदमी को लाभ होगा, मांग बढ़ेगी, दूध खरीदकर डेयरी उत्पाद, पशुपालकों को फायदा होगा। इससे स्वदेशी उत्पाद ज्यादा बिकेंगे। दूध के डिब्बों पर भी जीएसटी घटाई गई है।

  • बीना हादसा: सरपंच की हत्या, विधायक निर्मला स्प्रे के भाइयों के खिलाफ मामला दर्ज

    बीना 

     मध्य प्रदेश के सागर जिले के बीना से बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां बीना में एक सरपंच की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। बताया जा रहा है कि हत्या बेहद निर्मम तरीके से की गई है। हत्या के आरोप में जो दो लोग पकड़े गए हैं, दोनों भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता हैं। इतना ही नहीं बीना विधायक निर्मला स्प्रे के मुंहबोले भाई हैं। फिलहाल पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरु कर दी है।

    दरअसल, बीना में स्थित देवल गऊशाला 5 सौ एकड़ जमीन से जुड़ा हुआ है। सरपंच लखन सिंह यादव का आरोप था कि इस जमीन पर बीना विधायक के करीबीयों ने कब्जा कर रखा है। इसके लिए बकायदा उन्होंने कलेक्टर को पत्र सौंपा था और उनके कब्जे से जमीन मुक्त कराने का आग्रह किया था और वहां गौशाला बनाने का प्रस्ताव रखा। सूत्रों की मानें तो विधायक ने अंदर ही अंदर सरंपच पर ये शिकायत वापस लेने के दवाब बनाया था।

    बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों में विवाद इतना बढ़ गया कि इसे लेकर एक दिन पहले ही बैठक की गई। इस बैठक में विधायक निर्मला स्प्रे, उनके मुंहबोले भाई सोवरन यादव व सुरेंद्र यादव भी शामिल रहे। इसी बैठक में सरपंच को भी बुलाया गया था, धमकाया गया। लेकिन बैठक में दोनों पक्षों में रजामंदी नहीं हो पाई। सूत्रों की मानें तो जैसे ही सरपंच अपनी बाइक लेकर बैठक से घर के लिए निकले लगभग शाम 5 से साढ़े 5 बजे के बीच विधायक के भाइयों ने उसका पीछा किया और अपनी गाड़ी से सरपंच को बेरहमी से कुचल कुचल कर मार डाला।

    जानकारी के मुताबिक, जब सरपंच बैठक से घर के लिए आ रहा था, तो उसका छोटा भाई प्रमोद भी बाइक पर पीछे पीछे आ रहा था। उसने देखा कि सुरेंद्र और सोवरन ने सरपंच को मारने के लिए गाड़ी उस पर चढ़ा रहे हैं। उसने बताया कि कहीं हमलावर उसे भी न मार दें इसलिए वह खेत में छिप गया, जहां से उसने अपनी आंखों से यह हत्याकांड देखा। जैसे ही हमलावर भाई को मारकर निकले तो वह घटनास्थल पर पहुंचा और शोर मचाया।

    वहीं दूसरी तरफ दोनों आरोपी थाने पहुंच गए और वहां जाकर कहा कि उनकी गाड़ी से एक्सीडेंट हो गया है। लेकिन घटनास्थल का मुआयना करने के बाद पुलिस ने देखा कि कई किलोमीटर तक खून फैला हुआ है और मृतक को बेरहमी से कुचल कुचल कर मारा है। इसके साथ ही सरपंच के भाई के बयानों के बाद दोनों आरोपियों सुरेंद्र और सोवरन के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा।

     

  • महिला आरक्षक दुष्कर्म मामला: पूर्व मंत्री भेड़िया ने डिप्टी कलेक्टर की सुरक्षा देने की शिकायत की

    बालोद

    बीजापुर डिप्टी कलेक्टर पर महिला आरक्षक ने गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले में एफआईआर के बाद जिला एवं सत्र न्यायालय से जमानत याचिका खारिज होने, FIR के 22 दिन बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने और मुख्य सचिव सहित बीजापुर कलेक्टर को पीड़िता द्वारा निलंबन कार्रवाई के लिए लिखे गए पत्र पर कोई कार्रवाई नहीं होने पर पूर्व मंत्री एवं वर्तमान विधायक अनिला भेड़िया ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोपी डिप्टी कलेक्टर को बचाने के उद्देश्य से बालोद पुलिस पर भाजपा सरकार के दबाव में काम करने का गंभीर आरोप लगाया है।

    बता दें कि पीड़िता ने बीजापुर में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके के खिलाफ शादी का झांसा देकर लगातार आठ वर्षों से शारीरिक शोषण करने, तीन बार जबरदस्ती गर्भपात कराने और लाखों रुपए लेने का आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर डौंडी थाने में लिखित शिकायत भी की है। बीएनएस की धारा 69 के तहत अपराध पंजीबद्ध होने के 22 दिन गुजर जाने के बाद भी आरोपी डिप्टी कलेक्टर फरार है। वहीं पीड़िता द्वारा बैंक स्टेटमेंट जमा करने के बाद भी आज पर्यंत तक आर्थिक शोषण किए जाने की धारा भी नहीं जोड़ी गई है।

    इस मामले को लेकर पूर्व महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री अनिला ने उक्त पीड़िता समेत पूरे प्रदेश में महिलाओं के साथ हो रहे अन्याय और अनाचार के दोषियों को संरक्षण देने का आरोप भाजपा सरकार पर लगाया है। अनिला भेड़िया ने कहा कि महिलाओं के सम्मान की बात करने वाली भाजपा सरकार महिलाओं के साथ अनाचार करने वालों को बचाने के लिए अपराधियों के साथ खड़े होकर ऐसे ही सम्मान करती है। अभी तक इतने दिन बीत जाने के बाद भी डिप्टी कलेक्टर को जमानत का लाभ दिलाने जानबूझकर गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है। पुलिस भाजपा सरकार के दबाव में काम कर रही है इसीलिए पूरे प्रदेश की कानून व्यवस्था चरमरा गई है।

    पीड़िता से मिलेगी पूर्व मंत्री अनिला भेड़िया
    विधायक एवं पूर्व मंत्री अनिला भेड़िया ने कहा कि वो पीड़िता से मिलेगी। पीड़िता को न्याय दिलाने और बालोद जिले की लचर पुलिसिया कार्यप्रणाली को लेकर डीजी और आईजी से भी बात की जाएगी। उन्होंने कहा, डिप्टी कलेक्टर के शोषण की शिकार युवती सहित प्रदेश की हर महिला के साथ वे खड़ी हैं।

  • फर्स्ट फ्लोर से कूदकर घायल हुई छात्रा, भोपाल के कार्मल कॉन्वेंट स्कूल में हादसा

    भोपाल
    ध्य प्रदेश की राजधानी के गोविंदपुरा थाना क्षेत्र स्थित कार्मल कॉन्वेंट स्कूल में शनिवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब 6वीं कक्षा की छात्रा ने अचानक फर्स्ट फ्लोर से छलांग लगा दी। यह घटना सुबह 7:30 बजे की बताई जा रही है। छात्रा उस समय स्कूल आई थी क्योंकि आज उसका 6th क्लास का एग्जाम था। 

    अचानक बच्चों के बीच हुई इस घटना से पूरे स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। छलांग लगाने के बाद छात्रा के हाथ और पैर में फ्रैक्चर हो गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसका उपचार जारी है। 

    स्कूल परिसर में लगे CCTV फुटेज में साफ दिख रहा है कि छात्रा ने खुद ही छलांग लगाई। घटना के बाद पुलिस को भी सूचना दी गई, फिलहाल गोविंदपुरा थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है और इस कदम के पीछे की वजहों की पड़ताल में जुटी है 

    स्कूल की पहली मंजिल से गिरी छात्रा, हालत गंभीर

    जानकारी के मुताबिक, घटना के वक़्त छात्रा बहुत सारे बच्चों के साथ थी. हालांकि वो अचानक पहली मंजिल से गिरते हुई नजर आई. पुलिस ने मामले को संदिग्ध बताया, जबकि पिता बोले- 'मैं नहीं कह सकता कैसे ये हादसा हुआ?'
    निजी अस्पताल में कराया गया भर्ती 

    बच्ची के पिता ने बातचीत में कहा कि बच्ची का अस्पताल में इलाज जारी. उन्होंने बताया कि स्कूल से बच्ची की गिरने की सूचना मिली थी, जिसके बाद मैं स्कूल पहुंचा था. अभी तक स्कूल प्रबंधन से बात नहीं हुई है. 

    उन्होंने बताया कि स्कूल प्रबंधन ने सीसीटीवी दिखाया था, जिसमें बच्ची गिरते हुए नजर अजर आ रही थी.  

    छात्रा की कराई जा रही सीटी स्कैन जांच घायल छात्रा को पिपलानी स्थित बालाजी अस्पताल में भर्ती कराया है। उसकी सीटी स्कैन आदि जांच भी कराई जा रही हैं। फिलहाल उसकी मौसी ही वहां मौजूद हैं। छात्रा को कितनी चोट आई हैं, इसकी पूरी जानकारी शाम तक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    पांच बहनों में सबसे छोटी है छात्रा छात्रा की मौसी पिंकी के अनुसार, पिता गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल क्षेत्र में एक फैक्ट्री में काम करते हैं। वहीं उसकी मां फिलहाल चेन्नई गई हुई हैं। घायल छात्रा पांच बहनों में सबसे छोटी है। उसकी अन्य चार बहनों में दो बड़ी बहनें एलएलबी कर रही हैं। वहीं, एक बहन 8वीं और दूसरी 11वीं में है।

    बच्ची के पिता ने क्या बताया?

    पिता का कहना है कि बच्ची ने छलांग लगाई है या गिर गई है… कुछ कह नहीं सकते. मेरी बच्ची को खेलने कूदने का शौक है. हो सकता है उस कारण ये हादसा हुआ.
    मामले की हो रही जांच-एडिशनल डीसीपी

    एडिशनल डीसीपी गौतम सोलंकी ने बताया कि बच्ची के गिरने की सूचना मिली है. मामले की जांच की जा रही है. फिलहाल निजी अस्पताल में बच्ची का इलाज जारी है. पूछताछ करने के बाद ही पूरा मामला सामने आ पाएगा.

    उन्होंने बताया कि बच्ची पहली मंजिल से गिरी है. पूछताछ के बाद ही साफ होगा कि बच्ची गिरी  है या छलांग लगाई है… गौतम सोलंकी ने बताया कि एग्जाम शुरू होने के पहले ये घटना हुई है. 

  • बाढ़ का खतरा: गेरसा बांध टूटा, 30 एकड़ में फसलें प्रभावित, किसानों की मुश्किलें बढ़ीं

    सरगुजा

    छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश के बाद नदियों नालों का जलस्तर बढ़ गया है. सरगुजा के लुंड्रा विकासखंड के ग्राम पंचायत गेरसा में आज सुबह अचानक तेज बहाव के और अधिक जलस्तर के चलते गेरसा बांध टूट गया है, जिससे क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल है. बांध के टूटने से नीचे की ओर लगभग 30 एकड़ फसल पानी में डूबकर खराब होने की आशंका जताई जा रही है. सूचना मिलते ही कलेक्टर ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया.

    जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 9 बजे जब चरवाहे अपने मवेशी चराने जंगल की ओर जा रहे थे, तभी उन्हें पानी की तेज आवाज सुनाई दी. मौके पर पहुंचने पर पता चला कि बांध के एक साइड गेट के पास सुराख बन गया था, जो धीरे-धीरे बढ़ते-बढ़ते लगभग 3 मीटर चौड़ा हो गया और बांध का हिस्सा टूट गया. अचानक पानी फैल जाने से किसान और ग्रामीण परेशान हैं.

    मौके पर पहुंची प्रशासन और एरिगेशन विभाग की टीम
    घटना की जानकारी मिलते ही एरिगेशन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन पानी की अधिकता के चलते कोई ठोस बचाव कार्य शुरू नहीं हो पाया है. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मिट्टी का कटाव जारी रहा तो पूरा बांध क्षतिग्रस्त हो सकता है. अधिकारियों ने बताया कि पानी का स्तर कम होने के बाद ही बांध को दोबारा बांधने या मरम्मत का कार्य किया जा सकेगा.

    कब बना था गेरसा बांध?
    गेरसा जलाशय बांध का निर्माण 1991-92 में किया गया था. तीन दशक पुराने इस बांध की मजबूती पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं, लेकिन अब टूटने से बड़ी समस्या सामने आ गई है. बांध के टूटने से ग्रामीणों की फसलों पर भी खतरा मंडरा रहा है.

  • शराब घोटाला मामला: चैतन्य बघेल हिरासत में, सुनवाई की नई तारीख हुई फाइनल

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में आरोपी बनाए गए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। आज राजधानी रायपुर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की विशेष कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चैतन्य की पेशी हुई, जिसके बाद उन्हें अब 15 सितंबर तक के लिए न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। संभावना जताई जा रही है कि 15 सितंबर को ED इस मामले में चालान दाखिल कर सकती है।

    ED ने चैतन्य बघेल को जन्मदिन के दिन किया था गिरफ्तार
    21 जुलाई को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) रायपुर जोनल कार्यालय की ओर से प्रेस नोट में दी गई जानकारी के अनुसार, ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन 18 जुलाई को भिलाई निवास से धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया है। शराब घोटाले की जांच ईडी ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस घोटाले के कारण प्रदेश के खजाने को भारी नुकसान हुआ और करीब 2,500 करोड़ रुपये की अवैध कमाई (पीओसी) घोटाले से जुड़े लाभार्थियों की जेब में पहुंचाई गई।

    चैतन्य को शराब घोटाले से 16.70 करोड़ रुपये नगद मिले
    ईडी की जांच से पता चला है कि चैतन्य बघेल को 16.70 करोड़ रुपये की पीओसी प्राप्त हुई थी। उन्होंने उक्त पीओसी को मिलाने के लिए अपनी रियल एस्टेट फर्मों का इस्तेमाल किया था। यह पता चला है कि उन्होंने पीओसी की उक्त नकद राशि का उपयोग अपने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के विकास में किया था। पीओसी का उपयोग उनके प्रोजेक्ट के ठेकेदार को नकद भुगतान, नकदी के खिलाफ बैंक प्रविष्टियों आदि के माध्यम से किया गया था। उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ भी मिलीभगत की और अपनी कंपनियों का उपयोग एक योजना तैयार करने के लिए किया जिसके अनुसार उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के कर्मचारियों के नाम पर अपने “विठ्ठलपुरम प्रोजेक्ट” में फ्लैटों की खरीद की आड़ में अप्रत्यक्ष रूप से 5 करोड़ रुपये प्राप्त किए। बैंकिंग ट्रेल है जो इंगित करता है कि लेन-देन की प्रासंगिक अवधि के दौरान, त्रिलोक सिंह ढिल्लों ने अपने बैंक खातों में शराब सिंडिकेट से भुगतान प्राप्त किया।

    1000 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति का संचालन
    इसके अलावा, उन पर शराब घोटाले से उत्पन्न 1000 करोड़ रुपये से अधिक के पीओसी (POC) को संभालने का भी आरोप है। वह छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्कालीन कोषाध्यक्ष को पीओसी हस्तांतरित करने के लिए अनवर ढेबर और अन्य के साथ समन्वय करते थे। ईडी द्वारा की गई जांच से पता चला है कि इस शराब घोटाले से प्राप्त धनराशि को आगे निवेश के लिए बघेल परिवार के प्रमुख सहयोगियों को भी सौंप दिया गया था। इस धनराशि के अंतिम उपयोग की आगे जांच की जा रही है।

    पहले से गिरफ्त में हैं कई बड़े चेहरे
    ईडी ने इससे पहले पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, ITS अरुण पति त्रिपाठी और पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक कवासी लखमा को इस मामले में गिरफ्तार किया था। फिलहाल, मामले में आगे की जांच जारी है।

    ED की कार्रवाई के खिलाफ चैतन्य ने HC में लगाई याचिका
    गौरतलब है कि पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल ने सुप्रीम कोर्ट में ED द्वारा उनकी गिरफ्तारी और हिरासत की कार्रवाई को चुनौती देते हुए याचिका लगाई थी। याचिका में चैतन्य ने कहा था कि उनकी हिरासत गैरकानूनी है और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज करते हुए उन्हें पहले हाई कोर्ट जाने की सलाह दी थी। इसके बाद उन्होंने बिलासपुर हाई कोर्ट में ED की कार्रवाई के खिलाफ याचिका लगाई, जिस पर 12 अगस्त को हाई कोर्ट ने सुनवाई की और ईडी को नोटिस जारी कर 26 अगस्त तक जवाब मांगा है।

    जेल अधीक्षक को भी दिए निर्देश
    चैतन्य बघेल के वकील ने कोर्ट में बताया कि चैतन्य को जेल में पीने के लिए साफ पानी तक नहीं मिल रहा। जिस पर कोर्ट ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिए हैं। अब इस मामले की अगली सुनवाई 26 अगस्त को होगी।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दी अनंत चतुर्दशी की शुभकामनाएं

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को अनंत चतुर्दशी के अवसर पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने प्रभु श्रीहरि विष्णु और श्री गजानन गणेश से मध्यप्रदेश में चहुंओर विकास और खुशहाली का आशीर्वाद देने की प्रार्थना की है।

     

  • एग्जाम से ठीक पहले मेडिकल स्टूडेंट ने की आत्महत्या, जांच में जुटी पुलिस

    कोरबा

    मेडिकल कॉलेज के छात्र ने एक्जाम से घंटे भर पहले हॉस्टल में अपने कमरे में फांसी लगा ली. घटना की जानकारी मिलते ही मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मच गया. घटना की सूचना मिलते ही मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों के साथ सिविल लाइन थाना पुलिस की टीम जांच के लिए पहुंच गई.

    जानकारी के अनुसार, बिलासपुर निवासी मेडिकल कॉलेज के छात्र 24 वर्षीय हिमांशु कश्यप ने हॉस्टल के ए/13 कमरे में रह रहा था. आज उसका 11 बजे से फॉलोलैजी का एग्जाम था. इसके पहले ही उसने कमरे में फांसी लगा ली. इस बात की जानकारी मिलते ही मेडिकल कॉलेज के अधिकारी और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे.

    पढ़ाई में एक साल बेक में चल रहा हिमांशु फांसी लगाने से कुछ देर पहले मेडिकल कॉलेज के पास स्थित दुकान से रस्सी ख़रीद कर लाया था. सीसीटीवी फुटेज में मृतक रस्सी खरीदते हुए नजर आ रहा है. बहरहाल, इस घटना से कई सवाल खड़े हो गए हैं, जिनका उत्तर किसी के पास नहीं है.

  • मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े को मिली जान से मारने की धमकी, परिवार भी निशाने पर

    सूरजपुर

    महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और उनके परिवार को चौराहे पर सार्वजनिक रूप से घोटाले में फंसाने के साथ जान से मारने की धमकी देना युवक को भारी पड़ गया. ग्रामीण की शिकायत पर आरोपी युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है.

    दरअसल, कसकेला के रहने वाले रवि यादव ने भटगांव थाने में लिखित शिकायत दी थी कि गांव में रहने वाले रविन्द्र यादव ने मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े एवं उनके परिवार के घोटाले में फंसाने और सामने आने पर जान से मारने की धमकी दी है. भटगांव पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच की, जिसके बाद कार्रवाई करते आरोपी युवक को गिरफ्तार में किया है. मामले में पुलिस सौंपा गया शिकायत पत्र सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है.

  • 5 डिसमिल जमीन रजिस्ट्री पर रोक से लेन-देन प्रभावित, ऑनलाइन सुविधा ने बढ़ाई दिक्कतें

    रायपुर

    प्रदेश में जब से 5 डिसमिल से कम की कृषि जमीन की रजिस्ट्री पर रोक लगी है, तब से मानों जमीन खरीदी-बिक्री पर लगाम सी लग गई है. रायपुर जिले की बात करें तो पहले रोज रजिस्ट्री 200 से अधिक होती थी, लेकिन अब आंकड़ा बमुश्किल 150 पार हो रहा है.

    उल्लेखनीय है कि अधिकांश लोग 1000 वर्गफीट, 1500 वर्गफीट, 2000 वर्गफीट के प्लाट खरीदते हैं, लेकिन 5 डिसमिल से कम की जमीन की रजिस्ट्री बंद हो जाने से लोग छोटे साइज के प्लाट नहीं खरीद पा रहे हैं. दूसरी ओर बिल्डरों के प्रोजेक्ट को फायदा मिल रहा है.

    रजिस्ट्री को सुविधाजनक बनाने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की गई हैं, लेकिन इससे भी लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है. सभी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने और अपॉइंटमेंट लेने के बाद भी रजिस्ट्री पूरी नहीं हो पा रही है. कार्यालय के कंप्यूटर ऑपरेटरों को भी उतनी जानकारी नहीं रहती है. कई मामले उप पंजीयकों के हस्ताक्षर नहीं होने के चलते रुक गए हैं. उप पंजीयकों के छुट्टी में चले जाने से रजिस्ट्री जारी नहीं हो पाती है. भले ऑनलाइन से प्रक्रिया पूरी हो जाए.

    हाउसिंग बोर्ड, आरडीए के मामले अटक रहे
    हाउसिंग बोर्ड और आरडीए से मकान, फ्लैट, जमीन खरीदने वालों की रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है. रजिस्ट्री कराने के लिए कई लोग चक्कर काट रहे है. दरअसल लोगों को फ्लैट, मकान और प्लाट बेचे गए हैं, वे हाउसिंग बोर्ड या आरडीए के नाम पर – नहीं चढ़े हैं. इस कारण उसकी र रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है. ऐसे सैकड़ों 1 मामले पेंडिंग है. इसका अब तक समाधान नहीं निकाल पाए हैं.

    अवैध प्लाटिंग पर लगी रोक
    छोटे प्लाट की रजिस्ट्री पर लगने से आम लोगों की परेशानी बढ़ी है, तो दूसरी ओर अवैध प्लाटिंग में कमी दिख रही है. हालांकि, अवैध प्लाटिंग बंद नहीं हुई है. शहर के पुराना धमतरी रोड, सरोना, विधानसभा, कचना, नवा रायपुर, मंदिरहसौद आदि इलाकों में अवैध प्लाटिंग का खेल चल रहा है.

    लगातार छुट्टियों का भी असर
    लगातार सरकारी छुट्टी का भी असर रजिस्ट्री पर पड़ा है. शनिवार-रविवार के अलावा बीच के अन्य दिनों में अवकाश होने से रजिस्ट्री प्रभावित हुई है. इस सप्ताह भी शुक्रवार, शनिवार और रविवार को अवकाश हो गया. इसके बाद पितृपक्ष शुरू हो जाएगा, तो उसमें भी जमीन की खरीदी-बिक्री प्रभावित रहेगी.

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आपदा प्रभावित 17500 किसानों के खातों में की 20 करोड़ 60 लाख रूपये की राहत राशि अंतरित

    अन्नदाताओं की मुस्कान ही सरकार की ताकत : मुख्यमंत्री डॉ यादव

    किसानों के सुख-दुख में हमेशा साथ है सरकार: मुख्यमंत्री डॉ यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आपदा प्रभावित 17500 किसानों के खातों में की 20 करोड़ 60 लाख रूपये की राहत राशि अंतरित

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से प्रदेश के 11 जिलों के 17500 किसानों को 20 करोड़ 60 लाख रुपए बाढ़ राहत राशि का वितरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बीते दिनों प्रदेश में अतिवृष्टि (प्राकृतिक आपदा) के कारण फसलों को हुई क्षति के मुआवजे के रूप में प्रभावित किसानों के खातों में सिंगल क्लिक के जरिए इस राहत राशि का हस्तांतरण किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभावित किसानों से वर्चुअल संवाद करते हुए कहा है कि प्रदेश के अन्नदाताओं की खुशहाली और उनकी मुस्कान ही हमारी सरकार की ताकत है। मौसम की मार में हम किसानों को बेसहारा नहीं रहने देंगे। उन्होंने कहा कि जो होना था, हो चुका। हम अपने किसानों को उनकी फसल क्षति का समुचित मुआवजा दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्नदाताओं को भरोसा दिलाया कि प्रदेश का कोई भी किसान मौसम की मार पर बेसहारा नहीं रहेगा। हमारी सरकार सुख-दुख सहित हर परिस्थिति में किसानों के साथ है। सबको राहत राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

    कार्यक्रम में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर सचिव आलोक सिंह, आयुक्त राजस्व श्रीमती अनुभा श्रीवास्तव सहित अन्य विभागीय वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

    मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिलों में अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों से आत्मीय संवाद कर उनकी कुशल-क्षेम लेकर फसल क्षति और वर्तमान स्थिति की जानकारी भी ली।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिवपुरी के किसान राघवेन्द्र और जगत पाल, दमोह के सरदार सिंह और संग्राम सिंह, अशोकनगर के प्रदीप सिंह रघुवंशी और कल्याण सिंह, धार के ओमप्रकाश और जगदीश, छतरपुर के रमेश और प्रकाश, रायसेन के अरविंद और अमर सिंह से वर्चुअली संवाद किया। दमोह जिले में पर्यटन एवं संस्कृति राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी भी उपस्थित रहे। प्रभावित किसानों ने सरकार द्वारा त्वरित रूप से बाढ़ आपदा राहत राशि प्रदान करने पर मुख्यमंत्री डॉ यादव का आभार व्यक्त किया।

    उल्लेखनीय है कि इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा बीते अगस्त महीने में प्राकृतिक आपदा, अतिवृष्टि एवं बाढ़ से हुई विभिन्न क्षतियों से प्रभावित परिवारों की पीड़ा को ध्यान में रखते हुए 24 हजार 884 प्रभावितों को 30 करोड़ रुपये से अधिक की राहत राशि का वितरण किया था।

    राजस्व आयुक्त श्रीमती श्रीवास्तव ने बताया कि प्राकृतिक प्रकोपों से प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए राजस्व पुस्तक में प्रावधान किए गए हैं, जिससे प्रभावित परिवार अपनी आजीविका को पुनर्स्थापित कर सकें। इस मानसून सीजन में प्रदेश में 1031.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य से 25% अधिक है। सर्वाधिक वर्षा गुना में 1603 मिमी,श्योपुर में 1418.6 मिमी, मंडला में 1417.4 मिमी,रायसेन में 1403.2 मिमी और शिवपुरी में 1354.1 मिमी में हुई है।वर्ष 2025-26 में प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान के लिए विभिन्न मदों में अबतक कुल 188.52 करोड़ रुपये की राहत राशि वितरित की जा चुकी है।

     

  • एमपी में अडानी का बड़ा कदम: कोयला खदान संचालन की मिली 30 साल की मंजूरी

     सिंगरौली

    मध्य प्रदेश पावर प्लांट में देश के जाने माने उद्योगपति अडानी ग्रुप ने एंट्री की है। सिंगरौली जिले के धिरौली में अडानी पावर लिमिटेड कंपनी कोयला खदान का संचालन करेगी। कंपनी को खदान संचालन की स्वीकृति मिल गई है।अडानी पावर लिमिटेड ने बताया कि उसे भारत सरकार के कोयला मंत्रालय से मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में स्थित धिरौली खान में संचालन शुरू करने की मंजूरी मिल गई है।

    सिंगरौली के धिरौली खदान की पीक उत्पादन क्षमता सालाना 6.5 मिलियन टन है। 5 एमटीपीए उत्पादन ओपन कास्ट माइनिंग से और शेष भूमिगत खनन से होगा। ब्लॉक में 620 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) ग्रास जियोलाजिकल रिजर्व और 558 एमएमटी शुद्ध भंडार मौजूद है। खदान की ओपन कास्ट पीक रेट क्षमता वित्त वर्ष 2027 तक हासिल करने का लक्ष्य है, जबकि भूमिगत खनन की शुरुआत 9 साल बाद की जाएगी।

    धिरौली खदान की क्षमता और भंडार

    सिंगरौली की धिरौली खदान की सालाना पीक उत्पादन क्षमता 6.5 मिलियन टन (एमटीपीए) तय की गई है। इसमें से 5 मिलियन टन उत्पादन ओपन कास्ट माइनिंग से होगा, जबकि शेष हिस्सा भूमिगत खनन से निकाला जाएगा। खदान में 620 मिलियन मीट्रिक टन ग्रास जियोलाजिकल रिजर्व और लगभग 558 एमएमटी शुद्ध भंडार मौजूद है। योजना के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 तक ओपन कास्ट उत्पादन क्षमता पूरी तरह हासिल कर ली जाएगी, जबकि भूमिगत खनन की शुरुआत 9 साल बाद होगी।

    30 साल की लीज़ और ऊर्जा आपूर्ति

    अडानी पावर को इस ब्लॉक का संचालन 30 वर्षों के लिए लीज़ पर दिया गया है। धिरौली ब्लॉक से प्राप्त कोयला न केवल कंपनी की मर्चेंट पावर आवश्यकताओं को पूरा करेगा बल्कि सिंगरौली में स्थापित पावर प्लांट को भी आपूर्ति की जाएगी। यह कदम अडानी पावर के ऊर्जा उत्पादन और वितरण के नेटवर्क को और मजबूत करेगा।

    पावर प्लांट विस्तार की महत्वाकांक्षी योजना

    वर्तमान में धिरौली से जुड़े पावर प्लांट की क्षमता 1,200 मेगावाट है। कंपनी ने इसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर 3,200 मेगावाट तक विस्तारित करने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई है। इस विस्तार से न केवल प्रदेश बल्कि देशभर में ऊर्जा आपूर्ति को मजबूती मिलेगी और औद्योगिक व घरेलू उपभोक्ताओं को लाभ होगा।

    3,200 मेगावाट तक विस्तारित करने की योजना

    अडानी पावर के पास इस ब्लॉक की 30 साल की लीज़ है। धिरौली ब्लॉक से अडानी पावर की मर्चेंट पावर आवश्यकताओं को पूरा करेगा और साथ ही 1,200 मेगावाट क्षमता वाले पावर प्लांट को आपूर्ति भी करेगा, जिसे मौजूदा समय में 3,200 मेगावाट तक विस्तारित करने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम किया जा रहा है।

    क्या है डिटेल

    यह खान महन एनर्जेन लिमिटेड के स्वामित्व में है, जो अडानी पावर की सहायक कंपनी है। इस खान की पीक उत्पादन क्षमता 6.5 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) है। इसमें से 5 MTPA का उत्पादन FY27 तक ओपन-कास्ट (सतही) खनन से होने की उम्मीद है, जबकि शेष उत्पादन अंडरग्राउंड (भूमिगत) खनन से प्राप्त होगा। यह अडानी पावर का पहला कैप्टिव माइन है जिसे खनन संचालन शुरू करने की सरकारी मंजूरी मिली है। इस खान की ओपन-कास्ट पीक रेटेड कैपेसिटी (PRC) FY27 तक लक्ष्यित है, जबकि अंडरग्राउंड खनन नौ साल बाद शुरू होने की योजना है। अडानी पावर के पास इस ब्लॉक के लिए 30 साल का खनन लीज है, जो दीर्घकालीन संचालन की निरंतरता सुनिश्चित करता है।
    कंपनी ने क्या कहा

    अडानी पावर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) एस.बी. ख्यालिया ने कहा, “कच्चे माल की सोर्सिंग में पीछे की तरफ इंटीग्रेशन करके, हम न केवल इनपुट लागत को ऑप्टिमाइज कर रहे हैं बल्कि लाखों उपभोक्ताओं के लिए प्रतिस्पर्धी कीमत पर बिजली भी उपलब्ध करा पा रहे हैं। हमारी प्रतिबद्धता है कि खान का विकास जिम्मेदारी से किया जाए, और सभी स्टेकहोल्डर्स के लिए दीर्घकालीन मूल्य सृजन पर ध्यान रखा जाए।” धिरौली ब्लॉक से अडानी पावर की मर्चेंट पावर आवश्यकताओं पूरी होने की उम्मीद है और यह पास ही स्थित 1,200 मेगावाट (MW) महन पावर प्लांट को भी कोयला सप्लाई करेगा, जो वर्तमान में 3,200 MW के महत्वाकांक्षी विस्तार के तहत है।

  • BJP पर भड़के PCC चीफ दीपक बैज, बोले- प्रदेश को बना दिया हड़ताल का अड्डा

    जगदलपुर

    प्रदेश में एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) कर्मचारियों और मितानिनों की हड़ताल को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। दीपक बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने प्रदेश को हड़ताल का गढ़ बना दिया है।

    पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि पहले भाजपा ने मोदी गारंटी के नाम पर एनएचएम और मितानिन कर्मियों को वादा किया था, लेकिन अब मोदी गारंटी के नाम पर भाजपा झूठ बोलने का काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया है कि साय सरकार एनएचएम और मितानिनों की हड़ताल को बलपूर्वक दमन करने का काम कर रही है। दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस एनएचएम और मितानिन कर्मियों की मांगों को लेकर साथ खड़ी है।

  • मध्य प्रदेश में बारिश का खतरा, 12 जिलों में अगले 24 घंटे में जलभराव का अलर्ट

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश में स्ट्रांग सिस्टम एक्टिव होने की वजह से लगातार बारिश का दौर चल रहा है। शनिवार को भी प्रदेश के 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। भोपाल में सुबह से बारिश हो रही है। शुक्रवार को इंदिरा सागर समेत 5 डैम के गेट खोलने पड़े। मौसम विभाग ने जिन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, उनमें उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, झाबुआ, धार, शाजापुर, राजगढ़, गुना और श्योपुर शामिल हैं। यहां अगले 24 घंटे में ढाई से साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है।

    20 जिलों में गिरा पानी
    शुक्रवार को उज्जैन में सवा 2 इंच और इंदौर में डेढ़ मिमी पानी गिर गया जबकि शिवपुरी में 1 इंच बारिश हुई। इसके अलावा भोपाल, दतिया, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, रतलाम, सिवनी, टीकमगढ़, बालाघाट, धार, बड़वानी, श्योपुर, दतिया, विदिशा, मुरैना समेत कई जिलों में हल्की बारिश का दौर जारी रहा।

    इसलिए हो रही तेज बारिश
    मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश में शुक्रवार को बारिश के तीन स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव रहे। इनमें एक मानसून समेत दो ट्रफ, एक लो प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) शामिल हैं। शनिवार को भी सिस्टम की एक्टिविटी देखने को मिल सकती है इसलिए कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

    प्रदेश में 40.6 इंच हुई बारिश
    मौसम विभाग के अनुसार, एमपी में अब तक 40.6 इंच बारिश हो चुकी है, जो सीजन की 110 प्रतिशत है। अब तक 32.4 इंच बारिश होनी थी। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। पिछले मानसूनी सीजन में औसत 44 इंच बारिश हुई थी। गुना सबसे बेहतर है यहां 63.1 इंच बारिश हो चुकी है। गुना में सामान्य से 30 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। श्योपुर में 55.8 इंच, मंडला में 55.8 इंच और शिवपुरी में 53.3 इंच बारिश हुई है। इंदौर और उज्जैन संभाग के हैं। खरगोन में सबसे कम 25.1 इंच, खंडवा में 25.4 इंच, बुरहानपुर में 25.5 इंच, बड़वानी में 25.6 इंच और शाजापुर में 26.2 इंच बारिश हो चुकी है। 

  • महाकाल मंदिर में दर्शनीय क्षण: आशुतोष राणा ने नंदी हॉल से किए दर्शन और गाया शिव तांडव

    उज्जैन 

     फेसम फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा शुक्रवार को मध्य प्रदेश की धर्मनगरी उज्जैन में स्थित विस्व प्रसिद्ध 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा महाकाल के दरबार में पहुंचे। यहां उन्होंने नंदी हॉल में बैठकर शिव आराधना की और उसके बाद चांदी द्वार से बाबा महाकाल के दर्शन किए। बाबा महाकाल के दर्शन के बाद आशुतोष राणा ने नंदीजी का पूजन अर्चन किया और उनके कानों में अपनी मनोकामना भी कही। इसी के साथ मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने अपने अंदाज में शिव तांडव का स्त्रोत भी सुनाया।

    महाकालेश्वर मंदिर के सहायक प्रशासक मूलचंद जुनवाल क कहना है कि, आशुतोष राणा बाबा महाकाल के अनन्य भक्त हैं। उन्होंने महाकालेश्वर मंदिर में शिव तांडव स्तोत्र का पाठ नंदी हॉल में बैठकर किया। अभिनेता आशुतोष राणा ने महाकालेश्वर भगवान के दर्शन किए। पूजन पुजारी पं. जितेन्द्र शर्मा एवं पं. दिनेश त्रिवेदी द्वारा करवाया गया। इसके बाद उन्होंने बाबा महाकाल के सामने शीश नवाया।

    महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल एवं आशीष फलवाडिया द्वारा स्वागत व सत्कार किया गया। याद रहे कि आशुतोष राणा समय मिलते ही बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन आते हैं, बॉलीवुड के साथ-साथ मराठी, कन्नड़, तेलुगू, और तमिल फिल्म उद्योगों में भी सक्रिय हैं।

    'मुझ पर बाबा की परम कृपा'

    अभिनेता आशुतोष राणा ने बाबा महाकाल के दर्शन करने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि, कालों के कल बाबा महाकाल हमेशा अपना आशीर्वाद प्रदान करने के लिए मुझे बुलाते हैं। बाबा महाकाल तीनों लोगों के स्वामी हैं। यहां आकर मन आनंद से भर जाता है। बाबा की परम कृपा मुझ पर बनी हुई है। उन्होंने इस दौरान शिव तांडव स्त्रोत भी सुनाया।

  • इंदौर चूहाकांड के बाद पेस्ट कंट्रोल ठेका विवाद, 11 करोड़ का समझौता जोखिम में

    इंदौर

    इंदौर के एमवाय अस्पताल में दो नवजात बच्चियों के शरीर चूहों द्वारा कुतरे जाने और उनकी मौत के मामले में अस्पताल प्रबंधन पेस्ट कंट्रोल कंपनी पर जिम्मेदारी डाल रहा है। कंपनी से पेस्ट कंट्रोल का ठेका छीनने की तैयारी की जा रही है। एलाइजा कंपनी को नोटिस भी जारी कर दिया गया है। इस बार अस्पताल के बजट में कंपनी को 11 करोड़ रुपये देने की तैयारी थी, लेकिन अब उस पर भी संकट गहरा गया है।

    आमतौर पर काम प्रभावित न हो, इसलिए अलग-अलग एजेंसियों को हायर किया जाता है, लेकिन एमवाय अस्पताल प्रबंधन एक ही कंपनी पर मेहरबान था। उसे सफाई, पेस्ट कंट्रोल और सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया था। बताया जाता है कि कंपनी ने स्टाफ भी काफी कम रखा था, जिसके कारण व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही थीं।

    डेटा एंट्री ऑपरेटर कम होने से कई बार पर्चियां बनाने के लिए अस्पताल में लंबी कतारें लग जाती थीं। कंपनी अस्पताल बिल्डिंग के कुछ हिस्सों में ही पेस्ट कंट्रोल करती थी, जबकि परिसर में हजारों की संख्या में चूहों के बिल हैं। परिसर से चूहों को भगाने पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।

    पेस्ट कंट्रोल से पहले कंपनी ने कभी वार्डों को भी खाली नहीं कराया। आपको बता दें कि "चूहाकांड" के बाद एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित की गई है, जो मामले की जांच कर रही है। शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने अधीक्षक और डीन को हटाने की मांग की है।

     

  • शारिक मछली 9 साल बाद भी नहीं बरी, टीआई की भूमिका पर उठे सवाल

    भोपाल 

    भोपाल में लव और ड्रग्स जिहाद के आरोपों में घिरे मछली कारोबारी शारिक मछली के खिलाफ नौ साल पुराने मारपीट के मामले में पुलिस पूरक चालान पेश करने जा रही है। वर्ष 2016 में अशोका गार्डन निवासी राजेश तिवारी की शिकायत पर शारिक मछली, तारिक मछली, रिजवान और शोएब के खिलाफ धारदार हथियार से हमला, मारपीट और धमकी देने सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया था।

    जांच में तत्कालीन थाना प्रभारी ने दी थी क्लीन चिट
    इस मामले की जांच तत्कालीन थाना प्रभारी अनूप उइके ने की थी। उन्होंने शारिक और तारिक मछली को क्लीन चिट देते हुए सिर्फ रिजवान और शोएब के खिलाफ चार्जशीट पेश की थी। पुलिस ने चालान पेश करने में दो साल का समय लगा दिया। वहीं, जिन दो आरोपियों पर चालान पेश हुआ, वे भी करीब आठ साल से पेशी पर नहीं जा रहे हैं। न्यायालय द्वारा कई बार गिरफ्तारी वारंट जारी करने के बावजूद थाना पुलिस शारिक मछली के दबाव में आरोपियों को कोर्ट में पेश नहीं कर रही थी। इस मामले में लापरवाही और आरोपियों को बचाने के आरोपों को लेकर पुलिस आयुक्त कार्यालय ने अनूप उइके को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो विभागीय जांच की जाएगी।

    पीड़ित ने लगाए नए आरोप, दोबारा शुरू हुई जांच
    पीड़ित राजेश तिवारी ने हाल ही में एक वीडियो जारी कर शारिक मछली पर अपहरण, फार्महाउस में बंधक बनाने, मारपीट और अड़ीबाजी के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस आयुक्त और अशोका गार्डन थाना में भी की थी। पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्रा ने इस पर पुरानी फाइलों की दोबारा जांच के आदेश दिए हैं। थाना पुलिस ने अब वर्ष 2016 के केस की पुरानी फाइल खंगालना शुरू कर दी है और जल्द ही शारिक मछली के खिलाफ पूरक चार्जशीट कोर्ट में पेश की जाएगी।

  • ठेकेदार पर मेहरबान अफसर, रायपुर स्टेशन पार्किंग ठेका बिना लाइसेंस फीस के जारी

    रायपुर

    रायपुर रेलवे स्टेशन के गुढ़ियारी का नया पार्किंग ठेका हुआ है. लेकिन ठेका अलॉट होने और हेंडओवर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी ठेकेदार ने अब तक लाइसेंस फीस जमा नहीं की है. जबकि नियमों के मुताबिक पहले लाइसेंस फीस और एडवांस जमा किए जाने का प्रावधान है. सूत्रों के मुताबिक टेंडर नियमों में तीन महीने का एडवांस लाईसेंस फीस जमा किया जाना है, लेकिन बिना टेंडर फीस के रेलवे अधिकारियों ने पार्किंग हेंडओवर कर दी.

    नया पार्किंग ठेका अनुराग साहू विनायक इंटरप्राइजेस को अलॉट हुआ है. ठेकादर के मुताबिक उसका जीएसटी डीबार हो गया था, इसलिए उन्होंने लाईसेंस फीस जमा नहीं कराई है, ये लाईसेंस फीस कितनी है ये पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी गोपनीय है और वे नहीं दे सकते.

    रेलवे के सूत्र बताते है कि उक्त ठेकेदार द्वारा 4 लाख रूपए एडवांस जमा कराया गया है और सिर्फ उसी के आधार पर टेंडर शर्तों से बाहर जाकर रेलवे अफसर पार्किंग ठेकेदार पर मेहरबान नजर आ रहे है. इस संबंध में रेलवे अधिकारियों से उनका पक्ष लेने फोन किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका.  

    बता दें कि इससे पहले भी रेलवे का पार्किंग ठेका लेने के बाद ठेकेदार ने लाईसेंस फीस रेलवे की नहीं दी, जिससे रेलवे के राजस्व को नुकसान हो चुका है.

  • कर्मचारियों की पदोन्नति याचिकाएं खारिज, हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया अधिकार का दायरा

    बिलासपुर

    सचिवालय सेवा भर्ती नियम 2012 में किए गए संशोधन को संवैधानिक मानते हुए कर्मचारियों की ओर से दाखिल सभी याचिकाओं को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि पदोन्नति कर्मचारियों का मौलिक अधिकार नहीं है, बल्कि यह केवल विचार किए जाने का अवसर है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल और न्यायमूर्ति संजय कुमार जायसवाल की डीबी में हुई।

    दरअसल, राज्य सरकार ने 14 जून 2021 को अधिसूचना जारी कर संयुक्त सचिव, उप सचिव, अवर सचिव और अनुभाग अधिकारी के पदों पर पदोन्नति के लिए स्नातक डिग्री अनिवार्य कर दी थी। इस संशोधन को मंत्रालय में कार्यरत अनुभाग अधिकारी, असिस्टेंट ग्रेड-1 समेत अन्य कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में यह कहते हुए चुनौती दी कि सेवा के अंतिम चरण में नियम बदलना अनुचित है। वे वर्षों से फीडर पदों पर काम कर रहे हैं, कई तो सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं। उनका तर्क था कि यह संशोधन संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन है और सरकार ने अतिरिक्त योग्यता अनिवार्य करने का कोई ठोस कारण नहीं बताया है।

    मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने जवाब में कहा कि उच्च पदों पर अधिक जिम्मेदारियां होती हैं, इसलिए स्नातक डिग्री जैसी न्यूनतम योग्यता जरूरी है। पदोन्नति कर्मचारियों का अधिकार नहीं है, बल्कि केवल नियमों के आधार पर अवसर है। नियमों में संशोधन करना उसका विशेषाधिकार है और यह न तो मनमाना है और न ही अवैध। कोर्ट ने सरकार के तर्कों से सहमति जताते हुए कहा कि किसी कर्मचारी की व्यक्तिगत कठिनाई से कोई कानून असंवैधानिक नहीं ठहराया जा सकता। पदोन्नति का कोई मौलिक अधिकार नहीं है। स्नातक डिग्री को अनिवार्य करने वाला संशोधन न भेदभावपूर्ण है और न ही संविधान का उल्लंघन।