• मुख्यमंत्री डॉ. यादव की निवेश संवर्धन पहल का परिणाम

    मध्यप्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र को मिली मजबूती, आया नया निवेश, बढ़ेगी ऊर्जा सुरक्षा
    32,500 करोड़ का निवेश,17 हजार को मिलेगा रोजगार

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निवेश संवर्धन प्रयासों के फलस्वरुप ऊर्जा क्षेत्र और ज्यादा मजबूत हो रहा है। ऊर्जा सुरक्षा बढ़ रही है। मध्यप्रदेश पॉवर सरप्लस राज्य के रूप में पहचान बना चुका है। ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से अब इस क्षेत्र में नया निवेश आ रहा है। टोरेंट पॉवर और अडानी पॉवर जैसी बड़ी कंपनियों ने अब ऊर्जा उत्पादन के लिए प्रदेश में काम करना शुरू कर दिया है। टोरेंट पॉवर कंपनी 22 हजार करोड़ और अडानी पॉवर कंपनी 10 हजार 500 करोड़ रूपये का निवेश करेगी। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार 17,000 को रोजगार मिलेगा।

    टोरेंट पॉवर 1600 मेगावॉट थर्मल प्रोजेक्ट के लिए प्रदेश में 22 हजार करोड़ रूपये का निवेश करेगी। टोरेंट पॉवर लिमिटेड को एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (MPPMCL) से 1,600 मेगावॉट के कोयला आधारित बिजली संयंत्र की स्थापना के लिए "लेटर ऑफ अवार्ड (LoA)" दे दिया है। यह अहमदाबाद-स्थित समूह द्वारा बिजली क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा निवेश है।

    यह परियोजना ग्रीनफील्ड 2×800 मेगावॉट की अल्ट्रा-सुपर क्रिटिकल तकनीक पर आधारित होगी और इसे डिज़ाइन, निर्माण, वित्तपोषण, स्वामित्व और संचालन (DBFOO) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। टोरेंट इस संयंत्र की पूरी क्षमता MPPMCL को 25 साल की पॉवर परचेज एग्रीमेंट पॉवर परचेस एग्रीमेंट के तहत 5.829 रूपये प्रति यूनिट की दर से आपूर्ति करेगा। यह परियोजना PPA पर हस्ताक्षर होने के 72 महीनों के भीतर चालू होनी है। परियोजना लागत का लगभग 70% ऋण के माध्यम से पूरा किया जाएगा।

    इस संयंत्र के लिए कोयले का आवंटन MPPMCL द्वारा केंद्र सरकार की SHAKTI नीति के अंतर्गत किया जाएगा। यह परियोजना अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक पर आधारित होगी, जिससे पारंपरिक थर्मल यूनिट्स की तुलना में बेहतर दक्षता और कम उत्सर्जन मिलेगा। टोरेंट पॉवर का यह निवेश केंद्र सरकार के 2032 तक 80 गीगावॉट अतिरिक्त कोयला आधारित क्षमता के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे ग्रिड को स्थिर करने के लिए आवश्यक बेसलोड क्षमता जुड़ेगी। इस परियोजना के निर्माण के दौरान 10 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।

    अडानी पॉवर मध्यप्रदेश में 800 मेगावॉट का ताप विद्युत संयंत्र 10 हजार 500 करोड़ रुपये की लागत से विकसित कर मध्यप्रदेश को बिजली आपूर्ति करेगी। इस परियोजना के तहत 800 मेगावॉट की क्षमता वाला एक नया ताप विद्युत संयंत्र स्थापित किया जाएगा। यह संयंत्र अनूपपुर ज़िले में स्थित होगा। संयंत्र को 54 महीनों में चालू किया जाएगा। यह कदम प्रदेश की ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूत करेगा।

    एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (MPPMCL) अल्ट्रा-सुपर क्रिटिकल ताप विद्युत संयंत्र विकसित करने और उससे बिजली आपूर्ति के लिए लेटर ऑफ अवार्ड (LoA) दे चुकी है। यह संयंत्र डिज़ाइन, निर्माण, वित्त, स्वामित्व और संचालन (DBFOO) मॉडल के तहत स्थापित किया जाएगा।

    जैसे-जैसे भारत की अर्थव्यवस्था तेज़ी से बढ़ रही है, देश की बिजली की मांग, विशेष रूप से बेस लोड पॉवर की मांग, लगातार बढ़ रही है। ऐसे में ऊर्जा अधोसंरचना में निवेश अत्यंत आवश्यक है, जिससे बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके। अनूपपुर संयंत्र विश्वसनीय, सस्ती और प्रतिस्पर्धात्मक दरों पर बिजली उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह न केवल भारत बल्कि मध्यप्रदेश की ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूत करेगा और राज्य के सतत विकास को गति देगा।

    इस संयंत्र के लिए कोयले की आपूर्ति भारत सरकार की 'शक्ति योजना' (SHAKTI Policy) के तहत मध्यप्रदेश को आवंटित की गई है। परियोजना निर्माण चरण में 7,000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा और चालू होने के बाद इसमें लगभग एक हजार स्थायी कर्मचारी कार्यरत होंगे।

     

  • हर ग्राम पंचायत में बनेंगे सुव्यवस्थित एवं निर्बाध पहुँच वाले श्मशानघाट

    5वें राज्य वित्त आयोग मद में प्राप्त राशि से होगा विकास
    पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा दिशा-निर्देश जारी

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संकल्प के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में 5वें राज्य वित्त आयोग के अंतर्गत अधोसंरचना विकास अनुदान मद की राशि से प्रदेश में सुव्यवस्थित श्मशान घाटों का विकास किया जायेगा। श्मशान घाटों के विकास कार्यों के संबंध में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा दिशा-निर्देश जारी कर दिये गये हैं। सभी जिला कलेक्टर एवं जिला पंचायत के सीईओ को कार्यवाही करने के निर्देश दिए गये हैं।

    पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन आमजन के लिये प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय एवं प्रत्येक आश्रित ग्राम में वित्तीय वर्ष 2025-26 तक न्यूनतम एक सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं सहज तथा बारहमासी निर्बाध पहुँच वाले श्मशान घाट की उपलब्धता के लिये प्रतिबद्ध है। ग्रामों में श्मशान घाटों के विकास के लिये त्रिस्तरीय पंचायत राज प्रशासन से न्यूनतम आधारभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराये जाने की अपेक्षा की गई है। इसके लिए आवश्यक है कि प्रत्येक ग्राम में "श्मशान मद" के लिये आवश्यक भूमि आरक्षित हो। आरक्षित भूमि की संपूर्ण रूप से फेंसिंग की गई हो। स्थल पर पहुँचने के लिये साल के बारहों महीने निर्बाध एवं सहज पहुँच मार्ग उपलब्ध हो। श्मशान मद में आरक्षित भूमि अतिक्रमण से मुक्त हो।

    इन मापदण्डों की अनुपलब्धता की स्थिति में प्रत्येक ग्राम पंचायत को राजस्व अभिलेखों से यह ज्ञात करना होगा कि ग्राम पंचायत के किस ग्राम में पहले से श्मशान घाट के लिये भूमि आरक्षित होकर श्मशान घाट है और किस ग्राम में नहीं है। प्रत्येक ग्राम पंचायत को प्रत्येक ग्राम में, जिसमें श्मशान के लिये भूमि उपलब्ध नहीं है, आवश्यक उपयुक्त भूमि आरक्षित कराने के लिये मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता के अंतर्गत संबंधित जिला कलेक्टर को आवेदन कर भूमि आरक्षित करानी होगी। जहां पहले से श्मशान घाट है और आरक्षित भूमि की यदि समुचित फेंसिंग नहीं है, तो उस भूमि की फेंसिंग प्रमुख अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा तैयार किये गये मानकों के आधार पर कराई जाये। चेन लिंक के लिये प्राक्क्लन के अनुसार अथवा स्थानीय बोल्डरों, पत्थरों से निर्मित खखरी के द्वारा की जा सकेगी। श्मशान घाट तक निरापद रूप से पहुँचने के लिये समुचित मार्ग उपलब्ध नहीं हो अथवा मार्गों में पुलिया/रपटा नहीं होने के कारण बरसात के दिनों में आवागमन दुष्कर होता है, ऐसे स्थलों पर निर्बाध पहुँच के लिये आवश्यकतानुसार समीपवर्ती मार्ग से श्मशान स्थल तक 3.75 मीटर (लगभग) चौड़ाई की सी.सी. रोड और यथाआवश्यक पुलिया/रपटा भी बनाया जाये। आवश्यक भूमि की अनुपलब्धता की स्थिति में जिला कलेक्टर से निर्धारित प्रक्रिया से मार्ग निर्धारण कराये जाने की कार्यवाही की जाये। श्मशान घाट के लिये पूर्व से आरक्षित भूमि पर यदि किसी भी प्रकार का अतिक्रमण है तो संबंधित सीईओ जिला पंचायत द्वारा राजस्व एवं पंचायत अमले के सहयोग से तत्काल अतिक्रमण हटाये जाने की कार्यवाही करायी जाकर आरक्षित भूमि पर फेंसिंग की जाये।

    ये समस्त कार्य ग्राम पंचायतों को 5वें राज्य वित्त आयोग अंतर्गत अधोसंरचना विकास अनुदान मद के तहत प्रदाय की जाने वाली राशि से किये जायेंगे। इसके बाद अवशेष राशि का व्यय किसी अन्य कार्य पर किया जा सकेगा। आवश्यकता होने पर अन्य योजनाओं की राशि से नियमानुसार अभिसरण अनुमत्य होगा। इसके लिये आवश्यक जनभागीदारी एवं जनसहयोग भी प्राप्त किया जा सकता है। यदि ग्राम पंचायत के खाते में पूर्व से 5वें वित्त मद की राशि उपलब्ध है तो उस राशि से कार्य तत्काल प्रारंभ कराये जायेंगे।

    ग्राम पंचायत स्तर पर पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, पंचायत समन्वय अधिकारी तथा उपयंत्री उत्तरदायी रहेंगे। इसी प्रकार जनपद स्तर पर सहायक यंत्री, कार्यक्रम अधिकारी/सीईओ जनपद पंचायत, खण्ड पंचायत अधिकारी और जिला स्तर कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, अतिरिक्त सीईओ जिला पंचायत/परियोजना अधिकारी तथा पंचायत सेल उत्तरदायी होंगे।

     

  • श्योपुर-बारां हाईवे बंद, SDRF ने किया रिस्क भरा रेस्क्यू; पार्वती नदी का उफान परेशान कर रहा ग्रामीणों को

    श्योपुर
    जिले की वीरपुर तहसील का दीमरछा गांव शुक्रवार को चंबल और कूनो नदी की लहरों से घिर गया। इसके बाद प्रशासन को एक गर्भवती महिला समेत 15 ग्रामीणें का रेस्क्यू करना पड़ा। दो घंटे के ऑपरेशन में सभी ग्रामीण रेस्क्यू किए जा सके। गर्भवती महिला को नजदीक के अस्पताल में पहुंचाया गया है। रुक-रुक कर हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। उधर पार्वती नदी में आए उफान के कारण कुहांजापुर पुल पर सुबह 11 बजे तक तीन फीट के आसपास पानी रहा। दोपहर बाद पार्वती नदी का पानी उतरने पर 24 घंटे से बंद श्योपुर-बारां हाईवे पर आवागमन शुरू हो सका।
     
    गुजरे तीन-चार दिन से रुक-रुक कर हो रही बारिश की वजह से जलस्तर बढ़ने के कारण वीरपुर क्षेत्र के दिमरछा गांव का मुख्य रास्ता चंबल और कूनो नदी की लहरों के बीच समा गया। गांव के पास कूनो और चंबल का संगम होने से स्थिति और विकट हो गई। इसी दौरान गांव की रहने वाली नीलम पत्नी कुलदीप रावत 24 साल की डिलीवरी होनी थी। जिला प्रशासन को इस बारे में सुबह सूचना मिली। इसके बाद एसडीआरएफ टीम को मौके पर बुलाया गया। मौके पर हालातों को देखते हुए एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू चलाने का निर्णय लिया। एसडीआरएफ ने प्रशासन और पुलिस की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।। टीम ने महिला को सुरक्षित निकालकर

    एंबुलेंस से वीरपुर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। रेस्क्यू के दौरान पता चला कि गांव में 15 अन्य लोग भी फंसे हैं। इनमें बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं शामिल थे। एसडीआरएफ की टीम ने सभी को बारी-बारी से बाहर निकाला। इनमें से कुछ लोगों को बीमार होने पर नजदीक के अस्पताल भेजा गया है। टीआई वीरपुर भारत सिंह गुर्जर के अनुसार नदी के तेज बहाव के कारण एसडीआरएफ टीम को नाव और रस्सियों का सहारा लेना पड़ा। दो घंटे के रेस्क्यू अभियान में सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया। रेस्क्यू दल में नवदीप शर्मा, पवन नामदेव, सुनील भूरिया और स्थानीय वीरपुर थाने के पुलिसकर्मी शामिल थे। ग्रामीणों ने प्रशासन और रेस्क्यू दल का आभार जताया। पिछले दिनों से हो रही बारिश के कारण नदियां उफान पर है। निचले इलाकों के गांवों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे न जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

    24 घंटे बाद श्योपुर-बारां हाईवे पर शुरू हो सका आवागमन
    प्रदेश के कई हिस्सों के साथ ही मालवा अंचल में हो रही भारी बारिश का असर श्योपुर जिले की चंबल और पार्वती नदियों पर पड़ रहा है। पार्वती नदी के कुहांजापुर के सूरथाग पुल पर गुरूवार दोपहर 3 फीट के ऊपर पानी छलांगे मारने लगा। यही वजह है कि श्योपुर का बारां से सड़क संपर्क पूरी तरह कट गया था। ऐसे में सैकड़ों वाहन फंस गए। जिला प्रशासन ने पार्वती नदी किनारे बसे गांवों में निगरानी बढ़ाते हुए लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी। गुरूवार को सुबह 11 बजे तक पार्वती उफन रही थी। दोपहर में धीरे-धीरे नदी का जलस्तर कम होने लगा। कुहांजापुर पुल के पास नदी के उतरने के बाद पुल पर पुलिस ने आवागमन खोला। 24 घंटे के लगभग बारां हाईवे से आवागमन बंद रहा।

  • 106 करोड़ लागत के विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमि-पूजन

    पन्ना में शीघ्र होगा मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पन्ना हीरा और महावीरों की धरती है। ईश्वर ने पन्ना को विशेष आशीर्वाद दिया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश के हर वर्ग के कल्याण के लिए हमारी सरकार कार्य कर रही है। राज्य सरकार ने रक्षाबंधन के पावन पर्व पर सभी बहनों को अनेक योजनाओं की सौगात दीं। लाड़ली बहनों को 250 रुपए राखी का शगुन अलग से भेजा गया है। अब लाड़ली बहनों को दीपावली के बाद भाई-दूज से हर माह 1500 रुपए प्रति माह मिलेंगे। धीरे-धीरे वर्ष 2028 तक लाड़ली बहनों को 3000 रुपए देंगे। लाड़ली बहनों के लिए सरकार के खजाने में कोई कमी नहीं है। कुछ दिन पहले एक सर्वे आया है कि जहां-जहां लाड़ली बहना योजना लागू की गई हैं। वहां घरों में सुख-समृद्धि आई है। प्रदेश सरकार हर कीमत पर माताओं-बहनों के सम्मान की रक्षा करेगी और उन्हें आर्थिक समृद्धि प्रदान करने के लिए संकल्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को पन्ना जिले के अमानगंज में आयोजित महिला सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पन्ना जिले को 106 करोड़ लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भी किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पन्ना और बुंदेलखंड में आज भी महाराज छत्रसाल और आल्हा-ऊदल की वीरता की गाथाएं गाई जाती हैं। बुंदेलखंड क्षेत्र त्याग और बलिदान में कभी पीछे नहीं रहा। इसी प्रकार प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से भारतीय सेना ने पराक्रम दिखाया और बहनों के सिंदूर उजाड़ने वालों को सबक सिखाकर बदला लिया। पाकिस्तानी आतंकियों ने पहलगाम में निर्दोष पर्यटकों की बड़ी निर्ममता से हत्या की थी। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में सेना दुश्मन देश में घुसी और आतंकियों को मिट्टी में मिला दिया।

    कृषि उत्पादन में पंजाब और हरियाणा को पीछे छोड़ेगा बुंदेलखंड
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार हर जिले में उद्योगों को बढ़ावा दे रही है और युवाओं को रोजगार-स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए हर संभव कार्य कर रही है। प्रदेश में पुलिस के 22 हजार 500 पदों पर भर्ती की जा रही है। सालभर में कुल 1 लाख से अधिक सरकारी पदों पर भर्तियां होंगी। अब मध्यप्रदेश के युवाओं को रोजगार के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रदेश को 1 लाख करोड़ की नदी जोड़ो परियोजनाओं की सौगात दी है। केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से पन्ना सहित पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र को सिंचाई का लाभ मिलेगा। बुंदेलखंड के किसान अपनी जमीन न बेचें। भविष्य में बुंदेलखंड कृषि उत्पादन में पंजाब और हरियाणा को पीछे छोड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत सरकार ने गरीब-जरूरतमंदों को पक्के मकान दिए हैं। नल जल योजना के माध्यम से घर-घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाया जा रहा है। आयुष्मान योजना से 5 लाख रुपए तक का इलाज मुफ्त हो रहा है। राज्य सरकार भी स्कूली बच्चों को स्कूटी, लैपटॉप, छात्रवृत्ति, गणवेश, साइकिल, कॉपी-किताब सहित अनेक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की विकास कार्यों की घोषणाएँ
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे जल्द ही मेडिकल कॉलेज का भूमि-पूजन करने के लिए पन्ना आएंगे। पन्ना को खजुराहो से रेल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जाएगी। पन्ना में एक स्टेडियम और स्थाई हेलीपैड बनाया जाएगा। अमानगंज में अस्पताल के उन्नयन सहित विधानसभा क्षेत्र गुनौर में सात उप स्वास्थ्य केन्द्र खोलने, सलेहा में नवीन महाविद्यालय की स्थापना, देवेन्द्रनगर के शासकीय महाविद्यालय में नवीन संकाय प्रारंभ करने एवं स्कूल उन्नयन, अगस्त्य मुनि आश्रम के सौंदर्यीकरण, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के तहत बरगी नहर सिंचाई प्रणाली की उद्वहन सिंचाई परियोजना की घोषणा की। इस परियोजना के क्रियान्वयन से क्षेत्र के 114 गांव लाभांवित होंगे और 25 हजार हेक्टेयर जमीन सिंचित होगी। मुख्यमंत्री ने गढ़ीपडरिया के वृन्दावन बांध की क्षमता बढोत्तरी कर नहरों के जीर्णोद्धार कार्य सहित गुनूसागर सिंचाई परियोजना की भी घोषणा की।

    सांसद श्री वी.डी. शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए प्रयासरत हैं। 12 हजार 500 करोड़ के जल जीवन मिशन में पन्ना जिले की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। पन्ना और गुनौर विधानसभा क्षेत्र में अस्पताल, नदी के पुल, खेल मैदान, सड़क जैसे अनेक विकास कार्य प्रगति पर हैं। पन्ना विधायक एवं पूर्व मंत्री श्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह और विधायक गुनौर श्री राजेश वर्मा ने भी संबोधित किया।

    विकास प्रदर्शनी का अवलोकन
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों की योजनाओं पर केन्द्रित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विभिन्न स्टालों पर प्रदर्शित सामग्री देखी। कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री श्री दिलीप अहिरवार, अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग आयोग श्री रामकृष्ण कुसमरिया, विधायक पवई श्री प्रहलाद लोधी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मीना राजे परमार, नगर पालिका अध्यक्ष पन्ना श्रीमती मीना पाण्डेय, कमिश्नर सागर संभाग श्री अनिल सुचारी, पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती हिमानी खन्ना, पुलिस उपमहानिरीक्षक श्री ललित शाक्यवार, कलेक्टर श्री सुरेश कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री साईं कृष्ण एस थोटा सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक एवं माताएं-बहनें उपस्थित थीं।

     

  • उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने ब्रह्मचारी महर्षि गिरीश से की सौजन्य भेंट

    भोपाल 
    उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने भोपाल में ब्रह्मचारी महर्षि गिरीश से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने आध्यात्म एवं स्वास्थ्य विषयों पर चर्चा कर मार्गदर्शन प्राप्त किया।

     

  • प्रदेश के 2 शिक्षकों को राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने प्रदान किया राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार

    भोपाल 
    राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने शिक्षक दिवस पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में मध्यप्रदेश के 2 शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय कार्य के लिये राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान किया। इस मौके पर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान भी मौजूद थे। पुरस्कार स्वरूप सम्मानित शिक्षकों को शॉल-श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।

    प्राथमिक शिक्षक श्रीमती शीला पटेल
    श्रीमती शीला पटेल दमोह जिले की शासकीय प्राथमिक शाला देवरान टपरिया में पदस्थ हैं। श्रीमती पटेल ने अपनी शाला में बच्चों को खेल-खेल में आनंदमयी शिक्षा दी है। उन्होंने गीत, कविता, कहानी और अभिनय के माध्यम से फाउण्डेशन लिटरेसी मिशन (एफएलएन) का क्रियान्वयन किया है। इसी के साथ उन्होंने अवकाश के दिनों में महिला साक्षरता को बढ़ावा देने के लिये विशेष कक्षाओं का संचालन किया। श्रीमती शीला पटेल ने अवकाश के दिनों में समर कैम्प एवं विंटर कैम्प का आयोजन किया। उन्होंने अपनी पदस्थापना के शाला के गाँव की हर गली व मोहल्लों में जगह-जगह पर बच्चों को सिखाने के उद्देश्य से शैक्षिक पटल व लर्निंग प्लेस तैयार करवाया। शिक्षिका श्रीमती पटेल ने बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि पैदा करने के लिये शून्य लागत पर टीचिंग लर्निंग मटेरियल (टीएलएम) तैयार किया। बच्चों में समझ को बढ़ावा देने के लिये समूह में आपस में चर्चा और उनकी सहभागिता को बढ़ाने का काम प्रमुख रूप से किया।

    प्राथमिक शिक्षक भेरूलाल ओसारा
    प्राथमिक शिक्षक श्री भेरूलाल ओसारा आगर-मालवा जिले के शासकीय ईपीईएस माध्यमिक शाला में पदस्थ हैं। ने अपनी पदस्थ शाला में विषय-वस्तु की गहन समझ के साथ शिक्षण कार्य किया और बच्चों में नैतिकता और सृजनात्मकता को प्रोत्साहित किया। विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण के लिये ईको क्लब और क्लैप क्लब के संयोजन से ठोस कार्य किया। बच्चों को स्वच्छता, जल संरक्षण, पौधरोपण, प्लास्टिक उन्मूलन और हरित जीवन-शैली के बारे में नवाचार करते हुए शिक्षा दी। शिक्षक श्री भेरूलाल ने बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि पैदा करने के लिये नुक्कड़ नाटक, रैलियों, पोस्टर, निबंध प्रतियोगिता के साथ लेखन की वर्कशॉप भी निरंतर आयोजित की। उन्होंने डिजिटल युग की महत्ता को समझते हुए विद्यार्थियों में ऑनलाइन सुरक्षा जागरूकता फैलाने के लिये महत्वपूर्ण काम किया। बच्चों को साइबर अपराध के खतरों, सोशल मीडिया का सुरक्षित रूप से उपयोग, पासवर्ड की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर जानकारी दी। उनके इस कार्य से आसपास के अनेक शिक्षकों ने भी प्रेरणा ली है।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को प्राकृतिक आपदा प्रभावितों को वितरण करेंगे राहत राशि

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार 6 सितम्बर को प्रात: 11 बजे प्राकृतिक आपदा से हुई फसल क्षति के प्रभावित किसानों के खाते में राहत राशि का अंतरण करेंगे। मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसान हितग्राहियों से चर्चा भी करेंगे। संबंधित जिले के कलेक्टर और संबंधित विभाग के अधिकारी भी वर्चुअली शामिल होंगे।

     

  • MP में गणेश उत्सव में विवाद, ‘लव जिहाद’ झांकी पर मारपीट और पथराव

     उज्जैन
    मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में शुक्रवार को मूर्ति विसर्जन के दौरान सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न हो गया। उज्जैन जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर महिदपुर में तहसील में हिंदू-मुस्लिम समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए। विसर्जन के दौरान लव जिहाद की झांकी दिखाए जाने पर दो पक्षों में पथराव हो गया। पुलिस ने बल प्रयोग करके स्थिति को नियंत्रण में लिया।

    शुक्रवार को दुर्गेश्वरी सिद्धिविनायक गणेश जी की सवारी निकालने के दौरान बवाल हो गया। बताया जा रहा है कि सवारी में लव जिहाद की झांकी दिखाने पर विवाद हो गया। झांकी का विरोध करते हुए मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों लोग एकत्रित हो गए। तभी दोनों पक्षों में पथराव होने लगा।

    सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जमा भीड़ को खदेड़ना शुरू किया। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया है। बताया जा रहा है कि गणेश जी की सवारी हर साल निकलती है।

  • महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं के सम्मान को मिलेगा नया मुकाम : मुख्यमंत्री साय की घोषणा

     

    महतारी वंदन योजना के तहत 69 लाख से अधिक महिलाओं को 647 करोड़ से अधिक की राशि की गई अंतरित

    अब तक कुल 12,376.19 करोड़ रुपये की राशि सीधे हितग्राहियों तक पहुँची, महिलाओं के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव

    रायपुर,

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज रायगढ़ जिले के खरसिया में आयोजित भव्य कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना की 19वीं किस्त का भुगतान किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश की 69,15,994 महिलाओं के बैंक खातों में सीधे 1000-1000 रुपये की राशि अंतरित की। कुल 647.13 करोड़ रुपये की यह राशि एक क्लिक के माध्यम से हस्तांतरित की गई।

    मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और उनके आत्मसम्मान को सशक्त करने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आर्थिक सहयोग न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि परिवार की आर्थिक मजबूती और सामाजिक सुरक्षा में भी सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने महिलाओं से संवाद करते हुए भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हमेशा उनके साथ खड़ी है और उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कदम उठाती रहेगी।

    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि यह योजना छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों के जीवन में आशा, विश्वास और नई प्रेरणा का संचार कर रही है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार महिलाओं की बेहतरी और समाज की उन्नति के लिए इसी प्रकार लगातार कार्य करती रहेगी।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 1 मार्च 2024 से प्रारंभ हुई इस योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 69 लाख पात्र महिलाओं को प्रतिमाह सीधे उनके बैंक खातों में आर्थिक सहायता दी जा रही है। आज की 19वीं किस्त सहित अब तक कुल 12,376.19 करोड़ रुपये की राशि हितग्राहियों तक पहुँचाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने, आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर करने और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में अभूतपूर्व भूमिका निभा रही है।

    महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं को नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और सम्मान प्रदान कर रही है। यह उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है।  उन्होंने कहा कि योजना का प्रभाव न केवल महिलाओं तक सीमित है, बल्कि इससे पूरे परिवार को मजबूती मिल रही है और समाज में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है।राज्य सरकार ने घोषणा की है कि महिलाओं के विकास, सुरक्षा और स्वाभिमान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महतारी वंदन योजना को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

    कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • विधायक संजय पाठक पर फाइनेंशियल दबाव, GST और ब्याज सहित पेनल्टी के लिए जबलपुर में वसूली

    जबलपुर
    खनिज विभाग जबलपुर की सीमा में आने वाली खदानों में अवैध उत्खनन करने के आरोप में विधायक संजय पाठक से 443 करोड़ वसूलने की तैयारी शुरू हो गई है। यह जिम्मा जबलपुर खनिज विभाग को दिया गया है। विभाग के अधिकारियों ने वसूली करने के लिए जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना से स्वीकृति मांगी है। विभाग ने इस संबंध में मांग पत्र तैयार कर कलेक्टर को भेजा है, लेकिन गुरुवार तक इस पर सहमति नहीं मिल सकी। अब संभवतः शुक्रवार को कलेक्टर इस पर सहमति देंगे, जिसके बाद संजय पाठक से वसूली की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

    खदानों में तय सीमा से ज्यादा किया उत्खनन
    दरअसल, संजय पाठक ने सन् 2004 से 2017 तक अपनी खदानों में तय सीमा से ज्यादा उत्खनन किया। इसकी जानकारी न तो जबलपुर खनिज विभाग को लगी और न ही भोपाल में बैठे अधिकारियों को। करीब 13 साल तक विधायक ने अपनी स्वीकृत खदानों से तय मात्रा से ज्यादा उत्खनन किया, लेकिन कागजों पर तय सीमा में ही उत्खनन दिखाया गया। इसकी शिकायत जब भोपाल पहुंची तो हड़कंप मच गया और जांच टीम गठित कर संजय पाठक की मां और बेटे के नाम पर ली गई खदानों की जांच की गई।
     
    हर कंपनी से किया अवैध उत्खनन
    दरअसल भोपाल खनिज विभाग की टीम ने कुछ दिन पहले संजय पाठक की मां निर्मला पाठक और पुत्र यश पाठक के नाम पर ली गई खदानों की जांच की। इसमें आनंद माइनिंग कॉर्पोरेशन, निर्मला मिनरल्स, पैसेफिक एक्सपोर्ट और आनंद माइनिंग कार्पोरेशन ने ली खदानों में अवैध उत्खनन लिया। जांच के बाद खनिज विभाग ने आनंद माइनिंग पर 234.51 करोड़, निर्मला मिनरल पर 126.79, पैरोफिक एक्सपोर्ट पर 81.79 करोड़ और आनंद कॉर्पोरेशन से 20.02 करोड़ की पेनल्टी लगाई है। इसे वसूलने का काम जबलपुर जिला प्रशासन को दिया गया है।

    कलेक्टर से सहमति के बाद वसूली
    जिले के खनिज विभाग द्वारा मांग पत्र पर कलेक्टर से सहमति के बाद वसूली के लिए नोटिस जारी किए जाएंगे। इतना ही नहीं भुगतान न करने पर संजय पाठक की खदानों में उत्खनन करने पर रोक भी लग सकती है। वसूली न हो, इसलिए निवेश कर दिया हाल ही में कटनी में हुए कॉन्क्लेव में देशभर की खनिज क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों ने निवेश किया। इस दौरान संजय पाठक की फर्मों पर लगाए 443 करोड़ के जुर्माना को लेकर चर्चा रही। अवैध उत्खनन पर सरकार के रुख को ठंडा करने के लिए संजय पाठक ने अपनी और अपने बेटे यश पाठक की फर्मों द्वारा निवेश करने की राशि में इजाफा किया और बढ़ाकर चार हजार करोड़ कर दिया गया। हालांकि इस दौरान मुख्यमंत्री और खनिज विभाग के आला अधिकारियों ने इस निवेश पर संजय पाठक की प्रशंसा भी की।

    कोर्ट के आदेश पर आगे बढ़ी कार्रवाई
    इसके बाद यह कयास लगाए गए कि अब सरकार, जुर्माने की राशि वसूलने पर जोर नहीं देगी, लेकिन अचानक हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल मिश्रा की ऑर्डर शील पर संजय पाठक द्वारा फोन पर अप्रोच लगाने की बात कही, जिसके बाद आनन-फानन में जुर्माना की कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया। जबलपुर खनिज अधिकारी एके राय ने कहा कि भोपाल से आए आदेश के बाद जुर्माना वसूलने की कार्रवाई के संबंध में मांग पत्र तैयार किया गया है, जिस पर कलेक्टर की सहमति के बाद जुर्माना वसूलने की कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।

  • नारायणपुर-अबूझमाड़ में मुठभेड़ में मारे गए 6 माओवादियों के शव बरामद

    जगदलपुर

    माओवाद विरोधी अभियान को लेकर जहां राजधानी रायपुर में उच्चस्तरीय बैठक जारी है, वहीं बस्तर में सुरक्षाबलों ने नारायणपुर, दंतेवाड़ा और बीजापुर की सीमावर्ती पहाड़ियों में शुक्रवार सुबह हुई मुठभेड़ में छह माओवादियों को मार गिराया है। पुलिस ने अब तक छह माओवादियों के शव बरामद कर लिए हैं। सुरक्षाबलों के अनुसार कई अन्य माओवादी भी मारे गए या घायल हुए हैं।

    उधर रायपुर के मेफ़ेयर होटल में केंद्रीय गृह मंत्रालय और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी माओवाद विरोधी रणनीति पर मंथन कर रहे हैं। बैठक में हालिया अभियानों की समीक्षा और आगे की कार्ययोजना पर चर्चा हो रही है।

    माओवादियों पर लगातार बना है दबाव
    बस्तर में इस साल सुरक्षाबलों ने माओवादियों पर लगातार दबाव बनाया है। अप्रैल–मई में चले ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट में 31 माओवादी मारे गए थे। जुलाई में अबूझमाड़ में हुई मुठभेड़ में छह माओवादी ढेर किए गए, जिनमें एक डिविजनल कमेटी सदस्य भी शामिल था। अब तक इस वर्ष बस्तर में 200 से अधिक माओवादी मारे जा चुके हैं।

    सबसे बड़ी सफलता मई में मिली, जब संगठन का शीर्ष कमांडर और महासचिव नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू सुरक्षाबलों की कार्रवाई में मारा गया। इसके बाद जून में केंद्रीय समिति का वरिष्ठ नेता और विचारधारा प्रमुख सुधाकर उर्फ नरसिम्हा चालन भी ढेर हो गया। शीर्ष नेतृत्व के लगातार खात्मे से संगठन की पकड़ और मनोबल दोनों कमजोर पड़े हैं।

    प्रदेश में दिसंबर 2023 से अब तक 453 माओवादी मारे गए, 1,616 गिरफ्तार हुए और 1,666 ने आत्मसमर्पण किया है। इन अभियानों से माओवादियों का प्रभाव क्षेत्र तेजी से सिमट रहा है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार मिल रही सफलताओं और बड़े नेताओं के सफाये ने माओवादी संगठन को अब तक का सबसे बड़ा झटका दिया है। सुरक्षा एजेंसियां इसे निर्णायक चरण मान रही हैं और लक्ष्य है कि 2026 तक बस्तर को पूरी तरह माओवादी प्रभाव से मुक्त किया जाए।

  • मुख्यमंत्री ने की शिक्षक संवर्ग को चतुर्थ वेतनमान देने की घोषणा

    सामाजिक चुनौतियों के समाधान के लिए शिक्षक आगे आयें : राज्यपाल पटेल

    ज्ञान का दान सेवा भी है और समर्पण भी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    मुख्यमंत्री ने की शिक्षक संवर्ग को चतुर्थ वेतनमान देने की घोषणा
    प्रदेश के 55 लाख विद्यार्थियों को गणवेश खरीदने 330 करोड़ राशि हुई अंतरित
    राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को किया सम्मानित

    भोपाल 

    राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिक्षक दिवस पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया। साथ ही शासकीय विद्यालयों में कक्षा एक से 8 तक के 55 लाख विद्यार्थियों के खातों में शाला गणवेश की 330 करोड़ की राशि अंतरित की। आर.सी.व्ही.पी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक, उच्च श्रेणी तथा नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक शिक्षक एवं माध्यमिक शिक्षकों को क्रमोन्नत योजना प्रभावशील होने से चतुर्थ समयमान वेतनमान के लाभ के समरूप चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान का लाभ दिये जाने की घोषणा की।

    राज्यपाल पटेल ने कहा है कि समय की जरूरत है कि सामाजिक चुनौतियों के समाधान के लिए शिक्षक आगे आयें और परिवार एवं समाज का मार्गदर्शन करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने युवाओं के साथ विवेकानंद जयंती पर संवाद कर इस दिशा में पहल की है। गुरूजन के सम्मान और गुरू शिष्य परम्परा की महत्ता भारत की गौरवशाली संस्कृति की धरोहर है। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण युग की गुरू शिष्य परम्परा से प्रेरणा लेकर बच्चों को संस्कारित करना होगा।

    राज्यपाल पटेल ने कहा कि देश और समाज के निर्माता शिक्षक होते हैं, वह भावी पीढ़ी को संस्कार, ज्ञान और कौशल प्रदान करते हैं। व्यक्तित्व का विकास और चरित्र निर्माण करते हैं। भावी जीवन की सफलताओं के लिए तैयार करते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में शिक्षकों के प्रति सम्मान और आभार का भाव सारे जीवन बना रहे, इसके लिए शिक्षकों और पालकों को आगे आना होगा। उन्होंने आधुनिक समाज में बच्चों की आत्म हत्या की बढ़ती चुनौती के प्रति चिंता व्यक्त की। पटेल ने कहा कि समारोह का आयोजन राष्ट्र निर्माता शिक्षकों के देश, समाज के निर्माण में उनके समर्पण और निष्ठा के प्रति देशवासियों का आभार प्रदर्शन है। शिक्षा वह शक्ति और साधन है जो राष्ट्र को ज्ञान, कौशल और जीवन के मूल्यों से संस्कारित करती है। राष्ट्र को सामाजिक, आर्थिक विकास के लिए सक्षम बनाती है।

    राज्यपाल पटेल ने गर्व के साथ कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को नया आयाम प्रदान किया है। उन्होंने देश की स्थानीय, वैश्विक जरूरतों और भारत को दुनिया की ज्ञान की महाशक्ति बनाने के लिए दूरगामी छात्र केंद्रित राष्ट्रीय शिक्षा नीति तैयार कराई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति संभवतः आजादी के बाद शिक्षा के क्षेत्र में सबसे अभिनव प्रयास और राष्ट्र की जन भावनाओं का जीवंत दस्तावेज है। शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में राज्य के प्रथम नागरिक के रूप में राज्यपाल ने सभी शिक्षकों का अभिनंदन किया और सम्मानित शिक्षकों को बधाई दी। राष्ट्र के स्वतंत्रता आंदोलन के सेनानी, भारतीय संस्कृति के प्रबल पोषक, चिंतक और संवाहक डॉ. राधाकृष्णन की जयंती पर नमन भी किया।

    एक लाख 50 हजार शिक्षकों को मिलेगा चतुर्थ समयमान वेतनमान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की प्रदेश के शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक, उच्च शिक्षक, नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षकों को चतुर्थ समयमान वेतनमान दिया जाएगा। इससे प्रदेश के 1 लाख 50 हजार शिक्षक लाभान्वित होंगे। इसके लिए जल्द ही कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा। सभी पात्र शिक्षकों को चौथे वेतनमान की सौगात वित्त वर्ष 2025-26 से मिलेगी। इससे सरकार पर करीब 117 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय भार आएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के मान-सम्मान और उन्हें सुविधा सम्पन्न बनाने के लिए हमारी सरकार हर जरूरी कदम उठायेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि भारतीय परंपरा में अनंत काल से ध्यान का आधार गुरु का स्वरूप, पूजा का आधार गुरु के चरण, मंत्र का आधार गुरु के वचन और मोक्ष का आधार गुरु की कृपा है। प्राचीन काल में गुरु ही भविष्य के लिए शासक तैयार करते थे, जिस प्रकार महर्षि विश्वामित्र भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को अपने साथ ले गए और उन्हें शस्त्र और शास्त्रों का ज्ञान देकर राक्षसों का नाश कराया। उसी प्रकार कंस का वध करने के बाद भगवान श्रीकृष्ण उज्जैन में महर्षि सांदीपनि आश्रम पहुंचे और अनेक लीलाएं कीं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि ज्ञान पाना और ज्ञान देना दोनों सुसंस्कृत समाज के निर्माण के लिए जरूरी है। ज्ञान का दान समाज की सेवा भी और अपने नैतिक मूल्यों के प्रति समर्पण भी है। हमारे गुरुजन बड़े प्रभावी तरीके से इस भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। गुरु के बिना जीवन तमस में होता है। गुरु ही अपने ज्ञान से सबके जीवन को ज्योतिर्मय बनाते हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि शिक्षा ही व्यक्ति को सुसंस्कृत और संस्कारवान इंसान बनाती है। दशरथनंदन श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम बनाने का श्रेय आचार्य विश्वामित्र को जाता है, वहीं गुरु सांदीपनि ने कान्हा को वह शिक्षा दी, जिसने उन्हें भगवत गीता का ज्ञान देने वाला श्रीकृष्ण बनाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुजन सदैव पूजनीय हैं, क्योंकि वे अपने ज्ञान और परिश्रम से शिक्षा के मंदिरों को प्रकाशित करते हैं। प्रदेश सरकार शिक्षकों के मान-सम्मान के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने सम्मानित सभी शिक्षकों का अभिवादन कर प्रदेश के विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में उनके योगदान की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को आदरांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे एक महान दार्शनिक और विद्वान थे, जिन्होंने राष्ट्रपति पद की गरिमा को अपनी प्रतिभा से गौरवान्वित किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। दुश्मन से रक्षा के लिए हमारे वैज्ञानिकों ने आधुनिक सुदर्शन चक्र विकसित कर सेना को सौंपा है। भारत ने हमेशा वसुधैव कुटुम्बकम, जियो और जीने का संदेश दुनिया को दिया है। भारत ने विश्व गुरु रहते हुए शिक्षा के माध्यम से संस्कार दिए हैं। एआई के युग में अच्छी से अच्छी मशीनें तो बना सकते हैं, लेकिन संस्कार केवल गुरु ही दे सकते हैं। गुरूजनों ने हजारों सालों से भारतीय संस्कृति ने संस्कारों के माध्यम से समाज को दिशा प्रदान की है। शिक्षा के क्षेत्र में तक्षशिला और नालंदा की भूमिका को भुलाया नहीं जा सकता।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत रत्न श्रद्धेय सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने अपने जन्मदिवस को शिक्षक दिवस और उनके सम्मान के रूप में मनाने की बात कही थी, तब से देश में 5 सितंबर को शिक्षकों का सम्मान किया जाता है। आदि शंकराचार्य का जीवन भी मध्यप्रदेश आकर ही बदला था। ओंकारेश्वर की धरती ने उन्हें शंकराचार्य बनाया। मध्यप्रदेश की पावन धरा ही ऐसी है, कि यहां आकर सबका जीवन बदल जाता है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के 55 लाख बच्चों को 330 करोड़ राशि गणवेश के लिए दी गई है। प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय खोले जा रहे हैं। हमारे सरकारी स्कूलों का परिणाम निजी स्कूलों से बेहतर रहा है, जो 15 साल में सबसे अच्छा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए सभी शिक्षकों सहित शिक्षा विभाग के पूरे अमले को बधाई और शुभकामनाएं दीं।

    स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि देश दुनिया में भारत का मान बढ़ाने में हमारे गुरूजनों का बहुत महत्वपूर्ण योगदान है। यह शिक्षकों के आशीर्वाद और समर्पण का ही प्रतिफल है कि दुनिया के किसी भी देश में अच्छे शिक्षक की बात होती है, तो उसमें भारतीय भी होते हैं। उन्होंने कहा कि आज जीवन के हर क्षेत्र में सक्रिय व्यक्तियों का सामर्थ्य शिक्षकों और माता-पिता के आशीर्वाद और समर्पण का प्रतिफल है। उनके प्रति आदरांजलि देना समाज का परम कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस का कार्यक्रम हम सभी को गौरव प्रदान करता है। अपने ज्ञान और कौशल से दूसरों के विकास में सहयोग की प्रेरणा देता है।

    समारोह में अतिथियों को सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता और संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र हरजिन्द्र सिंह ने प्रदेश के राज्य वृक्ष बरगद की कलाकृति का स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। आयुक्त, जनजातीय कार्य श्रीमंत शुक्ला ने आभार माना। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, हिन्दी ग्रंथ अकादमी के संचालक अशोक कड़ेल मंचासीन थे। कार्यक्रम में सम्मानित शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं। 

  • सीएम मोहन यादव का आरोप: कांग्रेस आंख मूंदकर भागती, वन नेशन-वन इलेक्शन चुनौतीपूर्ण

    भोपाल 

    भोपाल में भाजपा कार्यालय में सेवा पखवाड़े की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस न्यायालय और लोकतांत्रिक संस्थाओं की धज्जियां उड़ाने वाली पार्टी है.

    सीएम ने कहा कि – 'विपक्ष शुतुरमुर्ग की तरह खतरे से आंख मूंदकर जनता को भ्रमित कर रहा है, जबकि भाजपा के तपोनिष्ठ कार्यकर्ता कच्ची मिट्टी के नहीं बने हैं। उन्होंने कहा कि आने वाला समय वन नेशन, वन इलेक्शन का है और कांग्रेस के लिए और भी चुनौतीपूर्ण होने वाला है।'

    17 दिनों में हम अपने कामों को नीचे तक लेकर जाएं CM ने कहा- 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस पर सेवा पखवाड़े चलेगा। सारी गतिविधियां और कार्यक्रम चलेंगे। आज के समय हमारी भूमिका को जनता के बीच जिस ढंग का माहौल हमारे विपक्षी लोग कर रहे हैं। दुनिया भारत को सम्मान और गर्व की निगाह से देख रही है।

    आज के इस दुविधापूर्ण समय में कांग्रेस अपना काम कर रही है। लेकिन, हम अपनी पार्टी और केन्द्र सरकार के एक-एक काम को सेवा पखवाड़े के माध्यम से नीचे तक ले जाएं। और ताकत के साथ हम अपने विषय रखें।

    हम अपनी जड़ें और नीचे तक बनाते जाएं। ये 17 दिन का समय हमारे लिए हमारी पूरी व्यवस्थाओं को नीचे तक विश्वास बनाने का अवसर है। दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनने का गौरव भाजपा ने प्राप्त किया है।

    आइडियोलॉजी को लेकर कोई दुविधा नहीं सीएम ने कहा- शहजादों की भाषा उनके अपने आचरण और व्यवहार जो अपने आपको पार्टी भले ही कहती हो। लेकिन, सच्चे अर्थों में लोकतांत्रिक पार्टी भाजपा है। हम अपने एक-एक काम से संदेश दे रहे हैं। भाजपा के कार्यकर्ता यदि काम कर रहे हैं तो वह राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत होकर सांस्कृतिक धारा में तपोनिष्ठ कार्यकर्ता की तरह अपनी भूमिका निभा रहे हैं।

    राजनीतिक विचारधारा में आइडियोलॉजी को लेकर कोई दुविधा नहीं हैं।

    हमारी सफलता से दुश्मन बौखलाए हैं सीएम ने कहा- हमारी राजनीतिक यात्रा जनसंघ के जमाने से शुरू हुई थी। उस यात्रा के आधार पर हमने सफलता के परचम लहराए हैं। हमारी सफलता से दुश्मन बौखलाए हुए हैं। दुश्मनों के हालात आज उनके लिए तो करो या मरो के समान हैं। इसलिए वो सारे नाटक कर रहे हैं। जिसके आधार पर उनको लगता है कि वो मूल उद्देश्य की प्राप्ति कर लेंगे।

    हमारे दुश्मन रावण की तरह आते हैं सीएम ने कहा- आज हमारे राज्य में और कई सारे राज्यों में चुनाव की कोई बेला नहीं हैं। ऐसे में हम अपनी बात बहुत शिष्टता से करें। लेकिन दुश्मन बहुत चालाक है। वो भगवान राम के समय से माता सीता का अपहरण करने साधु के वेश में आता है। वो उसी नाटक से आज भी बाहर नहीं आ रहे। इसलिए, आज भी वो संविधान की किताब दिखाते हुए। उन्होंने सौ-सौ बार संविधान का संशोधन करते हुए अपना चरित्र दिखाया।

    चुनाव आयोग ने दमदारी से जवाब दिया

    सीएम ने कहा कि आज कांग्रेस न्यायालय की बात करती है, लेकिन न्यायालय की धज्जियां उड़ाने का इतिहास भी कांग्रेस का ही रहा है। लोकतंत्र में सबसे बड़ी विश्वसनीयता चुनाव आयोग की होती है, लेकिन कांग्रेस उसके खिलाफ जिस तरह की भाषा इस्तेमाल कर रही है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है।

    उन्होंने कहा कि मैं चुनाव आयोग का धन्यवाद करता हूं कि आजादी के बाद पहली बार चुनाव आयोग ने मजबूती और दमदारी से अपनी बात रखी है। चुनाव आयोग की यही भूमिका होनी चाहिए- सही को सही और गलत को गलत कहना। विपक्ष ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग पक्षपात कर रहा है, लेकिन आयोग ने स्पष्ट कर दिया कि वह न पक्ष में है, न विपक्ष में, बल्कि निष्पक्ष है। आयोग ने कहा कि सभी पंजीकृत दल हमारे लिए बराबर हैं।

    खतरे को देख रेत में सिर घुसा लेते हैं

    सीएम ने कहा- न्यायालय की परंपरा के आधार पर देश गौरवान्वित हुआ था, जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री होते हुए पद का दुरुपयोग कैसे कर सकती हैं। इसके खिलाफ वो सच्चाई सामने लाए। और ये शुतुरमुर्ग की तरह आने वाले खतरे को देखकर अपनी मुंडी रेत में घुसाकर जनता को बेवकूफ बनाने वाले लोग हैं। शुतुरमुर्ग का यह तरीका रहता है जब वह खतरे का सामना नहीं कर पाता है तो रेत में अपना सिर घुसा कर सोचता है कि खतरा टल गया।

    राम के नाम पर देश में दंगे कराने का पाप

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस ने अपने एक-एक फैसले से देश का नुकसान किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यही वे लोग हैं, जिन्होंने भगवान राम के मुद्दे पर देश में दंगे कराए। इन्हीं के कारण तीन तलाक की प्रथा बनी रही, जिसने मुस्लिम बहनों की जिंदगी को नरक बना दिया। आजादी के बाद धारा 370 लगाने के चलते 40 हजार निर्दोष लोगों की जान गई, जिसका पाप भी कांग्रेस के सिर पर है।

    विपक्ष के लिए आने वाला वक्त और चुनौती का

    सीएम ने कहा कि आज का समय वन नेशन, वन इलेक्शन का है। विपक्ष को मालूम है कि आने वाला वक्त उनके लिए और भी चुनौतीपूर्ण होने वाला है। इसी कारण वे आखिरी कोशिश करेंगे कि किसी भी तरह भाजपा के विजय रथ को रोक सकें।

    लेकिन हमें पूरा विश्वास है कि भाजपा के कार्यकर्ता कच्ची मिट्टी के नहीं बने हैं। वे तपोनिष्ठ और समर्पित हैं। मध्यप्रदेश तो संगठन की नर्सरी है, जहां हर बूथ से मजबूत कार्यकर्ता तैयार होकर निकलते हैं। इसी संगठन और कार्यकर्ताओं की फौज के बल पर हम हर चुनौती का सामना करने में सक्षम हैं।

     

  • मुख्यमंत्री साय से ट्रिपल आईटी नया रायपुर के निदेशक की सौजन्य मुलाकात

    रायपुर,

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से यहाँ उनके निवास कार्यालय में ट्रिपल आई टी नया रायपुर के निदेशक प्रोफेसर ओमप्रकाश व्यास ने सौजन्य मुलाकात की।
    मुख्यमंत्री साय ने ‘आदि वाणी’ परियोजना के अंतर्गत गोंडी भाषा अनुवादक मोबाइल ऐप के सफल लॉन्च पर प्रोफेसर व्यास एवं उनकी टीम को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस ऐप के माध्यम से गोंडी बोलने वाले जनजातीय भाई-बहनों की आवाज़ राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचेगी। यह तकनीक उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने, शिक्षा तथा शासन-प्रशासन में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने का सशक्त माध्यम बनेगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ट्रिपल आई टी नया रायपुर भविष्य में भी इसी प्रकार के नवाचार और समाजोन्मुखी अनुसंधान से प्रदेश एवं देश का गौरव बढ़ाएगा।

    प्रोफेसर व्यास ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस परियोजना में गोंडी भाषा के लिए टेक्स्ट-टू-स्पीच एवं अनुवाद प्रणाली विकसित की गई है। इसके माध्यम से गोंडी से हिंदी और अंग्रेज़ी तथा इसके विपरीत अनुवाद संभव होगा। यह सुविधा अब मोबाइल ऐप के रूप में भी उपलब्ध है, जिससे आम नागरिक इसे आसानी से उपयोग कर सकेंगे।

    उन्होंने अवगत कराया कि इस परियोजना में ट्रिपल आई टी नया रायपुर के साथ-साथ आईआईटी दिल्ली, आईआईटी हैदराबाद और बिट्स पिलानी जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थान भी सहभागी हैं। ‘आदि वाणी’ परियोजना को भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा प्रायोजित किया गया है।

    प्रोफेसर व्यास ने बताया कि इस उपलब्धि से ट्रिपल आई टी नया रायपुर ने राष्ट्रीय पटल पर अपनी सार्थक उपस्थिति दर्ज कराई है। विशेष रूप से बस्तर अंचल के 30 लाख से अधिक गोंडी भाषी समुदाय को इस तकनीक से अपनी भाषा और संस्कृति की पहचान सुरक्षित करने और डिजिटल युग में अपनी आवाज़ को बुलंद करने का अवसर मिलेगा।

  • राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार जीतने पर मालवीय को मंत्री टेटवाल ने किया सम्मानित और बधाई दी

    कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री टेटवाल ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार मिलने पर मालवीय को बधाई और शुभकामनाएं दीं

    कौशल विकास मंत्री ने मालवीय को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार पर शुभकामनाएं दीं

    राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार जीतने पर मालवीय को मंत्री टेटवाल ने किया सम्मानित और बधाई दी

    राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2025 से सम्मानित हुए शासकीय संभागीय आईटीआई भोपाल के प्रशिक्षण अधिकारी राजेन्द्र मालवीय

    भोपाल 
    राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने दिल्ली में शिक्षक दिवस पर शासकीय संभागीय आईटीआई भोपाल के प्रशिक्षण अधिकारी राजेन्द्र मालवीय को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2025 से सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें दीर्घ अवधि इंजीनियरिंग ट्रेड श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ कौशल प्रशिक्षक के रूप में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया गया।

    कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मालवीय ने अपनी मेहनत और प्रतिबद्धता से प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने बताया कि यह उपलब्धि प्रदेश के सभी प्रशिक्षकों और प्रशिक्षण संस्थानों के लिए प्रेरणादायी है, जो कौशल शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ हासिल करने का मार्ग प्रशस्त करेगी। यह राष्ट्रीय स्तर का प्रतिष्ठित सम्मान कौशल विकास क्षेत्र में मालवीय की निरंतर मेहनत और प्रशिक्षणार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति उनके समर्पण को प्रमाणित करता है। उनकी उपलब्धि से प्रदेश की आईटीआई संस्थाओं की गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण परंपरा और प्रशिक्षकों की प्रतिबद्धता को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। कौशल विकास संचालनालय ने भी मालवीय की इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएँ दी हैं।

     

  • प्रदेश में भारी बारिश का रिकॉर्ड, अब तक औसत वर्षा 951.2 मिमी तक पहुंची

    रायपुर,

    छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 951.2 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1329.0 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 461.5 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।

        रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 810.5 मि.मी., बलौदाबाजार में 700.4 मि.मी., गरियाबंद में 783.0 मि.मी., महासमुंद में 695.1 मि.मी. और धमतरी में 836.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।  बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 987.1 मि.मी., मुंगेली में 965.8 मि.मी., रायगढ़ में 1164.6 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 807.7 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1156.1 मि.मी., सक्ती में 1047.3 मि.मी., कोरबा में 1000.5 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 908.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
        दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 742.9 मि.मी., कबीरधाम में 670.9 मि.मी., राजनांदगांव में 830.6 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1168.0 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 690.0 मि.मी. और बालोद में 1013.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
        सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 679.8 मि.मी., सूरजपुर में 1006.0 मि.मी., जशपुर में 929.8 मि.मी., कोरिया में 1059.2 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 955.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
        बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1313.0 मि.मी., कोंडागांव जिले में 868.4 मि.मी., कांकेर में 1074.8 मि.मी., नारायणपुर में 1143.6 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1283.0 मि.मी., सुकमा में 1021.2 मि.मी. और बीजापुर में 1285.2 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

  • इंदौर मेयर का बेटा CM मोहन से आमने-सामने, रेल हादसे-बुलेट ट्रेन पर किया तीखा हमला

    भोपाल 
    मध्य प्रदेश में इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव के बेटे संघमित्र भार्गव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें संघमित्र सरकार पर निशाना साध रहे हैं. संघमित्र जब सरकार के खिलाफ गरज रहे थे तो मंच पर सीएम मोहन यादव भी मौजूद थे. देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता के दौरान उन्होंने रेल हादसे और बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर सरकार को घेरा.

    मंच पर मुख्यमंत्री मोहन यादव के अलावा विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर भी मौजूद थे. संघमित्र के तीखे भाषण को सुनकर मंच पर मौजूद सभी नेता हैरान रह गए. वहीं, इंदौर मेयर के पसीने छूट रहे थे. संघमित्र ने कहा, सरकार कहती है सबका साथ सबका विकास. लेकिन हकीकत यह है कि रेलवे में हो रहा है दलालों का साथ और जनता का विनाश. वेटिंग लिस्ट का आलम यह है कि हर साल 50 लाख से ज्यादा लोग टिकट लेने के बावजूद सफर नहीं कर पाते.

    उन्होंने आगे कहा, 2022 तक अहमदाबाद-मुंबई के बीच बुलेट ट्रेन का वादा किया गया था, लेकिन 2025 आ गया और बुलेट ट्रेन तो नहीं, वादाखिलाफी की रफ्तार जरूर दौड़ रही है. करोड़ों रुपए खर्च हो गए, जमीन अधिग्रहण में घोटाले हो गए, लेकिन ट्रेन अब तक सिर्फ पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन तक ही सिमटी है.
    रेल हादसे पर क्या कहा?

    संघमित्र ने कहा, कहा गया था कि कवच तकनीक से रेल हादसे खत्म हो जाएंगे, लेकिन पिछले 10 साल में 20 हजार लोग ट्रेन हादसों में अपनी जान गंवा चुके हैं. जब रेल के डिब्बे टूटते हैं या ट्रेन पटरी से उतरती है, तब सिर्फ लोहे के डिब्बे नहीं टूटते, किसी मां की गोद उजड़ जाती है, किसी बच्चे का भविष्य अंधकार में चला जाता है, किसी बूढ़े पिता की आंखों से आखिरी उम्मीद छिन जाती है

    संघमित्र ने कहा, 400 स्टेशन एयरपोर्ट जैसे बनाने की बात हुई थी, लेकिन अब तक बने कितने हैं. सिर्फ 20. वहां भी चमकते बोर्ड तो हैं, लेकिन पीने का पानी महंगा है और भीड़ वही की वही है. रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि सवा लाख करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत हुआ था, लेकिन 80 प्रतिशत परियोजनाएं अब तक अधूरी हैं. 78 प्रतिशत फंड जो सुरक्षा के लिए था, उसे डायवर्ट कर दिया गया. उन्होंने कहा कि एक रिपोर्ट बताती है कि 300 करोड़ रुपए का निवेश सिर्फ एक कंपनी को दे दिया गया. ऐसे में सबका विकास कैसे होगा.

    संघमित्र के पिता को जानिए
    संघमित्र के पिता पुष्यमित्र भार्गव इंदौर के मेयर हैं. वह शहर के 24वें महापौर हैं. पुष्यमित्र वकील भी हैं. उन्होंने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के सबसे युवा अतिरिक्त महाधिवक्ता के रूप में भी काम किया है. पुष्यमित्र मध्य प्रदेश बीजेपी के बड़े नेता हैं.

  • मुख्यमंत्री साय ने शिक्षक दिवस के खास मौके पर मिशन अंतरिक्ष और प्रोजेक्ट जय विज्ञान का किया शुभारंभ

    अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने बच्चों के साथ साझा किए अपने अंतरिक्ष यात्रा के अनुभव

    जिला प्रशासन रायपुर और इग्नाइटिंग ड्रीम्स ऑफ यंग माइंड फाउंडेशन तथा विज्ञान भारती के मध्य हुए दो महत्वपूर्ण समझौते

    अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में भारतीय मेधा की बढ़ेगी दखल

    रायपुर,

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज शिक्षक दिवस के विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री निवास परिसर से स्कूली बच्चों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जागरूकता के लिए मिशन अंतरिक्ष और प्रोजेक्ट जय विज्ञान अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान जिला प्रशासन रायपुर और इग्नाइटिंग ड्रीम्स ऑफ यंग माइंड फाउंडेशन तथा जिला प्रशासन रायपुर और विज्ञान भारती के मध्य दो महत्वपूर्ण समझौते हुए, जिनसे बच्चों को अंतरिक्ष से जुड़े विषयों की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी।

    मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों की ओर से ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को उनकी सफल अंतरिक्ष यात्रा के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और उनका अभिनंदन किया। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को नमन करते हुए सभी को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री साय ने जिला प्रशासन की इस विशेष पहल की सराहना करते हुए कहा कि इन समझौतों का उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना और विज्ञान के प्रति जिज्ञासा एवं उत्साह को बढ़ाना है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक सोच है। विज्ञान प्रश्न पूछने और तर्क करने की शक्ति और समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता प्रदान करता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रोजेक्ट जय विज्ञान के अंतर्गत आयोजित कार्यशालाएं, विज्ञान प्रदर्शनियाँ, प्रतियोगिताएँ और नवाचारी परियोजनाएँ विद्यार्थियों को नई चीजें सीखने और आत्मविश्वास बढ़ाने का अवसर देंगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से छत्तीसगढ़ के बच्चे केवल ज्ञान के उपभोक्ता नहीं, बल्कि नए विचारों और खोजों के सृजनकर्ता बनेंगे। यही आत्मनिर्भर भारत और विज्ञान-आधारित समाज की सच्ची नींव है।

    मुख्यमंत्री ने बच्चों से आह्वान किया कि वे शुभांशु शुक्ला से प्रेरणा लेकर अपनी रुचि के क्षेत्र में आगे बढ़ें और अपना तथा देश का नाम ऊँचा करें।

    अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने कहा कि देश ने जो अवसर उन्हें प्रदान किया है, उसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा—“मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी का मैं विशेष आभार व्यक्त करता हूँ कि उनकी पहल से ऐसे सार्थक कार्यक्रम आयोजित हो पा रहे हैं। जब प्रदेश का मुखिया विज्ञान और शिक्षा से जुड़े आयोजनों को महत्व देता है, तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे प्रदेश पर पड़ता है और बच्चों के भीतर नई ऊँचाइयों तक पहुँचने की प्रेरणा उत्पन्न होती है।”

    इस अवसर पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, कलेक्टर रायपुर गौरव कुमार सिंह, प्रदेश भर से जुड़े स्कूली छात्र-छात्राएँ और शिक्षकगण उपस्थित थे।

  • शिक्षकों को मिला सराहनीय सम्मान, राजभवन में आयोजित समारोह में CM और राज्यपाल मौजूद

    शिक्षक अपने विद्यार्थियों के लिए रोल मॉडल होता है: राज्यपाल रमेन डेका

    शिक्षा के बिना जीवन अधूरा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    रायपुर

    राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज शिक्षक दिवस के अवसर पर राजभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में आयोजित गरिमामय समारोह में वर्ष 2024 के उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्य स्तरीय सम्मान प्रदान किया।

    समारोह में राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने वर्ष 2024 के लिए सभी सम्मानित शिक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं दी। प्रदेश के 64 शिक्षकों को राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस मौके पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने राज्य शिक्षक सम्मान वर्ष 2025 के लिए चयनित 64 शिक्षकों के नामों की भी घोषणा की।

    राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि राज्यपाल रमेन डेका ने सर्वप्रथम भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति, महान दार्शानिक और प्रख्यात शिक्षाविद् डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी को उनकी जयंती पर नमन किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि शिक्षा मानव के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम है। एक शिक्षक अपने विद्यार्थियों के लिए रोल मॉडल होता है। बेहतर शिक्षक एक जिम्मेदार नागरिक तैयार करने में महती भूमिका निभाते हैं।

    उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन के प्रेरणास्रोत होते है। उनके विकास में शिक्षकों की बहुत बड़ी भूमिका है। आज का जीवन सरल नहीं है। गिरकर खड़े होना और जीवन की चुनौतियों का सामना कैसे किया जाए यह विद्यार्थियों को सीखाना चाहिए।

    श्री डेका ने कहा कि शिक्षक ऐसा पढ़ाएं जिससे बच्चे स्कूलों की ओर आकर्षित हो। स्कूल भवन नहीं बल्कि उसके अंदर क्या पढ़ा रहे है ये महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्राचीन भारत की गुरूकुल परंपरा को श्रेष्ठ बताया।
    उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एक गेम चेन्जर है। इस नीति के अनुरूप बच्चों को शिक्षा मिले यह शिक्षकों की जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गई है, जिसका मूल उद्देश्य यही है कि शिक्षा अधिक व्यवहारिक, कौशल आधारित और सर्वांगीण बनाया जाए। इस नीति में विशेष बल मातृभाषा में शिक्षा पर दिया गया है। बालक को उसकी मातृभाषा में शिक्षा देने से वह अधिक रूचि तथा सहजता के साथ शिक्षा ग्रहण करता है।

    श्री डेका ने कहा कि नवाचारी शिक्षा अपने आप में एक मिसाल है। यह गौरव का विषय है कि हमारे शिक्षक साथी अध्यापन के लिए नए-नए उपयोगी शिक्षण सहायक सामग्री का उपयोग कर रहें हैं, जिससे बच्चों को सिखाना, रुचिकर एवं सहज हो गया है। बदलते  परिवेश के अनुसार बच्चों को शिक्षा दिया जाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। इस हेतु सार्थक पहल एवं प्रयास की आवश्यकता है। पाठ्यक्रमों में भी उचित पाठों का समावेश किया जाना समय की मांग है।

    समारोह की अध्यक्षता कर रहे मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षक ही सच्चे राष्ट्र निर्माता होते हैं। वे देश को ऐसे राष्ट्रभक्त नागरिक देते हैं, जो आगे चलकर समाज और राष्ट्र की उन्नति में योगदान देते हैं। जिस प्रकार दीपक स्वयं जलकर दूसरों को प्रकाश देता है, उसी प्रकार शिक्षक भी अनेक कठिनाइयों के बावजूद ज्ञान का उजाला फैलाते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर रहा है और इस रजत जयंती वर्ष में प्रदेश ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। शिक्षा विकास का मूलमंत्र है और इसके बिना जीवन अधूरा है। पिछले वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में भी व्यापक विस्तार हुआ है। आज प्रदेश में 20 से अधिक विश्वविद्यालय, 15 से ज्यादा मेडिकल कॉलेज और राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्थान जैसे आईआईटी, आईआईएम, एम्स तथा लॉ विश्वविद्यालय स्थापित हैं।

    श्री साय ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि हर बच्चे को आसानी से शिक्षा उपलब्ध हो। इसी दृष्टि से प्रत्येक 1 किलोमीटर पर प्राथमिक विद्यालय, 3 से 4 किलोमीटर पर माध्यमिक विद्यालय, 6 से 7 किलोमीटर पर हाई स्कूल, 8 से 10 किलोमीटर पर हायर सेकेंडरी विद्यालय और प्रत्येक विकासखंड में महाविद्यालय खोले जा रहे हैं। उन्होंने शिक्षा विभाग के नवाचारी पहल पर भी अपने विचार साझा किए।

    समारोह में उपस्थित विशिष्ट अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू होेने से प्रदेश में शिक्षा का स्तर आने वाले समय में और बेहतर होगा। उन्होंने आगामी वर्ष के लिए राज्य शिक्षक सम्मान के लिए चयनित शिक्षकों के नामों की घोषणा की।

    राज्यस्तरीय समारोह में चार उत्कृष्ट शिक्षकों सूरजपुर जिले के अजय कुमार चतुर्वेदी को डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी स्मृति पुरस्कार, कबीरधाम जिले के रमेश कुमार चंद्रवंशी को गजानन माधव मुक्तिबोध स्मृति पुरस्कार, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की  सुनीता यादव को डॉ. मुकुटधर पाण्डेय स्मृति पुरूस्कार और रायगढ़ जिले के भोजराम पटेल को डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसी तरह प्रधान पाठक, व्याख्याता, व्याख्याता एल.बी., शिक्षक एल.बी., सहायक शिक्षक, सहायक शिक्षक एल.बी वर्ग के 64 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया।

    इस अवसर पर स्कूल शिक्षा सचि सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने स्वागत उद्बोधन दिया। आभार प्रदर्शन संचालक लोक शिक्षण ऋतुराज रघुवंशी ने किया।

    समारोह में राज्य की प्रथम महिला रानी डेका काकोटी, विधायक  पुरन्दर मिश्रा, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक संजीव झा सहित स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक उपस्थित थे।

  • नई लेदरी में ईद मिलादुन्नबी का भव्य जुलूस

    नई लेदरी में ईद मिलादुन्नबी का भव्य जुलूस

    मुख्य चौराहों और तिराहों से होकर गुज़रा जुलूस, जगह-जगह हुआ स्वागत

    मनेन्द्रगढ़/एमसीबी

    नई लेदरी नगर में ईद मिलादुन्नबी के पावन अवसर पर आज मुस्लिम समाज द्वारा भव्य जुलूस निकाला गया। यह जुलूस मस्जिद प्रांगण से प्रारंभ होकर नगर के मुख्य मार्गों का भ्रमण करता हुआ गुज़रा। मिलन चौक, अटल चौक, झरझरा चौक और गांधी चौक सहित अन्य स्थानों पर समाज के लोगों ने फूल बरसाकर जुलूस का स्वागत किया।

    इस अवसर पर नबी-ए-पाक ﷺ के जीवन से प्रेरणा लेने और उनके संदेशों पर अमल करने की अपील की गई। जुलूस में बच्चे, युवा और बुज़ुर्ग बड़े उत्साह व श्रद्धा के साथ शामिल हुए और नारे लगाए।

    समाज के विभिन्न संगठनों ने भी जुलूस में भाग लेकर आपसी भाईचारे और एकता का परिचय दिया। शांतिपूर्ण माहौल में निकला यह जुलूस पुनः मस्जिद परिसर में पहुंचकर सामूहिक दुआओं के साथ संपन्न हुआ।