• मुख्यमंत्री करमा तिहार 2025 कार्यक्रम में हुए शामिल, करमा दलों को सम्मानित कर किया प्रोत्साहित

    रायपुर
    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय विगत दिवस मुख्यमंत्री निवास, नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ आदिवासी कंवर समाज युवा प्रभाग रायपुर द्वारा आयोजित प्रकृति पर्व भादो एकादशी व्रत – 2025 करमा तिहार कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने पारंपरिक विधान से पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम की शुरुआत की। 
    मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति हमारे पूर्वजों की अमूल्य धरोहर है। इस संस्कृति एवं परंपरा को जीवंत बनाए रखना न केवल हमारी जिम्मेदारी, बल्कि नैतिक कर्तव्य भी है। ऐसे पर्व और परंपराएँ समाज को एकजुट होने का अवसर देती हैं, जिससे स्नेह, सद्भाव एवं सौहार्द की भावना विकसित होती है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि कंवर समाज के युवाओं द्वारा राजधानी रायपुर में करमा तिहार का आयोजन किया जा रहा है। हमारी आदिवासी संस्कृति में अनेक प्रकार के करमा तिहार मनाए जाते हैं। आज एकादशी का करमा तिहार है, जो हमारी कुंवारी बेटियों का पर्व है। इस करमा तिहार का उद्देश्य है कि हमारी बेटियों को उत्तम वर और उत्तम गृहस्थ जीवन मिले। भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर बेटियाँ अच्छे वर और अच्छे घर की कामना करती हैं। इसके बाद दशहरा करमा का पर्व आता है, जिसमें विवाह के पश्चात पहली बार जब बेटी मायके आती है, तो वह उपवास रखकर विजयादशमी का पर्व मनाती है। इसी प्रकार जियुत पुत्रिका करमा मनाया जाता है, जिसमें माताएँ पुत्र-पुत्रियों के दीर्घायु जीवन की कामना करती हैं। यह एक कठिन व्रत होता है, जिसमें माताएँ चौबीस घंटे तक बिना अन्न-जल ग्रहण किए उपवास करती हैं।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यदि छत्तीसगढ़ की बात करें तो यहां अंग्रेजों के विरुद्ध 12 आदिवासी क्रांतियाँ हुईं। हमारी सरकार नया रायपुर स्थित ट्राइबल म्यूजियम में आदिवासी संस्कृति के महानायकों की छवि को आमजन की जागरूकता के लिए प्रदर्शित करने मॉडल के रूप में उकेरा जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूरे होने पर आयोजित रजत जयंती समारोह में देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को आमंत्रित किया जा रहा है। उनके करकमलों से इस म्यूजियम का शुभारंभ किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार आदिवासी समाज के सशक्तिकरण पर विशेष जोर देती रही है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने आजादी के लगभग 40 वर्षों बाद आदिवासी विभाग का पृथक मंत्रालय बनाकर आदिवासी समाज के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्हीं के बताए मार्ग पर वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी आदिवासी समाज के बेहतरी एवं समग्र विकास के लिए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान एवं विशेष पिछड़ी जनजाति समाज के लिए पीएम जनमन योजना का संचालन कर रहे हैं, जिससे हितग्राहियों को शत-प्रतिशत योजनाओं का लाभ मिल रहा है। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ में 15 वर्षों तक मुख्यमंत्री रहे डॉ. रमन सिंह ने बस्तर, सरगुजा एवं मध्य क्षेत्र प्राधिकरण का गठन कर विकास को गति प्रदान करने का कार्य किया।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि युवा आदिवासियों को स्वरोजगार से जोड़ते हुए आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से हमने नई उद्योग नीति बनाई है, जिसमें बस्तर एवं सरगुजा क्षेत्रों के लिए विशेष रियायतें दी गई हैं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आदिवासी बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने में कोई कठिनाई न हो। इसके लिए राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक संस्थाओं की स्थापना राज्य में ही की जा रही है।

    वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी आदिवासी संस्कृति अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली परंपरा रही है। इसी परंपरा के निर्वहन में आज हम करमा तिहार मना रहे हैं। हमारी संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। साय जी के नेतृत्व में ही बस्तर संभाग में बस्तर पांडुम के नाम से ओलंपिक का आयोजन किया गया, जिसकी चर्चा पूरे भारत में हुई। श्री कश्यप ने इस अवसर पर समस्त छत्तीसगढ़वासियों को प्रकृति पर्व भादो एकादशी व्रत करमा तिहार की शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।

    संरक्षक, अखिल भारतीय कंवर समाज विकास समिति पमशाला, जशपुर, श्रीमती कौशिल्या साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी समाज और प्रकृति एक-दूसरे के अभिन्न अंग हैं। आदिवासी समाज के लिए प्रकृति सदैव आराध्य रही है। करमा पर्व प्रकृति प्रेम का पर्व है। हमारी संस्कृति अत्यंत गौरवशाली रही है और उसका संरक्षण तथा समय के साथ संवर्धन आवश्यक है। उन्होंने आगे कहा कि समाज की महिलाएँ आगे आकर इस संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने सभी को प्रकृति पर्व भादो एकादशी व्रत करमा तिहार की बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

     

  • गरीब परिवारों का पक्का घर का सपना हो रहा साकार

    135 दिवस में आवास पूर्ण

    रायपुर,

    प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए पक्के और सुरक्षित मकान उपलब्ध कराए जा चुके हैं। कच्चे घरों से पक्के घरों में शिफ्ट हुए परिवार अब सम्मानजनक एवं सुरक्षित जीवन व्यतीत कर रहे हैं। जनपद पंचायत दंतेवाड़ा के ग्राम पंचायत गामावाड़ा के नियद नेल्ला नार क्षेत्र में मात्र 135 दिनों में एक आवास का निर्माण कार्य पूरा किया गया, जबकि सामान्य परिस्थितियों में जिले में निर्माण कार्यों में अपेक्षाकृत अधिक समय लगता है। रिकॉर्ड समय में मकान का तैयार होना प्रशासन की दक्षता और प्रतिबद्धता का परिचायक है।

    योजना के तहत प्रत्येक पात्र लाभार्थी को तीन किस्तों में 1 लाख 20 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। इसके साथ ही 90 दिन का मनरेगा रोजगार भी उपलब्ध कराया जाता है, ताकि ग्रामीणों को न केवल आवास बल्कि रोजगार का भी सहारा मिल सके। “सबका साथ, सबका विकास” की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में यह योजना एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

    सुदूर वनांचल के दंतेवाड़ा जैसे कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्र में भी इस योजना से लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी के मार्गदर्शन में आवास निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जा रहे हैं। बरसात और निर्माण सामग्री की कमी जैसी चुनौतियों के बावजूद प्रशासन ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

    जिले में अब तक कुल 2118 पक्के मकान बनकर तैयार हो चुके हैं, जिनमें केवल जनपद दंतेवाड़ा में 547 मकानों का निर्माण संपन्न हुआ है। जिला प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में और अधिक पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़ा जाएगा, ताकि जिले का कोई भी परिवार पक्के घर से वंचित न रहे और प्रत्येक परिवार का पक्का मकान का सपना साकार हो सके।

  • चावल के साथ सिर्फ नमक! आश्रम में छात्रों के खाने में हुई गंभीर चूक, जिम्मेदार निलंबित

    सुकमा

    बस्तर संभाग के सुकमा जिले से एक बार फिर छात्रावास में बच्चों के भोजन से जुड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। बीते दिनों जहां बच्चों के खाने में फिनाइल मिलने की घटना ने सबको चौंका दिया था, वहीं अब बालक आश्रम मानकापाल में छात्रों को केवल नमक और चावल परोसने का मामला उजागर हुआ है।

    इस मामले की शिकायत पर जिला प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लेते हुए जांच करवाई। कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देश पर सहायक आयुक्त हेमंत सिन्हा और मंडल संयोजक मौके पर पहुंचे और जांच की।

    अधीक्षक निलंबित
    जांच में आरोप सही पाए जाने पर प्रभारी अधीक्षक जय प्रकाश बघेल को सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 का उल्लंघन तथा पदीय कर्तव्यों में घोर लापरवाही बरतने का दोषी मानते हुए तत्काल निलंबित कर विभागीय जांच संस्थित की गई है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, सुकमा रहेगा तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

    कलेक्टर ध्रुव ने स्पष्ट किया है कि आश्रमों एवं छात्रावासों में बच्चों के भोजन, स्वास्थ्य और देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि छात्रावासों और आश्रमों में बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की सतत निगरानी सुनिश्चित करें।

  • नागपुर-पाराडोल रेलवे हॉल्ट सर्वे को लेकर बैठक संपन्न

    नागपुर-पाराडोल रेलवे हॉल्ट सर्वे को लेकर बैठक संपन्न

    कलेक्टर बोले- रेलवे परियोजना में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं होगी

    मनेन्द्रगढ़/एमसीबी

    जिले में नागपुर-पाराडोल रेलवे हॉल्ट परियोजना से जुड़ी भूमि अधिग्रहण और संयुक्त मापन सर्वेक्षण (JMS) पर चर्चा के लिए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डी. राहुल वेंकट की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में रेलवे, वन, लोक निर्माण, कृषि, उद्यानिकी, पीएचई और सीएसपीडीसीएल विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

    कलेक्टर ने कहा कि रेलवे परियोजना क्षेत्रीय विकास और नागरिक सुविधा दोनों के लिए अहम है, इसलिए कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय और समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

    बैठक में भूमि स्वामियों का विवरण, भू-खण्ड वर्गीकरण, फसल और संपत्तियों की स्थिति, भवनों व अन्य परिसंपत्तियों का सर्वे, फलदार व इमारती वृक्षों का मापन आदि बिंदुओं पर प्रारूप तय किए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शिता और भूमि स्वामियों की उपस्थिति में होनी चाहिए।

    प्रभावित गांव बंजी, सरोला, चिरई पानी, सरभोका, चिताझोर और पाराडोल में सप्ताहवार शिविर लगाकर सर्वे करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक हितग्राही का फोटो-वीडियो रिकॉर्ड तैयार कर अलग फोल्डर में संकलित कर एसडीएम को सौंपा जाए। साथ ही जनपद सीईओ, सरपंच और सचिव की उपस्थिति भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    बैठक में अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार, संयुक्त कलेक्टर इंदिरा मिश्रा, एसडीएम लिंगराज सिदार, शशि शेखर मिश्रा, विजयेन्द्र सारथी, तहसीलदार, रेलवे विभाग के अधिकारी, आरआई और पटवारी उपस्थित रहे।

  • ‘मिनी ब्राजील’ विचारपुर: मंत्री सारंग ने खिलाड़ियों के साथ साझा किया अनुभव और प्रेरणा

    ‘मिनी ब्राजील’ विचारपुर: मंत्री सारंग ने खिलाड़ियों के साथ साझा किया अनुभव और प्रेरणा

    जर्मनी के क्लब द्वारा विचारपुर टीम के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण की पेशकश

    भोपाल 

    खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को टीटी नगर स्टेडियम, भोपाल में ‘मिनी ब्राजील’ के नाम से प्रसिद्ध शहडोल जिले के विचारपुर ग्राम की फुटबॉल टीम के खिलाड़ियों से भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह क्षण मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।

    मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 30 जुलाई 2023 को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में विचारपुर का उल्लेख कर इसे ‘मिनी ब्राजील’ नाम दिया था। प्रधानमंत्री द्वारा की गई इस सराहना ने विचारपुर के खिलाड़ियों को नई पहचान दी और अब यही पहचान वैश्विक मंच पर अपना स्थान बना रही है। प्रधानमंत्री मोदी के पॉडकास्ट में उल्लेख के बाद जर्मनी के प्रतिष्ठित फुटबॉल क्लब एफ.सी. Ingolstadt 04 ने विचारपुर के खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण का अवसर देने की इच्छा जताई है।

    खिलाड़ियों को दी शुभकामनाएं

    मंत्री सारंग ने कहा कि विचारपुर के युवा खिलाड़ियों में अपार संभावनाएं छिपी हैं। वे अब केवल अपने गांव या प्रदेश के नहीं, बल्कि पूरे देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे अपने खेल को उस स्तर तक ले जाएं कि विदेशों में भी ‘मिनी विचारपुर’ टीम के नाम से भारत की पहचान बने। उन्होंने खिलाड़ियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और आशा व्यक्त की कि यह अवसर आने वाले समय में प्रदेश की खेल प्रतिभा के लिए प्रेरणा बनेगा।

    खिलाड़ियों में उत्साह

    मंत्री सारंग से संवाद के दौरान खिलाड़ियों ने कहा कि यदि उन्हें जर्मनी जाने का अवसर प्राप्त होता है तो वे अपने खेल कौशल (स्किल्स) को और बेहतर करेंगे तथा वहां सीखी गई तकनीक और अनुभव को वापस आकर अपने साथियों और आने वाली पीढ़ी के साथ साझा करेंगे।

    कुल 4 खिलाड़ियों को मिलेगा अवसर

    जर्मनी का फुटबॉल क्लब विचारपुर ग्राम से कुल 4 खिलाड़ियों और 1 प्रशिक्षक को 4 से 12 अक्टूबर 2025 तक आमंत्रित कर रहा है। इसमें 2 बालक और 2 बालिका खिलाड़ी शामिल होंगे। उन्हें विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और खेल का व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया जाएगा। इसके लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा चयन प्रक्रिया आयोजित की जाएगी, जिसमें तकनीकी मानदंड, खिलाड़ियों की उपलब्धियां और शारीरिक दक्षता को आधार बनाया जाएगा। यह अवसर विचारपुर के खिलाड़ियों के भविष्य को नई दिशा देगा और प्रदेश की खेल प्रतिभा को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।।

     

  • सामूहिक इस्तीफा और आंदोलन: NHM कर्मचारियों ने बर्खास्तगी के खिलाफ जताया विरोध

    रायपुर

    NHM कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों पर बर्खास्तगी की कार्रवाई के बाद आंदोलनरत कर्मचारी आक्रोशित हो गए हैं. प्रदेशभर में आज एनएचएम कर्मचारियों ने अपने-अपने जिले के स्वास्थ्य अधिकारी को सामूहिक इस्तीफा सौंपा है. बस्तर जिले में 887, कांकेर में 655, बलौदाबाजार जिले में 421 एनएचएम कर्मचारियों ने सामूहिक इस्तीफा दिया है.

    बता दें कि नोटिस के बाद भी काम पर नहीं लौटने पर सरकार ने 35 एनएचएम अधिकारी-कर्मचारियों की सेवा समाप्ति कर दी है. इसके चलते अब आक्रोश बढ़ गया है. मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय रायपुर में रायपुर जिले के NHM अधिकारी-कर्मचारी इस्तीफा देने पहुंचे हैं. CMHO कार्यालय के सामने प्रदर्शन जारी है.

    नियमितीकरण समेत 10 सूत्री मांगो को लेकर NHM कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है. बलौदाबाजार जिले में 421 एनएचएम कर्मचारियों ने अपना इस्तीफा सीएमएचओ को सौंप दिया है. वहीं कांकेर में 655 स्वास्थ्यकर्मियों ने अपना सामूहिक इस्तीफा जिला स्वास्थ्य अधिकारी को सौंपा है.

    बस्तर जिले में 887 एनएचएम कर्मचारियों ने दिया सामूहिक इस्तीफा

    बस्तर जिले के 887 एनएचएम कर्मचारियों ने सीएमएचओ प्रभारी को अपना इस्तीफा देकर शासन के खिलाफ मोर्चा और मजबूत कर दिया है. जिला अध्यक्ष शकुंतला का कहना है कि शासन ने हमारे कई कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है. एनएचएम कर्मचारियों ने कई बार बातचीत की कोशिश की थी, लेकिन जब शासन की ओर से कोई पहल नहीं हुई. जब शासन ने हमारे 10 कर्मचारियों की बर्खास्ती की तो पूरे प्रदेश के 33 जिलों में सामूहिक इस्तीफा देने का फैसला लिया गया. इस्तीफा देने के बावजूद एनएचएम कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे रहेंगे. इस हड़ताल से स्वास्थ्य केंद्र और उप स्वास्थ्य केंद्रों की सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हो गई हैं. वहीं सीएमएचओ प्रभारी बीके ठाकुर ने कहा कि सभी इस्तीफे शासन को भेजे जाएंगे और आगे का निर्णय शासन स्तर पर लिया जाएगा.

  • सात वर्षीय कथक कलाकार आशिका ने चक्रधर समारोह में बिखेरी अद्भुत कला की चमक

    रायगढ़

    अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चक्रधर समारोह 2025 के आठवें दिन मंच पर नन्हीं बाल कलाकार आशिका सिंघल ने अपनी अद्भुत कथक प्रस्तुति से सभी का दिल जीत लिया. मात्र 7 वर्ष की आयु में ही आशिका ने अपनी सधी हुई ताल और भावपूर्ण अभिनय से दर्शकों को भावविभोर कर दिया.

    आशिका ने भक्ति गीत “मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो” पर कथक नृत्य प्रस्तुत किया. उनकी लय, ताल और भावाभिव्यक्ति इतनी प्रभावशाली रही कि दर्शक मंत्रमुग्ध होकर तालियां बजाने पर मजबूर हो गए.

    रायपुर की रहने वाली आशिका सिंघल बीते चार वर्षों से कथक की साधना कर रही हैं. विद्यालय और विभिन्न प्रतियोगिताओं में वे पहले भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर कई उपलब्धियां हासिल कर चुकी हैं. चक्रधर समारोह के मंच पर उनकी प्रस्तुति ने न केवल कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई बल्कि दर्शकों को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की गहराई से जोड़ दिया.

  • प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जीएसटी सुधारों पर सीएम साय ने की सराहना

    रायपुर,

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लिए गए ऐतिहासिक जीएसटी सुधारों का स्वागत करते हुए कहा है कि यह निर्णय भारत की कर प्रणाली को आमजन के लिए अधिक सरल और उद्योग-व्यापार के लिए प्रोत्साहनकारी बनाएगा।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आयकर में 12 लाख तक की छूट देने के बाद अब जीएसटी दरों में की गई भारी कटौती से रोज़मर्रा की ज़रूरत की वस्तुएं, खेती-किसानी के उपकरण, खाने-पीने की चीज़ें, दवाइयां, शिक्षा सामग्री, मनोरंजन की वस्तुएं, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सस्ते हो गए हैं। कई आवश्यक वस्तुओं पर टैक्स दर शून्य कर दी गई है, जिससे नागरिकों के जीवन में सीधा लाभ पहुंचेगा।

    उन्होंने कहा कि नवरात्रि पर्व से लागू होने वाला यह प्रावधान प्रधानमंत्री जी की Ease of Doing Business और Ease of Living की संकल्पना को साकार करेगा। इससे उद्योग-व्यापार को नई ऊर्जा मिलेगी और देश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त करता हूँ। यह निर्णय आम आदमी के जीवन को सरल बनाने और देश को वैश्विक अर्थव्यवस्था की नई ऊँचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

  • बाढ़ अलर्ट: ओंकारेश्वर बांध के अधिकांश गेट खोले गए, प्रशासन सतर्क

    खंडवा

    मध्य प्रदेश में लगातार हो रही तेज बारिश के चलते नर्मदा नदी पर बने इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर बांध से भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। गुरुवार को इंदिरा सागर बांध के 12 गेट  खोले गए, वहीं ओंकारेश्वर बांध से 21 गेटों के जरिए कुल 35.5 मीटर ऊंचाई तक खोले गए एवं10,533 क्यूमेक्स पानी नर्मदा नदी में छोड़ा गया।

    दोनों ही बांधों का जलभराव क्षमता से ऊपर
    नर्मदा नदी का जलस्तर वर्तमान में खतरे के निशान से केवल डेढ़ मीटर नीचे है। दोनों ही बांधों का जलभराव क्षमता से ऊपर पहुंच चुका है, जिसके चलते गेट खोलकर पानी निकाला जा रहा है। यह इस वर्ष का मात्र दो दिन में पांचवां अवसर है जब बांध प्रबंधन को गेट खोलने पड़े हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि नर्मदा नदी के ऊपरी हिस्सों से कितनी अधिक मात्रा में पानी आ रहा है।

    खतरे की स्थिति
    लगातार हो रही वर्षा और ऊपरी क्षेत्रों से आ रहे प्रवाह के कारण नर्मदा नदी उफान पर है। ओंकारेश्वर से आगे खंडवा और खरगोन जिले में बसे नर्मदा किनारे के गांवों और कस्बों के लिए स्थिति अधिक चुनौतीपूर्ण बन गई है। 

    यदि वर्षा का सिलसिला जारी रहा और गेटों की संख्या व ऊंचाई और बढ़ाई गई तो नदी का जलस्तर और ऊपर जा सकता है। वर्तमान में नर्मदा नदी का जल स्तर 162,500 तक पहुंच गया है। अगर नदी का जलस्तर 163.980 पर पहुंचा तो खतरे के निशान को पार कर जाएगा।

    प्रशासन की तैयारी
    गंभीर हालात को देखते हुए प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। बाढ़ एवं आपदा प्रबंधन टीम लगातार निगरानी कर रही है। दोनों जिलों (खंडवा और खरगोन) के पुलिस अधीक्षकों ने सभी थानों को निर्देश दिए हैं कि नर्मदा किनारे जहां-जहां जनसमूह एकत्रित होता है, वहां सुरक्षा बल तैनात रहें।

    एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, होमगार्ड और स्थानीय गोताखोरों को भी तैयार रखा गया है। ग्राम पंचायत, नगर पंचायत और नगर पालिकाओं को सख्त आदेश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की घटना या दुर्घटना न हो।

    जनता से अपील
    प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि लोग नर्मदा नदी के किनारे न जाएं। लगातार गेट खुलने से जलस्तर कभी भी अचानक बढ़ सकता है। सावधानी बरतना ही सुरक्षा का सबसे बड़ा उपाय है। नर्मदा के उफान और बांधों की लगातार जलनिकासी ने पूरे नर्मदा तट क्षेत्र को अलर्ट पर ला दिया है। आने वाले समय में नदी का जलस्तर किस ओर करवट लेगा, यह वर्षा पर निर्भर करेगा। 

  • रविंद्र चौबे-दीपक बैज की महत्वपूर्ण बैठक, बोले: कलेक्टिव लीडरशिप में लड़ेंगे चुनाव

    रायपुर

     “छत्तीसगढ़ की जनता आज भी भूपेश बघेल का नेतृत्व चाहती है’ वाले बयान पर मचे बवाल के बीच पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे ने आज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज से मुलाकात की. बैठक के बाद दोनों नेताओं ने तमाम असहमतियों को दरकिनार करते हुए कहा कि कांग्रेस को मजबूत करना हमारा मकसद है. आगामी चुनाव कलेक्टिव लीडरशिप में लड़ी जाएगी.

    छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज से मुलाकात के बाद पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि दीपक बैज कांग्रेस के अध्यक्ष है, हमारा समर्थन उनके साथ है. दीपक बैज के नेतृत्व में मजबूती से कांग्रेस लड़ाई लड़ रही है. भूपेश बघेल के जन्मदिन पर भ्रमपूर्वक बातें कही गई. अगर कुछ बातें कही गई तो वह बात नहीं थी, जो प्रेस में आई. दीपक बैज बहुत ही मैच्योर अध्यक्ष हैं.

    वहीं दीपक बैज ने महंत के चमचे वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस की बैठक में बहुत सारे मुद्दे थे. बैठक में संगठन सृजन अभियान पर चर्चा की गई. कांग्रेस को मजबूत करना हमारा मकसद है. बैठक में जो बातें हुई, वह घर की बात है, पार्टी की बात है. पूर्व मंत्री रविन्द्र चौबे से मुलाकात का जिक्र पर कहा कि कलेक्टिव लीडरशिप में लड़ने का निर्णय हुआ है. आगे भी कलेक्टिव लीडरशिप से कांग्रेस लड़ाई लड़ेगी.

    वहीं प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन को चमचा भवन बताते हुए भाजपा के पोस्टर जारी किए जाने पर दीपक बैज ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा को अपने भवन का नाम नमक हराम भवन रखना चाहिए.

  • जीएसटी दरों में कटौती से लाभान्वित होंगे देश के 90 प्रतिशत नागरिक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    जीएसटी दरों में कटौती का निर्णय सभी सैक्टर के लिए गुलदस्ते के समान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर दिए वचन को एक महीने से भी कम समय में पूरा कर दिखाया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    जीएसटी दरों में कटौती से लाभान्वित होंगे देश के 90 प्रतिशत नागरिक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जीएसटी दरों में कटौती को बताया ऐतिहासिक निर्णय

    प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक उथल-पुथल के बीच भी देश के गरीब-वंचितों सहित उद्यमियों का भी रखा ध्यान

    नागरिकों को राहत देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण का माना आभार

    भोपाल 

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गुड्स एवं सर्विस टैक्स काउंसिल द्वारा जीएसटी दरों में कटौती को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वागत योग्य कदम बताया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत सरकार ने जीएसटी दरों में बदलाव कर मुक्त हृदय से देश के हर वर्ग को फायदा पहुंचाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने उद्बोधन में लाल किले की प्राचीर से कहा था कि, अगले कुछ समय में प्रदेशवासियों को बहुत अच्छी सुविधाएं मिलने वाली हैं। हमने देखा कि एक महीने से भी कम समय में उन्होंने अपने इन वचनों को साकार कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीएसटी के क्रांतिकारी बदलाव से देश की लगभग 90 प्रतिशत आबादी यानी 125 करोड़ से अधिक देशवासी लाभान्वित होंगे। प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और लघु एवं कुटीर उद्योग को भी व्यवसाय में इसका लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है और तेजी से तीसरे स्थान की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जीएसटी स्लैब में बदलाव के बाद गुरुवार को उज्जैन में जारी संदेश में ये विचार व्यक्त किए। उन्होंने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का आभार भी माना।

    स्कूली बच्चों की शिक्षण सामग्री पर जीएसटी 12% से शून्य करना महत्वपूर्ण

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीएसटी काउंसिल की बैठक में जीएसटी दरों में कटौती का निर्णय देशवासियों के लिए एक प्रकार से गुलदस्ते के समान है, जिसमें सभी सैक्टर को कवर किया गया है। इंडस्ट्रीज के साथ देश के सभी वर्गों को इसका लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में दुनिया भर में भारत की एक अद्भुत छवि निर्मित हो रही है। वैश्विक उथल-पुथल के बीच भी सरकार ने अपने नागरिकों, उद्यमियों, गरीब एवं वंचित वर्ग का ध्यान रखा है। नागरिकों के हैल्थ इंश्योरेंस को टैक्स फ्री कर स्वास्थ्य के क्षेत्र में अतिरिक्त राहत दी गई है। जीएसटी के सभी बदलाव इसी माह नवरात्रि से अर्थात 22 सितंबर से लागू हो जाएंगे, जिसका लाभ गरीबों, मध्यवर्ग और किसानों को भी मिलेगा। आम आदमी की जरूरत की वस्तुएं जैसे- रोटी, पराठा, पनीर, छैना सस्ते होंगे। यह सामग्री बड़े पैमाने पर निर्यात भी होती है, अत: इस बदलाब से किसानों को भी लाभ होगा। स्कूली बच्चों के लिए शिक्षण सामग्री नक्शे, चार्ट, ग्लोब, पेंसिल, शार्पनर, कॉपी, नोटबुक पर जीएसटी 12% से शून्य करना स्कूली बच्चों और युवाओं की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।

    हैल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को 18% के स्लैब से हटाकर शून्य करना क्रांतिकारी निर्णय

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे लिए कृषि क्षेत्र पहली प्राथमिकता है। भारतीय कृषि व्यवसाय को वैश्विक प्रभावों से सुरक्षित रखने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रैक्टर के टायर, पार्ट्स, बायोपेस्टिसाइड, माइक्रोन्यूट्रिएंट्स, ड्रिप इरिगेशन सिस्टम, स्प्रिंकलर, बागवानी की मशीनों पर जीएसटी दर 18% से घटाकर 5% तक लाने का निर्णय लिय है। यह कृषक कल्याण के लिए हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। दूसरी ओर नागरिकों को स्वास्थ्य क्षेत्र में लाभ मिले, इसके लिए हैल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को मौजूदा 18% के स्लैब से हटाकर टैक्स खत्म करना निर्णय क्रांतिकारी है। साथ ही कैंसर जैसी घातक बीमारियों के मरीजों के लिए कई जीवन रक्षक दवाइयां कर मुक्त कर दी गई हैं। इस फैसले का सीधा लाभ जरूरतमंदों को मिलेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऑटोमोबाइल सेक्टर में 1200 सीसी इंजन क्षमता के वाहनों पर जीएसटी स्लैब 28% से घटाकर 18% किया गया है। यह मध्यम वर्गीय के लिए कार खरीदने का सपना पूरा करेगा। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जैसे- प्रोजेक्टर, डिश, वाशिंग मशीन सस्ती होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन निर्णयों का प्रदेशवासियों को जल्द से जल्द लाभ दिलवाने के लिए राज्य सरकार सभी संबंधित क्षेत्रों में त्वरित गति से कार्य करेगी।

     

  • संबंधों में बेवजह दूरी को माना मानसिक क्रूरता, हाईकोर्ट ने पति को दी राहत

    बिलासपुर

    हाईकोर्ट ने शादी से जुड़े एक मामले में पति की तलाक की अर्जी को स्वीकार करते हुए पत्नी को 15 लाख रुपए स्थायी गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया. कोर्ट ने कहा कि बिना पर्याप्त कारण वैवाहिक जीवन से दूरी बनाना पति के प्रति क्रूरता की श्रेणी में आता है.

    मामला कोरबा जिले के कटघोरा क्षेत्र का है, जहां रहने वाले दंपती 2011 से अलग रह रहे थे. कोर्ट ने पति की अपील स्वीकार करते हुए फैमिली कोर्ट के आदेश को निरस्त कर दिया और पति को तलाक की डिक्री प्रदान की. मामले की सुनवाई जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की डिवीजन बेंच में हुई.

    कोर्ट ने कहा कि पत्नी वर्षों से अलग रह रही है, और उसने पति व ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना समेत कई मुकदमे दर्ज कराए थे. कोर्ट ने पत्नी और बेटी के भविष्य को देखते हुए पति को आदेश दिया कि वह 15 लाख रुपये का स्थायी गुजारा भत्ता अदा करे.

    दरअसल, एसईसीएल में माइनिंग सरदार के पद पर कार्यरत युवक की शादी 11 फरवरी 2010 को हुई थी. कुछ समय बाद उनके घर बेटी ने जन्म लिया. इसके बाद दंपती के बीच विवाद बढ़ने लगे. पति का आरोप था कि पत्नी ने वैवाहिक दायित्व निभाने से इनकार कर दिया और परिवार से अलग रहने का दबाव बनाया. वहीं पत्नी ने आरोप लगाया कि लड़की होने पर ससुरालवालों का व्यवहार बदल गया और उन्होंने पांच लाख रुपये की मांग करते हुए उत्पीड़न शुरू कर दिया.

    पत्नी ने पति और ससुरालवालों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना (498ए), घरेलू हिंसा और भरण-पोषण के मामले दर्ज कराए. उसने यह भी कहा कि पति और परिवार वालों ने मारपीट की और जान से मारने का प्रयास किया. वहीं पति ने पत्नी पर झूठे मामले दर्ज करने और कोर्ट परिसर में हमला करने तक के आरोप लगाए.

    सेशन कोर्ट ने 2019 में पति और उनके परिवार को सभी आपराधिक आरोपों से बरी कर दिया. इसके बावजूद पत्नी अलग ही रही. पति ने 2015 में तलाक की अर्जी लगाई थी, लेकिन 2017 में कटघोरा फैमिली कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा था कि पत्नी की ओर से की गई कथित क्रूरता को पति साबित नहीं कर सका. इसके बाद पति ने हाईकोर्ट में अपील दायर की.

    हाई कोर्ट में जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की डिवीजन बेंच में दोनों पक्षों ने दलील पेश की. कोर्ट ने कहा कि दंपति 2011 से अलग रह रहे हैं. पत्नी ने कई आपराधिक शिकायतें कीं, जिनसे पति को मानसिक यातना झेलनी पड़ी. अलग रहने का कोई वाजिब कारण पत्नी साबित नहीं कर सकी.

    कोर्ट ने माना कि अब दोनों के बीच पुनर्मिलन की संभावना पूरी तरह खत्म हो चुकी है. इसके साथ ही कोर्ट ने पति को आदेश दिया कि वह छह माह के भीतर पत्नी को 15 लाख रुपए स्थायी गुजारा भत्ता के रूप में अदा करे. इस फैसले के साथ ही 14 साल से लंबित यह विवादित रिश्ता कानूनी रूप से समाप्त हो गया.

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन प्रेस क्लब में भगवान गणेश की आरती में हुए शामिल

     उज्जैन

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार को उज्जैन प्रेस क्लब में भगवान गणेश जी की पूजा आरती में शामिल हुए। मुख्यमंत्री का प्रेस क्लब अध्यक्ष विशाल सिंह हाड़ा सहित पत्रकारों ने स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रेस क्लब के पत्रकारों से चर्चा कर उन्हें गणेश उत्सव की शुभकामनाएँ दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रेस क्लब की प्रथम मंजिल पर स्थित व्यायाम केंद्र में पहुंचकर नवीन व्यायाम की मशीनों का अवलोकन किया और कुछ देर वहाँ व्यायाम भी किया। इस अवसर पर विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, संजय अग्रवाल, जगदीश पांचाल आदि उपस्थित थे।

     

  • इंदौर प्रशासन ने किया कड़ा कदम, मुस्लिम बहुल इलाके में साइनबोर्ड बदलने पर 2 कर्मचारी सस्पेंड

    इंदौर

    इंदौर नगर निगम ने मुस्लिम बहुल इलाके में साइनबोर्ड बदलने के आरोप में बड़ी कार्रवाई की है। दो कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है और एक को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। पूर्व भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय द्वारा इस संबंध में पत्र लिखकर आरोप लगाने के बाद कि यह कार्रवाई की गई है।

    इंदौर नगर निगम ने शहर के एक मुस्लिम बहुल इलाके में सड़कों के बदले हुए नाम वाले साइनबोर्ड लगाने के आरोप में अपने दो कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया और एक अन्य की सेवाएं खत्म कर दी। एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि महापौर पुष्यमित्र भार्गव के निर्देश पर नगर आयुक्त शिवम वर्मा ने मामले की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद इन कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की।

    पूर्व भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय ने इंदौर नगर निगम को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि इलाके की सड़कों का नाम एक धर्म विशेष के आधार पर बदला गया है। साथ ही बदले हुए नाम साइनबोर्ड पर प्रदर्शित किए गए हैं। इसके बाद नगर निगम ने 21 अगस्त को चंदन नगर इलाके में लगभग 5 साइनबोर्ड हटा दिए थे।

    निगम अधिकारी ने बताया कि कार्रवाई के तहत ट्रैफिक विभाग के प्रभारी अधिशासी अभियंता और एक उप-अभियंता को निलंबित कर दिया गया, जबकि एक अन्य प्रभारी उप-अभियंता की सेवाएं खत्म कर दी गईं। उन्होंने बताया कि विभाग के प्रभारी अतिरिक्त आयुक्त को भी बदल दिया गया है। मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के पुत्र आकाश विजयवर्गीय ने चेतावनी दी थी कि अगर साइनबोर्ड नहीं हटाए गए तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू करेंगे।

    इनमें से कुछ साइनबोर्डों पर एक ही सड़क के दो नाम लिखे थे। जैसे- सकीना मंजिल रोड के साथ चंदन नगर सेक्टर-बी वार्ड नंबर 2 और रजा गेट के साथ लोहा गेट रोड। कुछ स्थानीय लोगों ने बताया कि इन सड़कों को आमतौर पर दो नामों से जाना जाता है। ऐसे साइनबोर्डों को हटाने से पता ढूंढने में दिक्कत हो रही है।

  • जिंदा रहना है तो 500 करोड़ लेकर जंगल में आओ! MP में जज को मिली चेतावनी

    रीवा
    मध्य प्रदेश में अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जज साहिबा से ही 'प्रॉटेक्शन मनी' मांग ली गई है। जिंदा रहने के लिए उन्हें 500 करोड़ रुपये देने को कहा गया है। रीवा जिले के त्योंथर न्यायालय में पदस्थ एक न्यायाधीश को धमकी भरा खत मिला है। डाक से मिले इस खत को भेजने वाले ने खुद को हनुमान नाम के एक डकैत का साथी बताया है। मामले की शिकायत सोहागी थाने में दर्ज कराई गई है जिसके बाद अब पुलिस मामले की जांच कर रही है।

    मामला रीवा जिले के सोहागी थाना क्षेत्र अंतर्गत त्योंथर न्यायालय का है। यहां पदस्थ प्रथम व्यवहार न्यायाधीश मोहिनी भदौरिया को पोस्ट ऑफिस के माध्यम से एक धमकी भरा पत्र मिला है। यह पत्र प्रयागराज जिले के बारा थाना अंतर्गत लोहगारा निवासी संदीप सिंह ने लिखा है। पत्र में न्यायाधीश को जान से मारने की धमकी दी है और उसके एवज में 500 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी है। पत्र लिखने वाले ने खुद को दस्यु सरगना हनुमान के गिरोह का साथी बताया है।

    उसने पांच अरब की फिरौती लेकर 1 सितंबर को शाम 7:45 बजे यूपी-एमपी के बॉर्डर पर स्थित बड़गड़ जंगल में बुलाया गया था। यह भी लिखा गया था कि रकम लेकर उन्हें खुद आना है। मामले की शिकायत सोहागी थाने में दर्ज करवाई गई है, जहां पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 308 (4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

    न्यायाधीश को इस तरह से पत्र लिखने वाले आरोपी की तलाश में पुलिस टीम यूपी पहुंच गई है। बताया जा रहा है कि आरोपी यूपी का रहने वाला है। उसने ऐसा पत्र न्यायाधीश को किन कारणों से लिखा, उसका खुलासा आरोपी के पकड़े जाने के बाद ही हो पाएगा। एसपी विवेक सिंह ने कहा कि एक पत्र रजिस्ट्री के जरिए मिला है। इसमें धमकी देकर फिरौती की मांग की गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया था। कुछ संदिग्धों की पहचान की गई है, जो यूपी के हैं। जल्द ही इन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। लेटर में 500 करोड़ की मांग की गई है, कारण कुछ खास नहीं बताए गए हैं।

  • गणेश विसर्जन और ईद मिलादुन्नबी को लेकर कलेक्टर-एसपी की संयुक्त बैठक

    गणेश विसर्जन और ईद मिलादुन्नबी को लेकर कलेक्टर-एसपी की संयुक्त बैठक

    त्योहारों में शांति और सौहार्द बनाए रखने दिए सख्त निर्देश

    मनेन्द्रगढ़/एमसीबी

    जिले में आगामी पर्व-त्योहारों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डी. राहुल वेंकट और पुलिस अधीक्षक चन्द्रमोहन सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में गणेश विसर्जन, ईद मिलादुन्नबी, दशहरा और दीपावली की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए।

    कलेक्टर ने साफ कहा कि परंपरागत स्थलों पर होने वाले आयोजनों के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों को सतर्क रहते हुए किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी।

    पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि गणेश विसर्जन के दौरान ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए। जरूरत से अधिक डेसिबल पर डीजे बजाने वालों पर तुरंत कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि शांति समिति से मिले सुझावों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि साम्प्रदायिक सौहार्द और शांतिपूर्ण माहौल बना रहे।

    एसपी ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाने की बात कही। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी पशु मालिक की लापरवाही सामने आई तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। इस दौरान नागपुर व बरबसपुर क्षेत्र में ‘गाय मित्र समूह’ बनाने के निर्देश दिए गए।

    कलेक्टर ने आरटीओ को आदेशित किया कि यातायात नियम उल्लंघन करने वालों पर लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई में तेजी लाएं। बिना हेलमेट व बिना सीटबेल्ट वाहन चलाने वालों पर चालान के साथ-साथ लाइसेंस रद्द करने जैसे कठोर कदम उठाने पर जोर दिया गया।

    बैठक में खोंगापानी में नई पुलिस चौकी हेतु भूमि आवंटन पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर और एसपी ने सभी एसडीएम व तहसीलदारों को आपसी समन्वय बनाकर त्योहारों पर सतर्क निगरानी रखने के निर्देश दिए।

    बैठक में अपर कलेक्टर विनायक शर्मा, श्रीमती नम्रता आनंद डोंगरे, चिरमिरी सीएसपी दीपिका मिंज, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती इंदिरा मिश्रा, एसडीएम लिंगराज सिदार, शशि शेखर मिश्रा, विजयेन्द्र सारथी, तहसीलदार, थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी समेत अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • भरतपुर की प्रतियोगिता में छात्रों ने दिखाई बेमिसाल प्रतिभा, सड़क सुरक्षा विषयक वाद-विवाद संपन्न

    मनेन्द्रगढ़/एमसीबी

    सड़क सुरक्षा और जीवन रक्षा की महत्ता पर जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से 23 अगस्त 2025 को स्वामी आत्मानंद शासकीय इंग्लिश स्कूल भरतपुर के ऑडिटोरियम हॉल में विकासखंड स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया।

    प्रतियोगिता में भरतपुर विकासखंड के विभिन्न विद्यालयों से आए कुल 24 प्रतिभागियों ने “सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा” विषय पर पक्ष एवं विपक्ष में अपने प्रभावशाली विचार रखे।

    निर्णायक मंडल द्वारा घोषित परिणामों में सेजेस भरतपुर के शिवेन्द्र तिवारी ने प्रथम स्थान, न्यू लाइफ इंग्लिश स्कूल जनकपुर के आर्जव जैन ने द्वितीय तथा वंदना शिक्षा निकेतन जनकपुर की कु. नव्या गुप्ता ने तृतीय स्थान हासिल किया। वहीं सांत्वना पुरस्कार के लिए सेजेस भरतपुर के हंसल शर्मा, कन्या उ.मा.वि. जनकपुर की कु. अर्पिता तिग्गा तथा उ.मा.वि. कंजिया के अरविन्द कुमार वर्मा का चयन किया गया।

    प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त छात्र को ₹2500, द्वितीय को ₹2000, तृतीय को ₹1500 तथा सांत्वना पुरस्कार पाने वाले तीनों विद्यार्थियों को ₹1000-₹1000 के चेक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।

    इस अवसर पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी मो. इस्माइल खान, विकासखंड स्त्रोत समन्वयक देवेंद्र गुप्ता, नगर पंचायत जनकपुर उपाध्यक्ष नीलेश मिश्रा, सी.ए.सी. भरतपुर अभिषेक दुबे, सेजेस भरतपुर के प्राचार्य दीपक सिंह बघेल सहित शिक्षकगण एवं स्टाफ मौजूद रहे। निर्णायक मंडल में सुशील कुमार सिंह, देवानीश टोप्पो और श्रीमती शिल्पी सिंह परिहार शामिल थे। कार्यक्रम का संचालन अतुल कुमार सिंह ने किया।

    वक्ताओं ने अपने संदेश में कहा कि सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा का मूल मंत्र है। विद्यार्थियों के विचार निश्चित रूप से समाज को जागरूक बनाने में सार्थक सिद्ध होंगे।

  • जश्नें ईद मिलादुन्नबी क्यों मनाई जाती है?

    मनेन्द्रगढ़/एमसीबी

    ईद मिलादुन्नबी मुसलमानों का एक बहुत ही पवित्र और महत्वपूर्ण त्योहार है। यह दिन हमारे प्यारे नबी हज़रत मोहम्मद ﷺ की पैदाइश (आमद) की खुशी में मनाया जाता है। हज़रत मोहम्मद ﷺ का जन्म 12 रबीउल अव्वल को मक्का शरीफ़ में हुआ था। इसीलिए इस दिन को बड़ी अकीदत और मोहब्बत के साथ पूरी दुनिया के मुसलमान मनाते हैं।

    इस दिन लोग नबी ﷺ की महान शिक्षाओं और उपदेशों को याद करते हैं। आपने इंसानियत को बराबरी, भाईचारा, इंसाफ और सच्चाई का रास्ता दिखाया। अंधकार और बुराइयों से निकालकर लोगों को रोशनी और हिदायत का पैग़ाम दिया। इसलिए आपको रहमतुल्लिल आलमीन यानी सारी दुनिया के लिए रहमत कहा गया।

    ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर मस्जिदों को सजाया जाता है, जुलूस निकाले जाते हैं, दरूद और सलाम पढ़े जाते हैं तथा सीरत-ए-नबी ﷺ के जलसे आयोजित किए जाते हैं। लोग गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करते हैं और खैरात बाँटते हैं।

    ईद मिलादुन्नबी हमें यह संदेश देती है कि हम सिर्फ जश्न न मनाएँ बल्कि नबी ﷺ की बताई हुई राह पर चलें। उनकी शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारें, तभी सच्ची मोहब्बत और अकीदत साबित होगी। ईद मिलादुन्नबी का असली मकसद यह है कि हम नबी ﷺ की पैदाइश की खुशी मनाते हुए उनके बताए रास्ते पर चलें और दुनिया में अमन, भाईचारा और इंसाफ का पैग़ाम फैलाएँ।

  • सियासत के बीच आर्थिक चोट: विधायक संजय पाठक को GST पेनल्टी का नोटिस

    भोपाल
     पूर्व मंत्री और विधायक संजय पाठक के सितारे इन दिनों गर्दिश में चल रहे हैं। उनसे जुड़ी कंपनियों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी चल रही है। बताया जा रहा है कि अवैध खनन के मामले में विधायक संजय पाठक से जुड़ी कंपनियों से 443 करोड़ की वसूली हो सकती है। यह मामला जबलपुर के सिहोरा तहसील के अलग-अलग गांवों में लौह अयस्क खदानों से जुड़ा है। जहां पर अवैध उत्खनन के मामले में पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक संजय पाठक से जुड़ी कंपनियों से 443 करोड़ रुपए से अधिक की वसूली की जानी है।

    अवैध खनन में 443 करोड़ रुपए की पेनल्टी के केस में हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल मिश्रा को फोन पर सीधे अप्रोच करने वाले विजयराघवगढ़ के भाजपा विधायक संजय पाठक की मुश्किलें अब बढ़ गई हैं। जस्टिस मिश्रा की ऑर्डर शीट सामने आने व केस से खुद को अलग कर लेने के बाद खनिज विभाग ने विधायक पाठक और पारिवारिक फर्मों पर शिकंजा कसा है। तय मात्रा से अधिक आयरन और खनन पर लगाई 443 करोड़ रुपए की पेनल्टी की राशि वसूलने की कार्यवाही शुरू की। खनिज विभाग ने विधायक से जुड़ी फर्मों को इस संबंध में मांग पत्र जारी कर दिए हैं। उक्त राशि के साथ जीएसटी और ब्याज की राशि भी भरनी होगी।
    जांच दल रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई

    आसपास स्थित विधायक पाठक से जुड़ी आयरन ओर की खदानों में अवैध खनन की शिकायत की गई थी। इसकी जांच के लिए राज्यशासन ने दल का गठन किया था। दल ने मौके पर खनन और दस्तावेजों में स्वीकृत अनुमति के आधार पर जांच कर रिपोर्ट सरकार को दी थी। शासन के पत्र के आधार पर खनिज विभाग ने पेनल्टी की वसूली की कार्रवाई शुरू की है।

    मां और पुत्र के नाम से संचालन

    जिन खदानों पर पेनल्टी की वसूली कार्रवाई शुरू की गई है। उनमें से कुछ फर्में सीधे विधायक संजय पाठक, मां निर्मला पाठक और पुत्र यश पाठक के नाम पर हैं। इसी तरह एक अन्य फर्म में उनकी 50% भागीदारी है।
    किस फर्म से कितनी वसूली

    फर्म का पूरा नाम – वसूली योग्य राशि

    1-आनंद माइनिंग कॉर्पोरेशन – 234.51

    2-निर्मला मिनरल्स – 126.79

    3-पेसेफिक एक्सपोर्ट – 81.79

    4-आनंद माइनिंग कॉर्पोरेशन – 20.02
    अब तक क्या-क्या

    – 26 अगस्त को जिला खनिज कार्यालय को पत्र मिला।
    – 443 करोड़ रुपए की मांग भेजी।
    – विभाग ने आनंद माइनिंग कॉर्पोरेशन पर दो बार, निर्मला मिनरल्स, पैसिफिक एक्सपोर्ट पर पेनल्टी ठोंकी।
    – 1 सितंबर को शिकायतकर्ता आशुतोष मनु दीक्षित की याचिका पर सुनवाई
    – जज ने विधायक के अप्रोच करने की बात ऑर्डर में लिख दी।
    443 करोड़ की पैनल्टी वसूलने की कार्यवाही शुरू

    राज्य शासन से मिले निर्देशों के अनुसार सिहोरा की खदानों में तय मात्रा से ज्यादा खनन के प्रकरण में लगाई गई 443 करोड़ रुपए की पेनल्टी राशि वसूलने की कार्यवाही शुरू की गई है। फर्मों के संचालकों को इसके लिए मांग पत्र जारी किए गए हैं। –

    -एके राय, खनिज अधिकारी, जबलपुर।

  • छतरपुर-पन्ना में सनसनीखेज मामला: नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता के साथ खिला हुआ खिलवाड़, 10 आरोपी गिरफ्तार

    छतरपुर/पन्ना 
     पन्ना जिले की बाल कल्याण समिति, महिला एवं बाल विकास अधिकारी और वन स्टॉप सेंटर के स्टाफ ने नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता की जिंदगी से खिलवाड़ किया. दरअसल, पन्ना जिले की नाबालिग को एक युवक भगाकर ले गया. बाद में नाबालिग को छतरपुर जिले से बरामद किया गया. दुष्कर्म के आरोपी को जेल भेज दिया गया. पीड़िता को वन स्टॉप सेंटर पर रखा गया. जब आरोपी जेल से छूटकर आया तो पीड़िता को जिम्मेदारों ने उसी के घर भेज दिया. इसके बाद आरोपी ने नाबालिग को लगातार हवस का शिकार बनाया.

    जांच के बाद छतरपुर पुलिस का एक्शन

    इस मामले का खुलासा होने पर पन्ना जिला प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मच गया. इसके बाद हुई जांच के आधार पर छतरपुर पुलिस ने बाल कल्याण समिति पन्ना के अध्यक्ष, समिति के पांचों सदस्य, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, वन स्टॉप सेंटर के तीनों कर्मचारी और एक अन्य महिला के खिलाफ अपराध दर्ज किया है. एक आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया गया है. अन्य की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है. पुलिस ने जांच में पाया कि नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में बाल कल्याण समिति ने घोर लापरवाही की.

    15 साल की लड़की को साथ ले गया युवक

    छतरपुर के जुझारनगर थाने में पन्ना के डीपीओ सहित 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. मामले के अनुसार पन्ना जिले के एक गांव में रहने वाली 15 साल की नाबालिग 16 जनवरी 2025 को स्कूल जाने के लिए घर से निकली, फिर लौटी नहीं. परिजनों ने थाना में गुमशुदुगी दर्ज कराई. पुलिस ने मामला दर्ज कर नाबालिग को 17 फरवरी 2025 को छतरपुर जिले के एक गांव से दस्तयाब किया. नाबालिग को भगा ले जाने वाले आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया.

    पीड़िता को आरोपी के ही घर भेजा

    नाबालिग को बाल कल्याण समिति पन्ना के समक्ष प्रस्तुत किया गया. बाल कल्याण समिति ने अस्थाई आश्रय के लिए वन स्टॉप सेंटर पन्ना भेज दिया. बताया गया कि बच्ची के परिवार वाले उससे नाराज थे. इस कारण उन्होंने अपने साथ ले जाने से मना कर दिया. इसलिए उसे महिला बाल विकास की समिति और वन स्टॉप सेंटर को सौंप दिया. इसी बीच बाल कल्याण समिति ने 29 मार्च 2025 को पीड़िता को आरोपी के घर भेज दिया.

    जनसुनवाई में मामला पहुंचने से हड़कंप

    कुछ दिनों बाद नाबालिग के परिजनों ने बेटी को सुपुर्द करने कलेक्ट्रेट पन्ना जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई. कलेक्टर ने शिकायत को संज्ञान में लेकर बाल कल्याण समिति को अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने निर्देश दिए. गलत और मनमाने निर्णय का खुलासा न हो, इसलिए नाबालिग को 29 अप्रैल 2025 को दोबारा वन स्टॉप सेंटर भेज दिया गया. वन स्टॉप सेंटर की काउंसलिंग में खुलासा हुआ कि उसके साथ कई बार दुष्कर्म हुआ.

    एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य की गिरफ्तारी के लिए दबिश

    इस मामले में छतरपुर पुलिस ने बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष भानुप्रताप जड़िया पिता मनीराम जड़िया निवासी किशोरगंज पन्ना, सदस्य अंजली भदौरिया पति योगेंद्र भदौरिया निवासी सिविल लाइन पन्ना, आशीष बॉस पिता एनएन बॉस निवासी सिविल लाइन पन्ना, सुदीप श्रीवास्तव पिता सरमन लाल श्रीवास्तव निवासी किशोरगंज पन्ना और प्रमोद कुमार सिंह पिता मोहन सिंह निवासी ललार जिला पन्ना के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 17 के तहत कायमी की है. छतरपुर पुलिस ने आशीष बॉस को गिरफ्तार किया है. बाकी आरोपियों के घर पुलिस ने दबिश दी जा रही है.

    इनके खिलाफ भी पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में केस

    इसके अलावा वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक कविता पाण्डेय, काउंसलर प्रियंका सिंह, केस वर्कर शिवानी शर्मा के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 21 के तहत अपराध कायम किया गया है. जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी अवधेश सिंह के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 21, एससीएसटी एक्ट की धारा 4, बीएनएस की धारा 199, 239 सहित एक अन्य महिला अंजली कुशवाहा के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम की धारा 82 के तहत अपराध दर्ज किया गया है.

    इस मामले में लवकश नगर SDOP नवीन दुबे ने बताया "मामले को गंभीरता से लेते हुए पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. पहली गिरफ्तारी महिला बाल कल्याण समिति के सदस्य आशीष बॉस की हुई है. उसे जेल भेज दिया गया है. बाकी सदस्य अभी फरार हैं. जल्द ही सभी को गिरफ्तार किया जाएगा."