• रायपुर: मखाना खेती और प्रसंस्करण यूनिट को मिलेगा 50 प्रतिशत अनुदान, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बड़ा कदम

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयास से छत्तीसगढ़ मखाना बोर्ड में शामिल

    प्रदेश में मखाना की खेती को मिलेगा प्रोत्साहन 

    मखाना की खेती पर 40 और प्रसंस्करण यूनिट लगाने पर 50 प्रतिशत अनुदान 

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से प्रदेश में मखाना की खेती को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ को मखाना बोर्ड में शामिल किया गया है। इस ऐतिहासिक फैसले से राज्य में मखाना की खेती कर रहे किसानों को नई दिशा और मजबूती मिलेगी। गौरतलब है कि हाल ही में धमतरी जिले में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय  कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ में मखाना की खेती के प्रयासों को देखते हुए मखाना बोर्ड के गठन की घोषणा की है। राज्य में हो रहे मखाने के उत्कृष्ट उत्पादन पर केन्द्रीय मंत्री चौहान ने प्रसन्नता भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि मखाना बोर्ड के माध्यम से किसानों को वैज्ञानिक खेती, जल प्रबंधन, प्रसंस्करण तकनीक और बाजार तक पहुच में सहायता दी जाएगी। इसी तारतम्य में कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव श्रीमती शहला निगार की अध्यक्षता में आज मिशन फार इंटिग्रेटेड डेव्हलपमेंट आफ हार्टिकल्चर अंतर्गत राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक सम्पन्न हुई। 

    बैठक में संचालक उद्यानिकी लोकेश कुमार ने बताया कि भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 से सेंट्रल सेक्टर स्कीम फॉर डेवलपमेंट ऑफ़ मखाना प्रांरभ किया गया है। इस योजना में शत प्रतिशत केन्द्रीय अनुदान दिये जाने का प्रावधान है। योजना के तहत वर्ष 2025-26 में आगामी 4 माह हेतु 180 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की गयी है। योजना के तहत तालाब में मखाना की खेती करने वाले किसानों को राशि 1.79 लाख रूपए की इकाई लागत के विरुद्ध 40 प्रतिशत की राशि 72000 रूपए का अनुदान देने का प्रावधान है। इसी तरह स्वयं के खेत में मखाना उत्पादन करने वाले कृषकों को राशि 1.32 लाख रूपए की इकाई लागत के विरुद्ध 40 प्रतिशत की राशि 53000 रूपए का अनुदान देने का प्रावधान है। साथ ही नए तालाब के निर्माण पर राशि 7.00 लाख की इकाई लागत के विरुद्ध 40 प्रतिशत  राशि .2.80 लाख का अनुदान देने का प्रावधान है।

    मखाना के प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन हेतु माइक्रो लेवल मखाना प्रसंस्करण इकाई के स्थापना बाबत इकाई लागत राशि 10 लाख रूपए पर 35 प्रतिशत का अनुदान दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इसी तरह एफपीओ हेतु स्माल लेवल मखाना प्रसंस्करण इकाई के स्थापना बाबत इकाई लागत राशि 39 लाख रूपए पर 50 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है तथा निजी क्षेत्र हेतु इकाई लागत राशि 39 लाख रूपए पर 35 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है। लार्ज लेवल मखाना प्रसंस्करण इकाई के स्थापना बाबत इकाई लागत राशि 07 करोड़ रूप्ए पर 35 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है।

    मखाना की खेती को बढ़ावा देने हेतु योजना के तहत किसानों को प्रशिक्षण देने के साथ ही एक्पोजर विजिट भी कराया जा रहा है। मखाना खेती को प्रेरित करने हेतु इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय तथा महात्मा गाँधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय द्वारा मखाने की उत्कृष्ट खेती का प्रदर्शन भी किया जा रहा है। 

     

  • विगत दस दिनों में मध्यप्रदेश पुलिस ने 15 अवैध हथियार बरामद किए, 10 आरोपी गिरफ्तार

    मध्यप्रदेश पुलिस का अवैध हथियारों पर कड़ा प्रहार

    विगत दस दिनों में 15 हथियार बरामद, 10 आरोपी गिरफ्तार

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध हथियारों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत पिछले दस दिनों में प्रदेश में उल्लेखनीय सफलताएँ हासिल की गई हैं। इस दौरान बड़वानी, सागर, इंदौर, शिवपुरी, छतरपुर और मुरैना जिलों में की गई कार्रवाईयों में कुल 15 अवैध हथियार (देशी पिस्टल, अधिया, कट्टे) बरामद किए गए हैं और 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

    प्रमुख कार्यवाही

    बड़वानी (जुलवानिया पुलिस)

    मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी सीताराम सिकलीगर को तीन देशी पिस्टल सहित गिरफ्तार किया। आरोपी के विरूद्ध आर्म्‍स एक्‍ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।

    सागर

    थाना सिविल लाइन पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक वाहन में अवैध हथियार ले जा रहे आरोपी को दबोचा। पुलिस ने मौके से 02 पिस्टल, 04 जिंदा राउंड, 02 चाकू और एक मारुति वैन जप्त की।

    इंदौर (राऊ पुलिस की बड़ी सफलता)

    थाना राऊ पुलिस ने हरियाणा और दिल्ली के तीन अंतरराज्यीय बदमाशों को गिरफ्तार कर चार देशी पिस्टल व दो मैगजीन बरामद कीं।

    शिवपुरी (थाना करैरा एवं गोवर्धन)

    थाना करैरा पुलिस ने एक आरोपी से 315 बोर देशी अधिया और एक कारतूस जप्त कर उसे गिरफ्तार किया। वहीं थाना गोवर्धन पुलिस ने भी अवैध हथियार रखने वाले आरोपी पर कार्रवाई करते हुए 315 बोर देशी कट्टा, दो जिंदा राउंड तथा एक मोटरसाइकिल जप्त की।

    छतरपुर (बड़ामलहरा, सटई, गौरिहार पुलिस)

    जिले में तीन अलग-अलग स्थानों पर पुलिस ने गश्त के दौरान अवैध हथियारों के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। थाना बड़ामलहरा पुलिस ने देशी पिस्टल एवं कारतूस के साथ एक आरोपी, थाना सटई पुलिस ने 315 बोर देशी कट्टा और कारतूस के साथ एक आरोपी वहीं थाना गौरिहार पुलिस ने आदतन अपराधी उदयभान से हथियार बरामद किए। उदयभान हत्या के प्रयास, लूट व अवैध हथियार के 17 अपराधों में लिप्त पाया गया है।

    मुरैना (थाना अंबाह)

    सोशल मीडिया पर अवैध हथियार प्रदर्शित करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर 32 बोर की पिस्टल, तीन मैगजीन और 18 राउंड बरामद किए गए। यह कार्रवाई डिजिटल मॉनिटरिंग और साइबर इंटेलिजेंस का बेहतरीन उदाहरण है।

    मध्यप्रदेश पुलिस लगातार सक्रिय, सक्षम और अपराध विरोधी रणनीति के साथ प्रदेश की सुरक्षा व शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

     

  • एमसी मैरी कॉम से नवा रायपुर में उप मुख्यमंत्री अरुण साव की सौजन्य मुलाकात, छत्तीसगढ़ में खेलों को बढ़ावा देने की चर्चा

    नवा रायपुर 

    नवा रायपुर अटल नगर निवास कार्यालय में 6 बार के विश्व चैंपियन एवं ओलंपिक पदक विजेता, पदम् विभूषण से सम्मानित अंतरराष्ट्रीय महिला मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम जी से छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव से सौजन्य भेंट हुई ।
    इस दौरान उनकी मुलाकात में बस्तर ओलंपिक के आयोजन पर सकारात्मक चर्चा हुई, और अनुभव साझा किए गए । साथ ही छत्तीसगढ़ के युवाओं के खेल में सुधार के लिए हर संभव मदद की बात भी की गई ।  
    मैरी कॉम जी ने बस्तर ओलंपिक के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि दूरस्थ गांवों से पहुंचे युवाओं को देख उनकी पुरानी यादें ताजा हो गई। सरकार खेल को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। आगामी समय में प्रदेश को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मेडल जरूर मिलेगा।

  • 500 साल पुरानी रस्म: मध्यप्रदेश के इस गांव में रिश्तेदारी भी गांव के भीतर, शादी भी गांव में ही

    भोपाल 
    मध्य प्रदेश देश के दिल में बसता है। यह प्रदेश अपनी हरियाली और प्राकृतिक संसाधनों के लिए पूरे देश में जाना जाता है। इसके साथ ही प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग संस्कृति और कल्चर देखने को मिलते हैं। ऐसा ही एक कल्चर यहां की अनोखी शादियों को लेकर भी देखने को मिलता है, जो पिछले 500 सालों से रिवाज के तौर पर फॉलो किया जा रहा है। यह अनोखी परंपरा शहडोल में देखने को मिलती है, जहां एक ही समुदाय के लोग गांव में एक-दूसरे के रिश्तेदार हैं। गांव में लड़के-लड़कियों की शादी गांव में ही हो जाती है।

    अनोखा है गांव
    प्रदेश के शहडोल जिले की खन्नाथ ग्राम पंचायत में कुर्मी-पटेल की जनसंख्या सबसे ज्यादा है। इस गांव की कुल आबादी लगभग 4 हजार बताई जाती है, जिसमें अकेले करीब 60 प्रतिशत पटेल समुदाय के लोग रहते हैं। इसलिए इसे पटेलों का गांव भी कहा जाता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, जब भी यहां कोई कार्यक्रम होता है तो पकान जैसी पूड़ी को ट्रॉली में रखा जाता है और पूरे गांव के लोग भोज में शामिल होते हैं। यह गांव अपने भक्तिभाव के लिए भी जाना जाता है। बताया जाता है कि यहां बड़ी संख्या में धार्मिक आयोजन होते हैं और लगभग हर घर में भागवत का आयोजन हो चुका है।
     
    इन गांवों में सबसे ज्यादा रिश्तेदारी
    ग्राम पंचायत के जिन गांवों में सबसे अधिक रिश्तेदारी देखने को मिलती है, वे हैं बोडरी, पिपरिया, खैरहा, नौगांव, चौराडीह, कंचनपुर, बंडी और नदना। अगर शादी गांव के बाहर भी होती है, तो बारात इन्हीं गांवों से आती या इन्हीं गांवों में विदा होती है।

    लड़का–लड़की चुनते हैं रिश्ता
    गांव के पटेल समुदाय के लोग बताते हैं कि उनके समाज में लड़के और लड़कियों को अपने मन से शादी करने की आज़ादी है। वे अपनी पसंद का जोड़ा चुनकर परिवार को बताते हैं, जिसके बाद परिवार रिश्ता देखकर आगे की तैयारी शुरू कर देता है। इस गांव की खास बात यह है कि यहां पटेल समुदाय के लोग बिना दहेज के शादी करते हैं। वे किसी भी तरह के दहेज के खिलाफ हैं। जब रिश्ता पसंद आता है तो दोनों परिवार आपस में घर पर भोजन करवाते हैं और नेंग देकर रिश्ते को पक्का मान लिया जाता है। हालांकि अब कुछ शादियां बाहर भी होने लगी हैं, लेकिन संख्या अभी भी काफी कम है।

     

  • भोजपाल उत्सव मेले में राज्यपाल मंगुभाई पटेल का दौरा, स्टॉलों पर क्रेता विक्रेताओं से बातचीत

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भोजपाल उत्सव मेले का किया भ्रमण

    राज्यपाल ने मेले की स्टॉलों पर क्रेता विक्रेताओं से की चर्चा

    भोपाल

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भेल दशहरा मैदान में भोजपाल उत्सव मेले का शुक्रवार शाम को भ्रमण किया। राज्यपाल पटेल ने भ्रमण के दौरान मेला परिसर में स्थापित दुकानों का अवलोकन किया। खाद्य पदार्थ, पुस्तक, सोलर उर्जा, हथकरघा और हस्तशिल्प की विभिन्न स्टॉलों पर जाकर क्रेता और विक्रेताओं से चर्चा की। उन्होंने भ्रमण के दौरान मेला क्षेत्र में जनसंपर्क विभाग द्वारा लगाई गई शासन की जनहितकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों पर केन्द्रित प्रदर्शनी अभ्युदय मध्यप्रदेश का अवलोकन कर सराहना की।

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने प्रारंभ में मेला परिसर में स्थापित मंदिर में भगवान गणेश के दर्शन एवं पूजन किया। मेला व्यवस्थाओं की जानकारी के लिए मेला कार्यालय का निरीक्षण किया। राज्यपाल का स्वागत फलों की टोकरी, शॉल एवं श्रीफल भेंट कर मेला समिति अध्यक्ष सुनील यादव, संयोजक विकास विरानी द्वारा किया गया। मेले में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में तेजश द सूफी बैंड की प्रस्तुति के कार्यक्रम में भी शामिल हुए। उल्लेखनीय है की भेल जन सेवा समिति के द्वारा भोजपाल उत्सव मेले का आयोजन किया गया है। मेला 14 नवंबर से प्रारंभ होकर 1 जनवरी तक चलेगा।

     

  • ग्रामीण कनेक्टिविटी को मिलेगा बल: MP में चार सड़कों का निर्माण, करोड़ों की लागत से 50 गांव जुड़ेंगे मुख्यधारा से

    मुरैना 
    लंबे समय से विकास से अछूते सुमावली क्षेत्र में 37 करोड़ 62 लाख रुपए से अधिक की 4 बड़ी सडके बनाई जाएंगी, जिसके लिए पीडब्ल्यूडी विभाग ने टेंडर भी जारी कर दिए हैं। इन पक्की सड़कों के जरिए 50 से अधिक गांवों के लोगों का सफर सुगम होगा बल्कि हादसों से भी निजात मिलेगी। 

    इन इलाकों से गुजरेगी रोड
    बता दें कि, मुरैना के सुमावली क्षेत्र में 9 करोड़ 95 लाख रुपए की कीमत से ग्राम बरवासिन के शासकीय प्राथमिक स्कूल से शिवलाल के पुरा तक 6.90 किमी लंबी सड़क स्वीकृत हुई है। यह रोड कैथरी से होकर कंषाना का पुरा, कैथरी कैमरा की पुलिया से गोटिया की पुलिया तक और वहीं ग्राम कैथरी तोरखेड़ा की रोड पूरन के पुरा तक बनेगी।
     
    इसी प्रकार 9 करोड़ 42 लाख की लागत से 10 किमी लंबी दूसरी सडक़ पिपरसा की पुलिया से विंडवा होते हुए पिढ़ावली जगन्नाथ के पुरा तक, नहर की पुलिया पिपरसा से निहाल सिंह का पुरा तक, ग्राम पंचायत पहावली में स्कूल से होते हुए रणवीर सिंह के पुरा तक, गड़ौरा रोड से बलवंत सिंह का पुरा तक, मृगपुरा रोड से परशुराम की चक्की होते हुए खासखेड़ा नहर की पुलिया से महेंद्र सिंह के पुरा तक बनेगी।

    सुमावली क्षेत्र में 37 करोड़ 62 लाख रुपए की लागत से बनने वाली इन चार प्रमुख सड़कों का निर्माण पीडब्ल्यूडी (PWD) कराएगी। साथ ही इन सड़कों पर बीच में लगे बिजली के पोल को भी शिफ्ट किया जाएगा, ताकि दोनों ओर के वाहन निर्वाध निकल सकें।
     
    बंबा पुलिया से रामबाड़ी सुल्तान पुरा होते हुए नहर तक 9.67 करोड़ रुपये की लागत से सड़क का निर्माण किया जाएगा। इसके बाद यह सड़क जनकपुर रोड से गंगाराम का पुरा होते हुए मातादीन के घर से तोरखेड़ा रोड से जुड़ेगी। आगे यह सड़क तोरखेड़ा, सराय का पुरा से घुरैया का पुरा, पचोखरा से लज्जा का पुरा पचोखरा तक फैलेगी, जिसकी कुल लंबाई 9 km होगी।

    टेंटरा रोड से सती माता मंदिर, जाफराबाद से सांवले सिंह का पुरा, अटा गांव से निरंजन सिंह का पुरा होते हुए सुमावली-दुल्हेनी रोड को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण 2.857 करोड़ रुपये में होगा। यहां से यह बरेटा का पुरा होते हुए मड़ वाली माता तक पहुंचेगी। इस 9 km लंबी सड़क से एक दर्जन गांव भी जुड़ेंगे।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा सम्राट विक्रमादित्य प्रवेश द्वार का भूमि-पूजन आयोजन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे सम्राट विक्रमादित्य प्रवेश द्वार का भूमि-पूजन

    सांस्कृतिक विरासत और शहरी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
    पीएम ई-बस सेवा योजनांतर्गत अत्याधुनिक ई-बस डिपो का भी होगा भूमिपूजन

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश की गौरवशाली अतीत और समृद्ध संस्कृति से जुड़ी पहल के तहत सम्राट विक्रमादित्य प्रवेश द्वार एवं पीएम ई-बस सेवा योजनांतर्गत अत्याधुनिक ई-बस डिपो का भूमि-पूजन करेंगे। कार्यक्रम 13 दिसंबर को प्रातः 11 बजे महाराणा प्रताप शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय फंदा भोपाल में आयोजित होगा।

    सम्राट विक्रमादित्य प्रवेश द्वार के माध्यम से मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक शहरी विकास से जोड़ने का संदेश दिया जाएगा। सम्राट विक्रमादित्य के शौर्य, न्यायप्रियता और सांस्कृतिक चेतना को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाने वाला यह प्रवेश द्वार न केवल ऐतिहासिक पहचान को सुदृढ़ करेगा, बल्कि क्षेत्र के सौंदर्यीकरण और नगरीय विकास को भी नई दिशा देगा।

    विकास के नए प्रतिमान होंगे स्थापित

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मानना है कि प्रदेश की विरासत को संजोते हुए विकास के नए प्रतिमान स्थापित करना राज्य शासन की प्राथमिकता है। “विरासत के साथ विकास” की भावना को साकार करता यह प्रवेश द्वार आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। यह कार्यक्रम विकास और सेवा के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भी विशेष महत्व रखता है, जो मध्यप्रदेश के सांस्कृतिक पुनर्जागरण और समग्र विकास की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

     

  • राशन क्वालिटी पर फिर सवाल: मप्र के नमक में मिलावट के संकेत, उपभोक्ता भड़के

    गोटेगांव
    नगर की राशन दुकानों पर मप्र शासन की सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले हितग्राहियों को 1 रुपये प्रति किलो के हिसाब से उपलब्ध कराया जा रहा नमक की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। राशन कार्ड धारियों का आरोप है कि यह नमक पूरी तरह गुणवत्ताहीन है और इसमें कई महीनों से बारीक कंकड़-पत्थर निकल रहे हैं।

    शिकायतकर्ताओं का क्या कहना
    शिकायतकर्ताओं ने बताया कि नमक और पत्थर दोनों सफेद रंग के होने के कारण देखने में एक जैसे लगते हैं और अलग पहचान मुश्किल होती है, लेकिन भोजन करते वक्त हर बार मुंह में बारीक पत्थर का आना इसकी गुणवत्ता पर प्रश्न चिन्ह लगाता है। कुछ महिलाओं ने बताया कि जब इस नमक को पानी में घोला जाता है तो नीचे सफेद नमक जैसे बारीक कंकड़ जमा हो जाते हैं।

    हितग्राहियों ने चिंता जताई है कि इस तरह के मिलावटी नमक के सेवन से प्रदेश में पथरी के मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। हमारे गोटेगांव प्रतिनिधि ने भी नमक को पानी में घोलकर जांच की, जिसमें नमक के रंग जैसे सफेद पत्थर जैसी बारीक चचरी निकलने की पुष्टि हुई, जो स्वास्थ्य के लिए घातक है।

    जांच कराने की मांग
    राशन कार्ड धारियों का आरोप है कि वे 1 रुपये किलो के साथ नमक के साथ पत्थर भी खा रहे हैं। यह समस्या आज की नहीं है, बल्कि कई वर्षों से पात्र हितग्राहियों के साथ धांधली की जा रही है। उन्होंने मांग की है कि शासन नमक की गुणवत्ता की गहन जांच कराए और राशन दुकानों पर आने वाले नमक की नियमित जांच सुनिश्चित करे। साथ ही सप्लाई करने वाली संबंधित कंपनी पर कड़ी कार्यवाही की जाए।

     

  • नेशनल लोक अदालत का अंतिम सत्र आज, बड़ी संख्या में मामलों के निपटारे की संभावना

    इंदौर
    वर्ष 2025 की अंतिम राष्ट्रीय लोक अदालत आज आयोजित हो रही है। इंदौर जिला न्यायालय, श्रम न्यायालय, कुटुंब न्यायालय, उपभोक्ता फोरम, मप्र भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण, तहसील स्तर पर तहसील न्यायालय, डा. आंबेडकर नगर, देपालपुर, सांवेर, हातोद में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए 85 खंडपीठ गठित की गई है। इन खंडपीठों के माध्यम से 96 हजार से ज्यादा प्रकरणों के निराकरण का लक्ष्य रखा गया है।

    जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव शिवराजसिंह गवली ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों में लंबित प्रकरण राजीनामे के लिए रखे गए हैं। इसमें 2458 राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरण, 974 सिविल प्रकरण, 1174 मोटर दुर्घटना क्लेम प्रकरण, 1303 विद्युत प्रकरण, 1949 चेक बाउंस प्रकरण, 413 वैवाहिक प्रकरण, 871 अन्य प्रकरणों के साथ ही बैंक रिकवरी के 84968 और विद्युत से संबंधित 2011 प्री-लिटिगेशन प्रकरण शामिल हैं। राष्ट्रीय लोक अदालत में अलग-अलग श्रेणी में छूट भी दी जाएगी।
     
    निगम ने राजवाड़ा पर लगाई बकायादारों की सूची
    इधर राष्ट्रीय लोक अदालत के एक दिन पहले नगर निगम ने शुक्रवार को राजवाड़ा पर जोन तीन के बड़े बकायादारों की सूची सार्वजनिक की। इस सूची में वार्ड 57, 58 और 59 के बकायादार शामिल हैं। सूची में 60 नाम शामिल हैं। इनमें पूर्व पार्षद जुलेखा अनवर कादरी का नाम भी शामिल है। जोन तीन के सहायक राजस्व अधिकारी अनिल निकम ने बताया कि इस सूची में उन लोगों के नाम शामिल किए गए हैं जो पिछले पांच साल से संपत्तिकर ही जमा नहीं कर रहे। निगम ने इन लोगों को बार-बार नोटिस जारी किए, लेकिन जब राशि जमा नहीं हुई तो सूची सार्वजनिक कर दी। दो बकायादारों ने शुक्रवार को ही बकाया कर जमा कर दिया है।

  • मोहन सरकार का 2 साल का कार्यकाल: 2025 को ‘उद्योग वर्ष’ बना कर MP को मिले ₹8 लाख करोड़ के निवेश

    भोपाल 

    प्रदेश की मोहन यादव सरकार पदभार ग्रहण करने के बाद से ही सबसे ज्यादा फोकस उद्योगों पर कर रही है। प्रदेश में निवेश को लेकर सरकार तमाम कवायद कर रही है। साथ ही कुछ नई रवायतें भी शुरू की हैं। पहली बार प्रदेश के अलग-अलग संभागों में इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव आयोजित किए गए। 

    इंदौर से हटकर ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट पहली बार भोपाल में हुई। इसके जरिए मोहन सरकार पूरे प्रदेश के हर इलाके की तस्वीर उद्योगपतियों के सामने रख रही है। साथ ही उनकी खासियत बता कर मध्य प्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित किया है। इसके नतीजे भी अब धरातल पर आने लगे हैं। कई बड़े प्रोजेक्ट के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में पांच हजार 550 एकड़ जमीन अलॉट हो चुकी है।

    आठ लाख करोड़ के उद्योग लगे
    प्रदेश सरकार ने वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष घोषित किया। यही वजह है कि प्रदेश में करीब आठ लाख करोड़ रुपये के उद्योग लग चुके हैं और छह लाख लोगों को रोजगार मिलने का सरकार दावा भी कर रही है। 

    भोपाल सेंट्रल : मध्य प्रदेश के सेंट्रल एमपी के भोपाल से लगे रायसेन में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड बीईएमएल की रेल हब निर्माण इकाई ब्रह्मा का शिलान्यास किया गया। यह कंपनी वंदे भारत और मेट्रो कोच का निर्माण करेगी। इसके लिए 1800 करोड़ रुपये का निवेश होगा। जमीन आवंटित होने के बाद प्रोजेक्ट का शिलान्यास हो गया है। काम शुरू होने पर प्रत्यक्ष तरीके से 1575 लोगों को रोजगार मिलेंगे और अप्रत्यक्ष तरीके से भी सैकड़ों लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। यह मध्य एमपी के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। इसके साथ ही सरकार भोपाल के अचारपुरा में नया इंडस्ट्रियल एरिया डेवलप कर रही है। इसको टैक्सटाइल और फार्मा कंपनियों का हब बनाने की तैयारी है। कुछ कंपनियों को जमीन भी आवंटित हो गई है।

    मालवा निर्माण : मालवा निर्माण के क्षेत्र में भी बड़े इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट हुए हैं। वहां पीथमपुर में पहले से ही कई बड़ी-बड़ी कंपनियां थीं। अब केंद्र की तरफ से धार जिले में ही इंडस्ट्रियल ग्रोथ के लिए पीएम मित्र पार्क की सौगत मिली है। यह इसकी शुरुआत से एमपी में टेक्सटाइल के क्षेत्र में बूम आएगा। जिससे रोजगार के साथ-साथ वहां के किसानों को भी काफी फायदा होने वाले हैं। उस क्षेत्र में कपास की खेती बड़े पैमाने पर होती है और टेक्सटाइल पार्क नहीं होने की वजह से अभी बाहर के लोग उसे ले जाते हैं। 2158 एकड़ में फैले इस पार्क में 23 हजार करोड़ का निवेश होगा। कई बड़ी कंपनियों को जमीन भी अलॉट कर दी गई है। इस प्रोजेक्ट से करीब तीन लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तरीके से रोजगार मिलेंगे। साथ ही ग्लोबल मार्केट में एमपी को एक नई पहचान मिलेगी।

    विक्रम उद्योगपुरी में मेडिकल डिवाइस पार्क
    इसके साथ ही उज्जैन से सटे विक्रम उद्योगपुरी में मेडिकल डिवाइस पार्क बनाया गया है। यह पार्क करीब एक हजार एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है। यह देश के चार बड़े मेडिकल डिवाइस पार्कों में से एक हैं। यहां पर बड़े पैमाने पर निवेश भी आ रहे हैं। करीब 2900 करोड़ के निवेश अब तक आ चुके हैं। अब पार्क पूरी तरह से फुल हो चुका है। इसके बाद फेज-2 का काम शुरू हो गया है। पहले चरण में 360 एकड़ जमीन विकसित की गई थी। इस प्रोजेक्ट से भी हजारों लोगों को रोजगार मिलेंगे। साथ ही एक्सपर्ट और इंम्पोर्ट को भी बढ़ावा मिलेगा। 

    बुंदेलखंड: पतंजलि समूह कर रहा निवेश
    सरकार बुंदेलखंड के विकास पर भी जोर दे रही है। बुंदेलखंड में पतंजलि ग्रुप बढ़ा निवेश करने जा रही है। इसके लिए रीवा जिले के मऊगंज तहसील में 175 हेक्टेयर जमीन आवंटित कर दी गई है। इसमें पांच हजार करोड़ का निवेश आएगा और पांच हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। सरकार ने रीवा में इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव का भी आयोजन किया था। इसमें करीब बुंदेलखंड के अलग-अलग जिलों में 31 हजार करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव आए थे। सिंगरौली और कटनी में कंटेनर डिपो का निर्माण हो रहा है। सिंगरौली, सीधी, मऊगंज और मैहर में नए इंडस्ट्रियल एरिया बनाने की योजना है। रामा प्लाई ग्रुप ने रीवा में नई प्लाइवुड यूनिट विस्तारित करने की घोषणा की थी कि इसमें 500 करोड़ निवेश का वादा किया था। सागर के मसवासी ग्रंट औद्योगिक क्षेत्र के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज को मंजूरी मिल गई है, जिससे बुंदेलखंड में उद्योगों को नई गति मिलेगी। इस पैकेज से 24,240 करोड़ रुपये का निवेश और 29 हजार से अधिक रोजगार अवसर बनने का मार्ग खुलेगा।

    ग्वालियर-चंबल: अदाणी समूह कर रहा बड़ा निवेश
    ग्वालियर चंबल में भी बड़ी कंपनियां निवेश के लिए तैयार हैं। अदाणी ग्रुप ने शिवपुरी में जैकेट बनाने के लिए 3500 करोड़ रुपये का निवेश कर रहा है। इससे पांच हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा गुना में अदाणी ग्रुप सीमेंट की बड़ी फैक्ट्री लगा रहा है। साथ ही उस क्षेत्र में अंबानी ग्रुप भी फर्टिलाइजर और बायोगैस के क्षेत्र में 150 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। साथ ही टूरिज्म और स्पोर्टस के क्षेत्र में भी ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में काफी बदलाव आ रहे हैं। ग्वालियर में फिर से इंटरनेशनल क्रिकेट मैच होने लगे हैं। इसके साथ ही पैकेजिंग एवं ऑटोमोटिव इंटीरियर के क्षेत्र में मार्बल विनाइल नाम की कंपनी ने 620 करोड़ के निवेश प्रस्ताव दिए हैं, जिससे 2800 लोगों को रोजगार मिलेगा। टेक्निकल टेक्सटाइल सेक्टर एसएसजी फर्नीसिंग सॉल्यूशन ने भी 750 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए हैं। इससे 9 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं, मुरैना में नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में काम हो रहा है। यहां देश की पहली सौर ऊर्जा भंडारण परियोजना स्थापित की गई हैं। इसमें तीन हजार करोड़ रुपये का निवेश है, जो सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ा निवेश है।

  • MP में नए साल पर प्रशासनिक बदलाव, 71 IAS अधिकारियों को प्रमोट और 2 वरिष्ठ अफसर होंगे प्रमुख सचिव

    भोपाल
     मध्यप्रदेश में नए साल पर प्रशासनिक हलचल तेज होने वाली है। सूत्रों के अनुसार प्रदेश में 71 IAS अधिकारियों को प्रमोशन दिया जाएगा, जिसके बाद पूरा प्रशासनिक ढांचा नई शक्ल ले सकता है।
    सबसे अहम बात— 25 साल की सेवा पूरी करने वाले दो वरिष्ठ IAS अफसरों को प्रमुख सचिव (Principal Secretary) बनाया जाएगा।

    कौन-कौन होंगे प्रमोट?

    2010 बैच के 17 IAS अधिकारी 1 जनवरी से सचिव (Secretary) पद पर प्रमोट होंगे।

    सूची में शामिल प्रमुख नाम

    कौशलेंद्र विक्रम सिंह (कलेक्टर, भोपाल)

    अभिजीत अग्रवाल (आबकारी आयुक्त)

    आशीष सिंह (कमिश्नर, उज्जैन संभाग)

    भास्कर लक्ष्यकर (कमिश्नर, ट्रेजरी)

    दीपक सक्सेना (CPR)

    31 दिसंबर को जारी होंगे आदेश
    मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली हाई-लेवल कमेटी ने 71 अधिकारियों की पदोन्नति पर हरी झंडी दे दी है। प्रमोशन के आधिकारिक आदेश 31 दिसंबर को जारी होंगे।

    नए साल में प्रशासनिक तंत्र में यह बड़ा फेरबदल प्रदेश की कार्यप्रणाली में नई ऊर्जा और नए समीकरण तय करेगा।

  • पुलिस के गलत रवैये पर मध्य प्रदेश HC का सख्त कदम, 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड, गृह विभाग के प्रमुख सचिव तलब

    इंदौर

    मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने पुलिस के काम करने के तरीके पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने अफीम तस्करी के मामले में बीएनएसएस के प्रावधानों का पुलिस द्वारा पालन नहीं किए जाने पर गृह विभाग के प्रमुख सचिव को तलब किया है। कोर्ट ने यह भी कहा कि लगता है कि राज्य के अधिकारियों ने इन प्रावधानों को भुला दिया है।

    मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ ने तलाशी और जब्ती की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग को लेकर बीएनएसएस के प्रावधानों का राज्य पुलिस द्वारा पालन नहीं किए जाने पर नाराजगी जताते हुए गृह विभाग के प्रमुख सचिव को तलब किया है। जस्टिस सुबोध अभ्यंकर ने यह टिप्पणी सूबे के मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ थाना क्षेत्र में 18 साल के युवक को 2.71 किलोग्राम अफीम की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के मामले में की।

    युवक ने हाई कोर्ट की शरण लेते हुए दावा किया है कि उसे इस मामले में फंसाया गया है। अदालत द्वारा मामले का संज्ञान लिए जाने के बाद एक थाना प्रभारी समेत छह पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इन पुलिस कर्मियों पर आरोप है कि उन्होंने मामले की जांच के दौरान तय प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया।

    हाई कोर्ट की एकल पीठ ने बीएनएसएस की धारा 105 और धारा 185 का हवाला देते हुए कहा कि इन प्रावधानों से विधायिका ने ऑडियो-वीडियो माध्यम से तलाशी और जब्ती को रिकॉर्ड करने की जरूरत को ध्यान में रखा है। ऐसा प्रतीत होता है कि राज्य के अधिकारियों द्वारा इन प्रावधानों को आसानी से भुला दिया गया है।

    हाई कोर्ट ने मामले में नौ दिसंबर को हुई सुनवाई के आधार पर पारित आदेश में कहा कि ऐसी परिस्थितियों में गृह विभाग के प्रमुख सचिव/ प्रतिवादी राज्य को उपरोक्त प्रावधानों को लागू करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में इस अदालत को अवगत कराने का निर्देश दिया जाता है।

    कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 12 जनवरी 2026 की तारीख तय की है। हाई कोर्ट ने गृह विभाग के प्रमुख सचिव को इस तारीख को अदालत के सामने हाजिर होने को कहा है। एकल पीठ ने राज्य सरकार को यह बताने का निर्देश भी दिया है कि क्या उसने पुलिस कर्मियों को शरीर पर पहने जाने वाले कैमरे उपलब्ध कराने पर कोई विचार किया है?

    हाई कोर्ट ने अफीम तस्करी के आरोप में एनडीपीएस अधिनियम के तहत गिरफ्तार युवक को पांच दिसंबर को अंतरिम जमानत पर रिहा किए जाने का आदेश दिया था। राजस्थान के निवासी युवक की ओर से अदालत में अपने बचाव में दावा किया गया है कि उसे पुलिस कर्मियों ने एक अंतरराज्यीय यात्री बस में 29 अगस्त की सुबह 11:15 बजे के आस-पास अवैध तौर पर पकड़ा। जबकि दस्तावेजों में उसकी इस तारीख को शाम 5:15 बजे गिरफ्तारी दिखाई गई।

    आरोपी के वकील हिमांशु ठाकुर ने पीटीआई-भाषा से कहा कि मेरा मुवक्किल इस बस से मध्य प्रदेश के मंदसौर से राजस्थान के प्रतापगढ़ जा रहा था। वह एक मेधावी छात्र है और उसने 12वीं की परीक्षा फर्स्ट डिविजन से पास की है। ठाकुर ने बताया कि हाई कोर्ट में उनके मुवक्किल की ओर से यात्री बस के भीतर लगे सीसीटीवी कैमरे का फुटेज भी पेश किया गया है, जिसका अदालत पहले ही संज्ञान ले चुकी है। इस फुटेज में सादे कपड़े पहने तीन लोग युवक को बस से बाहर ले जाते दिखाई दे रहे हैं।

    राजस्थान से सटा मंदसौर जिला अफीम की खेती के लिए मशहूर है। जिले में मादक पदार्थों के अवैध उत्पादन, भण्डारण, कारोबार और तस्करी के मामले लगातार सामने आते हैं।

     

  • रायपुर : आत्मनिर्भरता, खुशहाली और ग्रामीण प्रेरणा की अद्भुत मिसाल

    रायपुर : आत्मनिर्भरता, खुशहाली और ग्रामीण प्रेरणा की अद्भुत मिसाल

    मनरेगा की डबरी से बदली रमेश की जिंदगी

    सब्जी उत्पादन और मछली पालन से आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर, गांव के लिए बने प्रेरणास्रोत

    रायपुर

    महात्मा गांधी नरेगा के डबरी निर्माण ने ग्राम पंचायत रेगड़ा के पट्टाधारी किसान रमेश के जीवन में नई आशाएं जगाई है। सिंचाई, मछली पालन और सब्जी उत्पादन से उनकी आय बढ़ी। पानी की कमी से जूझता जीवन अब खुशहाली में बदल रहा है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
              रायगढ़ जिले के ग्राम पंचायत रेगड़ा के वन अधिकार पट्टाधारी किसान रमेश के जीवन में मनरेगा के तहत निर्मित डबरी ने वह बदलाव लाया जिसकी उन्हें वर्षों से तलाश थी। पहले रमेश की खेती पूरी तरह वर्षा पर आधारित थी, जिससे उत्पादन सीमित होता था और आय भी अनिश्चित रहती थी। कठिन परिश्रम करने के बावजूद परिवार की आजीविका पर हमेशा संकट बना रहता था। परंतु मनरेगा के माध्यम से उनके खेत में कराए गए डबरी निर्माण कार्य ने उनकी जिंदगी की दिशा ही बदल दी। कठिन मिट्टी और चट्टानों से भरे क्षेत्र में डबरी बनाना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन तकनीकी सहायक, रोजगार सहायक और मेट के मार्गदर्शन में कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया गया। इस प्रक्रिया में 652 मानव दिवस सृजित हुए, जिससे ग्रामीणों को तात्कालिक रोजगार और आय का अवसर मिला।

    डबरी निर्माण से स्थायी आजीविका स्रोत 

         डबरी निर्माण के बाद रमेश के खेत में वर्षभर सिंचाई उपलब्ध हो गई। इसका प्रत्यक्ष लाभ उन्हें खेती में मिला। अब उनके खेत में धान, मूंगफली, तरबूज, केला तथा विविध सब्जियों का उत्पादन होने लगा है। इससे न केवल उनके कृषि उत्पादन में वृद्धि हुई, बल्कि अतिरिक्त आय का मार्ग भी खुला। साथ ही डबरी में मछली पालन की शुरुआत ने उन्हें एक और स्थायी आजीविका स्रोत प्रदान किया।

    डबरी निर्माण से खुशहाली और आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ रहा है रमेश

        मनरेगा के प्रभावी क्रियान्वयन ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि सरकारी योजनाओं को ईमानदारी और सही दिशा में लागू किया जाए, तो ग्रामीण जीवन में स्थायी बदलाव संभव है। आज रमेश का परिवार आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रहा है और उनकी तरक्की की कहानी पूरे गांव के लिए प्रेरणा बन चुकी है। ग्राम पंचायत रेगड़ा में निर्मित यह डबरी आज रोजगार, विकास और समृद्धि का नया प्रतीक है। रमेश गर्व से कहते हैं “डबरी ने हमारे जीवन में स्थायी खुशहाली और आत्मनिर्भरता की नई राह खोल दी है।”

  • सुरेश पचौरी ने कहा, मध्य प्रदेश सरकार केंद्र की योजनाओं को हर पात्र तक पहुंचा रही है

    भोपाल 

    प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्‍व में देश में विकास की जो गंगा प्रवाहित हो रही है उससे मध्‍यप्रदेश भी अछूता नहीं है। श्री नरेन्‍द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में संचालित केन्‍द्रीय योजनाओं का मध्‍यप्रदेश को भरपूर लाभ मिल रहा है। केन्‍द्र सरकार की महत्‍वपूर्ण जनहितैषी योजनाओं के क्रियान्‍वयन से उनका लाभ पात्र हितग्राहियों को दिलाने में मध्‍यप्रदेश देश में लगातार अग्रणी बना हुआ है। जैसे प्रधानमंत्री किसान सम्‍मान निधि, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी व ग्रामीण) आयुष्‍मान भारत योजना आदि।

    विगत 2 वर्षों की महत्‍वपूर्ण उपलब्धियों की बात की जाए तो मध्‍यप्रदेश में भारत सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत 11 लाख 46 हजार आवास से मध्‍यप्रदेश देश में प्रथम रहा। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत 8 लाख 64 हजार आवासों का कार्य पूर्ण हो चुका है। गरीब बंदी सहायता योजना का क्रियान्‍वयन करने वाला प्रथम राज्‍य बना है। प्रदेश में 80 लाख 52 हजार घरों तक नल कनेक्‍शन दिए गए। प्रधानमंत्री किसान सम्‍मान निधि योजना के अंतर्गत मध्‍यप्रदेश में लगभग 85 लाख से अधिक हितग्राहियों को कुल 8 हजार 690 करोड़ से अधिक का लाभ प्रदान किया गया। प्रदेश के 82 लाख से अधिक किसानों को किसान सम्‍मान निधि की 1671.00 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान किया गया है। आयुष्‍मान निरामयम भारत योजनांतर्गत 3 लाख एक हजार 496 परिवारों के सदस्‍यों को चिकित्‍सा सहायता प्रदान की गई। राज्‍य में मातृ शक्ति को मजबूत बनाने के लिए कई कदम उठाये गए हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 9.70 लाख गर्भवती महिलाओं का 512 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता उपलब्‍ध कराई गई।

    मध्‍यप्रदेश में निवेश

    भोपाल में पिछले दिनों ग्‍लोबल इन्‍वेस्‍टर्स समिट की सफलता ने पूरे देश का ध्‍यान आकर्षित किया। इसके उद्धाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी और समापन अवसर पर केन्‍द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने मध्‍यप्रदेश को देश का अग्रणी विकसित राज्‍य बनाने के मुख्‍यमंत्री के अथक् परिश्रम और दृढ इच्‍छाशक्ति की प्रशंसा की। प्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में राज्‍य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्‍साहन अंतर्गत अब तक 8.57 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्‍ताव धरातल पर आ चुके हैं। इसके अलावा मुख्‍यमंत्री कन्‍या विवाह/निकाह सहायता योजनांतर्गत 1 लाख 52 हजार 353 हितग्राहियों को सहायता राशि रुपए 83844.39 लाख दी गई।

    सिंहस्‍थ – उज्‍जैन

    मध्‍यप्रदेश सरकार के सामने आने वाले दिनों में उज्‍जैन में होने वाले सिंहस्‍थ पर्व को सुसम्‍पन्‍न कराने की एक बड़ी चुनौती है। इस धार्मिक समागम में देश विदेश से करोड़ों श्रद्धालु भाग लेते हैं। इसे निर्विघ्‍न व गरिमापूर्ण तरीके से संपन्‍न कराने के लिए राज्‍य सरकार ने कमर कस ली है। मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की बागडोर संभालते ही शासन-प्रशासन के अधिकारियों को सिंहस्‍थ महापर्व की तैयारियां करने के निर्देश दे दिए थे, ताकि सारे काम समय पर पूरे हो जाएं। इसके लिए यथासमय बजट का आवंटन किया गया। वर्ष 2025-26 में सिंहस्‍थ 2028 के लिए 67 आवासीय भवन के निर्माण की स्‍वीकृति प्रदान की गई। सिंहस्‍थ के अवसर पर दुनिया भर से उज्‍जैन आने वाले श्रद्धा‍लुओं तथा तीर्थयात्रियों को किसी तरह की तकलीफ न होने पाए, इसके लिए युद्ध स्‍तर पर तैयारियां चल रही है। प्रदेश की सांस्‍कृतिक, ऐतिहासिक तथा धार्मिक पहचान रखने वाले प्रमुख स्‍थानों के साथ ही पर्यटन स्‍थलों को विकसित किया जा रहा है। प्रदेश के चित्रकूट, उज्‍जैन, ओंकारेश्‍वर, महेश्‍वर, ओरछा, मैहर आदि स्‍थानों को उनके प्राचीन गौरव, वैभव और गरिमा के अनुसार सजाया-संवारा जा रहा है। मध्‍यप्रदेश में द्रुत गति से विकास के काम जारी हैं। श्रीराम वन गमन पथ श्रीराम के कर्तव्‍य पालन और राष्‍ट्र निर्माण का समर्पण संपूर्ण भारत को एक सूत्र में बांधने का आधार देगा। साथ ही राज्‍य शासन द्वारा उन सभी स्‍थानों को तीर्थ के रूप में विकसित किया गया है, जहाँ श्रीकृष्‍ण के स्‍मृति चिन्‍ह विराजमान हैं।

    मध्‍यप्रदेश में नक्‍सल समस्‍या

    मध्‍यप्रदेश में नक्‍सल मोर्चे पर सबसे बड़ी कामयाबी दर्ज की गई है। मध्‍यप्रदेश में 2.36 करोड़ रुपए के इनामी 10 हार्डकोर नक्‍सलियों ने एके-47 समेत आई.एन.एस.ए.एस. राइफल, एस.एल.आर. और सिंगल शॉट गन जैसे घातक हथियारों के साथ मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने सरेंडर किया है।

    नि:संदेह, मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्‍व में मध्‍यप्रदेश सरकार प्रदेशवासियों के हितों के मद्देनजर तमाम लोककल्‍याणकारी योजनाओं के माध्‍यम से निष्‍ठापूर्वक राजधर्म निभा रही है तथा एक लोकप्रिय सरकार बनने की दिशा में निरंतर कदम बढ़ा रही है। भौगोलिक दृष्टि से देश के इस बड़े राज्‍य के सामने जहां तमाम चुनौतियां हैं, वहीं जनता की अनगिनत अपेक्षाएं भी हैं। सरकार चुनौतियों से भी निपट रही है और जनापेक्षाओं को भी पूरा कर रही है। विकास सतत् चलने वाली प्रक्रिया है और आशा की जानी चाहिए कि देश के यशस्‍वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्‍व में मध्‍यप्रदेश सरकार विकास के रथ को रुकने नहीं देगी। मध्‍यप्रदेश सरकार के उपलब्धियों भरे 2 वर्ष पूरे होने के अवसर यशस्‍वी मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके मंत्रिमंडल के ऊर्जावान सहयोगियों, राज्‍य की प्रशासनिक टीम तथा प्रदेश की जागरूक जनता को हार्दिक बधाई।

  • मध्यप्रदेश का नक्सलमुक्त होने का सफर: सीएम मोहन यादव की घोषणा, बालाघाट में दो नक्सलियों के सरेंडर ने दिलाई यह सफलता

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश देश का पहला नक्सल मुक्त राज्य बन गया है. ये घोषणा खुद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने की है. खास बात ये है कि मध्य प्रदेश सरकार ने ये उपलब्धि निर्धारित समय से पहले ही हासिल कर ली है. 

    मध्य प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्र बालाघाट में 11 दिसंबर को आखिरी दो नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया. दीपक उइके और रोहित ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की वर्चुअल मौजूदगी में सरेंडर किया – और इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश पूरी तरह नक्सल मुक्त घोषित कर दिया.

    ये भी संयोग है कि 13 दिसंबर को मोहन यादव की सरकार के दो साल पूरे होने जा रहे हैं, और दो दिन पहले ही ये उपलब्धि हासिल हुई है.

    देश के पहले नक्सल मुक्त राज्य बनने की कहानी

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सूबे को नक्सल मुक्त बनाने के लिए 26 जनवरी की तारीख तय कर रखी थी, लेकिन लक्ष्य करीब डेढ़ महीने पहले ही हासिल हो गया. 

    मोहन यादव को ये मौका बीजेपी की नई सरकार के दो साल पूरे होने से पहले ही मिल गया. दो साल के शासन की ये सबसे बड़ी उपलब्धि मिल गई है. 

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश को 2026 में नक्सलमुक्त बनाने का लक्ष्य पहले ही निर्धारित कर रखा है. और, इसके लिए मार्च तक का लक्ष्य रखा है – मध्य प्रदेश ने इस मामले में पहले ही बाजी मार ली है. 

    मुख्यमंत्री मोहन यादव के मुताबिक, MMC जोन में बीते 42 दिनों में 42 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ को नक्सल प्रभावित इलाकों की MMC जोन कैटेगरी में रखा गया है. 

    मोहन यादव ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले 42 नक्सलियों पर कुल 7.75 करोड़ रुपये का इनाम रखा गया था. और, 2025 में अकेले मध्य प्रदेश में, राज्य की पुलिस ने 13 नक्सलियों को आत्मसमर्पण कराया, जबकि 10 एनकाउंटर में मारे गए. 

    मध्य प्रदेश के तीन जिले बालाघाट, डिंडोरी और मंडला नक्सल प्रभावित थे, जो दीपक उइके और रोहित के सरेंडर के बाद पूरी तरह नक्सलमुक्त हो चुके हैं. 

    नक्सलियों के न भूलने वाले कारनामे

    बालाघाट मध्य प्रदेश का वो इलाका है जिसकी सीमा महाराष्ट्र के गोंदिया, और छत्तीसगढ़ के राजनंदगांव लगती है – और ये पूरा इलाका माओवादी हिंसा से बुरी तरह प्रभावित रहा है.

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बालाघाट की वो घटना भी याद दिलाई, जब मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री रहे लखीराम कावरे की नक्सलियों ने घर में घुसकर उनको बाहर निकाला और बेरहमी से मौत के घात उतार डाला. ये 1999 की घटना है, जब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह थे, और कांग्रेस की सरकार थी.  

    1. लखीराम कावरे बालाघाट के ही रहने वाले थे. वो अपने गांव में रहते थे दिग्विजय सिंह ने 1998 में जब दूसरी बार सरकार बनाई तो लखीराम कावरे को परिवहन मंत्री बनाया. 

    लखीराम कावरे गांव में अपने घर पर थे. अचानक ही माओवादियों ने उनका घर चारों तरफ से घेर लिया. लखीराम कावरे को घर से बाहर निकाला और वहीं कुल्हाड़ी से काट डाला – 15 दिसंबर, 1999 का दिन शायद ही कभी कोई भूल पाए. 

    2. छत्तीसगढ़ की भी नक्सल हमले की एक घटना कभी न भूलने वाली है. 2013 के आखिर में विधानसभा के लिए चुनाव होने थे, और कांग्रेस जोर शोर से तैयारी कर रही थी. बीजेपी की सरकार थी, और डॉक्टर रमन सिंह मुख्यमंत्री थे. तब कांग्रेस नेता बीजेपी सरकार के खिलाफ परिवर्तन रैली कर रहे थे. 

    25 मई, 2013 को सुकमा में कांग्रेस की परिवर्तन रैली थी. रैली खत्म होने के बाद कांग्रेस नेताओं का काफिला सुकमा से जगदलपुर जा रहा था. कांग्रेस नेताओं के काफिले में करीब 25 गाड़ियां थीं, और उनमें करीब 200 नेता सवार थे.

    शाम के 4 बज रहे थे, और कांग्रेस का काफिला झीरम घाटी से गुजर रहा था. रास्ते में पेड़ काटकर गिरा दिए गए थे. रास्ता बंद होने के कारण एक के पीछे एक सारी गाड़ियां रुक गईं, और इससे पहले कि किसी को कुछ समझ आ पाता, आस पास के पेड़ों के पीछे छिपे नक्सलियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. हमलावरों ने सभी गाड़ियों को निशाना बनाया. करीब डेढ़ घंटे तक फायरिंग होती रही. 

    करीब साढ़े पांच बजे हमलावरों का एक जत्था मौके पर पहुंचकर चेक कर रहे थे कि कोई जिंदा तो नहीं बचा है. जो जिंदा बचे थे, उनको पकड़कर बंधक बना रहे थे, और जो जो मरे हुए समझ में आ रहे थे, उनको भी फिर से गोली मार रहे थे, और चाकू से भी वार कर रहे थे, ताकि जिंदा बचने की कोई गुंजाइश न रहे. 

    तभी महेंद्र कर्मा अपनी गाड़ी से नीचे उतरे, और बोले,  ‘मुझे बंधक बना लो, बाकियों को छोड़ दो.’

    नक्स्लिी महेंद्र कर्मा को थोड़ी दूर तक ले गए, और उनको भी मार डाला. असल में, ‘सलवा जुडूम’ का नेतृत्व करने की वजह से नक्सली उन्हें अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानते थे.

    महेंद्र कर्मा के शरीर पर नक्सलियों ने चाकू से 50 से ज्यादा वार किए थे, और करीब 100 गोलियां भी दागी थी – बताते हैं, हत्या के बाद नक्सलियों ने उनके शव पर चढ़कर डांस भी किया था.

    हमले में महेंद्र कर्मा, कांग्रेस नेता नंदकुमार पटेल और उनके बेटे दिनेश पटेल सहित 30 लोग मारे गए थे. घायलों में केंद्रीय मंत्री रहे वीसी शुक्ल भी घायल हुए थे. 

    सरेंडर कर चुके एक नक्सली की पुराने साथियों से अपील 

    नक्सलियों को सबसे बड़ा झटका लगा है हिडमा के मारे जाने के बाद. आंध्र प्रदेश में हुए एक मुठभेड़ में नक्सली कमांडर हिडमा की मौत के एक दिन बाद पूर्व नक्सली नेता मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ ​​भूपति पुराने साथियों से एक बड़ी अपील की.
    मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ ​​भूपति ने 15 अक्टूबर को ही 60 नक्सलियों के साथ सरेंडर किया था. भूपति की अपील का वीडियो गढ़चिरौली पुलिस की तरफ से जारी किया गया है. 

    भूपति ने प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) कैडर से सशस्त्र संघर्ष छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की है. भूपति का कहना है, ‘यह बहुत चिंताजनक मसला है… मैं आपको बताना चाहता हूं… हमने लगभग डेढ़ महीने पहले सशस्त्र संघर्ष छोड़ दिया था… क्योंकि हमें एहसास हुआ कि बदलते हालात में हम फिर से सशस्त्र संघर्ष नहीं कर सकते… अब हम संविधान के अनुसार लोगों की समस्याओं को हल करने के लिए काम कर रहे हैं.’

    पूर्व नक्सली भूपति ने साथियों से मुख्यधारा में शामिल होकर और लोगों के साथ मिलकर काम करने की अपील की है. 

    केंद्र सरकार ने देश भर से माओवादी हिंसा के खात्मे के लिए 31 मार्च 2026 की समय सीमा तय की है, मध्य प्रदेश के नक्सल मुक्त होने से पहले माडवी हिडमा का एनकाउंटर इस दिशा में मील का पत्थर साबित हुआ है. 

  • ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे से आगरा से ग्वालियर का सफर होगा तेज, तीन प्वाइंट से होगी एंट्री और निकासी

    ग्वालियर 

    आगरा-ग्वालियर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे में आगरा से ग्वालियर के बीच 85 किलोमीटर के दायरे में तीन एंट्री और तीन एग्जिट प्वाइंट तय किए गए हैं। इस व्यवस्था से यातायात को सुगम बनाया जा सकेगा। इसका फायदा यह होगा कि ग्रीन फील्ड से ग्वालियर आने वाले वाहन 45 मिनट में पहुंच सकेंगे। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ग्वालियर के प्रोजेक्ट डायरेक्टर उमाकांत मीणा ने बताया कि इस एक्सप्रेसवे का कार्य जल्द ही शुरू होगा। इस निर्माण के बाद आगरा से ग्वालियर 4 घंटे का सफर केवल 45 मिनट में पूरा हो सकेगा।

    उन्होंने बताया कि आगरा-ग्वालियर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे पर प्रवेश और बाहर निकलने के लिए तीन प्वाइंट नूराबाद-मालनपुर, धौलपुर राजाखेड़ा-आगरा और दिमनी पर बनेंगे। इसके अलावा एक्सप्रेसवे के किनारे कहीं भी स्थानीय ब्रिज भी नहीं होंगे। अधिकारियों ने बताया कि ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के चालू हो जाने से ग्वालियर तक पहुंचने में लगने वाले समय की बचत होगी और दुर्घटना की संभावना भी कम होगी। 

    ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे ग्वालियर से निकलकर आगरा में यमुना एक्सप्रेसवे से कनेक्ट कर दिया जाएगा, ताकि ग्वालियर से दिल्ली-नोएडा जाने वाले वाहन दो घंटे 45 मिनट में यात्रा पूरी कर सकें। इसके एग्जिट व एंट्री प्वाइंट से पुराना ग्वालियर-आगरा राजमार्ग और ग्वालियर-इटावा राजमार्ग भी कनेक्ट हो जाएगा, ताकि वाहन चालकों को अपने गंतव्य के लिए असुविधा नहीं हो। 

  • Tansen Samaroh 2025: ग्वालियर में 114 कलाकारों का लाइव चित्रांकन, 10 ख्याति प्राप्त चित्रकार भी होंगे

    ग्वालियर
     विश्वविख्यात अखिल भारतीय तानसेन समारोह की शुरुआत 15 दिसंबर से तानसेन समाधि स्थल पर होने जा रही है। इस दौरान चार दिन तक सजीव चित्रांकन भी रहेगा, जिसकी शुरुआत समारोह की शुरुआत के साथ 15 दिसंबर से ही होगी। इसमें देशभर से 114 कलाकार भाग लेंगे।

    वे समारोह के दौरान अपने कल्पना के रंगों को कैनवास पर उकेरते नजर आएंगे। इनमें राष्ट्रीय स्तर के ख्यातिलब्ध 10 कलाकार भी लाइव चित्रांकन करेंगे। ललित कला संस्थान इंदौर, ललित कला संस्थान धार, ललित कला संस्थान खंडवा और ललित कला संस्थान जबलपुर के छात्र-छात्राएं भी चित्र बनाते नजर जाएंगे।

    संस्कृति विभाग ने सजीव चित्रांकन के लिए कलाकारों की सूची जारी कर दी है। उल्लेखनीय है कि सजीव चित्रांकन का लुत्फ संगीतप्रेमी 18 दिसंबर तक समाधि स्थल पर सुबह 10 बजे से शाम छह बजे तक उठा सकेंगे। 19 दिसंबर को सुबह की सभा बेहट और शाम की सभा गूजरी महल में होगी। इसके पूर्व 14 दिसंबर को इंटक मैदान में पूर्व रंग गमक कार्यक्रम होगा, जिसमें सूफी गायिका जसपिंदर नरूला प्रस्तुति देंगी।

    पुणे से नवनाथ, मुंबई से सुमित्रा, कोल्हापुर से अरुण बनाएंगे पेंटिंग

    सजीव चित्रांकन में शहर के 30 कलाकारों को मौका दिया जा रहा है। साथ ही राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय एवं ललित कला संस्थान ग्वालियर के 50 छात्र-छात्राएं, प्रदेश के ललित कला संस्था इंदौर, धार, खंडवा, जबलपुर से 24 कलाकार शामिल होंगे।

    इसके अलावा 10 राष्ट्रीय स्तर के कलाकार शामिल होंगे, जिनमें भोपाल से आलोक भावसार, पुणे से नवनाथ क्षीरसागर, कोल्हापुर से अरुण सुतार, जयपुर से कृष्ण कुमार कुंडारा, भुवनेश्वर से रघुनाथ साहू, भोपाल से दुर्गा बाई व्यास, दिल्ली से सुमित्रा अहलावत, मुंबई से निशिकांत पलांदे, उदयपुर से मदीप शर्मा, महाराष्ट्र से संदीप अहीर आएंगे।

    प्रदर्शनी में 76 कलाकारों की पेंटिंग का होगा प्रदर्शन

    समारोह के दौरान तानसेन समारोह की प्रस्तुतियों पर एकाग्र चित्रों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें 76 कलाकारों की पेंटिंग शामिल की गई हैं, जिन्हें डिस्प्ले किया जाएगा। संगीत रसिकों के अवलोकन के लिए यह सुबह 10 बजे से रात तक खुली रहेगी।

  • कौशल प्रशिक्षण को वैश्विक मानकों से जोड़ना हमारी प्राथमिकता – मंत्री टेटवाल

    सिंगापुर प्रशिक्षण युवाओं के कॅरियर को नई दिशा देगा
    मंत्री श्री टेटवाल प्रतिमाह दो बार प्रदेश के आईटीआई के विद्यार्थियों से होंगे रूबरू
    शाला त्यागी बेटियों का कौशल प्रशिक्षण लेकर रोजगार से जुड़ने से महिला सशक्तिकरण को मिलेगा संबल
    नेशनल डेफ क्रिकेट टीम में आईटीआई के बच्चों के चयन पर मंत्री ने दी बधाई और शुभकामनाएं
    अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण से संस्थानों की गुणवत्ता को नई ऊँचाई मिलेगी
    कौशल भारत और विकसित भारत में मध्यप्रदेश की भूमिका निर्णायक होगी कौशलम संवाद में मंत्री श्री टेटवाल से बात कर बच्चे हुए प्रोत्साहित

    भोपाल 
    कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल ने कहा कि कौशलम् संवाद का उद्देश्य प्रदेश के विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों से सीधे जुड़कर उनके कौशल, प्रगति, अवसरों और उपलब्धियों को समझना है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार कौशल विकास को वैश्विक मानकों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है और विद्यार्थियों को देश-विदेश में प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। संवाद के प्रथम चरण में बच्चों से उनकी यात्रा, चुनौतियों और सफलता के अनुभव सुनकर वे विशेष रूप से प्रसन्न और प्रोत्साहित हुए।

    मंत्री श्री टेटवाल ने सिंगापुर कौशल प्रशिक्षण के लिए चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह अवसर न केवल उनके करियर को नई दिशा देगा बल्कि वे लौटकर अपने संस्थानों और साथियों को भी उन्नत प्रशिक्षण में सहयोग करेंगे, जिससे विकसित मध्यप्रदेश और विकसित भारत के निर्माण को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सिंगापुर जाकर बच्चे जिस तरह उच्च तकनीक और कार्य-संस्कृति को सीखेंगे, वह कौशल भारत अभियान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    मंत्री श्री टेटवाल ने संवाद के दौरान यह भी बताया कि प्रदेश में आईटीआई संस्थानों से निकलने वाले युवा अब बड़ी कंपनियों में कार्य कर रहे हैं, जो यह प्रमाणित करता है कि कौशल प्रशिक्षण का स्तर लगातार उच्च हो रहा है। संवाद में उन्होंने अंचल की उन शाला त्यागी बालिकाओं से बात की जिन्होंने आईटीआई में प्रवेश लिया, विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण प्राप्त किया और अब प्रतिष्ठित कंपनियों में कार्यरत हैं। मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि यह उदाहरण महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रदेश सरकार के प्रयासों की सफलता को दर्शाता है और यह देखकर संतोष होता है कि बेटियाँ लगातार नए अवसरों को अपनाकर आगे बढ़ रही हैं।

    डिवीजनल आईटीआई भोपाल के श्रवण बाधित विद्यार्थियों के साथ संवाद में मंत्री श्री टेटवाल ने उनके नेशनल डेफ क्रिकेट टीम में चयन पर शुभकामनाएँ दीं और कहा कि यह उपलब्धि सिद्ध करती है कि प्रतिभा किसी सीमा की मोहताज नहीं होती। उन्होंने बच्चों को बताया कि उनकी यह सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है और सरकार समावेशी कौशल प्रशिक्षण को और अधिक मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    मंत्री श्री टेटवाल ने जर्मनी में विशेष तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर आने वाले पिपरिया आईटीआई के प्रशिक्षण अधिकारी श्री बलदेव शर्मा को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि संस्थान की गुणवत्ता को नए स्तर पर ले जायेगी और इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय सहयोग से प्रदेश का कौशल ढांचा और अधिक सुदृढ़ होगा। इसी क्रम में उन्होंने आईटीआई खिलचीपुर के 42 प्रशिक्षणार्थियों के कैम्पस प्लेसमेंट पर बधाई दी। प्रशिक्षणार्थियों को देवास की वोल्वो आइशर कंपनी से नौकरी के ऑफर लेटर प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्रशिक्षण और उद्योगों के बीच सक्रिय सहयोग का परिणाम है। मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि सुदूर ग्रामीण अंचल के विद्यार्थी आईटीआई से निकलकर प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों में जॉब पाकर बेहतर उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं, अपने क्षेत्र और प्रदेश का नाम भी रोशन कर रहे हैं।

    आईटीआई झाबुआ की 30 महिला प्रशिक्षणार्थियों को प्रतिभा सिंटेक्स लिमिटेड पीथमपुर में ऑन द जॉब ट्रेनिंग (OJT) मिलने पर उन्होंने कहा कि यह अवसर न केवल इन बालिकाओं के रोजगार अनुभव को विस्तार देगा बल्कि प्रदेश में महिला कौशल विकास और रोजगार संवर्धन के लिए प्रेरक उदाहरण बनेगा। उन्होंने जबलपुर में संस्थान की भूमि से अवैध कब्जा हटाए जाने और उसे पुनः प्रशिक्षण कार्यों के लिए उपलब्ध कराने के प्रयासों को भी सराहनीय बताया और टीम को बधाई दी।

    कौशलम् संवाद के प्रथम चरण के इस कार्यक्रम में छात्रों में उत्साह स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। उन्होंने मंत्री से सीधे संवाद कर अपनी प्रगति साझा की और मंत्री श्री टेटवाल के मार्गदर्शन से नए कौशल लक्ष्यों को निर्धारित करने का आत्मविश्वास प्राप्त किया।

     

  • राज्य स्तरीय श्रमिक खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन

    18 एवं 19 दिसम्बर को नरसिंहपुर में

    भोपाल 
    म.प्र.श्रम कल्याण मंडल द्वारा राज्य स्तरीय श्रमिक खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन खेल स्टेडियम ग्राउंड, नरसिंहपुर में 18 एवं 19 दिसम्बर 2025 को किया जायेगा। प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न संभागों में विगत माह संपन्न, संभागीय श्रमिक खेलकूद प्रतियोगिताओं के विजेता एवं उप विजेता शामिल होंगे।प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले 1,000 से अधिक श्रमिक खिलाड़ीइस आयोजन में भाग लेंगे। प्रतियोगिता का उदघाटन एवं पुरस्कार वितरण श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल द्वारा किया जायेगा।

    कार्यक्रम में मंडल द्वारा संचालित उत्तम श्रमिक पुरस्कार योजना के अंतर्गत चयनित 15 श्रमिकों तथा श्रमिक साहित्य पुरस्कार योजना के अंतर्गत चयनित 10श्रमिकों को श्रम मंत्री द्वारा पुरस्कृत किया जायेगा। मंडल की उत्तम श्रमिक पुरस्कार योजना के अंतर्गत प्रत्येक श्रमिक को 25,000/- रुपये, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किये जाते हैं, इसी प्रकार श्रमिक साहित्य पुरस्कार योजना के अंतर्गत प्रत्येक श्रमिक को 10,000/- रुपये, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किये जाते हैं। उल्लेखनीय है कि राज्य स्तरीय श्रमिक खेलकूद प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न संभागों में स्थापित औद्योगिक इकाईयों एवं स्थापनाओं में कार्यरत श्रमिक खिलाड़ी समूह खेलों में कबड्डी (महिला एवं पुरुष), रस्साकशी (महिला एवं पुरुष), वॉलीबॉल, एवं केरम तथा इसी प्रकार व्यक्तिगत खेलों में 100मीटर, 200मीटर, 400मीटर, 800मीटर, 1500मीटर, उंची कूद, लम्बी कूद, भाला फेंक, तवा फेंक, गोला फेंक प्रतियोगिताएँ सम्मिलित हैं।

     

  • मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली के मध्यप्रदेश भवन परिसर में 3 दिवसीय मध्यप्रदेश उत्सव का भोपाल से वर्चुअली किया शुभारंभ

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार, केन्द्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ने के संकल्प के साथ हम कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नई दिल्ली के मध्यप्रदेश भवन परिसर में 3 दिवसीय मध्यप्रदेश उत्सव का भोपाल से वर्चुअली शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सभी को देश के दिल मध्यप्रदेश में आमंत्रित करते हुए कहा कि हम दिल खोलकर आपके स्वागत के लिये तैयार हैं। नई दिल्ली में अपर मुख्य सचिव एवं विशेष आयुक्त (समन्वय) मध्यप्रदेश भवन श्रीमती रश्मि अरूण शमि और अन्य अधिकारी मौजूद थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि मध्यप्रदेश उत्सव देखने के बाद सभी प्रदेश के प्राकृतिक सौंदर्य, जैव विविधता का वास्तविक आनंद लेने के लिये जरूर मध्यप्रदेश आएंगे। उन्होंने पर्यटकों को महाकाल लोक में दर्शन करने, टाइगर रिजर्व सफारी का आनंद लेने, ओरछा एवं मांडू की आध्यात्मिकता का अनुभव करने के साथ पचमढ़ी के नैसर्गिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिये आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के स्वच्छतम शहर इंदौर की सैर करें और स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठाएं।

    उद्घाटन के बाद आवासीय आयुक्त मध्यप्रदेश भवन श्रीमती रश्मि अरुण शमी ने बताया की तीन दिवसीय उत्सव का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश के बारे में दिल्ली एनसीआर के वासीयो को प्रदेश के बारे में जानकारी देना उसके खान-पान और संस्कृति से अवगत कराना है। उन्होंने बताया की प्रदर्शनी में हस्तशिल्प, 1 जिला एक उत्पाद, माटी कला, पर्यटन आदि के स्टॉल लगे हैं। उन्होंने सभी से अनुरोध किया उनके इस उत्सव में आए और प्रदेश के खानपान और संस्कृति का आनंद लें, यह पूर्णता निशुल्क है।

    उत्सव के पहले दिन पुलिस बैंड, कबीर गायन और बुंदेलखंड गायन की सुरमयी प्रस्तुतियां होगीं, सांस्कृतिक संध्या में बुंदेली लोकनृत्य सुश्री कमला राजपूत छतरपुर, गुदुम्बबाजा नृत्य श्री लालूलाल धुर्वे अनूपपुर एवं शास्त्रीय गायन सुश्री कलापिनी कोमकली देवास द्वारा मध्यप्रदेश की गहरी सांस्कृतिक आत्मा से रूबरू करवाया जाएगा।

    उत्सव के दूसरे दिन ड्राइंग प्रतियोगिता , क्विज़ और MPTDC द्वारा प्रस्तुत लोकप्रिय फिल्म ‘स्त्री’ युवाओं और परिवारों को समान रूप से आकर्षित करने का काम करेगी। सांस्कृतिक संध्या में करमा नृत्य, सुश्री हर्ष मरावी डिण्डोरी, गोंडवाना लोकनृत्य श्री संजय महाजन बढ़वाह, फ्यूजन बैंडः म.प्र. के स्वर गन्धर्व बैण्ड, भोपाल के द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। इसके पश्चात खादी/सिल्क फैशन शौ मध्यप्रदेश के वस्त्र वैभव का आधुनिक और भव्य प्रदर्शन प्रस्तुत किया जाएगा।

    उत्सव के तीसरे दिन बच्चों की फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता और फीचर फिल्म ‘पान सिंह तोमर’ की MPTDC की प्रस्तुति की जाएगी। सांस्कृतिक संध्या में दास्तानगोई सुश्री भारती दीक्षित इंदौर, मटकी लोकनृत्य सुश्री हीरामणि वर्मा उज्जैन, और नृत्य नाटिका सुश्री क्षमा मालवीय, भोपाल के द्वारा रंगारंग प्रस्तुति दी जाएगी। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को सम्मानित कर उत्सव का गरिमामयी समापन किया जायेगा।

    प्रमुख बिन्दु
        प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ने के संकल्प के साथ हम कार्य कर रहे हैं।
        मध्यप्रदेश भवन परिसर में अगले 3 दिनों तक भव्य मध्यप्रदेश उत्सव।
        मध्यप्रदेश की कला-संस्कृति, पर्यटन, हस्तशिल्प और खान-पान के स्टॉल।
        प्रदर्शनियों में एक जिला-एक उत्पाद और जीआई टैग प्राप्त वस्तुएं देखी जा सकती हैं।
        वनोपज से तैयार हर्बल उत्पाद भी प्रदर्शित।
        हस्त शिल्प, कलाकृतियां और विभिन्न अंचलों के स्वादिष्ट व्यंजन इस मेले की यूएसपी हैं।
        उत्सव में मध्यप्रदेश पुलिस बैंड पहली बार प्रस्तुति दे रहा है।
        उत्सव में प्रदेश के टेक्स्टाइल को शो-केस करते हुए फैशन-शो भी आयोजित।
        पारंपरिक व्यंजनों के फूड स्टॉल।
        उत्सव में प्रदेश के लोक गीत और लोक नृत्यों का प्रस्तुतिकरण।