• “रायपुर में वित्तमंत्री चौधरी ने स्मार्ट क्लासरूम और लाइब्रेरी का किया उद्घाटन

    रायपुर : वित्तमंत्री श्री चौधरी ने स्मार्ट क्लासरूम एवं आधुनिक लाइब्रेरी का किया लोकार्पण

    रायगढ़ शिक्षा के उन्नयन की दिशा में सशक्त कदम

    रायपुर,

    वित्तमंत्री चौधरी ने  कहा कि स्मार्ट क्लासरूम और आधुनिक लाइब्रेरी शिक्षा के भविष्य हैं, जहाँ स्मार्ट क्लासरूम इंटरैक्टिव व्हाइटबोर्ड, प्रोजेक्टर और डिजिटल कंटेंट का उपयोग करके सीखने को दिलचस्प बनाते हैं। वहीं आधुनिक लाइब्रेरी किताबों के साथ-साथ ई-बुक्स, डेटाबेस और हाई-स्पीड इंटरनेट जैसी डिजिटल सुविधाओं से लैस ज्ञान केंद्र बन गए हैं, जो छात्रों को 21 वीं सदी के कौशल और व्यक्तिगत सीखने के अनुभव प्रदान करते हैं। 

    वित्तमंत्री श्री चौधरी ने स्मार्ट क्लासरूम एवं आधुनिक लाइब्रेरी का किया लोकार्पण

    विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक युक्त शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना है

              केवड़ाबाड़ी स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में शुक्रवार को आयोजित “स्मार्ट स्कूल हैंडओवर सेरेमनी” में वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी ने नव-निर्मित आधुनिक लाइब्रेरी एवं स्मार्ट क्लासरूम का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ जिले में शिक्षा अधोसंरचना के उन्नयन को सरकार प्राथमिकता दे रही है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर, आधुनिक और तकनीक-सक्षम शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

    वित्तमंत्री श्री चौधरी ने स्मार्ट क्लासरूम एवं आधुनिक लाइब्रेरी का किया लोकार्पण

    विद्यार्थियों की अध्ययन-अभिरुचि में होगी वृद्धि 

             जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. राव ने बताया कि नई लाइब्रेरी में विषयवार पुस्तकों, संदर्भ सामग्री और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु समृद्ध साहित्य उपलब्ध कराया गया है, जिससे विद्यार्थियों की अध्ययन-अभिरुचि में वृद्धि होगी और उन्हें उच्चस्तरीय ज्ञान-संसाधन स्कूल परिसर में ही सुलभ हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि स्मार्ट क्लासरूम में स्थापित इंटरैक्टिव स्क्रीन, डिजिटल मॉड्यूल, प्रोजेक्टर एवं हाई-स्पीड इंटरनेट विद्यार्थियों को कठिन विषयों को दृश्यात्मक माध्यमों से समझने में अत्यधिक सहायक सिद्ध होंगे।

    डिजिटल माध्यम से अध्यापन अधिक रोचक हो गया

             नई सुविधाओं को लेकर विद्यार्थियों में उत्साह देखा गया। छात्रों ने बताया कि डिजिटल माध्यम से अध्यापन अब अधिक रोचक हो गया है और जटिल अध्याय भी एनिमेशन, ग्राफिक्स और वीडियो लेक्चर के माध्यम से तेजी से समझ आ रहे हैं। इससे न केवल अध्ययन क्षमता में सुधार होगा बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। कार्यक्रम के पश्चात वित्त मंत्री श्री चौधरी ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण कर विकास कार्यों की सराहना की तथा भविष्य में भी शिक्षा से जुड़े संसाधनों को मजबूत करने हेतु आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया।

             कार्यक्रम में महापौर श्री जीवर्धन चौहान, जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. के. व्ही. राव, विभागीय अधिकारी, शिक्षक-कर्मचारी एवं अभिभावक उपस्थित थे। केवड़ाबाड़ी विद्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम जिले में शिक्षा उन्नयन और तकनीकी नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

  • रायपुर : बदली भीमा की जिंदगी आई खुशहाली प्रधानमंत्री आवास योजना से

    रायपुर : बदली भीमा की जिंदगी आई खुशहाली प्रधानमंत्री आवास योजना से

    कच्चे घर से सम्मानपूर्ण जीवन तक की यात्रा

    रायपुर

    बदली भीमा की जिंदगी आई खुशहाली प्रधानमंत्री आवास योजना से भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसका लक्ष्य  ग्रामीण क्षेत्रों के उन सभी बेघर परिवारों और कच्चे-जीर्ण-शीर्ण घरों में रहने वाले परिवारों को बुनियादी सुविधाओं (बिजली, पानी, शौचालय) के साथ एक पक्का घर देना है, जिनके पास अपना घर नहीं है। जीवन में कठिनाइयाँ जब बड़े पहाड़ की तरह सामने खड़ी होती हैं, तब इंसान की हिम्मत और धैर्य की असली परीक्षा होती है। लेकिन यदि व्यक्ति हार न माने और सही दिशा में लगातार प्रयास करे, तो सफलता जरूर मिलती है। यही कहानी है ग्राम पंचायत अरनुपर, जनपद पंचायत कुआकोंडा दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिला के निवासी श्री भीमा कश्यप पिता श्री जोगा की, जिनके जीवन में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण ने आशा की नई किरण जगाई।
              दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले के घने जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों से घिरे गांव अरनुपर में भीमा अपने परिवार के साथ कई वर्षों से जर्जर कच्चे मकान में रह रहे थे। बरसात में छत से पानी टपकने का डर, सर्दी में टाट और प्लास्टिक लगाकर ठंड से बचना और गर्मी में टूटती दीवारों की परेशानी हमेशा बनी रहती थी। यह सब उनकी रोजमर्रा की मजबूरी बन चुका था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पक्का घर उनका अधूरा सपना बना हुआ था। लेकिन जब प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत उनके नाम आवास स्वीकृत हुआ, तो भीमा के जीवन में नई उम्मीद जागी। किस्तों की राशि मिलने के बाद उन्होंने स्वयं मेहनत कर धीरे-धीरे अपना पक्का घर बनाना शुरू किया। पहले मिट्टी और लकड़ी से गुजारा करने वाले भीमा के हाथों ने अब ईंट और सीमेंट से एक मजबूत घर तैयार किया। एक ऐसा घर जिसमें उनके पूरे परिवार के सुरक्षित भविष्य की नींव रखी गई।
               आज भीमा और उनका परिवार नए, साफ-सुथरे और सुरक्षित पक्के घर में सम्मानपूर्वक जीवन जी रहा है। बच्चों के चेहरों पर खुशी की चमक और परिवार के मन में सुरक्षा का एहसास उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है। भीमा गर्व से कहते हैं कि पहले हर मौसम डर लेकर आता था, अब घर के अंदर सुकून है। बच्चों को पहली बार ऐसा घर मिला है जहाँ वे बिना डर पढ़-लिख सकते हैं। सरकार की इस योजना ने हमें नई जिंदगी दी है।
            हाल ही में कलेक्टर अरनपुर के निरीक्षण पर पहुंचे। उन्होंने भीमा के नए बने आवास को देखा और घर की मजबूती, स्वच्छता और स्तर देखकर संतोष व्यक्त किया। निरीक्षण के दौरान श्री भीमा ने बताया कि उन्हें अंतिम किस्त प्राप्त होना अभी शेष है। इस पर कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि अंतिम किस्त जल्द ही प्रदान कर दी जाएगी। कलेक्टर ने यह भी पूछा कि क्या उन्हें नियमित रूप से राशन मिल रहा है, जिस पर भीमा ने बताया कि उन्हें समय पर सभी सामग्री प्राप्त हो रही है।
            कलेक्टर ने भीमा के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि भीमा का प्रयास यह साबित करता है कि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग जीवन बदल सकता है। उनका अनुभव गांव के अन्य परिवारों को भी प्रेरित करेगा। आज भीमा अपने नए घर के आंगन में खड़े होकर गर्व महसूस करते हैं। उनके लिए यह घर केवल ईंट और सीमेंट की दीवारें नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और नई शुरुआत का प्रतीक है, एक ऐसी शुरुआत जिसने उनके परिवार के जीवन में स्थायी खुशियाँ भर दी हैं।

  • राजा रघुवंशी हत्याकांड: परिवार ने खोला ढाबा, भाई बोले- शिलांग मूवी बनाने के लिए जुटाएंगे धन

     इंदौर
     राजा रघुवंशी हत्याकांड के बाद उनके परिवार ने राजा की याद में और उनके अधूरे सपने को पूरा करने के लिए ‘राजा भोज ढाबा’ की शुरुआत कर दी है। केट रोड पर खोला गया यह ढाबा राजा के उस सपने का प्रतीक है, जिसमें वह खुद का एक ढाबा शुरू करना चाहते थे।

    परिवार ने बताया कि राजा की मौत के बाद घरवाले पूरी तरह टूट चुके थे, लेकिन अब उसी सपने को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने बताया कि राजा पर बनने वाली फिल्म ‘शिलांग’ का काम फिल्म बनने के लिए कहा यह उसे रोक दिया गया है। विपिन ने कहा कि अब वे नए डायरेक्टर के साथ दोबारा मूवी बनाने की शुरुआत करेंगे। इसके लिए ‘राजा भोज ढाबा’ की इनकम से पैसा इकट्ठा किया जा रहा है, ताकि जल्द ही ‘शिलांग’ मूवी के काम को फिर से शुरू किया जा सके।

    सोनम को फांसी की सजा दिलाने का प्रयास

    राजा रघुवंशी का शिलांग में चल रहे केस (प्रकरण) को लेकर कहा कि फिलहाल गवाह पलट रहे हैं जिसके कारण हो सकता है कि केस कमजोर हो जाए और आने वाले समय में सोनम रघुवंशी को जमानत मिल जाए। हम पूरी ताकत के साथ इस केस को लड़ रहे हैं और सोनम रघुवंशी को फांसी की सजा दिलाने का प्रयास करने में लगे हुए हैं।

  • इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में दान पेटियाँ खोलीं, डेढ़ करोड़ रुपये और कीमती गहनों का हुआ खुलासा

    इंदौर

    इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर की दानपेटियाँ तीन माह बाद खोली गईं। मंदिर परिसर में रखी गई चालीस पेटियों में नोट, सोने-चांदी के ज़ेवरों के अलावा डॉलर व अन्य विदेशी मुद्रा भी निकली है। दो दिन पहले शुरू हुई गिनती शुक्रवार को भी जारी है।

    नोटों की गिनती पच्चीस कर्मचारियों की टीम कर रही है और जिस कक्ष में नोट गिने जा रहे हैं, वहाँ सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। अब तक दान पेटियों में डेढ़ करोड़ रुपये से ज़्यादा की राशि निकली है। दान पेटियों में बंद हो चुके पाँच सौ और दो हज़ार रुपये के नोट भी मिले हैं। 

    खजराना मंदिर में हर दिन हज़ारों भक्त दर्शन के लिए आते हैं। जगह-जगह दान पेटियों में वे चढ़ावा भी डालते हैं। इन पेटियों की गिनती हर तीन माह में होती है। इस बार हुई गिनती में डेढ़ करोड़ रुपये की राशि निकली है, जो पिछली गिनती की तुलना में कम है। मंदिर में ऑनलाइन दान के लिए क्यूआर कोड भी लगाए गए हैं। भक्त उसका भी आजकल उपयोग कर रहे हैं। दान से मिली राशि से ही मंदिर प्रबंध समिति मंदिर में होने वाले सेवा कार्य, अन्न क्षेत्र व धार्मिक आयोजनों को संचालित करती है।

    बप्पा मुझे पास करा देना

    दान पेटियों में कई भक्त दान के साथ मन्नत की पर्चियाँ भी डालते हैं। दान पेटियों से वह भी निकलीं। किसी ने गणपति बप्पा से जल्दी शादी कराने की मुराद माँगी तो किसी ने अच्छे नंबरों से पास होने की अर्जी लगाई। अपनी प्रार्थना पूरी होने के बाद कई भक्तों ने चढ़ावा भी चढ़ाया। उसकी भी पर्चियाँ दान पेटियों से निकलीं।

     

  • डॉ. मोहन यादव का ‘अभ्युदय’: मध्य प्रदेश में विकास और सेवा के दो साल की उपलब्धियां

    भोपाल 
    मनोरथों की भूमि, परंपराओं की धरा और प्रगति की पहचान यह है हमारा मध्य प्रदेश। आज हम मना रहे हैं डाॅ. मोहन यादव जी के नेतृत्व में विकास, सेवा और सुशासन के 2 वर्ष एक ऐसा सफर, जिसने जनहित को नई दिशा और प्रदेश को नई परिभाषा दी

    1: नेतृत्व का उदय

    “डाॅ. मोहन यादव जीएक जननायक, एक शिक्षाविद् और विकास के सुदृढ़ पैरोक्कार।

    मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सँभालते ही उन्होंने ‘सबका विकास, सबका सम्मान’ को अपना ध्येय बनाया

    प्रदेश के हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुँचे यह सुनिश्चित करना उनका पहला संकल्प रहा

     2: विकास के 2 वर्ष  प्रमुख उपलब्धियाँ

    1. अवसंरचना और कनेक्टिविटी

    सड़कों, पुलों, औद्योगिक कॉरिडोरों और स्मार्ट नगरीय परियोजनाओं ने प्रदेश में नई ऊर्जा भरी

    ग्रामीण कनेक्टिविटी से लेकर आधुनिक शहरों की दिशा में लगातार कदम बढ़े

    2. शिक्षा और युवाओं के लिए पहल

    डेढ़ दशक से अधिक समय तक शिक्षा क्षेत्र में कार्य करने वाले डॉ. यादव ने विद्यार्थियों और युवाओं को प्राथमिकता पर रखा।
    नई तकनीक, कौशल विकास तथा रोजगार के अवसरों को विस्तार मिला

    3. किसान कल्याण

    प्रदेश के किसान परिवारों के लिए नई योजनाएँ, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, समर्थन मूल्य में वृद्धि और कृषि-आधारित उद्योगों के लिए विशेष प्रयास किए गए

    4. महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण

    महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा शिक्षा और आर्थिक स्वावलंबन को मजबूत करने हेतु अनेक प्रभावी कदम उठाए गए

    5. सामाजिक समरसता और सेवा भाव

    सेवा ही सरकार’ के भाव के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने की दिशा में कार्य हुआ

    मूलभूत सुविधाएँ, आवास, स्वास्थ्य और स्वच्छता सबके लिए, समान रूप से  जनता के लिए सरकार

    डाॅ. मोहन यादव जी ने अपने प्रत्येक निर्णय में जनमानस की अपेक्षाओं को सर्वोपरि रखा चाहे कठिन परिस्थितियाँ हों या चुनौतियाँ उनका संदेश एक ही रहा ‘सरकार का हर कदम जनता की भलाई के लिए

    आज दो वर्ष पूर्ण होने पर मध्य प्रदेश एक नई ऊर्जा, नई सोच और नए संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है यह सफर केवल सरकार का नहीं पूरे 9 करोड़ मध्य प्रदेशवासियों का है।

  • रायपुर में दिव्यांगजन के स्वावलंबन की नई शुरुआत, शासन की संवेदनशील पहल से चंदन निलहर बने आत्मनिर्भर

    रायपुर : दिव्यांगजन स्वावलंबन को नई दिशा : शासन की संवेदनशील पहल से चंदन निलहर बने आत्मनिर्भर

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के दिव्यांगजनों के सम्मान, अधिकार और स्वावलंबन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा संचालित दिव्यांगजन स्वावलंबन योजना आज हजारों परिवारों के लिए आशा की किरण बन चुकी है। इसी योजना ने रायपुर जिले के ग्राम देवपुरी निवासी श्री चंदन निलहर के जीवन में भी महत्वपूर्ण बदलाव लाया है।

    शासन की संवेदनशील पहल से  चंदन निलहर बने आत्मनिर्भर

    जन्म से दिव्यांग और आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर स्थिति वाले श्री निलहर पर पिता के निधन के बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी आ गई थी। परिवार का भरण-पोषण करने के लिए वे संघर्ष कर रहे थे। ऐसे समय में उन्होंने समाज कल्याण विभाग से संपर्क कर ई-रिक्शा क्रय हेतु ऋण आवेदन प्रस्तुत किया। विभाग द्वारा सभी आवश्यक जांच के पश्चात छत्तीसगढ़ दिव्यांग वित्त एवं विकास निगम, रायपुर के माध्यम से वर्ष 2024 में 3 लाख 44 हजार 730 का ऋण स्वीकृत किया गया।

    न्यूनतम ब्याज दर पर उपलब्ध कराए गए इस ऋण से श्री निलहर को ई-रिक्शा प्राप्त हुआ, जिसने उनकी तकदीर ही बदल दी। आज वे प्रतिदिन ई-रिक्शा चलाकर स्थिर आय अर्जित कर रहे हैं और अपने परिवार की जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। अब उनके घर में आर्थिक स्थिरता आई है और जीवन में आत्मविश्वास का संचार हुआ है। ई-रिक्शा ने उन्हें आजीविका का साधन ही नहीं दिया, बल्कि समाज में सम्मानपूर्वक जीने का अवसर भी प्रदान किया है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  कहा कि सरकार का उद्देश्य हर दिव्यांग व्यक्ति को अवसर, संसाधन और सम्मान प्रदान कर उन्हें मुख्यधारा में आगे बढ़ाना है। समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि विभाग दिव्यांगजन स्वावलंबन को मिशन मोड में लेकर कार्य कर रहा है, ताकि कोई भी व्यक्ति अभाव के कारण पीछे न रह जाए।
    समाज कल्याण विभाग ने श्री चंदन निलहर की सफलता को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि यह योजना दिव्यांगजनों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला रही है। सही सहयोग और संबल मिलने पर दिव्यांगजन न केवल आत्मनिर्भर बन रहे हैं, बल्कि समाज में प्रेरक उदाहरण भी प्रस्तुत कर रहे हैं।
    दिव्यांगजन स्वावलंबन योजना की सफलता यह सिद्ध करती है कि संवेदनशील शासन, उचित समर्थन और दृढ़ इच्छा शक्ति मिलकर जीवन की दिशा बदल सकती है।

  • CM विष्णु देव साय ने एनर्जी ट्रांज़िशन रिपोर्ट जारी की, छत्तीसगढ़ में सोलर-ग्रीन हाइड्रोजन मिशन को मिलेगी नई दिशा

    रायपुर
     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में अंतरराष्ट्रीय संस्था इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ सस्टेनेबल डेवलपमेंट (IISD) और स्वनिति इनिशिएटिव के शोधकर्ताओं ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उनकी विस्तृत अध्ययन रिपोर्ट “मैपिंग इंडियाज स्टेट लेवल एनर्जी ट्रांज़िशन: छत्तीसगढ़” का विमोचन किया।

    मुख्यमंत्री साय ने शोधकर्ताओं के साथ राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा  के प्रसार, ऊर्जा सुरक्षा, और सतत विकास की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार की रणनीतियों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सौर ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन और ऊर्जा दक्षता संबंधी नवाचारों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है।

    शोधकर्ताओं ने मुख्यमंत्री साय को भारत के 52 कोयला उत्पादक जिलों की ‘एनर्जी ट्रांज़िशन वल्नरेबिलिटी’ पर आधारित एक व्यापक इंडेक्स प्रस्तुत किया, जिसमें यह दर्शाया गया कि पारंपरिक कोयला आधारित क्षेत्रों में ‘जस्ट ट्रांज़िशन’—अर्थात् आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय रूप से न्यायपूर्ण बदलाव—कितना आवश्यक है। शोधकर्ताओं ने बताया कि यह इंडेक्स पुराने कोयला क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार संरचना, और वैकल्पिक आजीविका के अवसरों का महत्वपूर्ण संकेतक है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह तथा ऊर्जा विभाग के सचिव रोहित यादव उपस्थित थे।

  • सीधी सांसद ने उठाई अहम पहल, गडकरी के आदेश से 13 साल से रुका NH-39 प्रोजेक्ट अब होगा तेज़ी से पूरा

    सिंगरौली
     मध्यप्रदेश में 13 वर्षों से निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग 39 को लेकर केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है.सीधी सांसद राजेश मिश्रा ने इसकी पहल की है.सीधी-सिंगरौली फोरलेन के निर्माण कार्य की जिम्मेदारी MPRDC से वापस ले ली गई है.सांसद राजेश मिश्रा ने  नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी से मुलाकात कर सड़क निर्माण का NHAI को हस्तांतरित करने की मांग की थी.फैसले के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि सीधी सिंगरौली 105 किलोमीटर का 13 पहले शुरू हुआ कार्य अब बिना रुकावट के पूरा हो जाएगा.हालांकि इसके लिए अभी टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है.

    NH 39 सीधी से सिंगरौली फोरलेन सड़क निर्माण के लिए 2013 अब तक कई बार टेंडर प्रक्रिया हुई. अलग अलग कम्पनियों ने सड़क निर्माण का काम शुरू किया लेकिन MPRDC की लापरवाही के कारण सड़क निर्माण आज तक पूर्ण नही हो पाया.MPRDC से इस सड़क के निर्माण की जिम्मेदारी वापस लेने के बाद अब समय सीमा में काम पूर्ण होने की उम्मीद लोगों ने जताई है.

    सीधी सांसद की पहल से एनएच-39 का निर्माण होगा पूरा, गडकरी ने 13 साल से अटके प्रोजेक्ट को दिया नया जीवन

     बुंदेलखंड के कद्दावर राजनेता एवं बांदा- चित्रकूट के पूर्व सांसद आर के सिंह पटेल ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर पर्यटकों एवं स्थानीय जनमानस को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए जनपद चित्रकूट में राम गमन मार्ग एवं बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले चित्रकूट बाईपास एवं बांदा जनपद के अतर्रा कस्बे में प्रस्तावित बाईपास का निर्माण जल्द से जल्द कराये जाने की मांग की है। इसके अलावा चित्रकूट के खोह में अधूरे पडे ओवरब्रिज का कार्य अभिलम्ब पूर्ण कराये जाने का अनुरोध किया है।

    पूर्व सांसद आर के सिंह पटेल ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना राम वन गमन मार्ग का निर्माण कार्य बहुत जल्द शुरू हो रहा है। जिसे आने वाले दो से तीन वर्ष में पूर्ण किये जाने का लक्ष्य है। जिसके अंतर्गत जनपद अयोध्या से श्रंगंवेरपुर धाम होते हुए चित्रकूट धाम को जोड़ा जा रहा है। राम वन गमन मार्ग जनपद चित्रकूट में बेडीपुलिया के करीब स्थित चकला राजरानी नामक गांव से एनएच-35 होते हुए मध्य प्रदेश को जाएगा। राम वन गमन मार्ग में एनएच-35 जो प्रयागराज से चित्रकूट से होकर जाता है, उसमें खोह रेलवे क्रॉसिंग के पास से चकला राजधानी मार्ग होते हुए बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे तक फोरलेन का बाईपास मार्ग बनाए जाने की स्वीकृति हो चुकी है, जमीनों का मुआवजा आदि भी दिया जा चुका है।

    निर्माण की टेंडर प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, किंतु अभी तक निर्माण कर चालू नहीं किया गया है।उन्होने केंद्रीय मंत्री से राम वन गमन मार्ग को राजापुर रम्पुरिया अव्वल से चकला राजरानी तक चित्रकूट बाईपास सहित पूरे मार्ग का निर्माण तत्काल चालू कराए जाने की का अनुरोध किया है।

    इसके अलावा पूर्व सांसद  पटेल ने केंद्रीय मंत्री से चित्रकूट जनपद में झांसी से मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग में स्थित खोह रेलवे क्रॉसिंग पर कई वर्षों से अधूरे पडे रेलवे ब्रिज का निर्माण जल्द से जल्द कराये जाने की मांग की है। इसके अलावा पूर्व सांसद ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री को अवगत कराया कि उत्तर प्रदेश के बांदा जनपद के अतर्रा नगर पालिका में भारी वाहनों का आवागमन होता रहता है तथा आए दिन जाम की समस्या बनी रहती है एवं दुर्घटनाएं होती रहती हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग-35 अतर्रा से गुजरता है। क्षेत्रीय जनता द्वारा लगातार अतर्रा में बाईपास निर्माण कराए जाने की मांग की जा रही है। उन्होने बताया कि आपके द्वारा जनपद महोबा के कार्यक्रम के दौरान अतर्रा बाईपास निमार्ण की घोषणा की गई थी।जिसको जल्द से जल्द निर्माण कराये जाने की आवश्यकता है। जिससे क्षेत्र की जनता को जाम आदि के झाम से राहत मिल सके।

     

  • विंटर वेकेशन स्पेशल: डॉ अंबेडकर नगर से तोकुर के बीच चलेगी ट्रेन, बुकिंग डेट की जानकारी

    रतलाम
     पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल ने विंटर वेकेशन और क्रिसमस त्योहार के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ बढ़ जाती है। यात्रियों की भीड़ को एडजस्ट करने और ट्रेन में दबाव कम करने के लिए रेलवे विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। रेलवे डॉ अंबेडकर नगर से तोकुर के बीच एक विशेष ट्रेन चलाएगा। यह ट्रेन विशेष किराए के साथ संचालित होगी।

    दोनों तरफ लगाएगी दो फेरे
    गाड़ी संख्या 09304/09303 डॉ अंबेडकर नगर – तोकुर – डॉ अंबेडकर नगर स्पेशल ट्रेन संचालित की जाएगी। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में दो-दो फेरे लगाएगी।

    कब से शुरू होगा संचालन
    गाड़ी संख्या 09304 डॉ अंबेडकर नगर-तोकुर स्पेशल 21 और 28 दिसंबर 2025 को रविवार को 16:30 बजे डॉ अंबेडकर नगर से रवाना होगी। वहीं, मंगलवार को 03:00 बजे तोकुर पहुंचेगी। रतलाम मंडल में इसके ठहराव इंदौर (16:55/17:00 बजे), देवास (17:38/17:40 बजे), उज्जैन (18:20/18:25 बजे), नागदा (19:10/19:12 बजे) और रतलाम (19:35/19:45 बजे) होंगे।

    23 और 30 को होगी वापसी
    इसी प्रकार, वापसी में गाड़ी संख्या 09303 तोकुर-डॉ अंबेडकर नगर स्पेशल 23 और 30 दिसंबर 2025 को मंगलवार को तोकुर से 05:00 बजे चलेगी और बुधवार को 15:30 बजे डॉ. अंबेडकर नगर रेलवे स्टेशन पहुंचेगी। रतलाम मंडल में इसके ठहराव रतलाम (बुधवार को 10:20/10:30 बजे), नागदा (10:58/11:00 बजे), उज्जैन (12:15/12:20 बजे), देवास (13:35/13:40 बजे) और इंदौर (14:40/14:45 बजे) होंगे।

    रतलाम मंडल के इन स्टेशन पर होगा स्टॉपेज
    यह ट्रेन दोनों दिशाओं में इंदौर, देवास, उज्जैन, नागदा, रतलाम, वडोदरा, भरूच, सूरत, वापी, वसई रोड, भिवंडी रोड, पनवेल, रोहा, मानगांव, खेड, चिपलून, संगमेश्वर रोड, रत्नागिरी, राजापूर रोड, वैभववाडी रोड, कणकवली, सिंधुदुर्ग, कुडाल, सावंतवाडी रोड, थिविम, करमली, मडगांव, काणकोण, कारवार, अंकोला, गोकर्ण रोड, कुमटा, मुर्डेश्वर, भटकल, मूकाम्बिका रोड बैंदूर, कुंदापुरा, उडुपि, मुल्की और सुरतकल स्टेशनों पर रुकेगी।

    13 दिसंबर से मिलेंगे टिकट
    यह पूरी तरह से आरक्षित ट्रेन है। इसमें थर्ड एसी और थर्ड एसी इकोनॉमी श्रेणी के कोच उपलब्ध होंगे। गाड़ी संख्या 09304 डॉ अंबेडकर नगर-तोकुर स्पेशल के लिए टिकटों की बुकिंग 13 दिसंबर 2025 से यात्री आरक्षण केंद्रों और आईआरसीटीसी वेबसाइट के माध्यम से शुरू होगी। यात्री ट्रेन संचालन से संबंधित नवीनतम जानकारी के लिए भारतीय रेल की आधिकारिक वेबसाइट enquiry.indianrail.gov.in पर जा सकते हैं।

  • सीएम डॉ. मोहन यादव का बयान: नक्सलवाद से मुक्ति, नदी जोड़ो परियोजना और भोपाल गैस त्रासदी के कचरे का निष्पादन

     भोपाल
     मध्य प्रदेश में सीएम डॉ. मोहन यादव की सरकार को दो साल पूरे हो गए हैं। इस अवसर पर भोपाल में आयोजित पत्रकारवार्ता में सीएम, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने सरकार की उपलब्धियों की जानकारी दी।

    मुख्यमंत्री दो वर्ष की उपलब्धियों की पुस्तक का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि हमने दो साल की समीक्षा की और आगामी तीन वर्ष के कार्यों का लक्ष्य तय किया है। हमने तय किया कि मंत्री विभागवार प्रेजेंटेशन दे। लॉ एंड ऑर्डर को लेकर सबसे बड़ी प्रॉब्लम थी। 35 साल पुरानी माओवाद की चुनौती से निपटने का केंद्रीय गृह मंत्री ने लक्ष्य तय किया। इसके बाद मंडला, बालाघाट, डिंडोरी लाल आतंक से मुक्त होते गए।

    यहां तक कि एक मंत्री को घर से निकालकर थाने के पास कुल्हाड़ी से हत्या कर दी गई थी। उस समय समानांतर थाने, समानांतर कोर्ट और समानांतर सत्ता चलने लगी थी।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस संबंध में डेडलाइन तय की, तब सभी को लगा कि यह संभव होगा भी या नहीं। लेकिन कई पुलिस अधिकारी स्वयं आगे आए और बालाघाट में ड्यूटी की मांग की, जिससे नक्सलवाद खत्म करने में बड़ी मदद मिली।

    हमारे जवानों और नागरिकों को सलाम

    मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि मंडला, बालाघाट और डिंडोरी में नक्सली समस्या खत्म करना प्रदेश के लिए एक बड़ा उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि “हमारे जवानों और आम नागरिकों ने इसकी बड़ी कीमत चुकाई है, मैं उन सभी को सलाम करता हूं।” साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अब जरूरत है कि सिस्टम को इतना मजबूत बनाया जाए कि यह समस्या दोबारा सिर न उठा सके।

    नदी जोड़ो अभियान पर बोलते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन परियोजनाओं से प्रदेश में सिंचाई का रकबा तेजी से बढ़ रहा है। परस्पर सौहार्द के तहत राजस्थान और मध्यप्रदेश दोनों राज्यों में पार्वती, कालीसिंध और चंबल नदी का पानी पहुंचने से बड़ी राहत मिलेगी।

    सीएम ने कहा पार्वती कालीसिंध चंबल, केन बेतवा और ताप्ती नदी जोड़ो परियोजनाएं नए युग की शुरुआत है। 800 करोड़ की क्षिप्रा योजना से अब क्षिप्रा जल से ही स्नान होगा। गंभीर और खान नदी को जोड़कर परियोजना बनाई है। ऊपर खेती होगी और नदी का टनल बनकर सिंचाई का कार्य कर रहे हैं।

    उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है यह दो वर्ष विकास और सेवा के रहे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा यह दो वर्ष विकास ओर सेवा के रहे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार विकसित भारत 2047 को ध्यान में रखकर कार्य कर रही है।

    लाड़ली बहनों को डेढ़ हजार रुपए की राशि दे रहे हैं। महिला उद्यमियों के लिए 275 करोड़ का प्रविधान किया। युवा रोजगार के लिए भी सरकार ने निर्णय लिए। पीएमसी एंबुलेंस जैसे नए प्रयोग किए। हर वर्ग के हर समाज के लिए काम करने का प्रयास किया गया।

    शिप्रा में स्नान हो सके, इसलिए बनाई 800 करोड़ की योजना

    सीएम यादव ने कहा कि उज्जैन की शिप्रा नदी में दो तरह की चुनौतियां थीं। पिछले सिंहस्थ में साधु-संतों ने गंभीर नदी के पानी से स्नान किया था। स्नान तो हुआ और सिंहस्थ संपन्न हुआ, लेकिन शिप्रा नदी का पानी उपलब्ध नहीं था। इस बार जल संसाधन विभाग ने व्यवस्था कर दी है कि सिंहस्थ में शिप्रा नदी के जल से स्नान हो सके। इसके लिए लगभग 800 करोड़ रुपए की योजना बनाई गई है।

    मध्यप्रदेश में एक राज्य के अंदर दो नदियों को जोड़ने का अभियान भी शुरू किया गया है। इसके तहत गंभीर और खान नदी को मिलाने के लिए टनल बनाकर नदी से नदी जोड़ने का काम किया गया है। ऊपर खेती होती है और नीचे नदी की धारा बहती है।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भोपाल में पहले जीआईएस सुविधा उपलब्ध नहीं थी, जिसे उनकी सरकार ने लागू किया। इसके अलावा, सागर में खाद का कारखाना चालू होने से यूरिया और अन्य खाद की आपूर्ति में आसानी होगी। उन्होंने बताया कि सरकार ने न केवल व्यवस्थाएं चलाईं, बल्कि दूरदर्शी सोच के साथ ऐसे प्रोजेक्ट भी पूरे किए जो सामान्यतः लंबा समय लेते।

    'भोपाल गैस त्रासदी के कचरे का निष्पादन हमने किया'

    मुख्यमंत्री यादव ने इंदौर की हुकुम चंद मिल का जिक्र करते हुए कहा कि 300 से 400 करोड़ के बकाया में उलझी मिल का निराकरण होने के बाद अब 70 से 80 हजार करोड़ का प्रोजेक्ट यहां लगने वाला है। उन्होंने कहा कि भोपाल गैस त्रासदी के कचरे का निष्पादन करने का काम उनकी सरकार ने किया है।

    'प्राइवेट से ज्यादा वेतन देंगे, ताकि एक्सपर्ट सरकारी सेवा में आएं'

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्वास्थ्य क्षेत्र में बढ़ती डॉक्टरों की कमी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि, तेज गति से मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं तो हमको उसके हिसाब से मैनपॉवर भी चाहिए। हेल्थ सेक्टर में एक्सपर्ट नहीं मिलने की चुनौती तो है, लेकिन हमने तय किया है कि हम प्राइवेट सेक्टर से ज्यादा वेतन देकर एक्सपर्ट डॉक्टरों को सरकारी सेवाओं में आगे लाएंगे।

    दो बड़े मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र

    सीएम यादव ने कहा कि, मध्यप्रदेश में शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने मध्यप्रदेश महानगर क्षेत्र नियोजन एवं विकास अधिनियम 2025 को मंजूरी दी है। इसके तहत इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर को मेट्रोपॉलिटन सिटी घोषित किया है।

    पहला इंदौर-उज्जैन-देवास-धार और दूसरा भोपाल-सीहोर-रायसेन-विदिशा-ब्यावरा विकसित होंगे। एकीकृत टाउनशिप नीति-2025 को भी स्वीकृति दी गई है। मई 2025 में इंदौर मेट्रो और दिसंबर 2025 में भोपाल मेट्रो का परिचालन शुरू होगा।

    डिप्टी सीएम बोले- विकास और विरासत दोनों पर ध्यान

    कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार का दो साल का कार्यकाल पूरा हो गया है। मुख्यमंत्री दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ मध्यप्रदेश को विकास के रास्ते पर ले जा रहे हैं। इन दो वर्षों में विकास और विरासत दोनों पर विशेष ध्यान दिया गया है।

    बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि विकास और सेवा के ये दो वर्ष अच्छे शासन, पारदर्शिता और त्वरित निर्णयों के लिए जाने जाते हैं। त्वरित कार्यवाही से भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में कैबिनेट बैठकें आयोजित करके क्षेत्रीय विकास को प्राथमिकता दी है।

    कार्यक्रम में ‘विकास और सेवा के दो वर्ष’ पुस्तक का विमोचन भी किया गया।

  • रायपुर: राज्य सरकार के 02 साल – छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा, अब भारत का ग्रोथ इंजन

    रायपुर : राज्य सरकार के 02 वर्ष पर विशेष : छत्तीसगढ़ बना भारत का ग्रोथ इंजन

       रायपुर

    विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य अनुरूप छत्तीसगढ़ में न केवल तेजी से अधोसंरचनाएं विकसित हो रही है, बल्कि सस्टेनबल डेवलपमेंट गोल के लक्ष्य को भी हासिल किया जा रहा है। विगत दो वर्षों में छत्तीसगढ़ भारत के विकास इंजन के रूप में भी तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। प्रदेश की नवीन औद्योगिक नीति में डिफेंस, आईटी, एआई, ग्रीन एनर्जी जैसे नए क्षेत्रों को विशेष पैकेज दिया जा रहा है। राज्य में अब तक 7.69 लाख रूपए के निवेश के प्रस्ताव मिल चुके हैं। राज्य में विकास, विश्वास और सुरक्षा का नया वातावरण बना है। राज्य की प्रगति में माओवाद आतंक हमेशा से ही बाधक रही है। अब यह बाधा दूर होने जा रही है। माओवाद अब अंतिम सांसें ले रहा है। 

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सुशासन, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक सुदृढ़ एवं परिणाम आधारित बनाने के लिए सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया है। शासन व्यवस्था में अनुशासन और समयबद्धता सुनिश्चित करने हेतु 01 दिसम्बर 2025 से मंत्रालय महानदी भवन में अधिकारियों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू कर दी गई है, जिससे कार्य संस्कृति और जवाबदेही को नई पहचान मिल रही है।

    प्रदेश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण जुड़ा है नवा रायपुर अटल नगर में छत्तीसगढ़ के नए भव्य विधानसभा भवन का लोकार्पण प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा किया गया। यह विधानसभा भवन नई ऊर्जा, नई सोच और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प का प्रतीक है।
    पिछले 2 वर्षों में बस्तर और सरगुजा अंचल के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए वहां सड़क, रेल, स्वास्थ्य और संचार सहित कई नई परियोजनाएं भी शुरू की गई। नई औद्योगिक नीति में पर्यटन को उद्योग का दर्जा  दिया गया है। बस्तर में पर्यटन सुविधाओं को बढ़ाने का प्रयास किए जा रह हैं। इसके लिए नई होम स्टे पॉलिसी और इको टूरिज्म के लिए विशेष प्रावधान रखे है। बस्तर और सरगुजा अंचल में उद्योगों की स्थापना पर विशेष सुविधाएं, छूट और रियायतें दी जा रही है। इसके अलावा उद्योगों को विशेष पैकेज के अंतर्गत सस्ती जमीन उपलब्ध कराई जा रही है। 

    नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत माओवाद आतंक से प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित 69 सुरक्षा कैम्पों के माध्यम से मूलभूत सुविधाओं के साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। बस्तर की बदलती फिजा को सबके सामने लाने में बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे बड़े आयोजनों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बस्तर के युवा अब विकास से जुड़ना चाहते है, इसकी बानगी यहां चलाए जा रहे हैं। स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों में देखी जा सकती है। बस्तर की युवाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए और उन्हें रोजगार से जोड़ने के लिए पर्यटन ऑटोमोबाईल, पायलट, आईटी आदि क्षेत्रों में स्किल डेवलपमेंट के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 

    राज्य में सस्टेनबल डेवलपमेंट गोल को हासिल करने के लिए सामाजिक, आर्थिक गतिशीलता के लिए शुरू की गई कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत 40 लाख घरों में पीने का स्वच्छ जल मुहैया कराया जा रहा है। इसी प्रकार 26 लाख से अधिक परिवारों के लिए पीएम आवास स्वीकृत किए गए हैं। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने और समाज में उनकी भूमिका बढ़ाने के लिए महतारी वंदन योजना में 70 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खाते में एक-एक हजार रूपए की राशि दी जा रही है। इस योजना के अंतर्गत लगभग 14 हजार करोड़ रूपए की राशि जारी की जा चुकी है। आयुष्मान भारत योजना के दायरे में राज्य की 98 प्रतिशत आबादी को लाया जा चुका है। 

    छत्तीसगढ़ में धान की पैदावार और समर्थन मूल्य में खरीदी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मुख्य धुरी है। किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए मोदी की गारंटी के अंतर्गत किसानों को देश में सर्वाधिक धान का मूल्य दिया जा रहा है। राज्य के 2300 से अधिक धान उपार्जन केंद्रों में सफलतापूर्वक धान की खरीदी की जा रही है। किसानों से धान प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से तथा 3100 रूपए प्रति क्विंटल की कीमत दी जा रही है। किसान हितैषी फैसलों के फलस्वरूप छत्तीसगढ़ में किसानों के खाते में एक लाख करोड़ रूपए से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है। किसान इस राशि का खेती किसानी में भरपूर निवेश कर रहे हैं और इससे बाजार भी गुलजार हुए हैं जिससे शहरी अर्थव्यवस्था पर सीधा असर दिख रहा है। ट्रैक्टर आदि की बिक्री ने रिकार्ड आंकड़ा छू लिया है।

     छगन लोन्हारे उप संचालक (जनसंपर्क) 

  • मध्य प्रदेश में नक्सल खतरे का अंत, CM मोहन यादव ने दिया ‘लाल सलाम’ को आखिरी सलामी

     बालाघाट

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य को नक्सली खतरे से पूरी तरह मुक्त होने का दावा किया. यह घोषणा तब की गई जब बालाघाट जिले में दो इनामी नक्सलियों दीपक और रोहित ने सरेंडर कर दिया. उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में 2026 तक देश से नक्सलवाद को खत्म करने के पक्के इरादे की वजह से मुमकिन हुआ है.

    CM यादव भोपाल से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बालाघाट में नक्सलियों के सरेंडर से जुड़े 'रिहैबिलिटेशन टू रिजुविनेशन' कैंपेन के तहत आयोजित एक प्रोग्राम को संबोधित कर रहे थे. मध्‍य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नक्‍सलवाद मुक्‍त एमपी का ऐलान करने के साथ कहा कि यह सफलता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में तैयार रणनीति का परिणाम है. सीएम ने बताया क‍ि हमारी नीति स्पष्ट थी या तो नक्सलियों को आत्मसमर्पण करवाया जाएगा या उन्हें खत्म किया जाएगा. आज वही नीति सफल हुई. 

    नक्सली दीपक और रोहित ने दिन में बालाघाट जिले के बिरसा थाना इलाके के कोरका में सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) कैंप में सरेंडर कर दिया.

    नक्सली दीपक बालाघाट व रोहित छत्तीसगढ़ का निवासी

     11 द‍िसंबर 2025 को मध्‍य प्रदेश के बालाघाट पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में आईजी संजयकुमार, सीआरपीएफ आईजी नीतू भट्टाचार्य, कलेक्टर मृणाल मीना और एसपी आदित्य मिश्रा मौजूद रहे. आईजी संजय कुमार ने बताया कि नक्सली दीपक बालाघाट जिले के पालागोंदी का रहने वाला है  जबकि रोहित छत्तीसगढ़ का निवासी है. सरेंडर के समय दीपक ने कार्बाइन गन और कारतूस भी समर्पित किए हैं.

    बालाघाट ज‍िला कलेक्टर मृणाल मीना ने बताया कि बालाघाट जिले में नक्सल गतिविधियों के कारण लगभग सौ गांवों के आदिवासी ग्रामीणों तक सरकारी योजनाओं और अन्य मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने में दिक्कत आ रही थी. चूंकि अब जिला नक्सल मुक्त हो चुका है ऐसे में उपरोक्त प्रभावित गांवों में विकास की धारा बहेगी. 

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दीपक और रोहित पर क्रम से 29 लाख रुपए और 14 लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया था, और दोनों ने मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जताते हुए सरेंडर कर दिया.

    बालाघाट के एसपी आदित्य मिश्रा ने कहा कि जिले में अब कोई हार्डकोर नक्सली एक्टिव नहीं है. उन्होंने कहा कि दीपक बालाघाट जिले के पलागांवडी का रहने वाला है और दोनों लंबे समय से इलाके में नक्सल गतिविधियों में एक्टिव थे. उन्होंने कहा कि सिक्योरिटी एजेंसियां ​​लंबे समय से उनकी तलाश में थीं और यह एक बड़ी सफलता है.

    पुलिस अधिकारी ने कहा, "यह सरेंडर CRPF और लोकल पुलिस की जॉइंट कार्रवाई, लगातार दबाव और असरदार स्ट्रैटेजी की वजह से मुमकिन हुआ. इससे इलाके में नक्सल नेटवर्क को बड़ा झटका लगेगा."

    गुरुवार देर शाम मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि पुलिस अधिकारियों और जवानों की अदम्य हिम्मत और कुर्बानी की वजह से बालाघाट के लाल सलाम को आखिरी सलामी दी गई है.

    CM यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह के गाइडेंस में आजादी के बाद पहली बार नक्सलियों के खिलाफ कोऑर्डिनेटेड तरीके से एक शानदार और ऐतिहासिक कैंपेन शुरू किया गया. उन्होंने एक ऑफिशियल बयान में कहा, "सेंट्रल लीडरशिप ने नक्सलवाद के खत्म होने के लिए 26 जनवरी 2026 की डेडलाइन घोषित की है."

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलियों के पास सिर्फ दो ऑप्शन हैं, नई जिंदगी का मौका या जिंदगी खत्म. उन्होंने आगे कहा, "सेंट्रल आर्म्ड फोर्सेज और मध्य प्रदेश पुलिस के बहादुर जवानों की मिली-जुली कोशिशों की वजह से 11 दिसंबर को आखिरी दो नक्सलियों के सरेंडर के साथ राज्य नक्सल-फ्री हो गया."

    CM यादव ने कहा कि राज्य में नक्सलवाद के खत्म होने से मंडला, डिंडोरी और बालाघाट के विकास में आने वाली रुकावटें दूर हो गई हैं. उन्होंने कहा, "हम इस इलाके को विकास के रास्ते पर आगे ले जाने के लिए सबके साथ मिलकर काम करेंगे. हम माओवाद को पनपने नहीं देंगे." साथ ही उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में अपनी जान कुर्बान करने वाले सभी शहीदों को श्रद्धांजलि भी दी.

    10 हार्डकोर नक्सलियों ने एक साथ डाले थे हथियार

    बता दें क‍ि मध्य प्रदेश के बालाघाट में 7 दिसंबर की अपराह्न साढ़े तीन बजे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने 10 हार्डकोर नक्सलियों ने हथियार डालकर आत्मसमर्पण कर दिया था. मध्य प्रदेश में "पुनर्वास से पुनर्जीवन" के तहत नक्सलियों का यह कोई साधारण सरेंडर नहीं था, क्योंकि इनमें से कई नक्‍सली कैडर KB और MMC ज़ोन में वर्षों तक खूनी वारदातों का हिस्सा रहे हैं.

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरेंडर करने वाले कैडर को राज्य की पॉलिसी के तहत नई जिंदगी दी जाएगी और सरकार उन्हें सुरक्षा देने के लिए पूरी तरह तैयार है.

  • डॉ. यादव का बयान: मोबिलिटी और नई तकनीक हैं क्षेत्रीय विकास के लिए आवश्यक

    मोबिलिटी और नई तकनीक क्षेत्रीय विकास के लिए आवश्यक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री ने उज्जैन के ग्राम नलवा में मोबिलिटी स्टेशन का भोपाल से वर्चुअली किया शुभारंभ

     उज्जैन

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन के ग्राम नलवा स्थित  गायत्री पेट्रोलियम- मोबिलिटी स्टेशन का मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली शुभारंभ किया। उन्होंने प्रतिष्ठान के संचालक  गोविंद सिंह आंजना को शुभकामनाएं दीं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष-2028 के सिहंस्थ और उज्जैन-इंदौर-देवास के सम्मिलित रूप से मेट्रोपॉलिटन एरिया के रूप में विकास से भविष्य का पश्चिमी मध्य प्रदेश आकर ले रहा है। क्षेत्र में रोड नेटवर्क और औद्योगिक गतिविधियों का तेजी से विकास और विस्तार हो रहा है। क्षेत्र की गतिशीलता को सुनिश्चित करने में फ्यूल और मोबिलिटी तथा नई तकनीक का महत्वपूर्ण योगदान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि  गायत्री मोबिलिटी स्टेशन, गुणवत्ता और सेवा भाव के साथ क्षेत्र की प्रगति में योगदान देगा। ग्राम नलवा में हुए कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय जन उपस्थित थे।

     

  • राजा रघुवंशी हत्याकांड में शिलांग कोर्ट में ऑनलाइन पेशी, सोनम रघुवंशी की दो सहेलियों से पूछे गए सवाल

    इंदौर
     ट्रांसपोर्टर राजा रघुवंशी हत्याकांड में गुरुवार को सोनम रघुवंशी की दो सहेलियों के कथन हुए। दोनों युवतियों की ई-सेवा कक्ष से शिलांग कोर्ट में पेशी हुई। दोनों ही युवतियां सोनम की कर्मचारी बताई जा रही है। पेशी के दौरान वकील भी मौजूद थे। जानकारी के मुताबिक शिलांग पुलिस ने विवेचना के दौरान दीपांशी और प्रियांशी के भी कथन लिए थे। देश के चर्चित केस में अब शिलांग कोर्ट में ट्रायल शुरू हो चुका है।

    राजा के बड़े भाई विपिन के कथन दर्ज होने के बाद कोर्ट ने दीपांशी और प्रियांशी को समंस जारी किया था। दोनों की जिला कोर्ट में ई-सेवा कक्ष के माध्यम से पेशी हुई। सोनम को भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जोड़ा गया था। सरकारी वकील ने दीपांशी और सोनम का ऑनलाइन सामना करवाया।

    इसके बाद सोनम के संबंध में सवाल हुए। वकील ने सोनम के ऑफिस आने-जाने और राज कुशवाह (आरोपित) के संबंध में भी पूछा। सरकारी वकील के अनुसार दोनों युवतियों को दो समंस मिल चुके थे। शिलांग न जाने के कारण ऑनलाइन पेशी करवाई गई है। उधर, राजा के भाई विपिन का आरोप है कि दोनों युवतियां गोविंद के ऑफिस की कर्मचारी है और उन्हें समझा-बुझाकर कोर्ट लाया गया।

     

  • भोपाल: अधजले नवजात शवों का रहस्य, नाल काटने से बची, पुलिस सीसीटीवी फुटेज से कर रही जांच

     भोपाल
     हमीदिया अस्पताल परिसर में मर्चुरी के सामने मिले जुड़वा नवजात शिशुओं के अधजले शवों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है, लेकिन मामला और भी उलझ गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार पीएम रिपोर्ट में डॉक्टरों के हवाले से शिशुओं की मौत का कोई स्पष्ट कारण नहीं दिया गया है। बीते बुधवार दोपहर को हमीदिया अस्पताल परिसर में मर्चूरी के सामने एक पन्नी में लिपटे हुए दो नवजात शिशुओं के अधजले शव मिले थे।

    दोनों शिशु जुड़वा थे और हैरान करने वाली बात यह थी कि उनकी नाल नहीं काटी गई थी। एक नवजात का शव बुरी तरह जला हुआ था, जबकि दूसरे पर भी जले होने के निशान थे। अस्पताल की मर्चुरी कर्मचारियों की सूचना पर कोहेफिजा पुलिस ने शवों को जब्त कर लिया था। कोहेफिजा थाना प्रभारी केजी शुक्ला ने बताया कि नवजात शिशुओं की पीएम रिपोर्ट मिल गई है, लेकिन मृत्यु का सही कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।

    अवैध प्रसव की आशंका, क्या शिशुओं को मरने के लिए छोड़ा

    पुलिस ने आशंका जताई है कि या तो किसी ने अवैध रूप से प्रसव कराने के बाद शिशुओं को मरने के लिए छोड़ दिया और फिर शव को जलाने की कोशिश की गई या फिर अस्पताल से जुड़े किसी कर्मचारी ने प्रसव के बाद उनका अवैध निपटान करने का प्रयास किया।

    पुलिस घटनास्थल के आसपास के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और हमीदिया अस्पताल में हाल में हुए बच्चों के जन्म से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है ताकि शिशुओं के माता-पिता तक पहुंचा जा सके। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एफ.आई.एच. हॉकी पुरुष जूनियर्स विश्व कप-2025 में कांस्य पदक जीतने पर टीम को बधाई दी

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एफ .आई. एच. हॉकी पुरुष जूनियर्स विश्व कप-2025 में भारतीय पुरुष जूनियर हॉकी टीम को कांस्य पदक जीतकर नया इतिहास रचने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह अभूतपूर्व उपलब्धि युवाओं को समर्पण, अनुशासन और निरंतर प्रयास के साथ अपने सपनों को साकार करने की प्रेरणा देने वाली है।

     

  • MP हाई कोर्ट का फैसला: विक्रम अवार्ड-2023 पर रोक, दूसरी दावेदार भावना डेहरिया को नोटिस जारी

    जबलपुर
     मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने साहसिक खेलों के लिए दिए जाने वाले विक्रम अवार्ड-2023 का आयोजन करने पर अंतरिम रोक लगा दी।

    कोर्ट ने दूसरी दावेदार भावना डेहरिया को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही मामले की अगली सुनवाई पांच जनवरी, 2026 को निर्धारित की। कहा कि तब तक विक्रम अवार्ड-2023 आयोजन न किया जाए।

    सीहोर निवासी पर्वतारोही मेघा परमार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कृष्ण तन्खा व अधिवक्ता अतुल जैन ने पक्ष रखा। दलील दी कि याचिकाकर्ता इस अवार्ड की सही दावेदार है, इसलिए अंतिम निराकरण तक उक्त अवार्ड किसी अन्य को नहीं दिया जाए।

    उन्होंने यह भी कहा कि मप्र शासन ने साहसिक खेलों के लिए विक्रम अवार्ड 2023 की घोषणा की है। इसके लिए छिंदवाड़ा की पर्वतारोही भावना डेहरिया का चयन किया गया है।

    याचिकाकर्ता को भावना के चयन पर कोई आपत्ति नहीं है। उसका कहना है कि 22 मई 2019 को दुनिया की सबसे ऊंची छोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने वालों में वह अग्रणी थीं।

    भावना डेहरिया से पहले तिरंगा फहराया था। दोनों के बीच पांच घंटे का अंतराल था। मेघा सुबह पांच बजे चोटी पर पहुंच गई थीं, जबकि भावना पौने 10 बजे पहुंची थीं। इस लिहाज से भावना की भांति मेघा का भी विक्रम अवार्ड पर हक है।

    नियम शिथिल करें

    विगत सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता तन्खा ने दलील दी थी कि 2022 में विक्रम अवार्ड के चयन की प्रक्रिया में नियमों को शिथिल करते हुए प्रदेश के दो पुरुष खिलाड़ियों पर्वतारोही भगवान सिंह और रत्नेश पांडेय के नामों पर मुहर लगाई थी। दोनों के बीच लक्ष्य हासिल करने में एक घंटे का अंतराल था। एक वर्ष में सिर्फ एक खिलाड़ी को अवार्ड देने का नियम बदलने का दृष्टांत सामने है।

    याचिकाकर्ता मेघा के लिए विक्रम अवार्ड पाने का नामांकन प्रक्रिया के अनुसार यह अंतिम अवसर है। कोर्ट को बताया गया कि प्रदेश में संचालित बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान में याचिकाकर्ता मेघा परमार को ब्रांड एम्बेसडर नियुक्त किया गया था और भावना को यह अवसर मेघा के बाद हासिल हुआ।

  • महाकाल मंदिर में 24 घंटे लड्डू प्रसाद उपलब्ध, भक्तों के लिए नया काउंटर शुरू किया गया

    उज्जैन
    विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में अब भक्तों को चौबीस घंटे भगवान महाकाल का लड्डू प्रसाद मिल सकेगा। मंदिर समिति पं.सूर्यनारायण व्यास यात्री गृह (हरसिद्धि धर्मशाला) के सामने नया प्रसाद काउंटर स्थापित करने जा रही है। बता दें वर्तमान में भक्तों को परिसर स्थित प्रसाद काउंटरों से सुबह 6 से रात 11 बजे तक ही लड्डू प्रसाद मिल पाता है।

    महाकाल मंदिर प्रबंध समिति द्वारा श्री महाकाल महालोक, मंदिर परिसर तथा मंगलनाथ मंदिर स्थित काउंटर से लड्डू प्रसाद का विक्रय किया जाता है। यह सभी काउंटर मंदिरों की व्यवस्था अनुसार पट खुलन के बाद खोले जाते हैं तथा पट बंद होने पर बंद कर दिए जाते हैं। ऐसे में इन काउंटरों से 24 घंटे प्रसाद विक्रय नहीं किया जा सकता है।

    इसलिए मंदिर समिति ने भक्तों को 24 घंटे प्रसाद विक्रय करने के लिए हरसिद्धि धर्मशाला के बाहर नया काउंटर शुरू करने का निर्णय लिया है। इस काउंटर से दोनों प्रकार के श्री अन्न रागी तथा बेसन के लड्डू प्रसाद का विक्रय किया जाएगा।
    400 रुपये किलो लड्डू, विभिन्न पैक में उलब्ध

    बेसन व रागी के लड्डू की कीमत एक समान 400 रुपये किलो है। समिति 100 ग्राम, 200 ग्राम व 500 ग्राम के पैक में प्रसाद का विक्रय कर रही है। इसकी कीमत क्रमश: 50 रुपये, 100 रुपये तथा 200 रुपये है।

  • डॉ. मोहन यादव का विज़न: मध्यप्रदेश में नीतियों, निवेश और नवाचार से बन रहा है औद्योगिक भविष्य

    मप्र के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ मोहन जी यादव की सरकार के दो वर्ष पूर्ण हो गए हैं ।

    भोपाल 

    किसी भी राज्य का विकास केवल परियोजनाओं और आंकड़ों से नहीं मापा जाता, बल्कि उस दृष्टि से पहचाना जाता है जो शासन को दिशा देती है। मध्यप्रदेश में डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में बीते दो वर्ष इसी दृष्टि के सशक्त उदाहरण के रूप में उभरे हैं। यह कालखंड प्रशासनिक निरंतरता का नहीं, बल्कि नीतिगत स्पष्टता, निवेश–मित्र वातावरण और संरचनात्मक सुधारों का काल रहा है। ‘उद्योग करना आसान’ जैसी अवधारणाओं को व्यवहार में उतारते हुए सरकार ने मध्यप्रदेश को निवेशक, विश्वास आधारित राज्य के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया है।

    नीति आधारित शासन और औद्योगिक स्पष्टता

    डॉ. मोहन यादव सरकार की सबसे बड़ी विशेषता यह रही है कि उसने विकास को आकस्मिक निर्णयों पर नहीं, बल्कि सुस्पष्ट नीतिगत ढांचे पर आधारित किया। एक साथ 18 नीतियों को लागू करना केवल प्रशासनिक घोषणा नहीं, बल्कि यह संकेत है कि सरकार उद्योग, सेवा, कृषि, पर्यटन, तकनीक और ऊर्जा, सभी क्षेत्रों को एक साझा विकास दृष्टि से देख रही है। इन नीतियों के माध्यम से निवेशकों को यह भरोसा मिला कि राज्य में नियम अस्थिर नहीं हैं और प्रक्रियाएँ अनुमानित तथा पारदर्शी हैं।

    औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति, आईटी, आईटीईएस और इलेक्ट्रॉनिक्स निवेश नीति, स्टार्ट-अप नीति और लॉजिस्टिक्स नीति ने मध्यप्रदेश को पारंपरिक उद्योगों के साथ-साथ नवीन और उभरते क्षेत्रों के लिए भी आकर्षक बनाया। डिजिटल स्टेट नीति और ड्रोन आधारित सेवाओं को प्रोत्साहन देने वाली नीति ने यह स्पष्ट किया कि सरकार केवल वर्तमान नहीं, बल्कि भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए तैयारी कर रही है।

    निवेशक–मित्र वातावरण और प्रशासनिक भरोसा

    इन दो वर्षों में राज्य सरकार ने निवेश को केवल आमंत्रण तक सीमित नहीं रखा, बल्कि निवेशक के साथ खड़े रहने की नीति अपनाई। ‘निवेशक मित्र नीति’ के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि मध्यप्रदेश में उद्योग लगाने वाला व्यक्ति या संस्था अकेली नहीं है; सरकार उसकी प्रक्रियात्मक, संरचनात्मक और प्रशासनिक आवश्यकताओं में सहभागी है। सिंगल विंडो सिस्टम, समयबद्ध स्वीकृतियाँ और स्पष्ट उत्तरदायित्व ने प्रशासन को निवेश के लिए सहयोगी बनाया।

    ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 इस नीति का प्रत्यक्ष परिणाम रही, जहाँ ₹26 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव सामने आए। यह उपलब्धि केवल एक आयोजन की सफलता नहीं, बल्कि उस भरोसे का परिणाम है जो सरकार ने उद्योग जगत में निर्मित किया। इसी क्रम में सात रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और चौदह इंटरैक्टिव सेशन्स ने यह सुनिश्चित किया कि निवेश संवाद केवल राजधानी तक सीमित न रहे, बल्कि प्रदेश के विभिन्न अंचलों तक पहुँचे।

    रोजगार, कौशल और मानव संसाधन का पुनर्गठन

    मोहन यादव सरकार के कार्यकाल में रोजगार को केवल सांख्यिकीय लक्ष्य के रूप में नहीं, बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण के माध्यम के रूप में देखा गया। 23 लाख से अधिक रोजगार के अवसरों का सृजन इस बात का प्रमाण है कि निवेश को कौशल और स्थानीय संसाधनों से जोड़ा गया। तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और उद्योग–शैक्षणिक समन्वय के प्रयासों ने रोजगार को अल्पकालिक नहीं, बल्कि स्थायी आर्थिक आधार प्रदान करने की दिशा में कार्य किया।

    तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास नीति के माध्यम से युवाओं को आधुनिक उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने का प्रयास किया गया। इससे रोजगार केवल महानगरों तक सीमित न रहकर छोटे शहरों और औद्योगिक अंचलों तक पहुँचा।

    नवीकरणीय ऊर्जा और हरित विकास की दिशा

    विकास की आधुनिक अवधारणा पर्यावरणीय संतुलन के बिना अधूरी मानी जाती है। इस दृष्टि से मोहन यादव सरकार ने नवीकरणीय ऊर्जा नीति को विकास का अभिन्न अंग बनाया। 278 मेगावाट की सोलर परियोजनाएँ और सैकड़ों एकड़ में ऊर्जा आधारित निवेश यह दर्शाते हैं कि मध्यप्रदेश ने हरित विकास को विकल्प नहीं, अनिवार्यता के रूप में स्वीकार किया है।

    नवीकरणीय ऊर्जा नीति ने न केवल ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत किया, बल्कि राज्य को निवेशकों के लिए एक जिम्मेदार और दीर्घकालिक दृष्टि वाला गंतव्य भी बनाया। यह नीति आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश को ऊर्जा आधारित उद्योगों का केंद्र बनाने की क्षमता रखती है।

    इन्फ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स : औद्योगिक प्रवाह की रीढ़

    औद्योगिक विकास का वास्तविक आधार मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर होता है। लॉजिस्टिक्स नीति, औद्योगिक कॉरिडोर और परिवहन नेटवर्क के विस्तार ने मध्यप्रदेश को कनेक्टिविटी आधारित राज्य के रूप में उभारा है। सड़क, एक्सप्रेस-वे और माल परिवहन की बेहतर व्यवस्था ने उद्योगों के लिए लागत घटाई और समयबद्ध आपूर्ति को संभव बनाया।

    यह इंफ्रास्ट्रक्चर केवल उद्योगों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कृषि, पर्यटन और सेवाक्षेत्र के विस्तार में भी सहायक बना। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को बहुआयामी गति मिली।

    पर्यटन, संस्कृति और आर्थिक पुनर्जीवन

    डॉ. मोहन यादव सरकार की एक विशिष्ट पहचान यह रही कि उसने विकास को सांस्कृतिक जड़ों से अलग नहीं किया। पर्यटन नीति, फिल्म पर्यटन नीति और धार्मिक–सांस्कृतिक स्थलों के विकास ने यह स्पष्ट किया कि मध्यप्रदेश अपनी विरासत को केवल स्मृति नहीं, बल्कि आर्थिक संसाधन के रूप में देखता है।

    महाकाल लोक, राम वन गमन पथ और अन्य धार्मिक–पर्यटन परियोजनाओं ने न केवल राज्य की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ किया, बल्कि स्थानीय रोजगार और सेवा क्षेत्र को भी नई ऊर्जा दी। यह मॉडल दर्शाता है कि संस्कृति और विकास एक-दूसरे के पूरक हो सकते हैं।

    प्रशासनिक कार्यशैली : निर्णय, संवाद और मैदान में उपस्थिति

    मुख्यमंत्री मोहन यादव की कार्यशैली उनकी निरंतर सक्रियता में परिलक्षित होती है। वे केवल नीतियाँ घोषित करने तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उनके क्रियान्वयन की सतत समीक्षा भी करते रहे। उद्योगपतियों, अधिकारियों और क्षेत्रीय प्रतिनिधियों के साथ निरंतर संवाद ने प्रशासन को अधिक उत्तरदायी बनाया।

    यह कार्यशैली शासन को कागजी प्रक्रियाओं से निकालकर परिणाम आधारित प्रशासन की ओर ले जाती है, जहाँ निर्णय का मूल्यांकन उसके प्रभाव से होता है।

    निष्कर्ष : हम कह सकते है कि डॉ मोहन यादव की सरकार ने मप्र में एक नवयुग की ठोस आधारशिला रख दी है ,क्योंकि मोहन यादव सरकार के ये दो वर्ष मध्यप्रदेश के लिए परिवर्तन के संकेत नहीं, बल्कि परिवर्तन की ठोस आधारशिला हैं। नीतिगत स्पष्टता, निवेश–मित्र वातावरण, रोजगार सृजन, हरित ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और सांस्कृतिक चेतना—इन सभी का समन्वय एक ऐसे विकास मॉडल की ओर संकेत करता है जो राज्य को केवल विकसित नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाता है।

    यदि यही नीति–निरंतरता और प्रशासनिक सक्रियता बनी रहती है, तो आने वाले वर्षों में यह कालखंड मध्यप्रदेश के इतिहास में औद्योगिक और प्रशासनिक नवयुग के प्रारंभ के रूप में दर्ज होगा।

    ✍️- डॉ विश्वास चौहान (प्राध्यापक विधि , स्टेट पीजी लॉ कॉलेज भोपाल )

  • मध्य प्रदेश में सर्दी का टॉर्चर, इंदौर में पारा 5.2 डिग्री, आज 5 जिलों में शीतलहर का अलर्ट

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर जारी है। प्रदेश का तापमान 5 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। अधिकांश शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। शहडोल का कल्याणपुर एक बार फिर सबसे सर्द रहा। यहां न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री रहा। वहीं इंदौर में बीते 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया। दरअसल, पचमढ़ी से भी ठंडी इंदौर की रात रही है। यहां रात का तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    मौसम विभाग के अनुसार, बीती रात अधिकांश शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे ही रहा। राजगढ़ में 5.2 डिग्री, नौगांव में 6.4 डिग्री, उमरिया में 6.6 डिग्री, रीवा में 7 डिग्री, मलाजखंड में 7.2 डिग्री, मंडला में 7.6 डिग्री, रायसेन, शिवपुरी-नरसिंहपुर में 8 डिग्री, बैतूल में 8.5 डिग्री, छिंदवाड़ा-खजुराहो में 9 डिग्री, सतना में 9.1 डिग्री, टीकमगढ़-रतलाम में 9.5 डिग्री, दमोह में 9.8 डिग्री और दतिया में 9.9 डिग्री सेल्सियस रहा।

    मौसम विभाग के मुताबिक, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हुई बर्फबारी से मध्य प्रदेश में कड़ाके की सर्दी देखने को मिल रही है। प्रदेश में आ रही उत्तरी हवाओं के चलते शीतलहर की स्थिति बनी है। आज शुक्रवार को पांच जिलों भोपाल, इंदौर, राजगढ़, शाजापुर और सीहोर में कोल्ड वेव का अलर्ट है। इससे पहले गुरुवार को भोपाल, इंदौर, राजगढ़, सीहोर और रायसेन में शीतलहर चली। वहीं शहडोल में कोल्ड डे यानी, शीतल दिन रहा।

    प्रदेश में पारा 5 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। अधिकांश शहरों में 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। शहडोल का कल्याणपुर सबसे ठंडा रहा, यहां न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। इंदौर में 4.5 डिग्री, पचमढ़ी में 4.8 डिग्री, राजगढ़ में 5 डिग्री और शाजापुर के गिरवर में 5.2 डिग्री तापमान रहा।

    204 किमी की रफ्तार से बह रही जेट स्ट्रीम मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जेट स्ट्रीम का असर भी है। यह जमीन से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 204 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बह रही है। जिसका असर एमपी में भी है। इस कारण शुक्रवार को भी शीतलहर का अलर्ट है।

    क्या होती है जेट स्ट्रीम? मौसम एक्सपर्ट की माने तो प्रदेश में ठंड बढ़ने की वजह खास वजह जेट स्ट्रीम भी है। यह जमीन से लगभग 12 किमी ऊंचाई पर चलने वाली तेज हवा है। इसकी रफ्तार 222 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई है। यह देश के उत्तरी हिस्से में सक्रिय है।

    पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवा के अलावा ये ऊंची हवा इस बार सर्दी बढ़ाएगी। उत्तर के मैदानी इलाकों से जब ठंडी हवा और पहाड़ी इलाकों से बर्फीली हवा हमारे यहां आती है, तब तेज ठंड पड़ती है। यह सब उत्तर भारत में पहुंचने वाले मौसमी सिस्टम वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण होता है। ऐसे में यदि जेट स्ट्रीम भी बन जाए तो सर्दी दोगुनी हो जाती है। इस बार यही होना है।

    उत्तर से बर्फीली हवाएं आ रही देश के उत्तरी हिस्से यानी, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में बर्फबारी हुई है। इस वजह से हवा की रफ्तार उत्तरी हो गई हैं। बर्फीली हवा की वजह से ही प्रदेश में शीतलहर की स्थिति है।

    दिसंबर में भी रिकॉर्ड तोड़ रही सर्दी मौसम विभाग की माने तो इस बार सर्दी का असर तेज है। भोपाल में नवंबर की सर्दी का 84 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है, जबकि इंदौर में 25 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी है। ऐसी ही सर्दी दिसंबर में भी है। इंदौर में दिसंबर की सर्दी का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है।

    नवंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी है सर्दी इस बार नवंबर में सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार, साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर, 17 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा। इससे पहले 30 नवंबर 1941 में तापमान 6.1 डिग्री रहा था। इंदौर में भी पारा 6.4 डिग्री ही रहा। यहां भी सीजन की सबसे सर्द रात रही। 25 साल में पहली बार पारा इतना लुढ़का।

    ठंड के लिए दिसंबर-जनवरी खास मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्परेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से दिसंबर में मावठा भी गिरता है। इससे दिन में भी सर्दी का असर बढ़ जाता है।

    अब जानिए दिसंबर में कैसी रहेगी ठंड?

    मौसम का ट्रेंड देखें तो दिसंबर में स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आते हैं। वहीं, उत्तरी हवाएं आने से दिन-रात के तापमान में गिरावट होती है। इस बार भी यही अनुमान है।

    इन जिलों में सबसे ज्यादा सर्दी रहेगी

    •     ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के सभी जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ेगी। यहां बर्फीली हवाएं सीधे आएंगी।
    •     भोपाल संभाग के सीहोर-विदिशा में ठंड का जोर रहेगा।
    •     सागर संभाग के निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़-पन्ना, रीवा संभाग के मऊगंज, सीधी-सिंगरौली में तेज ठंड पड़ेगी।
    •     जबलपुर संभाग के मंडला-डिंडौरी, इंदौर संभाग के इंदौर, धार और झाबुआ में कड़ाके की ठंड रहेगी।

    20-22 दिन चल सकती है कोल्ड वेव मौसम एक्सपर्ट की मानें तो दिसंबर में प्रदेश के कई शहरों में कोल्ड वेव यानी सर्द हवाएं चलेंगी। जनवरी में यह 20 से 22 दिन तक चल सकती है।

    इसलिए रहेगा कड़ाके की ठंड का दौर

    ला नीना ने दिया ठंड को लंबा धक्का

        मौसम केंद्र भोपाल के रिटायर्ड डायरेक्टर डीपी दुबे के अनुसार वैश्विक मौसम मॉडल (विश्व मौसम संगठन, भारत मौसम विज्ञान विभाग आदि) संकेत दे रहे थे कि इस बार ला नीना सक्रिय रहेगा। ला नीना का मतलब, प्रशांत महासागर का ठंडा होना। जैसे ही समुद्र ठंडा होता है, हवा और ज्यादा ठंडी होकर एशिया-भारत की ओर दबाव से धकेली जाती है। यह वही ठंड है जिसने नवंबर से ही मध्य भारत को जकड़ लिया।

    पहाड़ों पर जल्दी बर्फबारी, ठिठुरन बढ़ाई

        इस बार उत्तर भारत में हिमाचल, उत्तराखंड और कश्मीर में बर्फबारी सामान्य से काफी पहले शुरू हो गई। ऊंचे पर्वतीय इलाकों की जल्दी बर्फबारी मध्य भारत की ठिठुरन को 20 से 30% तक बढ़ा देती है।

    ठंडी हवाएं 25% ज्यादा अंदर तक घुसीं

        ठंड का असर सिर्फ सतह तक नहीं रहा। इस साल ग्वालियर-चंबल, भोपाल-विदिशा, रतलाम-मंदसौर, सागर-दमोह इन चार बड़े मौसम जोन में ठंडी हवाएं 20 से 25% ज्यादा गहराई तक घुस आईं।

    पश्चिमी विक्षोभ का लगातार सक्रिय रहना

        पश्चिमी विक्षोभ जब सक्रिय होता है, तो हल्की सर्दी की बारिश (मावठा) होती है। तापमान 4 से 6 डिग्री तक गिर जाता है। इसीलिए भोपाल, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम में बारिश ठंड को तेज करेगी। इंदौर-देवास, भोपाल-सीहोर, ग्वालियर-मुरैना में दिन का पारा कई बार 4 से 6 डिग्री तक गिरकर कोल्ड-डे ला सकता।