• जगदलपुर : केंद्रीय गृह मंत्री के प्रवास के अवधि में नो ड्रोन फ्लाइंग जोन घोषित

    जगदलपुर

    कार्यालय कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी  आदेश के तहत केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री, भारत सरकार   अमित शाह का  13 दिसंबर 2025 को बस्तर जिला प्रवास कार्यक्रम नियत है। बस्तर जिला प्रवास दौरान  केन्द्रीय गृह मंत्री, की सुरक्षा व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुए सम्पूर्ण जगदलपुर शहर को समय दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक के लिए नो ड्रोन फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है।

  • एमसीबी में कुष्ठ रोग की पहचान के लिए सघन अभियान, स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर पहुंच रही है

    एमसीबी 

    राज्य में कुष्ठ रोग उन्मूलन के उद्देश्य से समुदाय में संक्रमण रोकथाम तथा संभावित रोगियों की प्रारंभिक पहचान को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा सघन प्रयास जारी हैं। प्रारंभिक अवस्था में रोगियों की पहचान और समय पर उपचार से न केवल कुष्ठ के प्रसार पर नियंत्रण संभव है, बल्कि इससे कुष्ठ से होने वाली विकलांगता को भी रोका जा सकता है।

    इसी उद्देश्य से राज्य सरकार के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने 05 दिसंबर 2025 को समस्त खंड चिकित्सा अधिकारियों एवं बीपीएम की बैठक लेकर 08 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक सघन कुष्ठ खोज अभियान चलाने हेतु दिशा-निर्देश जारी किए। इसके अतिरिक्त कलेक्टर डी. राहुल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक आयोजित कर अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा सभी विभागों से आवश्यक सहयोग के निर्देश भी प्रदान किए गए। अभियान के अंतर्गत 08 दिसंबर से स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर पहुंचकर कुष्ठ रोग के लक्षणों की जांच एवं संभावित रोगियों की पहचान कर रही है। जिन व्यक्तियों में कुष्ठ के धनात्मक लक्षण पाए जाएंगे, उनका तत्काल उपचार सुनिश्चित किया जाएगा।

    कलेक्टर डी. राहुल एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने आमजन से अपील की है कि वे अभियान में सहयोग करें, स्वास्थ्य टीम को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं तथा त्वचा पर किसी प्रकार के दाग, सुन्नपन या असामान्य लक्षण होने पर जांच अवश्य कराएं। यह अभियान समुदाय को स्वस्थ, सुरक्षित और कुष्ठ-मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

  • रायपुर: जिन हाथों में कभी बंदूक थी, अब वही हाथ बनाएंगे गरीबों का आशियाना

    रायपुर : जिन हाथों में कभी बंदूक थीं, वही हाथ अब बनाएँगे गरीबों का आशियाना
    जिन हाथों में कभी बंदूक थीं

    पुनर्वास की नई मिसाल, मुख्यधारा में लौटे 30 युवाओं ने पूरा किया राजमिस्त्री प्रशिक्षण

    रायपुर: जिन हाथों में कभी बंदूक थी, अब वही हाथ बनाएंगे गरीबों का आशियाना"

    रायपुर

    बस्तर संभाग के दुर्गम माड़ क्षेत्रों में कभी बंदूक थामे भय और हिंसा का पर्याय बने युवक अब समाज निर्माण की नई इबारत लिख रहे हैं। शासन की सतत पहल और पुनर्वास के प्रयासों के चलते नक्सलवाद का रास्ता छोड़कर भटके युवा अब मुख्यधारा में लौट रहे हैं। ऐसे ही बीजापुर के 30 युवाओं ने राजमिस्त्री प्रशिक्षण  द्वारा भवन निर्माण की कला को सफलतापूर्वक सीख लिया है। यह परिवर्तन न केवल क्षेत्र में शांति का संकेत है, बल्कि आत्मनिर्भरता और उम्मीद की नयी शुरुआत भी है।

    अब गरीबों के लिए बनेंगे आशियाने बनाएंगे युवा
           राजमिस्त्री कौशल हासिल करने के बाद ये युवा अब अपने हुनर का उपयोग जरूरतमंद और गरीब परिवारों के लिए सुरक्षित आवास निर्माण में करेंगे। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माणाधीन आवासों में भी ये प्रशिक्षित युवा योगदान देंगे, जिससे जिले में आवास निर्माण की गति और गुणवत्ता दोनों सुधरेंगी।

    नींव से लेकर फिनिशिंग तक निर्माण का युवाओं को मिला प्रशिक्षण
           प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को नींव एवं दीवार निर्माण,प्लास्टरिंग,माप-जोख,निर्माण में सुरक्षा मानक,आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक उपयोग जैसे महत्वपूर्ण कौशल सिखाए गए। सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण पूर्ण होने पर प्रमाणपत्र भी प्रदान किया जाएगा, जिससे वे भविष्य में सरकारी एवं निजी निर्माण कार्यों में रोजगार पा सकें।

    उत्साह से भरे युवा अब समाज में हो रहे शामिल
            इस संबंध में आर-सेटी प्रशिक्षकों ने बताया कि इन युवाओं ने सीखने और काम करने में अद्भुत उत्साह दिखाया। यह परिवर्तन प्रेरणादायक है। जो युवा कभी समाज से दूर थे, वे अब समाज को संवारने का कार्य कर रहे हैं

    बस्तर में पुनर्वास मॉडल की नई कहानी
            यह पहल जिले में लौट रहे युवाओं के सफल पुनर्वास का सशक्त उदाहरण है, जहाँ कौशल विकास के साथ-साथ उन्हें सम्मानजनक आजीविका का अवसर दिया जा रहा है। इन युवाओं का यह बदलाव आने वाली पीढ़ियों के लिए भी मार्गदर्शक है कि हिंसा नहीं, कौशल और विकास ही प्रगति का रास्ता है।

  • रायपुर : साकरीबेड़ा एनीकट निर्माण कार्य के लिए तीन करोड़ रूपए से अधिक की राशि स्वीकृत

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा नारायणपुर जिले के विकासखण्ड-नारायणपुर के साकरीबेड़ा एनीकट निर्माण कार्य के लिए तीन करोड़ 5 लाख 41 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने के उपरांत जल संवर्धन, निस्तारी, पेयजल एवं किसानों के द्वारा स्वयं के साधन से 60 हेक्टेयर खरीफ क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो जाएगा। योजना के निर्माण कार्य कराने जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से मुख्य अभियंता जल संसाधन विभाग जगदलपुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।

  • मोहन सरकार के दो साल: सीएम डॉ. मोहन यादव आज भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस में पेश करेंगे सरकार की उपलब्धियों का लेखा-जोखा

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश में डॉ. मोहन यादव सरकार के दो साल पूरे होने पर आज राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री एक बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी सरकार के काम और उपलब्धियों का विस्तृत लेखा-जोखा पेश करेंगे। 13 दिसंबर 2023 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में पदभार ग्रहण करने के बाद डॉ. यादव ने शासन में तेजी, पारदर्शिता और जनकल्याण पर विशेष जोर दिया। दो वर्षों में सरकार ने विकास की रफ्तार बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

    किसानों, महिलाओं, युवाओं और उद्योगों पर केंद्रित योजनाओं ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने में मदद की है। किसानों के लिए भावांतर योजना, पशुपालन प्रोत्साहन, खेतों में सौर संयंत्र लगाने की पहल और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के कार्यक्रम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह की बढ़ी हुई राशि, 35 प्रतिशत आरक्षण और नारी सशक्तिकरण से संबंधित योजनाओं ने उनके सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया है।

    युवाओं के लिए नई पुलिस भर्ती, स्वास्थ्य संस्थानों में बड़े पैमाने पर पदों का सृजन, सीएम राइज स्कूलों को सांदीपनि मॉडल में विकसित करना और साइबर तहसील, ई-चेक गेट व संपदा-2.0 जैसे डिजिटल सुधार सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास हैं। बुनियादी ढांचे में पीएम मित्र पार्क, मुरैना सोलर-स्टोरेज प्रोजेक्ट, केन-बेतवा लिंक, रेलवे कोच निर्माण, उज्जैन मेडिसिटी, एयर एम्बुलेंस सेवा, पांच नए एयरपोर्ट और इंदौर मेट्रो जैसे प्रोजेक्ट प्रदेश को आधुनिक स्वरूप दे रहे हैं।

    धार्मिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में श्रीकृष्ण पाथेय, श्रीराम राजा लोक, विक्रमादित्य वैदिक घड़ी, प्रमुख शहरों में महानाट्य, डोंगला वैद्यशाला, तारामंडल और 19 क्षेत्रों में शराबबंदी जैसे निर्णय भी ऐतिहासिक रहे हैं। आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री इन सभी पहल और प्रोजेक्ट्स की विस्तृत जानकारी साझा करेंगे और आने वाले समय के लिए नई रूपरेखा भी प्रस्तुत करेंगे।

     

  • रणजीत हनुमान प्रभातफेरी में 7 लाख श्रद्धालु पहुंचे, आज से सवा लाख रक्षा सूत्र बांटे जाएंगे

    इंदौर 

    इंदौर के पश्चिमी क्षेत्र से शुक्रवार सुबह चार बजे रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी निकली, जिसमें दो लाख से अधिक लोगों जुटे। कड़ाके की ठंड के बावजूद भक्तों की ऊर्जा कम होने का नाम नहीं ले रही थी। चारों तरफ भगवा पताकाएं, भजन गाती मंडलियां, भक्ति में डूबे लोगों का हुजूम सड़क पर नजर आया। रणजीत अष्टमी के मौके पर इंदौर के रणजीत हनुमान मंदिर से रणजीत बाबा की विशाल प्रभातफेरी निकाली गई। स्वर्ण रथ पर विराजित बाबा के दर्शन पाने के लिए 5.2 डिग्री सेल्सियस की ठंड में छह से सात लाख भक्त पहुंचे। इतनी भीड़ होने के कारण यात्रा को 4.5 किलोमीटर सफर में 7 घंटे का समय लगा। 

    रात से ही रणजीत हनुमान मार्ग पर प्रभातफेरी की तैयारियां शुरू हो गईं थीं। सुबह 32वें क्रम पर बाबा रणजीत का रथ था। रथ के आगे भजन मंडल, नृतक दल, नासिक ढोल पर कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे थे। प्रभातफेरी को लेकर ट्रैफिक और सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम नजर आए।सुबह चार बजे मंदिर परिसर से बाबा रणजीत अपने पारंपरिक रथ में सवार होकर निकले। इस दौरान भव्य आतिशबाजी हुई। प्रभातफेरी धीरे-धीरे महूनाका की तरफ बढ़ी। अन्नपूर्णा, दशहरा मैदान, नरेंद्र तिवारी मार्ग होते हुए प्रभातफेरी फिर मंदिर पहुंची। 

    प्रभातफेरी द्रविड़ नगर, महू नाका, दशहरा मैदान और अन्नपूर्णा मंदिर होते हुए वापस मंदिर में संपन्न हुई। यात्रा की शुरुआत सुबह 5 बजे हुई थी, जो दोपहर करीब 12 बजे संपन्न हुई।

    मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित दीपेश व्यास के मुताबिक, यात्रा में 3 झांकियां शामिल की गई थीं। एक में भक्तों को आशीर्वाद देते हुए राम दरबार, दूसरे में माता अंजनि की गोद में भगवान हनुमान लला और तीसरे में रणजीत लोक का प्रेजेंटेशन दिखाया गया।

    71 भजन मंडली भी आई थीं। इनमें तीन महाकाल की मंडली थी। यात्रा के बाद सवा लाख रक्षा सूत्र बांटा जाना है। कुछ आज तो बाकी रोज बांटे जाएंगे।

    रामायण पर आधारित दो झांकियों का निर्माण कराया गया था। जिसे भक्तों ने खूब सराहा। इसके अलावा 20 से ज्यादा भजन मंडलियां भी प्रभातफेरी में चलीं। प्रभातफेरी में शामिल भक्त नंगे पैर चले। कुछ भक्त झाड़ू भी लगा रहे थे। 

    तीन मार्गों पर वाहन प्रतिबंधित थे
    प्रभात फेरी के दौरान शहर में यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया था। शुक्रवार सुबह तीन बजे से फूटीकोठी, उषा नगर और अन्नपूर्णा मार्ग पर वाहन प्रतिबंधित रहे। इसके अलावा फूटी कोठी चौराहा से रणजीत हनुमान रोड होकर महुनाका चौराहा तक आवागमन बंद रहा। 

    पांच सौ पुलिस जवान रहे तैनात
    रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी में पांच सौ से ज्यादा पुलिस जवान तैनात रहे। इसके अलावा मार्ग के बड़े भवनों से भी पुलिस जवान निगरानी किए। ड्रोन के जरिए भी पुलिस संदिग्ध लोगों पर नजर रखी। रथ के आसपास भी पुलिस सुरक्षा का घेरा बना रहा। चार किलोमीटर लंबे यात्रा मार्ग से जुड़ी गलियों में भी पुलिस जवान तैनात रहे और गलियों में बैरिकेड लगाए गए थे। 

    आपात स्थिति के लिए एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड तैयार प्रभातफेरी में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 3 एम्बुलेंस नरेंद्र तिवारी मार्ग, महू नाका चौराहा और दशहरा मैदान पर तैयार रखी गई थीं। 3 फायर ब्रिगेड गाड़ियां भी तैनात थीं। मार्ग पर बने सभी मंच लेफ्ट साइड पर लगाए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित न हो। प्रभातफेरी में सबसे आगे पुलिस बल, प्रचार वाहन, बैनर, बैंड, ध्वज वाहक, झांकियां, महाकाल मंडलियां, महिला मंडल, एलईडी झांकियां, अतिथि वाहन और अंत में रणजीत बाबा का स्वर्ण रथ था। इसके बाद सफाई टीम और एम्बुलेंस चल रही थी।

  • शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने शाला निरीक्षण के लिए विभाग द्वारा निर्मित ऐप को लांच किया

    रायपुर : स्कूलों के प्रति प्रेम करने वाले समर्पित शिक्षकों की जरूरत, संसाधनों की कोई कमी नहीं – गजेंद्र यादव

    स्कूलों के सतत् निरीक्षण पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव

    ने दिया जोर

    शाला निरीक्षण के लिए विभाग द्वारा निर्मित ऐप को लांच किया

    बिलासपुर संभाग के शिक्षा अधिकारियों की बैठक लेकर की समीक्षा

    शिक्षा गुणवत्ता, समयबद्धता और परिणाम आधारित कार्य हमारी प्राथमिकता – मंत्री गजेंद्र यादव

    रायपुर

    स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा है कि राज्य में शिक्षक एवं शैक्षणिक संसाधनों की कोई कमी नहीं है। जरूरत अपने स्कूल के प्रति प्रेम ओर समर्पण करने वाले और पढ़ाई में रूचि दिखाने वाले समर्पित शिक्षकों की है। राज्य सरकार अच्छे शिक्षकों को जहां पुरस्कृत करेगी वहीं लापरवाह शिक्षकों को सजा देने में भी कोई कोताही नहीं बरतेगी। यादव आज जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में स्कूल शिक्षा विभाग की संभाग स्तरीय बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। यादव ने इस अवसर पर स्कूलों के निरीक्षण हेतु जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के उपयोग के लिए तैयार ऐप को भी लांच किया।

    स्कूलों के सतत् निरीक्षण पर स्कूल शिक्षा मंत्री ने दिया जोर

    मंत्री यादव नेे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए स्कूलों के निरंतर निरीक्षण पर जोर दिया। यादव ने जिला शिक्षा अधिकारी से लेकर संकुल समन्वयक तक निरंतर स्कूलों का दौरा करने के निर्देश दिए। बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परेदशी, समग्र शिक्षा की एमडी डॉ. प्रियंका शुक्ला, डीपीआई ऋतुराज रघुवंशी सहित संभाग के सभी आठों जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी, डीएमसी, बीईओ, बीआरसी शामिल थे।

    स्कूलों के सतत् निरीक्षण पर स्कूल शिक्षा मंत्री ने दिया जोर

    तीन वर्षीय समग्र कार्ययोजना बनाने के निर्देश

    मंत्री यादव ने सभी जिलों को अगले तीन वर्षों के लिए एक समग्र कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय अधोसंरचना के मजबूत विकास, शैक्षणिक माहौल के संवर्धन और शिक्षण गुणवत्ता में ठोस सुधार को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बच्चों की बेहतर शिक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी और दीर्घकालिक योजनाएँ ही स्थायी सुधार की नींव बनेंगी।

    स्कूलों के सतत् निरीक्षण पर स्कूल शिक्षा मंत्री ने दिया जोर

    ऑनलाइन बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य

    शिक्षा मंत्री यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी शिक्षक एवं कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की जाए। उन्होंने बताया कि समय पर उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए विभाग द्वारा कड़ी निगरानी रखी जा रही है। साथ ही डीईओ, बीईओ और बीआरसी अधिकारियों को विद्यालयों के नियमित निरीक्षण, दौरा चार्ट तैयार करने और उसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि शैक्षणिक गतिविधियों में सुधार हो सके।

    शैक्षणिक परिणाम सुधार हेतु लक्ष्य निर्धारित

    वार्षिक परीक्षा परिणामों की समीक्षा करते हुए मंत्री यादव ने कक्षा 10 वीं का परिणाम 85 प्रतिशत तथा 12 वीं का परिणाम 90 प्रतिशत लाने का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य केवल उत्तीर्ण तक सीमित नहीं रहे बल्कि विद्यार्थियों को उच्च श्रेणी में उत्तीर्ण कराना है। उन्होंने सभी जिलों को मासिक परीक्षा की सतत निगरानी, ब्लूप्रिंट आधारित अध्ययन, उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग और कुशल शिक्षकों द्वारा गुणवत्तापूर्ण अध्यापन सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कमजोर बच्चों को चिन्हित कर उनके लिए अतिरिक्त कक्षाएं आयोजित करने को कहा है।

    बेसिक लर्निंग पर विशेष फोकस

    मंत्री ने कक्षा 3 से 5 तक के विद्यार्थियों के लिए धारा- प्रवाह हिंदी पढ़ने को बढ़ावा देने हेतु विशेष योजना तैयार करने को कहा। साथ ही माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक स्तर पर विद्यार्थियों की बेसिक गणित और अंग्रेजी दक्षता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों के अपार आईडी को 100 प्रतिशत पूरा करने पर भी जोर दिया। उन्होंने स्कूलों की यू-डाइस को भी अपडेट करने के निर्देश दिए। बिलासपुर और सक्ति जिले में अपार आईडी के निर्माण की कम प्रगति पर नाराजगी जाहिर की और इसमें अगले एक सप्ताह में सुधार लाने के कड़े निर्देश दिए। ड्रॉपआउट रोकने को सर्वाेच्च प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की बात कही और समुदाय व पालकों के साथ नियमित संवाद को भी आवश्यक बताया।

    सेवानिवृत्त शिक्षकों के लंबित स्वत्व देयकों का त्वरित निराकरण करें

    बैठक में मंत्री यादव ने निर्देश दिए कि सेवानिवृत्ति के दिन ही शिक्षकों की सेवा पुस्तिका, पासबुक और स्वत्वों का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को इस कार्य को अत्यंत गंभीरता से लेने के लिए कहा, ताकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

    अधोसंरचना एवं मॉडल स्कूल विकास कार्यों की गति तेज करने के निर्देश

    मंत्री ने भवनविहीन विद्यालयों के अधोसंरचना कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने तथा इस वर्ष मॉडल स्कूलों के चयन की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने बीईओ के लिए लक्ष्य आधारित गोपनीय प्रतिवेदन प्रणाली लागू करने की बात कही। पीएम विद्यालयों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रगतिरत कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। इन विद्यालयों को उत्कृष्ट शिक्षण के आदर्श मॉडल के रूप में विकसित करने प्रयास किया जाए।

    पंचायतों को दें स्कूल मरम्मत का जिम्मा

    मंत्री यादव ने स्कूल मरम्मत के छोटे-छोटे काम स्थानीय ग्राम पंचायतों के माध्यम से कराने को कहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल में आमतौर पर शौचालय निर्माण, शौचालय मरम्मत, पोताई, बिजली, पानी के काम होते है। देखा गया है कि अन्य एजेंसियों के माध्यम से कार्य कराने पर काफी विलंब होता है। पंचायतों के माध्यम से काम होने से स्थानीय समुदाय का इसमें लगाव भी होता है और बहुत सारी समस्याएं अपने आप ठीक हो जाती है। उन्होंने 31 जनवरी तक शौचालय संबंधी सभी काम पूर्ण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।

  • रायपुर: नवसंकल्प अभियान से जशपुर जिले के 63 युवाओं का छत्तीसगढ़ पुलिस में चयन, रचा गया नया इतिहास

    रायपुर : नवसंकल्प ने फिर लिखा इतिहास-जशपुर जिले के 63 होनहारों का छत्तीसगढ़ पुलिस में चयन

    सीएम  विष्णुदेव साय के गृह जिले की प्रतिभा ने बजाया सफलता का बिगुल

    डीएमएफ मद से संचालित संस्था बनी युवाओं की सबसे बड़ी ताकत

    रायपुर

    नवसंकल्प के 63 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का छत्तीसगढ़ पुलिस कांस्टेबल परीक्षा में चयन हुआ है। यह उपलब्धि केवल एक संख्या नहीं, बल्कि जशपुर की मिट्टी, मेहनत, संघर्ष और नवसंकल्प की विशिष्ट शिक्षण परंपरा का उज्ज्वल परिणाम है।  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के गृह जिले जशपुर में डीएमएफ मद से संचालित नवसंकल्प शिक्षण संस्थान ने एक बार फिर अभूतपूर्व सफलता अर्जित करते हुए जिले का नाम पूरे प्रदेश में रोशन किया है। 

    डीएमएफ मद से संचालित संस्था बनी युवाओं की सबसे बड़ी ताकत

           कलेक्टर जशपुर, जिला पंचायत सीईओ तथा एसएसपी ने कांस्टेबल परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि युवाओं की लगन और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण का प्रमाण है। एसएसपी द्वारा विद्यार्थियों के लिए बेहतर शारीरिक प्रशिक्षण व्यवस्था कराई गई थी, जिसका लाभ चयन प्रक्रिया में स्पष्ट रूप से दिखा। भारी संख्या में युवाओं का चयन जशपुर जिले के लिए गर्व का अद्वितीय क्षण है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने इस संस्थान की नींव केंद्रीय मंत्री रहते हुए रखी थी, जो आज जिले के युवाओं के लिए एक वरदान बन चुका है। नवसंकल्प ने केवल प्रतियोगी तैयारी ही नहीं करवाई, बल्कि अनुशासन, लक्ष्य, वातावरण और संकल्प देकर युवाओं में नई ऊर्जा भरी। इन सफल उम्मीदवारों में कई अत्यंत गरीब परिवारों से आते हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बीच संघर्ष करते हुए यह उपलब्धि हासिल की। नवसंकल्प ने उनके सपनों को दिशा दी, पंख दिए और जशपुर का नाम एक बार फिर प्रदेश में गौरव के साथ ऊँचा कर दिया।

        नवसंकल्प की प्राचार्या एवं जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि कुल तीन बैचों में 150 युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया था। इनमें से 45 युवा पहले ही नगर सैनिक में चयनित हो चुके हैं तथा इस बार 63 युवाओं ने पुलिस कांस्टेबल पद पर चयन पाकर जशपुर को गौरवान्वित किया है। चयन दो चरणों-100 अंकों की शारीरिक दक्षता परीक्षा और 100 अंकों की लिखित परीक्षा, कुल 200 अंकों की मेरिट के आधार पर हुआ। प्रशिक्षण के दौरान सहायक कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी समय-समय पर पहुंचकर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते रहे। नवसंकल्प के पूर्व प्राचार्य ने भी अपने कार्यकाल में छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया और चयनित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं।

           नवसंकल्प के कोर मेम्बर तथा संकल्प के प्राचार्य द्वारा नियमित प्रेरणा कक्षाएं लेकर छात्रों में उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ाया गया। छात्रों को दैनिक शारीरिक प्रशिक्षण कराया गया, जिससे परीक्षाओं में उन्हें विशेष लाभ मिला। वहीं समन्वयक सहित अनेको प्रबुद्धजनों ने भी छात्रों को मार्गदर्शन देते हुए सफलता की बधाई दी है।

  • रायपुर: सेवा भाव से ही बनाइए लोगों के बीच अपनी साख – स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

    रायपुर : सेवा भाव से बनाइए लोगों के बीच अपनी साख: स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल

    आयुर्वेद सिर्फ विषय नहीं, यह जीवन जीने की कला:  श्याम बिहारी जायसवाल

    रायपुर

    "आयुर्वेद की विधा विश्व की सबसे पुरानी विधा है और आयुर्वेद पद्धति में सभी रोगों की दवा मौजूद है, यही वजह है कि इसका जिक्र वेदों और पुराणों में भी है। आप सभी ऐसा सेवा भाव दिखाइए की लोगों के बीच आपकी स्वाभाविक साख बने क्योंकि आयुर्वेद सिर्फ एक विषय नहीं है बल्कि यह जीवन जीने की कला भी है।"

    यह बातें स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने आज राजधारी रायपुर के शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय में आयुर्वेद चिकित्सा की पढ़ाई कर रहे छात्रों से कहा। उन्होंने कहा कि आप सभी भविष्य के चिकित्सक हैं इसलिए ऐसा इलाज करिएगा की लोग आयुर्वेद के प्रति आकर्षित हों और खुद आपके पास चलकर आएं। 

    इस दौरान आयुर्वेद चिकित्सा की पढ़ाई कर रहे स्नातक और स्नातकोत्तर के छात्रों ने स्वास्थ्य मंत्री से खुलकर चर्चा भी की और अपनी मांगों को भी रखा। उनकी बातें सुनकर स्वास्थ्य मंत्री ने आयुर्वेद महाविद्यालय में शिक्षा के स्तर को और बेहतर करने तथा संसाधनों को लगातार बेहतर करते रहने का आश्वासन दिया। 

     श्याम बिहारी जायसवाल ने इस दौरान आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय का भ्रमण भी किया और विभिन्न विषयों के प्रयोगशालाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि चिकित्सा छात्रों के लिए प्रयोगशाला रीढ की हड्डी के समान है जिसकी वजह से आपका पूरा ज्ञान निखरकर सामने आता है। 

    इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के सचिव  अमित कटारिया, आयुष विभाग की संचालक सु संतन देवी जांगड़े , महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पी.के. जोशी समेत आयुष विभाग के अधिकारी तथा महाविद्यालय के अध्यापक उपस्थित थे।

  • रायपुर: पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने जीपीएम जिले में पुलिस चौंकी कोडगार और सिवनी का उद्घाटन किया

    रायपुर : पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने जीपीएम जिले में पुलिस चौंकी कोडगार और सिवनी का किया विधिवत शुभारंभ

    रायपुर

    जीपीएम जिले के प्रभारी और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने जिला प्रवास के दौरान पुलिस चौंकी कोडगार और पुलिस चौंकी सिवनी का विधिवत उद्घाटन किया। उन्होंने कोडगार चौंकी में पहला रोजनामचा लिखकर इसकी औपचारिक शुरुआत की, जिससे इस क्षेत्र में कानून व्यवस्था मजबूत करने का नया युग शुरू हो गया है।

    उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि इस दूरस्थ वनांचल क्षेत्र में पुलिस चौंकी स्थापित होने से स्थानीय जनता की सुरक्षा व्यवस्था काफी सशक्त और सुव्यवस्थित होगी। इससे क्षेत्रवासियों को पुलिस सहायता जल्दी एवं आसानी से उपलब्ध हो सकेगी, जिससे जनजीवन में सुधार होगा। उन्होंने लोगों से गुजारिश की कि वे छोटी-मोटी विवादों और आपसी मतभेदों को आपसी समझौते से सुलझाएं और पुलिस को ऐसे मामलो में शामिल करने से बचें, क्योंकि इससे सामाजिक सौहार्द बरकरार रहेगा।

    मंत्री  अग्रवाल ने पुलिस चौंकी की इस सौगात के लिए क्षेत्रवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी और आश्वासन दिया कि सरकार की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना है।

    इस अवसर पर विधायक  प्रणव कुमार मरपच्ची, जिला पंचायत अध्यक्ष सु समीरा पैकरा एवं कलेक्टर मती लीना कमलेश मंडावी ने भी इस दूरस्थ क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही पुलिस सुविधा की मांग पूरी होने पर क्षेत्रवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अब क्षेत्र में कानून व्यवस्था और बेहतर होगा।

    पुलिस अधीक्षक  एस आर भगत ने इस मौके पर विस्तार से पुलिस चौंकियों के सेटअप, ग्रामों की संख्या तथा चौंकी क्षेत्र की सीमा के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए राज्य शासन द्वारा पुलिस चौंकियों की स्थापना कराई गई है, जो क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाएंगी।

    इस कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेंद्र बहादुर सिंह, नगर पालिका परिषद गौरेला के अध्यक्ष  मुकेश दुबे, जिला पंचायत सदस्य मती राजमति भानू और  पवन पैकरा, सरपंच मती फूलकुंवर, अनेक गणमान्य नागरिक एवं जिला प्रशासन तथा पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  ओम चंदेल ने आभार व्यक्त किया।

  • बस्तर अब शांति, समरसता और समृद्धि की ओर अग्रसर-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    रायपुर : आपका मुख्यमंत्री आपके समाज के बीच का है, आपका भाई है….आप आगे बढ़ें, सरकार हर कदम पर आपके साथ खड़ी है – मुख्यमंत्री साय

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संभाग स्तरीय बस्तर ओलम्पिक का किया विधिवत शुभारंभ

    बस्तर संभाग के सातों जिलों और नुवाबाट के खिलाड़ियों ने आकर्षक मार्चपास्ट प्रस्तुत कर दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध

    बस्तर अब शांति, समरसता और समृद्धि की ओर अग्रसर-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    रायपुर

    आपका मुख्यमंत्री आपके समाज के बीच का है, आपका भाई है….आप आगे बढ़ें, सरकार हर कदम पर आपके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बस्तर ओलिंपिक 2025 के तहत संभाग स्तरीय प्रतियोगिता के शुभारंभ के अवसर पर संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने आज जगदलपुर के स्थानीय इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में संभाग स्तरीय बस्तर ओलिंपिक का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने समूचे बस्तर संभाग के खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान बस्तर संभाग के सभी सातों जिलों के खिलाड़ियों ने आकर्षक मार्चपास्ट प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार बस्तर के गांव-गांव तक विकास की धारा पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, जिसके परिणामस्वरूप बस्तर अब शांति, समरसता और समृद्धि की ओर निरंतर अग्रसर हो रहा है और प्रदेश तथा देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर के युवाओं ने बड़ी संख्या में इस महती आयोजन में भाग लेकर इसे सफल और ऐतिहासिक बनाया है। सबसे अधिक हर्ष की बात यह है कि बस्तर ओलम्पिक में नुवाबाट के प्रतिभागियों ने भी उत्साहपूर्वक शामिल होकर इसे एक विशेष आयाम प्रदान किया है। बड़ी संख्या में बेटियों और बहनों की सहभागिता यह प्रमाणित करती है कि बस्तर में महिला सशक्तिकरण नई दिशा ले रहा है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार बस्तर के युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें विकास में सहभागी बनाने के लिए कटिबद्ध है। यही कारण है कि बस्तर के युवा लोकतंत्र में आस्था एवं विश्वास के साथ आगे आ रहे हैं और विकास यात्रा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर ओलम्पिक खेल प्रतियोगिता के विजेता आने वाले समय में खिलाड़ियों के लिए रोल मॉडल बनेंगे। सरकार बस्तर के युवाओं को बेहतर अवसर एवं प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करेगी। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय ओलम्पिक स्पर्धाओं में गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीतकर आने वाले खिलाड़ियों को क्रमशः तीन-तीन करोड़, दो करोड़ तथा एक करोड़ रुपए की सम्मान निधि प्रदान की जाएगी।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि बस्तर ओलम्पिक न केवल युवाओं को खेल के माध्यम से आगे बढ़ाने की पहल है, बल्कि उन्हें विकास की मुख्यधारा में सम्मिलित करने का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि बस्तर में खेल अधोसंरचना को और मजबूत किया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों को उचित मंच मिल सके। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि खेल जितना सिखाता है, उतना ही हार से सीखकर आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देता है।

    उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बस्तर ओलम्पिक युवाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का सकारात्मक प्रयास है। उन्होंने कहा कि सरकार बस्तर के अंदरूनी इलाकों के युवाओं को अधिक अवसर देकर उन्हें प्रोत्साहित कर रही है और भविष्य में यह पहल और अधिक सशक्त रूप में जारी रहेगी।

    इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप और ओलम्पिक में ब्रॉन्ज मेडल सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में पदक विजेता खिलाड़ी पद्म एम.सी. मेरीकॉम ने भी उपस्थित होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और शुभकामनाएँ दीं।

    संचालक, खेल एवं युवा कल्याण, सु तनुजा सलाम ने स्वागत उद्बोधन में अवगत कराया कि बस्तर ओलम्पिक की संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर और बस्तर जिले के साथ ही नुवा बाट के करीब तीन हजार पाँच सौ खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह बस्तर के लिए गौरव का क्षण है और बस्तर के उज्ज्वल भविष्य के लिए राज्य सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय अत्यंत सराहनीय है। बस्तर ओलम्पिक में तीन स्तर की प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि गत वर्ष के 1,65,000 प्रतिभागियों की तुलना में इस वर्ष 3,92,000 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीयन कराया है, जिनमें 2,27,000 से अधिक महिला प्रतिभागी शामिल हैं – यह बस्तर में परिवर्तन की नई बयार है।

    कार्यक्रम की शुरुआत खिलाड़ियों द्वारा मशाल प्रज्ज्वलन और आतिशबाजी के साथ हुई। इसके बाद रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत माता रूकमणी कन्या आश्रम तथा अन्य विद्यालयों की छात्राओं द्वारा मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी गईं। इस अवसर पर विधायक चित्रकोट विनायक गोयल, विधायक दंतेवाड़ा चैतराम अटामी, राष्ट्रीय खिलाड़ी किरण पिस्दा एवं खुशबू नाग, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जिलों के नोडल अधिकारी, खेल अधिकारी, प्रशिक्षक एवं बड़ी संख्या में खेलप्रेमी व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

    पूवर्ती के खिलाड़ी विजय डोडी और ओरछा सलोनी बनीं मशालवाहक

    बस्तर ओलम्पिक 2025 की संभाग स्तरीय प्रतियोगिता का शुभारंभ आज अत्यंत गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, मंत्रीगण तथा बॉक्सर पद्म मेरी कॉम द्वारा किया गया। हजारों दर्शकों की उपस्थिति में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर ओलम्पिक की मशाल प्रज्ज्वलित की।

    इसके बाद यह गौरवशाली मशाल सुकमा जिले के सुदूर अंचल पूवर्ती के प्रतिभावान खिलाड़ी विजय डोडी और नारायणपुर जिले के ओरछा ब्लॉक की निवासी सलोनी कवाची को सौंपा गया। कबड्डी खिलाड़ी विजय डोडी और खो-खो खिलाड़ी सलोनी कवाची ने पूरे उत्साह, ऊर्जा और गौरव के साथ ग्राउंड की परिक्रमा करते हुए मशाल को मुख्य प्रज्वलन स्थल तक पहुंचाया। यह क्षण सुकमा और नारायणपुर जिलों के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण और भावनात्मक था – जब माओवाद-प्रभावित एवं दूरस्थ क्षेत्रों के खिलाड़ी आत्मविश्वास के साथ हजारों दर्शकों के सामने दौड़ रहे थे। दर्शकों का उत्साह भी इस दौरान चरम पर पहुंच गया।

    संभागभर से पहुंचे हजारों खिलाड़ियों और दर्शकों ने इस ऐतिहासिक क्षण का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। बस्तर ओलम्पिक के इस भव्य उद्घाटन ने एक बार फिर सिद्ध किया कि बस्तर की माटी में असीम खेल प्रतिभाएं जन्म ले रही हैं और राज्य सरकार तथा प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से इन प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

  • मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत 140 नवविवाहित जोड़ों को दिया आशीर्वाद

    रायपुर : गायत्री मंत्र मानव जीवन को ऊर्जावान और संस्कारित बनाते हैं : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    मुख्यमंत्री हसौद में 251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में हुए शामिल

    मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत 140 नवविवाहित जोड़ों को दिया आशीर्वाद

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय  सक्ती जिले के ग्राम हसौद में आयोजित भव्य 251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने इस आयोजन को आध्यात्मिक एकता, सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक गौरव का अद्भुत संगम बताया। उन्होंने कहा कि “मां महामाया की पावन भूमि हसौद में 251 कुंडों में एक साथ सम्पन्न हो रहा यह महायज्ञ छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक परंपरा को नई ऊंचाई देता है।”

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति को विश्व पटल पर नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा—“500 वर्षों के बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ, काशी विश्वनाथ धाम का कायाकल्प हुआ। छत्तीसगढ़ तो स्वयं भगवान राम का ननिहाल है—माता कौशल्या की पावन भूमि है।” उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सभी वर्गों की उन्नति और कल्याण के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। रामलला दर्शन योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि इसके माध्यम से अब तक 38 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने अयोध्या में प्रभु रामलला का दर्शन किया है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गायत्री मंत्र के 24 अक्षर 24 सिद्धियों और शक्तियों के प्रतीक हैं, जो मानव जीवन को ऊर्जा, सदाचार और आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करते हैं। कार्यक्रम के दौरान देव संस्कृति विश्वविद्यालय, शांतिकुंज हरिद्वार के कुलपति डॉ. चिन्मय पण्डया ने मुख्यमंत्री का सम्मान करते हुए उन्हें अभिनंदन पत्र भेंट किया।

    इस अवसर पर कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। साथ ही देशभर से आए अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

    140 नवविवाहित जोड़ों को दिया आशीर्वाद – कन्या विवाह योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि प्रदान

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत हसौद में परिणय-सूत्र में बंधने वाले 140 नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएँ और आशीर्वाद दिया।

    जैतखाम में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हसौद प्रवास के दौरान जैतखाम पहुँचकर विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति, कल्याण एवं निरंतर प्रगति की कामना की।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी के सत्य, अहिंसा, समानता, सामाजिक समरसता तथा ‘मनखे-मनखे एक समान’ के संदेश हमें समाज में सद्भाव और एकता का मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने जनसमूह से आह्वान किया कि इन आदर्शों को आत्मसात कर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय योगदान दें।

  • रायपुर: उद्योग मंत्री ने ऑक्सीजोन के विकास कार्यों का उद्घाटन किया

    रायपुर : उद्योग मंत्री ने किया ऑक्सीजोन विकास कार्याे का लोकार्पण

    पोड़ीबहार में 03 विकास कार्याे के भूमिपूजन सहित कुल 179 लाख रूपए के विकास कार्याे की दी सौगात 

    रायपुर

    प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन ने नगर पालिक निगम केारबा के वार्ड क्र. 32 पोड़ीबहार बांसबाड़ी उद्यान में ऑक्सीजोन विकास कार्यों का लोकार्पण किया, वहीं पोड़ीबहार बस्ती के विभिन्न स्थानों में किए जाने वाले 03 विकास कार्येा का भूमिपूजन भी उनके हाथों किया गया। लोकार्पण भूमिपूजन कार्यक्रम की अध्यक्षता महापौर मती संजूदेवी राजपूत के द्वारा की गई, वहीं कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में सभापति  नूतन सिंह ठाकुर सहित निगम की मेयर इन काउंसिल के सदस्यगण, पार्षदगण आदि की गरिमामयी उपस्थिति रही। 

    उद्योग मंत्री ने किया ऑक्सीजोन विकास कार्याे का लोकार्पण

        नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा पोड़ीबहार मुक्तिधाम के सामने स्थित बांसबाड़ी उद्यान में एन.सी.ए.पी. मद से ऑक्सीजोन का निर्माण 01 करोड़ 60 लाख 11 हजार रूपये की लागत से किया गया है, जिसका लोकार्पण आज उद्योग मंत्री के हाथों किया गया। इसी प्रकार निगम द्वारा वार्ड क्र. 32 पोड़ीबहार में मंदिर के समीप प्रभारी मंत्री मद से 07 लाख रूपये की लागत से आर.सी.सी. छत का निर्माण, वार्ड क्र. 32 पोड़ीबहार अंतर्गत महालक्ष्मी इंटरप्राईजेेस से सुरेशचंद मंगल के घर तक जिला खनिज न्यास मद से 06 लाख रूपये की लागत से सी.सी.रोड व नाली का निर्माण तथा वार्ड क्र. 32 अंतर्गत यादव के घर से सी.पी.पटेल घर तक जिला खनिज न्यास मद से 06 लाख रूपये की लागत से सी.सी. रोड नाली का निर्माण किया जाना हैं, जिनका भूमिपूजन भी केबिनेट मंत्री  देवांगन के करकमलों से किया गया। मंत्री  देवांगन ने इन विकास कार्याे का विधिवत भूमिपूजन किया तथा शीघ्र कार्य प्रारंभ कर पूरी गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्य कराते हुए समय-सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए है।

        उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में राज्य सरकार राज्य के सर्वागीण विकास के लिए दृढ़ संकल्पित है, विकास के सभी क्षेत्रों में हमारे छत्तीसगढ़ का तेजी से विकास हो रहा है, विगत दो वर्षाे के दौरान पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य करते हुए राज्य सरकार ने एक जनहितैषी सरकार की छबि अंकित की है। उन्होने कहा कि जहॉं तक कोरबा के विकास का प्रश्न है तो कोरबा का तेजी से विकास हो रहा है, यहॉं की बरसों पुरानी समस्याएं दूर हो रही हैं तथा कोरबा के विकास के लिए धनराशि की केाई कमी भविष्य में भी नहीं होने दी जाएगी, यह मैं आश्वस्त करता हूॅं। इस मौके पर मंत्री  देवांगन ने महापौर मती राजपूत के आग्रह पर उक्त ऑक्सीजोन बांसबाड़ी के बाउण्ड्रीवाल निर्माण की घोषणा की। 

        इस अवसर पर महापौर मती संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि कोरबा की देवतुल्य जनता की समस्याओं को दूर करना, उन्हें समस्त मौलिक सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है, मेरा सौभाग्य है कि हमें प्रदेश के मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, नगरीय प्रशासन मंत्री  अरूण साव एवं कोरबा के विधायक व प्रदेश के उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन का लगातार मार्गदर्शन, सहयोग व आशीर्वाद कोरबा के विकास के लिए मुझे प्राप्त हो रहा है। निर्माण कार्याे हेतु धनराशि की कोई कमी नहीं हो रही है तथा हम निर्माण कार्याे से संबंधित जो भी मांग उनकेे सामने रखते हैं, वह प्राथमिकता के साथ पूरी होती है।  

  • रायपुर: उद्योग नीति के प्रभाव से राज्य में 7.69 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित

    रायपुर : विशेष लेख : उद्योग हितैषी नीति से राज्य में 7.69 लाख करोड़ रूपए के निवेश

    रायपुर

    विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को साधने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर प्रदेश में नई औद्योगिक नीति (2024-30) लागु की गई है। राज्य की उद्योग हितैषी नीति के फैसले निवेशक छत्तीसगढ़ में उद्योग-धंधा स्थापित करने की दिशा में आकर्षित हो रहे हैं। प्रदेश में 01 जनवरी 2024 से अक्टूबर 2025 तक 2415 उद्योग स्थापित हुए जिनके द्वारा लगभग 18058.34 करोड़ का निवेश किया गया एवं लगभग 42 हजार 500 रोजगार सृजित हुए। 01 जनवरी 2024 से अक्टूबर 2025 तक उद्योगों को 1000 करोड़ से अधिक अनुदान का वितरण किया गया।

    निवेश प्रोत्साहन

    नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 को 1 नवंबर 2024 से प्रभावी किया गया है। पहली बार नीति को रोज़गार उन्मुख बनाया गया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन की पहल पर प्रशिक्षण सब्सिडी ईपीएफ प्रतिपूर्ति तथा 1000 से अधिक रोजगार देने वाली इकाइयों के लिए कस्टमाइज़्ड पैकेज की व्यवस्था की गई है। राज्य में श्रम-प्रधान उद्योगों को आकर्षित करने हेतु 27 मई 2025 को की गई संशोधन के माध्यम से रोज़गार सृजन सब्सिडी एवं एम्प्लॉयमेंट मल्टिप्लायर का प्रावधान किया गया है। सेवा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने हेतु औद्योगिक विकास नीति के तहत पात्र सेवा क्षेत्रों की सूची को बढ़ाकर 43 किया गया है।

    पहली बार पर्यटन एवं स्वास्थ्य सेवाओं को औद्योगिक विकास नीति में शामिल किया गया है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और खेल प्रशिक्षण को बढ़ावा देने हेतु 27 मई 2025 के संशोधन द्वारा निजी विद्यालय निजी शीर्ष 100 एवं विदेशी विश्वविद्यालय तथा निजी आवासीय खेल अकादमियों को औद्योगिक विकास नीति में सम्मिलित किया गया है। नीति के प्रचार-प्रसार व निवेश आकर्षित करने हेतु रायपुर, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु ओसाका, जगदलपुर एवं अहमदाबाद में इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम आयोजित किए गए।

    इन प्रयासों के चलते राज्य को लगभग 7.69 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें स्टील पावर, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल, आईटी, बीपीओ लीन एनर्जी आदि क्षेत्र शामिल हैं। नवा रायपुर में राज्य में देश का प्रथम एआई डाटा सेन्टर तथा सेमीकंडक्टर निर्माण हेतु रु 11.000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं इनकी स्थापना की जा रही है।

    ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस

    अनुपालनों को कम करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए, राज्य ने अनुपालन बोझ को घटाने की पहल की है। इसके तहत 1167 जटिल अनुपालनों की पहचान की गई, 231 प्रावधानों को अपराध मुक्त (decriminalize) किया गयाए 369 प्रक्रियाओं-प्रक्रियाओं को डिजिटल किया गया, 194 प्रावधानों-प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया, तथा 14 प्रावधानों में अनावश्यकता (redundancy) को समाप्त किया गया।

    कुल 716 व्यवसाय केंद्रित अनुपालनों में से 117 प्रावधानों को अपराधमुक्त किया गया, 231 प्रक्रियाएँ प्रक्रियाओं को डिजिटल किया गया, 153 प्रावधानों प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया और 14 प्रावधानों में अनावश्यकता कम की गई। इसके अलावा कुल 451 नागरिक केंद्रित अनुपालनों को सुव्यवस्थित किया गया है, जिनमें से 114 प्रावधानों को अपराधमुक्त 138 प्रक्रियाओं प्रक्रियाओं को डिजिटल, तथा 41 प्रावधानों प्रक्रियाओं को सरल किया गया है।

    इन सभी पहलों का उद्देश्य राज्य में व्यवसायों के लिए एक अनुकूल और सहज वातावरण तैयार करना है ताकि उद्योग और व्यापार क्षेत्र और अधिक विकसित हो सके। बिज़नेस रिफॉर्म एक्शन प्लान के तहत विभिन्न विभागों के नियम और प्रक्रियाएँ सरल की गईं। महिलाओं को सुरक्षित तरीके से 24×7 कार्य की अनुमति देने हेतु संबंधित नियमों में संशोधन किए गए। राज्य में 435 बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान को क्रियान्वयित किया गया है। बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान के अंतर्गतराज्य 4 श्रेणियों में टॉप अचीवर बना।

    82 जिला स्तरीय सुधारों की पहचान की गई, जिनमें से 124 सुधार लागू किए जा चुके हैं नई सिंगल विंडो प्रणाली भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के आधार पर विकसित की गई है। नया पोर्टल 1 जुलाई 2025 को लॉन्च किया गया। राज्य के विभिन्न अधिनियमों में छोटे अपराधों को अपराध मुक्त (decriminalize) करने हेतु विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ जनविश्वास प्रावधानों में संशोधन अधिनियम 2025 मानसून सत्र में विधानसभा द्वारा पारित किया गया। अधिनियम के माध्यम से 8 अधिनियमों के अंतर्गत 163 प्रावधानों को गई अपराधिकृत किया गया। जनविश्वास अधिनियम पारित करने वाला देश में दूसरा राज्य बना। औद्योगिक भूमि आवंटन को अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाने हेतु छत्तीसगढ़ भूमि आवंटन नियमों में संशोधन किया गया है। अब औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि आबंटन फर्स्ट-कम-फर्स्ट-सर्व की जगह ई-टेंडरिंग के माध्यम से किया जा रहा है।

    औद्योगिक अधोसंरचना

    पिछले एक वर्ष में 7 औद्योगिक पार्क स्थापित किए गए तथा 7 अन्य स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना प्रक्रिया में हैं। विगत दो वर्षों में औद्योगिक लैंड बैंक हेतु कुल 05 जिलों में कुल रकबा 255.725 हेक्टेयर भूमि का आधिपत्य विभाग को प्राप्त हुआ है। औद्योगिक लैंड बैंक हेतु कुल 08 जिलों में कुल रकबा 940.65 हेक्टेयर नैशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड हेतु 02 जिलों में कुल रकबा 172.112 हेक्टेयर भूमि का चिन्हांकन किया गया है तथा हेल्थ एण्ड वेलनेस हेतु 07 जिलों में कुल रकबा 82.000 हेक्टेयर शासकीय भूमि का चिन्हांकन किया गया है।

    एक्सपोर्ट फ़ैसिलिटेशन काउंसिल

    सरकारी खरीद को पारदर्शी और किफायती बनाने हेतु राज्य सरकार द्वारा जीईएम पोर्टल अपनाया गया है। सीएसआईडीसी के माध्यम से जीईएम टीम द्वारा जिलेवार और विभागवार प्रशिक्षण आयोजित किए जा रहे हैं। राज्य के निर्यात को बढ़ावा देने हेतु आईआईएफटी कोलकाता के साथ एमओयू कर राज्य स्तर पर एक्सपोर्ट फ़ैसिलिटेशन काउंसिल स्थापित की गई है। साथ ही निर्यात संवर्धन हेतु प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट निर्यात आयुक्त कार्यालय में नियुक्त की गई है।

    छगनलाल लोन्हारे, उप संचालक (जनसंपर्क)

  • मंत्री देवांगन ने हर की स्वच्छता में स्वच्छता दीदियों की महती भूमिका को किया रेखांकित, दी अपनी शुभकामनाएं

    रायपुर : डोर-टू-डोर अपशिष्ट संग्रहण कार्य में ई-रिक्शों के उपयोग से स्वच्छता दीदियों को होगी श्रम व समय की बचत : उद्योग मंत्री  देवांगन

    उद्योग मंत्री  देवांगन ने किया स्वच्छता दीदियों को 80 नग ई-रिक्शों का वितरण 

    मंत्री  देवांगन ने हर की स्वच्छता में स्वच्छता दीदियों की महती भूमिका को किया रेखांकित, दी अपनी शुभकामनाएं

    रायपुर

    प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन ने  कोरबा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि शहर की स्वच्छता में हमारी स्वच्छता दीदियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, अतः हम सबका यह सदैव प्रयास होना चाहिए कि उन्हें उनके कार्य संपादन हेतु आवश्यक सुविधाएं सहज रूप से मुहैया हों, उन्होंने कहा कि मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि हमारी स्वच्छता दीदियों को आज 80 नग ई-रिक्शा प्राप्त हो रहे हैं तथा डोर-टू-डोर अपशिष्ट संग्रहण के कार्य में इन ई-रिक्शों के उपयोग से स्वच्छता दीदियों के श्रम व समय की बचत होगी तथा कम परिश्रम व कम समय में वे अपना कार्य पूरा कर सकेंगी। 

        इस आशय के उद्गार उद्योग मंत्री  लखनलाल देवंागन ने नगर पालिक निगम कोरबा की स्वच्छता दीदियों को ई-रिक्शों के वितरण कार्यक्रम में कहीं। नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा शहर की साफ-सफाई व्यवस्था को और अधिक मजबूती देने की दिशा में ठोस कार्यवाही करते हुए डोर-टू-डोर अपशिष्ट संग्रहण हेतु जिला खनिज न्यास मद से स्वीकृत व 02 करोड़ 84 लाख रूपये की लागत से 80 नग ई-रिक्शा का क्रय किया गया है तथा इन्हें अपने स्वच्छता संसाधन बेडे में शामिल किया जाना हैं। आज उद्योग मंत्री  देवांगन ने इन सभी 80 ई-रिक्शा का वितरण स्वच्छता दीदियों को किया एवं उन्हें अपनी शुभकामनाएं दी। 

        उद्योग मंत्री  देवांगन ने स्वच्छता दीदियों को संबोधित करते हुए आगे कहा कि आपके परिश्रम व कार्यनिष्ठा से कोरबा की स्वच्छता को मजबूत आधार मिल रहा है तथा आपकी बदौलत ही कोरबा देश में स्वच्छता के क्षेत्र में 08वें स्थान पर पहुंचा है, अब आगे बढ़ने की बारी है, स्वच्छ सर्वेक्षण में कोरबा देश में नम्बर 01 पर आए, मैं इस हेतु अपनी शुभकामनाएं देता हूॅं। 

        कार्यक्रम की अध्यक्षता महापौर मती संजूदेवी राजपूत के द्वारा की गई, वहीं कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में सभापति  नूतन सिंह ठाकुर, आयुक्त  आशुतोष पाण्डेय सहित निगम की मेयर इन काउंसिल के सदस्यगण, पार्षदगण आदि की गरिमामयी उपस्थिति रही। उद्योग मंत्री  देवांगन ने इस मौके पर दिए गए अपने उद्बोधन में आगे कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने देश मंे स्वच्छ भारत मिशन संचालन कर स्वच्छता व साफ-सफाई के महत्व को हम सबके सामने रखा, इससे स्वच्छता के प्रति व्यापक जनजागरूकता आई तथा आमजन स्वच्छता के प्रति जागरूक हुए। उन्होने कहा के देश के करोड़ों परिवारों में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शौचालयों का निर्माण हुआ तथा स्वच्छता के क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव आए। 

        इस मौके पर महापौर मती संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमारी स्वच्छता दीदियों की मेहनत की बदौलत हमारे कोरबा को राष्ट्रीय स्तर पर गौरव प्राप्त हुआ है तथा विगत स्वच्छ सर्वेक्षण में वह देश में 08वें नम्बर पर पहुंचा, हमें विश्वास है कि आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण में हम देश में नम्बर 01 पर पहुंचेंगे। निगम क्षेत्र के देवतुल्य नागरिकबंधुओं को साफ-सफाई, सड़क रोशनी, पेयजल आपूर्ति, सड़क नाली आदि की बेहतर सुविधाएं प्राप्त हों तथा इन मूलभूत सुविधाओं के लिए उन्हे अनावश्यक परेशानी न उठानी पडे़। 

  • शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने रायपुर में अग्निवीरों और अभ्यर्थियों का किया सम्मान

    रायपुर : चयनित अग्निवीरों एवं अभ्यर्थियों का शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने किया सम्मान

    रायपुर

    भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती 2024-25 की ऑनलाइन लिखित परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए रविशंकर स्टेडियम, दुर्ग में आयोजित शारीरिक दक्षता प्रशिक्षण शिविर में चयनित अभ्यर्थियों का सम्मान आज स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री  गजेन्द्र यादव द्वारा उनके सेवा सदन निवास में किया गया। इस अवसर पर मंत्री  यादव ने युवाओं को अनुशासन तथा परिश्रम को जीवन का आधार बताते हुए भविष्य में प्रशिक्षण से संबंधित हर संभव सहयोग देने का आश्वासन प्रदान किया।

    29 अभ्यर्थी अग्निवीर हेतु हुए चयनित

              एनआईएस कोच  विनोद नायर एवं पीटीआई  बालकदास डहरे के मार्गदर्शन में आयोजित प्रशिक्षण शिविर के परिणामस्वरूप कुल 29 अभ्यर्थियों का चयन हुआ। इनमें 19 अभ्यर्थी अग्निवीर के रूप में भारतीय थल सेना में चयनित हुए, जबकि 1-1 अभ्यर्थी भारतीय नौसेना एवं भारतीय वायुसेना में सफल हुए। इसके अतिरिक्त 8 अभ्यर्थियों ने छत्तीसगढ़ पुलिस में चयनित होकर जिले का गौरव बढ़ाया है। प्रशिक्षणार्थियों के इस सामूहिक सफलता प्रदर्शन ने जिले में युवाओं में नई ऊर्जा एवं आत्मविश्वास का संचार किया है।

    नया दो माह का प्रशिक्षण शिविर जारी

            जिला प्रशासन एवं जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र के उपसंचालक  व्ही. के. केडिया के निर्देशन में इस वर्ष भी 1 नवम्बर से 31 दिसम्बर 2025 तक दो माह का अग्निवीर शारीरिक दक्षता प्रशिक्षण शिविर संचालित किया जा रहा है। इस शिविर में 50 लिखित परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को प्रतिदिन एनआईएस कोच एवं अनुभवी पीटीआई के निर्देशन में कठोर एवं नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे उन्हें आगामी चयन प्रक्रियाओं के लिए शारीरिक एवं मानसिक रूप से और अधिक सक्षम बनाया जा सके।

    कार्यक्रम में युवाओं का उत्साहपूर्ण सम्मान

               अग्निवीर प्रशिक्षण प्राप्त कर लौटे तथा छत्तीसगढ़ पुलिस में हाल ही में चयनित युवाओं का अग्निवीर प्रशिक्षणार्थियों द्वारा बड़े उत्साह के साथ फूल मालाओं से स्वागत किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में शिवदयाल धृतलहरे, हर्ष साहू, मीन निषाद, नीरज देशमुख, राहुल, तुषार, निखिल, रविकिशोर, खोमेश, अमित, यश, युवराज सहित कई युवाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिनके सहयोग से कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ।

    सम्मानित अभ्यर्थियों के नाम

               अग्निवीर प्रशिक्षण पूरा कर चयनित हुए अभ्यर्थियों में करण पटेल, इंद्र कुमार, गजेन्द्र ठाकुर, सुनील साहू, लोकेन्द्र, मनीष साहू, तामेश्वर, योगेन्द्र कुमार साहू, लक्ष्मीकांत पारकर, डामेश यादव, मोनेश निषाद, शुभम साहू (भारतीय नौसेना)शामिल हैं। इसी प्रकार शुभम, विवेक कुमार, गौरव कुमार साहू, प्रभात साहू, विकास मिश्रा, पल्लव साहू, टिशू यादव, नयन निषाद, तुषार कुमार एवं स्वप्रिल दुबे (भारतीय वायुसेना) शामिल हैं। वहीं छत्तीसगढ़ पुलिस में चयनित अभ्यर्थियों में संजय निषाद, लिलेश साहू, जनकलाल, लोमश साहू, निशा ठाकुर, नेहा साहू, खिलेश्वर पटेल एवं ललिता यदु के नाम प्रमुख हैं।

  • स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आयुर्वेद महाविद्यालय रायपुर की 24वीं कार्यकारिणी बैठक की अध्यक्षता की

    रायपुर : स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय रायपुर के स्वशासी कार्यकारिणी समिति की 24 वीं बैठक संपन्न

    रायपुर

    शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय रायपुर के स्वशासी कार्यकारिणी समिति की 24 वीं बैठक आज स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में महाविद्यालय में आयोजित की गई। आज की बैठक में संस्था के छात्र – छात्राओं से जुड़े विभिन्न सुविधाओं की स्वीकृति प्रदान की गई। 

    बैठक में महाविद्यालय के कक्षाओं को वातानुकूलित करने, फर्नीचर की खरीदी तथा विभिन्न प्रयोगशालाओं में माड्यूलर लैब लगाने की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा  छात्रों के शैक्षणिक भ्रमण के लिए एक बस खरीदने तथा पुस्तकालय को स्मार्ट बनाने आर‌एफ‌आईडी सिस्टम लगाने की भी स्वीकृति प्रदान की गई है।

     बैठक में महाविद्यालय के विभिन्न भवनों का नामकरण आयुर्वेद के आचार्यों के नाम पर करने की सहमति देते हुए चिकित्सालय में 200 किलोवाट के डीजल जेनरेटर सेट लगाने की भी स्वीकृति प्रदान की गई है।

    स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने इस अवसर पर कहा कि चिकित्सा छात्रों के लिए महाविद्यालय चिकित्सालय हेतु आवश्यक मशीनो एवं उपकरणों सहित अन्य जरूरी संसाधन मुहैया कराने के लिए वो तत्पर  हैं और उनकी बेहतर शिक्षा के लिए मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय भी प्रतिबद्ध हैं। बैठक में  विभागीय सचिव  अमित कटारिया, संचालक आयुष सु संतन जांगड़े,  प्राचार्य डॉ. प्रवीण जोशी, रजिस्ट्रार डॉ. संजय शुक्ला सहित अन्य अधिकारी गण उपस्थित थे।

  • सीएम मोहन यादव ने IAS संतोष वर्मा को सभी पदों से हटाया, केंद्र को भेजा कार्रवाई का प्रस्ताव

     भोपाल
    मध्य प्रदेश सरकार IAS अफसर और अजाक्स (AJAKS) के प्रदेश अध्यक्ष संतोष वर्मा के खिलाफ बड़ा एक्शन लेने जा रही है. अशोभनीय और विवादित बयानों के चलते IAS को नौकरी से बर्खास्त करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है. मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है, जिसके बाद वर्मा को उनके पद से हटाकर बिना काम के GAD (सामान्य प्रशासन विभाग) में अटैच कर दिया गया है.

    यह कार्रवाई IAS वर्मा के 23 नवंबर को भोपाल में AJAKS के स्टेट लेवल कन्वेंशन में यह कहने के बाद हुई है, "जब तक कोई ब्राह्मण अपनी बेटी मेरे बेटे को दान नहीं कर देता और वह उससे रिश्ता नहीं बना लेता, तब तक उसे (बेटे को) रिजर्वेशन मिलना चाहिए."

    उनके बयान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया, जिससे ब्राह्मण समुदाय में गुस्सा फैल गया. IAS वर्मा के बयान के बाद, न केवल राज्य में बल्कि पूरे देश में उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही थी.

    एक जज के खिलाफ रची साजिश
    वर्मा हाल के महीनों में कई विवादों के केंद्र में रहे हैं. इंदौर की अदालतों से मिली रिपोर्टों से पता चलता है कि उसने कथित तौर पर एक घरेलू मामले में बरी होने के लिए मनगढ़ंत फैसले तैयार करने के लिए एक न्यायाधीश के साथ साजिश रची, जिससे आईएएस पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त हो सके. सूत्रों के अनुसार, वर्मा ने विभागीय पदोन्नति समिति के माध्यम से पदोन्नति के लिए अर्हता प्राप्त करने के लिए न्यायिक रिकॉर्ड में हेरफेर किया.

    जालसाजी के आरोपों के अलावा, वर्मा को सार्वजनिक मंचों पर अपने भड़काऊ बयानों के लिए भी आलोचना का सामना करना पड़ा है. एक वायरल वीडियो में उन्हें भड़काऊ बयान देते हुए सुना गया, जिसकी सामुदायिक संगठनों और न्यायपालिका ने कड़ी आलोचना की. सरकार ने इन टिप्पणियों को ‘गंभीर दुर्व्यवहार; और सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन करार दिया, जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई का मामला और मजबूत हो गया.

    IAS संतोष वर्मा ने दिया था विवादित बयान
    23 नवंबर, 2025 को भोपाल में M.P. अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (AJJAKS) के एक कन्वेंशन के दौरान संतोष वर्मा ने कहा था, “रिजर्वेशन तब तक जारी रहना चाहिए जब तक कोई ब्राह्मण अपनी बेटी मेरे बेटे को न दे दे, या (उसका) उसके साथ रिश्ता न हो जाए”. इस बात की कई ब्राह्मण संगठनों और कम्युनिटी के नेताओं ने बहुत बुराई की, और इसे “अभद्र, जातिवादी और

    ब्राह्मण बेटियों का बहुत अपमान करने वाला” कहा.
    मुख्यमंत्री के निर्देश का अनुपालन करते हुए, कृषि विभाग ने वर्मा को कृषि विभाग में उप सचिव के पद से हटा दिया है. उन्हें बिना किसी विभागीय कार्यभार या कार्य के जीएडी पूल से जोड़ दिया गया है, जिससे वे प्रभावी रूप से प्रशासनिक जिम्मेदारियों से अलग हो गए हैं. केंद्र को बर्खास्तगी की सिफारिश करके और विभागीय आरोप लगाकर, राज्य ने संकेत दिया है कि धोखाधड़ीपूर्ण पदोन्नति और कदाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अब अंतिम निर्णय केंद्र सरकार पर निर्भर करता है, जो वर्मा को आईएएस से हटाने के प्रस्ताव पर कार्रवाई करेगी.

  • नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत 13 दिसम्बर को

    भोपाल
    नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा 13 दिसम्बर-2025 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत के संबंध में सभी नगर निगमों एवं नगर पालिकाओं को कर एवं प्रभार वसूली के लिए निर्देश दिये गये हैं।

    आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री संकेत भोंडवे ने सभी नगरीय निकायों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि लोक अदालत में अधिकतम मामलों का निराकरण सुनिश्चित किया जाये। करदाताओं को बकाया कर, जल प्रभार एवं अन्य उपभोक्ता प्रभार जमा करने के लिये प्रोत्साहित किया जाये। विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम-1961 तथा म.प्र. नगर निगम अधिनियम-1956 के प्रावधानों के तहत देय करों एवं प्रभारों पर निर्धारित सीमा तक ब्याज एवं अर्थदंड (पेनाल्टी) में छूट प्रदान की जा सकेगी।

    नेशनल लोक अदालत के दौरान कर एवं प्रभार वसूली को सुगम बनाने के लिए ई-नगर पालिका पोर्टल के माध्यम से भुगतान की सुविधा उपलब्ध रहेगी। नागरिकों को नेशनल लोक अदालत के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिये गये हैं।

     

  • उज्जैन के महाकाल मंदिर में 1 जनवरी से बड़ी और भारी फूलों की माला पर लगेगी रोक

    उज्जैन
     ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में भगवान महाकाल को फूलों की बड़ी व भारी माला पहनाने पर रोक लगाने की तैयारी कर ली गई है। मंदिर के उद्घोषणा कक्ष से भक्तों को नए नियम की जानकारी देने के लिए लगातार उद्घोषण की जा रही है। मंदिर समिति का भक्तों से अनुरोध है कि वे भगवान के लिए अजगर माला नहीं खरीदें। एक जनवरी से इस पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं।

    महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का क्षरण रोकने के लिए वर्ष 2017 में लगी एक जनहित याचिका पर सुनाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ज्योतिर्लिंग के क्षरण की जांच तथा उसे रोकने के उपाय करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) तथा भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआइ) के विशेषज्ञों की टीम गठित की थी। विशेषज्ञों ने वर्ष 2019 से जांच शुरू की तथा ज्योतिर्लिंग की सुरक्षित रखने के लिए अनेक सुझाव दिए।

    इसमें एक सुझाव भगवान महाकाल को फूलों की छोटी माला तथा समिति मात्रा में फूल अर्पण का था। लेकिन पिछले कुछ समय से विशेषज्ञों के सुझाव को दरकिनार करते हुए भगवान को फूलों की मोटी व बड़ी माला पहनाई जा रही थी। मंदिर के आसपास हारफूल की दुकानों पर भी 10 से 15 किलो वजनी मालाओं का विक्रय किया जा रहा था।

    500 से 2100 रुपये तक बिकने वाली इन अजगर मालाओं को भक्त खरीद रहे थे। मंदिर के भीतर इन्हें भगवान को पहनाया भी जा रहा था। मामले में नईदुनिया ने 28 नवंबर को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था, इसके बाद मंदिर प्रशासन ने इस पर रोक लगाने का निर्णय लिया है।
    प्रवेश द्वार पर पड़ताल के बाद मिलेगा प्रवेश

    नया नियम लागू होने के बाद मंदिर के विभिन्न द्वारों पर तैनात गार्ड भक्तों द्वारा भगवान को अर्पण करने के लिए लाई जा रही पूजन सामग्री की जांच करेंगे। बड़ी व भारी फूल माला को गेट पर ही अलग रखवा दिया जाएगा। किसी भी सूरत में बड़ी फूल माला मंदिर के भीतर जाने नहीं दी जाएगी। यह व्यवस्था एक जनवरी से सख्ती से लागू होगी।
    बड़ी व भारी फूल माला पर लगेगी रोक

        सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एक्सपर्ट कमेटी के सुझाव पर भगवान महाकाल को फूलों की बड़ी व भारी माला अर्पित करने पर रोक लगाई जा रही है। एक जनवरी से इस पर सख्ती से रोक रहेगी। – प्रथम कौशिक, प्रशासक, श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति