• एम.पी. ट्रांसको का नया कदम: ‘रोको-टोको’ अभियान के तहत बिजली चोरी पर लगेगी कड़ी नजर

    एम.पी. ट्रांसको चलाएगी ‘रोको-टोको‘‘अभियान

    इंदौर की ट्रांसमिशन लाइनों में चायनीज मांझा फँसने से दो वर्षों में 13 बार बिजली बाधित

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने इंदौर शहर में ट्रांसमिशन लाइनों के नजदीक चायनीज मांझे से पतंग उड़ाने के कारण उत्पन्न होने वाली संभावित दुर्घटनाओं और विद्युत व्यवधानों पर अंकुश लगाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें सतर्क व सुरक्षित रखने के उद्देश्य से कंपनी इंदौर में विशेष ‘‘रोको-टोको ‘‘ अभियान चलाएगी।

    एम.पी. ट्रांसको की कार्यपालन अभियंता मती नमृता जैन ने जानकारी दी कि पिछले दो वर्षों में इंदौर क्षेत्र में 13 बार ऐसी घटनाएं हुई हैं, जब पतंग के साथ चायनीज मांझा ट्रांसमिशन लाइन के संपर्क में आया, जिससे न केवल बिजली आपूर्ति बाधित हुई, बल्कि ट्रांसमिशन लाइनें क्षतिग्रस्त भी हुईं।

    चलाया जायेगा जागरूकता अभियान

    रोको-टोको अभियान के तहत, एम.पी. ट्रांसको ने इंदौर के उन क्षेत्रों को चिन्हित किया है जहाँ बहुतायत में पतंग उड़ाई जाती हैं। इन संवेदनशील क्षेत्रों में नागरिकों से व्यक्तिगत संपर्क स्थापित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, व्यापक जागरूकता फैलाने के लिए पोस्टर, बैनर और पी.ए. सिस्टम के माध्यम से भी लोगों को सचेत और सतर्क किया जाएगा, ताकि जान-माल की हानि रोकी जा सके और उपभोक्ताओं को व्यापक क्षेत्र में बिजली के अनावश्यक लंबे व्यवधान का सामना न करना पड़े।

    क्यों घातक है चायनीज मांझा

    दरअसल, चायनीज मांझा, जो कि सामान्य सूती धागे से अलग होता है, विद्युत का सुचालक होने के कारण बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। ट्रांसमिशन लाइनों के संपर्क में आने पर यह न केवल बिजली आपूर्ति में व्यवधान डालता है, बल्कि जान-माल की हानि का कारण भी बन सकता है। जब यह मांझा बिजली के तारों से टकराता है, तो इसमें मौजूद सामग्री के कारण करंट प्रवाहित हो सकता है, जिससे पतंग उड़ाने वाले और आसपास के लोगों को गंभीर खतरा होता है।

    इंदौर में ये क्षेत्र है संवेदनशील

    इंदौर में जिन क्षेत्रों को चायनीज मांझा के साथ पतंग उड़ाने के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील माना गया है, उनमें मुख्य रूप से लिम्बोदी, मूसाखेड़ी, खजराना, महालक्ष्मी नगर, सुखलिया, गौरीनगर, बाणगंगा, तेजाजी नगर और नेमावर रोड शामिल हैं। इन क्षेत्रों में अभियान पर विशेष जोर रहेगा।

     

  • पिता-पुत्री का भावुक मिलन, बिहार शरीफ लौट सकी ममता उर्फ अंशु

    रायपुर : 4-5 वर्षों से लापता दिव्यांग युवती ममता की हुई घर वापसी

    मानवाधिकार दिवस पर नारी निकेतन ने लिखी संवेदनशील कहानी

    पिता-पुत्री का भावुक मिलन, बिहार शरीफ लौट सकी ममता उर्फ अंशु

    रायपुर

    स्वतंत्रता, समानता और न्याय के मौलिक अधिकारों को बढ़ावा देने और उनकी रक्षा करने के प्रति सदैव सजग रहेंगे, उन्हें महत्व देंगे। नारी निकेतन अम्बिकापुर ने मानवता और सेवा की मिसाल पेश करते हुए पिछले 4-5 वर्षों से लापता मानसिक रूप से विक्षिप्त एवं शारीरिक रूप से विकलांग युवती ममता उर्फ अंशु पासवान को उसके परिवार से मिलाया। यह मिलन विशेष रूप से भावुक रहा क्योंकि मानवाधिकार दिवस के अवसर पर ममता को अपने जीवन का सबसे बड़ा अधिकार घर और परिवार का स्नेह वापस मिला। वर्षों बाद अपनी बेटी को देखकर पिता भावुक हो उठे और संस्था द्वारा की गई देखभाल, सुरक्षा, पोषण, उपचार और सहयोग के लिए गहरी कृतज्ञता व्यक्त की।
               अक्टूबर 2025 में बैकुंठपुर रेलवे स्टेशन के पास भटकती हुई अवस्था में मिली ममता की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और शारीरिक विकलांगता के कारण वह चलने-फिरने में भी असमर्थ थी। 15 अक्टूबर 2025 से वह नारी निकेतन में रह रही थी, जहाँ वह अपना नाम, घर और पहचान तक बताने में असमर्थ थी। नारी निकेतन ने उसे न केवल सुरक्षित आश्रय दिया, बल्कि जिला चिकित्सालय अम्बिकापुर के मनोरोग विभाग से निरंतर उपचार और संस्था के परामर्शदाताओं द्वारा नियमित काउंसलिंग की सुविधा प्रदान की। धीरे-धीरे मानसिक स्थिति सुधरने पर ममता को अपने पिता का मोबाइल नंबर याद आया, जिससे उसकी पहचान का महत्वपूर्ण सुराग मिला।
                संस्था द्वारा संपर्क किए जाने पर पता चला कि ममता नालंदा (बिहार) की निवासी है। इसके बाद सखी वन स्टॉप सेंटर नालंदा ने फोटो के माध्यम से पहचान की पुष्टि की और उसके परिवार का पता निर्धारित किया।

    दोनों संस्थाओं के लगातार समन्वय एवं प्रयासों से युवती का पुनर्वास संभव हो सका। मानवाधिकार दिवस 10 दिसंबर 2025 को नारी निकेतन में औपचारिक रूप से ममता को उसके पिता  कैलाश पासवान और परिजनों को सौंप दिया गया। वर्षों बाद अपनी बेटी को देखकर पिता भावुक हो उठे और संस्था द्वारा की गई देखभाल, सुरक्षा, पोषण, उपचार और सहयोग के लिए गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। बिहार शरीफ के छोटे कृषक  पासवान ने कहा कि उनकी बेटी का सुरक्षित मिलना उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है।

              नारी निकेतन के संवेदनशील प्रयासों, नियमित उपचार, परामर्श, पोषण और संरक्षण ने ही ममता को अपनी पहचान याद करने में सक्षम बनाया और अंततः उसकी घर वापसी सुनिश्चित की। यह सफलता न केवल एक परिवार के पुनर्मिलन की खुशी है, बल्कि मानवता और मानवाधिकारों की सच्ची जीत का प्रतीक भी है।

  • सौर संयंत्र स्थापना, जन जागरूकता, सामुदायिक भागीदारी और नवाचार पर तय होगा मॉडल विलेज का चयन

    दंतेवाड़ा : पी.एम. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत जिले में बनाये जायेगें ‘सोलर मॉडल विलेज’

    जिला स्तरीय चयन समिति द्वारा शुरू हुई चयन प्रक्रिया, 10 सर्वाधिक आबादी वाले ग्रामों में चलेगी प्रतिस्पर्धा

    सौर संयंत्र स्थापना, जन जागरूकता, सामुदायिक भागीदारी और नवाचार पर तय होगा मॉडल विलेज का चयन
     दंतेवाड़ा

    केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पी.एम. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत दंतेवाड़ा जिले में एक ग्राम को पूर्णतः सौर ऊर्जा आधारित सोलर मॉडल विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। इस दिशा में कलेक्टर  कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में जिला स्तरीय चयन समिति ने औपचारिक रूप से चयन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। भारत सरकार द्वारा जारी अद्यतन दिशा-निर्देशों के अनुसार अब नवीन जनगणना के आधार पर ऐसे राजस्व ग्रामों का चयन किया जाना आवश्यक है जिनकी आबादी 5,000 से अधिक हो। जबकि नवीनतम जनगणना अनुसार जिले में 5,000 से अधिक आबादी वाले ग्रामों की संख्या 10 से कम होने के कारण जिला स्तरीय समिति द्वारा जिले के प्रथम 10 सर्वाधिक आबादी वाले ग्रामों के मध्य प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया आयोजित की जा रही है।

    इस प्रक्रिया के आधार पर ही अंतिम मॉडल सोलर विलेज का चयन किया जाएगा। दंतेवाड़ा जिले में केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार जिले में प्रतियोगिता के लिए चयनित 10 ग्रामों में ग्राम कारली, बालूद, टिकनपाल, कुआकोंडा, ग्राम गड़मिरी, मेटापाल, गुडसे, दुगेली, बड़े बचेली और कासोली शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के निर्देश पर राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार को गति देने के लिए जिलों को निरंतर कार्य करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के हर घर सौर ऊर्जा लक्ष्य को धरातल पर साकार किया जा सके। इन्हीं ग्रामों में से एक ग्राम जिले का पहला सोलर मॉडल विलेज बनेगा।

    ‘सोलर मॉडल विलेज’ हेतु जिले के सभी विकासखंड से ग्रामों का चयन किया गया है। इन ग्रामों में अब माह फरवरी 2026 तक सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने, जन जागरूकता अभियान चलाने, घरेलू एवं सामुदायिक सौर संयंत्रों की स्थापना, तथा योजनाओं के लिए ग्रामीणों द्वारा किए जाने वाले आवेदनों की सतत समीक्षा की जाएगी। इस प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक चयनित ग्राम में आदर्श ग्राम समिति गठित की जा रही है, जिसमें सरपंच, सचिव, जनप्रतिनिधि, शिक्षक, डॉक्टर तथा ग्राम अंतर्गत शासकीय अधिकारी कर्मचारी सदस्य के रूप में शामिल हो सकते हैं। यह समिति डोर-टू-डोर संपर्क कर ग्रामीणों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करेगी। साथ ही पी.एम. कुसुम योजना, जल जीवन मिशन के सोलर डुअल पंप, सौर सुजला योजना,  पी.एम. सूर्य घर योजना, सोलर हाईमास्ट, सोलर स्ट्रीट लाइट तथा अन्य नवीकरणीय ऊर्जा आधारित व्यवस्थाओं की जानकारी भी प्रदान करेगी।

      इस संबंध में क्रेडा के सहायक अभियंता  रविकांत भारद्वाज ने बताया कि दिशा-निर्देशों के अनुसार जिस ग्राम में सरकारी अथवा गैर-सरकारी माध्यमों से सर्वाधिक सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित होगी, उसे मॉडल सोलर विलेज के रूप में प्राथमिकता दी जाएगी। इसी को प्रतिस्पर्धा हेतु सूचीबद्ध किया गया है। इन ग्रामों में सौर ऊर्जा क्षमता को बढ़ाने और मूल्यांकन के लिए 28 फरवरी 2026 निर्धारित की गई है। इस प्रतियोगिता के दौरान प्रत्येक ग्राम अपनी जरूरतों के अनुसार सामुदायिक सौर संयंत्रों के प्रस्ताव तैयार कर जिला स्तर पर प्रस्तुत भी कर सकेगा। निर्धारित अवधि पूर्ण होने पर जिला स्तरीय समिति द्वारा सभी ग्रामों का मूल्यांकन किया जाएगा।

    यह मूल्यांकन ग्राम में स्थापित सौर संयंत्रों की संख्या, योजनाओं के लिए किए गए आवेदनों, प्रेषित प्रस्ताव, सामुदायिक सहभागिता, उपलब्ध ऊर्जा सुविधाओं और सौर संसाधनों के उपयोग की आधारशिला पर होगा। इसी मूल्यांकन के आधार पर जिले के पहले सोलर मॉडल विलेज का चयन किया जाएगा और चयनित ग्राम के विकास हेतु 2 करोड़ रुपये की डी.पी.आर. तैयार कर 15 मार्च 2026 तक ऊर्जा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन को भेजा जाएगा। ताकि उस ग्राम को पूर्णतः सौर ऊर्जा आधारित आदर्श मॉडल ग्राम के रूप में विकसित किया जा सके। इस संबंध में क्रेडा विभाग द्वारा प्रतिस्पर्धा की प्रक्रिया जारी है और निर्धारित मानकों के आधार पर जिले के आदर्श सौर ग्राम का चयन समय सीमा में कर लिया जाएगा।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आंध्रप्रदेश के धर्मावरम में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण

    अटलजी भाषा से, भाषण से और व्यक्तित्व से गंगा-यमुना की तरह पवित्र थे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    अटलजी के बताए मार्ग पर आगे बढ़ रही है सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आंध्रप्रदेश के धर्मावरम में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण

    मुख्यमंत्री अटल ज्योति संदेश यात्रा में हुए शामिल

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत रत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने राष्ट्र सेवा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। वे हिमालय के समान विराट व्यक्तित्व के धनी थे। पूरी दुनिया में उनका एक अलग ही सम्मान है। वे भाषा से, भाषण से और व्यक्तित्व से गंगा-यमुना की तरह पवित्र थे। आज आंध्र प्रदेश में उनके जन्मशताब्दी वर्ष में 15 दिवसीय अटल ज्योति संदेश यात्रा की शुरुआत हुई है। यह यात्रा आंध्र प्रदेश के 20 जिलों तक पहुंचेगी और 25 दिसंबर को स्व. वाजपेयी की जयंती के अवसर पर यात्रा का समापन होगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आंध्र प्रदेश के सत्य साईं जिले के धर्मावरम में स्व. वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण भी हुआ है। स्व. वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1923 को ग्वालियर के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। उन्होंने देश-दुनिया में अपनी प्रतिभा के बल पर नाम कमाया। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री  एन. चंद्रबाबू नायडू के साथ  वाजपेयी के घनिष्ठ संबंध रहे। उनके कार्यकाल में ही  नायडू एनडीए के प्रेसिडेंट बने थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को धर्मावरम में अटल ज्योति संदेश यात्रा में सहभागिता की एवं स्व. वाजपेयी की विशाल प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अटलजी ने लगातार तीन बार प्रधानमंत्री बनकर देश की जनता की सेवा की। पोखरण में परमाणु परीक्षण किया। कारगिल में पाकिस्तान को सबक सिखाया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सौगात दी। आज प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी के बताए मार्ग पर देश की सरकार चल रही है। प्रधानमंत्री  मोदी और मुख्यमंत्री  नायडू की दोस्ती पक्की है।  चंद्रबाबू नायडू आंध्र प्रदेश में एनडीए सरकार में मुख्यमंत्री हैं। वे आंध्र प्रदेश को हर क्षेत्र में आगे बढ़ा रहे हैं। प्रधानमंत्री  मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश भी विकास के पथ पर अग्रसर है। एनडीए ने भगवान कृष्ण के वंशज को मध्यप्रदेश की कमान सौंपी है। आंध्र प्रदेश में  नायडू ने सत्या जी को आगे बढ़ाया है। यही सबका साथ-सबका विकास का संकल्प है। जनता के चेहरे के भाव देखकर ऐसा लग रहा है कि आंध्र प्रदेश और मध्यप्रदेश दो बिछड़े भाइयों के समान हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने देशवासियों को आयुष्मान योजना से मुफ्त इलाज, सागर माला, भारत माला, स्टैंड-अप इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया जैसी योजनाएं दी हैं। आज हम प्रधाममंत्री  मोदी और  नायडू के नेतृत्व में आंध्र प्रदेश और देश को आगे बढ़ते हुए देख रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आंध्र प्रदेश के पार्टी अध्यक्ष  टीवीएन माधव को अटल ज्योति संदेश यात्रा के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि अटल ज्योति संदेश यात्रा से आंध्र प्रदेश की जनता को स्व. वाजपेयी के जीवन के विविध पहलुओं से परिचित होने का अवसर मिलेगा। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी कहते थे कि अपना हृदय विशाल बनाओ। सबके साथ, सबके लिए काम और विकास करो। स्व. वाजपेयी की पंक्तियां याद आती हैं- छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता और टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता।

    कार्यक्रम में विधायक  मधुसूदन रेड्डी, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीयजन उपस्थित थे।

     

  • रायपुर: संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने दीपावली को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल होने पर दी बधाई

    रायपुर : संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने दीपावली पर्व के यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल होने पर प्रदेश एवं देशवासियों को दी बधाई एवं शुभकामनाएं

    यह सम्मान हमारी सनातन परंपरा, राम के आदर्शों और छत्तीसगढ़ की विशिष्ट ‘भांचा’ संस्कृति की वैश्विक पहचान है:  मंत्री अग्रवाल

    रायपुर

    खुशियों और प्रकाश का पर्व दीपावली अब विश्व स्तर पर भारत की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के रूप में मान्यता प्राप्त कर चुका है। यूनेस्को की इंटरगवर्नमेंटल कमेटी ने नई दिल्ली स्थित लाल किला परिसर में चल रही बैठक के दौरान ‘दीपावली, द फेस्टिवल ऑफ लाइट्स’ को प्रतिनिधि सूची में शामिल करने का निर्णय लिया, जिससे यह भारत की 16वीं अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर बन गई है।

    इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने प्रदेशवासियों और देशवासियों को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित की है। उन्होंने कहा कि अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देने वाली दीपावली को वैश्विक मान्यता मिलना भारत की आध्यात्मिक परंपरा, सांस्कृतिक विविधता और साझा उत्सवधर्मिता की स्वीकृति है।

    संस्कृति मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि प्रभु राम के वनवास का बड़ा हिस्सा आज के छत्तीसगढ़ क्षेत्र के घने वनों और आश्रमों में व्यतीत हुआ, जिससे यह धरती स्वयं राम की पावन चरण-पथ से अभिमंडित है। ऐतिहासिक और पौराणिक संदर्भों में छत्तीसगढ़ को प्रभु  राम का ननिहाल माना जाता है, क्योंकि माता कौशल्या की जन्मस्थली मानी जाने वाली चंदखुरी में उनका प्राचीन मंदिर स्थित है, जो  राम-कौशल्या संबंध का सजीव प्रतीक स्थल है।

    उन्होंने कहा कि इसी भावनात्मक रिश्ते के कारण छत्तीसगढ़ की जनता प्रभु राम को स्नेहपूर्वक ‘भांचा राम’ कहकर संबोधित करती है। भांचा के प्रति विशेष सम्मान की अभिव्यक्ति के रूप में यहां चरण स्पर्श करने की लोकपरंपरा प्रचलित है, जो छत्तीसगढ़ी समाज में राम के प्रति अपनत्व, भक्ति और पारिवारिक निकटता की अनूठी मिसाल प्रस्तुत करती है।

     अग्रवाल ने कहा कि दीपावली का यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल होना छत्तीसगढ़ के लिए भी गर्व का क्षण है, क्योंकि यह वही त्योहार है जो राम के अयोध्या लौटने की स्मृति में गांव-गांव में लोकोत्सव और पारिवारिक परंपराओं के रूप में यहां विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह मान्यता दीपावली को केवल धार्मिक पर्व न मानकर एक सांस्कृतिक, सामाजिक समरसता, पारिवारिक मिलन, लोककला, दीप सज्जा, रंगोली, गीत-संगीत और पारंपरिक हस्तशिल्प के व्यापक उत्सव के रूप में स्वीकार करती है।

    उन्होंने रेखांकित किया कि सूची में शामिल होने के बाद भारत और छत्तीसगढ़ की साझा जिम्मेदारी है कि दीपावली से जुड़ी लोकपरंपराओं, शिल्पकला, पर्यावरण-संवेदनशील आचरण और सामूहिक उत्सव संस्कृति को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित और सशक्त रूप से पहुँचाया जाए।

    संस्कृति मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति, त्यौहारों, नृत्यों, गीतों और आस्थाओं की जड़ें गहराई से रामकथा और ग्रामीण जीवन से जुड़ी हैं। दीपावली को मिली वैश्विक मान्यता इस बात की प्रतीक है कि गाँव की चौपाल से लेकर शहरों की सड़कों तक जलने वाला हर दीया अब विश्व विरासत के आलोक में जगमगा रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के प्रत्येक घरों में सायंकाल दिए जलाकर इस अवसर को उत्सव के रूप में मनाने का आह्वान किया। 

     अग्रवाल ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे भारतीय संस्कृति के मूल मंत्र सद्भाव, सेवा, साझा आनंद और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राम के आदर्शों, माता कौशल्या की करुणा और ‘भांचा राम’ के प्रति छत्तीसगढ़ की आत्मीय श्रद्धा से प्रेरित होकर प्रदेश सामाजिक व आध्यात्मिक प्रगति के नए आयाम स्थापित करेगा।

     राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह वर्ष हर घर में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और नई ऊर्जा लेकर आए। उन्होंने कामना की कि यूनेस्को की यह मान्यता भारत की सांस्कृतिक कूटनीति को नया आयाम दे, विश्व समुदाय में भारतीय त्योहारों के प्रति जिज्ञासा और सम्मान बढ़ाए, तथा छत्तीसगढ़ को राम के वनगमन पथ और कौशल्या धाम के रूप में देखने आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में सकारात्मक वृद्धि हो।

    उन्होंने अंत में सभी छत्तीसगढ़ वासियों, भारतीयों और प्रवासी भारतीय समुदाय को दीपावली पर्व के यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल होने पर हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए इसे “विश्व को भारत के सांस्कृतिक प्रकाश से आलोकित करने वाला पर्व” बताया।

  • प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत पिपलाकछार में शिविर आयोजित, ग्रामीणों को मिली सुविधाएं

    रायपुर

    खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिले के अंतर्गत पाण्डादाह वितरण केंद्र अंतर्गत ग्राम पिपलाकछार में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रचार-प्रसार एवं जनजागरूकता के उद्देश्य से  ग्राम स्तरीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्राम सरपंच, पंचगण तथा स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए।

        कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों को योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभों, आवेदन की प्रक्रिया, पात्रता तथा सोलर रूफटॉप प्रणाली की स्थापना से संबंधित तकनीकी जानकारी विस्तारपूर्वक दी गई। साथ ही सब्सिडी एवं वित्तीय सहायता संरचना के बारे में भी बताया गया, जिससे आमजन सही तरीके से योजना का लाभ उठा सकें।

        शिविर के दौरान ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और बिजली बचत एवं सौर ऊर्जा के उपयोग की दिशा में रुचि प्रकट की। कई ग्रामीणों ने मौके पर ही पंजीयन के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। आयोजन के सफल संचालन के साथ कार्यक्रम सकारात्मक संदेश छोड़ते हुए संपन्न हुआ, जिससे गांव में नवीकरणीय ऊर्जा को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद बढ़ी है।

  • रायपुर साहित्य उत्सव 2026 में कॉलेज विद्यार्थियों के लिए सभी जिलों में कविता और कहानी प्रतियोगिताओं का आयोजन

    रायपुर : रायपुर साहित्य उत्सव 2026 :कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए सभी जिलों में होगीं कविता-कहानी प्रतियोगिताएं

    पुरस्कार भी मिलेंगे, जिले के विजेताओं को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में शामिल किया जायेगा

    विद्यार्थियों से 30 दिसंबर तक ली जायेगी स्वरचित कहानियां और कविताएं

    रायपुर

    नवा रायपुर में अगले महीने होने वाले साहित्य उत्सव के पहले प्रदेश के सभी जिलों में महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं के लिए कहानी एवं कविता प्रतियोगिताएं आयोजित होगी। इन दोनों प्रतियोगिताओं में जिला स्तर पर विजेताओं को पुरस्कार भी मिलेंगे। जिले के विजेताओं को राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में शामिल किया जायेगा और सर्वोत्कृष्ठ कहानी तथा कविता को रायपुर साहित्य उत्सव में पुरस्कृत किया जायेगा। इस प्रतियोगिता के लिये जिलेवार नोडल अधिकारी नियुक्त किए जा रहे हैं। 

    प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेेने के इच्छुक छात्र-छात्राएं अपनी स्वरचित कविता और कहानी 30 दिसंबर 2025 तक जिले के नोडल अधिकारी कार्यालय में जमा करा सकते हैं। 30 दिसंबर के बाद मिली कहानियों-कविताओं को प्रतियोगिता में शामिल नहीं किया जायेगा। प्रदेश की समृद्धशाली साहित्यिक विरासत को लोगों तक पहुंचानें और साहित्य लेखन में युवाओं की सहभागिता बढ़ाने के लिए नवा रायपुर में 23-25 जनवरी 2026 तक रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन होगा। 

    साहित्य उत्सव के तहत जिलेवार महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए आयोजित होने वाली कविता-कहानी प्रतियोगिताओं में पहले पुरस्कार के रूप में 5,100 रूपए, दूसरे पुरस्कार के रूप में 3,100 रूपए और तीसरे पुरस्कार के रूप में 1,500 रूपए की धनराशि दी जाएगी। इसी तरह दोनों प्रतियोगिताओं में 1000-1000 रूपए के तीन-तीन प्रोत्साहन पुरस्कार भी दिए जायेंगे। जिला स्तर पर प्रथम पुरस्कार प्राप्त कहानी-कविताओं को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में शामिल किया जायेगा। राज्य स्तर पर पहले पुरस्कार के रूप में 21,000 रूपए, दूसरे पुरस्कार के रूप में 11,000 रूपए और तीसरे पुरस्कार के रूप में 7,000 रूपए की धनराशि दी जाएगी। इसी तरह दोनों प्रतियोगिताओं में राज्य स्तर पर 5,100-5,100 रूपए के तीन-तीन प्रोत्साहन पुरस्कार भी दिए जायेंगे। 

    प्रतियोगिता में शामिल की जाने वाली कविता न्यूनतम 8 छंदों की मौलिक, अप्रकाशित तथा टंकित होनी चाहिए। इसी तरह कहानी 1200 शब्दों में मौलिक, अप्रकाशित और टंकित होनी चाहिए।  प्रतिभागी किसी महाविद्यालय-विश्वविद्यालय का विद्यार्थी हो एवं उसकी आयु 40 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। प्रतिभागी को अपने महाविद्यालय का परिचय पत्र अथवा प्राचार्य का प्रमाणपत्र भी लगाना होगा। प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल का निर्णय अंतिम और सर्वमान्य होगा। पुरस्कारों की घोषणा जनवरी 2026 में की जाएगी और पुरस्कृत प्रतिभागियों को 23, 24, 25 जनवरी 2026 को होने वाले रायपुर साहित्य उत्सव में पुरस्कृत किया जाएगा। प्रविष्टी जमा करते समय कविता-कहानी के प्रारंभ में ऊपर एवं लिफाफे पर “युवा हिंदी कविता-कहानी लेखन प्रतियोगिता“ अवश्य अंकित करना होगा। पुरस्कृत कविताओं-कहानियों  का संकलन कर प्रकाशित किया जाएगा जिसका विमोचन रायपुर साहित्य उत्सव के मंच पर किया जाएगा।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दावा: प्रदेश की इंडस्ट्रियल ग्रोथ रेट देश में सर्वाधिक, रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में काम जारी

    प्रदेश की इंडस्ट्रियल ग्रोथ रेट देश में सर्वाधिक, रोजगार के अवसर और उद्योगों के विकास पर जोर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    सरकार के सफलतम 2 वर्ष पूर्ण होने पर 13-14 दिसंबर को भोपाल और इंदौर में होंगे विशेष कार्यक्रम

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार के सफलतम 2 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 13 दिसंबर को भोपाल और 14 दिसंबर को इंदौर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रदेश में सरकार बनने के बाद गरीब, किसान, युवा और नारी कल्याण के लिए कई उल्लेखनीय निर्णय लिए गए। राज्य में कृषि के लिए सिंचाई का रकबा दोगुना करने के उद्देश्य से जल गंगा संवर्धन अभियान और कई बड़ी परियोजनाओं के माध्यम से प्रयास जारी हैं। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए उद्योगों के विकास पर जोर दिया जा रहा है। हमारी इंडस्ट्रियल ग्रोथ रेट देश में सबसे अधिक है।

    'अच्छे कार्य में साथ, लेकिन कुछ गलत होगा तो बर्दाश्त नहीं'

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में सुशासन पर आधारित व्यवस्थाएं संचालित हों, इसके लिए अच्छे कार्य में सदैव साथ हैं और अगर कहीं भी कुछ गलत होगा तो उसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। मध्यप्रदेश की धरती से नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में विगत दिनों उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल हुई है। प्रदेश में नक्सलियों का सबसे बड़ा सरेंडर बालाघाट में कराया गया है। भविष्य में नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने का लक्ष्य है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के लिये रवाना होने से पहले इंदौर में मीडिया से चर्चा कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर में आंध्र प्रदेश के सत्य साईं जिले के धर्मावरम में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मशताब्दी वर्ष के समापन पर अटल ज्योति संदेश यात्रा कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे।

     

  • छत्तीसगढ़ में स्वरोजगार का बढ़ता प्रभाव, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मजबूत हो रहा आर्थिक तंत्र

    रायपुर : विशेष लेख : सरकार का संकल्प – आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ का निर्माण

    छत्तीसगढ़ में स्वरोजगार का नया क्षितिज – सशक्त होता ग्रामीण-शहरी आर्थिक तंत्र

    रायपुर

    सरकार का संकल्प – आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ का निर्माण

    छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख रूप से कुटीर उद्योगों को केंद्रीकृत किया गया है। ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में युवाओं, महिलाओं तथा बेरोजगार लोगों को रोजगार एवं स्वरोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राज्य के 28 जिलों में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित किया जा रहा है, जिनसे स्थानीय स्तर पर उद्यम स्थापित होंगे और आर्थिक गतिविधियाँ मजबूत होंगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की जनकल्याणकारी सोच और खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री गजेंद्र यादव के प्रयासों से यह क्षेत्र नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर है।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय – विकास को जन-जन तक पहुँचाने वाले नेतृत्वकर्ता

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपनी सरलता, सहजता, दृढ़ता और ग्रामीण विकास के प्रति संवेदनशीलता के लिए जाने जाते हैं। उनका यह स्पष्ट मानना है कि छत्तीसगढ़ का वास्तविक सामर्थ्य गाँवों में निहित है, जहाँ परंपरा, कौशल और संसाधन प्रचुर मात्रा में मौजूद हैं। वे मानते हैं कि स्व-रोजगार ही आर्थिक सशक्तिकरण का सबसे मजबूत माध्यम है। उनके नेतृत्व में सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि स्व-रोजगार योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पहुंचे और कुटीर, सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को बढ़ावा देकर राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी जाए।

    खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री गजेंद्र यादव -ग्रामोद्योग के पुनर्जागरण के निर्माता

    गजेंद्र यादव अपने ऊर्जा से भरे कार्यशैली, जमीनी समझ और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के निरंतर प्रयासों के लिए पहचाने जाते हैं। वे लगातार यह प्रयास कर रहे हैं कि परंपरागत कौशलों को आधुनिक बाजार से जोड़ा जाए, जिससे स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को अधिक अवसर मिल सकें। उनकी पहल से कुटीर उद्योगों में नई संभावनाएँ विकसित हुई हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता का वातावरण मजबूत हुआ है। उनके नेतृत्व में खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग ने कई अभिनव कदम उठाए हैं, जिससे हजारों लोगों को आजीविका के नए साधन प्राप्त हुए हैं।

    कुटीर उद्योगों को नई ऊर्जा देने वाली दो प्रमुख योजनाएँ

    मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (CMEGP)

    यह राज्य शासन की अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है जो मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के अजा, अजजा एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करती है। इस योजना का उद्देश्य उन लोगों को छोटे उद्योग स्थापित करने हेतु प्रेरित करना है, जो अपने कौशल के आधार पर सेवा या विनिर्माण क्षेत्रों में कारोबार शुरू करना चाहते हैं। सेवा क्षेत्र जैसे साइकिल और मोबाइल रिपेयरिंग, इलेक्ट्रॉनिक/इलेक्ट्रिक मरम्मत, ब्यूटी पार्लर, फोटोकॉपी, वीडियोग्राफी, टेंट हाउस, च्वाइस सेंटर और होटल जैसी गतिविधियों में उद्यम स्थापित करने हेतु ऋण उपलब्ध कराया जाता है, जिसकी अधिकतम सीमा एक लाख रूपए निर्धारित है।

    वहीं विनिर्माण क्षेत्र जैसे दोना-पत्तल निर्माण, फेब्रिकेशन, डेयरी उत्पाद, साबुन, मसाला, दलिया, पशुचारा, फ्लाई ऐश ब्रिक्स और नूडल्स निर्माण जैसे उद्योगों को बढ़ावा देने हेतु 3 लाख रूपए तक का ऋण प्रदान किया जाता है। इन दोनों ही श्रेणियों में 35 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है, ताकि प्रारंभिक आर्थिक बोझ कम हो सके। योजना के अंतर्गत हितग्राही को केवल 5 प्रतिशत स्वयं का अंशदान करना होता है। यह योजना विशेषकर ग्रामीण युवाओं को उद्यम स्थापना के लिए प्रेरित करती है।

    प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP)

    यह केंद्र शासन की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ में प्रभावी रूप से किया जा रहा है। योजना का उद्देश्य विभिन्न वर्गों-अजा, अजजा, ओबीसी तथा सामान्य वर्ग को उद्यमिता के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराना है। इस योजना में सेवा क्षेत्र के लिए 20 लाख रूपए तक और विनिर्माण क्षेत्र के लिए 50 लाख रूपए तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है, जिससे मध्यम स्तर के उद्यम भी आसानी से शुरू किए जा सकें।

    अनुदान की दृष्टि से यह योजना अत्यंत सहायक है। ग्रामीण क्षेत्रों के हितग्राहियों को 35 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 25 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जाता है। सामान्य वर्ग के हितग्राहियों को ग्रामीण क्षेत्र में 25 प्रतिशत तथा शहरी क्षेत्र में 15 प्रतिशत का अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। आवेदन प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइन है, जिसे च्डम्ळच् पोर्टल के माध्यम से सरलता से भरा जा सकता है। यह योजना विशेष रूप से उन युवाओं के लिए है जो बड़े पैमाने पर उद्यम शुरू करने की क्षमता रखते हैं लेकिन आर्थिक संसाधनों की कमी से जूझते हैं।

    आवेदन हेतु आवश्यक दस्तावेज

    आवेदन करने वाले आवेदकों को कुछ आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं जिनमें पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र, ग्राम पंचायत से प्राप्त अनापत्ति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, बैंक पासबुक की छायाप्रति और पैन कार्ड शामिल हैं। इसके अलावा आवश्यकता पड़ने पर अन्य दस्तावेज भी जमा करने पड़ते हैं। ये दस्तावेज आवेदक की पात्रता और परियोजना की विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हैं।

    आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की ओर मजबूत कदम

    छत्तीसगढ़ में CMEGP और PMEGP जैसी योजनाएँ स्वरोजगार को एक संगठित और सशक्त दिशा प्रदान कर रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री गजेंद्र यादव की दूरदर्शिता, समर्पण और सतत प्रयासों के कारण आज हजारों युवाओं के सपने साकार हो रहे हैं। राज्य सरकार की ये पहल न केवल रोजगार बढ़ा रही हैं, बल्कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आर्थिक संरचना को मजबूती प्रदान कर रही हैं। कोईे भी व्यक्ति अपना उद्योग शुरू करना चाहता है, उसके लिए यह अत्यंत उपयुक्त समय है। अधिक जानकारी एवं आवेदन हेतु खादी एवं ग्रामोद्योग शाखा, कार्यालय रायपुर से संपर्क किया जा सकता है।

                                                                                                                                       • लक्ष्मीकांत कोसरिया, उप संचालक

  • रायपुर: पारदर्शी धान खरीदी प्रक्रिया से किसान बिना किसी परेशानी के बेच रहे हैं धान

    रायपुर : धान खरीदी केंद्र में सुगम और पारदर्शी व्यवस्था से किसान आसानी से बेच रहे धान

    टोकन तुंहर हाथ ऐप से श्री भोलाराम को घर बैठे टोकन की मिली सुविधा

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी नीतियों का सीधा लाभ इस वर्ष कबीरधाम जिले में धान खरीदी व्यवस्था में स्पष्ट दिखाई दे रहा है। टोकन तुंहर हाथ ऐप ने किसानों को घर बैठे ही सरलता से टोकन प्राप्त करने की सुविधा दी है, जिससे खरीदी केंद्रों में अनावश्यक भीड़, भागदौड़ और प्रतीक्षा जैसी समस्याएँ लगभग समाप्त हो गई हैं। केंद्रों में बारदाना उपलब्धता, तौल, भंडारण और भुगतान की सभी व्यवस्थाएँ इस बार पहले से कहीं अधिक पारदर्शी, सुव्यवस्थित और समयबद्ध हैं।

          इन्हीं सुविधाओं का लाभ ग्राम छांटा के किसान श्री भोलाराम चंद्रवंशी को मिला है। 5.57 एकड़ भूमि वाले श्री भोलाराम चार एकड़ में धान और शेष में गन्ने की खेती करते हैं। इस सीजन उन्होंने 84.40 क्विंटल धान बेचा और बताते हैं कि पूरे खरीदी प्रक्रिया के दौरान उन्हें एक भी बार किसी प्रकार की समस्या या असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। तौल से लेकर भुगतान तक उनका संपूर्ण कार्य निर्धारित समय में और बिना किसी भागदौड़ के पूरा हो गया।

         समर्थन मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटल मिलने से उनकी आमदनी में वृद्धि हुई है। वे बताते हैं कि उचित मूल्य से मिली यह आय उनके परिवार के सपनों को नई दिशा दे रही है। वर्तमान में वे अपने परिवार के लिए पक्का मकान बना रहे हैं और कहते हैं कि पहले जो सपने दूर लगते थे, वे अब सरकार की पारदर्शी और धान खरीदी व्यवस्था की बदौलत साकार हो रहे हैं। इस वर्ष धान खरीदी की सुचारू व्यवस्था सरकार की प्राथमिकता है। किसान की समृद्धि ही प्रदेश की प्रगति का मार्ग है।

  • रायपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 35 श्रमिकों को राज मिस्त्री की ट्रेनिंग, कौशल विकास पर जोर

    रायपुर : प्रधानमंत्री आवास हेतु कुशल श्रमिक हो रहे तैयार, 35 श्रमिक बनेंगे राज मिस्त्री

    महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम

    प्रोजेक्ट उन्नति के तहत दी जा रही रूरल मेशन ट्रेंनिंग

    रायपुर

    महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को स्थायी आजीविका उपलब्ध कराना है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए मुंगेली जिले में प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण) की बड़ी संख्या में स्वीकृत आवासों के निर्माण के लिए मिस्त्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु प्रोजेक्ट उन्नति के तहत जिले में 35 पात्र श्रमिकों को रूरल मेशन ट्रेनिंग प्रदान की जा रही है। यह 30 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, कोनी-सेंदरी, बिलासपुर द्वारा आयोजित किया जा रहा है।
          प्रशिक्षण में वही श्रमिक शामिल किए गए हैं, जिन्होंने विगत वर्षों में कम से कम 60 मानव दिवस मनरेगा में कार्य पूरा किया है और जिनकी आयु 18 से 45 वर्ष के मध्य है। प्रशिक्षणार्थियों को प्रधानमंत्री आवास निर्माण स्थलों पर व्यावहारिक कार्य के माध्यम से राज मिस्त्री का कौशल सिखाया जा रहा है। संस्था द्वारा सभी प्रशिक्षणार्थियों को निःशुल्क सेफ्टी किट हेलमेट, बेल्ट तथा मिस्त्री उपकरण करनी, शाहुल, टेप, धागा आदि भी उपलब्ध कराए गए हैं। प्रशिक्षण के संचालन में सहायक परियोजना अधिकारी  विनायक गुप्ता तथा कार्यक्रम अधिकारी  अशोक साहू विशेष सहयोग प्रदान कर रहे हैं।

               मनरेगा श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाने हेतु कौशल विकास प्रशिक्षण को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से श्रमिकों को पूर्ण रोजगार, आत्मविश्वास और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। अधिकारियों ने इस योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के भी निर्देश दिए हैं। गत वर्ष जनपद पंचायत पथरिया के ग्राम कपुवा में भी 35 लाभार्थियों को रूरल मेशन ट्रेनिंग दी गई थी, जिनमें से अधिकांश लाभार्थी वर्तमान में प्रधानमंत्री आवास सहित अन्य निर्माण कार्यों में प्रतिदिन 600-700 रुपये की आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बन चुके हैं। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है बल्कि जिले में आवास निर्माण के लिए कुशल मिस्त्रियों की उपलब्धता भी सुदृढ़ हुई है।

  • SIR की समयसीमा बढ़ी, मध्य प्रदेश और पांच अन्य राज्यों में चुनाव आयोग का अहम कदम

    भोपाल /नई दिल्ली 

    चुनाव आयोग ने मध्य प्रदेश  6 राज्यों में मतदाता सूची में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिविजन की समय सीमा को बढ़ा दिया है। चुनाव आयोग ने जिन राज्यों में एसआईआर की समय सीमा बढ़ाई है उनमें MP के अलावा गुजरात,उत्तर प्रदेश , छत्तीसगढ़, तमिलनाडु और अंडमान शामिल हैं। चुनाव आयोग के अनुसार छह राज्यों/UT के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर (CEOs) से मिली रिक्वेस्ट के आधार पर, इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया ने इन 6 राज्यों/UT में इलेक्टोरल रोल के चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के शेड्यूल में बदलाव किया है।

    किस राज्य में क्या है नई तारीख
    इसमें 01.01.2026 को क्वालिफाइंग तारीख माना गया है। तमिलनाडु और गुजरात में ड्राफ्ट रोल के प्रकाशित होने की संशोधित तारीख 19 दिसंबर है। ये पहले 14 दिसंबर थी। वहीं, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और अंडमान निकोबार ड्राफ्ट रोल के प्रकाशित होने की तारीख को 18 दिसंबर से बढ़ाकर 23 दिसंबर किया गया है। यूपी में ड्राफ्ट रोल के प्रकाशित होने की नई तारीख 26 दिसंबर की बजाय 31 दिसंबर होगी।

    केरल में पहले ही बढ़ाई थी तारीख
    केरल में राज्य चुनाव आयोग ने पहले ही एसआईआर के लिए एक्सटेंशन दे दिया है। राज्य की और समय की रिक्वेस्ट के बाद अब डेडलाइन 11 दिसंबर से बढ़ाकर 18 दिसंबर कर दी गई है। केरल में सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस, TMC, CPI(M) और SP ने आरोप लगाया कि कमीशन ने जमीनी हकीकत को नजरअंदाज किया और बिना वजह जल्दबाजी में रिवीजन टाइमलाइन के साथ आगे बढ़ा।

    आयोग के अनुसार, तमिलनाडु और गुजरात में SIR जमा करने की नई अंतिम तिथि अब 14 दिसंबर 2025 (रविवार) होगी, जबकि इससे पहले यह 19 दिसंबर 2025 (शुक्रवार) थी. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं अंडमान और निकोबार के लिए अंतिम तिथि 18 दिसंबर 2025 (गुरुवार) से बढ़ाकर 23 दिसंबर 2025 (मंगलवार) कर दी गई है. वहीं, यूपी में SIR की अंतिम तिथि 26 से बढ़कर 31 दिसंबर 2025 (बुधवार) कर दी गई है.

    चुनाव आयोग (EC) ने छह राज्यों आर केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की समय सीमा को आगे बढ़ा दिया है. यह कदम मतदाता सूची को शुद्ध करने के लिए उठाया गया है. उत्तर प्रदेश में फॉर्म जमा करने की अवधि 15 दिनों के लिए बढ़ाई गई है. तमिलनाडु और गुजरात में यह अवधि 3 दिनों के लिए बढ़ाई गई है. वहीं, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और अंडमान निकोबार में 7 दिनों की अतिरिक्त मोहलत दी गई है. इस वृद्धि के साथ ही ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने की अवधि भी बढ़ा दी गई है. आयोग ने यह फैसला सुनिश्चित करने के लिए लिया है कि सभी पात्र नागरिकों के नाम सूची में शामिल हों.

     

  • मुख्यमंत्री मोहन यादव का बयान: मेडिकल कॉलेज बढ़ाए और नक्सलवाद पर लगाम, कांग्रेस पर किया हमला

    इंदौर 

    मुख्यमंत्री मोहन यादव गुरुवार को इंदौर आए और विधायक गोलू शुक्ला के निवास पर पहुंचकर वर-वधू को आशीर्वाद दिया।मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने हर क्षेत्र में काम किया है, चाहे सिंचाई का रकबा बढ़ाना हो या युवाओं को रोजगार देना। हमने  मेडिकल कॉलेजों की संख्या दोगुनी की है।

    नक्सलवाद के मुद्दे पर उन्होंने कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय नक्सलवाद बड़ी समस्या थी, जिसे उन्होंने खत्म करने के लिए कुछ नहीं किया। हमारी सरकार ने नक्सलवाद के खात्मे में बड़ी भूमिका निभाई है, जिससे कई जिले नक्सलवाद मुक्त हो चुके हैं। उन्होंने कांग्रेस पर केवल आरोप लगाकर समस्या को जिंदा रखने की कोशिश करने का आरोप लगाया, जबकि उनकी सरकार समाधान में विश्वास रखती है।

    उन्होंने बताया कि सरकार के कार्यकाल के दो साल पूरे होने जा रहे हैं और रोजगार के लिए इंडस्ट्री ग्रोथ रेट राष्ट्रीय औसत से आगे चल रही है।विमानतल पर भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, जिलाध्यक्ष श्रवण सिंह चावड़ा और प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे ने उनका स्वागत किया। विमानतल से वे बाणगंगा स्थित विधायक शुक्ला के निवास पर गए। कुछ देर बाद वे फिर विमानतल पहुंचे और बेंगलुरु के लिए रवाना हो गए। वे रात को फिर इंदौर लौटेंगे और निजी विमान से भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बयान: प्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा के लिए किए जाएं हर संभव प्रयास

    प्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा के लिये करें सभी प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    टास्क फोर्स का गठन शीघ्र
    एरिजोना, पर्ड्यू एवं एशिया यूनिवर्सिटी से मध्यप्रदेश में अध्ययन केन्द्र खोलने के लिये संवाद तेज

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय शिक्षा मध्यप्रदेश में ही उपलब्ध कराई जाए, जिससे उच्च शिक्षा के इच्छुक विद्यार्थियों को विदेश जाकर अध्ययन करने की आवश्यकता कम पड़े और स्थानीय स्तर पर ही अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा गुणवत्ता का अकादमिक वातावरण मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गत बुधवार को 'सुशासन भवन' में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार मध्यप्रदेश को वैश्विक शिक्षा मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में अब निर्णायक कदम बढ़ा रही है। राज्य सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के अध्ययन केन्द्रों की स्थापना के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में आदेश शीघ्र ही जारी किए जाएंगे।

    अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि इस सिलसिले में तेजी से प्रगति हो रही है। संयुक्त राज्य अमेरिका के दो विश्व विख्यात विश्वविद्यालयों Arizona State University (ASU) और Purdue University के साथ ताईवान की प्रतिष्ठित Asia University से मध्यप्रदेश में अपने अध्ययन केन्द्र स्थापित करने के लिए सक्रियता से संवाद चल रहा है। इन वर्ल्ड क्लास संस्थानों को उच्च स्तरीय शिक्षा, शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में वैश्विक पहचान प्राप्त है। शासन स्तर पर इन विश्वविद्यालयों के शीर्ष प्रबंधन से लगातार बातचीत हो रही है, जिससे संभावनाओं को बेहतर तरीके से मूर्त रूप देने में और तेजी लाई जा सके।

    राज्य सरकार की मंशा है कि प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के अध्ययन केन्द्र खुलने से प्रदेश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और बेहतर होगी। इंजीनियरिंग, एआई, डेटा साइंस, हेल्थ केयर साईंस, मैनेजमेंट और नये-नये उभरते तकनीकी क्षेत्रों में विद्यार्थियों को अंतर्राष्ट्रीय पाठ्यक्रम उपलब्ध होंगे। साथ ही स्थानीय उद्योगों, स्टार्टअप्स और इनोवेशन इकोसिस्टम को भी उच्च स्तरीय विशेषज्ञता और संयुक्त शोध कार्यक्रमों (ज्वाइंट रिसर्च प्रोग्राम्स) का भी लाभ मिलेगा।

    राज्य सरकार द्वारा इस संबंध में गठित की जा रही टास्क फोर्स में प्रो. संतोष विश्वकर्मा को अध्यक्ष नामांकित किया जा रहा है। यह टास्क फोर्स अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के अध्ययन केन्द्रों की स्थापना से जुड़े सभी तकनीकी, शैक्षणिक और कानूनी पहलुओं का अध्ययन करेगी। साथ ही इन विश्वविद्यालयों के साथ होने वाले करार (समझौते) की प्रक्रिया को गति देगी। अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों से वार्ताएं सफल रहने पर भविष्य में मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा के क्षेत्र में देश का सबसे आकर्षक एवं आइडियल डेस्टिनेशन बनेगा, जहां वैश्विक विश्वविद्यालयों का व्यापक शैक्षिक-तंत्र प्रदेश की प्रतिभाओं को नव विकसित परिदृश्य में नए अवसर और नई दिशाएं देगा।

    अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान द्वारा वर्तमान में फ्यूचर हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस, सेमीकंडक्टर्स, क्वांटम टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एग्री-टेक तथा अन्य नवोन्मेषी क्षेत्रों में राज्य के तीव्र विकास के लिये आवश्यक विविध रणनीतिक पहलों पर काम किया जा रहा है। इन क्षेत्रों की उच्च विशेषज्ञता एवं निरंतर विकसित होती प्रकृति की पूर्ति को दृष्टिगत रखते हुए राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रख्यात विशेषज्ञों की आवश्यकता की पूर्ति की जा रही है, जो संस्थान को विषय-विशेष मार्गदर्शन, उच्च-स्तरीय वैज्ञानिक परामर्श और रणनीतिक दिशा प्रदान करेंगे। ऐसे विशेषज्ञों के जुड़ने से संस्थान की क्षमता संवर्धन के साथ यह नवाचार इन प्राथमिक क्षेत्रों में संस्थान के रूपांक, क्रियान्वयन और अनुश्रवण को भी मजबूत करेगा।

    बैठक में अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव दीक्षित, प्रमुख सचिव एवं संस्थान के चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर  गुलशन बामरा एवं डायरेक्टर  ऋषि गर्ग सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

  • महिला व बाल विकास विभाग के अधिकारी ने रिश्वत मांगी, लोकायुक्त ने किया गिरफ्तार, अधिकारी का आरोप –

    देवास 

    कम्प्यूटर ऑपरेटर को नौकरी पर बरकरार रखने के एवज में रिश्वत मांगना महिला व बाल विकास परियोजना अधिकारी को महंगा पड़ गया. बागली में लोकायुक्त की टीम ने कार्रवाई करते हुए परियोजना अधिकारी को कार में 5 हजार रु की रिश्वत लेते पकड़ा है. हालांकि, अधिकारी ने मीडिया से बातचीत में आरोपों को निराधार बताया और कहा कि उसे षड्यंत्र रचाकर फंसाया गया है.

    कंप्यूटर ऑपरेटर ने लगाए थे रिश्वत मांगने के आरोप

    देवास के बागली क्षेत्र के महिला व बाल विकास विभाग में आउटसोर्सिंग कम्प्यूटर ऑपरेटर प्रीतेश तंवर का आरोप है कि उसे नौकरी पर कन्टिन्यू रखने के एवज में 18 हजार रू की रिश्वत मांगी गई थी. उसने उज्जैन लोकायुक्त की टीम को इस मामले की लिखित शिकायत की थी. पहले लोकायुक्त उज्जैन ने शिकायत कंफर्म करने के लिए शिकायतकर्ता को कुछ पैसे लेकर अधिकारी के पास भेजा और कंफर्मेशन के बाद ट्रैप की प्लानिंग की.

    इसके बाद बुधवार को अगली किश्त के रूप में शिकायतकर्ता से 5 हजार रु रिश्वत के रूप में दिलवाए, तभी लोकायुक्त की टीम ने महिला व बाल विकास परियोजना अधिकारी को रंगे हाथों पकड़ लिया. उज्जैन लोकयुक्त की टीम ने आगे की कार्रवाई देवास सर्किट हाउस में की और लोकल जमानत पर अधिकारी को छोड़ दिया है.

    डीएसपी लोकायुक्त ने बताई पूरी कहानी

    वहीं, मामले को लेकर लोकायुक्त डीएसपी उज्जैन दिनेशचंद्र पटेल ने कहा, '' 4 दिसंबर को शिकायतकर्ता प्रीतेश तंवर, निवासी बागली, जिला देवास ने पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त उज्जैन आनंद यादव को शिकायत की थी कि वह कार्यालय परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग में कम्प्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत है. उसे ऑनलाइन सेंटर वफोटोकॉपी सेंटर से प्रपत्र टाइपिंग कार्य और ईमेल आदि कार्यों के संपादन के लिए 9000 रु प्रतिमाह मिलता है. लेकिन आरोपी रामप्रवेश तिवारी, परियोजना अधिकारी ने उसी कार्यालय में लगातार उसे कार्य करने देने के लिए दो महीने के हिसाब से 18 हजार रु की मांग की थी. इसके बाद शिकायतकर्ता की शिकायत के बाद ट्रैप की कार्वाई की गई.''

    लोकायुक्त डीएसपी ने आगे कहा, '' 10 दिसंबर को आवेदक द्वारा आरोपी रामप्रवेश तिवारी को रेलवे स्टेशन रोड देवास पर रिश्वत की अगली किस्त दी गई, तभी टीम ने रिश्वत राशि लेते हुए आरोपी को रंगे हाथ पकड़ा है.''

  • उज्जैन सिंहस्थ 2028 के लिए तैयारियों में तेजी, सरकार ने नगर निगम आयुक्त और महापौर के वित्तीय अधिकार बढ़ाए

    उज्जैन

    मध्यप्रदेश के उज्जैन महाकाल की नगरी में होने वाले आगामी सिंहस्थ के लिए नगर निगम अयुक्त और महापौर के वित्तीय अधिकार दोगुने हो जाएंगे। सरकार ने तैयारियों की गति बढ़ाने के उद्देश्य से यह फैसला लिया है।

    बता दें कि उज्जैन में आगामी साल 2028 में सिंहस्थ महाकुंभ होगा। इसी कड़ी में उज्जैन नगर निगम आयुक्त (कमिश्नर), महापौर (मेयर) और एमआईसी के वित्तीय अधिकार दोगुने कर दिए है। बढ़ी हुई शक्तियां 30 मई 2028 तक लागू रहेंगी।

    सिंहस्थ से जुड़े कार्यों के लिए शहरी निकायों की सभी वित्तीय शक्तियां मेयर-इन-काउंसिल और प्रेजिडेंट-इन-काउंसिल को सौंपी गईं है। उज्जैन मेयर 10 से 20 करोड़ रुपए तक के सिंहस्थ संबंधित कार्यों को मंजूरी दे पाएंगे। बिना नोटिस किसी भी भवन या परिसर में जाकर निरीक्षण का अधिकार होगा। इसका उद्देश्य नियमों का उल्लंघन, टैक्स वसूली, स्वच्छता और अन्य निरीक्षण कार्य शामिल हैं।

  • बाबा रणजीत की प्रभातफेरी शुक्रवार को इंदौर में, उत्सव जैसा माहौल बनेगा

     इंदौर 

    इंदौर के पश्चिमी क्षेत्र से शुक्रवार सुबह चार बजे रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी निकलेगी। जिसमे दो लाख से अधिक लोगों के जुटने का अनुमान है। कड़ाके की ठंड में इतनी सुबह भक्तों का इतना जमावड़ा देश में शायद ही कही और होता होगा।

    चारों तरफ भगवा पताकाएं, भजन गाती मंडलियां, भक्ती में डूबे लोगों का हुजूम सड़क पर नजर आएगा। मंदिर में चार दिनी उत्सव की शुरुआत हो चुकी है। बुधवार को दीपोत्सव मनाया गया तो गुरुवार को अनुष्ठान हुआ । रात से ही रणजीत हनुमान मार्ग पर प्रभातफेरी की तैयारियां शुरू हो जाएगी। प्रभातफेरी को लेकर ट्रैफिक और सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए है।

    सुबह चार बजे मंदिर परिसर से बाबा रणजीत अपने पारंपरिक रथ में सवार होकर निकलेंगे। इस दौरान भव्य आतिशबाजी होगी। प्रभातफेरी धीरे-धीरे महूनाका की तरफ बढ़ेगी। अन्नपूर्णा, दशहरा मैदान, नरेंद्र तिवारी मार्ग होते हुए प्रभातफेरी फिर मंदिर पहुंचेगी।

     रामायण पर आधारित दो झांकियों का निर्माण कराया जा रहा है। इसके अलावा दस से ज्यादा भजन मंडलियां भी प्रभातफेरी में चलेगी। प्रभातफेरी में शामिल भक्त नंगे पैर चलेंगे।

     तीन मार्गों पर वाहन प्रतिबंधित

    प्रभात फेरी के दौरान शहर में यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। 12 दिसबंर को सुबह तीन बजे से फूठीकोटी, उषा नगर, और अन्नपूर्णा मार्ग पर वाहन प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा फूटी कोठी चौराहा से रणजीत हनुमान रोड होकर महुनाका चौराहा तक आवागमन बंद रहेगा। तीनों मार्ग पर ट्रैफिक गुरुवार रात दो बजे से शुक्रवार सुबह आठ बजे तक बंद रहेगा।

    तीन स्थानों पर पार्किंग

    कलेक्टोरेट की दिशा से आने वाले वाहन लालबाग परिसर में वाहन पार्क कर सकेंगे। गंगवाल क्षेत्र से आने वाले वाहन, सराफा स्कूल एमअेाजी लाइन में वाहन पार्क कर सकेंगे। अन्नपूर्णा मार्ग की तरफ से आने वाले वाहन दशहरा मैदान में वाहन पार्क सकेंगे।

    पांच सौ पुलिस जवान रहेंगे तैनात

    रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी में पांच सौ से ज्यादा पुलिस जवान तैनात रहेंगे। इसके अलावा मार्ग के बड़े भवनों से भी पुलिस जवान निगरानी करेंगे। ड्रोन के जरिए भी पुलिस संदिग्ध लोगों पर नजर रखेगी। रथ के आसपास भी पुलिस सुरक्षा के घेरा बना रहेगा। चार किलोमीटर लंबे यात्रा मार्ग से जुड़ी गलियों में भी पुलिस जवान तैनात रहेंगे और गलियों में बैरिकेड लगाए जाएंगे।

     

     

  • कुबरेश्वर धाम पर कथावाचक प्रदीप मिश्रा का विवादित बयान, ‘बेटियां मायके जैसी आएं, होटल में न रुकें

    सीहोर
     मध्य प्रदेश  के प्रसिद्ध कुबरेश्वर धाम के पास बने एक होटल में वायरल हुए डर्टी वीडियो मामले ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। इस घटना पर अब कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।

    छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में कथा के दौरान उन्होंने कहा – 

    “कुबरेश्वर धाम आए हैं, तो किसी होटल में मत जाइए। बाबा कांबेश्वर भंडारी का द्वार खुला है। यहां पार्किंग फ्री, सोने की जगह फ्री, ओढ़ने-बिछाने को सब मिलेगा, खाना भी फ्री मिलेगा। जैसे बेटियां मायके जाती हैं, वैसे ही धाम आएं—बस होटल में न रुकें।

    राजस्थान से आए कपल का वीडियो बनाकर वायरल किया गया

    मिली जानकारी के अनुसार राजस्थान से आए एक कपल ने कुबरेश्वर धाम क्षेत्र के होटल डमरू वाला के कमरे में ठहराव किया था। तभी पास के होटल उपासना पैलेस के एक कर्मचारी ने सामने की खिड़की से कपल का अश्लील वीडियो बना लिया।

    बताया जा रहा है कि वीडियो बनाने के बाद उसने इसे अपने दोस्तों को भेज दिया, जिसके बाद यह तेजी से सोशल मीडिया पर फैल गया।

    मैनेजर की शिकायत पर दर्ज हुआ केस

    जब होटल डमरू वाला के मैनेजर को यह वीडियो मिला तो उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
    पुलिस ने:

    चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है

    आरोपी कर्मचारी वीडियो बनाने वाला बताया जा रहा है

    पुलिस अब पूरे मामले की तकनीकी जांच कर रही है

    स्थानीय स्तर पर बढ़ी सुरक्षा चर्चा

    इस घटना के बाद कुबरेश्वर धाम क्षेत्र में होटल सुरक्षा, प्राइवेसी और निगरानी पर भी सवाल उठने लगे हैं। श्रद्धालुओं में भी इस मामले को लेकर नाराजगी देखी जा रही है।

    निजता भंग करने का मामला दर्ज

    मीडिया में मामला उछलने के बाद पुलिस अब सक्रिय हुई है। मंडी थाना पुलिस ने होटल उपासना पैलेस के संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ निजता भंग करने, अश्लील सामग्री प्रसारित करने और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    कुबेरेश्वर धाम जैसे भीड़भाड़ वाले धार्मिक क्षेत्र में इस तरह की घटना ने पर्यटन और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

    होटल में रुकते समय इन बातों का ध्यान रखें 

        कमरे की खिड़कियां और दरवाजे हमेशा बंद रखें।

        अजनबियों से सावधान रहें, खासकर होटल कर्मचारियों से।

        अपने सामान और निजी वस्त्रों को सुरक्षित जगह पर रखें।

        अगर कोई संदिग्ध गतिविधि देखी जाए तो तुरंत होटल प्रबंधन या पुलिस से संपर्क करें।

        अपने कमरे में कैमरे या अन्य सुरक्षा उपकरणों का ध्यान रखें।

    यह घटना धार्मिक स्थल की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाती है?

    इस तरह की घटना ने सिर्फ धार्मिक स्थल की इज्जत को नुकसान नहीं पहुंचाया, बल्कि सुरक्षा और पर्यटन पर भी सवाल उठा दिए हैं। कुबेरेश्वर धाम, जो एक बहुत ही प्रमुख धार्मिक जगह है। वहां इस तरह की घटना के बाद अब पर्यटकों और श्रद्धालुओं के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोग सोचने लगे हैं कि अगर यहां ऐसा हो सकता है, तो कहीं और क्या होगा?

    दोस्तों से शेयर किया दंपती का वीडियो

    सुमित पैरवाल ने वीडियो बनाकर उसे वाट्सएप के जरिए अपने दोस्तों के साथ शेयर किया था। इस वीडियो के प्रसार के बाद होटल प्रबंधक कृष्णपाल ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने सुमित पैरवाल के साथ-साथ अंकित जाटव और विनोद मालवीय के खिलाफ शिकायत दर्ज की।

    इन तीनों को हिरासत में लिया गया है। आरोपितों के खिलाफ अश्लीलता फैलाने, निजता भंग करने और सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया। इस मामले में एक और आरोपित कमलेश उर्फ कनक कौशल की तलाश जारी है।

  • गांजा तस्करी में मंत्री प्रतिमा बागड़ी का भाई पकड़ा गया, विपक्ष के हमले पर सीएम मोहन यादव का स्पष्ट बयान

    भोपाल

    मध्य प्रदेश की मंत्री प्रतिमा बागड़ी का भाई गांजा तस्करी के आरोप में पकड़े गया है और इस मुद्दे पर विपक्ष बेहद आक्रामक है। इस बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा है कि जो भी अपराध करेगा उसे सजा दी जाएगी और मंत्री के भाई का भाई भी बच नहीं सकता है। उन्होंने कहा कि उनकी और सरकार की छवि तब खराब होती जब मंत्री का भाई होने की वजह से आरोपी को पकड़ा नहीं जाता।

     मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पर कोई विवाद नहीं है और पुलिस की ओर से लिए गए ऐक्शन से कानून व्यवस्था और सुशासन पर सरकार की प्रतिबद्धता झलकती है। सीएम ने कहा, 'प्रतिमा बागड़ी के मुद्दे पर कोई विवाद नहीं है। इसके ठीक उलट है। प्रतिमा बागड़ी के भाई के खिलाफ आरोप था, और हमने तुरंत पुलिस को उसे पकड़ने को कहा। इसलिए विवाद कैसा?' कानून व्यवस्था और सुशासन के लिए यह हमारी प्रतिबद्धता है।'

    मुख्यमंत्री ने आगे कहा, 'यहां तक कि कोई मंत्री का भाई हो तो भी, वह कानून से बच नहीं सकता है। मैं प्रतिमा बागड़ी को भी यह कहने के लिए धन्यवाद देता हूं कि कानून अपना काम करेगा। उन्होंने भी सरकार के ऐक्शन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जो भी अपराध करेगा उसे सजा मिलेगी। इसलिए यह एक अच्छा उदाहरण है।'

     जब सीएम से पूछा कि क्या मंत्री के भाई अनिल बागड़ी की गिरफ्तारी से सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा है तो मोहन यादव ने कहा, 'हमारी सरकार की छवि तब धूमिल होती, यदि हम उसे गिरफ्तार नहीं करते। यह मेरी भी छवि नष्ट कर देता यदि मंत्री के भाई को गिरफ्तार नहीं किया जाता और ऐक्शन नहीं लिया जाता। लेकिन मैंने कहा कि कोई बचाव नहीं होगा।'

    दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी पहली बार की विधायक और राज्य मंत्री बनीं बागड़ी से इस्तीफे की मांग कर रही है। बुधवार सुबह यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मंत्री के बंगले के बाहर भोपाल में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यूथ कांग्रेस प्रमुख अमित खत्री की अगुआई में बंगले के बाहर मंत्री के नेम प्लेट पर कालिख पोत दी गई।

  • रायपुर : ढोलमहुआ एनीकट निर्माण कार्य के लिए 13.74 करोड़ रूपए स्वीकृत

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा बिलासपुर जिले के विकासखण्ड-कोटा के अंतर्गत ढोलमहुआ एनीकट निर्माण कार्य हेतु 13 करोड़ 74 लाख 13 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना से निस्तारी, भू-जल संवर्धन एवं आवागमन सुविधा के साथ 180 हेक्टेयर क्षेत्र में किसानों द्वारा स्वयं के साधन से सिंचाई सुविधा होगी। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से योजना के कार्य पूर्ण कराने मुख्य अभियंता हसदेव कछार जल संसाधन विभाग बिलासपुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।