• उत्तर बस्तर कांकेर: तीनों विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची जारी

    कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों की बैठक लेकर दी जानकारी

    उत्तर बस्तर कांकेर

    भारत निर्वाचन आयोग तथा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रायपुर  के निर्देशानुसार 28 अक्टूबर 2025 से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य प्रारंभ किया गया। इसके तहत मतदाताओं के सत्यापन एवं एसआईआर के डिजिटाइजेशन हेतु 04 नवम्बर से 18 दिसम्बर (संशोधित तिथि) के बीच बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर पूर्ण किया गया। आयोग के निर्देशानुसार आज एसआईआर के तहत निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन किया गया। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने आज राजनैतिक दलों की बैठक एवं मीडिया प्रतिनिधियों की प्रेसवार्ता आहूत कर निर्वाचक नामावली के प्रारंभिक प्रकाशन के संबंध में विधानसभावार मतदाताओं की संख्या एवं इससे संबंधित जानकारी दी गई।

    प्रारंभिक सूची में कुल 5,35,364 मतदाताओं के नाम दर्ज, दावा-आपत्ति 22 जनवरी तक आमंत्रित

    कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आज सुबह आयोजित बैठक में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि निर्वाचक नामावली के आज प्रारंभिक प्रकाशन के उपरांत दावा-आपत्तियां 22 जनवरी तक आमंत्रित की गई है। प्रारंभिक सूची में सम्मिलित मतदाता दावा एवं आपत्ति 22 जनवरी 2026 तक प्रस्तुत कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि आयोग द्वारा ईआरओ द्वारा नोटिस जारी करने एवं सुनवाई की समय-सीमा आज से 14 फरवरी 2026 तक निर्धारित की गई है। इसी तरह मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी 2026 को किया जाएगा।

    जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि निर्वाचक नामावली की प्रारंभिक सूची में जिले के अंतागढ़ विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-79, भानुप्रतापपुर क्रमांक-80 तथा कांकेर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-81 (सभी अजजा) में कुल 05 लाख 35 हजार 364 मतदाताओं के नाम सम्मिलित हैं। इनमें 02 लाख 63 हजार 037 पुरूष मतदाता, 02 लाख 72 हजार 318 महिला मतदाता और 09 अन्य (थर्ड जेंडर) मतदाता शामिल हैं। अंतागढ़ विधानसभा क्षेत्र में 01 लाख 66 हजार 923 मतदाता, भानुप्रतापपुर में 01 लाख 94 हजार 415 तथा कांकेर विधानसभा क्षेत्र में 01 लाख 74 हजार 026 मतदाताओं के नाम प्रारंभिक सूची में दर्ज किया गया है। उन्हांने यह भी बताया कि प्रारंभिक प्रकाशन के पूर्व जिले में कुल 05 लाख 69 हजार 601 मतदाताओं के नाम दर्ज थे, जिनमें 02 लाख 77 हजार 317 पुरूष मतदाता, 02 लाख 92 हजार 284 महिला मतदाता तथा 18 अन्य (थर्ड जेंडर) मतदाता शामिल थे।

    एसआईआर में 11,375 ‘नॉटमैप्ड’ इलेक्टर्स पाए गए

    जिला निर्वाचन अधिकारी ने यह भी बताया कि एसआईआर के दौरान कुल 11 हजार 375 नॉटमैप्ड इलेक्टर पाए गए जिनकी संख्या कुल निर्वाचक नामावली के 02 प्रतिशत हैं। इनमें नॉटमैप्ड इलेक्टर्स की संख्या अंतागढ़ विधानसभा क्षेत्र में 06 हजार 386, भानुप्रतापपुर में 02 हजार 245 तथा कांकेर विधानसभा क्षेत्र में 02 हजार 744 हैं। उन्होंने बताया कि आयोग के निर्देशानुसार उक्त 11 हजार 375 ‘नो मैपिंग इलेक्टर्स’ को नोटिस जारी किया जाएगा।

    दावा-आपत्ति की सूची सीईओ छत्तीसगढ़ की वेबसाइट में अपलोड

    बैठक में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत पाए गए मतदाताओं के नाम केवल एक ही स्थान पर शामिल किए जाएंगे। दावा-आपत्ति की सूची सीईओ छत्तीसगढ़ की वेबसाइट में भी अपलोड की जाएगी। साथ ही बीएलओ एवं बीएलए संबंधी बैठकों का कार्यवाही विवरण और फोटोग्राफ्स जिले के वेबसाइट kanker.gov.in  में अपलोड की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि दावा-आपत्ति की सूची का प्रदर्शन ईआरओ के द्वारा फॉर्म 09, 10, 11, 11ए एवं 11बी में प्रकाशन किया जाएगा।

     बैठक में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि एसआईआर के दौरान अब तक प्राप्त फॉर्म-6 की कुल संख्या 05 हजार 034 है, इनमें अंतागढ़ विधानसभा क्षेत्र में 1469, भानुप्रतापपुर में 1660 तथा कांकेर विधानसभा क्षेत्र में 1905 फॉर्म प्राप्त हुए। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी अधिसूचित कार्यक्रम के अनुसार निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी 2026 को किया जाएगा। बैठक के अंत में जिला निर्वाचन अधिकारी क्षीरसागर ने मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को निर्वाचक नामावली के प्रारंभिक प्रकाशन की सूची प्रदान की। इस अवसर पर अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी जितेन्द्र कुमार कुर्रे, एसडीएम कांकेर अरूण वर्मा सहित मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि एवं मीडिया प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

  • विदेशी फंडिंग से प्रेरित बयानबाज़ी कर रहे राहुल गांधी, भारत की छवि खराब करने का आरोप : विश्वास सारंग

    जबलपुर 
    मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बर्लिन दौरे पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जब कभी विदेश दौरे पर जाते हैं, तो वो भारत विरोधी बयानबाजी जरूर करते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं राहुल गांधी को इसके लिए विदेशी फंडिंग तो नहीं मिलती है। इसकी बाकायदा जांच होनी चाहिए, ताकि पूरी तस्वीर साफ हो सके। उन्होंने मंगलवार को आईएएनएस से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी भारत की गरिमा को नीचा करने और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने के लिए विदेश जाते हैं, जिसे अब बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जा सकता है। 
    अब स्थिति राहुल गांधी की अपरिपक्वता का हिस्सा नहीं, बल्कि विदेशी साजिश का हिस्सा है। जिसकी जांच जरूरी है। मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री ने कहा कि अगर बर्लिन में राहुल गांधी को बोलने के लिए मंच दिया जा रहा है, तो इसकी मूल वजह यह है कि वो दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत के नेता प्रतिपक्ष हैं। राहुल गांधी को इसलिए नहीं बर्लिन में बोलने दिया जा रहा है कि उनके कोई पर लगे हुए हैं। अफसोस की बात है कि जिन लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं की वजह से राहुल गांधी को वहां पर मौका मिल रहा है, वो उसी पर कुठाराघात कर उसे कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं, जो पूरी तरह से दुर्भाग्यपूर्ण है।
    सारंग ने कहा कि एक तरफ जहां पूरी दुनिया में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को स्वीकारा जा रहा है। पूरी दुनिया इस बात को मान रही है कि आज की तारीख में भारत दोहरी गति से विकास पथ पर अग्रसर है। ऐसी स्थिति में राहुल गांधी विदेशी मंच पर जाकर भारत विरोधी टिप्पणी कर रहे हैं। इससे यह साफ जाहिर हो रहा है कि वो ऐसा करके किसी विदेशी साजिश को सफल करने में अपनी तरफ से अहम भूमिका निभा रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है।
    उन्होंने कहा कि राहुल गांधी भारत के विरोध में झंडा बुलंद करने वाले देशों से मिले पैसों के दम पर राष्ट्र विरोधी अभियान चला रहे हैं। इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण और कुछ नहीं हो सकता। राहुल गांधी को यह समझना होगा कि यह राष्ट्र विरोधी कृत्य है, जो बिल्कुल गलत है।

  • आदिवासी संगठनों का विरोध प्रदर्शन: धर्मांतरण व हमलों के खिलाफ 24 दिसंबर को छत्तीसगढ़ बंद

    रायपुर

     कांकेर जिले के क्षेत्र अंतर्गत बड़े तेवड़ा गांव में धर्मांतरित व्यक्ति के शव दफन को लेकर हुए विवाद के बाद सर्व समाज छत्तीसगढ़ ने 24 दिसंबर को प्रदेश बंद की घोषणा की. इस घोषणा (बंद) को छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने भी समर्थन दिया है.

    दरअसल, प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी की अध्यक्षता में सोमवार को प्रदेश कार्यालय में व्यापारिक संगठनों और चैंबर पदाधिकारियों की एक अहम बैठक हुई. इस बैठक में कांकेर जिले के आमाबेड़ा में मिशनरियों द्वारा स्थानीय जनजाति समाज पर किए गए योजनाबद्ध हमले और स्थानीय प्रशासन के भेदभावपूर्ण रवैये पर पदाधिकारियों ने गहरा रोष व्यक्त किया. बैठक में चैंबर ने अपनी पूरी शक्ति झोंकने का निर्णय लिया है. बैठक की शुरुआत में चैंबर प्रदेश महामंत्री अजय भसीन ने उपस्थित पदाधिकारियों को आमाबेड़ा घटना की जानकारी दी.

    पूर्व विधायक एवं चैंबर संरक्षक श्रीचंद सुंदरानी ने इस घटना को दर्दनाक बताया और कहा कि धर्मांतरण की बढ़ती घटनाएं प्रदेश की शांति के लिए खतरा हैं. उन्होंने सुझाव दिया कि बंद को इतना सुनियोजित रखा जाए कि ट्रांसपोर्टेशन और कच्चे माल के व्यापारियों को कम से कम आर्थिक नुकसान हो, लेकिन विरोध का संदेश स्पष्ट और कहा जाना चाहिए. पूर्व विधायक लाभचंद बाफना ने कहा कि यह बंद लेवल रायपुर तक सीमित नहीं रहना चाहिए. प्रदेश की प्रत्येक इकाई छोटे से छोटे व्यापारियों तक पहुंचे, ताकि कश्मीर से कन्याकुमारी तक इस एकता का संदेश जाए.

    व्यापारी सड़कों पर उतरकर करेंगे विरोध

    बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि इस घटना के विरोध में सड़क पर उतर कर प्रदर्शन करेंगे. समाज विरोधी घटनाओं के खिलाफ व्यापारी मुख्य चौराहों पर आकर कड़े शब्दों में अपना आक्रोश व्यक्त करेंगे. भाटागांव व्यापारी संघ के अध्यक्ष ने बंद का पूर्ण समर्थन करते हुए इस विषय पर कलेक्टर को ज्ञापन पत्र सौंपने की घोषणा की है.

  • जांजगीर-चांपा अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री ने की समीक्षा, ओपीडी और एनआईसीयू हुई चालू

    रायपुर,

    स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज जिला चिकित्सालय जांजगीर-चांपा का औचक निरीक्षण किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के सचिव  अमित कटारिया, संचालक संजीव झा एवं सहायक संचालक डॉ. सुरेंद्र पाम्भोई उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने अस्पताल की व्यवस्थाओं, स्वच्छता, दवाओं की उपलब्धता तथा मरीजों को मिल रही सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जिला चिकित्सालय में नवनिर्मित ओपीडी हॉल एवं नवजात शिशुओं के बेहतर उपचार हेतु 10 बेड के अत्याधुनिक एनआईसीयू वार्ड का विधिवत शुभारंभ  किया। उन्होंने कहा 10 बेड के एनआईसीय से अब क्षेत्र के नवजात शिशुओं को क्रिटिकल केयर हेतु बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

    स्वास्थ्य मंत्री मंत्री ने जीवनदीप समिति के माध्यम से स्वीकृत कार्यों की जानकारी लेते हुए कलेक्टर जन्मेजय मोहबे के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मरीजों की आवश्यकता के अनुरूप जीवनदीप समिति से समयबद्ध स्वीकृतियाँ देना सराहनीय कदम है, जिससे अस्पताल की सेवाएँ निरंतर सुदृढ़ हुई हैं। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यू.के. मरकाम, सिविल सर्जन डॉ. एस. कुजूर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक उत्कर्ष तिवारी, जिला अस्पताल प्रबंधक अंकित ताम्रकार, आरएमओ डॉ. संदीप साहू सहित जिला चिकित्सालय के समस्त अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • विनोद कुमार शुक्ल का निधन, ज्ञानपीठ पुरस्‍कार प्राप्त लेखक को आखिरी विदाई

    रायपुर

     ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित छत्तीसगढ़ के प्रख्यात साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल (89) का मंगलवार को निधन हो गया। सांस लेने में कठिनाई के कारण उन्हें दो दिसंबर को एम्स में भर्ती किया गया था। शुक्ल वेंटिलेटर पर ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे, जहां मंगलवार शाम पांच बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

    विनोद कुमार शुक्ल का जन्म 1 जनवरी 1937 को छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में हुआ। शिक्षा को पेशे के रूप में चुनकर उन्होंने अपना अधिक समय साहित्य सृजन में लगाया। वे हिंदी भाषा और साहित्य के ऐसे लेखक रहे, जिन्हें सरल भाषा, गहरी संवेदनशीलता और सृजनात्मक लेखन के लिए जाना जाता है।

    उनके हिंदी साहित्य में अनूठे योगदान, विशिष्ट शैली और सृजनात्मकता के लिए वर्ष 2024 में उन्हें 59वां ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया गया।

    विनोद कुमार शुक्ल हिंदी के 12वें ऐसे साहित्यकार हैं, जिन्हें यह सम्मान प्राप्त हुआ, और वे छत्तीसगढ़ राज्य के पहले लेखक हैं, जिन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार से नवाजा गया। हाल ही में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एम्स पहुंचकर उनका हालचाल जाना था।

    'दीवार में एक खिड़की रहती थी' के लेखक विनोद कुमार शुक्ल की 30 लाख की रायल्टी ने तोड़ा भ्रम, साबित हुई हिंदी किताबों की ताकत

    साहित्य और लेखन की विशेषताएं
    लेखक, कवि और उपन्यासकार विनोद कुमार शुक्ल ने उपन्यास और कविता दोनों विधाओं में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी पहली कविता ‘लगभग जयहिंद’ (1971) प्रकाशित हुई। उनके प्रमुख उपन्यासों में ‘नौकर की कमीज’, ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’ और ‘खिलेगा तो देखेंगे’ शामिल हैं। 1979 में प्रकाशित ‘नौकर की कमीज’ पर फिल्मकार मणिकौल ने इसी नाम से फिल्म भी बनाई। उनके उपन्यास ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’ को साहित्य अकादमी पुरस्कार भी मिल चुका है। शुक्ल का लेखन सरल भाषा, संवेदनशीलता और अनूठी शैली के लिए प्रसिद्ध था। उन्होंने हिंदी साहित्य में प्रयोगधर्मी लेखन के नए आयाम स्थापित किए।

    विनोद कुमार शुक्ल केवल कवि ही नहीं, बल्कि कथाकार भी रहे। उनके उपन्यासों ने हिंदी में एक मौलिक भारतीय उपन्यास की दिशा दी। उन्होंने लोक आख्यान और आधुनिक मनुष्य की जटिल आकांक्षाओं को समाहित करते हुए नए कथा ढांचे का निर्माण किया। उनके उपन्यासों में मध्यवर्गीय जीवन की बारीकियों को कुशलता से चित्रित किया गया। उनकी विशिष्ट भाषिक शैली, संवेदनात्मक गहराई और सृजनशीलता ने भारतीय और वैश्विक साहित्य को समृद्ध किया।

  • जंगल में सनसनी: तेंदुए के चारों पैर के पंजे गायब, वन विभाग ने शुरू की जांच

    धमतरी

    जिले के मगरलोड क्षेत्र के कोरगांव के जंगल में सोमवार को एक मृत तेंदुआ मिलने से हड़कंप मच गया है. तेंदुआ के चारों पैर के पंजे भी गायब हैं. घटना की सूचना मिलते ही जंगल सफारी रायपुर से डॉग स्क्वायड की टीम धमतरी पहुंची. उन्होंने रात भर क्षेत्र में निगरानी की. मामले को लेकर स्थानीय चरवाहों और ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है.

    जानकारी के मुताबिक, मगरलोड के उत्तर सिंगपुर कक्ष क्रमांक 23 में 22 दिसंबर को शाम करीब 4:45 बजे एक तेंदुआ मृत मिला. पोस्टमार्टम हो चुका है. रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट  हो पाएगा कि तेंदुआ का शिकार किया गया है या नहीं.

    राजनांदगांव में तेंदुआ की मिली थी सड़ी गली लाश

    बता दें कि  इससे पहले 17 दिसंबर को कवर्धा जिले के जानकारी के अनुसार, मोतीनपुर और बोटेसूर गांव के बीच जंगल में तेंदुए का शव मिला था. जो करीब एक सप्ताह पुराना था.

  • सांसद खेल महोत्सव: 5 हजार खिलाड़ी लेंगे हिस्सा, 24 दिसंबर को मेगा फाइनल, पीएम मोदी करेंगे वर्चुअल संबोधन

    रायपुर

    रायपुर लोकसभा क्षेत्र में आयोजित सांसद खेल महोत्सव 2025 अब अपने अंतिम और निर्णायक चरण में है। इस महोत्सव का मेगा फाइनल एवं समापन समारोह 23 दिसंबर (मंगलवार) से 25 दिसंबर 2025 तक विभिन्न खेल स्थलों पर आयोजित किया जाएगा। मेगा फाइनल में लगभग पांच हजार खिलाड़ी भाग लेंगे।

    रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ बीजेपी नेता बृजमोहन अग्रवाल ने सोमवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि यह महोत्सव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फिट इंडिया खेलो इंडिया की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बन चुका है। रायपुर लोकसभा क्षेत्र की 9 विधानसभाओं- रायपुर दक्षिण, रायपुर पश्चिम, रायपुर उत्तर, रायपुर ग्रामीण, आरंग, अभनपुर, धरसीवा, भाटापारा एवं बलौदा बाजार से 85 हजार से अधिक खिलाड़ियों की सहभागिता ने इस आयोजन को अभूतपूर्व जनसमर्थन प्रदान किया और देशभर में पहचान दिलाई है।

    24 दिसंबर को होगा मेगा फाइनल
    उन्होंने बताया कि 21 सितंबर 2025 से संकुल, जोन एवं ब्लॉक स्तर पर प्रारंभ हुई प्रतियोगिताओं के बाद अब 23 एवं 24 दिसंबर को मेगा फाइनल आयोजित किया जा रहा है। मेगा फाइनल एवं अंतिम चरण की प्रतियोगिताएं नेताजी सुभाष स्टेडियम, मोतीबाग रायपुर, सप्रे शाला वॉलीबॉल मैदान, जे.एन. पाण्डेय स्कूल और  तैराकी प्रतियोगिता अंतरराष्ट्रीय स्विमिंग पूल में आयोजित की जाएंगी।

    दिल्ली सांसद व गायक मनोज तिवारी देंगे सांस्कृतिक प्रस्त्तुति
    23 दिसंबर 2025 को नेताजी सुभाष स्टेडियम में माननीय विधायकों एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में मेगा फाइनल प्रतियोगिता का उद्घाटन होगा। 24 दिसंबर 2025 को नेताजी सुभाष स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में दिल्ली के सांसद एवं लोकप्रिय गायक मनोज तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे, जिससे युवाओं एवं आमजन में विशेष उत्साह का संचार होगा। वो सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्त्तुति भी देंगे।

    25 दिसंबर  को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल संबोधन
    25 दिसंबर  को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्मदिवस "सुशासन दिवस" के अवसर पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम रायपुर में समापन समारोह आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल संबोधन प्रस्तावित है और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाएगी। समापन समारोह में विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया जाएगा।

    सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि प्रतियोगिता के तीनों दिन विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान राज्य का नाम देश-विदेश में रोशन करने वाले खिलाड़ियों एवं खेल अधिकारियों का सम्मान किया जाएगा। साथ ही प्रतिदिन छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने के लिये  रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसमें खेल संघों, नगर निगम, जिला प्रशासन, स्कूल शिक्षा विभाग, खेल विभाग, पुलिस सहित विभिन्न विभागों के लगभग 1500 कर्मचारी, अधिकारी, व्यायाम शिक्षक एवं खेल अधिकारी सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं।

    केवल खेल नहीं, सामाजिक एकता का है जन आंदोलन: सांसद बृजमोहन अग्रवाल
    उन्होंने जनता से ज्यादा से ज्यादा संख्या में आयोजन में शामिल होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है साथ अभी तक हुए आयोजन के सफल प्रचार प्रसार के लिए मीडिया का आभार जताया है। सांसद अग्रवाल ने कहा कि सांसद खेल महोत्सव केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, अनुशासन और सामाजिक एकता का जन आंदोलन है।

    'पारंपरिक एवं आधुनिक खेलों का अद्भुत संगम'
    उन्होंने बताया कि सांसद खेल महोत्सव में पारंपरिक एवं आधुनिक खेलों का अद्भुत संगम देखने को मिला है। कुश्ती, खो-खो, गेड़ी-दौड़, भारोत्तोलन, फुगड़ी, रस्सी कूद, कबड्डी, बास्केटबॉल, शतरंज, वॉलीबॉल, रस्सा-कसी, शरीर शौष्ठव एवं तैराकी सहित 13 खेल विधाओं में 19 वर्ष से कम एवं अधिक आयु वर्ग, महिला एवं पुरुष वर्ग के हजारों खिलाड़ियों ने अनुशासन, समर्पण और खेल भावना के साथ भाग लेकर इस महोत्सव को ऐतिहासिक बनाया है।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने किया धार मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास

    धार में पीपीपी मोड पर आकार लेगा देश का पहला मेडिकल कॉलेज : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मध्यप्रदेश स्वास्थ्य के क्षेत्र में नवाचारी सोच के साथ देश का नेतृत्व कर रहा है : केन्द्रीय मंत्री नड्डा
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने किया धार मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास
    स्वामी विवेकानंद शिक्षा धाम फाउंडेशन के साथ अनुबंध के तहत 25 एकड़ भूमि पर 260 करोड़ रूपए की लागत से तैयार होगा धार का मेडिकल कॉलेज
    पीपीपी मोड में समाज और सरकार मिलकर स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, हर व्यक्ति को मिलेगा बेहतर इलाज
    शीघ्र ही कटनी और पन्ना मेडिकल कॉलेज का भी होगा शिलान्यास
    भिण्ड, मुरैना, खरगोन, अशोकनगर, गुना, बालाघाट, टीकमगढ़, सीधी और शाजापुर में भी मेडिकल कॉलेज आरंभ करने की तैयारी

    धार

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में मध्यप्रदेश आज एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल कर रहा है। प्रदेश के दो जनजातीय बाहुल्य जिलों में आज मेडिकल कॉलेजों का भूमि पूजन हो रहा है। प्रदेश के अंतिम पंक्ति में बैठे अंतिम व्यक्ति तक सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगतप्रकाश नड्डा का प्रदेशवासियों की ओर से विशेष आभार है। यह पीपीपी मोड (जन-निजी भागीदारी) पर बनने वाला देश का पहला मेडिकल कॉलेज होगा। इस पहल की शुरुआत मध्यप्रदेश की धरती से हो रही है।

    केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि धार में मेडिकल कॉलेज का भूमि-पूजन देश के लिए ऐतिहासिक अवसर है। मध्यप्रदेश ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश को एक नेतृत्व दिया है। राज्य में नवाचारी सोच और जन सहभागिता के साथ देश में पीपीपी मोड के आधार पर पहला मेडिकल कॉलेज शुरू किया जा रहा है। मध्यप्रदेश ने इस मामले में देश का नेतृत्व किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृ्त्व में देश की स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीपीपी मॉडल में समाज और सरकार मिलकर स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण कर, हर व्यक्ति तक बेहतर इलाज पहुंचाने की दिशा में कार्य करेंगे। सेवा और विकास हमारी सरकार का मूल मंत्र है, विगत दो वर्ष जनकल्याण और विकास की दृष्टि से अद्वितीय रहे हैं। मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य है, जिसके दो बड़े शहरों- भोपाल और इंदौर में सालभर के अंदर मेट्रो ट्रेन का शुभारंभ हुआ। इसके साथ ही प्रदेश में हवाई सेवाओं का भी विस्तार हो रहा है। अब रीवा से इंदौर और नई दिल्ली के लिए हवाई सेवा उपलब्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव धार में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास के लिए पीजी कॉलेज मैदान धार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, रसायन और उर्वरक मंत्री जे.पी. नड्डा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव तथा केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने रिमोट का बटन दबाकर मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास और धार जिले के विकास कार्यों का भूमिपूजन व लोकार्पण किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी वर्ष अगस्त माह में पीपीपी मॉडल पर बैतूल, कटनी, धार और पन्ना में चार नए चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित करने के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर हुए थे। आज धार और बैतूल का शिलान्यास हो रहा है। शीघ्र ही कटनी और पन्ना में भी मेडिकल कॉलेजों का शिलान्यास किया जाएगा। इन जिलों के बाद भिण्ड, मुरैना, खरगोन, अशोकनगर, गुना, बालाघाट, टीकमगढ़, सीधी और शाजापुर में भी इसी तरह मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की तैयारी है। धार जिले में 260 करोड़ रूपए की लागत से 25 एकड़ भूमि पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है। इस मेडिकल कॉलेज के लिए स्वामी विवेकानंद शिक्षा धाम फाउंडेशन ने सरकार के साथ हाथ मिलाया है। फाउंडेशन को 25 एकड़ जमीन 1 रूपए की लीज पर देकर राज्य सरकार ने स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करने का रास्ता खोला है। अब धार के लोगों को इलाज के लिए बड़े शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। स्थानीय जनजातीय बच्चों को डॉक्टर बनने का अवसर भी मिलेगा। यहां नर्सिंग एवं पैरामेडिकल के कोर्स भी संचालित किए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में वर्ष 2002-03 तक मात्र 5 मेडिकल कॉलेज थे। अब प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 33 हो चुकी है। राज्य में पिछले दो सालों में 6 शासकीय मेडिकल कॉलेज शुरू किए गए। इनमें आदिवासी अंचल सिंगरौली और श्योपुर के मेडिकल कॉलेज भी शामिल हैं। राज्य सरकार ने सीनियर रेजिडेंट्स डॉक्टरों के 354 पदों को स्वीकृति दी है। प्रदेश में सिकल सेल एनीमिया अभियान को आगे बढ़ाते हुए 1 करोड़ 25 लाख से अधिक लोगों की जांच की जा चुकी है। धार में 15 लाख से अधिक लोगों की सिकल सेल कार्यक्रम के तहत जांच की गई। प्रदेश के टीकमगढ़, नीमच, सिंगरौली, श्योपुर, डिंडौरी के अस्पतालों में 800 बेड का उन्नयन और डॉक्टरों के 810 नए पदों की स्वीकृति प्रदान की जा रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार को ऋषि दाधीच और मां नर्मदा का आशीर्वाद प्राप्त है। यह जनसंघ के आदिपुरुष एवं पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष कुशाभाऊ ठाकरे की जन्मस्थली भी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में धार जिले को पिछले 4 महीने में अनेक विकास कार्यों की सौगात मिली हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने 75वें जन्मदिवस पर धार में देश के पहले पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन किया। टेक्सटाइल आधारित इस इंडस्ट्रियल पार्क के माध्यम से क्षेत्र के कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा और 3 लाख के अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पीएमएयर एम्बुलेंस सेवा दूरस्थ क्षेत्रों के लिए वरदान बनी है। अब आयुष्मान कार्ड के माध्यम से जरूरतमंदों को नि:शुल्क इलाज और एयर एम्बुलेंस की सुविधा मिल रही है। परिजन के मृत्यु के बाद परिवारों की सुविधा के लिए प्रदेश के सभी जिला और सिविल अस्पतालों में शव वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। राज्य सरकार ने सड़क हादसों में घायलों की मदद के लिए राहवीर योजना की शुरुआत की है। यह राज्य सरकार का मानवीय संवेदनाओं वाला पक्ष है। घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले राहवीरों को राज्य सरकार प्रोत्साहन स्वरूप 25 हजार की राशि प्रदान कर रही है। साथ ही प्रदेश में अंगदान को प्रोत्साहन देने के लिए देह दानियों और उनके परिवारों को गार्ड ऑफ ऑनर देने की परंपरा शुरू की है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज धार जिले को 626 करोड़ रूपए की लागत के कुल 93 विकास कार्यों की सौगात मिल रही है। इसके अंतर्गत सांदीपनि विद्यालय, छात्रावासों, गर्ल्स स्टेडियम, विभिन्न सड़कों, विधि महाविद्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र आदि का लोकार्पण शामिल है। धार में 15 करोड़ की लागत से बनने वाले गीता भवन का भूमिपूजन हो रहा है। धार-मनावर-गंधवानी और कुक्षी में 104 करोड़ रूपए कील लागत से कुल 26 बालक-बालिका छात्रावासों का भूमिपूजन भी आज किया जा रहा है। धार जिला विकास की राह पर निरंतर अग्रसर है। इंदौर-मनमाड़ रेलवे लाइन परियोजना के लिए 18 हजार 36 करोड़ रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। धार के सभी गांवों तक माँ नर्मदा के जल से सिंचाई की सुविधा पहुंचाने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। इन गतिविधियों से निश्चित ही धार के विकास को पंख लगेंगे।

    केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि अब देश में क्यूरेटिव से पहले प्रिवेंटिव क्योर पर जोर दिया जा रहा है, यानी बीमारी से पहले रोकथाम और जीवनशैली में बदलाव पर ध्यान दिया जा रहा है। होलिस्टिक मेडिसिन के लिए देश में 1 लाख 81 हजार आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर कदम बढ़ा रहा है।

    केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने कहा कि देश में 2014 में 387 मेडिकल कॉलेज और 51 हजार एमबीबीएस सीटें थीं, आज 819 मेडिकल कॉलेज और एमबीबीएस के लिए 1 लाख 29 हजार सीटें हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने 2030 से पहले 75 हजार सीटें बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। मध्यप्रदेश में अगले महीने कटनी और पन्ना मेडिकल कॉलेज का भी भूमि-पूजन किया जाएगा। केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने विवेकानंद नॉलेज फाउंडेशन की पदाधिकारी श्रीमती सुनीता कपूर और सुश्रुति कपूर को को पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल आरंभ करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और राज्य सरकार फाउंडेशन की इस नवाचारी पहल के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि धार में मेडिकल कॉलेज खुलने से गांव-गांव में डॉक्टर पहुंचेंगे। यहां से निकलने वाले पीजी डॉक्टर भी मध्यप्रदेश की सेवा में लग जाएंगे। हम सत्ता को भोगने के लिए नहीं, सेवा करने के लिए आए हैं। केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने कहा कि पीएम मित्र पार्क के माध्यम से धार के कपास उत्पादकों को सौगात मिली है। मध्यप्रदेश सरकार ने एयर एंबुलेंस की सुविधा देश में सबसे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में शुरू की है। राज्य में संवेदनशील सरकार है, मुश्किल समय में लोगों को शव वाहन उपलब्ध कराएं जा रहे हैं।

    वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि आज धार की धरती से प्रदेश के विकास के लिए ऐतिहासिक शुरुआत हो रही है। पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल बनने से हर गरीब और जरूरतमंद को बेहतर इलाज उपलब्ध होगा। राज्य सरकार का यह निर्णय स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री एवं धार जिले के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने भी जनसभा को संबोधित किया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य, परिवार कल्याण मंत्री राजेंद्र शुक्ल, केंद्रीय मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा, वरिष्ठ नेता विक्रम वर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, जन भागीदारी संस्थान के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय जन उपस्थित थे।

     

  • मध्य प्रदेश बन रहा स्वास्थ्य हब: CM मोहन यादव के नेतृत्व में कायाकल्प की दिशा में कदम

    • संकल्प से सिद्धि: स्वास्थ्य हब बनता मध्य प्रदेश
    • मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के नेतृत्व में  चिकित्सा शिक्षा और आयुष क्षेत्र में ऐतिहासिक कायाकल्प की गाथा

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएँ अब केवल चुनावी वादों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह दीर्घकालिक सेवा और सुदृढ़ नीति का प्रमाण बन चुकी हैं। 2003 से पहले जहाँ प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की स्थिति स्थिर थी, वहीं आज डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार ने इसे 'जन-आंदोलन' का रूप दे दिया है। एलोपैथी के आक्रामक विस्तार से लेकर आयुष के पुनरुत्थान तक—मध्य प्रदेश अब "बेसिक मेडिकल शिक्षा" से आगे बढ़कर "एडवांस्ड हेल्थ केयर" की ओर कदम बढ़ा चुका है। 

    चिकित्सा शिक्षा – विस्तार, गुणवत्ता और भविष्य (2003-2028)
    1. ठहराव से रफ़्तार तक का सफ़र (ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य) आंकड़े गवाह हैं कि प्रदेश ने पिछले दो दशकों में कैसे लंबी छलांग लगाई है:
    सीमित अतीत (1946-2003): 1970 के पूर्व और उसके बाद कई दशकों तक मेडिकल कॉलेजों की संख्या लगभग स्थिर रही। 1946 से 2003 के बीच ग्वालियर, इंदौर, भोपाल, जबलपुर और रीवा जैसे चुनिंदा शहरों तक ही चिकित्सा शिक्षा सीमित थी। 2003 तक प्रदेश में शासकीय मेडिकल कॉलेज मात्र 5 थे और कुल कॉलेज केवल 6 थे ।

    बदलाव का दौर (2004-2023): सागर (2009) जैसे नए शासकीय कॉलेज खुले और निजी क्षेत्र को भी अवसर मिला। 2018-19 के बाद विदिशा, दतिया, शहडोल, खंडवा, शिवपुरी और छिंदवाड़ा जैसे जिलों में मेडिकल कॉलेज शुरू हुए, जिससे चिकित्सा शिक्षा संभाग से निकलकर जिले की दहलीज़ तक पहुँची ।

    2. डॉ. मोहन यादव सरकार का 'आक्रामक विस्तार' (2023 के बाद) वर्तमान सरकार ने मेडिकल शिक्षा के विस्तार को नई दिशा दी है:
    रिकॉर्ड उपलब्धि: 2003 से पहले जितने मेडिकल कॉलेज खुले थे, डॉ. मोहन यादव की सरकार ने लगभग उतने ही कॉलेज केवल दो वर्षों में खोल दिए हैं ।

    हर लोकसभा तक पहुँच: सिवनी, नीमच, मंदसौर, श्योपुर और सिंगरौली जैसे सुदूर जिलों में नए मेडिकल कॉलेज शुरू हुए हैं। आज प्रदेश का हर लोकसभा क्षेत्र मेडिकल कॉलेज से जुड़ने की दहलीज़ पर खड़ा है ।

    वर्तमान स्थिति (2025): आज शासकीय मेडिकल कॉलेजों की संख्या 14 से बढ़कर 19 और निजी कॉलेजों की संख्या 12 से बढ़कर 14 हो चुकी है। यानी कुल 33 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं ।

    3. सीटों में अभूतपूर्व वृद्धि (MBBS, PG और सुपर स्पेशलिटी) डॉक्टरों की कमी के पुराने तर्क को ध्वस्त करते हुए सीटों में भारी इजाफा किया गया है:
    MBBS सीटें: 2003 में मात्र 1,250 सीटें थीं। 2023-24 में यह 4,875 हुईं और 2025-26 के सत्र में यह बढ़कर 5,550 (शासकीय: 2850, निजी: 2700) हो गई हैं। यह वृद्धि जनसंख्या वृद्धि की तुलना में कहीं अधिक है ।

    PG और सुपर स्पेशलिटी (एडवांस्ड केयर): सरकार का फोकस केवल MBBS तक सीमित नहीं है।

    PG सीटें: कुल PG (MD/MS) सीटें बढ़कर 2,862 हो गई हैं ।

    सुपर स्पेशलिटी: शासकीय क्षेत्र में सीटें 47 से बढ़कर 64 हो गई हैं और कुल सीटें 93 हैं। यह संकेत है कि मप्र अब एडवांस्ड हेल्थ केयर की ओर बढ़ रहा है ।

    4. अभिनव पहल: पीपीपी (PPP) मॉडल और भविष्य का रोडमैप (2026-28) सरकार निजी निवेश और सार्वजनिक लक्ष्यों के समन्वय से बड़े लक्ष्य साध रही है:

    PPP मॉडल पर प्रगति : 4 मेडिकल कॉलेजों—कटनी, धार, पन्ना, और बैतूल—के लिए MoU हस्ताक्षरित हो चुके हैं ।

    निविदा प्रक्रिया जारी : 9 जिलों—अशोकनगर, मुरैना, सीधी, गुना, बालाघाट, भिंड, टीकमगढ़, खरगोन और शाजापुर—में पीपीपी मोड पर कॉलेज खोलने की प्रक्रिया प्रगतिरत है ।

    2026-28 का विजन : दमोह, बुधनी, छतरपुर, राजगढ़, मंडला और उज्जैन में कुल 6 नवीन कॉलेज प्रस्तावित हैं ।

    महायोग (Grand Total) : योजनानुसार, 2028 तक प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की कुल संख्या 52 हो जाएगी और MBBS सीटें 7,450 तक पहुँचने का अनुमान है ।
    5. सुधरते सामाजिक मानक (Impact Metrics)

    डॉक्टर-जनसंख्या अनुपात : प्रति 10 लाख जनसंख्या पर MBBS सीटों की उपलब्धता 2003 में 20.8 थी, जो 2025 में 63 तक पहुँच चुकी है। 2028 तक यह राष्ट्रीय औसत के करीब होगी ।

    विधानसभा स्तर पर सुधार : प्रति विधानसभा सीट MBBS औसत 2003 में 5 था, जो अब बढ़कर 24 हो गया है।

    आयुष विभाग – गौरवशाली परंपरा, आधुनिक उपलब्धियाँ
    एलोपैथी के साथ-साथ 'निरोगी काया' के संकल्प को पूरा करने के लिए आयुष विभाग ने भी महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं:

    1. अधोसंरचना और मानव संसाधन का सुदृढ़ीकरण

    नए पदों का सृजन : 05 नए आयुर्वेद महाविद्यालयों के लिए 1570 पद, 50/30 बिस्तरीय आयुष चिकित्सालयों हेतु 1179 पद और 58 जिला आयुष विंगों में 213 पद सृजित किए गए हैं।

    फैकल्टी की कमी दूर: शासकीय महाविद्यालयों में सीनियर फैकल्टी की कमी को दूर करने के लिए 543 आयुर्वेद, 35 होम्योपैथी, 14 यूनानी चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति और 74 को उच्च पद का प्रभार दिया गया है।

    8 नवीन महाविद्यालय: नर्मदापुरम, मुरैना, शहडोल, बालाघाट, सागर, झाबुआ, शुजालपुर और डिंडोरी में 8 नए आयुर्वेद महाविद्यालयों की स्वीकृति प्रदान की गई है।

    2. चिकित्सालयों का विस्तार और उन्नयन

    वेलनेस टूरिज्म: प्रदेश में 12 'वेलनेस टूरिज्म केंद्र' स्थापित किए गए हैं, जो स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा दे रहे हैं।

    आयुष्मान आरोग्य मंदिर: 238 औषधालयों को अपग्रेड कर 'आयुष्मान आरोग्य मंदिर' (Health & Wellness Centres) में परिवर्तित किया गया है और 108 नए औषधालयों का निर्माण किया गया है।

    नए 50-बिस्तरीय और 30-बिस्तरीय चिकित्सालयों का निर्माण एवं संचालन निरंतर जारी है।

    3. आगामी 3 वर्षों की कार्य-योजना (भविष्य की झलक) आयुष विभाग ने अगले तीन वर्षों के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार किया है:
    नए संस्थान: 8 नए आयुर्वेद महाविद्यालय, 1 होम्योपैथी महाविद्यालय और 13 नए आयुष चिकित्सालयों (12 पचास-बिस्तरीय, 1 तीस-बिस्तरीय) का संचालन शुरू होगा।

    छात्र सुविधाएँ: सभी आयुष महाविद्यालयों में 100-सीटर छात्रावास और स्वयं की फार्मेसी स्थापित की जाएगी।
    एकीकृत स्वास्थ्य (Integrated Health): सभी जिला एलोपैथी चिकित्सालयों में 'आयुष विंग' और 'पंचकर्म यूनिट' स्थापित की जाएगी। सिकल सेल और जनजातीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का विस्तार होगा।

    डिजिटल क्रांति : 'E-औषधि' और 'E-Hospital' प्रणाली लागू कर ऑनलाइन औषधि आपूर्ति और रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी।

    अनुसंधान : प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आयुष वेलनेस सेंटर और अत्याधुनिक अनुसंधान लैब का आधुनिकीकरण किया जाएगा।

    मेडिकल कॉलेजों की संख्या 6 से 52 तक ले जाने का लक्ष्य और आयुष को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प। यह केवल आँकड़े नहीं हैं। यह प्रमाण है कि डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में 'अंत्योदय' की भावना के साथ काम कर रही है। बुनियादी ढांचे से लेकर मानव संसाधन तक, यह समग्र विकास मध्य प्रदेश को एक स्वस्थ और सशक्त राज्य के रूप में स्थापित कर रहा है।

  • छत्तीसगढ़ शराब घोटाला केस: चैतन्य बघेल को 200–250 करोड़ की कमाई का आरोप, EOW-ACB की ओर से 8वां चालान दाखिल

     रायपुर

    छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित दो हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के शराब घोटाला मामले में प्रदेश के पूर्व सीएम भूपेश  बघेल के बेट चैतन्य बघेल ने आबकारी विभाग में वसूली के लिए एक बड़ा सिंडिकेट खड़ा किया था। आर्थिक आपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की ओर से आज सोमवार को स्पेशल कोर्ट रायपुर में पेश किये गये 8वें चालान में आरोप लगाया गया है कि चैतन्य बघेल को घोटाले की रकम से 200 से 250 करोड़ रुपये मिले हैं। इतना ही नहीं चालान में यह भी दावा किया गया है कि चैतन्य के सिंडिकेट को राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण मिला था। वे प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत कर उन्हें उनके हिसाब से काम करने के लिए निर्देश देते थे। इस वजह से लंबे समय तक यह घोटाला फलता-फूलता रहा। अभी तक घोटाला 3074 करोड़ रुपये का सामने आया है, लेकिन जांच और अन्य सबूत बता रहे हैं कि यह घोटाला 3500 करोड़ रुपये से भी ज्यादा का हैं।

    चैतन्य को तीन हजार करोड़ से ज्यादा के कथित घोटाले में आरोपी बनाया
    ईओडब्ल्यू और एसीबी ने दावा करते हुए बताया कि करीब 3,800 पन्नों चार्जशीट में चैतन्य बघेल को तीन हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के कथित घोटाले में आरोपी बनाया गया है। इस मामले में अब तक कुल आठ चार्जशीट पेश किये जा चुके हैं। नई चार्जशीट में पहले से गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ जांच की मौजूदा स्थिति रिपोर्ट दिया गया है। वहीं हिरासत में लिए गए सभी आरोपियों से डिजिटल साक्ष्य रिपोर्ट भी शामिल हैं। यह दस्तावेज आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ चल रही जांच की प्रगति की भी रूपरेखा बताता है।

    सिंडिकेट को देते थे निर्देश
    चार्जशीट का हवाला देते हुए बताया गया है कि चैतन्य बघेल ने अनिल टुटेजा, सौम्या चौरसिया, अरुणपति त्रिपाठी और निरंजन दास जैसे अधिकारियों के बीच समन्वयक के रूप में काम किया, जो प्रशासनिक स्तर पर सिंडिकेट के हितों के अनुसार काम करते थे और नेटवर्क के जमीनी स्तर के संचालकों जैसे अनवर ढेबर, अरविंद सिंह और विकास अग्रवाल (सभी सह-आरोपी) को निर्देश जारी करते थे।

    घोटाले की रकम को किया ट्रांसफर और मैनेज
    चार्जशीट में दावा किया गया है कि चैतन्य बघेल ने अपने भरोसेमंद सहयोगियों के माध्यम से व्यवसायी अनवर ढेबर की टीम की ओर से वसूली गई घोटाले की रकम को ऊपर तक पहुंचाया गया। उसने शराब व्यवसायी त्रिलोक सिंह ढिल्लों की विभिन्न फर्मों के माध्यम से अपने हिस्से की रकम प्राप्त की। इसे बैंकिंग चैनलों के माध्यम से अपनी पारिवारिक फर्मों में ट्रांसफर किया और रियल एस्टेट परियोजनाओं में इसका इस्तेमाल किया। इसके अलावा चार्जशीट में दावा किया गया है कि उसने अपने परिवार के सदस्यों, दोस्तों और सहयोगियों के ज़रिए बैंकिंग चैनलों से घोटाले से मिले पैसे की बड़ी रकम ली और इन्वेस्ट किया।

    शराब घोटाले में शामिल रकम करीब 3,074 करोड़ रुपये होने का अनुमान
    जांच एजेंसी ने कहा कहा कि "सबूतों से पता चलता है कि चैतन्य ने ऊंचे लेवल पर अपराध की कमाई को मैनेज करने के साथ-साथ अपने हिस्से के तौर पर लगभग 200 करोड़ रुपये से 250 करोड़ रुपये लिए। सिंडिकेट को दी गई हाई-लेवल सुरक्षा, पॉलिसी/एडमिनिस्ट्रेटिव दखल और प्रभाव के कारण यह अपराध लंबे समय तक चलता रहा। जांच से पता चलता है कि शराब घोटाले में शामिल रकम लगभग 3,074 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। हालांकि आगे की जांच से पता चला है कि कथित घोटाले से अपराध की कुल कमाई तीन हजार पांच करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकती है। जांच एजेंसी ने बताया कि कई आरोपियों के खिलाफ अभी जांच जारी है।

    सरकारी खजाने को पहुंचा नुकसान
    केंद्रीय एजेंसी ने बताया कि कथित घोटाले से सरकारी खजाने को काफी नुकसान पहुंचा है। इस घोटाले से एक शराब सिंडिकेट के लाभार्थियों की जेबें भर गईं। यह घोटाला साल 2019 और 2022 के बीच हुआ। उस दौरान छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार की सरकार थी और चैतन्य बघेल के पिता भूपेश बघेल सीएम थे। दूसरी ओर ईडी की ओर से पहले दायर चार्जशीट के अनुसार, चैतन्य बघेल ने शराब घोटाले से मिले एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की "अपराध की कमाई" को "हैंडल" किया था।

    18 जुलाई को हुई थी चैतन्य की गिरफ्तारी
    बता दें कि चैतन्य बघेल फिलहाल रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। उन्हें 18 जुलाई 2025 को ईडी ने शराब घोटाले के आरोप में भिलाई स्थित निवास से गिरफ्तार किया था। इसी मामले में ईडी ने 16 दिसंबर को पूछताछ के बाद सौम्या चौरसिया को भी गिरफ्तार किया था। 19 दिसंबर को कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।

  • ग्वालियर में होगा अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट का आयोजन, गृह मंत्री अमित शाह की रहेगी सहभागिता

    अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट 25 दिसंबर को ग्वालियर में, केंद्रीय गृह मंत्री शाह होंगे शामिल

    निवेश से रोजगार का अटल संकल्प, विकास की नई दिशा

    ग्वालियर

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सहभागिता और मुख्यमंत्री की उपस्थिति में 25 दिसंबर 2025 को ग्वालियर के मेला ग्राउंड में ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट’ का राज्य स्तरीय आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती के अवसर पर उनके विकासवादी विचारों, सुशासन की अवधारणा और राष्ट्रनिर्माण के संकल्प को समर्पित रहेगा।

    पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी की दूरदर्शी विकास दृष्टि से प्रेरित यह समिट ‘निवेश से रोजगार – अटल संकल्प, उज्ज्वल मध्यप्रदेश’ की थीम पर आधारित है। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रदेश में बीते दो वर्षों के दौरान हुए औद्योगिक विस्तार, निवेश उपलब्धियों और रोजगार सृजन के ठोस एवं धरातलीय परिणामों से नागरिकों को अवगत कराना तथा भविष्य की औद्योगिक प्राथमिकताओं और विकास के स्पष्ट रोडमैप को साझा करना है। इस राज्य स्तरीय आयोजन में लगभग एक लाख लाभार्थियों की सहभागिता अपेक्षित है।

    समिट के दौरान ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट एवं विभिन्न राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय निवेश आयोजनों के माध्यम से प्राप्त दो लाख करोड़ रु. से अधिक के निवेश प्रस्तावों से जुड़ी परियोजनाओं का भूमि-पूजन, दस हजार करोड़ रु. से अधिक की पूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण, औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटन तथा आशय-पत्रों का वितरण किया जाएगा। साथ ही निवेश प्रस्तावों से जुड़े लाभार्थियों का सम्मान तथा रोजगार-केंद्रित पहलों का प्रस्तुतीकरण भी किया जाएगा।

    कार्यक्रम में औद्योगिक इकाइयों के माध्यम से रोजगार प्राप्त युवाओं, सफल लाभार्थियों और महिला उद्यमियों द्वारा संचालित इकाइयों को विशेष रूप से प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे महिला सशक्तिकरण और समावेशी विकास का स्पष्ट संदेश सामने आए।

    औद्योगिक सुधार और नवाचार के अंतर्गत विशेष औद्योगिक क्षेत्र का शुभारंभ, एक क्लिक प्रोत्साहन वितरण प्रणाली की शुरुआत, नए औद्योगिक क्लस्टरों तथा प्लग-एंड-प्ले इकाइयों का उद्घाटन किया जाएगा। विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित महत्वपूर्ण औद्योगिक परियोजनाओं का लोकार्पण भी कार्यक्रम का हिस्सा रहेगा।

    प्रदेश सरकार की पिछले दो वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित एक विस्तृत प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें औद्योगिक सुधारों, नीतिगत नवाचारों, निवेश प्रोत्साहन, अधोसंरचना विकास और रोजगार सृजन से जुड़े प्रयासों को प्रभावी एवं दृश्यात्मक रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। जिला स्तर पर औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन की उपलब्धियों को भी इस मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा।

    स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर एक विशेष स्मृति प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें उनके दूरदर्शी नेतृत्व, आधारभूत संरचना विकास, औद्योगिक दृष्टि और सुशासन से जुड़े ऐतिहासिक योगदान को प्रदर्शित किया जाएगा। यह प्रदर्शनी अटल जी के विचारों से प्रेरित वर्तमान मध्यप्रदेश की औद्योगिक यात्रा को रेखांकित करेगी।

    समिट में प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, निवेश-अनुकूल नीतियाँ, सिंगल विंडो प्रणाली, भूमि एवं अधोसंरचना उपलब्धता तथा MSME, स्टार्ट-अप, महिला उद्यमिता, युवा कौशल विकास और क्षेत्रीय औद्योगिक संभावनाओं से जुड़े अवसरों को दर्शाने वाली थीमेटिक प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी।

    इस आयोजन में उद्योग जगत के प्रमुख निवेशक, औद्योगिक संघों के प्रतिनिधि, महिला एवं युवा उद्यमी, लाभार्थी समूह तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी सहभागिता करेंगे। अटल जयंती के अवसर पर आयोजित यह राज्य स्तरीय आयोजन आत्मनिर्भर, समृद्ध और रोजगार-समृद्ध मध्यप्रदेश की दिशा में प्रदेश के विकास संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

     

  • यूनियन कार्बाइड के लैंडफिलिंग विवाद में नया मोड़, हाईकोर्ट ने राहत दी

    जबलपुर 
    हाईकोर्ट ने यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के विनष्टीकरण से निकली राख की लैंडफिलिंग पर लगी रोक को अस्थाई रूप से वापस ले लिया है. लैंडफिलिंग पर लगाई गई रोक के आदेश पर समीक्षा करने सरकार की ओर से आवेदन दायर किया था. हाईकोर्ट जस्टिस विवेक कुमार सिंह व जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की युगलपीठ ने आवेदन की सुनवाई करते हुए पूर्व में पारित आदेश के अनुसार आगे कार्यवाही करने के निर्देश जारी किए हैं.

    हाईकोर्ट ने लगाई थी लैंडफिलिंग पर रोक

    इस याचिका की सुनवाई 2004 में आलोक प्रताप सिंह द्वारा लगाई गई याचिका के साथ संयुक्त रूप से हो रही थी. 2004 में यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के विनष्टीकरण की मांग करते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी. याचिकाकर्ता की मृत्यु के बाद हाईकोर्ट मामले की सुनवाई संज्ञान याचिका के रूप में कर रहा था. वहीं, सोमवार से पहले हुई कई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार से कचरे की विनष्टीकरण की रिपोर्ट पेश करने को कहा था. इसके बाद रिपोर्ट देखकर हाईकोर्ट ने राख को घनी आबादी के पास लैंडफिल किए जाने पर रोक लगा दी थी.

    यूनियन कार्बाइड की राख पर हाईकोर्ट ने जताई थी चिंता

    8 अक्टूबर 2025 को हाईकोर्ट ने कहा था कि जहरीले राख की लैंडफिलिंग के आदेश के बावजूद सरकार ने दूसरे स्थान के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी. सरकार द्वारा इंसानों की आबादी से सिर्फ 500 मीटर दूर लैंड फिलिंग का स्थान निर्धारित किया गया है. राख अभी भी जहरीली है और अगर इसे ठीक से नहीं रोका गया तो भूकंप जैसी किसी प्राकृतिक आपदा के कारण उसे रोकने वाला स्ट्रक्चर गिरने पर एक और आपदा हो सकती है. ऐसे में राज्य सरकार को राख ऐसी जगहों पर ले जाने की संभावना पर विचार करना चाहिए जो इंसानी बस्तियों, पेड़-पौधों और पानी के सोर्स से बहुत दूर हों. कंटेनमेंट सिस्टम टूट भी जाए, तो भी इसके बुरे असर बहुत कम हों. हालांकि, अगली सुनवाई में इसे लेकर सरकार ने अपनी ओर से तर्क रखे.

    दो महीने के अंदर पूरी करें विनष्टीकरण की प्रक्रिया : हाईकोर्ट

    सरकार की ओर से इस मामले में फिर दलील दी गई कि जहरीली राख को रोकने के लिए जो स्ट्रक्चर बनाया है, उसे सबसे मॉडर्न सुरक्षा तकनीक से बनाया गया है. शुरुआत में कोर्ट राज्य सरकार की ओर से दिए गए इस तर्क से सहमत नहीं था. हालांकि, सोमवार को राज्य सरकार द्वारा आदेश पर समीक्षा करने के आवेदन पर युगलपीठ ने राहत दे दी.

    हाईकोर्ट ने आदेश देते हुए कहा कि पूर्व में पारित आदेश को देखने व मामले के तथ्यातक पहलुओं पर विचार करने के बाद हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे है कि 8 अक्टूबर 2025 के आदेश को अस्थाई रूप से स्थगित रखा जाए. राज्य सरकार को न्यायालय के द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति की राय के अधीन दो माह की अवधि के अंदर पूर्व में पारित आदेशानुसार विनष्टीकरण की प्रक्रिया पूर्ण करनी होगी.

  • श्रीमती अनुराधा पाण्डेय प्रदेश संगठन सचिव मनोनीत

    रायपुर 

    अखंड ब्राह्मण समाज सेवा समिति के प्रदेश सांगठन सचिव लखेश्वर पाण्डेय जी की अनुशंसा पर समिति के नारिशक्ति प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती चित्रा तिवारी द्वारा श्रीमती अनुराधा पाण्डेय जी को नारिशक्ति प्रकोष्ठ, प्रदेश संगठन सचिव के पद पर मनोनीत किया एवं नारिशक्ति प्रकोष्ठ दुर्ग संभाग के प्रभार दिया गया है।

    समिति को विश्वास है कि श्रीमती अनुराधा पाण्डेय अपने  अनुभव एवं समर्पण भाव से समाज हित में कार्य करते हुए संगठन को सशक्त बनाएंगी। श्रीमती पाण्डेय के मनोनयन पर संगठन के तामेश तिवारी, योगेश तिवारी,राजेंद्र तिवारी, मनोरमा त्रिपाठी साधना शुक्ला सुनीता तिवारी आदि  सदस्यों ने हर्ष व्यक्त करते हुए बधाई प्रेषित किए।

  • मध्य प्रदेश में सुरक्षा लापरवाही: केंद्रीय कृषि मंत्री के काफिले में युवक ने की हड़ताल

     खातेगांव
     मध्यप्रदेश के देवास जिले के खातेगांव में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की सुरक्षा में चूक का मामला सामने आया है। उनके काफिले में एक युवक के घुसने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।

    किसानों की समस्या को लेकर मंत्री से बात

    दरअसल सोमवार को शिवराज सिंह चौहान खातेगांव विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर थे। इसी दौरान कांग्रेस नेता रोहित बंडावाला अचानक शिवराज सिंह के काफिले के सामने आ गए और कार से उतरकर उनकी गाड़ी के सामने सड़क पर बैठ गए।

    ब्लैक शर्ट पहने और चश्मा लगाए रोहित बंडावाला किसानों की समस्याओं को लेकर केंद्रीय मंत्री शिवराज से बात करना चाहते थे।

    घटना के बाद युवक ने सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

    घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बता दें कि पिछले दिनों ही शिवराज चौहान के भोपाल और दिल्ली स्थित बंगले की सुरक्षा बढ़ाई गई थी, इसके बाद इस तरह काफिले तक पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।अब इस मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है कि क्या केंद्रीय मंत्री की सुरक्षा में चूक हुई है? घटना के बाद रोहित बंडावाला ने सोशल मीडिया पर अपनी बात लिखी है। 

  • खरगोन में भ्रष्टाचार पर शिकंजा, 4 सरकारी कर्मचारियों को तत्काल हटा दिया गया

    खरगोन
     जिले में सरकारी राहत राशि को निजी लाभ और रिश्तेदारों में बांटने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। राहत राशि वितरण में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सिद्ध होने पर कलेक्टर भव्या मित्तल ने सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने चार सहायक ग्रेड-3 कर्मचारियों को शासकीय सेवा से टर्मिनेट कर दिया है। वहीं, इस पूरे मामले में शामिल निजी ऑपरेटर के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

    कलेक्टर भव्या मित्तल की गई कार्रवाई के तहत भीकनगांव तहसील में पदस्थ संतोष मंडलोई, भगवानपुरा तहसील के मनीष चौहान- प्रवीण मंडलोई और खरगोन तहसील ग्रामीण के मनोज कदम को सेवा से बर्खास्त किया है। इसके साथ ही निजी ऑपरेटर श्याम सोलंकी के खिलाफ गोगांवा तहसीलदार को कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

    परिवार और रिश्तेदार के नाम राशि डिपॉजिट
    महालेखाकार मध्य प्रदेश, ग्वालियर के ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि इन कर्मचारियों ने आरबीसी के तहत राहत राशि वितरण में लाखों रुपये की गंभीर अनियमितताएं की हैं। जांच में सामने आया कि भीकनगांव तहसील के संतोष मंडलोई ने अपने बेटे, पत्नी, एक ठेकेदार और ठेकेदार के बेटे के खातों में राहत राशि ट्रांसफर कर दी। इसी तरह भगवानपुरा तहसील के मनीष चौहान ने खुद, पत्नी, पिता और बहन के खातों में सरकारी राशि डलवाई।

    प्राइवेट ऑपरेटर की मदद से किया घोटाला
    ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार प्रवीण मंडलोई और मनोज कदम ने निजी ऑपरेटर श्याम सोलंकी के माध्यम से पात्र हितग्राहियों की राहत राशि अपात्र व्यक्तियों के खातों में डलवाई। यह पूरा खेल सरकारी सिस्टम का दुरुपयोग कर किया गया, जिससे शासन को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा।

    मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 14 के तहत अनुशासनात्मक जांच प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद चारों कर्मचारियों पर नियम 10 के अंतर्गत नियम 9 के तहत दीर्घ शास्ति अधिरोपित की गई और उन्हें शासकीय सेवा से टर्मिनेट कर दिया गया।

  • राज्य कर्मचारियों को राहत: छत्तीसगढ़ सरकार की नई बीमा सुविधा, 1.60 करोड़ तक का कवर

    रायपुर
     छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के नियमित शासकीय कर्मचारियों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य शासन और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के बीच स्टेट गवर्नमेंट सैलरी पैकेज को लेकर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस एमओयू के तहत एसबीआई में वेतन खाता रखने वाले कर्मचारियों को करोड़ों रुपये का बीमा कवर पूरी तरह निःशुल्क मिलेगा।

    एमओयू के अनुसार कर्मचारियों को एक करोड़ रुपए का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, एक करोड़ 60 लाख रुपए का हवाई दुर्घटना बीमा, एक करोड़ रुपए का स्थायी पूर्ण दिव्यांगता बीमा, 80 लाख रुपए का आंशिक दिव्यांगता बीमा और 10 लाख रुपए का समूह जीवन बीमा दिया जाएगा। खास बात यह है कि इन सभी बीमा सुविधाओं के लिए कर्मचारियों को कोई अतिरिक्त प्रीमियम नहीं देना होगा। इसके अलावा एसबीआई रुपे कार्ड पर 1 करोड़ रुपए के बीमा कवर में अतिरिक्त 10 लाख रुपए का लाभ भी मिलेगा। स्वास्थ्य बीमा टॉप-अप जैसी सुविधाएं रियायती दरों पर उपलब्ध कराई जाएंगी।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों की सुरक्षा और कल्याण के लिए लगातार ठोस फैसले ले रही है। एसबीआई के साथ यह एमओयू कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए मजबूत सुरक्षा कवच साबित होगा।

    वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि यह समझौता कर्मचारियों को आर्थिक जोखिम से बचाने की दिशा में अहम पहल है। बिना किसी अतिरिक्त खर्च के इतनी व्यापक बीमा सुविधाएं मिलना राज्य सरकार की कर्मचारी-हितैषी नीति को दर्शाता है।

  • राज्य युवा महोत्सव 2025 की शुरुआत, CM साय करेंगे उद्घाटन और युवा करेंगे प्रदर्शन

    रायपुर
     राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 23 दिसम्बर से 25 दिसम्बर तक बिलासपुर के राज्य खेल प्रशिक्षण केंद्र बहतराई में राज्य युवा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 23 दिसम्बर को इसका शुभारंभ करेंगे। महोत्सव में 14 सांस्कृतिक और साहित्यिक विधाओं में प्रदेश के 3000 युवा अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। शुभारंभ समारोह में छत्तीसगढ़ की मेजबानी में होने वाले पहले 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' की लॉन्चिंग भी की जाएगी। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव शुभारंभ समारोह की अध्यक्षता करेंगे। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू, छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा अति विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होंगे। राज्यपाल श्री रमेन डेका 25 दिसम्बर को समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। 

    छत्तीसगढ़ के युवाओं को सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने, उनकी प्रतिभा को निखारने तथा राष्ट्रीय स्तर पर उनके प्रतिभा के प्रदर्शन के लिए मंच प्रदान करने राष्ट्रीय युवा महोत्सव-2026 के तारतम्य में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राज्य स्तरीय युवा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसमें 14 विधाओं में प्रतियोगिताएं होंगी, जिनमें आठ दलीय विधाएं औ छह 6 एकल विधाएं शामिल हैं। दलीय विधाओं में लोकनृत्य, पंथी नृत्य, राउत नाचा, सुआ नृत्य, करमा नृत्य, लोकगीत, रॉक बैंड और एकांकी की प्रतियोगिताएं होंगी। वहीं एकल विधाओं में वाद-विवाद, कहानी लेखन, चित्रकला, कविता लेखन, नवाचार (साइंस मेला) और पारंपरिक वेशभूषा शामिल हैं। सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं की पांच विधाओं लोकनृत्य, लोकगीत, वाद-विवाद, चित्रकला और कविता लेखन के विजेता प्रतिभागी नई दिल्ली में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय युवा उत्सव-2026 में छत्तीसगढ़ की ओर से भागीदारी करेंगे।  

    राज्य युवा महोत्सव में दलीय विधाओं में प्रथम स्थान हासिल करने वाले प्रतिभागियों को 20 हजार रुपए, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वालों को 15 हजार रुपए एवं तृतीय स्थान पर रहने वाले प्रतिभागियों को 10 हजार रुपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी। एकल विधाओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को क्रमशः 5 हजार रुपए, 3 हजार रुपए एवं 2 हजार रुपए प्रदान किए जाएंगे। महोत्सव में भाग लेने वाले हर प्रतिभागी को एक-एक हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। 

    राज्य युवा महोत्सव के दौरान प्रसिद्ध कलाकारों के गायन, बैण्ड परफॉर्मेंस, कवि सम्मेलन जैसे विविध आयोजन भी होंगे। 23 दिसम्बर को उद्घाटन समारोह के दिन राज्य खेल प्रशिक्षण केन्द्र बहतराई में शाम 5 बजे से रात्रि 8 बजे तक आरूग बैण्ड ( अनुज शर्मा) की प्रस्तुति तथा नारायणपुर के प्रसिद्ध मल्लखंब का प्रदर्शन किया जाएगा। 23 दिसम्बर को ही बिलासपुर पुलिस ग्राउंण्ड में रात साढ़े 8 बजे से कवि सम्मेलन होगा, जिसमें प्रसिद्ध कवि डॉ. कुमार विश्वास एवं अन्य कवि कविता पाठ करेंगे। राज्य युवा महोत्सव के दूसरे दिन 24 दिसम्बर को राज्य खेल प्रशिक्षण केन्द्र बहतराई में शाम 6 बजे से काफिला बैण्ड एवं स्वप्निल लाइव बैण्ड की प्रस्तुति होगी। अंतिम दिन 25 दिसम्बर को शाम 6 बजे से सुश्री आरू साहू तथा दायरा (बस्तर) बैण्ड की प्रस्तुति होगी। समापन समारोह में विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित किए जाएंगे।

  • वेतन वृद्धि विवाद: सिंगरौली कलेक्टर ने स्कूल निरीक्षण में प्राचार्य को किया नोटिस जारी

    सिंगरौली
     सिंगरौली जिले के कलेक्टर IAS गौरव बैनल सोमवार को अचानक गड़ेरिया स्थित माता सबरी आवासीय कन्या विद्यालय पहुंचे.निरीक्षण के दौरान प्राचार्य और शिक्षक विद्यालय से गायब मिले.कलेक्टर ने दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी कर प्राचार्य की एक वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए.हालांकि कलेक्टर के आने के कुछ समय बाद ही स्कूल से गायब प्राचार्य स्कूल में पहुंच गए.

    निरीक्षण के बाद कलेक्टर ने माता सबरी आवासीय कन्या विद्यालय के छात्राओं से संवाद किया.कलेक्टर गौरव बैनल ने छात्राओं को अपनी रुचि के अनुसार कैरियर चुनने की सलाह दी. कुछ छात्राओं ने कलेक्टर गौरव बैनल से IAS बनने का मार्गदर्शन भी लिया. कलेक्टर ने विद्यालय के पुस्तकालय व लैब का भी जायजा लिया. और साफ सफाई व लैब संचालित करने के लिए निर्देशित किया.

    इस दौरान विद्यालय के प्राचार्य ने कलेक्टर से बताया कि विद्यालय परिसर के पास स्टोन क्रेशर होने के कारण छात्राओं की पढ़ाई में बाधा उत्पन्न होती है.इस समस्या पर भी कलेक्टर ने तत्काल जिला खनिज अधिकारी को जांच के प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया। 

  • इंडिगो उड़ानें फिर सक्रिय, भोपाल में हवाई यात्री रिकॉर्ड तोड़ने में सफल

    भोपाल
     इस माह इंडिगो की उड़ानें अचानक निरस्त होने से हवाई यातायात गड़बड़ा गया था। यात्रियों ने इसको लेकर जमकर हंगामा भी किया था, लेकिन अब हवाई यातायात सामान्य हो चुका है।

    इंडिगो की सभी उड़ानें बहाल हो चुकी हैं। इसका असर यात्रियों की संख्या पर नजर आ रहा है। रविवार को भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर यात्री संख्या का पुराना रिकॉर्ड टूट गया। केवल एक दिन में ही छह हजार से अधिक यात्रियों ने देश के विभिन्न शहरों तक सफर किया।
    भोपाल में अब मध्यम वर्ग भी विमान से यात्रा करने लगा है

    माना जा रहा था कि इंडिगो संकट के कारण अब यात्री हवाई यात्रा के बजाय ट्रेन से जाना पसंद करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हवाई यात्री तेजी से बढ़ रहे हैं। भोपाल में अब मध्यम वर्ग भी विमान से यात्रा करने लगा है। इसी कारण संख्या लगातार बढ़ रही है।

    तीन से चार साल पहले तक यात्रियों की संख्या बहुत कम थी। एयरलाइंस कंपनियां साल में दो से तीन बार लो फेयर स्कीम जारी करती थीं, लेकिन अब ऐसा नहीं है। किराया बढ़ने के बाद भी यात्री बुकिंग करा रहे हैं।
    ट्रेन से आसानी फिर भी विमान पसंद

    भोपाल से दिल्ली तक ट्रेन कनेक्टिविटी सबसे सरल और आसान है। किसी न किसी ट्रेन में टिकट मिल ही जाते हैं। इसके बावजूद विमान से दिल्ली जाने वालों की संख्या बढ़ रही है।

    भोपाल से दिल्ली तक पांच नियमित एवं एक साप्ताहिक उड़ान हैं। सभी उड़ानों में 90 प्रतिशत तक पैसेंजर लोड हैं। यही कारण है कि यात्री संख्या का आंकड़ा बढ़ रहा है।

    इस माह पांच एवं छह दिसंबर को जब इंडिगो की उड़ानें निरस्त हो रहीं थीं, तब दैनिक यात्री संख्या तीन हजार तक रह गई थी। अब यह संख्या दोगुना हो चुकी है।

    यह भी पढ़ें- 'मैंने भी डेढ़ घंटे किया फ्लाइट का इंतजार', ग्वालियर एयरपोर्ट पर इंडिगो सेवा प्रभावित, ज्योतिरादित्य सिंधिया भी फंसे

    एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी का कहना है कि यात्री सुविधाएं बढ़ने एवं आसान कनेक्टिविटी के कारण यात्री बढ़े हैं। 

  • कोरबा हत्याकांड: कार से आए हमलावरों ने भाजपा नेता अक्षय गर्ग को उतारा मौत के घाट

    कोरबा

    छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। जिसमें कारखाना मोहल्ला निवासी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और जनपद सदस्य, ठेकेदार, पूर्व जनपद उपाध्यक्ष अक्षय गर्ग पर जानलेवा हमला कर दिया गया। गम्भीर घायल गर्ग की मौत हो गई।

    छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है जिसमें कारखाना मोहल्ला निवासी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और जनपद सदस्य,ठेकेदार,पूर्व् जनपद उपाध्यक्ष अक्षय गर्ग पर जानलेवा हमला कर दिया गया। गम्भीर घायल गर्ग की मौत हो गई।

    प्रारंभिक तौर पर जो जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक, आज सुबह करीब 9-10 बजे के मध्य जब वे ग्राम केशलपुर अपनी पीएमजीएसवाई सड़क निर्माण की साइट पर थे। तभी एक काले रंग की कार में सवार होकर पहुंचे करीब तीन लोगों ने उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमला धारदार हथियारों से किया गया।उनके हाथ, सिर, गर्दन, पेट, पीठ और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट के गंभीर निशान हैं।

    उन्हें गंभीर हालत में उपचार के लिए स्थानीय कटघोरा के अस्पताल लाया जा रहा था। किन्तु रास्ते में दमतोड़ दिया। अस्पताल में चिकित्सक ने परीक्षण उपरांत मृत घोषित कर दिया।

    इस नृशंस हत्या की घटना से कटघोरा सहित जिले भर में सनसनी फैल गई है। घटना को लेकर स्थानीय लोगों में शोक मिश्रित आक्रोश और भय व्याप्त है। परिजन सहित शुभचिंतक और बड़ी संख्या में कटघोरावासी अस्पताल के सामने मौजूद हैं।

    कटघोरा थाना प्रभारी धर्म नारायण तिवारी दलबल के साथ घटनास्थल पहुंचे हुए हैं। हालात पर नजर रखी जा रही है। जिला पुलिस के आला अधिकारियों की कटघोरा व घटनास्थल की ओर रवाना होने की खबर है। बताया जा रहा है कि पुरानी रंजीत के चलते या घटना सामने आई है।