• मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की हितग्राहियों के खातों में सिंगल क्लिक से ट्रांसफर की 31वीं किस्त

    बुंदेलखंड धरा है हीरों और महावीरों की : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    बहनों के आशीर्वाद से राज्य सरकार निरंतर कर रही है विकास कार्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    एक करोड़ 26 लाख से अधिक लाड़ली बहनों को 1857 करोड़ रुपए अंतरित

    मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की हितग्राहियों के खातों में सिंगल क्लिक से ट्रांसफर की 31वीं किस्त

    मुख्यमंत्री ने राजनगर में 510 करोड़ लागत के 29 विकास कार्यों का किया भूमि-पूजन और लोकार्पण

    खजुराहो

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बुंदेलखंड हीरों और महावीरों की धरती है। यह मंदिरों की नगरी है। उन्होंने कहा कि महाराज छत्रसाल के कार्य काल में बुंदेलखंड की महाविजय होती थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाराजा छत्रसाल के शौर्य को नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि बुंदेलखंड के गौरव महाराज छत्रसाल की प्रतिमा और सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा का खजुराहो में अनावरण किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव छतरपुर के राजनगर में लाड़ली बहना सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज प्रदेश की 1.26 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों को 1857 करोड़ रुपए राशि अंतरित की गई है। इनमें छतरपुर की 3 लाख 24 हजार से अधिक लाड़ली बहनें शामिल हैं। हितग्राहियों बहनों को उनके बैंक खातों में 31वीं किस्त के रूप में 1500 रुपए की सौगात मिली है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में अब तक 46 हजार 500 करोड़ की राशि बहनों के खातों में अंतरित की जा चुकी है। बहनें अपने परिवार के संचालन में भी सहयोग कर रही हैं। बहनों के आशीर्वाद से राज्य सरकार निरंतर विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से बहनों को पक्के मकान और उज्जवला गैस कनेक्शन भी दिए जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुंदेलखंड के चहुँमुखी विकास के लिए 270 करोड़ लागत के 9 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और 240 करोड़ लागत के 20 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इनमें 2 सांदीपनि विद्यालय और स्वास्थ्य संस्थान शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खजुराहो में बड़ा कन्वेंशन सेंटर और फाइव स्टार होटल बनाया जाएगा। राजनगर में राजगढ़ पैलेस की सौगत मिल रही है। इससे पर्यटन क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। बुंदेलखंड के दमोह, छतरपुर, पन्ना और कटनी में 4 मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जायेंगे। केन-बेतवा लिंक परियोजना से क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 2 नेशनल हाइवे को जोड़ने वाले फोर लाइन सड़क की सौगात दमोह-सागर को मिलने जा रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सागर में नया इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किया जाएगा। इससे 30 हजार से अधिक लोगों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजनगर में आयोजित लाड़ली बहना सम्मेलन में विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण भी किया।

    खजुराहो सांसद  वी.डी. शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुंदेलखंड के चहुंमुखी विकास में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। राज्य सरकार जो कहती है करके दिखाती है। सरकार ने लाड़ली बहनों के खातों में प्रतिमाह 3000 रुपए भेजने का संकल्प लिया था, जिसे धीरे-धीरे पूरा करने की ओर आगे बढ़ रहे हैं। राजनगर विधायक  अरविंद पटेरिया ने कहा कि बुंदेलखंड में 'डेस्टिनेशन कैबिनेट' कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अनुपम सौगात दी है। पिछले 2 वर्षों में खजुराहो में विकास से संबंधित महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। आज सूखे और पिछड़े बुंदेलखंड को विकास की नई पहचान मिल रही है।

    सम्मेलन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल, वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री  दिलीप अहिरवार, विधायक छतरपुर मती ललिता यादव, विधायक  कामाख्या प्रताप सिंह, विधायक  राजेश शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष मती विद्या अग्निहोत्री सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाराजा छत्रसाल और सरदार पटेल की प्रतिमा का अनावरण किया

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को खजुराहो कन्वेंशन सेंटर के पास स्थित बुदेलखण्ड केसरी महाराजा छत्रसाल बुंदेला और भारत रत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल की नवनिर्मित प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर केबिनेट के सभी मंत्रीगण सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

    मतंगेश्वर महादेव के किए दर्शन
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने छतरपुर प्रवास के दूसरे दिन मंगलवार को विश्व धरोहर स्थल खजुराहो के प्राचीन मतंगेश्वर महादेव मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मतंगेश्वर महादेव के दर्शन किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के नागरिकों के कल्याण और सुख समृद्धि की कामना की।

     

  • इंडिगो को 9000 करोड़ का जुर्माना, छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी ने भेजा नोटिस, रायपुर से 4 प्रमुख फ्लाइट्स रद्द

    रायपुर 

    देश की सबसे बड़ी लो-कॉस्ट एयरलाइन इंडिगो (IndiGo Airlines) पर यात्रियों की नाराज़गी लगातार बढ़ती जा रही है। मंगलवार सुबह रायपुर से मुंबई जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट अचानक रद्द कर दी गई, जबकि मुंबई, दिल्ली और हैदराबाद से आने वाली कुल चार उड़ानें भी कैंसिल रहीं। एयरपोर्ट पर सुबह से ही यात्रियों की भीड़ और गुस्सा दोनों दिखा।

    इसी बीच छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी ने इंडिगो को लीगल नोटिस भेजते हुए कहा है कि एयरलाइन ने बिना सूचना हजारों यात्रियों की यात्रा योजनाओं को बिगाड़ा, जो न सिर्फ अनुचित है बल्कि DGCA Guidelines का उल्लंघन भी है। सोसायटी ने मांग रखी है कि हर पीड़ित यात्री को टिकट कीमत का 10 गुना मुआवजा दिया जाए।

    छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी के संयोजक डॉ कुलदीप सोलंकी ने बताया कि इंडिगो एयरलाइंस ने बिना किसी पूर्व सूचना और बिना पारदर्शी कारण बताए अत्यंत मनमाने ढंग से हजारों यात्रियों की यात्रा योजनाओं को बाधित किया. यात्रियों को भारी आर्थिक नुकसान, मानसिक कष्ट और समय की हानि का सामना करना पड़ा है. प्रभावित लोगों में वरिष्ठ नागरिक, बच्चे, महिलाएं, रोगी और व्यवसायी बड़ी संख्या में शामिल है. ऐसे लोगों के लिए अचानक फ्लाइट रद्द करना किसी आपदा से कम नहीं है.

    छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी ने अपने नोटिस में स्पष्ट कहा है इंडिगो का यह कृत्य भारतीय अनुबंध अधिनियम, 1872, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019, विमानन नियम और DGCA द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का गंभीर उल्लंघन है. सोसायटी ने इसे ‘घोर अनुबंधभंग’ (Breach of Contract) और ‘सेवा में कमी’ (Deficiency in Service) का स्पष्ट मामला बताया है.

    लगातार रद्द हो रही फ्लाइट्स 

    दिन रद्द फ्लाइट्स (रायपुर से) रूट
    सोमवार 8 फ्लाइट्स मुंबई (2), हैदराबाद (2), बेंगलुरु (1), भोपाल (1), कोलकाता (1), दिल्ली (1)।
    आज (मंगलवार) 4 फ्लाइट्स सुबह 9 बजे रायपुर से मुंबई की फ्लाइट, और मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद से आने वाली 1-1 फ्लाइट।
    पिछले 4 दिन 64 फ्लाइट्स अकेले रायपुर से उड़ान भरने वाली रद्द हुई उड़ानों की संख्या।
    देश भर में 3000+ पिछले 5 दिनों में देशभर में रद्द हुई इंडिगो की उड़ानें।

    छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी का इंडिगो को लीगल नोटिस 

    नोटिस में इंडिगो एयरलाइंस को आदेशित किया गया है कि वह प्रत्येक प्रभावित यात्री को उसके टिकट मूल्य का कम से कम दस गुना मुआवजा, होटल, वैकल्पिक यात्रा, चिकित्सा खर्च जैसे सभी प्रत्यक्ष नुकसान की पूर्ण प्रतिपूर्ति 5 दिनों के अंदर सुनिश्चित करे. साथ ही, कंपनी को इस बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द करने के वास्तविक और पारदर्शी कारणों का सार्वजनिक विवरण जारी करने को भी कहा गया है.

    छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी ने आगे बताया है कि पीड़ित यात्रियों की ओर से इस मामले में माननीय प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री को विस्तृत शिकायत भेजी जा चुकी है. इस शिकायत में DGCA द्वारा विशेष जांच, इंडिगो एयरलाइन पर 9000 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े नए कानून बनाने की मांग की गई है.

    नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि एयरलाइन ने निर्धारित समय सीमा के भीतर मुआवजा और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं की, तो सोसायटी प्रभावित यात्रियों के साथ मिलकर कानूनी कार्रवाइयां शुरू करेगी, जो इस प्रकार है.

        राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) में सामूहिक मुकदमा
        संबंधित दीवानी न्यायालयों में अनुबंधभंग और हानि की कार्रवाई
        DGCA व अन्य प्राधिकरणों के समक्ष आपराधिक शिकायत दर्ज कराना

    सोसायटी ने यह भी कहा है कि सभी कानूनी प्रक्रियाओं में आने वाले खर्च, हर्जाने और शुल्क का दायित्व पूरी तरह इंडिगो एयरलाइन पर रहेगा, क्योंकि यह संकट उसकी मनमानी और गैर-जिम्मेदाराना नीतियों का परिणाम है. छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी ने इंडिगो प्रबंधन से इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने की अपील की है. संस्था ने स्पष्ट किया है कि वह सक्षम न्यायालयों और प्राधिकरणों में सिविल और आपराधिक कार्रवाई शुरू करने के लिए बाध्य होगी.

    5 दिनों में 3 हजार से ज्यादा फ्लाइटें रद्द– रायपुर सबसे ज्यादा प्रभावित

    मंगलवार सुबह रायपुर से मुंबई की फ्लाइट भी कैंसिल कर दी गई। इसके अलावा, मुंबई, दिल्ली और हैदराबाद से कुल चार फ्लाइट्स कैंसिल की गई हैं। पूरे दिन और भी फ्लाइट्स कैंसिल या लेट होने की संभावना है। फ्लाइट कैंसिल होने के बाद लोग ट्रेनों और बसों का सहारा ले रहे हैं, जिससे काफी भीड़ हो गई है।

    सिविल सोसाइटी की सख्त चेतावनी– 5 दिनों में मुआवजा दो

    सिविल सोसाइटी के संयोजक डॉ. कुलदीप सोलंकी ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द करना यात्रियों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। नोटिस में कहा गया है कि फ्लाइट कैंसिल होने के बारे में पहले से कोई नोटिस नहीं दिया गया था। कैंसिल होने के सही कारण नहीं बताए गए। हजारों यात्रियों को फाइनेंशियल और मानसिक परेशानी हुई। यात्रा प्लान, होटल बुकिंग, वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था और मेडिकल समस्याओं से जुड़े नुकसान मिलाकर लाखों रुपये का हुआ।

    एयरलाइन और एयरपोर्ट ऑथोरिटी की चुप्पी

    यात्रियों की सबसे बड़ी शिकायत यह है कि उन्हें एयरलाइन या एयरपोर्ट ऑथोरिटी की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। एयरपोर्ट डायरेक्टर के.के. लहरे ने मिडिया के संपर्क करने पर मीटिंग का हवाला देकर कॉल काट दिया और बाद में जवाब नहीं दिया। इंडिगो एयरलाइंस की ओर से भी कोई जिम्मेदार व्यक्ति बात करने को तैयार नहीं है। 6 दिसंबर को 11 फ्लाइट्स बिना सूचना रद्द होने पर एयरलाइन ने केवल 'टिकट का पैसा रिफंड कर देंगे' कहकर पल्ला झाड़ लिया।

    यात्रियों का कहना है कि रिफंड मिल भी जाए तो उनके जरूरी कामों और समय की बर्बादी का मुआवजा कौन देगा? कई यात्रियों का रिफंड बार-बार दावा करने के बावजूद अभी तक वापस नहीं किया गया है, जिसके लिए इंडिगो '3 से 4 दिन में रकम ऑनलाइन ट्रांसफर हो जाएगी' का जवाब दे रही है।

  • दहेज की भूख ने पार की हदें—पति ने पत्नी का निजी वीडियो फैलाया, मामला पहुँचा पुलिस तक

    रीवा
    मध्य प्रदेश के रीवा में एक पति ने दहेज की मांग पूरी न होने पर अपनी पत्नी के साथ बेडरूम का निजी वीडियो सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। पति की इस हरकत से परेशान पत्नी मंगलवार को पुलिस थाना पहुंची।

    दहेज को लेकर वीडियो की वायरल
    पुलिस के अनुसार पीड़िता का कहना है कि उसकी शादी 10 मई 2025 को हुई थी। पति ने उसके स्वजन से दहेज में तीन लाख रुपये की मांग की थी। इसमें दो लाख रुपये दिए जा चुके हैं। जब वह पति के घर आई तो पति ने उसका विश्वास जीता और निजी पल के वीडियो बना लिए। इसी वीडियो के आधार पर वह दहेज की बची रकम के लिए दबाव बनाने लगा।

    पत्नी ने पुलिस से की शिकायत
    स्वजन ने दहेज के बचे रुपये नहीं दिए तो उसके निजी पलों का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। रीवा की महिला थाना प्रभारी कल्याणी पाल ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

  • प्रदेश ने रचा विद्युत आपूर्ति का नया इतिहासः ऊर्जा मंत्री तोमर

    विद्युत कंपनियों ने सफलतापूर्वक हेंडल किया आज तक की सर्वाधिक मांग 18971 मेगावॉट

    भोपाल
    मध्यप्रदेश ने विद्युत आपूर्ति के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि 9 दिसम्बर 2025 को सुबह 10:50 बजे प्रदेश में अब तक की सर्वाधिक 18,971 मेगावॉट विद्युत मांग को सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इससे पूर्व यह रिकॉर्ड 20 दिसम्बर 2024 को 18,913 मेगावॉट का था।

    इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने प्रदेश की समस्त विद्युत कंपनियों एवं विद्युत कर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि यह रिकॉर्ड कर्मचारियों की सतत मेहनत, तकनीकी दक्षता और निष्ठा का प्रतिफल है। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि अधिकतम मांग के दौरान प्रदेश के पॉवर हाउसों, ट्रांसमिशन लाइनों और सब स्टेशनों के माध्यम से निर्वाध, सुरक्षित एवं सुचारु विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की गई, जिससे कहीं भी व्यवधान की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। यह उपलब्धि प्रदेश के विद्युत तंत्र की मजबूती, बेहतर नियोजन और सक्षम प्रणाली का सशक्त प्रमाण है।

    एम.पी. ट्रांसको के मुख्य अभियंता श्री प्रदीप सचान ने बताया कि अधिकतम मांग के समय मध्य क्षेत्र में 5925 मेगावॉट, पूर्व क्षेत्र में 5057 मेगावॉट, पश्चिम क्षेत्र में 7560 मेगावॉट तथा अन्य श्रेणियों (रेलवे, सेज आदि) में 429 मेगावॉट की विद्युत आपूर्ति की गई।

    कैसे हुई आपूर्ति

    ताप विद्युत -3872 मेगावाट।

    जल विद्युत-387मेगावाट।

    नव करणीय -1792 मेगावाट।

    अन्य स्रोत(एन टी पी सी सहित) -12920 मेगावाट। 

  • मध्यप्रदेश की पारंपरिक जनजातीय भरेवा शिल्प कला की विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली

    भोपाल 
    मध्यप्रदेश की पारंपरिक जनजातीय भरेवा शिल्प कला की विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार को नई दिल्ली में मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के भरेवा शिल्पकार श्री बलदेव वाघमारे को राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार से सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि हाल में भरेवा धातु शिल्प को जीआई टैग भी मिला है। केन्द्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह इस अवसर पर उपस्थित थे।

    क्या है भरेवा
    स्थानीय बोली में अरेवा का मतलब है भरने वाले। भरेवा कलाकार गोंड जनजाति की एक उप-जाति से संबंधित हैं, जो पूरे भारत में, खासकर मध्य भारत में फैली हुई है। धातु ढलाई का कौशल एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में हस्तांतरित होता रहता है।

    भरेवा धातु शिल्प की परंपरा गोंड आदिवासी समुदाय के रीति-रिवार्जा और परंपराओं के समानांतर चलती है। यह परंपरा और रीति-रिवाज का मिश्रण है। भरेवा कारीगर देवताओं की प्रतीकात्मक छवियों को जानते हैं। वे गहने भी बनाते हैं जैसे अंगूठियां और कटार, जो गोंड परिवारों में शादी की रस्मों के लिए जरूरी है। कुछ गहने विशेष रूप से आध्यात्मिक प्रमुखों या तांत्रिकों के लिए बनाए जाते हैं जैसे कलाईबंद और बाजूबंद। कंगन की विशेष कारीगरी देखते ही बनती है।

    इसके अलावा, सजावटी कलाकृतियों और उपयोग की वस्तुओं की एक विस्तृत श्रृंखला जैसे बैलगाड़ियां, मोर के आकार के दीपक, घंटियां और घुंघरु, दर्पण के फ्रेम कुछ कलाकृतियों ने अंतरराष्ट्रीय शिल्प बाजार में पहचान बनाई है।

    भरेवा लोगों की आबादी मुख्य रूप से बैतूल जिले के कुछ इलाकों में केंद्रित है। जो राजधानी भोपाल से लगभग 180 किमी दूर है। श्री बलदेव ने भरेवा कारीगरों की घटती संख्या में बढ़ोतरी की है। उन्होंने अपनी लगन से बैतूल के टिगरिया गांव को शिल्प ग्राम बना दिया है। अब भरेवा परिवार इस अनोखी शिल्प कला का अभ्यास करते हैं।

    भरेवा लोगों को गोंड समुदाय के धार्मिक रीति-रिवाजों और परंपराओं का गहरा जान है। वे जिन देवताओं की मूर्तियां बनाते हैं, उनमें मुख्य रूप से हिंदू धर्म के सर्वोच्च भगवान शिव और उनकी पत्नी पार्वती हैं। दूसरे हैं ठाकुर देव जो चमत्कारी घोड़े पर सवार होकर गांव की रक्षा करते हैं और माना जाता है कि वे इसे आपदाओं से बचाते हैं। शांति, समृ‌द्धि, खुशी और स्वास्थ्य के दूसरे देवता भी हैं।

    इस छोटे से टिगरिया गांव में बलदेव भरेवा ने इस परंपरा को जिंदा रखा है। उन्होंने यह कला अपने पिता से सीखी। उन्होंने एक मास्टर कारीगर के तौर पर नाम कमाया। बलदेव का परिवार अपनी पारंपरिक समझ, कलात्मक नजर और कड़ी मेहनत से हासिल किए गए हुनर पर गुजारा करता है।

     

  • प्रथम अन्तरराष्ट्रीय मैक्समूलर अलंकरण संतोष चौबे को

    भोपाल
    वरिष्ठ कवि–कथाकार, निदेशक, विश्व रंग एवं रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे को साझा संसार, नीदरलैंड्स के 'प्रथम अन्तरराष्ट्रीय मैक्समूलर अलंकरण–2025' से सम्मानित किया गया है। श्री संतोष चौबे को वैश्विक स्तर पर हिंदी भाषा, साहित्य, संस्कृति एवं कला के उन्नयन हेतु सर्वोत्तम योगदान के लिए यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया।

    चयन समिति में लुडविका शम्बरो (इटली), मेरियन रिडर्स, मेटा स्ट्रेफलांड (अमेरिका), रने होफ (नीदरलैंड्स) एवं पेट्रा फूरन (स्विट्जरलैंड) शामिल थे। इसके अलावा रामा तक्षक (नीदरलैंड्स), हर्षिता वाजपेयी (अमेरिका), मनीष पांडे (बेल्जियम) राजेंद्र शर्मा (भारत), शिवांगी शुक्ला (नीदरलैंड्स), विनीता तिवारी (भारत) एवं लीलाधर मंडलोई (भारत) भी चयन प्रक्रिया में शामिल रहे।  

    यह अंतरराष्ट्रीय अलंकरण राजस्थान के जाट बहरोड़ गाँव में आयोजित भव्य 'राठ रंग महोत्सव' में साझा संसार फाउंडेशन, नीदरलैंड्स के अध्यक्ष श्री रामा तक्षक तथा श्री बलवीर सिंह छिल्लर अध्यक्ष राठ क्षेत्र द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर पर मंच पर इलेक्ट्रॉनिकी आपके लिए की कार्यकारी संपादक डॉ. विनीता चौबे, वरिष्ठ कवि श्री लीलाधर मंडलोई विशेष रूप से उपस्थित रहे।

    उल्लेखनीय है कि कवि–कथाकार, उपन्यासकार, संपादक और अनुवादक श्री संतोष चौबे अपने अभिनव रचनात्मक प्रकल्पों और नवाचारों के लिए वैश्विक स्तर पर एक विशिष्ट पहचान रखते हैं। उन्होंने हिन्दी भाषा और भारतीय संस्कृति के प्रसार के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय 'विश्वरंग' महोत्सव की वर्ष 2019 में भोपाल से शुरुआत की जिसके आज 65 से अधिक सदस्य देश हैं। विश्व रंग 'मॉरीशस' के बाद हाल ही में उन्होंने श्रीलंका, मुंबई और भोपाल में विश्व रंग का सातवाँ भव्य आयोजन कर हिंदी के वैश्विक विस्तार की जमीन तैयार की है। श्री संतोष चौबे को सिंगापुर में 'विश्व हिंदी शिखर सम्मान– 2024' और फ्रांस में प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय 'भारत गौरव सम्मान–2024', लंदन में "वातायन यू.के. अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मान 2023" और अमेरिका के प्रतिष्ठित संस्थान द्वारा 'लाईफ टाईम एचीवमेंट अवार्ड–2023 से सम्मानित किया गया है।

    श्री संतोष चौबे को कविता (कहीं और सच होंगे सपने) के लिए मध्यप्रदेश साहित्य परिषद् का दुष्यंत कुमार पुरस्कार, आलोचना (कला की संगत) के लिए स्पंदन आलोचना सम्मान, अनुवाद (मास्को डायरी) के लिए मध्यप्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति का पुरस्कार एवं उपन्यास (जलतरंग) के लिए शैलेश मटियानी तथा अन्तरराष्ट्रीय वैली ऑफ वर्ड्स पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। समग्र साहित्यिक अवदान के लिए उन्हें राष्ट्रीय दुष्यंत अलंकरण, शिवमंगल सिंह सुमन सम्मान' एवं अखिल भारतीय ब्रह्मदत्त तिवारी स्‍मृति सम्मान–2024' से अलंकृत किया गया है।

    इस अवसर पर प्रथम मैक्समूलर अंतरराष्ट्रीय अलंकरण–2025' के लिए श्री संतोष चौबे को 'विश्व रंग' फाउंडेशन, टैगोर अंतरराष्ट्रीय हिंदी केंद्र, प्रवासी भारतीय साहित्य एवं संस्कृति शोध केंद्र, टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केंद्र, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, स्कोप ग्लोबल स्किल्स विश्वविद्यालय, डॉ. सी.वी. रामन विश्वविद्यालय, बिलासपुर, खंडवा, वैशाली, आईसेक्ट विश्वविद्यालय, हजारीबाग, आईसेक्ट पब्लिकेशन, वनमाली सृजन पीठ, समस्त वनमाली सृजन केंद्रों तथा साहित्य, कला संस्कृति की सहयोगी संस्थाओं द्वारा शुभकामनाएं दी गई।

  • रायपुर : उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी सुचारू रूप से जारी

    रायपुर : उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी सुचारू रूप से जारी

    जशपुर जिले में अब तक 3,924 किसानों से 25,384.12 मीट्रिक टन धान की खरीदी

    रायपुर

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया सुचारू, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से जारी है। इसी क्रम में जशपुर जिले में 8 दिसंबर तक कुल 3,924 किसानों से 25,384.12 मीट्रिक टन धान उपार्जित किया गया है। किसानों को धान का मूल्य चुकाने हेतु 60.86 करोड़ रुपये से अधिक राशि का भुगतान किया जा चुका है तथा शेष राशि का बैंक खातों में हस्तांतरण लगातार जारी है।

    जिले की 24 समितियों के 46 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी कार्य निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार नियमित रूप से संचालित हो रहा है। पूरी प्रक्रिया को सरल, सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए केंद्रों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

    उपार्जन केंद्रों में टोकन प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीनें, नमी मापक उपकरण, तथा अन्य तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो। इसके साथ ही किसानों के बैठने, पेयजल, बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की भी जिला प्रशासन द्वारा नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।

    किसानों ने राज्य सरकार द्वारा लागू की गई ऑनलाइन तुंहर टोकन ऐप को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा है कि इससे टोकन प्राप्त करने, निर्धारित तिथि पर केंद्र पहुंचने और धान बेचने की प्रक्रिया सुचारू हुई है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की किसान हितैषी नीतियों के अनुरूप प्रदेश में प्रति एकड़ 21 क्विंटल समर्थन मूल्य और कृषि उन्नति योजना के तहत 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की जा रही है। किसानों का कहना है कि राज्य सरकार के इन प्रयासों से उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल रहा है और कृषि कार्य अधिक लाभकारी हुआ है।

  • रायपुर : अवैध खनन और परिवहन पर जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई, 5 वाहन जब्त

    रायपुर

    जांजगीर-चांपा जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देशन में खनिज विभाग और उड़नदस्ता दल ने बम्हनीडीह, पुछेली, बिर्रा, कनस्दा, हथनेवरा और पीथमपुर क्षेत्रों में औचक निरीक्षण अभियान चलाया।

    अभियान के दौरान अवैध परिवहन में संलिप्त पाँच वाहन—ग्राम पुछेली से एक ट्रैक्टर, पीथमपुर से एक हाईवा, कनस्दा से एक ट्रैक्टर तथा बम्हनीडीह क्षेत्र से दो हाईवा—जप्त किए गए। सभी वाहनों को पुलिस रक्षित केंद्रों और संबंधित थानों में सुरक्षा के लिए रखा गया है।

    जिला खनिज अधिकारी श्री अनिल कुमार साहू ने जानकारी दी कि जिले में अब तक अवैध गतिविधियों के विरुद्ध कुल 76 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इनमें 66 अवैध परिवहन, 6 अवैध उत्खनन और 4 अवैध भंडारण के मामले शामिल हैं। इन मामलों में कुल 24,65,550 रुपये की शास्ति राशि वसूलकर खनिज मद में जमा की गई है।

    अवैध खनन में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध खनन एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 से 23(ख) के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि जब्त वाहनों के चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुनरावृत्ति होने पर संबंधित मामलों में न्यायालयीन परिवाद दर्ज किए जाएंगे।

    कलेक्टर के निर्देश पर जिले में अवैध खनन रोकथाम के लिए खनिज अमला और जिला स्तरीय टास्क फोर्स द्वारा लगातार गश्त व जांच की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

  • 25 वर्षों बाद छत्तीसगढ़ विधानसभा का सत्र रविवार से, 14 से 17 दिसंबर तक

    रायपुर 
    छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र इस बार खास होने वाला है, क्योंकि यह पहली बार नवा रायपुर में बनी नई विधानसभा बिल्डिंग में हो रहा है। यह सेशन चार दिनों तक चलेगा, 14 दिसंबर से 17 दिसंबर तक। इस दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। इस दिन को यादगार बनाने के लिए सत्र की शुरुआत इसी दिन से करने का निर्णय लिया गया है।

    पहले दिन नहीं होगा प्रश्नकाल, ‘विजन 2047’ पर होगी विस्तृत चर्चा

    इस चार दिवसीय सत्र के पहले दिन प्रश्नकाल नहीं होगा। इसके बजाय राज्य सरकार की दीर्घकालिक विकास रणनीति ‘छत्तीसगढ़ विजन 2047’ पर विस्तृत चर्चा करेगी। इस चर्चा के दौरान राज्य के अगले 25 वर्षों की नीतियों का रोडमैप प्रस्तुत किया जाएगा। यह सरकार की कार्ययोजना और रणनीति पर केंद्रित होगा।

    कुल 628 प्रश्न लगाए गए, 15 को अनुपूरक बजट

    विधायकों ने इस सत्र के लिए कुल 628 प्रश्न लगाए हैं, जिनमें 333 तारांकित और 295 अतारांकित प्रश्न शामिल हैं। ये सवाल मुख्य रूप से कानून-व्यवस्था, धान खरीदी में दिक्कतें, खराब सड़कें, और राशन वितरण जैसे ज्वलंत मुद्दों से जुड़े हैं। सत्र के दूसरे दिन सोमवार 15 दिसंबर को राज्य सरकार अनुपूरक बजट पेश करेगी।

    ये महत्वपूर्ण विधेयक भी सदन में पेश किए जाएंगे

    इसके अलावा निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक, छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियम 2002 में संशोधन और दुकान पंजीयन को श्रम विभाग के अधीन लाने जैसे महत्वपूर्ण विधेयक भी सदन में पेश किए जाएंगे। नौ दिसंबर से नए भवन में विधायकों के ध्यानाकर्षण और स्थगन प्रस्ताव स्वीकार करने हर सदस्य रोज अधिकतम दो ध्यानाकर्षण और एक स्थगन प्रस्ताव दे सकेगा। पूरे सत्र के लिए अधिकतम छह ध्यानाकर्षण और तीन स्थगन प्रस्तावों की सीमा तय की गई है।

    पहले दिन होगी 'छत्तीसगढ़ विज़न 2047' पर विशेष चर्चा

    14 दिसंबर को सत्र का पहला दिन होगा, और इस दिन प्रश्नकाल नहीं होगा। इसकी जगह राज्य सरकार के दीर्घकालिक विकास रोडमैप ‘छत्तीसगढ़ विज़न 2047’ पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इसके बाद सोमवार से बुधवार तक सामान्य कार्यवाही चलेगी, जिसमें प्रश्नकाल और अन्य विधायी कार्य शामिल रहेंगे।

    15 दिसंबर को आएगा अनुपूरक बजट, नए में शिफ्टिंग पूरी

    चार दिवसीय सत्र के पहले दिन प्रश्नकाल नहीं होगा। वहीं, दूसरे दिन सोमवार, 15 दिसंबर को राज्य सरकार अनुपूरक बजट प्रस्तुत करने की तैयारी में है। इस दौरान निजी विवि संशोधन विधेयक, छत्तीसगढ़ भण्डार क्रय नियम, 2002 में किए गए संशोधन और दुकानों का पंजीयन श्रम विभाग में करने संबंधित विधेयक भी लाया जाएगा।

    वहीं, दूसरी ओर पुराने विधानसभा भवन से सभी विभागों के सामान की शिफ्टिंग पूरी हो चुकी है। दो दिसंबर से शिफ्टिंग शुरू हुई थी, जिसे शनिवार शाम तक पूरा कर लिया गया। बताया गया है कि एक-दो दिन में ही नए भवन में विधानसभा सचिवालय और स्टाफ का कामकाज शुरू हो जाएगा। अब सभी प्रकार के पत्राचार नए भवन से ही किए जाएंगे। विधायकों द्वारा प्रश्न लगाए जा चुके हैं, ध्यानाकर्षण अब नए भवन में ही जाकर देना होगा।

    धर्मांतरण संशोधन विधेयक भी संभावित

    बताया गया है कि इस नई विधानसभा के पहले सत्र को यादगार बनाने के लिए धर्मांतरण संशोधन विधेयक लाने की संभावना है। प्रदेश में धर्मांतरण की लगातार शिकायतें और कार्रवाई की जा रही है। इसे देखते हुए राज्य सरकार यह विधेयक लाने की तैयारी में है ताकि प्रदेश में अवैध तरीके से कराए जा रहे धर्मांतरण पर रोक लगाई जा सके। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कुछ दिन पहले ही संशोधन विधेयक लाने के संकेत दे चुके हैं।

    9 दिसंबर से जमा कर सकेंगे नोटिस

    सदस्य 9 दिसंबर से और बैठक वाले दिन सुबह 8 बजे तक- ध्यानाकर्षण सूचनाएं, स्थगन प्रस्ताव, नियम 267 क के तहत नोटिस, नए विधानसभा भवन में जमा कर सकेंगे।

    नियम के अनुसार हर सदस्य को अनुमति होगी:

    रोज 2 ध्यानाकर्षण नोटिस

    रोज 1 स्थगन प्रस्ताव

    पूरे सत्र (3 कार्यदिवस) में अधिकतम 6 ध्यानाकर्षण

    अधिकतम 3 स्थगन प्रस्ताव देने की अनुमति होगी।
    पुराने विधानसभा भवन से शिफ्टिंग जारी

    नए भवन में आने वाले सत्र के लिए तेज़ी से तैयारियां की जा रही हैं। फ़ाइलें, फ़र्नीचर, रिकॉर्ड और दूसरा ज़रूरी सामान पुरानी विधानसभा बिल्डिंग से नई बिल्डिंग में शिफ़्ट किया जा रहा है। लक्ष्य है कि 10 दिसंबर तक पूरा रिलोकेशन प्रोसेस पूरा हो जाए। सभी डिपार्टमेंट्स को निर्देश दिया गया है कि वे ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स को तय कमरों में सावधानी से जमा करें ताकि सेशन शुरू होने से पहले सब कुछ ऑर्गनाइज़ हो जाए।

  • कवर्धा में चिकित्सा सेवाओं की सराहना, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने चिकित्सकों का किया धन्यवाद

    रायपुर : कवर्धा में उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं के लिए चिकित्सकों का आभार – उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा

    उपमुख्यमंत्री ने चिकित्सकों का सम्मान कर साथ किया रात्रि भोज

    जिले के सुदूर वनांचलों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों की सेवा करने वाले चिकित्सकों को भी किया सम्मानित

    रायपुर

    कवर्धा में स्वास्थ्य सुविधाओं को उत्कृष्ट बनाने के लिए अपना योगदान देने वाले चिकित्सकों के सम्मान में समारोह का आयोजन उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर कवर्धा के जिला अस्पताल एवं निजी अस्पतालों के चिकित्सक उपस्थित रहे। उपमुख्यमंत्री ने सभी के साथ इस समारोह में शामिल हुए और सभी को साल फल भेंट कर सम्मानित कर सभी के साथ रात्रि भोज किया। उन्होंने सभी से कवर्धा में चिकित्सा सेवाओं को और बेहतर बनाने पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने जिले के सुदूर वनांचलों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों की सेवा करने वाले चिकित्सकों को विशेष रूप से सम्मानित किया।

           उन्होंने सभी को चिकित्सकों से कवर्धा में उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं के लिए चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया और कहा कि चिकित्सक आधे भगवान होते हैं किसी भी आपात स्थिति में लोगों की जान बचाने का कार्य करते हैं, यह काम सेवा भावना से ही किया जा सकता है। यहां कवर्धा के स्थानीय चिकित्सकों के साथ बाहर से आये चिकित्सकों ने भी कवर्धा को अपना कर यहां के लोगों की पूरे मन से सेवा की है जिसके लिए पूरा कवर्धा आपका आभारी है।

            उन्होंने बताया कि कवर्धा स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए 50 बिस्तरीय मातृत्व एवं शिशु अस्पताल हेतु 40 पद की स्वीकृति, जिला अस्पताल कबीरधाम में 16.63 करोड़ की लागत से क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक, सिटी स्कैन, अत्याधुनिक इंट्रीगेटेड पब्लिक हेल्थ लैब, ओटी एवं हमर लैब में पॉवर बैकअप प्रणाली, जिला चिकित्सालय कबीरधाम की क्षमता 100 बिस्तर बढ़ाकर 220 बिस्तर करने एवं इसके लिए 258 नवीन पदों को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पिपरिया एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रेंगाखार को एम्बुलेंस, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बोड़ला में सोनोग्राफी मशीन प्रदान किया गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बोड़ला में रहने हेतु शासकीय आवास, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पिपरिया एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सहसपुर लोहारा में पब्लिक हेल्थ यूनिट का शुभारंभ किया गया है।उपस्वास्थ्य केन्द्र राजा नवागाँव को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तरेगाँव को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन किया गया। सबसे अहम 318.27 करोड़ रूपए की लागत से मेडिकल कॉलेज निर्माण की स्वीकृति मिली है जिससे अब कवर्धा मेडिकल हब बनने जा रहा है। यहां महानगरों जैसी सुविधाएं प्राप्त हो सकेंगी।
           उपमुख्यमंत्री ने सभी चिकित्सकों को बताया कि आगामी 11 दिसम्बर को मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के द्वारा कवर्धा मेडिकल कॉलेज की प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा पूजित आधार शिला का शिलान्यास किया जाएगा। इस ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बनने के लिए उन्होंने सभी को आमंत्रित किया।

  • भिलाई में पं. धीरेंद्र शास्त्री की हनुमंत कथा का आयोजन, 25-29 दिसंबर तक, तीसरे दिन विशेष दिव्य दरबार का आयोजन

    भिलाई 
     इस्पात नगरी भिलाई पहली बार सनातन धर्म के ध्वजवाहक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दिव्य आगमन की साक्षी बनने जा रही है। 25 से 29 दिसंबर 2025 तक जयंती स्टेडियम के समीप ग्राउंड, भिलाई में दिव्य श्री हनुमंत कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसमें पंडित शास्त्री प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक श्रद्धालुओं को कथा का रसपान कराएंगे। जिसे लेकर श्री हनुमंत कथा के आयोजक एवं छत्तीसगढ़ स्वादी ग्राम उद्योग आयोग के अध्यक्ष राकेश पाण्डेय द्वारा भिलाई के निजी होटल में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि कथा के अंतर्गत 27 दिसंबर को विशेष दिव्य दरबार का आयोजन होगा, जिसमें पंडित शास्त्री श्रद्धालुओं की पर्ची निकालकर समस्याओं के समाधान हेतु मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।

    5 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना: आयोजन को लेकर बड़े पैमाने पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. प्रतिदिन लगभग पांच लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. इसी को ध्यान में रखते हुए विशाल डोम और पंडालों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो. 

    राकेश पाण्डेय ने आगे कहा कि सेवा समर्पण समिति, दुर्ग द्वारा आयोजित इस भव्य कथा के लिए तैयारिया प्रारंभ हो गयी है, कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पाण्डेय, आयोजन समिति के अध्यक्ष पंडित वीरेन्द्र प्रसाद शुक्ला के साथ अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं समाजसेवी आयोजन के सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को लेकर कार्यरत हैं। इस भव्य आयोजन के लिए दुर्ग-भिलाई ही नहीं, बल्कि देश एवं पूरे छत्तीसगढ़ से हजारों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। राकेश पाण्डेय ने आगे कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सेवा समर्पण समिति द्वारा विशाल एवं सुव्यवस्थित व्यवस्थाएँ की जा रही है-अधिक से अधिक श्रद्धालुओं की क्षमता वाला भव्य डोमशेड सुव्यवस्थित वाहन पार्किंग की व्यवस्था की आएगी ताकि आवागमन बाधित न हो सके।

    मेडिकल कैंप समेत बुजुर्गों के लिए भी कई सुविधा: आयोजक राकेश पांडेय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के अलावा पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में भक्तों के आने की उम्मीद है. बुजुर्ग श्रद्धालुओं को पार्किंग स्थल से ई–रिक्शा के माध्यम से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाने की सुविधा रहेगी. साथ ही स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मेडिकल कैंप और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं.

    राकेश पाण्डेय ने आगे कहा कि प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं हेतु निःशुल्क भोजन, पेयजल एवं शौचालय की पर्याप्त व्यवस्था, सुरक्षा हेतु पूरे स्थल पर बेरीकेटिंग कथास्थल के समीप व्यवसाइयों को रियायती दरों पर स्टॉल आवंटित किए जाएंगे, जिसमें खाद्य सामग्री एवं धार्मिक वस्तुएँ उपलब्ध रहेंगी। समिति यह भी सुनिश्चित करेगी कि किसी भी श्रद्धालु से बाजार दर से अधिक राशि न ली जाए। इस आयोजन में साहू समाज, यादव समाज, सिख समाज, अग्रवाल समाज, माहेश्वरी समाज, चंद्राकार समाज, देवांगन समाज, पूज्य सिंधी पंचायत चैंबर ऑफ कॉमर्स विभिन्न व्यापारिक संगठन सहित विभिन्न सामाजिक एवं समाजसेवी संस्थाओं का सक्रिय सहयोग प्राप्त हो रहा है।

    राकेश पांडेय ने कहा कि भिलाई के पावन धरा पर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी के आगमन का यह पल हम सभी के लिए सौभाग्यशाली है। राकेश पाण्डेय ने आगे कहा कि देश एवं प्रदेश वासियों से दिव्य श्री हनुमंत कथा में अत्यधिक संख्या में पहुंचकर पुण्य लाभ अर्जित कर जीवन को सार्थक बनाने की अपील की है।

    आयोजित प्रेस वार्ता में सेवा समर्पण समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र शुक्ला, पदम श्री अवार्ड से सम्मानित सतनामी समाज से उषा बारले, लोधी समाज से सुरेंद्र कौशिक, देवांगन समाज से पुरुषोत्तम देवांगन, कुर्मी समाज से चंद्रिका चंद्राकर, साहू समाज से खिलावन साहू, राजपूत समाज से सत्येंद्र सिंह, ताम्रकार समाज से नटवर ताम्रकार उपस्थित रहे।

    5 दिन चलने वाले कथा की तैयारी शुरू

    सेवा समर्पण समिति यह आयोजन करा रही है। 8 दिसंबर को छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त राकेश पांडेय ने तैयारियों की जानकारी दी।

    उन्होंने बताया कि पांच दिवसीय कथा में रोजाना लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है, जिसके लिए बड़े स्तर पर व्यवस्थाएं शुरू कर दी गई हैं। श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विशाल डोमशेड, सुव्यवस्थित बैठने की व्यवस्था और पर्याप्त पार्किंग बनाई जा रही है।

    27 दिसंबर को होगा विशेष दिव्य दरबार

    कथा के तीसरे दिन 27 दिसंबर को पंडित धीरेंद्र शास्त्री दिव्य दरबार लगाएंगे। इसमें वे श्रद्धालुओं की पर्ची निकालकर समस्याओं का समाधान और मार्गदर्शन देंगे। इस दिन भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए विशेष सुरक्षा और प्रबंधन की तैयारी की जा रही है।

    समिति के सदस्यों ने कहा कि भिलाई की पावन धरती पहली बार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी के दिव्य आगमन की साक्षी बनेगी। यह आयोजन धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से ऐतिहासिक साबित होगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा का लाभ लेने की अपील की।

    बुजुर्गों के लिए ई-रिक्शा सुविधा, मेडिकल कैंप भी रहेगा

    समिति के मुताबिक, छत्तीसगढ़ ही नहीं, पड़ोसी राज्यों से भी भक्तों के आने की उम्मीद है। बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं को पार्किंग से कार्यक्रम स्थल तक ई-रिक्शा से निशुल्क परिवहन सुविधा दी जाएगी। वहीं पूरे आयोजन स्थल पर स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए मेडिकल कैंप, प्राथमिक उपचार केंद्र और सुरक्षा प्रबंधन तैनात रहेगा।

    आयोजन समिति की ओर से रोजाना हजारों श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क महाभंडारे की व्यवस्था की जा रही है। पेयजल, शौचालय, सुरक्षा बैरिकेडिंग और भीड़ नियंत्रण के लिए अलग–अलग टीमें काम कर रही हैं।

    सामाजिक संगठनों का सहयोग

    इस आयोजन में साहू समाज, यादव समाज, अग्रवाल समाज, माहेश्वरी समाज, सिख समाज, ताम्रकार समाज, देवांगन समाज, चंद्राकर समाज, पूज्य सिंधी पंचायत, चैंबर ऑफ कॉमर्स सहित अनेक सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों का सहयोग मिल रहा है।

    पत्रकार वार्ता में सेवा समर्पण समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र शुक्ला, पद्मश्री उषा बारले, सुरेंद्र कौशिक, पुरुषोत्तम देवांगन, चंद्रिका चंद्राकर, खिलावन साहू और सत्येंद्र सिंह सहित कई प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

  • रायपुर : जालबांधा सहकारी समिति में नन्दलाल वर्मा ने 120 क्विंटल धान बेचा

    रायपुर : जालबांधा सहकारी समिति में नन्दलाल वर्मा ने 120 क्विंटल धान बेचा

    ऑनलाइन टोकन व्यवस्था से प्रक्रिया हुई सुगम, मुख्यमंत्री का किसानों ने जताया आभार

    रायपुर

    खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत  खैरागढ़ जिले के जालबांधा सहकारी समिति में ग्राम बघमर्रा के किसान नन्दलाल वर्मा ने शुक्रवार को 120 क्विंटल धान का उपार्जन कराया। पूरी प्रक्रिया के दौरान पंजीयन, तौल तथा रिकॉर्ड प्रविष्टि व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई।

    धान तौल के बाद नन्दलाल वर्मा ने बताया कि ऑनलाइन टोकन व्यवस्था से प्रतीक्षा समय कम हुआ है, जिससे किसानों को बिना भीड़भाड़ के अपनी उपज जमा करने की सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष तौल एवं भंडारण कार्य तेज गति से हो रहे हैं तथा किसान निर्धारित समय पर टोकन के अनुसार पहुंचकर अपना धान आसानी से विक्रय कर पा रहे हैं।

    फसल कटाई के सीजन में समिति में लगातार धान की आवक बनी हुई है। पारदर्शी तोल-माप एवं भुगतान व्यवस्था को लेकर किसानों में संतोष और भरोसा देखा जा रहा है।
    इसी क्रम में नन्दलाल वर्मा ने उपार्जन प्रणाली को अधिक सरल व पारदर्शी बनाने हेतु राज्य सरकार एवं मुख्यमंत्री का धन्यवाद भी व्यक्त किया।

  • रायपुर : सरोवर निर्माण, सौंदर्यीकरण एवं मंगल भवन के लिए 90 लाख स्वीकृत

    रायपुर : सरोवर निर्माण, सौंदर्यीकरण एवं मंगल भवन के लिए 90 लाख स्वीकृत

    उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा स्वीकृति आदेश जारी

    रायपुर

    नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सारंगढ़ नगर पालिका में दो कार्यों के लिए 90 लाख रुपए की प्राविधिक स्वीकृति प्रदान की है। इनमें ऊपर घोघरा नाला के पास सरोवर निर्माण एवं सौंदर्यीकरण के लिए 60 लाख रुपए तथा काली मंदिर के पास मंगल भवन के निर्माण के लिए 30 लाख रुपए की राशि शामिल है। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने संचालनालय से इनकी मंजूरी के आदेश जारी कर दिए हैं। विभाग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रावधानित अधोसंरचना मद से ये कार्य स्वीकृत किए गए हैं। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने दोनों कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समय-सीमा में काम पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।

  • रायपुर : मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई

    रायपुर : मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई

    रायपुर, 

    मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय स्थित सभागार में राज्य की योजनाओं की समीक्षा की गई। श्री विकासशील ने सचिवों को निर्देशित किया कि अपने विभाग के लिए अगले तीन वर्षों की कार्ययोजना तैयार करें, ताकि प्रदेश में कुशलता के साथ और तीव्र गति से काम हो सकें। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य जनता के हित में सतत् कार्य करना है। 

    बैठक में वर्ष 2025-26 के बजट में शामिल नवीन मद प्रस्तावों, योजनाओं और निर्माण कार्यों की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। लक्ष्य और उपलब्धि के आधार पर विभागवार प्रस्तुति भी दी गई। बैठक में केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के एसएनए-स्पर्श प्रणाली में ऑनबोर्डिंग व पेमेंट की अद्यतन स्थिति, प्रमुख योजनाओं की क्रियान्वयन प्रगति, नवीन मद के प्रस्तावों की स्थिति, वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के निर्माण कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति, तथा पूंजीगत व्यय की जानकारी सहित सभी प्रमुख बिंदुओं की गहन समीक्षा की गई। साथ ही बजट प्रावधान के विरुद्ध व्यय और ई-ऑफिस के क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति पर भी विशेष चर्चा की गई।

    इसके अलावा मुख्य सचिव ने आधार-सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली को विभागों में सही ढंग से लागू करने, ई-ऑफिस को संचालनालय के साथ-साथ जिला स्तर पर भी आगामी वर्ष में पूरी तरह सुचारु रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि सभी विभागों के स्थापना प्रभारी यह सुनिश्चित करें कि म.भ्त्डै पोर्टल पर सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूर्ण रूप से ऑनबोर्ड हो जाए।ं मुख्य सचिव ने निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी आवश्यक सुधारात्मक एवं प्रगतिशील कदम उठाने के निर्देश दिए। बैठक में सभी विभागों के प्रमुख सचिव, सचिव और संचालनालय स्तर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 

  • सतनामी विकास परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से की सौजन्य भेंट

    रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से सतनामी विकास परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य भेंट

    गुरु घासीदास जयंती समारोह में शामिल होने का दिया आमंत्रण

    रायपुर

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में सतनामी विकास परिषद, सारंगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान कौशल विकास मंत्री गुरु श्री खुशवंत साहेब भी उपस्थित थे।

    प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को परम पूज्य बाबा गुरु घासीदास जी की 269वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय जयंती गुरुपर्व–2025 में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने का आमंत्रण दिया। उन्होंने बताया कि 18, 19 और 20 दिसंबर को आयोजित होने जा रहे इस तीन दिवसीय महोत्सव में सतनामी समाज के श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होंगे। यह आयोजन समाज की आस्था, एकता और सांस्कृतिक धरोहर का भव्य उत्सव होगा।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रतिनिधिमंडल के आग्रह को सहर्ष स्वीकार करते हुए कहा कि सतनामी समाज ने सदैव छत्तीसगढ़ की सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को समृद्ध किया है। उन्होंने कहा कि गुरु बाबा घासीदास जी के आदर्श—सत्य, अहिंसा और समानता—समाज को नैतिक शक्ति और सही दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि इस पावन उत्सव में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य और सम्मान की बात है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जयंती पर्व की सराहना करते हुए इसे समाज को एक सूत्र में जोड़ने वाला, प्रेरणादायी और मार्गदर्शक आयोजन बताया।

    प्रतिनिधिमंडल में विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाडा, पूर्व विधायक श्रीमती केराबाई मनहर सहित सतनामी विकास परिषद के अध्यक्ष श्री बी. डी. भारद्वाज, उपाध्यक्ष श्री रमेश अनंत, श्रीमती भानुप्रभा जोल्हे, श्री कृष्णा अजगले, श्री तेजेश्वर सिंह रात्रे और श्री रोहित महिलांग उपस्थित थे।

  • पत्नी की बेवफाई पर MP हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, तस्वीरों को साक्ष्य मानते हुए इंडियन एविडेंस एक्ट पर की टिप्पणी

    जबलपुर
     जबलपुर हाई कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा है कि विवाहेतर यौन संबंध के आधार पर तलाक की डिक्री जारी करने में 65-बी सर्टिफिकेट के बिना तस्वीरों का इस्तेमाल किया जा सकता है। जस्टिस विशाल धगट और जस्टिस बी पी शर्मा की युगलपीठ ने यह स्पष्ट किया कि शादी के मामलों में इंडियन एविडेंस एक्ट पूरी तरह से लागू नहीं होता है। कोर्ट ने इस आधार पर दायर एक अपील को खारिज कर दिया।

    महिला ने दी थी तलाक को चुनौती
    यह मामला बालाघाट की एक महिला से जुड़ा है, जिसने कुटुंब न्यायालय द्वारा तलाक की डिक्री जारी करने के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। महिला का कहना था कि उसके पति ने एक अन्य व्यक्ति के साथ उसकी आपत्तिजनक तस्वीरों का इस्तेमाल करके तलाक के लिए आवेदन किया था। महिला की ओर से यह भी दलील दी गई थी कि इन तस्वीरों के साथ इंडियन एविडेंस एक्ट के तहत 65-बी सर्टिफिकेट पेश नहीं किया गया था, जो कि जरूरी है। महिला ने सर्वोच्च न्यायालय के एक आदेश का हवाला देते हुए कहा था कि 65-बी सर्टिफिकेट के बिना तलाक का आदेश रद्द किया जाना चाहिए। उसने यह भी बताया कि तस्वीरें गलती से उसके मोबाइल से पति के मोबाइल में ट्रांसफर हो गई थीं और बाद में पति ने उसका फोन तोड़ दिया था।

    शादी के मामलों में पूरी तरह लागू नहीं होता एक्ट
    लेकिन, युगलपीठ ने अपने फैसले में कहा कि इंडियन एविडेंस एक्ट शादी के मामलों में पूरी तरह से लागू नहीं होता है। फैमिली कोर्ट्स एक्ट के सेक्शन 14 के अनुसार, कुटुंब न्यायालय को सच्चाई का पता लगाने के लिए किसी भी तरह की रिपोर्ट, बयान या डॉक्यूमेंट्स को सबूत के तौर पर स्वीकार करने का अधिकार है। कोर्ट ने माना कि कुटुंब न्यायालय ने इन तस्वीरों पर भरोसा करके कोई गलती नहीं की।

    महिला की अपील को किया खारिज
    कोर्ट ने यह भी पाया कि महिला ने इस बात से इनकार नहीं किया कि वह तस्वीरों में है। उसने केवल यह कहा कि तस्वीरें किसी ट्रिक से बनाई गई हैं, लेकिन यह नहीं बताया कि किसने और कैसे बनाईं। महिला ने अपने बयान में स्वीकार किया था कि तस्वीरें उसके मोबाइल से पति के मोबाइल में ट्रांसफर हुई थीं और फिर पति ने उसका फोन तोड़ दिया। कोर्ट ने कहा कि पति के पास पत्नी के विवाहेतर संबंध के सबूत थे, और गुस्से में फोन तोड़ना स्वाभाविक था ताकि पत्नी का अपने पार्टनर से संपर्क टूट जाए। कोर्ट ने उस फोटोग्राफर से भी पूछताछ की जिसने तस्वीरें खींची थीं। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए, युगलपीठ ने अपील को खारिज कर दिया।

     

  • खुशखबरी: छतरपुर से CM मोहन यादव ने लाडली बहना योजना की 31वीं किस्त जारी की, चेक करें अपना स्टेटस

     छतरपुर
    प्रदेश की लाडली बहनों के लिए 9 दिसंबर 2025 का दिन बेहद खास रहा। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने छतरपुर जिले के राजनगर से रिमोट का बटन दबाकर लाडली बहना योजना की 31वीं किस्त जारी की। इसके साथ ही प्रदेश की 1.26 करोड़ महिलाओं के बैंक खातों में 1500-1500 रुपये की राशि पहुंच गई।

    1857 करोड़ रुपये महिलाओं के खाते में ट्रांसफ

    सरकार ने हाल ही में योजना की मासिक किस्त को 1250 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये कर दिया था। इस बार राज्य सरकार ने कुल 1857 करोड़ रुपये महिलाओं के खाते में ट्रांसफर किए हैं। योजना के नियमों के अनुसार, इसका लाभ केवल विवाहित, विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को मिलता है। अविवाहित महिलाएं फिलहाल इसके लिए पात्र नहीं हैं।

    लाखों महिलाओं को था इंतजार

        लाडली बहना योजना की 31वीं किस्त जारी हो गई है.
        नए रजिस्ट्रेशन पर इस बार भी कोई घोषणा नहीं हुई.
        लाखों महिलाएं फॉर्म शुरू होने का इंतजार कर रही हैं.
        मौजूदा लाभार्थियों को बढ़ी हुई राशि मिल रही है.
        नए आवेदनों पर सरकार ने अभी चुप्पी साधी है.
        रजिस्ट्रेशन शुरू होने में और इंतजार करना पड़ सकता है.
        योजना पर आगे की अपडेट जल्दी मिल सकती है.

    क्यों खाते में नहीं आए पैसे

        लाडली बहना योजना की 31वीं किस्त जारी हो गई है.
        कुछ लाभार्थियों के खातों में राशि नहीं पहुंची है.
        वजह हो सकती है-आईडी पर ई-केवाईसी पूरा न होना.
        पहले अपनी समग्र आईडी ई-केवाईसी स्थिति चेक करें.
        तय करें कि बैंक खाता आधार नंबर से लिंक है.
        सभी अपडेट सही होने पर किस्त मिलने की संभावना बढ़ती है.

    कैसे चेक करें स्टेट्स

        लाडली बहना योजना की 31वीं किस्त जारी हो चुकी है.
        मोबाइल पर मैसेज न आए तो चिंता न करें.
        आप ऑनलाइन पेमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं.
        ऑफिशियल पोर्टल: cmladlibahna.mp.gov.in.
        "अप्लाई व पेमेंट की स्थिति" सेक्शन पर जाएं.
        रजिस्ट्रेशन नंबर या समग्र आईडी दर्ज करें.
        मोबाइल पर आए ओटीपी से सत्यापन करें.
        स्क्रीन पर आपकी किस्त की पूरी स्थिति दिख जाएगी.

    लाडली बहना योजना के रजिस्ट्रेशन पर कोई अपडेट नहीं
    लाडली बहना योजना की 31वीं किस्त जारी हो गई है। लेकिन इस बार भी नए रजिस्ट्रेशन को लेकर कोई जिक्र नहीं किया गया है। राज्य की लाखों महिलाओं को लाडली बहना योजना के फॉर्म भरे जाने का इंतजार है। मौजूदा लाभार्थियों को तो बढ़ा हुआ पैसा मिलने लगा है, लेकिन नए रजिस्ट्रेशन के लिए अभी कुछ और इंतजार करना पड़ सकता है।

    क्या खाते में नहीं आया लाडली बहना योजना का पैसा?
    मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की 31वीं किस्त जारी कर दी गई है। अगर आपके खाते में पैसा नहीं आया है तो हो सकता है कि आपने समग्र आईडी पर ईकेवाईसी न किया हो। अगर ये काम पूरा हो चुका है तो एक बार यह चेक करें कि आपका बैंक खाता आधार नंबर से जुड़ा है या नहीं।

    लाडली बहना योजना की 31वीं क‍िस्‍त जारी, ऐसे चेक करें स्‍टेटस
    लाडली बहना योजना की 31वीं किस्त जारी कर दी गई है। अगर आपके मोबाइल पर मैसेज नहीं आया है तो आप ऑनलाइन स्टेटस चेक कर सकते हैं। ऑफिशियल पोर्टल cmladlibahna.mp.gov.in पर जाकर आवेदन एवं भुगतान की स्थिति में जाकर अपने रजिस्ट्रेशन नंबर या समग्र आईडी और मोबाइल पर आए ओटीपी के जरिए स्टेटस चेक कर सकते हैं।

     

  • रायपुर और छत्तीसगढ़ के अन्य शहरों में शीतलहर का असर, 10 दिसंबर तक 20 जिलों में अलर्ट, अंबिकापुर में पारा गिरकर 5°C

    रायपुर
    दिसंबर की दस्तक के साथ ही उत्तरी हवा ने रफ्तार पकड़ ली है और प्रदेश में शीत लहर का असर तेजी से बढ़ने लगा है। मौसम विभाग ने 8 दिसंबर की रात से 10 दिसंबर की सुबह तक छत्तीसगढ़ के कई जिलों में शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की है। इधर, रायपुर में न्यूनतम पारा आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.5 डिग्री कम है।

    मैनपाट में रात का पारा 4°C से नीचे चला गया है और वहां ओस की बूंदें जमकर बर्फ में बदल गई हैं। अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 5°C, पेंड्रा में 8°C और जगदलपुर में 9.8°C दर्ज किया गया।

    पिछले 24 घंटे में सबसे अधिक तापमान 30.4°C रायपुर में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 5°C अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया।

    इन जिलों में अलर्ट जारी

    वहीं मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, मनेन्द्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर, कोरिया, सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, कबीरधाम, मुंगेली, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, बेमेतरा, रायपुर, दुर्ग, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, बालोद और कोरबा जिलों के एक-दो हिस्सों में ठंड और ज्यादा तीखी रहेगी।
    मैदानी इलाके में हवा तेज

    मौसम विज्ञानियों के अनुसार प्रदेश में उत्तर-पूर्वी हवा सक्रिय है, जिससे रात का तापमान लगातार गिर रहा है। बीते 24 घंटों में कई जगह पारा सामान्य से 3 से 5 डिग्री नीचे दर्ज किया गया है। पर्वतीय और उत्तरी अंचलों में सुबह के समय कोहरा छाने और शाम ढलते ही गलन बढ़ने की संभावना जताई गई है। वहीं मैदानी जिलों जैसे रायपुर, दुर्ग और बेमेतरा में भी इसी अवधि में हवा की तीव्रता बढ़ने से ठिठुरन महसूस हो रही है।

    मौसम विभाग ने आमजन को जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है। बच्चों और बुजुर्गों को सुबह-शाम अनावश्यक बाहर न निकलने, दिन में भी हल्के ऊनी कपड़े पहनने और रात में घरों को गर्म रखने की सलाह दी गई है। किसान भाइयों से भी अपील की गई है कि वे फसलों पर पाला पड़ने से बचाव के उपाय करें।

    अगले दो दिनों तक मौसम में खास बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन हवा की नमी कम होने और तापमान गिरने से शीत लहर का असर और तेज हो सकता है। शीत लहर चलने की वजह उत्तर भारत में तापमान तेजी से गिरने के कारण वहां से आने वाली उत्तर-पूर्वी बर्फीली हवाएं छत्तीसगढ़ में पहुंचकर ठंड को अचानक बढ़ा रही हैं।

    रायपुर में नगर निगम ने कई जगहों पर अलाव का इंतजाम किया

    रायपुर में शीतलहर का असर बढ़ते ही नगर निगम ने आम लोगों को राहत देने के लिए शहर में अलाव जलाने की व्यवस्था शुरू कर दी है। निगम ने 12 से अधिक लोकेशन पर रातभर अलाव जलवाने के निर्देश दिए हैं, ताकि बेघर, राहगीरों और आम नागरिकों को ठंड से तुरंत राहत मिल सके।

    रायपुर नगर निगम की मेयर मीनल चौबे और कमिश्नर विश्वदीप के निर्देशों के बाद सभी जोन कमिश्नरों और जोन हेल्थ अधिकारियों से रात में फील्ड में रहने और अलाव के इंतजाम की निगरानी करने को कहा गया है।

    स्वास्थ्य विभाग ने भी जारी की एडवाइजरी

    इस बीच स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर चेतावनी दी है कि अचानक तापमान में उतार-चढ़ाव से हाइपोथर्मिया, सर्दी-जुकाम और वायरल फीवर का खतरा बढ़ सकता है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि शीतलहर के दौरान, केवल आवश्यकता होने पर ही यात्रा करें और बाहर निकलते समय पूरी तरह गर्म कपड़े पहनें।

    डॉक्टर बोले- सतर्क रहना जरूरी

    डॉ जया बाजपेयी (MBBS DNB, मेडिसिन) बताया कि जिस तरह से तापमान बदल रहा है, बीमार होने का खतरा ज्यादा। खासकर ऐसे मौसम में मच्छर ज्यादा पनपते हैं, मलेरिया फैलने का खतरा ज्यादा है। ऐसे में बीमारी से बचने सतर्क रहना जरूरी है। डॉक्टर की सलाह है कि…

        शाम के बाद घर और आसपास मच्छरदानी या मच्छर भगाने वाले कॉइल/लिक्विड का उपयोग करें।
        स्लीपिंग नेट (Insecticide Treated Net – ITN) या लॉन्ग लास्टिंग मच्छरदानी (LLIN) का उपयोग रात में जरूर करें।
        घर के दरवाजे-खिड़कियों पर जाली लगाएं ताकि मच्छर अंदर न आ सकें।

     

  • IAS संतोष वर्मा का विवाद दिल्ली पहुंचा, ‘ब्राह्मण बहू’ बयान के बाद प्रमोशन पर भी उठे सवाल

    भोपाल 
    मध्य प्रदेश की प्रशासनिक मशीनरी में इन दिनों 'शब्दों के बारूद' ने आग लगा रखी है। आईएएस अधिकारी और अजाक्स अध्यक्ष संतोष कुमार वर्मा द्वारा ब्राह्मणों की बेटियों को लेकर दिए गए विवादास्पद बयान ने अब एक ऐसे सियासी और कानूनी चक्रव्यूह का रूप ले लिया है, जिससे निकलना उनके लिए नामुमकिन लग रहा है। आलम यह है कि इस विवाद की गूंज भोपाल की फाइलों से निकलकर दिल्ली के गलियारों और बिहार विधानसभा तक पहुंच चुकी है।

    क्या चली जाएगी नौकरी?
    वहीं, ऐसे में कुछ लोगों को लग रहा है कि आईएएस संतोष वर्मा की नौकरी तो गई? लेकिन क्या ऐसा होने जा रहा है? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि मध्य प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों 'शब्दों की मर्यादा' और 'नियमों की धज्जियां' उड़ती दिख रही हैं। आईएएस संतोष वर्मा के 'ब्राह्मण बेटियों' वाले विवादित बयान ने जहां दिल्ली तक हड़कंप मचा रखा है, वहीं अब सांसद जनार्दन मिश्रा की चिट्ठी ने उनकी पदोन्नति के 'फर्जीवाड़े' के आरोपों से हड़कंप मचा दिया है।

    पहले भी आईएएस करते रहे हैं बखेड़ा
    पहले भी कई आईएएस अलग-अलग तरह के बयान देकर राजनीतिक और सामाजिक बखेड़ा खड़े करते रहे हैं। पूर्व आईएएस शैलबाला मार्टिन ने मंदिरों के लाउडस्पीकर पर ट्वीट करके एक नया धार्मिक और सियासी बवंडर खड़ा कर दिया था। दूसरी तरफ, आईएएस लोकेश जांगिड़ ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए 9 तबादलों का जो 'दर्द' बयां किया था, उन्होंने तो सरकार की कार्यशैली पर ही सवाल दाग दिए थे। पूर्व आईएएस नियाज खान भी ब्राह्मण और मुस्लिमों लेकर सोशल मीडिया में काफी मुखर दिखते थे।

    भ्रष्टाचार की बात करें तो अरविन्द जोशी और टीनू जोशी जैसे नामों ने पहले ही प्रशासनिक साख को दागदार किया है। हालांकि यह सब बयान इस तरह खराब नहीं कहे जा सकते, जितना घृणित बयान संतोष वर्मा का माना जा रहा है।

    सीएम के पाले में है गेंद
    संतोष वर्मा पर कार्रवाई कब होगी, यह गेंद अब मुख्यमंत्री मोहन यादव के पाले में है। क्या वे इन 'विवादित रत्नों' पर कड़ी कार्रवाई कर प्रशासन की गिरती साख को बचा पाएंगे, या फाइलों के 'परीक्षण' का यह खेल ऐसे ही चलता रहेगा? यह जंग अब केवल अनुशासन की नहीं, बल्कि सत्ता के इकबाल की है।