• MP में 5 नए IAS अफसर की नियुक्ति, यूपी की शक्ति दुबे ने AIR 1 हासिल की, UPSC CSE 2024 कैडर लिस्ट देखें

    भोपाल 

    कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए आवंटन लिस्ट (UPSC CSE IAS Allocation List 2024) जारी कर दी है। 90 से अधिक आईएएस अफसर को अलग-अलग राज्यों के कैडर आवंटित किए गए हैं। 20 को उनके होम स्टेट का कैडर मिला है।  यूपीएससी सीएसई परीक्षा 2024 में प्रथम स्थान लाने वाली शक्ति दुबे को उत्तर प्रदेश कैडर अलॉट किया गया है, दूसरा  दूसरी रैंक लाने वाली हर्षिता गोयल को गुजरात कैडर दिया गया है, जिनका होम स्टेट हरियाणा है।

    लिस्ट में आईएएस अधिकारियों की कैटेगरी, होम स्टेट और अलॉट किए गए कैडर की जानकारी दी गई है। बता दें यूपीएससी सीएसई फाइनल रिजल्ट 22 अप्रैल 2024 को जारी किया गया था। तीसरा स्थान डोंगरे अर्चित पराग को कर्नाटक और चौथा स्थान प्राप्त करने वाले मार्गी चिराग गुजरात कैडर दिया गया है। वही पांचवा स्थान प्राप्त करने वाले आकाश गर्ग को AGMUT कैडर मिला है।
    मध्यप्रदेश में हुई इन आईएएस अफसरों को नियुक्ति 

    6वां रैंक प्राप्त करने वाली आयुषी बंसल को भी मध्य प्रदेश कैडर दिया गया है। रैंक 18 लाने वाली सौम्या मिश्रा को एमपी  कैडर में भेजा गया है। इसके अलावा श्लोक वैकर और माधव अग्रवाल को भी इसी राज्य का कैडर दिया गया है।
    यूपी को मिले 20 नए आईएएस अफसर

    उत्तर प्रदेश को कल 20 नए आईएएस अफसर मिले हैं। सूची में को रैंक 6 प्राप्त करने वाली कोमल पूनिया भी शामिल हैं। इसके अलावा आदित्य विक्रम अग्रवाल, मयंक त्रिपाठी, हेमंत, संस्कृति त्रिवेदी, रिया सायनी, शिवांश सुभाष जगड़े, शिवम सिंह सलोनी, गौतम सिद्धार्थ सिंह, श्वेता और रेखा सियाक का नाम भी शामिल है।
    पश्चिम बंगाल में 8 आईएएस अलॉट किए गए

    पश्चिम बंगाल में 8 नए आईएएस अफसर अलॉट किए गए हैं। मुदिता बंसल जिनका होम स्टेट पंजाब है, उन्हें पश्चिम बंगाल  कैडर दिया गया है। वहीं रावुला जयसिंह रेड्डी को बंगाल कैडर दिया गया है, जिनका होम स्टेट तेलंगाना है। रितिका रथ, चौगुले अदिति संजय, अभिषेक चौधरी, मेघना  चक्रवर्ती और सक्षम भाटिया को भी यही कैडर मिला है।

  • दमोह, छतरपुर और बुधनी मेडिकल कॉलेज के लिए 990 नियमित और 615 आउटसोर्स पदों की स्वीकृति

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में केबिनेट की बैठक में बुंदेलखंड के विकास पर विशेष फोकस

    बुंदेलखंड के औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के लिए सागर जिले के मसवासी ग्रट की स्थापना के प्रस्ताव के तहत उद्योगों को अनेक सुविधाओं को स्वीकृति
    सागर से दमोह 76 किलोमीटर फोरलेन मार्ग निर्माण के लिए 2059 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति
    दमोह, छतरपुर और बुधनी मेडिकल कॉलेज के लिए 990 नियमित और 615 आउटसोर्स पदों की स्वीकृति
    वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व नौरादेही को चीतों के रहवास के लिए विकसित करने की सैद्धांतिक स्वीकृति
    दमोह के तेंदूखेड़ा में 165 करोड़ से अधिक की झापन नाला मध्यम सिंचाई परियोजना को स्वीकृति
    प्रदेश के 11 जिलों में 12 स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन और 348 पदों की स्वीकृति
    प्रदेश में अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए 397.54 करोड़ रुपये की स्वीकृति
    पिछड़ा वर्ग के 600 युवाओं को 2वर्ष में रोजगार के लिए जापान और जर्मनी भेजने का निर्णय
    मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की खजुराहो में हुई बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को खजुराहो के महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में बुंदेलखंड के औद्योगिक विकास और रोजगार संपन्न बनाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, सड़कों के निर्माण सहित नौरादेही अभ्यारण्य में चीता के रहवास के लिए विकास कार्यों को स्वीकृति जैसे अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मंत्रि-परिषद के सदस्यों ने बुंदेलखंड के विकास पर केंद्रित विकास के महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने पर करतल ध्वनि से स्वागत किया गया। बैठक में छतरपुर और दमोह के मेडिकल कालेजों में पदों की स्वीकृति सहित शासकीय चिकित्सालयों के उन्नयन और नवीन पदों के सृजन को भी स्वीकृति दी गई।

    मंत्रि-परिषद ने बुंदेलखंड क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से सागर के औद्योगिक क्षेत्र 'मसवासी ग्रंट' के लिए एक विशेष औद्योगिक प्रोत्साहन पैकेज को मंजूरी दी। स्वीकृति अनुसार भूमि प्रब्याजी और वार्षिक भू-भाटक की दर केवल एक रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित की है। इसके अतिरिक्त, विकास शुल्क चुकाने के लिए 20 समान वार्षिक किश्तों की सुविधा दी गई है और संधारण शुल्क 8 रुपये प्रति वर्गमीटर वार्षिक तय किया गया है।

    निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए स्टाम्प और पंजीयन शुल्क में 100% प्रतिपूर्ति की स्वीकृति दी गई है। साथ ही, इकाइयों को वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होने की तारीख से पांच वर्षों तक विद्युत शुल्क में छूट दी गई है।

    वित्तीय सहायता पैकेज के तहत वृहद श्रेणी की औद्योगिक इकाइयों पर उद्योग संवर्धन नीति 2025 और निवेश प्रोत्साहन योजना 2025 के नियम लागू होंगे, जबकि एमएसएमई (MSME) इकाइयों के लिए एमएसएमई विकास नीति-2025 और एमएसएमई प्रोत्साहन योजना-2025 के प्रावधान प्रभावी होंगे। सीमेंट निर्माण इकाइयों को इस विशेष वित्तीय सहायता पैकेज का लाभ नहीं मिलेगा। यह विशेष पैकेज आगामी पांच वर्षों के लिए प्रभावशील रहेगा।

    सागर से दमोह 76 किलोमीटर फोरलेन मार्ग निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद द्वारा सागर-दमोह मार्ग, लंबाई 76.680 किमी 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर के साथ हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के अंतर्गत उन्नयन एवं निर्माण के लिए परियोजना वित्तीय लागत  2,059 करोड़ 85 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई। स्वीकृति अनुसार लागत का 40% हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल के अंतर्गत मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा राज्य राजमार्ग निधि से जीएसटी सहित वहन किया जाएगा। शेष 60% राशि का प्रावधान संचालन अवधि में 15 वर्षों तक 6 माही एन्युटी के रूप में राज्य बजट के माध्यम से किया जाएगा।

    इसके अतिरिक्त भू अर्जन एवं अन्य कार्यों के लिए 323 करोड़ 41 लाख रूपये का भुगतान भी राज्य बजट से किया जाएगा। परियोजना अंतर्गत 13 अंडरपास, 3 वृहद पुल, 9 मध्यम पुल, एक आरओबी, 13 वृहद जंक्शन और 42 मध्यम जंक्शन का निर्माण किया जायेगा।

     दमोह, छतरपुर और बुधनी मेडिकल कॉलेज के लिए नियमित और आउटसोर्स पदों की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद द्वारा नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय दमोह, छतरपुर और बुधनी के संचालन के लिए 990 नियमित और 615 आउटसोर्स पदों की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति अनुसार प्रत्येक चिकित्सा महाविद्यालय में 330 नियमित पद सृजन और 205 व्यक्तियों को आउटसोर्स पर नियोजित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई।

    वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व नौरादेही को चीतों के रहवास के लिए विकसित करने की सैद्धांतिक स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद द्वारा सागर में वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व नौरादेही को चीतों के तीसरे रहवास के रूप में विकसित करने के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई है।

    उल्लखेनीय है कि सितंबर 2022 में कुनो राष्ट्रीय उद्यान श्योपुर में पहला और अप्रैल 2025 में गांधी सागर अभयारण्य मंदसौर में दूसरा चीता रहवास प्रारंभ किया गया है। मध्यप्रदेश में वर्तमान में कुल 31 चीते हैं। कुनो राष्ट्रीय उद्यान श्योपुर में 28 और गांधी सागर अभयारण्य मंदसौर 02 चीतों का रहवास है। इसके अतिरिक्त जनवरी 2026 में बोत्सवाना से 8 चीते कुनो में पहुंचना संभावित है।

    दमोह के तेंदूखेड़ा में 165 करोड़ से अधिक की झापन नाला मध्यम सिंचाई परियोजना को स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद द्वारा दमोह जिले की तेंदूखेड़ा तहसील की झापननाला मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 165 करोड़ 6 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। परियोजना के तहत तेंदूखेड़ा तहसील के 17 ग्रामों का कुल 3600 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित होगा।

    11 जिलों में 12 स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन और 348 पदों की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने 11 जिलों की 12 स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। निर्णय अनुसार नीमच जिले के भादवामाता उप स्वास्थ्य केंद्र को 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन किया जाएगा। शाजापुर के मक्सी स्थित 6 बिस्तरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में किया जाएगा। इसी प्रकार, उज्जैन के जीवाजीगंज और खंडवा के ओंकारेश्वर स्थित 20 बिस्तरीय सिविल अस्पतालों का विस्तार कर उन्हें 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल बनाया जाएगा।

    इसके अतिरिक्त पन्ना के अजयगढ़, खरगौन के महेश्वर, सिंगरौली के देवसर और रीवा के हनुमना स्थित 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को 50 बिस्तरीय सिविल अस्पतालों में अपग्रेड किया जाएगा। बड़े उन्नयन कार्यों में बैतूल के भीमपुर, सिंगरौली के चितरंगी और अनूपपुर के कोतमा स्थित 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को 100 बिस्तरीय सिविल अस्पतालों में बदलना शामिल है। साथ ही, सागर जिले के बीना स्थित 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल का उन्नयन कर उसे 100 बिस्तरीय किया जाएगा।

    इन संस्थाओं के संचालन के लिए मंत्रि-परिषद ने 345 नियमित और 03 संविदा पदों के सृजन को मंजूरी दी है। साथ ही 136 व्यक्तियों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से रखने की स्वीकृति भी दी गई है। इस पूरी प्रक्रिया 27 करोड़ 17 लाख रुपये का वार्षिक व्यय किया जायेगा।

    पिछड़ा वर्ग के 600 युवाओं को 2 वर्ष में रोजगार के लिए जापान और जर्मनी भेजने का निर्णय

    मंत्रि-परिषद द्वारा पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की विभागीय योजनान्तर्गत, अन्य पिछड़ा वर्ग के 600 युवाओं को दो वर्षों में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सोशल इंपैक्ट बांड (SIB) वित्तीय उपकरण का प्रयोग कर जापान एवं जर्मनी भेजे जाने के लिए प्रस्तुत परियोजना प्रस्ताव की स्वीकृति प्रदान की गई।

    प्रदेश में अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए 397.54 करोड़ रुपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद द्वारा 15वें वित्त आयोग की अनुशंसानुसार प्रदेश में अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए 397 करोड़ 54 लाख रुपये की कार्ययोजना की स्वीकृति प्रदान की गई। कार्ययोजना की वित्तीय लागत में 75% केंद्रांश राशि 297 करोड़ 15 लाख रुपये और 25% राज्यांश राशि 100 करोड़ 38 लाख 50 हजार रुपये होगा। मंत्रि-परिषद की बैठक वंदे-मातरम् गान के साथ प्रारंभ हुई।

     

  • सिहाड़ा गांव में अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन ने की कार्रवाई, भारी पुलिस बल के साथ जेसीबी मशीनों से दरगाह तोड़ी

    खंडवा 

    खंडवा के सिहाड़ा गांव में मंगलवार सुबह प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। यहां जेसीबी मशीनों के जरिए दरगाह का अतिक्रमण हटाया जा रहा है।वक्फ बोर्ड द्वारा जमीन को आबादी क्षेत्र घोषित किए जाने और ग्राम पंचायत के पक्ष में फैसला आने के बाद प्रशासन ने यह कदम उठाया है। मौके पर एसडीएम समेत आला अधिकारी मौजूद हैं। सुरक्षा के लिहाज से पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

    ग्राम पंचायत ने ट्रिब्यूनल में अपील की थी

    समिति के दावे के खिलाफ ग्राम पंचायत ने ट्रिब्यूनल में अपील की थी, जिसमें वक्फ बोर्ड के इस दावे को गलत बताते हुए उल्टे सरकारी जमीन पर दरगाह कमेटी द्वारा कब्जा करने की बात कही गई थी। ट्रिब्यूनल के आदेश के बाद ग्राम पंचायत द्वारा मंगलवार को शासकीय भूमि से कब्जा हटाने की कार्रवाई की गई।

    इस दौरान गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया। राजस्व व पुलिस के आला अधिकारी और पुलिस फोर्स की मौजूदगी में दरगाह क्षेत्र से तार फेंसिंग सहित गांव के अन्य अतिक्रमण को हटाया गया।
    नईदुनिया को ग्रामीणों ने कहा धन्यवाद

    वक्फ बोर्ड का दावा खारिज होने से ग्रामीणों में खुशी की लहर है। इस मामले को नईदुनिया द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित करने पर सरपंच प्रतिनिधि सहित ग्रामीणों ने धन्यवाद ज्ञापित किया है। करीब एक माह पूर्व न्यायालय मप्र स्टेट वक्फ ट्रिब्यूनल भोपाल द्वारा वक्फ बोर्ड की ओर से खसरा क्रमांक 781 रकबा 14.500 हेक्टयर को अपनी संपत्ति बताने का नोटिस जारी किया था। इस रकबे पर पूरा गांव बसा होने से नोटिस को लेकर सिहाड़ा के ग्रामीणों में हड़कंप मच गया था। ग्राम पंचायत को 10 नवंबर को वक्फ बोर्ड भोपाल ने पेशी पर उपस्थित होने के लिए कहा था।
    सिहाड़ा गांव में करीब 10 हजार हिन्दू- मुस्लिम परिवार

    सिहाड़ा गांव में करीब 10 हजार हिन्दू- मुस्लिम परिवार निवासरत हैं। सरपंच प्रतिनिधि हेमंत चौहान ने वक्फ बोर्ड के नोटिस को अपने अधिवक्ता के माध्यम से ट्रिब्यूनल में चुनौती दी थी। इसमें खसरा क्रमांक 781 रकबा 14.500 हेक्टयर को सरकारी व आबादी की संपत्ति बताया था।

    विदित हो कि सिहाड़ा में ग्राम पंचायत द्वारा शासकीय जमीन पर दुकान निर्माण के लिए दरगाह कमेटी को उस स्थान से तार फेंसिंग हटाने का नोटिस दिया गया था। इस पर दरगाह कमेटी ने इस जमीन सहित पूरे सिहाड़ा गांव की 14.500 हेक्टयर जमीन को अपनी जमीन बताया था।

     

    वक्फ बोर्ड ने पंचायत के पक्ष में सुनाया था फैसला अतिक्रमण का नोटिस मिलने पर मुस्लिम समाज ने इस जमीन पर अपना दावा जताते हुए वक्फ बोर्ड में शिकायत की थी। हालांकि, 5 दिसंबर को वक्फ बोर्ड कमेटी ने मामले की सुनवाई करते हुए दस्तावेज देखे और अपना फैसला सुनाया। बोर्ड ने इस जमीन को आबादी क्षेत्र माना, जिसके बाद ग्राम पंचायत यह केस जीत गई।

  • रेलवे ने दी राहत: पुणे-सांगानेर के बीच शुरू होगी साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन

    रतलाम
     शीतकालीन छुट्टियों के दौरान ट्रेनों में यात्रियों की मांग व सुविधा को ध्यान में रखकर रतलाम से होकर पुणे से सांगानेर के मध्य स्पेशल ट्रेन का संचालन किया जाएगा। 01405/01406 पुणे-सांगानेर-पुणे स्पेशल दोनों दिशाओं में तीन-तीन फेरे चलेगी।

    01405 पुणे-सांगानेर स्पेशल पुणे से 19 व 26 दिसंबर तथा दो जनवरी को सुबह 9.45 बजे चलेगी और अगले दिन सुबह 6.45 बजे सांगानेर पहुंचेगी। इस ट्रेन का शुक्रवार को रतलाम आगमन रात 11.35 बजे तथा प्रस्थान 11.45 बजे होगा। इसी प्रकार वापसी में 01406 सांगानेर-पुणे स्पेशल सांगानेर से 20, 27 दिसंबर तथा तीन जनवरी को सुबह 11.35 बजे चलेगी तथा अगले दिन सुबह 9.30 बजे पुणे पहुंचेगी।

    इन स्टेशनों पर रुकेगी

    इस ट्रेन का शनिवार को रतलाम आगमन शाम 7.10 बजे तथा प्रस्थान 7.20 बजे होगा। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में लोनावला, कल्याण, भिवंडी रोड, बोईसर, पालघर, वापी, वलसाड़, सूरत, अंकलेश्वर, वड़ोदरा, रतलाम, भवानी मंडी, रामगंज मंडी, कोटा व सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशनों पर रुकेगी।

     

  • एमपी में बर्फीली हवाओं का असर, पारा 4 डिग्री पर पहुंचा, 10 से 12 दिसंबर तक शीतलहर का अलर्ट जारी

    भोपाल 
    मध्य प्रदेश में इन दिनों बर्फीली हवाओं का भारी असर दिखाई देने लगा है। हालात ये हैं कि, यहां कुछ इलाकों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे लुढ़क चुका है, जबकि ज्यादातर इलाकों में तापमान 10 डिग्री से भी नीचे है। बीती रात शहडोल का कल्याणपुर इलाका सबसे सर्द गुजरा। जबकि, पड़ रही ठंड ने पिछले 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ा है। उज्जैन में अबतक के सीजन की सबसे सर्द रात गुजरी। वहीं, मौसम विभाग ने प्रदेश में आगामी 3 दिन के लिए शीतलहर का अलर्ट जारी किया है।

    एमपी में कड़ाके की ठंड का दौर जारी है। प्रदेश के कई जिलों में अगले तीन दिनों तक शीतलहर की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, भोपाल, इंदौर, जबलपुर, विदिशा, सीहोर, सिवनी, शहडोल, शाजापुर और राजगढ़ में कोल्ड वेव चलने की संभावना है। जबकि नरसिंहपुर में कोल्ड डे का भी अलर्ट है।
    कल्याणपुर में कड़ाके की ठंड

    प्रदेश में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे पहुंच गया है। शहडोल के कल्याणपुर में सबसे कम 4.2 डिग्री सेल्सियस टेम्प्रेचर रिकॉर्ड किया गया है। जबकि, ज्यादातर शहरों में पारा 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे लुढ़क चुका है।

    यहां 10 डिर्गी से नीचे तापमान

    वहीं, सूबे के नर्मदापुरम जिले के पचमढ़ी में 5.2 डिग्री, उमरिया में 5.6 डिग्री दर्ज हुआ। जबकि, रात का पारा 5.7 डिग्री दर्ज हुआ, राजगढ़ में 6 डिग्री और भोपाल में न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री रहा। वहीं, उज्जैन में सीजन की सबसे सर्द रात रही। जबलपुर में पारा 8.3 डिग्री और ग्वालियर में 8.9 डिग्री दर्ज किया गया।

  • शीतलहर के असर से स्कूलों के समय में परिवर्तन, कलेक्टर ने जारी किया तात्कालिक आदेश

    जांजगीर-चाम्पा 
    कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने जिले में पड़ रहे अत्याधिक ठंड और शीतलहर के कारण छात्रहित को ध्यान में रखते हुए जिले में संचालित  समस्त शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त एवं अन्य विद्यालयों का संचालन समय परिवर्तित किया है जो 11 दिसंबर 2025 से आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा।
     
         आदेशानुसार दो पाली में संचालित होने वाली शालाओं के लिए प्रथम पाली में संचालित शालाओं का संचालन समय सोमवार से शुक्रवार प्रातः 08 बजे से 12 बजे तक, शनिवार को दोपहर 12.15 से 4.15 बजे तक, द्वितीय पाली में संचालित होने वाले शालाओं का संचालन समय सोमवार से शुक्रवार तक दोपहर 12.15 बजे से 04.15 बजे तक एवं शनिवार प्रातः 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार एक पाली में संचालित होने वाली शालाओं का संचालन सोमवार से शुक्रवार सुबह 10 बजे से 04 बजे तक एवं शनिवार प्रातः 08 बजे से 12 बजे तक निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही परीक्षाएँ पूर्ववत निर्धारित समय अनुसार ही संचालित की जाएगी।

  • एसआईआर की सफलता: तीन दिन पहले आठ विधानसभा क्षेत्रों के गणना पत्रकों का शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन हुआ

    एसआईआर :-जिले ने तीन दिन पहले हासिल की बड़ी उपलब्धि

    सभी आठ विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं के गणना पत्रकों के शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन का कार्य पूर्ण.

    जबलपुर 
     मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के अंतर्गत जबलपुर जिले के नाम बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। विधानसभा क्षेत्र जबलपुर केंट के मतदाताओं के गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन के साथ ही आज सोमवार को जिले की सभी आठ विधानसभा क्षेत्र में तीन दिन शेष रहते शत-प्रतिशत गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन पूर्ण कर लिया गया है। जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों पाटन, बरगी, सिहोरा, पनागर, जबलपुर उत्‍तर, जबलपुर पश्चिम एवं जबलपुर पूर्व में यह काम पहले ही पूरा कर लिया गया था। 

    जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्‍टर राघवेन्‍द्र सिंह ने जिले की आठों विधानसभा क्षेत्र में शत-प्रतिशत मतदाताओं के गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा होने पर सभी बीएलओ एवं बीएलओ के सहायकों, बीएलओ सुपरवाईजर, सेक्‍टर अधिकारियों तथा निर्वाचक रजिस्ट्रिकरण अधिकारी एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रिकरण अधिकारी को बधाई दी है। श्री सिंह ने एसआईआर के अंतर्गत मतदाताओं के घर-घर सत्‍यापन, गणना पत्रकों का वितरण और गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन के कार्य के प्रति इन अधिकारियों एवं कर्मचारियों की लगन और निष्‍ठा की सराहना भी की है। 

    जिला निवार्चन कार्यालय से प्राप्‍त जानकारी के अनुसार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम जिले के 19 लाख 25 हजार 472 मतदाताओं में से 2 लाख 62 हजार 722 मतदाताओं के गणना प्रपत्र प्राप्‍त नहीं हुए हैं। इन मतदाताओं में 50 हजार 992 मृत, 77 हजार 450 अनुपस्थित, 1 लाख 18 हजार 898 स्‍थाई तौर पर स्‍थानांतरित मतदाता भी शामिल है। गणना प्रपत्र प्राप्‍त नहीं होने पर ऐसे मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाये जा सकते हैं।
     
    जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार जिन मतदाताओं के गणना प्रपत्र नहीं भरे हैं, वे अभी भी 9, 10 और 11 दिसम्‍बर को अपने बीएलओ से संपर्क कर अपने गणना प्रपत्र भरकर सौंप सकते हैं, अन्‍यथा उनका नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जा सकेगा। ऐसे मतदाताओं जिनके गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हुये हैं उनके नाम 16 दिसम्‍बर को प्रकाशित होने वाली प्रारूप मतदाता सूची में मतदान केन्‍द्रों पर रखे जायेंगे तथा इन पर दावे-आपत्तियां प्रस्‍तुत की प्रक्रिया की जा सकेंगी। 

    जिला निर्वाचन कार्यालय के मुताबिक ऐसे मतदाता जिनके गणना प्रपत्र डिजिटाइज्ड किये जा चुके हैं उनमें 1 लाख 15 हजार 490 ऐसे मतदाता भी हैं जिनका 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग नहीं हो सकी हैं, उन्‍हें नोटिस जारी किये जायेंगे। ऐसे मतदाताओं को 16 दिसम्‍बर को प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद दावे-आपत्ति प्राप्‍त करने की प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दस्‍तावेजों में से आवश्‍यक दस्‍तावेज प्रस्‍तुत करने होंगे। 

    जिला निर्वाचन कार्यालय से प्राप्‍त जानकारी के अनुसार एएसडीआर (अनुपस्थित, स्‍थानांतरित, मृत और रिपिटेड) श्रेणी के ऐसे मतदाता जिनके गणना प्रपत्र प्राप्‍त नहीं हुए हैं, उनमें विधानसभा क्षेत्र पाटन के 21 हजार 608, बरगी में 24 हजार 308, जबलपुर पूर्व में 51 हजार 015, जबलपुर उत्‍तर में 27 हजार 176, जबलपुर केंट में 41 हजार 801, जबलपुर पश्चिम 47 हजार 139, पनागर 31 हजार 123 एवं सिहोरा विधानसभा क्षेत्र के 18 हजार 552 मतदाता शामिल हैं। एएसडीआर श्रेणी के ये मतदाता जिले के कुल मतदाताओं का 13.64 प्रतिशत हैं।

  • 21 दिसंबर को भोपाल मेट्रो का आगाज, CM मोहन यादव ने खजुराहो में किया खुलासा, PM का आगमन अभी स्पष्ट नहीं

    भोपाल
     मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। झीलों की नगरी भोपाल के लिए दिसंबर का महीना ऐतिहासिक होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने खजुराहो कन्वेंशन सेंटर से यह बड़ा ऐलान किया है कि 21 दिसंबर को भोपाल मेट्रो ट्रेन की शुरुआत होगी। सीएमआरएस (CMRS) से हरी झंडी मिलने के बाद अब शहरवासियों का बरसों पुराना इंतजार खत्म होने जा रहा है।

    क्या कहा सीएम ने
    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सरकार ने पिछले दो साल के कार्यों की समीक्षा की है और अगले तीन साल के लक्ष्यों को भी तय कर लिया है। उन्होंने कहा कि 21 दिसंबर को मेट्रो के साथ विकास की कई अन्य सौगातें भी राजधानी को मिलेंगी। इसके साथ ही 25 दिसंबर को अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म शताब्दी के अवसर पर राज्य में दो लाख करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश की आधारशिला भी रखी जाएगी।सीएम ने कहा- तकनीकी लिहाज से भोपाल मेट्रो अब पूरी तरह तैयार है। कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) नीलाभ्र सेनगुप्ता की टीम ने नवंबर में तीन दिनों तक ट्रैक, डिपो और ट्रेन के नट-बोल्ट तक का गहन निरीक्षण किया था। अधिकारियों के मुताबिक, ऑरेंज लाइन का 6.22 किलोमीटर लंबा प्रायोरिटी कॉरिडोर कमर्शियल रन के लिए तैयार है। इसमें सुभाष नगर से एम्स (AIIMS) तक कुल 8 स्टेशन बनाए गए हैं।

    क्या है पूरा मामला?

    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को पहली मेट्रो रेल की सौगात मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने सोमवार को खजुराहो के कन्वेंशन सेंटर में प्रेस से चर्चा करते हुए यह बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि भोपाल मेट्रो की शुरुआत 21 दिसंबर को होगी।

    ​मुख्यमंत्री ने कहा, "21 तारीख को भोपाल में मेट्रो ट्रेन समेत विकास की कुछ और सौगातें जनता को दिलाई जाएंगी।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि इसके अलावा, 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म शताब्दी के समापन के अवसर पर दो लाख करोड़ रुपये के उद्योगों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया जाएगा।

    ​बता दें कि मेट्रो रेल सेफ्टी कमिश्नर (CMRS) भोपाल मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर के लिए पहले ही 'ग्रीन सिग्नल' दे चुके हैं। कमिश्नर नीलाभ्र सेनगुप्ता के नेतृत्व में CMRS टीम ने 12 से 15 नवंबर के बीच तीन दिनों तक डिपो, ट्रैक और ट्रेन का गहन निरीक्षण किया था, जिसमें मेट्रो के नट-बोल्ट तक की जांच की गई थी। हालांकि, भोपाल मेट्रो के उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मध्य प्रदेश आना अभी तय नहीं हुआ है।

    गौरतलब है कि बीते कई महीनों से भोपालवासियों को इस पल का इंतजार था। अब जब इसकी तारीख की घोषणा हो गई है, तो शहरवासी खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं। खुद सीएम मोहन यादव की घोषणा के बाद जनता को यकीन है कि तय समय पर मेट्रो शुरू हो जाएगी।

    कौन-कौन से स्टेशन में होगा स्टॉपेज
    अधिकारियों ने बताया कि सुभाष नगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम तिराहा, अलकापुरी और एम्स शामिल हैं। हालांकि स्टेशनों पर फिनिशिंग का कुछ काम शेष है, लेकिन विशेषज्ञों का दावा है कि इससे मेट्रो के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। भोपाल अब उस क्लब में शामिल होने जा रहा है जहां आधुनिक यातायात प्रणाली न केवल समय बचाएगी, बल्कि शहर के प्रदूषण और जाम की समस्या से भी निजात दिलाएगी।
    कितना होगा किराया
    मेट्रो का किराया पहले से ही तय कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, मेट्रो संचालन के पहले 7 दिन तक लोग मेट्रो में फ्री सफर कर सकेंगे। उसके बाद लोग अगले तीन महीने तक कम छूट पर मेट्रो का सपर कर सकते हैं।

    अफसर बोले- काम बचा लेकिन कमर्शियल रन पर असर नहीं भोपाल मेट्रो से जुड़े अफसरों का कहना है कि ऑरेंज लाइन के कमर्शियल रन के लिए वे सभी काम पूरे हो चुके हैं, जो जरूरी हैं। स्टेशनों का कुछ काम जरूर बचा है, लेकिन उससे कमर्शियल रन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

    भोपाल मेट्रो की ऑरेंज लाइन का प्रायोरिटी कॉरिडोर 6.22 किलोमीटर लंबा है। इसमें कुल 8 स्टेशन- सुभाष नगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम तिराहा, अलकापुरी और एम्स शामिल हैं।

    किराया तय, 7 दिन फ्री सफर मेट्रो में सफर के लिए किराया भी लगभग तय किया जा चुका है। एमपी नगर स्टेशन पर तो किराया सूची भी चस्पा कर दी गई है। हालांकि, मेट्रो कॉर्पोरेशन ने आधिकारिक रूप से किराए का खुलासा नहीं किया है, लेकिन इंदौर जैसा मॉडल ही अपनाए जाने की बात कही जा रही है।

    अफसरों की मानें तो 7 दिन तक लोग मेट्रो में फ्री सफर कर सकेंगे। वहीं, 3 महीने तक टिकट पर 75%, 50% और 25% की छूट दी जाएगी। छूट खत्म होने के बाद सिर्फ 20 रुपए में मेट्रो का सफर किया जा सकेगा। अधिकतम किराया 80 रुपए होगा। 31 मई को इंदौर में चलाई गई मेट्रो के लिए भी यही मॉडल रहा था।

    अधिकतम 80 रुपए किराया तब होगा, जब ऑरेंज लाइन के रूट का काम पूरा हो जाएगा।

    30 से 80 किमी प्रति घंटा रहेगी मेट्रो की स्पीड भोपाल के सुभाष नगर से एम्स तक मेट्रो कोच को ट्रैक पर दौड़ाकर ट्रायल रन किया जा रहा है। ट्रायल रन में न्यूनतम 30 और अधिकतम 80 किमी प्रतिघंटा रफ्तार रखी जा रही है। बीच-बीच में 100 से 120 किमी की रफ्तार से भी मेट्रो दौड़ाई जा रही है।

    ट्रेन की तर्ज पर मेट्रो में भी मैनुअल टिकट लेनी पड़ेगी मेट्रो का टिकट सिस्टम ऑनलाइन न होकर मैनुअल ही रहेगा। जैसे आप ट्रेन में टिकट लेकर सफर करते हैं, वैसे ही मेट्रो में भी कर सकेंगे। इंदौर में अभी यही सिस्टम है। भोपाल और इंदौर मेट्रो में ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम लगाने वाली तुर्किए की कंपनी 'असिस गार्ड’ से काम छिनने और नई कंपनी के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू किए जाने से यह स्थिति बनेगी।

    बता दें कि असिस गार्ड का मामला पिछले 4 महीने से सुर्खियों में था। आखिरकार अगस्त में असिस गार्ड का टेंडर कैंसिल कर दिया गया। नई कंपनी के लिए टेंडर भी कॉल किए हैं। इस पूरी प्रक्रिया में दो से तीन महीने का वक्त लग सकता है।

    मैनुअल टिकट ही एकमात्र ऑप्शन अफसरों ने बताया कि असिस गार्ड कंपनी इंदौर में भी मेट्रो स्टेशनों पर सिस्टम लगा रही थी, लेकिन विवाद के बाद इंदौर में मैनुअल टिकट ही ऑप्शन बचा था।

    पिछले 6 महीने से इंदौर में ट्रेन जैसा ही सिस्टम है। इसमें मेट्रो के कर्मचारी ही तैनात किए गए हैं। यही ऑप्शन अब भोपाल मेट्रो के लिए भी बचा है। दरअसल, 'असिस गार्ड’ के जिम्मे ही सबसे महत्वपूर्ण ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन यानी किराया लेने की पूरी प्रक्रिया का सिस्टम तैयार करने का काम था। जिसमें कार्ड के जरिए किराया लेने के बाद ही गेट खुलना भी शामिल है। यह कंपनी सिस्टम का पूरा मेंटेनेंस भी करती।

    अब अनुबंध खत्म होने पर नई कंपनी काम करेगी, लेकिन उसे टेंडर और फिर अन्य प्रक्रिया से गुजरने में समय लगेगा। इसलिए मेट्रो कॉर्पोरेशन भोपाल में भी मैनुअली टिकट सिस्टम ही लागू कर सकता है। अफसरों के अनुसार, मैनुअली सिस्टम के लिए अमला तैनात किया जा रहा है।

    पिक एंड ड्रॉप की व्यवस्था ही रहेगी भोपाल मेट्रो की ऑरेंज लाइन के 8 स्टेशनों में से एक भी स्टेशन पर पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने से यात्रियों को अपनी गाड़ियां खड़ी करने के लिए मुश्किलें झेलनी पड़ेंगी।

    मेट्रो स्टेशनों पर सिर्फ पिक एंड ड्रॉप की व्यवस्था ही रहेगी। यानी, यात्री किसी गाड़ी से उतर और चढ़ सकेगा, लेकिन अपने वाहन यहां खड़े नहीं कर सकेगा। सूत्रों के अनुसार, मेट्रो कॉर्पोरेशन स्टेशन के नीचे आउटलेट्स बनाएगा। ऐसे में स्टेशन के नीचे पार्किंग की व्यवस्था नहीं मिलेगी।

    इस मुद्दे पर मेट्रो अफसरों का कहना है कि पार्किंग के लिए व्यवस्था कर रहे हैं ताकि यात्रियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

    प्रायोरिटी कॉरिडोर के बाद यह होगा भोपाल में सुभाष नगर से एम्स तक प्रायोरिटी कॉरिडोर है। इसमें कुल 8 स्टेशन बने हैं। यहां पर कमर्शियल रन पूरा होने के बाद पूरा फोकस ऑरेंज लाइन के दूसरे फेज के हिस्से सुभाष नगर से करोंद तक रहेगा। वहीं, ब्लू लाइन भदभदा से रत्नागिरी के बीच का काम भी तेजी से निपटाया जाएगा।

    क्या है CMRS की ‎भूमिका? सीएमआरएस टीम किसी भी‎ मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए सुरक्षा की‎ अंतिम स्वीकृति देती है। उसकी‎ रिपोर्ट के बाद ही मेट्रो से यात्रियों‎ का संचालन शुरू किया जा‎ सकता है।‎

    बता दें कि इससे पहले सरकार ने भोपाल में अक्टूबर में मेट्रो दौड़ने का टारगेट रखा था। सितंबर और अक्टूबर में सीएमआरएस के दो अहम दौरे भी हो चुके थे। पूर्व मेट्रो कमिश्नर जनक गर्ग ने टीम के साथ सुभाष नगर स्थित मेट्रो डिपो और प्रायोरिटी कॉरिडोर के 6.22 किलोमीटर रूट को देखा था। वे ट्रेन में सवार हुए थे।

  • नक्सलवाद उन्मूलन में छत्तीसगढ़ की बड़ी उपलब्धि, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बयान

    रायपुर : नक्सलवाद उन्मूलन में छत्तीसगढ़ ने रचा नया इतिहास: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय

    रायपुर

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने  राजनांदगांव में आयोजित  प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के कार्यकाल के दो वर्ष राज्य के इतिहास में निर्णायक मोड़ साबित हुए हैं।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह द्वारा निर्धारित लक्ष्य—“31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद का पूर्ण उन्मूलन”—की दिशा में छत्तीसगढ़ तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है और यह अब अंतिम सांसें गिन रहा है।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि पिछले दो वर्षों में सुरक्षा बलों ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। 500 से अधिक माओवादी मुठभेड़ों में न्यूट्रलाइज हुए, जबकि 4,000 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण या गिरफ्तारी दी, जो नक्सलवाद के कमजोर पड़ने का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के पराक्रम से बस्तर में दशकों से जमी हिंसा के विरुद्ध निर्णायक बढ़त मिली है।

    उन्होंने राज्य सरकार की नई पुनर्वास नीति की भी विस्तृत जानकारी दी। इसके तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15,000 प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति, 3 वर्षों तक 10,000 रुपये मासिक वित्तीय सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण और रोजगार-संबंधी कार्यक्रम शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि "गोलीबारी की भाषा छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ना" अब बस्तर में हकीकत बन रहा है। पंडुम कैफ़े जैसे नवाचार आज सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक हैं।

    उन्होंने कहा कि बस्तर में तेजी से सुरक्षा कैंप खुलने और प्रशासन की पहुंच बढ़ने के साथ ही 400 से अधिक गाँव पुनः आबाद हो चुके हैं। नियद नेल्ला नार  योजना के माध्यम से इन क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएँ और शिक्षा जैसी बुनियादी सेवाएँ पहुँच रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा—“जहाँ कभी गोलीबारी की आवाज आती थी, आज वहाँ स्कूल की घंटियाँ बज रही हैं। कई गाँवों में वर्षों बाद ध्वजारोहण हुआ, चुनाव में लोग निर्भीक होकर भाग ले रहे हैं और राशन-कार्ड से लेकर मोबाइल नेटवर्क तक की सुविधाएँ अब सुगमता से उपलब्ध हो रही हैं।”

    मुख्यमंत्री  साय ने बस्तर को भविष्य के विकास का बड़ा केंद्र बताते हुए कहा कि कृषि, सिंचाई, वन-उत्पाद, पशुपालन और छोटे उद्योगों के लिए अभूतपूर्व संभावनाएँ बन रही हैं। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति (2024–30) में नक्सल-प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। वनोपज आधारित वैल्यू एडिशन, प्रसंस्करण और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देकर स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्थायी आय से जोड़ा जा रहा है।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने से बस्तर अब वैश्विक नक्शे पर तेजी से पहचान बना रहा है। कुटुमसर गुफा, झरने, अबूझमाड़ के जंगल और जनजातीय सांस्कृतिक धरोहर विश्व आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। होम-स्टे मॉडल तेजी से फल-फूल रहा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है।

    अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद उन्मूलन की यह ऐतिहासिक प्रगति राज्य के शहीद जवानों, सुरक्षा बलों के अथक परिश्रम और जनता के विश्वास की जीत है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री  अमित शाह के संकल्प के अनुरूप बस्तर नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास की मुख्यधारा में शामिल होगा।

  • रिसॉर्ट में खाना खाने से 4 कर्मचारियों की मौत, डॉक्टरों ने बताया फूड पॉइजनिंग, 5 लोगों को रेफर किया गया

    छतरपुर 
     मध्य प्रदेश के खजुराहो में एक बड़ा हादसा हुआ है। एक रिसॉर्ट में खाना खाने के बाद नौ कर्मचारियों की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद इलाज के लिए कर्मचारियों को ग्वालियर और झांसी भेजा गया है। वहीं, पांच कर्मचारियों को इलाज के लिए ग्वालियर भेजा गया है। बताया जा रहा है कि फूड पॉइजनिंग की वजह से यह हादसा हुआ है। हादसा तब हुआ है, जब पूरी सरकार खजुराहो में ही मौजूद है।

    गौतम रिसॉर्ट का है मामला
    छतरपुर के खजुराहो में स्थित गौतम रिसॉर्ट में सोमवार शाम को खाना खाने के बाद 9 कर्मचारियों की हालत गंभीर हो गई। सभी को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। दुखद बात यह है कि इलाज के दौरान 4 कर्मचारियों की जान चली गई। बाकी 5 कर्मचारियों को बेहतर इलाज के लिए छतरपुर से ग्वालियर के अस्पताल में रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।

    आलू-गोभी की सब्जी खाने के बाद बीमार हुए जानकारी के अनुसार, गौतम रिसॉर्ट में कर्मचारियों ने सोमवार शाम करीब 5 बजे रोज की तरह भोजन किया था, जिसमें आलू-गोभी की सब्जी शामिल थी। भोजन के कुछ ही मिनट बाद सभी की तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें उल्टी, चक्कर और घबराहट जैसे लक्षण महसूस हुए। इन्हें तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया।

    खाने के बाद उल्टी और चक्कर आने लगे
    यह घटना सोमवार शाम करीब 5 बजे हुई। रिसॉर्ट के कर्मचारी रोज की तरह ही खाना खा रहे थे। उनके भोजन में आलू-गोभी की सब्जी भी शामिल थी। खाना खाने के कुछ ही देर बाद कर्मचारियों को उल्टी, चक्कर और घबराहट जैसे लक्षण महसूस होने लगे। उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी।

    जिन कर्मचारियों की तबीयत बिगड़ी, उनमें हार्दिक सोनी (20), प्रागीलाल कुशवाहा (54), गोलू अग्निहोत्री (25), बिहारी लाल पटेल (60), रामस्वरूप कुशवाहा (47), रवि कौदर (19), दयाराम कुशवाहा (65), रोशनी रजक (30) और गिरजा रजक (35) शामिल हैं। ये सभी खजुराहो और आसपास के गांवों के रहने वाले थे।

    सभी कर्मचारियों को गंभीर हालत में छतरपुर जिला अस्पताल लाया गया। जिला अस्पताल के डॉक्टर रोशन द्विवेदी ने बताया कि सभी मरीज फूड पॉइजनिंग के लक्षणों के साथ आए थे। उन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया। लेकिन देर रात उनकी हालत और बिगड़ने लगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, जिला अस्पताल प्रशासन ने सभी 9 कर्मचारियों को झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर करने का फैसला किया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें झांसी भेजा।

    खाने के सैंपल जब्त किए
    घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और पुलिस महकमा हरकत में आ गया। पुलिस की टीम रिसॉर्ट पहुंची। उन्होंने रिसॉर्ट से खाने के नमूने जब्त किए। साथ ही, रिसॉर्ट के स्टाफ से पूछताछ भी शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने भी इस मामले में केस दर्ज कर लिया है। उन्होंने भोजन, पानी और किचन की साफ-सफाई से जुड़े सभी सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी का असली कारण पता चल पाएगा। प्रशासन ने रिसॉर्ट प्रबंधन को किचन की स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता को लेकर सख्त हिदायत दी है।

    पूरी सरकार है खजुराहो में मौजूद
    वहीं, यह हादसा ऐसे समय में हुआ है, जब पूरी मोहन सरकार खजुराहो में मौजूद है। सोमवार की सीएम मोहन यादव ने विभागों की समीक्षा बैठक की थी। मंगलवार को वहां कैबिनेट की बैठक है। इस बीच ऐसा हादसा हुआ है।

    गौरतलब है कि कलेक्टर ने इस मामले में तुरंत मृतक के परिवारों के लिए 20-20 हजार रुपए के मुआवजा की घोषणा की है।

  • बालोद में पहली बार राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का आयोजन, मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने जताई सफलता की उम्मीद

    रायपुर : समन्वित प्रयासों से बालोद में सफल होगा प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी- मंत्री श्री गजेन्द्र यादव

    स्कूली शिक्षा मंत्री ने संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक में दिए आवश्यक निर्देश 

    रायपुर

    स्कूली शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि सभी विभागों एवं अधिकारी-कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों से बालोद जिले में प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी 2026 का आयोजन सफलतापूर्वक किया जाएगा। मंत्री श्री यादव आज संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जंबूरी के सफल आयोजन हेतु आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग को स्पष्ट दायित्व सौंपे गए हैं और सभी अधिकारी पूर्णनिष्ठा के साथ अपने कार्यों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे।

     सभी विभागों को सौंपे गए दायित्व, तैयारियों की विस्तृत समीक्षा 

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के विशेष प्रयासों से बालोद जिले को यह राष्ट्रीय आयोजन मेजबानी का अवसर प्राप्त हुआ है, जो पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है। शिक्षा मंत्री श्री यादव ने सभी विभाग प्रमुखों से क्रमवार चर्चा कर की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा तैयारियों की समीक्षा भी की। बैठक में इन सभी व्यवस्थाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई और शेष कार्यों को समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

     जिला प्रशासन ने दिया सफल आयोजन का आश्वासन 

    बैठक के दौरान कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने मंत्री श्री यादव को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन की टीम अपने दायित्वों का सर्वाेत्तम निर्वहन करते हुए राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी 2026 का सफल और व्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित करेगी। समीक्षा बैठक में जंबूरी डायरेक्टर श्री अमर क्षेत्री, भारत स्काउट गाइड छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त श्री इंद्रजीत सिंह खालसा, डीपीआई डायरेक्टर श्री ऋतुराज रघुवंशी, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, जिला मुख्य आयुक्त श्री राकेश यादव, राज्य एथलेटिक्स संघ के उपाध्यक्ष श्री सौरभ लुनिया, तथा अन्य अनेक जनप्रतिनिधि व अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

  • रायपुर: उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने निर्माण कार्यों के जरिए विकास को गति देने की दी योजना

    रायपुर : निर्माण कार्यों से शिक्षा, बुनियादी ढांचा और सामुदायिक विकास को मिलेगी गति– उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा

    उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने नगर पंचायत पिपरिया को दी साढ़े 5 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों की सौगात

    उपमुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों का किया भूमिपूजन और लोकार्पण

    रायपुर

    उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने आज नगर पंचायत पिपरिया को विकास की नई दिशा देते हुए कुल साढ़े 5 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों की सौगात दी। पीएम स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल, पिपरिया परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने विधिपूर्वक पूजा-अर्चना कर विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। 

    उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्रों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करना हमारी प्राथमिकता है। शिक्षा, बुनियादी ढांचा और सामुदायिक विकास तीनों को गति देने के लिए ये कार्य मील का पत्थर साबित होंगे। इन परियोजनाओं के साथ पिपरिया में शिक्षा, सार्वजनिक सुविधाओं और नगरीय विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव की शुरुआत हो चुकी है। यह सौगात पिपरिया के आने वाले वर्षों को नई रफ्तार देने वाली साबित होगी। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, नगर पंचायत पिपरिया अध्यक्ष  घुरवाराम साहू जिला पंचायत सदस्य डॉक्टर वीरेंद्र साहू,  मुकेश अग्रवाल,  निर्मल द्विवेदी, पार्षद कमल कांत नाविक,  सोम पटेल सहित जनप्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि गणमान्य नागरिक और विद्यार्थी उपस्थित रहे। 

    पिपरिया में साढ़े 5 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन

    उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने पिपरिया में साढ़े 5 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। उन्होंने 1 करोड़ 60 लाख 92 हजार रूपए की लागत से पीएम  स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल, 14 लाख 83 हजार रुपए की लागत से सामुदायिक भवन, 10 लाख रुपए की लागत से जायसवाल सामुदायिक भवन, 3 करोड़ 31 लाख 90 हजार रुपए की लागत से विभिन्न स्थानों में चौरिया, घड़ी व अन्य चौक निर्माण – सौंदर्यीकरण, हाईमास्ट लाईट, आरसीसी नाली, सीसी रोड, बाउंड्री वाल, व्यायामशाला, सामुदायिक भवन एवं पाथवे निर्माण, 19 लाख रुपए की लागत से स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में रासायनिक, प्री-विज्ञान व भौतिक प्रयोगशाला और 20 लाख रुपए की लागत से नवीन खाद्य गोदाम निर्माण का भूमिपूजन किया। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि यह सभी परियोजनाएँ पिपरिया को आधुनिक शिक्षा, बेहतर बुनियादी सुविधाओं और सुदृढ़ नगरीय विकास की दिशा में नई गति देंगी।

    सरकार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए कर रही निरंतर कार्य

    उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि सरकार ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पिपरिया में साढ़े 5 करोड़ रुपए की बड़ी राशि से एक साथ  विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिपरिया अस्पताल का उन्नयन हो चुका है, वहीं सीएचसी निर्माण के लिए स्वीकृति जारी कर दी गई है। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार हेतु एंबुलेंस की सुविधा प्रदान की गई है तथा अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन की शुरुआत भी की गई है। उन्होंने बताया कि आईटीआई के लिए पौने 3 करोड़ रुपए और अनुसूचित जाति छात्रावास निर्माण के लिए 1.5 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं, जिससे युवाओं और विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा।

    पीएम  स्कूल उन्नयन के लिए 1.60 करोड़ रुपए का भूमिपूजन, प्रतिभा को मिलेगा आधुनिक शिक्षण मंच

    कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने पिपरिया स्थित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल के परिसर में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि पीएम  स्कूलों के उन्नयन के लिए 1 करोड़ 60 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं, जो प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने स्कूल में संचालित स्मार्ट क्लास की व्यवस्था और विद्यार्थियों से इसकी उपयोगिता की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कवर्धा विधानसभा के 50 स्कूलों में स्मार्ट क्लास स्थापित किए जा रहे हैं। इस अवसर पर उन्होंने थ्री-डी तकनीक के माध्यम से विज्ञान विषय को पढ़ाने के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों के बच्चे अत्यंत प्रतिभावान होते हैं और आज हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई सरकार बनने के बाद नगर विकास कार्यों को नई गति मिली है और पिपरिया में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से आने वाले वर्षों में व्यापक परिवर्तन देखने को मिलेगा।

    स्वास्थ सुविधा में हो रहा तेजी से विस्तार

    उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि कवर्धा को मेडिकल कॉलेज की एक बड़ी सौगात मिली और निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ होगा। मेडिकल कॉलेज में 50 सीटों हेतु तैयारी की जा रही है और 60 पदों की स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए पिपरिया एवं तरेगांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हेतु 52–52 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है। बच्चों के लिए 50-सीटर क्रिटिकल केयर अस्पताल, जिला अस्पताल की क्षमता 100 से बढ़ाकर 220 बिस्तर, तथा सीटी स्कैन सेवा प्रारंभ की गई है। बोडला में सोनोग्राफी सेवा आरंभ की गई है। पिपरिया सहित दो स्थानों पर एंबुलेंस की सुविधा भी प्रारंभ की गई है। नया बस स्टैंड एवं मेडिकल कॉलेज को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए घोटिया रोड सहित गौरव पथ के दोनों मार्गों का उन्नयन किया जा रहा है।

    जनसहभागिता से स्वच्छ और समृद्ध जिला का होगा  निर्माण

    उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य एवं युवा कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। भोरमदेव विद्यापीठ निःशुल्क कोचिंग सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। साढ़े 4 करोड़ रुपये की लागत से नालंदा परिसर का भूमिपूजन किया गया है। कवर्धा के प्राचीन बूढ़ा महादेव परिसर में कांवरिया श्रद्धालुओं हेतु सुविधाओं के निर्माण का कार्य किया जाएगा। भोरमदेव पर्यटन क्षेत्र के उन्नयन हेतु 146 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कवर्धा विधानसभा में विकास कार्यों की गति निरंतर तेज हो रही है। रायपुर–बिलासपुर–राजनांदगांव मार्ग को फोरलेन में विकसित करते हुए कवर्धा प्रवेश मार्ग को उच्च स्तरीय स्वरूप देने के लिए 54 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र के सभी हिस्सों में संतुलित एवं व्यापक विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। स्वच्छता के क्षेत्र में जनसहयोग आवश्यक है। प्रत्येक वार्ड और हर गली को स्वच्छ बनाने के लिए जनजागरण तथा सामुदायिक सहयोग अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और समयबद्ध रूप से पूर्ण किए जाएं।

  • नाबार्ड और म.प्र. क्षेत्रीय कार्यालय ने अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 पर सहकारिता सम्मेलन किया आयोजित

    अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025: नाबार्ड, म.प्र. क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा सहकारिता सम्मेलन का आयोजन

    मार्च 2026 तक सभी पैक्स को ई-पैक्स में परिवर्तित करेंगे- मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग

    भोपाल

    सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग के मुख्य आतिथ्य में सोमवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में नाबार्ड, मध्यप्रदेश क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा सहकारिता पर एक दिवसीय सम्मेलन का आयोजन हुआ। मंत्री श्री सारंग ने सहकारिता क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) को सम्मानित किया। सम्मेलन में सहकारिता आयुक्त श्री मनोज पुष्प, नाबार्ड मध्यप्रदेश की मुख्य महाप्रबंधक श्रीमती सी. सरस्वती, एमडी अपेक्स बैंक श्री मनोज गुप्ता, उप सचिव सहकारिता श्री मनोज सिन्हा सहित सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जिला सहकारी बैंक, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक एवं पैक्स समितियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

    ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है सहकारिता

    मंत्री श्री सारंग ने कहा कि सहकारिता भारतीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार स्तंभ है और किसानों की आर्थिक उन्नति के लिये यह सबसे प्रभावी माध्यम साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि सहकारिता केवल संस्थागत व्यवस्था नहीं, बल्कि यह सामूहिक प्रगति और साझी जिम्मेदारी की भावना पर आधारित एक व्यापक आर्थिक मॉडल है। राज्य सरकार सहकारिता तंत्र को अधिक मजबूत, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाने के लिये निरंतर कार्य कर रही है।

    पैक्स अब बनेंगी बहुउद्देशीय संस्थाएँ

    मंत्री श्री सारंग ने कहा कि बदलते कृषि परिवेश में पैक्स का दायरा तेजी से बढ़ा है। अब पैक्स केवल ऋण वितरण, खाद-बीज उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि वे बहुउद्देशीय सेवाएँ उपलब्ध कराने वाली ग्रामीण संस्थाएँ बन रही हैं। हमारा लक्ष्य है कि मार्च 2026 तक राज्य की सभी पैक्स को आधुनिक ‘ई-पैक्स’ के रूप में परिवर्तित कर डिजिटल संचालन से जोड़ें।

    सीपीपीपी मॉडल से आएंगे दूरगामी परिणाम

    मंत्री श्री सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने सहकारिता ढाँचे में सुधार के लिये सीपीपीपी (Cooperative–Private–Public Partnership) मॉडल की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि “यह मॉडल सहकारिता संस्थाओं को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाते हुए उन्हें आधुनिक तकनीक, प्रबंधन कौशल और पूँजी निवेश से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बनेगा। आने वाले वर्षों में इसके दूरगामी और सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।

    कोऑपरेटिव और कॉर्पोरेट:विकास के दो मजबूत पहिये

    मंत्री श्री सारंग ने कहा कि देश की आर्थिक प्रगति के लिये कॉर्पोरेट और कोऑपरेटिव दोनों ही आवश्यक हैं। दोनों मॉडल एक-दूसरे के पूरक हैं और राष्ट्र के विकास रथ के दो पहिये हैं। सरकार ऐसी नीतियों पर काम कर रही है जिससे सहकारिता संस्थाएँ आत्मनिर्भर, उत्पादक और आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें। उन्होंने बताया कि कमजोर जिला सहकारी बैंकों को वित्तीय रूप से मजबूत बनाने के लिये राज्य सरकार ने 2027 तक का विशेष लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके तहत पूँजी वृद्धि, प्रबंधन सुधार, कार्यप्रणाली का आधुनिकीकरण और ग्राहक सेवाओं में पारदर्शिता जैसे सभी आयामों पर कार्य किया जा रहा है।

    किसानों को समृद्ध बनाने के लिये पशुपालन व दुग्ध उत्पादन पर जोर

    मंत्री श्री सारंग ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिये कृषि के साथ पशुपालन और दुग्ध उत्पादन गतिविधियों को जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। सहकारिता के माध्यम से हम किसानों को मूल्यवर्धन, प्रोसेसिंग, मार्केट लिंक और बेहतर आय के अवसर उपलब्ध कराएँगे। यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करेगा।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भूमि संबंधी लंबित प्रकरणों के समाधान हेतु राजस्व अभियान की पुनः शुरुआत की घोषणा की

    भूमि संबधी लंबित प्रकरणों के लिए पुनः चलाया जाये राजस्व अभियान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    राजस्व अभिलेखों के डिजिटाइजेशन का कार्य शीघ्रता से करें पूर्ण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    राजस्व न्यायालय का कार्य प्रशंसनीय
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजस्व विभाग की समीक्षा कर दिए निर्देश

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों और आम नागरिकों के भूमि-संबंधी लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए राजस्व महाभियान पुनः चलाया जाए। इससे नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अभिलेखों में सुधार जैसे प्रकरणों का तेजी से और पारदर्शी तरीके से निराकरण किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को महाराजा कन्वेंशन सेंटर खजुराहो में राजस्व विभाग की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि 6 माह से अधिक लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण करें। इसके लिए प्राथमिकता से पीठासीन अधिकारियों से संपर्क करें। राजस्व अभिलेखों का डिजिटाइजेशन का कार्य शीघ्रता से पूर्ण किया जाए। नागरिकों को उनकी भूमि का त्वरित नक्शा और विवरणों की उपलब्धता आसान बनाए। इसके लिए वेबसाइट पर सुविधा उपलब्ध करायें। यह सुविधा अगले दो वर्ष में पूर्ण करें। वेबसाइट से प्राप्त दस्तावेजों को प्रामाणिक बनाए जिससे दस्तावेजों की डुप्लीकेसी रुकेगी। नवीन आवश्यक आबादी भूमि का चिन्हांकन करें। प्रदेश के नक्शाविहीन ग्रामों का नक्शा बनाएं। भू-अर्जन प्रकरणों के एंड-टू-एंड निराकरण को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया बनाए।

    राजस्व मंत्री  करण सिंह वर्मा ने बैठक में विभाग की दो वर्ष की उपलब्धियों और नवाचारों की जानकारी दी। साथ ही आगामी तीन वर्ष की कार्ययोजना बताई। मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव राजस्व  विवेक पोरवाल सहित सम्बंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

    राजस्व विभाग की दो वर्षों की उपलब्धियां

        राजस्व विभाग ने प्रकरणों के त्वरित समाधान के लिए वर्ष 2024–25 में तीन चरणों में राजस्व महाअभियान संचालित किया गया, जिसको एक करोड़ से अधिक प्रकरणों का निराकरण किया गया।

        मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बना जिसने 24 जिलों में राजस्व न्यायालयों के लिए समर्पित अधिकारियों की नियुक्ति कर त्वरित और नियमित न्यायिक कार्यवाही सुनिश्चित की।

        RCMS के माध्यम से पिछले दो वर्षों में 41.68 लाख प्रकरणों में से 94% से अधिक प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण किया गया।

        मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बना जिसने जियो-फेंस तकनीक का उपयोग कर त्रुटिहीन फसल गिरदावरी सुनिश्चित की और 3.80 करोड़ सर्वे नंबरों में फसल विवरण को फोटो सहित दर्ज किया।

        स्वामित्व योजना अंतर्गत प्रदेश में 94% कार्य संपन्न कर आबादी ग्रामों में 39.63 लाख अधिकार अभिलेख वितरित किए गए।

        प्रकरणों की सतत निगरानी के लिए 07 अप्रैल 2025 को 7-सीटर कॉल सेंटर स्थापित किया गया, जिससे 6 माह से लंबित प्रकरणों की संख्या 8963 से घटकर केवल 150 रह गई।

        भू-अर्जन प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए RCMS पोर्टल पर LAMS मॉड्यूल विकसित किया गया।

        राजस्व प्रशासन को मजबूत करने के लिए 1974 करोड़ की लागत से 438 कार्यालय भवनों की स्वीकृति दी गई, जिनमें से 324 का निर्माण पूर्ण हो चुका है।

        प्राकृतिक आपदाओं से निपटने एवं प्रभावितों को राहत उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2024–25 में 871 करोड़ 37 लाख का व्यय किया गया तथा 2025–26 में अब तक 2 हजार 68 करोड़ 99 लाख रुपये की राशि व्यय की गई।

        मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण के तहत 5281 पटवारी तथा 136 नायब तहसीलदारों की नियुक्ति की गई और 34,069 (100%) अधिकारियों-कर्मचारियों ने IGOT कर्मयोगी पोर्टल पर प्रशिक्षण प्राप्त किया।

        राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2024–25 में 1048 करोड़ रुपये से अधिक का संग्रह किया गया। वर्ष 2025-26 में निर्धारित लक्ष्य से अधिक का संग्रहण किया जाएगा।

            अभिनव प्रयोग एवं नवाचार

        साइबर तहसील लागू होने से नामांतरण प्रक्रिया पूरी तरह पेपरलेस, फेसलेस और क्षेत्राधिकार-मुक्त हो गई और औसत निपटान अवधि 50 दिनों से घटकर 22 दिन हो गई है। साइबर तहसील को प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार, नेशनल डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन अवार्ड 2025, DILRMP के घटकों को प्रदेश में लागू करने के लिए भूमि सम्मान, LAMS को Skoch Gold जैसे राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए।

        भूमि अभिलेखों के डिजिटाइजेशन का बड़ा अभियान प्रारम्भ किया गया है, जिसके अंतर्गत 15 करोड़ पुराने अभिलेखों को डिजिटल स्वरूप में परिवर्तित किया जा रहा है। यह कार्य सितंबर 2025 से 12 जिलों में शुरू हुआ है। अब तक 1.25 करोड़ पेज स्कैन हो चुके हैं। इससे कृषक स्वयं अपनी भूमि की सर्च रिपोर्ट ज्ञात कर सकेंगे।

        प्रदेश में भू-अभिलेख पोर्टल का नया वर्जन 2.0 दिनांक 1 अगस्त 2025 से शुरू हो गया है। नागरिक अपने मोबाइल पर अपनी भूमि का पूरा रिकॉर्ड देख सकते हैं। मोबाइल ऐप द्वारा भू-अभिलेखों की प्रमाणित प्रतिलिपि प्राप्त की जा सकती है।

            आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना

        डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम DPDP Act के अनुरूप विभागीय पोर्टल का आधुनिकीकरण किया जाएगा।

        नक्शाविहीन ग्रामों के नक्शे बनाने तथा भू-अर्जन प्रक्रियाओं को एंड-टू-एंड ऑनलाइन किया जाएगा।

        नवीन आवश्यक आबादी भूमियों का चिन्हांकन किया जाएगा।

        विश्वास आधारित डायवर्ज़न प्रक्रिया लागू करने की योजना है।

     

  • मध्यप्रदेश के बीड़ी श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रोजगार योजनाओं की शुरुआत का किया प्रस्ताव

    मध्यप्रदेश के बीड़ी श्रमिकों को मुख्यधारा के रोजगार से जोड़ा जाय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री ने की औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग की समीक्षा

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के बीड़ी श्रमिकों को रोजगार की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए वन विभाग से समन्वय कर समुचित समाधान निकालने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के तेंदूपत्ता से पश्चिम बंगाल में बीड़ी उद्योग फल-फूल रहा है और स्थानीय लोगों को रोजगार मिल रहा है। राज्य के तेंदूपत्ता संग्राहकों और बीड़ी बनाकर आजीविका चलाने वाले हजारों परिवारों को रोजगार की मुख्य धारा से जोड़ा जायेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तेंदूपत्ता मध्यप्रदेश की संपत्ति है। इससे मिलने वाला रोजगार यहीं के लोगों को मिलना चाहिए। बीड़ी श्रमिकों को फिर से रोजगार की मुख्य धारा से जोड़ना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को खजुराहो में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिये।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीड़ी बनाने वाले परिवारों को लगातार और बेहतर काम उपलब्ध कराया जाएगा। महिलाओं के रोजगार और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं में सुधार किया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि तेंदूपत्ता आधारित बीड़ी उद्योग से जुड़ा हर परिवार सम्मानजनक और स्थायी आय प्राप्त करे। राज्य की वन उपज का लाभ अब सीधे हमारे ही श्रमिकों को मिले।

    मुख्यमंत्री के नेतृत्व में यह पहल उन सभी परिवारों के जीवन में फिर से उजाला लाने की दिशा में एक ठोस कदम होगा, जो वर्षों से तेंदूपत्ता और बीड़ी निर्माण से जुड़े रहकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में योगदान देते आए हैं।

    औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग की उपलब्धियाँ

        निवेश आकर्षण में सफलता, जीआईएस और आरआईसी के माध्यम से 12.70 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव।

        पिछले दो वर्षों में 327 एमएसएमई और बृहद इकाइयों में उत्पादन प्रारम्भ, 40,516 रोजगार सृजित।

        उद्योगों को 4,977 करोड़ रुपये की सहायता और सुविधाएँ वितरित।

        BRAP 2024 में चार श्रेणियों में सम्मान, ईज ऑफ डूईंग बिजनेस में शीर्ष प्रदर्शन।

        108 अपराध मुक्त अनुपालनों से न्यायालय का भार कम, 2700 से अधिक अनुपालन सरल या कम किए गए।

    निवेश उपलब्धियाँ

        2.48 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को भूमि आवंटन, 2.85 लाख रोजगार संभावित।

        229 इकाइयों में निर्माण प्रारम्भ, 81,206 रोजगार संभावित।

        साधिकार समिति द्वारा 105 प्रकरणों का त्वरित समाधान।

        18,685 करोड़ रुपये के 43 प्रोजेक्ट्स को कस्टमाइज्ड पैकेज स्वीकृत, 21,835 रोजगार संभावित।

    औद्योगिक अधोसंरचना विकास

        26 नए औद्योगिक पार्क और क्लस्टर (4000 हेक्टेयर) स्वीकृत।

        पीएम मित्रा पार्क के लिए 873 हेक्टेयर स्वीकृत।

        Mohasa Babai RE Park: प्रथम चरण 884 एकड़ और द्वितीय चरण 750 एकड़।

        33 औद्योगिक क्षेत्रों में उन्नयन के लिए 536 करोड़ रुपये स्वीकृत।

        4 वर्किंग वुमन हॉस्टल, 5772 बेड क्षमता स्वीकृत।

    निवेश प्रोत्साहन एवं राज्य छवि निर्माण

        जीआईएस 2025 का सफल आयोजन, प्रदेश का सबसे बड़ा निवेश शिखर सम्मेलन।

        72 राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय निवेश कार्यक्रम आयोजित।

        8 क्षेत्रीय और 15 राष्ट्रीय संवाद-सत्र आयोजित

    नीति एवं आईटी आधारित सुधार

        उद्योग, लॉजिस्टिक्स और निर्यात की 3 नई नीतियाँ लागू।

        इंवेस्ट पोर्टल के माध्यम से इंवेस्टर लाइफ साइकल सर्पोट।

        Faceless No Query Incentive प्रणाली लागू।

        GIS आधारित ऑनलाइन भूमि आवंटन और Know Your Approvals सुविधा।

    संस्थागत उपलब्धियाँ

        5 नए क्षेत्रीय कार्यालय और कोयंबटूर (तमिलनाडु) में व्यापार विस्तार कार्यालय।

        हर जिला कलेक्टर कार्यालय में निवेश केंद्र स्थापित।

        महिलाओं के लिए नाइट शिफ्ट में कार्य की अनुमति।

    औद्योगिक एवं निर्यात संवर्धन की दिशा में व्यापक कार्ययोजना

        प्रमुख सचिव  राघवेंद्र सिंह ने बताया कि राज्य को वैश्विक निवेश गंतव्य बनाने के लक्ष्य के साथ औद्योगिक एवं निर्यात संवर्धन की दिशा में व्यापक कार्ययोजना लागू की जा रही है।

        वर्ष 2028-29 तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 25.3 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने और निर्यात को एक लाख करोड़ रुपये तक पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

        व्यापार सुगमता के लिए आधुनिक, कम लागत एवं सुदृढ़ लॉजिस्टिक्स नेटवर्क विकसित किया जा रहा है।

        प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी भाग में इनलैंड कंटेनर डिपो विकसित किए जा रहे हैं, जिससे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।

        लॉजिस्टिक्स अधोसंरचना विकास में निजी डेवलपर्स को प्रोत्साहन दिया जा रहा है और राज्य लॉजिस्टिक्स प्लान तैयार किया जा रहा है।

        अमेरिका, जापान और यूके जैसे लक्षित बाजारों से एफडीआई आकर्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे प्रदेश को औद्योगिक और निर्यात के क्षेत्र में अग्रणी स्थान प्राप्त हो।

     

  • पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी की जयंती पर डॉ. यादव ने दो लाख करोड़ के कार्यों के भूमि-पूजन और लोकार्पण का किया ऐलान

    पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी की जन्म शताब्दी पर प्रदेश में दो लाख करोड़ के कार्यों का करेंगे भूमि-पूजन और लोकार्पण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    वर्ष 2026 कृषि आधारित क्षेत्रों के उत्थान के लिए समर्पित
    भोपाल को मिलेगी मेट्रो की सौगात

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बुन्देलखंड में केन-बेतवा नदी जोड़ो अभियान के माध्यम से बुन्देलखंड में सिंचाई, उद्योग, पेयजल के लिए जो जल की कमी थी उसे पूरा किया जाएगा। नदी जोड़ो अभियान के लिए केन्द्र सरकार द्वारा 90 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। नदी जोड़ो अभियान के माध्यम से सिंचाई, उद्योग के लिए पर्याप्त जलराशि का प्रबंध किया जाएगा। नदी जोड़ो अभियान की प्रगति में मध्यप्रदेश सबसे अग्रणी राज्य है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को खजुराहो के कन्वेंशन सेंटर में विभागीय समीक्षा बैठक के बाद प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बुन्देलखंड समेत समूचे मध्यप्रदेश में पर्यटन को बढ़ाने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। छतरपुर में ओबेरॉय होटल का शुभारंभ इसी की एक कड़ी है। उन्होंने कहा कि बुन्देलखंड में पर्यटन के साथ-साथ खनन एवं मेडिकल के क्षेत्र में विकास के लिये अनेक कार्य किये जा रहे है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार के माध्यम से बुन्देलखंड का विकास एवं उत्थान के लिये कार्ययोजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि बुन्देलखंड कैसे आगे बढ़े इस पर लगातार सरकार द्वारा कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बुन्देलखंड में उद्योग और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि बुन्देलखंड में शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों के विकास एवं उत्थान के लिए सरकार कटिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुन्देलखंड शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सागर में रानी अवंतिबाई महाविद्यालय का निर्माण, छत्रसाल विश्वविद्यालय के लिए धनराशि का आवंटन, पीएम एक्सीलेंस कॉलेजों की स्थापना की गई है। इसी के साथ बुन्देलखंड अंचल में मेडिकल कॉलेज की भी स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि तकनीकी रूप से दक्ष प्रत्येक विद्यार्थी को रोजगार मिले, इस दिशा में सरकार लगातार कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार और जनता के बीच दूरी कम करने के लिए अब अलग-अलग क्षेत्रों के विकास के लिए उन्हीं क्षेत्रों में कैबिनेट मीटिंग आयोजित की जाएगी। खजुराहो में आयोजित कैबिनेट बैठक इसी दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विभागीय समीक्षा में विगत दो वर्षों के कार्यों की समीक्षा और आने वाले तीन साल के लक्ष्य तय करने का निर्णय किया गया है। उन्होंने कहा कि इसी माह की 21 तारीख को भोपाल नगर को मेट्रो की सौगात दी जाएगी। भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी के अवसर पर सरकार द्वारा लगभग दो लाख करोड़ के अलग-अलग कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2026 कृषि के संबंधित विभिन्न क्षेत्रों के विकास एवं उनके उत्थान के लिए समर्पित होगा। कृषि से आय के साधन बढ़ानेकृषि आधारित उद्योगों की स्थापना, खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना समेत सभी कृषिगत औद्योगिक गतिविधियों से कृषि क्षेत्र के विकास के लिए सतत कार्य वर्षभर किये जाएंगे।

     

  • डॉ. यादव ने नगरीय विकास कार्यों को उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने का दिया निर्देश

    नगरीय विकास के प्रत्येक कार्य को उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की नगरीय विकास एवं आवास विभाग की समीक्षा
    दो वर्ष की उपलब्धियों और नवाचारों पर हुआ प्रेजेंटेशन
    आगामी कार्य योजना संबंधी दिए निर्देश

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा की नगरीय निकायों की जिम्मेदारी है कि वे अधोसंरचना विकास के प्रत्येक कार्य को उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करें। केवल काम की संख्या नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता और स्थायित्व से अपनी पहचान बनायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरीय विकास और ग्रामीण विकास विभाग को आपसी समन्वय से “अर्बन–रूरल क्लस्टर” की अवधारणा पर काम करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव  खजुराहो स्थित कन्वेंशन सेंटर में नगरीय विकास एवं आवास विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय, राज्यमंत्री मती प्रतिमा बागरी, मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव  संजय दुबे सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

    दो वर्षों की प्रमुख उपलब्धियाँ

        प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में 9.46 लाख आवास स्वीकृत, 8.77 लाख पूर्ण, दो वर्षों में 1.64 लाख पक्के घर तैयार, 2.65 लाख हितग्राहियों को ₹1,749.17 करोड़ DBT, 96,903 गृहप्रवेश और PMAY 2.0 में 50,143 नए आवास स्वीकृत हुए।

        अमृत मिशन 1.0 में 32 शहरों में ₹4,921 करोड़ से 204 जल-सीवर परियोजनाएँ पूर्ण, 5.06 लाख सीवरेज और 6.87 लाख नल कनेक्शन दिए गए। अमृत 2.0 में 413 शहरों में 321 कार्य पूर्ण, 732 जारी और सभी की रियल-टाइम मॉनिटरिंग ‘अमृत रेखा’ ऐप से हो रही है।

        स्वच्छ भारत मिशन में 110 में से 54 नगरीय निकायों में 21.50 लाख टन लीगेसी वेस्ट का निपटान, 14 निकायों को राष्ट्रीय सम्मान, इंदौर प्रथम और जबलपुर द्वितीय रहे, 202 स्टार रेटिंग, 24 Water Plus, 338 ODF++ और 64,000 सफाई मित्रों को योजनाओं का लाभ प्राप्त हुआ।

        SASCI 2025–26 में मध्यप्रदेश ने ₹1306 करोड़ का देश का सबसे बड़ा दावा प्रस्तुत किया।

        राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में राज्य को PRAISE और SPARK Award में प्रथम स्थान, दीनदयाल रसोई में 2.66 करोड़ भोजन वितरण, 117 आश्रय स्थलों में 2.44 लाख लोगों को आसरा, 4,111 हितग्राहियों को ₹54.8 करोड़ ऋण, 10,128 SHG निर्माण, 2.90 लाख स्ट्रीट वेंडर्स को ₹1122.11 करोड़ ऋण और 5.55 लाख वेंडर्स को ₹32.35 करोड़ कैशबैक मिला।

        NCAP में इंदौर व जबलपुर क्रमशः प्रथम और द्वितीय, ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में 71.84 लाख पौधारोपण, CITIIS 2.0 में उज्जैन और जबलपुर चयनित तथा ₹31.35 करोड़ प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ।

        ई-गवर्नेंस में ‘गरुड़ पोर्टल’ से 413 निकायों के GIS बेस मैप, 305 में संपत्ति सर्वे पूरा होकर 147% राजस्व वृद्धि, ALPASS में 12,896 प्रकरण निपटान, ABPAS में 24,209 प्रकरण स्वीकृत, ऑनलाइन सेवाओं से ₹482 करोड़ राजस्व और CM हेल्पलाइन में 6.24 लाख में से 5.85 लाख शिकायतें (93.66%) निराकृत हुईं।

        मिशन कर्मयोगी में 63,195 कर्मचारी पंजीकृत, 1.24 लाख ऑनलाइन कोर्स पूरे, 371 जनप्रतिनिधि व 4,236 अधिकारी प्रशिक्षण प्राप्त, AeBAS में 1.50 लाख कर्मचारी जोड़े गए तथा ‘गीता भवन योजना’ हेतु ₹100 करोड़ प्रावधान हुआ।

        गृह निर्माण मंडल ने 1954 भवन, 1296 भूखंड विकसित किए, 170.80 एकड़ भूमि आवंटित हुई, 6 रीडेंसिफिकेशन परियोजनाएँ पूर्ण हुईं, DigiLocker पर दस्तावेज उपलब्ध कराए गए और MPOnline से ₹531.10 करोड़ की संपत्तियाँ बेची गईं।

        विभागीय नवाचार

        आत्मनिर्भर निकाय कार्यक्रम में उच्च-दाब कनेक्शनों में डिमांड कम कर ₹6.4 करोड़ वार्षिक बचत, पावर फैक्टर सुधार से पेनल्टी बचाव, 275 अनावश्यक कनेक्शन हटाकर ₹60 लाख प्रतिमाह बचत और आगे ₹29 करोड़ अतिरिक्त बचत का लक्ष्य; फ्लीट मैनेजमेंट पोर्टल से वाहनों की ईंधन मॉनिटरिंग शुरू।

        अधोसंरचना सुधारों में 18 मीटर मास्टर प्लान सड़कों पर यूटिलिटी डक्ट अनिवार्य, 30% से अधिक रोड रेस्टोरेशन पर 5% अतिरिक्त परफॉर्मेंस गारंटी, ‘अर्बन क्वालिटी कंट्रोल सेल’ और मोबाइल टेस्टिंग लैब स्थापित, फ्लेक्सिबल ज़ोनिंग और डिजिटल लैंड यूज परिवर्तन लागू, 50 वर्ष आयु वाली सड़कों के निर्माण का प्रारंभ और BRSR को सभी कार्यों में लागू करने की तैयारी।

        तीन वर्षों की कार्ययोजना

        PMAY 2.0 में 6 लाख नए आवास स्वीकृति का लक्ष्य, ARH–AHP मॉडल को बढ़ावा और बड़े नगर निगमों में भूमि उपयोग हेतु विशेष रणनीति लागू होगी।

        अमृत 2.0 में 2025–27 के दौरान ₹1440 करोड़ की जल परियोजनाएँ, 9.99 लाख नल कनेक्शन, 7.90 लाख सीवर कनेक्शन, 420 जल संरचना जीर्णोद्धार, 389 पार्क विकास और SCADA से जल आपूर्ति की रियल-टाइम मॉनिटरिंग होगी।

        पीएम स्वनिधि में 6,71,332 नए ऋण प्रकरण, 289 नए दीनदयाल रसोई केंद्र और 128 आश्रय स्थलों के संचालन-संधारण का प्रावधान होगा।

        स्वच्छ भारत मिशन 2.0 में 8 बायो-CNG संयंत्र, 36 लाख मीट्रिक टन लीगेसी वेस्ट निपटान, 44 सेनेटरी लैंडफिल, 339 MRF/कम्पोस्ट यूनिट, 3 C&D प्लांट और 353 छोटे शहरों में 386 STP बनाए जाएंगे।

        मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना योजना के चरण-4 में ₹1586 करोड़ के कार्य पूरे होंगे, चरण-5 में ₹5000 करोड़ से मास्टर प्लान सड़कों का विकास, मार्च 2026 तक 472 ई-बसें संचालन में आएँगी, बस डिपो-चार्जिंग सुविधा विकसित होगी, नमामि गंगे के नए STP और शहरों में फ्लाईओवर-पार्किंग विस्तार होंगे।

        संस्थागत सुधारों में एकीकृत नगरपालिका अधिनियम एक वर्ष में अधिसूचित होगा, सभी संवर्गों का पुनर्गठन अप्रैल 2026 तक, धारा 86 में नगरीय राजस्व सेवा गठित होगी, आत्मनिर्भर निकाय प्रोत्साहन हेतु ₹100 करोड़ और MPUDC में EV, IT, एसेट मैनेजमेंट व ग्रीन विभाग स्थापित होंगे।

        MPUDC बिरसिंहपुर में ₹1750 करोड़ लागत वाला 250 MW फ्लोटिंग सोलर प्लांट PPP मॉडल से स्थापित करेगा।

        इंदौर मेट्रो का 6 किमी कॉरिडोर मई 2025 से और भोपाल मेट्रो का 7 किमी कॉरिडोर दिसंबर 2025 से चलेगा; पूरे रूट क्रमशः 2028 तक पूर्ण होंगे और LAP/TOD/VCF से दोनों शहरों में बड़ी राजस्व संभावनाएँ बनेंगी।

        T&CP विभाग 38 शहरों के GIS मास्टर प्लान तैयार करेगा, महानगर क्षेत्र कानून लागू करेगा, TDR पोर्टल विस्तार, TOD नीति लागू होगी और सिंहस्थ 2028 के लिए एकीकृत मास्टर प्लान आधारित विकास होगा।

  • प्रदेश का हर युवा कुशल बने, ग्रामीण युवाओं को बनाये आत्मनिर्भर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    इंडस्ट्री के मांग की अनुसार आधुनिक ट्रेड्स में युवाओं को दिया जाए प्रशिक्षण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रशिक्षण के साथ प्लेसमेंट भी सुनिश्चित करें
    प्रदेश का हर युवा कुशल बने, ग्रामीण युवाओं को बनाये आत्मनिर्भर
    मुख्यमंत्री ने खजुराहो में की तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार विभाग की समीक्षा

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार को उद्योग की आवश्यकता से सीधे जोड़कर युवाओं को रोजगार के अधिकतम अवसर उपलब्ध करायें। उन्होंने निर्देश दिए कि युवाओं को उन्हीं ट्रेड्स में प्रशिक्षण दिया जाए, जिनकी इंडस्ट्री में मांग है और प्रशिक्षण के दौरान मिलने वाला मानदेय सीधे उनके बैंक खातों में पारदर्शी तरीके से पहुँचे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसी संस्थागत व्यवस्था विकसित की जाए जो युवाओं को प्रशिक्षण के साथ ही प्लेसमेंट भी सुनिश्चित कराए। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खजुराहो में तकनीकी शिक्षा ,कौशल विकास और रोजगार विभाग की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों की मांग के अनुरूप समीपस्थ आईटीआई में आवश्यक ट्रेड्स प्रारंभ हों जिससे युवा अपने ही क्षेत्र में कुशल बनकर रोजगार प्राप्त कर सकें। कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों के ट्रेड्स जैसे कृषि यंत्र मरम्मत, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी तथा मत्स्य पालन को भी आईटीआई में प्राथमिकता से प्रारंभ कर ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर बल दिया जाए। पीएम सूर्य घर योजना के तहत अधिक से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया जाए। साथ ही सोलर सिस्टम के मैनेजमेंट के लिए भी प्रशिक्षण दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश का हर युवा कुशल बने, रोजगार पाए और मध्यप्रदेश आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़े। सरकार इसके लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है।

    उपलब्धियों की जानकारी

    तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार प्रमुख  मनीष सिंह ने दो वर्षों की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आईटीआई में अब तक का सर्वाधिक प्रवेश दर्ज हुआ है। शासकीय आईटीआई में 94.55% (49,402) और प्राइवेट आईटीआई में 74.65% (45,559) युवाओं ने प्रवेश लिया है। प्रदेश के 10 प्रशिक्षणार्थी राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रधानमंत्री द्वारा सम्मानित हुए। विश्व कौशल प्रतियोगिता 2024 में राष्ट्रीय स्तर पर 1 गोल्ड, 2 सिल्वर, 4 ब्रॉन्ज और 11 मेडेलियन ऑफ एक्सीलेंस तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर (फ्रांस) पर 1 मेडेलियन ऑफ एक्सीलेंस प्राप्त हुआ। तीन प्रशिक्षण अधिकारियों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार मिला। साथ ही 113 प्रशिक्षणार्थियों को अंतर्राष्ट्रीय रोजगार के अवसर प्राप्त हुए। राष्ट्रीय ग्रेडिंग में प्रदेश 5वें स्थान पर रहा और 47 आईटीआई को 9+ स्कोर मिला।

    कौशल आधारित प्रशिक्षणों में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। फ्यूचर स्किल कोर्स में 87.23% प्रवेश (2233 प्रशिक्षणार्थी), 8वीं आधारित ट्रेड्स में 87% प्रवेश और दिव्यांगजन प्रवेश 490 रहा। "संकल्प" के अंतर्गत 2340 प्रशिक्षु प्रशिक्षित हुए, 5G टेक्नोलॉजी में 400 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया। IIT जोधपुर द्वारा 612 विद्यार्थियों को साइबर सिक्योरिटी प्रशिक्षण, "यू.एन वीमेन" के सहयोग से 2127 बालिकाओं को एसटीईएम एवं सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण और 220 बालिकाओं को प्लेसमेंट मिला। UNFPA द्वारा “जीवन तरंग” में प्रति वर्ष 18,000 युवाओं को जीवन कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

    CSR सहयोग के अंतर्गत उद्योगों द्वारा आधुनिक प्रयोगशालाओं की स्थापना की गई है। मारुति सुजुकी द्वारा भोपाल व जबलपुर में 5 करोड़ रूपये की लैब, 9 आईटीआई में एआई डेटा लैब, एनटीपीसी द्वारा आईटीआई बड़वाह, सीमेन्स द्वारा उज्जैन में 60 लाख रूपये की मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी लैब और जेकर फाउंडेशन व – ट्रस्ट द्वारा विभिन्न आईटीआई में लैब स्थापित की गई हैं।

    मुख्यमंत्री सीखो–कमाओ योजना में 27,257 अभ्यर्थी संलग्न, 17,783 प्रशिक्षण पूर्ण और 5314 महिलाएँ लाभान्वित हुईं। NAPS में 55,311 अभ्यर्थी संलग्न, 29,866 प्रशिक्षण पूर्ण हुआ। पीएम विश्वकर्मा में 4,577 प्रशिक्षित हुए। पीएमकेवीवाय 4.0 के अंतर्गत 40 आईटीआई में जनवरी 2026 से प्रशिक्षण प्रारंभ करने की तैयारी है। युवा संगम के माध्यम से प्रत्येक जिले में रोजगार और स्वरोजगार अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

    PM SETU के अंतर्गत मध्यप्रदेश में 10 हब + 40 स्पोक आईटीआई के लिए 240 करोड़ रूपये स्वीकृत हुए। मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत 3282 कर्मचारियों द्वारा 42,030 कोर्स पूर्ण हुए। ग्लोबल स्किल पार्क भोपाल में 2 हजार से अधिक प्रशिक्षित और 29 युवाओं को अंतरराष्ट्रीय नियुक्तियाँ मिली हैं।

    तकनीकी शिक्षा विभाग की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि डिप्लोमा पाठ्यक्रम को 12वीं के समकक्ष मान्यता मिलने से प्रवेश में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पॉलिटेक्निक कॉलेजों में 21.38% प्रवेश वृद्धि दर्ज की गई। आरजीपीवी भोपाल में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय परिसर की स्थापना जारी है। मुख्यमंत्री मेधावी छात्र योजना में सत्र 2024–25 में 78,218 से अधिक विद्यार्थियों को 750 करोड़ रूपये वितरित किए गए। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 में 5500 युवाओं को प्रशिक्षण और 70% प्लेसमेंट सफलता रही। एमएसएमई की आरएएमपी स्कीम में 9 इनक्यूबेशन सेंटर चयनित हुए और “SRIJAN” में 34 प्रोजेक्ट स्टार्टअप के रूप में विकसित हुए।

    आगामी कार्ययोजना

    शिक्षण गुणवत्ता सुधार के अंतर्गत एआईसीटीई मानकों के अनुरूप अधोसंरचना विकास, विशेषज्ञ व्याख्यान, उद्योग–संवाद कार्यक्रम तथा रोजगार क्षमता प्रशिक्षण को और अधिक बढ़ावा दिया जाएगा। आने वाले तीन वर्षों में इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में रिक्त पदों की प्राथमिकता से पूर्ति, नए टेक आधारित कार्यक्रम, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने और 40% कार्यक्रमों को NBA मान्यता दिलाने का लक्ष्य तय किया गया है।

     

  • मुख्यमंत्री, लाड़ली बहनों के खातों में अंतरित करेंगे 1857 करोड़ रुपये

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को खजुराहो में होगी मंत्रि-परिषद की बैठक

    महाराजा छत्रसाल और सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा का होगा अनावरण
    राजनगर में होगा महिला सम्मेलन

    मुख्यमंत्री, लाड़ली बहनों के खातों में अंतरित करेंगे 1857 करोड़ रुपये

    खजुराहो 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने पूरे मंत्री-मंडल के साथ दो दिवसीय खजुराहो प्रवास पर हैं। प्रवास के दूसरे दिन मंगलवार को कन्वेंशन सेंटर खजुराहो में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक होगी। मुख्यमंत्री महाराजा कन्वेंशन सेंटर में महाराजा छत्रसाल और सरदार वल्लाभाई पटेल की प्रतिमा का अनावरण भी करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव छतरपुर जिले के विधानसभा क्षेत्र राजनगर के सती की मढ़िया में आयोजित महिला सम्मेलन में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सम्मेलन में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में प्रदेश की एक करोड़ 26 लाख से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में लगभग 1857 करोड़ 62 लाख रुपये अंतरित करेंगे। साथ ही विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी करेंगे।

    मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना

    योजना के उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, परिवार में उनके निर्णय अधिकार को मजबूत करना तथा स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सतत सुधार सुनिश्चित करना है। इस योजना में मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी विवाहित महिलाओं के साथ ही निर्धन, विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता महिलाएं भी शामिल हैं। आवेदन वर्ष के आधार पर 1 जनवरी की स्थिति में 21 से 59 वर्ष तक की आयु की महिलाएं पात्रता के दायरे में आती हैं।

    योजना की शुरुआत में एक हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती थी, जिसे अक्टूबर 2023 में बढ़ाकर 1,250 रुपये किया गया। इसके बाद नवंबर 2025 से राशि में पुनः 250 रुपये की वृद्धि लागू की गई। वर्तमान में सामान्य हितग्राही महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाओं को 900 रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जा रही है। इसके अतिरिक्त अगस्त 2023, अगस्त 2024 और अगस्त 2025 में तीन बार 250 रुपये की विशेष सहायता राशि भी बहनों को प्रदान की जा चुकी है।

    योजना प्रारंभ जून 2023 से नवंबर 2025 तक योजना की 30 किस्तों का नियमित अंतरण किया जा चुका है और दिसंबर 2025 में 31वीं किस्त का भुगतान किया जा रहा है। यह सभी भुगतान डीबीटी के माध्यम से आधार-सक्रिय बैंक खातों में किए जाएंगे, जिससे लाभार्थियों को राशि सीधे और सुरक्षित प्राप्त हो सके।

     

  • स्थानीय जनजातीय नायकों के बलिदान के लिये होंगे स्थानीय आयोजन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    चार जिलों में बनेंगे विशेष जनजातीय सांस्कृतिक केंद्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    छात्रावास होंगे आधुनिक, विदेश अध्ययन के लिए मेरिट बनेगी आधार
    स्थानीय जनजातीय नायकों के बलिदान के लिये होंगे स्थानीय आयोजन
    मुख्यमंत्री ने खजुराहो में की अनुसूचित जाति कल्याण और जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार और सांस्कृतिक संरक्षण प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव खजुराहो के महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर में अनुसूचित जाति कल्याण और जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा कर रहे थे। अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छात्रों के हित के लिए छात्रावासों में नवीन तकनीक का उपयोग कर उन्हें आधुनिक बनाया जाए। निर्माणाधीन छात्रावास भवनों का कार्य शीघ्रता से पूर्ण करें। उच्च शिक्षा एवं स्वरोजगार योजनाओं के तहत युवाओं को ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को त्वरित और सरल बनाने के निर्देश भी दिए गए।

    चार जिलों में बनेंगे जनजातीय सांस्कृतिक केंद्र

    जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की समृद्ध जनजातीय विरासत को सहेजने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि विशेष पिछड़ी जनजातियों की संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए संबंधित क्षेत्रों में 'जनजातीय सांस्कृतिक केंद्र' स्थापित किए जाएं। इसके अंतर्गत मंडला में बैगा जनजाति, छिंदवाड़ा में भारिया जनजाति, श्योपुर में सहरिया जनजाति और धार में भील जनजाति के लिए सांस्कृतिक केंद्र बनाए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में 'पीएम जनमन योजना' और 'धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान' को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि इन योजनाओं से न केवल मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, बल्कि 'आदि कर्मयोगी अभियान' में समाज में प्रतिबद्ध नेतृत्व भी तैयार किए जाएं, जिससे जनजातीय समाज का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय पूजा स्थलों (देव स्थानों) का उन्नयन करने और स्थानीय जनजातीय नायकों के बलिदान का स्मरण करने के लिए स्थानीय स्तर पर भव्य आयोजन करने के भी निर्देश दिए।

    जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान,मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति कल्याण श्री ई रमेश कुमार, प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य श्री गुलशन बामरा उपस्थित थे।

    अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की दो वर्षों की उपलब्धियां

        अनुसूचित जाति विभाग द्वारा पिछले दो वर्षों में छात्रावासों की सीट क्षमता का अधिकतम उपयोग किया गया है और वर्तमान में लगभग 90 प्रतिशत से अधिक सीटें भरी जा रही हैं।

        विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना के तहत वर्ष 2025–26 में 31 नए विद्यार्थियों का चयन किया गया है। 24 विद्यार्थी पहले से अध्ययनरत हैं।

        सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को UPSC एवं MPPSC की तैयारी के लिए आर्थिक सहायता और आवास सुविधा प्रदान की जा रही है। वर्ष 2024–25 में कुल 271 विद्यार्थियों ने विभिन्न स्तरों पर सफलता प्राप्त की है।

        राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं जैसे IIT, IIM, NIT, NLIU, IIIT आदि में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को विभाग द्वारा नियमित रूप से छात्रवृत्ति प्रदान की गई है।वर्ष 2023-24 में 1736 और वर्ष 2024–25 में 1819 विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं।

        अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना को ऑनलाइन किया गया है। अब आवेदन और भुगतान की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और समयबद्ध हो गई है।

        ज्ञानोदय विद्यालयों में 10 विद्यालय वर्तमान में संचालित हैं। इनमें छात्र-छात्राओं को आवासीय सुविधा प्रदान की जा रही है।

        संत रविदास स्व-रोजगार योजना एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर आर्थिक कल्याण योजना से युवाओं को ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।

        पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के सभी लंबित प्रकरणों का भुगतान लगभग पूरी तरह कर दिया गया है, जिससे विद्यार्थियों को समय पर आर्थिक सहायता मिल रही है।

        छात्रावास भवन निर्माण में तेजी आई है।कुल 63 में से 33 भवन पूर्ण हो चुके हैं तथा 30 भवन निर्माणाधीन हैं।

        प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण में 150 में से 117 भवन पूरे हो चुके हैं।

    अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के नवाचार

        POA Act के मामलों का डिजिटल निराकरण

        POA Act 1989 के पीड़ितों को त्वरित राहत देने के लिए पूरी तरह ऑनलाइन, पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्था शुरू की गई ।

        MPTAASC पोर्टल (अ.जा.क. विभाग) + CCTNS पोर्टल (पुलिस विभाग) का एकीकरण किया गया।

    अंतरजातीय विवाह योजना का ऑनलाइन सत्यापन

    अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना – ऑनलाइन आवेदन प्रणाली

        वर्ष 2025-26 में MPTAASC पोर्टल पर योजना अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ की गई।

        विदेश शिक्षा योजना के लिए नए मेरिट-आधारित मापदंड का निर्धारण किया गया।

        अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की अगले तीन वर्षों की कार्य योजना

        विभाग ने IT सुधार, प्रक्रियागत सुधार, छात्रावास भवन निर्माण, स्वरोजगार योजनाओं के विस्तार और PETC प्रशिक्षण को प्राथमिकता में रखा है।

        विभागीय MPTAASC पोर्टल का सम्पूर्ण डिजीटाइलेशन की कार्य योजना बनाई गई है, जिसके अंतर्गत सभी योजनाओं को ऑनलाइन लाने का लक्ष्य मार्च 2026 तक निर्धारित किया गया है।

        दिल्ली छात्रगृह योजना में विद्यार्थियों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 करने तथा मासिक सहायता 1766 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है।

    जनजातीय कार्य विभाग की दो वर्षों की उपलब्धियां

        एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में 1846 नियुक्तियां।

        153 विशिष्ट आवासीय विद्यालय में 54,000 विद्यार्थी।

        1109 हाई स्कूल एवं 998 हायर सेकेंडरी स्कूल में 2,69,000 जनजाति वर्ग के विद्यार्थी।

        छात्रावास में रह रहे 1,43,000 विद्यार्थियों को आवास सहायता के रूप में 240.42 करोड़ का वितरण।

        23,59000 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति 766 करोड़ रुपए।

        प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवासीय कोचिंग हेतु 5 भवन निर्माण की स्वीकृति जारी।

        सिविल सेवा परीक्षा में सफल हुए 1250 विद्यार्थियों को 2.60 करोड़ की प्रोत्साहन राशि।

        जनजाति गौरव दिवस कार्यक्रमों का भव्य आयोजन।

        भगवान बिरसा मुंडा की 150 की जयंती पर जनजाति गौरव उत्सव का राज्य, जिला, विकासखंड , ग्राम पंचायत एवं ग्राम स्तर पर भव्य आयोजन ।

        पीएम जनमन योजना में 1.28 लाख से अधिक पी एम आवास मकान पूर्ण।

        ऑन-ग्रिड बिजली से 26,810 से अधिक घरों में बिजली प्रदाय।

        सोलर विद्युतिकरण से 835 घरों में बिजली प्रदाय।

        224 किमी सड़क पूर्ण।

        40 बहुउद्देशीय केंद्र बने।

        आंगनवाडी केंद्र – 628 संचालित।

        मोबाइल कनेक्टिविटी 42 बसाहटों में।

        नल-जल – 1,689 ग्रामों में कार्य पूर्ण।

        49 वन धन विकास केंद्र संचालित।

        मोबाइल मेडिकल यूनिट 66 संचालित, कुल 4,40,977 जनजातीय समुदाय के मरीजों का रजिस्ट्रेशन।

        भारत सरकार द्वारा उत्कृष्ट कार्य के लिए जिला शिवपुरी को Best Performing District अवार्ड।

        धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में प्रधानमंत्री आवास में 44 हजार से अधिक पूर्ण।

        जल जीवन मिशन में 4,245 ग्राम 'हर घर जल' से जुडे।

        आरडीएसएस के माध्यम से 8,000 से अधिक बसाहटों में विद्युतीकरण का कार्य प्रगति पर।

        6 मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालित।

        66 नए आंगनवाड़ी केंद्र संचालित, 2,468 सक्षम आंगनवाड़ी केंद्रों का उन्नयन प्रस्तावित।

        104 छात्रावास स्वीकृत।

        18 मोबाइल टॉवर स्थापित।

        वनाधिकार पट्टाधारकों के लिए कृषि, मत्स्य एवं पशुपालन योजनाओं का व्यापक क्रियान्वयन।

        14 ग्रामों में 86 जनजातीय होमस्टे प्रस्तावित

        छात्रावासों व आश्रमों के उन्नयन के लिए 447 करोड़ से अधिक का प्रावधान।

        आदि कर्मयोगी अभियान में विकसित मध्यप्रदेश के लिए 03 लाख से अधिक प्रतिबद्ध लीडर तैयार।

        13,334 विलेज एक्शन प्लान तैयार।

        13,206 आदि सेवा केन्द्र स्थापित।

        भारत सरकार द्वारा उत्कृष्ट कार्य के लिए मध्यप्रदेश को Best Performing State एवं जिला बैतूल को Best Performing District अवार्ड।

    जनजातीय कार्य विभाग के नवाचार

    •     श्री बादल भोई संग्रहालय छिंदवाड़ा, राजा शंकर शाह कुंवर रघुनाथ शाह संग्रहालय- जबलपुर की स्थापना।
    •     डिंडोरी जिले की गोंड पेंटिंग को जी आई टैग।
    •     विभागीय छात्रावास, आश्रम शालाएं और आवासीय शिक्षण संस्थानों के निरीक्षण के लिए परख एप।
    •     विभागीय योजनाओं की जानकारी के लिए शालिनी ऐप।
    •     आदिवाणी ऐप से पिछले 10 वर्षों के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषणों का भीली भाषा में अनुवाद।
    • जनजातीय कार्य विभाग की अगले तीन वर्षों की कार्य योजना
    •     मध्यप्रदेश विज़न डाक्यूमेंट 2047 के अनुरूप "गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक सभी की समान पहुंच" सुनिश्चित करने हेतु अधोसंरचना, स्मार्ट क्लास, लैब एवं लाइब्रेरी सुविधाओं का उन्नयन का कार्य।
    •     प्रत्येक जनजातीय विकासखण्ड में सांदीपनि विद्यालय, एकलव्य विद्यालय, माता शबरी कन्या शिक्षा परिसर और बालक आदर्श आवासीय विद्यालय की स्थापना।
    •     जनजातीय समाज की सामाजिक एवं सास्कृतिक गतिविधियों के आयोजन के लिए 88 जनजातीय विकासखण्डों में कला भवन की स्थापना।
    •     पूर्व से संचालित 8 वन्या रेडियो केंद्रों का उन्नयन।
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