• उत्तर बस्तर कांकेर : महापरीक्षा अभियान अंतर्गत कांकेर जिला में 9765 नवसाक्षरों ने दी परीक्षा

    उत्तर बस्तर कांकेर : महापरीक्षा अभियान अंतर्गत कांकेर जिला में 9765 नवसाक्षरों ने दी परीक्षा

    उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम में 90 प्रतिशत असाक्षर हुए शामिल

    उत्तर बस्तर कांकेर
    कलेक्टर एवं अध्यक्ष निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देशानुसार राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत रविवार 07 दिसंबर को महापरीक्षा अभियान जिला में आयोजित किया गया, जिसके लिए 426 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए थे जहां महिला नवसाक्षर 6216 और पुरुष नवसाक्षर 3549 कुल 9765 नवसाक्षर ने परीक्षा दी। इसके अंतर्गत 15 वर्ष से अधिक उम्र के असाक्षरों को साक्षर बनाने के लिए 2027 तक शत-प्रतिशत साक्षर किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए जिले के सातों विकासखंडों की प्राथमिक शाला और माध्यमिक शाला को परीक्षा केंद्र बनाया गया था।

    इस बर परीक्षा में अलग नजारा देखने को मिला जहां एक ही परिवार के कई सदस्यों ने एक साथ परीक्षा दी। उम्रदराज महिला एवं पुरुष शिक्षार्थियों ने भी साक्षर होने के लिए बढ़-चढ़कर परीक्षा दी। इसी क्रम में विधानसभा कांकेर के विधायक महोदय श्री आशाराम नेताम द्वारा अन्नपूर्णापारा के प्राथमिक शाला परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया गया। साथ ही प्राथमिक शाला बागोडार के परीक्षा केंद्र का जिला शिक्षा अधिकारी श्री रमेश निषाद ने भी परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया। बताया गया कि जिले के 4 विकासखंडों में क्रमशः परीक्षा केंद्र शासकीय माध्यमिक शाला बेवरती, माध्यमिक शाला पटौद, प्राथमिक शाला करप, प्राथमिक शाला सरईटोला, माध्यमिक शाला करप, माध्यमिक शाला सरंगपाल, माध्यमिक शाला माटवाड़ा मोदी, प्राथमिक शाला तेलगरा, प्राथमिक शाला हिंगनझर का निरीक्षण परीक्षा के दौरान विभाग के अधिकारियों के द्वारा किया गया। इसके अलावा विकासखंड भानुप्रतापपुर में नक्सली पुनर्वास केंद्र मुल्ला में भी विशेष तौर पर 34 असाक्षरों के द्वारा साक्षर बनने के लिए परीक्षा दी गई। निरीक्षण के दौरान सभी परीक्षा केन्द्रों में परीक्षार्थी परीक्षा दिलाते हुए पाए गए। इसी प्रकार जिले में लक्ष्य के अनुसार 9765 नवसाक्षरों ने परीक्षा में सम्मिलित हुए, जहां नवसाक्षरों की उपस्थिति 90 प्रतिशत रही।

  • रायपुर : छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड द्वारा राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष में ऑनलाइन फोटोग्राफी प्रतियोगिता

    रायपुर : छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड द्वारा राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष में ऑनलाइन फोटोग्राफी प्रतियोगिता

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड द्वारा राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष  के उपलक्ष्य में 08 दिसंबर से 21 दिसंबर 2025 तक विशेष गतिविधियों और प्रतियोगिताओं की श्रृंखला आयोजित की जा रही है। इसी क्रम में प्रदेश के विभिन्न पर्यटन केंद्रों एवं रिजॉर्ट्स के साथ‑साथ पर्यटन बोर्ड के प्रधान कार्यालय रायपुर में भी विविध रचनात्मक कार्यक्रम प्रस्तावित हैं, जिनका उद्देश्य छत्तीसगढ़ पर्यटन को नए आयाम देना है।

        इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए पर्यटन बोर्ड ने 08 दिसंबर से 15 दिसंबर 2025 तक ऑनलाइन फोटोग्राफी प्रतियोगिता आयोजित करने का निर्णय लिया है। प्रतियोगिता का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन स्थलों को नई दृष्टि से सामने लाना तथा युवा और शौकिया फोटोग्राफरों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए सशक्त मंच प्रदान करना है।
        प्रतियोगिता में भारत के किसी भी हिस्से से 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के प्रतिभागी ऑनलाइन माध्यम से अपनी प्रविष्टि भेज सकेंगे। प्रतिभागियों को छत्तीसगढ़ थीम पर आधारित मौलिक फोटोग्राफ निर्धारित ईमेल it@visitcg.in के जरिए अपलोड करनी होगी, साथ ही अपना नाम, आयु, मोबाइल नंबर, पता और फोटो का संक्षिप्त विवरण दर्ज करना अनिवार्य रहेगा।

        प्राप्त प्रविष्टियों का मूल्यांकन रचनात्मकता, तकनीकी गुणवत्ता, विषय के अनुरूपता और पर्यटन मूल्य जैसे मानदंडों के आधार पर विशेषज्ञ ज्यूरी द्वारा किया जाएगा। विजेताओं की घोषणा 19 दिसंबर को की जाएगी।  प्रथम पुरस्कार के रूप में हिल इको रिसॉर्ट में 02 व्यक्तियों के लिए 02 रात 03 दिन ठहरने की व्यवस्था, द्वितीय पुरस्कार के रूप में सोनभद्र टूरिस्ट रिसॉर्ट आमाडोब में 02 व्यक्तियों के लिए 01 रात 02 दिन ठहरने की सुविधा तथा तृतीय पुरस्कार के रूप में 1500 रुपये नकद राशि प्रदान की जाएगी, साथ ही विजेताओं को प्रमाणपत्र भी दिए जाएंगे।
        उत्कृष्ट फोटोग्राफ को भविष्य में छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की प्रचार सामग्री और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्थान देने पर भी विचार किया जाएगा, जिससे प्रतिभागियों को व्यापक पहचान मिल सकेगी। इस तरह की प्रतियोगिताएं न केवल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देंगी, बल्कि युवाओं में रचनात्मक अभिव्यक्ति और फोटोग्राफी कला के प्रति रुचि भी सशक्त रूप से बढ़ाएंगी, इसलिए राज्य के फोटोग्राफरों, पर्यटकों और आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की गई है। अधिक जानकारी के लिए +91-89823-25900 पर कॉल कर जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

  • मुख्यमंत्री का निर्देश, खाद्यान्न योजनाओं का लाभ हर पात्र तक सुनिश्चित हो

    हर पात्र हितग्राही तक खाद्यान्न योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचना सुनिश्चित हो : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    ई केवाइसी एवं राइट फुल टारगेटिंग के बेहतर कार्य पर दी बधाई
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा 

    भोपाल 

     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को खजुराहो स्थित कन्वेंशन सेंटर में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि हर पात्र हितग्राही तक खाद्यान्न वितरण का लाभ सुगमता से पहुंचे। जरूरतमंद गरीबों, श्रमिकों, किसानों और महिलाओं का कल्याण हमारी प्राथमिकता है। बैठक में मुख्य रूप से लक्षित सार्वजनिक प्रणाली, उपार्जन प्रक्रिया, तकनीकी नवाचार, सिंहस्थ 2028 की तैयारियों सहित विभिन्न विषयों पर रिव्यू किया गया। इस दौरान डॉ. यादव ने विभाग द्वारा किए गए नवाचारी प्रयासों की सराहना की, वहीं अन्य विषयों पर आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। 

    बैठक में विभाग द्वारा पात्र हितग्राहियों के ई-केवाइसी एवं राइट फुल टारगेटिंग कार्य की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि यह प्रक्रिया नियमित अंतराल में दोहराई जाए, ताकि प्रत्येक पात्र हितग्राही को नि:शुल्क खाद्यान प्राप्त हो सके। उल्लेखनीय है कि खाद्य संचालनालय द्वारा वृहद स्तर पर कैंपेन मोड में ई केवाइसी एवं राइट फुल टारगेटिंग का कार्य किया गया था। जिसमें चरण वार हितग्राहियों के वेरीफिकेशन के बाद 34 लाख से अधिक हितग्राहियों का पोर्टल से विलोपन किया गया। वहीं इस प्रक्रिया से प्रतीक्षा सूची से लगभग 14 लाख हितग्राहियों को नवीन पात्रता पर्ची जारी कर नि:शुल्क खाद्यान का वितरण किया जा रहा है। 

    समीक्षा बैठक में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत, मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई एवं मती रश्मि अरुण शमी सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

    प्राथमिकता श्रेणी बनाकर 25.18 लाख नवीन श्रमिकों को नि:शुल्क वितरण

    बैठक में बताया गया कि ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिकों को निःशुल्क राशन का लाभ मिल सके, इसके लिए असंगठित एवं प्रवासी श्रमिकों की 29वीं प्राथमिकता श्रेणी बनाकर 7.25 लाख परिवारों के 25.18 लाख नवीन श्रमिकों को पात्रता पर्ची के माध्यम से निःशुल्क राशन वितरित किया जा रहा है। दो वर्ष में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में 5.25 करोड़ से अधिक पात्र हितग्राहियों को 19,935 करोड़ रुपये का 66.37 लाख मीट्रिक टन निःशुल्क खाद्यान्न वितरण किया गया। पीडीएस प्रदाय केंद्रों की संख्या में भी बढ़ोतरी की गई। 

    प्रदेश में खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 में शामिल 536.23 लाख पात्र हितग्राहियों में से 93% यानी 497.08 लाख हितग्राहियों का ई-केवाईसी पूर्ण किया जा चुका है। वहीं, प्रतीक्षारत 14 लाख नवीन पात्र हितग्राहियों को पात्रता पर्चियां जारी कर नि:शुल्क खाद्यान्न दिया जा रहा है।

    किसानों को एमएसपी के लाभ के साथ बोनस और प्रोत्साहन राशि भी मिली

    किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिले इसके लिए प्रदेश सरकारी द्वारा रबी विपणन वर्ष 2024-25 और 2025-26 में एमएसपी पर गेंहू बेचने वाले किसानों को 29558.40 करोड़ रुपये की एमएसपी राशि और 1965 करोड़ रुपये के बोनस का भुगतान किया गया है। वहीं खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 19208.76 करोड़ रुपये की एमएसपी राशि एवं 337.11 करोड़ की प्रोत्साहन राशि का भुगतान मुख्यमंत्री कृषि उन्नति योजना के अंतर्गत किया गया है। चावल उत्पादक किसानों को लाभ पहुंचाते हुए वर्ष 2024-25 में 9.64 लाख मीट्रिक टन चावल का केन्द्रीय पूल में रिकार्ड परिदान किया गया। सरकार द्वारा भंडारण क्षमता को भी बढ़ाया गया है।

    लाडली बहनों को भी मिल रहा उज्जवला योजना का लाभ

    मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना अंतर्गत सम्मिलित महिलाओं और प्रधानमंत्री उज्जवला योजना की कनेक्शनधारी महिलाओं को दो साल में 616.97 लाख रिफिल प्रदाय कर 911.32 करोड़ रुपये के अनुदान का भुगतान किया गया है। 

    सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूसन नेटवर्क के कार्य को अभियान के रूप में लें

    समीक्षा बैठक में बताया गया कि शहरी गैस वितरण को मजबूत बनाने के लिए मध्यप्रदेश शहरी गैस वितरण (सीजीडी) नेटवर्क विकास एवं विस्तार नीति 2025 इस वर्ष 14 फरवरी को लागू की गई। साथ ही एनओसी जारी करने के लिए सिंगल विण्डो पोर्टल शुरू किया गया। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूसन नेटवर्क के कार्य को अभियान के रूप में चलाने की बात कहीं। उन्होंने कहा कि इससे उपभोक्ताओं को लाभ होगा। इससे अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का कार्य करें। 

    नवाचार-एसएमएस मॉनिटरिंग से राशन प्रदाय व्यवस्था को बनाया और पारदर्शी

    विभाग द्वारा बीते दो वर्ष में नवाचार के कई कदम उठाए गए। इसके तहत राशन प्रदाय व्यवस्था को पारदर्शी बनाते हुए हितग्राहियों तक राशन पहुंचने और वितरण संबंधी हर कदम की सूचना एसएमएस द्वारा दी जा रही है। इसके अलावा 26 जनवरी और 2 अक्टूबर को ग्राम सभाओं में राशन वितरण का सार्वजनिक वाचन अनिवार्य किया गया है।

    जन पोषण केंद्र की शुरुआत

    सार्वजनिक प्रदाय में नवाचार करते हुए इंदौर जिले की 30 उचित मूल्य की दुकानों को जन पोषण केंद्र के रूप में बदला गया है, जिसके माध्यम से दुकानदारों की मासिक आय में भी 10 से 15 हजार रुपये तक की वृद्धि हुई। जल्द ही प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसका विस्तार किया जाएगा। 

    मॉनिटरिंग में तकनीक का उपयोग

    मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के वाहनों में जीपीएस के माध्यम से स्टेट लेवल कमाण्ड कन्ट्रोल सेंटर से मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई।  इसके अलावा मध्यप्रदेश वेयर हाउसिंग एण्ड लॉजिस्टिक कार्पोरेशन की गतिविधिर्या की रियल टाईम मानिटरिंग के लिए माईश्चर एप, फ्यूमिगेशन एप तथा इंस्पेक्शन एप विकसित किए गए हैं। 

    उचित मूल्य की दुकानों पर लगेंगी आधुनिक पीओएस मशीनें

    समीक्षा बैठक में विभाग द्वारा आगामी तीन वर्ष की कार्ययोजना के बारे में बताया गया कि राशन वितरण व्यवस्था को अधिक तेज और पारदर्शी बनाते हुए उचित मूल्य दुकानों पर आधुनिक पीओएस मशीन लगाई जाएगी, जिसमें पीओएस मशीन से तौल कांटे का इंटिग्रेशन एवं आईरिस स्केनर का प्रावधान है।  लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत स्मार्ट पीडीएस योजना का क्रियान्वयन किया जाएगा। इसके अलावा शासकीय गोदामों की छत पर सोलर पैनल लगाने, भण्डारण प्रक्रिया का मॉर्डनाइजेशन और गोदामों का अपग्रेडेशन करने के साथ उन्न्त तकनीकी की सहायता से विभिन्न स्तरों पर डेटा सिंक्रोनाइजेशन के कार्य भी किए जाएंगे। 

    सिंहस्थ-2028 में अखाड़ों के लिए जारी होंगे अस्थायी राशन कार्ड

    सिंहस्थ-2028 के लिए खाद्यान्न सामग्री के वितरण के लिए तैयार की गई योजना की जानकारी भी बैठक में दी गई। अधिकारियों ने बताया कि खाद्य विभाग, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी नागरिक आपूर्ति निगम, मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन सहयोग से समन्वित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। अखाड़ों की मांग के अनुसार अस्थायी राशन कार्ड जारी किया जाएगा। साथ ही, मेला क्षेत्र में 40 उचित मूल्य दुकानों की स्थापना की जाएगी। यह व्यवस्था सुचारू रहे इसलिए मेला क्षेत्र को 8 जोन और 16 सेक्टर में विभाजित मध्यप्रदेश राज्य सहकारी नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा भंडारण के लिए गोदामों की स्थापना की जाएगी। 

    आगामी 3 वर्ष की कार्ययोजना

            1. उचित मूल्य दुकानों पर आधुनिक पीओएस मशीन लगाई जाएगी, जिसमें पीओएस मशीन से तौल कांटे का इंटिग्रेशन एवं आईरिस स्केनर का प्रावधान किया गया है।

            2. एण्ड-टू-एण्ड कम्प्यूटराईज़ेशन के अंतर्गत – खाद्य संचालनालय, MPSCSC एवं MPWLC के साफ्टवेयर का इंटिग्रेशन किया जाएगा।

            3. लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत स्मार्ट पीडीएस योजना का क्रियान्वयन।

            4. उपार्जन हेतु एग्रीस्टेक डाटा एवं कृषि उपज मंडी में विक्रय उपज एवं उपार्जन डाटा से लिंक की व्यवस्था का प्रस्ताव।

            5. उपार्जन केन्द्रों पर नॉन FAQ स्कंध के अपग्रेडेशन के लिये ऑटोमेटेड क्लीनिंग की व्यवस्था का प्रस्ताव।

            6. उपार्जित खाद्यान परिवहन करने वाले वाहनों का GPS से ट्रैकिंग एवं रूट ऑप्टीमाईजेशन किया जायेगा, जिससे परिवहन व्यय में कमी आएगी।

            7. खाद्यान्न के उपार्जन, भण्डारण व वितरण में संलग्न विभिन्न संस्थाओं के सॉफ्टवेयर सिस्टम का इंटीग्रेशन।

            8. गोदाम की क्षमता के अधिकतम उपयोग के लिये निजी गोदाम संचालकों को विशेषज्ञों के माध्यम से प्रशिक्षण।

            9. शासकीय गोदामों की छत पर 28.87 हजार वर्गमीटर एवं परिसर में 3.30 लाख वर्गमीटर क्षेत्र में सोलर पैनल की स्थापना का प्रस्ताव।

            10. MIS, नवीन तकनीकों तथा ऑनलाईन वेरिफिकेशन के माध्यम से भण्डारण प्रक्रिया का मार्डनाईजेशन तथा गोदामों का अपग्रेडेशन।

            मुख्य बिंदु

    •         प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में 5.25 करोड़ से अधिक हितग्राहियों को 22 हजार 800 करोड़ की लागत का 66.25 लाख मेट्रिक टन नि:शुल्क खाद्यन्न वितरण।
    •         पीडीएस अंतर्गत 536.23 लाख हितग्राहियों में से 497.08 लाख हितग्राहियों का हुआ ईकेवायसी।
    •         ईकेवायसी के बाद 34.87 लाख हितग्राहियों का पोर्टल से बिलोपन। इससे प्रतिमाह 32.43 करोड़ की बचत। प्रतीक्षारत लगभग 14 लाख नवीन हितग्राहियों को पात्रता पर्ची जारी कर नि:शुल्क खाद्यन्न का वितरण।
    •         केवायसी करने के 72 घण्टे में पात्रता पर्ची जारी की।
    •         लाड़ली बहनों एवं उज्जवला योजना से लाभान्वित महिलाओं को विगत दो वर्ष में 911.3 करोड़ राशि का अनुदान।
    •         शहरी गैस वितरण कंपनी को अपेक्षित सहयोग के लिए जिला स्तर पर सिंगल विडों पोर्टल का शुभारंभ।
    •         इंदौर जिले की 30 उचित मूल्य दुकानों का जन पोषण केंद्र के रूप में उन्नयन।
    •         पात्र हितग्राहियों के मोबाइल पर एसएमएस द्वारा राशन प्रदाय की सूचना।
    •         मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के वाहनों में जीपीएस के माध्यम से स्टेट लेवल से मॉनिटरिंग।
    •         उचित मूल्य दुकानों पर आधुनिक पीओएस मशीन लगाई जाएंगी।
    •         वर्ष 2024-25 में गेहूं के समर्थन मूल्य पर 125 रुपए और वर्ष 2025-26 में 175 रुपए का बोनस दिया गया।
    •         खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय करने वाले किसानों को मुख्यमंत्री कृषि उन्नति योजना में प्रोत्साहन राशि का भुगतान।
    •         मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा संचालित गतिविधियों की रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए इमेजिनेशन मेजरमेंट एप, फुमिगेशन एप और इंस्पेक्शन एप बनाए गए हैं।

            गोदामो की छत पर सोलर पैनल की स्थापना प्रस्तावित है।

            सिंहस्थ 2028 के लिए मेला क्षेत्र में 40 उचित मूल्य दुकानों की स्थापना और अखाड़ों की मांग अनुसार अस्थाई राशन कार्ड जारी किया जाना प्रस्तावित है। अखाड़ों को अस्थाई गैस कनेक्शन भी जारी किए जाएंगे।

     

  • MP का ओरछा वर्ल्ड-क्लास टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनने की राह पर, मुख्य सचिव ने दिए जरूरी निर्देश

    भोपाल
     मुख्य सचिव अनुराग जैन ने ओरछा में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी परियोजनाएँ समय पर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण की जाएँ जिससे ओरछा को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जा सके। उन्होंने ओरछा शहर के आर्थिक, सामाजिक विकास को देखते हुए इंटीग्रेटेड मास्टर प्लान तैयार करने के भी निर्देश दिए।मुख्य सचिव जैन रविवार को पर्यटन नगरी ओरछा पहुंचे और  विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया तथा निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों को  समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव श्री जैन ने ओरछा में मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीराम राजा सरकार के दर्शन किए।मुख्य सचिव उन्होंने जुझार महल एवं हरदौल वाटिका का निरीक्षण किया।

    उन्होंने कहा कि वेंडर जोन का निर्माण इस तरह करें जिससे पर्यटकों को आवागमन में सुविधा हो।उन्होंने कहा कि खजुराहो महोत्सव को ध्यान में रखते हुए बुंदेलखंड सांस्कृतिक महोत्सव आयोजित करने की कार्ययोजना तैयार की जाए। मुख्य सचिव ने आर्कियोलॉजिकल पार्क पहुंचकर निर्देश दिए कि ओरछा का मास्टर प्लान तैयार करें। पीपीपी मोड पर चल रहे कार्यों में स्थानीय नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करें जिससे उन्हें रोजगार उपलब्ध कराया जा सके। मुख्य सचिव श्री जैन कंचना घाट भी पहुंचे और बेतवा नदी पर स्थित नवीन ब्रिज निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कंचना घाट पर संचालित पिंक टॉयलेट संचालन कार्य सेल्फ हेल्प ग्रुप को देने के निर्देश दिए।

    मुख्य सचिव ने अधिकारियों से संरक्षित भवनों की स्थिति, पर्यटक सुविधाओं और आवश्यक रखरखाव उपायों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि इन धरोहरों को संरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी हैमुख्यसचिव श्री जैन ने राय प्रवीण महल एवं तुलसी घाट का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण  पूर्ण हों। उन्होंने जहांगीर महल का अवलोकन किया। उन्होंने होटल बेतवा रिट्रीट में श्रीराम राजा लोक और ओरछा में चल रहे विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। वर्तमान में आ रहे पर्यटकों एवं भविष्य में आने वाले पर्यटकों की संभावनाओं के दृष्टिगत कार्ययोजना तैयार की जाए। 

    उन्होंने निर्देश दिए कि शहर की सभी होटलों की स्टार रेटिंग कराई जाए। जुझार सिंह महल को बुंदेलखंड सांस्कृतिक केंद्र की तर्ज पर विकसित किया जाए। एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा दिया जाए। बुंदेली कला, पेंटिंग एवं टेराकोटा से बनने वाले उत्पादों की मार्केटिंग और ब्रांडिंग की जाए और उन्हें ऑनलाइन प्लेटफार्म पर लाकर विक्रय किया जाए। इस अवसर पर जिले के अधिकारी सहित कंसल्टेंट मौजूद रहे।

     

  • रायपुर : नेचुरोपैथी भवन निर्माण के लिए दी 2 करोड़ 62 लाख रूपये की सौगात

    रायपुर : नेचुरोपैथी भवन निर्माण के लिए दी 2 करोड़ 62 लाख रूपये की सौगात

    कुनकुरी नगर को स्वास्थ्य के क्षेत्र में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने  दिया बड़ा तोहफ़ा

    रायपुर

    कई प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र, योग केंद्र और वेलनेस हब खुद को नेचुरोपैथी  कहते हैं। जो प्राकृतिक चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान करता है और बापू भवन इसका ऐतिहासिक घर है, जिसे गांधीजी ने अपनाया था। खासकर छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र का उद्देश्य प्राकृतिक उपचार, योग, आहार, मिट्टी स्नान और हर्बल दवाओं के माध्यम से समग्र स्वास्थ्य प्रदान करना है।  जशपुर जिले के कुनकुरी नगर की स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नेचुरोपैथी भवन निर्माण के लिए 2 करोड़ 62 लाख रुपए की मंजूरी प्रदान की है।
              निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। भवन तैयार हो जाने के बाद कुनकुरी नगरवासियों को प्राकृतिक चिकित्सा की अत्याधुनिक सुविधा अपने ही नगर में उपलब्ध होगी। यह भवन न सिर्फ लोगों को आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा की ओर प्रोत्साहित करेगा, बल्कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को उपचार के लिए बड़ी राहत भी देगा। अब बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर दराज जाने की आवश्यकता नहीं होगी। नगरवासियों ने इस दूरदर्शी निर्णय के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह सुविधा स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नई दिशा और नई उम्मीद लेकर आएगी।

    स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई ऊंचाई को छूता जशपुर 
             मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले को स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई सौगातें मिल चुकी है। मेडिकल कॉलेज के लिए बड़ा कदम उठाते हुए वित्त विभाग से 359 करोड़ की सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है । इसी प्रकार 220 विस्तर अस्पताल के लिए 32 करोड़ की मंजूरी, नर्सिंग महाविद्यालय भवन के 8 करोड़ की मंजूरी, फिजियोथेरेपी महाविद्यालय के 14 करोड़ की मंजूरी, कल्याण आश्रम अत्याधुनिक चिकित्सालय भवन के लिए 35 करोड़ की मंजूरी, ग़िनाबहर में मातृत्व शिशु चिकित्सालय भवन निर्माण के 8 करोड़ की मंजूरी सहित कई सौगातें दी गई है, जो जिले वासियों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए वरदान साबित होंगी।

  • लाड़ली बहना योजना: 31वीं किस्त जारी होने के दिन, 1500 रुपये लाभार्थियों के खातों में आएंगे

    भोपाल 

    दिसंबर का महीना दस्तक दे चुका है। इसी के साथ मध्य प्रदेश की लाखों महिलाओं की निगाहें एक बार फिर से लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) की अगली किस्त पर टिक गई हैं। इस बार इस योजना की 31वीं किस्त जारी की जाएगी।

    इसके तहत 1.26 करोड़ महिलाओं के बैंक खातों में 1250 की राशि डाली जाती थी। वहीं 30वीं किस्त से बहनों के खाते में 1500 रुपए भेजे जा रहे हैं। इससे राज्य सरकार हर महीने योजना पर 1859 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च कर रही है। आपको बता दें कि ये महीना बहनों के लिए खास होने वाला है। चलिए आपको बताते हैं हम ऐसा क्यों कह रहे हैं।

    मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो 9 दिसंबर को छतरपुर जिले के राजनगर से सीएम मोहन यादव किस्त जारी कर सकते है।हालांकि अभी तक अधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। इससे पहले 12 नवंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिवनी से लाड़ली बहनों के खाते में 30वीं किस्त (1250+250= 1500 रू) के रूप में कुल 1857 करोड़ रूपये सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित किए गए थे। इस योजना की शुरुआत जून 2023 में हुई थी, तब से अक्टूबर 2025 तक बैंक खातों में 44 हजार 917 करोड़ 92 लाख रू का अंतरण कर चुके हैं।

    जानिए किस जिले में कितनी लाड़ली बहनें

        लाड़ली बहना योजना में सबसे अधिक लाभार्थी इंदौर जिले में हैं, जहाँ 4 लाख 40 हजार 723 महिलाओं को योजना का लाभ मिला है। इसके बाद सागर में 4 लाख 19 हजार 903, रीवा में 4 लाख 3 हजार 182, छिंदवाड़ा में 3 लाख 90 हजार 311, धार में 3 लाख 82 हजार 417, जबलपुर 3 लाख 81 हजार 848 ,बालाघाट जिले में 3 लाख 47 हजार 816, उज्जैन में 3 लाख 40 हजार 203, मुरैना में 3 लाख 33 हजार 821 ,छतरपुर में 3 लाख 24 हजार 454, खरगोन में 3 लाख 13 हजार 741, भोपाल में 3 लाख 9 हजार 20 तथा ग्वालियर जिले में 3 लाख 5 हजार 969 महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है।

        राजगढ़ में 2 लाख 95 हजार 459, शिवपुरी में 2 लाख 87 हजार 943, देवास में 2 लाख 85 हजार 496, विदिशा में 2 लाख 74 हजार 946, भिंड में 2 लाख 72 हजार 343, बेतूल में 2 लाख 71 हजार 474 ,सिवनी जिले में 2 लाख 68 हजार 187, मंदसौर में 2 लाख 62 हजार 827, रतलाम में 2 लाख 50 हजार 176, रायसेन में 2 लाख 46 हजार 390, दमोह में 2 लाख 45 हजार 143, सीहोर में 2 लाख 42 हजार 717, और कटनी में 2 लाख 41 हजार 302 बहनों को राशि का लाभ मिला है।

        बड़वानी में 2 लाख 37 हजार 60, गुना में 2 लाख 28 हजार 604, खंडवा में 2 लाख 16 हजार 372, नर्मदापुरम में 2 लाख 9 हजार 837, सिद्धी में 2 लाख 9 हजार 706, टीकमगढ़ में 2 लाख 7 हजार 79, नरसिंहपुर में 2 लाख 8 हजार 734 ,सिंगरौली जिले में 1 लाख 97 हजार 4, मंडला में 1 लाख 95 हजार 153, झाबुआ में 1 लाख 92 हजार 511, शहडोल में 1 लाख 88 हजार 729, पन्ना में 1 लाख 82 हजार 220, शाजापुर में 1 लाख 73 हजार 900, नीमच में 1 लाख 57 हजार 658, तथा अशोक नगर में 1 लाख 55 हजार 387 महिलाएँ इस योजना से लाभान्वित हुई हैं।

        दतिया में 1 लाख 44 हजार 239, अनूपपुर में 1 लाख 26 हजार 54, अलीराजपुर में 1 लाख 23 हजार 492, आगर मालवा में 1 लाख 17 हजार 255, उमरिया में 1 लाख 9 हजार 113, श्योपुर में 1 लाख 8 हजार 673, और हरदा जिले में 93 हजार 516 बहनों को योजना की राशि का लाभ मिला है। निवाड़ी जिले में 80 हजार 157 महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है।

    2023 में शुरू हुई थी लाड़ली बहना योजना

        मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मई 2023 में लाड़ली बहना योजना शुरू की गई थी।इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी।

        लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।

        इसमें रक्षा बंधन पर अगस्त 2023, अगस्त 2024 और अगस्त 2025 में लाभार्थी महिलाओं को 250 रूपये की विशेष सहायता राशि तीन बार प्रदान की गई। 2023 अगस्त में राशि को 1000 से बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया ।

        नवंबर 2025 में राशि में 250 की फिर वृद्धि की गई है और अब इस योजना के तहत 1500 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 18,000 रुपये मिलते हैं।लाड़ली बहनों को जून 2023 से नवंबर 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 30 किश्तों का अंतरण किया गया है।

        इस प्रकार योजना के आरंभ से अब तक 44,917.92 करोड़ रूपये की राशि का सीधा अंतरण लाभार्थी महिलाओं के खातों में किया जा चुका है।प्रदेश के सभी 52 जिलों में कुल 1,26,36,250 (एक करोड़ 26 लाख 36 हजार 250) महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है।

    लाड़ली बहना योजना में ये अपात्र

        महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।जिनके या उनके परिवार के कोई सदस्य इनकम टैक्स देते हैं।

        अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।

        घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।जो खुद किसी और सरकारी योजना से हर महीने1250 रुपये या उससे ज्यादा की राशि पा रही हैं जिनके परिवार में कोई वर्तमान या पूर्व सांसद या विधायक हो।

        जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी बोर्ड, निगम, मण्डल आदि का अध्यक्ष, संचालक या सदस्य हो।जिनके परिवार में कोई स्थानीय निकाय का चुना हुआ जनप्रतिनिधि हो (पंच और उपसरपंच को छोड़कर)।

        जिनके परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में है (स्थायी, संविदा या पेंशन पाने वाला)।जिनके परिवार के पास कुल 5 एकड़ से ज्यादा खेती की जमीन हो।

        जिनके परिवार के नाम पर कोई चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर को छोड़कर) रजिस्टर्ड हो।

     

  • रायपुर : डबरी निर्माण से बदली सूरत कुमारी की किस्मत, खेती और मछलीपालन से बढ़ी आमदनी

    रायपुर : डबरी निर्माण से बदली सूरत कुमारी की किस्मत, खेती और मछलीपालन से बढ़ी आमदनी

    बहुफसली खेती से पूरे वर्ष मिल रहा लाभ

    रायपुर

    महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत सरगुजा जिले में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए डबरियों का निर्माण लगातार लाभकारी साबित हो रहा है। सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखण्ड के ग्राम कुम्हरता की सूरत कुमारी भी इसी का सफल उदाहरण हैं, जिन्होंने मनरेगा अंतर्गत अपने खेत में डबरी बनवाकर अपनी आर्थिक स्थिति को पूरी तरह बदल दिया है।

    मनरेगा के माध्यम से डबरी निर्माण की जानकारी मिलते ही सूरत कुमारी ने रोजगार सहायक से संपर्क कर प्रस्ताव प्रस्तुत किया। वर्ष 2024-25 में उन्हें 2.99 लाख रुपये की स्वीकृति प्राप्त हुई और उन्होंने 30×30 आकार की डबरी का निर्माण कराया। वर्तमान में डबरी में लगभग छह फीट पानी भरा है, जो सालभर उनकी खेती को सहारा दे रहा है।

    सूरत कुमारी के पास तीन एकड़ कृषि भूमि है, जहां पहले केवल बारिश के मौसम में धान की खेती हो पाती थी। गर्मी और सर्दी में सिंचाई की सुविधा न होने के कारण खेत खाली पड़े रहते थे। लेकिन डबरी बनने के बाद अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। उनकी भूमि पर अब सालभर बहुफसली खेती हो रही है। वे सब्जी, गेहूं, अरहर सहित कई फसलें ले रही हैं, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

    डबरी निर्माण से 1231 मानव-दिवस का रोजगार भी सृजित हुआ, जिससे गांव के कई लोगों को काम मिला। खेती के साथ-साथ सूरत कुमारी ने डबरी में मछलीपालन भी शुरू कर दिया है। उन्होंने इस साल पांच किलो मछली बीज डाला है, जिनकी ग्रोथ संतोषजनक है और इससे उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है।

    सूरत कुमारी बताती हैं कि डबरी निर्माण ने उनकी आजीविका को सुरक्षित और स्थायी बना दिया है। खेती-बाड़ी के साथ-साथ अब मछलीपालन उनकी आय का नया स्रोत बन गया है। उन्होंने शासन की इस योजना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बताया कि अब वे खुद अन्य ग्रामीणों को भी योजना का लाभ लेने प्रेरित कर रही हैं।

  • रायपुर : डबरी बनी खुशहाली की राह : किसान हिरमाराम की आमदनी हुई दोगुनी, सालाना बढ़ी एक लाख रुपये तक

    रायपुर

    मनरेगा से निर्मित एक छोटी-सी डबरी ने किसान हिरमाराम के जीवन में बड़ा बदलाव ला दिया है। डबरी बनते ही पहली ही बारिश का मौसम उनके लिए सौभाग्य लेकर आया। डबरी पानी से भर गई और हिरमाराम ने धान खेती के साथ-साथ मछली पालन भी शुरू कर दिया। उन्होंने 5 किलो मछली बीज डालकर पालन शुरू किया, जिससे उन्हें हर साल लगभग एक लाख 10 हजार रुपये की अतिरिक्त आमदनी होने लगी।

    मनरेगा से 2 लाख 94 हजार रुपये की स्वीकृति से बनाई डबरी

               सुकमा जिले में कलेक्टर और जिला सीईओ के मार्गदर्शन में शासकीय योजनाओं का प्रभाव तेजी से दिखाई दे रहा है। जनहित को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन आजीविका से जुड़ी योजनाओं को लाभार्थियों तक पहुंचा रहा है।  ग्राम पंचायत रामाराम के किसान हिरमाराम, जिनके पास केवल 2 एकड़ जमीन है, पहले सिर्फ बारिश के दिनों में ही खेती कर पाते थे। सिंचाई की सुविधा न होने से बाकी समय खेत खाली रहते थे और परिवार की आय भी बहुत कम थी। ग्रामसभा में जब उन्हें मनरेगा के तहत डबरी निर्माण की जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत आवेदन किया। ग्राम पंचायत ने 2 लाख 94 हजार रुपये की स्वीकृति देकर निर्माण कार्य शुरू कराया।

    डबरी बनने से नियमित आमदनी का साधन मिला

             हिरमाराम खुशी से बताते हैं कि पहले उनकी आय सिर्फ खेती पर निर्भर थी, लेकिन डबरी बनने से उन्हें नियमित आमदनी का नया साधन मिल गया है। वे कहते हैं कि मनरेगा ने मुझे आर्थिक रूप से मजबूत बनाया है। मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन का दिल से धन्यवाद करता हूं। यह डबरी अब उनके परिवार की खुशहाली का स्थायी आधार बन चुकी है।

  • रायपुर : प्रदेश में गाइडलाइन दरों एवं उपबंधों के पुनरीक्षण पर केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड के महत्वपूर्ण निर्णय

    रायपुर

    प्रदेश में गाइडलाइन दरों के पुनरीक्षण के संबंध में प्राप्त सुझावों, ज्ञापनों और प्रस्तावों पर व्यापक परीक्षण करने के बाद केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के नगरीय विकास, रियल एस्टेट सेक्टर और आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।

    बैठक में निर्णय लिया गया कि नगरीय क्षेत्रों में 1400 वर्ग मीटर तक के भूखंडों की इंक्रीमेंटल आधार पर गणना की वर्तमान प्रणाली को समाप्त कर दिया जाए। अब पुनः पूर्व प्रचलित उपबंध लागू होंगे, जिसके तहत नगर निगम क्षेत्र में 50 डेसिमल, नगर पालिका में 37.5 डेसिमल और नगर पंचायत में 25 डेसिमल तक स्लैब दर से मूल्यांकन किया जाएगा। इस बदलाव से मूल्यांकन प्रक्रिया सरल होने के साथ ही पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

    बहुमंजिला भवनों में फ्लैट, दुकान एवं कार्यालय के अंतरण पर सुपर बिल्ट-अप एरिया के आधार पर बाजार मूल्य की गणना का प्रावधान भी हटा दिया गया है। अब मूल्यांकन बिल्ट-अप एरिया के आधार पर किया जाएगा। यह प्रावधान मध्यप्रदेश शासन के समय से लागू था, जिसे बदलने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। नए प्रावधान से वर्टिकल डेवलपमेंट को गति मिलेगी और शहरी भूमि का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित होगा।

    केंद्रीय बोर्ड ने बहुमंजिला भवनों एवं कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के लिए मूल्यांकन में छूट के नए प्रावधान भी लागू किए हैं। अब बेसमेंट और प्रथम तल पर 10 प्रतिशत तथा द्वितीय तल एवं उससे ऊपर के तल पर 20 प्रतिशत की कमी के साथ मूल्यांकन किया जाएगा। इस निर्णय से मध्यम वर्ग को किफायती दरों पर फ्लैट और व्यावसायिक स्थान मिलने में मदद मिलेगी।

    कमर्शियल कॉम्प्लेक्सों में 20 मीटर से अधिक दूरी पर स्थित संपत्तियों के लिए 25 प्रतिशत कमी के साथ भूखंड की दरों का मूल्यांकन किया जाएगा। 20 मीटर की दूरी का आकलन मुख्य मार्ग की ओर से निर्मित हिस्से से किया जाएगा, जिससे वास्तविक स्थिति के आधार पर अधिक न्यायसंगत मूल्यांकन संभव होगा।

    केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने जिला मूल्यांकन समितियों को यह भी निर्देशित किया है कि हाल ही मंय दरों में वृद्धि के बाद प्राप्त आपत्तियों, ज्ञापनों और सुझावों का परीक्षण कर 31 दिसंबर तक गाइडलाइन दरों में पुनरीक्षण के प्रस्ताव भेजें। इन प्रस्तावों का विश्लेषण कर बोर्ड आगामी गाइडलाइन दरों पर अंतिम निर्णय लेगा।

    इन सभी निर्णयों को तत्काल प्रभाव से लागू घोषित किया गया है, जिससे राज्य में रियल एस्टेट सेक्टर में स्थिरता, पारदर्शिता और किफायती आवास उपलब्ध कराने के प्रयासों को नई दिशा मिलेगी।

  • रायपुर : प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत लगेगा विशेष कृषि शिविर

     रायपुर : प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत लगेगा विशेष कृषि शिविर

    रबी क्षेत्र विस्तार एवं दलहन-तिलहन उत्पादकता बढ़ाने कृषि विभाग करेगा जागरूकता शिविरों का आयोजन

     रायपुर

    प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) 2025-26 से शुरू की गई एक सरकारी पहल है, जिसका लक्ष्य कम प्रदर्शन वाले कृषि जिलों में किसानों की आय और कृषि उत्पादकता बढ़ाना है, जिसके लिए 11 मंत्रालयों की 36 योजनाओं को समन्वित किया गया है।  इसमें सिंचाई, भंडारण, आसान ऋण तथा फसल विविधीकरण पर ध्यान केंद्रित किया गया हैए, ताकि किसानों को आत्मनिर्भर बनाया जा सके और देश को दालों सहित विभिन्न फसलों में आत्मनिर्भर बनाने के मिशन का समर्थन किया जा सके। प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना के अंतर्गत कृषकों को रबी फसल की आधुनिक तकनीक से अवगत कराने तथा मत्स्यपालन, पशुपालन सहित अन्य कृषि-संबद्ध व्यवसायों की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से प्रत्येक समिति में विशेष प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
     
    किसानों आधुनिक खेती से जोडकर लाभान्वित करना है

              शिविरों में जशपुर जिले के ऐसे उत्कृष्ट एवं प्रगतिशील कृषकों को प्रशिक्षक के रूप में जोड़ा गया है, जो आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर खेती में अधिक उत्पादन एवं बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं। ये प्रशिक्षक कृषक अपने अनुभव, कठिनाईयों तथा विभागीय योजनाओं से प्राप्त लाभों को अन्य कृषकों के साथ साझा करेंगे, जिससे अधिक से अधिक किसान आधुनिक खेती अपनाकर लाभान्वित हो सकें। साथ ही कृषि एवं संबद्ध विभाग के अधिकारी किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, अनुदान प्राप्ति की प्रक्रिया, तथा वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने के मार्गदर्शन की जानकारी प्रदान करेंगे। इन शिविरों में कृषि विज्ञान केन्द्र एवं कृषि महाविद्यालय के वैज्ञानिक भी शामिल रहेंगे, जो आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रचार-प्रसार कर किसानों को उन्नत खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।

    दलहन-तिलहन उत्पादक कृषकों को समर्थन मूल्य पर उपज बेचने की सुविधा

               जशपुर जिले में कुल 09 आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों का पंजीयन किया गया है, जहाँ दलहन-तिलहन फसलें उगाने वाले कृषक अपनी उड़द, मूंग एवं मूंगफली को बाजार मूल्य कम होने की स्थिति में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर विक्रय कर सकते हैं। कृषकों के हित में प्रशासन ने अपील की है कि वे एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन अवश्य कराएँ। पंजीयन कराने में किसी भी प्रकार की सहायता हेतु संबंधित ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।

    किसान बढ़ा सकते हैं अपनी आय कृषक उत्पादक संगठन से जुड़कर

             शिविर के दौरान जिले के जशपुर जिले के प्रत्येक विकासखंड के कृषक उत्पादक संगठन के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। जिन कृषकों ने अभी तक किसी कृषक उत्पादक संगठन की सदस्यता नहीं ली है, वे शिविर में उपस्थित प्रतिनिधियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सदस्यता हेतु आवेदन कर सकते हैं। कृषक उत्पादक संगठन से जुड़कर किसान न केवल आधुनिक कृषि तकनीक, समूह विपणन और सामूहिक क्रय-बिक्री का लाभ उठा सकते हैं, बल्कि अपनी आय दोगुनी करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम बढ़ा सकते हैं।

  • रायपुर : धान बिक्री से मिले पैसों से किसान जगतराम चौहान करेंगे बेटे की शादी

    रायपुर
    खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम गंधराचुंवा के किसान जगतराम चौहान ने अपनी धान उपज को धान खरीदी केन्द्र कनकबीरा में बेचकर एक बड़ी खुशी को साकार करने की तैयारी शुरू कर दी है। लगभग 3 एकड़ भूमि में अपनी मेहनत की कमाई धान की बिक्री से प्राप्त राशि और अपनी जमा पूंजी को मिलाकर वे अपने बेटे की शादी करने का सपना पूरा करेंगे।

              किसान जगतराम चौहान ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य मिलने से किसान बेहद खुश हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी की अनुमति हेतु विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के ऑनलाइन टोकन सिस्टम से अब प्रक्रिया अत्यंत आसान हो गई है। पहले टोकन लेने के लिए घंटों लाइन लगानी पड़ती थी, लेकिन अब मोबाइल ऐप से घर बैठे ही टोकन प्राप्त किया जा सकता है।

            धान खरीदी केंद्र की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए उन्होंने बताया कि केंद्र में बैठने की सुव्यवस्थित व्यवस्था, हमालों की उपलब्धता, पीने का पानी, अच्छा बारदाना और अन्य सुविधाएँ किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने देतीं। किसान जगतराम चौहान की यह सफलता कहानी न केवल सरकार की पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था की प्रभावशीलता को दर्शाती है, बल्कि किसानों के जीवन में आ रहे सकारात्मक बदलावों का भी प्रमाण है।

  • ग्राम पंचायतों के समन्वय से पेयजल परियोजना को प्राथमिकता दें, उप मुख्यमंत्री शुक्ल का आदेश

    ग्राम पंचायतों के समन्वय से छोटी बसाहटों में पेयजल आपूर्ति कार्य को प्राथमिकता से करें पूर्ण: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल

    रीवा जिले में जल जीवन मिशन एवं हिनौती गौधाम विकास कार्यों की समीक्षा की

    रीवा 

    उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में रीवा जिले में जल जीवन मिशन के अंतर्गत जारी कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों के समन्वय से छोटी बसाहटों में भी पेयजल आपूर्ति से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि इन बसाहटों तक शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिनका प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि हर घर तक नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुँचाने के लक्ष्य को साकार करने में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के बीच प्रभावी समन्वय महत्वपूर्ण है।

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने हिनौती गौधाम के विकास कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने शेड निर्माण के प्रस्ताव को क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप पुनरीक्षित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि गौवंश विहार को नैचुरल फॉर्मिंग (प्राकृतिक खेती) के मॉडल पर उन्नयन किया जाना है, इसके लिए हर संभव सहयोग एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाये। बैठक में अपर मुख्य सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मती दीपाली रस्तोगी; प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी  पी. नरहरि; एमडी मध्यप्रदेश जल निगम  वी. एस. चौधरी, संचालक पंचायत  छोटे सिंह सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

     

  • शुभम ने इस्लाम धर्म अपनाया, लेकिन शादी नहीं हुई; अब गोस्वामी नाम से करेंगे घर वापसी

    भोपाल
     मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अजब-गजब मामला सामने आया है। मुस्लिम युवती से शादी करने के लिए अमन ने इस्लाम धर्म अपना लिया था। तीन साल बाद भी शादी नहीं हुई तो आहत होकर फिर से हिंदू धर्म में घर वापसी होगी।

    गुफा मंदिर में अमन खान की घर वापसी

    गुफा मंदिर में अमन खान की घर वापसी होगी। इसके पहले मंत्रोचारण के साथ उनका मुंडन कराया जाएगा फिर विधिवत हिंदू धर्म में पुनः प्रवेश कराया जाएगा। गुफा मंदिर में महंत और कर्मकांडी ब्राम्हण घर वापसी कराएंगे। अमन खान से शुभम गोस्वामी के नए नाम के साथ घर वापसी होगी।

    इस्लाम धर्म अपनाने के बाद धोखा

    बताया जाता है कि तीन साल पहले अमन हिंदू था। मुस्लिम लड़की के प्रेम में पड़कर और शादी के लिए शुभम मुस्लिम बन गया था। इस्लाम धर्म अपनाने के बाद भी शादी नहीं कराने का आरोप लगाया है। प्रेम में धोखा खाने और आहत होकर घर वापसी कर रहे है। 

  • CBSE सहित सभी स्कूलों के लिए नया निर्देश, क्रिसमस की लंबी छुट्टियाँ अब नहीं

    जबलपुर
     एमपी के कई जिलों में इस बार क्रिसमस पर स्कूलों में लंबी छुट्टी नहीं मिलेगी, केवल दो दिन का अवकाश रहेगा। मिशनरी और सीबीएसई स्कूलों में क्रिसमस पर सिर्फ दो दिन की छुट्टी होगी, जबकि शीतकालीन अवकाश 31 दिसंबर से चार जनवरी तक रहेगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सीबीएसई स्कूलों को भी राज्य सरकार के निर्धारित अवकाश नियमों का पालन करना होगा, जिसके कारण क्रिसमस की छुट्टियों में कटौती की गई है। सरकारी स्कूलों में क्रिसमस पर केवल 25 दिसंबर को एक दिन का अवकाश रहेगा, जिसके बाद नियमित कक्षाएं संचालित होंगी।

    छुट्टी का शेड्यूल जारी
    जिले के मिशनरी और सीबीएसई स्कूलों में इस बार क्रिसमस पर छात्रों को लंबी छुट्टी का लाभ नहीं मिलेगा। क्रिसमस पर्व पर केवल दो दिन का अवकाश दिया जाएगा। शीतकालीन अवकाश 31 दिसंबर से चार जनवरी तक रहेगा। कई स्कूलों ने इसका आधिकारिक शेड्यूल जारी कर दिया है। जिले में लगभग 70 सीबीएसई स्कूल संचालित किए जाते हैं, जिसमें मिशनरी स्कूल भी शामिल हैं। पिछले वर्षों में सीबीएसई स्कूलों में 23 दिसंबर से शीतकालीन अवकाश शुरू हो जाता था, जो एक या दो जनवरी तक चलता था। लेकिन इस बार छुट्टियों के नियमों में सख्ती की गई है।

    सरकारी नियमों का पालन जरूरी
    शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस बार सीबीएसई स्कूलों को भी राज्य सरकार के निर्धारित अवकाश नियमों का पालन करना होगा। इसी कारण क्रिसमस की छुट्टियों में कटौती की गई है। इसका सीधा असर विद्यार्थियों और अभिभावकों पर पड़ा है। सरकारी स्कूलों में स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार केवल 1 दिन 25 दिसंबर को क्रिसमस अवकाश रहेगा। इसके बाद नियमित कक्षाएं संचालित होंगी। इसके बाद 31 दिसंबर से 4 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश रहेगा और सभी स्कूल पांच जनवरी से खुलेंगे।

     

  • संजय टाइगर रिजर्व में वन्य जीवन सर्वे, शाकाहारी और मांसाहारी प्राणियों का संतुलन बेहतर

    सीधी
     मध्य प्रदेश के सीधी में स्थित संजय टाइगर रिजर्व में सर्वे चल रहा है। मांसाहारी और शाकाहारी वन्य प्राणियों का आकलन किया जा रहा है। संजय टाइगर रिजर्व के 9 परिक्षेत्रों में सर्वेक्षण का काम चल रहा है। 124 बीट के 250 कर्मचारी और 11 वालेंटियर सुबह 6 से 9 बजे तक कार्य कर रहे है।

    सीधी जिला आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र कहा जाता है। जहां कुसमी क्षेत्र में स्थापित संजय टाइगर रिजर्व क्षेत्र माना गया है। अखिल भारतीय बाघ आकलन वर्ष 2026 के तहत यहां लगभग चार साल के बाद सर्वेक्षण किया जा रहा है। जिम्मेदार विभाग मांसाहारी, शाकाहारी और वन्यजीव का आकलन कर रहे है। इसके लिए 250 कर्मचारियों की अलग-अलग टीमें काम कर रही है। इन कर्मचारियों में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली-हरियाणा समेत अन्य राज्यों के लोग शामिल हैं।

    संजय टाइगर रिजर्व के एसडीओ सुधीर मिश्रा ने बताया कि अभी मांसाहारी प्राणियों का सर्वेक्षण हुआ है। शाकाहारी समेत वन्यजीवों का भी आकलन होना है। उन्होंने बताया कि खुशी की बात ये है कि संजय टाइगर के रिजर्व के कुछ ऐसे स्थान, जहां पहले बाघ के पैरों के चिन्ह नहीं मिला करते है अब वहां भी बाघ के पैरों के चिन्ह मिल रहे है। साथ ही जल्द ही अन्य जीवों का सर्वेक्षण भी पूरा कर रिपोर्ट बना तैयार की जाएगी।

  • मध्य प्रदेश का नक्सल मुक्त अभियान सफल, रामधेर मज्जी और 12 साथियों का सरेंडर

    बालाघाट 

    मध्यप्रदेश से माओवादी ढांचे का अंतिम किला भी ढह गया है. देश के सबसे खतरनाक और एक करोड़ इनामी माओवादी नेता सेंट्रल कमेटी मेंबर (CCM) रामधेर मज्जी ने सोमवार तड़के अपने 11 टॉप कमांडरों के साथ हथियार डाल दिए. यह सरेंडर छत्तीसगढ़ में खैरागढ़ जिले के बाकरकट्टा थाना क्षेत्र के कुमही गांव में हुआ, जहां रामधेर ने AK–47 पुलिस के हवाले कर दी. उसके साथ DVCM और ACM स्तर के आतंकी चंदू उसेंडी, ललिता, जानकी, प्रेम, रामसिंह दादा और सुकैश पोट्टम भी हथियारों के साथ सामने आए. छह महिला नक्सलियों ने भी INSAS, SLR और .303 जैसे हथियार सौंप दिए. दशकों से तीन राज्यों में सक्रिय माओवादी नेटवर्क के लिए यह सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है.

    मध्य प्रदेश का यह प्रमुख नक्सल प्रभावित जिला, जिसकी पहचान 1990 के दशक से नक्सली हिंसा और सक्रियता के लिए रही है, अब आधिकारिक रूप से नक्सल मुक्त घोषित कर दिया गया है।

    यह उपलब्धि केंद्रीय गृह मंत्रालय की मार्च 2026 की तय समय सीमा से पहले हासिल हुई है।

    अब सिर्फ एक नक्सली दीपक सक्रिय बालाघाट एसपी आदित्य मिश्रा के मुताबिक, नक्सलियों ने पुनर्वास से पुनर्जीवन तक सरकार की नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण किया है। इससे जिला लगभग नक्सली मुक्त हो गया है। जिले में अब सिर्फ एक नक्सली दीपक सक्रिय है। सुरक्षा एजेंसियों को उम्मीद है कि वह भी जल्द सरेंडर कर देगा।

    एमएमसी जोन प्रभारी रामधेर मज्जी भी शामिल आत्मसमर्पण करने वालों में एमएमसी जोन प्रभारी रामधेर मज्जी भी शामिल रहे, जिन्होंने एक AK-47 राइफल सौंपकर समर्पण किया। उनकी गार्ड और हार्डकोर नक्सली मानी जाने वाली सुनीता ओयाम कुछ वक्त पहले ही बालाघाट पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर चुकी थी। इस दौरान कुल 12 हथियार सौंपे गए, जिनमें दो एके-47, दो इंसास, एक एसएलआर और दो .303 राइफलें शामिल हैं।

    प्रमुख नक्सली, जिन्होंने किया समर्पण सरेंडर करने वाले अन्य प्रमुख नक्सलियों में चंदू उसेंडी (डीवीसीएम), ललिता (डीवीसीएम), जानकी (डीवीसीएम), प्रेम (डीवीसीएम), राम सिंह दादा (एसीएम), सुकेश पोट्टम (एसीएम), लक्ष्मी (पीएम), शीला (पीएम), सागर (पीएम), कविता (पीएम) और योगिता (पीएम) शामिल हैं।

    इन नक्सलियों ने पुनर्वास योजना के तहत सरेंडर किया है। उन्हें राज्य सरकार की मौजूदा पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण और सामाजिक पुनर्स्थापन का आश्वासन दिया गया है।

    29 नवंबर को महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में 11 नक्सलियों का एक दल आत्मसमर्पण कर चुका है, जिसका नेतृत्व अनंत उर्फ विकास नागपुरे कर रहा था, जो पिछले महीने हॉक फोर्स के इंस्पेक्टर आशीष शर्मा की हत्या में शामिल था. NDTV ने कुछ दिनों पहले ही अपनी एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में खुलासा किया था कि रामधेर अब सिर्फ अपने बचे हुए 14 हथियारबंद कैडरों के साथ दक्षिणी MMC ज़ोन के घने जंगलों में छिपा हुआ था. सुरक्षा एजेंसियों ने  बताया था कि यही समूह पूरी MMC संरचना का आखिरी किला है.

    29 नवंबर को अनंत उर्फ विकास नागपुरे के सरेंडर के बाद रामधेर नेटवर्क से बिल्कुल अलग-थलग पड़ चुका था. अनंत ने जाते हुए चार कैडरों को यही जिम्मा दिया था कि रामधेर से संपर्क करें और उसे हथियार डालने के लिए तैयार करें.

    इससे मध्यप्रदेश के लिए यह हफ्ता ऐतिहासिक बन गया है. सिर्फ 24 घंटे पहले बालाघाट में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में MMC के KB डिविजन के 10 बड़े नक्सलियों ने ₹2.36 करोड़ के इनाम के साथ सरेंडर किया था. NDTV ने तभी रिपोर्ट किया था कि इसके बाद ( मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़) यानि दक्षिणी MMC ज़ोन हिल जाएगा और रामधेर की यूनिट भी टूट जाएगी और अब, कुछ ही घंटों में, वह आखिरी दीवार भी ढह गई. इससे मध्यप्रदेश अब लगभग पूरी तरह नक्सल-मुक्त माना जा रहा है.

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को ही कहा था कि “आज का दिन MP पुलिस के नक्सल विरोधी अभियान की सबसे बड़ी जीत है. डिंडौरी और मंडला पहले ही मुक्त थे, बालाघाट भी अब बड़े पैमाने पर नक्सल मुक्त हो रहा है. यह ऑपरेशन ‘सरेंडर करो या समाप्त हो जाओ' की नीति की ऐतिहासिक सफलता है.”

    उत्तर MMC ज़ोन पहले ही खाली हो चुका था. अब दक्षिणी MMC ज़ोन के सबसे बड़े नाम रामधेर के सरेंडर के बाद पूरे MMC क्षेत्र जो तीन राज्यों तक फैला था, का सफाया माना जा रहा है. इससे कान्हा नेशनल पार्क, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और पूरे जंगल कॉरिडोर की सुरक्षा पर बड़ा असर पड़ेगा.

    जो दस नक्सली रविवार को आत्मसमर्पण करने पहुंचे, वे MMC ज़ोन के कान्हा–भोरा देव (KB) डिवीजन से जुड़े थे, जो छत्तीसगढ़ के कबीरधाम और MP के बालाघाट व मंडला जिलों में सक्रिय था. आत्मसमर्पण करने वालों में MMC ज़ोन के विशेष जोनल समिति सदस्य सुरेंद्र उर्फ कबीर सोड़ी (50), राकेश ओड़ी उर्फ मनीष, और एरिया कमेटी सदस्य लालसिंह मरावी, सलीता उर्फ सावित्री, नवीन नुप्पो उर्फ हिड़मा, जैशीला उर्फ ललिता ओयम, विक्रम उर्फ हिड़मा वट्टी, जरीना उर्फ जोगी मुसक और समर उर्फ सोमरू शामिल हैं. इनकी उम्र 26 से 50 वर्ष के बीच है और ये सभी छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के रहने वाले हैं. इनमें से कई पर ग्रामीणों की हत्याओं का गंभीर आरोप है, जिन्हें पुलिस मुखबिर समझकर मारा गया था.

    रविवार का आत्मसमर्पण उस घटना के 36 दिन बाद हुआ है, जब 14 लाख के इनाम वाली नक्सली सुनीता ने हथियार डाले थे, रविवार का दिन इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि इसी से एक दिन पहले MP पुलिस और रामधेर की टीम के बीच MP–छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर मुठभेड़ हुई थी. 2025 में अब तक MP पुलिस ने टारगेटेड ऑपरेशंस में 10 खतरनाक नक्सलियों का एनकाउंटर किया है, जिन पर कुल 1.86 करोड़ रुपये का इनाम था.

  • लोकभवन में मनाया गया सशस्त्र सेना झंडा दिवस, राज्यपाल पटेल को लगाया गया प्रतीक ध्वज

    भोपाल 

    राज्यपाल  मंगुभाई पटेल को सशस्त्र सेना दिवस के अवसर पर ध्वज लगाया गया। लोकभवन में सोमवार को सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाया गया। राज्यपाल  पटेल को सैनिक कल्याण संचालनालय मध्यप्रदेश के संचालक बिग्रेडियर अरूण नायक (से.नि.) ने ध्वज लगाया। राज्यपाल  पटेल ने सशस्त्र सेना कल्याण निधि के लिए सहयोग राशि भी प्रदान किया।

    राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों से अपील की है कि सशस्त्र सेना के लिए अधिक से अधिक राशि का अशंदान करें। सशस्त्र सेनाओं के प्रति कृतज्ञता प्रदर्शन में सभी सहभागी बनें।             

     

  • निर्माण स्थल पर नक्सली हमला: ठेकेदार अगवा, पुलिस ने शुरू की जांच

    बीजापुर

    जिले से बड़ी खबर सामने आई है, जहां नक्सलियों ने सड़क निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार को बंधक बना लिया है। घटना के दौरान नक्सलियों द्वारा ठेकेदार के साथ मारपीट किए जाने की भी जानकारी मिली है। शुरूआती जानकारी के मुताबिक ठेकेदार इम्तियाज़ अली के साथ काम कर रहे उसके एक सहयोगी ने किसी तरह मौके से जान बचाकर भागने में सफलता पाई। वह सीधे इरापल्ली के मेटागुड़म कैंप पहुंचा, जहां उसने पूरी घटना की जानकारी सुरक्षा बलों को दी।

    ठेकेदार इम्तियाज़ अली के सहयोगी ने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान नक्सलियों का एक दस्ता मौके पर पहुंचा और ठेकेदार को अपने साथ जंगल की ओर ले गया।

    मामले की पुष्टि करते हुए बीजापुर एसपी जितेंद्र कुमार यादव ने बताया, “ठेकेदार के साथ काम करने वाला उसका एक साथी हमारे कैंप में पहुंचा है। उसने बंधक बनाए जाने की जानकारी दी है। हमारी टीमें घटना की तस्दीक कर रही हैं और आगे की कार्रवाई की जा रही है।”

    घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस और सुरक्षा बलों ने आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नक्सलियों ने ठेकेदार को किस उद्देश्य से उठाया है।

    गौरतलब है कि सड़क निर्माण कार्य लंबे समय से नक्सलियों के निशाने पर रहते हैं, क्योंकि ये परियोजनाएँ नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों की आवाजाही और विकास कार्यों को गति देती हैं। इसी कारण ठेकेदारों और मजदूरों पर नक्सली दबाव व हमलों की घटनाएँ समय-समय पर सामने आती रहती हैं।

    फिलहाल पुलिस की टीमें ठेकेदार की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने में जुटी हैं। घटना पर आगे के अपडेट का इंतज़ार है।

  • मुख्यमंत्री साय बोले – शिक्षा ही सामाजिक विकास का मूलमंत्र

    रायपुर,

    सामाजिक विकास का वास्तविक आधार शिक्षा है। चाहे जीवन जीने की कला हो, व्यापार हो, कृषि हो या कोई अन्य क्षेत्र — हर क्षेत्र में सफलता का पहला कदम शिक्षा ही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्व रविदास समाज के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने मंच पर सभी नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई और उन्हें शुभकामनाएँ दीं।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रारंभ से ही शिक्षा के स्तर को उन्नत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य गठन के समय जहाँ मात्र एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं आज प्रदेश में लगभग 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। इसी प्रकार, छत्तीसगढ़ में आईआईटी, ट्रिपल-आईटी, आईआईएम, लॉ यूनिवर्सिटी, एम्स, सिपेट जैसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों की स्थापना से स्थानीय युवाओं को बड़े अवसर प्राप्त हुए हैं।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि समाज को मजबूत और संगठित होना समय की आवश्यकता है, क्योंकि संगठित समाज ही राष्ट्र निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मूलमंत्र — “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” — का उल्लेख करते हुए कहा कि इन्हीं मार्गदर्शक सिद्धांतों के अनुसार राज्य सरकार 23 महीनों से सभी वर्गों के हित में काम कर रही है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार ने हाल के महीनों में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं जिसमें अन्नदाताओं के लिए कृषक उन्नति योजना, प्रत्येक परिवार को पक्का मकान देने हेतु प्रधानमंत्री आवास योजना, माताओं और बहनों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने वाली महतारी वंदन योजना, दूरस्थ अंचलों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु शिक्षक युक्तियुक्तकरण जैसे कदम शामिल हैं।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अब तक विभिन्न विभागों में 10 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षाएं पूर्ण निष्पक्षता के साथ संपन्न कराई गई हैं, जिससे युवाओं में नया विश्वास उत्पन्न हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने नई उद्योग नीति लागू की है, जिससे स्थानीय लोगों को अधिक अवसर, रोज़गार और स्वरोजगार प्राप्त हो सकेगा।

    मुख्यमंत्री साय ने समाज के लोगों से आग्रह किया कि वे अधिकाधिक संख्या में शासन की योजनाओं का लाभ लेकर अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएँ। कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा ने भी संबोधित किया और नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी। इस अवसर पर सर्व रविदास समाज छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विजय मेहरा, रायपुर संभाग आयुक्त महादेव कांवरे, दिलीप वासनीकर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • दुर्ग में ऐतिहासिक कदम, अब प्रताड़ित पुरुषों की सुनवाई हर रविवार होगी

    दुर्ग
     पारिवारिक विवादों में निष्पक्षता और संतुलन की दिशा में दुर्ग पुलिस ने एक ऐतिहासिक और बेहद सराहनीय पहल की शुरुआत की है। महिला थाना, दुर्ग के पारिवारिक परामर्श केंद्र में अब पुरुष पक्ष की भी समस्याओं की आधिकारिक सुनवाई होगी। यह पहली बार है जब प्रदेश में किसी महिला थाना ने पुरुषों के लिए भी अलग परामर्श व्यवस्था शुरू की है।

    रविवार, 07 दिसंबर 2025 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग की उपस्थिति में इस नई व्यवस्था का औपचारिक शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के दौरान ही 8 पुरुष आवेदकों की शिकायतों पर सुनवाई की गई, जहाँ उन्हें काउंसलरों और पुलिस अधिकारियों ने कानूनी व मानसिक सहायता उपलब्ध कराई। एसपी ने व्यक्तिगत रूप से सभी आवेदनों को सुना और निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

     क्यों जरूरी पड़ा यह कदम?

    कई पुरुष आवेदकों ने शिकायत की थी कि पारंपरिक महिला परामर्श केंद्रों में उनकी बात को पर्याप्त महत्व नहीं मिलता। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए

    परिवार को बचाने,

    दोनों पक्षों को समान अवसर देने, और निष्पक्ष समाधान तक पहुँच बनाने के उद्देश्य से दुर्ग पुलिस ने पुरुष काउंसलरों की नियुक्ति कर यह नई व्यवस्था लागू की।

     नई व्यवस्था कैसे काम करेगी?

    अब हर रविवार पुरुष अपनी किसी भी पारिवारिक या वैवाहिक समस्या लेकर यहाँ आ सकेंगे। पुरुष एवं महिला काउंसलरों की संयुक्त टीम उनकी बात सुनेगी।  कानूनी सहायता, पारिवारिक समन्वय और व्यवहारिक समाधान उपलब्ध कराए जाएंगे।वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी निगरानी में उपस्थित रहेंगे, ताकि किसी भी पक्ष को उपेक्षित महसूस न हो।

    काउंसलिंग में उपस्थित रहे अधिकारी

    इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे अशोक जोशी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (सेवानिवृत्त) – पुरुष काउंसलर ,रत्ना डाकलिया एवं मोनिका सिंह  महिला काउंसलर,पद्मश्री तंवर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (IUCAW),भारती मरकाम, उप पुलिस अधीक्षक (IUCAW),नीता राजपूत, थाना प्रभारी महिला थाना पुलिस स्टाफ एवं अन्य सदस्य सभी ने मिलकर यह संकल्प लिया कि महिला थाना अब परिवार को जोड़ने का केंद्र बनेगा, न कि केवल शिकायत सुनने का स्थान।

    एसपी दुर्ग का स्पष्ट संदेश

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए

    “प्रत्येक शिकायत निष्पक्ष रूप से सुनी जाए। किसी भी पक्ष को कमतर न समझा जाए। हमारा उद्देश्य परिवार को टूटने से बचाना और न्यायपूर्ण संस्कृति स्थापित करना है।