• केंद्र ने जारी की IAS कैडर लिस्ट, छत्तीसगढ़ को तीन अधिकारियों का आवंटन

    रायपुर

    केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा (UPSC-CSE 2024) के परिणामों के आधार पर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के लिए चुने गए उम्मीदवारों को कैडर आवंटित कर दिया है. ऑल इंडिया टॉपर शक्ति दुबे को होम स्टेट कैडर उत्तर प्रदेश मिला है. वहीं छत्तीसगढ़ को इस बार 3 नए आईएएस मिले हैं. यूपीएससी 2024 में 65 वीं रैंक हासिल करने वाली छत्तीसगढ़ कैडर की आईपीएस पूर्वा अग्रवाल को झारखंड कैडर मिला है.

    किसे मिला छत्तीसगढ़ कैडर ?

    छत्तीसगढ़ को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 3 अधिकारी मिले हैं. गोकुल आरके ने यूपीएससी 2024 की परीक्षा में 424 रैंक हासिल किया. वी. यशवंथ ने यूपीएससी 2024 की परीक्षा में 424 रैंक हासिल किया. वहीं इशांत जायसवाल ने 441 रैंक हासिल किया है.

    कैंडिडेट

           होम स्टेट

               अलॉट हुआ कैडर

    गोकुल आरके     

           तमिलनाडू

               छत्तीसगढ़

    वी. यशवंथ     

           तेलंगाना

               छत्तीसगढ़

    इशांत जायसवाल

           यूपी

               छत्तीसगढ़

     

    UPSC परीक्षा टॉपर्स और उनके कैडर:

        शक्ति दुबे – यूपी
        हर्षिता गोयल – गुजरात
        डोंगरे अर्चित पराग – कर्नाटक
        शाह मार्गी चिराग – गुजरात
        आकाश गर्ग – AGMUT
        कोमल पुनिया – यूपी
        आयुषी बंसल – मध्य प्रदेश
        राजकृष्ण झा – बिहार
        आदित्य विक्रम अग्रवाल – यूपी
        मयंक त्रिपाठी – यूपी

     

  • मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा प्रारंभ

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा प्रारंभ

    मुख्यमंत्री जी ने विभाग द्वारा पीडीएस अंतर्गत संपन्न ईकेवायसी प्रक्रिया को सराहा, विभाग को बधाई दी

    भोपाल 

    * प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में 5.25 करोड़ से अधिक हितग्राहियों को 22 हजार 800 करोड़ की लागत का 66.25 लाख मेट्रिक टन नि:शुल्का खाद्यन्न वितरण।
    * पीडीएस अंतर्गत 536.23 लाख हितग्राहियों में से 497.08 लाख हितग्राहियों का हुआ ईकेवायसी।
    * ईकेवायसी के बाद 34.87 लाख हितग्राहियों का पोर्टल से बिलोपन। इससे प्रतिमाह 32.43 करोड़ की बचत प्रतीक्षारत लगभग 14 लाख नवीन हितग्राहियों को पात्रता पर्ची जारी कर नि:शुल्क  खाद्यन्न का वितरण।
    * केवायसी करने के 72 घण्टे में पात्रता पर्ची जारी की।
    * लाड़ली बहनों एवं उज्जवला योजना से लाभान्वित महिलाओं को विगत दो वर्ष में 911.3 करोड़ राशि का अनुदान। 
    * शहरी गैस वितरण कंपनी को अपेक्षित सहयोग के लिए जिला स्तर पर सिंगल विडों पोर्टल का शुभारंभ। 
    * इंदौर जिले की 30 उचित मूल्य दुकानों का जन पोषण केंद्र के रूप में उन्नयन। 
    * पात्र हितग्राहियों के मोबाइल पर एसएमएस द्वारा राशन प्रदाय की सूचना।
    * मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के वाहनों में जीपीएस के माध्यम से स्टेट लेवल से मॉनिटरिंग। 
    * उचित मूल्य दुकानों पर आधुनिक पीओएस मशीन लगाई जाएंगी। 
    * वर्ष 2024-25 में गेहूं के समर्थन मूल्य पर 125 रुपए और वर्ष 2025-26 में 175 रुपए का बोनस दिया गया। 
    * खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय करने वाले किसानों को मुख्यमंत्री कृषि उन्नति योजना में प्रोत्साहन राशि का भुगतान।
    * मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा संचालित गतिविधियों की रियल टाइम मॉनिटरिंग  के लिए इमेजिनेशन मेजरमेंट एप, फुमिगेशन एप और इंस्पेक्शन एप बनाए गए हैं।
    * गोदामो की छत पर सोलर पैनल की स्थापना प्रस्तावित है।
    * सिंहस्थ 2028 के लिए मेला क्षेत्र में 40 उचित मूल्य दुकानों की स्थापना और अखाड़ों की मांग अनुसार अस्थाई राशन कार्ड जारी किया जाना प्रस्तावित है। अखाड़ों को अस्थाई गैस कनेक्शन भी जारी किए जाएंगे।

  • बाल विवाह मुक्त मिशन: सूरजपुर समेत कई जिलों में प्रशासन की सख्त पहल

    रायपुर

     छत्तीसगढ़ में बाल विवाह की दर राष्ट्रीय औसम 23.3 प्रतिशत से लगभग आधी है लेकिन 11 जिलों को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है. राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे 5 के अनुसार छत्तीसगढ़ में बाल विवाह की दर 12 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत लगभग आधी है जबकि सूरजपुर में यह 34.3 प्रतिशत है. इसी तरह बलरामपुर, कोरिया, जशपुर और मुंगेली में भी बाल विवाह की दर 20 से 30 प्रतिशत के बीच है, जो राज्य के अन्य जिलों से काफी अधिक है. उक्त जिलों के साथ रामानुजगंज, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, कोरबा, कबीरधाम, गरियाबंद, जशपुर, नारायणपुर के संवेदनशील गांवों की पहचान करके उन्हें बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा.

    अभियान के तहत राज्य, जिला और गांव स्तर पर इस अभियान को तीन चरणों में बांटा गया है. पहले चरण में स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में जागरूकता के प्रसार पर जोर रहेगा. दूसरे चरण में मंदिर, मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारों जैसे धार्मिक स्थलों पर जहां विवाह संपन्न कराए जाते हैं. साथ ही विवाह में सेवाएं देने वाले बैंक्वेट हाल, बैंड बाजा वाले, कैटरर, डेकोरेटर इत्यादि पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा. तीसरे और आखिरी चरण में बाल विवाह की रोकथाम के लिए ग्राम पंचायतों, नगरपालिका के वाडों व समुदाय स्तरीय भागीदारी और जिम्मेदारी को मजबूत किया जाएगा.

    1 साल में रोके गए 3935 बाल विवाह
    जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) ने 2030 तक बाल विवाह मुक्त भारत के लक्ष्य के तहत अगले एक साल में एक लाख गांवों को बाल विवाह मुक्त बनाएगा. दावा किया गया है कि जेआरसी से जुड़े संगठनों ने एक साल में छत्तीसगढ़ में 3935 बाल विवाह रोकने में सफलता हासिल की है. महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने बाल विवाह के खात्मे के लिए 100 दिवसीय सघन जागरूकता अभियान शुरू किया है. इसका समापन 8 मार्च 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर होगा.

  • उम्मीद खत्म हुई थी, ग्वालियर पुलिस ने 1.82 करोड़ रुपये के 736 मोबाइल ढूंढकर दी राहत

    ग्वालियर
     साल के आखिरी महीने में ग्वालियर पुलिस ने 736 ऐसे लोगों को ऐसा तोहफा दिया, जो हमेशा इस वर्ष की याद दिलाएगा। इन लोगों के गुम हुए मोबाइल पुलिस ने खोज निकाले। इसमें नई तकनीक ने भी पुलिस का साथ दिया, जिससे इतनी बड़ी संख्या में मोबाइल मिल सके। जिनके मोबाइल गुम हुए थे, उन्होंने तो वापस मिलने की उम्मीद ही छोड़ दी थी। लेकिन जब यह मोबाइल दोबारा इनके हाथ में पहुंचा तो मायूस चेहरों पर मुस्कान लौट आई।

    किसी ने किस्तों पर मोबाइल खरीदा था तो किसी के पिता, भाई, पति ने उपहार में मोबाइल दिया था। किसी के मोबाइल में महत्वपूर्ण डेटा था, जो सुरक्षित मिला। पुलिस का दावा है कि बरामद हुए 736 मोबाइलों की कीमत 1.82 करोड़ रुपये है। एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि एएसपी अनु बेनीवाल के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच के डीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार, साइबर सेल प्रभारी रजनी सिंह रघुवंशी और इनकी टीम ने कड़ी मेहनत की।

    देश के अलग-अलग राज्यों तक यह मोबाइल पहुंच गए थे, लेकिन जैसे ही मोबाइल चालू हुए तो पुलिस ने संपर्क किया। इसके बाद यह मोबाइल पुलिस तक पहुंचे। रविवार को इन लोगों को पुलिस कंट्रोल रूम में बुलाया गया और मोबाइल लौटाए गए। एसएसपी का कहना है कि मोबाइल ढूंढने में अच्छा काम करने वाली टीम को पुरस्कृत किया जाएगा।
    इन कंपनियों के थे मोबाइल

    एपल, सैमसंग, ओप्पो, वीवो, रेड-मी, रियलमी, पोको, लावा, गूगल, मोटोरोला, वनप्लस सहित अन्य कंपनियों के मोबाइल शामिल हैं।

    संचार साथी एप

    अगर कोई मोबाइल खो जाए तो अपने घर के किसी अन्य सदस्य के मोबाइल में संचार साथी एप डाउनलोड करें या संचार साथी पोर्टल के जरिये मोबाइल गुम होने की रिपोर्ट कर सकते हैं।
    सीईआईआर पोर्टल

    दूरसंचार विभाग के ही सेंट्रल इलेक्ट्रानिक आइडेंटिटी रजिस्टर पोर्टल पर जाकर रिपोर्ट करें, लेकिन इसमें पुलिस रिपोर्ट की अनिवार्यता है, जबकि पुलिस थानों में शिकायत लेने से ही इंकार कर दिया जाता है।
    यह जरूर संभाल कर रखें

        मोबाइल का बिल।
        मोबाइल के आईएमईआई नंबर।

    ये बोले लोग : किस्त पर लिया था मोबाइल

        मेरे पति प्लम्बर का काम करते हैं। किस्त पर दो माह पहले ही मोबाइल लिया था। यह मोबाइल गिर गया था। आज वापस मिल गया, हम तो उम्मीद खो चुके थे, यह मोबाइल वापस मिलेगा। – लता कुशवाह।

    मोबाइल गिर गया था

        मैं दिव्यांग हूं। सुरक्षा गार्ड की नौकरी कर मोबाइल खरीदा था। यह मोबाइल गिर गया। अब वापस मिल गया। पुलिस को धन्यवाद देता हूं। – विनोद सिकरवार।

    मोबाइल तो मिला ही, डेटा भी मिल गया

        मैं जीआरएमसी से एमबीबीएस कर रही हूं। इंदौर से ग्वालियर आ रही थी। तभी बस में मोबाइल गिर गया था। मोबाइल में महत्वपूर्ण डेटा था। मोबाइल तो मिला ही, डेटा भी मिल गया। – पायल सोलंकी।

     

  • गुलदस्ता छोड़ो, फलों की टोकरी दो! — धर्मेंद्र प्रधान ने 500 रुपये की गुलदस्ता संस्कृति को किया चुनौती

     भोपाल
    केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भोपाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) पर आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने शिक्षा की जन-आंदोलन की बात करते हुए मध्य प्रदेश के स्कूली बच्चों के पोषण को लेकर एक चौंकाने वाला बयान दिया और मंच पर मौजूद बीजेपी विधायकों को सख्त नसीहत भी दी. 

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोषण का अभियान चलाया है, लेकिन यह केवल सरकारी मिशन नहीं हो सकता. उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे गुलदस्ते पर खर्च होने वाले 500 या 1000 रुपए को भी फल या पोषण सामग्री पर खर्च करें. 

    प्रधान ने कहा, ''मुझे स्वागत के दौरान गुलदस्ता भेंट किया जाता है, जिसकी कीमत कम से कम 500 रुपए होती और वह महज 20 सेकंड के लिए ही होता है. फोटो खिंचवाने के लिए गुलदस्ते भेंट किए जाते हैं, जबकि इतने पैसों में 2 किलो सेब आ जाएंगे.''

    उन्होंने गुजरात का उदाहरण दिया कि वहां गुलदस्तों की जगह फलों की टोकरी देने की पहल शुरू की गई. केंद्रीय मंत्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षा को जन-आंदोलन बनाने के लिए केवल सरकारी प्रयास काफी नहीं हैं, बल्कि समाज को भी आगे आना होगा. इस दौरान उन्होंने मध्य प्रदेश के बच्चों की पोषण स्थिति पर चिंता व्यक्त की. 

    बच्चों के पोषण की बात करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने मंच पर मौजूद बीजेपी विधायकों रामेश्वर शर्मा और भगवानदास सबनानी को टोकते हुए एक रचनात्मक सुझाव दिया. कहा, ''ये हमारे मित्र रामेश्वर शर्मा बडे़-बडे़ भंडारे करते हैं. हमारे हिंदू नेता हैं. मैं उनसे निवेदन करता हूं कि इस बार रामेश्वर जी की विधानसभा में कम से कम हफ्ते में एक बार एक बच्चे को एक पीस अंजीर, दो काजू और एक बेसन का लड्‌डू मिल जाए. शायद उसके न्यूट्रिशनल इंपैक्ट से कोई अब्दुल कलाम निकल सकता है. ये तो समाज का दायित्व है. प्रधानमंत्री जी ने पोषण का अभियान चलाया है लेकिन ये सरकारी मिशन नहीं हो सकता. सरकार तो कर ही रही है.''

    धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, "मैं जिम्मेदारी के साथ कहता हूं कि मध्य प्रदेश के डेढ़ करोड़ विद्यार्थियों में से 50 लाख बच्चे ऐसे होंगे जिन्होंने 5वीं क्लास तक सेब (Apple) नहीं देखा होगा. देखे होंगे तो बाजार में देखे होंगे, खाने का उनको सौभाग्य नहीं है. अंजीर तो उनकी जिंदगी में शायद 10वीं के बाद आया तो आया, नहीं तो नहीं. उन्होंने यह भी कहा कि अनेक बच्चों को एक गिलास दूध जब चाहिए तब नहीं मिलता है.''

  • तस्करों पर प्रशासन की सख्ती: धान तस्करी में शामिल 28 वाहन व भारी मात्रा में धान जब्त

    गरियाबंद

    छत्तीसगढ़–ओडिशा सीमावर्ती क्षेत्रों में धान तस्करी पर लगातार चल रही कार्रवाई है. सीमा का आड़ लेकर धान को एक राज्य से दूसरे राज्य में खपाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन लगभग एक महीने में पुलिस की मुस्तैद कार्रवाई ने तस्करों की कमर तोड़ दी है.

    मगररोडा जांच नाका से महज 500 मीटर दूर पर स्थित ओडिसा चंदाहांडी थाना क्षेत्र के जामलीपारा में ट्रक से धान लाकर डंप किया गया, जिसे पिकअप के जरिए देवभोग इलाके में लाने की तैयारी थी. देवभोग पुलिस ने पुख्ता सूचना पर मौके पर पहुंची तो ट्रक डंप कर भाग चुका था.

    थाना प्रभारी फैजुल शाह हुदा ने बताया कि किसी भी स्थानीय ने इस धान को अपना नहीं होना बताया. जिसके बाद चंदाहांडी पुलिस और वहां के फूड इंस्पेक्टर पृथ्वी राज मेहर को सूचना कर पुलिस ने 25 तो राजस्व अमला ने 6 वाहन किए जब्त कर लिया गया. पुलिस के इस संयुक्त कार्रवाई के बाद तस्करों का सीमापार डंपिंगयार्ड बनाने की रणनीति भी ध्वस्त पड़ गई. थाना प्रभारी फैजुल शाह ने कहा कि गैर कानूनी कार्य में सीमाएं बाधा नहीं बनेंगे. कानून अपना काम करना जानती है, पुलिस कप्तान के दिशा निर्देश में सीमावर्ती पुलिस थानों में समन्वय बना कर आगे भी इसी तरह कार्रवाई किया जाएगा.

    इधर अमलीपदर में भी बीती रात तीन बड़ी कार्रवाई ने बिचौलियों के नींद उड़ा दिया है. थाना प्रभारी दिलीप मेश्राम ने बताया कि अवैध तस्करी रोकने बनाई टीम को दो ट्रेक्टर और एक मेटाडोर में ओडिसा के रास्ते अवैध धान आने की सूचना मिली थी. सीमा पार के चुके वाहन चालक को भनक लगी तो वापस जाने की आपाधापी में लगा रहा, लेकिन मुस्तैद टिम ने पकड़ लिया. मेश्राम ने बताया कि रात को ही कार्रवाई में 314 पेकेट धान जब्त किया गया है, दो ट्रेक्टर में कूल 110 पैकट शेष मात्रा मेटाडोर में जब्त हुआ है.

    पुलिस ने 25 तो राजस्व अमला ने 6 वाहन किए जब्त

    पिछले 27 दिनों में देवभोग पुलिस ने 17 वाहन और डंप मिलाकर 670 क्विंटल धान जब्त किया है.जबकि राजस्व अमला ने 6 वाहनों के साथ 200 क्विंटल धान जब्त किया. अमलीपदर पुलिस ने भी 8 वाहनों में 500 क्विंटल जप्त किया है. इस तरह अब तक 28 वाहन और 1370 क्विंटल धान जप्त किया गया. ओडिसा के इस अवैध धान के एवज में सरकार को लगभग 45 लाख का भुगतान करना पड़ता.

    कार्रवाई से खरीदी आधी हो गई

    अंतिम खरीदी तारीख तक देवभोग ब्लॉक के 12 खरीदी केंद्र में 8 हजार क्विंटल की खरीदी हुई थी.जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 16 हजार पार कर गया था. ऐसा ही परिवर्तन गोहरापदर ब्रांच के अधीन आने वाले 9 से ज्यादा सीमावर्ती खरीदी केंद्रों में देखने को मिला है. लगातार वाहनों के धर पकड़ के चलते इस बार कोचियों और सप्लायर में हड़कंप मचा हुआ है. प्रशासन का दबाव आगे भी इसी तरह बना रहा तो सरकार को बोगस खरीदी में होने वाले प्रति वर्ष के करोड़ों का नुकसान, इस बार नहीं होगा.

    ओडिसा से धान आवक की दो बड़ी वजह

    1. स्थानीय उत्पादन तय मात्रा से कम

    देवभोग तहसील क्षेत्र की औसतन पैदावारी प्रति एकड़ 10 से 12 क्विंटल है. अमलीपदर तहसील क्षेत्र में भी लगभग यही स्थिति.सरकार समर्थन मूल्य में प्रति एकड़ रकबे में 21 क्विंटल खरीदी करती है. ऐसे में खरीदी के लिए प्रावधिक मात्रा और उत्पादन मात्रा के अंतर के लिए किसान ओडिसा की पैदावारी पर निर्भर है.पिछले पांच सालों से ओडिसा के धान पर निर्भरता बढ़ गई है.

    2. उड़ीसा की धान खरीदी नीति में झोल झाल

    दो साल पहले तक ओडिसा में 2300 प्रति क्विंटल में धान खरीदी होती थी.सत्र 2024 से बोनस 800 देना शुरू कर 3100 में खरीदी तय तो किया पर,खरीदी प्रक्रिया मिलर के सहूलियत पर निर्भर होती है.इस साल 28 नवंबर से समर्थन मूल्य खरीदी शुरू कर दिया गया,लेकिन मिलर से अनुबंध नहीं होने के कारण ,धान खरीदी बंद है.कब शुरू होगा,आगे क्या होगा यह बताने वाले भी नहीं.ऐसे में बिचौलिए ओडिसा के किसान के घर घर पहुंच कर 2000 में धान नगद खरीद रही,जिसे 2300 से 2500 रुपए तक में सीजी सीमावर्ती किसान ओडिसा का धान खरीदी करने तैयार हैं.

  • इंदौर-पचमढ़ी में पारा गिरा, 10 साल का तापमान रिकॉर्ड टूट गया; भोपाल में ठंड बढ़ी

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश में कड़ाके की सर्दी लगातार बढ़ती जा रही है। ठंड और कोहरे के चलते कई शहरों में दिन का तापमान सामान्य से नीचे चला गया है। भोपाल में लगातार तीसरे दिन शीतलहर चली, जबकि इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और छिंदवाड़ा सहित कई जिलों में तापमान 10 डिग्री के नीचे दर्ज हुआ।

    भोपाल में 7°C पारा, लगातार तीसरे दिन शीतलहर
    राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार हवा की दिशा उत्तर पश्चिमी होने से ठंड और तेज महसूस हो रही है।

    इंदौर समेत 4 शहरों में कोल्ड डे
    आज इंदौर, ग्वालियर, छिंदवाड़ा और शहडोल संभाग के कई शहरों में कोल्ड डे की स्थिति रही। इंदौर का तापमान 8.4 डिग्री, ग्वालियर में 8.4 डिग्री, जबकि जबलपुर का न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री दर्ज हुआ।

    राजधानी भोपाल में पिछले 3 दिन से शीतलहर चल रही है। सुबह से ही लोग ठंड से बचने के जतन करते नजर आए। यहां न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री दर्ज किया गया। उज्जैन में सीजन की सबसे सर्द रात रही, यहां पारा 9 डिग्री रहा। ग्वालियर में 8.9 डिग्री और जबलपुर में पारा 8.3 डिग्री पहुंच गया।

    मौसम विभाग के अनुसार, रविवार-सोमवार की रात में प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां पारा 5.2 डिग्री दर्ज किया गया। उमरिया में 5.6 डिग्री, राजगढ़ में 6 डिग्री, नौगांव में 6.5 डिग्री, रायसेन में 7 डिग्री, खजुराहो में 7.4 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ।

    रीवा में 7.5 डिग्री, मलाजखंड में 7.8 डिग्री, मंडला में 7.9 डिग्री रहा। इसी तरह शिवपुरी में 8 डिग्री, बैतूल-सतना में 8.2 डिग्री, दमोह में 8.6 डिग्री, नरसिंहपुर में 9 डिग्री, छिंदवाड़ा में 9.2 डिग्री, खंडवा-सीधी में 9.4 डिग्री और गुना में पारा 9.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया।

    मौसम विभाग ने आज भी कोल्ड वेव और कोल्ड डे का अलर्ट जारी किया है। इंदौर, उज्जैन और जबलपुर संभाग के कई शहरों में कोल्ड डे (ठंडा दिन) की स्थिति है।

    मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, सोमवार को इंदौर, शाजापुर, धार-नरसिंहपुर में कोल्ड डे और भोपाल में कोल्ड वेव का अलर्ट है। इससे पहले रविवार को भोपाल-शहडोल में शीतलहर चली। शाजापुर, नरसिंहपुर-बैतूल में कोल्ड डे रहा।

    इसलिए कड़ाके की ठंड का दौर मौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की वजह से पहाड़ी राज्यों- हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी-बारिश हुई है। यहां से सर्द हवाएं एमपी में आ रही हैं। पिछले 3 दिन से सर्द हवाएं चल रही हैं।

    ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, भोपाल और सागर संभाग में शीतलहर का सबसे ज्यादा असर है। उत्तर से हवाएं सीधे यहां आ रही हैं इसलिए अन्य जिलों की तुलना में यहां सर्दी ज्यादा है। दिन-रात दोनों ही ठंडे हैं।

    राज्य के प्रमुख शहरों का न्यूनतम तापमान

        शहडोल (कल्याणपुर) – 4.3°C (MP का सबसे ठंडा स्थान)

        पचमढ़ी – 5.4°C

        उमरिया – 6.1°C

        राजगढ़ – 6.6°C

        रीवा – 6.8°C

        मलाजखंड – 7.1°C

        मंडला – 7.4°C

        खजुराहो – 7.8°C

        नरसिंहपुर, शिवपुरी, नौगांव – 8°C

        छिंदवाड़ा – 8.4°C

        रायसेन – 8.6°C

        बैतूल – 8.7°C

        सतना – 9.3°C

        सीधी, दमोह, श्योपुर – 9.4°C

     

  • सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता: CC मेंबर रामधेर ने 11 साथियों संग हथियार डाले

    खैरागढ़

    छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले में नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता दर्ज करते हुए CPI (माओवादी) के शीर्ष नेता और केंद्रीय समिति सदस्य रामधेर मज्जी ने अपने 11 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया. यह सरेंडर आज सुबह गांव कुम्ही, थाना बकर कट्टा में किया गया, जहां सभी कैडरों ने हथियार नीचे रखकर पुलिस के सामने खुद को समर्पित किया. इस कदम को सुरक्षा एजेंसियां नक्सली ढांचे पर निर्णायक प्रहार मान रही हैं, क्योंकि यह पूरा समूह MMC— महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़— स्पेशल जोनल कमेटी का सक्रिय हिस्सा था, जो तीन राज्यों के छह जिलों में अपनी पैठ बनाए हुए था.

    रामधेर मज्जी द्वारा AK-47 के साथ आत्मसमर्पण किए जाने को नक्सली संगठन की सबसे बड़ी टूट मानी जा रही है. उसके साथ DVCM रैंक के चंदू उसेंडी, ललिता, जानकी और प्रेम ने भी सरेंडर किया, जिनमें से दो के पास AK-47 और इंसास जैसे हथियार मौजूद थे. इनके अलावा ACM स्तर के नक्सली रामसिंह दादा और सुकेश पोट्टम ने भी हथियार डाले, जबकि क्षेत्रीय महिला मिलिशिया (PM) की लक्ष्मी, शीला, योगिता, कविता और सागर ने पुलिस के सामने समर्पण कर दिया. समूह के पास AK-47, इंसास, SLR, 303 और 30 कार्बाइन जैसे हथियार बरामद हुए हैं.

    इस सरेंडर ने MMC स्पेशल जोन को लगभग निष्प्रभावी बना दिया है. इससे पहले MMC जोन के प्रवक्ता अनंत गोंदिया में आत्मसमर्पण कर चुका था, जबकि बीते एक दिन में ही बालाघाट में सुरेंद्र सहित नौ अन्य माओवादी हथियार डाल चुके हैं. लगातार हो रही ये सरेंडर श्रृंखलाएं बताती हैं कि नक्सल संगठन की जमीनी पकड़ तेजी से कमजोर हो रही है और सुरक्षा बलों की रणनीति कारगर साबित हो रही है.

    सभी 12 माओवादी अब पुलिस कस्टडी में हैं और उनसे पूछताछ की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. पुलिस जल्द ही प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर पूरे ऑपरेशन और नक्सली नेटवर्क से संबंधित विस्तृत खुलासा करने वाली है.

  • भजन-संगीत के साथ ट्रेन से रवाना हुए विजयवर्गीय, खजुराहो दौरे में पांच मंत्रियों के विभागों का करेंगे निरीक्षण

    भोपाल
     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार और मंगलवार को खजुराहो में अपने मंत्रिमंडल के साथ रहेंगे। वे यहां कैबिनेट बैठक करेंगे और महत्वपूर्ण सरकारी विभागों के काम की समीक्षा करेंगे। सोमवार को खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा से शुरुआत होगी। इसके बाद औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, राजस्व, शहरी विकास एवं आवास, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार, जनजातीय कार्य, अनुसूचित जाति कल्याण और खनिज संसाधन विभागों की समीक्षा की जाएगी।

    कैबिनेट की अहम बैठक भी होगी
    मंगलवार को खजुराहो में कैबिनेट बैठक होगी, जिसमें अहम फैसले लिए जाएंगे। इसी दिन CCIP बैठक भी होगी। मुख्यमंत्री पिछले दो सालों में लोक निर्माण विभाग (PWD) और लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (PHE) के कामकाज की भी समीक्षा करेंगे। मंगलवार को ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव छतरपुर जिले के राजनगर में 'लाडली बहना सम्मेलन' में भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में वे प्रदेश की 1.26 करोड़ से अधिक 'लाडली बहनों' के खातों में दिसंबर की किस्त ट्रांसफर करेंगे। वे कुछ लाभार्थियों से बातचीत भी करेंगे।

    ट्रेन में भजन गाकर हुए रवाना
    खजुराहो रवाना होते समय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और तुलसीराम सिलावट ने ट्रेन में भजन गाया। आज खजुराहो में सबसे पहले खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और उनके विभाग की समीक्षा होगी। 11:30 बजे से 12 बजे तक वाणिज्यिक कर विभाग के मंत्री और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के कामकाज का रिव्यू किया जाएगा। 12 बजे से 12:30 बजे तक पशुपालन और डेयरी विकास विभाग के मंत्री लखन पटेल और उनके विभाग का रिव्यू होगा।

    सीएम डॉ. यादव आज खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा के साथ शुरुआत होगी। इसी क्रम में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, राजस्व, नगरीय विकास एवं आवास, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार, जनजातीय कार्य, अनुसूचित जाति कल्याण और खनिज विभाग की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद 9 दिसंबर को सीसीआईपी की बैठक और लोक निर्माण एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के दो वर्षों में हुए कार्यों की मुख्यमंत्री द्वारा समीक्षा की जाएगी।

    खजुराहो में इन विभागों और मंत्रियों का होगा रिव्यू

        आज खजुराहो में सबसे पहले खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और उनके विभाग की समीक्षा होगी।

        11.30 बजे से 12 बजे तक वाणिज्यिक कर विभाग के मंत्री और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के कामकाज का रिव्यू किया जाएगा।

        12 से 12.30 बजे तक पशुपालन और डेयरी विकास विभाग के मंत्री लखन पटेल और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा।

        12.45 बजे से 1.30 नगरीय विकास और आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा।

        दोपहर बाद 4 से 4.45 बजे तक जनजातीय कार्य विभाग और अनुसूचित जाति विकास के मंत्री विजय शाह और नागर सिंह चौहान के कामकाज और विभागीय रिव्यू होगा।

        दोपहर बाद 4.45 बजे से 5.30 बजे तक एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा।

    कल इन विभागों की मीटिंग और कैबिनेट बैठक

        नौ दिसंबर को दोपहर 12 बजे से 12.45 बजे तक लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह और विभाग के परफार्मेंस का रिव्यू होगा।

        12.45 बजे से 1.30 बजे तक पीएचई विभाग की मंत्री संपतिया उइके और उनके विभाग का रिव्यू होगा।

        इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक होगी।

    राजनगर में लाड़ली बहना सम्मेलन में होंगे शामिल, फॉल विजिट भी करेंगे

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव 9 दिसम्बर को छतरपुर जिले के राजनगर के सती की मढ़िया में लाड़ली बहना सम्मेलन में भी शामिल होंगे। सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रदेश की 1.26 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खाते में माह दिसम्बर की राशि ट्रांसफर की जायेगी। मुख्यमंत्री लाड़ली बहनों से संवाद भी करेंगे।

    इन मंत्रियों के विभाग भी होंगे रिव्यू
    12:45 बजे से 1:30 बजे तक नगरीय विकास और आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और उनके विभाग की समीक्षा की जाएगी। दोपहर बाद 4 बजे से 4:45 बजे तक जनजातीय कार्य विभाग और अनुसूचित जाति विकास के मंत्री विजय शाह और नागर सिंह चौहान के कामकाज और विभागीय रिव्यू होगा। दोपहर बाद 4:45 बजे से 5:30 बजे तक एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा। नौ दिसंबर को दोपहर 12 बजे से 12:45 बजे तक लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह और विभाग के परफार्मेंस का रिव्यू होगा। 12:45 बजे से 1:30 बजे तक पीएचई विभाग की मंत्री संपतिया उइके और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा।

  • एमपी में विकास की नई उड़ान, 235 करोड़ रुपये से 7 फ्लाईओवर निर्माण को मंजूरी

    ग्वालियर 
    मध्यप्रदेश में नेशनल हाइवे पर मौजूद 7 जानलेवा ब्लैक स्पॉट अब जल्द ही खत्म हो जाएंगे। इन दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को समाप्त करने के लिए 235 करोड़ रुपए की लागत से सात फ्लाईओवर का निर्माण कराया जा रहा है। ग्वालियर और शिवपुरी जिले में ये सात फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं जिनमें से दो का निर्माण कार्य वर्तमान में तेजी से जारी है, जबकि बाकी के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है या प्रगति पर है।
    फ्लाईओवर बनने के बाद आसान और सुरक्षित होगा सफर

    इन 7 फ्लाईओवर के निर्माण के बाद ग्वालियर और शिवपुरी के करैरा विधानसभा क्षेत्र में सड़क पर मौजूद सभी ब्लैक स्पॉट समाप्त हो जाएंगे। इससे न केवल यातायात सुरक्षा के स्तर में सुधार होगा, बल्कि दुर्घटनाओं में भी भारी कमी आएगी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह परियोजनाएं न केवल यातायात को सुगम बनाएंगी, बल्कि माल व यात्रियों के परिवहन की गति बढ़ाने और पूरे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देंगी। इन सात फ्लाईओवर में से चार ग्वालियर जिले में हैं, जबकि तीन शिवपुरी के करैरा विधानसभा में मंजूर हुए हैं।
     
    सभी 7 फ्लाईओवर का विस्तृत विवरण
        सिकरोड़ा तिराहा (ग्वालियर बाईपास): एनएच-44 पर 1873 मीटर लंबाई वाले इस सेक्शन पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, इसकी कुल लागत 32.98 करोड़ रुपये है।
        तीला रोड कॉलेज तिराहा (करैरा, शिवपुरी-झांसी सेक्शन): एनएच-27 पर 3085 मीटर लंबे सेक्शन का निर्माण किया जा रहा है, जिसकी लागत 29.88 करोड़ रुपए है।
        बिलाऔ तिराहा (ग्वालियर-झांसी सेक्शन): 900 मीटर लंबाई के निर्माण कार्य के लिए 33.54 करोड़ प्रस्तावित हैं, जिसकी टेंडर प्रक्रिया जारी है।
        कल्याणी चौराहा: यहां 940 मीटर लंबाई की सर्विस रोड 33.76 करोड़ रुपए की लागत से बनेगी, जिसकी टेंडर प्रक्रिया जारी है।
        अर्रू तिराहा: 940 मीटर लंबाई के निर्माण कार्य के लिए 39.28 करोड़ रुपए की लागत निर्धारित है, जिसकी टेंडर प्रक्रिया जारी है और जल्द ही काम शुरू होगा।
        सिलरपुर तिराहा (एनएच-27): 1600 मीटर लंबे सेक्शन का निर्माण कार्य 40.03 करोड़ रुपए में किया जाना है, जिसके लिए टेंडर आमंत्रित किए गए हैं।
        मुंगवाली तिराहा (करैरा, एनएच-27): 760 मीटर लंबे सेक्शन का निर्माण कार्य 25.5 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा, जिसके लिए टेंडर 8 दिसंबर तक आमंत्रित किए गए हैं।

  • रायपुर: बलरामपुर प्रशासन की सतर्कता से पकड़ा गया अवैध धान से लदा ट्रक

    रायपुर : बलरामपुर जिला प्रशासन की सतर्कता से 400 बोरी अवैध धान से भरा ट्रक जब्त

    रायपुर

    बलरामपुर जिले में धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा अवैध धान परिवहन पर सतत निगरानी रखी जा रही है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश की ओर से एक ट्रक में अवैध रूप से धान लाए जाने की जानकारी प्राप्त हुई। प्रशासन द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए अवैध धान से भरे ट्रक को पकड़ा गया।

    जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रक नंबर सीजी 29 एएफ 0480 में लगभग 400 बोरी अवैध धान लोड था, जिसे बिना वैध दस्तावेजों के जिले की सीमा में लाया जा रहा था। प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर ट्रक को रोका, सामग्री की जांच की और धान को कब्जे में लेकर वाहन को संबंधित थाने के सुपुर्द कर दिया है।

    अनुविभागीय अधिकारी श्री नीर नंदेहा ने बताया कि जिले में धान खरीदी सीजन के दौरान प्रत्येक स्तर पर अवैध गतिविधि पर निगरानी रखी जा रही है। चेक पोस्टों  पर निगरानी को और अधिक सुदृढ़ किया गया है। उन्होंने कहा है कि आगे भी अवैध परिवहन , भंडारण गतिविधियों पर सतत निगरानी रखते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध रूप से धान का परिवहन या खरीद-बिक्री दिखाई दे, तो इसकी सूचना तुरंत दें, ताकि समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

  • 8पन्ना नेशनल पार्क को मिली सौगात, मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाईं 10 कैंटर बसें

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पन्ना नेशनल पार्क में 10 नई कैंटर बसों को दिखाई हरी झंडी

    एक साथ 19 पर्यटक ले सकेंगे अब जंगल सफारी का आनंद

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार सुबह पन्ना नेशनल पार्क के मडला गेट से 10 नई वीविंग कैंटर बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अब इन बसों के जरिए पर्यटक जंगल सफारी का रोमांचक अनुभव और अधिक सुविधाजनक तरीके से ले सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में पर्यटन की सुविधाओं में लगातार विस्तार किया जा रहा हैं।

    मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम ने पर्यटकों को एक और सौगात देते हुए प्रदेश के विभिन्न राष्ट्रीय उद्यानों में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की दिशा में अहम कदम उठाया है। जंगल सफारी के लिए 10 नई आरामदायक वीविंग कैंटर बसें उपलब्ध करायी हैं। इन कैंटर बसों में एक साथ 19 पर्यटकों के बैठने की क्षमता है। यह बसें अन्य सफारी वाहनों की तुलना में अधिक लंबी और ऊंची हैं, जिससे पर्यटकों को बेहतर दृश्य और अधिक आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा। बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए ये बसें अधिक सुरक्षित मानी जा रही हैं। इन बसों की लंबाई और ऊंचाई भी अधिक है, जिससे सफर के दौरान पर्यटकों को ज्यादा जगह और आराम मिलता है। वहीं बच्चों और सीनियर सिटिज़न्स के लिए यह बसें सुरक्षित और अनूठा अनुभव प्रदान करेंगी। इन बसों में बैठकर पर्यटक न केवल वन्यजीवों के विचरण का नज़ारा देख सकेंगे, बल्कि जंगल सफारी का एक सुखद और यादगार अनुभव भी कर सकेंगे।

    ऑनलाइन बुकिंग न होने पर पर्यटकों को मिलेगी पार्क राउंड की सुविधा

    10 नई वीविंग कैंटर बसों के संचालन से उन पर्यटकों को बड़ी सुविधा मिलेगी। ऑनलाइन बुकिंग न होने पर भी जंगल सफारी के आनंद और अनुभव से वंचित नहीं होंगे। ऑनलाइन स्लॉट जल्दी भर जाने से पर्यटकों को नेशनल पार्क पहुंचकर भी सफारी से वंचित होने जैसी असुविधा अब नहीं होगी ।

    नेशनल पार्क्स के एंट्री गेट से ही बुकिंग की सुविधा

    नई कैंटर बसों के संचालन के बाद अब पर्यटकों को नेशनल पार्क के गेट पर ही सफारी बुक करने की सुविधा मिलेगी। ऑनलाइन बुकिंग पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इन वाहनों से जंगल सफारी का आनंद लेने के लिए प्रति व्यक्ति/प्रति राउंड लगभग 1150 से 1450 रुपए तक शुल्क देना होगा। ये 10 नई कैंटर बसें प्रदेश के प्रमुख नेशनल पार्कों और पर्यटन स्थलों जैसे बांधवगढ़, कान्हा, पेंच, पन्ना, परसिली (सीधी) सहित अन्य नेशनल पार्क्स और अन्य पर्यटन स्थलों में पर्यटकों की सुविधा के लिए संचालित की जाएंगी।

     

  • छत्तीसगढ़ में भी इस तकनीक के व्यापक उपयोग को सुनिश्चित किया जाएगा – मुख्यमंत्री साय

    रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने मध्यप्रदेश में नई सिंचाई तकनीक 'प्रेशर इरिगेशन नेटवर्क' की प्रस्तुति का किया अवलोकन

    सीएम विष्णु देव साय ने मध्यप्रदेश की नई सिंचाई तकनीक ‘प्रेशर इरिगेशन नेटवर्क’ का किया निरीक्षण

    छत्तीसगढ़ में भी इस तकनीक के व्यापक उपयोग को सुनिश्चित किया जाएगा – मुख्यमंत्री  साय

    रायपुर

    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय को मध्यप्रदेश शासन के जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव  राजेश राजौरा ने भोपाल में सिंचाई की नवीनतम तकनीक PIN (Pressure Irrigation Network) के संबंध में विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि पारंपरिक सिंचाई पद्धतियों की तुलना में यह प्रणाली कहीं अधिक कुशल, आधुनिक और जल संरक्षण के अनुरूप है।

    अपर मुख्य सचिव  राजौरा ने प्रस्तुति के दौरान बताया कि जहाँ पारंपरिक नहर आधारित सिंचाई में लगभग 35 प्रतिशत एफिशिएंसी प्राप्त होती है, वहीं प्रेशर इरिगेशन प्रणाली में दक्षता बढ़कर 65 प्रतिशत तक पहुँच जाती है। इस तकनीक में प्रेशर आधारित पाइपलाइनों से सिंचाई की जाती है, जिससे पानी का रिसाव और अपव्यय कम होता है तथा बिजली की उल्लेखनीय बचत होती है। उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रणाली में भू-अधिग्रहण की आवश्यकता न्यूनतम होती है, जिससे परियोजनाएं समय पर और लागत प्रभावी तरीके से पूरी की जा सकती है।  

    प्रस्तुति में उल्लेख किया गया कि मध्यप्रदेश में 13 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में इस तकनीक से सिंचाई की जा रही है और आगामी वर्षों में इसे 40 लाख हेक्टेयर तक विस्तारित करने का लक्ष्य है। इस मॉडल से न केवल जल उपयोग दक्षता बढ़ी है, बल्कि किसानों की उत्पादकता और सिंचाई सुविधा में भी महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिला है।

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रेजेंटेशन की सराहना करते हुए कहा कि सिंचाई की यह उन्नत तकनीक जल प्रबंधन की वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप है। उन्होंने कहा, “हम इस तकनीक का छत्तीसगढ़ में भी अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करेंगे, ताकि राज्य के किसानों को कम पानी में अधिक सिंचाई सुविधा और बेहतर उत्पादन मिल सके। जल संरक्षण, ऊर्जा बचत और त्वरित क्रियान्वयन के दृष्टिकोण से यह तकनीक अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। इस तकनीक के माध्यम से भूमि अधिग्रहण किए बिना भी सिंचाई का लाभ मिल सकेगा।” मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने विभागीय अधिकारियों को इस तकनीक के अध्ययन, परीक्षण और चरणबद्ध क्रियान्वयन के लिए दिशा-निर्देश दिए।

    इस अवसर पर छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध सिंह,  मध्यप्रदेश जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता  विनोद देवड़ा, अधीक्षण यंत्री  विकास राजोरिया और अधीक्षण यंत्री  शुभंकर विश्वास भी उपस्थित थे।

    उल्लेखनीय है कि पारंपरिक नहर आधारित सिंचाई में पानी का एक बड़ा हिस्सा रिसाव, वाष्पीकरण और अनियंत्रित बहाव के कारण व्यर्थ हो जाता है, जिससे खेतों तक वास्तविक जल आपूर्ति सीमित रहती है और पूरी कमांड एरिया में समान सिंचाई नहीं हो पाती। सामान्यतः पारंपरिक प्रणाली की कुल सिंचाई दक्षता केवल 35 प्रतिशत मानी जाती है। वहीं दूसरी ओर PIN (Pressure Irrigation Network) प्रणाली में पानी पाइपलाइनों के माध्यम से नियंत्रित दबाव के साथ सीधे खेतों तक पहुँचाया जाता है, जिससे पानी का अपव्यय लगभग शून्य हो जाता है। इस तकनीक से सिंचाई दक्षता बढ़कर 65 प्रतिशत से अधिक हो जाती है, जो जल संरक्षण और उत्पादन बढ़ाने दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    PIN प्रणाली में सिंचाई पूरी तरह पाइपलाइन आधारित होने के कारण नहर निर्माण की आवश्यकता कम हो जाती है और भू-अधिग्रहण भी न्यूनतम होता है। इससे परियोजनाओं की लागत घटती है और कार्य समय पर पूरे होते हैं। पारंपरिक सिंचाई की तुलना में इस तकनीक में पंपिंग दक्षता अधिक होती है, जिससे बिजली की उल्लेखनीय बचत होती है। समान दबाव से पानी वितरण होने के कारण खेतों के टेल एंड के क्षेत्रों को भी पर्याप्त पानी मिलता है। इस प्रणाली से फसलों की उत्पादकता में वृद्धि, जल प्रबंधन में सुधार और किसानों की आय में वृद्धि जैसे व्यापक लाभ प्राप्त होते हैं।

  • कड़ाके की ठंड ने बढ़ाई मुश्किलें: छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में शीत लहर की संभावना

    रायपुर

    प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। लगातार तापमान में गिरावट दर्ज किया जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के मुताबिक, आज उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में शीत लहर चलने की संभावना है। प्रदेश में अगले 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है, हालांकि इसके बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है।

    मौसम का हाल
    राज्य में बीते 24 घंटों के दौरान मौसम पूरी तरह शुष्क रहा। प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 29.4°C जगदलपुर में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.6°C अंबिकापुर में दर्ज किया गया।

    आज के लिए पूर्वानुमान
    प्रदेश में आज मौसम शुष्क रहने की संभावना है। किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की गई है। अगले दो दिनों के बाद भी मौसम में किसी खास बदलाव की उम्मीद नहीं है और स्थिति शुष्क ही रहने की संभावना है।

    रायपुर का कैसा रहेगा मौसम
    राजधानी रायपुर में आज धुंध छाए रहने की संभावना है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 28°C और 13°C के आसपास रहने की संभावना है।

  • लाड़ली बहनों को मिलेगा बड़ा तोहफा, बढ़ी किस्त की रकम—इस दिन खाते में आएंगे 1750 रुपये

    दमोह 
    मध्यप्रदेश की 1.27 करोड़ लाड़ली बहनों के लिए बड़ी खुशखबरी है। जल्द मोहन सरकार लाड़ली बहनों को मिलने वाली राशि में बढ़ोत्तरी होने जा रही है। पर्यटन मंत्री धर्मेंद सिंह लोधी ने दमोह जिले के मनगढ़ में तालाब निर्माण के भूमि पूजन के दौरान घोषणा करते हुए कहा कि लाड़ली बहनों की राशि बढ़ाकर 3 हजार रुपए की जाएगी।

    जल्द लाड़ली बहनों को मिलेंगे 3 हजार
    मंत्री धर्मेंद लोधी ने कहा कि 'रघुकुल रीत सदा चली, आई प्राण जाए पर वचन न जाई। आप लोग कहते हैं कि सरकार कहती थी की लाड़ली बहनों को 3 हजार दिए जाएंगे, लेकिन कब देंगे? तो मैं कहना चाहता हूं कि भाजपा सरकार झूठ नहीं बोलती है। हम जल्द ही राशि को बढ़ाकर तीन हजार रुपए करेंगे।

    जानें कब मिलेंगे 1750 रुपए
    आगे मंत्री ने कहा कि अभी सहायता राशि 1500 रुपए है, अगली दीपावली में 1750 रुपए करेंगे। उसके बाद 2027 वाली दिवाली में 2000 रुपए और साल 2028 की दिवाली पर सीधा 1000 रुपए की बढ़ोतरी की जाएगी। इस तरह से महिलाओं को कुल 3 हजार रुपए की राशि का जो वादा है पूरा किया जाएगा। हमारी सरकार अपने वादों पर पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

    गलतियां माफ करें जनता
    धर्मेंद लोधी ने मजाकिया अंदाज में कहा कि काम करते हैं तो गलतियां भी हो जाती हैं, लेकिन क्षमा बड़न को चाहिए को चाहिए छोटन के उत्पात, आप जनता जनार्दन आप छोटी गलती को क्षमा कर दें, लेकिन एक गलती के कारण हमारी सारी अच्छाइयों को न भुला दें। आपके आठ काम हो जाते हैं दो काम नहीं होते तो आप उन आठ कामों की चर्चा नहीं करते। जो दो काम नहीं होते उनकी चर्चा ज्यादा होती है। 

  • सोशल मीडिया पर था कांस्टेबल, कानून पर नजर थी कमिश्नर की—ड्यूटी में लापरवाही पर ₹500 फाइन

    भोपाल
    भोपाल में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने और रात्रि गश्त व्यवस्था को परखने के लिए पुलिस कमिश्नर हरिनारायणाचारी मिश्र शुक्रवार देर रात अचानक निरीक्षण पर निकले। टीटी नगर क्षेत्र में उन्होंने ड्यूटी प्वाइंट से नदारद दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। जबकि रील देख रहे एक जवान पर 500 रुपये का जुर्माना लगा दिया।

    शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे पुलिस कमिश्नर रोशनपुरा नोडल प्वाइंट पहुंचे, तो यहां तैनात कार्यवाहक उप निरीक्षक शशि चौबे और कार्यवाहक प्रधान आरक्षक रविंद्र सिंह नदारद मिले। दोनों के अनुपस्थित मिलने पर इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए उन्हें मौके पर ही तत्काल निलंबित कर दिया गया। आदेश में कहा गया कि निर्धारित प्वाइंट पर अनुपस्थित रहना ड्यूटी की मूल भावना के खिलाफ है और किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं।
     
    इसी दौरान ड्यूटी पर मौजूद सहायक उप निरीक्षक राजकुमार दुबे भी मोबाइल पर सोशल मीडिया में रील देखते हुए पाए गए। कमिश्नर ने कड़े स्वर में फटकार लगाते हुए उन पर 500 रुपये का दंड लगाया और स्पष्ट निर्देश दिया कि ड्यूटी के दौरान मोबाइल का अनावश्यक उपयोग सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर करता है और इसे गंभीर लापरवाही माना जाएगा। कमिश्नर के इस औचक निरीक्षण ने विभाग में एक सख्त संदेश भेजा है कि रात की ड्यूटी में ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुरक्षा को मजबूत रखने के लिए पुलिसकर्मियों को बेहतर अनुशासन और जिम्मेदारी का पालन करना होगा।

    इधर… पार्किंग के बाहर खड़ी बाइक चुराते थे, चेकिंग में पकड़े गए
    गोविंदपुरा पुलिस ने बाइक चोरी के गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपित बाजारों की पार्किंग के बाहर खड़ी बाइकों को निशाना बनाते थे। वे चोरी की बाइकों की नंबर प्लेट निकालकर उनका उपयोग करते थे। साथ ही सस्ते दामों पर दूसरे शहरों में बेच देते थे।

    आरोपितों के पास से पुलिस ने चोरी की 13 बाइकें जब्त की हैं। गोविंदपुरा थाना प्रभारी अवधेश सिंह तोमर ने बताया कि 10 नवंबर को शक्ति नगर निवासी रितिक जैन ने बाइक चोरी की शिकायत की थी, जिस पर केस दर्ज किया गया था।

    पिछले दिनों पुलिस को चेकिंग प्वाइंट के पास एक संदिग्ध बाइक चालक वसीम खान दिखा तो पूछताछ की और दस्तावेज मांगे। वह नहीं दिखा पाया, पूछताछ में उसने चोरी की बात स्वीकार की। उसने गिरोह में आसिफ अली व सुलेमान खान का शामिल होना बताया।

  • साइबर ठगों का नया जाल: जबलपुर में रिटायर्ड अफसर को 5 दिन डिजिटल कैद में रखकर 31 लाख की ठगी

    जबलपुर
    बिजली विभाग के एक सेवानिवृत्त अधिकारी को साइबर ठग ने एटीएस अधिकारी बनकर फोन किया। उन्हें पांच दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा। उनका आतंकियों के साथ संबंध एवं टेरर फंडिंग में लिप्त होने का बोलकर डराया। संपत्ति सीज करने की धमकी देकर 31 लाख रुपये ऐंठ लिए। नेपियर टाउन निवासी अविनाश चंद्र दीवान बिजली विभाग से सेवानिवृत्त हैं।

    वह कुछ दिन से परेशान थे। इस पर जब बेटे ने पूछा तो उन्होंने अपने पास आए फोन और संपत्ति सीज किए जाने की कार्यवाही की जानकारी दी। जब यह बात बाहर रहने वाले पुत्र को पता चली तो वह समझ गया कि पिता के साथ साइबर धोखाधड़ी हुई है। उसके बाद पिता को शुक्रवार को मदन महल थाने भेजकर शिकायत कराया। पुलिस ने आरोपितों के धोखाधड़ी के लिए उपयोग किए गए फोन एवं बैंक खाता नंबर के आधार पर उनकी तलाश की जा रही है।
     
    सेवानिवृत्त अधिकारी के पास एक दिसंबर को सोशल मीडिया से फोन आया। फोन करने वाले ने स्वयं को महाराष्ट्र के पुणे एटीएस का अधिकारी बताया। देश-विरोधी गतिविधियों में शामिल कुछ संदिग्धों को पकड़ने और उनसे पूछताछ में दीवान का आतंकी संपर्क मिलने की बात कही। आरबीआई के कुछ जाली अभिलेख भेजकर बताया कि उनके बैंक खाते में टेरर फंडिंग के सात करोड़ रुपये आए थे। उसमें 70 लाख रुपये का कमीशन उन्हें मिला।

    मामले में उन्हें और पुत्र की गिरफ्तारी फिर उनकी संपत्ति सीज करने का भय दिखाया। फिर धमकाया कि जो पूछा जाए उसकी सही-सही जानकारी दे। गलत जानकारी देने पर पांच लाख रुपये जुर्माना और 18 वर्ष की सजा हो जाएगी। देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला बताकर उन्हें इसके बारे में किसी से कुछ नहीं बताने बोला। उन्हें घर पर ही रहने और किसी ने मिलने-जुलने से मना किया। उनके बैंक बैलेंस एवं अन्य जानकारी पूछ ली।

    अगले दिन शुरू किया रुपये ट्रांसफर कराना
    आरोपितों ने दो दिसंबर को फिर वीडियो कॉल किया। इस पर आरोपित पुलिस की तरह गणवेश पहनकर फोन में सामने आया। जांच के नाम पर उन्हें बैंक खाते के रुपये उनके बताए अकाउंट में जमा करने कहा। रुपयों के स्रोत एवं अन्य जांच पूरी होने के बाद यह राशि उनके खाते में जमा कर दी जाएगी। इसके बाद फिर एक इंटरनेट मीडिया काल आया। इस बार बात करने वाले ने स्वयं को एनआईए के अधिकारी बताया और एक बैंक खाता का विवरण देते हुए उसे आरबीआई का होना बताया। उस खाते में जांच के नाम पर रुपये ट्रांसफर करने बोला।

    दो से पांच दिसंबर के बीच लगातार डिजिटल अरेस्ट रखते हुए उनसे अलग-अलग किस्त में कुल 31 लाख रुपये अपने बताए खाते में ट्रांसफर करा लिए। रुपये कम पड़ने पर अपनी एफडी तुड़वाने के लिए बैंक पहुंचे। तब भी आरोपित उन पर नजर बनाए रखे। जब दीवान पुलिस में शिकायत दर्ज करा रहे थे तब भी आरोपित ने फोन किया।

  • मुख्य सचिव ने ओरछा में विभिन्न निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण

    भोपाल 
    मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने ओरछा में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी परियोजनाएँ समय पर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण की जाएँ जिससे ओरछा को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जा सके। उन्होंने ओरछा शहर के आर्थिक, सामाजिक विकास को देखते हुए इंटीग्रेटेड मास्टर प्लान तैयार करने के भी निर्देश दिए।

    मुख्य सचिव श्री जैन रविवार को पर्यटन नगरी ओरछा में विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर रहे थे। उन्होंने निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों को समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव श्री जैन ने ओरछा में मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीराम राजा सरकार के दर्शन किए। उन्होंने जुझार महल एवं हरदौल वाटिका का निरीक्षण किया। श्री जैन ने कहा कि वेंडर जोन का निर्माण इस तरह करें जिससे पर्यटकों को आवागमन में सुविधा हो।उन्होंने कहा कि खजुराहो महोत्सव को ध्यान में रखते हुए बुंदेलखंड सांस्कृतिक महोत्सव आयोजित करने की कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने ओरछा का मास्टर प्लान तैयार करने, पीपीपी मोड पर चल रहे कार्यों में स्थानीय नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने जिससे उन्हें रोजगार उपलब्ध कराया जा सके, के निर्देश दिये। मुख्य सचिव श्री जैन कंचना घाट भी पहुंचकर बेतवा नदी पर स्थित नवीन ब्रिज निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कंचना घाट पर संचालित पिंक टॉयलेट संचालन कार्य सेल्फ हेल्प ग्रुप को देने के निर्देश दिए।

    मुख्य सचिव श्री जैन ने अधिकारियों से संरक्षित भवनों की स्थिति, पर्यटक सुविधाओं और आवश्यक रखरखाव उपायों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि इन धरोहरों को संरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है। मुख्य सचिव श्री जैन ने राय प्रवीण महल एवं तुलसी घाट का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण पूर्ण हों। उन्होंने जहांगीर महल का अवलोकन किया। उन्होंने होटल बेतवा रिट्रीट में श्रीराम राजा लोक और ओरछा में चल रहे विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।वर्तमान में आ रहे पर्यटकों एवं भविष्य में आने वाले पर्यटकों की संभावनाओं के दृष्टिगत कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि शहर की सभी होटलों की स्टार रेटिंग कराई जाए। जुझार सिंह महल को बुंदेलखंड सांस्कृतिक केंद्र की तर्ज पर विकसित किया जाए। एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा दिया जाए। बुंदेली कला, पेंटिंग एवं टेराकोटा से बनने वाले उत्पादों की मार्केटिंग और ब्रांडिंग की जाए और उन्हें ऑनलाइन प्लेटफार्म पर लाकर विक्रय किया जाए। इस अवसर पर जिले के अधिकारी सहित कंसल्टेंट मौजूद रहे।

     

  • भोपाल में एक और रेलवे स्टेशन, दो एक्सप्रेस ट्रेनों को मिलेगा नया होल्ट, संख्या बढ़ेगी

    भोपाल

    भोपाल में जल्द ही एक और रेलवे स्टेशन की शुरुआत होने वाली है, जिससे भोपाल में चार स्टेशन हो जाएंगे और यात्रियों को आने जाने में और आसानी होगी. बताया जा रहा है कि जनवरी 2026 से भोपाल में निशातपुरा स्टेशन शुरू कर दिया जाएगा, जिसके बाद भोपाल जंक्शन, रानी कमलापति जंक्शन, संत हिरदाराम नगर स्टेशन के बाद निशातपुरा भोपाल का चौथा रेलवे स्टेशन होगा, बताया जा रहा है कि जबलपुर-सोमनाथ एक्सप्रेस और मालवा एक्सप्रेस दो बड़ी ट्रेनों को शुरुआत में निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर रोका जाएगा, बाद में यहां और भी कई बड़ी ट्रेनों का स्टॉपेज शुरू हो सकता है. 

    भोपाल में कम होगा दवाब 

    निशातपुरा रेलवे स्टेशन की शुरुआत होने से भोपाल जंक्शन, रानी कमलापति और संत हिरदाराम नगर स्टेशन पर बढ़ता दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा, क्योंकि अभी इन तीनों स्टेशनों पर ही सबसे ज्यादा दवाब रहता है. निशातपुरा स्टेशन के शुरू होने से पुराने भोपाल और इसके आसपास के इलाकों, करोंद, लालघाटी, अयोध्या नगर, गांधी नगर, आनंद नगर, भीमनगर सहित लाखों लोगों को बड़ा फायदा मिलेगा, यहां से यात्रियों को मुख्य स्टेशन तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी और समय खर्च नहीं करना पड़ेगा और आसानी से उन्हें आने जाने की सुविधा मिलेगी. स्टेशन पर पार्किंग, टिकटिंग, वेटिंग एरिया और सुरक्षा व्यवस्था जैसी सुविधाओं का काम भी लगभग पूरा हो चुका है. जिससे जनवरी 2026 में इसके शुरू होने की संभावना है. 

    वर्तमान समय में भोपाल शहर में चार रेलवे स्टेशन हैं, जिनमें भोपाल रेलवे स्टेशन, रानी कमलापति, संत हिरदाराम नगर और मिसरोद शामिल हैं. निशातपुरा और भोपाल रेलवे स्टेशन की कनेक्टिविटी बेहतर करने का भी एक प्रोजेक्ट है. वहीं, संत हिरदाराम नगर स्टेशन का भी विकास कार्य चल रहा है. इसका विकास कार्य पूरा होने पर यहां अधिक ट्रेनों को हॉल्ट दिया जाएगा. इसके साथ ही शहर के दक्षिण दिशा में अधिक डेवलपमेंट होने से मिसरोद स्टेशन पर भी सुविधाएं विकसित करने की मांग उठ रही है.

    इन क्षेत्रों के लोगों को मिलेगा फायदा
    निशातपुरा स्टेशन की दूरी भोपाल स्टेशन से दो किलोमीटर की है. हालांकि, शहर के अलग-अलग इलाकों से यहां जाने वाले लोगों को ट्रैफिक के चलते थोड़ा ज्यादा समय लग जाएगा. वहीं अयोध्या बायपास, भानपुर, करोंद और जेके रोड के निवासियों को यह स्टेशन पास पड़ेगा. जिन दो ट्रेनों से स्टेशन शुरू हो रहा है, उनसे भोपाल से रोजाना औसत 650 यात्री यात्रा करते हैं. इस स्टेशन के शुरू होने का एक सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि मुख्य स्टेशन पर जगह नहीं मिलने पर ट्रेनों को आउटर की बजाय निशातपुरा स्टेशन पर रोका जा सकेगा.

    यहां भी ट्रेनों को मिलेगा हॉल्ट
    रानी कमलापति स्टेशन पर गोवा, आंध्र प्रदेश और गोंडवाना एक्सप्रेस सहित 6 प्रमुख ट्रेनों के हाल्ट की मांग एक बार फिर उठ रही है. इससे पहले भोपाल मंडल रेलवे उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति (डीआरयूसीसी) की बैठक में रेल अधिकारियों ने तकनीकी कारण बताते हुए इन ट्रेनों का हाल्ट देने से इंकार कर दिया था. अब सांसदों से उम्मीद है कि वे यात्रियों की सुविधा को देखते हुए इस मांग पर फिर जोर देंगे.

    2023 से चल रहा काम 

    भोपाल रेल मंडल से मिली जानकारी के मुताबिक निशातपुरा स्टेशन का निर्माण 2023 से जारी है और अब ज्यादातर काम पूरा हो चुका है, अंतिम परीक्षणों के बाद इसे नए साल में शुरू करने की तैयारी है. उन्होंने कहा कि फिलहाल मालवा एक्सप्रेस और जबलपुर–वरावल एक्सप्रेस का हॉल्ट अधिकृत रूप से जारी कर दिया गया है, भोपाल स्टेशन परिचालन के लिहाज से अत्यधिक कंजस्टेड है, कई ट्रेनों को यहां रिवर्सल करना पड़ता है, जिससे उनकी यात्रा में देरी होती है. निशातपुरा स्टेशन शुरू होने से यह समस्या काफी कम हो जाएगी. मालवा और ओवरनाइट एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों को भोपाल में इंजन की दिशा बदलनी पड़ती है, जिसमें 30 मिनट से ज्यादा का समय लग जाता है. लेकिन यदि उनका हॉल्ट निशातपुरा में शिफ्ट किया जाता है, तो इंजन रिवर्सल की जरूरत नहीं होगी और ट्रेनें सीधे इंदौर, उज्जैन और रतलाम की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी. 

    भोपाल में वर्तमान में तीन बड़े स्टेशन हैं, जिनमें भोपाल जंक्शन, रानी कमलापति जंक्शन और संत हिरदाराम नगर रेलवे स्टेशन शामिल है. निशातपुरा इनसे बेहतर तरीके से जोड़ने के लिए अलग से कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट भी विकसित किया जा रहा है. साथ ही संत हिरदाराम नगर स्टेशन पर भी विस्तार कार्य तेजी से जारी है. 

  • भोपाल का वोट बैंक घटेगा? 4 लाख नाम कटने की तैयारी, 2 लाख से ज्यादा मतदाता रडार पर

    भोपाल
    राजधानी में लगभग चार लाख मतदाताओं का काम होना तय माना जा रहा है तो वहीं दो लाख से अधिक मतदाताओं के नाम पर तलवार लटक रही है। जिले के सात विधानसभा क्षेत्र में चार नवंबर को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का काम शुरू हुआ था, जिसके तहत अब तक चार विधानसभा क्षेत्र में 100 प्रतिशत पूरा हो चुका है। वहीं बचे हुए तीन विधानसभा क्षेत्र में कुल 23 हजार पत्रक जमा करना शेष रह गए हैं। इस तरह भोपाल ने तय समय सीमा से पहले ही गणना पत्रक वितिरित व जमा करने का काम पूरा कर लिया है। इसके लिए कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने शनिवार को हुजूर विधानसभा क्षेत्र की टीम काे सम्मान कर प्रत्सोहित किया।
     
    बता दें कि जिले में कुल 21 लाख 24 हजार 773 गणना पत्रक वितरित किए गए थे, जिनमें से अब तक 21 लाख एक हजार 697 पत्रक जमा करते हुए 98.86 प्रतिशत काम पूरा किया जा चुका है। जिले के सात विधानसभा क्षेत्र हुजूर, उत्तर और मध्य में शनिवार को 100 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। इस तरह उत्तर में 2 लाख 49 हजार 710,हुजूर में 3 लाख 87 हजार 135 और मध्य में दो लाख 44 हजार 245 मतदाताओं के गणना पत्रक जमा किए जा चुके हैं।

    भोपाल जिले में मदताओं के आंकड़ें
    विवरण     संख्या
    कुल मतदाता     21,25,908
    गणना पत्रक वितरित     21,24,773
    डिजिटाइज गणना पत्रक     17,02,349
    अनकलेक्टेबल गणना पत्रक     3,99,348
    कुल जमा गणना पत्रक     21,01,697
    नो मैपिंग वाले पत्रक     2,17,548

    वहीं दक्षिण-पश्चिम में दो लाख 34 हजार 104 में से दो लाख 33 हजार 722, नरेला में तीन लाख 54 हजार 530 में से तीन लाख 40 हजार 806 और गोविंदपुरा में चार लाख एक हजार 142 में से तीन लाख 92 हजार 155 पत्रक जमा किए गए हैं। इन तीनों विधानसभा क्षेत्र में रविवार को काम खत्म होने के साथ ही एसआइआर की प्रक्रिया भी पूरी हो जाएगी।

    17 लाख मतदाताओं के पत्रक हुए डिजिटाइज
    जिले में एसआईआर के दौरान 21 लाख 24 हजार 773 मतदाताओं के गणना पत्रक वितरित किए गए थे, जिनमें से कुल 17 लाख दो हजार 349 गणना पत्रक डिजिटाइज किए गए हैं। जबकि 3 लाख 99 हजार 348 पत्रक अनकलेक्टेबल हैं, जिनका नाम मदताता सूची से कम होना तय माना जा रहा है। इस तरह जिले में 21 लाख में से 17 लाख ही मतदाता शेष रहने की उम्मीद जताई जा रही है।

    2.17 लाख मतदाताओं को मिलेगा नोटिस
    सात विधानसभा क्षेत्र में 2 लाख 17 हजार 548 मतदाता ऐसे हैं, जिनको निर्वाचन शाखा द्वारा नोटिस भेजा जाएगा।यह वह मतदाता हैं, जिनके मात-पिता, दादा-दादी और स्वयं का मतदाता सूची 2003 में कोई रिकॉर्ड नहीं मिला है। ऐसे में अब इनसे दस्तावेज मांगे जाएंगे, जिनके आधार पर ही इनके नाम सूची से कम करने और जोड़े रखने पर निर्णय लिया जाएगा।

    यह होते हैं अनकलेक्टेबल मतदाता
    जिन 3 लाख 99 हजार 348 अनकलेक्टेबल मतदाताओं के नाम सूची से कम किए जाने की संभावना है, उनमें ऐसे मतदाता शामिल हैं, जिन्होंने जिला छोड़ दिया है, मृत्यु हो गई है, दो जगह नाम है या फिर मिले ही नहीं है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अंतिम सूची के प्रकाशन से पहले इनके नामों पर गहन परीक्षण किया जाएगा, जिससे किसी मतदाता का नाम अनावश्यक रूप से कम न हो।