• आज मंत्रिमंडल खजुराहो में कैबिनेट सहित विभागीय समीक्षाएं भी होंगी

    विकास कार्यों की सौगात के साथ लाड़ली बहनों के खातों में अंतरित होगी राशि
    सांस्कृतिक विरासत और पर्यटक स्थलों का करेंगे भ्रमण

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने मंत्रिमंडल के साथ दो दिन खजुराहो में रह कर कैबिनेट बैठक के साथ विभिन्न विभागों की समीक्षा करेंगे। सोमवार 8 दिसम्बर को खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा के साथ शुरूआत होगी। इसी क्रम में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, राजस्व, नगरीय विकास एवं आवास, तकनीकि शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार, जनजातीय कार्य, अनुसूचित जाति कल्याण और खनिज विभाग की समीक्षा की जाएगी। मंगलवार 9 दिसम्बर को मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक होगी, जिसमें महत्वपूर्ण निर्णय लिए जायेंगे। इसी दिन सीसीआईपी की बैठक और लोक निर्माण एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के दो वर्षों में हुए कार्यों की मुख्यमंत्री द्वारा समीक्षा की जाएगी।

    राजनगर में लाड़ली बहना सम्मेलन
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव 9 दिसम्बर को छतरपुर जिले के राजनगर के सती की मढ़िया में लाड़ली बहना सम्मेलन में भी शामिल होंगे। सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रदेश की 1.26 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खाते में माह दिसम्बर की राशि अंतरित की जायेगी। मुख्यमंत्री लाड़ली बहनों से संवाद भी करेंगे।

    अन्य गतिविधियां
                खजुराहों में आदिवर्त संग्रहालय का भ्रमण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम।
                महाराजा छत्रसाल और सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति का अनावरण।
                पन्ना टाइगर रिजर्व कुटनी रिसॉर्ट डैम एवं रनेह फॉल का भ्रमण।
                27055 लाख के 9 विकास कार्यों का भूमि-पूजन।
                24010 लाख के 20 विकास कार्यों का लोकार्पण।
                राजनगर के सती की मढ़िया में लाड़ली बहना सम्मेलन में विकास पर केन्द्रित प्रदर्शनी।
               लाड़ली बहनों के खातों में राशि अंतरण और हितलाभ वितरण।

     

  • शहडोल में बस–कॉन्स्टेबल की भिड़ंत, ऑन द स्पॉट मौत से इलाके में सनसनी

    शहडोल
    रविवार की दोपहर 2 बजे के आसपास एक बस जो ब्यौहारी की ओर से आ रही थी उसने शहडोल बस स्टैंड में ड्यूटी कर रहे पुलिस आरक्षक को टक्कर मार दी जिसमें आरक्षक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई है।

    अपनी ड्यूटी पर तैनात था आरक्षक महेश पाठक
    घटना की जानकारी लगते ही पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटना में स्थल से बस को जब्त कर थाने पहुंचाया। आरक्षक को टक्कर मारने के बाद बस चालक मौके पर बस को छोड़कर भाग गया । जानकारी के मुताबिक कोतवाली में पदस्थ आरक्षक महेश पाठक बस स्टैंड में अपनी ड्यूटी पर तैनात था। इसी बीच दोपहर 2:00 बजे के आसपास दादू एंड संस कंपनी की एक तेज रफ्तार बस स्टैंड परिसर में आ रही थी इसी बीच बस चालक ने आरक्षक को टक्कर मार दी ,जिसमें आरक्षक की घटना स्थल पर ही मौत हो गई ।
     
    बस को जब्त कर थाने भिजवाया
    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल से बस को जप्त कर थाने भिजवाया तथा मृतक आरक्षक के शव को वहां से उठाकर ले गए। इस घटना को देखकर पुलिस के अधिकारियों और वहां पर मौजूद आरक्षकों की आंखों में आंसू नजर आए।

    अनियंत्रित रूप से बस चलाते हैं चालक
    बस स्टैंड में जहां पर यह दुर्घटना हुई है वहां अक्सर तेज गति में बस चलाते हुए ड्राइवर अंदर आते हैं और इस तरह की स्थिति निर्मित होती है। यहां नगर पालिका के द्वारा अतिक्रमण हटाया नहीं जाता है जिसके कारण इस तरह की स्थितियां बनती हैं और बस चालक भी अनियंत्रित रूप से बस चलाते हैं।

     

  • दुर्लभ दृश्य का साक्षी बना सिवनी: पांच नन्हे शावकों संग दिखी ‘जुगनी’ बाघिन, वीडियो इंटरनेट पर वायरल

    सिवनी
    पेंच टाइगर रिजर्व में नन्हें शावकों के साथ बाघिन को देखने का रोमांच पर्यटकों को प्रफुल्लित कर रहा है। एक माह से कम समय में 7 दिसंबर रविवार सुबह अपने पांच शावकों के साथ खवासा बफर की ’जुगनी’ बाघिन को कच्ची सड़क में चहल कदमी देखकर पर्यटक प्रफुल्लित हो गए।

    पांच शावकों के साथ कच्ची सड़क पर आई बाघिन
    रविवार की सुबह खवासा-तेलिया गेट में सफारी कर रहे पर्यटकों के जिप्सी वाहनों के सामने बाघिन अपने पांच शावकों के साथ कच्ची सड़क पर आ गई। कच्ची सड़क से जंगल में दूसरी ओर जाती बाघिन काफी देर तक पर्यटकों को दिखाई दी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। गौरतलब है कि 12 नवंबर को नाइट सफारी के दौरान खवासा बफर क्षेत्र में चार नन्हें शावकों के साथ जुगनी बाघिन के कच्ची सड़क में पर्यटकों के जिप्सी वाहन के सामने से गुजरने का वीडियो सामने आया था।

    सिवनी में पांच शावकों के साथ दिखी खवासा बफर की ’जुगनी’ बाघिन, पर्यटक प्रफुल्लित, 12 नवंबर को नाइट सफारी के बाद दूसरी बार कच्ची सड़क में चहल-कदमी करते दिखे नन्हें शावक।

    वन्यजीव प्रेमी हुए रोमांचित
    शावकों को सुरक्षित स्थान पर मुंह में दबाकर ले जाती बाघिन का वीडियो देखकर वन्यजीव प्रेमियों को रोमांचित हो गए थे। इसके बाद पेंच प्रबंधन ने सुरक्षा को देखते हुए कुछ दिन के लिए नाइट सफारी पर रोक लगा दी है। हालाकि एक दिसंबर से नाइट सफारी को पूरी तरह बंद कर दिया गया है।

  • 14 लाख की लूट निकली ‘झूठी कहानी’: कैश लोडर घंटों करता रहा गुमराह, आखिरकार पुलिस ने खोला राज

    भिलाई
    हिताची कंपनी के एटीएम में कैश लोडिंग करने वाले वर्कर द्वारा 14 लाख 60 हजार रुपये की लूट की मनगढ़ंत कहानी रचने का मामला कुम्हारी पुलिस ने सुलझा लिया है। युवक ने खुद के साथ लूट होने की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराकर पुलिस को घंटों गुमराह किया, लेकिन पूछताछ और जांच के दौरान पूरी सच्चाई सामने आ गई। अब प्रार्थी ही आरोपित बन चुका है और पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है।

    एसएसपी विजय अग्रवाल ने खुद की पूछताछ
    मामले में लूट की बड़ी रकम की सूचना मिलते ही एसएसपी विजय अग्रवाल, एएसपी शहर सुखनंदन राठौर और कुम्हारी थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच के दौरान ही पुलिस को लूट की कहानी में कई तथ्यों पर संदेह हुआ, और आखिरकार पर्दाफाश हो गया कि पूरी कथा झूठी थी। लूट की घटना फर्जी साबित होने पर पुलिस ने राहत की सांस तो ली लेकिन साथ ही आरोपित के खिलाफ अपराध दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
     
    एसएसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि 6 दिसंबर की शाम करीब साढ़े 7 बजे कुम्हारी पुलिस को सूचना मिली कि कपसदा गांव स्थित ग्लोबल स्कूल के पास तीन अज्ञात युवकों ने 14 लाख 60 हजार रुपये से भरा बैग लूट लिया है। शिकायतकर्ता चरोदा निवासी आशीष राठौर (34 वर्ष) ने बताया कि वह हिताची कंपनी के एटीएम बूथों में कैश लोडिंग का कार्य करता है और वही रकम लेकर जा रहा था। उसने दावा किया कि वह अपने भांजे मनीष राठौर के साथ मोटरसाइकिल से रायपुर के हीरापुर तेंदुआ वाले एटीएम में कैश लोड करने के बाद मुरमुंदा और दादर के एटीएम में कैश डालने के लिए जा रहा था। इसी दौरान तीन युवकों ने गाड़ी रोककर चाकू दिखाते हुए उससे भरा बैग छीन लिया और खेतों की ओर भाग गए। उसके अनुसार बैग में मुरमुंदा एटीएम के लिए 8 लाख 60 हजार रुपये और दादर एटीएम के लिए 6 लाख रुपये रखे थे।

    यहीं से शुरू हुआ संदेह
    कुम्हारी पुलिस की एक टीम संयोग से बोरसी गांव से लौटते समय पास ही थी, इसलिए कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंच गई। जांच के दौरान पुलिस के संदेह बढ़ने के कारण: घटना के वक्त साथ होने की बात कही गई भांजा मनीष मौके पर मौजूद नहीं था। मोटरसाइकिल गिरने का दावा किया गया, लेकिन न बाइक पर न ही आशीष के शरीर पर एक भी खरोंच नहीं थी। पूछताछ में बयानों में लगातार विरोधाभास मिलते रहे। इन बिंदुओं के सामने आने पर पुलिस ने आशीष को थाना लाकर पूछताछ की। एसएसपी विजय अग्रवाल और एएसपी सुखनंदन राठौर द्वारा कड़ी पूछताछ के दौरान अंततः आशीष टूट गया और स्वीकार किया कि लूट की पूरी कहानी झूठी है।

    अब प्रार्थी ही आरोपित
    पुलिस ने लूट की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराकर पुलिस और प्रशासन को गुमराह करने, साजिश रचने और सबूतों को छुपाने के आरोपों के तहत आशीष राठौर के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर उसे हिरासत में ले लिया है। पुलिस का कहना है कि आगे की पूछताछ में यह पता लगाया जाएगा कि नकली लूट का मकसद रकम हड़पना था या किसी और वजह से यह कहानी रची गई।

  • नकली दस्तावेज़ों पर नौकरी का खेल उजागर: STF ने पकड़े 80 फर्जी शिक्षक, FIR दर्ज

    इंदौर 
    डिप्लोमा इन एजुकेशन (डीएड) की फर्जी अंकसूची से नौकरी हासिल करने वालों में जिले के भी 80 शिक्षक हैं। इनमें से 20 के नाम एसटीएफ की जांच में सामने आ चुके हैं। लगभग 20 साल से चल रहे इस घोटाले में फर्जी अंकसूची से नौकरी पाने वाले ये लोग इंदौर और सांवेर की स्कूलों में नौकरी कर रहे हैं।

    ग्वालियर निवासी गौरीशंकर राजपूत ने कुछ शिक्षकों की जानकारी सूचना का अधिकार के तहत निकाली थी। उन्हें लगभग 130 लोग ऐसे मिले, जिनके रोल नंबर एक ही थे। इन रोल नंबर के आधार पर उन्होंने माध्यमिक शिक्षा मंडल से जानकारी ली तो पता चला कि मार्कशीट किसी और के नाम पर थी। उन्होंने फर्जी तरीके से नौकरी पाने वालों की शिकायत ग्वालियर पुलिस की एसटीएफ से की थी। एसटीएफ ने जांच के बाद एफआइआर दर्ज की है, जिसमें 34 शिक्षकों के फर्जी मार्कशीट से भर्ती होने की बात सामने आई है। इन 34 में से 20 इंदौर जिले के हैं। ये 20 शिक्षक इंदौर और सांवेर में पदस्थ बताए जा रहे हैं।

    गिरोह के रूप में होता है काम
    बताया जा रहा है कि फर्जी शिक्षकों की भर्ती के लिए दो दशक से गिरोह सक्रिय है। फर्जी अंकसूची से संविदा शिक्षक के रूप में पंचायतों के जरिए इन शिक्षकों की नियुक्ति की गई। तीन साल बाद इन फर्जी शिक्षकों का संविलयन शिक्षा विभाग में किया जाता रहा है। जिससे वे स्थायी शिक्षक बन जाते हैं।

    अफसरों की अनदेखी
    पंचायतों द्वारा संविदा के आधार पर नियुक्त शिक्षकों का शिक्षा विभाग में संविलयन जनपद सीईओ और जिला पंचायत सीईओ के जरिए होता है। संविलयन के दौरान पंचायत से प्रस्ताव के आधार पर शिक्षकों के संपूर्ण दस्तावेज बुलाए जाते हैं। जनपद पंचायत द्वारा दस्तावेजों की जांच के बाद ही संविलयन किया जाता है। अफसरों ने फर्जी दस्तावेजों की जांच नहीं की और सीधे संविलयन कर दिया। इससे ये शिक्षक वर्षों से नौकरी कर रहे हैं।
     
    ’75 मीटर’ तक चौड़ी होंगी ’19’ सड़कें, जल्द शुरु होगा काम
    130 फर्जी शिक्षकों में से इंदौर और सांवेर में पदस्थ 80 नाम थे। 20 की जानकारी दे दी थी। बचे हुए 60 के दस्तावेज जुटाने के बाद जल्द ही इनकी भी जानकारी एसटीएफ को सौंप देंगे। 6 माह से मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। अब हम इस मामले को हाईकोर्ट ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। गौरीशंकर राजपूत, व्हिसल ब्लोअर और शिकायतकर्ता

    हमारे पास जो नाम और जानकारी आई थी, उनकी अंकसूचियों की जानकारी हमने माध्यमिक शिक्षा मंडल से मांगी है। अब तक जानकारी नहीं आई है। जानकारी मिलने के बाद ही जांच या अन्य कार्रवाई कर पाएंगे। अभी हम इंतजार कर रहे हैं।- शांता सोनी, जिला शिक्षा अधिकारी, इंदौर

  • केन्द्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान ने कमला नेहरू सांदीपनि विद्यालय का किया निरीक्षण

    बच्चों को पोषण आहार मिलें इसके लिये जनभागीदारी को दें बढ़ावा
    बच्चों को मातृभाषा में पढ़ने के लिये करें प्रेरित

    भोपाल 
    केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा है कि बच्चों के व्यक्तित्व का बहुआयामी विकास हो, इसके लिये जरूरी है कि उन्हें मातृभाषा में पढ़ने के लिये प्रेरित किया जाएं। उन्होंने कहा कि बच्चों को पढ़ाई गई बातें समझने में मातृभाषा ज्यादा कारगर होती है। नई शिक्षा नीति में मातृभाषा में अध्ययन को प्राथमिकता दी गई है। केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रधान रविवार को भोपाल के शासकीय कमला नेहरू सांदीपनि विद्यालय टी.टी. नगर के निरीक्षण के बाद शिक्षकों से चर्चा कर रहे थे। इस मौके पर उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार और विधायक श्री भगवानदास सबनानी भी उनके साथ थे।

    केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रधान ने सांदीपनि विद्यालय की कक्षाओं में जाकर बच्चों से संवाद किया। उन्होंने बच्चों की पाठ्यपुस्तकों को देखा और बच्चों से पढ़ाई के संबंध में बात की। मंत्री श्री प्रधान के विद्यालय पहुँचने पर छात्राओं ने बैंड की धुनों पर उनका स्वागत किया। उन्होंने आर्ट गैलरी, पुस्तकालय, बच्चों की मार्शल आर्ट 'वुशु' के अभ्यास को देखा और विद्यालय के म्यूजिक रूम का भ्रमण किया। उन्होंने बच्चों द्वारा देशभक्ति गीत पर प्रस्तुत धुनों को सुना और उसकी प्रशंसा की। मंत्री श्री प्रधान विद्यालय की अटल टिकरिंग लैब में भी गए। वहां उन्होंने बच्चों द्वारा बनाए गए साइंस मॉडल के बारे में जानकारी प्राप्त की। साइंस मॉडल और रोबोटिक्स लैब के उपकरणों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। मंत्री श्री प्रधान ने विद्यालय के ऑडिटोरियम को भी देखा और उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ विभिन्न खेलकूद, संगीत और साहित्यिक गतिविधियों के प्रति भी प्रेरित करें। केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रधान ने कहा कि बच्चों को पोषण आहार मिले, इसके लिये जन-भागीदारी के प्रयास किये जायें।

    पालकों से संवाद
    मंत्री श्री प्रधान ने पालकों से भी संवाद किया। उन्होंने कहा कि पालक निरंतर स्कूल पहुँचकर बच्चों के बारे में जानकारी प्राप्त करते रहें। पालकों और शिक्षकों के समन्वय से ही बच्चों का सम्पूर्ण विकास हो सकेगा। उन्होंने शिक्षकों को प्रारंभिक कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों के शैक्षणिक अध्ययन पर गहन निगरानी रखने की समझाइश दी। मंत्री श्री प्रधान ने विद्यालय की विजिटर्स बुक पर लिखा कि अगले सत्र में इस विद्यालय की छात्राएं जेईई एवं नीट परीक्षा में चयनित हों इसके लिये शिक्षक सामूहिक रूप से प्रयास करें।

    ई-अटेंडेंस के मिल रहे हैं बेहतर परिणाम
    आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता ने बताया कि शिक्षा की गुणवत्ता के लिये प्रदेश में हमारे शिक्षक ऐप के माध्यम से ऑनलाइन ई-अटेंडेंस प्रारंभ की गई है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप 799 स्कूलों को मॉडल स्कूलों में बदला जा रहा है। उन्होंने पीएमश्री स्कूल और सांदीपनि विद्यलाय के बारे में भी जानकारी दी। आयुक्त श्रीमती गुप्ता ने बताया कि सांदीपनि विद्यालय के बच्चों को विद्यालय तक लाने के लिये नि:शुल्क परिवहन सेवा उपलब्ध कराई गई है। स्कूलों में बच्चों को डिजिटल शिक्षा दिये जाने की व्यवस्था की गई है। प्राचार्य कमला नेहरू श्रीमती संगीता सक्सेना ने बताया किविद्यालय की स्थापना 1958 में हुई थी। वर्तमान में इस विद्यालय में कक्षा अरूण (के.जी.-1) से लेकर कक्षा 12 तक करीब 1500 छात्राओं को उच्च स्तर की शिक्षा दी जा रही है। निरीक्षण के दौरान श्री राहुल कोठारी, पार्षद श्रीमती आरती अनेजा भी साथ थी।

     

  • मुख्यमंत्री की उपस्थिति में 10 हार्डकोर नक्सलियों का हथियारों सहित ऐतिहासिक आत्मसमर्पण

    शांति और विकास की राह पर लौटे नक्सली

    नक्सलियों पर विभिन्न राज्यों में कुल 2 करोड़ 36 लाख रुपये का इनाम घोषित था

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश शासन द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आत्मसमर्पण और पुनर्वास की नीति पर अमल के उत्साहजनक परिणाम लगातार सामने आने लगे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा लगातार नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने या कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी जा रही थी। इसी के परिणामस्वरूप आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में दस हार्डकोर, सशस्त्र और वर्दीधारी नक्सलियों ने भारत के संविधान पर विश्वास जताते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष आधुनिक हथियारों जैसे AK- 47, इंसास राइफल, SLR, वाकी टॉकी सेट आदि सहित आत्मसमर्पण किया। इन सभी नक्सलियों पर विभिन्न राज्यों में कुल दो करोड़ छत्तीस लाख रुपये का इनाम घोषित था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसे नक्सलवाद के अंत की दिशा में एक निर्णायक कदम बताते हुए सुरक्षा बलों की दृढ़ता, निरंतरता और जनता के सहयोग की सराहना की।

    इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री द्वारा शासन स्तर से निरंतर प्राप्त त्वरित सहयोग, सटीक इंटेलिजेंस, रणनीतिक सर्चिंग एवं लगातार जारी नक्सल विरोधी अभियानों और स्थानीय समुदाय के बढ़ते विश्वास के परिणामस्वरूप नक्सली गतिविधियाँ लगातार सिमट रही हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि निर्धारित समयसीमा के भीतर प्रदेश को नक्सलवाद-मुक्त बनाने का लक्ष्य तेज़ी से पूरा किया जा रहा है। पुलिस महानिदेशक ने इस उपलब्धि को हॉक फोर्स, जिला पुलिस, CRPF, कोबरा और स्थानीय प्रशासन के सुव्यवस्थित संयुक्त अभियानों का परिणाम बताया, जिसने मंडला–बालाघाट के सीमावर्ती क्षेत्र और कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के आसपास के इलाकों को लगभग सशस्त्र नक्सली गतिविधियों से मुक्त कर दिया है।

    उल्लेखनीय है कि विगत 1 नवंबर 2025 को भी महाराष्ट्र–मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ (एम.एम.सी.) जोन की एक हार्डकोर सशस्त्र महिला नक्सली—सुनीता पिता बिसरू ओयाम, निवासी गोमवेटा (छत्तीसगढ़)—ने शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति पर विश्वास जताते हुए बालाघाट जिले में इंसास राइफल तथा हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया था। वह मलाजखंड–दर्रेकसा दलम में एसीएम थी और मध्यप्रदेश, गोंदिया एवं राजनांदगांव डिविजन में सक्रिय थी। सुनीता पर छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में कुल 14 लाख रुपये का इनाम घोषित था। यह मध्यप्रदेश आत्मसमर्पण, पुनर्वास सह राहत नीति-2023 के अंतर्गत पहला ऐसा आत्मसमर्पण था। इस प्रकरण ने प्रदेश में नक्सली ढांचे के कमजोर होने के संकेत पहले ही स्पष्ट कर दिए थे।

    हाल के महीनों में मध्यप्रदेश में सुरक्षा बलों का दबाव लगातार प्रभावी रहा है। महाराष्ट्र–मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ (एमएमसी) जोन के प्रवक्ता अनंत उर्फ विकास नगपुरे पहले ही अपने दस सशस्त्र साथियों के साथ समर्पण कर चुके हैं, जिससे इस क्षेत्र में नक्सलियों का आधार और भी कमजोर हुआ है।

    वर्ष 2025 में अब तक बालाघाट जोन में सुरक्षा बलों ने सर्वाधिक दस हार्डकोर नक्सलियों को मुठभेड़ों में ढेर किया है, जिन पर रुपए 1 करोड़ 86 लाख का इनाम घोषित* था। प्रदेश पुलिस के बढ़ते दबाव के परिणामस्वरूप हाल ही में MMC जोन के लगभग 17 नक्सली सीमावर्ती राज्यों महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पण कर चुके हैं।

    नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शासन की योजनाओं की पहुँच सुनिश्चित करने के लिए 46 एकल सुविधा केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनके माध्यम से 2,046 वनाधिकार पट्टा दावे अग्रेषित किए गए, 1,232 जाति प्रमाण पत्र जारी किए गए तथा 748 आधार कार्ड अपडेट/वितरित किए गए। रोजगार मेलों के माध्यम से युवाओं को निजी कंपनियों में चयनित कर सिंगल क्लिक से नियुक्ति पत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे इन क्षेत्रों में स्थायी आजीविका के अवसर तेज़ी से बढ़े हैं।

    इन नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

    1. सुरेन्द्र उर्फ कबीर उर्फ सोमा सोडी

    पिता: उंगा सोढी , जाति गोंड, उम्र: 50 वर्ष

    निवासी पुलमपाढ, थाना गुल्लापल्ली, जिला सुकमा (छग)

    पद: MMC सचिव

    इनाम राशि: 62 लाख रुपये

    2. राकेश ओडी उर्फ मनीष

    पिता: समरत ओडी,जाति गोंड, उम्र: 42 वर्ष निवासी ग्राम झंडेपार (बोटेकसा), थाना कोरची, जिला गढ़चिरोली (महाराष्ट्र)

    पद: स्पेशल जोनल कमेटी मेंबर (SZCM)

    इनाम राशि: 62 लाख रुपये

    3. समर उर्फ समारू उर्फ राजू अतरम

    पिता सन्नु, माता सुमरी, जाति गोंड, उम्र: 32 वर्ष निवासी इंड्री, तहसील भैरमगढ़, जिला बीजापुर (छग)

    पद: एरिया कमेटी मेंबर (ACM)

    इनाम राशि: 14 लाख रुपये

    4. सलीता उर्फ सावित्री अलावा

    पिता: लकमु | माता: चिको | जाति: गोंड | उम्र: 26 वर्ष

    निवासी: सीनागेलोर, थाना बासागुडा, तहसील हवापल्ली, जिला बीजापुर (छग)

    पद: एरिया कमेटी मेंबर (ACM)

    इनाम राशि: 14 लाख रुपये

    5. विक्रम उर्फ हिडमा वट्टी

    पिता: तकमा | माता: पीसे | जाति: गोंड | उम्र: 30 वर्ष

    निवासी: मडपे दुल्लोड, थाना चिंतागुफा, जिला सुकमा (छग)

    पद: PM/ACM

    इनाम राशि: —14 लाख रुपए

    6. लालसिंह मरावी उर्फ सींगा उर्फ प्रवीण

    पिता: भीमा | माता: उंगी | जाति: गोंड | उम्र: 30 वर्ष

    निवासी: छोटे गुडरा, थाना कटेकल्याण, जिला दंतेवाड़ा (छग)

    पद: सदस्य

    इनाम राशि: 14 लाख रुपये

    7. शिल्पा नुप्पो

    पिता: जोगा | माता: भीमे | जाति: गोंड | उम्र: 26 वर्ष

    निवासी: बुडिया बड्डुम, थाना बासागुडा, तहसील हवापल्ली, जिला बीजापुर (छग)

    पद: एरिया कमेटी मेंबर (ACM)

    इनाम राशि: 14 लाख रुपये

    8. जरीना उर्फ जोगी मुसाक

    पिता: अंदल | माता: कोशी | जाति: गोंड (मुडिया)

    निवासी: मुरंगा, थाना गंगलुर, जिला बीजापुर (छग)

    पद: एरिया कमेटी मेंबर (ACM)

    इनाम राशि: 14 लाख रुपये

    9. जयशीला उर्फ ललिता ओयम

    पिता: समलु | माता: देवे | जाति: गोंड | उम्र: 26 वर्ष

    निवासी: तरैम, थाना बासागुडा, तहसील हवापल्ली, जिला बीजापुर (छग)

    पद: एरिया कमेटी मेंबर (ACM)

    इनाम राशि: 14 लाख रुपये

    10. नवीन नुप्पो उर्फ हिडमा

    पिता: नंगा | माता: बीमे | जाति: गोंड | उम्र: 30 वर्ष

    निवासी: बोडकेल, तहसील कोंटा (जगरगुंडा), जिला सुकमा (छग)

    पद: एरिया कमेटी मेंबर (ACM) एवं राकेश का गार्ड

    इनाम राशि: 14 लाख रुपये

    आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली भोरमदेव एरिया कमेटी से सम्बद्ध हैं। कुल मिलाकर आज समर्पित नक्सलियों पर 2 करोड़ 36 लाख रुपए का इनाम घोषित था।

    डीजीपी श्री कैलाश मकवाणा के कुशल निर्देशन, विशेष पुलिस महानिदेशक (नक्सल विरोधी अभियान) श्री पंकज श्रीवास्तव, IG बालाघाट जोन श्री संजय सिंह, SP बालाघाट श्री आदित्य मिश्रा एवं अन्य पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में निरंतर चल रहे पुलिस अभियानों एवं आउटरीच प्रोग्राम का परिणाम है कि इन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्य धारा में लौटने का निर्णय लिया। मध्यप्रदेश पुलिस आत्मसमर्पण, पुनर्वास सह राहत नीति 2023 के प्रावधानों के अंतर्गत सशस्त्र आंदोलन छोड़कर समाज की मुख्यधारा में आने वालों को सभी लाभ दिलाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

  • प्रदेश में अवैध भण्डारण, परिवहन एवं विक्रय करते हुए लगभग 1 लाख 52 हजार क्विंटल धान जब्त

    मार्कफेड ने जारी किए 1 नवंबर से 06 दिसम्बर तक के आंकड़े

    रायपुर
     छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रारम्भ होने के पूर्व से ही प्रदेश में अवैध धान के भण्डारण एवं परिवहन से आने वाले धान की कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पिछले एक नवंबर से 6 दिसम्बर तक प्रदेश के विभिन्न जिलों से एक लाख  51 हजार 809 क्विंटल धान जब्त किया गया है। इस बार मार्कफेड द्वारा राज्य में अवैध परिवहन के जरिए अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाले धान को रोकने के लिए राज्य के सीमावर्ती जिलों में चेकपोस्ट और कलेक्टर की अध्यक्षता में टॉस्कफोर्स भी बनाए गए हैं। इसके साथ ही मार्कफेड में स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था की सतत् निगरानी की जा रही है। 

    मार्कफेड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले एक नवंबर से 6 दिसम्बर के अवधि में मण्डी अंिधनियम 1972 के तहत  सीमावर्ती विभिन्न जिलों से छत्तीसगढ़ राज्य में अवैध परिवहन के माध्यम से आने वाले धान पर कार्यवाही की जा रही है। इनमें सर्वाधिक महासमुंद जिले में 25,718 क्विंटल धान जब्त किया गया है। इसी प्रकार धमतरी में 23,859 क्विंटल रायगढ़ जिले में 21,331 क्विंटल, राजनांदगांव 14,977 क्विंटल, बलरामपुर जिले में 9771 क्विंटल, बेमेतरा में 6490 क्विंटल, कवर्धा में 5734 क्विंटल, बालोद में 4595 क्विंटल, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 3770 क्विंटल, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में 2868 क्विंटल, जशपुर जिले में 2771 क्विंटल, सूरजपुर जिले में 2650 क्विंटल, दुर्ग में 2350 क्विंटल, जांजगीर-चांपा में 2014 क्विंटल, बलौदाबाजार में 1855 क्विंटल, बीजापुर जिले में 1842 क्ंिवटल, रायपुर में 1679 क्विंटल, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 1583 क्विंटल, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1500 क्विंटल, बस्तर जिले में 1560 क्विंटल, मोहला-मानपुर-चौकी में 1402 क्विंटल, गरियाबंद में 1393 क्विंटल, कोरबा में 1346 क्विंटल, सरगुजा में 1282 क्विंटल, कोरिया में 1237 क्विंटल, सक्ती में 1201 क्विंटल, कोण्डागांव जिले में 1148 क्विंटल, बिलासपुर में 1060 क्विंटल, कांकेर जिले में 1012 क्ंिवटल, मुंगेली में 917 क्विंटल, दंतेवाड़ा में 445 क्विंटल, नारायणपुर में 323 क्विंटल, सुकमा में 216 क्विंटल धान जब्त किए गए हैं। 

    उल्लेखनीय है कि सीमावर्ती जिलों में निगरानी बढ़ाए जाने और त्वरित अलर्ट-रिस्पॉन्स सिस्टम की बदौलत अन्य राज्यों से धान की अवैध आमद को रोकने में प्रभावी सफलता मिल रही है।शासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता और अवैध गतिविधि को हर स्तर पर जीरो टॉलरेंस के साथ रोका जाएगा।खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मार्कफेड द्वारा धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए एकीकृत कंट्रोल सेंटर के माध्यम से रियल-टाइम निगरानी की जा रही है। साथ ही अवैध परिवहन के माध्यम से राज्य में आने वाले धान को रोकने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा सतत् निगरानी रखी जा रही है।

  • धान खरीदी के एवज में किसानों को 5277 करोड़ रूपए का भुगतान

    4.39 लाख से अधिक किसानों ने बेचा धान

    इस वर्ष 27.30 लाख किसान पंजीकृत

    ‘टोकन तुंहर एप्प‘ से किसानों को मिल रही है सहुलियत

    किसानों को अब तक 8 लाख 97 हजार 779 टोकन जारी किए गए

    रायपुर
    राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का सिलसिला तेजी के साथ जारी हैं। पिछले माह के 14 नवंबर से शुरू हुए धान खरीदी महाअभियान में पांच दिसम्बर को सवेरे 10 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार 22 लाख 39 हजार 433 लाख मीट्रिक टन से  अधिक की धान की खरीदी हो चुकी है। अब तक 4 लाख 39 हजार 511 पंजीकृत किसानों ने धान बेचा है। धान खरीदी के एवज में किसानों को बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत भुगतान हेतु मार्कफेड द्वारा 5277 करोड़ रूपए जारी किए गए है। चालू खरीफ सीजन के लिए इस वर्ष 27 लाख 30 हजार 96 किसानों ने पंजीयन कराया है, जिसमें 31 लाख 51 हजार 771 हेक्टेयर रकबा शामिल है। 

    राज्य में सभी जिलों में धान खरीदी जारी है। धान खरीदी से अब तक  महासमुंद जिला सर्वाधिक 15 लाख 19 हजार 650 क्विंटल धान खरीदकर पहले पायदान पर है। वहीं गरियाबंद जिले 6 लाख 73 हजार 495 क्विंटल धान खरीदकार दूसरे नम्बर पर है। इसी तरह बिलासपुर जिले 6 लाख 73 हजार 65 क्विंटल धान खरीदकर तीसरे स्थान हासिल की है। हांलाकि कांकेर जिला 6 लाख 15 हजार 431 क्विंटल धान खरीदी कर चौथे पायदान पर बने हुए है। पांच लाख क्विंटल से अधिक धान खरीदी वाले जिले में धमतरी और मुंगेली जिले शामिल हैं, वहीं  चार लाख क्विंटल से अधिक खरीदी वाले जिले सूरजपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, बेमेंतरा, बालोद और कोण्डागांव शामिल हैं।  किसानों को अब तक 8 लाख 97 हजार 779 टोकन जारी किए गए हैं। वहीं आगामी दिवस 8 दिसम्बर को धान खरीदी के लिए किसानों को 50 हजार 234 टोकन जारी हुए हैं।  इस वर्ष शुरू किए गऐ टोकन तुहर एप्प ऑनलाईन व्यवस्था से किसानों को काफी सहुलियत मिल रही है। किसान समितियों द्वारा की जा रही सभी आवश्यक व्यवस्थाओं से संतुष्ट हैं। राज्य शासन गठित राज्य और जिला स्तरीय दलों द्वारा प्रदेश सहित राज्य के सीमावर्ती इलाकों में अवैध धान परिवहन, भंडारण तथा विक्रय पर कड़ी निगरानी की जा रही है। 

    गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार धान खरीदी के साथ-साथ किसानों को समर्थन मूल्य का भुगतान भी शुरू कर दिया गया है। राज्य के किसानों से क्रय किए गए धान के मूल्य भुगतान के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने मार्कफेड को 26,200 करोड़ रूपए की बैंक गांरटी पहले से दे रखी है। किसानों को धान बेचने में किसी भी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए सभी केन्द्रों में पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई है। धान खरीदी की व्यवस्था पर निगरानी के लिए सभी केन्द्रों में अधिकारी तैनात किए गए हैं। राज्य स्तर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और जिला स्तर के अधिकारी लगातार दौरा कर धान खरीदी एवं केन्द्रों की व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। 

    राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में किसी भी तरह की गड़बड़ी न होने पाए इसको लेकर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। बाहर से धान की आवक की रोकथाम के लिए चेकपोस्ट पर अधिकारी तैनात किए गए हैं। जगह-जगह मॉलवाहकों की औचक जांच भी की जा रही है। 

    किसानों का मानना है कि धान खरीदी के लिए राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई टोकन तुंहर एप्प की ऑनलाईन व्यवस्था से टोकन प्राप्त करने और धान बेचने में सहुलियत हो रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व और किसान हितैषी नीतियों के चलते किसानों को जहां उनकी मेहनत का वाजिम दाम मिला हैं, वहीं किसानों का सम्मान भी बढ़ा है। बता दें कि सरकार अपने घोषणा के अनुरूप प्रति एकड़ 21 क्विंटल समर्थन मूल्य एवं कृषि उन्नति योजना के तहत 31 सौ रूपए प्रति क्विंटल की भाव से धान खरीदी कर रही है।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शूटर ऐश्वर्य प्रताप को वर्ल्ड कप-2025 में रजत पदक जीतने पर दी बधाई

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खरगोन निवासी अंतर्राष्ट्रीय शूटर ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर को दोहा (कतर) में आयोजित आईएसएसएफ विश्व कप फाइनल -2025 में रजत पदक जीतने पर बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के गौरव ऐश्वर्य प्रताप सिंह ने 50 मीटर रायफल 3 पोजिशन -पुरूष इवेंट में पदक जीत कर प्रदेश एवं देश का नाम रोशन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री तोमर के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

     

  • पीसीसी प्रमुख ने कड़ा बयान दिया, कहा- प्रदर्शनकारियों पर हिंसा स्वीकार्य नहीं

    रायपुर

    कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने हाल के दिनों में विरोध-प्रदर्शन कर रहे लोगों पर की जा रही कार्रवाई को लेकर विरोध जताया है. उन्होंने कहा कि बीजेपी की सरकार लोकतांत्रिक रूप से धरना कर रहे लोगों पर लाठियां बरसा रही है. बिना बात किए लाठी चार्ज करना गलत है, कांग्रेस इसका विरोध करती है.

    छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मीडिया से चर्चा में कहा कि कोल माइंस हथियाने के लिए ऐसा (लाठी चार्ज) किया जा रहा है. आँसू गैस दागे गए, उसी तरह कल खैरागढ़ में श्री सीमेंट के द्वारा जमीन हथियाया जा रहा है, इसे लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लाठी चार्ज कराया गया. सरकार को इन सब मुद्दों को लेकर चर्चा करना चाहिए.

    वहीं किसान आत्महत्या पर बैज ने कहा कि महासमुंद के किसान टोकन के लिए दर-दर भटक कर थक गया. टोकन नहीं मिलने से किसान गला काटकर मर गया. ये स्थिति है राज्य के किसानों की. गलत नियम के तहत धान खरीदी कराई जा रही है. न ऑनलाइन और न ही ऑफलाइन टोकन मिल रहा है. धान ना खरीदना पड़े इसीलिए सरकार ऐसा जानबूझ कर रही है.

    बस्तर के स्वास्थ्य सुविधा को लेकर दीपक बैज ने कहा कि कल से पूरे बस्तर संभाग से ओपीडी पर्ची काटना बंद कर दिया गया है. आने वाले दिनों में अनिश्चितकालीन धरना देने की बात कही है. 16 महीनों से डॉक्टर-नर्स को प्रोत्साहन राशि सरकार ने नहीं दिया है. नक्सल क्षेत्र में यह अपनी जान जोखिम में डाल कर काम कर रहे हैं. डॉक्टर और नर्सों को तत्काल प्रोत्साहन राशि देना चाहिए.

    स्वास्थ्य मंत्री छोड़ दें अपना पद

    सरकारी अस्पताल में दवाई में मांस मिलने को लेकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष कहा कि यह जानकारी हमारे पास आई है कि एक प्रसूता को सिरप में मांस का टुकड़ा मिला है. कितनी गंभीर बात है. इस सरकार में नकली दवाई धड़ल्ले से बिक रही है, इसका जवाबदार कौन है? ये सरकार अपनी काली कमाई के लिए प्रदेश के लोगों की जान से खिलवाड़ कर रही है. इस तरह की अमानक दवाई कैसे बेची जा रही है. स्वास्थ्य मंत्री को अपना पद छोड़ देना चाहिए.

  • पीड़िता की नाबालिग होने की बात साबित नहीं कर पाई सरकार, हाईकोर्ट ने नहीं माना दुष्कर्म का आरोप

    बिलासपुर

    हाईकोर्ट ने शादी का वादा कर नाबालिग से दुष्कर्म करने के आरोपी को दोषमुक्त किए जाने के खिलाफ पेश राज्य शासन की अपील खारिज कर दी है. पीड़िता ने इस बात का स्वीकार किया था कि वह आरोपी के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रह रही थी. मामले की सुनवाई जस्टिस संजय एस. अग्रवाल एवं जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल की डीविजन बेंच में हुई.

    जानकारी के मुताबिक, रायगढ़ जिले की रहने वाली पीड़िता ने 10 फरवरी 2016 को रिपोर्ट दर्ज कराई कि 1 फरवरी 2016 से आरोपी उसके साथ लिव इन रिलेशनशिप में था, और इस दौरान उसने शादी का झूठा बहाना बनाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया. जब पीड़िता ने उससे शादी करने के लिए कहा, तो उसने मना कर दिया. पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 376 एवं पास्को एक्ट के तहत जुर्म दर्ज किया.

    पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण रिपोर्ट में पीड़िता के साथ जबरदस्ती सेक्सुअल इंटरकोर्स का कोई निशान नहीं देखा और न ही पीड़िता के शरीर पर अंदर या बाहर कोई चोट का निशान पाये जाने की रिपोर्ट दी गई. उम्र प्रमाणित करने के लिए पीड़ित का वर्ष 2011 का प्रोग्रेस कार्ड के हिसाब से जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया गया. मामले की सुनवाई स्पेशल कोर्ट में हुई.

    सुनवाई के बाद कोर्ट ने पीड़ित के बयान व उसकी उम्र 18 वर्ष से कम होना साबित नहीं होने पर आरोपी को दोषमुक्त किया. स्पेशल कोर्ट द्वारा दोषमुक्ति को चुनौती देते हुए राज्य शासन ने हाई कोर्ट में अपील की थी. मामले की सुनवाई जस्टिस संजय एस. अग्रवाल व जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल की डीविजन बेंच में हुई. पीड़िता की आयु 18 वर्ष से कम साबित नहीं हो पाया.

  • हाथी ने गेट तोड़कर घर में प्रवेश की कोशिश, रिहायसी क्षेत्र में हड़कंप

    रायगढ़

    छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में बीती रात एक दंतेल हाथी ने ग्रामीण के घर घुसने की कोशश की. हाथी ने घर के बाहरी गेट को तोड़ने की भी कोशिश की. घटना वन मंडल धर्मजयगढ़ के परिक्षेत्र छाल अंतर्गत परिसर ऐडू के ग्राम पुसल्दा (कोया मुड़ा) की है. हाथी की धमक से दहशत में आए घर वालों ने तत्काल वन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद हाथी मित्र दल मौके पर पहुंचा.

    जानकारी के मुताबिक शनिवार देर रात जंगल से भटककर एक दंतेल हाथी कोयामुड़ा गांव निवासी हरिशचन्द्र राठिया के घर आ धमका. उसने घर का मुख्य द्वार को तोड़ने का प्रयास किया. हाथी की इस हरकत से घर वाले और ग्रामीणों में दहशत फैल गई है.

    फिलहाल हाथी मित्र दल हाथियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रख रहा है. टीम ने बताया कि क्षेत्र में हाथियों की मूवमेंट अभी भी सक्रिय है और स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है.

    ग्रामीणों के लिए चेतावनी

    वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए विशेष चेतावनी जारी की है:

        पुसल्दा से बरभोना कच्ची सड़क और ऐडू से बरभोना पक्की सड़क पर आवागमन सावधानीपूर्वक करें.
        पुसल्दा, ऐडू, खेदापाली, बहेरामुडा, चीतापाली और रामनगर के निवासी अनावश्यक रूप से जंगल या सुनसान क्षेत्रों में न जाएं.

  • शिक्षा व्यवस्था में भारतीयता को स्थापित करना राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य : केन्द्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान

    शैक्षणिक संस्थाओं के प्रबंधन को समाज के प्रति उत्तरदायी बनाना जरूरी
    क्वाटंम कम्प्यूटिंग और एआई जैसे न्यूज ऐज स्किल्स का प्रदेश में विस्तार आवश्यक
    म.प्र. में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 क्रियान्वयन, चुनौतियां और संभावनाएं विषय पर हुई कार्यशाला

    भोपाल
    राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल के मुख्य आतिथ्य और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में "राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020: क्रियान्वयन, चुनौतियां एवं संभावनाएं" विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में राष्ट्रगान की धुन के साथ आरंभ हुई। कार्यशाला में केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान, प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री(स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर विशेष रूप से उपस्थित थीं।

    राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि मध्यप्रदेश को शिक्षा–परिवर्तन की दिशा में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए नीति की दिशा, लक्ष्य और समन्वित कार्य–संस्कृति के द्वारा प्रयास करने होंगे। युवाओं के द्वारा प्रदेश और देश समाज को बदलने के विश्वास का प्रतीक राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 है। यह भारत के भविष्य को नई दिशा देने की दूरदर्शी कार्ययोजना है, जिसका मूल स्वभाव ‘समग्रता’ है। उन्होंने नीति के लक्ष्यों समग्र शिक्षा, समग्र विकास और समग्र राष्ट्र-निर्माण से जुड़ी चुनौतियों और मध्यप्रदेश की विशेष परिस्थितियों में उपलब्ध संभावनाओं पर प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सामूहिक विचार की पहल की सराहना की।

    राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि नीति के एकीकृत स्नातक कार्यक्रम, बहु–प्रवेश–बहु–निर्गम व्यवस्था, शैक्षणिक बैंक ऑफ क्रेडिट और अनुसंधान-केंद्रित वातावरण आदि प्रावधान उच्च शिक्षा को अधिक लचीला, आधुनिक और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता से समृद्ध बनाने का अवसर है। इसके लिए प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों को नवाचार, गुणवत्तापूर्ण संकाय विकास, डिजिटल अवसंरचना और उद्योग–शिक्षा सहभागिता के सुदृढ़ीकरण के कार्य समयबद्ध तरीके से करने होंगे। विद्यालयीन शिक्षा में बच्चों को मातृभाषा में अनुभवात्मक शिक्षण के द्वारा मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान देने के लिए शिक्षक-प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक और नवाचारशील पद्धतियों के द्वारा विद्यालय तंत्र को अग्रणी बनाना होगा।

    राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि 21वीं सदी के लिए विद्यार्थियों को तैयार करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता के द्वारा कौशल-निर्माण, डिजिटल साक्षरता और सेल्फ-लर्निंग के नए आयामों को प्राप्त करने के लिए “आउट ऑफ द बॉक्स” सोच के साथ कार्य करना होगा। यह भी समझना होगा कि नीति का सफल क्रियान्वयन केवल प्रशासनिक कदम नहीं, बल्कि एक संयुक्त राष्ट्रीय प्रयास है।

    राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि सोच से ही बदलाव होता है। उन्होंने गुजरात राज्य की योजना दूध संजीवनी का उल्लेख करते हुए बताया‍कि विद्यालय में बच्चों को दूध वितरण की पहल से कुपोषण दूर होने के साथ ही विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति भी नियमित हो गई। उन्होंने कहा कि बच्चों को स्कूल भेजकर उन्हें शिक्षकों की जिम्मेदारी मानना उचित नहीं है। बच्चों के विकास में पालकों का भी दायित्व महत्वपूर्ण है।

    राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश, देश में अग्रणी है। प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को केवल शैक्षणिक सुधार न मानकर राज्य के कौशल, नवाचार और सांस्कृतिक पुनर्जागरण से जोड़ा है। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में कुलपतियों को कुलगुरु संबोधन देकर हमने प्राचीन गुरुकुल आदर्श को आधुनिक व्यवस्था से जोड़ा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्व में जिन भी महापुरुषों ने समय की धारा को बदला है, उन महापुरुषों के व्यक्तित्व विकास में गुरुओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। गुरु के रूप में महर्षि विश्वामित्र ने श्रीराम की दक्षता क्षमता को निखारने में योगदान दिया। जिसके बल पर पर प्रभु श्रीराम ने स्वयंवर और रावण वध पर अपने पराक्रम और पुरुषार्थ का परिचय दिया। भगवान श्रीकृष्ण के विराट स्वरूप में भी आचार्य सांदीपनि का योगदान रहा। सम्राट विक्रमादित्य द्वारा स्थापित सुशासन व्यवस्था में उनके द्वारा देशभर से जोड़े गए विद्वानों और नव रत्नों का सहयोग रहा। राजा भोज द्वारा निर्मित भोपाल का बड़ा तालाब आज भी अभियांत्रिकी के विद्यार्थियों के लिए सीखने का विषय है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने युवाओं के लिए अपनी क्षमताओं को निखारने और उन्हें विस्तार देने के व्यापक आयाम दिए हैं। राज्य शासन द्वारा प्रदेश में 370 सांदीपनि स्कूल स्थापित किए गए हैं। सांदीपनि विद्यालय 21वीं सदी के कौशल, नई शिक्षा नीति और शिक्षा में नवाचार का मार्गदर्शन कर रहे हैं। यहां विद्यार्थियों के लिए गुरुकुल की गरिमा और डिजिटल युग की दक्षता उपलब्ध है। इसी क्रम में राज्य शासन ने प्रत्येक जिले में प्रधानमंत्री एक्सीलेंस कॉलेज का संचालन आरंभ किया है। प्रदेश में उच्च शिक्षा संस्थान प्रदेश के महापुरुषों के नाम पर स्थापित किए जा रहें हैं। यह राज्य सरकार के लिए गर्व का विषय है कि प्रदेश के इंदौर और रतलाम के सांदीपनि विद्यालयों को वैश्विक स्तर पर सराहा गया है।  

  • CM साय ने जमीन दरों की बढ़ोतरी पर किया संज्ञान, कहा- जरूरत हुई तो संशोधन संभव

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ में जमीन खरीद–फरोख्त के लिए जारी नई कलेक्टर गाइडलाइन दरों में भारी बढ़ोतरी के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। कई जिलों में गाइडलाइन दरों में 100% तक वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि कुछ क्षेत्रों में यह बढ़ोतरी 800% तक पहुंच गई है। अचानक बढ़े इन दरों को लेकर आम जनता, व्यापारी, किसान और राजनीतिक दल खुलकर विरोध जता रहे हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्थिति पर संज्ञान लेते हुए स्पष्ट किया है कि सरकार जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने देगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि गाइडलाइन दरों को लेकर अभी भी विभागीय मंथन जारी है और जरूरत पड़ने पर सरकार इसमें पुनर्विचार करने के लिए तैयार है।

    2017 के बाद से जमीन की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं – CM साय

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद से जमीन की गाइडलाइन दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई थी, जबकि नियमों के अनुसार हर साल इन दरों में संशोधन होना चाहिए। उन्होंने बताया कि गाइडलाइन बढ़ने के कई सकारात्मक पहलू भी हैं, परंतु वे अभी जनता के सामने उतने स्पष्ट रूप से नहीं आ पा रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि नई दरों से आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा होती है तो सरकार स्थिति की समीक्षा करेगी और लोगों को राहत देने के विकल्पों पर गंभीरता से विचार करेगी।

    गौरतलब है कि राज्य में नई गाइडलाइन का विरोध लगातार बढ़ रहा है और सरकार पर दबाव भी। ऐसे में आने वाले दिनों में गाइडलाइन दरों में संशोधन या राहत देने संबंधी कोई निर्णय लिया जा सकता है। छत्तीसगढ़ में जमीन दरों को लेकर जारी यह खींचातानी अब प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बन चुकी है।

  • लापरवाही पर गिरी गाज: 3 महीने से FIR पेंडिंग थी, IG सरगुजा ने ASI-TI पर लिया एक्शन

    बलरामपुर

    महिला से सामूहिक दुष्कर्म और मानसिक उत्पीड़न के मामले में तीन महीने तक मामला दर्ज नहीं किए जाने पर सरगुजा आईजी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जांच अधिकारी एएसआई को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के साथ थाना प्रभारी को लाइन अटैच कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं.

    जानकारी के अनुसार, झारखंड निवासी तीन युवकों पर शादीशुदा महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म का आरोप है. आरोप है कि घटना वाले दिन महिला अपने घर में अकेली थी, तभी तीनों युवक जबरन घर में घुसे और दुष्कर्म किया. घटना से मानसिक रूप से टूट चुकी पीड़िता ने उसी रात फांसी लगाकर जान दे दी. घटना के बाद परिजन न्याय की मांग को लेकर बार-बार थाना पहुंचे, लेकिन पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज करने में देरी की गई.

    परिजनों के अनुसार, यह स्पष्ट रूप से सामूहिक बलात्कार और मानसिक उत्पीड़न का मामला है, लेकिन पुलिस ने इसे आत्महत्या का प्रकरण मानते हुए शिकायत को ठंडे बस्ते में डाल दिया. तीन महीनों तक परिजन इधर-उधर चक्कर काटते रहे, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई. आखिरकार परिजनों ने सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार झा के समक्ष सीधे शिकायत दर्ज करवाई.

    शिकायत के बाद मामले में उच्चस्तरीय जांच शुरू की गई. सरगुजा आईजी द्वारा प्रारंभिक जांच में पुलिस की गंभीर लापरवाही पाए जाने पर जांच अधिकारी एएसआई रोशन लकड़ा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. वहीं सनावल थाना प्रभारी गजपति मिर्रे को लाइन अटैच करते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं.

  • कुंभकार समाज के प्रतिनिधि मंडल की मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात

    रायपुर,

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ कुंभकार समाज के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री  साय को आगामी जनवरी 2025 में रायपुर जिले के ग्राम नवागांव (कोलियारी) में आयोजित होने वाले प्रदेश स्तरीय महाधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने हेतु आमंत्रित किया।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने आमंत्रण के लिए समाज के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों का धन्यवाद किया तथा आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दी। उन्होंने कहा कि कुंभकार समाज की पारंपरिक कला, श्रमशीलता और सांस्कृतिक योगदान छत्तीसगढ़ की सामाजिक संरचना को समृद्ध बनाते हैं। राज्य सरकार सभी समाजों के विकास और सहभागिता के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

    प्रतिनिधि मंडल में समाज के सलाहकार रतन लाल चक्रधारी,  बी.पी. चक्रधर, प्रदेश अध्यक्ष  नंद कुमार चक्रधारी, महामंत्री  हेमलाल कौशिक, कोषाध्यक्ष जयप्रकाश कुंभकार,  दौवा राम चक्रधारी सहित अन्य वरिष्ठ सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

  • एमपी ट्रांसको के पिंटू यादव ने अंतरक्षेत्रीय विद्युत कुश्ती प्रतियोगिता में जीता कांस्य पदक

    जबलपुर

    मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस मुख्यालय, जबलपुर में पदस्थ पहलवान पिंटू यादव ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए अंतरक्षेत्रीय विद्युत कुश्ती प्रतियोगिता में 70 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीतकर एम पी ट्रांसको का गौरव बढ़ाया है।

    संजय गांधी ताप विद्युत गृह, बिरसिंहपुर में हुई विद्युत क्षेत्र की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में पिंटू यादव ने खंडवा के अनुभवी पहलवान विनोद तिवारी को पराजित करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया। मुकाबले के दौरान उनके दांवपेंच, संतुलन और फुर्ती ने दर्शकों को प्रभावित किया और लगातार तालियां बटोरीं।

    हालाँकि पिछले दो वर्षों से स्वर्ण पदक जीतते आ रहे पिंटू यादव इस बार शीर्ष स्थान नहीं पा सके, लेकिन उनके सशक्त प्रदर्शन और जुझारू खेल भावना की प्रतियोगिता भर में सराहना होती रही।

    प्रबंध संचालक ने दी बधाई
    पिंटू यादव की इस उपलब्धि पर एमपी ट्रांसको के प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल कंपनी के लिए गौरव की बात है, बल्कि अन्य कर्मियों के लिए भी प्रेरणादायक है।

    अति उच्च दाब मेंटेनेंस के मुख्य अभियंता श्री डी. के. अग्रवाल ने भी पिंटू यादव को शुभकामनाएँ दीं और बताया कि उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें विभागीय स्तर पर सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रांतिकारी बाघा जतीन की जयंती पर किया नमन

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महान क्रांतिकारी जतीन्द्रनाथ मुखर्जी 'बाघा जतीन' की जयंती पर नमन किया है। उन्होंने कहा है कि क्रांतिकारी बाघा जतीन स्वतंत्रता आंदोलन में युवाओं के प्रेरणा स्रोत रहे। उनके चिंतन और दार्शनिक विचारों से स्वतंत्रता सेनानियों को सतत् प्रेरणा मिली। क्रांतिकारी बाघा जतीन ने अनुशीलन समिति और युगांतर पार्टी के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन को आजीवन ऊर्जा प्रदान की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में क्रांतिकारी बाघा जतीन का योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर दी बधाई

    मुख्यमंत्री ने सैनिक कल्याण के लिए क्यूआर कोड से 11 हजार रुपये किए भेंट

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर सभी को हार्दिक बधाई दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि यह दिन सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के साथ सेना कल्याण कोष में योगदान के लिए हम सभी को प्रेरित करता है। उन्होंने क्यूआर कोड से सैनिक कल्याण के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया से 11 हजार रुपये की राशि भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से आह्वान किया कि शहीद सैनिकों के परिवारों और शारीरिक रूप से अक्षम सैनिकों के कल्याण के लिए अपना सहयोग दें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर मुख्यंमत्री निवास में ब्रिगेडियर अरुण नायर सेना मेडल (से.नि) और संचालक, सैनिक कल्याण बोर्ड ने झंडा लगाकर स्मृति चिन्ह (मोमेन्टो) भेंट किया। सैनिक कल्याण बोर्ड के श्री आर.एन. सिंह तोमर, श्री ग्रीश चंद्र यादव, श्री शैलेश कुमार चौकसे, श्री संजय भील और श्री जसवीर सिंह भी उपस्थित रहे।