• कोयला माफिया पर शिकंजा, पुलिस ने 3 टन अवैध कोयला पकड़ा

    सरगुजा

    छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में अवैध कोयला तस्करी एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है. लखनपुर और उदयपुर इलाके में कोयला माफिया सक्रिय हो गए हैं, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. उदयपुर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए करीब 3 टन अवैध कोयला जब्त किया है.

    पुलिस के अनुसार अवैध कोयला उदयपुर के पोतका जमटी पारा क्षेत्र में जंगल किनारे छुपाकर रखा गया था. जांच में सामने आया है कि इस कोयले को ईंट भट्ठों में खपाने के लिए अवैध रूप से जंगलों में खनन किया जा रहा था, साथ ही कोल माइंस से भी चोरी की आशंका जताई जा रही है.

    स्थानीय लोगों का कहना है कि कोयला माफिया ग्रामीणों को ढाल बनाकर तस्करी को अंजाम दे रहे हैं. सरगुजा संभाग के बिश्रामपुर, भटगांव, राजपुर और प्रतापपुर इलाकों में माफियाओं की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं.

    उधर, सरगुजा रेंज के आईजी ने माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं. पुलिस का कहना है कि अवैध कारोबार में शामिल तत्वों की पहचान कर जल्द ही बड़ी कार्रवाई की जाएगी.

  • सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर मुख्यमंत्री ने सैनिकों एवं शहीद परिवारों के कल्याण हेतु किया अंशदान

    रायपुर,

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड के सचिव ब्रिगेडियर विवेक शर्मा ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री साय को सशस्त्र सेना झंडा दिवस के प्रतीक स्वरूप सम्मान बैज लगाया तथा संचालनालय सैनिक कल्याण द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी गतिविधियों एवं योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “सशस्त्र सेना झंडा दिवस हमारे वीर सैनिकों और उनके परिवारों के त्याग, साहस और राष्ट्रसमर्पण के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन अवसर है। देश की सुरक्षा में निरंतर तैनात हमारे जवानों का योगदान अतुलनीय है।” उन्होंने आगे कहा कि इस दिवस का संदेश है कि राष्ट्र की रक्षा में लगे हमारे जवानों और शहीद परिवारों के प्रति हम सभी अपनी जिम्मेदारी समझें और उनके कल्याण हेतु सहयोग की भावना से आगे आएं।

    मुख्यमंत्री ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर सैनिकों एवं उनके परिवारों के कल्याण हेतु अपनी ओर से अंशदान भी प्रदान किया। इस अवसर पर सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते तथा पद्मश्री उषा बारले भी उपस्थित थीं।

  • पीथमपुर से मुंबई तक पुलिस ने ढूंढ निकाली 8 साल की बच्ची, केस सुलझाने में फुटेज रहा अहम

    धार

    धार पुलिस विभाग द्वारा चलाए जा रहे मुस्कान विशेष अभियान के तहत सेक्टर नंबर-1 पीथमपुर पुलिस को एक 8 वर्षीय अपहृत बालिका को मुंबई से सुरक्षित खोजने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। इस सराहनीय कार्रवाई पर धार पुलिस टीम को माननीय उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर द्वारा सराहा गया है और पुलिस अधीक्षक द्वारा टीम को 10 हजार के इनाम की घोषणा की गई है।

    घटना के तुरंत बाद, फरियादी की रिपोर्ट पर थाना सेक्टर नम्बर-01 पीथमपुर में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने तुरंत नगर पुलिस अधीक्षक पीथमपुर रवि सोनेर के मार्गदर्शन में अपहृत बालिका की तलाश के लिए एक एसआईटी का गठन किया था।

    सीसीटीवी फुटेज और मुंबई तक पीछा
    थाना प्रभारी ओपी अहीर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुख्य मार्गों और आसपास की फैक्ट्रियों के सीसीटीवी कैमरों की गहनता से जाँच शुरू की। त्रिवेणी कम्पनी के कैमरों की फुटेज में एक अज्ञात व्यक्ति बालिका को बहला फुसलाकर ले जाते हुए दिखा, जिसकी पहचान बालिका के पिता ने की। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदेही की पहचान कर पुलिस टीम ने उसका लगातार पीछा किया। टीम को जानकारी मिली कि संदेही अपहृता को लेकर इंदौर रेलवे स्टेशन से मुंबई जाने वाली ट्रेन में बैठ गया है।

    800 CCTV फुटेज खंगाले गए
    अपहृत बालिका का पता लगाने के लिए पुलिस टीम ने अथक प्रयास किए। इंदौर रेलवे स्टेशन से लेकर मुंबई सेंट्रल, दादर, कुर्ला, पनवेल, और नवी मुंबई तक रास्ते में आने वाले सभी रेलवे स्टेशन और नजदीक के बस स्टेशनों के लगभग 800 सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसके साथ ही, अपहृता और संदेही की तस्वीरें नेशनल और लोकल न्यूज़ चैनलों तथा प्रिंट मीडिया के माध्यम से व्हाट्सएप पर वायरल की गईं।

    पनवेल के चिल्ड्र्न होम से मिली सफलता
    लगातार प्रयासों के बाद, संदेही अपहृत बालिका के साथ मुंबई पनवेल रेलवे स्टेशन के बाहर सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दिया। थाना प्रभारी खांडेश्वर पनवेल, नवी मुंबई के सहयोग से, टीम ने पनवेल और मुंबई के आसपास के सभी अनाथाश्रमों में बालिका की फोटो और मेसेज सर्कुलेट किए। अथक प्रयासों के बाद, मानखुर्द पनवेल न्यू नवी मुंबई के चिल्ड्रन होम से सूचना मिली कि भेजे गए हुलिए की बच्ची उनके होम में सुरक्षित है। पुलिस टीम ने तुरंत चिल्ड्रन होम पहुंचकर 8 साल की बालिका को सुरक्षित पाया। पुलिस टीम द्वारा महिला बल के साथ बालिका को वापस धार लाया गया और माननीय उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर के आदेशानुसार उसे उसके माता-पिता के सुपुर्द किया गया।

    सराहनीय कार्य और इनाम
    इस पूरी कार्रवाई के दौरान नगर पुलिस अधीक्षक पीथमपुर रवि सोनेर और थाना प्रभारी ओपी अहीर लगातार टीम के संपर्क में रहे और मार्गदर्शन देते रहे। धार पुलिस की इस सफलता की माननीय उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर ने सराहना की है। पुलिस अधीक्षक धार मयंक अवस्थी ने पूरी टीम को 10 हजार के नकद इनाम से पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

  • ट्रेलर से टकराई कार, उसी गांव के 5 लोगों की जान गई—इलाके में मातम

     जशपुर

     छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में शनिवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हुआ है। एनएच-43 पतराटोली के पास एक तेज रफ्तार कार खड़े ट्रेलर से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सभी पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना दुलदुला थाना क्षेत्र की है।

    बताया जा रहा है कि कार कुनकुरी से जशपुर की ओर आ रही थी, तभी सड़क किनारे खड़े ट्रेलर से उसकी जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सभी पांच लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। मृतक जशपुर जिले के चराईडांड़ इलाके के रहने वाले बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे और शवों को वाहन से बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुलदुला भेजा गया, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की जाएगी।

    दुलदुला थाना प्रभारी के.के. साहू ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतकों की पहचान के लिए परिजनों से संपर्क किया जा रहा है। सभी मृतक एक ही गांव के निवासी बताए जा रहे हैं।

  • इलाके में दहशत: बांध में शव, शरीर पर बांधा गया था पत्थर

    तखतपुर

    बिलासपुर के तखतपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां घोरामार के फेकूबांध में रविवार सुबह एक युवक का तैरता हुआ शव मिला, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। पानी में शव मिलने की खबर मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। इसके बाद कोटा पुलिस भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और शव को बाहर निकाला गया।

    घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों का कहना है कि युवक की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि युवक के शरीर पर पत्थर बांधकर उसे पानी में फेंका गया था।

    मामले में कोटा थाना प्रभारी तोपसिंह नवरंग ने बताया कि पानी में युवक का शव मिला है। शव को पानी से बाहर निकालकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं। साथ ही आसपास के गांवों में लापता युवक की जानकारी जुटाई जा रही है। मामले की जांच जारी है।

  • एटीएम कैश ले जाते समय 14.60 लाख की लूट, आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

     

    दुर्ग

     छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक बड़ी लूट की वारदात सामने आई है। कुम्हारी के कपसदा में एटीएम में पैसे जमा करने जा रहे एजेंसी के दो कर्मियों से 14 लाख से अधिक रुपये की लूट हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस एक्टिव हुई और आसपास के इलाकों में नाकाबंदी कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है। यह घटना शनिवार रात की है।

    मिली जानकारी के अनुसार, एजेंसी के दो कर्मचारी देर रात कैश लेकर एटीएम में जमा करने जा रहे थे। ग्राम कपसदा में गोयल स्कूल के पास रात करीब 8:30 से 9 बजे के बीच यह घटना हुई। प्रार्थी ने पुलिस को बताया कि शनिवार शाम एटीएम में कैश डालने के लिए वह एजेंसी के कर्मचारी गाड़ी से जा रहा था। तभी रास्ते में बाइक सवार दो युवक गिरते हुए दिखाई दिए। जैसे ही वह उन्हें उठाने के लिए गाड़ी से उतरा, तभी बदमाशों ने मौका पाकर गाड़ी में रखे कैश वाले बैग से 14 लाख 60 हजार रुपये निकाल लिए और फरार हो गए।

    जिसके बाद इस घटना की सूचना कर्मियों ने तुरंत कुम्हारी थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखते हुए इलाके के सभी प्रमुख मार्गों पर नाकेबंदीकी और फरार आरोपियों की तलाश शुरू की। लेकिन अब तक आरोपियों का पता नहीं चल सका है। फिलहाल, पुलिस मामले में जांच कर रही है और घटना स्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है।

  • सशस्त्र सेना झंडा दिवस के लिए सर्वाधिक योगदान, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह को मिला राज्यपाल का सम्मान

    रायपुर

     राज्यपाल रमेन डेका ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष में इस वर्ष प्रदेश में सर्वाधिक 18 लाख रुपए के धन संग्रहण के लिए रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह को सम्मानित किया. रायपुर जिले की इस उपलब्धि से सैन्य कर्मियों और उनके परिजनों के कल्याण हेतु जनसहभागिता को और मजबूती मिलेगी.

    बता दें कि सशस्त्र सेना झंडा दिवस या झंडा दिवस प्रत्येक वर्ष 7 दिसंबर को मनाया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य भारतीय सेना के जवानों का आभार प्रकट करते हुए सेना के लिए धनराशि एकत्र करना है, जिसकी जरूरत आजादी के बाद ही भारतीय सशस्त्र बलों के कर्मियों और सेना के कल्याण हेतु लगी.

    इस दिवस पर धन संग्रह के तीन मुख्य उद्देश्य होते हैं. पहले युद्ध के समय हुई जनहानि में सहयोग, दूसरा सेना में कार्यरत कर्मियों और उनके परिवार के कल्याण और सहयोग हेतु और तीसरा सेवानिवृत्त कर्मियों और उनके परिवार के कल्याण के लिए. इस दिवस पर धन-संग्रह सशस्त्र सेना के प्रतीक चिन्ह झंडे को बाँट कर किया जाता है. इस झंडे में तीन रंग (लाल, गहरा नीला और हल्का नीला) तीनों सेनाओं को प्रदर्शित करते हैं.

  • CM डॉ. मोहन यादव आज ट्रांजिट विजिट पर डुमना एयरपोर्ट पहुंचेंगे

    जबलपुर

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का आज रविवार 7 दिसम्बर को ट्रांजिट विजिट पर डुमना एयरपोर्ट जबलपुर आगमन होगा। मुख्यमंत्री मंत्री डॉ यादव दोपहर 2.35 बजे भोपाल से वायुयान द्वारा डुमना एयरपोर्ट आयेंगे और और दोपहर 2.40 बजे हेलीकॉप्टर से बालाघाट प्रस्थान करेंगे।

    आप दोपहर 3.20 बजे बालाघाट पहुँचेंगे और वहाँ स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होने के बाद शाम 4.20 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा वापस डुमना एयरपोर्ट जबलपुर के लिये रवाना होंगे। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव शाम 5 बजे डुमना एयरपोर्ट पहुँचेंगे तथा शाम 5.05 बजे यहाँ से वायुयान द्वारा भोपाल प्रस्थान करेंगे।

  • यात्रा हुई आसान: गोरखपुर से लोकमान्य तिलक के लिए 7 और 9 दिसंबर को मिलेगी स्पेशल ट्रेन की सुविधा

    भोपाल
    यात्रियों की बढ़ती भीड़ और मांग को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस के बीच विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह स्पेशल ट्रेन 07 दिसंबर 2025 को गोरखपुर से तथा 09 दिसंबर 2025 को लोकमान्य तिलक टर्मिनस से संचालित होगी।

    ट्रेन मंडल के महत्वपूर्ण स्टेशनों- बीना, रानी कमलापति और इटारसी- से होकर गुजरेगी, जिससे मध्यप्रदेश के यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलने वाली है। स्पेशल ट्रेन संख्या 05587 गोरखपुर-एलटीटी 07 दिसंबर को रात 23.25 बजे गोरखपुर से रवाना होगी।

    यह दूसरे दिन बस्ती, गोंडा, गोमतीनगर, ऐशबाग, कानपुर, उरई और झांसी होते हुए शाम 16.40 बजे बीना, 19.25 बजे रानी कमलापति, 21.12 बजे इटारसी पहुंचेगी। इसके बाद खंडवा, भुसावल और नासिक रोड से गुजरते हुए तीसरे दिन सुबह 09.00 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुंचेगी।
     
    वापसी में गाड़ी संख्या 05588 एलटीटी-गोरखपुर 09 दिसंबर को सुबह 11.00 बजे प्रस्थान करेगी। यह कल्याण, इगतपुरी, नासिक रोड, भुसावल और खंडवा से होते हुई दूसरे दिन तड़के 00.25 बजे इटारसी, 02.40 बजे रानी कमलापति और 04.50 बजे बीना पहुंचेगी।

    इसके बाद झांसी, कानपुर, ऐशबाग, गोंडा और बस्ती से गुजरते हुए शाम 20.15 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। इस विशेष ट्रेन में कुल 21 कोच लगाए जाएंगे, जिनमें प्रथम एवं द्वितीय वातानुकूलित, तृतीय एसी, स्लीपर और साधारण कोच शामिल हैं।

    रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे ट्रेन के ठहराव, समय और संरचना संबंधी विस्तृत जानकारी www.enquiry.indianrail.gov.in पर प्राप्त कर सकते हैं।

  • अब बूंद-बूंद को नहीं तरसेंगे बोंदर निवासी, नल से मिलने लगा शुद्ध पेयजल

    डिंडोरी
     मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार ‘हर घर जल’ के लक्ष्य को साकार कर रही है। जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण परिवारों को नल से शुद्ध जल उपलब्ध कराया जा रहा है। डिंडोरी जिले के बोंदर गांव में जल जीवन मिशन से बड़ा बदलाव आया है। इस बदलाव से ग्रामीण बहुत खुश नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, पहले यह गांव दूर पानी के स्रोतों पर निर्भर था और गर्मियों में पानी की भारी किल्लत झेलता था, लेकिन अब गांव में एक पानी की टंकी, मोटर और पाइपलाइन नेटवर्क बन चुका है। इसके चलते सभी घरों में नल कनेक्शन हो गए हैं और रोजाना पीने का साफ पानी मिल रहा है। एक स्थानीय निवासी ने बताया, “जब से जल जीवन मिशन शुरू हुआ है, हमारे गांव में पानी की समस्या खत्म हो गई है। पहले बहुत परेशानी होती थी, लेकिन अब ज्यादातर लोगों को नियमित रूप से साफ और अच्छी गुणवत्ता वाला पानी मिल रहा है।”
    एक अन्य ग्रामीण ने कहा, “नल का सिस्टम लगने से बहुत सुविधा हो गई है। पहले एक बाल्टी पानी लाने में आधा से एक घंटा लग जाता था, जो बहुत मुश्किल काम था। अब घर बैठे पानी मिल जाता है।” ग्रामीण मथिलेश साहू ने खुशी जताते हुए कहा, “अब पानी की कोई दिक्कत नहीं है। पहले हैंडपंप या नदी से पानी लाना पड़ता था, लेकिन अब भरपूर पानी घर में ही मिल रहा है।”
    उन्होंने कहा कि शादी के 18 साल हो चुके हैं और स्वच्छ जल के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता था। हम पीएम मोदी और प्रदेश की सरकार का धन्यवाद करते हैं कि अब घर पर ही स्वच्छ जल नल से मिल रहा है।
    कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने बताया कि डिंडोरी जिले में कुल 461 नल-जल योजनाएं स्वीकृत हैं, जिनमें से अब तक लगभग 212 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं। केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार की मंशा है कि जिले के हर घर तक शुद्ध और स्वास्थ्य की दृष्टि से सुरक्षित पेयजल पहुंचे।
    पिछले महीने 48 योजनाएं पूरी करने का लक्ष्य था, जिसमें 30 योजनाएं (बोंदर सहित) पूरी हो सकीं। दिसंबर में 50 योजनाएं पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। ठेकेदारों से सख्ती के साथ काम लिया जा रहा है ताकि समय पर लक्ष्य हासिल हो सके। बोंदर गांव में 1 लाख लीटर क्षमता की टंकी बनाई गई है और लगभग 300 घरों में नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं।

  • खजुराहो में 8 दिसंबर को बड़ी बैठक, 9 दिसंबर को आयोजित होगा कैबिनेट सम्मेलन

    खजुराहो

    मध्य प्रदेश में शासन और प्रशासनिक कार्यों की व्यापक समीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 8 और 9 दिसंबर को सभी विभागों की खजुराहो में विस्तृत समीक्षा बैठकें लेंगे। इन बैठकों में विभागों द्वारा पिछले दो वर्षों में किए गए कार्यों, सामने आई चुनौतियों, उपलब्धियों और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि किन-किन विभागों ने नवाचार (Innovation) के माध्यम से बेहतर कार्य किया है और किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है।

    सूत्रों के अनुसार, इस बड़े समीक्षा अभियान के साथ ही अगले वर्ष राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार होने की संभावना भी तेज हो गई है। वर्तमान में राज्य कैबिनेट में चार पद रिक्त हैं। लंबे समय से प्रदेश में कैबिनेट विस्तार की अटकलें लगाई जा रही है। माना जा रहा है कि विभागों की समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर मंत्रिमंडल विस्तार तथा विभागों को बदला जा सकता है। भाजपा में कई वरिष्ठ विधायक मंत्री बनने की राह देख रहे हैं। डॉ. मोहन यादव सरकार को दो साल हो गए हैं। सरकार ने निगम मंडलों में भी नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की यह समीक्षा प्रदेश में प्रशासनिक पारदर्शिता और कार्यक्षमता बढ़ाने के लक्ष्य के तहत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके जरिए सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि आगामी चुनावों से पहले सभी विभाग निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रदर्शन करें और जनता से किए गए वादों का प्रभावी रूप से पालन हो।

    9 दिसंबर को खजुराहो में अगली कैबिनेट बैठक 
    कैबिनेट की बैठक भी 9 दिसंबर को खजुराहो में आयोजित की जाएगी। हर गतिविधि केन बेतवा लिंक परियोजना और बुंदेलखंड के विकास को समर्पित होगी।  ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व वाले खजुराहो में होने वाली यह बैठक विकास योजनाओं, निवेश, पर्यटन और प्रशासनिक सुधार से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर केंद्रित रहेगी। बता दें इससे पहले भी प्रदेश के अलग-अलग शहरों में कैबिनेट बैठक आयोजित की जा चुकी हैं। 

    अपर कलेक्टर श्री मिलिंद नागदेवे ने इस संबंध में निर्देश जारी करते हुए कहा है कि इंटरनेट सेवाओं में किसी भी प्रकार की बाधा न आए, इस पर पूरा ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने जनता से समझदारी और सहयोग की अपील की है ताकि ये महत्वपूर्ण कार्यक्रम बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सकें।

    जिला प्रशासन के इन कदमों से खजुराहो एक सुरक्षित और व्यवस्थित प्रांतीय केंद्र के रूप में स्थापित होगा, जिससे सभी सरकारी बैठकों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित हो सकेगा। महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर का वैश्विक महत्व है और यह प्रदेश का प्रमुख सम्मेलन स्थल है, जो जिले की छवि को भी मजबूत कर रहा है।

      

  • पति-पत्नी दोनों बने हितग्राही, बालाघाट में पीएम आवास योजना में बड़ा घोटाला, नपा की हालत पस्त

    बालाघाट
     प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में बालाघाट नगरपालिका की बड़ी लापरवाही सामने आई है। अक्टूबर में खुलासा हुआ कि 1 करोड़ 14 लाख 10 हजार रुपए की राशि 133 हितग्राहियों को जारी कर दी गई। हालांकि उन्होंने आवास निर्माण शुरू ही नहीं किया था। शासन के निर्देश के बाद नपा ने इन लोगों के नाम सरेंडर तो कर दिए, लेकिन अब राशि की वसूली सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।

    नगर पालिका के सीएमओ बीडी कतरोलिया के अनुसार, कई हितग्राही अपने मकानों को छोड़कर दूसरी जगह चले गए। वहीं, कुछ ने आवास बेच दिए। ऐसे में उनसे वसूली करना मुश्किल हो गया है। कलेक्टर मृणाल मीणा मामले की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने वसूली अभियान को तेज करने के निर्देश दिए हैं।
    वसूली के लिए लगे होर्डिंग
    नपा सीएमओ ने बताया कि डिफॉल्टर हितग्राहियों के नाम सार्वजनिक करने के लिए बाजार में होर्डिंग लगाई गई थीं। इसके बाद कार्रवाई करते हुए छह लोगों पर मामला दर्ज कराया गया। अब 17 और हितग्राहियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए थाना कोतवाली में आवेदन दिया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

    इसी के साथ 56 हितग्राहियों के खिलाफ आरआरसी (राजस्व वसूली प्रमाण पत्र) जारी करने की प्रक्रिया तहसील कार्यालय में चल रही है। वहीं, 20 से 22 हितग्राहियों की संपत्ति कुर्की की कार्रवाई भी आगे बढ़ाई जा रही है। सीएमओ कतरोलिया ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही शत-प्रतिशत राशि वसूलकर शासन को भेज दी जाएगी।

    पति-पत्नी को भी दे दिया लाभ, नपा की बड़ी चूक
    जांच में यह भी सामने आया कि जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण पति-पत्नी दोनों को पीएम आवास योजना का लाभ दे दिया गया। बिना पड़ताल के वार्ड नंबर 09 लोहार गली निवासी सुरेश सहारे और सुनीता सहारे को अलग-अलग हितग्राही बताते हुए पूरी राशि जारी की गई थी।

    जब इस पर सवाल किया गया कि इन अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई हो रही है, तो सीएमओ कतरोलिया कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।

     

  • गांव की महिलाओं का अनोखा प्रयास: केले के रेशे से बना पैड, सस्ता और टिकाऊ

    बुरहानपुर.
     अकसर गांव की महिलाओं की जब बात होती है तो लोग सुनते हैं और कहते हैं खेत में काम करने के लिए जाती होगी या कहीं पर मजदूरी करती होगी या ग्रहणी होगी. लेकिन मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के छोटी खकनार की 20 से अधिक महिलाएं इतनी टैलेंटेड है कि वह पढ़ी-लिखी नहीं है लेकिन उन्होंने ऐसा प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया है कि अब वह केले के रेशे से सेनेटरी पैड बना रही हैं. इस पैड की खासियत है कि यह 2 साल तक खराब नहीं होता है. एक पैड की कीमत ₹300 है.

    महिलाएं पीरियड्स के समय इसको इस्तेमाल करती हैं. नारी शक्ति समूह की सुनीता राम प्रसाद मार्को ने जानकारी देते हुए बताया कि हम महिलाएं पहले गृहणी थी कोई काम नहीं था लेकिन जब हमने यह प्रशिक्षण प्राप्त किया अब 3 सालों से हम यह सेनेटरी पैड बनाने का काम कर रहे हैं. हमारे यहां के सेनेटरी पैड कई महानगरों में जाते हैं हमको आर्डर मिलते हैं रोजाना एक महिलाएं 35 तैयार कर लेती है 20 महिला यह काम कर रही है जिससे हमको रोजगार मिल रहा है.

    महिला ने दी जानकारी 
     जब गांव की सुनीता रामप्रसाद मार्को से बात की तो उन्होंने बताया कि पहले हम गांव की महिलाएं गृहणी थी कोई काम नहीं था केवल खेत में जाने का ही काम रहता था. लेकिन जब हमको स्वयं सहायता समूह के माध्यम से इस तरह के प्रशिक्षण के बारे में जानकारी लगी तो हमने भी यह प्रशिक्षण प्राप्त किया. अब हम तीन वर्षों से केले के रेशे के सेनेटरी पैड तैयार कर रहे हैं. यह पैड बनाना हमने केरल की महिलाओं से सीखा है. केरल में यह बहुत बड़ी मात्रा में बनाए जाते हैं अब हम बुरहानपुर में भी बना रहे हैं. एक महिला प्रतिदिन 35 पैड सील लेती है हम एक पैड ₹300 में बेचते हैं. इसे महिलाएं 2 साल तक इस्तेमाल कर सकती है.

    एक्सपर्ट ने दी जानकारी 
     जब एक्सपर्ट संत मती सलखों से बात की तो उन्होंने बताया कि यह सेनेटरी पैड सरकार की मान्यता और मापदंड के आधार पर सही है. इसको महिलाएं 2 साल तक इस्तेमाल कर सकती है यह वॉशेबल होता है. एक पैड की कीमत ₹300 है इसको महिलाएं दो साल तक इस्तेमाल कर सकती हैं. इससे कोई साइड इफेक्ट नहीं होते हैं यह पूरी तरीके से स्वास्थ्य विभाग के गाइडलाइन के अनुसार ही बनाया जा रहा है. इसमें केले का रेशा और कपड़े का इस्तेमाल होता है.

  • सांस्कृतिक पुनर्जीवन में महत्वपूर्ण कदम: 10वीं शताब्दी की गौरी कामदा स्टोन डस्ट कास्टिंग

    10वीं शताब्दी की धरोहर गौरी कामदा की स्टोन डस्ट कास्टिंग का सांस्कृतिक पुनर्जीवन

    गोहर महल में 8 से 10 दिसंबर तक हस्त शिल्प हैकेथॉन में शामिल होगी प्रविष्टि

    भोपाल
    रफतांड रीजन स्टार्टअप नर्मदापुरम द्वारा 10वीं शताब्दी की दुर्लभ ऐतिहासिक मूर्ति गौरी कामदा की स्टोन डस्ट कास्टिंग के माध्यम से भारतीय धार्मिक और शिल्प विरासत को पुनर्जीवित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास किया गया है। यह कास्टिंग केवल एक प्रतिकृति नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक स्मृति का पुनर्संस्कार है। गोहर महल में 8 से 10 दिसंबर तक हस्त शिल्प हैकेथॉन में यह प्रविष्टि शामिल होगी।

    यह कलाकृति धार्मिक आस्था, पुरातात्त्विक महत्व और समकालीन डिज़ाइन का अद्भुत संगम प्रस्तुत करती है। बीजावाड़ा क्षेत्र जिला देवास की मूल 10वीं शताब्दी की प्रतिमा से प्रेरित यह 15 x 6 इंच आकार की कास्टिंग उस कालखंड की सौंदर्य चेतना, मूर्तिकला परंपरा और आध्यात्मिक भावनाओं को आज के समय में पुनः प्रासंगिक बनाती है।

    इस पहल का उद्देश्य केवल एक ऐतिहासिक कला रूप को संरक्षित करना ही नहीं, बल्कि उसे समकालीन सांस्कृतिक, संग्रहणीय और डिज़ाइन स्पेस में स्थापित करना भी है। यह प्रयास आने वाली पीढ़ियों को भारत की मूर्तिकला परंपरा से जोड़ने की दिशा में एक सशक्त कदम है।

    गौरी कामदा की यह पुनर्रचना उस दृश्य भाषा को पुनर्जीवित करती है जो समय के साथ विस्मृत हो चुकी थी। यह कलाकृति न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि शिल्प कौशल, शोध और समर्पण की भी सजीव मिसाल है।

    संचालनालय  हस्तशिल्प एवं हाथकरघा के स्टार्ट अप प्रतियोगिता आयोजन, सांस्कृतिक नवाचार भारतीय हस्तशिल्प, विरासत संरक्षण और रचनात्मक उद्योगों के लिए एक प्रेरणादायी मॉडल के रूप में सामने आया है।

    राष्ट्रीय हस्तशिल्प सप्ताह 8-14 नवंबर 2025 के एक भाग के रूप में और माय हैंडीक्राफ्ट माय प्राउड तथा माय प्रोडक्ट माय प्राउड के समन्वय में, कोलार डायनेमिक्स स्टार्टअप ने मध्यप्रदेश के कारीगरों के साथ मिलकर एक विशेष ब्रास म्यूज़िशियन सेट तैयार किया है। यह चार टुकड़ों वाली पीतल की कलाकृति है जिसकी चौड़ाई 20 इंच और लंबाई 6 इंच है। शहनाई और तबले पर प्रस्तुति देते दो पुरुष और दो महिला कलाकारों को दर्शाते हुए, यह कृति ग्वालियर घराने की समृद्ध संगीत विरासत का सार प्रस्तुत करती है। इस सांस्कृतिक धरोहर को कला, हस्तशिल्प और शास्त्रीय संगीत के वैश्विक प्रशंसकों तक पहुँचाने में गर्व महसूस करते हैं।

     

  • MSP पर केंद्र का अहम फैसला, दलहन की 100% खरीद से किसानों को मिलेगा लाभ

    भोपाल 

    राज्यसभा में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का मुद्दा छाया रहा। कांग्रेस ने सरकार को घेरते हुए कृषि उपज की एमएसपी पर कानूनी गारंटी की मांग उठाई, तो केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पलटवार करते हुए दावा किया कि “किसानों का कल्याण मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

    केंद्र का दावा, दालों की 100% खरीद होगी

    कांग्रेस सांसद मुकुल वासनिक ने पूछा कि जब किसान एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, तो सरकार की क्या योजना है? सवालों के जवाब में शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि सरकार पहले ही लागत पर 50% लाभ जोड़कर एमएसपी तय कर रही है और अब तुअर, मसूर और उड़द जैसी दलहन फसलों की शत-प्रतिशत खरीद सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि यूपीए सरकार ने तो 50% लाभांश देने के फार्मूले को ही “मंडी में विकृति पैदा करने वाला” बताया था, जबकि मोदी सरकार किसानों के हित में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू कर रही है।

    राज्य सरकारों पर ढिलाई का आरोप

    चौहान ने कई राज्यों पर एमएसपी पर खरीद में उदासीनता बरतने का आरोप लगाया। उन्होंने विशेष तौर पर कर्नाटक का उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य की कांग्रेस सरकार ने 2024-25 के लिए जितनी तुअर खरीदने की अनुमति ली, उतनी खरीद भी नहीं की। कृषि मंत्री ने साफ कहा कि यदि कोई राज्य सरकार दालों की खरीद नहीं करती है, तो केंद्र सरकार नैफेड जैसी एजेंसियों के माध्यम से सीधे खरीद करेगी, ताकि किसानों को नुकसान न उठाना पड़े।

    कांग्रेस का पलटवार

    मुकुल वासनिक ने आरोप लगाया कि सरकार उनके सवालों का सीधा जवाब नहीं दे रही। उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में 1 लाख 12 हजार किसानों ने आत्महत्या की, जो ग्रामीण संकट का गंभीर संकेत है। जब खरीद प्रक्रिया के फार्मूले पर दोबारा प्रश्न पूछा गया, तो चौहान ने जवाब दिया कि “किसानों का कल्याण ही हमारा एकमात्र फार्मूला है।”

     

  • भोपाल मेट्रो का लोकार्पण 13 दिसंबर को, पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन, पहला कॉमर्शियल रन जल्द

    भोपाल. 

    मेट्रो के सबसे अहम प्रायोरिटी कॉरिडोर को आखिरकार कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) से हरी झंडी मिल गई है. मंजूरी के बाद राजधानी में मेट्रो के परिचालन की उम्मीदों ने रफ्तार पकड़ ली है. 13 दिसंबर को मेट्रो शुरू होने की संभावित तारीख बताई जा रही है, हालांकि प्रशासनिक और तकनीकी तैयारियां अभी पूरी नहीं हैं. माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दिन मेट्रो को हरी झंडी दिखा सकते हैं. शहर में महीनों से इस फैसले का इंतजार था, लेकिन क्लियरेंस के साथ एक नई चुनौती भी सामने आई है. पूरे कॉरिडोर के किसी भी स्टेशन पर लंबी अवधि की पार्किंग उपलब्ध नहीं होगी, जिससे नियमित यात्रियों को परेशानी हो सकती है.

    स्टेशनों पर केवल पिक एंड ड्रॉप की व्यवस्था रहेगी. ऐसे में वाहन लेकर आने वाले यात्रियों को निजी या सार्वजनिक पार्किंग स्थानों पर निर्भर होना पड़ेगा. उद्घाटन की तैयारियां तेज हैं, लेकिन पार्किंग का अभाव इस कॉरिडोर के शुरुआती संचालन के लिए बड़ी चुनौती बन रहा है-और यही इस पूरी कहानी का मुख्य बिंदु है. टिकटिंग सिस्टम भी शुरुआती चरण में एडवांस्ड नहीं होगा. तुर्की कंपनी के साथ अनुबंध रद्द होने के बाद भोपाल में भी इंदौर की तरह मैनुअल टिकटिंग से शुरुआत करनी पड़ेगी. CMRS टीम ने 12 से 15 नवंबर के बीच तीन चरणों में ट्रैक, डिपो, ट्रेनों और स्टेशनों का विस्तृत निरीक्षण किया था. जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप दी गई है और अंतिम आदेश के बाद राजधानी का पहला मेट्रो कॉरिडोर जनता के लिए खोला जा सकता है.
    पहले कॉरिडोर में 8 स्‍टेशन, 6.2 किमी लंबाई
    6.22 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर आठ स्टेशनों को जोड़ता है. सबसे अधिक भीड़-भाड़ वाले रूट को प्राथमिकता देते हुए यह पहला सेक्शन बनाया गया. 2018 में शुरू हुए काम का अधिकांश हिस्सा पूरा हो चुका है. रानी कमलापति और अलकापुरी स्टेशनों पर अंतिम कार्य जारी है.

    फिलहाल स्टेशन के 1 गेट से ही एंट्री-एग्जिट होगी। यानी, जो भी यात्री स्टेशन पर पहुंचेंगे, वे स्टेशन के एक तरफ से ही अंदर-बाहर आ-जा सकेंगे। जिन स्टेशनों पर अभी फिनिशिंग या अन्य काम बचे हैं, उन्हें अगले 3 दिन में पूरा करने का टारगेट है। 10 दिसंबर से सभी स्टेशन बंद कर दिए जाएंगे। ये वीआईपी-वीवीआईपी की सिक्योरिटी के चलते होगा।

    यदि पीएम भोपाल आएं तो पहले यात्री भी बनेंगे मेट्रो सूत्रों के अनुसार, यदि प्रधानमंत्री मोदी भोपाल आकर मेट्रो का लोकार्पण करते हैं तो वे भोपाल मेट्रो के पहले यात्री भी बन सकते हैं। इसलिए स्टेशनों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। सुभाषनगर मेट्रो स्टेशन पर कार्यक्रम होगा, क्योंकि यही पर डिपो और सबसे ज्यादा स्पेस है। ऐसे में कार्यक्रम को लेकर किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।

    अक्टूबर 2023 में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और तीन महीने पहले वर्तमान मंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी सुभाषनगर स्टेशन से ही मेट्रो में सफर व निरीक्षण किया था।

    लोकार्पण के दौरान बंद रहेंगे स्टेशन जानकारी के अनुसार, मेट्रो का जब भी कमर्शियल रन होगा, तब सुभाषनगर को छोड़ बाकी सभी स्टेशन बंद रखे जाएंगे। यह सब सुरक्षा के मद्देनजर होगा। वीआईपी-वीवीआईपी के जाने के बाद आम लोगों के लिए स्टेशन खोल दिए जाएंगे। ताकि, वे मेट्रो का सफर कर सके।

    प्रायोरिटी कॉरिडोर 6.22 किमी लंबा, 8 स्टेशन आएंगे ऑरेंज लाइन का प्रायोरिटी कॉरिडोर 6.22 किलोमीटर लंबा है। इनमें कुल 8 स्टेशन- सुभाषनगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम तिराहा, अलकापुरी और एम्स शामिल हैं।

    इंदौर में वर्चुअली तरीके से किया था लोकार्पण प्रधानमंत्री मोदी ने 31 मई को भोपाल में हुए कार्यक्रम से ही इंदौर मेट्रो का वर्चुअली तरीके से लोकार्पण किया था। तब उन्होंने भोपाल मेट्रो के लोकार्पण के लिए अक्टूबर में आने की बात कही थी। हालांकि, बिहार में विधानसभा चुनाव के चलते मेट्रो का कमर्शियल रन अक्टूबर में नहीं हो सका। नवंबर में सीएमआरएस की टीम ने निरीक्षण किया और हाल ही में एनओसी दी। इसलिए कमर्शियल रन अब दिसंबर में किया जा रहा है।

    टिकट मैन्युवली सिस्टम से ही मिलेगी खास बात ये है कि मेट्रो के कमर्शियल रन के दौरान टिकट सिस्टम ऑनलाइन न होते हुए मैन्युवली रहेगा। टिकट कलेक्शन करने वाली तुर्किए की कंपनी का ठेका मेट्रो कॉरपोरेशन कैंसिल कर चुका है। नई एजेंसी आने तक मैन्युवली टिकट कलेक्शन सिस्टम रहेगा। इंदौर में भी यही सिस्टम लागू है।

    साल 2018 से शुरू हुआ था मेट्रो का काम भोपाल में पहला मेट्रो रूट एम्स से करोंद तक 16.05 किलोमीटर लंबा है। इसमें से एम्स से सुभाष नगर के बीच 6.22 किलोमीटर पर प्राथमिकता कॉरिडोर के तौर पर 2018 में काम शुरू किया गया था। सबसे पहले सुभाषनगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर और रानी कमलापति स्टेशन के काम पूरे हुए। इसके बाद रेलवे ट्रैक के ऊपर दो स्टील ब्रिज बनाए गए। वहीं, आगे के 3- डीआरएम तिराहा, अलकापुरी और एम्स स्टेशनों का काम शुरू हुआ। कुछ महीने पहले ही इनका काम भी पूरा हो गया और अब ये यात्रियों के आने का इंतजार कर रहे हैं।

    दो साल पहले हुआ था पहला ट्रायल राजधानी में पहली बार मेट्रो 3 अक्टूबर 2023 को पटरी पर दौड़ी थी। तब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुभाष नगर से रानी कमलापति स्टेशन तक मेट्रो में सफर किया था।

     

  • शुगर मिल की खुशखबरी: कैलारस में 10 हजार किसान देंगे गन्ना, विधानसभा में सरकार से याद किया वादा

    मुरैना
    मुरैना की राजनीति  दिन फिर गरमा गई, जब जौरा से कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने विधानसभा में सरकार को उनके ही वादों की याद दिलाई. उन्होंने नारा लगाते हुए कहा, ''किसान तैयार, जमीन तैयार, गन्ना तैयार…तो फिर कैलारस शक्कर कारखाना कब तैयार होगा?'' मुख्यमंत्री से लेकर कृषि मंत्री तक कई बार भरोसा दिलाया गया कि यदि किसान गन्ना उगाएंगे तो कारखाना शुरू होगा. अब तो 10 हजार किसान 50 हजार हेक्टेयर में गन्ना उगाने को तैयार खड़े हैं.

    विधानसभा में उठाया शुगर मिल का मुद्दा
    पंकज उपाध्याय ने सरकार से सीधा सवाल किया है, ''जब किसान वादा निभा रहे हैं, तो सरकार कब निभाएगी? विधानसभा में उन्होंने कैलारस शक्कर कारखाना चालू करो, किसानों को उनका हक दो का नारा बुलंद किया.'' मुरैना जिले के किसानों की सालों पुरानी मांग कैलारस शुगर मिल को चालू कराने की, एक बार फिर पूरे जोर से उठ खड़ी हुई है. जौरा विधानसभा से कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने शुक्रवार को विधानसभा में इस मुद्दे को अत्यंत दबंग अंदाज में उठाते हुए सरकार को उसके ही वादों का आईना दिखा दिया.

    10 हजार किसानों की जगी उम्मीद
    उनके सवाल ने पूरे जिले के 10 हजार किसानों के बीच फिर से नई उम्मीद जगा दी है, जो वर्षों से अपने हक और उद्योग के पुनर्जीवन का इंतज़ार कर रहे हैं. विधानसभा के प्रश्नकाल में विधायक उपाध्याय ने सरकार को स्पष्ट कहा कि, ''मुरैना के 10 हजार किसान 50 हजार हेक्टेयर में गन्ने की खेती करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन यदि सरकार समय पर अपना वादा नहीं निभाती तो यह तैयारियां व्यर्थ हो जाएंगी.'' उन्होंने बताया कि, ''किसान लंबे समय से आंदोलन कर चुके हैं, धरना दे चुके हैं, लेकिन अब समय आ गया है कि सरकार सिर्फ आश्वासन न दे, बल्कि वास्तविक कदम उठाए.''

    कैलारस शुगर मिल अर्थव्यवस्था की कुंजी
    विधायक पंकज उपाध्याय ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने 27 नवंबर को मुरैना दौरे के दौरान घोषणा की थी कि यदि किसान गन्ना उगाएंगे तो शुगर मिल चालू की जाएगी. इसके साथ ही कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर भी कई बार वही भरोसा दिला चुके हैं. उपाध्याय ने कहा कि, ''जब प्रदेश के शीर्ष नेता खुद किसानों को आश्वासन दे चुके हैं, तो अब देरी का सवाल ही नहीं उठता. उन्होंने जोर देकर कहा कि कैलारस शुगर मिल का ताला खुलना सिर्फ किसानों की जरूरत नहीं, बल्कि पूरे जिले की अर्थव्यवस्था के पुनर्जीवन की कुंजी है.

    लाइनों में लगे धक्के खा रहे किसान
    जौरा विधायक पंकज उपाध्याय ने विधानसभा में कैलारस शुगर मिल के मुद्दे के साथ-साथ मुरैना जिले में खाद की भारी किल्लत का मामला भी जोरदार तरीके से उठाया. उन्होंने कहा कि, ''जिले का किसान खाद के लिए लाइन में खड़ा होकर लाठी–डंडे तक खा रहा है, फिर भी उसे पर्याप्त खाद नहीं मिल पा रही. वहीं कृषि मंत्री बार-बार खाद उपलब्ध होने का दावा करते हैं, जो जमीन की हकीकत से बिल्कुल उलट है.''

    उपाध्याय ने कहा कि, ''किसान गन्ना उगाने को तैयार बैठा है, लेकिन सरकार न तो शुगर मिल शुरू कर रही है और न ही खाद की समस्या दूर कर रही है.'' उन्होंने विधानसभा में साफ शब्दों में मांग की कि मुरैना जिले के किसानों को तत्काल खाद उपलब्ध कराई जाए और उनकी परेशानियों का समाधान किया जाए. विधानसभा में उठे इस प्रखर मुद्दे ने किसानों को एक बार फिर आंदोलन की ऊर्जा और उम्मीद दोनों दे दी हैं. अब मुरैना की जनता की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार आखिर कब वह ऐतिहासिक फैसला लेगी, जिसका इंतज़ार वर्षों से किया जा रहा है.

    अशोक तिवारी किसान नेता
    मध्य प्रदेश किसान सभा के अध्यक्ष एवं शक्कर कारखाना चलाओ संघर्ष समिति के सदस्य अशोक तिवारी ने बताया कि, ''जौरा विधायक की मांग बिलकुल सही है, क्योंकि इस शक्कर कारखाने से 20 हजार किसान और 1500 श्रमिक जुड़े हुए थे. हम तो कई वर्षो से इस शक्कर कारखाना चालू कराने को लेकर संघर्ष कर रहे हैं. चालू होने पर इस क्षेत्र का विकास होगा और कई बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलेगा. इसके साथ ही इस क्षेत्र के किसानों को भी खुशी होगी.''

    शक्कर कारखाना चालू कराने को लेकर बीते दिनों विधानसभा सत्र के दौरान शक्कर कारखाना चलाओ संघर्ष समिति जिला मुरैना का एक वृहद डेलीगेशन विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, कृषि मंत्री ऐंदल सिंह कंसाना से मिला था. उन्होंने तसल्ली से प्रतिनिधि मंडल को सुना और शक्कर कारखाना चलाने के लिए हर तरह का सहयोग करने का आश्वासन दिया.

  • मध्य प्रदेश में संपत्ति के दाम का निर्धारण अब AI और संपदा टू सर्वे के डेटा से होगा

     भोपाल
     मध्य प्रदेश में नई कलेक्टर गाइडलाइन बनाने की तैयारी शुरू हो गई है, इसके लिए एआई व संपदा टू सॉफ्टवेयर की मदद से सर्वे किया जा रहा है। इस सर्वे में पता लगाया जा रहा है कि किस जिले में कहां पर अधिक दाम पर रजिस्ट्रियां हुई हैं। इसी डाटा के आधार पर ही प्रापर्टी के दाम तय किए जाएंगे।

    बता दें कि अभी ऑनलाइन माध्यम से सर्वे किया जा रहा है, इसके बाद राजस्व व पंजीयन अधिकारी जमीनी स्तर पर भी उन क्षेत्रों का सर्वे करेंगे, जहां पर तेजी से प्रापर्टी की खरीद-फरोख्त की जा रही है। बता दें कि वित्तीय वर्ष 2026-27 की कलेक्टर गाइडलाइन बनाने के महानिरीक्षक पंजीयन ने आदेश जारी कर दिए हैं, जिसके तहत फरवरी तक जिला मूल्यांकन समितियों को गाइडलाइन का प्रस्ताव तैयार कर केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजना है।

    सैटेलाइट इमेज निकाली जा रही

    अधिकारी खंगाल रहे डाटा सभी जिलों में कलेक्टर गाइडलाइन तय करने के लिए राजस्व अधिकारी और सब रजिस्ट्रार पिछले पांच वर्ष का डाटा खंगाल रहे हैं। इसमें यह पता लगाया जा रहा है कि किन क्षेत्रों में बढ़ी हुई दरों पर रजिस्ट्रियां हुई हैं। उन क्षेत्रों की सैटेलाइट इमेज निकाली जा रही है, जिससे यह पता लग सके कि वहां सिर्फ जमीन की खरीद-फरोख्त हुई है या फिर वहां पर निर्माण कार्य भी हुआ है।

    बता दें कि अभी तक दरें तय करने के लिए रजिस्ट्रियों को ही आधार बनाया जाता था, लेकिन अब इसके साथ सेटेलाइट इमेज, एआइ और फील्ड रिपोर्ट का विश्लेषण किया जा रहा है।

    अत्यधिक दरों पर हुईं चार लाख रजिस्ट्रियां

    मध्य प्रदेश में पिछले वित्तीय वर्ष में लगभग चार लाख रजिस्ट्रियां कलेक्टर गाइडलाइन की तय दरों से अधिक पर हुईं। खरीदारों ने एक से 30 प्रतिशत दाम बढ़ाकर अत्यधिक दरों पर रजिस्ट्रियां कराईं थीं। रजिस्ट्रेशन और स्टाम्प विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार मध्य प्रदेश में डेढ़ लाख जगह ऐसी हैं, जहां सरकार द्वारा निर्धारित दाम से अधिक पर रजिस्ट्री की संख्या बढ़ी है।

    सर्वे करने में इन तकनीकों की ली जा रही है मदद

        कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) – इसकी मदद से यह पता लगाने में आसानी होगी कि एक प्रमुख स्थान या क्षेत्र में पिछले एक वर्ष में कितना विकास कार्य हुआ है। उसी को दरें बढ़ाने के लिए आधार बनाया जाएगा।

        सैटेलाइट इमेज – इसकी मदद से क्षेत्र का वास्तविक चित्र सामने आ जाएगा कि वहां पर खाली जमीन है या फिर बड़ी मात्रा में भवन निर्माण हुआ है। कितनी सड़कें बनाई गई हैं और किन क्षेत्रों से जुड़ रहीं हैं।

        फील्ड रिपोर्ट – सभी जिलों के पंजीयकों द्वारा तैयार की गई फील्ड रिपोर्ट गाइडलाइन तय करने के लिए प्रमुख आधार रहती है। इससे स्पष्ट होगा कि उक्त क्षेत्रों में तय दरों से कितनी अधिक दरों पर रजिस्ट्रियां हुई हैं।

    सर्वे कर प्रस्ताव तैयार किया जाना है

        मध्य प्रदेश के सभी जिला पंजीयकों को नई कलेक्टर गाइडलाइन की प्रक्रिया शुरू करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इसके लिए प्राथमिक तौर पर सर्वे कर प्रस्ताव तैयार किया जाना है, जिसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। – अमित तोमर, महानिरीक्षक, पंजीयन मप्र

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा-राजधानी में विभिन्न मार्गों पर बनने वाले द्वार विरासत के साथ विकास को करेंगे जीवंत

    भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण, सम्राट अशोक और विक्रमादित्य के नाम पर होंगे द्वार
    मुख्यमंत्री ने निर्वाण दिवस पर संविधान निर्माता डॉ. अंबेडकर का किया स्मरण
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रस्तुत किया है विकास का नया मॉडल : विधायक श्री शर्मा
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सरकार के दो साल पर हुआ नागरिक अभिनंदन

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राजधानी के गौरवशाली अतीत को निखारने के लिए सभी समन्वित आवश्यक प्रयास पूरी प्रतिबद्धता के साथ किए जाएंगे। महान प्रतापी राजा भोज के शासन के एक हजार साल पूर्ण होने पर भोज-नर्मदा द्वार का भूमि-पूजन किया गया था। राजधानी में महान चक्रवर्ती सम्राट विक्रमादित्य के शासन के दो हजार साल पूर्ण होने पर उनके नाम पर बनने वाले द्वार का भूमि-पूजन किया जायेगा। भोपाल में महापुरूषों के नाम पर विभिन्न मार्गों पर 9 भव्य द्वार बनेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ये बात शनिवार को समत्व भवन में विधायक श्री रामेश्वर शर्मा और हुजूर विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में कही।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के निर्वाण दिवस पर स्मरण करते हुए कहा कि आज विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र वाले देश में 'चाय वाला' प्रधानमंत्री और 'गाय वाला' मुख्यमंत्री है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में विरासत के साथ विकास का कार्य निरंतर तेज गति से जारी है। राजधानी में निर्मित होने वाले भव्य द्वार विभिन्न महापुरूषों और उनकी विरासत को प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम मुस्कुरा रहे हैं, काशी का भी आनंद उसमें जुड़ा है और महाकाल में महालोक छाया हुआ है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण ने शिक्षा प्राप्त की है। आचार्य सांदीपनि का आश्रम मध्यप्रदेश की धरोहर है। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता, अमीर और गरीब की मित्रता का सर्वोत्कृष्ट उदाहरण है। मध्यप्रदेश की धरती से सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन का अद्भुत मॉडल सभी के लिए प्रस्तुत किया। आज सम्राट विक्रमादित्य सुशासन के लिए पूरे संसार में जाने जाते हैं। सम्राट अशोक और विश्व प्रसिद्ध धरोहर सांची को जीवंत करते द्वार बनाए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति में गौमाता का प्रमुख स्थान है। गाय स्वयं के बच्चों के साथ हम सभी का पोषण भी करती है, इसीलिए वह 'माता' के रूप में पूजी जाती है। वह अपने आंचल में ममता लिए सबका कल्याण करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौशाला का संचालन करने वालों को सरकार सभी आवश्यक सहायता प्रदान करेगी। गौमाता की रक्षा और सुरक्षा के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। गौपालन के लिए भी सरकार ने मुख्यमंत्री डॉ. अंबेडकर कामधेनु योजना प्रारंभ की है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हुजूर विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों का मुख्यमंत्री निवास में स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री निवास कार्यकर्ताओं का घर है। उन्होंने विधायक श्री शर्मा और नागरिकों का श्रीराम दरबार भेंट करने पर आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सरकार के 2 साल पूर्ण होने के अवसर पर हुजूर विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों ने गजमाला पहनाकर अभिनंदन किया।

    विकास एवं विरासत के दो साल
    विधायक श्री रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विकास का नया मॉडल प्रस्तुत किया है। इसमें विरासत के साथ विकास का अद्भुत और अद्वितीय संगम समाहित है। मुख्यमंत्री का अभिनंदन करते हुए कहा कि सम्राट विक्रमादित्य की नगरी उज्जैन के रहने वाले डॉ. यादव, सम्राट विक्रमादित्य की तरह ही सुशासन की परम्परा के सच्चे वाहक हैं। उनके नेतृत्व में विकास का नया मॉडल प्रस्तुत किया गया है। राजा भोज की राजधानी को गौरव प्रदान किया गया है। अब राजा भोज के शहर भोपाल में प्रवेश करते ही लोगों को सांस्कृतिक वैभव के दर्शन होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोज-नर्मदा द्वार का पहले भूमिपूजन किया अब दो वर्ष पूर्ण होने पर 13 दिसम्बर को विक्रमादित्य द्वार का भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में अब भोपाल से मुम्बई, दिल्ली, बेंगलुरू और अन्य शहरों के लिए विमान सेवाएं प्रारंभ हो गई हैं। उन्होंने कहा कि हुजूर विधानसभा क्षेत्र में निर्मित होने वाले भव्य द्वारों का स्वरूप अलग-अलग होगा। सभी में भारतीय संस्कृति की अद्भुत झलक दिखाई देगी। समारोह में श्री राहुल कोठारी, श्री तीरथदास सिन्हा सहित जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

    प्रमुख बिंदु
        भोपाल में महापुरूषों के नाम पर विभिन्न मार्गों पर 9 भव्य द्वार बनेंगे।

        आज संसार के सबसे बड़े लोकतंत्र वाले देश में 'चाय वाला' प्रधानमंत्री और 'गाय वाला' मुख्यमंत्री है।

        विधायक श्री रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विकास का नया मॉडल मध्यप्रदेश में प्रस्तुत किया।

        प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में विरासत के साथ विकास का कार्य निरंतर तेज गति से जारी है।

        राजधानी में निर्मित होने वाले भव्य द्वार विभिन्न महापुरूषों और उनकी विरासत को प्रस्तुत करेंगे।

        अयोध्या में भगवान श्रीराम मुस्कुरा रहे हैं, काशी का भी आनंद उसमें जुड़ा है और महाकाल में महालोक छाया हुआ है।

        आचार्य सांदीपनि का आश्रम मध्यप्रदेश की धरोहर है।

        भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता, अमीर और गरीब की मित्रता का सर्वोत्कृष्ट उदाहरण है।

        मध्यप्रदेश की धरती से सम्राट विक्रमादित्य ने सुशासन का अद्भुत मॉडल सभी के लिए प्रस्तुत किया।

    सनातन संस्कृति में गौमाता का प्रमुख स्थान है। गाय स्वयं के बच्चों के साथ हम सभी का भी पोषण करती है, इसीलिए वह 'माता' के रूप में पूजी जाती है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सरकार के 2 साल पूर्ण होने के अवसर पर हुजूर विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों ने गजमाला पहनाकर अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के नागरिकों के साथ में फोटो क्लिक करवाए।

  • सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत: मध्य प्रदेश में 5 हजार होमगार्ड जवानों की होगी नई भर्ती

    भोपाल 
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस के मौके पर होमगार्ड को अनेक सौगातें देते हुए कहा कि उज्जैन में वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ के मद्देनजर पांच हजार जवानों की भर्ती की जाएगी। राजधानी के जहांगीराबाद स्थित होमगार्ड परेड मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री यादव ने परेड की सलामी ली, उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले अधिकारियों एवं जवानों को सम्मानित किया तथा प्रदेश में नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने में होमगार्ड संगठन की भूमिका की सराहना की। इस मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि होमगार्ड जवानों ने अपनी जिम्मेदारियों का बेहतर तरीके से निर्वाहन किया है। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत प्रदेश सरकार ने 5,000 से अधिक होमगार्ड जवानों की भर्ती का लक्ष्य निर्धारित किया है।
    उन्होंने कहा कि होमगार्ड के जवान कानून व्यवस्था, आपात स्थितियों के अलावा हर चुनौती में समर्पण और साहस का अद्भुत परिचय देते है। होम और गार्ड है यानी कि घर का प्रहरी है। सभी काम के लिए कार्यरत जवानों का कोई समूह है तो वह होमगार्ड है।
    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि ये सिर्फ अपने आउटफिट के आधार पर पहचान बनाने वाला बल नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रधर्म का भी प्रतीक है। आपदा और विपदा में अपनी भूमिका निभाने वाला समूह है। राज्य में जब भी किसी तरह की समस्या आई होमगार्ड के जवानों ने अपनी जिम्मेदारी को पूरी मुस्तैदी के साथ निभाया है। बाढ़ की समय हो या कोई और आपदा, होमगार्ड के जवान अपने अभियान में जुटे रहे। अनेक लोगों का जीवन बचाने में मदद की।
    वहीं सीएम मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा,'' प्रदेश में विशेष पिछड़ी जनजाति के युवाओं को होमगार्ड में भर्ती हेतु बैगा, भारिया और सहरिया बटालियन पर भी हम विचार कर रहे हैं। आज होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस समारोह में परेड का निरीक्षण किया और जवानों को 'मुख्यमंत्री अदम्य साहसिक कार्य पुरस्कार' से सम्मानित किया।''