• मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन, चुनौतियों एवं संभावनाओं पर एक दिवसीय कार्यशाला 7 दिसम्बर को

     

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह होंगे शामिल

    भोपाल

    मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन, उससे जुड़ी चुनौतियों और संभावनाओं पर विचार-विमर्श के लिये दिनांक 7 दिसंबर, 2025 को कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर भोपाल में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी। मुख्य अतिथि राज्यपाल मंगुभाई पटेल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अध्यक्षता करेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार तथा स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह उपस्थित रहेंगे। कार्यशाला का आयोजन उच्च शिक्षा विभाग द्वारा किया जा रहा है।

    आयुक्त, उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा ने बताया कि राज्य सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, संरचनात्मक सुधार, अकादमिक उन्नयन और संस्थागत तत्परता को सुदृढ़ करने की दिशा में निरंतर कार्यरत है। कार्यशाला का उद्देश्य नीति की गहन समझ विकसित करना, क्रियान्वयन की प्रगति का मूल्यांकन करना, संस्थागत चुनौतियों की पहचान करना तथा पाठ्यक्रम सरलीकरण, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, शोध एवं नवाचार, और उद्योग-अकादमिक सहयोग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान करना है।

    कार्यशाला में होंगे 5 सत्र

    कार्यशाला में कुल पांच सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें निम्न विषयों पर शिक्षाविदों और विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत विचार-विमर्श होगा।

    1. एनईपी 2020 के माध्यम से उच्च शिक्षा का रूपांतरण, संरचनात्मक सुधार एवं संस्थागत तत्परता

    2. पाठ्यक्रम एवं शिक्षण विधि में सुधार, लचीलापन, कौशल एकीकरण एवं परिणाम-आधारित शिक्षा

    3. मध्यप्रदेश में विदेशी विश्वविद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना, नीतिगत प्रावधान, संभावनाएं एवं गुणवत्ता संवर्धन

    4. विद्यालयीन शिक्षा में एनईपी 2020 के तहत परिवर्तन

    5. विद्यालयों में एआई और कौशल निर्माण की भूमिका

    इन सत्रों के माध्यम से प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए एक व्यावहारिक एवं क्रियाशील रोडमैप तैयार किया जाएगा, जिससे वे अपनी शैक्षणिक, प्रशासनिक और डिजिटल संरचनाओं को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप सुदृढ़ कर सकें।

    राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 देश की उच्च शिक्षा प्रणाली में व्यापक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करती है, जिसमें बहुविषयी शिक्षण, लचीलापन, कौशल-आधारित शिक्षा, डिजिटल लर्निंग, शोध संवर्धन और वैश्वीकरण को विशेष महत्व दिया गया है।

    आयुक्त स्कूल शिक्षा श्रीमती शिल्पा गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का सफल क्रियान्वयन मध्यप्रदेश में किया जा रहा है। सांदीपनि विद्यालय की स्थापना एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भारतीय ज्ञान परंपरा मूल्य आधारित शिक्षा और तकनीक सक्षम अधिगम के समन्वय का एक उत्कृष्ट मॉडल प्रस्तुत करेगा। स्कूल शिक्षा विभाग NEP-2020 के लक्ष्यों को संयुक्त रूप से प्राप्त करने की दिशा में शिक्षक प्रशिक्षण, डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म, मूल्यांकन सुधार और नवाचार-आधारित अधिगम को बढ़ावा दे रहे हैं।

     

  • विद्युत नियामक आयोग ने किया 132 केवी जीआईएस सबस्टेशन फूलबाग ग्वालियर का निरीक्षण

    एमपी ट्रांसको द्वारा उपयोग की जा रही एडवांस टेक्नोलॉजी को सराहा

    भोपाल
    मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग की टीम ने गत दिवस मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के 132 केवी जीआईएस सबस्टेशन, फूलबाग ग्वालियर का निरीक्षण किया। टीम मे चेयरमेन श्री गोपाल श्रीवास्तव, सचिव डॉ. उमाकांत पांडेय तथा सदस्य श्री गजेंद्र तिवारी शामिल थे। निरीक्षण के दौरान नियामक आयोग ने सबस्टेशन की तकनीकी कार्यप्रणाली, लोड प्रबंधन, सुरक्षा मानकों और जीआईएस तकनीक के माध्यम से होने वाले संचालन की विस्तार से समीक्षा की। टीम ने उपस्थित इंजीनियरों से नेटवर्क को अधिक विश्वसनीय और उपभोक्ता केंद्रित बनाने के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी भी ली।

    टेक्नोलॉजी की सराहना
    नियामक आयोग टीम ने सबस्टेशन में अपनाई जा रही एडवांस टेक्नोलॉजी की सराहना करते हुए कहा कि जीआईएस तकनीक शहरी क्षेत्रों में कम स्थान में अधिक क्षमता उपलब्ध कराने के साथ ही फॉल्ट कम करने और बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

    एम पी ट्रांसको के ये अधिकारी रहे उपस्थित
    विद्युक नियामक आयोग टीम के सबस्टेशन निरीक्षण के समय मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के अधीक्षण अभियंता अरविंद कुमार शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

     

  • डॉ. भीमराव अंबेडकर के 69वें महापरिनिर्वाण दिवस पर कांग्रेसजनों ने दी श्रद्धांजलि

    सामाजिक न्याय ,ज्ञान व समानता के प्रतीक थे डॉ भीमराव अम्बेडकर : प्रदीप अहिरवार

    भोपाल

    संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के 69वें महापरिनिर्वाण दिवस पर अनुसूचित जाति विभाग व शहर कांग्रेस द्वारा बोर्ड ऑफिस चौराहा स्थित बाबा साहेब प्रतिमा स्थल तथा प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेसजनों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

    कार्यक्रम में एससी विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार, पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा, शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना, पार्षद गुड्डू चौहान, अभिषेक शर्मा, नीरज चांडाले, हेमंत नरवरिया, डॉ. विक्रम चौधरी सहित अनेक वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

    इस अवसर पर श्री प्रदीप अहिरवार ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने सामाजिक समानता, शिक्षा, मानवाधिकार और न्याय के लिए आजीवन संघर्ष किया। वंचित और शोषित समाज को अधिकार दिलाने की उनकी लड़ाई भारतीय लोकतंत्र की बुनियाद है।
    श्री पी सी शर्मा ने कहा कि बाबा साहेब के विचार आज भी समाज को समानता और संवैधानिक मूल्यों के लिए संघर्षरत रहने की प्रेरणा देते हैं।

  • विद्युत विभाग का बड़ा एक्शन, 88 बकायादारों के काटे गए कनेक्शन

    अवैध रूप से उपयोग पर होगी एफआईआर

    रायपुर,

      बिजली बिल की लगातार बढ़ती राशि पर प्रभावी नियंत्रण तथा लंबे समय से बिल जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं पर कार्यवाही के लिए विद्युत विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विगत दिवस बलरामपुर- रामानुजगंज  जिले के बरियो वितरण केंद्र में विशेष वसूली अभियान चलाया गया, जिसके तहत विभागीय टीम ने बड़ी कार्रवाई की।

    मुख्य अभियंता छत्तीसगढ विद्युत वितरण कंपनी अम्बिकापुर क्षेत्र श्री यशवंत शिलेदार के नेतृत्व में ,अधीक्षण अभियंता श्री के.एन. सिंह, कार्यपालन अभियंता बलरामपुर श्री प्रकाश अग्रवाल तथा  जिले में पदस्थ सभी सहायक एवं कनिष्ठ अभियंताओं की संयुक्त टीम सुबह 10:00 बजे ही बरियो पहुंची और बकायादारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की शुरुआत की।

    इस दौरान 88 बड़े बकायादारों के विद्युत कनेक्शन की बकाया राशि 23 लाख96 हज़ार 988 रुपये के लिए काटे गए। 24 बकायादारों ने तत्काल अपने बकाये का भुगतान करते हुए कुल 9 लाख 19 हज़ार 563 रुपये जमा किए।

    मुख्य अभियंता श्री शिलेदार ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बकाया वसूली के लिए प्रतिदिन इसी प्रकार सघन मुहिम चलाएं, ताकि बकाया राशि की रिकवरी में तेजी लाई जा सके। उन्होंने निर्देश दिए है कि जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे गए हैं, उनके घरों की शाम के समय नियमित जांच की जाए। यदि कोई उपभोक्ता अनाधिकृत रूप से बिजली उपयोग करते पाया जाता है तो उसके विरुद्ध भारतीय विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आसपास से अनाधिकृत कनेक्शन लेकर बिजली उपयोग करने पर धारा 138 के तहत एफआईआर दर्ज कर न्यायालयीन कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है।

    विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे समय पर बिजली बिल जमा कर कार्य में सहयोग दें अन्यथा नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई अनिवार्य रूप से की जाएगी।

  • कम उम्र में बड़ा मुकाम हासिल करने वाले आर्यन सुंदरानी का प्रेरक संबोधन

    रायपुर,

    राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद, शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार, नई दिल्ली के तत्वावधान में मैक कॉलेज ऑडिटोरियम, समता कॉलोनी रायपुर में सिंधी स्टूडेंट्स सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में देशभर से वे प्रतिष्ठित व्यक्तित्व आमंत्रित थे, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में कम समय में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।

    कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहे छत्तीसगढ़ के युवा फिल्म निर्माता आर्यन सुंदरानी, जिन्हें उनकी कम उम्र में ही फिल्म निर्माण, एल्बम निर्माण व छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया।

    सम्मेलन में आर्यन सुंदरानी ने अपने संघर्षों, अनुभवों और सफलता की यात्रा को विद्यार्थियों के साथ साझा किया। उन्होंने बताया कि फिल्म निर्माण की दुनिया जितनी आकर्षक दिखती है, उतनी ही चुनौतियों से भरी होती है।
    फिल्म निर्माण और एल्बम तैयार करने में आने वाली जटिलताओं—जैसे सीमित संसाधन, तकनीकी मुश्किलें, टीम मैनेजमेंट और कम बजट में गुणवत्तापूर्ण प्रोडक्शन—के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए उन्होंने युवा प्रतिभाओं को इन समस्याओं के व्यावहारिक समाधान भी बताए।

    आर्यन सुंदरानी ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक कला, संगीत और यहां की सांस्कृतिक विरासत पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि वे अपनी फिल्मों और प्रोजेक्ट्स के माध्यम से इस संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। उनके गहन वक्तव्य से उपस्थित छात्र-छात्राएं प्रेरित हुए और सम्मेलन का वातावरण उत्साह से भर गया।

    राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम न केवल प्रतिभाओं को मंच देने का माध्यम बना, बल्कि विद्यार्थियों के लिए दिशा-दर्शक भी सिद्ध हुआ। कार्यक्रम में उपस्थित युवा प्रतिभाओं ने आर्यन सुंदरानी और अन्य वक्ताओं के मार्गदर्शन को जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरणादायक बताया।

    कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और परिषद द्वारा अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ हुआ।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश सायबर पुलिस भोपाल को एक्सीलेंस अवॉर्ड मिलने पर दी बधाई

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने डीसीसीआई एक्सीलेंस अवार्ड्स-2025 में एक्सीलेंस इन कैपेसिटी बिल्डिंग ऑफ लॉ एनफोर्समेंट एजेंसीज़ श्रेणी में सम्मानित होने पर मध्यप्रदेश पुलिस (स्टेट सायबर भोपाल) को शुभकामनाएँ और बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि यह सम्मान मध्यप्रदेश पुलिस की लगन, दक्षता और सतत आधुनिकीकरण की ओर अग्रसर होने के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सायबर सुरक्षा वर्तमान डिजिटल युग की सबसे बड़ी आवश्यकता है। स्टेट सायबर मुख्यालय ने अपने सशक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों, तकनीकी क्षमताओं के विकास और आधुनिक सायबर इंफ्रास्ट्रक्चर से कानून प्रवर्तन एजेंसियों को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार कानून-व्यवस्था और साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। स्टेट सायबर मुख्यालय द्वारा की जा रही पहल पूरे राज्य के लिए गौरव का विषय है। यह अवॉर्ड प्रमाण है कि राज्य पुलिस तकनीकी नवाचार, क्षमता निर्माण और डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय मानकों को नई दिशा दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भविष्य में भी इसी ऊर्जा और समर्पण के साथ कार्य करने के लिए टीम को शुभकामनाएँ दी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सायबर सुरक्षा के क्षेत्र में अत्याधुनिक संसाधनों, प्रशिक्षण और टेक्नोलॉजी के आधुनिकीकरण को निरंतर बढ़ावा देती रहेगी।

     

  • मृणाल मंडल ने धान विक्रय का सही मूल्य मिला

    ऑनलाइन टोकन से आसान हुआ धान खरीदी

    रायपुर

    ऑनलाइन टोकन  प्रणाली ने धान खरीदी प्रक्रिया को सरल और सहज बनाया है l किसान स्वयं ऑनलाइन टोकन के माध्यम से  घर बैठे ही टोकन प्राप्त कर सकते हैं।  समिति में पहुंचते ही  उन्हें बिना किसी परेशानी के धान बेचना आसानी हुआ ।

            जिला बलरामपुर- रामानुजगंज के बलरामपुर विकासखंड के धान उपार्जन केंद्र बरदर में ग्राम रामनगरकला रहने वाले किसान श्री मृणाल मंडल ने अपनी मेहनत से उपजे लगभग 166 बोरी धान का विक्रय किया। समिति में मिली बेहतर व्यवस्था, सहज प्रक्रिया और त्वरित खरीदी ने उन्हें संतुष्ट किया,  मृणाल मंडल बताते हैं कि धान का सर्वाधिक मूल्य ने उनकी मेहनत को सही मूल्य दिलाया है। 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से धान खरीदी का प्रावधान किसानों के लिए  बड़ी राहत साबित हो रहा है।

              श्री मंडल ने बताया कि समय पर समिति पहुंचना और तुरंत धान की खरीदी होना उनके लिए अत्यंत सुखद अनुभव रहा। बिना लंबी प्रतीक्षा और बिना किसी भागदौड़ और सुव्यवस्थित खरीदी व्यवस्था से धान विक्रय हो गया। उन्होंने बताया की इस बार की उपज के मिले राशि से परिवार की जरूरत, अगली फसल की तैयारी में उपयोग करेंगे। श्री मंडल ने धान खरीदी व्यवस्था को सरल एवं सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त भी किया।

  • सौर संयंत्र स्थापना, जनजागरूकता, सामुदायिक भागीदारी और नवाचार पर तय होगा मॉडल विलेज का चयन

    जिला स्तरीय चयन समिति ने शुरू की चयन प्रक्रिया, 10 सर्वाधिक आबादी वाले ग्रामों में अगले छह माह चलेगी प्रतिस्पर्धा

    रायुपर,

     केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पी.एम. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत रायगढ़ जिले में एक ग्राम को पूर्णतः सौर ऊर्जा आधारित सोलर मॉडल विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। इस दिशा में जिला स्तरीय चयन समिति ने औपचारिक रूप से चयन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। कलेक्टर  की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जिले के उन्हीं ग्रामों को प्रतिस्पर्धा में शामिल किया जाएगा, जिनकी जनसंख्या 5 हजार  से अधिक है। चूंकि जिले में इस श्रेणी के ग्राम सीमित संख्या में हैं, इसलिए प्रशासन ने सर्वाधिक जनसंख्या वाले 10 ग्रामों का चयन कर उन्हें छह माह की प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया में शामिल करने का निर्णय लिया है।

             उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर  राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार को गति देने के लिए जिलों को निरंतर कार्य करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हर घर सौर ऊर्जा लक्ष्य को धरातल पर साकार किया जा सके।

           रायगढ़ जिले में केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार जिले में प्रतियोगिता के लिए चयनित 10 ग्राम ग्राम पंचायतों में घरघोड़ा विकासखंड का ग्राम कुडुमकेला, तमनार विकासखंड का ग्राम तमनार, रायगढ़ विकासखंड का ग्राम खैरपुर, धरमजयगढ़ विकासखंड का ग्राम विजयनगर, तमनार विकासखंड का ग्राम तराईमाल, लैलूंगा विकासखंड का ग्राम गहनाझरिया, पुसौर विकासखंड का ग्राम गढ़मरिया, धरमजयगढ़ विकासखंड का ग्राम छाल, पुसौर विकासखंड का ग्राम सिसरिंगा, और पुसौर विकासखंड का ग्राम कोडातराई। इन्हीं ग्रामों में से एक ग्राम जिले का पहला सोलर मॉडल विलेज बनेगा।
     
            जिले के सभी विकासखंड से ग्राम  पंचायतों का चयन किया गया है। इन ग्रामों में अब अगले छह माह तक सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने, जनजागरूकता अभियान चलाने, घरेलू एवं सामुदायिक सौर संयंत्रों की स्थापना, तथा योजनाओं के लिए ग्रामीणों द्वारा किए जाने वाले आवेदनों की सतत समीक्षा की जाएगी।

              इस प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए  प्रत्येक चयनित ग्राम में आदर्श ग्राम समिति गठित की जा रही है, जिसमें सरपंच, सचिव, जनप्रतिनिधि, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षक, डॉक्टर, कृषि विस्तार अधिकारी तथा संबंधित शासकीय अधिकारी सदस्य के रूप में शामिल होंगे। यह समिति डोर-टू-डोर संपर्क कर ग्रामीणों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करेगी। साथ ही पी.एम. कुसुम योजना, जल जीवन मिशन के सोलर डुअल पंप, सोलर हाईमास्ट, सोलर स्ट्रीट लाइट तथा अन्य नवीकरणीय ऊर्जा आधारित व्यवस्थाओं की जानकारी भी प्रदान करेगी।

             क्रेडा के सहायक अभियंता विक्रम वर्मा ने बताया कि इस प्रतियोगिता के दौरान प्रत्येक ग्राम अपनी जरूरतों के अनुसार सामुदायिक सौर संयंत्रों के प्रस्ताव तैयार कर जिला स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा।  छह माह की अवधि पूर्ण होने पर जिला स्तरीय समिति द्वारा सभी ग्रामों का मूल्यांकन किया जाएगा। यह मूल्यांकन ग्रामीणों द्वारा स्थापित सौर संयंत्रों की संख्या, योजनाओं के लिए किए गए आवेदनों, सामुदायिक सहभागिता, उपलब्ध ऊर्जा सुविधाओं और सौर संसाधनों के उपयोग की आधारशिला पर किया जाएगा।

    इसी मूल्यांकन के आधार पर जिले के पहले सोलर मॉडल विलेज का चयन किया जाएगा और चयनित ग्राम का विस्तृत डी.पी.आर. तैयार कर 15 मार्च 2025 तक ऊर्जा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन को भेजा जाएगा, ताकि उस ग्राम को पूर्णतः सौर ऊर्जा आधारित आदर्श मॉडल ग्राम के रूप में विकसित किया जा सके।

  • एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की छात्रा निहारिका नाग बनी राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता

    राष्ट्रीय सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कला उत्सव उद्भव 2025 में छत्तीसगढ़ राज्य का किया नाम रोशन

    मिट्टीकला में निहारिका ने बढ़ाया प्रदेश का मान

    रायपुर,

     एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शंकरगढ़ की होनहार छात्रा निहारिका नाग ने वह कर दिखाया है, जिसका सपना हर विद्यार्थी देखता है। साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाली यह बाल प्रतिभा आज अपने हुनर से न सिर्फ जिले का, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय मानचित्र पर रोशन किया है।

    मिट्टीकला में मिला नया आयाम

          शंकरगढ़ की कक्षा 11वीं की छात्रा निहारिका नाग को एकलव्य विद्यालय में प्रवेश के बाद अपनी मिट्टी कला सामर्थ्य को निखारने का सुनहरा अवसर मिला, जहां विद्यालय के बेहतर माहौल, उपलब्ध संसाधनों और विशेषज्ञों के प्रशिक्षण ने उनके सपनों को मजबूती दी।

    राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पहला स्वर्ण पदक से मिली नई उड़ान

              निहारिका ने पहले जगदलपुर में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अपने कला कौशल का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। यह जीत उनके आत्मविश्वास को नई उड़ान देने में सहायक साबित हुई।

    उद्भव 2025 में राष्ट्रीय स्वर्ण पदक से हुई दोहरी जीत

           इसके बाद निहारिका ने आंध्र प्रदेश में आयोजित 6 वीं ईएमआरएस राष्ट्रीय सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कला उत्सव उद्भव 2025 में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। लगातार दोहरा स्वर्ण पदक जीतकर निहारिका ने अपने विद्यालय और छत्तीसगढ़  राज्य का मान बढ़ाया है।

    शिक्षकों का मार्गदर्शन बना सफलता की नींव

           निहारिका के इस सफलता के पीछे उनके कला शिक्षक श्री राहुल जंघेल की प्रेरणा और विद्यालय के प्राचार्य श्री संजय कुमार तिर्की का सतत सहयोग और मार्गदर्शन रहा। निहारिका ने साबित कर दिखाया कि प्रतिभा को बस सही मंच की जरूरत होती है। निहारिका की बचपन से ही मिट्टी कला के प्रति गंभीर रुझान रखती थीं और विद्यालय ने उनकी इस प्रतिभा को ऊंचाई तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    मेहनत और मार्गदर्शन से बनती है नई पहचान

           निहारिका की इस उपलब्धि से  बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में उत्साह का माहौल है। निहारिका की सफलता उन विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा स्रोत है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद ऊंचे सपने देखते हैं।  निहारिका नाग की तरह मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन से कोई भी विद्यार्थी राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना सकता है।

  • गन्ने की फसल में आग का तांडव: भारी नुकसान, ग्रामीणों ने घंटों बाद पाया काबू

    कवर्धा

    जिले में दामापुर के सैहामालगी गांव में आज दोपहर गन्ने की फसल वाले खेतों में अचानक लगी भयंकर आग ने देखते ही देखते बड़ा रूप ले लिया है। घटना में करीब 7 एकड़ में खड़ी गन्ने की तैयार फसल पूरी तरह आग की चपेट में आ गई, जिससे क्षेत्र के किसानों को लाखों रुपये का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

    स्थानीय लोगों ने बताया कि खेतों में आग इतनी तेजी से फैली कि उन्हें काबू पाने का समय ही नहीं मिला। मौके पर मौजूद ग्रामीण और किसान बोरिंग मोटर से पानी डालकर आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग बाल्टी और पाइप की मदद से आग की लपटों को रोकने का प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवास के प्रकरण में दिए विभागीय जांच के निर्देश

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देवास जिले में एक मदिरा ठेकेदार द्वारा आत्महत्या के पूर्व बनाए गए वायरल वीडियो पर संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह प्रकरण प्रथम दृष्टया अत्यंत गंभीर श्रेणी का है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर इस मामले में देवास की प्रभारी सहायक आबकारी आयुक्त को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर सहायक आयुक्त के विरुद्ध विभागीय जांच प्रारंभ की गई है। 

  • रायपुर निगम में आदेशों की अनदेखी: दो महीने बाद भी अफसरों का नहीं हुआ स्थानांतरण

    रायपुर

     अपने चहेतों को बचाने के चक्कर में रायपुर नगर निगम के कर्ता-धर्ता निगम के कोष को खाली करने में जुटे हैं. यही नहीं इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश की भी अवहेलना की जा रही है. वहीं सबकुछ जानने के बाद भी निगम के उच्चाधिकारी मौन धारण किए हुए है.

    दरअसल, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा दो महीने पहले जारी ट्रांसफर लिस्ट को निगम के कई वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी पूरी तरह नजरअंदाज किए गए हैं. नतीजा ये हुआ कि एक ही पद पर दो-दो कर्मचारी तनख्वाह ले रहे हैं, जबकि जिन निगमों में इन अधिकारियों को जाना था, वहाँ महत्वपूर्ण पद खाली पड़े हैं, जिसकी वजह से जनता को भारी परेशानी हो रही है.

    रवि लावण्य ज़ोन स्वास्थ्य अधिकारी का कोरबा नगर निगम में ट्रांसफर हुआ है. संतोष वर्मा राजस्व उपनिरीक्षक का राजनांदगांव, रोशन देव रात्रे उप अभियंता का जगदलपुर नगर निगम, उमेश नामदेव जोन स्वास्थ्य अधिकारी का जगदलपुर नगर निगम, प्रदीप यादव कार्यपालन अभियंता मैकेनिकल रायपुर का रायगढ़ नगर निगम में ट्रांसफर हुआ है.

    सूत्र बताते हैं कि इन सभी अधिकारियों की रायपुर में पहली पोस्टिंग थी, और वर्षों से यहीं डटे हुए थे. ट्रांसफर के बाद भी इन्होंने रिलीविंग नहीं ली, जबकि इनकी जगह ट्रांसफर होकर आए नए कर्मचारी ज्वाइन कर चुके हैं.

    ट्रांसफर के बाद भी रायपुर निगम में जमे अधिकारियों के संबंध में नगर निगम कमिश्नर विश्वदीप ने कहा कि इन ट्रांसफर को लेकर हमने शासन से मार्गदर्शन मांगा है. अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है. वहीं अपर आयुक्त कृष्णा खटीक ने कहा कि ट्रांसफर तो हो गया है, लेकिन इन लोगों को रिलीव नहीं किया गया है. निगम में पहले से कई पद खाली हैं. खाली पदों पर भी सैलरी भुगतान हो रहा है. जिनकी जगह नए लोग आ गए हैं और ज्वाइन कर चुके हैं, जानकारी मिली है कि इनमें से कुछ लोग कोर्ट गए हैं.

    नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी का इस मुद्दे पर कहा कि ये पूरी तरह संरक्षण का मामला है. महापौर और कमिश्नर को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए. एक पद पर दो-दो लोग कैसे काम करेंगे और दो-दो सैलरी कैसे लेंगे? नगर निगम पहले से दिवालिया होने की कगार पर है, ऐसे में जनता का पैसा इस तरह बर्बाद करना सरासर भ्रष्टाचार है. जिन निगमों में ये अधिकारी नहीं पहुँचे, वहाँ की जनता को भारी नुकसान हो रहा है. शासन-प्रशासन पूरी तरह फेल साबित हो रहा है

    जनता पूछ रही है सवाल

    इन अधिकारियों से नए पोस्ट पर ज्वाइनिंग नहीं करने पर कोरबा, जगदलपुर, रायगढ़ और राजनांदगांव की जनता पूछ रही है कि हमारे शहर के महत्वपूर्ण पद महीनों से खाली पड़े हैं, ऐसे में काम कौन करेगा? अब देखना यह है कि शासन इस मामले में कब सख्ती दिखाता है, या रायपुर निगम के ये अनमोल रत्न फिर से ट्रांसफर पॉलिसी को धता बताते रहेंगे. इस मुद्दे पर रायपुर महापौर मीनल चौबे से संपर्क किया गया. लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला.

  • जिलाध्यक्ष पदभार ग्रहण पर राजनीति गर्माई, पूर्व डिप्टी सीएम बोले– ये बदलाव कांग्रेस को नई दिशा नहीं, नया स्वरूप देगा

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ में आज कांग्रेस के नवनियुक्त जिला अध्यक्षों ने पदभार ग्रहण किया. राजधानी के गांधी मैदान स्थित जिला कांग्रेस भवन में रायपुर शहर समेत ग्रामीण के जिला अध्यक्षों ने पदभार ग्रहण किया. इस दौरान बड़ी संख्या में जिलों के पदाधिकारी और प्रदेश के पदाधिकारी शामिल हुए. इसी के साथ ही कांग्रेस पार्टी ने सभी पूर्व जिला अध्यक्षों को पद से मुक्त कर दिया है. इस दौरान पूर्व डिप्टी सीएम TS सिंहदेव ने मीडिया से बातचीत में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा- यह नियुक्ति कांग्रेस के मूल स्वरूप को बदलने वाली है.

    पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंह देव ने कहा कि यह नियुक्ति कांग्रेस के मूल स्वरूप को बदलने वाली है. कोशिश है कि हम भी कैडर बेस्ड पार्टी खड़ा कर सकें. कांग्रेस में लोग केवल व्यक्ति से जुड़ने लगे थे, पार्टी से नहीं. अब संगठन आगे होगा, व्यक्ति थोड़ा पीछे रहेंगे. पूरा परिवर्तन लाने में थोड़ा वक्त लगेगा, लेकिन जितनी देर करते उतना पीछे रहते.

    पदभार ग्रहण के अवसर पर पूर्व डिप्टी सीएम टी एस सिंह देव, पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, पीसीसी चीफ दीपक बैज और प्रदेश सह प्रभारी विजय जांगिड़ भी समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए.

    वहीं पश्चिम बंगाल में रखी जा रही बाबरी मस्जिद की नींव को लेकर भी पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंह देव बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि आपने किसी से कोई चीज ले ली है. देश के कानून के अनुरूप भी नहीं ली. बल्कि सुप्रीम कोर्ट ने धारा 142-143 लगाकर ले ली. उन लोगों की भावना आहत हुई है. ऐसा नहीं है कि वह देश के नागरिक नहीं रह गए. सबको अपने तौर तरीकों से पूजा अर्चना करने की आजादी है.

  • तस्करों पर बड़ी कार्रवाई: लाखों की एमपी निर्मित शराब जब्त, दो गिरफ्तार

    राजनांदगांव

    शराब तस्करी पर बसंतपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लाखों रुपए की मध्यप्रदेश निर्मित अवैध शराब जब्त की है। पुलिस के अनुसार आरोपी कार से भारी मात्रा में शराब को राजनांदगांव जिले में खपाने की कोशिश में था। सूचना मिलने पर पुलिस की टीम ने आरके नगर इलाके में पॉइंट लगाया। जांच के दौरान संदिग्ध कार को रोककर तलाशी ली तो उसमें बड़ी मात्रा में अवैध शराब बरामद की गई।

    पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश पर बसंतपुर क्षेत्र में असामाजिक तत्वों एवं अवैध गांजा, शराब व नशीले पदार्थाें की बिक्री में संलिप्त लोगों के विरूद्व लगातार अभियान चलाया जा रहा है। बसंतपुर थाना प्रभारी एमन साहू ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की छानबीन भी की जा रही है। बरामद शराब और वाहन को जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अवैध शराब तस्करी के खिलाफ अभियान तेज किया जाएगा।

    पकड़े गए आरोपियों ने अपना नाम मनोज आचार्य निवासी बोरसी दुर्ग प्रगती मैदान एवं रोशन साहू निवासी धौराभांठा, धमधा जिला बेमेतरा का रहने वाला बताया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ राजनांदगांव, दुर्ग, महासमुन्द, रायगढ़, बलौदाबाजार, बेमेतरा में आपराधिक प्रकरण दर्ज है। जब्त शराब व कार, मोबाइल जुमला कीमत 7,46,414 रुपए है। इस मामले में पम्मे सरदार एवं अन्य की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।

  • सिंहस्थ–2028 के लिए 5 हजार से अधिक होमगार्ड की होगी भर्ती: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    होमगार्ड राष्ट्र की आंतरिक सुरक्षा के शिल्पकार और समाज की स्थिरता के प्रहरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    ‘मुख्यमंत्री अदम्य साहसिक कार्य पुरस्कार’ की घोषणा की
    सिंहस्थ–2028 के लिए 5 हजार से अधिक होमगार्ड की होगी भर्ती
    पीपीपी मॉडल और पुनर्घनत्वीकरण योजना अंतर्गत होमगार्ड्स के लिए स्थाई आवास की व्यवस्था की जाएगी
    पिछले वर्ष 5075 नागरिकों को देवदूत बनकर होमगार्ड्स ने दिया है जीवनदान
    विशेष पिछड़ी जनजाति के युवाओं की सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए ट्रेनिंग संबंधी कंपनी बनाएंगे
    होमगार्ड्स की निष्काम सेवा और कर्तव्यनिष्ठा को किया नमन
    होमगार्ड्स के 63वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में परेड का निरीक्षण कर सलामी ली

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 63 वें होमगार्ड स्थापना दिवस कार्यक्रम में कहा कि मद्भगवद्गीता में भगवान कृष्ण ने "निष्काम सेवा" अर्थात बिना किसी स्वार्थ और अपेक्षा के सत्यनिष्ठा से कर्तव्य करने का संदेश दिया है। इसी आदर्श पर चलते हुए होमगार्ड्स के जवान समर्पण, निष्ठा और सच्चाई के साथ निरंतर देश और समाज की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि होमगार्ड में ‘होम’ का अर्थ घर और ‘गॉर्ड’ का अर्थ प्रहरी होता है। आप साढ़े आठ करोड़ मध्यप्रदेशवासियों के प्रहरी हैं। होमगार्ड्स हर विपदा में सच्चे संकट मोचन बनकर जनता के साथ खड़े होते हैं। प्राकृतिक आपदा हो, भीड़ प्रबंधन हो, यातायात व्यवस्था हो या किसी भी विषम परिस्थिति का सामना करना हो—आप सदैव पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर डटे रहते हैं और समाज के सच्चे हीरो बनते हैं।

    होमगार्ड ने भरोसे और सेवा के रूप में देश को दिया सुरक्षा कवच

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने होमगार्ड के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि आजादी के बाद जब देश नागरिक सुरक्षा का ढांचा गढ़ रहा था, तब होमगार्ड ने भरोसे और सेवा के रूप में देश को सुरक्षा कवच दिया। चाहे बाढ़ का पानी हो, आग की लपटें हों, बड़ी दुर्घटना हो सबसे पहले जनता को आपका ही खयाल आता है। आप विपदाओं और समाज के बीच चट्टान की तरह खड़े हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि होमगार्ड का जवान उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना सीमा पर खड़ा सैनिक, क्योंकि होमगार्ड राष्ट्र की आंतरिक सुरक्षा के शिल्पकार और समाज की स्थिरता के प्रहरीहैं। उन्होंने कहा कि 2014 में एसडीआरएफ के गठन के बाद होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा और एसडीआरएफ मिलकर एक त्रिशूल की तरह आपदा प्रबंधन को नई ऊँचाई दे रहे हैं। पिछले वर्ष 5075 नागरिकों को जीवनदान देकर आपने मानवता को सुरक्षित रखने का अद्वितीय कार्य किया है और इस वर्ष बाढ़ में सैकड़ों लोगों को रेस्क्यू कर देवदूतों की भूमिका निभाई है।

    मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि होमगार्ड की वर्दी केवल वस्त्र नहीं, बल्कि राष्ट्रधर्म और जनता के विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने जवानों की भावना को सम्मान देते हुए कहा कि होम गार्ड सैनिक, पुलिस, रक्षक, प्रहरी की भूमिका में जहां जरूरत वहां अपनी सेवायें पूर्ण निष्ठा और समर्पण से देते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने होमगार्ड्स के सभी जवानों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ दीं और कहा कि आपकी निष्ठा, आपकी वीरता और आपकी सेवा को नमन करता हूँ। उन्होंने बाबा महाकाल से सभी जवानों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को होमगार्ड्स परेड ग्राउंड भोपाल में होम गार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। होम गार्ड्स के जवानों ने बैंड की धुन पर मार्च पास्ट किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की होमगार्ड हित में कई घोषणाएं

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘मुख्यमंत्री अदम्य साहसिक कार्य पुरस्कार’ की घोषणा की, जिसके अंतर्गत कठिन परिस्थितियों में जान-माल की रक्षा करने वाली 10 रेस्क्यू टीमों को प्रतिवर्ष 51 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके अंतर्गत इन्दौर, शिवपुरी, गुना, रायसेन, मंडला, नरसिंहपुर, रीवा, छतरपुर, टीकमगढ़ और उज्जैन की रेस्क्यू टीमों को सम्मानित किया गया। उन्होंने तीन वर्ष में मिलने वाले दो माह के बाध्य काल ऑफ को समाप्त करने और प्रतिवर्ष मिलने वाली अनुकंपा अनुदान राशि 360 रुपये को बढ़ाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि उज्जैन स्थित महाकाल ज्योर्तिलिंग एवं महाकाल लोक की व्यवस्था के लिए होमगार्ड के 488 पदों की स्वीकृति दी गई है। प्रदेश के प्रमुख मंदिरों और महत्वपूर्ण स्थलों की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक बल उपलब्ध कराया जाएगा। नए जिलों में आवश्यकता के अनुरूप अतिरिक्त पद सृजित किए जाएंगे। आपदा प्रबंधन में त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता को देखते हुए बल के अधिकारियों और जवानों को कार्यस्थल के निकट आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आपदा प्रबंधक क्षमता को किया जा रहा है सशक्त की योजनाओं, पीपीपी मॉडल और पुनर्घनत्वीकरण योजना के अंतर्गत स्थाई आवास की व्यवस्था की जाएगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार आधुनिक उपकरण, अत्याधुनिक प्रशिक्षण और आपदा प्रबंधन क्षमता को लगातार सशक्त कर रही है। प्रदेश में 82 हजार से अधिक नागरिक सुरक्षा वालंटियर्स पंजीकृत हैं, जिनमें से 67 हजार 784 को विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इंदौर के रालामंडल क्षेत्र को एसडीईआरएफ, होमगार्ड और सिविल डिफेंस के लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहाँ बाढ़, भूकंप, भीड़ प्रबंधन, औद्योगिक एवं रासायनिक आपदाओं के प्रशिक्षण संचालित होंगे। सिंहस्थ–2028 को ध्यान में रखते हुए अभी से तैयारी प्रारंभ कर दी गई है और पाँच हजार से अधिक होमगार्ड भर्ती का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि बैगा, भारिया और सहरिया जनजातीय युवाओं को सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए प्रशिक्षण देने कंपनी गठित की जाएगी।

    समारोह में होमगार्ड्स द्वारा बोरवेल रेस्क्यू और बिल्डिंग रेस्क्यू का लाइव प्रदर्शन किया गया। होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा प्रबंधन विभाग की महानिदेशक मती प्रज्ञा रिचा वास्तव ने विभाग की उपलब्धियों और योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में अल्प संख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मती कृष्णा गौर, पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाना सहित अधिकारी उपस्थित रहे।

    प्रमुख बिंदु

        मद्भगवद्गीता के “निष्काम सेवा” संदेश का उल्लेख कर होमगार्ड्स की कर्तव्यनिष्ठा व समर्पण की सराहना। होमगार्ड “साढ़े आठ करोड़ मध्यप्रदेशवासियों के प्रहरी” ।

        होम गार्ड्स ने पिछले वर्ष 5075 नागरिकों को बचाकर “मानवता के रक्षक” होने का उदाहरण प्रस्तुत किए।

        ‘मुख्यमंत्री अदम्य साहसिक कार्य पुरस्कार’ की घोषणा। कठिन परिस्थितियों में जान-माल बचाने वाली 10 रेस्क्यू टीमों को 51-51 हजार रुपये का पुरस्कार। सम्मानित जिले – इन्दौर, शिवपुरी, गुना, रायसेन, मंडला, नरसिंहपुर, रीवा, छतरपुर, टीकमगढ़, उज्जैन।

    •     होमगार्ड्स के लिए दो माह का बाध्य काल ऑफ समाप्त।
    •     अनुकंपा अनुदान राशि में 360 रुपये की वृद्धि।
    •     महाकाल लोक व ज्योर्तिलिंग क्षेत्र की सुरक्षा हेतु 488 पद स्वीकृत।
    •     प्रमुख मंदिरों व स्थलों पर सुरक्षा हेतु अतिरिक्त बल उपलब्ध कराया जाएगा।
    •     नए जिलों में आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त पद सृजित होंगे।
    •     पीपीपी मॉडल और पुनर्घनत्वीयन योजना के अंतर्गत होमगार्ड्स के लिए स्थाई आवास व्यवस्था होगी।
    •     सरकार आधुनिक उपकरण, अत्याधुनिक प्रशिक्षण व आपदा प्रबंधन क्षमता को सशक्त कर रही है।
    •     इंदौर के रालामंडल क्षेत्र को आपदा प्रबंधन विशेष प्रशिक्षण केंद्र के रूप में किया जा रहा है विकसित ।
    •     सिंहस्थ–2028 के लिए 5,000 से अधिक होमगार्ड भर्ती का लक्ष्य।
    •     विशेष पिछड़ी जनजातियों बैगा, भारिया और सहरिया युवाओं को सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए प्रशिक्षण देने कंपनी गठित की जाएगी।

     

  • हल्बा-हल्बी समाज प्रतिनिधिमण्डल की CM साय से मुलाकात, शहादत दिवस समारोह पर चर्चा

    रायपुर

     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ हल्बा-हल्बी समाज के प्रतिनिधिमण्डल ने सौजन्य भेंट की. प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री साय को अवगत कराया कि समाज की ओर से 27 दिसंबर 2025 को दुर्ग के पुलगांव में समाजिक सम्मेलन एवं शक्ति दिवस समारोह, तथा 20 जनवरी 2026 को रायपुर में क्रांतिकारी अमर शहीद गेंद सिंह जी के 201वीं शहादत दिवस समारोह का आयोजन किया जा रहा है. प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री साय को दोनों महत्वपूर्ण आयोजनों में सादर आमंत्रित किया.

    मुख्यमंत्री साय ने आमंत्रण के लिए हल्बा-हल्बी समाज के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया और समाज के सांस्कृतिक गौरव एवं प्रेरणादायी इतिहास की सराहना की. उन्होंने दोनों आयोजनों की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं.

    इस अवसर पर महेश गागड़ा, डॉ. देवेंद्र महला, गिरिवर ठाकुर, हृदय राम कोसमा, मिथीर राम सलेंद्र सहित समाज के अनेक वरिष्ठ सदस्य उपस्थित थे.

  • हजारों ग्रामीणों का हंगामा: श्री सीमेंट प्लांट के विरोध में SDM ऑफिस घेरा, जनसुनवाई रोकने की मांग

     

    खैरागढ़

    जिले में प्रस्तावित श्री सीमेंट लिमिटेड की सण्डी चूना पत्थर खदान और सीमेंट परियोजना के खिलाफ जनविरोध चरम पर पहुंच गया है। शनिवार को क्षेत्र के सैकड़ों गांवों के हजारों किसानों ने 200 से अधिक ट्रैक्टर–ट्रालियों के काफिले के साथ छुईखदान की ओर कूच किया। महिलाओं, युवाओं और बुज़ुर्गों की भारी भागीदारी ने विरोध को बड़े जनआंदोलन का रूप दिया। किसान हल्ला–बोल रैली को छुईखदान की सीमा से पहले ही पुलिस ने रोकने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण पैदल ही आगे बढ़ते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए 11 दिसंबर को प्रस्तावित जनसुनवाई को तत्काल रद्द करने की मांग रखी।

    39 गांवों का लिखित विरोध, पंचायतों ने भी सुनाई दो टूक बात

    प्रस्तावित खदान क्षेत्र के 10 किलोमीटर दायरे में आने वाले 39 गांवों ने लिखित आपत्ति दर्ज करते हुए परियोजना का विरोध किया है। सण्डी, पंडारिया, विचारपुर और भरदागोड़ पंचायतों ने अपने ग्रामसभा प्रस्तावों में स्पष्ट कहा है कि वे चूना पत्थर खदान को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि खदान खुलने पर जलस्रोत, कृषि, पशुपालन और पर्यावरण पर गंभीर खतरा मंडराएगा।

    ग्रामीणों का आरोप – जनसुनवाई की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं

    ग्रामसभा से शुरू हुआ यह विरोध अब गांवों की सीमाओं को पार कर विधायक कार्यालयों, युवा संगठनों और सामाजिक संस्थाओं तक पहुंच चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खदान से होने वाला प्रदूषण और विस्थापन उनकी आजीविका पर सीधा प्रहार करेगा। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि जनसुनवाई की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और प्रभावित गांवों की असल राय को शामिल नहीं किया गया। खदान के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति प्रक्रिया के तहत 11 दिसंबर को जनसुनवाई नियत है, लेकिन बढ़ते विरोध के बीच इसे लेकर प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है।

    मांगों पर सहमति नहीं बनी होगा व्यापक आंदोलन

    किसानों का कहना है कि जब 39 गांव औपचारिक रूप से परियोजना को अस्वीकार कर चुके हैं तो जनसुनवाई का कोई औचित्य नहीं बचता। ग्रामीणों के व्यापक विरोध, पंचायतों की दो टूक आपत्तियों और राजनीतिक–सामाजिक संगठनों के समर्थन से यह आंदोलन प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है। यदि मांगों पर सहमति नहीं बनी तो विरोध और भी व्यापक रूप ले सकता है। क्षेत्र में प्रस्तावित श्री सीमेंट परियोजना के खिलाफ उठ रही यह आवाज अब केवल पर्यावरण या भूमि से जुड़ा मामला नहीं, बल्कि ग्रामीणों के अस्तित्व, आजीविका और भविष्य की सुरक्षा का संघर्ष बन चुकी है। हजारों किसानों का शक्ति प्रदर्शन यह साफ संदेश देता है कि स्थानीय जनता अपनी भूमि और जल स्रोतों के सवाल पर किसी तरह का समझौता करने के पक्ष में नहीं है।

  • कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भव्य रैतिक परेड की ली सलामी, होमगार्ड जवानों की कर्तव्यनिष्ठा को सराहा

    • सेवा ही सम्मान है, अनुशासन ही पहचान है और राष्ट्रहित ही सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
    • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स के 63वें स्थापना दिवस समारोह में जवानों को दिया सेवा का मूलमंत्र
    • कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भव्य रैतिक परेड की ली सलामी, होमगार्ड जवानों की कर्तव्यनिष्ठा को सराहा
    • मुख्यमंत्री बोले: आप केवल एक बल के स्वयंसेवक नहीं, बल्कि समाज का विश्वास व प्रदेश सरकार की शक्ति हैं
    • हर थाने में होमगार्ड जवानों के लिए रूम होगा आरक्षित, कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा के लिए विभाग बनाकर भेजे प्रस्तावः मुख्यमंत्री

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होमगार्ड के जवानों को सेवा का मूलमंत्र देते हुए कहा कि सेवा ही सम्मान है, अनुशासन ही पहचान है तथा राष्ट्रहित ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। शनिवार को उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स के 63वें स्थापना दिवस समारोह में सम्मिलित होकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भव्य रैतिक परेड की सलामी ली और जवानों की कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। उन्होंने कहा कि आपका अनुशासन, निष्ठा व त्याग हमारे समाज को सुरक्षित व संरक्षित बनाने में बड़ी भूमिका का निर्वहन करता है। आप केवल एक बल के स्वयंसेवक नहीं, बल्कि समाज के विश्वास के साथ ही प्रदेश सरकार की शक्ति हैं। इस अवसर पर उन्होंने होमगार्ड्स के विभिन्न मेडल प्राप्त अधिकारियों व कर्मचारियों को सम्मानित भी किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसी व्यवस्था की है कि अब हर थाने में होमगार्ड जवानों के लिए रूम आरक्षित होगा, जिससें वह यूनिफॉर्म व आवश्यक कागजात को सुरक्षित रख सकेंगे। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभाग से कहा कि होमगार्ड के जवान को आयुष्मान भारत की तर्ज पर कैशलेस स्वास्थ्य की सुविधा उपलब्ध हो, इसके लिए प्रस्ताव बनाकर भेजें, सरकार इसे आगे बढ़ाएगी।

    अनुशासन, समर्पण व सेवा भावना का प्रतीक
    उत्तर प्रदेश होमगार्ड स्थापना दिवस के अवसर पर सभी जवानों व अधिकारियों को बधाई व शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि होमगार्ड स्थापना दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि अनुशासन, समर्पण व सेवा भावना का प्रतीक है। आज यहां होमगार्ड संगठन के ऊर्जावान जवानों द्वारा अत्यंत उच्च कोटि की रैतिक परेड का प्रदर्शन किया गया है, जो होमगार्ड विभाग की क्षमता, उच्च अनुशासन और अनवरत परिश्रम को दर्शाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तारीफ करते हुए कहा कि कार्यक्रम में सम्मिलित सभी होमगार्ड जवान, जिनकी वेशभूषा, सेरिमोनियल ड्रेस, परिसर की साज-सज्जा और हरियाली, आकर्षक व सम्मोहित करने वाली है, जो किसी भी संगठन व फोर्स के लिए प्रेरणादायी क्षण होना चाहिए।

    जन्म से लेकर अंतिम यात्रा तक रहे केवल भारतीयता की भावना
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज भारत के संविधान के शिल्पी बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर का पावन महापरिनिर्वाण दिवस है। यह दिन प्रेरणा दिवस है। बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर ने प्रत्येक भारतीय को एक ही प्रेरणा दी कि हमारी पहचान परिवार, जाति, क्षेत्र व भाषा से नहीं, बल्कि जन्म से लेकर अंतिम यात्रा तक केवल भारतीयता की होनी चाहिए। इसी भारतीयता की पहचान का पालन हमें करना है। प्रधानमंत्री मोदी ने आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में हर भारतवासी से कहा था कि यूनिफॉर्म धारी प्रत्येक व्यक्ति के प्रति सम्मान हम सबके मन में होना चाहिए। यह तभी होगा जब इस प्रकार का प्रदर्शन व परिसर बनाने के लिए हम प्रतिबद्ध दिखाई देंगे। इससे हर भारतीय के मन में श्रद्धा व सम्मान का भाव झलकेगा।

    सुरक्षा कवच की तरह बना हुआ है संबल
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 6 दिसंबर 1963 को उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स की स्थापना हुई थी। तभी से यह संगठन सुरक्षा कवच की तरह उत्तर प्रदेश पुलिस बल का संबल बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि राष्ट्रपति पदक से वर्ष 2024 में विशिष्ट सेवा के लिए 3, सराहनीय सेवाओं के लिए 11 तथा वर्ष 2025 में सराहनीय सेवाओं के लिए 3 जवानों को अलंकृत किया गया है। भारत सरकार द्वारा 38 कमेंडेशन डिस्क भी उत्तर प्रदेश के जवानों को मिले हैं। पहले होमगार्ड के जवानों को उपेक्षित कर दिया जाता था, लेकिन अब राष्ट्रपति व गृह मंत्रालय के सम्मान से भी पुरस्कृत किया जा रहा है।

    आपदा मित्रों की नियुक्ति का किया उल्लेख
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि होमगार्ड संगठन अब केवल पुलिस बल के सहायक के रूप में नहीं है। पुलिस के साथ कानून-व्यवस्था व शांति का माहौल बनाए रखने में तो योगदान मिलता ही है, साथ ही यातायात संचालन, डायल 112, चुनाव के दौरान न केवल प्रदेश बल्कि अन्य राज्यों में भी इनकी मांग होती है। जेल सुरक्षा, आपदा नियंत्रण, सार्वजनिक इमारतों की सुरक्षा, बड़े आयोजनों जैसे कि महाकुंभ तथा परीक्षाओं के सफल आयोजन में भी यह संगठन व्यापक स्तर पर कार्य कर रहा है। प्रदेश में वर्तमान में आपदा मित्रों की नियुक्ति हो रही है और होमगार्ड विभाग ने आपदा प्रबंधन विभाग के साथ मिलकर 4 हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण उपलब्ध कराया है।

    होमगार्ड मित्र ऐप बना पारदर्शी व डिजिटल माध्यम
    महाकुंभ 2025 का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि होमगार्ड के 14 हजार से अधिक जवानों को तैनात किया गया था और सभी ने उनकी सराहना की थी। विभाग अपनी वेबसाइट व होमगार्ड मित्र ऐप के माध्यम से पारदर्शी व डिजिटल व्यवस्था विकसित कर रहा है, जिसके द्वारा उपस्थिति, ड्यूटी भत्ता, यूनिफॉर्म भत्ता और भुगतान की जानकारी आसानी से उपलब्ध करायी जा रही है।

    होमगार्ड जवानों के योगदान को करना होगा याद
    मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि प्रदेश के पर्व-त्योहारों, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, आजादी के अमृत महोत्सव, तिरंगा मार्च, पर्यावरण व जल संरक्षण जैसे अभियानों में भी होमगार्ड विभाग महत्वपूर्ण योगदान देता है। इन सेवाओं को हमें याद रखना होगा।

    कोविड काल में नहीं की जान की परवाह
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान जब अन्य राज्यों में फंसे हुए उत्तर प्रदेश के कामगारों व श्रमिकों को वापस लाने में कठिनाई थी, तब परिवहन विभाग के हर वाहन में 1-2 होमगार्ड जवानों को लगाया गया। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित लाने में योगदान दिया। इसके बाद जब मैं पहली बार स्थापना दिवस कार्यक्रम में आया तो मैंने घोषणा की थी कि किसी भी जवान के बलिदान होने पर परिवार को 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। इसके तहत अब तक 2871 दिवंगत जवानों के आश्रितों को 143 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि का भुगतान किया जा चुका है।

    दैनिक व प्रशिक्षण भत्तों में वृद्धि
    मुख्यमंत्री योगी बोले कि होमगार्ड जवानों की बेहतरी के लिए दैनिक व प्रशिक्षण भत्तों में वृद्धि की गई है और अंतर-जनपदीय भत्ते को चार गुना कर दिया गया है।  विभागीय कार्यालयों व आवासीय भवनों की व्यवस्था भी प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है। वर्तमान में विभाग के 44 कार्यालय अपने भवनों में संचालित हैं। 9 कार्यालय भवनों और मुख्यालय परिसर में कर्मचारियों के जी-प्लस-इलेवन बहुमंजिला आवास निर्माण कार्य प्रगति पर है। दुर्घटना में दिवंगत जवानों के आश्रितों को 35 से 40 लाख रुपये तक की दुर्घटना बीमा सहायता भी उपलब्ध करायी जा रही है।

    जवानों के कल्याण के लिए संकल्पित है सरकार
    सरकार जवानों के कल्याण के लिए संकल्पित है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस बल में 2 लाख 19 हजार से अधिक कार्मिकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। वर्तमान में 45 हजार होमगार्ड जवानों की भर्ती प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। इसमें प्राथमिकता यह है कि प्रत्येक जवान को उसके ही जनपद में नियुक्ति मिले। आपदा प्रबंधन की ट्रेनिंग लेकर फर्स्ट रिस्पॉन्स पर्सन के रूप में जवान राहत कार्यों में योगदान दे सकें। इस प्रक्रिया को पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड तेजी से आगे बढ़ा रहा है। कार्यक्रम में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, होमगार्ड विभाग के मंत्री धर्मवीर प्रजापति, प्रमुख सचिव (होमगार्ड्स) राजेश कुमार सिंह, महानिदेशक होमगार्ड्स एम.के. बशाल, उत्तर प्रदेश पुलिस व होमगार्ड्स के विभिन्न जवान-अधिकारी तथा उनके परिजन उपस्थित रहे।

    इन अधिकारियों को किया सम्मानित…
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स के 63वें स्थापना दिवस पर उन अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित किया, जिन्हें स्वतंत्रता दिवस 2024 पर महामहिम राष्ट्रपति द्वारा विशिष्ट व सराहनीय सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पदक दिया गया। नाम इस प्रकार हैं-

    विशिष्ट सेवा
    विनय कुमार मिश्र-डिप्टी कमांडेंट जनरल, होमगार्ड्स मुख्यालय
    घनश्याम चतुर्वेदी-मंडलीय कमांडेंट होमगार्ड्स ग्रेड-2, आगरा मंडल
    विनोद कुमार यादव-कनिष्ठ प्रशिक्षक, केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान, लखनऊ

    सराहनीय सेवा
    विवेक कुमार सिंह-सेवानिवृत्त संयुक्त महासमादेष्टा
    पीयूष कांत-डिप्टी कमांडेंट जनरल (पूर्वी जोन), प्रयागराज
    राजकुमार आजाद-वरिष्ठ अधिकारी, होमगार्ड्स मुख्यालय
    संजय कुमार सिंह-मंडलीय कमांडेंट होमगार्ड्स, लखनऊ
    वेदपाल सिंह चपराना-जिला कमांडेंट होमगार्ड्स, बिजनौर
    शिव कुमार वर्मा-वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, होमगार्ड्स मुख्यालय
    कमलेश चंद गौतम-वैयक्तिक सहायक, होमगार्ड्स मुख्यालय
    विजय विक्रम वर्मा-सेवानिवृत्त वैयक्तिक सहायक
    मो. अरशद हुसैन-उर्दू अनुवादक व सह-प्रधान सहायक, होमगार्ड्स मुख्यालय
    कृपाल सिंह-वरिष्ठ सहायक, होमगार्ड्स मुख्यालय
    महेश प्रसाद-ब्लॉक ऑर्गनाइजर, होमगार्ड्स मुख्यालय

  • सख्त कार्रवाई: देवास की सहायक आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित को निलंबित किया गया

    देवास

    मध्य प्रदेश में एक बार फिर लल्लूराम डॉट कॉम की खबर का बड़ा असर हुआ है। शराब ठेकेदार सुसाइड कांड में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है। जिसके बाद प्रभारी सहायक आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित को सस्पेंड कर दिया गया है।

    देवास के शराब ठेकेदार दिनेश मकवाना सुसाइड केस में मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। सरकार ने देवास जिले की प्रभारी सहायक आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित को निलंबित कर दिया है। देवास में शराब ठेकेदार दिनेश मकवाना ने 8 नवंबर को जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। जिसके बाद अब ठेकेदार का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आबकारी विभाग की असिस्टेंट कमिश्नर मंदाकिनी दीक्षित पर रिश्वत के लिए परेशान करने का आरोप लगाया है। और आत्महत्या के लिए मंदाकिनी दीक्षित को जिम्मेदार बताया।

    वीडियो में दिनेश मकवाना ने आरोप लगाए हैं कि असिस्टेंड कमिश्रर मंदाकिनी दीक्षित ने उनसे पैसे की डिमांड की थी। एक दुकान से डेढ़ लाख रुपए महीना की और पांच दुकान के लिए साढ़े सात लाख रुपए महीने मांगे थे। मकवाना का ये भी आरोप लगाया कि वो 20-22 लाख रुपए असिस्टेंट कमिश्नर को दे चुका है, लेकिन लगातार पैसे की मांग के कारण वो आत्महत्या करने को मजबूर हो गया।

    दिनेश मकवाना इंदौर में कनाडिया गांव का रहने वाला था। देवास में उसकी शराब की 5 दुकानें थीं। दिनेश के परिजन ने कनाडिया थाने में 29 नवंबर को शिकायत कर मामले की जांच की मांग की थी। उधर, आबकारी अधिकारी मंदाकिनी दीक्षित ने भी 24 नवंबर को देवास एसपी को आवेदन देकर कहा कि ठेकेदार मकवाना के परिजन उन्हें ब्लैकमेल कर रहे हैं। वे उनसे दो करोड़ रुपए में मामला सेटल करने की बात कह रहे हैं।

    मंदाकिनी ने कहा मुझे भी ब्लैकमेल कर रहे थे
    उधर, आबकारी अधिकारी मंदाकिनी दीक्षित ने भी देवास एसपी को आवेदन दिया है। उन्होंने कहा है कि ठेकेदार मकवाना के परिजन उन्हें ब्लैकमेल कर रहे हैं। वे उनसे दो करोड़ रुपए में मामला सेटल करने की बात कह रहे हैं। उन्होंने इससे जुड़े वीडियो भी पुलिस को सौंपे हैं। 

    मुख्यमंत्री के निर्देश पर यह आदेश जारी किया गया
    सोशल मीडिया एवं समाचार पत्रों के माध्यम से ज्ञात हुआ है कि जिला देवास के मदिरा ठेकेदार दिनेश मकवाना द्वारा आत्महत्या किए जाने के पूर्व एक वीडियो बनाया था। कथित वीडियो में जिले की प्रभारी सहायक आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित के विरुद्ध अवैध राशि की मांग का गंभीर आरोप लगाते हुए आत्महत्या करने की बात कही है।

    दीक्षित पर लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया अत्यन्त गंभीर श्रेणी के होकर, शासकीय सेवक के कर्तव्यों एवं दायित्वों के विपरीत होने से मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम -3 का स्पष्ट रूप से उल्लंघन है।

    अतएव राज्य शासन द्वारा मंदाकिनी दीक्षित जिला आबकारी अधिकारी, जिला देवास को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित करता है। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय कार्यालय आबकारी आयुक्त ग्वालियर रहेगा। मंदाकिनी दीक्षित को निलबंन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त करने की पात्रता होगी।

    क्या है मामला?

    मौत के 27 दिन बाद अचानक वायरल हुए वीडियो (Viral Video) में खुद दिनेश मकवाना ने सहायक आबकारी आयुक्त (असिस्टेंट कमिश्नर) मंदाकिनी दीक्षित पर उसकी पांच दुकानों के डेढ़ लाख के हिसाब से साढ़े सात लाख रुपए महीना मांगने का आरोप लगाया है. वीडियो के वायरल होते ही आबकारी विभाग में भी हडकंप मच गया.

    वायरल वीडियो में दिनेश बोल रहा है कि "मेरी पांच शराब दुकानें हैं. 14 करोड़ रुपए का ठेका है. मुझसे प्रति एक दुकान के डेढ़ लाख के हिसाब से हर महीने सहायक जिला आबकारी आयुक्त देवास मंदाकिनी दीक्षित द्वारा मांगे जा रहे थे. मैं करीब 20-22 लाख रुपए दे चुका हूं. अगर पैसा नहीं देता था तो वे वेयरहाउस से माल रुकवा देती थी. अब मैं AC मेडम मंदाकिनी दीक्षित से त्रस्त आकर आत्महत्या कर रहा हूँ."

    वहीं दूसरी ओर आबकारी अधिकारी का कहना है कि "ठेकेदार दिनेश की मां संतोष बाई उसकी मौत के बाद से उन्हें ब्लैकमेल कर रही है. मुझसे दो करोड़ रुपर मांग जा रहे हैं. न दिए जाने पर मृतक का वीडियो वायरल करने की धमकी उन्हें और उनके अधीन अधिकारियों को दी जा रही थी." इस मामले में आबकारी अधिकारी ने देवास एसपी को 24 नवंबर को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है.

     

  • PM मोदी की हरी झंडी से पहले भोपाल मेट्रो की तैयारी, 13 दिसंबर के हिसाब से अधूरे काम

    भोपाल
     मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मेट्रो रेल दौड़ने को तैयार है। ब्रिज से लेकर पटरियां बिछाने का काम हो चुका है। वहीं, कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) ने भी भोपाल मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर को हरी झंडी दे दी है। भले ही मेट्रो कंपनी ने ट्रेन चलाने के लिए मंथन शुरू कर दिया है। पर अभी भी कुछ काम बाकी है।

    दरअसल, कई मेट्रो स्टेशनों में अभी तक कई सुविधाएं अधूरी हैं। करीब 6.22 किलोमीटर लंबे इस ऑरेंज लाइन कॉरिडोर पर एक बड़ी कमी नजर आ रही है। यह कमियां यात्रियों की यात्रा को आसान तो नहीं बनने देंगी। जानिए क्या काम अभी बाकी है।

    कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) के ग्रीन सिग्नल के बाद अब भोपाल में मेट्रो के कमर्शियल रन की तैयारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 दिसंबर को मेट्रो को हरी झंडी दिखा सकते हैं। ये भी संभावना है कि वे वर्चुअली तरीके से लोकार्पण करें।

    फिलहाल स्टेशन के 1 गेट से ही एंट्री-एग्जिट होगी। यानी, जो भी यात्री स्टेशन पर पहुंचेंगे, वे स्टेशन के एक तरफ से ही अंदर-बाहर आ-जा सकेंगे। जिन स्टेशनों पर अभी फिनिशिंग या अन्य काम बचे हैं, उन्हें अगले 3 दिन में पूरा करने का टारगेट है। 10 दिसंबर से सभी स्टेशन बंद कर दिए जाएंगे। ये वीआईपी-वीवीआईपी की सिक्योरिटी के चलते होगा।

    यदि पीएम भोपाल आएं तो पहले यात्री भी बनेंगे मेट्रो सूत्रों के अनुसार, यदि प्रधानमंत्री मोदी भोपाल आकर मेट्रो का लोकार्पण करते हैं तो वे भोपाल मेट्रो के पहले यात्री भी बन सकते हैं। इसलिए स्टेशनों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। सुभाषनगर मेट्रो स्टेशन पर कार्यक्रम होगा, क्योंकि यही पर डिपो और सबसे ज्यादा स्पेस है। ऐसे में कार्यक्रम को लेकर किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।

    अक्टूबर 2023 में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और तीन महीने पहले वर्तमान मंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी सुभाषनगर स्टेशन से ही मेट्रो में सफर व निरीक्षण किया था।

    लोकार्पण के दौरान बंद रहेंगे स्टेशन जानकारी के अनुसार, मेट्रो का जब भी कमर्शियल रन होगा, तब सुभाषनगर को छोड़ बाकी सभी स्टेशन बंद रखे जाएंगे। यह सब सुरक्षा के मद्देनजर होगा। वीआईपी-वीवीआईपी के जाने के बाद आम लोगों के लिए स्टेशन खोल दिए जाएंगे। ताकि, वे मेट्रो का सफर कर सके।

    प्रायोरिटी कॉरिडोर 6.22 किमी लंबा, 8 स्टेशन आएंगे ऑरेंज लाइन का प्रायोरिटी कॉरिडोर 6.22 किलोमीटर लंबा है। इनमें कुल 8 स्टेशन- सुभाषनगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम तिराहा, अलकापुरी और एम्स शामिल हैं।

    इंदौर में वर्चुअली तरीके से किया था लोकार्पण प्रधानमंत्री मोदी ने 31 मई को भोपाल में हुए कार्यक्रम से ही इंदौर मेट्रो का वर्चुअली तरीके से लोकार्पण किया था। तब उन्होंने भोपाल मेट्रो के लोकार्पण के लिए अक्टूबर में आने की बात कही थी। हालांकि, बिहार में विधानसभा चुनाव के चलते मेट्रो का कमर्शियल रन अक्टूबर में नहीं हो सका। नवंबर में सीएमआरएस की टीम ने निरीक्षण किया और हाल ही में एनओसी दी। इसलिए कमर्शियल रन अब दिसंबर में किया जा रहा है।

    टिकट मैन्युवली सिस्टम से ही मिलेगी खास बात ये है कि मेट्रो के कमर्शियल रन के दौरान टिकट सिस्टम ऑनलाइन न होते हुए मैन्युवली रहेगा। टिकट कलेक्शन करने वाली तुर्किए की कंपनी का ठेका मेट्रो कॉरपोरेशन कैंसिल कर चुका है। नई एजेंसी आने तक मैन्युवली टिकट कलेक्शन सिस्टम रहेगा। इंदौर में भी यही सिस्टम लागू है।

    साल 2018 से शुरू हुआ था मेट्रो का काम भोपाल में पहला मेट्रो रूट एम्स से करोंद तक 16.05 किलोमीटर लंबा है। इसमें से एम्स से सुभाष नगर के बीच 6.22 किलोमीटर पर प्राथमिकता कॉरिडोर के तौर पर 2018 में काम शुरू किया गया था। सबसे पहले सुभाषनगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर और रानी कमलापति स्टेशन के काम पूरे हुए। इसके बाद रेलवे ट्रैक के ऊपर दो स्टील ब्रिज बनाए गए। वहीं, आगे के 3- डीआरएम तिराहा, अलकापुरी और एम्स स्टेशनों का काम शुरू हुआ। कुछ महीने पहले ही इनका काम भी पूरा हो गया और अब ये यात्रियों के आने का इंतजार कर रहे हैं।

    दो साल पहले हुआ था पहला ट्रायल राजधानी में पहली बार मेट्रो 3 अक्टूबर 2023 को पटरी पर दौड़ी थी। तब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुभाष नगर से रानी कमलापति स्टेशन तक मेट्रो में सफर किया था।