• नक्सल प्रभावित इलाके में बड़ा कदम: जगदलपुर में कैंप शुरू, दूरस्थ गांवों तक पहुंच बनी

    जगदलपुर

    एक ओर जहां जवान नक्सलियों के माड़ में घुसकर उन्हें मुहतोड़ जवाब देने के साथ ही उनके कोर जोन में लगातार सुरक्षा कैम्प का निर्माण कर रहे है, जवानों के इस हौसले और ग्रामीण क्षेत्रो में खुल रहे कैम्प से अब ग्रामीण भी राहत की सास ले रहे है, इसी तारतम्य में जवानों ने  नक्सलियों के सबसे सेफ जोन पल्लेवाया में नवीन कैम्प खोलकर ग्रामीणों को राहत पहुँचाया।

    बता दें कि दंतेवाड़ा जिले के पल्लेवाया में नवीन सुरक्षा कैम्प खोला गया, जिसके बारे में आला अधिकारियों ने बताया कि अति नक्सल प्रभावित बीजापुर तथा अबूझमाड़ क्षेत्र के ग्राम पल्लेवाया में जिला दंतेवाड़ा पुलिस तथा CRPF 165 वी वाहिनी द्वारा नया फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (F.O.B.) कैम्प खोला गया है, इसे छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजना नियद नेल्लानार के तहत इस क्षेत्र के ग्रामीणों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने एवं शासन की योजनाओं से लाभ पहुँचाने के  उद्देश्य से खोला गया है, यह इलाका कोई समय मे  माओवादियों के कोर जोन के रूप में पहचान बना चुका था, जिसको देखते हुए आला अधिकारियों के द्वारा यह कैंप स्थापित किया गया है, इस कैंप की स्थापना से जिला बीजापुर तथा नारायणपुर के अब तक पहुंचविहीन गांवों को जोड़ा गया है, पल्लेवाया कैम्प से आसपास के ग्रामीणों को अब सड़क, बिजली, मोबाइल नेटवर्क, स्वास्थ्य केंद्र, पीडीएस दुकानें, शिक्षा एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी,  नवीन सुरक्षा कैम्प की स्थापना और वर्तमान में तमाम विपरीत परिस्थिति के बावजूद सुरक्षा बलों द्वारा निर्माण कार्य की गति में कोई कमी नहीं आई है।

    कैंप स्थापना के दौरान नक्सली स्मारक भी ध्वस्त किए गए, सभी जवान, जनता के हित को ध्यान में रखते हुए दिन-रात मेहनत करके उन्हें सभी आधारभूत सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, यह एफओबी कठिन परिस्थितियों के बीच कैम्प स्थापित किया गया, इस बेस की स्थापना अबूझमाड़ के भीतरी हिस्सों में, जो लंबे समय तक वामपंथी उग्रवाद (LWE) से प्रभावित रहे हैं, सुरक्षा और शासन की पहुँच सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

  • ठंडी हवाओं का कहर: छत्तीसगढ़ में पारा गिरकर 7°C, आगामी तीन दिन रहेंगे सर्द

     

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। अम्बिकापुर में तापमान 6-7°C पहुंच गया है। वहीं रायपुर में 12-13°C और दुर्ग में 11-12 °C के आसपास न्यूनतम तापमान चल रहा है। वहीं मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिन तक इस तापमान में कोई विशेष बदलाव होने की संभावना नहीं जताई है।

    पिछले 24 घंटे की बात करें तो सबसे ज्यादा तापमान 27.8 °C जगदलपुर और सबसे कम न्यूनतम तापमान 07.4°C अंबिकापुर में दर्ज किया गया है। स्थिति को देखते हुए लोकल प्रशासन ने अलाव की व्यवस्था की है। रायपुर में नगर निगम ने कई जगह अलाव की व्यवस्था की है।

    रायगढ़ में बढ़ सकती है ठंड

    रायगढ़ जिले में तापमान लगातार कम हो रहा है। 5 दिसंबर तक न्यूनतम तापमान 12.4 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 26.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। आसमान में बादल छाए रहने के कारण दिन में भी हल्की ठंड महसूस हो रही है। पिछले दो दिनों में ठंड बढ़ गई है। मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान और गिरने की उम्मीद है। न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

  • सीएम मोहन यादव की बैठक में चुनावी मतदाता सूची को लेकर बड़ी बातें, विधायक करें निगरानी

    भोपाल
     मध्य प्रदेश में चल रहे मतदाता सूचियों का विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) के काम की निगरानी अब भाजपा विधायक भी करेंगे। वे अपनी टीम बनाकर अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में बूथवार नजर रखेंगे। मुख्यमंत्री निवास में शुक्रवार को हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में एसआईआर का उठा मुद्दा उठा।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आने वाले डेढ़ माह हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रत्येक विधायक को एसआईआर की प्रक्रिया में पूर्ण सक्रियता और समर्पण के साथ शामिल होना होगा, क्योंकि आने वाले चुनाव इसी मतदाता सूची के आधार पर होंगे। वन नेशन, वन इलेक्शन की व्यवस्था के अंतर्गत होने वाले चुनाव भी इसी सूची पर आधारित होंगे। विधायक अपनी टीम के साथ इस पर नजर रखें कि मतदाता सूची में कोई पात्र छूट न और अपात्र का नाम न जुड़ सके।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 में सहकारिता और कृषि मंडी चुनाव कराएंगे। इसके बाद 2027 में निकाय और 2028 में विधानसभा के चुनाव होंगे। इस हिसाब से देखें तो 2026 से हर साल लगातार चुनाव होंगे। इसलिए एसआईआर को लेकर बूथ स्तर तक गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता है। सभी जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र में समन्वय, संवाद और संगठन की गतिविधियों पर विशेष ध्यान दें, ताकि एसआईआर प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो सके।

    रोजगार और विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि

    सभी जगह एल्डरमेन, जनभागादारी, रोगी कल्याण आदि समितियों की घोषणा जल्द की जानी है। इसलिए सभी जिलों में पार्टी संगठन और वरिष्ठ नेताओं के साथ समन्वय बनाकर इस दिशा में आगे बढ़ें। विधायक बीते दो सालों में प्रदेश में हुए विकास कार्यों का लेखा-जोखा जनता तक पहुंचाएं। दो वर्षों में आठ लाख करोड़ के विकास कार्य होना, रोजगार एवं विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि है।

    विकास कार्यों के मद्देनजर आपके क्षेत्र में क्या बेहतर हो सकता है, इस संबंध में सांसद, पूर्व सांसद, विधायकों से विचार-विमर्श कर एक विजन डाक्यूमेंट तैयार करें। भाजपा विधायक दल की बैठक में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, राजेंद्र शुक्ल मंचासीन रहे। बैठक का संचालन संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने किया।

    विधायक भाजपा जिला कार्यालयों में बैठकर कार्यकर्ताओं और जनता की सुने समस्याएं : खंडेलवाल

    भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि भाजपा प्रदेश कार्यालय में मंत्रियों की नियमित उपलब्धता संगठन और शासन के बीच संवाद को और अधिक मजबूत बनाएगी। मंत्रियों की तरह ही विधायक सप्ताह में एक दिन जिला अध्यक्ष और सांसद के साथ जिला कार्यालय में बैठकर कार्यकर्ताओं और जनता की समस्याएं सुनें।

    इससे कार्यकर्ताओं की हिचक समाप्त होगी और संगठन के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। हम सभी भाजपा के कार्यकर्ता हैं, इसलिए सदैव व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर संगठन के हित में कार्य करें। प्रत्येक विधायक अपना अधिकतम समय एसआइआर में केंद्रित करें और वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव को चुनौती के रूप में लें। सभी विधायक अपने क्षेत्रों में बूथ स्तर तक जाकर संगठन की गतिविधियों का नियमित निरीक्षण करें और कार्यकर्ताओं से निरंतर संवाद बनाए रखें।

    एसआईआर प्रक्रिया में विधायकों की सक्रियता अनिवार्य : हितानंद

    भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद ने कहा कि इस वर्ष अटल बिहारी वाजपेयी का जन्मशताब्दी वर्ष मना रहे है, जिसका समापन 25 दिसंबर को ग्वालियर और रीवा के कार्यक्रमों में केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में होगा। 16 दिसंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होगी। उन्होंने बूथ स्तर पर सूची का सावधानीपूर्वक अवलोकन करने और यदि किसी मतदाता का नाम गलत जुड़ा है या किसी का छूटा है तो संबंधित दावे-आपत्तियां सुनिश्चित करने का आग्रह किया, ताकि मतदाता सूची का सही और पूर्ण शुद्धिकरण हो सके। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने बिहार में भ्रम फैलाने की कोशिश की लेकिन वे सफल नहीं हुए।

  • सड़क सुरक्षा पर निगम का कड़ा कदम: आवारा पशु छोड़ने वालों के खिलाफ FIR दर्ज

    जगदलपुर

    शहर में आवारा और घुमंतू पशुओं के कारण लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए अब नगर निगम ने बड़ा फैसला लिया है। बार-बार सड़कों से हटाने के बावजूद ये पशु फिर से सड़क पर पहुंच जाते हैं, जिसके चलते अब नगर निगम जगदलपुर ने घुमंतू पशुओं के मालिकों के खिलाफ FIR दर्ज कराने का निर्णय लिया है।

    नगर निगम क्षेत्र के साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग के आसपास स्थित ग्रामीण इलाकों में भी यह सख्ती अपनाई जाएगी। नगर निगम, यातायात विभाग और ग्राम पंचायतों ने मिलकर सख्त कार्रवाई को लेकर अपनी सहमति दी है।

    महापौर संजय पांडे ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में आवारा पशुओं की पहचान कर उनका पुनर्वास करते हुए गौशालाओं में भेजा जाएगा। साथ ही पशुओं के मालिकों के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई करते हुए दुर्घटना होने की स्थिति में FIR की भी कार्रवाई होगी। नगर निगम ने इसके लिए गौशालाओं के सुदृढ़ीकरण का काम भी शुरू कर दिया है। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने पालतू पशुओं को सड़कों पर न छोड़ें।

  • दंतेवाड़ा के इंदिरा स्टेडियम में राज्य स्तरीय थाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप-2025 का आयोजन

    दंतेवाड़ा
    जिला प्रशासन एवं खेल एवं युवा कल्याण विभाग के तत्वावधान में राज्य स्तरीय थाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप–2025 का आयोजन पुराना मार्केट स्थित इंदिरा स्टेडियम, दंतेवाड़ा में जारी है। दो दिवसीय यह प्रतियोगिता सब जूनियर, कैडेट, जूनियर एवं सीनियर प्रो फाइट (बालक/बालिका) वर्ग में हो रही है, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए खिलाड़ी भाग ले रहे हैं।

    कार्यक्रम के दौरान आज जिला कलेक्टर कुणाल  दुदावत तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) जिला पंचायत जयंत नाहटा ने उपस्थित होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। अतिथियों ने थाई बॉक्सिंग जैसे मार्शल आर्ट्स खेलों को युवाओं के बीच बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया और प्रतिभागी खिलाड़ियों से मुलाक़ात कर उनके प्रदर्शन की सराहना की।

    प्रतियोगिता में विशिष्ट अतिथि के रूप में मान. श्री चैतराम अटामी (विधायक, दंतेवाड़ा) एवं मान. श्री दीपक प्रसाद (अध्यक्ष, थाई बॉक्सिंग एसोसिएशन छत्तीसगढ़) शामिल हुए। कार्यक्रम में जिला पंचायत, नगर पालिका तथा जनपद पंचायत के पदाधिकारियों की भी उपस्थिति रही।

    स्टेडियम में दर्शकों का उत्साह देखने लायक है। लगातार जारी विभिन्न वर्गों की बाउट्स में खिलाड़ियों द्वारा तेज़ी, तकनीक और रणनीति का शानदार प्रदर्शन किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार शाम तक कई महत्वपूर्ण मुकाबले होने हैं।

    थाई बॉक्सिंग एसोसिएशन दंतेवाड़ा द्वारा बताया गया कि कार्यक्रम के समापन अवसर पर विजेता एवं उपविजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी, मेडल और प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और स्थानीय निकायों का विशेष सहयोग प्राप्त हो रहा है।

  • छत्तीसगढ़ में पर्यटन के नए दौर की शुरुआत, मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना से होगा लाभ

    रायपुर : छत्तीसगढ़ में शुरू होने जा रहा है पर्यटन का नया अध्याय: मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना से छत्तीसगढ़ पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान

    75 प्रतिशत सब्सिडी के साथ पर्यटकों के लिए आकर्षक टूर पैकेजों की शुरुआत

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग एवं आईआरसीटीसी मिलकर मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना के तहत रायपुर और बस्तर में पर्यटकों के लिए विशेष टूर पैकेजों की शुरुआत जल्द ही करने जा रहे हैं। यह पहल प्रदेश की सांस्कृतिक, धार्मिक और प्राकृतिक विरासत के प्रसार के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    इस योजना के अंतर्गत रायपुर से चार प्रमुख टूर पैकेज संचालित किए जाएंगे, जिनमें रायपुर सिटी टूर, रायपुर सिटी धार्मिक टूर, रायपुर–जगदलपुर सर्किट टूर और रायपुर–सिरपुर–बारनवापारा सर्किट टूर शामिल हैं। प्रत्येक पैकेज में वातानुकूलित वाहन, हिंदी-अंग्रेजी गाइड, भोजन और ट्रैवल इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे पर्यटक आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का आनंद ले सकेंगे।

    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि पर्यटन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए यह महत्वपूर्ण योजना शुरू की गई है। इससे न केवल आर्थिक विकास को बल मिलेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सशक्त होगी।

    पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह योजना स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ रोजगार के व्यापक अवसर भी उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक समृद्धि हर पर्यटक तक पहुँचे।”

    प्रमुख टूर पैकेज

    रायपुर सिटी टूर (दिवसीय भ्रमण)

    इस टूर में पर्यटक रायपुर के प्रमुख स्थलों—राम मंदिर, ऊर्जा पार्क, पुरखौती मुक्तांगन, छत्तीसगढ़ ट्राइबल म्यूजियम, नंदनवन जू और कौशल्या माता मंदिर की सैर कर सकेंगे। पैकेज में वातानुकूलित वाहन, हिंदी/अंग्रेजी गाइड, भोजन और यात्रा बीमा शामिल है। प्रस्थान रायपुर रेलवे स्टेशन से होगा।

    रायपुर सिटी धार्मिक टूर (दिवसीय भ्रमण)

    धार्मिक स्थलों पर केंद्रित यह टूर हनुमान मंदिर, मां बंजारी मंदिर, कैवल्य धाम जैन मंदिर, इस्कॉन मंदिर, महामाया मंदिर, दंतेश्वरी माता मंदिर, राम मंदिर और मां कौशल्या माता मंदिर की यात्रा का अनुभव प्रदान करेगा। इस टूर की शुरुआत और समापन भी रायपुर रेलवे स्टेशन से ही होगा।

    रायपुर–जगदलपुर सर्किट टूर (02 रातें / 03 दिन)

    इस पैकेज में बस्तर क्षेत्र के प्राकृतिक और सांस्कृतिक स्थलों—जगदलपुर, चित्रकोट, तीरथगढ़—की यात्रा शामिल है। पर्यटक चित्रकोट जलप्रपात, कुटुमसर गुफा, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान और दंतेश्वरी मंदिर जैसे प्रमुख आकर्षणों का आनंद ले सकेंगे। ठहराव डबल-शेयरिंग होटल में होगा तथा दैनिक भोजन की व्यवस्था रहेगी।

    रायपुर–सिरपुर–बारनवापारा सर्किट टूर (01 रात / 02 दिन)

    यह टूर सिरपुर के ऐतिहासिक मंदिरों और बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य की सैर करवाएगा। पैकेज में स्नैक्स, भोजन, होटल आवास और वातानुकूलित वाहन शामिल हैं। पर्यटकों को जंगल सफारी का रोमांचक अनुभव भी मिलेगा।

    टूर पैकेज की विशेषताएं

    प्रत्येक पैकेज के लिए कम से कम 10 व्यक्तियों का समूह आवश्यक है। यात्रा के दौरान पर्यटकों को पीने का पानी, स्नैक्स, लंच और ट्रैवल इंश्योरेंस दिया जाएगा। 2 से 18 वर्ष तक के बच्चों को 85% और 18 वर्ष से अधिक के वयस्कों को 75% सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
    सभी पैकेज रायपुर रेलवे स्टेशन से शुरू और समाप्त होते हैं।

    स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा

    इन टूर पैकेजों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक, धार्मिक और प्राकृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए पर्यटन क्षेत्र में नई ऊर्जा लाई जा रही है। पर्यटक इन पैकेजों के जरिए प्रदेश की विविधता और समृद्धि का प्रत्यक्ष अनुभव कर सकेंगे। इस योजना से स्थानीय व्यवसायों को लाभ मिलेगा और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।

    यह योजना मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की पर्यटन को बढ़ावा देने की दूरदर्शी पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पर्यटन को जन-जन तक पहुँचाकर प्रदेश के आर्थिक विकास को गति देना है। इससे छत्तीसगढ़ के पर्यटन को नई पहचान मिलेगी और पर्यटक राज्य को नए दृष्टिकोण से जानने-समझने का अवसर प्राप्त करेंगे।

    मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में पर्यटन को सुलभ, समृद्ध और आकर्षक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाले समय में प्रदेश को प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। – मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय

  • पंचायत उप निर्वाचन की घोषणा, 4 जिला पंचायत और 14 जनपद सदस्य समेत 3872 पंच पदों के लिए मतदान

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग (MP State Election Commission )ने नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के उप निर्वाचन का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। मतदान 29 दिसम्बर 2025 को होगा। मतगणना और निर्वाचन परिणामों की घोषणा 31 दिसम्बर को सुबह 9:00 बजे से होगी।
    8 दिसम्बर 2025 से मिलेंगे नामांकन फॉर्म 

    राज्य निर्वाचन आयोग सचिव दीपक सिंह ने जानकारी दी है कि उप निर्वाचन के लिए निर्वाचन की सूचना का प्रकाशन और नाम निर्देशन पत्र प्राप्त करने का कार्य 8 दिसम्बर 2025 से शुरू होगा। नाम निर्देशन पत्र 15 दिसम्बर तक लिये जायेंगे, नाम निर्देशन पत्रों की जांच 16 दिसम्बर को होगी। नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 18 दिसम्बर है। इसी दिन निर्वाचन प्रतीकों का आवंटन होगा। नगरीय निकायों में मतदान 29 दिसम्बर को सुबह 7:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक होगा।

    7:00 बजे से 3:00 बजे तक होगा मतदान 

    पंचायतों में मतदान 29 दिसम्बर को सुबह 7:00 बजे से अपरान्ह 3:00 बजे तक होगा। पंच पद के लिये मतगणना मतदान के तुरंत बाद मतदान केन्द्र पर ही होगी। सरपंच, जनपद पंचायत सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्य की विकास खण्ड मुख्यालय पर EVM से की जाने वाली मतगणना 2 जनवरी को सुबह 8:00 बजे से होगी। इसी दिन सरपंच एवं जनपद पंचायत सदस्य के निर्वाचन परिणामों की घोषणा की जायेगी। जिला पंचायत सदस्यों एवं पंच पद के लिए परिणामों की घोषणा 5 जनवरी 2026 को प्रात: 10:30 बजे से की जायेगी।

    1 अध्यक्ष और 8 पार्षदों का होगा उप निर्वाचन

    जिला सीधी के नगरपरिषद मझौली के अध्यक्ष और विभिन्न नगरीय निकायों में 8 पार्षदों के लिये उप निर्वाचन होगा। नगरपालिक निगम सिंगरौली के वार्ड 34, नगर पालिका परिषद मण्डला के वार्ड 8, नगर पालिका परिषद लहार के वार्ड 5 और नगर परिषद मौ के वार्ड 4, मेहगांव के वार्ड 5, आलमपुर के वार्ड 13, सतवास के वार्ड 9 और पानसेमल के वार्ड 2 में पार्षद पद के लिये उप निर्वाचन होगा।

    85 पदों के लिए होगा निर्वाचन 

    पंचायत उप निर्वाचन के तहत जिला पंचायत सदस्य के 4, जनपद पंचायत सदस्य के 14, सरपंच के 67 और 3872 पंच पद के लिये निर्वाचन होगा।

     

  • क्रूरता के आधार पर तलाक कायम: हाईकोर्ट ने पत्नी की चुनौती ठुकराई

    बिलासपुर

    पति-पत्नी के बीच विवाद के मामले में पत्नी की तलाक के खिलाफ पेश अपील को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, आत्महत्या करने की बार-बार धमकी देना क्रूरता है। जब ऐसी बात किसी इशारे या हाव-भाव के रूप में दोहराई जाती है तो कोई भी पति-पत्नी शांति से नहीं रह सकता।

    इस मामले में अपील करने वाले के पति ने यह दिखाने के लिए काफी सबूत पेश किए हैं कि पत्नी बार-बार आत्महत्या करने की धमकी देती थी और एक बार तो अपने ऊपर कैरोसिन डालकर आत्महत्या करने की कोशिश भी की थी। क्रूरता का मतलब है पति-पत्नी के साथ इतनी क्रूरता से पेश आना, जिससे उसके मन में यह डर पैदा हो कि दूसरे पक्ष के साथ रहना उसके लिए नुकसानदायक होगा। पत्नी के काम इतने गंभीर हैं कि पति को दर्द, और तकलीफ़ हुई है, जो शादी के कानून में क्रूरता मानी जाएगी।

    जानिए पूरा मामला

    अपीलकर्ता पत्नी की 11 मई 2018 को हिदू रीति-रिवाजों के साथ हुई थी। वह पति के साथ रह रही थी और उनकी शादी से उनका बेटा पैदा हुआ, जो अभी लगभग 03 साल का है। शादी के लगभग एक हफ्ते बाद पति-पत्नी मोटरसाइकिल पर डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी मंदिर जा रहे थे और रास्ते में अचानक उनके सामने एक भैंस आ गई और उनका एक्सीडेंट हो गया। पत्नी ने अपने पिता को बताई। पिता ने दोनों को बागतराई बुलाया और उन्हें अधारी नवगांव की दरगाह पर ले गए, यह कहकर कि उन पर भूत का साया है और हर गुरुवार को वहां आने को कहा और उन्हें भरोसा दिलाया कि उनका बिजनेस अच्छा चलेगा।

    शादी के बाद पति लगभग 7-8 महीने तक पत्नी को हर गुरुवार बागतराई ले जाने लगा, जिससे उसे बिजनेस में नुकसान हुआ और इस दौरान पति को पता चला कि पत्नी और उसके माता-पिता मुस्लिम हैं और उन्होंने यह बात छिपाकर शादी की थी। फिर पति ने अपील करने वाले को हर गुरुवार उसके माता-पिता के घर ले जाने से मना कर दिया। पत्नी हर गुरुवार को अपने माता-पिता के घर जाने की जिद करने लगी। पत्नी और उसके माता-पिता ने उसे मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए कहना शुरू कर दिया, जिससे पति ने मना कर दिया। इस पर पत्नी का व्यवहार बहुत बदल गया और झगड़ा करने लगी।

    पत्नी ने अजीब तरह से व्यवहार करना शुरू कर दिया, गाली-गलौज करने लगी। 25 सितंबर 2019 को अपील करने वाली ने पति से बेवजह झगड़ा किया और केरोसीन डालकर खुद को आग लगाने की कोशिश की, जिसे पति ने किसी तरह बचाया। इसके बाद पत्नी अपने माता-पिता के घर चली गई। इस पर पति ने न्यायालय में तलाक के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। सुनवाई उपरांत न्यायालय ने तलाक के आवेदन को मंजूर किया। इसके खिलाफ पत्नी ने हाईकोर्ट में अपील पेश की थी।

    कोर्ट ने कहा, मामले में भी यह बिल्कुल साफ़ है कि पत्नी ने अपने पति को बार-बार सुसाइड करने की कोशिश करके धमकाया और यह भी बिल्कुल साफ़ है कि साल 2020 से पत्नी अपने पति से अलग रह रही है। पत्नी के व्यवहार को देखते हुए पति के लिए किसी भी मेंटल प्रेशर के साथ उसके साथ रहना मुमकिन नहीं है। इसके साथ हाईकोर्ट ने पत्नी की तलाक के खिलाफ पेश अपील को खारिज कर दिया है।

  • कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2012 में दोषी पाए गए अभियुक्त, सीबीआई ने की कड़ी सजा की सिफारिश

     ग्वालियर
     मध्यप्रदेश के बहुचर्चित व्यापमं घोटाले से जुड़े एक और मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) को सफलता मिली है। पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2012 में हुए प्रतिरूपण (इम्परसनेशन) के एक मामले में ग्वालियर स्थित विशेष सीबीआइ न्यायालय ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए दो से सात साल तक की सजा सुनाई है।

    सीबीआई के अनुसार, 8वें अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (व्यापमं प्रकरण) ने रणवीर पुत्र चूरामन, हरवेंद्र सिंह चौहान उर्फ प्रवेंद्र कुमार पुत्र देवेंद्र को आपस में मिलीभगत कर आपराधिक षड़यंत्र रचने, धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और प्रतिरूपण के गंभीर अपराधों का दोषी पाया। न्यायालय ने आरोपियों को विभिन्न धाराओं में दो वर्ष से लेकर सात वर्ष तक का कठोर कारावास तथा जुर्माना की सज़ा सुनाई है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।

    सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई को सौंपा गया था मामला

    मामला वर्ष 2012 की पुलिस कांस्टेबल परीक्षा के दौरान हुई अनियमितताओं से जुड़ा है। थाना सिटी कोतवाली, मुरैना में केंद्र अधीक्षक बीएस परिहार ने परीक्षा में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने रणवीर सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, जबकि प्रवेंद्र कुमार के मामले में जांच जारी थी। बाद में यह पूरा प्रकरण सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद सीबीआई को सौंपा गया, जिसने जांच पूरी कर आरोपियों को अदालत में दोषसिद्ध कराया। इस फैसले को व्यापमं घोटाले की न्यायिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

  • सीएम मोहन यादव ने चलवाया बुलडोजर, मध्य प्रदेश में 250 बीघा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का सफाया

     शिवपुरी 

     शिवपुरी में प्रशासन ने बड़ी बुलडोजर कार्रवाी की है। शिवपुरी जिले के वन परिक्षेत्र कोलारस में वन, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 250 बीघा सरकारी जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई गई है। इस ऐक्शन के बाद प्रशासन ने चेतावनी जारी करते हुए कहा जिले में अवैध पर बुलडोजर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

    शिवपुरी में बुलडोजर कार्रवाी के बाद वन विभाग सूत्रों ने कल शाम यह जानकारी देते हुए बताया कि कोलारस वन परिक्षेत्र में ग्राम राई के पास शिवनारायण धाकड़, सीताराम धाकड़ आदि ग्रामीण वन भूमि पर कब्जा कर खेती कर रहे थे। इस बार भी उन्होंने फसल लगा दी थी। इसके बाद कल शाम संयुक्त दल द्वारा लगभग 6 जेसीबी मशीनों और ट्रैक्टरों के द्वारा उनकी फसल को हटाकर जमीन को जोत कर अवैध कब्जा हटाकर वन भूमि को मुक्त कराया गया।

    किसानों ने कर रखा था अवैध कब्जा

    मध्य प्रदेश सरकार का अवैध कब्जों पर लगातार ऐक्शन जारी है। इस दौरान शिवपुरी में किसानों और अन्य लोगों ने करीब 250 बीघा जमीन पर कब्जा कर लिया। किसानों कब्जा करने के बाद जमीन पर खेती शुरू कर दी थी। अवैध कब्जा हटाने के लिए प्रशासन अपना दल-बल लेकर मौके पर पहुंचा और अचानक कार्रवाई शुरू कर दी। इस दौरान किसानों के कब्जे वाले खेतों में भी प्रशासन ने बुलडोजर से फसलों को नष्ट कर दिया और अवैध कब्जे को हटा दिया।

  • जबलपुर रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की मांग पर गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस विशेष ट्रेन शुरू करने का निर्णय लिया

    यात्रियों की सुविधा के लिये रेलवे का बड़ा फैसला

    रेलवे का बड़ा फैसला: गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस विशेष ट्रेन का संचालन 7 और 9 दिसंबर से

    यात्रियों की सुविधा के लिए 05587/05588 गोरखपुर-एलटीटी-गोरखपुर विशेष ट्रेन का संचालन तय

    जबलपुर रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की मांग पर गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस विशेष ट्रेन शुरू करने का निर्णय लिया

    जबलपुर
      रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों की मांग पर 05587/05588 गोरखपुर- लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर विशेष गाड़ी का संचालन गोरखपुर से 07 दिसम्बर, 2025 को तथा लोकमान्य तिलक टर्मिनस से 09 दिसम्बर, 2025 को चलाने का निर्णय लिया गया है। यह स्पेशल ट्रेन पश्चिम मध्य रेल के बीना, रानी कमलापति एवं इटारसी स्टेशनों से होकर गंतव्य को जाएगी। स्पेशल ट्रेन का विवरण इस प्रकार है:- 

    गाड़ी संख्या 05587 गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस विशेष गाड़ी 07 दिसम्बर, 2025 को गोरखपुर से 23.25 बजे प्रस्थान कर दूसरे दिन बस्ती से 00.32 बजे, गोंडा से 02.00 बजे, गोमती नगर से 04.35 बजे, बादशाहनगर से 05.10 बजे, ऐशबाग से 05.55 बजे, कानपुर सेंट्रल से 07.55 बजे, उरई 10.20 बजे, वीरांगना लक्ष्मीबाई जं. (झाँसी) से 13.20 बजे, बीना से 16.40 बजे, रानी कमलापति से 19.25 बजे, इटारसी से 21.12 बजे, खंडवा से 23.42 बजे तीसरे दिन भुसावल से 01.45 बजे, नासिक रोड से 05.15 बजे, इगतपुरी से 06.35 बजे तथा कल्याण से 08.08 बजे छूटकर लोकमान्य तिलक टर्मिनस 09.00 बजे पहुँचेगी।

    वापसी यात्रा में, गाड़ी संख्या 05588 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर विशेष गाड़ी 09 नवम्बर, 2025 को लोकमान्य तिलक टर्मिनस से 11.00 बजे प्रस्थान कर कल्याण से 11.45 बजे, ईगतपुरी से 14.10 बजे, नासिक रोड से 14.42 बजे, भुसावल से 18.50 बजे, खंडवा से 21.40 बजे दूसरे दिन इटारसी से 00.25 बजे, रानी कमलापति से 02.40 बजे, बीना से 04.50 बजे, वीरांगना लक्ष्मीबाई जं. (झाँसी) से 06.55 बजे, उरई 08.07 बजे, कानपुर सेंट्रल से 12.05 बजे, ऐशबाग से 13.45 बजे, बादशाहनगर से 14.12 बजे, गोमती नगर से 14.55 बजे, गोंडा से 17.25 बजे तथा बस्ती से 19.02 बजे छूटकर गोरखपुर से 20.15 बजे पहुँचेगी।

      इस गाड़ी में जनरेटर सह लगेज यान का 01, शयनयान श्रेणी के 04, वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के 08, वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी के 02, वातानुकूलित प्रथम श्रेणी का 01, साधारण द्वितीय श्रेणी के 04, तथा एल.एस.एल.आर.डी. के 01 कोच सहित कुल 21 कोच लगाये जायेंगे।

     इस स्पेशल ट्रेन के ठहराव, समय एवं संरचना के संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए यात्री कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाकर अवलोकन कर सकते हैं।

  • सीएम साय ने किया श्री रामकथा पोस्टर एवं कैलेंडर का लोकार्पण

    रायपुर,

     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में प्यारे राधाकृष्ण संस्कार मंच, जामुल के प्रतिनिधिमण्डल ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने आगामी श्री रामकथा कार्यक्रम हेतु तैयार किए गए पोस्टर एवं कैलेंडर का विधिवत विमोचन किया।

    प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री साय को बताया कि श्री रामकथा का आयोजन 28 दिसंबर 2025 से 06 जनवरी 2026 तक दुर्ग जिले के जामुल नगर में किया जाएगा।  प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री साय को इस पावन आयोजन में सादर आमंत्रित किया।

    मुख्यमंत्री साय ने आमंत्रण के लिए प्यारे राधाकृष्ण संस्कार मंच, जामुल के सदस्यों का हृदय से आभार व्यक्त किया एवं आयोजन की सफलता हेतु शुभकामनाएँ दीं।

    इस अवसर पर मंच के संरक्षक दिलेश्वर उमरे, संयोजक ईश्वर उपाध्याय, तथा जागेश्वर मल सोनी, उमेश निर्मलकर, नेत राम साहू, जितेंद्र साहू, इंद्रजीत उपाध्याय,  वैभव उपाध्याय सहित मंच के अन्य सदस्य उपस्थित थे।

  • होम गार्ड्स स्थापना दिवस पर सीएम ने दी खुशखबरी, जवानों को मिलेंगे स्थायी आवास, परेड की सलामी भी ली

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश में होम गार्ड्स और नागरिक सुरक्षा संगठन का 79वां स्थापना दिवस इस बार राज्य स्तरीय आयोजन के रूप में मनाया गया। भोपाल स्थित होम गार्ड मुख्यालय में हुए समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। यहां उन्होंने परेड का निरीक्षण किया, सलामी ली और बल की भूमिका को राज्य के लिए अनमोल बताया।

    पूरी टुकड़ी का किया निरक्षण

    मुख्यमंत्री परेड निरीक्षण वाहन से ग्राउंड पर पहुंचे और पूरी टुकड़ी का निरीक्षण किया। इसके बाद होम गार्ड्स की टीम ने उन्हें सलामी देकर सम्मान प्रकट किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि होम गार्ड ऐसा अनुशासित समूह है जो हर चुनौती और हर स्थिति में सबसे आगे खड़ा मिलता है। उन्होंने जवानों के साहस को राज्य की ताकत बताते हुए कहा कि यह बल हमेशा अपने कर्तव्यों को निष्ठा और समर्पण के साथ निभाता है।

    मुख्यमंत्री ने होम गार्ड परेड निरीक्षण वाहन से परेड का निरीक्षण किया, जिसके बाद होम गार्ड परेड टीम ने उन्हें सलामी दी। मुख्यमंत्री ने जवानों के साहस और अनुशासन की सराहना की।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाेम गार्डस के लिए स्थायी आवास देने की घोषणा की। इसके अलावा, अदम्य साहसिक कार्य सम्मान पुरस्कार देने की बात भी कही।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि होम गार्ड एक ऐसा अनुशासित समूह है जो हर परिस्थिति में अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करता है। उन्होंने कहा कि “हर प्रस्तुति में, हर चुनौती में, सबसे आगे खड़े रहने वाला यह होम गार्ड का समूह है”।

    होमगार्ड के लिए की कई अहम घोषणाएं

     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने होमगार्ड के जवानों के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ 2028 के लिए 5 हजार होमगार्ड जवानों की भर्ती की जाएगी। बेगा, सहरिया और भारिया समुदायों की बटालियन बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने 10 टीमों को अदम्य साहस पुरस्कार देने की घोषणा की। प्रत्येक टीम को 51-51 हजार रुपये की राशि दी जाएगी और यह पुरस्कार हर साल प्रदान किया जाएगा।  मुख्यमंत्री ने अनुकंपा अनुदान राशि बढ़ाने की घोषणा की ताकि होमगार्ड के परिवारों को अधिक सहायता मिल सके। हर देवालय में होमगार्ड सुरक्षा प्रदान करेंगे, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित माहौल मिल सके। होमगार्ड के जवानों के लिए स्थायी आवास बनाने की योजना की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने होमगार्ड के दो महीने के सेवा बाध्यकाल को समाप्त करने की भी घोषणा की।

    अदम्य साहस पुरस्कार और श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वालों का सम्मान

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थापना दिवस के अवसर पर अदम्य साहस सम्मान देने की घोषणा की और विभिन्न जिलों से आए उन अधिकारियों और जवानों को सम्मानित किया जिन्होंने पिछले वर्ष बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि हर साल इस पुरस्कार को नियमित रूप से दिया जाएगा ताकि उत्कृष्ट कार्य करने वाले जवानों का उत्साह बढ़े।

    रेस्क्यू टीमों को प्रोत्साहन राशि

    मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2014 में NDRF के गठन के बाद से रेस्क्यू बलों ने हमेशा उत्कृष्ट काम किया है। उन्होंने कहा कि इंदौर में NDRF और SDRF के जवानों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है जिसका बड़ा उपयोग आगामी सिंहस्थ (Simhastha) में होगा। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने 10 रेस्क्यू टीमों को 51 हजार रुपए पुरस्कार देने की घोषणा की। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले साल होम गार्ड जवानों ने 5 हजार से ज्यादा लोगों की जान बचाई, इसलिए उनकी भूमिका जलदूतों के समान मानी जाती है।

    स्थायी आवास निर्माण का सीधा आदेश

    समारोह की सबसे अहम घोषणा होम गार्ड जवानों के लिए स्थायी आवास निर्माण से जुड़ी रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर जवान को सुरक्षित और स्थायी घर उपलब्ध कराने की दिशा में तुरंत काम शुरू करेगी। उन्होंने दो महीने के सेवा बाध्यकाल की अनिवार्यता समाप्त करने की भी घोषणा की।

    नई भर्ती का ऐलान

    मुख्यमंत्री ने बताया कि उज्जैन सिंहस्थ के लिए 5 हजार नए होम गार्ड भर्ती किए जाएंगे। इसके साथ ही बेगा, सहरिया और भारिया समुदाय के लिए विशेष बटालियन बनाने की भी घोषणा की गई। उन्होंने अनुकंपा अनुदान राशि बढ़ाने और प्रदेश के हर देवालय में होम गार्ड जवानों के लिए प्रार्थना आयोजित करने की बात भी कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि होम गार्ड पुलिस से न कम है और न अलग। जहां जरूरत पड़ती है, वहां यह बल तुरंत मौजूद होकर जिम्मेदारी निभाता है।

    10 रेस्क्यू टीमों को 51 हजार रुपए का पुरस्कार

    मुख्यमंत्री ने बताया कि 2014 में NDRF का गठन हुआ था और तब से इस बल ने उत्कृष्ट तरीके से अपना कर्तव्य निभाया है। उन्होंने जानकारी दी कि इंदौर में NDRF और SDRF के जवानों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसका उपयोग आगामी उज्जैन सिंहस्थ में किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 10 रेस्क्यू टीमों को 51 हजार रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा।

    आवास सुविधाओं की आवश्यकता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने होम गार्ड जवानों के लिए स्थायी आवास निर्माण के आदेश भी दिए। उन्होंने कहा कि सरकार सुनिश्चित करेगी कि हर होम गार्ड को सुरक्षित और स्थायी आवास उपलब्ध कराया जाए।

  • इंडिगो की फ्लाइट रद्द, MP में फंसे यात्री; शादी अटेंड करने के लिए ट्रेन पकड़ी, अगले 3 दिन तक नहीं होगी फ्लाइट री-शेड्यूल

    भोपाल / इंदौर 

     देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के लगातार बिगड़ते संचालन से मध्यप्रदेश के एयरपोर्ट पर हालात संभल नहीं रहे। इंदौर, भोपाल और जबलपुर में कुल मिलाकर 65 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। पिछले चार दिनों में कंपनी देशभर में 1700 से अधिक फ्लाइट्स कैंसिल हो चुकी हैं, जिसका सीधा असर मध्यप्रदेश पर दिखाई दे रहा है। कई यात्रियों ने रातें एयरपोर्ट पर बिताईं, जबकि दूसरी एयरलाइन्स ने किराया तीन से चार गुना बढ़ा दिया।

    बता दें, आज (6 दिसंबर) भी पूणे से भोपाल और इंदौर से पूणे की फ्लाइट कैंसिल की गई है। इसमें फ्लाइट संख्या 6E-147 (इंदौर से पूणे) रात 11.05 बजे और फ्लाइट संख्या 6E-258 (पूणे से भोपाल) सुबह 01.40 बजे शामिल है।

    दिल्ली में रोका, भोपाल में फंसी दुल्हन

    शुक्रवार को भोपाल से 18 फ्लाइट कैंसिल हुईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दिल्ली जाने वाली डॉ. गुंजन भी उन्हीं यात्रियों में शामिल थीं, जिनकी इंडिगो फ्लाइट कैंसिल हो गई। शनिवार को दिल्ली में उनका रौका समारोह था, दूल्हा वहां इंतजार कर रहा था। जबकि दुल्हन भोपाल एयरपोर्ट पर दूसरे साधन की तलाश में भटक रही थीं।

        हनीमून जाने के लिए करनी पड़ी ट्रेन

        भोपाल के ही विवेक और साक्षी मिश्रा हनीमून के लिए ऊटी जा रहे थे। भोपाल से मुंबई और वहां से कनेक्टिंग फ्लाइट थी, लेकिन उड़ान रद्द होने के बाद दोनों ने ट्रेन से सफर करने का फैसला किया। वे एयरपोर्ट से रेलवे स्टेशन पहुंचे और स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस से रवाना हुए।

        क्रू संकट के चलते यात्रियों को अंतिम समय में यात्रा योजनाएं बदलनी पड़ रही हैं और एयरलाइंस की ओर से स्थिति सामान्य करने के प्रयास जारी हैं।

    इंदौर में सबसे ज्यादा असर, किराए आसमान पर

    इंदौर एयरपोर्ट इंडिगो संकट का सबसे बड़ा शिकार बन गया। यहां उड़ानें रद्द होने से यात्रियों की लंबी कतारें और अफरा-तफरी देखी गई। बच्चों और बुजुर्गों को घंटों इंतजार करना पड़ा। दूसरी एयरलाइन्स ने मौके का फायदा उठाते हुए किराए तीन से चार गुना बढ़ा दिए। कई यात्रियों ने कहा कि एयरलाइन कोई ओनरशिप नहीं ले रही, सिर्फ इतना बताया जा रहा है कि फ्लाइट्स कैंसिल है और रिफंड ले लो।

    जबलपुर में अचानक 10 उड़ानें रद्द

    जबलपुर में भी हालात बिगड़े। यहां से आने-जाने वाली करीब 10 फ्लाइट्स अचानक रद्द कर दी गईं। लगभग 900 से 1000 यात्री पहले से टिकट बुक करा चुके थे। कई लोगों को फ्लाइट कैंसिल होने की सूचना मैसेज में मिली, जबकि कई यात्रियों को किसी तरह की जानकारी नहीं मिली। डुमना एयरपोर्ट पर यात्रियों ने नाराजगी जताई और एयरलाइन पर मनमानी का आरोप लगाया। केवल इंदौर के लिए फ्लाइट्ससंचालित रहीं।

    इंडिगो की सर्विस से यात्री के खासे नाराज

    इंडिगो ने बयान जारी कर कहा कि यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था देने की कोशिश की जा रही है। हालांकि प्रभावित लोग मानते हैं कि सूचना प्रणाली कमजोर है और ग्राउंड स्टाफ कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे रहा। कई यात्रियों का कहना था कि वे रातभर एयरपोर्ट पर फंसे रहे, लेकिन एयरलाइन की ओर से कोई सहायता नहीं मिली।

    DGCA के नए नियमों ने बढ़ाया दबाव

    इस संकट के पीछे DGCA के नए सुरक्षा नियमन हैं, जिनका सीधा असर crew availability पर पड़ा है।

        मुख्य बदलावों में शामिल हैं,
        क्रू मेंबर्स को लगातार 7 दिन काम करने के बाद 48 घंटे का अनिवार्य आराम देना।
        पायलट पहले 6 नाइट लैंडिंगकरते थे, अब केवल दो की अनुमति है।
        किसी भी क्रू मेंबर को एक सप्ताह में दो से अधिक नाइट ड्यूटी नहीं लगाई जा सकती।
        प्री और पोस्ट फ्लाइट ड्यूटी में एक घंटे से अधिक काम नहीं लिया जा सकता।

    इन बदलावों के कारण इंडिगो के पास पर्याप्त क्रू नहीं बच पा रहा और बड़ी संख्या में फ्लाइट समय पर संचालित नहीं हो पा रहीं।

    भोपाल में हज यात्रियों का ग्रुप भी फंसा

    भोपाल एयरपोर्ट पर शुक्रवार को 18 फ्लाइट्स रद्द होने से यात्रियों का धैर्य टूट गया। कई लोग दो दिन से अपनी फ्लाइट्स का इंतजार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी उस हज ग्रुप को हुई, जिसके 41 यात्रियों को एयरपोर्ट पर रोक दिया गया। होटल और ट्रांसपोर्ट पहले से बुक थे, इसलिए हर यात्री का प्रतिदिन 5 से 6 हजार रुपए का नुकसान हो रहा है। कई लोगों का 6 हजार रुपए का टिकट बढ़कर 30 से 35 हजार तक पहुंच गया और फिर भी यह भरोसा नहीं कि नई टिकट से यात्रा हो ही जाएगी।

    पहले जानिए क्यों बनी ऐसी स्थिति

    दरअसल, इंडिगो एयरलाइन क्रू मेंबर्स की कमी से जूझ रही है। इसके कारण इंदौर, भोपाल, दिल्ली, बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद सहित कई एयरपोर्ट पर 1000 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल हो गईं। यात्री 24-24 घंटे से फ्लाइट का इंतजार कर रहे हैं।

    इसकी वजह यह है कि 1 नवंबर से DGCA ने पायलटों और अन्य क्रू मेंबर्स के काम से जुड़े नियमों में बदलाव किए थे। फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नाम दिया गया है। इन्हें दो चरणों में लागू किया गया।

    पहला चरण 1 जुलाई को लागू हुआ था। वहीं, 1 नवंबर से दूसरा चरण लागू हुआ। नए नियमों में यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए पायलटों और क्रू को पर्याप्त आराम देने पर जोर दिया गया है। इस कारण एयरलाइन कंपनियों के पास पायलटों और क्रू मेंबर्स की अचानक कमी पड़ गई है।

    यात्रियों को 4-5 गुना अधिक किराया देना पड़ रहा है, फिर भी यह भरोसा नहीं कि नई टिकट से सफर हो ही जाएगा। भोपाल एयरपोर्ट पर हज ग्रुप के 41 यात्रियों को रोक दिया गया, होटल और ट्रांसपोर्ट पहले से बुक, रोज प्रति यात्री 5–6 हजार रुपए का नुकसान हो रहा है।

    किसी का टिकट 6 हजार से बढ़कर 35 हजार तक पहुंच गया, किसी को रातभर एयरपोर्ट पर रुकना पड़ा…यात्रियों का आरोप है कि “एयरलाइन कोई ओनरशिप नहीं ले रही, बस कहती है फ्लाइट कैंसिल है, रिफंड ले लो।

    हज यात्री बोले- सारी बुकिंग कन्फर्म, नुकसान हमारा

    अयाज हसन, अल-बिलाल टूर्स एंड ट्रैवल्स ऑपरेट करते हैं। वह भोपाल एयरपोर्ट पर बेहद परेशान नजर आए। उनके मुताबिक, 6 दिसंबर को उन्हें अपने 41 यात्रियों के साथ अहमदाबाद पहुंचना था, जहां से जेद्दा की फ्लाइट पकड़नी थी। होटल, ट्रांसपोर्ट और गाइड-सबकी बुकिंग महीनों पहले से हो चुकी है। एयरपोर्ट पहुंचने पर पता चला कि भोपाल से सभी उड़ानें संचालन में ही नहीं हैं।

    वे बोले, “हम इसलिए जल्दी आ गए कि यात्रियों को रोक सकें, ताकि वे बेवजह एयरपोर्ट आकर परेशान न हों। हमारे हर यात्री का रोज 5-6 हजार रुपए का नुकसान हो रहा है, क्योंकि जेद्दा में होटल और गाड़ियों का एडवांस पेमेंट हो गया है। अराइवल न होने पर सारा पैसा कट जाएगा।”

    अयाज की सबसे बड़ी चिंता यह है कि किसी अधिकारी के पास कोई जवाब नहीं, “हमें नहीं पता कि उड़ानें कब शुरू होंगी। 600 किलोमीटर दूर अहमदाबाद तक इतने लोगों को कैसे पहुंचाएं? कोई योजना ही नहीं हैं।

        

     

     

  • गिरवाई पुलिस थाना में दुष्कर्म पीड़िता के साथ अभद्रता, थाना प्रभारी और डीएसपी के खिलाफ होगी कार्रवाई

    ग्वालियर

     मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने दुष्कर्म पीड़िता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों द्वारा किए गए उपहास, दुर्व्यवहार और एफआईआर दर्ज न किए जाने को अत्यंत गंभीर मामला माना है। कोर्ट ने ग्वालियर के पुलिस अधीक्षक को संबंधित थाना प्रभारी और डीएसपी के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए के निर्देश दिए हैं।

    इसके साथ ही मामले की विवेचना को पुलिस थाना गिरवाई से हटाकर किसी अन्य अधिकारी से कराने को कहा है। अदालत ने पीड़िता के परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने का आदेश भी दिया है। न्यायालय ने टिप्पणी की कि यदि अधिकारी अपने विधिक दायित्वों का पालन नहीं करते, विशेषकर यौन अपराधों के मामलों में सहानुभूति नहीं दिखाते, तो यह संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है, जो जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार की गारंटी देता है।

    एफआईआर दर्ज करने से इन्कार कर दिया

    दुष्कर्म पीड़िता ने हाई कोर्ट में प्रस्तुत अपनी याचिका में कहा कि 26 अप्रैल 2025 को वह अपने साथ हुए दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए गिरवाई पुलिस थाना पहुंची थी। उस समय थाना प्रभारी सुरेंद्रनाथ यादव और डीएसपी ग्रामीण चंद्रभान सिंह चिडार मौजूद थे। लेकिन दोनों अधिकारियों ने न सिर्फ उसका मजाक उड़ाया बल्कि उसे बेहद लज्जित किया, दुर्व्यवहार किया और एफआईआर दर्ज करने से इन्कार कर दिया।

    गिरवाई थाने में दर्ज हुई एफआईआर

    पीड़िता ने बताया कि वह रात दो बजे तक अपने स्वजन के साथ थाने में बैठी रही, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसके बजाय उसकी शिकायत की मात्र प्राप्ति देकर उसे थाने से भगा दिया गया। घटना से आहत पीड़ित के स्वजन ने तत्काल मोबाइल से पुलिस अधीक्षक और आईजी ग्वालियर को पूरे प्रकरण की जानकारी दी।

    अगले दिन पीड़िता ने खुद पुलिस अधीक्षक और आईजी से मुलाकात कर पूरी घटना बताई। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के बाद, तीसरे दिन यानी 28 अप्रैल 2025 को पुलिस थाना गिरवाई में दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज की गई।

  • वीरा के शावक की अचानक मौत, कूनो नेशनल पार्क में खुले जंगल में छोड़े जाने के एक दिन बाद

     श्योपुर

    मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क से चिंताजनक खबर सामने आई है. यहां मादा चीता वीरा के एक शावक की खुले जंगल में मौत हो गई. शावक का शव शुक्रवार को दोपहर बाद जंगल के इलाके में मिला, जिसके बाद पूरे वन विभाग व चीता प्रोजेक्ट टीम में हलचल मच गई.

    ठीक एक दिन पहले 4 दिसंबर की दोपहर को मादा चीता वीरा और उसके दो शावकों को खुले जंगल में रिलीज किया गया था. रिलीज के 24 घंटे भी पूरे नहीं हुए थे कि यह दुखद घटना सामने आ गई.

    कूनो नेशनल पार्क के चीता प्रोजेक्ट के फील्ड डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा ने कहा है कि मृत पाया गया शावक करीब 10 महीने का था. उसे 4 दिसंबर को अपनी मां वीरा और दूसरे शावक के साथ जंगल में छोड़ा गया था. लेकिन रिलीज के बाद रात के दौरान यह शावक अपनी मां और भाई से अलग हो गया. शुक्रवार दोपहर बाद वह मृत अवस्था में मिला.

    उन्होंने कहा कि शावक की मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा. फिलहाल, मादा चीता वीरा और उसका दूसरा शावक साथ हैं और स्वस्थ हैं.

    उत्तम कुमार शर्मा ने बताया कि टीम लगातार मौके पर निगरानी रख रही है. बाहर छोड़े जाने के बाद शावकों के लिए यह शुरुआती अवधि बेहद संवेदनशील होती है. वन्यजीव विशेषज्ञों और मेडिकेशन टीम को सतर्क किया गया है.

    इस मौत के बाद कूनो नेशनल पार्क में अब कुल 28 चीते बचे हैं. इनमें 8 वयस्क (5 मादा और 3 नर) और 20 भारत में जन्मे चीते शामिल हैं. पार्क प्रबंधन का दावा है कि बाकी सभी चीते स्वस्थ हैं और उनकी मॉनिटरिंग की जा रही है. फिलहाल प्रबंधन पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि शावक की मौत किस वजह से हुई.

  • मध्य प्रदेश में कड़ाके की सर्दी, 19 शहरों का तापमान 10 डिग्री से नीचे, रीवा और राजगढ़ पचमढ़ी से भी सर्द

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश में दिसंबर की शुरुआत से ही ठंड ने जोर पकड़ा हुआ है, वहीं अब हाड़ कंपा देने वाली ठंड की एंट्री हो गई है. बर्फीली हवाओं ने प्रदेश पर ऐसा असर किया है कि शुक्रवार को पचमढ़ी हिल स्टेशन से ज्यादा ठंडा रीवा हो गया है. यहां रात का न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पचमढ़ी में तापमान 6.7 डिग्री सेल्सियस रहा.

    पहाड़ों पर बर्फबारी से बढ़ी ठिठुरन

    पहाड़ों पर भारी बर्फबारी और उत्तरी हवाओं ने मध्य प्रदेश में ठिठुरन बढ़ा दी है. गुरुवार-शुक्रवार रात राजधानी भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर समेत 19 से ज्यादा शहरों का तापमान गोता लगाते हुए 10 डिग्री सेल्सियस के नीचे पहुंच गया था. मौसम विभाग के मुताबिक हिमाचल में वेस्टर्रन डिस्टर्बेंस की वजह से भारी बर्फबारी के आसार हैं, इसी वजह से उत्तरी हवाएं एमपी में भी ज्यादा ठंड ला रही हैं.

    मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ी राज्य- हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के चलते बर्फबारी और बारिश होने की संभावना है। यहां से सर्द हवाएं भी एमपी में आ रही है। 7-8 दिसंबर को ठंड का असर और बढ़ेगा।

    शुक्रवार-शनिवार की रात में एमपी में पहली बार पारा 5 डिग्री से नीचे आ गया। उमरिया में सबसे कम 4.8 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़ में 5 डिग्री, रीवा में 5.4 डिग्री, छतरपुर के नौगांव में 5.7 डिग्री और खजुराहो में 6.4 डिग्री, रायसेन में 7.4 डिग्री, दमोह-सतना में 7.5 डिग्री, मंडला में 8 डिग्री, मलाजखंड में 8.1 डिग्री, दतिया में 8.3 डिग्री, गुना में 8.4 डिग्री, बैतूल में 8.5 डिग्री, सीधी में 8.6 डिग्री, छिंदवाड़ा में 8.8 डिग्री, धार में 9.1 डिग्री, श्योपुर, सिवनी-नरसिंहपुर में 9.4 डिग्री, सागर में 9.9 डिग्री रहा।

    बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में सबसे कम 6.2 डिग्री, भोपाल में 8.2 डिग्री, ग्वालियर में 7.6 डिग्री, उज्जैन में 10 डिग्री और जबलपुर में पारा 7.8 डिग्री दर्ज किया गया।

    दिसंबर में टूटेंगे ठंड के कई रिकॉर्ड

    मौसम विभाग के मुताबिक इसबार नवंबर में ही दिसंबर-जनवरी जैसे ठंड पड़ी, जिससे कई रिकॉर्ड टूटे हैं. 1941 के बाद पहली बार राजधानी भोपाल में नवंबर में इतनी तेज ठंड पड़ी. 1941 में जहां नवंबर में 6.1 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तामपान दर्ज किया गया था तो वहीं 17 नवंबर 2025 को यह 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग का मानना है कि अगर ठंड के ऐसे ही तेवर रहे, तो दिसंबर में भी कई रिकॉर्ड ध्वस्त हो सकते हैं.

    कहां कितना रहा न्यूनतम तापमान?

    मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर से आ रही हवाओं का सबसे ज्यादा असर ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग पर पड़ा है. वहीं पूरे प्रदेश में औसत तापमान 2 से 3 डिग्री तक नीचे गिर गया है. गुरुवार-शुक्रवार रात रीवा में न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री, राजगढ़ में 6 डिग्री, पचमढ़ी में 6.7 डिग्री, चित्रकूट में 6.8 डिग्री, शिवपुरी में 7 डिग्री, उमरिया में 7.1 डिग्री, ग्वालियर में 7.5 डिग्री, नौगांव में 8.2 डिग्री, भोपाल में 8.2 डिग्री, सतना में 8.6 डिग्री, दमोह-खजुराहो में 9 डिग्री, गुना में 9.5 डिग्री, सीधी में 9.6 डिग्री, मलाजखंड में 9.7 डिग्री और जबलपुर व धार में तापमान 9.9 डिग्री सेल्सियस रहा.

    इस बार समय से पहले इतनी ठंड क्यों?

    मध्य प्रदेश में समय से पहले इतनी तेज ठंड के पीछे की वजह पहाड़ों पर बर्फबारी को बताया जा रहा है. भोपाल में सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने कहा, '' इस वर्ष उत्तरी राज्यों के पहाड़ी इलाकों में नवंबर की शुरुआत से ही बर्फबारी होने लगी थी. यही वजह है कि मध्य प्रदेश में जैसी ठंड दिसंबर के अंत और जनवरी में पड़ती थी, वैसी नवंबर से पड़ने लगी. दरअसल, उत्तर से आने वाली बर्फीली हवाओं से ही प्रदेश में ज्यादा ठंड पड़ती है. नवंबर की शुरुआत में तेज ठंड के बाद आखिरी सप्ताह में हवा की दिशा बदलते ही तापमान बढ़ गया था, लेकिन दिसंबर में फिर ठंड ने जोर पकड़ा है.''

    दिन में भी बढ़ा सर्दी का असर

    मध्य प्रदेश के ज्यादातर शहरों में रात के वक्त जहां हाड़ कंपा देने वाली ठंड पड़ रही है, तो वहीं दिन में भी सर्दी का असर बरकरार है. शुक्रवार को नरसिंहपुर में दिन का अधिकतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस, बैतूल में 23.7 डिग्री, शिवपुरी में 24 डिग्री, धार में 24.4 डिग्री, नौगांव में 24.5 डिग्री, श्योपुर में 24.6 डिग्री और रीवा में 24.8 डिग्री रहा. वहीं बड़े शहर भोपाल, इंदौर, जबलपुर व ग्वालियर में भी दिन का अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस का आसपास रहा.

    पचमढ़ी से भी ठंडी रही रीवा की रात
    बीती रात रीवा प्रदेश में सबसे ठंडा इलाका रहा। यहां न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो राज्य के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी से भी कम रहा। भोपाल में पारा 8.2 डिग्री, ग्वालियर में 7.5 डिग्री, जबलपुर में 9.9 डिग्री, इंदौर में 11 डिग्री और उज्जैन में 11.7 डिग्री दर्ज हुआ। राजगढ़-कल्याणपुर में 6 डिग्री, पचमढ़ी 6.7, चित्रकूट 6.8, शिवपुरी 7, उमरिया 7.1, नौगांव 8.2, सतना 8.6, दमोह और खजुराहो में 9 डिग्री, गुना 9.5, सीधी 9.6, मलाजखंड 9.7 और धार में 9.9 डिग्री न्यूनतम तापमान रहा।

    दिन के तापमान में भी गिरावट
    सर्द हवाओं का असर दिन में भी देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को पचमढ़ी और नरसिंहपुर में अधिकतम तापमान 23.2 डिग्री दर्ज किया गया। बैतूल 23.7, शिवपुरी 24, धार-सिवनी 24.4, नौगांव 24.5, श्योपुर 24.6, रीवा 24.8 और टीकमगढ़ में तापमान 25 डिग्री के आसपास रहा। पांच प्रमुख शहरों में भोपाल का अधिकतम तापमान 25 डिग्री, इंदौर 24.8, ग्वालियर 25.6, जबलपुर 25.3 और उज्जैन में 26.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    दिसंबर में भी पड़ेगी कड़ी ठंड
    मौसम विभाग का अनुमान है कि इस बार ठंड का दौर लंबा और अधिक प्रभावी रहेगा। भोपाल में नवंबर महीने की ठंड ने 84 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया, जबकि इंदौर में 25 वर्षों में सबसे ज्यादा ठंड दर्ज की गई। इसी तरह दिसंबर में भी ठंड नए रिकॉर्ड बना सकती है।

    नवंबर पहले ही बना चुका है रिकॉर्ड
    भोपाल में इस बार नवंबर में लगातार 15 दिन तक शीतलहर का असर रहा, जो साल 1931 के बाद सबसे लंबा दौर माना जा रहा है। 17 नवंबर की रात न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री तक लुढ़क गया था, जो अब तक का सबसे कम स्तर रहा। इससे पहले 1941 में पारा 6.1 डिग्री तक गिरा था। वहीं इंदौर में भी तापमान 6.4 डिग्री तक पहुंचा, जो पिछले 25 साल में सबसे ठंडी रात रही। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, उत्तर भारत में नवंबर की शुरुआत से ही बर्फबारी शुरू हो गई थी, जिसकी वजह से ठंडी हवाओं का असर मध्यप्रदेश में तेजी से देखने को मिला। हालांकि नवंबर के अंतिम दिनों में हवाओं की दिशा बदलने से कुछ राहत भी मिली।

    दिसंबर-जनवरी सबसे ज्यादा सर्द
    मौसम विभाग का कहना है कि जैसे मानसून के दौरान जुलाई और अगस्त अहम होते हैं, वैसे ही शीत ऋतु में दिसंबर और जनवरी सबसे ज्यादा ठंडे रहते हैं। इन्हीं महीनों में उत्तर भारत से सबसे अधिक ठंडी हवाएं प्रदेश में प्रवेश करती हैं। पिछले 10 वर्षों के आंकड़े भी इसी रुझान की पुष्टि करते हैं। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने पर दिसंबर में मावठा गिरने से दिन की ठंड भी बढ़ जाती है।

    दिन भी सर्द हुए…पचमढ़ी-नरसिंहपुर में पारा 23.2 डिग्री रात के समय दिन भी सर्द हो गए हैं। शुक्रवार को पचमढ़ी-नरसिंहपुर में 23.2 डिग्री, बैतूल में 23.7 डिग्री, शिवपुरी में 24 डिग्री, धार-सिवनी में 24.4 डिग्री, नौगांव में 24.5 डिग्री, श्योपुर में 24.6 डिग्री, रीवा में 24.8 डिग्री, टीकमगढ़ में 25 डिग्री, दतिया-खजुराहो में 25.1 डिग्री, उमरिया, दमोह-सीधी में 25.2 डिग्री, गुना में 25.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 25.6 डिग्री रहा।

    5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 25 डिग्री, उज्जैन में 26.5 डिग्री, इंदौर में 24.8 डिग्री, ग्वालियर में 25.6 डिग्री और जबलपुर में पारा 25.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    दिसंबर में भी रिकॉर्ड तोड़ेगी सर्दी मौसम विभाग की माने तो इस बार सर्दी का असर तेज रहा है। भोपाल में नवंबर की सर्दी का 84 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है, जबकि इंदौर में 25 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी है। ऐसी ही सर्दी दिसंबर में भी रहेगी।

    नवंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी है सर्दी इस बार नवंबर में सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार, साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर, 17 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा। इससे पहले 30 नवंबर 1941 में तापमान 6.1 डिग्री रहा था। इंदौर में भी पारा 6.4 डिग्री ही रहा। यहां भी सीजन की सबसे सर्द रात रही। 25 साल में पहली बार पारा इतना लुढ़का।

    सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन बताती हैं, इस बार उत्तरी राज्यों में नवंबर के पहले ही सप्ताह में बर्फबारी होने लगी। इस वजह से ठंडी हवाएं प्रदेश में पहुंची। आखिरी सप्ताह में हवा की दिशा बदल गई। जिससे ठंड का असर कम रहा है।

    ठंड के लिए दिसंबर-जनवरी खास मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्परेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं।

    • पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से दिसंबर में मावठा भी गिरता है। इससे दिन में भी सर्दी का असर बढ़ जाता है।
    • सुबह कोहरा…इसलिए गाड़ी संभलकर चलाने की सलाह प्रदेश में ठंड का असर भले ही कम हुआ हो, लेकिन सुबह व रात में कोहरा छा रहा है। इसलिए एक्सपर्ट ने लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग करने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने हेल्थ और फसलों को लेकर एडवाइजरी भी जारी की है।
    •     ट्रैफिक – कोहरा होने पर गाड़ी चलाते समय या किसी ट्रांसपोर्ट के जरिए ट्रैवल करते समय सावधान रखें। ड्राइविंग धीरे करें और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें।
    •     हेल्थ- तेज ठंड होने पर शरीर की गर्माहट बनाए रखने के लिए सिर, गर्दन, हाथ-पैर की उंगलियों को अच्छे से ढंके। फ्लू, सर्दी, खांसी-जुकाम होने पर डॉक्टर को दिखाए। विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं।
    •     कृषि- जहां मिट्‌टी में पर्याप्त नमी हो, वहां गेहूं, चना, सरसों-मटर की बुआई करें। जहां बुआई हो चुकी है, वहां जरूरत पड़ने पर कृषि वैज्ञानिकों से सलाह लें। पिछली फसलों के अवशेष यानी, ठूंठ को कभी न जलाएं।

    अब जानिए दिसंबर में कैसा रहेगी ठंड?

    मौसम का ट्रेंड देखें तो दिसंबर में स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आते हैं। वहीं, उत्तरी हवाएं आने से दिन-रात के तापमान में गिरावट होती है। इस बार भी यही अनुमान है।

    इन जिलों में सबसे ज्यादा सर्दी रहेगी

    •     ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के सभी जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ेगी। यहां बर्फीली हवाएं सीधे आएंगी।
    •     भोपाल संभाग के सीहोर-विदिशा में ठंड का जोर रहेगा।
    •     सागर संभाग के निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़-पन्ना, रीवा संभाग के मऊगंज, सीधी-सिंगरौली में तेज ठंड पड़ेगी।
    •     जबलपुर संभाग के मंडला-डिंडौरी, इंदौर संभाग के इंदौर, धार और झाबुआ में कड़ाके की ठंड रहेगी।

    20-22 दिन चल सकती है कोल्ड वेव मौसम एक्सपर्ट की माने तो दिसंबर में प्रदेश के कई शहरों में कोल्ड वेव यानी सर्द हवाएं चलेंगी। जनवरी में यह 20 से 22 दिन तक चल सकती है।

    इसलिए रहेगा कड़ाके की ठंड का दौर

    ला नीना ने दिया ठंड को लंबा धक्का

        मौसम केंद्र भोपाल के रिटायर्ड डायरेक्टर डीपी दुबे के अनुसार, वैश्विक मौसम मॉडल (विश्व मौसम संगठन, भारत मौसम विज्ञान विभाग आदि) संकेत दे रहे थे कि इस बार ला नीना सक्रिय रहेगा। ला नीना का मतलब, प्रशांत महासागर का ठंडा होना। जैसे ही समुद्र ठंडा होता है, हवा और ज्यादा ठंडी होकर एशिया-भारत की ओर दबाव से धकेली जाती है। यह वही ठंड है जिसने नवंबर से ही मध्य भारत को जकड़ लिया।

    पहाड़ों पर जल्दी बर्फबारी, ठिठुरन बढ़ाई

        इस बार उत्तर भारत में हिमाचल, उत्तराखंड और कश्मीर में बर्फबारी सामान्य से काफी पहले शुरू हो गई। ऊंचे पर्वतीय इलाकों की जल्दी बर्फबारी मध्य भारत की ठिठुरन को 20 से 30% तक बढ़ा देती है।

    ठंडी हवाएं 25% ज्यादा अंदर तक घुसीं

        ठंड का असर सिर्फ सतह तक नहीं रहा। इस साल ग्वालियर-चंबल, भोपाल-विदिशा, रतलाम-मंदसौर, सागर-दमोह इन चार बड़े मौसम जोन में ठंडी हवाएं 20 से 25% ज्यादा गहराई तक घुस आईं।

    पश्चिमी विक्षोभ का लगातार सक्रिय रहना

        पश्चिमी विक्षोभ जब सक्रिय होता है, तो हल्की सर्दी की बारिश (मावठा) होती है। तापमान 4 से 6 डिग्री तक गिर जाता है। इसीलिए भोपाल, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम में बारिश ठंड को तेज करेगी। इंदौर-देवास, भोपाल-सीहोर, ग्वालियर-मुरैना में दिन का पारा कई बार 4 से 6 डिग्री तक गिरकर कोल्ड-डे ला सकता।

     

  • रायपुर: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने भटगांव विधानसभा में धान खरीदी केंद्रों की स्थिति का आकलन किया

    रायपुर : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने भटगांव विधानसभा के धान खरीदी केंद्रों का किया निरीक्षण

    रायपुर

    महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज भटगांव विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सल्का और ग्राम बन्ना स्थित धान खरीदी केंद्रों का दौरा किया। उन्होंने खरीद व्यवस्था, किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, तौल मशीनों, मापक उपकरणों और धान उपार्जन से जुड़ी प्रत्येक प्रक्रिया का सूक्ष्म निरीक्षण किया।

    इस दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने केंद्र में उपस्थित किसानों से संवाद स्थापित कर उनकी सुझाव और जरूरतों के बारे में जानकारी ली। किसानों ने बताया कि शासन की ओर से की गई व्यवस्थाएँ सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं तथा उन्हें धान बेचने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं आ रही है। मंत्री ने समर्थन मूल्य, तुलाई की गति, बारदाना उपलब्धता और परिवहन की स्थिति पर भी किसानों से विस्तृत फीडबैक प्राप्त किया।

    मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के धान की समयबद्ध, पारदर्शी और व्यवस्थित खरीदी के लिए प्रतिबद्ध है। किसानों की उपज का सही मूल्य दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीदी केंद्रों में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की सतत मॉनिटरिंग की जाए और किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में तुरंत कार्यवाही सुनिश्चित हो।

    निरीक्षण कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, किसान एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

  • रायपुर: सुगम आवागमन के लिए मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना के तहत शुरू किया सड़क निर्माण

    रायपुर : सुगम आवागमन की दिशा में बड़ा कदम: मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना के तहत किया सड़क निर्माण कार्यों का भूमिपूजन

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ में ग्रामीण संपर्क मार्गों को सुदृढ़ बनाने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी कड़ी में आज महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग की मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सूरजपुर जिले के ग्राम नवाटोला, तेलगवां, माडर में मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना अंतर्गत स्वीकृत सड़क निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया।

    कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों, पंच-सरपंचों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण इलाकों में आवागमन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि गांवों का हर मौसम में सुचारू रूप से विकास से जुड़ाव बना रहे।

    योजना के तहत कुल 0.90 किमी लंबाई की सीसी सड़कों एवं नाली निर्माण का कार्य स्वीकृत हुआ है। इनमें ओडगी नवाटोला मुख्य मार्ग से खालबहरा मार्ग तक 0.20 किमी सड़क, लागत 17.07 लाख रुपए,मेन रोड भंडारापारा से बगीचा मार्ग तक 0.20 किमी सड़क, लागत 17.07 लाख रुपए,देवलपारा से संतलाल तक 0.50 किमी सड़क, लागत 40.23 लाख रुपए शामिल है।
    इन निर्माण कार्यों पर कुल 74.37 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है।

    इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीणों को पक्की सड़क की सुविधा प्राप्त होगी, जिससे दैनिक आवागमन आसान होगा तथा छात्रों, किसानों और कामकाज के लिए आने-जाने वाले लोगों को विशेष लाभ मिलेगा। बारिश के मौसम में भी परिवहन व्यवस्था अब निर्बाध रहेगी।
    मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना गांवों में सतत विकास और मजबूत बुनियादी ढांचे की दिशा में राज्य सरकार की प्राथमिकता को दर्शाती है। आने वाले समय में ऐसे और भी कार्यों को गति दी जाएगी ताकि प्रत्येक गांव बेहतर सड़क सुविधा से जुड़ सके।

  • उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पी.टी.एस. चौक में फ्लाईओवर का प्रस्ताव अगले बजट में शामिल करने के दिए निर्देश

    डिप्टी सीएम साव ने दी राजधानी को बहुप्रतीक्षित फ्लाईओवर की मंजूरी

    उप मुख्यमंत्री साव बनवाएंगे जी.ई. रोड पर बहुप्रतीक्षित फ्लाईओवर, 173 करोड़ किए मंजूर

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पी.टी.एस. चौक में फ्लाईओवर का प्रस्ताव अगले बजट में शामिल करने के दिए निर्देश

    रायपुर
    उप मुख्यमंत्री, लोक निर्माण तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव की पहल पर राजधानी रायपुर के यातायात को व्यवस्थित करने तथा रेलवे स्टेशन से एयरपोर्ट तक सुगम यातायात के लिए शहर के बीच कई फ्लाईओवर्स की कार्ययोजना को धरातल पर उतारा जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री साव के अनुमोदन के बाद लोक निर्माण विभाग ने आज जी.ई. रोड पर बहुप्रतीक्षित गुरू तेगबहादुर उद्यान से तेलीबांधा में नेताजी सुभाष चौक से गुरूनानक चौक तक फ्लाईओवर के लिए 173 करोड़ रुपए की स्वीकृति दे दी है। इसके निर्माण से गुरू तेगबहादुर उद्यान से नेताजी सुभाष चौक से गुरूनानक चौक तक जी.ई. रोड पर शहर का यातायात सुगम हो जाएगा। इससे लोगों को काफी राहत मिलेगी। 

    रायपुर शहर के यातायात को व्यवस्थित करने चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में इस फ्लाईओवर के निर्माण को शामिल किया गया था। करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे इस फोरलेन (16.61 मीटर चौड़ा) फ्लाईओवर के निर्माण से शंकर नगर चौक, केनाल रोड क्रासिंग व गुरूनानक चौक में यातायात की समस्या से निजात मिलेगी। इस फ्लाईओवर से नगर घड़ी चौक से यातायात सीधे तेलीबांधा थाने तक पहुंच जाएगी तथा नगर घड़ी चौक का ट्रैफिक तेलीबांधा चौक से पहले बांयी ओर मुड़कर अटल एक्सप्रेस-वे से सीधे एयरपोर्ट तक पहुंच जाएगा। 

    एक्सप्रेस-वे के फुंडहर चौक में भी फ्लाईओवर प्रस्तावित है। फुंडहर चौक से आगे अटल एक्सप्रेस-वे को व्ही.आई.पी. रोड (एयरपोर्ट रोड) से जोड़ने के लिए राज्य शासन द्वारा पहले ही फ्लाईओव्हर निर्माण की स्वीकृति दी जा चुकी है। इसका निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के लिए कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने पी.टी.एस. चौक में फ्लाईओवर निर्माण का प्रस्ताव आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में शामिल करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए हैं। इन फ्लाईओवर्स के निर्माण से रेलवे स्टेशन से एयरपोर्ट तक यातायात सुगम हो जाएगा।