• फ्लाई एश का शत-प्रतिशत उपयोग करने में मिली मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी को बड़ी सफलता

    श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना में हाइडेलबर्ग इंडिया लगाएगी सीमेंट प्लांट

    भोपाल
    मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुरूप उत्सर्जित फ्लाई एश (पावर हाउस से निकलने वाली राख) के 100 प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित की दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल की है। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह खंडवा में विश्व की अग्रणी सीमेंट कंपनी हाइडेलबर्ग के साथ गत दिवस भूमि उपयोग अनुमति अनुबंध (LUPA) हस्ताक्षरित किया। अनुबंध 25 वर्ष की अवधि के लिए भूमि उपयोग अनुमति के लिए किया गया है। अनुबंध के अंतर्गत हाइडेलबर्ग सीमेंट इंडिया लिमिटेड श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना परिसर में एक सीमेंट क्लिंकर ग्राइडिंग यूनिट की स्थापना करेगी। इस यूनिट की लागत 325 करोड़ रूपए है। यह यूनिट श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना से निकलने वाली फ्लाई एश का उपयोग करके सीमेंट बनाने का काम करेगी। इस यूनिट के स्थापित होने पर क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी और मध्यप्रदेश के अधोसंरचना क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान होगा।

    मध्यप्रदेश पावर जनेरटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक श्री मनजीत सिंह, डायरेक्टरद्वय श्री सुबोध निगम व श्री मिलिन्द भान्दक्कर, मुख्य अभियंता संचारण-संधारण:उत्पादन श्री अभिषेक जैन के मागदर्शन में यह अनुबंध श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना के मुख्य अभियंता जेसी जुनवाल की उपस्थिति में हस्ताक्षरित हुआ। अनुबंध पर पावर जनरेटिंग कंपनी की ओर से अतिरिक्त मुख्य अभियंता एमके कोरी और हीडलबर्ग सीमेंट इंडिया लिमिटेड की ओर से सुमित बिसारिया ने हस्ताक्षर किए।

    इस अवसर पर मध्य्रपदेश पावर जनेरटिंग कंपनी के अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री एससी गुप्ता श्री अनुराग जडिया, श्री विशाल कुमार दहाटे, श्री यूएस तमोली, श्री मोहित शर्मा एवं हाइडेलबर्ग सीमेंट इंडिया लिमिटेड के श्री सुनील कुमार, श्री बलबीर सिंह रावत व श्री पंकज उपरेती उपस्थित रहे।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महर्षि अरबिंदो घोष की पुण्यतिथि पर किया नमन

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महान योगी एवं दार्शनिक, महर्षि अरबिंदो घोष की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कवि और राष्ट्रवादी, अरबिंदो जी ने नव्य वेदांत दर्शन को प्रतिपादित किया। उन्होंने क्रांतिकारी रणनीति पर केन्द्रित देश भक्ति पत्रिका ‘वन्दे मातरम’ की शुरुआत की। उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा।

     

  • मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने मध्यप्रदेश को दी बधाई, मतदाता सूची पुनरीक्षण में हासिल की बड़ी उपलब्धि

    भोपाल
    भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने शुक्रवार को वर्चुअल बैठक के माध्यम से देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहे मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने मध्यप्रदेश में हो रही उत्कृष्ट प्रगति की सराहना करते हुए प्रदेश को बधाई दी।

    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश, श्री संजीव कुमार झा ने बताया कि यह उपलब्धि प्रदेश के सभी नागरिकों , शासकीय कर्मचारियों और राजनीतिक दलों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने आश्वस्त किया कि पूरे प्रदेश में कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया गया है और निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित सभी मानकों व निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।

    श्री झा ने बताया कि मध्यप्रदेश के 28 जिलों में 100 प्रतिशत, 22 जिलों में 99 प्रतिशत से अधिक तथा शेष 5 जिलों में 90 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा कर लिया गया है। प्रदेश में अब तक 5 करोड़ 26 लाख से अधिक गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन किया जा चुका है, जो कुल कार्य का 99 प्रतिशत से अधिक है। यह उपलब्धि मतदाता सूची को पारदर्शी, सटीक और अद्यतन बनाने की दिशा में मध्यप्रदेश के महत्वपूर्ण कदम को दर्शाती है।

     

  • मुख्य सचिव जैन की अध्यक्षता में हुई पी.एम सेतु संचालन समिति की बैठक

    हब चयन में सभी संभागीय मुख्यालयों को शामिल करने के निर्देश

    भोपाल 
    सभी संभागीय मुख्यालयों को शामिल करते हुए प्रदेश की औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं को आधुनिक, उद्योग उन्मुख और परिणाम आधारित संस्थानों के रूप में परिवर्तित करने के लिए 10 हब चिंहित कर प्रस्ताव तैयार किया जाए। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने शुक्रवार को मंत्रालय में पी.एम सेतु के तहत गठित राज्य स्तरीय संचालन समिति की बैठक में यह निर्देश दिए हैं। तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग द्वारा औद्योगिक नीति एवं निवेश और वित्त विभाग से समन्वय कर हब चिंहित किए जाएंगे।

    प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आई.टी.आई (पी.एम सेतु) के तहत बैठक में प्रदेश की समस्त औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं के आधुनिकीकरण प्रस्ताव पर चर्चा हुई। तकनीकी शिक्षा कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के प्रमुख सचिव श्री मनीष सिंह द्वारा केंद्र सरकार के मापदंड अनुसार प्रदेश के लिए हब क्लस्टर और आई.टी.आई स्पोक माडॅल पर प्रस्तुत किए गए प्रस्ताव पर समिति के सदस्यों के बीच विचार-विमर्श हुआ। मुख्य सचिव श्री जैन ने प्रदेश के आई.टी.आई संस्थानों के विशेषज्ञों को भी समिति में शामिल करने के लिए कहा है।

    मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि हब का प्रस्ताव तैयार करते समय इस बात का ध्यान रखा जाए कि कोई भी आकांक्षी क्षेत्र नहीं छूटे। बैठक में संस्थान के ढांचे, प्रत्येक आई.टी.आई में निवेश तथा क्लस्टर, योजना-कार्यान्वयन एजेंसी के क्रियाकलापों और राज्य स्तरीय समिति के दायित्यों पर भी चर्चा हुई। बैठक में वित्त, उद्योग नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, जनजातीय कार्य, अनुसूचित जाति कल्याण, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय विकास एवं आवास एवं श्रम विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही क्षेत्रीय निदेशक, क्षेत्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता निदेशालय, भोपाल शामिल हुए।

     

  • खाद्य विभाग में शुरू हुई डिजिटल मॉनिटरिंग क्रांति: मंत्री राजपूत

    पारदर्शिता की बड़ी पहल, गोदामों के निरीक्षण और स्टॉक की डिजिटल ट्रैकिंग

    भोपाल
    मध्यप्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने शुक्रवार को ग्वालियर से अनाज गोदामों की निगरानी को आधुनिक, सटीक और पूर्णतः पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए तीन महत्वपूर्ण मोबाइल ऐप- निरीक्षण ऐप, नमी मापक ऐप और फ्यूमिगेशन ऐप लॉन्च किये। इन ऐप्स के माध्यम से खाद्यान्न भंडारण प्रणाली में तकनीक आधारित मॉनिटरिंग लागू होगी। इससे गड़बड़ियों पर स्वतः अंकुश लगेगा और नागरिकों को बेहतर गुणवत्ता का अनाज उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।

    मंत्री श्री राजपूत ने कहा है कि पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। राज्य सरकार का लक्ष्य है, खाद्यान्न की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गोदाम प्रबंधन में शत-प्रतिशत पारदर्शिता लाई जाए। अब निरीक्षण से नमी मापन और फ्यूमिगेशन तक की डिजिटल ट्रैकिंग होगी। इससे गड़बड़ी पर रोक लगेगी और जनता को बेहतर गुणवत्ता का खाद्यान्न उपलब्ध कराना भी सुनिश्चित होगा।

    इन ऐप्स से होगी मॉनिटरिंग
    निरीक्षण ऐप: मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि इस ऐप से रियल-टाइम निगरानी होगी। यह ऐप गोदामों के भौतिक निरीक्षण को पूरी तरह रियल-टाइम और लोकेशन-बेस्ड बना देगा। निरीक्षण का रोस्टर भोपाल मुख्यालय से तैयार होगा। इसके अलावा एक ब्रांच के गोदाम का निरीक्षण दूसरी ब्रांच के प्रबंधक द्वारा किया जाएगा, जिससे क्रॉस वेरिफिकेशन सुनिश्चित होगा। अधिकारी को गोदाम पर फिजिकली मौजूद रहने पर ही निरीक्षण भरने और फोटो अपलोड करने की अनुमति होगी। यदि निरीक्षक 100 मीटर से अधिक दूरी पर है, तो ऐप निरीक्षण स्वीकार ही नहीं करेगा। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि सभी जानकारी रियल-टाइम पोर्टल पर दर्ज होगी, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।

    नमी मापक ऐप: खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि डिजिटल मॉइस्चर मीटर से हर माह सटीक रिपोर्टिंग होगी। अब तक नमी मापन की प्रक्रिया मैनुअल थी, लेकिन नए ऐप से यह पूर्णतः डिजिटल और सटीक हो जाएगी। डिजिटल मॉइस्चर मीटर से स्टैक की ऊपरी, मध्य और निचली परत की नमी मापी जाएगी। मापन के बाद ऐप से निकली डिजिटल पर्ची का फोटो अपलोड करना अनिवार्य होगा। हर गोदाम की नमी रिपोर्ट प्रतिमाह रियल-टाइम उपलब्ध होगी। मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि जिला प्रबंधक अब सीधे भारतीय खाद्य निगम को नमी के डेटा भेज सकेंगे। यह सुधार भंडारित अनाज की गुणवत्ता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    फ्यूमिगेशन ऐप: मंत्रीश्री राजपूत ने बताया कि दवा छिड़काव की पूरी प्रक्रिया अब डिजिटल रिकॉर्ड में रहेगी। फ्यूमिगेशन प्रक्रिया अब कागज रहित होकर डिजिटल रूप से रिकॉर्ड होगी। दवाओं का छिड़काव ब्रांच मैनेजर द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि की मौजूदगी में होगा। उन्होंने बताया कि खाद्यान्न को कवर करने और कवर हटाने तक की पूरी फोटो प्रक्रिया ऐप में अपलोड करनी होगी। दवाओं का छिड़काव सफल रहा या नहीं, यह जानकारी भी ऐप में दर्ज करनी होगी। जब तक फ्यूमिगेशन सफल न हो जाए, तब तक स्टॉक इश्यू नहीं हो सकेगा। यह कदम अनाज की सुरक्षा, गुणवत्ता और उपभोक्ता स्वास्थ्य के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

  • उन्नत कृषि के माध्यम से किसानों की शुद्ध आय में वृद्धि के लिए हों प्रयास: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    कृषि क्षेत्र में गरीब वर्ग और किसानों को लाभ पहुंचाने, युवाओं को रोजगार और स्वावलंबन के अवसर उपलब्ध कराने की पर्याप्त संभावना

    नई पीढ़ी के कृषि आधारित रोजगार जैसे ड्रोन सर्विस, एफपीओ प्रबंधन, खाद्य प्रसंस्करण, हाइड्रोपोनिक्स आदि के अवसरों का सृजन किया जाए

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कृषि का क्षेत्र गरीब वर्ग और किसानों को लाभ पहुंचाने वाला मुख्य क्षेत्र है। कृषि से संबद्ध गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को रोजगार और स्वावलंबन के भी कई अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं। इसी उद्देश्य से प्रदेश में वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश में कृषि के क्षेत्र में नवाचार की पर्याप्त संभावना है। प्रदेश की विविधता से परिपूर्ण भौगोलिक स्थिति को देखते हुए खेती से किसानों की आय बढ़ाने के प्रयासों को गति दी जाए। धान की खेती को प्राथमिकता देने के साथ गेहूं, चना, दलहन, तिलहन, हॉर्टीकल्चर आदि के क्षेत्र में भी अन्य राज्यों के साथ ही अन्य देशों में हो रहे नवाचारों से अवगत कराने के लिए कृषकों को विविध देशों का भ्रमण कराया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश शुक्रवार को वर्ष 2026 के कृषि वर्ष मनाने के संबंध में विधानसभा के समिति के कक्ष में आयोजित बैठक में दिए। बैठक में किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल, पूर्व मंत्री श्री गोपाल भार्गव, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2026 को समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश की टैगलाइन के साथ कृषि वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के विकास और रोजगार सृजन पर विशेष फोकस रहेगा। किसानों की आय दोगुनी करने से आगे बढ़कर कृषि को लाभकारी, टिकाऊ और तकनीक प्रेरित, रोजगार सृजन मॉडल में परिवर्तित करना कृषि वर्ष का मूल उद्देश्य है। अत: आत्मनिर्भर किसान, उन्नत कृषि और कृषकों के हित में बाजार से संबंधों के आधार पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के माध्यम से समृद्ध प्रदेश के निर्माण के विजन से गतिविधियां संचालित की जाएं। कृषि उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य एवं वानिकी सहित सभी संबद्ध क्षेत्रों को एकीकृत करते हुए जिला आधारित क्लस्टर विकास के लिए गतिविधियां संचालित की जाएं। उच्च उत्पादकता, प्राकृतिक खेती, डिजिटल सेवाओं, प्रसंस्करण एवं निर्यात उन्मुख कृषि के माध्यम से किसान की शुद्ध आय में वृद्धि के लिए प्रयास हों और ग्रामीण युवाओं के लिए नई पीढ़ी के कृषि आधारित रोजगार जैसे ड्रोन सर्विस, एफपीओ प्रबंधन, खाद्य प्रसंस्करण, हाइड्रोपोनिक्स आदि के अवसरों का सृजन किया जाए। किसानों की शुद्ध आय में तेजी और स्थायी वृद्धि करने, कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध करने, किसानों के लिए उनके उत्पादों की बाजार में पहुंच सुनिश्चित करने और उनकी खाद्य प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से गतिविधियां संचालित की जाएं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में कृषि वर्ष का मासिक कैलेंडर तैयार किया गया, जिसमें किसानों को साथ लेकर राज्य से जिला स्तर तक महोत्सव, मेले आदि की रूपरेखा बनी। गैर सरकारी और उन्नत किसानों को भी इन प्रयासों से जोड़ा जाएगा।  बैठक में बताया गया कि कृषि वर्ष 2026 में प्राकृतिक खेती को हर गांव तक पहुंचाने, आर्गेनिक तथा अन्य कृषि उत्पादों को बेहतर बाजार मूल्य उपलब्ध कराने, कृषि और कृषि मंडियों के आधुनिकीकरण, बेहतर मृदा संरक्षण, उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण पशुपालन और डेयरी तथा मछली पालन में नवाचार पर विशेष फोकस रहेगा। वर्ष 2026 में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में की जाने वाली गतिविधियों और वातावरण निर्माण और किसानों की जागरूकता के लिए चलाए जाने वाले अभियानों की माहवार जानकारी दी गई।

    कृषि वर्ष में होने वाली गतिविधियों के अंतर्गत राज्य स्तरीय एग्रो विजन कार्यक्रम और प्रत्येक जिला और विकासखंड स्तर पर मृदा स्वास्थ्य परीक्षण, आधुनिक कृषि तकनीक, प्राकृतिक खेती और उर्वरकों के संतुलित उपयोग के संबंध में गतिविधियां संचालित की जाएंगी। कृषक हितैषी योजनाओं की जानकारी के लिए भी जिला मुख्यालय पर गतिविधियां होंगी। साथ ही मोटे अनाज, गोपालन और दुग्ध उत्पादन, मखाना, मशरूम, मधुमक्खी पालन, धान, आम, सोयाबीन, कृषि उपज निर्यात, कपास, मिर्च, मत्स्य पालन, कृषक उत्पादक संगठनों, फसल अवशेष (पराली) प्रबंधन, उद्यानिकी फसलों आदि पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

    प्रमुख बिंदु

        समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश की टैगलाइन के साथ कृषि वर्ष के रूप में मनाया जाएगा।

        कृषि से संबद्ध गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को रोजगार और स्वावलंबन के भी कई अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं।

        कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के विकास और रोजगार सृजन पर विशेष फोकस रहेगा।

        प्रदेश की विविधता से परिपूर्ण भौगोलिक स्थिति को देखते हुए खेती से किसानों की आय बढ़ाने के प्रयासों को गति दी जाए।

         नवाचारों से अवगत कराने के लिए कृषकों को विविध देशों का भ्रमण कराया जाए।

         किसानों की आय दोगुनी करने से आगे बढ़कर कृषि को लाभकारी, टिकाऊ और तकनीक

         प्रेरित , रोजगार सृजन मॉडल में परिवर्तित करना कृषि वर्ष का मूल उद्देश्य है।

        कृषि वर्ष का मासिक कैलेंडर तैयार किया गया, जिसमें किसानों को साथ लेकर राज्य से जिला

        स्तर तक महोत्सव, मेले आदि की रूपरेखा बनी।

         कृषि वर्ष 2026 में प्राकृतिक खेती को हर गांव तक पहुंचाने के होंगे प्रयास।

     

  • मुख्यमंत्री से अखिल विश्व गायत्री परिवार के सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात की

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधिमण्डल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री साय को आगामी 10 दिसंबर से 13 दिसंबर तक जशपुर जिले के अंतर्गत नगर पंचायत बगीचा में आयोजित होने वाले 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में शामिल होने हेतु आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने आमंत्रण के लिए गायत्री परिवार के सदस्यों का धन्यवाद देते हुए आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर भानु यादव, मुक्ता देवी, रीना बरला, मिकलेश यादव एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अघोर गुरुपीठ में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की प्रार्थना

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायगढ़ जिले के ग्राम बनोरा स्थित अघोर गुरुपीठ पहुंचे, जहाँ उन्होंने अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी की प्रतिमा के समक्ष प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की मंगल कामना की। उन्होंने गुरुपीठ में विधिवत पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ की शांति, समृद्धि और जनकल्याण के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया।

    मुख्यमंत्री साय ने अघोरेश्वर अवधूत जी के कृपापात्र शिष्य प्रियदर्शी भगवान राम जी से आशीर्वाद ग्रहण किया और कहा कि उनका स्नेह, मार्गदर्शन एवं आध्यात्मिक स्पर्श सदैव ऊर्जा, प्रेरणा और सकारात्मकता प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक मार्गदर्शन ही समाज को सही दिशा देता है और जनसेवा के कार्यों को अधिक संवेदनशीलता और समर्पण के साथ आगे बढ़ाने में सहायक होता है।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, आध्यात्मिक परंपरा और सामाजिक सौहार्द हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। इन्हीं मूल्यों के आधार पर राज्य सरकार जनकल्याण, विकास और सुशासन के संकल्प को निरंतर आगे बढ़ा रही है। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं क्षेत्रवासी उपस्थित थे।

  • अब बदलेगा छत्तीसगढ़: नक्सलवाद अंतिम चरण में, विकास का नया युग प्रारंभ हो चुका है : मुख्यमंत्री साय

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य के विकास में सबसे बड़ी बाधा रहे नक्सलवाद का जड़ से उन्मूलन अब साकार होता दिख रहा है। यह सफलता डबल इंजन की सरकार के मजबूत नेतृत्व, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह जी की स्पष्ट नीति तथा हमारे वीर सुरक्षाबलों के साहस, पराक्रम और अटूट संकल्प का सामूहिक परिणाम है।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नक्सलवाद आज अपने अंतिम चरण में है और यह छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह का स्पष्ट संकल्प है कि 31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद का पूर्ण उन्मूलन किया जाएगा, और यह संकल्प अब धरातल पर साकार रूप लेता दिखाई दे रहा है।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नक्सली हिंसा के समाप्त होते ही बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में शांति और स्थिरता की मजबूत नींव स्थापित हो रही है। वर्षों तक विकास से वंचित रहे क्षेत्रों में अब तेजी से सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, पर्यटन और आजीविका के नए आयाम खुल रहे हैं। उन्होंने कहा कि "बस्तर अब परिवर्तन की राह पर है, और आने वाले वर्षों में वहां विकास की गंगा बहेगी।"

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार की प्रतिबद्धता, केंद्र सरकार का मार्गदर्शन और सुरक्षा बलों का साहस — इन तीनों की संयुक्त शक्ति से छत्तीसगढ़ न केवल नक्सलवाद से मुक्त होगा, बल्कि देश के सर्वश्रेष्ठ विकासशील राज्यों में अग्रणी बनकर उभरेगा। उन्होंने कहा कि यह नया छत्तीसगढ़ शांति, समृद्धि, विश्वास और विकास के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है।

  • छत्तीसगढ़ में पर्यटन का नया अध्याय: जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना से बढ़ेगी प्रदेश की पर्यटन चमक

    75 प्रतिशत सब्सिडी के साथ पर्यटकों के लिए आकर्षक टूर पैकेजों की शुरुआत

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग एवं आईआरसीटीसी मिलकर मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना के तहत रायपुर और बस्तर में पर्यटकों के लिए विशेष टूर पैकेजों की शुरुआत जल्द ही करने जा रहे हैं। यह पहल प्रदेश की सांस्कृतिक, धार्मिक और प्राकृतिक विरासत के प्रसार के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    इस योजना के अंतर्गत रायपुर से चार प्रमुख टूर पैकेज संचालित किए जाएंगे, जिनमें रायपुर सिटी टूर, रायपुर सिटी धार्मिक टूर, रायपुर–जगदलपुर सर्किट टूर और रायपुर–सिरपुर–बारनवापारा सर्किट टूर शामिल हैं। प्रत्येक पैकेज में वातानुकूलित वाहन, हिंदी-अंग्रेजी गाइड, भोजन और ट्रैवल इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे पर्यटक आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का आनंद ले सकेंगे।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पर्यटन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए यह महत्वपूर्ण योजना शुरू की गई है। इससे न केवल आर्थिक विकास को बल मिलेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सशक्त होगी।

    पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह योजना स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ रोजगार के व्यापक अवसर भी उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक समृद्धि हर पर्यटक तक पहुँचे।”

    प्रमुख टूर पैकेज

    रायपुर सिटी टूर (दिवसीय भ्रमण)

    इस टूर में पर्यटक रायपुर के प्रमुख स्थलों—राम मंदिर, ऊर्जा पार्क, पुरखौती मुक्तांगन, छत्तीसगढ़ ट्राइबल म्यूजियम, नंदनवन जू और कौशल्या माता मंदिर की सैर कर सकेंगे। पैकेज में वातानुकूलित वाहन, हिंदी/अंग्रेजी गाइड, भोजन और यात्रा बीमा शामिल है। प्रस्थान रायपुर रेलवे स्टेशन से होगा।

    रायपुर सिटी धार्मिक टूर (दिवसीय भ्रमण)

    धार्मिक स्थलों पर केंद्रित यह टूर हनुमान मंदिर, मां बंजारी मंदिर, कैवल्य धाम जैन मंदिर, इस्कॉन मंदिर, महामाया मंदिर, दंतेश्वरी माता मंदिर, राम मंदिर और मां कौशल्या माता मंदिर की यात्रा का अनुभव प्रदान करेगा। इस टूर की शुरुआत और समापन भी रायपुर रेलवे स्टेशन से ही होगा।

    रायपुर–जगदलपुर सर्किट टूर (02 रातें / 03 दिन)

    इस पैकेज में बस्तर क्षेत्र के प्राकृतिक और सांस्कृतिक स्थलों—जगदलपुर, चित्रकोट, तीरथगढ़—की यात्रा शामिल है। पर्यटक चित्रकोट जलप्रपात, कुटुमसर गुफा, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान और दंतेश्वरी मंदिर जैसे प्रमुख आकर्षणों का आनंद ले सकेंगे। ठहराव डबल-शेयरिंग होटल में होगा तथा दैनिक भोजन की व्यवस्था रहेगी।

    रायपुर–सिरपुर–बारनवापारा सर्किट टूर (01 रात / 02 दिन)

    यह टूर सिरपुर के ऐतिहासिक मंदिरों और बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य की सैर करवाएगा। पैकेज में स्नैक्स, भोजन, होटल आवास और वातानुकूलित वाहन शामिल हैं। पर्यटकों को जंगल सफारी का रोमांचक अनुभव भी मिलेगा।

    टूर पैकेज की विशेषताएं

    प्रत्येक पैकेज के लिए कम से कम 10 व्यक्तियों का समूह आवश्यक है। यात्रा के दौरान पर्यटकों को पीने का पानी, स्नैक्स, लंच और ट्रैवल इंश्योरेंस दिया जाएगा। 2 से 18 वर्ष तक के बच्चों को 85% और 18 वर्ष से अधिक के वयस्कों को 75% सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
    सभी पैकेज रायपुर रेलवे स्टेशन से शुरू और समाप्त होते हैं।

    स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा

    इन टूर पैकेजों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक, धार्मिक और प्राकृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए पर्यटन क्षेत्र में नई ऊर्जा लाई जा रही है। पर्यटक इन पैकेजों के जरिए प्रदेश की विविधता और समृद्धि का प्रत्यक्ष अनुभव कर सकेंगे। इस योजना से स्थानीय व्यवसायों को लाभ मिलेगा और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।

    यह योजना मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पर्यटन को बढ़ावा देने की दूरदर्शी पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पर्यटन को जन-जन तक पहुँचाकर प्रदेश के आर्थिक विकास को गति देना है। इससे छत्तीसगढ़ के पर्यटन को नई पहचान मिलेगी और पर्यटक राज्य को नए दृष्टिकोण से जानने-समझने का अवसर प्राप्त करेंगे।

    मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में पर्यटन को सुलभ, समृद्ध और आकर्षक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाले समय में प्रदेश को प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

  • हस्तशिल्प पुरस्कार 2025: भारतीय हस्तकला को सम्मान, छत्तीसगढ़ की राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता हिराबाई झरेका बघेल का विशेष रूप से गौरव

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 9 दिसंबर 2025 को करेंगी हस्तशिल्प पुरस्कार प्रदान

    नई दिल्ली / रायपुर
    कपड़ा मंत्रालय 9 दिसंबर 2025, मंगलवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित होने वाले हस्तशिल्प पुरस्कार 2025 के माध्यम से वर्ष 2023 और 2024 के विशिष्ट शिल्पियों को सम्मानित करेगा। इस वर्ष के समारोह में छत्तीसगढ़ की राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता सुश्री हिराबाई झरेका बघेल को विशेष रूप से रेखांकित किया जा रहा है, जिन्हें जगदलपुर से धातुकला (बेल मेटल) में अद्वितीय कौशल के लिए सम्मानित किया जा रहा है।

    कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू होंगी। केंद्रीय कपड़ा मंत्री श्री गिरिराज सिंह कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे तथा कपड़ा एवं विदेश राज्य मंत्री श्री पबित्रा मरगेरीटा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

    राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कारों की स्थापना 1965 में हुई थी, जिनका उद्देश्य उन उत्कृष्ट शिल्पियों को पहचान देना है जिनके अद्वितीय कौशल ने देश की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया है। “शिल्प गुरु” पुरस्कार, जो 2002 में आरंभ किए गए, हस्तशिल्प क्षेत्र का सर्वोच्च सम्मान हैं और उन शिल्प गुरुओं को प्रदान किए जाते हैं जिन्होंने परंपरागत कला में असाधारण निपुणता, नवाचार और संरक्षण का परिचय दिया है।
    यह समारोह राष्ट्रीय हस्तशिल्प सप्ताह (8 से 14 दिसंबर) का प्रमुख आकर्षण है। इस दौरान देशभर में विविध गतिविधियाँ—हस्तकला प्रदर्शनी, विषयगत कार्यशालाएँ, क्षमता-वृद्धि कार्यक्रम, शिल्प प्रदर्शन, पैनल चर्चा, जन-जागरूकता पहल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों—का आयोजन किया जाता है, जिनका उद्देश्य हस्तशिल्प की सामाजिक-आर्थिक महत्ता को बढ़ाना है।

    भारत का हस्तशिल्प क्षेत्र न केवल सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण संरक्षक है, बल्कि ग्रामीण व अर्धशहरी क्षेत्रों में करोड़ों लोगों की आजीविका का आधार भी है। कपड़ा मंत्रालय शिल्पियों को पहचान, कौशल विकास, तकनीकी सहयोग, वित्तीय सशक्तिकरण और बाजार उपलब्धता जैसे उपायों के माध्यम से निरंतर समर्थन प्रदान कर रहा है। हस्तशिल्प पुरस्कार और राष्ट्रीय हस्तशिल्प सप्ताह जैसे आयोजनों के माध्यम से सरकार का उद्देश्य भारत की समृद्ध शिल्प विरासत को सुदृढ़ करना और शिल्प समुदायों को सशक्त बनाना है।

  • खाद्य प्रसंस्करण हब बनने की ओर जशपुर: निफ्टेम कुंडली का सतत् प्रयास

    रायपुर,

     राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता और प्रबंधन संस्थान कुंडली हरियाणा की 18 यूजी व पीजी छात्रों और 2 संकाय सदस्यों की टीम ने अपने प्रतिष्ठित ग्राम अंगीकरण कार्यक्रम के तहत 19 से 27 नवंबर 2025 तक लगातार तीसरे वर्ष जशपुर का दौरा किया l  निफ्टेम ने 2023 में जशपुर जिला प्रशासन के निर्देशानुसार कृषि, बागवानी और वन उत्पादों विशेषकर महुआ के खाद्य प्रसंस्करण एवं मूल्यवर्धन को बढ़ावा देने की दिशा में अपनी गतिविधियाँ प्रारम्भ की थीं। निफ्टेम टीम ने समूह, एफ़ पी ओ और खाद्य प्रसंस्करण हितधारकों से मिलकर गुणवत्ता, सुरक्षा, विनियमन और उद्यमिता से संबंधित जानकारी साझा की।

    मोटे अनाज से मूल्यवर्धित उत्पादों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण

              जशपुर में खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण की आधारशिला मजबूत हुई वर्तमान वर्ष में टीम ने कुशल मानव संसाधन तैयार करने हेतु विविध प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए। कुनकुरी स्थित कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर एंड रिसर्च स्टेशन में एक फूड प्रोसेसिंग ट्रेनिंग एवं इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किया गया, जहां युवाओं को मोटे अनाज आधारित बेकरी उत्पादों के निर्माण का प्रशिक्षण दिया गया। वी ए पी टीम द्वारा स्व सहायता समूह एवं एफ पी ओ सदस्यों तथा युवाओं के लिए मोटे अनाज से मूल्यवर्धित उत्पादों पर तीन व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। इसके अतिरिक्त, सुजी आधारित पास्ता निर्माण, पैकेजिंग, लेबलिंग, ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग पर आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। कुल 96 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिनमें 65 प्रतिशत महिलाएँ सम्मिलित रहीं।

    जशपुर : फसलों और अवसरों का समृद्ध भंडार

             जशपुर की जलवायु एवं भौगोलिक विविधता में अच्छी फसलों का उत्पादन होता है।
    जहां धान, कोदो-कुटकी, रागी, सेब, नाशपाती, स्ट्रॉबेरी, काजू, कटहल, अदरक, हल्दी, नींबू, चाय और महुआ जैसी फसलों के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाती है। खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से इन अतिरिक्त उत्पादों को दीर्घ शेल्फ लाइफ, सुरक्षित प्रसंस्करण, और मूल्यवर्धित खाद्य उत्पादों—जैसे स्नैक्स, नाश्ते के अनाज, एनर्जी बार और रेडी-टू-ईट/कुक उत्पाद—में बदला जा सकता है।

            जिला प्रशासन द्वारा सभी ब्लॉकों में खाद्य प्रसंस्करण अवसंरचना के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। निफ्टेम का वी ए पी कार्यक्रम ग्रामीण समुदायों को तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और उद्यमिता विकास प्रदान कर इस प्रयास को सशक्त बना रहा है।

    महुआ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस : निफ्टेम टीम द्वारा सराहना
            अपने दौरे के दौरान निफ्टेम टीम ने महुआ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का भी दौरा किया, जहाँ महुआ फूल से तैयार किए गए विभिन्न नवाचारपूर्ण मूल्यवर्धित उत्पादों  जैसे महुआ च्यवनप्राश, महुआ टी, महुआ आधारित स्नैक्स तथा अन्य प्रयोगात्मक खाद्य उत्पाद  के विकास कार्य को विस्तार से समझा। टीम ने उत्पादों की गुणवत्ता, संगत प्रसंस्करण विधि, पैकेजिंग की स्वच्छता एवं प्रस्तुति तथा महुआ के आधुनिक फूड-ग्रेड उपयोग की विशेष रूप से सराहना की। महुआ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जिला प्रशासन जशपुर द्वारा प्रारम्भ किया गया एक छोटा लेकिन महत्त्वपूर्ण प्रसंस्करण केंद्र है, जिसे वर्तमान में जय जंगल द्वारा संचालित किया जा रहा है। यह केंद्र जिले में कोदो, कुटकी, रागी और महुआ के प्रसंस्करण एवं मूल्यवर्धन में सक्रिय भूमिका निभा रहा है और स्थानीय महिला समूहों के लिए वास्तविक कौशल एवं आय-वृद्धि का केंद्र बन चुका है।
               वी ए पी कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे प्रो. प्रसन्ना कुमार ने जशपुर की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया । उन्होंने जिला कलेक्टर जशपुर, जिला पंचायत सीईओ,  एनआर ए एल एम मिशन मैनेजर  तथा जय जंगल एफ पी सी के निदेशक के योगदान को रेखांकित किया।
    निफ्टेम निदेशक डॉ. हरिंदर सिंह ओबेरॉय ने वी ए पी को छत्तीसगढ़ में उभरते खाद्य प्रसंस्करण पारिस्थितिकी तंत्र का आधार बताते हुए इसकी गतिविधियों को और अधिक क्षेत्रों तक विस्तार देने की आवश्यकता पर बल दिया।
            
              इस समग्र विश्लेषण के आधार पर तैयार की गई विस्तृत “जशपुर खाद्य प्रसंस्करण विकास रिपोर्ट” आज जिला प्रशासन को औपचारिक रूप से प्रस्तुत की गई।

  • कांग्रेस के ट्रेनिंग कैम्प में ‘ट्रिपल टी’ और ‘ट्रिपल पी’ की चरण-वंदना का पाठ पढ़ाया जाएगा : केदार कश्यप

    रायपुर
    छत्तीसगढ़ के वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस के सभी 41 नवनियुक्त जिला अध्यक्षों को ट्रेनिंग देने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ आने की खबरों के मद्देनजर कटाक्ष करते हुए कहा है कि कांग्रेस में तो संगठनात्मक प्रशिक्षण का तो कोई कॉन्सेप्ट कभी नजर ही नहीं आया है, तो प्रस्तावित ट्रेनिंग कैम्प में 10 दिनों तक कार्यकर्ताओं को 'ट्रिपल टी' ('ट्रांसफर, टेण्डर और टिकट) की सीख ही दी जाएगी, 'ट्रिपल पी' (परमपूज्य पोलिटिकल परिवारवादी पार्टी) की चरण-वंदना का पाठ पढ़ाया जाएगा।

    प्रदेश के वन मंत्री श्री कश्यप ने दरअसल कांग्रेस का राजनीतिक चरित्र ही झूठ बोलकर जनता को गुमराह करना और येन-केन-प्रकारेण अराजकता फैलाने के अपने एजेंडे को आगे बढ़ाना ही है। ऐसे में कांग्रेस के राहुल गांधी से लेकर तमाम केंद्रीय व प्रदेश नेता अपने जिला अध्यक्षों को क्या 10 दिनों तक यही ट्रेनिंग देने आ रहे हैं? कांग्रेस में प्रशिक्षण के नाम पर क्या पाठ पढ़ाया जाता रहा है, यह देश भलीभाँति जानता। युवा कांग्रेस के लोग तो एक बार ट्रेनिंग लेने के बाद ऐसा कहर बरपा चुके हैं कि युवा कांग्रेस के कांग्रेस की गुण्डावाहिनी कहा जाने लगा था। इसी प्रकार एनएसयूआई के लोगों ने ट्रेनिंग लेकर लौटते समय लूटपाट और तोड़फोड़ करके कहर बरपाया था। श्री कश्यप ने कहा कि जिस कांग्रेस का संगठनात्मक ढाँचा ही पूरी तरह चरमरा चुका है, उस कांग्रेस में ले-देकर चले संगठन सृजन अभियान केवल सियासी नौटंकी साबित हुआ है। 

    संगठन सृजन के दावे हवा-हवाई ही निकले क्योंकि दिग्गजों के करीबियों को ही अंततः कमान सौंप दी गई। उसमें भी लेन-देन, गुटबाजी और परस्पर आरोप-प्रत्यारोप के चलते उसमें भी वह फिसड्डी ही साबित हुई। युवा नेतृत्व को आगे लाने की बातें जुमलेबाजी ही साबित हुई हैं। हैरत की बात तो यह है कि जिस बस्तर सम्भाग के दन्तेवाड़ा जिला अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर कांग्रेस में घमासान मचने का आगाज हो गया है और जहाँ वोट चोरी के कांग्रेसी जुमले को कांग्रेस के लोग कांग्रेस नेतृत्व पर ही थोप रहे हैं, उसी बस्तर में प्रस्तावित कांग्रेस के ट्रेनिंग कैम्प में गुटबाजी में उलझी कांग्रेस के बड़े नेता अपने-अपने जिला अध्यक्षों को कौन-सी ट्रेनिंग देंगे, यह सहज ही समझा जा सकता है।

  • कांग्रेस के ट्रेनिंग कैम्प में ‘ट्रिपल टी’ और ‘ट्रिपल पी’ की चरण-वंदना का पाठ पढ़ाया जाएगा : केदार कश्यप

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ के वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस के सभी 41 नवनियुक्त जिला अध्यक्षों को ट्रेनिंग देने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ आने की खबरों के मद्देनजर कटाक्ष करते हुए कहा है कि कांग्रेस में तो संगठनात्मक प्रशिक्षण का तो कोई कॉन्सेप्ट कभी नजर ही नहीं आया है, तो प्रस्तावित ट्रेनिंग कैम्प में 10 दिनों तक कार्यकर्ताओं को 'ट्रिपल टी' ('ट्रांसफर, टेण्डर और टिकट) की सीख ही दी जाएगी, 'ट्रिपल पी' (परमपूज्य पोलिटिकल परिवारवादी पार्टी) की चरण-वंदना का पाठ पढ़ाया जाएगा।

    प्रदेश के वन मंत्री श्री कश्यप ने दरअसल कांग्रेस का राजनीतिक चरित्र ही झूठ बोलकर जनता को गुमराह करना और येन-केन-प्रकारेण अराजकता फैलाने के अपने एजेंडे को आगे बढ़ाना ही है। ऐसे में कांग्रेस के राहुल गांधी से लेकर तमाम केंद्रीय व प्रदेश नेता अपने जिला अध्यक्षों को क्या 10 दिनों तक यही ट्रेनिंग देने आ रहे हैं? कांग्रेस में प्रशिक्षण के नाम पर क्या पाठ पढ़ाया जाता रहा है, यह देश भलीभाँति जानता। युवा कांग्रेस के लोग तो एक बार ट्रेनिंग लेने के बाद ऐसा कहर बरपा चुके हैं कि युवा कांग्रेस के कांग्रेस की गुण्डावाहिनी कहा जाने लगा था। इसी प्रकार एनएसयूआई के लोगों ने ट्रेनिंग लेकर लौटते समय लूटपाट और तोड़फोड़ करके कहर बरपाया था। श्री कश्यप ने कहा कि जिस कांग्रेस का संगठनात्मक ढाँचा ही पूरी तरह चरमरा चुका है, उस कांग्रेस में ले-देकर चले संगठन सृजन अभियान केवल सियासी नौटंकी साबित हुआ है।

    संगठन सृजन के दावे हवा-हवाई ही निकले क्योंकि दिग्गजों के करीबियों को ही अंततः कमान सौंप दी गई। उसमें भी लेन-देन, गुटबाजी और परस्पर आरोप-प्रत्यारोप के चलते उसमें भी वह फिसड्डी ही साबित हुई। युवा नेतृत्व को आगे लाने की बातें जुमलेबाजी ही साबित हुई हैं। हैरत की बात तो यह है कि जिस बस्तर सम्भाग के दन्तेवाड़ा जिला अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर कांग्रेस में घमासान मचने का आगाज हो गया है और जहाँ वोट चोरी के कांग्रेसी जुमले को कांग्रेस के लोग कांग्रेस नेतृत्व पर ही थोप रहे हैं, उसी बस्तर में प्रस्तावित कांग्रेस के ट्रेनिंग कैम्प में गुटबाजी में उलझी कांग्रेस के बड़े नेता अपने-अपने जिला अध्यक्षों को कौन-सी ट्रेनिंग देंगे, यह सहज ही समझा जा सकता है।

  • 13,476.94 करोड़ रुपये के प्रावधान के साथ द्वितीय अनूपूरक बजट में होगा सामाजिक कल्याण

    द्वितीय अनूपूरक बजट में 13476.94 करोड़ के प्रावधान से विभिन्न वर्गों का होगा कल्याण

    प्रधानमंत्री  मोदी के विकसित भारत के स्वप्न को करेंगे साकार

    मुख्यमंत्री डॉ यादव ने सत्र समाप्ति पर दिए संबोधन में पक्ष और विपक्ष के सदस्यों को दिया धन्यवाद

    भोपाल

     मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि यशस्वी  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत के स्वप्न को विकसित मध्य प्रदेश बनाकर साकार करेंगे। हमारे प्रयास निरंतर जारी रहेंगे। विकसित भारत बनाना केवल एक मिशन नहीं हमारा धर्म भी है।

    मुख्यमंत्री डॉ.यादव शुक्रवार को मध्य प्रदेश विधानसभा के सत्र के समापन अवसर पर सदन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि विधानसभा प्रजातंत्र का मंदिर है।अध्यक्ष  नरेंद्र सिंह तोमर जी ने कुशलता के साथ सदन का संचालन किया है, जो अभिनंदन है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष प्रजातंत्र की धुरी  है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने नेता प्रतिपक्ष को भी धन्यवाद दिया कि उनके नेतृत्व में विपक्ष ने पूरे सत्र में सकारात्मक चर्चा की और अपने प्रश्नों एवं उद्बोधनों से लाभान्वित किया।

    द्वितीय अनुपूरक के संबंध में मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि 13,476.94 करोड़ का प्रावधान किया गया है जिसमें अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित होगी। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए 4000 करोड़, उपार्जन संस्थाओं को ऋण देने के लिए 2000 करोड़, लाडली बहना  योजना के लिए 1794 करोड़, पंचायत विभाग के अंतर्गत 15वें वित्त आयोग के दिए 1,633 करोड़ और उद्योग ,कृषि और अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्यों के लिए सदन ने राशि स्वीकृत की है।

    अनूपूरक बजट की विशेषताएं

    ·         द्वितीय अनुपूरक अनुमान में कुल ₹ 13476.94 करोड़ का प्रावधान

    ·         विकास के लिए बजट की कोई कमी नहीं

    ·         जरूरतमंद को आवास देना प्रदेश सरकार की पहली प्राथमिकता

    ·         प्रधानमंत्री आवास योजना में 4000 करोड़ का प्रावधान. आगे और भी करने का प्लान

    ·         बहनों को आर्थिक रूप से और ज्यादा सक्षम बनाने के लिए मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में 1794 करोड़ का प्रावधान

    ·         मध्य प्रदेश का परफॉर्मेंस देखते हुए 15वें वित्त आयोग का विशेष सहयोग

    ·         मूलभूत जन सुविधाओं के लिये स्थानीय निकायों को 1633 करोड़ का प्रावधान

    ·         मध्यप्रदेश पूंजीगत व्यय में सदैव अग्रणी

    ·         अधोसंरचना विकास के लिए बजट में कोई कमी नही

    ·         पूंजीगत मद में ₹ 5028.37 करोड़ का प्रावधान

    ·         मुख्य बजट 4 लाख 21 हजार 32 करोड़ रुपये का बजट था. यह अब तक का सबसे बड़ा बजट.

    ·         गरीब, महिला, किसान और युवा सभी वर्गों की बेहतरी के लिए सरकार आगे बढ़ रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि इन स्वीकृतियों से मध्य प्रदेश विकास के पथ पर तेज गति से अग्रसर होगा। इसके साथ ही एक महत्वपूर्ण विधेयक मध्य प्रदेश नगर पालिका संशोधन विधायक 2025 प्रस्तुत हुआ, जिसमें नगर पालिकाओं और नगर पंचायत में अध्यक्ष का निर्वाचन प्रत्यक्ष प्रणाली से करने का प्रावधान किया गया है। निश्चित रूप से इससे वर्तमान में निकायों में कार्य करने में आ रही समस्याओं में काफी कमी आएगी और ये  निकाय स्वतंत्र रूप से ओर भी तेज गति से कार्य कर सकेंगे।

    पक्ष और विपक्ष दोनों का आभार माना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने

     मुख्यमंत्री डॉ यादव ने पक्ष और विपक्ष दोनों के सदस्यों को धन्यवाद दिया जिसके कारण यह सत्र गरिमामय  ढंग से संचालित हुआ। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश विधानसभा का स्वर्णिम इतिहास रहा है। इस सत्र से इसमें एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। प्रदेश की जनता की आकांक्षाओं के प्रति सदन में हम उपस्थित हैं और केवल निवेश की बात नहीं कर रहे ,मध्य प्रदेश के भाग्य और भविष्य की नींव रख रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चरैवेति चरैवेति के मंत्र के अनुसार राज्य सरकार द्वारा जनकल्याण के लिए निरंतर कार्य करने के संकल्प को व्यक्त किया।

  • राष्ट्रीय बालरंग की शुरुआत भोपाल में, अलग-अलग राज्यों के लोक नृत्यों की रंगारंग प्रस्तुतियां जारी

    भोपाल में राष्ट्रीय बालरंग की हुई रंगारंग शुरूआत

    बालरंग में विभिन्न राज्यों के लोक नृत्यों की हो रही है प्रस्तुति

    भोपाल 

    भोपाल के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय परिसर श्यामला हिल्स में शुक्रवार को राष्ट्रीय बालरंग की रंगारंग शुरूआत हुई। इसमें 19 राज्यों के बच्चों ने सहभागिता की।

    राष्ट्रीय बालरंग की शुरूआत में केन्द्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के बच्चों ने विकसित भारत 2047 की थीम पर लोक नृत्य की प्रस्तुति दी। नृत्य में आंतकवाद के खिलाफ राष्ट्रीय एकता को दर्शाया गया। नृत्य में बच्चों ने कृषि, विज्ञान, उद्योग के साथ अन्य क्षेत्रों में हो रही प्रगति को आकर्षक ढ़ंग से प्रस्तुत किया। सामूहिक लोक नृत्य प्रस्तुति में लोक धुनों का बेहतर तरीके से उपयोग किया गया था। बालरंग में दूसरी प्रस्तुति आंध्रप्रदेश के स्कूली बच्चों ने लोक नृत्य की प्रस्तुति दी। प्रस्तुति में फसल कटाई के समय किसानों में उल्लास के क्षणों को संगीतमय प्रस्तुति के साथ प्रस्तुत किया गया।

    राष्ट्रीय एकता को मजबूत करता है बालरंग

    इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय के निदेशक श्री अमिताभ पाण्डेय ने बालरंग का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय बालरंग समारोह के आयोजन में देशभर के बच्चों ने भोपाल की सांस्कृतिक केन्द्र के रूप में विशिष्ट पहचान बनाई है। यह कार्यक्रम बच्चों में विभिन्न राज्यों की लोक संस्कृति को समझने का मौका देता है और इससे बच्चों में राष्ट्रीय एकता की भावना मजबूत होती है। बालरंग में 19 राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों के करीब 375 बच्चे अपने राज्य के लोकरंगों की प्रस्तुतियाँ दे रहे है। इस समारोह में राजधानी भोपाल के करीब 2 हजार बच्चों ने विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक विरासत को देखा। समारोह में स्कूल शिक्षा विभाग और मानव संग्रहालय के विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

    राष्ट्रीय एकता पर केन्द्रित है बालरंग

    भारत विभिन्न संस्कृतियों का देश है। राष्ट्रीय बालरंग समारोह में विभिन्न प्रांतों के स्कूल के छात्र-छात्राएँ शामिल होकर अपने कला-कौशल के उत्कृष्ट प्रदर्शन से अपने प्रदेश की वैभवशाली लोक संस्कृति को प्रस्तुत करते हैं। विभिन्न प्रांतों के बच्चों के बीच संस्कृति का आदान-प्रदान होने से राष्ट्रीय एकता और सद्भाव की भावना मजबूत होती है।

     

  • सभी जिलों के वाहन मालिकों के लिए निर्देश, 15 दिनों में पीयूसी सर्टिफिकेशन अनिवार्य—संभागायुक्त सिंह

    संभाग के सभी जिलों में 15 दिवस में सभी वाहनों का पीयूसी सर्टिफिकेशन करवाएं – संभागायुक्त  सिंह

    संभागायुक्त  सिंह ने भोपाल शहर वायु गुणवत्ता सुधार के लिए समीक्षा बैठक ली

     भोपाल
     
          संभागायुक्त  संजीव सिंह ने कमिश्नर कार्यालय के सभाकक्ष में शहर वायु गुणवत्ता सुधार के लिए आयोजित बैठक में ट्रैफिक पुलिस, आरटीओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा भोपाल शहर में वायु प्रदूषण रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाए जाने के निर्देश दिए। श्री सिंह ने आरटीओ एवं ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिए कि बिना पीयूसी वाले वाहनों को 15 दिवस का समय निर्धारित किया गया है। सभी वाहनों का 15 दिवस के अंदर पीयूसी प्रमाण पत्र बनवाएं, 15 दिवस के बाद ट्रैफिक पुलिस वृहद अभियान चलाकर चलानी कार्यवाही करें। शहर के सभी भारी वाहन, स्कूल बस, मध्यम लोडिंग वाहन एवं कार चालक अनिवार्य रूप से दो सप्ताह में पीयूसी सर्टिफाईड कराएं। 

          संभागायुक्त श्री सिंह ने संभाग के सभी जिलों के आरटीओ एवं ट्रैफिक पुलिस भोपाल को निर्देशित किया कि परिवहन पोर्टल के माध्यम से सभी वाहन मालिकों को पीयूसी सर्टिफिकेट बनवाने के लिए सूचना दी जाए। उन्होंने कहा कि मॉडरेड श्रेणी के हॉट स्पॉट की मॉनीटरिंग के लिए विस्तृत रणनीति तैयार कर कारण एवं निवाकरण की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए। त्रैमासिक स्तर पर निरंतर तुलनात्मक गणना की जाए। उन्होंने मध्यप्रदेश प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अधिकारी को पीयूसी मशीनों के केलिब्रेशन मॉनीटरिंग को ऑनलाइन कर व्यापक स्तर पर जांच करें।    

             बैठक में उपायुक्त राजस्व श्रीमती किरण गुप्ता, संभाग के सभी जिलों के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, ट्रैफिक पुलिस पीयूसी सर्टिफिकेशन करने वाली संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। 

     

  • भोपाल मेट्रो का ट्रायल रन तेज़, किराया तय, जल्द मिलेगा एम्स तक सफर, फ्री राइड का भी मिलेगा मौका

    भोपाल 
     मेट्रो को लेकर भोपाल में इंतजार खत्म होने वाला है। जल्द ही भोपाल मेट्रो की शुरुआत हो जाएगी। अटकलें हैं कि 13 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भोपाल मेट्रो को हरी झंडी दिखाएंगे। शुरुआत में, शहर के लोग एक हफ्ते तक मुफ्त में मेट्रो का सफर कर सकेंगे। यह मध्य प्रदेश की बढ़ती तरक्की और निवेश के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

    सभी जरूरी मंजूरी मिल गई
    मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) के अधिकारियों ने बताया है कि सभी जरूरी मंजूरी मिल गई हैं। कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) से भी हरी झंडी मिल चुकी है, जो यात्रियों के सफर शुरू करने से पहले बहुत जरूरी है।

    इस रूट पर दौड़ेगी मेट्रो
    अब भोपाल मेट्रो का पहला रूट, जो सुभाष नगर से AIIMS भोपाल तक जाता है, यात्रियों के लिए तैयार है। MPMRCL के एक बड़े अधिकारी ने कहा कि भोपाल मेट्रो के शुभारंभ का जश्न मनाने के लिए, MPMRCL पहले हफ्ते के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा देगा। इससे लोगों को बिना किसी खर्च के नई सेवा का अनुभव करने और सुविधाओं को जानने का मौका मिलेगा।

    किराया कितना होगा?
    मेट्रो में सफर करना शुरू में बेहद सस्ता पड़ने वाला है. क्योंकि पहले पूरे सप्ताह 100% फ्री राइड मिलेगी. मतलब एक हफ्ते तक पूरा भोपाल बिना एक भी पैसा खर्च किए मेट्रो का मज़ा ले सकेगा. इसके बाद किराया इंदौर मेट्रो की तरह ही ₹20 से शुरू होकर ₹40 तक रहेगा. यानी पॉकेट-फ्रेंडली और सभी के लिए किफ़ायती. इसके साथ ही एक खास बात यह है कि महिलाओं, स्टूडेंट्स और सीनियर सिटीज़न्स के लिए अलग से छूट का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है. इसके लिए एक स्पेशल कमेटी बनाई जा रही है, जो फाइनल डिसीजन लेगी.

    पहला फेज़
    कहां से कहां तक दौड़ेगी मेट्रो?

    पहले फेज़ में मेट्रो 7.30 किमी के ट्रैक पर दौड़ेगी. यह रूट होगा सुभाष नगर डिपो से भोपाल AIIMS तक का. यानी शहर के दो बेहद महत्वपूर्ण और व्यस्त स्थान सीधे मेट्रो से जुड़ जाएंगे. ट्रायल रन इस रूट पर तेजी से जारी है, और अब यह लगभग लॉन्च-रेडी है.

    भोपाल के लिए यह क्यों बड़ी खबर है?
    शहर में ट्रैफिक का बोझ कम होगा, तेज़, सुरक्षित और समय बचाने वाला सफर. युवाओं, स्टूडेंट्स और रोजाना सफर करने वालों के लिए बड़ा फायदा.

    राजधानी का इन्फ्रास्ट्रक्चर बड़े शहरों की टक्कर पर
    भोपाल के लोग सालों से इस दिन का इंतजार कर रहे थे और अब वो वक्त आ चुका है. अब बस उद्घाटन की आधिकारिक तारीख का ऐलान बाकी है और फिर भोपाल की मेट्रो दौड़ने को तैयार.

    इंदौर में भी हुआ था ऐसा
    ऐसा ही कुछ इंदौर मेट्रो के साथ भी हुआ था, जब इसी साल उसकी शुरुआत हुई थी। वैसे तो भोपाल मेट्रो को इंदौर मेट्रो से पहले शुरू होना था। लेकिन, तीन और स्टेशन बनाने और एक जरूरी रोड ओवरब्रिज (RoB) का काम पूरा करने में थोड़ा ज्यादा समय लग गया। इसलिए, इंदौर मेट्रो पहले शुरू हो गई।

    MPMRCL के एक अधिकारी ने बताया कि उद्घाटन के तुरंत बाद उसी दिन से यात्री सेवा शुरू हो जाएगी। इसके बाद एक हफ्ते तक मुफ्त सफर का मौका मिलेगा।

    मुफ्त सफर के बाद क्या होगा?
    जब मुफ्त यात्रा का समय खत्म हो जाएगा, तब मेट्रो का किराया बहुत कम रहेगा। छोटी दूरी के लिए ₹10 और करीब आठ किलोमीटर की यात्रा के लिए ₹20 किराया होगा। शुरुआत में, मेट्रो सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक चलेगी। हर आधे घंटे में एक ट्रेन मिलेगी। मेट्रो में 10 तीन-कोच वाली ट्रेनें हैं। हर ट्रेन में 750 यात्री बैठ और खड़े हो सकेंगे। मेट्रो की औसत रफ्तार 30 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। शुरुआत में मांग को पूरा करने के लिए दो ट्रेनें चलेंगी।

    दिव्यांग यात्रियों को विशेष सुविधा
    सुरक्षा और सुविधा का खास ध्यान रखा गया है। ट्रेनों में ब्रेल लिपि में जानकारी लिखी है। दिव्यांग यात्रियों के लिए अलग से सीटें भी हैं। यह मेट्रो भोपाल में सफर करने के तरीके को बदल देगी। लोगों के लिए सबसे खास बात पहले हफ्ते की मुफ्त यात्रा है। यह शहर के लिए आधुनिक शहरी परिवहन में एक बड़ी छलांग का मौका है।

     

  • अंतर्राष्ट्रीय बाघ तस्कर लाचुंगपा को भारत-चीन सीमा, सिक्किम से पकड़ा गया, MP टाइगर स्ट्राइक फोर्स और वाइल्डलाइफ ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई

    अंतर्राष्ट्रीय बाघ तस्कर लाचुंगपा भारत-चीन सीमा सिक्किम से गिरफ्तार

    स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्यप्रदेश एवं वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो नई दिल्ली की ऐतिहासिक कार्रवाई

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में प्रदेश में वन एवं वन्यजीव के संरक्षण के लिये लगातार समग्र प्रयास किये जा रहे हैं। इस दिशा में कार्यवाही करते हुए स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्यप्रदेश एवं वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो नई दिल्ली ने 10 साल से वांछित, अंतर्राष्ट्रीय बाघ तस्कर यांगचेन लाचुंगपा को2 दिसम्बर 2025 को भारत-चीन की अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास लाचंग, मंगन, जिला उत्तर सिक्किम (सिक्किम) में कई महीनों की कड़ी मेहनत के उपरांत सफलतापूर्वक कार्यवाही करते हुए गिरफ्तार किया है।

    सतपुड़ा टाइगर रिजर्व नर्मदापुरम में बाघ एवं पेंगोलिन के अवैध शिकार और बाघ की हड्डियों व पेंगोलिन के स्केल की नेपाल के रास्ते चीन में अवैध तस्करी करने वाले गिरोह के विरुद्ध जुलाई 2015 में प्रकरण दर्ज किया गया था, जिसमें यांगचेन लाचुंगपा वांछित थी। प्रकरण की गंभीरता देखते हुए वन मुख्यालय ने इसे मध्यप्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स को विवेचना के लिये सौंपा गया था। एसटीएसएफ ने एक संगठित एवं अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश कर 31 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। यांगचेन लाचुंगपा अंतर्राष्ट्रीय बाघ तस्करी गिरोह की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। जिसका नेटवर्क भारत, नेपाल, भूटान और चीन तक फैला हुआ है।

    यांगचेन लाचुंगपा के गिरोह के कई देशों में फैले नेटवर्क को देखते हुए भारत सरकार के अनुरोध पर इंटरपोल के द्वारा यांगचेन लाचुंगपा विरुद्ध रेड नोटिस भी जारी किया गया है, जिससे उसे किसी भी देश में सबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा गिरफ्तार किया जा सके। यांगचेन लाचुंगपा मूल रूप से चीन के स्वायत्त क्षेत्र तिब्बत की निवासी है एवं भारत में मुख्यतः दिल्ली एवं सिक्किम में रहती थी। यांगचेन को पहली बार सितम्बर 2017 में भी हिरासत में लेकर ट्रांजिट रिमांड के लिये पेश किया गया था, लेकिन न्यायालय से अंतरिम जमानत मिलने के बाद फरार हो गई थी।उसकी अग्रिम जमानत को मध्यप्रदेश के उच्च न्यायालय जबलपुर ने भी वर्ष 2019 में खारिज कर दिया था।

    अपराधी यांगचेन लाचुंगपा गिरफ्तारी से बचने लगातार एजेंसियों को चकमा दे रही थी, अंत में 2 दिसम्बर 2025 को उसे मध्यप्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स एवं केंद्र सरकार की वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो नई दिल्ली की संयुक्त टीम ने अत्यंत कठिन परिस्थितियों में कम तापमान के क्षेत्र में जाकर योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर लाचुंग, मंगन (सिक्किम) से गिरफ्तार कर न्यायलय गंगटोक के समक्ष पेश कर मध्यप्रदेश शासन का ठोस पक्ष रखने के बाद ट्रांजिट वारंट 3 दिसम्बर 2025 को रात्रि में प्राप्त कर उसे मध्यप्रदेश लाया जा रहा है। इस कार्यवाही में सिक्किम पुलिस का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

    यह देश का पहला मामला है जिसमें शिकारियों, कूरियर बिचौलिये और तस्करों सहित 31 व्यक्तियों के पूरे गिरोह को गिरफ्तार किया गया है।पूर्व में गिरफ्तार सभी आरोपियों को सजा भी मिल चुकी है। आरोपी यांगचेन को न्यायालय नर्मदापुरम में पेश कर रिमांड मांगा जायेगा, जिससे इस गंभीर प्रकरण में अग्रिम विवेचना की जा सके। इस सफलतापूर्वक कार्यवाही में शामिल एसटीएसएफ के दल को उत्कृष्ट कार्य के लिये पुरूस्कृत किया जायेगा।

     

  • दुर्गा ज्वेलर्स लूट का पर्दाफाश, आरोपियों से जब्त आभूषण और हथियार बरामद

    सुकमा

    सुकमा जिला मुख्यालय में स्थित दुर्गा ज्वेलर्स में हुई सनसनीखेज लूट की गुत्थी को पुलिस ने महज़ 3 घंटे में सुलझाकर बड़ी सफलता हासिल की है। वारदात में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से ₹12.08 लाख के सभी आभूषण पूरी तरह सुरक्षित बरामद कर लिए गए हैं। बरामदगी में एक भी ग्राम आभूषण गायब नहीं मिलने से पुलिस की कार्यवाही को महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। यह घटना सुकमा जिले में पहली बार हुई है, जब किसी ज्वेलरी दुकान में पिस्टल की नोक पर लूट को अंजाम दिया गया। अचानक हुई इस वारदात ने पूरे इलाके में आतंक और भय का माहौल पैदा कर दिया था। व्यापारियों और आम नागरिकों में सुरक्षा को लेकर चिंताएं गहरा गई थीं।

    गांजा तस्कर निकला मास्टरमाइंड, MP से बुलाए थे साथी
    जांच में सामने आया है कि लूट की साज़िश का मास्टरमाइंड गांजा तस्करी में लिप्त अंकित है। उसने मध्य प्रदेश के भिंड जिले से अपने दो साथियों को बुलाकर प्लान तैयार किया था। तीनों आरोपियों ने घटना से पहले लगातार तीन दिन तक दुकान की रेकी की थी। लूट के बाद आरोपी सुकमा से निकलकर मध्य प्रदेश भागने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस की कड़ी नाकाबंदी और सतर्कता ने उन्हें रास्ते में ही पकड़ लिया।

    हथियार व अन्य सामग्री जब्त
    मौके से पुलिस ने कार्यवाही करते हुए पिस्टल,चाकू,लूट में उपयोग की गई मोटरसाइकिल,मोबाइल फोन , और सभी आभूषण बरामद किए हैं । पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण के सीधे निर्देशन में हुई त्वरित कार्रवाई को जिले की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। तेजी से काम करते हुए पुलिस टीम ने न सिर्फ लूट का खुलासा किया, बल्कि आरोपी और लूट की गई पूरी संपत्ति भी सुरक्षित बरामद कर ली।