• करियर का मौका: इन जिलों में पुलिस विभाग में होगी सीधी भर्ती

    बिलासपुर

    सारकारी नौकरी का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए खुशखबरी है। बिलासपुर, कोरबा, मुंगेली और जांजगीर-चांपा जिलों के पुलिस बल में 526 विभिन्न पदों पर सीधी भर्ती की जा रही है। रिक्त पदों में आरक्षक चालक और आरक्षक ट्रेडमैन शामिल हैं।

    भर्ती प्रक्रिया के तहत 17 से 19 नवंबर तक ट्रेड टेस्ट आयोजित किया जाएगा। एसएसपी रजनेश सिंह ने भर्ती में पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता का दवा किया है। साथ ही अभ्यर्थियों को किसी भी तरह के झांसे में न जाने की चेतावनी दी है।

    यह टेस्ट बिलासपुर संभागीय मुख्यालय के पुलिस परेड मैदान में 17 नवंबर से शुरू होगा। इसमें पहले आयोजित शारीरिक दक्षता परीक्षा में उत्तीर्ण और लिखित परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों को बुलाया गया है। यह सीधी भर्ती वर्ष 2023-24 के लिए आयोजित की जा रही है।

    बिलासपुर जिला पुलिस बल में कुल 140 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। पहले दिन, 17 नवंबर को बिलासपुर जिले में आरक्षक चालक के लिए 100, आरक्षक कुक ट्रेड के लिए 5, आरक्षक नई ट्रेड के लिए 11 और आरक्षक टेलर ट्रेड के लिए 4 अभ्यर्थियों को बुलाया गया है।

  • शिक्षक के घर पर EOW का छापा, 6 टीमों ने की दबिश, दस्तावेजों की जांच में जुटी है एजेंसी

    सीधी
     मध्य प्रदेश के सीधी जिले से बड़ी खबर सामने आई है। जहां एक शिक्षक के घर पर आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने छापा मारा हैं। बताया जा रहा है कि ईओडब्ल्यू की छह टीमें सुबह 5 बजे दबिश दी। आय से अधिक संपत्ति को लेकर यह कार्रवाई की गई है। फिलहाल टीम दस्तावेजों की पड़ताल में जुटी हुई है। जांच के बाद खुलासा होगा।

    सीधी जिले के शिक्षक अभिमन्यु सिंह के ठिकानों पर EOW ने रेड मारी है। ईओडब्ल्यू की छह टीमें सुबह 5 बजे शहर में स्थित पटेल पुल और मड़वास के ठिकानों पर दबिश दी। बताया जा रहा है कि राजधानी भोपाल में आय से अधिक संपत्ति की शिकायत की गई थी। जिसके बाद यह छापेमार कार्रवाई की गई है।

    ईओडब्ल्यू की टीमें सभी दस्तावेज और कागज को खंगाल रहे है। जांच पड़ताल के बाद बड़ा खुलासा होने की संभावना है। आपको बता दें कि शिक्षक अभिमन्यु, सीधी के कुसमी विकासखंड के शासकीय हाईस्कूल खोखरा में पदस्थ है।

  • बच्चों के लिए मजेदार गणित: प्रदेश का पहला ‘मैथ्स पार्क’ सरकारी स्कूल में

    डोंगरगढ़

    राजनांदगांव जिले के डोगरगढ़ विकासखंड के ग्राम सेंदरी का शासकीय हाई स्कूल इन दिनों पूरे प्रदेश में उदाहरण बनकर उभर रहा है। यहां स्थापित संभवतः प्रदेश का पहला मैथ्स पार्क  न केवल बच्चों की पढ़ाई का तरीका बदल रहा है, बल्कि ग्रामीण शिक्षा की तस्वीर भी नया रूप ले रही है। कभी घोर नक्सल प्रभावित रहा यह इलाका अब अभिनव शिक्षण पद्धति के जरिए सीखने-सिखाने का केंद्र बन गया है।

    इस अनोखे पार्क में शून्य के जनक आर्यभट्ट से लेकर महान गणितज्ञ रामानुजन् तक के सिद्धांतों को रोचक आकृतियों, मॉडल्स और गतिविधियों के माध्यम से जीवंत किया गया है। जटिल माने जाने वाले प्रमेय, आकृतियां और गणितीय अवधारणाएं अब बच्चों के लिए खेल-खेल में सीखने का साधन बन गई हैं। इससे न केवल विषय का भय समाप्त हुआ है, बल्कि विद्यार्थियों में गणित के प्रति नया उत्साह पैदा हुआ है। वैदिक गणित की सरल तकनीकों को भी पार्क में शामिल किया गया है, जिससे तेज और सटीक गणना का अभ्यास बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ा रहा है।

    इस पहल की सबसे खास बात यह है कि पार्क को सरकारी अनुदान के बजाय स्कूल के शिक्षकों ने स्वयं अपनी कमाई से करीब दस लाख रुपये की राशि जुटाकर विकसित किया है। गणित के शिक्षक गोकूल जंघेल इस नवाचार के प्रणेता हैं। उनका कहना है कि ग्रामीण परिवेश के बच्चों में गणित के प्रति रुचि जगाने की मंशा से इस पार्क का निर्माण किया गया है। आकृतियों और संकेतों के जरिए बेसिक गणित को सरल रूप में समझाने की कोशिश की गई है ताकि बच्चे कठिन सिद्धांतों को भी आसानी से पकड़ सकें।

    109 विद्यार्थियों और पांच शिक्षकों वाले इस हाई स्कूल में कोरोना काल के दौरान जब स्कूल बंद थे, तभी इस नवाचार की नींव रखी गई। प्राचार्य किरण मिश्रा बताती हैं कि महामारी के चलते बच्चे पढ़ाई से दूर हो रहे थे। तब शिक्षकों ने इसे एक अवसर मानकर पहले वृक्षारोपण अभियान चलाया और फिर मैथ्स पार्क का डिजाइन तैयार कर इसे जमीन पर उतारा। उनका कहना है कि इस पार्क के चलते बच्चों में गणित के प्रति जागरूकता और रुचि तेजी से बढ़ी है।

    जिले के कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने इस प्रयास की सराहना करते हुए स्कूल को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिया है। गणित पार्क में मौजूद मॉडल्स और गतिविधियों ने छात्रों का गणित से डर लगभग खत्म कर दिया है। कक्षा 9वीं की छात्रा निहारिका यादव और 10वीं के उदित नारायण साहू का कहना है कि अब गणित उनका पसंदीदा विषय बन गया है, क्योंकि वे सिर्फ पढ़ते नहीं बल्कि खेलते हुए सीखते हैं।

    ग्राम सेंदरी का यह स्कूल किसी सामान्य शासकीय विद्यालय जैसा नहीं, बल्कि किसी आधुनिक निजी संस्थान जैसी अनुभूति देता है। स्वच्छ परिसर, सुव्यवस्थित कक्षाएं, डिजिटल लर्निंग, स्मार्ट क्लास और प्रोजेक्ट बेस्ड पढ़ाई ने शिक्षा को बेहतर दिशा दी है। इसकी सफलता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब तक 40 से अधिक विद्यार्थी राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं, और बोर्ड परीक्षा में एक छात्र ने प्रदेश के टॉप-10 में स्थान हासिल किया है।

    सेंदरी का यह सरकारी स्कूल यह साबित कर रहा है कि नीयत सशक्त और उद्देश्य स्पष्ट हों तो संसाधन बाधा नहीं बनते। यहां के शिक्षकों की लगन और समर्पण ने शिक्षा को नवाचार, सेवा और समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बना दिया है। यह कहानी सिर्फ एक स्कूल की नहीं, बल्कि उस उम्मीद की है जो बताती है कि सही पहल से पूरा वातावरण बदल सकता है।

  • शादी में गए सूने घर पर बड़ी चोरी, एक करोड़ का माल पार, पुलिस तलाश में जुटी

    पिथौरा

    चोर कितने शातिर हो गए हैं, इस बात का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि इधर परिवार के तमाम सदस्य शादी समारोह में शामिल होने के लिए गए, और उधर ताक लगाए चोरों ने घर में धावा बोलकर 25 लाख रुपए नगदी सहित एक करोड़ के सोने-चांदी के जेवरात पार कर दिया.

    मामला महासमुंद जिले के सांकरा थाना क्षेत्र के ग्राम बल्दीडीह का है. गांव में निवासरत योगेश अग्रवाल परिवार के साथ शादी समारोह में शामिल होने के लिए गए रायपुर गए थे. वहीं घर को सूना देख चोरों ने धावा बोलकर 25 लाख नगदी सहित सोने-चांदी के आभूषण ले उड़े. चोरी की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई है. सूचना मिलते ही सायबर सेल एवं सांकरा पुलिस मौके पर पहुंच कर पड़ताल में जुट गई.

    एडिशनल एसपी प्रतिभा तिवारी ने बताया कि घटना स्थल की बारीकी से जांच पड़ताल की जा रही है. फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की मदद ली जा रही है. फोरेंसिक की टीम, डॉग स्काड की टीम घटना स्थल पर पहुंच कर जांच पड़ताल शुरू की दी है. आस-पास के सीसीटीवी फुटेज को चेक किया जा रहा है. जल्द ही आरोपी सलाखो के पीछे होंगे.

  • फ्लाइट कैंसिलेशन से अफरा-तफरी—Indigo स्टाफ पर यात्रियों का गुस्सा, एयरपोर्ट पर तनाव

    रायपुर

    रायपुर एयरपोर्ट पर इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट रद्द होने से यात्रियों में नाराजगी देखने को मिली. उड़ान से कुछ देर पहले ही अचानक मैसेज भेजकर फ्लाइट रद्द किए जाने की सूचना दिए जाने पर यात्रियों ने एयरलाइंस के काउंटर पर मौजूद कर्मचारियों पर अपनी भड़ास निकाली.

    यात्रियों का कहना है कि न तो वैकल्पिक फ्लाइट दी गई, न ही एकोमोडेशन या किसी तरह की सहायता दी गई. कई यात्री, जो दिल्ली, मुंबई, इंदौर और हैदराबाद जाने वाले थे, उन्होंने भी नाराज़गी जताई. शिकायत के बावजूद इंडिगो प्रबंधन की ओर से कोई स्पष्ट जवाब न मिलने पर कई लोग मजबूर होकर बिना यात्रा किए वापस लौट रहे हैं.

    दुबई से रायपुर आए एक यात्री ने बताया कि उनका सामान अब तक उन्हें नहीं मिला है. लगेज के लिए 14 हजार रुपए अतिरिक्त भुगतान किया था, लेकिन इंडिगो की ओर से कोई सहायता नहीं की गई. यात्री पिछले 48 घंटे से अधिक समय से एयरपोर्ट पर परेशान घूम रहे हैं.

    मैसूर जाने वाली एक कैंसर पेशेंट महिला यात्री को भी उड़ान रद्द होने की सूचना अंतिम समय पर मिली. महिला ने कहा कि अब मजबूरन कार से मैसूर जाना पड़ेगा, क्योंकि डॉक्टर का अपॉइंटमेंट मिस हो गया तो नई तारीख मिलना मुश्किल है.

    इंदौर में जरूरी बिज़नेस मीटिंग के लिए जा रहे एक यात्री को भी फ्लाइट कैंसिलेशन से भारी परेशानी हुई. उनका कहना है कि इंडिगो की अचानक सूचना से पूरा कार्यक्रम गड़बड़ा गया. यात्रियों ने आरोप लगाया कि इंडिगो हेल्पडेस्क कोई समाधान नहीं दे रहा है, कोई वरिष्ठ भी अधिकारी मौजूद नहीं हैं. यात्रियों की मांग हैं कि इंडिगो द्वारा उचित व्यवस्था की जानी चाहिए.

  • यशोदा मैया ने भगवान कृष्ण को जैसे शिक्षा और संस्कार दिये वैसे ही शिक्षा और संस्कार आंगनवाड़ी से दिये जायें-मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव

    • डा मोहन यादव का करप्शन फ्री नियुक्ति सिस्टम, प्रदेश में सुशासन का नया आयाम
    • मध्यप्रदेश ने फिर प्रस्तुत किया सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण, देश में पहली बार सरकारी नियुक्ति आनलाइन पारदर्शी पद्धति से
    • यशोदा मैया ने भगवान कृष्ण को जैसे शिक्षा और संस्कार दिये वैसे ही शिक्षा और संस्कार आंगनवाड़ी से दिये जायें-मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव

    भोपाल 

     विधानसभा सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमन्त्री डॉ मोहन यादव द्वारा नवचयनित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र वितरित.मुख्यमन्त्री ने कहा कि प्रशासन की सबसे निचली ग्राम की पायदान पर काम करने वाली बहनों को सबसे ऊँचे पायदान विधानसभा पर नियुक्ति पत्र का वितरण करने से एक नया इतिहास बना है. पारदर्शी प्रकिया से चयन हुआ है. सभी कुपोषण से लड़ने का संकल्प लें. यशोदा मैया ने भगवान कृष्ण को जैसे शिक्षा और संस्कार दिये वैसे ही शिक्षा और संस्कार आंगनवाड़ी से दें. 

    कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने विधानसभा की कार्यवाही को भी देखा. विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर द्वारा बधाई देकर पारदर्शी आनलाइन प्रक्रिया के लिये सरकार की सराहना की. कार्यक्रम में मन्त्री निर्मला भूरिया और पूर्व मन्त्री अर्चना चिटनिस, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई और प्रमुख सचिव जीवी रश्मि उपस्थित . अर्चना चिटनिस ने नवनियुक्त कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को कर्तव्यनिष्ठ रहने की शपथ दिलाई .  मन्त्री निर्मला भूरिया ने किया संबोधित. प्रदेश मे लगभग 19250 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिका के रिक्त पदों के विरूद्ध लगभग 4.00 लाख आवेदन प्राप्त . लगभग 12075 की नियुक्ति हेतू प्रकिया पूर्ण और नियुक्ति पत्र जारी .

    * देश में पहली बार आनलाइन पारदर्शी पद्धति से नियुक्ति 
    * आनलाइन पद्धति में डॉक्यूमेंट गायब होने या गुम होने की संभावना समाप्त 
    * अब चयन शतप्रतिशत मेरिट आधार पर
    * दावा आपत्ति और अपील की भी व्यवस्था 
    * नवनियुक्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओ को मानदेय के रूप में लगभग 14 करोड़ प्रतिमाह का वितरण होगा. 
    * कार्यकर्ताओं द्वारा अभिनंदन पत्र भेंट

  • IMD का अपडेट: मध्य प्रदेश में नए सिस्टम के असर से 24 घंटे बाद पारा गिर सकता है, सर्दी बढ़ेगी

    भोपाल 

    शुक्रवार को एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे न्यूनतम तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। खास करके शुक्रवार शनिवार को भोपाल, इंदौर, ग्वालियर,उज्जैन, चंबल संभाग में कोल्ड वेव और शीतलहर का असर देखने को मिल सकता है। पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी के चलते आ रही ठंडी हवा के चलते भोपाल, इंदौर, ग्वालियर सहित कई शहरों के न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस गिरावट दर्ज हो सकती है। मौसम विभाग की मानें तो दिसंबर के दूसरे हफ्ते से और जनवरी के तीसरे हफ्ते तक प्रदेश के कई शहरों में कोल्ड वेव की स्थिति बनेगी। फरवरी के पहले हफ्ते से ठंड का असर कम होने लगेगा। अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश का मौसम शुष्क रहेगा। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में धुंध छा सकती है।

     मध्य प्रदेश में अब कड़ाके की सर्दी का दौर शुरू होगा। बर्फीली हवाओं से और भी ठिठुरन बढ़ेगी। दिसंबर महीने में 20-22 दिन शीतलहर चलने का अनुमान है। भोपाल और इंदौर समेत कई शहरों में तापमान 2 से 3 डिग्री और गिरेगा। इससे पहले बुधवार रात में भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के 10 शहरों में पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया।

    पचमढ़ी फिर सबसे ठंडा,पारा 6.7 डिग्री
    मंगलवार-बुधवार की रात प्रदेश के कई हिस्सों में पारा 10 डिग्री से नीचे फिसल गया।भोपाल: 9.2°,इंदौर: 8.4°,जबलपुर: 10.6°,उज्जैन: 12°,ग्वालियर: 14.6°पचमढ़ी इस बार भी सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.7 डिग्री दर्ज किया गया। कल्याणपुर (शहडोल) में 7.1°, उमरिया में 8.2°, अमरकंटक और शाजापुर में 8.7°, जबकि रीवा-नौगांव में 9° दर्ज हुआ। दिन में भी कई शहरों में अधिकतम तापमान 25 डिग्री से नीचे रहा।

    नवंबर ने तोड़े रिकार्ड,भोपाल में 15 दिन चली शीतलहर
    इस साल नवंबर में सांईठुरन ने पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। भोपाल में लगातार 15 दिन शीतलहर चली 1931 के बाद यह सबसे लंबा दौर रहा। 17 नवंबर की रात पारा 5.2 डिग्री तक गिर गया, जो अब तक का सर्वकालिक नवंबर रिकॉर्ड है। इंदौर में भी तापमान 6.4° तक फिसल गया 25 वर्षों में सबसे कम। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि उत्तर भारत में इस बार नवंबर की शुरुआत में ही बर्फबारी शुरू हो गई थी, जिससे ठंडी हवाएं जल्दी मध्यप्रदेश पहुंच गईं। हालांकि, नवंबर के अंतिम सप्ताह में हवा की दिशा बदलने से ठंड थोड़ी कम हुई।

    पचमढ़ी सबसे ठंडा, पारा 6.7 डिग्री इससे पहले मंगलवार-बुधवार की रात में भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के 10 शहरों में पारा 10 डिग्री से कम रहा। भोपाल में 9.2 डिग्री, इंदौर में 8.4 डिग्री, जबलपुर में 10.6 डिग्री, उज्जैन में 12 डिग्री और ग्वालियर में 14.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    नवंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी है सर्दी इस बार नवंबर में सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार, साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर, 17 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा। इससे पहले 30 नवंबर 1941 में तापमान 6.1 डिग्री रहा था। इंदौर में भी पारा 6.4 डिग्री ही रहा। यहां भी सीजन की सबसे सर्द रात रही। 25 साल में पहली बार पारा इतना लुढ़का।

    सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन बताती हैं, इस बार उत्तरी राज्यों में नवंबर के पहले ही सप्ताह में बर्फबारी होने लगी। इस वजह से ठंडी हवाएं प्रदेश में पहुंची। आखिरी सप्ताह में हवा की दिशा बदल गई। जिससे ठंड का असर कम रहा है। ठंड के लिए दिसंबर-जनवरी खास मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है।

    इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से दिसंबर में मावठा भी गिरता है। इससे दिन में भी सर्दी का असर बढ़ जाता है।

    अब जानिए दिसंबर में कैसी रहेगी ठंड?

    मौसम का ट्रेंड देखें तो दिसंबर में स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आते हैं। वहीं, उत्तरी हवाएं आने से दिन-रात के तापमान में गिरावट होती है। इस बार भी यही अनुमान है।

    इन जिलों में सबसे ज्यादा सर्दी रहेगी

            ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के सभी जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ेगी। यहां बर्फीली हवाएं सीधे आएंगी।
            भोपाल संभाग के सीहोर-विदिशा में ठंड का जोर रहेगा।
            सागर संभाग के निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़-पन्ना, रीवा संभाग के मऊगंज, सीधी-सिंगरौली में तेज ठंड पड़ेगी।
            जबलपुर संभाग के मंडला-डिंडोरी, इंदौर संभाग के इंदौर, धार और झाबुआ में कड़ाके की ठंड रहेगी।

    20-22 दिन चल सकती है कोल्ड वेव मौसम एक्सपर्ट की माने तो दिसंबर में प्रदेश के कई शहरों में कोल्ड वेव यानी सर्द हवाएं चलेंगी। जनवरी में यह 20 से 22 दिन तक चल सकती है।

    इसलिए रहेगा कड़ाके की ठंड का दौर

    ला नीना ने दिया ठंड को लंबा धक्का

        मौसम केंद्र भोपाल के रिटायर्ड डायरेक्टर डीपी दुबे के अनुसार, वैश्विक मौसम मॉडल (विश्व मौसम संगठन, भारत मौसम विज्ञान विभाग आदि) संकेत दे रहे थे कि इस बार ला नीना सक्रिय रहेगा। ला नीना का मतलब, प्रशांत महासागर का ठंडा होना। जैसे ही समुद्र ठंडा होता है, हवा और ज्यादा ठंडी होकर एशिया-भारत की ओर दबाव से धकेली जाती है। यह वही ठंड है जिसने नवंबर से ही मध्य भारत को जकड़ लिया।

    पहाड़ों पर जल्दी बर्फबारी, ठिठुरन बढ़ाई

        इस बार उत्तर भारत में हिमाचल, उत्तराखंड और कश्मीर में बर्फबारी सामान्य से काफी पहले शुरू हो गई। ऊंचे पर्वतीय इलाकों की जल्दी बर्फबारी मध्य भारत की ठिठुरन को 20 से 30% तक बढ़ा देती है।

    ठंडी हवाएं 25% ज्यादा अंदर तक घुसी

        ठंड का असर सिर्फ सतह तक नहीं रहा। इस साल ग्वालियर-चंबल, भोपाल-विदिशा, रतलाम-मंदसौर, सागर-दमोह इन चार बड़े मौसम जोन में ठंडी हवाएं 20 से 25% ज्यादा गहराई तक घुस आईं।

    पश्चिमी विक्षोभ का लगातार सक्रिय रहना

        पश्चिमी विक्षोभ जब सक्रिय होता है, तो हल्की सर्दी की बारिश (मावठा) होती है। तापमान 4 से 6 डिग्री तक गिर जाता है। इसीलिए भोपाल, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम में बारिश ठंड को तेज करेगी। इंदौर-देवास, भोपाल-सीहोर, ग्वालियर-मुरैना में दिन का पारा कई बार 4 से 6 डिग्री तक गिरकर कोल्ड-डे ला सकता।

    MP के 5 बड़े शहरों में दिसंबर में ऐसा ट्रेंड

    भोपाल में 3.1 डिग्री रिकॉर्ड हो चुका टेम्प्रेचर भोपाल में दिन-रात ठंड और बारिश का ट्रेंड रहा है। 10 में से पिछले 5 साल से भोपाल दिसंबर में भीग रहा है। आधा से पौन इंच तक बारिश हो गई। इस बार भी बारिश होने के आसार हैं। दिसंबर में ठंड की बात करें तो 11 दिसंबर 1966 की रात में पारा 3.1 डिग्री पहुंच गया था। यह अब तक का ओवरऑल रिकॉर्ड है। 3 साल पहले 2021 में पारा 3.4 डिग्री पहुंच चुका है।

    प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 6.7 डिग्री दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर में 7.1 डिग्री, उमरिया में 8.2, अमरकंटक-शाजापुर में 8.7, रीवा-नौगांव में 9 डिग्री सेल्सियस रहा। दूसरी ओर, बुधवार को दिन के तापमान में भी गिरावट का दौर रहा। कई शहरों में पारा 25 डिग्री या इससे कम रहा।

    दिसंबर-जनवरी ठंड के दो सबसे मुख्य महीने
    जैसे मानसून में जुलाई-अगस्त सबसे ज्यादा बारिश वाले महीने होते हैं, उसी तरह दिसंबर और जनवरी सबसे प्रभावी शीतकालीन महीने माने जाते हैं। इन्हीं दो महीनों में उत्तर भारत की सर्द हवाएं प्रदेश में गहराई तक प्रवेश करती हैं, जिससे दिन और रात दोनों के तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज होती है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण दिसंबर में मावठा भी गिरता है, जो ठंड को और बढ़ा देता है। मौसम के ट्रेंड बताते हैं कि दिसंबर में मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होते हैं। उत्तरी हवाओं के कारण तापमान में लगातार गिरावट की उम्मीद है। इस साल भी दिन और रात दोनों में ठंडक का असर तेज रहेगा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, दिसंबर और जनवरी में कई शहरों में कोल्ड वेव की स्थिति बनेगी। जनवरी में यह अवधि 20 से 22 दिन तक जा सकती है, जिससे कड़ाके की ठंड लंबी चलेगी।

    मौसम विभाग के अनुसार, एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस जाने के बाद दूसरा भी पहुंच रहा है। यह 5 दिसंबर से हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा। जिसका असर 2 दिन बाद मध्‍य प्रदेश में दिखेगा। वहीं, पहले सिस्टम की वजह से हुई बर्फ जब पिघलेगी, तब उसकी बर्फीली हवाएं प्रदेश में दस्‍तक देगी। इस वजह से न्यूनतम तापमान में और गिरावट हो सकती है। बर्फीली हवा आने से इंदौर, ग्वालियर, चंबल, उज्जैन और सागर संभाग में सबसे ज्यादा सर्दी पड़ेगी।

    प्रदेश में बुधवार की रात में 10 शहरों में तापमान 10 डिग्री से कम रहा। सबसे कम पचमढ़ी में 6.7 डिग्री पारा दर्ज किया गया। जबकि राजधानी भोपाल में 9.2 डिग्री, इंदौर में 8.4 डिग्री, जबलपुर में 10.6 डिग्री, उज्जैन में 12 डिग्री और ग्वालियर में 14.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर में 7.1 डिग्री, उमरिया में 8.2, अमरकंटक-शाजापुर में 8.7, रीवा-नौगांव में 9 डिग्री सेल्सियस रहा। दूसरी ओर, बुधवार को दिन के तापमान में भी गिरावट का दौर रहा। कई शहरों में पारा 25 डिग्री या इससे कम रहा।

  • समर्थन मूल्य पर धान खरीदी से छत्तीसगढ़ के किसान हुए आर्थिक रूप से सशक्त

    राजनांदगांव
     खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में जिले के धान उपार्जन केन्द्रों में तेजी से धान खरीदी कार्य किया जा रहा है। शासन किसानों के वास्तविक उपज को समर्थन मूल्य में खरीदी कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है। जिले के किसान आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे है।  राजनांदगांव विकासखंड के धान उपार्जन केन्द्र सोमनी में ग्राम ईरा के किसान डिलेश्वर प्रसाद साहू ने बताया कि वे 66 क्विंटल धान बिक्री करने आए हैं। उनके पास 8 एकड़ खेती जमीन है, जिसमें वे धान की उपज लिया है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा 3100 रूपए प्रति क्ंिवटल की दर से धान खरीदी करने से उनकी उपज का वास्तविक दाम मिल रहा है और राशि भी शीघ्र खाते में मिल रही है।

    उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष धान बिक्री की राशि से वे खेती-किसानी को बढ़ाने के लिए ट्रेक्टर खरीदा था। उन्होंने बताया कि बहुत दिनों से ट्रेक्टर खरीदने का सोच रहे थे, लेकिन आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण नहीं खरीद पाए थे। पिछले वर्ष जैसे ही शासन द्वारा धान खरीदी करने पर उन्होंने धान विक्रय किया और एक मुश्त राशि मिलने पर ट्रेक्टर खरीदने की हिम्मत जुटा जाए। 

    उन्होंने बताया कि समय पर खेती-किसानी कार्य करने के लिए सहुलियत हुआ है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष की धान बिक्री की राशि से ट्रेक्टर की किश्त को पूरा करने में उपयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि किसान अपनी जरूरतों के साथ-साथ खेती-किसानी को बढ़ाने के लिए राशि का उपयोग कर रहे हैं। 

    ग्राम ईरा के किसान डिलेश्वर बताया कि धान उपार्जन केन्द्र में पर्याप्त मात्रा में बारदाने की उपलब्धता, पारदर्शिता तरीके से इलेक्ट्रानिक तौलाई, खाते में राशि अंतरण किया जा रहा है। धान उपार्जन केन्द्र सोमनी में किसानों के लिए बहुत अच्छी व्यवस्था रखी गई है। धान उपार्जन केन्द्र में पेयजल, छांव, चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध है। इसके लिए उन्होंने राज्य शासन को धन्यवाद ज्ञापित किया है।

  • विधानसभा शीतकालीन सत्र की तारीख तय, स्पीकर रमन सिंह ने दी जानकारी— ‘विजन@2047’ रहेगा केंद्र में

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र 14 दिसंबर से शुरू होगा. स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने सत्र को लेकर कहा कि नया सत्र पूरी तैयारी के साथ 14 दिसंबर से होगा.

    विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने मीडिया से चर्चा में कहा कि पहले दिन विजन @2047 के प्रस्तुतीकरण के साथ उस पर चर्चा होगी. पहले दिन कोई प्रश्न-उत्तर या ध्यानाकर्षण नहीं है. पहले दिन छत्तीसगढ़ के विकास पर चर्चा होगी, उसका प्रेजेंटेशन होगा. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जवाब देंगे.

  • “कोर्ट ने जयस पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया, एक ही मामले में बार-बार याचिका दायर करने के कारण”

    खरगोन

    खरगोन में एक आरक्षक और इंस्पेक्टर के बीच हुए विवाद को लेकर बार-बार लगाई गई याचिका जयस को लगाना भारी पड़ी। कोर्ट ने इस केस में न केवल नाराजगी जताई, बल्कि जय आदिवासी संगठन (जयस) पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने कहा कि एक ही मामले में बार-बार याचिका लगाई जा रही है। कोर्ट को क्या तमाशा समझ रखा है। दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जयस ने जनहित याचिका लगाई थी, लेकिन कोर्ट ने उसे निजी उद्देश्य से प्रेरित माना।

    खरगोन के जयस के जिला अध्यक्ष सचिन सिसोदिया की तरफ लगाई गई याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया। शासन की तरफ से इस याचिका पर एडिशनल एडवोकेट जनरल अरनंद सोनी ने तर्क प्रस्तुत किए थे। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में पहले भी याचिकाएं लगी थी, लेकिन बाद में उसे वापस ले लिया गया। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जनहित याचिका तभी स्वीकार की जा सकती है,जब उसमें वास्तविक सार्वजनिक हित व जनप्रभाव हो। जनहित याचिका का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
    यह था मामला

    खरगोन में रिजर्व इंस्पेक्टर सौरभ सिंह कुशवाह व आरक्षक राहुल चौहान के बीच 23 अगस्त को विवाद हो गया था। इस मामले को जयस ने उठाया और धरना प्रदर्शन भी किए। इंस्पेक्टर व उनकी पत्नी पर एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज करने की मांग भी की गई। बाद में कोर्ट में जनहित याचिका लगाई गई। कोर्ट ने कहा कि पीडि़त भी सरकारी कर्मचारी है और शिक्षित भी। वह खुद अपने अधिकारों के लिए लड़ने के लिए सक्षम है। इसके बाद याचिका वापस ले ली गई। बाद में सचिन चौहान ने याचिका लगाई, लेकिन बाद में कोर्ट में मौजूद होकर कहा कि वह याचिका वापस लेना चाहता है। बाद में जयस के जिलाध्यक्ष ने याचिका लगाई थी।

     

  • सीएम साय की पर्यटन को प्रमोट करने विशेष पहल, बस्तर के युवाओं को मिलेगा रोजगार का नया अवसर

    टूरिस्ट गाइड का गहन प्रशिक्षण लेकर लौटे छत्तीसगढ़ के युवा  

    मुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री ने दी बधाई और शुभकामनाएँ

    रायपुर,

     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर छत्तीसगढ़ राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देनेे के लगातार प्रयास किए जा रहे है। छत्तीसगढ़ की नैसर्गिक सुन्दरता और यहां के पर्यटन स्थलों को देखने के लिए देश-दुनिया के लोग छत्तीसगढ़ आये, इसे लेकर देश के विभिन्न हिस्सों विशेषकर महानगरों में छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों की जानकारी देने के लिए प्रदर्शनी एवं कार्यशालाएं भी आयोजित की जा रही है। इन सभी प्रयासों का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को पर्यटन को वैश्विक मानचित्र पर लाना है।

    मुख्यमंत्री साय की पहल पर छत्तीसगढ़ में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है और इसके लिए नई औद्योगिक पॉलिसी में कई रियायतों का प्रावधान भी किया गया है। होम-स्टे पॉलिसी बनायी गई है ताकि छत्तीसगढ़ बस्तर और सरगुजा अंचल में पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। छत्तीसगढ़ सरकार ने इन्हीं प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए राज्य के युवाओं विशेषकर बस्तर अंचल के युवाओं को पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार का अवसर उपलब्ध कराने के लिए टूरिस्ट गाइड प्रशिक्षण की अभिनव पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री के मंशानुरूप 45 युवाओं की टीम को छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के सहयोग से भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंध संस्थान (आईआईटीटीएम) ग्वालियर में टूरिस्ट गाइड के प्रशिक्षण के लिए भेजा गया था। युवाओं का यह दल वहां से एक माह का विशेष प्रशिक्षण हासिल कर छत्तीसगढ़ लौटा आया है। इन युवाओं को छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों में गाइड के तौर पर तैनात किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने टूरिस्ट गाइड का सफल प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य की प्राकृतिक सुन्दरता, यहां की हरी-भरी वादियां और मनोरम पर्यटन स्थल छत्तीसगढ़ को पर्यटन हब का स्वरूप देने में सक्षम हैं। पर्यटन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में असीम संभावनाएं विद्यमान है, इससे रोजगार और व्यवसाय के नये द्वार खुलेंगे। उन्होंने प्रशिक्षित युवाओं से अपील की कि वे छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों और सुविधाओं के बारे में पर्यटकों को विशेष रूप से बताएं, ताकि पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो। इससे राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा।

    यहां यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा 7 वर्षों के अंतराल के बाद टूरिस्ट गाइड प्रशिक्षण का यह विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें अधिकांश युवा बस्तर संभाग के रहने वाले हैं। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को पर्यटक मार्गदर्शन, संप्रेषण कौशल, सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन प्रबंधन तथा फील्ड का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिससे वे छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर सकें। प्रशिक्षित युवा छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक पर्यटन स्थलों का बेहतर प्रचार-प्रसार कर प्रदेश के पर्यटन उद्योग को ऊंचाइयों पर ले जाने में अहम रोल अदा करेंगे।

  • दमोह छात्रावास में 46 लाख के घोटाले पर कार्रवाई, डिप्टी कलेक्टर समेत दो अधिकारी निलंबित

    दमोह 

    दमोह जिले के आदिम जाति कल्याण विभाग में एससी वर्ग के छात्रावासों के लिए करीब 46 लाख रुपये की खरीदी में उजागर हुई। अनियमितताओं के मामले में सागर संभागायुक्त अनिल सुचारी ने बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने दमोह कलेक्टर के प्रतिवेदन पर डिप्टी कलेक्टर बृजेंद्र सिंह, आदिम जाति कल्याण विभाग की तत्कालीन जिला संयोजक रिया जैन और विभाग के लेखापाल महेंद्र अहिरवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

    इन अधिकारियों ने असली सामग्री के नाम पर राशि खर्च कर दी और हॉस्टलों में नकली और घटिया सामग्री की खरीदी कराकर भिजवा दी। यह गड़बड़ी एडीएम की जांच में प्रक्रिया के दौरान गंभीर गड़बड़ी, नियम-विरुद्ध भुगतान और रिकॉर्ड में हेराफेरी स्पष्ट रूप से प्रमाणित हुई थी। फिलहाल इस मामले में क्रय समिति में शामिल जिला पंचायत सीईओ, अतिरिक्त महाप्रबंधक जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी राष्ट्रीय सूचना केंद्र और जिला कोषालय अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई है, जबकि खरीदी के लिए इसी समिति ने स्वीकृति दी थी।

    दरअसल मामला वर्ष 2024-25 में एससी छात्रावासों के लिए की गई सामग्री खरीदी से जुड़ा है। विभाग ने जेम पोर्टल के माध्यम से घटिया क्वालिटी के किट, स्टेशनरी, बर्तन, गर्म कपड़े और दैनिक उपयोग की सामग्री खरीदी थी। जांच में सामने आया कि खरीदी में शामिल अधिकारियों ने मूल्यांकन प्रक्रिया को दरकिनार कर सामान की वास्तविक मात्रा और गुणवत्ता का सत्यापन किए बिना भुगतान जारी कर दिया। जिन वस्तुओं के बिल विभाग को प्रस्तुत किए गए, उनमें कई वस्तुओं की आपूर्ति वास्तविकता में छात्रावासों तक पहुंची ही नहीं। इसमें खरीदी करने की अनुमति से लेकर सप्लाई करने वालों के बीच में कमीशन का खेल चला।

    कलेक्टर ने इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए एडीएम मीना मसराम के नेतृत्व में विस्तृत जांच कराई। जांच रिपोर्ट में यह पाया गया कि खरीदी की पूरी प्रक्रिया डिप्टी कलेक्टर की निगरानी में संचालित हुई, जबकि जिला संयोजक स्तर पर सत्यापन और प्रमाणीकरण की जिम्मेदारी थी, जिसे निभाया नहीं गया। लेखापाल महेंद्र अहिरवार ने भुगतान किया था।

    रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर ने सागर संभागायुक्त को प्रतिवेदन भेजते हुए कहा कि तीनों अधिकारियों की भूमिका घोटाले में सीधे तौर पर जिम्मेदार पाई गई है और उनके विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके बाद कमिश्नर ने सभी तीनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए आगे विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। कलेक्टर सुधीर कोचर ने बताया कि मामले के प्रस्ताव अलग अलग भेजे गए थे। जिनके आधार पर यह कार्रवाई हुई है। इस मामले में अभी और कार्रवाई भी होगी।

     

  • मुख्यमंत्री साय बोले – प्रधानमंत्री मोदी की हर गारंटी को पूरा कर रही है छत्तीसगढ़ सरकार

    सुहेला में 195 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन

    सुहेला में खुलेगा शासकीय महाविद्यालय

    बलौदाबाजार में कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल भवन, तिल्दा में नवीन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन सहित कई महत्वपूर्ण घोषणाएं

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम सुहेला में आयोजित कार्यक्रम में 195.26 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। कार्यक्रम में उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के 1073 हितग्राहियों को आवास की चाबी, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत तीन हजार महिलाओं को गैस कनेक्शन, प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना अंतर्गत पाँच हजार किसानों को अधिकार अभिलेख तथा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को सामग्री और राशि के चेक प्रदान किए।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का ध्येय है कि हर घर में पक्का मकान, शौचालय, शुद्ध पेयजल और प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ पहुंचे। इसी उद्देश्य को साकार करने के लिए हमारी सरकार जनता के हित में वचनबद्ध होकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को पृथक राज्य बने 25 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं और हम रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं। सरकार बनने से पहले प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी में जो वादे किए गए थे, उन्हें हम एक-एक कर पूरा कर रहे हैं।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी हो रही है। तेंदूपत्ता संग्रहण की दर बढ़ाकर प्रति मानक बोरा 5,500 रुपये कर दी गई है। किसानों को दो वर्ष का बकाया बोनस भी प्रदान किया जा चुका है। महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ बड़ी संख्या में महिलाओं को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत हर घर को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना में बड़ी मात्रा में सब्सिडी भी मिल रही है, इसलिए अधिक से अधिक लोग अपने घरों में सोलर पैनल स्थापित कर लाभ उठाएँ।

    उन्होंने जिले में प्रशासन की ‘हम होंगे कामयाब’ पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि युवाओं को उनकी रुचि के अनुसार प्रशिक्षित कर उनके बेहतर भविष्य के लिए जो प्रयास किए जा रहे हैं, उनसे अब तक 500 से अधिक युवाओं को लाभ मिला है।

    कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव और स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास की नई ऊँचाइयाँ छू रहा है और बड़े-बड़े कार्य सहजता से पूरे हो रहे हैं। राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने बताया कि बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में अकेले 100 करोड़ रुपये से अधिक की सड़कों की  स्वीकृति मिली है।

    मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम के दौरान सुहेला में नवीन महाविद्यालय की स्थापना, तिल्दा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन, बलौदाबाजार में शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल भवन एवं नवीन व्यावसायिक परिसर का निर्माण करने की घोषणा की। उन्होंने जिले के 50 धान उपार्जन केंद्रों में किसानों के लिए 10-10 लाख रुपये की लागत से शेड निर्माण तथा सुहेला तिगड्डे में तीनों सड़कों पर एक-एक किलोमीटर तक डिवाइडर निर्माण एवं लाइट लगाने की भी घोषणा की।

    मुख्यमंत्री साय ने जिन विकास कार्यों का लोकार्पण किया, उनमें मुख्य रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत 12.87 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 1073 आवास, तथा लगभग 7.74 करोड़ रुपये की लागत से आमाकोनी, हथबंद, पौसरी, सेम्हराडीह और खपराडीह में निर्मित जल प्रदाय योजनाएँ शामिल हैं।

    भूमिपूजन के प्रमुख कार्यों में 49.17 करोड़ रुपये की लागत से बलौदाबाजार–रिसदा–हथबंद मार्ग मजबूतीकरण, 20.98 करोड़ रुपये की लागत से बलौदाबाजार के रिसदा बायपास मार्ग, 15.59 करोड़ रुपये की लागत से बलौदाबाजार में इंडोर स्टेडियम कॉम्प्लेक्स, 8.60 करोड़ रुपये की लागत से प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत 717 आवास तथा 8.04 करोड़ रुपये की लागत से कोल्हान नाले के पार सुंगेरा एनिकट निर्माण शामिल हैं।

    कार्यक्रम में 5 करोड़ रुपये से अधिक की हितग्राहीमूलक सामग्री एवं चेक वितरण किया गया। इसमें मुख्य रूप से सायबर फ्रॉड प्रकरण के 27 लाख रुपये की वापसी, श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं में 83 लाख रुपये का वितरण, 8333 छात्रों को 4.25 करोड़ रुपये की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति, महिला स्व सहायता समूहों एवं ‘सक्षम’ योजना अंतर्गत 16 महिलाओं को 25 लाख रुपये, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत 10 हितग्राहियों को 9.69 लाख रुपये तथा ‘हम होंगे कामयाब’ योजना अंतर्गत 60 हितग्राहियों को 6.81 लाख रुपये का भुगतान शामिल है।

    इस अवसर पर बलौदाबाजार-भाटापारा जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर नवीन अग्रवाल, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा, महिला आयोग की सदस्य लक्ष्मी वर्मा, जनपद अध्यक्ष सिमगा दौलत पाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

  • मध्यप्रदेश में दिसंबर की छुट्टियों का ऐलान, स्कूल कब रहेंगे बंद – जानें पूरी लिस्ट

    भोपाल
     दिसंबर की शुरुआत के साथ ही छात्रों में छुट्टियों का रोमांच बढ़ जाता है। इस महीने में जहां क्रिसमस का निर्धारित अवकाश रहता है, वहीं सबसे ज़्यादा इंतजार होता है शीतकालीन छुट्टियों का। मध्य प्रदेश के शैक्षणिक कैलेंडर के आधार पर दिसंबर 2025 की संभावित छुट्टियों का अनुमान लगा लिया गया है।

    दिसंबर 2025 में संभावित छुट्टियां — पूरी डिटेल

    शीतकालीन अवकाश 

    मध्य प्रदेश में सर्दियों की छुट्टियां हर साल लगभग 10–12 दिनों की होती हैं। इस बार संभावित रूप से स्कूल 23 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक बंद रहेंगे। कुछ जिलों में यह अवकाश जनवरी के पहले सप्ताह तक भी बढ़ सकता है। यह आदेश प्रदेशभर के सरकारी और प्राइवेट दोनों ही स्कूलों में लागू होता है।

    10वीं-12वीं के लिए स्कूल रहेंगे खुले

    दिसंबर में बोर्ड परीक्षा की तैयारी का अहम समय होता है। बोर्ड परीक्षा से पहले स्कूल में होने वाली परीक्षाएं 15 दिसंबर से 29 दिसंबर 2025 के बीच चलेंगी। जिन छात्रों की परीक्षाएं होंगी, उनके लिए स्कूल निर्धारित तिथियों पर खुले रहेंगे, ताकि तैयारी और परीक्षा दोनों सुचारू रूप से चल सकें।

     क्रिसमस डे — अनिवार्य अवकाश

    25 दिसंबर, क्रिसमस के दिन सभी स्कूलों में निश्चित सार्वजनिक अवकाश रहेगा। यह तारीख हर साल फिक्स होती है।

    सर्दियों की छुट्टियां क्यों होती हैं जरूरी?

    कड़ाके की ठंड को देखते हुए छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखकर राज्य सरकार हर साल ये अवकाश घोषित करती है। यह समय बच्चों के लिए आराम, त्योहारों की खुशियां और नए साल की तैयारियों का होता है।

    दिसंबर 2025 में एमपी के स्कूलों में—

    23 से 31 दिसंबर तक संभावित विंटर वेकेशन

    25 दिसंबर को क्रिसमस की अनिवार्य छुट्टी

     10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए स्कूल खुले

    यह महीना छात्रों और अभिभावकों दोनों के लिए त्योहारों और छुट्टियों से भरा होगा।

  • आग की लपटों में घिरा मक्का लदा ट्रक: साल्हेवारा घाटी में दमकल की तत्परता से बड़ा नुकसान टला

    खैरागढ़

     साल्हेवारा घाटी में शुक्रवार सुबह बड़ा हादसा होते-होते बच गया. मक्का से भरे 14 चक्का ट्रक में अचानक आग लग गई. ट्रक पलारी, मध्यप्रदेश से मक्का लेकर आरंग, रायपुर जा रही थी. सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने e समय पर की गई कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया.

    जानकारी के अनुसार, ट्रक सुबह करीब 9 बजे साल्हेवारा से निकली थी. लगभग 9.30 बजे जैसे ही ट्रक घाटी के मोड़ पर पहुंची, तभी अचानक टायर फट गया और तुरंत आग भड़क उठी. तेज आग देखकर ट्रक ड्राइवर तुरंत कूदकर नीचे उतरा और अपनी जान बचाई.

    धुआं उठता देख आसपास के लोगों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी. सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मेहनत कर आग पर पूरी तरह काबू पाया. समय पर की गई कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया.

    आग में ट्रक को काफी नुकसान हुआ है, लेकिन सबसे राहत की बात यह है कि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. घटना के बाद कुछ समय के लिए सड़क पर ट्रैफिक रुका रहा, जिसे बाद में पुलिस ने साफ कराकर यातायात सामान्य कर दिया. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.

  • संतोष वर्मा के बयान पर अदालत ने पुलिस को 20 जनवरी तक रिपोर्ट पेश करने का

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश में एक आईएएस अधिकारी के कथित विवादित बयान को लेकर मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इंदौर की एक स्थानीय अदालत ने गुरुवार को इस मामले में दाखिल शिकायत पर संज्ञान लेते हुए तुकोगंज पुलिस थाने के टीआई को 20 जनवरी तक स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई भी 20 जनवरी को होगी। शिकायत एक स्थानीय वकील की ओर से दर्ज कराई गई है, जिसमें ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां करने का आरोप लगाया गया है।

    शिकायतकर्ता अधिवक्ता शैलेन्द्र द्विवेदी ने अदालत को बताया कि हाल ही में मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (AJAKS) के अध्यक्ष बने आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा ने पिछले महीने भोपाल में हुए एक कार्यक्रम के दौरान ब्राह्मण समुदाय की बेटियों को लेकर अशोभनीय, अभद्र और समाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली टिप्पणी की थी।

    अदालत ने प्रगति रिपोर्ट मांगी
    शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि इस बयान से दो समुदायों के बीच तनाव और वैमनस्य फैलाने की स्थिति पैदा हुई। वकील के अनुसार उन्होंने तुकोगंज थाने में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज न किए जाने के कारण उन्हें अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा।

    अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस से पूरे घटनाक्रम की प्रगति रिपोर्ट मांगी है। वहीं, राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग ने भी 26 नवंबर को आईएएस अधिकारी को शो-कॉज नोटिस जारी किया था, जिसमें पूछा गया कि उनके विवादित बयान पर विभागीय कार्रवाई क्यों न की जाए। 

    गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया बयान- IAS संतोष वर्मा
    विवाद बढ़ने के बाद संतोष वर्मा ने मीडिया से कहा कि उनके लंबे भाषण के एक छोटे हिस्से को तोड़ा-मरोड़ा गया और गलत संदर्भ में प्रसारित किया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका किसी भी समुदाय की भावनाएं आहत करने का उद्देश्य नहीं था। वर्मा ने कहा अगर मेरे किसी कथन को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया और किसी समाज को ठेस पहुंची है, तो मुझे खेद है।

    गौरतलब है कि इस बयान का वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें वे कह रहे हैं कि एक परिवार में  व्यक्ति को आरक्षण मिलना चाहिए, जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान नहीं कर दे या उससे संबंध नहीं बना ले, यदि आरक्षण आर्थिक आधार पर देना है तो । उन्होंने आगे कहा कि तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए।

     

  • ग्वालियर से गाइड ट्रेनिंग लेकर लौटे 45 युवा, छत्तीसगढ़ पर्यटन को मिली नई उड़ान, CM ने दी शुभकामनाएं

    रायपुर
     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर छत्तीसगढ़ राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देनेे के लगातार प्रयास किए जा रहे है। छत्तीसगढ़ की नैसर्गिक सुन्दरता और यहां के पर्यटन स्थलों को देखने के लिए देश-दुनिया के लोग छत्तीसगढ़ आये, इसे लेकर देश के विभिन्न हिस्सों विशेषकर महानगरों में छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों की जानकारी देने के लिए प्रदर्शनी एवं कार्यशालाएं भी आयोजित की जा रही है। इन सभी प्रयासों का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को पर्यटन को वैश्विक मानचित्र पर लाना है।

    मुख्यमंत्री साय की पहल पर छत्तीसगढ़ में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है और इसके लिए नई औद्योगिक पॉलिसी में कई रियायतों का प्रावधान भी किया गया है। होम-स्टे पॉलिसी बनायी गई है ताकि छत्तीसगढ़ बस्तर और सरगुजा अंचल में पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। छत्तीसगढ़ सरकार ने इन्हीं प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए राज्य के युवाओं विशेषकर बस्तर अंचल के युवाओं को पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार का अवसर उपलब्ध कराने के लिए टूरिस्ट गाइड प्रशिक्षण की अभिनव पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री के मंशानुरूप 45 युवाओं की टीम को छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के सहयोग से भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंध संस्थान (आईआईटीटीएम) ग्वालियर में टूरिस्ट गाइड के प्रशिक्षण के लिए भेजा गया था। युवाओं का यह दल वहां से एक माह का विशेष प्रशिक्षण हासिल कर छत्तीसगढ़ लौटा आया है। इन युवाओं को छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों में गाइड के तौर पर तैनात किया जाएगा। 

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने टूरिस्ट गाइड का सफल प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य की प्राकृतिक सुन्दरता, यहां की हरी-भरी वादियां और मनोरम पर्यटन स्थल छत्तीसगढ़ को पर्यटन हब का स्वरूप देने में सक्षम हैं। पर्यटन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में असीम संभावनाएं विद्यमान है, इससे रोजगार और व्यवसाय के नये द्वार खुलेंगे। उन्होंने प्रशिक्षित युवाओं से अपील की कि वे छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों और सुविधाओं के बारे में पर्यटकों को विशेष रूप से बताएं, ताकि पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो। इससे राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा।

    यहां यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा 7 वर्षों के अंतराल के बाद टूरिस्ट गाइड प्रशिक्षण का यह विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें अधिकांश युवा बस्तर संभाग के रहने वाले हैं। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को पर्यटक मार्गदर्शन, संप्रेषण कौशल, सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन प्रबंधन तथा फील्ड का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिससे वे छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर सकें। प्रशिक्षित युवा छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक पर्यटन स्थलों का बेहतर प्रचार-प्रसार कर प्रदेश के पर्यटन उद्योग को ऊंचाइयों पर ले जाने में अहम रोल अदा करेंगे।

  • देश में पराली जलाने के मामले में मध्य प्रदेश का पहले नंबर पर होना, किसानों को जागरूक करने की कोशिशें नाकाम

    ग्वालियर
     पराली जलाने के मामले में मध्य प्रदेश लगातार दूसरी बार पहले नंबर पर रहा है। यही स्थिति अंचल के श्योपुर जिले की है, यह जिला भी लगातार दूसरी बार देश में अव्वल रहा है। लेकिन इस बार अधिक पराली जलाने वाले जिलों की टॉप टेन सूची में प्रदेश के आठ जिले हैं।

    जबकि पिछले साल चार ही जिले थे और 2023 में दो जिले व 2022 में एक भी जिला नहीं था। यानि पिछले तीन साल से प्रदेश में रोक के बाद भी किसान अधिक पराली जला रहे हैं। ग्वालियर जहां टॉप टेन सूची में कभी नहीं आता था और पूरी देश की सूची में काफी नीचे रहता था। तीसरे स्थान पर आया है।

    बता दें कि भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान की संस्था कंसोर्टियम फॉर रिसर्च ऑन एग्रोकोसिस्टम मॉनीटरिंग 15 सितंबर से 30 नवंबर तक पराली जलाने की घटनाओं की सैटेलाइट से निगरानी करता है। इस बार प्रदेशों की बात करें तो मध्य प्रदेश 17067 घटनाओं के साथ पहले नंबर, 7290 घटनाओं के साथ उत्तर प्रदेश दूसरे, 5114 घटनाओं के साथ पंजाब तीसरे नंबर पर व 2890 घटनाओं के साथ राजस्थान चौथे नंबर पर रहा।

    जबकि इस साल जिलों में 2643 घटनाओं के साथ श्योपुर पहले, 1973 घटनाओं के साथ जबलपुर दूसरे, 1930 घटनाओं के साथ ग्वालियर तीसरे, 1797 घटनाओं के साथ दतिया चौथे, 1580 घटनाओं के साथ होशंगाबाद पांचवें, 1142 घटनाओं के साथ सिवनी छठे, 1054 घटनाओं के साथ सतना आठवें व 719 घटनाओं के साथ रायसेन 10वें नंबर पर रहे।

  • अवैध भंडारण का खुलासा: शहपुरा में 384 बोरी धान जब्त की गई

    शहपुरा में अवैध रूप से भण्डारित 384 बोरी धान जब्त.

    शहपुरा में कार्रवाई: अवैध रूप से रखी गई 384 बोरी धान ज़ब्त

    अवैध भंडारण का खुलासा: शहपुरा में 384 बोरी धान जब्त की गई

    जबलपुर 
     धान उपार्जन में फर्जीवाड़ा रोकने की जा रही कार्यवाही के तहत आज गुरुवार को शहपुरा मंडी प्रांगण के पीछे स्थित सचिन जैन एवं जानी गुमास्ता की दुकान से अवैध रूप से भंडारित 384 बोरी धान जब्त की गई है। जब्त की गई धान को खरीदी केंद्र ले जाने मिनी ट्रक में लोड किया जा रहा था।

    धान के अवैध भंडारण को कृषि विभाग की टीम द्वारा पकड़ा गया। कृषि अधिकारियों द्वारा तुरंत इसकी सूचना एसडीएम शहपुरा को दी गई। एसडीएम शहपुरा मदनसिंह रघुवंशी ने कृषि उपज मंडी सचिव के साथ मौके पर पहुंचकर धान की जब्ती की कार्यवाही की। 

    एसडीएम शहपुरा ने बताया कि धान के अवैध भंडारण में लिप्त दोनों व्यापारियों को बिना लाइसेंस के अनाज की खरीदी करते और विक्रय करते भी पाया गया है। उन्होंने बताया कि कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देशानुसार शहपुरा तहसील में किसानों के नाम पर समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन व्यवस्था का अनुचित लाभ उठाने की कोशिश करने वाले व्यापारियों या बिचौलियों पर पैनी नजर रखी जा रही है और कार्यवाही के लिये अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं।

    एसडीएम शहपुरा के अनुसार उपार्जन व्यवस्था का अनुचित लाभ उठाने के लिये धान का अवैध संग्रह करने वाले व्यापारियों और बिचौलियों के विरुद्ध कार्यवाही लगातार जारी और खरीदी केंद्रों पर गलत नाम उपज का विक्रय करने पर आपराधिक प्रकरण भी दर्ज कराए जाएंगे।

  • पासपोर्ट आवेदन में ग्वालियर–मुरैना का दबदबा, भिंड में रुझान कमजोर क्यों?

    भिंड
    भिंड शहर के हनुमान बजरिया स्थित बड़े डाकघर परिसर में 19 अप्रैल 2025 को शुरू किए गए पासपोर्ट सेवा कार्यालय ने सात महीनों में अपनी पहचान मजबूत कर ली है। हालांकि पासपोर्ट बनवाने में भिंड जिले के लोगों की संख्या उम्मीद से कम है, लेकिन ग्वालियर और मुरैना जिले के लोगों का रुझान अप्रत्याशित रूप से अधिक देखा जा रहा है।

    सात महीने में 10 हजार पासपोर्ट जारी
    कार्यालय के आंकड़े बताते हैं कि सात महीनों में करीब 15 हजार आवेदन आए, जिनमें से 10 हजार पासपोर्ट जारी किए जा चुके हैं। रोजाना औसतन 30 से 40 लोग कार्यालय पहुंचकर पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन कर रहे हैं।
     
    ग्वालियर और मुरैना के लोग क्यों आ रहे अधिक?
    पासपोर्ट कार्यालय के इंचार्ज अभिषेक छत्रसाल के अनुसार ग्वालियर में पासपोर्ट सेवा केंद्र पहले से संचालित है, लेकिन भिंड कार्यालय के शुरू होने के बाद यहां दस्तावेजी जांच और अन्य प्रक्रिया आसान होने से ग्वालियर-मुरैना क्षेत्र के लोग भी यहां आने लगे हैं। उन्होंने बताया कि कई आवेदक ग्वालियर केंद्र पर लंबी वेटिंग से बचने के लिए भिंड कार्यालय को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके अलावा, मुरैना के लोगों के लिए भिंड की दूरी अपेक्षाकृत कम होने से वे यहां बड़ी संख्या में आ रहे हैं।

    भिंड जिले में उत्साह कम, फिर भी बदल रहा ट्रेंड
    शुरू में उम्मीद थी कि भिंड के हजारों युवा पासपोर्ट बनवाने के लिए भारी संख्या में पहुंचेंगे। लेकिन शुरुआती महीनों में आवेदन संख्या अपेक्षाकृत कम रही। इसका मुख्य कारण ग्रामीण क्षेत्रों में पासपोर्ट प्रक्रिया को लेकर जागरूकता की कमी बताई जा रही है। हालांकि पिछले दो महीनों में भिंड जिले के लोगों में भी पासपोर्ट बनवाने को लेकर रुझान बढ़ा है। स्थानीय युवाओं ने बताया कि विदेश में रोजगार और स्कॉलरशिप अवसरों की जानकारी मिलने से अब अधिक लोग पासपोर्ट बनवाने के लिए जागरूक हो रहे हैं।

    आवेदन प्रक्रिया में सुधार से बढ़ रही संख्या
    पासपोर्ट कार्यालय के इंचार्ज ने छत्रसाल के मुताबिक कार्यालय में स्टाफ की संख्या और काउंटर बढ़ाए जाने से आवेदन प्रक्रिया तेज हुई है। अब आवेदकों को वेरिफिकेशन में अधिक समय नहीं लग रहा। पुलिस वेरिफिकेशन को भी डिजिटल मोड से तेज किया गया है। इसी वजह से आवेदन स्वीकृति और पासपोर्ट डिलीवरी दोनों की गति बढ़ी है।

    पासपोर्ट बनवाने के मुख्य कारण
    ग्वालियर-मुरैना से आ रहे अधिकांश आवेदन विदेश रोजगार, स्टडी वीजा और परिवार पुनर्मिलन (एफआर) श्रेणी के हैं। वहीं भिंड जिले से आने वाले आवेदकों में ज्यादातर टूरिस्ट वीजा, स्टूडेंट, और जाब श्रेणी के लोग शामिल हैं।