• महिलाओं के कौशल उन्नयन के लिए तकनीकी शिक्षा व उद्योग विभाग के साथ मिलकर बनाएं कार्य योजना

    लाड़ली लक्ष्मी बेटियों के ड्राप आऊट पर रखें सख़्त निगरानी
    आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की पूर्णत: ऑनलाइन पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया लागू करने में देश का पहला राज्य बना मध्यप्रदेश
    टेक होम राशन की फेस रिकग्निशन सिस्टम प्रक्रिया में मध्यप्रदेश प्रथम लाभ पहुँचाने में राष्ट्रीय स्तर पर मिली सराहना
    स्पॉन्सरशिप योजना में 20,243 बच्चों को लाभ, देश में दूसरा स्थान
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की महिला बाल विकास विभाग की समीक्षा

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि महिला एवं बाल विकास विभाग की गतिविधियां बच्चों और महिलाओं के पोषण व स्वस्थ सर्वांगीण विकास और महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित हैं। अधिक से अधिक लोगों तक विभाग की योजनाओं और कार्यक्रमों का सुगमता पूर्वक लाभ पहुंचाने के लिए सुशासन की भावना के अनुसार पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए गतिविधियों का संचालन किया जाए। कार्यक्रम क्रियान्वयन के अनुवीक्षण में आईटी का अधिक से अधिक उपयोग करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को बच्चों और महिलाओं के पोषण व स्वास्थ्य के लिए स्कूल शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग तथा महिलाओं की आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण के लिए कौशल उन्नयन व रोजगार की दृष्टि से तकनीकी शिक्षा तथा उद्योग विभाग से बेहतर समन्वय कर गतिविधियां संचालित करने के निर्देश महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में दिए। मंत्रालय में हुई बैठक में महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में विभाग की दो वर्ष की उपलब्धियों और नवाचारों का प्रेजेंटेशन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगामी वर्षों की कार्य योजना के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी योजना प्रदेश की बेटियों के उज्ज्वल भविष्य से जुड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। विभाग यह सुनिश्चित करे कि किसी भी चरण पर लाड़ली लक्ष्मी बेटियों का ड्रॉप आउट न हो। ड्रॉपआउट होने वाली बालिकाओं पर सख़्त निगरानी रखी जाए और तुरंत कारणों का निराकरण कर उन्हें योजना में पुनः जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं और बच्चों से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य पारदर्शिता, समयबद्धता और लाभार्थी-केंद्रित व्यवस्था को और मजबूत बनाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला स्तर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से समन्वय कर आंगनवाड़ियों की बाउण्ड्रीवॉल बनवाने के संबंध में निर्देश दिए। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने जिलों द्वारा किए जा रहे नवाचारों की प्रभावशीलता का अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन संस्थान से वैज्ञानिक आधार पर अध्ययन कराने और उनकी उपयुक्तता के आधार पर अन्य जिलों में क्रियान्वित करने के निर्देश दिए।

    समीक्षा बैठक में महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने जानकारी देते हुए कहा कि पीएम जनमन योजना अंतर्गत भवनों की डिज़ाइन एवं ऑनलाइन मॉनिटरिंग मॉड्यूल को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। इसी योजना में प्रदेश को सर्वाधिक 704 आंगनवाड़ी भवनों की स्वीकृति मिली है, जिनमें निर्माण प्रगति देश में सर्वोच्च है। कुपोषण निवारण में झाबुआ जिले के “मोटी आई” नवाचार को देश के सर्वोच्च सम्मान—प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया।

     विभाग की दो वर्ष की उपलब्धियों

    आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की पूर्णत: ऑनलाइन पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया लागू करने में मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य बना।

        टेक होम राशन की एफआरएस प्रक्रिया में मध्यप्रदेश प्रथम। राष्ट्रीय स्तर पर हुई सराहना।

        स्पॉन्सरशिप योजना में 20,243 बच्चों को लाभ। प्रदेश, देश में दूसरे स्थान पर रहा।

        भवन निर्माण की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए अत्याधुनिक मॉड्यूल विकसित किया गया।

        उपस्थिति के लिए 20 मीटर जियो-फेंसिंग व्यवस्था डिजिटल पारदर्शिता की मिसाल बनी।

        प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 9.70 लाख गर्भवती महिलाओं को 512 करोड़ रूपए से अधिक की सहायता उपलब्ध कराई गई।

        लाड़ली बहना योजना में जनवरी 2024 से नवंबर 2025 तक 36 हजार 778 करोड़ रूपए का अंतरण कि किया गया।

        1 लाख 72 हजार महिलाओं को महिला हेल्पलाइन से सहायता प्रदान की गई। वन स्टॉप सेन्टर्स द्वारा 52,095 महिलाओं को सुरक्षा उपलब्ध कराई गई।

        बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के अंतर्गत 6,520 ड्राइविंग लाइसेंस और 8,637 बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं का प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया।

        आंगनवाड़ी केंद्रों का बड़े पैमाने पर उन्नयन करते हुए 12 हजार 670 केंद्र ‘सक्षम आंगनवाड़ी’घोषित किए गए।

    जिलों में हुए नवाचार

    डिण्डौरी में संचालित रेवा प्रोजेक्ट के अंतर्गत्‍ बच्चों की स्वास्थ्य जाँच के साथ-साथ उन्हें पोषण किट और स्वच्छता किट उपलब्ध कराई जा रही है।

        अशोकनगर में हृदय अभियान के अंतर्गत बच्चों को जनसहयोग से पोषण सामग्री वितरित की जा रही है और पोषण स्तर का निरंतर फॉलोअप किया जा रहा है।

        देवास में किलकारी अभियान के अंतर्गत विभाग की गतिविधियों में निजी संस्थाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

        नीमच में 'हमारी आंगनवाड़ी अभियान' में कुपोषित बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने, उनकी देखभाल और नियकित हेल्थ चेक अप में पोषण मित्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

        दतिया में मेरा बच्चा अभियान के अंतर्गत सक्षम व्यक्तियों को कुपोषित बच्चों को गोद लेने और उनका फॉलोअप करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

    आगामी 3 वर्ष की कार्य योजना के अंतर्गत निम्न बिन्दुओं पर हुआ विचार-विमर्श 

        मध्यप्रदेश में सेंट्रल किचन से शहरी आंगनवाड़ियों में गर्म भोजन की व्यवस्था 2026 से लागू की जाएगी।

        विजन 2047 अनुरूप शाला पूर्व शिक्षा की गुणवत्ता वृद्धि के लिए वर्क बुक और विकास कार्ड की व्यवस्था की जाएगी।

        मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत 34 लाख से अधिक बालिकाओं को छात्रवृत्ति/प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाएगा।

        आंगनवाड़ी भवन निर्माण के मेगा प्लान के अंतर्गत अगले तीन वर्षों में 9,000 नए भवन बनाए जाएंगे।

        हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वुमन योजना के अंतर्गत जेंडर, सुरक्षा व कानूनी सहायता के संबंध में बड़े पैमाने जागरूकता गतिविधियों का संचालन किया जाएगा।

        बेटो बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत शाला त्यागी बालिकाओं को स्कूल शिक्षा पूर्ण कराने, बालिकाओं के कौशल प्रशिक्षण, आत्मरक्षा व ड्राइविंग लायसेंस उपलब्ध कराने के लिए गतिविधियों का संचालन किया जाएगा।

    प्रमुख बिन्दु

        कार्यक्रम क्रियान्वयन के अनुवीक्षण में आईटी का अधिक से अधिक उपयोग करें।

        आगामी वर्षों की कार्य योजना के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

        लाड़ली लक्ष्मी योजना प्रदेश की बेटियों के उज्ज्वल भविष्य से जुड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है।

        किसी भी चरण पर लाड़ली लक्ष्मी बेटियों का ड्रॉप आउट न हो।

        महिलाओं और बच्चों से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

        हमारा लक्ष्य पारदर्शिता, समयबद्धता और लाभार्थी-केंद्रित व्यवस्था को और मजबूत बनाना है।

        जिला स्तर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से समन्वय कर आंगनवाड़ियों की बाउण्ड्रीवॉल बनवाने के संबंध में निर्देश दिए।

        पीएम जनमन योजना अंतर्गत भवनों की डिज़ाइन एवं ऑनलाइन मॉनिटरिंग मॉड्यूल को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर सराहा।

        योजना में प्रदेश को सर्वाधिक 704 आंगनवाड़ी भवनों की स्वीकृति मिली है, जिनमें निर्माण प्रगति देश में सर्वोच्च है।

        कुपोषण निवारण में झाबुआ जिले के “मोटी आई”नवाचार को देश के सर्वोच्च सम्मान—प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से पुरस्कृत।

     

  • वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन को 50.60 करोड़ का शुद्ध लाभ, 32 प्रतिशत लाभांश का प्रस्ताव

    मप्र वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक कॉरपोरेशन की 21वीं साधारण सभा सम्पन्न, कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित

    भोपाल
    मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक कॉरपोरेशन की 21वीं साधारण सभा कॉरपोरेशन के अध्यक्ष एवं प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरुण शमी, कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक श्री अनुराग वर्मा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। सभा में वर्ष 2023-24 की वित्तीय स्थिति, विभागीय उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। साधारण सभा में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में कॉरपोरेशन ने 50 करोड़ 60 लाख रुपए का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। अधिकारियों ने लाभ की अन्य संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया।

    अंशधारकों को 32 प्रतिशत लाभांश का प्रस्ताव
    खाद्य मंत्री श्री राजपूत की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई साधारण सभा में वर्ष 2023–24 के लिए अंशधारकों को 32 प्रतिशत की दर से कुल 2 करोड़ 57 लाख रुपए का लाभांश दिए जाने का प्रस्ताव रखा गया। प्रस्ताव को व्यापक समर्थन मिला और इसे अनुमोदन हेतु आगे बढ़ाया गया। वर्ष 2023–24 में कॉरपोरेशन की 300 शाखाएँ कार्यरत रहीं। इस अवधि में औसत 225.11 लाख मीट्रिक टन की भंडारण क्षमता का संचालन किया गया, जो प्रदेश में कृषि उपज के सुरक्षित एवं वैज्ञानिक भंडारण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। 01 अप्रैल 2023 की स्थिति में कॉरपोरेशन पर किसी भी बैंक या वित्तीय संस्था का कोई बकाया ऋण नहीं था। वर्ष भर में भी किसी प्रकार का कर्ज नहीं लिया गया। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने इसे वित्तीय अनुशासन और सुशासन का परिणाम बताया।

    सुदृढ़ होगी प्रदेश की भंडारण क्षमता
    प्रदेश सरकार की वेयरहाउस इंफ्रास्ट्रक्चर फंड–नाबार्ड योजना के तहत वर्ष 2023–24 में कॉरपोरेशन को 59 करोड़ 65 लाख रुपए की राशि प्राप्त हुई। इस राशि का उपयोग प्रदेश में भंडारण ढांचे को सुदृढ़ बनाने में किया जा रहा है। सभा में बताया गया कि वर्ष 2023–24 में बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास हेतु निर्धारित बुंदेलखंड योजना के अंतर्गत कॉरपोरेशन को शासन से कोई राशि प्राप्त नहीं हुई। डिजिटलाइजेशन की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।

    प्रदेश शासन से एंड टू एंड कम्प्यूटराइजेशन स्कीम के तहत 1 करोड़ 48 लाख रुपए का अनुदान प्राप्त हुआ, जिसके माध्यम से विभिन्न शाखाओं में आधुनिक कंप्यूटर और आईटी सुविधाओं की स्थापना की गई। खाद्य मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि पूर्ण कम्प्यूटराइजेशन से पारदर्शिता, गति और भंडारण प्रबंधन की दक्षता में वृद्धि होगी।

     

  • मादा चीता वीरा और उसके 2 शावकों को करेंगे रिलीज

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर गुरुवार 4 दिसम्बर को श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में 3 चीतों, जिनमें मादा चीता 'वीरा' और उसके 10 माह के 2 शावकों को बड़े बाड़े से खुले जंगल में छोड़ेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव कूनो राष्ट्रीय उद्यान के वर्ष 2026 का कैलेण्डर तथा 'फील्ड मैन्युअल फॉर क्लीनिकल मैनेजमेंट ऑफ फ्री-रेंजिंग चीताज़ इन कूनो नेशनल पार्क' का विमोचन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कूनो राष्ट्रीय उद्यान में नव-निर्मित सोवेनियर शॉप का लोकार्पण भी करेंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर 3 वर्ष पूर्व मध्यप्रदेश को चीता परियोजना की सौगात मिली थी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 17 सितम्बर, 2022 को अपने जन्म-दिवस पर कूनो पालपुर में चीते छोड़कर प्रोजेक्ट की शुरूआत की थी। नामीबिया से 8 चीतों को कूनो राष्ट्रीय उद्यान लाया गया था। वर्तमान में कूनो पालपुर और गाँधी सागर अभयारण्य में चीतों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में प्रोजेक्ट चीता को "इनोवेटिव इनिशिएटिव्स अवॉर्ड'' से सम्मानित किया गया है। चीतों ने भारतीय वातावरण को आश्चर्यजनक रूप से पूरी तरह अपना लिया है। पिछले 3 वर्षों में 5 मादा चीता द्वारा 6 बार शावकों को जन्म देना इस परियोजना की सफलता और लचीलापन का परिचायक है। परिणाम स्वरूप चीते न केवल जीवित रहे, बल्कि चीतों ने सफलतापूर्वक अपना परिवार भी बढ़ाया है।

    अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस का मुख्य उद्देश्य चीतों की घटती आबादी, उनके आवास के नुकसान और शिकार जैसी समस्याओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने और उनके संरक्षण के लिये वैश्विक प्रयासों को बढ़ावा देना है। एपीसीसीएफ एवं निदेशक लॉयन प्रोजेक्ट मध्यप्रदेश ने बताया कि चीता परिवार की सुरक्षा और प्राकृतिक परिवेश में सफल अनुकूलन सुनिश्चित करने के लिये उन्नत रेडियो-ट्रेकिंग प्रणाली और समर्पित फील्ड टीमों के माध्यम से सतत निगरानी की जायेगी। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम कूनो राष्ट्रीय उद्यान के परोंड वन क्षेत्र में आयोजित होगा, जो निर्धारित पर्यटन जोन है। इस क्षेत्र में चीता परिवार की मौजूदगी से ईको पर्यटन के नये अवसरों के साथ ही प्रोजेक्ट चीता के प्रति जन-सहभागिता और रुचि में और अधिक वृद्धि होने की अपेक्षा है।

     

  • सरकारी कार्यों में रफ्तार: ई-गजट ऑनलाईन पोर्टल से अधिसूचना प्रकाशन होगा त्वरित

    रायपुर

     मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और त्वरित बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने मंत्रालय में ई-गजट ऑनलाईन पोर्टल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले उपस्थित  थीं।

    ई-गजट ऑनलाईन पोर्टल पोर्टल के माध्यम से अब शासन के सभी विभाग तथा जिला कलेक्टरों द्वारा जारी आदेश, अधिसूचनाएँ, अध्यादेश एवं अन्य प्रकाशन सामग्री सीधे ऑनलाईन पाण्डुलिपि रूप में संचालक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री विभाग को भेजी जाएगी, जहाँ से शासकीय मुद्रणालय इसे ई-गजट के रूप में ऑनलाइन प्रकाशित करेगा।

    राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा विकसित इस नई प्रणाली के तहत राजपत्र प्रकाशन की संपूर्ण प्रक्रिया अब डिजिटल माध्यम से संचालित होगी। पूर्व में विभागों एवं जिला कार्यालयों से मुद्रणालय तक पाण्डुलिपि भेजने की प्रक्रिया समयसाध्य और भौतिक संसाधनों पर आधारित थी, जिसे अब पूर्णतः ऑनलाइन कर दिया गया है। नए ई-गजट पोर्टल के माध्यम से विभाग अपने आदेश एवं अधिसूचनाएँ सीधे अपलोड करेंगे तथा प्रकाशित राजपत्र भी सभी के लिए ऑनलाइन सुलभ रहेगा।

    ई-गजट प्रणाली लागू होने से अधिसूचना प्रकाशन संबंधी कार्यों में उल्लेखनीय तेजी आएगी। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से न केवल प्रक्रियाएँ सरल होंगी, बल्कि कार्य पूर्णतः पेपर-लेस होने से शासन की ई-गवर्नेंस नीतियों को भी मजबूत आधार मिलेगा। राजपत्रों का ऑनलाइन प्रकाशन पारदर्शिता, सुलभता और रिकॉर्ड प्रबंधन को भी अधिक प्रभावी बनाएगा।

    छत्तीसगढ़ शासन की यह पहल राज्य में डिजिटल शासन, त्वरित निर्णय प्रक्रिया और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। ई-गजट पोर्टल के शुभारंभ से अब राजपत्र प्रकाशन अधिक सुगम, समयबद्ध और आधुनिक स्वरूप में उपलब्ध हो सकेगा।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर की पैरा एथलीट पूजा को पुरस्कार मिलने पर दी बधाई

    राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर पैरा एथलीट को किया सम्मानित

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर की प्रतिभाशाली पैरा एथलीट पूजा गर्ग को वर्ष 2025 के लिए 'श्रेष्ठ दिव्यांगजन' पुरस्कार से सम्मानित होने पर बधाई दी। उन्होंने एथलीट उज्ज्वल भविष्य के लिए कामना की है।

    राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर पैरा एथलीट पूजा गर्ग को नई दिल्ली में यह पुरस्कार प्रदान किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर की बेटी सुश्री पूजा ने नाथुला दर्रे पर तिरंगा फहराने वाली विश्व की पहली महिला होने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। मध्यप्रदेश को उन पर गर्व है। राज्य सरकार खेलों और खिलाड़ियों को भरपूर प्रोत्साहन दे रही है।

     

  • प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा दिलाने राज्य सरकार के प्रयासों को मिल रही है लगातार सफलता

    रायपुर,

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन में नारसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (NMIMS) के प्रतिनिधि जगदीश वी पारिख ने सौजन्य भेंट की। मुलाकात के दौरान प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे विशेष प्रयासों तथा नई संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।

    पारिख ने मुख्यमंत्री को संस्थान द्वारा नया रायपुर के एडुसिटी में अपना कैंपस स्थापित करने के प्रस्ताव से अवगत कराया। उन्होंने एनएमआईएमएस द्वारा संचालित पाठ्यक्रमों, शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी भी साझा की। साथ ही श्री पारिख ने उन्हें आज आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ पी चौधरी से हुए मुलाकात के बारे में बताया और उनके माध्यम से हर संभव विभागीय सहयोग मिलने की बात कही।
            मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के संकल्प के साथ नया रायपुर में एडुसिटी का विकास कर रही है। उन्होंने कहा कि एडुसिटी के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को राष्ट्रीय स्तर की उत्कृष्ट संस्थाओं में पढ़ने का अवसर मिलेगा और उन्हें बड़े शहरों की ओर जाने की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि नारसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के आने से राज्य के युवाओं को मैनेजमेंट और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण उच्च स्तरीय शिक्षा प्राप्त होगी। एडुसिटी में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के संचालन से युवाओं के कौशल विकास को नई दिशा मिलेगी और रोजगार के बेहतर अवसर सृजित होंगे।

              उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार नया रायपुर को एजुकेशनल हब के रूप में विकसित करने के लिए एडुसिटी का निर्माण कर रही है। इसमें मल्टी-डिसिप्लीनरी यूनिवर्सिटी, रिसर्च सेंटर, इन्क्यूबेशन हब, डिजिटल लाइब्रेरी, विज्ञान एवं नवाचार केंद्र तथा अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं की स्थापना प्रस्तावित है। इससे प्रदेश के युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा, शोध और स्टार्टअप के अवसर मिलेंगे।
    नया रायपुर में पहले से ही आईआईआईटी, आईआईएम, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान संचालित हैं। एडुसिटी के विकसित होने से यहां शिक्षा का एक सशक्त और आधुनिक पारिस्थितिकी तंत्र तैयार होगा।

              इस दौरान मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, नया रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंदन कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

  • बीजापुर मुठभेड़ का बड़ा अपडेट: नक्सली ताबड़तोड़ कार्रवाई में ढेर, तीन जवानों ने दी सर्वोच्च बलिदान

    बीजापुर 
    छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 12 नक्सली मारे गए हैं। बस्तर के IG पी. सुंदरराज ने बताया कि CRPF और CoBRA टीमों का संयुक्त ऑपरेशन बीजापुर-दंतेवाड़ा सीमा पर वेस्ट बस्तर डिवीजन एरिया में हुआ। नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में 3 जवान शहीद हो गए जबकि 1 अन्य घायल हो गया। सुरक्षा बलों की एक जॉइंट टीम नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन पर निकली थी। जंगल में सुबह के वक्त नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। फिर सुरक्षा बल के जवानों ने भी मोर्चा संभाल लिया।

    एक अधिकारी ने बताया कि बीजापुर जिले में पश्चिम बस्तर डिवीजन के जंगल में नक्सलियों की गतिविधियां देखे जाने की खुफिया जानकारी मिली थी। इसके बाद सुरक्षा बलों की ज्वाइंट टीम को मौके पर रवाना किया गया था। जैसे ही सुरक्षा बलों की टीम घने जंगल में पहुंची। नक्सलियों की ओर से भीषण गोलीबारी शुरू हो गई। सुरक्षा बलों ने भी फौरन मोर्चा संभाल लिया।

    अधिकारी ने आगे बताया कि दोनों तरफ से भीषण गोलीबारी होने लगी। इस मुठभेड़ में अब तक 12 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। हालांकि सुरक्षा बलों के 3 जवान भी शहीद हुए हैं। ऑपरेशन में डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड यानी डीआरजी और स्पेशल टास्क फोर्स (राज्य पुलिस की दोनों यूनिटें) और CoBRA (कमांडो बटालियन फॉर रेजोल्यूट एक्शन- CRPF की एलीट यूनिट) के जवान शामिल रहे।

    अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ में 2 जवान घायल भी हुएं हैं जिसको इलाज के लिए ले जाया गया है। अब तक मौके से नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। इस साल अब तक छत्तीसगढ़ में अलग-अलग मुठभेड़ में 268 नक्सली मारे जा चुके हैं। इनमें से 239 बस्तर डिवीजन में ही मारे गए हैं। बस्तर डिवीजन में बीजापुर और दंतेवाड़ा समेत 7 जिले आते हैं। 27 नक्सली गरियाबंद जिले में मारे गए हैं यह रायपुर डिवीजन में आता है। दुर्ग डिवीजन के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में इस साल 2 नक्सली मारे जा चुके हैं।

  • मध्यप्रदेश में आंगनवाड़ी भर्ती का डिजिटलीकरण, देश में पहली बार पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन

    भोपाल 

    . मध्य प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए 9,948 पदों पर भर्ती के आदेश दिए हैं। यह भर्ती मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों पर की जाएगी। सीएम ने इसके निर्देश महिला और बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान दिए थे। इस भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने कुपोषण को समाप्त करने के लिए तीन साल की कार्ययोजना बनाने का आदेश भी दिया है।

    आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की पूरी भर्ती प्रक्रिया ऑनलाइन

    मध्यप्रदेश आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की पूरी भर्ती प्रक्रिया ऑनलाइन पारदर्शी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है और टेक होम राशन की FRS प्रक्रिया में भी राष्ट्रीय स्तर पर सराहना प्राप्त हुई है। स्पॉन्सरशिप योजना के तहत 20,243 बच्चों को लाभ मिला, झाबुआ के ‘मोटी आई’ नवाचार को प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार और PM जनमन भवनों की डिज़ाइन व मॉनिटरिंग मॉड्यूल को भारत सरकार द्वारा विशेष सराहना मिली।

    आगामी तीन वर्षों की कार्य योजना

    भवन निर्माण की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए अत्याधुनिक मॉड्यूल और 20 मीटर जियो-फेंसिंग आधारित उपस्थिति व्यवस्था लागू की गई है। आगामी तीन वर्षों की कार्य योजना में शहरी आंगनवाड़ियों में सेंट्रल किचन से गर्म भोजन, शाला पूर्व शिक्षा में निवेश, लाड़ली लक्ष्मी योजना का विस्तार, 9,000 नए आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण और HEW के माध्यम से 1.47 लाख से अधिक जागरूकता गतिविधियाँ शामिल हैं।

    सामग्री टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता

    महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में PMMVY में 9.70 लाख गर्भवती महिलाओं को 512 करोड़ से अधिक सहायता, लाड़ली बहना योजना के तहत 36,778 करोड़ का अंतरण, महिला हेल्पलाइन और वन स्टॉप सेंटरों द्वारा 1.72 लाख महिलाओं को सहायता, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत पौधारोपण, ड्राइविंग लाइसेंस और प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण, आंगनवाड़ी केंद्रों का बड़े पैमाने पर उन्नयन और सामग्री टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने जैसे कई महत्वपूर्ण प्रयास किए गए हैं, जिसमें गड़बड़ी होने पर वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराने के निर्देश दिए गए हैं।

    प्रदेश के शहरी आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए सेंट्रल किचन व्यवस्था की जाएगी जिससे आंगनबाड़ी केंद्रों तक गर्म भोजन पहुंचेगा. यह नई व्यवस्था वर्ष 2026 तक लागू कर दी जाएगी. निपुण भारत के तहत शाला पूर्व शिक्षा में बड़ा निवेश किया जाएगा ताकि 2047 के विजन को पूरा किया जा सके. लाडली बहना योजना का विस्तार किया जाएगा, प्रोत्साहन राशि देने का भी प्रावधान किया जाएगा. आगामी तीन वर्षों में आंगनबाड़ी के 9,000 भवन निर्मित किए जाएंगे.

    •     टेक होम राशन की FRS प्रक्रिया में मध्यप्रदेश प्रथम—लाभ पहुँचाने में राष्ट्रीय स्तर पर सराहना
    •     स्पॉन्सरशिप योजना में 20,243 बच्चों को लाभ—देश में दूसरा स्थान
    •     झाबुआ के ‘मोटी आई' नवाचार को प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार
    •     PM JANMAN भवनों की डिज़ाइन व मॉनिटरिंग मॉड्यूल की भारत सरकार द्वारा विशेष सराहना
    •     भवन निर्माण की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए अत्याधुनिक मॉड्यूल विकसित
    •     डिजिटल पारदर्शिता की मिसाल: 20 मीटर जियो-फेंसिंग आधारित उपस्थिति व्यवस्था
    •     3 वर्ष की भविष्य कार्ययोजना
    •     मध्यप्रदेश में सेंट्रल किचन से शहरी आंगनवाड़ियों में गर्म भोजन—2026 से नई व्यवस्था लागू
    •     2047 विज़न के अनुरूप शाला पूर्व शिक्षा पर बड़ा निवेश—निपुण भारत आधारित विकास कार्ड से गुणवत्ता सुधार
    •     34 लाख बालिकाओं को छात्रवृत्ति/प्रोत्साहन—लाड़ली लक्ष्मी योजना का विस्तार
    •     आंगनवाड़ी भवन निर्माण का मेगा प्लान—अगले तीन वर्षों में 9,000 नए भवन
    •     HEW के माध्यम से 1.47 लाख से अधिक जागरूकता गतिविधियाँ—जेंडर, सुरक्षा व कानूनी सहायता में व्यापक प्रभाव

    समीक्षा बैठक में बताया गया कि महिला बाल विकास विभाग राज्य और केंद्र सरकार की योजना का लाभ आदि आबादी तक पहुंचा रहा है. 'प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना' में 9.70 लाख गर्भवती महिलाओं को 512 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता दी गई है. लाडली बहना योजना के तहत जनवरी 2024-नवंबर 2025 में 36,778 करोड़ रुपए का अंतरण किया गया है.

        PMMVY में 9.70 लाख गर्भवती महिलाओं को ₹512 करोड़ से अधिक की सहायता
        लाड़ली बहना योजना के तहत जनवरी 2024–नवंबर 2025 में ₹36,778 करोड़ का अंतरण
        1.72 लाख महिलाओं को महिला हेल्पलाइन से सहायता—57 वन स्टॉप सेंटरों द्वारा 52,095 महिलाओं को सुरक्षा 
        बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ: 1.89 लाख पौधारोपण, 6,520 ड्राइविंग लाइसेंस, 8,637 बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण

    राज्य में स्थापित महिला हेल्पलाइन से 172000 महिलाओं को सहायता प्रदान की गई, वहीं वन स्टाफ सेंटर से 52000 महिलाओं को सुरक्षा मिली. इसके अतिरिक्त बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत 1.89 लाख पौधारोपण, 6,520 ड्राइविंग लाइसेंस, और 8,637 बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण दिया गया.

  • राज्यपाल डेका ने की कोपलवाणी संस्था को 5 कम्प्यूटर और उत्कृष्ट विद्यार्थियों के लिए प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा

    रायपुर,

    राज्यपाल रमेन डेका आज विश्व दिव्यांगजन दिवस पर कोपलवाणी श्रवण बाधित विद्यालय सेमरिया में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए और दिव्यांग बच्चों को आर्शीवाद एवं प्रोत्साहन दिया। इस अवसर पर डेका ने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए समाज संवेदनशील बने, उनका सम्मान करें और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में सहयोग करें।

    कोपलवाणी विद्यालय को 5 कम्प्यूटर प्रदान करने की घोषणा के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी को व्यक्तिगत रूप से 2 लाख रूपए देने की भी घोषणा

    राज्यपाल डेका ने कोपलवाणी श्रवण बाधित विद्यालय सेमरिया में आयोजित कार्यक्रम में विद्यालय से उत्तीर्ण हुए छात्र-छात्राओं को जो स्वरोजगार व अन्य क्षेत्र में कार्य कर रहे है, उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने इस विद्यालय को अपने स्वेच्छानुदान मद से 5 कम्प्यूटर प्रदान करने की घोषणा की साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत करने के लिए व्यक्तिगत रूप से 2 लाख रूपए देने की भी घोषणा की।

    दिव्यांग बच्चें समाज के अभिन्न अंग

    राज्यपाल डेका ने कहा कि दिव्यांगजन भी हमारे समाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। हमे ऐसा माहौल बनाना है जहां उन्हें किसी भी तरह की रूकावट महसूस न हो। हम शासन और समाज मिलकर दिव्यांगजनों के लिए ऐसी दुनिया बनाएं जहां वे सम्मान और आत्मविश्वास से आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए केंद्र और राज्य शासन द्वारा योजनाएं चलाई जा रही है। दिव्यांग पेंशन से उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जाती है। सरकारी नौकरी में आरक्षण, छात्रवृत्ति, निःशुल्क सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर उन्हें शिक्षा एवं स्वावलंबन में मदद की जाती है। उन्होंने कहा कि अधोसंरचना को दिव्यांगजनों के अनुकूल बनाया जाना चाहिए। श्री डेका ने दिव्यांग बच्चों से कहा कि आप समाज के एक अंग है। समाज, प्रदेश व देश आपके साथ है।

     दिव्यांग बच्चों के द्वारा बनाई पेंटिंग की प्रदर्शनी को देखकर सराहा
    राज्यपाल डेका ने विद्यालय के विभिन्न कक्षाओं में जाकर छात्र-छात्राओं से मुलाकात की साथ ही उनके द्वारा बनाए गए पेंटिंग की प्रदर्शनी को देखा और सराहना की। उल्लेखनीय है कि राज्यपाल के पहल पर इस संस्था के दिव्यांग बच्चों द्वारा बनाई पेंटिग को लोकभवन द्वारा क्रय किया जाता है और यहां आने वाले मेहमानों को भेंट किया जाता है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के आगमन पर उन्हें भी यह पेंटिंग भेंट की गई थी।  

     कार्यक्रम में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की सदस्य शताब्दी पाण्डेय, वनबंधु संस्था की अध्यक्ष कांता सिंघानिया, कोपलवाणी की संस्थापक पद्मा शर्मा सहित अन्य अतिथि एवं पालकगण तथा विद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

  • रातों-रात उजड़े परिवार: भीषण आग में संपत्ति खाक, राहत की मांग तेज

    रायपुर

    राजधानी रायपुर के कचना स्थित गणेश नगर के मकान में आज भीषण आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। यह घटना सुबह करीब 11 बजे की बताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक शॉर्ट सर्किट से लगी आग अचानक इतनी तेजी से फैल गई कि मकान में रखे तीन गैस सिलेंडर एक के बाद एक धमाके के साथ फट गए। धमाकों की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि ऊपर लगी सीमेंट की सीट तक उड़ गई और पूरा पहला फ्लोर खंडहर में तब्दील हो गया। घर में रखा सभी सामान जलकर खाक हो गया।

    पहले फ्लोर पर बने चारों कमरे पूरी तरह जलकर राख हो गए। आग की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अंदर रखा सभी सामान जलकर राख हो गया। आसपास के लोगों ने तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने लंबी मशक्कत के बाद आग को काबू में किया।

    हादसे में कोई हताहत नहीं, सभी सुरक्षित

    सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ और सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल आए। हालांकि, नुकसान भारी हुआ है। किराए पर रहने वाले मजदूर परिवारों का पूरा सामान आग में जलकर खाक हो गया। सोने के गहने, कपड़े, राशन, जरूरी कागजात, बच्चों के सामान से लेकर नकदी सब कुछ जलकर राख हो गया।

    मजदूर परिवारों के सामने आर्थिक संकट

    पीड़ितों का कहना है कि उनके पास अब सिर्फ वही कपड़े बचे हैं जो उन्होंने उस समय पहने हुए थे। दैनिक मजदूरी कर अपना घर चलाने वाले इन परिवारों पर अब अचानक भारी आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पीड़ितों ने सरकार और प्रशासन से त्वरित आर्थिक सहायता की मांग की है, ताकि वे फिर से अपने जीवन को सामान्य कर सकें।

  • कर्मचारियों की सैलरी अटकी, 108 एंबुलेंस संचालन पर संकट गहराया

    जगदलपुर

    बस्तर जिले में आपातकालीन सेवा 108 एंबुलेंस के पहिए थम सकते हैं। दरअसल, आपातकालीन एंबुलेंस में अपनी सेवा देने वाले कर्मचारियों को संबंधित एजेंसी ने 2 महीने से वेतन का भुगतान नहीं किया है।

    कर्मचारियों का कहना है कि एजेंसी अक्सर वेतन भुगतान में लेटलतीफी करती है। समय पर वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों को घर चलाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को आपातकालीन एंबुलेंस के कर्मचारियों ने बस्तर कलेक्टर, जिला श्रम अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के जिला अधिकारी को वेतन के संबंध में ज्ञापन सौंपा और समय पर वेतन भुगतान कराने की मांग की। कर्मचारियों का कहना है कि बस्तर संभाग सहित प्रदेश के कई जिलों में एजेंसी ने कर्मचारियों को भुगतान नहीं किया है और एजेंसी अलग-अलग बहाने बना रही है।

    बता दें कि बस्तर जिले में 12 एंबुलेंस अलग-अलग सरकारी अस्पतालों में तैनात हैं। प्रत्येक एंबुलेंस में ड्राइवर और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन द्वारा सेवा दी जाती है। जिले में तकरीबन 50 कर्मचारियों के जिम्मे आपातकालीन एंबुलेंस सेवा है।

  • वन मंत्री कश्यप से SECL प्रमुख की सौजन्य भेंट, सहयोग बढ़ाने पर हुआ विचार-विमर्श

    रायपुर,

    वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप से आज नया रायपुर स्थित उनके निवास, कार्यालय में एसईसीएल के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी)  हरीश दुहन ने  सौजन्य भेंट की। इस दौरान एसईसीएल के डायरेक्टर (एचआर) बिरंची दास भी उपस्थित थे।

    भेंट के दौरान वन मंत्री कश्यप को सीएमडी दुहन ने एसईसीएल द्वारा राष्ट्र निर्माण, ऊर्जा सुरक्षा और छत्तीसगढ़ में किए जा रहे सी एस आर आधारित विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने आश्वस्त किया कि एसईसीएल प्रदेश के सर्वांगीण विकास और समुदायों के उत्थान के लिए आगे भी निरंतर कार्य करता रहेगा। मंत्री केदार कश्यप ने एसईसीएल के योगदान की सराहना की और कहा कि कंपनी प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

  • मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का आदेश: अनुकंपा नियुक्ति कोई कानूनी अधिकार नहीं, कर्मचारी की मौत के वर्षों बाद भी नहीं दी जा सकती

    जबलपुर
     मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक अहम आदेश में कहा है "अनुकंपा नियुक्ति अधिकार नहीं है. मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जा सकती है. कर्मचारी की मृत्यु के 7 साल बाद परिजन अनुकंपा नियुक्ति की दावेदारी नहीं कर सकते." हाई कोर्ट जस्टिस दीपक खोत ने इस आदेश के साथ याचिका को खारिज कर दिया.

    बालिग होने के बाद अनुकंपा नियुक्ति की मांग

    आशुतोष साध ने याचिका में कहा "उसके पिता गवर्नमेंट मिडिल स्कूल ब्लॉक केसला तहसील इटारसी में असिस्टेंट टीचर थे. नौकरी के दौरान दिसम्बर 2008 में पिता की मौत हो गयी. उस समय वह नाबालिग था और उसकी उम्र महज 11 साल थी. वह सितंबर 2015 में बालिग हुआ था और साल 2016 में हायर सेकेंडरी एग्जाम पास किया."

    याचिकाकर्ता ने अप्रैल 2016 को अनुकंपा नियुक्ति के लिए डीईओ को आवेदन दिया था, उसे सूचित किया गया कि उसके पिता आदिवासी कल्याण विभाग में पदस्थ थे. इसलिए वह सहायक आयुक्त आदिवासी कल्याण विभाग में आवेदन दें.

    याचिकाकर्ता के पास बीएड व डीएड की डिग्री नहीं

    इसके बाद आशुतोष साध ने सहायक आयुक्त के समक्ष आवेदन पेश किया. उसके आवेदन पर उच्च अधिकारी से मार्गदर्शन मांगा गया. विभाग की तरफ जारी पत्र के अनुसार उसने जुलाई 2019 में अपने दस्तावेज जमा कर दिये थे. विभाग ने नियुक्ति के लिए उसकी पसंद पूछी थी तो उसने शिक्षक कैडर बताया. विभाग ने जनवरी 2020 के पत्र जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि 3 दिन के अंदर सर्टिफिकेट जमा नहीं होने पर उसका आवेदन निरस्त कर दिया जायेगा. याचिकाकर्ता के पास बीएड तथा डीएड की डिग्री नहीं थी, जो टीचिंग कैडर के लिए आवश्यक है.

    याचिकाकर्ता ने काफी देर से दिया आवेदन

    याचिकाकर्ता ने ग्रेजुएशन की डिग्री के आधार पर अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने या बीएड की डिग्री के लिए दो साल का समय प्रदान करने के आग्रह किया. इसके बाद 3 सदस्यीय कमेटी ने उसके आवेदन को इस आधार पर खारिज कर दिया कि साल 2014 की पॉलिसी के अनुसार बालिग होने के एक साल के अंदर अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन करना था. लगभग 11 माह बाद आवेदन किया. याचिकाकर्ता की तरफ से तर्क दिया गया कि उसने अज्ञानतावश अप्रैल 2016 में आवेदन किया था, जो निर्धारित समय सीमा के अंदर था.

    हाई कोर्ट ने आदेश सुनाकर आवेदन किया खारिज

    एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान पाया "याचिकाकर्ता के पिता का निधन 2008 में हुआ था. उस समय 2008 की पॉलिसी प्रभावी थी. अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन की अधिकतम समय सीमा 7 साल थी. कमेटी ने पॉलिसी 2014 के तहत आवेदन खारिज किया है. अनुकंपा पॉलिसी 2008 के अनुसार भी आवेदन निर्धारित समय अवधि के बाद दायर किया गया." एकलपीठ ने इस आदेश के साथ आवेदन खारिज कर दिया.

  • सुरक्षा में सेंध की पुनरावृत्ति, रायपुर में फैन ने मैदान पर पहुंचकर विराट को किया टच

    रायपुर

    भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले जा रहे दूसरे वनडे में स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने एक बार फिर धमाकेदार प्रदर्शन से प्रशंसकों का दिल जीता है। उन्होंने 90 गेंदों में अपने वनडे करियर का 53वां शतक जड़ा। इस मैच में भी स्टेडियम की सुरक्षा पर सवाल खड़े हुए। दरअसल, ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान एक प्रशंसक किंग कोहली के करीब पहुंचा और उनके पैर छुए। ऐसा ही रांची वनडे में भी देखने को मिला था।

    रांची में भी कोहली के करीब पहुंच गया था प्रशंसक
    यह पहला मौका नहीं है जब स्टेडियम की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। इससे पहले रांची में खेले गए पहले मुकाबले में भी एक प्रशंसक विराट कोहली के करीब पहुंच गया था। उस मैच में दाएं हाथ के बल्लेबाज ने 135 रनों की धमाकेदार पारी खेली थी। यह उनके वनडे करियर का 52वां शतक और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का 83वां शतक था।

    रांची में कोहली ने रचा था इतिहास
    कोहली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किसी प्रारूप में सर्वाधिक शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। कोहली से पहले ये रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था जिन्होंने टेस्ट में 51 शतक लगाए थे, लेकिन अब कोहली उनसे आगे निकल गए हैं। कोहली 294 पारियों में इस उपलब्धि पर पहुंचे हैं। कोहली वनडे प्रारूप में सर्वाधिक शतक लगाने के मामले में पहले ही सचिन को पीछे छोड़ चुके हैं। सचिन के नाम वनडे में 49 शतक हैं।

  • जंगल में भीषण मुठभेड़: सुरक्षा बलों ने पांच नक्सलियों को ढेर किया, दो वीर जवानों का बलिदान

    जगदलपुर

    दंतेवाड़ा और बीजापुर सीमा से लगे भैरमगढ़ क्षेत्र के केशकुतुल के जंगलों में सुबह से नक्सलियों और पुलिस के बीच मुठभेड़ हो रही है। एनकाउंटर में पांच माओवादियों को जवानों ने ढेर कर दिया है। मुठभेड़ में डीआरजी के दो जवान बलिदान हो गए हैं, जबकि एक अन्य जवान घायल है जिसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। जंगल में बड़ा सर्च ऑपरेशन जारी है, मारे गए नक्सलियों की संख्या और बढ़ सकती है। बताया जा रहा है कि आज सुबह दंतेवाड़ा से टीम निकली थी जहां बीजापुर की सीमा भैरमगढ़ के केशकुतुल में जवानों और नक्सलियों के बीच में मुठभेड़ हो गई। दोनों ओर से रुक-रुककर फायरिंग हो रही है।

    बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ की जा रही ताबड़तोड़ कार्रवाई के बीच बटालियन के बारसे देवा, पापाराव, केसा समेत तमाम नक्सलियों के आत्मसमर्पण के लिए बनाए गए अनुकूल माहौल के बाद एक बार फिर से सुकमा बीजापुर दंतेवाड़ा जैसे जिलों में जॉइंट ऑपरेशन को तेज कर दिया गया है। बीते दिनों देवा समेत पापाराव, केसा, चैतू के आत्मसमर्पण की चर्चा तेज थी जिसके बाद चैतू अपने 10 साथियों के साथ जगदलपुर में आत्मसमर्पण कर दिया था। इसके बाद भी सुरक्षा एजेंसियों ने देवा समेत तमाम नक्सलियों के आत्मसमर्पण के लिए जंगलों में अनुकूल माहौल बनाए रखा। इसके तहत जंगलों में ऑपरेशन और किसी भी तरह की गतिविधियां नहीं की गई। लेकिन 15 दिनों के अनुकूल माहौल के बावजूद जब आत्मसमर्पण को लेकर बटालियन की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं नजर आई और बटालियन से आत्मसमर्पण के संपर्क खत्म होने के बाद एक बार फिर से एजेंसियों के निर्देश पर ऑपरेशन को तेज किया गया है।

    इससे पहले डीकेएसजेडसी सदस्य ने अपने 9 साथियों के साथ लाल गलियारे को त्याग करते हुए पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था। बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने बताया कि लगातार नक्सली की टीम बिखरती जा रही है, नक्सलियों की खोखली विचारधारा से त्रस्त होकर नक्सली अब धीरे-धीरे जागरूक होते जा रहे है और अपने साथियों को समर्पण करने के लिए तैयार कर रहे हैं। इसी का परिणाम था कि डीकेएसजेडसी सदस्य चैतू उर्फ श्याम दादा के साथ ही उसके 9 साथियों ने आत्मसमर्पण किया है।

    कॉलेज के समय नक्सलियों के संपर्क में आया था चैतू
    नक्सलियों के दरभा डिवीजन में कई वर्षों तक उनके साथ काम करने के साथ ही उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले चैतू उर्फ श्याम दादा ने आत्मसमर्पण कर दिया था। इस समर्पण के साथ ही दरभा डिवीजन और भी कमजोर हो गई। चैतू दादा उर्फ श्याम ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि कॉलेज के दिनों में ही वे नक्सलियों के मेडिकल टीम के संपर्क में आया और वर्ष 1985 में भूमिगत हो गया था।

  • धान की खरीद में पारदर्शिता और बढ़ी सुविधा : भागीरथी साहू

    रायपुर,

    तकनीक.आधारित सुशासन का सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है, जिससे धान जैसी फसलों की खरीद में पारदर्शिता और सुविधा बढ़ी है। श्तुंहर टोकन, ऐप जैसी पहलों से घर बैठे टोकन मिल रहा है, जिससे समितियों के चक्कर लगाने और समय बर्बाद होने की समस्या खत्म हो गई है। धमतरी जिले के भटगांव के किसान भागीरथी साहू इसका जीवंत उदाहरण हैं। पहले जहाँ धान विक्रय के दौरान घंटों लंबी कतारों में लगना पड़ता था, वहीं इस वर्ष राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए “टोकन तुहर हाथ” मोबाइल एप ने पूरी प्रक्रिया ही बदल दी है।

    खेती-किसानी को बेहतर बनाने में करेंगे प्राप्त धन राशि का उपयोग

    साहू ने अपने घर से ही कुछ ही मिनटों में ऑनलाइन टोकन प्राप्त किया। न भीड़ का तनाव, न इंतज़ार, सिर्फ मोबाइल पर कुछ क्लिक और टोकन तुरंत उपलब्ध। वे बताते हैं “व्यवस्था पूरी तरह सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक है। टोकन भी आसानी से कट गया और धान बेचने में बिल्कुल भी परेशानी नहीं हुई।”  इस वर्ष उन्होंने सहकारी समिति केंद्र सोरम में 20 क्विंटल 60 किलो धान विक्रय किया। वे बताते हैं कि पिछले वर्ष भी उन्होंने लगभग इतनी ही मात्रा में धान बेचा था। प्राप्त धनराशि का उपयोग वे परिवार की आवश्यकताओं और खेती-किसानी को बेहतर बनाने में करते हैं।

    किसान को सुविधा अनुसार तारीख और समय चुनने का अधिकार
    राज्य सरकार का उद्देश्य तकनीक की मदद से किसानों के समय, ऊर्जा और संसाधनों की बचत सुनिश्चित करना है। ऐप के माध्यम से टोकन लेने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है, किसान स्वयं अपनी सुविधा के अनुसार तारीख और समय चुन सकते हैं। इससे केन्द्रों में होने वाली अनावश्यक भीड़ पूरी तरह खत्म हो गई है।

    ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव
    साहू जैसे किसान न केवल इस व्यवस्था का लाभ उठा रहे हैं, बल्कि गाँव के अन्य किसानों को भी ऐप का उपयोग करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। आधुनिक तकनीक और पारदर्शी प्रशासन का यह समन्वय ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। सरकारी नवाचारों की ऐसी सफल पहल यह सिद्ध करती है कि सही दिशा में उठाया गया एक कदम, किसान की पूरी व्यवस्था को अधिक सरल, सुरक्षित और सुगम बना सकता है।

  • डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती पर राज्यपाल ने किया नमन

    रायपुर,

    भारत के प्रथम राष्ट्रपति स्वर्गीय डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती पर आज राज्यपाल रमेन डेका ने लोकभवन में उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित कर नमन किया। राज्यपाल रमेन डेका ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया।

    इस अवसर पर लोकभवन के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी डॉ. प्रसाद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके आदर्शों एवं मूल्यों का स्मरण किया।

  • हजारों करोड़ का बजट, सिर्फ 30 मिनट में समीक्षा… CM की रफ्तार पर जीतू का सवालिया तंज

    भोपाल 
    मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव की विभागीय समीक्षाओं पर तीखा तंज कसा है। पटवारी ने कहा कि भगवान ने CM को सद्बुद्धि दी कि “समीक्षा भी कोई शब्द होता है” और अब उन्होंने इसे अपनी डिक्शनरी में शामिल किया है। लेकिन आधे घंटे में हजारों करोड़ के बजट की समीक्षा कर देना “जनता को गुमराह करने की प्रक्रिया” है।

    पटवारी ने आरोप लगाया कि तीन लाख करोड़ से ज्यादा के बजट की समीक्षा CM आधे-आधे घंटे में कर रहे है। ये तो सुपर कंप्यूटर से भी तेज दिमाग है। शिक्षा विभाग के 37 हजार करोड़, स्वास्थ्य विभाग के 62 हजार करोड़ की आधे घंटे में समीक्षा,ये कैसे संभव है? ये समीक्षा नहीं, महज इवेंट और लीपापोती है।

    उन्होंने प्रधानमंत्री से भी आग्रह किया कि पूरे देश के मुख्यमंत्रियों की ट्रेनिंग मोहन यादव से करवा दो, क्योंकि इतनी तेज समीक्षा कोई और नहीं कर सकता। कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि अगर कोई भी मंत्री अपने विभाग को ईमानदार बता दे, तो वे उसका पूरा हिसाब-किताब उठाकर सीधे मुख्यमंत्री के पास पहुंच जाएंगे।

    उन्होंने सुझाव दिया कि CM ऑफिस में एक अलग विभाग बनाया जाए, जो हर मंत्रालय की गहराई से समीक्षा करे। क्या खोया-क्या पाया, कितना बजट खर्च हुआ, करप्शन क्यों बढ़ रहा है और इसे कैसे रोका जाए।
     
    अंत में पटवारी ने कहा कि समीक्षा अच्छी बात है, लेकिन एक-एक विभाग पर कम से कम 2–5 घंटे का समय लगेगा। आधे घंटे में समीक्षा संभव नहीं। अगर हो रही है, तो सिर्फ दिखावा है। लीपा पोती है।

     

  • सीएम विष्णु देव साय से मिले CGPSC 2024 के टॉप-10 अभ्यर्थी

    रायपुर,

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग 2024 के टॉप 10 अभ्यर्थियों ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्रीसाय ने सभी चयनित अभ्यर्थियों और उनके परिजनों को सफलता के लिए शुभकामनाएं और बधाई दी। इस अवसर पर विधायक ललित चंद्राकर और राजभाषा अधिकारी छगन लाल नागवंशी भी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों से उनकी तैयारी के अनुभव, परीक्षा के दौरान आने वाली चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के कारण विद्यार्थियों ने यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग 2024 में प्रदेश के युवाओं का उत्कृष्ट प्रदर्शन हम सबके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आपको हमेशा यह भी याद रखना होगा कि आगे आपकी भूमिका लोकसेवक की होगी। आपको अपने दायित्वों के निर्वहन में धैर्य, विनम्रता और लोक सेवक की सीमाओं का हमेशा ध्यान रखना होगा। आम जनमानस में प्रशासन का विश्वास कायम रखने की दिशा में आप सभी को संवेदनशीलता से प्रयास करना है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि  हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित परीक्षा को पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित करने का निर्णय लिया है और वह परीक्षा परिणामों में  साफ नजर आ रहा है।

    टॉपर विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि यह उपलब्धि उनके लिए जिम्मेदारी का नया अध्याय है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ जनता की सेवा करेंगे और प्रदेश के विकास में योगदान देंगे।

    इस अवसर पर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग 2024 के टॉप 10 चयनित अभ्यर्थी  देवेश प्रसाद साहू, स्वप्निल वर्मा, यशवंत कुमार देवांगन, पोलेश्वर साहू, पारस शर्मा, शताक्षी पाण्डेय, अंकुश बैनर्जी, सृष्टि गुप्ता, प्रशांत वर्मा और सागर वर्मा सपरिवार उपस्थित थे।

  • 3 साल से नमाज और कलमा पढ़ने वाली आशा प्रजापति का धर्म परिवर्तन का फैसला

    विदिशा
     जिले में जनसुनवाई के दौरान एक 20 वर्षीय हिंदू युवती आशा प्रजापति ने मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए आवेदन दिया है। युवती का कहना है कि वह तीन साल से नमाज और कलमा पढ़ रही है और यह फैसला उसने आत्मिक शांति और अध्ययन के आधार पर लिया है, किसी दबाव या प्रलोभन में नहीं। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए युवती को एसपी ऑफिस भेजा है, जहां पुलिस और महिला बाल विकास विभाग संयुक्त रूप से काउंसलिंग कर रहे हैं। मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत इस मामले की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

    कलेक्टर से मांगी परमिशन
    शमशाबाद तहसील के ग्राम बरुआखार की 20 वर्षीय हिंदू युवती आशा प्रजापति ने मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचकर कलेक्टर अंशुल गुप्ता को धर्म परिवर्तन की अनुमति संबंधी आवेदन सौंपा। आवेदन में स्वेच्छा से मुस्लिम धर्म अपनाने की बात लिखी है। कलेक्टर ने आवेदन को गंभीरता से लेते हुए युवती को एसपी कार्यालय भेज दिया, जिसके बाद पुलिस और महिला बाल विकास विभाग संयुक्त रूप से उसके मामले की काउंसलिंग करा रहे हैं।

    10th पास है युवती
    कक्षा 10वीं तक शिक्षित युवती ने आवेदन में उल्लेख किया कि वह स्वेच्छा से मुस्लिम धर्म अपनाना चाहती है। उसने बताया कि बचपन में मां का निधन हो गया था और करीब एक वर्ष पूर्व पिता की भी मृत्यु हो गई। उसकी एक नाबालिग बहन नाना के पास रहती है, जबकि वह स्वयं किसी रिश्तेदार से संपर्क में नहीं है। युवती का कहना है कि बचपन से ही उसकी रुचि मुस्लिम धर्म की ओर रही है और वह तीन वर्षों से कलमा व नमाज पढ़ रही है।

    बैकग्राउंड जानने में जुटी पुलिस
    आवेदन में उसने लिखा है कि उसका फैसला किसी दबाव या प्रलोभन में नहीं, बल्कि आत्मिक शांति और अध्ययन के आधार पर लिया गया है। पुलिस की टीम अब जानकारी जुटा रही है। एसपी रोहित काशवानी ने कहा कि पुलिस यह सुनिश्चित करने के लिए जांच करेगी कि युवती किसी के दवाब में तो यह कदम नहीं उठा रही। वहीं, महिला बाल विकास विभाग द्वारा वन स्टॉप सेंटर में करीब दो घंटे उसकी काउंसलिंग की गई। विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी विनीता कांसवा ने बताया कि बुधवार को टीम उसके गांव जाकर परिस्थितियों की जानकारी जुटाएगी, ग्रामीणों और स्वजनों से संवाद करेगी और तत्पश्चात आगे की काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।