• सांसद वीडी शर्मा की PM मोदी से मुलाकात, कई विषयों पर हुई चर्चा

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले खजुराहो सांसद वीडी शर्मा

    खजुराहो सांसद वीडी शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की मुलाकात

    सांसद वीडी शर्मा की PM मोदी से मुलाकात, कई विषयों पर हुई चर्चा

    खजुराहो /नई दिल्ली
     खजुराहो सांसद और पूर्व बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। वीडी शर्मा ने पीएम मोदी के साथ मुलाकात की तस्वीर भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर शेयर की है। हालांकि खजुराहों सांसद ने मुलाकात का कारण नहीं बताया है, लेकिन इस मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे हैं। माना जा रहा है कि वीडी शर्मा को पार्टी संगठन में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।

    प्रदेश अध्यक्ष के पद पर रहते हुए मध्य प्रदेश में बीजेपी ने 29 की 29 लोकसभा सीट पर जीत दर्ज की. संगठन के लिहाज से भी वीडी शर्मा का कार्यकाल उल्लेखनीय रहा है। अब तक के मध्यप्रदेश के बीजेपी अध्यक्षों में सबसे कम तजुर्बे के साथ बड़ी छलांग लगाने वाले अध्यक्षों में भी वीडी शर्मा अव्वल है।

    2013 में पार्टी की सदस्यता ली 2020 में प्रदेश अध्यक्ष

    वीडी शर्मा ने सियासी तौर पर संघ प्रचारक के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी। वे 1996 से 2018 तक करीब 22 साल संघ प्रचारक रहे, 2018 के विधानसभा चुनाव में वीडी विधानसभा में टिकट के दावेदार माने जा रहे थे, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला, 2019 में भोपाल लोकसभा सीट से उनके चुनाव लड़ने की अटकलें लगती रहीं, लेकिन पार्टी ने उन्हें बाहरी होने के बावजूद खजुराहो से टिकट दिया और भारी विरोध के बाद वीडी शर्मा खजुराहों से चुनाव जीते। इसी तरह 2024 के लोकसभा चुनाव में वीडी शर्मा ने खजुराहो से 5 लाख से ज्यादा वोटों से जीत हासिल की।

  • कोयला खदान विस्तार विरोध: गुलेल और हथियारों से लैस ग्रामीणों ने पुलिस पर किया हमला, कई घायल

    अंबिकापुर

    अमेरा कोयला खदान विस्तार को लेकर पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प की खबर है. खदान के विस्तार से नाराज उग्र ग्रामीणों के हमले से करीबन 40 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में कुछ ग्रामीण भी घायल हुए हैं. स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भेजा गया है.

    जानकारी के अनुसार, लखनपुर थाना क्षेत्र स्थित अमेरा कोयला खदान के एक्सटेंशन से नाराज ग्रामीणों ने लाठी, डंडे, गुलेल और कुल्हाड़ी से पुलिस बल पर हमला कर दिया. पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ग्रामीणों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े हैं. इसके साथ कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों को चोट लगने की खबर है.

    सरगुजा के लखनपुर के अमेरा खदान के विस्तार को लेकर ग्रामीण और खदान कर्मी पहले भी आमने-सामने हो चुके हैं. ग्राम परसोड़ी कला के ग्रामीण खदान विस्तार का विरोध कर रहे है. ग्रामीणों का कहना बगैर भूमि अधिग्रहण किए अमेरा खदान प्रबंधन खदान का विस्तार कर रहा है. बहरहाल, बिगड़ते हालात की सूचना मिलने पर मौके के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भेजा गया है.

  • भोपाल नगर निगम में नई कार्यशैली: कमिश्नर जैन ने लापरवाह अधिकारियों को BL0 की मददगार नियुक्ति दी

    भोपाल
     2015 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा की अफसर ने नई संस्कृति की शुरुआत कर दी है। इस अधिकारी का नाम संस्कृति जैन है और वह नगर निगम भोपाल की आयुक्त हैं। हाल ही में उन्होंने निगम के लापरवाह अधिकारियों पर सख्ती बरतनी शुरू की है। ताजा मामले में उन्होंने भोपाल नगर निगम के कुल 75 असिस्टेंट और सब इंजीनियर को विशेष 'सजा' सुनाते हुए उन्हें बूथ लेवल ऑफिसर बीएलओ का सहायक बना दिया है।

    काम की जानकारी नहीं दे पाए थे इंजीनियर
    बता दें कि पिछले दिनों नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने इनसे कार्यों के बारे में पूछा था, तब यह काम के बारे में जानकारी नहीं दे सके थे। इस बात से नाराज होकर कमिश्नर ने इन्हें बीएलओ का सहायक बनाते हुए एसआईआर डिजिटाइजेशन का काम सौंप दिया है। आईएएस की इस कार्रवाई की चहुं ओर चर्चा हो रही है। आपको बता दें कि इंजीनियरों को यह अनूठी सजा 4 दिसंबर तक के लिए दी गई है। इस समय कमिश्नर संस्कृति जैन दक्षिण कोरिया प्रवास पर हैं।

    पहले सिवनी में थी कलेक्टर
    इस मामले में उप जिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया कि सहायक यंत्री और उप यंत्रियों की विधानसभा वार तैनाती की गई है। वे एसआईआर के काम में जुटे हैं। आपको बता दें कि पिछले दिनों से कलेक्टर के रूप में सिवनी जिले से भोपाल नगर निगम कमिश्नर बनकर आईं हैं। ज्वाइन करने के बाद निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने असिस्टेंट इंजीनियर और सब इंजीनियर से उनके सिविल के काम के बारे में पूछा था। जिसके बारे में 15 दिन में भी जवाब नहीं मिला। इस बात से कमिश्नर नाराज हो गई और इनकी ड्यूटी विधानसभा के हिसाब से बीएलओ के सहायक के रूप में लगा दी।

    फिसड्डी बूथों पर लगाई ड्यूटी
    बता दें कि सभी इंजीनियर को ऐसे बूथ पर तैनात किया गया है, जो परफार्मेंस परफॉरमेंस में फिसड्‌डी के मामले में टॉप-20 है। जो इंजीनियर अपने सिविल के काम सही ढंग से नहीं कर सके हैं, उन्हें बूथ पर एसआईआर का जिम्मा सौंपा गया है।

  • भोपाल गैस त्रासदी की 41वीं बरसी पर हुई सर्वधर्म प्रार्थना सभा, मंत्री डॉ. शाह ने दिवंगतों को दी श्रद्धांजलि

    भोपाल

    भोपाल गैस त्रासदी की 41वीं बरसी पर भोपाल में बुधवार को गैस राहत मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह की उपस्थिति में आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा में दिवंगत गैस पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी गई। विभिन्न धर्मगुरूओं ने धर्मग्रन्थों का पाठ किया और गैस त्रासदी को मानवता के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

    मंत्री डॉ. शाह ने गैस त्रासदी में दिवंगत निर्दोष लोगों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि ऐसी त्रासदी भविष्य में कभी नहीं हो।

    श्रद्धांजलि सभा में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मती कृष्णा गौर, विधायक  भगवान दास सबनानी, महापौर भोपाल मती मालती राय, अपर मुख्य सचिव  अनुपम राजन, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  संदीप यादव, कलेक्टर भोपाल  कौशलेंद्र सिंह, गणमान्य नागरिक और गैस पीड़ितों के लिए काम करने वाले संगठनो के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

    धर्मगुरुओं में  रमेश त्रिपाठी, भोपाल शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी,  गुरवेज सिंह, फादर अल्फ्रेड डी'सूजा,  अजय जैन, शाक्य पुत्र सागर भंते ने अपने धर्म ग्रंथों का पाठ किया और दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी।

     

  • कैबिनेट मीटिंग में बड़ा ऐलान: 100 की जगह 200 यूनिट तक आधा बिजली बिल

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में राज्य के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली बिल में रियायत देने के साथ ही अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –

    मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान (M-URJA) – राज्य के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत देने के लिए मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान राज्य में 01 दिसम्बर 2025 से लागू है, जिसके तहत घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को 100 यूनिट से बढ़ाकर अब 200 यूनिट प्रति माह तक बिजली बिल में 50 प्रतिशत छूट का लाभ मिलेगा। यह लाभ 400 यूनिट तक खपत वाले उपभोक्ताओं को भी मिलेगा।

    राज्य में 200 से 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को अगले एक वर्ष तक 200 यूनिट तक, बिजली बिल में 50 प्रतिशत छूट का लाभ मिलेगा, इससे 6 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे, ताकि इस अवधि में वे अपने घरों में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर प्लांट स्थापित करा सके।

    इस तरह मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान से प्रदेश के 42 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे, वहीं प्रधानमंत्री सूर्य घर मुक्त बिजली योजना का लाभ प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं को मिलेगा।

    गौरतलब है कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत राज्य शासन की ओर से सब्सिडी दी जा रही है, जिसके तहत 1 किलोवॉट क्षमता के सोलर प्लांट पर 15,000 रुपये तथा 2 किलोवॉट या उससे अधिक क्षमता के प्लांट पर 30,000 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है। यह व्यवस्था राज्य में सौर ऊर्जा अपनाने को प्रोत्साहित करेगी और आने वाले समय में उपभोक्ताओं को हाफ बिजली से फ्री बिजली की ओर ले जाएगी।

    छत्तीसगढ़ भण्डार क्रय नियम, 2002 में स्थानीय लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों से क्रय को प्रोत्साहन देने तथा जेम पोर्टल में क्रय की स्पष्टता के लिए संशोधन किए जाने का निर्णय लिया गया। इन संशोधन से क्रय प्रक्रिया का सरलीकरण होगा, पारदर्शिता में वृद्धि होगी, प्रतिस्पर्धा को बढा़वा मिलेगा तथा समय और संसाधनों की बचत होगी।

    मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

    मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना (नियोजन एवं सेवा की शर्तों का विनियमन) अधिनियम, 2017 (क्र. 21 सन् 2018) में संशोधन हेतु छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना संशोधन विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। जिससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के रिफॉर्म्स और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

  • पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड की जहरीली राख का अंतिम संस्कार, पर्यावरण संरक्षण के तहत भस्म

    इंदौर 

    पांच हजार से ज्यादा लोगों को मौत की नींद सुलाने वाले भोपाल की यूनियन कार्बाइड फैक्टरी का 337 टन कचरा तो पीथमपुर के भस्मक में जला दिया गया, लेकिन उसकी राख हमेशा के लिए पीथमपुर में दफन होगी। इसका भविष्य में आसपास के इलाके में क्या असर होगा, यह तो भविष्य में पता चलेगा, लेकिन पंद्रह साल पहले भी 30 टन से ज्यादा राख पीथमपुर में लैंडफिल की गई थी। उस कारण भस्मक के समीप से निकलने वाली नदी का पानी काला हो गया है।

    ग्रामीणों का कहना है कि उस पानी का उपयोग खेतों में नहीं करते। इससे फसल खराब हो जाती है। कचरा तो भस्म हो गया, लेकिन 900 टन राख उस त्रास्दी की याद दिलाती है। उसका निपटान भी नहीं हो पाया है।

    900 टन राख बची कचरा जलाने के बाद
    पीथमपुर में रामकी कंपनी ने अपने प्लांट में 337 टन जहरीला कचरा छह माह में जलाया। उसके बाद बची राख को बीते पांच माह से कंपनी के परिसर में एक प्लेटफार्म पर रखा गया है। उस राख की भी विशेषज्ञों ने जांच की। राख को दफनाने के लिए एक तालाबनुमा गड्ढा खोदा गया है।

    बची हुई राख में मर्करी, निकल, जिंक, कोबाल्ट, मैग्जीन सहित अन्य तत्व है, जहां इस कचरे को दफन किया जाना है। उसके आधा किलोमीटर दायरे में आबादी क्षेत्र है। वहां के रहवासी बोरिंगों के पानी का उपयोग नहीं करते है, क्योकि बोरिंग भी दूषित हो चुके है। 900 टन राख के लिए काले रंग की एचडीपीई लाइनर बिछाई जा रही है,ताकि राख मिट्टी के संपर्क में न आए और राख का रिसाव जमीन में न हो। राख दफनाए जाने का मामला कोर्ट में भी है। 

  • अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया गया, कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात

    दुर्ग

     भिलाई के गुरुघासीदास नगर में 14 नवंबर को इवेंट ऑर्गनाइजर विकास प्रजापति पर गोली चलवाने के मामले में आरोपी करण साव के अवैध कब्जे पर आज निगम ने बुलडोजर चला दिया। आरोपी पिछले 10 सालों से अवैध भूमि पर निर्माण कर टेंट हाउस का संचालन कर रहा था।

    आज सुबह-सुबह डीएसपी क्राइम और दो थाना प्रभारियों की मौजूदगी में भारी पुलिस बल के साथ निगम की तोडू दस्ते ने संतोषीपारा कैंप-2 पहुंचकर कार्रवाई की। इधर निगम आयुक्त राजीव पांडेय स्वयं मौके पर मौजूद रहे और अवैध कब्जा हटवाया।

    आयुक्त का कहना है कि समृद्धि बाजार के इस एरिया में प्रधानमंत्री आवास के लिए जमीन चिन्हांकित की गई है और यहां जमीन पर हुए अवैध कब्जाधारियों को कई बार नोटिस भी दिया गया। यह पूरी कार्रवाई अंतिम नोटिस के बाद की गई है। वहीं टेंट हाउस संचालक को पहले ही कार्रवाई का अंदाज़ा था, इसलिए सारा सामान पहले ही हटा लिया था।

    इधर आरोपी करण साव के भाई सूरज साव का कहना है कि निगम ने जानबूझकर केवल उनके मकान को ही टारगेट किया है। उनके मोहल्ले में और भी कई अवैध मकान हैं, जिन पर निगम का बुलडोजर नहीं चला। उसने कहा कि उनके परिवार के लोगों ने अपराध किया है तो वे सभी जेल में हैं और उन पर कार्रवाई भी की गई, लेकिन इस तरह परिवार की रोज़ीरोटी को खत्म करना सही नहीं है। आपको बता दें कि करण साव ने अपने भाई शिवम साव की हत्या में शामिल और जेल की सजा काटकर छूटे विकास प्रजापति पर झारखंड से 3 शूटर बुलाकर जान से मारने की कोशिश की थी, लेकिन निशाना चूक गया। जिसके बाद जामुल थाने में मामला दर्ज कर 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।

  • रेलवे कर्मचारियों का आंदोलन: लोको पायलट खाली पेट ट्रेन चला रहे, मांगे सामने आईं

    भोपाल
     रेलगाड़ी चलाने वाले ड्राइवर यानि लोको पायलट बिना कुछ खाए पिए ट्रेन चला रहे हैं। ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन के आह्वान पर यह हड़ताल 2 दिसंबर सुबह 10 बजे से शुरू हुई है, जो कि 4 दिसंबर सुबह 10 बजे तक चलेगी। इसके तहत देशभर में 1 लाख 20 हजार लोको रनिंग स्टाफ बिना भोजन के ड्यूटी पर है। इस हड़ताल में लोको पायलट और सहायक लोको पायलट शामिल हैं, जिनकी 10 सूत्रीय मांग है। मध्य प्रदेश में यह आंदोलन भोपाल, इटारसी, कटनी, जबलपुर, सतना, सागर, बीना, गुना, कोटा और गंगापुरसिटी की क्रू लॉबी में शुरू हो गया है।

    12-16 घंटे करनी पड़ी रही ड्यूटी
    लोको पायलट की मांग है कि उन्हें वर्षों से केवल आश्वासन मिल रहा है। दबाव के साथ लंबी ड्यूटी और लगातार मानसिक दबाव में ट्रेनें चलानी पड़ रही हैं। वहीं, लोको पायलटों का कहना है कि नियम 9 घंटे ड्यूटी का है, इसके बावजूद 12 से 16 घंटे तक लगातार संचालन करवाया जा रहा है। कई बार 72 से 104 घंटे तक मुख्यालय से बाहर रहना पड़ता है। इंजनों में शौचालय-यूरिनल की सुविधा नहीं है।

    लोको पायलट की यह हैं मांगें
    लगातार दो रात से ज्यादा नाइट ड्यूटी न कराई जाए। 36 घंटे के भीतर मुख्यालय वापसी सुनिश्चित की जाए। किलोमीटर भत्ते का 70% आयकर मुक्त किया जाए। ट्रैवलिंग अलाउंस (टीए) में 25% बढ़ोतरी के अनुपात में माइलेज भत्ते में वृद्धि की जाए। आवधिक विश्राम 46 घंटे (16+30) सुनिश्चित किया जाए। मेल-एक्सप्रेस में अधिकतम 6 घंटे और मालगाड़ी में 8 घंटे ड्यूटी का नियम लागू हो। एनपीएस बंद कर पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए। महिला रनिंग स्टाफ की सुरक्षा और समस्याओं पर विशेष उपाय।

    हालांकि इन वजहों से ट्रेनों की परिचालन पर कोई असर नहीं हुआ है। अगर रेलवे की तरफ से उनकी समस्याएं नहीं सुनी गई तो आंदोलन और तेज होगा।

  • QR कोड से सीधे पुलिस कमिश्नर तक शिकायत भेजने की सुविधा भोपाल में शुरू

    भोपाल

    मध्य प्रदेश की राजधानी में पुलिसिंग को और अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए भोपाल पुलिस कमिश्नर हरि नारायणचारी मिश्र ने एक नई पहल शुरू की है. अब लोग सीधे पुलिस कमिश्नर तक अपनी समस्याएं, शिकायतें और सुझाव पहुंचा सकेंगे. इसके लिए विशेष QR कोड सिस्टम लॉन्च किया गया है, जो सभी थानों से जुड़ी समस्याओं को सीधे कमिश्नर के कार्यालय तक पहुंचाने में मदद करेगा.

    इस QR कोड को स्कैन करते ही सामने एक आसान इंटरफेस खुलता है, जिसमें वे थाने से संबंधित परेशानियों, ट्रैफिक की दिक्कतों, सड़क, नाली, पानी जैसी समस्याओं, अनैतिक गतिविधियों की सूचनाओं या पुलिसिंग को बेहतर बनाने के सुझाव दर्ज कर सकते हैं. शिकायत दर्ज करने के बाद नागरिकों को फीडबैक ऑप्शन भी मिलेगा, जिससे उन्हें पता चलेगा कि उनकी शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई.

    पुलिस कमिश्नर ने यह सुनिश्चित किया है कि अनैतिक गतिविधियों या संवेदनशील मामलों की शिकायत करने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रहे, ताकि कोई भी नागरिक बिना झिझक अपने क्षेत्र या शहर में हो रही असामान्य गतिविधियों की जानकारी साझा कर सके.

    पुलिस कमिश्नर ने इस पहल के साथ एक मॉनिटरिंग यूनिट भी गठित की है. QR कोड के माध्यम से आने वाली हर शिकायत की रीयल-टाइम निगरानी की जाएगी. संबंधित विभाग को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे. इसके लिए कमिश्नर कार्यालय में एक विशेष कंट्रोल रूम भी बनाया गया है, जहां शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी. राजधानी में तेज, पारदर्शी और प्रभावी पुलिसिंग स्थापित करने की दिशा में यह कदम बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है.

    भोपाल पुलिस कमिश्नर हरि नारायणचारी मिश्र ने इस पहल को सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया. उनका कहना है कि QR कोड सिस्टम के माध्यम से आने वाली शिकायतों की निगरानी और फीडबैक प्रक्रिया से पुलिसिंग में सुधार के साथ ही जनता का भरोसा भी बढ़ेगा.

  • तीन ठेकों में 226 करोड़ की ठगी, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कंपनी संचालकों पर FIR

    जबलपुर

    जबलपुर स्थित एमपी पावर ट्रांसमिशन कंपनी से ठेका प्राप्त करने के लिए कैलाश देवबिल्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 226 करोड़ रुपये के ठेके हासिल करने के लिए फर्जी दस्तावेज पेश किए थे। जांच के बाद EOW ने संचालकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया।

    EOW से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कैलाश देवबिल्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के संचालकगण द्वारा वर्ष 2016 से 2020 तक फर्जी दस्तावेज़ पेश कर ठेके प्राप्त करने की शिकायत मिली थी। जांच में पाया गया कि एमपी पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड के कुल 20 ठेके प्राप्त किए गए थे, जिनमें से तीन ठेकों के लिए कंपनी ने नोएडा स्थित एक कंपनी के परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट पेश किए थे।

    फर्जी परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट से लिया था 226 करोड़ का काम

    जानकारी के मुताबिक हाथीताल निवासी कैलाश देवबिल्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध संचालक कैलाश शुक्ला ने अपने परिवारजनों के साथ मिलकर नोएडा की इनॉक्सविंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विस लिमिटेड के नाम से कूटरचित परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट तैयार करवाया। इसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर कंपनी ने हाईटेंशन लाइनों और 220 केवी सब स्टेशन के निर्माण के लिए मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड से 226 करोड़ रुपए के टेंडर हासिल कर लिए।

    EOW की जांच में खुलासा

    शिकायत मिलने पर एसपी EOW अनिल विश्वकर्मा के निर्देश पर जब जांच शुरू हुई तो पता चला कि इनॉक्सविंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विस लिमिटेड ने ऐसा कोई परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट जारी ही नहीं किया था। EOW की टीम फिर नोएडा स्थित कंपनी के कॉर्पोरेट ऑफिस पहुंची, जहां से स्पष्ट रूप से बताया गया कि उनके द्वारा ऐसा कोई दस्तावेज जारी नहीं किया गया है।

    इन टेंडरों में किया गया था फर्जीवाड़ा

    कंपनी ने 2 मार्च 2017 को कूटरचित सर्टिफिकेट लगाकर पावर ट्रांसमिशन कंपनी से टीआर-36/16, टीआर-13/20 और टीआर-35/20 के टेंडर प्राप्त किए थे। सभी टेंडर उच्च क्षमता के सब स्टेशन और ट्रांसमिशन लाइन निर्माण से जुड़े थे।

    कंपनी संचालकों पर FIR दर्ज

    जांच में आरोप प्रमाणित पाए जाने पर EOW ने कैलाश कुमार शुक्ला प्रबंध संचालक देवबिल्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, सीमा शुक्ला और भानू शुक्ला डायरेक्टर के खिलाफ धारा 34, 420, 465, 468, 471, 120-बी के तहत अपराध क्रमांक 156/2025 पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी गई है।

    226 करोड़ का घोटाला

    यह 226 करोड़ का घोटाला है। EOW आगे वित्तीय लेन-देन एवं फर्जी दस्तावेज़ तैयार करने की साजिश का भी पता लगा रही है। मामला सामने आने के बाद ऊर्जा व ट्रांसमिशन क्षेत्र में बड़ी हलचल मच गई है।

    इनॉक्स विंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विस लिमिटेड, नोएडा ने स्पष्ट किया कि उनके द्वारा देवबिल्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को कोई परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट जारी नहीं किया गया है। कंपनी ने ठेके प्राप्त करने के लिए कूटरचित परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट पेश किए थे।

    हाईटेंशन लाइन व सब-स्टेशन बनाती है कंपनी
    प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह कंपनी हाईटेंशन लाइनों और सब-स्टेशनों का निर्माण करती है। फर्जी परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट का उपयोग करके कंपनी ने 220 केवी के सब-स्टेशन निर्माण सहित दो अन्य ठेके प्राप्त किए थे। तीनों ठेकों की कुल राशि 226 करोड़ रुपये थी, जो निर्धारित दरों से कम पर हासिल किए गए थे।

    EOW ने जांच के बाद कैलाश कुमार शुक्ला (प्रबंध संचालक, कैलाश देवबिल्ड इंडिया प्रा. लि.), सीमा शुक्ला (डायरेक्टर) और भानू शुक्ला (डायरेक्टर), निवासी हाथीताल कॉलोनी, को आरोपी बनाया है। 

  • तापमान में कमी का संकेत, छत्तीसगढ़ में अगले दो दिन 3 डिग्री तक गिरेगा तापमान

    रायपुर

     छत्तीसगढ़ का मौसम लगातार करवट ले रहा हैं. फिल्हाल इसे प्रभावित करने वाला दितवाह तूफान का असर अवदाब के बाद कमजोर हो कर निम्न दबाव क्षेत्र में तबदील हो गया है. दो दिनों में तापमान में फिर से वृद्धि होने की संभावना है. पारा एक से तीन डिग्री तक लुढ़केगा. अभी सरगुजा समेत पूरे प्रदेश में न्यूनतम तापमान अपनी सामान्य स्थिति से नीचे नहीं है. अब राज्य में आने वाली हवा की दिशा में बदलाव होने की संभावना है. इससे रात के न्यूनतम तापमान में पुनः गिरावट का दौर शुरू होने के आसार हैं. अनुमान है कि गुरुवार की रात से पारा सामान्य से नीचे जाएगा, जिससे ठंड का बढ़ता प्रभाव महसूस होगा.

    पिछले 24 घंटे में राज्य में सबसे कम पारा 9.5 दुर्ग और सबसे अधिक 30.2 दुर्ग का दर्ज किया गया. अगले चौबीस घंटे में इसमें बदलाव आने की उम्मीद कम है.

    रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम

    रायपुर में सुबह कोहरा रहने के बाद आकाश मुख्यतः साफ़ रहने की संभावना है. अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है.

  • लोकायुक्त टीम की कार्रवाई: सतना में ई-वे बिल पर पेनल्टी न लगाने के एवज में रिश्वत मांगने वाला CGST अधिकारी पकड़ा गया

    सतना में निरीक्षक 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

    सतना 

    सतना में लोकायुक्त रीवा की टीम ने केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) विभाग के निरीक्षक कुमार सौरभ को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। शिकायत के अनुसार निरीक्षक द्वारा सतना में स्थित श्री कैलाशराज ट्रैक्टर्स फर्म के ई-वे बिल पर पेनल्टी न लगाने और फर्म पर छापामार कार्रवाई से राहत देने के एवज में 60 हजार रुपए की अवैध मांग की जा रही थी!शिकायतकर्ता 33 वर्षीय वीरेंद्र कुमार शर्मा, निवासी राजेंद्र नगर, गली नंबर 10, सतना ने 29 नवंबर 2025 को लोकायुक्त कार्यालय रीवा में आवेदन प्रस्तुत कर इस रिश्वत मांग की लिखित शिकायत की थी।

    शिकायत प्राप्त होने के बाद लोकायुक्त संभाग रीवा के प्रभारी पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार ने गोपनीय सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कराई, जिसके दौरान निरीक्षक द्वारा रिश्वत की मांग करना सही पाया गया।सत्यापन रिपोर्ट आने के बाद 3 दिसंबर 2025 को पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में लोकायुक्त की विशेष टीम गठित की गई और ट्रैप की योजना बनाई गई। योजना के तहत शिकायतकर्ता को 20,000 रुपए की ट्रैप मनी उपलब्ध कराई गई और उसे तय संकेतों के साथ केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर विभाग, प्रभाग सतना के कार्यालय भेजा गया, जहां निरीक्षक कुमार सौरभ ने कथित रिश्वत की यह पहली किस्त स्वीकार की।शिकायतकर्ता से रकम लेते ही जैसे ही पूर्व निर्धारित संकेत मिला, लोकायुक्त टीम ने कार्यालय में दबिश दी और निरीक्षक को 20 हजार रुपए की राशि सहित रंगे हाथ पकड़ लिया।

    ट्रैप राशि मौके से बरामद कर ली गई और आरोपी निरीक्षक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।लोकायुक्त संगठन ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी किसी भी प्रकार की रिश्वत की मांग करता है तो इसकी शिकायत तत्काल दर्ज कराएं। भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतें सीधे लोकायुक्त रीवा से भी की जा सकती हैं, जिसके लिए मोबाइल नंबर 9893607619 पर संपर्क कर आवश्यक सूचना उपलब्ध कराई जा सकती है।

  • सरगुजा की युवतियों की तस्करी: पुलिस ने एक को बचाया, दूसरी को खोजने में जुटी टीम

    अंबिकापुर

    सरगुजा की दो लड़कियों को मानव तस्करों ने उज्जैन ले जाकर बेचने का मामला सामने आया है. मोटी तनख्वाह की नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेची गई दो युवतियों में से एक को पुलिस ने बरामद कर लिया है, वहीं दूसरे की तलाश जारी है.

    जानकारी के अनुसार, लखनपुर थाना क्षेत्र की बेची गई युवती को एक हफ्ते तक घर में बंधक बनाकर रखा गया था. लड़की ने शोर मचाया तो उज्जैन पुलिस ने उसे छुड़ाया. सूचना पर उज्जैन पहुंचे परिजनों को पुलिस ने युवती को सौंपा. वहीं लापता दूसरी लड़की को बेचकर खरीदार से शादी कराने की शिकायत परिजनों ने पुलिस से की है.

    बताया जा रहा है कि आरोपी लड़की को अंबिकापुर से ट्रेन से लेकर उज्जैन गए, और ढाई लाख रुपए में बेच दिया. मानव तस्करी के मामले में 4 के खिलाफ जुर्म दर्ज किया गया है.

  • कैलाश विजयवर्गीय ने राहुल गांधी पर साधा निशाना, कहा—हम राजीव गांधी की सोच को बढ़ा रहे हैं

    भोपाल
     मध्यप्रदेश में नगर पालिका और नगर परिषद के आगामी चुनावों में अब जनता सीधे अध्यक्ष का चुनाव करेगी। मंगलवार को विधानसभा में इसका संशोधन विधेयक पास हुआ, लेकिन उससे पहले सदन में हॉर्स ट्रेडिंग का मुद्दा हावी रहा।

    विपक्ष ने कहा कि यदि पारदर्शिता और प्रत्यक्ष चुनाव ही लक्ष्य है, तो फिर यह व्यवस्था केवल निकायों में क्यों? मंडियों, जिला एवं जनपद पंचायतों समेत हर स्तर पर प्रत्यक्ष चुनाव लागू किए जाएं। विपक्ष ने यह भी सवाल उठाया कि जब प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री तक अप्रत्यक्ष प्रणाली से चुने जाते हैं, तो केवल स्थानीय निकायों में बदलाव क्यों?

    कांग्रेस विधायक उमंग सिंघार ने कहा कि ‘सरकार निकायों के अध्यक्ष जनता से चुनवाना चाहती है, लेकिन मुख्यमंत्री पर्ची से चुना जाता है। यह कानून राजनीतिक ध्रुवीकरण बढ़ाएगा और छोटे लोग चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। यह टिकट बेचने का नया मॉडल हो जाएगा।’ संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी माना कि हॉर्स ट्रेडिंग कई स्तरों पर होती है, साथ ही कहा कि सरकार राजीव गांधी की पंचायती राज की सोच को आगे बढ़ा रही है, तब भी राहुल गैंग विरोध कर रही है। इस पर सिंघार ने कहा- विरोध नहीं, बिल में जरूरी बदलाव पर बात रखी है। 

  • ₹443 करोड़ के नोटिस में संजय पाठक की कंपनियां शामिल, जबलपुर कलेक्टर ने निर्धारित किया 15 दिन का अल्टीमेटम

    भोपाल
     मध्य प्रदेश के विजयराघवगढ़ से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक संजय सत्येंद्र पाठक से जुड़ी तीन खनन कंपनियों को जबलपुर जिले में अवैध एवं अतिरिक्त रेत उत्खनन के मामले में बड़ा झटका लगा है। जबलपुर कलेक्टर ने इन कंपनियों को कुल 443 करोड़ 4 लाख 86 हजार 890 रुपये की वसूली के लिए नोटिस जारी किया है। खनिज साधन विभाग ने विधानसभा में दिए लिखित जवाब में इसकी पुष्टि की है। कांग्रेस विधायक डॉ. हीरालाल अलावा के तारांकित प्रश्न के उत्तर में विभाग ने बताया कि विधायक संजय पाठक से जुड़ी निम्नलिखित तीन कंपनियों ने स्वीकृत सीमा से अधिक रेत का उत्खनन किया। 

    कांग्रेस विधायक डॉ. हीरालाल अलावा के सवाल पर खनिज विभाग ने विधानसभा में पूछे गए प्रश्न क्रमांक 685 के उत्तर में जबलपुर जिले में बड़े पैमाने पर अवैध रेत उत्खनन और राजस्व के नुकसान के मामले पर जवाब दिया। खनिज साधन विभाग ने स्वीकार किया है कि जबलपुर जिले की चार कंपनियों द्वारा निर्धारित स्वीकृति सीमा से अधिक रेत का उत्खनन किया गया।

    कंपनियों के नाम

        आनंद माइनिंग कॉर्पोरेशन ग्राम टिकरिया
        नीलिमा मिनरल्स ग्राम दुबियारा
        नीलिमा मिनरल्स ग्राम अगरिया
        पैसिफिक एक्सपोर्ट ग्राम झिठी

    खनिज विभाग ने बताया कि कलेक्टर द्वारा गठित दल एवं जांच रिपोर्ट के आधार पर इन कंपनियों पर कुल ₹4,43,04,86,890 की वसूली निर्धारित की गई है।

    क्यों दिए नोटिस जबलपुर कलेक्टर द्वारा 10 नवंबर 2025 को जारी आदेशों (जिनकी प्रति विधायक को दी गई) में स्पष्ट है कि इन सभी आदेशों में कलेक्टर ने कंपनियों को 15 दिनों में वसूली जमा करने के निर्देश दिए हैं, अन्यथा भू–राजस्व अधिनियम के तहत कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। विधानसभा में सरकार का जवाब—“कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

    खनिज विभाग द्वारा विधानसभा सचिवालय को दिए गए लिखित उत्तर में कहा गया है कि जांच दल द्वारा तैयार अतिरिक्त उत्खनन रिपोर्ट को स्वीकार किया गया है। संबंधित कंपनियों को वसूली आदेश जारी किए जा चुके हैं। वसूली राशि जमा न करने पर नियम 216 (खनिज नियम 2019) तथा भू–राजस्व संहिता के तहत आगामी कार्रवाई की जाएगी।

    कांग्रेस विधायक ने कहा: ये एक हजार करोड़ का खेल विधायक ने उठाया सवाल- ‘1000 करोड़ का रेत माफिया खेल’ विधानसभा में यह मुद्दा उठाने वाले विधायक डॉ. हीरालाल अलावा ने कहा कि— जिले में लंबे समय से रेत ठेकेदार कथित संरक्षण के कारण मनमानी कर रहे थे। उनके अनुमान के अनुसार वास्तविक राजस्व हानि 1000 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है। सरकार को पूरे जिले और अन्य जिलों में भी व्यापक ऑडिट कराना चाहिए।

    इन कंपनियों को खनिज रॉयल्टी, जीएसटी और अन्य बकाया राशि जमा करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। साथ ही संबंधित कंपनियों को पत्र लिखने के लिए भी अलग से नोटिस दिए गए हैं। मध्यप्रदेश खनिज विभाग द्वारा गठित जांच दल की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। 10 नवंबर 2025 को जबलपुर कलेक्टर ने आदेश जारी कर इन कंपनियों को 15 दिनों के अंदर पूरी राशि जमा करने का निर्देश दिया है। राशि जमा नहीं करने पर मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता के तहत सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

    विधानसभा में सरकार की ओर से कहा गया है कि जांच रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया गया है। वसूली आदेश जारी हो चुके हैं। राशि जमा नहीं हुई तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला जबलपुर जिले में बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध रेत उत्खनन और राज्य को हुए राजस्व नुकसान से जुड़ा है। विपक्षी दल कांग्रेस लगातार इस मुद्दे को उठा रहा है।

    कलेक्टर के आदेशों में सभी फर्मों में ये गड़बड़ी मिली

        रेत का उत्खनन स्वीकृत मात्रा से कई गुना अधिक हुआ।
        रेत परिवहन पर्चियों (टीपी) का मिलान करते समय भारी अंतर पाया गया।
        नज़दीकी घाटों से चोरी-छुपे रेत निकालकर दूसरे जिलों में भेजे जाने के संकेत भी मिले।
        कलेक्टर ने इन आदेशों में स्पष्ट लिखा है कि यह उत्खनन मात्रा से अधिक माइनिंग (Over Mining) है और नियम 194/2014 तथा कोर्ट आदेश दिनांक 02/08/2017 के अनुसार इसका आर्थिक दंड देय है।

    अब आगे क्या?

    खनिज विभाग ने कहा है कि 15 दिनों की समय-सीमा के बाद वसूली न होने पर बैंक खातों की कुर्की, मशीनरी जब्ती, और पट्टा निरस्तीकरण की प्रक्रिया लागू की जाएगी। पूरे मामले की पुनः जांच भी की जाएगी ताकि जिले में भविष्य में ऐसा न हो।

  • मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने राष्ट्रीय दलों को SIR कार्य की जानकारी दी, चुनाव तैयारियों पर बैठक

    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक 

    प्रदेश में चल रहे एसआईआर कार्य के बारे में कराया अवगत  

    भोपाल

    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र  संजीव कुमार झा ने मंगलवार को निर्वाचन सदन भोपाल में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर को लेकर बढ़ाई गई समय सीमा और प्रगति के बारे में जानकारी दी। साथ ही प्रदेश की उपलब्धि पर राजनीतिक दलों का आभार व्यक्त किया। 
    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी  झा ने कहा कि राजनीतिक दलों द्वारा बताई हुई समस्याओं के त्वरित समाधान और सुझावों के क्रियान्वयन से ही प्रदेश में एसआईआर का कार्य लगभग पूरा होने को है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 5 करोड़ 46 लाख से अधिक गणना पत्रकों का डिजीटाइजेशन किया जा चुका है। 10 जिलों ने 100 फीसदी काम पूरा कर लिया है।

    साथ ही 10 अन्य जिलों ने 99% से अधिक कार्य पूर्ण कर लिया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश कि 230 विधानसभाओं में से 58 में शत् प्रतिशत,146 में 90% से अधिक, 12 में 80 से 90% तथा 14 विधान सभाओं में 80% से कम कार्य हुआ है। साथ ही प्रदेश के 65 हजार 14 मतदान केंद्रों में से 40 हजार 8 सौ 30 पर100%, 16 हजार178 पर 90% से अधिक, 3655 पर 80 से90% तक काम पूरा हो चुका है। बैठक के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी  झा ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के सुझाव प्राप्त किए। साथ ही उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।  

    बैठक में आम आदमी पार्टी से  मती रीना सक्सेना,  सज्जन सिंह परमार,  सीपी सिंह, बहुजन समाज पार्टी से  पूर्णेन्द्र अहिरवार, भारतीय जनता पार्टी से  भगवान दास सबनानी,  रजनीश अग्रवाल,  एसएस उप्पल और कांग्रेस पार्टी से  जेपी धनोपिया उपस्थित रहे।

  • छात्रा को थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल, नायब तहसीलदार पर मारपीट के गंभीर आरोप

    छतरपुर 
     मध्य प्रदेश के छतरपुर में महिला नायब तहसीलदार नीतू सिंघई ने एक युवती को थप्पड़ मार दिया। युवती का आरोप है कि उसने नीतू सिंघई से कहा कि वह दो महीने से खाद लेने आ रही है, लेकिन नहीं मिल रही। उसने टोकन मांगा। नीतू सिंघई ने कहा कि महिलाओं को टोकन नहीं मिलेंगे, केवल पुरुषों को मिलेंगे। दोबारा टोकन मांगा तो तहसीलदार ने थप्पड़ मार दिया।

    खाद की कालाबाजारी करने का आरोप

    गुड़िया ने आरोप लगाया कि 15 ट्रक खाद रखी हुई है, लेकिन उसे ब्लैक में बेचा जा रहा है। उसने नायब तहसीलदार पर भी मिलीभगत और कमीशन लेकर खाद की कालाबाजारी करवाने का आरोप लगाया। गुड़िया ने कहा कि लगभग 250 महिलाएं रात 2 बजे से खाद के लिए लाइन में खड़ी हैं, लेकिन किसी को खाद नहीं मिल रही है।

    गुड़िया के अनुसार, टोकन चार-चार दिन तक बांटे जा रहे हैं, लेकिन पैसे देने के बाद भी खाद नहीं मिल रही है। यह कैसा नियम है और तहसीलदार को थप्पड़ मारने का परिणाम भुगतना पड़ेगा।

    नायब तहसीलदार बोली- लोग मानने को तैयार नहीं

    नीतू सिंघई ने कहा कि लोग अव्यवस्था फैला रहे हैं। धक्कामुक्की और एक दूसरे को खींच रहे हैं। इतना ही नहीं कुछ तो हम पर आरोप लगा रहे हैं और कॉलर तक को खींच रहे हैं। हमारा इतने पास से वीडियो बना रहे हैं। व्यवस्था है लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं।

    वहीं लोगों का कहना है कि बच्ची स्कूल छोड़ कर एक महीने से खाद के लिए परेशान है। व्यवस्था बनाना प्रशासन का काम है। टाइम पर खाद देना चाहिए न लेकिन किसानों को  खाद नहीं मिल रहा है।

    खाद की कालाबाजारी करने का आरोप गुड़िया पटेल ने बताया कि वह एमए तीसरे सेमेस्टर की छात्रा है। 5 दिसंबर को उसकी परीक्षा है। वह पढ़ाई छोड़कर खाद लेने के लिए लाइन में लगी हुई है। एक महीने से खाद के लिए परेशान होना पड़ रहा है।

    गुड़िया ने आरोप लगाया कि 15 ट्रक खाद रखी हुई है, लेकिन उसे ब्लैक में बेचा जा रहा है। उसने नायब तहसीलदार पर भी मिलीभगत और कमीशन लेकर खाद की कालाबाजारी करवाने का आरोप लगाया। गुड़िया ने कहा कि लगभग 250 महिलाएं रात 2 बजे से खाद के लिए लाइन में खड़ी हैं, लेकिन किसी को खाद नहीं मिल रही है।

    गुड़िया के अनुसार, टोकन चार-चार दिन तक बांटे जा रहे हैं, लेकिन पैसे देने के बाद भी खाद नहीं मिल रही है। यह कैसा नियम है और तहसीलदार को थप्पड़ मारने का परिणाम भुगतना पड़ेगा।

  • 33वें स्थापना दिवस पर मध्य प्रदेश प्रेस क्लब ने आयोजित किया ‘मेरा मध्य प्रदेश’ कार्यक्रम, 9 नवरत्न और 7 मध्यप्रदेश श्री सम्मानित

    मध्य प्रदेश प्रेस क्लब का 33वाँ स्थापना दिवस

    ‘मेरा मध्य प्रदेश’ समारोह में 9 नवरत्न और 7 मध्यप्रदेश श्री’ का भव्य अलंकरण

    भोपाल
     पूर्णकालिक पत्रकारों के सर्वमान्य एवं सक्रिय संगठन मध्य प्रदेश प्रेस क्लब का 33वाँ स्थापना दिवस इस वर्ष विशेष गरिमा, वैभव और व्यापक दृष्टि के साथ मनाया जाएगा। रविवार, 14 दिसंबर, प्रातः 10 बजे, रवींद्र भवन के अंजनी सभागार में आयोजित होने वाला यह विशिष्ट आयोजन ‘मेरा मध्य प्रदेश’ शीर्षक से सम्पन्न होगा। समारोह में मध्यप्रदेश का नाम देश–दुनिया में रोशन करने वाली प्रतिष्ठित विभूतियों को ‘नवरत्न सम्मान’ एवं ‘मध्यप्रदेश श्री’ अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा।

    जूरी प्रक्रिया के आधार पर चुने गए नौ विशिष्ट व्यक्तित्व, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देकर मध्य प्रदेश की प्रतिष्ठा बढ़ाई है, इस प्रकार हैं पद्मश्री सुशील दोषी – विश्वप्रसिद्ध क्रिकेट विश्लेषक एवं कमेंटेटर  कलापिनी कोमकली – अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शास्त्रीय गायिका देवेंद्र मालवीय – देश की पहली वन-टेक फिल्म दिल्ली 2020के निर्माता-निर्देशक,अमृता जोशी विख्यात कत्थक नृत्यांगना,मुमताज खान अंतरराष्ट्रीय फैशन डिजाइनर,जयदीप कर्णिक – वरिष्ठ पत्रकार एवं राष्ट्रीय मीडिया व्यक्तित्व,प्रतिश मेहता – लोकप्रिय श्रृंखलाओं कोटा फैक्ट्री और हाफ सीए के निर्देशक,दिनेश गौतम – वरिष्ठ टीवी पत्रकार,सोनल भारद्वाज – वरिष्ठ न्यूज़ एडिटर एवं प्रभावशाली मीडिया हस्ती।

    कार्यक्रम समन्वयक एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनोद नागर तथा महासचिव डॉ. शिशिर उपाध्याय ने बताया कि इन व्यक्तित्वों का चयन पत्रकार, कला, संस्कृति, सृजनशीलता, मीडिया एवं सामाजिक योगदान के आधार पर किया गया है।इस वर्ष से प्रेस क्लब ने एक नई परंपरा की शुरुआत करते हुए ‘मध्यप्रदेश श्री’ अलंकरण की घोषणा की है। वर्ष 2025 के लिए चुने गए सात प्रेरक व्यक्तित्व इस प्रकार हैं—एयर कमोडोर आशुतोष चतुर्वेदी – कारगिल युद्ध के वीर योद्धा, विशिष्ट सेवा पदक और गैल्लेंट्री अवॉर्ड प्राप्त,प्रो. संजय द्विवेदी – पूर्व महानिदेशक, भारतीय जनसंचार संस्थान; लेखक एवं विचारक चित्रा बाजपेई – भारत की पहली महिला क्रिकेट अंपायर
    श्रीमती पूनम चौकसे – कुलाधिपति, एलएनसीटी समूह डॉ. शिवदयाल बर्डे – विख्यात आयुर्वेदाचार्य,ऋषिराज सिंह सिसौदिया – निदेशक, IFFCO,अभिषेक गोयल (दिल्ली) – ग्लोबल स्कॉलर एवं युवा इंजीनियर।

    प्रेस क्लब की सचिव श्रीमती रोमा मल्होत्रा (इंदौर) ने बताया कि ‘मध्यप्रदेश श्री’ का उद्देश्य उन व्यक्तियों को सम्मानित करना है जिन्होंने अपने कार्य, नेतृत्व और उपलब्धियों से प्रदेश की छवि को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्नत किया है।

    समारोह के द्वितीय सत्र में ‘मध्य प्रदेश—एक दृष्टिपत्र’ विषय पर विशेष विचार-श्रृंखला आयोजित होगी। इस मंच पर सम्मानित विभूतियाँ  प्रमुख विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगी,प्रदेश का वर्तमान सामाजिक–आर्थिक स्वरूप, भविष्य की संभावनाएँ,नीतिगत दिशा,निवेश एवं औद्योगिक वातावरण कौशल विकास,युवा प्रतिभा संवर्धन,इस श्रृंखला के आधार पर तैयार समग्र विजन डॉक्यूमेंट बाद में मध्य प्रदेश शासन को सौंपा जाएगा।

    मध्य प्रदेश प्रेस क्लब ने अपनी 33 वर्ष की निरंतर यात्रा में पत्रकारिता की नैतिकता सामाजिक उत्तरदायित्व निर्भीक संवादऔर सृजनशील प्रतिभाओं के सम्मान को सदैव सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।‘मेरा मध्य प्रदेश’ केवल एक सांस्कृतिक या औपचारिक आयोजन भर नहीं,बल्कि यह प्रदेश के उत्कर्ष, स्वाभिमान, सृजनशीलता और सामूहिक संकल्प का जीवंत दस्तावेज हैं।

  • ऑपरेशन जारी: नक्सलियों से भिड़ंत में सुरक्षाबल सतर्क, हालात साफ करेंगे सर्च अभियान के नतीजे

    बीजापुर

     एक बार फिर नक्सलियों के साथ सुरक्षा बल की मुठभेड़ जारी है. अबकी बार भैरमगढ़ क्षेत्रांर्तगत ग्राम हकवा के जंगलों में मुठभेड़ चल रही है.

    बीजापुर पुलिस ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि डीआरजी/एसटीएफ/कोबरा की संयुक्त टीम की नक्सलियों के साथ रुक-रुक कर मुठभेड़ चल रही है. इसके साथ ही सुरक्षाबलों जवानों का सर्चिंग अभियान जारी है.

  • हर उपभोक्ता के लिए अनिवार्य पावर क्वॉलिटी मीटर, खर्च 5.5 लाख से अधिक, कई संस्थाओं को नोटिस मिला

     इंदौर
     उद्योगों और उच्चदाब कनेक्शन से बिजली लेने वाले उपभोक्ताओं को नया मीटर लगाना होगा। पावर क्वॉलिटी मीटर के नामक इस मीटर के लिए हर उपभोक्ता को कम से कम साढ़े पांच लाख या इससे ज्यादा खर्च करना होंगे। बीते दिनों में कई उद्योगों के साथ कुछ होटल व अन्य संस्थाओं के पास भी ऐसे नोटिस पहुंचे हैं।

    बिजली कंपनी के इस फरमान का उद्योगों ने विरोध शुरू किया है लेकिन कंपनी ने गेंद नियामक आयोग के पाले में डाल दी है। हैरान करने वाली बात ये है कि नियमों की आड़ में मीटर भी एक खास कंपनी का लगवाने को मजबूर किया जा रहा है।

    बिजली कंपनी की ओर से पहले कुछ आयरन रोलिंग मिलों को नोटिस पहुंचे, इसके बाद अन्य उद्योगों में इस तरह के नोटिस पहुंचे। अब बताया जा रहा है कि उच्चदाब कनेक्शन ले चुके होटल व अन्य उपभोक्ताओं को भी कहा गया है कि वे पावर क्वॉलिटी मीटर लगाए।

    पावर क्वॉलिटी मीटर को लगाने के लिए कारण बताया जा रहा है कि उच्चदाब उपभोक्ताओं के नई मशीन व उपकरणों के उपयोग के दौरान पैदा होने वाली हारमोनिक्स (विकृत करंट) की निगरानी इस मीटर से हो सकेगी। बिजली कंपनी की दलील है कि ये हारमोनिक्स या विकृत करंट भारी मशीनों के चलने से पैदा होता है।

    हारमोनिक्स पर नजर रखेगा

    जो बाद में बिजली आपूर्ति करने वाली ग्रिड या आसपास के सप्लाय सिस्टम में दाखिल होकर उन्हें भी खराब कर सकता है। मीटर हर उद्योग में पैदा होने वाली ऐसी हारमोनिक्स पर नजर रखेगा। बाद में बिजली कंपनी फिर इनसे निपटने की कोई युक्ति लाएगी। यानी अभी हारमोनिक्स की निगरानी के लिए मीटर लगाना होगा बाद में फिर उसे दूर करने के उपाय के लिए कोई उपकरण अनिवार्य किया जाएगा।

    आमतौर पर हारमोनिक्स या विकृत करंट की समस्या ऐसी फैक्ट्रियों में ज्यादा आती है जहां लोहा या धातु गलाने वाली भट्टियां (फर्नेस) या ऐसे उपकरण होते हैं। लिहाजा ऐसे मीटर सिर्फ चुनिंदा फैक्ट्रियों में लगने थे लेकिन आदेश में सभी एचटी कनेक्शन को लिखकर इसका दायरा बढ़ाकर सभी कनेक्शनधारी को शामिल कर लिया गया।

    विकल्प नहीं, खरीदना मजबूरी

    उद्योगों नोटिस मिलने के बाद बिजली कंपनी के अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं तो उन्हें एक कंपनी के प्रतिनिधि के पास भेजा जा रहा है। बताया जा रहा है पावर क्वॉलिटी मीटर सिर्फ यहीं कंपनी उपलब्ध करवाएगी। स्नाइडर नामक कंपनी के प्रतिनिधि शीतेंद्र श्रीवास्तव से जब नईदुनिया ने उद्योग संचालक बनकर बात की तो उसने बताया कि एक मीटर की लागत 5 लाख 70 हजार के लगभग होगी।

    उसने ऑफर दिया कि यदि आप ज्यादा लोगों को इकट्ठा कर लाते हैं तो हम कीमत पर बैठकर बात कर लेंगे। कंपनी के प्रतिनिधि से पूछा गया कि किसी और कंपनी का सस्ता मीटर नहीं मिल सकता। इस पर उसने कहा कि गारंटीड टेक्निकल स्पेसिफिकेशन पर खरा उतरना जरूरी है। इसकी टेस्टिंग अभी हमारी कंपनी ने ही करवाई है। दूसरी किसी कंपनी के मीटर की टेस्टिंग नहीं हुई है ऐसे में विकल्प कोई और नहीं है।

    विरोध शुरू

    एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज मप्र (एआईएमपी) और रोलिंग मिल एसोसिएशन ने इस आदेश का विरोध शुरू कर दिया है। एआईएमपी अध्यक्ष योगेश गुप्ता ने कहा कि मनमाने तरीके से मीटर लगाने का आदेश देना और लाखों रुपये खर्च करने का दबाव बनाना गलत है। एसोसिएशन इसका विरोध करेगा। रोलिंग मिल एसोसिएशन अध्यक्ष सतीश मित्तल ने कहा कि खास कंपनी की मोनोपोली की आड़ में उद्योगों को आर्थिक हानि पहुंचाई जा रही है।

    दूसरी ओर पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की ओर से इस मामले में कहा गया है कि यह आदेश नियामक आयोग की ओर से दिया गया है। उद्योगों को राहत पाने के लिए आयोग में अपील करना होगी।