• रोलिंग बजट बनाने में मध्यप्रदेश बनेगा देश का पहला राज्य

    जनअपेक्षाओं के अनुरूप होगा मध्यप्रदेश का बजट
    उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने की बजट विशेषज्ञों से चर्चा

    भोपाल

    उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि लोकतंत्र की मूल भावना को ध्यान में रखते हुए जनअपेक्षाओं के अनुरूप मध्यप्रदेश का बजट तैयार किया जाएगा। नवाचार के रूप में वर्ष 2026-27 के बजट अनुमानों के साथ वर्ष 2027-28 एवं वर्ष 2028-29 के सांकेतिक बजट अनुमान भी तैयार किए जा रहे हैं। इस प्रकार आगामी तीन वर्षों के लिए रोलिंग बजट तैयार करने की पहल करने में मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बनेगा।

    उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने सोमवार को बजट संवाद कार्यक्रम में यह जानकारी दी। वर्ष 2026-27 के बजट को अधिक लोक कल्याणकारी, व्यवहारिक और परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित बजट संवाद कार्यक्रम में अर्थशास्त्रियों, बजट विशेषज्ञों, प्रबुद्ध विचारकों एवं विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश का बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज न होकर आम जनता की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब होना चाहिए। सरकार का निरंतर प्रयास है कि बजट निर्माण की प्रक्रिया में जनभागीदारी को और अधिक विस्तार दिया जाए और प्राप्त सुझावों को नीति निर्धारण की प्रक्रिया में शामिल किया जाए।

    उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने बजट संवाद को संबोधित करते हुए कहा कि प्रतिवर्ष प्रदेश के बजट को सरल, सहज और व्यावहारिक स्वरूप देने का प्रयास किया जाता है, जिससे आम नागरिक भी बजट निर्माण प्रक्रिया को आसानी से समझ सके। बजट को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आम जनता, विषय विशेषज्ञों और प्रबुद्ध वर्ग से ई-मेल, वेबसाइट, दूरभाष एवं अन्य संचार माध्यमों के जरिए सुझाव आमंत्रित किए गए, जिनके माध्यम से लगभग 945 सुझाव प्राप्त हुए हैं।

    उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत 2047” के संकल्प में प्रदेश का उल्लेखनीय योगदान सुनिश्चित करने हेतु पूंजीगत व्यय में निरंतर वृद्धि की जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में ₹82 हजार 513 करोड़ का पूंजीगत व्यय प्रावधान अब तक का सर्वाधिक है।

    उन्होंने आगामी लक्ष्यों की चर्चा करते हुए कहा कि वर्ष 2029 तक राज्य का सकल घरेलू उत्पाद ₹27.2 लाख करोड़ तथा वर्ष 2047 तक ₹250 लाख करोड़ से अधिक करने का लक्ष्य है। साथ ही प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि का रोडमैप तैयार किया गया है।

    उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि आगामी बजट में कृषि और किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे किसानों की आय बढ़े और सब्सिडी पर निर्भरता कम हो। साथ ही उद्योग, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुशासन के क्षेत्र में सुधार हेतु भी विशेषज्ञों से ठोस सुझाव आमंत्रित किए गए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास और नागरिकों के जीवन को खुशहाल बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और बजट विशेषज्ञों के सुझावों से प्रदेश अपने लक्ष्यों को शीघ्र प्राप्त करेगा।

                 सचिव वित्त लोकेश कुमार जाटव ने स्वागत भाषण में कहा कि बजट सुझाव को यथोचित बजट में शामिल करेंगे। उन्होंने बजट की पूरी प्रक्रिया संक्षेप में जानकारी दी।

                 उप महाप्रबंधक नाबार्ड सुशील कुमार ने सुझाव दिया कि विकसित भारत 2047 के लिये कारपोरेट सेक्टर की भूमिका, इनवेस्टमेंट बढ़ना, सिंचाई और मंडी इंफ्रास्ट्रेक्चर को बढ़ाना होगा। कुछ विशेष एरिया को शामिल किया जाना चाहिए।

                 सदस्य मध्यप्रदेश युवा आयोग आशुतोष सिंह ठाकुर ने नेशनल युथ पॉलिसी के कुछ विशेष एरिया को शामिल किया जाना चाहिए, युवाओं को स्किल ट्रेनिंग, लैग्वेंज सिस्टम को लागू करने के लिये उच्च शिक्षा में बजट प्रावधान अलग से होना चाहिए।

                 पूर्व अध्यक्ष सी.सी.आई. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने युज आफ डूईंग बिजनेस एवं स्टॉट-अप एवं डीफेंस कॉरिडोर पर अपने सुझाव दिया।

                 उप महाप्रबंधक आरबीआई अल्का गर्दे ने कहा महिलाओं को जो भी प्रशिक्षण दिया जाये जिसमें इनकम जनरेटिंग पॉइंट को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने एमएसएमई क्लस्टर्स को बढ़ावा देने की भी बात की है।

                 अध्यक्ष उद्योग भारती मितेश लोकवानी ने आईटी सेक्टर, सेमीकंडक्टर में मध्यप्रदेश के निर्भरता पर जोर दिया। उन्होंने मध्यप्रदेश इलेक्ट्रॉनिक मेन्युफैक्चर एवं लॉजिस्टिक हब बनाने पर जोर दिया।

                 सोशल पॉलिसीस्पेशलिस्ट सोमेन बागची ने चाइल्ड बजट में चिल्ड्रन पर इनवेस्टमेंट एवं केयर इडस्ट्रीपर अपने विचार व्यक्त किये।

                 सलाहकार नीति आयोग राजीव ठाकुर ने कृषि उद्योग एवं टेक्सटाइल एवं ऑटोमोबाइलस पर अपने सुझाव दिये।

                 चार्टर्ड एकाउंटेंट नवनीत गर्ग ने जीएसटी एवं डाटा सेंटर पर अपने सुझाव दिया।

                 फिल्म अभिनेता राजीव वर्मा ने कहा कि कला व्यक्तिव निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने मांग की कि सभागृहों में किराया कम करने, मनोरंजन कर न लगाने एवं नाटय आकादमी में सीटों की सीमा बढा़ने और नाट्य गृहों का निर्माण मध्यप्रदेश में किया जाना चाहिए।

                 नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ पब्लिक पॉलिसी मेनेजमेंट प्रो. प्रताप जैना ने कहा कि मध्यप्रदेश ने जीएसडीपी में बहुत अच्छा कार्य किया है। उन्होंने रेवन्यू सरप्लस होने पर खुशी जताई है। पूंजीगत व्यय पर मध्यप्रदेश की सराहना की।

                 संयोजक एसएलबीसी एवं महाप्रबंधक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया धीरज गोयल ने कहा प्रदेश सरकार आगामी बजट में वित्तीय अनुशासन बनाये रखते हुए समावेशी और सतत विकास को प्राथमिकता दी है।

                 भारतीय वन प्रबंधन संस्थान प्रो. योगेश दुबे ने वन, वन्यजीव, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन को प्राथमिकता देने की बात कही।

                 नेशनल इंस्टिट्यूट आफ फाईनेंशियल मेनेजमेंट बृजेश कुमार ने विकसित भारत 2047 के लिये प्रति व्यक्ति आय समाजिक समरसता, तकनीकी विकास, पर्यावरण स्थिरता एवं ग्लोबल प्रजेंश पर अपने सुझाव दिये।

                 निकोर फाउंडेशन मिताली निकोर ने जेंडर बजट में महिलाओं को क्रियेटर के रूप में बनाना होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य सरकार ऐसे स्कीम डिजाइन करें जिसमें महिलाएँ अपने विचार एवं लाभ ले सकें। उन्होंने केयर इकनॉमी पर भी सुझाव दिया।

                 कृषि में नवाचार नरसिंहपुर ड्रोन आचार्य भक्तराज ने सुझाव दिया कि कृषि क्षेत्र में नवीन तकनीक का उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सेवा बाउचर से किसानों को प्रमोट किया जाए एवं स्थानीय विशेषज्ञों की आवश्यकता पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री ने दलहन खेती में ड्रोन की भूमिका पर  भक्तराज की सराहना भी की थी।

                 संचालक बजट राजीव रंजन मीना ने उप मुख्यमंत्री देवड़ा सहित आमंत्रित विषय विशेषज्ञों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार उनके बहुमूल्य सुझावों को बजट में शामिल करने का परीक्षण करेगी।

    इस अवसर पर वित्त विभाग एवं वाणिज्यिक कर विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

     

  • 141 किमी सीवेज नेटवर्क का होगा विस्तार: राज्यमंत्री गौर

    अमृत 2.0 के तहत पेयजल और सीवरेज योजनाओं की समीक्षा

    समय-सीमा में और गुणवत्ता के साथ योजनाओं का करें क्रियान्वयन

    भोपाल

    पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने कहा कि योजनाओं का क्रियान्वयन समय-सीमा में और गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित किया जाए, जिससे आमजन को इनका शीघ्र और प्रभावी लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि प्रत्येक नागरिक तक स्वच्छ पेयजल और बेहतर सीवरेज सुविधा पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर मंत्रालय में अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत सीवरेज एवं पेयजल परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान यह बात कही। बैठक में क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई।

    अमृत फेज 2.0 के अंतर्गत जोन क्रमांक 13, 14, 15 और 16 की लगभग 5 लाख की आबादी को 44 टंकियों के माध्यम से प्रतिदिन 60 एमएलडी पानी की आपूर्ति की जा रही है। भविष्य की आवश्यकता को देखते हुए 9 अतिरिक्त टंकियों का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे कुल टंकियों की संख्या 53 हो जाएगी। लहारपुर, अमराई, मिसरोद, पंचवटी, बरखेड़ा पठानी में 20-20 लाख लीटर क्षमता की टंकियां, कैलाश नगर में 15 लाख लीटर तथा अवधपुरी, सोनागिरी और अयोध्या नगर एफ सेक्टर में 25-25 लाख लीटर क्षमता की टंकियों से जलापूर्ति सुनिश्चित की होगी। अमृत 2.0 के तहत प्रस्तावित कार्यों में नए पाइपलाइन नेटवर्क और घरेलू नल कनेक्शनों का विस्तार, मौजूदा जल वितरण प्रणाली का सुदृढ़ीकरण, प्रस्तावित ओवरहेड टैंकों (OHTs) के लिए फीडर पाइपलाइन का निर्माण तथा शेष घरेलू और बल्क कनेक्शनों को योजना के अंतर्गत कवर करना शामिल है।

    सीवरेज प्रोजेक्ट की समीक्षा के दौरान उन्होंने बताया कि अमृत 2.0 सीवरेज परियोजना के अंतर्गत गोविंदपुरा क्षेत्र में 141 किलोमीटर लंबा सीवेज पाइपलाइन नेटवर्क बिछाया जा रहा है। यह कार्य भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़कों की स्थिति को देखते हुए ही खुदाई कार्य किया जाए, ताकि आम नागरिकों को असुविधा ना हो। जिन कॉलोनियों का अभी नेटवर्क से जुड़ाव नहीं है, उन्हें भविष्य में जोड़ने की ठोस कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश दिए गए।

    यह सीवेज नेटवर्क बरखेड़ा पठानी, खजूरी कलां, रीगल पैराडाइज, गोपाल नगर, बाग मुगालिया, अमरावती खुर्द, राजीव गांधी नगर, मोहन नगर, क्रिस्टल आइडियल, रीगल सिविक सेंटर, बाग सेवनिया, 80 फीट रोड, अवधपुरी, लहारपुर, अरविंद विहार, साकेत नगर, एम्स सहित सैकड़ों कॉलोनियों में बिछाया जाएगा। बैठक में स्थानीय पार्षदों सहित जनप्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

     

  • पांढुर्णा में मंत्री सारंग ने युवा खिलाड़ी मंगेश यादव के परिजन से की भेंट

    ओपन जिम निर्माण की घोषणा

    भोपाल

    खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग आज पांढुर्णा एक दिवसीय प्रवास पर पहुंचे। मंत्री सारंग का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के युवाओं को प्रोत्साहित करना और खेलों के क्षेत्र में उन्हें अवसर प्रदान करना था।

    मंत्री सारंग पांढुर्णा के बोरगांव निवासी युवा क्रिकेट खिलाड़ी मंगेश यादव के घर पहुंचे। मंगेश यादव हाल ही में आईपीएल की आरसीबी टीम में चयनित हुए हैं। मंत्री सारंग ने युवा खिलाड़ी की इस उपलब्धि पर उनके माता-पिता को बधाई दी तथा उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी।

    मंत्री सारंग ने युवा खिलाड़ियों के विकास और खेल-कूद को बढ़ावा देने के लिए किए जाने वाले प्रयासों पर भी चर्चा की। उन्होंने मंगेश यादव के माता-पिता से उनकी मेहनत, सहयोग और युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के अनुभवों को साझा किया।

    मंत्री सारंग ने स्थानीय नागरिकों की मांग पर क्षेत्र में ओपन जिम का निर्माण करने की भी घोषणा की। इस घोषणा से क्षेत्र के युवाओं में उत्साह का माहौल देखा गया और उन्हें खेलों और स्वास्थ्य गतिविधियों के प्रति प्रोत्साहित किया गया।

    मंत्री सारंग के इस प्रवास ने युवा खिलाड़ियों में प्रेरणा का संचार किया और खेलों एवं फिटनेस के महत्व पर जागरूकता भी बढ़ाई।

     

  • जो कहा, वह किया, और जो नहीं कहा, वह भी करके दिखाया: केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा

    निरंतर सेवा, निरंतर विकास का सशक्त मॉडल है छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री

    हर वर्ग तक विकास पहुंचाना हमारा लक्ष्य : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    छत्तीसगढ़ सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर जांजगीर-चांपा में  जनादेश परब का भव्य आयोजन

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार के सफल दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जांजगीर-चांपा जिले के खोखराभाठा पुलिस लाइन मैदान में आयोजित जनादेश परब में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा  ने मंच से प्रदेश की उपलब्धियों, जनकल्याण और भविष्य की दिशा पर स्पष्ट संदेश दिया। वंदे मातरम और राज्यगीत के साथ आरंभ हुए कार्यक्रम में जनविश्वास, गौरव और निर्माण के संकल्प को दोहराया गया।

    केंद्रीय मंत्री नड्डा ने कहा कि “जो कहा था, वह किया – और जो नहीं कहा था, वह भी करके दिखाया।” उन्होंने दो वर्षों के रिपोर्ट-कार्ड को रेखांकित करते हुए बताया कि सरकार ने किसानों, महिलाओं, युवाओं और श्रमिकों के हित में संवेदनशील और परिणामकारी निर्णय लिए हैं, जिनका असर जमीनी स्तर पर दिख रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के पहले महीने में किसानों को 3700 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान और बीते दो वर्षों में 1.25 लाख करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष अंतरण अन्नदाताओं के सम्मान का प्रमाण है। भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए 5 लाख से अधिक हितग्राहियों को 10-10 हजार रुपये की सहायता दी गई, जिससे उनकी सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा मजबूत हुई।

    केंद्रीय मंत्री नड्डा ने कहा कि युवाओं के लिए पारदर्शी भर्ती तंत्र, 32 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया, लोक सेवा आयोग में पारदर्शिता, नालंदा लाइब्रेरी की स्थापना और आईटीआई के आधुनिकीकरण जैसे कदमों को उन्होंने “भविष्य-निर्माण की नींव” बताया। महिलाओं के स्वावलंबन हेतु महतारी वंदन योजना और महतारी सदन, पीएम जनमन के तहत 70 लाख परिवारों को लाभ तथा धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष योजना के माध्यम से आदिवासी समाज के सशक्तिकरण को उन्होंने सरकार की संवेदनशीलता का उदाहरण बताया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का रेलवे बजट 22 गुना बढ़ा है, 32 अमृत स्टेशन वर्ल्ड-क्लास मानकों पर विकसित हो रहे हैं और आयुष्मान भारत, उज्ज्वला, जल जीवन मिशन, पीएम-किसान जैसी योजनाओं का व्यापक लाभ आमजन तक पहुंचा है।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ की वर्तमान सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर बधाई देते हुए कहा कि सरकार आम जनता के विश्वास पर खरा उतरने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास, महतारी वंदन, भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना, चरण पादुका सहित अनेक योजनाओं से विकास को गति मिली है। मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि नक्सलवाद की कमर तोड़ने और नक्सल-मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की दिशा में ठोस प्रगति हुई है। सुरक्षा, पुनर्वास और विकास – तीनों मोर्चों पर समन्वित रणनीति से शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने कहा कि विजन डॉक्यूमेंट 2047 के माध्यम से संसाधन-समृद्ध छत्तीसगढ़ को सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाने का रोडमैप तय किया गया है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को अवसरों का राज्य मिल सके।

    उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि जांजगीर-चांपा में जनादेश परब का आयोजन जिले के लिए ऐतिहासिक क्षण है। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटियों को एक-एक कर पूरा किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सरकार बनने के बाद 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं और विकास के सभी कार्यों को तेज़ी से आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे आमजन को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है।

    वित्त मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि सरकार ने लोकतंत्र, जनविश्वास और सुशासन को सुदृढ़ किया है। विजन डॉक्यूमेंट के माध्यम से छत्तीसगढ़ विकास के नए मानक गढ़ रहा है। जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव ने सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर जनता को बधाई देते हुए कहा कि इस अवधि में विकास के नए आयाम स्थापित हुए हैं और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा है।
    कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा ने छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में 2 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों के रिपोर्ट-कार्ड और “सेवा के 2 साल” पुस्तक का विमोचन किया, जिसमें सरकार की दो वर्ष की उपलब्धियों को प्रस्तुत किया गया है। कार्यक्रम के दौरान जांजगीर-चांपा की विशिष्ट पहचान को रेखांकित करते हुए कोसा और कांसा भेंटकर अतिथियों का पारंपरिक स्वागत-अभिनंदन किया गया।कार्यक्रम में बीते दो वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित वीडियो का प्रदर्शन हुआ।

    केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विभिन्न विभागों की विकासमूलक प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य, शिक्षा, महिला-बाल विकास, जल संसाधन, ऊर्जा, सहकारिता सहित कई स्टॉलों पर योजनाओं की जानकारी ली गई। मुख्यमंत्री साय ने हितग्राहियों से सीधे संवाद कर योजनाओं से जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को सुना। कार्यक्रम में पीएम आवास योजनांतर्गत लाभार्थियों को चाबियां सौंपी गईं। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने का आह्वान किया।
    इस दौरान कृषि मंत्री राम विचार नेताम, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्रीगुरु खुशवंत साहेब, लोकसभा क्षेत्र जांजगीर-चांपा सांसद कमलेश जांगड़े ने जनादेश परब को संबोधित करते हुए विगत 02 वर्ष में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य निरंतर विकास होने की बात कही।
          
    इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, मंत्रीगण दयालदास बघेल, केदार कश्यप, लखन लाल देवांगन, श्याम बिहारी जायसवाल, लक्ष्मी राजवाड़े, टंकराम वर्मा, गजेन्द्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब, राजेश अग्रवाल अन्य सांसद-विधायकगण जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

     

  • रीवा से पहली फ्लाईट देवी अहिल्या एयरपोर्ट आयी, विंध्य क्षेत्र के नागरिको में खुशी की लहर

    नई फ्लाइट से विंध्य क्षेत्र का विकास और तेजी से होगा-उपमुख्यमंत्री शुक्ल

    इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर में बढ़ेगा पर्यटन

    भोपाल

    सोमवार को देवी अहिल्या एयरपोर्ट पर विंध्य क्षेत्र के यात्रियों के साथ उपमुख्यमंत्री डॉ. राजेन्द्र शुक्ल भी पहली विमान सेवा से पहुँचे। विंध्य क्षेत्र के यात्रियों ने पहली बार रीवा से इंदौर की फ्लाइट से यात्रा कर अपनी खुशी जाहिर की। फ्लाइट में उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और विंध्य क्षेत्र के 70 से अधिक नागरिक आये। इंदौर एयरपोर्ट पर इंदौर में रह रहे विंध्य क्षेत्र के सैकड़ों नागरिकों ने ढोल बाजे की करतल ध्वनि के साथ सभी का पुष्पगुच्छ, दुपट्टा और माला पहनाकर स्वागत किया। मुंह मीठा कराकर हर्ष व्यक्त किया। इस मौके पर विधायक गोलू शुक्ला विशेष रूप से उपस्थित थे।

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि इस नई फ्लाइट से विंध्य क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर हवाई सुविधा मिलेगी। विंध्य का व्यक्ति इंदौर एयरपोर्ट से दिल्ली, मुंबई, बेंगलोर, चेन्नई आदि मेट्रो शहरों की हवाई यात्रा कर सकेगा। इस हवाई सेवा से विंध्य क्षेत्र का ओर तेजी से विकास होगा। साथ ही उज्जैन और ओंकारेश्वर ज्योतिलिंग पर पर्यटन बढ़ेगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी का सपना है कि हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई सफर कर सकेगा।

    रीवा से फ्लाइट से आयी भजन गायिका सुश्री द्विवेदी ने कहा कि अब इंदौर आना आसान हो गया है। रीवा से इंदौर आने में ट्रेन से 14 घंटे लगते थे, अब डेढ़ घंटे में पहुँच जाएंगे। इससे समय बचेगा। सत्यमणि पांडे, रामपाल सिपला, अमर सिंह ने कहा कि व्यापार के सिलसिले में अक्सर इंदौर आना पड़ता है। ट्रेन में समय अधिक लगता था, अब फ्लाईट की सुविधा मिलने से कम समय में इंदौर आ सकेंगे।

     

  • मध्यप्रदेश पुलिस की क्रिप्‍टो निवेश, एटीएम फ्रॉड, खेत में गड़ा सोना निकालने, किसानों को ऑर्गेनिक खाद एवं शासकीय सब्सिडी का झांसा देकर ठगी करने वालों पर प्रभावी कार्रवाही

    विगत दो दिनों में 33 लाखसे अधिक की अवैध संपत्ति जप्त

    भोपाल

    मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में नागरिकों, वरिष्ठजनों एवं किसानों के साथ हो रही ठगी की घटनाओं के विरुद्ध सतत, संगठित और सख़्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विभिन्न जिलों में त्वरित एवं तकनीकी कार्रवाई के परिणामस्वरूप एटीएम कार्ड बदलकर ठगी, खेत में गड़ा सोना निकालने के नाम पर धोखाधड़ी तथा किसानों को पॉलीहाउस, ऑर्गेनिक खाद एवं शासकीय सब्सिडी का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोहों के विरुद्ध उल्लेखनीय सफलताएँ दर्ज की गई हैं।

    देवास- क्रिप्टो निवेश के नाम पर ठगी करने वाला संगठित गिरोह गिरफ्तार

    औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने क्रिप्टो करेंसी में निवेश कर भारी लाभ दिलाने का लालच देकर धोखाधड़ी करने वाले 05 शातिर बदमाशों के संगठित गिरोह को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। फरियादी चेतनसिंह सोलंकी निवासी आनंद विहार कॉलोनी, देवास द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार व्हाट्सएप के माध्यम से अज्ञात आरोपियों ने क्रिप्टो निवेश में मुनाफे का झांसा देकर किश्तों में कुल 1लाख 04 हजार 100 रुपये की ठगी की थी।

    पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों एवं डिजिटल ट्रेल का सूक्ष्म विश्लेषण करते हुए जिन बैंक खातों में ठगी की राशि ट्रांसफर हुई थी, उन्हें तत्काल फ्रीज कराया। साक्ष्यों के आधार पर पाँच शातिर आरोपियों गिरफ्तार किया, जिन्होंने पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार किया। उनके कब्जे से ठगी गई संपूर्ण राशि 1लाख 4हजार 100 रुपये तथा 06 एंड्रॉइड मोबाइल फोन सहित कुल 2लाख 33हजार 100 रुपये की संपत्ति जप्तकी है।

    दमोह – एटीएम फ्रॉड का पर्दाफाश

    दमोह के थाना पथरिया क्षेत्र में एक वरिष्ठ नागरिक से ₹17,000 की एटीएम फ्रॉड घटना दर्ज हुई थी।प्रकरण दर्ज होते ही पुलिस द्वारा त्वरित जांच प्रारंभ की गई।

    पुलिस द्वारा घटनास्थल एवं आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का गहन विश्लेषण किया गया, जिसके आधार पर एक संदिग्ध वाहन की पहचान की गई। तकनीकी व भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने हरियाणा राज्य के जिला रोहतक अंतर्गत ग्राम इंदरगढ़ से एक आरोपी को गिरफ्तार किया। जिसने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर एटीएम कार्ड बदलकर ठगी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है।

    टीकमगढ़ जिला – नकली सोना निकालने के नाम पर ठगी

    जिले के थाना देहात क्षेत्र में खेत में गड़ा सोना निकालने एवं पूजा-पाठ के नाम पर 70 हजार रूपए एवं नकली पीतल के बिस्‍कुट थमाकर ठगी करने की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 24हजार रूपएनगद एवं 16 नकली पीतल के बिस्कुट जब्त किए हैं।

    राजगढ़ – ‘ऑपरेशन किसान रक्षक’ के अंतर्गत अंतर्राज्यीय ठग गिरोह पर बड़ीकार्रवाई

    राजगढ़ में किसानों को पॉली हाउस, ऑर्गेनिक खाद व सरकारी सब्सिडी का झांसा देकर धोखाधड़ी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के विरुद्ध पुलिस ने ‘ऑपरेशन किसान रक्षक’ चलाया। थाना करनवास, खुजनेर एवं नरसिंहगढ़ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अब तक 30 लाख 52 हजार रूपए की संपत्ति जब्त कर 15 आरोपी गिरफ्तार किए हैं।

    मध्यप्रदेश पुलिस आमजन, वरिष्ठ नागरिकों एवं किसानों के साथ होने वाली किसी भी प्रकार की ठगी या वित्तीय धोखाधड़ी को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए तकनीकी साक्ष्यों, अंतर्राज्यीय समन्वय एवं त्वरित कार्रवाई के माध्यम से अपराधियों पर लगातार शिकंजा कस रही है। नागरिकों से अपील है कि एटीएम लेन-देन, लालचपूर्ण योजनाओं अथवा अज्ञात व्यक्तियों द्वारा दी जा रही झूठी पेशकशों से सावधान रहें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी थाना या पुलिस हेल्पलाइन 1930 पर दें।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की भाजपा के नवनियुक्त कार्यकारी अध्यक्ष श्री नितिन नबीन से सौजन्य मुलाकात

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को नई दिल्ली के बिहार निवास में नवनियुक्त कार्यकारी अध्यक्ष भाजपा नितिन नबीन से सौजन्य मुलाकात कर उनको बधाई दी।

    मुलाकात के बाद डॉ. मोहन यादव ने बताया की नई पौध को प्रयास करके आगे लाना सच्चे अर्थों में लोकतंत्र है। उन्होंने कहा कि हमारा देश विश्व में सबसे युवा देश है और पूरे विश्व में भाजपा सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है। सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनना सौभाग्य की बात है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है और प्रदेश भी कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है। यह सब बाबा महाकाल की कृपा है। मध्यप्रदेश गरीब महिलाओं और युवाओं के साथ हमेशा खड़ा है और आगे बढ़ रहा है।

     

  • सुरक्षा बलों की सफलता: नक्सली ऑर्डिनेंस फैक्ट्री नष्ट, भारी मात्रा में सामग्री जब्त

     

     सुकमा

    छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में जवानों ने नक्सलियों के हथियार बनाने की फैक्ट्री को धवस्त कर दिया है. सीआरपीएफ और डीआरजी जवानों की संयुक्त टीम ने इस अभियान को अंजाम दिया है. नक्सलियों ने बंदूक और गोला-बारूद बनाने के लिए मीनागट्टा इलाके के पहाड़ी क्षेत्र में अवैध हथियार निर्माण फैक्ट्री बना रखा था. इसे रविवार को धवस्त करने पर जवानों को बड़ी मात्रा में डंप सामग्री बरामद हुई है, जिसमें 8 सिंगल शॉट रायफल शामिल है.

    दरअसल, सुकमा पुलिस की नई रणनीति और लगातार समन्वित एंटी नक्सल ऑपरेशन के चलते माओवादियों के नेटवर्क पर लगातार करारा प्रहार हो रहा है। विगत वर्ष 2024 से अब तक 599 माओवादी आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं, 460 माओवादी गिरफ्तार और 71 माओवादी मारे गए हैं. वहीं शेष बचे नक्सलियों पर दबाव निरंतर बढ़ता जा रहा है.

    पुलिस अधीक्षक सुकमा ने बताया कि सुकमा पुलिस बस्तर में शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. नक्सलियों की हिंसक विचारधारा और उनके सप्लाई नेटवर्क को जड़ से मिटाने के लिए अभियान निरंतर जारी रहेंगे.

    ऑर्डिनेंस फैक्ट्री से क्या-क्या मिला ?

        सिंगल शॉट राइफल – 08 नग
        12 बोर कारतूस – 15 नग
        इलेक्ट्रिक डेटोनेटर – 05 नग
        कॉर्डेक्स वायर – 30 मीटर
        मल्टीमीटर – 01 नग
        सेफ्टी फ्यूज – 30 मीटर
        पीईके विस्फोटक – 02 किलोग्राम
        एएनएफओ विस्फोटक – 01 किलोग्राम
        अमोनियम नाइट्रेट – 10 किलोग्राम
        वायरलेस वीएचएफ सेट – 08 नग
        वेल्डिंग मशीन – 01 नग
        कटर मशीन – 01 नग
        नक्सली वर्दी एवं वर्दी निर्माण सामग्री
        नक्सली साहित्य

    इसके अलावा नक्सलियों की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री से संदिग्ध सिंगल शॉट राइफल और बड़ी मात्रा में फैक्ट्री के लिए आवश्यक अन्य सामग्री जब्त किया गया है.

  • नवा रायपुर में सिर और हाथ कटे शव ने मचाई खौफ की लहर, जांच में जुटी पुलिस

    रायपुर

    राजधानी रायपुर के नवा रायपुर स्थित ब्लू वाटर खदान में एक अज्ञात व्यक्ति का शव तैरता हुआ मिला। शव की हालत बेहद भयावह है, मृतक का सिर शरीर से अलग था, जो मौके पर नहीं मिला है। वहीं उसके हाथ के पंजे भी गायब है। स्थानीय लोगों ने पानी में शव दिखाई देने के बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी।

    बता दें कि सूचना मिलते ही माना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर सुरक्षित किया। प्रारंभिक जांच में शव की पहचान नहीं हो सकी है।

    शव की स्थिति और सिर के गायब होने को देखते हुए हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हत्या कहीं और कर शव को खदान में फेंका गया है या घटना स्थल पर ही वारदात को अंजाम दिया गया।

    फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मृतक की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। आसपास के थानों में गुमशुदगी की रिपोर्ट खंगाली जा रही है। माना थाना पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और हर पहलू को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जा रही है।

  • बच्चों को दी जाने वाली सुविधाएं शैक्षणिक सत्र समय पर कराई गई उपलब्ध- मंत्री सिंह

    • स्कूलों में नामांकन दर को बढ़ाने एवं ड्रॉपआउट दर को घटाने के लिये किये गये ठोस प्रयास
    • 30 हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया प्रगति पर
    • बच्चों को दी जाने वाली सुविधाएं शैक्षणिक सत्र समय पर कराई गई उपलब्ध
    • विकास और सेवा के 2 वर्ष पर स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री सिंह ने पत्रकार वार्ता में दी जानकारी

    भोपाल 

    स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि इस वर्ष शैक्षणिक सत्र में बच्चों को राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली सुविधाएं निर्धारित समय पर उपलब्ध कराई गई हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने पहली बार 'प्रवेशोत्सव' का आयोजन अप्रैल के प्रथम सप्ताह में ही शुरू किया था। इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सराहनीय रही है। स्कूलों में कक्षा एक, 6 और 9 में प्रवेश प्रक्रिया का सरलीकरण किया गया है। कक्षा 6 में प्रवेश के लिये प्रधानाध्यापक और माध्यमिक शाला में कक्षा 9 में प्रवेश के लिये प्राचार्य को जिम्मेदारी दी गई। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह सोमवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में विकास और सेवा के 2 वर्ष पर केन्द्रित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. संजय गोयल, परिवहन विभाग के सचिव श्री मनीष सिंह, परिवहन आयुक्त श्री विवेक शर्मा, संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र श्री हरजिंदर सिंह एवं विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे।

    कक्षा 5 एवं 8 की बोर्ड पैटर्न परीक्षा परिणाम मार्च में घोषित

    मंत्री श्री सिंह ने बताया कि कक्षा एक में कुल नामांकन वर्ष 2025-26 में पिछले वर्ष की तुलना में 19.6 प्रतिशत एवं शासकीय विद्यालयों में 32.4 प्रतिशत अधिक रहा है। प्रदेश में बच्चों की पढ़ाई शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही हो, इसके लिये कक्षा 5 एवं 8 की बोर्ड पैटर्न परीक्षा के परिणाम मार्च माह में ही घोषित कर दिये गये। उन्होंने बताया कि शासकीय योजनान्तर्गत निजी विद्यालयों में अध्ययनरत पात्र परिवारों के लगभग 8 लाख 50 हजार बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति पूर्णत: ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से की गई। पिछले 3 वर्षों में सभी कक्षाओं में ड्रॉपआउट दर में कमी आई है। वर्ष 2024-25 में प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर 6.8 प्रतिशत से घटकर शून्य हो गई है। समग्र आईडी के माध्यम से 90 प्रतिशत बच्चों की ट्रेकिंग पूर्ण की गई है।

    प्रोत्साहन एवं अन्य योजनाएं

    स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने बताया कि बच्चों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें समय पर उपलब्ध कराई गईं और उनकी छपाई गुणवत्ता में सुधार किया गया। 94 हजार 300 प्रतिभाशाली बच्चों को लेपटॉप और 7 हजार 800 विद्यार्थियों को स्कूटी वितरित की गई। पहली बार साइकिल वितरण का कार्य अगस्त माह में ही कर लिया गया। आगामी शैक्षणिक सत्र से अप्रैल 2026 में ही साइकिल वितरण का कार्य किया जायेगा। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को छात्रवृत्ति, गणवेश, छात्रावास एवं छात्राओं के सेनिटेशन एवं हाइजीन के लिये डीबीटी के माध्यम से राशि अंतरित की गई। उन्होंने बताया कि समग्र शिक्षा अभियान की तीसरी किश्त के लिये केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजने वाला देश का तीसरा एवं पहला बड़ा राज्य मध्यप्रदेश है। प्रदेश में पहली बार अतिथि शिक्षक की व्यवस्था 1 जुलाई को पूर्ण की गई। वर्तमान में 76 हजार 325 अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं। सरकारी स्कूलों में 20 हजार से अधिक अतिशेष शिक्षकों का स्थानांतरण, शिक्षकों की कमी वाले विद्यालयों में किया गया। सरकारी स्कूलों में 20 हजार से अधिक अतिशेष शिक्षकों को शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में भेजा गया।

    उल्लेखनीय उपलब्धि

    •              प्रदेश में 80 प्रतिशत नियमित शिक्षकों की एवं 96 प्रतिशत अतिथि शिक्षकों की 'हमारे शिक्षक' जियो टेग आधारित ऐप में दर्ज की जा रही है। इस ऐप में अवकाश प्रबंधन और शिकायत निवारण सुविधा भी 1 जनवरी 2026 से लागु कर दी जायेगी।
    •              18 जिला एवं प्रशिक्षण संस्थानों का उत्कृष्टता केन्द्र के रूप में विकास।
    •              आगामी शैक्षणिक वर्ष से पूर्णत: ऑनलाइन छात्रावास प्रबंधन एवं प्रवेश के लिये सॉफ्टवेयर।
    •              पहली बार जिलों को सरकारी स्कूल भवन मरम्मत, पेयजल एवं बिजली व्यवस्था के लिये निधि आवंटित।
    •              अगले वर्ष तक सभी सरकारी हाई स्कूल, हायर सेकेण्डरी एवं मिडिल स्कूलों में फर्नीचर की व्यवस्था।
    •              प्रदेश के 275 सांदीपनि एवं 799 पीएमश्री विद्यालयों को नई शिक्षा नीति के अनुरूप विकसित करने की योजना। प्रदेश के 275 सांदीपनि विद्यालयों में से 79 भवन पूर्ण और 126 सांदीपनि भवनों का कार्य मार्च 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य।
    •              वर्तमान में 3367 विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा। पिछले वर्षों में 690 विद्यालयों में कृषि संकाय प्रारंभ। व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में नामांकित विद्यार्थियों की संख्या 6 लाख हुई।
    •              वर्ष 2024-25 में कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा प्रतिशत 56 प्रतिशत से बढ़कर 76.22 प्रतिशत हुआ। इसमें लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा की उत्तीर्ण प्रतिशत 63 प्रतिशत से बढ़कर 74.56 प्रतिशत हुआ। इसमें 12 प्रतिशत वृद्धि हुई। द्वितीय बोर्ड परीक्षा का संचालन माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड द्वारा किया गया। द्वितीय परीक्षा उपरांत अंतिम उत्तीर्ण प्रतिशत कक्षा 10 के लिये 87.52 प्रतिशत तथा कक्षा 12 के लिये 82.53 प्रतिशत रहा।
    •              राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिये टास्क फोर्स की बैठक नियमित। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार 49 पाठ्य पुस्तकों का हिन्दी एवं स्थानीय भाषा में प्रकाशन। पुस्तकें 89 ट्राइबल विकासखंड शालाओं को भेजी गई।
    •              निजी विद्यालयों की मान्यता निरीक्षण एवं अपील प्रक्रिया के लिये 'एण्ड टू एण्ड' ऑनलाइन पोर्टल को इस वर्ष शुरू किया जायेगा। स्कूल शिक्षा विभाग से जुड़े कार्यालयों को एक ही भवन और परिसर में लाने के लिये 20 मंजिल के कार्यालय भवन का निर्माण प्रस्तावित।

    परिवहन विभाग की उपलब्धियां

    परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने राज्य सरकार के 2 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर पत्रकार वार्ता में परिवहन विभाग की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग की प्रक्रिया को सरल बनाने तथा आम जनता को सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वाहनों के परमिट तथा ड्राइविंग लाइसेंस आदि सेवाओं को पोर्टल 'वाहन तथा सारथी' के माध्यम से प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश में विभाग की समस्त सेवाओं को फेसलेस रूप में प्रदान करने वाला मध्यप्रदेश देश में प्रथम राज्य बन गया है। परिवहन विभाग की सेवाओं को ऑनलाइन आवेदन करने की सहायता देने के लिये एमपी ऑनलाइन सेंटर्स को भी मान्यता प्रदान की गई है। नागरिक प्रदेश में 1.25 लाख से अधिक सेवा केन्द्रों से परिवहन की सेवाओं का लाभ ले रहे हैं।

    मुख्य उपलब्धियां

    •              यात्री बसों के परमिट जारी करने में आ रही समस्याओं के लिये संभागीय आयुक्त राजस्व की अध्यक्षता में प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण का गठन।
    •              इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिये मोटरयान कर में पूर्ण छूट प्रदान किये जाने का प्रावधान।
    •              सीएनजी वाहनों पर कर में 1 प्रतिशत की छूट।
    •              पुराने वाहनों को स्क्रेप कराने के बदले क्रय किये जाने वाले नवीन वाहन पर 50 प्रतिशत की छूट देने का प्रावधान।
    •              प्रादेशिक, संभागीय और जिला स्तर पर त्रिस्तरीय चालन प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना करने का निर्णय।
    •              वाहनों की मानव हस्तक्षेप रहित पारदर्शी तरीके से फिटनेस जाँच किये जाने के लिये ग्वालियर, इंदौर, भोपाल, जबलपुर, सतना, सिंगरौली, उज्जैन एवं देवास जिलों में 16 ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन का संचालन।
    •              वर्तमान में सड़क परिवहन अधिनियम 1950 के तहत निजी बस ऑपरेटर निर्धारित रूट में समय-सारणी की अनुज्ञा प्राप्त कर सार्वजनिक परिवहन बसों का संचालन कर रहे हैं। इसकी मॉनिटरिंग परिवहन विभाग के अधिकारी एवं ट्रैफिक पुलिस द्वारा की जा रही है।
    •              मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड नामक राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी की स्थापना। बस स्कीम के माध्यम से प्रथम चरण में इंदौर शहर के 50-60 किलोमीटर की परिधि में रूटों की पहचान कर अधिसूचित किये जाने की प्रक्रिया जारी।
    •              प्रदेश की सभी बसों की सुचारू मॉनिटरिंग के लिये इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम स्थापित किया जाना प्रस्तावित।

     

  • मंत्री सुश्री भूरिया की अध्यक्षता में महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रथम अनुश्रवण समिति की बैठक

    महिलाओं का सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मंत्री सुश्री भूरिया

    समाज की कुरीतियों को दूर करने के लिये बालिकाओं के साथ बालकों को भी जागरूक करें : मंत्री सुश्री भूरिया

    मंत्री सुश्री भूरिया की अध्यक्षता में महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रथम अनुश्रवण समिति की बैठक

    भोपाल

    महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया की अध्यक्षता में आज अनुश्रवण समिति की प्रथम बैठक मंत्रालय में सम्पन्न हुई। बैठक में महिलाओं के उत्थान और उनकी आजीविका को बेहतर बनाने के लिये 21 विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा कर आगामी कार्य-योजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि बाल विवाह रोकने के सार्थक प्रयास में विद्यालयों और महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को भी इसकी समझाइश दी जाये उन्हें समाज की कुरीतियों को दूर करने और उनके रोकने के लिये जागरूक किया जाये ।

    विमुक्त घुमंतू जातियों के उत्थान के लिये करें विशेष प्रयास

    उद्योग एवं आदिम जाति विभाग के संयुक्त प्रयास से वर्किंग वीमेन हॉस्टल की हर जिले में स्थापना की जाये ताकि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को और बेहतर किया जा सके ।

    मंत्री सुश्री भूरिया ने बैठक में कहा कि महिलाओं और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए संचालित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए तथा जमीनी स्तर पर नियमित अनुश्रवण किया जाए।

    बैठक में पोषण अभियान, आंगनवाड़ी सेवाएं, किशोरी बालिका योजना, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं तथा महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों की वर्तमान स्थिति पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। मंत्री ने योजनाओं में आ रही चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए।

    सुश्री भूरिया ने कहा कि पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता के साथ कार्य करना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से नवाचार आधारित प्रयासों को बढ़ावा देने और विभागीय समन्वय को मजबूत करने पर भी जोर दिया।

    बैठक में विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव आयुक्त, महिला एवं बाल विकास सुश्री निधि निवेदिता सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

     

  • बड़वाह-धामनोद 4 लेन मार्ग मय पेव्हड शोल्डर के निर्माण कार्यों के लिए 2,508 करोड़ 21 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति

    सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 अंतर्गत योजनाओं एवं कार्यक्रमों के लिए 5 वर्षों की निरंतरता की स्वीकृति
    मध्यप्रदेश धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय जबलपुर के द्वितीय चरण के भवन निर्माण के लिए 197 करोड़ 13 लाख रूपये स्वीकृत
    तहसील स्तर पर स्वचालित मौसम केन्द्र एवं ग्राम पंचायत स्तर पर स्वचालित रेनगेज स्थापना के लिए 434 करोड़ 58 लाख रुपये स्वीकृत
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक सोमवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा बड़वाह-धामनोद 4-लेन मार्ग मय पेव्हड शोल्डर (लंबाई 62.795 किमी) के साथ हाइब्रिड एज्युटी मॉडल के अंतर्गत भू-अर्जन सहित उन्नयन एवं निर्माण के लिए 2,508 करोड़ 21 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। परियोजना अंतर्गत 10 बायपास, 5 वृहद पुल, 23 मध्यम पुल, 12 VUP/SVUP, 7 वृहद जंक्शन एवं 56 मध्यम जंक्शन का निर्माण किया जायेगा।

    निर्माण की लागत का 40 प्रतिशत हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (एचएएम) के अंतर्गत मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा राज्य राजमार्ग निधि से जीएसटी सहित वहन किया जाएगा। शेष 60 प्रतिशत राशि का प्रावधान संचालन अवधि में 15 वर्षों तक 6 माही एन्युटी के रूप में राज्य बजट के माध्यम से किया जाएगा।

    सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 अंतर्गत योजनाओं एवं कार्यक्रमो को आगामी 5 वर्षों की निरंतरता की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद् द्वारा सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 अंतर्गत योजनाओं एवं कार्यक्रमो को भारत सरकार द्वारा स्वीकृत मापदण्ड के अनुक्रम में 16वां वित्त आयोग निर्धारित अवधि वर्ष 2026-27 से 2030-31 में आगामी 05 वर्षों की निरंतरता की स्वीकृति प्रदान की गयी है।

    इस योजना में आंगनवाड़ी सेवा योजना (पूरक पोषण आहार कार्यक्रम, शाला पूर्व शिक्षा, आंगनवाड़ी भवन निर्माण सक्षम आंगनवाड़ी सहित), पोषण अभियान, किशोरी बालिकाओं के लिए योजना, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण आदि सम्मिलित है। यह योजना प्रदेश के सभी 55 जिलों की 453 बाल विकास परियोजनाओं अंतर्गत 97 हजार 882 आंगनवाड़ी केंद्र के माध्यम से संचालित की जाती है।

    मध्यप्रदेश धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय जबलपुर के द्वितीय चरण के भवन निर्माण के लिए 197 करोड़ 13 लाख रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद् द्वारा मध्यप्रदेश धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय जबलपुर के द्वितीय चरण के भवन निर्माण के लिए 197 करोड़ 13 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। द्वतीय चरण के अंतर्गत एडमिनिस्ट्रेशन ब्लॉक, एकेडमिक ब्लॉक, कुलगुरु और कुल सचिव आवास तथा 12 मल्टीस्टोरी स्टाफ क्वार्टर्स, कैंपस बाउंड्रीवाल आदि का निर्माण किया जाएगा। इस विधि विश्वविद्यालय में BA LLB (Hons), LLB(Hons) एवं PhD पाठ्यक्रम में 1,272 सीट्स स्वीकृत हैं और वर्तमान में 720 विद्यार्थी अध्यनरत हैं।

    तहसील स्तर पर स्वचालित मौसम केन्द्र एवं ग्राम पंचायत स्तर पर स्वचालित रेनगेज स्थापित के लिए 434 करोड़ 58 लाख रुपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद् द्वारा प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के WINDS (वेदर इंर्फोमेशन नेटवर्क एंड डाटा सिस्टम) कार्यक्रम के क्रियान्वयन की स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वीकृति अनुसार प्रत्येक तहसील स्तर पर स्वचालित वेदर स्टेशन और ग्राम पंचायत स्तर पर स्वचालित रेनगेज स्थापित किए जायेंगे। मंत्रि-परिषद् ने इसके लिए 434 करोड़ 58 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है।

    WINDS कार्यक्रम के संचालन से मौसम आधारित आंकडे उपलब्ध होंगे, जिससे प्रदेश के कृषकों के हित में फसल बीमा योजना का क्रियान्वयन तेज गति से किया जा सकेगा। मौसम के उच्च गुणवत्ता आंकड़े एकल डिजिटल प्लेटफार्म पर भारत सरकार को उपलब्ध कराए जाएँगे। पाँच वर्षों की योजना पर अनुमानित व्यय 434 करोड़ 58 लाख रुपये संभावित है।

     

  • मौसम अलर्ट: छत्तीसगढ़ के कुछ जिलों में घना कोहरा, उत्तरी क्षेत्रों में तीन दिन तक तापमान बढ़ने की संभावना

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड के साथ कोहरे का असर देखने को मिल रहा है. मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में घना कोहरा का अलर्ट जारी किया है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ सकती है. उत्तरी छत्तीसगढ़ और सरगुजा संभाग में सुबह के समय दृश्यता कम रहने के आसार हैं. इसके अलावा तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है. लोगों ठंडी से हल्की राहत मिल सकती है.

    मौसम विभाग ने अगले 2 दिनों तक सरगुजा संभाग के जिलों में कुछ स्थानों और बिलासपुर संभाग के जिलों में एक-दो स्थानों पर घना कोहरा छाने की संभावना है. साथ ही अगले 3 दिनों में उत्तरी छत्तीसगढ़ में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक बढ़ोतरी हो सकती है. हालांकि मध्य और दक्षिणी इलाकों में अगले 3 दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई खास परिवर्तन नहीं होगा, इसके बाद आगामी 2 दिनों में तापमान में हल्की बढ़ोतरी के आसार हैं.

    पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया.

    मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि अगले तीन दिनों तक प्रदेश में हल्की उतार चढाव के साथ न्युनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की सम्भावना नहीं है.

    कई इलाकों में छाए रहेगा घना कोहरा

    मौसम विभाग ने बताया कि 22 दिसंबर को प्रदेश के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, सूरजपुर, सरगुजा, जशपुर और बलरामपुर जिलों में एक दो पॉकेट में घना कोहरा छाये रहने की संभावना है. वहीं प्रदेश के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरबा, रायगढ़, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और मुंगेली जिलों में एक दो पॉकेट में मध्यम कोहरा छाये रहने की संभावना है. इसके अलावा 23 दिसंबर तक मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, सूरजपुर, सरगुजा, जशपुर और बलरामपुर जिलों में एक दो पॉकेट में घना कोहरा छाये रह सकता है.

    रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ?

    राजधानी रायपुर में 22 दिसंबर को कुहासा रहने की संभावना है. यहां अधिकतम तापमान लगभग 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.

  • राज्य को मिला प्रतिष्ठित ‘पावर लाइन ट्रांसटेक इंडिया’ अवॉर्ड, ऊर्जा क्षेत्र में राज्य की सफलता

    मध्यप्रदेश को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय ‘पावर लाइन ट्रांसटेक इंडिया अवॉर्ड’

    वेस्टर्न रीजन में सबसे कम ट्रांसमिशन लॉस के लिए एमपी ट्रांसको को मिला सम्मान

    ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने दी बधाई

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश ने विद्युत ट्रांसमिशन के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) को वेस्टर्न रीजन में सबसे कम ट्रांसमिशन लॉस दर्ज करने के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रीय ‘पावर लाइन ट्रांसटेक इंडिया अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है।

    ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस उपलब्धि पर एमपी ट्रांसको के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पुरस्कार प्रदेश की मजबूत ट्रांसमिशन व्यवस्था, तकनीकी दक्षता और सतत सुधार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का प्रतिफल है। उन्होंने कहा कि न्यूनतम ट्रांसमिशन लॉस के साथ निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय से मान्यता प्राप्त इस प्रतिष्ठित मंच से एमपी ट्रांसको की ओर से कार्यपालन अभियंता लोकेश द्विवेदी ने यह सम्मान प्राप्त किया।

    मूल्यांकन का आधार

    पुरस्कार के लिए यूटिलिटीज़ का चयन केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए), पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (पीएफसी) के डेटा तथा विभिन्न राज्य विद्युत कंपनियों की आधिकारिक रिपोर्टों के आधार पर किया गया। अवॉर्ड की श्रेणियों में सबसे अधिक लाइन लेंथ मे वृद्धि, ट्रांसफॉर्मेशन कैपेसिटी में वृद्धि, बेहतर वित्तीय प्रदर्शन और सबसे कम ट्रांसमिशन लॉस जैसे महत्वपूर्ण मानक शामिल रहे।

    ट्रांसटेक इंडिया–2025 में हुआ सम्मान

    यह सम्मान नई दिल्ली स्थित यशोभूमि इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर, द्वारका में आयोजित ‘ट्रांसटेक इंडिया–2025’ कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रदान किया गया। यह कॉन्फ्रेंस विद्युत मंत्रालय से मान्यता प्राप्त एक प्रमुख राष्ट्रीय मंच है, जहां नीति निर्माता, रेगुलेटरी संस्थाएं, डेवलपर्स, मैन्युफैक्चरर्स और ईपीसी कॉन्ट्रैक्टर्स आपसी समन्वय के साथ भाग लेते हैं। इस आयोजन में देशभर से 2500 से अधिक ट्रांसमिशन यूटिलिटीज़ के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

     

  • नए साल की रात पर रोक, टाइगर रिज़र्व के रिसॉर्ट्स-होटलों में अलाव नहीं जलाया जाएगा

    भोपाल
    सुप्रीम कोर्ट ने वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए कोर एरिया में मोबाइल फोन के बाद अब टाइगर रिजर्व, नेशनल पार्क और वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के आसपास के इलाकों में लकड़ी के 'अलावा' जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। PCCF स्तर से इस आशय का आदेश जारी किया गया है।

    जानकारी अनुसार मध्य प्रदेश वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक वाइल्ड लाइफ शुभ रंजन सेन ने प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व, नेशनल पार्क व वन्य प्राणी अभयारण्य के लिए आदेश जारी किया है, जिसमें उल्लेख है कि इनके आसपास लकड़ी के 'अलाव' जलाना प्रतिबंधित किया गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के परिपालन में यह आदेश दिया गया गया है। आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि ईको सेंसिटिव जोन में होटल, रिसोर्ट और बिजनेस सेंटर्स में लकड़ी के अलाव नहीं जलाए जा सकेंगे। यहां लकड़ी जलाने पर पूरी तरह मनाही है।

    बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कमर्शियल उपयोग के लिए फायरवुड जलाने पर स्पष्ट रूप से प्रतिबंध लगाया गया है। इसमें पर्यटकों के नाम पर व्यावसायिक सेंटर में होने वाले आयोजनों में अलाव भी प्रतिबंधित रहेगा। किचिन में भी लकड़ी का उपयोग नहीं किया जाएगा। प्रदेश में टाइगर रिजर्व, नेशनल पार्क और वन्य प्राणी अभयारण्य के अधिकारियों को इसके उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

    क्रिसमस और न्यू ईयर पार्टियों में खूब अलाव जलते हैं

    बता दें कि क्रिसमस और न्यू ईयर के मौके पर टाइगर रिजर्व, नेशनल पार्क के अधीन बने होटल-रिसोर्ट में विशेष आयोजन रखे जाते हैं, पार्टियों का भव्य आयोजन होता है। इसमें अलाव भी खूब जलाए जाते हैं। लेकिन अब प्रतिबंध के बाद लकड़ी नहीं जलाई जा सकेगी।

  • कांग्रेस के प्रदर्शन पर डिप्टी सीएम शर्मा का बयान, बोले– ग्रामीणों को मिलेगा 100–125 दिन रोजगार, कांग्रेस क्यों परेशान?

    रायपुर

     मनरेगा का नाम बदलने को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन पर उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने तीखा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि गांव वालों को 100 से 125 दिन रोजगार मिलेंगे तो कांग्रेस को बुरा क्यों लग रहा है। गांव में अच्छा परिवर्तन आया है, वह लोग तैयार हैं। तो कांग्रेस को क्या दिक्कत है। भाजपा गांधी जी की मान्यताओं के ज्यादा करीब है। ऐसी राजनीति करने से कुछ नहीं होता, जनता के बीच जाना पड़ता है। कल फिर कांग्रेस हार जाएगी तो EVM का रोना रोएगी।

    पुलिस भर्ती अभ्यर्थियों से मुलाकात पर बयान

    पुलिस भर्ती के अभ्यर्थियों से मुलाकात को लेकर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि प्रक्रियागत जो परिवर्तन हैं, वह करने चाहिए। मुख्यमंत्री से आग्रह कर इसकी वेटिंग लिस्ट बढ़ा दी जाएगी। जो भी उनकी समस्या थी, रविवार को उसे सुना गया।

    केरल में युवक की मौत पर प्रतिक्रिया

    शक्ति जिले के युवक की केरल में मौत को लेकर नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत के पत्र पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जो मांग की जा रही है, वह ठीक है, लेकिन यह प्रक्रिया पहले से ही जारी है। इस घटना से नेता प्रतिपक्ष को सीख लेनी चाहिए और समझना चाहिए कि घुसपैठियों के प्रति लोगों में कितना आक्रोश है।

    राज्य में पहली बार ड्रोन के जरिए होगी पेट्रोलिंग

    छत्तीसगढ़ में पहली बार ड्रोन से पेट्रोलिंग होगी। गृहमंत्री विजय शर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि पुलिस को पेट्रोलिंग सख्त करने की जरूरत है। अब हम ड्रोन पेट्रोलिंग की ओर आगे बढ़ रहे हैं।

    नशे से जुड़े वायरल वीडियो पर कार्रवाई की कही बात

    इसके साथ ही रायपुर में नशे से जुड़े वायरल वीडियो पर गृहमंत्री शर्मा ने कहा कि नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पिछले दो महीनों में तेज हुई है। पुलिस एंड-टू-एंड इन्वेस्टिगेशन कर रही है। नशे के वायरल वीडियो को चिन्हांकित कर रहे हैं। कार्रवाई कर दोषियों तक जल्द पहुंचेंगे।

  • अयोध्या बायपास चौड़ीकरण भोपाल में शुरू, NHAI ने सुगम यातायात और सुरक्षा को बनाया प्राथमिकता

    भोपाल

    भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क को सुरक्षित, सुगम एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने की दिशा में निरंतर कार्यरत है। NHAI का उद्देश्य केवल सड़क निर्माण तक सीमित न होकर आम नागरिकों को सुरक्षित, सुविधाजनक एवं निर्बाध आवागमन उपलब्ध कराना है, जिससे जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो तथा आर्थिक एवं सामाजिक विकास को गति मिले।

    मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल शहरी विस्तार, नए आवासीय क्षेत्रों के विकास तथा यातायात गतिविधियों में निरंतर वृद्धि के साथ एक प्रमुख शहरी केंद्र के रूप में विकसित हो रही है। इस परिप्रेक्ष्य में शहर की प्रमुख सड़कों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सुदृढ़, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाना अत्यंत आवश्यक हो गया है। इसी दिशा में अयोध्या बायपास चौड़ीकरण परियोजना एक महत्वपूर्ण एवं आवश्यक पहल है।

    वर्तमान में अयोध्या बायपास की यातायात वहन क्षमता लगभग 40,000 वाहनों प्रतिदिन है, जबकि इस मार्ग पर वर्तमान में ही लगभग 45,000 वाहन प्रतिदिन आवागमन कर रहे हैं। आसपास विकसित हो रही आवासीय कॉलोनियों से यातायात सीधे मुख्य मार्ग पर आने के कारण इस खंड पर यातायात दबाव बढ़ता जा रहा है तथा दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इस मार्ग पर वर्तमान में तीन ब्लैक स्पॉट्स चिन्हित किए गए हैं।

    यह परियोजना आम नागरिकों के लिए क्यों आवश्यक है ?

    * अयोध्या बायपास पर चिन्हित तीन प्रमुख ब्लैक स्पॉट्स का सुधार एवं निराकरण किया जा रहा है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी एवं जन-सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
    * सड़क के दोनों ओर सर्विस रोड का निर्माण किया जा रहा है, जिससे कॉलोनियों से आने-जाने वाले स्थानीय वाहनों को पृथक मार्ग उपलब्ध होगा और मुख्य कैरिज-वे पर यातायात दबाव कम होगा।
    * पूरे बायपास को छह लेन में विकसित किया जा रहा है। इसका डिज़ाइन इस प्रकार तैयार किया गया है कि यह वर्ष 2050 तक के अनुमानित यातायात दबाव को सुचारु रूप से संभाल सके।
    * बेहतर एवं चौड़ी सड़क उपलब्ध होने से यात्रा समय में कमी, ईंधन की बचत तथा प्रदूषण में कमी आएगी।
    * उन्नत लेआउट एवं सुरक्षित डिज़ाइन से वाहनों की आवाजाही अधिक सुगम होगी तथा दुर्घटनाओं की संभावना में कमी आएगी।

     पर्यावरण संरक्षण के प्रति NHAI की संवेदनशीलता एवं ठोस पहल 

    NHAI का यह प्रयास केवल अधोसंरचना विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि विकास एवं पर्यावरण संतुलन को समान प्राथमिकता देने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। प्राधिकरण प्रारंभ से ही ग्रीन हाईवे की अवधारणा में विश्वास रखता है। परियोजना के अंतर्गत जिन वृक्षों की कटाई प्रस्तावित है, उनमें से लगभग 5,000 वृक्ष टिम्बर श्रेणी के हैं। वृक्ष कटाई के विकल्पों एवं प्रतिपूरक उपायों के संबंध में केंद्रीय अधिकार समिति (CEC) को NHAI द्वारा विभिन्न विकल्प प्रस्तुत किए गए हैं।

     प्रतिपूरक,विकल्प एवं अतिरिक्त पौधारोपण के प्रमुख बिंदु : 

    * वृक्ष कटाई के प्रतिपूरक उपाय के रूप में कुल 81,000 पौधों का रोपण किया जाएगा।

    * ये पौधे भोपाल शहर एवं इसके आसपास विभिन्न चिन्हित स्थानों पर लगाए जाएंगे।

    * अयोध्या बायपास चौड़ीकरण परियोजना के साथ-साथ 10,000 पौधे अयोध्या बायपास के दोनों ओर लगाए जाएंगे। इसके अंतर्गत एवेन्यू प्लांटेशन का पुनः सघनीकरण (Re-densification) किया जाएगा, जिसमें छायादार, फलदार एवं शेड-बेयरिंग प्रजातियों के वृक्ष दोनों ओर रोपे जाएंगे।

    * इन सभी पौधों की 15 वर्षों तक देखरेख, संरक्षण एवं अनुरक्षण की पूर्ण जिम्मेदारी NHAI द्वारा वहन की जाएगी, जिस पर लगभग ₹20 करोड़ का अनुमानित व्यय प्रस्तावित है। इस संबंध में केंद्रीय अधिकार समिति को पूर्व में अवगत कराया जा चुका है।

    * इसके अतिरिक्त, नगर निगम के सहयोग से 10,000 अतिरिक्त पौधों का रोपण किया जाएगा। नगर निगम द्वारा NHAI को विभिन्न पार्क, रिक्त भूमि एवं सड़क किनारे की उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराई गई है, जहां स्थानीय, छायादार एवं उपयोगी प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे।

     झिरनिया एवं जागरियापुर क्षेत्र में वृहद पौधारोपण : 

    * पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल के तहत, भोपाल जिला प्रशासन द्वारा झिरनिया एवं जागरियापुर क्षेत्र में भूमि उपलब्ध कराई गई है।

    * यह भूमि राजस्व वन (Revenue Forest) की है, जो वर्तमान में रिक्त अवस्था में है।

    * यहां 61,000 से अधिक पौधों का रोपण किया जाएगा तथा इस क्षेत्र को विकसित वन क्षेत्र (Developed Forest Area) के रूप में विकसित किया जाएगा।

    * इस संबंध में भी केंद्रीय अधिकार समिति को जानकारी प्रदान की जा चुकी है। समिति के निर्देशानुसार जून 2026 तक सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली जाएंगी, ताकि अगले मानसून  के दौरान पौधारोपण कार्य समयबद्ध रूप से किया जा सके।

    NHAI यह भी स्पष्ट करता है कि वृक्षों की कटाई को न्यूनतम रखने के उद्देश्य से परियोजना के डिज़ाइन में आवश्यक संशोधन किए गए हैं, जिससे पहले की तुलना में कम वृक्षों की कटाई की जा रही है। यह सीमित कटाई यातायात एवं सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के दृष्टिगत आवश्यक है।

     पूर्व में किए गए पौधारोपण कार्य 

    यह उल्लेखनीय है कि NHAI निरंतर पौधारोपण करता रहा है और इसे अपनी सामाजिक एवं पर्यावरणीय जिम्मेदारी मानता है। पिछले मानसून सत्र में भोपाल के समीप झिरनिया ग्राम के पास सोनकच्छ टोल प्लाज़ा क्षेत्र में लगभग 50,000 पौधे मियावाकी तकनीक से लगाए गए, जो वर्तमान में 10–12 फीट तक विकसित हो चुके हैं।

    यह पौधारोपण कम्पेन्सेटरी अफॉरेस्टेशन का भाग नहीं, बल्कि ग्रीन हाईवे पहल के अंतर्गत NHAI की नियमित जिम्मेदारी के तहत किया गया था। यह तथ्य इस बात का प्रमाण है कि NHAI पर्यावरण संरक्षण को केवल नीतिगत स्तर पर नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर भी प्रभावी रूप से लागू करता है।

    NHAI यह स्पष्ट करता है कि किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना की योजना बनाते समय हरित आवरण का विकास प्राधिकरण की प्राथमिकता होती है। परियोजना के क्रियान्वयन से पूर्व एवं उसके साथ-साथ अफॉरेस्टेशन, पौधारोपण एवं हरियाली विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। NHAI का मानना है कि सड़क विकास के साथ-साथ ग्रीन हाईवे का निर्माण भी उतना ही आवश्यक है, ताकि पर्यावरण संतुलन बना रहे। NHAI आम नागरिकों को आश्वस्त करता है कि अयोध्या बायपास चौड़ीकरण परियोजना को पूरी संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं जिम्मेदारी के साथ क्रियान्वित किया जा रहा है, जिससे जन-सुरक्षा सुनिश्चित हो, यात्रा सुगम बने, समय की बचत हो और पर्यावरण संरक्षित रहे।

  • भाजपा के नए राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से मिले सीएम मोहन यादव, जताया शुभकामनाएं

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव नई दिल्ली में भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की है। साथ ही सीएम ने उन्हें यशस्वी कार्यकाल के लिए बधाई भी दी है। नितिन नवीन के कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद सीएम मोहन यादव की यह पहली मुलाकात है। इस मुलाकात को लेकर सीएम ने एक्स पर तस्वीर साझा करते हुए जानकारी दी है।

    मीडिया से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी में यह एक नए दौर की शुरुआत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित सभी वरिष्ठ नेताओं ने नई पीढ़ी को अवसर दिया है। भारत युवाओं का देश है और विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी का अध्यक्ष यदि युवा बनता है, तो इससे बड़ा सौभाग्य और क्या हो सकता है? उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति कर रहा है और उसी दिशा में मध्यप्रदेश भी सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करते हुए आगे बढ़ रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने अपने दो वर्ष पूरे कर लिए हैं और इस दौरान सरकार का निरंतर प्रयास रहा है कि गरीबों, महिलाओं, युवाओं और किसानों के जीवन स्तर में सुधार लाया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार समावेशी विकास के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है।

    वहीं, केंद्रीय विधि एवं न्याय और संसदीय कार्य राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल से भी सीएम डॉ. मोहन यादव ने मुलाकात की है।  

  • इंदौर-रीवा का सफर हुआ आसान, सीधी फ्लाइट आज से शुरू, किराया और समय की जानकारी

    इंदौर/रीवा   

    रीवा से अब इंदौर का सफर तय करने के लिए 15 घंटे नहीं, बल्कि 2 घंटे ही लगेंगे. क्योंकि, इंदौर से रीवा के बीच सीधी फ्लाइट सेवा शुरू हो चुकी है. सोमवार को पहली फ्लाइट उड़ी. ऐसे में विंध्य क्षेत्र के लोगों के लिए यह बड़ी सौगात मानी जा रही है. इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट इंदौर से रीवा के बीच उड़ेगी, जहां पहले ही दिन फ्लाइट पूरी तरह फुल थी. माना जा रहा कि यह फ्लाइट सफल रहेगी, क्योंकि रीवा से इंदौर के बीच बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं.

    इंदौर से रीवा के बीच सीधी फ्लाइट का किराया 4700 रुपये रखा गया है. यह विमान 70 सीटर है, जिसके लिए बुकिंग लगातार चल रही है. क्योंकि रीवा से सतना, सीधी, सिंगरौली के साथ-साथ मैहर जाना भी आसान होगा. यहां के लोग भी रीवा से आसानी से आ जा सकते हैं. रीवा से इंदौर के बीच लंबे समय से सीधी उड़ान की मांग चल रही थी, जिसे अब पूरा कर दिया गया है. अब तक प्रदेश में इंदौर से जबलपुर के बीच ही सीधी फ्लाइट चलती थी, लेकिन अब रीवा ऐसा दूसरा जिला बन गया है, जिसके लिए इंदौर से सीधी प्लाइट सेवा शुरू हो गई है.

    विंध्य के विकास की नई उड़ान

    रीवा एयरपोर्ट पर आयोजित कार्यक्रम में कैलाश विजयवर्गीय ने इस उपलब्धि को विंध्य क्षेत्र के व्यापार, शिक्षा और विकास की एक बड़ी छलांग बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक विमान का आगमन नहीं है, बल्कि यह रीवा के लिए "लक्ष्मी" लेकर आया है। इंदौर, जो मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी है, अब सीधे रीवा से जुड़ गया है, जिससे पूरे विंध्य क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आएगा।

    जानें फ्लाइट का शेड्यूल
    रीवा से इंदौर के बीच चलने वाली सीधी फ्लाइट का शेड्यूल कुछ ऐसा रहेगा. सुबह 11 बजकर 30 मिनट पर इंदौर से रीवा के लिए 6E 7363 फ्लाइट उड़ान भरेगी. यह फ्लाइट दोपहर 1 बजकर 15 मिनट पर रीवा पहुंच जाएगी. वहीं, वापसी में रीवा से दोपहर 1 बजकर 35 मिनट पर फ्लाइट 6E 7364 इंदौर के लिए उड़ान भरेगी और 3 बजकर 25 मिनट पर इंदौर पहुंच जाएगी.

    कैलाश विजयवर्गीय ने क्षेत्रीय नेता राजेंद्र शुक्ल और उनकी टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें "जिद्दी नेता" बताया, जिन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से इस परियोजना को धरातल पर उतारा। उन्होंने कहा कि विंध्य अब "टेक ऑफ" कर रहा है और हवाई सेवा शुरू होने से क्षेत्र की प्रगति की गति कई गुना बढ़ जाएगी।
    धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

    इस हवाई सेवा का सबसे बड़ा लाभ धार्मिक पर्यटन को मिलेगा। कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि अब श्रद्धालु मैहर में शारदा माता के दर्शन और चित्रकूट में भगवान राम की तपोस्थली की परिक्रमा आसानी से कर सकेंगे। साथ ही, विंध्य के लोग भी अब उज्जैन के महाकाल, ओंकारेश्वर, मांडव और महेश्वर जैसे मालवा के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक सुगमता से पहुँच पाएंगे। यह सेवा माता शारदा और भगवान भोलेनाथ के भक्तों को जोड़ने का एक सेतु बनेगी।
    हवाई चप्पल वाले भी अब हवाई जहाज में

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई जहाज में घूमे" के विजन को चरितार्थ करते हुए, इस पहली उड़ान में 40 ऐसे बुजुर्गों और नागरिकों को लाया गया जिन्होंने कभी विमान की यात्रा नहीं की थी। बुजुर्ग यात्रियों ने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि वे अपने जीवन में हवाई जहाज में बैठ पाएंगे ।
    भविष्य की संभावनाएं और वैश्विक कनेक्टिविटी

    राजेंद्र शुक्ल ने इस अवसर पर बताया कि रीवा एयरपोर्ट का निर्माण एक लंबे संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने कहा कि 12 साल पहले जब उन्होंने इसके लिए पत्र लिखा था, तब इसे असंभव माना जाता था । लेकिन अब यह सपना हकीकत है।सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रीवा की कनेक्टिविटी अब केवल इंदौर तक सीमित नहीं है।

    इंडिगो की वेबसाइट पर अब रीवा से सीधे सिंगापुर, दुबई और मैनचेस्टर जैसे अंतरराष्ट्रीय शहरों की बुकिंग की संभावनाएं भी दिखने लगी हैं। आने वाले समय में यहां से बॉम्बे, हैदराबाद, अहमदाबाद और चेन्नई जैसे शहरों के लिए भी 4-5 घंटे के भीतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी।

    इस हवाई सेवा की शुरुआत से न केवल व्यापार और पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। विंध्य अब हिंदुस्तान के सबसे विकसित इलाकों में शामिल होने की ओर मजबूती से कदम बढ़ा चुका है।

    70 सीटर विमान, 4700 रुपए किराया

    यह फ्लाइट 70 सीटर विमान से संचालित की जा रही है। इसका किराया करीब 4700 रुपए रखा गया है। इस हवाई सेवा से केवल रीवा ही नहीं, बल्कि सतना, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, मऊगंज और मैहर जैसे विंध्य क्षेत्र के अन्य जिलों को भी सीधा लाभ मिलेगा। अब तक इंदौर से प्रदेश में केवल जबलपुर के लिए सीधी उड़ान थी, अब रीवा दूसरी सीधी प्रादेशिक हवाई सेवा बन गई है।

    लोगों में दिखा काफी उत्साह
    फ्लाइट के शुरू होने से इंदौर और रीवा के लोगों में भी खुशी देखी जा रही है. क्योंकि दोनों शहर व्यापारिक तौर पर भी जुड़े हैं, जबकि दोनों शहरों में बड़ी संख्या में लगातार यात्रा करने वाले लोग रहते हैं. ऐसे में विंध्य अंचल के लिए यह बड़ी सौगात मानी जा रही है. माना जा रहा है कि यात्रियों की संख्या बढ़ने पर फ्लाइट की संख्या बढ़ाई जा सकती है. फिलहाल, दोनों शहरों के बीच सीधी फ्लाइट सेवा शुरू होना बड़ी सौगात मानी जा रही है. लोगों में फ्लाइट को लेकर काफी उत्साह है. यात्रियों के उत्साहवर्धन के लिए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी रीवा-इंदौर की बीच उड़े पहले विमान में यात्रा की.

    ये रहेगा फ्लाइट का शेड्यूल

        इंदौर से रीवा (6E 7363): सुबह 11:30 बजे रवाना, दोपहर 1:15 बजे आगमन।
        रीवा से इंदौर (6E 7364): दोपहर 1:35 बजे रवाना, शाम 3:25 बजे आगमन।

    डिप्टी सीएम बोले- विकास को मिलेगी नई दिशा

    डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि यह पल सपने को साकार करने जैसा है। रीवा इंदौर फ्लाइट शुरू होने से न केवल इंदौर बल्कि बेंगलुरु,मुंबई अहमदाबाद,कलकत्ता और चेन्नई जैसे शहरों से भी कनेक्टिविटी काफी बढ़ जाएगी। इंडिगो का नेटवर्क विदेशों में भी है,जिससे धीरे-धीरे कनेक्टिविटी बढ़ती चली जाएगी। पहले भी उद्योगपतियों को यह कहा जाता था कि रीवा में उद्योग लगाइए और निवेश करिए। लेकिन एयर कनेक्टिविटी ना होने की वजह से वह बात कहीं ना कहीं मन में खटकती थी।

    2023 में हमने इसका भूमि पूजन किया। 2024 में हमने इसका लोकार्पण किया। इसके साथ ही 2025 में रीवा से दिल्ली और इंदौर जैसे बड़े शहरों को जोड़ दिया गया। विंध्य के लोगों को अब अन्य किसी दूसरे एयरपोर्ट पर जाने की जरूरत नहीं है। रीवा एयरपोर्ट से अब देश के किसी भी कोने पर पहुंचना बेहद आसान है। खासकर बेंगलुरु,हैदराबाद,अहमदाबाद में रहने वाले वे छात्र जो कई दिन ट्रेवल कर कर रीवा आते थे। उनके पैरेंट्स ने मुझे फोन कर धन्यवाद दिया और इस सुविधा पर अपनी खुशी प्रकट की।

    सांसद बोले-रीवा के पंख जम आए

    सांसद जनार्दन मिश्रा ने चुटीले अंदाज में कहा कि कहा कि अब रीवा के पंख जम आए हैं। अब इस पंख से चाहे आप दिल्ली उड़िए,चाहे इंदौर उड़िए और चाहे हैदराबाद उड़िए। अब उड़ने का काम शुरू हो गया है। शिक्षा,व्यापार और पर्यटन में चार-चांद लगेंगे।

    कार्यक्रम के दौरान एक दिलचस्प वाकया भी देखने को मिला। हालांकि इस पर बहुत कम लोग ही ध्यान दे पाए। रीवा से इंदौर उड़ान शुरू होने के उपलक्ष्य में रीवा एयरपोर्ट पर जश्न की खुशी में केक भी मंगवाया गया था। जिसे काटने के लिए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय,डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला पहुंचें। कैलाश विजयवर्गीय ने चम्मच से केक उठाया और डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला को खिलाया। इसके बाद बिना चम्मच चेंज किए उसी चम्मच से सांसद जनार्दन मिश्रा को केक खिला दिया। वे उसी चम्मच से एयरपोर्ट के अधिकारियों को भी केक खिलाने वाले थे कि डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने उस चम्मच को नीचे रख देने का इशारा किया। जिसके बाद उन्होंने सभी को अलग-अलग चम्मचों से केक खिलाया।

    लंबे समय से थी मांग

    ट्रैवल एजेंट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत सिंह जादौन ने बताया कि इस उड़ान की मांग लंबे समय से की जा रही थी। विंध्य क्षेत्र के हजारों लोग इंदौर और आसपास के शहरों में रहते हैं। इस सेवा से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी नई रफ्तार मिलेगी।

  • छिंदवाड़ा की महिला ने एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया, सभी को भर्ती करने की तैयारी

    छिंदवाड़ा 

    जुन्नारदेव में प्रसूति का एक दुर्लभ केस हुआ। यहां एक महिला ने एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया। इनमें एक बेटा और तीन बेटियां हैं। प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव में यह दुर्लभ मामला सामने आया। जच्चा-बच्चा पूरी तरह स्वस्थ हैं हालांकि उन्हें बेहतर देखभाल के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है। चारों बच्चे को अभी छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के एसएनसीयू में रखने की तैयारी की जा रही है। खास बात यह है कि महिला ने सरकारी अस्पताल में सामान्य डिलीवरी में इन चारों को जन्म दिया।

    जुन्नारदेव के सिविल अस्पताल में यह अनोखा प्रसव हुआ। यहां एक आदिवासी महिला ने एक साथ एक बेटा और तीन बेटियों को जन्म दिया। प्रसूता और चारों बच्चों की हालत भी सामान्य है।

    एक साथ चार बच्चों की किलकारियां सुनकर परिवार के लोगों के साथ ही अस्पताल में उपस्थित अन्य लोगों ने भी खुशी जाहिर की। जुन्नारदेव सिविल अस्पताल के डॉक्टर्स ने बताया कि बरेलीपार निवासी महिला प्रसव के लिए यहां आई थी।

    प्रसूता की नॉर्मल डिलीवरी

    28 वर्षीय महिला कुन्नू इवनाती ने एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया। डॉक्टर्स ने बताया कि बरेलीपार निवासी प्रसूता ने नॉर्मल डिलीवरी के बाद एक बेटे और तीन बेटियों को जन्म दिया है।
    चारों बच्चे पूरी तरह स्वस्थ्य और खतरे से बाहर

    प्रसव के बाद बेहतर देखभाल के लिए चारों नवजातों को जुन्नारदेव सिविल अस्पताल से छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के लिए रिफर किया गया है। तीन 108 एम्बुलेंस की मदद से जच्चा बच्चा को जिला अस्पताल ले जाया गया है। वर्तमान में चारों बच्चे पूरी तरह स्वस्थ्य और खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं, जिन्हें डॉक्टरों की विशेष निगरानी में रखा गया है। सभी को जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती करने की प्रक्रिया चल रही है।