• मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक

    प्रदेश में चल रहे एसआईआर कार्य के बारे में कराया अवगत

    भोपाल 
    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री संजीव कुमार झा ने मंगलवार को निर्वाचन सदन भोपाल में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर को लेकर बढ़ाई गई समय सीमा और प्रगति के बारे में जानकारी दी। साथ ही प्रदेश की उपलब्धि पर राजनीतिक दलों का आभार व्यक्त किया।

    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने कहा कि राजनीतिक दलों द्वारा बताई हुई समस्याओं के त्वरित समाधान और सुझावों के क्रियान्वयन से ही प्रदेश में एसआईआर का कार्य लगभग पूरा होने को है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 5 करोड़ 46 लाख से अधिक गणना पत्रकों का डिजीटाइजेशन किया जा चुका है। 10 जिलों ने 100 फीसदी काम पूरा कर लिया है। साथ ही 10 अन्य जिलों ने 99% से अधिक कार्य पूर्ण कर लिया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश कि 230 विधानसभाओं में से 58 में शत् प्रतिशत,146 में 90% से अधिक, 12 में 80 से 90% तथा 14 विधान सभाओं में 80% से कम कार्य हुआ है। साथ ही प्रदेश के 65 हजार 14 मतदान केंद्रों में से 40 हजार 8 सौ 30 पर100%, 16 हजार178 पर 90% से अधिक, 3655 पर 80 से90% तक काम पूरा हो चुका है। बैठक के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के सुझाव प्राप्त किए। साथ ही उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।

    बैठक में आम आदमी पार्टी से श्रीमती रीना सक्सेना, श्री सज्जन सिंह परमार, श्री सीपी सिंह, बहुजन समाज पार्टी से श्री पूर्णेन्द्र अहिरवार, भारतीय जनता पार्टी से श्री भगवान दास सबनानी, श्री रजनीश अग्रवाल, श्री एसएस उप्पल और कांग्रेस पार्टी से श्री जेपी धनोपिया उपस्थित रहे।

     

  • उपभोक्‍ताओं के लिए स्‍मार्ट मीटर बना वरदान, दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट

    नवम्‍बर माह में 4,06,507 उपभोक्ताओं को उनके मासिक विद्युत बिल में दी 06 करोड, 34 लाख से अधिक की रियायत

    भोपाल
    मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं को दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है। स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं के लिए यह सभी छूट अथवा प्रोत्साहन की गणना सरकारी सब्सिडी (यदि कोई हो) को छोड़कर की जा रही है। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा स्मार्ट मीटरिंग पहल के अंतर्गत, माह नवम्‍बर 2025 के दौरान कुल 4,06,507 उपभोक्ताओं को उनके मासिक विद्युत बिल में टाइम ऑफ डे (ToD) छूट का लाभ प्रदान किया है, जिसकी कुल राशि 06 करोड़, 34 लाख रूपए है। स्‍मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को उनकी खपत के आधार पर उपरोक्त छूट दी गई है।

    कंपनी ने बताया कि स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं के लिए जिसमें घरेलू, गैर घरेलू, सार्वजनिक जल कार्य और स्ट्रीट लाइट और निम्‍न दाब औद्योगिक उपभोक्‍ताओं के लिए सोलर ऑवर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक की अवधि के दौरान उपभोग की गई ऊर्जा के लिए ऊर्जा प्रभार की सामान्य दर पर 20 प्रतिशत की छूट 10 किलोवाट तक स्वीकृत लोड / अनुबंध मांग वाले उपभोक्‍ताओं को ही दी जा रही है।

    स्मार्ट मीटर के फायदे
    • ऊर्जा की खपत को ट्रैक करने और ऊर्जा की बचत करने में सहायक। 
    • बिजली की खपत को सटीक रूप से मापता है, जिससे बिल में कोई गलती नहीं होती। 
    • ऐप के जरिए मोबाइल पर रियल-टाइम डेटा देखकर ऊर्जा की खपत को नियंत्रित करना संभव। 
    • ऊर्जा की गुणवत्ता के बारे में जानकारी मिलती है। इससे ऊर्जा की खपत को बेहतर बना सकते हैं। 
    • ऊर्जा की खपत को ऑनलाइन ट्रैक करने और नियंत्रित करने की सुविधा। 
    • ऊर्जा की खपत को कम करने से पर्यावरण पर पड़ने वाला प्रभाव कम होता है। 
    • ऊर्जा की खपत को नियंत्रित करने और ऊर्जा की बचत करने में सहायक। 

  • जल्द पूरा करें शत-प्रतिशत मैपिंग और डिजिटाइजेशन का कार्य

    मुख्य निर्वाचन पदधिकारी मप्र श्री संजीव कुमार झा ने उप जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ की वर्चुअल बैठक, एसआईआर की समीक्षा की

    भोपाल
    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री संजीव कुमार झा ने मंगलवार को प्रदेश के सभी 55 जिलों के उप जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। इस दौरान उन्होंने एसआईआर कार्य की समीक्षा की और उत्कृष्ट कार्य के लिए सभी को बधाई दी। इसके साथ ही जल्द से जल्द शत प्रतिशत मैपिंग और डिजिटाइजेशन कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची पूरी तरह से शुद्ध हो, यह सुनिश्चित करें।

    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने कहा कि एसआईआर के बारे में मतदाताओं को जागरूक करें। बीएलए और वालेंटियर्श का सहयोग लें। गणना पत्रकों को जल्द से जल्द संग्रहित करें। नो मैपिंग और असंकलित गणना पत्रक (UEF) को कम करने का पूरा प्रयास करें। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति का नाम नहीं छूटना चाहिए। बैठक के दौरान संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री राम प्रताप सिंह जादौन, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती सुरभि तिवारी, श्री राजेश यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ थाने को देश के श्रेष्ठ थानों की रैंकिंग में 9वां स्थान प्राप्त होने पर दी बधाई

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मन्त्रि-परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मन्त्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में रायपुर (छत्तीसगढ़) में हुई पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कॉन्फ्रेंस में मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ थाने को देश के श्रेष्ठतम पुलिस थानों की रैंकिंग में 9वी रैंक प्राप्त होने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अपराध के ग्राफ, आपराधिक प्रकरणों को सुलझाने की अवधि, स्वच्छता, अधिकारियों-कर्मचारियों के व्यवहार जैसे 70 मापदंडों के परीक्षण के आधार पर प्राप्त यह रैंक प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह द्वारा यह पुरस्कार प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मल्हारगढ़ थाने के पूरे स्टॉफ को भी बधाई दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 14 से 27 नवम्बर तक आयोजित 44वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में राज्यों की श्रेणी में मध्यप्रदेश मंडपम को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए रजत पदक प्राप्त होने की बधाई भी दी। एक भारत श्रेष्ठ भारत की थीम पर आयोजित मेले में मध्यप्रदेश के मंडप को ग्वालियर किले की थीम पर विकसित किया तथा मंडपम केन्द्र में मुरैना जिले के 64 योगिनी मंदिर को दर्शाया गया था। मध्यप्रदेश मंडपम में प्रदेश की विश्व धरोहरों खजुराहो, सांची स्तूप और भीमबेटका के साथ प्रस्तावित धरोहर स्थलों, विभिन्न सांस्कृतिक महोत्सवों, हस्तशिल्प, हाथकरघा, जी.आई., एक जिला एक उत्पाद को भी सजाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लुटियन्स ने जब भारतीय संसद भवन का डिजाइन तैयार किया था तब उन्होंने भारत वर्ष की प्रसिद्ध इमारतों के डिजाइन बुलवाए थे, जिसमें से उन्होंने मुरैना जिले के 64 योगिनी मंदिर का चुनाव किया था। इसके आधार पर ही लुटियन्स ने भारतीय संसद भवन का निर्माण कराया था। 

    प्रमुख बिंदु

        मन्त्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में रायपुर में हुई डीजीपी कॉन्फ्रेंस में मंदसौर के मल्हारगढ़ थाने को देश के श्रेष्ठतम पुलिस थानों की रैंकिंग में 9वी रैंक प्राप्त होने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं।

        मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मल्हारगढ़ थाने के पूरे स्टॉफ को भी बधाई दी।

        केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह द्वारा यह पुरस्कार प्रदान किया गया।

        मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश मंडपम को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए रजत पदक प्राप्त होने की बधाई भी दी।

        44वां भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला दिल्ली में 14 से 27 नवम्बर तक आयोजित हुआ।

        मध्यप्रदेश के मंडप को ग्वालियर किले की थीम पर विकसित किया।

  • संस्थान नवाचार परिषद के क्षेत्रीय सम्मेलन का राज्यपाल ने किया उद्घाटन

    रायपुर,

    नवाचार केवल प्रयोगशालाओं और कक्षाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, इसे समाज से जोड़ना होगा। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज संस्थान नवाचार परिषद (आईआईसी) के क्षेत्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए उक्त बातें कहीं। इनोवेशन सेल, ऑल इंडिया तकनीकी शिक्षा परिषद शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आज शंकराचार्य व्यावसायिक प्रबंधन एवं प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर में यह सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमंेे राज्यपाल श्री डेका मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

    छोटा सा नवाचार मानव की बड़ी जरूरतों को पूरा करता है

              श्री डेका ने कहा कि यह सम्मेलन न केवल इस संस्थान के लिए बल्कि हमारे राज्य के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह भारत की राष्ट्रीय नवाचार यात्रा में छत्तीसगढ़ की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। छत्तीसगढ़ समृद्ध प्राकृतिक संसाधनों, पारंपरिक ज्ञान, हस्तशिल्प, कृषि, वनोपज और जनजातीय ज्ञान की भूमि है। सही रूप में किया गया नवाचार हमारी स्थानीय शक्तियों का मूल्य संवर्धन करके उन्हें विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने योग्य और आर्थिक व तकनीकि रूप से उन्नत बनाता है, इसमें हमारे युवाओं की महती भूमिका है। एक छोटा सा नवाचार मानव की बड़ी जरूरतों को पूरा कर सकता है।

    अपने विचारों को वास्तविक समस्याओं का समाधान करने की दिशा में आगे बढ़ाएं

              श्री डेका ने कहा कि 21वीं सदी के विद्यार्थी सौभाग्यशाली हैं। इस सदी में इंटरनेट सबसे बड़ी खोज है। श्री डेका ने कहा कि सतत् विकास आज की सबसे बड़ी जरूरत है और यह विज्ञान से ही संभव है। उन्हांेने जलवायु परिवर्तन, माइक्रो प्लास्टिक और मधुमेह की बीमारी को वर्तमान की सबसे बड़ी समस्या बताते हुए कहा कि युवा विद्यार्थी इस क्षेत्र में नवाचार कर इसका समाधान ढूंढ़ सकते हैं, जिसके लिए वे अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आप भारत के भविष्य के पेशेवर और भविष्य निर्माता हैं। केवल लाभ पाने के लिए नहीं बल्कि उद्देश्य के लिए नवाचार करंे। अपने विचारों को वास्तविक समस्याओं का समाधान करने की दिशा में आगे बढ़ाएं। असफलता से न डरें क्योंकि हर असफलता आपको बेहतर प्राप्त करना सिखाती है। युवाओं का साहस, जिज्ञासा और प्रतिबद्धता वर्ष 2047 के भारत को परिभाषित करेगी और भारत 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करेगा।

    राज्यपाल ने संस्थान के तकनीकी विभाग के लैब का किया अवलोकन

              कार्यक्रम में उपस्थित एआईसीटीई नई दिल्ली के उपनिदेशक डॉ. निखिल कांत ने सम्मेलन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। एसएसआईपीएमटी भिलाई के चेयरमैन श्री आई पी मिश्रा ने भी अपना संबोधन दिया। निदेशक श्री निशांत त्रिपाठी ने स्वागत भाषण और प्राचार्य श्री आलोक जैन ने आभार प्रदर्शन किया। राज्यपाल ने संस्थान के तकनीकी विभाग में संचालित आईडिया लैब का अवलोकन कर विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर संस्थान के पदाधिकारी, फेकल्टी मेंबर, शिक्षक, विद्यार्थी उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा

    अर्ध शहरी एवं बड़ी ग्राम पंचायतों को सशक्त करते हुए उनके विकास के लिए बनाई जाए कार्य योजना
    दो वर्ष की उपलब्धियों, नवाचारों पर हुआ प्रेजेंटेशन आगामी कार्य योजना संबंधी दिए निर्देश

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्राम स्तर पर रोजगार सृजन, स्वच्छता और ग्रामों को सड़कों के माध्यम से विकास की मुख्य धारा में जोड़ने में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। यह गतिविधियां आम आदमी के जीवन स्तर में सुधार लाने में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प के अनुसार वर्ष 2047 तक विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने में इस विभाग द्वारा संचालित कार्यक्रमों और योजनाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा। योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन तथा अनुवीक्षण में सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी अद्यतन तकनीकों का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विधानसभा स्थित समिति कक्ष में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की उपलब्धियों और प्राथमिकताओं पर बैठक को संबोधित कर रहे थे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल, राज्य मंत्री श्रीमती राधा सिंह, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में महात्मा गांधी नरेगा, पंचायतराज, प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण, स्वच्छ भारत मिशन, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण, म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा की 2 वर्ष की उपलब्धियों और नवाचारों का प्रेजेंटेशन किया गया तथा आगामी कार्ययोजना के संबंध में निर्देश दिए गए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के साथ ही कृषि, सहकारिता, मत्स्य पालन तथा ग्राम विकास से संबंधित अन्य विभागों को सम्मिलित करते हुए समग्र ग्राम विकास की अवधारणा के अनुसार योजनाओं का समन्वित रूप से क्रियान्वयन किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम योजना को गति देने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अर्ध शहरी एवं बड़ी ग्राम पंचायतों को सशक्त करते हुए उनके विकास के लिए कार्य योजना बनाई जाए तथा नगरीय निकायों के मध्य विद्यमान पंचायतें परस्पर समन्वय से सड़कें तथा अन्य आवश्यक अधोसंरचनाएं विकसित करें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य शासन की दो वर्ष की उपलब्धियों के प्रेजेंटेशन में जानकारी दी गई कि :-
        प्रदेश में 922 करोड़ 20 लाख रूपए की लागत से 2 हजार 472 ग्राम सेवा सदन (पंचायत भवन), 557 करोड़ रूपए लागत के 106 अटल सुशासन भवन (जनपद पंचायत भवन) और 50 करोड़ रूपए लागत के 5 अटल जिला सुशासन भवन (जिला पंचायत भवन) स्वीकृत किए गए।

        855 करोड़ रूपए लागत के 3 हजार 560 सामुदायिक भवन निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई।

        नर्मदा परिक्रमा पथ के 231 आश्रय स्थलों और 89 नदियों के उद्गम स्थलों पर पौध-रोपण कार्य के लिए 7 करोड़ 50 लाख रूपए के फेंसिंग कार्य स्वीकृत किए गए।

        प्रत्येक विधानसभा में मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम योजना के अंतर्गत 155 विधानसभा क्षेत्रों में ग्रामों का चयन किया जा चुका है।

        जल गंगा संवर्धन अभियान 2024 के अंतर्गत 1368 करोड़ रूपए के 60 हजार 428 कार्य किए गए। वर्ष 2025 के अंतर्गत 3 हजार करोड़ रूपए के कार्य लिए गए हैं।

        एक बगिया मां के नाम अंतर्गत 750 करोड़ रूपए लागत से 31 हजार 142 कार्य किए गए।

        महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में 1897 लाख और वर्ष 2025-26 में 1404 लाख मानव दिवस का सृजन किया गया।

        "कैच द रेन" अभियान के अंतर्गत प्रदेश के खरगौन जिले को नेशनल वाटर अवार्ड 2024 प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ।

        प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत 1224 जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण कर वर्षा आधारित कृषि क्षेत्र में 6170 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा का सृजन किया गया, 67 कृषक सुविधा सह कस्टम हायरिंग सेंटर का निर्माण प्रचालन एफपीओ के माध्यम से किया गया।

        प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण में वर्ष 2024-25 में 44 लाख 22 हजार और वर्ष 2025-26 में अक्टूबर 2025 तक 37 लाख 23 हजार विद्यार्थी लाभान्वित हुए।

        राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत लखपति दीदी की श्रेणी में 11 लाख 27 हजार 37 परिवार पिछले दो वर्ष में दर्ज हुए।

        आजीविका मिशन के अंतर्गत 19,995 ग्रामीण युवाओं को रोजगार के लिए कौशल प्रशिक्षण तथा 16,975 युवाओं को रोजगार दिया गया। लगभग 65 हजार प्रशिक्षित युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया। इसके साथ ही 2 लाख 36 हजार 214 समूहों को 5 हजार 658 करोड़ रूपए से अधिक का बैंक लिंकेज प्रदान किया गया और 3,395 स्व-सहायता समूहों को ऑनलाइन प्लेटफार्म पर ऑनबोर्ड किया गया।

        प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण के अंतर्गत 11 लाख 72 हजार के लक्ष्य के विरूद्ध 11 लाख 46 हजार आवास स्वीकृत कर मध्यप्रदेश, देश में प्रथम रहा।

        स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत खुले में शौच मुक्ति के स्थायित्व के लिए 2 लाख 87 हजार 279 पारिवारिक व्यक्तिगत शौचालय और 1,417 सामुदायिक स्वच्छता परिसरों का निर्माण किया गया। 21,186 ग्रामों को ओडीएफ प्लस मॉडल घोषित किया गया है। गोबरधन योजना के अंतर्गत 73 बायो गैस संयंत्रों का निर्माण किया गया। प्रदेश के 16 हजार 56 ग्राम ठोस अपशिष्ट प्रबंधित घोषित किए गए हैं।

        प्रमुख बिन्दु

        ग्राम स्तर पर रोजगार सृजन, स्वच्छता और ग्रामों को सड़कों के माध्यम से विकास की मुख्य धारा में जोड़ने में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका।

        प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प के अनुसार वर्ष 2047 तक विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने में इस विभाग द्वारा संचालित कार्यक्रमों और योजनाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा।

        योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन तथा अनुवीक्षण में सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी अद्यतन तकनीकों का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए।।

        बैठक में महात्मा गांधी नरेगा, पंचायतराज, प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण, स्वच्छ भारत मिशन, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण, म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा की 2 वर्ष की उपलब्धियों और नवाचारों का प्रेजेंटेशन किया।

        पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के साथ ही कृषि, सहकारिता, मत्स्य पालन तथा ग्राम विकास से संबंधित अन्य विभागों को सम्मिलित करते हुए समग्र ग्राम विकास की अवधारणा के अनुसार योजनाओं का समन्वित रूप से क्रियान्वयन किया जाए।

        मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम योजना को गति देने के निर्देश, अर्ध शहरी एवं बड़ी ग्राम पंचायतों को सशक्त करते हुए उनके विकास के लिए कार्य योजना बनाई जाए।

        नगरीय निकायों के मध्य विद्यमान पंचायतें परस्पर समन्वय से सड़कें तथा अन्य आवश्यक अधोसंरचनाएं विकसित करें।

        प्रदेश में 2 हजार 472 ग्राम सेवा सदन (पंचायत भवन), 106 अटल सुशासन भवन (जनपद पंचायत भवन), 5 अटल जिला सुशासन भवन (जिला पंचायत भवन) स्वीकृत किए गए।

        855 करोड़ रूपए लागत के 3 हजार 560 सामुदायिक भवन निर्माण को स्वीकृति।

        नर्मदा परिक्रमा पथ के 231 आश्रय स्थलों और 89 नदियों के उद्गम स्थलों पर पौध-रोपण कार्य के लिए 7 करोड़ 50 लाख रूपए के फेंसिंग कार्य स्वीकृत।

        मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम योजना के अंतर्गत 155 विधानसभा क्षेत्रों में ग्रामों का चयन।

        जल गंगा संवर्धन अभियान 2024 के अंतर्गत 1368 करोड़ रूपए के 60 हजार 428 कार्य किए गए।

        महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में 1897 लाख और वर्ष 2025-26 में 1404 लाख मानव दिवस का सृजन।

        प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत 1224 जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण कर वर्षा आधारित कृषि क्षेत्र में 6170 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा का सृजन।

        प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण में वर्ष 2024-25 में 44 लाख 22 हजार और वर्ष 2025-26 में अक्टूबर 2025 तक 37 लाख 23 हजार विद्यार्थी लाभान्वित।

        राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत लखपति दीदी की श्रेणी में 11 लाख 27 हजार 37 परिवार।

        आजीविका मिशन के अंतर्गत 19,995 ग्रामीण युवाओं को रोजगार के लिए कौशल प्रशिक्षण तथा 16,975 युवाओं को रोजगार, लगभग 65 हजार प्रशिक्षित युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा, 2 लाख 36 हजार 214 समूहों को 5 हजार 658 करोड़ रूपए से अधिक का बैंक लिंकेज प्रदान किया गया।

        प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण के अंतर्गत 11 लाख 72 हजार के लक्ष्य के विरूद्ध 11 लाख 46 हजार आवास स्वीकृत कर मध्यप्रदेश, देश में प्रथम रहा।

        स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत खुले में शौच मुक्ति के स्थायित्व के लिए 2 लाख 87 हजार 279 पारिवारिक व्यक्तिगत शौचालय और 1,417 सामुदायिक स्वच्छता परिसरों का निर्माण किया गया।

        प्रदेश के 16 हजार 56 ग्राम ठोस अपशिष्ट प्रबंधित घोषित किए गए हैं।

        ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के अंतर्गत मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना में 21 हजार 630 करोड़ रूपए लागत की 30 हजार 900 कि.मी. सड़कों की स्वीकृति।

        सम्पर्कविहीन बस्तियों की पहचान के लिए उपग्रह चित्रों और सम्पर्कता सर्वेक्षण मोबाइल एप्लीकेशन का उपयोग।

        एक बगिया मां के नाम परियोजना के कार्यों की भौतिक निगरानी ड्रोन।

        ग्राम पंचायतों की वार्षिक कार्ययोजना तैयार करने के लिए, सिपरी सॉफ्टवेयर विकसित परियोजनाओं की मॉनीटरिंग में एआई आधारित डैशबोर्ड का भी उपयोग।

        नक्सल प्रभावित जिलों में विकेंद्रीकृत कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम आरंभ।

        एलआईसी के सहयोग से 1,258 स्व-सहायता समूहों को बीमा सखी के रूप में ऑनबोर्ड किया।

        स्व-सहायता समूहों से जुड़ी प्रशिक्षण गतिविधियां लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम पर आरंभ की।

        अर्ध शहरी एवं बड़ी ग्राम पंचायतों के व्यवस्थित विकास के लिए मध्यप्रदेश ग्राम पंचायत नियमों का युक्तियुक्तकरण किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में कॉलोनियों के रजिस्ट्रेशन एवं विकास की अनुमति केन्द्रीकृत ऑनलाइन व्यवस्था पोर्टल के माध्यम से की जाएगी।

        ग्रामों में सुगम आवागमन के लिए दोहरी संपर्कता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सुगम संपर्कता परियोजना का क्रियान्वयन किया जाएगा।

        यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना के अंतर्गत आंगनवाड़ी के समस्त बच्चों और कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों को पौष्टिक नाश्ते की व्यवस्था के लिए कार्यवाही जारी है।

     

  • राजभवन में मनाया गया 6 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों का स्थापना दिवस

    रायपुर,

    राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में  राजभवन में 6 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों का स्थापना दिवस मनाया गया। इस अवसर पर श्री डेका ने कहा कि राज्यों की विविधताओं को राष्ट्रीय एकता एक सूत्र में पिरोती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से प्रारंभ हुआ ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ अभियान इसी एकता और सांस्कृतिक समृद्धि का सशक्त प्रतीक है।

    विविधता भारत को विश्व में अद्वितीय बनाती है

                 राजभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में आयोजित स्थापना दिवस समारोह में राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कर्नाटक, तमिलनाडु, दिल्ली, उत्तराखण्ड, लक्षद्वीप, और पुडुचेरी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के स्थापना दिवस के अवसर पर कहा कि भाषाओं, वेशभूषा, खान-पान, कला और परंपराओं में भिन्नता होने के बावजूद हमारी आत्मा एक है। यही विविधता भारत को विश्व में अद्वितीय बनाती है।  केन्द्र सरकार के “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” कार्यक्रम के तहत विविधता में एकता की भावना को बढ़ावा देने के लिए सभी राज्य एक दूसरे का स्थापना दिवस मनाते है। इसी कड़ी में आज राजभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम में इन राज्यों का स्थापना दिवस हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया।

    कला और स्थापत्य को ऊंचाई दी विजय नगर साम्राज्य ने

                राज्यपाल ने कहा कि भारत केवल एक भौगोलिक ईकाई नहीं है बल्कि हजारों वर्षाे की सभ्यता संस्कृति, परंपरा और मूल्यों का जीवंत संगम है। श्री डेका ने विभिन्न राज्यों की विशेषताओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक राज्य प्राचीन विरासत और आधुनिक तकनीक का संगम है। बीते युग में विजय नगर साम्राज्य ने कला और स्थापत्य को ऊंचाई दी, वैसे ही आज बैंगलुरू भारत का आईटी हब बन गया है। कर्नाटक अपने प्राकृतिक सौंदर्य और संस्कृति के साथ-साथ भाषा और साहित्य में समृद्ध है।  

    भारतीय ज्ञान को समृद्ध किया संगम साहित्य ने

                राज्यपाल ने कहा कि तमिलनाडु भारत की द्रविड़ सभ्यता का केंद्र है। भारत की सबसे प्राचीन भाषाओं में एक तमिल भाषा की यह भूमि, महान मंदिर स्थापत्य, भरतनाट्यम नृत्य, संगीत और समृद्ध साहित्य परंपरा के लिए विश्व प्रसिद्ध है।  संगम साहित्य और तिरूक्कुरल जैसे ग्रंथों ने भारतीय ज्ञान को समृद्ध किया है। तमिलनाडु देश की प्रगति में अग्रणी भूमिका निभाता है। इस राज्य ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कर्नाटक के बाद तमिलनाडु देश का सबसे बड़ा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) विकास क्षेत्र है।

    हमारे राष्ट्र के गौरव के प्रतीक हमारी इमारतें

              राज्यपाल ने कहा कि दिल्ली हमारी राजधानी ही नहीं बल्कि देश का दिल भी है। यह वह भूमि है जहां इतिहास ने करवट ली है। यहां की गलियों में भारत का इतिहास सांस लेता है, चाहे वह प्राचीन इन्द्रप्रस्थ की कहानी हो या आधुनिक भारत का स्वतंत्रता संग्राम हो। लाल किला, कुतुब मीनार, संसद भवन, इंडिया गेट- ये केवल इमारतें नहीं बल्कि हमारे राष्ट्र के गौरव के प्रतीक हैं। यहां सांस्कृतिक विविधता हर गली और मोहल्ले में देखने मिलती है।

    प्राकृतिक सम्पदा से भरपूर राज्य में उत्तराखंड और छत्तीसगढ़

              श्री डेका ने कहा कि उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना एक साथ हुई थी। दोनों राज्यों में कई समानताएं है जैसे इन राज्यों में आबादी का बड़ा हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों में रहता है और कृषि उनकी आजीविका का प्रमुख साधन है। उत्तराखंड की हिमालय की चोटियां, नदियां और घने जंगल इसकी पहचान है वहीं छत्तीसगढ़ भी जंगल, नदियां, पहाड़ और प्राकृतिक सम्पदा से भरपूर राज्य है। सतत् विकास और पारिस्थितिक संतुलन के लिए दोनों राज्यों में समान चुनौतियां हैं।

    खूबसूरत समुद्र तटों और उस समय की सभ्यता की झलक पुडुचेरी में एवं जैव विविधता से समृद्ध लक्षद्वीप

            राज्यपाल ने कहा कि पुडुचेरी अपने फ्रांसीसी स्थापत्य, आध्यात्मिक वातावरण और सांस्कृतिक समन्वय के लिए प्रसिद्ध है। प्राचीन काल में पुडुचेरी फ्रांस के साथ व्यापार का मुख्य केंद्र था। आज कई पर्यटक यहां के खूबसूरत समुद्र तटों और उस समय की सभ्यता की झलक पाने के लिए आते हैं। हिन्द महासागर में स्थित अनमोल द्वीप समूह लक्षद्वीप अपने नीले पानी, स्वच्छ समुद्र तट और समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है। आज जब पूरा विश्व पर्यावरण संकट की चुनौती से जुझ रहा है, तब लक्षद्वीप की जीवनशैली हमें प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन की प्रेरणा देती है।  

    विविधता ही भारत की असली शक्ति

              राज्यपाल ने कहा कि इन सभी प्रदेशों की विविधता ही भारत की असली शक्ति है। एक भारत श्रेष्ठ कार्यक्रम इसी भावना को मजबूत करने का एक सशक्त माध्यम है। आज जब देश आत्मनिर्भर भारत, विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, तब हमें इन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के योगदान को और अधिक मजबूती देनी होगी। उन्होंने लोगों का आव्हान किया कि एक कार्य ऐसा जरूर करें, जिसमें मानवीय सेवा निहित हो। पर्यावरण और स्वच्छता का संदेश भी उन्होंने दिया।

    विभिन्न राज्यों की संस्कृति एवं लोक परंपरा आधारित संास्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति दी विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने

             समारोह में विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने अपने राज्यों की विशेषताओं, परंपरा, संस्कृति पर प्रकाश डाला। राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर.प्रसन्ना ने भी तमिलनाडु राज्य की विशेषताओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न राज्यों की  संस्कृति एवं लोक परंपरा आधारित संास्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति दी। कर्नाटक के यक्षगान (यक्षगणना), तमिलनाडु के लोक नृत्य, दिल्ली के पंजाब फोक नृत्य सहित उत्तराखंड के लोक नृत्य गौपति, लक्षद्वीप के छड़ी नृत्य एवं पुडुचेरी के गरडी नृत्यों ने अतिथियों का मन मोह लिया।

    राज्यपाल ने राजकीय गमछा और स्मृति चिन्ह भेंट किया राज्यों के प्रतिनिधियों को

             विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को राज्यपाल ने राजकीय गमछा और स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होंने भी राज्यपाल को अपने राज्य की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना सहित अन्य अधिकारी एवं इन सभी राज्यों के युवा, महिलाएं एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

  • दो दिवस के भीतर 12 प्रकरणों में 01 करोड़ 37 लाख रुपए से अधिक के 4447 क्विंटल धान जब्त

     

    प्रशासन की सख्त कार्यवाही निरंतर जारी

    तीन अंतर्राज्यीय मामले भी शामिल, ओड़िशा से लाई जा रही धान की बड़ी खेप जब्त

    रायपुर,

    राज्य शासन किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रही है, जिसका गलत लाभ उठाने कोचिया एवं बिचौलिए ओड़िशा से धान लाकर बेचने की कोशिश कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने धान के अवैध भंडारण और परिवहन पर रोक लगाने सभी जिले के कलेक्टरेां को निेर्दशित किया है। उन्होंने कहा है कि धान के अवैध भंडारण और परिवहन में शामिल व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। वास्तविक किसानों के हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

          छत्तीसगढ़  के रायगढ़ जिले में धान के अवैध परिवहन एवं भंडारण के खिलाफ जिला प्रशासन की सख्त रुख से लगातार कार्रवाई चल रही है। कलेक्टर के निर्देश पर विभिन्न क्षेत्रों में गठित संयुक्त जांच दलों ने 30 नवंबर और 01 दिसंबर को चलाए गए विशेष अभियान के दौरान कुल 12 प्रकरणों में 4447.20 क्विंटल से अधिक धान जब्त किया है, जिसमें तीन अंतर्राज्यीय प्रकरण भी शामिल हैं। जब्त धान का मूल्य 1 करोड़ 37 लाख 86 हजार रुपए से अधिक आंका गया है। प्रशासन की यह कड़ी कार्रवाई खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में बाहरी धान की अवैध आवाजाही रोकने और वास्तविक किसानों के हितों की रक्षा हेतु की जा रही है।

              अपर कलेक्टर एवं धान खरीदी के नोडल अधिकारी ने बताया कि लैलूंगा विकासखंड के ग्राम किलकिला में तहसीलदार के नेतृत्व में की गई जांच में भूगदेव पैंकरा के ठिकाने से ओड़िशा का 60 क्विंटल धान पकड़ा गया। वहीं पुसौर विकासखंड में पुलिस विभाग ने दो अलग-अलग मामलों में सुदाम साहू ग्राम भैनातोरा जिला बरगढ़ ओडिशा के पिकअप वाहन ( (CG 06 GU 8036) में 25.60 क्विंटल धान और आदित्य सागर ग्राम बड़ेहरदी के वाहन (CG 13 AR 4467) में 20 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया। सभी मामलों में अंतर्राज्यीय धान परिवहन का प्रकरण दर्ज किए गए हैं।

          जिला खाद्य अधिकारी रायगढ ने बताया कि जिले के विभिन्न विकासखंडों में संयुक्त दलों ने औचक निरीक्षण कर कई गोदामों में छिपाकर रखे गए धान को जब्त किया। इसमें प्रमुख रूप से लैलूंगा क्षेत्र के ग्राम लारीपानी एवं अन्य जगहों पर बजरंग अग्रवाल के यहां 840 क्विंटल, त्रिलोक गर्ग के यहां 640 क्विंटल, दीपक जिंदल के यहां 820 क्विंटल जप्त किया गया है। इसी तरह घरघोड़ा क्षेत्र में दीपक अग्रवाल शुभम ट्रेडर्स के यहां 50 क्विंटल, रजत अग्रवाल रजत ट्रेडर्स के यहां 630 क्विंटल, धरमजयगढ़ क्षेत्र में टिकेश्वर यादव ग्राम सिसरिंगा के यहां 34.40 क्विंटल, सहनी लाल सिदार ग्राम एड्डुकला के यहां 49.20 क्विंटल, मनोज गुप्ता पत्थलगांवखुर्द के यहां 78 क्विंटल, खरसिया क्षेत्र के ग्राम कुरू में लाभो दास महंत के गोदाम से 1200 क्विंटल धान बरामद जब्त किया गया है। इन सभी पर कृषि उपज मंडी अधिनियम एवं संबंधित प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं।

    रायगढ अब तक कुल 68 प्रकरण, 12,454 क्विंटल धान जब्त
          जिले में अब तक 68 मामलों में कुल 12,454 क्विंटल धान, जिसकी कीमत 3 करोड़ 86 लाख रुपए से अधिक है, जप्त किया जा चुका है। यह कार्रवाई जिला प्रशासन की कड़ी निगरानी और निरंतर मॉनिटरिंग का परिणाम है।  धान के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए जिले में बनाए गए सभी अंतर्राज्यीय और आंतरिक 25 चेकपोस्टों पर 24×7 निगरानी रखी जा रही है। जंगलों के वैकल्पिक मार्गों को भी सील कर दिया गया है, ताकि ओडिशा से होने वाली धान की अवैध आवाजाही पूरी तरह रुक सके। अनुविभागीय स्तर पर गठित विशेष टीमें लगातार फील्ड में सक्रिय हैं। प्रशासन की ताबड़तोड़ और सख्त कार्रवाई से अवैध धान व्यापारियों व बिचौलियों के हौसले पस्त हो गए हैं और जिले में समर्थन मूल्य पर खरीदी व्यवस्था और अधिक पारदर्शी व सुव्यवस्थित होती जा रही है।

  • उपार्जन समितियों की सुव्यवस्था से खुश हैं किसान

    टोकन, बारदाना और तुलाई–हर चरण में मिल रही सहज सुविधा

    रायपुर,

    छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशों के अनुरूप सरगुजा जिले में धान खरीदी व्यवस्था को किसानों के लिए सरल, सहज और पारदर्शी बनाया गया है। टोकन कटाने से लेकर समिति में धान बिक्री तक पूरी प्रक्रिया किसान हित में सुव्यवस्थित की गई है।

    पुहपुटरा धान उपार्जन समिति में धान बेचने पहुंचे कृषक श्री राजेश कुमार राजवाड़े ने खरीदी केंद्र की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि उनका कुल रकबा 160 क्विंटल का है और उन्होंने 59 क्विंटल 80 किलो धान बेचने के लिए पहला टोकन कटाया है।

    कृषक राजवाड़े ने कहा कि टोकन कटाने की प्रक्रिया पूरी तरह सरल रही और किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हुई। उपार्जन केंद्र पहुंचते ही समिति द्वारा तुरंत बारदाना और सूजा-सुतरी उपलब्ध करा दी गई, जिससे तुलाई प्रक्रिया बिना किसी देरी के संपन्न हो गई। उन्होंने बताया कि समिति में धान खरीदी की व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी, व्यवस्थित और किसान हितैषी है। कर्मचारी और अधिकारी लगातार सहयोग कर रहे हैं, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।

    राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रति एकड़ 21 क्विंटल की खरीदी एवं 3100 रुपए प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य से किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिल रहा है। इससे किसानों में धान विक्रय के प्रति उत्साह बढ़ा है।
    उन्होंने खरीदी व्यवस्था पर संतोष जताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट किया और कहा कि वर्तमान व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी तथा सरल है, जिससे किसानों का भरोसा और मनोबल बढ़ा है। जिले की सभी उपार्जन समितियों में सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं के चलते धान खरीदी कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और किसान बिना किसी परेशानी के अपना धान बेच पा रहे हैं।

  • ग्वालियर के सुप्रसिद्ध मंदिर में नया नियम: अशोभनीय कपड़ों पर प्रतिबंध, महिलाओं के लिए ड्रेस कोड तय

    ग्वालियर
    ग्वालियर के प्रसिद्ध खेड़ापति हनुमान जी मंदिर में अब मर्यादित कपड़े पहनने वाले श्रद्धालुओं को की प्रवेश दिया जाएगा। भद्दे कपड़े पहनने  वालों को मंदिर में प्रवेश नहीं मिलेगा। अब मंदिर में स्कर्ट, मिनी टॉप पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। मंदिर प्रबंधन ने परिसर में पोस्टर लगाए है कि शालीन और पूरे कपड़े पहनने वालों को ही मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा।

    खेड़ापति हनुमान मंदिर और बालाजी धाम सरकार में मर्यादित कपड़ों में मिलेगी एंट्री
     आपको बता दे शहर के दो प्रमुख आस्था के केंद्रों खेड़ापति हनुमान मंदिर और बालाजी धाम सरकार पर श्रद्धालुओं के लिए शालीन और पुरे वस्त्र पहनकर आने के निर्देश प्रबंधन ने दिए हैं।  उनका कहना है कि आस्था के इन केंद्रों पर स्कर्ट मिनी टॉप या कटे-फटे कपड़े पहनकर अक्सर युवा आते हैं जो मंदिर की गरिमा के प्रतिकूल है।

    मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं के लिए परिसर में पोस्टर भी लगाए हैं और उनसे नियमों के पालन की अपेक्षा की गई है। संभावना है कि अन्य मंदिर प्रबंधन भी इसका अनुसरण करेंगे।लोग मंदिर प्रबंधन के इस प्रयास की तारीफ भी कर रहे हैं। क्योंकि आस्था के केंद्रों पर मन को एकाग्र करने वाले कपड़े पहने चाहिए न की भड़कीले परिधानों का प्रदर्शन करना चाहिए…इससे वहां का आध्यात्मिक वातावरण भी प्रदूषित होता है।

  • मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की मुख्य आतिथ्य में सूरजपुर में दिव्यांगजन दिवस का विशेष आयोजन

    रायपुर,

    अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर 03 दिसंबर को सूरजपुर जिले में भव्य राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े शामिल होंगी। सुरजपुर नगर पालिका परिषद कार्यालय के समीप स्थित रंगमंच में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम दिव्यांगजनों के अधिकारों, सम्मान, समान अवसर और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता खाद्य मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री दयाल दास बघेल करेंगे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा, सरगुजा सांसद चिन्तामणि महाराज, प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मराबी, प्रतापपुर विधायक शकुंतला पोर्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष चंद्रमणी पैकरा, जनपद अध्यक्ष सूरजपुर  स्वाति सिंह सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे।

    राज्यस्तरीय इस समारोह में दिव्यांगजनों के लिए विशेष सहायता कार्यक्रम, जानकारीपरक गतिविधियाँ, जागरूकता सत्र और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ शामिल की जाएंगी। कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांगजनों की सामाजिक भागीदारी को सुदृढ़ करना और उनके लिए संवेदनशील तथा समावेशी वातावरण को बढ़ावा देना है।

  • राजधानी भोपाल के राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद जिलाध्यक्ष बने तिवारी

    भोपाल

    राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद ने अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण नियुक्ति की है। परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र कुमार मिश्रा और संरक्षक, सुप्रीम कोर्ट के महाधिवक्ता एडवोकेट ए.पी. सिंह की स्वीकृति के साथ, मप्र प्रदेश अध्यक्ष अमित द्विवेदी उपाध्यक्ष रोहित जैन एवं महासचिव भारत भूषण की अनुशंसा पर भारत भूषण तिवारी को भोपाल जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    परिषद के पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया है कि भारत भूषण तिवारी अपने अनुभव और कार्यकुशलता के बल पर जिले के पत्रकारों के हितों की रक्षा, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा संगठन की एकता को और मजबूत करने के लिए उल्लेखनीय कार्य करेंगे। नई नियुक्ति से संगठन में नई ऊर्जा का संचार माना जा रहा है। पत्रकारों ने भी उम्मीद जताई है कि तिवारी पारदर्शी, निष्पक्ष और दृढ़ नेतृत्व के साथ पत्रकार सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देंगे और उनके अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाएंगे।

  • MP में बाल विवाह का चिंताजनक बढ़ोतरी, मंत्री ने बताया—हर महीने औसतन 42 मामले

    भोपाल 
    मध्य प्रदेश में हर साल महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल विवाह रोकने के लिए करोड़ों रुपए का बजट खर्च करता है। इसके बावजूद राज्य में बाल विवाह के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। 2020 से 2025 तक छह साल में हर साल औसतन 400 से ज्यादा बाल विवाह के मामले दर्ज हुए।

    कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने पूछा कि मार्च 2020 से अब तक कितने बाल विवाह के मामले सामने आए, जिनमें लड़कियों की उम्र 18 साल से कम पाई गई। उन्होंने वर्षवार और जिलेवार आंकड़े मांगे। इसके अलावा यह जानकारी भी मांगी कि बाल विवाह के बाद कितनी बालिकाओं ने बच्चों को जन्म दिया? उनमें से कितने बच्चों की मौत हो गई?

    मंत्री निर्मला भूरिया द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 2020 से हर साल बाल विवाह के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। मुद्दे पर नरसिंहगढ़ सीट से बीजेपी विधायक मोहन शर्मा ने कहा- पहले बाल विवाह होते थे, अब प्रशासन और जनप्रतिनिधि इन्हें रोकने का प्रयास कर रहे हैं।

    प्रदेश में दो साल में 36 हजार से ज्यादा बाल विवाह रोके गए

    MP  में सरकारी एजेंसियों की मदद से करीब 3 हजार बाल विवाह रोके गए और मानव तस्करी के शिकार साढ़े 4 हजार बच्चों को बचाया गया. बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए काम करने वाले एक संगठन पिछले दो साल का यह आंकड़ा जारी किया है. 

    देशभर में 3 लाख 74 हजार बाल विवाह रोककर, एक लाख बच्चों को मानव तस्करी से बचाकर, यौन शोषण के शिकार 34 हजार बच्चों को मानसिक स्वास्थ्य उपचार प्रदान करके और 63 हजार मामलों में कानूनी कार्रवाई शुरू करके भारत ने साबित कर दिया है कि वह एक ऐसा राष्ट्र बन सकता है जहां बच्चों के खिलाफ अपराध करने के बाद कोई भी कानून से बच नहीं पाएगा. 

    जेआरसी ने देश के 250 से ज़्यादा गैर-सरकारी संगठनों के साथ मिलकर, कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सहयोग से, अप्रैल 2023 से अगस्त 2025 के बीच मध्य प्रदेश के 41 ज़िलों में 36 हजार 838 बाल विवाह रोके, मानव तस्करी के शिकार 4 हजार 777 बच्चों को मुक्त कराया और यौन शोषण के शिकार 1200 से ज़्यादा बच्चों की मदद की. 

    बाल विवाह की दर राष्ट्रीय औसत के मुकाबले मामूली कम
    उन्होने कहा कि मध्य प्रदेश में बाल विवाह की दर 23.1 है जो राष्ट्रीय औसत 23.3 के मुकाबले मामूली कम है लेकिन कुछ जिलों में स्थिति गंभीर है। जैसे राजगढ़ में बाल विवाह की दर 46.0, श्योपुर में 39.5, छतरपुर में 39.2, झाबुआ में 36.5 और आगर मालवा जिले में 35.6 प्रतिशत है। कानून पर सख्ती से अमल के अभाव में बाल विवाह से बच्चियों का पढ़ाई छोड़ना और उनका शोषण व गरीबी के अंतहीन दुष्चक्र में फंसना जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि अब सरकार को साफ संदेश देना होगा कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम (पीसीएमए) हर धर्म, परंपरा और पर्सनल लॉ से ऊपर है।

    रेप पर मौत की सजा का प्रावधान
     मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य था जिसने बच्चियों से रेप पर मौत की सजा का प्रावधान किया था। अब यही सख्ती बाल विवाह पर भी दिखनी चाहिए। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम बच्चों की सुरक्षा का धर्मनिरपेक्ष कानून है, इसे किसी भी पर्सनल लॉ से कमतर मानना बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। प्रदेश की 7.3 करोड़ आबादी में 40% बच्चे हैं। यहां बाल विवाह की दर 23.1% है, जो राष्ट्रीय औसत 23.3% से थोड़ी कम है। वहीं कई जिलों में हालात चिंताजनक हैं। ऋभु ने कहा कि इन जिलों में बच्चियां समय से पहले पढ़ाई छोड़ रही हैं और गरीबी व शोषण के अंतहीन चक्र में फंस रही हैं।

    2030 तक भारत को बाल विवाह मुक्त करना लक्ष्य
     मध्यप्रदेश में जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के साथ 17 सहयोगी संगठन बाल विवाह, ट्रैफिकिंग, बाल श्रम और यौन शोषण के खिलाफ दोहरी रणनीति-जागरुकता और कानूनी हस्तक्षेप पर काम कर रहे हैं। यह नेटवर्क चाइल्ड मैरिज फ्री इंडिया अभियान के साथ जुड़ा है, जिसका लक्ष्य 2030 तक भारत को बाल विवाह मुक्त करना है।

    बैंड और घोड़ी वाले पर भी सजा व जुर्माने का प्रावधान
     बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम (पीसीएमए) 2006 बाल विवाह पर पूरी तरह पाबंदी लगाता है। यह कानून 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के को बच्चे के तौर परिभाषित करता है। इस कानून के तहत बाल विवाह को प्रोत्साहित करने या उसमें किसी भी तरह का सहयोग करने जैसे बारात में शामिल मेहमानों, हलवाई, सजावट करने वाले, बैंड वाले या घोड़ी वाले पर भी सजा व जुर्माने का प्रावधान है।  

  • वन मंत्री केदार कश्यप ने किया नंदनवन-नंदन पक्षी विहार का निरीक्षण, व्यवस्थाओं का लिया जायज़ा

    बायोडायवर्सिटी थीम पार्क के रूप में विकसित करने दिए निर्देश

    रायपुर,

    वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप आज रायपुर स्थित नंदनवन-नंदन पक्षी विहार के निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परिसर का अवलोकन करते हुए वहां की व्यवस्थाओं और विकास कार्यों की जानकारी ली। मंत्री श्री कश्यप ने नंदनवन को बायोडायवर्सिटी थीम पार्क के रूप में विकसित करने के लिए चरणबद्ध डीपीआर तैयार कर शीघ्र कार्य प्रारंभ करने निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नंदनवन को ऐसा केंद्र बनाया जाए, जहां जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता और प्रकृति आधारित पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।

    कई विदेशी पक्षी देखे जा सकते हैं नंदनवन पक्षी विहार में
    मंत्री कश्यप ने कहा कि नंदनवनपक्षी विहार रायपुर में स्थित एक चिड़ियाघर और पिकनिक स्थल है। यहां विदेशी पक्षियों सहित कई प्रकार के पक्षी रखे गए हैं और यह शहर के लोगों के लिए एक प्रमुख पर्यटन और पिकनिक स्पॉट है। यहां अफ्रीकन ग्रे पेलिकन, ब्लैक श्वान, मकाऊ और शुतुरमुर्ग जैसे कई विदेशी पक्षी देखे जा सकते हैं।

    पक्षियों को उनकी नस्ल के अनुसार विशिष्ट आहार दें ध्यान
    अधिकारियों एवं स्थानीय ग्रामीणों के साथ चर्चा कर पर्यावरण संरक्षण, पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने और क्षेत्र को अधिक आकर्षक तथा सुरक्षित बनाने संबंधी सुझाव भी लिए। उन्होंने कहा कि नंदनवन की टीम सभी पक्षियों को उनकी नस्ल के अनुसार विशिष्ट आहार के साथ जरूरत पड़ने पर दवाईयां व खाद्य पदार्थ देते हैं,ताकि पक्षी स्वस्थ रहें। यहां रखे गए विदेशी पक्षी प्रजनन भी कर रहे हैं, उसका सतत मानिटरिंग कराएं। नंदनवन पक्षी विहार के अंदर पर्यटकों को बैठने के लिए पेड़ों के तरह कुर्सियां बनाई गई है। इसके अलावा सेल्फी जोन का भी निर्माण किया गया है।
             
    इस अवसर पर विधायक राजेश मूणत, वन बल प्रमुख एवं पीसीसीएफ  व्ही श्रीनिवास राव, पीसीसीएफ  अरुण कुमार पांडे, रायपुर सीसीएफ मनिवासगन एस., सीसीएफ (वन्यजीव) सतोविषा समाजदार, रायपुर डीएफओ लोकनाथ पटेल, जंगल सफारी संचालक थेझस शेखर सहित विभागीय अधिकारी, कर्मचारी तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

  • प्राथमिक शाला सागबाड़ी में दो शिक्षकों की पदस्थापना से शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार

    रायपुर,

    वर्षों तक केवल एक शिक्षक के भरोसे संचालित होने वाले इस विद्यालय में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशों के अनुरूप स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया लागू की गई, जिसके तहत यहां दूसरे शिक्षक की पदस्थापना की गई।  इस पहल ने विद्यालय की व्यवस्था को मजबूत किया है और विद्यार्थियों के सीखने-सिखाने की प्रक्रिया में सकारात्मक बदलाव लाया है। वनांचल क्षेत्र के ग्राम सागबाड़ी स्थित प्राथमिक शाला में शिक्षा की गुणवत्ता अब नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है।

    एक शिक्षक के भरोसे चल रहा था पूरा विद्यालय

              सालों से इस विद्यालय में मात्र एक शिक्षक, प्रधान पाठक श्री राम सिंह, ही कार्यरत थे। अकेले सभी कक्षाओं को संभालना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। सभी विद्यार्थियों को एक ही कक्ष में बैठकर पढ़ना पड़ता था और अलग-अलग कक्षाओं के लिए बच्चों को शिक्षक की उपलब्धता का इंतजार करना पड़ता था। इससे शिक्षा की गति प्रभावित होती थी।

    युक्तियुक्तकरण से मिली राहत-दूसरे शिक्षक की नियुक्ति

              अतिशेष शिक्षकों को रिक्त पदों वाले विद्यालयों में भेजने की राज्य स्तरीय पहल के तहत 5 जून 2025 को श्री मनोज चंद्रा को सागबाड़ी प्राथमिक शाला में सहायक शिक्षक के रूप में पदस्थ किया गया। उनकी नियमित उपस्थिति और समर्पित शिक्षण से विद्यालय की गतिविधियों में नई ऊर्जा आई है। विद्यार्थियों ने महसूस किया बदलाव महसूस किया। विद्यालय के विद्यार्थियों ने भी इस सुधार को खुलकर सराहा है। कक्षा पाँचवीं के छात्र बुधवार सिंह ने बताया कि पहले एक शिक्षक होने से पढ़ाई में कई कठिनाइयाँ आती थीं, लेकिन अब दो शिक्षक होने से पढ़ाई सुचारू रूप से चल रही है।

     गाँव में शिक्षा सुदृढ़ीकरण की मिसाल

            दो शिक्षकों की उपलब्धता से सागबाड़ी प्राथमिक शाला में शैक्षणिक गतिविधियों की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वनांचल क्षेत्र के इस छोटे से विद्यालय में आया यह बदलाव शिक्षा सुदृढ़ीकरण की एक प्रेरक मिसाल बन गया है। कक्षा चौथी की प्रिया, दूसरी की रोशनी और तीसरी के सतीश यादव ने भी खुशी जताते हुए कहा कि अब कोई भी कक्षा खाली नहीं रहती और गुरुजी समय पर पहुंचते हैं। विद्यार्थियों ने यह भी बताया कि उन्हें नियमित रूप से सुबह का नाश्ता और मध्यान्ह भोजन मिलता है।

  • साहित्य उत्सव से छत्तीसगढ़ को मिलेगी नई पहचान : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    रायपुर,

    नए वर्ष की शुरुआत के साथ छत्तीसगढ़ एक बार फिर साहित्यिक ऊर्जा से सराबोर होने को तैयार है। आगामी महीने रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन नवा रायपुर में 23 से 25 जनवरी तक होगा, जिसमें देश भर से 100 से अधिक प्रतिष्ठित साहित्यकार शामिल होंगे। राज्य स्थापना के रजत वर्ष पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा इस आयोजन की परिकल्पना की गई थी। उनकी यह परिकल्पना अब साकार रूप लेने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में रायपुर साहित्य उत्सव के लोगो का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार  पंकज झा, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शंशाक शर्मा, जनसंपर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, वरिष्ठ साहित्यकार सुशील त्रिवेदी, डॉ. चितरंजन कर, गिरीश पंकज, डॉ. संजीव बक्शी, प्रदीप श्रीवास्तव और शकुंतला तरार उपस्थित थे।

    लोगो अनावरण के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर पूरा प्रदेश रजत महोत्सव मना रहा है, और रायपुर साहित्य उत्सव उसी श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। उन्होंने कहा कि यह उत्सव न केवल छत्तीसगढ़ को, बल्कि पूरे देश के मूर्धन्य साहित्यकारों को एक साझा मंच प्रदान करेगा, जहाँ उनके अनुभव, विचार और रचनात्मक धारा से अवगत होने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ को साहित्यिक जगत में एक नई पहचान प्रदान करेगा तथा जनसमुदाय को साहित्य, लेखन और पठन-पाठन की ओर प्रेरित करेगा। साथ ही यह उत्सव राज्य की विकास योजनाओं के लिए भी सकारात्मक सामाजिक चेतना और विमर्श का मंच बनेगा।

    उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संकल्पना पर आधारित इस आयोजन की व्यापक कार्ययोजना मात्र दो माह में तैयार की गई है। यह तीन दिवसीय महोत्सव 23, 24 एवं 25 जनवरी 2026 को जनजातीय संग्रहालय के समीप आयोजित होगा।

    इस उत्सव में कुल 11 सत्र शामिल होंगे। इनमें 5 समानांतर सत्र, 4 सामूहिक सत्र, और 3 संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें साहित्यकारों एवं प्रतिभागियों के बीच सीधा संवाद और विचार-विमर्श होगा।

    छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक-साहित्यिक विरासत का प्रतीक उत्सव का लोगो
    अगले महीने आयोजित होने जा रहे रायपुर साहित्य उत्सव के लोगो में छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को एक प्रभावशाली प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया है। यह लोगो न सिर्फ राज्य की पहचान को दर्शाता है, बल्कि बस्तर की जैव-विविधता, जनजातीय परंपराओं, और छत्तीसगढ़ की आत्मा माने जाने वाले सल्फी पेड़ की सांस्कृतिक महत्ता को भी सशक्त रूप में उजागर करता है।

    लोगो में सल्फी के पेड़ को छत्तीसगढ़ राज्य के नक्शे का रूप देकर यह संदेश दिया गया है कि राज्य की सभ्यता, संस्कृति और साहित्य सदियों से इसी भूमि की जड़ों से पोषित होते आए हैं। सल्फी का यह पेड़ आदिकाल से चली आ रही पौराणिक परंपराओं, भाईचारे और एकजुटता का प्रतीक माना जाता है। जनजातीय समाज के जीवन में गहराई से रचे-बसे इस पेड़ को साहित्य उत्सव के लोगो में शामिल करने से यह संदेश भी मिलता है कि छत्तीसगढ़ का जनजातीय साहित्य, लोकविश्वास और पारंपरिक ज्ञान-धारा आज भी समकालीन साहित्यिक प्रवाह के केंद्र में है।

    लोगो में अंकित ‘आदि से अनादि तक’ वाक्य साहित्य की उस अटूट यात्रा को दर्शाता है, जिसमें आदिकालीन रचनाओं से लेकर निरंतर विकसित हो रहे आधुनिक साहित्य तक सभी रूप समाहित हैं। यह संदेश स्पष्ट रूप से प्रकट होता है कि साहित्य कालातीत है, वह समय, समाज, भाषा और पीढ़ियों को जोड़कर चलने वाली निरंतर धारा है। इसी प्रकार लोगो में शामिल ‘सुरसरि सम सबके हित होई’ वाक्य साहित्य को गंगा की तरह मुक्त, समावेशी और सर्वहितकारी शक्ति के रूप में स्थापित करता है। साहित्य सभी जाति, वर्ग, परंपरा और जीवन-रीतियों को अपनी व्यापकता में समाहित कर समाज को दिशा देता है और सबके हित का मार्ग प्रशस्त करता है।

    रायपुर साहित्य उत्सव का यह लोगो पूरे छत्तीसगढ़ के लिए सांस्कृतिक गर्व का विषय है, क्योंकि इसमें राज्य की हजारों वर्षों पुरानी साहित्यिक जड़ें, जनजातीय परंपराएँ, सामाजिक समरसता और आधुनिक रचनात्मक दृष्टि-सभी का सुंदर, सार्थक और कलात्मक संगम दिखाई देता है। यह लोगो जनमानस तक यह सशक्त संदेश पहुँचाता है कि छत्तीसगढ़ की साहित्यिक यात्रा ‘आदि से अनादि’ तक अविचल, जीवंत और समृद्ध रही है और आगे भी इसी धारा में निरंतर विकास की नई कहानियाँ लिखती रहेगी। रायपुर साहित्य उत्सव के लोगो से छत्तीसगढ़ में आदि-अनादि काल से मजबूत साहित्य की जड़ों और उनसे जुड़ाव का सशक्त संदेश जनमानस तक पहुंचेगा।

  • मंदसौर के मल्हारगढ़ थाना को राष्ट्रीय रैंकिंग में 9वां स्थान, सीएम यादव ने जताई खुशी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ थाने को देश के श्रेष्ठ थानों की रैंकिंग में 9वां स्थान प्राप्त होने पर दी बधाई

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मन्त्रि-परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मन्त्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में रायपुर (छत्तीसगढ़) में हुई पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कॉन्फ्रेंस में मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ थाने को देश के श्रेष्ठतम पुलिस थानों की रैंकिंग में 9वी रैंक प्राप्त होने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अपराध के ग्राफ, आपराधिक प्रकरणों को सुलझाने की अवधि, स्वच्छता, अधिकारियों-कर्मचारियों के व्यवहार जैसे 70 मापदंडों के परीक्षण के आधार पर प्राप्त यह रैंक प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह द्वारा यह पुरस्कार प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मल्हारगढ़ थाने के पूरे स्टॉफ को भी बधाई दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 14 से 27 नवम्बर तक आयोजित 44वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में राज्यों की श्रेणी में मध्यप्रदेश मंडपम को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए रजत पदक प्राप्त होने की बधाई भी दी। एक भारत श्रेष्ठ भारत की थीम पर आयोजित मेले में मध्यप्रदेश के मंडप को ग्वालियर किले की थीम पर विकसित किया तथा मंडपम केन्द्र में मुरैना जिले के 64 योगिनी मंदिर को दर्शाया गया था। मध्यप्रदेश मंडपम में प्रदेश की विश्व धरोहरों खजुराहो, सांची स्तूप और भीमबेटका के साथ प्रस्तावित धरोहर स्थलों, विभिन्न सांस्कृतिक महोत्सवों, हस्तशिल्प, हाथकरघा, जी.आई., एक जिला एक उत्पाद को भी सजाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लुटियन्स ने जब भारतीय संसद भवन का डिजाइन तैयार किया था तब उन्होंने भारत वर्ष की प्रसिद्ध इमारतों के डिजाइन बुलवाए थे, जिसमें से उन्होंने मुरैना जिले के 64 योगिनी मंदिर का चुनाव किया था। इसके आधार पर ही लुटियन्स ने भारतीय संसद भवन का निर्माण कराया था। 

    प्रमुख बिंदु

        मन्त्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में रायपुर में हुई डीजीपी कॉन्फ्रेंस में मंदसौर के मल्हारगढ़ थाने को देश के श्रेष्ठतम पुलिस थानों की रैंकिंग में 9वी रैंक प्राप्त होने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं।

        मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मल्हारगढ़ थाने के पूरे स्टॉफ को भी बधाई दी।

        केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह द्वारा यह पुरस्कार प्रदान किया गया।

        मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश मंडपम को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए रजत पदक प्राप्त होने की बधाई भी दी।

        44वां भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला दिल्ली में 14 से 27 नवम्बर तक आयोजित हुआ।

        मध्यप्रदेश के मंडप को ग्वालियर किले की थीम पर विकसित किया।

  • पति की तलाक याचिका निरस्त, हाईकोर्ट का बड़ा बयान– माफ की गई क्रूरता से नहीं मिलता तलाक

    बिलासपुर

    छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक दंपती के बीच विवाद में अहम फैसला सुनाया है. जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस संजय कुमार जायसवाल की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि सबूतों के अभाव में क्रूरता साबित नहीं होती और यदि कोई घटना हुई भी थी, तो पति ने उसे बाद में माफ कर दिया था. हिंदू मैरिज एक्ट की धारा 23(1) (b) के अनुसार यदि क्रूरता माफ कर दी जाए तो तलाक का आधार नहीं बनता.

    जांजगीर निवासी व्यक्ति की शादी 11 दिसंबर 2020 को सरगांव निवासी महिला के साथ हुई थी. अक्टूबर 2022 को बेटी के जन्म के बाद दोनों के बीच तनाव बढ़ने लगा. पति का आरोप था कि तीन अज्ञात नंबरों से उसे गालियां दी गईं और पत्नी के कथित अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई.

    आरोप है कि 29 मार्च 2023 को पत्नी घर छोड़कर चली गईं. इसके बाद 4 अप्रैल 2023 को पति ने हिंदू मैरिज एक्ट के प्रावधानों के तहत तलाक की मांग करते हुए फैमिली कोर्ट में आवेदन प्रस्तुत किया. जांजगीर के फैमिली कोर्ट ने 20 अगस्त 2024 को याचिका खारिज करते हुए कहा था कि क्रूरता साबित नहीं हुई. इस फैसले के खिलाफ पति ने हाई कोर्ट में अपील की थी.

  • महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन कर स्नेहा राणा ने साझा किया विश्व कप विजेता बनने का अनुभव

    उज्जैन 
     महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 में शानदार प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करने वाली भारतीय टीम की ऑलराउंडर स्नेहा राणा मंगलवार तड़के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर पहुंचीं। सुबह चार बजे होने वाली भस्म आरती में शामिल होकर उन्होंने ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर के दर्शन किए और विजय के उपरांत पुनः मंदिर आने का अपना संकल्प पूरा किया।

    विश्व कप में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए राणा ने 6 मैचों में 7 विकेट चटकाए और 99 महत्वपूर्ण रन भी जोड़े। फाइनल मुकाबले में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। टूर्नामेंट के दौरान वे पहले भी महाकाल का आशीर्वाद लेने पहुंची थीं और मन्नत मांगी थी कि यदि भारत विश्व कप जीतेगा तो वे पुनः भस्म आरती में शामिल होंगी। विश्व कप जीतने के बाद मंगलवार को उन्होंने अपना वचन निभाते हुए महाकाल के दरबार में हाजिरी लगाई। 

    दर्शन के बाद स्नेहा राणा ने कहा कि महाकाल की नगरी में आकर उन्हें विशेष ऊर्जा मिलती है। “पिछली बार बोला था कि जीतकर वापस आऊंगी। भगवान से यही प्रार्थना है कि उनका आशीर्वाद सदैव हम पर बना रहे,”

    उन्होंने मंदिर प्रबंधन की व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि महाकालेश्वर मंदिर की आध्यात्मिक ऊर्जा अद्वितीय है। मंदिर समिति की ओर से उप प्रशासक एस.एन. सोनी ने स्वागत एवं सम्मान किया।

  • नकली कफ सिरप केस में धीमी जांच: 30 दिन बाद उठाया डिजिटल साक्ष्य, कार्रवाई पर उठे तीखे सवाल

    गरियाबंद

    राजिम के कुलेश्वर मेडिकल में मिले नकली कफ सिरप पर 30 दिन बाद जाकर कार्रवाई हुई है. सिरप सप्लाई करने वाले नवापारा के नवकार मेडिकल में खाद्य एवं औषधीय प्रशासन टीम ने दबिश देकर डिजिटल साक्ष्य जब्त किए. लेकिन पुख्ता प्रमाण के बाद भी कार्रवाई में हुए विलंब से विभाग पर कई सवाल उठ रहे हैं. चर्चा यह भी है कि इस प्रकरण की बड़ी वजह व्यापारिक प्रतिस्पर्धा है.

    गरियाबंद खाद्य एवं औषधीय प्रशासन के निरीक्षक धरमवीर सिंह ध्रुव के नेतृत्व में आज रायपुर की टीम के साथ नवापारा सदर रोड स्थित नवकार मेडिकल स्टोर में टीम ने दबिश देकर साक्ष्य जप्त किया है. कार्रवाई के संबंध में निरीक्षक ध्रुव ने बताया कि पिछले बार निरीक्षण में राजिम के कुलेश्वर मेडिकल में मिले नकली कफ सिरप के मामले में नवकार मेडिकल का लिंक स्थापित हुआ है. इसी सिलसिले में यहां दबिश देकर डिजिटल एवं अन्य साक्ष्यों जब्त किया गया है. आगे पूछताछ कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.

    कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
    विभाग ने लाइफ थ्रेटनिंग बता कर महीनेभर पहले विभिन्न धाराओं के तहत कुलेश्वर मेडिकल संचालक सीताराम साहू के खिलाफ कार्रवाई की गई थी. कोर्ट में पेश चालान में भी जोखिम कारोबार बताया था, लेकिन मामले में विभाग की जितनी सक्रियता दिखनी चाहिए दिखी नहीं. बताया जाता है कि कई दौर के उच्चस्तरीय मैत्री पूर्ण वार्तालाप सकारात्मक परिणाम नहीं आने के बाद आखिरकार नवम्बर में मेडिकल सील और संचालक को गिरफ्तार करने की कार्रवाई हुई है.