• बिना टोकन धान से भरी दो पिकअप जब्त, अवैध खरीद-फरोख्त पर फिर उठे सवाल

    सूरजपुर

    प्रदेश में सरकारी समर्थन मूल्य पर अवैध धान खपाने का सिलसिला जारी है. इस कड़ी में वाहन चेकिंग के दौरान दो पिकअप से बिना टोकन वाला धान जब्त किया गया.

    मामला बसदेई चौकी क्षेत्र का है. बसदेई चौक के पास नियमित चेकिंग के दौरान पुलिस को दो संदिग्ध पिकअप (CG 15 CY 2026 और CG 29 AF 3433) दिखाई दिए. रोककर जांच की गई तो दोनों वाहनों में बिना टोकन अवैध धान भरा मिला. मामले में दोनों गाड़ियों को मौके पर जब्त कर कार्रवाई के लिए अनुविभागीय दंडाधिकारी भैयाथान को सौंपा गया है.

  • विद्यार्थियों से बदसलूकी के आरोप में शिक्षक निलंबित, शिक्षा विभाग सक्रिय

    तखतपुर

    बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखंड के बेलसरी प्राथमिक शाला में बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार और छात्राओं से बैड टच करने के मामले में शिक्षक संदीप कुमार घृतलहरे पर निलंबन की गांज गिरी है. दरअसल, शिकायत पर डीईओ विजय तांडे ने मामले में तत्काल जांच के आदेश दिए थे. जांच में शिक्षक पर लगे आरोप सत्या पाए गए.

    रिपोर्ट में शिक्षक के व्यवहार को निंदनीय, शिक्षकीय गरिमा के विपरीत तथा बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कठोर कार्रवाई की अनुशंसा की गई. वहीं घटना के बाद बेलसरी और आसपास क्षेत्रों में अभिभावकों में आक्रोश है. ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से कड़ी कार्रवाई और स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है. जांच रिपोर्ट के आधार पर डीईओ ने आरोपी शिक्षक संदीप कुमार घृतलहरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.

  • राज्य को दिलाया गर्व: अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट से लौटी टीम, CM साय ने सराहा प्रदर्शन

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में शामिल छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने टीम के सदस्यों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन पर बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है। उन्होंने खिलाड़ियों को भविष्य में भी इसी उत्साह और मेहनत के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी युवाओं में खेल की अपार प्रतिभा है और राज्य सरकार के सहयोग से घुड़सवारी एवं पोलो खेल को नई दिशा मिली है।

    उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ ने पहली बार इतिहास रचते हुए 22 से 29 नवम्बर 2025 तक इंफाल में आयोजित 15वें मणिपुर अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में हिस्सा लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। यह अवसर इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि देश के इतिहास में पहली बार किसी राज्य को अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए आमंत्रित किया गया।

    छत्तीसगढ़ टीम ने अमेरिका, कोलंबिया, इंडियन पोलो एसोसिएशन और अन्य अंतरराष्ट्रीय टीमों के साथ प्रतिस्पर्धा कर यह गौरव अर्जित किया। यह उपलब्धि आदिवासी युवाओं की खेल जगत में बढ़ती भागीदारी का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

    गौरतलब है कि इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे कई संस्थानों का संयुक्त योगदान रहा जिसमे छत्तीसगढ़ शासन, भारतीय सेना (एनसीसी), दंतेवाड़ा जिला प्रशासन, कांकेर जिला प्रशासन, ब्रीगो एंड हेक्टर इक्वेस्ट्रियन मैनेजमेंट कंपनी, रायपुर मुख्य रूप से शामिल रहे। इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की टीम के सदस्यों में लेफ्टिनेंट कर्नल अमन सिंह, एनसीसी, लांस नदिम अली (सेवानिवृत्त), वेदिका शरण, चित्रभानु सिंह, सैमुअल विश्वकर्मा, गोलू राम कश्यप, सुभाष लेकामि, देवकी कड़ती शामिल रहे। इससे पूर्व भी कु. वेदिका शरण ने सितंबर 2025 में बेंगलुरु में आयोजित घुड़सवारी की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेकर अपने आयु वर्ग में भारत में दूसरा तथा विश्व स्तर पर 15 वां स्थान प्राप्त कर प्रदेश व देश का नाम रोशन किया है l

    उल्लेखनीय है कि “खेल से शक्ति” पहल के अंतर्गत दंतेवाड़ा और कांकेर जिले के प्रतिभाशाली छात्रों को घुड़सवारी और पोलो का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। यह प्रशिक्षण ब्रीगो एंड हेक्टर इक्वेस्ट्रियन मैनेजमेंट कंपनी द्वारा भारतीय सेना के अनुभवी पोलो खिलाड़ियों के सहयोग से संचालित किया गया।

    यह पहल आदिवासी युवाओं को खेल, शिक्षा और प्रशिक्षण के माध्यम से सशक्त बनाने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है। इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आवश्यक संसाधन और अवसर उपलब्ध कराना है। इस अवसर पर आयुक्त छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अवनीश शरण और घुड़सवारी प्रशिक्षक गीता दहिया उपस्थित रहे।

  • तनाव और विश्वासघात की दोहरी मार—मैनेजर ने ऑफिस में की आत्महत्या

    सतना 
    मध्यप्रदेश में सतना जिले के ट्रांसपोर्ट नगर में सोमवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 26 वर्षीय फाइनेंस मैनेजर ने गर्लफ्रेंड को जिम्मेदार बताते हुए अपने ऑफिस के बंद चेंबर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। युवक की पहचान रीवा के सगरा देवतालाब निवासी शिवमोहन सिंह के रूप में हुई है। पुलिस को मौके से एक बेहद भावुक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें मृतक ने अपने पिता से माफी मांगते हुए एक लड़की पर अपनी भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। इस नोट में लिखी उसकी आखिरी इच्छा ने पुलिस और परिजनों, सबकी आंखें नम कर दीं।

    सॉरी पापा लड़की ने मेरे साथ खिलवाड़ किया!
    मृतक शिवमोहन ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि वह अपनी मर्जी से जान दे रहा है, लेकिन इसके पीछे की वजह एक लड़की है। उसने लिखा सॉरी पापा… उस लड़की ने मेरी फीलिंग्स के साथ बहुत खिलवाड़ किया है। उसकी वजह से मैं कुछ सोच नहीं पा रहा हूं। मेरे अच्छे पिताजी, मैं आपका अच्छा बेटा नहीं बन पाया… अकेलेपन के कारण मैंने शराब पीना शुरू कर दिया था। मगर यहां जिस पर भरोसा करो, वही धोखा देता है।'

    'पत्नी की दूसरी शादी करा देना'
    शिवमोहन ने सुसाइड नोट में लिखा है स्वाती (पत्नी) की दूसरी शादी करा देना। 'प्लीज, गोलू की स्कूटी छुड़वा लेना, मैंने उसे गिरवी रख दिया है।' मृतक ने यह भी लिखा है कि उसके सभी अंग दान कर दिए जाएं जो किसी के काम आ जाएं।

    बंद कमरे में लटका मिला शव
    जानकारी मुताबिक, शिवमोहन सोमवार दोपहर करीब 2 बजे अपने केबिन में गया और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। शाम 7 बजे तक जब कोई हलचल नहीं हुई और उसका फोन भी बंद आया, तो ऑफिस के कर्मचारियों को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने पास में रहने वाले शिवमोहन के मामा को बुलाया। दरवाजा तोड़ने पर शिवमोहन का शव मफलर के सहारे फंदे पर लटकता मिला।

    जांच में जुटी पुलिस
    कोलगवां पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मौके से मिले सुसाइड नोट में जिस लड़की का जिक्र है, उसके बारे में जानकारी जुटा रही है।

     

  • मध्य प्रदेश में शहरों की अधोसंरचना योजना जारी, अतिरिक्त 500 करोड़ रुपये का बजट मंजूर

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को विधानसभा के समिति कक्ष में मंत्रि-परिषद की बैठक हुई। बैठक में नगरीय क्षेत्र के विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाओं पर निर्णय लिए गए। सरकार ने मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना निर्माण योजना को वर्ष 2026-27 तक जारी रखने का फैसला किया है। इसके लिए अतिरिक्त 500 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

    अब 9 करोड़ 45 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च करने की अनुमति प्रदान की
    योजना के अंतर्गत अब तक 1,070 करोड़ रुपये की 1,062 परियोजनाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं। इनमें 325 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, 407 कार्य प्रगतिरत हैं और 330 परियोजनाएं डीपीआर स्वीकृति या निविदा प्रक्रिया में हैं। इस योजना के तहत पेयजल, सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, सड़क और नाली निर्माण, श्मशान घाट, सामुदायिक भवन, रैन बसेरा और खेल मैदान जैसे विकास कार्य किए जाते हैं।

    बैठक में मध्यप्रदेश ग्रामीण संपर्कता बाह्य वित पोषित योजना के अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए भी मंजूरी दी गई। पहले से स्वीकृत 12 करोड़ 32 लाख रुपये के अलावा अब 9 करोड़ 45 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च करने की अनुमति प्रदान की गई है।

    उम्मीदवारों को नई शर्तों के साथ नियुक्ति देने का निर्णय
    इसके अलावा राज्य सेवा परीक्षा 2022 में परिवहन उप निरीक्षक पद के लिए चयनित 29 में से 25 उम्मीदवारों को नई शर्तों के साथ नियुक्ति देने का निर्णय लिया गया है। इन उम्मीदवारों को दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि में एक वर्षीय कंप्यूटर डिप्लोमा और ड्राइविंग लाइसेंस के दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। यदि कोई उम्मीदवार परिवीक्षा अवधि में यह दस्तावेज प्रस्तुत करने में असफल रहता है, तो उसकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जाएंगी। 

  • पहाड़ों में बर्फबारी और ठंडी हवाओं के साथ मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश में अब ठंड का असली दौर शुरू होने जा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक 5 या 6 दिसंबर से प्रदेश में शीतलहर (Cold Wave) की एंट्री हो जाएगी। उत्तरी पर्वत क्षेत्रों में नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होगा, जिसके चलते वहां बर्फबारी बढ़ेगी और उसी का असर ठंडी हवाओं के रूप में एमपी तक पहुंचेगा। अगले तीन दिनों में रात का तापमान 2 से 3 डिग्री की और गिरावट दर्ज हो सकती है।वभोपाल और इंदौर समेत राज्य के 6 जिलों में रविवार-सोमवार की रात पारा 10 डिग्री से नीचे पहुंच गया। इंदौर सर्वाधिक ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 8.2°C दर्ज हुआ। भोपाल में 9.4°C, जबलपुर 11.8°C, और ग्वालियर-उज्जैन में 12°C रहा। प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा पचमढ़ी, जहां तापमान 6.8°C दर्ज किया गया। सोमवार को अधिकतम तापमानों में भी गिरावट दर्ज की गई। मलाजखंड 23.7°C के साथ सबसे ठंडा रहा। पचमढ़ी, शिवपुरी, सिवनी, बैतूल, भोपाल, धार, रीवा सभी जिलों में अधिकतम तापमान 24-26 डिग्री के बीच रहा। 

    कोल्ड वेव और शीतलहर का असर

    मौसम विभाग के अनुसार, 5-6 दिसंबर से भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग में रात का तापमान 5-8 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। जनवरी तक प्रदेश में कोल्ड वेव का असर 20-22 दिनों तक रह सकता है।

    मुख्य प्रभावित शहर और संभाग:

        ग्वालियर, चंबल, उज्जैन संभाग
        भोपाल संभाग के सीहोर-विदिशा
        सागर संभाग के निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़-पन्ना
        रीवा संभाग के मऊगंज, सीधी-सिंगरौली
        जबलपुर संभाग के मंडला-डिंडौरी
        इंदौर संभाग के इंदौर, धार, झाबुआ

    नवंबर ने तोड़ दिए 94 साल पुराने रिकॉर्ड
    भोपाल में इस बार लगातार 15 दिन शीतलहर चली यह 1931 के बाद सबसे लंबा शीतलहर काल है। 17 नवंबर की रात पारा 5.2°C पहुंच गया, जो पिछले 80 साल में सबसे कम था। इंदौर में भी 25 साल बाद पारा 6.4°C तक लुढ़का। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार उत्तर भारत में नवंबर की शुरुआत में ही भारी बर्फबारी शुरू हो गई थी। जैसे ही हवा की दिशा उत्तर-पश्चिम हुई, ठंडी हवाएं सीधे मध्य प्रदेश में दाखिल हो गईं।

    दिसंबर-जनवरी कड़कड़ाती ठंड के असली महीने
    जैसे मानसून में जुलाई-अगस्त सबसे ज्यादा प्रभावी रहते हैं, वैसे ही सर्दियों में दिसंबर और जनवरी ठंड का पीक सीजन होते हैं। इन्हीं दो महीनों में उत्तरी हवाएं सबसे ज्यादा सक्रिय रहती हैं और तापमान सबसे तेज गिरता है। पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से दिसंबर में मावठा (हल्की सर्दी की बारिश) भी होती है, जिससे दिन की ठंड और बढ़ जाती है।

    दिसंबर-जनवरी में 20-22 दिन कोल्ड वेव चलने की संभावना
    मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस बार कोल्ड वेव का असर लंबे समय तक रहेगा। जनवरी में कई जिलों में 20 से 22 दिनों तक शीतलहर देखने को मिल सकती है।

    दिन में ठंडक घुली...पारा 23 डिग्री तक आया दूसरी ओर, सोमवार दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। बालाघाट का मलाजखंड सबसे ठंडा रहा। यहां अधिकतम तापमान 23.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पचमढ़ी-शिवपुरी में 24.2 डिग्री, सिवनी में 24.6 डिग्री, बैतूल में 24.8 डिग्री, नरसिंहपुर में 25 डिग्री, टीकमगढ़ में 25.2 डिग्री भोपाल-धार में 25.6 डिग्री, रीवा में 25.8 डिग्री रहा।

    नवंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी है सर्दी इस बार नवंबर में सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार, साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर, 17 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा। इससे पहले 30 नवंबर 1941 में तापमान 6.1 डिग्री रहा था। इंदौर में भी पारा 6.4 डिग्री ही रहा। यहां भी सीजन की सबसे सर्द रात रही। 25 साल में पहली बार पारा इतना लुढ़का।

    सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन बताती हैं, इस बार उत्तरी राज्यों में नवंबर के पहले ही सप्ताह में बर्फबारी होने लगी। इस वजह से ठंडी हवाएं प्रदेश में पहुंची। आखिरी सप्ताह में हवा की दिशा बदल गई। जिससे ठंड का असर कम रहा है।

    ठंड के लिए दिसंबर-जनवरी खास मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है।

    इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से दिसंबर में मावठा भी गिरता है। इससे दिन में भी सर्दी का असर बढ़ जाता है।

    कहां कितना रहा तापमान

    शहर

    अधिकतम (°C)

    न्यूनतम (°C)

    बैतूल

    24.8

    11.5

    भोपाल

    25.6

    8.4

    दतिया

    26.2

    12.6

    धार

    25.6

    13.3

    गुना

    27.4

    13.0

    ग्वालियर

    27.7

    11.7

    नरसिंहपुर

    29.8

    14.4

    इंदौर

    26.6

    8.6

    खंडवा

    28.5

    12.0

    खरगोन

    28.0

    12.2

    पचमढ़ी

    24.2

    7.2

    रायसेन

    26.0

    राजगढ़

    8.5

    रतलाम

    27.5

    13.2

    शाजापुर

    श्योपुर

    26.0

    14.0

    शिवपुरी

    24.2

    12.0

    उज्जैन

    28.5

    11.8

    शहर

    अधिकतम तापमान (°C)

    न्यूनतम तापमान (°C)

    छिंदवाड़ा

    26.4

    11.2

    दमोह

    26.2

    11.5

    जबलपुर

    26.6

    11.2

    खजुराहो

    27.4

    13.0

    मंडला

    29.0

    11.6

    नरसिंहपुर

    25.0

    12.6

    नौगांव

    27.0

    8.6

    रीवा

    25.8

    9.6

    सागर

    26.7

    13.8

    सतना

    27.5

    11.7

    सिवनी

    24.6

    13.6

    सिधी

    26.6

    11.4

    टीकमगढ़

    25.2

    13.2

    उमरिया

    26.5

    9.3

    मलाजखंड

    23.7

    11.1

    नोट: पचमढ़ी और मलाजखंड जैसे हिल स्टेशन सबसे ठंडे रहे।

    पश्चिमी विक्षोभ और मौसम विज्ञान

    मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) 5 दिसंबर से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा। इसके चलते प्रदेश में दिन और रात के तापमान में तेजी से गिरावट आएगी। मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि, उत्तर हरियाणा और निकटवर्ती क्षेत्रों में सक्रिय उच्च चक्रवातीय परिसंचरण मध्य प्रदेश में ठंडी हवाओं को प्रवेश कराएगा।

    पिछले रिकॉर्ड और ला नीना का असर

    नवंबर में भोपाल में लगातार 15 दिन शीतलहर रही, जो 1931 के बाद सबसे लंबी रिकॉर्ड है। 17 नवंबर की रात पारा 5.2°C तक गिर गया था। इंदौर में न्यूनतम तापमान 6.4°C दर्ज हुआ। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, उत्तरी राज्यों में हिमालयी क्षेत्रों में जल्दी बर्फबारी के कारण मध्य प्रदेश में ठंडी हवाओं का असर बढ़ा। ला नीना के सक्रिय होने से ठंड का असर लंबा रहेगा।

    क्यों बढ़ी इस बार इतनी ठंड?

    1. ला नीना का प्रभावः वैश्विक मौसम मॉडल पहले से संकेत दे रहे थे कि इस साल ला नीना सक्रिय रहेगा। प्रशांत महासागर का ठंडा होना एशिया और भारत की ओर ठंडी हवाओं को और तेज धकेलता है। उसी का असर मध्य भारत में कड़ाके की ठंड के रूप में दिख रहा है।

    2. पहाड़ों पर जल्द बर्फबारीः हिमाचल, उत्तराखंड और कश्मीर में सामान्य समय से काफी पहले बर्फबारी शुरू हो गई। इससे मध्य भारत में ठिठुरन 20–30% तक बढ़ी।

    3. ठंडी हवाएं 25% ज्यादा गहराई तकः इस बार ठंड सतह तक सीमित नहीं रही। भोपाल, ग्वालियर, रतलाम, सागर जैसे चार प्रमुख मौसम जोन में ठंडी हवाएं 25% तक ज्यादा अंदर तक घुस आईं।

    4. पश्चिमी विक्षोभ का लगातार सक्रिय रहनाः बार-बार आने वाले वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से कई जिलों में मावठा होगा। इससे तापमान 4-6 डिग्री गिर सकता है और भोपाल, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, इंदौर-देवास, ग्वालियर-मुरैना में कोल्ड-डे की स्थिति बन सकती है। 

     

  • मंत्रियों के परफॉर्मेंस रिव्यू का आज मौका, सीएम मोहन यादव कमियां पूछेंगे और भविष्य की योजना तैयार करेंगे

    भोपाल
     मोहन सरकार 13 दिसंबर को अपने दो वर्ष के कार्यकाल पूर्ण करने जा रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शासन के विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति की व्यापक समीक्षा करेंगे। समीक्षा प्रक्रिया की शुरुआत मंगलवार से होगी, जिसमें सभी मंत्रियों को अपने-अपने विभागों की उपलब्धियों, कमियों और चुनौतियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करना होगा। साथ ही, उनसे आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना भी साझा करने के लिए कहा गया है, ताकि सरकार के अगले चरण के लक्ष्यों और प्राथमिकताओं को स्पष्ट दिशा मिल सके। 

    वर्ष 2026 में मोहन सरकार की प्रशासनिक कसावट में इसका असर भी दिखेगा और माना जा रहा है कि 15 दिसम्बर के बाद होने वाली सीनियर अफसरों की पोस्टिंग और मंत्रियों के विभागों के बदलाव के रूप में भी यह सामने आएगा। 13 दिसंबर 2023 को सीएम पद की शपथ लेने के बाद दो साल का कार्यकाल पूरा होने के पहले मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सभी विभागों के साथ यह बैठकें करेंगे। इस दौरान दो सालों में जनता के हित में लिए गए फैसलों का रिव्यू करने के साथ शासन में कमियों और समस्याओं के बारे में अफसरों से जानकारी ली जाएगी और उसके निराकरण के उपायों पर विचार विमर्श कर लागू किया जाएगा। साथ ही अगले तीन साल के टारगेट तय करने को लेकर कार्ययोजना मांगी गई है, जिसे अधिकारी सीएम के सामने प्रजेंटेशन के माध्यम से बताएंगे।

    मंत्रियों, मुख्य सचिव, सीनियर विभागीय अधिकारियों के साथ हाईलेवल मीटिंग का यह दौर विभागों की यह समीक्षा के रूप में मंगलवार से शुरू होगा और बुधवार को भी दिन भर बैठकें चलेंगी। इसके बाद 8 और 9 दिसम्बर को खजुराहो में भी दो दिन तक रिव्यू किया जाएगा।

    इन कामों का होगा रिव्यू, मंत्रालय में विभागों के कामकाज की समीक्षा

        दो साल के काम बताएंगे अधिकारी

    •     हर मंत्री अपने दो साल के कामकाज का लेखा-जोखा देगा और विभागों की उपलब्धियां बताएगा।
    •     अगले तीन साल के लिए विभागों के लिए क्या टारगेट और प्लानिंग है, यह भी बताएंगे।
    •     दो साल में जो कमियां सामने आई हैं उसे बताएंगे और निराकरण के उपाय भी बताएंगे।
    •     मंत्रियों की खुद के विभाग को आगे बढ़ाने और नम्बर वन बनाने क्या प्लानिंग है, यह भी बताएंगे।
    •     जो वर्किंग प्लान बताया जाएगा उसे धरातल पर उतारने के लिए क्या तैयारियां करनी होंगी, इस पर भी बैठक में डिस्कशन होगा।

    आज मंत्री प्रहलाद, उदय, तुलसी और तोमर के विभागों की समीक्षा

    विधानसभा भवन में 2 दिसम्बर को पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग की बैठक विभागीय मंत्री प्रहलाद पटेल की मौजूदगी में दोपहर बाद दो बजे से शुरू होगी। यह बैठक आधे घंटे चलेगी।

    दोपहर बाद तीन बजे से 3.30 बजे तक स्कूल शिक्षा विभाग की मीटिंग मंत्री उदय प्रताप सिंह की मौजूदगी में होगी।

    दोपहर बाद 4 से 4.30 बजे के बीच नर्मदा घाटी विकास विभाग और जल संसाधन विभाग के मंत्री तुलसी सिलावट के मौजूदगी में विभागीय बैठक सीएम लेंगे।

    इसके बाद 4.30 से 5 बजे के बीच ऊर्जा और नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा विभाग की मीटिंग सीएम विधानसभा परिसर में लेंगे।

    3 दिसम्बर को इन विभागों का रिव्यू

        मंत्रालय में सुबह 11 बजे से 12 बजे तक लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा मंत्री और डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल और विभागीय अफसर रिपोर्ट देंगे।
        दोपहर 12 से एक बजे तक सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग और विभाग का रिव्यू होगा।

         दोपहर बाद एक बजे से पौने दो बजे तक महिला और बाल विकास विभाग की मंत्री निर्मला भूरिया और विभाग के अफसर प्रजेंटेशन देंगे।

        दोपहर बाद पौने दो बजे से 2.30 बजे तक ओबीसी और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की मंत्री कृष्णा गौर के विभाग का रिव्यू होगा।

        दोपहर बाद 3.30 बजे से 4.15 बजे तक सामाजिक न्याय और निशक्तजन कल्याण विभाग के मंत्री नारायण कुशवाहा और वि‌भाग का रिव्यू होगा।

        दोपहर बाद 4.15 बजे से 5 बजे तक कृषि एवं किसान कल्याण तथा उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण विभाग के मंत्री ऐदल सिंह कंसाना और विभाग के कामकाज का रिव्यू किया जाएगा।

    सभी विभाग अपनी-अपनी कार्य योजना बनाएंगे
    सरकार ने निर्देश दिए हैं कि सभी विभाग अपनी-अपनी कार्ययोजनाएं तैयार करें, जो आगामी तीन वर्षों के लक्ष्यों के अनुरूप हों। समीक्षा बैठकों में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंत्रीगणों से केवल उपलब्धियों की जानकारी ही नहीं, बल्कि उन क्षेत्रों पर भी स्पष्ट चर्चा करेंगे जहां सुधार की आवश्यकता है। इसके साथ ही, विभागीय योजनाओं को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए ठोस रणनीतियों और समाधान पर विचार-विमर्श किया जाएगा। 

    खजुराहो में इन विभागों और मंत्रियों का होगा रिव्यू

        8 दिसम्बर को खजुराहो में सबसे पहले खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और उनके विभाग की समीक्षा होगी।
        11.30 बजे से 12 बजे तक वाणिज्यिक कर विभाग के मंत्री और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के कामकाज का रिव्यू किया जाएगा।
        12 से 12.30 बजे तक पशुपालन और डेयरी विकास विभाग के मंत्री लखन पटेल और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा।
        12.45 बजे से 1.30 नगरीय विकास और आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा।
        दोपहर बाद 4 से 4.45 बजे तक जनजातीय कार्य विभाग और अनुसूचित जाति विकास के मंत्री विजय शाह और नागर सिंह चौहान के कामकाज और विभागीय रिव्यू होगा।
        दोपहर बाद 4.45 बजे से 5.30 बजे तक एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा।
        9 दिसम्बर को दोपहर 12 बजे से 12.45 बजे तक लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह और विभाग के परफार्मेंस का रिव्यू होगा।
        12.45 बजे से 1.30 बजे तक पीएचई विभाग की मंत्री संपतिया उइके और उनके विभाग का रिव्यू होगा।

  • विधानसभा का हंगामा: मंत्री कंसाना बेहोश, कांग्रेस विधायक फसल मुद्दे को लेकर पहुंचे

    भोपाल
     मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना की अचानक तबीयत खराब हो गई। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान सदन में मंत्री को चक्कर आ गया। आनन फानन में उन्हें हॉस्पिटल पहुंचाया गया। मंत्री को 108 एंबुलेंस को लेने पहुंची थी लेकिन कंसाना की तबीयत को देखते हुए इससे पहले ही उनको निजी गाड़ी से अस्पताल रवाना किया गया है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, मंत्री सारंग और मीडिया विभाग अध्यक्ष आशीष अग्रवाल ने उन्हें गाड़ी में बैठाया और अस्पताल रवाना किया।

    मुरैना से कांग्रेस विधायक दिनेश गुर्जर ने कहा- भाजपा की किसान किसानों के खेतों पर डाका डाल रही है। कर्जा माफ नहीं किया, बिजली नहीं दी, 1 रुपए का कर्जा माफ नहीं किया, फसलों के दाम नहीं मिले। फसल बीमा के नाम पर दो सौ चार सो रुपए दिए जाते हैं, ये मध्य प्रदेश का दुर्भाग्य है। हमारी मांग है कि किसानों को फसलों का मुआवजा दिया जाए।

    वहीं, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि दो हजार 68 करोड़ रुपए राहत राशि के रूप में किसानों को सरकार ने दिया है। प्रदर्शन करना कांग्रेस का काम है।

    सत्र की अवधि छोटी होने से कांग्रेस विधायक नाराज इस बार का शीतकालीन सत्र एक दिसंबर से 5 दिसंबर तक बुलाया गया है। इसमें से 3 दिसंबर की छुट्‌टी होने के चलते सिर्फ चार ही बैठकें हो रही हैं। इसके चलते कांग्रेस के विधायक नाराज हैं।

    बता दें कि मध्य प्रदेश विधानसभा शीतकालीन सत्र का आज दूसरा दिन है। इस दौरान कांग्रेस विधायकों ने किसानों के मुद्दों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायक नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में "चिड़िया चुग गई खेत" की झांकी साथ लेकर आये और भाजपा सरकार को किसान विरोधी बताया और जमकर हंगामा किया।

  • 5-6 दिसंबर को छत्तीसगढ़ में थाई बॉक्सिंग, प्रशासन कार्यक्रम को बनाएगा सफल

    छत्तीसगढ़ दंतेवाड़ा में 5_6 दिसंबर को थाई बॉक्सिंग का आगाज़ :जिला प्रशासन कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटी 

    छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 5-6 दिसंबर को थाई बॉक्सिंग का आगाज़, जिला प्रशासन तैयारी में जुटा

    5-6 दिसंबर को छत्तीसगढ़ में थाई बॉक्सिंग, प्रशासन कार्यक्रम को बनाएगा सफल

     छत्तीसगढ़ 
    दंतेवाड़ा जिलें में खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है। दंतेवाड़ा में 5 एवं 6 दिसंबर को "इंडोर स्टेडियम पुराना मार्केट" में थाई बॉक्सिंग खेल  शुभारंभ होने जा रहा है। इस मार्शल आर्ट के आगमन से खेल के नए अवसर खुलेंगे,बल्कि युवाओं में फिटनेस, अनुशासन और आत्मरक्षा के आधुनिक कौशल भी सीखने का मौका मिलेगा।

    छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय थाई बॉक्सिंग प्रतियोगिता 2025 खेल का आयोजन दंतेवाड़ा जिला एवं युवा कल्याण विभाग  एवं छत्तीसगढ़ थाई बॉक्सिंग एसोशिएशन के तत्वाधान में खेल को सफल बनाने के लिए सभी एकजुट होकर कार्य कर रही है।
    स्थानीय खेल अधिकारियों का कहना है कि थाई बॉक्सिंग की इस पहल से दंतेवाड़ा के साथ_ साथ पूरे छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को एक नया मंच मिलेगा। दूरस्थ क्षेत्रों  में रहने वाले युवाओं के लिए यह सुनहरा अवसर है कि वे अपने हुनर को तराशें और बेहतर भविष्य की ओर कदम बढ़ाए।

    थाई बॉक्सिंग के आगाज़ के साथ दंतेवाड़ा (बस्तर) अब उन चुनिंदा जिलों में शामिल हो गया है,जो आधुनिक कॉम्बैट स्पोर्ट्स को बढ़ावा दे रहे है। उम्मीद है कि आने वाले समय में यहां से उभरने वाले खिलाड़ी, प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।
    कार्यक्रम का शुभारंभ 5 दिसंबर को मुख्य अतिथि   भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष माननीय किरणदेव जी के हाथों से होने जा रहा है।
    थाई बॉक्सिंग एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के प्रतिभावान खिलाड़ी राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकेंगे।
    प्रशिक्षकों ने बताया कि यह खेल शरीर को मजबूत बनाने के साथ_ साथ मानसिक एकाग्रता,आत्मविश्वास और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता भी विकसित करता है। युवाओं में इसकी लोकप्रियता तेज़ी से बढ़ रही है और शुरुआती में ही बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने नामांकन  कराया है।
    कैडेट्स,सब जूनियर जूनियर,एवं सीनियर सभी प्रतिभागी इसमें भाग ले रहे है।

  • सहकारिता आंदोलन को मजबूत करेगा राष्ट्रीय कर्मयोगी मिशन : मंत्री सारंग

    सहकारिता विभाग मध्यप्रदेश मिशन कर्मयोगी में निभा रहा देश में अग्रणी भूमिका : मंत्री  सारंग

    सहकारिता विभाग को सफल व प्रभावी क्रियान्वयन पर मिली सराहना
    सहकारिता आंदोलन को मजबूत करेगा राष्ट्रीय कर्मयोगी मिशन : मंत्री  सारंग

    भोपाल

    सहकारिता मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने  मंत्रालय में मिशन कर्मयोगी कार्यक्रम के एचआर विशेषज्ञ डॉ. आर. बाला सुब्रमण्यम (बालू) तथा सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में विभाग में मिशन कर्मयोगी के प्रभावी क्रियान्वयन और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की गई। मंत्री  सारंग ने बताया कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पहल मिशन कर्मयोगी के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में मध्यप्रदेश का सहकारिता विभाग अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि मिशन कर्मयोगी से विभागीय कार्यप्रणाली में दक्षता, पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित प्रशासन को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने में भारत सरकार की यह महत्वाकांक्षी पहल मील का पत्थर साबित होगी।

    विभाग को प्रभावी क्रियान्वयन पर मिली सराहना

    मिशन कर्मयोगी कार्यक्रम के एचआर विशेषज्ञ डॉ. आर. बाला सुब्रमण्यम (बालू) ने मध्यप्रदेश सहकारिता विभाग के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत सबसे अधिक और प्रभावी कार्य मध्यप्रदेश द्वारा किया गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के सफल मॉड्यूल को अन्य राज्यों में भी लागू करेंगे।

    मिशन कर्मयोगी कार्यक्रम में विभागीय उपलब्धियाँ

    सहकारिता विभाग ने अपने सभी 1122 अधिकारियों और कर्मचारियों को iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर सफलतापूर्वक ऑनबोर्ड कर लिया है। विभागीय कर्मचारियों ने 11337 से अधिक ऑनलाइन प्रशिक्षण कोर्स सफलतापूर्वक पूर्ण किए हैं, जो सीखने की संस्कृति और सतत कौशल विकास के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता दर्शाता है। इन प्रशिक्षणों से विभागीय कार्यक्षमता, सेवा वितरण और प्रशासनिक गुणवत्ता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

    भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पहल मिशन कर्मयोगी

    मिशन कर्मयोगी राष्ट्रीय सिविल सेवा क्षमता विकास कार्यक्रम भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है। इसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को आधुनिक, तकनीक-सक्षम और भविष्य उन्मुख प्रशासनिक क्षमताओं से लैस करना, शासन प्रणाली को कुशल, पारदर्शी और जन-केन्द्रित बनाना, प्रशिक्षण के माध्यम से निरंतर सीखने की संस्कृति विकसित करना है। कर्मयोगी पोर्टल इसी उद्देश्य की पूर्ति का प्रमुख माध्यम है, जिसके द्वारा कर्मचारी अपने कार्यक्षेत्र से संबंधित आवश्यक कौशल और ज्ञान को निरंतर अपडेट कर सकते हैं।

     

  • वीआईटी विश्वविद्यालय विवाद पर विभाग का कठोर रुख सामने आया

    उच्च शिक्षा विभाग का वीआईटी विश्वविद्यालय मामले में कड़ा रुख

    वीआईटी सीहोर की अव्यवस्थाओं पर जांच समिति की रिपोर्ट, विश्वविद्यालय से 7 दिन में जवाब तलब

    भोपाल

    राज्य शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने, सीहोर जिले में स्थित निजी वीआईटी विश्वविद्यालय में मेस व्यवस्था, छात्रावास प्रबंधन, स्वास्थ्य सुविधाओं और अनुशासन तंत्र से जुड़ी गंभीर अनियमितताओं पर कड़ा रुख अपनाया है। जांच समिति की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद विभाग ने विश्वविद्यालय प्रशासन से 7 दिनों में बिंदुवार जवाब मांगा है। विभाग ने स्पष्ट कहा है कि छात्रों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    मेस भोजन से 35 छात्र-छात्राएँ बीमार, पेयजल की भी समस्या

    विश्वविद्यालय प्रबंधन ने समिति के समक्ष यह स्वीकार किया है कि 14 से 24 नवंबर के बीच 23 छात्र और 12 छात्राएँ यानी कुल 35 विद्यार्थी पीलिया से पीड़ित हुए। जांच समिति ने पुष्टि की है कि भोजन और पेयजल की गुणवत्ता पर नियंत्रण कमजोर था तथा कई दिनों तक शिकायतें आने के बावजूद उचित सुधार नहीं किया गया। समिति ने यह भी उल्लेख किया कि छात्र-छात्राओं ने प्रबंधन से पेयजल में दुर्गंध आने की शिकायत की थी, परंतु प्रबंधन द्वारा इस पर समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

    विश्वविद्यालय परिसर में तानाशाही जैसी व्यवस्था

    जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि परिसर में प्रबंधन एकतरफा और तानाशाही रवैया अपनाता है। रिपोर्ट में उल्लेख है कि कर्मचारियों से प्रतिरोध या शिकायतें सुनने की अनुमति नहीं होती और छात्रों पर अनुशासन के नाम पर अनावश्यक दबाव बनाया जाता है। समिति ने उल्लेख किया है कि सीहोर जिले के मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO )और स्वास्थ्य अधिकारियों को विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर दो घंटे तक रोककर रखा गया, जबकि वे स्थितियों का निरीक्षण करने आए थे।

    छात्रों में असुरक्षा और अविश्वास का भाव व्याप्त

    समिति के अनुसार विश्वविद्यालय परिसर का वातावरण ऐसा है जहाँ छात्र स्वयं को सुरक्षित और स्वतंत्र महसूस नहीं करते हैं। अनुशासन तंत्र भय आधारित है, जिसके कारण छात्र अपनी समस्याएँ खुलकर नहीं बता पाते हैं। रिपोर्ट बताती है कि शिकायतें बढ़ती रहीं, परंतु प्रशासन ने छात्रों को शांत करवाने या माहौल सुधारने की दिशा में कोई रचनात्मक कदम नहीं उठाया। जब स्थिति बिगड़ गई और छात्र आंदोलन की ओर बढ़े, तब भी प्रबंधन द्वारा प्रभावी नियंत्रण या संवाद स्थापित नहीं किया गया।

     अव्यवस्थित स्वास्थ्य केंद्र और बीमारी नियंत्रण में लापरवाही

    समिति ने पाया कि विश्वविद्यालय परिसर स्थित स्वास्थ्य केंद्र में बीमारी फैलने की जानकारी होने के बावजूद समय पर उपचार, परीक्षण और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया सक्रिय नहीं की गई। स्वास्थ्य केंद्र स्टाफ केवल औपचारिक स्तर पर दवाएँ दे रहा था। बीमारी नियंत्रण के लिए न तो प्रबंधन ने कोई विशेष अभियान चलाया गया और न ही प्रभावित छात्रों की नियमित मॉनिटरिंग की गई।रिपोर्ट में कहा गया है कि बीमारी फैलने की वास्तविक स्थिति विश्वविद्यालय प्रशासन की जानकारी में थी, फिर भी आवश्यक कदम समय पर नहीं उठाए गए।

    विभाग ने मांगा बिंदुवार जवाब

    उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय से मेस के भोजन की गुणवत्ता, पेयजल की शुद्धता और 35 छात्रों के बीमार होने संबंधी पूरी रिपोर्ट, परीक्षण और उपचार विवरण, हॉस्टल प्रबंधन, जलापूर्ति, स्वच्छता और रखरखाव में कमी के कारण तथा अब तक उठाए गए सुधारात्मक कदम, छात्रों की बार-बार की शिकायतों पर समय पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई, अनुशासन के नाम पर छात्रों व कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव डालने और शिकायतों को दबाने के आरोपों पर स्पष्टीकरण, CMHO और स्वास्थ्य अधिकारियों को गेट पर रोके जाने की पूरी जानकारी और जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान, बीमारी फैलने के बाद स्वास्थ्य केंद्र और प्रबंधन द्वारा अपनाए गए नियंत्रण उपायों का विवरण आदि समस्त विद्यार्थी हितों से जुड़े विषयों पर 7 दिनों के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है। उच्च शिक्षा विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि उत्तर संतोषजनक नहीं रहा तो निजी विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

     

  • बरेली–पिपरिया रोड पर पुल दुर्घटना—जिम्मेदारी तय, प्रबंधक निलंबित

    बरेली–पिपरिया मार्ग पर पुल का स्पान गिरने की घटना में प्रबंधक निलंबित

    वर्तमान एवं तत्कालीन संभागीय प्रबंधक एवं सहायक महाप्रबंधकों को नोटिस

    मुख्य अभियंता की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित

    भोपाल

    बरेली–पिपरिया मार्ग (किमी 4/10) पर स्थित उच्च स्तरीय पुल का एक स्पान सोमवार को मरम्मत कार्य के दौरान अचानक ढह गया, जिससे मोटरसाइकिल से गुजर रहे चार युवक नीचे गिरकर घायल हो गए। सभी घायलों का उपचार बरेली सिविल अस्पताल में जारी है। यह पुल वर्ष 1980 में लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित किया गया था और वर्ष 2010 से म.प्र. सड़क विकास निगम के संधारण में है। रैम्स सॉफ्टवेयर से किए गए सर्वे में पुल के विभिन्न अवयवों जैसे स्लैब रीइन्फोर्समेंट में जंग, एक्सपेंशन जॉइंट में खराबी तथा प्रोटेक्शन वर्क की कमजोर स्थिति को देखते हुए इसके मरम्मत एवं पुनर्निर्माण के लिए ₹98 लाख की स्वीकृति 29 मई 2025 को प्रदान की गई थी।

    घटना के तुरंत बाद विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित फील्ड स्टाफ की जिम्मेदारी तय कर प्रबंधक  ए.ए. खान को निलंबित कर दिया तथा वर्तमान एवं तत्कालीन संभागीय प्रबंधक एवं सहायक महाप्रबंधकों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया। साथ ही मुख्य अभियंता  गोपाल सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है, जो सात दिनों के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। रिपोर्ट के आधार पर विभाग द्वारा आगे की कठोर कार्रवाई की जाएगी।

    पुल का स्पान गिर जाने के कारण मार्ग पर यातायात प्रभावित हो गया है, जिसे अब वैकल्पिक डायवर्जन मार्ग से संचालित किया जा रहा है। फिलहाल यातायात को ग्राम नागपुरिया में स्थित पुरानी पुलिया के माध्यम से मोड़ा गया है। इसके साथ ही क्षतिग्रस्त पुल के समीप ह्यूम पाइप डालकर अस्थायी डायवर्जन भी बनाया जा रहा है, ताकि वाहनों की आवाजाही सुचारू रखी जा सके। घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा उपाय बढ़ा दिए गए हैं और मरम्मत कार्य की निगरानी तीव्र की गई है।

     

  • यातायात प्रबंधन और महिला सुरक्षा में भोपाल, इंदौर, अशोकनगर व डिंडोरी पुलिस के सफल प्रयास

    बेहतर यातायात प्रबंधन और महिला सुरक्षा के लिए भोपाल,इंदौर ,अशोकनगर और डिंडोरीपुलिस का सार्थक प्रयास

    स्मार्ट तकनीक आधारित त्वरित निराकरण प्रणाली और संवेदनशील पुलिसिंग से बढ़ी सड़क सुरक्षा और नागरिकों का विश्वास
    यातायात प्रबंधन और महिला सुरक्षा में भोपाल, इंदौर, अशोकनगर व डिंडोरी पुलिस के सफल प्रयास

    भोपाल

    मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा भोपाल, इंदौर, अशोकनगर तथा डिंडोरी में कानून‑व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और महिला सुरक्षा को नई दिशा देने के लिए तकनीक-संचालित एवं नागरिक–केंद्रित सार्थक प्रयास प्रारंभ किए गए हैं। इन पहलों का उद्देश्य ट्रैफिक दबाव, भौगोलिक व संरचनात्मक चुनौतियों तथा महिला सुरक्षा की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए अधिक सुरक्षित, सुगम और नागरिक‑अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना है।

    भोपाल – क्यूआर कोड आधारित शिकायत/सुझाव प्रणाली

    भोपाल में नगरीय यातायात पुलिस द्वारा आम नागरिकों की आसान और सीधे सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए विशेष QR कोड प्रणाली शुरू की गई है। नागरिक इस क्यूआर कोड को स्कैन कर किसी भी चौराहे, तिराहे, सड़क या क्षेत्र से संबंधित समस्या, सुझाव या अव्यवस्था की सूचना सीधे भेज सकते हैं। प्राप्त जानकारियों का संकलन कर परीक्षण उपरांत पुलिस उपायुक्त, यातायात द्वारा आवश्यकतानुसार स्थल निरीक्षण, त्वरित सुधारात्मक कदम तथा संबंधित विभागों से समन्वय कर निराकरण किया जा रहा है। इस पहल से यातायात प्रबंधन अधिक नागरिक‑केंद्रित, सहभागितापूर्ण और पारदर्शी बन रहा है तथा सुरक्षित आवागमन के लिए नियम पालन की जन‑जागरूकता भी बढ़ रही है।

    इंदौर – व्हाट्सएप हेल्पलाइन से त्वरित ट्रैफिक समाधान

    इंदौर पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 7049107620 जारी किया गया है। इस हेल्पलाइन पर प्राप्त 1119 शिकायतों में से 1077 का त्वरित निराकरण कर पुलिस ने नागरिकों में भरोसा और शीघ्र सेवा की अपेक्षा को और मजबूत किया है। शेष 44 शिकायतों पर भी सतत कार्यवाही जारी है। हेल्पलाइन पर मुख्य रूप से ऑटो/ई–रिक्शा द्वारा अव्यवस्थित रूप से सवारी बैठाने, शाम के समय मुख्य मार्गों पर बढ़ते यातायात दबाव तथा शादी/बारात/मैरिज गार्डन आदि के कारण होने वाले ट्रैफिक अवरोध से संबंधित समस्याएँ प्राप्त हुईं, जिनका समाधान ट्रैफिक वायरलेस कंट्रोल, फील्ड टीमों, क्रेन/सपोर्ट तथा तत्काल पेट्रोलिंग कार्रवाई के माध्यम से किया गया।

    अशोकनगर – ‘निर्भया पुलिस मोबाइल’ से महिला सुरक्षा को नया आयाम

    महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अशोकनगर में पुलिस अधीक्षक  राजीव कुमार मिश्रा के निर्देशन में ‘निर्भया पुलिस मोबाइल’ सेवा का शुभारंभ किया गया है। इस सेवा का उद्देश्य महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम, सुरक्षा की सतत उपस्थिति तथा त्वरित पुलिस सहायता सुनिश्चित करना है। निर्भया पुलिस मोबाइल स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग सेंटरों एवं अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार पेट्रोलिंग कर महिलाओं और छात्राओं में सुरक्षा का भाव मजबूत करेगी। रात्रि 10:00 बजे से प्रातः 05:00 बजे तक शहर में किसी भी अकेली महिला या बालिका की जानकारी मिलने पर उसे सुरक्षित उसके घर तक पहुँचाने की सुविधा प्रदान की गई है, जिसके लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर 7587619200 जारी किया गया है। इस यूनिट में एक उप निरीक्षक, दो महिला आरक्षक तथा दो पुरुष आरक्षकों का विशेष बल तैनात है, जिसका संचालन एवं समन्वय महिला सुरक्षा शाखा अशोकनगर द्वारा किया जा रहा है।

    डिंडोरी पुलिस -क्यूआर कोड आधारित ऑनलाइन शिकायत प्रणाली

    जनहित में पारदर्शिता और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने हेतु जिले में ऑनलाइन शिकायत प्रणाली शुरू की गई है, जिसके माध्यम से नागरिक बिना किसी भय या औपचारिकता के अपनी समस्या सीधे पुलिस अधीक्षक तक पहुँचा सकते हैं। क्यूआर कोड आधारित इस सुविधा से नागरिक मोबाइल से कोड स्कैन कर आसानी से ऑनलाइन फॉर्म भरकर शिकायत, सुझाव या दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं। थानों, चौकियों, पुलिस लाइन व विभिन्न शासकीय कार्यालयों में लगाए गए क्यूआर कोड लोगों को घर बैठे या सार्वजनिक स्थान से ही शिकायत दर्ज करने की सुविधा प्रदान करते हैं। 

    ये सभी पहलें प्रदेश में स्मार्ट, संवेदनशील और नागरिक‑अनुकूल पुलिसिंग का सशक्त उदाहरण बन रही हैं। इन पहलों ने न केवल यातायात अवरोधों में कमी और सड़क सुरक्षा को मजबूत किया है, बल्कि महिला सुरक्षा के लिए भरोसेमंद तंत्र विकसित कर पुलिस–नागरिक संवाद एवं विश्वास को भी नई ऊँचाई दी है।

     

  • राष्ट्रीय मंच पर मध्यप्रदेश पुलिस का नवाचार चमका, ‘नशे से दूरी है जरूरी’ पहल हुई सराही गई

    डीजी/आईजी कॉन्‍फ्रेंस–2025 में DGP मकवाणाके द्वारा प्रस्‍तुत मध्यप्रदेश पुलिस के नवाचारों में नशे से दूरी है जरूरी को मिली राष्‍ट्रीय स्‍तर पर सराहना

    भोपाल

    रायपुर में आयोजित डीजी/आईजी कॉन्‍फ्रेंस–2025में माननीय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह की गरिमामय उपस्थिति में आयोजित उच्चस्तरीय सत्रों में सामुदायिक पुलिसिंग, उभरते साइबर अपराध, भीड़ प्रबंधन, वैज्ञानिक अन्वेषण,टेक्नोलॉजी-इंटीग्रेशन, साइबर सुरक्षा, नशे से दूरी तथा नागरिक-सहभागिता आधारित सुरक्षा ढाँचे पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। इस राष्ट्रीय मंच पर मध्यप्रदेश पुलिस की कई नवाचार पहलें विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहीं।

    सम्मेलन के दौरानमध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा द्वारा “Future-Ready Policing: Vision 2047” का व्यापक विज़न प्रस्तुत किया गया। उनकी प्रस्तुति में AI आधारित प्रिडिक्टिवपुलिसिंग, डेटा-संचालित निर्णय प्रक्रिया, साइबर सुरक्षा ढाँचा, कम्युनिटी आउटरीच, आपदा प्रबंधन प्रणालियाँ तथा युवाओं की सकारात्मक भागीदारी जैसे बिंदुओं को भविष्य की पुलिसिंग के प्रमुख स्तंभ के रूप में रेखांकित किया गया। उन्होंने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग तभी प्रभावी हो सकती है जब उसमें तकनीक और मानवीय संवेदनशीलता – दोनों का संतुलित समावेश हो।

    सम्मेलन में मध्यप्रदेश पुलिस के राज्यव्यापीनशामुक्तिजनअभियान “नशे से दूरी है ज़रूरी” की भी प्रभावशाली प्रस्तुति दी गई। उन्होंने बताया कि स्कूलों, कॉलेजों, कलाकारों, खिलाड़ियों, स्वयंसेवी संगठनोंकी व्यापक भागीदारी के कारणतथा युवाओं को जोड़ने में यह अभियान एक सशक्त जनआंदोलन के रूप में उभरा है। प्रत्यक्ष कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 23 लाख तथा सोशल मीडिया माध्‍यमोंसे 6करोड़ 35 लाख लोगों तक पहुँच बनाने के परिणामस्वरूप इस अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।

    “नशे से दूरी है ज़रूरी’’ राज्यव्यापीजनजागरूकता अभियान ने अपनी व्यापकता, प्रभावशीलता तथा वृहद स्तर पर जनसहभागिता के चलते वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया। इस उपलब्धि के लिए WBR (वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स) के CEO  संतोष शुक्ला ने पुलिस मुख्यालय, भोपाल मध्यप्रदेश में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया था। साथ ही उन्हें ब्रिटिश पार्लियामेंट में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मान समारोह हेतु आधिकारिक आमंत्रण भी प्रदान किया गया था, जिससे मध्यप्रदेश पुलिस को वैश्विक स्तर पर सम्मान प्राप्त हुआ।

    मध्यप्रदेश पुलिस की इन पहलों – Vision 2047, “नशे से दूरी है ज़रूरी” अभियान तथा सिंहस्थ–2028 की तकनीकी तैयारियों – ने राष्ट्रीय मंच पर राज्य की पुलिसिंग नवाचार, प्रशासनिक नेतृत्व और अग्रदर्शी सोच को सशक्त रूप से स्थापित किया है।

     

  • मंत्री टेटवाल ने कहा—ग्लोबल स्किल पार्क से युवाओं को मिल रही है आधुनिक कौशल की राह

    ग्लोबल स्किल पार्क युवाओं के कौशल प्रशिक्षण को दे रहा है नई दिशा: मंत्री टेटवाल

    वर्ष 2026 बैच के स्वागत समारोह में 750 बच्चे एवं पेरेन्ट्स हुए शामिल

    भोपाल

    कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने कहा कि ग्लोबल स्किल्स पार्क की निरंतर बढ़ती प्रतिष्ठा के पीछे उसके तीन मूल स्तंभ गुणवत्ता, अनुशासन और उत्कृष्टता हैं, जिनके मार्गदर्शन में संस्थान का प्रवेश और प्लेसमेंट रिकॉर्ड प्रतिवर्ष नई उपलब्धियाँ हासिल कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व और राज्य शासन के निरंतर सहयोग से प्रदेश के युवाओं को केवल रोजगार ही नहीं, बल्कि रोजगार-योग्यता प्रदान की जा रही है, जिससे कौशल भारत मिशन को नई दिशा और गति मिल रही है। मंत्री टेटवाल ने यह बात संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क में 2025–26 बैच के नए प्रशिक्षु छात्रों के लिए आयोजित स्वागत समारोह के अवसर पर कही। मंत्री टेटवाल ने कहा कि ग्लोबल स्किल पार्क युवाओं के कौशल प्रशिक्षण को नई दिशा दे रहा है।

    उन्होंने कहा कि संस्था का दृढ़ संकल्प है कि हर विद्यार्थी को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार किया जाए। ज्ञान और कौशल का यह संगम हमारे युवाओं को न केवल नए अवसर प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें कुशल भारत के अग्रदूत के रूप में स्थापित करते हुए एक उज्ज्वल, समर्थ और सशक्त भविष्य के निर्माण में सक्षम बनाएगा। उन्होंने छात्रों से परिवार के सपनों का सम्मान करने, गुरुजनों के प्रति आदर बनाए रखने तथा संस्थान की विश्व-स्तरीय सुविधाओं का पूर्ण उपयोग कर स्वयं को प्रतिदिन अपग्रेड करने का आग्रह किया।

    यह कार्यक्रम नए सत्र की शुरुआत के साथ छात्रों में कौशल विकास, अनुशासन और भविष्य की संभावनाओं के प्रति नई ऊर्जा उत्पन्न करेगा।

    सीईओ डॉ. गिरीश शर्मा ने बताया कि ग्लोबल स्किल पार्क में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या ने नए कीर्तिमान स्थापित किए है। पहली बार संस्थान में पूर्व वर्षों की तुलना में कहीं अधिक छात्रों ने नामांकन किया, जो ग्लोबल स्किल पार्क की बढ़ती प्रतिष्ठा और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के प्रति बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। इस बार असम, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, झारखंड सहित अनेक राज्यों से बड़ी संख्या में छात्र पहुँचे। परिसर में लगभग 750 से अधिक विद्यार्थियों की उपस्थिति ने एक उत्सवमय वातावरण उत्पन्न कर दिया। कई विद्यार्थी अपने माता-पिता के साथ पहुँचे, जिससे यह और स्पष्ट हुआ कि ग्लोबल स्किल पार्क राष्ट्रीय स्तर पर उन युवाओं की पहली पसंद बन रहा है, जो कौशल, अनुशासन और व्यापक करियर अवसरों के आधार पर अपना उज्ज्वल भविष्य गढ़ना चाहते हैं।

    डॉ. शर्मा ने बताया कि संस्था के क्लब्स, समिति और मजबूत एलुमनी नेटवर्क विद्यार्थियों को उद्योगों से जुड़ने के महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं।

    उन्होंने कहा कि संस्था की प्राथमिक नीति "स्टूडेंट फर्स्ट" है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक निर्णय, प्रत्येक सुविधा और प्रत्येक प्रक्रिया का केंद्र बिंदु विद्यार्थी ही है। संस्थान का लक्ष्य हर विद्यार्थी को सुरक्षित, सहयोगी और विकास-उन्मुख वातावरण प्रदान करना है, जहाँ उनकी ज़रूरतें, सीखने की गति और करियर उन्नति सर्वोच्च प्राथमिकता पर रहती है।

    स्वागत समारोह नए बैच के लिए संस्था की शैक्षणिक उत्कृष्टता, उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण और सफल भविष्य निर्माण की दिशा में एक सशक्त एवं प्रेरक शुरुआत साबित हुआ।

     

  • सीएम डॉ. यादव: सिंहस्थ 2028 श्रद्धालुओं के लिए होगा भव्य, दिव्य और अलौकिक

    श्रद्धालुओं का सिंहस्थ 2028 का अनुभव होगा भव्य, दिव्य और अलौकिक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गत दिवस नवीन घाट निर्माण कार्य का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन सिंहस्थ-2028 में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए जा रहे नवीन घाट निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि घाटों पर हरियाली होनी चाहिए, सभी घाटों के निर्माण में एकरूपता होनी चाहिए, घाट निर्माण के बाद घाटों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं और संसाधन भी सुनिश्चित किए जाएं। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सिहंस्थ-2028 के सभी कार्य गुणवत्ता पूर्ण और समय अवधि में पूर्ण हो जिससे श्रद्धालुओं का सिंहस्थ-2028 का अनुभव भव्य, दिव्य और अलौकिक बने। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भविष्य में घाट आधारित विकास कार्य योजना पर भी कार्य किया जाएगा।

    प्रमुख बिन्दु

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन सिंहस्थ-2028 के लिए किए जा रहे नवीन घाट निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया।

    घाटों पर हरियाली होनी चाहिए।

    सभी घाटों के निर्माण में एकरूपता होनी चाहिए।

    घाट निर्माण के बाद घाटों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं और संसाधन भी सुनिश्चित किए जाएं।

    सभी कार्य गुणवत्ता पूर्ण और समय अवधि में पूर्ण हो।

    सिंहस्थ-2028 का अनुभव भव्य, दिव्य और अलौकिक बने।

     

     

  • प्रदेश के हर नगर में बनेंगे नये गीता भवन – मुख्यमंत्री डॉ. यादव की घोषणा

    गीता का प्रत्येक अध्याय ज्ञान, विज्ञान, दर्शन, योग और कर्तव्य की भावना से परिपूर्ण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गीता जयंती के पावन अवसर पर इंदौर को दी अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त नये गीता भवन की सौगात

    प्रदेश के हर नगर में बनेंगे नये गीता भवन – मुख्यमंत्री डॉ. यादव की घोषणा

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव और गीता जयंती के पावन अवसर पर एक बड़ी सौगात देते हुए मध्यप्रदेश में शासकीय क्षेत्र के पहले अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त नये गीता भवन का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस तरह के गीता भवन प्रदेश के सभी नगर निगम, नगर पालिकाओं और नगर पंचायत स्तर पर भी बनाये जाएंगे। इंदौर का लोकार्पित यह नया गीता भवन परंपरा एवं आधुनिकता का अनूठा संगम है। राज्य शासन द्वारा धार्मिक एवं सांस्कृतिक अध्ययन एवं इससे जुड़े विभिन्न आयामों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से गीता भवन परियोजना के अंतर्गत ऐतिहासिक गोपाल मंदिर परिसर को आधुनिक गीता भवन के रूप में विकसित कर प्रदेश को समर्पित किया गया है। इस योजना के तहत स्मार्ट सिटी द्वारा इस नये गीता भवन में विकसित विविध आधुनिक सुविधाएँ नागरिकों के लिए उपलब्ध कराई गई हैं।

    कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक गोलु शुक्ला, सुमित मिश्रा, श्रवण सिंह चावड़ा, अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के अध्यक्ष सावन सोनकर, गौरव रणदिवे, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव, भारत न्यास के सचिव राम तिवारी, स्मार्ट सिटी के सीईओ अर्थ जैन विशेष रूप से मौजूद थे।

    कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मालवा की गौरवशाली विरासत, कृष्ण भक्ति और गीता का संदेश मध्यप्रदेश की दिशा तय करते हैं। उन्होंने कहा कि मालवा क्षेत्र कृष्ण लीलाओं से अछूता नहीं है। कृष्ण भगवान ने मालवा के उज्जैन में शिक्षा ग्रहण की। उन्होंने कहा कि मालवा की अहिल्या बाई होलकर ने देश में अनेक धर्म स्थलों का जीर्णोद्धार कराया और सांस्कृतिक धरोहरों की रक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गीता संघर्ष में आत्मबल और जीवन में मार्गदर्शन देती है। गीता का प्रत्येक अध्याय ज्ञान, विज्ञान, दर्शन, योग और कर्तव्य की भावना से परिपूर्ण है। भगवान कृष्ण ने अपने विराट स्वरूप के माध्यम से मानव को भय से मुक्त कर कर्तव्य के प्रति जागरूक किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गीता जयंती के अवसर पर अनेक रिकार्ड कायम किये गये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गीता जयंती के अवसर पर आयोजित प्रतियोगिता के विजेताओं की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि विजेताओं का नगद के साथ ही ई-रिक्शा, ई-बाईक, लैपटॉप आदि प्रदान किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण के जीवन से संघठन, साहस, धर्म की रक्षा और अन्याय के प्रतिकार का संदेश मिलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गीता जीवन के हर चरण में मार्गदर्शक है। गीता से भक्ति मार्ग, ज्ञान मार्ग और कर्म मार्ग से मोक्ष प्राप्ति का रास्ता भी दिखायी देता है। गीता संकट में बल देती है, संघर्ष में , उलझन में सारथी और अंधकार में अटल साथी बनती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है ‍कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्मार्ट सिटी परियोजना प्रारंभ की है। इस परियोजना से विरासत का संरक्षण करते हुए हम विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य शासन के संस्कृति विभाग के अंतर्गत वीर भारत न्यास द्वारा प्रकाशित तथा रामेश्‍वर लखनलाल पाटीदार द्वारा ‍लिखित कृष्ण चरित मानस और राघवदास पंडितदास द्वारा लिखित अमृतस्य अवंतिका का विमोचन भी किया। उन्होंने कृष्ण चरित मानस के लेखक रामेश्वर लखनलाल पाटीदार को पाँच लाख रूपये ‍दिये जाने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के बाद संजीव मालवीय द्वारा निर्देशित कृष्ण लीलाओं पर आधारित नृत्य नाटिका को भी देखा।

    इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर के लिये आज गौरव का दिन है। उन्होंने कहा कि गीता ने ‍सिखाया है कि अगर हम सभी अपने-अपने धर्म एवं कर्तव्यों का पालन करेंगे तो अधिकारों का संरक्षण स्वत: होगा। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में मध्यप्रदेश में नया सांस्कृतिक प्रवाह देखने को मिल रहा है। राज्य सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नेतृत्व में विरासत से ‍विकास की ओर तेजी से बढ़ रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोपाल मंदिर में किया पूजन-अर्चन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के पूर्व ऐतिहासिक गोपाल मंदिर में पूजन-अर्चन किया। उन्होंने प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि के लिए कामना की। उन्होंने गोपाल मंदिर में हुए विकास कार्यों विशेषकर अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त लाइब्रेरी और प्रदर्शनी विथिका का अवलोकन भी किया।

    अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त गीता भवन

    इंदौर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत राजवाड़ा स्थित गोपाल मंदिर में नया गीता भवन बनाया गया है। इस गीता भवन की विशेषता यह है कि यहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रवचनों और शैक्षणिक आयोजनों हेतु अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त 550 सीट का एक खूबसूरत सभागृह भी बनाया गया है।

    सकारात्मक एवं आध्यात्मिक वातावरण से युक्त 50-सीटर रीडिंग हॉल तथा आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना की गई है। लाइब्रेरी में अध्यात्म, दर्शन, योग, ध्यान, भारतीय संस्कृति, माइंडफुलनेस तथा जीवन-प्रबंधन से संबंधित लगभग 1200 पुस्तकों का समृद्ध संग्रह उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त, डिजिटल आर्काइव के माध्यम से अनेक ई-बुक्स, ऑडियो-वीडियो व्याख्यान, ऑनलाइन कोर्स तथा अन्य डिजिटल संसाधनों तक सरलतापूर्वक पहुँच सुनिश्चित की गई है। लाइब्रेरी की आंतरिक सज्जा को प्राकृतिक रंगों, आध्यात्मिक कलाकृतियों, इनडोर पौधों तथा सौम्य प्रकाश व्यवस्था के माध्यम से इस प्रकार डिज़ाइन किया गया है कि उपयोगकर्ताओं को शांत, प्रेरणादायी तथा एकाग्रता-उन्मुख वातावरण प्राप्त हो सके।

    मंदिर परिसर के पुनर्विकसित भागों में प्रदर्शनी कक्ष विकसित किए गए हैं, जिससे यह स्थल धार्मिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ कला एवं संस्कृति को एक साथ बढ़ावा देते हुए जनता के लिए एक समावेशी सांस्कृतिक अवसंरचना भी प्रदान करेगा।

    मुख्य बिंदु

    • इंदौर का ऐतिहासिक गोपाल मंदिर परिसर आधुनिक सुविधाओं से युक्त गीता भवन के रूप में विकसित।
    • स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत भवन में सभागार, रीडिंग हॉल, डिजिटल लाइब्रेरी एवं प्रदर्शनी कक्ष जैसी उन्नत सुविधाएँ स्थापित।
    • मालवा की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत, कृष्ण भक्ति और गीता का संदेश प्रदेश की दिशा निर्धारित करते हैं।
    • गीता संघर्ष में आत्मबल, जीवन में मार्गदर्शन और कर्तव्य के प्रति जागरूकता का प्रेरक स्रोत है।
    • गीता जयंती पर प्रदेशभर में प्रतियोगिता विजेताओं को नगद राशि, ई-रिक्शा, ई-बाइक, लैपटॉप आदि प्रदान किए गये।
    • ‘कृष्ण चरित मानस’ एवं ‘अमृतस्य अवंतिका’ पुस्तकों का विमोचन। लेखक रामेश्वर लखनलाल पाटीदार को ₹5 लाख देने की घोषणा।
    • मुख्यमंत्री ने कृष्ण लीलाओं पर आधारित नृत्य-नाटिका का अवलोकन किया।
    • मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम से पूर्व गोपाल मंदिर में पूजन-अर्चन कर प्रदेश की खुशहाली के लिए कामना की और मंदिर परिसर में विकसित नई सुविधाओं का निरीक्षण किया।
    • नया गीता भवन 550-सीटर अत्याधुनिक सभागार, 50-सीटर रीडिंग हॉल, 1200 से अधिक पुस्तकों वाली डिजिटल लाइब्रेरी तथा सांस्कृतिक प्रदर्शनी कक्षों से सुसज्जित है।

    भवन की आंतरिक सज्जा शांत, प्रेरणादायी एवं आध्यात्मिक वातावरण प्रदान करने हेतु विशेष रूप से डिज़ाइन की गई है।

     

     

  • चिकित्सा क्षेत्र केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सर्वोच्च मार्ग है – उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल मानसरोवर मेडिकल कॉलेज और एमजीयू हॉस्पिटल में आयोजित व्हाइट कोट सेरेमनी कार्यक्रम में हुए शामिल

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने चिकित्सा सेवा में प्रवेश करने वाले नवीन MBBS बैच के विद्यार्थियों को दीं शुभकामनाएं

    चिकित्सा क्षेत्र केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सर्वोच्च मार्ग है – उप मुख्यमंत्री  शुक्ल

    भोपाल 

    उप मुख्यमंत्री  राजेंद्र शुक्ल मानसरोवर मेडिकल कॉलेज और एमजीयू हॉस्पिटल में आयोजित व्हाइट कोट सेरेमनी कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने चिकित्सा सेवा में प्रवेश करने वाले नवीन MBBS बैच के सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस साथ ही उन्हें उत्कृष्ट चिकित्सकीय सेवा भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

    इस अवसर पर उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सर्वोच्च मार्ग है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आने वाला समय आप सभी की निष्ठा, संवेदनशीलता और सेवा-भावना पर निर्भर करेगा। आप अपने ज्ञान, कौशल और मानवीय मूल्यों के साथ समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता रखते हैं। इसलिए चिकित्सकीय दायित्वों का निर्वहन करते हुए हमेशा मरीजों के प्रति करुणा, समर्पण और ईमानदारी बनाए रखें। इस अवसर पर कार्यक्रम में आरोग्य भारती के संगठन सचिव डॉ. अशोक वार्ष्णेय, DME डॉ. अरुणा कुमार और मानसरोवर मेडिकल कॉलेज के संचालक  गौरव तिवारी उपस्थित थे।

     

  • मुख्यमंत्री ने कहा—गीता के प्रति श्रद्धा भाव समाज के लिए प्रेरणादायक

    श्रीमद्भगवद्गीता के प्रति अभिरूचि और श्रद्धा भाव प्रशंसनीय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    गीता के सस्वर पाठ और ऑन लाइन स्पर्धा में भागीदारी करने वाले अभिनंदन के पात्र

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऑन लाइन श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रतियोगिता में शामिल होने वालों ने अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ाव का परिचय दिया है। प्रतिभागियों की श्रीमद्भगवद्गीता में निहित ज्ञान के प्रति अभिरूचि और समर्पण अत्यंत प्रशंसनीय है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता के विचारों और अंशों का अध्ययन, मनन, युवा वर्ग द्वारा भी किया जा रहा है, जो सराहनीय है। जिस उत्साह और उमंग के साथ प्रदेश में सभी आयु वर्ग के नागरिकों की सहभागिता दिखाई दी है, वह ऐतिहासिक है। भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में आचार्यों और संतों के सान्निध्य में श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय का 11 हजार नागरिकों द्वारा सामूहिक सस्वर पाठ सम्पन्न हुआ। इसी तरह 88 हजार 100 स्कूली विद्यार्थियों और कृष्णभक्तों की प्रतियोगिता में भागीदारी भी अद्वितीय रही। इन सभी गतिविधियों में शामिल होने वाले युवा और अन्य सभी नागरिक अभिनंदन के पात्र है।

     

  • आज विभागीय समीक्षा करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को विभागीय समीक्षा करेंगे। समीक्षा बैठकों में संबंधित विभागीय मंत्री और अधिकारी उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को विधानसभा में दोपहर 2 बजे से 2:30 बजे तक पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल उपस्थित रहेंगे। दोपहर 3 बजे से 3:30 बजे तक स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह उपस्थित रहेंगे, शाम 4 बजे से 4:30 बजे तक नर्मदा घाटी विकास, जल संसाधन विभाग की समीक्षा करेंगे। जिसमें विभागीय मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट उपस्थित रहेंगे, शाम 4:30 बजे से 5 बजे तक ऊर्जा, नवीन और नवकरणीय ऊर्जा विभाग की समीक्षा करेंगे। जिसमें विभागीय मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर एवं विभागीय मंत्री श्री राकेश शुक्ला उपस्थित रहेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को वल्लभ भवन में दोपहर 11 बजे से 12 बजे तक लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें उप मुख्यमंत्री एवं विभागीय मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल उपस्थित रहेंगे। दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक सहकारिता विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री श्री विश्वास सारंग उपस्थित रहेंगे। दोपहर 1 बजे से 1:45 बजे तक महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया उपस्थित रहेंगी। दोपहर 1:45 बजे से 2:30 बजे तक पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर उपस्थित रहेंगी। दोपहर 3:30 बजे से 4:15 बजे सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा उपस्थित रहेंगे। दोपहर 4:15 से 5 बजे कृषि एवं किसान कल्याण उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना एवं मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा उपस्थित रहेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव 8 दिसम्बर सोमवार को खजुराहो में दोपहर 11 बजे से 11:30 बजे तक खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत उपस्थित रहेंगे। दोपहर 11:30 बजे से 12 बजे तक वाणिज्यिक कर विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें उप मुख्यमंत्री एवं विभागीय मंत्री श्री जगदीश देवड़ा उपस्थित रहेंगे। दोपहर 12 बजे से 12:30 बजे तक पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री श्री लखन पटेल उपस्थित रहेंगे। दोपहर 12:45 बजे से 1:30 बजे तक नगरीय विकास एवं आवास विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय उपस्थित रहेंगे। दोपहर 4 बजे से 4:45 बजे जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री कुँ. विजय शाह एवं मंत्री श्री नागर सिंह चौहान उपस्थित रहेंगे। दोपहर 4:45 से 5:30 बजे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री श्री चैतन्य काश्यप उपस्थित रहेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव 9 दिसम्बर मंगलवार को खजुराहो में दोपहर 12 बजे से 12:45 बजे तक लोक निर्माण विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री श्री राकेश सिंह उपस्थित रहेंगे। दोपहर 12:45 बजे से 1:30 बजे तक लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री श्रीमती सम्पतिया उईके उपस्थित रहेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक कैबिनेट बैठक करेंगे।