• सरेंडर के पीछे तीन वजहें: मध्य प्रदेश में तेज ऑपरेशन, पुनर्वास नीति और डेडलाइन ने नक्सलियों की पकड़ ढीली की

    बालाघाट 
     मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कई जिले, जो कभी लाल आतंक के खौफ से दहल जाते थे, जहां माओवादियों बंदूक की दम पर अपना एकाधिकार स्थापित करना चाहते थे, अब वहां परिस्थितियां बदलती नजर आ रही हैं. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा जारी की गई डेडलाइन के बाद नक्सली पूरी तरह बैकफुट पर आ गए है. इसके अलावा हॉक फोर्स द्वारा चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन ऑपरेशन का भी असर दिखने लगा है.

    बालाघाट और आसपास नक्सलियों का सरेंडर

    हाल ही में मध्य प्रदेश के बालाघाट में नक्सली सुनीता ने आत्मसर्पण किया था. अब बालाघाट में सक्रिय रहे धनुष और उसकी पत्नी ने छत्तीसगढ़ में सरेंडर किया है. इस प्रकार नक्सली अब सरेंडर की राह पर चल पड़े हैं. माओवादियों के सेंट्रल कमेटी के मेंबर रामदेर के साथ 15 नक्सली बालाघाट आए थे, जिनकी आधी टीम अब खाली हो चुकी है. इसके बाद इसी टीम में सक्रिय रहे नक्सली कपल ने भी अब समर्पण की राह चुनी है. दोनों ने छत्तीसगढ़ में खैरागढ़ के बकरकट्टा थाने में सरेंडर किया है.

    नक्सली धनुष पर 14 लाख इनाम घोषित था

    सरेंडर करने वाले धनुष और उसकी पत्नी रोनी उर्फ तुले दोनों 25 वर्ष के हैं. धनुष पर सरकार ने 14 लाख का इनाम रखा था. ये नक्सली कपल जीआरबी डिवीजन के टांडा मलाजखण्ड दलम के सदस्य थे, जो कई नक्सली गतिविधियों में शामिल थे. विगत 20 मई को बिलालकसा के जंगल में हुई मुठभेड़ मे धनुष भी शामिल था. नक्सली कपल ने सरेंडर करते हुए कहा है "अब वे सम्मानजनक और शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहते हैं. दोनों नक्सली सीसी मेंबर रामदेर के साथ बालाघाट आए थे. जो जनवरी 2025 से एमएमसी जोन में सक्रिय थे."

    फर्राटेदार अंग्रेजी बोलता है नक्सली धनुष

    सरेंडर करने वाला नक्सली धनुष संगठन में टेक्नीकल काम संभालता था. उसे हिंदी और अंग्रेजी भाषा की अच्छी जानकारी है और वह कंम्प्यूटर सहित अन्य दूसरी चीजों की भी गहरी जानकारी रखता है. नक्सली धनुष न केवल फर्राटेदार अंग्रेजी बोलता है बल्कि जबरदस्त स्पीड के साथ वह टायपिंग भी करता है. धनुष के सरेंडर के बाद बालाघाट में एंटी नक्सल ऑपरेशन के एडिशनल एसपी आदर्शकान्त शुक्ला ने बताया "धनुष नक्सल साहित्य, प्रेस नोट, और मैगजीन प्रभात के लिए कंटेट राईटिंग का काम करता था." 

    सरकार ने तय की है मार्च 2026 तक डेडलाइन

    धनुष की पत्नी रोनी उर्फ तुले सीसी मेंबर रामदेर के साथ काम कर चुकी है. वहीं, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में नक्सलियों के बड़े नेताओं द्वारा बड़ी संख्या में नक्सलियों के साथ सरेंडर किया जा रहा है. मार्च 2026 नक्सलवाद के पूरी तरह से खात्मे की तारीख पहले ही गृह मंत्री अमित शाह द्वारा घोषित कर दी गई है. लगता है इस तारीख से पहले ही नक्सलवाद देश से पूरी तरह समाप्त हो जाएगा. एमएमसी जोन (मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़) में तीनों राज्यों का संयुक्त ऑपरेशन जारी है. ऐसे में नक्सलियों पर काफी दबाव बढ़ गया है.

    नक्सलियों ने सरेंडर की डेडलाइन बढ़ाने की लगाई गुहार

    नक्सलियों ने पहले एक प्रेस नोट जारी कर समय मांगते हुए जवानों द्वारा चलाये जा रहे ऑपरेशन को रोकने की मांग की थी, उसके बाद फिर नक्सलियों की तरफ से समय दिये जाने की अपील की गई है. लेकिन सरकार की तरफ से फिलहाल नक्सलियों द्वारा मांगी गई मोहलत पर कोई विचार नहीं किया गया है और न ही किसी तरह का जवाब दिया गया है. मध्य प्रदेश के बालाघाट में सरकार ने एक होनहार हॉक फोर्स निरीक्षक को खोया है. ऐसे में प्रदेश सरकार किसी तरह से नक्सलियों से बातचीत के मूड में फिलहाल नजर नहीं आ रही है. 

  • सहकारिता विभाग में नए अवसर, BPSC-BSSC को अधियाचना भेजी

    पटना

    बिहार में खाली पदों पर बहाली को लेकर सरकार ने रफ्तार तेज कर दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा सभी विभागों को रिक्तियों की सूची जारी करने का निर्देश देने के बाद सहकारिता विभाग में गतिविधियां बढ़ गई हैं। विभागीय समीक्षा बैठक में सहकारिता मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने साफ कहा कि "जो भी पद खाली हैं, उनकी नियुक्ति जल्द से जल्द होनी चाहिए।"

    सहकारिता मंत्री प्रमोद कुमार ने कहा, “युवाओं को रोजगार देना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जब तक विभाग में पर्याप्त स्टाफ नहीं होगा, तब तक योजनाएं धरातल पर नहीं उतरेंगी कैसे? पारदर्शिता, स्पीड और गुणवत्ता – तीनों के लिए मानव संसाधन जरूरी है।”

    1089 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू, जानिए पूरी डिटेल

    कुल 1089 रिक्तियों की अधियाचना अलग-अलग आयोगों को भेजी जा चुकी है।

        बीपीएससी को भेजे गए गैजेटेड पद:
        सहकारिता प्रसार पदाधिकारी – 502 पद (विज्ञापन जारी, प्रक्रिया चल रही)
        स्टेनोग्राफर – 31 पद
        जिला सहकारिता ऑडिट अधिकारी – 04 पद

    बिहार कर्मचारी चयन आयोग को भेजे गए नॉन-गैजेटेड पद:

        ऑडिटर – 198 पद
        लोअर डिवीजन क्लर्क (LDC) – 257 पद
        स्टेनोग्राफर – 07 पद
        ऑफिस अटेंडेंट – 90 पद

    इसके अलावा 69वीं बीपीएससी से चयनित 5 सहायक निबंधक को चार हफ्ते का विशेष प्रशिक्षण देने के लिए बिपार्ड, गया भेजा जा रहा है। मंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी – “कोई भी पद लंबित नहीं रहना चाहिए। नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाएं ताकि नए साल से पहले अधिक से अधिक युवा जॉइन कर सकें।

  • नक्सलियों के बड़े सरेंडर पर डिप्टी सीएम की प्रतिक्रिया: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद ढहने की स्थिति में

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ के झीरम घाटी में हुए बड़े नक्सल हमले के मास्टरमाइंड व नक्सली लीडर चैतू और अनंत ने शुक्रवार को आत्मसमर्पण कर दिया है. प्रदेश के डिप्टी सीएम व गृह मंत्री विजय शर्मा ने प्रशासन की इस बड़ी उपलब्धी समेत कई महत्वपूर्ण विषयों पर लल्लूराम डॉट कॉम से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने बताया कि बस्तर और समूचे देश से नक्सलवाद खत्म होने के कगार पर है.

    डिप्टी सीएम शर्मा ने आगे कहा कि चैतू और अनंत ने अपने साथियों के साथ पुर्नवास किया है. बस्तर समेत पूरे देश में नक्सलवाद खत्म होने की कगार पर है. इससे प्रदेश में शांति आनी चाहिए और शांति आ रही है. उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के संकल्प का जिक्र करते हुए कहा- “गृहमंत्री बनने के साथ ही अमित शाह ने कहा था कि देश में कहीं समस्या है तो समानता के साथ उसे खत्म किया जाएगा. नक्सलवाद को भी इसी संकल्प के साथ खत्म किया जाएगा. साथ ही निर्धारित समय का जिक्र करते हुए कहा कि अब तक 80 प्रतिशत नक्सलवाद समाप्त हो चुका है और मात्र 20 प्रतिशत ही बचा है, जो निर्धारित समय में खत्म हो जाएगा.

    वहीं बस्तर 2.0 को लेकर उन्होंने कहा कि बस्तर में जल, जंगल, जमीन सब बस्तर के लोगों का है. बस्तर के युवा ही बस्तर को संभालेंगे और वे इसके लिए उत्साहित भी हैं.

    उन्होंने जीडीपी में बढ़ोतरी को लेकर कहा कि जीडीपी में बढ़ोतरी सुखद है, अमेरिका के टैरिफ के बावजूद जीडीपी में बढ़ोतरी हुई है. ये देश के लोगों के परिश्रम से संभव हुआ है.

    कांग्रेस जिला अध्यक्ष नियुक्ति पर कसा तंज

    इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस जिला अध्यक्षों की नियुक्ति में बड़े नेताओं के पसंदीदा लोगों को पद मिलने को भी उन्होंने तंज कसा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस-भाजपा के परंपराओं में फर्क है. कांग्रेस में व्यक्ति प्रमुख होता है. भाजपा में संस्था और संगठन प्रमुख होता है. इसीलिए कांग्रेस में ऐसी स्थिति पैदा होती है.

    कलेक्टर गाइडलाइन के खिलाफ कांग्रेस के विरोध पर कसा तंज

    वहीं जमीन गाईडलाईन दर को लेकर लगातार हो रहे कांग्रेस के विरोध को लेकर विजय शर्मा ने कहा कि अगर जनता, किसी आमजन को तकलीफ है, तो जरूर सुनवाई होगी. लेकिन किसी व्यक्ति विशेष को परेशानी है, उसके लिए कांग्रेस आगे आ रही है, तो उसपर कुछ नहीं हो सकता.

    वहीं दिल्ली में वायू प्रदूषण को लेकर दिए गए राहुल गांधी के बयान पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस के चश्मे से या इटली के चश्मे से नहीं, बल्कि भारत के चश्मे से राहुल गांधी को देखना होगा. तब उन्हें पता चलेगी वास्तविक स्थिति.

  • डिजिटल छत्तीसगढ़: जिसने दूर रह रही बेटी को दिया सबसे बड़ा सहारा

    मीलों की दूरी मिटा दी तकनीक ने—डिजिटल छत्तीसगढ़ की मानवीय मिसाल

    भुवनेश्वर में रहते हुए भी श्रीमती सोनम त्रिपाठी ने बिलासपुर से अपने दिवंगत पिता का डिजिटल मृत्यु प्रमाण पत्र किया प्राप्त

    छत्तीसगढ़ की डिजिटल व्यवस्था ने बनाया मुश्किल काम आसान

    रायपुर,

     डिजिटल भारत अभियान और छत्तीसगढ़ शासन की ई-सेवाओं ने आम नागरिकों के जीवन को न सिर्फ आसान बनाया है, बल्कि समय, मेहनत और संसाधनों की बड़ी बचत भी सुनिश्चित की है। भुवनेश्वर में रहने वाली श्रीमती सोनम त्रिपाठी का अनुभव इसका जीवंत उदाहरण है। उन्होंने डिजिटल सेवाओं के सहारे अपने दिवंगत पिता का डिजिटल मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त किया और अपनी बीमार माताजी के बैंक खाते को बिना किसी परेशानी के भुवनेश्वर में स्थानांतरित करवा लिया।

    विवाह के बाद भुवनेश्वर में बस चुकी श्रीमती सोनम त्रिपाठी के माता-पिता बिलासपुर में ही रहते थे। पिता का निधन होने के बाद नगरपालिका बिलासपुर ने मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया। लेकिन जब उनकी माताजी की तबीयत बिगड़ी और उन्हें अपने साथ भुवनेश्वर ले जाना पड़ा, तब एक नई चुनौती सामने आई कि माताजी के बैंक खाते का ट्रांसफर। बैंक ने पिता का डिजिटल मृत्यु प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का आग्रह किया, जिसकी जानकारी श्रीमती त्रिपाठी को पहले नहीं थी, और इसी कारण काम कुछ समय के लिए अटक  गया। इस दस्तावेज़ की आवश्यकता ने परिवार को असमंजस में डाल दिया।

    इंटरनेट और डिजिटल छत्तीसगढ़ का मिला सहारा

    श्रीमती त्रिपाठी ने समाधान की तलाश शुरू की और इंटरनेट की मदद से छत्तीसगढ़ के जन्म-मृत्यु पंजीकरण कार्यालय का संपर्क नंबर प्राप्त किया। भुवनेश्वर से ही उन्होंने संबंधित कर्मचारी से संपर्क किया। कार्यालय कर्मचारी ने आवश्यक दस्तावेज़ों, ऑनलाइन प्रक्रिया और प्रमाण पत्र प्राप्ति के चरणों की स्पष्ट एवं सहज जानकारी प्रदान की। डिजिटल व्यवस्था की बदौलत कुछ ही दिनों में उन्हें अपने पिता का डिजिटल मृत्यु प्रमाण पत्र ऑनलाइन उपलब्ध हो गया, और बैंक की समस्त औपचारिकताएँ तुरंत पूर्ण हो गईं।

    डिजिटल सेवाएँ समय बचाती हैं, परेशानी दूर करती हैं — श्रीमती सोनम त्रिपाठी

    श्रीमती सोनम त्रिपाठी बताती हैं कि यदि उन्हें डिजिटल प्रक्रिया की जानकारी पहले मिल जाती, तो उनका काम और पहले ही पूरा हो जाता। उनका कहना है कि बैंकिंग, सरकारी सहायता, संपत्ति, पेंशन और अन्य कार्यों में बाधा से बचने के लिए ऐसे दस्तावेज़ समय रहते बनवा लेना चाहिए। मैंने भी भुवनेश्वर से ही ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी की और प्रमाण पत्र कुछ ही दिनों में प्राप्त हो गया।
    उनका अनुभव बताता है कि सूचना की उपलब्धता, तकनीक का उपयोग और सरकारी सेवाओं का डिजिटलीकरण किस प्रकार जटिल लगने वाले कामों को भी सरल और तेज बनाते हैं।

    डिजिटल छत्तीसगढ़: अब हर नागरिक के ‘एक क्लिक’ पर सरकारी सेवाएँ

    छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ वर्षों में जन्म-मृत्यु पंजीकरण, शिकायत निवारण, प्रमाण पत्र उपलब्धता और विभिन्न सेवाओं के डिजिटलीकरण ने आमजन की परेशानी को काफी हद तक कम किया है। बिलासपुर से लेकर बस्तर तक हर कोई घर बैठे प्रमाण पत्र, आवेदन स्थिति और अन्य सेवाओं का लाभ उठा पा रहा है। इससे न केवल समय और ऊर्जा की बचत होती है, बल्कि प्रक्रियाएँ पारदर्शी और विश्वसनीय भी बनी हैं।

     सोनम त्रिपाठी की यह कहानी उन नागरिकों के लिए प्रेरणा है जो परंपरागत प्रक्रियाओं की कठिनाइयों से परेशान रहते हैं। यह उदाहरण दर्शाता है कि समय पर सूचना, सहयोगी प्रशासन और आधुनिक डिजिटल सेवाओं की सहायता से कोई भी महत्वपूर्ण कार्य शीघ्रता और सरलता से पूरा किया जा सकता है।

    डिजिटल छत्तीसगढ़ की यह मिसाल न केवल राज्य के डिजिटल परिवर्तन की सफलता को रेखांकित करती है, बल्कि यह भी बताती है कि डिजिटल भारत अभियान कैसे आम नागरिकों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला रहा है।

    छत्तीसगढ़ की डिजिटल सेवाएँ अब आम नागरिकों की जिंदगी में बदलाव ला रही हैं। भुवनेश्वर में रहते हुए भी श्रीमती सोनम त्रिपाठी ने बिलासपुर से अपने दिवंगत पिता का डिजिटल मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त किया और माताजी के बैंक खाते का ट्रांसफर बिना किसी कठिनाई के पूरा कर लिया—यह हमारे ई-गवर्नेंस सिस्टम की पारदर्शिता, विश्वसनीयता और दक्षता का प्रमाण है। “डिजिटल छत्तीसगढ़” का लक्ष्य ही यही है कि हर नागरिक को घर बैठे, एक क्लिक में, तेज़ और सरल तरीके से सरकारी सेवाएँ उपलब्ध हों। श्रीमती त्रिपाठी का यह अनुभव डिजिटल भारत अभियान और राज्य सरकार की नागरिक-केंद्रित कार्यशैली की सफलता को रेखांकित करता है। – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

  • नवा रायपुर मेडिसिटी: मध्य भारत में स्वास्थ्य क्रांति की नई इबारत लिख रहा है छत्तीसगढ़

    हेल्थकेयर हब बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है अटल नगर

    रायपुर,

    स्वास्थ्य, शिक्षा और अनुसंधान किसी भी विकसित समाज की असली नींव होते हैं। भारत जब वर्ष 2047 के विकसित राष्ट्र के संकल्प की ओर तेजी से बढ़ रहा है, तब गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ हमारी प्रमुख प्राथमिकता बन चुकी हैं। इसी दृष्टि से छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में विकसित की जा रही ‘मेडिसिटी’ परियोजना न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवा के नए युग की शुरुआत कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय  के नेतृत्व एवं वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी के मार्गदर्शन में यह परियोजना देश की सबसे महत्वाकांक्षी और भविष्यगामी स्वास्थ्य पहल के रूप में उभर रही है।

    नवा रायपुर अटल नगर पहले से ही शिक्षा, परिवहन, उद्योग और आधुनिक शहरी ढांचे का प्रमुख केंद्र रहा है। अब मेडिसिटी इसे राष्ट्रीय स्तर पर हेल्थकेयर की राजधानी के रूप में स्थापित करने जा रहा है। अत्याधुनिक कनेक्टिविटी, व्यापक परिवहन नेटवर्क और भौगोलिक दृष्टि से रणनीतिक स्थिति नवा रायपुर को न सिर्फ छत्तीसगढ़, बल्कि ओडिशा, मध्यप्रदेश, झारखंड, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र जैसे पड़ोसी राज्यों के लिए भी उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख गंतव्य बना रही है। हर वर्ष 7 करोड़ से अधिक यात्री यहां के एयरपोर्ट और रेल सेवाओं का उपयोग करते हैं, और जल्द ही शुरू होने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के बाद मेडिकल टूरिज्म के विस्तृत अवसर यहां खुलने वाले हैं।

    सेक्टर 36–37 में 200 एकड़ में विकसित की जा रही मेडिसिटी में 5,000 से अधिक बेड की क्षमता और देश के अग्रणी हेल्थकेयर समूहों की भागीदारी इस परियोजना को देश के सबसे बड़े स्वास्थ्य शहर के रूप में स्थापित करेगी।

    मेडिसिटी में मेडिकल यूनिवर्सिटी, नर्सिंग कॉलेज और रिसर्च इंस्टीट्यूट स्थापित किए जा रहे हैं ताकि डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल पेशेवरों की नई और सक्षम पीढ़ी तैयार हो सके। कार्डियोलॉजी, कैंसर साइंस, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, ऑर्गन ट्रांसप्लांट और मल्टी–स्पेशियलिटी अस्पतालों के साथ अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक्स लैब्स यहां स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊँचाइयों पर ले जाएँगे। मरीजों और उनके परिजनों के लिए आवासीय परिसर, छात्रावास, होटल और धर्मशाला जैसी सुविधाएँ इस पूरे क्षेत्र को एक व्यवस्थित ह्यूमन–सेंट्रिक मेडिकल ज़ोन में बदल देंगी। ‘वॉक-टू-हॉस्पिटल’ मॉडल, पर्यावरण अनुकूल डिजाइन, सुगम सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी और पीएमजेएवाई व सीजीएचएस जैसी योजनाओं के तहत किफायती उपचार सेवाएँ इस परियोजना को पूरी तरह समावेशी बनाती हैं।

    उल्लेखनीय है कि नवा रायपुर में पहले से सक्रिय उत्कृष्ट स्वास्थ्य संस्थान इस संरचना को और भी मजबूत आधार प्रदान करते हैं। श्री सत्य साई संजीवनी हॉस्पिटल 2012 से बाल हृदय रोग के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर का अग्रणी केंद्र है, जहाँ भारत के अलावा बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और अफ्रीकी देशों से भी मरीज आते हैं। वहीं 2018 से संचालित 170 बिस्तरों वाला बालको कैंसर हॉस्पिटल सेंट्रल इंडिया के 500–600 किमी के दायरे में अत्याधुनिक कैंसर उपचार उपलब्ध कराता है। रायपुर का स्वच्छ वातावरण और कम जीवन–यापन लागत मरीजों के लिए इसे और उपयुक्त बनाती है।

    मेडिसिटी केवल एक स्वास्थ्य परियोजना नहीं बल्कि आर्थिक गतिविधियों का भी विशाल केंद्र बनेगी। स्वास्थ्य, फार्मा, वेलनेस और सपोर्ट सेवाओं में हजारों रोजगार सृजित होंगे। इसके आसपास किफायती आवास, व्यापारिक प्रतिष्ठान और नई सेवा गतिविधियों का विस्तार राज्य की जीडीपी में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।

    नवा रायपुर मेडिसिटी छत्तीसगढ़ सरकार का वह संकल्प है जो कहता है—सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य, कम लागत में उच्च सुविधा और सुरक्षित जीवन की गारंटी। यह केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि भारत के स्वस्थ, सुरक्षित और विकसित भविष्य की नई परिभाषा है। आने वाले वर्षों में नवा रायपुर अटल नगर मेडिसिटी न सिर्फ मध्य भारत बल्कि पूरे देश के स्वास्थ्य परिदृश्य में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक आदर्श हेल्थकेयर मॉडल के रूप में स्थापित होगी।

    नवा रायपुर मेडिसिटी छत्तीसगढ़ की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का ऐसा इंजन बनेगी, जो आने वाले दशकों तक राज्य की विकास रफ्तार को नई दिशा देगा। 200 एकड़ में विकसित हो रही यह विश्वस्तरीय हेल्थकेयर सिटी न सिर्फ उन्नत चिकित्सा सुविधाएँ प्रदान करेगी, बल्कि स्वास्थ्य, फार्मा, वेलनेस, शिक्षा और सेवा क्षेत्रों में हजारों रोजगार सृजित कर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार देगी। एम्स, बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट, मेडिकल यूनिवर्सिटी और सुपर स्पेशियलिटी संस्थानों की स्थापना से नवा रायपुर राष्ट्रीय हेल्थ हब के रूप में उभरेगा।  मेडिसिटी का मॉडल ‘सुलभता, किफायत और उच्च गुणवत्ता’ के सिद्धांतों पर आधारित है और यह आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ को मेडिकल टूरिज्म, रिसर्च और हेल्थ इकोनॉमी का अग्रणी केंद्र बनाएगा।-वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी

    नवा रायपुर अटल नगर में विकसित की जा रही मेडिसिटी  मध्य भारत में स्वास्थ्य क्रांति की नई शुरुआत है। 200 एकड़ में विकसित हो रहा यह विशाल हेल्थकेयर सिटी आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ ही नहीं, ओडिशा, मध्यप्रदेश, झारखंड, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र सहित पूरे क्षेत्र को अत्याधुनिक, सुलभ और किफायती चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करेगा। ‘नवा रायपुर मेडिसिटी’ उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएँ, मेडिकल शिक्षा, अनुसंधान और मेडिकल टूरिज्म सभी को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराते हुए भारत के विकसित भविष्य की मजबूत आधारशिला बनेगी। – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

  • गर्ग इलेक्ट्रॉनिक शोरूम में हुई चोरी का खुलासा, थाना अयोध्यानगर पुलिस ने 02 शातिर नकबजन किए गिरफ्तार

    शोरूम में चोरी किए इलेक्ट्रॉनिक सामान एवं नगदी सहित लगभग 12 लाख रुपए का मसरूका जब्त

     
    भोपाल
        नगरीय क्षेत्र भोपाल में चोरी, नकबजनी तथा संपत्ति संबंधी अपराधो की रोकथाम एवं अपराधियों को पकडकर शतप्रतिशत बरामदगी हेतु पुलिस आयुक्त भोपाल श्री हरिनारायणचारी मिश्र भापुसे और अति. पुलिस आयुक्त श्री अवधेश गोस्वामी भापुसे द्वारा निर्देशित किया गया है।

            उक्त दिशा निर्देशो के तारतम्य मे पुलिस उपायुक्त जोन-02 श्री विवेक सिंह (भापुसे) के लगातार निर्देशन में अति.पुलिस उपायुक्त श्री गौतम सोलंकी  के पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस आयुक्त एम.पी.नगर संभाग श्री मनीष भारद्वाज (भापुसे)  के मार्गदर्शन मे थाना प्रभारी निरीक्षक महेश लिल्हारे के नेतृत्व मे गठित टीम ने 02 शातिर नकबजन से कुल 12 लाख रुपये का मसरुका बरामद करने मे सफलता प्राप्त की है।

     घटना का विवरण-
    दिनाँक 24-25.11.2025 को रात्री में अयोध्या बायपास स्थित गर्ग्स (फर्नीचर) एवं इलेक्ट्रोनिक्स शोरूम में अज्ञात चोर द्वारा शोरूम का ताला तोड़कर गल्ले में रखे नगद 60-70 हजार रूपये एवं ए.टी.एम कार्ड के साथ शोरूम मे रखे सैमसंग,  वेस्टल एवं अन्य ब्राण्ड की एल.ई.डी. टी.व्ही. एवं महंगे मोबाईल फोन व एय़र बर्ड तथा वाटर हीटर, गीज़र, मिक्सर ग्राइंडर, वाटर प्यूरीफायर, फ्रेस व महंगे इलेक्ट्रोनिक्स सामान चोरी कर शोरूम मे रखे सामान गिराकर क्षतिग्रस्त भी किए ।  जिस पर से थाना अयोध्या नगर में अपराध क्र. 507/25 धारा 331(4), 305(ए) बी.एन.एस. का पंजीबध्द कर अनुसंधान मे लिया गया जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा त्वरित कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया। जिसके पालन में टीम गठित कर घटनास्थल के आसपास के फूटेज व मुखबीर तंत्र विकसित कर लगातार आरोपियों की तलाश पतारसी की गई । लगातार प्रयास करने पर बैंक ए.टी.एम में लगे सी.सी.टी.व्ही फुटेज के माध्याम से जानकारी एकत्रित की जिसके आधार पर  संदेही दीपक यादव को अभिरक्षा मे लेकर पूछताछ करने पर दीपक यादव ने अपने साथी तरूण उर्फ महेन्द्र मीना  के साथ मिलकर दिनांक 24.11.2025 की रात्री में गर्ग (फर्नीचर) एवं इलेक्ट्रोनिक्स शोरूम मे चोरी एवं तोड़फोड़ करना स्वीकार किया किया। बाद दीपक यादव की निसादेही पर पर अन्य आरोपी तरूण उर्फ महेन्द्र मीना को पकडा, दोनो आरोपियो ने अपना जुर्म स्वीकार किया जिनके कब्जे से गर्ग (फर्नीचर) एवं इलेक्ट्रोनिक्स शोरूम से चोरी किया गया इलेक्ट्रोनिक्स सामान एवं नगद सहित लगभग कुल 12 लाख रुपये का मसरुका जब्त किया गया।

    आरोपी – 01. दीपक यादव पिता महेन्द्र यादव उम्र 19 वर्ष पता म.न. 127 बी सेक्टर अयोध्यान गर भोपाल।
    स्थाई पता-  ग्राम इमलिया थाना/तहसील खनीया धाना जिला शिवपुरी मध्य प्रदेश।

    शिक्षा- 10 वी
    व्यवसाय- सिक्युरीटी गार्ड।

    अपराधिक रिकार्ड
    01. अप.क्र. 181/24 धारा 331(3),306 बी.एन.एस  थाना चूनाभट्टी भोपाल
    02. अप.क्र. 507/25 धारा 331(4),305(ए) बी.एन.एस  थाना अयोध्या नगर भोपाल

    02.तरूण उर्फ दीपक मीना पिता राजेश मीना उम्र 19 वर्ष पता ग्राम देहरी तहसील/थाना अहमदपुर जिला सीहोर।
    हाल पता तुलसी लोधी का किराये का मकान दामखेड़ा थाना छोला मंदिर भोपाल

    शिक्षा- 05 वी कक्षा
    व्यवसाय- ड्रायवरी का काम।

    आपराधिक रिकार्ड-
    01.- अप.क्र. 507/25 धारा 331(4),305(ए) बी.एन.एस  थाना अयोध्या नगर भोपाल

    सराहनीय भूमिका –  थाना प्रभारी श्री महेश लिल्हारे, उनि. सुदील देशमुख,  प्रआऱ 1177 अमित व्यास, प्रआर.3178 बृजेश सिंह, प्र.आर.2233 रूपेश सिंह जादौन, प्र.आऱ.2638 सुदीप राजपूत, प्र.आर.316 भागवत, आर.3040 अजय,  आर.3514 राजेश अन्नोटिया, आर.1055 प्रदीप दामले, आर.3457 भूपेन्द्र उईके,म.आर.3837 पल्लवी शर्मा (सायवर सेल) की सराहनीय भूमिका रही ।

  • जुल्म और जिहाद पर मदनी का बयान, जमीयत उलेमा-ए-हिंद की बैठक में सुप्रीम कोर्ट पर उठे प्रश्न

    भोपाल
     मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में जमीयत उलेमा-ए-हिंद की गवर्निंग बॉडी काउंसिल की मीटिंग में मौलाना महमूद मदनी ने सुप्रीम कोर्ट पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मदनी ने कहा कि अदालतें सरकार के दबाव में काम कर रही हैं। मदनी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट उसी समय ‘सुप्रीम’ कहलाने का हकदार है जब वह संविधान की पाबंदी करे। मदनी ने कहा कि जब जब जुल्म होगा तब तब जिहाद होगा।

    जिहाद शब्द हिंसा का हमनाम बना दिया

    जिहाद पर मौलाना महमूद असद मदनी ने कहा- इस्लाम के दुश्मनों में जिहाद शब्द हिंसा का हमनाम बना दिया है। लव जिहाद, लैंड जिहाद, थूक जिहाद जैसे शब्द इस्तेमाल करके मुसलमानों की तौहीन की जा रही है। ये साफ होना चाहिए इस्लाम में जिहाद एक पवित्र कर्तव्य है। कुरान में जिहाद के कई अर्थ है। समाज और इंसानियत के बुलंदी के लिए हुआ है, जहां जंग के मायने में इस्तेमाल हुआ है तो जुल्म के खात्मे के लिए हुआ है। जब जब जुल्म तब तब जिहाद होगा।

    जिहाद’ को लेकर मौलाना मदनी ने कहा, 'आज सरकार और मीडिया एक पवित्र शब्द को पूरी तरह गलत तरीके से दुनिया के सामने पेश कर रहे हैं.' उन्होंने कहा कि जिहाद को लव जिहाद, थूक जिहाद, जमीन जिहाद जैसे शब्दों के साथ जोड़कर बदनाम किया जा रहा है, जबकि जिहाद हमेशा पवित्र रहा है और दूसरों की भलाई और बेहतरी के लिए बताया गया है.

    उन्होंने कहा, 'जहां जुल्म होगा, वहां जिहाद होगा.' उन्होंने इस बात को दोहराया भी- 'जहां जुल्म होगा, वहां जिहाद होगा.' उन्होंने कहा कि एक धर्मनिरपेक्ष देश भारत में, जहां लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था है, वहां जिहाद की कोई बहस नहीं है. यहां मुसलमान संविधान के प्रति वफादारी दिखाते हैं. नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है. अगर सरकार ऐसा नहीं करती है तो इसके लिए सरकार ही जिम्मेदार होगी.

    ‘जब-जब जुल्म होगा, तब-तब जिहाद होगा’

    वहीं जिहाद पर बोलते हुए मौलाना मदनी ने कहा कि इस्लाम के विरोधियों ने जिहाद को हिंसा का पर्याय बनाकर पेश किया है. उन्होंने कहा, ‘लव जिहाद, लैंड जिहाद, थूक जिहाद जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर मुसलमानों का अपमान किया जा रहा है. जबकि इस्लाम में जिहाद एक पवित्र कर्तव्य है. कुरान में इसके अलग-अलग अर्थ हैं… इंसानियत और समाज की बेहतरी के लिए.’

    उन्होंने जोर देकर कहा, ‘जब-जब जुल्म होगा, तब-तब जिहाद होगा… मैं इसे दोहराता हूं, जुल्म के खिलाफ खड़े होना हर आसमानी मजहब की नैतिक जिम्मेदारी है.’ इस बयान के बाद सभा में ‘नारा-ए-तकबीर, अल्लाहु अकबर’ के नारे भी लगे.

    मदनी ने यह भी स्पष्ट किया कि जिहाद कोई व्यक्तिगत बदले की कार्रवाई नहीं है, बल्कि इसका फैसला केवल शरीयत के तहत चलने वाली सरकार ही कर सकती है. उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और यहां इस्लामी शासन की अवधारणा नहीं है, इसलिए जिहाद बहस का विषय बनाना ही गैर-जरूरी है.
    वंदे मातरम विवाद पर क्या बोले मदनी?

    इसके अलावा वंदे मातरम को लेकर विवाद पर मदनी ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा, ‘मुर्दा कौमें सरेंडर करती हैं. अगर कहा जाएगा ‘वंदे मातरम’ बोलो, तो वे बोलना शुरू कर देंगी. जिंदा कौम हालात का मुकाबला करती है.’

    हालांकि मौलाना मदनी के इस बयान पर अन्य मुस्लिम संगठनों ने दूरी बना ली है. जमात-ए-इस्लामी हिंद के अध्यक्ष मौलाना सादातुल्लाह हुसैनी ने कहा कि वंदे मातरम जैसे मुद्दे को लेकर विवाद पैदा करना तर्कहीन है. उन्होंने कहा, ‘हर व्यक्ति को अपने विश्वास के अनुसार जीने और अपने तरीके से देशप्रेम व्यक्त करने का अधिकार है. किसी एक नारे या गीत को पूरे देश पर थोपना तार्किक नहीं है. जो लोग वंदे मातरम के जरिए अपने प्रेम का इजहार करना चाहें, करें. बाकी लोग अपने तरीके से देश से मुहब्बत जताएं… यह उनका हक है.’

    'मुर्दा कौमें डरकर बोलने लगती हैं वंदे मातरम'

    वंदेमातरम के मुद्दे पर मौलाना मदनी ने कहा, 'मुर्दा कौमें सरेंडर कर दिया करती हैं. वो कहेंगे वंदे मातरम बोलो तो पढ़ना शुरू कर देंगे. ये पहचान है मुर्दा कौम होने की. अगर जिंदा कौम है तो हालात का मुकाबला करना पड़ेगा.

    सुप्रीम कहलाने का हक नहीं

    मौलाना महमूद मदनी ने सुप्रीम कोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा- बाबरी मस्जिद और तलाक के जुड़े मामले में प्रभाव आम है अदालतें सरकार के दबाव में काम कर रही है। इबादतगाह कानून को नजरअंदाज करके ज्ञानवापी और मथुरा का मामला कोर्ट में सुना गया। सुप्रीम कोर्ट उस वक्त ही सुप्रीम कहलाने का हकदार है जब तक संविधान की पाबंदी करे और अगर ऐसा ना करे तो सुप्रीम कहलाने का हक नहीं है।

  • जबलपुर में बढ़ी जमीन-मकान की कीमतें: खरीदारों पर बढ़ेगी जेब ढीली करने की मजबूरी

    जबलपुर
    जबलपुर जिले में जमीन के दाम बढ़ाने की तैयारी तेज हो गई है। 2025-26 की कलेक्टर गाइडलाइन बनाने के लिए महानिदेशक पंजीयन मुख्यालय भोपाल ने जबलपुर समेत सभी जिला पंजीयन कार्यालय को निर्देशित किया है। इसके बाद जबलपुर में जमीनों के दाम बढ़ाने की कवायद तेज हो गई है। जिलेभर में शहर व ग्रामीण क्षेत्रों की जमीनों का सर्वे किया जाएगा और इस साल हुई रजिस्ट्रियों का आंकलन भी होगा। इसके बाद ही यह तय होगा कि किन क्षेत्रों की जमीन के दाम नई कलेक्टर गाइडलाइन में बढ़ाए जाएं और कहां नहीं।

    भोपाल से मिले निर्देश के बाद सर्वे की तैयारी
    भोपाल से मिले निर्देश के बाद जिला पंजीयन कार्यालय ने सर्वे की तैयारी शुरू कर दी है। जिले की उप जिला मूल्यांकन समितियों को जमीन का सर्वे और रजिस्ट्रियों का आंकलन करने कहा गया है। जबलपुर में तीन उप जिला मूल्यांकन समिति हैं, जिसमें एक जबलपुर, दूसरी सिहोरा और तीसरी पाटन हैं।
     
    एसडीएम करेंगे अपने क्षेत्रों का सर्वे
    उप जिला मूल्यांकन समिति में अध्यक्ष एसडीएम और सदस्य उप पंजीयक हैं। अब जबलपुर एसडीएम, सिहोरा एसडीएम और पाटन एसडीएम, समिति के पदाधिकारियों के साथ अपने-अपने क्षेत्रों का सर्वे करेंगे। इस दौरान वे जमीनों के मौजूदा दाम, वहां इस साल हुई रजिस्ट्री और उनके दाम और भविष्य में जमीन की संभावना के साथ आसपास आने वाले प्रोजेक्ट से जुड़ी जानकारी एकत्रित करेंगे।

    इसके बाद उन रजिस्ट्रियों का आंकलन करेंगी, जिसमें कलेक्टर गाइडलाइन और मौजूदा दाम में बड़ा अंतर है। इसके बाद यह अपनी रिपोर्ट तैयार कर जिला मूल्यांकन समिति के समक्ष रखेंगे। इस दौरान संबंधित अधिकारी की सहमति भी ली जाएगी। अंत में सर्वे और जमीनों की जानकारी को भोपाल भेजा जाएगा। वहां से सहमति मिलने के बाद ही दाम तय होंगे।

    400 से ज्यादा जमीनों का होगा सर्वे
    इस बार जिले में करीब 400 से अधिक लोकेशन पर विस्तृत सर्वे कराया जाएगा। बीते एक वर्ष में शहर के आउटर इलाकों में बड़े पैमाने पर विकास कार्य हुए हैं। इसके साथ ही आसपास के क्षेत्रों में कई नए निजी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट लांच होने से मार्केट में जमीनों की कीमतें पहले ही बढ़ चुकी हैं।

    सर्वे टीम इन सभी बिंदुओं को प्राथमिकता देते हुए संबंधित क्षेत्रों में बीते समय की रजिस्ट्रियों, औसत बाजार मूल्य और विकास गतिविधियों का विश्लेषण करेगी। इसके आधार पर प्रस्तावित नए रेट तैयार कर विभागीय बैठक में प्रस्तुत किए जाएंगे। जमीनों के दाम बढ़ने के अनुमान से अभी से ही रियल एस्टेट बाजार में हलचल तेज हो गई है।

    अवैध कॉलोनियां गिराएंगी जमीन के दाम
    इस बार जमीन के दाम बढ़ाने में कई अड़चनें है। सबसे बड़ी अड़चन अवैध कॉलोनियां है। प्रशासन द्वारा अवैध कालोनियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिले के शहरी क्षेत्र में करीब 50 और ग्रामीण क्षेत्र में 150 अवैध कॉलोनियां हैं। इनमें जिला प्रशासन ने करीब 98 अवैध कॉलोनियों की रजिस्ट्री और नामांतरण पर रोक लगा दी है। वहीं तीन कालोनियों पर एफआइआर भी दर्ज की है।

    इतना ही नहीं अभी 15 और कॉलोनियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना है। इस सभी वजहों से लोग इन क्षेत्रों में जमीन खरीदने से पीछे हट रहे हैं। ऐसे में यदि दाम बढ़ने हैं तो आम आदमी इन जमीनों को खरीदने में परहेज करेगा।

    दिसंबर तक देंगे रिपोर्ट
    महानिदेशक पंजीयन मुख्यालय भोपाल से पत्र मिल गया है, जिसके बाद नई कलेक्टर गाइडलाइन बनाने के लिए सर्वे किया जाना है। तीनों उप जिला मूल्यांकन समिति को पत्र लिखकर जमीनों का सर्वे करने कहा है। दिसंबर तक अपनी रिपोर्ट भी दे देंगे। – डॉ. पवन अहिरवाल वरिष्ठ पंजीयक, जबलपुर

     

  • मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य देखा गया, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने वर्चुअल बैठक में उठाए महत्वपूर्ण मुद्दे

    मध्यप्रदेश में मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य की समीक्षा

    संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने वर्चुअल बैठक में दिए निर्देश

    भोपाल

    मध्यप्रदेश के संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी  राम प्रताप सिंह जादौन ने शनिवार, 29 नवंबर को प्रदेश के सभी जिलों के उप जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मती सुरभि तिवारी,  राजेश यादव सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

    बैठक के दौरान  जादौन ने अशोकनगर, बैतूल और नीमच जिलों में 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन कार्य पूर्ण होने पर संबंधित टीमों को बधाई दी। इसके साथ ही प्रदेश के अन्य 44 जिलों में 90 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण होने पर सभी अधिकारियों की सराहना की। उन्होंने निर्देशित किया कि जिन मतदाताओं का निवास परिवर्तन हुआ है या जिनके मतदाता परिचय-पत्र में संशोधन की आवश्यकता है, वे संबंधित बीएलओ से संपर्क कर एन्युमरेशन फॉर्म के साथ फॉर्म-8 भरकर जमा करें। मतदाता यह प्रक्रिया स्वयं भी ऑनलाइन Voters.eci.gov.in अथवा ceoelection.mp.gov.in पर पूरी कर सकते हैं। साथ ही नये मतदाता अपना फार्म 6 भरकर भी दे सकते हैं।

     जादौन ने कहा कि पुनरीक्षण कार्य के दौरान यदि किसी बीएलओ की मृत्यु हुई है, तो उनके दावे, पारिश्रमिक तथा परिजन की अनुकंपा नियुक्ति की कार्रवाई शीघ्रता से पूरी की जाए। उन्होंने ग्वालियर, इंदौर और भोपाल जिलों के उप जिला निर्वाचन अधिकारियों को कार्य की गति और बढ़ाने के निर्देश दिए, जिससे निर्धारित समय सीमा में प्रदेश में शत-प्रतिशत पुनरीक्षण कार्य पूरा किया जा सके।

     

  • कौन है चैतू? 24 नेताओं की हत्या से लेकर इनामी नक्सली बनने और सरेंडर तक की पूरी कहानी

    जगदलपुर

    छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में लंबे समय से सक्रिय 25 लाख रुपए के इनामी नक्सली चैतू उर्फ श्याम दादा ने जवानों के सामने सरेंडर कर दिया। श्याम दादा के सरेंडर से नक्सली संगठन को बड़ा झटका लगा है। चैतू उर्फ दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का सदस्य था। उसके ऊपर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था। उसके साथ 9 अन्य माओवादियों ने भी हथियार डाल दिए। इन सभी पर कुल 65 लाख रुपए का इनाम घोषित था।

    चैतू को 2013 के झीरम घाटी नक्सली हमले का मुख्य मास्टरमाइंड माना जाता है। उस हमले में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कई बड़े नेता मारे गए थे। लंबे समय तक वह दरभा डिवीजन का प्रभारी भी रहा। चैतू उर्फ श्याम दादा वर्तमान में DKSZCM कैडर का है। बस्तर के जंगलों में कई बार सुरक्षाबलों की गोलियों से बच निकला था। बस्तर इलाके में फोर्स की बढ़ते दबदबे के बाद चैतू ने अपने साथियों के साथ सरेंडर करने का फैसला किया। वह करीब 45 साल तक नक्सली संगठन से जुड़ा रहा।

    जानिए चैतू दादा के बारे में
    चैतू उर्फ श्याम दादा मूल रूप से तेलंगाना का रहने वाला है। वह 1980 में कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ही नक्सल संगठन में शामिल हो गया था। नक्सली संगठन में शामिल होने के बाद वह शुरुआत में हिंसात्मक गतिविधियों में शामिल था। उसके बाद 1990 में वह बस्तर इलाके में आकर संगठन के विस्तार के काम में लग गया। इस दौरान इस इलाके में वह करीब 35 साल तक काम किया। उसका मुख्य काम नक्सली संगठन में युवाओं को जोड़ना और भर्ती करना था। सुरक्षाबल के जवानों ने उसे कई बार घेर लिया था लेकिन हर बार वह बचकर निकल जाता था।

    क्यों किया सरेंडर
    जवानों के सामने सरेंडर करने पहुंचे चैतू ने मीडिया को बताया कि रूपेश और सोनू दादा ने भी हथियार डाल दिए हैं। नक्सल संगठन में अब कुछ नहीं रखा है। मैं करीब 63 साल हूं लेकिन वर्तमान में परिस्थितियों बदल गई हैं। बदली हुई परिस्थति को देखने के बाद ही मैंने अपने साथियों और हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है।

    झीरम घाटी हमले का मास्टरमाइंड
    चैतू उर्फ श्याम दादा उन नक्सलियों में शामिल है जिन्होंने झीरम घाटी हमले की योजना बनाई थी। 25 मई 2013 में दरभा घाटी में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर हमला करवाने में इसका हाथ था। इस हमले में विद्याचरण शुक्ल, महेंद्र कर्मा, नंदकुमार पटेल समेत कई करीब 24 नेताओं को का एनकाउंटर किया था।

  • युवक को धर्म परिवर्तन के बाद जमात में लिया, गौमांस खिलाने का आरोप; भोपाल परिवार ने मंत्री से की घर वापसी की गुहार

    भोपाल 

     भोपाल के जहांगीराबाद क्षेत्र में एक युवक द्वारा जबरन धर्मांतरण का आरोप लगाए जाने के बाद मामला बढ़ता जा रहा है। युवक शुभम गोस्वामी ने कहा है कि उसने दबाव में इस्लाम अपनाया। अब वह पुनः हिंदू धर्म में लौटने की इच्छा जता रहा है। युवक पर जबरदस्ती इस्लाम धर्म कुबूल करने का दबाव डाला गया और नाम बदलकर अमन खान रखने के लिए मजबूर किया गया। वह पिछले तीन साल से इसी पहचान के साथ जी रहा था।

    मंत्री सारंग ने कहा कि शुभम (जिसे अमन खान बनने पर मजबूर किया गया) कुछ महीने पहले उनके जनदर्शन कार्यक्रम में आया था और उसने अपनी “दिल दहला देने वाली आपबीती” सुनाई। उसके मोहल्ले के ही एक मुस्लिम परिवार ने उसके साथ अत्याचार किए। उस परिवार ने उस पर झूठे केस लगवाए, वह जेल तक गया।

    जेल से निकलने के बाद भी धमकियां दी गईं और दबाव बनाकर इस्लाम धर्म अपनाने का कुचक्र रचा गया। उसे गौमांस खिलाकर, जमात में भेजकर धर्म भ्रष्ट करने की कोशिश हुई। यह आत्महत्या तक करने को मजबूर था। उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस को रिपोर्ट की गई। करीब डेढ़-दो महीने जांच के बाद आरोपी पक्ष के खिलाफ FIR दर्ज हुई। अब अमन नहीं, फिर से शुभम बनेगा। अब कोई डरने की जरूरत नहीं है। यह सुनिश्चित हुआ है कि अमन खान फिर शुभम गोस्वामी के रूप में घर वापसी करेगा। जल्द ही उसकी विधिवत, शास्त्रानुसार हिंदू धर्म में वापसी कराई जाएगी। ऐसे कुकृत्यों के विरुद्ध कानून बनाया गया है और कड़ाई से लागू किया जा रहा है।

    मंत्री ने आश्वासन दिया, पुलिस ने दर्ज की FIR

    शुभम की शिकायत सामने आने के बाद मंत्री विश्वास कैलाश सारंग उससे मिले और कहा कि युवक की घर वापसी शास्त्रानुसार कराई जाएगी। मंत्री के अनुसार शुभम कुछ समय पहले उनके जनदर्शन कार्यक्रम में आया था और उसने दावा किया कि पड़ोस में रहने वाले एक परिवार ने उस पर लगातार दबाव बनाया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने संबंधित परिवार के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारी कह रहे हैं कि जांच तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ेगी।
    युवक का आरोप- दबाव, धमकी और सामाजिक डर में फंसा रहा

    शुभम के मुताबिक उसकी पहचान 2022 के आसपास एक युवती से हुई, जिसके बाद परिस्थितियां बिगड़ने लगीं। युवक ने आरोप लगाया कि युवती के परिवार ने पहले सामाजिक और कानूनी दबाव बनाया, फिर झूठे केस दर्ज करवाए, जिसके चलते वह जेल भी गया।

    बाहर आने के बाद भी धमकियां जारी रहीं और उस पर धार्मिक पहचान बदलने का दबाव बनाया गया। शुभम का कहना है कि उससे नया नाम अपनाने, समुदाय छोड़ने और परिवार से दूरी बनाने के लिए मजबूर किया गया। वह तीन साल घर से दूर रहा और इस दौरान उसकी नौकरी भी चली गई।

    शुभम की कहानी — उसकी अपनी जुबानी

    शुभम गोस्वामी (जिसे अमन खान कहलाने पर मजबूर किया गया) ने मंत्री विश्वास सारंग के जनदर्शन में पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई। युवक ने कहा कि मैं भोपाल के जहांगीराबाद का रहने वाला हूँ। 2022 के अंत में एक मुस्लिम युवती से जान-पहचान हुई। शुरुआत में सब ठीक लगा लेकिन धीरे-धीरे उसके परिवार ने मेरे ऊपर दबाव बनाना शुरू कर दिया।

    युवक ने बताया कि उस परिवार ने उसे समाज, कानून और पुलिस के डर से घेर लिया। उन्होंने मेरे खिलाफ झूठे केस दर्ज कराए। मैं जेल तक गया। बाहर आने पर धमकियां दी गईं कि अगर मैं हिंदू धर्म नहीं छोडूंगा, तो मेरे परिवार को नुकसान पहुंचाया जाएगा। शुभम के मुताबिक, उसके सामने सबसे बड़ा मानसिक दबाव उसकी पहचान छीन लेने का था उन्होंने कहा कि अब तुम शुभम नहीं, अमन खान हो। मजबूरी में मुझे वही नाम बताना पड़ता था। वह तीन साल अपने घर से दूर मुस्लिम मोहल्ले में रहा। युवक ने कहा कि मैंने परिवार से रिश्ता लगभग खत्म कर दिया था। नौकरी भी छूट गई।

    घर वापसी की जताई इच्छा

    युवक ने कहा कि वह लगातार डर, सामाजिक दबाव और अपनी पहचान खो देने जैसी स्थिति में था। अब उसने जनदर्शन में पहुंचकर पूरा मामला रखा और घर वापसी की इच्छा जताई। मंत्री सारंग ने कहा कि युवक की सुरक्षा और कानूनी प्रक्रिया दोनों सुनिश्चित की जाएंगी।

  • ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ली बैठक, कार्यकर्ताओं के साथ मजबूत रिश्ते बनाने का दिया आश्वासन

    गुना

    गुना जिले के तीन दिवसीय दौरे पर आए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार को एक नई व्यवस्था लागू की है। अब से सिंधिया के वाहन में जिलाध्यक्ष के अलावा, जिस मंडल में वह दौरे पर होंगे।

    सिंधिया ने बैठक में स्पष्ट किया कि अब से उनकी गाड़ी में जिलाध्यक्ष, क्षेत्रीय मंडल अध्यक्ष और एक सामान्य कार्यकर्ता बैठेगा, ताकि उनसे सीधी बातचीत हो सके। किस सामान्य कार्यकर्ता को गाड़ी में बैठने का मौका मिलेगा, यह तय करने के लिए उन्होंने एक पदाधिकारी को प्रभारी के रूप में नियुक्त किया है।

    कार्यकर्ता बोले- आप पहचानते नहीं; सिंधिया बोले- मिलेंगे तभी तो पहचान होगी बैठक में कार्यकर्ताओं ने सुझाव दिया कि कई कार्यकर्ताओं को सिंधिया पहचानते नहीं हैं। इस पर केंद्रीय मंत्री ने जवाब दिया कि कार्यकर्ता आकर उनसे मिलें, तभी वह पहचान पाएंगे। जब संपर्क ही नहीं होगा तो जान-पहचान कैसे बनेगी। सिंधिया ने कहा कि वह कार्यकर्ताओं से उम्र भर का रिश्ता बनाना चाहते हैं।

    प्रशासन और पुलिस व्यवस्था पर जताई नाराजगी बैठक में हरिचरण वर्मा, मनोज दुबे और चिरौंजी लाल प्रजापति ने अपनी बात केंद्रीय मंत्री के सामने रखी। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में प्रशासन और पुलिस व्यवस्था पर भी नाखुशी जाहिर की गई।

    खाद की लाइन में जान गंवाने वाली महिला के घर पहुंचे कार्यकर्ताओं की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री कुशेपुर गांव पहुंचे। यहां उन्होंने खाद की लाइन में मृत हुई आदिवासी महिला भुरियाबाई के परिवार वालों से मुलाकात की और अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं।

    सोशल मीडिया पर लिखा- आपका परिश्रम ही हमारी शक्ति बैठक के बाद सिंधिया ने सोशल मीडिया पर लिखा- "गुना में आज भाजपा परिवार के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं और संगठन के पुरोधाओं से आत्मीय मुलाकात कर संगठनात्मक कार्यों, क्षेत्रीय आवश्यकताओं और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। इन कर्मठ साथियों ने वर्षों से बिना किसी अपेक्षा के जो सेवा और समर्पण दिया है, वही हमारे संगठन की जीवनधारा है।"

    उन्होंने आगे लिखा, "हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा तथा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के मार्गदर्शन में हम सबने संगठन के विस्तार, बूथ सुदृढ़ीकरण और जनसेवा को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा पर विचार किया। आप सब मेरे अपने हैं, आपका समर्पण, अनुशासन और परिश्रम ही हमारी शक्ति है। हम सब मिलकर गुना के साथ-साथ पूरे प्रदेश के विकास को नई ऊँचाई देंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के स्वप्न को साकार करने के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे।"

  • शोरूम चोरी मामले में सफलता, अयोध्यानगर थाने ने 2 अपराधियों को किया गिरफ्तार, लाखों का इलेक्ट्रॉनिक सामान मिला

    भोपाल 
    गर्ग इलेक्ट्रॉनिक शोरूम में हुई चोरी का खुलासा, थाना अयोध्यानगर पुलिस ने 02 शातिर नकबजन किए गिरफ्तार, 

    शोरूम में चोरी किए इलेक्ट्रॉनिक सामान एवं नगदी सहित लगभग 12 लाख रुपए का मसरूका जब्त

    ●    पुलिस द्वारा आरोपियों से दिनांक 25.11.2025 की दरमियानी रात्री गर्ग इलेक्ट्रॉनिक्स में हुई नकबजनी की घटना का किया गया पर्दाफाश। 
    ●    शोरूम में हुई नकबजन की घटना  में नगदी एवं इलेक्ट्रोनिक सामान सहित दो आरोपियों से लगभग 12 लाख रुपये का मसरुका किया बरामद । 
    ●    आरोपीगण मध्य प्रदेश के सीहोर एवं शिवपुरी के रहने वाले हैं भोपाल में रहकर दोनो की हुई थी मुलाकात के बाद बनाई टीम ।
    ●     आरोपी आदतन चोर, जो पहले भी चोरी नकबजनी के प्रकरण में जा चुका हैं जेल ।
     
        नगरीय क्षेत्र भोपाल में चोरी, नकबजनी तथा संपत्ति संबंधी अपराधो की रोकथाम एवं अपराधियों को पकडकर शतप्रतिशत बरामदगी हेतु पुलिस आयुक्त भोपाल श्री हरिनारायणचारी मिश्र भापुसे और अति. पुलिस आयुक्त श्री अवधेश गोस्वामी भापुसे द्वारा निर्देशित किया गया है। 

            उक्त दिशा निर्देशो के तारतम्य मे पुलिस उपायुक्त जोन-02 श्री विवेक सिंह (भापुसे) के लगातार निर्देशन में अति.पुलिस उपायुक्त श्री गौतम सोलंकी  के पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस आयुक्त एम.पी.नगर संभाग श्री मनीष भारद्वाज (भापुसे)  के मार्गदर्शन मे थाना प्रभारी निरीक्षक महेश लिल्हारे के नेतृत्व मे गठित टीम ने 02 शातिर नकबजन से कुल 12 लाख रुपये का मसरुका बरामद करने मे सफलता प्राप्त की है। 

     घटना का विवरण- 
    दिनाँक 24-25.11.2025 को रात्री में अयोध्या बायपास स्थित गर्ग्स (फर्नीचर) एवं इलेक्ट्रोनिक्स शोरूम में अज्ञात चोर द्वारा शोरूम का ताला तोड़कर गल्ले में रखे नगद 60-70 हजार रूपये एवं ए.टी.एम कार्ड के साथ शोरूम मे रखे सैमसंग,  वेस्टल एवं अन्य ब्राण्ड की एल.ई.डी. टी.व्ही. एवं महंगे मोबाईल फोन व एय़र बर्ड तथा वाटर हीटर, गीज़र, मिक्सर ग्राइंडर, वाटर प्यूरीफायर, फ्रेस व महंगे इलेक्ट्रोनिक्स सामान चोरी कर शोरूम मे रखे सामान गिराकर क्षतिग्रस्त भी किए ।  जिस पर से थाना अयोध्या नगर में अपराध क्र. 507/25 धारा 331(4), 305(ए) बी.एन.एस. का पंजीबध्द कर अनुसंधान मे लिया गया जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा त्वरित कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया। जिसके पालन में टीम गठित कर घटनास्थल के आसपास के फूटेज व मुखबीर तंत्र विकसित कर लगातार आरोपियों की तलाश पतारसी की गई । लगातार प्रयास करने पर बैंक ए.टी.एम में लगे सी.सी.टी.व्ही फुटेज के माध्याम से जानकारी एकत्रित की जिसके आधार पर  संदेही दीपक यादव को अभिरक्षा मे लेकर पूछताछ करने पर दीपक यादव ने अपने साथी तरूण उर्फ महेन्द्र मीना  के साथ मिलकर दिनांक 24.11.2025 की रात्री में गर्ग (फर्नीचर) एवं इलेक्ट्रोनिक्स शोरूम मे चोरी एवं तोड़फोड़ करना स्वीकार किया किया। बाद दीपक यादव की निसादेही पर पर अन्य आरोपी तरूण उर्फ महेन्द्र मीना को पकडा, दोनो आरोपियो ने अपना जुर्म स्वीकार किया जिनके कब्जे से गर्ग (फर्नीचर) एवं इलेक्ट्रोनिक्स शोरूम से चोरी किया गया इलेक्ट्रोनिक्स सामान एवं नगद सहित लगभग कुल 12 लाख रुपये का मसरुका जब्त किया गया। 

    आरोपी – 01. दीपक यादव पिता महेन्द्र यादव उम्र 19 वर्ष पता म.न. 127 बी सेक्टर अयोध्यान गर भोपाल। 
    स्थाई पता-  ग्राम इमलिया थाना/तहसील खनीया धाना जिला शिवपुरी मध्य प्रदेश। 

    शिक्षा- 10 वी
    व्यवसाय- सिक्युरीटी गार्ड। 

    अपराधिक रिकार्ड
    01. अप.क्र. 181/24 धारा 331(3),306 बी.एन.एस  थाना चूनाभट्टी भोपाल
    02. अप.क्र. 507/25 धारा 331(4),305(ए) बी.एन.एस  थाना अयोध्या नगर भोपाल

    02.तरूण उर्फ दीपक मीना पिता राजेश मीना उम्र 19 वर्ष पता ग्राम देहरी तहसील/थाना अहमदपुर जिला सीहोर। 
    हाल पता तुलसी लोधी का किराये का मकान दामखेड़ा थाना छोला मंदिर भोपाल 

    शिक्षा- 05 वी कक्षा 
    व्यवसाय- ड्रायवरी का काम। 

    आपराधिक रिकार्ड-
    01.- अप.क्र. 507/25 धारा 331(4),305(ए) बी.एन.एस  थाना अयोध्या नगर भोपाल

    सराहनीय भूमिका –  थाना प्रभारी श्री महेश लिल्हारे, उनि. सुदील देशमुख,  प्रआऱ 1177 अमित व्यास, प्रआर.3178 बृजेश सिंह, प्र.आर.2233 रूपेश सिंह जादौन, प्र.आऱ.2638 सुदीप राजपूत, प्र.आर.316 भागवत, आर.3040 अजय,  आर.3514 राजेश अन्नोटिया, आर.1055 प्रदीप दामले, आर.3457 भूपेन्द्र उईके,म.आर.3837 पल्लवी शर्मा (सायवर सेल) की सराहनीय भूमिका रही ।

  • बड़े तालाब की लहरों पर उड़ी स्पर्धा की रफ्तार, भोपाल में रोइंग खिलाड़ियों का जलवा

    भोपाल
    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बड़ा तालाब पर आठवीं इंटर स्टेट चैलेंजर्स व 45वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप में देश भर के रोइंग खिलाड़ी अपना दम दिखाने जुटे हैं। दो दिन भोपाल के मौसम से तालमेल बैठाने के बाद देश के इन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने अपना कौशल दिखाया। सीनियर वर्ग में छह और जूनियर वर्ग में चार इवेंट है। ठंडी हवाओं के बीच खिलाड़ियों का बड़ा तालाब पर आना शुरू हो गया था। एक घंटे बाद मुकाबले प्रारंभ हुए।

    23 राज्यों के लगभग 500 खिलाड़ी व ऑफिसिल्य भोपाल आए हुए हैं। बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चैंपियनशिप का शुभारंभ किया था। बाहर से आए खिलाड़ियों ने दो दिन तक भोपाल में मौसम के अनुकूल खुद को बनाया और प्रतियोगिता के लिए जमकर अभ्यास किया। इसलिए शुक्रवार को खिलाड़ी पूरे जोश के साथ हीटस में भाग ले रहे थे।
     
    खिलाड़ियों की परीक्षा की घड़ी
    मप्र रोइंग अकादमी के मुख्य प्रशिक्षक दलबीर सिंह राठौर ने बताया कि अगले दो दिन खिलाड़ियों की परीक्षा की घड़ी है, जिसने जितने मेहनत की होगी उसे उतनी सफलता मिलेगी। अन्य खिलाड़ियों के साथ हमारे खिलाड़ियों ने भी दो दिनों तक सभी ने जमकर अभ्यास किया है। अब शनिवार और रविवार को सेमीफाइनल व फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे। मप्र मेजबान है इसलिए हमारा दल सबसे बड़ा भी है और जीत का दावेदार भी। हमारे खिलाड़ी यहां के मौसम और चलने वाली तेज हवाओं से परिचित है, इसका लाभ उनके प्रदर्शन पर नजर आएगा।
     
    बोट क्लब का मौसम बहुत सुहावना है
    शुक्रवार को राजधानी का मौसम बहुत ही सुहावना था। भारी संख्या में दर्शक वाटर स्पोटर्स की गतिविधियां देखने पहुंचे थे। बडे तालाब के जिस स्थान पर रोइंग चैंपियनशिप आयोजित हो रही है, उसे बोट क्लब कहा जाता है। यह राजधानी का सबसे सुंदर स्थान है, जहां सुबह और शाम भारी संख्या में लोग आते है।

    बोट क्लब के एक तरफ रंग बिरंगी व्यावासयिक नावें कुलांचे भर रही थी तो दूसरी तरफ सफेद बतखे पर्यटकों का मनमोह रही थी। वहीं देशभर के खिलाड़ी अपने खेल कौशल से उपस्थित दर्शकों की प्रशंसा बटोर रहे थे। तालाब पर उठने वाली पानी की लहरे समुद्र का अहसास करा रही थी। इस चैंपियनशिप में भाग लेने आए खिलाड़ी और प्रशिक्षकों ने भी बड़े तालाब की सराहना की।

  • 441 करोड़ के हवाला नेटवर्क का भंडाफोड़: केके श्रीवास्तव और बेटे की विदेशों में गुप्त निवेश कहानी सामने आई

    रायपुर

    पूर्व कांग्रेस सरकार में ठेका दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले कथित तांत्रिक कृष्ण कुमार श्रीवास्तव उर्फ केके के खिलाफ पेश चार्जशीट में तेलीबांधा पुलिस ने कई खुलासे किए हैं. पुलिस का दावा है कि केके और उसके बेटे कंचन ने हवाला के जरिए करोड़ों रुपए भेजकर चीन और ऑस्ट्रेलिया में निवेश किए हैं. दोनों के बैंक खातों की जांच में 441 करोड़ रुपए के लेन-देन का रिकॉर्ड मिला है.

    पुलिस के मुताबिक, पिछली सरकार में बिलासपुर निवासी केके श्रीवास्तव बेहद प्रभावशाली था. वह कई बड़े नेताओं से जुड़ा हुआ था. उसने नोएडा की रावत एसोसिएट कंपनी के मालिक अर्जुन सिंह को स्मार्ट सिटी के तहत 500 करोड़ के ठेके दिलाने का झांसा दिया और उनसे 15 करोड़ रुपए ले लिए.

    कार से भागा नागपुर, फिर दिल्लीः तेलीबांधा थाने में एफआईआर होने के बाद केके और कंचन फरार हो गए थे. जांच में पाया गया कि युवा कांग्रेसी नेता आशीष शिंदे अपनी कार CG 04PP 0007 में केके को छिपाकर नागपुर ले गया. वहां कुछ दिन रहने के बाद दोनों दिल्ली पहुंचे. लगभग एक महीने तक वहां छिपे रहने के बाद केके भोपाल आया और शिंदे रायपुर लौट गया. लंबी जांच के बाद पुलिस ने 24 जून को केके को भोपाल से गिरफ्तार किया है.

    5 खातों में 15 करोड़ रुपए ट्रांसफर: अर्जुन सिंह ने ठेका मिलने की उम्मीद में 10 से 17 जुलाई 2023 के बीच कंचन और केके को 15 करोड़ रुपए भेजे. यह रकम अकाउंट R 14900500, 500000, 0026050, 10126077, 001063400 में ट्रांसफर की गई. इनमें से तीन खाते बिलासपुर के अब्बास अली के नाम पर हैं, जो केके श्रीवास्तव के लिए काम करता था. पिता-पुत्र लगातार अर्जुन से संपर्क में थे, और उन्हें वाट्सएप पर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े फर्जी दस्तावेज भेजते रहे, जिससे अर्जुन को भरोसा हो गया कि वह काम दिला देंगे. कुछ रकम लौटाने के बाद बाकी पैसा वापस नहीं किया गया. दोनों ने पैसे को निजी उपयोग में खर्च कर दिया.

    सीबीआई और ईडी करेगी जांच: चार्जशीट में मनी लॉन्ड्रिंग और महादेव सट्टा बुक से संबंध का उल्लेख किया गया है. रिपोर्ट ईडी और सीबीआई को भेजी गई है. ईडी ने जांच शुरू कर दी है और सीबीआई भी जल्द पूछताछ करेगी. महादेव सट्टा मामले की जांच सीबीआई कर रही है और अब तक 120 से अधिक लोगों के बयान लिए जा चुके हैं. इस मामले में केके श्रीवास्तव का नाम सामने आया है. सूत्रों के अनुसार, सीबीआई दिसंबर में पहला चार्जशीट दाखिल करने वाली है. इसमें गिरफ्तार आईपीएस और रापुसे अधिकारियों को बड़ी राहत मिल सकती है.

    कंचन घूम रहा, रिकॉर्ड में फरार: पुलिस ने कंचन और अब्बास अली को फरार बताया है. जबकि कंचन को रायपुर और बिलासपुर में देखा गया है. पुलिस ने उसे बनारस से हिरासत में लिया था उसे पूछताछ कर छोड़ दिया, जबकि एफआईआर में भी नामजद आरोपी है.

  • विधायक गोपालसिंह इंजीनियर के प्रयास रंग लाये,50 ग्राम पंचायतों में 25-25 लाख के सामुदायिक भवन निर्माण की मिली स्वीकृति

    11 करोड़ 75 लाख हुए स्वीकृत, सरपंचों ने विधायक का किया आभार व्यक्त

    सीहोर

    मध्य प्रदेश के सीहोर अंतर्गत आष्टा जिला में विधायक के नेतृत्व में जब लक्ष्य तय हो,ओर लक्ष्य को पाने का दृढ़ निश्चय हो तो सफलता और सौगात मिलती ही है । यही कारण है की जब से आष्टा विधायक के रूप में क्षेत्र की देवतुल्य जनता ने अपना आशीर्वाद भाजपा के विधायक गोपालसिंह इंजीनियर को दिया है तभी से वे इस क्षेत्र को लगातार विकास की सौगातें दिन रात कड़ी मेहनत कर आष्टा विधानसभा क्षेत्र को दिला रहे है । क्षेत्र के दौरों के दौरान लगातार ग्रामीणों ने अपनी अपनी पंचायतों में सार्वजनिक कार्यो एवं कार्यक्रमो को करने के लिये पंचायतों में सामुदायिक भवनों की मांग की गई थी । ग्रामीण जनों,ग्राम पंचायतों के सरपंचों की मांग पर विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को अपने आष्टा विधानसभा क्षेत्र की करीब 50 पंचायतों के लिये एक एक सामुदायिक भवन स्वीकृत करने की मांग के प्रस्ताव सौपे ओर लगातार किये गये प्रयासों के परिणाम स्वरूप 25-25 लाख की लागत से 50 पंचायतों में सामुदायिक भवन निर्माण के लिये 11 करोड़ 75 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई है ।

    विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने जानकारी देते हुए बताया की मप्र शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने आष्टा विधानसभा क्षेत्र की जनपद

    पंचायत आष्टा की ग्राम पंचायत
    पाड़ालिया राम,पारदीखेड़ी,बफापुर (ढाकनी ),बमुलिया रायमल,बरखेड़ा,बरछापुरा,बेदाखेडी,भंवरा,भूफोड़,भेरूपुर,मुगली, मोलूखेड़ी,रसूरपुरा,रामपुरा कलां,लसूडिया पार,लसूडिया सूखा,लोराँस कलॉ,शंभुखेड़ी,,सामरदा,सेंन्धोखेड़ी ,सेवदा,हसैनपुरा खेड़ी,अतरालिया,अरनिया गाजी,अरोलिया आष्टा,आमला मज्जू,कजलास,कल्याणपुर,कानराखेड़ी,किलेरामा,कुमडावदा,खजूरिया जावर,खडी हाट,गाजना,चाचरसी, चिन्नोठा,चुपडिया,जगमालपुर, जताखेड़ा,जीवापुर महोडिया,झिलेला,टाण्डा,टिगरिया, डाबरी,डूका,नवरंगपुर,नौगांव, पगारिया राम,पटारिया गोयल के लिये एक एक सामुदायिक भवन निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हो गई है ।

  • जबलपुर प्रशासन की अनोखी पहल: SIR में बेहतरीन काम करने वाले बीएलओ को हेलीकॉप्टर राइड

    जबलपुर
    मतदाता सूचना विशेषा गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कार्य के दबाव में सामने आ रहे कर्मचारियों को अटैक के मामलों के बीच शहर से अच्छी खबर है। जिला प्रशासन द्वारा बीएलओ के तनाव को कम करने के लिए अच्छा काम करने वालों को सम्मानित किया जा रहा है। सभी बूथों के 100 फीसदी गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा करने पर प्रशासन ने बीएलओ सुपरवाइजर स्नेहलता पटेल को सम्मानित कर जबलपुर से कान्हा और बांधवगढ़ की हवाई यात्रा भी कराई। ऐसे ही अन्य बीएलओ को नकद पुरस्कार के साथ उनके तनाव को कम करने के लिए मूवी टिकट भी प्रशासन दे रहा है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देशानुसार बीएलओ एवं सुपरवाइजरों को प्रोत्साहित करने के लिए अनूठी पुरस्कार योजना शुरू की गई है। स्नेहलता पटेल को पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा से जाय राइड इसी पहल का हिस्सा है।
     
    उन्होंने इस सम्मान के लिए कलेक्टर का आभार व्यक्त किया और सभी बीएलओ को निष्ठा एवं लगन से कार्य करने का संदेश दिया। स्नेहलता पटेल को पनागर विधानसभा के बूथ क्रमांक 52 से 61 तक कुल 10 बूथों के सत्यापन और डिजिटाइजेशन का दायित्व सौंपा गया था। उनके अधीन 7,706 मतदाताओं के गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन मंगलवार को पूरा कर लिया गया था।

    73.34 फीसदी गणना पत्रक हुए डिजिटाइज
    जिले में मतदाताओं से प्राप्त गणना प्रपत्रों में से 73.34 प्रतिशत गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा कर लिया गया है। जिले में कुल मतदाताओं की संख्या 19 लाख 25 हजार 472 है। इनमें से अभी तक 14 लाख 12 हजार 151 मतदाताओं के गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन किया जा चुका है।

    पाटन विधानसभा में 86 प्रतिशत डिजिटाइजेशन
    शुक्रवार की रात आठ बजे की रिपोर्ट के अनुसार 86.50 प्रतिशत गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन के साथ पाटन विधानसभा जिले की आठो विधानसभा क्षेत्रों में पहले स्थान पर है। मतदाताओं से प्राप्त गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन में विधानसभा क्षेत्र सिहोरा 85.04 फीसदी के साथ दूसरे तथा विधानसभा क्षेत्र बरगी 84.20 फीसदी गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन के साथ जिले में तीसरे स्थान पर है। 78.10 फीसदी के साथ पनागर चौथे, 67.41 फीसदी के साथ उत्तर पांचवें एवं 61.81 फीसदी के साथ कैंट छठे स्थान पर है। वहीं पश्चिम में 59.94 और पूर्व में 59.94 फीसदी गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन हुआ है।

  • इंडोर स्टेडियम की लापरवाही पर कार्रवाई तेज, ठेकेदार पर गिरी गाज—ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी

    रायपुर

    नगर निगम के सभापति सूर्यकांत राठौड़ ने गुरुवार को सरदार बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान परिसर में भारी गंदगी, कचरे के ढेर और साफ-सफाई की पूरी तरह से कमी देखकर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई.

    तत्काल सफाई अभियान के निर्देश

    सभापति राठौड़ ने मौके पर ही जोन-4 के कार्यपालन अभियंता शेखर सिंह को बुलाकर स्टेडियम का निरीक्षण कराया और उन्हें तुरंत नगर निगम की टीम भेजकर सफाई अभियान शुरू करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि स्टेडियम में प्राथमिकता के आधार पर स्वच्छता बहाल की जाए.

    ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी

    राठौड़ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि स्टेडियम की सफाई का जिम्मा संभाल रहे ठेकेदार द्वारा यदि तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो उसका ठेका रद्द कर उसे नगर निगम की ब्लैकलिस्ट में डाल दिया जाएगा.

    सीवरेज चैंबर्स के टूटे ढक्कन भी बने समस्या

    निरीक्षण के दौरान सभापति ने स्टेडियम की सीवरेज लाइन के कई चैंबर्स को खुले और ढक्कन टूटा हुआ पाया. इसे गंभीर सुरक्षा संकट मानते हुए उन्होंने कार्यपालन अभियंता को निर्देश दिया कि सभी टूटे ढक्कनों को तत्काल बदलवाया जाए, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे.

    राठौड़ ने स्पष्ट कहा कि इंडोर स्टेडियम जैसी महत्वपूर्ण सार्वजनिक सुविधा में गंदगी और अव्यवस्था किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और नगर निगम सख्त रवैया अपनाएगा.

  • मंदसौर मामला: ज्वाइंट कलेक्टर की पत्नी ने लगाए दहेज प्रताड़ना और जबरदस्ती गर्भपात के आरोप, 2018 में हुई थी शादी

    मंदसौर

    जिले के ज्वाइंट कलेक्टर राहुल चौहान के खिलाफ दहेज प्रताड़ना की FIR इंदौर में दर्ज की गई है। उनकी पत्नी निर्मला चौहान ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद से ही उन्हें दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया और कम दहेज मिलने पर मारपीट की गई। निर्मला ने यह भी आरोप लगाया है कि पति ने योजनाबद्ध तरीके से अबॉर्शन भी कराया। अधिकारी होने के दबाव के कारण पहले रिपोर्ट दर्ज नहीं हो पा रही थी, लेकिन अब महिला थाना पुलिस ने सामान्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।

    2018 में हुई थी शादी

    निर्मला चौहान (32) की रिपोर्ट पर महिला थाना पुलिस ने 27 नवंबर को राहुल चौहान के खिलाफ दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961-1, 4, भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 115(2), 296 (b) और 85 के तहत केस दर्ज किया था। इस मामले की जानकारी 28 नवंबर को सामने आई। निर्मला और राहुल चौहान की शादी 16 दिसंबर 2018 को हुई थी। उस समय राहुल चौहान ट्रेनी डिप्टी कलेक्टर थे। शादी के अगले दिन से ही पति ने मारपीट शुरू कर दी थी।

    तब डेप्युटी कलेक्टर थे राहुल चौहान

    मामले की जानकारी देते हुए कलेक्टर की पत्नी निर्मला चौहान ने बताया कि 'मेरी शादी 16 दिसंबर 2018 को हुई थी। तब राहुल चौहान ट्रेनी डिप्टी कलेक्टर थे। परिवारवालों की मर्जी से शादी हुई थी। मेरी मां ने अपनी हैसियत अनुसार गृहस्थी का सारा सामान दिया था। शादी के अगले दिन से ही मेरे पति मुझे कम दहेज मिलने की बात पर प्रताड़ित कर गालियां देते हुए मारपीट करने लगे।'

    मायके छोड़ा फिर लेने नहीं गए

    कुछ दिन बाद निर्मला की मां ने ससुर को जमीन रजिस्ट्री के लिए 50 हजार रुपए दिए थे। इसके बाद निर्मला अपने पति के साथ खरगोन में रहने लगी। जून 2019 में राहुल चौहान निर्मला को यूपीएससी की तैयारी के लिए दिल्ली ले गए। वहां भी राहुल ने निर्मला के साथ मारपीट की। 31 जुलाई 2019 को राहुल निर्मला को उनकी मां के घर छोड़कर चले गए और तलाक देने की धमकी दी। इसके बाद कुछ माह तक वह निर्मला को लेने नहीं आए। राहुल चौहान वर्तमान में मंदसौर के ज्वाइंट कलेक्टर पद पर पदस्थ हैं।

    दूसरी महिलाओं से संबंध के आरोप

    पीड़िता ने पति पर दहेज की मांग, मारपीट, मानसिक उत्पीड़न और दूसरी महिला से संबंध रखने के गंभीर आरोप लगाए हैं। सितंबर 2019 में जब राहुल चौहान इंदौर आए थे, तब निर्मला उनके साथ खरगोन उनके घर रहने चली गई थी। 21 सितंबर 2019 को पति ने यह कहते हुए निर्मला का मोबाइल तोड़ दिया कि उसकी मां ने दहेज में लाखों रुपए नहीं दिए हैं। जब निर्मला ने असमर्थता जताई, तो पति ने उसके साथ मारपीट की, जिससे उसके हाथ में चोट आई और उसे घर से निकाल दिया गया।

    2020 में मारपीट से हुआ मिसकेरेज

    इसके बाद निर्मला ने खरगोन थाने में शिकायत दर्ज कराई और मां के साथ इंदौर लौट आई। खरगोन में दो-तीन बार परामर्श केंद्र में समझौते का प्रयास किया गया, लेकिन पति ने निर्मला को रखने से इनकार कर दिया। 2020 में गर्भावस्था के दौरान भी पति ने निर्मला को प्रताड़ित किया, जिसके कारण उसका मिसकेरेज हो गया। उसका इलाज बॉम्बे अस्पताल, इंदौर में चला। इसके बाद वह मां के साथ मायके में रहने लगी। कुछ समय बाद जब वह पति के पास धार गई, तो उसे पता चला कि उसका पति किसी अन्य महिला के साथ रह रहा है। निर्मला का कहना है कि पति जहां-जहां पदस्थ रहा, वहां-वहां उसने उसके साथ उत्पीड़न किया।

    तलाक के लिए बनाया दवाब

    सरदारपुर में सरकारी आवास में रहने के दौरान पति लगातार तलाक के लिए दबाव बनाता रहा। 17 जुलाई 2022 को पारिवारिक बैठक भी हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला और पति घर छोड़कर चला गया। कुछ दिन वह वहां अकेली रही, फिर अपनी मां के पास इंदौर आ गई। तब से वह मायके में रह रही है। निर्मला का आरोप है कि उसे दहेज की मांग को लेकर लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

    थाने में नहीं ली शिकायत

    पीड़िता के अधिवक्ता प्रवीण कचोले का कहना है कि आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करवाने में उन्हें कई स्तरों पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी का राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर प्रभाव है। पहली बार जब सरदारपुर थाने में शिकायत दी गई तो यह कहकर आवेदन लेने से इनकार कर दिया गया कि आरोपी वरिष्ठ अधिकारी है।

    सारे आरोप निराधार, पत्नी ने 1 करोड़ रुपए मांगे

    वहीं, मामले में राहुल चौहान ने नवभारत टाइम्स से बातचीत में अपने उंपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि साढ़े तीन साल से तलाक का केस चल रहा है, जिसे उन्होंने खुद ही फैमिली कोर्ट में दायर किया था। अबॉर्शन करवाने का आरोप पूरी तरह से झूठा है। उन्होंने कहा कि बॉम्बे हॉस्पिटल के सारे दस्तावेजों से सत्यता जांची जा सकती है। इस दौरान इलाज का लगभग 15 लाख रुपए का खर्च उन्होंने स्वयं उठाया।

    एसडीएम राहुल चौहान ने बताया कि उनकी शादी अंतरजातीय थी और उनकी पत्नी से मुलाकात फेसबुक के जरिए हुई थी। पत्नी के परिवार में केवल मां हैं और उनकी बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। पिता का निधन 1–2 साल की उम्र में हो गया था और मां शासकीय क्लर्क हैं। उन्होंने कहा कि सबकुछ जानने के बाद भी उन्होंने शादी करने का निर्णय लिया। उन्होंने अपनी शिक्षा का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने नवोदय विद्यालय से पढ़ाई की और एमपीपीएससी प्रीलिम्स पहले ही प्रयास में क्लियर कर लिया। मध्यप्रदेश शासन से प्रोत्साहन राशि मिलने के बाद दिल्ली जाकर सेकेंड अटैम्प में एमपीपीएससी क्लियर किया।

    राहुल चौहान ने कहा कि पत्नी से उत्पीड़ित महसूस करने के कारण उन्होंने खुद तलाक का केस फैमिली कोर्ट, इंदौर में दायर किया। साढ़े तीन साल से यह केस चल रहा है। वहीं, पत्नी ने उनके खिलाफ घरेलू हिंसा का केस दायर किया है, जो अब भी कोर्ट में विचाराधीन है। उन्होंने बताया कि वे 15 हजार रुपए मेंटेनेंस दे रहे थे, लेकिन पत्नी असंतुष्ट थी और अधिक मेंटेनेंस की मांग के लिए कोर्ट में अपील की। एसडीएम ने कहा कि वे जनजातीय वर्ग से हैं और उनके परिवार की परंपरा में दहेज नहीं चलता। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर उन्हें दहेज लेना होता तो क्या वे ऐसे घर में शादी करते? उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी ने उनसे 1 करोड़ रुपए की मांग की थी।

     

  • शिक्षिका के अपहरण का पर्दाफाश: ऑटो चालक ने पूछताछ में कबूला अपना जुर्म

     दुर्ग

     जिले में शुक्रवार को सामने आए शिक्षिका के अपहरण के प्रकरण का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए न केवल अपहृत शिक्षिका को सकुशल बरामद कर लिया, बल्कि अपहरण की साजिश रचने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजने की तैयारी शुरू कर दी है।

    पति को आया फिरौती का कॉल, मांगे गए 5 लाख रुपये

    बता दें कि शिक्षिका राधा साहू के पति मुकेश साहू को उनकी पत्नी के मोबाइल नंबर से एक अज्ञात कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को अपहरणकर्ता बताते हुए कहा कि राधा साहू उसके कब्जे में हैं और उनकी सुरक्षित रिहाई के बदले पांच लाख रुपये की फिरौती की मांग की।

    कॉलर ने धमकी देते हुए कहा कि पैसे नहीं मिलने पर वह महिला को गंभीर नुकसान पहुंचाएगा। यह सुनकर मुकेश साहू घबरा गए और तुरंत छावनी थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई।

    आरोपी तक कैसे पहुंची पुलिस ?

    शिकायत मिलते ही एसएसपी विजय अग्रवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए छावनी थाना पुलिस व एसीसीयू टीम को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कॉल डिटेल ट्रेस कर जांच आगे बढ़ाई। मोबाइल लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड्स ने पुलिस को पेशे से ऑटो चालक इंतखाब आलम तक पहुंचाया।

    पुलिस ने इंतखाब आलम को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो पूरा सच सामने आ गया। आरोपी ने बताया कि पिछले तीन साल से वह राधा साहू को भिलाई सेक्टर-8 स्थित निजी स्कूल तक लाने-ले जाने का काम करता था। इस दौरान राधा साहू के सरल और सहायक स्वभाव का फायदा उठाते हुए आरोपी ने उनसे अपनी गरीबी, कर्ज, और माली परेशानी की कहानियां सुनाईं। शिक्षिका उसकी बातों पर विश्वास कर समय-समय पर आर्थिक मदद देती रहती थीं, लेकिन धीरे-धीरे इंतखाब का लालच बढ़ता गया।

    कर्ज चुकाने और नई ऑटो खरीदने के बहाने मांगे 5 लाख

    पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने शिक्षिका से कर्ज पटाने और नई ऑटो खरीदने के नाम पर पाँच लाख रुपये की मांग की थी। जब राधा साहू ने इनकार किया, तो इंतखाब ने पैसे निकालने के लिए एक फर्जी अपहरण की साजिश रच डाली।

    आरोपी ने किया अपहरण, फिर की फिरौती वसूलने की कोशिश

    योजना के अनुसार इंतखाब ने शिक्षिका को अपने जाल में फंसाया और उनके मोबाइल फोन से पति को कॉल कर फिरौती मांगी, लेकिन पुलिस की तेज और तकनीकी जांच ने उसकी चाल जल्दी पकड़ ली और कुछ ही घंटों में शिक्षिका को सुरक्षित बरामद कर लिया। पुलिस ने आरोपी इंतखाब आलम से मोबाइल फोन, ऑटो जब्त और शिक्षिका की सिम जब्त किया है। आरोपी पर अपहरण, फिरौती और धमकी देने के गंभीर आरोपों में केस दर्ज किया गया है। उसे जेल भेजने की तैयारी शुरू कर दी गई है।