• हत्याकांड मामले में राहत: हाईकोर्ट ने कहा—फिलहाल नहीं चलेगा बुलडोजर, 15 दिन की रोक

    जबलपुर
    हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने कटनी में भाजपा नेता नीलू रजक की गोली मारकर हत्या के आरोपित अकरम खान का मकान गिराने पर 15 दिन की रोक लगा दी है। कोर्ट ने 15 दिन के भीतर अगर चाहे युगलपीठ में अपील के लिए भी स्वतंत्र किया है। मामले की सुनवाई में कोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ता के पास मकान के वैध दस्तावेज नहीं है। हत्या के आरोपित अकरम खान के भाई इमरान खान ने मकान तोड़ने को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता मोहम्मद इमरान खान की ओर से कोर्ट को बताया गया कि उसके भाई अकरम खान और नेल्सन जोसेफ को नीलू रजक की 28 अक्टूबर को गोली मारकर हत्या के आरोप में कटनी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

    कैमोर नगर परिषद ने मकान को गिराने के लिए नोटिस जारी किया है जिसे की कोर्ट में चुनौती दी गई। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह और पैनल अधिवक्ता आकाश मालपाणी ने पक्ष रखते हुए बताया कि यह याचिकाकर्ता के पास मालिकाना हक और निर्माण की अनुमति से संबंधित दस्तावेज नहीं है।

    मकान मोहम्मद इमरान खान की मां के नाम पर जरूर है, लेकिन उनके पास सिर्फ एग्रीमेंट के दस्तावेज है। ऐसे में, उनके विरुद्ध की जा रही कार्रवाई सही है। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता के पास कोई दस्तावेज न होने पर उसे राहत नहीं दी जा सकती। हालांकि बुलडोजर एक्शन से संबंधित मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों के मद्देनजर याचिकाकर्ता के विरुद्ध कार्यवाही पर 15 दिन के लिए रोक लगा दी गई है।

    कोर्ट ने यह भी कहा कि 15 दिन में यदि कोई कानूनी बाधा न हो तो प्रशासन नोटिस के मुताबिक कार्यवाही करने के लिए स्वतंत्र होगा। याचिकाकर्ता की और से कोर्ट में पैरवी कर रहे उत्कर्ष अग्रवाल ने एकलपीठ के आदेश को युगलपीठ में चुनौती देने की तैयारी शुरू कर दी है।

  • छत्तीसगढ़ की दिव्यांग खिलाड़ी एशियन पैरा गेम्स 2025 में चुनी गईं, स्पॉन्सरशिप जुटाने की दरकार

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ की दो होनहार दिव्यांग पैरा खिलाड़ी- परलीन कौर और हुलसी मरकाम ‘यूथ पारा एशियन गेम्स 2025’ के लिए चयनित हुई हैं. वर्षों की कड़ी मेहनत, संघर्ष और लगन का फल हासिल करने के बाद दोनों खिलाड़ियों ने राज्य का नाम रोशन किया है. परलीन दृष्टिबाधित हैं, जबकि कवर्धा की हुलसी मरकाम एक हाथ से वंचित हैं. राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीत चुकी ये खिलाड़ी अब आर्थिक संकट से जूझ रही हैं.

    एशियन पैरा गेम्स में भाग लेने के लिए आवश्यक स्पॉन्सरशिप राशि जुटाना दोनों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है. दोनों खिलाड़ियों ने कलेक्टर, विधायक और अलग-अलग जनप्रतिनिधियों से आर्थिक सहायता की अपील कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस सहयोग नहीं मिल पाया है. वहीं स्पॉन्सर राशि जमा करने की अंतिम तिथि 1 दिसंबर 2025 तय है, जिससे चिंता और बढ़ गई है. अब उनकी आखिरी उम्मीद प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से है.

    खिलाड़ियों ने कहा कि “मुख्यमंत्री जी से विनती है कि हमारा साथ दें. हम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य और देश का नाम गर्व से ऊंचा करेंगे. यदि दिव्यांग बेटियां आगे बढ़ेंगी, तो पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बनेंगी. हमने सिर्फ एक सपना देखा है कि हमें देश और छत्तीसगढ़ का नाम दुनिया में ऊंचा करना है. सरकार सहयोग करे तो हम अंतरराष्ट्रीय मंच से पदक जीतकर लौट सकते हैं.”

    छत्तीसगढ़ की ये बेटियाँ न सिर्फ खेल में बल्कि जीवन के हर मोर्चे पर संघर्ष की मिसाल बन चुकी हैं. ऐसे में इनकी मदद करना केवल खेल का समर्थन नहीं, बल्कि प्रदेश की बेटियों के उज्ज्वल भविष्य को नई दिशा देने जैसा है.

  • शादियों पर ब्रेक! 5 दिसंबर से लग रहा खरमास, फरवरी में फिर बजेगी शहनाई

    भोपाल 
    देव उठनी एकादशी के बाद से शुरू हुए वैवाहिक सीजन में अब इस साल सिर्फ आधा दर्जन मुहूर्त ही शेष बचे हैं। नवंबर और 5 दिसंबर तक शादियों के गिने चुने मुहूर्त में मांगलिक कार्य हो सकेंगे, लेकिन इसके बाद शुक्र गृह अस्त और खरमास की वजह से शादियां अब सीधे फरवरी माह में ही हो सकेंगी। शादियों के कुछ मुहूर्त ही शेष होने से बाजार में खरीदी के लिए लोगों की भीड़ नजर आ रही है। देवउठनी एकादशी के बाद वैवाहिक सीजन विलंब से शुरू होने से इस बार विवाह के कम मुहूर्त ही थे।

    विवाह में 5 दिसंबर से रोक, सीधे फरवरी में होगी शादियां
    ज्योतिषाचार्य पं. रामगोविंद शास्त्री के अनुसार नवंबर माह में 29,30 और दिसंबर में 1,4,5 दिसंबर ही विवाह के लिए शुभ मुहूर्त हैं। कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की देव उठनी एकादशी के दिन श्रीहरि विष्णु के चार माह की निद्रा से जागने के बाद मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है। इस बार 16 नवंबर को सूर्य के तुला राशि से निकलकर गोचर के बाद करने के बाद शुद्ध वैवाहिक मुहूर्त शुरू हुए, लेकिन खरमास और शुक्र गृह के अस्त होने से जनवरी में शादियां नहीं होंगी।इस दौरान भी विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण आदि मांगलिक कार्य पर विराम लगता है। इसके बाद विवाह के मुहूर्त 4 फरवरी के बाद से शुरू होंगे।
     
    जनवरी में नहीं होंगी शादियां, साल 2026 में 59 शुभ मुहूर्त
    वर्ष 2025 में शादियों के लिए विवाह के कुल 75 मुहूर्त थे। इनमें से 50 मुहूर्त से अधिक मुहूर्त जनवरी से जून के बीच थे। इसके बाद जुलाई से अक्टूबर से चातुर्मास के चलते कोई विवाह मुहूर्त नहीं थे। बात अगर 2026 की करें तो इसमें 59 विवाह का मुहूर्त हैं। इस अनुसार यह वर्ष भी वैवाहिक आयोजन के लिए अनुकूल माना जा रहा है।जनवरी को छोड़ दिया जाए तो फरवरी में 12 दिन शुभ मुहूर्त पर विवाह होंगे। इसके बाद मार्च में नौ, अप्रैल-मई में आठ-आठ, जून में सात और जुलाई में चार दिन विवाह मुहू्र्त रहेंगे। इसके बाद नवंबर में चार और दिसंबर में सात दिन विवाह होंगे।

    14 जनवरी तक रहेगा खरमास
    16 दिसंबर को सूर्य देव धनु राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं, जिससे खरमास की शुरुआत हो जाएगी। वहीं खरमास का समापन 14 जनवरी 2026 को होने जा रहा है। ऐसे माना जाता है कि इस दौरान किए गए शुभ कार्यों में देवगुरु बृहस्पति और सूर्य देव की कृपा प्राप्त नहीं होती, जिससे उस कार्य से शुभ परिणाम नहीं मिलते। ऐसे में इस दौरान विवाह, मुंडन और गृह प्रवेश आदि जैसे कार्य करने की मनाही होती है। विवाह के लिए ग्रहों की शुभता आवश्यक माना गया है। शुक्र अस्त होने के कारण भी शादियां नहीं होती हैं।

  • अचल संपत्ति शुल्क में सुधार के लिए चैंबर ऑफ कॉमर्स ने वित्त मंत्री से की बैठक

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी से मुलाकात की. इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व चैंबर के अध्यक्ष सतीश थौरानी ने किया. बैठक के दौरान, चैंबर ने प्रदेश में लागू नई गाइडलाइन दरों और अचल संपत्ति के पंजीयन शुल्क से जुड़ी तकनीकी चुनौतियों पर अपने सुझाव वित्त मंत्री के समक्ष रखे.

    चैंबर ने सुझाव दिया कि अचल संपत्तियों के मूल्यांकन और शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया को इस प्रकार संशोधित किया जाए, जिससे आवासीय खरीददारों, उद्यमियों, व्यापारिक संस्थाओं और रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े सभी वर्गों को राहत मिले. इसके साथ ही, इन बदलावों के जरिए राज्य में निवेश और व्यापारिक गतिविधियों को और अधिक सुगम बनाने का प्रस्ताव रखा गया.

    सतीश थौरानी ने कहा कि वित्त मंत्री ने चैंबर के सुझावों को गंभीरता से सुना और सकारात्मक प्रतिक्रिया दी. उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि सभी सुझावों पर विभागीय स्तर पर गहन विचार-विमर्श और अध्ययन किया जाएगा.

    इस बैठक में चैंबर के कई प्रमुख सदस्य भी उपस्थित थे, जिनमें सलाहकार तिलोकचंद बरडिया, कार्यकारी अध्यक्ष राधाकृष्ण सुंदरानी, राजेश वासवानी, जसप्रीत सिंह सलूजा, जितेन्द्र शादीजा, मनीष प्रजापति, राकेश वाधवानी, जतिन नचरानी, हरचरण सिंह साहनी, और अमित गोयल प्रमुख रूप से शामिल थे.

  • ओडिशा से भेजा गया 611 कट्टा धान जब्त, पुलिस ने मक्का बाड़ी में किया कार्रवाई

     गरियाबंद

    सरकारी समर्थन मूल्य पर प्रदेश में हो रही धान खरीदी के बीच पड़ोसी राज्यों से अवैध रूप से धान खपाने का क्रम जारी है. इस कड़ी में अमलीपदर पुलिस ने 611 कट्टा धान के साथ ट्रक को जब्त किया है.

    देर रात मुखबिर से मिली सूचना पर कार्रवाई करते हुए अमलीपदर पुलिस ने कांडेकेला के मक्का बाड़ी में डंप धान और ट्रक को जब्त किया. ट्रक में 415 बोरी डंप के साथ बाड़ी में डंप 196 बोरी धान को जब्त किया गया है, जिसकी कीमत साढ़े सात लाख रुपए आंकी गई है. इसके पहले भी पुलिस ने धान से भरे आधा दर्जन वाहन जब्त कर चुकी है.

  • भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन ने सुरक्षा गड़बड़ी पर उठाया कड़ा कदम, दो वरिष्ठ अधिकारी निलंबित

    दुर्ग

    भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के शीर्ष प्रबंधन ने बीते कुछ समय में कार्यस्थल पर हुए कर्मचारियों की मृत्यु और घायल होने की घटना को गंभीरता से लेते हुए कड़ा रुख अपनाया है. सिंटर प्लांट-3 के महाप्रबंधक शंकर मोरी और उर्जा प्रबंधन विभाग के महाप्रबंधक सुब्रमणि रमणी को निलंबित कर दिया है. इसके अलावा उर्जा प्रबंधन विभाग के दो कार्यपालकों को चेतावनी पत्र जारी किया है. वहीं दो महाप्रबंधकों को एडवाइजरी पत्र प्रदान किए गए हैं.

    जीरो टॉलरेंस की नीति
    प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि असुरक्षित कार्य और असुरक्षित कार्यप्रणाली के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पहले की तरह आगे भी कड़ाई से लागू रहेगी.  सुरक्षा संस्कृति को मजबूत बनाना प्रत्येक स्तर पर सामूहिक उत्तरदायित्व है, और किसी भी प्रकार की लापरवाही या असुरक्षित व्यवहार को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा. इसी संदर्भ में दुर्घटना-जनित परिस्थितियों और सुरक्षा संबंधी चूक की गंभीरता को देखते हुए कठोर प्रशासनिक कदम उठाए गए हैं.

    सभी घटनाओं का मूल कारण विश्लेषण किया गया है, ताकि प्रत्येक पहलू का तथ्यपरक मूल्यांकन हो सके. साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए आवश्यक सुधारात्मक और निवारक उपायों की रूपरेखा तैयार कर संबंधित विभागों को कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं.

  • CM मोहन यादव के बेटे की शादी बनेगी प्रेरणा स्रोत, सामाजिक संदेश के साथ होगी भव्य और सादगीपूर्ण

    उज्जैन 

    सत्ता के गलियारों में जहां शादियाँ अक्सर वैभव, शक्ति और प्रतिष्ठा के प्रदर्शन का माध्यम बन जाती हैं, वहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक अलग मिसाल पेश कर रहे हैं। 30 नवंबर को उनके छोटे बेटे अभिमन्यु यादव का विवाह इशिता यादव पटेल से उज्जैन में क्षिप्रा नदी के तट पर एक साधारण और बेहद सादगीपूर्ण समारोह में संपन्न होगा। इसी कार्यक्रम में 21 अन्य जोड़े भी विवाह बंधन में बंधेंगे।

    एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, “यहां न कोई भव्य सजावट होगी, न चमक-दमक भरे हॉल, न दिखावा। यह समारोह केवल उन मूल्यों पर केंद्रित है जो वास्तव में मायने रखते हैं।'' उन्होंने कहा कि सभी मेहमानों से उपहार नहीं लाने का अनुरोध भी किया गया है। वैसा ऐसा पहली बार नहीं है। मुख्यमंत्री के बड़े बेटे वैभव यादव की शादी भी पिछले वर्ष राजस्थान में अत्यंत सरल तरीके से संपन्न की गई थी। अधिकारियों का कहना है कि इस निर्णय के पीछे CM यादव का स्पष्ट संदेश है— “प्यार, सम्मान और सामाजिक सद्भाव किसी भी दिखावटी ऐश्वर्य से कहीं बड़े मूल्य हैं।”

     30 नवंबर 2025 को अपने छोटे बेटे डॉ. अभिमन्यु यादव की शादी में उन्होंने किसी भव्य महल या शाही आयोजन की बजाय उज्जैन में सामूहिक विवाह सम्मेलन का चयन किया है. सीएम मोहन यादव के बेटे के साथ ही इस समारोह में कुल 21 नवयुगल साथ में गृहस्थ जीवन की शुरुआत करेंगे. 

    एमपी के मुख्यमंत्री का यह कदम न सिर्फ व्यक्तिगत सादगी का उदाहरण है, बल्कि समाज में समानता और सामाजिक समरसता का संदेश भी देता है. बेटे की शादी का कार्ड इस बात का एक उदाहरण है. इस विवाह का निमंत्रण पत्र भी बेहद सामान्य, सीधा और प्रेरणा देने वाला है, जिसमें सादगी के साथ सामाजिक समरसता का संदेश साफ दिखाई देता है. 

    सीएम डॉ. मोहन यादव अपने बेटे की शादी सामूहिक विवाह सम्मेलन में करने जा रहे हैं। इस पहल से वे खर्चीले विवाह समारोह में मितव्ययिता का संदेश दे रहे हैं। आयोजन में न्योता देने के लिए उन्होंने जो कार्ड छपाया है, उसकी कीमत बमुश्किल 10 से 12 रुपए है। कार्ड पर अपने बेटे और होने वाली बहू के साथ सभी 21 जोड़ों के नाम भी हैं। सीएम न सिर्फ अपने बेटे, बल्कि 21 जोड़ों के बाबुल बनकर आशीर्वाद देंगे। कार्ड में लिखा है, उपहार न लाएं।

    सादगी से होगी मोहन यादव के बेटे अभिमन्यु की शादी

    रविवार को उज्जैन में शिप्रा तट पर होने वाला यह सादगी पूर्ण आयोजन देश भर में सुर्खियां बना हुआ है। यहीं सीएम 20 जोड़ों के साथ अपने छोटे बेटे डॉ. अभिमन्यु की शादी डॉ. ईशिता पटेल से करने जा रहे हैं। सम्मेलन के लिए पूरी कैबिनेट को न्योता दिया गया है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल, सांसदों, विधायकों, पूर्व मंत्रियों, पार्टी पदाधिकारियों, रिश्तेदारों, समाज के लोगों और ईष्ट-मित्रों को निमंत्रण दिया है।

    ये VVIP Guest हो सकते हैं शामिल

    सादगी से होने वाली सीएम के बेटे की शादी में राज्यपाल मंगुभाई पटेल, थावरचंद गेहलोत, आनंदीबेन पटेल के अलावा कई दिग्गज VVIP शामिल होंगे।

    मुख्‍यमंत्री के बेटे की शादी के कार्ड पर क्या लिखा है? 

    सम्माननीय, सादर वंदन.

    आप सादर सविनय आमंत्रित है, मेरे आत्मज डॉ. अभिमन्यु यादव (M.B.B.S., M.S.) संग डॉ. ईशिता यादव पटेल (M.B.B.S.) के मंगल परिणय के पावन प्रसंग पर शुभदिन है 30 नवम्बर 2025, अगहन शुक्ल दशमी, रविवार. बेटे के शुभ विवाह को हमारे परिजनों की शुभेच्छानुसार सामूहिक विवाहोत्सव में परिणीत किया है, सामाजिक सरोकार के पावन उद्देश्य से रचे पगे सामूहिक विवाह समारोह के उल्लास में सामाजिक समरसता और सद्भाव से परिपूर्ण इस सामूहिक परिणय मंगल समारोह में 21 नवयुगल परिणय बंधन में गुंथित होंगे. इन्हीं 21 जोड़ो के साथ गठबंधन में सप्तपदी सप्तवचनों के साथ मेरे सुपुत्र भी गृहस्थ आश्रम में प्रवेश करेंगे. इस पवित्र आयोजन में आपका आगमन हमारा और नवयुगलों का परम सौभाग्य होगा . सभी नवदम्पत्ति आपके आशीर्वाद से अभिसिंचित होकर सौभाग्यशाली होंगे . आपके पधारने से कार्यक्रम की गरिमा में भी अभिवृद्धि होगी.

    आपके शुभाशीष के आकांक्षी …उपहार के लिये क्षमा…, आपका आशीर्वाद ही नवयुगल हेतु अमूल्य उपहार है.
    विनयवट  
    डॉ. मोहन यादव
    मुख्‍यमंत्री ने बेटे की शादी में पहले भी दी मिसाल

    इससे पहले फरवरी 2024 में भी सीएम मोहन यादव ने अपने बड़े बेटे वैभव यादव की शादी राजस्थान के पुष्कर में बेहद सादगीपूर्ण समारोह में की थी. तब उन्हें मुख्यमंत्री बने केवल तीन महीने हुए थे. उनके करीबी बताते हैं कि यादव कई बार कह चुके हैं कि "शादी हो या कोई कार्यक्रम, वैभव (वैभव) नहीं, सादगी होनी चाहिए."
    सामाजिक समानता और सादगी का संदेश 

    मुख्यमंत्री का यह कदम ऐसे समय में आया है जब सामाजिक जीवन में शादी समारोह अक्सर दिखावे की प्रतिस्पर्धा में बदल जाते हैं. लोग शादी समारोह में पैसा पानी की तरह बहा देते हैं. ऐसे में एक मुख्यमंत्री के बेटे का विवाह सामूहिक सम्मेलन में होना सामाजिक समानता और सादगी का मजबूत संदेश माना जा रहा है. 

    विवाह का खर्च उठाएगा समाज

    सामूहिक विवाह समारोह का खर्च यादव परिवार उठा रहा है। 42 परिवारों से कोई राशि नहीं ली। आयोजन समिति के मुताबिक नव दंपती को सोने-चांदी के जेवर, बाइक आदि उपहार में दी जाएंगी।

    सीएम निवास पर आयोजनों की बेला

    शुक्रवार कोउज्जैन की गीता कॉलोनी स्थित पुश्तैनी घर से माता पूजन के साथ कार्यक्रम की बेला शुरू हुई। इसमें सीएम पत्नी सीमा यादव सहित रिश्तेदार, पड़ोसी, ईष्ट-मित्र समेत अन्य सदस्य शामिल हुए।

    कौन हैं सीएम मोहन यादव की छोटी बहू?

    मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री मोहन यादव की होने वाली छोटी बहू डॉ. ईशिता यादव पटेल खरगोन जिले के सेल्दा गांव की रहने वाली हैं. साधारण किसान परिवार में जन्मी इशिता बचपन से डॉक्टर बनने का सपना देखती थीं. उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें मेडिकल क्षेत्र में एक पहचान दिलाई है. वह एमबीबीएस के बाद वर्तमान में पीजी कर रही हैं.  दूल्हा डॉ. अभिमन्यु यादव भी डॉक्टर है. दोनों की सगाई जून 2024 में सीएम हाउस में हुई थी. 

  • डीजीपी-आईजीपी कॉन्फ्रेंस का दूसरा दिन: आईआईएम रायपुर में पीएम मोदी व अमित शाह की भागीदारी

    रायपुर

    रायपुर में आयोजित 60वें अखिल भारतीय डीजी–आईजी सम्मेलन का दूसरा दिन शनिवार की सुबह शुरू हो गया है। पूरे देश के शीर्ष पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में बैठक जारी है। इसी दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी उपस्थित रहे। सम्मेलन के दूसरे दिन कई राज्यों के डीजीपी अपने प्रस्तुतीकरण देंगे, जिनमें राष्ट्रीय सुरक्षा पर उभरते खतरे, पहले दिए गए सुझावों की समीक्षा और महिला सुरक्षा में तकनीक के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल जैसे विषय प्रमुख रहेंगे।

    दिनभर चलने वाली इन चर्चाओं में पुलिस प्रशासन के सामने मौजूद नई चुनौतियों पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाएगा। जन-आंदोलनों के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के बेहतर तरीकों पर चर्चा होने के साथ ही विदेशी भगोड़ों को वापस लाने की रणनीति पर भी विचार किया जाएगा। फॉरेंसिक तकनीक को और अधिक उपयोगी बनाने, वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर अपराधों की जांच को मजबूत करने तथा आधुनिक सुरक्षा ढांचे के निर्माण को लेकर अधिकारियों से सुझाव लिए जाएंगे।

    इस बार सम्मेलन की थीम “विकसित भारत, सुरक्षित भारत” रखी गई है। छत्तीसगढ़ के डीजीपी अरुण देव गौतम बस्तर 2.0 के बारे में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करेंगे। मार्च 2026 में नक्सलवाद के उन्मूलन के बाद बस्तर में विकास के नए चरण को कैसे आगे बढ़ाया जाए, इस पर उनकी प्रस्तुति केंद्रित रहेगी। वहीं आतंकवाद निरोधक रणनीतियों के वर्तमान रुझानों पर चर्चा के साथ आईबी के विशेष निदेशक देश के आंतरिक सुरक्षा विज़न–2047 का खाका सामने रखेंगे।

    प्रधानमंत्री मोदी सुबह सवा आठ बजे आईआईएम रायपुर पहुँचे, जहाँ उनका स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्वागत के तुरंत बाद वे लगातार बारह घंटे तक चलने वाली विभिन्न बैठकों में शामिल रहेंगे। इन बैठकों में आतंकवाद, साइबर सुरक्षा, नक्सलवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत विमर्श होगा। देर शाम प्रधानमंत्री स्पीकर हाउस पहुँचेंगे और वहीं रात्रि विश्राम करेंगे।

    सम्मेलन में भाग लेने वाले वरिष्ठ अधिकारियों के लिए व्यापक आवास व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री के लिए एम–1 और गृह मंत्री अमित शाह के लिए एम–11 में ठहरने की व्यवस्था की गई है, जबकि एनएसए अजीत डोभाल, डिप्टी एनएसए अनीश दयाल सिंह, आईबी प्रमुख तपन डेका और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को नए सर्किट हाउस में ठहराया गया है। ठाकुर प्यारेलाल संस्थान के 140 कमरे, निमोरा अकादमी के 91 कमरे और सर्किट हाउस के 6 सूइट तथा 22 कमरे सम्मेलन से जुड़े अधिकारियों के लिए आरक्षित किए गए हैं। कुल मिलाकर पूरे देश से आए 33 राज्यों के डीजीपी और पैरामिलिट्री के वरिष्ठ अधिकारियों सहित लगभग 75 पुलिस अधिकारियों को रायपुर में ठहराया गया है।

  • अशोकनगर में काफिले की अनियंत्रित कारें, एसडीओपी विवेक शर्मा और तहसीलदार भारतेंदु यादव घायल

    अशोकनगर
    मध्य प्रदेश के अशोकनगर में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के काफिले की कारें अचानक अनियंत्रित होकर टकरा गईं। इस घटना में अशोकनगर एसडीओपी विवेक शर्मा और अशोकनगर तहसीलदार भारतेंदु यादव घायल हुए हैं। जबकि, काफिले की गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हुईं हैं।

    ये सड़क दुर्घटना शुक्रवार रात शहर में गुना नाके के पास घटी है। केंदीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया चंदेरी महोत्सव का शुभारंभ करने के बाद शहर से होकर जा रहे थे। जिनके साथ वाहनों का बड़ा काफिला था। इसी दौरान अचानक किसी कार के ब्रेक लगे तो एसडीओपी और उसके पीछे तहसीलदार की गाड़ी टकरा गई। इससे हड़कंप मच गया। इस घटना में एसडीओपी और तहसीलदार घायल हुए हैं, उन्हें मामूली चोटें आई हैं।

    हादसे में काफिले के वाहन छतिग्रस्त

    कोतवाली प्रभारी रवि प्रतापसिंह चौहान का कहना है कि, अचानक रास्ते पर स्वागत के लिए काफिला रुका तो किसी फॉर्च्यूनर कार से एसडीओपी और उसके पीछे तहसीलदार का वाहन टकरा गया। इससे दोनों को चोट आई हैं। हालांकि, कोतवाली प्रभारी का कहना है कि, हल्की चोट आई हैं। लेकिन फॉर्च्यूनर वाहन किसका था, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। कोई मुंगावली विधायक की बता रहा है तो कोई किसी अन्य अन्य की।

  • सतना में ज्वेलरी कारोबारियों पर छापा: कच्चा बिल पकड़ते ही GST टीम ने शुरू किया बड़ा खेल

    सतना
     एमपी में सतना जिले के सर्राफा बाजार में शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब स्टेट जीएसटी की एंटी इवेज़न ब्यूरो की टीम ने फिल्मी अंदाज में शहर के तीन नामचीन ज्वेलरी शोरूम्स पर एक साथ 'दबिश' दी। अधिकारियों ने पहले ग्राहक बनकर रेकी की और जैसे ही दुकानदारों ने टैक्स चोरी का खेल शुरू किया, पूरी टीम ने दबिश दे दी। यह कार्रवाई हनुमान चौक और फूलचंद चौक स्थित कान्हा ज्वेलर्स, न्यू कान्हा ज्वेलर्स और आनंद आदित्य ज्वेलर्स पर की गई।

    खुफिया तरीके से की कार्रवाई
    दरअसल टीम के कार्रवाई का तरीका बेहद खुफिया था। शाम करीब 5 बजे, सादे कपड़ों में कुछ अधिकारी आम ग्राहक बनकर इन शोरूम्स में दाखिल हुए। उन्होंने जेवर पसंद किए और बिलिंग की बात की। जैसे ही शोरूम संचालकों ने जीएसटी बचाने का लालच देते हुए 'कच्चे बिल' पर सामान देने या पक्का बिल न लेने की पेशकश की, अधिकारियों ने बाहर खड़ी अपनी टीम को इशारा कर दिया। देखते ही देखते 24 से ज्यादा अधिकारियों की फौज दुकानों के अंदर दाखिल हो गई और शटर गिराकर जांच शुरू कर दी गई।

    मेकिंग चार्ज और रिटर्न में बड़ा गोलमाल
    विभागीय सूत्रों के मुताबिक, जीएसटी टीम ने होमवर्क करने के बाद यह रेड डाली है। जांच में सामने आया था कि इन प्रतिष्ठानों में ग्राहकों की भारी भीड़ और करोड़ों के टर्नओवर के बावजूद, सरकारी खाते में जमा किया जा रहा टैक्स रिटर्न ऊंट के मुंह में जीरे के समान था।आरोप है कि ये ज्वेलर्स न केवल सोने-चांदी की बिक्री पर लगने वाले 3% जीएसटी की चोरी कर रहे थे, बल्कि आभूषणों की गढ़ाई (मेकिंग चार्ज) पर लगने वाले टैक्स को भी डकार रहे थे।

    घर और कारखानों तक पहुंची जांच की आंच
    जॉइंट कमिश्नर राकेश शाल्वी और डिप्टी कमिश्नर उमेश त्रिपाठी के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई का दायरा सिर्फ दुकानों तक सीमित नहीं रहा। तीन अलग-अलग टीमों ने एक साथ ज्वेलर्स के कारखानों और उनके निजी आवासों पर भी दबिश दी। देर रात तक चली इस कार्रवाई में अधिकारियों ने स्टॉक रजिस्टर, कच्चे पर्चे, लैपटॉप और बिल बुक्स को अपने कब्जे में ले लिया है। इस बड़ी कार्रवाई से शहर के अन्य टैक्स चोरों में भी खलबली मची हुई है।

     

  • मतदाता सुविधा: महाराष्ट्र में पिछले SIR की वोटर लिस्ट डिजिटल हुई, सीमावर्ती जिलों में राहत की खबर

    भोपाल
    मध्य प्रदेश के महाराष्ट्र से सटे जिलों में मतदाताओं को गणना पत्रक भरने में परेशानी नहीं होगी। महाराष्ट्र के पिछले विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) की मतदाता सूची ऑनलाइन कर दी गई है। यह बूथ लेवल आफिसर (बीएलओ) मोबाइल एप पर भी उपलब्ध करा दी गई है। बीएलओ इससे मतदाता के दावों-आपत्तियों या सत्यापन के दौरान महाराष्ट्र के एसआईआर की मतदाता सूची से सहजता से मैपिंग कर सकेंगे।

    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि महाराष्ट्र के पिछले एसआईआर की मतदाता सूची ऑनलाइन उपलब्ध नहीं होने से प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के मतदाता गणना पत्रक में महाराष्ट्र से संबंधित विवरण दर्ज नहीं कर पा रहे थे। अब उन्हें यह कठिनाई नहीं होगी। कांग्रेस भी इसे लेकर सवाल उठा रही थी।

    गणना पत्रक भरने के लिए नहीं चाहिए ओटीपी

    एसआईआर 2026 के दौरान गणना पत्रक भरने के लिए बीएलओ या किसी अन्य अधिकारी द्वारा ओटीपी मांगे जाने की आवश्यकता नहीं है। मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने बताया कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची में स्वयं, माता-पिता या दादा-दादी संबंधी जानकारी प्राप्त करने के लिए क्षेत्र के बीएलओ या नजदीकी हेल्प डेस्क से संपर्क करें।

    इसके अलावा voters.eci.gov.in या ceoelection.mp.gov.in पर भी ऑनलाइन जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। ओटीपी या व्यक्तिगत जानकारी साथ साझा न करें। यदि कोई मांगता है तो साइबर फ्राड हो सकता है। किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल: www.cybercrime.gov.in या हेल्पलाइन 1930 पर करें।

  • मध्य प्रदेश में सुरक्षा का अलर्ट: सलमान एनकाउंटर पर CM मोहन यादव का कड़ा संदेश

    भोपाल 

     रायसेन जिले में गौहरगंज रेप कांड के आरोपी सलमान को पुलिस ने अंतत: राजधानी भोपाल से पकड़ लिया है। गौहरगंज पुलिस ने उसे देर रात गिरफ़्तार किया। दुष्कर्मी सलमान ने रास्ते में पुलिस को चकमा देने की कोशिश भी लेकिन उसके पैर पर गोली चलाकर फिर पकड़ लिया। वह अभी घायलावस्था में अस्पताल में भर्ती है। मासूम से दुष्कर्म के कारण लोग इतने गुस्साए हुए हैं कि आरोपी सलमान के शॉर्ट एनकाउंटर पर भी सवाल उठ रहे हैं। हिंदूवादी संगठनों का कहना है कि वह जेहादी मानसिकता है, उसके सिर पर गोली क्यों नहीं मारी गई! इधर सीएम मोहन यादव ने भी मामले पर बड़ा बयान देते हुए साफ कर दिया है कि अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा ​है कि कानून हाथ में लेने वालों को हम छोड़ेंगे नहीं। बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी दरिंदे सलमान को फांसी देने की बात कही।

    गौहरगंज में 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी सलमान का पुलिस ने शुक्रवार तड़के शॉर्ट एनकाउंटर किया। बताया जा रहा है कि उसने भागने की कोशिश की। आरोपी सलमान ने बंदूक का लॉक खोलकर फायर किया लेकिन उसके पैर में गोली मारकर पुलिस ने उसे पकड़ लिया।

    दुष्कर्मी सलमान की गिरफ़्तार पर लोगों ने संतोष जताया लेकिन उसके शॉर्ट एनकाउंटर पर सवाल उठ रहे हैं। गौहरगंज के लोगों ने पुलिस पर उसे बचाने का आरोप लगाया। लोगों का कहना है कि पहले तो पुलिस 6 दिनों तक हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। जब उसने पुलिस पर फायर किया तो सिर पर गोली क्यों नहीं मारी!

    हिंदू संगठनों का कहना है कि यह जिहाद से जुड़ा केस है। आरोपी जिहादी मानसिकता का है और उसने इसी वजह से हिंदू बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया।

    सलमान के शॉर्ट एनकाउंटर पर विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधियों को सार्वजनिक रूप से कुचलने की जरूरत है जिससे ऐसा अपराध करने से पहले कोई भी सौ बार सोचे। उसे फांसी की सजा मिलनी चाहिए।

    एनकाउंटर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सख्त बयान

    शॉर्ट एनकाउंटर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का भी सख्त बयान आया है। उन्होंने कहा कि जो कानून को हाथ में लेगा, सरकार उससे निपटना जानती है। हमारी पकड़ से कोई भाग नहीं सकता। कानून को हाथ में लेनेवालों को हम छोड़ने वाले नहीं हैं। अपराधियों के खिलाफ हमारी सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रही है।

  • भोपाल, इंदौर और उज्जैन में कोहरा, 12 शहरों में ठंड बढ़ी; एक्सपर्ट का निर्देश—सुबह ड्राइविंग में सावधानी बरतें

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश में ठंड एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। गुरुवार-शुक्रवार की रात जबलपुर और ग्वालियर सहित प्रदेश के 12 शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे उतर गया। वहीं भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत कई जिलों में सुबह घना कोहरा छा रहा है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि कोहरे में वाहन बेहद सावधानी से चलाएं, ताकि दुर्घटनाओं की आशंका न बढ़े। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पाकिस्तान की तरफ सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और राजस्थान में बने चक्रवाती घूमाव ने मौसम को फिर ठंडा कर दिया है। इसके साथ ही उत्तरी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है। भोपाल में रात से ही धुंध छाने लगती है, जबकि सुबह विजिबिलिटी 1 से डेढ़ किलोमीटर तक सीमित हो जाती है। शनिवार को भी यही स्थिति बनी रहने के आसार हैं।

    खास बात ये है कि, प्रदेश के 12 शहरों में पारा 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है, खजुराहो में 7.8, मलाजखंड में 8.6, दतिया में 9, मंडला में 9.3 और राजगढ़ में 9.6 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर सबसे ठंडा रहा, यहां पारा 9.4 डिग्री तक गिर गया।
    राजधानी में अचानक 4 डिग्री गिरा तापमान

    राजधानी भोपाल में तो एक ही रात में 4 डिग्री तापमान में गिरावट दर्ज हुई और तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ग्वालियर में 9.7 डिग्री, इंदौर में 15.1 डिग्री और उज्जैन में न्यूनतम तापमान 15.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

    सप्ताह भर की राहत खत्म, तापमान में फिर तेज गिरावट
    पिछले एक हफ्ते से रात और दिन में तापमान बढ़ रहा था, लेकिन गुरुवार-शुक्रवार की रात ठंड ने दोबारा दस्तक दे दी। कई शहरों में एक रात में ही पारा 4 से 5 डिग्री गिर गया। शहडोल के कल्याणपुर में तापमान सबसे कम 6.1 डिग्री दर्ज हुआ। नौगांव 6.5, रीवा 6.8, उमरिया 6.9, खजुराहो 7.8, मलाजखंड 8.6, दतिया 9, मंडला 9.3 और राजगढ़ 9.6 डिग्री पर रिकॉर्ड हुए। बड़े शहरों में जबलपुर 9.4 डिग्री के साथ सबसे ठंडा रहा। भोपाल में तापमान एक रात में 4 डिग्री गिरकर 11 डिग्री पर पहुंच गया। इंदौर 15.1, ग्वालियर 9.7 और उज्जैन 15.5 डिग्री रहे। 

    6 से 22 नवंबर तक पड़ा जोरदार कोल्ड वेव का दौर
    इस बार नवंबर की शुरुआत से ही तेज ठंड का असर दिखने लगा था। हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में समय से पहले हुई भारी बर्फबारी का प्रभाव एमपी तक पहुंचा। भोपाल में लगातार 15 दिन शीतलहर चली—जो 1931 के बाद सबसे लंबा दौर रहा। यहां रात का तापमान 5.2 डिग्री तक उतर गया, जो नया रिकॉर्ड भी बना। इंदौर में भी 25 साल का सर्दी रिकॉर्ड टूट गया। 22 नवंबर के बाद शीतलहर से राहत मिलने लगी, क्योंकि हवाओं का रुख बदल गया था। लेकिन अब दोबारा ठंडी उत्तरी हवाओं के लौटने से कड़ाके की ठंड और शीतलहर अगले दो दिनों तक बनी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, दिसंबर के पहले हफ्ते से ठंड और कड़ी हो सकती है।

    एक सप्ताह बाद पारे में फिर गिरावट पिछले एक सप्ताह से प्रदेश में दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रही थी, लेकिन गुरुवार-शुक्रवार की रात में पारा फिर से लुढ़कने लगा है। एक ही रात में 4 से 5 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, शहडोल का कल्याणपुर सबसे ठंडा रहा। यहां तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। छतरपुर के नौगांव में 6.5 डिग्री, रीवा में 6.8 डिग्री, उमरिया में 6.9 डिग्री, खजुराहो में 7.8 डिग्री, मलाजखंड में 8.6 डिग्री, दतिया में 9 डिग्री, मंडला में 9.3 डिग्री और राजगढ़ में पारा 9.6 डिग्री रहा।

    बड़े शहरों में जबलपुर में पारा सबसे कम 9.4 डिग्री रहा। भोपाल में एक ही रात में चार डिग्री की गिरावट के बाद तापमान 11 डिग्री दर्ज किया गया। इंदौर में 15.1 डिग्री, ग्वालियर में 9.7 डिग्री और उज्जैन में 15.5 डिग्री सेल्सियस रहा। बाकी शहरों में पारा 10 डिग्री से ज्यादा रहा।

    सुबह कोहरा…इसलिए गाड़ी संभलकर चलाने की सलाह प्रदेश में ठंड का असर भले ही कम हुआ हो, लेकिन सुबह व रात में कोहरा दा रहा है। इसलिए एक्सपर्ट ने लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग करने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने हेल्थ और फसलों को लेकर एडवाइजरी भी जारी की है।

        ट्रैफिक – कोहरा होने पर गाड़ी चलाते समय या किसी ट्रांसपोर्ट के जरिए ट्रैवल करते समय सावधान रखें। ड्राइविंग धीरे करें और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें।
        हेल्थ– तेज ठंड होने पर शरीर की गर्माहट बनाए रखने के लिए सिर, गर्दन, हाथ-पैर की उंगलियों को अच्छे से ढंके। फ्लू, सर्दी, खांसी-जुकाम होने पर डॉक्टर को दिखाए। विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं।
        कृषि– जहां मिट्‌टी में पर्याप्त नमी हो, वहां गेहूं, चना, सरसों-मटर की बुआई करें। जहां बुआई हो चुकी है, वहां जरूरत पड़ने पर कृषि वैज्ञानिकों से सलाह लें। पिछली फसलों के अवशेष यानी, ठूंठ को कभी न जलाएं।

    एमपी में ठंड से अब तक दो की मौत कड़ाके की ठंड की वजह से पिछले दो दिन में दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। रीवा के अमहिया थाना क्षेत्र स्थित अस्पताल चौराहा पर सड़क किनारे एक व्यक्ति की लाश पड़ी मिली थी। इससे पहले रायसेन में भी एक शख्स की मौत हो चुकी है। परिजनों का दावा है कि ठंड की वजह से ही मौत हुई, लेकिन प्रशासन ने ठंड से मौत होने की पुष्टि नहीं की है।

     

    2-3 दिन पड़ेगी कड़ाके की ठंड

    मौसम विभाग के अनुसार, पाकिस्तान के ऊपर एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और राजस्थान पर बने चक्रवाती परिसंचरण के साथ-साथ उत्तर से आ रही शुष्क ठंडी हवाओं की वजह से पूरे प्रदेश में ठंडक बढ़ गई है। कई इलाकों में सुबह-शाम घना कोहरा भी छाया हुआ है, जिससे विजिबिलिटी कम हो रही है। आने वाले दो-तीन दिनों तक ऐसा ही मौसम रहने की संभावना है।

  • भाजपा नेता हत्याकांड में हाईकोर्ट का ऐतिहासिक आदेश: आरोपी अकरम खान का मकान अगले 15 दिन सुरक्षित

    जबलपुर
     हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने कटनी में भाजपा नेता नीलू रजक की गोली मारकर हत्या के आरोपित अकरम खान का मकान गिराने पर 15 दिन की रोक लगा दी है। कोर्ट ने 15 दिन के भीतर अगर चाहे युगलपीठ में अपील के लिए भी स्वतंत्र किया है।

    मामले की सुनवाई में कोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ता के पास मकान के वैध दस्तावेज नहीं है। हत्या के आरोपित अकरम खान के भाई इमरान खान ने मकान तोड़ने को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता मोहम्मद इमरान खान की ओर से कोर्ट को बताया गया कि उसके भाई अकरम खान और नेल्सन जोसेफ को नीलू रजक की 28 अक्टूबर को गोली मारकर हत्या के आरोप में कटनी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

    कैमोर नगर परिषद ने मकान को गिराने के लिए नोटिस जारी किया है जिसे की कोर्ट में चुनौती दी गई। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह और पैनल अधिवक्ता आकाश मालपाणी ने पक्ष रखते हुए बताया कि यह याचिकाकर्ता के पास मालिकाना हक और निर्माण की अनुमति से संबंधित दस्तावेज नहीं है।

    मकान मोहम्मद इमरान खान की मां के नाम पर जरूर है, लेकिन उनके पास सिर्फ एग्रीमेंट के दस्तावेज है। ऐसे में, उनके विरुद्ध की जा रही कार्रवाई सही है। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता के पास कोई दस्तावेज न होने पर उसे राहत नहीं दी जा सकती। हालांकि बुलडोजर एक्शन से संबंधित मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों के मद्देनजर याचिकाकर्ता के विरुद्ध कार्यवाही पर 15 दिन के लिए रोक लगा दी गई है।

    कोर्ट ने यह भी कहा कि 15 दिन में यदि कोई कानूनी बाधा न हो तो प्रशासन नोटिस के मुताबिक कार्यवाही करने के लिए स्वतंत्र होगा। याचिकाकर्ता की और से कोर्ट में पैरवी कर रहे उत्कर्ष अग्रवाल ने एकलपीठ के आदेश को युगलपीठ में चुनौती देने की तैयारी शुरू कर दी है।

     

  • मंडला लूट मामला: जेवर भरा बैग छीनकर भागे आरोपी का सरगना खालिद बिहार में पकड़ा गया, खुद कहा था—‘लाइफ सेट हो जाएगी’

    मंडला

    मध्यप्रदेश के मंडला में आयुषी ज्वेलर्स से 2 करोड़ से अधिक की लूट मामले में बिहार से मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया गया है. गुरुवार देर रात मध्यप्रदेश पुलिस और मुजफ्फरपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने सदर, बरूराज और पारू थाना क्षेत्र में छापेमारी कर तीन शातिर अपराधियों को पकड़ा.

    गिरफ्तार आरोपियों में बरूराज के रामपुरवा अखाड़ा का मास्टरमाइंड खालिद, सदर अतरदह का शशि कुमार और पारू ग्यासपुर का कृष्णा कुमार सिंह शामिल हैं. पुलिस ने घटना में इस्तेमाल खालिद की कार और उनके मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं. तीनों आरोपियों को 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर लेने के लिए मंडला पुलिस ने कोर्ट में आवेदन दिया है.

    गिरफ्तार आरोपियों में बरूराज थाना क्षेत्र रामपुरवा अखाड़ा निवासी मास्टरमाइंड मो. खालिद, सदर थाना क्षेत्र के अतरदह वार्ड 31 का शशि कुमार और पारू थाना के ग्यासपुर का कृष्णा कुमार सिंह है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल खालिद की कार भी जब्त की।

    शुक्रवार काे कोतवाली मंडला थाने के एसआई शफीक खान ने तीनों आरोपियों को 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में आवेदन दिया। पुलिस ने तीनों के मोबाइल भी जब्त किए हैं। लूटे गए सोना-चांदी के जेवर की बरामदगी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

    सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग घटना के बाद पुलिस ने अपराधियों की दो कारों को चिह्नित किया। मोबाइल टावर डंप करने के साथ अपराधियों के भागने की दिशा में कई टोल प्लाजा से सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसमें दोनों कार चिह्नित हुई। कारों मालिकों का पता लगाया गया, जिससे पुलिस सीधे मास्टरमाइंड खालिद तक पहुंची।

    उसकी गिरफ्तारी के बाद शशि और कृष्णा के बारे में पुलिस काे जानकारी मिली। 55 वर्षीय खालिद ने ही पूरी साजिश रची थी। उसने न केवल बिहार बल्कि मध्यप्रदेश के कई अपराधियों को शामिल किया था। पूछताछ में उसने कई साथियों के नाम और पते बताए, जिन पर गठित पांच विशेष टीम लगातार दबिश बनाए हुए है।

    SDPO पश्चिमी 1 सुचित्रा कुमारी ने बताया कि मध्यप्रदेश पुलिस ने छापेमारी में तीन को गिरफ्तार किया है। जेवरात बरामद नहीं किए गए हैं। मास्टरमाइंड खालिद का आपराधिक इतिहास पता किया जा रहा है।

    पारू के ग्यासपुर के कृष्णा ने चलाई थी गोली गिरफ्तार तीनों अपराधियों से मध्यप्रदेश पुलिस ने पूछताछ कर उनका बयान दर्ज किया है। कृष्णा कुमार सिंह ने बताया कि वह ग्यासपुर (पारू) का रहने वाला और मजदूरी करता है। उसकी मुलाकात खालिद से हुई, जिसने उसे बताया कि मंडला में एक ज्वेलर्स दुकान में दो से ढाई किलो सोना रहता है, जिसे लूटना है। बड़ा काम है लाइफ सेट हो जाएगी।

    17 नवंबर को खालिद अपनी कार से शशि और कृष्णा के साथ कटनी होते हुए जबलपुर और इंदौर की ओर गया और फिर मंडला पहुंचा। वहां पर स्थानीय शातिरों पंकज ठाकुर, लवकुश, शनि, अजहर आदि से संपर्क हुआ। कृष्णा ने स्वीकार किया कि वारदात के दौरान जब आयुष ने विरोध किया, तो गोली उसने चलाई थी।

    20 नवंबर को हुई थी वारदात, विरोध पर व्यवसायी को मारी थी गोली। घटना 20 नवंबर की शाम करीब 7.15 से 7.30 बजे के बीच की है।

    स्टाफ के सिर पर पिस्टल रखकर कहा- बैग छोड़ दो कटरा मंडला स्थित हनुमान मंदिर के सामने आयुषी ज्वेलर्स में अक्षांश सोनी और उनके भाई आयुष सोनी व्यवसाय करते हैं। दुकान में बॉबी यादव कर्मचारी के रूप में काम करता है।

    रोज की तरह दुकान बंद करने के लिए सोना-चांदी के आभूषण दो बैग में रखकर बॉबी दुकान के सामने खड़ी कार में रखने जा रहा था। उसी समय मंडला की ओर से एक कार तेजी से आकर रुकी। कार से तीन हथियारबंद अपराधी उतरे, जबकि चालक कार में ही बैठा रहा।

    अपराधियों में से एक ने बॉबी के सिर पर पिस्टल सटाकर बैग वहां रखने के लिए कहा। डर से बॉबी ने बैग छोड़ दिया। इसके बाद एक अपराधी दुकान में घुसा और आयुष से दुकान में रखा पूरा सोना-चांदी निकालने के लिए कहा।

    वह सोने-चांदी के आभूषण काे लूटने लगा, जिसका आयुष ने विरोध किया। इसपर अपराधी ने पिस्टल से उसके बाएं पैर के घुटने के नीचे गोली मार दी। आयुष खून से लथपथ होकर गिर गया। इसके बाद अपराधी बैग उठाकर कार फरार हो गए। घायल आयुष को बॉबी और अक्षांश का जिला अस्पताल में इलाज हुआ।

  • एमपी हाईकोर्ट का ऐतिहासिक आदेश: 200 करोड़ की जमीन पर सरकार का अधिकार बहाल, देर रात सामान उठाकर गए दुकानदार

     नलखेड़ा

    आगर मालवा के नलखेड़ा स्थित प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर परिसर से जुड़ी करीब 200 करोड़ रुपए की भूमि पर अब राज्य सरकार का नियंत्रण फिर बहाल हो गया है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने राज्य शासन के पक्ष में फैसला देते हुए सनत कुमार और अन्य याचिकाकर्ताओं की पहली अपील खारिज कर दी। इसके साथ ही वर्ष 1997 में बनाई गई संदिग्ध और फर्जी डिक्री को निचली अदालत द्वारा अवैध घोषित किए जाने का आदेश भी बरकरार रखा गया।
    दो दशक पुराने विवाद का अंत

    यह मामला बीस साल से ज्यादा समय से चढ़त-उतार में था। साल 1997 में विपक्षी पक्ष ने महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर मंदिर की जमीन पर अपना दावा स्थापित करने की कोशिश की थी। आगर के अपर जिला न्यायाधीश ने 14 मार्च 2007 को उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उस डिक्री को पूरी तरह अवैध करार दिया था। हाईकोर्ट ने भी अपनी सुनवाई में साफ टिप्पणी की कि यह डिक्री धोखे, दस्तावेजों के दमन और एक संदेहास्पद वसीयत पर आधारित थी, जिसे कानूनी तौर पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने यह भी रेखांकित किया कि संबंधित वाद में मंदिर या मूर्ति को पक्षकार ही नहीं बनाया गया था, जबकि विवाद सीधा मंदिर की संपत्ति से जुड़ा था।

    महाधिवक्ता ने मजबूती से रखा शासन का पक्ष
    मामले में शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता आनंद सोनी ने अंतिम बहस की। उन्होंने कोर्ट के समक्ष राजस्व अभिलेख, ओकाफ समिति के मूल रिकार्ड, मंदिर की ऐतिहासिक संरचना, पूर्व के न्यायालयीन निर्णय तथा फर्जी दस्तावेज़ों के पूरे क्रम को स्पष्टता से रखा। अदालत ने माना कि धोखाधड़ी के माध्यम से उक्त भूमि पर गलत तरीके से दावा स्थापित करने की कोशिश की गई थी। हाई कोर्ट द्वारा सरकार के पक्ष में अपील निरस्त करने से मंदिर की भूमि सुरक्षित हो गई। देर रात तक चली जेसीबी, हटाया अतिक्रमण फैसला आने के बाद शुक्रवार रात को पुलिस और प्रशासन की टीम ने विभिन्न विभागों के दल के साथ मंदिर की भूमि पर से अतिक्रमण हटाया मौके पर एसडीएम सर्वेश यादव नलखेड़ा एसडीओपी देव नारायण यादव सीएमओ मनोज नामदेव नलखेड़ा सुसनेर पुलिस बल अन्य विभागों की टीम के साथ पहुंचे। जेसीबी की मदद से अतिक्रमण हटाया गया। रात में की गई कार्रवाई से अतिक्रमणकर्ताओ में हड़कंप की स्थिति रही। मामले में मौके पर मौजूद अधिकारियों ने कोई भी जानकारी देने से इंकार किया।   

    डिक्री धोखे से और दस्तावेजों को छुपाकर प्राप्त की गई थी

    कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि वर्ष 1997 में प्राप्त डिक्री धोखे से और दस्तावेजों को छुपाकर प्राप्त की गई थी। यह विधिक रूप से टिकाऊ नहीं है। कोर्ट ने यह भी माना कि मंदिर को उस वाद में पक्षकार तक नहीं बनाया गया था, जबकि विवाद स्वयं मंदिर की संपत्ति से संबंधित था। कोर्ट ने यह भी देखा कि प्रस्तुत वसीयतनामा संदेहास्पद था और मूल राजस्व अभिलेख मंदिर/मठ की पारंपरिक गुरू-चेले प्रणाली की पुष्टि करते थे।

    अपील निरस्त करने से मंदिर की भूमि सुरक्षित हुई

    मामले में शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता आनंद सोनी ने अंतिम बहस की। उन्होंने कोर्ट के समक्ष राजस्व अभिलेख, ओकाफ समिति के मूल रिकार्ड, मंदिर की ऐतिहासिक संरचना, पूर्व के न्यायालयीन निर्णय तथा फर्जी दस्तावेज़ों के पूरे क्रम को स्पष्टता से रखा। अदालत ने माना कि धोखाधड़ी के माध्यम से उक्त भूमि पर गलत तरीके से दावा स्थापित करने की कोशिश की गई थी। हाई कोर्ट द्वारा सरकार के पक्ष में अपील निरस्त करने से मंदिर की भूमि सुरक्षित हो गई है।

    गौरतलब है कि उक्त वादित भूमि राजस्व अभिलेखों के अनुसार ऐतिहासिक रूप से मंदिर/धर्मशाला की रही है। उक्त संपत्ति विधिवत मूर्ति श्रीराम मंदिर व्यवस्थापक कलेक्टर के नाम दर्ज है। न्यायालय ने कहा कि किसी भी कपटपूर्ण दावे अथवा दस्तावेज़ से मंदिर की संपत्ति पर अधिकार स्थापित नहीं किया जा सकता है।

    दो दशकों से ज्यादा समय से चल रहा था विवाद यह विवाद दो दशकों से अधिक समय से चल रहा था। विपक्षी ने 1997 में महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर इस भूमि पर दावा स्थापित करने का प्रयास किया था। आगर के अपर जिला न्यायाधीश ने 14 मार्च 2007 को साक्ष्यों के आधार पर उस डिक्री को अवैध घोषित कर दिया था।

    उच्च न्यायालय ने भी अपनी टिप्पणी में कहा कि वह डिक्री धोखे, दस्तावेजों के दमन और एक संदेहास्पद वसीयतनामे के आधार पर हासिल की गई थी, जो कानूनी रूप से मान्य नहीं है। कोर्ट ने यह भी जिक्र किया कि मंदिर/मूर्ति को उस वाद में पक्षकार नहीं बनाया गया था, जबकि विवाद सीधे मंदिर की संपत्ति से संबंधित था।

    राज्य के अभिलेखों ने मजबूत किया केस

    राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता आनंद सोनी ने अंतिम सुनवाई में विस्तृत राजस्व रिकॉर्ड, औकाफ समिति के मूल दस्तावेज, मंदिर की गुरु-चेला परंपरा और पहले के फैसलों सहित संदिग्ध दस्तावेजों की पूरी श्रृंखला कोर्ट में पेश की। कोर्ट ने माना कि ये रिकॉर्ड न केवल मजबूत हैं, बल्कि पूरे छल के प्रकरण को उजागर करते हैं।

    विवादित भूमि कई वर्षों से सरकारी अभिलेखों में मंदिर और धर्मशाला की संपत्ति के रूप में दर्ज थी, और वर्ष 2006-07 से यह जमीन श्रीराम मंदिर व्यवस्थापक कलेक्टर के नाम विधिवत दर्ज है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी कपटपूर्ण दस्तावेज मंदिर की संपत्ति पर अधिकार का आधार नहीं बन सकता।

    साल 1997 में विपक्षी पक्ष ने महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर मंदिर की जमीन पर अपना दावा स्थापित करने की कोशिश की थी।

    हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन की कार्रवाई

    फैसला आने के तुरंत बाद जिला प्रशासन ने शुक्रवार (28 नवंबर) देर रात मंदिर परिसर की जमीन पर दोबारा अधिकार लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी। मौके पर अधिकारियों की टीम पहुंची और भूमि पर शासन का कब्जा फिर से बहाल करने के लिए कार्रवाई आगे बढ़ाई। कई दुकानदार रात में ही अपना सामान हटाते दिखाई दिए, क्योंकि जमीन पर लंबे समय से निजी उपयोग को लेकर तनाव बना हुआ था।

    रिकॉर्ड में मंदिर/धर्मशाला की संपत्ति के रूप में दर्ज थी राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता आनंद सोनी ने अंतिम सुनवाई में हाजिर होकर विस्तृत राजस्व अभिलेख, औकाफ समिति के मूल रिकॉर्ड, मंदिर की पारंपरिक गुरु-चेला प्रणाली और पहले के फैसलों सहित संदिग्ध दस्तावेजों की पूरी श्रृंखला कोर्ट में प्रभावी ढंग से पेश की।

    कोर्ट ने माना कि प्रस्तुत तर्क न केवल मजबूत थे, बल्कि उन्होंने पूरे धोखाधड़ी पूर्ण प्रकरण को उजागर कर दिया। विवादित भूमि कई सालों से राजस्व रिकॉर्ड में मंदिर/धर्मशाला की संपत्ति के रूप में दर्ज थी।

    साल 2006-07 से ये जमीन श्रीराम मंदिर व्यवस्थापक कलेक्टर के नाम विधिवत दर्ज है। अदालत ने साफ किया कि किसी भी कपटपूर्ण दस्तावेज से मंदिर की संपत्ति पर अधिकार स्थापित नहीं किया जा सकता।

  • रायपुर में CM विष्णु देव साय बोले— शिक्षा विभाग ही तय करेगा बच्चों का उज्ज्वल कल

    रायपुर : बच्चों के भविष्य को स्वर्णिम बनाने की महती जिम्मेदारी शिक्षा विभाग पर – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के तहत शिक्षा विभाग की रणनीति पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

    अंजोर विजन के लघु, मध्यम और दीर्घकालीन लक्ष्यों पर व्यापक एवं गहन विमर्श

    मुख्यमंत्री ने कहा — लक्ष्य बड़े हैं, इसलिए कार्ययोजना ठोस हो और क्रियान्वयन पूरी ईमानदारी से हो

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के तहत शिक्षा विभाग के लक्ष्यों की प्राप्ति को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में उन्होंने वर्ष 2030 तक के लघु अवधि, 2035 तक के मध्य अवधि तथा दीर्घकालीन लक्ष्यों पर विस्तृत चर्चा की और अधिकारियों को ठोस कार्ययोजना तैयार कर त्वरित एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विकसित भारत 2047 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, और इसी क्रम में ‘अंजोर विजन’ के माध्यम से विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों की प्राप्ति का सबसे सशक्त आधार शिक्षा है, क्योंकि दक्ष, कुशल और स्मार्ट बच्चे ही भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में शिक्षकों की संख्या राष्ट्रीय औसत से बेहतर है और सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। बैठक के दौरान स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से समस्त जानकारी मुख्यमंत्री के साथ साझा की।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यदि एक शिक्षक अपनी जिम्मेदारी को दृढ़ता से निभा ले, तो बच्चों के भविष्य को स्वर्णिम बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने शिक्षकों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने, प्रतिभाशाली शिक्षकों को नेतृत्व के अवसर प्रदान करने और बेहतर अकादमिक माहौल विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने आंगनबाड़ी एवं बालवाड़ी के माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करने तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए। बैठक में अंजोर विजन 2047 के अंतर्गत 1000 मॉडल स्कूलों की स्थापना, स्कूल कॉम्प्लेक्स प्रणाली, अंतर्राष्ट्रीय स्तर के स्कूलों की शुरुआत, एआई-आधारित मूल्यांकन प्रणाली, डिजिटल ऐप के माध्यम से व्यक्तिगत पाठ योजनाएं, शिक्षक प्रशिक्षण के उन्नयन तथा STEM शिक्षा के विस्तार जैसे प्रमुख लक्ष्यों की समीक्षा की गई।

    मुख्यमंत्री ने STEM शिक्षा को प्रोत्साहित करने हेतु साइंस सिटी की स्थापना, विज्ञान मेलों के आयोजन और एआई एवं रोबोटिक्स लैब प्रारंभ करने पर विशेष जोर दिया। बैठक में वर्ष 2035 तक ड्रॉपआउट दर को शून्य करने, राज्य स्तरीय ECCE समिति के गठन, शिक्षकों की भर्ती, मूल्यांकन केंद्रों को सुदृढ़ करने और आगामी तीन वर्षों के लक्ष्यों को निर्धारित कर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने संबंधी विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की कार्यप्रणाली — परीक्षार्थियों के डेटा संकलन, प्रश्नपत्र निर्माण, परीक्षा संचालन एवं मूल्यांकन — की समीक्षा की तथा हायर सेकेंडरी स्तर पर अतिरिक्त विषयों के विकल्प, प्रतियोगी परीक्षाओं पर आधारित प्रश्न बैंक, त्रुटिरहित मूल्यांकन व्यवस्था और गोपनीय प्रश्नपत्रों के परिवहन हेतु ट्रैकिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए।

    बैठक में एनईपी 2020 के तहत नामांकन दर में हुई उल्लेखनीय वृद्धि, बालवाड़ी को स्कूली शिक्षा से जोड़ने, मातृभाषा-आधारित शिक्षण, ‘जादुई पिटारा’ एवं संवाद कार्यक्रम, इको क्लब की गतिविधियाँ, पीएम ई-विद्या के अंतर्गत डिजिटल प्रसारण तथा व्यावसायिक शिक्षा के विस्तार जैसी उपलब्धियाँ भी प्रस्तुत की गईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंजोर विजन 2047 के लक्ष्य छत्तीसगढ़ की आने वाली पीढ़ी को सशक्त, आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, मुख्य सचिव विकास शील, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष मती रेणु पिल्लै, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव मती शम्मी आबिदी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव रजत कुमार सहित स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

  • चित्रकूट में जमीन पर जमीनी खेल जारी, महंत पर किसान की संपत्ति हड़पने का आरोप, कानूनी लड़ाई चल रही

    चित्रकूट में फिर जमीनी खेल, महंत पर किसान की जमीन हथियाने का आरोप

    कोर्ट में मामला लंबित, फिर भी दबंगों के सहारे कराया जा रहा बाउंड्री का निर्माण

    सतना 

     धार्मिक नगरी चित्रकूट में जमीनों का खेल फिर शुरू हो गया। इस बार आरोप अचारी आश्रम के महंत पर लगा है। आरोप है कि किसान की जमीन कब्जाई जा रही है, जबकि मामला कोर्ट में लंबित है। पीडि़़त परिवार का कहना है कि महंत राजनैतिक लोगों का प्रभाव दिखाकर प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाए हुए हैं, जिससे शिकायत होने के बाद भी कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है। मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के बावजूद विवादित भूमि पर बाउंड्री खड़ी करवा रहे हैं। इससे पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है। रात के अंधेरे में जेसीबी लगाकर खुदाई की गई वहीं सैकड़ों लोगों को बुलाकर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। 

    जानकारी के अनुसार, नयागांव(हनुमान धारा) पटवारी हल्का की आराजी नंबर 904/3/2 और 904/3/1 में कुल 11 हेक्टेयर के करीब भूमि है। यह जमीन पिछले लगभग 80 वर्षों से दिनेश मिश्रा पिता स्व नवल किशोर मिश्रा और उनके परिवार के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। मिश्रा परिवार का कहना है कि इस भूमि के ठीक बगल में अचारी आश्रम की 56 बीघा जमीन स्थित है, लेकिन आश्रम प्रबंधन ने राजस्व रिकॉर्ड से छेड़छाड़ कर गलत नक्शा प्रस्तुत किया है और अब विवादित हिस्से पर कब्जा जमाने की कोशिश की जा रही है। दिनेश मिश्रा का आरोप है कि रात के अंधेरे में दबंगों को खड़ा कर बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया जा रहा है, जबकि यह प्रकरण फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। शिकायतें कई बार राजस्व और पुलिस अधिकारियों तक पहुंचाई गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। 

    तो करेंगे अनशन
     पीडि़त परिवार में प्रशासन के प्रति गहरा रोष है। भूमिस्वामी दिनेश मिश्रा का कहना है कि यदि जिला प्रशासन ने इस अन्याय को रोकने के लिए शीघ्र हस्तक्षेप नहीं किया तो वे परिवार सहित इसी जगह पर परिवार सहित आमरण अनशन करेंगे। ज्ञात हो कि पिछले दिनों उन्होंने पुलिस अधीक्षक और थाना में आवेदन देकर इस मामले में कार्रवाई की मांग की थी, पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की।

  • चंदेरी में प्रारंभ हुआ इको रिट्रीट, शिल्प, कला एवं रोमांच का बना संगम

    स्वदेशी के महत्व को बढ़ाने वाला कार्यक्रम है चंदेरी इको रिट्रीट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री ने चंदेरी इको रिट्रीट के शुभारंभ पर दिया बधाई संदेश

    चंदेरी में प्रारंभ हुआ इको रिट्रीट, शिल्प, कला एवं रोमांच का बना संगम
    केंद्रीय मंत्री  सिंधिया ने की अध्यक्षता
    प्रमुख फैशन ब्रांड्स के साथ चंदेरी की पारंपरिक बुनाई और अनूठी विरासत को समर्पित फैशन एवं संगीत समारोह
    तीन माह से अधिक संचालित होगी लग्जरी सुविधाओं से लैस टेंट सिटी
    मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा सनसेट डेजर्ट कैम्प के सहयोग से हो रहा आयोजन

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने स्वदेशी उत्पादों और कारीगरों को भरपूर प्रोत्साहन दिया है। इस नाते मध्यप्रदेश सरकार इस दिशा में भरसक प्रयास करते हुए शिल्पकारों को आगे बढ़ाने का कार्य करेगी। चंदेरी जैसे स्थानों की ख्याति ऐतिहासिक, प्राकृतिक सौन्दर्य, पर्यटन के साथ ही वस्त्र बुनाई के कारण भी है। यहां के बुनकर चंदेरी साड़ियों के निर्माण में लगे हैं, जिसे गुणवत्ता के आधार पर जीआई टैग प्राप्त हुआ है, यह एक अहम उपलब्धि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को उज्जैन से चंदेरी में हो रही ईको रिट्रीट आयोजन के लिए भेजे विशेष संदेश में यह विचार व्यक्त किए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चंदेरी का इतिहास गौरवशाली है। प्रकृति ने भी इस स्थान को अनेक खूबियां दी हैं, जिससे यह स्थान पर्यटकों को आकर्षित करता है। तीन माह के लिए पर्यटक टेंट सिटी का लाभ ले सकेंगे। इको रिट्रीट की सौगात स्थानीय बुनकरों के लिए भी लाभकारी है। यह स्थान सिने जगत के लिए भी महत्वपूर्ण डेस्टिनेशन बन रहा है। यहां अनेक फिल्मों और वेबसीरीज का फिल्मांकन हो रहा है। फैशन की दुनिया के लोग इको रिट्रीट के माध्यम से यहां पहुंचे हैं। वे लाईव वीविंग देखकर अभिभूत होंगे। मेहनतकश बुनकर अनोखी बुनाई करते हैं। उद्योग और रोजगार वर्ष 2025 में राज्य सरकार ने चंदेरी के शिल्पियों को प्रोत्साहित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इको रिट्रीट के माध्यम से यहां की जग प्रसिद्ध साड़ियों की ब्रांडिंग हो रही है। बॉयर सेलर मीट, हैण्डलूम प्रदर्शन, व्यंजन मेले और लाइट एंड साउंड-शो के माध्यम से चंदेरी का महत्व देश और दुनिया के सामने स्थापित होगा। स्व-सहायता समूहों की आर्थिक प्रगति में भी ये सभी कार्यक्रम उपयोगी सिद्ध होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एडवेंचर स्पोर्ट्स के माध्यम से स्थानीय युवक और पर्यटक न सिर्फ आनंद प्राप्त करेंगे, बल्कि खेलों और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन की दृष्टि से भी यह महत्वपूर्ण गतिविधि सिद्ध होगी।

    टेंट सिटी लुभाएंगी पर्यटकों को

    चंदेरी इको रिट्रीट–2025 के तृतीय संस्करण का आयोजन मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने चंदेरी जिला प्रशासन एवं सनसेट डेजर्ट कैम्प के सहयोग से किया। चंदेरी इको रिट्रीट की अध्यक्षता केंद्रीय संचार एवं उत्तर–पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री  ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने की। चंदेरी इको रिट्रीट, कटी घाटी के पास स्थापित टेंट सिटी तीन महीने से अधिक समय तक देश–विदेश के पर्यटकों के लिए खुली रहेगी।

    चंदेरी की ऐतिहासिक धरोहर हमारे अतीत की समृद्धि का प्रमाण : केन्द्रीय मंत्री  सिंधिया

    केंद्रीय संचार एवं उत्तर–पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री  सिंधिया ने कहा कि चंदेरी केवल एक भूगोल नहीं है, यह भारत की सांस्कृतिक आत्मा का वह अध्याय है जिसमें, गौरवशाली इतिहास, अद्भुत स्थापत्य और शताब्दियों पुरानी बुनाई परंपरा एक साथ सांस लेती है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की 'लोकल फॉर वोकल' और 'लोकल टू ग्लोबल' की संकल्पना को चंदेरी ने साकार किया है। चंदेरी के किले, बावड़ियां, महल और ऐतिहासिक धरोहरें न केवल हमारे अतीत की समृद्धि का प्रमाण हैं, बल्कि बुंदेलखंड की सांस्कृतिक वीरता और सौंदर्यबोध का जीवित साक्ष्य भी हैं। चंदेरी की साड़ी और यहां की हथकरघा परंपरा भारत की सबसे प्रतिष्ठित और विशिष्ट कलाओं में से एक है- इसकी पारदर्शी बुनावट, महीन ज़री-कढ़ाई और पीढ़ियों से चली आ रही पारंपरिक तकनीकें आज भी दुनिया को आकर्षित करती हैं। यहां के बुनकरों ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी कला को न केवल जीवित रखा बल्कि उसे वैश्विक पहचान दिलाई है। चंदेरी केवल स्मृतियों का स्थान नहीं, बल्कि भारतीय शिल्प, परंपरा और सौंदर्यशास्त्र का जीवंत प्रतीक है। चंदेरी आने वाले समय में अपने इतिहास, अपने हैंडलूम और अपनी सांस्कृतिक विरासत के माध्यम से विश्व मानचित्र पर और सशक्त पहचान बनाएगा।

    फैशन-शो में दिखी चंदेरी की सांस्कृतिक झलक

    चंदेरी की पारंपरिक बुनाई और अनूठी विरासत को समर्पित फैशन एवं संगीत समारोह – “Threads of Time: The Chanderi Saga” टेंट सिटी में शुभारंभ के बाद आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में चंदेरी वस्त्र की ऐतिहासिक और कलात्मक यात्रा को आधुनिक दृष्टि से प्रस्तुत किया गया। फैशन-शो में FabIndia, Taneria, Itokri, Noize Jeans और Zee’s by Tajwar जैसे प्रमुख फैशन ब्रांड्स ने अपनी विशेष प्रस्तुतियाँ दीं।

    रोमांचक गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे पर्यटक

    चंदेरी इको रिट्रीट में पर्यटक रोमांचक गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे। साथ ही बघेलखंड और बुंदेलखंड के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद भी पर्यटक चख सकेंगे। परिवार एवं बच्चों के लिए किड्स ज़ोन तथा इनडोर–आउटडोर गेम्स की भी व्यवस्था रहेगी।

    इस अवसर पर नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला, चंदेरी विधायक  जगन्नाथ सिंह रघुवंशी, मुंगावली विधायक  ब्रजेन्द्र सिंह यादव के अलावा  आलोक तिवारी, अशोकनगर कलेक्टर  आदित्य सिंह, मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर (इवेंट एंड मार्केटिंग)  युवराज पडोले, फैब इंडिया के एमडी  विलियम विसेल, टाटा तनेरिया के सीईओ  अम्बुज नारायण उपस्थित रहे।

     

  • रायपुर में राजभाषा दिवस का आयोजन, मंत्री राजेश अग्रवाल का ऐलान— छत्तीसगढ़ी भाषा को मिलेगा संवैधानिक दर्जा

    रायपुर : छत्तीसगढ़ राजभाषा दिवस के अवसर पर संस्कृति विभाग के ऑडिटोरियम में भव्य समारोह

    आठवीं अनुसूची में छत्तीसगढ़ी भाषा जल्द ही शामिल होगी: संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ राजभाषा दिवस के अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में संस्कृति विभाग के अडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में रायपुर उत्तर विधायक पुरन्दर मिश्रा, धरसींवा विधायक अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सु मोना सेन, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, संचालक संस्कृति एवं राजभाषा विवेक आचार्य, छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग की सचिव डॉ. अभिलाषा बेहार उपस्थित रहीं। अतिथियों का स्वागत पारंपरिक छत्तीगढ़िया तरीके से खुमरी पहना कर किया गया। कार्यक्रम की सबसे विशेष बात यह रही कि सभी अतिथियों ने अपना उद्बोधन छत्तीसगढ़ी में दिया।

    छत्तीसगढ़ी में उद्बोधन देते हुए मंत्री अग्रवाल ने कहा कि आठवीं अनुसूची में छत्तीसगढ़ी को शामिल करने के लिए पूर्व में प्रयास हो चुके हैं तथा अब पूरी तैयारी के साथ केंद्र को प्रस्ताव भेजकर इसे जल्द पूरा किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बोली जाने वाली छत्तीसगढ़ी की विविधता पर जोर देते हुए प्रसिद्ध कहावत ‘‘कोस-कोस पर पानी बदले, चार कोस पर बानी‘‘ का उल्लेख किया तथा सभी बोलियों को समाहित कर भाषा को समृद्ध बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने साहित्यकारों को उनके छत्तीसगढ़ी भाषा में योगदान के लिए बधाई दी तथा छत्तीसगढ़ी साहित्यकारों द्वारा लिखित पुस्तकों का विमोचन भी किया। मंत्री अग्रवाल ने संस्कृति विभाग परिसर में लगाई गई छत्तीसगढ़ी किताबों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा सेल्फी प्वाइंट पर अपनी सेल्फी भी ली।

    छह साहित्यकारों का सम्मान, 13 पुस्तकों का विमोचन

    कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी भाषा के प्रति योगदान हेतु पद्म धर्मपाल सैनी (जगदलपुर), सरला शर्मा (दुर्ग), एस.पी. जायसवाल (सरगुजा), हेमलाल साहू निर्माेही (दुर्ग), डॉ. प्रकाश पतंगीवार (रायपुर) तथा काशी साहू (बिलासपुर) को मुख्य अतिथियों ने छत्तीसगढ़ी भाषा एवं साहित्य में उनके योगदान हेतु सम्मानित किया गया।

    कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी भाषा में लिखी पुस्तकों का विमोचन भी किया गया जिसमें ‘‘आठवीं अनुसूची में छत्तीसगढ़ी‘‘ प्रधान संपादक डॉ. अभिलाषा बेहार, संपादक डॉ. सुधीर शर्मा, ‘‘छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग प्रांतीय सम्मेलन 2024 की स्मारिका‘‘, सदाराम सिन्हा ‘स्नेही‘ कृत ‘‘सूरूज खड़े मुहाटी म‘‘, स्व. नोहरलाल साहू ‘अधमरहा‘ कृत ‘‘हाना के तराना‘‘, मकसूदन साहू कृत ‘‘बरीवाला‘‘, अरविंद मिश्र कृत ‘‘छत्तीसगढ़ी शब्द सामरथ‘‘, डॉ. राघवेन्द्र दुबे कृत ‘‘मोर छत्तीसगढ़ के माटी‘‘, डॉ. किशन टण्डन कृत ‘‘भुंइयां के भगवान‘‘, जमुना प्रसाद चौहान कृत ‘‘मया के खोंदरा‘‘, डॉ. नरेन्द्र वर्मा कृत ‘‘मैं बेटा किसान के‘‘, डॉ. विवेक तिवारी कृत ‘‘हमर परियावरन‘‘, स्व. भूषण लाल परगनिहा कृत ‘‘ गउ रामायन‘‘, विकास कश्यप कृत ‘‘एक दिया‘‘, बलराम मिर्झा कृत ‘‘मन चंगा तो कठौती में गंगा‘‘ और मती आशा झा कृत ‘‘मया भरे आंखी‘‘ प्रमुख हैं।

    कविता पाठ, गोष्ठी और प्रदर्शनी से सजा समारोह

    कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी किताबों की प्रदर्शनी, साहित्यकारों द्वारा कविता पाठ, आठवीं अनुसूची हेतु चर्चा गोष्ठी आयोजित हुई। छत्तीसगढ़ी साहित्यकारों ने कविता पाठ से अतिथियों को मंत्र मुग्ध कर दिया। यह समारोह छत्तीसगढ़ी भाषा के संवर्धन में मील का पत्थर साबित हुआ।