• भोपाल मेट्रो में नियम कड़े, 10 हजार तक का चालान और थूकने पर 200 रुपए जुर्माना

    भोपाल 
    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आमजन के लिए शुरु हुई मेट्रो ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों के लिए रेल प्रबंधन की ओर से सख्त गाइडलाइन जारी की गई है। आप में से कई लोग जानतें होंगे कि, जिस तरह हवाई यात्रियों के लिए नियम होते हैं, करीब-करीब वैसे ही नियम भोपाल मेट्रो के लिए भी लागू होंगे। ऐसे में शहरवासियों से अपील है कि, मेट्रो में यात्रा करने से पहले इन नियमों को जान लें वरना छोटी से चूक भी बड़ी भारी पड़ सकती है।

    मेट्रो रेल प्रबंधन की ओर से जारी गइडलाइन के अनुसार, कोई भी यात्री मेट्रो में पालतू पशु या पक्षी साथ लेकर सफर नहीं कर सकेगा। ऐसे में बेवजह इमरजेंसी बटन दबाने वाले को 10 हजार रुपए तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है। यात्री अपने साथ पेट्रोल-डीजल, हथियार, खुले बीड़ी-सिगरेट, माचिस-लाइटर, गुटखा, तंबाकू, सूखा नाश्ता भी नहीं ले जा सकते। मोबाइल या स्मार्ट वॉच ले जाने की परमिशन तो है, लेकिन ड्रोन, सैटेलाइट फोन, पोर्टेबल और रेडियो संचार उपकरण, कैमरा आदि ले जाना वर्जित है।

    मेट्रो में ये काम करना पड़ेगा भारी
    अगर आप मेट्रो में सफर कर रहे हैं, तो सबसे पहले ये समझ लीजिए कि थूकना या कचरा फेंकना अब सीधे जेब पर भारी पड़ेगा. प्लेटफॉर्म या ट्रेन के अंदर गंदगी फैलाने पर जुर्माना तय किया गया है. मेट्रो प्रशासन का साफ कहना है कि सार्वजनिक परिवहन को साफ रखना यात्रियों की भी जिम्मेदारी है.

    ये खेल उपकरण पैक कर ले जा सकेंगे मेट्रो में सफर करने वाले यात्री तीरंदाजी, मार्शल आर्ट, तलवारबाजी या नानचाकू जैसे खेल उपकरण सक्रिय खिलाड़ी या संचालक की अनुमति से ढककर या पैक कर ले जा सकते हैं।

    पेट्स के साथ नो एंट्री
    अब आप पालतू जानवर (Pets) के साथ मेट्रो में सफर नहीं कर सकेंगे. चाहे छोटा डॉग हो या कोई और पेट, मेट्रो ट्रेन में उन्हें ले जाने की अनुमति नहीं होगी. नियम का उल्लंघन करने पर कार्रवाई तय है. ये सामान ले गए तो पकड़े जाएंगे मेट्रो में सफर के दौरान कई चीजों पर पूरी तरह पाबंदी है.

    सभी 8 स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरों से नजर भोपाल में मेट्रो का प्रायोरिटी कॉरिडोर सुभाष नगर से एम्स तक है। इस दौरान कुल 8 स्टेशन- सुभाष नगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम ऑफिस, अलकापुरी और एम्स हैं। इन सभी स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जो यात्रियों पर नजर रखे हुए हैं। मेट्रो ट्रेन में भी सीसीटीवी सर्विलांस है। हर हरकत कैमरे में कैद हो रही है।

    दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश की सिक्योरिटी कंपनी के ढाई सौ गार्ड भी तैनात किए गए हैं। पहले और दूसरे दिन कुछ यात्रियों ने गार्ड्स के गलत व्यवहार की शिकायत भी मेट्रो अफसरों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से की है।

    25 किलो वजनी सामान ही ले जा सकेंगे यात्री

    संक्रामक रोग से ग्रसित व्यक्ति, मानसिक रूप से परेशान और असंयमी, शराबी पैसेंजर सफर नहीं कर सकेगा। विमान की तरह ही इसमें सामान लेजाने का नियम निर्धारित किा गया है। एक यात्री मेट्रो में अधिकतम 25 किलो वजन का सामान ही ले जा सकता है। इसी तरह स्टेशन परिसर या मेट्रो ट्रेन के भीतर थूकने वाले पर 200 रुपए जुर्माना लगाया जाएगा।

    इनमें शामिल हैं
    पेट्रोल और डीजल, हथियार, माचिस और ज्वलनशील पदार्थ, गुटखा, पान, तंबाकू, खाने-पीने का सामान और नाश्ता. सुरक्षा के लिहाज से इन चीजों को खतरनाक माना गया है, इसलिए चेकिंग के दौरान पकड़े जाने पर जुर्माना या कार्रवाई हो सकती है.

    इमरजेंसी बटन से मजाक पड़ेगा भारी
    अगर किसी ने बेवजह इमरजेंसी बटन दबाया, तो सीधे 10,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा. यह बटन सिर्फ आपात स्थिति के लिए है, न कि मजाक या प्रयोग के लिए. प्रशासन का कहना है कि फर्जी अलर्ट से यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है.

    हर हरकत पर CCTV की नजर
    मेट्रो स्टेशन और ट्रेन के अंदर CCTV कैमरों से 24×7 निगरानी की जा रही है. हर गतिविधि रिकॉर्ड हो रही है, इसलिए नियम तोड़कर बच निकलना अब आसान नहीं होगा.

    क्यों जरूरी हैं ये नियम?
    मेट्रो प्रशासन का कहना है कि इन नियमों का मकसद यात्रियों को परेशान करना नहीं, बल्कि सुरक्षित, साफ और अनुशासित सफर देना है. नियम मानेंगे तो सफर आसान और आरामदायक रहेगा, वरना चालान और कार्रवाई तय है.

  • कुनकुरी को विकास की बड़ी सौगात: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी ₹107.32 करोड़ की मंजूरी

    रायपुर,

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन के दो वर्षों के दौरान विकास की नई गति देखने को मिल रही है। इसी क्रम में जशपुर जिले के कुनकुरी नगर पंचायत क्षेत्र को 107 करोड़ 32 लाख रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की स्वीकृति देकर मुख्यमंत्री ने नगर को ऐतिहासिक सौगात दी है। इन योजनाओं से कुनकुरी नगर की आधारभूत संरचना, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, पर्यटन, यातायात और नागरिक सुविधाओं में व्यापक और दीर्घकालिक सुधार होगा।

    कुनकुरी नगर में युवाओं को आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 63 करोड़ 84 लाख रुपये की लागत से इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण को मंजूरी दी गई है। यह कॉम्प्लेक्स क्षेत्रीय युवाओं की खेल प्रतिभा को निखारने में मील का पत्थर साबित होगा।

    मुख्यमंत्री साय ने नगर पंचायत क्षेत्र में 53 विकास कार्यों के लिए 5 करोड़ रुपये की स्वीकृति देकर जनता से किए गए अपने वादे को पूरा किया है। इन कार्यों से नगर के विभिन्न वार्डों और मोहल्लों में बुनियादी सुविधाएं सुदृढ़ होंगी और नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आएगा।

    स्वास्थ्य के क्षेत्र में कुनकुरी को बड़ी सौगात देते हुए 2 करोड़ 62 लाख रुपये की लागत से नेचुरोपैथी भवन निर्माण को मंजूरी दी गई है। इससे प्राकृतिक चिकित्सा, आयुर्वेद और योग को बढ़ावा मिलेगा तथा नागरिकों को बेहतर वैकल्पिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।

    पर्यटन और धार्मिक आस्था को सशक्त करने के लिए छठ घाट के समग्र विकास हेतु 5 करोड़ 17 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। घाट के सौंदर्यीकरण और विकास से स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और आर्थिक गतिविधियों मंक वृद्धि होगी।
    कुनकुरी नगर में सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधियों के लिए 6 करोड़ 67 लाख रुपये की लागत से आधुनिक बहुउद्देशीय ऑडिटोरियम भवन का निर्माण किया जाएगा, जिससे कला, संस्कृति और सामाजिक आयोजनों को नया मंच मिलेगा। शिक्षा के क्षेत्र में मजबूती लाने के उद्देश्य से नालंदा परिसर के 250 सीटर विस्तार के लिए 4 करोड़ 37 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्राप्त होगा।

    नगर के यातायात को सुव्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने के लिए 7 करोड़ 26 लाख रुपये की लागत से हाई-टेक बस स्टैंड के निर्माण को मंजूरी मिली है, जिससे यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी और यातायात व्यवस्था सुदृढ़ होगी। इसके साथ ही नगर में बच्चों के मनोरंजन और सुरक्षित खेल के लिए 1 करोड़ 2 लाख रुपये की लागत से रिक्रिएशन चिल्ड्रन पार्क का निर्माण किया जाएगा। वहीं 6 करोड़ रुपये की राशि से वार्ड क्रमांक 1 से 15 तक एलईडी स्ट्रीट लाइट एवं अन्य विकास कार्य किए जाएंगे, जिससे नगर में बेहतर प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

    इन सभी योजनाओं के माध्यम से कुनकुरी नगर तेजी से स्मार्ट सुविधाओं, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, सशक्त शिक्षा, आधुनिक यातायात और समृद्ध सांस्कृतिक गतिविधियों से युक्त एक आदर्श नगर के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में कुनकुरी नगर विकास, विश्वास और भविष्य की नई मिसाल बनता जा रहा है। नगरवासियों ने इन ऐतिहासिक विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।

  • जनहित सर्वाेपरि: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े मौके पर ही कराया लंबित समस्या का समाधान

    रायपुर,

    छत्तीसगढ़ शासन में संवेदनशीलता, तत्परता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता की मिसाल उस समय देखने को मिली, जब महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने एक पीड़ित महिला की महीनों से लंबित समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित कराया।

    नोनी सुरक्षा योजना से संबंधित दस्तावेज़ों में नाम सुधार के लिए पीड़ित महिला लंबे समय से विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगा रही थी। बार-बार आवेदन और निवेदन के बावजूद उसकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा था, जिससे वह मानसिक रूप से अत्यंत परेशान थी। आज रायपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जब महिला ने अपनी व्यथा मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के समक्ष रखी, तो मंत्री राजवाड़े ने अत्यंत संवेदनशीलता के साथ उसकी बात सुनी। उन्होंने बिना विलंब किए मौके पर ही संबंधित विभागीय अधिकारी से फोन पर चर्चा कर समस्या के शीघ्र एवं समयबद्ध निराकरण के स्पष्ट निर्देश दिए।

    मंत्री राजवाड़े ने दो टूक शब्दों में कहा कि महिलाओं और बच्चों से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं किया जायेगा। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन अधिकारियों की निष्क्रियता के कारण हितग्राही को अनावश्यक रूप से परेशान होना पड़ा, उनके विरुद्ध जवाबदेही तय की जाए।

    मंत्री राजवाड़े ने कहा कि सरकार की जनहितकारी योजनाओं का उद्देश्य केवल कागज़ों तक सीमित रहना नहीं, बल्कि पात्र हितग्राहियों तक उनका लाभ समय पर और सम्मान के साथ पहुँचना है। महिलाओं और बच्चों से जुड़ी किसी भी समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

    यह घटना राज्य में सुशासन और संवेदनशील प्रशासन का सकारात्मक संदेश देती है तथा यह प्रमाणित करती है कि मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े जनहित से जुड़े मामलों में त्वरित निर्णय लेकर आमजन के विश्वास को निरंतर सशक्त कर रही हैं।

  • ‘संस्कृति नहीं समझते सोनिया-राहुल’: गांधी प्रतिमा के सामने प्रदर्शन पर भड़के पुरंदर मिश्रा

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ की सियासत में भी गांधी और राम के नाम पर नेताओं की बयानबाजी जारी है. कांग्रेस आज वीबी- जी राम जी बिल को लेकर आजाद चौक स्थित गांधी प्रतिमा के सामने प्रदर्शन कर रही है, जिसे लेकर विधायक पुरंदर ने शर्मनाक बताया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की बुद्धि भ्रष्ट हो चुकी है, महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरना देना शर्मनाक है. महात्मा गांधी ने अंतिम समय में ‘हे राम’ कहा था. भाजपा ने उनके सिद्धांतों के अनुसार काम किया. उन्होंने सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि वे विदेश में पैदा हुए, इसलिए संस्कृति नहीं समझते हैं. कांग्रेस का दीया बहुत जल्द बुझने वाला है.

    केरल मॉब लिंचिंग को लेकर पुरंदर का बयान

    विधायक पुरंदर ने केरब मॉब लिंचिंग मामले पर बयान दिया है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और नेता केरल सरकार से लगातार संपर्क में है. जो भी न्यायसंगत होगा, उसी अनुसार कार्रवाई की जाएगी.
     
    त्योहारों के समय शांति और सौहार्द बनाए रखें : विधायक पुरंदर

    स्कूल में बच्चों को संता क्लॉज बनाने पर बजरंग दल ने चेतावनी दी थी, जिसे पर कांग्रेस वरिष्ठ नेता टीएस सिंह देव ने प्रतिक्रिया देते हुए बजरंग दल को क्रिसमस ट्री लगाने के लिए आमंत्रित किया था. अब इसे लेकर विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस हर समय लोगों को उकसाने का काम करती है. भारत सर्वधर्म समभाव वाला देश है. सभी संगठनों से अपील है ऐसा कोई काम न करें, जिससे मनमुटाव बढ़े. उन्होने अपील करते हुए कहा कि त्योहारों के समय शांति और सौहार्द बनाए रखें. किसी की भावना आहत करने का इरादा नहीं होना चाहिए. प्रशासन सजग है, भ्रम फैलाकर लड़ाई कराने की कोशिशें हो रही हैं. कानून को हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है.

    युवक का ड्रग्स लेते वीडियो वायरल

    रायपुर में एक युवक का ड्रग्स लेते हुए वायरल हो रहे वीडियो के सवाल विधायक मिश्रा ने कहा कि किसी के बहकावे या लालच में आकर युवा नशा न करें. उन्होंने पुलिस विभाग से कड़ी कार्रवाई का आग्रह किया.

  • सीएम साय ने एयरपोर्ट पर जेपी नड्डा का किया स्वागत

    रायपुर

    बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा सोमवार को रायपुर पहुंचे। एयरपोर्ट पर सीएम विष्णुदेव साय ने उनका स्वागत किया। सीएम साय ने कहा कि, छत्तीसगढ़ सरकार के दो वर्ष पूरे हुए। जांजगीर में आज जनादेश परब का आयोजन है। विश्व की सबसे बड़े राजनीतिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा का आगमन हो रहा। उनका मार्गदर्शन, आशीर्वचन छत्तीसगढ़ की जनता को मिलेगा।

    जांजगीर चांपा जिले में जनादेश परब का आयोजन हो रहा है। इसमें BJP अध्यक्ष और स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा शामिल होंगे। जहां वे सीएम विष्णुदेव साय सरकार की उपलब्धियों को जनता के सामने रखेंगे। CM विष्णुदेव साय, दोनों डिप्टी CM, मंत्री ओपी चौधरी, श्यामबिहारी जायसवाल, टंकराम वर्मा, लखनलाल देवांगन, BJP की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय, लता उसेंडी मंच पर मौजूद होंगे।

    कलाकार देंगे अपनी प्रस्तुति
    जनादेश परब के अवसर पर जांजगीर के पुलिस लाईन में आयोजित की जा रही विशाल आमसभा को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे. पी. नड्डा सम्बोधित करेंगे। इस अवसर पर कार्यक्रम के अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे। इस मौके पर सुप्रसिद्ध लोक कलाकार एवं पद्मश्री अनुज शर्मा तथा अन्य कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी।

  • हाईकोर्ट का फैसला: महिला को मायके वालों की ‘कैद’ से रिहा कर पति के पास भेजा गया, पुलिस सुरक्षा सुनिश्चित

    जबलपुर 
    मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक महिला को उसके परिवार से सुरक्षा देते हुए पति के घर पहुंचाने का आदेश दिया है। यह फैसला छिंदवाड़ा की एक महिला के मामले में आया, जिसने अपने पति के साथ रहने की इच्छा जताई लेकिन परिवार के हस्तक्षेप का डर भी जताया। उसके पति ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर कहा था कि उसकी पत्नी को बंधक बनाया गया है।

    महिला को कोर्ट में पेश करने के आदेश
    जस्टिस विवेक अग्रवाल और राम कुमार चौबे की बेंच ने महिला को कोर्ट में पेश करने के बाद यह आदेश दिया। महिला ने कहा कि वह अपने पति के साथ रहना चाहती है, लेकिन उसे डर है कि उसके परिवार वाले उनकी जिंदगी में 'अनुचित और अवैध हस्तक्षेप' कर सकते हैं। इसलिए उसने पुलिस सुरक्षा मांगी।

    कोर्ट ने पुलिस को दिए निर्देश
    कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि वे महिला को सुरक्षित रूप से उसके पति के घर, जो कि सीहोर जिले में है, पहुंचाएं। साथ ही, सीहोर के एसपी को जोड़े की सुरक्षा का जायजा लेने और उन्हें पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने का भी आदेश दिया। कोर्ट ने अपने संक्षिप्त आदेश में कहा, 'महिला की दलीलों को सुनने और यह संतुष्ट होने के बाद कि वह वयस्क है, जैसा कि याचिकाकर्ता द्वारा पेश किए गए दस्तावेजी सबूतों से पुष्टि होती है, हम पुलिस कर्मियों से अनुरोध करते हैं जिन्होंने बंदी को लाया है, उसे सुरक्षित हिरासत में याचिकाकर्ता के घर ले जाएं, क्योंकि शादी विधिवत पंजीकृत है और वे विधिवत विवाहित पति-पत्नी हैं।'

    एसपी को दिए आदेश
    कोर्ट ने आगे कहा, 'हम सीहोर के अधीक्षक पुलिस से भी अनुरोध करते हैं कि वे खतरे की आशंका का परीक्षण करें और उचित सुरक्षा प्रदान करें और सीहोर के संबंधित पुलिस स्टेशन बारघाट को निर्देश दें कि जब भी याचिकाकर्ता या बंदी किसी अनुचित घटना की रिपोर्ट करें, तो पुलिस स्टेशन बारघाट, सीहोर को उचित संवेदनशीलता दिखानी चाहिए और उनके मामले को सहानुभूतिपूर्वक निपटाना चाहिए।'

  • जेपी नड्डा की रायपुर यात्रा: CM साय ने स्वास्थ्य सेवाओं में मार्गदर्शन का दिया आश्वासन

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ में भाजपा के दो साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आज जांजगीर-चांपा जिले में जनादेश परब का आयोजन किया गया है. इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और मुख्यमंत्री साय भी आयोजन में शामिल होंगे. कार्यक्रम की अध्यक्षता करने जांजगीर जारहे सीएम साय ने पत्रकारों से चर्चा की. इस दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्री नड्डा के दौरे को लेकर कहा कि प्रदेश की जनता को विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री का मार्गदर्शन और आशीर्वचन मिलेगा.

    बता दें, 13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, डिप्टी सीएम अरुण साव और डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने पदभार ग्रहण किया था. साय सरकार के 2 साल पूरा होने के उपलक्ष्य में आज जांजगीर के पुलिस लाईन में जनादेश परब का आयोजन किया जा रहा है. जनादेश परब में जनता-जनार्दन के समक्ष छत्तीसगढ़ सरकार की दो वर्ष की उपलब्धियों और राज्य के एकीकृत विकास के लिए लिए गए फैसलों की जानकारी दी जाएगी. जनकल्याणकारी योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित भी किया जाएगा. इस विशाल आमसभा को केंद्रीय मंत्री जे. पी. नड्डा संबोधित करेंगे.

    जेपी नड्डा ने छत्तीसगढ़ को हमेशा प्रेम दिया : किरण सिंहदेव

    केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने कहा कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा का आगमन हो रहा है, हम बीजेपी परिवार की ओर से उनका स्वागत करते हैं. हमेशा इन्होंने अपना प्रेम छत्तीसगढ़ को दिया है. सरकार को दो साल पूरे हो गए हैं. सारी योजनाएं बेहतर रूप से संचालित हो रही है, सभी को आशीर्वाद देने पहुंच रहे हैं.
     
    मनरेगा को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन पर किरण सिंहदेव ने कसा तंज

    वहीं मनरेगा के नाम परिवर्तन पर कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर भी किरण सिंहदेव ने कांग्रेस पर तंज कसा है. उन्होंने कहा कि बापू और सरदार वल्लभभाई पटेल को कांग्रेस ने भुला दिया है. 100 दिन का काम 125 दिन हुआ है, कांग्रेस को इसका धन्यवाद करना चाहिए.

  • स्पेन के विदेशी जोड़े का वैदिक विवाह ओरछा में, बतेश्वर मंदिर ने किया साक्षी

    निवाड़ी
    मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन नगर ओरछा में भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं की एक अनोखी मिसाल देखने को मिली। स्पेन से आए विदेशी जोड़े ने सात समंदर पार कर हिन्दू वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार बतेश्वर मंदिर में विवाह रचाया।

    स्पेन निवासी 54 वर्षीय चीरो और 50 वर्षीय ऑडरा लंबे समय से एक-दूसरे से प्रेम करते थे, लेकिन दोनों की दिली इच्छा थी कि उनका विवाह भारतीय सनातन परंपराओं के अनुसार हो। इसी भावना के चलते उन्होंने रामराजा की नगरी ओरछा को अपनी शादी के लिए चुना।

    बतेश्वर मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंडितों द्वारा पाणिग्रहण संस्कार सम्पन्न कराया गया। जयमाला, सप्तपदी और अन्य सभी रस्में पूरी श्रद्धा और विधि-विधान से निभाई गईं। पीले जोड़े में सजी दुल्हन ऑडरा और सेहरे से सजे दूल्हा चीरो भारतीय विवाह की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत कर रहे थे, जो मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बने रहे।

    शादी के दौरान मंदिर में उपस्थित लोगों ने नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया। वैदिक मंत्रों की गूंज और सनातन संस्कारों के बीच विदेशी जोड़े ने सात जन्मों तक पति-पत्नी के रूप में साथ निभाने की शपथ ली।

    विवाह के बाद दूल्हा- दुल्हन ने कहा कि वे हिन्दू संस्कृति, वैदिक परंपराओं और भारतीय संस्कारों से अत्यंत प्रभावित हैं। उन्होंने रामराजा सरकार से सात जन्मों तक सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद लिया। जोड़े ने कहा, “रामराजा की नगरी में एक-दूसरे का हाथ थामने की हमारी अभिलाषा आज पूरी हो गई।”

    विदेशी जोड़े को पूरा विश्वास है कि सनातन संस्कारों से प्रेरित यह वैदिक पाणिग्रहण संस्कार उनका दांपत्य जीवन अटल और सफल बनाएगा। यह विवाह न केवल प्रेम की, बल्कि भारतीय संस्कृति की वैश्विक स्वीकार्यता की भी एक सुंदर मिसाल बन गया।

  • मध्य प्रदेश के 80 आदिवासी मजदूर महाराष्ट्र से सुरक्षित लौटे, सिंधिया ने की सराहना

    शिवपुरी 
     कोलारस के आदिवासी परिवारों के 80 से ज्यादा मजदूरों को महाराष्ट्र में कुछ लोगों ने बंधुआ बना लिया था. इन आदिवासियों को कुछ दलाल महाराष्ट्र ले गए और लगातार उनके साथ अमानवीय व्यवहार कर रहे थे, जिसके बाद किसी तरह से आदिवसी मजदूरों ने अपनी बात केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तक पहुंचाई थी. आखिरकार दलालों के चंगुल से निकलने के बाद सभी मजदूर वापस कोलारस के ग्राम पंचायत विजयपुरा पहुंचे और अपनी रिहाई के लिए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति आभार प्रकट किया.

    काम के बहाने बनाया बंधुआ मजदूर

    रामजी लाल आदिवासी ने कहा, '' हम लगभग 80 मजदूरों को पूरे परिवार के साथ ग्राम बछुरिया निवासी बंटी गुर्जरऔर कल्लू गुर्जर 1 दिसम्बर को इंदौर ले गया था. इसके बाद मजदूरी करवाने के बहाने सभी को महाराष्ट्र ले जाया गया. महाराष्ट्र में कुछ स्थानीय लोगों से मिलवाया गया और सोलापुर में एक गन्ने के खेत पर मजदूरी के लिए लगा दिया गया. वहां बंधुआ मजदूर बनाकर सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक जमकर मजदूरी करवाई जाती थी. इसके बाद लाठियों से मारा पीटा जाता था और पानी पीने या आराम करने पर लातें मारी जाती थीं, जिसके बाद हम लोगों ने वीडियो बनाकर कोलारस में विजयपुरा सरपंच को भेजे.''

    सरपंच को मिला वीडियो, फिर सिंधिया तक पहुंची बात

    आदिवासी मजदूरों द्वारा वीडियो मिलते ही विजयपुरा के सरपंच ने रन्नौद थाना प्रभारी अरविंद दांगी को मामले की शिकायत की. वहीं दूसरी ओर विधायक महेंद्र सिंह यादव के माध्यम से सूचना केंद्रीय मंत्री व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया तक भेजी गई. इस पर केंद्रीय मंत्री द्वारा तुरंत एक्शन लिया गया और 20 दिसम्बर को सभी बंधुआ मजदूर लौटकर वापस गांव आ गए. आदिवासी मजदूरों ने इसके बाद वीडियो बनाकर केंद्रीय मंत्री सहित सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया. इसके साथ ही मजदूरों ने केंद्रीय मंत्री सिंधिया को विजयपुरा आने का निमंत्रण भी दिया है.

    इस मामले को लेकर रन्नौद थाना प्रभारी अरविंद सिंह चौहान ने बताया, '' मुझे एक शिकायत विजयपुरा के मजदूरों को महाराष्ट्र में बंधुआ बनाए जाने के संबंध में मिली थी. उक्त शिकायत के बाद मैंने संंबंधित थाने पर संपर्क किया था. इसके अलावा ग्रामीण सांसद महोदय से भी मिले थे. उन्होंने प्रयास किए, जिसके बाद सभी मजदूर लौट कर वापस आ गए हैं. बताया गया कि आदिवासियों को बंधुआ मजदूर बनाकर उनसे मारपीट की जा रही थी और उन्हें पैसे भी नहीं दिए जा रहे थे.

  • टमाटर के बढ़ते दामों का खुलासा: सस्ता होगा या नहीं, जानें वजहें

    शहडोल 
     मध्य प्रदेश में भीषण ठंड के बीच हरी-भरी सब्जियों की डिमांड बढ़ जाती है, वहीं ये सीजन टमाटर के लिए भी खास माना जाता है. इस दौरान टमाटर की ज्यादा आवक व डिमांड की वजह से अक्सर इसके दाम में कमी देखी जाती है लेकिन इसके ठीक उलट टमाटर के दाम बढ़ रहे हैं, जिससे लोगों के किचन का जायका भी बिगड़ रहा. जानें आखिर किसा वजह से टमाटर सीजन होने के बावजूद इतना महंगा चल रहा है.

    ठंड के सीजन में टमाटर के गर्म तेवर

     पूरे मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, दिसंबर की शुरुआत से ही तापमान 5 डिग्री के करीब या उससे नीचे चल रहा है. ऐसे में इसका असर अब सब्जियों और फसलों पर भी देखने को मिल रहा है. टमाटर की फसल का सीजन है फिर भी टमाटर के दाम इन दिनों बेतहाशा बढ़ रहे हैं. टमाटर खरीदने पहुंची खरीददार कहती हैं, '' दिसंबर में अक्सर ही टमाटर सस्ते दाम में मिल जाते थे लेकिन मौजूदा साल में 50 रु से लेकर 70रु किलो तक बिक रहे हैं,''

    60-70रु किलो तक बिक रहा टमाटर

     इन दिनों टमाटर के दाम अच्छे खासे बढ़ रहे हैं और हर दिन दाम में उछाल भी देखने को मिल रहा है. सब्जी व्यापारी बताते हैं, '' वर्तमान में खुले रेट में टमाटर कहीं 50 रु किलो तो कहीं 60-70रु किलो तक क्वालिटी के हिसाब से बिक रहा है. इसके पीछे कई कारण हैं.''

    क्यों बढ़ रहे टमाटर के दाम?

    सब्जी व्यापारी बताते हैं, '' इस बार लंबे समय तक बारिश हुई, जिसकी वजह से शुरुआती फसल बर्बाद हुई, और फिर इसके बाद किसानों ने जो नई फसल लगाई तो बेतहाशा ठंड पड़ गई. तापमान 3 डिग्री तक जा रहा है, जिसकी वजह से टमाटर ठीक से पक नहीं पा रहा है, और यही वजह है कि लोकल टमाटर मार्केट में आ नहीं रहा है. इसी की वजह से टमाटर के दाम बढ़े हुए हैं.'' सब्जी व्यापारी  बताते हैं कि अगर ठंड इसी तरह पड़ती रही तो अभी टमाटर के दाम सस्ते नहीं होने वाले हैं.

    पहले बारिश का कहर अब ठंड बनी सिरदर्द

    टमाटर की खेती करने वाले किसान सत्य कुमार बताते हैं, ''इस बार बारिश देर तक हुई, ऐसे में जो टमाटर की फसल लगा रखी थी वह बारिश की वजह से वो खराब हो गई. नई फसल लगाई, तो अभी कड़ाके की ठंड पड़ रही है. खेतों पर टमाटर तो लगा हुआ है, लेकिन वो पक नहीं पा रहे हैं, जिसकी वजह से मार्केट में लोकल टमाटर की शॉर्टेज है.

  • गुड न्यूज! MP–राजस्थान के बीच 5 स्पेशल ट्रेनें, देखें पूरा शेड्यूल और स्टॉपिंग पॉइंट्स

    इंदौर 

    राजस्थान के अजमेर शहर में सूफी संत मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर लगने वाले सालाना उर्स को देखते हुए रेलवे ने 5 जोड़ी उर्स स्पेशल ट्रेनों को चलाने का फैसला लिया है। ये सभी ट्रेनें अलग-अलग राज्यों से आएंगी और कई प्रदेशों से होकर गुजरते हुए अजमेर तक जाएंगी। इस दौरान मध्य प्रदेश के लोगों को भी इन ट्रेनों का फायदा मिलेगा। इस खबर में हम आपको मध्य प्रदेश से होकर राजस्थान के कई शहरों से गुजरते हुए अजमेर तक जाने वाली विशेष ट्रेनों की ही जानकारी दे रहे हैं। इनमें से एक ट्रेन गुजरात से भी होकर गुजरेगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशि किरण ने इन ट्रेनों के बारे में एक प्रेस नोट जारी करते हुए विस्तार से जानकारी दी।

    1) ट्रेन नंबर 07274/07275 मचिलीपट्‌णम-अजमेर-मचिलीपट्णम स्पेशल ट्रेन (कुल 2 ट्रिप)

    < गाड़ी संख्या 07274, मचिलीपट्णम-अजमेर स्पेशल ट्रेन (01 ट्रिप)

    कब चलेगी- 21 दिसंबर (रविवार), सुबह 10.00 बजे आंध्र प्रदेश के मचिलीपट्णम से शुरू होगी

    MP-राजस्थान में कहां रुकेगी- खंडवा जंक्शन (सोमवार रात 20:37 बजे), इटारसी जंक्शन, भोपाल जंक्शन, उज्जैन जंक्शन, रतलाम जंक्शन, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद एवं अजमेर।

    कब पहुंचेगी- तीसरे दिन मंगलवार को 15.30 बजे अजमेर पहुंचेगी

    < गाड़ी संख्या 07275, अजमेर-मचिलीपट्णम स्पेशल ट्रेन (01 ट्रिप)

    कब चलेगी- 28 दिसंबर (रविवार), सुबह 08.25 बजे अजमेर से रवाना होगी

    कब पहुंचेगी- तीसरे दिन मंगलवार को सुबह 09.30 बजे मचिलीपट्णम पहुंचेगी

    स्टॉपेज- यह ट्रेनें दोनों दिशाओं में गुडिवाडा जंक्शन, विजयवाड़ा जंक्शन, खम्मम, डोर्नकल जंक्शन, महबूबाबाद, वारंगल, जम्मीकुंटा, पेद्दपल्ली जंक्शन, करीमनगर, लिंगमपेट जगित्याल, मोर्ताड़, आरमुर, निजामाबाद जंक्शन, बासर, धर्माबाद, मुदखेड, नांदेड़, पूर्णा जंक्शन, परभणी जंक्शन, मानवत रोड, सेलु, परतुर, जालना, छत्रपति शम्भाजीनगर (औरंगाबाद), लासूर, रोटेगांव, नागरसोल, मनमाड जंक्शन, भुसावल जंक्शन, खंडवा जंक्शन, इटारसी जंक्शन, भोपाल जंक्शन, उज्जैन जंक्शन, रतलाम जंक्शन, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद और अजमेर स्टेशनों पर रुकेगी।

    इस ट्रेन में फर्स्ट एसी, एसी-2 टियर, एसी-3 टियर, स्लीपर क्लास, जनरल सेकेंड क्लास और 2 गार्ड कोच समेत कुल 24 कोच होंगे।
    2) ट्रेन नंबर 07733/07734 काचीगुडा-मदार-काचीगुडा स्पेशल ट्रेन (कुल 2 ट्रिप)

    < गाडी संख्या 07733, काचीगुडा-मदार स्पेशल रेलसेवा (01 ट्रिप)

    कब चलेगी- 23 दिसंबर (मंगलवार) को हैदराबाद के काचीगुडा से रात 23.30 बजे रवाना होगी

    MP-राजस्थान में कहां रुकेगी- खंडवा, इटारसी, भोपाल, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ, भीलवाडा, बिजयनगर, नसीराबाद, अजमेर, मदार।

    कब पहुंचेगी- 25 दिसंबर (गुरूवार) को दोपहर 13.00 बजे मदार पहुंचेगी

    < गाड़ी संख्या 07734, मदार-काचीगुडा स्पेशल रेलसेवा

    कब चलेगी- 28 दिसंबर (रविवार) को मदार से शाम 18.10 बजे रवाना होगी

    कब पहुंचेगी- 30 दिसंबर (मंगलवार) को सुबह 10.00 बजे काचीगुडा पहुंचेगी

    स्टॉपेज- यह ट्रेनें दोनों दिशाओं में काचीगुडा, मल्काजगिरि, मेडचल, कामारेड्डी, निजामाबाद, बासर, धर्माबाद, मुदखेड, नान्देड, पूर्णा जं., बसमत, हिंगोली, वाशिम, अकोला, खंडवा, इटारसी, भोपाल, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद, अजमेर, मदार स्टेशनों पर रुकेगी।

    इस ट्रेन में 3 सेकेंड एसी, 5 थर्ड एसी, 10 द्वितीय शयनयान, 4 द्वितीय साधारण श्रेणी और 2 गार्ड डिब्बों सहित कुल 24 डिब्बें होगें।
    3) ट्रेन नंबर 07731/07732 हैदराबाद-अजमेर-हैदराबाद ट्रेन (कुल 2 ट्रिप)

    < गाड़ी संख्या 07731, हैदराबाद-अजमेर स्पेशल ट्रेन (01 ट्रिप)

    कब चलेगी- 23 दिसंबर 2025 (मंगलवार) को सुबह 11.30 बजे हैदराबाद से चलेगी

    MP-राजस्थान में कहां रुकेगी- खंडवा जंक्शन, इटारसी जंक्शन, भोपाल जंक्शन, उज्जैन जंक्शन, रतलाम जंक्शन, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद और अजमेर।

    कब पहुंचेगी- तीसरे दिन 25 दिसंबर (गुरुवार) आधी रात को 02.15 बजे अजमेर पहुंचेगी

    < गाड़ी संख्या 07732, अजमेर-हैदराबाद स्पेशल ट्रेन

    ऑपरेशनल कारणों से इस ट्रेन को रद्द कर दिया गया है।

    स्टॉपेज- यह स्पेशल ट्रेन दोनों दिशाओं में सिकंदराबाद, मलकाजगिरी, मेडचल, कमारेड्डी, निजामाबाद जंक्शन, बसर, धर्माबाद, मुदखेड, नांदेड़, पूर्णा जंक्शन, बासमत, हिंगोली डेक्कन, वाशिम, अकोला जंक्शन, खंडवा जंक्शन, इटारसी जंक्शन, भोपाल जंक्शन, उज्जैन जंक्शन, रतलाम जंक्शन, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद और अजमेर स्टेशनों पर रुकेगी।

    इस ट्रेन में 1 फर्स्ट मय सेकेंड एसी, 3 थर्ड एसी, 14 द्वितीय शयनयान, 4 द्वितीय साधारण श्रेणी एवं 2 गार्ड डिब्बों सहित कुल 24 डिब्बें रहेंगे।
    4) ट्रेन नंबर 07735/07736 तिरूपति-अजमेर-तिरूपति ट्रेन (कुल 2 ट्रिप)

    < गाड़ी संख्या 07735, तिरूपति-अजमेर स्पेशल रेलसेवा

    कब चलेगी- 22 दिसंबर (सोमवार) को तिरूपति से दोपहर 12.30 बजे रवाना होगी

    MP-राजस्थान में कहां रुकेगी- इटारसी, भोपाल, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद और अजमेर।

    कब पहुंचेगी- तीसरे दिन 24 दिसंबर (बुधवार) को मध्य रात्रि में 02.15 बजे अजमेर पहुंचेगी

    < गाड़ी संख्या 07736, अजमेर तिरूपति स्पेशल रेलसेवा

    कब चलेगी- 29 दिसंबर 2025 (सोमवार) को अजमेर से रात 20.00 बजे चलेगी

    कब पहुंचेगी- तीसरे दिन 31 दिसंबर (बुधवार) को दोपहर 13.30 बजे तिरूपति पहुंचेगी

    स्टॉपेज- तिरूपति, रेणिगुट्टा, गुडुर, नेल्लोर, औंगोल, चिराला, तेनाली, विजयवाडा, खम्मम, डोर्नकल जंक्शन, महबूबाबाद, वारंगल, पेद्दपल्ली, मंचिर्याल, सिरपुर कागजनगर, बल्हारशाह, नागपुर, इटारसी, भोपाल, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद और अजमेर स्टेशनों पर रुकेगी।

    इस ट्रेन में 3 सेकेंड एसी, 5 थर्ड एसी, 10 द्वितीय शयनयान, 4 द्वितीय साधारण श्रेणी एवं 02 गार्ड डिब्बों सहित कुल 24 डिब्बें होगें।

    < गाड़ी संख्या 09027, बान्द्रा टर्मिनस-अजमेर द्वि-साप्ताहिक सुपरफास्ट रेलसेवा (2 ट्रिप)

    कब चलेगी- 22 दिसंबर (सोमवार) और 25 दिसंबर (गुरुवार) को दोपहर 12.15 बजे बांद्रा टर्मिनस से रवाना होगी

    गुजरात-MP-राजस्थान में कहां रुकेगी- वापी, वलसाड, सूरत, भरूच, गोधरा, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद, अजमेर।

    कब पहुंचेगी- अगले दिन सुबह 07.20 बजे अजमेर पहुंचेगी

    < गाड़ी संख्या 09028, अजमेर-बान्द्रा टर्मिनस द्वि-साप्ताहिक सुपरफास्ट रेलसेवा (2 ट्रिप)

    कब चलेगी- 23 दिसंबर (मंगलवार) और 26 दिसंबर (शुक्रवार) को सुबह 10.25 बजे अजमेर से रवाना होगी

    कब पहुंचेगी- अगले दिन सुबह 04.20 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी

    स्टॉपेज- बांद्रा टर्मिनस, बोरीवली, पालघर, दहानू रोड, वापी, वलसाड, सूरत, भरूच, गोधरा, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद, अजमेर स्टेशनों पर रुकेगी।

     

  • रिटायर कर्मचारी ने कोर्ट में उठाया सवाल, 40 साल में एक भी प्रमोशन न मिलने का आरोप

    जबलपुर 
     चालीस साल की सेवा के बाद भी एक भी प्रमोशन नहीं दिए जाने के मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. हाईकोर्ट में दायर इस याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट जस्टिस एम एस भट्टी की एकलपीठ ने प्रदेश राज्य सहकारी फेडरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर व जबलपुर दुग्ध संघ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. याचिका में पूछा गया है कि आखिर किन वजहों से कर्मचारी को 40 साल की सेवा के बावजूद प्रमोशन नहीं दिया गया.

    क्या है पूरा मामला?

    जबलपुर के चेरीताल क्षेत्र निवासी त्रिलोकी नाथ पांडे की ओर से मध्य प्रदेश हईकोर्ट में ये याचिका दायर की गई थी. याचिका में कहा गया था कि वे दुग्ध संघ पनागर, जबलपुर में अप्रैल 1981 में कॉपरेटिव एक्सटेंशन असिस्टेंट पर नियुक्त हुए थे. इसके बाद वह प्रदेश के विभिन्न स्थानों में पदस्थ रहते हुए सेवा प्रदान करते रहे. उन्हें सेवाकाल के दौरान कई प्रशस्ति पत्र प्राप्त हुए थे और ना ही सेवाकाल के दौरान उनपर किसी भी प्रकार की कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई थी. इस सबके बावजूद उन्हें एक भी बार प्रमोशन नहीं दिया गया.

    4 बार मिलने थे प्रमोशन, एक भी नहीं मिला

    याचिकाकर्ता त्रिलोकी नाथ पांडे ने याचिका में कहा कि नियमानुसार उन्हें दस साल, बीस साल, तीस साल व चालीस साल की सेवा पूरी करने पर क्रमोन्नति का लाभ प्रदान किया जाना चाहिए था. इस संबंध में उन्होंने सेवाकाल के दौरान संबंधित अधिकारियों को अभ्यावेदन भी दिए थे. संबंधित अधिकारियों के द्वारा उनकी किसी भा मांग पर विचार नहीं किया गया. चालीस साल तक सेवा देने के बाद वह बिना प्रमोशन ही जुलाई 2021 में सेवानिवृत्त हो गए.

    कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

    याचिका में राहत चाही गई है कि उन्हें क्रमोन्नति के एवज में 20 प्रतिशत ब्याज सहित एरियर की राशि प्रदान की जाए और उनकी याचिका का निराकरण किया जाए. इस मामले की सुनवाई करते हुए हईकोर्ट जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. इसमें हाईकोर्ट ने प्रदेश राज्य सहकारी फेडरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर और जबलपुर दुग्घ संघ को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

    हाईकोर्ट में इस याचिका पर अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद 27 जनवरी को निर्धारित की गई है. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता नर्मदा प्रसाद चौधरी व अधिवक्ता अमित कुमार चौधरी ने पैरवी की .

  • पूर्व मंत्री दीपक जोशी की चौथी शादी, कांग्रेस नेत्री और पल्लवी राज ने बताया पूरा सच

    भोपाल 
     पूर्व मंत्री दीपक जोशी की शादी की चर्चा सियासी गलियारे में जोरों पर है। इस बार उन्होंने कांग्रेस नेत्री पल्लवी राज सक्सेना से शादी रचाई है। शादी के बाद तमाम अटकलों पर मीडिया के सामने आकर पल्लीव राज सक्सेना ने अपनी बात रखी है। पूर्व मंत्री दीपक जोशी और पल्लवी राज की शादी 4 दिसंबर को भोपाल स्थित आर्य समाज मंदिर में हुई थी। तस्वीरें 20 दिसंबर को वायरल हुई थी।

    पहले भी की हैं दो शादियां
    दरअसल, दीपक जोशी पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी के बेटे हैं। पहली पत्नी का निधन हो गया। इसके बाद दो अन्य महिलाओं ने दावा किया था कि हमारी शादी दीपक जोशी से हुई है। अब उन्होंने पल्लवी राज सक्सेना से शादी की है। भोपाल के नेहरू नगर स्थित आर्य समाज मंदिर में दोनों की हिंदू रीति-रिवाज से शादी हुई है।

    परिवारों की मौजूदगी में हुई शादी
    दीपक जोशी से शादी के बाद पल्लवी राज सक्सेना ने मीडिया से बात की है। उन्होंने कहा कि इस शादी में हमारे परिवार के सभी लोग मौजूद थे। साथ ही दीपक जोशी के बहन, बहनोई और भांजे-भांजियां मौजूद थीं।

    कई शादियों की बात को नकारा
    वहीं, दीपक जोशी की पहली पत्नी की मौत 2021 में हुई थी। अब उन पर आरोप लगते हैं कि 2016 में भी उन्होंने एक महिला से शादी की। एक अन्य महिला आरोप लगाती है कि हमने उनसे जनवरी 2025 में शादी की थी। इन आरोपों पर पल्लवी राज सक्सेना कहती हैं कि मैं जनवरी 2025 से ही दीपक जोशी की लाइफ में हूं। 11 महीने से हर पल मैं उनके साथ रहती हूं। मेरे घर में उनसे जून-जुलाई में सगाई हुई थी। इन संबंधों के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है।

    अन्य शादियों के सवाल पर पल्लवी कहती हैं कि दीपक जी ने मुझे इतना बताया था कि एक महिला है, जो मुझे काफी दिन से परेशान कर रही है। इससे ज्यादा मुझे उन्होंने नहीं बताया।

    कांग्रेस में गए, फिर भाजपा में आए

    दीपक जोशी देवास जिले की हाटपिपल्या सीट से विधायक रहे हैं। शिवराज सरकार में मंत्री बने। 2018 में कांग्रेस के मनोज चौधरी से हार गए। 2020 में चौधरी भाजपा में आ गए। 2023 में जोशी कांग्रेस में शामिल हुए और खातेगांव सीट से चुनाव लड़ा, जिसमें भाजपा के आशीष शर्मा से हार गए। कुछ समय पहले वे वापस भाजपा में आए। भ्रष्टाचार सहित अन्य मामलों में दीपक जोशी मुखर रहे और प्रधानमंत्री कार्यालय तक शिकायतें करते रहे। 2021 में कोरोना की दूसरी लहर में उनकी पत्नी विजिया जोशी का इंदौर के अस्पताल में निधन हो गया था। बेटा जयवर्धन सिंह भाजपा में है।

    सोमवार को करूंगा प्रेस कॉन्फ्रेंस

    मामले को लेकर एक वीडियो में दीपक जोशी का कहना है कि मनुष्य जीवन में यश-अपयश दोनों चलते हैं। मैं जिस परिवार से आता हूं, उसकी ऊंचाइयां बहुत अधिक हैं। एक मीडिया संस्थान (नईदुनिया नहीं) ने इसे लेकर कुछ प्रकाशित किया है। दो महिलाओं का जिक्र किया है। कुछ मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं, उनको लेकर यहां टिप्पणी नहीं कर सकता। भारतीय न्याय प्रणाली पर विश्वास है। संचार साधनों पर कुछ भी डालने से पहले पुष्टि करनी चाहिए। सोमवार को भोपाल में इस मामले को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करूंगा।

    पल्लवी राज सक्सेना की भी दूसरी शादी
    पल्लवी राज सक्सेना की भी यह दूसरी शादी है। पहले पति से 17 साल पहले तलाक हो गया है। पल्लवी सक्सेना का एक 18 साल का बेटा है। वह गुजरात में रहकर पढ़ाई कर रहा है। दीपक जोशी से पहली मुलाकात एक कार्यक्रम में हुई थी। फिर एक अंकल के जरिए हमारे घर रिश्ता आया।

    63 के दीपक और 45 की पल्लवी
    वहीं, दीपक जोशी 63 साल के हैं और पल्लवी राज सक्सेना 45 साल की हैं। हमदोनों के लाइफ में कोई नहीं है। बढ़ती उम्र है तो साथ रहना जरूरी है। हम एक-दूसरे के साथ सुख-दुख और बीमारी में खड़े रहें। दूसरा विवाह करना कोई अपराध या चोरी नहीं है।

    गौरतलब है कि शादी को सार्वजनिक करने के प्लान पर पल्लवी राज सक्सेना ने मीडिया से कहा कि शादी के तुरंत बाद मेरे पिता जी को पैरालिसिस अटैक आया। साथ ही मां की तबीयत भी बिगड़ गई। इसकी वजह से हमलोग कुछ प्लान नहीं कर पाएं।

  • सर्दी ने दिखाई सख्ती: एमपी के शहरों में कोहरे और ठंड, पचमढ़ी में सबसे कम तापमान

    भोपाल
    सर्द हवाओं के कारण जहां रात में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, वहीं प्रदेश के उत्तरी क्षेत्र में घना कोहरा छाने के कारण दिन में भी ठिठुरन बढ़ गई है। इसी क्रम में रविवार को रात का सबसे कम 4.7 डिग्री सेल्सियस तापमान उमरिया में दर्ज किया गया। शहडोल एवं सिवनी जिले में शीतलहर का प्रभाव रहा।

    प्रदेश में रविवार को 21 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम पर रहा। रीवा, सतना, ग्वालियर, खजुराहो में अति घना कोहरा रहा। जिसके चलते दृश्यता 50 मीटर से कम रह गई थी। उधर दिन का सबसे कम 16 डिग्री सेल्सियस तापमान खजुराहो में दर्ज किया गया। दतिया, ग्वालियर, खजुराहो, नरसिंहपुर, रीवा, सतना में शीतल दिन रहा।

    ग्वालियर, जबलपुर, खजुराहो और सतना में दृश्यता 50 से 200 मीटर के बीच दर्ज की गई। वहीं उमरिया में विजिबिलिटी 500 से 1000 मीटर, नौगांव, सागर और दमोह में 200 से 500 मीटर तथा भोपाल और मंडला में 1 से 2 किलोमीटर तक रही। घने कोहरे का असर रेल यातायात पर भी पड़ा है। दिल्ली से आने-जाने वाली कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं।

    जबलपुर में पारा 9 डिग्री सेल्सियस प्रदेश के कई शहरों में रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। पांच बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल और इंदौर में न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस रहा। ग्वालियर में 11.3 डिग्री, उज्जैन में 11.4 डिग्री और जबलपुर में पारा 9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा रीवा में 5.6 डिग्री, राजगढ़ और खजुराहो में 7 डिग्री, मलाजखंड में 7.4 डिग्री, बैतूल में 7.5 डिग्री और नौगांव में 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    खंडवा और सतना में तापमान 8 डिग्री, मंडला में 8.2 डिग्री, नरसिंहपुर, खरगोन और उमरिया में 8.4 डिग्री, दमोह में 8.5 डिग्री, रायसेन में 8.8 डिग्री, सागर में 8.9 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री और दतिया में 9.5 डिग्री सेल्सियस रहा।

    अगले कुछ दिन और ठंडे रहने के आसार मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक सुबह और रात के समय कोहरा और ठंड का असर बना रह सकता है। वाहन चालकों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, वहीं बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाव रखने की जरूरत है।

  • मंत्री का निरीक्षण: पैर मारते ही उखड़ी नई सड़क, PWD इंजीनियर को सुनाई कड़ी चेतावनी

     सतना

     मोहन सरकार में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री प्रतिमा बागरी एक बार फिर चर्चा में हैं. अपने विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर निकली महिला मंत्री एक सड़क के घटिया निर्माण कार्य पर आगबबूला हो गईं. उन्होंने कार से उतरकर नई सड़क को पैर से कुरेदा तो डामर और गिट्टी अलग हो गई. इसके बाद मंत्री ने मौके पर ही ठेकेदार का अनुबंध रद्द करने सहित निर्माण एजेंसी पर एक्शन के निर्देश दिए.

    लोक निर्माण विभाग (PWD) ने हाल ही में सतना जिले की  कोठी तहसील में पौड़ी से मनकहरी के बीच करीब 3 किमी लंबी सड़क का सुधार कार्य किया था. लेकिन सड़क पर बिछाई गई डामर की परत न तो तय मोटाई की थी और न ही क्वालिटी सही थी.

    इसी बीच, रविवार को क्षेत्रीय विधायक और राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी का एक कार्यक्रम के सिलसिले में उसी सड़क से निकलना हुआ, यहां उन्होंने कार से उतरकर सड़क की क्वालिटी देखी और एक पैसे से दबाव डाला तो एक हिस्सा अलग हो गया. पैरे से कुरेदते हुए तंज कसते हुए वह बोलीं- ''ये रोड बनी है, ये रोड बनी है… पूरी रोड निकाल दो इस तरह से… धक्का मारने पर पूरी रोड निकाल दो…'' 

    इस दौरान मंत्री प्रतिमा बागरी ने PWD के कार्यपालन यंत्री बीआर सिंह से जवाब मांगा, तो उन्होंने मामले को हल्के फुल्के अंदाज में टालने की कोशिश की. इई ने कहा, ''कुछ हिस्सों को अस्वीकृत किया गया है…'' हालांकि, देखने में पूरी सड़क ही मानकों के विपरीत लग रही थी.

    महिला मंत्री ने मौके पर ही इसे गंभीर लापरवाही बताया और कार्यपालन यंत्री को कड़ी फटकार लगाई. उन्होंने साफ कर दिया कि सरकारी निर्माण कार्यों में क्वालिटी से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. उन्होंने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं.

    MP कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बारोलिया ने इस मामले में बीजेपी सरकार को घेरा है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ''मध्यप्रदेश की मंत्री अपनी ही भाजपा सरकार पर खराब सड़क पर सवाल खड़े करती हुईं.

  • MP साइबर का हाई अलर्ट: 68 करोड़ ई-मेल और पासवर्ड हुए लीक, यूजर्स को तुरंत सुरक्षा कदम उठाने की सलाह

    भोपाल
     अगर आप ई-मेल, सोशल मीडिया, इंटरनेट बैंकिंग या डिजिटल वॉलेट इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपको तुरंत सतर्क कर देने वाली है. MP State Cyber Police ने एक अहम एडवाइजरी जारी करते हुए चेतावनी दी है कि देशभर के करीब 68 करोड़ यूजर्स के ई-मेल आईडी और पासवर्ड लीक हो चुके हैं. यह डेटा लीक साइबर अपराधियों के लिए सोने की खान बन गया है.

    साइबर पुलिस के मुताबिक, अगर किसी का ई-मेल अकाउंट हैक हो गया, तो अपराधी उसी ई-मेल से फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (ट्विटर) जैसे सोशल मीडिया अकाउंट बना सकते हैं या पहले से मौजूद अकाउंट्स पर कब्जा कर सकते हैं. इतना ही नहीं, हैक किया गया ई-मेल आपकी इंटरनेट बैंकिंग, डिजिटल वॉलेट, ऑनलाइन शॉपिंग ऐप्स तक पहुंचने का रास्ता भी खोल सकता है.

    एडवाइजरी में कहा है कि ई-मेल अकाउंट हैक हो जाए तो अपराधी इससे सोशल मीडिया अकाउंट्स, इंटरनेट बैंकिंग, डिजिटल वॉलेट और अन्य एप्स तक भी पहुंच बना सकते हैं। इससे बचने के लिए आप पासवर्ड को तुरंत रीसेट करें।

    स्टेट साइबर पुलिस के मुताबिक चेतावनी डेटा लीक और साइबर ठगी के खतरे को देखते हुए पहले से सतर्क करने की पहल है। समय रहते पासवर्ड बदलना, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू करना और अलग-अलग सेवाओं के लिए अलग पासवर्ड रखना सबसे प्रभावी बचाव है।

    एक ई-मेल हैक और पूरी डिजिटल जिंदगी खतरे में
    MP स्टेट साइबर का कहना है कि ज्यादातर लोग एक ही पासवर्ड को कई जगह इस्तेमाल करते हैं. यही सबसे बड़ी गलती बन रही है. जैसे ही ई-मेल का पासवर्ड लीक होता है, साइबर ठग उसी पासवर्ड से दूसरे प्लेटफॉर्म पर लॉगइन की कोशिश करते हैं. कई मामलों में लोगों के बैंक अकाउंट से पैसे उड़ चुके हैं और सोशल मीडिया अकाउंट्स का गलत इस्तेमाल किया गया है.

    ठगी से बचना है तो अभी करें ये काम
    साइबर पुलिस ने साफ कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन लापरवाही अब भारी पड़ सकती है. ठगों से बचने के लिए कुछ जरूरी कदम तुरंत उठाने होंगे अपने ई-मेल और सभी जरूरी अकाउंट्स का पासवर्ड तुरंत बदलें. हर अकाउंट के लिए अलग-अलग और मजबूत पासवर्ड रखें. पासवर्ड में नाम, जन्मतिथि या मोबाइल नंबर का इस्तेमाल न करें. Two Factor Authentication (2FA) जरूर ऑन करें.

    स्टेट साइबर एसपी प्रणय नागवंशी ने बताया कि देशभर में 68 करोड़ इंटरनेट यूजर के ईमेल आईडी और पासवर्ड साइबर अपराधियों के पास होने का अनुमान है। प्रत्येक वेबसाइट या ऐप के लिए अलग-अलग पासवर्ड रखने चाहिए। संदिग्ध ईमेल, एसएमएस, लिंक पर क्लिक न करें। अनजान ऐप या वेबसाइट पर लॉग इन न करें।

    यहां से ले सकते हैं मदद अगर आपका ईमेल अकाउंट्स हैक हो गए हैं तो तुरंत पासवर्ड बदल लें। एक ही पासवर्ड कई अकाउंट्स के न रखें। संदिग्ध ई-मेल/लिंक पर क्लिक करने से बचें। साइबर फ्रॉड की स्थिति में आप ps.cybercell-bpl@mppolice.gov.in या हेल्पलाइन नंबर 7587646775 पर संपर्क कर सकते हैं।

    कैसे जान सकते हैं ईमेल सुरक्षित है या नहीं आप Have I Been Pwned वेबसाइट पर दिए गए बार कोड या लिंक के माध्यम से जान सकते हैं कि आपका ई-मेल आईडी किसी डेटा लीक का हिस्सा है या नहीं। यह साइट डेटा लीक के आधार पर जानकारी देती है।

    इन गलतियों से रहें दूर
    MP स्टेट साइबर की एडवाइजरी में खास तौर पर चेताया गया है कि किसी भी संदिग्ध ई-मेल, SMS या लिंक पर क्लिक न करें अनजान ऐप या वेबसाइट पर लॉगइन करने से बचें, फ्री गिफ्ट, लॉटरी, KYC अपडेट जैसे मैसेज अक्सर ठगी का जाल होते हैं. पब्लिक Wi-Fi पर बैंकिंग या जरूरी लॉगइन न करें

    पहले से सतर्क रहना ही सबसे बड़ा बचाव
    साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि डेटा लीक के इ
    स दौर में पहले से सतर्क रहना ही सबसे बड़ा बचाव है. अगर समय रहते पासवर्ड बदल लिए जाएं और सावधानी बरती जाए, तो बड़े नुकसान से बचा जा सकता है. MP स्टेट साइबर ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर पुलिस थाने में दें. याद रखें, एक छोटी सी लापरवाही आपकी पूरी डिजिटल पहचान को खतरे में डाल सकती है.

  • पहली बार भर्ती प्रक्रिया में अभ्यर्थियों की समस्याओं पर सीधे उपमुख्यमंत्री ने किया संवाद

    रायपुर : आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए शासन पूरी तरह प्रतिबद्ध – उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

    उपमुख्यमंत्री ने आरक्षक भर्ती के संबंध में अभ्यर्थियों की समस्याओं का किया समाधान

    पहली बार भर्ती प्रक्रिया में अभ्यर्थियों की समस्याओं पर सीधे उपमुख्यमंत्री ने किया संवाद

    रायपुर

    उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने आज अपने सिविल लाइन रायपुर स्थित निज निवास में अपनी पूर्व घोषणा अनुरूप छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों से रूबरू होकर उनसे सीधा संवाद किया। अपने वादे के अनुसार वे ठीक 10 बजे अभ्यर्थियों के बीच भर्ती प्रक्रिया के प्रमुख एडीजी एसपीआर कल्लूरी, आईजी बद्री नारायण मीना के साथ उपस्थित हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और विश्वसनीय तरीके से सम्पादित की गई है। शासन अपनी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया के संबंध में अभ्यर्थियों की सभी मांगों और समस्याओं पर सभी के बीच जमीन में बैठकर हर समस्या पर बिंदुवार बात की।

    उन्होंने बताया कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्राप्तांक की जानकारी को लेकर मांग होते ही तुरंत पूरा करते हुए सभी अभ्यर्थियों के प्राप्तांक सार्वजनिक कर दिए थे। सभी के परिणाम पोर्टल में भी उपलब्ध कराए गए हैं, पूर्ण रूप से खुली प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करते हुए युवाओं का चयन प्रावीण्यता सूची के अनुसार ही किया जा रहा है।

    इस अवसर पर उन्होंने बताया कि तथ्यों के आधार पर जहां गड़बड़ी मिली वहां तत्काल कार्रवाई की गयी है। कुछ लोगों द्वारा एक केंद्र में शारीरिक परीक्षा के संबंध में शंका व्यक्त किये जाने पर उन्होंने स्वयं विभाग से सभी दस्तावेज मंगाकर एक एक कर प्रकरणों की जांच की। जिसमें किसी भी अभ्यर्थी के चयन में कोई समस्या प्राप्त नहीं हुई, जिसकी जानकारी उप मुख्यमंत्री द्वारा सभी को सार्वजनिक रूप से दी गयी। उन्होंने सभी को आश्वस्त किया कि शासन द्वारा युवाओं की भलाई के लिए जल्द से जल्द प्रतीक्षा सूची को क्लियर करने का कार्य किया जाएगा और प्रथम वेटिंग लिस्ट की संख्या को बढ़ाने के लिए भी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का मार्गदर्शन लिया जाएगा। उन्होंने पीएचक्यूआईडी के कारण कुछ अभ्यर्थियों का मोबाइल नम्बर अलग हो जाने से आयी समस्या पर भी विचार करने का आश्वासन दिया। 

    उन्होंने भूतपूर्व सैनिकों के द्वारा भर्ती में आयु सीमा में छूट की मांग पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से चर्चा कर हर सम्भव निराकरण करने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही उन्होंने बस्तर संभाग में स्थानीय युवाओं का चयन किए जाने की मांग पर बताया कि आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में न्यायालय के निर्णय अनुसार क्षेत्रीय आरक्षण संभव नहीं था पर जल्द ही बस्तर फाइटर की भर्ती द्वारा स्थानीय युवाओं को अवसर प्रदान किए जाएंगे।

    इस अवसर पर गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं सभी भर्ती केंद्रों के अधिकारी अपने केंद्र में भर्ती की पूरी विस्तृत जानकारी के साथ उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री ने सभी से उनकी समस्याओं को सुना और किसी भी समस्या पर तुरन्त निराकरण किया गया। जहां कोई शंका दिखी पूरे दस्तावेजों को देख कर निदान किया गया। यह ऐतिहासिक पल है जब एक भर्ती प्रक्रिया के संबंध में समस्या का निवारण कई स्तरों पर किया जा रहा है, जहां पहले स्तर सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों द्वारा 12 से 14 दिसम्बर तक अपने कार्यालयों में शिकायतों का निदान किया गया, उसके बाद भी भर्ती से संबंधित किसी समस्या को सीधे अपनी बात रखने के लिए खुला मंच उपलब्ध कराते हुए विभाग के एडीजी एसआरपी एसपी कल्लूरी ने पुलिस मुख्यालय रायपुर में 19 एवं 20 दिसंबर को मुलाकात कर निराकरण किया गया। 

    उपमुख्यमंत्री शर्मा ने भी आज अपने निवास में सभी की समस्याओं को संवेदनदशीलता पूर्वक सुना। यह पहली बार था कि युवाओं के हित के लिए किसी मंत्री ने अपने निवास पर भर्ती प्रक्रिया की समस्याओं का समाधान किया है। इसके साथ ही ऐसे अभ्यर्थी जो आने में असक्षम थे, ऐसे लोगों से उपमुख्यमंत्री ने जिले में संबंधित पुलिस अधीक्षक कार्यालय से भी संपर्क की व्यवस्था की गई थी। उन्होंने युवाओं को आश्वश्त किया कि भर्ती प्रक्रिया में कोई भी गड़बड़ी न हो विभाग द्वारा सुनिश्चित किया गया है।

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रजत जयंती पर ‘छत्तीसगढ़ी फिल्मों के सफर’ कार्यक्रम में हुए शामिल : वरिष्ठ कलाकार एवं निर्माता हुए सम्मानित

    रायपुर : छत्तीसगढ़ी सिनेमा हमारी लोकसंस्कृति और अस्मिता का जीवंत दस्तावेज – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    छत्तीसगढ़ी सिनेमा के संरक्षण और संवर्धन के लिए सरकार संकल्पित – मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रजत जयंती पर ‘छत्तीसगढ़ी फिल्मों के सफर’ कार्यक्रम में हुए शामिल : वरिष्ठ कलाकार एवं निर्माता हुए सम्मानित

    रायपुर

     विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज परिसर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम द्वारा आयोजित “छत्तीसगढ़ रजत जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ी फिल्मों का सफर” कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ी सिनेमा की विकास यात्रा, उपलब्धियों और उज्ज्वल भविष्य पर विस्तार से अपने विचार साझा किए।

        मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम के गठन में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि छालीवुड की सशक्त नींव रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने निगम के प्रथम अध्यक्ष स्वर्गीय राजेश अवस्थी का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि उनका असामयिक निधन न केवल छत्तीसगढ़ी सिनेमा, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है।

        मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ी सिनेमा आज एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने निगम की वर्तमान अध्यक्ष सुमोना सेन को एक अनुभवी, कर्मठ और समर्पित कलाकार बताते हुए विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में छालीवुड का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ी फिल्में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की संस्कृति, कला और पहचान को और अधिक सशक्त रूप में स्थापित करेंगी।

        मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ में फिल्म निर्माण की ऐतिहासिक यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1957 से प्रदेश में फिल्मों के निर्माण का सिलसिला प्रारंभ हुआ। उन्होंने भूलन कांदा उपन्यास पर आधारित फिल्म “भूलन द मेज” को प्राप्त राष्ट्रीय पुरस्कार को पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ी सिनेमा की जड़ें लोक संस्कृति, लोककथाओं और सामाजिक सरोकारों से गहराई से जुड़ी हैं, जो इसे विशिष्ट पहचान प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी सिनेमा हमारी लोकसंस्कृति और अस्मिता का जीवंत दस्तावेज है।

        मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ी फिल्मों के विकास को लेकर पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी क्रम में चित्रोत्पला फिल्म सिटी का निर्माण किया जा रहा है, जिसके लिए 150 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश में छालीवुड का भविष्य स्वर्णिम है और फिल्म उद्योग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए सरकार हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।

        मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक वर्ष प्रदेश के चहुंमुखी विकास की नई इबारत लिख रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ी फिल्म विकास की दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा। 

        मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी सिनेमा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले निर्माताओं और वरिष्ठ कलाकारों मोहन सुंदरानी, सतीश जैन, संतोष जैन, मनोज वर्मा, अनुज शर्मा और प्रेम चंद्राकर को सम्मानित भी किया।

        कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुमोना सेन ने मुख्यमंत्री साय का अभिनंदन करते हुए निगम के पुनर्गठन के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ी फिल्म “मोर छइंहा भुइंया” के निर्माता सतीश जैन को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस फिल्म ने छत्तीसगढ़ी सिनेमा को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री के समग्र और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।

        इस अवसर पर कौशल विकास  मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायकगण सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा, छत्तीसगढ़ तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेंद्र साहू, संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य सहित बड़ी संख्या में कलाकार, निर्माता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • ग्रामीणों को बरसात में राहत: रायपुर में नदी-नालों पर पुल निर्माण को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की करोड़ों की मंज़ूरी

    रायपुर : बरसात में उफनते नदी-नाले अब नहीं रोकेंगे ग्रामीणों का रास्ता  :  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी करोड़ों की सौगात

    130 करोड़ की लागत से जशपुर जिले में बनेंगे 237 पुल-पुलिया 

    रायपुर

    130 करोड़ की लागत से जशपुर जिले में बनेंगे 237 पुल-पुलिया जशपुर जिले में बरसात के दिनों में ग्रामीणों के आवागन की बाधा को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर 237 पुल-पुलियों के निर्माण के लिए 130 करोड़ रूपए से अधिक की राशि स्वीकृत हुई है, जिससे नदियों पर उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण के साथ ही नालों पर पुल-पुलिया का तेजी से निर्माण कराया जा रहा है, इससे विकास को नई गति मिलेगी। बरसात के दिनों में उफनते नदी-नाले अब ग्रामीणों का रास्ता नहीं रोक पाएंगे।  

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले में 22 उच्चस्तरीय पुलों के निर्माण के लिए 109 करोड़ 09 लाख रुपये की मंजूरी दी है। ये पुल जिले के प्रमुख मार्गों और नदियों-नालों पर बनाए जा रहे हैं, जिससे वर्षभर निर्बाध आवागमन सुनिश्चित होगा। इसके साथ ही गांव-टोला और पारा को जोड़ने के उद्देश्य से 215 छोटे पुल-पुलिया निर्माण हेतु 20 करोड़ 93 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। 

    गौरतलब है कि जशपुर जिले में बरसात के दिनों में कई गांवों का संपर्क पूरी तरह कट जाता था, जिससे किसानों, छात्रों, मरीजों और आम नागरिकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। पुल-पुलिया निर्माण से न केवल आवागमन सुरक्षित होगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और कृषि गतिविधियों को भी नई रफ्तार मिलेगी। साथ ही, दूरी और समय की बचत से लोगों के दैनिक जीवन में बदलाव आएगा।

    जिले को मिली इस ऐतिहासिक सौगात पर क्षेत्रवासियों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जशपुर अब विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और दो वर्षों का सुशासन सड़कों व पुलों पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।

  • पेंच से रामगढ़ विषधारी: बाघिन के सफल स्थानांतरण से संरक्षण प्रयासों को मिली नई मजबूती

    पेंच टाइगर रिज़र्व, मध्यप्रदेश से रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व, राजस्थान में एक बाघिन का सफल स्थानांतरण

    भोपाल

    पेंच टाइगर रिज़र्व, सिवनी मध्यप्रदेश से 3 वर्ष आयु की एक बाघिन का राजस्थान के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व में सफलतापूर्वक स्थानांतरण किया गया है। यह स्थानांतरण भारतीय वायुसेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर के माध्यम से सुरक्षित रूप से संपन्न हुआ।

    स्थानांतरण अभियान विगत एक माह से सुव्यवस्थित योजना एवं वैज्ञानिक पद्धतियों के तहत संचालित किया जा रहा था। पेंच टाइगर रिज़र्व प्रबंधन द्वारा उपयुक्त बाघिन की पहचान कर उसे उन्नत एआई आधारित कैमरा ट्रैप एवं मोशन सेंसर कैमरों के माध्यम से निरंतर ट्रैक एवं मॉनिटर किया गया। इस उद्देश्य से क्षेत्र में लगभग 50 कैमरे स्थापित किए गए थे।

    अभियान का समन्वय राजस्थान वन विभाग के साथ निकट सहयोग में किया गया। सुगनाराम जाट, मुख्य वन संरक्षक, राजस्थान तथा डॉ. तेजिंदर, पशु चिकित्सक, विगत एक माह से इस अभियान का समन्वय कर रहे थे एवं पिछले 8 दिनों से पेंच टाइगर रिज़र्व में उपस्थित रहकर अभियान की सतत निगरानी कर रहे थे।

    यह स्थानांतरण कार्य फील्ड डायरेक्टर देवप्रसाद जे. के सहयोग एवं उप संचालक रजनीश कुमार सिंह, पेंच टाइगर रिज़र्व के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

    बाघिन का निश्चेतन डॉ. अखिलेश मिश्रा एवं डॉ. प्रशांत द्वारा वाइल्डलाइफ कंज़र्वेशन ट्रस्ट की टीम के साथ तथा डॉ. काजल एवं डॉ. अमोल (वेटरनरी कॉलेज, जबलपुर एवं फील्ड बायोलॉजिस्ट अनिमेष चव्हाण के सहयोग से किया गया।

    पेंच टाइगर रिजर्व से रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व स्थानांतरण के दौरान पेंच टाइगर रिज़र्व से मिशन लीडर सहायक संचालक सुगुरलीन कौर (आईएफएस), वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. मिश्रा, पशु चिकित्सक डॉ. प्रशांत देशमुख (वाइल्डलाइफ कंज़र्वेशन ट्रस्ट) तथा रेंज अधिकारी लोकेश कुमार चौधरी, और दोनों प्रदेशों की टीम के साथ एमआई-17 हेलीकॉप्टर द्वारा बाघिन के सुरक्षित स्थानांतरण हेतु गए, जिससे अंतर-राज्यीय समन्वय एवं संचालन की प्रभावशीलता सुनिश्चित हो सकी।

    इस अभियान की सफलता में पेंच टाइगर रिज़र्व के कुरई एवं रुखड़ रेंज के मैदानी अमले का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान रहा। संबंधित कर्मचारियों द्वारा प्रतिदिन प्रातः 6:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक, दिन में दो बार कैमरा ट्रैप की जांच, नियमित गश्त तथा चिन्हित बाघिन की गतिविधियों के संकेतों की सतत खोज कर अथक प्रयास किए गए।

    यह सफल स्थानांतरण अंतर-राज्यीय समन्वय, भारतीय वायुसेना के सहयोग तथा वैज्ञानिक वन्यजीव प्रबंधन के माध्यम से बाघ संरक्षण को सुदृढ़ करने और विभिन्न टाइगर लैंडस्केप में आनुवंशिक विविधता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।