• देश के सर्वश्रेष्ठ थानों में स्थान पाने पर मल्हारगढ़ को मुख्यमंत्री की सराहना

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ थाने को उच्च रैंकिंग के लिए दी बधाई

    गर्व की बात , मल्हारगढ़ देश के सर्वश्रेष्ठ थानों में हुआ शामिल

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ थाने को उच्च रैंकिंग प्राप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बधाई दी है।

    केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह द्वारा छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित पुलिस महानिदेशकों और पुलिस महानिरीक्षकों की कॉन्फ्रेंस में देश के श्रेष्ठ पुलिस थानों के रैंकिंग की घोषणा की गई। इस रैंकिंग में पुलिस थाना मल्हारगढ़, जिला मंदसौर को देश भर के पुलिस थानों में 9 वीं रैंक प्राप्त हुई है।

    केंद्रीय गृह मंत्रालय ने थानों की रैंकिंग के लिये विभिन्न 70 पैमाने तय किए थे। इनमें अपराध का ग्राफ, आपराधिक प्रकरण को सुलझाने की अवधि, स्वच्छता और पुलिसकर्मियों का व्यवहार सहित अन्य पैमाने शामिल थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला पुलिस अधीक्षक मंदसौर सहित संबंधित थाना स्टॉफ और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों कर्मचारियों से इस उपलब्धि का स्तर बनाए रखने की अपेक्षा करते हुए अन्य थानों के स्टॉफ को भी मंदसौर से प्रेरणा लेकर श्रेष्ठ कार्य का आह्वान किया है। उन्होंने गर्व का अनुभव करवाने वाली इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए मध्यप्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को भी बधाई दी है।

     

  • श्रद्धा का विराट रूप: भगवान महाकाल को पहनाई गई भारी-भरकम ‘अजगर माला’

    उज्जैन
    महाकाल मंदिर में इन दिनों भगवान महाकाल को फूलों की बड़ी व भारी माला पहनाई जा रही है। प्रतिदिन होने वाली पांच आरती के अलावा दिनभर भक्तों की ओर से लाई जाने वाली मालाएं भगवान को अर्पित की जा रही है। हालांकि ज्योतिर्लिंग क्षरण मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एक्सपर्ट कमेटी ने भगवान को भारी फूल माला तथा अधिक मात्रा में पुष्प अर्पित नहीं करने का सुझाव दिया है। समय-समय पर मंदिर समिति भी एक्सपर्ट कमेटी के सुझावों पर अमल करने का दावा करती रही है, मगर हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।

    श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का क्षरण रोकने के लिए सारिका गुरु ने वर्ष 2017 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। कोर्ट ने आर्कियोलाजिकल सर्वे आफ इंडिया (एएसआइ) और जियोलाजिकल सर्वे आफ इंडिया (जीएसआइ) के विशेषज्ञों की समिति गठित की थी। एक्सपर्ट कमेटी के सदस्य वर्ष 2019 से लगातार ज्योतिर्लिंग क्षरण की जांच कर रहे हैं। विशेषज्ञों ने क्षरण रोकने के लिए अनेक सुझाव दिए हैं।
     
    इनमें भगवान महाकाल के अभिषेक के लिए सादे पानी की जगह आरओ जल का उपयोग करना, भस्म आरती में ज्योतिर्लिंग पर कपड़ा ढंक कर भस्म अर्पित करना, पंचामृत की मात्रा केवल सवा लीटर करना, भगवान के शृंगार में उपयोग होने वाले आभूषणों का वजन कम करना, भगवान महाकाल को भारी फूल माला तथा अधिक मात्रा में पुष्प अर्पित नहीं करना जैसे सुझाव शामिल है। मंदिर समिति एक्सपर्ट कमेटी के सुझाव पर अमल कर रही है। अभिषेक में आरओ जल का उपयोग हो रहा है, आभूषण का वजन कम कर दिया गया है, भस्म आरती में भस्म अर्पण से पहले ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढंका जाता है। लेकिन मानीटरिंग के अभाव में भगवान को फूलों की भारी माला पहनाने का क्रम जरूर जारी नजर आ रहा है।

    10 से 15 किलो वजनी है अजगर माला
    महाकाल मंदिर प्रशासनिक भवन के पास स्थित हार, फूल व प्रसाद की दुकानों पर फूलों की भारी माला का विक्रय किया जा रहा है, इसे अजगर माला कहा जाता है। इसमें एक हजार कमल के फूलों से बनी सहस्त्र कमल तथा विभिन्न किस्म के फूलों से तैयार की गई भारी माला शामिल है। बताया जाता है फूलों की भारी भरकम माला का वजन करीब 10 से 15 किलो रहता है। दिन भर में भगवान को इस प्रकार की 40 से 50 मालाएं पहनाई जा रही है।

    500 से 2100 रुपये कीमत
    महाकाल मंदिर के आसपास दुकानों से विक्रय की जाने वाली अजगर माला 500 से 2100 रुपये में विक्रय की जा रही है। भक्तों द्वारा लाई जा रही भारी माला को दिनभर भगवान को अर्पित किया जाता है। पांच आरती में भी भगवान को भरी भरकम मालाएं ही अर्पित की जा रही हैं।

  • इंदौर पास के उमरीखेड़ा पार्क में नाइट स्टे की सुविधा, तीन विकल्पों के साथ बुकिंग शुरू

     इंदौर
     इंदौर शहर से महज दस किमी दूर 190 हेक्टेयर में फैले उमरीखेड़ा मनोरंजन पार्क से पर्यटकों के लिए एक अच्छी खबर है। अब यहां नाइट स्टे की सुविधा शुरू कर दी गई है। रात में ठहरने को लेकर वन विभाग ने ऑनलाइन बुकिंग शुरू कर दी। इसके अंतर्गत पहली बुकिंग 29 नवंबर के लिए की गई है। जब पर्यटक खुले आसमान के नीचे प्रकृति के बीच रात बिता सकेंगे।

    पार्क में नाइट स्टे के लिए तीन तरह की सुविधाएं तैयार की गई हैं, जिसमें मड हाउस, स्विस टेंट और सामान्य टेंट शामिल है। इन सभी की दरें वन विभाग मुख्यालय ने तय कर दी हैं। अधिकारियों का कहना है कि पर्यटकों को दो दिन पहले बुकिंग करवाना अनिवार्य होगा। नाइट स्टे के साथ ही आगंतुक मालवा और निमाड़ के पारंपरिक व्यंजनों का भी स्वाद ले सकेंगे, जो अनुभव को और खास बनाएगा।

    पार्क में सुंदर पैदल ट्रैक भी बनाया गया

    पार्क अप्रैल में पर्यटकों के लिए खोला गया था। इसी दौरान इंदौर वनमंडल ने रुकने की सुविधाएं तैयार कर ली थीं और उनकी दरों का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा था। दरें तय करने में कुछ महीनों का समय लगा और आखिरकार अक्टूबर में मंजूरी मिली। मंजूरी मिलते ही बुकिंग शुरू हुई और पहली बुकिंग भोपाल के पर्यटकों द्वारा कराई गई।

    पार्क में एक सुंदर पैदल ट्रैक भी बनाया गया है, जहां सुबह और शाम प्रकृति की शांति का आनंद लिया जा सकता है। साथ ही वन्यजीवों को भी नजदीक से देखने को मौका मिलेगा। वनमंडल अधिकारी प्रदीप मिश्रा ने बताया कि नाइट स्टे शुरू होने के बाद पर्यटकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। दिसंबर के लिए भी कई पर्यटक मड हाउस बुक करवा चुके हैं।
    यह रहेंगी नाइट स्टे की दरें

        मड हाउस (नान एसी) : 1500 रुपये
        ठहरना और दोपहर-रात का भोजन : 3000 रुपये
        स्विस टेंट (नान एसी) : 1500 रुपये
        ठहरना, चाय-नाश्ता व दोपहर-रात का भोजन : 3000 रुपये
        सामान्य टेंट : 750 रुपये
        प्रवेश शुल्क, भोजन व अन्य एडवेंचर एक्टिविटी : 350 रुपये

     

  • आईएएस अधिकारियों की केंद्रीय तैनाती: साल भर में 17 गए, 3 लौटे, 4 जारी प्रयास में

    भोपाल 

     मध्य प्रदेश में क्या वजह है कि आईएएस अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने में रुचि दिखा रहे हैं। पिछले एक साल में 17 आईएएस अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए, केवल तीन ही वापस लौटे और वर्तमान में चार प्रयासरत हैं। हाल ही में केंद्रीय कार्मिक विभाग ने एक और आईएएस अधिकारी अविनाश लवानिया की केंद्र में प्रतिनियुक्ति का आदेश जारी किया है। इसके अलावा, सचिव स्तर के चार अधिकारी स्वतंत्र कुमार सिंह, अभिषेक सिंह, श्रीमन शुक्ला और जॉन किंग्सले भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए प्रयासरत हैं। जो अधिकारी पहले ही प्रतिनियुक्ति पर केंद्र में जा चुके हैं, उनमें प्रीति मैथिल, प्रियंका दास, सोफिया वली फारुकी, तरुण पिथोड़े, अजीत कुमार, चंद्रमोहन ठाकुर, पंकज जैन, नीरज सिंह, तन्वी सुंदरियाल, प्रवीण सिंह अढ़ायच, निकुंज श्रीवास्तव, ज्ञानेश्वर पाटिल, पवन शर्मा, बक्की कार्तिकेयन, हर्ष दीक्षित और अनुराधा पी. शामिल है। राज्य में वापस लौटे तीन अधिकारी विशेष गढ़पाले, आशीष भार्गव और रूही खान हैं।

    मंत्रियों और विधायकों के कामकाज की गहन समीक्षा
    डॉ. मोहन यादव के मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल को 12 दिसंबर को दो वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। माना जा रहा है कि इसके बाद मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। इसी संदर्भ में संगठन और सत्ता के शीर्ष स्तर पर मंत्रिमंडल के सदस्यों की कार्य पद्धति को लेकर गहन समीक्षा चल रही है। संगठन और सत्ता के शीर्ष स्तर पर पिछले दो वर्षों में उनके विभाग का कामकाज, व्यवहार और छवि को लेकर विशेष समीक्षा की जा रही है। प्रभार के जिलों में मंत्रियों के कार्यों का क्या सकारात्मक परिणाम निकला यह भी परखा जा रहा है। इसी तरह से पार्टी के विधायकों की भी संभाग स्तर पर समीक्षा हो रही है। पार्टी के उच्च स्तर से मिली जानकारी के अनुसार इसी समीक्षा के आधार पर मंत्रिमंडल विस्तार में विधायकों को शामिल किया जाएगा और खराब परफॉर्मेंस वाले मंत्रियों को बाहर किया जाएगा।

    जनसंपर्क कर्मियों की कलम बंद हड़ताल स्थगित
    राज्य शासन के एक आदेश के बाद जनसंपर्क विभाग के सभी अधिकारी- कर्मचारी उसका विरोध करते हुए कलम बंद हड़ताल पर चले गए थे। आयुक्त जनसंपर्क के आश्वासन के बाद फिलहाल इसे स्थगित कर दिया गया है। दरअसल विभाग के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी को जनसंपर्क संचालनालय भोपाल में अपर संचालक के पद पर पदस्थ किया गया है। विभाग के अधिकारी कर्मचारियों ने इस आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का आग्रह शासन से किया है और कहा है कि जब तक यह आदेश निरस्त नहीं हो जाता तब तक प्रदेश के सभी अधिकारी कर्मचारी कलम बंद हड़ताल पर रहेंगे। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जनसंपर्क विभाग सरकार की नीतियों को संवेदनशील और प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचाते हैं। यह विभाग सरकार की छवि बनाने के लिए कार्य करता है। यहां प्रशासन के बजाय कार्य की प्रकृति और संस्कृति अलग तरह की है। ऐसे में राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी गणेश जायसवाल की पदस्थापना ने कई प्रश्न खड़े कर दिए हैं। लेकिन आज दिन में आयुक्त जनसंपर्क से तीन सत्रों में हुई बैठक और आश्वासन के बाद जनसंपर्ककर्मियों ने फिलहाल हड़ताल को स्थगित कर दिया है।

     

  • छिंदवाड़ा का सीवरेज प्रोजेक्ट संपन्न, विश्व बैंक सहायता से 237 करोड़ में हुआ काम

    विश्व बैंक की सहायता से छिंदवाड़ा सीवरेज परियोजना का काम पूरा, परियोजना लागत 237 करोड़ रूपये

    भोपाल

    नगरीय विकास एवं आवास विभाग के उपक्रम मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट द्वारा विश्व बैंक की सहायता से छिंदवाड़ा सीवरेज परियोजना का काम पूरा कर लिया गया है। परियोजना की कुल लागत 237 करोड़ रुपये है, जिसमें इसके 10 वर्षों के संचालन और रखरखाव का खर्च भी शामिल है।

    परियोजना के तहत शहर में 28 एमएलडी क्षमता वाला सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया गया है और 271 किलोमीटर का सीवरेज नेटवर्क बिछाया गया है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से छिंदवाड़ा की 2 लाख से अधिक आबादी को लाभ हो रहा है। आधुनिक तकनीक से तैयार सीवरेज प्लांट में मलजल के शोधन के बाद निकले जल का सिंचाई और अन्य कार्यों में पुन: उपयोग किया जा रहा है। सीवरेज प्लांट के बन जाने से शहर की स्वच्छता में सुधार हुआ है। अब नगर का मलजल सीधे नदियों में पूरी तरह से न मिलने पर सफलता मिली है। सीवरेज प्लांट के निर्माण से शहर के पर्यावरण संरक्षण को और भी मदद मिली है।

    आधार बेस अटेंडेंस पर प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न

    नगरीय विकास एवं आवास विभाग के उपक्रम मध्‍यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्‍पनी के मुख्‍यालय में आधार बेस अटेंडेंस सिस्टम पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित हुई। कार्यशाला में कंपनी में काम कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों को आधार बेस अटेंडेंस सिस्टम की तकनीकी प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी प्रदान की गई। इस प्रणाली के लागू होने से गुड गवर्नेंस के साथ कंपनी की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता भी आई है।

    प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नवीनतम डिजिटल सत्यापन तकनीक से परिचित कराना तथा कार्यक्षमता को मजबूत करना था। प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित कर्मचारियों की शंकाओं का समाधान भी किया गया।

     

  • केंद्रीय पोर्टल पर MP की वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण धीमा, 90% से अधिक संपत्तियां अभी बाकी

    भोपाल
     मध्य प्रदेश में पिछले छह महीनों में 15,000 से अधिक वक्फ संपत्तियों में से दस प्रतिशत का भी पंजीकरण केंद्रीय वक्फ पोर्टल, UMEED पर नहीं हो पाया है। राज्य और वक्फ के शीर्ष अधिकारियों ने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को यह जानकारी दी। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों के लिए 6 दिसंबर तक अपनी वक्फ संपत्तियों को इस पोर्टल पर पंजीकृत करने की समय सीमा तय की थी।

    केंद्र बढ़ाएगी समय सीमा
    सरकारी अधिकारियों ने पोर्टल पर सभी जानकारी भरने और वक्फ संपत्तियों को पंजीकृत करने में तकनीकी बाधाओं और रिकॉर्ड की अनुपलब्धता को इसका कारण बताया है। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार 6 दिसंबर की समय सीमा को आगे बढ़ाएगी। केंद्र सरकार ने 6 जून को एक नया केंद्रीय वक्फ पोर्टल लॉन्च किया था। वक्फ बोर्ड के अनुसार, राज्य में 15,000 से अधिक वक्फ संपत्तियां हैं, जिनमें से केवल 1,200 संपत्तियों को ही अब तक केंद्रीय पोर्टल पर पंजीकृत किया गया है, जो दस प्रतिशत से भी कम है।

    नौ लाख से अधिक हैं संपत्तियां
    केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने जून में बताया था कि भारत में 9 लाख से अधिक सूचीबद्ध वक्फ संपत्तियां हैं। उन्होंने कहा था कि राज्यों को समय-सीमा का सख्ती से पालन करना होगा और बोर्ड को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके पास पंजीकृत सभी वक्फ संपत्तियों का विवरण निर्धारित 6 महीनों के भीतर पोर्टल पर अपलोड किया जाए। रिजिजू ने पोर्टल लॉन्च के बाद कहा था कि सभी पुरानी संपत्तियां जो कानून के अनुसार हैं – जिनका मालिकाना हक है और वैध हैं – उन्हें शामिल किया जाएगा। जो अवैध हैं और बिना किसी दस्तावेज के हैं, उन्हें सूचीबद्ध नहीं किया जाएगा। नई वक्फ संपत्तियां, आगे जाकर, डेटाबेस में शामिल की जाएंगी।

    तकनीकी समस्या
    हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए, मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष संवर पटेल ने कहा कि पोर्टल में 'वक्फ का तरीका' (संपत्ति को वक्फ के रूप में कैसे सूचीबद्ध किया गया) का कॉलम नहीं है। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश की कुल वक्फ संपत्तियों में से, 14,164 को सरकारी सर्वेक्षण के माध्यम से वक्फ के रूप में पंजीकृत किया गया था। उस कॉलम की अनुपस्थिति में जहां वक्फ का तरीका परिभाषित किया गया है, केंद्र के पोर्टल पर संपत्ति को सूचीबद्ध करना मुश्किल है। हमें उम्मीद है कि तकनीकी समस्या हल हो जाएगी और 6 दिसंबर की समय सीमा बढ़ा दी जाएगी।

    राज्य के पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारियों ने केंद्र के UMEED पोर्टल के साथ तकनीकी समस्याओं को स्वीकार किया है। उन्होंने यह भी बताया कि वक्फ संपत्ति को पंजीकृत करने के लिए पोर्टल पर भरी जाने वाली सभी आवश्यक जानकारी भी राज्य में ऐसी कई संपत्तियों के लिए उपलब्ध नहीं है।

    पोर्टल पर पंजीकरण प्रक्रिया में मुतवल्ली (देखभाल करने वाले) द्वारा संपत्ति का विवरण दर्ज करना शामिल है। इसके बाद वक्फ बोर्ड द्वारा सत्यापन और नामित सरकारी अधिकारियों द्वारा अनुमोदन किया जाता है। रिकॉर्ड की जांच के बाद, 'UMEED' पोर्टल में एक प्रविष्टि की जाती है।
     

  • होटल चेक-इन पर तुरंत अलर्ट, उज्जैन पुलिस के ऐप से सुरक्षा बढ़ेगी

    उज्जैन

    उज्जैन में महाकाल मंदिर के आसपास होटल में रुकने वाले यात्रियों का डेटा अब एक ऐप के माध्यम से पुलिस के पास ऑनलाइन उपलब्ध है। इससे शहर में आने वाले संदिग्धों के बारे में पुलिस को तुरंत अलर्ट मिल जाएगा। एसपी प्रदीप शर्मा ने बड़ी संख्या में उज्जैन आ रहे लोगों का डिजिटल डेटा रखने के लिए GuestReport.in नामक ऐप तैयार करवाया है। इस ऐप से उज्जैन के होटलों में रुकने वाले यात्रियों के नाम, उनकी पहचान, उनका मोबाइल नंबर सहित अन्य डेटा तत्काल पुलिस थाने, थाना प्रभारी और जिले के एसपी के पास रियल टाइम में पहुंच रहा है।

    ऐप में होटल संचालक को रोजाना अपनी होटल में आने वाले यात्रियों की जानकारी भरनी होती है। यह जानकारी होटल की वेबसाइट सहित संबंधित थाने पहुंच जाती है।

    पिछले साल आए थे 7 करोड़ श्रद्धालु महाकाल मंदिर के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले साल मध्य प्रदेश टूरिज्म के आंकड़ों में उज्जैन प्रदेश में सबसे ऊपर रहा, जहां करीब 7 करोड़ श्रद्धालु आए थे।

    इतनी बड़ी संख्या में उज्जैन पहुंच रहे श्रद्धालुओं के बारे में होटल की जानकारी पुलिस थाने तक पहुंचने और उसे खंगालने में करीब एक से दो हफ्तों का समय लग जाता था। लेकिन, उज्जैन पुलिस के एक ऐप से यह सारा काम आसान हो गया है।

    सिंहस्थ कुंभ में सबसे ज्यादा उपयोगी होगा माना जा रहा है कि उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ के दौरान दो महीने में करीब 30 करोड़ श्रद्धालु उज्जैन आएंगे। इस दौरान जो लोग होटल, लॉज, धर्मशाला में रहेंगे, उनका डेटा इस ऐप के उपयोग से पुलिस के पास रियल टाइम में उपलब्ध रहेगा। करोड़ों श्रद्धालुओं की रियल टाइम ट्रेसेबिलिटी, कौन कहां ठहरा है।

    इसका डेटा तुरंत उपलब्ध होगा, गुमशुदा व्यक्तियों की तुरंत पहचान हो सकेगी। यह भी पता लग सकेगा कि कौन कहां रुका हुआ है। पूरे आयोजन में सुरक्षा और निगरानी के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जा सकेगा। अगर कोई यात्री अपनी होटल का पता भूल जाता है, तो भी ऐप के माध्यम से पता लगाया जा सकेगा।

    होटल वालों के लिए भी उपयोगी पुलिस के इस ऐप से न सिर्फ पुलिस को मदद मिल रही है, बल्कि होटल संचालक भी रोजाना पुलिस थाने जाकर अपनी डिटेल नोट करवाने जैसे झंझट से मुक्त हो गए हैं। जो होटल संचालक ऐप का उपयोग नहीं कर रहे हैं, उन्हें रोज सुबह होटल में रुकने वाले गेस्ट की जानकारी मैन्युअली कागज पर भरकर देनी होती है। इसके लिए रोजाना एक कर्मचारी होटल में पूरी शीट देने जाता है। इस ऐप से होटल वालों को भी कई सुविधाएं मिल गई हैं।

    अभी होटलों में, बाद में आश्रम और अखाड़ों को भी जोड़ेंगे एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि प्रति वर्ष 7 करोड़ से अधिक श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। भारी संख्या में होम स्टे और होटल आ गए हैं, इसलिए हमेशा अंदेशा बना रहता है कि बाहर से आने वाले लोगों की पूरी जानकारी पुलिस के पास होनी चाहिए। इन हाउस और एक पोर्टल का उपयोग किया जा रहा है। पोर्टल संचालक द्वारा सभी प्रकार के यात्रियों की जानकारी दर्ज की जा रही है।

    तत्काल संबंधित थाना प्रभारी, थाना और बिट प्रभारी के पास दर्ज हो जाती है। यह पूरा पेपरलेस है। कई तरह की फैसिलिटी, कोई संदिग्ध अलर्ट में है और अगर वह उज्जैन आकर रुका तो हमारे पास अलर्ट आ जाएगा।

  • आरएसएस ने MP के पांच जिलों में आयोजित किया युवा संगम, Gen-Z से जोड़ी पहल

    भोपाल 

     दुनिया में इन दिनों जेनरेशन जूमर्स यानी जेन-जी (Gen-Z) को लेकर बहस छिड़ी है। जेन-जी वर्ग के युवाओं की पहचान आंदोलन करने के रूप में हो चुकी है। नेपाल में सरकार का तख्ता पलट में जेन-जी की अहम भूमिका थी। हाल ही में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने इंदौर में कहा था कि लोकतंत्र को बचाने के लिए जेन-जी को ही आगे आना पड़ेगा, लेकिन इन सबसे अलग राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) इन दिनों युवाओं को लेकर खास काम कर रहा है। 

    34 शहरों में शुरू हुआ युवा संगम

    हाल ही में इंदौर सहित पांच जिलों के 34 नगरों में बड़ी संख्या में युवाओं की मौजूदगी में 'युवा संगम' का आयोजन किया गया। इस युवा संगम का उद्देश्य युवाओं के मन में राष्ट्र प्रथम भाव को जोड़ना था। जोर दिया गया कि भारत में युवाओं की संख्या विश्व में सर्वाधिक है और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।

    आरएसएस घर घर जाकर लोगों को बताएंगे  100 वर्षो का संघर्ष 

     राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में हर घर संपर्क अभियान के तहत प्रखंड के सभी पंचायतों में स्वयंसेवक संघ का पत्रक, पुस्तक एवं झोला लेकर हर गांव और हर समाज के लोगों तक पहुंच रहे हैं। इस अभियान के तहत लोगों के बीच पुस्तकों एवं पत्रकों के वितरण के लिए प्रखंड मुख्यालय  में सभी सक्रिय स्वयंसेवकों की बैठक हुई। इसमें सक्रिय स्वयंसेवकों को संघ का बैग, संघ का पुस्तक एवं पत्रक दिया गया। इस अवसर पर उन्हें आरएसएस के बारे में बताया गया तथा सभी से अपने-अपने गांव या पंचायत में हर घर संपर्क कर लोगों को संघ से जुड़ने के लिए प्रेरित करने को कहा गया।

    इस अभियान का उद्देश्य समाज में एक सकारात्मक वातावरण तैयार करना तथा संघ के विचारों को घर-घर तक पहुंचाना है। इसके लिए स्वयंसेवकों ने सनातन समाज के सुमंगल, राष्ट्र की अखंडता एवं संगठन की भावना को लोगों तक पहुंचाने का संकल्प लिया। क्षेत्र के सभी परिवारों एवं सभी वर्गों में संपर्क कर जन-जन तक राष्ट्रहित की बात पहुंचाई जा रही है।

    योजना की जानकारी

    संघ ने हाल ही में प्रत्येक नगर में युवा संगम का आयोजन किया था। 'युवा संगम' ने कॉलेज छात्रों को एकत्रित कर अलग-अलग सत्र किए, जिसमें उन लोगों को खासकर चिह्नित कर शामिल किया गया जिनका पूर्व से संघ से परिचय नहीं था। संगम में बौद्धिक और अन्य सत्रों में माध्यम से उन्हें संघ की 100 वर्षों की यात्रा और कार्य योजना की जानकारी दी गई। युवा संगम का सीधा सीधा उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र प्रथम भाव से जोड़ना था।

    मालूम हो, इन दिनों विश्वभर में इस उम्र (जेनरेशन जूमर्स या जेन जी) के युवा आंदोलन के लिए पहचाने जाते हैं। संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आरएसएस विभिन्न आयोजन कर रहा है। इंदौर में विजयादशमी पर पथ संचलन हुआ। 1.40 लाख से अधिक स्वयंसेवक शामिल हुए। कुछ समय बाद वृहद हर घर सपर्क अभियान और हिन्दू सम्मलेन जैसे आयोजन की भी प्रस्तावना है।

  • शिक्षक परीक्षा दे न पाए तो नौकरी जाएगी हाथ से, NIOS पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

    भोपाल 
    बच्चों की परीक्षा लेने वाले शिक्षकों को भी अब परीक्षा देनी होगी और अगर इसमें फेल हुए तो उन्हें नौकरी से हाथ धोना होगा। दरअसल प्रदेश में पांच हजार शिक्षकों की नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है। प्राइमरी स्कूलों में बतौर शिक्षक भर्ती हुए इन शिक्षकों को पहले ब्रिज कोर्स करना होगा। छह माह का यह कोर्स नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनआइओएस) करवाएगा। इसमें अगर फेल हो गए तो शिक्षक की नौकरी जाएगी। लोक शिक्षण संचालनालय ने इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं।

    सुप्रीम कोर्ट का है निर्देश

    प्रदेश में 94 हजार सरकारी स्कूल हैं। प्राइमरी कक्षा में 1.40 लाख शिक्षक हैं। इनमें से करीब पांच हजार ऐसे हैं, जिनकी नियुक्ति बीएड के आधार पर हुई। सुप्रीम कोर्ट से जारी निर्देश में पात्रता परीक्षा पास करना शिक्षकों को अनिवार्य हो गया। दो साल में भर्ती हुए ये शिक्षक इस दायरे में आ रहे हैं।

    दायरे में आ रहे हैं ये शिक्षक

    शिक्षकों को ब्रिज कोर्स कराने लोक शिक्षण संचालनालय से निर्देश जारी हुए हैं। इसके तहत हर जिले को ऐसे शिक्षकों को एनआइओएस के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना है। इसकी आखिरी तारीख 25 दिसंबर है। 6 माह का कोर्स पूरा कर शिक्षकों को सालभर में सार्टिफिकेट जमा कराना होंगे।
    यह हैं निर्देश

    सुप्रीम कोर्ट ने 11 अगस्त 2023 को आदेश पारित किया था। इसके मुताबिक इस तारीख के बाद प्राइमरी स्कूलों मेें बीएड के आधार पर शिक्षकों की भर्ती मान्य नहीं होगी।

    सेवा समाप्त हो सकती है

    बीएड के आधार पर भर्ती प्राइमरी शिक्षकों को ब्रिज कोर्स करना होगा। इसके लिए रजिस्ट्रेशन होना है। सभी जिलों को निर्देश जारी हुए हैं। एक साल में कोर्स पूरा न करने पर सेवाएं समाप्त की जा सकती है। – केके द्विवेदी, संचालक, लोक शिक्षण संस्थान

  • सूक्ष्म एवं लघु उद्यम सुविधा परिषद के कार्यों की समीक्षा

    भारत सरकार के दल की मध्यप्रदेश के अधिकारियों से हुई चर्चा

    भोपाल 
    सूक्ष्म एवं लघु उद्यम सुविधा परिषद एमएसईएफसी के कार्यों की एमएसएमई मंत्रालय, भारत सरकार की निदेशक श्रीमती अंकिता पांडे एवं विधि विशेषज्ञ सुश्री ईशा अग्रवाल ने गत दिवस समीक्षा की। आयुक्त, एमएसएमई श्री दिलीप कुमार तथा परिषद के अशासकीय सदस्यों श्री राजेश मिश्रा अध्यक्ष, लघु उद्योग भारती, श्री महेश गुप्ता भूतपूर्व अध्यक्ष, लघु उद्योग भारती एवं शासकीय सदस्य सिडबी बैठक में मौजूद थे।

    बैठक के दौरान एमएसएमई ओडीआर पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों के त्वरित निपटारे तथा लंबित मामलों को ओडीआर प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया पर विस्तृत चर्चा की गई ताकि सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को समयबद्ध तथा पारदर्शी न्यायिक सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। मध्यप्रदेश एमएसईएफसी के सचिव श्री राजेश अग्रवाल, सहायक संचालक श्री शशिभूषण दुबे एवं सहायक प्रबंधक श्रीमती अनुश्री सक्सेना द्वारा ओडीआर पोर्टल में मध्यप्रदेश की प्रभावी सहभागिता के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी उन्होंने बताया कि वर्तमान में मध्यप्रदेश एमएसईएफसी द्वारा व्हाट्सऐप एवं ई-मेल के माध्यम से नोटिस जारी किए जा रहे हैं, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पक्षकारों को घर बैठे सुनवाई का अवसर प्रदान किया जा रहा है तथा परिषद द्वारा कोई कोर्ट फीस नहीं ली जाती। साथ ही आरआरसी के माध्यम से वसूली की प्रक्रिया से एमएसई इकाइयों को त्वरित राहत मिल रही है।

    प्रतिनिधिमंडल द्वारा मध्यप्रदेश एमएसईएफसी की सुनवाई बैठक का अवलोकन भी किया गया तथा ओडीआर पोर्टल पर राज्य की सक्रिय सहभागिता एवं प्रभावी कार्य प्रणाली की सराहना की गई। इस अवसर पर श्रीमती पांडे ने ओडीआर प्लेटफॉर्म को एमएसएमई विवाद निवारण के लिए एक सशक्त और उपयोगी डिजिटल पहल बताया। आयुक्त श्री दिलीप कुमार ने कहा कि मध्यप्रदेश एमएसईएफसी, एमएसएमई मंत्रालय के साथ निरंतर समन्वय बनाते हुए कार्य कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश इस डिजिटल पहल में अग्रणी राज्यों में शामिल है और भविष्य में भी ओडीआर प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए पूर्ण सहयोग प्रदान करता रहेगा।

     

  • बच्चों के भविष्य को स्वर्णिम बनाने की महती जिम्मेदारी शिक्षा विभाग पर – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के तहत शिक्षा विभाग की रणनीति पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

    अंजोर विजन के लघु, मध्यम और दीर्घकालीन लक्ष्यों पर व्यापक एवं गहन विमर्श

    मुख्यमंत्री ने कहा — लक्ष्य बड़े हैं, इसलिए कार्ययोजना ठोस हो और क्रियान्वयन पूरी ईमानदारी से हो

    रायपुर
    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के तहत शिक्षा विभाग के लक्ष्यों की प्राप्ति को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में उन्होंने वर्ष 2030 तक के लघु अवधि, 2035 तक के मध्य अवधि तथा दीर्घकालीन लक्ष्यों पर विस्तृत चर्चा की और अधिकारियों को ठोस कार्ययोजना तैयार कर त्वरित एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा विकसित भारत 2047 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, और इसी क्रम में ‘अंजोर विजन’ के माध्यम से विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों की प्राप्ति का सबसे सशक्त आधार शिक्षा है, क्योंकि दक्ष, कुशल और स्मार्ट बच्चे ही भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में शिक्षकों की संख्या राष्ट्रीय औसत से बेहतर है और सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। बैठक के दौरान स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से समस्त जानकारी मुख्यमंत्री के साथ साझा की।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यदि एक शिक्षक अपनी जिम्मेदारी को दृढ़ता से निभा ले, तो बच्चों के भविष्य को स्वर्णिम बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने शिक्षकों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने, प्रतिभाशाली शिक्षकों को नेतृत्व के अवसर प्रदान करने और बेहतर अकादमिक माहौल विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने आंगनबाड़ी एवं बालवाड़ी के माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करने तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए। बैठक में अंजोर विजन 2047 के अंतर्गत 1000 मॉडल स्कूलों की स्थापना, स्कूल कॉम्प्लेक्स प्रणाली, अंतर्राष्ट्रीय स्तर के स्कूलों की शुरुआत, एआई-आधारित मूल्यांकन प्रणाली, डिजिटल ऐप के माध्यम से व्यक्तिगत पाठ योजनाएं, शिक्षक प्रशिक्षण के उन्नयन तथा STEM शिक्षा के विस्तार जैसे प्रमुख लक्ष्यों की समीक्षा की गई।

    मुख्यमंत्री ने STEM शिक्षा को प्रोत्साहित करने हेतु साइंस सिटी की स्थापना, विज्ञान मेलों के आयोजन और एआई एवं रोबोटिक्स लैब प्रारंभ करने पर विशेष जोर दिया। बैठक में वर्ष 2035 तक ड्रॉपआउट दर को शून्य करने, राज्य स्तरीय ECCE समिति के गठन, शिक्षकों की भर्ती, मूल्यांकन केंद्रों को सुदृढ़ करने और आगामी तीन वर्षों के लक्ष्यों को निर्धारित कर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने संबंधी विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की कार्यप्रणाली — परीक्षार्थियों के डेटा संकलन, प्रश्नपत्र निर्माण, परीक्षा संचालन एवं मूल्यांकन — की समीक्षा की तथा हायर सेकेंडरी स्तर पर अतिरिक्त विषयों के विकल्प, प्रतियोगी परीक्षाओं पर आधारित प्रश्न बैंक, त्रुटिरहित मूल्यांकन व्यवस्था और गोपनीय प्रश्नपत्रों के परिवहन हेतु ट्रैकिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए।

    बैठक में एनईपी 2020 के तहत नामांकन दर में हुई उल्लेखनीय वृद्धि, बालवाड़ी को स्कूली शिक्षा से जोड़ने, मातृभाषा-आधारित शिक्षण, ‘जादुई पिटारा’ एवं संवाद कार्यक्रम, इको क्लब की गतिविधियाँ, पीएम ई-विद्या के अंतर्गत डिजिटल प्रसारण तथा व्यावसायिक शिक्षा के विस्तार जैसी उपलब्धियाँ भी प्रस्तुत की गईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंजोर विजन 2047 के लक्ष्य छत्तीसगढ़ की आने वाली पीढ़ी को सशक्त, आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, मुख्य सचिव श्री विकास शील, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष श्रीमती रेणु पिल्लै, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री रजत कुमार सहित स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

  • गीता पाठ के कार्यक्रमों में होगी व्यापक सहभागिता, मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने जानकारी की प्राप्त

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आगामी 1 दिसंबर को गीता जयंती पर अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव पर राज्य में हो रहे कार्यक्रमों की तैयारी की जानकारी प्राप्त की और आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभ्युदय मध्य प्रदेश (गवर्नेंस एंड ग्रोथ समिट) निवेश से रोजगार (अटल संकल्प उज्जवल मध्य प्रदेश ) के अंतर्गत 25 दिसंबर को ग्वालियर में हो रहे कार्यक्रम के संबंध में भी अधिकारियों से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गीता महोत्सव के संबंध में मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा जिला कलेक्टर्स और पुलिस अधिकारियों से चर्चा की। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि 1 दिसंबर गीता जयंती पर गीता महोत्सव के अंतर्गत होने वाली गतिविधियों में जन सामान्य की अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित की जाए। श्रीमद्भागवत गीता के विभिन्न अध्यायों की संस्कृत और हिंदी में, स्कूल कॉलेज के साथ-साथ जन सामान्य को प्रतियां उपलब्ध करवाकर, गीता पर केंद्रित क्विज आदि प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएं। गीता ज्ञान के प्रसार से जन सामान्य की विचार प्रक्रिया और मानसिकता पर सकारात्मक प्रभाव होगा।

    उल्लेखनीय है कि श्रीमद्भगवतगीता ऑन लाइन ज्ञान प्रतियोगिता में प्रवृष्ठि 28 नवम्बर तक www.geetamahotsav.com पर होगी। जिसमें तीन श्रेणियों में भागीदारी की जा सकती है। सभी श्रेणियों के लिए पृथक -पृथक पुरस्कारों का प्रावधान भी किया गया है। यह पुरस्कार 26 जनवरी 2026 को दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स, को निर्देश दिए कि जिला स्तर पर अधिक से अधिक नागरिकों को विभिन्न प्रतियोगिताओं और गीता पाठ में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें।

    गीता पाठ के कार्यक्रमों में होगी व्यापक सहभागिता
    मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने गीता पाठ कार्यक्रम की तैयारियों की भी जानकारी प्राप्त की। उल्लेखनीय है कि 1 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती पर मध्यप्रदेश में सभी विकास खंडों, जिला मुख्यालयों, संभागीय मुख्यालयों पर श्रीमद्भगवद्गीता के 15 वें अध्याय का पाठ किया जा रहा है। जन सामान्य द्वारा युगावतार भगवान श्रीकृष्ण के मानव कल्याण के संदेश को आत्मसात किए जाने के उद्देश्य को इस गीता पाठ से सफल बनाया जा सकता है। वीर भारत न्यास द्वारा गीता पाठ के साथ-साथ गीता प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जा रहा है। जिसमें प्रदेश के विद्यार्थी बड़ी संख्या में हिस्सा ले रहे हैं।

     

  • 44वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में मध्यप्रदेश मण्डप को रजत पदक

    श्री तिवारी ने प्राप्त किया पदक

    भोपाल 
    नई दिल्ली स्थित भारत मण्डपम में 14 से 27 नवम्बर तक आयोजित हुए 44वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में मध्यप्रदेश मध्यप्रदेश मण्डप को राज्यों की श्रेणी मे उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए रजत पदक से सम्मानित किया गया। गुरूवार की शाम को भारत मण्डपम में आयोजित एक समारोह में इण्डिया ट्रेड प्रमोशन आर्गनाइजेशन (ITPO) के डॉ. नीरज खैरवाल, प्रबन्ध निदेशक ने यह पुरस्कार मध्यप्रदेश मण्डप के संचालक श्री बी. एन. तिवारी, को प्रदान किया। इस अवसर पर श्री एन. के. नरें, संयुक्त संचालक, डा. राजू राठौर, सुश्री प्रियंका सोनी, श्री देवेन्द्र रघुवशीं, सुश्री कविता बारिया, सहायक संचालक उद्योग एवं श्री जगमोहन सिंह तथा श्री सी. के. प्रिन्स भी उपस्थित थें।

    इस वर्ष मेले की थीम एक भारत श्रेष्ठ भारत अनुरूप मध्यप्रदेश मण्डप को ग्वालियर किले के रूप में तैयार किया गया था तथा मण्डप के केन्द्र में 64 योगिनी मन्दिर को दर्शाया गया था। लुटियन्स ने जब भारतीय संसद भवन का डिजाइन तैयार किया था तब उन्होने भारत वर्ष की नामी गिरामी इमारतों के डिजायन बुलवाये थे, जिसमें से उन्होने मुरैना जिले के 64 योगिनी मन्दिर का चुनाव किया था। इसके आधार पर ही उन्होंने भारतीय संसद के भवन का निर्माण कराया था। इस स्थान पर सभी देशी विदेशी पर्यटक भ्रमण करने के लिए आते हैं। इससे एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना मजबूत होती है और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा मिलता है। मण्डप में मध्यप्रदेश की विश्व धरोहारों- खजुराहो, सांची स्तूप एवं भीमबेटका के साथ प्रस्तावित धरोहर स्थलों, विभिन्न सांस्कृतिक महोत्सवों, हस्तशिल्प, हाथकरघा, जी.आई. ओ.डी.ओ.पी. उत्पादों को भी सजाया गया।

    मण्डप में उत्पादों को होलोग्राफिक इमेज से भी प्रदर्शित गया है। इन उत्पादों की विकी भी हुई। प्रदेश शासन की विभिन्न नीतियों एवं उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया है। मण्डप में औधोगिक विकास के साथ साथ पर्यटन की भी पूर्ण जानकारी प्रदर्शित की गयी। मण्डप मे सिंहस्थ-2028 की तैयारी को भी स्थान दिया गया। इन्दौर के जी.आई. उत्पाद, चमड़े के खिलौने एवं टेराकोटा का संजीव प्रदर्शन किया गया है। स्टार्टअप ने भी अपने उत्पादों के प्रचार प्रसार के साथ विकय भी किया। मध्यप्रदेश मण्डप में निर्मित विरासत, सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय विरासत एवं वन्य जीवन को आकर्षक रूप से प्रदर्शित किया। मण्डप ने जहां एक ओर प्रदेश की गौरवशाली विरासत को प्रदर्शित किया वही दूसरी ओर सम्पूर्ण भारत को एक सूत्र में बाधने का संदेश भी दिया है। यही कारण है कि मेले में इस बार फिर मध्यप्रदेश मण्डप लोगों के लिए आर्कषण का केन्द्र बना। यहां अभ्युदय मध्यप्रदेश की झलक साफ देखी गई।

    मध्यप्रदेश देश का हृदय प्रदेश है। यहां कि एतिहासिक धरोहर, प्रचुर प्राकृतिक संसाधन, धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल, लोक परम्पराओं की समृद्धि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प "एक भारत श्रेष्ठ भारत" को न केवल पूरी कर रही है अपितु विश्व पर्यटन मानचित्र पर इसे अग्रणी स्थान दिला रही है।

    सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग, की ओर से म. प्र. लघु उद्योग निगम द्वारा विगत 43 वर्षों से इस मेले में नोडल एजेंसी के रूप में कार्य किया जा रहा है। इस मेले में विगत दो वर्षों से निरन्तर म. प्र. राज्य को विषयतगत प्रस्तुति के लिए स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ है। मेला अवधि के दौरान राज्य दिवस समारोह 21 नवम्बर 2025 को मनाया गया। इस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में श्री चैतन्य कुमार काश्यप, मंत्री, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग सम्मलित हुए। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के सपने को साकार करते हुए मध्यप्रदेश के मुख्य मंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अग्रसर है। उन्होंने यह भी कहा था कि राज्य शासन ने 18 नीतियां बनाई जो निवेश मित्र हैं एवं निवेशकों को आकर्षित करती हैं। इस अवसर पर नीमच और मन्दसौर के सांसद श्री सुधीर गुप्ता भी अतिथि के रूप में सम्मलित हुए। म. प्र. मण्डप में 9 शासकीय विभागों / निगम मण्डलों 27 सुक्ष्म, लघु एवं मध्यम इकाईयों 7 स्व सहायता समूहों तथा 03 स्टार्ट-अप द्वारा भाग लिया गया। टेराकोटा एवं चमड़े के खिलौनों का सजीव प्रदर्शन भी मध्यप्रदेश मण्डप में किया गया। मध्यप्रदेश दिवस समारोह में बघेली लोक गायन, मटकी एवं पनिहारी लोक नृत्य प्रस्तुत किया गया।

     

  • बस्तर में विश्वास, सुरक्षा और स्थायी शांति का वातावरण हो रहा है स्थापित – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    बस्तर में शांति और विकास की नई दिशा : 65 लाख के इनामी 10 माओवादी आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटे

    रायपुर
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि  “आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025” तथा “पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” जैसी मानवीय, संवेदनशील और दूरदर्शी पहल ने बस्तर में विश्वास, सुरक्षा और स्थायी शांति का वातावरण स्थापित किया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि माओवादी भ्रमजाल में फँसे अनेक लोग अब हिंसा का मार्ग छोड़कर विकास और मुख्यधारा की ओर लौट रहे हैं। इसी क्रम में आज दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के वरिष्ठ सदस्य एवं 25 लाख के इनामी चैतू उर्फ श्याम दादा सहित कुल 65 लाख रुपए के इनाम वाले 10 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। मुख्यमंत्री ने इसे बदलते बस्तर और सरकार की नीतियों की सफलता का स्पष्ट प्रमाण बताया।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा कि सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप सभी आत्मसमर्पित साथियों को सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन हेतु आवश्यक पुनर्वास सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। उन्होंने उल्लेख किया कि आत्मसमर्पण की बढ़ती संख्या यह दर्शाती है कि जनता सरकार की नीतियों पर भरोसा कर रही है और बस्तर तेजी से शांति, विश्वास और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

    मुख्यमंत्री ने इसे राज्य की प्रभावी रणनीति, पुलिस प्रशासन की सतत मेहनत और जनविश्वास का सामूहिक परिणाम बताते हुए बस्तर में स्थायी शांति स्थापना की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि कहा।

  • प्रदेश में बढ़ती समस्याओं पर पीसीसी चीफ का बयान— SIR की समयसीमा बढ़ाई जाए

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में SIR की प्रक्रिया जारी है. इस महाभियान को पूरा करने के लिए एक महीने का लक्ष्य रखा गया, जो बेहद करीब नजर आ रहा है. डिजिटाइजेशन का कार्य भी धड़ल्ले से चल रहा है. इसी बीच आज PCC चीफ ने प्रेसवार्ता के दौरान SIR की अंतिम तिथि को बढ़ाने की मांग भी कर दी है.

    बता दें, छत्तीसगढ़ में SIR 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है. लेकिन अब अंतिम तारीख को कुछ ही दिन बाकी रह गए हैं. ऐसे में पीसीसी चीफ बैज ने कहा कि प्रदेश में BLO परेशान है. इतने दिनों में काम पूरा नहीं हुआ है. 6 दिनों में और क्या होगा.

    उन्होंने कहा कि 4 दिसंबर तक SIR करना संभव नहीं है. चुनाव आयोग को डेट आगे बढ़ाना चाहिए. हमारा कंट्रोल रूम का स्तर में बनाने का मकसद यही है, कि कोई व्यक्ति परेशान हैं तो वहां कॉल करके मदद ले सकते हैं.

    वहीं जमीन गाइडलाइन को लेकर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि जमीन गाइडलाइन को बढ़ा दी गई है. 10 गुना जमीन की रेट बढ़ा दी है. इससे छोटे लोगों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. गरीब लोगों का घर-जमीन सपना रह गया है. उन्होंने कहा कि गाइडलाइंस सुधार नहीं हुआ, तो कांग्रेस पार्टी बड़ा आंदोलन करेगी.

  • सीईओ संजीव कुमार झा ने मतदाताओं को किया साइबर फ्राड से सचेत

    गणना पत्रक भरने के लिए नहीं चाहिए ओटीपी

    भोपाल 
    एसआईआर-2026 के दौरान गणना पत्रक भरने के लिए बीएलओ या किसी भी अन्य अधिकारी द्वारा किसी भी माध्यम से ओटीपी मांगे जाने की आवश्यकता नहीं है। मध्यप्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने मतदाताओं को सतर्क करते हुए बताया है कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची में स्वयं, माता-पिता या दादा-दादी संबंधी जानकारी प्राप्त करने के लिए मतदाता अपने क्षेत्र के बीएलओ अथवा नजदीकी हेल्पडेस्क से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा जानकारी ऑनलाइन voters.eci.gov.in या ceoelection.mp.gov.in पर भी प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने नागरिकों से अनुरोध किया है कि एसआईआर पत्रक भरते समय सुरक्षा उपायों का पालन करें। आधिकारिक सरकारी वेबसाइट पर ही एसआईआर भरें।

    ये हैं सुरक्षा उपाय
    ओटीपी या व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें। एसआईआर की प्रक्रिया में निर्वाचन विभाग या किसी अधिकारी द्वारा फोन/मैसेज पर ओटीपी, आधार नंबर, मोबाइल नंबर आदि मांगना प्रक्रिया का हिस्सा नहीं है। यदि कोई इस तरह की जानकारी माँगता है तो वह 'साइबर फ्रॉड कॉल' हो सकता है।

    एसआईआर भरते समय इन बातों का रखें ध्यान
    एसआईआर प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है। किसी भी प्रकार की फीस, प्रोसेसिंग चार्ज या भुगतान करने के लिए कहे जाने पर ध्यान दें-ऐसे संदेश/कॉल धोखाधड़ी हो सकते हैं। व्हॉट्सऐप या सोशल मीडिया पर मिले लिंक न खोलें। 'आपका वोटर कार्ड रद्द हो जाएगा', 'तुरंत एसआईआर भरें' जैसे संदेश फर्जी हो सकते हैं। एसआईआर के लिये साइबर कैफे का उपयोग करते समय सतर्क रहें। ऑटो-सेव बंद रखें, कार्य समाप्त होने पर ब्राउजर इतिहास/कैश साफ़ करें और अनिवार्य रूप से लॉगआउट करें। किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल: www.cybercrime.gov.in अथवा हेल्पलाइन: 1930 पर कर सकते हैं।

     

  • एसआईआर फार्म में गलत जानकारी देने पर होगी कानूनी कार्रवाई

    भोपाल 
    लोकतांत्रिक व्यवस्था को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के उद्देश्य से चुनाव आयोग ने एसआईआर फार्म में गलत जानकारी देने वालों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान दोहराया है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 31 और 32 के तहत यदि कोई व्यक्ति एसआईआर फार्म में गलत जानकारी देता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इस प्रावधान के अनुसार, दोषी पाए जाने पर दो साल तक की कैद और जुर्माना दोनों हो सकते हैं।

    चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि एस आई आई प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मतदाता द्वारा दी जाने वाली सभी सूचनाओं की सत्यता अनिवार्य है। गलत जानकारी देने को गंभीर अपराध की श्रेणी में रखते हुए आयोग ने चेतावनी दी कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    मतदाता सूची की शुद्धता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आयोग ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार की मिथ्या सूचना देने से बचें।

     

  • मध्‍यप्रदेश पुलिस की नारकोटिक्‍स विंग की बड़ी कार्रवाई

    2 किलो 700 ग्राम ठोस एवं 16 किलो लिक्विड अवस्था में एमडी, करीब 70 किलो से अधिक एमडी बनाने के केमीकल तथा अन्य सामग्री सहित आरोपी गिरफ्तार
    अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 30 करोड़ रूपए

    भोपाल
    अवैध मादक पदार्थो के कारोबार में लिप्‍त तस्‍करों द्वारा अपनाए जा रहे नये-नये हथकंडे मध्‍यप्रदेश पुलिस की नारकोटिक्‍स विंग की सजगता की वजह से नाकाम साबित हो रहे है। नारकोटिक्‍स प्रकोष्‍ठ नीमच ने आज 28 नवंबर को ग्राम लसूड़िया, हस्तमुरार थाना रामपुरा, जिला नीमच में खेत पर बने मकान पर दबिश देकर एमडी बनाने के कारखाने का भंडा फोड़ कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से अवैध मादक पदार्थ एमडी 2 किलो 700 ग्राम ठोस एवं 16 किलो लिक्विड अवस्था में तथा करीब 70 किलो से अधिक एमडी बनाने के केमीकल तथा अन्य सामग्री भी जप्त की है। जप्त मादक पदार्थ एमडी तथा एमडी बनाने की सामग्री की अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 30 करोड़ से अधिक है।

    ज्ञात हो अवैध मादक पदार्थों की तस्‍करी पर कड़ाई से अंकुश लगाने के मकसद से पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा के निर्देश पर मध्‍यप्रदेश पुलिस की नारकोटिक्‍स विंग द्वारा प्रदेशव्‍यापी विशेष मुहिम "नशे पर प्रहार" चलाया जा रहा है। इसी मुहिम के तहत अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक नारकोटिक्‍स श्री के.पी. वेंकाटेश्वर राव के मार्गदर्शन में तथा उप पुलिस महानिरीक्षक नारकोटिक्स श्री महेश चंद जैन के नेतृत्व में नारकोटिक्‍स विंग को यह सफलता मिली है।

    अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक श्री के.पी. वेंकाटेश्वर राव ने बताया कि मुखबिर से मिली सूचना पर नारकोटिक्‍स विंग ने कार्यवाही करते हुए, ग्राम लसूड़िया, हस्तमुरार थाना रामपुरा, जिला नीमच में खेत पर बने मकान पर दबिश देकर तीन आरोपी निरंजन दायमा, निवासी खेड़ी, थाना मनासा , अर्जुन गरासिया तथा रमेश गरासिया, निवासी लसूड़िया, थाना रामपुरा को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्‍जे से अवैध मादक पदार्थ एमडी 2 किलो 700 ग्राम ठोस एवं 16 किलो लिक्विड अवस्था में तथा करीब 70 किलो से अधिक एमडी बनाने के केमीकल तथा अन्य सामग्री तीन मोटर साइकिल, तीन मोबाइल फोन भी जप्त किए। एमडी, केमीकल, अन्‍य सामग्री सहिम सहित पुलिस ने लगभग 30 करोड़ रूपये की सामग्री जब्‍त की है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्‍ट के तहत प्रकरण कायम कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

    इस कार्रवाई में नारकोटिक्स विंग के निरीक्षक श्री राकेश चौधरी, निरीक्षक श्री भारत सिंह चावड़ा, निरीक्षक श्री हरीश सोलंकी, निरीक्षक श्री तेजेन्द्र सिंह सेंगर तथा निरीक्षक श्री मलय महंत एवं नारकोटिक्स इंदौर व नीमच टीम का सराहनीय योगदान रहा। साथ ही कार्रवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक, नीमच श्री अंकित जायसवाल एवं जिला पुलिस बल नीमच का भी सराहनीय योगदान रहा।

     

  • मंत्री नागर सिंह चौहान ने कहा- अधोसंरचनात्‍मक विकास कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण किया जाए

    भोपाल 
    अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने कहा है कि विभाग अंतर्गत अधोसंरचनात्‍मक विकास कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण किया जाए। अनुसूचित जाति बहुल ग्रामों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाए। स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से अनुसूचित जाति के युवाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर सृजित किए जाएँ। यह बात मंत्री श्री चौहान ने शुक्रवार को मंत्रालय में अनुसूचित जाति कल्‍याण विभाग की समीक्षा के दौरान कही। इस अवसर पर उन्होंने विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए। प्रमुख सचिव श्री ई. रमेश कुमार, आयुक्त श्री सौरभ के सुमन सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

    मंत्री श्री चौहान ने भवन विहीन छात्रावासों के निर्माण कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण करने को कहा जिससे छात्र- छात्राओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।उन्होंने ज्ञानोदय आवासीय विद्यालयों में निर्मित इंडोर स्‍टेडियमों में छात्रों के लिए खेल गतिविधियों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने और ज्ञानोदय विद्यालयों में रिक्त पदों की पूर्ति के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देश दिए।साथ ही बस्‍ती विकास योजनान्तर्गत राशि के व्‍यय के संबंध में जानकारी प्राप्‍त की एवं बस्‍ती विकास कार्यो को समय सीमा में पूर्ण करने के लिए जिला कलेक्‍टरों को पत्र जारी करने के निर्देश दिए।पीएम आदि आदर्श योजना की समीक्षा जिला स्तर पर की भी की जाए।

    मंत्री श्री चौहान ने भारत सरकार से केंद्र प्रवर्तित योजनाओं में प्राप्‍त आवंटन एवं व्‍यय की अद्यतन जानकारी प्राप्‍त कर लंबित कार्यों को समय सीमा में पूर्ण करने को कहा। इस दौरान अनुसूचित जाति छात्रावास, बाबू जगजीवन राव छात्रावास योजना, संत रविदास योजना,छात्रवृत्ति वितरण सहित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

  • मध्यप्रदेश पुलिस की वाहन चोरो पर लगातार प्रभावी कार्रवाई

    विगत एक सप्‍ताह में चोरी की 44 मोटरसाइकिलें बरामद

    भोपाल 
    मध्यप्रदेश पुलिस ने विभिन्न जिलों में सतत निगरानी और प्रभावी अन्वेषण के माध्यम से विगत एक सप्‍ताह में वाहन चोर गिरोहों का पर्दाफाश करते हुए चोरी की कुल 44 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। साथ ही पुलिस ने शातिर चोरों को भी गिरफ्तार किया है। यह अभियान प्रदेशभर में वाहन चोरी पर सख्त नियंत्रण और अपराधियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की दिशा में पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    प्रमुख कार्रवाई
    छिंदवाड़ा — अंतरजिला वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़

    जिले की कुण्डीपुरा पुलिस ने निर्णायक कार्रवाई करते हुए चार आरोपी संतोष खरपूसे, प्रमोद पुरी गोस्वामी, गगन नेवारे और सुधांशु भूषण को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने छिंदवाड़ा व बालाघाट जिलों से 20 मोटरसाइकिलें (4 बुलेट) चोरी करने की बात स्वीकार की। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने एक खंडहरनुमा कमरे से लगभग 17 लाख रूपए मूल्य की मोटरसाइकिलें बरामद की है।

    गुना —चोरी की 11 मोटरसाइकिलें बरामद
    जिले में चलाए जा रहे सघन वाहन चैकिंग अभियान के दौरान कोतवाली पुलिस ने भुल्लनपुरा रोड पर लाखन कुशवाह और सोनू राठौर को चोरी की मोटरसाइकिल सहित पकड़ा। पूछताछ में दोनों ने अलग-अलग स्‍थानों से 11 मोटरसाइकिलें चोरी करना स्वीकार किया। जिनकी कीमत लगभग 5 लाख 50 हजार रूपए है।

    इसी प्रकार उज्‍जैन के नीलगंगा पुलिस ने चोरी हुई 1 बुलेट, सागर के थाना खुरई पुलिस ने 4 मोटरसाइकिलें, कटनी में कोतवाली पुलिस 6 मोटरसाइकिल और एनकेजे पुलिस ने 1 मोटरसाइकिल तथा शाजापुर में शुजालपुर मंडी थाना पुलिस ने 1 मोटरसाइकिल बरामद कर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस प्रकार पुलिस ने कुल 13 मोटरसाइकिलें बरामद की है।

    इन कार्रवाईयों ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों की संपत्ति सुरक्षा, अपराध पर नियंत्रण और कानून-व्यवस्था सुदृढ़ बनाने के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्यरत है। तकनीकी संसाधनों, निगरानी तंत्र और तत्पर फील्ड टीमों के समन्वय से पुलिस ने वाहन चोरी जैसे अपराधों पर निर्णायक अंकुश लगाया है। यह सतत और संगठित कार्रवाई न केवल अपराधियों के मनोबल को तोड़ रही है, बल्कि आमजन में सुरक्षा एवं विश्वास की भावना को भी सुदृढ़ कर रही है।