• कानून व्यवस्था की आदर्श स्थिति सुनिश्चित करें

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कांफ्रेंस द्वारा दिए निर्देश

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में नागरिकों का सामान्य जन-जीवन सुनिश्चित करने के लिए सभी तरह के अपराधों पर पूर्ण नियंत्रण की कार्यवाही की जाए। कानून व्यवस्था की जिले में अच्छी एवं आदर्श स्थिति रहे, यह कलेक्टर एसपी सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार की रात्रि मुख्यमंत्री निवास प्रदेश के समस्त कलेक्टर्स, एस पी से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा चर्चा की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश

    • अपराध नियंत्रण पहली प्राथमिकता हो।

    • पुलिस की नियमित गश्त होना चाहिए।

    • किसानों को कहीं भी खाद की समस्या ना हो, उचित प्रबंधन करें। वितरण की व्यवस्था सुधारने पर ध्यान दें। खाद लेने के लिए अधिक देर लाइन में लगने की नौबत ना आए, ऐसी व्यवस्था बनाएं। किसी किसान को दिक्कत नहीं आनी चाहिए।

    • अधिकांश जिलों में ठंड की अधिकता को देखते हुए जनता के लिए व्यवस्थाएं बनाएं। गांवों से शहरों में या केंद्रों में खाद क्रय करने आए किसान बंधुओं के लिए भी शीतकाल से बचाव के आवश्यक उपाय करें।

     

  • ‘स्वयं सिद्धि चैटबॉट’ से सुदृढ़ हो रहा घर पर शैक्षिक अभ्‍यास

    प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए स्‍कूल शिक्षा विभाग की अभिनव पहल

    भोपाल 
    स्‍कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत राज्य शिक्षा केंद्र ने प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में 'स्वयं सिद्धि चैटबॉट’ के रूप में महत्वपूर्ण नवाचार प्रस्तुत किया है। मोबाईल आधारित इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विद्यार्थी विद्यालय में पढ़ने के साथ-साथ घर पर भी नियमित अभ्यास कर सकें और सीखने की निरंतरता को किसी भी परिस्थिति में बाधा न बनने दे। बच्चों का घर पर सीखने की आदत को मजबूत बनाने की दिशा में एक प्रभावी कदम है। कोविड–19 के समय जब विद्यालयों का संचालन बाधित हो गया था, तब राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र के द्वारा विद्यार्थियों के लिए प्रारंभ किया गया ‘स्वयं सिद्धि चैटबॉट’ आज 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिये एक सफल पहल के रूप में स्थापित हो चुका है।

    उल्‍लेखनीय है कि ‘स्वयं सिद्धि’ चैटबॉट विद्यार्थियों को घर बैठे उच्च-गुणवत्ता की डिजिटल लर्निंग प्रदान कर रहा है। यह चैटबॉट हर शनिवार राज्‍य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) द्वारा प्रमाणित नए प्रश्न उपलब्ध कराता है, इन प्रश्नों से विद्यार्थी अपनी समझ की जाँच कर पाते हैं। मोबाइल ऐप आधारित संवादात्मक प्रणाली पर तैयार यह स्विफ्ट चेट विद्यार्थियों को केवल “Hi” लिखने पर प्रश्न, उत्तर, स्कोर और सुधारात्मक वीडियो तुरंत उपलब्ध कराती है। स्वयं सिद्धि चैटबॉट उपयोग लिंक: https://links.swiftchat.ai/5cNhlu है। स्वयं सिद्धि चैटबॉट को राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र के मूल्‍यांकन प्रकोष्ठ द्वारा विकसित और संचालित किया जाता है। राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र द्वारा सहयोगी संस्‍था कॉन्‍वेजीनियस के सहयोग से विकसित यह नवाचार न केवल विद्यार्थियों के सीखने की गुणवत्ता बढ़ा रहा है, बल्कि मूल्यांकन को भी अधिक वैज्ञानिक और व्यवस्थित बना रहा है।

    हाल ही में राज्य शिक्षा केंद्र के यूट्यूब चैनल लिंक: https://www.youtube.com/live/jV7c-PbZLYI?si=QOCYax34ROP509tf पर इस चेटबॉट के प्रभावी उपयोग एवं कार्यप्रणाली पर आधारित एक परिचयात्‍मक लाईव कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र के अपर संचालक डॉ. अरूण सिंह, मूल्‍याकंन प्रकोष्ठ के नियंत्रक अधिकारी डॉ. बृजेश सक्सेना, समन्‍वयक डॉ. सुषमा बाजपेई तथा कॉन्‍वेजीनियस संस्‍था की प्रतिनिधी दीक्षा आही ने ‘स्वयं सिद्धि’ चैटबॉट के प्रभाव, सीखने के परिणामों और विद्यार्थियों और शिक्षकों के मध्‍य बढ़ती पहुँच पर विस्तार से चर्चा कर मार्गदर्शन प्रदान किया। प्रदेश के दूरस्थ और संसाधन-विहीन क्षेत्रों के बच्चों के लिए यह चैटबॉट विशेष रूप से उपयोगी साबित हो रहा है। 

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘विश्वरंग–2025 टैगोर अंतर्राष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव को किया संबोधित

    हिन्दी लोकभाषा हमारे माथे की है बिन्दी
    साहित्य का एक ही रंग- राग और आनंद
    हमने सदैव अधिसत्ता नहीं, प्रभुसत्ता की भावना रखी
    नमस्कार अब बन गया है वैश्विक शब्द

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भाषा और संस्कृति एक-दूसरे की सहज पूरक हैं। संस्कृति, भाषा को वह कथा-बीज देती है, जिनसे लोक-साहित्य से लेकर वैश्विक साहित्य जन्म लेता है और भाषा, संस्कृति को वह अभिव्यक्ति देती है, जिससे परंपराएं पीढ़ियों तक सुरक्षित यात्रा कर पाती हैं। भाषा और संस्कृति दोनों एक-दूसरे की संरक्षक भी हैं। साहित्य का एक ही रंग होता है, राग और आनंद का। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हिन्दी भाषा सच्चे अर्थों में लोक भाषा है। हिन्दी हमारे माथे की बिन्दी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज हमारी हिन्दी वैश्विक मंच पर भारत की पहचान बन रही है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति ने अधिसत्ता नहीं, सदैव प्रभुसत्ता और लोक बन्धुत्व की भावना रखी। हमारी संस्कृति जियो और जीने दो की पवित्र भावना से ओत-प्रोत है। यही कारण है कि आज भारतीय संस्कृति दुनियाभर में अपनी अलग पहचान रखती है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को रवीन्द्र भवन में साहित्य और कला के सबसे बड़े उत्सव ‘विश्वरंग–2025 टैगोर अंतर्राष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव' में देश-विदेश से आए साहित्यकारों, कलाकारों और युवाओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सभी का मध्यप्रदेश की धरती पर स्वागत-अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की सृजनात्मक और कलात्मक धरती हिन्दी भाषा और भारतीय संस्कृति को जोड़ने वाली सेतु बन गई है। हमारा भोपाल अब भारतीय संस्कृति, भारतीय भाषा चेतना और वैश्विक साहित्यिक संवाद का केन्द्र बन गया है। महोत्सव में विभिन्न देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम में कई सत्र, कविता पाठ, पैनल चर्चा, कला प्रदर्शनियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जा रही हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को विश्वरंग का कैटलॉग, हिन्दी भाषा की मार्गदर्शिका एवं पुस्तकें भेंट की गईं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि साहित्य सच्चे अर्थों में एक दीर्घ साधना है और साहित्यकार एक प्रयोगधर्मी साधक है। साहित्यकार अपनी कल्पनाशीलता, चिंतन और रचनात्मकता से ऐसे शब्द गढ़ता है, जो कालांतर में अमर हो जाते हैं। उन्होंने साहित्य और कला को समाज का दर्पण बताते हुए कहा कि विश्वरंग जैसे आयोजन नई पीढ़ी में सृजनशीलता और संवेदनशीलता को प्रोत्साहित करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रवीन्द्रनाथ टैगोर की विचारधारा और उनकी वैश्विक दृष्टि आज भी दुनिया भर में संवाद, सौहार्द और मानवता का संदेश देती है। विश्वरंग–2025 जैसा मंच साहित्य, कला, संगीत और संस्कृति को जोड़ने का माध्यम है। यह आयोजन हमारी समृद्ध देशज कला एवं संस्कृति का पोषक है। यह हमारे साहित्यिक वैविध्य में भी एकात्मकता का संदेश देता है। साहित्य लोक-समाज को दिशा देने वाले कर्म के साथ हमारी जीवनधारा का मानस मर्म भी है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि दुनिया में कई देशों की अपनी-अपनी संस्कृति है। लेकिन भारत का उद्भव मातृ सत्ता के आधार पर विश्व बंधुत्व को लेकर आगे बढ़ने की रही है। ब्रिटिश काल से ही भारतवंशी दुनिया के अनेक देशों में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। भारतीय इतिहास पर नजर डालें, तो अंग्रेज कभी एग्रीमेंट कर भारतीयों को कृषि और पशुपालन सहित अन्य कार्यों के लिए अपने स्वामित्व वाले देशों में ले गए थे। इन्हीं को गिरमिटिया कहा गया है। तब अंग्रेजों ने देशभर से इन शुभ कार्यों के लिए सुयोग्य लोगों को चुना था। आज विश्वरंग के माध्यम से 70 देशों के साहित्यकार, कलाकार और संस्कृति संरक्षक भोपाल आए हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कोविड के कठिन दौर में भारत ने "जियो और जीने दो" के भाव के आधार पर बंधुत्व का संदेश दिया। अफ्रीका महाद्वीप के कई देशों तक दवाएं और मेडिसिन भेजी गईं, जिसके बाद ऐसे भी दृश्य सामने आए जब एक देश के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को धन्यवाद देते हुए उनके चरण भी स्पर्श किये। हमारा यह उदार भाव ही भारतवंशियों को गौरव का अनुभव कराता है। कुछ काम बोलकर नहीं होते, उन्हें करके ही दिखाना पड़ता है।

    सात साल में सत्तर देशों तक पहुंचा विश्वरंग

    विश्वरंग फांउडेशन के संस्थापक और रवीन्द्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति डॉ. संतोष चौबे ने कहा कि विश्वरंग एक ऐसा आयोजन है, जिसकी शुरुआत मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से हुई। विश्वरंग के पहले आयोजन 2019 में केवल 16 देश शामिल थे, अब इसमें 70 से अधिक देश सहभागिता कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह सातवां आयोजन है। विश्वरंग में 40 देशों के 70 से अधिक साहित्यकार एवं पत्रकार सहभागिता कर रहे हैं। आयोजन में 1000 से अधिक अतिथि आए हैं। विश्वरंग में 100 से अधिक हिंदी पुस्तकों का विमोचन किया जाएगा। आयोजन में श्रीकृष्ण लीला मंचन भी आकर्षण का केंद्र है। यह आयोजन युवाओं के लिए कौशल विकास एवं रोजगार प्राप्त करने में भी सहभागी बन रहा है। विश्वरंग में समाचार-पत्र, कला-संस्कृति एवं विज्ञान आधारित 7 अलग-अलग प्रदर्शनियां भी लगाई गई हैं। दुनिया के कई देशों में हिंदी को आगे बढ़ाने वाले साहित्यकार भारत आना चाहते हैं और सरकार के साथ मिलकर हिंदी को आगे बढ़ाना चाहते हैं। वर्ष 2019 से 2024 तक, विश्वविद्यालय ने विश्वरंग के 6 भव्य और अविस्मरणीय आयोजन किए जो न केवल मध्यप्रदेश, बल्कि पूरे विश्व में हिन्दी प्रेमियों को जोड़ने का अद्भुत प्रयास रहे हैं। विश्वरंग में 80 से अधिक सत्रों का आयोजन किया जा रहा है।  

  • आमजन के प्रति सहानुभूति कथनी करनी में दिखें-राज्यपाल मंगुभाई पटेल

    राज्यपाल ने प्रशिक्षु आई.पी.एस. से कहा जनसेवा की वास्तविक कसौटीजनविश्वास

    राज्यपाल से मिले 77 आर.आर बैच के अखिल भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी

    भोपाल 
    राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि आमजन के साथ सहानुभूति और समानाभूति लोक सेवा का आधार है। यह कथनी और करनी में साफतौर पर दिखना चाहिए। अधिकारी जनहित, राष्ट्रहित के कार्यों का नेतृत्व व्यक्तिगत आचरण और व्यवहार से करें। जनसेवा की वास्तविक कसौटी जन विश्वास पर खरा उतरना है। राज्यपाल श्री पटेल राजभवन में आए 77 वें आर आर बैच के भारतीय पुलिस सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ शुक्रवार को राजभवन में चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव भी मौजूद थे।

    राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम पुलिस में सेवा का अवसर है। आवश्यकता सबके साथ, विश्वास और सहयोग के साथ कार्य करने की है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि वह पुलिस व्यवस्था के भावी निर्माता है। कार्यक्षेत्र का निरन्तर भ्रमण करे। हर तीन माह मेंपूरे कार्य क्षेत्र का दौरा करते रहना चाहिए। बदलते समय और चुनौतियों के लिए नागरिक केंद्रित पुलिस व्यवस्था को और अधिक कुशल और आधुनिक बनाने के लिए प्रतिभा मेधा का उपयोग करें। अनुभवों के आधार पर नवाचारों के लिए सदैव प्रयत्नशील रहें। ऐसी कार्य संस्कृति को बढ़ावा दें, जिसमें जन मानस में पुलिस के लिए सम्मान का भाव हो। पुलिस की उपस्थिति हर वर्ग, समुदाय और नागरिक में यह विश्वास जगाए कि वह संविधान और कानून के संरक्षण में है। अधिकारी के रूप में जो विशेष शक्तियाँ और अधिकार उन्हें मिलेंगे। वह समाज के अंतिम व्यक्ति की सेवा और सुरक्षा के लिए है।राज्यपाल ने कहा कि आपके अधिकारी बनने में समाज के प्रत्येक वर्ग का प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष योगदान है। उनके प्रति कृतज्ञता और कर्तव्यों को सदैव याद रखिएगा।

    राज्यपाल को मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी भोपाल के निदेशक श्री मोहम्मद शाहिद अबसार ने प्रशिक्षण की रुपरेखा बताई। बताया कि 29 सप्ताह का प्रशिक्षण पाठ्यक्रम 24 नवम्बर, 2025 से अकादमी में शुरू हुआ है। प्रशिक्षण अवधि में पुलिस की कार्य प्रणाली, विभिन्न इकाईयों और शाखाओं का प्रत्यक्ष अनुभव कराया जाएगा। प्रशिक्षु अधिकारी श्री आलोक कुमार वर्मा ने चयन उपरांत अभी तक प्राप्त प्रशिक्षण के बारे में बताया।उन्होंने कहा कि विधिक, तकनीकी, शारीरिक प्रशिक्षण ने उनके व्यक्तित्व का अभूतपूर्व और अमूल्य वर्धन किया है। आभार प्रदर्शन प्रशिक्षु अधिकारी श्री मनोज कुमार ने किया। कार्यक्रम का संचालन उप निदेशक डा. संजय कुमार अग्रवाल ने किया।

     

  • जंगल-पहाड़ों के रास्तों से मतदाताओं तक पहुंच रही टीम, नारायणपुर में विशेष गहन पुनरीक्षण ने पकड़ी रफ्तार

    रायपुर,

     भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर पूरे प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को नारायणपुर जिले में गति मिल रही है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी  के मार्गदर्शन में प्रशासनिक टीमें और बीएलओ जंगलों-पहाड़ों के बीच बसे दुर्गम इलाकों तक पहुंचकर मतदाता सूची अद्यतन कार्य को निरंतर अंजाम दे रहे हैं। लक्ष्य है—कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।

    जिले में वर्तमान में कुल 92,637 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें से 77.25 प्रतिशत गणना पत्रक का डिजिटाइजेशन अब तक पूरा किया जा चुका है। प्रशासनिक टीमें त्रुटिरहित अद्यतन सुनिश्चित करने के लिए नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, गलतियों को सुधारने और मृत अथवा स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने के कार्य में पूरी गम्भीरता से जुटी हुई हैं।

    बीएलओ समरूलाल यादव की प्रेरक कहानी

    दुर्गम ग्राम गट्टाकाल से एक प्रेरक उदाहरण सामने आया है। मतदान केंद्र क्रमांक 09 के बीएलओ समरूलाल यादव को पुनरीक्षण कार्य के लिए पहाड़ी पगडंडियों पर मीलों पैदल चलना पड़ा। कई बार उन्हें बिना पुल वाले नदी-नालों को पार करना पड़ा, फिर भी वे लगातार घर-घर पहुंचकर मतदाताओं का सत्यापन करते रहे।
    इस मतदान केंद्र के 360 मतदाताओं में से 262 का पुनरीक्षण कार्य पूरा कर लिया गया है, जबकि शेष 98 मतदाताओं का कार्य भी तेजी से जारी है। समरूलाल यादव का कहना है कि कठिन रास्ते भी उन्हें लोकतंत्र को मजबूत करने के संकल्प से नहीं रोक पाते।

    20 बीएलओ ने किया शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण

    जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, जिले के 20 बीएलओ अपने-अपने क्षेत्रों में 100 प्रतिशत पुनरीक्षण कार्य पूरा कर चुके हैं। उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें कलेक्टर प्रतिष्ठा  द्वारा निरंतर प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जा रहा है।

    दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में पहुंचकर मतदाताओं को जोड़ने का यह निरंतर प्रयास जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता, पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है।

  • हवाला केस में कॉल डिटेल्स चौंकाने वाली: पूजा पांडे ने जीजा को दी थीं अहम जानकारियाँ

    सिवनी
    तीन करोड़ रुपये की हवाला राशि हड़पे जाने के मामले की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए हैं। एसआईटी की पूछताछ में जबलपुर निवासी वीरेंद्र दीक्षित ने कहा कि एसडीओपी पूजा पांडे जब भी गश्त में या रात में कार्रवाई करने बाहर जाती थी, तो उसे मोबाइल पर बताती थी। डकैती की रात दोनों में 53 बार बात हुई थी। जांच में यह भी पता चला है कि आरोपित वीरेंद्र दीक्षित ने अपने मोबाइल का वाट्सएप चैट और डेटा डिलीट कर दिया था। पुलिस को जब्त कराए मोबाइल का सिमकार्ड तो पुराना था, लेकिन हैंडसेट बदल दिया गया, जो आपराधिक षड्यंत्र में सहभागिता को दर्शाता है।
     
    जबलपुर के हवाला कारोबारी व पंचशील नगर गौरीघाट निवासी पंजू गिरी गोस्वामी (40) की संलिप्तता के प्रमाण भी मिले हैं। दोनों आरोपितों ने जिला न्यायालय सिवनी में जमानत याचिका लगाई थी, लेकिन विशेष न्यायाधीश गालिब रसूल ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि अभी अन्वेषण जारी है। तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए वह जमानत के लाभ के पात्र नहीं हैं।

    सुनियोजित तरीके से दिया अंजाम
    एसआईटी ने न्यायालय में प्रस्तुत प्रतिवेदन में स्पष्ट किया है कि घटना को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। 20 नवंबर को जेल भेजे गए बालाघाट हाक फोर्स के डीएसपी पंकज मिश्रा, पूजा का जीजा वीरेंद्र दीक्षित, आरक्षक प्रमोद सोनी और हवाला कारोबारी पंजू गोस्वामी की इसमें अहम भूमिका रही। प्रमोद सोनी, पंकज मिश्रा, पंजू एक दूसरे के संपर्क में रहते थे। वहीं पूजा अपने जीजा वीरेंद्र व पंकज से लगातार बात करती रहीं।

  • बिहार चुनाव पर मंत्री सारंग का तंज: राहुल गांधी चुनाव के समय MP के जंगलों में भटक रहे थे

    भोपाल 
     बिहार चुनाव में हुई हार की समीक्षा बैठक में कांग्रेस नेताओं द्वारा गोली मारने की धमकी पर मंत्री विश्वास सारंग ने तंज कसा है। सारंग ने कहा है कि  बिहार में चुनाव चल रहे थे तो राहुल गांधी मध्यप्रदेश में जंगल में घूम रहे थे, वो जंगली जानवरों से वोट मांगने आए थे…

    किसी पार्टी का सर्वोच्च नेता ही चुनाव को सीरियसली नहीं लेता तो समीक्षा किस बात की करनी है। यदि कांग्रेस की हार की सही समीक्षा होगी तो उसका कारण राहुल गांधी होंगे। राहुल गांधी के कारण ही कांग्रेस लगातार हार रही है। कांग्रेस अब गॉन केस हो चुकी है और कांग्रेस पूरी तरह गुट और गिरोह में बंटी हुई है।
    राहुल गांधी स्क्रिप्टेड एक्शन से राजनीति करना चाहते हैं-सारंग

    आगे सारंग ने कहा कि कांग्रेस के पास नेता, नीति और नीयत तीनों की कमी है, राहुल गांधी स्क्रिप्टेड एक्शन से राजनीति करना चाहते हैं।  राहुल केवल नेहरू परिवार के होने के कारण कांग्रेस में कब्जा किए हुए हैं।
    कांग्रेस और TMC के नेता देश की अखंडता को तार-तार करना चाहते हैं-सारंग

    वहीं SIR और NRC पर TMC नेता फिरहाद हकीम के पांव तोड़ने वाले बयान पर मंत्री विश्वास सारंग ने पलटवार किया है। सारंग ने कहा ये सब घुसपैठियों को संरक्षण देने वाले लोग हैं, घुसपैठियों के माध्यम से इस देश के आमजन नागरिकों के हकों को मारने वाले लोग हैं। कांग्रेस और टीएमसी के नेता इस देश की एकता और अखंडता को तार तार करना चाहते हैं लेकिन घुसपैठियों को कहीं भी जगह इस देश में नहीं मिलेगी।

  • नव निर्वाचित पदाधिकारियों को राज्यपाल की सीख—कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी सर्वोपरि

    नव निर्वाचित पदाधिकारी ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और पारदर्शिता का उच्च स्तर पर करें पालन : राज्यपाल  पटेल

    राज्यपाल ने रेडक्रास सोसाइटी की प्रदेश शाखा की नव गठित प्रबंध समिति एवं पदाधिकारियों को दिलायी शपथ

    भोपाल 

    राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने रेडक्रॉस कार्यकारिणी के नवनिर्वाचित पदाधिकारी से कहा कि संगठन के प्रशासनिक कार्यों में ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और पारदर्शिता के उच्च मानदंडो का पालन करें। दीन- दुखी, वंचित और पीड़ित मानवता की सेवा से बड़ा कोई पुण्य कार्य नहीं है। इस पावन पथ पर चलने का जो सुअवसर मिला है, उसे अपने ज्ञान, कौशल और प्रयासों से रेडक्रॉस संगठन का गौरव बढ़ाए। मानव सेवा की पावन परम्परा में प्रदेश की रेडक्रॉस इकाई के कार्यों के नए आदर्श स्थापित करें। समाज के सुस्त सबसे ज़रूरतमंद लोगों के जीवन में आशा, राहत और सुरक्षा का संबल बने। रेडक्रास के कार्यों को नई गति, नई दिशा और नए विस्तार के साथ आगे बढ़ाए।

    राज्यपाल  पटेल ने कहा कि नव नियुक्त सदस्य समाज के कमज़ोर वर्गों के लिए सुरक्षा, राहत और सशक्तिकरण की दिशा का आधार सेवाभाव है। मानवीय मूल्य और नैतिक आदर्श के पालन पर ज़ोर रहना चाहिए। उपचार संबंधी आधुनिक सुविधाओं और संसाधनों की उपलब्धता के विशेष प्रयास करें। पीड़ित मानवता के उपचार कार्यों में निजी और सार्वजनिक संस्थानों की सहभागिता कराएं। उन्होंने कहा कि रेडक्रास के संकल्प की सफलता के लिए युवाओं को जोड़े। उन्हें मानवता की सेवा के विभिन्न प्रकल्पों में सक्रिय और संवेदनशील सहभागिता के लिए प्रेरित करें।

    राज्यपाल  पटेल शुक्रवार को भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी की मध्यप्रदेश राज्य शाखा की नवगठित प्रबंध समिति एवं पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नव नियुक्त चेयरमैन डॉ. श्याम सिंह कुमरे, उप सभापति  मनीष रावल और मानसेवी कोषाध्यक्ष  दीपेश मेहता को शपथ दिलायी। सभी को पुष्प-गुच्छ भेंटकर आगामी कार्यकाल के लिए शुभकामनाएँ दी। राज्यपाल  पटेल ने रेडक्रॉस के जिला प्रतिनिधियों को संभागवार शपथ दिलायी। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी भोपाल  कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने नव निर्वाचित तीनों पदाधिकारियों को सर्टिफ़िकेट प्रदान किया। राजभवन के सांदीपनि सभागार में आयोजित समारोह में आयुक्त लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण डॉ. तरुण राठी भी मौजूद थे।

    राज्यपाल  पटेल का कार्यक्रम के प्रारंभ में रेडक्रॉस के जनरल सेक्रटरी  रामेंद्र सिंह ने तुलसी का पौधा भेंट कर स्वागत किया। पूर्व चेयरमैन डॉ. गगन कोल्हे ने शॉल भेंट किया। आयुक्त स्वास्थ्य डॉ. राठी ने स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। जनरल सेक्रेटरी  रामेंद्र सिंह ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर सचिव  उमाशंकर भार्गव, रेडक्रास की प्रदेश शाखा के पदाधिकारी और जिलों के रेडक्रास समिति के सदस्य मौजूद थे।

     

  • मंत्री सारंग की चेतावनी: दरिंदों को कहीं भी पनाह नहीं—मध्य प्रदेश में अपराधियों पर सख्त कार्रवाई तय

    भोपाल
     मध्य प्रदेश के रायसेन में 6 साल की बच्ची से रेप आरोपी सलमान के शॉर्ट एनकाउंटर पर मंत्री विश्वास सारंग ने तीखी प्रतिक्रिय दी है। सांरग ने कहा है कि  हमने पहले भी कहा था कि दरिंदा कहीं भी होगा उसे छोड़ा नहीं जाएगा…

    उसने भागने की कोशिश की है तो पुलिस ने उसका शॉर्ट एनकाउंटर किया है…ऐसे दरिंदो को बख्शा नहीं जाएगा…ये सुनिश्चित है ऐसी हरकते करने वाले मध्यप्रदेश में नहीं रहेंगे…सारंग ने कहा कि  कानून सख़्त कार्रवाई करेगा। ऐसा काम करने वालों के लिए ऐसी नजीर पेश होगी कि कोई इस तरह की हिमाकत नहीं कर पाएगा।

     

  • महू में बड़ा लूटकांड: बाइक सवार बदमाश 10 लाख लेकर फरार

    महू
    महू कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत शुक्रवार को दिन दहाड़े लूट का मामला सामने आया है। शहर के ड्रीमलैंड चौराहे पर स्थित निजी बैंक के बाहर कुछ अज्ञात बदमाश शराब दुकान के कर्मचारी से 10 लाख रुपये का बैग छीनकर फरार हो गए। हालांकि इस घटना में पुलिस को संदिग्धता की आशंका है।

    जानकारी के अनुसार शराब कर्मचारी हर्षित, गौरव और रौनक तीनों मानपुर निवासी शुक्रवार दोपहर रुपये निकालने के लिए बैंक में गए थे। तीनों ने बैंक से 10 लाख रुपये निकाले तभी दो बाइक सवार आए और उनके साथ ही रुपयों से भरा बैग छीन कर फरार हो गए।
     
    घटना के बाद कर्मचारियों ने इसकी जानकारी अपने ठेकेदार बद्री फौजी को दी। जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी राहुल शर्मा मौके पर पहुंचे। वहीं कुछ देर में एडिशनल एसपी रूपेश द्विवेदी भी घटनास्थल पर पहुंचे और मुआयना किया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं घटना में संदिग्धता की भी आशंका जताई है।

  • छात्र को पेड़ पर लटकाने का मामला: एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट का मेन गेट तोड़ा, SDM बोली —‘आग लगा दो’

    सूरजपुर

    जिले के रामानुजनगर के प्राइवेट स्कूल में केजी-टू के छात्र को होमवर्क नहीं करने पर पेड़ से लटकाने और मसिरा हाईस्कूल के छात्रों के पांच मिनट देर में आने से बेग फेंकने के मामले में आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने हल्ला बोला। जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन देने पहुंचे कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के जबरन अंदर घुसने के दौरान कलेक्टर के मेन गेट को तोड़ डाला। वहीं गेट के सामने बैठ कर डीईओ के खिलाफ नारेबाजी कर जिला शिक्षा अधिकारी को बाहर बुलाने की मांग कर रहे। स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया है।

    कलेक्टर कार्यालय का मेन गेट तोड़ने की जानकारी मिलने के बाद गुस्साए एसडीएम शिवानी जायसवाल मौके पर पहुंची और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं पर भड़कते हुए कहा, आग लगा दो। कार्यकर्ताओं को समझाइश देते हुए एसडीएम ने कहा, विरोध करने का भी तरीका होता है। शांति से भी किसी अपनी बात को कह सकते हैं।

    स्कूल की मान्यता बरकरार रखने पालकों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
    इधर मासूम को पेड़ से लटकाने के मामले में परिजन और बच्चे भी कांग्रेस नेत्री शशि सिंह की अगुवाई में कलेक्टर ऑफिस पहुंचे और कलेक्टर से मिलकर ज्ञापन सौंपा। पालकों ने बच्चों के भविष्य का हवाला देते हुए स्कूल की मान्यता को बरकरार रखने की मांग की।

    हाईकोर्ट ने स्कूल शिक्षा सचिव से मांगा है जवाब
    बता दें कि  होमवर्क नहीं करने पर नर्सरी के छात्र को टीचर ने रस्सी के सहारे पेड़ पर लटका दिया था, जिसका वीडियो खूब वायरल हुआ था। यह मामला रामानुजनगर ब्लाक मुख्यालय क्षेत्र के नारायणपुर के हंसवानी विद्या मंदिर का है। इस मामले में हाईकोर्ट ने भी संज्ञान लेकर मामले को काफी गंभीर माना और सचिव स्कूल शिक्षा विभाग से शपथ पत्र में जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 9 दिसंबर को तय की गई है।

    शिक्षिका बर्खास्त, स्कूल की मान्यता खत्म करने दी गई है नोटिस
    मामले को लेकर कोर्ट ने कहा था कि शिक्षा के नाम पर बच्चों के साथ क्रूरता और निजी स्कूलों में अव्यवस्था असहनीय है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। शासन को इसे गंभीरता से लेना होगा। हालांकि शिक्षा विभाग की ओर से जानकारी दी गई है कि मामले में शिक्षिका को बर्खास्त कर दिया गया है और स्कूल की मान्यता समाप्त करने की नोटिस दी गई है।

  • मुख्य सचिव की अध्यक्षता में नई राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी गठित

    मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी का गठन

    भोपाल 

         प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश की तीन नदी परियोजनाओं के कमांड क्षेत्र विकास आधुनिकीकरण के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी का गठन किया गया है।

        सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेशानुसार कृषि उत्पादन आयुक्त, अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास, वित्त, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, वन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, प्रमुख अभियंता, जल संसाधन,  अभियांत्रिकी नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, आयुक्तकमाण्ड क्षेत्र विकासभोपाल, मुख्य अभियंता, केन्द्रीय जल आयोग, भोपाल और मुख्य अभियंता (बोधी), जल संसाधन, भोपाल समिति में सदस्य होंगे। सचिव, जल संसाधन, को सदस्य सचिव बनाया गया है।

         कमाण्ड क्षेत्र विकास का आधुनिकीकरण (MCAD) के लिए आयुक्त (केड) जल संसाधन विभाग नोडल अधिकारी होंगे। गाइडलाइन के अनुसार राज्य स्तरीय स्टियरिंग कमेटी (SLSC) योजना के समुचित प्रबंधन एवं समन्वय के लिए उत्तरदायी रहेगी।

    समिति ये कार्य करेगी

         राज्य स्तरीय वार्षिक कार्य योजना अनुमोदित करना और उसके क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा करना। कार्यक्रम के क्रियान्वयन की स्थिति तथा वार्षिक प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करना और कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए मार्गदर्शन/निर्देश देने का कार्य समिति करेगी। 

  • केंद्रीय मंत्री की दक्षिणा की मांग पर कथा स्थल पर महाराजों ने कहा–यह आदेश मान्य होगा

    शिवपुरी
    'महाराज' के सामने जब 'महाराज' पहुंचे तो धीरेंद्र शास्त्री ने दक्षिणा में कुछ ऐसा मांग की लिया कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को कहना पड़ा कि यह इनका निवेदन नहीं आदेश है, जिसे पूरा करना ही पड़ेगा। मध्य प्रदेश के शिवपुरी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के मंच पर यह दृश्य देखने को मिला जब कथा सुना रहे धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सिंधिया से 108 फीट ऊंची 'शिव प्रतिमा' की मांग रखी थी।

    दरअसल शिवपुरी में धीरेंद्र शास्त्री द्वारा भागवत कथा की जा रही है। इसी दौरान इस भागवत कथा में दर्शन के लिए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पहुंचे थे। जब वे मंच पर दर्शन करने पहुंचे तो शास्त्री ने सिंधिया से दक्षिणा में 108 फीट की विशाल 'शिव मूर्ति' की मांग करते हुए इसे अपनी दक्षिणा बताया। उन्होंने यह भी कहा कि प्राण प्रतिष्ठा में हम कथा सेवा करेंगे। दरअसल, दोपहर में दिव्य दरबार शुरू करने से पहले धीरेंद्र शास्त्री ने शिवपुरी में भगवान शिव की 108 फीट की बड़ी मूर्ति स्थापित करने की इच्छा व्यक्त की। फिर शाम को कथा में केंद्रीय मंत्री सिंधिया पहुंचे तो उन्होंने अपनी इच्छा जाहिर कर दी। उन्होंने कथा मंच से ऐलान किया कि पंडित धीरेंद्र शास्त्री के निवेदन नहीं, आदेश का सत-प्रतिशत पालन होगा।

    108 फीट की शिव प्रतिमा पर्वत पर स्थापित होगी

    दिव्य दरबार के दौरान पं. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि शिवपुरी का मतलब 'शिव की नगरी' है, इसलिए यहां बहुत बड़ी शिव जी की मूर्ति होनी चाहिए। सुझाव दिया कि यह मूर्ति 108 फीट की होनी चाहिए, जिसे किसी पर्वत के ऊपर स्थापित किया जाए। उस पर्वत का नाम 'कैलाश पर्वत' रखा जाए। वहां पर पूरा आध्यात्मिक केंद्र विकसित कर द्वादश ज्योतिर्लिंग भी स्थापित किए जाएं। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और यह एक दर्शनीय स्थल बनेगा। शिवपुरी का नाम भी अर्थात 'यथा नाम तथा गुण' भी सार्थक हो जाएगा जाएगा। उन्होंने कहा कि फिर शिवपुरी को शिव जी की विशाल मूर्ति से भी जाना जाएगा। पूरे सावन महीने में अगल-बगल के जिलों से उस मंदिर में कावड़ यात्रा आएगी, जिससे शिवपुरी महादेव की नगरी हो जाएगी और हर हर महादेव के नारे से गुंजायमान हो जाएगी।

    शिवपुरी अच्छी लगने लगी है

    उन्होंने कहा कि अब उन्हें शिवपुरी अच्छी लगने लगी है और उन्हें तब तक शिवपुरी आना चाहिए जब तक कि शिवपुरी भगवामय (भगवा रंग में रंगी हुई) या राममय न हो जाए। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कथा के आखिरी दिन, 30 दिसंबर को फिर से दिव्य दरबार की घोषणा की है।

    दिव्य दरबार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी

    दिव्य दरबार के चलते  श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। शिवपुरी के अलावा दूसरे पड़ोसी जिलों से भी लोग भारी संख्या में पहुंचे। कथा स्थल आस्था का संगम नजर आया। कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की कथा सुनाई गई व जन्माष्टमी की जीवंत झांकी का दर्शन हुआ।

  • सिवनी हवाला लूट में CSP के फोन ने खोला राज, जीजा से लगातार कॉल और मैसेज में सलाह

     सिवनी

    मध्य प्रदेश सिवनी हवाला लूट कांड में CSP पूजा पांडेय के फोन से चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. पूजा पांडेय के मोबाइल की फोरेंसिक रिपोर्ट से पता चला कि 8 अक्टूबर कि रात 11:14 बजे डीएसपी पंकज मिश्रा से हवाला रकम ले जाए जाने की जानकारी मिली और इसके ठीक 3 मिनट बाद 11:17 बजे पूजा ने अपने जीजा वीरेंद्र दीक्षित से फोन पर बात की.

    8 अक्टूबर की रात से अगले 24 घंटे के दौरान पूजा पांडेय ने अपने जीजा से कुल 53 बार बात की, जिसमें 10 बार घटना के पहले और 43 बार घटना के बाद बात हुई.

    इसके साथ ही पूजा पांडेय के मोबाइल से चैट भी रिकवर हुई, जिसमें साली और जीजा वीरेंद्र दीक्षित के बीच की बातचीत शामिल है. रात 02:02 से लेकर सुबह 04:03 बजे तक के 4 मैसेज हैं, जीजा वीरेंद्र दीक्षित ने पूजा पांडेय को लिखा, "30-70 में नहीं मानना, वो लोग मान जाएंगे और जल्दी करो थोड़ा जल्दबाजी दिखाओगे तो काम हो जाएगा."

    इसके साथ ही जीजा ने घटना के बाद 9 अक्टूबर को पूजा पांडेय के साथ वारदात में शामिल तीन पुलिसवालों से भी 9 बार फ़ोन पर बात की.

    फोरेंसिक रिपोर्ट में जबलपुर के खिलौना कारोबारी पंजू गोस्वामी और क्राइम के आरक्षक प्रमोद सोनी के बीच भी वारदात के दौरान 25 बार फ़ोन पर बात हुई. इसी दौरान पंजू गोस्वामी, प्रमोद सोनी और डीएसपी पंकज मिश्रा के बीच कांफ्रेंस कॉल पर भी बात हुई.

    गौरतलब है कि 8 और 9 अक्टूबर की दरमियानी रात जबलपुर क्राइम ब्रांच के आरक्षक प्रमोद सोनी को जबलपुर के खिलौना कारोबारी पंजू गोस्वामी ने 2 करोड़ 96 लाख रुपये की हवाला रकम सिवनी के रास्ते नागपुर ले जाने की खबर दी थी.

    प्रमोद सोनी ने ये खबर बालाघाट हॉक फोर्स में डीएसपी पंकज मिश्रा को दी और पंकज मिश्रा ने सीएसपी पूजा पांडेय को इस बारे में जानकारी दी.

    पूजा पांडेय पर 10 पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर 1.47 करोड़ की लूट का आरोप है. इस मामले में पूजा समेत 11 पुलिसकर्मी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. 18 नवंबर को डीएसपी पंकज मिश्रा, आरक्षक प्रमोद सोनी, पंजू गोस्वामी और वीरेंद्र दीक्षित को भी गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया.

    पंजू गोस्वामी और वीरेंद्र दीक्षित की जमानत पर बहस के दौरान अपर लोक अभियोजक नेतराम चौरसिया ने पूजा पांडेय और दूसरे आरोपियों के फ़ोन की फॉरेंसिक रिपोर्ट से मिले तथ्यों की दलील दी, जिसके बाद 25 नवंबर को दोनों की जमानत अर्जीकोर्ट ने खारिज कर दी.

  • RPF की नाक के नीचे अवैध वेंडर्स सक्रिय, कमर्शियल विभाग ने 29 पर कसा शिकंजा

    बिलासपुर

    बिलासपुर रेलवे स्टेशन में जहां 24 घंटे आरपीएफ कथित रूप से मुस्तैद रहती है, जोन ऑफिस होने के कारण आईजी, डीआईजी और कमांडेंट आना-जाना करते है वहां बड़ी संख्या में अवैध वेंडर्स बेखौफ होकर या यू कहें कि आरपीएफ की संरक्षण में निडर होकर चल रहे है, यही कारण है कि जिस रेलवे स्टेशन में आरपीएफ को अवैध वेंडर्स नजर नहीं आते उस समय कमर्शियल विभाग ने वहां 29 अवैध वेंडरों को पकड़कर कार्रवाई की.

     बिलासपुर रेलवे स्टेशन में अवैध वेडिंग रुकने का नाम नहीं ले रही है. प्लेटफॉर्म पर ट्रेन रुकते ही बिना लाइसेंस वाले वेंडर कोच में चढ़कर खाद्य सामग्री बेचने लगते हैं, जबकि स्टॉल के वेंडर प्लेटफॉर्म पर ही घूमते रह जाते हैं. यह स्थिति रोज की हो गई है. स्टॉल संचालकों की शिकायत पर भी कोई सुनवाई नहीं होती. अवैध वेंडरों की वजह से यात्रियों की सुरक्षा तक खतरे में पड़ गई है.

    इसे देखते हुए गुरुवार को बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर अनधिकृत वेंडरों पर अंकुश लगाने के लिए मंडल वाणिज्य प्रबंधक एस. भारतीयन के नेतृत्व में वाणिज्य निरीक्षक, वाणिज्य पर्यवेक्षक और टीम ने औचक खानपान जांच अभियान चलाया. इसमें 29 अनधिकृत वेंडर्स को पकड़ा गया और उन पर 80,460 रुपए का जुर्माना लगाकर दंडात्मक कार्रवाई की गई. वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अनुराग कुमार सिंह ने कहा कि बिलासपुर मंडल यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए नियमित रूप से निगरानी अभियान चलाता रहेगा. अनियमितता और अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

     

  • मुख्यमंत्री साय से बिहार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने की सौजन्य मुलाकात

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में बिहार के पथ निर्माण मंत्री श्री नितिन नवीन ने सौजन्य मुलाकात की।

    मुख्यमंत्री  साय ने नितिन नवीन का आत्मीय स्वागत किया तथा उन्हें शॉल एवं प्रतीक चिन्ह नन्दी भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर विधायक किरण देव एवं छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह उपस्थित थे।

  • उपद्रवी बयान के मामले में कार्रवाई तेज, नावेद को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया

    रायसेन
     रायसेन के गौहरगंज क्षेत्र में 6 साल की मासूम बच्ची के साथ हुई हैवानियत ने पूरे मध्यप्रदेश झकजोर कर रख दिया है। लोग घटना को लेकर आक्रोशित है। इसी बीच इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। इसी बीच पुलिस ने मंस्जिद के अंदर धमकी देने वाले शख्स नावेद को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। नावेद आंदोलन के दौरान मस्जिद के अंदर धमकी दे रहा था की आधा घंटा हमें बाहर निकाल दो हम हिंदुओं का गला काट देंगे। जिसको लेकर पुलिस ने खुद फरियादी बनकर आरोपी नावेद को जेल भेज दिया।

    रायसेन में 6 वर्षीय बच्ची के साथ हैवानियत करने का मामला लगातार तूल पकड़ते जा रहा है। 26 नवंबर को हिंदू संगठन के लोगों ने गोहरगंज में जन आक्रोश प्रदर्शन का आयोजन किया था। वहीं कुछ शरारती लोगों ने आंदोलन के दौरान पुलिस पर पत्थर बाजी की और पुलिस ने लाठी चार्ज कर पत्थर फेंकने वालों को खदेड़ा। वही मस्जिद के अंदर का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। 

    जहां नावेद खान पुलिस के सामने कहते दिखाई दे रहा है कि आधे घंटे के लिए हमें छोड़ दो हम सब हिंदुओं का गला काटकर चौराह खाली करवा देंगे। वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पुलिस हरकत में आई और आरोपी को तत्काल गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया। जानकारी के अनुसार यह वही आरोपी नावेद है जो कुछ वर्षों पहले हत्या के मामले में जेल भी जा चुका है। वहीं पुलिस का कहना है कि इस तरह अगर कोई भड़काऊ बात करेगा तो पुलिस सख्त से सख्त कार्रवाई करेगी।

  • किसानों के लिए जानकारी: सोयाबीन का भावांतर मॉडल रेट 4260 रुपये

    भावांतर योजना में सोयाबीन का मॉडल रेट 4260 रुपए जारी

    भोपाल 

    भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत  सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए 28 नवंबर को 4260 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। मॉडल रेट और न्यूनतम समर्थन मूल्य के भावांतर की राशि राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है।

    सोयाबीन का पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए, 12 नवंबर को 4077 रुपए, 13 नवंबर को 4130 रुपए, 14 नवंबर को 4184 रुपए, 15 नवंबर को 4225 रुपए, 16 नवंबर को 4234 रुपए, 17 नवंबर को 4236 रुपए, 18 नवंबर को 4255 रुपए, 19 नवंबर को 4263 रुपए, 20 नवंबर को 4267 रुपए, 21 नवंबर को 4271 रुपए और 22 नवंबर को 4285 रुपए, 23, 24 नवंबर को 4282 रुपए, 25 नवंबर को 4277 रुपए, 26 नवंबर को 4265 और 27 नवंबर को 4252 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी हुआ था। राज्य सरकार की गारंटी है कि किसानों को हर हाल में सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य की 5328 रुपए  प्रति क्विंटल की राशि मिलेगी।

     

  • MP विधायकों को मिलेगा 60 हजार की बढ़ोतरी, वेतन-भत्ते का प्रस्ताव पेश होगा

     भोपाल 

    मध्यप्रदेश विधायकों के वेतन भत्ते बढ़ेंगे। वर्तमान में विधायकों को 1 लाख 10 हजार रुपए मिलते हैं। अब 50 हजार बढ़ाकर देने की तैयारी है। यानी अब 1 लाख 60 हजार रुपए मिलेंगे। सीएम मोहन यादव ने सहमति दे दी है। संभावना है की 2 दिसंबर की कैबिनेट में मंजूरी के बाद 4 दिसंबर को विधानसभा में विधायकों के वेतन भत्ते बढ़ाने की मंजूरी दे दी जाए। 

    संसदीय कार्य विभाग ने गुरुवार को इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसे सैद्धांतिक सहमति के लिए मुख्यमंत्री के पास भेजा जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि माननीयों के वेतन-भत्तों में बढ़ोत्तरी से संबंधित विधेयक 1 दिसंबर से शुरू हो रहे विधानसभा के शीतकालीन सत्र में लाया जाए। बता दें कि मध्य प्रदेश में 9 साल बाद विधायक और मंत्रियों के वेतन में बढ़ोतरी होगी। पड़ोसी राज्य राजस्थान और छत्तीसगढ़ पहले ही माननीयों के वेतन में बढ़ोतरी कर चुके हैं।

    विधायकों का बढ़ेगा वेतनभत्ता

    विधायकों की वर्तमान सैलरी में मूल सैलरी 30 हजार है। निर्वाचन भत्ता 35 हजार, चिकित्सा भत्ता 10 हजार है। अर्दली भत्ता 10 हजार, टेलीफोन खर्च 10 हजार है। किताब, पत्रिका और अन्य सामग्री के लिए 15 हजार मिलते हैं। यानी कुल मिलाकर विधायकों को 1 लाख 10 हजार रुपए मिलते हैं। 50 हजार रुपए बढ़ाने के बाद 1 लाख 60 हजार हो जाएंगे। पूर्व विधायकों और जिन विधायकों का निधन हो गया है उनकी पत्नी को मिलने वाली कुटुंब पेंशन भी 35 हजार से बढ़ाकर 60 हजार की जा रही है।

    विधानसभा में अध्यक्ष ने की थी घोषणा दरअसल, इसी साल बजट सत्र के दौरान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार व अन्य विधायकों ने सदन में वेतन-भत्ते बढ़ाने की मांग की थी। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने आसंदी से कहा कि यदि सरकार विधायकों के वेतन भत्ते बढ़ाने पर विचार करने के लिए समिति का गठन करें तो विधानसभा अपनी सिफारिश भेज सकती है।

    इस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सहमति जताई। इसके बाद 27 अक्टूबर को तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया। इस कमेटी में डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के अलावा बीजेपी विधायक अजय विश्नोई और खरगोन जिले के कसरावद से विधायक सचिन यादव को सदस्य के रूप में शामिल किया गया। संसदीय कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन को सदस्य सचिव बनाया गया।

    कमेटी ने अपना प्रस्ताव भेजा कमेटी ने दो दौर की चर्चा कर वेतन, भत्ते और पेंशन में बढ़ोतरी संबंधी प्रस्ताव तैयार कर अपनी सिफारिश राज्य शासन को भेजी। इसमें पूर्व विधायकों की पेंशन राशि में वृद्धि का प्रस्ताव भी शामिल किया गया था, लेकिन सरकार की तरफ से कहा गया कि इसमें मुख्यमंत्री, मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष के वेतन-भत्ते बढ़ाने पर भी विचार किया जाए, इसके बाद नए सिरे से कमेटी ने प्रस्ताव तैयार किया।

    सैलरी का फैसला शीतकालीन सत्र में

    विधायकों की सैलरी, पेंशन और सुविधाओं को बढ़ाने के लिए खास कमेटी बनाई गई थी। इसे एक टारगेट दिया गया है। इस कमेटी को कहा गया है कि वह 30 नवंबर तक अपनी पूरी रिपोर्ट तैयार करके सरकार को सौंप दे।

    ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि 1 दिसंबर से शुरू होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र में फैसले पर अंतिम मुहर लगाई जा सके।

    मुख्यमंत्री ने विधानसभा में भरोसा दिलाया था कि विधायकों के वेतन-भत्तों में बढ़ोतरी की जाएगी। अब कमेटी की रिपोर्ट मिलते ही, विधानसभा के सत्र में इस वादे को पूरा करने का मौका मिलेगा। यानी, दिसंबर महीने में ही जनप्रतिनिधियों के लिए यह बड़ी खुशखबरी आ सकती है। 

    विधायकों का बीमा कराने पर फैसला नहीं हुआ समिति के सामने यह प्रस्ताव भी आया था कि विधायकों का 10 लाख रुपए तक का बीमा कराया जाए, लेकिन इस पर अंतिम फैसला नहीं हो पाया। समिति के सामने विधायकों के परिवार के सदस्यों के इलाज के खर्च पर विचार विमर्श किया गया। इस पर भी सहमति नहीं बन पाई। सरकार ने बीमा कराने के प्रस्ताव पर सहमति नहीं दी, क्योंकि विधायकों के इलाज का पूरा खर्च सरकार के खजाने से ही होता है।

    पूर्व विधायकों की पेंशन में हो सकता है 66 फीसदी का इजाफा मंत्रालय सूत्रों ने बताया कि पूर्व विधायकों की पेंशन में 66 फीसदी का इजाफा हो सकता है। वर्तमान में पूर्व विधायकों को 20 हजार रुपए पेंशन और 15 हजार रुपए चिकित्सीय सहायता मिलाकर 35 हजार रुपए मिलते हैं। अब इसमें 23 हजार रुपए का इजाफा कर 58 हजार रुपए किया जा रहा है।

    विधानसभा अध्यक्ष की सैलरी में 27 फीसदी का इजाफा विधायक और पूर्व विधायकों के साथ विधानसभा अध्यक्ष की सैलरी में भी इजाफा करने पर सहमति बनी है। विधानसभा में चुनकर आए वरिष्ठ विधायक को ही सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना जाता है। उसे हर महीने 47 हजार रुपए वेतन, 48 हजार रुपए सत्कार भत्ता, 45 हजार रुपए निर्वाचन क्षेत्र भत्ता के साथ हर दिन 1500 रुपए दैनिक भत्ता भी दिया जाता है।

    इस तरह से विधानसभा अध्यक्ष को वेतन और भत्ते के रूप में कुल 1 लाख 85 हजार रुपए महीना मिलता है। अब इसमें 27 फीसदी का इजाफा करते हुए ये राशि 2 लाख 35 हजार रुपए करने का प्रस्ताव है। वहीं विधानसभा उपाध्यक्ष को फिलहाल 45 हजार रुपए महीना वेतन, 45 हजार रुपए महीने सत्कार भत्ता, 35 हजार महीने निर्वाचन क्षेत्र भत्ता और 1500 रुपए हर दिन दैनिक भत्ता मिलता है।

    इस तरह से 1 लाख 70 हजार रुपए महीना मिलता है। अब इसमें 18 फीसदी की बढ़ोतरी कर 2 लाख किए जाने का प्रस्ताव है।

    नेता प्रतिपक्ष का वेतन- भत्ता 2.20 लाख करने का प्रस्ताव नेता प्रतिपक्ष को हर महीने 45 हजार रुपए वेतन, 45 हजार रुपए सत्कार भत्ता, 35 हजार निर्वाचन क्षेत्र भत्ता, डेढ़ हजार रुपए प्रतिदिन दैनिक भत्ता दिया जाता है। इस प्रकार हर महीने 1 लाख 70 हजार रुपए मिलते है। अब इसमें 29 फीसदी की बढ़ोतरी करते हुए ये 2 लाख 20 हजार रुपए किए जाने का प्रस्ताव है।

    अब जानिए किसका कितना वेतन बढ़ेगा

    विधायकों के वेतन में 54 फीसदी की बढ़ोतरी संभावित आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, विधायकों के वेतन में करीब 60 हजार रुपए की वृद्धि की जा सकती है। यह वर्तमान वेतन की करीब 54 प्रतिशत होगी। इस तरह विधायकों का वेतन बढ़कर 1 लाख 70 हजार रुपए हो जाएगा। इससे पहले वर्ष 2016 में प्रदेश के विधायकों के वेतन, भत्तों में वृद्धि की गई थी। MP में विधायकों का कुल वेतन एक लाख 10 हजार रुपए है। इसमें 30 हजार रुपए बेसिक सैलरी और 80 हजार रुपए मासिक भत्तों के रूप में मिलते हैं।

    विधायकों का सबसे ज्यादा 2.88 लाख वेतन झारखंड में झारखंड में विधायकों को पूरे देश में सबसे ज्यादा वेतन मिलता है। झारखंड के विधायकों का कुल वेतन 2.88 लाख रुपए है। इसके बाद विधायकों को सबसे ज्यादा वेतन देने वाला दूसरा राज्य महाराष्ट्र है। महाराष्ट्र में विधायकों को हर माह 2.60 लाख रुपए वेतन मिलता है। इस सूची में तीसरे नंबर पर तेलंगाना आता है। तेलंगाना के विधायकों का वेतन 2.50 लाख रुपए है। नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों में विधायकों का वेतन सबसे कम है।

  • जन वितरण प्रणाली अंतर्गत दिसंबर के लिए खाद्यान्न की आपूर्ति

    भोपाल

        राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अनुसार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली से माह दिसम्बर में वितरण के लिये खाद्यान्न, फोर्टिफाइड नमक और शक्कर का आवंटन जारी कर दिया गया है।

    जारी आवंटन में गेहूं 18 लाख 14 हजार 464 क्विंटल, फोर्टिफाइड चावल 6 लाख 2 हजार 957 क्विंटल, शक्कर 11 हजार 966 क्विंटल, डबल फोर्टिफाइड नमक 26 हजार 881 क्विंटल और नमक 76 हजार 731 क्विंटल जिलों को आवंटित किया गया है। उचित मूल्य दुकानवार/जिलेवारआवंटन ehttp://epos.mp.gov.inpos.mp.gov.in पर अलॉटमेंट लिंक पर प्रदर्शित है।