• डीजी-आईजी कॉन्फ्रेंस दौरान नक्सल संगठन ने आत्मसमर्पण की तारीख घोषित की

    राजनांदगांव

    नवा रायपुर में आज से शुरू हुए डीजीपी-आईजी कांफ्रेंस के बीच एक महत्वपूर्ण घटना घटित हुई है. सीपीआई-एम महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ जोन ओर से छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्रियों के नाम पत्र जारी कर एक जनवरी 2026 को सामूहिक आत्मसमर्पण की घोषणा की है, लेकिन इसके पहले न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश की मुख्यमंत्रियों से नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को रोकने की मांग की है.

    सीपीआई-एम महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ जोन के प्रवक्ता अनंत ने छत्तीसगढ़ के अलावा महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्रियों के नाम से पत्र जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि नए वर्ष की पहली तारीख को कमेटी के सभी साथी एक साथ सरेंडर कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हो जाएंगे. लेकिन इसके एक महीने पहले तीनों राज्यों की सरकारों से अनुरोध किया गया है कि वे संयम बरतते हुए उक्त तारीख तक सुरक्षा बलों के अभियानों को पूरी तरह से रोक दें. जोन भर में कहीं भी गिरफ्तारी, मुठभेड़ ऐसी किसी भी अप्रिय घटना को सुरक्षाबल अंजाम ना दें.

    अनंत ने कहा कि महीनेभर के दौरान हम जोनभर में बिखरे हमारे तमाम साथियों से संपर्क स्थापित करने की कोशिश करेंगे. सुरक्षा बलों के अभियान के जारी रहने से इसमें व्यवधान उत्पन्न होगा और फलस्वरूप प्रयास में ते नहीं ला पाएंगे. हम टुकड़ों-टुकड़ों में हथियार छोड़कर आने के बजाय एकसाथ या फिर कहे, एक बड़ी तादाद में सरकार के पुनर्वास योजना को स्वीकार करके मुख्यधारा में आना पसंद करेंगे.

    संगठन ने छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा द्वारा आत्मसमर्पण के लिए तय 10 से 15 दिन के समय को नाकाफी बताया. वहीं गृह मंत्री के बयान के आधार पर आत्मसमर्पण से पहले मंत्री के बयान के अनुरूप सरकार के सामने ठोस प्रस्ताव रखने की बात भी कही. इसके साथ स्पष्ट किया कि मुख्यधारा में शामिल होने के ठीक पहले जो प्रेस विज्ञप्ति जारी करेंगे, उसमें रखेंगे या फिर पुनर्वास के बाद रखेंगे.

    साथियों से चर्चा के लिए जारी की खुली फ्रिक्वेंसी…

    सीपीआई-एम महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ जोन के प्रवक्ता अनंत की ओर से जारी प्रेस नोट में साथियों के चर्चा के लिए खुली प्रिक्वेंसी 435.715 जारी की है. यह पहला मौका है जब नक्सलियों की ओर से सार्वजनिक रूप से फ्रीक्वेंसी नंबर जारी की गई है. अब देखना यह है कि इस पत्र छत्तीसगढ़ सहित महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश सरकार की क्या प्रतिक्रिया आती है.

  • भाजपा विधायक की दो टूक चेतावनी: सलमान को फांसी, अन्य अपराधियों के लिए सबक

    भोपाल
     रायसेन रेप केस के आरोपी सलमान के शॉर्ट एनकाउंटर के बाद विधायक रामेश्वर शर्मा ने कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मैंने पहले ही कहा था कि अपराधी जमीन में छुपा हो या आसमान में, उसे ढूंढ लिया जाएगा।

    विधायक ने आगे कहा कि आरोपी सलमान ने मासूम बेटी के साथ जो घिनौना दुराचार किया है, उसके लिए उसे फांसी की सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद हिंदू समाज में भारी आक्रोश है और सभी न्यायालय से मांग कर रहे हैं कि दरिंदे सलमान को कठोरतम सजा दी जाए।रामेश्वर शर्मा ने कहा, “ऐसे अपराधियों को सार्वजनिक रूप से सख्त सजा दी जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसा कृत्य करने से पहले सौ बार सोचें। 

    मध्य प्रदेश के रायसेन में 6 साल की बच्ची से रेप करने का आरोपी सलमान गुरुवार देर रात शॉर्ट एनकाउंटर में घायल हो गया। पुलिस जब उसे गौहरगंज ले जा रही थी, तभी उसने भागने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस को उसे पैर में गोली मारना पड़ी। 

    सलमान पर आरोप है कि 21 नवंबर को वह बच्ची को चॉकलेट का लालच देकर जंगल में ले गया। वहां उसके साथ रेप कर फरार हो गया। इलाके में तब से ही घटना के विरोध में धरना-प्रदर्शन चल रहा था। लोग आरोपी के एनकाउंटर की मांग कर रहे हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे के मुताबिक,

    खरपुसे ने बताया, घटना रात करीब 3-4 बजे के बीच की है। आरोपी को गाड़ी में लेकर जा रहे थे। रास्ते में कील के कारण गाड़ी पंक्चर हो गई। बैकअप में एक और गाड़ी थी। उसे दूसरी गाड़ी में शिफ्ट करना था। उसी दौरान आरोपी ने सुल्तानगंज के थाना प्रभारी श्याम राज की पिस्टल को निकाल लिया। उनके ऊपर पिस्टल चलाने की कोशिश की।

    उन्होंने अपने बचाव में आरोपी का हाथ पकड़कर पिस्टल ऊपर कर दी। इस दौरान दो फायर हुए। इसके बाद दूसरी टीम ने क्रॉस फायरिंग कर उसे पकड़ा। वह भागने का प्रयास कर रहा था। उसे पैर में गोली लगी है। वहीं थाना प्रभारी को भी चोट आई है। उनका बैच गिर गया।

    घटना के बाद भोपाल फॉरेंसिक साइंस लैब के इंचार्ज डॉक्टर एके बड़ोने ने अपनी टीम के साथ मौके का मुआयना किया। उन्होंने बताया कि पुलिस के साथ जो संघर्ष हुआ है। उसके साक्ष्य मिले हैं। इसका हम परीक्षण कर रिपोर्ट देंगे।

    6 दिन बाद भोपाल से पकड़ा गया आरोपी पुलिस ने घटना के 6 दिन बाद गुरुवार रात आरोपी सलमान को गांधी नगर इलाके में एक चाय की दुकान से हिरासत में लिया। इसके बाद उसे गौहरगंज पुलिस के हवाले किया गया। गौहरगंज पुलिस उसे लेकर रात में ही रवाना हो गई थी।

    पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह जंगलों के रास्ते पैदल ही भोपाल में दाखिल हुआ था और गांधीनगर इलाके में छिपा हुआ था। सलमान के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही जय मां भवानी हिंदू संगठन के कार्यकर्ता थाने पहुंचे थे, लेकिन उससे पहले ही आरोपी को गौहरगंज पुलिस को सौंपा जा चुका था।

    इसके अलावा रायसेन पुलिस ने एक एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर किसी धर्म, जाति या समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने वाली, भड़काऊ या हिंसा को उकसाने वाली सामग्री, पोस्ट साझा नहीं करने की चेतावनी दी।

    लंदन के बिजनेसमैन उठाएंगे बच्ची की पढ़ाई का पूरा जिम्मा वहीं बच्ची से रेप के आरोपी सलमान की गिरफ्तारी पर रायसेन जिले के सुल्तानपुर निवासी रविराज सिंह (रॉबी) ने एक लाख रुपए देने की घोषणा की थी। उन्होंने बच्ची की पढ़ाई का पूरा जिम्मा लेने की बात भी कही थी।  रविराज सिंह से बात की। वे मूलत: सुल्तानपुर के निवासी हैं। 16 साल से लंदन में बिजनेस कर रहे हैं।

    उन्होंने बताया- हाल ही में शॉर्ट ट्रिप पर देश लौटा हूं। लंदन से आने के बाद अमृतसर गया था। फिर सड़क मार्ग से सुल्तानपुर जाने लगा। पहले दिन जब मंडीदीप में जाम लगा, उसमें मैं 7 से 8 घंटे फंसा रहा। प्रदर्शनकारी जाम क्यों लगा रहे हैं? जब इसकी जानकारी ली तो घटना ने दिल हिलाकर रख दिया, तभी आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक लाख रुपए देने की घोषणा की थी।

    मैं अपनी बात पर कायम हूं। बच्ची की शिक्षा का भी पूरा जिम्मा उठाऊंगा। अभी परिजनों से संपर्क नहीं हो पाया है। चूंकि, मैं दिसंबर तक यहीं हूं, इसलिए परिजनों से जल्द मिलूंगा।

  • चार मौसम सिस्टम सक्रिय, अगले 2 दिन पड़ेगी उत्तर भारत में सर्दी की मार

    भोपाल
    उत्तर भारत के साथ मध्य भारत का मौसम लगातार बदल रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार देश के अलग-अलग हिस्सों में बने चार सिस्टम ग्वालियर-चंबल के मौसम को प्रभावित कर रहे हैं। इनमें सबसे प्रभावी सिस्टम जम्मू-कश्मीर में सक्रिय हुआ नया पश्चिमी विक्षोभ है। इसके साथ राजस्थान में बने चक्रवातीय घेरे का असर भी ग्वालियर तक पहुंच रहा है। 

    अगले 48 घंटे में कोहरा देगा दस्तक, बढ़ेगी ठंड

    अगले 48 घंटे में शहर में हल्के से मध्यम कोहरे की दस्तक होने की संभावना जताई है। इसके चलते रात के तापमान में से 1.5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज (cold wave) की जा सकती है। गुरुवार को शहर में न्यूनतम तापमान 10.3 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लेकिन अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान और नीचे आ सकता है, जिससे सर्दी का असर और तेज महसूस होगा।

    चार मौसम सिस्टम एक साथ सक्रिय

    मौसम विभाग के अनुसार इस समय देश में चार प्रमुख सिस्टम सक्रिय हैं, जो ग्वालियर के मौसम को भी प्रभावित कर रहे हैं। इसमें पहला अंडमान-निकोबार के पास कम दबाव का क्षेत्र, इससे दक्षिण-पूर्वी दिशा में हवाओं का दबाव बढ़ा है। दूसरा श्रीलंका के पास कम दबाव क्षेत्र, इससे दक्षिणी हवाओं की विशा बदल दी है, जिससे ठंडक में इजाफा हो रहा है। तीसरा जम्मू-कश्मीर में नया पश्चिमी विक्षोभ, उत्तर भारत में सक्रिय हुआ यह विक्षोभ पहाड़ी क्षेत्रों में बादल और बारिश की स्थिति बना सकता है, जिससे कोहरे की संभावना बढ़ गई है। चौथा राजस्थान में चक्रवातीय घेरा ये अरब सागर से नमी खींच रहा है, इससे कोहरे की परत बनेगी। 

  • राष्ट्रीय सुरक्षा पर मंथन: डीजी-आईजी कॉन्फ्रेंस में शाह और NSA डोभाल की उपस्थिति, कई राज्यों के डीजी जुटे

    रायपुर

    60वां अखिल भारतीय DGP-IG कॉन्फ्रेंस का आज दोपहर 2 बजे आगाज होगा. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे. इसमें शामिल होने के लिए एनएसए अजित डोभाल, बीएसएफ डीजी दलजीत सिंहचौधरी, आईटीबीपी डीजी प्रवीण कुमार, जम्मू-कश्मीर डीजी नलिन प्रभात और असम डीजी हरमीत सिंह आईआईएम रायपुर पहुंच चुके हैं.

    बीएसएफ के महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी, सीआईएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन, आईटीबीपी के महानिदेशक प्रवीण कुमार, एसएसबी के महानिदेशक संजय सिंघल, एनएसजी के महानिदेशक ब्रीघू श्रीनिवासन, असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा, आईबी के डायरेक्टर तपन कुमार डेका, बीपीआरडी के डीजी राजीव कुमार शर्मा, एनसीआरबी के निदेशक आलोक रंजन और एनडीआरएफ के डीजी पीयूष आनंद कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं.

    इसके अलावा गृह विभाग के सचिव, केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, राज्यों के गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के प्रमुख, केंद्रीय पुलिस संगठनों (CPOs) और इंटेलिजेंस के प्रमुख के भी पहुंचने का सिलसिला जारी है.

    सबसे पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह उद्घाटन भाषण देंगे. पहले दिन सम्मेलन का एजेंडा और मुख्य विषयों की रूपरेखा रखी जाएगी. आंतरिक सुरक्षा, खुफिया तंत्र और भविष्य की रणनीतियों पर उच्चस्तरीय चर्चा होगी. उद्घाटन के बाद प्रारंभिक चर्चाएं और पैनल-सत्र होंगी.

    ऐसे की गई है ठहरने की व्यवस्था

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एम-1 और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह एम-11 में ठहरेंगे। नए सर्किट हाउस में एनएसए अजीत डोभाल, डिप्टी एनएसए अनीश दयाल सिंह, आईबी चीफ तपन डेका, केंद्रीय गृह सचिव और दोनों केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के ठहरने की व्यवस्था की गई है। सर्किट हाउस में 6 सूइट और 22 कमरे बुक किए गए हैं। ठाकुर प्यारेलाल संस्थान में 140 कमरे और निमोरा अकादमी में 91 कमरे बुक हैं। इस कार्यक्रम में 33 राज्यों से आने वाले डीजीपी, पैरामिलिट्री फोर्स के 20 डीजी/एडीजी समेत 75 पुलिस अधिकारी ठहरेंगे।

    ADG और IG को सुरक्षा की जिम्मेदारी

    DGP-IG कॉन्फ्रेंस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सहित अन्य की जिम्मेदारी एडीजी दीपांशु काबरा, आईजी अमरेश मिश्रा को सौंपी गई है। वहीं राज्य पुलिस के साथ ही केंद्रीय फोर्स, इंटेलिजेंस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ कॉर्डिनेशन करेंगे। साथ ही पूरी व्यवस्था को संभालेंगे।

    विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक देंगे पीएम मोदी

    28 से 30 नवंबर तक भारतीय प्रबंधन संस्थान, रायपुर में आयोजित सम्मेलन का उद्देश्य अब तक प्रमुख पुलिस चुनौतियों से निपटने में हुई प्रगति की समीक्षा करना और ‘विकसित भारत’ के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप ‘सुरक्षित भारत’ के निर्माण के लिए एक दूरदर्शी रोडमैप की रूपरेखा तैयार करना है। ‘विकसित भारत: सुरक्षा आयाम’ विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में वामपंथी उग्रवाद, आतंकवाद निरोध, आपदा प्रबंधन, महिला सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था में फोरेंसिक विज्ञान एवं एआई के उपयोग जैसे प्रमुख सुरक्षा मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी। प्रधानमंत्री विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक भी प्रदान करेंगे।

    राष्ट्रीय सुरक्षा के विविध मुद्दों पर होगी चर्चा

    यह सम्मेलन देशभर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और सुरक्षा प्रशासकों को राष्ट्रीय सुरक्षा के विविध मुद्दों पर खुले और सार्थक विचार-विमर्श के लिए एक महत्वपूर्ण संवादात्मक मंच प्रदान करता है। यह पुलिस बलों के सामने आने वाली परिचालन, अवसंरचनात्मक और कल्याण संबंधी चुनौतियों पर चर्चा के साथ-साथ अपराध से निपटने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आंतरिक सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए पेशेवर प्रथाओं के निर्माण और साझाकरण को भी सुगम बनाता है।

    प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने इस वार्षिक सम्मेलन में निरंतर गहरी रुचि दिखाई है और स्पष्ट चर्चाओं को प्रोत्साहित किया है। उन्‍होंने एक ऐसा माहौल तैयार किया है, जहां पुलिस व्यवस्था पर नए विचार उभर सकें। व्यावसायिक सत्र, विस्तृत बातचीत और विषयगत चर्चाएं प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण आंतरिक सुरक्षा और नीतिगत मामलों पर सीधे प्रधानमंत्री के साथ अपने विचार साझा करने का अवसर प्रदान करती हैं।

    2014 से प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में हो रहा सम्मेलन

    वर्ष 2014 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में इस सम्मेलन के स्वरूप में निरंतर सुधार हुआ है, जिसमें देश भर के विभिन्न स्थानों पर इसका आयोजन भी शामिल है। यह सम्मेलन गुवाहाटी-असम, कच्छ के रण-गुजरात, हैदराबाद-तेलंगाना, टेकनपुर-ग्वालियर-मध्य प्रदेश, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (केवड़िया-गुजरात), पुणे-महाराष्ट्र, लखनऊ-उत्तर प्रदेश, नई दिल्ली, जयपुर-राजस्थान और भुवनेश्वर-ओडिशा में आयोजित किया जा चुका है।

  • चार दिन में 90 सत्रों के साथ शुरू होगा ‘विश्व रंग’, रंगों और महक से भर जाएगा आयोजन

    संस्कृति की रंगो-महक से फिर गुलज़ार होगा ‘विश्व रंग’

    म.प्र. के राज्यपाल और मॉरिशस के पूर्व राष्ट्रपति 27 नवंबर को करेंगे सातवें महोत्सव का शुभारंभ
    चार दिन, 90 सत्र, 35 देश, 1000 प्रतिभागी

    भोपाल
     जाड़े की गुलाबी दस्तक के साथ एक बार फिर भोपाल की वादियाँ विश्व रंग से गुलज़ार हो रही हैं। टैगोर अन्तरराष्ट्रीय साहित्य तथा कला महोत्सव अपनी सातवीं पायदान तय करता चार दिनों तक विभिन्न गतिविधियों का अनूठा ताना-बाना लिए रवीन्द्र भवन के विशाल परिसर में आयोजित होगा। रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, विश्वरंग फाउण्डेशन और उसके सहयोगी केन्द्रों की पहल पर म.प्र. शासन संस्कृति विभाग सहित देश-विदेश की पचास से भी अधिक संस्थाओं की भागीदारी से यह विशाल समागम आकार ले रहा है। भारत के विभिन्न क्षेत्रों के मूर्धन्य चिंतकों, विचारकों और विशेषज्ञों के साथ ही विश्व के 35 से भी अधिक देशों के प्रतिनिधि यहाँ साझा संस्कृति की मिसाल पेश करेंगे। किसी भी अशासकीय संस्था के संयोजन में होने वाला यह एशिया का सबसे बड़ा सांस्कृतिक कुंभ है। 27 से 30 नवंबर के दरमियान इस महोत्सव में अस्सी से भी अधिक सत्र संवाद, विचार, विमर्श और कलात्मक अभिव्यक्ति का खुला मंच साबित होंगे।

    यह जानकारी विश्व रंग के महानिदेशक तथा रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष चौबे ने प्रेस वार्ता में दी। संवाददाताओं को संबोधित करते हुए श्री चौबे ने बताया कि 2019 में शुरू हुई विश्व रंग की यात्रा अपने सातवें चरण पर और भी व्यापक, विस्तृत और बहुरंगी हो गयी है। भोपाल से शुरू हुआ यह कारवाँ मॉरिशस, श्रीलंका, नई दिल्ली और मुंबई होता हुआ नई उर्जा और नए आत्मविश्वास से भरकर पुनः भोपाल लौटा है। 27 नवंबर को रंगारंग विश्व रंग शोभा यात्रा के बाद शाम 6 बजे म.प्र. के राज्यपाल माननीय मंगुभाई पटेल की गरिमामयी उपस्थिति में इस महोत्सव का शुभारंभ होगा। इस अवसर पर मॉरिशस के पूर्व राष्ट्रपति श्री पृथ्वीराज सिंह रूपन, म.प्र. के संस्कृति मंत्री श्री धर्मेन्द्र भावसिंह लोधी और रबीन्द्रनाथ टैगोर वि.वि. के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

    पत्रकार वार्ता को विश्व रंग के सहनिदेशक तथा स्कोप स्किल ग्लोबल युनिव्हर्सिटी के चांसलर डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी, आईसेक्ट ग्रुप ऑफ़ युनिव्हर्सिटी की निदेशक डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स, प्रवासी साहित्य एवं संस्कृति शोध केन्द्र के निदेशक डॉ. जवाहर कर्नावट तथा टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केन्द्र के निदेशक विनय उपाध्याय और उप संचालक संस्कृति संचालनालय डॉ पूजा शुक्ला ने भी संबोधित किया।

    श्री चौबे ने बताया कि देश-दुनिया के एक हज़ार से भी अधिक भाषाविद्, साहित्यकार, शिक्षा शास्त्री, विज्ञान-तकनीकी विशेषज्ञ, आलोचक, संस्कृतिकर्मी, पर्यावरणविद् सहित मीडिया, कला, सिनेमा और मनोरंजन जगत की जानी-मानी हस्तियाँ विश्व रंग का हिस्सा बनेंगी। विरासत और आधुनिकता के इस अद्वितीय संगम में ज्ञान-विज्ञान की नई दिशाओं की ओर बढ़ते विश्व की नई इबारतों को पढ़ना दिलचस्प होगा। विश्व रंग इस अर्थ में संवाद का एक विशाल मंच तैयार कर रहा है।

    विश्व रंग के सहनिदेशक डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने बताया कि इस महोत्सव की लोकप्रियता का ग्राफ उत्तरोत्तर बढ़ता गया है। सातवें संस्करण से जुड़ने के लिए विश्व रंग पोर्टल पर हज़ारों लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवा लिया है। इस आकर्षण की वजह विश्व रंग की लोकतांत्रिक छवि है। यहाँ हर पीढ़ी की रूचि, जिज्ञासा और मनोरंजन के अनुकूल गतिविधियाँ हैं। डॉ. सिद्धार्थ ने बताया कि विश्व रंग जितना पारंपरिक है उतना ही अपने नवाचार में आधुनिक भी। नए विषय और नए विशेषज्ञों की भागीदारी इसे अपने समय में प्रासंगिक बना रही है। उन्होंने फैज़ल मलिक, दिव्या दत्ता, स्वानंद किरकिरे, राधाकृष्ण पिल्लै, प्रिया मलिक, नीलोत्पल मृणाल, सौरभ द्विवेदी, देवदत्त पटनायक, सुमित अवस्थी, पुष्पेष पंत आदि का जि़क्र करते हुए कहा कि इन शख़्सियतों ने विश्व रंग के आमंत्रण को आत्मीयता से स्वीकार किया है। ये आज के युवाओं के मोटीवेटर और मेंटर हैं।

    विश्व रंग के बहुरंगी विन्यास की महत्वपूर्ण गतिविधियाँ साझा करते हुए सहनिदेशक डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स ने बताया कि शुभारंभ संध्या 27 नवंबर का प्रमुख आकर्षण श्रीकृष्ण लीला का भव्य मंचन है। इसे नई दिल्ली के श्रीराम कला केन्द्र के कलाकारों की बड़ी टीम लाईट एण्ड साउण्ट के स्पेशल इफेक्ट्स के साथ प्रस्तुत करेगी। समापन दिवस 30 नवंबर को राजमाता अहिल्याबाई की जीवन गाथा पर केन्द्रित महानाट्य ‘अहिल्या रूपेण संस्थिता’ का मंचन रवीन्द्र भवन के अंजनी सभागार में होगा। प्रयास रंग समूह नागपुर के पचास से भी अधिक कलाकारों ने इसे प्रसिद्ध रंगकर्मी प्रियंका शक्ति ठाकुर के निर्देशन में तैयार किया है। इसके अलावा जनजातीय प्रकोष्ठ ‘आदिरंग’ में पारंपरिक शिल्पों, नृत्य-संगीत तथा हेरीटेज फ़िल्मों- चंदेरी, गणगौर और संजा के प्रदर्शन होंगे।

    प्रवासी साहित्य तथा संस्कृति शोध केन्द्र के निदेशक डॉ. जवाहर कर्णावट ने ‘विश्व रंग’ में प्रतिभागी देशों और उनकी प्रस्तुतियों का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि कनाडा, अमेरिका, बेल्जियम, नीदरलैंड, यूक्रेन, इटली, स्वीडन, यूके, कुवैत, म्यांमार, इंडोनेशिया, नेपाल, थाईलैंड, श्रीलंका, आर्मेनिया, रूस, जापान, बांग्लादेश, त्रिनिदाद, गयाना, इजिप्ट, ताजिकिस्तान, उज़्बेकिस्तान, वियतनाम, थाईलैंड, साउथ अफ्रीका, सूरीनाम स्लोवाक, रोमानिया, कतर आदि 35 से अधिक देशों के 60 प्रतिनिधि विश्व रंग में सम्मिलित होंगे। यूक्रेन का आठ विद्यार्थियों का दल हिंदी नाटक प्रस्तुत करेगा। वहीं गिरमिटिया देश में भारतीयों की विकास यात्रा पर आधारित प्रदर्शनी 'कुली से कुलीन' तक को देखना दुर्लभ अनुभव होगा। इसे शोधार्थी दीप्ति अग्रवाल ने संयोजित किया है।

    टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केन्द्र के निदेशक विनय उपाध्याय ने विश्व रंग के सांस्कृतिक प्रकल्प ‘मंगलाचरण’ और ‘पूर्वरंग’ की गतिविधियाँ साझा की। उन्होंने बताया कि ध्रुपद गुरूकुल संस्थान द्वारा ध्रुपद वृन्द, अनिरूद्ध जोशी द्वारा सितार पर लोक संगीत, उमेश तरकसवार के संयोजन में स्वाधीनता संग्राम के गीतों पर आधारित ‘देश राग‘ और राजीव सिंह द्वारा ‘सतवाणी’ अध्यात्मिक संगीत की प्रस्तुतियाँ भारतीय संस्कृति की सुरम्य विरासत का जीवंत साक्ष्य बनेंगी। गुरूदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर की सरज़मीं के बांग्ला संगीत की अनुगूँजों को समेटे कोलकाता के शुभव्रत सेन उपस्थित रहेंगे, तो मध्यप्रदेश बुंदेलखंड और मालवा की मटियारी चहक-महक लिए लोक कलाकारों के दल भी विश्व रंग के आंगन को रौशन करेंगे।

    विश्व रंग मानद अलंकरण

    हिन्दी सहित अन्य भारतीय भाषाओं में श्रेष्ठ सृजन करने और विश्व स्तर पर अपनी रचनात्मक उपस्थिति दर्ज करने वाली छः विभूतियों को विश्व रंग मानद अलंकरण से विभूषित किया जाएगा। इस बार के चयनित साहित्यकारों में श्रीमती ममता कालिया (हिन्दी), श्री हरीश मीनाश्रु (गुजराती), श्री चन्द्रभान खयाल (उर्दू), श्री एच. एन. शिवप्रकाश (कन्नड़), श्री लक्ष्मण गायकवाड़ (मराठी) और श्री परेश नरेन्द्र कामत (कोंकणी) शामिल हैं। 27 नवंबर की शाम विश्व रंग के उद्‌घाटन सत्र में अलंकरण भेंट किये जाएंगे।

    सरज़मीं पर सितारे

    विश्व रंग के इन्द्रधनुषी ताने-बाने में भाषा, साहित्य संस्कृति, कला, मीडिया, शिक्षा, पर्यावरण, विज्ञान, टेक्नालॉजी और मनोरंजन की दुनिया के अनेक सितारों की महफ़िल सजेगी। इनमें पद्मश्री, साहित्य अकादेमी, संगीत नाटक अकादेमी तथा अनेक राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय सम्मानों से अलंकृत जानी-मानी हस्तियाँ हैं। इनमें प्रमुख हैं डॉ. नंदकिशोर आचार्य, ममता कालिया, शिवमूर्ति, ज्ञानप्रकाश विवेक, स्वानंद किरकिरे, अनामिका, अष्टभुजा शुक्ल, मुकुल शर्मा, नर्मदाप्रसाद उपाध्याय, दिव्या माथुर, महादेव टोप्पो, उर्मिला शिरीष, मनीषा कुलश्रेष्ठ, विनोद तिवारी, ओम थानवी, पुष्पेष पंत, दामोदर खड़से, मुरलीधर चाँदनीवाला, डॉ. लता मुंशी, कविता शाजी, सुचित्रा हरमलकर, विकास मिश्र, लक्ष्मण गायकवाड़, नरेन्द्र कामंत, हरीश मीनाश्रु, अशोक भौमिक, लीलाधर मंडलोई, प्रयाग शुक्ल, विनय उपाध्याय, कुणाल सिंह, मोहन सगोरिया, वसंत निरगुणे, स्वाती उखले, मनीषा शास्त्री, राजेश व्यास, संजय पटेल, रोहित रूसिया, जितेन्द्र श्रीवास्तव, सविता भार्गव, नीलेश रघुवंशी, राधाकृष्ण पिल्लई, फैज़ल मलिक, दिव्या दत्ता, प्रिया मलिक, सीमा रायजादा, विकास दवे, मुकेश वर्मा, बलराम गुमास्ता, संजय सिंह राठौर, विकास अवस्थी, मुदित श्रीवास्तव, राजेश व्यास, स्वरांगी साने। ये शख़्सियतें विभिन्न विषयों पर रोचक संवादों के साथ ही सांस्कृतिक परिवेश को अपनी कलात्मक उर्जा से समृद्ध करेंगी।

    कला संवाद

    रवीन्द्र भवन के हंस ध्वनि, अंजनी और गौरांजनी स्थायी सभागारों के अतिरिक्त टैगोर, वनमाली, अभिमन्यु अनत, शांति निकेतन, शारदा और चित्र-वीथि नामकरण से निर्मित सभागारों में समानांतर विचार सत्र होंगे। यहाँ अन्य उल्लेखनीय चित्रकला संवाद और प्रदर्शनी तथा विकसित भारत में साहित्य तथा कलाओं की भूमिका पर परिसंवाद होंगे। देश के प्रख्यात चिंतक, कला गुरू, चित्रकार और शोधार्थियों का महत्वपूर्ण समागम होगा।

    दस्तावेज़ी साहित्य का लोकार्पण

    विश्व रंग के बुनियादी उद्देश्य और उसकी वैचारिकी पर केन्द्रित महत्वपूर्ण किताबों और पत्रिकाओं के विशेषांकों के लोकार्पण विभिन्न सत्रों में होंगे। पचास से भी अधिक देशों में हिन्दी की रचनात्मकता पर केन्द्रित विस्तृत रिपोर्ट ‘विश्व में हिन्दी’ तथा विश्व रंग परिवार की पत्रिकाओं ‘इलेक्ट्रॉनिकी आपके लिए’, ‘रंग संवाद’, ‘वनमाली कथा’ और ‘विश्व रंग संवाद’ के विशेषांकों के साथ ही आईसेक्ट प्रकाशन की अन्य पुस्तकों की वृहद श्रृंखला होगी।

    जनजातीय प्रकोष्ठ ‘आदिरंग’

    विश्व रंग का एक और विशेष प्रकोष्ठ है ‘आदिरंग’। रवीन्द्र भवन में टंट्या भील सभागार आदिरंग की गतिविधियों का केन्द्र होगा। यहाँ जनजातीय साहित्य, संस्कृति, कला और पारंपरिक शिल्प कला कौशल पर एकाग्र वैचारिक सत्रों के साथ ही विश्व रंग फाउण्डेशन द्वारा निर्मित दो हेरिटेज फ़िल्मों ‘गणगौर गाथा’ तथा ‘संजा’ के प्रदर्शन भी होंगे। इस प्रकोष्ठ में जनजातीय विरासत पर केन्द्रित शिल्पों और चित्रों की दीर्घा भी आकर्षण का केन्द्र होगी। ‘कठपुतली’ कला की जनसंचार उपयोगिता पर प्रस्तुति-सह-प्रदर्शन भी होगा।

    पारंपरिक व्यंजनों की सौगात

    परिकल्पना, संयोजन और विस्तार के अद्वितीय प्रतिमान गढ़ रहे विश्व रंग में आए आगंतुकों को पारंपरिक व्यंजनों की सौगात भी मिलेगी। गुजराती, मराठी, पंजाबी और निमाड़ी व्यंजनों की सुस्वादु श्रृंखला लिए पाक कला के कुशल कारीगर विभिन्न स्टॉलों पर मौजूद रहेंगे।

    समापन समारोह में पुरस्कृत होंगे विश्व हिन्दी ओलंपियाड के विजेता

    विश्व रंग का औपचारिक समापन 29 नवंबर की शाम 6 बजे रवीन्द्र भवन के हंस ध्वनि सभागार में होगा। इस अवसर पर मॉरिशस गणराज्य के पूर्व राष्ट्रपति श्री पृथ्वीराज सिंह रूपन के मुख्य आतिथ्य, पूर्व केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री रमेश पोखरियात निशंक की अध्यक्षता, म.प्र. के उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल तथा आरएनटीयू के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे की विशेष उपस्थिति में विश्व हिन्दी ओलंपियाड के विजेताओं की घोषणा कर उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। म.प्र. के अपर मुख्य सचिव श्री शिव शेखर शुक्ला, विश्व रंग के सह निदेशक डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी और निदेशक बालरंग डॉ. पल्लवी राव चतुर्वेदी का भी प्रेरक सानिध्य रहेगा।

    विश्व रंग रजिस्ट्रेशन के लिए इस लिंक पर जाए: https://vishwarang.com/bhopal-2025/

  • विश्वरंग कार्यक्रम: हंसध्वनि सभागार में मुख्य सत्र, सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे

    भोपाल 

    विश्वरंग : मुख्य सत्र : सुबह 10 बजे से दोपहर 2.00 बजे हंसध्वनि सभागार, रवीन्द्र भवन

    10.00-10.30 मंगला चरण -ध्रुपद वृंद, ध्रुपद संस्थान, भोपाल
    एवं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी द्वारा उद्घाटन 

    वैचारिक सत्र

    10.30-11.15

    21वीं सदी के सवाल : संदर्भ – साहित्य, संस्कृति, समाज : डॉ. नंदकिशोर आचार्य, संतोष चौबे

    11.15-12.00 – नयी सदी में नये कौशल : अंकुर वारीकू, सिद्धार्थ चतुर्वेदी 

    12.30-01.15-खेल कहानियाँ और कॉमेंट्री आकाश चोपड़ा से सिद्धार्थ चतुर्वेदी की बातचीत 

    01.15-2.00- स्वानंद किरकिरे : शब्दों की दुनिया – जिंदगी का संगीत

     समानांतर सत्र (विभिन्न दस सभागारों में) 

    3.00-3.45 बजे
    – कौटिल्य से कॉर्पोरेट तक ( राधाकृष्णन पिल्लई) 
    – कविता में सदी के सरोकार – 1
    – विश्व कवियों के पाठ में सदी
    – नाटक एवं फिल्मों में सदी के सवाल ( राजेंद्र गुप्ता, वामन केन्द्रे) 
    – जीवन स्पर्शी कथेतर साहित्य
    – लेखक / कृति से मिलिये ( दिव्य प्रकाश दुबे) 
    – कविता में सदी के सरोकार – 2
    – युद्ध और युद्ध विरोधी चित्र

    3.45 – 4.30 बजे
    – आभासी संचार के बदलते आयाम ( एक्टर फैसल मलिक) 
    – कहानी में सदी के सरोकार ( ममता कालिया) 
    – विश्व कवियों के पाठ में सदी 
    – चटखारों की चौपाल ( पुष्पेश पंत) 
    – प्रवासी साहित्य बदलता चिंतन
    – लेखक / कृति से मिलिये
    – कहानी में सदी के सरोकार 2
    – युद्ध और युद्ध विरोधी चित्र

    5.00 – 5.45 बजे
    – सिनेमा-कल, आज और कल ( दिव्य दत्ता) 
    – साहित्य की नई भाषा और युवा ( नीलोत्पल मृणाल, दिव्य प्रकाश दुबे) 
    – साहित्य बहुभाषी कविता का अनुवाद पाठ
    – बाल एवं किशोर साहित्य : परिदृश्य एवं भविष्य दृष्टि
    – प्रवासी साहित्य रचना पाठ (कविता)
    – लेखक/कृति से
    – मिलिये कला लेखन : सम्भावना और चुनौतियाँ
    – 7वें टैगोर राष्ट्रीय कला सेमीनार 2025 का प्रेजेंटेशन

    5.45 – 6.30 बजे
    – नयी वाली कविता ( प्रिय मलिक )
    – नये भारत का साहित्यिक मानचित्र और युवा
    – बहुभाषी कविता का अनुवाद पाठ
    – हिंदी साहित्य में सभ्यता विमर्श
    – प्रवासी रचना पाठ (गद्य) 
    – लेखक/कृति से मिलिये
    – प्रौद्योगिकी की अतिशय गति और सोशल मीडिया का दिग्भ्रमित यथार्थ
    – कला गुरु संवाद

     6.00 – 7.00, हबीब तनवीर प्रांगण पूर्वरंग – देशराग : उमेश तरकसवार

    7.00 से 9.00 बजे तक, मुक्ताकाश मंच

     सांस्कृतिक सत्र : कलेक्टिव क्वायर की प्रस्तुति

  • उप मुख्यमंत्री साव और अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी संजू ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में कबड्डी विश्व कप में भारत के खिताबी सफर को किया साझा

    रायपुर : छत्तीसगढ़ का गौरव है संजू, अपने खेल से राज्य को दिलाई अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा – श्री अरुण साव

    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल होने के लिए मानसिक मजबूती जरूरी – सुश्री संजू देवी

    उप मुख्यमंत्री श्री साव और अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी संजू ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में कबड्डी विश्व कप में भारत के खिताबी सफर को किया साझा

    रायपुर
    उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव और छत्तीसगढ़ की अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी सुश्री संजू देवी ने बांग्लादेश में आयोजित महिला कबड्डी विश्व कप में भारत के खिताबी जीत के सफर को साझा किया। इस विश्व कप में छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के छोटे से गांव केराकछार की 23 साल की सुश्री संजू देवी रावत को टूर्नामेंट का मोस्ट वेल्युबल प्लेयर चुना गया। फाइनल में भारत को मिले कुल 35 प्वाइंट्स में से 16 प्वाइंट्स अकेले संजू ने दिलाए। सेमी-फाइनल सहित अन्य मैचों में भी उन्होंने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से भारत को चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संजू की इस उपलब्धि के खास मायने हैं। वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाली राज्य की पहली कबड्डी खिलाड़ी हैं। कबड्डी विश्व कप के साथ ही उन्होंने इस साल मार्च में ईरान में आयोजित एशियन कबड्डी चैम्पियनशिप में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था और भारत को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।  

    छत्तीसगढ़ का गौरव है संजू, अपने खेल से राज्य को दिलाई अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा – श्री अरुण साव

    उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर स्थित अपने शासकीय निवास कार्यालय में आयोजित प्रेस-कॉन्फ्रेंस में बताया कि संजू देवी ने महिला कबड्डी विश्व कप में भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने अपने उत्कृष्ट खेल कौशल से छत्तीसगढ़ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित किया है। वे छत्तीसगढ़ की ही नहीं, अपितु पूरे भारत की गौरव हैं। राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित बिलासपुर के बहतराई आवासीय बालिका कबड्डी अकादमी में प्रशिक्षण हासिल कर विश्व विजेता बनी संजू देशभर के लिए प्रेरणास्त्रोत बन गई है। वे वहां जुलाई-2023 से प्रशिक्षण ले रही हैं। अपनी लगन, कड़ी मेहनत और कबड्डी के प्रति जुनून से उन्होंने एक छोटे से गांव से निकलकर दो-दो अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारत को चैंपियन बनाने में महती भूमिका निभाई है। 

    छत्तीसगढ़ का गौरव है संजू, अपने खेल से राज्य को दिलाई अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा – श्री अरुण साव

    उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बताया कि बहतराई के स्वर्गीय बी.आर. यादव राज्य प्रशिक्षण केंद्र में अभी कबड्डी में 38 बालिकाएं, हॉकी में 35 बालक और 38 बालिकाएं, तीरंदाजी में 14 बालक और 14 बालिकाएं तथा एथलेटिक्स में 12 बालक और 7 बालिकाएं प्रशिक्षण ले रही हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने तथा इनके प्रशिक्षण व आयोजनों के लिए जरूरी अधोसंरचनाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। खिलाड़ियों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

    विगत 24 नवम्बर को बांग्लादेश में संपन्न हुई महिला विश्व कप कबड्डी की विजेता भारतीय टीम की सदस्य और टूर्नामेंट की मोस्ट वेल्युबल प्लेयर चुनी गई संजू देवी ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल होने के लिए मानसिक रूप से मजबूत होना जरूरी है। जब आप सभी बाधाओं से लड़कर पहली सीढ़ी पार करते हैं तभी दूसरी सीढ़ी पर चढ़ने का मौका मिलता है। संजू ने अपने गांव केराकछार से कबड्डी विश्व कप तक के सफर के बारे में बताया कि उन्होंने जनवरी-2024 में कोलकाता में आयोजित ईस्ट जोन इंटरयुनिवर्सिटी टूर्नामेंट में और जनवरी-2025 में भटिंडा में ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट में बिलासपुर विश्वविद्यालय की ओर से तथा विशाखापट्टनम, तमिलनाडु, नागपुर, महासमुंद और भजियापार (महाराष्ट्र) के ऑल इंडिया टूर्नामेंट में राज्य की ओर से भागीदारी की है।

    संजू ने बताया कि पिछले साल छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ द्वारा आयोजित चयन स्पर्धा में अच्छे प्रदर्शन के फलस्वरूप इंडिया कैंप के लिए उनका चयन हुआ। इंडिया कैंप में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर ईरान में हुए एशियन कबड्डी चैम्पियनशिप के लिए उन्हें भारतीय टीम में स्थान मिला। इसमें लगातार अच्छे प्रदर्शन के कारण उन्हें महिला कबड्डी वर्ल्ड कप की टीम में भी शामिल किया गया। वे भारतीय टीम के लिए गांधी नगर और सोनीपत में आयोजित चार कैंपों में शामिल हो चुकी हैं। युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनूजा सलाम, उप संचालक श्रीमती रश्मि ठाकुर, छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ के अध्यक्ष श्री शशिकांत बघेल और संजू देवी के कोच श्री दिल कुमार राठौर भी प्रेस-कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे।

  • मुख्यमंत्री साय ने रायपुर में महिला कबड्डी विश्व कप विजेता संजू देवी को दी शुभकामनाएँ

    रायपुर : मुख्यमंत्री  साय ने महिला कबड्डी विश्व कप की स्टार खिलाड़ी संजू देवी को दी बधाई

    रायपुर

    महिला कबड्डी विश्व कप की स्टार खिलाड़ी छत्तीसगढ़ निवासी संजू देवी ने विगत दिवस मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में सौजन्य भेंट की।

    मुख्यमंत्री  साय ने विश्व कप में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ और देश का नाम रोशन करने पर संजू देवी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि “आपने महिला सशक्तिकरण की एक नई मिसाल पेश की है। आपको देखकर प्रदेश की बेटियाँ खेल जगत में और अधिक उत्साह के साथ आगे बढ़ेंगी। यह उपलब्धि निस्संदेह आने वाली पीढ़ियों की खेल प्रतिभा को निखारने में प्रेरक साबित होगी।”मुलाकात के दौरान संजू देवी ने भी अपनी जीवन यात्रा, संघर्ष, और खेल से जुड़े अनुभव मुख्यमंत्री  साय के साथ साझा किए।

    उल्लेखनीय है कि महिला कबड्डी विश्व कप की स्टार खिलाड़ी संजू देवी कोरबा जिले के ग्राम केराकछार की निवासी हैं। उन्हें महिला कबड्डी विश्व कप में मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर का खिताब भी प्राप्त हुआ है। यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट 17 नवंबर से 24 नवंबर के मध्य बांग्लादेश की राजधानी ढाका में आयोजित किया गया था।

    मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ युवा आयोग के अध्यक्ष  विश्व विजय सिंह तोमर, छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ के प्रदेश अध्यक्ष  शशिकांत बघेल, कोषाध्यक्ष  सेवा राम साहू, पूर्व कोच  अनुज प्रताप सिंह, वर्तमान कोच  दिल कुमार राठौर सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

  • 1 जनवरी से छुट्टी नीति में बड़ा बदलाव, कर्मचारियों के लिए जारी हुआ नया आदेश

    भोपाल 
    मध्यप्रदेश के 7 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की छुट्टियों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। इसके लिए वित्त विभाग की तरफ से मध्य प्रदेश सिविल सेवा अवकाश नियम 2025 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। जो कि 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा। यानी लगभग 35 दिनों बाद अवकाश व्यवस्था में बदलाव देखने को मिलेगा।

    महिलाओं के अवकाश में होगा बदलाव
    महिला कर्मचारियों की चाइल्ड केयर लीव में बड़ा परिवर्तन किया गया है। अभी तक महिलाओं को 2 साल यानी 730 दिन की चाइल्ड केयर लीव के साथ पूरी सैलरी दी जाती थी। ऐसा नए नियमों में नहीं होगा, नए नियमानुसार 365 दिन 100 प्रतिशत वेतन और अगले 365 दिन सिर्फ 80 फीसदी वेतन दिया जाएगा।

    30 दिन का अर्जित अवकाश मिलेगा
    नए नियमानुसार, कर्मचारियों को साल में 30 अर्जित अवकाश यानी EL देने का प्रावधान है। इसे 6 महीने 15 और अगले 6 महीने 15 के भाग में बांटा गया है। किसी भी कर्मचारी को एक साथ 5 साल से अधिक का लगातार अवकाश मंजूर नहीं किया जाएगा। अब कर्मचारियों की छुट्टी का अंतिम निर्णय अधिकारी का होगा।
     
    1 साल से ज्यादा नहीं मिलेगी स्टडी लीव
    अध्ययन के लिए छुट्टियां लेने वाले कर्मचारियों को अवकाश की सुविधा मिलेगी। इसमें कर्मचारियों को एक साल तक की लीव स्टडी दी जाएगी। पूरी सर्विस में अधिकतम 24 महीने की छुट्टी ही मिलेगी। जिसमें कर्मचारी को स्वयं फीस संबंधी खर्चों का वहन करना होगा। साथ ही छुट्टी में जाने से पहले कर्मचारियों बॉन्ड भरना जरूरी होगा, ताकि कर्मचारी समय पर नौकरी पर वापस आ सके।

    मेडिकल लीव में होगा बदलाव
    नए नियमों में मेडिकल लीव में भी बदलाव किया गया है। इसमें कर्मचारियों के मेडिकल सर्टिफिकेट के बावजूद भी अवकाश मिलने की गारंटी नहीं होगी। अंतिम निर्णय स्वीकृत संबंधित अधिकारी पर निर्भर करेगा। पूरे सेवाकाल में 180 दिनों का आधा वेतन बिना मेडिकल सर्टिफिकेट के मिल सकेगा। यदि कर्मचारी उसी दौरान इस्तीफा देता है अवकाश अर्द्धवेतन अवकाश के समान ही माना जाएगा और अंतर राशि की वसूली की जाएगी। 

  • ऑनलाइन गीता प्रतियोगिता व गीता पाठ में जनभागीदारी बढ़ाने के निर्देश

    ऑन लाइन गीता प्रतियोगिता और गीता पाठ में अधिकाधिक जन भागीदारी सुनिश्चित की जाए

    मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने गीता जयंती महोत्सव के कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त कर दिए निर्देश

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आगामी 1 दिसंबर को गीता जयंती पर अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव पर राज्य में हो रहे कार्यक्रमों की तैयारी की जानकारी प्राप्त की और आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभ्युदय मध्य प्रदेश (गवर्नेंस एंड ग्रोथ समिट) निवेश से रोजगार (अटल संकल्प उज्जवल मध्य प्रदेश ) के अंतर्गत 25 दिसंबर को ग्वालियर में हो रहे कार्यक्रम के संबंध में भी अधिकारियों से चर्चा की।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गीता महोत्सव के संबंध में मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा जिला कलेक्टर्स और पुलिस अधिकारियों से चर्चा की। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि 1 दिसंबर गीता जयंती पर गीता महोत्सव के अंतर्गत होने वाली गतिविधियों में जन सामान्य की अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित की जाए। श्रीमद्भागवत गीता के विभिन्न अध्यायों की संस्कृत और हिंदी में, स्कूल कॉलेज के साथ-साथ जन सामान्य को प्रतियां उपलब्ध करवाकर, गीता पर केंद्रित क्विज आदि प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएं। गीता ज्ञान के प्रसार से जन सामान्य की विचार प्रक्रिया और मानसिकता पर सकारात्मक प्रभाव होगा।

    उल्लेखनीय है कि श्रीमद्भगवतगीता ऑन लाइन ज्ञान प्रतियोगिता में प्रवृष्ठि 28 नवम्बर तक www.geetamahotsav.com पर होगी। जिसमें तीन श्रेणियों में भागीदारी की जा सकती है। सभी श्रेणियों के लिए पृथक -पृथक पुरस्कारों का प्रावधान भी किया गया है। यह पुरस्कार 26 जनवरी 2026 को दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स, को निर्देश दिए कि जिला स्तर पर अधिक से अधिक नागरिकों को विभिन्न प्रतियोगिताओं और गीता पाठ में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें।

    गीता पाठ के कार्यक्रमों में होगी व्यापक सहभागिता

    मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने गीता पाठ कार्यक्रम की तैयारियों की भी जानकारी प्राप्त की। उल्लेखनीय है कि 1 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती पर मध्यप्रदेश में सभी विकास खंडों, जिला मुख्यालयों, संभागीय मुख्यालयों पर श्रीमद्भगवद्गीता के 15 वें अध्याय का पाठ किया जा रहा है। जन सामान्य द्वारा युगावतार भगवान श्रीकृष्ण के मानव कल्याण के संदेश को आत्मसात किए जाने के उद्देश्य को इस गीता पाठ से सफल बनाया जा सकता है। वीर भारत न्यास द्वारा गीता पाठ के साथ-साथ गीता प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जा रहा है। जिसमें प्रदेश के विद्यार्थी बड़ी संख्या में हिस्सा ले रहे हैं।

     

  • पानी पर करोड़ों खर्च, बच्चों तक एक घूंट नहीं—शिवलालपुरा स्कूल की दर्दनाक हकीकत

    मुरैना 
    सरकारी स्कूलों में पेयजल व्यवस्था को लेकर पीएचई विभाग द्वारा करोड़ों रुपए खर्च किए जा चुके हैं। विकासखंड सबलगढ़ की ग्राम पंचायत शिवलालपुरा स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय के छात्र-छात्राएं पिछले लगभग छह माह से गंदा और मिट्टी युक्त पानी पीने को मजबूर हैं। विद्यालय में स्वच्छ पेयजल व्यवस्था पूरी तरह से ठप है, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

    शासन के निर्देश पर पीएचई विभाग द्वारा जिले के सरकारी स्कूलों में पेजयल के लिए प्रति स्कूल करीब सवा लाख रुपए खर्च करके हैडपंप में मोटर, स्कूल में टंकी, लेजम डालकर पेयजल की सप्लाई किए जाने का प्रावधान था लेकिन शिवलाल पुरा स्कूल में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। विद्यालय में 151 छात्र- छात्राएं और 6 शिक्षकों का स्टाफ है। स्कूल में पानी का अन्य कोई श्रोत न होने पर छात्र-छात्राएं हैडपंप से निकल रहे गंदे, मिट्टीयुक्त और दुर्गंध से भरे पानी को पीने के लिए मजबूर हैं। और मध्याह्न भोजन बनाने में भी इसी पानी का उपयोग किया जा रहा है। इससे बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। इस गंदे पानी के सेवन से कई बच्चे पेट दर्द और उल्टी-दस्त की शिकायत भी कर चुके हैं। ग्रामीणों की मांग है कि विद्यालय में तत्काल स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की जाए, हैंडपंप की जांच कर उसे ठीक कराया जाए अथवा नई बोरिंग कराकर शुद्ध पानी की सप्लाई शुरू की जाए, ताकि बच्चों के स्वास्थ्य से हो रही खिलवाड़ को रोका जा सके।

    ग्रामीण बोले: जल्द सुधार नहीं तो करेंगे आंदोलन
    ग्रामीण और अभिभावकों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि किसी बड़े अधिकारी या जनप्रतिनिधि के बच्चों को इस तरह का पानी पीना पड़े तो क्या तब भी विभाग आंखें बंद रखेगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे स्कूल के सामने धरना-प्रदर्शन के साथ आंदोलन करेंगे।

    दो बार लिखा पीएचई को पत्र, नहीं हुई सुनवाई
     संस्था प्रमुख द्वारा पीएचई (लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग) 13 जनवरी 2025 एवं 08 जुलाई 2025 को पत्र लिखा जा चुका है। उसके बावजूद आज दिनांक तक न तो कोई अधिकारी विद्यालय पहुंचा और न ही समस्या के समाधान के लिए कोई कदम उठाया गया। पीएचई विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते किसी दिन गंभीर समस्या पैदा हो सकती है।

    ये बोले जिम्मेदार
    पीएचई विभाग को जब से हैडपंप खराब हुआ है अर्थात गंदा पानी दे रहा है, तब से दो बार पत्र लिखा जा चुका है लेकिन अधिकारियों द्वारा हैडपंप को दुरस्त करना तो दूर, मौके पर पहुंचकर देखा तक नहीं हैं। वीरेन्द्र सिंह, हेडमास्टर, शासकीय मिडिल स्कूल, शिवलाल का पुरा

    विद्याराम यादव, एसडीओ, पीएचई ने बताया यह बात सही है कि स्कूल प्रमुख का पत्र मिला है, हैडपंप खराब होने की जानकारी मिली है, हम जल्द ही उसमें छड़ बदलवाकर हैडपंप को दुरस्त करवाते हैं, जिससे स्वच्छ पानी मिल सके।

     

  • स्मार्ट सिटी की ओर कदम: महाकाल नगरी में 100 ई-बसें जल्द होंगी रवाना, 10 करोड़ से होगा डिपो निर्माण

    उज्जैन 
    धार्मिक पर्यटन नगरी उज्जैन यात्रियों को ई-बस की सुविधा देने की तैयारी है। इसके लिए सुविधायुक्त ई-बस डिपो का निर्माण होगा। जहां एक समय में 100 ई-बस पार्क हो सकेंगी और सर्विसिंग व चार्जिंग की सुविधा भी रहेगी। 10 करोड़ से अधिक के प्रोजेक्ट के लिए दो कंपनियां ने रुचि दिखाई है। हालांकि तकनीकी कमी के बाद एक ही कंपनी की निविदा शेष है जिसे निर्णय के लिए निविदा समिति को भेजा है।

    मक्सीरोड स्थित पुराने सिटी बस डिपो को अब ई-बस डिपो के रूप में विकसित किया जाएगा। निगम ने इसके लिए 10.75 करोड़ की योजना बनाई है। डिपो में पार्किंग के अलावा, वर्कशॉप सेंटर, शेड, वॉशिंग एरिया, प्रशासनिक कार्यालय रहेंगे। कुछ सप्ताह पूर्व निगम ने इसके लिए टेंडर जारी किया था। फिलहाल निविदा को लेकर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। यदि स्वीकृति मिलती है तो अगले वर्ष ई-डिपो का निर्माण शुरू हो सकता है।

    चार्जिंग स्टेशन भी रहेंगे
    डिपो में बसों को चार्ज करने के लिए चार्जिंग स्टेशन रहेंगे। इसे स्थापित करने के लिए पृथक से 2.86 करोड़ रुपए का टेंडर जारी होगा। बाहरी विद्युतीकरण बुनियादी ढांचे की आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण शामिल है।
     
    21762 वर्ग मीटर में बनेगा डिपो
    मक्सीरोड पर पुराने डिपो की जमीन पर ही करीब 21 हजार 762 वर्गमीटर क्षेत्र में ई-बस डिपो विकसित किया जाएगा। 100 ई-बस जिनमें 7 मीटर लंबी 70 बस व 9 मीटर लंबी 30 बसें एक साथ पार्क हो सकेंगी। बता दें कि पूर्व में इस स्थान पर मप्र रोजडवेज का बस डिपो संचालित होता था जिसे बाद में नगर निगम ने उज्जैन सिटी बस सर्विस लिमिटेड के ऑफिस व सिटी बस डिपो के रूप में उपयोग किया।

  • एमपी को मिलेगी नई फोरलेन सुविधा, 98 किमी सड़क निर्माण के लिए 57 गांवों से ली जाएगी जमीन

    छतरपुर 
    मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाले भोपाल-लखनऊ इकोनॉमिक कॉरिडोर के सागर-कानपुर फोरलेन वाले हिस्से में सड़क निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। जो कि औद्योगिक, पर्यटन और निवेश को नई गति प्रदान करेगा। इस सड़क का काम चार चरणों में पूरा किया जाना है। दरअसल, NHAI के द्वारा छतरपुर जिले में तीसरे और चौथे चरण में चौका गांव से कैमाहा चेकपोस्ट तक करीब 98 किलोमीटर लंबे फोरलेन निर्माण का काम शुरु कर दिया गया है। जिन जगहों पर भूमि अधिग्रहण और मुआवजे काम वितरण हो चुका है। वहां पर चौड़ीकरण का काम तेजी से किया जा रहा है।

    57 गांवों से ली गई जमीन
    जिले के महाराजपुर, छतरपुर, बिजावर और बड़ामलहरा के 57 गांवों की ज़मीन का अधिग्रहण किया गया है। इसे बाद में लखनऊ से जोड़कर एक इकोनॉमिक कॉरिडोर बनाने की योजना है। इससे बुंदेलखंड के लोगों को न केवल बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, बल्कि व्यावसायिक गतिविधियों में भी बढ़ोतरी होगी, जो क्षेत्र की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करेगा।

    55 किलोमीटर में 1008 करोड़ की लागत से होगा काम
    परियोजना के तीसरे चरण में 55 किमी सडक़ निर्माण पर 1008 करोड़ का खर्च आएगा। ये हिस्सा कई गांवों और कस्बों को सीधे इकोनॉमिक कॉरिडोर से जोड़ देगा। फोरलेन बनने के बाद भारी वाहनों की आवाजाही से जुड़ी समस्याएं समाप्त होंगी और सफर का समय भी घटेगा।

    997 करोड़ की लागत से बनेगी सड़क
    परियोजना के चौथे चरण में 43 किमी फोरलेन सड़क के निर्माण पर 997 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। जो कि यूपी से कनेक्टिविटी को मजबूत बनाएगा। सडक़ चौड़ीकरण के लिए आवश्यक भूमि का मुआवजा वितरण अधिकांश क्षेत्रों में पूरा हो चुका है, जबकि शेष स्थानों पर प्रक्रिया अंतिम चरण में है। जहां मुआवजा मिल चुका है, वहां एनएचएआई ने अधिग्रहित जमीन पर कब्जा लेकर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। 

  • रायसेन: मासूम से दुष्कर्म का आरोपी फरार होने लगा, पुलिस ने पैर में गोली मारकर पकड़ा

     रायसेन
    रायसेन में एक 6 साल की बच्ची के साथ रेप का आरोपी सलमान पिछले 5 दिन से भागा-भागा फिर रहा था. उसके पीछे 300 पुलिसवाले लगे हुए थे. सलमान को पकड़ने के लिए लोग प्रदर्शन कर रहे थे. एक दिन पहले सलमान शहर के गौहरगंज इलाके में दिखा था. इसके बाद पुलिस पर दबाव और बढ़ गया था. लेकिन सलमान पुलिस से ज्यादा दिन तक बच नहीं पाया गौहरगंज के ही कीरत नगर में वो पुलिस के हत्थे चढ़ गया. भागने के दौरान उसका पुलिस के साथ मुठभेड़ भी हुई और उसके पैर में गोली लगी. घायल सलमान को भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

    पुलिस के मुताबिक, सलमान पर 30 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वह पिछले पांच दिनों से फरार था. रायसेन एसपी आशुतोष गुप्ता ने बताया, 'कल रात हमारी विशेष टीमों ने आरोपी सलमान को गिरफ्तार कर लिया, जो पिछले पांच दिनों से फरार था और जिसकी सभी टीमें तलाश कर रही थीं. एक सटीक सूचना पर हमने कार्रवाई की और उसे हिरासत में ले लिया. ले जाते समय, उसने अचानक वाहन से कूदने की कोशिश की और हमारे सब-इंस्पेक्टर की पिस्तौल भी छीन ली और पुलिस पर गोली चला दी. आत्मरक्षा में, पुलिस ने भी जवाबी गोलीबारी की, जिसमें उसके पैर में गोली लग गई.'

    एसपी ने कहा- फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश कर रहा था

    मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में मासूम बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी सलमान को पुलिस ने देर रात भोपाल से गिरफ्तार किया था। भोपाल से रायसेन लाने के दौरान बीच रास्ते में सलमान ने पुलिसकर्मी की बंदूक छीनकर फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिसकर्मियों ने शॉर्ट एनकाउंटर में उसके पैर में गोली मारकर घायल कर दिया। उसे इलाज के लिए भोपाल के जय प्रकाश अस्पताल ले जाया गया।

    रायसेन (Raisen MP Crime News) के एसपी आशुतोष गुप्ता ने बताया, सलमान को भोपाल के गांधीनगर इलाके से गिरफ्तार किया गया और उसे रायसेन ले जाया जा रहा था। इसी बीच, भोजपुर के पास कीरतनगर गांव (MP News) इलाके में पुलिस की गाड़ी खराब हो गई। सलमान ने सब-इंस्पेक्टर की बंदूक छीनकर पुलिस पर फायरिंग करके भागने की कोशिश की। जवाबी फायरिंग में सलमान के पैर में गोली लग गई। उसे इलाज के लिए भोपाल के जय प्रकाश हॉस्पिटल ले जाया गया।

    इस मालमे में सब इंस्पेक्टर सुनील सिंह का कहना है, आरोपी सलमान को रायसेन ले जाया जा रहा था, तभी उसे ले जा रही गाड़ी पंक्चर हो गई। उसे दूसरी गाड़ी में शिफ्ट किया जा रहा था। इस दौरान, सलमान ने एक अधिकारी से पिस्टल छीन ली और पुलिस पर गोली चलाने की कोशिश की। क्रॉसफायरिंग में आरोपी के पैर में गोली लगी और एक पुलिस अधिकारी भी घायल हो गया।

    कैसे हुआ एनकाउंटर?

    पुलिस ने सलमान को भोपाल के वार्ड नंबर 11 स्थित एक चाय की दुकान से गिरफ्तार किया था. इसके बाद उसे गोहरगंज पुलिस के हवाले किया गया. जब पुलिस उसे रायसेन ले जा रही थी, भोजपुर के पास सलमान ने भागने की कोशिश की और पुलिस पर फायरिंग कर दी. जवाबी कार्रवाई में उसे पैर में गोली लगी. घायल सलमान को इलाज के लिए भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज जारी है.

  • राज्य में आदर्श कानून-व्यवस्था कायम करने पर मुख्यमंत्री का विशेष जोर

    कानून व्यवस्था की आदर्श स्थिति सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कांफ्रेंस द्वारा दिए निर्देश

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में नागरिकों का सामान्य जन-जीवन सुनिश्चित करने के लिए सभी तरह के अपराधों पर पूर्ण नियंत्रण की कार्यवाही की जाए। कानून व्यवस्था की जिले में अच्छी एवं आदर्श स्थिति रहे, यह कलेक्टर एसपी सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार की रात्रि मुख्यमंत्री निवास प्रदेश के समस्त कलेक्टर्स, एस पी से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा चर्चा की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश

    • अपराध नियंत्रण पहली प्राथमिकता हो।

    • पुलिस की नियमित गश्त होना चाहिए।

    • किसानों को कहीं भी खाद की समस्या ना हो, उचित प्रबंधन करें। वितरण की व्यवस्था सुधारने पर ध्यान दें। खाद लेने के लिए अधिक देर लाइन में लगने की नौबत ना आए, ऐसी व्यवस्था बनाएं। किसी किसान को दिक्कत नहीं आनी चाहिए।

    • अधिकांश जिलों में ठंड की अधिकता को देखते हुए जनता के लिए व्यवस्थाएं बनाएं। गांवों से शहरों में या केंद्रों में खाद क्रय करने आए किसान बंधुओं के लिए भी शीतकाल से बचाव के आवश्यक उपाय करें।

     

  • अनुशासन के नाम पर अत्याचार: टीचर की पिटाई से सहमे बच्चे, अभिभावक भड़के

    बालाघाट
    सांदीपनि विद्यालय बालाघाट के एक शिक्षक पर कक्षा छठवीं के सात छात्रों के साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। पालकों का आरोप है कि शिक्षक रामप्रसाद राहंगडाले ने कक्षा में शोर मचाने की बात पर बच्चों की न सिर्फ पिटाई की बल्कि बेंच पर लिटाकर उन्हें मारा और गला तक दबा दिया।

    मामले की जानकारी लगते ही बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे गुरुवार को सांदीपनि विद्यालय पहुंचीं और शिक्षक रामप्रसाद को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने इस घटना को अमानवीय बताया और प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह से शिकायत करने की बात कही। स्कूली बच्चों के साथ मारपीट की घटना बुधवार की बताई जा रही है। महज शोर मचाने की बात पर गुस्से में आए शिक्षक द्वारा मारपीट करने के बाद से सभी पीड़ित बच्चे दहशत में हैं। पालकों ने बताया कि गुरुवार सुबह जब स्कूल जाने के लिए उनके बच्चे ने मना किया, तब पूछने पर उसने शिक्षक द्वारा मारपीट करने की घटना की जानकारी दी गई। वह बुरी तरह डरा हुआ है।

    उसे बुखार भी है। पालकों ने आरोप लगाया कि शिक्षक ने बच्चों के साथ मारपीट की और उनका गला भी दबाया। गुरुवार को सांदीपनि विद्यालय पहुंची विधायक के साथ बच्चों के पालक भी स्कूल पहुंचे।

    विधायक ने शिक्षक रामप्रसाद की क्लास ली और बच्चों से बारी-बारी से घटना के बारे में जानकारी ली। शिक्षक ने कक्षा छठवीं के पुनीत लिल्हारे, ओजवी मिश्रा, विहान नैनवानी, शौर्य दमाहे, हिमांश सोनवाने, अनवर पाटिल और जारेश बेग के साथ मारपीट की है।

     

  • 175 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित, ग्रीन फील्ड कॉरिडोर परियोजना के लिए इंदौर के 20 गांव प्रभावित

     इंदौर
    इंदौर और उज्जैन के बीच प्रस्तावित 48 किमी लंबे ग्रीन फील्ड कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो चुकी है। इसमें इंदौर जिले की दो तहसीलों सांवेर और हातोद के 20 गांवों की जमीनें आ रही हैं। अधिग्रहित होने वाली जमीनों के लिए धारा-19 का प्रकाशन कर दिया गया है, जिसके साथ ही किसानों का भूमि विवरण, स्वामित्व और रकबे की जानकारी सार्वजनिक कर दी गई है।

    इंदौर में 175 हेक्टेयर से अधिक भूमि अधिग्रहित होगी। इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर परियोजना में इंदौर जिले के 20 और उज्जैन जिले के आठ गांवों की भूमि आ रही है। इसमें इंदौर जिले में 650 किसानों की करीब 175.393 हेक्टेयर जमीन परियोजना के लिए अधिग्रहित होगी। हातोद तहसील के 255 किसानों की करीब 75.401 हेक्टेयर, जबकि सांवेर तहसील के 395 किसानों की 99.992 हेक्टेयर निजी एवं सिंचित भूमि शामिल है।

    धारा-19 के प्रकाशन के साथ ही प्रभावित किसानों के नाम और उनकी जमीन का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक कर दिया गया है। सांवेर एसडीएम धनश्याम धनगर का कहना है कि ग्रीन फील्ड कॉरिडोर योजना के लिए धारा-19 का प्रकाशन कर दिया गया है। इसमें किसानों के नाम और योजना में आ रही भूमि की जानकारी सार्वजनिक की गई है।

    मिलेगा बेहतर विकल्प

    ग्रीन फील्ड कॉरिडोर के निर्माण से इंदौर-उज्जैन के बीच यात्रा के लिए अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। इससे उज्जैन की यात्रा आसानी से और कम समय में पूरी हो सकेगी। एयरपोर्ट आकर उज्जैन जाने वाले यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

     

  • उमरिया में छेड़ेगा फुटबॉल महाकुंभ: 40 ऑफिशियल्स और 60 स्थानीय अधिकारी भी होंगे शामिल

    उमरिया 

    उमरिया जिले को पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर फुटबॉल टूर्नामेंट आयोजित करने का मौका मिला है। 69वीं राष्ट्रीय शालेय 14 वर्ष फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन 1 से 6 दिसंबर तक किया जाएगा। इस प्रतिष्ठित आयोजन में देश के 33 राज्यों से 693 खिलाड़ी, 40 ऑफिशियल्स और 60 स्थानीय अधिकारी हिस्सा लेंगे। आयोजन की तैयारियों को लेकर कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें प्रतियोगिता को सफल और भव्य बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में पूर्व विधायक अजय सिंह, राकेश शर्मा, धनुषधारी सिंह सहित जिला स्तरीय अधिकारी और विद्यालय प्राचार्य मौजूद रहे।

    व्यापक प्रचार की रणनीति तैयार
    कलेक्टर जैन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतियोगिता का व्यापक प्रचार-प्रसार होर्डिंग्स, फ्लैक्स और पेम्फलेट्स के माध्यम से किया जाए। विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में भी प्रतियोगिता का प्रमोशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि इसे राष्ट्रीय पहचान मिल सके।

    सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था चाक-चौबंध
    कलेक्टर ने बताया कि जिन चार मैदानों पर मैच होंगे वहां एंबुलेंस, स्ट्रेचर और चिकित्सकीय टीम की तैनाती रहेगी। पानी की शुद्धता की जांच लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा की जाएगी, जबकि भोजन की गुणवत्ता की जिम्मेदारी खाद्य सुरक्षा विभाग को सौंपी गई है। साफ-सफाई की व्यवस्था पर भी विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए।

    इन मैदानों में होंगे मुकाबले
    प्रतियोगिता का आयोजन स्टेडियम, कृष्ण ताल उमरिया, पीटीएस ग्राउंड और शासकीय उमावि बालक चंदिया मैदान में होगा। खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था खेल परिसर भरौला, होटल सरई, कृष्णा गार्डन, सूर्या होटल और कृष्णा पैलेस में की गई है। परिवहन के लिए 10 बसें और 8 जीप तैनात की गई हैं। प्रत्येक आवास स्थल के लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए जाएंगे।

    सांस्कृतिक कार्यक्रम देंगे खास रंग
    आरसी स्कूल उमरिया और सेंट्रल एकेडमी के छात्र विभिन्न राज्यों की पारंपरिक वेशभूषा में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। 3 और 4 दिसंबर को कैंप फायर का आयोजन होगा, जिसमें बिजहरिया लोक नृत्य दल सहित अन्य कलाकार प्रदर्शन करेंगे। व्यापारियों से भी आयोजन में सहयोग का आग्रह किया गया है, ताकि यह अवसर जिले के लिए यादगार बन सके।

    पत्रकारवार्ता में साझा हुई रूपरेखा
    प्रतियोगिता की जानकारी साझा करने के लिए मंगलवार को कृष्णा गार्डन में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पत्रकारवार्ता आयोजित की गई। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभय सिंह ने इस दौरान कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उमरिया जिला पहली बार राष्ट्रीय स्तर की मेजबानी करने जा रहा है, जिससे स्थानीय खेल जगत में उत्साह का माहौल है।

  • सैलानियों के लिए मेला तैयार: मजदूर रंग-रोगन कर झूले सजा रहे, 25 फरवरी तक ग्वालियर व्यापार मेला चलेगा

    ग्वालियर 

    ग्वालियर में हर वर्ष के प्रति इस वर्ष भी श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण द्वारा 25 दिसंबर से व्यापार मिलेगा आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष भी मेला 25 दिसंबर से लेकर 25 फरवरी तक चलेगा।

    संभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने तैयारियों की समीक्षा बैठक बुलाई, जिसमें अधिकारियों को आनन-फानन में काम पूरा करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक के दौरान संभागीय आयुक्त खत्री द्वारा दिए गए निर्देश से स्पष्ट है कि आवश्यक कार्य अभी भी अधूरे हैं।

    दुकान आवंटन की ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत अभी तक कुल 1921 दुकानों के लिए आवेदन किए जा चुके हैं। करीब 521 दुकानदार अब भी आवेदन करने से वंचित हैं। बैठक में संभाग आयुक्त खत्री ने उपायुक्त नगर निगम को मेला परिसर की साफ-सफाई शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। वहीं मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम के कार्यपालन यंत्री को स्वच्छता परिसर के संधारण कार्य को अविलंब और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण करने का निर्देश मिला। नगर निगम के कार्यपालन यंत्री (पीएचई) को स्वच्छता परिसर में तत्काल बोरिंग का कार्य पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया गया।

    एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड की रहेगी पूरी व्यवस्था संभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने मेला आयोजन से पूर्व मेले की साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था एवं पेयजल की व्यवस्था चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही मेले में लगने वाले झूलों की सुरक्षा के संबंध में भी पुख्ता प्रबंध करने को कहा गया था। मेले के दौरान अस्थायी चिकित्सालय एवं एम्बुलेंस के साथ ही फायर ब्रिगेड की व्यवस्था करने को कहा गया था। संभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने बैठक में कहा था कि मेला परिसर में अस्थायी अतिक्रमण को हटाने के लिये अभियान चलाकर कार्य किया जाए। इसके लिए एसडीएम, एडिशनल एसपी एवं अपर आयुक्त नगर निगम संयुक्त रूप से कार्रवाई सुनिश्चित करें।

    इस साल भी मेला सैलानियों के लिए 2 महीने लगेगा

    कानून व्यवस्था के संबंध में भी पुलिस अधीक्षक से समन्वय स्थापित कर मेले के दौरान सुरक्षा और पार्किंग के पुख्ता प्रबंध किए जाए। बैठक में यह भी तय किया गया था कि फायरब्रिगेड की उपलब्धता के एवज में नगर निगम को और सुरक्षा व्यवस्था के एवज में पुलिस वेलफेयर में मेला प्राधिकरण दो लाख रूपए की धनराशि उपलब्ध कराई जाए। बैठक में यह भी तय किया गया कि विभागीय प्रदर्शनियों के लिये सीईओ जिला पंचायत की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर संबंधित विभागों को समय रहते प्रदर्शनी लगाने के निर्देश दिए जाए। जिला प्रशासन की ओर से मेला अवधि में मजिस्ट्रियल अधिकारियों की तैनाती भी सुनिश्चित की जाए।

    भव्यता से आयोजित हों सांस्कृतिक कार्यक्रम

    ग्वालियर व्यापार मेले में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा भी समय रहते तय करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भव्यता से करने की बात भी कही गई। स्थानीय कलाकारों को भी मेले में अपनी प्रस्तुति प्रस्तुत करने हेतु मंच एवं सुविधाएं उपलब्ध कराए।

  • जनगणना 2027: MP में डिजिटल गणना की तैयारी, सीमाओं का अंतिम निर्धारण जारी

    भोपाल 

    भारत सरकार द्वारा देश की पहली डिजिटल जनगणना 2027 को लेकर बैतूल जिला प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी हैं। जनगणना संबंधी अधिसूचना भारत सरकार के राजपत्र में 16 जून को प्रकाशित होने के बाद बैतूल जिला सांख्यिकी विभाग ने शासन से मिले दिशा-निर्देशों के आधार पर प्रारंभिक कदम उठाना शुरु कर दिए हैं।

    बैतूल जिले में जनगणना शुरु होने से लगभग 18 महीने पहले प्रशासनिक इकाइयों जिले, तहसीलों, कस्बों और गांवों की सीमाओं को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेजी से संचालित की जा रही है। सांख्यिकी कार्यालय ने इसके लिए विभिन्न विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।

    दो चरणों में जनगणना पूरी

    इस बार होने वाली जनगणना (Census India 2027) पूरी तरह डिजिटल तकनीक आधारित होगी, जिसमें आंकड़ों के संग्रहण से लेकर प्रकाशन तक हर चरण में आधुनिक उपकरणों और सॉटवेयर का उपयोग होगा। विशेष बात यह है कि इस बार जातिगत डेटा भी संग्रहित किया जाएगा, जिसके लिए सभी जातियों से संबंधित सूचनाएं प्रगणकों द्वारा दर्ज की जाएंगी। जनगणना दो चरणों में होगी।

        पहला चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का होगा, जो मध्यप्रदेश शासन से परामर्श लेकर अप्रेल से सितंबर 2026 के बीच 30 दिन में पूरा होगा।

        दूसरा चरण जनसंया गणना का होगा, जिसे फरवरी 2027 में करवाया जाएगा। इस दौरान जनगणना की संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027, रात 12 बजे निर्धारित की गई है, यानी उस पल मौजूद जनसंया ही रिकॉर्ड मानी जाएगी।

    निवासियों के लिए स्व-गणना पोर्टल तैयार

    जनगणना को अधिक सरल, पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए एक स्व-गणना वेब पोर्टल भी विकसित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से जिले के नागरिक अपने घरों और परिवार का डेटा स्वयं भर सकेंगे। इससे न केवल आंकड़ों की सटीकता बढ़ेगी, बल्कि प्रगणकों का कार्यभार भी काफी कम होगा। डिजिटल जनगणना 2027 के लिए बैतूल जिला प्रशासन की यह तैयारियां बताती हैं कि प्रदेश और जिले के लिए यह प्रक्रिया एक महत्वपूर्ण तकनीकी बदलाव लेकर आएगी।

    ऐप, जीपीएस और रियल टाइम मॉनिटरिंग का उपयोग

    जनगणना 2027 पारंपरिक जनगणना से इसलिए भिन्न है क्योंकि इसमें मोबाइल ऐप आधारित डिजिटल डेटा संग्रह प्रणाली अपनाई जाएगी। प्रगणक मोबाइल ऐप से घरों की सूची और गणना से जुड़े आंकड़े दर्ज करेंगे। हर गणना ब्लॉक की सीमा जीपीएस तकनीक से कैप्चर की जाएगी, जिससे सटीकता बढ़ेगी। समस्त जनगणना कार्य की रियल टाइम मॉनिटरिंग सीएमएमएस पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। नवंबर 2025 तक जिले में जनगणना प्रशिक्षण के लिए चार मास्टर ट्रेनर चिन्हित किए जा चुके हैं, जो आगे प्रगणकों को प्रशिक्षित करेंगे।

    सीमाओं की फ्रीजिंग से पहले सत्यापन

    जनगणना 2027 के लिए राज्य की प्रशासनिक इकाइयों की सीमाओं की फ्रीजिंग 31 दिसंबर 2025 से लागू हो जाएगी। इसके बाद 1 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2027 तक किसी भी जिलों, तहसीलों या ग्राम सीमाओं में परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा। इसी कारण बैतूल जिले में सीमाओं के सत्यापन का कार्य प्राथमिकता से करवाया जा रहा है।

    निर्देशालय द्वारा भेजे गए आदेशों के अनुसार अक्टूबर-नवंबर 2025 के बीच तक सभी राजस्व व वन ग्रामों की तहसीलवार सूची, नगरीय निकायों के मानचित्र और ग्राम सीमाओं के सत्यापन पूरा कर भेजना अनिवार्य होगा। जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश जारी किए हैं। 

    जनगणना 2027: पहले चरण में घर-घर पहुंचेगी टीम

    नए साल में जनगणना वाले कई सवाल लेकर आपके घर पर दस्तक देंगे। वे घर के निर्माण से लेकर उसके उपयोग के बाबत तमाम जानकारी एकत्र करेंगे। मसलन सौर ऊर्जा से लेकर इंटरनेट के इस्तेमाल तक की जानकारी मांगी जाएगी।

    घर के फर्श, छत व दीवारें किस चीज से बनीं हैं। मकान का उपयोग आवास के रूप में होता या उसमें कार्यालय, गेस्ट हाउस या पूजा स्थल भी है। पीने का पानी नहर, नदी, कुएं हैंडपंप व नल से मिलता है या सीलबंद पैकेट या बोतल का पानी उपयोग में आता है। यह सब जानकारियां भी हासिल की जाएंगी। टेलीफोन या स्मार्टफोन तक की जानकारी भी साझा करनी है।

    इस कवायद का मकसद देश के लोगों के रहन सहन के स्तर को जानना है। इससे निकले आंकड़े विकसित भारत की मुहिम में नई नीतियां बनाने व मौजूदा नीतियों में कमियों को दूर करने में सहायक होंगे। भारत सरकार ने जनगणना 2027 के प्रथम चरण के लिए मकान सूचीकरण व मकान गणना अनुसूची सूची तैयार करने का अभियान तेज कर दिया है। इसके लिए प्रगणक घर घर दस्तक देंगे। इसके लिए 30 से ज्यादा सवालों की सूची तैयार कर ली गई है। इससे संबंधित अधिसूचना जल्द जारी होगी।

    मोटर कार से लेकर मोपेड तक जानकारी दर्ज होगी
    मकान मलिक से घर में कार, मोटर साइकिल, साइकिल व मोपेड के बारे में जानकारी ली जाएगी। यह पता किया जाएगा घर में खाना बनाने में लकड़ी, फसल अपशिष्ट , उपले कोयला, गोबर गैस, मिट्टी का तेल, एलपीजी, पीएनजी, बिजली व सौर ऊर्जा में किसका इस्तेमाल होता है। फर्श कच्चा है या पत्थर, टाइल, ईंट या सीमेंट का है। टीवी में डिश व डीटीएच की सुविधा, लैपटॉप, लैंडलाइन व मोबाइल फोन की जानकारी भी देनी है। गेहूं , ज्वार , चावल , बाजरा, मक्के के उपयोग के बाबत भी सवाल होंगे।

    ऑनलाइन गणना से जल्द आएंगे आंकड़े
    जनगणना 2027 का पहला चरण अगले साल अप्रैल से शुरू होगा। इसमें मकानों व उसमें रहने वालो के रहन सहन के स्तर का ब्यौरा एकत्र होगा। वर्तमान में लद्दाख व पश्चिम बंगाल को छोड़कर पूरे देश में पहले चरण के मकान सूचीकरण के काम का पूर्वाभ्यास चल रहा है। प्रगणकों को इसमें प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। यह प्रगणक ऑनलाइन व घर घर जाकर दोनों तरह से आंकड़ों को एकत्र करेंगे। पहली बार डिजिटल माध्यम का भी उपयोग होने से जनगणना के आंकड़े भी जल्द सामने आ सकेंगे। पहले की जनगणनाओं में मुख्य आंकड़े तो आ जाते थे लेकिन विस्तृत आंकड़े आने में कई साल लगते थे।

    दूसरे चरण के तहत 2027 में पूरे देश की जनगणना कराई जाएगी। इसमें जातिगत जनगणना भी शामिल है। आजादी के बाद पहली बार जातिगत जनगणना होनी है इसलिए इस काम को बहुत ही चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। जनगणना में पहली बार मोबाइल ऐप व पोर्टल का उपयोग होगा। उसके लिए सवाल अलग से तैयार होंगे। भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना कार्यालय ने सभी राज्यों को विस्तृत निर्देश भेजें हैं।