• भक्तों के लिए खुशखबरी: नए साल में महाकाल भस्म आरती के दर्शन होंगे चलायमान, ऑनलाइन बुकिंग उपलब्ध

    उज्जैन
    ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग को ब्लाक कर दिया गया है। भीड़ भरे इन दिनों में आफलाइन अनुमति व्यवस्था भी स्थगित रहेगी। इस दौरान देशभर से आने वाले भक्त भगवान महाकाल की भस्म आरती के चलायमान दर्शन कर सकेंगे।

    महाकाल मंदिर में नए साल को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। अनुमान है कि 25 दिसंबर से पांच जनवरी तक करीब 10 लाख भक्त भगवान महाकाल के दर्शन करने उज्जैन पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए दर्शन का नया प्लान तैयार किया जा रहा है। इसकी शुरुआत भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग सुविधा को ब्लॉक करने के साथ हो गई है।

    सभी को अनुमति प्रदान करना संभव नहीं

    भस्म आरती दर्शन व्यवस्था प्रभारी व सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने बताया नए साल में भस्म आरती दर्शन को लेकर काफी दबाव रहता है। हर भक्त की अभिलाषा रहती है कि वह भगवान महाकाल की भस्म आरती के दर्शन करे, लेकिन मंदिर में स्थान समिति होने के कारण सभी को अनुमति प्रदान करना संभव नहीं है। इसलिए 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक अत्यधिक भीड़ वाले दिनों के लिए भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था को बंद कर दिया गया है।

    मंदिर के भस्म आरती बुकिंग काउंटर से सामान्य श्रद्धालुओं को दी जाने वाली अनुमति व्यवस्था भी स्थगित रहेगी। उक्त सभी दर्शनार्थी बिना किसी परेशानी के कार्तिकेय मंडपम से सुविधा पूर्वक निश्शुल्क चलायमान दर्शन कर सकेंगे।

    चारधाम मंदिर से रहेगी दर्शन व्यवस्था

    पिछले कुछ सालों से वर्षांत में देश विदेश से हजारों भक्त भगवान महाकाल के दर्शन करने उज्जैन आते हैं। मंदिर प्रशासन द्वारा भक्तों की सुविधा के विशेष इंतजाम किए जाते हैं। इस बार भी नए साल में विशेष दर्शन व्यवस्था लागू रहेगी। दर्शनार्थियों को कर्कराज पार्किंग से चारधाम मंदिर, शक्तिपथ के रास्ते श्रीमहाकाल महालोक होते हुए मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा, इसके बाद श्रद्धालु गणेश व कार्तिकेय मंडप से भगवान महाकाल के दर्शन करेंगे।

    बंद रह सकती है शीघ्र दर्शन टिकट सुविधा

    31 दिसंबर व 1 जनवरी को 250 रुपये की शीघ्र दर्शन टिकट सुविधा भी बंद रह सकती है। बताया जाता है नए दर्शन प्लान में इस विकल्प को खुला रखा जाएगा। गत वर्ष 2025 में भी अत्यधिक भीड़ वाले इन दिनों में शीघ्र दर्शन की सुविधा को स्थगित किया गया था। सभी श्रेणी के भक्तों को एक साथ एक व्यवस्था से भगवान महाकाल के दर्शन कराए गए थे।

    यहां रहेगी पार्किंग सुविधा

        कर्कराज मंदिर, भील समाज धर्मशाला, नृसिंह घाट क्षेत्र में वाहन पार्किंग रहेगी।
        हरिफाटक चौराहा के पास इम्पीरियल होटल के पीछे तथा मन्नत गार्डन में पार्किंग रहेगी।

     

  • मोहन यादव का विपक्ष पर वार: कहा— कांग्रेस ‘राम’ नहीं, ‘हे-राम’ की सोच वाली पार्टी

    श्योपुर 
    मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले की बड़ौदा तहसील में गुरूवार को सीएम मोहन यादव किसानों के मुआवजा वितरण कार्यक्रम में पहुंचे। यहां एक तरफ जहां सीएम मोहन यादव ने सिंगल क्लिक के जरिए 6 जिलों के किसानों के खातों में 238 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि ट्रांसफर की, वहीं दूसरी तरफ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। सीएम मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस ने कभी किसानों को सम्मान निधि नहीं दी, बल्कि कांग्रेस हमेशा किसान विरोधी रही है।

    'ये राम वाले नहीं हे-राम वाले हैं'
    सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि- “कांग्रेस वाले राम वाले नहीं, ये तो हे-राम वाले हैं। इन्होंने भगवान राम के जन्म पर सवाल उठाया। भगवान राम का मजाक बनाया। लेकिन नरेंद्र मोदी की सरकार में अयोध्या में भव्य राम का धाम जगमगा रहा है। जब अयोध्या में राम मंदिर जगमगा रहा है तो फिर मथुरा वाले क्यों पीछे रहें? वहां भी भव्य मंदिर होना चाहिए। अब कांग्रेसी कहते हैं कि हम भी राम वाले हैं, लेकिन मैं कहता हूं कि कांग्रेस वालों सुन लो, यदि दम है तो आओ, मथुरा बुला रही है…। लेकिन ये नहीं आएंगे, ये भगवान राम और भगवान गोपाल कृष्ण की जय नहीं बोल सकते हैं, क्योंकि जय बोलेंगे तो वोट खिसकते दिखते हैं।”

    6 जिलों के किसानों के खातों में ट्रांसफर किए 238 करोड़
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्योपुर जिले के बड़ौदा से श्योपुर सहित हरदा, विदिशा, खंडवा, धार और नर्मदापुरम की 23 तहसीलों के 2,148 गांवों के 3,05,410 किसानों को धान, सोयाबीन, मक्का, उड़द आदि फसलों के नुकसान का 238 करोड़ 78 लाख रुपए की राशि का मुआवजा सिंगल क्लिक के माध्यम से जारी किया। इसमें केवल श्योपुर जिले के ही 1,03,078 किसानों को 100 करोड़ 83 लाख रुपए की राशि जारी हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने श्योपुर जिले में 38 करोड़ के विभिन्न कामों का लोकार्पण और भूमि पूजन किया, साथ ही कुछ स्थानीय स्तर की घोषणाएं भी की। बड़ौदा के पुलिस थाना ग्राउंड पर हुए कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना, श्योपुर जिले के प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला भी मौजूद रहे।

  • बागेश्वर बाबा का जनसंख्या व राष्ट्रवाद पर तीखा बयान— उठाए कई बड़े सवाल

    शिवपुरी 
    शिवपुरी में श्रीमद् भागवत कथा के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य राजनीति नहीं, हिंदू और सनातन एकता है। उन्होंने कहा कि हम इस देश को गजवा-ए-हिंद नहीं बल्कि हमें भगवा हिंद बनाना है। उन्होंने हिंदुओं की घटती जनसंख्या पर चिंता जताते हुए कहा “हिंदुओं को चार बच्चे पैदा करने चाहिए। चच्चे के 30 बच्चे हो सकते हैं तो हिंदुओं के 4 क्यों नहीं?”

    पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने भारत में पाठयक्रम में गीता‑भागवत‑रामायण को जोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि भारत के पाठ्यक्रम में ऐसे ग्रंथ शामिल होने चाहिए जो युवाओं को सही दिशा दें। अगर गीता, भागवत और रामायण को जोड़ दिया जाए तो युवा सही दिशा पाएंगे। कई पुस्तकें ऐसी हैं जो केवल अपने मजहब के लोगों को इंसान मानती हैं और बाकी को काफिर कहती हैं। सनातन धर्म ऐसा नहीं है। यह वसुधैव कुटुंबकम् की बात करता है। इसलिए पाठ्यक्रम में ‘जोड़ने वाले’ जोड़ें, ‘तोड़ने वाले’ नहीं।
     
    वही दिल्ली ब्लास्ट पर उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुछ लोग इस देश का खाना खाते हैं और तिरंगे में चांद देखना चाहते हैं, जबकि हम चांद पर तिरंगा देखना चाहते हैं। उन्होंने आत्मघाती हमलों में मारे गए आतंकियों के परिवारों को लेकर कहा कि इस्लाम धर्म मानने वाले अपने बच्चों की शिक्षा पर ध्यान दें। अपने बच्चों को अब्दुल कलाम बनाएं, आतंकवादी नहीं। जो ऐसा नहीं करना चाहते, वे लाहौर जा सकते हैं। दिल्ली धमाके के आरोपी डॉक्टरों पर शास्त्री ने कहा कि यह आतंकी संगठनों की बौखलाहट है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग देश का खाना खाते हैं और तिरंगे में चांद ढूंढते हैं, जबकि हम चांद पर तिरंगा देखना चाहते हैं।

     

  • जशपुर जिले में शिल्पकारों के लिए स्थापित होगा ग्लेज़िंग यूनिट: मुख्यमंत्री साय

    कुम्हारों को 100 इलेक्ट्रॉनिक चाक का वितरण

    कुम्हार समाज के मंगल भवन के विस्तार के लिए 25 लाख रुपए की घोषणा

     विष्णु महायज्ञ चक्र पूजा कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के ग्राम नारायणपुर में कुम्हार समाज द्वारा आयोजित श्री विष्णु महायज्ञ एवं चक्र पूजा कार्यक्रम में शामिल हुए और पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने इस अवसर पर ग्राम गोरिया में माटी कला बोर्ड के माध्यम से कुम्हारों के लिए ग्लेज़िंग यूनिट स्थापित करने तथा कुम्हार समाज के मंगल भवन के विस्तार के लिए 25 लाख रुपए की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में सरगुजा संभाग के 100 कुम्हारों को इलेक्ट्रॉनिक चाक का भी वितरण किया।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कुम्हार समाज द्वारा आयोजित श्री विष्णु महायज्ञ का यह पवित्र आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण है। चक्र पूजा केवल मिट्टी के चाक की आराधना नहीं, बल्कि सृष्टि के निर्माण, परिश्रम, रचनात्मकता और मानव जीवन की निरंतरता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कुम्हार समाज छत्तीसगढ़ी संस्कृति का अभिन्न अंग है। आप सभी मिट्टी की कला में सिद्धहस्त हैं। आपकी रचनात्मक मेहनत हमारे तीज-त्योहारों और धार्मिक अनुष्ठानों को जीवंत और पूर्णता प्रदान करती है। हमारी सरकार आपकी इस अनमोल विरासत के संरक्षण, संवर्धन और सशक्तिकरण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक चाक (इलेक्ट्रिक पॉटर व्हील) का वितरण किया जा रहा है, जिससे मेहनत कम होगी, उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और उत्पादों को बेहतर फिनिशिंग मिलेगी। इससे बाजार में ऊँचा मूल्य मिलेगा और वर्षभर स्थिर आमदनी सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि कारीगरों के प्रशिक्षण के लिए नई डिजाइन, आधुनिक तकनीक और उद्यमिता से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं। हमारी सरकार कुम्हारों को वित्तीय सहायता भी प्रदान कर रही है, जिससे आप नए उपकरण खरीदकर अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकें। मार्केटिंग के लिए मेलों, प्रदर्शनियों और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म्स का उपयोग बढ़ाया जा रहा है, जिससे आपकी कला पूरे देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों तक पहुँच सके। उन्होंने छत्तीसगढ़ की माटी कला को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की अपील की।

    कार्यक्रम में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, विधायक गोमती साय और  रायमुनी भगत, पद्मश्री जागेश्वर यादव, माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष शंभूराम चक्रवर्ती, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका अध्यक्ष जशपुर अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका जशपुर उपाध्यक्ष  यश प्रताप सिंह जूदेव,  कृष्ण कुमार राय, विजय आदित्य प्रताप सिंह जूदेव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक बंधु और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

  • DG-IG Conference रायपुर: देशभर के अधिकारी पहुँच रहे, अमित शाह आज रात आएंगे

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ में डीजी- आईजी कॉन्फ्रेंस होने जा रहा है। यह कॉन्फ्रेंस 28 से 30 नवंबर तक चलेगी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समेत देशभर से DG – IG शामिल होंगे। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह अब 27 नवंबर की रात्रि 11 बजे विशेष विमान से रायपुर पहुंचेंगे और कल सुबह डीजी-आईजी कॉन्फ्रेंस में शामिल होंगे। कार्केट समेत सभी अधिकारियों को अलर्ट किया गया है। बता दें कि अमित शाह 28 नवंबर को रायपुर आने वाले थे, लेकिन अब उनके दौरे में बदलाव किया गया है।

    60वीं DGP-IG सम्मेलन में शामिल होने के लिए देशभर से DG – IG अधिकारियों के आने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। देशभर के 236 डीजी रायपुर पहुंच चुके हैं। DGP, COP, IG, ADG, IB सहित कई सुरक्षा प्रमुख भी रायपुर पहुंचे हैं। एयरपोर्ट में अधिकारियों के लिए राज्य पुलिस सेवा के अफसरों की तैनाती की गई है। वहीं ट्रैफिक AIG संजय शर्मा एयरपोर्ट पर ट्रैफिक व्यवस्था संभाल रहे हैं। अधिकारियों के रुकने के लिए 6 अलग-अलग स्पॉट्स बनाए गए हैं। नया रायपुर, न्यू सर्किट हाउस से सिविल लाइन सर्किट हाउस तक रुकने के स्पॉट बनाए गए हैं।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रायपुर में पुलिस महानिदेशकों-महानिरीक्षकों के अखिल भारतीय सम्मेलन के 60वें संस्करण में भाग लेंगे। 29 से 30 नवंबर तक भारतीय प्रबंधन संस्थान, रायपुर में आयोजित सम्मेलन का उद्देश्य अब तक प्रमुख पुलिस चुनौतियों से निपटने में हुई प्रगति की समीक्षा करना और ‘विकसित भारत’ के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप ‘सुरक्षित भारत’ के निर्माण के लिए एक दूरदर्शी रोडमैप की रूपरेखा तैयार करना है।

    ‘विकसित भारत: सुरक्षा आयाम’ विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में वामपंथी उग्रवाद, आतंकवाद निरोध, आपदा प्रबंधन, महिला सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था में फोरेंसिक विज्ञान एवं एआई के उपयोग जैसे प्रमुख सुरक्षा मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी। प्रधानमंत्री विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक भी प्रदान करेंगे।

    यह सम्मेलन देशभर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और सुरक्षा प्रशासकों को राष्ट्रीय सुरक्षा के विविध मुद्दों पर खुले और सार्थक विचार-विमर्श के लिए एक महत्वपूर्ण संवादात्मक मंच प्रदान करता है। यह पुलिस बलों के सामने आने वाली परिचालन, अवसंरचनात्मक और कल्याण संबंधी चुनौतियों पर चर्चा के साथ-साथ अपराध से निपटने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आंतरिक सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए पेशेवर प्रथाओं के निर्माण और साझाकरण को भी सुगम बनाता है।

    प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने इस वार्षिक सम्मेलन में निरंतर गहरी रुचि दिखाई है और स्पष्ट चर्चाओं को प्रोत्साहित किया है। उन्‍होंने एक ऐसा माहौल तैयार किया है, जहां पुलिस व्यवस्था पर नए विचार उभर सकें। व्यावसायिक सत्र, विस्तृत बातचीत और विषयगत चर्चाएं प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण आंतरिक सुरक्षा और नीतिगत मामलों पर सीधे प्रधानमंत्री के साथ अपने विचार साझा करने का अवसर प्रदान करती हैं।

    वर्ष 2014 से प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में इस सम्मेलन के स्वरूप में निरंतर सुधार हुआ है, जिसमें देश भर के विभिन्न स्थानों पर इसका आयोजन भी शामिल है। यह सम्मेलन गुवाहाटी-असम, कच्छ के रण-गुजरात, हैदराबाद-तेलंगाना, टेकनपुर-ग्वालियर-मध्य प्रदेश, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (केवड़िया-गुजरात), पुणे-महाराष्ट्र, लखनऊ-उत्तर प्रदेश, नई दिल्ली, जयपुर-राजस्थान और भुवनेश्वर-ओडिशा में आयोजित किया जा चुका है।

    इस सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, गृह राज्य मंत्री, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक और केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुख भाग लेंगे। नए और अभिनव विचारों को सामने लाने के लिए, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के गृह विभाग के प्रमुख और डीआईजी व एसपी स्तर के कुछ चुनिंदा पुलिस अधिकारी भी इस वर्ष सम्मेलन में भाग लेंगे।

  • ग्वालियर में चेक चोरी का सनसनीखेज मामला, बैंक की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालों की बौछार

    ग्वालियर
    सरस्वती शिशु मंदिर की प्राचार्य कल्पना सिकरवार के एक लाख रुपए के चेक के चोरी होने का मामला सामने आया है। प्राचार्य ने यह चेक 18 नवंबर को स्कूल के चपरासी को बैंक में जमा करने के लिए दिया था। चेक, जो पंजाब नेशनल बैंक, इंदरगंज शाखा के ड्राप बॉक्स में डाला गया था, किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा चुरा लिया गया।

    चोर ने यह चेक बैंक की जिंसी नाला स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में जमा करवा कर नकद एक लाख रुपए निकाल लिए। बैंक ने यह भुगतान अकाउंट पे की बजाय कैश क्लियरेंस के रूप में किया। बैंक कर्मचारियों की लापरवाही भी उजागर हुई क्योंकि सामान्यतः किसी भी ओवरराइटिंग वाले चेक को रद्द कर दिया जाता है, लेकिन इस मामले में भुगतान हो गया। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज से चोर की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

  • मुख्यधारा में लौटे 79 युवा: नक्सल पीड़ा से संघर्ष कर अब पा रहे नई राह

    कौशल प्रशिक्षण पूर्ण करने पर 10.33 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित

    रायपुर,

     जिला प्रशासन द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति, पुनर्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में उठाए गए प्रयासों के अंतर्गत आज एक महत्वपूर्ण पहल को मूर्त रूप दिया गया। नक्सलवादी आत्मसमर्पित, पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति 2025 के तहत जिला कौशल विकास प्राधिकरण एवं लाइवलीहुड कॉलेज नारायणपुर द्वारा प्रशिक्षित 79 प्रशिक्षणार्थियों को कौशल प्रशिक्षण पूर्ण करने पर कुल 10 लाख 33 हजार 965 रुपये की प्रोत्साहन राशि चेक के रूप में वितरित की गई।

    जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर ने आत्मसमर्पित युवाओं को ड्राइविंग, प्लंबिंग, सिलाई एवं अन्य आजीविका उन्मुख trades में प्रशिक्षण पूरा करने पर शुभकामनाएँ दीं। ये सभी प्रशिक्षणार्थी जिले के अत्यंत सुदूर एवं दुर्गम क्षेत्रों—सोनपुर, अबूझमाड़ एवं कोंडागांव—से संबंधित है। प्रोत्साहन राशि का सदुपयोग सुनिश्चित करने पर विशेष बल देते हुए कलेक्टर ने
    कहा कि धनराशि को परिवार की आवश्यक जरूरतों, बच्चों की शिक्षा तथा कृषि व आजीविका संबंधी कार्यों में लगाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अब सभी को अपने गांवों में रहकर खेती-किसानी, मकान निर्माण तथा अपने कौशल के अनुरूप रोजगार गतिविधियों को आगे बढ़ाना चाहिए।

    महिला प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कलेक्टर ने स्व-सहायता समूहों से जुड़कर सिलाई कार्य को संगठित रूप से बढ़ाने, उत्पादन क्षमता विकसित करने और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वहीं प्लंबिंग प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को ग्रामीण क्षेत्रों में नलकूप स्थापना, मरम्मत और जलसुविधा से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का सुझाव दिया, ताकि गांवों को बेहतर सेवाएँ प्राप्त हो सकें। आधुनिक समय में बढ़ते ऑनलाइन धोखाधड़ी मामलों पर सतर्क रहने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि किसी भी अज्ञात कॉल, लिंक या संदेश पर भरोसा न करें तथा ओटीपी, एटीएम पिन या बैंक संबंधी जानकारी किसी से साझा न करें। किसी संदिग्ध स्थिति में तत्काल बैंक या प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित करने की सलाह दी।

    कार्यक्रम के अंत में सभी 79 प्रशिक्षणार्थियों को चेक वितरित किए गए और उन्हें मुख्यधारा में सक्रिय भागीदारी तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। यह पहल आत्मसमर्पित नक्सलियों को सम्मानजनक जीवन देने और आर्थिक मजबूती प्रदान करने की दिशा में जिला प्रशासन का सराहनीय प्रयास है, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त कर रहा है। इस अवसर पर जिला प्रशासन के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • रिश्वतखोरी का खेल बेनकाब: CMHO दफ्तर का कर्मचारी 60 हजार लेते गिरफ्तार, पैथोलॉजी वाले को धमका रहा था

    जबलपुर
    अपराध अन्वेषण प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय के एक लिपिक को 60 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपित सीएमएचओ कार्यालय की विधि शाखा का प्रभारी और रिकार्ड कीपर है। वह मूलत: ग्वालियर के लश्कर का रहने वाला है। आरोपित को एक निजी पैथोलाजी संचालक के विरुद्ध शिकायत प्राप्त हुई थी। इस मामले की जांच खत्म करने के लिए आरोपित लगातार रिश्वत का दबाव बना रहा था। तब परेशान होकर पैथोलाजी संचालक मनोज श्रीवास्तव ने ईओडब्ल्यू पुलिस अधीक्षक को शिकायत की। जांच और दोनों के फोन ट्रेप पर लेने के बाद गुरुवार को कार्रवाई की गई। जैसे ही पैथोलाजी संचालक ने लिपिक को रिश्वत के रुपये दिए, उसे पकड़ लिया गया।
     
    आपराधिक मामला बोलकर धमकाया
        सिहोरा के ज्वालामुखी वार्ड निवासी मनोज श्रीवास्तव का वहां पर पैथोलाजी कलेक्शन सेंटर है। उनसे कुछ समय पूर्व लिपिक आकाश गुप्ता ने संपर्क किया।
        उसे बताया कि उनकी पैथोलाजी की स्वास्थ्य विभाग काे शिकायत प्राप्त हुई है। मामले में बातचीत करते हुए लिपिक ने धमकाया कि उसके विरुद्ध आपराधिक प्रकरण बनाया जा रहा है।
        मनोज ने शिकायत को झूठी बताया। इस पर लिपिक ने कहा कि वह कार्यवाही से बचा सकता है, लेकिन इसके एवज में उसे 80 हजार रुपये रिश्वत देना होगा।
        इतनी रिश्वत देने से मनोज ने मना कर दिया। उसके बाद आरोपित लिपिक उस पर लगातार दबाव बनाने लगे। फिर बाद में लिपिक 60 हजार रुपये लेकर शिकायत बंद करने तैयार हो गया।

    कार्यालय से होटल ले गया, फिर वहां लिए रुपये
        लिपिक आकाश ने पैथोलाजी संचालक को फोन कर गुरुवार को रिश्वत के रुपये लेकर आने बोला।
        यह पता चलते ही ईओडब्ल्यू का दल उसे रंगे हाथ पकड़ने के लिए विक्टोरिया अस्पताल पहुंचा, लेकिन लिपिक ने चालाकी दिखाते हुए पैथोलाजी संचालक से कार्यालय में रुपये लेने से मना कर दिया।
        लिपिक अपने मोटरसाइकिल पर पैथोलाजी संचालक को कार्यालय से दूर तीन पत्ती चौक के पास एक होटल में लेकर गया।
        जहां, तक ईओडब्ल्यू भी पीछे-पीछे पहुंच गई। जहां, लिपिक होटल में बैठकर रिश्वत के नोट गिन रहा था। तभी उसे दबोच लिया गया।

    एक सप्ताह पहले धरा जाता, लेकिन संदेह हो गया था
    आरोपित लिपिक शातिर है। उसे पकड़ने के लिए एक सप्ताह पूर्व ईओडब्ल्यू ने जाल बिछाया था। तब आरोपित लिपिक ने पैथोलाजी संचालक को रुपये लेकर हाईकोर्ट चौक के पास मिलने बुलाया था। तब वह रिश्वत की पहली किस्त के रुप में 20 हजार रुपये लेकर पहुंचा था। उसे देखते ही लिपिक ने एक बैग खोला और उसमें रुपये रखने के लिए संचालक से बोला। लेकिन संचालक उसे हाथ में रुपये पकड़ाने का प्रयास करने लगा। इस पर लिपिक को संदेह हुआ और वह रुपये लिए बिना ही तुरंत वहां से चला गया था।

    झूठी शिकायत और अवैध वसूली का खेल पुराना
    जिला स्वास्थ्य विभाग में पैथोलाजी एवं निजी अस्पतालों की झूठी शिकायत और फिर उनसे अवैध वसूली का खेल लंबे समय से चल रहा है। इस बात के संकेत ईओडब्ल्यू को शुरुआती जांच में मिले है। रिश्वत लेते धरा गया लिपिक आकाश पैथोलाजी संचालकाें को इंटरनेट मीडिया काल पर संपर्क करता था। उनकी संस्था के विरुद्ध शिकायत मिलने का बोलकर दबाव बनाता था। फिर निराकरण करने का कहकर रुपये ऐंठता था। ईओडब्ल्यू आरोपित लिपिक के आय एवं संपत्ति की जानकारी भी खंगाल रही है।

  • धान खरीदी व्यवस्था से किसानों का बढ़ा भरोसा

    रामपुर के किसान कीर्तम राम पटेल ने सुचारू व्यवस्थाओं के लिए शासन को दिया धन्यवाद

    रायपुर,

     प्रदेशभर में जारी धान खरीदी तिहार किसानों के लिए राहत, पारदर्शिता और सुगमता का संदेश लेकर आया है। सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत रामपुर के कृषक एवं गांव के पटेल, कीर्तम राम पटेल ने खरीदी केंद्रों की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस वर्ष की धान खरीदी प्रक्रिया अत्यंत सरल, व्यवस्थित और किसान हित में है।

    कृषक कीर्तम राम पटेल ने बताया कि वे इस सीजन में कुल 187 क्विंटल धान बेच रहे हैं। इनमें से 80 क्विंटल धान वे पहले ही टोकन के माध्यम से बेच चुके हैं, जबकि शेष 107 क्विंटल धान अगला टोकन जारी होने पर बेचेंगे। उन्होंने कहा कि टोकन प्रणाली से खरीदी केंद्रों में भीड़ कम हुई है और किसानों को निर्धारित समय पर धान बेचने की सुविधा मिल रही है।

    उन्होंने बताया कि केंद्र में बारदाना की पर्याप्त उपलब्धता, कर्मचारियों का सहयोग, सटीक तुलाई, और पारदर्शी कार्यप्रणाली किसानों के भरोसे को और मजबूत कर रही है।

    कृषक पटेल ने कहा कि पहले की तुलना में इस बार खरीदी व्यवस्था बहुत ही सुचारू और पारदर्शी है। किसी तरह की अव्यवस्था नहीं है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा धान का 3100 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य तय किए जाने से किसानों के चेहरे पर प्रसन्नता है।

    उन्होंने बताया कि बेहतर व्यवस्थाओं के कारण किसानों को उचित मूल्य मिलने के साथ-साथ समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है।

    खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष धान खरीदी को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए टोकन वितरण, इलेक्ट्रॉनिक तुलाई, गुणवत्ता परीक्षण, बारदाना प्रबंधन, और भुगतान व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।

    किसान की यह संतुष्टि इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री के निर्देशन में संचालित धान खरीदी तिहार, किसानों को लाभ पहुंचाने और निर्बाध व्यवस्था सुनिश्चित करने में सफल हो रहा है।

  • धान किसानों को राहत पैकेज: CM मोहन यादव ने श्योपुर में किया 238 करोड़ रुपये का DBT ट्रांसफर

    श्योपुर
    जिले के बड़ौदा में गुरुवार को आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसान हितैषी योजनाओं के साथ-साथ कांग्रेस पर तीखे तंज कसे। मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदेश के 305410 प्रभावित किसानों के खातों में 238 करोड़ 78 लाख रुपये की मुआवजा राशि अंतरित की। श्योपुर, हरदा, विदिशा, नर्मदापुरम, धार और खंडवा जिलों के 2148 ग्रामों के किसानों को इस राहत पैकेज का सीधा लाभ मिला है। श्योपुर के किसानों को मुआवजे का सबसे बड़ा हिस्सा मिला है।

    फसल क्षति की मार झेल रहे श्योपुर जिले के 10,078 धान प्रभावित किसानों के खातों में 100 करोड़ 83 लाख रुपये पहुंचे। हरदा के 95989 किसानों को सोयाबीन क्षति पर 71.52 करोड़, विदिशा के 51830 किसानों को सोयाबीन और उड़द में नुकसान पर 29.15 करोड़, नर्मदापुरम के 22779 किसानों को 19.84 करोड़, धार के 19173 किसानों को 1031 करोड़, और खंडवा के 12961 किसानों को पीला मौजेक कीट से प्रभावित फसलों के लिए 7.13 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।

    इस मौके पर मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने कहा कि जब भी किसानों पर संकट आया है, भाजपा सरकार ढाल बनकर खड़ी हुई है। कांग्रेस की सरकारें 70 साल रहीं, पर किसान के पसीने की कीमत कभी नहीं समझीं। सीएम ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कान खोलकर सुन लें कांग्रेसी, उन्होंने चवन्नी कभी दी नहीं। हम 16 हजार प्रति हेक्टेयर का लाभ दे रहे हैं। कांग्रेस तीन हजार हेक्टेयर भी नहीं देती थी। कांग्रेस कह रही थी भावांतर का पैसा नहीं देंगे। आकर देख लो कांग्रेसी, जो कहा है वो पूरा कर दिखाया है। पप्पू और पप्पू की मम्मी की सरकार खत्म हो गई। भगवान राम का प्रमाण मांगने वाले कांग्रेसी आज राम मंदिर जगमगाता देख रहे हैं। कांग्रेसी गोपाल कृष्ण भगवान की जय नहीं बोल सकते, बोलते ही बुखार आ जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों, गरीबों और सनातन परंपरा की वास्तविक चिंता करती है। किसान सम्मान निधि 70 साल कांग्रेस ने नहीं दी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी। मध्यप्रदेश में हमने यही राशि दोगुनी की।

    मुख्यमंत्री डा. यादव ने कहा किसान खेत में है, जवान सीमा पर है। दोनों की चिंता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करते हैं। भाजपा सरकार खेत से लेकर मंडी तक किसान का हर दर्द समझती है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को नमन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना ने गांवों में विकास की नई क्रांति लाई।साथ ही, उन्होंने नदी जोड़ो परियोजना रोकने के लिए कांग्रेस पर निशाना साधा।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने करोड़ों के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। इनमें शामिल हैं सेसईपुरा में 2.75 करोड़ का आदिवासी बालक आश्रम भवन, श्योपुर में 14.80 करोड़ की लागत से नर्सिंग कॉलेज भवन, 14.95 करोड़ की लागत से 50 बिस्तरीय एकीकृत आयुष अस्पताल, 96 लाख की लागत से बागवानी एवं खाद-प्रसंस्करण ज्ञान प्रसार केंद्र, लहरौनी 2.61 करोड़, बलावनी 2.53 करोड़ और डाबीपुरा 2.49 करोड़ में नए 33/11 केवी उपकेंद्रों का शिलान्यास।

    बड़ौदा और श्योपुर के लिए नई घोषणाएं की, मुख्यमंत्री अंत में बोले बार-बार आऊंगा
    सीएम ने मंच से कई घोषणाएं की। बड़ौदा में बाढ़ समस्या से निपटने बड़े नाले का निर्माण, पुलिस थाने के पास नई पुलिया का निर्माण, बड़ौदा में गीता भवन का निर्माण, चंद्रसागर पर्यटन स्थल एवं शिव मंदिर का जीर्णोद्धार, श्योपुर को पर्यटन का केंद्र बनाने की घोषणा। मुख्यमंत्री डा. यादव ने कहा कि श्योपुर में बार-बार आऊँगा, यहां का विकास हमारी प्राथमिकता है। 

  • खेती से कमाई, अब आधुनिकता की ओर बढ़ते कदम

    मेहनत से मिली नई उड़ान: किसान प्रदीप पटेल अब खरीदेंगे अपना ट्रैक्टर

    रायपुर

    सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिले के ग्राम गंधराचुवा के युवा एवं मेहनतकश किसान प्रदीप पटेल ने इस खरीफ सीजन में अपनी उपज बेचकर अपने एक बड़े सपने को सच करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

    धान खरीदी केन्द्र कनकबीरा में प्रदीप ने करीब 2 एकड़ भूमि से प्राप्त 51.60 क्विंटल धान राज्य सरकार को बेचा है। प्रति क्विंटल 3100 रुपये के समर्थन मूल्य से वे बेहद खुश हैं। उन्होंने बताया कि धान बिक्री से प्राप्त राशि में अपनी जमा पूंजी जोड़कर वे ट्रैक्टर खरीदने का सपना पूरा करेंगे—जो उनके कृषि कार्यों को और भी सरल, तेज़ और आधुनिक बनाएगा।

    प्रदीप पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी का निर्णय किसानों के लिए बड़ी राहत है। साथ ही उन्होंने टोकन सिस्टम की भी प्रशंसा की। पहले जहाँ टोकन लेने के लिए लंबी लाइन लगानी पड़ती थी, वहीं अब ऑनलाइन ‘तुंहर टोकन’ सुविधा से किसान अपने मोबाइल में ही टोकन काट पा रहे हैं।

    धान खरीदी केन्द्र में पेयजल, गुणवत्तापूर्ण बारदाना और समय पर व्यवस्था मिलने से किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है—यह बात भी प्रदीप ने खुशी जताते हुए कही।

    प्रदीप पटेल की यह सफलता कहानी बताती है कि सरकारी योजनाएँ, तकनीकी सुविधाएँ और किसान की मेहनत मिलकर कैसे जीवन में प्रगति की नई राहें खोलती हैं।

  • माओवाद प्रभावित क्षेत्र से निकलकर आत्मनिर्भरता की मिसाल बनीं सरोज पोडियाम

    पीएम स्वनिधि योजना बनी आर्थिक सशक्तिकरण का आधार

    रायपुर,

     सुकमा जिले की निवासी सरोज पोडियाम माओवाद हिंसा से प्रभावित परिवार से हैं। वर्ष 2009 में माओवादियों द्वारा उनके ससुर की हत्या किए जाने से परिवार गंभीर आर्थिक संकट में आ गया था। इस कठिन परिस्थिति में शासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए नवा बिहान योजना के अंतर्गत उन्हें आवास प्रदान किया तथा उनके पति श्री राकेश पोडियाम को नगर सैनिक (सिपाही) के पद पर नियुक्त कर परिवार को सुरक्षा एवं आजीविका का सहारा दिया।

    सरोज पोडियाम पहले से ही घर पर सिलाई कार्य करती थीं, लेकिन पूंजी की कमी के कारण वे अपने व्यवसाय का विस्तार नहीं कर पा रही थीं। जब उन्हें प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की जानकारी मिली, तो उन्होंने स्व-रोजगार के अवसर को अपनाने हेतु आवेदन किया।

    दिनांक 24 नवम्बर को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, सुकमा द्वारा उन्हें 15,000 रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया। चेक का वितरण मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री पी.आर. कोर्राम और नगर पालिका परिषद सुकमा के अध्यक्ष श्री हूँगा राम मरकाम के द्वारा किया गया।

    ऋण स्वीकृत होने के बाद सरोज पोडियाम ने अपने सिलाई व्यवसाय को नए उत्साह और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ाया। आज वे अपने परिश्रम और सरकारी योजनाओं के सहयोग से परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं तथा आत्मनिर्भर और सशक्त महिला के रूप में समाज के सामने उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं।

    सरोज का कहना है कि सरकार द्वारा दी गई सहायता और अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण ही हमारे जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

    उनकी कहानी यह दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन, शासन की योजनाओं का लाभ और व्यक्तिगत संकल्प किसी भी कठिन परिस्थिति से उबरकर सफलता की ओर ले जा सकते हैं।

  • स्टार खिलाड़ी संजू देवी को मुख्यमंत्री साय का सम्मान, प्रदेश में खुशी की लहर

    रायपुर,

    महिला कबड्डी विश्व कप की स्टार खिलाड़ी छत्तीसगढ़ निवासी संजू देवी ने विगत दिवस मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में सौजन्य भेंट की।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्व कप में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ और देश का नाम रोशन करने पर संजू देवी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि “आपने महिला सशक्तिकरण की एक नई मिसाल पेश की है। आपको देखकर प्रदेश की बेटियाँ खेल जगत में और अधिक उत्साह के साथ आगे बढ़ेंगी। यह उपलब्धि निस्संदेह आने वाली पीढ़ियों की खेल प्रतिभा को निखारने में प्रेरक साबित होगी।”मुलाकात के दौरान संजू देवी ने भी अपनी जीवन यात्रा, संघर्ष, और खेल से जुड़े अनुभव मुख्यमंत्री श्री साय के साथ साझा किए।

    उल्लेखनीय है कि महिला कबड्डी विश्व कप की स्टार खिलाड़ी संजू देवी कोरबा जिले के ग्राम केराकछार की निवासी हैं। उन्हें महिला कबड्डी विश्व कप में मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर का खिताब भी प्राप्त हुआ है। यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट 17 नवंबर से 24 नवंबर के मध्य बांग्लादेश की राजधानी ढाका में आयोजित किया गया था।

    मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत बघेल, कोषाध्यक्ष सेवा राम साहू, पूर्व कोच अनुज प्रताप सिंह, वर्तमान कोच दिल कुमार राठौर सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

  • प्रधानमंत्री आवास योजना को गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए हितग्राही को किया जाता है प्रोत्साहित

    जियोटैग नियमानुसार और वास्तविक स्थिति के अनुरूप ही

     निरीक्षण में पाया आवास निर्माण पूर्ण

    रायपुर,

    प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना ग्रामीण गरीबों को आवास प्रदान करने आवास की समसया को दूर करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में लाभार्थियों को स्थानीय सामग्री और प्रशिक्षित राजमिस्त्रियों का उपयोग करके गुणवत्तापूर्ण घर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। आवासों को जियोटैग नियमानुसार और वास्तविक स्थिति के अनुरूप ही हितग्राही द्वारा बनाया जाता है, जिसका निरीक्षण में पाया आवास पूर्ण पाया गया।

    ग्रामीण बेघर नागरिकों को पक्का मकान प्रदान करना

                 केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई एक आवास योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण बेघर नागरिकों को पक्का मकान प्रदान करना है। इस योजना के तहत कच्चे मकानों में रहने वाले या बिना छत वाले परिवारों को पक्के मकान बनाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है, जिसमें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होती हैं। इस योजना के तहत निर्माण होने वाले मकानों को जियोटैग नियमानुसार और वास्तविक स्थिति के अनुरूप ही रिपोर्ट किया जाता है।

    जियोटैग नियमानुसार और वास्तविक स्थिति

              प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत अपूर्ण आवासों को लेकर कलेक्टर गरियाबंद श्री उईके के निर्देश पर गठित जिला स्तरीय जांच समिति ने छह ग्राम पंचायतों में स्थल निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की। निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत सरईपानी में हितग्राही गोर्वधन नागेश, कन्हल राम और गजिन के आवास पूर्ण अवस्था में पाए गए। ग्राम पंचायत उसरीजोर में हितग्राही दुर्गासिंह का आवास निर्माणाधीन मिला, जिसका जियोटैग प्लिंथ स्तर पर किया गया था। निर्माण कार्य जारी होने के कारण वहां गृह प्रवेश नहीं हो पाया है। निमाण कार्य का जियोटैग से नियमानुसार और वास्तविक स्थिति की जानाकरी ली जाती है।

    हितग्राही का आवास पूर्ण रूप से निर्मित

            इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में सभी आवासहीन परिवारों को बुनियादी सुविधाओं के साथ एक पक्का घर प्रदान करना है। लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण घर बनाने के लिए स्थानीय सामग्री और डिज़ाइन का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। राशि सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में स्थानांतरित की जाती है। गरियागद जिले के ग्राम पंचायत गोढियारी में हितग्राही सुखचंद का आवास पूर्ण मिला। इसी प्रकार ग्राम पंचायत मुडगेलमाल में हितग्राही भंवर का आवास पूर्ण रूप से निर्मित मिला। अमलीपदर पंचायत में हितग्राही धनमती और निरोबाई के आवास भी पूरी तरह पूर्ण पाए गए। कलेक्टर श्री उईके ने स्पष्ट किया कि सभी स्थलों पर किए गए भौतिक निरीक्षण और आवास सॉफ्टवेयर में दर्ज जियोटैग के मिलान से यह सिद्ध हो गया है कि किसी भी अपूर्ण आवास में गृह प्रवेश नहीं कराया गया है। सभी जियोटैग नियमानुसार और वास्तविक स्थिति के अनुरूप ही किए गए हैं।

  • MP में बढ़ा तनाव: IAS संतोष वर्मा के खिलाफ ब्राह्मण समाज सड़कों पर, FIR की मांग तेज

    ग्वालियर
    आईएएस संतोष वर्मा (IAS Santosh Vaerma) का विवादित बयान से लोगों में भारी आक्रोश है। आईएएस संतोष वर्मा की ओर से 23 को अजास्क के प्रांतीय सम्मेलन में ब्राह्मण समाज (Brahmin Community) की बेटियों के बारे में दिए गए आपत्तिजनक बयान के विरोध में मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। महाराजपुर और चंदला में ब्राह्मण समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की। समाजजनों ने कहा कि यह बयान न केवल अमर्यादित और असंवेदनशील है बल्कि समाज की बेटियों का अपमान भी है।

    महाराजपुर क्षेत्र में ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने लक्ष्मी प्रसाद अहिरवार, तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर संतोष वर्मा के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की मांग की। इसके बाद उन्होंने थाना महाराजपुर में पुलिस अधीक्षक के नाम दूसरा ज्ञापन सौंपा। समाजजनों ने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन कार्यक्रम में सूर्यभान अवस्थी, विष्णुदत्त शर्मा (पूर्व सीएमओ), रविंद्र पुरोहित, भागीरथ द्विवेदी, बद्री अरजरिया, भुमानीदीन अरजरिया, राजेन्द्र दीक्षित, कृष्ण कुमार द्विवेदी, अविनीश चौबे, भास्कर तिवारी, जीतेन्द्र रिछारिया, मनीष बिलगाई और अन्य ग्रामीण एवं नगरवासी उपस्थित रहे।

    चंदला में भी ब्राह्मण समाज के सैकड़ों लोगों ने तहसील कार्यालय जाकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और संतोष वर्मा को पद से हटाने तथा दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की। इसके बाद उन्होंने चंदला थाने में एफआईआर दर्ज करने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो मुख्य सड़क जाम कर प्रदर्शन किया जाएगा। ज्ञापन देने वाले ग्रामीणों में चंदला, छठीबम्होरी, बंजारी, बंसिया, बदौरा, हर्रई नेहरा, गहबरा, गुधौरा, भगौरा, सिजई और आसपास के दर्जनों गांव शामिल थे।

  • झारखंड चुनावी गाइडलाइन: नगर निकाय उम्मीदवारों के लिए आयोग की अहम हिदायतें

    रांची

    झारखंड में जल्द ही नगर निकाय चुनाव कराए जाएंगे। नगर निकाय चुनाव से पहले राज्य निर्वाचन आयोग ने कई निर्देश जारी किये हैं। जारी निर्देश में कहा गया है कि दो से अधिक संतान और बकाया कर वाले नगर निकाय चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।

    निर्देश में कहा है कि झारखंड में होने वाले नगर निकाय चुनाव में दो से अधिक संतान वाले वैसे लोग उम्मीदवार नहीं बन पाएंगे, जिनके आखिरी संतान का जन्म 9 फरवरी 2013 के बाद हुआ हो। तीन से अधिक संतान की स्थिति में चुनाव लड़ने की अयोग्यता से संबंधित नियम को लेकर आयोग की ओर से जारी आदेश की प्रति उपायुक्त को भेजकर उन्हें इसका पालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है।

    पत्र में कहा है कि दो से अधिक संतान वाला व्यक्ति भी नगरपालिका के किसी पदधारी का निर्वाचन लड़ने के लिए अयाेग्य होगा। परंतु यदि उसके दो से अधिक संतान 9 फरवरी 2013 तक या उसके पूर्व थे और बाद में उसमें कोई वृद्धि नहीं हुई है तो वह अयोग्य नहीं होगा। इस संबंध में भी यह स्पष्ट किया जाता है कि संतानों की संख्या में गोद लिए गए संतान एवं जुड़वा संतानों को भी सम्मिलित किया जायेगा।

     

  • प्रधानमंत्री 29-30 नवंबर को रायपुर में पुलिस महानिदेशकों/महानिरीक्षकों के 60वें अखिल भारतीय सम्मेलन में भाग लेंगे

    सम्मेलन का विषय: 'विकसित भारत: सुरक्षा आयाम'

    सम्मेलन में अब तक की प्रमुख पुलिस चुनौतियों से निपटने में हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी और 'सुरक्षित भारत' के निर्माण के लिए एक दूरदर्शी रोडमैप तैयार की जाएगी

    वामपंथी उग्रवाद, आतंकवाद का मुकाबला, आपदा प्रबंधन, महिला सुरक्षा और पुलिसिंग में फोरेंसिक विज्ञान तथा एआई के उपयोग जैसे मुद्दों पर प्रमुखता से चर्चा की जाएगी

    प्रधानमंत्री विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक भी प्रदान करेंगे

    रायपुर

     प्रधानमंत्री 29-30 नवंबर, 2025 को भारतीय प्रबंधन संस्थान, रायपुर, छत्तीसगढ़ में पुलिस महानिदेशकों/महानिरीक्षकों के अखिल भारतीय सम्मेलन के 60वें संस्करण में भाग लेंगे।

    यह सम्मेलन 28 से 30 नवंबर तक चलेगा। इसका उद्देश्य अब तक प्रमुख पुलिस चुनौतियों से निपटने में हुई प्रगति की समीक्षा करना और 'विकसित भारत' के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप 'सुरक्षित भारत' के निर्माण के लिए एक दूरदर्शी रोडमैप की रूपरेखा तैयार करना है।

    'विकसित भारत: सुरक्षा आयाम' विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में वामपंथी उग्रवाद, आतंकवाद निरोध, आपदा प्रबंधन, महिला सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था में फोरेंसिक विज्ञान एवं एआई के उपयोग जैसे प्रमुख सुरक्षा मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी। प्रधानमंत्री विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक भी प्रदान करेंगे।

    यह सम्मेलन देश भर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और सुरक्षा प्रशासकों को राष्ट्रीय सुरक्षा के विविध मुद्दों पर खुले और सार्थक विचार-विमर्श के लिए एक महत्वपूर्ण संवादात्मक मंच प्रदान करता है। यह पुलिस बलों के सामने आने वाली परिचालन, अवसंरचनात्मक और कल्याण संबंधी चुनौतियों पर चर्चा के साथ-साथ अपराध से निपटने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आंतरिक सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए पेशेवर प्रथाओं के निर्माण और साझाकरण को भी सुगम बनाता है।

    प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने इस वार्षिक सम्मेलन में निरंतर गहरी रुचि दिखाई है, और स्पष्ट चर्चाओं को प्रोत्साहित किया है। उन्‍होंने एक ऐसा माहौल तैयार किया है जहां पुलिस व्यवस्था पर नए विचार उभर सकें। व्यावसायिक सत्र, विस्तृत बातचीत और विषयगत चर्चाएं प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण आंतरिक सुरक्षा और नीतिगत मामलों पर सीधे प्रधानमंत्री के साथ अपने विचार साझा करने का अवसर प्रदान करती हैं।

    वर्ष 2014 से प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में इस सम्मेलन के स्वरूप में निरंतर सुधार हुआ है, जिसमें देश भर के विभिन्न स्थानों पर इसका आयोजन भी शामिल है। यह सम्मेलन गुवाहाटी (असम), कच्छ के रण (गुजरात), हैदराबाद (तेलंगाना), टेकनपुर (ग्वालियर, मध्य प्रदेश), स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (केवड़िया, गुजरात), पुणे (महाराष्ट्र), लखनऊ (उत्तर प्रदेश), नई दिल्ली, जयपुर (राजस्थान) और भुवनेश्वर (ओडिशा) में आयोजित किया जा चुका है। इसी परंपरा को जारी रखते हुए, इस वर्ष 60वां पुलिस महानिदेशक/पुलिस महानिरीक्षक सम्मेलन रायपुर, छत्तीसगढ़ में आयोजित किया जा रहा है।

    इस सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, गृह राज्य मंत्री, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक और केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुख भाग लेंगे। नए और अभिनव विचारों को सामने लाने के लिए, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के गृह विभाग के प्रमुख और डीआईजी तथा एसपी स्तर के कुछ चुनिंदा पुलिस अधिकारी भी इस वर्ष सम्मेलन में भाग लेंगे।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव से केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने की भेंट

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बुधवार की शाम मुख्यमंत्री निवास में केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया का स्वागत किया।

     

  • रायपुर वनडे मैच की तैयारी तेज, पहले फेज में 50% टिकट खप गए; दूसरी चरण की बिक्री इस दिन से

    रायपुर

    भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दूसरा वनडे मुकाबला 3 दिसंबर को रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच को लेकर फैन्स में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि टिकट बिक्री के पहले फेज में 46 हजार में से करीब 23 हजार टिकट बिक चुके हैं। यानी आधे टिकट पहले ही कुछ ही दिनों में बुक हो गए। वहीं अब दूसरे फेज की टिकट बिक्री शुरू हो होने जा रही है।

    स्टूडेंट्स कोटे की 1500 टिकटें पहले दिन ही खत्म

    इंडोर स्टेडियम में 24 नवंबर से ऑफलाइन टिकट वितरण शुरू हुआ। काउंटर खुलते ही भारी भीड़ जमा हो गई। छात्रों के लिए आरक्षित 1500 टिकटें पहले ही दिन हाथोंहाथ बिक गईं। इसके साथ ही दर्शकों की मांग को देखते हुए क्रिकेट संघ ने 100 अतिरिक्त पास भी जारी किए हैं।

    दूसरे चरण की ऑनलाइन बिक्री 28 नवंबर से

    छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ ने टिकटों की भारी मांग को देखते हुए टिकट पोर्टल Ticket Genie की टीम को तलब किया है। दूसरे फेज की ऑनलाइन टिकट बिक्री 28 नवंबर शाम 4 बजे से शुरू हो सकती है। पहले चरण में टिकटों की तेज बिक्री देखकर संघ इस बार सर्वर और प्रबंधन को मजबूत करने पर जोर दे रहा है। ऑफलाइन टिकटों का वितरण रायपुर के इंडोर स्टेडियम में चल रहा है।

    ऑनलाइन बुकिंग में फैन्स को हो रही परेशानी

    22 नवंबर से शुरू हुई ऑनलाइन टिकट बिक्री में कई दर्शकों को तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अचानक बढ़ी मांग के चलते कई बार पोर्टल स्लो हुआ, जबकि कुछ लोगों को पेमेंट फेल होने की समस्याएं भी आईं। इसके बावजूद क्रिकेट प्रेमियों का उत्साह कम नहीं हुआ और हजारों टिकट तेज़ी से बिके।

    मुकाबले में स्टेडियम हाउसफुल रहने का अनुमान

    मैच के लिए फैन्स की दीवानगी को देखते हुए उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सभी टिकटें पूरी तरह बिक जाएंगी। आयोजनकर्ताओं का अनुमान है कि मुकाबले के दिन स्टेडियम खचाखच भरा होगा, और दर्शकों को बेहतरीन क्रिकेट का रोमांच देखने को मिलेगा।
    टिकट प्राइस लिस्ट (स्टैंड–वाइस)

    आम दर्शकों के लिए स्टैंड टिकट

        1500 रुपए
        2500 रुपए
        3000 रुपए
        3500 रुपए

    प्रिमियम कैटेगरी

        सिल्वर: 6000 रुपए
        गोल्ड: 8000 रुपए
        प्लैटिनम: 10,000 रुपए
        कॉरपोरेट बॉक्स: 20,000 रुपए

    विश्व दिव्यांग दिवस पर खास पहल

    3 दिसंबर को विश्व दिव्यांग दिवस भी मनाया जाता है, और इसी अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ ने एक सराहनीय निर्णय लिया है। संघ दिव्यांग बच्चों को मैच मुफ्त में दिखाएगा और उनके आने-जाने के लिए बस की सुविधा भी प्रदान करेगा। यह कदम सामाजिक संवेदनशीलता और खेल को सभी वर्गों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

    कब खेला जाएगा मैच ?

        मैच: भारत vs दक्षिण अफ्रीका दूसरा वनडे
        तारीख: बुधवार, 3 दिसंबर 2025
        स्थान: नवा रायपुर, शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम
        मैच टाइमिंग: दोपहर 1:00 बजे टॉस होगा, 1:30 बजे से मैच शुरु

    स्टेडियम में मैच की तैयारियां तेज

    स्टेडियम प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर भी CSCS सक्रिय है। खेल विभाग, पुलिस, नगर निगम और अन्य आवश्यक विभागों को मेजबानी की जानकारी भेज दी गई है और उनकी सहायता मांगी गई है। स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खरा उतारने के लिए सभी व्यवस्थाएं तय समय पर पूरी की जा रही हैं।

    क्यों खास है यह मुकाबला?

        स्टेडियम पहली बार CSCS की पूर्ण जिम्मेदारी में एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय मैच आयोजित कर रहा
        हाल ही में स्टेडियम को 30 साल की लीज पर संघ को सौंपा गया
        यहां टेस्ट क्रिकेट की संभावनाएं भी इसी फैसले से मजबूत हुई हैं
        फैंस को लंबे समय बाद इस प्रतिष्ठित मैदान पर टीम इंडिया को लाइव देखने का मौका मिलेगा

    1 दिसंबर को रायपुर पहुंचेंगी भारत-दक्षिण अफ्रीका की टीमें

    भारत और दक्षिण अफ्रीका दोनों टीमें रांची में मैच समाप्त होने के बाद 1 दिसंबर की सुबह रायपुर पहुंचेंगी और नवा रायपुर स्थित होटल मेफेयर रिज़ॉर्ट में ठहरेंगी। 2 दिसंबर को भारत और दक्षिण अफ्रीका की टीमें अलग-अलग समय पर स्टेडियम में अभ्यास करेंगी।

    छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ के अनुसार खिलाड़ियों के लिए होटल के मेन्यू में कॉन्टिनेंटल व्यंजनों के साथ छत्तीसगढ़ के पारंपरिक पकवान भी शामिल किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था प्रशासन के हवाले की गई है, वहीं निजी गार्ड और बाउंसरों की तैनाती भी की जाएगी।

    भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका वनडे और टी-20 सीरीज का शेड्यूल

    भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 30 नवंबर 2025 को रांची में खेला जाएगा। इसके बाद दूसरा वनडे 3 दिसंबर 2025 को रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में होगा। तीसरा और अंतिम वनडे 6 दिसंबर 2025 को विशाखापट्टनम (वाइजैक) में आयोजित किया जाएगा। सभी वनडे मुकाबले 3 दिसंबर की दोपहर 1:30 बजे से शुरू होंगे। हालांकि टॉस दोपहर 1:00 होगा।

    टी-20 सीरीज का शेड्यूल

    वनडे के बाद दोनों टीमों के बीच टी-20 सीरीज शुरू होगी। पहला टी-20 मुकाबला 9 दिसंबर 2025 को कटक में खेला जाएगा। दूसरा टी-20 11 दिसंबर को मुल्लांपुर में, जबकि तीसरा टी-20 14 दिसंबर को धर्मशाला में होगा। चौथा टी-20 17 दिसंबर को लखनऊ में निर्धारित है और श्रृंखला का पांचवां तथा अंतिम टी-20 मुकाबला 19 दिसंबर 2025 को अहमदाबाद में खेला जाएगा।

  • MP में छुट्टी व्यवस्था में बड़ा बदलाव, 2026 से लागू होंगे नए अवकाश नियम; लाखों कर्मचारी होंगे लाभान्वित

    भोपाल
     प्रदेश सरकार कर्मचारियों के हित में जल्द ही तीन बड़े कदम उठाने जा रही है। साढ़े चार लाख से अधिक शिक्षकों को वर्ष में दस दिन का अर्जित अवकाश मिलेगा। वहीं, सेवानिवृत्ति के बाद शत-प्रतिशत अर्जित अवकाश के नकदीकरण की सुविधा भी मिलेगी। सरकारी नौकरी के लिए दो बच्चों की शर्त भी हटाई जा रही है। जनवरी 2026 से यह प्रविधान लागू हो जाएंगे।

    सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को अभी अर्जित अवकाश की सुविधा नहीं मिलती है। ग्रीष्मावकाश मिलने के कारण यह प्रविधान रखा गया था। धीरे-धीरे ग्रीष्मावकाश कम होते गए और अब ये दो माह से घटकर 20-22 दिन ही रह गए हैं। शिक्षक लंबे समय से अर्जित अवकाश का लाभ देने की मांग कर रहे थे।

    मध्य प्रदेश के 7 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की छुट्टियों की व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। वित्त विभाग ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा अवकाश नियम 2025 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. महिला कर्मचारियों की संतान पालन अवकाश व्यवस्था में बड़ा परिवर्तन किया गया है। अब तक महिला कर्मचारियों को 2 वर्ष (730 दिन) की संतान पालन अवकाश पूर्ण वेतन के साथ दिया जाता था, लेकिन नए नियमों में पहले 365 दिन 100% वेतन और उसके बाद अगले 365 दिन केवल 80% वेतन देने का प्रावधान किया गया है।

    महिला कर्मचारी यह अवकाश एक बार में लें या अलग-अलग हिस्सों में, 365 दिनों के बाद 80% वेतन ही मिलेगा। नियमों में सरोगेसी से जन्मे बच्चे की देखभाल करने वाली महिला कर्मचारी को भी चाइल्ड केयर लीव का लाभ मिलेगा।

    दत्तक संतान पर भी मिलेगी छुट्टी

    नए अवकाश नियमों में दत्तक संतान ग्रहण अवकाश भी शामिल किया गया है। दत्तक लिए गए बच्चे की एक साल की उम्र तक कर्मचारी अवकाश ले सकेंगे।

    कर्मचारियों को हर वर्ष मिलेगा 30 दिन अर्जित अवकाश

    नए नियमों में कर्मचारियों को हर वर्ष 30 दिन का अर्जित अवकाश देने का प्रावधान किया गया है। ये दो किस्तों में (6 माह पर 15-15 दिन) होगा। किसी भी कर्मचारी को एक साथ 5 साल से अधिक का लगातार अवकाश मंजूर नहीं होगा। वित्त विभाग ने साफ कर दिया है कि अवकाश मांगना कर्मचारी का “अधिकार” नहीं माना जाएगा। यानी अब अंतिम निर्णय स्वीकृत देने वाले अधिकारी का होगा।

    24 साल बाद हटाई जा रही पाबंदी

    उधर, सरकार एक और बड़ा निर्णय यह करने जा रही है कि यदि नौकरी कर रहे किसी अधिकारी-कर्मचारी का तीसरा बच्चा होता है तो उसे अपात्र मानकर सेवा से हटाया नहीं जाएगा। 26 जनवरी 2001 में तीसरा बच्चा होने पर अपात्र मान लेने की शर्त लागू की गई थी। दरअसल, छत्तीसगढ़, राजस्थान सहित अन्य राज्य इस तरह की शर्त को हटा चुके हैं।

    इस निर्णय से स्कूल, उच्च, चिकित्सा शिक्षा सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों को लाभ होगा। हालांकि जिन पर कार्रवाई हो चुकी है, उन प्रकरणों में कोई राहत नहीं मिलेगी क्योंकि निर्णय को भूतलक्षी प्रभाव से लागू नहीं किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रस्ताव बनाकर मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दिया है, जिस पर जल्द अंतिम निर्णय होने की संभावना है।

    चिकित्सा अवकाश के नियम भी सख्त

    नए नियम के अनुसार मेडिकल सर्टिफिकेट अवकाश की गारंटी नहीं रहेगी। निर्णय स्वीकृति प्राधिकारी के आदेश पर निर्भर करेगा। ऐसा मामला जिसमें कर्मचारी के दोबारा कार्य ग्रहण करने की संभावना न हो अवकाश आवेदन अमान्य नहीं माना जाएगा।

    पूरे सेवाकाल में 180 दिन का अर्द्धवेतन अवकाश बिना मेडिकल सर्टिफिकेट भी मिल सकेगा, लेकिन यदि कर्मचारी इस दौरान इस्तीफा देता है, तो यह अवकाश अर्द्धवेतन अवकाश के समान माना जाएगा और अंतर की राशि वसूल की जाएगी।

    स्टडी लीव का भी प्रावधान

    कर्मचारियों को अध्ययन के लिए भी अवकाश की सुविधा मिलेगी। सामान्यतः 1 वर्ष तक की स्टडी लीव दी जाएगी। पूरे सेवाकाल में अधिकतम 24 महीने की छुट्‌टी मिलेगी पर फीस तथा अन्य खर्च कर्मचारी को स्वयं वहन करने होंगे। यात्रा भत्ता नहीं मिलेगा। लीव से पहले बॉन्ड भरना अनिवार्य होगा, ताकि अध्ययन के बाद कर्मचारी नौकरी पर लौटे।

    35 दिन बाद लागू होंगे नए नियम

    नियम 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होने जा रहे हैं, जिससे प्रदेश के लाखों कर्मचारियों और अधिकारियों की छुट्टियों की व्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी।