• समृद्ध मप्र के लिये पंचायत प्रतिनिधि गांवों को बनायें समृद्ध : उपमुख्यमंत्री देवड़ा

    स्वदेशी अर्थव्यवस्था में गांव में ही मिलेंगे रोजगार के अवसर

    भोपाल 
    उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि गांव की समृद्धि ही मध्यप्रदेश की समृद्धि है। मध्यप्रदेश में विकास की गति को तेज बढ़ाने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों को मिलकर अपने गांव को समृद्ध बनाना होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव के नेतृत्व में पंचायत प्रतिनिधियों को सक्षम बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। श्री देवड़ा बुधवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभाग्रह में "आत्मनिर्भर पंचायत – समृद्ध मध्यप्रदेश" पर आयोजित राज्यस्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।

    उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि मध्यप्रदेश में अब ऐसे अवसर बन रहे हैं, जिससे गांव आत्म-निर्भर की ओर बढ़ रहे हैं। स्वदेशी अर्थव्यवस्था के अंतर्गत अब गांव में ही रोजगार के अवसर मिलेंगे। स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा। महिलाओं और युवाओं की विकास प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी होगी। उन्होंने कहा कि पंचायत में वित्तीय पारदर्शिता की आवश्यकता है। इससे परस्पर विश्वास बढ़ता है और इसका लाभ विकास को आगे बढ़ाने में होता है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायतें विकास की धुरी हैं। इसलिये उन्हें अपनी विकास योजनाएं बनाने की स्वतंत्रता दी गई है।

    श्री देवड़ा ने पंचायत प्रतिनिधियों का आह्वान किया कि वे विकास के कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध प्रयास करें। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकास की ऐसी योजनाएं बनाई गई हैं जो निचले स्तर तक विकास ला सकती है। उन्होंने कहा कि पंचायतों के पास वर्तमान में जितने अधिकार हैं उसका उपयोग कर पंचायतें विकास की गति में तेजी ला सकती हैं। श्री देवड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वर्ष 2047 तक देश को आर्थिक रूप से विश्व का समृद्ध देश बनाने का संकल्प लिया है। मध्यप्रदेश इस संकल्प को साकार करने के लिए हर स्तर पर प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों को वित्तीय प्रबंधन व्यवस्थाओं में और ज्यादा सुधार करने की आवश्यकता है। साथ ही महिला पंचायत प्रतिनिधियों और महिलाओं के स्व-सहायता समूहों को भी आगे आने की आवश्यकता है। कार्यशाला में त्रि-स्तरीय पंचायतों के प्रतिनिधि और पदाधिकारी उपस्थ‍ित थे।

     

  • प्रशिक्षित युवा विकसित और समृद्ध भारत का भविष्य बनेंगे : राज्यमंत्री टेटवाल

    भोपाल 
    कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. गौतम टेटवाल आप इतने सौभाग्यशाली हैं कि उन युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दे रहे हैं, जो आगे चलकर विकसित और समृद्ध भारत का भविष्य बनेंगे; इसलिए आपका आचरण, अनुशासन और कार्यशैली हर छात्र के लिए आदर्श होना चाहिए।” यह बात राज्य मंत्री डॉ. टेटवाल ने संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क, भोपाल में आयोजित कौशलम् समारोह में कही।

    मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि कौशल प्रशिक्षण प्रदेश की आर्थिक प्रगति और रोजगार सृजन का महत्वपूर्ण आधार है, और इसमें प्रशिक्षण अधिकारियों और प्राचार्यों की भूमिका अत्यंत निर्णायक है। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक केवल पाठ पढ़ाने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि अपने संस्थान की संस्कृति, मूल्यों और अनुशासन का जीवंत प्रतिनिधि होता है। इसलिए शिक्षक का व्यवहार, भाषा, कार्यशैली और समय-प्रबंधन उस संस्था के स्तर को निर्धारित करता है। उन्होंने कहा कि आईटीआई का वास्तविक मूल्य उसके भवनों या मशीनों से नहीं, बल्कि वहाँ कार्यरत प्राचार्यों और प्रशिक्षण अधिकारियों से तय होता है। जब शिक्षक स्वयं आदर्श प्रस्तुत करते हैं, तभी विद्यार्थी उनमें वह प्रेरणा देख पाते हैं, जो उन्हें आगे बढ़ने और कुशल बनने की दिशा देती है। मंत्री डॉ. टेटवाल ने कहा कि शिक्षक के भीतर सकारात्मक ऊर्जा, विनम्रता, दृढ़ता और कार्यनिष्ठा जैसी गुण होने चाहिए, क्योंकि विद्यार्थी इन्हीं गुणों को अपने जीवन में अपनाते हैं।

    मंत्री श्री टेटवाल ने उद्योग जगत में हो रहे तेज बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि कौशल संस्थानों को नई तकनीकों, डिजिटल शिक्षण और व्यवहारिक प्रशिक्षण की दिशा में लगातार आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुसार प्रशिक्षण सामग्री और अभ्यास पद्धतियाँ विकसित करना अब समय की अनिवार्यता है। इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप, लाइव प्रोजेक्ट और उद्योग यात्राएँ विद्यार्थियों को वास्तविक कार्यक्षेत्र से जोड़ने के महत्वपूर्ण माध्यम हैं, और इन्हें प्रत्येक संस्थान में और अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए।उन्होंने बताया कि सरकार कौशल विकास संस्थानों के आधुनिकीकरण, उन्नत उपकरणों की उपलब्धता, डिजिटल संसाधनों के विस्तार और रोजगार केंद्रित प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश के युवाओं को वैश्विक स्तर के कौशल प्रदान कर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अवसरों से जोड़ना विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है।

    कौशलम् समारोह में इस वर्ष आईटीआई एवं कौशल विकास संचालनालय में चयनित प्राचार्य वर्ग-1, उपसंचालक, प्राचार्य वर्ग-2, सहायक संचालक और प्रशिक्षण अधिकारियों का उन्मुखिकरण किया गया। कार्यक्रम में उन प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विभाग को नई पहचान दिलाई है। समारोह का उद्देश्य नई कार्यबल को प्रशिक्षण व्यवस्था, प्रशासनिक दायित्वों और उद्योग आधारित आवश्यकताओं की गहरी समझ देकर उन्हें प्रभावी भूमिका के लिए तैयार करना है।

    मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गिरीश शर्मा ने बताया कि वर्ष 2025 में आईटीआई प्रवेश में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। इस वर्ष पहली बार 52,248 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया संचालित की गई, जिसमें 49,402 सीटों पर प्रवेश हुआ, जो 94.55% है। महिला आरक्षण 30% से बढ़ाकर 35% किया गया, जिससे महिला प्रशिक्षणार्थियों की संख्या 12,169 हो गई। प्रदेश के 10 प्रशिक्षणार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया। आईटीआई की गुणवत्ता और आकर्षण को बढ़ाने के लिए 8वीं आधारित ट्रेड्स की संख्या बढ़ाई गई और आठ अन्य राज्यों से भी विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना और NAPS के तहत हजारों अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं।

    प्रदेश की 47 शासकीय आईटीआई ने 9 या अधिक ग्रेडिंग स्कोर प्राप्त किया, उज्जैन आईटीआई ने 9.30 स्कोर के साथ राष्ट्रीय स्तर पर 94वां स्थान प्राप्त किया। उद्योग एवं CSR साझेदारी के तहत आधुनिक लैब्स, AI एवं इलेक्ट्रिकल प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए गए। अंतरराष्ट्रीय प्लेसमेंट और राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार जैसी उपलब्धियाँ प्रदेश के आईटीआई प्रशिक्षण की उत्कृष्टता को दर्शाती हैं। इन सभी उपलब्धियों के साथ आईटीआई केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि कौशल, रोजगार और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बनकर प्रदेश और देश के लिए गौरव का विषय बन गया है।

    सागर मैन्युफैक्चरर प्राइवेट लिमिटेड के श्री आशीष अग्रवाल ने बताया कि ओबैदुल्लागंज स्थित टेक्सटाइल इंटीग्रेटेड प्लांट में सीखो कमाओ योजना के तहत 400 बच्चों का कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है जिसमें से 60 बच्चों को सर्टिफिकेट दिए जा चुके हैं जिनका 100% प्लेसमेंट उनके प्लांट में हो गया है उन्होंने यह भी जानकारी दी की आईटीआई मंडीदीप ने उन्हें इस कार्य में हर संभव सहयोग दिया साथ ही मंशा जताई कि वह सरकार के सहयोग से इस कार्यक्रम को और आगे बढ़ाने में के इच्छुक हैं।

    वोल्वो आयशर के सीनियर मैनेजर श्री विनोद रघुवंशी ने बताया कि बगरोदा, पीथमपुर धार और देवास में उनके प्लांट हैं।उनके यहां भी सीखो कमाओ योजना के तहत आईटीआई के विद्यार्थियों को कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा हैं उन्होंने कहा कि यह योजना युवाओं और उद्योगों के मध्य सेतु का कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा युवा को कौशल प्रशिक्षण दें । इस तरह से इंडस्ट्रीज को भी आसानी से स्किल्ड युवा मिल रहे हैं।
     

  • धर्म ध्वजा फहरते ही बागेश्वर धाम गदगद: अयोध्या ने मुगल काल की काली छाया मिटा दी

    शिवपुरी
    शिवपुरी में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की श्रीमद भागवत कथा के दूसरे दिन का मंच हिंदुत्व गर्व, राम मंदिर की पूर्णता और राष्ट्रवादी भावनाओं से पूरी तरह सराबोर रहा। पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने अपने उद्बोधन की शुरुआत अयोध्या में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राम मंदिर पर धर्म ध्वजा फहराने के ऐतिहासिक क्षण का उल्लेख करते हुए की। “मुगलों की छाती पर भगवा लहराया है, कब्र से उठकर देख ले बाबर, मंदिर वहीं बनाया है”

    धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि-  “मुगलों की छाती पर भगवा लहराया है, कब्र से उठकर देख ले बाबर, मंदिर वहीं बनाया है”। उन्होंने आगे कहा कि जहाँ कभी हरे झंडे की योजना बनाई जाती थी, आज वहां भगवा लहरा रहा है। मथुरा जन्मभूमि विवाद पर उन्होंने स्पष्ट कहा – कृष्ण लला हम आयेंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे, जिन्हें दिक्कत हो वो खिसक लें।”

    तात्या टोपे के बलिदान को याद करते हुए उन्होंने शिवपुरी की ऐतिहासिक धरा को नमन किया और कहा कि अंग्रेजों के विरुद्ध नाखून चबाने पर मजबूर करने वाले तात्या टोपे जैसे वीर के संघर्ष को कुछ ‘जयचंदों’ के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।उन्होंने कहा कि तात्या टोपे ने शिवपुरी की पावन भूमि पर फांसी को चूमकर अपने प्राण त्याग दिए। इस मौके पर धीरेंद्र शास्त्री ने सनातन विरोधियों पर कड़े प्रहार किए। 

  • मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को संविधान दिवस की दी बधाई

    रायपुर 
    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज महासमुंद जिले के बसना तहसील अंतर्गत ग्राम सलखण्ड में ग्रामीणों द्वारा आयोजित महालक्ष्मी देवी पूजन कार्यक्रम में  शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने मां लक्ष्मी से प्रार्थना करते हुए प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। पूजन कार्यक्रम के दौरान पुजारियों द्वारा पारंपरिक मंत्रोच्चार किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया। इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात कर उनकी समस्याओं और स्थानीय विकास कार्यों की जानकारी ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय एवं रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा भी साथ थे। 

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम सलखंड में महतारी सदन की बनाने की घोषणा की। साथ ही यहां एनीकेट निर्माण के लिए जल संसाधन विभाग को आवश्यक जानकारी जुटाकर प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कहा कि आज पवित्र अगहन मास के अवसर पर मां महालक्ष्मी की पूजा में शामिल होकर हृदय से अत्यंत आनंद और सौभाग्य की अनुभूति हो रही है। बसना और सलखंड के ग्रामवासियों ने वर्षों से जिस भक्ति और परंपरा को जीवित रखा है, वह छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का गौरवपूर्ण उदाहरण है।अगहन मास हमारे अंचल के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। यह मास अन्न, धन और समृद्धि का प्रतीक है। इसी समय नई फसल खेतों में लहलहाती है, और घर-परिवार में सम्पन्नता के द्वार खुलते हैं। मां महालक्ष्मी जीवन में केवल धन ही नहीं, बल्कि सुख, शांति, उत्तम स्वास्थ्य और सदभाव का आशीर्वाद भी प्रदान करती हैं। इसी भावना के साथ हम सभी इस पूजन में शामिल होते हैं। उन्होंने मां लक्ष्मी से राज्य के प्रत्येक नागरिक के लिए सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, सुरक्षित वातावरण और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार गांव, गरीब, किसान, महिला और युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। हम जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए संकल्पित हैं। सलखंड गांव की यह 25 वर्षों से चल रही परंपरा न केवल श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता, भाईचारे और सामुदायिक जागरूकता का भी उदाहरण है। यहां आयोजित मेला ग्रामीण संस्कृति, लोकाचार और पारंपरिक विरासत को आगे बढ़ाने का माध्यम बन चुका है। 

    मुख्यमंत्री श्री साय ने संविधान की गरिमा, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रनिर्माण में जनभागीदारी के महत्व को बताते हुए कहा कि संविधान हमारे अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की भी याद दिलाता है और यही दस्तावेज भारत को एक सशक्त, एकजुट और प्रगतिशील राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ने की दिशा देता है। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ निर्माण समिति के सदस्यों के ऐतिहासिक योगदान का सम्मानपूर्वक उल्लेख किया और कहा कि समिति की दूरदृष्टि एवं प्रयासों ने आज के मजबूत और विकसित होते छत्तीसगढ़ की नींव रखी है। 

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत के अग्रसर लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और आवास निर्माण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को 18 लाख आवासों की स्वीकृति इसी संकल्प की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत छत्तीसगढ़ की लगभग 70 लाख महिलाओं को लाभ प्रदान किया जा रहा है, जो महिलाओं के सम्मान और आर्थिक मजबूती की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री श्री साय ने संविधान के प्रति निष्ठा, समरसता, समानता और राष्ट्रीय विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की अपील की और कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की संयुक्त प्रतिबद्धता से छत्तीसगढ़ भी विकसित भारत के निर्माण में प्रमुख भूमिका निभाएगा। 

    कार्यक्रम में बसना विधायक श्री सम्पत अग्रवाल, महिला आयोग की सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष सिंह एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद थे।

  • एसआईआर कार्य की प्रगति की रोजाना समीक्षा करें कलेक्टर: निर्वाचन आयोग

    निदेशक श्रीमती शुभ्रा सक्सेना और सचिव श्री बिनोद कुमार ने वर्चुअल बैठक में दिए निर्देश

    भोपाल
    भारत निर्वाचन आयोग की निदेशक श्रीमती शुभ्रा सक्सेना एवं सचिव श्री बिनोद कुमार ने बुधवार को मध्य प्रदेश के 19 जिलों के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारीऔर नगर पालिक निगमों के कमिश्नरों के साथ वर्चुअल बैठक कर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य की प्रगति की व्यापक समीक्षा की। बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री संजीव कुमार झा भी मौजूद रहे।

    निदेशक श्रीमती सक्सेना ने कहा कि जिलों में एसआईआर के कार्य को गंभीरता और प्राथमिकता से लिया जाए। उन्होंने मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान गणना पत्रकों के वितरण, मैपिंग, तथा डिजिटलाइजेशन की प्रगति की समीक्षा की और प्रदेश की स्थिति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने भोपाल, इन्दौर और ग्वालियर के उन विधानसभा क्षेत्रों के ईआरओ से सीधे बात की जहाँ कार्य की रफ्तार अपेक्षित नहीं रही। साथ ही जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे ईआरओ के कार्य की प्रतिदिन समीक्षा करें और कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार सुनिश्चित करें।

    श्रीमती सक्सेना ने सभी जिलों को निर्देशित किया कि डिजिटलाइजेशन का कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाए। बीएलओ को सहयोग देने के लिये वालेंटियर्स की नियुक्ति, तथा तीनों महानगरों में विशेष कैम्प लगाकर गणना पत्रक भरवाने की व्यवस्था के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि कलेक्टर स्वयं मैदानी स्तर पर जाकर कार्य की स्थिति देखें और मैपिंग के कार्य को शत-प्रतिशत सटीकता के साथ पूरा कराएं।

    बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने कलेक्टर्स को निर्देश दिया कि वे ईआरओ कार्य की रोजाना मॉनिटरिंग करें, तथा गणना पत्रक के डिजिटलाइजेशन का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करें। उन्होंने कहा कि इस सप्ताह के भीतर सभी आवश्यक कार्य पूर्ण किए जाएँ। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिया कि झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों में भी बीएलओ घर-घर जाकर दस्तक दें, और वालेंटियर्स मतदाताओं को फार्म भरने में आवश्यक सहयोग करें। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया कि एसआईआर कार्य की रफ्तार और गुणवत्ता आगामी दिनों में उनके सीधे फोकस में रहेगी।

     

  • मतदाता सरलता से दर्ज कर सकते हैं विशेष गहन पुनरीक्षण से संबंधित शिकायतें: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मध्यप्रदेश

    भोपाल 
    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश कार्यालय ने जानकारी दी है कि मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़ी अपनी सभी शिकायतें सरल, पारदर्शी और प्रभावी माध्यमों से दर्ज करा सकते हैं, जिनके समयबद्ध समाधान की व्यवस्था राज्यभर में सुनिश्चित की गई है। फॉर्म वितरण, डाटा सत्यापन, बीएलओ संपर्क, मतदाता सूची त्रुटियों और अन्य निर्वाचन कार्यों से संबंधित शिकायतों के लिए प्रदेश में व्यापक शिकायत निवारण प्रणाली संचालित है।

    मतदाता अपनी शिकायतें राष्ट्रीय मतदाता हेल्पलाइन 1950 पर कॉल करके दर्ज करा सकते हैं, जो एक टोल-फ्री सेवा है। शिकायत दर्ज होते ही कॉल करने वाले को एक टोकन आईडी प्रदान की जाती है, जिसके माध्यम से वह बाद में अपनी शिकायत की स्थिति ट्रैक कर सकता है। ऑनलाइन सुविधा के रूप में राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल (एनवीएसपी) में भी शिकायत पंजीकृत की जा सकती है, जहाँ पोर्टल के ‘कम्प्लेंट’ सेक्शन में जाकर शिकायत का प्रकार चुनने, आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करने और सबमिट करने पर यह शिकायत सीधे जिला या राज्य निर्वाचन कार्यालय तक पहुँच जाती है और उसका निवारण तय समय-सीमा में किया जाता है।

    प्रत्येक जिले में कलेक्टर (जिला निर्वाचन अधिकारी), ईआरओ, एईआरओ और निर्वाचन शाखा के माध्यम से भी मतदाता लिखित शिकायतें जमा कर सकते हैं। स्कैन की गई शिकायतें जिले के अधिकृत ईमेल पते पर भेजने की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त मतदाता अपनी शिकायतें मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश या भारत निर्वाचन आयोग को ईमेल के माध्यम से भी भेज सकते हैं, जिन पर नियमानुसार संज्ञान लिया जाता है।

    मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े किसी भी विषय जैसे एनुमरेशन फॉर्म न मिलना, जानकारी का गलत संकलन, बीएलओ की अनुपस्थिति या व्यवहार संबंधी शिकायतें, मतदाता सूची में नाम जुड़ने, कटने अथवा स्थानांतरण से संबंधित त्रुटियाँ, पोलिंग बूथ की समस्याएँ, दिव्यांगजन सुविधाओं में कमी संबंधी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।

    शिकायतों के समाधान के लिए राज्य में स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित है। सामान्य शिकायतों का निवारण सात से पन्द्रह दिनों के भीतर किया जाता है, जबकि तात्कालिक या महत्वपूर्ण शिकायतों पर एक से तीन दिनों के भीतर कार्रवाई की जाती है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि “हमारा उद्देश्य विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, सुगम और उत्तरदायी बनाना है। प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा और समाधान की पारदर्शिता एवं गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।“

     

  • बाघ एवं वन्य प्राणियों के आंकड़े एकत्रित करने हुई प्रशिक्षण कार्यशाला

    भोपाल 
    देश में सर्वप्रथम मध्यप्रदेश में अखिल भारतीय बाघ आकलन के छठे चक्र के अंतर्गत कंप्यूटर ऑपरेटरों के लिए दिनांक 25 एवं 26 नवंबर को एक-एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन राज्य वन अनुसंधान संस्थान जबलपुर में किया गया। जिसमें अखिल भारतीय बाघ आकलन के नोडल अधिकारी, मध्यप्रदेश द्वारा निर्धारित 83 वन मंडलों, टाइगर रिजर्व, संरक्षित क्षेत्रों एवं निगम मंडलों के कुल 169 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसके माध्यम से प्रदेश के सभी वनमंडलों की लगभग 8500 बीटों से शाकाहारी एवं मांसाहारी वन्यप्राणियों के आँकड़े संगृहीत किए जाएंगे। 

    मध्यप्रदेश अपने 'टाइगर स्टेट' का दर्जा बरकरार रखने के लिए बीते हुए चक्रो की भांति अखिल भारतीय बाघ आकलन के छठवें चक्र में पूरी तरह से प्रयासरत है। मध्यप्रदेश वन विभाग द्वारा पूर्व में सम्पूर्ण वनमंडलो से बाघ एवं अन्य वन्य प्राणियों के आँकड़े (डाटा) एकत्रित करने के लिये अधिकारी से लेकर क्षेत्रीय अमले तक विभिन्न चरणों में प्रशिक्षण कार्यशालाएँ आयोजित की गई थी।

    प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रतिभागियों को एम-स्ट्राइप्स डेस्कटॉप एप्लीकेशन पर प्रशिक्षण दिया गया।जिससे प्रदेश के सम्पूर्ण वनमंडलो से एकत्रित किए गए आँकड़े सटीक रूप में संधारित किए जा सकें एवं राज्य वन अनुसंधान संस्थान के माध्यम से भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून के टाइगर सेल को प्रदान किए जा सकें। उक्त प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रतिभागियों को बारीकी से सिखाया गया कि बाघ आकलन के निर्धारित मापदंडों के आधार पर डाटा को कंप्यूटर में किस प्रकार दर्ज (संधारित) किया जाएगा, इसके साथ प्रशिक्षार्थियों को प्रदेश के टाइगर स्टेट के दर्जे को बरक़रार रखने के लिए शपथ दिलाई गई।

    कार्यशाला का शुभारंभ राज्य वन अनुसंधान संस्थान, जबलपुर के संचालक श्री प्रदीप वासुदेवा द्वारा किया गया। उपसंचालक श्री संदीप फेलोज एवं जबलपुर वन मंडल के वनमंडलाधिकारी श्री ऋषि मिश्रा उपस्थित रहे। प्रशिक्षण कार्यशाला में भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून एवं राज्य वन अनुसंधान संस्थान, जबलपुर के वैज्ञानिक दल द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यशाला में भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून की ओर से श्री मनीष एवं श्री ओमकार नार के द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया, राज्य वन अनुसंधान संस्थान, जबलपुर की ओर से वैज्ञानिक डॉ. अनिरुद्ध मजूमदार, श्री एस.एस. रघुवंशी, श्रीमती ज्योत्सना गुप्ता, श्री राजेश दीक्षित, श्री बलराम लोधी, कुमारी दीप्ति सोनावने, कुमारी पियूषा विश्वास, संत कुमार, अर्घ्य कुसुम दास, सूर्यांश दुबे आदि की उपस्थित में कार्यशाला सफलतापूर्वक हुई।

    अखिल भारतीय बाघ आकलन-2026 के लिये प्रदेश के सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व में मुख्य वन संरक्षक स्तर की कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसके अलावा माधव टाइगर रिज़र्व, पन्ना टाइगर रिज़र्व, कान्हा टाइगर रिज़र्व एवं सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व में वनमंडलाधिकारी स्तर की कार्यशालाएँ आयोजित की गई थीं।

    प्रदेश के 9 टाइगर रिज़र्व (पेंच, कान्हा , बांधवगढ़ , सतपुड़ा , पन्ना , माधव , वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिज़र्व, रातापानी एवं संजय-डुबरी टाइगर रिज़र्व) तथा 2 संरक्षित क्षेत्रों (गांधीसागर अभयारण्य एवं खिवनी वन्यजीव अभयारण्य) में उप वनमंडलाधिकारी, परिक्षेत्र अधिकारी एवं फॉरेस्ट गार्ड स्तर की कार्यशालाओं का भी आयोजन किया गया था। 

  • उज्जैन से होने वाला प्रसारण आकाशवाणी के इतिहास में लिखेगा नई इबारत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री ने किया उज्जैन के आकाशवाणी केन्द्र का लोकार्पण
    आकाशवाणी का उज्जैन केन्द्र बनेगा युवाओं के रोजगार और प्रसारण कौशल का जरिया: केन्द्रीय राज्यमंत्री डॉ. मुरूगन
    प्रदेश का 20वां आकाशवाणी केन्द्र है उज्जैन
    रोज सुबह 5.55 से शुरू होकर रात 11 बजे तक लगातार जारी रहेगा प्रसारण
    उज्जैन जिले को दी 179 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की बड़ी सौगात

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यह आकाशवाणी का उज्जैन केन्द्र है, ऐसा सुनने की हसरत अब जाकर पूरी हुई है। आकाशवाणी का भवन तैयार था, परंतु प्रसारण की मंजूरी के कारण अटका था। मंजूरी मिलने के मात्र 6 माह में उज्जैन के आकाशवाणी केंद्र से प्रसारण प्रारम्भ हो गया है। यह प्रदेश का 20वां आकाशवाणी केन्द्र है। इस केंद्र से निकले एक-एक शब्द उज्जैन और सिंहस्थ की प्रतिष्ठा होंगे। आकाशवाणी के कार्यक्रम, इसकी प्रस्तुति गांव-गांव तक उज्जैन और सिंहस्थ की महिमा पहुंचाएगी। मुझे विश्वास है कि आकाशवाणी अपना यह दायित्व, पूर्ण निष्ठा के साथ निभाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मनोरंजन के साथ आकाशवाणी ने समाज सेवा और जन-जागरूकता में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उज्जैन से होने वाला प्रसारण आकाशवाणी के इतिहास में नई इबारत लिखकर चार चांद लगाएगा। यहां रोजाना सुबह 5.55 बजे से प्रारंभ होकर रात 11 बजे तक लगातार प्रसारण जारी रहेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को उज्जैन में आकाशवाणी उज्जैन के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री डॉ. एल. मुरुगन भी उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उज्जैन जिले को भी सौगातें दी। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम से उज्जैन जिले के लिए करीब 179 करोड़ की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसमें 55 करोड़ 27 लाख की लागत से महाराजवाड़ा में तैयार सांदीपनि स्कूल का एवं 30 करोड़ 21 लाख की लागत से उज्जैन रेलवे ओवर ब्रिज का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 50 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विभिन्न मार्गों के निर्माण और उन्नयन कार्य, 32 करोड़ 69 लाख रुपये की लागत से शासकीय धनवंतरी आयुर्वेदिक महाविद्यालय में 250 सीटर बालक और बालिका छात्रावास का निर्माण, 8 करोड़ 37 लाख की लागत से रेप्टाइल पार्क एवं स्नेक पार्क तथा करीब 3 करोड़ की लागत से हाईटेक नर्सरी के निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति से उपचार और इसके प्रचार-प्रसार के मामले में सिरमौर है, इसलिए उज्जैन में आयुर्वेद का एम्स बनाने की दिशा में भी हम केन्द्र सरकार को अपना प्रस्ताव भेजेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरवासियों को आकाशवाणी केंद्र के शुभारंभ की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उज्जैन के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण हैं। यहां के लोगों के कान अपने आकाशवाणी केंद्र की आवाज सुनने को तरस गए थे। यह स्वप्न प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री डॉ. एल. मुरुगन के प्रयासों से पूरा हो रहा है। उज्जैन की हवा में बाबा महाकाल की भक्ति और शक्ति निरंतर रहती है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली रही है। उज्जैन के कण-कण में सम्राट विक्रमादित्य का गौरव महसूस होता है। वे आज भी हमारे आदर्श हैं। यह आकाशवाणी केन्द्र उज्जैन के लिए देववाणी और महालोक वाणी बनेगा। उन्होंने कहा कि 2028 में सिंहस्थ आने वाला है। युवाओं, कलाकारों ने अपनी तैयारियां कर ली हैं। उज्जैन में भगवान श्रीकृष्ण का शिक्षा आश्रम है। राज्य सरकार श्रीकृष्ण से जुड़े सभी लीला स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित करेगी। एक दिसंबर को पूरे प्रदेश में धूमधाम से गीता जयंती मनाई जाएगी।

    सोने पर सुहागा सिद्ध होगा उज्जैन स्टेशन
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आकाशवाणी ने कला-संस्कृति, शिक्षा-स्वास्थय, जनजागरुकता और कृषि समेत हर क्षेत्र के संरक्षण और संवर्धन में अपना अद्वितीय योगदान दिया है। आकाशवाणी ने रंगकर्मियों और विभिन्न कलाधर्मियों को भी सुनहरा मंच दिया है। वर्ष 2028 में सिंहस्थ महाकुंभ जैसे विराट महा-आयोजन की तैयारी हम कर रहे हैं। ऐसे में आकाशवाणी उज्जैन का शुरू होना सोने पर सुहागा सिद्ध होगा। स्थानीय प्रसारण के जरिये देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालु और पर्यटक बाबा महाकाल की नगरी के वैभव का आंखों देखा हाल सुन पाएंगे। उन्होंने बताया कि सिंहस्थ महाकुंभ को यूनेस्को की सूची में भी शामिल किया गया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन शहर से कनेक्टिविटी, ट्रैफिक की सुगमता के लिए सड़कों का चौड़ीकरण, उन्नयन हम युद्ध स्तर पर कर रहे हैं। उज्जैन नगरी और बाबा महाकाल की महिमा श्रद्धालुओं को रोचक तरीके से पहुंचाने के लिए रुद्रसागर पर वाटर स्क्रीन प्रोजेक्शन एवं म्यूजिकल फाउंटेन-शो की शुरुआत भी हमने की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आकाशवाणी उज्जैन सिंहस्थ के जीवंत प्रसारण (Live Telecast) का इतिहास लिखेगा और यहां से प्रसारित होने वाले कार्यक्रम उदाहरण बनेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में स्वास्थ्य सुविधाओं का भी तीव्र विस्तार किया जा रहा है। हमारी सरकार यहां मेडिकल टूरिज्म हब बना रही है। इसी कड़ी में मेडिसिटी का निर्माण हो रहा है। हमने लक्ष्य रखा है कि सिंहस्थ 2028 से संबंधित सभी अवंसरचनात्मक एवं प्रबन्धात्मक कार्य वर्ष 2027 के अंत तक पूरे कर लेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ से पहले उज्जैन में सड़कों के चौड़ीकरण सहित कई प्रकार के अधोसंरचना विकास कार्य जारी हैं। विकास में सब का योगदान होना चाहिए। हम सभी विकास कार्यों के संकल्पों में साथ हैं। उन्होंने उज्जैनवासियों को मंच से अपने पुत्र के शुभविवाह में आने का आमंत्रण दिया।
     

  • मंत्री कुशवाह ने दो वर्ष की उपलब्धियों की समीक्षा

    भोपाल 
    सामाजिक न्याय दिव्यांगजन कल्याण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा है कि विभाग का मूल उद्देश्य समाज के असहाय और कमजोर वर्गों तक संवेदनशीलता के साथ योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय विभाग केवल प्रशासनिक कार्यवाही का ढांचा नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना से संचालित एक महत्वपूर्ण व्यवस्था है, जिसका केन्द्र बिंदु जरूरतमंद नागरिकों का सशक्तिकरण है। मंत्री श्री कुशवाह ने यह बात विभागों के 2 वर्ष की उपलब्धियों की समीक्षा बैठक में कही।

    मंत्री श्री कुशवाह ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, निराश्रितजन, विधवा एवं परित्यक्ता महिलाओं सहित सभी पात्र हितग्राहियों को समय पर सहायता मिलना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि पेंशन योजनाओं के प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए और फील्ड स्तर पर हितग्राहियों से सीधा संवाद बढ़ाया जाए।

    मंत्री श्री कुशवाह ने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों का त्वरित निराकरण, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करते हुए विभागीय सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि समाज के सबसे कमजोर लोगों के साथ व्यवहार में संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण सर्वोपरि होना चाहिए। उन्होंने आगामी समय में विभागीय योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार और डिजिटल सेवाओं को सुदृढ़ करने पर भी जोर दिया। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से विभिन्न योजनाओं की वर्तमान स्थिति, उपलब्धियाँ और आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी।

     

  • वायु गुणवत्ता बनाए रखने 30 नवम्बर तक करें कार्य-योजना प्रस्तुत : मुख्य सचिव जैन

    राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी की हुई बैठक
    प्रदूषण रोकने के लिए जन-जागरूकता पर भी जोर

    भोपाल 
    मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के प्रमुख 7 नगरों में उच्च वायु गुणवत्ता स्तर बनाए रखने के लिए मौजूद समय के साथ ही दीर्घकालीन कार्ययोजना 30 नवम्बर तक प्रस्तुत करने के निर्देश पर्यावरण संरक्षण और नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अधिकारियों को दिए हैं। मंत्रालय में बुधवार को नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम की राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में वन और पर्यावरण, लोक निर्माण, नगरीय प्रशासन एवं विकास, गृह, औद्यागिक निवेश एवं प्रोत्साहन, कृषि विकास एवं किसान कल्याण, परिवहन आदि विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। वी.सी के माध्यम से भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, सागर तथा देवास के कलेक्टर, एस पी, और नगर निगम के आयुक्त भी सम्मिलित हुए।

    मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि राष्ट्रीय क्लीन एयर प्रोग्राम के मापदंडो के अनुरूप दिल्ली जैसे महानगरों में प्रदूषण के स्तर को कम कर वायु गुणवत्ता बनाए रखने के लिए किए जाने वाले उपायों को केंद्र में रखकर प्रमुख विभागों का एक एक्सपर्ट ग्रुप बनाएं और लघु तथा दीर्घ कालीन कार्ययोजना प्रस्तुत की जाए। मुख्य सचिव ने पराली जलाने की घटनाओं को भविष्य में भी रोकने के प्लान के अलावा वाहनों, निर्माण कार्यों और कचरे आदि में आग लगाने जैसी प्रवृत्तियों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए पृथक-पृथक एक्शन प्लान बनाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि सड़कों की धूल रोकने के लिए उनकी मरम्मत आदि करने के साथ गुणवत्ता बनाए रखने पर ध्यान दें। गुणवत्ता विहीन सड़कों के निर्माण के लिए अधिकारी तथा निर्माण एजेंसी की जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्यवाही की जाए।

    वायु गुणवत्ता मानक 100 के नीचे लाएं
    मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि जिन शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर ठीक नहीं है, उनका पूरा ध्यान वायु गुणवत्ता को औसत मानक 100 से नीचे होना चाहिए। नगर निगम ध्यान दें कि कचरा जलाने पर शत-प्रतिशत रोक हो, निर्माण कार्यों से धूल न उठे और सड़कों का सुधार और पुन:निर्माण कार्य तत्काल प्रारंभ करें। उन्होंने अलाव-तंदूर जैसे कारकों को इलेक्ट्रिक किया जाए। धूल वाले स्थानों पर नियमित रूप से जल के छिड़काव करने के साथ ही पी.यू.सी प्राप्त वाहनों का संचालन के लिए विशेष जांच अभियान चलाया जाए।

    निर्माण कार्यों के प्रदूषण को रोकें
    मुख्य सचिव श्री जैन ने निर्देश दिए कि नागरिकों के निवास आदि के निर्माण के साथ ही अन्य बड़े निर्माण कार्यों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए नेट लगाने के साथ ही जल के नियमित छिड़काव आदि को सुनिश्चित करें। निर्माण के दौरान प्रदूषण रोकने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करने के लिए अलग-अलग प्रभावी मापदंड-कार्ययोजना में शामिल किये जाएँ।

    जन-जागरूकता अभियान की रूपरेखा बनाएं
    मुख्य सचिव श्री जैन ने सभी विभागों और नगरीय निकायों के अधिकारियों से कहा कि वे जन-जागरूकता के लिए व्यापक कार्य-योजना बनाएं जिसमें उद्योग, परिवहन जैसे संघों के साथ ही समाज की भागीदारी भी सुनिश्चित हो। उन्होंने औद्योगिक नीति एवं निवेश के प्रमुख सचिव से कहा कि वे विभिन्न औद्योगिक संगठनों से चर्चा कर प्रदूषण रोकने के उपायों के साथ ही सी.एस.आर फंड से नगरीय निकायों को उपकरण और आवश्यक मशीन उपलब्ध कराने में समन्वय करें।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा – किसान भाई हमारे अन्नदाता हैं

    किसानों की खुशहाली और समृद्धि हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता
    इंदौर से देपालपुर तक करीब 745 करोड़ रूपए से बनेगी फोरलेन रोड
    गौतमपुरा में खुलेगा महाविद्यालय, पीएचसी अब सीएचसी में होगा अपग्रेड
    इंदौर से हातौद तक बनाई जायेगी फोरलेन सड़क बनाने का दिया आश्वासन
    इंदौर जिले को मिली 264 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगात
    इनगोरिया से देपालपुर तक मार्ग निर्माण कार्य का किया भूमिपूजन
     

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसान भाई हमारे अन्नदाता हैं। वे तरह-तरह के जोखिम उठाकर समाज और देश के लिए अन्न-धन का भंडार भरते हैं। प्रकृति की मार सहकर और खुद के दाना-पानी की चिंता में न रहकर सबका उदर पोषण करते हैं। उन्होंने कहा कि सीमा पर जवान और खेतों में हमारे किसान दोनों समान रूप से राष्ट्र की सेवा में तत्पर रहते हैं। किसान भाइयों के घर-आंगन में खुशहाली और आर्थिक समृद्धि लाना ही हमारी सरकार का मूल लक्ष्य है। हम प्रदेश के हर किसान को उसके द्वारा उत्पादित फसल का समुचित दाम दिलाएंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को इंदौर जिले के गौतमपुरा में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोयाबीन की फसल पर भावान्तर भुगतान योजना के तहत प्रदेश के 1.34 लाख पात्र किसानों के बैंक खातों में सिंगल क्लिक से 249 करोड़ रुपये अंतरित किये। अब तक प्रदेश के 4.39 लाख से अधिक किसानों द्वारा 7.85 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन फसल का विक्रय किया जा चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर जिले को 264 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगात भी दी। इसके तहत विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। इनमें इनगोरिया से देपालपुर तक मार्ग निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी शामिल है। यह 10 मीटर चौड़ी सड़क होगी, जो देपालपुर और बड़नगर विधानसभा क्षेत्रों को आपस में जोड़ेगी।

    किसानों को बाजार भाव में कमी से होने वाले नुकसान की सरकार कर रही भरपाई
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार हर किसान को उसकी मेहनत, उसके समर्पण का समुचित मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। भावान्तर भुगतान योजना के जरिए किसानों को बाजार भाव में कमी से होने वाले नुकसान की भरपाई की जा रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति हर हाल में बेहतर एवं मजबूत हो सके और खेती-किसानी लाभ का व्यवसाय बने।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रमुख घोषणाएं
    स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर से देपालपुर तक फोरलेन रोड के निर्माण की घोषणा की। यह 37 कि.मी. लंबी रोड होगी, जिसके निर्माण पर करीब 745 करोड़ रूपए खर्च आएगा। मुख्यमंत्री ने गौतमपुरा में महाविद्यालय खोलने तथा यहां के वर्तमान प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (पीएचसी) को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) में प्रोन्नत (अपग्रेड) करने की घोषणा की। अब यहां एक सर्वसुविधायुक्त बड़ा अस्पताल बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इंदौर से हातौद तक फोरलेन सड़क बनाने की बात भी कही।

    एक-एक खेत तक पहुंचाएंगे पानी
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में किसान हितैषी नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा, जिससे हमारा प्रदेश कृषि के क्षेत्र में हमेशा अग्रणी बना रहे। किसानों के लिये धन की कोई कमी नहीं है। हमारी सरकार भावांतर की राशि दे रही है, वहीं केन्द्र सरकार से किसानों को सम्मान निधि भी मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र का कोई भी खेत सिंचाई सुविधा से वंचित नहीं रहेगा। हम एक-एक खेत तक पानी पहुंचाएंगे। देपालपुर विधानसभा क्षेत्र में 1538 करोड़ रूपए की लागत से 27 हजार हेक्टेयर रकबे को सिंचित करने के लिए चंबल नदी पर एक बैराज बनाया जा रहा है। इससे विधानसभा क्षेत्र के 75 गांव लाभान्वित होंगे।

    प्रदेश में चल रहा है विकास का दौर
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सोलर पॉवर पम्प के जरिए हम किसानों को ऊर्जा उत्पादन के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इससे किसान अपनी बिजली से ही अपना खेत-अपना घर-अपनी दुकान रौशन कर सकेंगे। बिजली बिल का झंझट अब खत्म हो जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विकास का दौर चल रहा है। यह क्रम आगे भी चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि मालवा ऋषि-मुनियों की धरती रही है। गौतमपुरा सदियों पहले ऋषि गौतम की कर्मभूमि रहा है। विश्व को गीता का ज्ञान देने वाले भगवान श्रीकृष्ण के सम्मान में आने वाली 1 दिसम्बर को गीता जयंती पूरे मध्यप्रदेश में मनाई जाएगी।

    देपालपुर से इनगोरिया तक पक्की सड़क की मिली सौगात
    विधायक देपालपुर श्री मनोज निर्भय सिंह पटेल ने कहा कि आज देपालपुर से इनगोरिया के बीच 10 मीटर चौड़ी सड़क की सौगात गौतमपुरा की जनता को मिली है। इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के किसानों को सोयाबीन फसल के लिए 1300 रुपए प्रति क्विंटल से अधिक के भावांतर की राशि ट्रांसफर की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दूसरी बार प्रदेश के किसानों को भावांतर की राशि भेज रहे हैं। इंदौर से देपालपुर तक फोरलेन रोड की आवश्यकता पर जोर दिया।

    कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, सांसद इंदौर श्री शंकर लालवानी, विधायक बड़नगर श्री जितेन्द्र पंड्या, श्रीमती रीना सतीश मालवीय, श्री श्रवण चावड़ा सहित जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में किसान बन्धु एवं लाड़ली बहनें मौजूद थीं।

     

  • शिक्षा का उद्देश्य है समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना : राज्यपाल पटेल

    राज्यपाल डॉ. बी.आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय महू के 7वें दीक्षांत समारोह में हुए शामिल
    16 शोधार्थियों को प्रदान की पी.एच.डी. उपाधि

    भोपाल
    राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल आजीविका कमाना नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना भी है। आप सभी युवाओं को डॉ. अम्बेडकर के सपनों का भारत बनाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी होगी, जहाँ हर व्यक्ति को समान अवसर प्राप्त हो। उन्होंने डॉ. अम्बेडकर के 'शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो' के मूल मंत्र को याद दिलाया और बाबा साहब के जीवन, संघर्ष और विचारों से प्रेरणा लेने का आहवान किया।

    राज्यपाल श्री पटेल बुधवार को डॉ. बी.आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय, महू के 7वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने भारतीय संविधान के शिल्पकार और युग पुरुष डॉ. बी.आर. अम्बेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। राज्यपाल श्री पटेल ने संविधान दिवस के अवसर पर उपस्थितजनों के साथ संविधान की प्रस्तावना का वाचन भी किया।

    राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि आप सभी विद्यार्थी विश्वविद्यालय के सामाजिक न्याय के दूत हैं। सामाजिक न्याय , समरसता और समावेशी विकास के सिद्धांतों का आजीवन अनुसरण करें। विश्वविद्यालय से प्राप्त ज्ञान को समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान में लगायें। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि विद्यार्थी अपने माता-पिता और गुरुजनों का हमेशा सम्मान करें। माता-पिता के संघर्ष, त्याग और बलिदान को हमेशा याद रखें। उनकी सेवा पुण्य का कार्य है।

    केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने कहा कि महू डॉ. अम्बेडकर की जन्मभूमि है। इस पावन धरा पर स्थित विश्वविद्यालय , सामाजिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने युवा शक्ति को राज्य और राष्ट्र के विकास की धुरी बताया। उन्होंने सामाजिक-आर्थिक असमानताओं पर शोध और उनके व्यावहारिक समाधान प्रयासों के लिए विश्वविद्यालय के शोधार्थियों की सराहना की। अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि यह संस्थान सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण शोध और अध्ययन को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने शोध कार्यों को सीधे जनहित और राज्य की विकास योजनाओं से जोड़ने का प्रयास करें।

    राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने समारोह में संस्थान के 16 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की। उपाधियाँ प्राप्तकर्ताओं को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने विश्वविद्यालय की 'स्मारिका' का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन विश्वविद्यालय के कुलगुरु श्री रामलाल अत्राम ने दिया। उन्होंने उपाधि प्राप्तकर्ताओं को दीक्षांत शपथ दिलाई। समारोह के सारस्वत अतिथि डॉ. रविंद्र कन्हेरे ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। आभार कुलसचिव डॉ. अजय वर्मा ने माना। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि,  विश्वविद्यालय के विभिन्न संकाय के सदस्य, विद्यार्थी और उनके परिजन उपस्थित थे। 

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव से केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने की भेंट

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बुधवार की शाम मुख्यमंत्री निवास में केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया का स्वागत किया।

     

  • CGPSC 2025 भर्ती अलर्ट: उच्च पदों पर बंपर वैकेंसी, राज्य सेवा परीक्षा नोटिफिकेशन जारी—पढ़ें पूरी डिटेल्स

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने 2025 की राज्य सेवा भर्ती परीक्षा के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस बार कुल 238 पदों पर भर्तियां की जाएंगी। मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) के लिए सबसे अधिक 29 पद हैं, जबकि राज्य पुलिस सेवा में 28 पद और डिप्टी कलेक्टर के लिए 14 पदों की भर्ती होगी।

    परीक्षा पैटर्न और सिलेबस में कोई बदलाव नहीं

    CGPSC ने स्पष्ट किया है कि इस वर्ष भी परीक्षा पुराने पैटर्न के अनुसार ही आयोजित की जाएगी। प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा की संरचना पिछली बार की तरह रहेगी, और सिलेबस में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

    मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) के लिए चार साल बाद वैकेंसी

    मुख्य नगर पालिका अधिकारी पदों के लिए भर्ती पिछली बार 2020 में हुई थी, तब कुल 6 पदों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। 2019 में नियमों में बदलाव के बाद यह पद राज्य सेवा परीक्षा के माध्यम से भरा जाता है। इस बार चार साल बाद फिर से CMO के पदों पर भर्ती हो रही है।

    कौन कर सकता है आवेदन ?

    उम्मीदवार के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन की डिग्री होना जरूरी है। आयु 21 से 30 साल के बीच होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग को छूट मिलेगी।

    कब से कब तक कर सकेंगे आवेदन ?

    प्रारंभिक परीक्षा के लिए आवेदन 1 दिसंबर 2025 से 30 दिसंबर 2025 के बीच ऑनलाइन माध्यम से किए जा सकते हैं। इस बार भी केवल ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे, डाक या पेपर आधारित आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। आवेदन शुल्क 500 रुपये निर्धारित किया गया है। आयोग ने उम्मीदवारों को आवेदन में सुधार की सुविधा भी प्रदान की है, जिसमें सुधार प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुल्क का भुगतान किया जा सकेगा।

        आवेदन शुरू: 1 दिसंबर 2025
        आवेदन की अंतिम तिथि: 30 दिसंबर 2025 (रात 11:59 बजे तक)

    आवेदन में किसी प्रकार की गलती होने पर उम्मीदवार 3 जनवरी से 7 जनवरी 2026 के बीच संशोधन कर सकेंगे।

    22 फरवरी को होगी प्रारंभिक परिक्षा

    प्रीलिम्स परीक्षा 22 फरवरी 2026 को आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा दो पालियों में होगी – पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक। जबकि मुख्य परिक्षा 16, 17, 18 और 19 मई 2026 को निर्धारित की गई हैं।

    आवेदन और परीक्षा से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए उम्मीदवार छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की वेबसाइट psc.cg.gov.in पर देख सकते हैं।

  • ‘विश्व रंग’ टैगोर अंतरराष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव 2025 का रवीन्द्र भवन में भव्य शुभारंभ आज

    भोपाल 
    रवीन्द्र भवन, भोपाल में गुरुवार को ‘टैगोर अंतरराष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव – विश्व रंग’ का भव्य शुभारंभ हो रहा है, जो चार दिनों तक संस्कृति, साहित्य, कला, संगीत और विचारों का अनूठा समागम होगा। इस बार विश्व रंग का सातवाँ संस्करण 40 देशों के प्रतिनिधियों, 1000 से अधिक प्रतिभागियों और 90 विशिष्ट सत्रों के साथ और भी व्यापक और बहुआयामी स्वरूप में प्रस्तुत हो रहा है। उद्घाटन अवसर पर म.प्र. के राज्यपाल माननीय मंगुभाई पटेल, मॉरिशस के पूर्व राष्ट्रपति श्री पृथ्वीराज सिंह रूपन, म.प्र. के संस्कृति मंत्री श्री धर्मेन्द्र भावसिंह लोधी और आरएनटीयू के कुलाधिपति एवं विश्व रंग निदेशक श्री संतोष चौबे की गरिमामयी उपस्थिति होगी।
     
    कार्यक्रम का आगाज सुबह 12 बजे शोभा यात्रा एवं प्रदर्शनी उद्घाटन से होगा। इस दौरान असमिया एवं मालवी लोकनृत्य की प्रस्तुतियां होंगी। शाम के उद्घाटन सत्र के दौरान विश्वरंग मानद अंलकरण प्रदान किए जाएंगे। इसके बाद सांस्कृतिक सत्र का आयोजन होगा जिसमें दिल्ली के श्रीराम केंद्र के कलाकारों द्वारा नृत्य नाटिका – कृष्णा की प्रस्तुति दी जाएगी। इसमें विशिष्ट अतिथि के रूप में मप्र के माननीय मुख्य मंत्री श्री मोहन यादव जी उपस्थित होंगे।
     
    विश्वरंग के अतंर्गत वनमाली पत्रिका एवं रंग संवाद प्रदर्शनियों; ऋषि-वैज्ञानिक प्रदर्शनी; गिरमिटिया : संघर्ष, स्मृति और स्वाभिमान की गाथा; 100 वर्षों की समाचार – पत्र हेडलाइन आधारित ऐतिहासिक प्रदर्शनी; गोंड पेटिंग प्रदर्शनी; भील पेंटिंग प्रदर्शनी ; टैगोर राष्ट्रीय चित्रकला प्रदर्शनी ; टैगोर बाल चित्रकला प्रदर्शनी ; मानव संग्रहालय फोटो प्रदर्शनी का उद्घाटन गुरुवार को किया जाएगा।
     
    पारंपरिक भारतीय व्यंजनों की सुगंध से सजे स्टॉल भी फूड फेस्टिवल के तहत आम जनमानस के लिए ओपन होंगे। इसमें प्रमुख रूप से गुजराती, उड़िया, निमाड़ी एवं अन्य भारतीय पारंपरिक व्यंजनों के स्टाल शामिल होंगे।

  • पंडित प्रदीप मिश्रा के आयोजन में दिल दहलाने वाली घटना, आरक्षक की निधन की पुष्टि

    भानुप्रतापपुर

    भानुप्रतापपुर के ग्राम कच्चे में बुधवार को पं प्रदीप मिश्रा के कार्यक्रम में ड्यूटी पर लगे आरक्षक की मौत हो गई है. मृतक जवान का नाम त्रिनाथ भंडारी पिता सुदेसिंह भंडारी (उम्र 26 वर्ष) है. वह जवान बस्तर फाइटर में साल 2023 से पदस्थ था. फिलहाल मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है.

    जानकारी के मुताबिक, भानुप्रतापपुर में आयोजित प्रदीप मिश्रा शिव पुराण कथा कार्यक्रम में जवान त्रिनाथ की सुरक्षा व्यवस्था में डयूटी लगी थी. वह नारायणपुर जिले के सोनपुर का निवासी था. भीरा गांव स्थित सीएएफ कैंप में मंगलवार रात विश्राम कर रहा था. सुबह निर्धारित समय पर नहीं उठने पर उसके साथियों ने उसे उठाने की कोशिश की, लेकिन कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर तत्काल उसे भानुप्रतापपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया. जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। भानुप्रतापपुर पुलिस ने मामले की सूचना मृतक के परिजनों को दे दी है.

    परिजनों के भानुप्रतापपुर पंहुचने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया. परिजनों के अनुसार जवान पहले से अस्वस्थ चल रहा था, हालांकि वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा.

  • खाद्य व नागरिक आपूर्ति विभाग का प्रदर्शन जारी—धान खरीदी सीमा अब 21 क्विंटल, साय सरकार ने दो साल में बनाए नए रिकॉर्ड

     रायपुर

     साय सरकार के दो साल पूरे होने पर अलग-अलग विभागों के आला अधिकारी विभागीय उपलब्धियों की जानकारी दे रहे हैं. इस कड़ी में सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले ने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की 2 वर्ष की उपलब्धियां गिनाते हुए बताया कि राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की सीमा को 15 क्विंटल को बढ़ाकर 21 क्विंटल किया है.

    सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले ने बताया कि उपार्जन केंद्र में 25 लाख 49 हजार किसानों के माध्यम से धान का उपार्जन किया है. 25 लाख किसानों को 34 करोड़ 348 का भुगतान किया है. इसमें 12 हजार करोड़ रुपए की राशि पृथक से सम्मिलित है. इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली जुड़ी हुई है. केंद्रीय लक्ष्य 6 लाख 38 हजार मीट्रिक टन निर्धारित था. मिलर्स का भुगतान ऑनलाइन किया गया है.

    उन्होंने बताया कि बीते 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू हुई है. इस वर्ष 26 लाख 49 हजार किसान पंजीकृत हैं. 1 लाख 17 हजार 500 किसानों से 77 क्विंटल धान खरीदा है. 11 सौ 50 करोड़ का भुगतान किया गया है. राज्य के सभी किसान से धान लेने की प्रक्रिया जारी है. 9वें दिन आज बिना किसी बाधा के आज धान खरीदी की है. धान खरीदी के लिए तुम्हार टोकन शुरू किया है. 3 हजार टोकन जारी किया गया है. धान उपार्जन की समस्या के लिए सुविधा की गारंटी दी है.

    रीना बाबासाहेब कंगाले ने बताया कि 25 लाख में से 23 लाख किसानों की भूमि 5 एकड़ के अन्दर हैं, इन्हें लघु सीमांत किसान को टोकन जारी होगा. टोकन का जारी करने का समय 8 से 5 बजे तक टोकन जारी होगा. मोबाइल एप के माध्यम से टोकन जारी होगा. ऐसे किसान जिनके पास टोकन नहीं है, वो आकर ले सकते हैं. समितियों की जो व्यवस्था होगी, उसमें शुद्ध रूप से कमीशन दिया जाता है. जिसमें हमाल को 5 रुपए दिया जाता है. विगत वर्ष 2200 समितियों को 450 करोड़ जारी किया था.

    खाद्य विभाग की सचिव ने बताया कि बैंक सर्विस के रूप में पैसा जारी किया है. लाल, पीले और हरे – ये तीन वो जगह है, जहां पर धान से संबंधित शिकायत की जाती है. अलर्ट सेंटर से निकलने वाले गाड़ियों पर नजर विभाग की रहेगी. PDS का संचालन, खाद्य सुरक्षा के अंतर्गत हमने सभी सूचित किया है. कमी होने पर उन्हें व्यवस्था करवा सकते हैं. गरीबी राशन कार्ड में 11 लाख नए जुड़े है, जिससे 82 लाख सदस्य हो गए हैं. सरकार की सबसे कॉपरेटिव फ्रेंडली स्कीम है.

    राशन कार्ड की जानकारी देते हुए रीना बाबासाहेब कंगालने बताया कि नए राशन कार्ड जारी करना है. जितने पुराने राशन कार्ड को हमने नवीनीकरण करवाना है. बायोमेट्रिक वैरिविकेशन हम करवाते हैं.

  • कड़ी सुरक्षा के बीच DGP-IGP कॉन्फ्रेंस: PM मोदी और अमित शाह नवा रायपुर में होंगे ठहरे, 500 जवानों की तैनाती

    रायपुर

    नया रायपुर स्थित भारतीय प्रबंध संस्था (IIM) में 28 से 30 नवंबर 2025 तक आयोजित होने वाली “डीजी कॉन्फ्रेंस 2025” के लिए प्रशासन और पुलिस विभाग ने सभी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। इस त्रिदिवसीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के रायपुर प्रवास को लेकर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर व्यापक प्लान तैयार किया गया है।

    बता दें कि छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के ठहरने के लिए, विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के नवा रायपुर स्थित सरकारी आवास का चयन किया गया है। पीएम की विशेष सुरक्षा दस्ता एसपीजी ने डॉ रमन सिंह के बंगले को अपने कस्टडी में ले लिया है। यहां सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम शुरू कर दिए गए है।

    सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था चाक-चौबंद

    तीन दिनों तक रायपुर में वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान शहर के विभिन्न मार्गों पर ट्रैफिक पुलिस के 500 से अधिक अधिकारी और जवान तैनात रहेंगे। इसके लिए प्रदेश के सभी जिलों से अतिरिक्त यातायात अधिकारी और जवानों को रायपुर बुलाया गया है, ताकि किसी भी तरह की भीड़भाड़ या अव्यवस्था न हो।

    डीआईजी प्रशांत अग्रवाल की अहम बैठक

    संपूर्ण मार्ग व्यवस्था के प्रभारी डीआईजी बस्तर रेंज प्रशांत अग्रवाल ने सभी तैनात अधिकारी-कर्मचारियों की अहम बैठक लेकर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि—

        VVIP ड्यूटी के दौरान पूर्ण मुस्तैदी और अनुशासन बनाए रखें।
        अच्छी टर्नआउट में ड्यूटी पर उपस्थित हों।
        मार्ग में आवारा मवेशियों की रोकथाम सुनिश्चित करें।
        VIP मार्ग पर किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुँचाएँ।
        यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए टीमवर्क में कार्य करें।

    मध्यम और भारी वाहनों पर प्रतिबंध

    कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी रायपुर के आदेशानुसार, 28 से 30 नवंबर तक सुबह 5 बजे से रात 12 बजे तक नया रायपुर क्षेत्र में मध्यम एवं भारी मालवाहक वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित की गई है, ताकि वीवीआईपी यातायात निर्बाध रह सके।

    राजधानी में हाई अलर्ट, निगरानी कड़ी

    कॉन्फ्रेंस के दौरान शहर में सुरक्षा के विशेष बंदोबस्त किए गए हैं। महत्वपूर्ण मार्गों, हवाई अड्डे और IIM रायपुर परिसर के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। ड्रोन सर्विलांस, सीसीटीवी मॉनिटरिंग और एंटी-ड्रोन सिस्टम भी सक्रिय रहेंगे।

    इस मेगा सुरक्षा प्लान के साथ रायपुर 28 से 30 नवंबर तक देश के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों और वीवीआईपी मेहमानों की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है।

  • EOW की बड़ी पहल: छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में 6 आरोपियों पर 7000 पन्नों का चालान दाखिल

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में EOW ने आज 6 आरोपियों के खिलाफ ACB/EOW की विशेष कोर्ट में 6वां पूरक चालान पेश किया। पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास, अतुल सिंह, मुकेश मनचंदा, नितेश पुरोहित और यश पुरोहित समेत दीपेंद्र चावड़ा के खिलाफ 7 हजार पन्नों का चालान पेश किया गया है। इस मामले को निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ाने की दिशा में इसे अहम माना जा रहा है।

    छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED जांच कर रही है। ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है। दर्ज FIR में 3200 करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है। इस घोटाले में राजनेता, आबकारी विभाग के अधिकारी, कारोबारी सहित कई लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज है। ED ने अपनी जांच में पाया कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था।

    क्या है शराब घोटाला
    छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के दौरान 2019 से 2023 तक शराब नीति को बदलकर चहेते सप्लायरों के माध्यम से शराब घोटाला हुआ। इसमें लाइसेंस की शर्तें ऐसी रखी गई कि चहेती कम्पनियों को काम मिल सके। उन कंपनियों ने नकली होलोग्राम और सील बनवाई। यह काम नोएडा की एक कंपनी ने किया। इसके बाद नकली होलोग्राम लगी शराब की महंगी बोतलें सरकारी दुकानों के माध्यम से बिक्री करवाई गई। चूंकि नकली होलोग्राम था तो बिक्री की जानकारी शासन को नहीं हो पाती थी और बिना एक्साइज टैक्स दिए शराब की बिक्री होती रही। इस तरह से शासन को 2165 करोड़ रुपए के टैक्स का चूना लगाया गया। यह रकम कांग्रेस भवन बनवाने से लेकर नेताओं, अधिकारियों और मंत्रियों तक बंटे।

    शराब घोटाला मामले में अब तक पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसके अलावा आबकारी विभाग के 28 आबकारी अधिकारी भी आरोपी बनाए गए थे, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है।

  • कश्मीर से कन्याकुमारी तक साइकिल पर 16 दिन: छत्तीसगढ़ के तीन युवाओं की अद्भुत उपलब्धि

    रायपुर

    युवा एवं खेल मंत्रालय और फिट इंडिया मूवमेंट के तहत आयोजित 17 दिवसीय साइक्लिंग एक्सपीडिशन में छत्तीसगढ़ के तीन युवा साइकिलिस्टों ने जबरदस्त हौसला दिखाते हुए कश्मीर से कन्याकुमारी तक की लगभग 4,000 किलोमीटर की यात्रा सिर्फ 16 दिन में पूरी कर ली। तय समय से 1 दिन पहले लक्ष्य हासिल कर इन युवाओं ने अपनी प्रतिबद्धता और मजबूत इच्छाशक्ति का परिचय दिया है।

    यह यात्रा एक राष्ट्र, एक संकल्प का संदेश लेकर की गई थी। इस साइक्लिंग एक्सपीडिशन में शामिल छत्तीसगढ़ के तीन साइकिलिस्ट स्वर पटेल, संजय कुमार मंगराज और श्रीराम पटेल रायपुर एयरपोर्ट पहुंचे तो उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

    चुनौतियां थीं कठिन, लेकिन हौसला था मजबूत

    यात्रा के दौरान चुनौतियां कम नहीं थीं, लेकिन तीनों युवाओं का हौसला हर मुश्किल पर भारी पड़ा। उन्हें हर दिन 12-15 घंटे लगातार साइकिल चलानी पड़ी और प्रतिदिन 250-300 किलोमीटर की दूरी तय की। कई बार ऐसा भी हुआ कि लगातार 12 घंटे तक तेज बारिश में ही साइकिल चलानी पड़ी। रास्ते में ठंड, गर्मी, बारिश और तेज हवाओं जैसी प्राकृतिक मुश्किलों ने कई बार उनकी रफ्तार रोकने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। गुजरात नाके पर दुर्घटना भी हुई, बावजूद इसके टीम ने अपनी एकजुटता और साथ बनाए रखा और सभी साथी एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते हुए आखिरकार मंज़िल तक पहुंच गए।