• 1% बुकिंग ऑफर अब 30 नवंबर तक, 26 नवंबर को भी जारी रहेगी स्पॉट बुकिंग सुविधा

    रायपुर : राज्य स्तरीय आवास मेला–2025 में बंपर हुई बुकिंग

    तीन दिवसीय आवास मेला में 188 करोड़ रूपये की 879 आवासों की हुई बुकिंग

    1% बुकिंग ऑफर अब 30 नवंबर तक, 26 नवंबर को भी जारी रहेगी स्पॉट बुकिंग सुविधा

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय आवास मेला 2025 नागरिकों के लिए किसी बड़े उत्सव से कम साबित नहीं हुआ।

    इस आवास मेले का शुभारंभ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने गत दिवस किया था। इस दौरान उन्होंने कहा  था कि हाउसिंग बोर्ड द्वारा राज्यभर के विभिन्न आवासीय विकल्पों को एक छत के नीचे उपलब्ध कराना ऐतिहासिक कदम है।

    विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इसे मुख्यमंत्री की ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि भविष्य में उन्हें “आवास वाले बाबा” के नाम से जाना जाएगा।

    पिछले एक वर्ष में ऐतिहासिक बिक्री—आवास मंत्री ओ.पी. चौधरी

    आवास एवं पर्यावरण मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने बताया कि शासन के नीतिगत निर्णयों के कारण हाउसिंग बोर्ड ने केवल एक वर्ष में 700 करोड़ रुपये की संपत्ति बेचकर इतिहास रच दिया है, जो पिछले पाँच वर्षों के मुकाबले कई गुना अधिक है। उन्होंने बताया कि नई नीति के तहत प्रोजेक्ट तभी शुरू होंगे जब तीन माह में 10 प्रतिशत बुकिंग या एकमुश्त 60 प्रतिशत बुकिंग प्राप्त होगी।

    मेला परिसर पहले दिन से ही हजारों लोगों की भीड़ से गुलजार रहा। विभिन्न जिलों के किफायती और प्रीमियम आवासीय परियोजनाओं की जानकारी लेने और ऑन-द-स्पॉट बुकिंग कराने लोगों का उत्साह लगातार बना रहा। मेले की सबसे बड़ी आकर्षण रही केवल 1% राशि पर बुकिंग करने की सुविधा, तत्काल बैंक लोन उपलब्धता और प्रतिदिन आयोजित होने वाले लकी ड्रॉ। इन आकर्षक ऑफर्स ने न सिर्फ खरीदारों में उत्साह बढ़ाया बल्कि बुकिंग के रिकॉर्ड भी तोड़ दिए।

    तीन दिनों में 879 आवासों की बंपर बुकिंग

    तीन दिवसीय मेले में 188 करोड़ रुपये के 879 आवासों की ऑन-द-स्पॉट बुकिंग हुई, जो हाउसिंग बोर्ड की अब तक की सबसे सफल उपलब्धियों में से एक है। तीसरे दिन 25 नवंबर को तो मेला अपने चरम पर पहुंच गया। रायगढ़, जशपुर, कोरबा, कांकेर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और जगदलपुर जैसी जगहों के प्रोजेक्ट्स में भारी बुकिंग दर्ज की गई।

    रायपुर और नवा रायपुर के प्रमुख प्रोजेक्ट—कबीर नगर, भुरकोनी, बोरियाकला, पिरदा, सेजबहार, नरदहा और अटल नगर सेक्टर-12 फेस-2 सहित मुख्यमंत्री–प्रधानमंत्री आवास योजना के आवासों में भी जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली।

    समापन अवसर पर कृषि मंत्री ने की सराहना

    मेले के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित कृषि मंत्री  रामविचार नेताम ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड का यह प्रयास नागरिकों के सपनों को साकार करने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है।

    मंडल अध्यक्ष  अनुराग सिंह देव ने बताया कि हाउसिंग बोर्ड की 2060 करोड़ रुपये की नई आवासीय परियोजनाएँ राज्य में आवास विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी। उन्होंने कहा कि 26 नवंबर को भी मेला स्थल पर संपत्तियों की जानकारी और स्पॉट बुकिंग सुविधा जारी रहेगी।

    साथ ही गोंडवाना राष्ट्रीय आजीविका एवं सांस्कृतिक कला महोत्सव 2025 (बीटीआई ग्राउंड, रायपुर) में भी 14 दिसंबर तक हाउसिंग बोर्ड का विशेष स्टॉल संचालित होगा l उन्होंने यह भी घोषणा की कि भारी मांग को देखते हुए 1% बुकिंग ऑफर को 30 नवंबर तक बढ़ा दिया गया है।

    हाउसिंग बोर्ड आयुक्त  अवनीश कुमार शरण ने बताया कि आवंटी पोर्टल और चैटबॉट के माध्यम से प्रक्रियाओं को और पारदर्शी, सरल एवं तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले तीन वर्षों में 26 जिलों में 55 नई परियोजनाएं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरी की जाएंगी,जिससे राज्य में आवास उपलब्धता और बढ़ेगी।

    सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां

    मेले के तीसरे दिन इंडियन रोलर बैंड और गायक–अभिनेता सुनील तिवारी की मंच प्रस्तुति ने दर्शकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। दूसरे दिन कलिंगा बैंड और लोकगायिका आरू साहू की प्रस्तुति ने आकर्षण बढ़ाया।

    उद्घाटन दिवस पर खैरागढ़ यूनिवर्सिटी के छात्रों और बॉलीवुड गायक विनोद राठौर की परफॉरमेंस ने उद्घाटन समारोह को यादगार बना दिया।

    लकी ड्रॉ ने बढ़ाया उत्साह

    मेले में प्रतिदिन टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, मिक्सर–ग्राइंडर, प्रेस जैसे पुरस्कार प्रदान किए गए। जबकि बंपर पुरस्कार में मारुति स्विफ्ट कार, होंडा शाइन बाइक एवं होंडा एक्टिवा शामिल रहे।

    पहले दिन 55 नई परियोजनाओं का शुभारंभ

    प्रदेश के 22 जिलों में 2060 करोड़ रुपये की 55 नई परियोजनाओं का शुभारंभ, आवंटी पोर्टल एवं व्हाट्सएप चैटबॉट का लॉन्च, लाभार्थियों को मकानों की चाबियों एवं फ्रीहोल्ड सर्टिफिकेट वितरण जैसे कार्यक्रमों ने पहले दिन ही मेले को खास बना दिया।

  • सीहोर वीआईटी कॉलेज में छात्रों ने जताई नाराजगी, भोजन-पानी की गुणवत्ता पर हंगामा

    सीहोर

    मध्य प्रदेश के सीहोर में देर रात वीआईटी कॉलेज में छात्रों द्वारा भोजन एवं पानी की गुणवत्ता सहित अन्य समस्याओं को लेकर जमकर बवाल हुआ। बवाल ओर विरोध के दौरान छात्रों की ओर से कॉलेज परिसर में तोड़फोड़ एवं आगजनी भी की गई। इस दौरान हज़ारों छात्रों ने जमकर हंगामा मचाया। और कॉलेज परिसर में बस और कारों में आग लगा दी। वहां खड़ी एम्बुलेंस में भी तोड़फोड़ की। हालात बिगड़ने पर 5 थानों से पुलिस बल को बुलाना पड़ा।

    घटना की सूचना मिलते ही अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, आष्टा, एसडीओपी आष्टा, तथा आष्टा, जावर, पार्वती, कोतवाली सहित अन्य थानों से पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंच गया। अधिकारियों की ओर से छात्रों से विस्तृत चर्चा करते हुए उनके मुद्दे सुने गए तथा समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया गया। घटना के वीडियो भी सामने आए हैं।

    सीहोर जिले के आष्टा के ग्राम कोठरी में स्थित वीआईटी कॉलेज में 4 हजार छात्रों ने हंगामा कर दिया। छात्रों का आरोप प्रदर्शन भोजन और पानी की खराब गुणवत्ता को लेकर है। उनका कहना है कि कॉलेज में घटिया पानी और खाने के कारण कई छात्रों को पीलिया हो गया है। कुछ की तो मौत हो गई। आरोप है कि 100 से अधिक छात्र आष्टा, सीहोर और भोपाल के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। जब छात्रों ने आवाज उठाई तो गार्ड ने छात्रों से पिटाई कर दी,गार्ड ओर छात्रों की बीच हुई मारपीट के बाद हालात बिगड़ गए।

    छात्रों का आरोप है कि घटिया पेयजल और भोजन के कारण पीलिया से पीड़ित हो रहे हैं। हालांकि कॉलेज प्रबंधन ने 30 नवंबर तक अवकाश घोषित कर दिया है। भोपाल वीआईटी यूनिवर्सिटी रजिस्ट्रार केके नायर ने वीडियो जारी कर खबरों को भ्रामक बताया है और कहा है कि विश्वविद्यालय में पीलिया से मौतों की अफवाहें पूरी तरह निराधार और गलत हैं। किसी भी छात्र की मौत नहीं हुई है।

    जानकारी के अनुसार छात्रों ने शिकायत की है कि जब उन्होंने अव्यवस्थाओं के खिलाफ विरोध किया, तो हॉस्टल के वार्डन और गार्ड्स ने उनके साथ मारपीट की। चुप रहने के लिए दबाव बनाया। यूनिवर्सिटी में बात करने पर भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया, जिससे छात्रों का गुस्सा भड़क गया। इस मामले में कॉलेज प्रबंधन कुछ भी नहीं बोल रहा है, लेकिन जो जानकारी सामने आ रही है उसके अनुसार कई विद्यार्थी पीलिया रोग से पीड़ित हो गए थे जिन्हें चुपचाप कॉलेज प्रबंधन ने भोपाल के चिरायु अस्पताल में भर्ती कर दिया था। कॉलेज के विद्यार्थियों ने प्रबंधन पर आरोप लगाया है की घटिया पेयजल और भोजन के कारण विद्यार्थी बीमार हो रहे हैं मैनेजमेंट ध्यान नहीं दे रहा है

    मिली जानकारी के अनुसार वीआईटी कॉलेज परिसर में लगभग 4000 छात्रों द्वारा भोजन एवं पानी की गुणवत्ता को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने यह भी शिकायत की कि कॉलेज मैनेजमेंट/हॉस्टल प्रबंधन द्वारा उनके साथ अनुचित व्यवहार कर मारपीट की गई है। विरोध के दौरान परिसर में व्यापक तोड़फोड़ की गई, जिसमें एक बस, दो चारपहिया वाहन, एक एम्बुलेंस, हॉस्टल के खिड़कियों के शीशे, एक आरओ प्लांट, तथा परिसर के अन्य हिस्सों को नुकसान पहुंचाया गया।

    सूचना मिलते ही कोतवाली, मंडी तथा अन्य थानों से पर्याप्त पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से छात्रों से संवाद कर उन्हें शांत किया गया तथा उनकी शिकायतों के समाधान हेतु प्रबंधन से चर्चा कराए जाने का आश्वासन दिया गया। परिसर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात है और स्थिति पूर्णतः नियंत्रण में है।

    आष्टा के एसडीओपी आकाश अमलकर ने बताया कि वर्तमान में कॉलेज एवं हॉस्टल परिसर की स्थिति पूर्णतः सामान्य एवं नियंत्रण में है। परिसर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात है तथा स्थिति पर सतत् निगरानी रखी जा रही है। बुधवार छात्रों एवं कॉलेज प्रबंधन के साथ संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। कॉलेज प्रबंधन द्वारा छुट्टी घोषित की गई है। एसपी दीपक शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में स्थिति सामान्य है। वीआईटी में 30 नवंबर तक अवकाश किया है। कुछ बच्चे अपने घर जा रहे हैं। वीआईटी में सभी हॉस्टल के बच्चों से अपनी समस्याओं का आवेदन एवं बीमार बच्चों की जानकारी एसडीएम एवं एसडीओपी आष्टा की ओर से ली जाएगी।

  • शिक्षा व्यवस्था की जांच: मंत्री गजेंद्र यादव ने मैनपुर के स्कूलों का किया निरीक्षण

    रायपुर : शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मैनपुर क्षेत्र के विद्यालयों का किया औचक निरीक्षण

    रायपुर

    स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र के विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। उनका यह दौरा केवल प्रशासनिक समीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने स्वयं बच्चों, शिक्षकों और ग्रामीणों से बातचीत कर वास्तविक स्थिति को समझने का प्रयास किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने शिक्षण प्रक्रिया, विद्यार्थियों की स्थिति और स्कूल व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया।

    प्राथमिक शाला धवलपुर में शिक्षण गतिविधियों की समीक्षा 

            शिक्षा मंत्री सबसे पहले प्राथमिक शाला धवलपुर पहुँचे, जहाँ उन्होंने विद्यालय की सभी गतिविधियों का विस्तार से अवलोकन किया। उन्होंने शिक्षकों की उपस्थिति रजिस्टर की जाँच की और नियमितता एवं समयपालन पर जोर दिया। मंत्री ने मध्याह्न भोजन योजना की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था की जानकारी ली तथा यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी बच्चा पाठ्यपुस्तकों और गणवेश जैसी आवश्यक सामग्री से वंचित न रहे। बच्चों से बातचीत के दौरान उन्होंने उनके पसंदीदा विषय, पढ़ाई में आने वाली कठिनाइयों और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में पूछा तथा उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।

    अधोसंरचना और अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्यों का भी लिया जायजा 

          इसके बाद श्री यादव हायर सेकेंडरी स्कूल धवलपुर पहुँचे। यहाँ उन्होंने सभी कक्षाओं का निरीक्षण कर विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता, विशेषकर विज्ञान और गणित जैसे प्रमुख विषयों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने शिक्षकों से बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी संबंधी योजनाओं की जानकारी ली और समय पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने निर्देश दिए। मंत्री ने अधोसंरचना विकास और अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्यों का भी जायजा लिया तथा निर्माण की गुणवत्ता और समय-सीमा का पालन अनिवार्य रूप से करने पर जोर दिया। साथ ही शिक्षकों के ऑनलाइन अवकाश प्रबंधन की भी जाँच की ताकि शिक्षण कार्य सुचारू रूप से चलता रहे।

    विद्यार्थियों की सहभागिता और सुझाव 

             निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। कई छात्रों ने अपनी समस्याएँ और सुझाव मंत्री के समक्ष रखे। शिक्षा मंत्री ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और कहा कि सरकार बच्चों की शिक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है तथा शिक्षा व्यवस्था में निरंतर सुधार किए जा रहे हैं।

    छात्राओं से मुलाकात-मांगों पर दिया आश्वासन 

            शिक्षा मंत्री ने स्कूल से लौट रही हायर सेकेंडरी स्कूल मैनपुर की छात्राओं से भी बातचीत की। छात्राओं ने स्कूल भवन एवं विज्ञान विषय के शिक्षकों की आवश्यकता बताई। इस पर मंत्री श्री यादव ने उनकी माँगों को जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया।

    निरीक्षण से बढ़ा विश्वास 

           शिक्षा मंत्री के औचक निरीक्षण से छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों में सरकार के प्रति विश्वास और उत्साह और अधिक बढ़ा है। यह निरीक्षण शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है।

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  • पुल–पुलिया और सड़क निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों का होगा विकास– उप मुख्यमंत्री शर्मा

    रायपुर : उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने 1.98 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन

    गांव-गांव तक विकास पहुँचाना सरकार की पहली प्राथमिकता– उप मुख्यमंत्री  शर्मा

    पुल–पुलिया और सड़क निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों का होगा विकास– उप मुख्यमंत्री  शर्मा

    रायपुर

    कवर्धा विधानसभा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर सक्रिय रहते हुए छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा द्वारा विकास कार्यों को लगातार स्वीकृति दिलाकर उन्हें धरातल पर उतारा जा रहा है। इसी कड़ी में अपने कबीरधाम प्रवास के दौरान उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने सहसपुर लोहारा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम सारी एवं ग्राम चंदैनी में कुल 1 करोड़ 98 लाख 91 हजार रूपए की लागत से सड़क, नाली एवं पुल-पुलिया निर्माण कार्यों का विधिवत पूजा-अर्चना कर भूमिपूजन किया। ग्राम आगमन पर उपमुख्यमंत्री  शर्मा का ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक रूप से उत्साह और उल्लास के साथ राउत नाचा एवं डंडा नृत्य से उनका आत्मीय स्वागत किया गया।

              उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने ग्राम सारी में 1 करोड़ 65 लाख 59 हजार रुपये की लागत से खड़ौदा से सारी मार्ग पर पुल-पुलिया सहित 1.5 किलोमीटर लंबी मार्ग के निर्माण कार्य और ग्राम चंदैनी में ग्राम गौरवपथ योजना अंतर्गत 33 लाख 32 हजार रुपये की लागत से सीसी सड़क सह नाली निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया। इन कार्यों के पूर्ण होने से क्षेत्रीय ग्रामीणों को आवागमन की बेहतर सुविधा, जल निकासी की समस्या से निजात के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं तक पहुँच सुगम होगी और क्षेत्र के सामाजिक व आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।

           उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि कवर्धा विधानसभा का समग्र विकास उनकी प्राथमिकता है और सड़क, पुल-पुलिया, नाली, पेयजल, विद्युत, शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को हर गांव तक पहुंचाना राज्य सरकार का दृढ़ संकल्प है। मुख्यमंत्री गौरवपथ योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़कर विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है, जिससे आने वाले समय में क्षेत्र के हर गांव में प्रगति और समृद्धि की नई तस्वीर देखने को मिलेगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण सामग्री के साथ समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं, ताकि आम जनता को शीघ्र लाभ प्राप्त हो सके। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू,  रवि राजपुत,  रूपेन्द्र जायसवाल सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, युवा, ग्रामीण उपस्थित थे।

          कार्यक्रम के उपरांत उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने सहजता और आत्मीयता का परिचय देते हुए ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की प्रगति की विस्तारपूर्वक जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए गांव की बुनियादी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं अपेक्षाओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

          इस अवसर पर ग्रामीणों ने क्षेत्र में हो रहे निरंतर विकास कार्यों की प्रशंसा करते हुए उपमुख्यमंत्री  शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि उनके नेतृत्व में कवर्धा विधानसभा क्षेत्र तेजी से विकास की नई राह पर अग्रसर हो रहा है। ग्रामीणों ने उनके सरल, सहज एवं जनसरोकारों से जुड़े व्यक्तित्व की सराहना भी की।

  • CM विष्णुदेव साय ने रायपुर में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से की शिष्टाचार मुलाकात

    रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने केंद्रीय रेल मंत्री  अश्विनी वैष्णव से की सौजन्य मुलाकात

    छत्तीसगढ़ में रेल सुविधाओं के विस्तार, नए प्रोजेक्ट्स की प्रगति और प्रगतिरत परियोजनाओं पर हुई विस्तृत चर्चा

    रायपुर
    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री  अश्विनी वैष्णव से सौजन्य भेंट कर छत्तीसगढ़ में रेल सुविधाओं के विस्तार, नए प्रोजेक्ट्स की प्रगति और चल रही परियोजनाओं के शीघ्र पूर्ण करने से संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि राज्य में स्वीकृत सभी परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से आगे बढ़ाया जाए, ताकि नागरिकों, उद्योगों और व्यापार जगत को बेहतर, तेज़ और सुरक्षित परिवहन सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें। रेल मंत्री  वैष्णव ने मुख्यमंत्री द्वारा उठाए गए बिंदुओं का स्वागत करते हुए कहा कि रेलवे मंत्रालय छत्तीसगढ़ में कनेक्टिविटी को और अधिक मजबूत बनाने के लिए क्रियाशील है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, सचिव  राहुल भगत एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव  रजत कुमार उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल विकास अभूतपूर्व गति से हो रहा है और डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से प्रदेश का रेल नेटवर्क एक नए स्वर्णिम युग में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने बताया कि रायपुर–जबलपुर एक्सप्रेस की शुरुआत से पर्यटन, व्यापार और शिक्षा को नई ऊर्जा प्राप्त हुई है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2014 से 2030 के बीच राज्य में रेल लाइन का विस्तार दोगुना होने जा रहा है, जबकि 1853 से 2014 तक मात्र 1100 किलोमीटर का विस्तार हो सका था। पिछले दस वर्षों में राज्य के रेल बजट में 22 गुना वृद्धि और वर्ष 2025–26 में 6,925 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक आवंटन प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हुए इस परिवर्तन का सशक्त प्रमाण है।

    राज्य में 47,447 करोड़ रुपये से अधिक की कई प्रमुख रेल परियोजनाएँ तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं। खरसिया–नवा रायपुर–परमालकसा, गेवरा–पेंड्रा, रावघाट–जगदलपुर, खरसिया–धरमजयगढ़ तथा बिलासपुर–झारसुगुड़ा चौथी लाइन जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएँ छत्तीसगढ़ की रेल कनेक्टिविटी को नई ऊँचाई प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग सहित प्रदेश के 32 रेलवे स्टेशनों का आधुनिक पुनर्विकास भी तीव्र गति से जारी है, जिससे यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।

    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और रेल मंत्री  अश्विनी वैष्णव के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से छत्तीसगढ़ आने वाले वर्षों में देश के सबसे महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर वाले राज्यों में शामिल होगा और कनेक्टिविटी का यह विस्तार प्रदेश की औद्योगिक, आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन क्षमता को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

  • मुख्यमंत्री के आदेश के बाद रायसेन SP का तबादला, पुलिस मुख्यालय पहुँचे

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर एसपी रायसेन को किया पुलिस मुख्यालय अटैच

    मुख्यमंत्री ने पुलिस हैडक्वार्टर पहुँचकर वरिष्ठ अधिकारियों की ली बैठक

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार की शाम पुलिस मुख्यालय पहुंचकर वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ली और कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर हुई आपराधिक घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस अधिकारियों से त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा की और किसी भी आपराधिक तत्व को न छोड़ने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रायसेन जिले में हुई अपराधिक घटना के मामले में गिरफ़्तारी की कार्यवाही न होने पर अप्रसन्नता ज़ाहिर की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंडीदीप में चक्का जाम पर पुलिस की कार्रवाई पर नाराज़गी ज़ाहिर की। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधीक्षक रायसेन को मुख्यालय अटैच करने के निर्देश और मिसरोद थाना प्रभारी को हटाने के निर्देश दिये। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की तलाश जारी है और शीघ्र उसे गिरफ्तार किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश

        पुलिस सड़कों पर उतरे।

        किसी अपराधी को छोड़े नहीं, कठोर कार्रवाई करें।

        नियमित गश्त और पेट्रोलिंग बढ़ायें।

        अपराधियों के प्रति ढिलाई किसी हालत में बर्दाश्त नहीं होगी।

        निरीक्षण करें, लापरवाह अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ करें कारवाई।

    बैठक में मुख्य सचिव  अनुराग जैन और पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाना सहित एडीजी इन्टेलीजेंस, पुलिस कमिश्नर भोपाल और अधिकारी उपस्थित रहे।

     

  • शिक्षकों को बड़ा लाभ: MP सरकार ने बढ़ाई 10 दिन की छुट्टी, 1 जनवरी 2026 से मिलेगा फायदा

    भोपाल
    प्रदेश सरकार कर्मचारियों के हित में जल्द ही तीन बड़े कदम उठाने जा रही है। साढ़े चार लाख से अधिक शिक्षकों को वर्ष में दस दिन का अर्जित अवकाश मिलेगा। वहीं, सेवानिवृत्ति के बाद शत-प्रतिशत अर्जित अवकाश के नकदीकरण की सुविधा भी मिलेगी। सरकारी नौकरी के लिए दो बच्चों की शर्त भी हटाई जा रही है। जनवरी 2026 से यह प्रविधान लागू हो जाएंगे। सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को अभी अर्जित अवकाश की सुविधा नहीं मिलती है।

    एक वर्ष में 10 दिवस के अर्जित अवकाश
    ग्रीष्मावकाश मिलने के कारण यह प्रविधान रखा गया था। धीरे-धीरे ग्रीष्मावकाश कम होते गए और अब ये दो माह से घटकर 20-22 दिन ही रह गए हैं। शिक्षक लंबे समय से अर्जित अवकाश का लाभ देने की मांग कर रहे थे। इसे देखते हुए वित्त विभाग ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 1977 के स्थान पर मध्य प्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2025 तैयार किए हैं। इसमें शैक्षणिक संवर्ग को एक वर्ष में 10 दिवस के अर्जित अवकाश की पात्रता दी गई है।
     
    स्वेच्छिक और साप्ताहिक अवकाश के नियम में भी संशोधन
    इसके साथ ही यह प्रविधान भी किया जा रहा है कि सेवानिवृत्ति के बाद जितने अर्जित अवकाश शेष होंगे, उनका भी नकदीकरण किया जाएगा। पूरे सेवाकाल में पहले 240 दिन के नकदीकरण की सुविधा थी, जिसे बढ़ाकर 300 दिन किया गया है। जटिल प्रक्रिया होने के कारण इसका पूरा लाभ ही नहीं मिल पाता था। उधर, स्वेच्छिक अवकाश और साप्ताहिक अवकाश के नियम में भी संशोधन प्रस्तावित है। अभी शासकीय कार्यालय पांच दिन लगते हैं। शनिवार को अवकाश रहता है। कोरोनाकाल में प्रारंभ हुई इस व्यवस्था के स्थान पर दूसरे और तीसरे शनिवार को कार्यालय लगाने का प्रविधान बहाल किया जा सकता है।

    24 साल बाद दो बच्चे की पाबंदी हटेगी
    उधर, सरकार एक और बड़ा निर्णय यह करने जा रही है कि यदि नौकरी कर रहे किसी अधिकारी-कर्मचारी का तीसरा बच्चा होता है तो उसे अपात्र मानकर सेवा से हटाया नहीं जाएगा। 26 जनवरी 2001 में तीसरा बच्चा होने पर अपात्र मान लेने की शर्त लागू की गई थी। दरअसल, छत्तीसगढ़, राजस्थान सहित अन्य राज्य इस तरह की शर्त को हटा चुके हैं। इस निर्णय से स्कूल, उच्च, चिकित्सा शिक्षा सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों को लाभ होगा।

    जिन पर कार्रवाई हो चुकी, उन्हें राहत नहीं मिलेगी
    हालांकि जिन पर कार्रवाई हो चुकी है, उन प्रकरणों में कोई राहत नहीं मिलेगी क्योंकि निर्णय को भूतलक्षी प्रभाव से लागू नहीं किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रस्ताव बनाकर मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दिया है, जिस पर जल्द अंतिम निर्णय होने की संभावना है।

  • विकास मिशन की सफलता पंचायत प्रतिनिधियों पर निर्भर: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    भोपाल 
    उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि किसी भी शासकीय अभियान की सफलता में पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से विकास अभियानों में धुरी बनकर सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल जीवन मिशन, सिंचाई विस्तार, स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण तथा ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता सुधारने के लिए अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश में पाइपलाइन, टंकियों एवं फ़िल्टर प्लांटों का तेजी से निर्माण हो रहा है, जिससे ‘नल से जल’ अब एक वास्तविकता बन चुका है। कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में आयोजित 'आत्मनिर्भर पंचायत–समृद्ध मध्यप्रदेश' थीम आधारित तीन दिवसीय कार्यशाला के दूसरे दिन उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल शामिल हुए। उन्होंने वॉटरशेड जनभागीदारी कप प्रोत्साहन के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले पंचायत प्रतिनिधियों को पुरस्कृत किया तथा प्रतिनिधियों से संवाद कर उनके सुझाव एवं अपेक्षाओं को सुना।

    उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि पहले ग्रामीण क्षेत्रों में एक हैंडपंप लगना भी बड़ी उपलब्धि माना जाता था, लेकिन आज प्रदेश की पंचायतों में पाइपलाइन और जल शोधन संयंत्रों का निर्माण यह दर्शाता है कि विकास की रफ्तार किस दिशा में बढ़ी है। उन्होंने जोर दिया कि पंचायत प्रतिनिधि स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता संबंधी राष्ट्रीय मिशनों में अग्रणी भूमिका निभाएँ। निरोगी काया अभियान, एनीमिया एवं कुपोषण उन्मूलन, टीबी मुक्त भारत अभियान जैसे मिशनों में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था केवल अधिकार का नहीं, बल्कि समन्वय, संवेदनशीलता और कर्तव्य का विषय है। 15वें वित्त आयोग एवं पंचम वित्त आयोग से प्राप्त संसाधनों का उपयोग पारदर्शी एवं योजनाबद्ध ढंग से किया जाए, जिससे पंचायतें आत्मनिर्भर और सक्षम बन सकें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने आग्रह किया कि जनप्रतिनिधि नियमित बैठकों, स्थायी समितियों, सामाजिक उत्तरदायित्व और जनहित के निर्णयों को प्राथमिकता दें।

     

  • रेलवे का बड़ा अपडेट: Tatkal टिकट अब पहले से कहीं आसान, एक OTP में पूरा होगा काम

    भोपाल
    भारतीय रेलवे ने यात्री तत्काल आरक्षण प्रणाली में बड़े बदलाव की शुरुआत की है। अब आरक्षण काउंटर से भी तत्काल टिकट बनवाने के लिए यात्री के मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा। यह ओटीपी बताने के बाद ही तत्काल टिकट जारी होगा। इसकी प्रायोगिक शुरुआत रानी कमलापति से दिल्ली जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस से हो गई है। यह ट्रेन देश की पहली ऐसी ट्रेन बन गई है जिसमें ओटीपी आधारित आरक्षण शुरू किया गया है।

    एक ही तत्काल टिकट बुक हो पाएगा
    रेल अधिकारियों के मुताबिक इस नई व्यवस्था से ऐसे एजेंटों की भीड़ कम होगी जो काउंटर खुलते ही कई टिकटों की बुकिंग करने लगते थे। ये टिकट वे भारी कमिशन पर मजबूर यात्रियों को बेचते। नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह है कि एक मोबाइल नंबर से एक समय में सिर्फ एक ही तत्काल टिकट बुक हो पाएगा। इससे यात्री की असली पहचान सुनिश्चित होगी। इससे टिकटिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी और तत्काल बुकिंग में होने वाला फर्जीवाड़ा रुक जाएगा।
     
    लगभग 130 ट्रेनें होती हैं संचालित
    अब शताब्दी एक्सप्रेस की कुल 1500 सीटों में से 30 फीसदी यानी 450 सीटें अब ओटीपी-आधारित तत्काल कोटे में शामिल हैं। रानी कमलापति और भोपाल स्टेशन से प्रतिदिन 550-600 तत्काल टिकट बनाए जाते हैं, जबकि इन स्टेशनों से लगभग 130 ट्रेनें संचालित होती हैं और 10-30 फीसदी यात्री तत्काल टिकट पर यात्रा करते हैं। बताया जा रहा कि यह प्रयोग सफल रहा तो देश भर की दूसरी ट्रेनों के आरक्षण में भी ओटीपी प्रणाली लागू की जाएगी।

    एजेंटों का वर्चस्व बड़ी चुनौती
    तत्काल टिकट आरक्षण में एजेंटों का वर्चस्व तोड़ना रेलवे के लिए बड़ी चुनौती रही है। तत्काल टिकट काउंटर खुलने से पहले एजेंटों की लंबी लाइन लग जाती थी, जिसकी वजह से आम यात्रियों को टिकट मिलने में दिक्कत होती थी और कई बार उन्हें एजेंटों के जरिए महंगे दाम पर टिकट लेना पड़ता था। अब यात्रियों को प्राथमिकता देने के लिए ऑनलाइन भी एजेंट सुबह 10:00-10:30 बजे तक एसी क्लास और 11:00-11:30 बजे तक नान-एसी क्लास के टिकट बुक नहीं कर सकेंगे। ओटीपी आधारित आरक्षण व्यवस्था लागू होने से कॉल टिकटिंग में पारदर्शिता बढ़ेगी। टिकटों की अवैध खरीद-फरोख्त पर रोक लगेगी और सामान्य यात्रियों के लिए तत्काल टिकट प्राप्त करना अधिक आसान हो जाएगा। – नवल अग्रवाल, पीआरओ, भोपाल मंडल

  • छतरपुर में बागेश्वर धाम का बड़ा आयोजन, जरूरतमंद बेटियों के लिए सामूहिक विवाह—रजिस्ट्रेशन शुरू होने को तैयार

    छतरपुर
    बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं. वे अपनी कथाओं, बयानों, यात्रा सहित हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग को लेकर चर्चा में रहते हैं. इस बार धीरेंद्र शास्त्री ने वीडियो जारी कर एक अच्छी खबर दी है. जहां उन्होंने गरीब बेटियों की शादी कराने की घोषणा करते हुए रजिस्ट्रेशन की तारीख बताई. बागेश्वर् बाबा ने इस आयोजन में जुड़ने की सभी से अपील की.

    धीरेंद्र शास्त्री कराएंगे 300 बेटियों का विवाह

    सिद्ध पीठ बागेश्वर धाम में हर साल शिवरात्रि के दिन सामूहिक कन्या विवाह महोत्सव का आयोजन किया जाता है. इस महोत्सव के माध्यम से उन गरीब बेटियों को परिणय सूत्र में बांधा जाता है, जो बेसहारा, मातृ पितृहीन, अर्थहीन हैं. 15 फरवरी 2026 को होने वाले इस महोत्सव में 300 बेटियों को वैवाहिक बंधन में बांधा जाएगा. 1 दिसंबर से 15 दिसंबर के बीच बेटियों के रजिस्ट्रेशन होंगे. पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सामूहिक कन्या विवाह महोत्सव के संबंध में बताया कि "इस साल 300 बेटियों का विवाह करने का निर्णय लिया गया है.

    विवाह के लिए 1 दिसंबर से शुरु है रजिस्ट्रेशन

    1 दिसंबर से 15 दिसंबर के बीच धाम के कार्यालय नंबर-5 में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया चलेगी. इस महोत्सव में उन बेटियों के विवाह किए जाते हैं, जो बेसहारा, अत्यंत निर्धन परिवार, मातृ-पितृ हीन हैं. उन्होंने बताया कि बागेश्वर धाम में आने वाले दान से बेटियों का विवाह किया जाएगा. बागेश्वर बाबा ने कहा कि अगर देशभर के मंदिरों की दान पेटियों से बेटियों का घर बसने लगेगा, तो मानस मंदिर भी घर-घर बनने लगेगा है. इस दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने लोगों से इस आयोजन से जुड़ने की अपील की.

    लोगों से सही डॉक्यूमेंट्स लाने की अपील

    उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि जो भी रजिस्ट्रेशन कराने आएगा, वह पूरी तरह से सही दस्तावेज लेकर आए. बागेश्वर धाम की टीम घर-घर जाकर उनकी जांच करेगी. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा जितने ज्यादा से ज्यादा लोगों तक उनकी बात पहुंचेगी, उतने ही जरुरतमंद की मदद होगी. 15 फरवरी को बागेश्वर धाम में बड़ा महोत्सव होगा. जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होने पहुंचेंगे.

  • छत्तीसगढ़ पुलिस नियम में बदलाव: जीरो कट और क्लीन शेव अब अनिवार्य नहीं

    रायपुर
     राज्य पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बाल जीरो कट रखने और क्लीन शेव अनिवार्य होने को लेकर फैल रही चर्चाओं पर अब स्थिति स्पष्ट हो गई है। पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) ने आरटीआई के माध्यम से बताया है कि इस संबंध में न तो कोई प्रशासनिक आदेश जारी हुआ है और न ही प्रशासन शाखा या उप शाखा के किसी अभिलेख में ऐसा कोई उल्लेख मौजूद है।

    इसका अर्थ है कि पुलिसकर्मियों के लिए लंबे बाल या दाढ़ी रखना अनुशासनहीनता की श्रेणी में नहीं आता। यह जानकारी संयुक्त पुलिस कर्मचारी एवं परिवार कल्याण संघ के अध्यक्ष उज्जवल दीवान द्वारा लगाए गए आरटीआई आवेदन के जवाब में सामने आई है।

    जानकारी के अनुसार, दीवान ने 13 अक्टूबर को आवेदन लगाया था, जिस पर 12 नवंबर को एआईजी अंशुमान सिसोदिया ने जवाब दिया। दीवान ने बताया कि वर्ष 1861 से पुलिस व्यवस्था पर अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों का प्रभाव रहा है और कई पुराने, अप्रचलित नियम आज भी व्यवहार में लाए जा रहे हैं।
    दाढ़ी बढ़ाने पर किया जाता था दंडित

    उन्होंने आरोप लगाया कि कई पुलिसकर्मियों को केवल बाल जीरो कट न कराने या दाढ़ी बढ़ाने पर अनुशासनहीनता बताकर दंडित किया गया, जबकि संबंधित अधिकारियों को भी इस संबंध में वास्तविक नियमों की जानकारी नहीं थी। दीवान का कहना है कि वर्तमान में कई स्थानों पर हर मंगलवार और शुक्रवार को बाल जीरो कट रखना अनिवार्य बताया जाता है, जिससे जवानों को अनावश्यक अपमान झेलना पड़ता है।

     

  • हिड़मा की मौत के बाद नक्सली नेता प्रभावित, सरेंडर की ओर बढ़ रहे संकेत

    सुकमा
     माओवादियों के टॉप लीडर माड़वी हिड़मा के एनकाउंटर के बाद नक्सली संगठन में खौफ दिख रहा है। नक्सली संगठनों ने एक बार फिर हथियारबंद युद्ध रोकने के लिए तीन राज्यों के सीएम को लेटर लिखा है। वहीं, दूसरी तरफ एक खूंखार नक्सली के सरेंडर की अटकलें लगाई जा रही है। हिड़मा की मौत के बाद उसका दोस्त माने जाने वाला नक्सली देवा बारसे सरेंडर कर सकता है। देवा के सरेंडर को लेकर दावा किया जा रहा है कि वह सरेंडर के लिए बातचीत कर रहा है।

    दावा किया जा रहा है कि बटालियन कमांडर देवा बारसे अपने साथियों के साथ आत्मसमर्पण करना चाहता है लेकिन वह कन्फयूज्ड है कि किस राज्य में सरेंडर करे। पिछले दो तीन दिनों से नक्सली देवा के सरेंडर को लेकर खबरें आ रही हैं। हालांकि इसे लेकर अभी तक सुरक्षाबल के जवानों ने कोई अधिकारिक घोषणा नहीं की है। दावा किया गया है कि हिड़मा की मौत के बाद से देवा काफी परेशान है और वह आने वाले दिनों ने सरेंडर कर सुकमा लौटना चाहता है।

    सरेंडर को लेकर क्यों कन्फयूज्ड है देवा
    देवा और उनके साथी को लेकर यह कहा जा रहा है कि वह इस बात को लेकर कन्फयूज्ड हो गया है कि वह छत्तीसगढ़ में सरेंडर करे या फिर किसी दूसरे राज्य में। वह किस तरह से सरेंडर करे कि आत्मसमर्पण करने के बाद वह सुरक्षित रह सके और शासन की योजनाओं का लाभ भी ले सके।

    देवा की मां से मिले थे डेप्युटी सीएम
    डेप्युटी सीएम विजय शर्मा ने हाल ही में सुकमा जिले के पूवर्ती गांव का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने हिड़मा और देवा के मां से मुलाकात की थी। दोनों की मां से अपील की थी कि नक्सली विचारधारा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट आएं। जिसके बाद देवा और हिड़मा की मां ने अपील की थी कि बेटा जहां भी हो लौट आओ। जंगल में भटकने से कोई फायदा नहीं होगा। इस अपील के 8 दिन बाद ही हिड़मा का एनकाउंटर हो गया था।

    पूर्वती का रहने वाला है देवा
    खूंखार नक्सली देवा सुकमा जिले के पूवर्ती का ही रहने वाला है। उसे हिड़मा का खास माना जाता था। कहा जाता है कि हिड़मा से प्रभावित होकर ही वह नक्सली विचारधारा में शामिल हुआ था। लेकिन उसकी मौत के बाद वह टूट गया। छत्तीसगढ़ सरकार ने उसके सिर पर 25 लाख रुपए का इनाम रखा है। हिड़मा की तरह देवा भी AK-47 हमेशा अपने साथ रखता है। 

  • सूर्यघर योजना के तहत शीतल गुप्ता का घर हुआ उज्जवल, अब नहीं भुगतें बिजली के बिल

    रायपुर

    केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ़्त बिजली योजना से कोरिया जिले के बैकुंठपुर निवासी  शीतल गुप्ता का घर रोशन हुआ है। वे इस योजना का लाभ लेकर अपने घर का ऊर्जा बचत और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ा है।

        पीएम सूर्यघर योजना के हितग्राही  गुप्ता बताते हैं कि उन्हें इस योजना की जानकारी समाचार पत्रों के माध्यम से मिली। योजना के बारे में विस्तार से जानने के बाद वे निकटतम बिजली कार्यालय पहुँचे और वहां आवश्यक प्रक्रिया समझकर आवेदन किया।

        उन्होंने अपने घर की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 3 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल लगाने का निर्णय लिया, जिसके लिए उन्हें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से ऋण भी सहज रूप से उपलब्ध हो गया। सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार से मिलने वाली 78 हजार रुपए की सब्सिडी उन्हें समय पर प्राप्त हो गई।

         गुप्ता का कहना है कि इस योजना से जुड़कर उन्हें अब महंगे बिजली बिलों से छुटकारा मिलने की उम्मीद है। साथ ही, वे इसे एक ऐसा कदम मानते हैं जो न केवल परिवार पर आर्थिक बोझ कम करेगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देगा।पीएम सूर्यघर योजना के माध्यम से शीतल गुप्ता जैसे लाभार्थी अब स्वच्छ, सस्ती और सतत ऊर्जा की ओर बढ़ते नए भारत के प्रतीक बनते जा रहे हैं।

  • MP में 2 बच्चों का कानून बदल सकता है, RSS चीफ के बयान ने बढ़ाई चर्चा

    भोपाल 
    बच्चे तीन भी अच्छे… राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत का यह बयान मध्यप्रदेश के 400 से अधिक सरकारी सेवकों के लिए संजीवनी लेकर आने वाला है। ये वे शासकीय सेवक हैं, जिनके घरों में कई कारणों से तीन संतानें पैदा हुईं। तब से उन्हें नौकरी जाने का खतरा सता रहा है। कई की तो विभाीय जांच भी चल रही है। कुछ को बड़े अफसर या विरोधी बार-बार धमका रहे हैं।

    संघ प्रमुख के बयान के बाद अफसर-कर्मचारी दो बच्चों(Two child law) से ज्यादा पैदा नहीं करने वाली सरकारी बंदिश हटाने की गुहार लगा रहे हैं। सरकार ने इस आधार पर प्रस्ताव तैयार किया है। एक दौर की चर्चा के बाद ये बंदिश हटाई जा सकती है। इसके बाद इन 400 से अधिक शासकीय सेवकों की नौकरी से संकट टल जाएगा। राज्य के 12 लाख शासकीय, संविदाकर्मी और विभिन्न सेवाओं के शासकीय सेवक बड़ा परिवार करना चाहेगा, वे भी कानूनी पेंच से बच जाएंगे।

     मोहन भागवत का बयान

    देश की जनसंख्या नीति 2:1 बच्चों की है। एक परिवार में 3 बच्चे होने चाहिए। हर नागरिक को सुनिश्चित करना चाहिए कि उसके परिवार में 3 बच्चे हों। (संघ प्रमुख मोहन भागवत ने 28 अगस्त को आरएसएस के शताब्दी समारोह में कहा था।)

    दिग्विजय सरकार में लागू हुआ था दो बच्चों वाला नियम

    24 साल पहले जनसंख्या नियंत्रण की चुनौतियां देख कांग्रेस की तत्कालीन दिग्विजय सिंह की सरकार ने 2001 में मप्र सेवा भर्ती सामान्य शर्ते नियम 1961 के नियम में बदलाव किया था। इसके तहत शासकीय सेवकों के लिए दो(Two child law) से ज्यादा बच्चों पर बंदिशें लगा दी थी।

    नियमों के बाद भी इसलिए हुए 3 बच्चे

    एक शासकीय सेवक ने बताया, वह 2005 में सेवा में आया। उन्हें 2001 के नियम की जानकारी नहीं थी। जब तक पता चला, ३ बच्चों के पिता बन गए। बाद में कुछ विरोधियों ने शिकायतें कीं।
    शासकीय सेवक, इसलिए भी पशोपेश में

        कुछ कर्मचारी दंपती की दो संतानें थीं। दोनों रिकॉर्ड में आ गए, लेकिन बाद में इनमें से एक की मौत हो गई। वे दूसरी संतान चाहते हैं, पर नियम नियम आड़े आ रहा है।

        कोरोनाकाल में ऐसे कई प्रकरण हुए हैं, लेकिन ऐसे मामलों में किसी तरह की कोई छूट नहीं है।

    खतरे की घंटी… विदेशों की तरह मप्र में एक संतान का चलन बढ़ रहा

    विदेशों की तरह मध्यप्रदेश के शहरी क्षेत्रों में भी एक संतान का चलन जोर पकड़ने लगा है। कई परिवार ऐसे हैं, जो एक ही संतान पैदा कर रहे हैं। ऐसे ही दंपत्ति ने पत्रिका को नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पहले की तुलना में चुनौतियां बहुत बढ़ गई हैं, इसलिए एक ही बच्चे को जन्म दिया है। उसकी बेहतर परवरिश करने का प्रयास कर रहे हैं। विदेश से जुड़े मामलों के जानकार एवं पूर्व वन अधिकारी आरके दीक्षित का कहना है कि कई देशों में भी यह चलन तेजी से बढ़ा है, वहां भी सरकारों को जनसंख्या बढ़ोतरी के लिए प्रोत्साहन तक देना पड़ रहा है। विशेष कर इटली और जापान की आबादी बड़ी तेजी से घट रही है। यहां भी इसे प्रोत्साहित किया जा रहा है।

  • छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा में बदलाव: 13 हजार से ज्यादा स्कूलों में स्मार्ट क्लास लागू

    रायपुर
     प्रदेश के 13 हजार से अधिक माध्यमिक और हाई स्कूलों में अब स्मार्ट क्लास और कंप्यूटर लैब की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। शिक्षा विभाग ने इस व्यवस्था को आने वाले शैक्षणिक सत्र से ही लागू करने की तैयारी तेज कर दी है। इसके बाद बच्चों को पढ़ाई के लिए डिजिटल माध्यम, ऑडियो-वीडियो कंटेंट और ऑनलाइन शिक्षण का लाभ पहले से कहीं अधिक सुगमता से मिलेगा।

    प्रदेश में फिलहाल 1,388 स्कूलों में कंप्यूटर लैब और 5,857 स्कूलों में स्मार्ट क्लास संचालित हैं। स्कूलों की संख्या को देखते हुए यह सुविधा अभी भी सीमित दायरे में थी। अब शिक्षा विभाग ने स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब के दायरे को बढ़ाकर हर जिले, हर विकासखंड और हर ब्लाक के स्कूलों तक पहुंचाने की योजना बनाई है। संबंधित जिलों के अधिकारियों को स्कूलों की भौगोलिक स्थिति और छात्र संख्या के आधार पर प्राथमिकता तय करने के निर्देश भी भेज दिए गए हैं।

    दो मॉडल पर काम

    केंद्र प्रायोजित आइसीटी (इन्फार्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलाजी) योजना के तहत दो मॉडल पर काम चल रहा है। पहला मॉडल आइसीटी लैब का है, जिसमें कंप्यूटर सिस्टम स्थापित किए जाते हैं। यह लैब शिक्षक और विद्यार्थियों दोनों के उपयोग के लिए होती है। इसका उद्देश्य छात्रों को टेक्नोलाजी के माध्यम से पढ़ाई, ऑनलाइन अध्ययन, डिजिटल सामग्री, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और अन्य शिक्षण गतिविधियों से जोड़ना है। एआई आधारित लर्निंग, भाषा सुधारक टूल, वीडियो लेक्चर और वर्चुअल कान्सेप्ट क्लास जैसे साधनों का भी उपयोग किया जाएगा।

    योजना का दूसरा हिस्सा स्मार्ट क्लासरूम है। इसमें बड़ी स्क्रीन, प्रोजेक्टर, ऑडियो सिस्टम और डिजिटल माड्यूल के माध्यम से स्कूलों में पढ़ाई कराई जाएगी। एक-एक स्कूल में बच्चों की संख्या के आधार पर एक से चार तक स्मार्ट क्लासरूम तैयार किए जाएंगे। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे पढ़ाई अधिक रोचक होने के साथ-साथ कठिन विषयों को भी बच्चों को सरलता से समझाया जा सकेगा, जिससे सीखने की गति और परिणाम दोनों में सुधार आएगा।

    ग्रामीण और शहरी स्कूलों के बीच कम होगा अंतर

    प्रदेश में वर्तमान में कुल 56,895 स्कूल हैं। शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, स्मार्ट क्लास प्रणाली से ग्रामीण और शहरी स्कूलों के बीच शिक्षा के स्तर का अंतर कम होगा। साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा की वही सुविधाएं मिलेंगी जो बड़े शहरों में उपलब्ध हैं।

    विभागीय सूत्रों का कहना है कि जल्द ही शिक्षकों के लिए तकनीकी प्रशिक्षण की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी, ताकि वे डिजिटल संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर सकें। इस दिशा में चरणबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा और हर जिले में मानिटरिंग सेल भी बनाई जाएगी।

  • दीक्षांत समारोह में 2024 बैच के विद्यार्थियों को किया सम्मानित

    341 विद्यार्थियों में 90 प्रतिशत विद्यार्थियों का हुआ प्लेसमेंट

    भोपाल 
    हमारे प्रशिक्षु अब केवल चुनौतियों का सामना करने वाले युवा नहीं, बल्कि कौशल, आत्मविश्वास और नवाचार से परिपूर्ण नागरिक बन चुके हैं, जो राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान देने के लिए तैयार हैं। संस्थान और राज्य सरकार मिलकर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के 'कुशल भारत-समृद्ध भारत के संकल्प को साकार करने के लिये युवाओं को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए निरंतर कार्यरत हैं। यह बात कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल ने मंगलवार को संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क के 2024 बैच के दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि यह समारोह केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि युवाओं के परिश्रम, क्षमता और उपलब्धियों का सम्मान है।   

    मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द मोदी के नेतृत्व में कौशल-आधारित विकास की जो सशक्त परिकल्पना सामने आई है, उसने युवाओं में आत्मविश्वास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा की नई ऊर्जा जगाई है। उन्होंने बताया कि  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में कौशल विकास को नई पहचान मिली है और यह विश्वास मजबूत हुआ है कि सक्षम युवा ही प्रदेश को प्रगति के शिखर पर ले जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि हर युवा को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, अत्याधुनिक सुविधाएँ और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध हों और ग्लोबल स्किल्स पार्क इसी प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है, जहाँ अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ, इंडस्ट्री-लिंक्ड कोर्स, डिजिटल सुविधाएँ और प्रशिक्षकों की विशेषज्ञता मिलकर विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की क्षमता प्रदान करती हैं।

    समारोह में मंत्री डॉ. टेटवाल ने संस्थान के प्रशिक्षार्थियों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, इंडस्ट्री 4.0, ऊर्जा प्रणालियाँ, प्रैक्टिकल इंजीनियरिंग और व्यवहारिक कौशल जैसे क्षेत्रों में हासिल की गई उल्लेखनीय प्रगति की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्लोबल स्किल्स पार्क के अनेक विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में अवसर प्राप्त हुए हैं, जबकि बड़ी संख्या में युवा स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं, जो प्रदेश की आर्थिक उन्नति के लिए अत्यंत शुभ संकेत है। उन्होंने गीता के ‘योगः कर्मसु कौशलम्’ का उल्लेख करते हुए युवाओं से कहा कि आज की दुनिया निरंतर बदल रही है और ऐसे समय में सतत सीखना उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि उनका कौशल तकनीक के साथ लगातार अपडेट होना चाहिए तथा उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार रखना चाहिए।

    मंत्री श्री टेटवाल ने प्रशिक्षकों, संकाय सदस्यों, प्रशासनिक अधिकारियों और तकनीकी टीम के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि ग्लोबल स्किल्स पार्क की उत्कृष्टता पूरे दल की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने संस्थान को सुझाव दिया कि उद्योग जगत की आवश्यकताओं और बदलती तकनीक के अनुरूप अल्पावधि के कोर्स भी नियमित रूप से संचालित किए जाएँ, जिससे विद्यार्थियों की अप-स्किलिंग सुचारु रूप से होती रहे। मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि ग्लोबल स्किल पार्क के प्रशिक्षित विद्यार्थियों का देश और प्रदेश के साथ ही विश्व की प्रतिष्ठित कंपनियो में भी प्लेसमेंट हो रहा है। उन्होंने बताया कि यहां से प्रशिक्षित 11 विद्यार्थी अबु धाबी में जॉब कर रहे है। यह एशिया का विश्वस्तरीय संस्थान है।

    मंत्री डॉ. टेटवाल ने प्रशिक्षार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए। छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि ग्लोबल स्किल्स पार्क परिवार से जुड़ने वाला हर युवा जीवनभर इस परिवार का अभिन्न सदस्य बना रहता है।

    इस अवसर पर 2024-2025 सत्र में उत्कृष्ट समग्र शैक्षणिक प्रदर्शन हेतु चयनित प्रशिक्षु को मिनिस्टर मेडल अवार्ड से सम्मानित किया गया। इसके बाद विभिन्न ट्रेडों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अन्य प्रशिक्षुओं को प्रमाणपत्र और विशेष सम्मान प्रदान किए गए। कार्यक्रम में प्रशिक्षकों ‌द्वारा विद्यार्थियों को वर्चुअल शुभकामना संदेश दिये गये, जिसमें उनके अनुभव, सुझाव और मार्गदर्शन ने उपस्थित प्रशिक्षुओं को नई ऊर्जा और दिशा दी।

    तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार प्रमुख सचिव श्री मनीष सिंह ने वर्चुअल शुभकामना संदेश एवं बधाई दी। ग्लोबल स्किल पार्क की विश्वस्तरीय प्रशिक्षण सुविधाओं की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में आत्मनिर्भर व सफल करियर हेतु प्रेरित किया।

    ग्लोबल स्किल पार्क मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गिरीश शर्मा ने कहा कि आज जो विद्यार्थी यहाँ से आगे बढ़ रहा है, वह हमारे परिवार का हिस्सा है। हमारा विश्वास है कि ये बच्चे सिर्फ भविष्य नहीं बदलेंगे, बल्कि नए अवसरों और नई ऊँचाइ‌यों की मिसाल बनेंगे। हम सभी उन्हें उनके उज्ज्वल, सफल और सशक्त भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ देते हैं।

    विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक अपने अपने सत्र के अनुभव साझा किए और कहा कि ग्लोबल स्किल पार्क में उन्हें समस्या खोजने वाला नहीं, बल्कि समाधान प्रस्तुत करने वाला बनने की सोच विकसित हुई। वि‌द्यार्थियों ने संस्थान की अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ, उद्‌द्योग-संलग्न व्यावहारिक प्रशिक्षण, अनुशासित एवं सहयोगी शिक्षण वातावरण तथा मार्गदर्शक संकाय की सराहना की। परिणामस्वरूप आज यहाँ के अधिकांश छात्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलतापूर्वक कार्यरत हैं।

     

  • प्रदेश की वित्तीय प्रणाली को डिजिटल और पारदर्शी स्वरूप देने के लिये राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

    पेंशनरों को त्वरित सेवाएँ
    सीबीडीसी के सफल पायलट प्रोजेक्ट पर मध्यप्रदेश अग्रणी

    भोपाल
    उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि प्रदेश की वित्तीय प्रणाली को पूर्ण रूप से डिजिटल और पारदर्शी स्वरूप देने के लिये राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने मध्यप्रदेश में डिजिटल करेंसी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिये आवश्यक कानूनी और वित्तीय प्रक्रियाएँ शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने यह भी कहा कि पेंशन प्रकरणों को संपूर्ण रूप से डिजिटाइज किया जाएगा। इससे लाखों पेंशनरों को त्वरित और सरल सेवाएँ उपलब्ध हो सकेंगी।

    उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा मंगलवार को मंत्रालय में वित्त विभाग की गतिविधियों की उच्च स्तरीय समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में विगत 2 वर्षों के दौरान प्रदेश का वित्तीय ढांचा अधिक सक्षम, तकनीक-सम्मत और सेवा उन्मुख हुआ है। पेंशन व्यवस्था में किए गए सुधारों के परिणामस्वरूप अब पेंशन भुगतान एसबीआई द्वारा एग्रीगेटर मॉडल में किया जा रहा है। इससे पेंशनरों को किसी भी बैंक खाते में राशि प्राप्त करने की सुविधा मिल रही है।

    उपमुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने बताया कि सिंगल नोडल एजेंसी प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन से मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है। इस उपलब्धि से राज्य को 500 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन प्राप्त हुआ है और 66 में से 47 केंद्र प्रवर्तित योजनाओं की स्वीकृतियाँ जारी हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान प्रणाली आज प्रदेश में अधिक त्वरित, सुरक्षित और विश्वसनीय बन चुकी है। उन्होंने वित्तीय प्रबंधन प्रक्रियाओं को पूर्णतः डिजिटल स्वरूप देने के लिये आईएफएमएस नेक्स्ट जेन को निर्धारित समय सीमा में लागू करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने विभागों, कोषालयों तथा आहरण एवं संवितरण अधिकारियों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रियाओं को और अधिक पारदर्शी एवं सटीक बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

    बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश ने सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) का सफल पायलट प्रोजेक्ट पूरा कर लिया है। यह भविष्य में बगैर नकद रकम के लेनदेन, कल्याणकारी योजनाओं के भुगतान में पारदर्शिता और वित्तीय प्रक्रियाओं की गति बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसे आगामी समय में आईएफएमएस नेक्स्ट जेन से जोड़कर प्रमुख योजनाओं में लागू किया जाएगा।

    सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिये ई-जीपीएफ प्रणाली बड़ी राहत के रूप में उभर रही है। महालेखाकार कार्यालय द्वारा प्राधिकृत पत्र जारी होते ही भुगतान सीधे ऑनलाइन हो जाता है तथा अब तक 5,000 से अधिक मामलों में इसका सफल उपयोग किया जा चुका है। इस प्रणाली को अब 57,000 कर्मचारियों तक विस्तारित किया जा रहा है। इससे सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले वित्तीय लाभ समय पर प्राप्त हो सकेंगे।

    वित्तीय निरीक्षण एवं सेवा-प्रदान को और मजबूत करने के लिये पांदुर्णा, मऊगंज और मैहर में 3 नए कोषालय स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही चम्बल, नर्मदापुरम और शहडोल में स्थानीय निधि संपरीक्षा संचालनालय के क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे विभागीय निगरानी और सेवा-सुगमता बढ़ेगी।

    बैठक में अपर मुख्य सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी, सचिव श्री लोकेश कुमार जाटव, आयुक्त कोष एवं लेखा श्री भास्कर लाक्षाकार, संचालक वित्त श्री राजीव रंजन मीणा, अपर सचिव वित्त श्री रोहित सिंह, संचालक पेंशन श्री जे.के. शर्मा तथा संचालक स्थानीय निधि संपरीक्षा श्री अदिति कुमार त्रिपाठी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

     

  • 38 दिव्यांगजन को सक्षम के मंच से मिली मोटराइज्ड व्हील चेयर

    आईआईटी चेन्नई के स्नातकों ने विकसित की नवीनतम तकनीक की व्हील चेयर

    भोपाल 
    सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन रिसोर्स सेंटर में मंगलवार को आयोजित समारोह में 38 दिव्यांगजन हितग्राहियों को मोटराइज्ड व्हील चेयर का वितरण किया गया। यह कार्यक्रम गैर सरकारी संगठन सक्षम द्वारा आयोजित किया गया जिसमें हितग्राहियों को अल्टीयस टेलीकॉम इंफ़्रा ट्रस्ट के सहयोग से व्हील चेयर वितरित की गई। कार्यक्रम प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय श्रीमती सोनाली वायंगणकर, आयुक्त दिव्यांगजन डॉ. अजय खेमरिया, सक्षम के राष्ट्रीय महासचिव उमेश अंधारे, संघ के प्रान्त सेवा प्रमुख विक्रम सिंह सहित सक्षम संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

    मुख्य अतिथि श्रीमती वायंगणकर ने कहा कि समाज में दिव्यांगजन सरकार के अकेले दम पर सक्षमता अर्जित नहीं कर सकते हैं, यह तभी संभव है जब समाज की भागीदारी भी सरकार के साथ बराबरी से सुनिश्चित हो। उन्होंने अल्टीयस कम्पनी के प्रति आभार व्यक्त किया, जिसने प्रदेश के 38 दिव्यांगजन को मोटराइज्ड व्हील उपलब्ध कराई हैं।

    आयुक्त दिव्यांगजन डॉ. अजय खेमरिया ने सीएसआर को भारत की प्राचीन परोपकार की परंपरा का अनुवर्तन बताते हुए सक्षम और कम्पनी के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को सक्षम के महासचिव श्री उमेश अंधारे ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का विषय प्रवर्तन रविन्द्र कोपरगांवकर ने किया।

    एक लाख 10 हजार की व्हील चेयर

    कार्यक्रम में वितरित की गई व्हील चेयर न्यू मोशन कम्पनी द्वारा विकसित की गई है। यह कम्पनी चेन्नई आईआईटी से निकले युवाओं ने तैयार की है जो नवीनतम तकनीकी से दिव्यांगजन के लिए व्हील चेयर बनाती है। इस व्हील चेयर का उपयोग हितग्राही वैकल्पिक रूप से अपने लिए स्थानीय रोजगार के साधन के रूप में भी कर सकते हैं। सक्षम के विश्वजीत सरमंडल ने बताया कि इस साल जनवरी में अल्टीयस कम्पनी के सहयोग से जिन 47 हितग्राहियों को व्हील चेयर वितरित की गई, वे स्व-रोजगार से जुड़ गए हैं। इस व्हील चेयर की कीमत एक लाख दस हजार है।

     

  • आमला विधानसभा ने रचा कीर्तिमान, SIR-2026 में मध्यप्रदेश में प्रथम स्थान

    100% डिजिटाइजेशन पूर्ण करने वाली प्रदेश की पहली विधानसभा

    भोपाल 
    भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) अभियान के अंतर्गत बैतूल जिले की आमला विधानसभा ने अद्वितीय सफलता अर्जित करते हुए मध्यप्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। आमला विधानसभा प्रदेश की पहली ऐसी विधानसभा बनी है जिसने 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन का लक्ष्य निर्धारित समय से पहले पूरा कर रिकॉर्ड कायम किया है। कुल 2,19,778 मतदाताओं के विवरण का शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन सफलतापूर्वक पूर्ण कर आमला विधानसभा ने प्रदेशभर के निर्वाचन प्रबंधन के लिए एक उत्कृष्ट मानक स्थापित किया है।

    जिला प्रशासन बैतूल, बीएलओ एवं सुपरवाइजर्स की कठिन परिश्रमपूर्ण मैदानी कार्यशैली-इन सभी का समन्वित परिणाम रहा कि विधानसभा क्षेत्र ने यह उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। एसआईआर सर्वे के दौरान बीएलओ और सुपरवाइजर्स की टीम ने घर-घर जाकर डेटा संग्रह किया, जन्म-मृत्यु, निवास, पहचान एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया। दूरस्थ क्षेत्रों, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद टीम ने गुणवत्तापूर्ण व त्रुटिरहित कार्य प्रस्तुत किया।

    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मध्यप्रदेश ने कार्य की सराहना करते हुए कहा कि "आमला विधानसभा द्वारा प्राप्त यह ऐतिहासिक उपलब्धि पूरे मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय है। मैं आमला विधानसभा के सभी बीएलओ, सुपरवाइजर्स, आरओएस, एआरओएस, जिला प्रशासन, जनपद व नगरीय निकायों की टीम तथा सहयोगी नागरिकों को हार्दिक बधाई देता हूँ। यह सफलता दर्शाती है कि प्रशासनिक नेतृत्व, पर्यवेक्षण तंत्र और फील्ड-स्तर की टीमें एकसाथ प्रतिबद्ध होकर कर रही है। SIR-2026 की यह उपलब्धि प्रदेश के प्रत्येक जिले और विधानसभा के लिए प्रेरक उदाहरण है।"

  • मंत्री विश्वास सारंग ने की जर्मन फुटबॉल कोच डाइटमार बीयर्सडॉर्फ से भेंट

    विचारपुर (मिनी ब्राज़ील) को मिला अंतर्राष्ट्रीय मंच : मंत्री विश्वास सारंग
    भारत में फुटबॉल का भविष्य उज्ज्वल- कोच बीयर्सडॉर्फ

    भोपाल 
    सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को मंत्रालय में जर्मनी के प्रतिष्ठित फुटबॉल क्लब FC Ingolstadt 04 के सीइओ एवं प्रसिद्ध कोच डाइटमार बीयर्सडॉर्फ से भेंट की। मंत्री श्री सारंग ने कोच बीयर्सडॉर्फ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके द्वारा विचारपुर (मिनी ब्राजील) के प्रतिभावान खिलाड़ियों से प्रत्यक्ष संवाद, आधुनिक प्रशिक्षण विधियाँ और अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल शैली से परिचित कराना, युवा खिलाड़ियों के लिए एक अमूल्य अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार खिलाड़ियों को वैश्विक स्तर पर तैयार करने के लिए हर सम्भव प्रयास कर रही है। यह मुलाकात न केवल खेल क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को नई दिशा देने वाली रही बल्कि प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों के उत्साह को भी गति प्रदान करने वाली साबित हुई।

    विचारपुर (मिनी ब्राज़ील) को मिला अंतर्राष्ट्रीय मंच
    मंत्री श्री सारंग ने कहा कि विचारपुर के खिलाड़ी अब सिर्फ मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश की शान हैं। इन प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग करेंगे। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ऐसा संवाद और सहयोग निश्चित रूप से हमारे खिलाड़ियों के भविष्य को नई ऊंचाई देगा। आगे मंत्री श्री सारंग ने उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मध्यप्रदेश के शहड़ोल जिले के विचारपुर (मिनी ब्राजील) गांव का उल्लेख किए जाने के बाद इस छोटे से आदिवासी क्षेत्र ने देश और दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने न केवल मन की बात कार्यक्रम में इसकी चर्चा की थी बल्कि अमेरिका के प्रसिद्ध पॉडकास्ट लेक्स फ्राइडमैन के साथ बातचीत में भी विचारपुर के फुटबॉल प्रेम का विशेष उल्लेख किया था।

    भारत में फुटबॉल का भविष्य उज्ज्वल
    कोच डाइटमार बीयर्सडॉर्फ ने मंत्री श्री सारंग से भेंट के दौरान विचारपुर (मिनी ब्राजील) के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि भारत में फुटबॉल का भविष्य उज्ज्वल है। फुटबॉल खेल के प्रति उनका नि:स्वार्थ प्रेम वास्तव में प्रेरणादायक है। आगे उन्होंने कहा कि विचारपुर के खिलाड़ी कठिन परिस्थितियों के बावजूद जिस जुनून, अनुशासन और सीखने की उत्सुकता के साथ खेलते हैं, वह अंतरराष्ट्रीय मानकों को छूता है जो भविष्य में बड़े स्तर तक ले जा सकता है।

    खिलाड़ियों को मिला विश्वस्तरीय प्रशिक्षण
    कोच बीयर्सडॉर्फ स्वयं विचारपुर (मिनी ब्राजील) के मैदान पर पहुंचे और खिलाड़ियों को प्रत्यक्ष प्रशिक्षण देकर विश्वस्तरीय मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने खिलाड़ियों को आधुनिक फुटबॉल तकनीक, सामरिक रणनीतियों और पेशेवर अनुशासन के बारे में विस्तार से समझाया। खिलाड़ियों के लिए यह अनुभव बेहद रोचक और प्रेरणादायक रहा।