• मध्यप्रदेश ने एसआईआर में हासिल की बड़ी उपलब्धि, राज्यों में तीसरे स्थान पर पहुंचा

    समन्वित प्रयास और सतत संवाद से पुनरीक्षण कार्य में आई उल्लेखनीय तेजी

    भोपाल
    भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशन में देशभर के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य में मध्यप्रदेश ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) मध्यप्रदेश श्री संजीव कुमार झा के नेतृत्व में प्रदेश ने 72.72 प्रतिशत कार्य पूरा कर अब तक के आंकड़ों में देश में10 बड़े राज्यों में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।

    प्रदेश में कुल 5 करोड़ 74 लाख 6 हजार 143 गणना पत्रकों में से 4 करोड़ 18 लाख से अधिक पत्रकों का डिजिटाइजेशन सफलता पूर्वक पूरा किया गया है। यह उपलब्धि तकनीकी दक्षता, टीमवर्क और जिला स्तर तक सतत मॉनिटरिंग का परिणाम है।

    सीईओ श्री संजीव कुमार झा ने इस प्रगति पर कहा कि प्रदेश में एस आई आर अभियान को समय सीमा में पूरा करने के लिए निरंतर समन्वित प्रयास जारी हैं,परिणामत: प्रदेश इस स्थान पर पहुंच पाया है। मध्यप्रदेश में चल रहे एसआईआर कार्य को आम नागरिकों के लिए अधिक सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए विभिन्न जिलों में शिविर, ऑनलाइन सुविधा और बूथ स्तर पर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। आगामी दिनों में शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रयास और अधिक तेज किए जाएंगे।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे प्रस्फुटन समितियों की राशि का अंतरण

    मप्र जन अभियान परिषद मनायेगा संविधान दिवस
    नागरिक कर्तव्य पर राज्य स्तरीय संगोष्ठी का होगा आयोजन

    भोपाल 
    मप्र जन अभियान परिषद द्वारा संविधान दिवस के अवसर पर भारतीय संविधान और नागरिक कर्तव्य पर राज्य स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव संगोष्ठी का शुभारंभ करेंगे। आयोजन स्टेट सेंटर भवन, संचालनालय सामाजिक न्याय एवं निशक्त:जन कल्याण भोपाल में संपन्न होगा। कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ श्री विजय मनोहर तिवारी, एमीयू के कुलगुरू, डॉ. राका आर्य, प्रो. राष्ट्रीय विधि संस्थान विश्वविदयालय भोपाल का प्ररेक उदबोधन दिया जायेगा। इस अवसर पर परिषद के उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर, कार्यपालक निदेशक डॉ. बकुल लाड़ सहित कई वरिष्ठजन उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मप्र जन अभियान परिषद द्वारा गठित ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों की प्रोत्साहन राशि का भी अंतरण करेंगे।

    कार्यक्रम में मप्र जन अभियान परिषद एवं विवेकानंद केन्द्र, राष्ट्रीय सेवा योजना और राष्ट्रीय कैडेट कोर के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होंगे। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संविधान शपथ दिलाई जायेगी।

     

  • रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल से लुडेग क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात

    रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल से लुडेग क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात

    पूनापारा से लबनीपारा तक 5 किलोमीटर सड़क निर्माण को मिली मंजूरी

    ग्रामीण संपर्क मार्ग हेतु 5 करोड़ 41 लाख रुपए की मिली प्रशासकीय स्वीकृति

    रायपुर

    मुख्यमंत्री के पहल से ग्राम पंचायत लुडेग के पूनापारा से लबनीपारा मुख्य बस्ती तक लगभग 5 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण कार्य को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। वर्ष 2024-25 के बजट में शामिल इस कार्य के लिए  पाँच करोड़ इकतालीस लाख तेरह हजार रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। वित्त विभाग ने इस पर प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है।

               जिले के ग्रामीण अंचलों में सड़क सुविधा को सुदृढ़ करने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए लुड़ेग क्षेत्रवासियों को सौगात दी है। 

    ग्रामीणों को कई स्तरों पर मिलेगा लाभ

           लुडेग क्षेत्र की यह सड़क लंबे समय से कच्ची होने के कारण ग्रामीणों के दैनिक जीवन में कई बाधाएँ पैदा करती थी। वर्षा ऋतु में रास्ता खराब होने से आवागमन अत्यंत कठिन हो जाता था। कृषि उपज को बाजार या मंडी तक पहुँचाने में अतिरिक्त समय और श्रम लगता था, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ता था। विद्यालय और महाविद्यालय जाने वाले विद्यार्थियों को भी प्रतिदिन असुविधा का सामना करना पड़ता था। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाएँ समय पर ग्रामीणों तक नहीं पहुँच पाती थीं और आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराने में भी विलंब होता था। सड़क निर्माण पूर्ण होने पर इन सभी समस्याओं का समाधान होगा तथा ग्रामीणों के जीवन में व्यापक सुधार आएगा। क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी, जबकि सामाजिक जीवन में भी सकारात्मक परिवर्तन दिखाई देगा।

    मुख्यमंत्री श्री साय की संवेदनशील पहल

             ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को लेकर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदृष्टि और संवेदनशीलता लगातार सामने आ रही है। राज्य सरकार द्वारा सुदूर अंचलों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और सिंचाई जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए योजनाबद्ध रूप से कार्य किया जा रहा है। लुडेग क्षेत्र के लिए स्वीकृत यह सड़क राज्य शासन की प्राथमिकता में ग्रामीण विकास को दिए जा रहे महत्व को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।

    ग्रामीणों में उत्साह, मुख्यमंत्री के प्रति आभार-

            पूनापारा, लबनीपारा और आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की स्वीकृति मिलने पर खुशी व्यक्त की है। ग्रामीणों का कहना है कि इस निर्णय से उनके लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष और प्रतीक्षा का अंत हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सड़क न केवल आवागमन को सुगम बनाएगी बल्कि क्षेत्र की समग्र प्रगति का मार्ग भी प्रशस्त करेगी।

  • सीएम केयर योजना के शीघ्र क्रियान्वयन के लिए औपचारिकताएँ प्राथमिकता से करें पूर्ण : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    सुपर-स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता समय की मांग

    भोपाल 
    उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंगलवार को मंत्रालय में सीएम केयर योजना अंतर्गत प्रस्तावित सुपर-स्पेशलिटी स्वास्थ्य अधोसंरचना के शीघ्र विस्तार के लिए आवश्यक औपचारिकताओं को शीघ्र एवं प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के नागरिकों को जटिल हृदय रोग, कैंसर एवं अन्य उच्च स्तरीय उपचारों के लिए अब बाहर जाने की आवश्यकता न रहे, इसके लिए योजना का प्राथमिकता से क्रियान्वयन आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि सुपर-स्पेशलिटी सीटों की उपलब्धता बढ़ाने और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रहा है। बताया गया कि वर्तमान में प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में एमडी/एमएस की 1909 सीटें, डीएम की 41 सीटें तथा एम.च. की 43 सीटें स्वीकृत हैं। उन्होंने कहा कि सुपर-स्पेशलिटी शिक्षा के विस्तार से प्रदेश में हृदय रोग, कैंसर, रेडियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, युरोलॉजी सहित अन्य जटिल बीमारियों के उपचार के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध होंगे।

    उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने आयुष्मान भारत के उपचार डेटा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में ऑन्कोलॉजी, कार्डियोलॉजी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, जनरल मेडिसिन, युरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स और सीटीवीएस जैसी सुपर-स्पेशलिटी सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। आयुष्मान योजना में कैंसर के कीमोथेरेपी, डायलिसिस संबंधित, एंजियोग्राफी-एंजियोप्लास्टी, रेडियोथेरेपी, सीटी-एमआरआई-पीईटी स्कैन, सीटीवीएस-लैप्रोस्कोपी आदि तृतीयक सेवाओं की संख्या में निरंतर बढ़ोत्तरी हो रही है। ऐसी स्थिति में भविष्य की मांग अनुसार शीघ्र तैयारी पूर्ण कर स्वास्थ्य अधोसंरचनाओं का विकास करना होगा।

    उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सुपर-स्पेशलिटी विभागों के उन्नयन, आवश्यक मानवबल, उपकरणों, इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रशिक्षण तथा संबंधित अनुमतियों की प्रक्रिया को युद्धस्तर पर पूर्ण किया जाए, जिससे सीएम केयर योजना का लाभ शीघ्र आमजन तक पहुँच सके। सीएम केयर योजना का उद्देश्य प्रदेश में कार्डियक और ऑन्कोलॉजी उपचार को उच्च गुणवत्ता के साथ सुलभ बनाना है। इसके अंतर्गत ऑन्कोलॉजी/ऑन्को-सर्जरी, कार्डियोलॉजी और सीटीवीएस में अधिक सुपर-स्पेशलिस्ट तैयार करना, कार्डियक एवं कैंसर उपचार के तृतीयक ढांचे को मजबूत करना, उन्नत उपचार पर होने वाले जेब खर्च को घटाना, कार्डियोलॉजी एवं ऑन्कोलॉजी में उत्कृष्टता संस्थान विकसित करना, राज्य में रोबोटिक सर्जरी और ऑर्गन ट्रांसप्लांट कार्यक्रम सुदृढ़ीकरण शामिल है। बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री संदीप यादव, आयुक्त श्री तरुण राठी, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अरुणा कुमार सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव को नीमच के राहुल लोहार ने कीं दुर्लभ कलाकृतियां भेंट

    रुद्राक्ष पर ब्रश के एक बाल से बनाई भगवान पशुपतिनाथ मंदिर की मिनिएचर पेंटिंग
    कोरोना के वायरस को सिरींज से नष्ट करती सिंह पर सवार मां दुर्गा को मास्क पर किया चित्रित
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की श्री राहुल के हुनर की सराहना

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को नीमच के श्री राहुल कुमार लोहार ने रुद्राक्ष पर बने भगवान पशुपतिनाथ मंदिर की मिनिएचर पेंटिंग तथा कोरोना काल में उपयोग में लिया जाने वाला चित्रित मास्क भेंट किया। रुद्राक्ष पर ब्रश के एक बाल से बनाई गई पेंटिंग में भगवान पशुपतिनाथ मंदिर के दृश्य को चित्रित किया गया है। मैग्नीफाइंग ग्लास से पेंटिंग को देखने पर मंदिर में विद्यमान धार्मिक प्रतीक दिखाई देते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भेंट किए गए मास्क पर कोरोना के वायरस को सिरींज से नष्ट करती सिंह पर सवार मां दुर्गा को चित्रित किया गया है। मां दुर्गा को सैनिटाइजर सहित कोरोना काल में उपयोग में आने वाले चिकित्सकीय उपकरण धारण किए दर्शाया गया है। मास्क पर कोरोना से संघर्ष में अपने प्राणों की आहुति देने वाले देश-दुनिया के डॉक्टरों के चित्र भी उकेरे गए हैं। यह संपूर्ण चित्रकारी प्राकृतिक रंगों से की गई है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री लोहार के हुनर की सराहना करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री राहुल को प्रशंसा पत्र जारी करने के निर्देश भी दिए। श्री राहुल नीमच जिले के ग्राम कुचडोद के निवासी हैं। मंत्रालय में हुई इस भेंट के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग तथा संस्कृति राज्य मंत्री श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी भी उपस्थित थे।

     

  • पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने जनप्रतिनिधियों के सवालों के दिए जवाब

    ग्राम पंचायत-जनपद पंचायत आय बढ़ाने का करें प्रयास, पंचायत राज व्यवस्था समन्वय पर आधारित है: पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री पटेल
    कार्यशाला के दूसरे दिन सक्षम एवं स्वावलंबी पंचायत में गोधन, कृषि, उद्यानिकी-कौशल उन्नयन, पंचायत ऑफिस से नियमित सेवाओं का प्रदाय, पंचायतों के अभिलेखों का व्यवस्थित संधारण को लेकर हुई चर्चा
    प्रदेश भर के जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित 650 से अधिक प्रतिभागी हुए शामिल

    भोपाल 
    पंचायतों को आत्मनिर्भर, सशक्त एवं समृद्ध बनाने के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आत्मनिर्भर पंचायत-समृद्ध मध्यप्रदेश थीम पर कुशभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय सभागार में पंचायत प्रतिनिधियों एवं राज्य स्तरीय पदाधिकारियों की तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला के दूसरे दिन उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल शामिल हुए। उन्होंने कहा कि किसी भी शासकीय अभियान की सफलता में पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने पंचायत प्रतिनिधियों से विकास अभियानों में धुरी बनकर सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल जीवन मिशन, सिंचाई विस्तार, स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण तथा ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता सुधारने के लिए अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश में पाइपलाइन, टंकियों एवं फ़िल्टर प्लांटों का तेजी से निर्माण हो रहा है, जिससे ‘नल से जल’ अब एक वास्तविकता बन चुका है।

    पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि पंचायत राज व्यवस्था समन्वय पर आधारित है। अधिकारों तथा कर्तव्यों के बीच संतुलन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच सामंजस्य से पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। जनप्रतिनिधियों को अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए बैठकों, स्थाई समितियों और निर्णय प्रक्रियाओं को नियमित एवं प्रभावी बनाना होगा। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता और पारदर्शिता के लिए स्थायी समितियों की नियमित रूप से बैठक होना चाहिए। सड़क निर्माण, शिक्षा और अन्य योजनाओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को जानकारी, मर्यादा और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को अपनी क्षमता बढ़ाने, नियमों की जानकारी लेने और अनुभव साझा करने के लिए भी प्रोत्साहित किया। कार्यशाला में जनपद और ग्राम पंचायतों को आय के स्रोत बढ़ाने, कार्यालय प्रबंधन एवं सामाजिक जागरूकता पर जनप्रतिनिधियों से चर्चा हुई। कार्यशाला के दौरान अपर मुख्य सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, स्वच्छ भारत मिशन समन्वयक श्री दिनेश जैन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

    25 नवंबर को कार्यशाला में स्वावलंबी पंचायतों में गोधन, कृषि उद्यानिकी एवं कौशल उन्नयन, पंचायत में ऑफिस से नियमित सेवाओं का प्रदाय एवं पंचायतों के अभिखेलों का व्यवस्थित संधारण को लेकर चर्चा हुई। अधिकारियों ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में पंचायत प्रतिनिधियों को विस्तार से जानकारी दी। एसआरएलएम की सीईओ श्रीमती हार्षिका सिंह ने ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने किसान उत्पादक कंपनी, प्रोत्साहन संकुल विकास, एकीकृत कृषि, जैविक संसाधन केंद्र की स्थापना, पोषण सुरक्षा, अंतरवर्तीय फसल, उन्नत बीज उपयोग तथा सामूहिक उपार्जन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नमो ड्रोन दीदी योजना के अंतर्गत 41 जिलों के 69 ब्लॉकों में 89 महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं को ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण देकर ड्रोन प्रदान किए गए हैं। श्रीमती सिंह ने कहा कि योजना को और सुदृढ़ करने के लिए अधिक से अधिक महिलाओं को ड्रोन पायलट प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ हीउन्होंने कौशल उन्नयन की महत्ता पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि सक्षम एवं स्वावलंबी पंचायतों के निर्माण हेतु कौशल विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा।

    मनरेगा आयुक्त श्री अवि प्रसाद ने मनरेगा अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं और नवाचारों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने वार्षिक कार्ययोजना 2026-27 में जनप्रतिनिधियों की भूमिका एवं उनके अधिकारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योजनाओं के सुचारू संचालन में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता होनी चाहिए। आयुक्त ने नई भुगतान प्रणाली-एसएनए स्पर्श के संबंध में विस्तार से जानकारी दी और जनप्रतिनिधियों द्वारा पूछे गए सभी प्रश्नों का समाधान किया। उन्होंने “एक बगिया माँ के नाम” परियोजना के विभिन्न पहलुओं से जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया। आयुक्त श्री प्रसाद ने सभी जनप्रतिनिधियों को जन मनरेगा मोबाइल एप डाउनलोड करने की सलाह देते हुए कहा कि इसके माध्यम से वे अपने क्षेत्र में संचालित मनरेगा से संबंधित कार्यों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि मनरेगा से संबंधित सभी दिशा-निर्देश अब जनप्रतिनिधियों को भी उपलब्ध कराए जाएंगे। संचालक पंचायत राज संचालनालय श्री छोटे सिंह ने कार्यशाला में पंचायत आफिस से नियमित सेवाओं का प्रदाय एवं पंचायतों के अभिलेखों का व्यवस्थित संधारण पर विस्तार से जानकारी दी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने प्रतिभागियों द्वारा पूछे जा रहे सवालों का जबाव दिया गया। श्री बाबू भाई केंद्रे और संगठन प्रमुख श्री बालाजी केंद्रे द्वारा पानी विषय पर व्याख्यान दिया गया। कार्यशाला के अंत में ऑस्कर पुरस्कार के लिए नामित पानी पर बनी फिल्म का प्रदर्शन हुआ।

     

  • श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पर भगवा ध्वजारोहण सभी को अभिभूत करने वाला : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के पूर्ण होने के प्रतीक स्वरूप मंदिर के शिखर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ध्वजारोहण की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अयोध्या धाम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत की गरिमामय उपस्थिति में हुआ दिव्य-भव्य भगवा ध्वजारोह सभी को अभिभूत करने वाला है।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरु तेग बहादुर के ज्योति ज्योत दिवस पर नमन किया

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने "हिंद दी चादर" सिखों के नौवें गुरु श्री तेग बहादुर के ज्योति ज्योत दिवस पर नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धर्म की रक्षा, मानव कल्याण और सत्य के लिए समर्पित गुरु तेग बहादुर जी का जीवन, दया-करुणा और प्रेम-परोपकार से विश्व बंधुत्व का मार्ग दिखाता रहेगा।

  • प्रदेश में गोपालन को बढ़ावा देने के कार्य निरंतर संचालित किए जाएं: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

    पशु चिकित्सा सेवाओं का किया जाए विस्तार
    1000 नई समितियां बनीं, 585 समितियों को बनाया गया गतिशील
    700 पदों पर नियुक्ति की कार्यवाही अंतिम चरण में
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पशुपालन और डेयरी विभाग की समीक्षा की

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में गोपालन को बढ़ावा देने के कार्य निरंतर संचालित किए जाएं। दुग्ध सहकारी समितियों की संख्या में निरंतर वृद्धि होना चाहिए। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन दोगुना करने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए पशुपालन और डेयरी विभाग सभी कार्य सुनिश्चित करें। गत दो वर्ष में डेयरी विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां भी अर्जित हुई हैं। इन्हें निरंतर कायम रखा जाए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में पशुपालन एवं डेयरी विभाग की समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए। बैठक में पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी श्री उमाकांत उमराव सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में एक वर्ष में करीब 1000 नई दुग्ध सहकारी समितियां गठित की गई हैं। साथ ही 585 निष्क्रिय समितियों को गतिशील बनाया गया है।

    पशु चिकित्सा कार्य को दें प्राथमिकता
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पशु चिकित्सा एक महत्वपूर्ण आयाम है, इसकी अवहेलना नहीं होना चाहिए। पशु चिकित्सा सेवाओं का विस्तार आवश्यक है। राज्य के पशुधन के मान से चिकित्सक और सेवा भावी स्टॉफ की व्यवस्था से युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में वर्तमान में कार्यरत पशु चिकित्सालयों और पशु औषधालयों की जानकारी प्राप्त की। बताया गया कि प्रदेश में 1065 पशु चिकित्सालय स्थापित हैं।

    700 पदों पर नियुक्ति शीघ्र
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रिक्त पदों की पूर्ति शीघ्र करने के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि लोकसेवा आयोग द्वारा शीघ्र ही 200 पशु चिकित्सकों के चयन की कार्यवाही पूर्ण की जा रही है। इसी तरह कर्मचारी चयन मंडल ने 500 सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों के पदों की पूर्ति के लिए परिणाम घोषित किए हैं। इनकी पदस्थापना भी शीघ्र हो जाएगी। आगामी वर्ष 735 पशु चिकित्सालय स्थापित करने की प्रक्रिया भी संचालित है। बताया गया कि प्रदेश में गौशालाओं को प्रति गाय 20 रुपए के स्थान पर 40 रुपए राशि दी जा रही है। प्रदेश में दुग्ध संघों द्वारा पशुपालकों से खरीदे गए दूध पर प्रति लीटर ढाई रुपए से लेकर साढ़े आठ रुपए तक वृद्धि की गई है। दुग्ध उत्पादकों को दूध के मूल्य के नियमित और समय पर भुगतान के लिए समय- सीमा निर्धारित की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि गाय के दूध से निर्मित घी, गौ काष्ठ और गौ मूत्र जैसे पदार्थों के विक्रय की बेहतर व्यवस्था बनाई जाए।

    सहकार्यता अनुबंध के बाद बनी मैनेजमेंट कमेटी
    बैठक में जानकारी दी गई कि गत 13 अप्रैल 2025 को मध्यप्रदेश शासन, एमपी स्टेट को-आपरेटिव डेयरी फेडरेशन, संबंद्ध दुग्ध संघों और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के बीच सहकार्यता अनुबंध हुआ है। इसके परिपालन में दुग्ध संघों में मैनेजमेंट कमेटी का गठन कर दिया गया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गठित स्टीयरिंग कमेटी में डेयरी डेवलपमेंट प्लान शीघ्र प्रस्तुत किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय पशुधन मिशन उद्यमिता विकास कार्यक्रम में मध्यप्रदेश तृतीय स्थान पर रहा है। इसी तरह पशुपालन से जुड़े किसानों को क्रेडिट कार्ड प्रदान करने के कार्य में भी मध्यप्रदेश देश में तृतीय स्थान पर है।

    बैठक में राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय पशुधन मिशन, चलित पशु चिकित्सा इकाइयों के दायित्वों, आर्चा विद्यासागर गौ संवर्धन योजना, मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना, टीकाकरण कार्य, हिरण्यगर्भा अभियान, दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान, क्षीर धारा ग्राम योजना स्वावलंबी योजना और कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता पुरस्कार योजना के संबंध में चर्चा हुई।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले मिनी ब्राजील (विचारपुर) के होनहार फुटबॉल खिलाड़ी

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शहडोल के ग्राम विचारपुर के फुटबॉल खिलाड़ियों ने मंगलवार को मंत्रालय में भेंट की। खिलाड़ियों के साथ उनके जर्मन प्रशिक्षक डाइटमर बायर्सडार्फर, मैनुअल शेफ़र और खेल संचालक श्री राकेश गुप्ता भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समस्त खिलाड़ियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई और भावी स्पर्धाओं में सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दोनों अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षकों का स्वागत किया।

    शहडोल जिले के ग्राम विचारपुर को मिनी ब्राज़ील की संज्ञा दी गई है। यह खिलाड़ी हाल ही में जर्मनी की अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण यात्रा से लौटे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने "मन की बात" कार्यक्रम में भी शहडोल जिले के खिलाड़ियों की प्रशंसा की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खेल विभाग को निर्देश दिए थे कि विचारपुर अर्थात मिनी ब्राजील के फुटबाल खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के लिए जर्मन यात्रा पर भेजा जाए। इसके लिए खेल विभाग और भारतीय दूतावास द्वारा आवश्यक वित्तीय और प्रशासन व्यवस्थाएं की गईं। खिलाड़ियों को फुटबॉल किट, स्पोर्ट्स शूज़ उपलब्ध करवाने के साथ ही उनका फिटनेस मूल्यांकन और मेडिकल परीक्षण करवाकर विदेश यात्रा के पूर्व प्रशिक्षण सत्रों का संचालन किया गया।

    खिलाड़ियों ने बताए जर्मनी यात्रा के अनुभव
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव को शहडोल जिले के विचारपुर के फुटबॉल खिलाड़ियों ने 4 से 12 अक्टूबर तक जर्मनी में प्राप्त प्रशिक्षण के अनुभव शेयर किये। जर्मनी से 14 अक्टूबर को भोपाल पहुंचने पर खिलाड़ियों का स्वागत भी हुआ। इस सप्ताह जर्मन फुटबॉल कोच डाइटमर बायर्सडार्फर और मैनुअल शेफ़र विचारपुर पहुंचे। दोनों कोच खिलाड़ियों के परिवार-जन से भी मिले। जर्मन प्रशिक्षकों द्वारा भोपाल के तात्या टोपे नगर स्टेडियम में फुटबॉल खिलाड़ियों से भी मुलाकात की।

     

  • बेसिन जल बंटवारे पर विवाद तेज: ओडिशा की मांग से असहमत CG, ट्रिब्यूनल ने सुनवाई बढ़ाई

    रायपुर
    छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच दशकों पुराने महानदी जल बंटवारे के विवाद (Mahanadi Water Dispute) में फिलहाल कोई निर्णायक मोड़ नहीं आया है। ओडिशा द्वारा गर्मियों के दौरान बेसिन से अधिक पानी की मांग पर एक बार फिर छत्तीसगढ़ ने असहमति जताई है। इस गतिरोध के बीच, महानदी जल विवाद ट्रिब्यूनल ने दोनों राज्यों को आपसी सहमति से समाधान खोजने का एक और मौका दिया है। अब इस अहम प्रकरण पर अगली सुनवाई 20 दिसंबर को निर्धारित की गई है।

    अधिकारिक सूत्रों के अनुसार पिछले दिनों ट्रिब्यूनल में सुनवाई हुई, जहां दोनों राज्यों ने अपने-अपने तर्क रखे। छत्तीसगढ़ के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि गर्मियों के महीनों में नदी में पानी की उपलब्धता कम रहती है, ऐसे में अतिरिक्त पानी ओडिशा को देना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि ट्रिब्यूनल ने कोई निष्कर्ष निकालने से पहले दोनों राज्यों को एक सहमति पत्र के साथ आने का मौका दिया है। विवाद को सुलझाने के लिए गठित इस ट्रिब्यूनल की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जज श्रीमती बेला त्रिवेदी कर रही हैं।
     
    टेक्निकल कमेटी पर दारोमदार
    20 दिसंबर की सुनवाई से पहले मामले को सुलझाने का दारोमदार टेक्निकल एक्सपर्ट कमेटी पर है। छत्तीसगढ़ और ओडिशा की यह तकनीकी समिति गर्मियों में पानी की उपलब्धता का दोबारा मूल्यांकन करेगी और सुनवाई से पहले किसी नतीजे पर पहुंचने की कोशिश करेगी। यह कमेटी बेसिन का एक दौरा पहले ही पूरा कर चुकी है।

    द्वय राज्यों के मुख्यमंत्री स्तर पर भी प्रयास
    विवाद सुलझाने के लिए राजनीतिक स्तर पर भी लगातार प्रयास जारी हैं। हाल ही में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहनचरण मांझी के बीच दिल्ली में एक बैठक हुई थी। इस बैठक में विवाद सुलझाने पर जोर दिया गया, जिसके सकारात्मक परिणाम के रूप में बेसिन पर निर्माणाधीन एक-दूसरे के प्रोजेक्ट को पूरा करने पर सहमति बनी थी, हालांकि जल बंटवारे पर मूल गतिरोध बरकरार है।

    राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार द्वय राज्यों में भाजपा की डबल इंजन की सरकार है इसलिए इस बार सुलह की उम्मीद अधिक है। अगस्त 2025 में भी दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों और जल संसाधन विभाग के सचिवों की एक अहम बैठक हुई थी, जिसमें दिसंबर 2025 तक समाधान निकालने का लक्ष्य रखा गया था। इन बैठकों के बावजूद अब मसला 20 दिसंबर की ट्रिब्यूनल सुनवाई पर टिक गया है।

    विवाद का लंबा इतिहास
    यह जल विवाद 1983 से चला आ रहा है और फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद ट्रिब्यूनल में विचाराधीन है। ओडिशा का मुख्य आरोप यह है कि छत्तीसगढ़ ने अपनी सीमा में कई बैराज बनाकर ओडिशा के संबलपुर जिले में स्थित हीराकुंड बांध में पानी के प्राकृतिक प्रवाह को रोका है। इसके जवाब में छत्तीसगढ़ का तर्क है कि वह केवल अपने हिस्से के पानी का ही उपयोग कर रहा है।

    महानदी से जुड़े प्रमुख तथ्य
        कुल लंबाई: 885 किलोमीटर।
        उद्गम स्थल: सिहावा पर्वत (धमतरी)।
        सहायक नदियां: शिवनाथ, हसदेव, जोंक, तेल, पैरी, सोंढूर, अरपा।
        विवाद का केंद्र: छत्तीसगढ़ में रुद्री बैराज और गंगरेल बांध; ओडिशा में हीराकुंड बांध।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया कटारा-बर्रई क्षेत्र में 29 करोड़ रूपए लागत से नवनिर्मित सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण

    कोलार के कजलीखेड़ा क्षेत्र में खुलेगा नया थाना
    इन्दौर-सीहोर मार्ग पर 13 दिसम्बर को भव्य विक्रमादित्य द्वार का होगा भूमिपूजन
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 194 करोड़ रुपए विकास कार्यों का शुभारंभ और लोकार्पण किया
    अमृत 2.0 के अंतर्गत 155 करोड़ रूपए लागत के अधोसंरचना निर्माण कार्यों का शुभारंभ
    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी मल्टी स्पोर्ट्स स्टेडियम का हुआ लोकार्पण
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल के कोलार क्षेत्र में किया विकास पर्व को संबोधित

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार गरीब, किसान, महिला एवं युवा कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री मोदी की प्रेरणा और विजन के अनुरूप वर्ष-2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार विकास और सुशासन की गतिविधियां जारी रखते हुए हरसंभव सहयोग और योगदान दे रही है। इसी क्रम में हुजूर विधानसभा क्षेत्र के श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर (कोलार) में आज 194 करोड़ रुपए लागत के विकास और जनकल्याण के तीन बड़े कार्य भोपालवासियों को समर्पित किए जा रहे हैं। इसमें कटारा-बर्रई क्षेत्र में नवनिर्मित सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण, कोलार में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी मल्टी स्पोर्ट्स स्टेडियम का लोकार्पण और अमृत 2.0 के अंतर्गत अधोसंरचना निर्माण कार्य का शुभारंभ शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को महान राष्ट्र नायक, प्रखर राष्ट्रवादी, श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम से सुशोभित मुखर्जी नगर (कोलार) के बंजारी क्षेत्र में आयोजित विकास पर्व कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कोलार क्षेत्र में आधुनिक खेल परिसर 9 एकड़ भूमि पर 11 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से तैयार किया गया है। इस खेल परिसर से भोपाल और आसपास के युवाओं को ट्रेनिंग और प्रैक्टिस की सुविधा मिलेगी और खेलों के प्रति युवाओं का रुझान बढ़ेगा। आधुनिक खेल स्टेडियम भविष्य के चैंपियंस का लॉन्च पैड बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार मलखंब, कबड्डी, घुड़सवारी जैसे हमारे पारंपरिक खेलों को प्रोत्साहित कर रही है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में स्पोर्ट्स स्टेडियम का निर्माण करवाया जा रहा है, जिससे खिलाड़ियों की प्रतिभा निखर कर सामने आ सके और वे राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश का नाम रोशन करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ी वॉटर स्पोर्ट्स, शूटिंग, हॉकी, क्रिकेट, घुड़सवारी, मलखम्ब जैसे खेलों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में प्रदेश के पदक विजेता खिलाड़ियों को राजपत्रित पदों पर शासकीय नौकरी भी दी जा रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 29 करोड़ रुपए की लागत से कटारा-बर्रई में नवनिर्मित सांदीपनि विद्यालय से क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिकतम शिक्षा सुविधा और संसाधन उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आज 155 करोड़ रुपए की लागत से अमृत 2.0 परियोजना के विभिन्न कार्यों का शुभारंभ किया जा रहा है। इसमें 700 किलोमीटर का सीवेज नेटवर्क, 171 एमएलडी के 9 सीवेज उपचार संयंत्रों का निर्माण और 1 लाख 21 हजार घरेलू सीवेज कनेक्शन का संयोजन शामिल है। यह पूरी परियोजना चार पैकेज में क्रियान्वित होगी। इन कार्यों के पूर्ण होते ही भोपाल का सीवेज नेटवर्क 60 प्रतिशत तक बढ़ जाएगा और उपचार क्षमता में भी वृद्धि होगी, जो भोपाल शहर में वर्ष 2040 की आवश्यकता का 85 प्रतिशत है। अमृत 2.0 परियोजना के पूर्ण होने से भोपाल की लगभग 7 लाख आबादी सीधे लाभान्वित होगी और यह परियोजना 3 वर्ष में पूर्ण कर ली जाएगी।

    कटारा-बर्रई को मिलेगी स्टेडियम की सौगात
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हुजूर विधानसभा क्षेत्र के कटारा-बर्रई (वार्ड नं. 85) में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम से बड़ा स्पोर्ट्स स्टेडियम बनाने की घोषणा की। उन्होंने श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर (कोलार) में 16 एकड़ भूमि पर नया दशहरा मैदान बनाने एवं कोलार में बेहतर कानून व्यवस्था के लिए कजलीखेड़ा में नया थाना बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में गुंडे-बदमाशों पर नकेल कसने के लिए सरकार सख्त कार्यवाही कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहाकि भोपाल शहर के प्रमुख मार्गों पर महापुरुषों के नाम पर 7 भव्य द्वार तैयार किए जाएंगे। सरकार के सफलतम दो वर्ष पूर्ण होने पर 13 दिसम्बर को इन्दौर-सीहोर मार्ग पर भव्य विक्रमादित्य द्वार का भूमिपूजन किया जाएगा। भोपाल में बनने वाला एक द्वार राजा भोज को समर्पित किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एक शिक्षाविद, जनसंघ के संस्थापक और राष्ट्र के भविष्य दृष्टा थे। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने धारा 370 के देश के लिए अनुचित बताया था। डॉ. मुखर्जी ने राष्ट्रहित में मंत्री पद त्याग कर कश्मीर में आंदोलन और लाल चौक पर तिरंगा फहराने का निर्णय लिया था।

    खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में समग्र विकास की नई धारा को आगे बढ़ाया है। शहरों के अधोसंरचना विकास, शालेय शिक्षा और खेल को समान महत्व देते हुए कोलार क्षेत्र में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और सांदीपनि विद्यालय के साथ 155 करोड़ रूपए से अधिक लागत की सीवेज लाइन की सौगात भी मिल रही है। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव लगातार प्रदेश में किसी न किसी स्थ

  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से की सौजन्य मुलाकात

    छत्तीसगढ़ में रेल सुविधाओं के विस्तार और नए प्रोजेक्ट्स पर हुई विस्तृत चर्चा

    रायपुर
    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से सौजन्य मुलाकात की। बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ में रेलवे से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों रेल सुविधाओं के विस्तार, नए रेल प्रोजेक्ट्स की प्रगति, तथा प्रगतिरत परियोजनाओं की पूर्णता के संबंध में  विस्तृत और सार्थक चर्चा हुई।मुख्यमंत्री श्री साय ने आग्रह किया कि   स्वीकृत परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए, ताकि नागरिकों, उद्योगों और व्यापारियों को बेहतर परिवहन सुविधाएँ मिल सकें। केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे मंत्रालय छत्तीसगढ़ में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव श्री राहुल भगत, एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार उपस्थित थे।

  • छत्तीसगढ़ सरकार की संवेदनशील पहल से दिव्यांगजनों को तत्काल मिल रही ट्रायसायकल एवं बैसाखी

    छत्तीसगढ़ सरकार की संवेदनशील पहल से दिव्यांगजनों को तत्काल मिल रही ट्रायसायकल एवं बैसाखी

    रायपुर

    समाज कल्याण विभाग की सहायक उपकरण वितरण योजना के तहत जनपद पंचायत गौरेला के गांगपुर निवासी श्री हेमलाल भानु को उनके आवेदन पर तत्काल ट्रायसायकल और बैसाखी प्राप्त होने पर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। हेमलाल ने कहा कि उन्होंने सोचा था कि केवल ट्रायसायकल मिलेगा, लेकिन साथ में बैसाखी भी मिलने से वे बहुत खुश हैं।

        उन्होंने कहा कि कई बार वे अन्य विभागों में अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जाते थे, पर उन्हें केवल आवेदन लेने की जानकारी ही मिलती थी और कोई त्वरित कार्रवाई नहीं होती थी, लेकिन 21 नवंबर 2025 को दिए गए आवेदन का समाज कल्याण विभाग ने तत्परता से जवाब देते हुए उन्हें तुरंत सहायक उपकरण उपलब्ध कराए। हेमलाल ने समाज कल्याण विभाग और सरकार को इसके लिए धन्यवाद दिया।

        मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सशक्त नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने विकलांगजन सहायता को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए सहायक उपकरण वितरण की व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, त्वरित एवं प्रभावी बनाया है। इस योजना से हेमलाल जैसे कई विकलांग जनों के जीवन स्तर में सुधार हो रहा है, जो समाज में उनकी भागीदारी को आगे बढ़ाने में सहायक है।

  • डिजिटल सुविधाओं से धान खरीदी प्रक्रिया हुई आसान

    डिजिटल सुविधाओं से धान खरीदी प्रक्रिया हुई आसान

    ऑनलाईन टोकन व्यवस्था से किसानों को धान बेचने में हो रही सुविधा

    रायपुर

    प्रदेश में धान खरीदी ने रफ्तार पकड़ ली है धान विक्रय होने के बाद त्वरित रूप से किसानों के खाते में भुगतान भी किया जा रहा है, जिससे किसान काफी खुश हैं। बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखण्ड के धान उपार्जन केंद्र सेंदरी पहुंचे ग्राम अमतरा के किसान धनीराम देवांगन को धान बेचने के बाद त्वरित रूप से 1 लाख 91 हजार रूपए की राशि खाते में आ गई। उन्होंने बताया कि टोकन कटाने से लेकर भुगतान प्राप्त करने में उन्हें किसी तरह की समस्या नहीं हुई। इस त्वरित व्यवस्था से वे काफी खुश है, उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताते हुए कहा कि सरकार की किसान हितैषी योजनाओं से किसानों का जीवन अब संवर रहा है।  

    5 दिन के भीतर उनके खाते में राशि का हस्तांतरण

         बिल्हा विकासखंड के सेंदरी धान उपार्जन केंद्र पहुंचे ग्राम अमतरा के किसान श्री धनीराम देवांगन ने बताया कि वे 6 एकड़ में खेती करते हैं और इस वर्ष उन्होंने 140 क्विंटल धान बेचा। धान बेचने की पूरी प्रक्रिया में उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। उन्होंने बताया कि धान बेचने के बाद 5 दिन के भीतर उनके खाते में राशि का हस्तांतरण कर दिया गया है। बोनस राशि का भुगतान भी कुछ समय बाद मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार के द्वारा किसानों के हित में लाई गई अनेक योजनों से किसानों को काफी लाभ मिल रहा है, खेती करना अब लाभदायक बन चुका है। उन्होंने बताया कि उन्हें किसान सम्मान निधि का लाभ भी मिल रहा है। सरकार की यह मदद छोटे किसानों के लिए बड़ा सहारा है। खेती किसानी के बहुत से खर्च इस राशि से पूरे हो जाते है।

  • दिल्ली में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में 3,000 से ज्यादा रोजगार का खुला रास्ता

    नई दिल्ली
    राजधानी दिल्ली आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ को अभूतपूर्व निवेश प्रस्ताव मिले। स्टील, ऊर्जा और पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख कंपनियों ने राज्य में उद्योग स्थापित करने, क्षमता विस्तार, होटल निर्माण और वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट के लिए रुचि दिखाई। कार्यक्रम में शामिल कंपनियों ने कुल 6321.25 करोड़ के औद्योगिक निवेश और 505 करोड़ का पर्यटन निवेश का प्रस्ताव दिया है। इन परियोजनाओं से आगामी वर्षों में 3,000 से अधिक रोजगार अवसर सृजित होने की उम्मीद है। इस निवेश प्रस्ताव के साथ अब तक छत्तीसगढ़ को कुल 7.90 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं।

    दिल्ली स्थित होटल द ललित में आज आयोजित कार्यक्रम में स्टील और टूरिज़्म सेक्टर को केंद्र में रखते हुए नए निवेश अवसरों पर फोकस किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उद्योग जगत के प्रमुख निवेशकों, विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की एवं स्टील और टूरिज़्म सेक्टर की कई कंपनियों को निवेश प्रस्ताव पत्र सौंपे।

    कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, भारत सरकार के केमिकल और उर्वरक मंत्रालय के सचिव अमित अग्रवाल, इस्पात मंत्रालय के सचिव संदीप पौंडरिक भी उपस्थित रहे। 

    मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों को निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ आज देश के सबसे भरोसेमंद, स्थिर और तेज़ी से उभरते हुए औद्योगिक गंतव्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि राज्य में ऊर्जा, खनिज, सक्षम मानव संसाधन और निवेशक-हितैषी नीति का ऐसा संयोजन मौजूद है, जो किसी भी उद्योग के लिए अत्यंत उपयुक्त वातावरण तैयार करता है।
    उन्होंने बताया कि सिंगल विंडो सिस्टम के तहत अनुमतियाँ अब पहले की तुलना में अधिक तेज़ी और पारदर्शिता के साथ जारी हो रही हैं। छत्तीसगढ़ में उद्योग लगाना आज पहले से कहीं अधिक आसान हो गया है। राज्य में कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, टिन, लिथियम जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की उपस्थिति बड़े औद्योगिक और विनिर्माण क्षेत्र के लिए वरदान है। उन्होंने कहा कि हाल ही में आयोजित 'एनर्जी समिट' में राज्य को साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और कई परियोजनाओं में कार्य प्रारंभ भी हो चुका है।

    मुख्यमंत्री साय ने स्टील सेक्टर का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ देश का स्टील हब है, जहां भिलाई स्टील प्लांट, नगरनार स्टील प्लांट और एमएसएमई आधारित स्टील इकाइयां राज्य की औद्योगिक पहचान को मजबूती प्रदान कर रही हैं। उन्होंने कहा भिलाई स्टील प्लांट पिछले 70 वर्षों से देश की औद्योगिक प्रगति का स्तंभ रहा है और इसकी उपस्थिति ने स्टील आधारित उद्योगों का प्राकृतिक इकोसिस्टम तैयार किया है। ग्रीन स्टील और नवीकरणीय ऊर्जा पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा निर्धारित नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य राज्य के लिए नए अवसर लेकर आया है और छत्तीसगढ़ इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    टूरिज़्म सेक्टर पर बात करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर आज बहुत बदल रहा है। नक्सल हिंसा में कमी आई है, सड़कें, इंटरनेट और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हुई है। उन्होंने कहा कि बस्तर अब निवेश और पर्यटन दोनों का नया केंद्र बन रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि 26 मार्च 2026 तक बस्तर पूरी तरह नक्सल-मुक्त हो जाए। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है और राज्य सरकार होम-स्टे नीति, ट्राइबल टूरिज्म व सस्टेनेबल टूरिज्म पर फोकस कर रही है। 

    इस अवसर पर सीएसआईडीसी के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, पर्यटन विभाग के सचिव श्री रोहित यादव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, संचालक श्री प्रभात मलिक, सीएसआईडीसी के महाप्रबंधक श्री विश्वेश कुमार, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य, इन्वेस्टमेंट कमिश्नर श्रीमती ऋतु सेन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

    छत्तीसगढ़ को मिले प्रमुख निवेश प्रस्ताव
    –    ग्रीन एनर्जी इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने कचरे से बिजली उत्पादन करने वाले 50 मेगावॉट के वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की स्थापना के लिए ₹3,769 करोड़ का निवेश प्रस्तावित किया है, जिससे 150 लोगों को रोजगार मिलेगा। यह प्रोजेक्ट छत्तीसगढ़ में कचरा प्रबंधन और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

    –    आरती कोटेड स्टील द्वारा 315 करोड़ निवेश प्रस्ताव दिया गया है, एवं 550 रोजगार सृजन की संभावना है। 

    –    एसडीआरएम मेटैलिक्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा स्टील प्लांट एवं पावर यूनिट के लिए ₹195.75 करोड़ का निवेश प्रस्ताव दिया है, जिससे रोजगार 492 रोजगार सृजन की संभावना है। 

    –    आरएसएलडी बायोफ्यूल प्राइवेट लिमिटेड, चंडीगढ़ द्वारा इथेनॉल प्लांट हेतु ₹200 करोड़ का निवेश प्रस्ताव दिया है, एवं 213 रोजगार सृजन की संभावना है। 

    –    जे.के. लक्ष्मी सीमेंट, राजस्थान द्वारा क्षमता विस्तार हेतु 1816.5 करोड़ से अधिक निवेश प्रस्ताव, 110 रोजगार सृजन 

    –    अरमानी ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज़, रायपुर द्वारा मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक उपकरण निर्माण हेतु ₹25 करोड़ का प्रस्ताव, जिससे 200 युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा।
            
    पर्यटन क्षेत्र में मिले 505 करोड़ के निवेश प्रस्ताव

    –    मार्स विवान प्राइवेट लिमिटेड, रायपुर द्वारा 217 कमरों वाले होटल के लिए ₹220 करोड़ निवेश इससे 522 लोगों को रोजगार प्राप्त होगी। 
     

  • बदल गया प्रशासनिक ढांचा: छत्तीसगढ़ में 15 अधिकारियों का ट्रांसफर, देखें पूरी सूची

    रायपुर 
    छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। जी हां, सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्य के 16 अधिकारियों की तबादला किया गया है। सचिवालय सेवा के 16 अनुभाग अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक अलग पदों पर पदस्थ किया गया है। इस सूची के अनुसार, जेल विभाग में पोस्टेड अनुभाग अधिकारी अभिलाषा दास को सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-9) में भेजा गया है। आइए देखते है पूरी सूची…

    अनुभाग अधिकारी का नाम : वर्तमान पदस्थापना : नवीन पदस्थापना
    अभिलाषा दास : जेल विभाग : सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-9)
    मुकेश तांडी : सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-3) : कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग
    अंजू शर्मा : सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-6) : ऊर्जा विभाग
    आशीष कुमार अग्रवाल : महिला एवं बाल विकास : आदिम जाति विकास विभाग
    शबीहा परवीन खान : खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग : उच्च शिक्षा विभाग
    ज्याति पटेल : वित्त विभाग : महिला एवं बाल विकास विभाग
    स्नेहा यादव : पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग : गृह विभाग
    मुकेश शाकार : सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-8) : यथावत।
    सुनील गिरड़कर : ऊर्जा विभाग : वित्त विभाग
    सीमा साहू : आदिम जाति विकास विभाग : सामान्य प्रशासन विभाग (लेखा शाखा)
    महेन्द्र कुमार माण्डले : धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग : राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग
    राधेश्याम भोई : जनसंपर्क विभाग : महिला एवं बाल विकास विभाग
    प्रफुल्ल टोप्पो : विमानन विभाग : वित्त विभाग
    प्रवीण रिछारिया : जेल विभाग : वर्तमान कर्तव्यों के साथ साथ जल संसाधन विभाग का अतिरिक्त प्रभार
    विजय लाल जाटवर : महिला एवं बाल विकास विभाग : धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग
    सतीश सिंह राजपूत : राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग : सामान्य 

  • महासमुंद : सीईओ श्री हेमंत नंदनवार ने जन चौपाल में सुनी लोगों की मांग एवं समस्याएं

    महासमुंद

    जिला कलेक्ट्रेट में आयोजित होने वाले जन चौपाल में आज जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार ने जिले के आमजनों की मांगों एवं समस्याओं को गंभीरता पूर्वक सुनी और संबंधित विभाग के अधिकारियों को नियमानुसार निराकरण के निर्देश दिए। जन चौपाल में 63 आवेदन प्राप्त हुए।
    जन चौपाल में आवेदकों ने एग्रीस्टैक पंजीयन, लंबित भुगतान, पीएम आवास, धान बिक्री, सीमांकन, अवैध कब्जा तथा अन्य समस्याओं व मांगो को लेकर आवेदन सौंपे। ग्राम लाफिनखुर्द निवासी हेमिनबाई ने सीलिंग भूमि हटाने हेतु आवेदन दिया। इसी तरह पिरदा निवासी रेशमलाल पटेल ने नॉमिनी जोड़कर धान खरीदी के संबंध में, ग्राम हरनादादर निवासी ढेलीबाई निराला ने धान बिक्री पंजीयन हेतु, ग्राम झारा दशरी बाई दीवान ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि के संबंध में, ग्राम बावनकेरा निवासी पीलाराम कुर्रे ने शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के संबंध में आवेदन सौंपा। सीईओ श्री नंदनवार ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदकों की समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित करने कहा। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, श्री रवि कुमार साहू सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

  • 8-9 दिसम्बर को विभिन्न विभागों की दो वर्ष की उपलब्धियों और आगामी कार्य योजनाओं पर खजुराहो में होगी चर्चा

    बुंदेलखंड के विकास और केन-बेतवा लिंक परियोजना को समर्पित होगी यह पहल
    प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा लागू श्रम कानूनों की नवीन व्यवस्था से उद्योग और व्यापार जगत को मिलेगा प्रोत्साहन
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्री परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा श्रम कानून के संबंध में लिए गए फैसले के लिए मंत्रि-परिषद की ओर से उनका आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग व्यापार के लिए यह अद्भुत कला है, श्रम से संबंधित 44 कानून की बजाय केवल 4 कानून की व्यवस्था से उद्योग व्यापार जगत को विशेष प्रोत्साहन मिलेगा। यह कानून पूरे देश में एक साथ लागू होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खजुराहो में 8 और 9 दिसंबर को विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी‍। इसमें विभागों की दो वर्ष की उपलब्धियों, नवाचारों, आगामी वर्षों के प्रमुख लक्ष्यों, चुनौतियों और कार्य योजनाओं पर चर्चा होगी। इसके साथ ही 9 दिसंबर को मंत्री परिषद की बैठक खजुराहो में होगी। यह गतिविधि केन बेतवा लिंक परियोजना और बुंदेलखंड के विकास को समर्पित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत में जन्मी मादा चीता "मुखी" द्वारा 5 शावकों को जन्म देना बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा और प्रदेश में औद्योगिक तथा निवेश गतिविधियों के विस्तार के लिए हैदराबाद में हुए रोड-शो की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने एक दिसंबर से आरंभ होने वाले गीता जयंती समारोह के अंतर्गत होने वाली गतिविधियों के संबंध में भी जानकारी दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विगत वर्ष की भांति एक दिसम्बर को गीता जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी। कुरूक्षेत्र में 24 नवम्बर से एक दिसम्बर की अवधि में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025 में मध्यप्रदेश द्वारा भाग लिया जा रहा है। इसमें जय श्रीकृष्णा नृत्य नाट्य, श्री कृष्ण लीला, कृष्णायन, जनजातीय एवं लोकनृत्य, चित्र प्रदर्शनी इत्यादि विभिन्न कार्यक्रम होगें। प्रदेश के 313 विकासखण्डों, 55 जिला मुख्यालय एवं 10 संभागों में श्रीकृष्ण परंपरा के आचार्यों की सन्निधि में 3 लाख गीता प्रेमी श्रीमद् भागवत गीता के 15 वें अध्याय के श्लोक का सस्वर पाठ करेंगे। कार्यक्रमों में गीता ज्ञान प्रतियोगिता, कृष्णायन-नृत्य नाटिका आदि का भी प्रदर्शन होगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्यप्रदेश के अंतर्गत हैदराबाद में 22 नवम्बर को हुई उद्योगपतियों से वन-टू-वन चर्चा के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि 10 कम्पनियों की ओर से 36 हजार 600 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इससे लगभग 27 हजार 800 नये रोजगार सृजित होंगे। प्रदेश में एजीआई ग्रीनपैक कम्पनी द्वारा पैकेजिंग इंजीनियरिंग सेक्टर में 1500 करोड़ रुपये, एक्सिस एनर्जी वेंचर्स इंडिया कम्पनी द्वारा नवीकरणीय ऊर्जा सेक्टर में 29 हजार 500 करोड़ रुपये, अनंत टेक्नालॉजीज कम्पनी द्वारा एयरो स्पेस सेक्टर में एक हजार करोड़, ऑटोमेटस्की सॉल्यूशंस कम्पनी द्वारा आईटी सेक्टर में एक हजार करोड़, कोलावेरी इंक कम्पनी द्वारा फार्मा एण्ड ट्रेडिंग सेक्टर में एक हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव‍दिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि हैदराबाद में ग्रीनको कम्पनी के मुख्यालय का दौरा भी किया। यह कम्पनी प्रदेश में रिन्यूएबल एनर्जी में बड़ा काम कर रही है। ग्रीनको ने पिछले 10 वर्षों में 3 हजार मेगावॉट क्षमता वाले नवकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्ट स्थापित किए हैं। आने वाले समय में कंपनी द्वारा 5 वर्षों में 25 हजार करोड़ के निवेश की योजना है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत में जन्मी मादा चीता 'मुखी' द्वारा 5 शावकों को जन्म देने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि प्रदेश में चीता अफ्रीका से लाये गये थे। उनकी भारत में जन्मी अगली पीढ़ी ने शावकों को जन्म दिया है। यह उपलब्धि भारतीय वनों में चीता प्रजाति के अनुकूलन का महत्वपूर्ण संकेतक है। यह भारतीय आवासों में चीता प्रजाति के अनुकूलन, स्वास्थ्य और दीर्घकालिक संभावनाओं का एक मजबूत संकेतक है। इससे देश में जैव विविधता के संरक्षण लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए हो रहे प्रयासों को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लिये यह गौरव का विषय है। उन्होंने मंत्रि-परिषद के साथियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक नवम्बर को पीएमश्री पर्यटन हेली सेवा के शुभारंभ से प्रदेश ने हवाई पर्यटन के एक नए युग में प्रवेश किया है। इससे यात्रा अब अधिक तेज, सुरक्षित, किफायती और सुगम होगी। इस सेवा का नियमित संचालन 20 नवंबर से प्रारंभ हो गया है। इससे धार्मिक, वाईल्ड लाइफ और वेलनेस सेक्टर में हवाई कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध होगी। धार्मिक सेक्टर के अंतर्गत इंदौर उज्जैन ओंकारेश्वर के मध्य हवाई सेवा का संचालन होगा। श्रद्धालु एक ही दिन में भगवान महाकाल और ओंकारेश्वर दोनों ज्योर्तिलिंग के दर्शन कर सकेंगे। वेलनेस सेक्टर के अंतर्गत भोपाल, मढ़ई, पचमढ़ी के मध्य हवाई सेवा का संचालन होगा। वाइल्डलाईफ सेक्टर के अंतर्गत जबलपुर, मैहर, चित्रकूट, अमरकंटक, कान्हा, बांधवगढ़ से हेलीकॉप्टर सेवा का संचालन किया जा रहा है।

     

  • नारायणपुर ऑपरेशन सफल: 89 लाख के इनामी दहशतगर्द समेत 28 माओवादी आत्मसमर्पण

    नारायणपुर
    बस्तर रेंज में माओवादी हिंसा के खिलाफ चल रही “पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल ने एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। जिले में मंगलवार को कुल 28 माओवादी कैडरों ने हथियार छोड़कर सामाजिक मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय लिया। इनमें 89 लाख रुपये के इनामी 19 महिला माओवादी भी शामिल हैं। नारायणपुर जिला प्रशासन, बस्तर पुलिस, सुरक्षा बलों व स्थानीय समाज के संयुक्त प्रयासों से हुआ यह पुनर्वास क्षेत्र में शांति और भरोसे के माहौल को मजबूत करता है।

    इन 28 माओवादियों में माड़ डिवीजन के डीवीसीएम सदस्य, पीएलजीए कंपनी नंबर-06 के मिलिट्री सदस्य, एरिया कमेटी सदस्य, टेक्निकल टीम, मिलिट्री प्लाटून के पीपीसीएम व सदस्य, एसजेडसीएम भास्कर की गार्ड टीम के पार्टी सदस्य, सप्लाई टीम, एलओएस सदस्य और जनताना सरकार के सदस्य शामिल हैं। सभी ने हिंसा छोड़कर “शांति व विकास का मार्ग अपनाने” की शपथ ली। कार्यक्रम में तीन माओवादियों ने अपने पास मौजूद तीन हथियार—एसएलआर, इंसास और .303 राइफल—सुरक्षा बलों को सौंपे। इसे पुलिस ने कानून व्यवस्था पर बढ़ते विश्वास का सकारात्मक संकेत बताया।
     
    नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक रॉबिन्सन गुड़िया के अनुसार, वर्ष 2025 में अब तक जिले में 287 माओवादी कैडर मुख्यधारा में जुड़ चुके हैं। वहीं, बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने कहा कि यह संख्या बताती है कि माओवादी विचारधारा का असर लगातार कमजोर पड़ रहा है। पिछले 50 दिनों में बस्तर में 512 से अधिक माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं। आइजी बस्तर ने कहा कि शेष माओवादी—जिनमें पोलित ब्यूरो सदस्य देवजी, सीसी सदस्य रामदर, डीकेएसजेडसी के पप्पा राव, देवा सहित अन्य के पास हिंसा छोड़कर लौटने के अलावा अब कोई विकल्प नहीं है।

    पुनर्वास कार्यक्रम में आइजी सुंदरराज पी, कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगई, एसपी राबिन्सन गुड़िया, सीईओ जिला पंचायत आकांक्षा शिक्षा खलखो, आइटीबीपी व बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, समाज प्रमुख, मीडिया प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। “पूना मारगेम” पहल बस्तर में शांति, विश्वास और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण परिवर्तन की आधारशिला बनती जा रही है।