• 47वीं पीआरएसआई राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

    पीआरएसआई की 47वीं राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ की सक्रिय सहभागिता

    भोपाल 
    18 दिसंबर देहरादून में 13 से 15 दिसंबर तक आयोजित पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया (PRSI) की 47वीं ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशंस कॉन्फ्रेंस में आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ की ओर से सक्रिय और प्रभावी सहभागिता दर्ज की गई। “विकसित भारत @2047: विकास भी, विरासत भी” विषय पर आधारित इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया गया। उद्घाटन अवसर पर उन्होंने विकसित भारत के निर्माण में संचार, जनसंपर्क और शिक्षा की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

    इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से जनसंपर्क, संचार, शिक्षा, प्रशासन और नीति क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों की भागीदारी रही।

    सम्मेलन के दौरान आईसेक्ट प्रतिभागियों ने डिजिटल युग में जनसंपर्क की चुनौतियों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभाव, गलत सूचना की रोकथाम, साइबर सुरक्षा तथा संकट प्रबंधन संचार जैसे विषयों पर विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श किया। साथ ही उच्च शिक्षा संस्थानों और उद्योग जगत के बीच एमओयू आधारित सहयोग, कौशल विकास, स्टार्ट-अप संस्कृति तथा रोजगारोन्मुख शिक्षा ढांचे को सुदृढ़ करने पर भी चर्चा हुई, जिसे भविष्य की रणनीतियों की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया।

    आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ की ओर से रूपेंद्र सिंह चौहान, जनसंपर्क अधिकारी, आईसेक्ट मुख्यालय; डॉ. योगेश पटेल, सहायक प्राध्यापक, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल; तथा श्री किशोर सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय, बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ने सम्मेलन के विभिन्न तकनीकी एवं विषयगत सत्रों में सहभागिता की और उच्च शिक्षा तथा जनसंपर्क से जुड़े समकालीन विषयों पर विशेषज्ञों से विमर्श किया।

    आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ की डायरेक्टर एवं प्रो-चांसलर, रबिंद्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी अदिति चतुर्वेदी वत्स ने कहा कि,
    “आज के समय में जनसंपर्क उच्च शिक्षा संस्थानों के शैक्षणिक उद्देश्यों और सामाजिक दायित्वों को समाज तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने का सशक्त माध्यम बन चुका है| पीआरएसआई जैसे राष्ट्रीय मंच शिक्षा और उद्योग के बीच दीर्घकालिक सहयोग तथा एमओयू आधारित साझेदारियों को मजबूती प्रदान करते हैं।”

    विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार डॉ. संगीता जोहरी ने कहा कि, “इस राष्ट्रीय सम्मेलन में हुए संवाद और संपर्क आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ के लिए अकादमिक नवाचार, उद्योग सहभागिता और व्यावसायिक दक्षताओं के विकास की दिशा में उपयोगी सिद्ध होंगे। इससे विद्यार्थियों को वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।”

    सम्मेलन में आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ द्वारा उभरती तकनीकों में अनुसंधान, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, उद्यमिता विकास तथा उद्योग से जुड़ी शिक्षा मॉडल को प्रमुखता से रेखांकित किया गया। यह सहभागिता समूह की गुणवत्तापूर्ण, किफायती और कौशल-आधारित उच्च शिक्षा के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

  • 68वीं राष्ट्रीय शॉटगन शूटिंग चैंपियनशिप में जिंदल स्टील के एथलीट्स का दबदबा, खंगुरा और ढिल्लों बने राष्ट्रीय विजेता

    जिंदल स्टील के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन: गुरजोआत सिंह खंगुरा और राइज़ा ढिल्लों ने राष्ट्रीय शॉटगन शूटिंग में जीता स्वर्ण

    68वीं राष्ट्रीय शॉटगन शूटिंग चैंपियनशिप में जिंदल स्टील के एथलीट्स का दबदबा, खंगुरा और ढिल्लों बने राष्ट्रीय विजेता

    रायपुर
    जिंदल स्टील को यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि उसके समर्थित खिलाड़ियों ने डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज, नई दिल्ली में आयोजित 68वीं राष्ट्रीय शॉटगन शूटिंग चैंपियनशिप (NSSC) में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। उच्च दबाव वाले मुकाबलों की इस श्रृंखला में जिंदल स्टील समर्थित दल ने कई स्वर्ण और रजत पदक जीतकर भारत में उत्कृष्ट खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की कंपनी की प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है।
    सटीकता और धैर्य के शानदार प्रदर्शन में गुरजोआत सिंह खंगुरा ने पुरुष स्कीट स्पर्धा में 2025 राष्ट्रीय चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। रैंक 1 पर रहते हुए खंगुरा ने फाइनल में दमदार प्रदर्शन किया और अनुभवी ओलंपियनों सहित कड़े प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ते हुए जीत दर्ज की।
    महिला वर्ग में उभरती हुई स्टार राइज़ा ढिल्लों ने स्कीट शूटिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सभी का ध्यान आकर्षित किया। ढिल्लों ने महिला स्कीट और जूनियर महिला स्कीट—दोनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी असाधारण प्रतिभा का परिचय दिया। उनका यह डबल-पोडियम प्रदर्शन उन्हें भारतीय शूटिंग की सबसे आशाजनक युवा प्रतिभाओं में शामिल करता है।
    अनुभवी चैंपियन की अनुशासित खेल भावना का प्रदर्शन करते हुए ओलंपियन मिराज अहमद खान ने चैंपियनशिप में दो रजत पदक जीते। उच्चतम स्तर पर उनकी निरंतरता आने वाली पीढ़ी के निशानेबाजों को प्रेरित करती है, और जिंदल स्टील उनके इस प्रेरणादायी सफर का समर्थन जारी रखने पर गर्व महसूस करता है।
    जिंदल स्टील भारतीय खेलों में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और अपने एथलीट्स की इस शानदार उपलब्धि पर उन्हें हार्दिक बधाई देता है।

  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से राजस्थान के अंतर्राज्यीय अध्ययन भ्रमण से लौटे पत्रकारों के दल ने की सौजन्य मुलाकात

    रायपुर : पत्रकारों की लेखनी केवल सूचना का माध्यम ही नहीं, पर्यटन को प्रोत्साहन देने का एक सशक्त साधन भी – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    छत्तीसगढ़ सरकार पर्यटन के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध – मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से राजस्थान के अंतर्राज्यीय अध्ययन भ्रमण से लौटे पत्रकारों के दल ने की सौजन्य मुलाकात

    रायपुर
    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से राजस्थान के अंतर्राज्यीय अध्ययन भ्रमण से लौटने के उपरांत छत्तीसगढ़ के पत्रकारों के दल ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में  सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर पत्रकारों ने 15 से 20 दिसम्बर तक राजस्थान भ्रमण के दौरान वहां की विधायिका, प्रशासनिक कार्यप्रणाली तथा पर्यटन के क्षेत्र में किए गए नवाचारों के अनुभवों को साझा किया।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पत्रकारों के लिए अंतर्राज्यीय अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है, ताकि अन्य राज्यों के शासन-प्रशासन, पर्यटन एवं सांस्कृतिक विकास से जुड़े नवाचारी प्रयासों को पत्रकारों के दृष्टिकोण से समझा जा सके। उन्होंने कहा कि ऐसे अध्ययन भ्रमणों से प्राप्त अनुभवों के आधार पर छत्तीसगढ़ में भी नई और प्रभावी पहल शुरू की जा सकती हैं।

    मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से आग्रह किया कि वे इस यात्रा के अनुभवों को यात्रा-वृत्तांत के रूप में लिपिबद्ध करें, जिससे यह आम पर्यटकों के लिए एक उपयोगी मार्गदर्शिका का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की लेखनी केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि पर्यटन को प्रोत्साहन देने का एक सशक्त साधन भी है।

    प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार पर्यटन के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य की दृष्टि से बस्तर धरती पर स्वर्ग के समान है, किंतु नक्सलवाद लंबे समय तक इसके विकास में एक बड़ी बाधा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने की दिशा में राज्य सरकार पूरी दृढ़ता के साथ कार्य कर रही है। 

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पर्यटन को राज्य की नई उद्योग नीति में शामिल किया गया है। इसके तहत सुदूर वनांचलों में होम-स्टे को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि पर्यटक ग्रामीण परिवारों के साथ रहकर उनकी संस्कृति, खान-पान और जीवनशैली को नजदीक से अनुभव कर सकें। इससे पर्यटन को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि  विश्व के 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों में छत्तीसगढ़ के धुड़मारास को शामिल किया जाना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों द्वारा दिए गए सुझावों का स्वागत करते हुए कहा कि इन पर गंभीरता से विचार कर उन्हें अमल में लाया जाएगा।

    इस अवसर पर जशपुर से विजय त्रिपाठी ने बताया कि राजस्थान भ्रमण के दौरान वहां की विधानसभा देखने का अवसर मिला, जहां आमजन को विधि निर्माण की प्रक्रिया और विधानसभा की कार्यप्रणाली से अवगत कराने के लिए एक भव्य संग्रहालय का निर्माण किया गया है। इस संग्रहालय के माध्यम से राज्य निर्माण से लेकर वर्तमान तक की विधायी यात्रा और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के योगदान को समझने का अवसर मिलता है।

    कोरबा से विजय खेत्रपाल ने कहा कि इस अध्ययन भ्रमण के माध्यम से यह समझने का अवसर मिला कि राजस्थान में सैकड़ों वर्ष पुराने किलों और महलों को आधुनिक जनसुविधाओं से जोड़कर पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित किया गया है। इसके साथ ही रेगिस्तानी क्षेत्रों में जीप सफारी, ऊंट सवारी, पैरा-सेलिंग, डेजर्ट कैंप जैसी गतिविधियों के माध्यम से पर्यटन को आकर्षक रूप दिया गया है, जो छत्तीसगढ़ के लिए एक प्रभावी केस स्टडी हो सकती है।

    जगदलपुर के अर्जुन झा ने जयपुर स्थित चोकरधानी के अनुभव साझा करते हुए कहा कि वहां ग्रामीण जीवन, लोकसंस्कृति और खान-पान को एक ही मंच पर प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने सुझाव दिया कि इसी प्रकार बस्तर पंडुम के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को पर्यटकों के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है। टिंकेश्वर तिवारी ने भी राजस्थानी खान-पान की तर्ज पर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों को पर्यटन स्थलों पर प्रमुखता से बढ़ावा देने पर जोर दिया।

    स्टेट न्यूज़ सर्विस के युवा पत्रकार रजत अवस्थी ने राजस्थानी टोपी साफा से मुख्यमंत्री साय का सम्मान करते हुए पत्रकार भ्रमण योजना को प्रारम्भ करने के लिए धन्यवाद दिया।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी आलोक सिंह, जनसंपर्क विभाग के अपर संचालक संजीव तिवारी, संयुक्त संचालक जितेंद्र नागेश सहित पत्रकारगण एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

  • राष्ट्रीय गणित दिवस पर आज डोंगला में होगी भारत की वैदिक गणित परंपरा पर राष्ट्रीय कार्यशाला

    प्रदेश की वैज्ञानिक पहचान होगी अधिक सशक्त
    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन जिले का ऐतिहासिक डोंगला पुनः भारतीय ज्ञान परंपरा, खगोल विज्ञान एवं गणितीय अनुसंधान के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।डोंगला प्राचीन काल से ही समय-गणना, सूर्य गति, पंचांग निर्माण और गणना का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।यहाँ से काल-गणना, ऋतु परिवर्तन तथा खगोलीय घटनाओं का सटीक अध्ययन किया जाता रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार इस ऐतिहासिक एवं वैज्ञानिक विरासत को पुनर्जीवित करने की दिशा में सतत प्रयास कर रही है।डोंगला को गणना, खगोल और वैज्ञानिक चेतना के केंद्र के रूप में विकसित करने का यह प्रयास प्रदेश की वैज्ञानिक पहचान को और अधिक सशक्त बनाएगा।

    मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा राष्ट्रीय गणित दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में गणित के महत्व को रेखांकित करने के लिए विविध जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।इसका मुख्य कार्यक्रम उज्जैन जिले के डोंगला में सोमवार 22 दिसम्बर को होगा। इसमें ‘’भारत की वैदिक गणित परंपरा” विषय पर एक राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। कार्यशाला में प्रदेश एवं देश के प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञ, शोधार्थी, शिक्षाविद् एवं शिक्षक शामिल होंगे।इसमें वैदिक गणित की वैज्ञानिकता, आधुनिक गणित से उसका संबंध तथा शिक्षा में इसके अनुप्रयोग पर गहन विमर्श किया जाएगा।कार्यशाला के दौरान सहभागी सूर्य के उत्तरायण होने के खगोलीय क्षण के साक्षी भी बनेंगे, जो भारतीय ज्योतिष, गणित और खगोल विज्ञान की समृद्ध परंपरा से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ने का एक दुर्लभ एवं प्रेरक अनुभव प्रदान करेगा।

    मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा प्रदेश के लगभग 38 जिलों में 170 से अधिक विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, वैज्ञानिक संस्थाओं, स्वैच्छिक संगठनों एवं विद्यालयों में गणित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।इन कार्यक्रमों के अंतर्गत व्याख्यान, प्रतियोगिताएं, संवाद सत्र एवं प्रदर्शनियां आयोजित होंगी। विद्यार्थियों और आमजन तक गणित की उपयोगिता, तार्किक सोच और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पहुंचाने में स्वैच्छिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय गणित दिवस 22 दिसम्बर को महान भारतीय गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य युवाओं में गणित के प्रति रुचि बढ़ाना, तार्किक एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना तथा यह संदेश देना है कि गणित देश के वैज्ञानिक, तकनीकी और आर्थिक विकास की सशक्त आधारशिला है।

     

  • इंदौर फिर रचने जा रहा इतिहास! 9वीं बार नंबर-1 बनने की तैयारी, महापौर ने सफाई व्यवस्था का लिया फीडबैक

    इंदौर
    स्वच्छता में लगातार आठ वर्षों से देशभर में सिरमौर बने इंदौर ने एक बार फिर स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में शहर को स्वच्छता के क्षेत्र में निरंतर अग्रणी बनाए रखने और इसे और सशक्त करने के उद्देश्य से रविवार सुबह महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने जोन तीन अंतर्गत रामबाग लोखंडे पुल के पास क्षेत्रीय सफाई मित्रों के साथ आत्मीय संवाद किया।

    चाय एवं पोहा पर स्वच्छता व्यवस्था को लेकर चर्चा
    महापौर ने सफाई मित्रों के साथ चाय एवं पोहा पर स्वच्छता व्यवस्था को लेकर चर्चा की और उनसे सुधार के सुझाव भी मांगे। इस दौरान सफाई व्यवस्था को बनाए रखने में आ रही व्यवहारिक चुनौतियों और आवश्यक सुधारों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर क्षेत्रीय पार्षद सुरेश टाकलकर, गजानंद गावडे, जोनल अधिकारी, स्वास्थ्य अधिकारी, सीएसआई सहित बड़ी संख्या में सफाई मित्र उपस्थित रहे।

    सफाई मित्रों का आभार
    महापौर ने सफाई मित्रों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे इंदौर की स्वच्छता व्यवस्था की रीढ़ हैं। उनके समर्पण, मेहनत और अनुशासन के कारण ही इंदौर लगातार देश में स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने सफाई मित्रों से अपने अनुभव साझा करने का आग्रह किया और आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं का प्राथमिकता से निराकरण किया जाएगा।

  • बजट पर संवाद: उप मुख्यमंत्री देवड़ा विषय-विशेषज्ञों से करेंगे चर्चा

    भोपाल 
    वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिये बजट तैयारी के संबंध में 'बजट पर संवाद' 22 दिसम्बर को सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग कल्याण संचालनालय भोपाल में सुबह 10:30 बजे से होगा। बजट पर संवाद में उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा विभिन्न क्षेत्रों के विषय विशेषज्ञों के साथ चर्चा कर आगामी बजट को अधिकाधिक जनोपयोगी और प्रभावशाली बनाए जाने के लिए बहुमूल्य सुझाव प्राप्त करेंगे।

    वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के
    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को पूर्ण करने में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में कृत संकल्पित है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए और आम जनता से जुड़ी हुई विभिन्न सुविधाओं को प्रदान करने के लिए उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा के निर्देशन में वित्त विभाग बजट की तैयारी कर रहा है। इसमें विभिन्न क्षेत्रों जैसे बैंकिंग, ग्रामीण- विकास, जनजाति, आर्थिक एवं वाणिज्यिक, जेंडर बजट, पर्यावरण के विशेषज्ञों से सुझाव प्राप्त करने के लिये बजट पर संवाद किया जा रहा है।

    राज्य सरकार द्वारा ग़रीब,किसान, युवा, नारी शक्ति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह लगातार पाँचवाँ वर्ष है जब 'बजट पर संवाद' आयोजित किया जा रहा है। 'बजट पर संवाद' कार्यक्रम में बैंकिंग, अर्थशास्त्र, वित्त आयोग, उद्योग क्षेत्र के विशेषज्ञों के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों जैसे कृषि, उद्यान, चिकित्सा, चार्टर्ड एकाउंटेंसी, फिल्म, में सफलता पूर्वक कार्य कर रहे हितधारकों को भी सुझाव देने के लिये आमंत्रित किया जा रहा है। आम जनता से समाचार पत्रों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (https://mp.mygov.in/group-issue/mpbudget/), दूरभाष (0755-2700800), ई-मेल (budget.mp@mp.gov.in) व पत्राचार के माध्यम से उनके सुझाव प्राप्त किए गए हैं। इससे विकास की राह पर निरंतर आगे बढ़ रहे मध्यप्रदेश के आगामी बजट में अपने सुझावों के माध्यम से सहभागिता निभाकर प्रदेश की प्रगति और समृद्धि में आम जनता भी अपना योगदान दे सकेगी।

     

  • शहडोल में मेडिकल छात्रा की खुदकुशी से हड़कंप, फाइनल ईयर MBBS स्टूडेंट का शव मिला फंदे पर

    शहडोल
    बिरसा मुंडा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में अध्ययनरत एमबीबीएस फाइनल ईयर की छात्रा ने रविवार सुबह घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना शनिवार सुबह करीब चार बजे की बताई जा रही है। प्रारंभिक तौर पर आत्महत्या का कारण मानसिक तनाव माना जा रहा है, हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

    पुलिस का क्या कहना
    पुलिस के अनुसार मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत 25 वर्षीय छात्रा शिखा बैगा, पिता सोहनलाल बैगा, की मौत फांसी लगाने से हुई है। रविवार सुबह जब उसकी बहन कमरे में पहुंची तो शिखा को फांसी के फंदे पर लटका देखा। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में हड़कंप मच गया। सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची।

    पुलिस ने छात्रा के कमरे से मोबाइल और टैबलेट जब्त किए हैं। जांच में सामने आया है कि छात्रा ने अपने ही नंबर पर एक संदेश टाइप किया था, जिसमें उसने अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए अगले जन्म में भी उन्हें माता-पिता बनाने की बात लिखी है। संदेश में पढ़ाई को लेकर मानसिक उलझन और तनाव का उल्लेख भी किया गया है। पुलिस इन्हीं तथ्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही है।

    हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करती थी
    बताया गया कि शिखा मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करती थी। रविवार को अवकाश होने के कारण वह शनिवार दोपहर पिता के साथ घर आई थी। इससे पहले करीब दो माह पूर्व कॉलेज में भी उसने आत्महत्या का प्रयास किया था। उस समय रूममेट्स की सूचना पर कॉलेज प्रबंधन ने हस्तक्षेप कर उसकी काउंसलिंग कराई थी और स्वजनों को भी अवगत कराया था। शिखा के पिता सोहनलाल बैगा रेलवे में लोको पायलट के पद पर पदस्थ हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पांच बेटियां हैं, जिनमें शिखा दूसरे नंबर की थी।

    मेडिकल कॉलेज वालों ने क्या कहा
    मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. गिरीश बी. रामटेक ने बताया कि मेडिकल कॉलेज की छात्रा ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या की है। यह अत्यंत दुखद है। छात्रा ने हॉस्टल में पहले भी आत्महत्या का प्रयास किया था, जिसकी काउंसलिंग और उपचार कराया जा रहा था, लेकिन यह अनुमान नहीं था कि वह ऐसा कदम उठा लेगी।

    जांच जारी
    कोतवाली थाने में पदस्थ उप निरीक्षक उपेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही टीम को मौके पर भेजा गया है। आत्महत्या का कारण अभी अज्ञात है। मर्ग कायम कर विवेचना की जा रही है। छात्रा के मोबाइल में टाइप किए गए संदेशों की भी जांच की जा रही है।

  • रीवा में सनसनीखेज मामला: अवैध वसूली पर भड़का ट्रक चालक, RTO कर्मी को खिड़की पर लटकाकर सड़क पर दौड़ाया

    रीवा
    हनुमना बॉर्डर पर आरटीओ विभाग की कथित अवैध वसूली के खिलाफ एक ट्रक ड्राइवर का गुस्सा इस कदर फूटा कि उसने वसूली करने वाले व्यक्ति को ट्रक से लटकाकर कई किलोमीटर तक गाड़ी दौड़ाई। इंटरनेट मीडिया पर वायरल वीडियो में शख्स ट्रक की खिड़की पर लटककर जान की भीख मांगता और पैर पड़ता नजर आ रहा है, जबकि ड्राइवर उसे रीवा तक ले जाने की बात कह रहा है।

    ट्रक ड्राइवर ने आरटीओ कर्मी को खिड़की पर लटकाकर दौड़ाया ट्रक
    ट्रक ड्राइवर का आरोप है कि आरटीओ कर्मी नाके पर अवैध वसूली के नाम पर लगातार परेशान किया जा रहा था। वीडियो सामने आने के बाद आरटीओ विभाग और मऊगंज जिला प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।

    हालांकि यह वीडियो कब का है इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। परंतु ट्रक में बैठे ड्राइवर और खलासी स्पष्ट रूप से यह बोल रहे हैं कि तुम्हें मऊगंज से रीवा तक ले जाएंगे। इंटरनेट मीडिया में वीडियो सामने आया है मामले की जांच के लिए आरटीओ रीवा को लिखा गया है जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। संजय जैन कलेक्टर मऊगंज।

  • शिक्षा के साथ संस्कार और आत्मविश्वास से ही मजबूत होगा भविष्य : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    भोपाल
    उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि बच्चों को शिक्षित, संस्कारित बनाने के साथ ही उनमें आत्मविश्वास की भावना जागृत करने की जरूरत है जिससे यह बच्चे आगे चलकर देश को आर्थिक महाशक्ति तक पहुंचाने में अपनी भूमिका का निर्वहन कर सकें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल रीवा के निजी विद्यालय के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

    उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि बच्चों द्वारा दी गई प्रस्तुतियाँ यह दर्शाती हैं कि उनमें कितनी प्रतिभा है। उन्होंने कहा कि यह बच्चे ऐसे समय के विद्यार्थी हैं जब देश काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है। इन्हीं बच्चों को ही 2047 में जब भारत आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा तब विश्वगुरू बनकर देश का नेतृत्व करने में अपना योगदान देना होगा। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बच्चों द्वारा दी गई प्रस्तुतियाँ उनके आत्मविश्वास को प्रदर्शित कर रहीं थीं। बच्चों को गढ़ने में अध्यापक की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। बच्चों में दया, करूणा व परोपकार के भाव जागृत करें जिससे यही बच्चे समाज में अपना उत्कृष्ट स्थान बना सकें। उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि वह धैर्य रखकर अपने मंजिल की तरफ बढ़ें। कार्यक्रम में नगर निगम के अध्यक्ष श्री व्यंकटेश पाण्डेय सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि विद्यालय के अध्यापक, विद्यार्थी तथा उनके परिजन उपस्थित रहे।

     

  • अंधविश्वास का खौफनाक नतीजा: पन्ना में खाने से बिगड़ी हालत, एक ही परिवार के 5 सदस्य फूड पॉयजनिंग की चपेट में

    पन्ना
    बुंदेलखंड के हिस्सों में शिक्षा की कमी कहे या स्वस्थ व्यवस्था पर लोगो का विश्वास ना करना या फिर यूं कहें अंधविश्वास की जड़ें समाज में इतनी गहरी हो चूंकि हैं, की फिर से एक मामले ने इस चर्चा को हवा दी है जिसकी यह खौफनाक तस्वीर सामने आई है मध्य प्रदेश के पन्ना से। यहां एक ही परिवार के पांच लोग मौत के मुंह में जाते-जाते बचे। ​मामला धरमपुर जमुनिया गांव का है, जहां रात के खाने में 'कुदवा की रोटी' और 'चने की भाजी' खाना एक परिवार को भारी पड़ गया।

    झाड़फूंक काम नहीं आई
    खाना खाते ही राजकुमार, हरिराम, रिंकी, अनामिका और छोटे आदिवासी को तेज उल्टियां और चक्कर आने लगे। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि चीख-पुकार मचने के बाद परिजन उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय पूरी रात घर पर झाड़फूंक करवाते रहे। जब हालत नाजुक हो गई और झाड़फूंक काम नहीं आई, तब ग्रामीणों की मदद से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुन्नौर ले जाया गया।
     
    डॉक्टरी इलाज ही बचा सकता है जान
    डॉक्टरों ने इसे गंभीर फूड पॉइजनिंग बताया है। प्राथमिक उपचार के बाद सभी को आज जिला अस्पताल पन्ना रेफर कर दिया गया है। फिलहाल डॉक्टर उनकी जान बचाने की जद्दोजहद में जुटे हैं। यह घटना सबक है कि बीमारी में दुआ और झाड़फूंक नहीं, बल्कि सही समय पर डॉक्टरी इलाज ही जान बचा सकता है।

    रात में कुदवा की रोटी ओर चना की भाजी खाई थी जिसके बाद तवियत बिगड़ गई आगा की कुछ बाहरी भीतरी हो गया है इस लिए खबर में ही पहले झाड़ फूक करवा ली जब तवियत सही नही हुई तो पहले गुन्नौर लेकर गए बाद में पन्ना आए। 

     

  • विश्व ध्यान दिवस पर मध्यप्रदेश पुलिस की ऐतिहासिक सहभागिता

    2800 केंद्रों से 50 हजार से अधिक पुलिसकर्मी सामूहिक ध्यान से जुड़े

    भोपाल 
    विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर 21 दिसंबर को हार्टफुलनेस फाउंडेशन के सहयोग से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा एक व्यापक एवं अनुकरणीय सामूहिक ध्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ध्यान सत्र के शुभारंभ अवसर पर हार्टफुलनेस प्रशिक्षकों एवं समन्वयकों की उपस्थिति में ऑनलाइन माध्यम से आयोजित इस सत्र में प्रदेश के सभी जिलों के थानों में पदस्थ पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु प्रत्येक जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया, जबकि प्रत्येक थाने में पुलिस समन्वयक निर्धारित किए गए थे।

    निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रातः 10:00 बजे से 11:15 बजे तक रिलैक्सेशन, गाइडेड ध्यान एवं आत्मावलोकन सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण हार्टफुलनेस मुख्यालय कान्हा शांतिवनम, हैदराबाद से किया गया। विश्व स्तर पर आयोजित इस ध्यान सत्र में लगभग एक करोड़ लोगों ने सहभागिता की, जिसमें मध्यप्रदेश पुलिस के 2800 केंद्रों से 50 हजार से अधिक पुलिसकर्मी जिला, थाना एवं बीट स्तर तक ज़ूम माध्यम से जुड़े। यह मध्यप्रदेश पुलिस के लिए न केवल एक अभूतपूर्व सहभागिता रही, बल्कि पुलिस कल्याण के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान भी स्थापित हुआ।

    साप्ताहिक ध्यान कार्यक्रम का शुभारंभ
    पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा के निर्देशानुसार 21 दिसंबर 2025 से प्रदेश के सभी पुलिस थानों में साप्ताहिक ध्यान कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम मध्यप्रदेश पुलिस एवं हार्टफुलनेस संस्था के मध्य फरवरी 2025 में हुए एमओयू के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है, जिसके तहत पुलिसकर्मियों को निःशुल्क ध्यान प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। थाना, यातायात, महिला थाना, अजाक, अपराध शाखा सहित सभी इकाइयों में प्रत्येक रविवार को नियमित ध्यान सत्र आयोजित किए जाएंगे।

    कार्यक्रम के दौरान हार्टफुलनेस फाउंडेशन के प्रणेता एवं वैश्विक आध्यात्मिक मार्गदर्शक पूज्य दाजी द्वारा मध्यप्रदेश पुलिस में साप्ताहिक ध्यान को सुदृढ़ करने की दिशा में 1200 रिलैक्सेशन एवं मेडिटेशन सेंटर्स को पुलिस थानों एवं पुलिस लाइनों में प्रारंभ करने की घोषणा की गई।

    ऑनलाइन सामूहिक ध्यान सत्र
    21 दिसंबर को शुभारंभ के अवसर पर हार्टफुलनेस प्रशिक्षकों एवं समन्वयकों की उपस्थिति में ऑनलाइन माध्यम से सामूहिक ध्यान सत्र आयोजित किया गया।

    कार्यक्रम में प्रातः 9:30 बजे से सत्रबद्ध रूप से मार्गदर्शन, ध्यान प्रक्रिया की सरल विधियां, रिलैक्सेशन अभ्यास, कान्हा शांतिवनम से लाइव ध्यान सत्र, माननीय मुख्यमंत्री का प्रेरक संदेश तथा राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

    कार्यक्रम के आरंभ में पुलिस मुख्यालय से उप पुलिस महानिरीक्षक श्री विनीत कपूर (PSO To DGP) द्वारा ध्यान के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। उन्होंने ध्यान को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा से जोड़ते हुए इसके ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहलुओं की व्याख्या की। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि नियमित ध्यान किस प्रकार पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता, मानसिक संतुलन, निर्णय क्षमता एवं तनाव प्रबंधन में सहायक सिद्ध होता है।

    वैश्विक निःशुल्क ऑनलाइन ध्यान सत्र
    विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर आज रात्रि 8:00 बजे, हार्टफुलनेस के ग्लोबल गाइड पूज्य श्री दाजी द्वारा 20 मिनट का निःशुल्क वैश्विक ऑनलाइन ध्यान सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिक एवं पुलिसकर्मियों सहभागिता करेंगे।

    मानसिक सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम
    यह सामूहिक ध्यान कार्यक्रम पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, आत्मसंयम एवं सकारात्मक सोच को सुदृढ़ करने की दिशा में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ है। ध्यान एवं आत्मावलोकन से पुलिसकर्मियों में कार्यक्षमता, निर्णय क्षमता एवं मानवीय संवेदनशीलता में वृद्धि होती है, जो प्रभावी, संवेदनशील एवं जनोन्मुखी पुलिसिंग की आधारशिला है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा इस प्रकार के आयोजनों से यह स्पष्ट होता है कि प्रदेश पुलिस न केवल कानून-व्यवस्था के दायित्वों के प्रति प्रतिबद्ध है, बल्कि अपने बल के मानसिक, भावनात्मक एवं नैतिक सशक्तिकरण के लिए भी सतत प्रयासरत है।

     

  • बस्तर में पोलियो उन्मूलन की मुहिम तेज, सवा लाख बच्चों को पिलाई जाएगी खुराक

    बस्तर

    बस्तर जिले में रविवार को पोलियो के खिलाफ जंग को और मजबूत बनाने के लिए राष्ट्रीय पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान के तहत पोलियो की दवा पिलाई जा रही है। रविवार 21 दिसंबर को इस मेगा अभियान में 0 से 5 वर्ष के 1 लाख 24 हजार 377 बच्चों को पोलियो की जीवन रक्षक दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिला प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि कोई भी बच्चा वंचित न रहे, और शत-प्रतिशत कवरेज हासिल हो।

    कलेक्टर हरिस एस ने बताया कि विभिन्न विभागों के मैदानी अमले के साथ समन्वय स्थापित कर प्रचार-प्रसार किया गया है। हर गांव, हर पारे-टोले तक संदेश भी पहुंचाया गया है, जिससे कि 100 प्रतिशत बच्चों को दवा पिलाया जा सके।

    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक ने बताया कि जिले में कुल 498 बूथ स्थापित किए गए है, जिनमें जगदलपुर शहरी क्षेत्र में 72 बूथ शामिल हैं। इसके अलावा, 100 सुपरवाइजर, 1992 टीकाकरण कार्यकर्ताओं, 20 मोबाइल टीम और 24 ट्रांजिट टीम तैनात रहेंगी। विशेष रूप से उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है। मोबाइल टीमें बाजारों, मेला-मड़ई, ईंट भट्टों, भवन निर्माण स्थलों, घुमंतु बसाहटों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर आने-जाने वाले बच्चों को दवा पिलाई जाएगी।

    सीएमएचओ डॉ. बसाक ने बताया  कि यह अभियान न केवल पोलियो को जड़ से समाप्त करेगा, बल्कि हर्ड इम्युनिटी को मजबूत बनाकर वातावरण में मौजूद वाइल्ड पोलियो वायरस को निष्क्रिय कर देगा।

  • एक करोड़ रुपये से अधिक की जड़ी-बूटियों और वन उत्पादों की हुई बिक्री

    भोपाल 
    अंतर्राष्ट्रीय वन मेले के पांचवें दिन रविवार को कॉन्फ्रेन्स हॉल में केता-विक्रेता सम्मेलन का आयोजन हुआ। सम्मेलन में प्रदेश की विभिन्न प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के प्रबंधक, वन-धन केन्द्रों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया एवं उनके क्षेत्रों में संग्रहित लघु वनोपजों जैसे- आंवला, अमलतास फली, भृंगराज, पचांग, मुई आंवला, हर्रा कचरिया, भिलावा, गिलोय, बायबडंग, नागरमोथा, गोरखमुण्डी, हिंगोट, देवदाली, बेलगूदा, पलाश गोंद, कटसरैया इत्यादि की उपलब्धता की जानकारी दी गई। वन मेले में अब तक 1 करोड़ रूपये से अधिक के हर्बल औषधियों और वन उत्पादों की बिकी हो चुकी है।

    अंतर्राष्ट्रीय वन मेले में पांचवें दिन आयोजित क्रेता विक्रेता सम्मेलन में मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज संघ की एमडी डॉ. समीता राजोरा ने बताया कि वनोपज सहकारी समितियों और वन-धन केन्द्रों के प्रतिनिधियों द्वारा दि गई जानकारी के आधार पर लघु वनोपज प्रसंस्करण केन्द्र उच्च गुणवत्ता की औषधियों के क्रय का अनुबंध किया जायेगा। सम्मेलन में मुख्य वन संरक्षक श्री अशोक कुमार, प्रबंधक लघु वनोपज संघ श्रीमती नेहा श्रीवास्तव एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती गीतांजली जे. उपस्थित रहीं ।

    अंतर्राष्ट्रीय वन मेले की लोकप्रियता अब चरम पर पहुंच गई है। राजधानी के साथ ही आस-पास के क्षेत्रों से आने वाले सैलानियों के लिये यह मेला और यहां उपलब्ध आयुर्वेदिक उत्पादों के प्रति रुझान स्पष्ट झलक रहा है। विंध्य हर्बल एम.एफ.पी. पार्क द्वारा निर्मित शहद, च्यवनप्राश, त्रिफला, अर्जुन चाय और अन्य स्वास्थ्यवर्धक औषधियों की अब तक 4 लाख रुपये से अधिक की बिक्री हो चुकी है। प्रदर्शनी की भव्यता एवं इनके द्वारा तैयार किये गये गुणवत्ता युक्त नवीन उत्पादों व उत्पादों की नवीन पैकिंग देखकर इन्हें खरीदने में आगंतुकों ने खासी रूचि दिखाई।

    रविवार को आयोजित निःशुल्क चिकित्सा शिवरों में जांच एवं उपचार के लिये आयुर्वेद चिकित्सकों एवं नाड़ी वैद्यों से परामर्श के लिये बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे। मेला प्रबंधन द्वारा बुजुर्गों एवं चलने में असमर्थ व्यक्तियों के लिए व्हील चेयर एवं गोल्फ कार्ट की सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिसकी सराहना की जा रही है। निःशुल्क चिकित्सा परामर्श के लिये स्थापित ओ.पी.डी. में 120 आयुर्वेदिक चिकित्सकों एवं नाड़ी वैद्यों ने 400 से अधिक मरीजों को निःशुल्क परामर्श देकर लाभान्वित किया। निःशुल्क ओ.पी.डी. आने वाले दिनों में भी मेला अवधि में जारी रहेगी।

    रविवार को वन मेले में शालेय विद्यार्थियों के एकल और समूह नृत्य प्रतियोगिता में 11 विद्यालयों के 117 विद्यार्थियों ने भाग लिया। दोपहर बाद सैलानियों न कठपुतली शो, पंजाबी भांगडा, ऑर्केस्ट्रा का आनन्द लिया और शाम 7.00 बजे से सुप्रसिद्ध प्ल बैंक सिंगर श्री नीरज श्रीधर, बॉम्बे वाइकिंग्स की मनोरंजन से भरपूर म्यूजिकल प्रस्तुति हुई। प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को लघु वनोपज संघ की एमडी डॉ. समीता राजोरा ने पुरस्कार प्रदान किये।

    सोमवार 22 दिसम्बर के कार्यक्रम
    अंतर्राष्ट्रीय वन मेले में पूर्वान्ह 10.30 से 3.00 बजे तक विद्यार्थियों की इन्स्ट्रुमेंटल म्यूजिक की प्रस्तुति और अपरान्ह 3.00 से 3.45 बजे तक लोकसंगीत की प्रस्तुति होगी। अपरान्ह 3.00 से 5.00 बजे तक आयुर्वेदिक चिकित्सकों, पारम्परिक वैद्यों और फील्ड अधिकारियों के साथ परिचर्चा आयोजित की जायेगी। अपरान्ह 4.30 से 6.30 बजे तक बायोडायवर्सिटी बोर्ड द्वारा नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता, चित्रांशु म्युजिक ऑर्केस्ट्रा और सायं 7.00 से 10.00 बजे तक विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जायेगी।

     

  • मानसिक स्वास्थ्य और ध्यान आधारित पुलिसिंग की नई दिशा

    डीजीपी श्री कैलाश मकवाणा को प्रथम ‘हार्टफुलनेस चेंज मेकर अवार्ड’

    भोपाल 
    मध्यप्रदेश पुलिस में मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन एवं संवेदनशील पुलिसिंग को सुदृढ़ करने की दिशा में किए गए दूरदर्शी प्रयासों के लिए पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा को हार्टफुलनेस संस्था द्वारा ‘प्रथम हार्टफुलनेस चेंज मेकर अवार्ड’ से सम्मानित करने की घोषणा की गई। यह घोषणा हैदराबाद स्थित कान्हा शांतिवनम में आयोजित भव्य समारोह में भारत के माननीय उपराष्ट्रपति की गरिमामयी उपस्थिति में की गई।

    डीजीपी श्री मकवाणा का मानना है कि एक सशक्त एवं प्रभावी पुलिस बल की नींव सशक्त और संतुलित मन पर आधारित होती है। उनके नेतृत्व में मध्यप्रदेश पुलिस ने न केवल दशकों से चली आ रही नक्सल समस्या के उन्मूलन की दिशा में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की, बल्कि ‘नशे से दूरी है जरूरी’ जैसे व्यापक सामाजिक अभियानों को भी प्रभावी रूप से जन-आंदोलन का स्वरूप दिया। इन प्रयासों के लिए मध्यप्रदेश पुलिस को पूर्व में ‘वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है।

    हार्टफुलनेस मेडिटेशन से पुलिसिंग में सकारात्मक परिवर्तन
    पुलिसकर्मियों के बढ़ते कार्यभार, तनावपूर्ण परिस्थितियों एवं मानसिक दबाव को दृष्टिगत रखते हुए वर्ष 2022 से मध्यप्रदेश पुलिस में हार्टफुलनेस मेडिटेशन को अपनाया गया। इस पहल को सुदृढ़ करने के लिए फरवरी 2025 में हार्टफुलनेस संस्था के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) भी किया गया।

    बेहतर निर्णय क्षमता और बदलती छवि
    डीजीपी श्री मकवाणा ने ध्यान और रिलैक्सेशन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि चुनौतीपूर्ण पुलिस सेवा में इमोशनल इंटेलिजेंस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे शांत जल में गहराई तक सब कुछ स्पष्ट दिखाई देता है, उसी प्रकार स्थिर और संतुलित मस्तिष्क ही सही और समयबद्ध निर्णय लेने में सक्षम होता है।

    इस पहल के सकारात्मक परिणाम धरातल पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। वर्तमान में प्रदेशभर में लगभग 800 हार्टफुलनेस प्रशिक्षक सक्रिय हैं तथा पुलिस विभाग अपने इन-हाउस प्रशिक्षक भी तैयार कर रहा है। इससे पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता में वृद्धि हुई है तथा समाज में पुलिस के प्रति दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन परिलक्षित हो रहा है। यह तकनीक पुलिसकर्मियों के साथ-साथ उनके परिवारों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी सिद्ध हो रही है।

    राष्ट्रीय स्तर पर मॉडल बनने की दिशा में पहल
    मानसिक शांति, अनुशासन और संवेदनशीलता आधारित यह प्रयोग संभवतः देश में अपनी तरह का पहला प्रयास है, जिसमें इतने बड़े स्तर पर किसी पुलिस बल द्वारा ध्यान को संस्थागत रूप से अपनाया गया है। यह पहल भविष्य में एक राष्ट्रीय मॉडल के रूप में उभरने की क्षमता रखती है।

    आईजी प्रशासन श्री रुचिवर्धन मिश्रा के अनुसार योग एवं ध्यान के माध्यम से पुलिस बल के तनाव को कम कर उनके शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक संतुलन को सशक्त करना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है। वर्तमान में प्रदेश के सभी प्रशिक्षण संस्थानों में नवआरक्षकों को नियमित रूप से मेडिटेशन कराया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम स्वरूप कार्य के प्रति उनकी अभिवृत्ति में सुधार एवं सामान्य तनाव स्तर में कमी देखी जा रही है।

     

  • शुगर मिल के गेट पर खड़ी कार बनी बाधा, घंटों से फैक्ट्री के अंदर फंसे सैकड़ों किसान

    नरसिंहपुर
    जिले के करेली स्थित करेली शुगर मिल में रविवार सुबह उस समय भारी अव्यवस्था और अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब फैक्ट्री के मुख्य गेट पर एक अज्ञात कार खड़ी होने के कारण पूरा आवागमन ठप हो गया। इस छोटी सी लापरवाही ने एक बड़े संकट का रूप ले लिया, जिससे मिल परिसर के अंदर सैकड़ों किसान और उनकी खाली ट्रैक्टर-ट्रॉलियां कैद होकर रह गईं।

    एक कार ने रोका सैकड़ों ट्रैक्टरों का रास्ता
    मिली जानकारी के अनुसार, देर रात कोई अज्ञात व्यक्ति अपनी कार मिल के ठीक मुख्य गेट के सामने खड़ी करके चला गया। सुबह जब तुलाई के बाद खाली ट्रैक्टरों ने बाहर निकलने की कोशिश की, तो रास्ता पूरी तरह बंद मिला। बताया जा रहा है कि कार का स्टीयरिंग लॉक होने के कारण उसे धक्का मारकर हटाना भी संभव नहीं हो सका। इसके कारण मिल के भीतर से बाहर आने वाली ट्रॉलियों की लंबी कतार लग गई और परिसर में 'डेडलॉक' की स्थिति बन गई।
     
    किसानों का फूटा गुस्सा, तनावपूर्ण हुए हालात
    पिछले कई दिनों से तुलाई में हो रही देरी से जूझ रहे किसानों का धैर्य इस घटना के बाद जवाब दे गया। आक्रोशित किसानों ने मिल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और गेट पर तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। किसानों का कहना है कि वे कड़ाके की ठंड में घंटों अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। शनिवार को भी मिल के बाहर लगभग 2 किलोमीटर लंबा जाम लगा था। मिल प्रबंधन की लचर सुरक्षा व्यवस्था के कारण कोई भी बाहरी व्यक्ति गेट पर वाहन खड़ा कर चला गया, जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।

    फैक्ट्री बंद होने की कगार पर
    मिल प्रबंधन मामले की गंभीरता को देखते हुए मिल के जर्नल मैनीजर अवस्थी ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यदि मुख्य द्वार जल्द खाली नहीं कराया गया और ट्रॉलियों की निकासी शुरू नहीं हुई, तो गन्ने की आवक रुक जाएगी। ऐसी स्थिति में फैक्ट्री का संचालन बंद करना पड़ सकता है, जिससे मिल और किसान दोनों का बड़ा नुकसान होगा।

    प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग
    इस दौरान मिल परिसर में हंगामा भी वहां खड़े लोगों ने किया। स्थानीय पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई है ताकि क्रेन की मदद से उक्त कार को हटाया जा सके और यातायात बहाल हो सके। किसानों ने मांग की है कि मिल प्रबंधन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा पैदा न हो।

  • रीवा को विकास के शिखर पर पहुंचाना है – उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    सामाजिक सद्भाव मिलन एवं विन्ध्य नायक सम्मान समारोह में हुए शामिल

    भोपाल 
    उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि रीवा को विकास के शिखर पर पहुंचाना है और आने वाली पीढ़ी को ऐसा रीवा सौंपना है जहाँ अधोसंरचना विकास के साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार की उपलब्धता हो। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल रीवा में सामाजिक सद्भाव मिलन एवं विन्ध्य नायक सम्मान समारोह कार्यक्रम में शामिल हुए।

    उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपराओं, सामाजिक समरसता और जन सहयोग की भावना से समर्पित यह कार्यक्रम प्रतिवर्ष और भी आकर्षक होता जा रहा है। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजक राजन वर्मा को बधाई देते हुए कहा कि यह उनकी लोगों के प्रति सद्भाव व विश्वसनीयता का ही परिणाम है।

    उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि आप सभी के सहयोग से मुझे जो ताकत मिली है उसका मैं पूरा सदुपयोग करते हुए सबकी आशाओं और अपेक्षाओं में खरा उतरने की कोशिश करता हूं, जिससे रीवा को एक पहचान मिल सके और रीवा देश का उत्कृष्ट जिला बने। उन्होंने कहा कि आगामी 25 दिसम्बर को अटल पार्क में गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा अटल जी की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा। इस ऐतिहासिक पल के सभी लोग साक्षी बनें और अटल जी के प्रति अपनी श्रद्धा को प्रकट करें। श्री शुक्ल ने कहा कि 22 दिसम्बर से रीवा-इंदौर की नियमित वायु सेवा आरंभ हो रही है जिससे रीवा के विकास को नए पंख लगेंगे और रीवा के लोग देश व विदेश की यात्रा रीवा से ही टिकट कराकर कर सकेंगे। कार्यक्रम में अध्यक्ष नगर निगम श्री व्यंकटेश पाण्डेय सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

     

  • सागर जिले में सभी जर्जर स्कूल एवं अन्य भवन गिराने की कार्रवाई की जा रही है

    अब तक 300 से अधिक जर्जर भवन गिराए गए

    भोपाल 
    सागर ज़िले में जर्जर स्कूल एवं अन्य भवनों को गिराकर नए भवन बनाने की कार्रवाई तेज़ी से की जा रही है। कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. ने विगत दिवस स्कूल शिक्षा विभाग के प्राचार्य की समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि जिले में कोई भी स्कूल भवन सहित अन्य भवन क्षतिग्रस्त जर्जर नहीं हो इसके लिए तत्काल कार्रवाई कर दो दिवस में क्षतिग्रस्त भवनों को गिराया जाए।

    कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. के निर्देश के बाद जिले के सभी जर्जर स्कूल भवन एवं अन्य भवन को गिराने की कार्रवाई युद्ध स्तर पर की गई। एक दिन में लगभग 50 से अधिक स्कूल भवन सहित अन्य भवनों को गिराया गया।

    कलेक्टर ने कहा कि कोई भी स्कूल भवन क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में उस भवन में स्कूल संचालित नहीं होना चाहिए। जिले के शिक्षा, राजस्व एवं नगरीय निकाय के अधिकारी और स्कूल के प्राचार्य यह सुनिश्चित करें कि किसी भी विद्यालय का भवन जर्जर स्थिति में हो, उसे तत्काल गिरा दिया जाए।

    कलेक्टर ने कहा कि कोई भी घटना होने पर संबंधित क्षेत्र के अधिकारी, स्कूल प्रबंधन, मकान मालिक दोषी होंगे। सभी स्कूल के प्राचार्य, भवन गिराने के बाद इसका प्रमाण पत्र संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेंगे, जिसे सूचीबद्ध कर जिला शिक्षा अधिकारी प्रस्तुत करेंगे।

    कलेक्टर के निर्देश पर सागर, रहली, खुरई, राहतगढ, माल्थोन, देवरी में स्कूल भवन सहित अन्य भवनों को गिराने की कार्रवाई की गई है। नगर निगम क्षेत्र में भी नगर निगम के द्वारा अनेक जर्जर भवनों को जो कि चिन्हित किए गए थे, उनको गिराने की कार्रवाई की जा रही है। इसी प्रकार सभी नगरीय निकायों में भी यह कार्रवाई की जा रही है। अब तक जिले में 300 से अधिक भवनों को गिराने की कार्रवाई की गई है।

     

  • रीवा हत्याकांड: मां-दादा के अवैध रिश्ते ने मचाया तूफान, आपा खोकर पोते ने ले ली जान

    रीवा
    मध्य प्रदेश के रीवा जिले के बिछिया थाना क्षेत्र में एक दिन पूर्व हुई 80 वर्षीय बुजुर्ग की हत्या का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, हत्या की मुख्य वजह ससुर और बहू के बीच अवैध संबंध थे। अपने दादा और मां को आपत्तिजनक स्थिति में देखकर नाती (पोता) इस कदर आगबबूला हुआ कि उसने अपने ही दादा की पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने पूछताछ के दौरान अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

    अवैध संबंधों के चलते हुआ विवाद
    पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी ने बताया कि उसके चचेरे दादा और उसकी मां के बीच लंबे समय से अवैध संबंध थे। आरोपी के पिता ने भी इस बात की पुष्टि की है कि उसकी पत्नी के अपने चाचा ससुर के साथ संबंध थे। पीड़ित पति ने अपने चाचा को पहले भी घर आने-जाने से मना किया था, लेकिन वह पति की शराब की लत का फायदा उठाकर घर आता था और पत्नी के साथ अनैतिक कृत्य करता था।
     
    आपत्तिजनक स्थिति में देख खोया आपा
    घटना वाले दिन यानी शनिवार को ससुर और बहू ने साथ बैठकर शराब पी। इसके बाद जब आरोपी बेटा घर पहुंचा, तो उसने अपनी मां और दादा को कमरे के भीतर आपत्तिजनक स्थिति में पाया। यह देखकर वह अपना आपा खो बैठा और आवेश में आकर दोनों के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान गंभीर चोटें आने के कारण 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई।

    पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी
    पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह चौहान के निर्देश पर कोतवाली सीएसपी राजीव पाठक और बिछिया थाना प्रभारी मनीषा उपाध्याय के नेतृत्व में इस मामले की जांच की गई। पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था, जिसे घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में महिला ने भी अपनी गलती स्वीकार की और उसे पछतावा था, लेकिन कानूनन हत्या का दोषी उसका पुत्र पाया गया।

    न्यायालय में पेशी और जेल
    रिश्तों को शर्मसार कर देने वाले इस मामले में पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध हत्या का प्रकरण दर्ज किया है। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को आज न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। यह पूरी घटना बिछिया थाना क्षेत्र के बदरांव इलाके की है, जिसने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है।

  • पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जन्म जयंती पर ‘शून्य से शतक’ कार्यक्रम

    स्व. अटल बिहारी वाजपेयी राष्ट्रनीति के शिखर पुरुष, राजनीति के अजातशत्रु और भारतीय लोकतंत्र की मर्यादा के प्रतीक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    उपराष्ट्रपति, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने चार विद्वानों को ‘अटल अलंकरण’ से किया सम्मानित
    भोपाल

    उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा है कि स्व. श्री अटलजी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार और मिशन थे। उनके कर्म, आदर्श और सुशासन की दृष्टि आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक प्रकाश हैं। वे रविवार को इंदौर में आयोजित भारत रत्न स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी जन्म शताब्दी समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि स्व. श्री अटल जी का जीवन ऐसे ग्रंथ की भाँति था, जिसका प्रत्येक पृष्ठ नैतिकता, उत्कृष्टता और राष्ट्रधर्म की राह दिखाता है। स्व. श्री अटल जी केवल राजनेता नहीं थे, बल्कि वे कवि, चिंतक, अद्भुत नेतृत्व गुणों से संपन्न, विनम्र, संवेदनशील और स्वाभिमानी राष्ट्रभक्त थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि स्व. श्री अटलजी का जीवन विचारों की दृढ़ता, राष्ट्रधर्म और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अटूट समर्पण का अनुपम उदाहरण है। उनका व्यक्तित्व ऐसा था जिसने हर काल और हर युग में भारतीय राजनीति को दिशा दी। उनकी राजनीतिक यात्रा भारतीय लोकतंत्र की प्रेरक गाथा है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जन्म जयंती वर्ष के अवसर पर इंदौर में ‘शून्य से शतक’ कार्यक्रम का गरिमामय रूप से आयोजन किया गया। इस गरिमामय समारोह में देश के उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चार प्रतिष्ठित विद्वानों को ‘अटल अलंकरण’ से अलंकृत किया।

    उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि मां अहिल्या की पावन धरती पर आकर उन्हें विशेष प्रसन्नता है। उन्होंने अटल फाउंडेशन के मंच से स्व. श्री अटल जी के जीवन, व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण में योगदान को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि स्व. श्री अटल जी संवाद, समावेशी विकास और मानवीय सुशासन में विश्वास रखते थे। सांसद, कवि और प्रधानमंत्री—हर भूमिका में उन्होंने सार्वजनिक विमर्श को गरिमा दी और सिद्ध किया कि राजनीति सिद्धांतनिष्ठ और करुणामय हो सकती है। उन्होंने अटल सरकार की प्रमुख उपलब्धियों प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना, दिल्ली मेट्रो, नए राज्यों का गठन (झारखंड, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड) तथा पोखरण परमाणु परीक्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों ने आधुनिक भारत की नींव मजबूत की। उपराष्ट्रपति श्री राधाकृष्णन ने कहा कि स्व. श्री अटल जी की विरासत को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी आगे बढ़ा रहे हैं और देश को विकसित भारत–2047 के लक्ष्य की ओर दृढ़ता से अग्रसर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्व. श्री अटल जी भले हमारे बीच शारीरिक रूप से न हों, लेकिन उनके आदर्श सदैव हमारे हृदयों में जीवित रहेंगे और राष्ट्र को दिशा देते रहेंगे।

    राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल का प्रेरक संबोधन
    राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने अटल जन्म शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज भारत रत्न स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म शताब्दी के पावन अवसर पर विचार अभिव्यक्त करने का अवसर मिलना उनके लिए गर्व और हर्ष का विषय है। उन्होंने कहा कि स्व. श्री अटल जी की जन्म शताब्दी केवल पुण्य स्मरण का प्रसंग नहीं, बल्कि उनके विराट व्यक्तित्व, उच्च आदर्शों और दूरदर्शी नेतृत्व से प्रेरणा प्राप्त करने का पावन क्षण है। उन्होंने स्वयं को भाग्यशाली बताते हुए कहा कि उन्हें स्व. श्री अटल जी के सानिध्य में कार्य करने का अवसर मिला, जहाँ उनके महान आभामंडल में रहकर उन्हें करीब से देखने, समझने और उनसे प्रेरित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि स्व. श्री अटल जी के व्यक्तित्व और कृतित्व को कुछ शब्दों में समेटना संभव नहीं है, वे एक विराट व्यक्तित्व और एक चलता-फिरता महाकाव्य थे। उनकी वाणी में ओज था, जो जनमानस में ऊर्जा और राष्ट्रभाव का संचार करती थी। वे असंख्य कार्यकर्ताओं के लिए प्रकाश-पुंज थे। उनका जीवन ऐसे ग्रंथ की भाँति था, जिसका प्रत्येक पृष्ठ नैतिकता, उत्कृष्टता और राष्ट्रधर्म की राह दिखाता है। स्व. श्री अटल जी केवल राजनेता नहीं थे, बल्कि वे कवि, चिंतक, अद्भुत नेतृत्व गुणों से संपन्न, विनम्र, संवेदनशील और स्वाभिमानी राष्ट्रभक्त थे। प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने गठबंधन राजनीति के दौर में भी संवाद, समन्वय और समानता के उच्च आदर्श प्रस्तुत किए, जो भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में मील का पत्थर हैं। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि यदि हम स्व. श्री अटल जी के जीवन से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में देश और समाज के लिए योगदान कर सकें, तो वही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

     युगपुरूष थे अटल जी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी के अवसर पर इंदौर में अटल फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कहा कि अटल जी ऐसे व्यक्तित्व रहे, जिन्होंने जीवन के प्रत्येक क्षण में देश को गौरवान्वित करने के कार्य किये। भारतीय राजनीति में अटल जी एक युगपुरुष के समान रहे हैं। प्रधानमंत्री रहते हुए देश को परमाणु शक्ति सम्पन्न राष्ट्र बनाने की उनकी दूरदृष्टि अद्वितीय रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अटल जी ने भारतमाता और लोकतंत्र को गौरवान्वित किया। पहली बार संयुक्तराष्ट्र संघ में हिंदी में संबोधन देकर देश की इच्छाशक्ति और भाषा तक को नायाब बनाया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. अटल जी ने नेता प्रतिपक्ष की पवित्र भूमिका निभाई। 50 वर्ष तक इस भूमिका में रहे है। आपातकाल में भी बिना संकोच के साहित्य के माध्यम से देश में शुचिता और स्वाभिमान का भाव जागृत करने में भूमिका निभाई।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजनीति के शिखर पुरूष, राजनीति के अजातशत्रु और विचारों की दृढ़ता रखते हुए वे भारतीय मर्यादा के प्रतीक बने। भारत रत्न श्री अटल वाजपेयी जी को हमारे बीच के कई लोगों ने देखा भी है। वास्तव में वे एक ऐसा व्यक्तित्व थे, जिसने अपने जीवन के प्रत्येक क्षण में अपनी हर एक जगह महत्ता स्थापित की। प्रारंभ में अटल जी की संघ के एक प्रचारक के रूप में पहचान बनी थी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत माता के चरणों में सतत नमन करने वाले, अपने जीवन को न्यौछावर करने वाले अटल जी ने पत्रकार के रूप में भी पहचान बनाई। जनसंघ के बाद जनता पार्टी और फिर भारतीय जनता पार्टी तक हर दौर में अटल जी की यात्रा अद्वितीय रही है। विशेष रूप से भारतीय लोकतंत्र के लिए लोकसभा में बोलने वाला ऐसा व्यक्तित्व जिसकी दहाड़ से हर प्रधानमंत्री अपने आप अपने कर्तव्य के प्रति सचेत होता था और तारीफ करता था कि हमें गर्व है हमारी संसद में अटल जी जैसा व्यक्तित्व मौजूद है। वास्तव में ऐसे लोगों से दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र गौरवान्वित होता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अटल जी का लगातार 50 वर्ष तक विपक्षी नेता के रूप में बोलते रहना आज के युग में कई लोगों के लिए आश्चर्य की बात होगी। विशेष रूप से उन्होंने नेता प्रतिपक्ष के रूप में एक पवित्र पद का धारण किया था। जब-जब देश को आवश्यकता पड़ी चाहे किसी काल में कोई विशेष अंतर्राष्ट्रीय मुद्दा हो, उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होती थी। जब भी वे विदेश गए भारत माता को सदैव गौरवान्वित किया। लोकतंत्र को पूरे आनंद के साथ अनुभव करते हुए पूरे देश को आनंद में डुबाने का काम किया। यह हम लोगों के लिए सीख है। पहली बात संयुक्त राष्ट्र संघ में हिन्दी का गुलदस्ता देखने को मिला। राष्ट्रभाषा हिन्दी को विश्व स्तर पर गौरवान्वित करने का मौका किसी ने दिया तो वे वाजपेयी जी ही थे। अटल जी का कितना जीवन अलग-अलग प्रकार का है। कोई सोच ही नहीं सकता था। बांग्लादेश की सीमाओं पर लड़ने वाली सेनाओं के मनोबल को बढ़ाने का कार्य भी किया। देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री को गौरवान्वित करने के लिए मां जगदम्बा के समान शक्ति की साधना करने के उस भाव को जगाते हुए हमारी सेनाओं और पूरे देश का मनोबल उन्होंने बढ़ाया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आपातकाल लागू करना लोकतंत्र का गला घोंटने वाली घटना थी। इस कठिन दौर में भी बगैर संकोच के साथ अटल जी ने श्री आडवाणी के साथ अनेक मंचों यहां तक की अपनी कविताओं के माध्यम से दिए गए सहयोग को यादगार बनाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कई दलों के साथ सरकार बनाना और सरकार को चलाना, आसान नहीं था। यहीं नहीं सरकार चलाने में पवित्रता रखना साधारण बात नहीं थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अटल जी के मन में सदैव पवित्रता का भाव रहता था। सरकार जाए तो चली जाए, लेकिन मूल्यों से वे कभी भी समझौता नहीं करते थे। उन्होंने सरकार चलाने के साथ परमाणु बनाने के संबंध में जिस प्रकार दृढ़ इच्छा शक्ति का परिचय देकर निर्णय लिया वह भारत को परमाणु शक्ति बनाकर स्वाभिमान के साथ जीने के अधिकार का बहुत बड़ा उदाहरण है। अटल जी ने अनेक धमकियों के बावजूद परमाणु परीक्षण किया। यह अटल जी ही कर सकते थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 25 दिसंबर को जन्म शताब्दी वर्ष के समापन अवसर पर ग्वालियर से 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक के औद्योगिक निवेशों/विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण स्व. श्री अटल जी को समर्पित किया जाएगा, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि स्व. श्री अटल जी मध्यप्रदेश की धरती से निकले ऐसे महापुरुष हैं, जिनका योगदान विश्व लोकतंत्र को गौरव प्रदान करता है।

    समारोह के लिए राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु द्वारा प्रेषित शुभकामना संदेश का वाचन भी कार्यक्रम में किया गया। स्व. श्री अटल जी की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में पूरे देश में वर्षभर विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में वर्ष के समापन से पूर्व इंदौर में ‘शून्य से शतक’ कार्यक्रम का आयोजन कर उनके विचारों, योगदान और व्यक्तित्व का स्मरण किया गया। पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री सत्यनारायण जटिया ने स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व और कृतित्व की जानकारी देते हुए कविता पाठ के माध्यम से स्व अटलजी का स्मरण किया।

    इन विभूतियों को मिला ‘अटल अलंकरण’

    इस अवसर पर श्री सत्यनारायण सत्तन (प्रसिद्ध कवि), श्री सत्यनारायण जटिया (पूर्व केंद्रीय मंत्री), श्री संजय जगदाले (भारतीय क्रिकेट टीम चयन समिति के पूर्व चयनकर्ता) तथा श्री पारंग शुक्ला (सागर) को ‘अटल अलंकरण’ से सम्मानित किया गया। समारोह में स्व. श्री अटल जी के जीवन पर आधारित एक भावपूर्ण लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। साथ ही, अटल जी से जुड़े संस्मरणों पर आधारित पुस्तक सदा अटल महाग्रंथ के तृतीय संस्करण के कवर पेज तथा केलेण्डर का विमोचन भी किया गया। अटल फाउंडेशन की श्रीमती माला तिवारी वाजपेई ने स्वागत भाषण दिया।

    कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन, सांसद श्री शंकर लालवानी, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव एवं अटल फाउंडेशन की अध्यक्ष श्रीमती माला वाजपेयी तिवारी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। माननीय उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन के मुख्य आतिथ्य में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म शताब्दी के अवसर पर डेली कॉलेज, इंदौर में आयोजित 'शून्य से शतक: एक शताब्दी अटल भारत की' स्मरणोत्सव समारोह में अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ अभिषेक तिवारी और अन्य परिजन भी उपस्थित थे।

     

  • भू-जल रिचार्ज को मिलेगी मजबूती, शहर में 10 रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट बनाने की तैयारी

    रायपुर

    राजधानी में लगातार गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए नगर निगम ने जल संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाया है. शहर में भू-जल स्तर बढ़ाने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा 10 स्थानों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट बनाए जाने की योजना तैयार की गई है. इस योजना के लिए लगभग 50 लाख रुपये का प्रस्ताव केंद्रीय जल आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को भेजा गया है.

    नगर निगम के जल विभाग के अनुसार, प्रत्येक रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट पर करीब 5 लाख रुपये की लागत आएगी. इन पिटों के जरिए वर्षा जल को संग्रहित कर सीधे जमीन में पहुंचाया जाएगा, जिससे भू-जल का पुनर्भरण हो सके. फिलहाल शहर में उपयुक्त स्थानों का चिन्हांकन किया जा रहा है.

    कई इलाकों में काफी नीचे चला गया है जल स्तर

    नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक रायपुर में भू-जल स्तर तेजी से गिर रहा है. कचना, सड्डू और सेजबहार जैसे क्षेत्रों में जल स्तर 800 से 1000 फीट तक पहुंच गया है. इससे बोरवेल की गहराई बढ़ रही है और जल आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव भी लगातार बढ़ रहा है.

    62 एकड़ क्षेत्र में पहले से विकसित है रेन वाटर हार्वेस्टिंग

    इससे पहले भी नगर निगम द्वारा दलदल सिवनी क्षेत्र में लगभग 62 एकड़ में रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली विकसित की जा चुकी है. इंदिरा स्मृति वन के पास बनाए गए परकोलेशन टैंकों में मानसून के दौरान वर्षा जल को एकत्र कर जमीन में समाहित किया जाएगा. विशेषज्ञों के अनुसार इस व्यवस्था से करीब 21 करोड़ लीटर पानी का भंडारण संभव है.

    नगर निगम का मानना है कि वर्षा जल संरक्षण से भविष्य में जल संकट को काफी हद तक रोका जा सकता है. निगम आयुक्त विश्वदीप ने बताया कि प्रस्ताव को स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू किया जाएगा. साथ ही आने वाले समय में सरकारी भवनों और सार्वजनिक स्थलों पर भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं विकसित करने की योजना है.