• मध्यप्रदेश में रेयर अर्थ मिनरल्स और दूसरे महत्त्वपूर्ण खनिजों के वैज्ञानिक अन्वेषण की प्रक्रिया तेज

    भोपाल 
    मध्यप्रदेश में रेयर अर्थ मिनरल्स और दूसरे महत्त्वपूर्ण खनिजों के वैज्ञानिक अन्वेषण की प्रक्रिया तेज हो गई है। कटनी में आयोजित माइनिंग कॉन्क्लेव में खनिज संसाधन विभाग और भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर) के मध्य एमओयू का क्रियान्वयन प्रारंभ हो गया है। प्रथम चरण में कटनी और जबलपुर जिलों से प्राप्त खनिज नमूने आईआईएसईआर के वैज्ञानिकों को सौंपे गए हैं।

    खनिज संसाधन प्रमुख सचिव श्री उमाकांत उमराव और डीजीएम श्री फ्रैंक नोबल ए. ने आईआईएसईआर टीम को कटनी और जबलपुर जिलों की खदानों से संभावित रेयर अर्थ मिनरल्स के नमूने उपलब्ध कराये गये हैं। आईआईएसईआर के वैज्ञानिक इन नमूनों का उच्च स्तरीय प्रयोगशाला में विश्लेषण करेंगे। प्रथम चरण में विश्लेषण महाकौशल क्षेत्र में उपलब्ध रेयर अर्थ मिनरल्स और स्वर्ण की संभावनाओं पर केंद्रित रहेगा।

    खनिज संसाधन विभाग और आईआईएसईआर के साथ यह सहयोग राज्य की वैज्ञानिक अन्वेषण क्षमता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे राज्य को उच्च गुणवत्ता वाले भू-वैज्ञानिक आंकड़े प्राप्त होंगे, आगामी अन्वेषण कार्यक्रमों को दिशा मिलेगी तथा रणनीतिक रूप से महत्त्वपूर्ण खनिजों के नए भंडार चिन्हित करने में सहायता मिलेगी। राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर महत्त्वपूर्ण खनिजों की बढ़ती मांग को देखते हुए यह पहल मध्यप्रदेश को खनिज आधारित आर्थिक विकास के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगी।

    आगामी चरणों में अन्य जिलों से प्राप्त खनिज नमूने भी आईआईएसईआर को परीक्षण के लिये उपलब्ध कराए जाएंगे। यह एमओयू तकनीक आधारित खनिज अन्वेषण के नए आयाम खोलने के साथ ही राज्य की दीर्घकालिक रिसोर्स सिक्योरिटी को मजबूत करेगा।

     

  • प्रदेश के जिला मुख्यालयों में राज्य जैव विविधता क्विज-2025 का आयोजन

    भोपाल 
    जैवविविधता जागरूकता एवं संरक्षण के उद्देश्यों की पूर्ति के लिये मध्यप्रदेश राज्य जैवविविधता बोर्ड, भोपाल एवं वन विभाग के संयुक्त तत्वाधान में 25 नवम्बर 2025 को प्रदेश के समस्त 55 जिला मुख्यालयों में मध्यप्रदेश राज्य जैवविविधता क्विज-2025 का जिला स्तरीय आयोजन लिखित परीक्षा के माध्यम से ऑफलाईन आयोजित किया गया।

    जिला स्तरीय क्विज़ प्रतियोगिता प्रदेश के समस्त जिलों में क्षेत्रीय वनमण्डलाधिकारियों के निर्देशन मे सफलतापूर्वक आयोजित की गई। प्रतियोगिता में समस्त जिलों के नामांकित नोडल अधिकारियों, क्विज़ समन्वय अधिकारियों, विद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षकों एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ।

    जिला स्तरीय जैवविविधता क्विज प्रतियोगिता में प्रदेश के सभी 55 जिलों की कुल 3,720 विद्यालयीन टीमों के 11,160 विद्यार्थियों द्वारा प्रतिभागिता की गई। प्रत्येक जिले की प्रथम द्वितीय एवं तृतीय विजेता टीमों को समापन समारोह मे प्रमाण-पत्र एवं ट्रॉफी पदक से सम्मानित किया गया एवं शेष सभी पंजीकृत टीमों के प्रतिभागियों को क्विज सहभागिता प्रमाण-पत्र वितरित किया जाकर कार्यक्रम का समापन किया गया। अगले चरण में सभी जिलों में प्रथम रही 55 टीमों 12 दिसम्बर 2025 को आयोजित राज्य स्तरीय जैवविविधता क्विज प्रतियोगिता में भाग लेगी।

     

  • रायपुर : धान खरीदी के लिए किसानों को टोकन जारी विशेष व्यवस्था

    रायपुर : धान खरीदी के लिए किसानों को टोकन जारी विशेष व्यवस्था
    धान खरीदी के लिए किसानों को टोकन जारी विशेष व्यवस्था

    खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 31 जनवरी तक होगा धान खरीदी

    रायपुर

    खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में प्रदेश में धान उपार्जन प्रक्रिया को सुचारू एवं पारदर्शी रूप से संचालित करने के लिए राज्य शासन द्वारा धान खरीदी 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक निर्धारित की गई है। लगभग 50 कार्य दिवसों में खरीदी कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों की सुविधा के लिए पूर्व की भांति इस वर्ष भी टोकन जारी कर धान खरीदी की जा रही है।

    टोकन तुहर हाथ मोबाइल ऐप के माध्यम से टोकन उपलब्ध
    राज्य शासन के निर्देशों के अनुसार किसानों की भूमि धारिता के आधार पर टोकन जारी किए जा रहे हैं। 2 एकड़ तक भूमि वाले किसानों को एक टोकन, 2 से 10 एकड़ तक भूमि वाले किसानों को अधिकतम  2 टोकन और 10 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को अधिकतम 3 टोकन जारी किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि किसान टोकन उपार्जन केंद्र से सीधे प्राप्त कर सकते हैं अथवा टोकन तुहर हाथ मोबाइल ऐप के माध्यम से स्वयं भी टोकन ले सकते हैं। यह मोबाइल ऐप गूगल प्ले स्टोर में उपलब्ध है।

    शिकायतें एवं सुझाव खाद्य विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 पर
    इसके अलावा धान खरीदी से संबंधित शिकायतें एवं सुझाव खाद्य विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 पर दर्ज कराए जा सकते हैं। इसके साथ ही जिले में अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर तथा कॉल सेंटर का गठन किया गया है, जो धान की रीसाइक्लिंग पर रोक, कोचियों/बिचौलियों की गतिविधियों की निगरानी और धान के उठाव एवं परिवहन की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित कर रहा है। 
    प्रशासन ने अपील की है कि उपार्जन केंद्र में धान लाते समय किसान-धान को अच्छी तरह सुखाकर लाएं, जिसमें नमी 17 प्रतिशत से अधिक न हो, धान साफ-सुथरा एवं अशुद्धियों से मुक्त हो। साथ में टोकन, ऋण पुस्तिका एवं आधार कार्ड अवश्य रखें। जिला प्रशासन ने किसानों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि निर्धारित निर्देशों का पालन करते हुए समय पर धान विक्रय करें, जिससे खरीदी कार्य सुचारू एवं बाधारहित पूर्ण किया जा सके।

  • रायपुर : प्रदेश के सभी किसानों को धान खरीदी केंद्र में दी जा रही है सभी बुनियादी सुविधाएं

    रायपुर : प्रदेश के सभी किसानों को धान खरीदी केंद्र में दी जा रही है सभी बुनियादी सुविधाएं

    रायपुर,

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशों के अनुरूप प्रदेश भर में चल रहा धान खरीदी अभियान पूरी तरह सुचारू, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ रहा है। जशपुर जिले के सभी 46 धान खरीदी केंद्रों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, ताकि प्रत्येक पंजीकृत किसान बिना किसी परेशानी के अपने धान की बिक्री कर सके।

    धान खरीदी केंद्र में व्यवस्था अत्यंत संतोषजनक

          प्रशासन द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसानों का धान प्राथमिकता के आधार पर खरीदा जाए और किसी भी स्तर पर देरी या असुविधा न हो। इसी व्यवस्था के अंतर्गत पत्थलगांव विकासखण्ड के बागबहार धान खरीदी केंद्र में ग्राम मयूरनांचा के किसान सुशांत कुमार साहू ने आज अपना धान बेचा। उन्होंने बताया कि खरीदी केंद्र में व्यवस्था अत्यंत संतोषजनक थी। कर्मचारियों ने सहयोगपूर्ण व्यवहार किया और धान तौलने से लेकर रसीद प्राप्त करने तक पूरे प्रक्रिया में उन्हें कहीं भी कोई दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि सोसायटी में उनके नाम से पंजीयन पहले से ही सही तरीके से दर्ज था, जिसके कारण खरीदी प्रक्रिया और भी सरल हो गई।

    धान खरीदी की व्यवस्था को मजबूत
       
            किसान सुशांत कुमार ने प्रशासन व सोसायटी की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र में पानी, बैठने की व्यवस्था और अन्य आवश्यक सेवाएँ उपलब्ध थीं, जिससे किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। जिले में इस वर्ष धान खरीदी की व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए किए गए प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव किसानों तक सीधे रूप से पहुंच रहा है।

  • रायपुर : दो सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 7.48 करोड़ रूपए स्वीकृत

    रायपुर : दो सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 7.48 करोड़ रूपए स्वीकृत

    रायपुर,

    छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा दो सिंचाई योजनाओं के कार्यों के लिए 7 करोड़ 48 लाख 58 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। स्वीकृत सिंचाई योजना के कार्यों में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखण्ड शंकरगढ़ की खर्रानाला स्टापडेम निर्माण कार्य हेतु तीन करोड़ 74 लाख 19 हजार रूपए स्वीकृत किए गए हैं। योजना से निस्तारी, भूजल संवर्धन, पेयजल, आवागमन एवं किसानों द्वारा स्वयं के साधन से 58 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा होगी। सरगुजा जिले के विकासखण्ड-उदयपुर की पण्डरीडांड जलाशय के बांध एवं नहर जीर्णोद्धार कार्य हेतु तीन करोड़ 74 लाख 39 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने के उपरांत रूपांकित सिंचाई क्षमता 445 हेक्टेयर के विरूद्ध 233 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति सहित पूर्व रूपांकित क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। सिंचाई योजनाओं के कार्यों को पूर्ण कराने मुख्य अभियंता हसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग अंबिकापुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

  • ऊर्जा मंत्री तोमर का बयान—MP ट्रांसको का प्रोटेक्शन सेल पूरी तरह डिजिटलाइज्ड

    एम.पी. ट्रांसको का प्रोटेक्शन सेल 100 प्रतिशत डिजिटल : ऊर्जा मंत्री  तोमर

    तकनीकी मजबूती के साथ बढ़ी ट्रांसमिशन नेटवर्क की रियल-टाइम सुरक्षा

    भोपाल 

    ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि भारत सरकार के डिजिटल इंडिया विजन के तहत मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) के प्रोटेक्शन सेल अब पूरी तरह डिजिटल हो। प्रदेश में 42 हजार किलोमीटर से अधिक लंबी ट्रांसमिशन लाइनों, 417 एक्स्ट्रा हाईटेंशन सब स्टेशनों के 1000 से अधिक पॉवर ट्रांसफार्मरों की हर पल निगरानी एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले प्रोटेक्शन सेल का समूचा कार्य अब पूर्णतः डिजिटली संचालित हो रहा है। ऊर्जा मंत्री  तोमर ने एम.पी. ट्रांसको को यह बड़ी उपलब्धि हासिल करने पर बधाई देते हुये इसे तकनीकी आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया है।

    मोबाइल, गूगल सीट का हो रहा उपयोग

    एम.पी. ट्रांसको के  मुख्य अभियंता अमर कीर्ति सक्सेना  ने बताया कि प्रोटेक्शन सेल के डिजिटल होने के बाद सभी फाल्ट रिपोर्ट, इवेंट डेटा, डिस्टर्बेंस रिकॉर्ड, ट्रेकिंग फाइलें तथा एनालिटिकल रिपोर्ट अब मोबाइल, ईमेल या गूगल शीट के माध्यम से तुरंत उपलब्ध हो जाती हैं। किसी भी लाइन-फाल्ट, उपकरण फेल्यूअर या ओवर-लोडिंग की स्थिति में रियल-टाइम अलर्ट सीधे संबंधित अभियंताओं तक पहुँचने से निर्णय लेने की गति बढ़ी है और ट्रिपिंग एवं ब्रेक डाउन की स्थिति को नियंत्रित किया जा सका है।

    इस पूरी प्रक्रिया के डिजिटल होने से फॉल्ट लोकेशन की सटीक पहचान अब कुछ ही मिनटों में संभव है। प्रोटेक्शन सेल और फील्ड टीमें अब इंटीग्रेटेड डिजिटल नेटवर्क से जुड गई है। डेटा एनालिटिक्स के आधार पर प्रीवेंटिव मेंटेनेंस अधिक व्यवहारिक हो गया है, जिससे प्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क की विश्वसनीयता और स्थिरता को सुदृढता प्राप्त हुई है।

     

  • शिवपुरी में शास्त्री ने कही सटीक बातें, राम विरोधियों और समाज को किया संदेश

    शिवपुरी 
     बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की कथा की शुरुआत शिवपुरी के नर्सरी ग्राउंड में हुई. गुरुवंदना और कथा की पारंपरिक आरती के बाद बागेश्वर बाबा धीरेंद्र शास्त्री ने कृष्ण भजन के साथ अपने मुखारविंद से श्रीमद् भागवत गीता के पाठ की गंगा प्रवाहित की. इस दौरान उन्होंने वैचारिक हिंदू राष्ट्र की बात पर जोर दिया और यह भी कहा कि जो राम का नहीं वो हमारा नहीं.

    विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए धीरेंद्र शास्त्री

    कथा शुरू होने से पहले शास्त्री करैरा पहुंचे, जहांसाध्वी चित्रलेखा की कथा के अंतिम दिन उन्होंने बगीचा वाली काली मां और बगीचा वाले हनुमान के दर्शन किए. यहां उन्होंने कहा कि वह एक वर्ष के भीतर करैरा में पुनः कथा करने आएंगे. इसके बाद वे शिवपुरी कथा स्थल पहुंचे, जहां प्रथम दिन की आरती में वाल्मीकि समाज को मंच दिया गया.

    राम का विरोध करने वालों को त्यागना जरूरी

    शहर में पहली हो रही श्रीमद् भागवत पुराण कथा कर रहे बागेश्वर धाम के पीठाधीश पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि वैचारिक रूप से हिंदू राष्ट्र बनाना जरूरी है और इसके लिए वह दिन रात काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा, '' जो राम का नहीं उसे त्यागना जरूरी है और वह हमारा नहींअगर हम त्यागी बनना चाहते हैं तो राम का विरोध करने वालों को त्यागना जरूरी है.'' उन्होंने कहा कि हमें जब तक चैन नहीं मिलेगा तब तक हम अपने घर को सुरक्षित नहीं कर लेंगे.

    जात-पात, ऊंच-नीच नहीं, अखंड भारत को सोचो : धीरेंद्र शास्त्री

    उन्होंने मध्य प्रदेश को अपना घर बताते हुए कहा कि मध्य प्रदेश का हर जिला जब तक हिंदू राष्ट्र की पहल नहीं होगी तब तक हम भारत को अखंड भारत और हिंदू राष्ट्र बनाने के मिशन में सफल नहीं होंगे. शिवपुरी के नर्सरी ग्राउंड में हो रही श्रीमद् भागवत कथा का वाचन करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने उन तमाम मुद्दों का जिक्र किया जिनके लिए वह जाने जाते हैं. पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, '' हमें जाती-पाती और ऊंच नीच से ऊपर उठकर भारत को अखंड भारत के साथ हिंदू राष्ट्र में बदलने के लिए एक साथ खड़े होने की जरूरत है.''

    बगीचा वाले सरकार पर माथा टेका

    पंडित धीरेंद्र शास्त्री पहले शिवपुरी जिले के करेरा में स्थित प्रख्यात हनुमान मंदिर बगीचा वाले सरकार पर पहुंचे और उन्होंने वहां माथा टेकाइस दौरान वहां करैरा में चल रही चित्र लेखा जी भागवत कथा के अंतिम अध्याय का श्रवण करते हुए उन्होंने अपनी कथा का शिवपुरी पहुंचकर आगाज किया

    धमाके होते रहे और हम चलते रहे- शास्त्री

    कथावाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, '' हम कोई प्रोटोकॉल लेकर नहीं चलते बिल्कुल साधारण इंसान हैं और एक मानव होने के नाते मानवता के लिए काम कर रहे हैं. हम फरीदाबाद में हुए धमाकों से डरे नहीं बल्कि चलते रहे और अपनी यात्रा को पूरा करने की कोशिश में लग रहे.'' पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, '' वह लगातार अपने मिशन में आगे बढ़ रहे हैं और लाखों लाखों लोग भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए संकल्पित हो रहे हैं, जो उनके प्रयास की सफलता का प्रमाण है.

  • अयोध्या धाम का अनोखा श्रृंगार—38 करोड़ ‘राम’ नाम, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़, वर्ल्ड रिकॉर्ड का दावा

    रतलाम
     राम जानकी विवाह पंचमी के शुभ अवसर पर अयोध्या में भगवान रामलला के मंदिर पर धर्म ध्वजा की स्थापना की गई. इस शुभ अवसर पर रतलाम के अयोध्या धाम में भक्तों द्वारा कागज पर 38 करोड़ बार 'राम' नाम लिखकर अद्भुत साज-सज्जा की गई है. राम जानकी के मंदिर को राम नाम लिखे रंग-बिरंगे पन्नों से सजाया गया है. इन पर राम नाम को लिखने और सजाने का कार्य रतलाम और आसपास के क्षेत्र के राम भक्तों ने किया है. इस सजावट को देखने और प्रभु श्री राम के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर में उमड़ पड़ी थी.

    नोटों से नहीं राम नाम की दौलत से सजाया मंदिर

    रतलाम के प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर को धनतेरस पर नोटों के बंदनवार से सजाया जाता है. इसी तरह भगवान राम के मंदिर को 'राम' नाम के धन के वैभव से सजाया गया है. अयोध्या धाम मंदिर समिति के शैलेंद्र सोनी के अनुसार, 38 करोड़ से अधिक राम नाम लिखे रंग-बिरंगे कागजों से मंदिर की साज-सज्जा की गई है.

    इसके लिए श्रद्धालुओं ने दिन रात मेहनत कर रंग-बिरंगे राम नाम लिखे पन्नों से बंदनवार बनाने और सुंदर कलाकृतियां बनाने का काम किया. शैलेंद्र सोनी ने बताया कि "यह विश्व में ऐसा पहला आयोजन है. इसके लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए भी आवेदन किया गया है. उम्मीद है कि यह अनोखा राम नाम का विश्व कीर्तिमान जरूर बनेगा."

    राम जानकी विवाह पंचमी के मौके पर विशेष आयोजन

    राम जानकी विवाह पंचमी के पावन अवसर पर अयोध्या में भगवान राम लाल के मंदिर पर ध्वजा स्थापित करने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में संपन्न हुआ. देश के अन्य राम मंदिरों में भी अलग-अलग आयोजन हो रहे हैं. इस अवसर पर रतलाम के अमृत सागर गढ़ कैलाश स्थित अयोध्या धाम मंदिर में विशेष आयोजन किया गया और राम नाम की अनोखी सज्जा भी की गई है. इस खास आयोजन और राम नाम लिखे पन्नों से बनी कलाकृतियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे.

  • रायपुर : माकड़ी ब्लॉक में 100 पीएम सूर्य घर का सफल इंस्टालेशन

    रायपुर : माकड़ी ब्लॉक में 100 पीएम सूर्य घर का सफल इंस्टालेशन

    कोण्डागांव जिला बन रहा सौर ऊर्जा का नया हब

    रायपुर

     

    सोलर उर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। कोंडागांव जिले का माकड़ी ब्लॉक आज पूरे बस्तर संभाग में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक नया केन्द्र बनकर उभर रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “हर घर सोलर” विज़न को वास्तविक रूप देने वाली पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने इस क्षेत्र में न केवल सुलभ ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित की है, बल्कि इससे ग्रामीण जीवन में बड़ा बदलाव आया है। डिस्ट्रिब्यूशन सेंटर मॉकडी ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 100 घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम को सफलतापूर्वक ग्रिड से सिंक्रोनाइज करके एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है, जो साबित करती है कि दूरस्थ और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में भी सौर ऊर्जा अपनाने की जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत अब तक जिले में कुल 284 घरों में सोलर पैनल लग चुका है, जिसमें 50 से अधिक इंस्टॉलेशन सिर्फ ग्राम माकड़ी में ही किए गए हैं।

        उक्त योजना के तहत घरों की छतों पर स्थापित सोलर पैनल से घरेलू खपत की पूर्ति में सक्षम होते हैं और बिजली की अतिरिक्त उत्पादन से आय भी प्राप्त कर सकते हैं। इस पहल की सबसे बड़ी बात यह है कि केंद्र और राज्य शासन की संयुक्त सब्सिडी ने ग्रामीण परिवारों के लिए सोलर सिस्टम लगवाना बेहद आसान कर दिया है। केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली बड़ी सब्सिडी के साथ-साथ छत्तीसगढ़ राज्य शासन भी अतिरिक्त आर्थिक सहायता प्रदान करता है। यह सब्सिडी सीधे डीबीटी के माध्यम से उपभोक्ता के बैंक खाते में जमा होती है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, सरल और भरोसेमंद बन गई है।

        माकड़ी ब्लॉक में सौर ऊर्जा अपनाने के बाद परिवारों के जीवन में उल्लेखनीय परिवर्तन आए हैं। बिजली बिलों में भारी कमी आई है, कई घरों में मासिक बिल लगभग शून्य होने लगा है। ग्रिड-कनेक्शन होने की वजह से ग्रामीणों को दिन-रात स्थिर बिजली उपलब्ध हो रही है और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। 

        यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा आत्मनिर्भर भारत के विज़न और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा ऊर्जा क्षेत्र में की जा रही सक्रिय पहल का परिणाम है। जिला प्रशासन, बिजली विभाग और स्थानीय ग्रामीणों के सक्रिय सहभागिता ने माकड़ी ब्लॉक को सौर ऊर्जा का उभरता हुआ केन्द्र बना दिया है।

  • संस्कृति की रंगो-महक से फिर गुलज़ार होगा ‘विश्व रंग’

     म.प्र. के राज्यपाल और मॉरिशस के पूर्व राष्ट्रपति 27 नवंबर को करेंगे सातवें महोत्सव का शुभारंभ 
     
    भोपाल

    जाड़े की गुलाबी दस्तक के साथ एक बार फिर भोपाल की वादियाँ विश्व रंग से गुलज़ार हो रही हैं। टैगोर अन्तरराष्ट्रीय साहित्य तथा कला महोत्सव अपनी सातवीं पादान तय करता चार दिनों तक विभिन्न गतिविधियों का अनूठा ताना-बाना लिए रवीन्द्र भवन के विशाल परिसर में आयोजित होगा। रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, विश्वरंग फाउण्डेशन और उसके सहयोगी केन्द्रों की पहल पर म.प्र. शासन संस्कृति विभाग सहित देश-विदेश की पचास से भी अधिक संस्थाओं की भागीदारी से यह विशाल समागम आकार ले रहा है। भारत के विभिन्न क्षेत्रों के मूर्धन्य चिंतकों, विचारकों और विशेषज्ञों के साथ ही विश्व के 35 से भी अधिक देशों के प्रतिनिधि यहाँ साझा संस्कृति की मिसाल पेश करेंगे। किसी भी अशासकीय संस्था के संयोजन में होने वाला यह एशिया का सबसे बड़ा सांस्कृतिक कुंभ है। 27 से 30 नवंबर के दरमियान इस महोत्सव में अस्सी से भी अधिक सत्र संवाद, विचार, विमर्श और कलात्मक अभिव्यक्ति का खुला मंच साबित होंगे। 
    यह जानकारी विश्व रंग के महानिदेशक तथा रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष चौबे ने प्रेस वार्ता में दी। संवाददाताओं को संबोधित करते हुए श्री चौबे ने बताया कि 2019 में शुरू हुई विश्व रंग की यात्रा अपने सातवें चरण पर और भी व्यापक, विस्तृत और बहुरंगी हो गयी है। भोपाल से शुरू हुआ यह कारवाँ मॉरिशस, श्रीलंका, नई दिल्ली और मुंबई होता हुआ नई उर्जा और नए आत्मविश्वास से भरकर पुनः भोपाल लौटा है। 27 नवंबर को रंगारंग विश्व रंग शोभा यात्रा के बाद शाम 6 बजे म.प्र. के राज्यपाल माननीय मंगुभाई पटेल की गरिमामयी उपस्थिति में इस महोत्सव का शुभारंभ होगा। इस अवसर पर मॉरिशस के पूर्व राष्ट्रपति श्री पृथ्वीराज सिंह रूपन, म.प्र. के संस्कृति मंत्री श्री धर्मेन्द्र भावसिंह लोधी और रबीन्द्रनाथ टैगोर वि.वि. के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। 

    पत्रकार वार्ता को विश्व रंग के सहनिदेशक तथा स्कोप स्किल ग्लोबल युनिव्हर्सिटी के चांसलर डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी, आईसेक्ट ग्रुप ऑफ़ युनिव्हर्सिटी की निदेशक डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स, मध्यप्रदेश संस्कृति संचालनालय डॉ पूजा शुक्ला, प्रवासी साहित्य एवं संस्कृति शोध केन्द्र के निदेशक डॉ. जवाहर कर्नावट तथा टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केन्द्र के निदेशक विनय उपाध्याय ने भी संबोधित किया।

    श्री चौबे ने बताया कि देश-दुनिया के एक हज़ार से भी अधिक भाषाविद्, साहित्यकार, शिक्षा शास्त्री, विज्ञान-तकनीकी विशेषज्ञ, आलोचक, संस्कृतिकर्मी, पर्यावरणविद् सहित मीडिया, कला, सिनेमा और मनोरंजन जगत की जानी-मानी हस्तियाँ विश्व रंग का हिस्सा बनेंगी। विरासत और आधुनिकता के इस अद्वितीय संगम में ज्ञान-विज्ञान की नई दिशाओं की ओर बढ़ते विश्व की नई इबारतों को पढ़ना दिलचस्प होगा। विश्व रंग इस अर्थ में संवाद का एक विशाल मंच तैयार कर रहा है।

    विश्व रंग के सहनिदेशक डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने बताया कि इस महोत्सव की लोकप्रियता का ग्राफ उत्तरोत्तर बढ़ता गया है। सातवें संस्करण से जुड़ने के लिए विश्व रंग पोर्टल पर हज़ारों लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवा लिया है। इस आकर्षण की वजह विश्व रंग की लोकतांत्रिक छवि है। यहाँ हर पीढ़ी की रूचि, जिज्ञासा और मनोरंजन के अनुकूल गतिविधियाँ हैं। डॉ. सिद्धार्थ ने बताया कि विश्व रंग जितना पारंपरिक है उतना ही अपने नवाचार में आधुनिक भी। नए विषय और नए विशेषज्ञों की भागीदारी इसे अपने समय में प्रासंगिक बना रही है। उन्होंने फैज़ल मलिक, दिव्या दत्ता, स्वानंद किरकिरे, राधाकृष्ण पिल्लै, प्रिया मलिक, नीलोत्पल मृणाल, सौरभ द्विवेदी, देवदत्त पटनायक, सुमित अवस्थी, पुष्पेष पंत आदि का जि़क्र करते हुए कहा कि इन शख़्सियतों ने विश्व रंग के आमंत्रण को आत्मीयता से स्वीकार किया है। ये आज के युवाओं के मोटीवेटर और मेंटर हैं।

    विश्व रंग के बहुरंगी विन्यास की महत्वपूर्ण गतिविधियाँ साझा करते हुए सहनिदेशक डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स ने बताया कि शुभारंभ संध्या 27 नवंबर का प्रमुख आकर्षण श्रीकृष्ण लीला का भव्य मंचन है। इसे नई दिल्ली के श्रीराम कला केन्द्र के कलाकारों की बड़ी टीम लाईट एण्ड साउण्ट के स्पेशल इफेक्ट्स के साथ प्रस्तुत करेगी। समापन दिवस 30 नवंबर को राजमाता अहिल्याबाई की जीवन गाथा पर केन्द्रित महानाट्य ‘अहिल्या रूपेण संस्थिता’ का मंचन रवीन्द्र भवन के अंजनी सभागार में होगा। प्रयास रंग समूह नागपुर के पचास से भी अधिक कलाकारों ने इसे प्रसिद्ध रंगकर्मी प्रियंका शक्ति ठाकुर के निर्देशन में तैयार किया है। इसके अलावा जनजातीय प्रकोष्ठ ‘आदिरंग’ में पारंपरिक शिल्पों, नृत्य-संगीत तथा हेरीटेज फ़िल्मों- चंदेरी, गणगौर और संजा के प्रदर्शन होंगे। 

    प्रवासी साहित्य तथा संस्कृति शोध केन्द्र के निदेशक डॉ. जवाहर कर्णावट ने ‘विश्व रंग’ में प्रतिभागी देशों और उनकी प्रस्तुतियों का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि कनाडा, अमेरिका, बेल्जियम, नीदरलैंड, यूक्रेन, इटली, स्वीडन, यूके, कुवैत, म्यांमार, इंडोनेशिया, नेपाल, थाईलैंड, श्रीलंका, आर्मेनिया, रूस, जापान, बांग्लादेश, त्रिनिदाद, गयाना, इजिप्ट, ताजिकिस्तान, उज़्बेकिस्तान, वियतनाम, थाईलैंड, साउथ अफ्रीका, सूरीनाम स्लोवाक, रोमानिया, कतर आदि 35 से अधिक देशों के 60 प्रतिनिधि विश्व रंग में सम्मिलित होंगे। यूक्रेन का आठ विद्यार्थियों का दल हिंदी नाटक प्रस्तुत करेगा। वहीं गिरमिटिया देश में भारतीयों की विकास यात्रा पर आधारित प्रदर्शनी 'कुली से कुलीन' तक को देखना दुर्लभ अनुभव होगा। इसे शोधार्थी दीप्ति अग्रवाल ने संयोजित किया है। 

    टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केन्द्र के निदेशक विनय उपाध्याय ने विश्व रंग के सांस्कृतिक प्रकल्प ‘मंगलाचरण’ और ‘पूर्वरंग’ की गतिविधियाँ साझा की। उन्होंने बताया कि ध्रुपद गुरूकुल संस्थान द्वारा ध्रुपद वृन्द, अनिरूद्ध जोशी द्वारा सितार पर लोक संगीत, उमेश तरकसवार के संयोजन में स्वाधीनता संग्राम के गीतों पर आधारित ‘देश राग‘ और राजीव सिंह द्वारा ‘सतवाणी’ अध्यात्मिक संगीत की प्रस्तुतियाँ भारतीय संस्कृति की सुरम्य विरासत का जीवंत साक्ष्य बनेंगी। गुरूदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर की सरज़मीं के बांग्ला संगीत की अनुगूँजों को समेटे कोलकाता के शुभव्रत सेन उपस्थित रहेंगे, तो मध्यप्रदेश बुंदेलखंड और मालवा की मटियारी चहक-महक लिए लोक कलाकारों के दल भी विश्व रंग के आंगन को रौशन करेंगे।

     विश्व रंग मानद अलंकरण 
    हिन्दी सहित अन्य भारतीय भाषाओं में श्रेष्ठ सृजन करने और विश्व स्तर पर अपनी रचनात्मक उपस्थिति दर्ज करने वाली छः विभूतियों को विश्व रंग मानद अलंकरण से विभूषित किया जाएगा। इस बार के चयनित साहित्यकारों में श्रीमती ममता कालिया (हिन्दी), श्री हरीश मीनाश्रु (गुजराती), श्री चन्द्रभान खयाल (उर्दू), श्री एच. एन. शिवप्रकाश (कन्नड़), श्री लक्ष्मण गायकवाड़ (मराठी) और श्री परेश नरेन्द्र कामत (कोंकणी) शामिल हैं। 27 नवंबर की शाम विश्व रंग के उद्‌घाटन सत्र में अलंकरण भेंट किये जाएंगे।

     सरज़मीं पर सितारे 
    विश्व रंग के इन्द्रधनुषी ताने-बाने में भाषा, साहित्य संस्कृति, कला, मीडिया, शिक्षा, पर्यावरण, विज्ञान, टेक्नालॉजी और मनोरंजन की दुनिया के अनेक सितारों की महफ़िल सजेगी। इनमें पद्मश्री, साहित्य अकादेमी, संगीत नाटक अकादेमी तथा अनेक राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय सम्मानों से अलंकृत जानी-मानी हस्तियाँ हैं। इनमें प्रमुख हैं डॉ. नंदकिशोर आचार्य, ममता कालिया, शिवमूर्ति, ज्ञानप्रकाश विवेक, स्वानंद किरकिरे, अनामिका, अष्टभुजा शुक्ल, मुकुल शर्मा, नर्मदाप्रसाद उपाध्याय, दिव्या माथुर, महादेव टोप्पो, उर्मिला शिरीष, मनीषा कुलश्रेष्ठ, विनोद तिवारी, ओम थानवी, पुष्पेष पंत, दामोदर खड़से, मुरलीधर चाँदनीवाला, डॉ. लता मुंशी, कविता शाजी, सुचित्रा हरमलकर, विकास मिश्र, लक्ष्मण गायकवाड़, नरेन्द्र कामंत, हरीश मीनाश्रु, अशोक भौमिक, लीलाधर मंडलोई, प्रयाग शुक्ल, विनय उपाध्याय, कुणाल सिंह, मोहन सगोरिया, वसंत निरगुणे, स्वाती उखले, मनीषा शास्त्री, राजेश व्यास, संजय पटेल, रोहित रूसिया, जितेन्द्र श्रीवास्तव, सविता भार्गव, नीलेश रघुवंशी, राधाकृष्ण पिल्लई, फैज़ल मलिक, दिव्या दत्ता, प्रिया मलिक, सीमा रायजादा, विकास दवे, मुकेश वर्मा, बलराम गुमास्ता, संजय सिंह राठौर, विकास अवस्थी, मुदित श्रीवास्तव, राजेश व्यास, स्वरांगी साने। ये शख़्सियतें विभिन्न विषयों पर रोचक संवादों के साथ ही सांस्कृतिक परिवेश को अपनी कलात्मक उर्जा से समृद्ध करेंगी।

     कला संवाद 
    रवीन्द्र भवन के हंस ध्वनि, अंजनी और गौरांजनी स्थायी सभागारों के अतिरिक्त टैगोर, वनमाली, अभिमन्यु अनत, शांति निकेतन, शारदा और चित्र-वीथि नामकरण से निर्मित सभागारों में समानांतर विचार सत्र होंगे। यहाँ अन्य उल्लेखनीय चित्रकला संवाद और प्रदर्शनी तथा विकसित भारत में साहित्य तथा कलाओं की भूमिका पर परिसंवाद होंगे। देश के प्रख्यात चिंतक, कला गुरू, चित्रकार और शोधार्थियों का महत्वपूर्ण समागम होगा।

     दस्तावेज़ी साहित्य का लोकार्पण 
    विश्व रंग के बुनियादी उद्देश्य और उसकी वैचारिकी पर केन्द्रित महत्वपूर्ण किताबों और पत्रिकाओं के विशेषांकों के लोकार्पण विभिन्न सत्रों में होंगे। पचास से भी अधिक देशों में हिन्दी की रचनात्मकता पर केन्द्रित विस्तृत रिपोर्ट ‘विश्व में हिन्दी’ तथा विश्व रंग परिवार की पत्रिकाओं ‘इलेक्ट्रॉनिकी आपके लिए’, ‘रंग संवाद’, ‘वनमाली कथा’ और ‘विश्व रंग संवाद’ के विशेषांकों के साथ ही आईसेक्ट प्रकाशन की अन्य पुस्तकों की वृहद श्रृंखला होगी।

     जनजातीय प्रकोष्ठ ‘आदिरंग’ 
    विश्व रंग का एक और विशेष प्रकोष्ठ है ‘आदिरंग’। रवीन्द्र भवन में टंट्या भील सभागार आदिरंग की गतिविधियों का केन्द्र होगा। यहाँ जनजातीय साहित्य, संस्कृति, कला और पारंपरिक शिल्प कला कौशल पर एकाग्र वैचारिक सत्रों के साथ ही विश्व रंग फाउण्डेशन द्वारा निर्मित दो हेरिटेज फ़िल्मों ‘गणगौर गाथा’ तथा ‘संजा’ के प्रदर्शन भी होंगे। इस प्रकोष्ठ में जनजातीय विरासत पर केन्द्रित शिल्पों और चित्रों की दीर्घा भी आकर्षण का केन्द्र होगी। ‘कठपुतली’ कला की जनसंचार उपयोगिता पर प्रस्तुति-सह-प्रदर्शन भी होगा।

     पारंपरिक व्यंजनों की सौगात 
    परिकल्पना, संयोजन और विस्तार के अद्वितीय प्रतिमान गढ़ रहे विश्व रंग में आए आगंतुकों को पारंपरिक व्यंजनों की सौगात भी मिलेगी। गुजराती, मराठी, पंजाबी और निमाड़ी व्यंजनों की सुस्वादु श्रृंखला लिए पाक कला के कुशल कारीगर विभिन्न स्टॉलों पर मौजूद रहेंगे।

     समापन समारोह में पुरस्कृत होंगे विश्व हिन्दी ओलंपियाड के विजेता 
    विश्व रंग का औपचारिक समापन 29 नवंबर की शाम 6 बजे रवीन्द्र भवन के हंस ध्वनि सभागार में होगा। इस अवसर पर मॉरिशस गणराज्य के पूर्व राष्ट्रपति श्री पृथ्वीराज सिंह रूपन के मुख्य आतिथ्य, पूर्व केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री रमेश पोखरियात निशंक की अध्यक्षता, म.प्र. के उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल तथा आरएनटीयू के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे की विशेष उपस्थिति में विश्व हिन्दी ओलंपियाड के विजेताओं की घोषणा कर उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। म.प्र. के अपर मुख्य सचिव श्री शिव शेखर शुक्ला, विश्व रंग के सह निदेशक डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी और निदेशक बालरंग डॉ. पल्लवी राव चतुर्वेदी का भी प्रेरक सानिध्य रहेगा। 

    विश्व रंग रजिस्ट्रेशन के लिए इस लिंक पर जाए: https://vishwarang.com/bhopal-2025/

     

  • रायपुर : मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया सुव्यवस्थित रूप से जारी

    रायपुर : मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया सुव्यवस्थित रूप से जारी

    घर-घर गणना चरण का कार्य 04.11.2025 से 04.12.2025 तक

    ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशम 09.12.2025

    दावा आपत्ति करने की अवधि: 09.12.2025 से 08.01.2026

    नोटिस चरण सुनवाई और सत्यापन: 09.12.2025 से 31.01.2026

    मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 07.02.2026

    रायपुर

    भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान का कार्य पूरे प्रदेश में सुचारू रूप से जारी है। इस क्रम में बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं द्वारा भरे गए गणना फॉर्मों को एकत्र कर रहे हैं। BLO आवश्यक दस्तावेजों के साथ गणना फॉर्म की एक प्रति अपने पास रखेंगे और आवेदक को दिए जाने के लिए गणना फॉर्म की दूसरी प्रति पर फॉर्म की प्राप्ति की पावती देंगे।

    यदि कोई मतदाता भरे हुए फॉर्म को दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन अपलोड करता है, तो बीएलओ (BLO) मतदाता के घर जाकर दस्तावेजों का सत्यापन करेगा। तत्पश्चात, बीएलओ इन फॉर्मों और संलग्न दस्तावेजों को बीएलओ/ईसीआईनेट मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से अपलोड करेगा। इसके बाद, बीएलओ रिकॉर्ड के उद्देश्य से संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO)/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) को एकत्र किए गए सभी गणना फॉर्माे को उनके दस्तावेजों के साथ जमा करेगा। ARO।AERO को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी पात्र नागरिक छूटा नहीं है और कोई भी अपात्र व्यक्ति शामिल नहीं है।

    प्रारूप मतदाता सूची में उन सभी मौजूदा मतदाताओं के नाम शामिल होंगे जिन्होंने बीएलओ को विधिवत भरा हुआ गणना फॉर्म जमा कर दिया है या जो घर-घर गणना अवधि के दौरान ऑनलाइन प्राप्त हुए हैं और बीएलओ द्वारा सत्यापित किए गए हैं। अन्य मतदाताओं के नाम, जिनके गणना फॉर्म प्राप्त नहीं हुए हैं, प्रारूप सूची में शामिल नहीं किए जाएंगे।

    निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) उन सभी मतदाताओं को शामिल करते हुए प्रारूप मतदाता सूची तैयार करेंगे जिनके गणना फॉर्म प्राप्त हो चुके हैं। प्रारूप प्रकाशन (9) दिसंबर 2025) के बाद प्राप्त दावों और आपत्तियों के दौरान दाखिल किए गए गणना फॉर्मों पर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) द्वारा निराकरण/निर्णय लिया जाएगा।

    दावा आपत्ति करने की अवधि-

    1. यदि किसी मतदाता के सम्बन्ध में गणना प्रपत्र में दिए गए पिछले SIR निर्वाचक नामावली के विवरण उपलब्ध नहीं हैं या डेटाबेस से मेल नहीं खाते हैं, तो ERO (Electoral Registration Officer) ऐसे मतदाताओं को नोटिस जारी करेगा। अपने विधानसभा क्षेत्र के ERO/AERO से नोटिस प्राप्त होने पर मतदाता को निम्नलिखित श्रेणियों के अनुसार आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे –

    यदि जन्म 01.07.1987 से पहले भारत में हुआ है
    स्वयं के लिए आयोग द्वारा निर्दिष्ट सूची में से कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत करें, जो जन्म तिथि और/या जन्म स्थान प्रमाणित करता हो।

    यदि जन्म 01.07.1987 से 02.12.2004 के बीच भारत में हुआ है
    स्वयं के लिए आयोग द्वारा निर्दिष्ट सूची में से से कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत करें, जो जन्म तिथि और/या जन्म स्थान प्रमाणित करता हो। पिता या माता के लिए भी नीचे दी गई सूची से कोई दस्तावेज प्रस्तुत करें, जो उनकी जन्म तिथि और/या जन्म स्थान प्रमाणित करता हो।

    यदि जन्म 02.12.2004 के बाद भारत में हुआ है
    स्वयं के लिए नीचे दी गई सूची से कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत करें, जो जन्म तिथि और/या जन्म स्थान प्रमाणित करता हो। पिता के लिए नीचे दी गई सूची से कोई दस्तावेज प्रस्तुत करें। जो उनकी जन्म तिथि और/या जन्म स्थान प्रमाणित करता हो। माता के लिए नीचे दी गई सूची से कोई दस्तावेज प्रस्तुत करें। जो उनकी जन्म तिथि और/या जन्म स्थान प्रमाणित करता हो। यदि किसी पिता/माता में से कोई भारतीय नागरिक नहीं है, तो आपके जन्म के समय उसका वैध पासपोर्ट और वीज़ा की प्रति संलग्न करें।

    2. यदि कोई मतदाता निर्दिष्ट समय के भीतर अपने भरे हुए गणना फॉर्म को जमा करने में असमर्थ रहता है, तो वे नाम जोड़ने के लिए दावों और आपत्तियों की अवधि के दौरान निर्धारित घोषणा फॉर्म के साथ अपने विधानसभा क्षेत्र के ERO/AERO के पास फॉर्म 6 जमा कर सकते हैं।

    यदि संबंधित निर्वाचन क्षेत्र का कोई मतदाता फॉर्म 6 में नया नाम जोड़ने के लिए प्रस्तुत किसी आवेदन पर आपत्ति दर्ज कराना चाहता है या पूर्व से पंजीकृत किसी मतदाता के नाम को विलोपित कराना चाहता हो तो फॉर्म 7 में आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है

    कोई भी मतदाता सूची में दर्ज अपनी प्रविष्टियां में संशोधन या एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरण की स्थिति में फॉर्म 8 में घोषणा पत्र के साथ आवेदन कर सकता है

    निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) फॉर्म -5 में ड्राफ्ट प्रकाशन करते समय 01 अक्टूबर 2026 की आगामी अर्हता तिथि के लिए भी अग्रिम आवेदन भी आमंत्रित करेंगे। ड्राफ्ट का प्रकाशन 09 दिसंबर को किया जाएगा।

    प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) /सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) अनुच्छेद 326 और आरपीए 1950 की धारा 16 और 19 के तहत मतदाताओं की अर्हता के अनुसार उनकी पात्रता की जाँच करेंगे। ऐसा करने के लिए, ERO/AERO प्रस्तुत दस्तावेजों और क्षेत्र रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लेंगे।

    किसी भी मामले में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO)/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) प्रस्तावित मतदाता की पात्रता पर संदेह करते हैं (दस्तावेजों की कमी या अन्य कारणों से), तो वे स्वतः संज्ञान में लेकर जांच शुरू करेंगे और प्रस्तावित मतदाता को नोटिस जारी करेंगे कि उसका नाम क्यों नहीं जोड़ा जाना चाहिए या क्यों नहीं विलोपित किया जाना चाहिए। मौके पर जांच, दस्तावेजों के परीक्षण या अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ERO/AEROअंतिम मतदाता सूची में नाम जोड़ने या न जोड़ने का निर्णय लेंगे।

    ERO फॉर्म 9, 10, 11, 11A और 11B में दावों और आपत्तियों की सूची तैयार करेंगे और प्रत्येक कार्य दिवस पर अपने कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर ऐसी सूचियों की एक प्रति प्रदर्शित करेंगे। तथा यह सूची राजनीतिक दलों के साथ साझा करेंगे

    ERO साप्ताहिक आधार पर राजनीतिक दलों के साथ दाबों और आपत्तियों की सूची साझा करेंगे।

    प्राप्त सभी दावों और आपत्तियों की सूची भी CEO (मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी) की वेबसाइट पर डाल दी जाएगी ताकि नागरिक सूची देख सकें और संबंधित ERO के पास आपत्ति दर्ज करा सकें।

    CEO कार्यालय साप्ताहिक आधार पर पुनरीक्षण के दौरान ECINET में दावों और आपत्तियों के निपटान की स्थिति पर एक रिपोर्ट प्राप्त करेंगे और इसे आम जनता/नागरिकों की जानकारी के लिए अपनी वेबसाइट पर डालेंगे।

    CEO कार्यालय अपनी वेबसाइट पर फॉर्म 6, 6A, 7, 8 में प्राप्त सभी आवेदन फॉमों के कंप्यूटरीकरण (Computerization) और दिन-प्रतिदिन के आधार पर उनकी पोस्टिंग सुनिश्चित करेंगे।

    CEO कार्यालय मसौदा निर्वाचक नामावली (draft electoral roll), अंतिम निर्वाचक नामावली (final electoral roll), दावों और आपत्तियों की सूची को CEO की वेबसाइट पर डालेंगे और उसे मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ साझा करेंगे।

    CEO कार्यालय दावों और आपत्तियों की सूची वेबसाइट पर उपलब्ध होने के तथ्य का व्यापक प्रचार करेंगे और यदि कोई व्यक्ति किसी भी दावे के संबंध में आपत्ति दर्ज कराना चाहता है, तो वह ERO के समक्ष पहले आपत्ति दर्ज करा सकता है।

    यदि किसी व्यक्ति को ERO के निर्णय पर आपत्ति होगी, तो वह RP अधिनियम 1950 की धारा 24(a) के अंतर्गत जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रथम अपील प्रस्तुत कर सकेगा। जिला मजिस्ट्रेट के निर्णय से असंतुष्ट होने की स्थिति में, पंजीकरण नियम 1960 के नियम 27 के अंतर्गत मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के समक्ष दूसरी अपील दायर की जा सकेगी। विशेष गहन पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता, विधिक प्रावधानों के अनुपालन तथा सुव्यवस्थित तरीके से राज्यभर में जारी की जाएगी। इसके बाद दावा-आपत्तियों के निराकरण के पश्चात निर्मित सूची के अंतिम प्रकाशन के लिए भारत निर्वाचन आयोग की अनुमति प्राप्त की जाएगी। तत्पश्चात दिनांक 07 फरवरी 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।

  • रायपुर : जनता की समस्याओं का समय पर प्रभावी समाधान सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता: मंत्री श्री अग्रवाल

    रायपुर : जनता की समस्याओं का समय पर प्रभावी समाधान सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता: मंत्री श्री अग्रवाल

    ग्राम घाटबर्रा के ग्रामीणों से पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने की मुलाकात

    ग्रामीणों की समस्याओं का किया त्वरित निराकरण

    रायपुर

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सरगुजा जिले के उदयपुर तहसील अंतर्गत ग्राम घाटबर्रा में ग्रामीणों से आत्मीयता के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। ग्रामीणों की ओर से उठाए गए त्वरित समाधान योग्य मामलों का स्थल पर ही निराकरण किया, जबकि दीर्घकालिक विषयों के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में समस्या के निराकरण के निर्देश दिए गए।

        मंत्री श्री अग्रवाल ने उपस्थित ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा, “जनता की समस्याओं का समय पर और प्रभावी समाधान सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास, बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता और जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन हमारा मुख्य उद्देश्य है। सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ जनसेवा को प्राथमिकता दें।”

        ग्रामीणों ने अपनी सभी समस्याओं से पर्यटन मंत्री श्री अग्रवाल को अवगत कराया। मंत्री ने उनकी हर बात को गंभीरतापूर्वक सुना और मौके पर ही समाधान योग्य समस्याओं का निराकरण किया, उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेकर समय-सीमा में उसका निराकरण सुनिश्चित करें। श्री अग्रवाल के सहज, सरल और सुलभ व्यवहार से प्रभावित ग्रामीणों ने उनकी संवेदनशीलता, त्वरित निर्णय क्षमता और विकास के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की।

     

     

  • रायपुर : 17 व्यापारियों से 13 लाख रूपए का 622 क्विंटल पुराना धान जब्त

    रायपुर : 17 व्यापारियों से 13 लाख रूपए का 622 क्विंटल पुराना धान जब्त

    मुंगेली जिले में अवैध धान भंडारण पर खाद्य विभाग की कार्रवाई

    मण्डी अधिनियम के तहत प्रकरण हुआ दर्ज

    रायपुर
    राज्य शासन के निर्देश पर प्रदेश में धान के अवैध परिवहन एवं भंडारण पर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। मुंगेली जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में अवैध धान के क्रय-विक्रय और भंडारण पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा कार्यवाही की जा रही है। जिला प्रशासन के निर्देश पर खाद्य विभाग एवं मंडी विभाग की संयुक्त टीम द्वारा जिले भर में थोक और चिल्हर व्यापारियों के प्रतिष्ठानों का गहन निरीक्षण किया जा रहा है। जांच के दौरान अब तक कुल 17 व्यापारियों के यहां पुराने धान का प्रकरण दर्ज किया गया है। टीम ने इन प्रतिष्ठानों से कुल 622.80 क्विंटल धान जब्त किया है, जिसकी मंडी उपज अधिनियम के तहत आंकी गई कुल कीमत 13 लाख 02 हजार 120 रुपये है।

           खाद्य अधिकारी ने बताया कि सभी प्रकरणों को मंडी अधिनियम के अंतर्गत विधिवत दर्ज किया गया है। यह जांच धान खरीदी पूर्ण होने तक जारी रहेगी, ताकि रबी फसल का पुराना धान खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की धान में किसी भी स्थिति में मिश्रित न हो सके और सरकारी व्यवस्था का दुरुपयोग न हो। साथ ही वैध किसानों और पंजीकृत उपार्जन केंद्रों में पारदर्शी एवं निष्पक्ष धान खरीदी सुनिश्चित की जाएगी।

    जिले में सुगमता एवं पारदर्शिता के साथ धान खरीदी जारी

       शासन के निर्देशानुसार धान खरीदी प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में जिले के 66 समितियों के 105 उपार्जन केन्द्रों में 01 लाख 07 हजार 214 पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदा जाएगा। जिले में अब तक 02 हजार 238 किसानों से 01 लाख 01 हजार 127 क्विंटल से अधिक धान की खरीदी की जा चुकी है। प्रत्येक खरीदी केंद्र में सुविधाओं को सुदृढ़ किया गया है। टोकन, बारदाना, परिवहन और भुगतान की प्रक्रिया को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है, ताकि जिले के सभी किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर धान विक्रय का लाभ मिल सके।

  • अंबिकापुर के पंकज यादव ने CGPSC 2024 में बनाई 14वीं रैंक, मंत्री अग्रवाल ने दी शुभकामनाएं

     मंत्री  अग्रवाल ने सीजीपीएससी 2024 की परीक्षा में 14वीं रैंक हासिल करने वाले अंबिकापुर के पंकज यादव को दूरभाष पर दी बधाई एवं शुभकामनाएं

    पंकज यादव की उपलब्धि पूरे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए प्रेरणा: मंत्री श्री राजेश अग्रवाल

    रायपुर

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सीजीपीएससी 2024 की परीक्षा में 14वीं रैंक हासिल करने वाले अंबिकापुर के पंकज यादव को दूरभाष पर दी बधाई एवं शुभकामनाएं पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सीजीपीएससी 2024 की परीक्षा में 14वीं रैंक हासिल करने वाले अंबिकापुर के पंकज यादव को दूरभाष पर दी बधाई एवं शुभकामनाएं

    छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की 2024 की परीक्षा  में अंबिकापुर के बौरीपारा निवासी पंकज यादव ने राज्य में 14वीं रैंक हासिल कर अंबिकापुर का गौरव बढ़ाया है। उनकी इस महत्वपूर्ण सफलता पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने दूरभाष पर उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी। श्री अग्रवाल ने कहा कि पंकज की उपलब्धि न केवल उनके कठिन परिश्रम का परिणाम है, बल्कि पूरे अंबिकापुर का मान और गर्व भी है।
        मंत्री श्री अग्रवाल ने पंकज से कहा कि आपने अपने माता-पिता का, शहर का और हम सभी का नाम रोशन किया है। आपके पिता ने कठिन परिस्थितियों में भी आपको पढ़ाया-लिखाया और आपने अथक मेहनत से सफलता हासिल की, इसके लिए आपको हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।  उन्होंने यह भी कहा कि माता-पिता के त्याग और संघर्ष को कभी नहीं भूलना चाहिए, क्योंकि उन्हीं की बदौलत आज आप इस मुकाम पर पहुंचे हैं। मंत्री श्री अग्रवाल ने पंकज यादव के माता-पिता को भी विशेष रूप से बधाई प्रेषित की।

    ठेलेवाले पिता के बेटे ने छुआ कामयाबी की ऊंचाई
        पंकज यादव के पिता रामेश्वर यादव रोज़मर्रा की जरूरतें पूरी करने हेतु ठेला चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, जबकि माता रायवती गृहिणी हैं। आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने कभी हार नहीं मानी। पंकज ने बताया कि उन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा मल्टीपरपज स्कूल अंबिकापुर से की और बीएससी कंप्यूटर व एमएससी की पढ़ाई क्रमशः साईं बाबा कॉलेज और पीजी कॉलेज से पूरी की है।

    छह साल के कड़े संघर्ष के बाद मिली सफलता
        पंकज यादव बीते छह वर्षों से लगातार सीजीपीएससी परीक्षा की तैयारी में जुटे थे। कई प्रयासों के बाद अब जाकर उन्हें सफलता मिली। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय माता-पिता की कठिन मेहनत, त्याग और धैर्य को दिया। पंकज ने कहा कि उनके माता-पिता का आशीर्वाद और प्रेरणा ही इस सफलता का आधार रही है। इस सफलता से पूरे परिवार और अंबिकापुर शहर में खुशी की लहर है। स्थानीय लोगों ने पंकज को “संघर्ष और संकल्प का प्रतीक” बताया है, जिसका उदाहरण आने वाली पीढ़ियां लेंगी।

  • अम्बिकापुर : कलेक्टर ने विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे एसआईआर कार्यों का किया निरीक्षण

    अम्बिकापुर : कलेक्टर ने विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे एसआईआर कार्यों का किया निरीक्षण

    गणना पत्रक फॉर्म जमा कर डिजिटाइजेशन कार्य में प्रगति लाने के दिए निर्देश

    अम्बिकापुर 

    कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री विलास भोसकर तथा अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री सुनील नायक द्वारा आज जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अंबिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत कतकालों, दरिमा तथा मैनपाट विकासखंड के ग्राम पंचायत आमगांव एवं बिसरपानी का भ्रमण किया।
    कलेक्टर ने ग्रामों में बीएलओ द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी लेकर गणना पत्रक फॉर्म के वितरण, संकलन एवं डिजिटाइजेशन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्यों को पूर्ण किया जाए तथा गांवों में मुनादी एवं जागरूकता गतिविधियों को प्राथमिकता दी जाए।
    उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में प्राप्त फॉर्मों को तहसील एवं जनपद कार्यालयों में अपलोड कराया जाए, ताकि प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो। ग्राम स्तर पर चौपाल का आयोजन कर कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराई जाए और अधिक से अधिक लोगों को फॉर्म भरने हेतु प्रेरित किया जाए।
    कलेक्टर ने कहा कि डिजिटाइजेशन कार्य में तेजी लाई जाए तथा कम प्रगति वाले क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया जाए। उन्होंने पटवारी, ग्राम सचिव, रोजगार सहायक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहित सभी मैदानी अमले को समन्वय पूर्वक गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए।
    निरीक्षण के दौरान सीतापुर एसडीएम श्री राम सिंह ठाकुर, संबंधित तहसीलदार, जनपद सीईओ एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

  • सड़क निर्माण से बदला जनजीवन, PM जनमन योजना के तहत झालखम्हरिया‑कमारडेरा मार्ग विकसित

    रायपुर

    महासमुंद जिले के पिछड़े और आदिवासी बाहुल्य विलुप्त प्रजाति कमार परिवारों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए ग्राम झालखम्हरिया में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान के तहत स्वीकृत विकास परियोजनाएँ ग्राम के भविष्य को नई दिशा दे रही हैं। इन्हीं परियोजनाओं में से एक है 83 लाख रुपए की लागत से बनी टी-01 झालखम्हरिया से कमारडेरा तक 1.60 किमी सड़क, जिससे ग्रामीण जीवन में परिवर्तन की झलक दिखाई दे रहा है।

        गौरतलब है कि प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान का उद्देश्य दूरस्थ, निर्जन और मूलभूत सुविधाओं से वंचित आदिवासी गांवों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, आजीविका और सामाजिक सुरक्षा जैसी सुविधाओं से जोड़ना है। इस अभियान के माध्यम से कमार जैसे विलुप्तप्राय समुदायों तक विकास का लाभ सीधे पहुंच रहा है।

        पहले मुख्य मार्ग से कटा यह पारा अब 2-3 आसपास के गांवों से सड़क मार्ग द्वारा जुड़ चुका है। इससे शादी-विवाह, धार्मिक आयोजन और मेला-मंडई में भागीदारी बढ़ेगी। गांवों के बीच सामाजिक संपर्क मजबूत होगा। सड़क बनने से गांव के बच्चों और युवाओं को अब प्राथमिक, माध्यमिक और महाविद्यालय तक पहुँचने में सहुलियत हो रही है। वर्षा ऋतु में भी अब स्कूल-कॉलेज जाना संभव हो रहा है। जिससे शिक्षा के प्रति विद्यार्थियों में रुचि बढ़ी है। पहले स्वास्थ्य केंद्र तक पहुँचना कठिन था, परंतु अब गर्भवती महिलाओं को प्रसूति सुविधा समय पर मिल पाएगी।
        बीमार व्यक्तियों को तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने में आसानी होगी। मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी आने की संभावना बढ़ी है। टीकाकरण और स्वास्थ्य अभियान अब गांव तक सहज पहुँच पा रहे हैं। किसानों को कृषि उपज एवं दुग्ध उत्पादन तथा अन्य दैनिक वस्तुओं के लेनदेन के लिए मुख्यालय तक ले जाने के लिए आवागमन की सुविधा आसान हो गया है, जिससे ग्रामीण व्यापार एवं कुटीर उद्योग में वृद्धि हो सकेगी। कमारडेरा के अतिरिक्त आसपास के अन्य ग्रामों के कृषि उपज, दुग्ध उत्पादन, मछली पालन तथा मजदूरी करने के लिए ग्रामवासियों को आवागमन की सुविधा मिलने से ग्राम में आर्थिक समृद्धि आएगी। शासन की कल्याणकारी योजनाएं अब गांव में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है।
        
        कमारपारा निवासी श्री रामसिंह कमार बताते है कि गांव में सड़क न होने के कारण रोजमर्रा के कार्य कठिन हो जाते थे। बच्चों को स्कूल भेजना, फसल बाजार तक पहुँचाना और मरीजों का अस्पताल जाना चुनौतीपूर्ण था। बारिश के समय हालात और भी खराब हो जाते थे। पीएम जनमन योजना की पक्की सड़क ने गाँव को मुख्य मार्ग से जोड़ दिया है। अब स्कूल, अस्पताल और बाजार तक पहुँचना आसान और सुरक्षित हो गया है। किसान अपनी फसल आसानी से बाजार तक ले जा सकते हैं। सड़क ने हमारे जीवन में सुधार और सुविधा लाने में अहम भूमिका निभाई है, जिससे जीवन पहले से अधिक सुगम हो गया है।

     

  • महासमुंद : जलग्रहण विकास कार्यों में जनभागीदारी बढ़ाने हेतु वाटरशेड महोत्सव का आयोजन

    महासमुंद : जलग्रहण विकास कार्यों में जनभागीदारी बढ़ाने हेतु वाटरशेड महोत्सव का आयोजन

    महोत्सव अंतर्गत सोशल मीडिया प्रतियोगिता में इच्छुक प्रतिभागी पंजीयन कर सकते हैं

    रील विजेता को 50 हजार एवं फोटोग्राफी विजेता को एक हजार रुपए मिलेगा

    महासमुंद

    ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशन में राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश सरकारों के सहयोग से जलग्रहण विकास कार्यों में जनभागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भूमि संसाधन विभाग द्वारा ’वाटरशेड महोत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में महासमुंद जिले में वाटरशेड महोत्सव के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों के साथ ’सोशल मीडिया प्रतियोगिता’ का आयोजन किया जाएगा।  प्रतियोगिता में  रील विजेता को 50 हजार रुपए एवं फोटोग्राफ विजेता को एक हजार रुपए की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी।
    प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक प्रतिभागियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह प्रतियोगिता 31 दिसंबर 2025 तक आयोजित की जाएगी। कोई भी इच्छुक व्यक्ति जल संचयन संरचनाओं, बागवानी, कृषि वानिकी, तथा डब्ल्यूडीसी-पीएमकेएसवाई 1.0 एवं 2.0 सहित अन्य वाटरशेड योजनाओं के अंतर्गत निर्मित संरचनाओं और उनसे समुदाय को होने वाले लाभों को दर्शाते हुए 30 से 60 सेकंड का लघु वीडियो/रील या फोटो तैयार कर सकता है।
    प्रतिभागियों को अपनी सामग्री सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते समय निर्धारित हैशटैग #WDC-PMKSY-Watershed Mahotsav 2025 का उपयोग करना अनिवार्य होगा। पोस्ट करने के बाद प्रतिभागियों को निर्धारित वेबसाइट पोर्टल
    https://wdcpmksy.dolr.gov.in/
    registerMahotsav पर ऑनलाइन पंजीकरण एवं नामांकन कर अपनी प्रविष्टि 31 दिसंबर 2025 से पहले जमा करनी होगी। पंजीकरण के दौरान प्रतिभागियों को अपने सोशल मीडिया पोस्ट का लिंक भी अपलोड करना होगा, जिसके बाद उन्हें सफल पंजीकरण का पुष्टिकरण मेल प्राप्त होगा। प्रतियोगिता अवधि समाप्त होने के पश्चात 31 जनवरी 2026, शाम 6 बजे तक प्रतिभागियों को अपने पोस्ट के रिच, व्यू, इंगेजमेंट, लाइक एवं कमेंट का स्क्रीनशॉट पोर्टल पर जमा करना होगा। आईडब्ल्यूएमपी, डब्ल्यूडीसी-पीएमकेएसवाई 1.0 और 2.0 के तहत विकसित जल संचयन संरचनाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी भी विभागीय वेबसाइट
    https://wdcpmksy.dolr.gov.in/ 
    पर उपलब्ध कराई गई है। प्रतियोगिता का उद्देश्य जल संरक्षण को बढ़ावा देना और समुदाय को इसके प्रति जागरूक करना है। 

  • बालोद : जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने एसआईआर में उत्कृष्ट कार्य के लिए बीएलओ को किया सम्मानित

    बालोद

    भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली के निर्देशानुसार जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का कार्य निरंतर जारी है। कलेक्टर एवं जिला निवार्चन अधिकारी श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने संयुक्त जिला कार्यालय स्थित अपने कक्ष में आज विशेष गहन पुनरीक्षण के अंतर्गत मतदाताओं को गणना पत्र प्रदान करने एवं गणना प्रपत्रों को डिजिटाईज करने में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिले के 04 बूथ लेवल अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार भेंट कर सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि जिले के संजारी बालोद, गुण्डरदेही एवं डौण्डीलोहारा विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है। जिसके अंतर्गत बीएलओ द्वारा गणना पत्रक वितरण कर घर-घर जाकर मतदाताओं से गणना पत्रक भरवाकर बीएलओ एप में ऑनलाइन किया जा रहा है। उक्त कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुये विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 60 डौण्डीलोहारा अंतर्गत ग्राम आलीवारा की बूथ लेवल अधिकारी सुशीला ठाकुर, ग्राम खेरथा की बीएलओ लता पाण्डेय एवं ग्राम आतरगांव की बीएलओ सरस्वती देवांगन तथा विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 61 गुण्डरदेही के ग्राम धनगांव की बीएलओ सुंदरिया देशमुख ने बालोद जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य के अंतर्गत 100 प्रतिशत फॉर्म डिजिटाइजेशन पूर्ण किया है। इस अवसर पर अपर कलेक्टर एव उप जिला निवार्चन अधिकारी श्री चंद्रकांत कौशिक, एसडीएम डौण्डीलोहारा श्री शिवनाथ बघेल सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

  • रायपुर : सोरो व्यपवर्तन और कोनपारा तालाब के कार्यों के लिए 6.93 करोड़ रुपये स्वीकृत

    रायपुर : सोरो व्यपवर्तन और कोनपारा तालाब के कार्यों के लिए 6.93 करोड़ रुपये स्वीकृत

    रायपुर
    छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा जशपुर जिले के की दो सिंचाई योजनाओं के लिए 6 करोड़ 93 लाख 35 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं स्वीकृत सिंचाई योजनाओं में विकासखण्ड-फरसाबहार की कोनपारा तालाब (दलटोली डेम) का मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य के लिए 3 करोड़ 47 लाख 21 हजार रुपये स्वीकृत किये गये है। योजना के प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने पर रूपांकित सिंचाई क्षमता 243 हेक्टेयर के विरूद्ध 201 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति सहित पूर्ण रूपांकित क्षेत्र में सिंचाई उपलब्ध होगी।
     
    जशपुर जिले के विकासखण्ड-बगीचा की सोरो व्यपवर्तन योजना का मरम्मत एवं जीर्णोंद्धार कार्य के लिए 3 करोड़ 46 लाख 14 हजार रुपये स्वीकृत किये गये है। योजना के प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने पर रूपांकित सिंचाई क्षमता 122 हेक्टेयर के विरूद्ध 86 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति सहित पूर्ण रूपांकित क्षे़त्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। सिंचाई योजनाओं के कार्यों को कराने के लिए मुख्य अभियंता हसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग अंबिकापुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।  

  • महासमुंद : 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाएगा

    महासमुंद : 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाएगा

    प्रस्तावना का वाचन और विविध कार्यक्रम का आयोजन

    महासमुंद 

    केंद्र शासन के निर्देशानुसार 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाएगा। इस उपलक्ष्य में त्रिस्तरीय पंचायतों के समस्त प्रतिनिधि गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने कहा गया है।
    कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने बताया कि इस वर्ष का थीम हमारा संविधान हमारा स्वाभिमान है। जिला स्तरीय कार्यक्रम जिला पंचायत के सभा कक्ष में सुबह 10 बजे से आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रस्तावना वाचन और चर्चा के तहत संविधान के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करने हेतु 26 नवंबर को दिन भर जिले में प्रीएम्बल रीडिंग रिले आयोजित की जाएगी। शैक्षिक संस्थानों एवं ग्राम पंचायतों को भी प्रस्तावना वाचन के निर्देश दिए गया हैं। राज्य से प्रतिनिधि वीडियो कॉन्फ्रेंस लिंक के माध्यम से रिले सम्मिलित होंगे एवं जनप्रतिनिधि, अधिकारी और अन्य हितधारकों से संविधान की महत्ता पर चर्चा करेंगे। सभी प्रतिभागी निर्धारित समय पर सामूहिक रूप से प्रीएम्बल का वाचन करेंगे। प्रीएम्बल वाचन के बाद प्रतिभागी संविधान के महत्व, उसके लाभ, पंचायत राज प्रणाली, महिलाओं के आरक्षण और ग्राम सभा की भूमिका पर संक्षेप में अपने विचार साझा करेंगे। इसके अलावा संविधान और अन्य बिंदुओं पर चर्चा, वाद-विवाद और क्विज़ जैसी गतिविधियाँ भी आयोजित किए जाएंगे।