• छत्तीसगढ़ में नए निवेश से उम्मीद, APL अपोलो 1200 करोड़ लगाएगी और 100 बिस्तरों का अस्पताल खोलेगी

    रायपुर

    एपीएल अपोलो इंडस्ट्रीज ग्रुप के चेयरमैन  संजय गुप्ता ने अपनी टीम के साथ आज नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय से मुलाक़ात की। मुलाक़ात के दौरान कंपनी ने राज्य में लगभग ₹1200 करोड़ के औद्योगिक निवेश का बड़ा प्रस्ताव सरकार के समक्ष रखा।

    कंपनी ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि वह छत्तीसगढ़ में उत्पादन क्षमता बढ़ाने और नए औद्योगिक संयंत्रों की स्थापना पर गंभीरता से काम कर रही है। निवेश प्रस्ताव राज्य की नई औद्योगिक नीति और तेज़ी से विकसित हो रहे औद्योगिक बुनियादी ढांचे को देखते हुए पेश किया गया है।

    बैठक में एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल की घोषणा भी की गई। एपीएल अपोलो ग्रुप ने बताया कि वह छत्तीसगढ़ में 100 बिस्तरों का एक आधुनिक चैरिटी अस्पताल भी जल्द शुरू करेगा, जिससे आम जनता को किफ़ायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ मिल सकेंगी।

  • विष्णुदेव साय ने कहा, सरकार हमेशा नक्सलियों के लिए न्याय और शांति के रास्ते का समर्थन करेगी

    रायपुर
     खूंखार नक्सली हिड़मा के एनकाउंटर के बाद नक्सली संगठनों में हड़कंप मचा हुआ है। नक्सलियों ने तीन राज्यों के मुख्यमंत्रियों को लेटर लिखकर संघर्ष विराम की अपील की है। नक्सलियों के लिखे लेटर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि इसमें कोई नई बात नहीं है। राज्य में नई सरकार बनने के बाद से ही लगातार नक्सलियों से अपील की जा रही है कि वे हिंसा के रास्ते को छोड़कर मुख्यधारा में लौटें और विकास की राह पर आगे बढ़ें।

    संवाद और विश्वास से संभव है
    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, "हमने हमेशा कहा है कि सरकार उनके लिए न्याय सुनिश्चित करेगी, जो भी रास्ता शांति और विकास का होगा, सरकार उसे पूरा समर्थन देगी।" मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि वर्षों से हिंसा के कारण पिछड़ चुके क्षेत्रों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ा जाए और वहां रहने वाले युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाया जाए। नक्सलवाद की समस्या का समाधान केवल हथियारों से नहीं, बल्कि संवाद और विश्वास से संभव है।उन्होंने उम्मीद जताई कि नक्सली संगठनों के लोग इस अपील को समझेंगे और हथियार छोड़कर समाज और राष्ट्र के हित में आगे आएंगे। सीएम ने कहा कि नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्य धारा में लौट आएं। उसके बाद हर तरह की बातचीत संभव है। उन्होंने सुरक्षाबल के जवानों के हौंसले को भी सलाम किया।

    नक्सलियों ने जारी किया है लेटर
    नक्सलियों ने तीन राज्यों के मुख्यमंत्री से अपील की है कि 15 फरवरी तक ऑपरेशन रोक दें। इस दौरान नक्सली भी कुछ नहीं करेंगे। युद्धविराम के दौरान कोई गोलीबारी नहीं हो। नक्सली संगठन हिड़मा के एनकाउंटर के बाद से खौफ में हैं।

    क्या लिखा है लेटर में
    नक्सली संगठन ने मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के सीएम को लेटर लिखा है। यह बयान माओवादियों की स्पेशल जोनल कमेटी की तरफ से जारी किया गया है। लेटर में कहा गया है कि तीनों राज्यों की सरकारें 15 फरवरी 2026 तक युद्धविराम को रोक दें। संगठन का कहना है कि यदि सरकारें गोलीबारी रोकती हैं तो वे भी इस अवधि में PLGA गतिविधियों को बंद रखेंगे। संगठन ने यह भी लिखा कि अगर सरकार युद्धविराम मानती है तो वे आगे बातचीत के लिए भी तैयार हैं।

    नक्सलियों के ठिकाने पर मारी रेड

    राजनांदगांव जिले में सुरक्षाबल के जवानों को बड़ी सफलता मिली है। जिले में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान जवानों ने नक्सली सामग्री बरामद की है। बोरतलाव थाना क्षेत्र के कौहापानी गांव के पहाड़ी जंगल क्षेत्र में जवानों ने सर्चिंग अभियान शुरू किया था। जवानों को जानकारी मिली थी कि इस इलाके में बड़ी संख्या में नक्सली मौजूद हैं। जिसके बाद मध्य प्रदेश के बालाघाट, महाराष्ट्र की गोंदिया और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई एवं राजनांदगांव जिले की संयुक्त टीमों ने अभियान चलाया।

    सर्चिंग के दौरान पुलिसकर्मियों एवं नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। जिसमें जिला बालाघाट के निरीक्षक आशीष शर्मा गोली लगने से शहीद हो गए थे। मुठभेड़ के बाद नक्सलियों की घेराबंदी के लिए अभियान को और अधिक तेज किया गया था। लगभग 300 अतिरिक्त बल को ऑपरेशन में शामिल करते हुए लगातार 3-4 दिनों तक सघन सर्चिंग की गई।

    नक्सलियों की सामग्री बरामद हुई
    सर्चिंग पार्टी 22 नवंबर को नक्सलियों के डेरे तक पहुंची, जहां पुलिस को देख नक्सली अपने सामान को छोड़कर जंगल की ओर भाग निकले। घटनास्थल से बड़ी मात्रा में दैनिक उपयोग की सामग्री एवं नक्सली सामग्री बरामद की गई, जिनमें नक्सलियों की वर्दी, पिट्ठू बैग, लिखे हुए दस्तावेज एवं डायरियां, वर्दियां, सोलर पैनल एवं चार्जिंग सेट्स, खाना बनाने के बर्तन, टेंट, तिरपाल, वॉकी-टॉकी सेट, विस्फोटक सामग्री और राशन सामग्री हैं।

    कई नक्सलियों के घायल होने की खबर
    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मुठभेड़ स्थल से कुछ दूरी पर खून के धब्बे पाए गए, जिससे यह आशंका है कि इस मुठभेड़ में कम से कम 3 नक्सली गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें एक की स्थिति अत्यंत गंभीर बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, घायल नक्सलियों के उपचार के लिए नक्सली दस्ता स्थानीय ग्रामीणों से दवाई एवं डॉक्टर की व्यवस्था करने के प्रयास कर रहा था, किंतु ग्रामीणों ने उसका विरोध किया तथा सहयोग करने से इनकार किया।

    जारी रहेगा नक्सल विरोधी अभियान
    इस अभियान में एसटीएफ बघेरा की 6 पार्टियां, डीआरजी मोहला एवं डीआरजी राजनांदगांव की पार्टियां सम्मिलित रहीं। सर्चिंग के दौरान नक्सलियों द्वारा छोड़ी गई सभी सामग्री को जब्त किया गया है। आने वाले दिनों में भी एसटीएफ एवं जिला बल, पड़ोसी राज्यों के बल के द्वारा संयुक्त कार्रवाई करते हुए सघन नक्सल विरोधी अभियान निरंतर जारी रहेगा।

     

  • ‘Chhattisgarh Investor Connect’ में सीएम साय की निवेशकों से वन‑टू‑वन चर्चा, नई योजनाओं पर बातचीत

    रायपुर : दिल्ली में ‘Chhattisgarh Investor Connect’ के तहत मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की वन-टू-वन मुलाक़ातें शुरू

    जेके लक्ष्मी सीमेंट ने छत्तीसगढ़ में विस्तार और नए निवेश अवसरों में दिखाई रुचि

    रायपुर 2

    छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट के तहत मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की उद्योग जगत के निवेशकों के साथ वन-टू-वन मुलाक़ातें आज नई दिल्ली में प्रारम्भ हो गई हैं। कार्यक्रम के प्रथम चरण में जेके लक्ष्मी सीमेंट के शीर्ष अधिकारी मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे और छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विस्तार की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।

    मुलाक़ात के दौरान कंपनी के प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ में अपने प्लांट का कार्य बढ़ाने तथा नए निवेश अवसरों की खोज में गहरी रुचि व्यक्त की। उन्होंने बताया कि प्रदेश में उपलब्ध आधारभूत सुविधाएँ, वित्तीय अनुकूल वातावरण और औद्योगिक विकास की गति उन्हें छत्तीसगढ़ को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित करती हैं।

    मुख्यमंत्री  साय ने निवेशकों को राज्य की नई औद्योगिक नीति, स्थिर एवं सुरक्षित वातावरण तथा तेज़ी से विकसित हो रहे औद्योगिक ढांचे की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार उद्योगों के लिए विश्वसनीय, सरल और परिणामोन्मुखी परिवेश प्रदान कर रही है, जिससे निवेशकों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है।

    मुख्यमंत्री ने जेके लक्ष्मी सीमेंट के अधिकारियों को आश्वस्त किया कि सरकार उद्योगों अनुकूल परिवेश प्रदान करने की भावना से कार्य कर रही है और राज्य में आने वाले हर निवेश का स्वागत है। उन्होंने कंपनी को प्रदेश में अपने विस्तार को आगे बढ़ाने तथा नई परियोजनाओं पर विचार करने के लिए आमंत्रित किया।उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राज्य में उद्योगों के लिए सिंगल-विंडो सिस्टम, उपयुक्त भूमि उपलब्धता, लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी, और कौशल सम्पन्न मानव संसाधन जैसी सुविधाएँ निवेशकों के लिए एक बड़ा आकर्षण हैं।

  • नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष पद के निर्वाचन संबंधी विधेयक विधानसभा में प्रस्तुत करने की स्वीकृति

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा नक्सल विरोधी अभियान के दौरान पुलिस-नक्सल मुठभेड़ मे 19 नवम्बर 2025 को वीरगति को प्राप्त हुए निरीक्षक (विशेष सशस्त्र बल)  आशीष शर्मा, हॉक फोर्स बालाघाट के परिजन को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता की स्वीकृति प्रदान की गयी है। साथ ही उनके छोटे भाई  अंकित शर्मा को जिला पुलिस बल में उप निरीक्षक के पद पर अनुकंपा नियुक्ति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है।

    दिवंगत निरीक्षक  आशीष शर्मा अत्यंत होनहार, प्रतिभाशाली और साहसी थे। उन्हें 2 बार राष्ट्रपति द्वारा वीरता पदक से सम्मानित किया गया था। इसके पहले वर्ष 2021 में मुख्यमंत्री के द्वारा आंतरिक सेवा पदक और 2023 में दुर्गम सेवा पदक प्रदान किया गया था। साथ ही राज्य शासन द्वारा वर्ष 2023 मे आउट ऑफ प्रमोशन दिया गया। मंत्रि-परिषद की बैठक वंदे मातरम गान के साथ शुरू हुई।

    नगरीय निकायों के अध्यक्ष पद के निर्वाचन संबंधी विधेयक विधानसभा में प्रस्तुत किये जाने की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष पद का निर्वाचन प्रत्यक्ष प्रणाली से सीधे मतदाताओं द्वारा कराए जाने संबंधी विधेयक को विधानसभा में प्रस्तुत किये जाने की स्वीकृति दी गयी है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में वर्ष 1999 से 2014 तक नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष पद का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से सीधे मतदाताओं द्वारा कराए जाते रहें है। वर्ष 2022 में नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष पद का चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से वार्डों के निर्वाचित पार्षदों के द्वारा कराए गए। महापौर का निर्वाचन प्रत्यक्ष प्रणाली से सीधे मतदाताओं द्वारा कराया जा रहा है।

     

  • मोहन सरकार का खेल सुधार पैकेज: भोपाल में नया स्टेडियम और खिलाड़ियों को फर्स्ट क्लास अधिकारी का दर्जा

    भोपाल
     ओलंपिक, एशियन गेम्स और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीतने वाले मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों को फर्स्ट क्लॉस अधिकारी बनाया जाएगा. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसका ऐलान किया है. भोपाल के हुजूर विधानसभा क्षेत्र में श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम के लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने इसका ऐलान करते हुए कहा कि ओलंपिक, एशियन गेम्स और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीतकर जब खिलाड़ी जाते हैं, तो हम उनको राजपत्रित पद यानी फर्स्ट क्लॉस अधिकारी की नौकरी भी देने वाले हैं.

    आउट ऑफ टर्न प्रमोशन और विशेष प्रोत्साहन यह सिर्फ सम्मान नहीं, बल्कि उनको प्रोत्साहित करने का काम कर रही है. मुख्यमंत्री ने भोपाल के उप नगर कटारा क्षेत्र में एक और स्टेडियम बनाए जाने का भी ऐलान किया.

    सीएम बोले कांग्रेस जो करती है, देश चुकाता है कीमत

    मुख्यमंत्री ने 11.50 करोड़ की लागत से तैयार डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम का लोकार्पण किया. इस दौरान खेल मंत्री विश्वास सारंग, मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, कृष्णा गौर, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवान दास सबनानी मौजूद रहे. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि "डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 31 साल की उम्र में कुलपति बनकर कलकत्ता विश्वविद्यालय में अपनी पहचान बनाई. वे भारत सरकार में मंत्री बनाए गए, लेकिन इसके साथ उन्होंने भविष्य में होने वाले संकट को पहचान कर धारा 370 के कलंक को बताया.

    उनका मानना था कि देश आजाद हो गया है और सभी राज्य बराबर हैं. किसी राज्य को विशेष दर्जा न दिया जाए, लेकिन नेहरू नहीं माने थे, क्योंकि अंग्रेज चले गए और कांग्रेस छोड़ गए. कांग्रेस की बीमारी ही ऐसी है. इनके साथ संकट ऐसा है कि यह जब भी करते हैं, तो ऐसा करते हैं कि भविष्य में देश उसकी कीमत चुकाता है. धारा 370 के कारण वह कश्मीर जो देश का मुकुट है, जहां खेती भी केसर की होती है, लेकिन 40 हजार से ज्यादा कश्मीरी पंडितों की हत्या का का रिकॉर्ड बना. यह पूरा पाप कांग्रेस के माथे पर है.

    हमारी निष्ठा इस देश और देश के लोगों के साथ होनी चाहिए, लेकिन दुर्भाग्य है कि रस्सी जल गई, लेकिन बल नहीं गया. कांग्रेस के लोग अभी भी वही भाषा बोलते हैं. जब देश की सेना पाकिस्तान में घुसकर मारती है, तो यह उसका सबूत मांगते हैं. जो वे वहां बोलते हैं, वहीं यहां दिग्विजय सिंह बोलते हैं. वहां सुरक्षा बल नक्सलियों को मारती है और यहां कांग्रेस उनके नाम पर आंसू बहाती है.

    इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल के दो बड़े इलाके कोलार और बैरागढ़ में 155 करोड़ रुपए की लागत से सीवेज सिस्टम के लिए भूमिपूजन किया। वहीं, कटारा-बर्रई में 29 करोड़ रुपए से निर्मित सांदीपनि स्कूल का शुभारंभ और बंजारी में 10 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम में मंत्री विश्वास सारंग, राव उदयप्रताप सिंह और कृष्णा गौर, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवानदास सबनानी, महापौर मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, भाजपा जिला अध्यक्ष रविंद्र यति, तिरथ सिंह मीना भी मौजूद रहे।

    सीएम ने कहा- यहां पर कांग्रेस की बुद्धि का रावण जलेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, जिनके नाम पर ये स्टेडियम बना है, वे अद्वितीय व्यक्ति, जनसंघ के संस्थापक, शिक्षाविद्, भविष्य दृष्टा रहे हैं। वे 31 साल में कलकत्ता विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर बने। आजादी के बाद भारत सरकार के मंत्री तो बने, लेकिन इसके साथ भविष्य में होने वाले संकट को भी पहचानते थे। धारा 370 जैसे कलंक को दुनिया के सामने बताया। उन्होंने नेहरूजी को भी इस बारे में बताया। चेताया भी, लेकिन नेहरूजी माने नहीं, क्योंकि अंग्रेज चले गए, कांग्रेस छोड़ गए। ये कांग्रेस की बीमारी ऐसी है।

    कांग्रेस के साथ संकट ये भी है कि जब भी करते हैं, ऐसा करते कि भविष्य में देश कीमत चुकाता है। डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने धारा 370 के बारे में पहले ही बता दिया था। कश्मीर देश का मुकुट है। वहां पर कई कश्मीरियों की हत्या हुई। इसका पूरा पाप कांग्रेस के माथे है। हमें गर्व है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने इस धारा को हटाया।

    दूसरी ओर, बड़े दुर्भाग्य के साथ बोलना पड़ रहा है कि रस्सी जल गई, बट नहीं गया। जब देश के दुश्मनों को भारत की सेना पाकिस्तान में घुसकर मारती है तो ये पप्पू (राहुल गांधी) सेना से सबूत मांगते हैं। वे वहां बोलते हैं और दिग्विजय सिंह यहां बोलते हैं। नक्सलवादियों को हमारी सेना मारती है और ये उनके लिए आंसू बहाते हैं।

    मुख्यमंत्री ने कोलार में बने स्टेडियम को लेकर कहा कि यहां पर कांग्रेस की बुद्धि का रावण जलेगा। डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के नाम से यह स्टेडियम बना है। यह कांग्रेस को याद दिलाता रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खेलों में मध्यप्रदेश की सहभागिता के बारे में भी बताया। साथ ही कहा कि सरकार आउट टर्न प्रमोशन, नौकरी देने का काम भी कर रही है।

    अब कांग्रेस की बुद्धि का रावण जलेगा

    सीएम मोहन ने कहा कि इस खेल मैदान में पहले यहां रावण आप जलाते थे, लेकिन अब कांग्रेस की बुद्धि का रावण जलेगा. यह स्थान डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी के कामों को याद दिलाता रहेगा. यहां संदिपनी विद्यालय भी बन रहा है. स्कूल के भवन जितने भव्य बन रहे हैं, मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि ऐसे सरकारी भवन पूरे विश्व में नहीं मिलेंगे. कांग्रेस आंख खोलकर देख ले कि उनके जमाने में कैसे स्कूल भवन होते थे और अब कितने भव्य भवन तैयार हो रहे हैं.

    खेल मैदान में मिलेंगी सभी सुविधाएं

    उन्होंने कहा कि कोलार का यह आधुनिक खेल परिसर 9 एकड़ में तैयार हुआ है. 11 करोड़ 50 लाख से तैयार इस खेल परिसर में इंडोर, आउटडोर, बैडमिंटन, जूडो, टेबल टेनिंस, मलखंब और क्रिकेट का मैदान जैसी सभी सुविधाएं मिलेंगी. राजधानी भोपाल का अतीत भी गौरवशाली है. ऐसे सभी महापुरूषों के नाम पर अलग-अलग दरवाजे बनाकर उनका इतिहास भी अमर कर रहे हैं. राजा भोज, विक्रमादित्य जैसे 7 द्वार बनाए जाएंगे. एशियन शूटिंग चैम्पियनशिप कजाकिस्तान में होती है और शानदार निशाना मध्यप्रदेश से लगता है.

    मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों ने एशियन स्तर पर 10 पदक जीते है. ओलंपिक में भी हमारे खिलाड़ी कमाल कर रहे हैं. खेलो इंडिया वाटर स्पोर्ट्स में प्रदेश के खिलाड़ियों ने 18 स्थान हासिल किया है. खेल विभाग ऐसी कई उपलब्धियां हासिल कर रहा है."

    भोपाल को मिली एक और सौगात

    उधर इसके पहले हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि "पहले यहां रावण दहन किया जाता था, लेकिन अब स्टेडियम बनने से रावण दहन कार्यक्रम बंद हो जाएगा. इसलिए आग्रह है कि सड़क के दूसरी तरफ 16 एकड़ जमीन मौजूद है, उस भूमि पर रामलीला मैदान बनाना चाहते हैं, ताकि रावण भी वहां जलाया जाता रहे और रामकथा हो.

    बीजेपी विधायक ने कहा कि कोलार में कजली खेड़ा थाना कैबिनेट से स्वीकृत है, अभी कोलार के 29 किलोमीटर क्षेत्र में सिर्फ एक थाना कोलार ही है. इसलिए कजलीखेड़ा थाना जल्दी बनाया जाए. कटारा हिल्स क्षेत्र में एक स्टेडियम और दे दिया जाए." मुख्यमंत्री ने विधायक की सभी मांगों पर अपनी सहमति देते हुए कहा कि जो मांगा है, वह भूला नहीं हूं.

    मछली-मगर सब बराबर विधायक शर्मा की मांग पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कटारा-बर्रई में दीनदयाल स्टेडियम बनाने की घोषणा की। वहीं, बैरागढ़ में खेल स्टेडियम के लिए भूमि देने, कोलार में 16 एकड़ में राम लीला मैदान बनाने को भी कहा। कजलीखेड़ा में थाना बनाने की मांग पर बोले कि गुंडे-बदमाशों को ठीक करने का काम सरकार कर रही है। चाहे छतरपुर की हवेली हो या, मछली-मगर सब बराबर है।

    इससे पहले स्वागत भाषण देते हुए हुजूर विधायक शर्मा ने कहा कि पहले कोलार काफी पिछड़ा हुआ था। न सड़कें थीं और न ही सीवेज सिस्टम। न ही एसडीएम ऑफिस या अन्य दफ्तर। आज कोलार पूरा बदल गया है। राजधानी की पहली सिक्सलेन सड़क यही पर है। वालीबॉल, क्रिकेट, फुटबॉल, बेडमिंटन, टेबल टेनिस, बॉक्सिंग, मलखंब समेत 18 प्रकार के खेलों के लिए अब नया स्टेडियम बन गया है। संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़), सनखेड़ी, नीलबड़-रातीबड़, फंदा का भी विकास हो रहा है। सड़कें, ब्रिज बन रहे हैं।

    विधायक शर्मा ने मुख्यमंत्री से 16 एकड़ जमीन पर राम लीला मैदान बनाने की मांग की। ताकि, दशहरा समेत अन्य उत्सव मनाए जा सके। कजलीखेड़ा थाना केबिनेट से स्वीकृत है। इसकी जल्द शुरुआत की जाए। कटारा में दीनदयाल उपाध्याय जी के नाम से एक स्टेडियम भी बनाया जाए। ताकि, बच्चों को खेलकूद के लिए बेहतर जगह मिल सके।

    मंत्री सारंग ने कहा कि बंजारी में बना स्टेडियम खेलों और युवाओं के कल्याण की अवधारणा को स्थापित करता है। इससे खेलों के प्रति युवाओं को एक बड़ा प्लेटफार्म मिलेगा।

    अमृत 2.0 में ऐसे बिछेगा सीवेज सिस्टम अमृत 2.0 के तहत बिछाए जाने वाले सीवेज सिस्टम की कुल 155 करोड़ रुपए लागत आएगी, जो 3 साल यानी, नवंबर-2028 तक पूरा होगा। इसमें बैरागढ़ के 3 वार्ड (4, 5-6) और कोलार के 6 वार्ड (80, 81, 82, 83, 84-85) शामिल हैं।

    लाउखेड़ी में एसटीपी बनेगा, जबकि गुफा मंदिर, भैरवपुर, दीपड़ी, छाप और बर्रई में पंपिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। 5284 मैन होल चैंबर और 10 हजार 568 चैंबर बनाए जाएंगे। कुल 20 हजार घरों में सीवेज कनेक्शन होंगे, जबकि डेढ़ लाख लोगों को फायदा मिलेगा।

    इन इलाकों में फायदा मिलेगा

        बैरागढ़- बैरागढ़ फाटक रोड, लेक सिटी, कुम्हार मोहल्ला, सीआरपी, गुरुद्वारा, जोन ऑफिस के पीछे, आरा मशीन रोड, सब्जी मंडी, पंजाब नेशनल बैंक रोड, गिडवानी पार्क, मिनी मार्केट, ए वार्ड, राजेंद्र नगर, शांतिनगर, इंदिरा नगर, राजीव नगर, संत हिरदाराम नगर, वन ट्री हिल्स, जवाहर रोड, तिलक रोड, सिंधू मार्केट, लालघाटी, हलालपुरा, नयापुरा, चंचल चौराहा, कम्युनिटी हॉल, मल्टी पार्किंग, एफ वार्ड, बस स्टैंड, स्टेशन रोड, धोबी घाट, सेवा सदन, सैनिक कॉलोनी, टी वार्ड, जैन नगर, ओम नगर, हलालपुरा, सावन नगर, विजय नगर, रमा कॉलोनी, विट्‌ठल नगर समेत आसपास की सभी कॉलोनियां।

        कोलार रोड- दामखेड़ा, महाबली नगर, बैरागढ़ चिचली, सिंगापुर सिटी, जेके टाउन, गणपति इन्क्लेव, सनखेड़ी, राजदेव कॉलोनी, वंदना होम्स, भैरवपुर, बर्रई, इंडस होम्स, चिनार, कटारा, गौरीशंकर बीडीए, गोल्डन फ्लावर सिटी, सागर गोल्डन पॉम, 11 मील, नटराज फेस-1, 2 और 3, दीप मोहिनी, शीतल बंगलो, अमलतास, सिग्नेचर-1 और 2, इम्पिरियल हाइट्स, सिग्नेचर 360 एवं आसपास के इलाके।

    कार्यक्रम से पहले कांग्रेसी नजरबंद CM के कार्यक्रम से पहले कोलार में कई कांग्रेसियों को पुलिस ने नजरबंद भी कर लिया। दरअसल, एक दिन पहले ही कांग्रेस नेता राजकुमार सिंह ने सीएम को स्मार्ट मीटर समेत कई मुद्दों पर ज्ञापन देने का वीडियो जारी किया था। इसके बाद आज सुबह पुलिस उनके घर पहुंची और नजरबंद कर लिया। इसका राजकुमार ने एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जारी किया।

  • महू में शादी में गोमांस पकाने की कोशिश, बजरंग दल ने 2 क्विंटल का सामान जब्त किया

    महू
     महू कोतवाली थाना क्षेत्र में  बजरंग दल ने शादी में पकने के लिए आया दो क्विंटल गोमांस पकड़ा। गोमांस की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में बजरंग दल कार्यकर्ता जमा हो गए। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और गोमांस को थाने पहुंचाने के लिए वाहन बुलाया, परंतु बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने सिमरोल ब्रिज पर गोमांस रख दिया और करीब सवा घंटे तक रास्ता जाम किया।  बजरंग दल कार्यकर्ताओं को गोमांस की तस्करी की सूचना मिली।

    बजरंग दल ने पकड़ा दो क्विंटल गोमांस

    सूचना मिलने के बाद कार्यकर्ता नजर रखे हुए थे। इस दौरान गोमांस से भरी हुई गाड़ी सिमरोल ब्रिज के समीप खान कॉलोनी स्थित मैरिज गार्डन में पहुंची, जहां पर बजरंग दल कार्यकर्ता पहुंचे और गाड़ी की तलाशी लेने पर अलग-अलग कट्टों में दो क्विंटल गोमांस पकड़ा। साथ ही गोमांस लेकर आए अयान की भी जमकर पिटाई की और पुलिस को सौंप दिया। गार्डन में गोमांस पकाने की पूरी तैयारी की जा चुकी थी। इसको लेकर कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए और वेन में तोड़फोड़ की। इसके बाद पुलिस ने गोमांस को लोडिंग वाहन में रखवाया और थाने ले जाने के लिए रवाना किया।

    सूचना के बाद वैन से जब्त किया गोमांस

    बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि एक शादी समारोह में मारुति वैन से गोमांस लाया गया है। इसके बाद मौके पर पहुंचे कार्यकर्ताओं ने वैन से बड़ी संख्या में गोमांस जब्त कर लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने वैन में तोड़फोड़ भी की।

    इस दौरान वैन चालक मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। हालांकि, प्रदर्शनकारी बजरंग दल के कार्यकर्ता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।

    जिला संयोजक बोले- महू से रोजाना हाे रही गोमांस तस्करी

    बजरंग दल के जिला संयोजक शुभम ठाकुर ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि खान कॉलोनी के पास एक निजी मैरिज गार्डन में शादी समारोह में गोमांस पकाया जाएगा। कार्यकर्ताओं के पहुंचने पर एक वैन में गोमांस पकड़ा गया। ठाकुर ने यह भी आरोप लगाया कि महू से रोजाना बड़ी संख्या में गोमांस की तस्करी हो रही है।

    सूचना मिलते ही कोतवाली थाना प्रभारी राहुल शर्मा भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। वह बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को समझाने की कोशिश कर रहे है।

    गोमांस को सड़क पर रख कर जाम किया रास्ता

    रास्ते में सिमरोल ब्रिज पर बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने वाहन को रोककर गोमांस को सड़क पर रख कर रास्ता जाम कर दिया। साथ ही धरना प्रदर्शन करते हुए पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। कार्यकर्ताओं ने महू पुलिस पर गोमांस तस्करी को रोकने के लिए कुछ नहीं करने का आरोप लगाया है। साथ ही कहा है कि पूर्व में भी कई गाड़ियां पकड़ कर दी, परंतु पुलिस द्वारा गोमांस की तस्करी करने वाले मुख्य आरोपित नहीं पकड़े गए हैं।

    कोतवाली थाना क्षेत्र से ही सबसे अधिक गोमांस तस्करी होती है। कार्यकर्ताओं ने पुलिस से मैरिज गार्डन मालिक पर प्रकरण दर्ज कराने, उद्यान को तोड़ने, तस्करी करने वाले मुख्य आरोपित को पकड़ने की मांगें की। करीब सवा घंटे तक मार्ग जाम रखा।
    अधिकारियों के आश्वासन के बाद खुला रास्ता

    इस दौरान मौके पर एसडीओपी ललित सिकरवार, महू टीआई राहुल शर्मा, किशनगंज टीआई कुलदीप खत्री, बड़गोंदा टीआई प्रकाश वास्कले सहित पुलिस बल मौजूद रहा। मांगों के अनुसार पुलिस द्वारा बंडा बस्ती में मुख्य आरोपित को पकड़ने के लिए टीम भी रवाना की, पर कोई नहीं मिला। अधिकारियों के आश्वासन के बाद कार्यकर्ताओं ने रास्ता जाम खत्म किया।

  • सूरजपुर स्कूल में बच्चों की सुरक्षा पर सवाल, मासूम को टी-शर्ट से पेड़ पर लटकाने का वीडियो वायरल

     अंबिकापुर
    छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक चौंकाने वाली और शर्मनाक घटना सामने आई है, जिसने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां के एक स्कूल में एक मासूम बच्चे को अमानवीय तरीके से दंडित करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में बच्चा केवल टी-शर्ट के सहारे पेड़ से लटका हुआ नज़र आता है, जबकि नीचे उसने सिर्फ अंडरवीयर पहना हुआ है. वह पूरी तरह से असहाय है और उसका हल्का शरीर हवा में इधर-उधर झूलता दिखाई देता है, जिसे देख हर कोई स्तब्ध है.

    हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि बच्चे को ऐसी क्रूर सजा किस कारण दी गई, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद अभिभावकों और आम लोगों में भारी आक्रोश फैल गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी भी परिस्थिति में बच्चे के साथ इस प्रकार का व्यवहार अस्वीकार्य है और यह बाल अधिकारों का घोर उल्लंघन है. कुछ अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन की लापरवाही और अनुशासन के नाम पर गलत मानसिकता ऐसी घटनाओं को जन्म देती है.

    इधर जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है. बताया जा रहा है कि वीडियो की सत्यता, घटना का समय और इसमें शामिल जिम्मेदार लोगों की पहचान के लिए पुलिस और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम तैनात कर दी गई है. जांच में दोषी पाए जाने पर स्कूल प्रबंधन या संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. इस घटना ने एक बार फिर बच्चों के प्रति स्कूलों में होने वाली अनुचित सजाओं के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है.  

  • एसएएफ ट्रैवल बिल घोटाले पर अब भी सवाल बरकरार, आरक्षक की मौत के मामले में न्याय की प्रतीक्षा

    आरक्षक की जान तक लेने वाला एसएएफ का चर्चित ट्रैवल बिल घोटाला आज भी न्याय मांग रहा 

    एसएएफ की 6वीं बटालियन में आरक्षक ट्रैवल बिल घोटाले के पहले करोड़ों का मेडिकल बिल घोटाला भी हुआ था

    6वीं बटालियन के असिस्टेंट कमांडेंट सुबोध लोखंडे के संरक्षण में बाबू सत्यम शर्मा का बड़ा खेल

    बिल लगाने वाला दोषी और आहरण स्वीकृत करने वाले निर्दोष

    अजब गजब खेल
    सतना

    आरक्षकों के करोड़ों के ट्रैवल बिल क्या महज आरक्षक फर्जीवाड़ा कर पास करवा सकता है।जब चिन्हित आरक्षकों के नाम पर लगातार लाखों के बिल लग रहे थे तब उसकी जांच करने वाला संबंधित शाखा का बाबू और पूरे मामले में आहरण के प्रभारी डीडीए अधिकारी इसमें दोष से कैसे बच सकते हैं।अजब गजब जांच जिसमें बिल की जांच करने वाला और बिल स्वीकृत कर उस पर दस्तखत करने वाला अधिकारी पाक साफ निर्दोष और महज बिल लगाने वाले 12 आरक्षक दोषी।

    जिस जोड़ी ने खेला पूरा खेल उसको कैसे क्लीनचिट
    जिनको इस पूरे मामले का सुपरविजन करना था,उस पर ही संबंधित शाखा के बाबू को शह देने और उसी की शह में ये करोड़ों के बिल लगने के गंभीर आरोप हैं।जानकारों की मानें तो असिस्टेंट कमांडेंट सुबोध लोखंडे और बाबू सत्यम शर्मा दोनों छिंदवाड़ा के रहने वाले हैं और पूर्व से परिचित हैं।इनकी नजदीकियों को बटालियन में जानते सब हैं लेकिन कार्यवाही के डर से कोई बोलता कुछ भी नहीं
    बाबू विशेष पर असीम कृपा

    6वीं बटालियन में जब पारदर्शिता बताते हुए सभी बाबुओं की टेबल रोटेशन के तहत कुर्सी बदली गई तब भी असिस्टेंट कमांडेंट सुबोध लोखंडे की असीम कृपा से सत्यम शर्मा को कोई चाह कर भी हिला नहीं पाया।सत्यम शर्मा ने उसी कुर्सी अपर बैठ कर पूरे खेल को अंजाम दिया लेकिन वो जांच में पाक साफ निकला महज इसलिए क्योंकि उस पर अपने कथित साहब सुबोध लोखंडे के इशारे पर पूरा खेल करने के आरोप हैं।जानकारों की मानें तो सुबोध लोखंडे और सत्यम शर्मा की कॉल डिटेल की पूरी CDR निकाली जाएगी तो पूरे मामले की पूरी सत्यता सामने आ जाएगी।जानकारों की मानें तो इनके बैंक अकाउंट्स के साथ साथ इनके चिन्हित रिश्तेदारों के बैंक अकाउंट्स को खंगालने की आवश्यकता है जिससे इस पूरे घोटाले का पर्दाफाश हो जाएगा

    मेडिकल बिल घोटाले में भी  सुबोध लोखंडे ही डीडीए थे
    6वीं बटालियन में पूर्व के चर्चित मेडिकल बिल घोटाले के समय भी बटालियन में सुबोध लोखंडे ही बतौर डीडीए थे।उस समय भी पात्रता से अधिक के बिल लगाकर करोड़ों की राशि का आहरण किया गया था।दोनों ही घोटाले के तार आपस में जुड़े हैं क्योंकि इनके मुख्य कलाकार वही लोग हैं।

    कमांडेंट सिद्धार्थ चौधरी के मौन पर भी सवालिया निशान
    जानकारों की मानें तो 6वीं बटालियन के कमांडेंट सिद्धार्थ चौधरी का करीबी बन कर सुबोध लोखंडे पूरे कारनामों को अंजाम दे रहे है।अब जब पूरे मामले के कथित सूत्रधार सुबोध लोखंडे स्वयं उसी बटालियन में बतौर असिस्टेंट कमांडेंट पदस्थ हैं तो उनके होते हुए किसी निष्पक्ष जांच की आशा करना ही बेमानी है।अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब दोनों घोटाले में इतने गंभीर सवाल उठ रहे हैं तो कमांडेंट सिद्धार्थ चौधरी सब जानकर मौन क्यों हैं।सिद्धार्थ चौधरी के मौन पर भी गंभीर सवालिया निशान उठ रहे हैं।अब देखना यह होगा कि विभाग के आला अधिकारी इस जुगल जोड़ी के कारनामों की जांच किसी जिम्मेदार अधिकारी से करवा कर करोड़ों के इन घोटालों का पर्दाफाश कर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही करेंगे या अन्य मामलों की तरफ छोटे लोगों पर कार्यवाही कर मामले का पटाक्षेप कर दिया जाएगा।

  • रायपुर का ट्रैफिक अपडेट: शास्त्री चौक से जयस्तंभ तक वन-वे, समय और मार्ग विवरण

    रायपुर
     राजधानी के स्काई वॉक प्रोजेक्ट में अब काम और तेजी से आगे बढ़ेगा। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा गर्डर और स्लैब लान्चिंग के अगले चरण की तैयारी पूरी कर ली गई है, जिसके लिए विभाग ने कलेक्टर को ट्रैफिक ब्लॉक की अनुमति हेतु पत्र भेजा था। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एकांकी मार्ग के आदेश जारी कर दिए हैं।

        सोमवार से आदेश लागू होते ही रात की पाली में गर्डर और स्लैब इंस्टालेशन का काम लगातार जारी रहेगा।
        शास्त्री चौक से मेकाहारा चौक तक तथा शास्त्री चौक से मल्टीलेवल पार्किंग तक जयस्तंभ चौक की ओर रात्रि 10 बजे से सुबह 06 बजे तक एक माह तक वन-वे होगा।
        पहले 15 दिन में शास्त्री चौक से मल्टीलेवल पार्किंग तक जयस्तंभ चौक की ओर मार्ग वन वे होगा
        अगले 15 दिन में शास्त्री चौक से मेकाहारा चौक तक वन-वे होगा।

    कलेक्टर ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि वन-वे किए जाने के लिए बंद मार्ग को एंट्री एवं एग्जिट पर पर्याप्त संख्या में रिफ्लेक्टिव बेरिकेट्स लगाकर बंद करेंगे। वाहनों को परिवर्तित करने एवं यातायात संचालन के लिए पर्याप्त संख्या में गार्ड्स की व्यवस्था करेंगे एवं बंद मार्ग के प्रारंभ एवं अंत में एकांकी मार्ग का सूचना बोर्ड लगाना होगा।

    समय सीमा पर काम करने आदेश

    लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने निर्माण के अगले चरण में गर्डर और स्लैब लान्चिंग की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली है। इसके लिए विभाग ने ट्रैफिक ब्लॉक की अनुमति के लिए कलेक्टर को पत्र भेजा था। जिस पर कलेक्टर ने आदेश जारी कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, यह चरण तकनीकी रूप से सबसे चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि इसमें 5 से 6 मीटर ऊंचाई पर भारी गर्डरों को क्रेन की मदद से स्थापित किया जाना है।

    ऐसे में सुरक्षा और यातायात दोनों की विशेष व्यवस्था जरूरी मानी जा रही है। ट्रैफिक ब्लाक की अनुमति मिलते ही गर्डर लान्चिंग और स्लैब इंस्टालेशन का कार्य लगातार रात्रिकालीन पाली में जारी रहेगा, जिससे परियोजना समयसीमा के भीतर पूर्ण की जा सके।

    16 गर्डर लगाना बांकी

    परियोजना से जुड़े इंजीनियरों ने बताया कि स्काईवॉक में कुल 63 स्टील गर्डर और 25 प्रीकास्ट स्लैब लगाए जाने हैं। इनमें से 47 गर्डर का इंस्टालेशन पूरा किया जा चुका है, जबकि 16 गर्डर शेष हैं। इसी प्रकार 25 में से 19 स्लैब लगाए जा चुके हैं, और शेष 6 स्लैब का लान्चिंग कार्य इसी चरण में किया जाएगा।

    गर्डर का निर्माण हो चुका है पूरा

    भिलाई स्थित वर्कशाप में गर्डर का निर्माण पहले ही पूरा कर लिया गया है। अब इन्हें हैवी ट्रांसपोर्टर और क्रेन सिस्टम के माध्यम से साइट पर लाकर फिटिंग की जा रही है। पीडब्ल्यूडी द्वारा भेजे गए पत्र में स्काईवॉक क्षेत्र में ट्रैफिक ब्लॉक की अवधि रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक प्रस्तावित की गई है।

    शास्त्री चौक में रोटेटरी और एस्केलेटर की योजना

    पीडब्ल्यूडी की योजना के अनुसार, स्काईवाक का सेंटर का हिस्सा शास्त्री चौक पर विकसित किया जा रहा है, जहां चारों दिशाओं से आवागमन के लिए 5 मीटर चौड़ी रोटेटरी बनाई जाएगी। साथ ही, यात्रियों की सुविधा के लिए कुल 12 स्थानों पर एस्केलेटर और लिफ्ट लगाने की योजना है।

    रात्रिकालीन कार्य और सुरक्षा व्यवस्था

    कार्य की प्रकृति को देखते हुए पीडब्ल्यूडी ने रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक का समय तय किया है, ताकि यातायात पर न्यूनतम प्रभाव पड़े। इस दौरान पुलिस और ट्रैफिक विभाग की संयुक्त टीम स्थल पर मौजूद रहेगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि कार्य अवधि के दौरान सुरक्षा बैरिकेड, सिग्नलिंग लाइट और सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाएगी।

     

  • SC ने अमित बघेल पर लगाई फटकार, FIR क्लब करने की अपील को ठुकराया

    रायपुर 

    छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अध्यक्ष और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल की मुश्किलें अब और बढ़ने वाली है। अपने बयानों को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे अमित बघेल को सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई है। अग्रिम जमानत के लिए याचिका लगाने पर अमित बघेल को राहत नहीं मिली है। 24 नवंबर को कोर्ट ने साफ कर दिया कि जहां-जहां FIR दर्ज हुई है, आरोपी को वहां की कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा।

    अमित बघेल की ओर से दर्ज सभी एफआईआर को क्लब करने की मांग पर कोर्ट ने कहा, आप अपनी ज़ुबान संभालकर रखें। राज्य पुलिस आएगी, आपको अपने-अपने राज्यों में ले जाएगी। पूरे देश की सैर का आनंद लीजिए। बता दें कि अमित बघेल पिछले 26 दिनों से फरार है, उन पर 12 राज्यों में FIR दर्ज है।

    अमित बघेल के वकील ने कहा- गुस्से में दिया था बयान

    बघेल की ओर से पैरवी कर रहे एडवोकेट ने न्यायालय में सुनवाई के दौरान कहा था कि बयान स्वीकार्य नहीं थे, लेकिन गुस्से में दिए गए थे और किसी की भावनाएं आहत करने का इरादा नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में पांच FIR दर्ज हैं, इसलिए अन्य राज्यों के मामले वहीं ट्रांसफर कर दिए जाएं।

    लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने दलील मानने से इनकार कर दिया। पीठ ने कहा कि वे इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगी और आरोपी को हर राज्य में दर्ज FIR के तहत प्रक्रिया का सामना करना होगा।

    कई राज्यों में दर्जनभर से अधिक FIR

    बता दें कि अमित बघेल के खिलाफ कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु सहित कई राज्यों में दर्जनभर से अधिक FIR दर्ज हैं। विवादित बयान के बाद देशभर में सिंधी समाज ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया था।

    कई शहरों में बघेल का पुतला फूंका गया और राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। समुदाय का आरोप है कि बघेल ने सिंधी समाज को ‘पाकिस्तानी’ कहकर अपमानित किया था।

     अमित बघेल ने क्या कहा था ?

    छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़ने को लेकर 27 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रमुख अमित बघेल ने अग्रसेन महाराज, सिंधी समाज के ईष्ट देवता झूलेलाल पर टिप्पणी की थी। अमित बघेल के बयान के बाद अग्रवाल समाज और सिंधी समाज ने प्रदेशभर और देशभर में प्रदर्शन किया।

    जानिए क्या है मूर्ति विवाद ?

    दरअसल, 26 अक्टूबर 2025 को रायपुर के VIP चौक पर छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति से तोड़फोड़ की गई। अगले दिन छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना मौके पर पहुंची और जमकर हंगामा किया। इस दौरान क्रांति सेना और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प भी देखने को मिली।

    हंगामे के बाद, छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति दोबारा स्थापित कर दी गई। पुलिस ने अगले दिन सुबह राम मंदिर के पास से आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी मानसिक रूप से बीमार था और उसने नशे में मूर्ति तोड़ी थी।

    अमित बघेल की विवादित टिप्पणी

    दरअसल, 27 अक्टूबर 2025 को अमित बघेल ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और अग्रसेन महाराज के खिलाफ विवादित टिप्पणी की थी।

    अमित ने कहा था कि कौन है अग्रसेन महराज। चोर है या झूठा है। पाकिस्तानी सिंधी क्या जानते हैं। मछली वाले भगवान के बारे में। उन्होंने हमारी छत्तीसगढ़ी महतारी के गर्दन को काटकर अपमान किया है।

  • नवंबर का अंतिम सप्ताह ठंड से राहत, दिसंबर में तापमान में गिरावट; MP में बादलों का डेरा

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश में इस बार नवंबर के महीने में ही कड़ाके की ठंड पड़ी है, हालांकि नवंबर के आखिरी सप्ताह में कड़ाके की ठंड से थोड़ी राहत मिल रही है, क्योंकि साइक्लोनिक सर्कुलेशन यानि चक्रवात की वजह से मध्य प्रदेश में बादल छा रहे हैं, ऐसे में मौसम में थोड़ा बदलाव देखने को मिला है, लगातार कई जिलों में सुबह के वक्त बादल छाए रहे, जिससे तापमान में बदलाव दिखा. हालांकि सुबह और रात के वक्त तापमान में गिरावट का दौर जारी है, जिससे ठंड का असर बना हुआ है. आलम यह है कि 84 साल बाद नवंबर के महीने में ही भोपाल में ठंड का रिकॉर्ड टूट गया, जबकि इंदौर में भी 25 साल बाद ठंड का रिकॉर्ड टूट गया है, वहीं मौसम विभाग का कहना है कि दिसंबर में कड़ाके की ठंड का दौर शुरू होगा.

    इधर, साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) की वजह से प्रदेश में बादल छा रहे हैं। लगातार तीसरे दिन भोपाल समेत कई जिलों में हल्के बादल रहे। इससे दिन में ठंडक बढ़ गई है। सोमवार को भोपाल में दिन का तापमान 26.4 डिग्री रहा।

    वहीं, बालाघाट के मलाजखंड में 25 डिग्री, रायसेन में 26.6 डिग्री, श्योपुर में 26.2 डिग्री, दतिया में 26.4 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिक शर्मा ने बताया, बादलों की वजह से दिन के पारे में गिरावट हुई है, लेकिन रात का तापमान फिलहाल स्थिर रहेगा।

    पहाड़ों में बर्फबारी जल्दी, इसलिए शीतलहर चली बता दें कि प्रदेश में 6 नवंबर से ही कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो गया था। आम तौर पर नवंबर के दूसरे पखवाड़े से तेज ठंड पड़ती है, लेकिन इस बार पहाड़ी राज्य- हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में समय से पहले बर्फबारी हो गई।

    इस वजह से बर्फीली हवाओं से एमपी भी कांप उठा। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार, साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर, यहां रात का पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा।

    वर्तमान में हवा की दिशा बदल गई है। इस वजह से प्रदेश में उत्तर से ठंडी हवा नहीं आ रही है। इसलिए पिछले 3 दिन से प्रदेश में कहीं भी शीतलहर नहीं चली। ऐसा ही मौसम अगले चार दिन और बना रहेगा। यानी, इस सप्ताह कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान नहीं है, लेकिन दिसंबर के पहले सप्ताह में कड़ाके की ठंड का दौर फिर से शुरू हो जाएगा।

    ग्री पर आ गया। इंदौर में 12.8 डिग्री, ग्वालियर में 10.6 डिग्री, उज्जैन में 15 डिग्री और जबलपुर में 14.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। छतरपुर के नौगांव, नरसिंहपुर, राजगढ़ और रीवा में ही पारा 10 डिग्री से नीचे रहा।

    हालांकि, कोहरे का असर देखने को मिल रहा है। भोपाल में पूरे दिन धुंध छा रही है। इससे 4 से 5 किलोमीटर के बाद कुछ भी देखना मुश्किल है, जबकि सुबह के समय विजिबिलिटी 1 से 2 किमी दर्ज की जा रही है। पचमढ़ी, नर्मदापुरम, रीवा, सतना, शाजापुर समेत कई जिलों में घना कोहरा छा रहा है।

    सुबह कोहरे का अलर्ट, इसलिए गाड़ी संभलकर चलाने की सलाह कोहरे की वजह से एक्सपर्ट ने लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग करने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने हेल्थ और फसलों को लेकर एडवाइजरी भी जारी की है।

        ट्रैफिक – कोहरा होने पर गाड़ी चलाते समय या किसी ट्रांसपोर्ट के जरिए ट्रैवल करते समय सावधान रखें। ड्राइविंग धीरे करें और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें।

        हेल्थ- तेज ठंड होने पर शरीर की गर्माहट बनाए रखने के लिए सिर, गर्दन, हाथ-पैर की उंगलियों को अच्छे से ढंके। फ्लू, सर्दी, खांसी-जुकाम होने पर डॉक्टर को दिखाए। विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं।

        कृषि- जहां मिट्‌टी में पर्याप्त नमी हो, वहां गेहूं, चना, सरसों-मटर की बुआई करें। जहां बुआई हो चुकी है, वहां जरूरत पड़ने पर कृषि वैज्ञानिकों से सलाह लें। पिछली फसलों के अवशेष यानी, ठूंठ को कभी न जलाएं।

    एमपी में ठंड से अब तक दो की मौत कड़ाके की ठंड की वजह से पिछले दो दिन में दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। रीवा के अमहिया थाना क्षेत्र स्थित अस्पताल चौराहा पर सड़क किनारे एक व्यक्ति की लाश पड़ी मिली थी। इससे पहले रायसेन में भी एक शख्स की मौत हो चुकी है। परिजनों का दावा है कि ठंड की वजह से ही मौत हुई, लेकिन प्रशासन ने ठंड से मौत होने की पुष्टि नहीं की है।

  • MP सरकार की बड़ी पहल, पर्यटन को उद्योग घोषित, टैक्स और सब्सिडी में मिलेगी छूट

    भोपाल
     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के पास प्राकृतिक सौंदर्य, विरासत और सांस्कृतिक विविधता का अद्भुत खजाना है, जिसे और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने से पर्यटन क्षेत्र को राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियों का लाभ मिल सकेगा। इससे पर्यटन निवेश को बढ़ावा मिलेगा और प्रदेश में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि पर्यटन उद्योग का दर्जा मिलने पर होटल, रिसॉर्ट, एडवेंचर टूरिज़्म, ट्रेवल सर्विसेज़ सहित पर्यटन से जुड़े अन्य क्षेत्रों को विभिन्न प्रकार की सब्सिडी (अनुदान सहायता), कर रियायतें और अन्य प्रोत्साहन उपलब्ध होंगे। इससे निजी निवेशकों का विश्वास भी बढ़ेगा और पर्यटन ढाँचा और अधिक मजबूत होगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में पर्यटन विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए बीते दिनों पर्यटन विभाग के अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय बैठक ली। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को पर्यटन क्षेत्र को उद्योग का दर्जा देने की दिशा में ठोस और त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि पर्यटन विकास से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि इस क्षेत्र में इंट्रेस्ट रखने वाले निवेशकों एवं उद्यमियों को सुगमता हो और मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख पर्यटन राज्य के रूप में स्थापित किया जा सके।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार के इस बड़े निर्णय से राज्य में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि निवेशकों को राज्य की पर्यटन विकास नीति एवं प्रोत्साहन नियमों का भरपूर लाभ मिले।

  • PM मोदी के नेतृत्व में रायपुर में SPG मोर्चा संभालेगी, DGP-IG कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय सुरक्षा पर फोकस

    रायपुर
     रायपुर में 28 से 30 नवंबर तक नवा रायपुर स्थित IIM परिसर में 60वां अखिल भारतीय DGP-IGP सम्मेलन आयोजित होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल इस तीन दिवसीय बैठक में शामिल होंगे। सम्मेलन से पहले 26 और 27 नवंबर को रिहर्सल रखी गई है। आज मंगलवार को SPG की टीम रायपुर पहुंच रही है, जो कार्यक्रम स्थल और सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करेगी। इसके लिए नया रायपुर पूरी तरह सील रहेगा। उससे पहले सिविल लाइंस स्थित C-4 डायल 112 कंट्रोल रूम में अधिकारियों की बैठक होगी।

    सम्मेलन में देशभर के डीजीपी और आईजी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अहम मसलों पर चर्चा करेंगे। साइबर सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी रणनीति, ड्रग्स नियंत्रण और सीमा प्रबंधन प्रमुख एजेंडा होंगे। पहले दिन 2, दूसरे दिन 4 और तीसरे दिन 2 सत्र होंगे। अमित शाह तीनों दिन मौजूद रहेंगे, जबकि प्रधानमंत्री मोदी दो दिन शामिल हो सकते हैं।

    सभी राज्य अपराध नियंत्रण और सुरक्षा उपायों पर प्रेजेंटेशन देंगे। एक मॉडल स्टेट के आधार पर कॉमन गाइडलाइन तैयार की जाएगी। उद्घाटन सत्र में अमित शाह और समापन सत्र में प्रधानमंत्री मोदी शामिल होंगे। सम्मेलन के दौरान विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह का बंगला अस्थायी PMO के रूप में उपयोग होगा।

    VVIP सुरक्षा के लिए शहर में कारकेड व्यवस्था

    वहीं पीएम मोदी और कई VVIP 28–29 नवंबर को रायपुर पहुंचेंगे. जिसके चलते VVIP सुरक्षा के लिए शहर में कारकेड की व्यवस्था की गई है. अफसरों के लिए विशेष बस सेवा तैयार किया गया है. 27 नवंबर से एयरपोर्ट पर अफसरों और मेहमानों के स्वागत के खास इंतजाम होंगे. सुबह वीवीआईपी आगमन, शाम को वापसी, आम जनता की आवाजाही पर न्यूनतम असर रहेगा. रूट डायवर्जन, होटल व्यवस्था और उच्च स्तरीय सुरक्षा के लिए सभी विभाग अलर्ट पर है.

    कॉन्फ्रेंस में सभी राज्य प्रेजेंटेशन देंगे

    कॉन्फ्रेंस में सभी राज्य अपराध नियंत्रण संबंधी प्रयासों पर प्रजेंटेशन देंगे। एक मॉडल स्टेट चुनकर कॉमन गाइडलाइन जारी हो सकेगी। उद्घाटन सत्र में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और समापन सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहेंगे। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह का बंगला अस्थाई PMO बनेगा।

    2024 में भुवनेश्वर में हुआ था सम्मेलन

    पिछले साल 2024 में DGP-IG कॉन्फ्रेंस ओडिशा के भुवनेश्वर में हुआ था। इसमें पीएम मोदी ने हिस्सा लिया था। छत्तीसगढ़ पहली बार इस प्रतिष्ठित आयोजन की मेजबानी कर रहा है, जो राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

    ऐसे होगी ठहरने की व्यवस्था

    प्रधानमंत्री एम-1 केंद्रीय गृहमंत्री एम-11 में ठहरेंगे। नए सर्किट हाउस में एनएसए अजीत डोभाल, डिप्टी एनएसए अनीश दयाल सिंह, आईबी चीफ तपन डेका, केंद्रीय गृह सचिव और दोनों केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के ठहरने की व्यवस्था की गई है।

    सर्किट हाउस में 6 सूइट और 22 कमरे बुक किए गए हैं। ठाकुर प्यारेलाल संस्थान में 140 कमरे और निमोरा अकादमी में 91 कमरे बुक हैं। यहां 33 राज्यों से आने वाले डीजीपी, पैरामिलिट्री फोर्स के 20 डीजी/एडीजी समेत 75 पुलिस अधिकारी ठहरेंगे।

    एक महीने में पीएम मोदी का दूसरा दौरा

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक महीने में यह दूसरा छत्तीसगढ़ दौरा होगा। इससे पहले, 1 नवंबर को वे राज्य स्थापना दिवस पर रायपुर पहुंचे थे, जहां उन्होंने सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में बच्चों से मुलाकात की। आदिवासी संग्रहालय का उद्घाटन किया और राज्योत्सव में हिस्सा लिया था।

    आज से SPG संभालेगी मोर्चा

    DGP-IG कॉन्फ्रेंस में SPG (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप) कार्यक्रम स्थलों में तैनात होगी. SPG की टीम मंगलवार को रायपुर पहुंचेगी. कार्यक्रम से एसपीजी के अधिकारी कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण करेंगे. कार्यक्रम के मद्देनजर नया रायपुर सील रहेगा.

     कॉन्फ्रेंस में जुटेंगे साढ़े पांच सौ अफसर

    साथ ही रुकने वाले स्थानों की सुरक्षा के लिए जवानों की तैनाती की जाएगी. राज्य पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल की 5 कंपनी को ड्यूटी में उपलब्ध कराया जाएगा. 28 से 30 नवंबर तक होने वाले सम्मेलन स्थल पर सीआरपीएफ के जवानों के साथ ही आईबी की टीम तैनात रहेगी. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के सुरक्षा की जिम्मेदारी एसपीजी के जिम्मे रहेगी. केंद्रीय फोर्स के जवान सहयोगी की भूमिका में रहेंगे.

    पिछले वर्ष 2024 में यह सम्मेलन ओडिशा के भुवनेश्वर में हुआ था। छत्तीसगढ़ पहली बार इस प्रतिष्ठित आयोजन की मेजबानी कर रहा है, जो राज्य के लिए एक उपलब्धि मानी जा रही है।

    अतिथियों के ठहरने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री एम-1 और गृह मंत्री एम-11 में रुकेंगे। नए सर्किट हाउस में NSA अजीत डोभाल, डिप्टी NSA अनीश दयाल सिंह, IB चीफ तपन डेका, केंद्रीय गृह सचिव और दोनो केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के लिए 6 सूइट और 22 कमरे बुक किए गए हैं। ठाकुर प्यारेलाल संस्थान में 140 कमरे और निमोरा अकादमी में 91 कमरे आरक्षित हैं, जहां 33 राज्यों से आने वाले डीजीपी, पैरामिलिट्री फोर्स के 20 डीजी/एडीजी सहित 75 वरिष्ठ अधिकारी ठहरेंगे।

    प्रधानमंत्री मोदी एक महीने में दूसरी बार छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। इससे पहले वे 1 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए थे।

    सम्मेलन की सुरक्षा एडीजी दीपांशु काबरा और आईजी अमरेश मिश्रा की कमान में रहेगी। केंद्रीय फोर्स, इंटेलिजेंस एजेंसियों और राज्य पुलिस के साथ मिलकर सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी इनके पास होगी। सम्मेलन में सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के डीजीपी और आईजी प्रतिनिधि शामिल होंगे।

     

  • प्राणी उद्यानों और वन्य प्राणियों के बेहतर रखरखाव के लिए छत्तीसगढ़ में नई योजना

     रायपुर
     प्रदेश में वन्य जीव संरक्षण और प्राणी उद्यानों के बेहतर रखरखाव को लेकर वन विभाग ने एक नई पहल शुरू करने की तैयारी की है। कर्नाटक और उत्तरप्रदेश की तर्ज पर अब छत्तीसगढ़ में भी नागरिकों के साथ विभिन्न संस्थाएं और सामाजिक संगठन वन्य प्राणियों को गोद ले सकेंगे।

    इस योजना के माध्यम से वन्य प्राणियों की देखभाल, पोषण के साथ-साथ उनके आवास व स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वन विभाग ने इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसे जल्द ही सरकार के स्वीकृति के लिए भेजा जा रहा है। अनुमति मिलते ही योजना को आधिकारिक रूप से लागू कर दिया जाएगा।

    पहले चरण में राजधानी रायपुर स्थित जंगल सफारी और बिलासपुर के कानन पेंडारी चिड़ियाघर से कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी। इसके बाद जरूरत और परिस्थितियों के अनुरूप राज्य के अन्य चिड़ियाघरों तथा संरक्षित क्षेत्रों में भी इसे विस्तारित किया जाएगा।

    वार्षिक दान दे सकेंगे

    योजना के तहत नागरिक या संस्थाएं किसी भी वन्य प्राणी के संरक्षण के लिए वार्षिक दान दे सकेंगे। इस दान की न्यूनतम राशि और गोद लेने की शर्तें योजना के औपचारिक लॉन्च के बाद सार्वजनिक की जाएगी। अनुमान है कि राशि प्राणी के आहार और सेवा-सुविधाओं की लागत के आधार पर तय होगी, जिसमें शेर, बाघ जैसे बड़े प्राणियों के लिए अधिक और हिरण, पक्षी आदि श्रेणियों के लिए अपेक्षाकृत कम दान निर्धारित किया जाएगा।

    वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार किसी भी प्राणी को गोद लेने का अर्थ केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना होगा, इसमें प्राणी के स्वामित्व या उसके अधिकारों का हस्तांतरण शामिल नहीं होगा। गोद लेने वालों को विशेष अवसर पर प्राणी दर्शन की अनुमति, देखभाल संबंधी गतिविधियों की जानकारी और विभाग के कार्यक्रमों में आमंत्रण जैसे प्रोत्साहन भी प्रदान किए जाएंगे।

    संबंधित बाड़े में होंगे नाम

    विशेष बात यह है कि दान देने वाले नागरिकों और संस्थाओं के नाम संबंधित प्राणी के बाड़े के बाहर और चिड़ियाघर के प्रमुख सार्वजनिक स्थल पर पट्टिका के रूप में अंकित किए जाएंगे। इससे सामाजिक सहभागिता बढ़ेगी और वन्य प्राणियों के संरक्षण के प्रति जागरूकता भी मजबूत होगी।

    वन विभाग का मानना है कि इस योजना के लागू होने से जहां संरक्षण कार्यों को आर्थिक मजबूती मिलेगी। वहीं आम नागरिकों में वन्य जीवों के प्रति भावनात्मक जुड़ाव भी बढ़ेगा। विभाग को उम्मीद है कि राज्य के उद्योग, शैक्षणिक संस्थान, सामाजिक संगठन और संवेदनशील नागरिक इस अभियान में उत्साहपूर्वक भागीदारी करेंगे।

  • दतिया के गांव में स्वास्थ्य सुविधा का नया सपना साकार, तीन बीघा जमीन अस्पताल के लिए दान

    दतिया 
      दतिया जिले में एक किसान ने उदारता दिखाई है। गांव में 30 साल पहले बना अस्पताल में अब लोगों के लिए छोटा पड़ रहा था। मरीजों की संख्या के हिसाब से अब अस्पताल में जगह नहीं थी। दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े वहां पहुंचे और अस्पताल का निरीक्षण किया। गांव के लोगों ने विस्तार की बात कही तो कलेक्टर ने कहा कि यहां जमीन ही नहीं है।

    कलेक्टर ने जमीन देने की अपील की
    अस्पताल के पास ही खड़े होकर कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े वहां लोगों से बात करने लगे। बातचीत के दौरान उन्होंने किसानों से कहा कि यहां निर्माण के लिए जमीन ही नहीं है। अगर जमीन नहीं है तो विस्तार कैसे होगा। ग्रामीणों ने कलेक्टर की अपील को सुना। इस बीच उन्हीं में से एक किसान ने उदारता दिखाई।

    किसान ने जमीन दान कर दी
    कलेक्टर स्वपनिल वानखेड़े की बातों को सुनकर मौके पर मौजूद एक किसान ने उदारता दिखाई। किसान ने तुरंत कलेक्टर से कहा कि अस्पताल निर्माण के लिए मैं दो-तीन बीघा जमीन दान दूंगा। इससे ज्यादा भी जरूरत पड़ी तो मैं देने के लिए तैयार हैं। किसान ने कहा कि सड़क किनारे भी हमारी जमीन है, वहां भी दे दूंगा। इसके साथ किसान ने कलेक्टर से कहा कि हमारे परिवार ने पहले भी जमीन दान में दी है। अस्पताल और स्कूल गांव में उसी जमीन पर बने हुए हैं।

    कलेक्टर ने कहा कि सम्मानित करूंगा
    वहीं, मौके पर मौजूद दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने अधिकारी से कहा कि दान पत्र बन जाए तो स्थानीय स्तर पर एक कार्यक्रम आयोजित कर इन्हें सम्मानित करें। कलेक्टर ने यह भी कहा कि मैं भी इस कार्यक्रम में आऊंगा।

    गौरतलब है कि जमीन दान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद गांव में अस्पताल निर्माण की प्रक्रिया शुरु होगी। इससे गांव और आसपास की महिलाओं को डिलीवरी के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। कलेक्टर ने किसान से बात करते हुए वीडियो शेयर किया है।

  • MP हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई, SC आदेशों के अनुपालन में बनाई जा रही नीति की स्टेटस रिपोर्ट मांगी

    जबलपुर
    हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पालन में बनाई जा रही नीति की स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए राज्य शासन को चार सप्ताह का समय दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद जनहित याचिकाकर्ता के सुझावों पर विचार किया जाएगा।  हुई सुनवाई में किसानों द्वारा हाई-वोल्टेज तार लगाने से वन्य प्राणियों की मौतें होने का बिंदु भी रेखांकित हुआ।

    जनहित याचिकाकर्ता रायपुर निवासी नितिन संघवी की ओर से अधिवक्ता अंशुमान सिंह ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि हाथियों को रेस्क्यू के नाम पर लंबे समय तक कैद में रखने का रवैया बेहद चिंताजनक है। मानव-वन्यजीव संघर्ष में फसलों और संपत्ति को भारी नुकसान हो रहा है, लेकिन इसकी भरपाई की प्रक्रिया बेहद धीमी है। मुआवजा पटवारी स्तर पर तय होता है और इसे सामान्य प्राकृतिक आपदा जैसा माना जाता है। राहत मिलने में काफी समय लगता है। आंकड़ों के अनुसार किसानों को सिर्फ 17 प्रतिशत तक ही मुआवजा मिल पाता है। फसल और संपत्ति के नुकसान का मामला वन विभाग संभाले। पटवारी के बजाय वन विभाग को जिम्मेदारी संभालनी चाहिए।

    मौत पर 10 लाख रुपये मुआवजा तय किया जाए

    सुप्रीम कोर्ट ने 17 नवंबर, 2025 को सभी राज्यों को टीएन गोदावर्मन बनाम यूनियन ऑफ इंडिया केस में यह निर्देश दिए थे कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को उत्तर प्रदेश और केरल की तर्ज पर प्राकृतिक आपदा की श्रेणी में रखा जाए। ऐसे मामलों में मौत पर 10 लाख रुपये मुआवजा तय किया जाए और छह महीने के भीतर विस्तृत नीति बनाई जाए।

    प्रदेश में बाघों की मौत का कारण करंट

    विगत सुनवाई में एक्सपर्ट कमेटी ने बताया था कि कान्हा में रखे गए जंगली हाथियों को 15 दिनों में छोड़ दिया जाएगा और उनकी ट्रैकिंग के लिए रेडियो कॉलर आईडी मंगवाई गई है। आज की सुनवाई में बताया गया कि दो हाथियों को कॉलर आईडी लगाकर जंगल में छोड़ दिया गया है। इसी देरी और परेशानियों के कारण किसान खेतों की सुरक्षा के लिए हाई टेंशन करंट वाले तार लगाने लगते हैं। इसके कारण प्रदेश में बड़ी संख्या में वन्य प्राणियों की मौत करंट लगने से हो रही है। याचिकाकर्ता ने कहा कि बाघों की मौत के मामलों में करंट एक बड़ा कारण है।

     

  • कर्मचारियों में खुशी: MP वन विभाग ने कहा, बड़े अधिकारियों का पद नहीं घटाया जाएगा

    भोपाल
     मध्य प्रदेश के वन विभाग ने महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि उच्चतर पद के प्रभार में पदस्थ वन कर्मचारियों और अधिकारियों को अब पदावनत (डिमोट) नहीं किया जाएगा। इस निर्णय से प्रदेश के वन कर्मचारियों में राहत और संतोष का माहौल है।

    जिला स्तर पर गलत कार्रवाई पर रोक

    वन मुख्यालय ने बताया कि 15 अक्टूबर 2025 को उच्चतर पद का प्रभार देने वाले आदेश को भले ही निरस्त कर दिया गया था, लेकिन किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को पदावनत करने का निर्देश कभी जारी नहीं हुआ था।

    उसके बावजूद कुछ जिला वन अधिकारियों ने आदेशों की गलत व्याख्या करते हुए उच्चतर पद पर कार्यरत कर्मचारियों को पदावनत करना शुरू कर दिया था, जिसे अब स्पष्ट रूप से नियम विरुद्ध माना गया है।

    नए आदेश में बताया कब होगी पदावनति

    मुख्यालय द्वारा जारी नए निर्देश में स्पष्ट कहा गया है कि केवल वही कर्मचारी या अधिकारी पदावनत माना जाएगा, जिसे भविष्य में पदोन्नति सेवा नियम 2025 लागू होने के बाद पदोन्नति समिति द्वारा अपात्र घोषित किया जाएगा। यानी, वर्तमान में जो कर्मचारी उच्चतर पद पर कार्य कर रहे हैं, उनका पद सुरक्षित रहेगा और उन्हें किसी तरह का डिमोशन नहीं दिया जाएगा।

    वन कर्मचारी मंच ने किया निर्णय का स्वागत

    मध्य प्रदेश वन कर्मचारी मंच के प्रदेश अध्यक्ष अशोक पांडे ने इस आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम वन कर्मचारियों और अधिकारियों के हित में है। उन्होंने इसे लंबे समय से चल रही असमंजस की स्थिति को दूर करने वाला निर्णय बताया।

  • CM साय दिल्ली में निवेशकों के साथ सीधे संवाद में, ‘छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट’ सम्मेलन शुरू

    रायपुर 

    छत्तीसगढ़ सरकार का महत्वपूर्ण निवेशक सम्मेलन छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट आज नई दिल्ली में प्रारम्भ हो गया है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय पहुँचे और उन्होंने उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों से मुलाक़ात का क्रम प्रारंभ कर दिया है।

    इस आयोजन में स्टील क्षेत्र, पर्यटन उद्योग और अन्य प्रमुख सेक्टरों के नामी उद्योगपति तथा विभिन्न कंपनियों के शीर्ष अधिकारी शामिल हो रहे हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य देश भर के निवेशकों के समक्ष छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति, उभरते अवसरों और निवेश–अनुकूल वातावरण को प्रभावी रूप से प्रस्तुत करना है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय निवेशकों से सीधे संवाद कर रहे हैं तथा उन्हें राज्य में उद्योग स्थापित करने के लिए उपलब्ध सुविधाओं, स्थिर एवं पारदर्शी नीति, तेज़ी से विकसित होते इंफ्रास्ट्रक्चर तथा सरल और समयबद्ध प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से अवगत करा रहे हैं।

  • केन्याई नागरिक के वीजा विवाद से पुलिस में हड़कंप, विदेशी निवासियों पर निगरानी बढ़ेगी

    इंदौर 

     इंदौर के एमआईजी इलाके के गायत्री नगर में रहने वाले केन्याई नागरिक रिचर्डसन का मामला फिर से सुर्खियों में आ गया है। सुबह वरिष्ठ अधिकारियों को इस संबंध में जानकारी मिली, जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने रिचर्डसन से पूछताछ शुरू कर दी।एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने माना कि इस पूरे मामले में स्थानीय पुलिस की ओर से गंभीर लापरवाही हुई है। अब शहर में रह रहे सभी विदेशी नागरिकों का रिकॉर्ड फिर से जांचा जा रहा है।

    वीजा 1996 में खत्म, एफआईआर दर्ज

    एडिशनल डीसीपी दंडोतिया ने बताया कि जांच में सामने आया है कि रिचर्डसन का पासपोर्ट वैध है। मगर, उसका वीजा 1996 में खत्म हो चुका था। इसके आधार पर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। कोर्ट की सख्ती के चलते उसे इंदौर छोड़ने की अनुमति नहीं मिली, इसलिए वह यहीं रहकर नियमित तौर पर अदालत में पेश होता रहा।

    शहर न छोडने की शर्त पर जमानत मिल गई

    उसने 'युगांडा भले ही चारों ओर से घिरा हुआ है, लेकिन हिंद महासागर भी हमारा है' जैसी बातें लिखी पोस्ट साझा की है। कुछ तस्वीरों पर खून-खराबा दिखाया गया है। पुलिस के अनुसार रिचर्ड 1991 से इंदौर में निवासरत है। 2018 में शिवशक्ति नगर में कन्हैयालाल गौर के मकान में रहता था। उस दौरान जांच में पता चला था कि वीजा 1998 तक था। उसे गिरफ्तार कर पासपोर्ट व अन्य दस्तावेज जब्त कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से शहर न छोडने की शर्त पर जमानत मिल गई।

    वीजा 1996 में ही हुआ था समाप्त, FIR दर्ज एडिशनल डीसीपी दंडोतिया के अनुसार जांच में पाया गया कि रिचर्डसन का पासपोर्ट वैध है, लेकिन उसका वीजा वर्ष 1996 में खत्म हो चुका था। इसी आधार पर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। कोर्ट की सख्ती के चलते उसे इंदौर छोड़ने की अनुमति नहीं थी, इसलिए वह यहीं रहकर नियमित रूप से अदालत में पेश होता था।

    2018 में हुई थी पहली कार्रवाई रिचर्डसन पर 2018 में पहली बार कार्रवाई की गई थी। तब यह सामने आया कि वह वीजा समाप्त होने के बाद भी वर्षों से इंदौर में रह रहा है। उसके खिलाफ फेमा एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था, जबकि उसके पूर्व मकान मालिक पर धारा 188 में केस बना। पुराने घर से निकलने के बाद वह गायत्री नगर में शेखर कुशवाहा के यहां किराए से रहने लगा। पुलिस की जांच में यह पुष्टि हुई कि शेखर ने नियम अनुसार उसकी जानकारी थाने में दी थी।

    पड़ोसी बोले-कोरोना काल में कई का इलाज किया रिचर्डसन पेशे से डॉक्टर हैं। जब पुलिस उसके घर पहुंची और इलाके में पूछताछ की तो कई पड़ोसियों ने बताया कि उसका स्वभाव अच्छा है और वह सभी से सौहार्दपूर्वक बात करता है। कोरोना काल में उसने कई लोगों को प्राथमिक उपचार भी दिया था। लोग इलाज के बदले उसे थोड़ी-बहुत आर्थिक मदद भी कर देते थे। उसके परिवारजन समय–समय पर केन्या से आर्थिक सहायता भेजते हैं।

    पासपोर्ट रिन्यू नहीं हो पाया रिचर्डसन ने दावा किया कि उसने पासपोर्ट रिन्यू कराने की कोशिश की, लेकिन जरूरी दस्तावेज अदालत में जमा होने के कारण आवेदन स्वीकार नहीं हुआ। कोर्ट में लंबित मामले के कारण नया वीजा और पासपोर्ट दोनों बनना संभव नहीं था।

    पासपोर्ट भी निरस्त, अब बनना मुश्किल सूत्रों के अनुसार भारतीय कानून के प्रावधानों के तहत रिचर्डसन का पासपोर्ट निरस्त हो चुका है। ऐसे में कोर्ट से दस्तावेज वापस मिलने के बावजूद वह भारत से नया पासपोर्ट या वीजा आवेदन नहीं कर सकता, क्योंकि वह भारतीय नागरिक नहीं है। पुलिस इस मामले में हुई अपनी पुरानी लापरवाही को लेकर कई तथ्य दबाने की कोशिश कर रही है।

    पासपोर्ट न्यायालय से सुपुर्दगी पर प्राप्त किए गए

    फिलहाल, जिला कोर्ट में मामला विचाराधीन है। 28 अप्रैल 2026 को सुनवाई होनी है। केनियन के वकील वाजिद खान ने बताया कि आरोपित द्वारा 2019 में जब्तशुदा पासपोर्ट न्यायालय से सुपुर्दगी पर प्राप्त किए गए हैं। वीजा और पासपोर्ट की अवधि बढ़ाने के प्रयास उसने किए हैं, लेकिन अवधि नहीं बढ़ सकी। वर्तमान में वह शेखर कुशवाह के घर में रह रहा है। थाने में सूचना दी गई है।

  • IAS अधिकारी संतोष वर्मा ने आरक्षण पर कहा ऐसा, जो सोशल मीडिया पर बन गया चर्चा का विषय

    भोपाल

    अनुसूचित जाति वर्ग के सरकारी कर्मचारियों के संगठन 'अजाक्स' के नए प्रांत प्रमुख चुने गए आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा एक बड़े विवाद में घिर गए हैं। आरोप है कि आरक्षण पर भाषण देते हुए उन्होंने ब्राह्मणों को लेकर विवादित टिप्पणी कर डाली। उनका बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें वह कह रहे हैं कि आरक्षण तब तक जारी रहे जब तक कोई ब्राह्मण अपनी बेटी उनके बेटे को दान ना कर दे या उससे संबंध ना बनाए।

    वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा को वायरल वीडियो में मंच से कह रहे हैं, 'मैं तब तक यह नहीं मानूंगा कि एक परिवार में एक व्यक्ति को आरक्षण मिलना चाहिए जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान ना कर दे या उसका उससे संबंध नहीं बनाए। केवल आर्थिक आधार की बात है तो- जब तक यह रोटी-बेटी का व्यवहार ना होता तब तक हमको समाज के पिछड़ेपन, सामाजिक पिछड़ेपन के कारण आरक्षण की पात्रता मिलती रहेगी। आप खत्म कर दीजिए जाति- हमें नहीं चाहिए आरक्षण।' बताया जा रहा है कि संतोष वर्मा ने अनुसूचित जाति, जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ (अजाक्स) के प्रांतीय अधिवेशन में 23 नवंबर को यह टिप्पणी की थी।

    संतोष कुमार वर्मा मध्य प्रदेश काडर के 2012 के बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वह किसान कल्याण और कृषि विकास विभाग में उप सचिव पद पर हैं। हाल ही में उन्हें अजाक्स का प्रांतीय प्रमुख भी चुना गया है। आईएएस संतोष कुमार वर्मा इससे पहले भी विवादों में रह चुके हैं। उन पर प्रमोशन पाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप लग चुके हैं। इस मामले में उन्हें गिरफ्तार किया गया था और सस्पेंड हो गए थे। वर्मा पर एक महिला ने शादी का झांसा देकर ज्यादती का आरोप भी लगाया था।

    आईएएस अधिकारी के बयान से ब्राह्मण और सवर्ण संगठनों ने नाराजगी जाहिर की है और सरकार से कार्रवाई की मांग की है। ब्राह्मणसभा मध्य प्रदेश के अध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र व्यास ने कहा कि यह तुच्छ सोच है। उन्होंने कहा कि इस तरह की मानसिकता वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।