• अमृत हरित महाअभियान के लिये संभागवार बैठकें, स्थानीय नर्सरियों को सुदृढ़ करने के निर्देश

    भोपाल
    नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को वर्ष 2026 के लिये व्यापक पौधरोपण अभियान की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिये हैं। इस संबंध में संभागीय स्तर पर कार्यशाला आयोजित करने का सिलसिला शुरू हो गया है। आयुक्त नगरीय प्रशासन श्री संकेत भोंडवे 28 नवम्बर को सागर में अमृत हरित महाअभियान पर केन्द्रित बैठक में तैयार की गई कार्ययोजना की समीक्षा करेंगे।

    ग्वालियर में अभियान की हुई समीक्षा
    ग्वालियर में पिछले दिनों नगरीय निकायों के अमृत हरित महाअभियान के नोडल अधिकारी और फील्ड स्टाफ की हुई बैठक में ग्वालियर और चंबल संभाग की तैयार की गई कार्ययोजना पर चर्चा हुई। बैठक के बाद हुई कार्यशाला में अमृत मित्र महिलाओं को पौधों की सुरक्षा का प्रशिक्षण दिया गया। ग्वालियर चंबल संभाग के 59 नगरीय निकायों में पिछले वर्ष 3 लाख 50 हजार विभिन्न किस्मों के पौधों का रोपण हुआ था। कार्यशाला में ग्वालियर नगर निगम आयुक्त श्री संघप्रिय ने वर्ष 2026 के लिये तैयार की जा रही कार्ययोजना की जानकारी दी। जबलपुर में 5 दिसम्बर को और इंदौर में 10 दिसम्बर को कार्यशाला आयोजित की जा रही है। इन कार्यशालाओं में स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। नगरीय निकायों द्वारा वर्ष 2026 में सीवरेज, वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट और ओवरहेड टेंक के साथ जलसंरचनाओं के आस-पास की भूमि पर व्यापक पौधरोपण की तैयारी किये जाने के लिये कहा गया है। नगरीय निकायों को स्थानीय स्तर पर नर्सरियों को समृद्ध करने के लिये कहा गया है। इन बैठकों में वर्ष-2025 में लगाएं गए पौधों की सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की जा रही है।

     

  • खेल मंत्री सारंग की उपस्थिति में होगा बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी का समापन

    52वीं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी का समापन समारोह 22 नवम्बर को

    भोपाल 
    भोपाल में 52वीं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी 2025 का समापन समारोह 22 नवम्बर शनिवार को दोपहर 12 बजे सहकारिता खेल, युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग की उपस्थिति में क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान (आर.आई.ई.) श्यामला हिल्स में होगा। समापन समारोह में महापौर नगर पालिका निगम श्रीमती मालती राय भी उपस्थित रहेंगी।

    समापन समारोह में केन्द्रीय सचिव स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग श्री संजय कुमार एवं निदेशक राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान गांधी नगर गुजरात डॉ. अरविंद सी. रानाडे भी मौजूद रहेंगे। राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी 18 नवम्बर से शुरू हुई थी। प्रदर्शनी में 31 राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों के लगभग 900 विद्यार्थी एवं शिक्षकों ने संयुक्त रूप से मिलकर विज्ञान पर केन्द्रित प्रोजेक्ट एवं मॉडल प्रस्तुत किये। प्रदर्शनी का उददेश्य युवा पीढ़ी में विज्ञान के प्रति रूचि पैदा करना और वैज्ञानिक विचार विकसित करना था। इस वर्ष की राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी की थीम सतत् भविष्य के लिये विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी रखी गई थी।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव का हैदराबाद में निवेश को लेकर रोड-शो

    दक्षिण भारत के उद्योगपतियों से निवेश पर होगा विस्तृत संवाद
    ग्रीन एनर्जी, आईटी, आईटीईएस एवं इएसडीएम सेक्टर के उद्योगपति मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों से होंगे रू-ब-रू

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश में बड़े औद्योगिक निवेश आकर्षित करने के लिए 22 नवंबर को हैदराबाद में ‘इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्यप्रदेश’ सत्र में दक्षिण भारत के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ संवाद करेंगे। यह सत्र उद्योग समूहों के लिए मध्यप्रदेश की नीतियों, आधारभूत संरचना और निवेश के अवसरों को जानने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव हैदराबाद में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ प्रदेश में निवेश विस्तार, नई इकाइयों की स्थापना और विभिन्न सेक्टरों में दी जा रही सुविधाओं पर संवाद करेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्रीनको मुख्यालय का भ्रमण करेंगे। साथ ही ग्रीनको समूह के शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठक भी होगी, जिसमें ऊर्जा क्षेत्र में संभावित सहयोग और बड़े पैमाने के औद्योगिक निवेश पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इसके बाद द लीला होटल में आयोजित मुख्य सत्र में उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन चर्चा करेंगे, जिनमें आईटी, आईटीआईएस, ईएसडीएम, बायोटेक, मैन्युफैक्चरिंग और एमएसएमई जैसे क्षेत्रों में निवेश योजनाओं और आगामी प्रोजेक्ट्स पर चर्चा होगी।

    सत्र में बायोटेक क्षेत्र पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण राउंड टेबल मीटिंग होगी। इसमें नवाचार आधारित उद्योगों और अनुसंधान-आधारित परियोजनाओं के लिए मध्यप्रदेश में बन रहे अनुकूल वातावरण पर विस्तृत चर्चा होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पूरे दिन उद्योगपतियों के साथ संवाद जारी रखेंगे, जिसमें विभिन्न समूह राज्य में अपने निवेश प्रस्तावों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत विमर्श करेंगे।

    औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन प्रमुख सचिव श्री राघवेन्द्र सिंह निवेशकों के समक्ष मध्यप्रदेश की उद्योग-हितैषी नीतियों, विकसित औद्योगिक कॉरिडोर, सेक्टर-आधारित क्लस्टर्स, औद्योगिक अधोसंरचना और निवेश प्रक्रियाओं को सरल बनाने के प्रयासों की जानकारी साझा करेंगे। उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधि भी मध्यप्रदेश को लेकर अपनी अपेक्षाएँ और अनुभव साझा करेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में आयोजित यह संवाद आने वाले समय में प्रदेश में नए औद्योगिक निवेश और दीर्घकालिक साझेदारियों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। यह कार्यक्रम उद्योग जगत के लिए मध्यप्रदेश को निवेश के विश्वसनीय गंतव्य के रूप में समझने का अवसर प्रदान करेगा। 

  • समाज के हर वर्ग की सहभागिता से बालाघाट को बनायेंगे आदर्श जिला

    बालाघाट में हुई जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक

    भोपाल 
    स्कूल शिक्षा एवं बालाघाट जिले के प्रभारी मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि बालाघाट जिले को समाज के हर वर्ग की सहभागिता से आदर्श जिला बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिले के समग्र विकास के लिये गहन मंथन के बाद जिला विकास सलाहकार समिति का गठन किया है। समिति में विषय-विशेषज्ञों को शामिल किया गया है, जिनके सुझाव से जिले की विकास गति को तेज रफ्तार मिलेगी। मंत्री श्री सिंह शुक्रवार को बालाघाट में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे।

    बैठक में समिति के सदस्यों ने बालाघाट में ट्रांसपोर्ट नगर बनाने, जिला चिकित्सालय में स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से रैन-बसेरा बनाने, सरकारी क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज खोलने, जनजातीय बहुल क्षेत्र में खनिज खनन प्रक्रिया को सरल बनाने के संबंध में सुझाव दिये। बैठक में सांसद श्री भारती पारधी, विधायक सर्वश्री राजकुमार कर्राहे, गौरव पारधी, मधु भगत, विवेक विक्की पटेल और श्रीमती अनुभा मुंजारे ने सुझाव दिये। समिति के सदस्य सचिव कलेक्टर श्री मृणाल मीणा ने बताया कि समिति गठन का उद्देश्य जिले के दीर्घकालीन विकास की योजना बनाना, प्रधानमंत्री के वोकल फॉर लोकल को प्रोत्साहित करने और जिले के विकास के लिये रोड मेप तैयार करना है।

    शहीद जवान आशीष शर्मा को श्रद्धांजलि
    बैठक के प्रारंभ में बालाघाट जिले में पदस्थ जवान आशीष शर्मा को देश की सेवा करते हुए शहीद होने पर श्रद्धांजलि दी गयी। मंत्री श्री सिंह ने शहीद आशीष के शौर्य का स्मरण किया।

    युवाओं को वितरित किये गये नियुक्ति पत्र
    प्रभारी मंत्री श्री सिंह ने जिले के चयनित युवाओं को प्रतिष्ठित कम्पनियों में नौकरी मिलने पर नियुक्ति पत्र वितरित किये। उन्होंने कहा कि प्रतिष्ठित कम्पनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टाटा मोटर्स में जॉब मिलना युवाओं के लिये महत्वपूर्ण है। उन्होंने चयनित युवाओं से मन लगाकर काम करने की अपील की। कलेक्टर श्री मृणाल मीणा ने बताया कि जिले में युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिये लगातार रोजगार मेले आयोजित किये जा रहे हैं। सीखो-कमाओं योजना के अंतर्गत जिले में विभिन्न उद्योगों में 400 युवाओं को रोजगार दिलाया गया है।

     

  • डायल–112 के त्वरित सीपीआर से सड़क किनारे अचेत पड़े व्यक्ति को मिला नया जीवन

    भोपाल 
    मध्यप्रदेश पुलिस की डायल–112 सेवा अब केवल आपातकालीन कॉल रिस्पॉन्स तक सीमित नहीं रही, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा, त्वरित सहायता और जीवन रक्षा का भरोसेमंद माध्यम बन चुकी है। सड़क दुर्घटनाओं, हृदय गति रुकने जैसी गंभीर चिकित्सा आपात स्थितियों में जनता को समय पर सहायता उपलब्ध कराना आज की प्रमुख आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से डायल–112 के “फर्स्ट रेस्पॉन्डर्स” को विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा वैज्ञानिक एवं उन्नत जीवनरक्षक तकनीकों—विशेषकर सीपीआर का प्रशिक्षण प्रदेश के सभी जिलों में प्रदान किया जा रहा है, ताकि वे घटनास्थल पर ही तत्काल प्रभावी प्राथमिक उपचार दे सकें।

    इसी प्रशिक्षण के परिणामस्‍वरूप भोपाल के टीटी नगर क्षेत्र में हार्ट अटैक से गिरे स्कूटी सवार व्यक्ति को डायल-112 टीम ने समय रहते सीपीआर देकर जीवन बचाया जा सका। 20 नवंबर 2025 की शाम लगभग 6:10 बजे राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल–112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना टीटी नगर क्षेत्र में एक स्कूटी सवार व्यक्ति अचानक सड़क किनारे गिर पड़ा है और अचेत अवस्था में है। सूचना मिलते ही कंट्रोल रूम द्वारा क्षेत्र में तैनात एफआरव्ही वाहन को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।

    कुछ ही मिनटों में डायल–112 की एफआरव्ही टीम मौके पर पहुँची। टीम ने पहुंचकर देखा कि एक व्यक्ति सड़क के किनारे गिरा हुआ है। व्यक्ति अचेत अवस्था में पड़ा था। आसपास उपस्थित लोगों ने भी बताया कि व्यक्ति स्‍कूटी से अचानक गिर पड़ा और कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा था।

    स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एफआरव्ही स्टाफ ने बिना देर किए सीपीआर देना शुरू किया। कुछ ही मिनटों की सतर्कता और निरंतर प्रयासों से व्यक्ति की धड़कनें सामान्य हुईं। इसी दौरान पीड़ित के परिजन भी घटनास्थल पर पहुँच गए, जिन्हें डायल–112 टीम ने स्थिति से अवगत कराया। डायल-112 कर्मचारियों ने पीड़ित को परिजन के साथ तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।

     

  • भ्रष्टाचार पर करारी चोट: लोकायुक्त टीम ने 4800 की रिश्वत लेते पटवारी व सर्वेयर को किया गिरफ्तार

    रीवा
    लोकायुक्त संभाग रीवा ने शुक्रवार को ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। इस कार्रवाई में बड़ोखर ग्राम के पटवारी हंसराज पटेल और सर्वेयर आशुतोष त्रिपाठी को 4,800 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे‑हाथों पकड़ा गया। शिकायतकर्ता राजेंद्र साहू (पिता रामबहोर साहू, उम्र 33 वर्ष, ग्राम बड़ोखर, पोस्ट बेलवा बड़गैयान, थाना गढ़, जिला रीवा) ने अपनी पत्नी श्यामवती साहू के नाम 0.091 हेक्टेयर भूमि खरीदी थी।

    इस भूमि के नक्शा तरमीम और नामांतरण के लिए पटवारी हंसराज पटेल ने 6,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने पर लोकायुक्त संभाग रीवा के पुलिस अधीक्षक ने शिकायत का सत्यापन करवाया। सत्यापन के दौरान दोनों अधिकारियों ने 4,800 रुपये की सामूहिक रिश्वत की मांग की पुष्टि की।
     
    सत्यापन के बाद, पुलिस अधीक्षक के आदेश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम में निरीक्षक एस. राम मरावी (लोकायुक्त संगठन रीवा), उप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार तथा 12 सदस्यीय दल शामिल थे। आज दिनांक 21 नवंबर 2025 4,800 रुपये रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया गया।

  • प्रख्यात साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल को ‘ज्ञानपीठ पुरस्कार’ से सम्मानित किए जाने पर मुख्यमंत्री ने दी बधाई

    रायपुर
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के प्रख्यात साहित्यकार श्री विनोद कुमार शुक्ल को साहित्य जगत के प्रतिष्ठित ‘ज्ञानपीठ पुरस्कार’ से सम्मानित किए जाने पर बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री विनोद कुमार शुक्ल हिंदी साहित्य की उस विराट परंपरा के प्रतिनिधि हैं, जिसने अपनी सादगी, संवेदना और अद्भुत लेखन-शक्ति से साहित्य की दुनिया में एक विशिष्ट स्थान बनाया है। उनकी लेखनी ने न केवल हिंदी भाषा को समृद्ध किया है, बल्कि पाठकों की अनेक पीढ़ियों को गहराई से प्रभावित किया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हम सभी प्रदेशवासियों के लिए गर्व का क्षण है कि श्री विनोद कुमार शुक्ल को यह सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान साहित्य जगत में उनके अद्वितीय योगदान को प्रदर्शित करता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री विनोद कुमार शुक्ल के सुदीर्घ, स्वस्थ और सक्रिय जीवन की कामना करते हुए कहा कि उनका रचनात्मक योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।

  • स्नातक अंतिम वर्ष एवं स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों को मिलेगी ट्रेनिंग, सीखेंगे कौशल एवं व्यक्तित्व विकास

    एसजीबीएस उन्नति फाउंडेशन बेंगलुरु द्वारा विद्यार्थियों को दिया जाएगा नि:शुल्क प्रशिक्षण

    भोपाल 
    मध्यप्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के कौशल और व्यक्तित्व विकास को और निखारने के लिए उच्च शिक्षा विभाग उन्हें नि:शुल्क प्रशिक्षण दे रहा है। यह प्रशिक्षण बेंगलुरु के एसजीबीएस उन्नति फाउंडेशनद्वारा स्नातक अंतिम वर्ष एवं स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों को दिया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग ने मध्यप्रदेश के सभी शासकीय महाविद्यालयों में यह प्रशिक्षण लगभग एक माह का होगा। दरअसल, छात्रों के विकास के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने एसजीबीएस उन्नति फाउंडेशन के साथ अनुबंध किया है।

    10 हजार से अधिक विद्यार्थियों को दिया जा चुका प्रशिक्षण
    स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन योजना के अंतर्गत स्नातक अंतिम वर्ष एवं स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब तक प्रदेश के 137 महाविद्यालयों में 345 प्रशिक्षण हो चुके हैं, इसमें 10 हजार से अधिक विद्यार्थियों को कौशल एवं व्यक्तित्व विकास की ट्रेनिंग दी जा चुकी है।

    साक्षात्कार और जॉब कौशल पर विशेष फोकस
    अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा विभाग श्री अनुपम राजन ने बताया कि पारंपरिक कोर्स कर रहे विद्यार्थियों को रोजगार अवसरों के अनुरूप तैयार करने के लिए जॉब इंटरव्यू तकनीक, संचार कौशल और व्यक्तित्व विकास पर विशेष रूप से प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कागपुर में 39.80 करोड़ के विकास कार्यों का किया लोकार्पण और भूमि-पूजन

    सरकार का संकल्प, हर गांव और हर खेत को पानी मिले
    आदर्श ग्राम पंचायत कागपुर को दी नए हाट बाजार की सौगात
    दो हितग्राहियों को प्रतीक स्वरूप सौंपी दुकानों की चाबी
    135 नवीन स्वीकृत सामुदायिक भवनों का भूमि-पूजन, कागपुर में बनेगा वॉटर पार्क
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कागपुर में 39.80 करोड़ के विकास कार्यों का किया लोकार्पण और भूमि-पूजन

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश के गरीब, किसान, बहनों और युवाओं के कल्याण के लिए राज्य सरकार दृढ़ संकल्पित है। प्रदेश की समृद्धि के लिए गांवों को विकास और स्वावलंबन की धारा से जोड़ा जा रहा है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए गोपालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य सरकार ने अनेक किसान हितैषी निर्णय लिए हैं। किसानों को भावांतर योजना की राशि दी जा रही है। प्रदेश के हर गांव और हर खेत को पानी मिले, यही हमारी सरकार का संकल्प है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत बड़े पैमाने पर जल स्त्रोतों का संरक्षण किया गया। प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक आदर्श वृंदावन ग्राम विकसित करने के लिए सरकार कार्य कर रही है। शुक्रवार को शमशाबाद का कागपुर जनसहयोग से श्रेष्ठतम ग्राम बनने का एक आदर्श उदाहरण है। सर्व सुविधा युक्त इस गांव को नए हाट बाजार की सौगात मिली है, जिसमें 128 दुकानें तैयार की गई हैं। यह बाजार आसपास की बड़ी आबादी के लिए हाट बाजार का प्रमुख केंद्र है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कागपुर में म.प्र. टूरिज्म बोर्ड के माध्यम से वॉटर पार्क बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विदिशा के कागपुर में जनसभा को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर जल संरक्षण और जल स्रोतों के विकास का कार्य किया गया है। केन-बेतवा परियोजना से विदिशा जिले में सिंचाई के लिए कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में वर्ष 2026 तक श्मशान घाट और सड़कों सहित सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली जाएगी। विकास का कोई भी क्षेत्र अधूरा नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सांदीपनि विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में अहम भूमिका निभा रहे हैं। डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना से गोपालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में सड़क, स्वास्थ्य, बिजली, शिक्षा और अन्य सभी बुनियादी सुविधाओं की कोई कमी नहीं रहेगी। रोजगार के साधन बढ़ाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आदर्श ग्राम पंचायत कागपुर में सभी सुविधाएं मौजूद हैं। इसमें श्री सौदान सिंह का विशेष योगदान जिन्होंने हाट बाजार के लिए भूमि दान की थी।

    किसानों को भावान्तर योजना से मिल रहा फसलों का उचित मूल्य
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कागपुर में आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत 5.75 करोड़ लागत के हाट बाजार का लोकार्पण किया। उन्होंने 2 हितग्राहियों को प्रतीक स्वरूप दुकानों की चाबी सौंपी। साथ ही विदिशा जिले के लिए 34 करोड़ लागत से 135 नवीन स्वीकृत सामुदायिक भवनों का भूमि-पूजन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को भावान्तर योजना के माध्यम से फसलों का उचित दाम दे रही है। हमारी सरकार में प्रदेश में विकास की गतिविधियों को हर क्षेत्र में निरंतर गति मिल रही है।

    प्रदेश में सामाजिक सरोकार और मानवीय संवेदनाओं की सरकार
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने मानवीय संवेदनाओं को प्रोत्साहित करने के लिए "राहवीर योजना" की शुरुआत की है। इससे सड़क हादसों के घायलों को त्वरित रूप से सहायता मिल रही है। प्रदेश में पीएमश्री एयर एंबुलेंस भी संचालित की जा रही हैं। राज्य सरकार सनातन संस्कृति के गौरव और उनकी विरासतों का संरक्षण भी कर रही है। भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित सभी लीला स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रदेश में भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के धामों को विकसित करने के साथ गीता भवन भी बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी गीता जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत हितलाभ वितरित किये।

    मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहनों, लखपति दीदीयों, पशुपालकों से किया संवाद
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कागपुर प्रवास के दौरान लाड़ली बहनों, लखपति दीदीयों, पशुपालकों से संवाद किया। लाड़ली बहनों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का प्रतिमाह 1500 रूपए देने पर आभार माना। संवाद में मुख्यमंत्री ने लखपति दीदीयों द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली और पशुपालकों को उनके हित में संचालित योजनाओं से अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कागपुर बगिया में "आम का पौधा" रोपा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कागपुर उद्यान में तालाब के विहंगम दृश्य का अवलोकन भी किया।

    प्रदेश में पहली बार तीन मंजिला पंचायत भवनों का हो रहा निर्माण : मंत्री श्री पटेल
    पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने कहा कि प्रदेश में ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत पहली बार पंचायत, जनपद पंचायत और जिला पंचायतों के तीन मंजिला भवन निर्माण की शुरुआत की गई है। इन भवनों को डिजाइन के अनुरूप मजबूत आधार प्रदान किया जा रहा है। राज्य सरकार से 5वें वित्त की 6 हजार करोड़ राशि पंचायतों को मिल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रतिबद्धता के अनुसार विभाग ने दिसंबर 2026 तक प्रदेश की सभी पंचायतों में शांति धाम और उनके लिए पक्की सीसी रोड निर्माण का लक्ष्य रखा है।  

  • कांग्रेस का मिशन SIR: 400 पदाधिकारियों को सौंपा 65 हजार बूथ एजेंटों की जांच का जिम्मा

    भोपाल
    प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर का काम चल रहा है। बूथ लेवल आफिसर घर-घर जाकर गणना पत्रक दे रहे हैं और भरवाकर जमा भी कर रहे हैं। इस काम पर नजर रखने के लिए कांग्रेस ने सभी 65,014 मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त किए हैं। पार्टी अब इनका सत्यापन करा रही है। यह जिम्मा चुनाव कार्य से जुड़े चार सौ पदाधिकारियों से करा रही है ताकि यह पता चल सके कि वास्तव में ये काम कर रहे हैं या नहीं। चुनाव आयोग को सौंपी सूची में किसी बीएलए का नाम, नंबर, पता और फोटो तो गलत नहीं है।
     
    इसकी रिपोर्ट अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी को भी भेजी जाएगी ताकि वे भी अपने स्तर से पड़ताल कर सकें। प्रदेश में चार दिसंबर तक एसआईआर के तहत गणना पत्रक मतदाताओं को घर-घर जाकर देने और जमा करवाने का काम चल रहा है। चुनाव आयोग ने इस काम में सहयोग के लिए सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से कहा है कि वे अपने बूथ लेवल एजेंट नियुक्त करें। इनकी फोटो सहित पूरी जानकारी भी ली गई है ताकि जो व्यक्ति किसी मान्यता प्राप्त दल की ओर से बीएलओ के साथ जा रहा है, वह अधिकृत है या नहीं, यह सुनिश्चित किया जा सके। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सभी मतदान केंद्रों के लिए बीएलए नियुक्त करके सूची मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के साथ जिला निर्वाचन अधिकारियों को भी दे दी है।

    प्रदेश कांग्रेस के संगठन महामंत्री संजय कामले का कहना है कि बीएलए का सत्यापन कराया जाएगा। यह जिम्मा एसआइआर कार्य के लिए जिले में नियुक्त किए गए प्रभारी, विधानसभा प्रभारी और उनकी टीम को दिया गया है। इन्हें निर्देश दिए गए हैं कि एक सप्ताह में बीएलओ का सत्यापन करके रिपोर्ट दें ताकि यह पता चल जाए कि एसआईआर के काम को लेकर कितने बीएलए सक्रिय हैं और कितने निष्क्रिय।

    जो निष्क्रिय होंगे, उनके स्थान पर दूसरे बीएलए नियुक्त किए जाएंगे। बीएलए की सत्यापन रिपोर्ट अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी को भी नाम, नंबर, फोटो के साथ भेजी जाएगी ताकि वे भी आवश्यकता अनुसार पड़ताल और संवाद कर सकें।

    चुनाव लड़ चुके नौ हजार नेताओं को बनाया बीएलए
    प्रदेश कांग्रेस ने सभी संगठनात्मक 1,047 ब्लाक में एसआईआर के कामों के लिए प्रभारी बनाए हैं। नौ हजार से अधिक ऐसे नेताओं को भी इसमें शामिल किया है जो लोकसभा, विधानसभा या नगरीय निकाय के चुनाव लड़ चुके हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, संगठन महामंत्री संजय कामले से लेकर वरिष्ठ पदाधिकारी भी अपने-अपने बूथ के बीएलए बने हैं।

  • अम्बागढ़ चौकी के कलकसा के किसान धनेश राम ने स्वयं के मोबाइल से कटा टोकन, जताई खुशी

    डिजिटल नवाचार से किसानों का धान विक्रय हुआ आसान

    रायपुर
     मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार द्वारा धान का समर्थन मूल्य 3,100 रुपए प्रति क्विंटल तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी का निर्णय किसानों के लिए बड़ी राहत बनकर आया है। इसका सकारात्मक प्रभाव जिलेभर के किसानों के चेहरों पर साफ दिखाई दे रहा है।
    अंबागढ़ चौकी विकासखण्ड के ग्राम कलकसा के किसान श्री धनेश राम आज कौड़ीकसा उपार्जन केंद्र में 52 क्विंटल धान विक्रय के लिए पहुंचे थे। उन्होंने अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताया कि इस वर्ष उन्होंने धान विक्रय टोकन स्वयं मोबाइल ऐप के माध्यम से प्राप्त किया, जिससे प्रक्रिया आसान और सुविधाजनक हो गई। 
    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार लागू किए गए इस डिजिटल नवाचार ने किसानों के लिए धान विक्रय की पारंपरिक जटिलताओं को काफी कम कर दिया है। अब किसान अपने मोबाइल फोन पर कुछ ही मिनटों में धान विक्रय के लिए टोकन काट सकते हैं और निर्धारित समय पर उपार्जन केंद्र पहुंचकर बिना किसी बाधा के अपना धान बेच सकते हैं।
    कृषक श्री धनेश राम ने बताया कि उपार्जन केंद्र में कर्मचारियों का व्यवहार सहयोगपूर्ण था, तौल-कांटे सही थे, बारदाना पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध था तथा साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर थी। इसके कारण किसान निश्चिंत होकर अपनी उपज बेच पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष उनकी फसल की पैदावार भी अच्छी हुई है, जिससे परिवार की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने धान का उचित मूल्य उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।

  • राजकुमार भगत ने नारायणपुर धान खरीदी केंद्र में बेचा धान

    ऑनलाइन टोकन जारी होने से किसानों को मिल रही बड़ी सुविधा

    रायपुर
    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार राज्यभर के सभी धान खरीदी केंद्रों में खरीदी प्रक्रिया सुचारू और व्यवस्थित रूप से जारी है। इसी क्रम में आज जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड के ग्राम नारायणपुर धान खरीदी केंद्र में किसान राजकुमार भगत अपने धान की बिक्री के लिए पहुँचे। उन्होंने बताया कि उनका ऑनलाइन टोकन आसानी से कट गया और उन्हें किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ा।

    राजकुमार भगत ने कहा कि वे हर वर्ष इसी केंद्र में धान बेचते हैं और इस बार भी सभी व्यवस्थाएँ बेहद सुव्यवस्थित हैं। उन्होंने खरीदी केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं जैसे—ऑनलाइन टोकन जारी व्यवस्था, माइक्रो एटीएम, पर्याप्त बारदाना, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर संतोष प्रकट किया। प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप सभी प्रबंध किसानों की सुविधा को ध्यान में रखकर किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि प्रत्येक किसान को धान खरीदी की प्रक्रिया सहज, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हो। इसके लिए प्रशासनिक टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।

    क्या है माइक्रो एटीएम सुविधा?
    धान उपार्जन केंद्रों में किसानों की त्वरित जरूरतों को पूरा करने हेतु छत्तीसगढ़ सरकार ने माइक्रो एटीएम सुविधा उपलब्ध कराई है। इस सुविधा के माध्यम से किसान 2,000 रुपये से 10,000 रुपये तक की राशि तुरंत प्राप्त कर सकते हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की इस पहल से किसानों को बैंक की शाखाओं में लंबी कतारों में लगने की आवश्यकता नहीं पड़ती, और धान बेचने के तुरंत बाद आवश्यक राशि आसानी से मिल जाती है।

    यह सुविधा किसानों की तत्काल आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में अत्यंत मददगार साबित हो रही है और संपूर्ण धान खरीदी प्रक्रिया को और अधिक सुविधाजनक, सुगम एवं किसान-फ्रेंडली बना रही है।

  • प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के नेतृत्व में श्रम सुधारों का ऐतिहासिक क्रियान्वयन : मुख्यमंत्री साय

    रायपुर 
    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज देश में चार श्रम संहिताओं के ऐतिहासिक क्रियान्वयन पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया जी के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना की है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रम सुधारों का यह महत्वपूर्ण निर्णय देश के 40 करोड़ से अधिक श्रमिकों के अधिकार, सुरक्षा, सामाजिक सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण की एक अभूतपूर्व गारंटी है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज का दिन भारत के श्रम क्षेत्र के इतिहास में एक मील का पत्थर है। चारों श्रम संहिताओं के लागू होने से न्यूनतम वेतन का अधिकार, महिलाओं को समान वेतन का प्रावधान, फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों को ग्रेच्युटी, प्रत्येक श्रमिक के लिए सामाजिक सुरक्षा, मुफ्त स्वास्थ्य जांच की सुविधा और ओवरटाइम पर डबल वेतन जैसी व्यवस्थाएँ पूरे देश में सुनिश्चित होंगी। उन्होंने कहा कि इन प्रावधानों से न केवल श्रमिक वर्ग को लाभ मिलेगा, बल्कि औद्योगिक वातावरण अधिक पारदर्शी, संतुलित और श्रमिक-हितैषी होगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने जिस समावेशी और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प लिया है, श्रम संहिताओं का लागू होना उस दिशा में एक बड़ा परिवर्तनकारी कदम है। उन्होंने कहा कि भारत की कार्यशील जनसंख्या राष्ट्र की उत्पादन शक्ति और आर्थिक समृद्धि की आधारशिला है, और उनके अधिकारों का संरक्षण किसी भी सशक्त राष्ट्र की प्राथमिकता है। यह संहिताएँ देश की श्रम शक्ति को अधिक सुरक्षित, सम्मानजनक और सशक्त वातावरण प्रदान करेंगी।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  कहा कि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा, उनके कल्याण और सामाजिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाले इस निर्णय के लिए वह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया जी के प्रति आभार प्रकट करते हैं। उन्होंने कहा कि यह सुधार नई अर्थव्यवस्था, बेहतर औद्योगिक संबंधों और मजबूत श्रम बाजार का आधार साबित होगा।

    मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इन श्रम संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन से देशभर में रोजगार, उत्पादन, निवेश और औद्योगिक विकास की गति और अधिक मजबूत होगी, जिससे भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी बढ़ेगी।

  • घर बैठे धान विक्रय का नया दौर: तुंहर टोकन ऐप से किसानों को मिली बड़ी राहत

    मोबाइल से काट रहे टोकन, धान खरीदी प्रक्रिया हुई पारदर्शी और तेज

    रायपुर
     खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा धान उपार्जन को सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए शुरू किया गया तुंहर टोकन मोबाइल ऐप किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है। धान खरीदी तिहार के बीच इस डिजिटल नवाचार ने उपार्जन केंद्रों में लगने वाली भीड़, समय की बर्बादी और पारंपरिक जटिलताओं को काफी हद तक कम कर दिया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार प्रदेशभर में लागू की गई इस व्यवस्था से किसान अब अपने मोबाइल से कुछ ही मिनटों में धान विक्रय हेतु टोकन निकाल पा रहे हैं और निर्धारित समय पर आसानी से केंद्र पहुंचकर धान बेच रहे हैं।

    शुक्रवार को 52 किसानों ने मोबाइल से काटा टोकन
    अम्बिकापुर जिले के उपार्जन केंद्रों में शुक्रवार को 52 किसानों ने तुंहर टोकन ऐप का उपयोग कर घर बैठे धान का टोकन काटा। बढ़ती लोकप्रियता यह दर्शाती है कि डिजिटल सुविधा ने किसानों का विश्वास तेजी से जीता है। अम्बिकापुर विकासखंड के आदिमजाति सेवा सहकारी समिति मेड्राकला में पहुंचने वाले ग्राम भिट्ठीकला के कृषक श्री श्याम राजवाड़े और श्री मिलन राम ने बताया कि मोबाइल ऐप से टोकन काटने के बाद केंद्र में किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। श्री श्याम राजवाड़े ने कहा कि उन्होंने 26 क्विंटल धान का टोकन कुछ ही मिनटों में घर बैठे निकाल लिया। पूर्व में केंद्र में जाकर टोकन लेने में समय और श्रम दोनों लगते थे, पर अब आते ही बारदाना मिला और धान की तौल भी तत्काल हो गई। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य देने के निर्णय की सराहना की।

    इसी तरह किसान श्री  मिलन राम ने बताया कि उन्होंने 62 क्विंटल धान का टोकन मोबाइल ऐप से काटा। बार-बार केंद्र नहीं आना पड़ा और पहुंचते ही बारदाना व तौल की प्रक्रिया बिना किसी बाधा पूरी हुई। उन्होंने कहा कि इस बार की खरीदी व्यवस्था पूरी तरह किसान-मित्र साबित हो रही है।

    डिजिटल नवाचार से बढ़ी पारदर्शिता और सुविधा
    तुंहर टोकन ऐप के जरिए किसानों को अब लंबी लाइनों से मुक्ति,समय और श्रम की बचत,टोकन प्रक्रिया में पारदर्शिता,भीड़-भाड़ और अव्यवस्था में कमी
    जैसे सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। किसानों की संतुष्टि यह साबित करती है कि राज्य सरकार की यह डिजिटल पहल सफल रही है और धान विक्रय को अधिक सरल, तेज और भरोसेमंद बनाकर किसानों को बड़ी राहत दी है।

  • नक्सल गतिविधि पर इंटेलिजेंस अलर्ट: माओवादी 23 को प्रतिरोध दिवस मनाने की तैयारी में

    जगदलपुर

    बस्तर के सबसे चर्चित नक्सली कमांडर मांडवी हिड़मा की मौत अब एक नए विवाद में बदल गई है। नक्सलियों की केंद्रीय कमेटी के प्रवक्ता अभय ने प्रेस नोट जारी कर सरकार और सुरक्षा एजेंसियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को ‘फर्जी मुठभेड़’ बताते हुए 23 नवंबर को देशव्यापी प्रतिरोध दिवस मनाने का ऐलान किया है।

    अभय का दावा है कि हिड़मा इलाज के लिए विजयवाड़ा गया था, जहां उसे पकड़कर सरेंडर कराने की कोशिश की गई। सुरक्षा बल हिड़मा को जीवित सरेंडर कराना चाहते थे, लेकिन असफल होने पर उसे और उसके साथ मौजूद 6 अन्य नक्सलियों को मार दिया गया। नक्सलियों के केंद्रीय कमेटी का कहना है कि हिड़मा की मौत सिर्फ एक ऑपरेशन का हिस्सा नहीं, बल्कि शीर्ष नेतृत्व को खत्म करने की एक बड़ी रणनीति है। प्रेस नोट में नक्सलियों ने पुलिस पर मानवाधिकार उल्लंघन के भी आरोप लगाए हैं और जनता से ‘विरोध दिवस’ में शामिल होने की अपील की है।

    आरोप पूरी तरह राजनीतिक और भ्रम फैलाने वाला : सुरक्षा एजेंसी
    दूसरी ओर सुरक्षा एजेंसियां इन आरोपों को पूरी तरह राजनीतिक और भ्रम फैलाने वाला बता रही है। हिड़मा की मौत के बाद बस्तर में पहले ही सुरक्षा हाई अलर्ट पर है। अब प्रतिरोध दिवस की घोषणा के बाद संवेदनशील जिलों सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर और पड़ोसी राज्यों में सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। नक्सली नेतृत्व इस घटना को संगठन के विरुद्ध ‘हमला’ बताते हुए अपनी रणनीति को नए सिरे से गढ़ने की बात कह रहा है। वहीं प्रशासन का कहना है कि जिस ऑपरेशन में हिड़मा ढेर हुआ, वह पूरी तरह वैधानिक और प्रमाणिक कार्रवाई थी।

  • प्रदेशवासियों के सपनों को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कर रही है कार्य: मुख्यमंत्री साय

    मुख्यमंत्री "छत्तीसगढ़ 25 साल बेमिसाल” कार्यक्रम में हुए शामिल

    रायपुर 
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित “छत्तीसगढ़ 25 साल बेमिसाल” कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने राज्य की 25 वर्ष की स्वर्णिम विकास यात्रा पर विस्तार से चर्चा की और कहा कि छत्तीसगढ़ की प्रगति में प्रत्येक नागरिक की अहम भूमिका रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों के सपनों को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने बस्तर सहित पूरे प्रदेश में विकास में बाधक नक्सलवाद के उन्मूलन के लिए निर्णायक कदम उठाए हैं। सुरक्षा कैंप स्थापित किए जाने से सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में भी विकास की पहुंच सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में किए जा रहे प्रयासों से नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर है और बस्तर अपने मूल स्वरूप में भयमुक्त होकर प्रदेश के विकास में बेहतर भागीदारी देगा। श्री साय ने कहा कि बस्तर ओलम्पिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों के माध्यम से बस्तर की संस्कृति और प्रतिभा को दुनिया ने देखा है। बस्तर में शांति, समृद्धि और खुशहाली के नए युग का आरंभ हो चुका है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के प्रति हमारी सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति पूरी दृढ़ता से लागू है। पूर्व में जो अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुए, उस पर कड़ा प्रहार किया गया है, जिसका परिणाम भी सभी देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने भूखमरी जैसे अभिशाप को दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाए थे, जिसके तहत गरीब परिवारों को अनाज उपलब्ध कराया गया। साथ ही, जरूरतमंद परिवारों को आज आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के सुशासन के सपनों को साकार करने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की लगभग सभी गारंटियों को पूरा कर दिया गया है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण ‘चरण पादुका योजना’ को भी पुनः प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री ने नई उद्योग नीति के आकर्षक प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में निवेश लगातार बढ़ रहा है। अब तक राज्य सरकार को पौने आठ लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिससे आने वाले वर्षों में रोजगार और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास में योगदान देने वाले विभिन्न संस्थानों और व्यक्तियों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री पंकज झा, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी श्री अलोक सिंह सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • मैनेजर की हरकतों से चर्चा में आया सतना का क्राइस्ट ज्योति स्कूल

    सतना
     जिले में कई शैक्षणिक संस्थाओं में जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों के आचरण पर इन दिनों गंभीर सवालिया निशान उठ रहे हैं या यूं कहें कि अब लोग मुखर होकर इस पर उंगली उठाने लगे हैं।जिले के सबसे बड़े कॉलेज के प्रिंसिपल पर गंभीर आरोपों का मामला तूल। पकड़ने के बाद अब उच्च स्तरीय जांच तक पहुंच गया है वहीं अब ऐसा ही एक वाक्या जिले के एक बड़े मिशनरी स्कूल क्राइस्ट ज्योति हायर सेकंडरी स्कूल में सामने आ रहा है जहां स्कूल के नए मैनेजर अनिल वी.जे की हरकतों से स्कूल में माहौल खराब हो रहा है।

    एक तरफ जहां महिला शिक्षकों के स्टाफ रूम में कैमरे लगा कर उसकी मॉनिटरिंग मैनेजर द्वारा स्वयं अपने रूम से की जाती है जिस पर लगातार महिला शिक्षक अपना विरोध दर्ज करवा रही हैं लेकिन उनकी कोई सुनने वाला नहीं।महिला शिक्षकों की निजता पर हमला का यह अत्यंत गंभीर मामला है।क्राइस्ट ज्योति स्कूल सतना जिले की एक अत्यंत सम्मानजनक संस्था और तमाम संभ्रांत परिवारों के बच्चे यहां शिक्षा ग्रहण करते हैं।इस स्कूल में पूर्व में पदस्थ रहे  सभी प्रिंसिपलों और मैनेजरों का स्वभाव बहुत अच्छा रहा है और स्कूल का वातावरण सदैव छात्रों और शिक्षकों के लिए बेहद अनुकूल रहा है लेकिन जब से इन नए मैनेजर अनिल वी.जे ने स्कूल में बतौर मैनेजर कमान संभाली है तब से स्थितियां अच्छी नहीं हैं।

    मैनेजर का प्रिंसिपल के कार्य और कमरे में जरूरत से ज्यादा दखल
    स्कूल प्रबंधन की दृष्टि से प्रिंसिपल के अतिरिक्त मैनेजर का पद है।दोनों पदों के लोग आपसी सामंजस्य कर अलग अलग  कमरों में बैठते थे लेकिन जबसे अनिल वी.जे ने मैनेजर का पदभार संभाला है ,वो ज्यादातर समय अपने कमरे की जगह प्रिंसिपल कक्ष में ही पाए जाते हैं।एक नन सिस्टर प्रिंसिपल की निजता इनकी कार्यशैली के चलते अनावश्यक सवालों में है।प्रिंसिपल कक्ष में प्रिंसिपल के बगल में मैनेजर की कुर्सी क्राइस्ट ज्योति स्कूल के इतिहास में पहली बार लगी है जो अपने आप में कई सवालों को जन्म दे रही है।मामले की सत्यता के लिए स्कूल के हर कोने में लगे सीसीटीवी कैमरे पर्याप्त बिन कही बातों की गवाही दे सकते हैं लेकिन दुर्भाग्य से उन सभी कैमरों की निगरानी उसी व्यक्ति द्वारा की जाती है जिस पर तमाम गंभीर आरोप लग रहे हैं।
    प्रोफिशिएंसी टेस्ट के नाम पर  शिक्षकों और शिक्षिकाओं को किया जा रहा है टारगेट 
     मैनेजर अनिल वी.जे ने प्रोफिशिएंसी टेस्ट के नाम पर स्कूल के पुराने शिक्षकों और खास तौर पर  शिक्षिकाओं को टारगेट करने का एक नया शिगूफा छोड़ा है।जानकार बताते हैं कि ये पूरी कवायद शिक्षकों पर अनावश्यक दबाव बनाने की है।

    मैनेजर अनिल वी.जे के पूर्व में इस स्कूल में पदस्थ रहे किसी भी मैनेजर पर ऐसे गंभीर आरोप नहीं लगे हैं।अगर जल्द ही क्राइस्ट ज्योति स्कूल प्रबंधन ने अनिल वी.जे की हरकतों पर लगाम नहीं लगाई तो वो दिन दूर नहीं जब क्राइस्ट ज्योति स्कूल अपनी शिक्षा से ज्यादा इनकी हरकतों और अराजकता के लिए जाना जाएगा

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी लोक सेवा आयोग परीक्षा-2024 के सफल प्रतिभागियों को बधाई

    रायपुर
    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (PSC) परीक्षा-2024 में सफलता प्राप्त करने वाले सभी प्रतिभागियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि युवा शक्ति की कड़ी मेहनत, अनुशासन, निरंतर तैयारी और समर्पित प्रयासों का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को प्रदेश की सेवा में एक नई शुरुआत के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की युवा पीढ़ी ने हमेशा उत्कृष्टता, साहस और लगन का परिचय दिया है। इस परीक्षा में सफल हुए सभी प्रतिभागियों ने अपने धैर्य और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता  से यह सिद्ध किया है कि प्रदेश की नई पीढ़ी प्रशासनिक सेवाओं में एक सशक्त स्थान बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि निरंतर मेहनत और दृढ़ निश्चय से प्राप्त यह सफलता न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

    मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि ये नवचयनित अधिकारी सुशासन, पारदर्शिता और संवेदनशील प्रशासन की नई ऊँचाइयों को स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को जनोन्मुखी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, और इन नई नियुक्तियों से शासन-प्रशासन में नई ऊर्जा का संचार होगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि  सभी युवा अधिकारी छत्तीसगढ़ के समग्र विकास, सामाजिक न्याय, गरीबी उन्मूलन, महिला-शिक्षा सशक्तिकरण और ग्रामीण उन्नति जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देंगे।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा कि इन सफल प्रतिभागियों की उपलब्धि प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। उन्होंने कहा कि यह सफलता संदेश देती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, परिश्रम और अनुशासन के साथ कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे निरंतर सीखते रहें, स्वयं को बेहतर बनाते रहें और जनता की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाएं।

    मुख्यमंत्री ने सभी सफल अभ्यर्थियों को उज्ज्वल, सुखद एवं सफल जीवन की मंगलकामनाएँ देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार उनके साथ है और हर स्तर पर एक संवेदनशील, पारदर्शी और सक्षम प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करने में उनका सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा।

  • धर्मांतरण नियंत्रण कानून की तैयारी तेज, शीतकालीन सत्र में पेश होगा बिल

    रायपुर

    प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से लगातार आ रही धर्मांतरण की खबरों के बीच साय सरकार आखिरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है. उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि दिसंबर महीने में आयोजित छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सरकार धर्मांतरण पर कानून लाने जा रही है.

    उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने मीडिया से चर्चा में नक्सली कमांडर हिडमा की मौत पर मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के पोस्ट पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि जो आज यह कह रहे हैं, वे ताड़मेटला के शहीद जवानों पर क्यों कुछ नहीं कहते. बस्तर में आठ महीने के बच्चे को मार दिया गया, उस पर क्यों नहीं कहते. झीरम में शीर्ष नेतृत्व को समाप्त कर दिया गया, उस पर क्यों कुछ नहीं कहते. ऐसा कहने वाले लोगों शर्म आना चाहिए. ऐसे लोगों को हाथ जोड़कर नक्सल प्रभावित परिवारों से माफी मांगना चाहिए.

    विजय शर्मा ने इस महीने में दूसरी बार प्रधानमंत्री मोदी के दौरे को लेकर कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह अच्छा है. भाग्य का विषय है. प्रधानमंत्री ने राज्योत्सव के लिए समय दिया. प्रधानमंत्री मोदी का स्पष्ट मार्गदर्शन मिल रहा है. राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का दौरा हो चुका है. छत्तीसगढ़ के शासन-प्रशासन को प्रमोशन मिलता है. वहीं डीजीपी कॉन्फ्रेंस पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह हर वर्ष होता है. नवाचार की सभी को जानकारी हो. नवाचार के आधार पर पुलिसिंग मजबूत करे. इसे लेकर डीजीपी कॉन्फ्रेंस हो रही है.

  • राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह ने भोपाल दुग्ध संघ संयंत्र का भ्रमण किया

    भोपाल
    राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह ने भोपाल दुग्ध संघ संयंत्र का भ्रमण किया। इस अवसर पर के अध्यक्ष, एनडीडीबी ने एनडीडीबी तथा एमपीसीडीएफ के बीच हुए सहकार्यता अनुबंध के बाद अप्रैल, 2025 से वर्तमान तक भोपाल दुग्ध संघ की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने लक्ष्यों के अनुरूप दुग्ध संकलन एवं नवीन दुग्ध समितियों के गठन की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया तथा दुग्ध संघ की विभिन्न योजनाओं के द्वारा दुग्ध उत्पादकों को दुग्ध मूल्य के अतिरिक्त अन्य लाभ देने पर भी जोर दिया, जिससे कि उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ हो सके और सहकारी ढांचा मजबूत हो सके। इस अवसर पर डॉ. संजय गोवाणी, प्रबंध निदेशक, एमपीसीडीएफ , श्री प्रीतेश जोशी, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, भोपाल सहकारी दुग्ध संघ सहित एमपीसीडीएफ और भोपाल सहकारी दुग्ध संघ के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

    दूध का दूध पानी का पानी अभियान को सराहा
    डॉ. शाह ने दुग्ध संघ द्वारा विपणन गतिविधियों के अंतर्गत चलाए जा रहे ‘‘दूध का दूध, पानी का पानी अभियान’’ पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के नवाचारों से उपभोक्ताओं में सांची ब्राण्ड (सांची डेयरी) के प्रति विश्वसनीयता बढी है। डॉ. शाह ने दुग्ध संघ मुख्य गेट पर निर्माणाधीन सांची पार्लर का भी निरीक्षण किया। उन्होने भोपाल डेयरी संयंत्र में चल रहे निर्माणाधीन डेयरी परियोजनाओं के निरीक्षण के दौरान दुग्ध एवं दुग्ध पदार्थों के प्रसंकरण की व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा डेयरी संयंत्र के आधारभूत ढांचे में विस्तार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही डेयरी संयंत्र परिसर में नवीन आइसक्रीम संयंत्र की स्थापना के लिए सुझाव भी दिए, जिससे उपभोक्ताओं को आइसक्रीम सुगमता से उपलब्ध हो सके।

    मुख्य सचिव से भी की मुलाकात
    डॉ. मीनेश शाह, अध्यक्ष, एनडीडीबी ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन से मुलाकात कर अप्रैल 2025 से एनडीडीबी द्वारा संचालित डच्ब्क्थ् ैंदबीप क्ंपतल तथा उससे संबद्ध दुग्ध संघों की प्रमुख गतिविधियों एवं प्रगति से अवगत कराया। मुख्य सचिव ने राज्य में डेयरी सहकारी क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने और दुग्ध उत्पादक किसानों के कल्याण हेतु एनडीडीबी के प्रयासों की सराहना करते हुए वर्तमान एवं भविष्य की पहलों के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक में एनडीडीबी के कार्यपालक निदेशक श्री एस. रघुपति, डच्ब्क्थ् के प्रबंध निदेशक डॉ. संजय गोवानी तथा संबंधित दुग्ध संघों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।