भोपाल
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ शुक्रवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बुक लॉन्च इवेंट में चीफ स्पीकर के तौर पर शामिल हुए। वे सुबह भोपाल पहुंचे और राजभवन में करीब 4.5 घंटे रुके। बुक लॉन्च शाम करीब 4:15 बजे रवींद्र भवन में हुआ। यहां, RSS के ऑल इंडिया एग्जीक्यूटिव मेंबर मनमोहन वैद्य की लिखी किताब ‘हम और यह विश्व’ लॉन्च हुई। 21 जुलाई को पार्लियामेंट के मॉनसून सेशन से पहले वाइस प्रेसिडेंट के पद से हटने के बाद धनखड़ का यह पहला सार्वजनिक संबोधन है।
धनखड़ ने इस्तीफ़ा क्यों दिया?
जगदीप धनखड़ ने संसद के मॉनसून सेशन से पहले 21 जुलाई, 2025 को सेहत की वजह से वाइस प्रेसिडेंट के पद से इस्तीफ़ा दे दिया था। उनका टर्म 10 अगस्त 2027 तक चलना था।
राष्ट्रपति को लिखे अपने इस्तीफ़े में, उन्होंने लिखा कि वह अपनी सेहत को प्राथमिकता देने और मेडिकल सलाह मानने के लिए तुरंत इस्तीफ़ा दे रहे हैं।
उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान सपोर्ट और अच्छे रिश्तों के लिए राष्ट्रपति को धन्यवाद भी दिया।
हालांकि, इस अभूतपूर्व कदम से राजनीतिक क्षेत्र में कई अलग-अलग राय और अटकलें लगाई जाने लगीं।
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भोपाल में गूंजा जगदीप धनखड़ का संबोधन, इस्तीफे के बाद पहली बार खुलकर रखी बात
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मुरैना में बाजरा तुलाई विवाद: किसानों के बीच मारपीट और लाठियों का संग्राम, वीडियो ने मचाया हड़कंप
मुरैना
मुरैना कृषि उपज मंडी में विवाद लगातार बढ़ते जा रहे हैं। कभी खाद के लिए तो कभी पहले उपज तुलवाने के लिए किसानों में मारपीट हो जाती है। शुक्रवार की दोपहर सवा बजे भी ऐसी घटना हुई, जब धर्मकांटे पर उपज से भरी ट्रॉली पहले तुलवाने के लिए किसानों के दो पक्षों में विवाद हो गया। दरअसल मेवदा गांव के एक किसान ने धान से भरी अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉली पहले धर्मकांटे पर लगा दी। इस बात पर लाइन में लगे कुछ किसानों ने विरोध किया।इसी बात पर मेवदा गांव के किसानों के कुछ किसानों ने विवाद शुरू कर दिया। विवाद इतना बढ़ा कि पहले गालीगलौज हुई, फिर लात-घूंसों से मारपीट शुरू हो गई। विवाद का बीच-बचाव करने के लिए कुछ बुजुर्ग लाठी व बेंत के सहारे झगड़े के बीच में आए, तो विवाद कर रहे किसानों ने उनकी लाठी-बेंत छीनकर एक दूसरे को पीटना शुरू कर दिया। इस मारपीट का वीडियो किसी किसान ने बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे
कृषि मंडी में तीन धर्मकांटे, शांति धर्मकांटा, माधव धर्मकांटा और सेम धर्मकांटा हैं। शुक्रवार को विवाद शांति धर्मकांटे पर हुआ था। इससे पहले गुरुवार को सेम धर्मकांटे पर तो विवाद में दो किसानों के सिर फूट गए। व्यवसायियों ने बताया कि ऐसे विवाद मंडी में रोज हो रहे हैं। इसीलिए मंडी में पुलिस चौकी की मांग कर रहे हैं।व्यापारियों के अनुसार मंडी में सुरक्षाकर्मी भी हैं, जिनके पास पुलिस जैसी वर्दी है। पिछले दिनों एक आयोजन में कृषि मंत्री ऐंदल सिंह ने ड्रेस कोड लागू करने के निर्देश दिए, उन पर एक-दो सप्ताह अमल हुआ। अब मंडी के सुरक्षाकर्मी भी वर्दी में नहीं आते, विवाद देखकर वह भी छिप जाते हैं।
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23–25 नवंबर आवास मेला रायपुर: विभिन्न हाउसिंग प्रोजेक्ट्स एक ही स्थान पर, खरीदारों के लिए सर्वोत्तम विकल्प
रायपुर
आवासीय योजनाओं की पूरी जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल राज्य स्तरीय आवास मेला आयोजित कर रहा है। यह मेला 23, 24 और 25 नवंबर को राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित बीटीआई ग्राउंड में होगा। मेले को लेकर आज वित्त मंत्री ओपी चौधरी और हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस कॉन्फ्रेंस में हाउसिंग बोर्ड के कमिश्नर अवनीश शरण भी मौजूद रहे।
आवास मेला में हाउसिंग लोन के लिए सभी प्रमुख बैंकों के स्टॉल होंगे। लोग साइट विजिट का लाभ ले सकेंगे। वास्तु शास्त्र से जुड़े स्टॉल भी लगाए जाएंगे। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की जानकारी भी दी जाएगी। साथ ही नई आधुनिक तकनीक को शामिल किया गया है। मेले में कई गिफ्ट वाउचर और गिफ्ट हैम्पर भी रखे गए हैं।
हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव ने कहा कि हमारी सरकार ने हाउसिंग बोर्ड को कर्जमुक्त किया है। पहले लोन और ब्याज को लेकर लगातार चिंताएं थीं, लेकिन अब नई पॉलिसी के माध्यम से व्यवस्थित तरीके से काम किया जा रहा है। आवास परियोजनाएं कितनी जरूरी हैं और सरकार इस विषय को लेकर कितनी संजीदा है, यह इसी से समझा जा सकता है। मंत्री ओपी चौधरी के नेतृत्व में तेजी से काम हो रहा है। पहले आवास योजनाओं के क्राइटेरिया पूरे नहीं हो पाते थे, लेकिन अब हाउसिंग बोर्ड की योजनाओं और कार्यों की गति में स्पष्ट तेजी आई है। उन्होंने बताया कि आवास मेले का आयोजन 23, 24 और 25 नवंबर को बीटीआई ग्राउंड, शंकर नगर में आवास मेला आयोजित किया जा रहा है, जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री साय करेंगे।
अनुराग सिंहदेव ने बताया कि 2 हजार 60 करोड़ रुपये की लागत से परियोजना शुरू की जा रही है, जो 22 जिलों में चलेगी। हाउसिंग बोर्ड के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी परियोजना एक साथ शुरू होगी। वर्ष 2024 तक पिछले पांच सालों में हाउसिंग बोर्ड ने केवल 250 करोड़ का बिजनेस किया था, जबकि एक वर्ष हमने 600 करोड़ का बिजनेस किया है। यह सफलता इसलिए मिली है क्योंकि सरकार ने पूरे सिस्टम की मॉनिटरिंग की है। पहले भी मेला आयोजित होता था, लेकिन इस बार 2 हजार करोड़ की वैकेंसी के लिए भी रहेगा। लोग राशि जमा कर अपना मकान वहीं चुन सकेंगे। हाउसिंग बोर्ड के जितने भी ब्रांड पार्टनर्स हैं, उनके सभी मटेरियल और तकनीकी स्टॉल भी मेले में शामिल होंगे।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड मृतप्राय स्थिति पर था, जिसे बीजेपी सरकार ने ठीक किया। हाउसिंग बोर्ड पर 700 करोड़ रुपये का लोन पटाने का काम किया गया। जनवरी 2025 में OTS-2 लॉन्च किया गया, जिसे अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। हमारी सरकार में अब परियोजना के लिए पहले 30 फ़ीसदी बुकिंग होना अनिवार्य किया गया है, जिसके बाद ही अब टेंडर प्रक्रिया और निर्माण का काम किया जाएगा। जहां डिमांड होगी, वहीं पर काम किया जाएगा।
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सागर में मस्जिद परिसर में मिली राम मूर्ति, भारी विवाद के बीच तैनात हुई पुलिस
सागर
जिले की बंडा तहसील के पापेड़ गांव में मस्जिद की बाउंड्री वॉल की खुदाई के दौरान भगवान राम की प्रतिमा निकली है। मूर्ति निकलने के बाद वहां पर हिंदू संगठनों के लोग पहुंचे कुछ देर बाद मुस्लिम समाज के लोग भी वहां पहुंच गए। दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।हिंदू संगठन ने की मंदिर बनाने की मांग
हिंदू संगठनों ने भगवान राम का अभिषेक किया चबूतरा बनाकर उनकी स्थापना की है हिंदू संगठन की मांग है कि यहां पर मंदिर बनाया जाए उनका कहना है कि यहां पर पूर्व में पहले मंदिर था जिसे तोड़कर मस्जिद बनाई गई थी। फिलहाल मौके पर तनाव के स्थिति बनी हुई है पुलिस और प्रशासन की भी मौजूद है। -
मानवता को ठेस: रोते हुए नवजात को थैले से निकाला, भीड़ ने तुरंत पहुंचाया अस्पताल
मनेन्द्रगढ़
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम पंचायत चनवारीडांड स्थित वन विभाग डिपो के पास शुक्रवार सुबह थैले में नवजात शिशु लावारिस हालत में मिली. सुबह टहलने निकले लोगों को रोने की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद उसे अस्पताल लाया गया. फिलाहाल शिशु का स्वास्थ स्थिर बताया जा रहा है. उसे मेडिकल टीम की विशेष निगरानी में रखा गया है.
जानकारी के मुताबिक, ग्राम पंचायत चनवारीडांड क्षेत्र में शुक्रवार सुबह किसी ने एक नवजात शिशु को झोले में डालकर सड़क किनारे छोड़ दिया. स्थानीय लोगों ने शिशु को तत्काल चिकित्सीय सहायता के लिए अस्पताल लाया, जहां डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को “स्वस्थ्य और स्थिर” बताया है.
अस्पताल में डॉक्टरों और स्टाफ ने तत्परता दिखाते हुए बच्चे को प्राथमिक उपचार दिया. नन्हीं जान सुरक्षित बताई जा रही है और उसे मेडिकल टीम की विशेष निगरानी में रखा गया है. वहीं सूचना पर कोतवाली मनेंद्रगढ़ पुलिस भी अस्पताल पहुंच गई. पूरी घटना की जांच शुरू कर दी गई है.
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उप मुख्यमंत्री देवड़ा का आह्वान—मध्यप्रदेश विकास हेतु जनता दे बजट सुझाव
समृद्ध मध्यप्रदेश के लिये बनाएं अपनी पसंद का बजट : उप मुख्यमंत्री देवड़ा
बजट 2026-27 के लिये सरकार ने आम नागरिकों से मांगे सुझाव
सुझाव देने की अंतिम तारीख 18 दिसम्बर
भोपाल
उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि विकसित मध्यप्रदेश@2047 के विजन को साकार करने में वित्तीय वर्ष 2026-27 बजट महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसमें हर नागरिक की भूमिका होगी। बजट निर्माण में हर नागरिक की भागीदारी के लिये राज्य सरकार ने सभी से सुझाव मांगे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा अनुसार नागरिकों, विशेषज्ञों और संगठनों के सुझावों से बजट को और अधिक व्यावहारिक तथा विकासोन्मुखी बनाया जाएगा। नागरिक अपने सुझाव MPMyGov पोर्टल, टोल फ्री नंबर 0755-2700800, ईमेल budget.mp@mp.gov.in तथा डाक के माध्यम से भी भेज सकते हैं। सुझाव देने की अंतिम तारीख 18 दिसम्बर 2025 निर्धारित है।
बजट निर्माण की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है। आम नागरिकों की अपेक्षाओं को बजट में शामिल किया जायेगा। बजट प्रक्रिया को जनभागीदारी आधारित, लोक हितैषी और भविष्य उन्मुख बनाने के उद्देश्य से यह पहल की गई है।
अर्थव्यवस्था में निरंतर सुधार पर फोकस
मध्यप्रदेश को वर्ष 2047 तक पूर्ण रूप से विकसित प्रदेश बनाने के लिए प्रदेश के वित्तीय प्रशासन का एक मजबूत ढांचा तैयार हो रहा है। इसके लिए अभी से एक आर्थिक नियोजन की तैयारी करना आवश्यक होगा। डेटा-आधारित वित्तीय रणनीति बनाकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में निरंतर सुधार लाना प्रमुख उद्देश्य है। इस उद्देश्य को संसाधनों के कुशल प्रबंधन और कठोर वित्तीय अनुशासन के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है। वर्ष@2047 तक प्रदेश की जीएसडीपी 250 लाख करोड़ तक पहुंच जाएगी। नागरिकों और विभिन्न क्षेत्रों, व्यवसायों में कार्यरत लोगों, विशेषज्ञों, हितग्राही समूओं से आग्रह है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को और ज्यादा सक्षम बनाने के लिए अपने सुझाव दें।
समृद्ध मध्यप्रदेश बनाने में दें सहयोग
विकसित मध्यप्रदेश@2047 के कई सेक्टर हैं जो आम नागरिकों के जीवन से सीधा जुड़े हैं। वर्ष 2047 तक प्रदेश को समृद्ध, संपन्न, सुखद और सांस्कृतिक समृद्ध बनाने के लिये प्रत्येक स्तर पर सभी नागरिकों के सहयोग की आवश्यकता है।
वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश देश में पर्यटन क्षेत्र में प्रथम श्रेणी का प्रदेश बनाना है। नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में नम्बर एक प्रदेश बनना है। मध्यप्रदेश सांस्कृतिक समृद्धि आधारित अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है। कौशल एवं प्रशिक्षण का अत्याधुनिक इको सिस्टम बनने के लिए प्रदेश तैयार हो रहा है इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अगले वर्ष को कृषि आधारित उद्योगों को समर्पित वर्ष घोषित किया है। विगत कई वर्षों से प्रदेश की कृषि विकास दर में उत्तरोत्तर वृद्धि हुई है, अगले 2 दशकों में मध्यप्रदेश कृषि के क्षेत्र में अग्रणी प्रदेश होगा। इसी प्रकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था आदर्श स्थिति में होगी। औदयागिक निवेश का सकारात्मक प्रभाव आने वाले वर्षों में चारों ओर दिखने लगेगा।
बनाएं अपने सपनों का नया मध्यप्रदेश
बजट प्रदेश की आर्थिक गति को मजबूत करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। प्रदेश में शासन एवं इसकी संबद्ध संस्थाओं में एक लाख से अधिक पदों की पूर्ति का लक्ष्य भी इस बजट प्रक्रिया का हिस्सा है। MPMyGov प्लेटफॉर्म पर प्राप्त सभी सुझावों को बजट निर्माण में प्राथमिकता से शामिल किया जाएगा।
राज्य सरकार ने हरित ऊर्जा के विस्तार, विद्युत वितरण प्रणालियों में सुधार, स्मार्ट मीटर, वास्तविक बिलिंग, पुराने तारों के स्थान पर सुरक्षित केबल लाइन, ई-परिवहन को बढ़ावा और सड़क नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण जैसे क्षेत्रों में जनता से विशेष मार्गदर्शन मांगा है।
ग्रामीण विकास, पारंपरिक व्यवसायों के पुनरुद्धार, पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता, ग्रामीण अधोसंरचनात्मक उन्नयन, गौ-वंश संरक्षण तथा गोचर भूमि के सुरक्षित उपयोग से जुड़े सुझावों को भी आमंत्रित किया गया है। साथ ही कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य एवं पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, निर्यात उन्मुख उद्योगों, वनोपज प्रसंस्करण, औषधि निर्माण तथा अन्य संभावित स्थानीय उद्योगों के विकास से जुड़ी अवधारणाओं को साझा करने के लिए भी आमजन को प्रोत्साहित किया गया है।
नदियों, तालाबों एवं जल स्रोतों के संरक्षण-संवर्धन, वन एवं वन्य जीव संरक्षण, वन ग्रामों में जीवनस्तर में सुधार तथा स्थानीय पर्यटन, धार्मिक-ऐतिहासिक धरोहरों के विकास से संबंधित सुझाव भी बजट निर्माण प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
पुराने शहरों के पुनर्विकास, सड़कों एवं गलियारों के चौड़ीकरण, अतिक्रमण मुक्त मॉडल, शहरी अधोसंरचना, पार्क एवं पुलों के निर्माण, जन स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, दिव्यांगजन तथा बेसहारा लोगों के कल्याण, प्रशासनिक सुधार और राजस्व वृद्धि के उपायों सहित अन्य महत्त्वपूर्ण विषयों पर भी जनता से विचार आमंत्रित किए हैं।
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ACB कार्रवाई: नगर पालिका इंजीनियर 30 हजार की घूस लेते रंगे हाथों दबोचा गया
गरियाबंद
नगर पालिका गरियाबंद में पदस्थ इंजीनियर संजय मोटवानी को एसीबी की टीम ने 30 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। ठेकेदार अजय गायकवाड़ ने रिश्वत मांगने की शिकायत एसीबी से की थी, जिस पर एसबी की टीम ने ट्रैप प्लान किया और रिश्वत लेते इंजीनियर को रंगे हाथों धर दबोचा। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
ठेकदार ने शिकायत में बताया था कि उसके निर्माण कार्य के बिल पास करने के एवज में इंजीनियर संजय मोटवानी ने एक लाख रुपए की मांग की थी। तय समय में इंजीनियर ने आज ठेकेदार को रकम लेने साईं गार्डन के पास बुलाया था। अपने कार के डेस्क बोर्ड में आरोपी इंजीनियर ने जैसे ही रकम रखवाया। पहले से तैनात एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया। फिलहाल टीम उसे पालिका लेकर गई है। एसबी की टीम पड़ताल कर रही है कि आखिर किन-किन काम के एवज में रिश्वत ली गई थी।
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पीएम हेली पर्यटन सेवा का ओंकारेश्वर में शुभारंभ, उज्जैन से पहुंचे यात्रियों का हुआ स्वागत
ओंकारेश्वर में पीएम हेली पर्यटन सेवा का हुआ शुभारंभ
सांसद पाटिल एवं विधायक पटेल ने उज्जैन से ओंकारेश्वर पहुंचे यात्रियों का किया स्वागत
ओंकारेश्वर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने और पर्यटकों को त्वरित, सुगम और सुरक्षित सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश के 70वें स्थापना दिवस पर भोपाल से “पीएम हेली पर्यटन सेवा” का शुभारंभ किया था। इसके तहत ओंकारेश्वर में शुक्रवार को हेलीकॉप्टर से उज्जैन से 5 तीर्थ यात्रियों का आगमन खण्डवा के ग्राम कोठी के हेलीपैड पर हुआ। खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल और मांधाता विधायक नारायण पटेल ने हेलीकॉप्टर से आने वाले सभी तीर्थ यात्रियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। हेलीकॉप्टर से आए 5 तीर्थ यात्रियों ने ओंकारेश्वर मंदिर में ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए।"पीएम हेली पर्यटन सेवा" के शुभारंभ अवसर पर सांसद पाटिल ने कहा कि आज का दिन खंडवा जिले और ओंकारेश्वर के नागरिकों के लिए गौरव का दिन है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गत 11 वर्षों में उल्लेखनीय विकास कार्य हुए हैं। देश के 12 ज्योतिर्लिंग को टूरिस्ट सर्किट और हवाई यात्रा सुविधा से जोड़ा गया है। इस सुविधा के प्रारंभ होने से तीर्थ यात्री कम समय में ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि जो यात्री समय के अभाव में ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन नहीं कर पाते थे, वे हेलीकॉप्टर सेवा से ओंकारेश्वर और उज्जैन आकर मध्यप्रदेश के दोनों ज्योतिर्लिंग के दर्शन आसानी से कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में ओंकारेश्वर में विकास कार्य लगातार जारी हैं। ओंकारेश्वर में एकात्म धाम विकसित हो रहा है, नर्मदा किनारे घाटों का सौंदर्यीकरण का कार्य लगातार जारी है। सिंहस्थ-2028 प्रारंभ होने से पहले ओंकारेश्वर फोरलेन सड़क से तो जुड़ ही जाएगा, साथ ही ओंकारेश्वर रोड रेलवे स्टेशन भी शीघ्र ही प्रारंभ होगा, जिससे रेल मार्ग से आने वाले यात्रियों को सुविधा होगी। उन्होंने पीएम हेली पर्यटन सेवा प्रारंभ करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया।
विधायक पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर समुदाय और हर वर्ग के लिए विकास योजनाएं प्रारंभ की हैं। ओंकारेश्वर अब हवाई मार्ग से भी जुड़ गया है। उन्होंने कहा कि ओंकारेश्वर में हवाई मार्ग से आने वाले यात्रियों की संख्या को देखते हुए भविष्य में हेलीकॉप्टर सेवा के राउंड बढ़ाए जाएंगे, जिससे अधिक यात्री इस सुविधा का लाभ ले सकें। विधायक पटेल ने कहा कि ओंकारेश्वर में विकास कार्यों के लगातार होने से यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे स्थानीय व्यवसायियों की आय भी बढ़ रही है।
अपर कलेक्टर मती सृष्टि देशमुख गौड़ा ने इस अवसर पर बताया कि इस नई सुविधा से पर्यटकों को कम समय में अधिक गंतव्यों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। इस सेवा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उज्जैन और ओंकारेश्वर ज्योर्तिलिंग तक की यात्रा अब मात्र 20 से 40 मिनट में संभव होगी। इंदौर से उज्जैन तक 20 मिनट की उड़ान का अनुमानित किराया 5 हजार रूपये, उज्जैन से ओंकारेश्वर तक 40 मिनट की उड़ान का किराया 6500 और ओंकारेश्वर से इंदौर लौटने का किराया लगभग 5500 रूपये रखा गया है। पीएम हेली पर्यटन सेवा का लाभ लेकर श्रद्धालु एक ही दिन में महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर ज्योर्तिलिंग के दर्शन आसानी से कर सकेंगे।
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राज्यपाल पटेल का बयान—श्रेष्ठ कार्य करने वालों को मिलता है सम्मान
राज्यपाल पटेल का बयान—श्रेष्ठ कार्य करने वालों को मिलता है सम्मान
अच्छे व्यक्तियों को सदैव मिलता है सम्मान : राज्यपाल पटेल
एकाग्रता और समर्पण से मिलती सफलता : राज्यपाल पटेल
राज्यपाल से मिले प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर
भोपाल
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि हर समय, हर समाज में अच्छे व्यक्तियों का सदैव सम्मान होता है। संवेदनशीलता पूर्वक किए सेवा कार्यों से आत्मिक आनंद मिलता है। भौतिक सुविधाओं का सुख क्षणिक होता है। पूरी एकाग्रता और समर्पण के साथ सीखना ही भावी जीवन की सफलताओं का आधार है। प्रशिक्षण के दौरान छोटी सी चूक भविष्य की बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। राज्यपाल श्री पटेल शुक्रवार को राजभवन में आए आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी के प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी और अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव भी मौजूद थे।
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रकृति के जीवों में सबसे शक्तिशाली मानव है, जिसे बुद्धि और वाणी के रूप में अद्वितीय शक्ति मिली है। इन शक्तियों के सार्थक उपयोग से व्यक्ति उतरोत्तर बेहतर बनता है। आवश्यकता, बुद्धि के सकारात्मक और वाणी के शालीन उपयोग की है। उन्होंने कहा कि भावी जीवन में सदैव सीखने और अनुभवों से समझने का भाव रहना चाहिए। महत्वपूर्ण उपयोगी व्यवहारिक ज्ञान समाज के सबसे वंचित, पिछड़े और गरीब व्यक्तियों से ही मिलता है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सिविल सेवक सरकार और जनता के बीच की महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। सुशासन का आधार होते हैं। सुशासन की प्राथमिक आवश्यकता है कि अधिकारी संवेदनशीलता, विवेक, न्यायोचित व्यवहार और तथ्यों के आधार पर निर्णय करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा योजनाओं का निर्माण वंचित, गरीब और पिछड़े व्यक्तियों, समुदायों की मदद और उत्थान के उद्देश्यों से होता है। योजना की मंशा के भाव, भावनाओं और हितग्राही की परिस्थितियों को समझे बिना उनके स्वरूप के निर्धारण और क्रियान्वयन से समस्याएं उत्पन्न होती है। उन्होंने नल-जल और आवास योजनाओं के प्रसंग के माध्यम से प्रशिक्षु अधिकारियों को क्रियान्वयन की जमीनी हकीक़तों से परिचित कराया। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रशासनिक सफलता कमरों में रहकर कार्य से नहीं मिलती। क्षेत्र का सघन भ्रमण जरूरी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का कहना है कि योजना को कार्यालय में नहीं धरातल पर जाकर समझा जा सकता है।
राज्यपाल श्री पटेल को आर.सी.व्ही.पी. प्रशासन एवं प्रबंध अकादमी के संचालक श्री मुजीबुर्रहमान खान ने प्रशिक्षण के स्वरूप और व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 14 जुलाई से 19 दिसम्बर तक के लिए आयोजित परिचयात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम में 24 डिप्टी कलेक्टर शामिल है। मैदानी चुनौतियों और स्वच्छ प्रशासन के लिए नियमों, प्रावधानों और सॉफ्ट सिकल, अंतर्विभागीय समन्वय के विभिन्न आयाम प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में सम्मिलित है। प्रशिक्षार्थियों को पुलिस ट्रेनिंग, भू-सर्वेक्षण और विकासात्मक गतिविधियों से परिचित कराने प्रदेश के विभिन्न जिलों और तेलंगाना राज्य का भ्रमण भी कराया गया है।
राज्यपाल के समक्ष प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर सुश्री कविता यादव और श्री निशांत भूरिया ने प्रशिक्षण के अनुभवों को साझा किया। आभार प्रदर्शन सह-प्रशिक्षण संचालक सुश्री रुचि जैन ने किया। राज्यपाल को अकादमी संचालक ने स्मृति चिन्ह भेंट किया।
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मिनी कलेक्टर: दीक्षा ने जिले को पॉलिथीन मुक्त बनाने पर दिया विशेष जोर
जांजगीर-चांपा
अंतरराष्ट्रीय बाल दिवस के मौके पर जिले में यूनिसेफ और पुलिस प्रशासन के तत्वाधान में 12वीं कक्षा की छात्रा दीक्षा सारथी को 15 मिनट के लिए जांजगीर-चांपा का कलेक्टर बनाया गया. कलेक्टर की कुर्सी संभालने के बाद दीक्षा ने तीन प्रस्ताव पर अमल करने के निर्देश दिए. इस अनुभव ने न केवल दीक्षा बल्कि कई छात्राओं में यूपीएससी परीक्षा पास कर आईएएस बनने की ललक जगा दी है.
दरअसल, कलेक्टर कार्यालय में शुक्रवार सुबह 11 बजे निजी स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं ने कलेक्टर से मुलाकात की. इसके बाद जिला प्रशासन ने अनोखी पहल करते हुए कलेक्टर की कुर्सी 15 मिनट के लिए एक छात्रा को सौंपी. दीक्षा सारथी ने जांजगीर चांपा जिले का प्रतीकात्मक कलेक्टर बनाने जनहित से जुड़े तीन महत्वपूर्ण – डिजिटल फास्टिंग को बढ़ावा देना, पॉलिथीन मुक्त जिला बनाने और “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने कहा कि छात्राओं को नेतृत्व का अवसर देना बेहद महत्वपूर्ण है. ग्रामीण अंचल के निजी स्कूल मे पढ़ने वालीं दीक्षा ने आज से पहले कभी कलेक्टर से सीधे मुलाक़ात भी नहीं की थी, लेकिन अंतराष्ट्रीय बाल दिवस के अवसर पर जिले का कामना संभालने का अवसर मिला. दीक्षा ने अब यूपीएससी पास कर आईएएस बनने का लक्ष्य निर्धारित कर लिया है.
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इंडस्ट्री, नवाचार और एमएसएमई सेक्टर के लिए एक्सपो बड़ा मंच: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
म.प्र. उद्योगों के लिए पसंदीदा राज्य, एक्सपो उद्योगों को दुनिया से जोड़ने में सहायक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
प्रदेश में व्यापार-व्यवसाय को प्रोत्साहित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
इंडस्ट्री, नवाचार और एमएसएमई सेक्टर के लिए एक्सपो बड़ा मंच: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल और स्मोलेन्स्क को बनायेंगे ट्विन सिटी
दो लाख करोड़ की औद्योगिक इकाइयों के भूमिपूजन के लिए केंद्रीय गृहमंत्री को दिया आमंत्रण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया तीन दिवसीय फेड एक्सपो-2025 का शुभारंभ
भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश उद्योगों के लिए तेजी से उभरता हुआ पसंदीदा राज्य बन रहा है। फेड एक्सपो जैसे आयोजन स्थानीय उद्योगों और स्टार्ट-अप्स को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच से जोड़ने में बड़ी अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे एक्स्पो उद्योग-धंधों, नवाचार और एमएसएमई सेक्टर के विकास के लिए एक बड़ा मंच साबित होते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को गोविन्दपुरा में आयोजित फेड एक्सपो-2025 समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने, एमएसएमई सेक्टर को अधिकतम सुविधाएं उपलब्ध कराने और ज्यादा से ज्यादा युवाओं को रोजगार के नए अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोविन्दपुरा इंडस्ट्रियल एरिया के एग्जिबिशन हॉल में फेडरेशन ऑफ मध्यप्रदेश चेम्बर्स आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा आयोजित तीन दिवसीय फेड एक्सपो-2025 का दीप प्रज्ज्वलन कर विधिवत् शुभारंभ किया। यह एक्सपो 23 नवम्बर तक चलेगा। एक्सपो में मध्यप्रदेश सहित देश-विदेश से आए उद्योग एवं एक्सपोर्ट सेक्टर से जुड़े उद्यमियों, निवेशकों और संस्थानों ने व्यापक रूप से भागीदारी की। एक्सपो में रूस, ओमान और ताईवान देशों से भी उद्यमी आए हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इपिक प्रोजेक्ट का विमोचन किया। इससे स्व-सहायता समूह, स्कूल, कॉलेज, ग्राम पंचायतें, शासकीय कार्यालय सभी एक प्लेटफार्म से जुड़ेंगे। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत प्रदेश में 1000 इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए जाएंगे। जहां हर क्षेत्र के स्टार्टअप्स को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। इपिक प्रोजेक्ट के अंतर्गत 10 लाख रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत दुनिया में अपनी विशेष पहचान बना रहा है। प्रदेश में औद्योगीकरण को बढ़ावा देने के लिए उद्योगपतियों और निवेशकों को 5000 एकड़ जमीन दी गई है। यह एक प्रकार से पांच हजार उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश आने का निमंत्रण है। हम उद्योगपतियों से किए सभी वादों को प्रतिबद्धता के साथ पूर्ण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में व्यापार-व्यवसाय को बढ़ावा देना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिसर में स्थापित फेड एक्सपो-2025 की प्रदर्शिनी का गणेश पूजन एवं फीता काटकर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी में स्थापित विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन करते हुए उद्यमियों के नवाचार, मशीनरी, तकनीकी समाधानों और स्थानीय उद्योगों के उत्पादों की सराहना की।
हैदराबाद में 22 नवंबर को होगा इन्वेस्टर्स के लिए रोड-शो
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 22 नवंबर को हम हैदराबाद में वहां के इन्वेस्टर्स से संवाद करने के लिए रोड-शो करने जा रहे हैं। यह सरकार के लिए उद्योग-रोजगार वर्ष है। जीआईएस और रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के माध्यम से मिले सभी निवेश प्रस्तावों में से अब तक हम 8 लाख करोड़ रुपये के अधिक निवेश प्रस्तावों पर ठोस कार्यवाई कर चुके हैं। इनमें से 6 लाख करोड़ रुपये की औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए जमीनी स्तर पर काम प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने कहा कि 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली औद्योगिक इकाइयों का सामूहिक भूमिपूजन करने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री को आमंत्रण दिया है। हम उनकी उपस्थिति में यह ऐतिहासिक भूमिपूजन संपन्न करेंगे। उन्होंने कहा कि बीते 4 दशकों में व्यापार-व्यवसाय की संभावनाओं को देखा जाए, तो इसमें मध्यप्रदेश फेडरेशन ऑफ चेंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की भूमिका बड़ी अहम रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नया मध्यप्रदेश गढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी कोशिश है कि गरीबों की गरीबी दूर हो और युवाओं को रोजगार मिले, प्रदेश में सुख-समृद्धि आए और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत जल्द से जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बने। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पर्याप्त विकास संभावनाओं वाला राज्य है। रूस ईंधन का खजाना है, लेकिन मध्यप्रदेश तो अन्न का भंडार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि धार के मेगा टेक्सटाइल पार्क में रोजगारपरक उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं। इससे लाखों लोगों की जिंदगी बदलेगी। राज्य सरकार भविष्य में सभी औद्योगिक फेडरेशन के अधिकारियों के सुझाव और उनके अनुभव का लाभ लेगी। फेडरेशन के सहयोग से सरकार मध्यप्रदेश में निवेश को बढ़ाने के लिए ऐसे ही बड़े आयोजन करेगी। उन्होंने कहा कि सबके सहयोग से हम मध्यप्रदेश को विकास के मामले में नंबर वन राज्य बनाएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत और रूस सदियों पुराने मित्र देश हैं। दुनियाभर में हमारी दोस्ती की मिसाल दी जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रूस के साथ शहरी विकास के लिए अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। भोपाल की आबो-हवा और यहां की तासीर से मिलते-जुलते रूस के सांस्कृतिक शहर स्मोलेन्स्क को हम ट्विन सिटी (सिस्टर्स सिटीज) बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने रूस, ओमान और ताईवान से आए उद्यमियों से कहा कि आप सब इस एक्स्पो में मध्यप्रदेश के आइडिया, कैलिबर और कैपेसिटी को देख ही रहे हैं। उन्होंने विदेशी दल से आत्मनिर्भर और विकसित मध्यप्रदेश की यात्रा में शामिल होने का आह्वान भी किया।
फेडरेशन ऑफ मध्यप्रदेश चेम्बर्स ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष दीपक शर्मा ने कहा कि दुनिया में बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच यह एक्सपो नया मंच प्रदान करेगा। आज यहां रूस, ओमान और ताइवान से चेंबर्स के प्रतिनिधि विभिन्न उत्पादों के खरीदार के रूप में भी शामिल हुए हैं। मध्यप्रदेश के भोपाल, मंडीदीप, देवास और इंदौर में उद्योग विकास की अपार संभावनाएं हैं। सरकार ने मात्र दो साल की अल्प अवधि में 5000 एकड़ जमीन उद्योग विकास के लिए निवेशकों को आवंटित कर दी है। साथ ही उद्यमियों को 6500 करोड़ रुपये की सब्सिडी अंतरित की गई है। उद्योगों के लिए पूरी पारदर्शिता के साथ भूमि आवंटित की जा रही है।
फेडरेशन के संयुक्त अध्यक्ष अखिलेश राठी ने कहा कि फेड एक्सपो के दूसरे संस्करण में 3 देशों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए हैं। हमारा फेडरेशन एक प्रकार से चेंबर ऑफ चेंबर्स है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में औद्योगीकरण के लिए तेजी से निर्णय लिए जा रहे हैं। कई बड़े-बडे़ उद्योग समूह कहते हैं कि मध्यप्रदेश अब उनका च्वाइस डेस्टिनेशन ऑफ इन्वेस्टमेंट बन चुका है। प्रदेश में हो रही इन्वेस्टमेंट समिट से न केवल बड़े बल्कि हर क्षेत्र के छोटे उद्योगों को भी लाभ मिला है।
रूस के स्मोलेन्स्क शहर की स्मोलेन्स्क चैम्बर ऑफ कमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष अर्किपेंकोव व्लादिमीर ने रशियन भाषा में संबोधित किया। उन्होंने कहा कि रूस और भारत अपने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती प्रदान करते हुए औद्योगीकरण, ऑटोमोबाइल, कृषि, अधोसंरचना सहित विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं। हमें पूरा विश्वास है कि इस एक्सपो के जरिए औद्योगिक, सांस्कृतिक और पर्यटन जैसे क्षेत्रों सहित विकास की संभावनाओं से जुड़े अन्य विषयों में प्रगति आएगी।
एक्सपो में गोविन्दपुरा इंडस्ट्रियल एरिया के अध्यक्ष विजय गौर, सचिव योगेश गोयल, सतना शहर के महापौर एवं ख्यात उद्योगपति योगेश ताम्रकार, सेज ग्रुप के संजीव अग्रवाल, सी.पी. मालपानी, आनंद बांगुर सहित अनेक उद्योगपति, उद्यमी, स्टार्ट-अप के ऑनर उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने मुख्यमंत्री और एक्सपो में पधारे तीन देशों के दलों एवं सभी उद्यमियों का आभार व्यक्त किया। बताया गया कि यह फेड एक्सपो तीन दिनों तक चलेगा, जिसमें विभिन्न तकनीकी सत्र, बी2बी मीटिंग्स और उत्पादों की प्रदर्शनियां भी आयोजित होंगी। एक्सपो में देशी उद्यमियों/उद्योगपतियों और वेंचर कैपिटलिस्ट्स द्वारा विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के साथ व्यापार विस्तार एवं निवेश बढ़ाने जैसे विषयों पर चर्चा भी की जाएगी।
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पूर्व CM नरेशचंद्र सिंह की जयंती पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया नमन
भोपाल :
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को म.प्र. विधानसभा भवन पहुंचकर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. नरेशचंद्र सिंह की जयंती पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नरेशचंद्र सिंह राज गोंड प्रदेश के इतिहास में एकमात्र जनजातीय और मध्यप्रदेश के 6वें मुख्यमंत्री रहे। उनकी कार्य अवधि 13 मार्च 1969 से 25 मार्च 1969 तक कुल 13 दिन रही। उनके मुख्यमंत्री बनने का समय संविद सरकार थी। राजनीतिक अस्थिरता की वजह से उनका कार्यकाल बहुत छोटा रहा। इस अवसर पर विधायक भगवान दास सबनानी, विधानसभा के प्रमुख सचिव सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।पूर्व मुख्यमंत्री नरेशचंद्र सिंह का जन्म 21 नवम्बर 1908 को हुआ था। वे जनजातीय राजवंश के राजा थे। जनवरी 1948 को अपने राज्य के भारत संघ में विलय होने तक वे सारंगढ़ रियासत के शासक थे। आजादी के बाद उन्होंने 1951 में मध्यप्रदेश राज्य विधानसभा के लिए हुए पहले आम चुनाव में जीत हासिल की। वे 1952 से 1969 तक मध्यप्रदेश की विधानसभा (विधायक) के सदस्य और पहले जनजाति कल्याण मंत्री रहे। उन्होंने बिजली और लोक निर्माण विभाग मंत्री का दायित्व भी संभाला था।
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धारा 126 प्रावधान: उपभोक्ताओं के लिए छूट का अवसर, ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन करें
धारा 126 के प्रकरणों में विद्युत उपभोक्ताओं को छूट प्राप्त करने का मौका
उपभोक्ता ऑनलाइन और ऑफलाइन कर सकेंगे आवेदन
भोपाल
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्य क्षेत्र के 16 जिलों के उपभोक्ताओं के लिए धारा 126 में लंबित प्रकरणों में लोक अदालत की तर्ज पर छूट प्रदान करने का अवसर उपलब्ध कराया गया है। इसके लिए उपभोक्ताओं को ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन आवेदन करने की सुविधा दी गई है। आवेदन एक दिसंबर से शुरू होकर 31 दिसंबर तक लिए जाएंगे। ऑनलाइन आवेदन के लिए उपभोक्ता कंपनी पोर्टल पर जाकर प्रदर्शित क्वीक लिंक टैब में “Rebate As lokadalat in section 126” पर क्लिक कर आवेदन प्रस्तुत करना होगा। कंपनी के portal.mpcz.in पोर्टल पर कंज्यूमर आईडी की प्रविष्टि करते ही उपभोक्ता को धारा-126 में दर्ज लंबित प्रकरण प्रदर्शित होगा। उपभोक्ता को लोक अदालत की तर्ज पर धारा-126 में छूट प्राप्त किए जाने हेतु “उपभोक्ता के परिसर या अन्य परिसर पर संयोजन के विरूद्ध विद्युत देयक की बकाया राशि नहीं है तथा विचाराधीन प्रकरण पर धारा 127 के अंतर्गत गठित अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष या किसी अन्य न्यायालय के समक्ष कोई अपील लंबित नहीं है न ही निर्णित है“ सत्यापित कर सबमिट करना होगा। इसके बाद उपभोक्ता ऑनलाइन भुगतान का विकल्प चयन कर भुगतान कर सकते हैं।
इसी प्रकार ऑफलाइन आवेदन के लिये उपभोक्ताओं के लिए नजदीकी विद्युत वितरण केन्द्र/जोन पर निर्धारित प्रारूप में आवेदन करने की सुविधा भी उपलब्ध है।
कंपनी ने कहा है कि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 126 के लंबित प्रकरणों में लोक अदालत की तर्ज पर छूट प्रदान कर प्रकरणों का निराकरण लोक अदालत के माह के दौरान ही किया जाएगा। लोक अदालत की प्रक्रिया के अनुरूप निर्धारित मापदंडों के अधीन 10 लाख रूपए तक की सिविल दायित्व की राशि के समस्त घरेलू, समस्त कृषि, 5 किलोवाट तक गैर घरेलू व 10 अश्वशक्ति तक के औद्योगिक श्रेणी के लंबित प्रकरणों का आवेदन संबंधित उप महा प्रबंधक को दिया जाकर, आकलित राशि पर 20 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किए जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने पश्चात प्रत्येक 6 माही चक्रवर्ती दर अनुसार 16 प्रतिशत की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर, 100 फीसदी की छूट दी जाएगी। बशर्ते किसी प्रकरण में धारा 127 के अंतर्गत गठित अपील प्राधिकरण के समक्ष अथवा उच्च न्यायालय में कोई अपील लंबित न हो। कंपनी ने बताया कि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 126 के अंतर्गत यदि एक संयोजन पर एक से अधिक प्रकरण दर्ज हैं तो एक साथ सभी प्रकरणों का भुगतान एक मुश्त किया जाना अनिवार्य है। यदि किसी एक संयोजन पर एक से अधिक विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 126 में प्रकरण दर्ज है तो उपभोक्ता को वितरण केन्द्र/ जोन पर संपर्क कर आवेदन करना होगा।
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कोरबा व कटघोरा वन मंडल में हाथियों का आतंक बढ़ा, ग्रामीण रातभर जागकर कर रहे निगरानी
कोरबा
वनमंडल कोरबा के करतला और बालकोनगर रेंज में हाथियों का उत्पात लगातार जारी है। बालको रेंज में सक्रिय 12 हाथियों का दल ग्राम सरईपाली में 10 ग्रामीणों के खेतों को तहस नहस करने के बाद ग्राम सोनगुड़ा पहुंच गया है। वहीं, करतला रेंज के ग्राम बोड़ाझाप में मौजूद हाथी आगे बढकर ग्राम सेंद्रीपाली के जंगल में डेरा डाल दिया है। हाथियों के दल ने यहां पहुंचने से पहले रास्ते में अनेक किसानों की धान फसल को बर्बाद कर दिया है। जिसका आंकलन वन विभाग द्वारा किया जा रहा है।
बालको रेंजर जयंत सरकार ने बताया कि उनके रेंज में मौजूद हाथियों के अजगरबहार क्षेत्र की ओर बढने की संभावना है। वहां के स्टाफ को सतर्क कर दिया गया है और उनसे हाथियों की निगरानी के साथ क्षेत्र में मुनादी कराने की तैयारी रखने को कहा गया है। इस बीच कटघोरा वनमंडल के एतमानगर रेंज में 53 हाथी अभी भी पचरा जंगल में डेरा डाले हुए हैं। हाथियों का यह दल रात में जंगल से निकलकर गांव के निकट पहुंचता है तथा वहां खेतों में उत्पात मचाने तथा फसल को तहस-नहस करने के बाद वापस जंगल लौट जाता है। हाथियों के उत्पात से क्षेत्र के ग्रामीण हलाकान हैं। वहीं, हाथियों के डेरा डालने से उनमें दहशत भी व्याप्त है।
वहीं, कटघोरा वन मंडल के ऐतमा परिक्षेत्र के ग्राम पंचायत पचरा में 53 हाथियों का विशाल झुंड पहुंच गया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से पूरे ग्राम में भय का माहौल बन गया। हाथियों की आवाज और गतिविधियों को देखते हुए ग्रामीण रातभर जागकर अपनी सुरक्षा में लगे रहे। कई स्थानों पर लोगों ने आग जलाकर हाथियों की निगरानी की और उन्हें आबादी से दूर खदेड़ने का प्रयास किया। ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों के झुंड ने काफी खेतों में खड़ी फसलें रौंद दीं। जिससे किसानों को बड़ा नुकसान हुआ है। धान की फसल बर्बाद होने से कृषक परिवार चिंतित हैं। कुछ स्थानों पर हाथी गांव की सीमा तक आ पहुंचे, जिससे घरों को भी खतरा उत्पन्न हो गया।
स्थानीय लोगों ने वन विभाग पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि इतना बड़ा झुंड ग्राम के पास घूम रहा है, लेकिन वन विभाग का कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं दिखा। अपनी सुरक्षा हमें स्वयं करनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि वे लगातार हाथियों की दिशा पर नजर रख रहे हैं ताकि कोई अनहोनी न हो। हाथियों के कारण उत्पन्न स्थिति से ग्राम में दहशत बनी हुई है।
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शिवराज सिंह की घोषणा: किसानों की मांगे मानी गईं, अब नुकसान का मिलेगा कवरेज
भोपाल
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज शुक्रवार को किसानों को लेकर एक बड़ी घोषणा की है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) अब जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान और ज्यादा बारिश के चलते बाढ़ या जलभराव को भी कवर करेगी.
किसानों को एक वीडियो मैसेज में चौहान ने कहा कि मैं आज आपको अच्छी खबर दे रहा हूं. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत दो नुकसान कवर नहीं किए गए थे और इनकी मांग लंबे समय से की जा रही थी. एक, जंगली जानवरों से फसलों को नुकसान और दूसरा, ज्यादा बारिश से बाढ़ या पानी भरने से फसलों को नुकसान. मैं आपको बताना चाहूंगा कि ये दोनों नुकसान अब फसल बीमा योजना के तहत कवर किए जा रहे हैं. अगर जंगली जानवर फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं, तो उसका मुआवजा दिया जाएगा. अगर पानी भरने से फसलों को नुकसान होता है, तो उसका भी मुआवजा अब से किसानों को मिलेगा.
इस घोषणा से उन हजारों किसानों को फायदा होगा जिन्हें पहले इन प्राकृतिक वजहों से नुकसान हुआ था, लेकिन वे इंश्योरेंस क्लेम के लिए पात्र नहीं थे. इससे पहले गुरुवार को शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया 'X' पर एक पोस्ट शेयर किया और बताया कि 2024-25 में फसल उत्पादन का फाइनल अनुमान बढ़कर 357.73 मिलियन टन हो गया है, जो पिछले साल से लगभग 8 प्रतिशत ज्यादा है.
चौहान ने आगे लिखा कि यह बहुत खुशी की बात है कि हमारे किसान भाई-बहनों ने अपनी मेहनत से अनाज उत्पादन में एक नया रिकॉर्ड बनाया है. 2024-25 में फसल उत्पादन के अंतिम अनुमान बताते हैं कि देश का कुल अनाज उत्पादन बढ़कर 357.73 मिलियन टन हो गया है, जो पिछले साल से लगभग 8 फीसदी ज्यादा है. यह उपलब्धि किसानों की कड़ी मेहनत, आधुनिक टेक्नोलॉजी के बढ़ते इस्तेमाल और केंद्र सरकार की खेती के अनुकूल नीतियों का मिलाजुला नतीजा है. उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दस सालों में अनाज उत्पादन में 106 मिलियन टन से ज़्यादा की ऐतिहासिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए उन्होंने आगे लिखा कि पिछले दस सालों में अनाज के प्रोडक्शन में 106 मिलियन टन से ज्यादा की ऐतिहासिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है. चावल, गेहूं, मक्का और बाजरा समेत सभी मुख्य फसलों में जबरदस्त बढ़ोतरी देश की खेती की मजबूती और केंद्र सरकार की नीतियों के असर का सबूत है. चौहान ने आगे लिखा कि फसलों में बढ़ोतरी 'तिलहन मिशन' और 'दलहन आत्मनिर्भरता मिशन' की सफलता को दिखाती है.
उन्होंने आगे लिखा कि केंद्र सरकार की कोशिशों की वजह से दालों और तिलहनों में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है. तिलहन का प्रोडक्शन बढ़कर 42.989 मिलियन टन हो गया है, और कुल दालों का प्रोडक्शन 25.683 मिलियन टन तक पहुंच गया है. मूंगफली, सोयाबीन, चना और मूंग जैसी फसलों में अच्छी बढ़ोतरी 'तिलहन मिशन' और 'दाल आत्मनिर्भरता मिशन' की सफलता को दिखाती है.
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार की तूर, उड़द, चना और मूंग के लिए MSP पर खरीद की गारंटी ने किसानों को एक सुरक्षित बाजार दिया है और MSP पर पक्की खरीद से बड़ी संख्या में किसानों को फायदा हो रहा है, और दालों के उत्पादन में लगातार बढ़ोतरी हो रही है.
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रीवा में सरकारी कर्मचारियों के लिए मज़ेदार इनाम, फ्री मूवी, डिनर और टाइगर सफारी टिकट
रीवा
जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण 'SIR' का कार्य तेजी से जारी है. मतदाता के सत्यापन के लिए गणना पत्रक का शत-प्रतिशत वितरण कर दिया गया है. सभी बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं से इसे भरवाकर रिकॉर्ड पर ले रहे हैं. इसी बीच रीवा जिला प्रशास ने SIR के कार्य को तेज गति देने के लिए खास ऑफर दिया है. जिला कलेक्टर कार्यालय से जारी हुए आदेश के मुताबिक प्रोत्साहन बीएलओ फ्री मूवी टिकट डिनर या टाइगर सफारी टिकट की हकदार होंगे बस उन्हें एक शर्त पूरी करनी होगी.रीवा में SIR को लेकर BLO के लिए खास ऑफर
रीवा के सभी विधानसभा क्षेत्रों में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया तेजी से जारी है. इसी कड़ी में प्रशासन ने बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) को प्रोत्साहित करने के लिए नई पहल की है. योजना के तहत जिस बीएलओ द्वारा अपने बूथ के मतदाताओं की जानकारी का 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन पूरा किया जाएगा, उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा. ऐसे बीएलओ को परिवार सहित फिल्म देखने के लिए मुफ्त टिकट दिए जाएं
अपर कलेक्टर ने सभी SDM को जारी किया ऑफर वाला पत्र
19 नंवबर को इस संबंध में अपर कलेक्टर ने जिले के सभी एसडीएम को पत्र लिखा और कहा है कि वह सभी बीएलओ को प्रोत्साहित करें. पत्र जारी करते हुए उल्लेख किया गया कि SIR का कार्य प्रचलन में है. प्रत्येक विधानसभा के प्रथम बूथ लेवल ऑफिसर 'BLO' जो 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन का कार्य पूर्ण करेंगे उन्हें प्रोत्साहन के रूप में एक बार परिवार सहित निम्नानुसार सुविधाएं जिला प्रशासन की ओर से मुफ्त में उपलब्ध कराई जाएंगी.
BLO के लिए रीवा जिला प्रशासन का ये है ऑफर
फ्री मूवी टिकट विथ फैमली
फ्री डिनर विथ फैमली
फ्री टिकट गेम जोन फॉर चिल्ड्रेन
फ्री मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी एंड जू विथ फैमली
फ्री थीम कार्निवल मेला रीवा विथ फैमलीरीवा में गणना पत्रक के डिजिटाइजेशन में जुटे BLO
रीवा जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में इन दिनों 'SIR' यानी मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है. मतदाता के सत्यापन के लिए गणना पत्रक का शत-प्रतिशत वितरण कर दिया गया है. अब सभी BLO ब्लॉक लेवल ऑफिसर घर-घर जाकर मतदाताओं से गणना पत्रक भरवाकर उसे रिकॉर्ड पर ले रहे हैं. कई बीएलओ ने अपने सभी मतदाताओं के गणना पत्रक एकत्रित कर डिजिटाइजेशन कर दिया है. अन्य बीएलओ गणना पत्रक संकलित करक बीएलओ ऐप के माध्यम से डिजिटाइज कर रहे हैं.
4.59 लाख गणना पत्रक प्राप्त करके किया गया डिजिटाइज: कलेक्टर
इस संबंध में कलेक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी प्रतिभा पाल ने बताया, '' 20 नवम्बर को शाम 5 बजे तक मतदाताओं से 4 लाख 59 हजार 046 गणना पत्रक प्राप्त कर इसे डिजिटाइज कर लिया गया है. बीएलओ घर-घर जाकर गणना पत्रक संकलित कर रहे हैं. अब तक गुढ़ विधानसभा क्षेत्र में 72261, मनगवां में 76960, रीवा में 73443, सेमरिया में 84549, सिरमौर में 83662 तथा विधानसभा क्षेत्र त्योंथर में 78741 गणना पत्रक डिजिटाइज किए जा चुके हैं.''
रीवा जिले में 2 BLO ने सौ फीसदी लक्ष्य किया पूरा
सेमरिया विधानसभा क्षेत्र के बीएलओ चंद्रमौली सिंह ने समय से पहले लक्ष्य हासिल कर लिया है. उन्होंने SIR मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के तहत सभी कार्य समय से पहले समाप्त कर डिजिटाइजेशन कर लिया है. इसी तरह से मनगवां विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 73 के मतदान केन्द्र क्रमांक 125 ग्राम हकरिया के बीएलओ रामलोचन कुशवाहा ने भी समय से पूर्व डिजिटाइजेशन कार्य पूर्ण किया है.
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सामाजिक न्याय विभाग में भर्तियों की तैयारी, मंत्री कुशवाह ने अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश
भोपाल
मध्य प्रदेश के सामाजिक न्याय विभाग में सरकारी नौकरी करने के इच्छुक युवाओं के लिए एक अच्छा मौका है , राज्य शासन जल्दी ही यहाँ रिक्त पदों पर भर्ती करने वाला है, प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने विभागीय अधिकारियों को इस आशय के निर्देश जारी किये हैं।सामाजिक न्याय विभाग द्वारा संचालित दिव्यांगजन पुनर्वास केन्द्रों में रिक्त पदों की पूर्ति शीघ्र की जायेगी। इस आशय के निर्देश सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने सागर संभाग में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक में दिए।
मंत्री कुशवाह ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक जरूरतमंद को प्राप्त हो सके, इसके प्रयास मैदानीकर्मी लगातार करें। उन्होंने सागर संभाग में सामाजिक सुरक्षा पेंशन में हितग्राहियों की केवायसी की धीमी प्रगति पर पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने 30 नवम्बर तक शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन के निर्देश दिए।
पुनर्वास केन्द्रों में पदों की पूर्ति के लिए चलेगा अभियान
मंत्री कुशवाह ने छतरपुर जिले में जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केन्द्र और शासकीय बौद्धिक दिव्यांगजन के विशेष विद्यालयों में रिक्त पदों पर चिंता व्यक्त कर प्रदेश में सभी पुनर्वास केन्द्रों में पदों की पूर्ति के लिए अभियान चलाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
जैविक खेती के लिए किसानों को प्रेरित करने के निर्देश
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण के साथ साथ उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने सागर संभाग में उद्यानिकी विभाग की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में किसानों को जैविक खेती के प्रति प्रोत्साहित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में किसान परम्परागत खेती के साथ-साथ जैविक खेती के माध्यम से बेहतर लाभ कमा सकते हैं।
धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई, सहायक संचालक को नोटिस
विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक में निवाड़ी जिले की धीमी प्रगति पर मंत्री कुशवाह ने नाराजगी व्यक्त की तथा निवाड़ी के सहायक संचालक उद्यानिकी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश संयुक्त संचालक उद्यानिकी को दिए। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्याम तिवारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
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ग्रामीण क्षेत्रों को बड़ी सौगात: भरतपुर में नई बस सेवा शुरू
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा से ग्रामीणों में खुशी की लहर
रायपुर,
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की जनहितकारी सोच एवं मंशानुरूप परिवहन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के भरतपुर ब्लॉक में ग्रामीण बस सेवा के तहत नई बसों का शुभारंभ किया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था उपलब्ध है कराना
उल्लेखनीय है कि परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर, सुगम और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराने का लक्ष्य लगातार साकार हो रहा है। उनकी प्राथमिकता हमेशा से अंतिम व्यक्ति तक शासकीय सुविधाएं पहुँचाना रही है। ग्रामीण बस सेवा इसी संकल्प का प्रभावी उदाहरण है, जिसने गांवों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में नई ऊर्जा प्रदान की है।
विद्यार्थियों, महिलाओं और आमजनों को बड़ी सुविधा
नई बस सेवा शुरू होने से भरतपुर एवं आसपास के गांवों के विद्यार्थियों, महिलाओं, मजदूरों तथा आम लोगों को अब नियमित और सुरक्षित परिवहन सुविधा मिल सकेगी। अब विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज पहुँचने में आसानी होगी, महिलाएं बिना परेशानी अस्पताल, बाज़ार और आवश्यक कामों के लिए अपने गंतव्य तक सुगमता से यात्रा कर सकेंगी, वहीं मजदूर वर्ग को रोजगार स्थलों तक पहुंचने में समय और सुविधा दोनों मिलेंगी।
इस अवसर पर सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति में बसों को हरी झंडी दिखाकर उनके निर्धारित मार्गों पर रवाना किया गया। बसों के प्रस्थान के साथ ही ग्रामीणों में उत्साह और प्रसन्नता का माहौल रहा। लोगों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सेवा उनकी वास्तविक जरूरतों को पूरा करती है।
ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल
यह बस सेवा केवल परिवहन व्यवस्था का विस्तार नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, गांव और शहर के बीच संपर्क बढ़ेगा तथा विकास की गति और तेज होगी। मुख्यमंत्री श्री साय की प्रतिबद्धता और प्रशासनिक टीम के समन्वित प्रयासों का परिणाम है कि ग्रामीण क्षेत्र अब सुविधाओं और विकास के नए मानक स्थापित कर रहे हैं।
इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष माया प्रताप सिंह, उपाध्यक्ष हीरालाल मौर्य, जनपद सदस्य सुखलाल मरावी, नगर पंचायत अध्यक्ष कौशल पटेल, उपाध्यक्ष निलेश मिश्रा, जनपद सीईओ, परिवहन अधिकारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
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15 दिन का राहत: जावेद सिद्दीकी के घर बुलडोजर कार्रवाई पर हाईकोर्ट का स्टे
इंदौर
मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में महू कैंटोनमेंट क्षेत्र में अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जावेद अहमद सिद्दीकी का पुराना पैतृक मकान इन दिनों सुर्खियों में है. यह चार मंजिला मकान मुकेरी मोहल्ला में है और इसके कुछ हिस्से को महू कैंट बोर्ड ने अवैध निर्माण बताया है. बोर्ड ने हाल ही में नोटिस जारी कर सिर्फ तीन दिन का समय दिया था कि अवैध हिस्सा खुद हटा लें, वरना बुलडोजर चलाकर तोड़ दिया जाएगा और खर्चा भी वसूला जाएगा.
यह मकान मूल रूप से जावेद सिद्दीकी के पिता स्वर्गीय मौलाना हम्माद सिद्दीकी के नाम पर दर्ज है. हम्माद सिद्दीकी कभी महू के शहर काजी रह चुके थे. परिवार ने यह मकान जावेद को गिफ्ट किया था. बाद में जावेद सिद्दीकी ने इसे अब्दुल माजिद नाम के शख्स को गिफ्ट कर दिया. तब से अब्दुल माजिद और उनका परिवार इस मकान में रह रहा है. महू कैंट बोर्ड का कहना है कि यह निर्माण 1996-97 में दिए गए पुराने नोटिस के आधार पर अवैध है. नोटिस में साफ नहीं बताया गया कि मकान का कौन सा हिस्सा गैरकानूनी है. साथ ही सुप्रीम कोर्ट की 2025 वाली नई गाइडलाइंस का भी पालन नहीं किया गया. बोर्ड ने अवैध बेसमेंट और अतिरिक्त मंजिलों का हवाला दिया है.
फिलहाल इस मकान पर बुलडोजर एक्शन नहीं होगा. क्योंकि मकान में रहने वाले अब्दुल माजिद ने इंदौर हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में याचिका दाखिल की थी. अब्दुल माजिद इस संपत्ति पर अपना क्लेम कर रहे हैं, क्योंकि मकान उन्हें गिफ्ट किया जा चुका है.
याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने तीन मुख्य आधारों पर 15 दिन का स्टे ऑर्डर दे दिया है:वर्तमान नोटिस में 1996-97 के पुराने नोटिस का जिक्र तो है, लेकिन सही तरीके से नहीं बताया गया.
नोटिस में यह साफ नहीं है कि मकान का ठीक कौन सा हिस्सा अवैध है.
सुप्रीम कोर्ट की ताजा गाइडलाइंस (2025) का पालन नोटिस में नहीं हुआ.
हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों – यानी याचिकाकर्ता और महू कैंट बोर्ड – को अपना पक्ष रखने के लिए 7-7 दिन का समय दिया है. इस तरह कुल 15 दिन बाद मामले की अगली सुनवाई होगी. तब तक बुलडोजर एक्शन पर पूरी तरह रोक लगी हुई है. यह मामला इसलिए भी ज्यादा चर्चा में है क्योंकि जावेद सिद्दीकी इन दिनों दिल्ली ब्लास्ट और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर मामलों में जांच के घेरे में है, लेकिन मकान तोड़ने का यह पुराना विवाद अवैध निर्माण से जुड़ा है. अब देखना पक्ष मजबूत रखने के लिए अब्दुल माजिद को राहत मिली है, लेकिन 15 दिन बाद कोर्ट क्या फैसला लेगी, यह देखना बाकी है. -
इंदौर पहुंचे वंदे भारत के नए रैक, यात्रियों के लिए बढ़ी सुविधा
इंदौर
दो साल पहले इंदौर को मिली पहली वंदे भारत ट्रेन के कोच अब रेलवे बढा रहा है। इससे यात्री क्षमता दोगुनी हो जाएगी। 24 नंवबर से चलने वाली ट्रेन के लिए नए रैक आ चुके है। अभी इंदौर-नागपुर वंदे भारत ट्रेन आठ कोचों के साथ चलती है। इसमें 530 सीटें थीं। 16 कोच के बाद एक हजार से ज्यादा यात्री सफर कर सकेंगे। रेलवे ने नए रैक वंदे भारत के लिए भेज दिए है। इससे इंदौर से भोपाल जाने वाले यात्रियों को भी फायदा होगा,क्योकि यह ट्रेन भोपाल में भी रुकती है। भोपाल से भी नागपुर जाने के लिए यात्रियों को सुविधा होगी।
वंदे भारत ट्रेन में बीते चार माह से सीटें फुल जा रही थी। इस कारण रेलवे ने वंदे भारत के कोच बढ़ा दिए है। इंदौर से नागपुर तक ट्रेन चलाने की मांग हमेशा से उठती रहती है। दो साल पहले इंदौर से भोपाल के बीच वंदे भारत ट्रेन का संचालन शुरू किया था। यह ट्रेन सुबह सवा छह बजे जाती है।
इंदौर से भोपाल तक के लिए इस ट्रेन को कम यात्री मिलते थे। बाद में वंदेभारत ट्रेन का विस्तार इंदौर से नागपुर तक किया गया। इसके बाद ट्रेन को अच्छे यात्री मिलने लगे। त्यौहार के समय इस ट्रेन में सीट नहीं मिलती है।
पहले दिल्ली भेज दिए थे रैकवंदे भारत के लिए सितंबर माह में रैक आए थे, लेकिन उसका उपयोग रेलवे ने दिल्ली पटना ट्रेन के लिए कर दिया था। अब वे रैक वापस इंदौर भेजे है। दो दिन पहले रैक इंदौर लाए गए। अब 24 नवंबर से 16 कोच के साथ ट्रेन इंदौर से नागपुर के लिए रवाना होगी। उधर इंदौर नगर निगम ने भी इंदौर से नागपुर के लिए बस सेवा शुरू की है। पिछले दिनों हरी झंडी देकर मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने बस को रवाना किया था।