• भावांतर योजना में सोयाबीन की कीमत बढ़ी, नया मॉडल रेट 4271 रुपए

    भोपाल

    भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए आज 21 नवंबर को 4271 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी।

    सोयाबीन के मॉडल रेट में लगातार वृद्धि जारी है। पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए, 12 नवंबर को 4077 रुपए, 13 नवंबर को 4130 रुपए, 14 नवंबर को 4184 रुपए, 15 नवंबर को 4225 रुपए, 16 नवंबर को 4234 रुपए, 17 नवंबर को 4236 रुपए, 18 नवंबर को 4255 रुपए, 19 नवंबर को 4263 रुपए और 20 नवंबर को 4267 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी हुआ था। राज्य सरकार की गारंटी है कि किसानों को हर हाल में सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य की 5328 रुपए   प्रति क्विंटल की राशि मिलेगी।

  • मोहन भैया ने पेश किया नया कदम, लाड़ली बहना योजना में बदलाव से बहनों को मिलेगा फायदा

    भोपाल 

    प्रदेश की 1.26 करोड़ लाड़ली बहनों को और सशक्त बनाने के लिए मोहन सरकार नया प्लेटफार्म लेकर आ रही है। यह लाड़ली बहना योजना के तहत ही आएगा। इसमें बहनों को उद्योग धंधे लगाने में अतिरिक्त छूट मिलेगी। वे चाहेंगी तो उन्हें मासिक किस्त का एक मुश्त भुगतान किया जाएगा। रोजगार व स्वरोजगार में योग्यता के आधार पर अतिरिक्त छूट दी जाएगी। ये सभी बदलाव उच्चस्तरीय समिति की सिफारिश के आधार पर होंगे।

    दरसअल, मप्र से लेकर अन्य राज्यों में भाजपा और एनडीए को चुनाव में संजीवनी देने का मूल आधार मानी जा रही लाड़ली बहना योजना में मोहन सरकार पहली बार बड़ा बदलाव करने जा रही है। योजना के मूल स्वरूप में बदलाव किया जाएगा। यह काम महिला मंत्रियों की उच्च स्तरीय समिति के सुझावों के आधार पर होगा। समिति बनाने पर पिछली कैबिनेट में सहमति बन चुकी है।
    ये होगी समिति

    राज्य सरकार अब तक लागू की जा चुकी महिला सशक्तीकरण आधारित योजनाओं की समीक्षा करने जा रही है। यह काम महिलाओं और विशेषज्ञों को करना है। इसमें महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया को अध्यक्ष बनाया जा रहा है। मंत्री संपत्तिया उइके, मंत्री कृष्णा गौर, प्रतिमा बागरी व राधा सिंह को शामिल किया जाएगा। समिति गठित करने संबंधी प्रस्ताव बनाया जा रहा है। यह समिति लाड़ली बहना योजना का सूक्ष्मतम अध्ययन करते हुए आवश्यक प्रस्ताव तैयार करेगी।

    बदलाव की वजह है विजन डॉक्यूमेंट- 2047 के लक्ष्य

    विजन डॉक्यूमेंट-2047 के तहत प्रदेश की अर्थव्यवस्था का आकार 2029 तक 27.7 लाख करोड़ और 2047 तक 250 लाख करोड़ करने का लक्ष्य है। अभी प्रति व्यक्ति आय 1.6 लाख है। इसे सरकार 2029 तक 3 लाख से अधिक और 2047 तक 22 लाख से अधिक करना चाहती है। सीएम डॉ. मोहन यादव का कहना है कि महिलाओं के आर्थिक रूप से संपन्न होने पर ही यह हो सकेगा। इसलिए उन्हें आर्थिक रूप से अधिक मजबूत बनाने की जरूरत है। यही वजह है कि सरकार महिला कल्याण और सशक्तीकरण से जुड़ी सभी योजनाओं (Ladli Behna Yojana) की समीक्षा करने जा रही है। इसमें मुख्य तौर पर लाड़ली बहना योजना भी है।

    योजना में ये बदलाव संभव

    अभी 1500 रुपए प्रति माह दिए जा रहे हैं। यह राशि हर माह न देकर कुछ वर्षों की राशि एक मुश्त दी जा सकती है। ताकि यह उद्योग-धंधे लगाने में काम आए।

    आगे योजना में शामिल करने के लिए शेष बहनों के लिए पंजीयन को खोला जा सकता है।

    योजना को पूरी तरह बहनों की आर्थिक समृद्धि में बदला जा सकता है। ताकि मासिक किस्त से ज्यादा वे खुद कमा सकें।

    इसके लिए बहनों को जनकल्याण की लगभग सभी योजनाओं में अतिरिक्त छूट मिल सकती है।

    यदि कोई बहना मासिक किस्त की बजाए, अन्य मदद चाहेंगी और वे उसके लिए योग्य होंगी तो उन्हें प्राथमिकता मिलेगी।
    लाड़ली बहना योजना में ऐसे बढ़ी राशि

    -लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) की शुरुआत मार्च 2023 में हुई। तब हर माह 1.29 करोड़ बहनों को 1000 रुपए दिए जाते थे।

    -तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने राशि में 250 रुपए की वृद्धि की और सितंबर 2023 से 1250 रुपए मिलने लगे।

    -मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 250 रुपए और बढ़ाने का ऐलान किया। 11 नवंबर को 2025 को कैबिनेट में मंजूरी मिली और इसी माह 1.26 करोड़ बहनों को 1500 रुपए ट्रांसफर किए।

    अब तक लाड़लियों को 45 हजार करोड़ दिए

    मध्य प्रदेश सरकार अब तक लाड़ली बहनों को 45 हजार करोड़ से अधिक की राशि दी जा चुकी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुमानित खर्च 20,450.99 करोड़ है। इसमें से भी आधी दी जा चुकी है। नवंबर 2025 से 250 रुपए बढ़ाने के बाद यह खर्च और बढ़ेगा। राज्य हर महीने लाड़लियों पर 1600 करोड़ खर्च कर रही है।
    इधर, किस्त 3 हजार करने पर राजनीति

    लाड़ली बहनों को दी जा रही किस्त (Ladli Behna Yojana) पर राजनीति जारी है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी कई बार मंचों से कह चुके हैं कि भाजपा ने बहनों को प्रति माह 3000 रुपए देने का वादा किया था। जवाब में भाजपा चरणवार बढ़ोतरी की बात करती रही है।

  • SIT ने छिंदवाड़ा में मारा छापा, केमिकल सप्लायर गिरफ्तार और 8 मेडिकल लाइसेंस किए सस्पेंड

    छिंदवाड़ा
     छिंदवाड़ा सहित मध्य प्रदेश में 24 बच्चों की जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से मौत हो गई थी. कफ सिरप में जिस केमिकल की ज्यादा मात्रा मिलाने से वह जानलेवा हो गया था, उसे सफ्लाई करने वाले व्यक्ति को SIT की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है. उसे परासिया कोर्ट में पेश करने के बाद पूछताछ के लिए 3 दिन की रिमांड पर लिया है.

    श्रेसन कंपनी को डायथिलीन ग्लाइकॉल का सफ्लायर गिरफ्तार
    छिंदवाड़ा जिले में जहरीले कफ सिरप कोल्ड ड्रिंक से 24 बच्चों की मौत को लेकर पुलिस ने एसआईटी की टीम गठित की थी. एसआईटी के प्रभारी जितेंद्र सिंह जाट ने बताया कि, ''अब तक इस मामले में 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. श्रेशन कंपनी का कोल्ड्रिफ सिरप जिसमें डायथिलीन ग्लाइकॉल की मात्रा अधिक पाई गई थी, जिसकी वजह से बच्चों की किडनी खराब हो रही थी. इस केमिकल को सप्लाई करने वाले व्यक्ति को भी टीम ने गिरफ्तार कर परासिया कोर्ट में पेश किया है. जहां से पूछताछ के लिए तीन दिनों की रिमांड ली गई है.''

    मेडिकल दुकानों में नहीं हो रहा नियमों का पालन, 8 के लाइसेंस सस्पेंड
    जहरीले कफ सिरप से हुई बच्चों की मौत के बाद जिला औषधि एवं खाद्य विभाग भी लगातार मेडिकल दुकानों पर जांच कर कार्रवाई कर रहा है. इसके चलते परासिया की 7 मेडिकल दुकान और छिंदवाड़ा की एक दुकान पर नियम का पालन नहीं करने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था. दुकानदारों ने सही समय पर उचित कारण नहीं बता पाया इसलिए आठ मेडिकल दुकानों के अलग-अलग दिनों के लिए लाइसेंस सस्पेंड भी किए गए हैं.

    1). दिनेश मेडिकल स्टोर परासिया सात दिवस के लिए निलंबित
    2). गुप्ता मेडिकल स्टोर 15 दिन के लिए निलंबित छिदवाडा
    3). हरसोरिया मेडिकल स्टोर परासिया 12 दिन के लिए निलंबित
    4). कैलाश मेडिकल स्टोर परासिया सात दिवस के लिए निलंबित
    5). न्यू सिटी मेडिकल स्टोर परासिया 10 दिन के लिए निलंबित
    6). निलेश मेडिकल स्टोर परासिया 7 दिन के लिए
    7). राय मेडिकल स्टोर परासिया 12 दिन के निलंबित
    8). सुमित मेडिकल स्टोर परासिया 7 दिन के लिए सस्पेंड किए गए हैं.

    छिंदवाड़ा जिले में कोल्ड्रिफ कफ सिरप से 24 बच्चों की मौत
    मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और बैतूल में 24 बच्चों की मौत कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने के बाद हो गई थी. सिरप पीने के बाद बच्चों की किडनी फेल हो गई थी. जांच में पाया गया कि बच्चों को दिए गए सिरप में जहरीला पदार्थ मिला हुआ था. इस मामले में सरकार ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप बनाने वाली कंपनी के मालिक, उस सिरप को प्रिसक्राइव करने वाले डॉक्टर, मेडिकल स्टोर में बेचने वाले फार्मासिस्ट, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया है. 

  • कोपरा जलाशय को जल्द मिलेगा रामसर स्थल का दर्जा

     राज्य वेटलैंड प्राधिकरण ने भेजा प्रस्ताव

    रायपुर,

    वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्थित कोपरा जलाशय को राज्य सरकार ने प्रस्तावित रामसर स्थल घोषित करने की दिशा में बड़ी पहल की है। प्राकृतिक और मानव निर्मित विशेषताओं से युक्त यह जलाशय पूरे क्षेत्र के लिए जलसंसाधन, सिंचाई और जैव विविधता का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।

    कोपरा जलाशय के रामसर स्थल बनने से क्षेत्र को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलेगी पहचान

         वन मंत्री कश्यप ने उम्मीद जताई है कि कोपरा जलाशय के रामसर स्थल बनने से क्षेत्र को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। गौरतलब है कि कोपरा जलाशय मुख्य रूप से वर्षा जल और आसपास के छोटे नालों से भरता है। यह जलाशय स्थानीय ग्रामीणों की जल आवश्यकताओं को पूरा करता है और किसानों के लिए सिंचाई का प्रमुख स्रोत है। जलाशय के आसपास की भूमि अत्यंत उपजाऊ मानी जाती है, जिससे क्षेत्र के कई गाँवों और छोटे कस्बों की कृषि पूरी तरह इस जलाशय पर निर्भर है।

    जैव विविधता अत्यधिक समृद्ध मानी जाती है यहाँ की
          इसके अलावा यह क्षेत्र वर्षभर विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों, जलचर जीवों और वनस्पतियों का सुरक्षित आवास बना रहता है। खासकर प्रवासी पक्षियों की बड़ी संख्या यहाँ हर वर्ष दर्ज की जाती है। जलाशय में मछलियाँ, जलीय पौधे, उभयचर, सरीसृप और अनेक प्रकार के कीट-पतंगे बड़ी मात्रा में पाए जाते हैं, जिससे इसकी जैव विविधता अत्यधिक समृद्ध मानी जाती है।

    दुर्लभ पक्षियों के संरक्षण के लिए उपयुक्त स्थल
            राज्य वेटलैंड प्राधिकरण के अनुसार कोपरा जलाशय रिवर टर्न, कॉमन पोचार्ड और इजिप्शियन वल्चर जैसे दुर्लभ व महत्वपूर्ण पक्षियों के संरक्षण के लिए अत्यंत उपयुक्त स्थान है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह जलाशय रामसर मानदंड संख्या 02, 03 और 05 की पूर्णता करता है, जो इसे एक उत्कृष्ट वेटलैंड इकोसिस्टम का उदाहरण साबित करता है।

    स्वीकृति मिलने पर पर्यटन संबंधी महत्व और बढ़ जाएगा
          इसी महत्व को देखते हुए राज्य सरकार ने इसे रामसर स्थल घोषित करने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा है। यदि इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिलती है, तो कोपरा जलाशय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संरक्षण मिलेगा और इसका वैज्ञानिक, पर्यावरणीय तथा पर्यटन संबंधी महत्व और बढ़ जाएगा।

    ग्रामीण आजीविका के विकास  को मजबूत करने की तैयारी
        सरकारी योजनाओं के तहत इस क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन तथा ग्रामीण आजीविका विकास से जुड़ी गतिविधियों को और मजबूत करने की तैयारी है, ताकि स्थानीय आबादी और प्राकृतिक संसाधनों के बीच संतुलन बनाए रखा जा सके।

  • भस्म आरती के बाद जुबिन नौटियाल बोले—अब शुरू होगा दिव्य इंडिया टूर, महाकाल के दर्शन किए

    उज्जैन
     बॉलीवुड के मशहूर सिंगर जुबिन नौटियाल शुक्रवार तड़के उज्जैन पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान महाकाल के दर्शन कर अपने आने वाले इंडिया टूर की सफलता की प्रार्थना की। सुबह लगभग 4 बजे वे महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे और नंदी हॉल से भस्म आरती में शामिल हुए। शिव भक्ति में पूरी तरह डूबे जुबिन का चेहरा आध्यात्मिक उत्साह से चमक रहा था।

    दर्शन के बाद उन्होंने देहरी से महाकाल का आशीर्वाद लिया। बताया जाता है कि जुबिन महाकाल के गहरे भक्त हैं—दो साल पहले भी वे भस्म आरती में शामिल होकर भजन प्रस्तुत कर चुके हैं। इस बार भी मंदिर समिति की ओर से सहायक प्रशासक आशीष पलवाडिया ने उन्हें दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मानित किया।

    जुबिन गुरुवार देर रात इंदौर पहुंचे थे और शुक्रवार दोपहर भोपाल के लिए रवाना होंगे। उनका मल्टी-सिटी इंडिया टूर दिसंबर से शुरू हो रहा है, जिसे लेकर वे बेहद उत्साहित हैं और इसे शुरू करने से पहले महाकाल का आशीर्वाद लेना उन्होंने आवश्यक समझा।

    दर्शन के बाद उन्होंने मंदिर प्रशासन की व्यवस्था की सराहना की और कहा — "यह मेरा चौथा महाकाल दर्शन है… यहां की भक्ति और श्रद्धा हर बार मन को शांति देती है।

  • SIR रिव्यू में मिली खामियों पर बुरहानपुर में 17 नोटिस, दो बीएलओ की सराहना

    बुरहानपुर
    भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मध्य प्रदेश सहित देश के 12 राज्यों में मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का काम चल रहा है। हाल ही में मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा SIR को लेकर की गई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद बुरहानपुर जिले में भी इस कार्य में तेजी आई है।

    कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी हर्ष सिंह ने बुरहानपुर जिले में SIR कार्य की समीक्षा की। समीक्षा में लापरवाही मिलने पर 17 अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। इनमें 5 बीएलओ सुपरवाइज़र, 7 बीएलओ और 5 नोडल अधिकारी शामिल हैं। वहीं, उत्कृष्ट कार्य करने पर दो बीएलओ को सम्मानित भी किया गया। 

    मध्य प्रदेश में चल रहे SIR कार्य की प्रगति में बुरहानपुर जिला बुधवार को प्रदेश में 17वें स्थान पर रहा, जबकि शहरी क्षेत्र में प्रदेश की 16 नगर निगमों में बुरहानपुर शहर SIR कार्य में पहले स्थान पर चल रहा है।

    जिला निर्वाचन अधिकारी हर्ष सिंह ने अपील की है कि मतदाता अपने फॉर्म भरने के बाद अंतिम तारीख का इंतजार न करें। वह तुरंत अपने बीएलओ के पास जाकर फॉर्म जमा कर दें।

  • साइबर ठगी का मामला: बैतूल में 9.84 करोड़ रुपये का लेनदेन, जनधन खातों का किया गया इस्तेमाल

     बैतूल
    बैतूल पुलिस ने  साइबर ठगों के शातिर गिरोह का खुलासा किया है। आरोपित अलग अलग तरीकों से ठगी करते थे और यह रकम निकालने के लिए ग्रामीणों के जनधन खाते इस्तेमाल करते थे। इस काम में बैंक का अस्थायी कर्मचारी भी उनकी मदद करता था। पुलिस ने बैंककर्मी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनसे दो लैपटाप, 11 बैंक पासबुक, 21 एटीएम कार्ड, 15 मोबाइल, 25 सिम, दो पीओएस मशीनें और 28 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।

    चार माह में 1.5 करोड़ का लेनदेन

    पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन के मुताबिक 14 अक्टूबर 2025 को कनारा के मजदूर बिसराम इवने ने शिकायत की थी। खेड़ी सांवलीगढ़ स्थित बैंक आफ महाराष्ट्र में खुले उसके जन धन खाते से चार माह (जून से अक्टूबर तक) में लगभग 1.5 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ।

    पुलिस ने बैंक प्रबंधन के सहयोग से जांच शुरू की तो सात खातों से नौ करोड़ 84 लाख 95 हजार 212 रुपये का लेनदेन सामने आया। ये खाते बिसराम इवने, नर्मदा इवने, मुकेश उइके, नितेश उइके, राजेश बर्डे, अमोल और चंदन के थे। राजेश बर्डे का बैंकखाता उसकी मृत्यु के बाद भी संचालित किया जा रहा था।

    आरोपित पांच तरीकों से करते थे ठगी

    पुलिस ने अस्थायी बैंककर्मी राजा उर्फ आयुष चौहान को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने कई राज खोले। बताया कि इंदौर निवासी अंकित राजपूत के कहने पर वह ऐसे खाता धारकों की जानकारी दे देता था जो लंबे समय से लेनदेन करने नहीं आते थे। पुलिस ने गिरोह के सरगना इंदौर के नंदानगर निवासी अंकित राजपूत (32) और उसके साथी नरेन्द्र राजपूत (24) को भी गिरफ्तार किया है।

    तीनों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधीक्षक जैन ने बताया कि आनलाइन ठगी के पांच माध्यम सामने आए हैं। इनमें गेमिंग एप, बैटिंग एप, क्रिप्टो करंसी फ्राड, फिशिंग फ्राड समेत अन्य आनलाइन ठगी माध्यम शामिल हैं।

  • मध्यप्रदेश ठंड की चपेट में, पचमढ़ी में न्यूनतम 5.8°C, भोपाल-इंदौर में भी 10°C से नीचे

    भोपाल
     मध्य प्रदेश में इस नवंबर का मौसम अब तक रिकॉर्ड तोड़ रहा है। 6 नवंबर से शुरू हुई कड़ाके की ठंड और शीतलहर ने प्रदेशवासियों की सांसें रोक रखी थीं। पचमढ़ी जैसे हिल स्टेशन में पारा 5.8 डिग्री तक गिर गया, जबकि बड़े शहरों जैसे भोपाल, इंदौर और जबलपुर में भी तापमान लगातार 10 डिग्री के नीचे बना रहा।हालांकि, हवाओं का रुख बदलने के साथ अब प्रदेश में मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। लगातार गिरावट के बाद तापमान में हल्की वृद्धि होने लगी है, जिससे ठंड और शीतलहर से राहत मिलने की उम्मीद है।

    मौसम विभाग के अनुसार, रात में भोपाल में 9.6 डिग्री, इंदौर में 8.4 डिग्री, ग्वालियर में 12.8 डिग्री, उज्जैन में 11.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 11.1 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, छतरपुर के नौगांव में 8.5 डिग्री, खरगोन में 8.8 डिग्री, नरसिंहपुर में 9 डिग्री और खंडवा में 9.4 डिग्रीर दर्ज किया गया। बाकी शहरों में भी पारे में गिरावट देखने को मिली है।

    इस बार प्रदेश में 6 नवंबर से ही कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो गया। प्रदेश का मालवा-निमाड़ सबसे ठंडा है। भोपाल में तो पिछले 10 दिन से कोल्ड वेव यानी, शीतलहर चल रही है। यहां अगले 2 दिन भी ऐसा ही मौसम बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को इंदौर, भोपाल, राजगढ़, शाजापुर और सीहोर में शीतलहर का अलर्ट है।

    कई जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी

    मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को इंदौर, भोपाल, राजगढ़, सीहोर और शाजापुर में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा, खंडवा और खरगोन में तेज शीतलहर का प्रभाव देखा गया। गुरुवार की रात का सबसे कम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस राजगढ़ में रिकॉर्ड किया गया। भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के 12 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज हुआ। हिल स्टेशन पचमढ़ी में रात का तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो राज्य में दूसरा सबसे कम तापमान है।

    नवंबर के पहले सप्ताह में ही कड़ाके की ठंड इस बार नवंबर के पहले सप्ताह से ही प्रदेश में कड़ाके की ठंड है। स्थिति यह है कि रात का पारा लगातार नीचे जा रहा है। इस वजह से भोपाल में नवंबर की सर्दी का पिछले 84 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है। वहीं, इंदौर में 25 साल में सबसे ज्यादा सर्दी है। मौसम विभाग ने पूरे नवंबर में तेज ठंड का दौर बरकरार रहने का अनुमान जताया है। अगले दो दिन तक प्रदेश में शीतलहर का अलर्ट है। फिर शीतलहर से थोड़ी राहत मिल सकती है।

    22 नवंबर को लो प्रेशर एरिया एक्टिव होगा 22 नवंबर से देश के दक्षिण-पूर्वी खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया (निम्न दबाव का क्षेत्र) एक्टिव हो रहा है। इससे पहले प्रदेश में अगले 2 दिन तक शीतलहर का अलर्ट है।

    इस बार नवंबर में पहले सप्ताह में ही तेज ठंड प्रदेश में नवंबर में पिछले 10 साल से ठंड के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम है। आम तौर पर दूसरे सप्ताह में कड़ाके की ठंड पड़ती है, लेकिन इस बार पहले सप्ताह से ही तेज ठंड का असर है। वहीं, बारिश के लिहाज से अक्टूबर का महीना उम्मीदों पर खरा उतरा है। इस महीने औसत 2.8 इंच पानी गिर गया, जो सामान्य 1.3 इंच से 121% ज्यादा है।

    जानिए, नवंबर में 5 बड़े शहरों का मौसम…

    भोपाल: इस बार टूट गया ओवरऑल रिकॉर्ड नवंबर में भोपाल में रात का तापमान 9 से 12 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाता है। पिछले 10 साल से ऐसा ही ट्रेंड रहा है। इस बार पहले सप्ताह से ही तेज ठंड का असर रहा। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल में नवंबर में रात का तापमान 6.1 डिग्री तक पहुंच चुका है। यह 30 नवंबर 1941 को दर्ज किया गया था, लेकिन इस साल 16 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री रहा। इस तरह नवंबर की सर्दी का ओवरऑल रिकॉर्ड बन गया है।

    यहां इस महीने बारिश होने का ट्रेंड भी है। 10 साल में तीन बार बारिश हो चुकी है। साल 1936 में महीने में साढ़े 5 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है।

    दिन का तापमान और कोहरा

    दिन में अधिकतम तापमान उज्जैन में 29.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, जबलपुर के भेड़ाघाट में घना कोहरा छाया रहा। इस तरह, प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बेहद बदलता रहा।
    लो प्रेशर एरिया और भविष्य का पूर्वानुमान

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 22 नवंबर से दक्षिण-पूर्वी खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया सक्रिय होने जा रहा है। भोपाल मौसम केंद्र के मुताबिक, मलक्का जलडमरूमध्य के ऊपर 5.8 किलोमीटर तक ऊपरी हवा चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है। इसके प्रभाव से 22 नवंबर के आसपास बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है।

    विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह डिप्रेशन 24 नवंबर तक दक्षिण बंगाल की खाड़ी के मध्य भागों में विकसित हो सकता है। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तरी-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए अगले 48 घंटों में और अधिक तीव्र होने की संभावना है। इस प्रभाव के चलते अगले 3-4 दिन प्रदेश में तापमान में हल्की वृद्धि देखने को मिलेगी। उसके बाद फिर से ठंड और शीतलहर का सिलसिला शुरू होने की संभावना है।

    इंदौर: 5.6 डिग्री तक जा चुका न्यूनतम पारा इंदौर में नवंबर में ठंड का असर रहता है। खासकर दूसरे सप्ताह से पारा तेजी से गिरता है। इस वजह से रातें ठंडी हो जाती हैं और टेम्प्रेचर 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। 25 नवंबर 1938 को पारा 5.6 डिग्री सेल्सियस तक जा चुका है।

    इंदौर में कभी-कभार बारिश भी हो जाती है। दिन में 31 से 33 डिग्री के बीच तापमान रहता है।

     

    MP के शहरों में तापमान

    एमपी के इन शहरों में इतना टेम्प्रेचर
    शहर रात का तापमान
    राजगढ़ 7.5
    पचमढ़ी (नर्मदापुरम) 7.6
    गिरवर (शाजापुर) 7.8
    शिवपुरी 8.0
    नौगांव (छतरपुर) 8.3
    खंडवा 8.4
    नरसिंहपुर 8.8
    खरगोन 9.0
    उमरिया 9.0
    रायसेन 9.6
    छिंदवाड़ा 10.0
    रतलाम 10.1
    रीवा 10.1
    मलाजखंड (बालाघाट) 10.7
    मंडला 10.8
    बैतूल 11.0
    दतिया 11.3
    गुना 11.4
    खजुराहो (छतरपुर) 11.8
    दमोह 12.0
    धार 12.1
    श्योपुर 12.4
    सतना 12.4
    सिवनी 12.6
    सीधी 12.6
    सागर 13.9
    नर्मदापुरम 14.1
    नोट: 19-20 नवंबर की रात का, डिग्री सेल्सियस में

    • भोपाल में नवंबर की सर्दी का 84 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा है।

  • जुजुत्सु संघ उपाध्यक्ष का खुलासा: रोहिणी कलम सुसाइड केस में MP अफसर गिरफ्तार, प्रेम के कारण मामला

     देवास
    मध्य प्रदेश के देवास में एक जिउ-जित्सु ( jiu-jitsu ) ऑर्गनाइजेशन के सीनियर अफसर को 35 साल की एक इंटरनेशनल महिला  खिलाड़ी को परेशान करने और सुसाइड के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया.बैंक नोट प्रेस पुलिस स्टेशन के इंचार्ज अमित सोलंकी ने बताया कि जि-जित्सु प्लेयर रोहिणी कलम (35) ने 26 अक्टूबर को अपने घर में फांसी लगा ली.

    उन्होंने कहा कि कलाम के परिवार के बयानों और टेक्निकल सबूतों के आधार पर जांच से पता चला कि उनके कोच और मध्य प्रदेश जि-जित्सु एसोसिएशन के प्रेसिडेंट विजेंद्र खरसोदिया और वाइस-प्रेसिडेंट प्रीतम सिंह सोलंकी उन्हें मेंटली परेशान कर रहे थे.

    एथलीट की मौत के सिलसिले में दोनों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (सुसाइड के लिए उकसाना) और दूसरे जरूरी कानूनी नियमों के तहत मामला दर्ज किया गया और सोलंकी को गिरफ्तार कर लिया गया. खरसोदिया की तलाश शुरू कर दी गई है.

    प्राइवेट स्कूल में मार्शल आर्ट की कोच भी थी रोहिणी मार्शल आर्ट खिलाड़ी रोहिणी कलम के पिता महेश कलम बीएनपी के रिटायर्ड कर्मचारी हैं। रोहिणी आष्टा के निजी स्कूल में मार्शल आर्ट कोच थीं और वहीं रह रही थीं। उन्होंने 2007 में खेल जीवन की शुरुआत की थी। 2015 से पेशेवर रूप से जुजुत्सु में भाग लेने लगीं। वह जुजुत्सु संघ की महासचिव भी थीं। चार बहनों और एक भाई में सबसे बड़ी थीं। उनकी आईपीएस बनने की इच्छा थीं।

    खरसोदिया कलम के कोच थे और उनकी देखरेख में उन्होंने नेशनल और इंटरनेशनल जि-जित्सु कॉम्पिटिशन में कई अवॉर्ड जीते थे.

    एक और पुलिस ऑफिसर ने FIR का जिक्र करते हुए कहा कि जून में कलाम के पेट के ट्यूमर की सर्जरी होने के बावजूद आरोपी उसे बार-बार फोन करके और ट्रेनिंग करने की मांग करके परेशान करते रहे.

    आरोप है कि दोनों कलम को उनकी इजाजत के बिना किसी भी कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेने नहीं देते थे और उसकी मर्जी के खिलाफ हिस्सा लेने के लिए दबाव डालते थे. इस बीच, कलम परिवार ने देवास पुलिस की जांच से नाखुशी जताई है.

    रिपोर्टर्स से बात करते हुए कलम की छोटी बहन रोशनी ने कहा, "जब हमने अपनी बहन की आत्महत्या के खिलाफ प्रोटेस्ट करने की बात की, तभी पुलिस ने बुधवार को जल्दबाजी में केस दर्ज किया. मैं पुलिस की जांच से पूरी तरह नाखुश हूं और चाहती हूं कि सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) मेरी बहन की मौत की जांच करे."

    उन्होंने कहा कि खरसोदिया और सोलंकी कभी-कभी उनकी बहन की पर्सनल लाइफ में बहुत ज्यादा दखल देते थे और उन पर बेवजह दबाव डालते थे.

    परिजन ने आगे दावा किया कि उनकी गुजर चुकी बहन के कमरे से एक लैपटॉप और एक पेन ड्राइव गायब है और उनके परिवार को इस बारे में पता नहीं था.

    पुलिस की जांच- तनाव में थीं रोहिणी पुलिस जांच में सामने आया कि रोहिणी काफी तनाव में थीं। घटना वाले दिन भी आत्महत्या से पहले रोहिणी की प्रीतम सिंह से फोन पर बात हुई थी। इसके बाद ही यह कदम उठाया। परिवार का कहना है कि 26 अक्टूबर को कोच विजेंद्र खरसोदिया ने रोहिणी की छोटी बहन को फोन किया।

    बताया था कि रोहिणी के कमरे में देखो, कुछ करने वाली है। बहन कमरे में पहुंची, तो बाहर से दरवाजा बंद था। दरवाजा तोड़कर देखा तो वह फंदे पर लटकी थी। बहन ने शोर मचाया तो अन्य लोग पहुंचे और से फंदे से नीचे उतारा। उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। पता चला कि घटना की जानकारी मिलते ही कोच भी बेसुध हो गया था। बीपी बढ़ने के कारण वह दो दिन तक निजी अस्पताल में भर्ती रहा था।

    कोचिंग के दौरान प्रीतम से मुलाकात

    पुलिस के अनुसार 26 अक्टूबर को रोहिणी की मौत की सूचना मिली थी। पूछताछ में परिवार ने बताया कि रोहिणी कलम वर्ष 2009-10 से जुजुत्सु (मार्शल आर्ट्स) की ट्रेनिंग के लिए यूनिवर्सल मार्शल आर्ट्स अकेडमी जॉइन किया था। बाद में उसने M.Ped तक पढ़ाई की।

    अकेडमी में विजेंद्र खरसोदिया उसके कोच थे। रोहिणी ने मार्शल आर्ट्स में नेशनल, इंटरनेशनल अवॉर्ड जीते। साल 2022-2023 में म.प्र. जुजुत्सु संघ के महासचिव भी रही, जिसमें विजेंद्र खरसोदिया अध्यक्ष (कोच) हैं।

    इसी दौरान दो साल पहले रोहिणी की प्रीतम सिंह सोलंकी निवासी हाटपिपल्या देवास से पहचान हुई। प्रीतम सिंह भी म.प्र. जुजुत्सु संघ में उपाध्यक्ष था और अभी भी उसी पद पर है।

    रोहिणी की उसके कोच विजेंद्र खरसोदिया और प्रीतम सिंह सोलंकी से फोन पर बात होती थी। रोहिणी को मई महीने में पेट में तेज दर्द होने लगा था, तो विजेंद्र सिंह उसे इंदौर में डॉक्टर के पास ले गए थे, जहां डॉक्टर ने पेट में गठान होना बताया था। रोहिणी का जून महीने में ऑपरेशन हुआ था, जिसके बाद वह घर पर ही रहकर आराम कर रही थी।

    मर्जी से कहीं नहीं जा सकती थी रोहिणी

    परिजनों का आरोप- मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर सुसाइड किया परिवार ने बताया कि डॉक्टर ने उसे आराम करने के लिए बोला था, लेकिन उसके कोच विजेंद्र खरसोदिया और प्रीतम सिंह बार-बार फोन करके परेशान करते थे। ऑपरेशन के बाद भी कोच उसे ट्रेनिंग दिलाने के लिए बुलाते रहते थे। उस पर दबाव बनाकर रखते थे। बिना पूछे कहीं भी जाने नहीं देते थे। उन्हें जहां लेकर जाना होता था, वहां रोहिणी की मर्जी के बिना भी लेकर चले जाते थे।

    प्रीतम कभी भी उसे फोन लगाता रहता था। रोहिणी अगर प्रीतम का फोन नहीं उठाती, तो वह घर के अन्य सदस्य को फोन करके पूछता रहता था। रोहिणी को जब नैनीताल के टूर्नामेंट के लिए जाना था, तब वह फोन पर बात करते हुए कह रही थी कि प्रीतम को पता नहीं चलना चाहिए कि वह नैनीताल जा रही है, नहीं तो वह भी आ जाएगा।

    उनकी बातों से यह तो पक्का था कि वह रोहिणी के पीछे पड़ा था, लेकिन वह उससे दूर भाग रही थी। रोहिणी ने भी यह बात घर पर बताई थी कि वह उसके कोच और प्रीतम से परेशान हो गई है। कोच विजेंद्र खरसोदिया और प्रीतम सिंह से मानसिक रूप से प्रताड़ित होकर रोहिणी ने सुसाइड किया है।

  • श्रमिक कल्याण में बड़ी पहल: 73,868 निर्माण श्रमिकों को मिला योजनाओं का लाभ

    रायपुर : 73,868 निर्माण श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं की राशि डी.बी.टी. से की गई वितरण

    श्रम मंत्री  देवांगन ने श्रमिको के खाते में डीबीटी के जरिये राशि अंतरित की

    रायपुर
    छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के संचालक मण्डल की बैठक में आज श्रम मंत्री  लखन लाल देवांगन एवं छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने 16 विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत कुल 73 हजार 868  निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवारजनों को 25 करोड़ 65 लाख 90 हजार 402 रूपये की राशि डी.बी.टी. के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में अंतरित किया गया। इस मौके पर सचिव सह श्रमायुक्त, श्रम विभाग,  हिम शिखर गुप्ता, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के सचिव  गिरिश रामटेके उपस्थित थे। 

    इस पारदर्शी प्रक्रिया से न केवल श्रमिकों को त्वरित लाभ मिल रहा है, बल्कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और दक्षता भी सुनिश्चित हुई है।  विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को सहायता प्रदान की गई है। इनमें दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत 23 लाभार्थियों को कुल 23 लाख रुपए की सहायता दी गई, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना में 7 बच्चों को 3 लाख 5 हजार रुपए प्रदान किए गए। निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक-कॉपी हेतु सहायता राशि योजना के तहत 31754 बच्चों को 4 करोड़ 18 लाख 62 हजार रुपए वितरित किए गए। मिनीमाता महतारी जतन योजना में 2436 हितग्राहियों को 4 करोड़ 87 लाख 20 हजार रुपए की सहायता दी गई। इसी प्रकार मुख्यमंत्री निर्माण मज़दूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना में 1080 श्रमिकों को 16 लाख 20 हजार रुपए शामिल है।

    इसी तरह मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के अंतर्गत 47 लाभार्थियों को 47 लाख रुपए स्वीकृत किए गए, जबकि मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक दीर्घायु सहायता योजना में 2 लाभार्थियों को 40 हजार रुपए प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत 220 श्रमिकों को कुल 2 करोड़ 20 लाख रुपए की सहायता मिली। मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना में 655 विद्यार्थियों को 55 लाख 1 हजार 176 रुपए प्रदान किए गए।

    मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के माध्यम से 2461 हितग्राहियों को 4 करोड़ 92 लाख 20 हजार रुपए वितरित किए गए। मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के तहत 32248 बच्चों को 6 करोड़ 47 लाख 61 हजार 500 रुपए की राशि प्रदान की गई। मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना में 1961 श्रमिकों को 67 लाख 82 हजार 238 रुपए का लाभ मिला। इसके अलावा मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना में 326 श्रमिकों को कुल 65 लाख 20 हजार रुपए दिए गए।

    मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना के तहत 585 लाभार्थियों को 21 लाख 66 हजार 588 रुपए की सहायता दी गई। वहीं मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना में 1 लाभार्थी को 7 हजार 900 रुपए मिले। अंत में, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन सहायता योजना के तहत 56 श्रमिकों को 84 हजार रुपए की सहायता प्रदान की गई।

         श्रम मंत्री  लखन लाल देवांगन एवं अध्यक्ष बी.ओ.सी.डब्लू. डॉ. रामप्रताप सिंह ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में श्रमिकों को योजनाओं का लाभ सरल और पारदर्शी तरीके से सीधे उनके हाथों तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। श्रम विभाग द्वारा यह पहल रजत जयंती वर्ष में श्रमिक वर्ग के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और समर्पण का प्रतीक है।

  • छत्तीसकला ब्रांड लॉन्च: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने डिजिटल फाइनेंस बुकलेट का किया विमोचन

    रायपुर : केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने किया छत्तीसकला ब्राण्ड एवं डिजिटल फाइनेंस बुकलेट का किया विमोचन

    रायपुर
    छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में  दिन ग्रामीण आजीविका, महिला उद्यमिता और वित्तीय समावेशन को नई ऊर्जा देने वाला दिन रहा। जहां प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किश्त के राज्य स्तरीय वितरण कार्यक्रम के अवसर पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और हजारों ग्रामीण महिलाओं की उपस्थिति में बहुप्रतीक्षित एकीकृत राज्य ब्राण्ड छत्तीसकला तथा डिजिटल फाइनेंस बुकलेट का विमोचन किया।

    केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने किया छत्तीसकला ब्राण्ड एवं डिजिटल फाइनेंस बुकलेट का किया विमोचन

    ग्रामीण महिला उत्पादों को मिला राज्य का पहला एकीकृत ब्राण्ड ‘छत्तीसकला’

          राज्य की ग्रामीण गरीब महिलाओं द्वारा निर्मित गुणवत्तापूर्ण उत्पादों को एक ही पहचान और एकीकृत बाजार मंच प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य सरकार और छत्तीसगढ़ ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) ने 'छत्तीसकला' ब्राण्ड की शुरुआत की है। इस ब्रांड के अंतर्गत वर्तमान में मिलेट्स आधारित खाद्य उत्पाद, चाय, अचार, स्नैक्स, हैंडलूम एवं हस्तशिल्प निर्मित ढोकरा आर्ट, बांस शिल्प, मिट्टी एवं लकड़ी उत्पाद, अगरबत्ती एवं पूजा सामग्री जैसे विविध उत्पादों पर मानकीकरण, पैकेजिंग और ब्रांडिंग के साथ व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की योजना है। केंद्रीय मंत्री  चौहान ने कहा कि छत्तीसकला ब्रांड ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, हुनर और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनेगा। यह ब्राण्ड उनके उत्पादों को राज्य से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक ले जाएगा।

    48 बीसी सखियों की सफलता की गाथा का डिजिटल फाइनान्स बुकलेट का हुआ विमोचन

             कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री  चौहान ने डिजिटल फायनान्स बुकलेट का भी विमोचन किया गया,  जिसमें राज्यभर की 48 बैंकिंग कोरेस्पोंडेंट सखियों (बीसी सखियों) की प्रेरणादायक सफलताओं को दर्ज किया गया है। 

    3775 बीसी सखियाँ सक्रिय रूप  बैंकिंग सेवाएँ दे रही

           वर्तमान छत्तीसगढ़ में कुल 3775 बीसी सखियाँ सक्रिय रूप से घर-घर बैंकिंग सेवाएँ दे रही हैं और पिछले चार वर्षों में 3033.48 करोड़ से अधिक का वित्तीय लेन-देन कर चुकी हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जो महिलाएँ कभी घरों से बाहर निकलने में संकोच करती थीं, आज वही महिलाएँ गाँव-गाँव वित्तीय सेवाएँ पहुँचाकर सामाजिक व आर्थिक परिवर्तन की राह बना रही हैं।

    हजारों स्व-सहायता समूह को मिला वित्तीय सशक्तिकरण

         इस भव्य कार्यक्रम से ग्रामीण महिला समूहों को बड़ी वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। जिसके अंतर्गत 1080 स्व-सहायता समूहों को 1.62 करोड़ रुपए की रिवॉल्विंग निधि एवं 8340 स्व-सहायता समूहों को 50.04 करोड़ रूपए की सामुदायिक निवेश निधि, बैंक लिंकेज के रूप में 229.74 करोड़ रूपये प्रदान किये गए। इसके साथ ही 1533 महिला उद्यमियों को 6.23 करोड़ रुपए का उद्यमिता ऋण भी प्रदान किया गया है। इन वित्तीय प्रावधानों से ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि एवं नए उद्यमों की स्थापना और आर्थिक स्वावलंबन को मजबूती मिलेगी।

    ग्रामीण समृद्धि, महिला नेतृत्व और आत्मनिर्भरता की नई दिशा

            धमतरी में हुआ यह आयोजन न केवल आर्थिक सहायता का वितरण था, बल्कि ‘आत्मनिर्भर ग्रामीण छत्तीसगढ़’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। 'छत्तीसकला' ब्राण्ड, बीसी सखी मॉडल और व्यापक वित्तीय समर्थन तीनों मिलकर ग्रामीण आजीविका की दशा और दिशा बदलने वाले साबित होंगे।

  • सरकार के नियंत्रण में चलेगी सुगम परिवहन सेवा: इंदौर से शुरू, जानिए रूट–मैप और किराया

    भोपाल
    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत मध्य प्रदेश के सभी जिलों में सरकारी नियंत्रण वाली यात्री बसें अप्रैल, 2027 तक संचालन में आ जाएंगी। इस योजना के अंतर्गत कुल 10,879 बसें चलाई जाएंगी। ये बसें निजी ऑपरेटरों की होंगी, लेकिन इनके संचालन, प्रबंधन और किराया संरचना पर पूरा नियंत्रण शासन के पास रहेगा। योजना की शुरुआत अप्रैल, 2026 से इंदौर के आठ अंतर्शहरी और 24 उपनगरीय मार्गों पर की जाएगी। संचालन कार्य में देरी न हो, इसलिए हर चरण और गतिविधि की स्पष्ट समय-सीमा तय कर दी गई है। बसों का किराया शुरुआती एक किलोमीटर के लिए सात रुपये तथा उसके बाद प्रति किमी 1.25 रुपये निर्धारित है। इसी दर से 50 किमी का किराया 70 रुपये बनता है, जबकि वर्तमान में निजी बस संचालक 50 प्रतिशत तक अधिक किराया वसूल रहे हैं।
     
    CM की अध्यक्षता में हुई बैठक
    मंगलवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में बस सेवा को चरणबद्ध ढंग से पूरे प्रदेश में लागू करने की रूपरेखा तय की गई। तय कार्यक्रम के अनुसार सेवा शुरू होने के एक वर्ष के भीतर सभी जिलों में सुगम परिवहन सेवा उपलब्ध होगी। फिलहाल इंदौर, उज्जैन, सागर और जबलपुर के लिए यात्रियों की संख्या एवं मार्ग सर्वेक्षण का काम पूरा कर लिया गया है।

    परिवहन विभाग ने इंदौर संभाग के जिलों के मार्ग 15 दिसंबर, 2025 तक और उज्जैन क्षेत्र के मार्ग 26 नवंबर से पहले निर्धारित करने का लक्ष्य रखा है। बसों के व्यवस्थापन के लिए इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है, जिसमें व्हीकल लोकेशन, ट्रैकिंग, किराया संग्रहण और अलर्ट जैसे 18 मॉड्यूल शामिल हैं। हालांकि ITMS सॉफ्टवेयर का पूर्ण निर्माण मई, 2026 तक संभव होगा।
    किराया संरचना (रुपये में)
        10 किमी – 19 रुपये
        20 किमी – 32 रुपये
        30 किमी – 45 रुपये
        40 किमी – 57 रुपये
        50 किमी – 70 रुपये

    किस चरण में कहां शुरू होगी सेवा:
    प्रथम चरण – इंदौर शहर से 50 किमी दायरे के शहरी व अंतर्शहरी रूट
    रूट: 32
    बसें: 310
    समय सीमा: अप्रैल, 2026

    द्वितीय चरण – इंदौर संभाग के सभी जिले
    रूट: 771
    बसें: 1706
    समय सीमा: जून, 2026

    तृतीय चरण – भोपाल व उज्जैन शहर से 50 किमी दायरे वाले रूट
    रूट: भोपाल 50, उज्जैन 23
    बसें: भोपाल 152, उज्जैन 127
    समय सीमा: जुलाई, 2026

    चौथा चरण – उज्जैन संभाग के सभी जिले
    रूट: 386
    बसें: 1318
    समय सीमा: नवंबर, 2026

    पांचवां चरण – सागर एवं जबलपुर संभाग
    रूट: 1228
    बसें: 2635
    समय सीमा: दिसंबर, 2026

    छठा चरण – भोपाल व नर्मदापुरम संभाग
    रूट: तय नहीं
    बसें: 1843
    समय सीमा: अप्रैल, 2027

    सातवां चरण – रीवा एवं शहडोल संभाग
    रूट: निर्धारित नहीं
    बसें: 1470
    समय सीमा: अप्रैल, 2027

    आठवां चरण – ग्वालियर एवं चंबल संभाग
    रूट: निर्धारित नहीं
    बसें: 1318

    20 वर्ष बाद फिर शुरू होगी सरकारी परिवहन सेवा
    साल 2005 में 700 करोड़ रुपये से अधिक घाटे के कारण मप्र राज्य सड़क परिवहन निगम बंद हो गया था। इसके बाद से बस संचालन पूरी तरह निजी क्षेत्र पर निर्भर था, जिससे मनमाना किराया, वाहनों की खराब फिटनेस और क्षमता से अधिक यात्रियों को ले जाने जैसी समस्याएं लगातार सामने आ रही थीं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पदभार ग्रहण करने के बाद दोबारा सरकारी सार्वजनिक परिवहन सेवा शुरू करने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद यह योजना लागू की जा रही है।

  • रायपुर में देवांगन बोले—नई औद्योगिक नीति से प्रदेश में बनेगा अनुकूल औद्योगिक वातावरण

    रायपुर : नई औद्यागिक नीति से प्रदेश में बेहतर औद्योगिक वातावरण का निर्माण –  देवांगन

    वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री  देवांगन ने किया सीआईआई के कॉनक्लेव का शुभारंभ किया

    रायपुर

    वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन ने आज राजधानी रायपुर में कॉन्फेडरेसन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ एमएसएमई कॉनक्लेव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर  देवांगन ने कहा कि प्रदेश की नई औद्योगिक नीति से प्रदेश में बेहतर औद्योगिक वातावरण का निर्माण हो रहा है। जब नई औद्योगिक नीति तैयार हो रही थी उस समय देश के अन्य राज्यों की नीति का भी अध्ययन किया गया। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में अब 7 लाख 75 हजार करोड़ रूपए की निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके है। निश्चित तौर पर आप सबके सहयोग से छत्तीसगढ़ नया अध्याय लिखने जा रहा है, प्रदेश में नये उद्योग धंधें स्थापित होंगे तो यहां के लोगों को रोजगार मिलेगा। प्रदेश की नई औद्योगिक नीति में अनेक रियायतें दी गई है। उद्यमियों की सुविधा के लिए सिंगल विंडो प्रणाली लागू की गई है। ताकि किसी भी उद्योगपतियों को उद्योग लगानें में कठिनाई न हो।  देवांगन ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय नई दिल्ली की संचालक सु अंकिता पांडे छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के निवासी है। जो इस कार्यक्रम में शामिल हो रही है।

    छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष  राजीव अग्रवाल ने कहा कि दो दिवसीय कॉनक्लेव का लाभ उद्यमियों को मिलेगा। इस कॉनक्लेव में उद्यमियांे द्वारा विभिन्न सुझाव दिए गये इससे प्रदेश में औद्योगिक वातावरण का निर्माण होगा। प्रदेश सरकार द्वारा उद्यमियांे को आकर्षित करने के लिए देश के महानगरों में इनवेस्टर कनेक्ट का आयोजन किया गया। हाल ही में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय गुजरात में आयोजित कार्यक्रम में निवेशकों को आमंत्रित किया। 

    सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय नई दिल्ली की संचालक सु अंकिता पांडे ने कहा कि हमारा मंत्रालय देश के विभिन्न राज्यों में लघु एवं मध्यम उद्योग स्थापित करने में हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए हमेशा तत्पर रहता है। आज की इस कॉनक्लेव से उद्यमियों को लाभ मिलेगा। 
    इस अवसर पर सीआईआई छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष  संजय जैन उपाध्यक्ष बजरंग गोयल सहित सीआईआई के प्रतिनिधि उपस्थित थें।

  • रायपुर में श्रम मंत्री की अपील—श्रमिकों को समय पर मिले सरकारी योजनाओं का फायदा

    रायपुर : शासन की योजनाओं का त्वरित लाभ श्रमिकों को समय पर मिले: श्रम मंत्री देवांगन
    शासन की योजनाओं का त्वरित लाभ श्रमिकों को समय पर मिले

    श्रमिकों के कल्याण हेतु नवा रायपुर में कार्यशाला को आयोजन

    रायपुर,

    प्रदेश के श्रम मंत्री  लखन लाल देवांगन नवा रायपुर में श्रम विभाग द्वारा आयोजित लैब-राइट कार्यशाला का शुभारंभ किया। प्रदेश के श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के कल्याण के लिए अनेक योजनाए चलाई जा रही है। इन योजनाओं का त्वरित लाभ श्रमिकों को समय पर मिले इस उद्देश्य से यह कार्यशाला आयोजित की गई जिसमें प्रदेश के सभी जिलों से आए श्रम विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे। श्रम मंत्री  देवांगन ने द्वीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस अवसर पर श्रम विभाग के सचिव सह श्रमायुक्त  हिमशिखर गुप्ता, अपर श्रमायुक्त एस.एल. जागड़े, मती सविता मिश्रा, उपायुक्त श्रम सूर्यभान पैकरा,  डीपी तिवारी सहित जिलों से आए श्रम अधिकारी उपस्थित थे। श्रम मंत्री देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए कई योजनाए संचालित की जा रही है। इन योजनाओं  के माध्यम से श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए समय-समय पर डीबीटी के जरिए आर्थिक मदद दी जा रही है।  देवांगन ने कहा कि श्रमिकों के साथ-साथ उनके बच्चों को पढ़ाई-लिखाई के लिए भी सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे है। 

    श्रम मंत्री  देवांगन ने जिलों से आए श्रम अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि कोई श्रमिक पंजीयन कराने आता है तो दस्तावेज की कमी के कारण उनका आवेदन निरस्त न करें, जो भी कमी है उसे पूरा कराने में मदद करें। उन्होंने कहा कि श्रम कार्ड से श्रमिकों को अनेक लाभ है। जो पंजीकृत श्रमिक है उनका समय पर पंजीयन हो जिससे शासन की योजनाओं को लाभ मिलता रहें।  देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री का सपना है कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित भारत बनाना है। यह तभी संभव है जब हर विभाग अपना बेहतर प्रदर्शन करें। लोगों की समस्याओं का समय पर निदान हो। उद्योग एवं श्रम विभाग आपस में समन्वय बनाकर कार्य करें। 

    श्रम विभाग के सचिव  हिमशिखर गुप्ता ने कहा कि लैब-राइट कार्यशाला के जरिए श्रमिकों के बेहतरी के लिए और बेहतर कदम उठाए जाएंगे। प्रदेश में धान कटाई के बाद श्रमिक काम की तलाश में अन्य राज्यों का रूख करते है। इस पर हमें अंकुश लगाने की जरूरत है। श्रम सचिव  गुप्ता ने श्रम विभाग के मैदानी अधिकारियों को विभाग की योजनाओं को अधिक से अधिक लाभ श्रमिकों दिलाने के निर्देश दिए।  

  • रायपुर में होगी नई शुरुआत, मॉडल लेबर चौक और डिजिटल लेबर चौक का होगा निर्माण

    रायपुर : मॉडल लेबर चौक एवं डिजिटल लेबर चौक का निर्माण कराने का निर्णय

    73,868 निर्माण श्रमिकों के खाते में 25.66 करोड़ रूपए की राशि अंतरित

    छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की बैठक आयोजित

    रायपुर

    श्रम मंत्री  लखनलाल की अध्यक्षता में  नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल कार्यालय में संचालक मंडल की बैठक आयोजित की गई। इस दौरान 73 हजार 868 निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवारजनों को 25 करोड़ 66 लाख रूपए की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे श्रमिकों के बैंक खाते में अंतरित की गई। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, श्रम विभाग के सचिव सह श्रमायुक्त  हिमशिखर गुप्ता, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के सचिव  गिरीश रामटेके सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे। 

    सचिव  रामटेके द्वारा छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा पूर्व बैठक में निर्माण श्रमिकों के हित में लिए गये निर्णय के पालन प्रतिवेदन के सभी बिन्दुओ पर कार्यवाही पूर्ण होने के संबंध में अवगत कराते हुये नवीन एजेंडा बिन्दु प्रस्तावित किया गया। संचालक मंडल द्वारा प्रदेश के निर्माण श्रमिकों के कल्याण हेतु विभिन्न बिन्दुओं पर निर्णय लेते हुये प्रदेश में मॉडल लेबर चौक एवं डिजिटल लेबर चौक का निर्माण कराने के साथ-साथ मुख्यमंत्री द्वारा 17 सितंबर 2025 को मंडल में संचालित दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना एवं मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के तहत प्रदाय की जाने वाली राशि रूपये 1 लाख से 1लाख 50 हजार दिये जाने की घोषणा की गई थी जिसे संचालक मंडल द्वारा सर्वसम्मिति से पारित किया गया। 

    बैठक में उपस्थित श्रम मंत्री  लखन लाल देवांगन द्वारा प्रसन्नता व्यक्त करते हुये निर्माण श्रमिकों को बधाई देने के साथ-साथ यह भी कहा गया कि अब प्रदेश के निर्माण श्रमिक उक्त योजनांर्तगत अधिक सहायता राशि प्राप्त कर सकेंगे एवं उनकी आय में भी वृद्धि हो सकेगी। साथ ही श्रममंत्री महोदय द्वारा मंडल में संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की सराहना की गई।

    इस अवसर सचिव श्रम, वित्त विभाग के उप सचिव, कल्याण आयुक्त भारत सरकार श्रम एवं रोजगार मंत्रालय अन्य शासकीय विभाग के पदेन सदस्य तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

  • मतांतरण का दबाव मामला: छिंदवाड़ा में शिक्षकों पर गिरी गाज़, तीन को नौकरी से हटाया

    छिंदवाड़ा
    जिले में बड़े पैमाने पर मत्तांतरण का खेल चल रहा है। इस मामले में ईसाई मिशनरियों के सबसे ज्यादा निशाने पर भोले भाले आदिवासी रहते हैं। ताजा मामला जुन्नारदेव के बिलावर कला का है। यहां मतांतरण के आरोप में 3 शिक्षकों पर गाज गिरी है। इससे पहले भी तामिया, चौरई और अन्य इलाके में भी इस प्रकार के मामले सामने आ चुके हैं। बताया जा रहा है कि इस काम के लिए विधिवत प्लानिंग की जाती है। पैसे और अन्य प्रलोभन देकर आदिवासियों को अपनी तरफ किया जाता है। इस मामले में शैक्षणिक संस्थान सबसे ज्यादा निशाने पर होते हैं।

    जुन्नारदेव के बिलावर कला गांव के एक सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों ने शिकायत दर्ज कराई है कि एक शिक्षिका (सीमा मैथ्यूज) और छात्रावास अधीक्षक (नरेंद्र उईके) उन्हें ईसाई धर्म अपनाने के लिए मजबूर कर रहे थे। छात्रों ने आरोप लगाया था कि शिक्षिका उन्हें हिंदू रीति-रिवाजों से दूर रहने और ईसाई धर्म की बातें मानने के लिए कहती थीं। साथ ही, टीका या कलावा पहनकर आने पर उसे जबरन हटवाया जाता था और आदेश न मानने पर टीसी (स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र) देने की धमकी दी जाती थी।
     
    दो शिक्षकों को बीईओ कार्यालय अटैच किया गया
    विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और कन्हान बचाओ मंच की शिकायत और मीडिया रिपोर्टों के आधार पर, जिला प्रशासन और जनजातीय कार्य विभाग ने कार्रवाई की। मामले के तीनों आरोपितों (शिक्षिका, अधीक्षक और प्राचार्य अनिल कुमार सूर्यवंशी) को उनके पदों से हटा दिया और प्राचार्य का तबादला कर दिया गया है, जबकि अन्य दो को बीईओ कार्यालय अटैच किया गया है। लागातर मामले आ रहे है सामने जिले में लगातार इस प्रकार के मामले सामने आ रहे हैं।

    परासिया के ग्राम सोनापिपरी, कोसमी में मतांतरण की शिकायत की गई थी कि सीधे-साधे आदिवासियों को प्रलोभन देकर उन्हें जबरन ईसाई बनाने की कोशिश की जा रही है। इसको लेकर आदिवासियों ने शिकायत की थी कि अन्य ग्रामों में पांढ़रापानी, सहपानी, देवरीटाना, सोनापिपरी, गांगीवाड़ा समेत ग्रामीण अंचलों के लोगों को अपने निवास पर बुलाकर प्रलोभन देने की बात कही गई। इनका कहना है कि हमें जैसे ही इस मामले में शिकायत मिली हमने तत्काल कारवाई की है। विभागीय स्तर पर जांच की जा रही है। सत्येंद्र मरकाम, सहायक आयुक्त। जनजातीय कार्य विभाग।

  • हेरिटेज टूरिज्म को झटका! पातालपानी–कालाकुंड ट्रेन सेवा 21 नवंबर से बंद

    महू
    प्रदेश की एकमात्र हेरिटेज ट्रेन, जो पातालपानी से कालाकुंड तक की खूबसूरत वादियों और प्राकृतिक झरनों के बीच से होकर गुजरती है, उसका संचालन इस वर्ष 21 नवंबर से बंद किया जा रहा है। पश्चिम रेलवे ने गुरुवार को हेरिटेज ट्रेन बंद करने का आधिकारिक पत्र जारी कर दिया है। रेलवे ने इस रेल सेक्शन को पहले ही हेरिटेज घोषित किया था, लेकिन अब पातालपानी से बढ़िया, चोरल मार्ग होते हुए खंडवा तक ब्राडगेज लाइन बिछाने का कार्य शुरू किया जाएगा।

    हर वर्ष यह हेरिटेज ट्रेन मानसून के बाद अगस्त में शुरू होती है और मार्च या अप्रैल तक संचालित की जाती है। मगर इस बार रेलवे ने नवंबर में ही संचालन रोकने का निर्णय लिया है। यह फैसला रेलवे के विकास कार्यों विशेषकर ब्राडगेज प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा करने के लिए लिया गया है।
     
    महू से पातालपानी तक ब्राडगेज लाइन बिछाई जा चुकी है और इसका सीआरएस निरीक्षण भी संपन्न हो चुका है। अब पातालपानी से आगे खंडवा ब्राडगेज लाइन के लिए ट्रैक बिछाने तथा पातालपानी स्टेशन के पास नए रेलवे ब्रिज के निर्माण का काम किया जाएगा। इन कार्यों के चलते हेरिटेज ट्रेन अनिश्चितकाल के लिए बंद रहेगी।

    हेरिटेज ट्रेन के बंद होने से महू स्टेशन से चलने वाली नियमित ट्रेनों को अब अतिरिक्त रेलवे स्टाफ मिल पाएगा। पहले गार्ड, लोको पायलट, टीसी सहित अन्य कर्मचारी सप्ताह में तीन दिन हेरिटेज ट्रेन में ड्यूटी देते थे, अब उन्हें अन्य ट्रेनों में नियुक्त किया जाएगा।

    गौर करने वाली बात यह है कि इस ट्रेन को हर साल, खासकर मानसून से मार्च तक, यात्रियों से शानदार प्रतिसाद मिलता है। क्रिसमस और नववर्ष के दौरान तो यात्रियों की इतनी भीड़ रहती थी कि ट्रेन पूरी तरह भरी रहती थी। लेकिन इस वर्ष सैलानी हेरिटेज ट्रेन का आनंद और वादियों के मनोहारी दृश्य नहीं देख सकेंगे।

  • जनजातीय गौरव दिवस समारोह: मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रपति मुर्मु को प्रदान की बिरसा मुंडा की अनोखी बस्तर आर्ट मूर्ति

    रायपुर : जनजातीय गौरव दिवस समारोह का ऐतिहासिक क्षण : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को भेंट की धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की बस्तर आर्ट प्रतिमा

    रायपुर
    जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर अंबिकापुर में आयोजित कार्यक्रम में एक प्रेरक एवं गरिमामय क्षण देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को बस्तर आर्ट में निर्मित धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्मृति-चिह्न के रूप में भेंट की। यह प्रतिमा जनजातीय विरासत, शौर्य और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक अस्मिता का प्रतीक मानी जाती है।

    मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा भेंट की गई यह मूर्ति भगवान बिरसा मुंडा के बलिदान और जनजातीय समाज की गौरवपूर्ण परंपराओं को सम्मानपूर्वक स्मरण कराने वाला एक सशक्त प्रतीक है। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद दर्शकों ने इस भावनात्मक क्षण का गर्मजोशी से स्वागत किया।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समाज की समृद्ध परंपराओं, कला, इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम में उनके अप्रतिम योगदान को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जनजातीय समाज की विरासत, संस्कृति और अमूल्य योगदान को संजोने, संरक्षित करने और सशक्त रूप से आगे बढ़ाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। 

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारा संकल्प है कि आदिवासी समाज के स्वाभिमान को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया जाए, ताकि उनकी गौरवशाली पहचान आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा बने।

  • इंदौर–खंडवा हाइवे का रूप बदलेगा, 2026 तक तैयार होगा 450 मीटर लंबा वायाडक्ट और टनर

    इंदौर
    मध्य प्रदेश में सड़क परिवहन विभाग विकास के नए-नए आयाम लिख रहा है. निमाड़-मालवा वालों के लिए खुशखबर यह है कि इंदौर-खंडवा रोड का काम पूरा होने जा रहा है. इंदौर इच्छापुर हाईवे का फोर लेन निर्माण कार्य किया जा रहा है. यह निर्माण कार्य 2026 में पूरा हो जाएगा. भैरव घाट में वर्तमान सड़क से अलग टनल और ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है जिससे घुमावदार मोड़ वाले घाट और एक्सीडेंट झोन खत्म हो जाएंगे.

    नर्मदा नदी पर वायाडक्ट का निर्माण
    सड़क निर्माण कंपनी मेघा इंजीनियरिंग के प्रोजेक्ट हेड नागेश्वर राव के अनुसार, ''वर्तमान में सड़क निर्माण का कार्य लगातार तेजी से किया जा रहा है. भैरव घाट पर हादसों को देखते हुए सड़क डिजाइन में कई विशेष बातों का ध्यान रखा गया है. जिसमें मुख्य तौर पर यहां नर्मदा नदी पर बने पुल से ऊंचा वायाडक्ट पुल के रूप में तैयार किया गया है. साथ ही भैरव घाट और चोरल घाट में तीन अलग-अलग टनल का निर्माण किया जा रहा है.''

    अप्रैल 2026 तक पूरा हो जाएगा कार्य
    इस वायाडक्ट और टनल के चलते हादसों की संभावना लगभग ना के बराबर होगी. इसे हादसों को ध्यान में रखते हुए ही डिजाइन किया गया है. यह प्रोजेक्ट भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत चल रहा है. सड़क निर्माण से आने वाले समय में लोगों को काफी सुविधा होगी. भैरव घाट में निर्माण कार्य लगभग अप्रैल तक पूरा कर लिया जाएगा. वहीं, इसे जून महीने तक यात्रियों के लिए शुरू कर दिया जाएगा. जिन टनल का निर्माण किया जा रहा है उनमें पहली टनल 300 मीटर लंबी, दूसरी टनल 480 में और तीसरी 550 मीटर लंबी है.

    450 लंबा वायाडक्ट हो रहा तैयार
    भैरव घाट में वर्तमान में सड़क पर वाहनों को चढ़ाई करने के दौरान उल्टी तरफ चढ़ना पड़ता है. ऐसे में कई बार हादसों की स्थिति बनी रहती है. वर्तमान में तैयार किया जा रहा वायाडक्ट करीब 450 मी का है. जिसमें अलग-अलग चीजों का ध्यान रखा गया है. यह सड़क इंदौर इच्छापुर हैदराबाद हाईवे के नाम से पहचानी जाती है. करीब 300 किलोमीटर के इस हाइवे पर कंपनी द्वारा पहले हिस्से में काम किया जा रहा है, यह सड़क करीब 80% पूरी हो चुकी है. अप्रैल 2026 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

    भैरव घाट पर सड़क हादसों में कई लोगों की मौत
    इंदौर-खंडवा रोड पर स्थित भैरव घाट को आमतौर पर मौत की सड़क के नाम पर जाना जाता है. आए दिन होने वाले हादसों में यहां कई लोग अपनी जान गवां चुके हैं. बीते दिनों हुए हादसों में करीब एक दर्जन से अधिक लोग अपनी जान गवां चुके हैं. आने वाले दिनों में इन हादसों पर अब रोकथाम लगने वाली है. सड़क निर्माण कंपनी मेघा इंजीनियरिंग के प्रोजेक्ट हेड नागेश्वर राव के अनुसार वर्तमान में सड़क निर्माण का कार्य लगातार तेजी से किया जा रहा है.

  • MANIT भोपाल-सिंगापुर सहयोग: EV चार्जिंग और सोलर सिस्टम के क्षेत्र में नई क्रांति की तैयारी

    भोपाल 

    मैनिट भोपाल अब दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटी में शामिल नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ सिंगापुर (NUS) के साथ मिलकर ऐसा हाई-टेक शोध करने जा रहा है, जिसकी बदौलत भारत में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग सिस्टम और सोलर ग्रिड मैनेजमेंट पूरी तरह बदल सकता है। शिक्षा मंत्रालय की SPARC योजना के तहत मैनिट को इसके लिए 1 करोड़ रुपये का मेगा अनुदान मिला है।

    क्या खास होने वाला है? 
    भारत में पहली बार EV चार्जिंग का “डिजिटल ट्विन” बनेगा इस परियोजना में EV चार्जिंग सिस्टम का डिजिटल ट्विन मॉडल तैयार किया जाएगा। यानी-चार्जिंग स्टेशन का वर्चुअल क्लोन, जो रियल टाइम में बतायेगा कि लोड कितना है? कितनी गाड़ियां चार्ज हो सकती हैं? कहां ओवरलोडिंग का खतरा है? चार्जिंग को कैसे तेज और सस्ती बनाई जाए? यह टेक्नोलॉजी विदेशों में तो है, भारत में अभी शुरुआत भी नहीं हुई।

    दो साल की अवधि वाली परियोजना
    स्वीकृत परियोजना का शीर्षक है इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग के लिए ग्रिड-इंटीग्रेटेड सोलर पीवी सिस्टम के उन्नत प्रबंधन हेतु डेटा फ्यूज़न के साथ डिजिटल ट्विन इंटीग्रेशन। दो साल की अवधि वाली यह परियोजना डिजिटल ट्विन तकनीक, उन्नत डेटा फ्यूजन, स्मार्ट सोलर पीवी सिस्टम और बुद्धिमान ईवी चार्जिंग प्रबंधन जैसे आधुनिक शोध क्षेत्रों पर काम करेगी।

    मैनिट की अंतरराष्ट्रीय पहचान को मिलेगा नया आयाम
    यह अनुदान न सिर्फ मैनिट की वैश्विक शोध प्रतिष्ठा को मजबूत करेगा, बल्कि संस्थान में अंतर्विषयक सहयोग और उन्नत तकनीकों पर शोध को नई दिशा देगा। परियोजना से मिलने वाले परिणाम भविष्य के स्वच्छ, स्मार्ट और सतत ऊर्जा समाधानों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

    इस परियोजना से क्या बदल जाएगा?

    – भारत में EV चार्जिंग होगी तेज, सस्ती और स्मार्ट
    – सोलर ग्रिड होगा भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए तैयार
    – शहरी यातायात और ऊर्जा प्रबंधन होगा डिजिटल और स्वचालित
    – मैनिट की ग्लोबल पहचान नई ऊंचाई पर जाएगी