• छत्तीसगढ़ में दो लैब्स ने हासिल किया राष्ट्रीय सम्मान, पंडरी और बलौदाबाजार बनीं क्वालिटी सर्टिफाइड

    रायपुर
     छत्तीसगढ़ ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। जिला अस्पताल पंडरी रायपुर और जिला अस्पताल बलौदाबाजार की इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब (IPHL) को भारत सरकार के नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस कार्यक्रम (NQAS) के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर का गुणवत्ता प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ है। इनमें पंडरी रायपुर की IPHL देश की प्रथम, जबकि बलौदाबाजार की IPHL देश एवं राज्य की द्वितीय प्रमाणित लैब बनी है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और वैज्ञानिक मानकों पर आधारित लैब सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण को प्रमाणित करती है।

    राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा निरंतर किए जा रहे प्रयासों का यह सीधा परिणाम है कि जनवरी 2024 से नवंबर 2025 के बीच राज्य की कुल 832 स्वास्थ्य संस्थाओं का राष्ट्रीय मानकों के आधार पर मूल्यांकन और प्रमाणीकरण किया गया है। इनमें दंतेवाड़ा के दूरस्थ क्षेत्र चिंतागुफा जैसे दुर्गम इलाकों के स्वास्थ्य केंद्र भी शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि देश में पहली बार किसी राज्य में लैब्स की इतनी बड़ी और व्यवस्थित श्रृंखला का मूल्यांकन एवं प्रमाणीकरण हुआ है, जिसने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट स्थान दिलाया है।

    दोनो लैब्स का मूल्यांकन भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा नामित विशेषज्ञ मूल्यांकनकर्ताओं की टीमों ने किया। पंडरी रायपुर की IPHL का मूल्यांकन 10 सितंबर 2025, जबकि बलौदाबाजार की IPHL का मूल्यांकन 11 सितंबर 2025 को किया गया। दोनों टीमों ने लैब की कार्यप्रणाली, मरीज केंद्रित सेवाएँ, गुणवत्ता नियंत्रण, समयबद्ध रिपोर्टिंग और सुरक्षा प्रक्रियाओं की गहन समीक्षा की। मूल्यांकन उपरांत, पंडरी रायपुर IPHL को 90% और बलौदाबाजार IPHL को 88% स्कोर के साथ प्रमाणन प्राप्त हुआ। यह स्कोर स्वास्थ्य गुणवत्ता के राष्ट्रीय मानकों में उत्कृष्ट श्रेणी में आता है।

    इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब की अवधारणा का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मरीजों को एक ही छत के नीचे पैथोलॉजी, बायोकैमिस्ट्री और माइक्रोबायोलॉजी से संबंधित सभी प्रकार की जांच सुविधाएं उपलब्ध हों। इससे न केवल जांच की गति और विश्वसनीयता बढ़ती है, बल्कि लोगों को महंगी निजी जांच लैब्स पर अनावश्यक निर्भरता से भी राहत मिलती है। एकीकृत मॉडल होने के कारण, मरीजों को एक ही स्थान पर किफायती और सटीक जांच रिपोर्ट उपलब्ध हो पाती है।

  • इंदौर में हादसों का मुद्दा हाई कोर्ट में गरमाया, पुलिस कमिश्नर को मिली कड़ी चेतावनी

    इंदौर 
     इंदौर में बढ़ते सड़क हादसों को लेकर हाई कोर्ट ने ट्रैफिक पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े किए. शहर के एयरपोर्ट रोड पर करीब 2 माह पहले बेलगाम ट्रक ने कई लोगों को कुचल दिया था. इस मामले में दायर याचिका पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में सुनवाई चल रही है.

    हाई कोर्ट की सुनवाई के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इंदौर पुलिस कमिश्नर पेश हुए. इस दौरान हाई कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर पर चालानी कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठाए. मामले की अगली सुनवाई 27 नवंबर को होगी.

    पहले ट्रैफिक रूल्स तुड़वाते हैं, फिर चालानी कार्रवाई

    हाई कोर्ट में चीफ जस्टिस संजीव सचदेव और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ द्वारा इस मामले की सुनवाई की जा रही है. सुनवाई के दौरान पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने बताया "ट्रैफिक रूल्स तोड़ने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई की जा रही है." उन्होंने इसका ब्यौरा भी पेश किया. इस पर युगलपीठ ने कहा "आपकी पुलिस द्वारा पहले वाहन चालकों से नियम तुड़वाए गए और उसके बाद उनके खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई."

    चालान काटने में लगी रहती है ट्रैफिक पुलिस

    हाई कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर से कहा "मुंबई में जाकर देखें, वहां पर बीच चौराहे पर पुलिसकर्मी नजर आता है लेकिन आपके इंदौर में पेड़ के पीछे जवान खड़े रहते हैं और वह ड्यूटी करने के दौरान सिग्नल तोड़ने वालों के चालान बनाने में लगे रहते हैं. आपको 31 दिसंबर तक चालानी कार्रवाई का टारगेट मिलता है. यदि 31 दिसंबर तक निश्चित संख्या में चालानी कार्रवाई नहीं हुई तो चालानी कार्रवाई बड़े स्तर पर की जाती है."

    इससे पहले भी कलेक्टर, कमिश्नर ,आरटीओ द्वारा कई प्लान बताए गए, उन प्लान में कई तरह की खामियां थी. इस पर कोर्ट ने आपत्ति ली है.

    भारी वाहनों की मनमानी पर पुलिस ने क्या किया

    कोर्ट ने इंदौर पुलिस कमिश्नर से पूछा "हादसा होने के बाद भी शहरी क्षेत्र में भारी वाहन घुस रहे हैं. ड्रिंक एंड ड्राइव के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, इस पर पुलिस क्या कार्रवाई कर रही है." इस पर पुलिस कमिश्नर ने बताया "भारी वाहनों के प्रवेश पर सख्ती जारी है. जरूरी सामान लाने ले जाने वाले वाहनों को अनुमति दी गई है."

    इंदौर शहर के ट्रैफिक को सुधारने के लिए लगातार वालेंटियर का भी सहयोग लिया जा रहा है. अब 27 नवंबर को एक बार फिर हाई कोर्ट के समक्ष सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित होंगे और अभी तक ट्रैफिक सुधारने को लेकर क्या कदम उठाए हैं, इस बारे में जानकारी देंगे.

    ट्रक ने बरपाया कहर, 2 की मौत, 13 घायल हुए थे

    इंदौर के एयरपोर्ट रोड पर दो महीने पहले एक ट्रक अनियंत्रित हो गया था और उसने आधा दर्जन से अधिक वाहन चालकों को टक्कर मारी. इसमें दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 13 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे. इस घटना के बाद याचिका इंदौर हाई कोर्ट में हाई कोर्ट बार एसोसिशन के अध्यक्ष रितेश ईरानी द्वारा लगाई गई थी. वकील रितेश ईरानी के अनुसार याचिका पर लगातार सुनवाई चल रही है. 

  • साय सरकार ने किया गाइडलाइन दरों का पुनरीक्षण, शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों में होगा लाभ

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने पूरे राज्य के लिए गाइडलाइन दरों का व्यापक, वैज्ञानिक और तर्कसंगत पुनरीक्षण करते हुए ऐतिहासिक कदम उठाया है। यह निर्णय जनता के हित, पारदर्शिता, उचित बाजार मूल्यांकन और नागरिकों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

    गाइडलाइन नियम 2000 के अनुसार दरों का प्रतिवर्ष पुनरीक्षण आवश्यक है, परंतु वर्ष 2017-18 के बाद से दरों में किसी प्रकार का संशोधन नहीं हुआ था। इस कारण वास्तविक बाजार मूल्य और गाइडलाइन दरों में भारी अंतर पैदा हो गया था—जिसका प्रतिकूल प्रभाव किसानों, भूमिस्वामियों, संपत्ति धारकों और आम नागरिकों पर पड़ रहा था।

    राज्य में गाइडलाइन दरों के पिछले ढांचे नगरीय क्षेत्रों में दरों में भारी विसंगतियाँ थीं। एक ही सड़क, वार्ड या आसपास के क्षेत्रों में अनुपातहीन अंतर दिखाई देता था। एक ही सड़क पर स्थित संपत्तियों की दरें अलग-अलग थीं, जिससे नागरिकों को वास्तविक मूल्यांकन में कठिनाई होती थी। ग्रामीण क्षेत्रों में भी एक ही मार्ग पर स्थित गाँवों की दरों में अतार्किक भिन्नता थी, जिससे किसानों को मुआवज़ा और बैंक लोन में नुकसान होता था। पिछले सात वर्षों में बने नए हाईवे, कॉलोनी, औद्योगिक क्षेत्र आदि की दरें निर्धारित नहीं थीं, जिससे नागरिकों को संपत्ति मूल्य जानने में कठिनाई हो रही थी।

    वाणिज्यिक कर (पंजीयन) मंत्री ओपी चौधरी के दिशानिर्देश पर गाइडलाइन दरों को पुर्ननिर्धारित करते हुए पूरी प्रक्रिया को वैज्ञानिक, पारदर्शी और जनसुलभ बनाया गया है। नगरीय क्षेत्रों में गाइडलाइन को रोड-वाइज तैयार किया गया है, ताकि एक सड़क और समान परिस्थितियों वाले क्षेत्रों की दरें समान हों। अत्यधिक कंडिकाओं को समायोजित कर संख्या कम की गई, ताकि नागरिकों को मूल्य समझने में सरलता हो। ग्रामीण क्षेत्रों में सभी गाँवों की दरों को नक्शे में प्रविष्ट कर, समान मार्ग और समान परिस्थितियों वाले गाँवों की दरें यथासंभव समान और तर्कसंगत की गईं।वर्तमान दरों की वैज्ञानिक मैपिंग कर रैशनलाइज़्ड बेस रेट तैयार किए गए और इन्हीं के आधार पर नई दरें प्रस्तावित की गईं है।

    नवीन दरें – जनता को सीधा लाभ

    नगरीय क्षेत्रों में लगभग 20% की तर्कसंगत वृद्धि की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के हित में दरों में 50% से 300% तक वृद्धि की गई है—जिससे किसानों को भूमि अधिग्रहण आदि में 3 गुना तक अधिक मुआवज़ा मिलेगा।

    नवीन दरों से किसानों/भूमिस्वामियों को उनकी भूमि का अधिक एवं न्यायसंगत मुआवज़ा प्राप्त होगा। संपत्ति के विरुद्ध बैंक से अधिक राशि का लोन स्वीकृत होगा। आम नागरिकों के लिए अपनी संपत्ति की गाइडलाइन दर स्पष्ट और समझने में आसान होगी।

    वाणिज्यिक कर (पंजीयन) मंत्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि गाइडलाइन दरों का यह व्यापक और वैज्ञानिक पुनरीक्षण जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पूरी पारदर्शिता के साथ किया गया है। उन्होंने कहा कि 2017-18 के बाद दरों में संशोधन न होने से राज्य में वास्तविक बाजार मूल्य और गाइडलाइन दरों में गंभीर असंतुलन पैदा हो गया था, जिससे किसान, भूमिस्वामी और सामान्य नागरिक प्रतिकूल रूप से प्रभावित हो रहे थे। नई गाइडलाइन दरें रोड-वाइज और वैज्ञानिक मैपिंग के आधार पर तैयार की गई हैं, ताकि हर क्षेत्र में दरें तर्कसंगत, समान और समझने में सरल हों। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में 50% से 300% तक की वृद्धि किसानों को उचित मुआवज़ा और अधिक बैंक लोन प्राप्त करने में बड़ा लाभ देगी,

    नगरीय क्षेत्रों में 20% की तार्किक वृद्धि मूल्य-विसंगतियाँ दूर करेगी। चौधरी ने कहा कि विभाग भविष्य में भी विकास, नई बसाहटों, बाजार प्रवृत्तियों और क्षेत्रीय आवश्यकताओं के आधार पर नियमित समीक्षा करता रहेगा, ताकि किसी भी नागरिक को उनकी संपत्ति के वास्तविक मूल्य से वंचित न होना पड़े।

    उल्लेखनीय है कि लंबे अंतराल के बाद गाइडलाइन दरों का यह व्यापक और महत्त्वपूर्ण संशोधन किया गया है। भविष्य में भी विभाग द्वारा जिले स्तर पर उस क्षेत्र में हो रहे विकास, नए निर्माण, क्षेत्रीय परिस्थितियों, बाजार प्रवृत्तियों तथा नई बसाहटों/कॉलोनियों के विस्तार का नियमित आकलन किया जाता रहेगा। इसी आधार पर गाइडलाइन दरों में समय-समय पर आवश्यक, तर्कसंगत और जनहितकारी संशोधन किए जाते रहेंगे, ताकि नागरिकों को उनकी संपत्ति के वास्तविक मूल्य का लाभ निर्बाध रूप से मिलता रहे और किसी भी प्रकार की मूल्य-विसंगतियाँ उत्पन्न न हों।

    "गाइडलाइन दरों का वैज्ञानिक और तर्कसंगत पुनरीक्षण राज्य के किसानों, भूमिस्वामियों और आम नागरिकों के हित में उठाया गया अत्यंत महत्त्वपूर्ण कदम है। पिछले कई वर्षों से दरों में संशोधन न होने के कारण वास्तविक बाजार मूल्य और गाइडलाइन दरों में बड़ा अंतर पैदा हो गया था। नई दरें न केवल न्यायसंगत मूल्यांकन सुनिश्चित करेंगी, बल्कि किसानों को भूमि अधिग्रहण में अधिक मुआवज़ा, नागरिकों को संपत्ति का सही मूल्य और बैंक से अधिक ऋण प्राप्त करने में भी सहायता प्रदान करेंगी।

    शासन की मंशा स्पष्ट है—हर नागरिक को उसकी संपत्ति का उचित मूल्य मिले और किसी भी प्रकार की विसंगतियाँ या भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। यह निर्णय प्रदेश के आर्थिक परिवेश को अधिक पारदर्शी, संतुलित और जनहितकारी बनाएगा।" – CM विष्णु देव साय

     

  • उड़ानें बढ़ने से राजा भोज एयरपोर्ट पर ट्रैफिक में आएगा उछाल, नया रिकॉर्ड बन सकता है जल्द

    भोपाल
     वर्ष 2026 की शुरूआत के साथ ही भोपाल से एयर कनेक्टिविटी बढ़ने की संभावना है। जल्द ही नवीं मुंबई एवं नोएडा के जेवर एयरपोर्ट से भी भोपाल का कनेक्शन जुड़ जाएगा। नए साल की पहली तिमाही में एयर इंडिया की सहयोगी कंपनी एआई एक्सप्रेस की उड़ानें भी शुरू हो जाएंगी। यदि ऐसा हुआ भोपाल का राजा भोज एयरपोर्ट देश के उन चुनिंदा एयपोर्ट में शामिल हो जाएगा जहां से मासिक यात्री संख्या का आंकड़ा डेढ़ से दो लाख के बीच है।

    पिछले छह माह से भोपाल से यात्रियों की मासिक संख्या एक से सवा लाख के बीच रही है। एयरपार्ट अथॉरिटी लंबे समय से पैसेंजर ग्रोथ प्लान पर काम कर रही है। अथॉरिटी के प्रयास से ही हाल ही में लंबे समय से बंद गोवा उड़ान पुन: शुरू हुई है। बेंगलुरू एवं दिल्ली तक एयर कनेक्टिविटी भी बढ़ी है। अब अथॉरिटी का फोकस ऐसे शहरों की उड़ान शुरू कराने पर जहां से भोपाल का कनेक्शन कभी नहीं जुड़ा।

    धार्मिक पर्यटन नगरों पर भी फोकस

    एयरपोर्ट अथॉरिटी का प्रयास है कि भोपाल से ऐसे शहरों की उड़ानें भी शुरू हो जाएं जो धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूण हैं। भोपाल से अमृतसर, शिर्डी, जम्मू एवं तिरूपति तक बड़ी संख्या में यात्री जाते हैं। इनमें से किसी भी शहर तक सीधी उड़ान नहीं है। वर्ष 2026 में कुछ शहर जुड़ने की उम्मीद की जा रही है।

    इंडिगो की हैदराबाद उड़ान को तिरूपति तक बढ़ाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। यदि दो में से एक उड़ान को तिरूपति से जो़ड़ दिया जाए तो तिरूपति बालाजी दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा हो जाएगी। हैदराबाद से तिरूपति का हवाई सफर मात्र 45 मिनट में पूरा हो जाता है। भोपाल से ट्रेन से तिरूपति जाने में 24 घंटे से अधिक समय लगता है।

    एआई एक्सप्रेस ने स्लाट लिया

    आई एक्सप्रेस ने भोपाल से दिल्ली, मुंबई के अलावा बेंगलुरू एवं हैदराबाद तक उड़ानें शुरू कराने का भरोसा एयरपोर्ट अथॉरिटी को दिलाया है। फरवरी माह में कम से कम दो उड़ानों के साथ कंपनी भोपाल में दस्तक दे सकती है। इन उड़ानों की शुरुआत से यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी होना तय है। इंटरनेशनल रूट पर दुबई उड़ान भी नए साल में प्रारंभ होने की उम्मीद है। ऐसे में भोपाल डेढ़ से दो लाख मासिक यात्री संख्या वाले क्लब में आसानी से शामिल हो सकता है।

    ऐतिहासिक होगा वर्ष 2026

        एयरपोर्ट अथारिटी और भोपाल के लिए वर्ष 2026 ऐतिहासिक होगा। हम लगातार नए रूट जोड़ने के प्रयास कर रहे हैं। इंटरनेशनल उड़ान भी शुरू होने की उम्मीद है। ऐसे में यात्री संख्या बढ़ना तय है। – रामजी अवस्थी, एयरपोर्ट डायरेक्टर

     

  • शासन की बड़ी तैयारी: 6 लेन सड़क बन रही, 8,000 पेड़ों को नुकसान से बचाने के उपाय खोजे जा रहे

    भोपाल 

     रत्नागिरी तिराहा से आशाराम तिराहा तक अयोध्या बायपास सिक्सलेन प्रोजेक्ट में 8000 पेड़ों की बली को कोकता बायपास से बचाया जा सकता है। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से इसकी संभावनाओं को तलाशा जा रहा है। एक दूसरे के समानांतर गुजर रहे दोनों बायपास के बीच चार किमी का अंतर है। भोपाल बायपास को कोकता बायपास भी कहा जाता है और अब भी अपेक्षाकृत ट्रैफिक नहीं है। नेशनल हाइवे के अफसरों का भी मानना है कि यदि कोकता बायपास पर ट्रैफिक बढ़ाया जाए तो अयोध्या बायपास किनारे पेड़ों को बचाया जा सकता है। दरअसल कोकता के पास से गुजरने वाले बायपास को भोपाल के बाहर भारी वाहनों के लिए बनाया गया था, उसे ही मजबूत करके शुरू किया जाए तो अयोध्या बायपास के पेड़ कटने से बच सकते हैं।

    ठेका एजेंसी को देना होगा हर्जाना

    यहां ठेका एजेंसी तय कर दी गई है। एजेंसी ने अपने प्लांट भी स्थापित कर दिए। एनएच को सिर्फ जगह खाली करना है, जिसके लिए पेड़ों की कटाई की जाएगी। एनजीटी के निर्देश के बाद केंद्रीय स्तर पर ही इसकी अनुमति हो सकती है। बीते सप्ताह इसे लेकर शासन की बैठक थी, लेकिन यहां भी मामला बना नहीं। ठेका एजेंसी का इसमें बड़ा खर्च हो रहा है। हर्जाना लेकर ठेका छोड़ने की चेतावनी दे दी गई है। ऐसेे में अब नए विकल्प की तलाश की जा रही है।

    बायपास के प्रोजेक्ट महत्वूपर्ण

    बायपास के प्रोजेक्ट महत्वूपर्ण है। जमीन निकालने के लिए प्रशासनिक अफसरों से कहा गया है। एनएच और एमपीआरडीसी से चर्चा की जा रही है। शासन स्तर से ही इसे लेकर निर्णय होगा।

    कौशलेंद्र विक्रमसिंह, कलेक्टर

  • क्रिकेटर स्मृति मंधाना जल्द कर रही हैं शादी, 23 नवंबर को इंदौर में शादी की रस्में शुरू

     इंदौर 

    भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार प्लेयर स्मृति मंधाना तीन दिन बाद ‘इंदौर की बहू’ बनने वाली हैं। वो मशहूर सिंगर और म्यूजिक कम्पोजर पलाश मुछाल से शादी करने जा रही हैं। बताया जा रहा है कि 23 नवंबर को सांगली (महाराष्ट्र) में शादी की रस्में संपन्न होगी। शादी की तैयारियां जोरों पर हैं। उधर, पूरी टीम इंडिया भी स्मृति की शादी का बेसब्री से इंतजार कर रही है।

    यहां जानें कहां हो रही है शादी

    स्मृति के होमटाउन सांगली(महाराष्ट्र) में शादी की रस्में शुरू हो चुकी हैं। पलाश की सिंगर बहन पलक मुछाल ने बताया कि पूरा परिवार बेहद उत्साहित है। स्मृति (Smriti Mandhana Wedding) और पलाश की शादी में बॉलीवुड और क्रिकेट दोनों दुनिया के बड़े सितारे शामिल हो सकते हैं। टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा कि स्मृति (Smriti Mandhana Wedding) की शादी में हम सब मिलेंगे और बहुत मजे करेंगे।

    सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मुछाल परिवार पूरी तरह से मुंबई में बस चुका है, इसलिए इंदौर में कोई भी रस्म नहीं की जाएगी। हालांकि शहर से पलाश के पारिवारिक सदस्य उनके मामा शादी समारोह में शामिल होंगे।

    दोनों परिवारों की एक ही कुलदेवी

    मिली जानकारी के अनुसार पलाश और स्मृति दोनों ही माहेश्वरी समाज से हैं। दोनों ही परिवार मूलत: राजस्थान के डीडवाना के हैं, इसलिए एक ही कुलदेवी को इन परिवारों से निमंत्रण भेजा गया है।इंदौरसे शादी में पुराने मित्र और नजदीकी रिश्तेदार शामिल हो सकते हैं।

  • राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में बच्चों द्वारा तैयार किये गये मॉडल बने आकर्षण का केन्द्र

    प्रदर्शनी का विषय सतत् भविष्य के लिये विज्ञान और प्रौद्योगिकी

    भोपाल
    भोपाल में 52वीं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी इन दिनों राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान श्यामला हिल्स भोपाल में चल रही है। प्रदर्शनी में 31 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के लगभग 900 विद्यार्थी एवं शिक्षकों ने संयुक्त रूप से मिलकर विज्ञान पर केन्द्रित प्रोजेक्ट और मॉडल प्रस्तुत किये हैं। यह मॉडल प्रदर्शनी में आने वाले बच्चों के बीच आकर्षण का केन्द्र बने हुए हैं। इस वर्ष आयोजित राष्ट्रीय प्रदर्शनी का विषय सतत् भविष्य के लिये विज्ञान और प्रौद्योगिकी रखा गया है। बच्चों के लिये प्रदर्शनी अवलोकन प्रात: 9:30 से शाम 6:30 बजे तक रहता है।

    प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के कुसुमकसा, बालोद के स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय के छात्रों ने अभिनव प्रोटोटाइप प्रदर्शित किया है। यह प्रोटोटाइप नारियल के रेशे और परलाइट को उगाने के माध्यम के रूप में उपयोग करते हुए एक आधुनिक मृदा-रहित कृषि तकनीक को प्रदर्शित करता है। इसके बारे में छात्रा खुशी विश्वकर्मा और उनकी शिक्षक सुश्री सोनल गुप्ता बताती हैं कि पारंपरिक मृदा की आवश्यकता को इस तकनीक में पौधों को केवल पानी और आवश्यक पोषक तत्वों की सहायता से उगाया जाता है, जिसमें मृदा जनित रोगों को जोखिम काफी हद तक कम हो जाता है। यह विधि स्वच्छ, अधिक कुशल खेती और स्वास्थ्य वर्धक फसलों के लिये उपर्युक्त है। इस प्रणाली का प्रमुख लाभ यह है कि इसमें पौधों को ऊर्ध्वाधर परतों पर उगाया जा सकता है, जिसमें कम भूमि में अधिक खाद उत्पादन संभव होता है, जो सीमित साधन या शहरी क्षेत्रों के लिये आदर्श समाधान है। इस प्रोटोटाइप में कृषि के साथ मछली पालन जैसी गतिविधियों का विस्तार भी किया जा सकता है।

    राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में हिमाचल प्रदेश के राजकीय उत्कृष्ट माध्यमिक विद्यालय लालपानी छात्रों ने भोजन की गुणवत्ता की जांच के लिये भोजन प्रबंधन प्रणाली युक्त स्मार्ट चम्मच का प्रदर्शन किया है। इस साइंस मॉडल के बारे में विद्यार्थी दिव्यांशु सोनी गौरव और उनकी शिक्षक सुश्री नेहा शर्मा ने बताया कि इस मॉडल के माध्यम से भोजन की ताजगी का परीक्षण किया जा सकता है। तैयार किये गये प्रोटोटाइप में रियल टाइम में डिजिटल स्क्रीन पर परिणाम देखा जा सकता है। खाद्यान्न असुरक्षित पाये जाने पर उपकरण अलर्ट देता है। इस तरह के उपकरण से समाज में स्वस्थ खान-पान की आदतों को बढ़ावा मिलेगा।

    महाराष्ट्र राज्य के प्रगट विद्यामंदिर, रामगढ़ मालवन, सिंधु दुर्ग के छात्रों ने दर्भा घास से बनाया स्ट्रा पाइप को प्रस्तुत किया है। उनके द्वारा तैयार किये गये उपकरण से प्लास्टिक स्ट्रा के विकल्प के रूप में घास से तैयार स्ट्रा का उपयोग को बढ़ावा दिया जा सकता है। पर्यावरण को सबसे ज्यादा खतरा प्लास्टिक से निर्मित वस्तुओं से पहुंच रहा है। प्रदर्शनी में आये बच्चों ने इस उपकरण के संबंध में जिज्ञासापूर्वक जानकारी प्राप्त की। राष्ट्रीय प्रदर्शनी में सौरमंडल के मॉडल को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। इस सौरमंडल में ग्रहों की स्थिति और उनकी विशेषताओं की जानकारी दी गई है। प्रदर्शनी में यह मॉडल भी बच्चों के बीच आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। प्रदर्शनी में प्रतिदिन विभिन्न स्कूलों के करीब 2 हजार बच्चे भ्रमण कर रहे  हैं। 

  • चीता परियोजना के अभूतपूर्व परिणाम, चीतों की संख्या बढ़कर हुई 32

    मध्यप्रदेश में लौटा एशिया का गौरव

    भोपाल 
    प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में भारत में जन्मी 33 महीने की मादा चीता मुखी द्वारा पाँच शावकों को जन्म देने के साथ ही भारत में चीतों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की विशेष पहल पर शुरू चीता परियोजना के सबसे उत्साहजनक परिणाम मिले हैं। यह भारत में वन्यजीव प्रबंधन का स्वर्ण‍िम समय है। भारत में शावकों का जन्म हुआ। हाल ही में दो नर चीते गांधी सागर सेंचुरी में सफलतापूर्वक पुनर्वासित हो चुके हैं। इस प्रकार कुल 27 चीते थे जिनकी संख्या अब बढ़कर 32 हो गई है।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने वैश्विक प्रकृति संरक्षण में समर्प‍ित नेतृत्व का प्रदर्शन किया है। इसके लिये कुनो राष्ट्रीय उद्यान सहित सभी अधिकारी कर्मचारी बधाई के पात्र हैं। भारत में चीता की वापसी यह सिद्ध करती है कि दूरदृष्टि तथा संकल्प के साथ खोई विरासत को वापस लाया जा सकता है।

    पालपुर कूनो राष्ट्रीय उद्यान में बढ़ते चीतों के परिवार के साथ मध्यप्रदेश एशिया का गौरव बन गया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी की पहल पर 3 वर्ष पूर्व मध्यप्रदेश को चीता परियोजना की सौगात मिली थी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 17 सितम्बर 2022 को अपने जन्म दिवस पर पहले पालपुर कूनो में चीते छोड़कर प्रोजेक्ट की शुरूआत की थी। बेहतर वन्यजीव प्रबंधन के कारण चीतों के परिवारों में वृद्ध‍ि हो रही है। उल्लेखनीय है कि 'प्रोजेक्ट चीता को ‘इनोवेटिव इनिशिएटिव्स अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है।

    शानदार पृष्ठभूमि
    प्रोजेक्ट चीता की शुरुआत 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से आठ चीतों को कूनो राष्ट्रीय उद्यान लाकर हुई। इसने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तत्काल ध्यान आकर्षित किया। कूनो पालपुर और गांधी सागर अभयारण में चीते दौड़ रहे है।

    चीतों ने भारतीय वातावरण को आश्चर्यजनक रूप से पूरी तरह अपना लिया है। पिछले तीन वर्षों में पाँच चीता मादाओं द्वारा 6 बार शावकों को जन्म देना इस परियोजना की सफलता और लचीलापन का परिचायक है। वे भारतीय शिकार जैसे चीतल के प्रति अच्छी अनुकूलता दिखा रहे हैं। प्रोजेक्ट चीता की प्रबंधन टीम ने अथक प्रयास किये हैं। परिणाम स्वरूप चीते न केवल जीवित रहे बल्कि सफलतापूर्वक अपना परिवार भी बढ़ाया।

  • भोपाल, इंदौर और जलबपुर से भरी पहली उड़ान

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अनूठी पहल पर मध्यप्रदेश ने हवाई पर्यटन के क्षेत्र में एक गौरवशाली अध्याय आरंभ किया है। प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी को सुदृढ़ कर पर्यटकों की संख्या में वृद्धि करने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा ‘पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा’ का संचालन गुरुवार, 20 नवंबर से विधिवत शुरू हो गया है। परंपरागत गाजे-बाजे, उत्साह, रंगों और स्थानीय जनता के गर्मजोशी भरे स्वागत के साथ यह सेवा शुरू हुई, जिसने पूरे प्रदेश में एक उत्सव जैसा माहौल बना दिया। यह सेवा अब नियमित रूप से संचालित होकर मध्यप्रदेश के पर्यटन को एक नई दिशा और तीव्र गति प्रदान करेगी।

    पहली उड़ान: एक ऐतिहासिक पल
    पहले दिन तीन सेक्टरों में शेड्यूल के अनुसार हेलीकाप्टर ने भोपाल से मढ़ई और मढ़ई से पचमढ़ी के लिए उड़ान भरी। इंदौर से उज्जैन एवं ओंकारेश्वर और जबलपुर से कान्हा तथा बांधवगढ़ के बीच हेली सेवा संचालित हुई, जिसका जनप्रतिनिधियों और महंतों ने आनंद लिया। 

    पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि यह सेवा आध्यात्मिक, प्राकृतिक और वन्यजीव पर्यटन को एक तेज, सुगम और किफायती हवाई मार्ग प्रदान करेगी। यह नया हेली नेटवर्क न केवल यात्रियों का बहुमूल्य समय बचाएगा, बल्कि प्रदेश में रोजगार और निवेश को भी बढ़ावा देगा।

     अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि ‘पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा’ प्रमुख धार्मिक, प्राकृतिक, सांस्कृतिक और वन्यजीव स्थलों को जोड़ने का अभिनव प्रयास है। किफायती किराए और कम समय में गंतव्य तक पहुंचना इस सेवा को पर्यटकों के लिए अत्यंत आकर्षक बनाएगा। यह हाई-वैल्यू और आध्यात्मिक पर्यटन को नई दिशा देगा और घरेलू व अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में वृद्धि सुनिश्चित करेगा।

    भोपाल से प्रकृति के आंचल में
    भोपाल से मढ़ई के लिए सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी, राज्यसभा सांसद श्रीमती माया सिंह नारोलिया, श्रीमती प्रीति शुक्ला, योगेंद्र राजपूत और संदेश पुरोहित ने यात्रा की। मढ़ई से पचमढ़ी तक की उड़ान में इनके साथ पिपरिया विधायक श्री ठाकुर दास नागवंशी और सोहागपुर विधायक श्री विजय पाल सिंह भी जुड़े। 

    इंदौर से पवित्र तीर्थों की यात्रा
    पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा का इंदौर में भक्तिमय वातावरण में शुभारंभ हुआ। सेवा के प्रथम चरण में इंदौर से उज्जैन स्थित बाबा महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग तथा उज्जैन से ओंकारेश्वर तक हेलीकॉप्टर से धार्मिक यात्रा प्रारंभ हुई। बिचोली मर्दाना स्थित हेलीपैड से भक्ति भाव से परिपूर्ण और उत्साहपूर्ण वातावरण में यात्रियों का पहला दल रवाना हुआ। यात्रियों के पहले दल को जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने झंडी दिखाकर महाकाल की नगरी उज्जैन के लिए रवाना किया। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि यह पर्यटन सेवा धार्मिक पर्यटन का नया अध्याय है।

    इंदौर से उज्जैन और ओंकारेश्वर के इस आध्यात्मिक सर्किट की मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की इस पहल की साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह सेवा बड़ी संख्या में आने वाले तीर्थयात्रियों को सुविधा, समय की बचत और सुरक्षित यात्रा का नया अनुभव प्रदान करेगी। पर्यटकों ने भी इसे धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में अत्याधुनिक कदम बताते हुए कहा कि इससे प्रदेश की पहचान राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत होगी।

    यात्रियों के प्रथम दल में विधायक श्री रमेश मेंदोला, श्री महेंद्र हार्डिया, श्री सुमित मिश्रा, श्री श्रवण चावड़ा, मीडिया कर्मी सहित अन्य श्रद्धालु शामिल हुए। हेली सेवा से उज्जैन पहुंचने पर यात्रियों का पुष्पवर्षा से परंपरागत स्वागत किया गया। उज्जैन में आयोजित 10 मिनट की जॉय-राइड में महंत आनंद पुरी जी, महंत मंगल दास जी, महंत रामेश्वर गिरी जी और महंत डॉ. रामेश्वर दास जी सम्मिलित हुए।

    जबलपुर से वन-संपदा तक
    जबलपुर के श्री अनिल तिवारी और श्री ओमनारायण दुबे ने कान्हा और बांधवगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता को निहारा। शेड्यूल के अनुसार जबलपुर से अमरकंटक की सेवा का संचालन 21 नवंबर से प्रारंभ होगा। जबलपुर से मैहर और चित्रकूट तक आवागमन के लिए भी हेली सेवा का लाभ पर्यटक ले सकेंगे।   

    सेक्टरवार प्रमुख सुविधाएं
    धार्मिक सेक्टर : इंदौर–उज्जैन 20 मिनट में, उज्जैन–ओंकारेश्वर 40 मिनट में, ओंकारेश्वर–इंदौर 25 मिनट में पहुंचा जा सकेगा। इको टूरिज्म सेक्टर : भोपाल–मढ़ई–पचमढ़ी तक तेज कनेक्टिविटी।  भोपाल–मढ़ई 40 मिनट में,  मढ़ई–पचमढ़ी 20 मिनट में और सीधी उड़ान: भोपाल–पचमढ़ी 60 मिनट में होगी पूरी। वाइल्डलाइफ़ सेक्टर : जबलपुर–मैहर 60 मिनट में, मैहर–चित्रकूट 30 मिनट में, चित्रकूट–मैहर 30 मिनट में, जबलपुर–बांधवगढ़ 45 मिनट में और जबलपुर–अमरकंटक 60 मिनट में पहुंचा जा सकेगा।

    आसान बुकिंग
    पर्यटक www.flyola.in, https://air.irctc.co.in/flyola और https://transbharat.in/ पर ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं।

     

  • पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के पेंशनर और परिवार पेंशनर के लिए 24 नवम्बर को समस्या निवारण शिविर का आयोजन

    भोपाल 
    एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के मानव संसाधन व प्रशासन कार्यालय के द्वारा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया मदनमहल शाखा के सहयोग से कंपनी के पेंशनर व परिवार पेंशनर के लिए जीवन प्रमाण पत्र व पेंशनरों की समस्याओं के निराकरण के लिए एक शिविर का आयोजन 24 नवम्बर को किया गया है। यह शिविर शक्तिभवन स्थि‍त पावर मैनेजमेंट कंपनी के लेखाधि‍कारी वेतन व पेंशन के ब्लॉक नंबर 14 भूतल स्थि‍त कार्यालय में आयोजित किया गया है।

    मध्यप्रदेश विद्युत मण्डल एवं उसकी उत्तरवर्ती कंपनियों से सेवा से सेवानिवृत्ति‍उपरांत एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी से पेंशन प्राप्त कर रहे पेंशनर व परिवार पेंशनर प्रात: 11.30 बजे से शाम 4.00 बजे तक शिविर में उपस्थि‍त होकर जीवन प्रमाण पत्र और पेंशन संबंधी समस्याओं का निराकरण करवा सकते हैं। मुख्य महाप्रबंधक मानव संसाधन व प्रशासन ने सभी पेंशनर व परिवार पेंशनरों से इस शिविर का लाभ उठाने का अनुरोध किया है।

     

  • श्रीलंका में म.प्र. पर्यटन प्रतिनिधिमंडल ने बौद्ध सर्किट को दिया नया आयाम

    प्रदेश के बौद्ध स्थलों को प्रचारित करने का किया आग्रह
    स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित विशेष सभा में लिया भाग
    श्रीलंका के विदेश मामले, विदेशी रोज़गार और पर्यटन मंत्री श्री विजित हेराथ और श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त श्री संतोष झा से की महत्वपूर्ण चर्चा

    भोपाल
    भारत और श्रीलंका के मध्य अनादि काल से चली आ रही सांस्कृतिक और आध्यात्मिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पर्यटन का एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल इन दिनों श्रीलंका की सद्भावना यात्रा पर है। यह यात्रा, कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग के आमंत्रण पर आयोजित की गई है। म.प्र. राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक, डॉ. इलैयाराजा टी. के नेतृत्व में उप सचिव पर्यटन श्री राजेश गुप्ता और ज्वाइंट डायरेक्टर टूरिज्म बोर्ड डॉ. एस. के. श्रीवास्तव ने श्रीलंका में मध्यप्रदेश के बौद्ध सर्किट का प्रचार किया और साथ ही रामायण की कथाओं को जीवंत करने वाले कलाकारों व कहानीकारों के साथ प्रदेश के बौद्ध स्थलों को प्रचारित करने का आग्रह भी किया।

    कोलंबो में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान, प्रतिनिधिमंडल ने वहाँ की अग्रणी हॉस्पिटैलिटी कंपनियों से भेंट की। इन सार्थक वार्ताओं में, मध्यप्रदेश के विशाल पर्यटन सामर्थ्य—जिसमें समृद्ध संस्कृति, प्राचीन धरोहर, वन्यजीवों की अनुपम छटा, रोमांचक गतिविधियाँ, और आध्यात्मिक व कल्याणकारी पर्यटन के अवसर समाहित हैं—को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।

    इस यात्रा का एक महत्त्वपूर्ण पड़ाव श्रीलंका के विदेश मामले, विदेशी रोज़गार और पर्यटन मंत्री श्री विजित हेराथ के साथ हुई बैठक थी। डॉ. इलैयाराजा टी. ने अपने सारगर्भित प्रस्तुतीकरण में दोनों राष्ट्रों के गहरे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों की नींव को रेखांकित किया। मंत्री श्री हेराथ ने द्विपक्षीय पर्यटन को बढ़ाने के लिए विस्तृत संभावनाओं पर बल दिया और सहयोग को और मज़बूत करने की अपनी उत्कट इच्छा व्यक्त की।

    इस अवसर पर, श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त महामहिम श्री संतोष झा ने पर्यटन और आतिथ्य सत्कार के क्षेत्र में सहयोग के नवीन मार्गों पर प्रकाश डाला, जबकि भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री हरिकिशोर एस. ने कनेक्टिविटी और पर्यटक अनुभव को उत्कृष्ट बनाने की दिशा में चल रही पहलों का विवरण दिया। 

    प्रतिनिधिमंडल ने स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित एक विशेष सभा में भाग लिया, जिसकी अध्यक्षता श्री लंका महाबोधि सोसाइटी के अध्यक्ष श्री बनागला उपतिस्स नायक थेरो ने की थी। उन्होंने अपने उद्बोधन में भारत और श्रीलंका के मध्य विद्यमान अविभाज्य सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और पारंपरिक बंधनों को बड़े स्नेह से समझाया। इस गरिमामय आयोजन में कई वयोवृद्ध बौद्ध भिक्षुओं की उपस्थिति रही।

    आगामी दो दिनों में, मध्यप्रदेश पर्यटन का यह दल कैंडी और नुवारा एलिया के लिए प्रस्थान करेगा, जहाँ वे बुद्ध सर्किट और रामायण संस्कृति ट्रेल से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों का दर्शन कर दोनों राष्ट्रों के बीच सांस्कृतिक व पर्यटन कड़ियों को और अधिक दृढ़ बनाएँगे।

     

  • भारत में जन्मी मादा चीता मुखी ने पांच शावकों को जन्म दिया

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बधाई
    यह उपलब्धि भारतीय आवासों में चीता प्रजाति के अनुकूलन का महत्वपूर्ण संकेतक

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में भारत में जन्मी मादा चीता मुखी द्वारा पाँच शावकों को जन्म देने पर प्रसन्नता व्यक्त कर बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि माँ और शावक स्वस्थ हैं। उन्होंने कहा कि भारत में चीता पुनरुत्पादन पहल के लिए यह एक अभूतपूर्व उपलब्धि है। तैतीस माह की उम्र में मादा चीता 'मुखी' अब शावकों को जन्म देने वाली भारत में जन्मी पहली मादा चीता बन गई है, जो प्रोजेक्ट चीता के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह भारतीय आवासों में चीता प्रजाति के अनुकूलन, स्वास्थ्य और दीर्घकालिक संभावनाओं का एक मजबूत संकेतक है। यह उपलब्धि भारत में आत्मनिर्भर और आनुवंशिक रूप से विविध चीता आबादी स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे देश में जैव विविधता के संरक्षण लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए हो रहे प्रयासों को प्रोत्साहन मिलेगा।

     

  • बैतूल में रूपए 9 करोड़ 84 लाख की साइबर लूट का पर्दाफाश

    मृत व्यक्ति के बैंक खाते का भी किया गया दुरुपयोग — 3 आरोपी गिरफ्तार

    भोपाल 
    बैतूल जिले में पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने एक संगठित साइबर ठगी का पर्दाफाश किया है। इस ठगी में करीब 9 करोड़ 84 लाख रुपये की हेराफेरी की गई थी। पुलिस और साइबर टीम द्वारा किए गए सूक्ष्म तकनीकी विश्लेषण, खातों की ट्रैकिंग, डिजिटल फॉरेंसिक तथा सतत मॉनिटरिंग ने इस ठगी नेटवर्क को उजागर करने में निर्णायक भूमिका निभाई।

    खेड़ी सावलीगढ़ निवासी मजदूर बिसराम इवने जब अपने जन-धन खाते का KYC अपडेट कराने बैंक पहुँचे तो उन्हें खाते में करोड़ों के संदिग्ध लेन-देन का पता चला। बिसराम इवने ने अपने जन-धन खाते में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन की शिकायत पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दर्ज कराई थी। शिकायत मिलते ही पुलिस अधीक्षक श्री वीरेंद्र जैन और अतिरिक्‍त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला जोशी के निर्देशन में साइबर सेल और कोतवाली पुलिस की टीम को जांच में लगाया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जून 2025 से अब तक उसके खाते से लगभग 1 करोड़ 50 लाख रुपये का अवैध ट्रांज़ैक्शन किया गया था।

    जांच में संगठित साइबर लूट का पर्दाफाश हुआ जिसमें पुलिस ने पाया कि एक ही बैंक के 7 अलग-अलग व्यक्तियों के बैंक खातों को निशाना बनाते हुए गिरोह द्वारा 9 करोड़ 84 लाख 95 हजार 212 रुपये की हेराफेरी की गई। सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह रहा कि गिरोह ने मृत व्यक्ति राजेश बर्डे के बैंक खाते खाते का भी इस्तेमाल किया। उसका मोबाइल नंबर बदला, ATM कार्ड जारी कराया, इंटरनेट बैंकिंग सक्रिय की और OTP पर पूरा नियंत्रण हासिल किया।

    जांच के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि यह पूरा नेटवर्क बैंक के एक अस्थायी कर्मचारी की मिलीभगत से संचालित हो रहा था, जिसने खातों की गोपनीय जानकारी, दस्तावेजों में फेरबदल और ATM/पासबुक जारी कराने में गिरोह की मदद की। इसी सहयोग की वजह से अपराधियों को खातों तक आसानी से पहुँच मिली और करोड़ों की हेराफेरी अंजाम दी गई।

    सूचनाओं और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर बैतूल पुलिस ने इंदौर शहर के दो स्थानों पर दबिश देकर राजा उर्फ आयुष चौहान, अंकित राजपूत और नरेंद्र सिंह राजपूत को गिरफ्तार कर आरोपियों से 15 मोबाइल फोन (25 सिम सहित), 21 ATM कार्ड, 28 हजार रूपए नकद (काले बैग में), 11 बैंक पासबुक, 7 चेकबुक, 2 POS मशीन, 69 ATM जमा रसीदें (21 लाख जमा), 48 हजार रूपए की जमा पर्ची, 2 लैपटॉप, 1 Extreme Fiber राउटर, 4 रजिस्टर व डायरी (रिकॉर्ड) और अन्य सामग्री जप्त की।

    इस कार्रवाई में संबंधित थाना प्रभारी, साइबर सेल तथा पुलिस टीमों ने सतर्कता, तकनीकी दक्षता और त्वरित कार्रवाई का परिचय दिया है। मध्यप्रदेश पुलिस ने पुनः स्पष्ट किया है कि “जन सुरक्षा और साइबर सुरक्षा” प्रदेश की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा साइबर अपराधों के विरुद्ध व्यापक और कठोर कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

     

  • वन विभाग की टीम पर रीवा में हमला, मोबाइल से साक्ष्य मिटवाए गए

    रीवा
    रीवा जिले के पनवार थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत कल्याणपुर स्थित हरिजनपुरवा में वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। वनरक्षक अंशुमान साकेत को कमरे में बंद कर बंधक बनाया गया और उनके मोबाइल में दर्ज वीडियो और फोटो जबरन डिलीट कराए गए। वन विभाग की टीम जंगली सूअर के अवैध शिकार को रोकने गई थी। वनरक्षक अभिभावन चौबे के अनुसार, जंगली सूअर के अवैध शिकार के आरोपी रमाकांत कोल को पकड़कर पूछताछ की जा रही थी। तभी पांच से अधिक ग्रामीण मौके पर पहुंचे और वनकर्मियों से भिड़ गए। देखते ही देखते भीड़ आक्रामक हो गई और धक्का-मुक्की, मारपीट शुरू हो गई।
     
    ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन विभाग की टीम घरों में घुसकर महिलाओं से बहसबाज़ी कर रही थी और गाली-गलौज कर रही थी। वे यह भी कह रहे हैं कि “असल शिकारी तो बच निकले, लेकिन आदिवासी परिवारों पर झूठे मामले दर्ज किए जा रहे हैं और गांव के दबंग हमें फंसाने की कोशिश कर रहे हैं।”

    वनरक्षक अंशुमान साकेत ने कुछ वीडियो बनाएं थे, जिसके कारण ही उन्हें बंधक बनाया गया। स्थिति बिगड़ने पर पनवार पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के आने के बाद भीड़ भाग गई और कमरे में बंद वनरक्षक को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस घटना में वनरक्षक हरीशंकर पाल भी घायल हुए हैं।

    वन विभाग ने आरोपी रमाकांत कोल के खिलाफ वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की और उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेजा। थाना प्रभारी पनवार, प्रवीण उपाध्याय ने बताया कि मामले में वन अमले पर हमला, बंधक बनाने और मारपीट का अपराध पंजीबद्ध किया गया है। मुख्य आरोपी अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नीतीश कुमार द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई दी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव पटना में शपथ ग्रहण समारोह में हुए शामिल

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में पटना में आयोजित बिहार सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री नीतीश कुमार द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री, श्री सम्राट चौधरी एवं श्री विजय कुमार सिन्हा द्वारा उप मुख्यमंत्री और अन्य सदस्यों द्वारा मंत्री के रूप में शपथ लेने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में एनडीए सरकार समाज के हर वर्ग के समग्र उत्थान और 'विकसित बिहार' बनाने के संकल्प को नई गति व ऊर्जा देने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ समर्पित रहेगी।

     

  • मध्यप्रदेश में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता: उच्च शिक्षा विभाग ने किया स्टेट टास्क फोर्स का गठन

    एसटीएफ, डीटीएफ व्यवस्था, कोचिंग संस्थानों का अनिवार्य पंजीयन और नोडल अधिकारियों की नियुक्ति
    तनाव प्रबंध के सुधारात्मक प्रयास

    भोपाल 
    विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर देशभर में बढ़ रही चिंता के बीच मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा विभाग ने इस दिशा में ठोस और व्यापक कदम उठाने की शुरुआत कर दी है। राज्य ने सुप्रीम कोर्ट और नेशनल टास्क फोर्स (NTF) के निर्देशों के बाद स्टेट टास्क फोर्स (STF) को पूर्णतः सक्रिय कर दिया है, जो अब पूरे राज्य में विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और कोचिंग संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी उपायों की निगरानी और सुधार की रूपरेखा तय कर रही है। उल्‍लेखनीय है कि NTF द्वारा आयुक्त, उच्च शिक्षा श्री प्रबल सिपाहा को राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार यह पहल केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि “राज्य के विद्यार्थियों के लिए एक सुरक्षित, सहयोगी और दबावमुक्त शैक्षणिक माहौल” तैयार करने की दिशा में सबसे बड़ा प्रशासनिक प्रयास है।

    एसटीएफ के हाथ में मानसिक स्वास्थ्य सुधार की कमान
    NTF के निर्देशों के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने एक स्टेट टास्क फोर्स (STF) का गठन किया है । यह राज्य में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, परामर्श सेवाओं और रोकथाम उपायों पर केंद्रित नीतिगत हस्तक्षेपों के लिए योजना एवं निर्देश जारी कर रही है। एसटीएफ के अध्‍यक्ष आयुक्त, उच्च शिक्षा श्री प्रबल सिपाहा है। ओएसडी डॉ. उषा के. नायर को इसका सदस्य सचिव नियुक्‍त किया गया है। एसटीएफ में स्कूल शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, बाल सुरक्षा, सामाजिक न्याय तथा नगरीय प्रशासन विभागों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है । यह एक बहु-विभागीय तंत्र है जो विद्यार्थियों की चुनौतियों को व्यापक दृष्टि से देखेगा।

    स्टेट टास्क फोर्स (STF) क्या करेगी?
    राज्य में मानसिक स्वास्थ्य और परामर्श से जुड़े उपायों की निगरानी, NTF के निर्देशों के अनुपालन का मूल्यांकन, कोचिंग व कॉलेज परिसरों का मानसिक स्वास्थ्य ऑडिट, हेल्पलाइन, काउंसलिंग, मनोसामाजिक समर्थन की व्यवस्था को मजबूत करना, जिला स्तरीय DTF को दिशा देना और उनकी रिपोर्ट की समीक्षा, आत्महत्या रोकथाम से जुड़े जोखिम कारकों की पहचान और सुधार को बढ़ावा, राज्य सरकार को नियमित सिफारिशें और नीतिगत सुझाव

    शैक्षणिक संस्‍थानों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति
    सभी सुधारों के समन्वय प्रभावी हो, इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी शासकीय एवं निजी शैक्षणिक संस्‍थानों को नोडल अधिकारी नियुक्‍त करने के निर्देश दिए हैं। इसमें सरकारी विश्वविद्याल, निजी विश्वविद्यालय, क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालकों एवं सभी शासकीय महाविद्यालय शामिल हैं।

    डीटीएफ से जमीनी निगरानी
    राज्य स्तर के प्रयास प्रभावी रूप से जिलों तक पहुँचें, इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग ने प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय टास्क फोर्स (DTF) का गठन भी अनिवार्य कर दिया है। डीटीएफ की अध्यक्षता जिला कलेक्टर करेंगे, जबकि अग्रणी महाविद्यालय के प्राचार्य, जिला शिक्षा अधिकारी और तकनीकी, चिकित्सा तथा स्वास्थ्य विभागों के प्रतिनिधि इसके सदस्य होंगे।

    डीटीएफ को निम्‍न जिम्मेदारी सौंपी गईं हैं।
    कोचिंग संस्थानों के पंजीयन की निगरानी, परामर्श सेवाओं की उपलब्धता, STF–NTF निर्देशों के क्रियान्वयन, शैक्षणिक परिसरों की सुरक्षा, कोचिंग संस्थानों का अनिवार्य पंजीयन उच्च शिक्षा विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि किसी भी जिले में बिना पंजीयन के कोई भी कोचिंग संस्था संचालित न हो। यह कदम विद्यार्थियों पर बढ़ते शैक्षणिक दबाव, अनियमित प्रबंधन और अनुशासनहीन वातावरण को नियंत्रित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    क्यों जरूरी थे ये कदम?
    देशभर में मानसिक तनाव और परीक्षा दबाव से जुड़े मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। उच्च शिक्षा विभाग का मानना है कि समस्या केवल शैक्षणिक नहीं, बल्कि संस्थागत संरचना से भी जुड़ी है—जहाँ गाइडलाइन, परामर्श, निगरानी और संवाद की कमी विद्यार्थियों को अकेला कर देती है। एसटीएफ और डीटीएफ का गठन इसी कमी को दूर करने का प्रयास है।

     

  • सीएम हेल्पलाइन में योजना आर्थिक सांख्यिकी विभाग प्रथम

    भोपाल
    सीएम हेल्पलाइन में जन शिकायतों का समाधान करने में योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी विभाग ने पहला स्थान प्राप्त किया है। विभाग ने ग्रेड ए पाकर 93.2 प्रतिशत स्कोर किया है जबकि ऊर्जा विभाग ने 90.26% के साथ दूसरे स्थान पर एवं नगरीय विकास एवं आवास विभाग 89.35 प्रतिशत के साथ तीसरा स्थान पर है। योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी विभाग को 1869 शिकायतें मिली जिसमें संतुष्टि के साथ बंद शिकायतों का प्रतिशत 54.64% रहा और 50 दिन से अधिक शिकायतों का प्रतिशत 8.68 प्रतिशत और गुणवत्ता से बंद शिकायतों का प्रतिशत 10 रहा। नोट अटेंडेंट शिकायतों का प्रतिशत 9.88 रहा। इस प्रकार ए रेटिंग के साथ योजना आर्थिक सांख्यिकी विभाग प्रथम स्थान पर रहा।

     

  • बैंगलुरू टेक समिट में प्रदर्शति हुआ टियर-2 टेक्नोलॉजी इको सिस्टम

    फ्यूचर-रेडी इनोवेशन से मध्यप्रदेश बन रहा विश्व स्तरीय कंपनियों का प्रमुख निवेश केंद्र

    भोपाल
    राज्य सरकार ने बेंगलुरु इंटरनेशनल एग्जीबिशन सेंटर (बीआईईसी) में आयोजित बेंगलुरु टेक समिट (बीटीसी) 2025 में उल्लेखनीय भागीदारी दर्ज की।बीटीसी- 2025 में विशेष प्रदर्शनी मंडप से राज्य की तेजी से विकसित होती टेक्नोलजी ईकोसिस्टम और भारत के प्रमुख टियर-2 इनोवेशन हब के रूप में मध्यप्रदेश की स्थिति को प्रभावशाली रूप से प्रदर्शित किया गया।

    विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने मध्यप्रदेश मंडप हॉल 3, बूथ एचएस 17 में स्थापित किया। मंडप में प्रदेश की समग्र नीति व्यवस्था को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया।मंडप ने वैश्विक कंपनियों, टेक्नोलॉजी लीडर्स और तेजी से बढ़ते स्टार्टअप्स का ध्यान विशेष रूप से आकर्षित किया। प्रदर्शनी में पहुंचे उद्योग प्रतिनिधियों ने राज्य में निवेश अवसरों का आकलन किया और भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था के अंतर्गत प्रदेश में नए अवसरों पर विचार विमर्श किया।

    मंडप में प्रमुख रूप से ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) पॉलिसी 2025, ड्रोन प्रमोशन और उपयोग पॉलिसी 2025, AVGC-XR पॉलिसी 2025, सेमीकंडक्टर पॉलिसी 2025 और IT, ITES & ESDM निवेश संवर्धन पॉलिसी 2023 प्रदर्शित की गईं। इन नीतियों का उद्देश्य राज्य को सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं, ईएसडीएम और सेमीकंडक्टर निर्माण, डेटा सेंटर,जीसीसी, एवीजीसी-एक्सआर स्टूडियोज और ड्रोन तकनीक के लिए एक प्रमुख और आकर्षक निवेश केंद्र बनाना है। इन प्रगतिशील नीतियो की सहायता और मिशन-आधारित प्रशासनिक दृष्टिकोण से मध्यप्रदेश भारत का अग्रणी टेक्नोलॉजी हब बन रहा है।

    मंडप में मध्यप्रदेश के तेजी से बढ़ते तकनीकी परिदृश्य को भी प्रस्तुत किया गया जो 15 से अधिक आईटी पार्क, 6 आईटी एसईजेड, 2000 से अधिक आईटी और ईएसडीएम इकाइयां, 1200 से अधिक टेक-स्टार्टअप्स और 2 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार से सशक्त है। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में कई बड़ी कंपनियों का विस्तार और 50 से अधिक बड़ी आईटी कंपनियों का संचालन राज्य को एक मजबूत निवेशक-अनुकूल वातावरण प्रदान करता है। मंडप ने इस टियर-2 विकास की कहानी को प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत किया, जो उद्योग प्रतिनिधियों के लिए अत्यंत आकर्षक रही।

    राज्य प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अवंतिका वर्मा, अधिकारी-इन-चार्ज, निवेश संवर्धन, MPSEDC, राजा पंचाल, टीम लीड, एमपीएसईडीसी और निवेश संवर्धन टीम ने किया। समिट के दौरान मंडप ने इंफोसिस, टीसीएस, इम्पेटस, एक्स-ईबिया,हिताची, डीएक्ससी, टेक महिंद्रा, डब्ल्यूएनएस, टास्कयूएस, यश टेक्नोलॉजीज, एजिस, इंफोबीन्स, पर्सिस्टेंट, सिविया, कॉन्साइल, इन्क्चर, आरटेक, रेनेसाँ सॉफ्ट लैब्स, एचएलबी टेक, इंफोग्लोबल, न्यूजटेक फ्यूज और लिमिन्डो जैसी प्रमुख कंपनियों के टेक-लीडर्स के साथ संवाद किया। इन संवादों में डेटा सेंटर विस्तार, सेमीकंडक्टर और ईएसडीएम निर्माण, इंजीनियरिंग आरएंडडी जीसीसी एआई और क्लाउड तकनीक ड्रोन-टेक सॉल्यूसन और एवीजीसी-एक्सआर इनोवेशन हब के रूप में विकसित किये जाने में गहरी रुचि दिखाई दी। इससे यह स्पष्ट हुआ कि उद्योग जगत मध्यप्रदेश को नए निवेश और प्रौद्योगिकी सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में देख रहा है।

    इस अवसर पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे ने कहा कि मध्यप्रदेश एक फ्यूचर रैडी इनोवेशन परिदृश्य तैयार कर रहा है, जिसमें मजबूत बुनियादी ढांचा, प्रगतिशील नीतियां और विश्व स्तर की कंपनियों के लिए भरपूर अवसर मौजूद हैं। बेंगलुरु टेक समिट में हमारी उपस्थिति राज्य की तकनीकी निवेश क्षमता को और मजबूत करती है।

    बेंगलुरु टेक समिट 2025 में भागीदारी ने राज्य को भारत के सबसे निवेश- योग्य, नवाचार-संचालित और प्रगतिशील तकनीकी हब के रूप में स्थापित किया है। राज्य की प्रदर्शनी ने टियर-2 शहरों की ताकत, नीतिगत उत्कृष्टता और उद्योग सहयोग की क्षमता को उजागर किया, जो मध्यप्रदेश को भारत और वैश्विक स्तर पर निवेश और नवाचार के लिए प्रमुख आकर्षण केंद्र बनाता है।

     

  • विद्युत हादसे रोकने की नई दिल्ली में ली ट्रेनिंग

    पश्चिम क्षेत्र के पंद्रह जिलों में बताएंगे ट्रेनिंग की बारीकियां व उपभोक्ता सेवा

    भोपाल 
    मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर के प्रबंध निदेशक श्री अनूप कुमार सिंह के निर्देश एवं मुख्य महाप्रबंधक श्री प्रकाश सिंह चौहान के मार्गदर्शन में विद्युत हादसे रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे है। इसी क्रम में कंपनी के 15 सर्कल क्षेत्र के 55 कार्मिकों ने नई दिल्ली में टाटा पावर नई दिल्ली में एडवांस ट्रेनिंग कराई गई। नई दिल्ली में विद्युत संबंधी हादसे रोकने के प्रयास, तौर तरीके, गाइड लाइन पालन, सुरक्षा उपकरणों के शत प्रतिशत उपयोग, सतर्कता इत्यादि से संबंधित ट्रेनिंग लेने वालों में मानव संसाधन प्रबंधक, इंजीनियर , लाइन स्टॉफ, तकनीकी कर्मचारी आदि शामिल थे।

    प्रबंध निदेशक कार्यालय इंदौर में उपस्थित होकर इन सभी कार्मिकों ने नई दिल्ली में सीखी गई बातों का प्रस्तुतिकरण दिया। ये कार्मिक अब अपने जिले, सर्कल में साथी कर्मचारियों, अधिकारियों को ट्रेनिंग देंगे एवं हादसों में कमी लाएंगे, उपभोक्ता सेवा बढ़ाएंगे। प्रबंध निदेशक कार्यालय इंदौर में प्रस्तुतिकरण अवसर पर प्रबंध निदेशक श्री सिंह, मुख्य महाप्रबंधक श्री चौहान, मुख्य अभियंता श्री संजय जैन, संयुक्त सचिव श्री तरूण उपाध्याय, श्रीमती सपना दामेशा, श्रीमती रीना चौधरी आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

  • जैविक खेती के लिए किसानों को प्रेरित करें :मंत्री कुशवाहा

    भोपाल 
    सामाजिक न्याय विभाग द्वारा संचालित दिव्यांगजन पुनर्वास केन्द्रों में रिक्त पदों की पूर्ति शीघ्र की जायेगी। इस आशय के निर्देश सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्या मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने गुरूवार को सागर संभाग में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक में दिए।

    मंत्री श्री कुशवाह ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक जरूरतमंद को प्राप्त हो सके, इसके प्रयास मैदानीकर्मी लगातार करें। उन्होंने सागर संभाग में सामाजिक सुरक्षा पेंशन में हितग्राहियों की केवायसी की धीमी प्रगति पर पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने 30 नवम्बर तक शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन के निर्देश दिए। उन्होंने छतरपुर जिले में जिला दिव्यांगजन पुर्नवास केन्द्र और शासकीय बौद्धिक दिव्यांगजन के विशेष विद्यालयों में रिक्त पदों पर चिंता व्यक्त कर प्रदेश में सभी पुर्नवास केन्द्रों में पदों की पूर्ति के लिए अभियान चलाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

    जैविक खेती के लिए किसानों को प्रेरित करें :मंत्री श्री कुशवाहा
    उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा ने सागर संभाग में उद्यानिकी विभाग की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में किसान भाइयों को जैविक खेती के प्रति प्रोत्साहित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में किसान भाई परम्परागत खेती के साथ-साथ जैविक खेती के माध्यम से बेहतर लाभ कमा सकते हैं।

    विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक में निवाड़ी जिले की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की तथा निवाड़ी के सहायक संचालक उद्यानिकी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश संयुक्त संचालक उद्यानिकी को दिए। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री श्याम तिवारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।