• ‘मैं भी बाघ’, ‘हम हैं बदलाव, ‘हम हैं धरती के दूत’ की थीम पर होंगे ‘अनुभूति’ शिविर

    विद्यार्थियों को बनाया जायेगा वन, वन्यप्राणी एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील

    भोपाल
    ‘मैं भी बाघ’, ‘हम हैं बदलाव, ‘हम हैं धरती के दूत’की थीम पर आधारित वन विभाग के फ्लैगशिप कार्यक्रम ‘अनुभूति’ का आयोजन 15 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 की अवधि मे परिक्षेत्र स्तर पर किया जाना प्रस्तावित है। प्रत्येक वन परिक्षेत्र के साथ राष्ट्रीय उद्यान, अभयारण्य एवं बफर क्षेत्रों में भी विद्यार्थियों को शिविर में शामिल किया जायेगा। वर्ष 2025-26 में प्रदेश के 469 क्षेत्रीय एवं वन्य प्राणी वन परिक्षेत्रों में स्थित शासकीय विद्यालयों में (प्रति परिक्षेत्र 02 शिविर) 938 अनुभूति शिविरों का आयोजन किया जायेगा। प्रत्येक शिविर मे 126 प्रतिभागी सम्मिलित होंगे। अनुभूति कार्यक्रम में एकरूपता के लिये विगत वर्ष के प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स को एक दिन का प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

    अनुभूति शिविरों में विद्यार्थियों को वन, वन्यप्राणी एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाने के लिये प्रतिवर्ष ‘प्रशिक्षण सह जागरूकता’ प्रशिक्षण दिया जाता है। यह प्रदेश ही नहीं पूरे देश में आयोजित होने वाला एकमात्र कार्यक्रम है, जिसमें विद्यार्थियों एवं उनके माध्यम से परियोजनों और समाज को वन एवं वन्य जीव संरक्षण के लिये प्रेरित एवं जागरूक किया जाता है। अनुभूति शिविरों के लिये उन विद्यालयों का चयन किया जाता है, जो वन क्षेत्रों के समीप स्थित हों। कार्यक्रम के माध्यम से वन क्षेत्रों से लगे जन समुदाय को वन एवं वन्यजीव संरक्षण के लिये प्रेरित करने में वन विभाग सफल रहा है।

    अनुभूति कार्यक्रम के आयोजन का उद्देश्य देश के नागरिकों को वन, वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाकर सहभागिता के लिये प्रेरित जाता है। अनुभूति शिविरों में विद्यार्थियों को विभाग एवं विभागीय अधिकारियों के कार्यों, उत्तरदायित्वों एवं चुनौतियों से विद्यार्थियों से भी अवगत कराया जाता है।

    अनुभूति शिविरों के लिए 46 मास्टर ट्रेनर्स (20 अशासकीय एवं 26 शासकीय) को प्रशिक्षित किया गया। मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम में वन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल, श्री. व्ही. एन. अम्बाडे, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुखश्री शुभ रंजन सेन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) श्री पुरषोतम धीमान, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास) डॉ. समिता राजोरा, राज्य लघु वनोपज संघ के एमडी श्री मनोज कुमार अग्रवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (कैम्पा) श्रीमती बिन्दु शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (उत्पादन) श्री बसवराज अन्निगेरी, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वित्त/बजट) श्रीमती कमलिका मोहन्ता, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (प्रशासन 2) श्री एल कृष्णमूर्ति, म.प्र. ईकोपर्यटन विकास बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अजय कुमार यादव, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (सतर्कता/शिकायत) श्री हरीशंकर मोहन्ता, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (भू-प्रबंध) श्री पुष्कर सिंह, से.नि. प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री एस.एस. राजपूत, से.नि. प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री अशोक कुमार, मुख्य वन संरक्षक, नर्मदापुरम श्रीमती राखी नंदा, क्षेत्र संचालक सतपुड़ा टाइगर रिजर्व श्री स्वरूप दीक्षित, म.प्र. ईकोपर्यटन विकास बोर्ड के उप वन संरक्षक श्री लोकप्रिय भारती, वनमंडलाधिकारी (सामान्य) वनमण्डल भोपाल म.प्र. ईकोपर्यटन विकास बोर्ड के उप वन संरक्षक श्री संदेश माहेश्वरी और म.प्र. ईकोपर्यटन विकास बोर्ड के सहायक महाप्रबंधक श्री सुनील पंद्रे उपस्थित रहे।

    इस वर्ष 2025-26 मे अनुभूति कार्यक्रम ‘मैं भी बाघ’, ‘हम हैं बदलाव, ‘हम हैं धरती के दूत’की थीम पर आयोजित की जा रही है। थीम लोगो एवं थीम सोंग का प्रस्तुतिकरण किया गया। इसके साथ ही अनुभूति कार्यक्रम वर्ष 2024-25 की एक संकलित रिपोर्ट एवं थीम पर आधारित अनुभूति पुस्तिका 2025-26 का विमोचन अपर मुख्य सचिव वन विभाग द्वारा किया गया। अनुभूति कार्यक्रम वर्ष2024-25 की फिल्म का भी प्रस्तुतिकरण किया गया।

     

  • MP में किसानों के हक को मजबूती: सरकार ने बढ़ाया हाईटेंशन लाइन मुआवजा, अब 200% भुगतान

    भोपाल
    प्रदेश सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए हाईटेंशन लाइन बिछाने के लिए अधिग्रहित भूमि पर मिलने वाले मुआवजे में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब खेतों के ऊपर से 66 केवी या उससे अधिक क्षमता की विद्युत लाइन डाली जाती है, तो भूमि स्वामी को कलेक्टर गाइड लाइन के आधार पर 200 प्रतिशत मुआवजा भुगतान किया जाएगा। पहले यह राशि मात्र 85 प्रतिशत दी जाती थी।

    राजस्व विभाग द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि हाईटेंशन लाइन के लिए जहां-जहां टावर स्थापित किए जाएंगे, वहां टावर के चारों लेग के भीतर आने वाली भूमि तथा उसके दोनों ओर एक-एक मीटर अतिरिक्त क्षेत्र का पूरा मुआवजा दिया जाएगा। हालांकि यह जमीन किसान के कब्जे में बनी रहेगी।
     
    इसके साथ ही ट्रांसमिशन लाइन के नीचे आने वाले मार्गाधिकार (ROW) क्षेत्र में स्थित भूमि के कारिडोर क्षेत्रफल का कलेक्टर गाइडलाइन मूल्य का 30 प्रतिशत क्षतिपूर्ति के रूप में दिया जाएगा। आदेश के अनुसार, ROW क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण करने की अनुमति नहीं होगी।

    मुआवजा निर्धारण की जिम्मेदारी जिला कलेक्टर को सौंपी गई है, जो भूमि के बाजार मूल्य और निर्धारित मानकों के आधार पर क्षतिपूर्ति राशि तय करेंगे। सरकार ने विभिन्न क्षमता की हाईटेंशन लाइनों के लिए मार्गाधिकार क्षेत्रफल का निर्धारण भी सार्वजनिक किया है।

    हाईटेंशन लाइन के नीचे भूमि के क्षतिपूर्ति क्षेत्रफल का निर्धारण
    केवी हाईटेंशन लाइन- सामान्य मार्ग- वन क्षेत्र- शहरी आबादी क्षेत्र
    400 केवी- 46 मीटर- 40 मीटर- 38 मीटर
    220 केवी- 32 मीटर- 28 मीटर- 24 मीटर
    132 केवी- 25 मीटर- 21 मीटर- 19 मीटर 

  • गमगीन माहौल में हुआ शहीद आशीष शर्मा का अंतिम संस्कार, CM मोहन यादव ने परिवार को दी बड़ी सौगात

    नरसिंहपुर/बोहानी
    बालाघाट में माओवादी मुठभेड़ में वीरगति प्राप्त करने वाले इंस्पेक्टर आशीष शर्मा का गुरुवार को उनके गृहग्राम बोहानी (नरसिंहपुर) में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों ने उनकी पार्थिव देह को मुखाग्नि दी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल ने शहीद को कंधा दिया, जो उनकी वीरता के प्रति सर्वोच्च सम्मान को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने इस दौरान बड़ा एलान करते हुए कहा कि शहीद इंस्पेक्टर के छोटे भाई को सारे नियमों को शिथिल करते हुए सब इंस्पेक्टर बनाया जाएगा।

    परिवार को दी जाएगी एक करोड़ रुपये की सम्मान निधि
    इसके अलावा, परिवार को एक करोड़ रुपए की सम्मान निधि दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि आशीष शर्मा के नाम पर गांव में एक पार्क और एक स्टेडियम बनाया जाएगा। इससे पहले गुरुवार दोपहर को शहीद का पार्थिव शरीर उनके गृहग्राम बोहानी लाया गया, जहां घर पर उन्हें गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद जब उनकी अंतिम यात्रा मुक्तिधाम के लिए निकली तो लोगों ने घरों की छतों पर खड़े होकर शहीद पर फूल बरसाए। अंतिम विदाई में 5000 से ज्यादा लोग शामिल हुए, जिन्होंने भारत माता की जय और अमर रहे के नारे लगाए।
     
    इस दौरान कैबिनेट मंत्री उदय प्रताप सिंह, मप्र कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी शहीद जवान को श्रद्धांजलि दी। एंटी नक्सल ऑपरेशन डीजी पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि बुधवार को मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ पुलिस ने सीमावर्ती क्षेत्र बोर तालाब के पास एक जॉइंट ऑपरेशन चलाया था, जहाँ नक्सलियों से मुठभेड़ में तीनों टीम को लीड कर रहे इंस्पेक्टर आशीष शर्मा को गोली लग गई थी, जिसके बाद उन्हें शहीद घोषित कर दिया गया।

    शहीद आशीष शर्मा का करियर शौर्य से भरा रहा
    2016 में मध्यप्रदेश पुलिस में भर्ती हुए और 2018 में हॉक फोर्स बालाघाट में पदस्थापना पाई। उन्होंने 18 दिसंबर 2022 को 14 लाख के इनामी नक्सली गोडी को मार गिराया, 22 अप्रैल 2023 को 28 लाख की इनामी एसीएम सुनीता और सरिता को ढेर किया। उनकी वीरता के कारण उन्हें 21 फरवरी 2023 को उपनिरीक्षक से निरीक्षक पद पर आउट ऑफ टर्न प्रमोशन मिला था। उनका अंतिम शौर्य 19 फरवरी 2025 को रौंदा टोला मुठभेड़ में दिखा, जहाँ उन्होंने 62 लाख की कुल इनामी नक्सली कमांडर आशा सहित चार नक्सलियों को मार गिराया था।

  • कबीरधाम में सहकारी समिति प्रबंधकों और ऑपरेटर्स की हड़ताल स्थगित

    कलेक्टर गोपाल वर्मा को संघ ने हड़ताल स्थगन का सौंपा पत्र, 21 नवंबर लौटेंगे काम पर

             रायपुर,

    कबीरधाम जिले में बीते 3 नवंबर से चल रही जिला सहकारी संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल स्थगित हो गई है।  संघ के पदाधिकारियों ने कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा से मुलाकात कर हड़ताल स्थगन का पत्र सौंपा। जिला सहकारी संघ की ओर से कहा गया कि शासन द्वारा 15 नवंबर से धान खरीदी प्रारंभ कर दी गई है।

    किसानों के हित को देखते हुए जिला सहकारी संघ के समस्त कर्मचारी अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल को स्थगित करते हैं और 21 नवंबर, शुक्रवार से अपने कार्य पर लौट जाएंगे। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, संयुक्त कलेक्टर श्री आर बी देवांगन, उप पंजीयक सहकारिता श्री जी एस शर्मा, खाद्य अधिकारी श्री सचिन मरकाम, डीएमओ श्री अभिषेक मिश्रा, सीसीबी नोडल श्री आर पी मिश्रा सहित अन्य अधिकारी व जिला सहकारी संघ के सदस्य उपस्थित रहे।

  • सुप्रीम कोर्ट का सुझाव: मध्य प्रदेश में ज्यूडिशियल अधिकारियों की रिटायरमेंट उम्र 61 साल की जाए

    भोपल 

     सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मध्य प्रदेश के ज्यूडिशियल अधिकारियों की रिटायरमेंट की उम्र 60 से बढ़ाकर 61 साल करने का फैसला किया. यह अंतरिम आदेश चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया बी आर गवई की अगुवाई वाली बेंच ने पास किया, जिसमें जस्टिस प्रसन्ना बी वराले और के विनोद चंद्रन शामिल थे.

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाई कोर्ट के जजों और डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के जजों की रिटायरमेंट की उम्र में एक साल का अंतर है. बेंच ने कहा कि हाई कोर्ट के जज 62 साल की उम्र में रिटायर होते हैं और अब मध्य प्रदेश में डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के जजों की रिटायरमेंट की उम्र 61 साल होगी.

    बेंच ने तेलंगाना हाई कोर्ट के इसी तरह के एक फैसले का जिक्र करते हुए पूछा कि जब राज्य सरकार ऐसा करने को तैयार है तो ज्यूडिशियल अधिकारियों को राहत देने से क्यों मना किया जाना चाहिए. बेंच ने कहा कि यह कहने की जरूरत नहीं है कि ज्यूडिशियल अधिकारियों के साथ-साथ राज्य सरकार के दूसरे कर्मचारी भी उसी सरकारी खजाने से सैलरी लेते हैं. बेंच ने बताया कि राज्य सरकार के दूसरे कर्मचारियों की रिटायरमेंट की उम्र 62 साल है.

    चार हफ्ते बाद सुनवाई
    मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के एक वकील ने डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के जजों की रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाने की मांग वाली दलीलों का विरोध किया. दलीलें सुनने के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने अर्जी पर चार हफ्ते बाद आखिरी सुनवाई तय की है.

    'कोई कानूनी रुकावट नहीं'
    इस साल अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार और हाई कोर्ट रजिस्ट्री से उस अर्जी पर जवाब मांगा था, जिसमें राज्य में ज्यूडिशियल अधिकारियों की रिटायरमेंट की उम्र 60 से 61 साल करने से इनकार को चुनौती दी गई थी. इस साल मई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि मध्य प्रदेश में ज्यूडिशियल अधिकारियों की रिटायरमेंट की उम्र 61 साल करने में कोई कानूनी रुकावट नहीं है.

  • जनजातीय गौरव दिवस समारोह 2025: कलिंदर राम ने राष्ट्रपति को पैरी और गमछा किया भेंट

    सरगुजा

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जनजातीय गौरव दिवस 2025 के उपलक्ष्य में सरगुजा जिले में 20 नवम्बर को पीजी कॉलेज ग्राउण्ड में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, राज्यमंत्री जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार दुर्गा दास उईके, राज्यमंत्री आवास एवं शहरी मंत्रालय भारत सरकार तोखन साहू, आदिम जाति विकास विभाग कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग मंत्री रामविचार नेताम, प्रभारी मंत्री जिला सरगुजा एवं वित्त वाणिज्यिक कर विभाग मंत्री ओमप्रकाश चौधरी, पर्यटन संस्कृति एवं धर्मस्व विभाग मंत्री राजेश अग्रवाल, वन एवं जलवायु परिवर्तन परिवहन सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण चिकित्सा शिक्षा पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास 20 सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास समाज कल्याण विभाग मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, सरगुजा सांसद चिंतामणी महाराज, उत्तर रायपुर विधायक पुरंदर मिश्रा, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, महापौर अम्बिकापुर मंजुषा भगत भी उपस्थित रहे।
    कार्यक्रम स्थल में जनजातीय संस्कृति, लोक कला एवं शिल्प, आभूषण एवं वस्त्र, पूजा-पाठ, संस्कार, व्यंजन, वाद्ययंत्रों, जड़ी-बूटियों आदि को प्रदर्शित करने हेतु प्रदर्शनियां लगाई गई। राष्ट्रपति मुर्मु ने प्रदर्शनियों का अवलोकन किया।

    पारम्परिक अखरा स्थल एवं जनजातियों के धार्मिक आस्था के केंद्र देवगुड़ी में देवताओं की आराधना की
    कार्यक्रम में सांकेतिक रूप से बनाए गए जनजातियों के पारंपरिक अखरा स्थल एवं जनजाति निवासरत ग्रामों के प्रमुख धार्मिक आस्था के केन्द्र देवगुड़ी के मॉडल का अवलोकन कर यहां देवताओं की आराधना की।
    अखरा छत्तीसगढ़ राज्य के सरगुजा अंचल में निवासरत जनजातियों का सांस्कृतिक स्थल है, जो गाँवों के मध्य या चौराहे में स्थित होते हैं, जहाँ छायादार पेड़ों के झुण्ड भी होते हैं। ग्रामीणजन विभिन्न लोक पर्वों जैसे करमा, महादेव बायर, तीजा आठे, जीवतिया, सोहराई, दसई, फगवा के अवसरों में महिला एवं पुरूष सामुहिक रूप से इकट्ठा होकर लोकगीत गाकर पारम्परिक वाद्ययंत्रों की थाप में लोकनृत्य करके उत्साह मनाते हैं। प्रदर्शनी में जनजातीय समुदाय के लोगों ने पारंपरिक नृत्य का प्रदर्शन किया। जनजाति निवासरत ग्रामों के प्रमुख धार्मिक आस्था के केन्द्र  देवगुड़ी को राज्य में क्षेत्रवार विभिन्न नामों जैसे देवाला देववल्ला, मन्दर, शीतला, सरना आदि नामों से भी जानते हैं। देवगुड़ी में ग्रामीण देवी-देवता जैसे बुढ़ादेव, बुढ़ीदाई, शीतला, सरनादेव, डीहवारीन, महादेव आदि विराजमान होते हैं। जनजातीय विभिन्न लोकपर्वों के अवसरों में सामूहिक रूप से इकट्ठा होकर ग्रामीण बैगा की अगुवाई में पूजा-पाठ कर ग्राम की सुख, शांति, समृद्धि हेतु कामना करते हैं।

    मिट्टी, लकड़ी से बने आवास मॉडल का किया अवलोकन
    कार्यक्रम स्थल में छत्तीसगढ़ में निवासरत जनजातियों के पारंपरिक आवास का मॉडल बनाया गया था। राष्ट्रपति ने आवास मॉडल का भी अवलोकन किया। जनजातियों का आवास मिट्टी, लकड़ी से निर्मित होते हैं, जिसमें एक या दो कमरे व मुख्य कमरे के सामने की ओर परछी (बराम्दा) बने होते हैं। घर के छप्पर में ढालनुमा खपरैल लगे होते हैं। एक कमरे को रसोई कक्ष के रूप में उपयोग करते हैं, जिसमें रसोई उपकरण व घरेलू सामान रखते हैं, दूसरे कक्ष को शयन कक्ष के रूप में उपयोग करते हैं। परछी (बराम्दा) में अन्य घरेलू सामान जैसे ढ़ेकी, मूसल, सील-बट्टा, जांता आदि उपकरण होते हैं।
    जनजातियों द्वारा विभिन्न लोकपर्वों एवं आयोजनों में पहने जाने वाले आभूषणों की लगी प्रदर्शनी, कलिंदर राम ने राष्ट्रपति को पैरी और गमछा किया भेंट
    इस दौरान राज्य के पारंपरिक आभूषणों की प्रदर्शनी लगाई गई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर आभूषणों के संबंध में जानकारी ली। कलिंदर राम ने राष्ट्रपति को पैरी और गमछा भेंट किया, जिसे राष्ट्रपति ने आत्मीयता के साथ स्वीकार किया। कलिंदर राम ने राष्ट्रपति को बताया कि पारम्परिक आभूषण गिलट, तांबे, चांदी, सोना आदि धातु से निर्मित  हैं, जिसे विभिन्न लोकपर्वों के अवसर में धारण करते हैं। इस दौरान गले में पहने जाने वाले हसुली, बांह में बहुटा, कलाई में ऐंठी, गले में रूपया वाला चंदवा, कमर में कमरबंध, पैर में पैरी एवं पैर की अंगुलियों में बिछिया, कान में ठोठा तथा नाक में पहने जाने वाले छुछिया (फूली) का प्रदर्शन किया गया।

    वाद्ययंत्रों की लगी प्रदर्शनी
    प्रदर्शनी में जनजातियों द्वारा लोकपर्वों में मनोरंजन के लिए बजाए जाने वाले वाद्ययंत्रों का प्रदर्शन किया गया। राष्ट्रपति ने इन वाद्ययंत्रों को देखा। राज्य में निवासरत जनजातियां उत्साह के लिए तत, अवनद्ध, घन और सुषिर वाद्ययंत्रों का वादन करते हैं, जिनकी मधुर ध्वनियाँ उत्सव के अवसर में देखते ही बनते हैं। कई ऐसे वाद्ययंत्र है, जिनकी आवाजें मीलों दूर तक गुंजती है और लोगों को स्वतः नृत्य करने हेतु प्रेरित करती है। सरगुजा व बस्तर अंचल में तो कई महिनों तक निरंतर वाद्ययंत्र की आवाजें सुनाई पड़ती है। इन वाद्ययंत्रों के कारण ही जनजातियों के समृद्ध सांस्कृतिक विरासत आज भी जीवंत है। सरगुजा अंचल के जनजातियों द्वारा विभिन्न लोकपर्वां में वादन किया जाने वाले वाद्ययंत्र मांदर, ढोल, झांझ, मजीरा, तम्बूरा, सरंगी, खंजरी, बांसुरी, चौरासी, एवं पैजन आदि का प्रदर्शन किया गया है।

    जनजातीय समुदायों द्वारा इलाज में इस्तेमाल होने वाली जड़ी-बूटियां की गई प्रदर्शित
    कार्यक्रम स्थल में आयोजित प्रदर्शनी में राज्य में निवासरत जनजातियों द्वारा शारीरिक विकार के उपचार हेतु प्रयोग की जाने वाली जड़ी-बूटियां प्रदर्शित की गई। प्रदर्शनी में अष्वगंधा, कुलंजन, मुलेठी, सफेद मूसली, गिलोय, लाल झीमटी, अर्जून छाल, पिसीया, भुईचम्पा, गोखरू, कुटज की छाल, गुडमान की पत्ति, विरैता, रोहिने की छाल, बालमखिरा, हर्रा एवं बेहड़ा बड़ी ईमली की बीज, हड़सिंगार, अकरकरा, चिरईगोड़ी, शिलाजीत एवं बलराज आदि रखे गए हैं। वनांचल, पहाड़ी, घाटी, तराई में निवास करती हैं। इनके निवास क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के औषधियाँ पेड़-पौधे कन्दमूल बेल, आदि पाए जाते हैं। जनजाति समाज के लोग शारीरिक विकार होने पर इन्हीं जंगली-जडी बूटियों से अपना उपचार कराते हैं। जनजाति समाज के वैद्य, बैगा, गुनिया, हथजोड़ वंशानुगत रूप से लोगों का उपचार करते हैं।

    पारम्परिक व्यंजन एवं कंदमूल
    तीज-त्यौहारों, अन्य अवसरों में जनजातीय समुदायों द्वारा बनाए जाने वाले व्यंजनों की प्रदर्शनी लगाई गई। यहां विभिन्न प्रकार के रोटी, चटनी, कोहरी (बरी), लड्डू आदि रखे गए हैं। जनजातीय महिलाएं प्रकृति प्रदत्त वस्तुओं से व्यंजन तैयार करते हैं तथा जंगलों से विभिन्न प्रकार के कंदमूल, फल-फूल आदि एकत्र कर खाद्य के रूप में उपयोग करते हैं। इस दौरान कांदा-पीठारू कांदा, डांग कांदा, नकवा (चूरका) कांदा, सखईन कांदा आदि प्रदर्शित किए गए हैं।

     

  • धोखा दे रहे ASI पर टूटा पत्नी का गुस्सा, पुलिस चौकी में मारपीट का वीडियो हुआ वायरल

    सतना
    जिला अस्पताल परिसर में गुरुवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया जब एक महिला ने पुलिस चौकी के अंदर ही अपने एएसआई पति की जमकर पिटाई कर दी। आरोप है कि एएसआई अपनी कथित प्रेमिका और एक बच्चे के साथ पहुंचे थे, तभी पत्नी वहां पहुंच गई और उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। नागौद थाने में पदस्थ एएसआई रामायण सिंह जिला अस्पताल परिसर में एक महिला व छोटे बच्चे के साथ मौजूद थे।

    इसी दौरान उनकी पत्नी अनीता सिंह अचानक वहां पहुंच गईं। पति को दूसरी महिला के साथ देखकर वह भड़क उठीं और पहले चीख-चिल्लाकर आरोप लगाए, फिर चौकी के अंदर ही एएसआई पर हाथ उठा दिया। चौंकाने वाली बात यह रही कि चौकी में मौजूद पुलिसकर्मी पूरे घटनाक्रम को देखते रहे, लेकिन किसी ने भी बीच-बचाव की हिम्मत नहीं जुटाई। विवाद काफी देर तक चलता रहा और चौकी परिसर में लोगों की भीड़ लग गई।
     
    6 महीने से घर नहीं आ रहे थे ASI रामायण सिंह
    पत्नी अनीता सिंह ने आरोप लगाया कि एएसआई रामायण सिंह 6 माह से घर नहीं आ रहे थे और न ही परिवार का खर्च वहन कर रहे थे। उन्होंने बताया कि पहले भी एक महिला के फोन आने पर पति जवाब देने से बचते थे। इस मामले की शिकायत उन्होंने एसपी से की थी, लेकिन बाद में परिवार बचाने की कोशिश में शिकायत वापस ले ली थी। एएसआई के बेटे प्रतीक ने बताया कि वह मां के साथ बाजार में था, तभी स्टेशन रोड पर पिता को एक महिला और बच्चे को कार में बैठाकर जाते देखा।

    पुलिस ने शुरू की जांच
    संदेह होने पर उनका पीछा किया, जिसके बाद असलियत जिला अस्पताल में सामने आई। वहीं, एएसआई के साथ दिखी महिला का पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन वह घटनास्थल से गायब हो गई। पुलिस ने दोनों पक्षों को कोतवाली थाने भेजकर जांच शुरू कर दी है।

  • नया बिजनेस लाने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहन देने की तैयारी: मंत्री सारंग

    72वें अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह का समापन समारोह

    डिफॉल्टर किसानों के लिये भी योजना होगी शुरू

    अपेक्स बैंक में ई-ऑफिस और सहकार-सेतु पोर्टल का शुभारंभ

    भोपाल :

    सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि पैक्स में नया व्यापार सृजित करने वाले कर्मचारी को इंसेंटिव देने की योजना बनाई जा रही है। साथ ही डिफॉल्टर किसानों के लिये भी योजना लाई जा रही है। इस तरह की योजना बनाई जा रही है कि सोसायटी में कुछ गडबड़ी पर भी किसानों पर असर नहीं हो। यह बात मंत्री श्री सारंग ने अपेक्स बैंक के समन्वय भवन में आयोजित 72वें अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह के समापन समारोह में कही। समारोह में 'परिचालन दक्षता, जवाबदेही और पारदर्शिता के लिये डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने' विषयक पर चर्चा की गई। मंत्री श्री सारंग ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले सहकारी बैंकों और पैक्स को सम्मानित किया। उन्होंने अपेक्स बैंक में ई-ऑफिस तथा सहकार-सेतु पोर्टल का शुभारंभ किया।

    कम्प्यूटराईजेशन के माध्यम से पूरी प्रक्रिया होगी पारदर्शी
    मंत्री सारंग ने कहा कि राज्य सरकार सहकारी आंदोलन के हर आयाम को मजबूती के साथ स्थापित कर रही है। कम्प्यूटराईजेशन के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने का काम कर रही है। ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्था के माध्यम से सहकारी आंदोलन मजबूत होगा और सहकारिता के माध्यम से रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि सीपीपीपी के माध्यम से हर पैक्स को कॉरपोरेट के साथ जोड़कर नये आयाम स्थापित किये जा रहे है। इससे पैक्स के साथ ही किसानों को भी लाभ मिलेगा। पैक्स को फायदे के साथ कर्मचारी को भी लाभ दिलवाने का काम किया जायेगा।

    सहकारिता विभाग की प्रत्येक पहल प्रदेश के किसानों की खुशहाली के लिये
    मंत्री सारंग ने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के अनुरूप प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन तथा केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के सहकार से समृद्धि मिशन से प्रेरित होकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश का सहकारिता विभाग सतत प्रगति के मार्ग पर अग्रसर है। पैक्स के कम्प्यूटरीकरण से लेकर सीपीपीपी तक सहकारिता विभाग की प्रत्येक पहल प्रदेश के किसानों की खुशहाली तथा ग्रामीण एवं शहरी अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

    सहकारिता को जमीनी स्तर पर पहुँचना ही उद्देश्य
    सहकारिता आयुक्त मनोज पुष्प ने कहा कि यह वर्ष अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया गया था। अब यह अंतिम पडाव पर है। इसका उद्देश्य सहकारिता को जमीनी स्तर पर पहुँचना है। अपेक्स बैंक के प्रंबध संचालक श्री मनोज गुप्ता ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम में वक्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष सनवर पटेल, उप सचिव नोज सिन्हा, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी अरूण माथुर, अपेक्स बैंक के वि.क.अ.अरुणा दुबे, अरुण मिश्रा, संजय मोहन भटनागर, अरविंद बौद्ध, उप महाप्रबंधक के.टी.सज्जन के साथ मध्यप्रदेश की सभी प्रादेशिक सहकारी संस्थाओं एवं सहकारी बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे, कार्यक्रम का संचालन अपेक्स बैंक ट्रेनिंग कॉलेज के प्राचार्य  श्री पी.एस.तिवारी ने किया । समापन समारोह में मध्यप्रदेश में सहकारिता के विकास पर और अपेक्स बैंक बैकिंग नेटवर्क पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। शुरूआत में परिसर में सहकारी झंडा रोहण और सहकारी गान हुआ।

    सम्मान एवं पुरस्कार
    समारोह में प्रदेश के 3 उत्तम जिला बैंकों पुरस्कृत किया गया। इसमें प्रथम पुरस्कार जिला बैंक विदिशा को एक लाख 51 हजार का चैक मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय प्रकाश सिंह ने प्राप्त किया। इसी प्रकार द्वितीय पुरस्कार जिला बैंक खरगोन को एक लाख 25 हजार का चैक मुख्य कार्यपालन अधिकारी संध्या रोकडे तथा तृतीय पुरस्कार जिला बैंक रतलाम को एक लाख एक हजार रूपये का चैक मुख्य कार्यपालन अधिकारी आलोक कुमार जैन ने प्राप्त किया। पैक्स का शत प्रतिशत अंकेक्षण पूर्ण करने वाले प्रथम 3 जिलों में खरगोन, मंडला और सीहोर को एक-एक लाख रूपये की प्रोत्साहन राशि दी गई। ई-पैक्स को सफल क्रियान्वयन करने वाली पैक्स सिरलाय (खरगोन), मनेरी (बालाघाट) और गोविंदपुर (सतना) को भी सम्मानित किया गया। समारोह में बेंचमार्किंग के आधार प्रथम 3 नागरिक सहकारी बैंक मंदसौर, उज्जैन और इंदौर को भी पुरस्कृत किया गया।

  • शिक्षा गुणवत्ता बढ़ाने के लिए पाठ्यक्रम पर लगातार रिसर्च होनी चाहिए: मंत्री सिंह

    प्रदेश के स्कूलों में पढ़ाये जा रहे पाठ्यक्रम पर हो निरंतर रिसर्च- मंत्री  सिंह

    स्कूल शिक्षा मंत्री  सिंह की पाठ्यक्रम समिति के सदस्यों से हुई चर्चा

    भोपाल 

    स्कूल शिक्षा मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने प्रदेश के स्कूलों में पढ़ाये जा रहे पाठ्यक्रम पर निरंतर शोध करने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम में प्रदेश की संस्कृति, विरासत, आंचलिक विशेषताओं और जनजातीय गौरव जैसे विषयों को शामिल किये जाने पर विशेष ध्यान दिया जाये। इस प्रक्रिया से बच्चों को मध्यप्रदेश की विशेषताओं को समझने का मौका मिलेगा। स्कूल शिक्षा मंत्री बुधवार को मंत्रालय में पाठ्यक्रम समिति के सदस्यों से चर्चा कर रहे थे‍। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता में और वृद्धि के लिये शिक्षकों को लगातार प्रशिक्षण दिये जाने पर भी जोर दिया।

    पाठ्यक्रम समिति के सदस्यों ने राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के सुझाव दिये। बैठक में तय हुआ कि स्कूल पाठ्यक्रम तैयार करने के लिये होने वाली बैठकों और कार्यशाला का निर्धारित कैलेण्डर तैयार किया जाये। बैठक में तय हुआ कि राज्य शिक्षा केन्द्र की लाइब्रेरी में अनुसंधान से जुड़ी पुस्तकों के संग्रह का विस्तार किया जाये। पाठ्यक्रम समिति की बैठकों में एनसीईआरटी के प्रतिनिधियों को आमंत्रित कर उनके भी सुझाव लिये जायें। बैठक में विभाग के टीचर ट्रेनिंग इन्स्टीट्यूट के प्रस्तावित भवन के संबंध में भी चर्चा हुई। बैठक में पाठ्यक्रम समिति के सदस्य डॉ. रविन्द्र कन्हारे, डॉ. अल्केश चतुर्वेदी, डॉ. भागीरथ कुमावत एवं विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

  • मंत्री सारंग का बयान: नए व्यापार को बढ़ावा देने वाले कर्मचारियों के लिए इंसेंटिव योजना जल्द

    नया व्यापार सृजित करने वाले कर्मचारी को इंसेंटिव देने की योजना जल्द : मंत्री श्री सारंग

    72वें अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह का समापन समारोह

    डिफॉल्टर किसानों के लिये भी योजना होगी शुरू
    अपेक्स बैंक में ई-ऑफिस और सहकार-सेतु पोर्टल का शुभारंभ

    भोपाल 
    सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि पैक्स में नया व्यापार सृजित करने वाले कर्मचारी को इंसेंटिव देने की योजना बनाई जा रही है। साथ ही डिफॉल्टर किसानों के लिये भी योजना लाई जा रही है। इस तरह की योजना बनाई जा रही है कि सोसायटी में कुछ गडबड़ी पर भी किसानों पर असर नहीं हो। यह बात मंत्री श्री सारंग ने अपेक्स बैंक के समन्वय भवन में आयोजित 72वें अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह के समापन समारोह में कही। समारोह में 'परिचालन दक्षता, जवाबदेही और पारदर्शिता के लिये डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने' विषयक पर चर्चा की गई। मंत्री श्री सारंग ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले सहकारी बैंकों और पैक्स को सम्मानित किया। उन्होंने अपेक्स बैंक में ई-ऑफिस तथा सहकार-सेतु पोर्टल का शुभारंभ किया।

    कम्प्यूटराईजेशन के माध्यम से पूरी प्रक्रिया होगी पारदर्शी

    मंत्री श्री सारंग ने कहा कि राज्य सरकार सहकारी आंदोलन के हर आयाम को मजबूती के साथ स्थापित कर रही है। कम्प्यूटराईजेशन के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने का काम कर रही है। ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्था के माध्यम से सहकारी आंदोलन मजबूत होगा और सहकारिता के माध्यम से रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि सीपीपीपी के माध्यम से हर पैक्स को कॉरपोरेट के साथ जोड़कर नये आयाम स्थापित किये जा रहे है। इससे पैक्स के साथ ही किसानों को भी लाभ मिलेगा। पैक्स को फायदे के साथ कर्मचारी को भी लाभ दिलवाने का काम किया जायेगा।

    सहकारिता विभाग की प्रत्येक पहल प्रदेश के किसानों की खुशहाली के लिये

    मंत्री श्री सारंग ने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के अनुरूप प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन तथा केन्द्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के सहकार से समृद्धि मिशन से प्रेरित होकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश का सहकारिता विभाग सतत प्रगति के मार्ग पर अग्रसर है। पैक्स के कम्प्यूटरीकरण से लेकर सीपीपीपी तक सहकारिता विभाग की प्रत्येक पहल प्रदेश के किसानों की खुशहाली तथा ग्रामीण एवं शहरी अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

     सहकारिता को जमीनी स्तर पर पहुँचना ही उद्देश्य

    सहकारिता आयुक्त श्री मनोज पुष्प ने कहा कि यह वर्ष अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया गया था। अब यह अंतिम पडाव पर है। इसका उद्देश्य सहकारिता को जमीनी स्तर पर पहुँचना है। अपेक्स बैंक के प्रंबध संचालक श्री मनोज गुप्ता ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम में वक्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष श्री सनवर पटेल, उप सचिव श्री मनोज सिन्हा, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी श्री अरूण माथुर सहित मध्यप्रदेश की सभी प्रादेशिक सहकारी संस्थाओं एवं सहकारी बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। समापन समारोह में मध्यप्रदेश में सहकारिता के विकास पर और अपेक्स बैंक बैकिंग नेटवर्क पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। शुरूआत में परिसर में सहकारी झंडा रोहण और सहकारी गान हुआ।

    सम्मान एवं पुरस्कार

    समारोह में प्रदेश के 3 उत्तम जिला बैंकों पुरस्कृत किया गया। इसमें प्रथम पुरस्कार जिला बैंक विदिशा को एक लाख 51 हजार का चैक मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनय प्रकाश सिंह ने प्राप्त किया। इसी प्रकार द्वितीय पुरस्कार जिला बैंक खरगोन को एक लाख 25 हजार का चैक मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती संध्या रोकडे तथा तृतीय पुरस्कार जिला बैंक रतलाम को एक लाख एक हजार रूपये का चैक मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री आलोक कुमार जैन ने प्राप्त किया। पैक्स का शत प्रतिशत अंकेक्षण पूर्ण करने वाले प्रथम 3 जिलों में खरगोन, मंडला और सीहोर को एक-एक लाख रूपये की प्रोत्साहन राशि दी गई। ई-पैक्स को सफल क्रियान्वयन करने वाली पैक्स सिरलाय (खरगोन), मनेरी (बालाघाट) और गोविंदपुर (सतना) को भी सम्मानित किया गया। समारोह में बेंचमार्किंग के आधार प्रथम 3 नागरिक सहकारी बैंक मंदसौर, उज्जैन और इंदौर को भी पुरस्कृत किया गया। 

  • डिजिटल डिग्री वेरिफिकेशन व्यवस्था को राज्यपाल पटेल ने कहा—समय की जरूरत और लाभकारी पहल

    डिजिटल डिग्री वेरीफिकेशन विद्यार्थी हित की सार्थक पहल : राज्यपाल  पटेल

    राज्यपाल द्वारा बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय का डिजिटल डिग्री वेरीफिकेशन पोर्टल का शुभारंभ

    भोपाल 

    राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि डिजिटल डिग्री वेरीफिकेशन पोर्टल उच्च शिक्षा की बेहतरी की दिशा में ऐतिहासिक क़दम है। पोर्टल, विद्यार्थी हित की सार्थक पहल है। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालय के शैक्षणिक गतिविधियों में तकनीकी नवाचार से विद्यार्थियों को वेरीफिकेशन की जटिल प्रक्रिया से राहत मिलेगी। रोज़गार और प्लेसमेंट आदि ज़रूरी प्रक्रियाएं सुरक्षित रूप में सरलता और शीघ्रता से हो सकेगी।

    राज्यपाल  पटेल ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे विशेष नवाचार सराहनीय है। उन्होंने पोर्टल के माध्यम से डिग्री वेरिफ़िकेशन प्रक्रिया को समझा। स्वयं रेंडम परीक्षण किया। पोर्टल को सफलतापूर्वक लोकार्पित करने के लिए समस्त विश्वविद्यालय प्रबंधन को बधाई दी। राज्यपाल  पटेल ने गुरुवार को बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय भोपाल के डिजिटल डिग्री वेरीफिकेशन पोर्टल का वन क्लिक से शुभारंभ किया। कार्यक्रम का आयोजन राजभवन में किया गया था।

    राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, विश्वविद्यालय के कुलगुरू  सुरेश कुमार जैन, अपर सचिव  उमाशंकर भार्गव, कुल सचिव  अनिल शर्मा और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

     

  • गाइडलाइन दरों में बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस आक्रोशित, पूर्व पीसीसी चीफ का आरोप—किसानों पर बढ़ेगी मार

    रायपुर

    जमीन की नई गाइडलाइन दर जारी होते ही सियासी बयान सामने आने लगे हैं. पूर्व छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष धनेंद्र साहू ने इसे आम उपभोक्ताओं और किसानों को लूटने जैसा कृत्य करार दिया है. वहीं पूर्व कांग्रेस विधायक विकास उपाध्याय ने इसे भू-माफिया के अनुसार बनाया कानून बताया है.

    पूर्व छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष धनेंद्र साहू ने कहा कि यह आम उपभोक्ताओं और किसानों को लूटने जैसा कृत्य है. हमारी सरकार ने सरकारी कीमतों में 30% की कमी की थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने वह छूट समाप्त कर दी है. इससे जमीन और मकान दोनों महंगे हो गए हैं.

    उन्होंने अव्यावहारिक तरीके से गाइडलाइन दर बढ़ाए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे जमीन के दाम कई गुना बढ़ जाएंगे. इससे किसान के साय़थ आम लोग नुकसान में रहेंगे. यह फैसला सिर्फ सरकार के राजस्व बढ़ाने के लिए है, इसमें आम उपभोक्ता और किसान लाभान्वित नहीं होंगे, इससे भूमाफिया को फायदा मिलेगा.

    वहीं जमीन की नई दरों को लेकर कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि बीजेपी लोगों को बेरोजगार करना चाहती है. कभी छोटे-छोटे जमीन लेने वाले लोगों की रजिस्ट्री को रोकने का प्रयास करती है, तो कभी खरीदी-बिक्री में अलग-अलग प्रयोग से शुल्क बढ़ाकर नुकसान पहुंचाने का काम करती है.

    उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार में भूपेश बघेल ने रियायत देने का काम किया था. इस सरकार में तो जमीन का व्यापार करने वाले लोग जुड़े हुए है. अब भू-माफियाओं के अनुसार नियम-कानून को बनाया जा रहा है, आम लोगों को आने वाले समय में बहुत परेशानी होने वाली है, यह गाइडलाइन लोगों का काम छीनने वाला है.

  • बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर डॉ. यादव ने नीतीश कुमार को किया बधाई

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  नीतीश कुमार द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई दी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव पटना में शपथ ग्रहण समारोह में हुए शामिल

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार को प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में पटना में आयोजित बिहार सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  नीतीश कुमार द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री,  सम्राट चौधरी एवं  विजय कुमार सिन्हा द्वारा उप मुख्यमंत्री और अन्य सदस्यों द्वारा मंत्री के रूप में शपथ लेने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री  मोदी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में एनडीए सरकार समाज के हर वर्ग के समग्र उत्थान और 'विकसित बिहार' बनाने के संकल्प को नई गति व ऊर्जा देने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ समर्पित रहेगी।

     

  • बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में बच्चों के बनाए मॉडल हुए हाइलाइट, विज्ञान और टेक्नोलॉजी पर जोर

    राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में बच्चों द्वारा तैयार किये गये मॉडल बने आकर्षण का केन्द्र

    प्रदर्शनी का विषय सतत् भविष्य के लिये विज्ञान और प्रौद्योगिकी

    भोपाल

    भोपाल में 52वीं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी इन दिनों राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान श्यामला हिल्स भोपाल में चल रही है। प्रदर्शनी में 31 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के लगभग 900 विद्यार्थी एवं शिक्षकों ने संयुक्त रूप से मिलकर विज्ञान पर केन्द्रित प्रोजेक्ट और मॉडल प्रस्तुत किये हैं। यह मॉडल प्रदर्शनी में आने वाले बच्चों के बीच आकर्षण का केन्द्र बने हुए हैं। इस वर्ष आयोजित राष्ट्रीय प्रदर्शनी का विषय सतत् भविष्य के लिये विज्ञान और प्रौद्योगिकी रखा गया है। बच्चों के लिये प्रदर्शनी अवलोकन प्रात: 9:30 से शाम 6:30 बजे तक रहता है।

    प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के कुसुमकसा, बालोद के स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय के छात्रों ने अभिनव प्रोटोटाइप प्रदर्शित किया है। यह प्रोटोटाइप नारियल के रेशे और परलाइट को उगाने के माध्यम के रूप में उपयोग करते हुए एक आधुनिक मृदा-रहित कृषि तकनीक को प्रदर्शित करता है। इसके बारे में छात्रा खुशी विश्वकर्मा और उनकी शिक्षक सु सोनल गुप्ता बताती हैं कि पारंपरिक मृदा की आवश्यकता को इस तकनीक में पौधों को केवल पानी और आवश्यक पोषक तत्वों की सहायता से उगाया जाता है, जिसमें मृदा जनित रोगों को जोखिम काफी हद तक कम हो जाता है। यह विधि स्वच्छ, अधिक कुशल खेती और स्वास्थ्य वर्धक फसलों के लिये उपर्युक्त है। इस प्रणाली का प्रमुख लाभ यह है कि इसमें पौधों को ऊर्ध्वाधर परतों पर उगाया जा सकता है, जिसमें कम भूमि में अधिक खाद उत्पादन संभव होता है, जो सीमित साधन या शहरी क्षेत्रों के लिये आदर्श समाधान है। इस प्रोटोटाइप में कृषि के साथ मछली पालन जैसी गतिविधियों का विस्तार भी किया जा सकता है।

    राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में हिमाचल प्रदेश के राजकीय उत्कृष्ट माध्यमिक विद्यालय लालपानी छात्रों ने भोजन की गुणवत्ता की जांच के लिये भोजन प्रबंधन प्रणाली युक्त स्मार्ट चम्मच का प्रदर्शन किया है। इस साइंस मॉडल के बारे में विद्यार्थी दिव्यांशु सोनी गौरव और उनकी शिक्षक सु नेहा शर्मा ने बताया कि इस मॉडल के माध्यम से भोजन की ताजगी का परीक्षण किया जा सकता है। तैयार किये गये प्रोटोटाइप में रियल टाइम में डिजिटल स्क्रीन पर परिणाम देखा जा सकता है। खाद्यान्न असुरक्षित पाये जाने पर उपकरण अलर्ट देता है। इस तरह के उपकरण से समाज में स्वस्थ खान-पान की आदतों को बढ़ावा मिलेगा।

    महाराष्ट्र राज्य के प्रगट विद्यामंदिर, रामगढ़ मालवन, सिंधु दुर्ग के छात्रों ने दर्भा घास से बनाया स्ट्रा पाइप को प्रस्तुत किया है। उनके द्वारा तैयार किये गये उपकरण से प्लास्टिक स्ट्रा के विकल्प के रूप में घास से तैयार स्ट्रा का उपयोग को बढ़ावा दिया जा सकता है। पर्यावरण को सबसे ज्यादा खतरा प्लास्टिक से निर्मित वस्तुओं से पहुंच रहा है। प्रदर्शनी में आये बच्चों ने इस उपकरण के संबंध में जिज्ञासापूर्वक जानकारी प्राप्त की। राष्ट्रीय प्रदर्शनी में सौरमंडल के मॉडल को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। इस सौरमंडल में ग्रहों की स्थिति और उनकी विशेषताओं की जानकारी दी गई है। प्रदर्शनी में यह मॉडल भी बच्चों के बीच आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। प्रदर्शनी में प्रतिदिन विभिन्न स्कूलों के करीब 2 हजार बच्चे भ्रमण कर रहे  हैं।

     

  • मुंगेली में अव्यवस्थाओं पर डिप्टी सीएम की नाराजगी: पालिका प्रशासन को सुधार के स्पष्ट निर्देश

    मुंगेली

    मुंगेली नगर पालिका क्षेत्र डिप्टी मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव के गृह जिले में आता है, इसलिए नगर विकास के लिए उन्होंने क्षेत्र में कई विकास परियोजनाओं की झड़ी लगा दी है। बीते 20 महीनों में इस नगर पालिका क्षेत्र को विभिन्न मदों और कार्यों के लिए कुल 92 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। 19 नवंबर को आयोजित एक कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ने लगभग 30 करोड़ रुपये के नए विकास कार्यों का शिलान्यास और भूमिपूजन भी किया। इसके बावजूद, नगरीय प्रशासन की धीमी कार्यशैली के कारण पुराने स्वीकृत परियोजनाओं में से कई कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाए हैं।

    मुंगेली नगर पालिका में कई परियोजनाओं के लिए जमीन का चयन या स्थान का निर्धारण भी नहीं हो पाया है। इस धीमी गति के लिए नगर पालिका के सीएमओ, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और पार्षदों की टीम को जिम्मेदार माना जा रहा है। नाराज डिप्टी सीएम अरुण साव ने सार्वजनिक मंच से न सिर्फ अपनी नाराजगी व्यक्त की, बल्कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।

    नगर विकास में कौन बना रोड़ा?

    मुंगेली नगर पालिका में वर्तमान में कांग्रेस के रोहित शुक्ला अध्यक्ष हैं, जबकि उपाध्यक्ष भाजपा के जय प्रकाश मिश्रा हैं। डिप्टी सीएम ने क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए बड़े पैमाने पर धनराशि जारी की है, लेकिन अधोसंरचना विकास की गति कछुए की चाल जैसी धीमी बनी हुई है। इससे कई परियोजनाएं ठप पड़ी हैं और नागरिक अपेक्षित विकास का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।

    महत्वपूर्ण परियोजनाओं में देरी

    नवीन नगर पालिका कार्यालय भवन और नालंदा परिसर जैसी कई बड़ी परियोजनाओं को स्वीकृति मिलने के बावजूद अब तक कार्य शुरू नहीं हुए हैं। भूमि का चयन न होना और परियोजनाओं के लिए ठोस कार्ययोजना न बनना इस देरी का मुख्य कारण है। अब सवाल यह उठता है कि इस स्थिति के लिए दोषी कौन है—क्या नगर पालिका के अधिकारी सीएमओ होरी सिंह ठाकुर, या जनप्रतिनिधि? यदि अधिकारी दोषी हैं, तो उन पर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, यदि जिम्मेदारी जनप्रतिनिधियों की है, तो उन्हें डिप्टी सीएम की नसीहत मानकर आपसी सामंजस्य के साथ कार्य करना चाहिए।

    डिप्टी सीएम की नसीहत: “किंतु-परंतु छोड़ो, विकास पर ध्यान दो”

    डिप्टी सीएम अरुण साव ने सार्वजनिक मंच से कहा कि मुंगेली नगर पालिका के लिए धन की कोई कमी नहीं है, केवल कार्ययोजना बनाने में देरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले से स्वीकृत कार्यों को शीघ्र पूरा कराना अत्यंत आवश्यक है। चाहे वह नगरीय प्रशासन विभाग हो, खेल विभाग, पीडब्ल्यूडी या पीएचई—मुंगेली क्षेत्र के विकास में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी।

    जानकारों का कहना है कि कांग्रेस अध्यक्ष और भाजपा उपाध्यक्ष के बीच आपसी खींचतान या दूरी भी विकास कार्यों को प्रभावित कर रही हो सकती है। डिप्टी सीएम ने इस पर जोर देते हुए कहा कि नगर विकास के लिए आपसी तालमेल और सहयोग सबसे जरूरी है। उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष को भी नसीहत दी कि उन्हें “किंतु–परंतु” की सोच छोड़कर केवल और केवल नगर के विकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

    अधिकारियों के साथ तालमेल की कमी

    नगर पालिका अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के राजनीतिक भेदभाव के कारण अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ अपेक्षित तालमेल नहीं बन पा रहा है। समय-समय पर जनता ने इसकी झलक देखी और महसूस की है। इसके अलावा सवाल यह भी उठता है कि कहीं जनप्रतिनिधि अपने पसंदीदा ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के चक्कर में विकास कार्यों को प्रभावित तो नहीं कर रहे। यह विषय मुंगेली की जनता के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है।

    डिप्टी सीएम अरुण साव ने स्पष्ट किया कि नगर पालिका में क्या चल रहा है, उनसे कुछ भी छिपा नहीं है। अब सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी बनती है कि वे आपसी तालमेल के साथ विकास कार्यों को समय पर पूरा करें और मुंगेली को एक आधुनिक और व्यवस्थित नगर बनाने में योगदान दें।

  • नक्सली मुठभेड़ में बलिदान देने वाले आशीष शर्मा को अंतिम सलामी, मंत्री प्रहलाद पटेल ने किया सम्मान

    नरसिंहपुर
     देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले बलिदानी आशीष शर्मा को समूचे नरसिंहपुर जिले ने नम आंखों से श्रद्धांजलि दी। केंद्रीय कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने गोटेगांव विधानसभा के खापा गांव, जो सिवनी और नरसिंहपुर की सीमा पर स्थित है, पहुंचकर बलिदानी के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया।

    इस भावुक क्षण में मंत्री पटेल के साथ ज़िलाध्यक्ष रामस्नेही पाठक, पूर्व मंत्री जालम सिंह पटेल, विधायक महेन्द्र नागेश और रवीन्द्र पटेल सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

    श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में जनजातीय बंधुओं और स्थानीय बच्चों की उपस्थिति रही, जो शहीद के सम्मान में एकत्रित हुए थे। बलिदानी के सम्मान में रास्ते भर जनसैलाब उमड़ा रहा। खापा रोड ग्राम से लेकर पूरे रास्ते में हर ग्राम पंचायत और स्कूल के बच्चों ने कतारबद्ध होकर खड़े होकर पुष्प मालाएं अर्पित कीं और भारत माता के वीर सपूत को अंतिम सलामी दी।

    नरसिंहपुर जिले की सीमा पर, खापा रोड ग्राम में, हाई सेकेंडरी स्कूल के एनसीसी छात्रों ने भी मंत्री प्रहलाद पटेल के साथ मिलकर बलिदानी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल व्याप्त रहा, जहां हर आंख नम थी और हर हृदय में बलिदानी के प्रति गहरा सम्मान था। यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम बलिदानी आशीष शर्मा के सर्वोच्च बलिदान के प्रति राष्ट्र के अटूट सम्मान को दर्शाता है।

  • भूमिहीन परिवारों के लिए खुशखबरी, नगरीय इलाकों में आवासीय भूमि के पट्टे वितरण का अभियान शुरू

    प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में भूमिहीन परिवारों को मिलेगा आवासीय भूमि का पट्टा, 
    अभियान की हुई शुरूआत

    प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में भूमिहीन परिवारों को आवासीय भूमि का पट्टा, अभियान की शुरुआत

    भूमिहीन परिवारों के लिए खुशखबरी, नगरीय इलाकों में आवासीय भूमि के पट्टे वितरण का अभियान शुरू

    भोपाल

    राज्य सरकार ने नगरीय क्षेत्रों में रहने वाले भूमिहीन और आवासहीन परिवारों को आवासीय भूमि के पट्टाधिकार प्रदान करने के लिए 20 नवम्बर गुरूवार से व्यापक अभियान शुरू किया है। आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री संकेत भोंडवे ने बताया कि यह अभियान 13 दिसम्बर 2025 तक चलेगा। इसके लिए नगरीय विकास एवं आवास विभाग तथा राजस्व विभाग ने संयुक्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

    प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत बीएलसी और एएचपी घटकों के सुचारू क्रियान्वयन के लिए यह पहल अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार ने वर्ष 1984 के मध्यप्रदेश नगरीय क्षेत्रों के भूमिहीन व्यक्ति (पट्टाधिकार) अधिनियम में संशोधन करते हुए पात्रता तिथि को 31 दिसम्बर 2020 निर्धारित किया है। इस तिथि तक सरकारी, नगर निकाय या विकास प्राधिकरण की भूमि पर वास्तविक रूप से काबिज ऐसे आवासहीन परिवार पट्टाधिकार प्राप्त करने के पात्र होंगे।

    राज्य के सभी नगरीय क्षेत्रों में सर्वेक्षण कार्य 20 नवम्बर से 13 दिसम्बर तक चलेगा। सूची 14 दिसम्बर को प्रकाशित की जाएगी। किसी भी आपत्ति या सुझाव के निराकरण के बाद 29 दिसम्बर को अंतिम सूची संबंधित जिला कलेक्टर द्वारा जारी की जाएगी। यह सूची संबंधित जिला कार्यालय की वेबसाइट और विभागीय वेबसाइट www.mpurban.gov.in पर भी उपलब्ध रहेगी। प्रत्येक जिले में सर्वेक्षण दल गठित किए जाएंगे, जिनमें राजस्व अधिकारी प्रमुख होंगे और सर्वेक्षण के दौरान आधार e-KYC आधारित समग्र ID अनिवार्य रहेगी। नगरीय विकास आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि सर्वेक्षण की प्रक्रिया पारदर्शी एवं सुचारू रूप से संचालित की जाएगी। अंतिम सूची जारी होने के बाद पात्र हितग्राहियों को आवासीय भूमि के स्थाई एवं अस्थायी पट्टों का वितरण 4 जनवरी 2026 से 20 फरवरी 2026 के मध्य किया जाएगा। स्थाई पट्टे लाल रंग में और अस्थायी पट्टे पीले रंग में प्रदान किए जाएंगे। जिन क्षेत्रों में झुग्गी बस्तियों का अन्यत्र पुनर्व्यवस्थापन आवश्यक है, वहां समिति के निर्णय के अनुसार हितग्राहियों को वैकल्पिक स्थान पर व्यवस्थित किया जाएगा।

    स्थाई रूप से पट्टा प्राप्त क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, नालियां, बिजली और अन्य आवश्यक अधोसंरचना का विकास नगरीय निकाय एवं विकास प्राधिकरणों द्वारा प्राथमिकता से किया जाएगा। राज्य शासन ने पट्टा वितरण की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और जन-जागरूकता के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं। अवैध अधिपत्य, धोखाधड़ी या गलत जानकारी के आधार पर पट्टा प्राप्त करने जैसे मामलों में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर ब्लैकलिस्ट तैयार की जाएगी।

    राज्य सरकार का यह अभियान शहरी गरीबों को सुरक्षित आवासीय अधिकार प्रदान करने, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के सुचारू क्रियान्वयन और “सबके लिए आवास” के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य सरकार का यह प्रयास शहरी गरीबों के लिए स्थायी समाधान प्रदान करने वाला है।

     

  • सेक्स संबंधी गोली ने युवक की जान ली, डॉक्टरों ने कहा—सावधानी जरूरी

    जांजगीर 
     इंस्टाग्राम पर दोस्ती, फिर मुलाकातें और होटल में कुछ ऐसा की जिंदगी से हाथ धो बैठा। ये कहानी है छत्तीसगढ़ के नौजवान की। जो अपनी प्रेमिका को लेकर होटल पहुंचा था जहां सेक्स का चरम सुख पाने के लिए उसने पावर बढ़ाने वाली गोली खाई, लेकिन कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। फिलहाल युवक के पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है कि जिससे मौत के असली कारण सामने आ पाएंगे।

    जानकारी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ के जांजगीर कालिका होटल में कृशचंद देवांगन निवासी जावलपुर की मौत हो गई। वह बिर्रा की रहने युवती के साथ होटल में रूका था। आनन फानन में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक के पेट में कुछ टेबलेट भी मिली हैं। अब बिसरा रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह सामने आएगी।

    पुलिस के अनुसार दोनों कपल की दोस्ती इंस्टाग्राम पर हुई थी और इससे पहले भी दोनों 2-3 बार मिल चुके थे। इस बार वे कालिका होटल में अपनी गर्लफ्रेंड को लेकर पहुंचा था। लेकिन संबंध बनाते समय उसकी मौत हो गई। जहां डॉक्टरी जांच में उसके पेट में कुछ गोलियां मिली है। डॉक्टरीं के मुताबिक हो सकता है कि सेक्स पावर बढ़ाने के लिए युवक ने गोली खाई हो और उसने दम तोड़ दिया हो। फिलहाल बिसरा रिपोर्ट मिलने के बाद ही युवक की मौत की असली वजह का पता चल सकेगा। 

  • मुठभेड़ में ढेर हिड़मा का अंतिम संस्कार, पत्नी की भावुक विदाई से गांव में शोक

    सुकमा

    छत्तीसगढ़–आंध्रप्रदेश सीमा पर 18 नवंबर की सुबह हुई बड़ी मुठभेड़ में ढेर किए गए कुख्यात नक्सली माडवी हिड़मा और उसकी पत्नी राजे का रविवार को सुकमा जिले के पूवर्ती गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया। सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी निगरानी के बीच हिड़मा के पैतृक गांव में हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी।

    अंतिम संस्कार के दौरान माहौल बेहद भावुक हो गया। हिड़मा की मां शव से लिपटकर जोर–जोर से विलाप करती रही। पास खड़ी सामाजिक कार्यकर्ता सोनी सोढ़ी भी खुद को संभाल नहीं पाईं और हिड़मा के शव से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगीं। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए हिड़मा के शव को काले पैंट–शर्ट पहनाकर अंतिम यात्रा निकाली गई, जबकि उसकी पत्नी राजे को लाल जोड़े में पारंपरिक रीति-रिवाज से विदाई दी गई।

    परिजनों ने पहले ही शासन–प्रशासन से मांग की थी कि शव गांव में ही अंतिम संस्कार के लिए लौटाए जाएं। उनकी मांग पर सहमति देने के बाद दोनों के शव शनिवार देर शाम गांव पहुंचाए गए, जिसके बाद सुबह से ही चारों तरफ के गांवों से लोग उमड़ने लगे। अंतिम संस्कार के दौरान चार–पांच गांवों के सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि अंतिम यात्रा में शामिल भीड़ सामान्य ग्रामीण मौतों की तुलना में कई गुना अधिक थी।

    मुठभेड़ में ढेर हुए थे सात नक्सली
    18 नवंबर को हुए संयुक्त अभियान के दौरान छत्तीसगढ़ और आंध्रप्रदेश की सीमा पर सुरक्षा बलों ने सात नक्सलियों को मार गिराया था। इनमें हिड़मा और उसकी पत्नी राजे भी शामिल थे। यह वही इलाका है जहां बीते कई वर्षों से नक्सलियों की बड़ी गतिविधियां संचालित होती रही हैं।

    माडवी हिड़मा को नक्सल संगठन की सबसे खूंखार शख्सियतों में से एक माना जाता था। 35 वर्ष की उम्र में वह करीब 300 से अधिक हत्याओं में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल रहा। लगभग दो दशक तक वह नक्सली संगठन की दंडकारण्य स्पेशल ज़ोनल कमेटी का सक्रिय चेहरा रहा। उसके सिर पर कई राज्यों में मिलाकर करोड़ों का इनाम घोषित था। हिड़मा पर 2010 में हुई दंतेवाड़ा बस हमला, 2013 का झीरम घाटी कांड, कई आईईडी विस्फोट, पुलिस–बलों पर हमले और ग्रामीणों की हत्या सहित सैकड़ों संगीन आरोप थे। राजे भी संगठन में सक्रिय भूमिका निभाती थी और कई मामलों में सह-आरोपी थी।

    अंतिम संस्कार के दौरान गांव में एक ओर जहां मातम का माहौल था, वहीं दूसरी ओर बड़े पैमाने पर सुरक्षा व्यवस्था भी तैनात की गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि चाहे हिड़मा कितना भी बड़ा नक्सली क्यों न रहा हो, लेकिन उनके लिए वह वही “गांव का बेटा” था। यही कारण रहा कि अंतिम विदाई के दौरान लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।

     

  • राष्ट्रपति मुर्मू का संदेश: आदिवासी संस्कृति है भारत की धरोहर, इसे बचाना हम सबकी जिम्मेदारी

    सरगुजा

    छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिला के अंबिकापुर पीजी कॉलेज ग्राउंड में जनजातीय गौरव दिवस समारोह में गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल हुईं। उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी संस्कृति को जीवित रखना बहुत जरूरी है। छत्तीसगढ़ के जनजाति समाज के लोग अपनी संस्कृति और परंपरा को बनाए रखे हुए हैं, इसके लिए मैं उन्हें धन्यवाद देती हूं। मैं भी जनजाति समाज की बेटी हूं और जनजाति परिवार में जन्म लेने पर मुझे बहुत गर्व है। जनजाति समाज की परंपरा को मैं पहले भी जीती थी और अब भी जीती हूं। शिक्षा, स्वास्थ्य, जल, जंगल और जमीन के साथ आदिवासी संस्कृति को बढ़ावा देने की जरूरत है। साथ ही बोलीं, केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों से वामपंथी उग्रवाद का उन्मूलन सुनिश्चित होगा।

    राष्ट्रपति ने कहा कि जनजाति समाज का इस देश में बहुत बड़ा योगदान है। आदिवासी संस्कृति और सभ्यता को आगे बढ़ाने की जरूरत है, क्योंकि यह बेहद खूबसूरत और सुंदर है। ऐसे कार्यक्रमों में मैं जब जाती हूं तो जनजाति परिवार के लोगों से मुलाकात करती हूं। जनजाति महिलाओं से मुलाकात करने पर मुझे गर्व महसूस होता है। स्थानीय स्तर पर भी जनजाति समाज की संस्कृति और उनके विकास को प्राथमिकता से ध्यान देने की जरूरत है।

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आगे कहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य 25 साल का हो गया है। छत्तीसगढ़ के रहने वाले सभी लोगों को मैं बधाई देती हूं। भगवान बिरसा मुंडा के इस कार्यक्रम में शामिल होने और उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करने का मुझे सौभाग्य प्राप्त हुआ है। अंबिकापुर में व्यापक स्तर पर 15 नवंबर से लेकर 20 नवंबर तक जनजाति गौरव दिवस मनाया गया है।

    छत्तीसगढ़ और ओडिशा के लोगों में रोटी और बेटी का रिश्ता
    राष्ट्रपति ने कहा कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सीमा एक दूसरे लगी हुई है ,छत्तीसगढ़ और ओडिशा के लोगों में रोटी और बेटी का संबंध है। छत्तीसगढ़ के लोग ओडिशा में शादी करते हैं और ओडिशा वाले छत्तीसगढ़ में शादी करते हैं। ओडिशा और छत्तीसगढ़ की दोस्ती बहुत पुरानी है। झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के जनजाति समाज की विरासत बहुत गहरी है।