• जनपद पंचायत के सीईओ के कॉन्फ्रेंस का भी उपमुख्यमंत्री ने किया शुभारम्भ

    रायपुर : विश्व शौचालय दिवस विशेष : गांव में बदलाव लाने के लिए दृढ़ संकल्प लें सरपंच – उपमुख्यमंत्री  शर्मा

    राज्य स्तरीय महिला सरपंच स्वच्छता सम्मेलन में शामिल हुए उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा

    जनपद पंचायत के सीईओ के कॉन्फ्रेंस का भी उपमुख्यमंत्री ने किया शुभारम्भ

    रायपुर

    उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने महिला सरपंचों का अभिनंदन करते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में परिवार का पूरा ध्यान घर की महिला ही करती हैं इसी प्रकार अब आपके गांव भी आपका परिवार हैं जिनके लिए कृतसंकल्पित होकर आपको कार्य करना है। व्यवस्था में परिवर्तन कर गांव को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए ग्रामीणों की आदत ओर व्यवहार त्र में परिवर्तन लाना होगा। गांव में बदलाव लाने के लिए दृढ़ सेवक बनकर कार्य करना होगा।

           स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में व्यवहार परिवर्तन और स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आज विश्व शौचालय दिवस के अवसर पर नवा रायुपर स्थित निजी रिसोर्ट में राज्यस्तरीय महिला सरपंच स्वच्छता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री  शर्मा में जनपद पंचायतों के सीईओ के कॉन्फ्रेंस शुभारंभ किया। 

    राज्य स्तरीय महिला सरपंच स्वच्छता सम्मेलन में शामिल हुए उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा
          
    स्वच्छता लोगों के व्यवहार में स्थायी परिवर्तन लाने का व्यापक अभियान

             उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि गांव के विकास के लिए आप (सरपंच) जो कार्य करेंगे वो आपके और गांव के स्वजनों द्वारा ही उपयोग किया जाएगा इसलिए हम सभी को गांव में निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का भी ध्यान रखना है। लोगों के मनोभाव को बदलकर अपने गांव को आदर्श ग्राम बनाना है।  उन्होंने सभी सरपंचों को हमारा शौचालय, हमारा भविष्य अभियान के तहत व्यक्तिगत शौचालयों के प्रयोग हेतु प्रोत्साहित करने एवं सभी की मरम्मत करवाने हेतु प्रेरित करने को कहा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्वच्छता केवल अधोसंरचना निर्माण का कार्य नहीं, बल्कि लोगों के व्यवहार में स्थायी परिवर्तन लाने का व्यापक अभियान है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों, स्वच्छाग्रहियों और प्रशासनिक टीमों को स्वच्छता की इस यात्रा में सक्रिय भागीदारी देने की अपील की।

    देश में पहली बार स्वच्छ पंचायत मानक निर्धारण हेतु बना टूल एवं डैशबोर्ड

           उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने आज छत्तीसगढ़ स्वच्छ पंचायत सेवा-स्तर के मानक-निर्धारण हेतु नवनिर्मित टूल और डैशबोर्ड का शुभारंभ किया। यह देश का पहला प्रयास है जिसे सभी पंचायतों में एक साथ लागू किया जाएगा।  इस टूल और डैशबोर्ड में अपनी पंचायत की स्वछता एवं जल की स्थिति का आंकलन करेंगे, इससे ना केवल हमें पंचायत में स्वच्छता एवं जल की स्थिति का पता चल सकेगा बल्कि पंचायतें स्वच्छता एवं जल के प्रति जवाबदेही से भी अवगत होंगी।

    हमारा शौचालय, हमारा भविष्य अभियान का शुभारंभ किया उपमुख्यमंत्री ने

          ग्रामीण क्षेत्रों में सभी व्यक्तिगत शौचालय व सामुदायिक शौचालयों के प्रति प्रोत्साहित करने एवं उनकी क्रियाशीलता सुनिश्चित करने हेतु उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने हमारा शौचालय, हमारा भविष्य अभियान का भी शुभारम्भ किया। इस अभियान में समुदाय और परिवारों को शौचालयों की नियमित मरम्मत, पेंटिंग और सौंदर्यीकरण के लिए प्रेरित किया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत सामुदायिक व्यवहार परिवर्तन हेतु निरंतर जनजागरूकता के लिए 15 अक्टूबर से 19 नवम्बर 2025 तक स्वच्छ संकल्प अभियान का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें व्यवहार परिवर्तन पर जोर दिया जाएगा।

            इस अवसर पर प्रमुख सचिव मती निहारिका बारीक, एसबीएम योजना के प्रबंध निदेशक  अश्विनी देवांगन, यूनिसेफ की ओर से वरिष्ठ जल एवं स्वछता विशेषज्ञ  सुजोय मजुमदार, प्रमुख सामाजिक व्यवहार परिवर्तन  डेनिश लार्सेन, जल एवं स्वछता विशेषज्ञ सु श्वेता पटनायक, सामाजिक व्यवहार परिवर्तन विशेषज्ञ  अभिषेक सिंह सहित बड़ी संख्या में महिला सरपंच उपस्थित रहीं।

  • ऑल इंडिया फ़ॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट के विजेता खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री की बधाई

    रायपुर : मुख्यमंत्री ने ऑल इंडिया फ़ॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट के विजेता खिलाड़ियों से मुलाकात कर दी बधाई

    ऑल इंडिया फ़ॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट में लगातार 13वीं बार ओवरऑल चैंपियन बना छत्तीसगढ़

    रायपुर 

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मेडिकल कॉलेज परिसर में ऑल इंडिया फ़ॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट में लगातार 13वीं बार ओवरऑल चैंपियन बनने वाले छत्तीसगढ़ के विजेता खिलाड़ियों से मुलाकात की। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को इस शानदार उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। 

    मुख्यमंत्री  साय ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से उन्होंने छत्तीसगढ़ का मान पूरे देश में ऊँचा किया है और उनकी यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। 

    उल्लेखनीय है कि देहरादून में 12 से 16 नवंबर तक आयोजित 28वीं ऑल इंडिया फ़ॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट में छत्तीसगढ़ ने अपना दबदबा कायम रखते हुए लगातार 13वीं बार ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी जीती। यह विजय छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपरा, अनुशासन, कठिन परिश्रम और टीम की अदम्य प्रतिबद्धता का प्रतीक है। भव्य समापन समारोह में उत्तराखंड के माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह और वन मंत्री  सुबोध उनियाल ने संयुक्त रूप से ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी प्रदान की, जिसे छत्तीसगढ़ की ओर से आईएफएस मती शालिनी रैना एवं दल की नोडल अधिकारी ने ग्रहण किया। उनके नेतृत्व में टीम की एकजुटता और उत्कृष्ट प्रदर्शन इस उपलब्धि की प्रमुख वजह रहा।

    इस वर्ष 253 सदस्यों की मजबूत टीम के साथ छत्तीसगढ़ ने अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए कुल 150 पदक और 578 अंक हासिल किए, जो पहले रनर-अप से 221 अंकों की ऐतिहासिक बढ़त है। टीम ने 74 स्वर्ण, 34 रजत और 42 कांस्य पदक जीतकर प्रतियोगिता में अपना सर्वांगीण प्रभुत्व स्थापित किया। कई खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन कर राज्य का गौरव बढ़ाया—जिनमें निखिल ज़ाल्को ने तैराकी में पाँच स्वर्ण जीतकर सर्वश्रेष्ठ पुरुष खिलाड़ी का खिताब प्राप्त किया। वहीं संगीता राजगोपालन ने बैडमिंटन और टेनिस में चार स्वर्ण एवं एक रजत जीतकर सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी का सम्मान हासिल किया। इसी प्रकार थोटा संकीर्तन ने पाँच स्वर्ण जीतकर महिला ओपन वर्ग में सर्वश्रेष्ठ एथलीट बनीं। सुखनंदन लाल ध्रुव और चारुलता गजपाल ने वेटरन श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया।

    यह ऐतिहासिक सफलता वन मंत्री  केदार कश्यप के दूरदर्शी मार्गदर्शन और वन बल प्रमुख  व्ही. निवास राव के प्रेरक नेतृत्व का परिणाम है। उनके निरंतर सहयोग, दिशा और प्रोत्साहन ने टीम को हर बार नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। छत्तीसगढ़ वन विभाग की यह विजय केवल एक खेल उपलब्धि नहीं, बल्कि एक स्वर्णिम अध्याय है, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर खेल भावना और उत्कृष्टता का नया मानक स्थापित किया है। राज्य ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि उसकी खेल परंपरा, मेहनत और जज़्बा उसे लगातार चैंपियन बनाए रखते हैं।

    इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, नान के चेयरमैन  संजय वास्तव, योग आयोग के अध्यक्ष  रूप नारायण सिन्हा, छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष  विकास मरकाम, वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सलीम राज, वन बल प्रमुख  व्ही. निवास राव सहित लघु वनोपज संघ के सदस्य तथा बड़ी संख्या में विजेता खिलाड़ी उपस्थित थे।

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  • जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम के इंतज़ामों का केंद्रीय राज्यमंत्री उइके ने लिया जायजा

    रायपुर

    राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जनजातीय गौरव दिवस 2025 के उपलक्ष्य में सरगुजा जिले के अंबिकापुर में 20 नवंबर को आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। कार्यक्रम की अंतिम तैयारियों का जायजा लेने बुधवार को केन्द्रीय राज्यमंत्री जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार श्री दुर्गा दास उइके, राज्य सरकार के आदिमजाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, वन मंत्री श्री केदार कश्यप के साथ कार्यक्रम स्थल पी जी कॉलेज ग्राउण्ड पहुंचे। इस दौरान मंच व्यवस्था, अतिथियों एवं आमजनों हेतु बैठक व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, स्टॉल, शिल्पग्राम सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। उन्होंने यातायात नियंत्रण, पार्किंग, वीआईपी मूवमेंट, मीडिया प्रबंधन, विद्युत, पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा एवं आपात सेवाओं से संबंधित व्यवस्थाओं के सम्बंध में भी जानकारी ली। 

    सभी मंत्रियों ने कार्यक्रम स्थल का मुआयना किया और शिल्पग्राम का भी अवलोकन किया । सभी ने शिल्प ग्राम में जनजातीय शिल्प कला, परम्परागत जड़ी-बूटियों से इलाज, हथकरघा से बनी साड़ी और कपड़े सहित बांसकला से बनी कलात्मक वस्तुओं का अवलोकन कर तारीफ़ की। इस दौरान सभी मंत्रियों ने आस पास से आए जनजातीय शिल्पकारों एवं कलाकारों से भी मुलाकात की।

  • अयोध्या धाम हेतु तीर्थयात्रियों का जत्था कोंडागांव से रवाना, राम लला दर्शन योजना के अंतर्गत यात्रा शुरू

    रायपुर

    राम लला दर्शन योजना के अंतर्गत कोंडागांव जिले से 51 श्रद्धालुओं का एक दल अयोध्या धाम के लिए मंगलवार की रात रवाना हुआ। श्रद्धालुओं के इस दल को कोंडागांव नगर के अंबेडकर चौक से रात्रि 9 बजे नगरपालिका अध्यक्ष  नरपति पटेल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर  पटेल ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह योजना प्रदेशवासियों को अध्यात्मिक सशक्तिकरण और रामभक्ति से जोड़ने का एक ऐतिहासिक प्रयास है, जो मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की दूरदृष्टि और जनकल्याणकारी सोच का परिणाम है।

    श्रद्धालुओं का यह जत्था बस द्वारा राजनांदगांव तक की यात्रा करेगा, इसके पश्चात ट्रेन से अयोध्या धाम के लिए प्रस्थान करेगा। जत्थे में शामिल श्रद्धालु प्रभु राम के दर्शन को लेकर अत्यंत उत्साहित और भावविभोर नजर आए। इस अवसर पर नगर पालिका उपाध्यक्ष  जसकेतू उसेण्डी, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष  टोमेन्द्र ठाकुर,  मनोज जैन,  दीपेश अरोरा,  कुलवंत चहल, पार्षद  हर्ष ढिल्लन सहित उप संचालक पंचायत  बलराम मोरे, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा राम लला दर्शन योजना के माध्यम से राज्य के हजारों श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम की यात्रा कराने की पहल की गई है। योजना का उद्देश्य नागरिकों को धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना और आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करना है।

  • मुख्यमंत्री साय बोले—विकसित और सक्षम वनवासी समाज के लिए सरकार लगातार प्रयासरत

    रायपुर : वनवासियों की आय बढ़ाने और उनके सर्वांगीण विकास के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री  साय

    मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ मर्यादित के नवनियुक्त अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में हुए शामिल

    रायपुर

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ मर्यादित के नवनियुक्त अध्यक्ष  रूप साय सलाम और उपाध्यक्ष  यज्ञदत्त शर्मा के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने नए दायित्वों के लिए अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि अध्यक्ष के रूप में  सलाम को एक अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसे वे अपनी संवेदनशीलता, अनुभव और दक्षता के साथ उत्कृष्ट रूप से निभाएंगे। उन्होंने उल्लेख किया कि  सलाम स्वयं जनजातीय समुदाय से आते हैं और समुदाय की समस्याओं, अपेक्षाओं एवं आवश्यकताओं को भली-भांति समझते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनवासियों की आय बढ़ाने और उनके सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है।

    उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रदेश में निवासरत जनजातीय समाज के उत्थान को दृष्टिगत रखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया। साथ ही केंद्र में अलग जनजातीय मंत्रालय की स्थापना से समुदाय के विकास को नई गति मिली। उन्होंने कहा कि हमारे वर्तमान प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने भी इसी भावना और संकल्प को आगे बढ़ाते हुए ‘धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना’ तथा ‘पीएम जनमन योजना’ लागू की, जिनके माध्यम से जनजातीय बाहुल्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में तेंदूपत्ता संग्राहकों को देश में सर्वाधिक मूल्य दिया जा रहा है। वनोपजों के वैल्यू एडिशन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि वनवासी समुदाय की आय में वृद्धि हो और उन्हें वास्तविक आर्थिक मजबूती प्राप्त हो।

    वनमंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि यह प्रदेश का सौभाग्य है कि छत्तीसगढ़ के मुखिया  विष्णु देव साय स्वयं जनजातीय समुदाय से आते हैं और वनवासी भाई-बहनों की पीड़ा, कठिनाइयों और आकांक्षाओं को गहराई से समझते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की 32% आबादी जनजातीय है तथा 44% क्षेत्र वनाच्छादित है, इसलिए वनोपज ही वनवासियों की आजीविका का प्रमुख स्रोत है। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता को ‘हरा सोना’ कहा जाता है और उसके अनुरूप मूल्य देने का कार्य मुख्यमंत्री  साय ने किया है। तेंदूपत्ता का प्रति मानक बोरा मूल्य 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है।

    वनमंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने न केवल चरण पादुका योजना को पुनः प्रारंभ किया है, बल्कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से वनोपज संग्राहक परिवारों के जीवन स्तर में सुधार के लिए प्रभावी कदम लगातार उठाए जा रहे हैं।

    कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, नान के चेयरमैन  संजय वास्तव, योग आयोग के अध्यक्ष  रूप नारायण सिन्हा, छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष  विकास मरकाम, वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सलीम राज, वनबल प्रमुख  व्ही. निवास राव सहित लघु वनोपज संघ के सदस्य तथा प्रदेशभर से बड़ी संख्या में पहुंचे वनोपज संग्राहक उपस्थित थे।

  • केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने छत्तीसगढ़ को दी ग्रामीण सड़कों की सौगात, 2,225 करोड़ रु. लागत से बनेगी 2,500 कि.मी. सड़कें

    रायपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोयंबटूर से जारी की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

    केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ के 25 लाख किसानों के खातों में पहुंचे 500 करोड़ रुपये

    केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने छत्तीसगढ़ को दी ग्रामीण सड़कों की सौगात, 2,225 करोड़ रु. लागत से बनेगी 2,500 कि.मी. सड़कें

    मखाना बोर्ड का लाभ छत्तीसगढ़ के मखाना उत्पादक किसानों को भी मिलेगा – केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में नक्सलवाद के ताबूत में अंतिम कील ठोंक दी गई है – केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह

    कृषक उन्नति योजना के विस्तार में दलहन, तिलहन और मक्का को भी लाभ – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    रायपुर

    केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने धमतरी में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में 2,225 करोड़ रुपये की ग्रामीण सड़क परियोजनाओं, मखाना बोर्ड का विस्तार, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत किसानों को प्रत्यक्ष भुगतान और अनेक विकासपरक घोषणाओं का औपचारिक शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोयंबटूर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त का देशव्यापी वितरण और छत्तीसगढ़ के 25 लाख किसानों के खातों में 500 करोड़ रुपये का सीधा हस्तांतरण इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा। हज़ारों किसानों और ग्रामीण प्रतिनिधियों की उपस्थिति में सम्पन्न इस समारोह ने राज्य के विकास पथ को नई दिशा प्रदान की।

    इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के धमतरी में राज्यस्तरीय समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, राज्य के कृषि मंत्री रामविचार नेताम, मंत्री दयालदास बघेल, टंकराम वर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

    कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana) के अंतर्गत 2,225 करोड़ रुपये की स्वीकृत ग्रामीण सड़क परियोजनाओं का दस्तावेज प्रस्तुत किया। इन परियोजनाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ के लगभग 780 गाँव पहली बार पक्की सड़क से जुड़ेंगे और 2,500 किलोमीटर से अधिक नई ग्रामीण सड़कें निर्मित की जाएँगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व क्षमता ने देश में बुनियादी ढांचे के विस्तार को नई दिशा दी है और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण आर्थिक गतिविधियों को सशक्त बनाता है।

    केंद्रीय मंत्री चौहान ने घोषणा की कि केंद्र सरकार द्वारा स्थापित किए गए राष्ट्रीय मखाना विकास बोर्ड में अब छत्तीसगढ़ को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से प्रदेश के किसानों को मखाना उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और राष्ट्रीय बाज़ार से जुड़ने का बड़ा अवसर प्राप्त होगा।

    अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए प्रमुख राष्ट्रीय निर्णयों का उल्लेख किया, जिनमें अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 का शांतिपूर्ण निष्कासन, महिला आरक्षण कानून का पारित होना और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने वाले निर्णय शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये सभी कदम भारत की विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में ऐतिहासिक मील के पत्थर हैं।

    केंद्रीय मंत्री चौहान ने छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे समन्वित अभियान से राज्य में नक्सली हिंसा में उल्लेखनीय कमी आई है और अब नक्सलवाद “अंतिम चरण” में पहुँच चुका है। उन्होंने इसे प्रदेश के विकास, निवेश और ग्रामीण शांति की दिशा में बड़ा कदम बताया।

    अपने संबोधन में उन्होंने छत्तीसगढ़ की वर्तमान राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य अब पुनः विकास की मुख्यधारा में तेजी से लौट रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के कारण कई केंद्रीय योजनाएँ प्रभावी रूप से लागू नहीं हो सकीं, किन्तु अब लाभ सीधे पात्र किसानों, ग्रामीणों और महिलाओं तक पहुँच रहा है।

    कार्यक्रम में हजारों किसानों एवं ग्रामीण नागरिकों की सहभागिता रही। इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र, कृषि किट, उपकरण और अन्य सामग्री वितरित की गई। कार्यक्रम स्थल पर कृषि तकनीक, ग्रामीण अवसंरचना, महिला स्व-सहायता समूहों, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना और आत्मनिर्भर भारत से संबंधित प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसे किसानों और ग्रामीण प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक देखा।

    केंद्रीय मंत्री चौहान ने छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा स्थापित इस राज्य की उपलब्धियों का उल्लेख किया और कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

    राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित करते समय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किसानों की आय-वृद्धि, कृषि तकनीकी विस्तार, सिंचाई क्षमता, जैविक खेती और मिलेट मिशन जैसे विषयों पर केंद्रित महत्वपूर्ण वक्तव्य दिया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अन्नदाताओं का सम्मान और समृद्धि हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की किस्त जारी होने से राज्य के 24 लाख 70 हजार 640 किसानों को सीधा लाभ प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि 494 करोड़ रुपये की राशि किसानों, वनपट्टाधारी हितग्राहियों एवं विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) के परिवारों के बैंक खातों में अंतरित की गई है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने इस योजना में 2 लाख 75 हजार नए किसानों को पंजीकृत कर लाभार्थियों की संख्या बढ़ाई है।

    धान खरीदी में छत्तीसगढ़ अग्रणी

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को अधिक मजबूत और किसान-हितैषी बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी कर रही है तथा किसानों को 21 क्विंटल प्रति एकड़ तक बेचने की अनुमति दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष 149 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हमारे किसानों के विश्वास और सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि पृथक छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के प्रारंभिक वर्षों में धान खरीदी केवल 5 लाख मीट्रिक टन हुआ करती थी, जो अब कई गुना बढ़ गई है।

    कृषक उन्नति योजना का विस्तार

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार ने कृषक उन्नति योजना का दायरा बढ़ाते हुए इसमें दलहन, तिलहन और मक्का फसलों को शामिल किया है। उन्होंने कहा कि धान फसल में लाभ ले चुके किसान यदि इन फसलों की खेती करेंगे तो उन्हें भी योजना का पूरा लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि योजना का लाभ रेगहा , बटाई, लीज तथा डूबान क्षेत्र के किसानों को भी दिया जा रहा है, जिससे कृषि आधारित आजीविका को सीधा बल मिल रहा है।

    मुख्यमंत्री साय ने यह भी बताया कि पिछले 22 महीनों में लगभग सवा लाख करोड़ रुपये विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों के खातों में अंतरित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के दो सप्ताह के भीतर 13 लाख किसानों को 3,716 करोड़ रुपये बोनस के रूप में दिया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मिलेट मिशन को दिए गए बढ़ाए गए महत्व से छत्तीसगढ़ के परंपरागत कोदो-कुटकी, रागी उत्पादकों को बड़ा लाभ मिला है। उन्होंने जशपुर जिले में स्वसहायता समूहों द्वारा बनाए जा रहे ‘‘जशप्योर’’ ब्रांड के उत्पादों का उदाहरण देते हुए कहा कि ‘‘महुआ लड्डू, कोदो-कुटकी आधारित उत्पाद पूरे देश में लोकप्रिय हो रहे हैं।’’

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ जैविक खेती की अपार संभावनाओं वाला प्रदेश है, क्योंकि जनजातीय क्षेत्रों में रासायनिक खादों का न्यूनतम उपयोग हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2015 से लंबित 115 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2,800 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है, जिससे लाखों किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी।उन्होंने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (GST) में कटौती से ट्रैक्टरों और कृषि मशीनरी की खरीदी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि ‘‘कई व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल यह बताते हैं कि GST कटौती के बाद किसानों की खरीद क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।’’

    कार्यक्रम का समापन किसानों के प्रति आभार और छत्तीसगढ़ के ग्रामीण एवं कृषि विकास की निरंतरता बनाए रखने के संकल्प के साथ हुआ।

  • किसानों और आमजन को मिलेगा सीधा लाभ, गाइडलाइन दरों के वैज्ञानिक पुनरीक्षण पर मुख्यमंत्री साय का बयान

    जनता के हित में छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा निर्णय – शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की गाइडलाइन दरों का वैज्ञानिक पुनरीक्षण, किसानों और आम नागरिकों को मिलेगा सीधा लाभ

    गाइडलाइन दरों का वैज्ञानिक पुनरीक्षण किसानों और जनता को देगा वास्तविक लाभ— मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय

    रायपुर

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने पूरे राज्य के लिए गाइडलाइन दरों का व्यापक, वैज्ञानिक और तर्कसंगत पुनरीक्षण करते हुए ऐतिहासिक कदम उठाया है। यह निर्णय जनता के हित, पारदर्शिता, उचित बाजार मूल्यांकन और नागरिकों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

    गाइडलाइन नियम 2000 के अनुसार दरों का प्रतिवर्ष पुनरीक्षण आवश्यक है, परंतु वर्ष 2017-18 के बाद से दरों में किसी प्रकार का संशोधन नहीं हुआ था। इस कारण वास्तविक बाजार मूल्य और गाइडलाइन दरों में भारी अंतर पैदा हो गया था—जिसका प्रतिकूल प्रभाव किसानों, भूमिस्वामियों, संपत्ति धारकों और आम नागरिकों पर पड़ रहा था।

    राज्य में गाइडलाइन दरों के पिछले ढांचे  नगरीय क्षेत्रों में दरों में भारी विसंगतियाँ थीं। एक ही सड़क, वार्ड या आसपास के क्षेत्रों में अनुपातहीन अंतर दिखाई देता था। एक ही सड़क पर स्थित संपत्तियों की दरें अलग-अलग थीं, जिससे नागरिकों को वास्तविक मूल्यांकन में कठिनाई होती थी। ग्रामीण क्षेत्रों में भी एक ही मार्ग पर स्थित गाँवों की दरों में अतार्किक भिन्नता थी, जिससे किसानों को मुआवज़ा और बैंक लोन में नुकसान होता था। पिछले सात वर्षों में बने नए हाईवे, कॉलोनी, औद्योगिक क्षेत्र आदि की दरें निर्धारित नहीं थीं, जिससे नागरिकों को संपत्ति मूल्य जानने में कठिनाई हो रही थी।

    वाणिज्यिक कर (पंजीयन) मंत्री   ओ पी चौधरी के दिशानिर्देश पर गाइडलाइन दरों को पुर्ननिर्धारित करते हुए पूरी प्रक्रिया को वैज्ञानिक, पारदर्शी और जनसुलभ बनाया गया है। नगरीय क्षेत्रों में गाइडलाइन को रोड-वाइज तैयार किया गया है, ताकि एक सड़क और समान परिस्थितियों वाले क्षेत्रों की दरें समान हों। अत्यधिक कंडिकाओं को समायोजित कर संख्या कम की गई, ताकि नागरिकों को मूल्य समझने में सरलता हो। ग्रामीण क्षेत्रों में सभी गाँवों की दरों को नक्शे में प्रविष्ट कर, समान मार्ग और समान परिस्थितियों वाले गाँवों की दरें यथासंभव समान और तर्कसंगत की गईं।वर्तमान दरों की वैज्ञानिक मैपिंग कर रैशनलाइज़्ड बेस रेट तैयार किए गए और इन्हीं के आधार पर नई दरें प्रस्तावित की गईं है।

    नवीन दरें – जनता को सीधा लाभ

    नगरीय क्षेत्रों में लगभग 20% की तर्कसंगत वृद्धि की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के हित में दरों में 50% से 300% तक वृद्धि की गई है—जिससे किसानों को भूमि अधिग्रहण आदि में 3 गुना तक अधिक मुआवज़ा मिलेगा।

    नवीन दरों से किसानों/भूमिस्वामियों को उनकी भूमि का अधिक एवं न्यायसंगत मुआवज़ा प्राप्त होगा। संपत्ति के विरुद्ध बैंक से अधिक राशि का लोन स्वीकृत होगा। आम नागरिकों के लिए अपनी संपत्ति की गाइडलाइन दर स्पष्ट और समझने में आसान होगी।

    वाणिज्यिक कर (पंजीयन) मंत्री  ओ. पी. चौधरी ने कहा कि गाइडलाइन दरों का यह व्यापक और वैज्ञानिक पुनरीक्षण जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पूरी पारदर्शिता के साथ किया गया है। उन्होंने कहा कि 2017-18 के बाद दरों में संशोधन न होने से राज्य में वास्तविक बाजार मूल्य और गाइडलाइन दरों में गंभीर असंतुलन पैदा हो गया था, जिससे किसान, भूमिस्वामी और सामान्य नागरिक प्रतिकूल रूप से प्रभावित हो रहे थे। नई गाइडलाइन दरें रोड-वाइज और वैज्ञानिक मैपिंग के आधार पर तैयार की गई हैं, ताकि हर क्षेत्र में दरें तर्कसंगत, समान और समझने में सरल हों। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में 50% से 300% तक की वृद्धि किसानों को उचित मुआवज़ा और अधिक बैंक लोन प्राप्त करने में बड़ा लाभ देगी, जबकि नगरीय क्षेत्रों में 20% की तार्किक वृद्धि मूल्य-विसंगतियाँ दूर करेगी।  चौधरी ने कहा कि विभाग भविष्य में भी विकास, नई बसाहटों, बाजार प्रवृत्तियों और क्षेत्रीय आवश्यकताओं के आधार पर नियमित समीक्षा करता रहेगा, ताकि किसी भी नागरिक को उनकी संपत्ति के वास्तविक मूल्य से वंचित न होना पड़े।

    उल्लेखनीय है कि लंबे अंतराल के बाद गाइडलाइन दरों का यह व्यापक और महत्त्वपूर्ण संशोधन किया गया है। भविष्य में भी विभाग द्वारा जिले स्तर पर उस क्षेत्र में हो रहे विकास, नए निर्माण, क्षेत्रीय परिस्थितियों, बाजार प्रवृत्तियों तथा नई बसाहटों/कॉलोनियों के विस्तार का नियमित आकलन किया जाता रहेगा। इसी आधार पर गाइडलाइन दरों में समय-समय पर आवश्यक, तर्कसंगत और जनहितकारी संशोधन किए जाते रहेंगे, ताकि नागरिकों को उनकी संपत्ति के वास्तविक मूल्य का लाभ निर्बाध रूप से मिलता रहे और किसी भी प्रकार की मूल्य-विसंगतियाँ उत्पन्न न हों।

    "गाइडलाइन दरों का वैज्ञानिक और तर्कसंगत पुनरीक्षण राज्य के किसानों, भूमिस्वामियों और आम नागरिकों के हित में उठाया गया अत्यंत महत्त्वपूर्ण कदम है। पिछले कई वर्षों से दरों में संशोधन न होने के कारण वास्तविक बाजार मूल्य और गाइडलाइन दरों में बड़ा अंतर पैदा हो गया था। नई दरें न केवल न्यायसंगत मूल्यांकन सुनिश्चित करेंगी, बल्कि किसानों को भूमि अधिग्रहण में अधिक मुआवज़ा, नागरिकों को संपत्ति का सही मूल्य और बैंक से अधिक ऋण प्राप्त करने में भी सहायता प्रदान करेंगी। शासन की मंशा स्पष्ट है—हर नागरिक को उसकी संपत्ति का उचित मूल्य मिले और किसी भी प्रकार की विसंगतियाँ या भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। यह निर्णय प्रदेश के आर्थिक परिवेश को अधिक पारदर्शी, संतुलित और जनहितकारी बनाएगा।" – मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय

  • सहकारिता मंत्री सारंग करेंगे 72वें अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह के समापन समारोह की अध्यक्षता

    भोपाल
     २० नवंबर २०२५ को भोपाल में अपेक्स बैंक के समन्वय भवन में प्रातः १०.०० बजे सहकारिता सप्ताह के समापन के अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में परिचालन दक्षता, जवाबदेही और पारदर्शिता के लिए डिजीटलीकरण को बढ़ावा देने बाबत विषय पर आयोजित कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में मध्यप्रदेश के सहकारिता तथा खेलकूद एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग संबोधित करेंगे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रमुख सचिव सहकारिता  डी. पी.  आहूजा करेंगे ।

    उक्त राज्य स्तरीय आयोजन में मध्यप्रदेश की सभी प्रादेशिक सहकारी संस्थाओं एवं सहकारी बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहेंगे । उक्त जानकारी अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक  मनोज गुप्ता ने दी ।

  • उच्च शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में मंत्रालय में मिशन ‘कर्मयोगी बने’ की “सर्वोच्च परामर्शदायी समिति” की बैठक हुई

    समाज एवं राष्ट्र के प्रति उत्तरदायी नागरिक निर्माण ही मिशन ‘कर्मयोगी बने’ का संकल्प : उच्च शिक्षा मंत्री परमार

    प्राध्यापकों के व्यक्तित्व एवं आचरण का अनुसरण करते हैं विद्यार्थी

    प्राध्यापकों के उत्तरदायित्व की सुनिश्चितता और विद्यार्थियों में रचनात्मकता एवं विविधता विकसित करने को लेकर हुआ विस्तृत मंथन

    उच्च शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में मंत्रालय में मिशन ‘कर्मयोगी बने’ की "सर्वोच्च परामर्शदायी समिति" की बैठक हुई

    भोपाल 

    शिक्षा का मूल ध्येय, समाज एवं राष्ट्र के प्रति उत्तरदायी नागरिक निर्माण करना है। हमारा विश्‍वास है कि मिशन 'कर्मयोगी बनें' के माध्‍यम से, यह संकल्‍प हम अवश्‍य पूर्ण कर पाएंगे। प्राध्यापकों के मन में अपने दायित्‍व को लेकर संवेदनशीलता का भाव विकसित करना आवश्‍यक है। उनके समक्ष समाज एवं राष्ट्र के उत्थान को लेकर संकल्पित लक्ष्य की सुनिश्चितता आवश्यक है तभी वे विद्यार्थियों के रूप में जिम्‍मेदार नागरिक तैयार कर पाएंगे। 'कर्मयोगी बनें' की अवधारणा न केवल प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों तक बल्कि धरातल पर समाजव्यापी बने, ऐसे प्रयास करने होंगें। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने बुधवार को कही। मंत्री परमार उच्च शिक्षा अंतर्गत ‘कर्मयोगी बने’ की "सर्वोच्‍च परामर्शदायी समिति" की मंत्रालय में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबोधित कर रहे थे।

    उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने उच्च शिक्षा विभाग अंतर्गत मिशन "कर्मयोगी बनें" के प्रभावी क्रियान्वयन के परिप्रेक्ष्य में देश के लब्धप्रतिष्ठ विद्वतजनों की वर्चुअल उपस्थिति में "सर्वोच्च परामर्शदायी समिति" की बैठक लेकर विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की। मंत्री परमार ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा व्‍यवस्‍था में गुणवत्ता सुधार के लिए हम दृढ़ संकल्पित है। इसी परिप्रेक्ष्य में मूल्‍यांकन प्रणाली में सुधार एवं पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल मूल्‍यांकन की व्‍यवस्‍था लागू करने का प्रयास कर रहे हैं। परमार ने बताया कि प्रदेश के समस्त सार्वजनिक विश्वविद्यालय, मूल्यांकन में क्रेडिट के साथ जोड़कर भारतीय भाषाओं को सिखाने की कार्य योजना पर भी कार्य कर रहे हैं, इससे भाषाई एकात्मता का संदेश प्रदेश से देश भर में गुंजायमान होगा।

    उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने उच्च शिक्षा में प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने को लेकर "कर्मयोगी बनें" के विज़न (दृष्टि) को रेखांकित किया। मंत्री परमार ने कहा कि प्रदेश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता एवं जवाबदेहिता के लिए, राज्य सरकार संकल्पित है। उच्च शैक्षणिक संस्थानों के परिवेश को गुणवत्तापूर्ण, सर्वसाधन सम्पन्न, विद्यार्थी अनुकूल, उत्कृष्ट एवं सकारात्मक बनाने के प्रयास लगातार जारी हैं। मंत्री परमार ने कहा कि विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए सहानुभूति एवं सख्ती दोनों के समन्वय के साथ, विद्यार्थी केंद्रित कार्ययोजना बनाने की आवश्यकता है। मंत्री परमार ने कहा कि प्राध्यापक के प्रति विद्यार्थी का लगाव बने और विद्यार्थी, प्राध्यापक के आचरण एवं व्यक्तित्व का अनुसरण करें, इसके लिए प्राध्यापकों को अपनी जवाबदेहिता स्वतः भी सुनिश्चित करनी होगी। प्राध्यापकों के लिए भी सहानुभूति एवं सख्ती दोनों के समन्वय के साथ, शिक्षक प्रशिक्षण के लिए कार्य योजना बनाने की आवश्यकता है।

    मंत्री परमार ने वर्चुअल रूप से जुडे समिति के सभी सदस्‍यों को आश्वस्त किया कि समिति द्वारा सुझाए गए विषयों पर विभाग द्वारा गंभीरतापूर्वक कार्य योजना बनाकर क्रियान्वयन किया जाएगा एवं समिति को एक रिपोर्ट प्रस्तुतीकरण के माध्‍यम से इस बारे में अवगत कराया जाएगा। मंत्री परमार ने अधिकारियों को बैठक में प्राप्त समस्त सुझावों एवं परामर्शों पर क्रियान्वयन सुनिश्चित कर, क्रियान्वयन का प्रेजेटेंशन तैयार करने के निर्देश भी दिए।

    अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन ने कहा कि विद्यार्थियों की उपस्थिति को बढाने के लिए निरन्‍तर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्‍होंने बताया कि विभाग के लगातार प्रयासों के कारण प्रदेश के लगभग 4 लाख विद्यार्थी स्‍वयं पोर्टल पर पंजीयन कर चुके हैं। एसीएस राजन ने बताया कि समिति के सुझाव को देखते हुए विभाग, शिक्षकों को सम्‍मानित एवं पुरस्कृत करने की योजना बना रहा है।

    आयुक्‍त उच्‍च शिक्षा प्रबल सिपाहा ने कहा कि विभाग निरन्‍तर मूल्‍यपरक एवं गुणवत्‍तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रयासरत है।

    राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद् (NAAC) बेंगलुरू के अध्यक्ष प्रो. डॉ. अनिल सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए तीन सप्‍ताह का विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम बनाया गया है। 9 मॉडयूल वाले इस प्रोग्राम में विद्यार्थियों को मानव मूल्‍यों की शिक्षा दी जाएगी, इसके लिए पहले शिक्षकों को ट्रेनिंग देनी होगी।

    भारत सरकार अंतर्गत मिशन कर्मयोग (क्षमता निर्माण आयोग) के सदस्य (मानव संसाधन) प्रो. आर. बालासुब्रमण्यम ने कहा कि "राष्‍ट्रीय जनसेवा कर्मयोगी" कार्यक्रम के माध्‍यम से, प्रदेश के सभी शिक्ष‍कों को ट्रेनिंग दी जानी चाहिए।

    विश्वविद्यालय अनुदान आयोग नई दिल्ली के उपाध्यक्ष प्रो. दीपक कुमार वास्तव ने शिक्षकों के लिए तैयार केपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम को ओरियंटेशन प्रोग्राम में ही शामिल करने का सुझाव दिया। प्रो. वास्तव ने प्राध्यापकों की क्षमता को कार्यात्मक एवं व्यवहारिक क्षमता के आधार पर, वर्गीकृत कर क्षमता निर्माण पर क्रियान्वयन का सुझाव दिया।

    बैठक में, पूर्व बैठक में प्राप्त सुझावों पर हो रहे क्रियान्वयन की अद्यतन प्रगति की समीक्षा की गई। देश के ख्यातिलब्ध शिक्षाविदों ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर महत्वपूर्ण, प्रभावी एवं प्रासंगिक परामर्श दिए। प्राध्यापकों के उत्तरदायित्व की सुनिश्चितता, उनके प्रशिक्षण एवं प्रोत्साहन को लेकर व्यापक विचार-मंथन हुआ। विद्यार्थियों में रचनात्मकता एवं विविधता विकसित करने, संस्थान में उपस्थिति एवं उनके समग्र विकास से जुड़े विविध विषयों पर सारगर्भित विमर्श हुआ।

     

     

  • प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किश्त का हुआ वितरण

    किसानों के सुख-दुख में हमेशा साथ है सरकार : राजस्व मंत्री  वर्मा

    किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं : मंत्री  कंसाना

    प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किश्त का हुआ वितरण

    प्रदेश के 81 लाख से अधिक किसानों को लगभग 1640 करोड़ रुपये की राशि हुई वितरित
    प्रधानमंत्री  मोदी ने किया वर्चुअली संबोधित
    कृषि उपज मण्डी करोंद भोपाल में राज्य स्तरीय कार्यक्रम

    भोपाल 

    प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किश्त का वितरण देश के किसानों को कोयंबटूर तमिलनाडू से किया। जिसमें 9 करोड़ से अधिक किसानों को ₹18 हज़ार करोड़ की सम्मान राशि हस्तांतरित की गई। इसमें प्रदेश के 81 लाख से अधिक किसानों को लगभग 1640 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किश्त का वितरण का राज्य स्तरीय कार्यक्रम कृषि उपज मण्डी, करोंद, भोपाल में आयोजित किया गया।

    राजस्व मंत्री  करण सिंह वर्मा ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार किसानों, गरीबों, युवाओं, महिलाओं सहित सभी के कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार द्वारा किसान हितैषी कार्य लगातार किये जा रहे हैं। किसानों की फसलों को किसी भी कारण से क्षति होने पर सहायता प्रदान की जा रही है। सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ है।

    किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री  ऐंदल सिंह कंसाना ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने पीएम-किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त जारी की है। यह राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि खेतों में बहाए पसीने और देश की थाली तक अन्न पहुँचाने वाले किसानों के परिश्रम के प्रति सच्चा सम्मान है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में किसानों के हित में निरंतर कार्य किया जा रहा है। भावांतर भुगतान योजना के तहत सोयाबीन पर समर्थन मूल्य और बाजार मूल्य के अंतर की पूरी राशि की पूर्ति सरकार भर रही है। जनजातीय बहुल क्षेत्रों में रानी दुर्गावती  अन्न प्रोत्साहन योजना शुरू की गई है। इसके अलावा मृदा स्वास्थ्य कार्ड, फसल बीमा योजना, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, कृषि यंत्रीकरण और उचित मूल्य सुनिश्चित करने जैसे अनेक कदम उठाए जा रहे हैं।

    उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार द्वारा फरवरी 2019 में कृषकों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना प्रारंभ की गई।इसमें पात्र कृषि परिवारों को हर साल 6,000 रुपये तीन समान किश्तों में (प्रति किश्त 2,000 रुपये) दिए जाते हैं। यह राशि सीधे हितग्राहियों के आधार से लिंक्ड बैंक खाते में जमा की जाती है।

    प्रदेश में केन्द्र की इस योजना के साथ राज्य सरकार की मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना भी संचालित है जिसमें किसानों को अतिरिक्त 6 हजार रुपये प्रतिवर्ष (तीन किश्तों में) दिए जाते हैं। इस अवसर पर सचिव किसान कल्याण एवं कृषि विकास  निशांत वरवड़े सहित विभिन्न अधिकारी एवं किसान उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले: यूथ यात्रा का स्वागत गरिमा व गौरव के साथ होना चाहिए

    गरिमा और गौरव के साथ भव्य स्वागत हो यूथ यात्रा का: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर निकली एकता यात्रा मध्यप्रदेश से होकर गुजरेगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    24 नवम्बर को पांढुर्ना जिले से प्रवेश कर 26 नवम्बर को झाबुआ होते हुए गोधरा जाएगी यूथ यात्रा

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश को एक सूत्र में पिरोने वाले लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर देश भर में चार यूथ (एकता) यात्राएं निकाली जा रही हैं। इनमें से नागपुर से निकलने वाली यूथ यात्रा मध्यप्रदेश से होकर गुजरेगी। यह यात्रा पांढुर्ना जिले से मध्यप्रदेश की सीमा में प्रवेश करने के बाद बैतूल आएगी, फिर यहां से होते हुए इंदौर, धार, झाबुआ होते हुए गुजरात के गोधरा में प्रवेश करेगी। प्रदेश में आगमन से लेकर गुजरात में प्रस्थान करने तक पर इस यूथ यात्रा का पूरी गरिमा, गौरव और आत्मीयता के साथ भव्य स्वागत किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को पटना से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जुड़कर अधिकारियों को यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रा के मध्यप्रदेश में प्रवास के दौरान सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, रात्रि विश्राम, स्वागत, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पौधरोपण आदि के संबंध में की जाने वाली सभी व्यवस्थाओं के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर माइक्रो प्लानिंग कर ली जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूथ यात्रा के पूरे मार्ग पर स्वागत, सरदार पटेल के जीवन पर आधारित चित्र, स्मरण लेख, कविता पाठ आदि की प्रदर्शनी, एक पेड़ मां के नाम, पोधारोपण की व्यवस्था, स्वच्छता के कार्यक्रम, स्वदेशी प्रदर्शनी, सांस्कृतिक मण्डलों के प्रदर्शन, लोक नृत्य, युवा संवाद, खिलाड़ियों की सहभागिता आदि सभी बातों की स्थानीय स्तर पर पुख्ता व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी आपस में उच्चकोटि का समन्वय रखकर इस आयोजन को सफल बनाएं। मुख्यमंत्री ने नागपुर से निकलकर मध्यप्रदेश से गुजरने वाली यात्रा की व्यापक तैयारियों के संबंध में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से संवाद भी किया। उन्होंने कहा कि खेल एवं युवा कल्याण विभाग अधिक से अधिक युवाओं और खिलाड़ियों को इस यात्रा से जोड़े। यात्रा का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार भी किया जाए।

    उल्लेखनीय है कि लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर देश में चार एकता यात्राएं निकाली जा रही हैं। ये सभी एकता यात्रा 6 दिसंबर को केवड़िया पहुंचेगी, जहां एक विशाल सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें नागपुर, जयपुर, दिल्ली और मुंबई से एकता यात्राएं निकाली जा रही है। नागपुर से निकाली जा रही एकता यात्रा मध्यप्रदेश से होकर गुजरेगी। पांढुर्णा जिले से होकर यह यात्रा बैतूल पहुंचेगी। यहां यात्रा का स्वागत किया जाएगा। यात्रा 25 नंवबर को इंदौर पहुंचेगी। इस यूथ यात्रा में मध्यप्रदेश्, छत्तीसगढ़, आंध्रपदेश एवं महाराष्ट्र के करीब 385 युवा (पुरूष) सम्मिलित होंगे। यात्रा में 11 बसें और चार कारें शामिल होंगी।

    यूथ यात्रा का रूट चार्ट

    यह यूथ यात्रा सोमवार, 24 नवम्बर को सुबह 10 बजे नागपुर से प्रस्थान कर पांढुर्ना होते हुए बैतूल पहुंचेगी। इस दिन इसका रात्रि विश्राम बैतूल में होगा।

    यात्रा मंगलवार, 25 नवम्बर 2025 को सुबह बैतूल से प्रस्थान कर हरदा-खातेगांव-कन्नौद-डबल चौकी होते हुए इंदौर पहुंचेगी। इस दिन यात्रा का रात्रि विश्राम इंदौर में ही होगा।

    बुधवार, 26 नवम्बर को इस यात्रा का इंदौर में भव्य स्वागत कर जनसभा आयोजित की जाएगी। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव शामिल होकर यात्रा का स्वागत करेंगे। इसके उपरांत इंदौर से प्रस्थान कर यह यात्रा धार-झाबुआ होते हुए गुजरात के गोधरा की सीमा में प्रवेश करेगी।

    केंद्रीय राज्यमंत्री श्री दुर्गादास उइके, केंद्रीय राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेशाध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल, यूथ यात्रा के संयोजक श्री जीतू जिराती, श्री हितानंद शर्मा, अन्य जनप्रतिनिधियों, आयुक्त जनसम्पर्क श्री दीपक कुमार सक्सेना, संचालक, खेल एवं युवक कल्याण श्री राकेश गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से बैठक में शिरकत की।

     

  • देश सेवा में समर्पित जवानों के प्रति राज्य सरकार की पूरी प्रतिबद्धता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    राज्य सरकार राष्ट्र की सेवा में तत्पर जवानों के साथ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    शहीद के छोटे भाई को प्रदान करेंगे सरकारी नौकरी
    परिजन की सभी आवश्यकताओं का भी रखेंगे ध्यान
    नक्सली मुठभेड़ में निरीक्षक की शहादत पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने व्यक्त कीं संवेदनाएं

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ संयुक्त अभियान में मध्यप्रदेश के बालाघाट में हॉक फोर्स में निरीक्षक श्री आशीष शर्मा बहादुरी से मुकाबला करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निरीक्षक की शहादत पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार सदैव हमारे जवानों के साथ है। बहादुर जब वीरगति को प्राप्त होते हैं तो उन्हें स्वत: ही भगवान के श्री चरणों में स्थान मिलता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार दु:ख की इस घड़ी में शोकाकुल परिवार के साथ खड़ी है। हम शहीद के छोटे भाई को सरकारी नौकरी प्रदान करेंगे। शहीद के परिवार की सभी आवश्यकताओं का भी ध्यान रखा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसी घटनाएं हमारे संकल्प की सिद्धि में बाधक नहीं बनेगी। केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में दुर्दांत अपराधियों के खिलाफ हम सख्त कार्रवाई जारी रखेंगे, जो गरीबों और लाचारों पर अन्याय करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को सतना जिले के नागौद में मीडिया को संबोधित करते हुए ये बातें कही इस आशय के उद्गार व्यक्त किए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नक्सलवादियों के खिलाफ केंद्रीय गृहमंत्री के नेतृत्व में हमारी सरकार मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित देशभर में लगातार कार्रवाई कर रही है। बुधवार को छत्तीसगढ़ में ज्वाइंट ऑपरेशन में केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ इंस्पेक्टर श्री आशीष शर्मा के बहादुरी से वीरगति प्राप्त करने का दु:खद समाचार मिला है। हमारी सरकार शहीद के परिवार के लिए सभी प्रबंध करेगी। सरकार दुख की इस घड़ी में उनके साथ है। शहीद के परिजन को सम्मान निधि सहित सारी सुविधाएं भी देने के प्रयास करेंगे।

     

  • मानकों पर खरी नहीं उतरीं 7 आयुर्वेदिक मेडिसिन; छिंदवाड़ा प्रशासन ने लगाया प्रतिबंध

    छिंदवाड़ा
    जिले में एक बार फिर दवाओं की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। बिछुआ इलाके में 5 महीने की मासूम बच्ची की संदिग्ध मौत के मामले में जांच के बाद 7 आयुर्वेदिक दवाएं अमानक पाई गई हैं। इसके बाद जिला आयुष विभाग ने इन सभी दवाओं की बिक्री और खरीदी पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। 30 अक्टूबर को बिछुआ कस्बे में संदीप मिनोट की 5 महीने की बच्ची सर्दी-खांसी से पीड़ित थी। इलाज के लिए वे कुरोठे मेडिकल स्टोर पहुंचे, जहां से उन्होंने कासामृत सीरप और 16 पुड़िया दवाई खरीदीं। स्वजनों के मुताबिक, दवाई देने के कुछ समय बाद ही बच्ची की तबीयत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। स्वजनों ने मामले की शिकायत आयुष विभाग में की।
     
    मानकों पर खरा नहीं उतरीं सातों दवाएं
    शिकायत के बाद आयुष विभाग ने मौके से दवाओं के सैंपल लेकर ग्वालियर की लैब में भेजे। रिपोर्ट आने पर पता चला कि कासामृत सीरप, गिलोय सत्व, कामदुधा रस, प्रवाल पिष्टी, मुक्ता शक्ति भस्म, लक्ष्मी विलास रस, कफ कुठार रस ये सातों दवाएं मानकों पर खरा नहीं उतरीं। रिपोर्ट आते ही जिला आयुष अधिकारी डॉ. प्रमिला यावतकर ने कार्रवाई करते हुए इन सभी दवाओं की खरीदी-बिक्री पर प्रतिबंध कर दिया है।

    विभाग ने मेडिकल स्टोर और सप्लायर्स को निर्देश जारी कर दिए हैं कि जब तक जांच पूरी न हो, इन दवाओं को न स्टॉक करें और न ही बेचें। छिंदवाड़ा में इससे पहले कोल्ड्रिफ सीरप से हुई 24 बच्चों की मौत ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी थी, जिसके बाद कोल्ड्रिफ और उसके बाद यह नया मामला सामने आने से जिले में दवाओं की गुणवत्ता पर फिर से गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

    घटना के बाद बिछुआ और आसपास के गांवों में लोग डर में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब छोटे बच्चों के लिए दी जाने वाली दवाएं ही सुरक्षित नहीं हैं, तो भरोसा कैसे करें? परिजनों ने मेडिकल स्टोर संचालक और दवा सप्लायर पर भी कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

  • रेलवे मेगा ब्लॉक घोषणा: 23-24 को 8 ट्रेनें नहीं चलेंगी

     

    रायपुर/ बिलासपुर

    रायपुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले हथबंद-तिल्दा नेवरा सेक्शन में रोड अंडर ब्रिज के निर्माण के लिए बॉक्स पुशिंग के लिए रिलीविंग गर्डरों को लॉन्च किया जाएगा. इसके कारण मेगा ब्लॉक लिया जा रहा है. जिसके कारण 23 एवं 24 नवंबर को 8 मेमू और पैसेंजर ट्रेनों को रद्द करने का निर्णय लिया गया है. वहीं कुछ ट्रेनें गंतव्य के पहले समाप्त होगी. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल के अंतर्गत हथबंद-तिल्दा नेवरा सेक्शन के बीच रोड अंडर ब्रिज के निर्माण के लिए बॉक्स पुशिंग की सुविधा के लिए रिलीविंग गर्डरों को लॉन्च का कार्य करने के लिए ट्रैफिक कम पावर ब्लॉक लिया जा रहा है.

    शालीमार एक्सप्रेस 13 नवंबर से 9 दिन रहेगी रद्द

    यह काम 20 नवम्बर को डाउन लाइन में 3 घंटे 30 मिनट का तथा 22 एवं 23 नवम्बर को अप एवं मीडिल लाइन 4 घंटे नियंत्रित की जाएगी. इसके कारण 23 एवं 24 नवंबर को 8 मेमू और पैसेंजर ट्रेनों को रद्द करने का निर्णय लिया है. इस कार्य के फलस्वरूप कुछ यात्री गाड़ियों का परिचालन बीच में समाप्त किया जाएगा. मेगा ब्लॉक के कारण 20 एवं 23 नवम्बर को झारसुगुड़ा से चलने वाली 68862 झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू पैसेंजर को बिलासपुर में ही समाप्त होगी. यह गाड़ी बिलासपुर एवं गोंदिया के बीच रद्द रहेगी. इसी तरह 20 एवं 23 नवम्बर को 68861 गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू पैसेंजर गोंदिया के स्थान यह गाड़ी बिलासपुर से ही झारसुगुड़ा के लिए रवाना होगी. इसलिए यह गाड़ी गोंदिया एवं बिलासपुर के बीच कैंसिल रहेगी.

    रद्द होने वाली ट्रेनों की सूची

        23 नवम्बर को 68728 रायपुर बिलासपुर मेमू पैसेंजर.
        23 नवम्बर को 68719 बिलासपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर.
        23 नवम्बर को 68733 गेवरा रोड बिलासपुर मेमू पैसेंजर.
        23 नवम्बर को 68734 बिलासपुर-गेवरा रोड मेमू पैसेंजर.
        23 नवम्बर को 58203 कोरबा-रायपुर पैसेंजर.
        23 नवम्बर को 58205 रायपुर-नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) पैसेंजर.
        24 नवम्बर को 58206 नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) रायपुर पैसेंजर.
        24 नवम्बर को 58202 रायपुर-बिलासपुर मेमू पैसेंजर.

     

  • 20 साल बाद MP में सरकारी बस सेवा फिर से शुरू, इंदौर और आसपास के इलाके में पहले चरण की शुरुआत

    भोपाल 

     प्रदेश में 20 साल से बंद सरकारी लोक परिवहन सेवा नए सिरे से 7 चरणों में सड़कों पर उतरेगी। पहले चरण में इंदौर और आसपास के 50 किमी क्षेत्र में अनुबंधित बसें चलेंगी। दूसरे चरण में इंदौर संभाग के सभी जिलों तक विस्तार होगा। भोपाल व उज्जैन शहर के 50 किमी के दायरे में आने वाले सभी शहर व अंतर शहरी रूट पर बसें दौडे़ंगी। 7वें चरण में ग्वालियर-चंबल संभाग के जिले कवर होंगे। परिवहन विभाग के सचिव व मप्र यात्री परिवहन और इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के एमडी मनीष सिंह ने संचालक मंडल की पहली बैठक में सीएम डॉ. मोहन यादव(CM Mohan Yadav) के सामने पूरी कार्ययोजना पेश की।

    परिवहन सचिव ने सीएम को बताई योजना

        इंदौर शहर से 50 किमी के दायरे में आने वाले सभी शहरी व अंतर शहरी रूट पर बसें चलेंगी।

        इंदौर संभाग के सभी जिलों तक विस्तार। उज्जैन व भोपाल शहर से 50 किमी दायरे में आने वाले शहरी व अंतर शहरी रूट पर बसें दौड़ेंगी।

        उज्जैन संभाग के सभी जिले कवर होंगे।

        सागर व जबलपुर संभाग के जिलों में शुरुआत, रूट चिह्नित।

        भोपाल-नर्मदापुरम संभाग के सभी जिलों में लोक परिवहन सेवा जमीन पर उतरेगी।
        रीवा व शहडोल संभाग के जिले कवर होंगे।

        ग्वालियर व चंबल संभाग के सभी जिलों तक सेवा का विस्तार।

    देश में पहली बार

    परिवहन सचिव मनीष सिंह ने सीएम को बताया कि लोक परिवहन सेवा के लिए इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम बना रहे हैं। यह देश का पहला सिस्टम होगा, जिसमें बस लोकेशन ट्रैकिंग, ऑटोमेटिक किराया संकलन, अलर्ट, शिकायत निवारण जैसे 18 मॉड्यूल होंगे।

    मुख्यमंत्री: फायदे वाले रूट पर ही दौड़कर न रह जाएं बसें

    मुख्यमंत्री ने पूरी कार्ययोजना देखी और परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव अनुराग जैन समेत अन्य अफसरों से राय ली। बोले-यह सरकार का सबसे बड़ा महत्वाकांक्षी और जनकल्याण से जुड़ा काम है। ध्यान रहे, बसें सिर्फ फायदे वाले रूटों तक ही न चलाएं। लोगों की जरूरत वाले रूट भी चिह्नित कर बसें दौड़ाएं।

    सीएम के ये सुझाव

    15 साल या उससे पुरानी बसें नहीं चलाई जाएं।
    राज्यों के मॉडलों का एक बार और अध्ययन कराएं। जो अच्छा हो, उसे भी कार्ययोजना में शामिल करें।
    मप्र यात्री परिवहन व इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड कंपनी का लोगो प्रतियोगिता के आधार पर तय करें।

    ऐसे तय होगा किराया

    यात्री किराए का निर्धारण थोक मूल्य सूचकांक, श्रम दर, ईंधन दर, पूंजीगत लागत और वर्तमान किराये के आधार पर किया जाएगा। इसके अलावा अन्य मापदंड भी देखे जाएंगे।

  • संविदा कर्मचारियों ने थाली और लोटा बजाकर किया आंदोलन, आदिवासी विकास विभाग पर जताया विरोध

    बैतूल

    प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्य करने वाले संविदा कर्मचारी 20 नवंबर को 22 जुलाई 2023 को समान्य प्रशासन विभाग से जारी संविदा नीति के विरोध में सभी जिला मुख्यालयों पर घंटी, थाली, चम्मच, लोटा बजाकर सरकार को जगाने के लिए प्रदर्शन करेंगे।उधर, बैतूल में जनजातीय कार्य विभाग द्वारा दैनिक वेतन भोगी भृत्य को सेवा से पृथक करने के आदेश के विरोध में भोपाल में सतपुड़ा भवन में प्रदर्शन किया जाएगा।

    मध्यप्रदेश संविदा अधिकारी कर्मचारी महासंघ के प्रांताध्यक्ष रमेश राठौर ने बताया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा इसमें सुधार को लेकर जो घोषणा की गई थी उसके अनुसार आदेश जारी नहीं किए गए हैं।

    महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष राठौर ने बताया कि 20 नवंबर को पूरे प्रदेश में संविदा कर्मचारियों के द्वारा घंटी बजाई जाएगी और सरकार में बैठे अधिकारियों को कुंभकरण की नींद से जगाया जाएगा और संविदा नीति में संशोधन करने की मांग की जाएगी।

    संविदा कर्मचारी भोपाल में दोपहर 1:30 बजे राज्य शिक्षा केंद्र के सामने घंटी बजाकर सरकार को जगाएंगे और मांग करेंगे कि संविदा नीति की विसंगतियों को दूर किया जाए।

    यह संशोधन चाहते हैं संविदा कर्मचारी सामान्य प्रशासन विभाग ने 22 जुलाई 2023 की संविदा नीति में नियमित भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण के साथ एक लाइन जोड़ दी है जो ठीक नहीं है। इससे तो 2018 की संविदा नीति रही है जिसमें नियमित भर्ती के लिए निकलने वाले पदों का 20 प्रतिशत आरक्षण ही ठीक था।

    संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ की मांग है कि सरकार नियमित भर्ती का सीधे 50 प्रतिशत पद संविदा कर्मचारियों के लिए आरक्षित रखें। इसमें किसी भी प्रकार का कोई किंतु, परंतु नहीं जोड़ा जाए और उन पदों पर वरिष्ठता के आधार पर नियमित किया जाए।

    नए और 25 साल से काम कर रहे कर्मचारियों का वेतन मान सही हो संविदा नीति 22 जुलाई 2023 में सातवां वेतन निर्धारण करते समय जो संविदा कर्मचारी अधिकारी समान पद पर 25-30 साल से कार्य कर रहा है और जो नया नियुक्त हो रहा है उसका वेतन और नए कर्मचारियों का वेतन एक समान है।

    वरिष्ठता के हिसाब से कोई वेतन निर्धारण नहीं किया गया है। वरिष्ठता के अनुसार संविदा कर्मचारियों को इतने वर्षों का इन्क्रीमेंट लगाते हुए, समयमान वेतनमान, क्रमोन्नति के अनुसार वेतन निर्धारण करते हुए वेतन निर्धारण किया जाना चाहिए।

    संविदा कर्मचारियों को पहले नियमित कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ता प्रदान किया जाता था। 22 जुलाई 2023 की संविदा नीति में महंगाई भत्ते के सीन पर सीपीआई इंडेक्स कर दिया गया जिसके कारण संविदा कर्मचारियों के वेतन में बहुत कम वेतनवृद्धि होती है। इसलिए संविदा कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के अनुसार वेतन और मंहगाई भत्ता दिया जाना चाहिए।

    ग्रेड पे में सुधार किया जाए विभागों ने 22 जुलाई 2023 की संविदा नीति के अनुसार बहुत से पदों के ग्रेड पे कम कर दिए हैं। जैसे वर्षों से डाटा एंट्री ऑपरेटर को 2400 ग्रेड पे के अनुसार वेतन दिया जा रहा था उनको 1900 रुपए कर दिया है।

    जिला परियोजना समन्वयक, विकास खण्ड समन्वयक, जिला महिला जेंडर समन्वयक इनका ग्रेड पे जो पहले मिल रहा था उससे कम कर दिया गया है। सहायक ग्रेड 1 को सहायक ग्रेड 3 बना दिया गया, लेखापाल का वेतन निर्धारण 2800 की जगह 2400 से कर दिया गया। प्रोग्रामर, एमआईएस, कोआर्डिनेटर, स्टेनोग्राफर इन सबका वेतन निर्धारण सही किया जाए ।

    यह सब शासन के वित्त विभाग के दबाव में किया है। उसे सुधारा जाए और जिन पदों निर्धारण हुआ है, उनका निराकरण किया जाए।

    चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती की जाए विभागों ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जैसे भृत्य, चौकीदार, रसोईया, वाहन चालक इनकी भर्ती वर्षों से बंद कर रखी है, संविदा नीति 2022 में 50 प्रतिशत् का प्रावधान नियमित पद आरक्षण का प्रावधान किया है।

    विभिन्न विभागों में संविदा पर कार्य करने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जैसे भृत्य, चौकीदार, रसोईया, वाहन चालक का क्या होगा? इसके विभागों में जहां पर चतुर्थ श्रेणी और वाहन चालक के पद रिक्त हों, इनका सीधे उन विभागों में संविलयन कर नियमित किया जाए और नियमित वेतनमान दिया जाए।

    अवकाश देने में समानता हो 4 जुलाई 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री ने संविदा कर्मचारियों के समान अवकाश दिए जाने की घोषणा की थी। जिसमें अर्जित अवकाश, आकस्मिक अवकाश, चिकित्सा अवकाश, ऐच्छिक अवकाश, महिला संविदा कर्मचारियों के लिए चाइल्ड केयर लीव कर्मचारियों के लिए 7 दिन का विशेष अवकाश भी शामिल था।

    22 जुलाई 2023 की संविदा नीति में जब आदेश आया उसमें आकस्मिक अवकाश के साथ केवल 15 दिन का विशेष अवकाश प्रदान किए गए।

    शासकीय आवास की पात्रता हो, मकान किराया भत्ता मिले संविदा कर्मचारियों को भी नियमित कर्मचारियों के समान शासकीय आवास की पात्रता और मकान किराया भत्ता, वाहन भत्ता तथा नियमित कर्मचारियों के समान सुविधाएं और लाभ दिया जाए।

    संविदा कर्मचारियों को भी मृत्यु होने पर नियमित कर्मचारियों के समान उसके परिवार को एक्सग्रेसिया का भुगतान किया जाए। ग्रेच्युटी और अनुकंपा नियुक्ति का लाभ उन संविदा कर्मचारियों को भी दिया जाए जो इस नीति के आने के पहले सेवानिवृत्ति हो चुके हैं या दिवंगत हो चुके हैं।

    उनके परिवार के आश्रित सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति और ग्रेच्युटी दी जाए। योजना परियोजना बंद होने से जिन संविदा कर्मचारियों को निष्कासित किया है या सेवा समाप्त की है उन संविदा कर्मचारियों को अन्य विभागों या उनकी योजनाओं में संविदा पर लिया जाए और जो योजनाएं समाप्त होने वाली हैं उनके कर्मचारियों के लिए उपक्रम बनाया जाए।

    जनजातीय कार्य विभाग के अस्थायी कर्मचारी करेंगे प्रदर्शन मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच के बैनर तले आज बुधवार को बैतूल जिले के जनजाति कार्य विभाग में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी भृत्य, अंशकालीन कर्मचारी सहायक आयुक्त जिला बैतूल के कर्मचारी विरोधी आदेश के विरोध में कार्यालय आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग अरेरा हिल्स भोपाल में दोपहर 12 बजे प्रदर्शन करेंगे। आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग को ज्ञापन सौंप कर कर्मचारी विरोधी आदेश को निरस्त करने की मांग करेंगे।

    मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच के प्रदेश अध्यक्ष अशोक पांडे ने बताया कि सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग जिला बैतूल ने विकासखंड अधिकारियों को आदेश जारी करके निर्देश दिए हैं कि दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी, भृत्य एवं अंशकालीन कर्मचारियों को सेवा में न रखा जाए जिस कारण विकासखंड अधिकारी वर्षों से सेवा कर रहे दैनिक वेतन भोगी भृत्य एवं अंशकालीन कर्मचारियों को सेवा से पृथक कर रहे हैं।

    सहायक आयुक्त जिला बैतूल जनजातिय कार्य विभाग ने अस्थाई कर्मचारियों के विरोध में यह आदेश जारी किया है। इस प्रकार का आदेश मध्यप्रदेश के की किसी भी जिले में जारी नहीं किया गया। न ही मुख्यालय भोपाल से कोई पत्र जारी हुआ है।

    कर्मचारियों ने बैतूल में भी कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर कर्मचारी विरोधी आदेश को निरस्त करने की मांग की है लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। प्रदर्शन का नेतृत्व अशोक पांडे प्रदेश अध्यक्ष द्वारा किया जाएगा।

     

  • भोपाल मेट्रो उद्घाटन की तैयारी पूरी, पहले यात्री बन सकते हैं प्रधानमंत्री मोदी

    भोपाल 

    भोपाल शहर में मेट्रो के कमर्शियल रन के लिए सबसे अहम कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी अपनी रिपोर्ट इसी हफ्ते मेट्रो कॉरपोरेशन को दे सकते हैं। सब कुछ ’ओके’ होने के बाद प्रदेश सरकार को रिपोर्ट दी जाएगी। वहीं, नई दिल्ली से हरी झंडी मिलने के बाद मेट्रो के कमर्शियल रन की शुरुआत हो जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकार्पण करेंगे। वे भोपाल मेट्रो के पहले यात्री भी बन सकते हैं। इंदौर में 31 मई को उन्होंने वर्चुअली तरीके से लोकार्पण किया था। सीएमआरएस 12 नवंबर को भोपाल पहुंची थी।

    अब बस रिपोर्ट का इंतजार

    अगले 3 दिन यानी, 13, 14 और 15 नवंबर को टीम ने डिपो से लेकर ट्रैक और ट्रेन तक निरीक्षण किया था। कमिश्नर नीलाभ्र सेनगुप्ता के साथ टीम ने मेट्रो के नट-बोल्ड तक देखे थे। इसके बाद टीम वापस लौट गई।

    इसके साथ ही अब रिपोर्ट का इंतजार है। मेट्रो अफसरों का कहना है कि मेट्रो के कमर्शियल रन के लिए वे सभी काम पूरे हो चुके हैं, जो जरूरी है और सीएमआरएस के पैमाने के हैं। स्टेशनों का कुछ काम जरूर बचा है, लेकिन उससे कमर्शियल रन पर असर नहीं पड़ेगा। इसलिए उम्मीद है कि सीएमआरएस की रिपोर्ट ’ओके’ ही रहेगी।

    इन हिस्सों की जांच हुई

    -रख-रखाव मानकों की जांच।
    -ट्रेन परीक्षण दस्तावेजों और संचालन नियंत्रण केंद्र की समीक्षा।
    -पावर सप्लाई और थर्ड रेल सिस्टम का परीक्षण।
    -स्वचालित ट्रेन नियंत्रण, एटीएस/एटीपी सिस्टम।
    -आपातकालीन ब्रेकिंग, इंटरलॉकिंग।
    -फायर सेफ्टी, यात्री सुविधाएं व स्टेशन मैनेजमेंट की भी जांच।

  • MP की नीतियों से खुश हैं उद्योगपति, प्रदेश में निवेश और रोजगार के नए अवसर तैयार

    भोपाल
    दुनिया के उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश रास आ रहा है। वे प्रदेश में करोड़ों रुपये का निवेश और हजारों लोगों को रोजगार देने के लिए तैयार हैं। इन निवेशकों को दूसरे राज्यों से भी उद्योग स्थापित करने के लिए निमंत्रण हैं, लेकिन वे व्यापार के लिए मध्यप्रदेश को ही चुन रहे हैं। दरअसल, उद्योगपतियों-इंवेस्टर को राज्य के मुखिया डॉ. मोहन यादव का व्यवहार बेहद पसंद आ रहा है। उनका व्यवहार देख बिजनेसमैन को अपने बिजनेस और सुरक्षा की गारंटी नजर आ रही है। इसलिए वे देश के दिल को प्राथमिकता दे रहे हैं। कुछ इंवेस्टर के उद्योगों का तो कुछ ही महीनों में भूमि-पूजन से लोकार्पण भी होने जा रहा है। इन सब बातों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कहना है कि इससे राज्य के विकास की गति का पता चलता है। प्रदेश की नई उद्योग नीति पूरे देश में मॉडल बनकर उभरेगी।    

    गौरतलब है कि, देश-प्रदेश के उद्योगपति मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रशंसा करते नहीं थक रहे। इसी कड़ी में जैस्कन ग्रुप के चेयरमैन समीर गुप्ता ने भी बड़ी बात कही। एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि देश का विकास जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो रहा है, ठीक उसी तरह मध्यप्रदेश का विकास मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हो रहा है। मक्सी में निवेश करने का केवल एक ही कारण है वह है मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्वभाव और स्नेह। गुप्ता ने कहा कि जिस तरह उन्होंने हमारा स्वागत किया, वह अद्भुत है। 

    8 हजार करोड़ का निवेश

    समीर गुप्ता ने कहा कि हमें अन्य राज्यों से भी निमंत्रण थे, लेकिन हमने निवेश के लिए मक्सी का ही चयन किया। हम तीन साल में यहां 8 हजार करोड़ का निवेश करने वाले हैं। मुझे यह घोषणा करने में प्रसन्नता हो रही है कि हमारे निवेश का पहला चरण 15 जुलाई 2026 में पूरा हो जाएगा। मैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से निवेदन करूंगा कि वे उस वक्त भी समय निकालकर उसका उद्घाटन करने आएं। 

    तेजी से विकास कर रहा प्रदेश

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि  समीर गुप्ता का वक्तव्य यह बता रहा है कि आज भूमि-पूजन हुआ और जुलाई में लोकार्पण हो जाएगा। सात महीने के अंदर जिस कारखाने का भूमि-पूजन होकर लोकार्पण हो जाए तो इससे राज्य के विकास की गति का पता चलता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व देश विकसित होने की ओर बढ़ रहा है।

    क्या है मध्यप्रदेश की उद्योग नीति 

    सरकार ने इसी साल औद्योगिक संवर्धन नीति-2025 को स्वीकृति दी। इसका उदेश्य प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और राज्य की वर्तमान जीडीपी को 2.9 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर वर्ष 2030 तक लगभग 6 लाख करोड़ रुपये करने में उद्योगों का योगदान बढ़ाना है। निवेशकों को एक समग्र औद्योगिक ईको सिस्टम प्रदान करने के लिए विश्व स्तरीय औद्योगिक अधोसंरचना का विकास करना, एनवायरनमेंटली सस्टेनेबल इंडस्ट्रियल ग्रोथ और संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना, राज्य में रोजगार के अवसरों को बढ़ाना, विशेष रूप से रोजगार-गहन क्षेत्रों पर जोर देते हुए अगले पांच वर्षों में लगभग 20 लाख नए रोजगार के अवसर सृजित करना,निवेशक सुविधा में सुधार करना और राज्य में व्यापार करने की प्रक्रिया को सरल बनाना और प्रदेश की योजनाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के साथ संरेखित कर भविष्य के लिए प्रशिक्षित कार्यबल तैयार करना है।

  • अब हेलिकॉप्टर से तेज सफर: इंदौर–ओंकारेश्वर 25 मिनट में, 12 स्थानों के लिए शुरू होंगी उड़ानें—किराया देखें

    भोपाल 

     मध्य प्रदेश टूरिज्म विभाग 8 बड़े शहर और 3 नेशनल पार्क के लिए हेलिकॉप्टर सेवा कल 20 नवंबर से शुरू कर रहा है। इंदौर से ओंकारेश्वर जाने में सिर्फ 25 और भोपाल से पचमढ़ी पहुंचने में 40 मिनट लगेंगे। यह खबर पर्यटकों के लिए किसी खुशखबरी से कम नहींl

    इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी हो या कान्हा, बांधवगढ़-STR (सतपुड़ा टाइगर रिजर्व) और दोनों ज्योतिर्लिंग। पीएमश्री पर्यटन हेलिकॉप्टर सेवा की नियमित उड़ानें यहां के लिए रहेंगी। इंदौर-ओंकारेश्वर का किराया 2500 और भोपाल से पचमढ़ी का किराया 5 हजार रुपए तय किया गया है।

    पीएमश्री पर्यटन हेलिकॉप्टर सेवा में एक बड़ा दावा किया जा रहा है कि कम समय पर सीधे स्पॉट तक लोग जा सकेंगे, लेकिन यदि टेक ऑफ और लैंडिंग की प्रोसेस लंबी है। बात भोपाल की करें तो गांधीनगर में एयरपोर्ट है। ऐसे में शहरी क्षेत्र के पर्यटक को एयरपोर्ट पहुंचने में ही 30 से 40 मिनट लग जाते हैं।

    अंतरराज्यीय वायु सेवा वाला पहला स्टेट बनेगा हेलिकॉप्टर सेवा शुरू होने के बाद एमपी देश में अंतरराज्यीय वायु सेवा संचालित करने वाला पहला स्टेट बन जाएगा। सप्ताह में 5 दिन हेलिकॉप्टर उड़ेंगे, जो 3 सेक्टर- वेलनेस, वाइल्ड लाइफ और धार्मिक स्थलों को जोड़ेंगे। अभी 4 बड़े शहर- भोपाल, इंदौर, उज्जैन-जबलपुर, 2 ज्योतिर्लिंग- महाकाल उज्जैन और ओंकारेश्वर खंडवा, 3 नेशनल पार्क- कान्हा, बांधवगढ़ और सतपुड़ा और 3 धार्मिक शहर- अमरकंटक, चित्रकूट-मैहर को जोड़ा गया है।

    सुविधा मिलेगी, लेकिन प्रोसेस लंबी होगी पीएमश्री पर्यटन हेलिकॉप्टर सेवा में एक बड़ा दावा किया जा रहा है कि कम समय पर सीधे स्पॉट तक लोग जा सकेंगे, लेकिन यदि टेक ऑफ और लैंडिंग की प्रोसेस लंबी है। बात भोपाल की करें तो गांधीनगर में एयरपोर्ट है। ऐसे में शहरी क्षेत्र के पर्यटक को एयरपोर्ट पहुंचने में ही 30 से 40 मिनट लग जाते हैं। फिर चेक इन की प्रोसेस। ऐसे में 2 से 3 घंटे का वक्त लगेगा।

    थोड़ा समय बचेगा, पर खर्च ज्यादा होगा भोपाल से पचमढ़ी का किराया 5 हजार है। यदि भोपाल से पचमढ़ी कार से पहुंचा जाए तो एक फैमिली 5 हजार रुपए से कम खर्च में पहुंच जाएगी, जबकि हेलिकॉप्टर से एक फैमिली के 5 सदस्यों का किराया 25 हजार रुपए लगेगा। दूसरी ओर, हेलिकॉप्टर से पचमढ़ी पहुंचने में औसत समय ढाई से तीन घंटे आएगा। इसमें घर से एयरपोर्ट, फिर चेक इन और आउट, उड़ान का समय भी शामिल हैं। अब बचे दो से ढाई घंटे के लिए पांच सदस्यों की एक फैमिली पर 20 हजार रुपए का खर्च बढ़ेगा। हालांकि, जिम्मेदार हेलिकॉप्टर को लेकर अच्छा रिस्पांस मिलने की बात कह रहे हैं।

    फिर चेक इन की प्रोसेस। ऐसे में 2 से 3 घंटे का वक्त लगेगा। दूसरी ओर, भोपाल से पचमढ़ी का किराया 5 हजार है। यदि भोपाल से पचमढ़ी कार से पहुंचा जाए तो एक फैमिली 5 हजार रुपए से कम खर्च में पहुंच जाएगी, जबकि हेलिकॉप्टर से एक फैमिली के 5 सदस्यों का किराया 25 हजार रुपए लगेगा। दूसरी ओर, हेलिकॉप्टर से पचमढ़ी पहुंचने में औसत समय ढाई से तीन घंटे आएगा। इसमें घर से एयरपोर्ट, फिर चेक इन और आउट, उड़ान का समय भी शामिल हैं। अब बचे दो से ढाई घंटे के लिए पांच सदस्यों की एक फैमिली पर 20 हजार रुपए का खर्च बढ़ेगा। हालांकि, जिम्मेदार हेलिकॉप्टर को लेकर अच्छा रिस्पांस मिलने की बात कह रहे हैं।

    हेलिकॉप्टर सेवा शुरू होने के बाद एमपी देश में अंतरराज्यीय वायु सेवा संचालित करने वाला पहला स्टेट बन जाएगा। सप्ताह में 5 दिन हेलिकॉप्टर उड़ेंगे, जो 3 सेक्टर- वेलनेस, वाइल्ड लाइफ और धार्मिक स्थलों को जोड़ेंगे। अभी 4 बड़े शहर- भोपाल, इंदौर, उज्जैन-जबलपुर, 2 ज्योतिर्लिंग- महाकाल उज्जैन और ओंकारेश्वर खंडवा, 3 नेशनल पार्क- कान्हा, बांधवगढ़ और सतपुड़ा और 3 धार्मिक शहर- अमरकंटक, चित्रकूट-मैहर को जोड़ा गया है।

    सेक्टर-1 : इंदौर, उज्जैन और ओंकारेश्वर के बीच उड़ान इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर, मांडू, महेश्वर, गांधीसागर, मंदसौर, नीमच, हनुमंतिया, खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर, बड़वानी, अलीराजपुर, रतलाम, झाबुआ, नलखेड़ा शामिल हैं। यानी, मालवा-निमाड़ का बेल्ट शामिल रहेगा। पहले फेज में इंदौर, उज्जैन और ओंकारेश्वर के बीच हेलिकॉप्टर की सप्ताह में 5 दिन नियमित उड़ान रहेगी। सबसे कम किराया 5 हजार तो सबसे ज्यादा साढ़े 6 हजार रुपए है।

    इन पांच दिन सेवा होगी

        सोमवार, मंगलवार, शुक्रवार, शनिवार और मंगलवार।
        2 दिन- बुधवार और गुरुवार को कोई उड़ान नहीं रहेंगी।

    सेक्टर-2: भोपाल, पचमढ़ी-मढ़ई के बीच सेवा इस सेक्टर में भोपाल, मढ़ई, पचमढ़ी, तामिया, छिंदवाड़ा, सांची, इंदौर, दतिया, दमोह, ग्वालियर, शिवपुरी, कूनो, ओरछा, गुना, राजगढ़, सागर, नर्मदापुरम, बैतूल, टीकमगढ़ शामिल हैं। फस्र्ट फेज में भोपाल, पचमढ़ी और मढ़ई के बीच उड़ान रहेगी। भोपाल से पचमढ़ी की दूरी 1.10 घंटे में और पचमढ़ी से मढ़ई की दूरी सिर्फ 20 मिनट में तय होगी।

    यहां दो तरह की उड़ानें रहेंगी। पहली डायरेक्ट और दूसरी कनेक्टिंग। कलेक्टिंग भोपाल से पचमढ़ी के बीच ही होगी। न्यूनतम 3 हजार और अधिकतम 5 हजार रुपए किराया रहेगा।

    सेक्टर-3: दो नेशनल पार्क…मैहर, अमरकंटक-चित्रकूट भी शामिल इसमें जबलपुर, बांधवगढ़, कान्हा, चित्रकूट, सरसी, परसुली, मैहर, सतना, पन्ना, खजुराहो, कटनी, रीवा, सिंगरौली, अमरकंटक, सिवनी, सीधी, मंडला, पेंच, डिंडौरी शामिल हैं। फस्ट फेज में जबलपुर, मैहर, चित्रकूट, कान्हा, बांधवगढ़, अमरकंटक शामिल हैं।

        यानी, दो नेशनल पार्क– कान्हा और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हेलिकॉप्टर के जरिए पहुंच सकेंगे तो अमरकंटक, चित्रकूट और मैहर जैसे धार्मिक स्थलों पर भी उड़कर आ-जा सकेंगे।
        सबसे कम किराया मैहर से चित्रकूट का है। वहीं, सबसे ज्यादा 6250 रुपए किराया जबलपुर से कान्हा पार्क तक लगेगा।

    आसमान से दिखेंगी सतपुड़ा की वादियां भोपाल से पचमढ़ी पहुंचने के लिए सड़क मार्ग से 200 किमी की दूरी तय करना पड़ती है। जिसमें 4.5 से 5 घंटे तक लगते हैं। यहां सीधी रेल सेवा नहीं है। पिपरिया तक रेल और फिर सड़क मार्ग से ही पचमढ़ी जाया जा सकता है।

    ऐसे में अब टूरिस्ट आसमान के रास्ते भी पचमढ़ी-मढ़ई जा सकेंगे। सुबह 11.15 से दोपहर 12 बजे तक 45 मिनट तक पचमढ़ी के ऊपर जॉय राइड भी होगी। यानी, हेलिकॉप्टर में बैठकर टूरिस्ट सतपुड़ा की वादियां भी देख सकेंगे।

    दो दिन बंद रहेगी, पांच दिन उड़ेंगे हेलिकॉप्टर बुधवार और गुरुवार को सेवा बंद रहेगी। PPP मॉडल के तहत यह सेवा संचालित होगी। सेक्टरों के लिए तीन साल का अनुबंध किया गया है। सेक्टर-1: ट्रांस भारत एविएशन। सेक्टर-2 और 3 का काम जेट सर्व एविएशन प्रा.लि. को मिला है।

    एक हेलिकॉप्टर में 6 यात्री बैठ पाएंगे सफर एक साथ 6 यात्रियों के साथ पूरा किया जाएगा। इससे परिवार और छोटे ग्रुप आसानी से यात्रा कर सकेंगे। आसमान से सतपुड़ा की हरी-भरी वादियों, पहाड़ों और टाइगर रिजर्व के घने जंगलों का दृश्य पर्यटक लाइव देख पाएंगे।

    टेक ऑफ-लैंडिंग के लिए हेलीपेड तैयार किए पीएमश्री पर्यटन हेलिकॉप्टर सेवा के लिए एमपी टूरिज्म बोर्ड के जरिए हेलीपेड तैयार किए गए हैं। ताकि, यहां से हेलिकॉप्टर टेक ऑफ और लैंड हो सके। पचमढ़ी में एक सप्ताह पहले ही हेलीपेड तैयार हो गया। ओंकारेश्वर, कान्हा, बांधवगढ़, अमरकंटक, चित्रकूट और मैहर में हेलीपेड बनाए गए। भोपाल, इंदौर और जबलपुर में एयरपोर्ट है, जबकि उज्जैन में हवाई पट्‌टी है। ऐसे में यहां कोई दिक्कत नहीं।

    ऐसे होगी ऑनलाइन बुकिंग www.flyola.in पर क्लिक करके टिकट की ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं। 'पहले आओं, पहले पाओं' की तर्ज पर सीट मिलेगी, क्योंकि हेलिकॉप्टर 6 सीटर ही है। कहीं एक तो कहीं दो हेलिकॉप्टर भी उड़ेंगे।

    पीएमश्री वायु सेवा का यह हश्र… 13 जून 2024, इसी दिन एमपी में पीएमश्री पर्यटन वायु सेवा की भी शुरुआत की गई थी। शुरुआत में तो अच्छा रिस्पांस मिला, लेकिन बाद में वायु सेवा फेल हो गई। वजह पैसेंजर न मिलना रहा। धीरे-धीरे इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर की फ्लाइट पूरी तरह से बंद कर दी गई।

    अभी सप्ताह में 6 दिन भोपाल, रीवा, सतना, सिंगरौली और खजुराहो के बीच ही सेवा जारी है।

  • छत्तीसगढ़ में 20 नवंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, जनजातीय गौरव दिवस के कार्यक्रम में भाग लेंगी

    रायपुर 
    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज 20 नवंबर को छत्तीसगढ़ दौरे पर आ रही है। इस दौरान वे अंबिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस के मुख्य कार्यक्रम में शामिल होंगी। बता दें कि राष्ट्रपति के आगमन की तैयारियां पूरी हो गई है। राष्ट्रपति के अलावा राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित मंत्री, सांसद, विधायक और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहेंगे।

    दो दिन तक चलेगा कार्यक्रम

    जानकारी अनुसार, 19 और 20 नवंबर को अंबिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन का मुख्य आकर्षण राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति रहेगी। वे इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी और प्रदेश के जनजातीय समुदायों के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगी।

    सुरक्षा के कड़े इंतजाम

    हेलीकॉप्टर के आगमन से लेकर राष्ट्रपति के स्थल तक जाने का पूरा मार्ग सील किया जाएगा और हर दिशा से निगरानी की जाएगी। वहीं कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए 1700 से अधिक जवानों की तैनाती की जाएगी।कार्यक्रम की सफलता और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए एसपीजी (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप) की टीम भी निगरानी रख रही है।

    मुख्यमंत्री वैद्यराज सम्मान निधि योजना का शुभारंभ

    बता दें कि राष्ट्रपति मुर्मू प्रदेश में मुख्यमंत्री वैद्यराज सम्मान निधि योजना का शुभारंभ करेंगी। इस योजना के तहत प्रदेश में परंपरागत उपचार करने वाले वैद्यों को हर साल 5000 रुपए की वित्तीय सहायता दी जाएगी। राज्य सरकार ने इसके लिए एक तीन स्तरों वाला चयन प्रक्रिया तैयार किया है, जिसके तहत योग्य वैद्यों का चयन किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य पारंपरिक उपचार विधाओं को बढ़ावा देना और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है।

    मुख्यमंत्री अखरा विकास योजना को मिलेगी हरी झंडी

    इसके अलावा राष्ट्रपति मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री अखरा विकास योजना का भी उद्घाटन करेंगी। इस योजना के तहत प्रदेश के देवस्थलों का विकास और पुनरोद्धार किया जाएगा। योजना के अंतर्गत प्रत्येक देवस्थान पर 5 से 20 लाख रुपए तक की राशि खर्च की जाएगी। योजना का उद्देश्य न केवल धार्मिक स्थलों का संरक्षण करना है बल्कि इन स्थानों को पर्यटन और स्थानीय सांस्कृतिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित करना भी है।