• मंत्री काश्यप ने जरूरतमंदों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र सौंपे

    भोपाल 
    सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम मंत्री  चेतन्‍य कुमार काश्‍यप ने बुधवार को विभाग के दिवंगत कर्मचारियों के पात्र आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र प्रदान किए। लाभांवित परिवारजन ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्य शासन का आभार व्यक्त किया।

    मंत्री  काश्यप ने सहायक ग्रेड वर्ग-3 के पद पर सर्वश्री शुभम सोनकर, जकाउल्‍ला और सुश्री समृद्धि शर्मा को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।  लोकेश मोहार को भृत्‍य के पद पर नियुक्ति प्रदान की गई है। इस अवसर पर विभाग के संयुक्‍त संचालक अंबरीश अधिकारी भी उपस्थित थे।

     

  • धान विक्रय में हुई सुगमता से प्रसन्नचित है बुजुर्ग किसान कोल्हु राम साहू

    मोबाईल एप्प से मिला टोकन और उपार्जन केन्द्र निपानी में आसानी से किया धान का विक्रय

      रायपुर,

    बालोद जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य सुगमता और पारदर्शिता के साथ जारी है। जिले के ग्राम निपानी के बुजुर्ग किसान कोल्हु राम साहू ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि शासन-प्रशासन की व्यवस्था बहुत अच्छी है, इसका परिणाम है कि उनका लगभग 80 क्विंटल धान आसानी से विक्रय हो गया है। उन्होंने बताया कि धान खरीदी का कार्य शुरू होने के पूर्व ही उन्होंने अपने फसल की कटाई, मिंटाई आदि कार्य पूरा कर लिया था। धान खरीदी के एक दिन पूर्व ही उन्होंने अपने नाती के सहयोग से मोबाईल में तुंहर टोकन एप्प के माध्यम से अपने धान के विक्रय हेतु टोकन प्राप्त किया था। उन्होंने बताया कि पहले सोसायटी में टोकन के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती थी, लेकिन अब मोबाईल के माध्यम से ही घर बैठे ऑनलाईन टोकन प्राप्त करने की बड़ी सुविधा मिली है, जो कि उनके जैसे बुजुर्गों के लिए काफी सुविधाजनक साबित हुआ है।

        बुजुर्ग किसान साहू ने बताया कि उन्होंने 17 नवम्बर को 80 क्विंटल धान विक्रय के लिए टोकन लिया था, उस दिन वे धान खरीदी केन्द्र खुलते ही अपना धान लेकर आ गए थे। जिसके पश्चात् समय पर ही उनके धान की आदर््ता माप कर, पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध कराया गया। बारदाना में धान भरने, तौलाई, सिलाई तथा स्टेक में रखने हेतु खरीदी केन्द्र में पर्याप्त मात्रा में कर्मचारी उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से समय पर ही उनका धान विक्रय हुआ है। उन्होंने बताया कि शासन प्रशासन की इस व्यवस्था से ही उनके धान का विक्रय आसानी से समय पर सुनिश्चित हुआ है, जिससे वे बहुत ही संतुष्ट हैं।

    उन्होंने कहा कि धान खरीदी केन्द्र में पहुॅचने वाले किसानों के लिए बैठक, पेयजल, शौचालय आदि की भी व्यवस्था है, जो उन्हें धान खरीदी के कार्य में काफी सुविधाजनक लगा। उन्होंने किसान हितैषी योजनाओं एवं निर्णयों की सराहना करते हुए कहा कि 3100 रूपये प्रति क्विंटल में धान की खरीदी तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल की खरीदी से सभी किसानों के लिए खेती का कार्य काफी लाभदायक बन चुका है। उन्होंने किसान हितैषी योजनाओं के बेहतर संचालन के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को विशेष रूप से धन्यवाद देते हुए शासन प्रशासन का आभार जताया।

  • किसानों को राहत: MSP पर ज्वार-बाजरा और धान का उपार्जन तय तारीखों पर शुरू

    भोपाल 

    ज्वार, बाजरा और धान की फसल की पैदावार करने वाले किसानों के लिए ये जरूरी खबर है सरकार MSP पर उनकी  उपज का उपार्जन शुरू करने वाली है, इसके लिए राज्य सरकार ने उपार्जन नीति घोषित कर दी है, शासन ने उपार्जन से जुड़े महत्वपूर्ण दिशा निर्देश प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर्स, नागरिक आपूर्ति निगम तथा वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन के अफसरों को दिए हैं, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश हैं कि उपार्जन केंद्रों पर ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिससे किसान को कोई परेशानी ना हो।

    खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में केंद्र सरकार द्वारा समय – समय पर घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर औसत अच्छी गुणवत्ता की धान, ज्वार एवं बाजरा का उपार्जन किसानों से किया जाएगा। राज्य शासन ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा की उपार्जन नीति घोषित कर दी है। समर्थन मूल्य पर ज्वार एवं बाजरा की 24 नवम्बर से 24 दिसम्बर तक और धान की खरीदी एक दिसम्बर से 20 जनवरी, 2026 तक की जायेगी। खरीदी सोमवार से शुक्रवार तक की जायेगी।

    सख्त निर्देश, किसानों को ना हो कोई परेशानी 

    खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर्स, नागरिक आपूर्ति निगम तथा वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन के अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि उपार्जन नीति का अक्षरशः पालन सुनिश्चित कराएं, जिससे किसानों को लाभ पहुंचाने की सरकार की मंशा पूरी हो सके। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर उपार्जन कार्य से जुड़े अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।

    एमपी स्टेट सिविल सप्लाईज़ कार्पोरेशन नोडल एजेंसी

    खाद्य मंत्री ने बताया कि निर्धारित अवधि में उपार्जन किया जाएगा। समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा के उपार्जन के लिए मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज़ कार्पोरेशन नोडल एजेंसी होगी। इसके अलावा विभाग द्वारा केन्द्र एवं राज्य सरकार की अन्य एजेन्सी अथवा उनके द्वारा अधिकृत संस्था को भी उपार्जन एजेन्सी घोषित किया जा सकेगा।

    ये है फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य

    धान कॉमन MSP 2369 रुपये प्रति क्विंटल।

    धान ग्रेड-ए MSP 2389 रुपये  प्रति क्विंटल।

    ज्वार मालदण्डी MSP 3749 हजार रुपये प्रति क्विंटल।

    ज्वार हाइब्रिड MSP 3699 रुपये प्रति क्विंटल।

    बाजरा MSP 2775 रुपये प्रति क्विंटल ।

    किसानों की सुविधा अनुसार होंगे उपार्जन केन्द्र

    मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि उपार्जन केन्द्र के स्थान का निर्धारण किसानों की सुविधा अनुसार किया जाएगा। उपार्जन केन्द्र प्राथमिकता से गोदाम/केप परिसर में स्थापित किए जाएंगे। गोदाम/केप उपलब्ध न होने पर समिति एवं अन्य स्तर पर उपार्जन केन्द्र स्थापित किए जा सकेंगे। जिले में उपार्जन केन्द्रों की संख्या का निर्धारण किसान पंजीयन, पंजीयन में दर्ज बोया गया रकबा एवं विगत वर्ष निर्धारित उपार्जन केन्द्रों के आधार पर राज्य उपार्जन समिति द्वारा किया जाएगा।

    ऐसी रहेगी बारदाना व्यवस्था

    खाद्य मंत्री ने बताया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिये 46 प्रतिशत पुराने और 54 प्रतिशत नवीन जूट बारदाने उपयोग किये जायेंगे। बारदानों की व्यवस्था उपार्जन एजेंसी द्वारा की जायेगी। ज्वार एवं बाजरे का उपार्जन नवीन जूट बारदानों में किया जायेगा।

    इन निर्देशों का पालन करना जरूरी 

    •     केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा धान, ज्वार एवं बाजरा के समर्थन मूल्य पर उपार्जन के लिये निर्धारित यूनिफार्म स्पेसिफिकेशन्स के अनुसार एवं समय-समय पर इसमें दी गई शिथिलता के अनुसार उपार्जन किया जायेगा।
    •     गुणवत्ता परीक्षण का दायित्व उपार्जन केन्द्र में उपार्जन करने वाली संस्था और भण्डारण स्थल पर उपार्जन एजेंसी का होगा।
    •     कृषि उपज मण्डियों में एफएक्यू मानक की धान, ज्वार एवं बाजरा की खरीदी समर्थन मूल्य से कम पर क्रय नहीं किया जायेगा। नॉन एफएक्यू उपज का सैम्पल कृषि उपज मण्डी द्वारा संधारित किया जायेगा।
    •     किसान पंजीयन में दर्ज फसल के रकबे एवं राजस्व विभाग द्वारा तहसीलवार निर्धारित उत्पादकता के आधार पर कृषक द्वारा खाद्यान्न की विक्रय योग्य अधिकतम मात्रा का निर्धारण किया जायेगा।
    •     कृषक द्वारा उपज बेचने के लिये उपार्जन केन्द्र एवं विक्रय दिनांक के चयन के लिये स्लॉट बुकिंग करानी होगी।
    •     उपार्जित खाद्यान्न का उपार्जन केन्द्र से गोदाम तक परिवहन का दायित्व उपार्जन एजेंसी का और धान को उपार्जन केन्द्र/गोदाम से सीधे मिलर्स तक परिवहन का दायित्व मिलर्स का होगा।
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  • पद यात्रा में आई सफलता, सारी बाधाएं खुद खत्म हुईं—बाबा बागेश्वर ने बताया अनुभव

    छतरपुर 
     दिल्ली से वृंदावन तक सनातन हिंदू एकता पदयात्रा निकालने के बाद पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बागेश्वर धाम पहुंच गए. उन्होंने धाम में बालाजी के दर्शन करते हुए पूजा अर्चना की. पुरानी पेशी का दरबार लगाते हुए सबको आशीर्वाद दिया.

    इस दौरान बाबा बागेश्वर ने कहा "हनुमान जी के प्रभाव से यात्रा निर्विघ्न संपन्न हुई. सभी लोग हनुमान जी पर भरोसा रखें, सब संकट दूर हो जाएंगे.इतनी बड़ी यात्रा के बीच कई झंझट आए, आतंकवादी पीछे लगे, फरीदाबाद में भारी विस्फोटक मिला, हथियार मिले, इन सबका मकसद यात्रा को रोकना था लेकिन बालाजी ने यात्रा नहीं रुकने दी. आतंकियों की तो ठठरी बर गई."

    पदयात्रा में हिंदुओं का चलता समुद्र दिखा

    बाबा बागेश्वर ने कहा "यात्रा के दौरान सड़कों पर हिंदुओं का चलता समुद्र दिखाई दिया. दुनिया ने देखा हिंदुओं का ज्वार भाटा, अंगूर की कीमत गुच्छे में है अलग होने में नहीं. जिस तरह से सिर्फ कठपुतली दिखाई देती है लेकिन कठपुतली को चलाने वाला कोई और होता है, ठीक उसी तरह से हम सब पदयात्री के रूप में दिखाई देते रहे लेकिन चलाते बालाजी रहे." 7 नवंबर से दिल्ली के कात्यायनी शक्तिपीठ से शुरू हुई सनातन हिंदू एकता पदयात्रा के 16 नवंबर को वृंदावन में संपन्न हुई.

    पूरे देश में समरसता का संदेश गया

    बाबा बागेश्वर ने कहा "हनुमान जी की पूंछ पर आग लगाने की कोशिश वालों के घर जल गए, पूंछ सुरक्षित है. पदयात्रा से 03 सफलताएं मिली. पदयात्रा का संदेश दूर-दूर तक गया. पहली सफलता यह कि हिंदू एकता को इससे ताकत मिली है. दूसरी सफलता समरसता का संदेश सबको मिला. रास्ते में संत समाज ने उन लोगों के साथ बैठकर भोजन पाया, जिन्हें लोग अछूत कहते हैं. वहां उन गांवों में समरसता की चर्चा हुई. सभी ने छुआछूत मिटाकर सबके साथ एक भाव रखने का काम शुरू किया. तीसरी सफलता वृंदावन में मदिरा की खुली दुकानें बंद करने की कार्रवाई शुरू हुई."

    यात्रा में विघ्न डालने वाले हुए नाकाम

    धीरेंद्र शास्त्री ने कहा "पदयात्रा में विघ्न डालने के मंसूबे पाले बैठे आतंकियों की ठठरी बर गई. इतनी बड़ी यात्रा में इतने झंझट आये, विरोध हुआ, आतंकवादी पीछे लग गए, बम विस्फोट हुआ, फरीदाबाद में जहां हम रुके थे वही पास में कट्टा, बंदूक, AK 47, RDX पकड़ा गया. खूब तैयारी में थी डराने की लेकिन देशविरोधी ताकतों को नाकामी मिली." 

  • आयुर्वेदिक दवाओं पर बड़ी कार्रवाई: बैतूल में 6 दवाएं तुरंत हटाने के आदेश

    बैतूल

    छह आयुर्वेदिक दवाओं की बिक्री और खरीद पर बैतूल जिले में तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। आयुर्वेद विभाग द्वारा की गई गुणवत्ता जांच में ये दवाएं मानकों पर खरी नहीं उतरीं। इसे देखते हुए जिला आयुष अधिकारी डॉ योगेश चौकीकर ने सभी औषधि विक्रेताओं को निर्देश जारी किए हैं।

    इन दवाओं को किया बैन

    जांच में जिन दवाओं को एनएसक्य (नॉट फॉर स्टैंडर्ड क्वालिटी) पाया गया है, उनमें कफ कुमार रस, लक्ष्मी विलास रस (नारदीय), प्रवाल पिष्टी, मुकता शुक्ति, निलोह सिद्ध तथा कामदुधा रस शामिल हैं। इनमें से कुछ दवाएं उत्तर प्रदेश के साहिबाबाद स्थित दवा निर्माण इकाई से निर्मित हैं, जबकि अन्य मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के विभिन्न निजी आयुर्वेदिक औषधि उत्पादकों ‌द्वारा बनाई गई हैं।

    विभाग ने दिए सख्त आदेश

    जिला आयुष अधिकारी ने आदेश में स्पष्ट किया है कि संबंधित कंपनियों की बैच संख्या वाली इन दवाओं का तुरंत स्टॉक बंद कर लौटाया जाए। किसी भी स्तर पर इन दवाओं की बिकी पाए जाने पर औषधि अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। सभी मेडिकल स्टोर्स, आयुर्वेद औषधालयों और निजी प्रदाताओं को निर्देशित किया गया है कि वे प्रतिबंधित बैच नंबर वाली दवाएं तुरंत हटाकर इसकी सूचना विभाग को दें। विभाग ने विक्रेताओं से कहा कि वे उपभोक्ताओं को सुरक्षित और मानक गुणवत्ता वाली दवाएं दें और किसी भी संदिग्ध दवा की सूचना तुरंत विभाग को दें।

    आदेश की प्रतियां आयुष महाप्रबंधक, आयुर्वेद परीक्षण प्रयोगशाला, जिला प्रशासन तथा संबंधित अधिकारियों को भेजी गई हैं, ताकि जिले में प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया जा सके। यह प्रतिबंध उपभोक्ताओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लगाया गया है, ताकि कोई भी मरीज निम्नस्तरीय दवाओं के सेवन से स्वास्थ्य जोखिम का शिकार न हो।

  • हिडमा के निधन के बाद गांव में सन्नाटा, बूढ़ी मां ने न्याय की गुहार लगाई

     

    जगदलपुर

    बस्तर के कुख्यात नक्सली कमांडर मांडवी हिडमा की मौत के बाद उसके गांव पुवर्ती में मातम पसरा हुआ है. गांव की गलियों में सन्नाटा है. बेटे की मौत के शोक में डूबी उसकी मां ने पुलिस से भावुक अपील करते हुए कहा है कि मैं बूढ़ी हो चुकी हूं… बेटे का शव नहीं ला सकती. पुलिस मेरे बेटे का शव गांव ले आए, ताकि मैं अंतिम संस्कार कर सकूं.

    बता दें कि छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा, बस्तर आईजी सुंदरराज पी और सुकमा एसपी 10 नवंबर को हिडमा के गांव पूवर्ती गए थे. वहां उन्होंने हिडमा की मां से मुलाकात कर बेटे को सरेंडर करवाने की अपील की थी. लेकिन ठीक सात दिन बाद, यानी 18 नवंबर, आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच बड़े एनकाउंटर की खबर सामने आई. इस मुठभेड़ में हिडमा, उसकी पत्नी राजे और चार अन्य माओवादी मारे जाने की पुष्टि हुई. हिडमा की मौत के बाद उसकी मां ने हिडमा के गांव में अब सिर्फ मातम, आंसू और खामोशी है.

  • धान खरीदी अभियान में बालोद अव्वल: किसानों में उत्साह

    आज तीसरे दिन धान खरीदी केन्द्र कोचेरा में 411 क्विंटल एवं कोबा में 360 क्विंटल से अधिक की धान खरीदी की गई

    रायपुर,

    राज्य शासन के विशेष प्राथमिकता वाले समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना के अंतर्गत बालोद जिले में धान खरीदी केन्द्रों में धान खरीदी का कार्य सफलतापूर्वक जारी है। जिले के कृषक उन्हें जारी किए गए टोकन के अनुसार प्रतिदिन धान खरीदी केन्द्रों में सुबह से पहुँचकर अपने धान की बिक्री की प्रक्रिया को पूरा करने के उपरांत अपनी धान की बिक्री कर रहे हैं। धान खरीदी के तीसरे दिन भी आज 18 नवंबर को सुबह से ही जिले के धान खरीदी केन्द्रों में कृषकों की चहल कदमी शुरू हो गयी थी। इसके अंतर्गत जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के कोचेरा में आज तीसरे दिन 411 क्विंटल से अधिक की धान खरीदी की गई। जिसमें 272.80 क्विंटल पतला एवं 138.4 क्विंटल मोटा धान शामिल है। धान खरीदी केन्द्र कोचेरा में आज ग्राम दुपेचरा के कृषक श्री चोवाराम ने 18 क्विंटल मोटा धान, ग्राम कोचेरा के कृषक श्री दौलतराम ने 254 क्विंटल पतला, श्री दिलीप कुमार 110 क्विंटल पतला, जाम बाई ने 58 क्विंटल पतला, मुरली राम ने 125 विक्ंटल पतला, तानुराम ने 135 विक्ंटल पतला एवं नरोत्तम कुमार ने 30 क्विंटल मोटा, कुमेश्वर कुमार ने 100 क्विंटल पतला धान की बिक्री की। इसी तरह धान खरीदी केन्द्र कोबा में 360 क्विंटल से अधिक की धान की खरीदी की गई। जिसमें से 316 क्विंटल मोटा एवं 44 क्विंटल पतला धान शामिल है।

    धान खरीदी कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने हेतु आज सुबह से ही नोडल अधिकारियों द्वारा अपने-अपने प्रभार वाले धान खरीदी केन्द्रों में पहुँचकर धान खरीदी कार्य की सतत मॉनिटरिंग की गई है। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में धान खरीदी कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न करने हेतु पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित की गई है। इसके अंतर्गत धान खरीदी केन्द्रों में अपने धान की बिक्री हेतु पहुँचने वाले किसानों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए उनके लिए शुद्ध पेजयल, छांव, बैठक इत्यादि के अलावा शौचालय आदि की भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के निर्देंशानुसार जिला प्रशासन के आला अधिकारियों के अलावा जिले के सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा खाद्य, सहकारिता एवं संबंधित विभाग के अधिकारी धान खरीदी केन्द्रों में पहुँचकर धान खरीदी कार्य की सतत मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

  • अब बिजली बिल का भुगतान पोस्ट ऑफिस और IPPB में भी, उपभोक्ताओं पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड अपने उपभोक्ताओं के लिए कई तरह की फायदेमंद स्कीम और सुविधाएँ उपलब्ध कराती है, इसी क्रम में अब बिजली बिल भुगतान को लेकर कंपनी ने एक नई सुविधा उपलब्ध कराई है, विशेष बात ये है कि इसमें कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा।

    मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं को डाकघरों और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के अधिकृत प्रतिनिधि (डाकिये) के माध्‍यम से बिना किसी अतिरिक्‍त शुल्‍क के बिजली बिल भुगतान की सुविधा उपलब्‍ध कराई गयी है।

    पोस्ट ऑफिस में भी होगा बिजली बिल भुगतान 

    कंपनी ने कहा अब बिजली उपभोक्‍ताओं को यह सरल और सुलभ भुगतान की सुविधा बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के नजदीकी डाकघर में मिलना शुरू हो गई है। डिजिटल और सुरक्षित तरीके से डाकघर के माध्‍यम से बिल भुगतान की सुविधा शहरी क्षेत्रों के साथ ही ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में भी उपलब्‍ध है।

    गौरतलब है कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा बिजली उपभोक्ताओं को दी जा रही सेवाओं का विस्तार करते हुए बिल भुगतान की व्यवस्था को और अधिक सरल एवं सुलभ बनाते हुए इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के माध्‍यम से बिजली बिल भुगतान की विशेष सुविधा उपलब्‍ध कराने के लिए एक समझौता ज्ञापन हस्‍ताक्षरित किया गया है।

    नहीं लगेगा कोई अतिरिक्त चार्ज 

    इस एमओयू का मुख्य उद्देश्य इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के सहायता प्राप्त चैनलों के माध्यम से बिजली बिल संग्रहण को सक्षम बनाते हुए बिजली उपभोक्‍ताओं को बिना अतिरिक्‍त प्‍लेटफॉर्म चार्ज के बिल भुगतान की सुविधा उपलब्‍ध कराना है। अब बिजली उपभोक्ता इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के विस्तृत नेटवर्क और डाकिया/ग्रामीण डाक सेवक की सहायता से भी अपने घर के पास या घर बैठे ही आसानी से बिजली बिल का भुगतान कर सकेंगे।

  • छत्तीसगढ़ को जल संरक्षण कार्यों के लिए राष्ट्रीय अवॉर्ड

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली में राज्य के 12 जिलों को किया सम्मानित

    प्रदेश का जल भविष्य सुरक्षित करने में यह पुरस्कार होगा प्रेरणादायी: मुख्यमंत्री साय

     

    रायपुर,

    जल संरक्षण एवं सामुदायिक भागीदारी के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित कर छत्तीसगढ़ के 12 जिलों रायपुर, गरियाबंद, महासमुंद, राजनांदगांव, बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी, बालोद, बलरामपुर, बिलासपुर, रायगढ़, दुर्ग और सूरजपुर ने राष्ट्रीय स्तर पर नया इतिहास रच दिया है। विज्ञान भवन, नई दिल्ली में कल आयोजित 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार एवं जल संचय जनभागीदारी 1.0 अवार्ड समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने इन जिलों को सम्मानित किया है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और संवेदनशील प्रशासनिक प्रयासों के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ ने जल संरक्षण की दिशा में देशभर में विशेष पहचान बनाई है। पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार के अभिनव प्रयासों और जनभागीदारी ने जल संचयन की दिशा में नए आयाम हासिल किए हैं। मुख्यमंत्री ने इन जिलों के नागरिकों और जिला प्रशासन को अपनी शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि जल संचयन के प्रति लोगों में आई यह चेतना जल के समुचित उपयोग को बढ़ावा देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का जल भविष्य सुरक्षित करने में यह पुरस्कार प्रेरणादायी होगा।

    रायपुर जिले को जल संचय जनभागीदारी अभियान में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया है। देशभर के नगर निगमों में रायपुर नगर निगम प्रथम स्थान पर रहा, जबकि पूर्वी जोन कैटेगरी 01 में रायपुर जिला तीसरे स्थान पर रहा। रायपुर जिले और नगर निगम ने मिलकर सामुदायिक सहभागिता को जल संचय का व्यापक अभियान बनाया। रायपुर नगर निगम द्वारा 33,082 कार्य और जिला प्रशासन द्वारा 36,282 कार्य किए गए हैं।

    राजनांदगांव जिले को ईस्ट जोन के अंतर्गत राष्ट्रीय जल अवार्ड में प्रथम स्थान तथा जनभागीदारी केटेगरी 01 में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है तथा प्रोत्साहन स्वरूप 2 करोड़ रूपए की राशि प्रदान की गई है। यहां 58,967 जल संचय के कार्य जनभागीदारी से पूर्ण किए गए हैं। बालोद जिले को केटेगरी 01 में बेस्ट परफॉर्मिंग के लिए पहला स्थान प्राप्त हुआ है, साथ ही 2 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई। यहां 92,742 नई जल संरचनाएँ निर्मित की गई।

    महासमुंद जिले को कैटेगरी 2 अंतर्गत प्रथम स्थान के लिए सम्मानित किया है। यहां 35,182 जल संरचनाओं का निर्माण किया गया है। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले को कैटेगरी 2 के तहत दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है तथा प्रोत्साहन स्वरूप 01 करोड़ रूपए की पुरस्कार राशि दी गई है। यहां 30,927 संरचनाओं का निर्माण किया गया है। गरियाबंद जिला को केटेगरी-2 में देश में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है तथा प्रोत्साहन स्वरूप एक करोड़ रूपए की राशि मिली है। यहां 26,025 सतही जल के बेहतर रख-रखाव के कार्य किए गए हैं।
     
    बिलासपुर को केटेगेरी 03 में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है तथा प्रोत्साहन स्वरूप 25 लाख रूपए की पुरस्कार राशि मिली है। यहां 21,058 जल संरचनाओं का निर्माण कार्य किया गया है। दुर्ग जिले को केटेगरी-03 में 16वां स्थान प्राप्त हुआ है तथा 25 लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है। यहां 5010 जल संरक्षण परियोजनाओं का निर्माण किया गया है। बलरामपुर जिले को केटेगरी-03 में 6वें स्थान के लिए सम्मानित किया गया है तथा 25 लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है। यहां 8644 जल संरक्षण परियोजनाओं का निर्माण किया गया है।

    धमतरी जिले को केटेगरी 3 में 8वां स्थान के लिए सम्मानित कर 25 लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है। यहां 7674 जन संरक्षण परियोजनाओं का निर्माण किया गया है। रायगढ़ जिले को केटेगरी 3 में द्वितीय स्थान के लिए सम्मानित कर 25 लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है। यहां 19088 जल संरक्षण परियोजनाओं का निर्माण किया गया है। सूरजपुर जिले को केटेगरी 3 में 12वां स्थान के लिए सम्मानित कर 25 लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है तथा यहां 5797 जल संरक्षण परियोजनाओं का निर्माण किया गया है।

  • दुर्गवासियों के लिए राहत! बंद ट्रेनों के पुन: संचालन पर रेलवे का गंभीर विचार

    रायपुर

    रेलवे एक बड़ा फैसला लेने की तैयारी में है. उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक दुर्ग से चलने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस को पिछले दिनों बंद कर दिया गया था, अब उसे फिर से चलाने की तैयारी है. ये ट्रेन कोई और नहीं बल्कि दुर्ग-जगलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस है.

    विशाल विशाखापट्टनम डिवीजन को दो हिस्से में कर नया रायगढ़ डिवीजन तैयार कर लिया गया है. इस प्रक्रिया के बाद रायगड़ा डिवीजन अपनी आय बढ़ाने नई योजनाओं पर विचार कर रही है. इसके 5 वर्षों से बंद दुर्ग-जगदलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस को नई समय सारणी के साथ जगदलपुर के बजाय किरंदुल से चलाने पर विचार किया जा रहा है. तर्क दिया जा रहा है कि जगदलपुर से किरंदुल के  मध्य रेल दोहरीकरण का कार्य इस वर्ष पूर्ण हो जाएगा. रेलवे के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि विशाखापट्टनम से अलग बनाया गया रायगढ़ डिवीजन अपनी आय बढ़ाने हर संभव विचार कर रही है. उसका पूरा ध्यान बस्तर की तरफ है. सूत्रों ने बताया कि हालांकि रायगढ़ डिवीजन का सारा कार्य फिलहाल विशाखापट्टनम से हो रहा है किंतु नया डिवीजन बनाए जाने के बाद इस डिवीजन का अपना रिकॉर्ड अलग होगा इसलिए रायगढ़ डिवीजन का पूरा ध्यान बस्तर की तरफ है.

    पूरा ध्यान बस्तर की ओर

    बचेली किरंदुल लौह अयस्क परियोजनाएं अब रायगड़ा डिविजन अंतर्गत आ गई है और यह परियोजनाएं ही इस डिवीजन की आय का मुख्य स्रोत है. रेल सुविधाओं को तरस रहे बस्तरवासियों को यह डिविजन शांत रखना चाहती है. लौह अयस्क की दुलाई से आशातीश राजस्व प्राप्त करने के अलावा रेलवे बस्तर वालों की सुविधाओं का भी ख्याल रखना चाहती है. चूंकि बैलाडीला प्रक्षेत्र से अब दो निजी कंपनियां भी लौह अयस्क उत्खनन करने जा रही है.

    दोहरीकरण पूर्ण होने का इंतजार

    सूत्रों ने बताया कि अपनी आय बढ़ाने के उद्देश्य से ही नया डिवीजन 5 साल से बंद जगदलपुर-दुर्ग इंटरसिटी एक्सप्रेस को फिर से चालू करने गंभीर से विचार कर रही है. यह तर्क दिया जा रहा है कि बचेली, किरंदुल, भांसी, दंतेवाड़ा गीदम क्षेत्र के लोगों को ट्रेन में यात्रा करने के लिए जगदलपुर स्टेशन आना पड़ता है. दुर्ग एक्सप्रेस को किरंदुल से शुरू करने पर इस एक्सप्रेस को पर्याप्त पैसेंजर मिलेंगे. इस तर्क के साथ ही दुर्ग एक्सप्रेस को नई समय सारणी के साथ किरंदुल से शुरू करने व्यापक चर्चा चल रही है. बताया गया कि कामलूर से बचेली के मध्य करीब 40 किमी रेल दोहरीकरण कार्य 2025 के अंत तक पूर्ण कर लिया जाएगा. इसके पूर्ण होते ही दुर्ग एक्सप्रेस को चलाने गंभीरता की चर्चा हो रही है.

  • खिलौना व्यापारी से डीएसपी तक, सिवनी हवाला कांड की जांच में जुटी SIT

    सिवनी

    सिवनी के बहुचर्चित 2.96 करोड़ रुपए हवाला कांड में एसआईटी की जांच हर दिन नए खुलासे कर रही है। जांच में अब साफ हो गया है कि इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत हवाला से जुड़े खिलौना व्यापारी पंजू गिरी गोस्वामी ने की। वही पहला व्यक्ति था, जिसने हवाला रकम के मूवमेंट की गोपनीय जानकारी क्राइम ब्रांच के प्रधान आरक्षक प्रमोद सोनी को दी। सोनी ने यह जानकारी आगे बढ़ाई और सूचना की यह चेन बढ़ते-बढ़ते हॉकफोर्स प्रभारी डीएसपी पंकज मिश्रा से होते हुए तत्कालीन एसडीओपी पूजा पांडे तक पहुंच गई।

    सूचना की इस सुनियोजित कड़ी ने बाद में पूरे लूट कांड का रास्ता तैयार किया। एसआईटी की जांच रिपोर्ट के मुताबिक हवाला रकम की यह सूचना योजना बनाकर आगे पास की गई और इसी आधार पर आगे की कार्रवाई की प्लानिंग बनी।

    जमानत याचिका लगाई

    इस बीच गिरफ्तार डीएसपी पूजा पांडे ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की है। माना जा रहा है कि जस्टिस देवनारायण मिश्रा की बेंच इस सप्ताह उनकी अर्जी पर सुनवाई कर सकती है। मामला हाई-प्रोफाइल होने के कारण अदालत के अगले कदम पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

    साली के चक्कर में जीजा भी गिरफ्तार

    जांच के दौरान एसआईटी ने एक और चौंकाने वाली कार्रवाई करते हुए मंगलवार को पूजा पांडे के जीजा, जबलपुर निवासी मेडिकल स्टोर संचालक वीरेंद्र दीक्षित को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि पूजा पांडे अपनी गतिविधियों की जानकारी जीजा को देती थीं और लूट की रकम को ठिकाने लगाने की प्लानिंग में वह भी शामिल था।

    ये था मामला

    जांच में 8–9 अक्टूबर की रात का पूरा घटनाक्रम भी स्पष्ट हुआ है। महाराष्ट्र के व्यापारी सोहनलाल परमार के दो ड्राइवर सतना से 2.96 करोड़ रुपए लेकर जालना जा रहे थे। बंडोल थाना पुलिस ने रात में उनकी कार रोककर ड्राइवरों को जंगल में ले जाकर पूछताछ की और पूरी रकम कब्जे में ले ली। बाद में 1.25 करोड़ रुपए उन्हें लौटाकर छोड़ दिया गया। ड्राइवरों ने महाराष्ट्र पहुंचकर अपने मालिक को घटनाक्रम की जानकारी दी, जिसके बाद व्यापारी सिवनी आया लेकिन उसे बिना एफआईआर के थाने में बैठाकर धमकाकर वापस भेज दिया गया। बाद में कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज की गई।

    जैसे-जैसे मामला तूल पकड़ता गया, खुलासे होते चले गए। शुरू में एसडीओपी पूजा पांडे ने लूट के आरोपों से साफ इंकार किया लेकिन डीआईजी की जांच में गंभीर गड़बड़ियां सामने आते ही बड़ी कार्रवाई की गई। आईजी ने 9 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया और डीजीपी ने पूजा पांडे को निलंबित करते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए।

    एसआईटी अब इस बात की जांच कर रही है कि हवाला रकम की असल बंदरबांट कैसे हुई, किसने कितना हिस्सा लिया और पुलिस नेटवर्क में इसकी जड़ें कहां तक फैली हुई हैं। मामले में और भी गिरफ्तारी होने की संभावना जताई जा रही है। 

  • शिक्षक पदोन्नति में TET की शर्त पर बिलासपुर हाईकोर्ट का हस्तक्षेप, सरकार से स्पष्टीकरण तलब

    रायपुर/बिलासपुर

    छत्तीसगढ़ के हजारों शिक्षकों में इन दिनों पदोन्नति को लेकर भारी अनिश्चितता का माहौल है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी टीईटी को पदोन्नति की अनिवार्य योग्यता में शामिल न किए जाने के कारण स्थिति उलझती जा रही है.

    शिक्षकों ने आरोप लगाया है कि नियमों की अस्पष्टता उनके भविष्य पर सीधा असर डाल रही है, इसी वजह से मामला अब हाईकोर्ट तक पहुंच गया है. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि, स्कूल शिक्षा सेवा भर्ती एवं पदोन्नति नियम 2019 में टीईटी को अनिवार्य बनाने का संशोधन किया जाना था, लेकिन सरकार की चुप्पी ने परेशानी बढ़ा दी.

    शिक्षकों ने कोर्ट में कहा कि सुप्रीम कोर्ट का 1 सितंबर 2025 का आदेश बिल्कुल स्पष्ट है सेवा में रहना चाहते हैं तो नियमों के हिसाब से अवसर मिलेगा, लेकिन पदोन्नति सिर्फ उन्हीं को मिलेगी जो टीईटी पास करेंगे. याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि, कई राज्यों ने इस आदेश पर तुरंत कार्रवाई की, नियम अपडेट किए और आवश्यकता पड़ने पर पुनर्विचार याचिका भी दायर की.

    वहीं छत्तीसगढ़ में इस पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. इसी अनिश्चितता के बीच हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर स्पष्ट रूप से स्थिति बताने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने पूछा है कि-टीईटी को पदोन्नति में अनिवार्य बनाने पर राज्य सरकार की राय क्या है?

  • पूर्व माओवादी नेता भूपति का संदेश: हथियार छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ने की अपील

    जगदलपुर

    आत्मसमर्पण कर चुके सीपीआई (माओवादी) के पीबीएम/सीसीएम और संगठन के पूर्व प्रवक्ता मल्लोजुला वेणुगोपाल उर्फ भूपति उर्फ सोनू उर्फ अभय का नया वीडियो सामने आया है. इसमें उसने साथियों से हिंसा छोड़ने की अपील करते हुए अपना नंबर जारी किया है.

    मल्लोजुला वेणुगोपाल उर्फ भूपति उर्फ सोनू उर्फ अभय ने यह वीडियो कल हुए सीसीएम हिड़मा और 5 अन्य माओवादी कैडर्स के एनकाउंटर के बाद जारी किया है. भीमा मंडावी हत्याकांड सहित कई बड़ी वारदातों का मास्टरमाइंड माना जाने वाला हिड़मा कल अल्लूरी सीताराम राजू (आंध्र प्रदेश) जिले में मुठभेड़ में ढेर हुआ था. वीडियो अपील में मल्लोजुला वेणुगोपाल ने माओवादियों की अंदरूनी रणनीतियों, हारते जनाधार और हिंसा छोड़ने की अपील को लेकर महत्वपूर्ण बातें कही हैं.

  • मध्यप्रदेश के IAS अफसर अविनाश लवानिया बने केंद्रीय कृषि मंत्रालय के डायरेक्टर

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश कैडर के 2009 बैच के आईएएस अधिकारी अविनाश लवानिया को केंद्र सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। केंद्र ने उन्हें प्रतिनियुक्ति पर बुलाते हुए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय में डायरेक्टर पद पर नियुक्त किया है। यह नियुक्ति सेंट्रल स्टाफिंग स्कीम के अंतर्गत पांच साल के लिए की गई है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की ओर से राज्य की मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र में लवानिया को तुरंत राज्य सरकार की ड्यूटी से मुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। नए आदेश के बाद वे जल्द ही दिल्ली में पदभार ग्रहण करेंगे।

    अविनाश लवानिया फिलहाल जबलपुर स्थित मध्यप्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड में मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में कार्यरत हैं। ऊर्जा क्षेत्र में उनके योगदान और प्रबंधन क्षमता की अक्सर सराहना की जाती रही है। इससे पहले वे प्रदेश में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी संभाल चुके हैं और प्रभावी कार्यशैली के लिए पहचाने जाते हैं।

    शिवराज सिंह के पसंदीदा अफसरों में शामिल

    आईएएस अविनाश लवानिया, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के पसंदीदा अफसरों में से एक हैं। वे शिवराज के मुख्यमंत्री रहते होशंगाबाद और भोपाल के कलेक्टर रहे। भोपाल कलेक्टर बनने से पहले उन्हें नगर निगम में कमिश्नर बनाया गया था।

    इसके बाद, वे मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर सचिव थे। इस दौरान उन्हें मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के एमडी का अतिरिक्त जिम्मा भी मिला था। जनवरी 2025 में उन्हें पावर मैनेजमेंट कंपनी, जबलपुर का प्रबंध निदेशक बनाया गया था। अब वे केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण विभाग में डायरेक्टर बन गए हैं।

    यह नियुक्ति सेंट्रल स्टाफिंग स्कीम के तहत की गई है, जिसके लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। DoPT ने मध्य प्रदेश की मुख्य सचिव वीरा राणा को निर्देश दिए हैं कि वे लवानिया को तत्काल प्रभाव से मौजूदा ड्यूटी से मुक्त करें, ताकि वे जल्द से जल्द नई जिम्मेदारी संभाल सकें।

    वर्तमान में अविनाश लवानिया मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड, जबलपुर के मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर पदस्थ हैं। ऊर्जा क्षेत्र में उनके काम की अक्सर सराहना होती रही है। इससे पहले भी वे मध्य प्रदेश में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर तैनात रह चुके हैं और अपनी तेज़ कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। केंद्र में डायरेक्टर स्तर की बड़ी जिम्मेदारी मिलना लवानिया के प्रशासनिक कौशल और अनुभव का प्रमाण माना जा रहा है। जल्द ही वे दिल्ली में अपनी नई भूमिका संभालेंगे।

    नरोत्तम मिश्रा के दामाद हैं आईएएस लवानिया

    अविनाश लवानिया 2009 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वे मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के दामाद भी हैं। इसके कारण उन्हें कमलनाथ सरकार में 15 महीने तक हाशिये पर रहना पड़ा था। बाद में, शिवराज सिंह चौहान के चौथी बार सीएम बनने पर लवानिया को भोपाल कलेक्टर बनाया गया था।
    राज्य से केंद्र में प्रति नियुक्ति का नियम

    केंद्रीय कार्मिक विभाग के आदेश के अनुसार, अधिकारियों को तीन सप्ताह में पदभार लेना होता है। यदि ऐसा नहीं होता, तो उन्हें केंद्रीय स्टाफिंग योजना से बाहर कर दिया जाता है। यह आदेश 17 अगस्त 2005 को जारी हुआ था।

     

  • डोंगरगढ़ में नक्सली भिड़ंत: गंभीर रूप से घायल जवान ने अस्पताल में दम तोड़ा

    डोंगरगढ़

    राजनांदगांव जिले के बोरतालाब थाना क्षेत्र के कनघुर्रा जंगल में नक्सलियों के साथ चल रहे मुठभेड़ में घायल जवान ने उपचार के दौरान अस्पताल में अंतिम सांस ली. शहीद जवान का नाम आशीष शर्मा बताया गया है.

    बता दें कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम नियमित सर्चिंग ऑपरेशन पर निकली थी. इसी दौरान जंगल में घात लगाए बैठे नक्सलियों ने फोर्स पर अचानक हमला बोल दिया. पहले हमले में जवाबी कार्रवाई करते हुए संयुक्त बल ने मोर्चा संभाला और दोनों ओर से कई घंटों तक गोलियों की आवाज जंगल में गूंजती रही.

    मुठभेड़ के दौरान जवान आशीष शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गया. साथी जवानों ने उसे तत्काल डोंगरगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान उसने अंतिम सांस ली.

    घटना की आधिकारिक पुष्टि का इंतज़ार है, लेकिन क्षेत्र में सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती कर सर्चिंग और तेज कर दी गई है. जवान की शहादत से बल के साथ पूरे इलाके में गम और आक्रोश का माहौल है. इस बीच अस्पताल में घायल जवान के अस्पताल में भर्ती होने की खबर मिलने पर पुलिस अधिकारियों के अलावा डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता बघेल भी पहुंची हैं.

  • MP में 2003 के वोटर नाम की जानकारी अब आसानी से मिलेगी, विभिन्न प्लेटफॉर्म्स करेंगे सुविधा

    ग्वालियर

    भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के तहत निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR ) का कार्य मध्य प्रदेश में जारी है, इसमें एक बड़ी समस्या 2003 की मतदाता सूची में अपने नाम का पता लगाना है लोगों की शिकायतें हैं कि चुनाव आयोग की वेबसाईट खुलती नहीं है, कई बार फाइल डाउन लोड नहीं होती, ग्वालियर जिला प्रशासन ने इसका हल खोज निकाला है।

    ग्वालियर जिले में मतदाताओं के सहयोग के लिये जिला प्रशासन की पहल पर वर्ष 2003 की मतदाता सूची में अपना या अपने परिजन का नाम पता लगाने में लोक सेवा केन्द्र, सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) एवं एमपी ऑनलाइन सेंटर भी मतदाताओं की मदद करेंगे। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकार की पहल पर इन सेंटरों के संचालक एसआईआर कार्य में सहयोग देने के लिये आगे आए हैं।

    MP Online, CSC संचालक नाम पता करने में करेंगे मदद 

    अपर जिला दण्डाधिकारी सी बी प्रसाद ने बीते रोज एमपी ऑनलाइन के संभागीय प्रबंधक व सीएससी प्रबंधकों एवं एमपी ऑनलाइन सेंटर के प्रतिनिधियों की बैठक ली थी। जिसमें एमपी ऑनलाइन सेंटर व सीएससी सेंटर के संचालकों ने वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नाम पता करवाने में मदद करने का भरोसा दिलाया है।

    जनमित्र केन्द्रों में मतदाता सहायता केन्द्र

    बता दें जिले में एसआईआर (निर्वाचक नामावली का विशेष गहन पुनरीक्षण) के संबंध में ग्वालियर शहर के सभी जनमित्र केन्द्रों में मतदाता सहायता केन्द्र बनाए गए हैं। मतदाता अपना ईएफ (एन्यूमरेशन फॉर्म) भरने में इन केन्द्रों की सहायता ले सकते हैं। साथ ही यहीं से वर्ष 2003 की मतदाता सूची में अपने नाम की स्थिति जान सकते हैं। जनमित्र केन्द्रों के अलावा अब एमपी ऑनलाइन सेंटर, लोक सेवा केन्द्र व सीएससी सेंटर पर भी मतदाताओं को यह सुविधा उपलब्ध होगी।

    BLO ने घर घर जाकर उपलब्ध कराये हैं फॉर्म 

    एसआईआर के तहत बीएलओ द्वारा अपने क्षेत्र के मतदाताओं को ईएफ (एन्यूमरेशन फॉर्म) उपलब्ध कराए गए हैं। यह फॉर्म मतदाता द्वारा भरे जाने हैं। साथ ही ईएफ में वर्ष 2003 की स्थिति की तुलनात्मक जानकारी की प्रविष्टि भी की जानी है।

    SIR से संबंधित शिकायतों के निराकरण के लिये नोडल अधिकारी

    जिले में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के तहत किए जा रहे एसआईआर (मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण) कार्य से संबंधित शिकायतों के निराकरण के लिये विशेष व्यवस्था की गई है। सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग राहुल पाठक को शिकायतों का निराकरण कराकर निर्वाचन आयोग को प्रतिवेदन भेजने के लिये नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही उनके अधीन चार शासकीय कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है।

  • बालाघाट से खबर: हेलमेट न पहनने की लापरवाही पर पुलिस आरक्षक सस्पेंड, SP ने दिखाई कड़ी कार्रवाई

    बालाघाट
     मध्य प्रदेश के बालाघाट से एक बड़ी खबर सामने आई है। हेलमेट न पहनने पर पुलिस आरक्षक पर बहुत सख्त एक्शन लिया गया है। हेलमेट न लगाने पर कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है। इस कार्रवाई से हड़कंप है।

    आरक्षक ईश्वरदयाल कोल्हे का बिना हेलमेट पहने वीडियो हुआ था वायरल

    दरअसल आरक्षक ईश्वरदयाल कोल्हे का बिना हेलमेट के सरकारी दो पहिया वाहन चलाते  हुए वीडियो वायरल हुआ था। एसपी आदित्य मिश्रा ने इसे बड़ी लापरवाही मानते हुए ये कठोर एक्शन लिया है। बालाघाट में पुलिस के आरक्षक के खिलाफ हेलमेट न लगाने के कारण ये बड़ी कार्रवाई हुई है।

    एसपी आदित्य मिश्रा का बड़ा एक्शन

    आरक्षक का वर्दी में बिना हेलमेट के बाइक चलाने का वीडियो वायरल होने के बाद बालाघाट एसपी ने आरक्षक को सस्पेंड कर दिया है।आरक्षक ईश्वरदयाल कोल्हे वर्दी में बिना हेलमेट पहने शासकीय दो पहिया वाहन चलाते हुए कैमरे में कैद हो गए थे।
    आरक्षक के कृत्य से पुलिस की छवि धूमिल हुई-SP

    इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस पर कानून को लेकर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे थे। जिस पर कार्रवाई करते हुए आरक्षक को निलंबित करने का आदेश जारी किया गया है। आदेश में कहा गया है कि आरक्षक के इस कृत्य से पुलिस की छवि धूमिल हुई है, इसलिए आरक्षक ईश्वरदयाल कोल्हे  को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।

    आपको बता दें कि  मध्यप्रदेश में इन दिनों हेलमेट न लगाने पर पुलिस अभियान चला रही है, लगातार ऐसे लोगों पर चालानी कार्रवाई की जा रही है जो नियमों को तोड़ रहे हैं। लिहाजा आरक्षक को  सस्पेंड करके बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है।

    SP आदित्य मिश्रा फुल एक्शन में हैं, और नियमों का उल्लंघन करने वालों को सबक सिखा रहे है। इससे पहले हेलमेट चैकिंग अभियान के दौरान आदित्य मिश्रा ने पूर्व विधायक उमाशंकर मुंजारे की बाइक को रोका था और पूर्व विधायक का 2300 रुपये का चालान काटा था। एसपी आदित्य मिश्रा सिंघम मूड में हैं और कानून को तोड़ने वालों को सीधा संदेश दे रहे हैं।

  • कलेक्टर का नया आदेश जारी, जिले में स्कूलों के समय में बदलाव, नई टाइमिंग हुई प्रभावी

    बलरामपुर

    छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में पड़ रही कड़ाके की ठंड को देखते हुए सभी शासकीय और निजी स्कूलों के समय में बदलाव का निर्णय लिया गया है. इस संबंध में बलरामपुर कलेक्टर ने आदेश भी जारी कर दिया है. इसमें बताया गया है कि दो पाली में संचालित होने वाले स्कूलों में बदलाव के बाद पहली पाली की कक्षाएं सुबह 9 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक लगेंगी, जबकि शनिवार को कक्षाएं दोपहर 12:45 बजे से शाम 4:15 बजे तक चलेंगी. वहीं दूसरी पाली में संचालित होने वाली कक्षाएं दोपहर 12.45 बजे से 4.15 बजे तक लगेंगी. शनिवार को कक्षाएं सुबह 9 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक संचालित होंगी.

    एक पाली में संचालित होने वाली स्कूलों की भी बदली टाइमिंग
    कलेक्टर ऑफिस से जारी आदेश में एक पाली में संचालित होने वाले स्कूल की भी टाइमिंग बदल गई है. सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 10:00 बजे से 4:00 बजे तक कक्षाएं संचालित होंगी. वहीं शनिवार को सुबह 9 बजे से लेकर 12:30 तक कक्षाएं लगेंगी.

  • सुबह की मुठभेड़ में भिंड पुलिस ने पकड़ा इनामी लुटेरा निखिल दौहरे, घायल होने की खबर

     भिंड
     भिंड जिले के मौ थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब बेहट रोड स्थित जमदारा मोड़ पर पुलिस और 10 हजार के इनामी बदमाश के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस को देखते ही बदमाश ने 315 बोर के कट्टे से फायरिंग कर दी, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उसे घायल कर दियाया। यह पूरी घटना सुबह पांच से साढ़े पांच बजे के बीच हुई।

    सूचना पर सक्रिय हुई पुलिस टीम

    एसपी डॉ. असित यादव के मुताबिक सुबह करीब चार बजे सूचना मिली थी कि ऊमरी-असवार क्षेत्र की लूट की घटनाओं में शामिल बदमाश ग्वालियर से बाइक पर मौ होते हुए लहार की ओर जा रहा है। उसके बाद मौ, बरोही, ऊमरी और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने बेहट रोड पर घेराबंदी कर दी।

    जवाबी कार्रवाई में बदमाश घायल

    सुबह पांच बजे के करीब पुलिस को एक बाइक सवार युवक आता दिखा। पुलिस ने उसे रुकने का संकेत दिया, लेकिन युवक तुरंत बाइक से उतरा और कट्टे से दो फायर कर दिए। पुलिस ने तत्काल जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली बदमाश के दाहिने हाथ में लग गई। घायल अवस्था में वह सड़क पर गिर पड़ा।

    निखिल दौहरे के रूप में हुई पहचान

        गिरफ्तार युवक ने पूछताछ में अपना नाम 22 वर्षीय निखिल पुत्र दीपक दौहरे निवासी मढैयापुरा थाना लहार बताया। पुलिस के अनुसार निखिल अपने साथियों के साथ ऊमरी, असवार और उत्तर प्रदेश सीमा क्षेत्र में कई लूट की वारदातों में शामिल रहा है।

    एसपी ने बताया कि निखिल एक आदतन अपराधी है और लंबे समय से पुलिस को उसकी तलाश थी। घायल बदमाश का उपचार कराया जा रहा है, जबकि उसके साथियों की तलाश जारी है।

     

  • छत्तीसगढ़ लघु वनोपज संघ कार्यक्रम: CM साय बोले—वन क्षेत्रों के आर्थिक सशक्तिकरण पर फोकस

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ मर्यादित के नवनियुक्त अध्यक्ष रूप साय सलाम और उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने नए दायित्वों के लिए अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अध्यक्ष के रूप में रूप साय सलाम को एक अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसे वे अपनी संवेदनशीलता, अनुभव और दक्षता के साथ उत्कृष्ट रूप से निभाएंगे। उन्होंने उल्लेख किया कि रूप साय सलाम स्वयं जनजातीय समुदाय से आते हैं और समुदाय की समस्याओं, अपेक्षाओं एवं आवश्यकताओं को भली-भांति समझते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनवासियों की आय बढ़ाने और उनके सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है।

    उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रदेश में निवासरत जनजातीय समाज के उत्थान को दृष्टिगत रखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया। साथ ही केंद्र में अलग जनजातीय मंत्रालय की स्थापना से समुदाय के विकास को नई गति मिली। उन्होंने कहा कि हमारे वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसी भावना और संकल्प को आगे बढ़ाते हुए ‘धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना’ तथा ‘पीएम जनमन योजना’ लागू की, जिनके माध्यम से जनजातीय बाहुल्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में तेंदूपत्ता संग्राहकों को देश में सर्वाधिक मूल्य दिया जा रहा है। वनोपजों के वैल्यू एडिशन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि वनवासी समुदाय की आय में वृद्धि हो और उन्हें वास्तविक आर्थिक मजबूती प्राप्त हो।

    वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि यह प्रदेश का सौभाग्य है कि छत्तीसगढ़ के मुखिया विष्णु देव साय स्वयं जनजातीय समुदाय से आते हैं और वनवासी भाई-बहनों की पीड़ा, कठिनाइयों और आकांक्षाओं को गहराई से समझते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की 32% आबादी जनजातीय है तथा 44% क्षेत्र वनाच्छादित है, इसलिए वनोपज ही वनवासियों की आजीविका का प्रमुख स्रोत है। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता को ‘हरा सोना’ कहा जाता है और उसके अनुरूप मूल्य देने का कार्य मुख्यमंत्री साय ने किया है। तेंदूपत्ता का प्रति मानक बोरा मूल्य 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है।

    वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने न केवल चरण पादुका योजना को पुनः प्रारंभ किया है, बल्कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से वनोपज संग्राहक परिवारों के जीवन स्तर में सुधार के लिए प्रभावी कदम लगातार उठाए जा रहे हैं।

    कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, नान के चेयरमैन संजय श्रीवास्तव, योग आयोग के अध्यक्ष रूप नारायण सिन्हा, छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम, वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सलीम राज, वनबल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव सहित लघु वनोपज संघ के सदस्य तथा प्रदेशभर से बड़ी संख्या में पहुंचे वनोपज संग्राहक उपस्थित थे।