• ममलेश्वर लोक परियोजना निरस्त: स्थानीय लोगों के भारी विरोध के कारण प्रशासन ने वापस लिया फैसला

    खंडवा
    ओंकारेश्वर के मामले ब्रह्मपुरी में प्रस्तावित ममलेश्वर महलोक के लिए प्रस्तावित जगह को लेकर लोगों में व्यापक आक्रोश और ओंकारेश्वर बंद के आगे प्रशासन को घुटने टेकने पड़े।

    प्रभावित लोगों द्वारा तीन दिन ओंकारेश्वर बंद रखने से श्रद्धालुओं को हो रही परेशानी को देखते हुए मंगलवार को अफ़हीकतियों ने ओंकारेश्वर पहुंचकर आंदोलनकारियो और प्रभावितों से चर्चा की। अपर कलेक्टर काशीराम बड़ोले ने प्रदर्शनकारियों से ममलेश्वर लोक के स्थान पर पुनर्विचार का आश्वासन दिया लेकिन प्रभावित लिखित में देने की मांग पर अड़ गए।

    अंततः जिला प्रशासन की ओर से ममलेश्वर लोक के लिए प्रस्तावित ब्रह्मपुरी की बजाए अन्य स्थान पर आम लोगों से चर्चा कर बनाने का कहा है। इस निर्णय से स्थानीय लोगों में हर्ष है। तीन दिवसीय ओंकारेश्वर में बुधवार से सभी दुकानें, बाजार, ऑटो- टेम्पो और नाव का संचालन सुचारू हो जाएगा।

  • 1984 दंगे मामले में नई हलचल: कमलनाथ पर याचिका, अदालत ने केंद्र और पुलिस को नोटिस भेजा

    नई दिल्ली/भोपाल
    दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को शहर के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा की उस याचिका पर केंद्र और पुलिस से जवाब मांगा, जिसमें 1984 में गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब में हुए दंगे के दौरान कांग्रेस नेता कमलनाथ की मौजूदगी का कथित तौर पर उल्लेख करने वाली एक पुलिस अधिकारी की रिपोर्ट पेश करने का अनुरोध किया गया है। न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा ने याचिका पर पुलिस और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया और उन्हें सुनवाई की अगली तारीख 15 जनवरी 2026 तक अपना जवाब दाखिल करने को कहा। याचिका में अधिकारियों को यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि वे तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस आयुक्त गौतम कौल द्वारा तत्कालीन पुलिस आयुक्त को सौंपी गई रिपोर्ट को रिकॉर्ड में लायें, जिसमें ‘‘स्पष्ट रूप से अपराध स्थल यानी गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब में कमलनाथ की उपस्थिति को दर्शाया गया है।''

    याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एच एस फुल्का ने दलील दी कि अपराध स्थल पर कमलनाथ की मौजूदगी पुलिस रिकॉर्ड में अच्छी तरह दर्ज है, इसके अलावा कई समाचार पत्रों ने घटना के समय और स्थान पर उनकी मौजूदगी का उल्लेख किया है, लेकिन सरकार ने अपनी स्थिति रिपोर्ट में इन पहलुओं पर विचार नहीं किया। यह अर्जी सिरसा की मुख्य याचिका के साथ दाखिल की गयी थी, जिसमें 1984 के सिख-विरोधी दंगों से संबंधित मामले में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की कथित भूमिका के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध किया गया है। इससे पहले, उच्च न्यायालय ने 27 जनवरी 2022 को विशेष जांच दल (एसआईटी) को याचिका पर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था।

    सिरसा ने 2022 में दायर याचिका में कमलनाथ को बिना किसी और देरी के गिरफ्तार करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है। उन्होंने यहां संसद मार्ग थाने में 1984 में दर्ज प्राथमिकी में कमलनाथ के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एसआईटी को निर्देश देने का अनुरोध किया था। इस मामले में पांच लोगों को आरोपी बनाया गया था। सबूतों के अभाव में आरोपियों को बरी कर दिया गया। हालांकि, कमलनाथ का नाम कभी भी प्राथमिकी में दर्ज नहीं था। यह मामला गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब में दंगाइयों की भीड़ के घुसने से जुड़ा है। याचिका में कहा गया है कि कथित तौर पर कमलनाथ के नेतृत्व वाली भीड़ ने गुरुद्वारे के परिसर में दो सिखों इंद्रजीत सिंह और मनमोहन सिंह को ज़िंदा जला दिया था। कमलनाथ ने इन आरोपों से इनकार किया है।
     
    सितंबर 2019 में एसआईटी ने सिख-विरोधी दंगों के सात मामलों को फिर से खोलने का फैसला किया था, जिनमें आरोपियों को या तो बरी कर दिया गया था या मुकदमा बंद कर दिया गया था। इसके बाद सिरसा ने दावा किया था कि कमलनाथ ने सात मामलों में से एक के पांच आरोपियों को कथित तौर पर शरण दी थी। गौरतलब है कि 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके सिख अंगरक्षकों द्वारा हत्या के बाद सिख-विरोधी दंगे भड़क उठे थे। 

     

  • जल संचय के क्षेत्र में श्रेष्ठ पहल के लिए गुना नगरीय निकाय को राष्ट्रपति मुर्मू ने किया सम्मानित

    6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार समारोह में गुना को किया पुरस्कृत
    जल संचय जन भागीदारी पहल में भी अग्रणी मप्र
    जल संचय जन भागीदारी पुरस्कार : कैच द रेन के अंतर्गत साउथ जोन की श्रेणी एक में पहला पुरस्कार ईस्ट निमाड़ जिले को
    श्रेष्ठ 50 शहरी निकायों में श्रेणी-3 में गुना को दूसरी रैंक श्रेणी-3 में बैतूल, धार, देवास, सिवनी और खरगौन भी पुरस्कृत

    भोपाल 
    गुना नगरीय निकाय को जल संचय के क्षेत्र में जन भागीदारी के साथ श्रेष्ठ कार्य करने पर देश की चयनित 50 नगरीय निकाय में स्थान मिला है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज यहां विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में गुना नगरीय निकाय को पुरस्कृत किया।नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त श्री संकेत भोडवें ने गुना नगर पालिका परिषद एवं उनकी टीम को श्रेष्ठ नगरीय निकायों की श्रेणी में चयन होने पर बधाई दी है। इस अवसर पर कार्यक्रम में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी,आर, पाटिल मौजूद थे।

    लक्ष्य से अधिक तैयार की गई पुनर्भरण जल संरचनाएँ
    केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने देश में जनभागीदारी से जल संचय की बेहतर पहल के लिये प्रशासन तंत्र में हर स्तर पर पुरस्कार दिये जाने की घोषणा की थी। गुना नगर पालिका परिषद ने जल संचय के लिये कार्ययोजना बनाकर नगरीय क्षेत्र में 2 हजार 231 रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के जियो टैग फोटो पोर्टल पर अपलोड किये। यह तय लक्ष्य से अधिक है। इसी के साथ गुना शहरी क्षेत्र के कुंओं का भी जीर्णोद्वार कर उनका पुनर्जीवन का कार्य किया गया।

    दल का गठन
    गुना नगर पालिका ने जल संचय के कार्य को करने के लिये दल का गठन किया था। गठित दल ने इस वर्ष मई माह के दौरान शासकीय और निजी परिसर, स्कूल, कॉलेज, छात्रावास और मल्टी स्टोरी बिल्डिंग्स, निजी कॉलोनियां, कुंआ और बावड़ी का सर्वे करवाया गया। सर्वे रिपोर्ट के बाद जनभागीदारी से 2 हजार 231 रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम तैयार किये गये और पहले से उपलब्ध सिस्टम की मरम्मत सुनिश्चित की गई।

    उल्लेखनीय है कि जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग ने वर्ष 2024 के लिए 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कारों के तहत कुल 46 विजेताओं (संयुक्त विजेताओं सहित) की घोषणा की । ये पुरस्कार 10 श्रेणियों में दिए जा रहे हैं जिनमें सर्वश्रेष्ठ राज्य, सर्वश्रेष्ठ जिला, सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत, सर्वश्रेष्ठ शहरी स्थानीय निकाय, सर्वश्रेष्ठ स्कूल या कॉलेज, सर्वश्रेष्ठ उद्योग, सर्वश्रेष्ठ जल उपयोक्ता संघ, सर्वश्रेष्ठ संस्था (स्कूल या कॉलेज के अतिरिक्त), सर्वश्रेष्ठ सिविल सोसायटी और जल क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिये सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति श्रेणी में शामिल है।

    प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में जल शक्ति मंत्रालय राष्ट्रीय स्तर पर जल प्रबंधन और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए एक व्यापक अभियान चला रहा है। इसी उद्देश्य से लोगों में जल के महत्व के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने और उन्हें जल उपयोग के सर्वोत्तम तौर तरीकों को अपनाने को प्रेरित करने के लिए राष्ट्रीय जल पुरस्कारों की शुरुआत वर्ष 2018 में की गई थी।

    वर्ष 2024 के लिए 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार का शुभारंभ 23 अक्टूबर 2024 को गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल पर किया गया था। कुल 751 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनकी समीक्षा और मूल्यांकन विशेषज्ञ समिति द्वारा किया गया। चयनित आवेदनों का परीक्षण केंद्रीय जल आयोग और केंद्रीय भूजल बोर्ड द्वारा किया गया। अंतिम रिपोर्ट के आधार पर वर्ष 2024 के 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कारों के लिए कुल 46 विजेताओं का चयन किया गया।

    राष्ट्रीय जल पुरस्कार का उद्देश्य देश में व्यक्तियों और संगठनों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों की पहचान करना और सरकार के ‘जल समृद्ध भारत’ के दृष्टिकोण को साकार करना है। ये पुरस्कार जल के महत्व के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने और उन्हें जल के सर्वोत्तम उपयोग के प्रयासों को अपनाने के लिये प्रेरित करते हैं। यह पहल सभी नागरिकों और संगठनों को जल संसाधन संरक्षण एवं प्रबंधन गतिविधियों में एक मजबूत साझेदारी और जन सहभागिता को और सशक्त बनाने का अवसर प्रदान करता है।

    जल संचय जन भागीदारी पहल में भी अग्रणी मप्र
    जल संचय जन भागीदारी पुरस्कार : कैच द रेन के अंतर्गत साउथ जोन की श्रेणी एक में पहला पुरस्कार ईस्ट निमाड़ जिले को तथा श्रेष्ठ 50 शहरी निकायों में गुना को, ज़िलों में श्रेणी तीन में दूसरी रैंक में गुना, बैतूल, धार, देवास, सिवनी और खरगौन का चयन हुआ है।

    इस पहल के अंतर्गत राज्यों को पाँच ज़ोन में बाँटा गया है। जिलों को न्यूनतम 10,000 कृत्रिम भू-जल पुनर्भरण एवं संचयन संरचनाएँ बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। पूर्वोत्तर और पर्वतीय राज्यों के जिलों के लिए यह लक्ष्य 3,000 संरचनाएँ है, जबकि देशभर के नगर निगमों के लिए यह संख्या 10,000 निर्धारित की गई है। इन संरचनाओं में वर्षा जल संचयन (रूफटॉप रेनवॉटर हार्वेस्टिंग) के अलावा झीलों, तालाबों और बावड़ियों का पुनर्जीवन भी शामिल है।

    शहरी जल संरक्षण प्रयासों को सशक्त करने के लिए, आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने जल शक्ति मंत्रालय के साथ साझेदारी की है। नगरीय निकायों को कम-से-कम 2,000 पुनर्भरण संरचनाएँ बनाने के लिए प्रेरित किया गया। इस वर्ष कुल 100 पुरस्कारों की घोषणा की गई है, जिनमें तीन सर्वश्रेष्ठ राज्य, 67 जिले, छह नगर निगम, एक नगरीय स्थानीय निकाय, दो सहयोगी मंत्रालय/विभाग, दो उद्योग, तीन गैर-सरकारी संगठन, दो परोपकारी व्यक्ति और 14 नोडल अधिकारी शामिल हैं। 

  • भगवान बिरसा मुंडा राष्ट्र भक्ति के प्रखर पुंज : राज्यपाल पटेल

    राज्यपाल ने सतना के बांका में किया क्रांतिसूर्य बिरसा मुंडा की प्रतिमा का अनावरण

    भोपाल
    राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जनजातीय आन-बान और शान के प्रतीक है। वे जनजातीय अस्मिता और राष्ट्र भक्ति के प्रखर पुंज थे। उन्होंने मात्र 25 वर्ष की अवस्था में जनजातीय समाज के अधिकारों के लिए ब्रिटिश हुकूमत से लोहा लिया। अपने संघर्ष और बलिदान से दुनिया की सर्वशक्तिशाली ताकत को झुकने पर मजबूर कर दिया। महापुरुष के रूप में इतिहास में अमर हो गए। राज्यपाल श्री पटेल मंगलवार को सतना जिले के मझगवाँ विकासखंड के ग्राम बांका में भगवान बिरसा मुंडा प्रतिमा अनावरण समारोह और जनजातीय विकास सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

    राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि जनजाति समाज के हक और अधिकारों की रक्षा के लिए हमारे जननायकों ने जो महान कार्य किए हैं। हमें उनसे प्रेरणा लेकर समाज को आगे बढ़ाने के प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार की जनजाति कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जनमन योजना के तहत केंद्र सरकार ने 24 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। इसी प्रकार धरती आबी ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 80 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि जनजाति क्षेत्रों में आदि कर्मयोगी योजना के माध्यम से भी जनजाति कल्याण के विशेष प्रयास किये जा रहे हैं।

    राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा जनजाति समुदाय की शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। जनजातीय क्षेत्रों में अनुवांशिक बीमारी सिकल सेल एनीमिया की जांच और उपचार के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। अब तक प्रदेश में एक करोड़ 25 लाख व्यक्तियों की सिकल सेल जांच और एक करोड़ डिजिटल कार्ड वितरित किए गए हैं।

    केंद्रीय जनजाति राज्यमंत्री श्री दुर्गादास उईके ने कहा कि देश में भगवान बिरसा मुंडा की 150 वी जयंती को उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। बिरसा मुंडा स्वाभिमान, सांस्कृतिक एकता और गौरव के प्रतीक है। प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव श्री अभय महाजन ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा का अनावरण और जनजाति विकास सम्मेलन स्थानीय जनजाति समुदाय के सहयोग से किया गया है।

    राज्यपाल श्री पटेल ने कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रतिमा स्थल पर पौधारोपण किया। भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने जनजाति नायकों और गौरव पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, दीनदयाल शोध संस्थान के पदाधिकारी, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में जनजाति समुदाय के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। 

  • गरियाबंद जिला को जोन-1, केटेगरी-2 में मिला जल संचय, जन भागीदारी के कार्य के लिए मिला देश में तीसरा स्थान

    राष्ट्रीय सम्मान से देश में बढ़ा गरियाबंद का गौरव जिले को मिला एक करोड़ रूपये का पुरस्कार

    महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के हाथों गरियाबंद जिले के कलेक्टर श्री बी एस उइके ने ग्रहण किया पुरस्कार 

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दी बधाई और शुभकामनाएं

    रायपुर
     जल संचय और जन भागीदारी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिला को जोन-1, केटगरी-2 में देश में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के कर कमलों से यह सम्मान प्रदान किया गया। इस पुरस्कार के तहत गरियाबंद जिले को विभिन्न विकास कार्यों के लिए एक करोड़ रूपए की राशि मिली है। इससे न सिर्फ गरियाबंद जिला, बल्कि पूरा छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जिले को इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी है। इस दौरान केंद्रिय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल, जल शक्ति एवं रेल मंत्रालय के राज्यमंत्री श्री वी. सोमन्ना एवं जल शक्ति मंत्रालय के राज्यमंत्री श्री राज भूषण चौधरी उपस्थित थे। यह पुरस्कार जिले के कलेक्टर श्री बी एस उइके, जलसंसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री एस के बर्मन एवं सहायक अभियंता श्री मनोज ताण्डिल्य ने प्राप्त किया। राष्ट्रीय जल संचय एवं जलभागीदारी कार्य के लिए तीसरा पुरस्कार के रूप में गरियाबंद जिले को एक करोड़ रूपये का पुरस्कार प्राप्त हुआ। गौरतलब है कि गरियाबंद जिला, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित राष्ट्रीय जल पुरस्कार प्रतियोगिता में विभिन्न चरणों के निरीक्षण, पर्यवेक्षण एवं मूल्यांकन के बाद ईस्ट जोन का तृतीय बेस्ट जिला चुना गया। 

    उल्लेखनीय है कि जिले में संबंधित विभागों के माध्यम से 26,025 सतही जल के बेहतर रख-रखाव एवं जनभागीदारी के क्षेत्र में किए गए सराहनीय प्रयासों के लिए गरियाबंद को छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों के साथ एक करोड़ रूपए का पुरस्कार भी प्रदान किया गया। यह उपलब्धि जिले के विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों के क्रियान्वयन का परिणाम रहा है, जिसमें जिले के नागरिकों, महिलाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जिले में तेजी से गिरते जल स्तर को देखते हुए जिले ने व्यापक रणनीति के साथ जल शक्ति अभियान – कैच द रेन मोर गांव मोर पानी के अंतर्गत मिशन जल रक्षा – नारी शक्ति से जल शक्ति की शुरूआत की गई है। भू-जल रिचार्ज के लिए तकनीकी नवाचार  जिले में किए गए प्रमुख नवाचार-रिचार्ज सॉफ्ट बोरवेल एवं सेंड फिल्टर तकनीक द्वारा असफल बोरों मे रिचार्ज का प्रयास, परकुलेशन टैंक में इंजेक्शन वेल तैयार कर वर्षाजल को सीधे वाटर टेबल से जोडऩा, नए बोरवेल के साथ इंजेक्शन वेल का निर्माण, पहाड़ी क्षेत्रों में रिचार्ज संरचनाएं और लो-लाइन क्षेत्रों में जल संरक्षण संरचनाएं, संरचनाओं की मरम्मत, संधारण एवं जीआईएस-आधारित योजना निर्माण, कार्य किए गए है।

  • घर में आया मेहमान, पेट भर दावत के बाद करने लगा ऐसी हरकत कि पड़ गई छित्तर-परैड़

    ग्वालियर 
    दोस्ती में विश्वास और भरोसा बेहद मायने रखते हैं लेकिन मध्य प्रदेश के ग्वालियर में मेहमान बनकर आए एक दोस्त ने इसी भरोसे का कत्ल कर दिया। जहां दोस्त ने दोस्त की गैरहाजिरी में बड़ा कांड कर दिया। हालांकि वह रंगे हाथों पकड़ा गया और पिटाई के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। घटना जिले के मोतीझील इलाके की है।

    जानकारी के मुताबिक, मुरैना निवासी 30 वर्षीय महिला अपने पति, दो बेटों और देवर के साथ मोतीझील क्षेत्र में रहती है। महिला के पति का दोस्त सुनील कुमार पिछले काफी समय से घर पर आता-जाता रहा है।  महिला का पति किसी काम से गांव गया हुआ था, जिससे घर पर महिला और उसके बच्चे ही मौजूद थे। सुनील घर आया। खाना खाने के बाद उसने कमरे में ही सोने की बात कही। पुराने परिचय और भरोसे के चलते महिला ने उसे रात वहीं रुकने की अनुमति दे दी।

    सुबह महिला के दोनों बेटे सैर पर निकल गए। इसी दौरान सुनील उसके कमरे में पहुंचा और उससे जबरदस्ती करने लगा। विरोध करने पर उसने महिला को लात घूंसों और थप्पड़ों से पीटकर काबू किया और उसके साथ रेप किया। वारदात के बाद उसने धमकी दी कि यदि किसी को बताया तो वह उसे और बच्चों को जान से मार देगा।

    मारपीट के बीच महिला ने शोर मचाया। आवाज सुनकर देवर और बेटा कमरे में पहुंचे। उन्होंने आरोपी को पकड़ लिया और उसकी पिटाई करने के बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया। पुरानी छावनी थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर आरोपी सुनील कुशवाह के खिलाफ रेप, मारपीट और धमकी देने की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। मेडिकल और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

  • जल संचय, जन भागीदारी अभियान के तहत उत्कृष्ट कार्यों के लिए महासमुंद जिले को मिला प्रथम स्थान

    राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के हाथों कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने पुरस्कार ग्रहण किया 

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दी बधाई और शुभकामनाएं

    रायपुर
    जल संचय एवं जन भागीदारी अभियान के तहत उत्कृष्ट कार्यों के लिए पूर्वी जोन में शामिल कैटेगरी 2 अंतर्गत महासमुंद जिले को मिला प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।  राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने जिले को उत्कृष्ट कार्य के लिए एक करोड़ रूपए की राशि से सम्मानित किया है। महासमुंद कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने इस पुरस्कार को ग्रहण किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महासमुंद जिले के इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी है। 

    गौरतलब है कि जल संचय, जन भागीदारी (जेएसजेबी 1.0) के तहत पूर्वी जोन में शामिल कैटेगरी 2 अंतर्गत महासमुंद जिला को बेस्ट परफॉर्मिंग जिले के रूप में प्रथम स्थान प्राप्त होने पर सम्मानित किया है। विज्ञान भवन नई दिल्ली में आज आयोजित 6वाँ राष्ट्रीय जल पुरस्कार एवं जल संचय, जन भागीदारी अवार्ड समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने महासमुंद जिले में जल संचय, जन भागीदारी में हुए उल्लेखनीय कार्यों के लिए पुरस्कार दिया। जिससे जिले को एक करोड़ रूपये का प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुआ। इस अवसर पर केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री श्री सीआर पाटिल, केन्द्रीय जल संसाधन राज्य मंत्री श्री वी सोमन्ना एवं अन्य अतिथियों के अलावा वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। जिले की ओर से कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के साथ जल संसाधन विभाग के मुख्य कार्यपालन अभियंता श्री अजय खरे भी मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि जिले में कुल 35,182 जल संरचनाओं का निर्माण के लिए यह उपलब्धि मिली है।

    कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने जिले को प्राप्त इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इस महत्वपूर्ण उपलब्धि का श्रेय संपूर्ण महासमुंद जिले वासियों को दिया है। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने कहा कि जिला प्रशासन के सभी अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा सम्मानीय जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों एवं संपूर्ण जिले वासियों के अथक प्रयासों एवं सक्रिय सहभागिता के फलस्वरूप जल संचयन एवं जन भागीदारी अभियान में जिले को यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हो सका है। इसके लिए उन्होंने जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा जिले के सभी जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों सहित पूरे जिले वासियों के प्रति आभार प्रकट किया है। श्री लंगेह ने जल संचय एवं जन भागीदारी अभियान में बेस्ट परफॉर्मिंग जिले के रूप में प्रथम स्थान प्राप्त होने पर महासमुंद जिले को भारत के राष्ट्रपति के कर कमलों से सम्मानित होने का गौरव प्राप्त होने पर संपूर्ण जिले वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।

  • कृषक लक्ष्मण, छगन और खोरबाहरा को धान विक्रय में नहीं हुई परेशानी, आसानी से धान बेच पाए

    समिति में सभी सुविधाएं दुरुस्त

    रायपुर
    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन और किसान-कल्याण की प्राथमिकता को धरातल पर उतारती हुई राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी कृषक उन्नति योजना आज किसानों के लिए वास्तविक परिवर्तन का माध्यम बन रही है। बेहतर समर्थन मूल्य, पारदर्शी एवं सुविधाजनक उपार्जन व्यवस्था, तथा टोकन प्रणाली जैसे सुधारों ने धान विक्रय प्रक्रिया को सहज, तेज और भरोसेमंद बनाया है। जिसका प्रत्यक्ष लाभ सीमांत कृषक से लेकर बड़े किसानों तक समान रूप से पहुंच रहा है और कृषक अधिक उत्साह और विश्वास के साथ उत्पादन बढ़ा रहे हैं।
     
    महासमुंद जिला के विकासखंड के ग्राम मोंगरा निवासी श्री लक्ष्मण ध्रुव अपने 54 कट्टा धान का विक्रय करने ग्रामीण सेवा सहकारी समिति झालखम्हरिया उपार्जन केंद्र पहुंचे। उन्होंने बताया कि वे 3 दिन पूर्व टोकन कटवाया है, जिससे उन्हें समय पर धान विक्रय की सुविधा मिली। शासन की पारदर्शी टोकन व्यवस्था और त्वरित पंजीयन ने उनकी प्रक्रिया को सहज बनाया। उनके पास एक एकड़ खेती है। इसी तरह मोंगरा निवासी श्री खोरबहारा साहू ने बताया कि वे अपने 42 डिसमिल कृषि भूमि में 8.80 क्विंटल धान उत्पादन किया है। उन्होंने सतत देखभाल और शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का लाभ लेते हुए अपने फसल का उत्पादन किया है। उन्होंने बताया कि धान बेचने में उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई। वहीं मोंगरा निवासी श्री छगन लाल साहू ने अपने पिताजी पुनीत राम साहू के नाम पंजीकृत 10 एकड़ कृषि भूमि में इस वर्ष 250 कट्टा धान का उपार्जन किया है। 

    सरकार द्वारा प्रति एकड़ 21 क्विंटल की दर से धान खरीदी और समर्थन मूल्य 3100 रुपए प्रति क्विंटल देने का निर्णय किसानों के लिए एक बड़ी राहत है। मोंगरा निवासी लक्ष्मण ध्रुव, खोरबाहरा साहू और छगन लाल साहू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का धन्यवाद ज्ञापित किया है।

  • मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने हॉकी मेन्स जूनियर वर्ल्ड कप ट्रॉफी 2025 का किया भव्य अनावरण

    प्रदेश में प्रतिष्ठित ट्रॉफी का आगमन युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी: मुख्यमंत्री श्री साय

    रायपुर
    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज विधानसभा परिसर से प्रतिष्ठित एफआईएच जूनियर मेन्स हॉकी वर्ल्ड कप 2025 की ट्रॉफी का अनावरण किया। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप तथा उपमुख्यमंत्री अरुण साव भी मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि विश्व की प्रतिष्ठित एफआईएच जूनियर मेन्स हॉकी वर्ल्ड कप 2025 की चमचमाती ट्रॉफी पहली बार भारत टूर के तहत आज छत्तीसगढ़ पहुंची और विधानसभा परिसर में आयोजित गरिमामयी समारोह में इसका अनावरण किया गया। 

    मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि भारत में एफआईएच जूनियर वर्ल्ड कप 2025 का आयोजन होना अत्यंत गर्व की बात है और इस ट्रॉफी का छत्तीसगढ़ आगमन राज्य के लिए विशेष सम्मान का अवसर है। उन्होंने हॉकी इंडिया के प्रति आभार जताते हुए कहा कि ट्रॉफी टूर देशभर में खेलों के प्रति उत्साह एवं प्रेरणा को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया द्वारा इस अभियान का शुभारंभ देश में खेल भावना को नई ऊर्जा प्रदान करने वाला कदम है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ शुरू से ही हॉकी की उर्वर भूमि रहा है। राजनांदगांव, बस्तर, जशपुर, सरगुजा, रायपुर, बिलासपुर और कोरबा जैसे जिलों से बड़ी संख्या में बच्चे हॉकी खेल में अपना भविष्य संवार रहे हैं। ट्रॉफी का यहां आगमन राज्य के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल अधोसंरचना के विस्तार, प्रशिक्षण सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और उभरती प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध है। श्री साय ने कहा कि यह ट्रॉफी दुनिया के श्रेष्ठ खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और सपनों का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर हॉकी इंडिया, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ और छत्तीसगढ़ हॉकी को बधाई और शुभकामनाएं भी दी।

    इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने ट्रॉफी के भव्य अनावरण के लिए छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ और छत्तीसगढ़ हॉकी के पदाधिकारियों और खिलाड़ियों को शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया, संघ के अन्य पदाधिकारी, हॉकी संगठन के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित रहे।

    भारत पहली बार बनेगा जूनियर वर्ल्ड कप का मेजबान
    गौरतलब है कि एफआईएच हॉकी जूनियर मेन्स वर्ल्ड कप 2025 की मेजबानी भारत पहली बार कर रहा है। प्रतियोगिता 28 नवंबर से 10 दिसंबर तक चलेगी और तमिलनाडु के चेन्नई व मदुरै में आयोजित की जाएगी।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव का प्रदर्शनी स्थल पर वैज्ञानिकों द्वारा विकसित रोबोट ने किया स्वागत

    विद्यार्थियों में वैज्ञानिक और नवाचारी सोच को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश आधुनिक विज्ञान सहित सभी क्षेत्रों में तेजी से कर रहा है विकास

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव का प्रदर्शनी स्थल पर वैज्ञानिकों द्वारा विकसित रोबोट ने किया स्वागत

    बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में देशभर के 900 विद्यार्थियों के 240 इनोवेटिव प्रोजेक्ट और मॉडल हुए प्रदर्शित

    बाल वैज्ञानिकों के महाकुंभ में मैनिट, आईसेक्ट और आईआईएसईआर के वैज्ञानिकों से होगा संवाद

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 52वीं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी-2025 का किया शुभारंभ

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विश्व में अपनी अलग पहचान बनाई है। देश आधुनिक विज्ञान सहित सभी क्षेत्रों में तेज गति से विकास कर रहा है। इसी वैज्ञानिक शक्ति के बलबूते ही भारत ने पड़ोसी देश को सबक सिखाया। कोविड महामारी के दौर में पूरी दुनिया ने हमारे पतंजलि योग शास्त्र का अनुसरण किया और अभिनंदन के लिए हाथ जोड़कर नमस्कार करने की पद्धति के महत्व को स्वीकारा। सम्राट विक्रमादित्य काल में नवरत्नों के समान आज देश में प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में सभी प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया जा रहा है। चाहे मून मिशन हो या गगनयान प्रोजेक्ट, प्रधानमंत्री मोदी सफलता हो या असफलता, हर पायदान पर वैज्ञानिकों के साथ खड़े हैं। इसी प्रकार विद्यार्थियों के बीच वैज्ञानिक और नवाचारी सोच विकसित करने के प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों में राज्य सरकार भी हरसंभव सहयोग प्रदान कर रही है। भारतीय प्राचीन ग्रंथो में विद्यार्थियों के 6 गुणों क्रमशः विद्या, तर्क, विज्ञान, स्मृति, तत्परता और क्रियाशीलता का उल्लेख है। यह माना जाता है कि जिसके पास यह छह गुण हैं, उसके लिए कुछ भी असाध्याय नहीं है। उन्होंने कहा कि इन्हीं गुणों के आधार पर विज्ञान की गति को बढ़ाया जा सकता है। बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में आए विद्यार्थियों में भावी भारत के विक्रम साराभाई, भाभा साहब, कलाम साहब जैसी प्रतिभाओं की झलक मिल रही है। यह बाल वैज्ञानिक भारत की विज्ञान यात्रा का नया अध्याय लिखने वाले हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को 52वीं बाल वैज्ञानिक प्रदशर्नी-2025 के शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए यह विचार व्यक्त किए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 52वीं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी का श्यामला हिल्स स्थित क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान (आर.आई.ई.) में दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रदर्शनी के द्वार पर पहुंचने पर बाल वैज्ञानिकों द्वारा विकसित रोबोट ने उनका स्वागत किया। उन्होंने बाल प्रदर्शनी में विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए स्टॉल्स का अवलोकन कर बाल वैज्ञानिकों से संवाद किया और बाल वैज्ञानिकों द्वारा विकसित रोबोट और तारामंडल के मॉडल के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद तथा स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 6 दिवसीय प्रदर्शनी आगामी 23 नवंबर तक चलेगी।

    ऋषि-मुनियों के ज्ञान और नवाचारों से समृद्ध है हमारी ज्ञान परंपरा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत के विश्व गुरू बनने में प्राचीन भारतीय वैज्ञानिक परंपरा के भाग रहे ऋषि-मुनियों के योगदान को समझने की आवश्यकता है। हमारे ऋषि-मुनि न्यूनतम आवश्यकताओं के साथ जीवन यापन करते हुए समाज के कल्याण के लिए नवाचारों को जन्म देते थे। प्रत्येक भारतीय को ऋषि-मुनियों और विद्वान से मिली परंपरा पर गर्व है। अगर हम विमान शास्त्र की बात करें तो ऋषि भारद्वाज याद आते हैं। भगवान राम के काल में पुष्पक विमान दिखाई देता है। जब शून्य के अस्तित्व को देखें तो आर्यभट्ट की ओर ध्यान जाता है और जब ग्रहों की गति देखते हैं तो भास्कराचार्य नजर आते हैं। योगशास्त्र के लिए महर्षि पतंजलि याद आते हैं। भारतीय ज्ञान परंपरा हर क्षेत्र में ऋषि-मुनियों के ज्ञान से समृद्ध हुई है।

    योग की महिमा को विश्व के सभी देशों ने स्वीकारा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने योग को संयुक्त राष्ट्र संघ के माध्यम से विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित किया है। आज यूरोप से लेकर साइबेरिया और चीन से पाकिस्तान और ईरान-इराक तक लोग योगासन करते नजर आते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्राचीन सनातन संस्कृति के माध्यम से हमने दुनिया को यह बताया कि ब्रह्मांड में कोटि-कोटि सूर्य विद्यमान है। हजारों साल पहले महर्षि पतंजलि ने दुनिया को बता दिया था कि शरीर में पांच प्राण होते हैं। राज्य सरकार अंगदान को प्रोत्साहित कर रही है और देहदानियों को गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया जा रहा है।

    प्रदेश के स्कूलों में बढ़ाई जा रही है आईसीटी लैब की संख्या

    स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि देशभर से भोपाल पधारे बाल वैज्ञानिक मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल हैं। राज्य सरकार विद्यार्थियों के बीच वैज्ञानिक और नवाचारी दृष्टिकोण विकसित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश के स्कूलों में आईसीटी लैब की संख्या बढ़ाई जा रही है। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कार्यक्रम में सहभागी बाल वैज्ञानिकों को शुभकामनाएं दीं।

    निदेशक एनसीईआरटी प्रो. दिनेश प्रसाद सकलानी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव सदैव एनसीईआरटी को प्रोत्साहन प्रदान करते हैं। वे कला एवं विज्ञान के प्रति पारखी दृष्टिकोण रखते हैं। बाल वैज्ञानिक प्रदशर्नी एक अनूठी प्रदर्शनी है, जिसमें देशभर के जिलों से बाल वैज्ञानिकों के प्रोजेक्ट और मॉडल चुनकर लाए गए हैं। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मती कृष्णा गौर, विधायक भगवानदास सबनानी, जिलाध्यक्ष रवींद्र यति, सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल सहित बड़ी संख्या में विज्ञान प्रसारक, विषय-विशेषज्ञ, शिक्षक, बाल वैज्ञानिक एवं जिज्ञासु विद्यार्थी उपस्थित थे।

    उल्लेखनीय है कि बाल प्रदर्शनी 31 राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के लगभग 900 विद्यार्थी और शिक्षकों द्वारा समाजिक समस्याओं का सामाधान बताते 240 साइंस मॉडल एवं इनोवेटिव प्रोजेक्ट प्रदर्शित किए गए हैं। साथ ही बाल वैज्ञानिकों के इस महाकुंभ में मैनिट, आईसेक्ट और आईआईएसईआर के वैज्ञानिकों से संवाद सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। बच्चों को अपनी स्वाभाविक जिज्ञासा और रचनात्मकता के लिए मंच उपलब्ध कराने तथा बच्चों को अपने आसपास हो रहे क्रियाकलापों में विज्ञान और गणित की उपस्थिति का अनुभव कराने के उद्देश्य से यह प्रदर्शनी आयोजित की गई है। राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी 2025 का मुख्य विषय "सतत भविष्य के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी" है। देश के विभिन्न राज्यों के 230 विद्यालयों के बाल वैज्ञानिकों ने प्रदर्शनी में खाद्य-स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, परिवहन एवं संचार, प्राकृतिक खेती, आपदा प्रबंधन, गणितीय मॉडलिंग और कंप्यूटेशनल थिंकिंग,अपशिष्ट प्रबंधन और संसाधन प्रबंधन पर स्टाल लगाए हैं।

     

     

  • रायपुर में DKS सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में नए विभाग खोलने की अनुमति, मरीजों के लिए सुविधा बढ़ी

    रायपुर
     रायपुर के DKS सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में रुमेटोलॉजी और एंडोक्राइनोलॉजी विभाग खोलने की अनुमति मिल गई है। इस फैसले के साथ DKS अस्पताल छत्तीसगढ़ का पहला सरकारी संस्थान बन जाएगा, जहां गठिया, डायबिटीज, थायरॉइड और हार्मोनल समस्याओं का सुपर स्पेशियलिटी स्तर पर इलाज एक ही जगह उपलब्ध होगा।

    स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज और DKS अस्पताल की स्वशासी समिति की सामान्य सभा में यह निर्णय लिया गया। बैठक में तय किया गया कि दोनों विभागों के लिए अस्पताल में 10-10 बेड के नए वार्ड बनाए जाएंगे, ताकि मरीजों को बेहतर सुविधा मिल सके।

    रुमेटोलॉजी और एंडोक्राइनोलॉजी दोनों ही सुपर स्पेशियलिटी विभाग हैं, जिनमें संयुक्त दर्द, गठिया, ऑटोइम्यून समस्याएं, डायबिटीज, थायरॉइड और हार्मोनल विकार जैसे मामलों का विशेषज्ञ इलाज संभव होगा। वर्तमान में ऐसे मरीजों का इलाज जनरल मेडिसिन और ऑर्थोपेडिक्स विभाग द्वारा किया जा रहा है, जबकि रुमेटोलॉजी DM/DNB सुपर स्पेशियलिटी श्रेणी में आती है और राज्य में इसकी गंभीर कमी है।

    समझिए इससे मरीजों को क्या फायदा होगा

    रुमेटोलॉजी और एंडोक्राइनोलॉजी सुपर स्पेशियलिटी विभाग हैं। गठिया और हार्मोन संबंधी बीमारियों का स्पेशलिस्ट से इलाज होगा। संयुक्त दर्द, गठिया, थायरॉइड, हार्मोनल समस्याओं और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज विशेषज्ञ करेंगे। अस्पताल में दोनों विभागों के लिए 10-10 बेड के नए वार्ड को मंजूरी मिली है।

    सचिव ने निरीक्षण के बाद मांगा था प्रस्ताव

    स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अमित कटारिया ने 22 सितंबर को अस्पताल का निरीक्षण किया था।निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने दोनों विभाग शुरू करने की मांग रखी थी। इसके बाद सचिव ने इसका विस्तृत प्रस्ताव बनाने और भेजने के निर्देश दिए थे।

    राज्य में सरकारी स्तर पर स्पेशलिस्ट की कमी

    छत्तीसगढ़ के किसी भी सरकारी मेडिकल कॉलेज में रुमेटोलॉजी और एंडोक्राइनोलॉजी विशेषज्ञ मौजूद नहीं हैं। अंबेडकर अस्पताल में एक DM एंडोक्राइनोलॉजी डॉक्टर हैं, लेकिन वे सिर्फ बच्चों का इलाज करते हैं।

    चर्चा है कि विभाग शुरू होने पर उन्हें DKS में शिफ्ट किया जा सकता है, हालांकि पहले भी 5 साल पहले ऐसा प्रयास असफल हुआ था। डॉक्टर ने प्रस्तावित OPD में बैठने से इनकार कर दिया था।

    डायबिटीज और हार्मोनल बीमारियों में तेजी से बढ़ोतरी

    रायपुर समेत पूरे प्रदेश में डायबिटीज के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। अब 10 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों में टाइप-2 डायबिटीज मिलने लगी है। छोटे बच्चों में टाइप-1 यानी जेनेटिक डायबिटीज तेजी से बढ़ रही है। हार्मोनल समस्याओं, थायरॉइड और अन्य बीमारियों के इलाज के लिए विशेषज्ञों की भारी कमी है।

    वहीं जोड़ों के दर्द, गठिया और ऑटोइम्यून बीमारियों वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में ऐसे मरीजों का इलाज जनरल मेडिसिन और आर्थोपेडिक्स विभाग संभाल रहा है, जो सुपर स्पेशियलिटी की श्रेणी में नहीं आता। रुमेटोलॉजी DM/DNB सुपर स्पेशियलिटी कोर्स है, जिसकी राज्य में कमी है।

    स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अमित कटारिया ने 22 सितंबर को DKS अस्पताल का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने दोनों विभाग प्रारंभ करने की मांग रखी थी, जिसके बाद सचिव ने प्रस्ताव तैयार कर भेजने के निर्देश दिए थे। अब इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गई है।

    राज्य में सरकारी स्तर पर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भारी कमी है। छत्तीसगढ़ के किसी भी सरकारी मेडिकल कॉलेज में रुमेटोलॉजी और एंडोक्राइनोलॉजी विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं हैं। अंबेडकर अस्पताल में एक DM एंडोक्राइनोलॉजी डॉक्टर हैं, जो फिलहाल सिर्फ बच्चों का इलाज करते हैं। चर्चा है कि विभाग शुरू होने के बाद उन्हें DKS अस्पताल में शिफ्ट किया जा सकता है, हालांकि पहले भी पांच वर्ष पूर्व ऐसा प्रयास असफल रहा था।

    रायपुर सहित पूरे प्रदेश में डायबिटीज और हार्मोनल विकारों के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। अब 10 साल से अधिक उम्र के बच्चों में भी टाइप-2 डायबिटीज के मामले सामने आने लगे हैं, जबकि छोटे बच्चों में टाइप-1 जेनेटिक डायबिटीज तेजी से बढ़ रही है। इसके साथ ही जोड़ों के दर्द, गठिया और ऑटोइम्यून बीमारियों के मरीजों की संख्या में भी लगातार इजाफा हो रहा है। ऐसे में सुपर स्पेशियलिटी विभागों की शुरुआत मरीजों को बड़ा लाभ देगी और इलाज की गुणवत्ता में सुधार लाएगी।

     

  • रायपुर : अग्रवाल ने कहा – चुनौतियों को अवसर में बदलकर हासिल करें लक्ष्य

    रायपुर : 'लक्ष्य तय करें, कठिनाइयों को अवसर में बदलें' : पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल

    नवा रायपुर में बच्चों संग प्रेरक संवाद, बच्चों के रोचक सवालों का मंत्री ने दिया जवाब

    रायपुर

    नवा रायपुर स्थित सरकारी आवास पर आज पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने रयान इंटरनेशनल स्कूल, रायपुर के बच्चों से आत्मीय मुलाकात की। यह मुलाकात केवल शिष्टाचार भर नहीं रही, बल्कि जीवन मूल्य, लक्ष्य निर्धारण, संघर्ष, शिक्षा के महत्व और छत्तीसगढ़ के पर्यटन पर गहन और प्रेरक संवाद का अवसर बन गई। बच्चों ने बड़े ध्यान से मंत्री जी की बातों को सुना और इसे अपने स्कूली व आगामी जीवन के लिए महत्वपूर्ण सीख बताया।

    'लक्ष्य तय करें, कठिनाइयों को अवसर में बदलें' : पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल

        मंत्री  अग्रवाल ने बच्चों को जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हुए कहा कि सफलता के लिए स्पष्ट लक्ष्य और अनुशासन बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि ‘‘हर छात्र को अपने अंदर स्वच्छता, संस्कार और अनुशासन का बीज बोना चाहिए। आपका लक्ष्य जितना स्पष्ट होगा, उतनी जल्दी आप सही दिशा में आगे बढ़ेंगे। कठिनाइयाँ हर जीवन का हिस्सा हैं, लेकिन उनमें छिपे अवसर को पहचानना ही असली सफलता है। शिक्षा केवल अंकों के लिए नहीं, बल्कि अच्छे चरित्र और मजबूत व्यक्तित्व के निर्माण के लिए होती है।’’

    बच्चों के सवाल, मंत्री के जवाब
        संवाद के दौरान एक छात्र ने मंत्री  अग्रवाल से पूछा कि उन्हें राजनीति में आने की प्रेरणा कहाँ से मिली। इस पर  अग्रवाल ने कहा, ‘‘मुझे राजनीति में आने की सबसे बड़ी प्रेरणा मेरे पिताजी से मिली। बचपन से ही उन्हें लोगों की मदद करते, समाज के लिए काम करते देखता था। वहीं से मन में भावना आई कि जीवन ऐसा हो, जिससे अधिक से अधिक लोगों का भला हो सके। राजनीति मेरे लिए सत्ता नहीं, सेवा का माध्यम है।’’

        एक अन्य छात्र ने सवाल किया कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन के क्षेत्र में क्या संभावनाएँ हैं। इस पर  अग्रवाल ने जवाब देते हुए कहा कि ‘‘छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाएँ हैं।  हमारे यहाँ प्राकृतिक सौंदर्य, जलप्रपात, गुफाएँ, पुरातात्विक धरोहरें, आदिवासी संस्कृति और लोक कला की अनूठी विरासत है। हमारी कोशिश है कि छत्तीसगढ़ को देश और दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर अग्रणी स्थान मिले। इस क्षेत्र में हम उत्कृष्ट कार्य करेंगे, ताकि आप जैसी नई पीढ़ी अपने राज्य पर गर्व महसूस कर सके।’’
    शिक्षा, लक्ष्य और आत्मविश्वास पर जोर

         अग्रवाल ने बच्चों को समझाया कि ‘‘पढ़ाई का महत्व केवल परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन की दिशा तय करती है। उन्होंने कहा कि हर विषय को ध्यान से पढ़िए, केवल रटने के लिए नहीं बल्कि समझने के लिए। सवाल पूछने से कभी संकोच मत कीजिए। यही आदत आगे चलकर आपको अलग पहचान दिलाएगी। कठिन समय में घबराने के बजाय समाधान खोजिए, तब आप हर चुनौती को अवसर में बदल पाएँगे।‘‘

        मंत्री  अग्रवाल ने भी बच्चों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि ‘‘आप सभी हमारे राज्य और देश का भविष्य हैं। ईमानदारी, मेहनत और अनुशासन को अपना मंत्र बनाइए, फिर जीवन में कोई भी लक्ष्य दूर नहीं रहेगा।

        स्कूली छात्रों ने मंत्री  अग्रवाल से आटोग्राफ लिया व उनके साथ फोटोग्राफ भी खिंचवाई। मंत्री से मुलाकात पर स्कूली बच्चों ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि हमे मंत्री जी से बात कर बहुत अच्छा लगा व उनसे बहुत कुछ सीखने मिला, अब हम अपना लक्ष्य तय करेंगे और उन्हें पाने के लिए मेहनत भी उतनी ही ईमानदारी से करेंगे। पढ़ाई सिर्फ नंबर लाने के लिए नहीं, बल्कि अच्छा इंसान बनने के लिए भी ज़रूरी है। पहली बार किसी मंत्री से इतने करीब बैठकर बातचीत करने का मौका मिला है। रयान इंटरनेशनल स्कूल के इन बच्चों और पर्यटन मंत्री के बीच हुआ यह संवाद सकारात्मकता, प्रेरणा और आत्मविश्वास से भरा रहा। यह मुलाकात बच्चों के लिए केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों और भविष्य की दिशा तय करने वाली एक महत्वपूर्ण सीख साबित हुई।

  • डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा करना हुआ आसान, नवंबर में विशेष सुविधा शुरू

    रायपुर : नवंबर में डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र के लिए विशेष अभियान: अब पेंशनर किसी भी बैंक में जमा कर सकेंगे DLC

    रायपुर

    राज्य शासन द्वारा पेंशनरों की सुविधा के लिए नवंबर माह में डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (Digital Life Certificate-DLC) जमा करने हेतु विशेष अभियान प्रारंभ किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत पेंशनरों को अब जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए अपने मूल बैंक शाखा में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। वे किसी भी बैंक में जाकर या घर बैठे "Jeevan Pramaan" मोबाइल ऐप एवं वेबसाइट
    https://jeevanpramaan.gov.in/ के माध्यम से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकते हैं।

    भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय, पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग, नई दिल्ली तथा संचालनालय, पेंशन एवं भविष्य निधि, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार यह सुविधा राज्य के सभी पेंशनरों के लिए उपलब्ध कराई गई है।

    संचालक, पेंशन एवं भविष्य निधि, छत्तीसगढ़, रायपुर, श्रीमती पद्मिनी भोई साहू ने सभी बैंकों एवं जिला कोषालयों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बैंक अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में निर्देश दिए कि नवंबर माह में पेंशन वितरण की तिथि से पूर्व अधिकतम संख्या में पेंशनरों के डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र प्राप्त किए जाएं, ताकि किसी भी पेंशनर की पेंशन बाधित न हो।

    इन निर्देशों के पालन में भारतीय स्टेट बैंक सहित अन्य बैंकों द्वारा "डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र मिशन 4.0" (Digital Life Certificate Mission 4.0) के अंतर्गत विभिन्न शहरों में विशेष कैम्प आयोजित किए जा रहे हैं। इन कैम्पों में फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक के माध्यम से पेंशनरों से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र प्राप्त किए जाएंगे।

    भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार अब सभी बैंक अपनी शाखाओं में आने वाले प्रत्येक पेंशनर का डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जनरेट करने के लिए उत्तरदायी होंगे, चाहे पेंशनर का खाता किसी भी बैंक या शाखा में हो।सभी पेंशनरों से अपील की गई है कि वे इस सुविधा का लाभ उठाकर समय पर अपना जीवन प्रमाणपत्र (Life Certificate) प्रस्तुत करें, ताकि उनकी पेंशन निर्बाध रूप से जारी रह सके।

  • तीन प्रमुख ट्रेनों के समय में आंशिक बदलाव, बेहतर समयपालन के लिए कदम

    इंदौर

    आने वाले दिनों में अगर आप ट्रेन से सफर करने वाले हैं तो ये खबर आपके काम की है। जानकारी के लिए बता दें कि पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने इंदौर-देवास-उज्जैन रेल मार्ग पर ट्रेनों की समय पालन क्षमता सुधारने के लिए तीन महत्वपूर्ण ट्रेनों के समय में आंशिक बदलाव किए हैं।

    इसलिए जो भी पैसेंजर यात्रा करने का प्लान बना रहे हैं उन्हें पहले चेक करना जरूरी होगा। यह संशोधित समय-सारणी अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम ट्रेनों के सुचारु संचालन और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

    इन ट्रेनों की बदली रहेगी टाइमिंग

    -गाड़ी संख्या 19343 इंदौर-नैनपुर पेंचवैली एक्सप्रेस ट्रेन 22 नवंबर से अगले आदेश तक इंदौर से 13:15 बजे प्रस्थान करेगी।

    गाड़ी संख्या 20917 इंदौर-पुरी हमसफर एक्सप्रेस ट्रेन 25 नवंबर से अगले आदेश तक इंदौर से 15:05 बजे चलेगी। देवास स्टेशन पर इसका आगमन 15:31 बजे तथा प्रस्थान 15:33 बजे निर्धारित किया गया है।

    -गाड़ी संख्या 22191 इंदौर-जबलपुर एक्सप्रेस ट्रेन 22 नवंबर से अगले आदेश तक इंदौर से 19:35 बजे रवाना होगी। देवास स्टेशन पर इसका आगमन 20:01 बजे तथा प्रस्थान 20:03 बजे रहेगा।

  • भावांतर योजना के तहत सोयाबीन का रेट हुआ 4255 रुपए, किसानों को होगी राहत

    भावांतर योजना में सोयाबीन का मॉडल रेट बढ़कर हुआ 4255 रुपए

    भोपाल 

    भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत  सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए आज 18 नवंबर को 4255 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी।

    सोयाबीन के मॉडल रेट में लगातार वृद्धि जारी है। पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए, 12 नवंबर को 4077 रुपए, 13 नवंबर को 4130 रुपए, 14 नवंबर को 4184 रुपए, 15 नवंबर को 4225 रुपए, 16 नवंबर को 4234 रुपए तथा 17 नवंबर को 4236 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी हुआ था।

    राज्य सरकार की गारंटी है कि किसानों को हर हाल में सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य की 5328 रुपए प्रति क्विंटल की राशि मिलेगी। भावान्तर का मॉडल रेट बढ़ने का आशय यह है कि मंडी में सोयाबीन का भाव बढ़ रहा है। नमी कम होने से सोयाबीन की गुणवत्ता ठीक होने से रेट का बढ़ना स्वाभाविक है। किसानों को मंडी में अच्छा भाव मिल रहा है। वैसे भी मॉडल भाव पिछले चौदह दिन के सोयाबीन के बाजार भाव का भारित औसत है। एमएसपी से ऑक्शन भाव / मॉडल भाव के अंतर की राशि सरकार दे रही है और किसान के नुक़सान की भरपाई कर रही है।

    प्रदेश में भावान्तर योजना के सफल क्रियान्वयन ने किसानों को एमएसपी की राशि मिलने की गारंटी दी है। व्यापारियों को मंडी से व्यापार मिल रहा है, जो उपार्जन की वजह से प्रभावित हो जाता है।

     

  • ताराबाई का इलाज इंदौर में, पीएम श्री एयर एम्बुलेंस से एयरलिफ्ट; परिवार ने CM मोहन यादव को जताया आभार

    पीएम श्री एयर एम्बुलेंस से ताराबाई को उच्च स्तरीय इलाज के लिए इंदौर भेजा

    मरीज के परिजनों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त किया

    इंदौर 
    खुशियों की दास्तां

    पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा प्रदेश में गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों को उच्च स्तरीय उपचार के लिए बड़े शहरों के अस्पतालों में भेजने हेतु वरदान सिद्ध हो रही है। इस योजना के तहत मंगलवार सुबह खंडवा जिले के पंधाना विकासखण्ड के ग्राम शाहपुरा निवासी श्रीमती ताराबाई पति बलराम उम्र 73 वर्ष को खंडवा की हवाई पट्टी से एयर एम्बुलेंस के माध्यम से इंदौर के एम वाय हॉस्पिटल में उच्च स्तरीय इलाज के लिए भिजवाया गया। मरीज के साथ उनके परिजन श्री लक्ष्मण ओसवाल भी गए। उन्होंने ताराबाई के उपचार के लिए एयर एंबुलेंस की निशुल्क सुविधा मिलने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार प्रकट किया। इस अवसर पर खंडवा महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव और श्री मुकेश तन्वे भी मौजूद थे।

    मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ओ.पी. जुगतावत ने बताया कि रीढ़ की हड्डी में चोट के कारण ताराबाई लकवा ग्रस्त हो गई थी, मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए आज एयर एंबुलेंस के माध्यम से इंदौर भिजवाया गया है, जिससे वहां उन्हें उच्च स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। डॉ. जुगतावत ने बताया कि एयर एम्बुलेंस से आयुष्मान कार्ड धारको को राज्य के भीतर और बाहर सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज के लिए भेजने हेतु निशुल्क सेवा उपलब्ध है। गैर आयुष्मान कार्ड नागरिको को राज्य के भीतर सरकारी अस्पतालों तक निशुल्क तथा राज्य के बाहर अनुमोदित दरों पर सशुल्क सेवा उपलब्ध है। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. अनिरुद्ध कौशल, अस्पताल अधीक्षक डॉ.रंजीत बड़ोले, नोडल अधिकारी एयर एंबुलेंस डॉ.दीपशिखा इवने व अधिकारी मौजूद थे।

  • सांदीपनि विद्यालयों के स्कूल लीडर्स के प्रयासों को प्रदेश स्तर पर सराहा गया

    प्रदेश के 260 सांदीपनि विद्यालयों में 950 स्कूल लीडर्स के अनुकरणीय प्रयासों को सराहना

    गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिये किये जा रहे हैं प्रयास

    भोपाल 

    प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित सांदीपनि विद्यालय शिक्षण नेतृत्व और शैक्षिक वातावरण में गुणवत्ता के नये मानक प्रस्तुत कर रहे हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिये इन विद्यालयों में शिक्षकों को उनके नवाचारी प्रयासों के लिये राज्य स्तरीय पहचान प्रदान करने तथा उनके प्रोत्साहन के लिये "प्रेरक प्रयास" कार्यक्रम की अभिनव पहल प्रारंभ की गई है। इस पहल से विद्यालयों के स्कूल लीडर्स और शिक्षकों द्वारा किये जा रहे अनुकरणीय एवं प्रभावी कार्यों को हर सप्ताह राज्य स्तर से सभी विद्यालयों में विस्तारित किया जा रहा है।

    प्रेरक प्रयास कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सांदीपनि विद्यालय स्तर पर हो रहे हर सकारात्मक प्रयास, चाहे वह छोटा हो या बड़ा उनकी समय पर पहचान हो और सबसे सामने लाया जाये। इस प्रयास से सीखने और सिखाने की परंपरा को बढ़ावा मिल रहा है। इस कार्यक्रम में हर सप्ताह विद्यालयों में नेतृत्व, शिक्षण पद्धति, विद्यार्थी की उपस्थिति एवं प्रगति, नवाचार को पहचान कर चयन किया जाता है, जिन्हें तीन श्रेणियों में आरंभकर्ता, प्रयासकर्ता, सर्वोत्तम गुणवत्ता के रूप में बांटा जाता है। उन्हें विद्यालय स्तर पर सम्मानित कर राज्य स्तर पर बढ़ावा देने के लिये बहुरंगीय पोस्टर के माध्यम से सभी शिक्षकों के बीच साझा किया जाता है। प्रदेश में 260 सांदीपनि विद्यालयों में 950 से अधिक शिक्षकों के अनुकरणीय प्रयासों को राज्य स्तर पर पहचान दिलायी गयी है।

    विद्यांजलि पोर्टल के माध्यम से स्वयंसेवकों को आमंत्रण

    केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय ने विद्यांजलि पोर्टल की शुरूआत की है। इस पोर्टल के माध्यम से स्कूल शिक्षा को सामुदायिक भागीदारी से मजबूत करने के प्रयास किये जा रहे हैं। नई शिक्षा नीति-2020 में स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में सहभागिता को प्रोत्साहित करने के बिन्दु को मुख्य रूप से जोड़ा गया है। विद्यांजलि एक ऐसा मंच है, जहाँ विभिन्न पृष्ठभूमि से जुड़े लोग जैसे पेशेवर, सेवानिवृत्त, गृहणियां और स्वयंसेवी संगठन अपने समय, कौशल और संसाधनों के माध्यम से शासकीय विद्यालयों की गुणवत्ता सुधार में सहभागी बन सकते हैं। यह पहल स्वच्छ भारत मिशन के अनुरूप शुरू की गयी है।

     

  • रायपुर : राजस्व टीम ने साईंटागर बैरियर के पास 60 बोरी अवैध धान परिवहन करते किया जब्त

    रायपुर

    राज्य शासन द्वारा धान संग्रहण और अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए सभी जिले के कलेक्टर को निर्देश दिए गए हैं l निर्देश के परिपालन में कलेक्टर जशपुर के निर्देशानुसार जिले में अवैध धान के आवागमन पर कड़ी निगरानी रखने जिला प्रशासन द्वारा सतत कदम उठाए जा रहे हैं।

             टीम ने जशपुर विकास खंड के ग्राम साईंटागर बैरियर के पास अवैध धान परिवहन करते हुए पिकअप वाहन JH01FW- 7832 वाहन से 60 बोरी अवैध धान जप्त कर लोदाम थाने में सुपुर्द किया गया।

           ग्राम साईंटागर बैरियर के पास चेकपोस्टों का निरीक्षण किया, जो झारखंड राज्य से लगे हुए सीमावर्ती बैरियर हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने चेकपोस्टों पर तैनात सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र तथा वाहनों की जांच प्रक्रिया को बारीकी से परखा। अवैध धान परिवहन रोकने के लिए आवश्यक निर्देश अधिकारियों को दिए गए।

             राजस्व विभाग की टीम ने  देर रात झारखंड सीमा पर स्थित विभिन्न चेकपोस्टों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। राजस्व टीम में  तहसीलदार  जय राजनपथे, नायब तहसीलदार अरुण कुमार, फूड इंस्पेक्टर निरीक्षक, राजस्व  एवं पटवारी शामिल रहे।

  • मंत्री कुशवाह का बयान: नशामुक्त अभियान से देश होगा सुरक्षित और समृद्ध

    नशामुक्त अभियान देश को खुशहाल बनाने का अभियान : मंत्री  कुशवाह

    नशामुक्त भारत – ख़ुशहाल भारत के संकल्प के साथ नशामुक्त भारत राज्य स्तरीय कार्यक्रम सम्पन्न

    भोपाल
    "नशा मुक्त भारत- खुशहाल भारत" की तर्ज पर नशामुक्त भारत अभियान की पांचवी वर्षगांठ का राज्य स्तरीय कार्यक्रम सामाजिक न्याय सशक्तिकरण मंत्री  नारायण सिंह कुशवाह के मुख्य अतिथि में सम्पन्न हुआ। अध्यक्षता विधायक  भगवान दास सबनानी ने की और विशिष्ट अतिथि के रूप में परशुराम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष  विष्णु राजोरिया कार्यक्रम में उपस्थित थे।

    मंत्री  नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि नशा मुक्ति अभियान देश को खुशहाल बनाने का अभियान है। आज से 5 वर्ष पूर्व 15 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री से  नरेन्द्र मोदी द्वारा नशामुक्ति अभियान का शुभारंभ किया गया था। इस अभियान का मध्यप्रदेश में भी प्रभावी ढंग से संचालन किया गया है। सामाजिक संगठनों ओर आमजन की भागीदारी से बड़ी संख्या में नशा पीड़ितों को अभियान के माध्यम से समाज की मुख्य धारा से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि नशामुक्त भारत अभियान सिर्फ एक सरकारी पहल नहीं, बल्कि समाज को बचाने का संकल्प है। हम सबकी जिम्मेदारी है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बाहर लाएँ और उन्हें शिक्षा, रोजगार व सकारात्मक दिशा दें। नशा परिवारों को तोड़ता है, संस्कारों को कमजोर करता है और राष्ट्र की प्रगति को रोकता है। इसलिए हम सभी को मिलकर जागरूकता फैलानी है, उन्होंने कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, अभिभावकों और युवाओं से आग्रह करता हूँ कि नशामुक्ति का संदेश हर घर तक पहुँचाएँ। नशा किसी एक व्यक्ति नही परिवार और समाज को प्रदूषित करता है। अगर एक व्यक्ति नाश छोड़ता है तो मानिए परिवार ही नहीं समाज की दिशा बदलती है।

    विधायक  सबनानी ने कहा कि भारत मे युवाओ को नशा ग्रसित बनाने के लिए षड्यंत्र किया जा रहा है। युवाओं को प्लानिंग से फ़साया जाता है। हम सब को होशियार रहना चाहिए और इस अभियान से जुड़कर नशे के विरूद्ध जन-जागरण फैलाना चाहिए। परशुराम बोर्ड के अध्यक्ष  विष्णु राजौरिया ने भी अवने विचार व्यक्त किए।

    राष्ट्रीय कार्यक्रम का अमृतसर से सीधा प्रसारण

    सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार के तत्वावधान में राष्ट्रीय कार्यक्रम का अमृतसर (पंजाब) से सीधा प्रसारण किया गया। इसमें प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के संदेश का वाचन किया गया। केन्द्रीय सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने बताया कि नशामुक्ति भारत अभियान से 5 वर्षो में 23 करोड़ लोगों से जोड़ा गया है। देश में लगभग ढाई करोड़ लोगों ने नशा से मुक्ति दिलाई गई। कार्यक्रम में उन्होंने सभी को नशा से दूर रहने की शपथ दिलाई।

     

  • उप मुख्यमंत्री की अपील: समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरा करें कार्य

    नियमित फॉलोअप करें और समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य करें पूर्ण: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल

    लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में नियुक्ति प्रक्रिया अधोसंरचना विकास कार्यों और उपकरण खरीद प्रक्रियाओं की वृहद समीक्षा की

    भोपाल
    उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय, भोपाल में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधोसंरचना विकास कार्यों, भर्ती प्रक्रिया और उपकरण खरीद की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं का नियमित फॉलोअप किया जाए और निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण होना सुनिश्चित किया जाए।

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं—विशेषज्ञ चिकित्सकों, स्टाफ नर्स, पैरा-मेडिकल स्टाफ और तकनीकी पदों—की प्रगति पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी संचालन के लिए रिक्त पदों की शीघ्र भर्ती अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, मेरिट और गति—इन तीनों का समन्वय सुनिश्चित किया जाए।

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने बुदनी चिकित्सा महाविद्यालय और सिंगरौली मेडिकल कॉलेज से जुड़े निर्माण, उपकरण और अकादमिक व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि दोनों संस्थानों के सभी आवश्यक कार्य समय पर पूर्ण हों। उन्होंने एयर एम्बुलेंस सेवा के सुदृढ़ीकरण पर भी जोर दिया और निर्देश दिए कि गंभीर रोगियों को तेज, सुरक्षित और सक्षम आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराने के लिए इस सेवा को और अधिक प्रभावी एवं सुगठित बनाया जाए।

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने एमपीपीएचएससीएल के माध्यम से की जा रही उपकरण खरीद प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए जोर दिया कि चिकित्सकीय उपकरणों की खरीद में पारदर्शिता और गुणवत्ता सर्वोपरि हो। उन्होंने आपूर्ति समयसीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने तथा प्राथमिकता वाले संस्थानों में उपकरणों की शीघ्र उपलब्धता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग  संदीप यादव, आयुक्त  तरुण राठी, तथा एमपीपीएचएससीएल के प्रबंध संचालक  मयंक अग्रवाल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।