• पिपरिया 132 के.वी. सब स्टेशन का 48 साल बाद रिमॉडलिंग कार्य पूरा, सप्लाई होगी बेहतर

    एमपी ट्रांसको के 48 वर्ष पुराने पिपरिया 132 के.वी. सब स्टेशन का रिमॉडलिंग कार्य पूर्ण

    भोपाल

    ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि प्रदेश में विद्युत पारेषण तंत्र को सुदृढ़ एवं आधुनिक बनाने के लिए जहां नये सबस्टेशन, ट्रांसमिशन लाइनें और उच्च क्षमता वाले ट्रांसफार्मर स्थापित किए जा रहे हैं, वहीं पुराने सबस्टेशनों को भी वर्तमान तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप उन्नत किया जा रहा है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) द्वारा पिपरिया में 48 वर्ष पुराने 132 के.वी. सबस्टेशन का रिमॉडलिंग कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। 6 अगस्त 1977 को स्थापित इस सबस्टेशन की प्रारंभिक क्षमता 28.5 एमवीए थी तथा यह सिंगल पैंथर कंडक्टर आधारित मैन बस पर संचालित होता था।

    पिपरिया क्षेत्र को मिलेगी गुणवत्ता पूर्ण बिजली: मंत्री  तोमर

    ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस महत्वपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक पूर्ण करने के लिए एमपी ट्रांसको के इंजीनियरों एवं समस्त कार्मिकों को बधाई देते हुए कहा कि यह सुधार पिपरिया उपकेन्द्र की विश्वसनीयता, वहन क्षमता और विद्युत आपूर्ति गुणवत्ता में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित करेगा। इससे क्षेत्र के उपभोक्ताओं को अधिक स्थिर, सुरक्षित और निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।

    लोड बढ़ने के कारण जरूरी था उन्नयन

    एमपी ट्रांसको के अतिरिक्त मुख्य अभियंता पी एस राघव ने बताया कि सबस्टेशन की क्षमता बढ़कर 126 एमवीए होने के कारण पुरानी मैन बस अत्यधिक लोड के चलते कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो रही थी, जिसके चलते इसका आधुनिकीकरण अत्यंत आवश्यक था। तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप सिंगल पैंथर कंडक्टर को अब उच्च दक्षता वाले आधुनिक ट्विन ज़ेबरा कंडक्टर से बदला दिया गया है। सीमित स्थान होने के बावजूद पूरा रिमॉडलिंग कार्य ऑक्ज़िलरी बस स्ट्रक्चर पर ही सावधानीपूर्वक इरेक्शन करते हुए समयबद्ध एवं सुरक्षित रूप से सम्पन्न किया गया।

     

  • रायपुर : किसान छबीलाल बारी ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी नीति की सराहना

    रायपुर : किसान छबीलाल बारी ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी नीति की सराहना

    समय पर टोकन और धान  बेचा, नहीं हुई कोई परेशानी

    रायपुर

    सरायपाली के गाँव राजाडीह के मेहनतकश किसान छबीलाल बारी आज गर्व और संतोष से भरे हुए हैं। आज उनके 176 क्विंटल धान का टोकन कट चुका है, और यह पल उनके लिए सिर्फ धान उपार्जन की प्रक्रिया नहीं, बल्कि पूरे वर्ष की मेहनत का सम्मान है।
    उन्होंने कहा कि यह नीति  किसानों के हितों की रक्षा और  हमारे भविष्य को सुरक्षित और समृद्ध भी बनाता है।

    पूर्ण पारदर्शी प्रकिया से धान खरीदी

             धान उपार्जन केंद्र  जंगलबेड़ा, सराईपाली में पूरा कार्य सुचारू और पारदर्शी ढंग से हुआ। किसान छबीलाल बारी बताते हैं कि इस वर्ष राज्य शासन की धान खरीदी नीति ने किसानों को नई ताकत दी है।वे कहते हैं समय पर पूरी प्रक्रिया में एक भी परेशानी नहीं हुई। समय पर टोकन मिला और केंद्र में व्यवस्था बहुत अच्छी थी।

    धान खरीदी 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से

           किसान छबीलाल बारी विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। जिन्होंने प्रति एकड़ 21 क्विंटल की दर से धान खरीदी की और समर्थन मूल्य 3100 रुपए प्रति क्विंटल देने का निर्णय किसानों के लिए एक बड़ी राहत है।

    किसान के मजबूत होने से प्रदेश मजबूत होगा

              छबीलाल कहते हैं कि सरकार की इस नीति से हम जैसे किसान मजबूत होंगे l उन्होंने कहा कि किसान के मजबूत होने से प्रदेश मजबूत होगा l समर्थन मूल्य मिलने से  हमारी आय बढ़ेगी और हम अपने परिवार का भविष्य बेहतर बना पाएंगे।

  • उत्तर बस्तर कांकेर : समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 2025-26 : सहकारी समिति प्रबंधक, खरीदी केन्द्र प्रभारी एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज

    उत्तर बस्तर कांकेर

    धान खरीदी कार्य को गंभीरता से नहीं लेने के कारण जिले की सहकारी समितियों के 02 प्रभारी प्रबंधक एवं 02 कम्प्यूटर ऑपरेटर और 01 धान खरीदी केन्द्र प्रभारी के विरूद्ध थाना पखांजूर एवं थाना नरहरपुर में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। कार्यालय उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं जिला कांकेर के निर्देश पर सहकारी निरीक्षकों एवं शाखा प्रबंधक द्वारा पुलिस थाना पखांजूर एवं नरहरपुर में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

    उपायुक्त सहकारिता जिला कांकेर से मिली जानकारी के अनुसार आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित पखांजूर विकासखण्ड कोयलीबेड़ा के प्रभारी प्रबंधक वासुदेव दास एवं उपार्जन केन्द्र पी.व्ही. 24 के कम्प्यूटर ऑपरेटर रविशंकर मंडल के विरूद्ध थाना पखांजूर और आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित उमरादाह विकासखण्ड नरहरपुर के प्रभारी प्रबंधक भूषण पटेल तथा उपार्जन केन्द्र नावडबरी के धान खरीदी प्रभारी शिवप्रसाद नाग एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर तेज सिन्हा के विरूद्ध थाना नरहरपुर में छत्तीसगढ़ आवश्यक सेवा संधारण एवं विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 (एस्मा एक्ट) के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
    उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विपणन वर्ष 2025-26 की संपूर्ण धान खरीदी अवधि तक धान खरीदी कार्य में संलग्न समस्त कर्मचारियों पर छत्तीसगढ़ आवश्यक सेवा संधारण एवं विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 (एस्मा एक्ट) लागू किया गया है।

  • रायपुर : मुख्यमंत्री साय ने विधानसभा के विशेष सत्र में पूर्व सदस्यों का किया पुण्य स्मरण

    रायपुर

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान छत्तीसगढ़ की रजत यात्रा में योगदान देने वाले तीन प्रमुख जनप्रतिनिधियों मती रजनी ताई उपासने,  बनवारी लाल अग्रवाल और  राधेश्याम शुक्ल का पुण्य स्मरण किया।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रायपुर की पहली महिला विधायक मती रजनी ताई उपासने राजनीतिक और सामाजिक जीवन की प्रेरक व्यक्तित्व थीं, उनका निधन प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है।  बनवारी लाल अग्रवाल को याद करते हुए उन्होंने कहा कि विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष, दो बार के विधायक रहे और उनके जनसेवा से जुड़े कार्य, संगठन और समाज के प्रति समर्पण हम सब के लिए अनुकरणीय है। 

    मुख्यमंत्री ने  राधेश्याम शुक्ल के बारे में कहा कि वे अनुशासित एवं कर्मनिष्ठ जनप्रतिनिधि के रूप में याद किए जाएंगे। उनका पूरा जीवन जनसेवा को समर्पित रहा, उनके निधन से प्रदेश ने एक प्रतिबद्ध नेता को खो दिया है। मुख्यमंत्री  साय ने तीनों दिवंगत विभूतियों की आत्मा की शांति और परिजनों को संबल प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।

  • प्रदेश के 13 जिलों के आयुष चिकित्सालयों में 373 नवीन पदों की स्वीकृतिे

    प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना में संशोधन की स्वीकृति

    मिशन वात्सल्य योजना अंतर्गत गैर संस्थागत सेवा योजना को आगामी 5 वर्षों तक संचालित करने की स्वीकृति

    प्रदेश के 13 जिलों के आयुष चिकित्सालयों में 373 नवीन पदों की स्वीकृतिे

    मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् में भर्ती के लिए सेवा शर्ते एवं नियम 2025 अनुमोदित

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना में सिंचाई के लिये सोलर पम्प स्थापना की योजना में संशोधन की स्वीकृति प्रदान की गयी है। संशोधन अनुसार कृषकों को स्वीकृत सोलर पम्प स्थापना क्षमता से एक क्षमता अधिक तक का विकल्प प्रदाय किया जायेगा। अब 3 एच.पी. के अस्थाई विद्युत कनेक्शनधारियों को 5 एच.पी. और 5 एच.पी. के अस्थाई विद्युत कनेक्शनधारियों को 7.5 एच.पी. का सोलर पंप प्रदाय करने का विकल्प दिया जाएगा।

    योजना के प्रथम चरण में अस्थायी विद्युत कनेक्शन संयोजन वाले किसानों अथवा अविद्युतीकृत किसानों को सोलर पम्प का लाभ दिया जाएगा। योजना अनुसार 7.5 एचपी क्षमता तक का सोलर पम्प पम्प लगाने के लिए अस्थाई विद्युत कनेक्शन धारी कृषक का अंश 10% रहेगा। शासन द्वारा 90% की सब्सिडी दी जाएगी।

    उल्लेखनीय है कि भारत सरकार की कुसुम-ब योजना को प्रदेश में "प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना" नाम से 24 जनवरी 2025 से लागू किया गया है। इसका क्रियान्वयन राज्य में मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम द्वारा किया जा रहा है। इस निर्णय से सोलर पंप की स्थापना से विद्युत पंपों को विद्युत प्रदाय के लिए राज्य सरकार पर अनुदान के भार को सीमित किया जा सकेगा एवं विद्युत वितरण कम्पनियों की वितरण हानियों को कम किया जा सकेगा।

    मिशन वात्सल्य योजना अंतर्गत गैर संस्थागत सेवा योजना संचालित करने की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद मिशन वात्सल्य योजना अंतर्गत गैर संस्थागत सेवा योजना यथा स्पॉन्सरशिप, फॉस्टर केयर, आफ्टर केयर को आगामी 5 वर्षों तक प्रदेश के समस्त जिलों में संचालित करने की स्वीकृति दी गयी है। योजना के तहत पात्र बच्चे को 4 हजार रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता दी जायगी। इसके साथ ही 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर बाल देखभाल संस्थान छोड़ने वाले बच्चों को ऑफटर केयर के माध्यम से रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जायेगा। योजना के तहत विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्त माता के बच्चे, अनाथ एवं विस्तारित परिवार के साथ निवासरत बच्चे, असाध्य बीमारी से पीड़ित माता-पिता के बच्चे, बच्चे की शारीरिक और आर्थिक रूप से देखभाल करने में असमर्थ माता पिता के बच्चे, किशोर न्याय अधिनियम 2015 के अनुसार देख रेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चे (बेघर, प्राकृतिक आपदा से पीड़ित, बाल श्रमिक, बाल वेश्यावृति के शिकार, एड्स पीड़ित, बाल भिक्षुक, सड़क पर रहने वाले, घर से भागे, निर्योग्यत वाले, लापता, शोषण और दुर्व्यवहार के शिकार श्रेणी के बच्चे) लाभान्वित होंगे।

    मिशन वात्सल्य योजना क्रियान्वयन के लिए कुल 1,022 करोड़ 40 लाख रुपये का व्यय होगा। इसमें राज्यांश 408 करोड़ 96 लाख रुपये और केंद्रांश 613 करोड़ 44 लाख रुपये होगा। इससे प्रदेश के 33 हजार 346 बच्चे लाभान्वित होंगे। यदि योजना अन्तर्गत निर्धारित स्वीकृत अवधि में भारत सरकार द्वारा योजना मापदण्डों में कोई परिवर्तन किए जाते है तो उक्त अवधि में परिवर्तित मापदण्ड प्रभावशील होंगे।

    आयुष चिकित्सालयों में 373 नवीन पदों की स्वीकृतिे

    मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश के 12 जिलों भोपाल, इन्दौर, नरसिंहपुर, मण्डलेश्वर (खरगौन), बालाघाट, गुना, भिण्ड, सीहोर, अमरकंटक (अनूपपुर), पन्ना, श्योपुर एवं शुजालपुर (शाजापुर) में 50 बिस्तरीय आयुष चिकित्सलयों एवं बड़वानी जिले में 30 बिस्तरीय चिकित्सालय के संचालन के लिए 373 पद एवं 806 मानव संसाधन सेवाएं ऑन कॉल की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृत नवीन पदों में प्रथम श्रेणी के 52 पद, द्वितीय श्रेणी के 91 और तृतीय श्रेणी के 230 पद शामिल है। नियमित पदों पर वार्षिक वित्तीय भार 25 करोड़ 57 लाख रूपये आयेगा। इसके साथ ही स्वीकृत मानव संसाधन सेवाओं मे द्वितीय श्रेणी के 91, तृतीय श्रेणी के 117 और चतुर्थ श्रेणी के 598 पद शामिल है। मानव सेवाओं का प्रबंधन भारत सरकार के राष्ट्रीय आयुष मिशन से किया जायेगा।

    मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् में भर्ती के लिए सेवा शर्ते एवं नियम अनुमोदित

    मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद्के वैज्ञानिकों/अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भर्ती एवं सेवा शर्तें नियम 2025 का अनुमोदन प्रदान किया गया।विज्ञान, तकनीकी, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार के क्षेत्र में वर्तमान समय में हो रहे अनुप्रयोगों के दृष्टिगत् प्रदेश में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् की गतिविधियों में सुदूर संवेदन उपयोग केन्द्र, ग्रामीण प्रौद्योगिकी उपयोग केन्द्र, मौसम परिवर्तन अनुसंधान केन्द्र, अंतरिक्ष विज्ञान अनुसंधान केन्द्र एवं उन्नत शोध एवं उपकरण सुविधा केन्द्र कार्यरत् है, के लिए उत्कृष्ट वैज्ञानिकों की आवश्यकता बनी रहती है।

    निर्णय अनुसार मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद में गैर वैज्ञानिक संवर्ग के लिए, सेवा संरचना एवं भर्ती नियमों को अंगीकृत किया गया है। वैज्ञानिक संवर्ग के लिए चूंकि केडर का प्रावधान नहीं होने एवं वैज्ञानिक संवर्ग के पदों को भविष्य में होने वाले वैज्ञानिक, तकनीकी, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार के क्षेत्र में हो रहे अनुसंधानों के हुए मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद में वैज्ञानिक संवर्ग के केडर का उन्नयन किया जायेगा। इससे वैज्ञानिक अनुसंधान एवं नवाचार के लिए योग्य वैज्ञानिकों की सेवाएं प्रदेश को प्राप्त हो सकेगी। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा 11 मई, 2015 द्वारा मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद में नवीन पदों की भर्ती पर लगाई गई रोक हटाये जाने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश में वैज्ञानिक एवं तकनीकी क्षेत्र में वैज्ञानिक, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् नोडल एजेन्सी के रूप में कार्यरत है।

    मेडिको लीगल संस्थान के अधिकारियों को पुनरीक्षित (सातवें) वेतनमान का वास्तविक लाभ प्रदान किये जाने की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद द्वारा मेडिको लीगल संस्थान के अधिकारियों को पुनरीक्षित वेतनमान (सातवां वेतनमान) का वास्तविक लाभ लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग के संवर्ग के समान 1 जनवरी 2016 से प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है। शासन के समस्त विभागों में पुनरीक्षित वेतनमान (सातवां वेतनमान) का वास्तविक लाभ 1 जनवरी 2016 से प्रदान किया गया है। उसी अनुक्रम में मेडिको लीगल संस्थान के अधिकारियों को भी लाभ दिए जाने का निर्णय लिया गया है। लाभ दिये जाने पर एरियर राशि का अनुमानित वित्तीय भार 93 लाख रुपये आएगा।

    प्रदेश में क्रियान्वित सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड योजना में संशोधन किये जाने की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में क्रियान्वित सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड (एसआईबी) योजना में संशोधन किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वीकृति अनुसार आयुक्त, संस्थागत वित्त को राज्य स्तरीय स्टीयरिंग समिति का सदस्य सचिव के रूप में नामित किया गया है। योजनान्तर्गत 100 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान सामाजिक न्याय विभाग के स्थान पर वित्त विभाग के बीसीओ, आयुक्त संस्थागत वित्त में किया गया है। साथ ही तकनीकी एजेंसी के चयन के लिए परियोजना क्रियान्वयन विभाग को अधिकृत किया गया है। योजना के क्रियान्वयन के लिए प्रशासनिक विभाग वित्त विभाग को बनाया गया है

    नव गठित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आगर-मालवा के लिए नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद द्वारा लिए गए निर्णय अनुसार नवगठित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगर-मालवा के लिये कुल 9 नवीन पदों का सृजन किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी। इसमें सचिव का 1 पद, जिला विधिक सहायता अधिकारी का 1 पद, सहायक ग्रेड-2 का 1 पद, सहायक ग्रेड-3 के 2 पद, आदेश तामीलकर्ता के 2 पद और भृत्य के 2 पद स्वीकृत किये गए है। इन पदों पर वार्षिक वित्तीय भार 59 लाख 42 हजार रूपये आयेगा। मंत्रि-परिषद की बैठक वंदे मातरम गायन के साथ शुरू हुई।

  • महिलाओं के लिए सुविधा और सुरक्षा: मध्यप्रदेश में रात की शिफ्ट में काम पर दोगुना वेतन, आदेश जारी

    भोपाल 

    प्रदेश में अब महिलाएं मॉल, बाजारों और कारखानों में रात की शिफ्ट में भी काम कर सकेंगी। इसके लिए महिलाओं की लिखित सहमति जरूरी होगी। नियोक्ता को कुछ शर्तों का पालन भी करना होगा। दुकानों-बाजारों में महिलाओं से रात में काम कराने के लिए वहां कम से कम 10 या उससे ज्यादा महिलाएं नियुक्त होनी चाहिए।

    रात 9 बजे से सुबह 7 बजे तक कर सकेंगी काम

    महिलाएं रात 9 से सुबह 7 बजे तक काम कर सकेंगी। कारखानों में भी रात 8 से सुबह 6 बजे तक काम कर सकेंगी। कारखाने में एक तिहाई महिला कर्मचारी शिफ्ट सुपरवाइजर या फोरमेन के रूप में काम करना चाहिए। इससे महिलाओं के सशक्त होने के साथ ही प्रदेश के विकास का रास्ता भी खुलेगा।

    ओवरटाइम कराने पर दोगुना वेतन

    कर्मचारियों से ओवरटाइम कराने पर दोगुना वेतन दिया जाएगा। मध्यप्रदेश कारखाना संशोधन अधिनियम 2025 के जरिए सरकार ने इसका रास्ता खोल दिया है। संशोधन अधिनियम को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद 14 नवंबर 2025 से लागू हो गया है। सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है।

    ये हैं शर्तें

    • सबसे पहले, उन्हें महिला कर्मचारी से लिखित में सहमति लेनी होगी कि वह रात में काम करने के लिए तैयार है।
    • किसी भी महिला को मैटरनिटी लीव (मातृत्व अवकाश) से वंचित नहीं किया जा सकेगा।
    • महिला कर्मचारियों को रात में घर से लाने और ले जाने के लिए गाड़ी की व्यवस्था करनी होगी।
    • जहां भी महिलाएं रात में काम करेंगी, वहां टॉयलेट और आराम करने के लिए अलग-अलग कमरे होने चाहिए।
    • काम करने की जगह और उसके आसपास रोशनी होनी चाहिए और CCTV कैमरे लगे होने चाहिए।
    • कंपनी के मालिक की यह जिम्मेदारी होगी कि काम करने की जगह का माहौल ऐसा हो कि महिला को काम करने में कोई परेशानी न हो।
    • काम करने की जगह पर आने-जाने के रास्तों पर सुरक्षा गार्ड होने चाहिए।
    • कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न निवारण अधिनियम (Sexual Harassment of Women at Workplace Act) के नियमों का पालन करना जरूरी होगा।
    • इसके अलावा, जिस जगह पर महिलाएं नाइट शिफ्ट में काम करेंगी, वहां कम से कम 10 महिलाएं होनी चाहिए। कारखानों और प्रोडक्शन यूनिट्स में नाइट शिफ्ट में काम करने के दौरान सुपरवाइजर और अन्य सुपरवाइजर कर्मचारियों में कम से कम एक तिहाई महिलाएं होनी चाहिए।

    राज्य सरकार ने पहले 26 जून 2016 को एक नियम खत्म कर दिया था। इस नियम के अनुसार, महिलाएं रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी कारखाने या प्रोडक्शन यूनिट में काम नहीं कर सकती थीं। सरकार ने 'कारखाना अधिनियम' की शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए यह फैसला लिया था। अब, सरकार ने महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति देकर एक नया कदम उठाया है।

    • महिला कर्मचारियों के एंट्री-एग्जिट पॉइंट पर महिला सुरक्षा गार्ड।
    • महिलाओं को असुविधा न हो यह सुनिश्चित किया जाएगा।
    • टॉयलेट, पानी, भोजन और रेस्ट रूम की व्यवस्था।
    • यौन उत्पीड़न निरोध अधिनियम का पालन अनिवार्य।
    • मेटरनिटी लीव से वंचित नहीं किया जाएगा।
    • सुरक्षित ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था करनी होगी।
  • जल शक्ति अभियान 1.0 में बेहतरीन योगदान के लिए सूरजपुर को मिला 25 लाख का सम्मान

    सूरजपुर
    आज नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित छठवें राष्ट्रीय जल पुरस्कार व जल संचय जन भागीदारी पुरस्कार वितरण समारोह में  राष्ट्रपति मती द्रोपदी मुर्मू व मंत्री जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार  सी. आर. पाटिल  के कर कमलों से जल शक्ति जन भागीदारी अभियान 1.0 के अंतर्गत सूरजपुर जिले को उसके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 25 लाख रूपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। जल शक्ति जन भागीदारी अभियान 1.0 जल संचय संरचना निर्माण तथा उनका डाटा बेस तैयार करने हेतु एक सफल अभियान है, जिसके अंतर्गत सूरजपुर जिले ने पूर्वी क्षेत्र की केटेगरी तीन में बारहवां रैंक हासिल किया है। कलेक्टर  एस.जयवर्धन के नेतृत्व व जिला पंचायत सीईओ  विजेन्द्र सिंह पाटले के मार्गदर्शन में यह सफलता प्राप्त की गई है।
    उपरोक्त पुरस्कार सूरजपुर जिले से जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता  अरुण कुमार मिश्रा के द्वारा ग्रहण किया गया।

  • पक्के मुर्गी शेड ने बढ़ाई हितग्राही की आय,आजीविका हुई सुदृढ़

    पक्के मुर्गी शेड ने बढ़ाई हितग्राही की आय,आजीविका हुई सुदृढ़

    रायपुर

    मनरेगा के अंतर्गत निर्मित शेड हितग्राही के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का उदाहरण है, मुर्गी पालन का कार्य आजीविका संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध हो रहा है।

             मनरेगा योजना के अंतर्गत पक्का मुर्गी शेड निर्माण से हितग्राही भूलू की आय में वृद्धि हुई है तथा मुर्गियों के बिट को जैविक खाद के रूप में उपयोग कर वे कृषि कार्य में भी लाभ प्राप्त कर रहे हैं। 

    हितग्राही भूलू की आय में हुई वृद्धि    
            बलौदाबाजार जिले के ग्राम पंचायत कोदवा में हितग्राही भूलू को मनरेगा से 1.13 लाख की लागत से पक्का मुर्गी शेड निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया।हितग्राही द्वारा पूर्व से ही मुर्गी पालन का कार्य किया जा रहा था, परंतु अस्थायी शेड होने के कारण बरसात एवं गर्मी में मुर्गियों की सुरक्षा, दाना-संरक्षण तथा उत्पादन क्षमता गंभीर रूप से प्रभावित होती थी। पक्के शेड के निर्माण से अब मुर्गियों के लिए सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध हुआ है। शेड निर्माण के उपरांत हितग्राही ने 500 चूजे 25 रुपए प्रति नग की दर से खरीदे। इनमें से 60 नग 600 रुपए प्रति नग की दर से विक्रय किया  तथा लगभग 150–200 चूजे वर्तमान में अच्छी वृद्धि पर हैं। अब तक हितग्राही को इस कार्य से ₹36,000 की आय प्राप्त हो चुकी है। पक्के शेड के कारण चूजों की मृत्युदर में उल्लेखनीय कमी आई है।

    मुर्गियों के बिट को जैविक खाद के रूप में उपयोग
     हितग्राही भूलु ने बताया कि शेड निर्माण से उनकी आय में वृद्धि हुई है तथा मुर्गियों के बिट को जैविक खाद के रूप में उपयोग कर वे कृषि कार्य में भी लाभ प्राप्त कर रहे हैं। वर्तमान लाभ को देखते हुए वे समीप की भूमि क्रय कर शेड का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं।

  • बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मिलकर काम करें : सचिव परदेशी का आह्वान

    रायपुर : बोर्ड परीक्षा मे बेहतर परिणाम लाने करें सामूहिक प्रयास – सचिव  परदेशी

    उत्कृष्ट आचरण व उच्च नैतिकता कायम रखने के निर्देश

    स्कूल शिक्षा सचिव ने ली प्रचार्यो की बैठक

    रायपुर

    स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने कहा कि शिक्षक बच्चों को केवल शिक्षा ही नहीं देते बल्कि उन्हें एक आदर्श नागरिक भी बनाते हैं। शिक्षक उत्कृष्ट आचरण और उच्च नैतिकता का उदाहरण पेश करें। उन्होने कहा कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को पुरस्कृत किया जाएगा लेकिन लापरवाही और अनैतिक गतिविधि में शामिल होने पर कार्यवाही भी होगी।

    परीक्षा परिणाम में 10 प्रतिशत की वृद्धि को बरकरार रखें

           श्री परदेशी कल बलौदाबाजार जिला प्रवास के दौरान जिला ऑडिटोरियम  में प्रचार्यो की बैठक लेकर बोर्ड परीक्षा तैयारी की समीक्षा की। उन्होंने विगत वर्ष की परीक्षा परिणाम में 10 प्रतिशत की वृद्धि को बरकरार रखने सामूहिक प्रयास करने के निर्देश दिये।

    उत्तर लिखने की प्रैक्टिस कराएं

         श्री परदेशी ने कहा कि  बोर्ड परीक्षा की तैयारी के क्रम में बच्चों को पिछले प्रश्न पत्र एवं प्रश्न बैंक से उत्तर लिखने की प्रैक्टिस कराएं। 

    माध्यन्ह भोजन की गुणवत्ता हेतु नियमित निरीक्षण करें

              श्री परदेशी ने  अपार आईडी की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए सभी बच्चों के अपार आईडी बनाने का कार्य तत्काल पूर्ण करने के निर्देश दिये। स्कूल शिक्षा सचिव ने हाल ही में सम्पन्न त्रैमासिक परीक्षा, अपार आई.डी. की प्रगति, यू-डाईप्लस 2025-26 प्रविष्टि, छात्रवृत्ति, मूलभूत सुविधा आदि एजेंडों पर विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने माध्यन्ह भोजन की गुणवत्ता हेतु नियमित निरीक्षण करने के भी निर्देश दिये।

               बैठक मे सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल, संयुक्त संचालक  संजीव श्रीवास्तव, जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. संजय गुहे, सहायक संचालक एवं प्राचार्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

  • रायपुर : कॉलेज में विभिन्न कार्यों के लिए 73 लाख मंजूर

    रायपुर : कॉलेज में विभिन्न कार्यों के लिए 73 लाख मंजूर

    उप मुख्यमंत्री  अरुण साव के अनुमोदन के बाद नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा स्वीकृति आदेश जारी

    रायपुर

    नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने मुंगेली जिले के लोरमी में राजीव गांधी शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में विभिन्न कार्यों के लिए 72 लाख 80 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री  अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने संचालनालय से इसकी मंजूरी के आदेश जारी कर दिए हैं।  साव ने सभी कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समय-सीमा में काम पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।

    नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने लोरमी के राजीव गांधी शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में चार कार्यों के लिए कुल 72 लाख 80 हजार रुपए की स्वीकृति दी है। इनमें बाउंड्री-वॉल निर्माण के लिए 21 लाख 54 हजार रुपए, पेवर ब्लॉक कार्य के लिए 19 लाख 54 हजार रुपए, हाईमास्ट लाइट के लिए 12 लाख 38 हजार रुपए तथा शेड निर्माण के लिए 19 लाख 34 हजार रुपए शामिल हैं।

  • धान बेचने में किसी तरह की परेशानी नहीं, खुश हैं रायपुर के किसान

    रायपुर : कृषक लक्ष्मण, छगन और खोरबाहरा को धान विक्रय में नहीं हुई परेशानी, आसानी से धान बेच पाए

    समिति में सभी सुविधाएं दुरुस्त

    रायपुर,

    कृषक लक्ष्मण, छगन और खोरबाहरा को धान विक्रय में नहीं हुई परेशानी, आसानी से धान बेच पाएकृषक लक्ष्मण, छगन और खोरबाहरा को धान विक्रय में नहीं हुई परेशानी, आसानी से धान बेच पाए

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन और किसान-कल्याण की प्राथमिकता को धरातल पर उतारती हुई राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी कृषक उन्नति योजना आज किसानों के लिए वास्तविक परिवर्तन का माध्यम बन रही है। बेहतर समर्थन मूल्य, पारदर्शी एवं सुविधाजनक उपार्जन व्यवस्था, तथा टोकन प्रणाली जैसे सुधारों ने धान विक्रय प्रक्रिया को सहज, तेज और भरोसेमंद बनाया है। जिसका प्रत्यक्ष लाभ सीमांत कृषक से लेकर बड़े किसानों तक समान रूप से पहुंच रहा है और कृषक अधिक उत्साह और विश्वास के साथ उत्पादन बढ़ा रहे हैं।
                महासमुंद जिला के विकासखंड के ग्राम मोंगरा निवासी श्री लक्ष्मण ध्रुव अपने 54 कट्टा धान का विक्रय करने ग्रामीण सेवा सहकारी समिति झालखम्हरिया उपार्जन केंद्र पहुंचे। उन्होंने बताया कि वे 3 दिन पूर्व टोकन कटवाया है, जिससे उन्हें समय पर धान विक्रय की सुविधा मिली। शासन की पारदर्शी टोकन व्यवस्था और त्वरित पंजीयन ने उनकी प्रक्रिया को सहज बनाया। उनके पास एक एकड़ खेती है। इसी तरह मोंगरा निवासी श्री खोरबहारा साहू ने बताया कि वे अपने 42 डिसमिल कृषि भूमि में 8.80 क्विंटल धान उत्पादन किया है। उन्होंने सतत देखभाल और शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का लाभ लेते हुए अपने फसल का उत्पादन किया है। उन्होंने बताया कि धान बेचने में उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई। वहीं मोंगरा निवासी श्री छगन लाल साहू ने अपने पिताजी पुनीत राम साहू के नाम पंजीकृत 10 एकड़ कृषि भूमि में इस वर्ष 250 कट्टा धान का उपार्जन किया है। 
            सरकार द्वारा प्रति एकड़ 21 क्विंटल की दर से धान खरीदी और समर्थन मूल्य 3100 रुपए प्रति क्विंटल देने का निर्णय किसानों के लिए एक बड़ी राहत है। मोंगरा निवासी लक्ष्मण ध्रुव, खोरबाहरा साहू और छगन लाल साहू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का धन्यवाद ज्ञापित किया है।

  • समर्थन मूल्य बढ़ने से किसानों में उत्साह, रायपुर में धान खरीदी ने लौटाई मुस्कान

    रायपुर : 3100 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर धान खरीदी ने लौटाई किसानों की मुस्कान

    ‘टोकन तुहर हाथ’ ऐप किसानों के लिए बनी वरदान

    रायपुर

    विष्णुदेव साय सरकार की समर्थन मूल्य पर धान खरीदी ने छत्तीसगढ़ के किसानों के खेत-खलिहानों में नई उम्मीदों की फसल बो दी है। 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से शुरू हुई धान खरीदी ने किसानों के चेहरों पर संतोष और विश्वास की मुस्कान लौटा दी है।
        गौरेला विकासखंड के आंदु ग्राम के किसान मनमोहन सिंह राठौर ने बताया कि इस साल उन्हें अपनी मेहनत का सच्चा मूल्य मिला है। ‘टोकन तुहर हाथ’ मोबाइल ऐप से उन्होंने घर बैठे ही खरीदी का टोकन प्राप्त किया। अब सोसायटियों में लंबी कतारों में खड़ा रहना नहीं पड़ता। मनमोहन सिंह कहते हैं, “इस सुविधा ने हमारा समय और मेहनत दोनों बचाया है। सरकार ने सचमुच किसानों की तकलीफ को समझा है।”
        उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष उन्होंने 206 क्विंटल धान बेचा था और इस बार 10 एकड़ खेत में उगाई फसल से पहली खेप में 100 क्विंटल धान गौरेला केंद्र में जमा किया है। इस आमदनी से वे रबी सीजन में गेहूं, सरसों, मूंग और उड़द जैसे दलहन-तिलहन फसलें बोने की तैयारी कर रहे हैं।
        गौरेला-पेंड्रा-मारवाही जिले में खरीदी का सिलसिला तेजी से जारी है। 17 नवंबर को दूसरे दिन जिले के 14 केंद्रों में कुल 2252 क्विंटल धान की खरीदी हुई, धनौली केंद्र में सबसे अधिक 510.40 क्विंटल धान खरीदा गया। यह आँकड़ा बताता है कि सरकार की पारदर्शी व्यवस्था और विश्वसनीय भुगतान ने किसानों का भरोसा मजबूत किया है।
        गांवों में अब हर ओर खुशी की लहर है, किसानों को सरकार पर विश्वास है, और खेतों में फिर मेहनत का जोश है। समर्थन मूल्य पर समय पर खरीदी और भुगतान व्यवस्था ने न केवल किसानों की आय बढ़ाई है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी रौनक ला दी है। सरकार की पारदर्शी नीति और कृषि सुधारों ने किसानों के लिए नयी संभावनाओं के द्वार खोले हैं।

  • 200 छात्रों के हॉस्टल और सस्ती जांचों के लिए मंजूरी, मेकाहारा में MRI-CT स्कैन अब किफायती

     रायपुर
     छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में  रायपुर के पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय और डॉडीकेएस अस्पताल के स्वशासी समिति के सामान्य सभा की बैठक संपन्न हुई। बैठक में उन्होंने चिकित्सा महाविद्यालय और संबद्ध अस्पताल में लोगों को अविलंब स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता, रीएजेंट एवं कंज्यूमेबल की खरीदी तथा आवश्यक मानव संसाधन की व्यवस्था स्वशासी मद से करने हेतु कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये।

    स्वास्थ्य मंत्री ने स्वशासी सभा की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि अस्पताल में किसी भी मरीज को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने मरीज हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए चिकित्सा महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के लिए अति आवश्यक सामाग्रियों उपकरण/रियेजेन्ट/केमिकल/ डिस्पोजेबल सामाग्रियां इत्यादि जिनके मांगपत्र सीजीएमएससी को प्रेषित किये गए हैं, उन सामाग्रियों की आपातकालीन आवश्यकता होने पर सीजीएमएससी से एनओसी प्राप्त होने एवं राशि मिलने की प्रत्याशा में अधिष्ठाता स्तर पर छ.ग. भंडार क्रय नियमानुसार आवश्यकता के अनुरूप सामाग्री क्रय किये जाने की वित्तीय शक्ति प्रदत्त करने का अनुमोदन किया। 

    स्वास्थ्य मंत्री ने पेट सीटी स्कैन तथा गामा कैमरा की सुविधा मरीजों को प्रदान किये जाने के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए तीन महीने के अंदर इस सुविधा को प्रारंभ करने के लिए उपयुक्त व्यवस्था बनाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये। विभिन्न विभागों को दिए जाने वाले इंप्रेशन मनी की राशि को प्रति मांगपत्र ₹10 हजार से बढ़ाकर ₹1 लाख करने की घोषणा की। उन्होंने अस्पताल में आवश्यकता पड़ने पर समय-समय पर किए जाने वाले छोटे-मोटे मरम्मत कार्यों के लिए अस्पताल स्तर पर ऑटोनॉमस फंड का उपयोग करने के निर्देश दिये।

    समिति की बैठक में मेडिकल कॉलेज के 200 छात्रों के लिए चयन किए गए छात्रावास भवन पर सहमति दी गई। शीघ्र ही यह छात्रावास संचालन में आ जाएगा। बैठक में डीकेएस अस्पताल के एमसीएच छात्रावास का शुल्क 5 हजार से घटाकर 2 हजार 5 सौ रुपए करने का निर्णय लिया गया।

    ओपीडी में आने वाले मरीजों के सीटी स्कैन एवं एमआरआई जांच की दर को पुनरीक्षित करते हुए एपीएल (गरीबी रेखा से ऊपर जीवन यापन करने वाले) मरीजों को एमआरआई जांच हेतु ₹2000 एवं सीटी स्कैन जांच हेतु ₹1000 राशि प्रावधानित करने का निर्णय लिया। वहीं बीपीएल मरीजों तथा 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए ओपीडी में जाँच सुविधा निशुल्क रहेगी। जबकि अंत: रोगी यानी अस्पताल में भर्ती एपीएल एवं बीपीएल दोनों मरीजों के लिए ये दोनों जांच निशुल्क है।

    सांसद रायपुर बृजमोहन अग्रवाल एवं विधायक सुनील सोनी की उपस्थिति में आयोजित इस बैठक में स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, संभाग आयुक्त महादेव प्रसाद कांवरे, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा शिखा राजपूत तिवारी, सीजीएमएससी के प्रबंध संचालक रितेश अग्रवाल, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. यू. एस. पैंकरा, रायपुर मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. विवेक चौधरी, अम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर, डीकेएस अस्पताल प्रबंधन समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे ।

  • मध्य प्रदेश का नया कदम: जल दर्पण पोर्टल से गांवों में नल-जल की स्थिति होगी डिजिटल निगरानी

     भोपाल

    प्रदेश में घर-घर नल से जल पहुंचने के लिए जल जीवन मिशन के अंतर्गत एकल व समूह नल जल योजनाओं पर काम हो रहा है। कई योजनाएं पूरी हो चुकी है और उनके संचालन का कार्य पंचायत को सौंपा गया है। यह शिकायत आम है कि योजनाएं भले ही बना ली गई हों, मगर जलापूर्ति नहीं हो रही है।

    विधानसभा में इसको लेकर प्रश्न भी उठ चुका है। इसे देखते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने तय किया है कि वह अब योजनाओं की निगरानी आनलाइन करेगा। इसके लिए जल दर्पण पोर्टल बनाया है, जिसमें मैदानी अमले को प्रतिदिन यह रिपोर्ट देनी होगी कि योजना चालू है या बंद। पानी आ रहा है या नहीं। पाइपलाइन ठीक काम कर रही है या नहीं। जानकारी सही दी जा रही है या नहीं, इस पर नजर उच्चाधिकारी रखेंगे।

    प्रदेश में जल जीवन मिशन के अंतर्गत 27,990 एकल नल जल योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। 15,947 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और 12,043 के काम जारी हैं। इनमें से 8,358 नल-जल परियोजनाओं के आकलन में चूक हुई, जिसके कारण लागत 2,813 करोड़ रुपये बढ़ गई। केंद्र सरकार ने इस अतिरिक्त राशि को देने से इन्कार कर दिया और भार राज्य सरकार के खजाने पर आ गया।

    दोषी इंजीनियरों को कारण बताओ नोटिस दिए गए हैं। इसके साथ ही बड़ी आबादी को मिलने वाले लाभ को देखते हुए सरकार ने काम आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह भी तय किया है कि पंचायतों द्वारा क्रियान्वित योजनाओं की निगरानी प्रतिदिन के आधार पर होगी। 28 हजार गांवों से फीडबैक लेने के लिए जल दर्पण पोर्टल विभाग ने बनाया है। इसमें मैदानी स्तर से बताया जाएगा कि योजना चालू है या बंद। यदि बंद है तो यह बताना पड़ेगा कि बिजली की लाइन कटने, पाइप लाइन की खराबी या फिर किस कारण से बंद हैं। इसके आधार पर सुधार की कार्य योजना तैयार होगी।

    कुल मिलाकर सरकार का उद्देश्य यह है कि योजना यदि संचालन लिए पंचायतों को सौंप दी गई हैं तो फिर घरों पर नल से जल पहुंचाना चाहिए। इसमें कोई परेशानी आ रही है तो उसका पता लगाकर समाधान किया जाए। ऐसे होगा काम जल दपर्ण पोर्टल में नलजल योजनाओं की दैनिक चालू बंद की स्थिति की जानकारी मैदानी क्षेत्र से नियमित ली जाएगी। उपयंत्रियों पोर्टल पर रहैंडपंप टेक्नीशियनों, हेल्परों और ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के सदस्यों को रजिस्टर करेंगे।

    ये अपने-अपने कार्यक्षेत्र की नलजल योजनाओं की दैनिक चालू-बंद स्थिति की जानकारी पोर्टल पर दर्ज करेंगे। इसका सत्यापन उपयंत्री एवं सहायक यंत्री से कराया जाएगा। निगरानी का तंत्र कर रहे हैं विकसित : विभाग के प्रमुख सचिव पी नरहरि का कहना है कि घर-घर नल से जल पहुंचाना सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। बड़ी संख्या में योजनाएं पंचायतों द्वारा क्रियान्वित की जा रही हैं। कई बार शिकायत आती है कि जलापूर्ति नहीं हो रही है। हमने संचालन, संधारण और निगरानी की कार्य योजना बनाई है।

    निगरानी का तंत्र विकसित किया गया है। जल दर्पण पोर्टल के माध्यम से दैनिक आधार पर निगरानी की जाएगी। इसका लाभ यह होगा कि वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगा और यदि कहीं कोई समस्या है तो उसे दूर करने की दिशा में काम किया जाएगा।

  • माओवाद पर बड़ी सफलता: हिड़मा समेत कई खतरनाक कमांडर ढेर, 26 हमलों का जिम्मेदार

    बस्तर 

     देश में चल रहा माओवाद के खिलाफ अभियान अब अपने अंतिम दौर में है। माओवाद के ताबूत में एक और कील के रूप में सुरक्षा बल के जवानों में हिड़मा को मार गिराया है। छत्तीसगढ़ के सुकमा और आंध्र प्रदेश की सीमा पर मंगलवार को जारी मुठभेड़ में सुरक्षाबल के जवानों ने 6 माओवादियों को मार गिराया है। इसमें कुख्यात माओवादी हिड़मा भी शामिल है।

    सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मुठभेड़ में हिड़मा, उसकी पत्नी राजे और 25 लाख का इनामी माओवादी एसजेडसीएम टेक शंकर मारा गया है। यह इनकाउंटर सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी सफलता बतायी जा रही है। आंध्र-प्रदेश की ग्रे-हांउड टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया है।

    बता दें कि शीर्ष माओवादी नेताओं बसवा राजू, के. रामचंद्र रेड्डी (गुड्सा उसेंडी), के. सत्यनारायण रेड्डी (कोसा) के मारे जाने और भूपति, रूपेश, सुजाता व ककराला सुनीता जैसे वरिष्ठ कैडरों के आत्मसमर्पण के बाद अब बस्तर में हिड़मा ही माओवादी संगठन का मुख्य नेता था। हिड़मा माओवादी संगठन की बटालियन नंबर-1 का प्रभारी और केंद्रीय समिति का सदस्य था। वह लंबे समय से सुरक्षा बलों के रडार था।

    बटालियन कमांडर से केंद्रीय समिति सदस्य बना हिड़मा

    माओवादी संगठन में हिड़मा का नाम पहली बार झीरम घाटी हमले के बाद चर्चाओं में आया था। पिछले वर्ष उसे केंद्रीय समिति का सदस्य बनाया गया, हालांकि पद की दृष्टि से वह अपेक्षाकृत नीचे है, लेकिन प्रभाव और पहचान के लिहाज से वह पिछले एक दशक से संगठन का सबसे प्रभावशाली चेहरा था।

    हिड़मा के बारे में कुछ मुख्य तथ्य

        जन्म: 1981, पूवर्ति, सुकमा (छत्तीसगढ़)
        पद: पीएलजीए बटालियन नंबर 1 का प्रमुख- माओवादियों की सबसे घातक हमलावर इकाई।
        वह CPI (माओवादी) की सेंट्रल कमेटी का सबसे युवा सदस्य था।
        वह बस्तर क्षेत्र से सेंट्रल कमेटी में शामिल होने वाला एकमात्र आदिवासी था।
        उसके सिर पर 50 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
        हिड़मा के साथ उसकी दूसरी पत्नी राजे (राजक्का) भी मारी गई।
        असली नाम: संतोष

    मुख्य हमले जिनमें वह शामिल था

        2010 दंतेवाड़ा हमला: 76 सीआरपीएफ जवान शहीद
        2013 झीरम घाटी नरसंहार: 27 लोग मारे गए, जिनमें शीर्ष कांग्रेसी नेता शामिल
        2021 सुकमा-बीजापुर मुठभेड़: 22 सुरक्षा कर्मी शहीद

    45 लाख का इनामी था हिड़मा

    संगठन ने अब उसे केंद्रीय समिति सदस्य के साथ बटालियन नंबर-1 का प्रभारी नियुक्त किया है। उसकी जगह उसके ही गांव पूवर्ती के बारसे देवा को नया कमांडर बनाया गया है। हिड़मा पर 45 लाख रुपये का इनाम घोषित था। हिड़मा देश की एकमात्र माओवादी बटालियन नंबर-1 का कमांडर रह चुका है, वही बटालियन जो देशभर में सबसे संगठित और घातक हमलों के लिए कुख्यात रही है।

    हिड़मा की मां से मिले थे उपमुख्यमंत्री

    छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कुछ दिनों पहले हिड़मा के गांव पूवर्ती पहुंचतक उसकी मां से मुलाकात की थी। उन्होंने हिड़मा से हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा था कि सरकार की प्राथमिकता मार्च 2026 तक बस्तर और आसपास के क्षेत्रों से माओवादी हिंसा का पूर्ण उन्मूलन है।

  • राज्य में अवैध धान की आवाजाही पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई, चेकपोस्टों पर बढ़ाई निगरानी

    रायपुर

    प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के साथ ही कुछ क्षेत्रों में अवैध धान परिवहन की संभावनाओं को रोकने राज्य भर में प्रशासन सख़्त हो गया है।  इसी क्रम में जशपुर जिला  कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने जशपुर जिले का झारखंड सीमा से लगे चेकपोस्टों पर देर रात औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की।

    निरीक्षण दल में तहसीलदार जय राजनपथे, नायब तहसीलदार अरुण कुमार, फूड इंस्पेक्टर आलोक टोप्पो, मंडी निरीक्षक, राजस्व निरीक्षक तथा पटवारी शामिल थे। टीम ने भलमंडा, सकरडेगा और साईंटांगाटोली चेकपोस्टों का दौरा किया, जहाँ सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र और वाहन चेकिंग प्रक्रिया को परखा गया। संभावित अवैध धान परिवहन पर रोक के लिए मौके पर ही अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
    इसी दौरान संबंधित ग्रामों के सरपंच और सचिव भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने स्थानीय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने तथा सीमा क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल उपलब्ध कराने आग्रह किया, ताकि अवैध आवागमन पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।
    जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सीमावर्ती इलाकों में सतत निगरानी जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

  • नर्सिंग ऑफिसर ने पकड़ा अस्पताल में शराब पीते हुए स्टाफ, कलेक्टर ने सम्मानित कर सराहा

    अशोकनगर
     मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में कुछ दिन पूर्व अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में मरीज और उनके तीमारदार पलंग पर शराब पी रहे हैं। नर्सिंग ऑफिसर ने रंगेहाथ उन लोगों को पकड़ा था। इसका वीडियो वायरल हुआ था। इस काम के लिए नर्सिंग ऑफिसर गायत्री चौधरी को कलेक्टर ने सम्मानित किया।

    गायत्री चौधरी को कलेक्टर ने किया सम्मानित
    दरअसल, पलंग पर शराब पी रहे लोगों को नर्सिंग ऑफिसर गायत्री चौधरी ने रंगे हाथों पकड़ा था। साथ ही उनलोगों को डांट भी लगाई थी और वीडियो बनाकर उच्च अधिकारियों को दिया था। अशोकनगर कलेक्टर ने इसकी खूब प्रशंसा की है। इसे लिए उन्हें सम्मानित किया गया है। 

    दरअसल,  जिला अस्पताल में कार्यरत नर्सिंग ऑफिसर गायत्री चौधरी को समीक्षा बैठक के दौरान उनके दायित्वों का पूर्ण निष्ठा एवं कुशलतापूर्ण तरीके से निर्वहन करने पर प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने 29 अक्टूबर 2025 को रात्रि 11 बजे अपनी ड्यूटी के दौरान जिला चिकित्सालय के सर्जिकल वार्ड में भर्ती मरीज और उनके परिजनों को शराब का सेवन करते हुए पाया था। साथ ही कार्यस्थल को मंदिर बताते हुए ऐसा नहीं करने की सलाह दी थी।

    इस प्रकार निडर होकर अपने दायित्वों का पूर्ण निष्ठा और कुशलतापूर्ण तरीके से निर्वहन किया। कलेक्टर ने इस कार्य की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही भविष्य में भी इसी प्रकार अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन पूरी सूझबूझ, परिश्रम एवं समर्पित भाव के साथ करती रहें।

    सोशल मीडिया पर एक्टिव हजारों में फॉलोअर्स
    गायत्री चौधरी सोशल मीडिया पर खूब एक्टिव रहती हैं और इंस्टाग्राम पर उनके 22000 से अधिक फॉलोअर्स हैं, जिस पर वह अपने मॉडल लुक में फोटोज और वीडियो को अपलोड करती हैं, जिनके व्यूज भी हजारों और लाखों में हैं। साथ ही ड्यूटी का निर्वहन भी समय से करती हैं।

     

  • बस्तर में नक्सली अब कैफे चलाएंगे, खाना बनाने-सर्व करने की ट्रेनिंग, CM साय ने पहले दिन लिया अनुभव

    बस्तर 

    नक्सल प्रभावित क्षेत्र में पुनर्वास और मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में आज बस्तर एक नया इतिहास रचा है। पुलिस लाइन स्थित त्रिवेणी परिसर के सामने पंडुम कैफे अपनी तरह का पहला ऐसा कैफेटेरिया होगा, जहां नक्सल पीड़ित परिवारों और समर्पित नक्सलियों को रोजगार देते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।इस संवेदनशील पहल का उद्घाटन मुख्यमंत्री विष्णुदेव ने किया। पंडुम कैफे का संचालन दुर्ग की प्रसिद्ध नुक्कड़ संस्था करेगी, जो वर्षों से मूक-बधिर और दिव्यांग बच्चों की देखरेख और सामाजिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

    छत्तीसगढ़ के बस्तर में पंडुम कैफे की शुरुआत की गई है जिसका संचालन सरेंडर्ड नक्सली और नक्सल हिंसा पीड़ित परिवार के लोग करेंगे। इसके लिए बकायदा उन्हें खाना बनाने, सर्व करने, ऑर्डर लेने की ट्रेनिंग दी गई। शुरुआत में 13 लोग मिलकर इस कैफे को चलाएंगे।

     मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जगदलपुर के पुलिस लाइन परिसर में बने इस कैफे का उद्घाटन किया। इस दौरान सीएम ने खुद फूड ऑर्डर किया। सरेंडर किए नक्सलियों ने CM को फूड परोसा। जिसके बाद मुख्यमंत्री ने डिजिटल रूप से बिल भी पेय किया।

    पुलिस लाइन परिसर में बना पंडुम कैफे

    दरअसल, सरकार की पुनर्वास नीति के तहत बस्तर पुलिस और प्रशासन के सहयोग से जगदलपुर पुलिस लाइन परिसर में पंडुम कैफे बनाया गया है। इसके स्ट्रक्चर निर्माण के लिए शासन-प्रशासन ने पैसे खर्च किए हैं।

    नक्सल हिंसा पीड़ित परिवार और हथियार छोड़कर मुख्य धारा में लौटे नक्सलियों को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से इस कैफे का शुभारंभ किया गया है। अभी कुल 13 लोगों को कैफे की चाबी थमाई गई है।

    13 लोगों को मिला रोजगार

    कैफे के माध्यम से कुल 13 लोगों को रोजगार मिला है। जिसमें 8 नक्सल हिंसा पीड़ित हैं, 5 लोग सरेंडर नक्सली हैं। इनमें 8 महिलाएं भी शामिल हैं।

    सरकार की पुनर्वास नीति के तहत तैयार किया गया यह कैफे नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों और आत्म समर्पित माओवादी कैडरों के लिए आजीविका प्रदान करने वाला एक मॉडल है।

    पहले दी ट्रेनिंग, फिर काम में लगाया

    इन 13 लोगों को पहले जगदलपुर में ही ट्रेनिंग दी गई। इन्हें अलग-अलग तरह के फूड्स को बनाने से लेकर परोसने तक के गुर सिखाए गए। साथ ही कस्टमर से कैसे बर्ताव करना है, कैसे ऑर्डर लेना है इसके बारे में भी बताया गया।

    करीब 1 महीने से ज्यादा इन्हें ट्रेनिंग दी गई। जब ये इसमें माहिर हुए तो 13 लोगों को कैफे की चाबी थमा दी गई।

    पर्यटकों को बस्तर दिखाने हो रहे तैयार

    सरकार के पुनर्वास नीति के तहत बस्तर के पूर्व नक्सलियों को अलग-अलग काम में पारंगत बनाया जा रहा है। पुनर्वास केन्द्रों में उनके जीवन को बदलने की पहल हो रही है। आड़ावाल के केन्द्र में करीब 30 सरेंडर नक्सली होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर रहे हैं साथ ही कई अन्य पूर्व नक्सलियों को टूरिस्ट गाइड बनाने की भी तैयारी हो रही है।

    CM बोले- बस्तर के लिए नया अध्याय

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पंडुम कैफे को स्पष्ट सामाजिक और विकासात्मक उद्देश्यों के साथ स्थापित किया गया है। ये बस्तर के लिए एक नया अध्याय है। पंडुम कैफे की यह पहल राज्य की शांति, विकास और मानव-केंद्रित पुनर्वास के प्रति प्रतिबद्धता को दृढ़ता से रेखांकित करती है।

    IG बोले- अलग-अलग स्किल्स की ट्रेनिंग दी गई

    बस्तर के IG सुंदरराज पी ने कहा कि, जो कभी संघर्ष, हिंसा या माओवादी गतिविधियों से प्रभावित हुए थे उनको हॉस्पिटैलिटी, कैफे संचालन, स्वच्छता मानक, खाद्य सुरक्षा, ग्राहक सेवा और उद्यमिता में प्रशिक्षित किया गया है। यह उन्हें दीर्घकालिक करियर और आत्मनिर्भरता के लिए तैयार करता है।

    उन्होंने कहा कि, पंडुम नाम बस्तर की सांस्कृतिक जड़ों से प्रेरित है। ये टैग लाइन 'Where every cup tells a story' क्षेत्र की दृढ़ता, उपचार और आशा की भावना को दर्शाती है। ये शांति निर्माण का स्केलेबल मॉडल है।

  • उत्तर-मध्य छत्तीसगढ़ में ठंड का प्रकोप, 2 दिन शीतलहर, 13 जिलों में यलो अलर्ट जारी

    रायपुर 

    छत्तीसगढ़ में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है, मौसम विभाग ने 13 जिलों में शीतलहर चलने का येलो अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग ने बताया कि छत्तीसगढ़ में ठंड से कंपकंपी और बढ़ेगी, जबकि राज्य के तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की गिरावट भी देखी जा रही है. उत्तरी छत्तीसगढ़ और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में शीतलहर चलने का मौसम विभाग का अनुमान आज भी लगाया गया है, वहीं ठंड से सबसे ज्यादा प्रभावित सरगुजा संभाग है, जहां के ज्यादातर जिलों में शीतलहर जैसे हालात बने हुए हैं. मौसम विभाग ने बताया कि राज्य में नवंबर के महीने में ही ठंड का रिकॉर्ड टूट गया है, अंबिकापुर 10 सालों बाद राज्य में सबसे ठंडा बना हुआ है. छत्तीसगढ़ में आने वाले दिनों में अब ठंड और तेज होगी.

    सरगुजा, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के एक-दो पॉकेट में भी शीतलहर चल सकती है। इसके अलावा कोरिया, राजनांदगांव, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही सहित कुल 13 जिलों में मौसम विभाग ने शीतलहर यानी कोल्ड वेव का अलर्ट जारी किया है।

    उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं के असर से प्रदेश में कड़ाके की ठंड महसूस हो रही है। बलौदाबाजार, पेंड्रा और अंबिकापुर में लोग सुबह और शाम अलाव का सहारा ले रहे हैं। हालांकि, सार्वजनिक स्थानों पर पर्याप्त अलाव न होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    मैदानी क्षेत्रों में दुर्ग इस समय सबसे ठंडा बना हुआ है, जहां रात का तापमान 10.2°C रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से लगभग 7 डिग्री कम है। रायपुर में भी नवंबर महीने में नौ साल में दूसरी बार रात का तापमान 13°C तक गिरा।

    पिछले 24 घंटों में प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 29.8°C दुर्ग में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 6.5°C अंबिकापुर में दर्ज किया गया। नवंबर में पिछले 10 सालों में यह पहली बार है जब अंबिकापुर का तापमान इतना कम हुआ है।

    साल 2024 में अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 7.3°C दर्ज किया गया था, जबकि इस माह का अब तक का सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.2°C साल 1970 में रिकॉर्ड किया गया था।

    13 जिलों में शीत लहर की आधिकारिक चेतावनी

    न्यूनतम तापमान

    राज्य शासन और मौसम विभाग ने दिनांक 17 से 18 नवंबर 2025 तक 13 जिलों – गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कबीरधाम, मुंगेली, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, दुर्ग, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर और बलरामपुर में अलग-अलग पॉकेट्स पर शीत लहर की स्थिति रहने की चेतावनी जारी की है। इस दौरान बुजुर्गों, बच्चों और हृदय तथा अस्थमा मरीजों (Sensitive Health Group Risk) को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    सरगुजा में सबसे ज्यादा ठंड, दुर्ग सबसे गर्म

    राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क (Dry Weather Condition) रहा और कहीं भी वर्षा (Rainfall Data) दर्ज नहीं की गई।

        सबसे कम तापमान: 6.5°C – अंबिकापुर (Ambikapur Lowest Temperature)
        सबसे अधिक तापमान: 29.8°C – दुर्ग (Durg Highest Temperature)

    सरगुजा संभाग में तेज शीत लहर, जबकि बिलासपुर व दुर्ग संभाग के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम शीत लहर रिकॉर्ड की गई।

    नवंबर महीने का ठंड का रिकॉर्ड

    नवंबर महीना छत्तीसगढ़ में आमतौर पर ठंड की शुरुआत का समय होता है, लेकिन मौसम विभाग के रिकॉर्ड बताते हैं कि कभी यह महीना कड़कड़ाती ठंड लेकर आया तो कभी तेज गर्मी और बारिश का गवाह भी रहा।

    मौसम विज्ञान केंद्र के पुराने आंकड़ों के अनुसार 2 नवंबर 1935 को अब तक का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 35.6°C दर्ज किया गया था। वहीं, 22 नवंबर 1883 को सबसे कम न्यूनतम तापमान 8.3°C दर्ज हुआ था जो अब तक नवंबर महीने की सबसे ठंडी रात मानी जाती है।

    बारिश के रिकॉर्ड भी बने

    नवंबर में सबसे ज्यादा बारिश 1924 में हुई थी, जब पूरे महीने में 138.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी। इतना ही नहीं, 2 नवंबर 1930 को 24 घंटे के भीतर 70.4 मिमी बारिश हुई थी जो इस महीने के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा एकदिवसीय वर्षा रिकॉर्ड है।

  • खंडवा: पीएम श्री एयर एम्बुलेंस से मरीज को तुरंत इलाज के लिए इंदौर भेजा गया

     खडंवा
     पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा इमरजेंसी में कई जिंदगियों को बचाने ने अहम भूमिका निभा रही है। इसी कड़ी में खडंवा के शाहपुर निवासी 73 साल की ताराबाई पति बालाराम कोउपचार के लिए इंदौर एयरलिफ्ट कर भर्ती करवाया गया। 

    खंडवा जिला अस्पताल में भर्ती ताराबाई को इलाज के लिए एयर एंबुलेंस से आज सुबह 9.30 बजे इंदौर भेजा गया। शाहपुर निवासी 73 साल की ताराबाई पति बालाराम को रीढ़ की हड्डी में समस्या है। जिस कारण उनके दोनों पैर काम नहीं कर रहे। ताराबाई को फिमेल मेडिकल वार्ड में भर्ती किया गया था। 

    यहां से उन्हें खंडवा नागचुन हवाई पट्टी से इंदौर एयर एंबुलेंस की मदद से रेफर किया गया है। जिले में पहली बार किसी मरीज को एयर एंबुलेंस से खंडवा से इंदौर रेफर किया गया है।